मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज अमृतसर में निवास कर रहे हिमाचल के हमीरपुर जिला के नादौन विधानसभा क्षेत्र सहित प्रदेश के अन्य लोगों से भेंट की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि हिमाचल की अपनी विशिष्ट संस्कृति है और सभी प्रदेशवासियों को अपनी परंपराओं एवं लोकाचार का सदैव पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल के लोग पूरे विश्व में अपने सरल व सहज व्यवहार एवं कार्यकुशलता के लिए जाने जाते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को हिमाचली कल्याण सभा के तत्वावधान में अमृतसर में निवास कर रहे नादौन विधानसभा क्षेत्र एवं हिमाचल के अन्य निवासियों की ओर से सभा के सदस्य गौरव शर्मा ने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 2 लाख 21 हजार रुपए के चेक भेंट किए। मुख्यमंत्री ने इस पुण्य कार्य के लिए हिमाचल कल्याण सभा के अमृतसर के सभी सदस्यों एवं अन्य दानी सज्जनों का आभार प्रकट करते हुए आशा व्यक्त की कि इससे अन्यों को भी आपदा की इस घड़ी में प्रदेश की सहायता करने की प्रेरणा मिलेगी। सभा के सदस्यों की ओर से इस अवसर पर मुख्यमंत्री को सम्मानित किया गया और ऐतिहासिक दुर्गियाना मंदिर की प्रतिकृति भेंट की गई।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की सुक्खू सरकार हर मोर्चे पर फेल हो गई है। न सरकार में ताल मेल है और न ही मंत्री और मुख्यमंत्री में। इसका ख़ामियाज़ा प्रदेश को उठाना पड़ रहा है। सरकार की नीतियों के चलते प्रदेश के उद्योग बर्बाद हो रहे हैं। नई उद्योग इकाइयां बंद होने की कगार पर हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार प्रदेश में चल रहे उद्योगों को दी गई रियायतें ख़त्म करके उद्योगों को प्रोत्साहित करना चाहती है, लेकिन ऐसा नहीं होने वाला है। उद्योगों की बिजली शुल्क बढ़ाने समेत अन्य रियायतें ख़त्म करने से उद्योग प्रदेश से दूरी कर रहे हैं। ऐसा ही चलता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब प्रदेश से उद्योग पूरी तरह किनारा कर लेंगे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राज्य को आगे ले जाने में उद्योगों का बड़ा योगदान होता है परंतु इस सरकार में किसी प्रकार की उद्योग पॉलिसी नहीं हैं। अगर सरकार इसी ढर्रे पर चलती रही तो वह दिन दूर नहीं जब प्रदेश में नई इंडस्ट्री आनी तो दूर की बात है। जो हैं, वह भी चली जाएंगी। सुक्खू को सत्ता में आए दस महीने का समय हो गया। इन दस महीनों में इस सरकार ने उद्योगों को चौपट करने के अलावा अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस सरकार में माफिया को संरक्षण देकर उद्योगों और उद्योगपतियों को परेशान किया जा रहा है। दूसरी तरह सरकार द्वारा शुल्क बढ़ाकर उनकी कमर तोड़ी जा रही है। इसका असर आपदाग्रस्त प्रदेश में भी पड़ेगा। ज़रूरी चीजें भी महंगी हो जाएंगी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जब तक उद्योगों के अनुकूल माहौल नहीं होगा, तब तक प्रदेश में उद्योग धंधे आने से रहे। स्थानीय स्तर पर भी युवा किसी प्रकार की उत्पादन इकाइयां स्थापित करने से भी पीछे हटेंगे। उन्होंने कि प्रदेश में उद्योगों को संरक्षण और प्रोत्साहन देने नीयत बनाए और स्पष्ट करे कि प्रदेश में उद्योगों को गति देने के लिए प्रदेश सरकार क्या नीति अपना रही है।
आज राजीव भवन शिमला में हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता कंवर रविंद्र सिंह ने एक प्रेस वार्ता की। उन्होंने अभी हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा के सत्र में जो किसानों और बागवानों के मुद्दों पर चर्चा हुई और निर्णय लिए उसके लिए सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौड़ का विधानसभा में नियम 61 के तहत किसान बागवान से जुड़ा मुद्दा रखने के लिए आभार जताया। साथी मुख्यमंत्री और बागवानी मंत्री का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने अगले साल के लिए यूनिवर्सल कार्टन उपलब्ध करवाने के लिए वचनबद्धता दोहराई है। हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस ने अपने 19 सूत्री मांग पत्र में यह मांग भी रखी थी की टेलीस्कोपिक कॉटन को बंद करके यूनिवर्सल कॉटन का प्रचलन पूरे प्रदेश के बागवानों के लिए होना चाहिए। रविंद्र सिंह ने कहा कि विधानसभा का जो सत्र हुआ उसमें भाजपा के सभी विधायक हिमाचल आपदाग्रस्त क्षेत्र के प्रस्ताव पर मौन रहे, जिसकी हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस निंदा करती है। उन्होंने कहा की ऐसी आपदा की घड़ी में राजनीति नहीं होनी चाहिए और सभी दलों को एक मत में इस प्रकार के प्रस्ताव को पारित करना चाहिए, जिसमें प्रदेश का हित हो। जिस प्रकार से कोरोना समय के दौरान राजनीति छोड़ के कांग्रेस ने भाजपा का साथ दिया औऱ मिलकर के पूरे प्रदेश के लोगों की मदद की थी, उसी प्रकार यह घड़ी है जहां पूरे प्रदेश के सभी दलों से यथा संभव मदद की उम्मीद है। हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस इस मुद्दे पर भाजपा के सभी विधायकों की निंदा करती है। प्रधानमंत्री ने जिस प्रकार किसान कांग्रेस के पत्र को शिकायत की तरह खारिज किया, जिसमें हिमाचल प्रदेश के किसान बागवनों को 1 साल का सीसीसी में ब्याज माफी की बात लिखकर भेजी थी उससे हिमाचल प्रदेश के सभी किसान बागवान अत्यंत दुखी है। यदि 1 साल के इस ब्याज में माफी दी जाती तो किसान-बागवानों के लिए यह बहुत राहत की बात होती। हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस माननीय मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुखु जी का आभार करती है जिन्होंने अपने जीवन की सारी पूंजी हिमाचल प्रदेश के हिमाचल आपदा राहत कोष में दान कर दी। कवंर रविंद्र सिंह ने कहा कि यदि इस प्रकार से देश और प्रदेश सेवा के लिए सभी नेता सोचें और आगे बढ़कर दान पुण्य करें तो हमारे प्रदेश की और देश की कायापलट होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा के सभी विधायकों को एक मत में यह संदेश केंद्र सरकार तक पहुंचना चाहिए कि जब हिमाचल प्रदेश में 12000 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है तो जितनी भी ज्यादा से ज्यादा मदद केंद्र सरकार की तरफ से हिमाचल प्रदेश को आए वह प्रदेश क्षेत्र में होगी। उन्होंने यह बताया की आने वाली गांधी जयंती पर हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस की एक बैठक राजीव भवन में रखी गई है जिसमें हिमाचल के किसान कांग्रेस के अध्यक्ष सोहन वर्मा जी पूरी कार्यकारिणी से यथासंभव मदद की राशि एकत्रित करेंगे और जो भी राशि एकत्रित होगी वह हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस जमा करवाएगी। साथी उन्होंने यह भी कहा की जितनी भी सरकारी संस्थाएं हैं उन्हें किसने और बागवानों की बात को रखने के लिए हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस की ओर से भी प्रतिनिधि बुलाने चाहिए। हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस संगठन है जो ब्लॉक लेवल पर जिला लेवल पर और प्रदेश स्तर पर पूरी तरह से कार्य कर रही है और इसमें सबसे ज्यादा किसानों और बागवानों की सदस्यता है। किसी भी निर्णय को लेने में यदि विचार विमर्श किया जाता है तो हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस के भी प्रतिनिधि उसे सम्मेलन का और उसे बातचीत का हिस्सा हो ऐसा वह सरकार से आग्रह करती है। इस प्रेस वार्ता के दौरान हिमाचल प्रदेश किसान कांग्रेस के पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिसमें मीडिया चेयरमैन रॉबर्ट रॉय प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव शर्मा, प्रदेश महासचिव संगठन पूर्ण चंद, प्रदेश सचिव दीक्षित जोगटा, प्रदेश सचिव सुमन शर्मा, प्रदेश मीडिया सचिव कश्मीरी सिंह सुनील शर्मा और कृष्ण भान शामिल थे
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज अमृतसर के जलियांवाला बाग में देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले असंख्य सेनानियों को कृतज्ञ प्रदेशवासियों की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि 13 अप्रैल, 1919 को जलियांवाला बाग में रॉलेट अधिनियम के विरोध में तथा स्वतंत्रता सेनानियों सैफुदीन किचलू और सत्यपाल की रिहाई के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हजारों लोगों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाने की तत्कालीन ब्रिटिश सरकार की नृशंस कार्रवाई के जख्म आज भी नहीं भरे हैं। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को ऐसे अमानवीय कृत्यों को सदैव स्मरण रखना होगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जलियांवाला बाग से जुड़ी प्रत्येक निशानी का सूक्ष्म अवलोकन भी किया। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज पंजाब के सीमांत जिला अमृतसर के सुप्रसिद्ध एवं जन-जन की आस्था के प्रतीक दुर्गियाना मंदिर में प्रदेशवासियों के उज्जवल भविष्य, सुख और समृद्धि की कामना की। मां दुर्गा को समर्पित यह मंदिर देश-विदेश के भक्तों की आस्था का प्रतीक है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारतीय जीवन पद्धति में मां का स्थान सर्वोच्च है और मां के प्रति समर्पण, सफलता एवं आरोग्य की कुंजी है। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज अमृतसर में ऐतिहासिक एवं विश्व प्रसिद्ध स्वर्ण मंदिर में शीश नवाया और सभी के सुखमय जीवन, अच्छे स्वास्थ्य और बेहतर भविष्य की प्रार्थना की। स्वर्ण मंदिर समूचे विश्व में हरमंदिर साहिब तथा श्री दरबार साहिब के नाम से विख्यात है और यहां देश-विदेश से करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु शीश नवाने पहुंचते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्ण मंदिर हमारी आस्था और समर्पण का प्रतीक है तथा यहां मनुष्य को कर्म की प्रधानता और भारतीय संस्कृति की विशालता का बोध होता है। उन्होंने कहा कि गुरुओं की शिक्षाओं की प्रासंगिकता आज पहले से कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि हम सभी गुरुओं के दिखाए मार्ग पर चलकर जीवन के वास्तविक लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। इस अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति की ओर से मुख्यमंत्री का हरमंदिर साहब में स्वागत किया गया और उन्हें स्वर्ण मंदिर के इतिहास की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। समिति द्वारा मुख्यमंत्री को स्वर्ण मंदिर की प्रतिकृति और धार्मिक पुस्तकों का सेट भी भेंट किया गया। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
-प्रतियोगिता के लिए 3 अक्तूबर से शुरू होगा पंजीकरण -अव्वल रहने वाले विद्यार्थियों को दिए जाएंगे 6,27,800 रुपये के पुरस्कार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश मंत्री आकाश नेगी ने कहा है कि परिषद हिमाचल में 5 नंबवर को स्वामी विवेकानंद सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन करने जा रही है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में कोरोना काल से पहले भी यह प्रतियोगिता करवाई जाती थी, लेकिन कोरोना वायरस के चलते यह प्रतियोगिता नहीं हो पाई। उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानंद सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में 9वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थी ही भाग ले सकते हंै। उसके लिए विद्यार्थियों को परीक्षा देने के लिए अपना पंजीकरण करवाना पड़ता है। पंजीकरण का शुल्क 20 रुपये है, जो कि 3 अक्तूबर से 15 अक्तूबर तक विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं से करवा सकते हैं। इस प्रतियोगिता में 100 प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रतियोगिता में विश्व, भारत व हिमाचल प्रदेश का सामान्य ज्ञान, जनरल साइंस, भाषाएं-संस्कृत, हिंदी, इंग्लिश, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम, भारतीय धर्म और संस्कृति, खेल, करंट अफेयर्स व रीजनिंग एविलीटी के प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रतियोगिता में 6,27,800 रुपये के पुरस्कार वितरित किए जाएंगे। अव्वल आने वाले विद्यार्थियों को 12 जनवरी, 2024 को पुरस्कृत किया जाएगा।
मुख्य्मंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज पंजाब के अमृतसर में ऐतिहासिक वाघा बॉर्डर पर भव्य बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी का अवलोकन किया। वाघा बॉर्डर पर प्रत्येक दिन भारतीय सीमा सुरक्षा बल और पाकिस्तान के सुरक्षा बल द्वारा बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी का आयोजन किया जाता है। मुख्यमंत्री ने देश के कोन-कोने से आए लोगों के साथ इस सेरेमनी का आनंद उठाया। उन्होंने बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी में हिस्सा लेने वाले जवानों को मिठाइयां बांटी और उनके शौर्य और समर्पण की सराहना की। मुख्यमंत्री अटारी-वाघा बॉर्डर में जीरो पॉइंट पर भी गए। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों ने आवश्यकता पड़ने पर हर बार अपने प्राणों की आहुति देकर देश की अखंडता और संप्रभुता को अक्षुण्ण रखा है। उन्होंने कहा कि अपने सैनिकों पर हम सभी को गर्व है। आईजी जालंधर रेंज बीएसएफ व हिमाचल काडर के आईपीएस अधिकारी डॉ. अतुल फुलझेले ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री का स्वागत किया और उन्हें एक पौधा भेंट किया। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर विनय कुमार सक्सेना, हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, अन्य गणमान्य व्यक्ति तथा बड़ी संख्या में देश विदेश के नागरिक उपस्थित थे।
-कहा, हताशा और निराशा बयां की है भाजपा ने भारतीय जनता पार्टी द्वारा शिमला में विधानसभा के बाहर किए गए धरना व प्रदर्शन पर आक्रामक होकर बोलते हुए प्रदेश के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि यह भाजपा के नेतृत्व की हताशा व निराशा को ब्या करने वाला प्रदर्शन रहा है, इसमें भीड़ इकठ्ठी करने में भाजपा फेल हो गई, चंद मु_ी भर लोगों के साथ प्रदर्शन कर भाजपा की स्थिति हास्यपद बनी है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता केवल मंच से एक दूसरे से आगे भाषण देने में निकलने की ही दौड़ मे रहे। उन्होंने कहा कि एक भी भाजपा के नेता ने आपदा पर शब्द नहीं बोला, आपदा राष्ट्रीय आपदा घोषित हो इसकी मांग नहीं की, प्रधानमंत्री हिमाचल को आपदा का पैकेज दे इसको लेकर के बात नहीं की गई, 400 से अधिक लोगों की मृत्यु हुई दुखद उसे पर कोई बात नहीं की गई कोई शोक व्यक्त नहीं किया गया, केवल राजनीति करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं की असलियत जनता में साफ हो गई है कि भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश में भारी आपदा से जब हम पटरी पर लौट रहे हैं, तब भी केवल राजनीति करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में किसान को नुकसान हुआ ,बागवान को नुकसान हुआ, पानी की योजनाओं को नुकसान हुआ, सिंचाई योजना सीवरेज योजना ,सड़क , पुल ,बिजली व रास्ते हर प्रकार का नुकसान हिमाचल प्रदेश में हुआ लेकिन भारतीय जनता पार्टी अपने मंच से एक शब्द नहीं बोल पाई प्रदेश के लिए। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं को कांग्रेस की सरकार ठोक बजा करके जवाब दे रही है। उन्होंने कहा कि हमने सबसे बड़ी गारंटी ओपीएस की पूरी की है। भाजपा के नेता किसी भी मंच पर आकर के बहस कर ले ओपीएस पूरी हुई कि नहीं हुई । मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि 1500 रुपये महिलाओं को मिले इसको लेकर के जो गारंटी दी गई है, उसे पर काम किया जा रहा है उसकी नीति बनाकर के 1500 रुपये देने का काम महिलाओं को कांग्रेस की सरकार करेगी। फॉर्मूला जो होगा उसके तहत सरकार काम करेगी। उन्होंने कहा कि रोजगार देने का क्रम शुरू कर दिया गया है, भाजपा ने जिस आयोग को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया था, वहां 65 लोग गिरफ्तार हैं अनेक मामले दर्ज हैं ।जो परिणाम आने हैं उनको निकाला जा रहा है मुख्यमंत्री इस मामले में कार्यवाही कर रहे हैं और नया आयोग सरकार गठित कर रही है ,जल्द उसका अस्तित्व आ जाएगा। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि भाजपा के नेता कानून व्यवस्था की बात करते हैं, उनका की हिमाचल प्रदेश में कानून व्यवस्था को पूरी तरह दरुस्त किया गया है, माफिया पर लगाम कसी जा रही है, नशे को खत्म करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरी तरह से मुस्तेद होकर के काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का माफिया सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो भी घटना हिमाचल प्रदेश में हुई उसे पर कार्रवाई की जा रही है, चाहे वह हमीरपुर की घटना हो, चाहे चंबा की घटना हो। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल लाशों पर भी राजनीति करने का काम कर रही है, जो शर्मनाक है ।
-डीआईजी उत्तरी क्षेत्र अभिषेक दुल्लर की होंगे अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश में क्रिप्टो करेंसी के नाम पर ठगी के मामलों की जांच डीआईजी उत्तरी क्षेत्र अभिषेक दुल्लर की अध्यक्षता वाली एसआईटी करेगी। जांच कमेटी में सीबीआई या अन्य जांच एजेंसियों में काम कर चुके निपुण अधिकारियों को शामिल किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सोमवार को विधानसभा सदन में प्रश्नकाल के दौरान देहरा से विधायक होशियार सिंह के सवाल पर यह एलान किया। मुकेश ने कहा कि बहुत जल्दी पैसा कमाने की चाह रखने वाले लोग इस तरह के झांसे में आ रहे हैं। उधर, विधायक ने धोखा करने वाली कंपनियों को राजनीतिक संरक्षण मिलने का आरोप भी लगाया। कहा कि देहरा क्षेत्र में ही दस करोड़ से अधिक की ठगी हो चुकी है। गरीब लोगों को ठगा जा रहा है। उन्होंने सदन में 425 लोगों की सूची रखी, जिन्होंने यह धोखाधड़ी हुई है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जाए। 200 करोड़ का घोटाला हमीरपुर में, 250 करोड़ का कांगड़ा, 100 करोड़ का ऊना में हुआ है। आरोप लगाया कि राजनीतिक संरक्षण से यह ठगी की जा रही है। उन्होंने कुछ कंपनियों के नाम भी बताए। उन्होंने कहा कि बिना राजनीतिक संरक्षण के इतना बड़ा घोटाला नहीं हो सकता। उन्होंने अपने विस क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि फ्रॉड करने वाले ये लोग राजनीतिज्ञों के साथ देखे जाते हैं। अभी तक 6 एफआईआर, 56 शिकायतें जवाब में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे मामले पूरे प्रदेश में आए हैं। अभी तक 6 एफआईआर पुलिस ने दर्ज की हैं। 56 शिकायतें पुलिस के पास आई हैं। पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है। कहा कि राजनीतिक संरक्षण वाले आरोप की उन्हें अभी कोई जानकारी नहीं है। शराब ठेकों की नीलामी से 40 फीसदी अधिक आय उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि प्रदेश में शराब ठेकों की नीलामी से 40 फीसदी अधिक आय हुई है। व्यवस्था परिवर्तन करते हुए कांग्रेस सरकार ने इस वर्ष शराब ठेकों का नवीनीकरण करने की जगह नीलामी से आवंटन किया। नीलामी से इस वित्त वर्ष में कुल 1815 करोड़ रुपये की आय होगी। अगस्त 2023 तक 1301 करोड़ रुपये सरकारी कोष में जमा भी हो गए हैं। कांग्रेस विधायक केवल सिंह पठानिया के सवाल का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2020-21, 2021-22 और 2022-23 में शराब के ठेकों का आवंटन नवीनीकरण के माध्यम से किया गया। 2022-23 में 1296.94 करोड़ रुपये में ठेकों का नवीनीकरण हुआ था। इस साल सरकार ने ऑक्शन कम टेंडर के आधार पर नीलामी का निर्णय लिया। सरकार के इस पारदर्शी कदम से 39.97 प्रतिशत अधिक राजस्व प्राप्त होना अनुमानित है। ठेकों की नीलामी से पिछले वर्ष के मुकाबले 518.41 करोड़ रुपये अधिक राजस्व प्राप्त हुआ है।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव व वरिष्ठ प्रवक्ता सुशांत कपरेट ने कहा कि भाजपा का यह प्रदर्शन जनता के हितों के लिए नहीं, बल्कि खुद के अस्तित्व को बचाने के लिए था। उन्होंने कहा कि प्रदेश प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। प्रदेश की सरकार लोगों को राहत देने का काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने अपनी सारी जमा पूंजी आपदा राहत कोष के लिए दान दे दी है। स्कूली बच्चें आपदा राहत के लिए दान दे रही है। कांग्रेस सरकार के मंत्री, विधायक से लेकर हर कार्यकर्ता आपदा में लोगों को राहत देने में जुटे हुए हैं। जबकि दूसरी तरफ विपक्षी दल भाजपा के नेताओं को प्राकृतिक आपदा से कोई लेना देना नहीं है। वे प्राकृतिक आपदा में लोगों को राहत पहुंचाने के बजाए राजनीति करने में लगे हैं। पार्टी सचिव व वरिष्ठ प्रवक्ता सुशांत कपरेट ने कहा कि भाजपा की यह रैली पूरी तरह फ्लॉप शो साबित हुआ है। भाजपा के नेता गुटों में बंटे हुए नजर आए। प्रदेश भर से लोगों को जबरन रैली के लिए लाया गया। उन्होंने कहा कि यह रैली पूरी तरह फ्लॉप शो है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की समाप्ति के पश्चात मिडिया प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि चौदहवीं विधानसभा का तृतीय सत्र अपेक्षा अनुरूप सफलता के साथ संपन्न हुआ है। पठानिया ने कहा कि यह सत्र 18 सितंबर को आरंभ हुआ था। इस सत्र में कुल 7 बैठकें आयोजित की गई। इस सदन की कार्यवाही कुल 36 घंटे 38 मिनट तक चली तथा इसकी उत्पादकता 106 प्रतिशत रही। उन्होंने कहा कि इस मानसून सत्र में सदस्यों द्वारा कुल 743 प्रश्न सरकार से पूछे गए, जिसमें 547 प्रश्न तारांकित तथा 196 अतारांकित प्रश्न थे। इसके अतिरिक्त नियम 61 के अंतर्गत 8, नियम 62 के अंतर्गत 5, नियम 101 के अंतर्गत 3, नियम 130 के अंतर्गत 3,तथा 324 के अंतर्गत 9 विषयों पर सार्थक चर्चा की गई। पठानिया ने सदन की कार्यवाही संपन्न होने पर मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष तथा उप मुख्यमंत्री सहित संसदीय कार्य मंत्री का भी धन्यवाद किया जिनकी वजह से सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से संचालित कर पाए। विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने आने वाले शरद नवरात्रों, कुल्लू दशहरा तथा दिपावली की सभी प्रदेशवासियों को बधाई दी है। उन्होंने उन परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट की, जिन्होंने प्राकृतिक आपदा के कारण अपनों को खोया है।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल आज अपने तीन दिवसीय दौरे के तहत जनजातीय जिला किन्नौर पहुंचे। उन्होंने समदोह के सैन्य शिविर, भारत-तिब्बत सीमा बल की फारवर्ड पोस्ट लेपचा तथा सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा किया। वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत उन्होंने विभिन्न गांवों का दौरा भी किया। लेडी गवर्नर श्रीमती जानकी शुक्ला भी उनके साथ थीं। राज्यपाल का यह पहला जनजातीय जिला किन्नौर का दौरा है। आज प्रात: समदोह हैलीपैड पहुँचने पर ब्रिगेडियर आर.पी.सिंह., ब्रिगेड कमांडर ने राज्यपाल का स्वागत किया। लाहुल-स्पीति तथा किन्नौर जिला प्रशासन के अधिकारियों ने भी राज्यपाल का स्वागत किया। राज्यपाल ने करीब 13000 फीट की ऊंचाई पर भारत तिब्बत पुलिस बल की फारवर्ड पोस्ट का दौरा भी किया। वह लेपचा पोस्ट गए और यह पहला मौका है जब किसी विशिष्ट व्यक्ति ने इस पोस्ट का दौरा किया। नियंत्रण रेखा पर बनी इस पोस्ट से तिब्बत के तीन गांव चुरुप, शकटोट और घुमुर नजर आते हैं। राज्यपाल को सैन्य अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी दी तथा बताया कि सेना के जवान किस तरह विपरीत परिस्थितियों में दिन-रात यहां सीमाओं की चैकसी करते हैं। लेपचा में आईटीबीपी की पोस्ट में जवानों के साथ बातचीत में राज्यपाल ने कहा कि वह भारत सीमा को सुरक्षित रखने वाले जवानों को सलाम करते हैं, जो शून्य से भी कम तापमान में सीमा की रक्षा करने के लिए पूर्ण सतर्कता के साथ डटे हैं। उन्होंने कहा कि वह जवानों के जज्बे को नमन करते हैं क्योंकि हर प्रकार की परस्थितियों के लिए हमारे जवान तैयार हंै। राज्यपाल ने कहा कि भारत की सुरक्षा हमारे जवानों के कंधों पर है। उन्होंने कहा कि भारत का हर व्यक्ति आईटीबीपी के जवानों के प्रति जो आदर रखता है, वह हमारे जवानों के जज्बे को बढ़ाता है। उन्होंने आईटीबीपी के जवानों को अपनी किसी भी प्रकार की समस्या उनके साथ सांझा करने के लिए भी प्रेरित किया। इस अवसर पर, आईटीबीपी के कमांडेंट श्री श्रीपाल ने राज्यपाल का स्वागत किया और बल की इस फ्रंटियर पोस्ट के बारे में अवगत करवाया। समदोह सैन्य शिविर में राज्यपाल श्री शिव प्रताप शुक्ल तथा लेडी गवर्नर श्रीमति जानकी शुक्ल ने देवदार का पौधा रोपित किया। इस अवसर पर, राज्यपाल ने सैनिकों के साथ बातचीत की और उन्हें प्रोत्साहित भी किया। उन्होंने कहा 'सैनिकों का उत्साह, जज्बा और देश के लिये समर्पण अदभुत है। इस लिये हमारी सेना दुनिया की सर्वश्रेठ सेना में शामिल है।Ó उन्होंने कहा कि दुश्मन के हर नापाक इरादों को ध्वस्त करने की क्षमता रखने वाले हमारे बहादुर सैनिक दिन-रात देश की सुरक्षा में तैनात हैं। समदोह सैन्य शिविर के कमांडर ब्रिगेडियर आरपी सिंह ने राज्यपाल का स्वागत किया और शिविर के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर, राज्यपाल और लेडी गवर्नर ने सैन्य शिविर परिसर में देवदार का पौधा भी रोपित किया। बाद में, सीमावर्ती गांव के लोगों ने राज्यपाल से भेंट कर उन्हें अपनी मांगों से अवगत करवाया। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें वाईब्रेंट विलेज कार्यकम के तहत यहां आने के लिये कहा था। यहां आकर मुझे अच्छा लगा कि अब अधोसंरचना विकास इस क्षेत्र में तेजी से हो रहा है। उन्होंने कहा कि पेयजल अथवा अन्य सुविधाएं यहां उपलब्ध करवाई जा रही हैं, ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों के यह गांव सुदृढ़ हो सके। लाहुल-स्पिति के उपायुक्त राहुल कुमार तथा पुलिस अधीक्षक मयंक चैधरी ने राज्यपाल को सम्मानित किया। राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा, किन्नौर की उपायुक्त तोरूल रवीश, पुलिस अधीक्षक विवेक चाहल तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक तथा औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री रोहित ठाकुर 28 सितंबर को जिला सोलन के नालागढ़ उपमंडल के प्रवास पर आ रहे हैं। रोहित ठाकुर 28 सितंबर को प्रात: 11.00 बजे राजकीय महाविद्यालय नालागढ़ में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय यूथ फेस्टिवल ग्रुप-1 कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करेंगे।
-कहा, आरक्षण को 2024 के लोकसभा चुनावों से लागू करे केंद्र अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की प्रवक्ता डोली शर्मा ने केंद्र की मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि उन्होंने 2024 लोकसभा चुनावों के मद्देनजर महिलाओं को संसद में एक तिहाई आरक्षण का झुंझना थमा दिया है। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा महिलाओं की इतनी ही हितैषी है तो उन्हें इसे 2024 के लोकसभा चुनावों से लागू करना चाहिए। आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए डोली शर्मा ने केंद्र की भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि उसने लोकसभा का विशेष सत्र बुलाकर केवल भव्य आयोजन कर देश के लोगों को गुमराह करने का प्रयास करती हैं। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा सही में महिलाओं को संसद व विधानसभाओं में एक तिहाई आरक्षण की हितैषी होती तो इसे देश मे अगले साल 2024 से ही लागू करती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इस बिल को पारित करवाने में पूरा समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा का इसे लागू करने के लिये पहले जनसंख्या गणना व डी लिमिटेशन की बात करना साफ है कि यह भी 15 लाख की तरह एक जुमला ही साबित होगा। डोली शर्मा ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी ने महिला आरक्षण की शुरुआत 1989 में की थी। उस समय भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने इस बिल का विरोध किया था और यह बिल राज्यसभा में केवल 7 मतों से पराजित हो गया था। उसके पश्चात कांग्रेस महिला आरक्षण को लेकर प्रयासरत रही। 1992 में तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव ने महिला संशोधन बिल लाकर नगर निकायों व पंचायती राज संस्थाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण निहित किया। डोली शर्मा ने कहा कि संसद में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण देने के लिये कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 2010 में महिला दिवस पर प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा। उसके बाद राहुल गांधी ने इसी पत्र का हवाला देते हुए 2011 में महिलाओं को आरक्षण देने की मांग की। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार अपने 9 साल के कार्यकाल में पूरी तरह सोई रही अब जब देश मे अगले साल लोक सभा चुनाव होने है तो भाजपा ने महिलाओं को एक झुंझना थमा दिया। डोली शर्मा ने कहा कि भाजपा कभी भी महिला हितेषी नही रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश मे पहली महिला राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष पार्टी अध्यक्ष तक के पद पर विठाया। भाजपा बताएं कि उसने कितनी महिलाओं को यह सम्मान दिया हैं। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में 40 प्रतिशत महिलाओं को पार्टी टिकट दिए थे। उन्होंने कहा कि भाजपा के शासनकाल में महिलाओं का जितना उत्पीड़न हुआ है उतना पहले कभी नहीं हुआ। पत्रकार सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह,वरिष्ठ कांग्रेस नेता पूर्व मंत्री आशा कुमारी, शिमला नगर निगम की उप महापौर उमा कौशल, महिला कांग्रेस अध्यक्ष जैनब चंदेल सहित शिमला नगर निगम की सभी महिला पार्षद व महिला कांग्रेस की पदाधिकारी भी मौजूद थीं। डोली शर्मा ने कहा है कि प्रदेश सरकार अपनी सभी चुनावी गारंटियों को पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने ओपीएस लागू कर अपनी पहली गारंटी पूरी कर दी हैं। डोली शर्मा ने कहा कि प्रदेश में आपदा की इस घड़ी में भाजपा प्रदेश सरकार को कोई भी सहयोग नही दे रही हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता केंद्र से कोई भी मदद में सहयोग नही कर रहें हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर विशेष आर्थिक मदद की मांग की पर भाजपा का कोई भी नेता प्रधानमंत्री से नही मिला है। उन्होंने कहा कि भाजपा को बताना चाहिए। उन्होंने केंद्र से इस बारे क्या प्रयास किए हैं।
हिमाचल प्रदेश बेरोजगार कला अध्यापक संघ आज माननीय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से ओकओवर में मिला और संघ ने एक लाख रुपये का आपदा राहत कोष में चेक भेंट किया। साथ में एक मांग पत्र भी दिया, जिसमें शिक्षा विभाग द्वारा हाल ही में जारी हुई एक अधिसूचना, जिसमें कहा गया है कि जहां सरकारी मिडल स्कूल में 100 से बच्चे कम हैं, वहां से कला अध्यापक का युक्तिकरण किया जाएगा, को रद्द करने की मांग की गर्ह। इस संदर्भ में जब संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से बात की तो मुख्यमंत्री ने तुरंत प्रतिक्रिया लेते हुए अपने सचिव को बुलाकर आदेश देते हुए कहा कि ये कला अध्यापक और शारीरिक शिक्षक का युक्तिकरण करने के आदेश किसने दिए हैं, इनको तुरंत प्रभाव से निरस्त किया जाए। सीएम से मिलने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में राज्य कार्यकारिणी के अध्यक्ष बलवंत सिंह, उपाध्यक्ष जगदीश ठाकुर, कोषाध्यक्ष शक्ति प्रसाद, सह सचिव पाल सिंह, मुख्य सलाहकार सुख राम, सदस्य बलदेव, पंकज, अजय, संजय आदि जिला अध्यक्ष शिमला से सुभाष, मनोज व मोनू शामिले थे।
-कांगड़ा जिला के बीड़-बिलिंग में 26 अक्तूबर से शुरू होगा प्री-वर्ल्ड कप -28 देशों के 159 प्रतिभागी करवा चुके हैं पंजीकरण मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां कांगड़ा जिला के बीड़-बिलिंग में 26 अक्तूबर से आयोजित होने वाले क्रॉस कंट्री पैराग्लाइडिंग प्री-वर्ल्ड कप-2023 के लिए आधिकारिक वेबसाइट और प्रोमो जारी किया। इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और 28 देशों के 159 प्रतिभागियों ने पहले से ही पंजीकरण कर लिया है। बिलिंग पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन और हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किए जा रहे पैराग्लाइडिंग प्री-वर्ल्ड कप में संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, फ्रांस, स्वीडन, जर्मनी, चीन, दक्षिण अफ्रीका, बेल्जियम, संयुक्त अरब अमीरात, ईरान, कजाकिस्तान, नार्वे, नेपाल, वियतनाम, चेक गणराज्य, बुल्गारिया, कनाडा सहित भारतीय वायु सेना, सेना और नौसेना के प्रतिभागी भी शामिल होंगे। इन प्रतिभागियों का चयन अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन को फेडरेशन ऑफ एयरोनॉटिकल इंटरनेशनल पैराग्लाइडिंग वर्ल्ड कप कमीशन और एयरो क्लब इंडिया दोनों से स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के दौरान सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए आर्मी एडवेंचर विंग, भारतीय वायु सेना एडवेंचर विंग के दो दल और समर्पित बचाव टीम भी तैनात की जाएगी। सुरक्षा के दृष्टिगत हेलीकॉप्टर की भी उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीड़-बिलिंग को देश की पैराग्लाइडिंग राजधानी के रूप में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि आदर्श उड़ान परिस्थितियों और सुन्दर परिदृश्यों के कारण यह क्षेत्र विश्वभर के पैराग्लाइडरों को आकर्षित करता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कांगड़ा जिला को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित कर रही है। इस तरह के आयोजनों से साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के सरकार के प्रयासों को बल मिलेगा। इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव किशोरी लाल, बिलिंग पैराग्लाइडिंग संघ के अध्यक्ष अनुराग शर्मा और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
-कहा,सत्ता की लोभी कांग्रेस ने हर बार जनता को लुभावने प्रलोभन देकर गुमराह किया -अब जनता मांगे हिसाब, क्यों किया विश्वासघात हिमाचल भाजपा प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने प्रदेश सरकार के कार्यों की जमकर भर्त्सना की और प्रदेश की जनता के ऊपर थोपे जा रहे अनर्गल फैसलों से बाज आने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि विकास नहीं छलावा है, कांग्रेस पार्टी बहकावा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने देश की महिलाओं को नारी शक्ति वंदन सम्मान देकर संवारा है, वहीं हिमाचल में कांग्रेस सरकार ने प्रदेश की महिलाओं से किए गए वादे को नकारा है। उन्होंने कहा कि जनता से ठगी कर सरकार बनाना प्रदेश के लिए एक दुर्भाग्यपूर्ण क्षण था। प्रदेश प्रभारी ने कहा कि सत्ता की लोभी कांग्रेस ने हर बार जनता को लुभावने प्रलोभन देकर गुमराह किया है, जिसके लिए प्रदेश की जनता कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से मिलने वाली आर्थिक मदद की भी मौजूदा कांग्रेस सरकार कभी सराहना तक नहीं करती, बल्कि अपनी डफली अपना ही राग अलापती है और सीधी-साधी जनता को गुमराह करने का अपराध करती रही है। खन्ना ने कहा कि छह बार मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह ने 2012 में सत्ता हथियाने के लिए युवाओं को 1000 से लेकर 1800 रुपये तक बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया था और आज भी मौजूद कांग्रेस सरकार ने झूठी गारंटियां देकर सत्ता को हथियाया है। भाजपा ने जयराम ठाकुर के कार्यकाल में 1000 से ज्यादा संस्थान खोले, जो इस सरकार ने बंद कर दिए। अब जनता हिसाब मांग रही है कि उससे विश्वासघात क्यों किया है।
-कहा, चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस ने युवाओं को ठगा -सरकार बनते ही आउटसोर्स व अनुबंध पर लगे कई कर्मचारियों को बाहर निकाला भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की सरकार में प्रदेश में आउटसोर्स व अनुबंध पर कई विभागों में सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। मानसून सत्र के आरंभ होते ही विधानसभा का घेराव, हल्ला बोल, आंदोलन व धरने प्रदर्शन का दौर विभिन्न राजनीतिक दलों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों व संगठनों द्वारा लगातार जारी हंै, जो सरकार की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर रहे हंै। सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि कांग्रेस द्वारा चुनाव जीतने के लिए युवाओं को रोजगार के नाम पर झूठे प्रलोभन देकर ठगा गया है। सत्ता में आते ही कांग्रेस सरकार ने कई संस्थानों पर ताले जड़ कर उन्हें डिनोटिफाई कर दिया है। कांग्रेस के ये फैसले द्वेष की राजनीति को जन्म देते हैं।
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के निदेशक (कार्मिक) शैलेंद्र सिंह ने वेल्हम गर्ल्स स्कूल देहरादून में उदयन शालिनी फेलोशिप के 16वें इंडक्शन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। शैलेंद्र सिंह, निदेशक (कार्मिक) ने अपने संबोधन में उदयन केयर ट्रस्ट की दूरदर्शी संस्थापक डॉ. किरण मोदी के 'मेकिंग यंग लाइवस शाइनÓ के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता के उल्लेखनीय प्रयासों की सराहना की। उदयन केयर का लक्ष्य समाज के उन वंचित वर्गों के जीवन में रोशनी लाना है, जिन्हें सहारे की आवश्यकता है। सन 1994 में सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट के रूप में पंजीकृत, उदयन केयर भारत के 15 राज्यों के 36 शहरों में कमजोर बच्चों, महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाने के लिए काम करता है। इंडक्शन समारोह के दौरान शैलंद्र सिंह ने उदयन शालिनी फेलोशिप कार्यक्रम के लिए चयनित 40 युवा शालिनी को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर, शिक्षा और सशक्तिकरण के सर्वोपरि महत्व पर प्रकाश डालते हुए शैलेेंद्र सिंह ने एक महत्वपूर्ण उद्धरण साझा किया कि एक महिला को शिक्षित करना, एक पीढ़ी को शिक्षित करना है। शैलेंद्र सिंह के इन प्रेरक शब्दों ने भविष्य को आकार देने में महिलाओं द्वारा निभाई जाने वाली महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। निदेशक ने भारत में चल रहे एक उल्लेखनीय परिवर्तन पर भी प्रकाश डाला, जहां युवा महिलाएं साहसपूर्वक लैंगिक पूर्वाग्रहों को खत्म कर रही हैं और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धि के नये नये आयाम हासिल कर रही हैं। उनका प्रेरक संदेश एकदम स्पष्ट था कि खुद पर विश्वास करो। अपने सपनों पर विश्वास करो। आपका भाग्य स्वयं आपके हाथ में है। उन्होंने कहा कि आपसी सहयोग और सशक्तिकरण की पेशकश करके, हम सामूहिक रूप से एक ऐसी दुनिया का निर्माण कर सकते हैं जहां प्रत्येक व्यक्ति को अपनी पूरी क्षमता के साथ अपना विकास करने के अवसर मिल सके।
-एक बुजुर्ग व दो गऊओं की जलकर मौत -सूचना मिलते ही प्रशासन भी मौके पर पहुंचा ठियोग उपमंडल के देहा में अग्निकांड का मामला सामने आया है, जहां तीन मंजिला मकान में आग लगने से बुजुर्ग व दो गऊओं की मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार देहा की ग्राम पंचायत घोरना के गांव अरशाला में बीती रात नरेंद्र सिंह के तीन मंजिला मकान में आग लग गई। आग इतनी भड़क गई कि देखते ही देखते तीन मंजिला मकान जलकर राख हो गया। आग की चपेट में आने से 75 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। मृतक की पहचान जय राम पुत्र रत्ती राम के रूप में हुई है। आग की चपेट में आने से दो गऊओं की भी मौत हो गई। वहीं, स्थानीय लोगों ने अग्निशमन विभाग को घटना की सूचना दी। आग लगने की घटना की सूचना मिलने पर प्रशासन भी मौके पर पहुंच गया है और राहत बचाव कार्य जारी है।
लोरेटो कॉन्वेंट तारा हॉल स्कूल शिमला की दो छात्राओं सातवीं कक्षा की अहाना वर्मा और दूसरी कक्षा की जिया वर्मा ने आज यहां मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को आपदा राहत कोष में अंशदान के लिए अपनी गुल्लक भेंट कर क्रमश: 10229 रुपये और 9806 रुपये का योगदान दिया। मुख्यमंत्री ने इन दोनों के इस अमूल्य योगदान की सराहना करते हुए कहा कि छोटे-छोटे बच्चे भी आपदा प्रभावित लोगों की तकलीफों को कम करने में अपना योगदान देकर इस नेक काम में बखूबी अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन नन्हीं बेटियों का यह प्रयास हिमाचल के लोगों की जीवटता एवं संवेदनशीलता को दर्शाता है और समस्त समाज के लिए अनुकरणीय एवं प्रेरणादायी है।
24 अक्तूबर शुरू होगा उत्सव, 19 देशों के प्रतिभागी लेंगे भाग मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस वर्ष 24 से 30 अक्तूबर तक आयोजित किए जा रहे अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के पूर्वावलोकन (कर्टन रेजर) कार्यक्रम का शुभारंभ कर इसका ब्रॉशर जारी किया। आज यहां राज्य स्तरीय कुल्लू दशहरा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उत्सव इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उत्सव के लिए क्षेत्र में निर्बाध परिवहन सुविधा सुनिश्चित करने के दृष्टिगत मंडी-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग की मरम्मत कार्य युद्ध स्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान प्रदेश विशेषकर कुल्लू जिले में पर्यटन क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद आपदा के दौरान जिला प्रशासन, विभिन्न विभागों, संगठनों एवं लोगों द्वारा राहत एवं पुनर्वास कार्यों के लिए दिया गया योगदान प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि हिमाचल एक बार फिर पर्यटकों का स्वागत करने के लिए पूरी तरह से तैयार है और आगामी कुल्लू दशहरा उत्सव इस संबंध में एक मील पत्थर साबित होगा। पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहन प्रदान करने में दशहरा उत्सव की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव वास्तव में एक वैश्विक कार्यक्रम बनने के लिए तैयार है। विभिन्न राज्यों के सांस्कृतिक दलों के साथ-साथ रूस, इजराइल, रोमानिया, कजाकिस्तान, क्रोएशिया, वियतनाम, ताइवान, थाईलैंड, पनामा, ईरान, मालदीव, मलेशिया, कीनिया, दक्षिण सूडान, जाम्बिया, घाना और इथियोपिया सहित 19 देशों के प्रतिभागी उत्सव में एक विविध और अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक झलक दिखायेंगे। उन्होंने कहा कि उत्सव में 25 अक्टूबर को सांस्कृतिक परेड और 30 अक्टूबर को कुल्लू कार्निवल का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही 13 विभाग क्षेत्र की समृद्ध विरासत को प्रदर्शित करते हुए पैगोड़ा टेंट में प्रदर्शनियां लगाएंगे। मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों और उपस्थित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। इसके अलावा, उन्होंने सांस्कृतिक एवं लोक परंपराओं को संरक्षित करने के लिए उत्सव के दौरान पारंपरिक खेलों और स्थानीय लोक कलाकारों को बढ़ावा देने के महत्व पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेले और त्यौहार राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और इसके प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि कुल्लू दशहरा धार्मिक मान्यताओं और सांस्कृतिक मूल्यों का वैश्विक प्रतीक है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से कुल्लू विधानसभा क्षेत्र के लिए 12 करोड़ रुपये की कई विकासात्ममक परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया। इसमें कुल्लू में 5.49 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित चार मंजिला बहुउद्देशीय उपायुक्त कार्यालय का भवन शामिल है। इस भवन में दो सम्मेलन कक्ष सहित विभिन्न कमरे और पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने ढालपुर में उभरती खेल प्रतिभाओं के लिए 3 करोड़ रुपये से निर्मित इंडोर बैडमिंटन हॉल का उद्घाटन तथा कुल्लू में 3.51 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित महिला पुलिस स्टेशन भी जनता को समर्पित किया। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, विधायक भुवनेश्वर गौड़, रवि ठाकुर एवं सुरेंद्र शौरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, डीजीपी संजय कुंडू, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा , संयुक्त सचिव आईसीसीआर अंजू, उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
प्रदेश में आपदा की इस घड़ी में सभी क्षेत्रों के लोगों ने आपदा पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए योगदान दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू तथा उनके परिवार ने इस उद्देश्य के लिए अपनी प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया है। मुख्यमंत्री ने अपनी निजी जमापूंजी से 51 लाख रुपये की राशि आपदा राहत कोष-2023 में दान दी है। उनकी 88 वर्षीय माता संसार देवी ने भी 50 हजार रुपये का अंशदान कर अपनी उदारता का परिचय दिया है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में एक चर्चा के दौरान कहा कि स्कूल और कॉलेज के दिनों से ही जरूरतमंदों की मदद तथा दान उनके व्यक्तित्व का अभिन्न अंग रहा है। जब इस आपदा के दौरान छोटे बच्चों को अपने गुल्लक तोड़ कर प्रभावितों के लिए अंशदान देते हुए देखा तो उनमें भी अपनी क्षमता के अनुरूप इसमें सहयोग करने का भाव जगा, क्योंकि दूसरों की मदद से हमें आत्मिक संतुष्टि प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि स्वेच्छा से किसी की मदद करना मनुष्य का जन्मजात गुण है और किसी का भला चाहने अथवा करने से स्वयं का तथा समस्त समाज का भी भला होता है। प्रदेश की समस्त जनता मेरा बड़ा परिवार है। उन्हें संकट की इस घड़ी में मदद की आवश्यकता है और ऐसे में आगे बढ़ कर सभी की सहायता करना हमारा कर्त्तव्य है। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान दिए गए योगदान का स्मरण करने पर कहा कि यह कार्य बिना किसी श्रेय के केवलमात्र मानवता की सहायता के लिए किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री बनने से पहले एक विधायक के रूप में भी ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कोरोना महामारी से निपटने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने अपने एक वर्ष के वेतन के अलावा अपनी सावधि जमा (एफडी) में से 11 लाख रुपये का अंशदान किया था। इस बरसात के दौरान प्रदेश में जान व माल का भारी नुकसान हुआ है। इस दौरान 441 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है तथा सार्वजनिक व निजी सम्पति को 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। लोगों की आजीविका, मूलभूत अधोसंरचना तथा पर्यटन गतिविधियों पर इस आपदा का भारी प्रभाव पड़ा है। इसके बावजूद इस दौरान प्रदेश के लोगों ने एकजुटता और साहस का परिचय दिया है, जो सराहनीय है। इस मुश्किल घड़ी में मुख्यमंत्री के नेतृत्व ने भी दृढ़ता और करुणा की मिसाल पेश की है, जिसकी सराहना विश्व बैंक, नीति आयोग जैसे संस्थानों सहित पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने भी की है। इसके अतिरिक्त यह देश में संभवत: पहला उदाहरण है कि जब किसी मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल में अपनी तथा अपने परिवार की संचित जमापूंजी जरूरतमंदों की सहायता के लिए दान की हो।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राजभवन से 'पैडल टू हील हिमालय साइकिलÓ अभियान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) हीलिंग हिमालय के सहयोग से आयोजित इस अभियान में हिमाचल प्रदेश के साइकिल चालक शामिल हैं, जो शिमला से लाहौल-स्पीति तक यात्रा करेंगे। राज्यपाल ने साइकिल चालकों और हीलिंग हिमालय को बधाई देते हुए कहा कि इस एनजीओ द्वारा हिमालय में चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान की सराहना प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम में भी की है। उन्होंने कहा कि यह अभियान अन्य लोगों को भी इस दिशा में प्रेरित करेगा। उन्होंने हिमालय के पर्यटन क्षेत्र के बारे में जागरूकता के लिए साइकिल चालकों और हीलिंग हिमालय की पहल की सराहना की। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा भी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेेंद्र श्याम ने आज यहां मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू को आपदा राहत कोष के लिए अपनी बचत से तीन लाख रुपये का चेक प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए उनका धन्यवाद किया और कहा कि सभी क्षेत्रों से लोग इस कोष में उदारतापूर्वक अंशदान देने के लिए आगे आ रहे हैं, जो आपदा से प्रभावित परिवारों की मदद करने में काफी मददगार साबित होगा।
-कहा, हर चीज के दाम बढ़ाकर आपदा प्रभावितों को दोहरे जोखिम दे रही सरकार नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि यह सरकार प्रदेश के लोगों के साथ अन्याय कर रही है, आए दिन जनविरोधी फैसले ले रही है। सत्ता में आते ही डीज़ल पर टैक्स बढ़ा दिए। बिजली-पानी के शुल्क बढ़ा दिए। आज दस गुना स्टांप ड्यूटी बढ़ाने जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार इस तरह की तानाशाही से जनविरोधी फैसले जनता पर नहीं लाद सकती है। सरकार ने राजस्व के विभिन्न कार्यों में जहां सौ रुपये का स्टाम्प लगता था। उस जगह पर अब एक हज़ार जा स्टांप लगाने जा रही है। एक साथ दस गुना बढ़ोतरी आज तक प्रदेश के इतिहास में कभी नहीं हुई थी। नेता प्रतिपक्ष ने का कहा कि इस अधिनियम का विरोध करते हुए बीजेपी के विधायकों ने सदन से 'वॉकआउटÓ किया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि लोगों को सुविधा देने के नाम पर कांग्रेस प्रदेश के लोगों से झूठ बोला। सत्ता में आने के बाद से ही प्रदेश के लोगों को दुख देने वाले काम शुरू कर दिये। चुनाव के पहले दस गारंटी का वादा करने वाली कांग्रेस ने एक भी वादा पूरा नहीं किया और लोगों के ऊपर टैक्स पर टैक्स लगाए जा रही है। आपदा के समय में भी इस तरह की जनविरोधी गतिविधि सरकार कर सकती है। ऐसा सोचा भी नहीं जा सकता हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश आपदा से गुजर रहा है लेकिन सरकार आए दिन किसी न किसी प्रकार के आर्थिक बोझ से प्रदेश के लोगों को परेशान कर रही है। आपदा से उबरने के लिए जिन वस्तुओं की आवश्यकता है उन्हें महंगा कर रही है। लोगों के घर टूटे हैं, जिन्हें बनाने में सीमेंट, रेता स्टील की आवश्यकता पड़ेगी। सरकार ने सीमेंट के दाम बढ़ा दिये। उद्योगों को दी जाने वाली बिजली महंगी कर दी। इससे स्टील और अन्य महत्वपूर्ण चीजों के दाम बढ़ जाएंगे। डीज़ल के दाम बढ़ा दिये, जिससे आम जन-जीवन में इस्तेमाल होने वाली सारी चीजों के दामों पर असर पड़ा। आपदा के समय में इस तरह का बर्ताव कभी किसी सरकार ने नहीं किया। सरकार को इस तरह की हरकतों से बाज आना चाहिए।
-विधायक ने विधानसभा में उठाया स्वास्थ्य क्षेत्र को सुदृढ़ करने का मुद्दा हिमाचल प्रदेश में प्रदेश सरकार लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए तेजी से काम करे। यह बात सुंदरनगर के विधायक राकेश जम्वाल ने विधानसभा सत्र के दौरान सदन के भीतर कही। राकेश जम्वाल ने अपने विधानसभा क्षेत्र सुंदरनगर सिविल अस्पताल का मामला उठाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार रोबोटिक सर्जरी की बात कर रही है जो प्रदेश सरकार का एक अच्छा कदम है लेकिन प्रदेश के विधानसभा क्षेत्र में एक ऐसा हॉस्पिटल होना चाहिए जहां लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। राकेश जम्वाल ने पॉइंट ऑफ ऑर्डर के तहत पूछे गए सवाल में प्रदेश सरकार से पूछा कि सुंदरनगर सिविल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन को चलाने के लिए एक तकनीशियन व डॉक्टर कब मुहैया करवाया जाएगा। इसके अलावा नेरचौक में बीते पांच माह पहले दुर्घटनाग्रस्त हुई लाइफ स्पोर्टिंग एंबुलेंस को अब तक ठीक क्यों नहीं करवाया गया है जबकि नेरचौक से चंडीगढ़ जाने के लिए एक मरीज को 30 से 35 हजार रुपए ख़र्च करने पड़ते हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से इस एंबुलेंस को जल्द ठीक करने की मांग की है। राकेश जम्वाल ने सदन में पूछा कि सुंदरनगर सिविल हॉस्पिटल परिसर में डॉक्टरों व अस्पताल स्टाफ के लिए 10 करोड़ की लागत से रेजिडेंस बनाया जा रहा है लेकिन कुछ महीनों से इसका कार्य बन्द पड़ा हुआ है।बताया जा रहा है कि बजट न होने के चलते यह कार्य रुका हुआ है। उन्होंने सरकार से पूछा कि कब कार्य के लिए बजट मुहैया करवाया जाएगा, ताकि इमरजेंसी में मरीजों के लिए डॉक्टर उपलब्ध हो सकें।
-कुब्जा पेवेलियन रेणुका जी में चिकित्सा एवं रक्तदान शिविर लगाए ब्लॉक कांग्रेस कमेटी रेणुका जी ने 6 बार विधायक रह चुके स्व. डॉ प्रेम सिंह की जयंती व पुण्यतिथि के मौके पर उनकी याद में कुब्जा पेवेलियन रेणुका जी में मुफ्त चिकित्सा शिविर, रक्तदान शिविर लगाए गए। साथ ही ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की बैठक का आयोजन भी किया गया। इस कार्यक्रम में रेणुका के विधायक विनय कुमार, पूर्व विधायक स्व. प्रेम सिंह की पत्नी विद्या देवी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। रेणुका के विधायक विनय कुमार ने कहा कि उनके पिता स्व. डॉ प्रेम सिंह का रेणुका के विकास में अतुलनीय योगदान है और उनकी जयंती व पुण्यतिथि तिथि 23 सितंबर को हर वर्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा मनाई जाती है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष तपेंदर चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि रक्तदान शिविर में 40 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया तथा मुफ़्त चिकित्सा शिविर का लगभग 300 लोगों ने लाभ उठाया। उन्होंने बताया कि मुफ्त चिकित्सा शिविर में कार्डियोलॉजी के विशेषज्ञ डॉ. अंकुर आहूजा, न्यूरोलॉजी के विशेषज्ञ डॉ. इशांक गोयल, ऑर्थो के विशेषज्ञ डॉ. रवि गुप्ता ने विशेष रूप से इस चिकित्सा शिविर में लोगों कि जांच की। इस दौरान श्री रेणुका जी कांग्रेस मंडल की एक महत्वपूर्ण विशाल बैठक का आयोजन भी किया गया। इस कार्यक्रम में रेणुका मंडल अध्यक्ष तपेेंदर चौहान, पीसीसी सदस्य यशपाल चौहान, मंडल महासचिव मित्र सिंह तोमर, सीमा भूषण, अशोक ठाकुर, पूर्व बीडीसी अध्यक्ष उपाध्यक्ष दलीप चौहान, प्रदेश युवा कांग्रेस के महासचिव ओपी ठाकुर, महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्यामा ठाकुर, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष अजय भारद्वाज, जोन अध्यक्ष स्वर्ण नेगी, अनिल शर्मा, कुशल सिंह तोमर, रमेश कमल, यशवंत सिंह चौहान, हरिन्द शर्मा, मोहन शर्मा, तपेंद्र सिंह तोमर, रामरतन चौहान, जिला परिषद सदस्य ओम प्रकाश, पृथ्वीराज, पूर्व प्रधान अभिमन्यु पुंडीर, सहित कांग्रेस सभी पदाधिकारी, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, सेवादल, ओबीसी सेल, एससी सेल, एनएसयूआई व रेणुका की सभी पंचायतों के 123 बूथों के अध्यक्ष एवं बूथ पदाधिकारी मंडल कांग्रेस इत्यादि ने भाग लिया।
-हिमाचल में अहंकारी सरकार, जल्द टूटेगा अहंकार : जयराम शिमला, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने विधानसभा में एक संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित किया। डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार को 10 महीने पूरे हो चुके हैं और अभी तक यह सरकार पूरी तरह से फेल है। यह सरकार जन आकांक्षाओं और अपेक्षाओं की विपरीत चल रही है, जब से यह सरकार सत्ता में आई है तब से हिमाचल प्रदेश में विकास की गति घट गई है। जयराम ठाकुर ने जिस प्रकार से हिमाचल प्रदेश में विकास को पंख लगाए थे, इस सरकार ने उन पंखों को काट दिया है। कांग्रेस की दुख की सरकार ने हिमाचल प्रदेश में 1000 से ज्यादा संस्थान बंद किए हैं, कानून व्यवस्था चरमराई हुई है, पूर्ण रूप से कानून व्यवस्था नियंत्रण से बाहर है। चंबा हत्याकांड, हिमाचल प्रदेश में बलात्कार, गोलीकांड, महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार जैसी शर्मनाक घटनाएं हो रही हंै और यह सरकार मौन है। यह सरकार केवल छलावे की सरकार है। वहीं जयराम ठाकुर ने कहा कि 10 महीने का कांग्रेस सरकार का कार्यकाल अव्यवस्था भरा रहा है, हिमाचल प्रदेश में महंगाई बड़ी है, सीमेंट के दाम दो बार बड़े हैं और अभी विधानसभा में स्टांप ड्यूटी को 10 गुना बढ़ाने का प्रस्ताव लाया गया है। यह सरकार हिमाचल प्रदेश के गरीब लोगों के बारे में सोच नहीं रही है और लोगों के लिए यह सरकार केवल मात्र बोझ डालने का कार्य कर रही है। हम साफ कहते हैं अगर केंद्र सरकार से हिमाचल प्रदेश को मदद ना मिलती तो हिमाचल प्रदेश की परिस्थितियों और कठिन होती। ऐसा प्रतीत होता है की हिमाचल प्रदेश में अहंकारी राज चल रहा है और इस अहंकार को तोड़ने के लिए विधायक दल एवं भाजपा एक विशाल धरना प्रदर्शन करने जा रहे हैं।
हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता आमिर खान ने करुणा का परिचय देते हुए आपदा राहत कोष-2023 के लिए 25 लाख रुपये की राशि का अंशदान दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आमिर खान के इस सहयोग के लिए उनका हार्दिक आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह सहायता नि:स्संदेह राहत व पुनर्वास कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जिनका उद्देश्य प्रभावित परिवारों को आपदा से उबरने में मदद करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राशि का उपयोग जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आमिर खान के इस पुनीत कार्य से आपदा प्रभावित लोगों को सहायता मिलेगी।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा मानसून सत्र में शनिवार को भोजन अवकाश के बाद भारतीय स्टांप ड्यूटी विधेयक को लेकर सदन में हंगामा हुआ। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने सुबह सदन में भारतीय स्टांप ड्यूटी हिमाचल प्रदेश संशोधन विधेयक 2023 को पारित करने का प्रस्ताव रखा तो इसका विपक्ष ने विरोध किया। विपक्ष के सदस्यों ने स्टांप ड्यूटी बढ़ने से आम जनता पर बोझ डालने की बात की। इसका विरोध किया। इसे पारित करने को आगे टाल दिया। अध्यक्ष ने इसे पारित करने का प्रस्ताव भोजन अवकाश के बाद करने की बात की। भोजन अवकाश के बाद कार्यवाही शुरू होते ही विधेयक को लेकर सदन में हंगामा शुरू हो गया। इसके बाद विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चले गए। विपक्ष की गैर मौजूदगी में ही बिल को पास किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष पहले से ही प्रदेश विरोधी है, अब महिला विरोधी भी हो गया है। विधेयक के अनुसार पहले सभी के लिए 50 लाख तक जमीन की रजिस्ट्री पर 8 फीसदी स्टांप ड्यूटी थी। अब 50 से 80 लाख तक की रजिस्ट्री कराने पर महिलाओं के लिए 4 फीसदी स्टांप ड्यूटी लगेगी। सरकार ने लिमिट को बढ़ाया है। भू राजस्व संशोधन विधेयक भी पारित विपक्ष ने दूसरे हिमाचल प्रदेश भू राजस्व संशोधन विधेयक 2023 का भी विरोध किया गया। इसे भी राजस्व मंत्री ने सदन के पटल पर रखा और इसे पारित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। राजस्व विभाग में कर्मचारियों की भारी कमी के चलते इसे लागू करने में बाधा आने की बात की गई। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी बोले कि यह विधेयक आम आदमी को लाभ देने के लिए है। दूसरे विधेयक पर मुख्यमंत्री बोले कि 69 साल बाद इस विधेयक में संशोधन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डिमार्केशन और पार्टिशन में बहुत समय लग रहा है। इसके लिए एक व्यक्ति का लाभ नहीं देखा गया है। इससे राजस्व विभाग में व्यवस्था परिवर्तन होने वाला है। अगर इतने साल बाद संशोधन किया जा रहा है तो सोच-समझकर ही लाया जा रहा है। इस विधेयक को ध्वनिमत से सदन में पारित कर दिया गया।
-कहा, बटेलीस्कोपिक कार्टन पूरी तरह से बंद होगा अगले साल से यूनिवर्सल कार्टन का इस्तेमाल अनिवार्य किया जाएगा। विधानसभा मानसून सत्र के छठे दिन बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने इसका एलान किया। उन्होंने कहा कि बटेलीस्कोपिक कार्टन पूरी तरह से बंद होगा। हिमाचल प्रदेश में अगले साल से यूनिवर्सल कार्टन का इस्तेमाल अनिवार्य किया जाएगा। विधानसभा मानसून सत्र के छठे दिन बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने इसका एलान किया। उन्होंने कहा कि टेलीस्कोपिक कार्टन पूरी तरह से बंद होगा। बाहरी राज्यों में भी किलो के हिसाब से ही सेब बेचा जाएगा। नहीं मानने वाले प्रदेशों के उच्च न्यायालयों में मामला उठाया जाएगा। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने ठियोग के कांग्रेस विधायक कुलदीप सिंह राठौर की ओर से मामले पर उठाए गए प्रश्न के जवाब में यह जानकारी दी। ठियोग के कांग्रेस विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने सदन में यूनिवर्सल कार्टन लागू करने का मामला उठाया। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि सेब को किलो के हिसाब से बेचना ऐतिहासिक निर्णय है। इसमें समस्या आएगी भी, क्योंकि यह बहुत महत्वपूर्ण निर्णय है। लेकिन यह संभव नहीं था कि एक-एक पेटी को बाजार में तोलने की व्यवस्था की जाए। भ्रम की स्थिति बनी रही। कई जगह बागवानों में भी नाराजगी हुई। यह नियम केवल हिमाचल प्रदेश में है। बाहर नहीं है। वहां इस तरह की व्यवस्था नहीं है। जब भ्रम की स्थिति बनी तो बहुत से बागवानों से प्रदेश से बाहर जाकर सेब बेचा। इससे राजस्व की हानि हुई। करोड़ों रुपये खर्च करके यहां पर मंडियां बनाई गई हैं। करोड़ों की लागत से हिमाचल प्रदेश में मंडियां विकसित की गई हैं। बागवानी मंत्री भी मंडियों का दौरा करते रहे। मंत्री रोहित ठाकुर भी बागवानों से लगातार मिलते रहे। उनका यह कहना है कि इसका एक सबसे बढ़िया उपाय है कि ऐसी व्यवस्था बनाएं कि इससे हमेशा के लिए अच्छी व्यवस्था बने। राठौर ने बागवानी मंत्री से अनुरोध किया प्रदेश में यूनिवर्सल कार्टन की व्यवस्था को लागू किया जाए। बाजार में इससे अच्छे दाम नहीं मिल रहे हैं। गुणवत्ता वाला सेब जाएगा तो अच्छा होगा। एक ही मापदंड होने चाहिए। हिमाचल में किलो के हिसाब से बिक रहा है। बाहर किलो के हिसाब से नहीं बिक रहा है। सेब बागवानी के खर्चा देखा जाए तो यह लाभ का काम नहीं रह गया है। इस वक्त बागवानी को बचाए जाने की जरूरत है। सेब पर आयात शुल्क घटाए जाने से भी बागवानों को नुकसान हो रहा है। यह मसला पूरे प्रदेश से जुड़ा हुआ है। सेब का सालाना कारोबार पांच हजार करोड़ रुपये है। बागवानी को बचाए जाने की जरूरत है। सभी लोग सहयोग करें। आयात शुल्क बढ़ाया जाए। कुलदीप राठौर ने कहा कि अफगानिस्तान के रास्ते ईरान का सेब आ रहा है। अफगानिस्तान के साथ देश की निशुल्क व्यापार की संधि है। इस बारे में भी सोचे जाने की जरूरत है।
दयानंद पब्लिक स्कूल शिमला के छात्र-छात्राओं ने शेनिवार को विधानसभा की कार्यवाही देखी। छात्र-छात्राओं ने सदन की कार्यवाही आरंभ होने से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से मुलाकात कर लोकतांत्रिक व्यवस्था के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल की।
प्रदेश में मौसम ने करवट बदली है। राज्य के कई भागों में बारिश हो रही है। प्रदेश की राजधानी शिमला में भी मौसम खराब बना हुआ है। वहीं, बारिश से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से आज राज्य के कुछ भागों में बारिश के साथ अंधड़ चलने व बिजली चमकने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 24 व 25 सितंबर को भी कुछ भागों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। 26 से 29 सितंबर तक राज्य के सभी भागों में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। सोलन जिले में शनिवार सुबह से ही बारिश हो रही है। बारिश होने से अब किसान लहसुन, मटर की बिजाई का कार्य कर सकेंगे। पिछले दो सप्ताह से धूप खिलने के चलते खेतों में नमी काफी कम हो गई थी। उधर, बिलासपुर जिले में भी झमाझम बारिश से मौसम सुहावना हो गया है। बारिश के चलते बंदला धार से पैराग्लाइडिंग रोकी गई है। प्रशिक्षण में बारिश बाधा बनी है। इसके अलावा बारिश से मक्की की कटाई भी प्रभावित हुई है। सिरमौर व ऊना जिले के कई भागों में भी बारिश दर्ज की गई है। शिमला में भी हल्की बारिश हुई है। राज्य में शनिवार सुबह 10 बजे तक 25 सड़कों पर आवाजाही ठप रही। इसके अतिरिक्त 181 बिजली ट्रांसफार्मर भी प्रभावित चल रहे हैं।
-महोत्सव में दिखाई जाएंगी 20 देशों और 24 राज्यों की फिल्में बहुप्रप्रतिष्ठित शिमला अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के 9वें संस्करण का उद्घाटन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज एक भव्य समारोह में किया। गेयटी थिएटर शिमला में आयोजित इस कार्यक्रम ने दुनिया भर की सिनेमाई उत्कृष्टता के तीन दिवसीय उत्सव की शुरुआत हुई, जिसमें सिनेमा और संस्कृति की दुनिया को एक मंच पर प्रदर्शित किया । अपने उद्घाटन संबोधन में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने महोत्सव के प्रति अपना उत्साह व्यक्त किया और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम के रूप में सिनेमा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिमला का अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव हमारे राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम बन गया है, जो हिमाचल प्रदेश और वैश्विक फिल्म समुदाय के बीच गहरे संबंध को बढ़ावा देता है। सिनेमा के माध्यम से, हम अपनी संस्कृति, मूल्यों और कहानियों को दुनिया के साथ साझा करते हैं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कंडा और नाहन सेंट्रल जेल और विशेष योग्यता वाले बच्चों के लिए संस्थान, ढली में स्क्रीनिंग सिनेमा के जादू को अप्रत्याशित स्थानों पर लाने और दर्शकों के साथ सार्थक तरीके से जुड़ने का एक अच्छा प्रस्ताव है। वे वास्तव में बाहरी दुनिया का पता लगाने के अवसरों के हकदार हैं और सिनेमा से बेहतर कोई तरीका नहीं है जो समकालीन समाज के विभिन्न पहलू और लोगों के जीवन के रचनात्मक तत्वों को दिखा सके और यह समाज से अलग थलग लोगों को सीखने और रचनात्मकता की अपनी भावना को फिर से विकसित काने का बेहतरीन मौका है। इस महोत्सव में 20 देशों और 24 राज्यों की फिल्मों का विविध चयन शामिल है, जिसमें लघु, वृत्तचित्र और फीचर फिल्में शामिल हैं, जो दर्शकों को सिनेमाई अनुभवों की एक मनोरम श्रृंखला पेश करती हैं। इस वर्ष 38 अंतर्राष्ट्रीय श्रेणी, 62 राष्ट्रीय और 5 हिमाचल प्रदेश की फिल्मों का प्रतियोगिता के लिए आधिकारिक तौर पर चयन कर लिया गया है। अंतर्राष्ट्रीय श्रेणी में संयुक्त राज्य अमेरिका, बेल्जियम, ईरान, कनाडा, चीन, चेक गणराज्य, तुर्की, नेपाल, मिस्र, बांग्लादेश, इटली, पोलैंड, अर्जेंटीना, स्वीडन, अफगानिस्तान, ऑस्ट्रेलिया के फिल्म निर्माता, फ्रांस और दुबई भाग ले रहे हैं। जबकि भारत से इक्कीस राज्य भाग ले रहे हैं, जैसे केरल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, मणिपुर, असम, दिल्ली, पंजाब, पश्चिम बंगाल, कश्मीर, उत्तराखंड , उड़ीसा, झारखंड, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश। गेयटी थिएटर, शिमला के मध्य में स्थित एक प्रतिष्ठित विरासत स्थल, इस सिनेमाई असाधारण प्रदर्शन के लिए एक आदर्श पृष्ठभूमि है।
-निकाली रैली, मिठाइयां बांटीं, ढोल-नगाड़े के साथ नारेबाजी के बीच पीएम नरेंद्र मोदी का आभार जताया - 75 वर्षों में नया इतिहास रचने का काम किया पीएम मोदी ने : योगी नारी शक्ति वंदन विधेयक के लोकसभा व राज्यसभा में पारित होने के बाद भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा हिमाचल प्रदेश राज्य भर में जशन मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया जा रहा है। इसी कड़ी में शिमला में भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा द्वारा जश्न व आभार रैली का आयोजन किया गया। शेरे पंजाब से लेकर जिलाधीश कार्यालय तक बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने इस रैली में भाग लिया। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा हिमाचल प्रदेश की अध्यक्ष वंदना योगी ने इस रैली का नेतृत्व किया, लोगों को मिठाई भी बांटी गई ढोल नगाड़े के साथ नृत्य व नाटी भी डाली गई। महिलाओं ने मोदी जी को जय श्री राम, बीजेपी जिंदाबाद सहित अनेक नारे लगाकर माहौल को उत्साह पूर्वक बनाया गया। बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे को महिला आरक्षण विधेयक पारित होने पर बधाई दी। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की राज्य अध्यक्ष वंदना योगी ने कहा कि गत साढ़े वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जितने भी नीतियां बनाई गई, उनके केंद्र में महिलाएं रही हैं ,उज्ज्वला योजना ,शौचालय बनाना, घर का निर्माण हो, डायरेक्ट सब्सिडी देना, रसोई गैस के दाम कम करना, मुद्रा योजना,रोजगार देने की बात हो, विकास की बात हो या मनरेगा को आगे बढ़ाने की बात हो हर कार्य में महिला को आगे रखा गया है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि जो काम 75 वर्षों में नहीं हुआ पिछले 27 वर्षों से राजनीतिक विरोध के चलते अटका हुआ था, उसे नई राजनीतिक इच्छा शक्ति के साथ नए संसद भवन में पहले ही दिन नारी शक्ति वंदन विधेयक के रूप में रखा गया, खुली चर्चा की गई पारित हुआ और अगले ही दो दिनों में बिल को राज्यसभा में रखा गया राज्यसभा में भी पारित हुआ। उन्होंने कहा कि अब तक के इतिहास का सबसे शानदार कार्य हुआ है, जिसने देश की महिला शक्ति को ताकत प्रदान करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि किंतु परंतु के बिना सभी दलों का सहयोग लेकर के इस बिल को पारित करने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुआ है और आने वाले समय में 33त्न आरक्षण देश की सांसद व विधानसभा में महिलाओं को मिलेगा और महिलाएं नीति निर्धारण में अपना योगदान बढ़कर के दे पाएंगी। भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष वंदना योगी ने कहा कि इस विधेयक की राह में अब तक बाधा बने सपा, राजद, जदयू जैसे दलों के साथ कांग्रेस भी शामिल थी। इससे जुड़े तीनों विधेयकों के विरोध में महज दो मत, जबकि समर्थन में 454 वोट पड़े। संसद में किसी विधेयक पर बरसों बाद ऐसी सर्वानुमति बन पाई है। राज्यसभा में सभी सहमति हुई है। योगी ने कहा कि महिला सशक्तीकरण भाजपा के लिए आस्था व निष्ठा से जुड़ा संकल्प है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की 70 करोड़ बहनों के लिए एक नायाब तोहफा देकर नया इतिहास रचा है। इस अवसर पर जिला भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष विनती शर्मा,भाजपा महामंत्री अंजना, गुड़िया सक्षम बोर्ड की पूर्व अध्यक्ष रूपा शर्मा, सोशल मीडिया संयोजक प्रतिभा बाली,भाजपा महिला नेत्री रूप शारदा, किरण बाबा, महिला नेत्री किमी सूद, सीमा ठाकुर, पार्षद रचना शर्मा, पार्षद कमलेश मैहता, आशा शर्मा, निशा शर्मा,पूर्व मेयर सत्या कौंडल, पूर्व मेयर कुसम संदरेट, कमलेश शर्मा, मीना वर्मा, कल्पी शर्मा, सुलेखा कश्यप, संजना चौहान, संजू शर्मा सहित अन्य महिला पदाधिकारी व कार्यकता उपस्थित रहे।
-मिठाइयां बांटीं, ढोल-नगाड़े के साथ नारेबाजी के बीच पीएम नरेंद्र मोदी का आभार जताया - 75 वर्षों में नया इतिहास रचने का काम किया पीएम मोदी ने : वंदना योगी नारी शक्ति वंदन विधेयक के लोकसभा व राज्यसभा में पारित होने के बाद भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा हिमाचल प्रदेश राज्य भर में जशन मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया जा रहा है। इसी कड़ी में शिमला में भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा द्वारा जश्न व आभार रैली का आयोजन किया गया। शेरे पंजाब से लेकर जिलाधीश कार्यालय तक बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने इस रैली में भाग लिया। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा हिमाचल प्रदेश की अध्यक्ष वंदना योगी ने इस रैली का नेतृत्व किया, लोगों को मिठाई भी बांटी गई ढोल नगाड़े के साथ नृत्य व नाटी भी डाली गई। महिलाओं ने मोदी जी को जय श्री राम, बीजेपी जिंदाबाद सहित अनेक नारे लगाकर माहौल को उत्साह पूर्वक बनाया गया। बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे को महिला आरक्षण विधेयक पारित होने पर बधाई दी। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की राज्य अध्यक्ष वंदना योगी ने कहा कि गत साढ़े वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जितने भी नीतियां बनाई गई, उनके केंद्र में महिलाएं रही हैं ,उज्ज्वला योजना ,शौचालय बनाना, घर का निर्माण हो, डायरेक्ट सब्सिडी देना, रसोई गैस के दाम कम करना, मुद्रा योजना,रोजगार देने की बात हो, विकास की बात हो या मनरेगा को आगे बढ़ाने की बात हो हर कार्य में महिला को आगे रखा गया है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि जो काम 75 वर्षों में नहीं हुआ पिछले 27 वर्षों से राजनीतिक विरोध के चलते अटका हुआ था, उसे नई राजनीतिक इच्छा शक्ति के साथ नए संसद भवन में पहले ही दिन नारी शक्ति वंदन विधेयक के रूप में रखा गया, खुली चर्चा की गई पारित हुआ और अगले ही दो दिनों में बिल को राज्यसभा में रखा गया राज्यसभा में भी पारित हुआ। उन्होंने कहा कि अब तक के इतिहास का सबसे शानदार कार्य हुआ है, जिसने देश की महिला शक्ति को ताकत प्रदान करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि किंतु परंतु के बिना सभी दलों का सहयोग लेकर के इस बिल को पारित करने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुआ है और आने वाले समय में 33त्न आरक्षण देश की सांसद व विधानसभा में महिलाओं को मिलेगा और महिलाएं नीति निर्धारण में अपना योगदान बढ़कर के दे पाएंगी। भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष वंदना योगी ने कहा कि इस विधेयक की राह में अब तक बाधा बने सपा, राजद, जदयू जैसे दलों के साथ कांग्रेस भी शामिल थी। इससे जुड़े तीनों विधेयकों के विरोध में महज दो मत, जबकि समर्थन में 454 वोट पड़े। संसद में किसी विधेयक पर बरसों बाद ऐसी सर्वानुमति बन पाई है। राज्यसभा में सभी सहमति हुई है। योगी ने कहा कि महिला सशक्तीकरण भाजपा के लिए आस्था व निष्ठा से जुड़ा संकल्प है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की 70 करोड़ बहनों के लिए एक नायाब तोहफा देकर नया इतिहास रचा है। इस अवसर पर जिला भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष विनती शर्मा,भाजपा महामंत्री अंजना, गुड़िया सक्षम बोर्ड की पूर्व अध्यक्ष रूपा शर्मा, सोशल मीडिया संयोजक प्रतिभा बाली,भाजपा महिला नेत्री रूप शारदा, किरण बाबा, महिला नेत्री किमी सूद, सीमा ठाकुर, पार्षद रचना शर्मा, पार्षद कमलेश मैहता, आशा शर्मा, निशा शर्मा,पूर्व मेयर सत्या कौंडल, पूर्व मेयर कुसम संदरेट, कमलेश शर्मा, मीना वर्मा, कल्पी शर्मा, सुलेखा कश्यप, संजना चौहान, संजू शर्मा सहित अन्य महिला पदाधिकारी व कार्यकता उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां अनाडेल व्यू बिल्डिंग (विधानसभा अध्यक्ष के आवास) का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से आगामी निर्माण कार्य के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की और उन्हें एक वर्ष के भीतर इसका निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, उपायुक्त आदित्य नेगी, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने कहा कि स्मार्ट सिटी शिमला स्टील सिटी बन गई है। पहाड़ों की राजधानी में इसे देखते हुए स्टील स्ट्रक्चर निर्माण पर रोक लगा दी गई है। धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा के मूल सवाल और राजेश धर्माणी व हरीश जनारथा के सप्लीमेट्री सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि विधायक निर्माण कार्य में गड़बड़ी की शिकायतें करते हैं तो इसकी जांच कराई जाएगी। सुधीर शर्मा ने कहा कि धर्मशाला में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के काम में क्वालिटी का ध्यान नहीं रखा गया। नॉन टेक्निकल लोगों ने दी टेक्निकल काम की मंजूरी विधायक राजेश धर्माणी ने कहा कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में टेक्निकल काम की मंजूरी, नॉन टेक्निकल लोगों द्वारा दी गई है। इसकी जांच होनी है। हरीश जनारथा ने कहा कि शहर में निर्माणाधीन स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से मलबा डंप हुआ है। इससे ड्रेनेज सिस्टम प्रभावित हुआ है। शहर में आई आपदा में स्मार्ट सिटी का भी बड़ा रोल है।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि लोक सभा और राज्य सभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 का पारित होना देश के लिए ऐतिहासिक क्षण हैं। इस उपलब्धि के लिए उन्होंने देश की मातृशक्ति समेत समस्त देशवासियों को शुभकामनाएं दी। नेता प्रतिपक्ष ने महिलाओं सशक्तिकरण के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाकर लंबे समय से की जा रही मांग को नारी शक्ति वंदन अधिनियम- 2023 के रूप में लोक सभा और राज्य सभा से पारित करवाने के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने विधेयक को समर्थन देने के लिए संपूर्ण मंत्री परिषद और समस्त संसद सदस्यों का भी आभार व्यक्त किया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस कानून के कारण देश में मातृशक्ति का प्रतिनिधित्व और बढ़ेगा। देश के लिए नीति निर्धारण में मातृशक्ति का भूमिका बढ़ेगी। यह क़ानून आने वाले समय में हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों को और सुदृढ़ करेगा।
-सड़क पर धरना दे रहे लोग बता रहे सुक्खू सरकार पर जनता को नहीं रहा भरोसा नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सदन में कहा कि जिन्होंने अपनी जान को ख़तरे में डालकर कोरोना पीड़ितों की सेवा की, आज छह महीनें से उनका वेतन नहीं दिया गया हैं। इस महीने उन सबकी सेवा ख़त्म करने का नोटिस दे दिया गया है। सरकार हर मुद्दे पर झूठ बोल रही है। सदन में भी सही जवाब नहीं दे रही है। आज हर दिन विधान सभा के बाहर लोग अपनी मांगें लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। लोग सड़क पर धरना दे रहे हैं। मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि सब सही है, लेकिन सब सही नहीं हैं। यह सरकार पूरी तरह से फेल हैं। जनहित के मुद्दे सरकार की प्राथमिकता में ही नहीं हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सड़क पर धरना दे रहे लोग बता रहे हैं कि सरकार से जनता का भरोसा उठ गया है। ऐसा पहली बार हो रहा है कि दस महीनें में ही लोग सड़कों पर आ गये हैं। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। दस महीनें में ही प्रदेश के लोग सरकार के ख़िलाफ़ सड़कों पर आ गये हैं क्योंकि सरकार ने एक भी वादा पूरा नहीं किया है। आज भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी परीक्षा के परिणाम नहीं जारी किए जा रहे हैं। युवा आये दिन परिणाम घोषित करने की मांग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अब तक सिर्फ आश्वासन दिया है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जब हमें मौक़ा मिला तो हमने प्रदेश में किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित, किसी कारण से अशक्त हुए लोगों के लिए सहारा योजना लाई। उसके तहत तीन हजार रुपये की पेंशन दी जा रही थी। जिससे ऐसे लोगों की मदद हो जाए। अब मुझे उन लोगों के फ़ोन आते हैं कि पेंशन नहीं मिल रही है। यह गलत परंपरा हैं। ऐसी व्यवस्थाएं सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए क्योंकि यह समाज में जरूरतमंद लोगों के लिए चलाई गई योजना है।
-शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर को सौंपा मांगपत्र, तुरंत मांगें पूरी करने की अपील मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन संबंधित सीटू ने मिड-डे मील वर्कर्स की मांगों को लेकर विधानसभा के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदेशभर से सैकड़ों मिड-डे मील वर्कर्स रैली में शामिल रहे। रैली पंचायत भवन से शुरू हुई व विधानसभा पहुंची, जहां एक जनसभा हुई। जनसभा को सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, महासचिव प्रेम गौतम, उपाध्यक्ष जगत राम, यूनियन प्रदेशाध्यक्ष इंद्र सिंह, महासचिव हिमी देवी, बलबिंद्र कौर, इंद्र, सुदेश, कौशल्या प्रीति, शांति, बलबिंद्र कौर, मीरा, जगदीश, सरिता, निरथ, वीरेंद्र, गुरदास वर्मा, अजय दुलटा, राजेश शर्मा, आशीष कुमार, मोहित वर्मा, बालक राम, केवल कुमार, नरेंद्र विरुद्ध आदि ने संबोधित किया। इस दौरान यूनियन का एक प्रतिनिधिमंडल शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से मिला व उन्हें मांग पत्र सौंपा। उन्होंने मिड-डे मील कर्मियों की मांगों को तुरंत पूर्ण करने का आश्वासन दिया। विजेंद्र मेहरा, प्रेम गौतम, जगत राम, इंद्र सिंह व हिमी देवी ने रैली को सम्बोधित करते हुए कहा कि मिड-डे मील वर्कर्स को पिछले पांच महीने से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने मांग की है कि यह भुगतान तुरंत किया जाए। प्रदेश सरकार की चार हज़ार रुपये की घोषणा के बावजूद यह घोषणा लागू नहीं हुई है। उन्होंने हरियाणा की तर्ज पर सात हजार रुपये वेतन की मांग की। हिमाचल उच्च न्यायालय के निर्णयानुसार व पंजाब सरकार की तर्ज पर 10 के बजाए 12 महीने का वेतन दिया जाए। पंजाब सरकार के मिड-डे मील व हिमाचल में आंगनबाड़ी की तर्ज पर 12 से 20 छुट्टियों की सुविधा दी जाएं। उन्हें साल में दो वर्दी दी जाए। मल्टी टास्क भर्ती में मिड-डे मील कर्मियों को प्राथमिकता दी जाए। उन्हें अतिरिक्त कार्य का अतिरिक्त वेतन दिया जाए। बंद किए गए स्कूलों में अन्य स्टाफ की तरह मिड-डे मील कर्मियों को भी दूसरे स्कूलों में समायोजित किया जाए। उनके लिए नौकरी से संबंधित 25 बच्चों की शर्त को हटाया जाए। उनसे चुनाव के समय पोलिंग पार्टी को खाना बनाने का कार्य न करवाया जाए। प्रत्येक स्कूल में अनिवार्य रूप से दो मिड-डे मील वर्कर्स की नियुक्ति की जाए। 45वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिश अनुसार मिड-डे मील कर्मियों को मजदूर का का दर्जा दिया जाए व उन्हें नियमित किया जाए। वक्ताओं ने कहा कि देश की मोदी सरकार मजदूर वर्ग पर तीखे हमले जारी रखे हुए है। केंद्र सरकार 45वें श्रम सम्मेलन की शर्त के अनुसार योजना मजदूरों को मजदूर का दर्जा देने, पेंशन, ग्रेच्युटी, स्वास्थ्य आदि सुविधा को लागू नहीं कर रही है। केंद्र में रही सरकारों ने वर्ष 2009 के बाद मिड-डे मील कर्मियों के वेतन में एक रुपये की भी बढ़ोतरी नहीं की है। मोदी सरकार इस योजना को कॉरपोरेट कम्पनियों के हवाले करना चाहती है। यही कारण है कि इस योजना के बजट में लगातार कटौती की जा रही है। मोदी सरकार ने मिड डे मील योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री पोषण योजना करके इसे खत्म करके सुनियोजित साजिश रची है। सरकार मिड-डे मिल योजना में केंद्रीय रसोई घर व डीबीटी शुरू कर रही है जिस से मिड-डे मील कर्मियों की छंटनी तय है। केंद्र सरकार नई शिक्षा नीति लेकर आई है, जिसके चलते बड़े पैमाने पर निजीकरण होगा। यह सब करके भाजपा सरकार मिड-डे मील कर्मियों के रोजगार को खत्म करना चाहती है। प्रदेश में कई स्कूल बंद कर दिए गए हैं व कई मिड-डे मील कर्मियों को नौकरी से बाहर किया जा चुका है।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने हिमाचल प्रदेश प्राथमिक कृषि सेवा सहकारी समिति कर्मचारी संघ की ओर से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को आज यहां मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 16.73 लाख रुपये की राशि प्रदान की। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए उनका धन्यवाद किया और कहा कि इस तरह के योगदान संकट की घड़ी में जरूरतमंदों की मदद करने में सहायक सिद्ध होंगे। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, विधायक इंद्र दत्त लखनपाल, हिमाचल प्रदेश प्राथमिक कृषि सेवा सहकारी समिति कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष विजय शर्मा, महासचिव रजनीश कुमार गुलेरिया और संघ के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
बेरोजगार कला अध्यापक संघ हिमाचल प्रदेश सरकार से काफी नाराज है। संघ ने सरकार को दो टूक शब्दों में कहा है कि जो सरकार ने फैसला लिया है कि 100 के स्कूलों में शिक्षकों को हाई और उच्च विद्यालय में शिफ्ट किया जाएगा, उस ख़बर को सुनते ही बेरोजगार कला अध्यापक संघ आग बबूला हो गया है। संघ ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से कहा है कि आप जब सत्ता से बहार थे तो कहते थे कि हम अच्छा रोजगार देंगे और अच्छी शिक्षा देंगे और सरकार बनने के बाद ये कैसे आपके निर्णय हैं, जो रोज़गार विरोधी हंै और गरीब घरों में पड़ने वाले सरकारी स्कूलों में शिक्षा प्राप्त करने वाले बच्चों के खिलाफ हैं। संघ के अध्यक्ष बलवंत सिंह और उप अध्यक्ष जगदीश ठाकुर सचिव विजय सिंह तथा कोषाध्यक्ष शक्ति प्रसाद व अन्य राज्य कार्यकारिणी के सदस्य और सभी जिला कार्यकारिणी के सभी सदस्यों ने विडियो कांफ्रेंस के माध्यम से मीटिंग की और सरकार से कहा है कि सरकार ऐसा निर्णय को लागू न करें, जिससे गरीब परिवार से पड़ने बाले बच्चों का शोषण हो, बल्कि सरकार ऐसा निर्णय ले, जिससे उन सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का जीवन शिक्षा से परिपूर्ण हो। संघ ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव और शिक्षा निदेशक से अनुरोध किया है कि हिमाचल प्रदेश के 14000 बेरोजगार कला अध्यापक पिछले कई सालों से नौकरी की आस लगाए बैठे हैं। और आप ऐसा निर्णय न लें, जिससे हजारों बेरोजगार को नुकसान उठाना पड़े और मजबूरी में आत्महत्या करनी पड़े। संघ के अध्यक्ष बलवंत सिंह ने कहा कि सरकार हर बार बाकी सभी विषयों की पोस्टें निकालती है, लेकिन कला विषय की अनदेखी कर रही है। जैसा कि हाल ही में जो नोटिफिकेशन जारी हुई है, उसमें टीजीटी, पीजीटी और शास्त्री एलटी की पोस्टें निकलीं हैं पर उसमें भी कला अध्यापक की पोस्टों को इग्नोर कर दिया है, जबकि 285 पोस्टों की शिक्षा विभाग ने मंजूरी मांगी गई थी।
प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के कारण उत्पन्न संकट की इस घड़ी में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की माता संसार देवी ने आपदा राहत कोष में 50 हजार रुपये का योगदान दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सभी क्षेत्रों के लोग उदारतापूर्वक दान देने के लिए आगे आ रहे हैं और उनका नि:स्वार्थ योगदान नि:संदेह प्रदेश के आपदा प्रभावितों को राहत पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि अब तक आपदा राहत कोष में 180 करोड़ रुपये से अधिक अंशदान प्राप्त हुआ है। उन्होंने इस कोष में अंशदान करने वाले सभी व्यक्तियों, सरकारी कर्मचारियों, विभिन्न संगठनों और राज्य सरकारों के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने हाल ही में एक मिसाल पेश करते हुए राज्य में जारी राहत एवं पुनर्वास कार्यों को बढ़ावा देने के लिए निजी जमापूंजी से 51 लाख रुपये आपदा राहत कोष में दान दिए हैं।
हिमाचल प्रदेश में 2026 तक कोयले से बिजली का उत्पादन पूरी तरह बंद करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विधानसभा में विधायक चैतन्य शर्मा के प्रस्ताव के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है। सरकार के अगले छह महीने के कार्यक्रम ग्रीन एनर्जी पर फोकस रहेंगे। हिमाचल प्रदेश ने इस बार मानसून की बारिश में जलवायु परिवर्तन का प्रभाव देखा है। जलवायु परिवर्तन का प्रभाव कम करने के लिए ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देना ही होगा। सरकार एचआरटीसी बसों को इलेक्ट्रिक में बदल रही है। टाइप-2 बसों की खरीद की जानी है, लेकिन इन बसों का उत्पादन काफी कम हो रहा है। सरकार ने टैक्सी को इलेक्ट्रिक गाड़ियों में भी बदलने का प्रस्ताव लाया है। टैक्सी ऑपरेटर को 50 फीसदी सब्सिडी इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने के लिए देंगे और उनके वाहन को सुनिश्चित आय पर सरकारी विभाग में ही लगाया जाएगा।
-हमें 50 हजार करोड़ का कर्ज और अन्य देनदारियां वीरभद्र सरकार से मिली थीं शिमला: सदन में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांग्रेस पर प्रदेश के ऊपर कज़ऱ् का बोझ बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कोरोना की महामारी के बाद भी हमने पूर्ववर्ती वीरभद्र सिंह सरकार से कम कर्ज लिया। कोरोना के बाद भी हमने न प्रदेश का विकास रुकने दिया और न ही प्रदेश के लोगों के हितों के साथ समझौता होने दिया। हमने सामाजिक सुरक्षा पेंशन का बजट स्व. वीरभद्र सिंह की सरकार के बजट का तीन गुना किया। जनहितकारी योजनाएं चलाई। कोविड प्रबंधन और वैक्सीनेशन में कम संसाधनों बाद भी अव्वल रहे। केंद्र सरकार ने हमारी उपलब्धियों के लिए हमें सराहा। इसके बाद भी आज कांग्रेस हम पर वित्तीय प्रबंधन कुप्रबंधन का आरोप लगा रही है। यह शर्मनाक विषय है। सरकार में बैठे लोगों को लज्जा आनी चाहिए। श्वेत पत्र दो तीन सरकारों की तुलना होती है। अगर सरकार की नियत साफ़ है तो वह लाए इस सरकार समेत पिछली सरकार का श्वेत पत्र। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सुक्खू सरकार स्व. वीरभद्र सिंह के समय का वित्तीय प्रबंधन पर भी श्वेत पत्र लाए और प्रदेश को बताए कि स्व. वीरभद्र सिंह ने पांच साल में 29 हज़ार 522 करोड़ का कज़ऱ् लिया और 10 हजार 24 करोड़ रुपये का कज़ऱ् चुकाया। स्व. वीरभद्र सिंह सरकार ने 19 हजार 498 करोड़ रुपये का प्रभावी कर्ज लिया था। दो साल से ज़्यादा समय तक कोरोना की महामारी से गुजरने के बाद भी हमने 30 हज़ार 59 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था और 14 हज़ार 244 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाया। हमारी सरकार ने मात्र 15 हज़ार 815 करोड़ रुपये का भारी कर्ज लिया। कर्ज लेना और चुकाना आधुनिक अर्थव्यवस्था का हिस्सा है। जब हम सत्ता में आये तो हमें लगभग 50 हज़ार करोड़ का कजऱ् विरासत में मिला था।
-नेता प्रतिपक्ष जयराम ने लगाया भाजपा विधायकों के फोन रिकॉर्ड करने का आरोप - उद्योग मंत्री हर्षवर्धन सिंह ने आरोपों को सिरे से नकारा हिमाचल की राजनीति में एक बार फिर से फोन टैपिंग का जिन्न बाहर आ गया है। विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान अपने कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भाजपा विधायकों के फोन रिकॉर्ड करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ पुलिस अधिकारी भाजपा विधायकों के फोन रिकार्ड कर रहे हैं। यह एक नई परंपरा है। इससे पहले हिमाचल में ऐसा कभी नहीं हुआ। सरकार को इस बारे में स्पष्टीकरण देना चाहिए। सीएम खुद जवाब क्यों नहीं दे रहे हैं? गुरुवार को विधानसभा सत्र की कार्यवाही के बीच मीडिया को संबोधित करते हुए जयराम ठाकुर के आरोपों का जवाब उद्योग एवं संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन सिंह चौहान ने दिया। चौहान ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के फोन टैपिंग के आरोप झूठे हैं और सरकार ऐसा कुछ नहीं कर रही। लेकिन उन्हें सूचना मिली है कि एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट जैसी केंद्रीय एजेंसियां हिमाचल सरकार के मंत्रियों की फोन टैपिंग कर रही है। यह राज्य सरकार को असंतुलित करने की कोशिश है। यह चर्चा कई जगह है कि केंद्रीय एजेंसियों की नजर हिमाचल सरकार के मंत्रियों और विधायकों पर है। इससे पहले कुछ अन्य राज्यों में भी इस तरह की एक्टिविटी हो चुकी है। गौरतलब है कि हिमाचल की राजनीति में फोन टैपिंग के विवाद कई बार उठते रहे हैं। पूर्व में मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह और प्रेम कुमार धूमल की सरकारों में भी इस तरह के आरोप एक दूसरे पर लगते रहे हैं। कांग्रेस के एक बड़े नेता की सीडी सिलेक्टिव लीक के जरिए ही बाहर आई थी और वह सीडी फोन टैपिंग से ही बनी थी। वर्तमान सरकार में इस तरह के आरोप पहली बार लगे हैं। हालांकि दोनों दलों के नेताओं की ओर से कोई पुख्ता प्रमाण नहीं दिया गया है। सिर्फ आप ही लगाए गए हैं।
-चौड़ा मैदान में प्रदर्शन कर रहे कोरोना कर्मियों से मिले -कहा, कोरोना कर्मियों की सेवा को तत्काल प्रभाव से बहाल करे सरकार -कोरोना कर्मी बोले उनके पास शिमला आने का किराया भी नहीं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर आज चौड़ा मैदान में प्रदर्शन कर रहे कोरोना कर्मियों से मिले और उनके साथ अन्याय ने होने देने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कोरोना जैसे कठिन समय में जब मरीज़ों के परिजन भी ख़ौफ़ज़दा थे उस समय इन कोरोना कर्मियों ने उनका साथ दिया, उनकी सेवा की। जब परिजन आगे नहीं आए तो इन्होंने अंतिम संस्कार भी किया। ऐसे में उन्हें नौकरी से निकाल देना बहुत बड़ा पाप है। सरकार यह मनमानी नहीं कर सकती है। सरकार इनकी नौकरी को बहाल करे और जल्दी से जल्दी इनका वेतन भी जारी करे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कोरोना के समय में स्वास्थ्यकर्मियों की आवश्यकता थी तो कोरोना कर्मियों को भर्ती किया था। सभी कोरोना प्रभावितों की पूरी सेवा की। इस सेवा में वही लोग आये जिनके अंदर समाज सेवा का जज़्बा था और ज़रूरतमंद थे। व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर आई सुक्खू सरकार ने इनकी सेवाएं समाप्त कर दी। हमने इनके हक़ ने आवाज़ उठाई, जिसके बाद सरकार ने इन कर्मियों की सेवा में 3 महीनें का विस्तार कर दिया। इस महीनें वह समय सीमा फिर से ख़त्म ही रही है। अब लोगों को यह नहीं पता कि आगे क्या होगा। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार नौकरी देने के नाम पर सत्ता में आई है। नौकरी से निकालने के नाम पर नहीं। जिन्होंने ज़रूरत पड़ने पर अपने जान की परवाह किए बिना अपनी नौकरी की उन्हें इस तरह से नौकरी से निकालना न सिफ़र् अन्याय बल्कि पाप है। उन्होंने कहा कि सरकार इस तरह के पाप न करे। नौकरी दें नहीं सकती तो जिन्हें नौकरी मिली है उन्हें नौकरी से निकाले नहीं। नेता प्रतिपक्ष से मिलने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों ने कहा बहुत से कर्मचारी इस प्रदर्शन में आना चाहते थे। पांच महीनें से नौकरी नहीं मिलने की वजह से शिमला आने और जाने का किराया भी उनके पास नहीं था। सभी आउटसोर्स कर्मियों ने कहा कि हमारी नौकरी सुनिश्चित की जाए। हर महीनें वे सचिवालय और मुख्यमंत्री के दफ़्तर के चक्कर लगाते हैं। इसलिए सरकार उनकी नौकरी को सुनिश्चित करें।


















































