भाजपा शिमला संसदीय क्षेत्र की जनसभा का आयोजन देहा चौपाल में किया गया। इस जनसभा में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. अनिल जैन, पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, सांसद सुरेश कश्यप, विधायक बलबीर वर्मा, रीना कश्यप, पूर्व मंत्री सुखराम चौधरी, सुरेश भारद्वाज, प्रदेश उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम गुलेरिया, चेतन ब्रागटा, शशि बाला, रवि मेहता जिला, अध्यक्ष अरुण फलटा विशेष रूप में उपस्थित रहे। यह जनसभा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित की गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा केंद्र की मोदी सरकार ने हर व्यक्ति को कोई न कोई लाभ पहुंचाया है, फिर भी हिमाचल प्रदेश में हमसे चूक हो गई और इस बार हम चूकेंगे नहीं हिमाचल प्रदेश में हम चारों सीटों पर लोकसभा चुनाव में विजय पाएंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में डबल इंजन की सरकार ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र को कुछ ना कुछ दिया है। यहां चौपाल, जुब्बल कोटखाई, रोहडू, रामपुर, ठियोग में स्कूल, अस्पताल, एसडीएम कार्यालय, पटवार सर्कल, आईपीएच सर्कल मिले पर इस सरकार ने उन संस्थाओं पर ताला लगा दिए। उन्होंने कहा कि केंद्र ने आयुष्मान भारत और जयराम सरकार ने हिम्केयर देकर लोगों की स्वास्थ्य सेवाओं की बल्ले-बल्ले करदी । आज 5 लाख रुपए का स्वास्थ्य कंवर सरकारों द्वारा दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्यपथ रक्षा, सुभाष चंद्र बोस वल्लभभाई पटेल, वीर सावरकर जैसे वीर सपूतों के जीवन को जनता के समक्ष लाकर वीरों का शौर्य बढ़ाया। राम मंदिर का आज तक वादा ही हुआ था पर अगले साल वह बनकर तैयार हो जाएगा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की संस्कृति को पुनर्जीवित करने का कार्य किया है। गरीब कल्याण की दृष्टि से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने उत्तम कार्य किया। देश के 80 करोड़ भारतीयों को खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की गई, 48.27 करोड से अधिक जनधन खाते खोले गए, 3 करोड़ से अधिक गरीबों को सभी बुनियादी सुविधाओं वाले आवास उपलब्ध करवाए गए, जनजातीय लोगों के लिए सर्वांगीण विकास निश्चित किया गया। उन्होंने कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने चुनावों में जो 10 गारंटी दी थी वह कहां गई। हिमाचल प्रदेश की 22 लाख महिलाओं के साथ धोखा हुआ है जो 1500 प्रति माह उनको मिलने थे वह तो गायब हो गए। यही नहीं कांग्रेस की सरकार ने युवाओं, किसानों, बागवानों और हिमाचल प्रदेश की प्रबुद्ध जनता गण के साथ धोखा किया है। उन्होंने कहा की देव भूमि हिमाचल के चंबा जिला में जघन्य हत्याकांड हुआ, एक दलित परिवार के बालक को बेरहमी से मार दिया गया और अगर भारतीय जनता पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाती है तो कांग्रेस पार्टी के नेता कहते हैं कि भाजपा हल्ला क्यों कर रहे हैं। उनके मंत्री को पता ही नहीं होता कि ऐसा जघन्य हत्याकांड हिमाचल प्रदेश की धरती पर हो गया है, उस पीड़ित परिवार से मिलने के लिए ना तो मुख्यमंत्री, मंत्री या कांग्रेस के नेता जाते हैं और अपना चेहरा बचाने के लिए बयान वीर बनते हैं। जनता कांग्रेस पार्टी कर सच जान गई है और आने वाले समय में जनता कांग्रेस पार्टी को दुरुस्त कर देगी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज चौड़ा मैदान शिमला से हिमाचल पथ परिवहन निगम की 20 नई ई-बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे शहर में अब ई-बसों की कुल संख्या 50 से बढ़कर 70 हो गई है। इस अवसर पर पत्रकारों से औपचारिक बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में हिमाचल पथ परिवहन निगम 90 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है। इनमें 17 ई-बसें कुल्लू में, 5 मंडी में, 3 बिलासपुर तथा 50 ई-बसे शिमला जिले के ढली डिपो में हैं। वर्तमान में धर्मशाला में निगम के बेड़े में 15 अतिरिक्त ई-बसें शामिल की गईं हैं। इन ई-बसों की परिचालन लागत डीजल बसों की तुलना में बेहद कम लगभग 25 रुपये प्रति किलोमीटर है। उन्होंने कहा कि ई-मोबिलिटी को बढ़ावा देने से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी जिससे पर्यावरण संरक्षण में भी सहयोग प्राप्त होगा। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि परिवहन निगम ने शिमला स्थानीय और नादौन में उपयोग की जाने वाली 75 टाइप-1 ई-बसों के लिए निविदा प्रक्रिया जारी है और मौजूदा डीजल बसों को बदलने के लिए 225 टाइप-2 ई-बसों के लिए तकनीकी विनिर्देशों को अंतिम रूप दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चरणबद्ध तरीके से हिमाचल पथ परिवहन निगम की 1500 बसों के पूरे बेड़े को ई-बसों से बदलेगी, जिसके लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा भी स्थापित किया जा रहा है। इसके अलावा इन ई-बसों को पर्यटन वृत्त (सर्कट) पर भी चलाया जाएगा। उन्होने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि 31 मार्च, 2026 तक हिमाचल प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य के रूप में विकसित किया जाए, जिसके लिए वर्तमान राज्य सरकार द्वारा अपने प्रथम बजट में ही विभिन्न उपायों का समावेश किया गया है। मुख्यमंत्री ने मंत्रि मंडल की बैठक में भाग लेने के लिए चौड़ा मैदान से प्रदेश सचिवालय तक की यात्रा ई-बस से की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, मुख्य संसदीय सचिव चौधरी राम कुमार, विधायक हरीश जनारथा, प्रबंध निदेशक, हिमाचल पथ परिवहन निगम संदीप कुमार और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला में ओक ओवर में कहा कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से जिला कांगड़ा के डगवार में लगभग 250 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किया जाएगा। इसके संचालन से लेकर विपणन संबंधी गतिविधियों के लिए एनडीडीबी की सहायता ली जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि डगवार दुग्ध संयंत्र की क्षमता एक लाख लीटर से तीन लाख लीटर तक होगी, जिसमें उच्च गुणवत्ता वाले दूध के उत्पाद भी तैयार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपने प्रतिज्ञापत्र में किसानों से गाय का दूध 80 रुपये प्रति लीटर और भैंस का दूध 100 रुपये प्रति लीटर खरीदने का वायदा किया है और राज्य सरकार इस वायदे को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में डेयरी आधारित उद्योग को बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि डगवार में प्लांट की स्थापना से कांगड़ा, हमीरपुर, ऊना और चंबा जिलों के दुग्ध उत्पादक लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि एनडीडीबी द्वारा इन क्षेत्रों में दुग्ध संग्रहण प्रणाली के लिए एक सर्वेक्षण करवाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दुग्ध उत्पादों की पैकेजिंग में प्लास्टिक का उपयोग न करने के लिए संकल्पित है, इसलिए प्रदेश सरकार प्लास्टिक के विकल्प भी तलाश कर रही है, जिससे राज्य की जलवायु और हवा को प्लास्टिक के हानिकारक तत्वों से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की लगभग 90 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है और पशुपालन और कृषि एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने का प्रयास कर रही है, जिसके लिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करना जरूरी है। बैठक में एनडीडीबी के अध्यक्ष मीनेश शाह ने कहा कि इस मिशन के लिए हिमाचल प्रदेश को हर संभव सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। एनडीडीबी संयंत्र के संचालन और दुग्ध उत्पादों के विपणन के लिए अपने खर्च पर दो सलाहकार भी उपलब्ध करवाएगा। बैठक में कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार, मुख्य संसदीय सचिव चौधरी राम कुमार और आशीष बुटेल, हिमाचल प्रदेश मिल्कफेड के अध्यक्ष निहाल चंद शर्मा, प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, सचिव कृषि राकेश कंवर और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, डॉ. राजीव सहजल और सुखराम चौधरी ने कहा की जिला चंबा के सलूणी क्षेत्र की भयावह घटना और नृशंस हत्या के बाद अनेक दिन तक सरकार ने चुप्पी साध कर रखी और जब चंबावासियों ने आंदोलन किया तो सरकार की नींद खुली और हत्याकांड के 10 दिन बाद सरकारी बयान बहादुर निकले और भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाने शुरू कर दिए। आज तक एक भी मंत्री ने यह नहीं कहा कि ऐसी अमानवीयता देवभूमि हिमाचल प्रदेश में कैसे हो गई। इन बयान बहादुरों ने एक बार भी इस तरह की जघन्य घटना करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा, ऐसा कुछ भी नहीं कहा। स्थानीय जनता ने जो दावा किया था कि हत्याकांड आरोपी के कब्जे में सरकारी भूमि है, वह भी सच साबित हो रहा है, उस पर भी बयान बहादुर चुप हैं। भाजपा नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री बताएं कि भाजपा को ऐसी भयावह स्थिति में चुपचाप घर पर बैठ जाना चाहिए ? हत्या के 10 दिन बाद बीत जाने पर भी मुख्यमंत्री को घटना स्थल पर जाने का मौका नहीं मिला। भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि आज तक पीड़ित परिवार को किसी प्रकार की सहायता का वचन मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री या मंत्रियों ने न देकर यह साबित कर दिया है कि वे पीड़ित परिवार के प्रति संवेदनहीन है। इन्हें तो केवल उन 3 प्रतिशत लोगों की सुरक्षा की चिंता है जो पहले भी सुरक्षित थे, आज भी सुरक्षित हैं और आगे भी सुरक्षित रहेंगे। लेकिन कांग्रेस पार्टी भाजपा को कोसकर अपना गुजारा कर रही है, सरकार का जो दायित्व है उसे पुरा नहीं कर रही है।
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम गुलेरिया ने कहा कि कल शिमला संसदीय क्षेत्र की जनसभा का आयोजन देहा चौपाल में होने जा रहा है । यह जनसभा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 9 वर्ष पूर्ण होने पर होने जा रही है, इस जनसभा में मुख्य अतिथि के रूप में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल, शिमला से सांसद सुरेश कश्यप, विधायक बलबीर वर्मा विशेष रूप से उपस्थित होने जा रहे हैं।
प्रदेश के विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी तथा सभी जिला के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों द्वारा आज मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग निगम बिहार के सभागार में बैठक की। प्रदेशभर से आए विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने बैठक में कहा कि हिमाचल प्रदेश में कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं को सरकार के समक्ष उठाने तथा उनका समाधान करवाने के लिए एक मजबूत कर्मचारी महासंघ की जरूरत है क्योंकि जब से वर्तमान सरकार का गठन हुआ है तब से अभी तक अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ हिमाचल प्रदेश में बिल्कुल भी सक्रिय नहीं है। उन्होंने कहा कि पूर्व समय के समय जो कर्मचारी संगठन काम कर रहा था उनका कार्यकाल भी पूरा हो चुका है । इसलिए प्रदेश में एक मजबूत अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रदेश के कर्मचारी जरूरत महसूस कर रहे हैंl विभिन्न जिला से आए कर्मचारियों ने एकमत में कहा कि कर्मचारी महासंघ की मजबूती के लिए जमीनी स्तर पर सदस्यता के पश्चात ब्लॉक स्तर पर चुनाव करके इसी क्रम में जिला तथा राज्य के चुनाव करवाए जाएं और एक मजबूत लोकतांत्रिक कर्मचारी महासंघ प्रदेश में उभर कर सामने आए। अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ जिला कुल्लू के अध्यक्ष अमरचंद ने मांग की किसौरव वैद को प्रदेश संयोजक का दायित्व दिया जाए, पूरे हाउस ने खड़े होकर समर्थन दिया। सौरभ वैद को प्रदेश संयोजक बनाया गया और हाउस ने उन्हें सभी जिला के संयोजक की नियुक्ति तथा प्रदेश स्तर पर चुनाव व सदस्यता अभियान की जिम्मेदारी भी सौंपी। सौरभ वैद ने कहा कि प्रदेश में अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ मजबूती के साथ काम करेगा जिसके लिए आज से ही महासंघ की सदस्यता पूरे प्रदेश में शुरू कर दी जाएगी तथा 1 जुलाई से विभिन्न ब्लॉकों के चुनाव होंगे जो 15 जुलाई तक चलेंगे, 16 जुलाई से 31 जुलाई तक सभी जिला के चुनाव होंगे और 15 अगस्त से पहले राज्य स्तरीय चुनाव होंगे । उन्होंने कहा कि महासंघ का उद्देश्य कर्मचारियों की समस्याओं को सरकार के समक्ष उन्हें हल करवाना है जिसके लिए महासंघ आज ही अपने प्रयास शुरू करेगा l उन्होंने प्रदेश के सभी कर्मचारियों से भी अपील की है कि महासंघ की सदस्यता ग्रहण कर चुनाव का हिस्सा जरूर बने और प्रदेश में एक मजबूत अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ का गठन में अपनी अहम भूमिका निभाए l इस मौके पर नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ के राज्य अध्यक्ष व वन राजपत्रित कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रदीप ठाकुर, महासचिव शर्मा, जिला कांगड़ा के अध्यक्ष राजेंद्र मन्हास, जिला शिमला के अध्यक्ष विशाल शर्मा, जिला मंडी के अध्यक्ष लेखराज, जिला सोलन के अध्यक्ष अशोक ठाकुर, जिला चंबा के अध्यक्ष सुनील जरियाल, भू राजस्व व्यवस्था विभाग के राज्य अध्यक्ष शमशेर सिंह, उपायुक्त कार्यालय कर्मचारी महासंघ जिला सिरमौर के अध्यक्ष जिलाध्यक्ष सुदेश तोमर, वन विभाग के राज्य महासचिव रजनीश ठाकुर, जिला कुल्लू अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्षअमरचंद, चालक कर्मचारी महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बलदेव, सुनील तोमर, स्वास्थ्य विभाग से प्यारे लाल, पशुपालन विभा जिला बिलासपुर महासचिव रजनीश, तकनीकी शिक्षा से सुनील शर्मा, आयुर्वेदा के महासचिव वीरेंद्र शर्मा, भू राजस्वधर्मेंद्र सिंह, उपायुक्त कर्मचारी संघ के राज्य सचिव रविकांत, लोक निर्माण विभाग जिला चंबा के अध्यक्ष दीपक भंगालिया, पर्यटन विभाग के राज्य अध्यक्ष रामेश्वर, सलाहकार कुलभूषण, स्वास्थ्य विभाग से संदीप, निशांत शर्मा, विनोद सिंगटा, जिला सोलन से मनदीप ठाकुर, नारायण हिमराल, राकेश राका, कृषि विभाग से नवीन, वन विभाग बिलासपुर के उपाध्यक्ष सुशील शर्मा इत्यादि कर्मचारियों ने भाग लिया।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह चौपट है। प्रदेश में अराजकता का माहौल है। पुलिस महकमें का मुखिया महीनें भर की छुट्टी पर हैं, किसी और को अब तक डीजीपी का चार्ज नहीं दिया गया है। जो अधिकारी इस समय कार्यक्रम रहे हैं वह राजनैतिक बयान दे रहे हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री बेतुकी बातें कर रहे हैं। एक युवक की बेरहमी से हत्या हुई है और मुख्यमंत्री चाहते हैं कि हम चुप बैठ जाएं। लेकिन न्याय की इस लड़ाई में हम पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं और हमेशा खड़े रहेंगे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आरोपित के घर में आग लगाने का काम युवा मोर्चा ने नहीं किया। इसलिए आरोपों की राजनीति छोड़कर मुख्यमंत्री कानून व्यवस्था पर भी ध्यान दें। उन्होंने कहा कि आरोपित के घर में जब आग लगी तो उस समय पुलिस क्या कर रही थी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि युवा मोर्चा के कार्यकर्ता थाने का घेराव कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पुलिस को राजनैतिक बयानबाजी छोड़कर कानून व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। जिससे पीड़ित को न्याय और आरोपित को सज़ा मिल सके। उन्होंने कहा कि क्या अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना अपराध है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हिमाचल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि एक पूर्व मुख्यमंत्री को किसी मृतक के परिवार तक जाने से रोका जा रहा है। ऐसी असंवेदनशील और गैरजिम्मेदार सरकार प्रदेश में पहली बार आई है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सुक्खू सरकार बताए कि मृतक मनोहर के परिवार से मिलने से प्रदेश को किस प्रकार का खतरा था, सरकार ऐसी क्या चीज छुपाना चाहती है।नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि इस तरह की तानाशाही से हम हिमाचल की परम्परा को नहीं तोड़ने देंगे। एनआईए जांच के लिए लिखना सरकार का काम नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मामले की जांच एनआईए से करवाने की ज़िम्मेदारी सरकार की है। वह इस मामले को एनआईए को सौंपने के लिए पत्र लिखे।उन्होंने कहा कि हमारा काम आरोपित की संदिग्ध गतिविधियों को सरकार के संज्ञान में लाना था। अब सरकार को उस पर कार्रवाई करते हुए इस माामले की जांच एनआईए से करवानी चाहिए।
बिजली बोर्ड के कार्यालय के पास एनएच-05 पर एक बार फिर से रोड वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है। रोड बंद होने से वाहनों की लंबी-लंबी लाइन लग गई हैं। एसडीएम ठियोग सुरेंद्र मोहन (HAS) ने कहा कि रोड में लग रही दीवाल का कार्य तेजी से चल रहा है, परन्तु आज एक हिस्से पर रिटेनिंग वॉल के आखिरी पैच का काम क्षतिग्रस्त हो गया है। उक्त राजमार्ग से बड़ी संख्या में वाहन आते-जाते हैं। उन्होंने कहा कि अब एनएच-05 का यह हिस्सा आने-जाने वालों के लिए खतरनाक हो गया है। इसलिए सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस मार्ग से गाड़ियों की आवाजाही बंद कि गई है। एसडीएम ने लोगों से वैकल्पिक मार्ग से जाने का अनुरोध किया है। अगर चालक रामपुर मार्ग से शिमला या शिमला से जा रहे हैं तो सैंज से मशोबरा का विभाजन किया गया है, वहीँ रोहड़ू-चौपाल-कोटखाई से आने और जाने वाले वाहनों के लिए रोहड़ू-कोटखाई के लिए छैला द्विभाजन-सैंज-धामंद्री-फागू-शिमला व नारकंडा-मतियाना से शिमला की ओर आने और जाने लिए नरेल-क्यार्टू-ठैला-बलदैयां-मशोबरा-लढली-शिमला मार्ग वैकल्पिक मार्ग रहेंगे।
जिला कांग्रेस कमेटी शिमला शहरी अनुसूचित जाति विभाग की नवगठित कार्यकारिणी की बैठक आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन शिमला में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला कांग्रेस कमेटी शिमला शहरी अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष वीर सिंह वीरू ने की। इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं प्रभारी अनुसूचित विभाग यशपाल तनाईक विशेष तौर से उपस्थित रहे। बैठक में सर्वप्रथम अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अनुसूचित विभाग के अध्यक्ष राजेश लिलोठिया की पत्नी मधु लिलोठिया का कार दुघर्टना में आकस्मिक निधन होने पर दो मिनट का मौन रखकर शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। इसके साथ ही बैठक में चम्बा ज़िला में मनोहर लाल की निर्मम हत्या का कड़ा विरोध किया और मांग की गई कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए और बीजेपी को इस मामले पर राजनीति न करने को कहा गया। यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है। क़ानूनी कार्रवाई चल रही है और दोषियों को कठोर सजा दी जानी चाहिए। बैठक में प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के उपाध्यक्ष सैन राम नेगी ने अपने संबोधन में कहा कि 30 जून तक वार्ड प्रधान और 15 जुलाई तक शिमला शहर में वार्ड कमेटी का गठन करें और आने वाले 2024 के लोकसभा चुनाव की तैयारी अभी से करने को कहा गया। बैठक में सभी नवगठित कार्यकारणी के सदस्यों ने अपने अपने विचार रखे। इस अवसर पर अनुसूचित विभाग के प्रदेश समन्वयक जीत राम पंवार व संयोजक यशपाल सिंह, चमन प्रकाश संगठन महासचिव एवं पार्षद, विनोद भाटिया मनोनीत पार्षद, डॉ किशन, प्रितपाल सिंह मट्टू, सतपाल, रोहित, ममता, अविनाश कुमार, बबली, बलदेव कुमार, राजू, इंदु वाला, ऋषभ, ईशान सलहोत्रा, कश्मीर नहर, बिट्टू घारू, दविंदर कुमार रतन,नानकु, पवन कुमार, नेहा व अन्य पदाधिकारियों ने भाग लिया।
जेबीटी और डीएलएड प्रशिक्षित बेरोजगार संघ ने बैच वाइज भर्ती में बीएड को योग्य करार देने के विरोध में शिक्षा विभाग में धांधली का आरोप लगाते हुए शिक्षा मंत्री और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान जेबीटी और डीएलएड प्रशिक्षित अभ्यर्थियों ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और आमरण अनशन की चेतावनी दी। जेबीटी और डीएलएड प्रशिक्षित बेरोजगार संघ के अध्यक्ष मोहित ने प्रदेश में जेबीटी/डीएलएड की बैच वाइज भर्ती में बीएड प्रशिक्षुओं को योग्य करार देने को सरासर ग़लत बताया। मोहित ने बताया कि मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है ऐसे में प्रदेश सरकार ने बीएड प्रशिक्षुओं को जेबीटी की बैच वाइज भर्ती के लिए योग्य मान लिया और नियुक्ति भी दे दी जो सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि इस बारे में कई बार शिक्षा मंत्री से मिले और अपनी मांग रखी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब सरकार अगर मांग नहीं मानती है तो जेबीटी प्रशिक्षु आमरण अनशन पर बैठेंगे। जेबीटी प्रशिक्षुओं ने शिक्षा मंत्री पर विभाग में गलत तरीके से भर्ती करने के भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के चलते जेबीटी प्रशिक्षुओं को 13 साल से संघर्ष करना पड़ रहा है और न्यायालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
केंद्र में मोदी सरकार के सफल 9 वर्ष पूर्ण होने पर भाजपा शिमला संसदीय क्षेत्र के व्यापारी सम्मेलन का आयोजन वाइब्रेशन हाल गंज बाजार में हुआ। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर मुख्यतिथित के रूप में उपस्थित रहे और उनके साथ सांसद सुरेश कश्यप, पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, प्रत्याशी संजय सूद, रवि मेहता, प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव कटवाल, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा, जिला अध्यक्ष विजय परमार, मंडल अध्यक्ष राजेश शारदा विशेष रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा व्योपार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक रमेश चौजड द्वारा की गई। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में देश में ऐतिहासिक प्रगति हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहयोग से हिमाचल प्रदेश भी इस विकास में कंधे से कंधा मिलाकर चला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दायित्व सम्भालने के बाद जब जापान गये तो उन्होंने भारत में भी बुलेट ट्रेन चलाने का सपना देखा। आज भारत में 20 से ज़्यादा हाई स्पीड बुलेट ट्रेन चल रही हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आज अगर सरकार एक रुपया भी देश के आम आदमी कि लिये भेजता है तो वह पूरा 1 रुपया लाभार्थी को मिलता है। आज बिचौलियों का खेल ख़त्म हो गया है। यह जनधन खातों की मदद से संभव हो पाया। उन्होंने कहा कि देश में अटकाने, भटकाने और लटकाने की संस्कृति खत्म कर दी है। अब जो काम शुरू किए जाते हैं, वे निर्धारित समय में पूरे भी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार पिछले पाँच साल हिमाचल विकास में मील का पत्थर साबित हुई है। हमने शिमला में पानी की समस्या को हल किया, सड़के चौड़ी की। जहां संभव हुआ पार्किंग बनवाई, टनल्स और लिफ्ट बनवाए। कांग्रेस सरकार ने हर जगह पर विकास कि कार्य ठप कर दिये। गारंटियों के बारे में अब कोई बात नहीं कर रहा है। प्रदेश में क़ानून व्यवस्था ध्वस्त है। ऐसी घटनाएं घट रही है जो आज तक हिमाचल में नहीं हुई। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू खुलेआम कहते हैं हमने 97 प्रतिशत हिंदुओं को हराया है। उसका परिणाम सामने हैं। चम्बा में युवक को आठ टुकड़ों में काट कर फेंक दिया जाता है। हमने एनआईए जाँच की माँग की है। सरकार मामले की एनआईए जाँच करवाए। मुख्यमंत्री बार-बार पूछ रहे हैं कि भाजपा विरोध क्यों कर रही है , हिमाचल में क्राइम हुआ है तो हम विरोध भी ना करें। डीजीपी छुट्टी पर है पर डीजीपी का चार्ज किसको दिया पता है। पुलिस के अधिकारी राजनीतिक भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में हर काम में पारदर्शिता आई है। किसी भी काम में एक पैसे की शिकायत आज तक नहीं आई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री हैं जिनपर देश के लोग सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं। आने वाले लोकसभा चुनाव में देश की जनता फिर से प्रधानमंत्री को भारी बहुमत से तीसरी बार सेवा का अवसर देगी।
राज्य में होने वाली प्री नर्सरी टीचर और पैरा वर्करों की भर्ती को लेकर अब कैबिनेट फैसला लेगी। सोमवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में दोपहर बाद 12 बजे राज्य सचिवालय में यह बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में प्रारंभिक शिक्षा विभाग की ओर से प्री नर्सरी टीचर या एनटीटी भर्ती को लेकर एक ड्रॉफ्ट रखा जाएगा। सभी विकल्पों के साथ प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने यह ड्रॉफ्ट शिक्षा सचिव को सौंप दिया है। हालांकि शनिवार को वित्त विभाग में इस तरह की कोई फाइल राय के लिए नहीं आई थी। हो सकता है पहले कैबिनेट ने ही इस पर चर्चा करनी हो और फिर कंडीशनल मंजूरी देनी हो। एनटीटी भर्तियों का मामला पूर्व जयराम सरकार के समय से ही लंबित है। इस भर्ती के लिए केंद्र सरकार से ग्रांट मिल रही है, लेकिन पॉलिसी फाइनल नहीं हो पा रही है। हिमाचल में एनसीटीई के नियमों के मुताबिक मान्यता प्राप्त एनटीटी संस्थानों की जानकारी भी दिल्ली से आ गई है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग की पहली ई-फाईल को स्वीकृति प्रदान की। यह ई-ऑफिस एप्लीकेशन राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र द्वारा विकसित की गई है। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के लोगों की सुविधा के लिए सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों तथा उपायुक्तों को ई-आफिस प्रणाली अपनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष के बजट में हिमाचल प्रदेश सचिवालय, सभी निदेशालयों तथा फील्ड कार्यालयों में 1 जुलाई तक ई-ऑफिस एप्लीकेशन आरम्भ करने का प्रावधान किया गया था। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सरकारी विभागों की कार्य प्रणाली में पारदर्शिता लाने तथा इसे प्रभावशाली बनाने के लिए सरकारी क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का उपयोग करने के उद्देश्य से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के डिजिटल तकनीक से सभी विभागों में ई-ऑफिस प्रणाली अपनाने का मार्ग प्रशस्त होगा। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कागजों पर निर्भरता को कम करने समय व धन की बचत और प्रभावशाली कार्यप्रणाली के लिए ई-ऑफिस को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। इस प्रणाली के माध्यम से दस्तावेजों की सुरक्षित उपलब्धता सुनिश्चित होगी तथा अधिकारियों को भी कार्य करने में सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-ऑफिस प्रणाली दस्तावेजों के डिजिटाईजेशन तथा कागजी कार्रवाई को कम कर प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाएगी। इससे त्वरित सूचना प्राप्ति, सरल सामंजस्य तथा बेहतर परिणाम सामने आएंगे। इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, सचिव सूचना प्रौद्योगिकी डॉ. अभिषेक जैन, सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एम.सुधा देवी, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विवेक भाटिया, निदेशक सूचना प्रौद्योगिकी मुकेश रेपसवाल, निदेशक तकनीकी शिक्षा विवेक चंदेल तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने चंबा जिला के सलूणी में हुए हत्याकांड के मामले में भारतीय जनता पार्टी द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन पर गहरा क्षोभ व्यक्त करते हुए आज यहां कहा कि यह शायद देश का पहला ऐसा मामला है जिसमें सभी आरोपियों को पकड़ा जा चुका है और पुलिस की समयोचित कार्रवाई के बावजूद भाजपा इस पर शोर-शराबा जारी रखे हुए है। उनका यह प्रदर्शन पूर्णतया अवांच्छित है और इसे न्यायसंगत नहीं कहा जा सकता। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस मामले की संवदेनशीलता को देखते हुए पुलिस ने चौबीस घंटों के भीतर सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया। उन्होंने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी तथा सरकार द्वारा राष्ट्रीय जांच एजैंसी से मामले की जांच करवाने संबधी मांग स्वीकार करने के बावजूद भाजपा द्वारा विरोध प्रदर्शन जारी रखना तर्कहीन है। केंद्र में सत्ता में होने के बावजूद भाजपा इस जांच को मुद्दा बना रही है जबकि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के लिए एक फोन कॉल पर यह जांच शुरू करवाना कोई बड़ी बात नहीं है। इससे प्रतीत हो रहा है कि इस घटना को राजनीतिक रंग देते हुए भाजपा आगामी लोकसभा चुनाव-2024 को ध्यान में रखते हुए ऐसी तरकीबें अपना रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में शामिल सभी लोगों की गिरफ्तारी के बावजूद घटना के 5 दिनों के बाद भाजपा युवा मोर्चा से जुड़े लोगों ने आरोपी के घर को आग की भेंट चढ़ा दिया। हालांकि उन्होंने प्रदेश सरकार की ओर से बार-बार आश्वस्त किया है कि इस मामले में संलिप्त सभी दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद विरोध प्रदर्शन समझ से परे है और भाजपा इस मामले में ओछी राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि बेहतर यह होता कि भाजपा प्रदेश हित से जुड़े मामलों एवं हिमाचल के अधिकारों के लिए केंद्र के समक्ष आवाज उठाती, जिससे कि प्रदेशवासियों का भी भला होगा। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के हितों को प्राथमिकता देने के लिए आंदोलन में कांग्रेस पार्टी भी अपना पूर्ण सहयोग देगी। राज्य के हितों की रक्षा करने की दिशा में प्रदेश सरकार तथा विपक्ष की साझा जिम्मेदारी पर बल देते हुए उन्होंने जल उपकर तथा विभिन्न जल विद्युत परियोजनाओं में निःशुल्क बिजली की रॉयल्टी बढ़ाने जैसे मुद्दों पर भाजपा को प्रदेश सरकार का साथ देने का परामर्श भी दिया।
हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा और हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ संबद्ध सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने आज राज भवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से भेंट की। ये अधिकारी हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान (हिप्पा), फेयरलॉन, शिमला में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। राज्यपाल ने प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ बातचीत में उन्हें अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के बारे में सदैव जागरूक रहने तथा अपने कार्यों के माध्यम से समाज और राज्य के विकास में योगदान देने का परामर्श दिया। उन्होंने अधिकारियों को पूरी लगन और ईमानदारी से समाज की सेवा करने को कहा। शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि प्रशिक्षु अधिकारियों को अच्छे व्यवहार और उत्कृष्ट सेवाओं के माध्यम से आमजन के बीच पहचान बनानी चाहिए। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ अपने व्यक्तिगत अनुभव भी साझा किए और उन्हें सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का परामर्श दिया।
भाजपा प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष अरुण कुमार मिश्रा को एक पत्र लिखा। पत्र में उनका ध्यान देव भूमि हिमाचल प्रदेश के सलूणी ज़िला चंबा हत्याकांड की ओर आकर्षित किया गया जहां 21 वर्षीय युवक मनोहर की हत्या कर उसके टुकड़े-टुकड़े करने का मामला जनता के समक्ष आया है। अविनाश राय खन्ना ने कहा कि यह मानव अधिकारों का हनन है। उन्होंने अरुण कुमार मिश्रा से अनुरोध किया कि इस विषय का संज्ञान लेकर कार्यवाही पर परिवारजनों को मुआवजा दिलाने की कृपा करें। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से सत्य को अंजाम दिया गया है यह एक गंभीर विषय है और हिमाचल सरकार को भी इस विषय को गंभीरता से लेना चाहिए।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां ट्रिब्यून रियल एस्टेट एक्सपो-2023 का शुभा रंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने डिवेलपर के साथ बातचीत भी की और ग्राहकों को दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी भी प्राप्त की। इस एक्सपो में लगभग 15 डिवेलपर, प्रमोटर तथा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक भाग ले रहे हैं। मुख्य संसदीय सचिव आशीष बुटेल, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, महापौर सुरेंद्र चौहान, उप-महापौर उमा कौशल, ट्रिब्यून ट्रस्ट के अध्यक्ष एन.एन.वोहरा, उपायुक्त आदित्य नेगी और पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप, पूर्व मंत्री डॉ. राजीव सैजल, राज्यसभा सांसद इंदू गोस्वामी, प्रो. सिकंदर कुमार ने संयुक्त बयान में कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार के मंत्रियों एवं राजनीतिक सलाहकारों के बयानों को पढ़कर बहुत मानसिक कष्ट लगा। भाजपा नेताओं ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में एक जघन्य हत्याकांड हो गया। एक दलित परिवार के युवा की हत्या करके आरे से उसके शरीर के टोटे-टोटे कर दिए गए और सरकार इस गंभीर मामले को मामूली घटना, ईक्का-दुक्का घटना कहकर अपना पल्ला झाड़ रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी एक्शन में आने की बजाए भाजपा पर दोषारोपण करने में जुट गई है। कांग्रेस सरकार के वन मंत्री इस प्रकार के भयावह हत्याकांड की जिम्मेदारी पुरानी सरकार पर डालने में लगे हैं। कांगड़ा के वरिष्ठ मंत्री मीडिया के सामने मुकर गए कि मुझे इस बारे में कुछ पता नहीं है, पता करूंगा कि क्या हुआ है और कहा कि इस तरह की ईक्का-दुक्का घटनाएं तो होती रहती हैं। भाजपा नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय को जिस समय इस घटना को गभीरता से लेते हुए इस पर ठोस कार्रवाई करनी चाहिए थी, उस समय वे विभागों के फेर बदल में लगे हुए थे, उन्हें प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था की कोई चिंता नहीं थी।
भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला को और मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष को एक पत्र लिखा। पत्र में हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिला का जिक्र किया गया जहां आंगनबाड़ी केंद्र को शिफ्ट करने की बात की गई है और जो उसके समीप एक शराब का ठेका खोला गया था। उस ठेके का वहीं पर स्थान देने का जिक्र है। उन्होंने बताया की सरकार के ऐसे निर्णय से आम जनता के अंदर काफी रोष है, आंगनबाड़ी हिमाचल प्रदेश के बच्चों का भविष्य बनाने का कार्य करता है और शराब का ठेका उनके भविष्य को बिगाड़ने का कार्य करता है। उन्होंने राज्यपाल महोदय से आग्रह किया है कि इस पत्र पर उचित कार्रवाई की जाए।
चंबा जिला के सलूणी उपमंडल की ग्राम पंचायत भंडल में हिंदू दलित युवा मनोहर की बर्बरतापूर्ण हत्या की भाजपा के राज्यसभा सांसद प्रोफेसर डॉक्टर सिकंदर कुमार ने कड़ी भत्सर्ना की है। उन्होंने कहा है कि यह मानवता के रोंगटे खड़े कर देने वाली ह्रदयविदारक घटना है। राज्यसभा सांसद ने इस मामले में मांग की है कि निश्चित समय के अंदर इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट के अंदर सुनवाई की जाए और दोषियों को कठोर से कठोर दंड दिया जाए, ताकि समाज के सामने एक उदाहरण पेश किया जा सके। उन्होंने कहा है कि इस मामले की त्वरित सुनवाई होनी चाहिए और प्रदेश सरकार इस पर निर्णय करे।उन्होंने कहा कि कांग्रेस के प्रवक्ता ने प्रेस वार्ता की पर भाजपा द्वारा पूछे हुए किसी भी उत्तर का जवाब नहीं दिया। भाजपा ने तो साफ पूछा था कि मुख्यमंत्री बार-बार यह कहते हैं कि 97% आबादी वाले हिमाचल प्रदेश में उन्होंने विजय प्राप्त की है उसका क्या तात्पर्य है ? जो मुख्य आरोपी इस हत्याकांड में पकड़ा गया है, उसके पास दो करोड़ पर बचत खाते में कैसे आए? उसके पास 3 बीघा मलिकयत की जमीन है पर 100 बीघा पर कब्जा है? सरकार एनआईए की जांच क्यों नहीं करवा रही है ? कांग्रेस के प्रवक्ता ने केवल मात्र अपनी पार्टी और सरकार को बचाने का प्रयास किया है। भाजपा सांसद ने कहा है कि इतने बर्बर तरीके से हत्या की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य यह है कि यह घटना देवभूमि हिमाचल प्रदेश की पवित्र भूमि पर हुई है और वह भी विशेष तौर पर चंबा जैसे जिले में जो शिवभूमि के नाम से जाना जाता है। उन्होंने कहा कि एक समुदाय विशेष के परिवार द्वारा उसी के परिचित हिंदू समुदाय के दलित लड़के को बर्बर तरीके से हत्या कर शव को कई टुकड़ों में काटकर बोरी में डाल कर नाले में फेंकना मानवता के लिए बहुत ही शर्मसार है।
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर तथा ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरूद्ध सिंह ने आज यहां जारी संयुक्त प्रेस वक्तव्य में कहा है कि जिला चंबा के सलूणी में हुई हत्या के मामले में कानून अपना कार्य कर रहा है। लेकिन, इसके बावजूद विपक्ष इस घटना पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने में लगा है। उन्होंने कहा कि चंबा के सलूणी की घटना को विपक्ष राजनीतिक रंग देने की कोशिश न करे। उन्होंने कहा कि पुलिस ने इस मामले में मुस्तैदी से अपना कार्य कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था और आगामी कानूनी कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने सलूणी के लोगों और प्रदेश की जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देशों पर जिला प्रशासन उचित कार्रवाई कर रहा है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस उपमहानिरीक्षक को भी घटनास्थल पर भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने जिला चंबा में पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल तैनात करने के निर्देश दिए हैं। हत्याकांड में संलिप्त आरोपियों को कानून अनुसार कड़ी से कड़ी सजा दिलवाई जाएगी। मुख्य विपक्षी दल भाजपा को पूरे मामले में सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन जिम्मेदारी से अपना कार्य कर रहा है तथा मामले की गहनता से जांच जारी है। उन्होंने कहा कि शव बरामद होने के बाद सभी आरोपियों को गिरफ्त में लिया जा चुका है और आगे की जांच पुलिस कर रही है। इस घटना को सांप्रदायिक रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। मंत्रियों ने कहा कि प्रदेश सरकार पूरे घटनाक्रम पर अपनी नजर बनाए हुए है। पीड़ित परिवार के प्रति प्रदेश सरकार की संवेदनाएं हैं और राज्य सरकार उन्हें न्याय दिलवाने के लिए कृतसंकल्प है। सरकार किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं देगी। राज्य सरकार प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और पूरी गम्भीरता से यह जिम्मेदारी निभा रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवभूमि है, जहां हर वर्ग, जाति और संप्रदाय से जुड़े लोग आपसी भाईचारे के साथ सदियों से रह रहे हैं। मुख्य विपक्षी दल से भी अपील है कि जन भावनाओं को भड़काने का काम न करे, क्योंकि इससे आपसी सौहार्द बिगड़ने की सम्भावनएं बनी रहती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं की इस पूरे मामले में अभी तक की भूमिका गैर जिम्मेदाराना रही है।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राजभवन में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) यूजी-2023 परीक्षा में प्रदेशभर में टॉप करने वाली और देश में 136वीं रैंक हासिल करने वाली कुमारी चारवी सपटा को सम्मानित किया। इस मौके पर उनकी माता सरला सपटा भी उपस्थित थीं। राज्यपाल ने चारवी को उनकी इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि कड़ी मेहनत, माता-पिता और शिक्षकों के आशीर्वाद से उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है जो दूसरों के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि आज लड़कियां हर क्षेत्र में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने उसके उज्ज्वल भविष्य की और विश्वास जताया कि वह एक अच्छी डॉक्टर बनकर देश का नाम रोशन करेंगी। कुमारी चारवी ने कहा कि वह एक सफल हृदय रोग विशेषज्ञ बनना चाहती हैं। वह शिमला जिले के रोहड़ू की रहने वाली हैं।
प्रदेश के जिला सिरमौर के रेणुका क्षेत्र का द्राबिल स्कूल चपरासी के सहारे चल रहा है। वर्तमान में स्कूल में एक भी शिक्षक नहीं है, पिछले एक साल से यह स्कूल एक शिक्षक ही के भरोसे चल रहा था, लेकिन उस शिक्षक की प्रमोशन होने के बाद भगवान भरोसे इस स्कूल को छोड़ दिया गया है। शिक्षा विभाग को इसकी खबर तक नहीं है। कई बार शिक्षा विभाग के समक्ष इस मामले को उठाने के बाद भी यहां अध्यापकों की नियुक्ति नहीं की गई है। स्थानीय लोगों ने शिक्षा मंत्री से गुहार लगाई है कि जल्द यहां के लिए स्टाफ का प्रबंध किया जाए अन्यथा यहां पढ़़ने वाले 66 बच्चों का भविष्य खराब हो जाएगा।
साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में पहली बार एडवेंचर स्पोट्स फेडरेशन का गठन हुआ है। इसकी पहली बैठक शुक्रवार को धर्मशाला में फेडरेशन के अध्यक्ष एवं विधायक सुधीर शर्मा की अध्यक्षता में हुई। इसमें फेडरेशन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस मौके पर सुधीर शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में साहसिक पर्यटन की काफी संभावना है। यहां पर एडवेंचर टूरिज्म को अधिक से अधिक प्रमोट किया जाना जरूरी है। इससे यहां पर्यटन भी बढ़ेगा और कई लोगों को रोजगार भी मिलेगा। इसी दृष्टि को लेकर एक फेडरेशन बनाई गई है, जिससे एडवेंचर टूरिज्म से जुड़े लोगों को इक_ा किया जा सके और उनको बेहतरीन मंच उपलब्ध करवाया जाए। उन्होंने कहा कि फेडरेशन के तत्वावधान में नवंबर महीने में इसी साल धर्मशाला में इंडिया इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस एक्सपो आउटडोर स्पोर्ट्स इक्विपमेंट एंड टेक्नोलॉजी का आयोजन किया जा रहा है। भारत सरकार का सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के बैनर तले आयोजित होने वाले इस एक्सपो में एडवेंचर स्पोर्ट्स को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर के वक्ता धर्मशाला आएंगे। इसमें हिमाचल प्रदेश में साहसिक खेलों को लेकर चर्चा होगी। इसमें प्रदेश में एडवेंचर स्पोर्ट से जुड़े लोग भी भाग लेंगे। इस एक्सपो के दौरान एडवेंचर स्पोर्ट्स से जुड़े विभिन्न उपकरणों की प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। इस तरह का यह साउथ एशिया का पहला आयोजन होगा। इस मौके पर फेडरेशन के अध्यक्ष सुधीर शर्मा, अरविंद कंवर, जगदीप सिंह भल्ला, चेतक कंवर, अजय शर्मा, एडवोकेट अंकुर सोनी, अरविंद पाल, गौतम ठाकुर, सतीश कुमार, अविनाश धवन, डॉ. चंद्रभूषण, डा निशांत मेहता, मुनीष दीक्षित व सुधांशु मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र के विकास की अपार क्षमता है। राज्य सरकार प्रदेश में सेमीकंडक्टर उद्योग की स्थापना के लिए आवश्यक प्रोत्साहन एवं सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में आईटी उद्योग के विकास के लिए सरकार द्वारा अधोसंरचना, मानव संसाधन, नीतिगत ढांचा और बाजार की मांग को ध्यान में रखते हुए भविष्य की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। प्रदेश में सेमीकंडक्टर उद्योग को दिए जा रहे प्रोत्साहन पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि सरकार आईटी क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारकों की विशेषज्ञता और उपलब्ध संसाधनों से लाभ उठाने के लिए सहयोग और साझेदारी की सम्भावनाएं तलाश रही हैं। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस के लिए मुख्यमंत्री परिषद का गठन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल में सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए एक रणनीति तैयार की जाएगी, जिसके लिए जल्द ही एक कमेटी का गठन किया जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारतीय उद्योग परिसंघ, भारतीय इलेक्ट्रॉनिक उद्योग संघ, भारत ऊर्जा भण्डारण गठबंधन तथा राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ मजबूत सम्बंध स्थापित कर हिमाचल में आईटी उद्योग, विशेषतौर पर सेमीकंडक्टर उद्योग, को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही प्रदेश के इच्छुक छात्रों को प्रशिक्षण और अनुभव प्रदान करने के लिए शीर्ष शैक्षणिक संस्थानों के साथ विनिमय कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर उद्योग क्षेत्र से जुड़े ऐसे हिमाचली विशेषज्ञ जोकि विदेशों में रहते हैं, उनसे सलाह एवं समर्थन लिया जाएगा। राज्य सरकार कोर सेमीकंडक्टर चिप्स के निर्माण के बजाए सेेंसर, सेमीकंडक्टर पैकेजिंग और डिजाइन निर्माण जैसे उद्योगों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन डिजिटल प्रौद्योगिकियों और सेवाओं पर ही ध्यान केंद्रित किया जाएगा जोकि सेमीकंडक्टर उद्योग को पूरक बना सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी संस्थानों में कार्यरत फैकल्टी तकनीकी शिक्षा विभाग के माध्यम से भारतीय प्रबन्धन संस्थानों (आईआईएम) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) से सम्पर्क कर तकनीकी ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं। आईटी सचिव, डॉ. अभिषेक जैन ने बताया कि भारत सरकार द्वारा चलाई जा जा रही विभिन्न सम्बंधित योजनाओं के माध्यम से सहायता प्राप्त करने, और अनुसंधान एवं विकास, प्रयोगशालाओं और सेमीकंडक्टर उद्योग की स्थापना के विभिन्न पहलुओं से जानकारी हासिल की जाएगी।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने चंबा जिला के सलूणी उपमंडल की ग्राम पंचायत भंडल में एक युवक की हत्या पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार एवं प्रशासन द्वारा कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। यहां जारी एक वक्तव्य में राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल एक शांतिप्रिय राज्य है और इस तरह की घटनाएं निंदनीय है। उन्होंने लोगों से कानून-व्यवस्था अपने हाथों में न लेने का भी आग्रह किया। उन्होंने लोगों से सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने की अपील की है। राज्यपाल ने घटना में मृतक के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं भी व्यक्त की हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह के जन्मदिन पर आज पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों ने जश्न मनाते हुए उनके दीर्घ आयु की कामना की। इस दौरान पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों व बड़ी संख्या में समर्थकों व कार्यकर्ताओं ने होली लॉज जाकर फूल मालाएं पहना कर उन्हें शुभकामनाएं दीं। प्रतिभा सिंह ने कहा कि जन्मदिन पर बधाई देने आए सभी लोगों, पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने जो प्यार व सम्मान प्रदेश के लोगों ने होली लॉज को दिया है उसका ऋण वे कभी नहीं चुका सकतीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास के मसीहा पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह अब उनके बीच नहीं है, पर उनका मार्गदर्शन व आशीर्वाद हमेशा ही उनका मार्ग प्रशस्त करता रहेगा। उन्होंने कहा कि होली लॉज के दरवाजे सदैव प्रदेशवासियों के लिए खुले हैं। इससे पूर्व प्रतिभा सिंह ने केक काटा और आने जाने वाले सभी लोगों को मिठाई भी खिलाई। कांग्रेस नेताओं ने आज पूरे प्रदेश में प्रतिभा सिंह के जन्मदिन की खुशी पर अस्पतालों में जाकर रोगियों को फल वितरित किए और कई जगहों पर पौधरोपण व रक्तदान शिविरों का भी आयोजन भी किया गया। होली लॉज में उनके पुत्र लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सभी लोगों की आवभगत की।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने डलहौजी में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जो हादसा चंबा दस सलूणी में हुआ है, उससे हमारे दिल को ठेस पहुंची है। हम सब केवल मनोहर को न्याय दिलाने के लिए एकत्र हो रहे हैं। बिंदल ने कहा कि हमने प्रशासन से बहुत गुहार लगाई और तकरीबन 4 बार उनसे मिले। 1 घंटे इंतजार किया और श्री राम जय जय राम का पाठ भी किया, पर हमें पीड़ित परिवार के पास जाने की अनुमति प्रशासन ने नहीं दी। हमने प्रशासन को कहा कि अगर मुख्यमंत्री सुक्खू इस परिवार के पास चले गए होते तो हमें लगता कि प्रदेश का कोई बड़ा व्यक्ति गया है, पर प्रशासन ने हमें जाने नहीं दिया, इसलिए भाजपा ने तय किया है कि हम कल 17 जून को प्रदेश के सभी 12 जिला मुख्यालों पर एक धरने-प्रदर्शन का आयोजन करेंगे और डिप्टी कमिश्नर के माध्यम से राज्यपाल को इस जघन्य हत्याकांड को लेकर एक ज्ञापन भी भेजेंगे। उन्होंने कहा हिमाचल में हम कल्पना भी नहीं कर सकते हैं कि एक अकेला युवक जिसके माता-पिता है, बहनों की शादी हो गई है उसकी जघन्य हत्या की गई और शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर नाले में डाल दिए गए। इस प्रकार के अपराध को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा हमारा प्रदेश देवभूमि है जा हर गांव गांव में खंड खंड में देवी देवता का वास है। वीर भूमि है यहां के वीर सपूत देश की रक्षा करते हैं और देश के लिए बलिदान देना अपना गौरव मानते हैं, पर हमारे प्रदेश में इस प्रकार का हत्याकांड जिसने हमारी आत्मा को झकझोर कर रख दिया है इससे पूरा देश और प्रदेश स्तब्ध है। जिस प्रकार से अपराधी ने यह अपराध किया है हम कल्पना भी नहीं कर सकते, यह घटना नहीं सदारण है और जिस व्यक्ति ने अपराध किया है वह भी साधारण नहीं हो सकता। अगर देखा जाए तो यह एक हैबियुअल क्रिमिनल का काम है, हमारा प्रदेश एक शांतिप्रिय प्रदेश है पर इस घटना के पीछे क्या पक रहा है वह जनता जानना चाहती हैं ? कहीं गहरे राज इसे बेनकाब हो सकते हैं, क्रॉस बॉर्डर क्या पक रहा है उसका भी अंदाजा हमें इन खुलासों से हो सकता है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश में सरकारी कार्यप्रणाली में आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ाने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रोपड़ से सहयोग मांगा है। शिमला में गुरुवार देर सायं आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा और आईआईटी रोपड़ के निदेशक प्रो. राजीव आहूजा के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सरकारी कार्यप्रणाली में अधिक से अधिक दक्षता लाने तथा लोगों को लाभ प्रदान करने के लिए कृत्रिम मेधा (एआई) और अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उनसे राज्य में सेमीकंडक्टर उद्योग स्थापित करने के बारे में भी सुझाव मांगे। उन्होंने कहा कि इस पहल से राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पालमपुर को आईटी हब के रूप में विकसित करने की दिशा में सक्रियता से कार्य कर रही है। इससे राज्य में प्रौद्योगिकी क्षेत्र के विकास को बढ़ावा मिलेगा। बैठक में प्रधान सलाहकार (सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार) गोकुल बुटेल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा और सचिव सूचना प्रौद्योगिकी डॉ. अभिषेक जैन भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने चंबा जिला के सलूणी में हुई घटना के दृष्टिगत कानून एवं व्यवस्था की समीक्षा के लिए सभी ज़िलों के उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों के साथ वर्चुअल बैठक की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सम्बंधित जिलों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव गृह भरत खेड़ा, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सतवंत अटवाल और अभिषेक त्रिवेदी, आईजी संतोष पटियाल, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विवेक भाटिया तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।
प्रदेश सरकार राज्य के अनछुए स्थलों को बढ़ावा देकर पर्यटकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से नई पर्यटन नीति तैयार करने पर गहन विचार कर रही है। यह बात मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पर्यटन विभाग की विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश में आगामी पांच वर्षों में पर्यटकों की संख्या को 3 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ करने के दृष्टिगत कार्य कर रही है। प्रकृति ने प्रदेश को आपार सौंदर्य से नवाजा है तथा इस सम्पदा का दोहन कर अधिक से अधिक पर्यटकों को प्रदेश की ओर आकर्षित करने की आवश्यकता है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि मई, 2023 तक हिमाचल प्रदेश में लगभग 72 लाख पर्यटकों ने भ्रमण किया है। उन्होंने पर्यटकों की संख्या का सटीक आंकड़ा पता लगाने तथा पर्यटन अधोसंरचना में सुधार करने के लिए पर्यटन विभाग को डॉटा संकलन की प्रणाली तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिकी को सुदृढ़ करने में पर्यटन क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। राज्य सरकार ने पर्यटन सम्बंधी परियोजनाओं के विकास के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए पर्यटन विभाग में विपणन प्रयासों तथा स्टाफ को व्यवस्थित करने की महत्ता पर भी बल दिया। ज़िला कांगड़ा को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने से सम्बंधित परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने विभाग को आगामी विचार के लिए अवधारणा पत्र तैयार करने के निर्देश दिए। इन परियोजनाओं में सकोह में रोलर स्केटिंग रिंक, परागपुर में गोल्फ कोर्स, मैंझा में शीर्ष रिजॉर्ट, नरघोटा में पर्यटन गांव तथा कांगड़ा में प्रस्तावित ऐरो सिटी शामिल है। इसके अतिरिक्त जिला कांगड़ा के नगरोटा-बगवां विधानसभा क्षेत्र में नौरा खड्ड में थीम आधारित सेटेलाइट गांव बनाने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार अधिक संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए राज्य में हवाई यात्रा सुविधा में सुधार के सतत प्रयास कर रही है। इसके तहत सरकार कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार, जिला मण्डी के नागचला में ग्रीन फील्ड हवाई अड्डे के निर्माण तथा प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर नए हेलीपोर्ट निर्माण पर कार्य कर रही है। पहले चरण में 9 हेलीपोर्ट निर्मित किए जा रहे है, जिनमें ज़िला हमीरपुर में जसकोट, जिला कांगड़ा के रक्कड़ व पालमपुर, जिला चम्बा के सुल्तानपुर, जिला कुल्लू के मनाली, जिला लाहौल-स्पिति के जिस्पा, सिसू व रांगरिक तथा जिला किन्नौर के शारबो में हेलीपोर्ट निर्माण शामिल हैं। शेष 7 हेलीपोर्ट का निर्माण दूसरे चरण के तहत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हाल ही में चम्बा जिला के सलूणाी क्षेत्र में युवक की हत्या की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है तथा लोगों से प्रदेश में एकता तथा सौहार्द बनाए रखने और इस घटना को राजनीतिक या सांप्रदायिक रंग न देने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश सरकार इस कठिन घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ है तथा सरकार पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी समुदायों की सुरक्षा के लिए वचनबद्ध है। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित करवाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार मामले के हर पहलू पर नज़र रखे हुए है। उन्होंने जनता से शांति बनाए रखने तथा इस मामले में की जा रही जांच में सहयोग देने का आग्रह किया है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विभिन्न बैंकिंग सेवाओं के डिजिटलीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक का उपयोग कर ग्राहकों को सुविधाएं प्रदान करने के लिए बैंकों को डिजिटल तकनीक से लैस किया जा रहा है। सहकारी बैंकों की कार्य पद्धति को विस्तार देने के दृष्टिगत प्रदेश सरकार द्वारा अगले छह माह में कई बड़े सुधार लागू किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों का इन बैंकों पर विश्वास बढ़ा है और आजीविका अर्जन के लिए बैंकिंग सुविधाओं का समुचित उपयोग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सहकारी बैंकों को हरसंभव सहायता प्रदान कर उन्हें सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि वे उपभोक्ताओं को सर्वोत्तम बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करवा सकें। बैंकिंग क्षेत्र किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के सुचारू संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह क्षेत्र आमजन, किसानों, उद्यमियों, व्यापारियों इत्यादि को बैंकिंग की विभिन्न सेवाएं उपलब्ध करवाता है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों का विकास निरंतर जारी रहता है। सूचना प्रौद्योगिकी के इस युग में इन सेवाओं के नवोन्मेषी डिजिटल रूपांतरणरण से बड़ी संख्या में विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता लाभान्वित हुए हैं। प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण तथा ऑनलाइन बैंकिंग की सुगम सुविधा से लोगों के समय और पैसे दोनों की बचत हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने समाज के विभिन्न वर्गों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं। राज्य सरकार ने निर्धन परिवार के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए 20 लाख रुपये तक का ऋण एक प्रतिशत ब्याज की दर से उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है, ताकि संसाधनों के अभाव में कोई भी शिक्षा से वंचित न रहे। इसके अलावा आने वाले समय में टैक्सी संचालकों को ई-टैक्सी चलाने के लिए परमिट जारी किए जाएंगे। सरकार ई-टैक्सी, ई-बस और ई-ट्रक की खरीद पर 50 प्रतिशत अनुदान देगी। प्रदेश सरकार के इन प्रयासों को मूर्तरूप प्रदान करने में सहकारी बैंकों की प्रमुख भूमिका सुनिश्चित की जा रही है। इसके अलावा राज्य सरकार 250 किलोवाट से 2 मेगावाट तक की सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना के लिए 40 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान करेगी और उत्पादित बिजली हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड लिमिटेड द्वारा खरीदी जाएगी। बैंक इन योजनाओं में उदारतापूर्वक ऋण प्रदान करेंगे क्योंकि इन ऋणों की संप्रभु गारंटी राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य में सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना के लिए सहकारी बैंक को प्रमुख बैंक बनाने का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त समाज के वंचित वर्गों का कल्याण सुनिश्चित करने के लिए शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं को सही व्यक्ति तक पहुंचाने में भी सहकारी बैंक महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं। राज्य की लगभग 90 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है और ग्रामीण क्षेत्रों के चहुंमुखी विकास के बिना प्रदेश के विकास की कल्पना नहीं की जा सकती है। ग्रामीण आबादी की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए सहकारी बैंकों को किसानों को उदार ऋण प्रदान करने के लिए अग्रणीय कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कल देर सायं यहां भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग के पूर्व सहायक निदेशक त्रिलोक सूर्यवंशी द्वारा तैयार किए गए ‘शिमला से जुड़ी हस्तियां’ मानचित्र जारी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला एक ऐतिहासिक नगर है और कई विश्व प्रसिद्ध हस्तियों का इस शहर से गहरा रिश्ता रहा है। ऐसे में इस मानचित्र के माध्यम से इन ऐतिहासिक स्थलों के बारे जानकारी प्रदान करने का प्रयास यह सराहनीय है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह मानचित्र युवाओं के लिए एक रोचक अभिलेख साबित होगा। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आर.एस. बाली, पूर्व वरिष्ठ वास्तुकार केसी चौहान, साहित्यकार जगमोहन शर्मा, माया सूर्यवंशी एवं राज्य एनएसयूआई के महासचिव प्रवीण मिन्हास उपस्थित थे।
पंजाब के सीएम भगवंत मान द्वारा बीबीएमबी के पानी पर हिमाचल को एनओसी न लेने की शर्त में केंद्र सरकार द्वारा दी गई छूट के मामले पर प्रधानमंत्री को लिखे पत्र पर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने प्रतिक्रिया दी है। मंडी में मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल के पानी पर हिमाचल का हक है। इसपर हम बात करने के लिए भी तैयार हैं और अगर लड़ाई लड़नी पड़ी तो उसके लिए भी तैयार हैं। पंजाब पुर्नगठन के तहत हिमाचल प्रदेश की 7.19 प्रतिशत की हिस्सेदारी बनती है जिसके हजारों करोड़ रूपए अभी तक लेने को बकाया हैं। इन सभी विषयों पर राज्य सरकार बात करने को भी तैयार है और लड़ाई लड़ने के लिए भी। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि वाटर सेस लगाना भी राज्य सरकार का विशेषाधिकार है। इस विषय पर राज्य सरकार बिलकुल भी पीछे हटने वाली नहीं है। केंद्र सरकार की तरफ से जिस तरह से अडंगा अडाया जा रहा है वो उचित नहीं है। केंद्र सरकार ने कह दिया है कि कोर्ट में जाकर लड़ाई लड़ो तो उसके लिए भी राज्य सरकार तैयार है। इसमें यदि सरकार चाहे तो वार्तालाप किया जा सकता है लेकिन हकों को लेने में प्रदेश पीछे नहीं हटेगा। इससे पहले उन्होंने मंडी में एडीबी और जल शक्ति विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करके एशियन डेलेल्पमेंट के आगामी प्रोजेक्ट को लेकर चर्चा की। उन्होंने बताया कि एडीबी के माध्यम से 1062 करोड़ की ग्रामीण पेयजल सुधार एवं आजीविका परियोजना प्रदेश के लिए स्वीकृत हुई है। इससे 10 जिलों की 3.96 लाख जनसंख्या लाभांवित होगी। इस प्रोजेक्ट को 2024 की पहली तिमाही में शुरू कर दिया जाएगा और 2028 तक इसे पूरा कर लिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शैक्षणिक संस्थानों के परिसरों में गैर संस्थागत कार्यक्रमों के आयोजनों पर लगाई गई रोक को पुनः दोहराते हुए कहा कि स्कूलों में निजी कार्यक्रमों के आयोजनों पर प्रतिबंध बरकार रहेगा। कोर्ट ने मंडी जिला के तहसील ऑट में आयोजित होने वाले नगवाई मेले को स्कूल परिसर में आयोजन करने की मांग को खारिज करते हुए उपरोक्त आदेश पारित किए हैं। मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव व न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने पाया कि कोर्ट ने 11 दिसम्बर 2017 को पारित आदेशानुसार शैक्षणिक परिसरों में, चाहे वे प्राथमिक, उच्च, उच्चतर और कॉलेज स्तर के हों, गैर शैक्षणिक कार्यक्रमों के आयोजन पर रोक लगा रखी है। हाईकोर्ट ने जनहित याचिका में शैक्षणिक संस्थानों में शांतिमय व स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से प्रदेश के सभी जिलाधीशों, पुलिस अधीक्षकों, उपमंडल दण्डाधिकारियों व प्रधानाचार्यों को यह आदेश दे रखे हैं। उन्हें यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि शिक्षण संस्थानों में अनुशासन बनाये रखने के लिए उचित कदम उठाए व हाईकोर्ट के आदेशों की अवेहलना करने वालों के खिलाफ दण्डात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाए। न्यायालय ने यह भी आदेश दिए हुए हैं कि प्रदेश के सभी छोटे बड़े शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थी संगठनों, स्थानीय निवासियों अथवा निजी संगठनों के किसी भी तरह के गैर संस्थागत कार्यक्रमों के आयोजन की इज्जाजत न दी जाए।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार देर सायं यहां एशियन विकास बैंक (एडीबी) के सहयोग से राज्य में चल रही विकासात्मक परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने की आवश्यकता है, ताकि लोगों को इनका समयबद्ध लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि सभी भवनों का प्रभावी ढंग से उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए निष्क्रिय परियोजनाओं के पुनरुद्धार या हस्तांतरण अन्य विभागों को सुनिश्चित करने के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रोजगार और राजस्व सृजन में पर्यटन क्षेत्र प्रमुख भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में हरित उद्योग को बढ़ावा दे रही है और पर्यटन हरित उद्योग का एक अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष सरकार हरित उद्योग पर 4,000 करोड़ रुपये व्यय करने जा रही है, जो राज्य में पर्यटकों की आमद को बढ़ाने में मील पत्थर साबित होगा। सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार पर्यटकों के अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। जिला कांगड़ा को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से वर्तमान राज्य सरकार इस दिशा में गंभीर प्रयास कर रही है। प्रदेश सरकार द्वारा पर्यटन क्षेत्र को प्रोत्साहन प्रदान करने और पर्यटकों को विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करने के लिए भविष्य में भी प्रभावी उपाय किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जिला कांगड़ा के पौंग बांध में साहसिक पर्यटन गतिविधियां आरम्भ करने के लिए 70 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं को शुरू करने में अनावश्यक विलम्ब से बचने के लिए पर्यटन विभाग को भवनों के निर्माण के साथ-साथ इनमें विद्युत और पानी की आपूर्ति की समुचित व्यवस्था करने के लिए कहा। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष रघुबीर सिंह बाली, विधायक चंद्रशेखर, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव ओंकार चन्द शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, प्रधान सचिव पर्यटन देवेश कुमार, सचिव शिक्षा डॉ. अभिषेक जैन, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक अमित कश्यप और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
जिला शिमला के ऊपरी क्षेत्र कोटखाई के रत्नाडी में होने वाली रत्नाडी क्रिकेट प्रीमियर लीग ( RPL ) के 8वें संस्करण का " गो ग्रीन, गो क्लीन " थीम के साथ आगाज हुआ। बुधवार को स्थानीय समाजसेवी प्रेम ठाकुर ने बतौर मुख्य अतिथि पहुंचकर RPL के 8वें संस्करण का शुभारंभ किया। यूथ क्लब रत्नाडी द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में कुल 64 टीमें भाग ले रही हैं। यह पंचायत स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित की जाती है। RPL-2023 सीजन में मुख्यतः प्रथम प्राइज 1,11,111 रुपये के साथ आकर्षक ट्राफी व द्वितीय प्राइज 55, 555 के साथ आकर्षक ट्रॉफी, मैन ऑफ द मैच, मैन ऑफ द सीरीज सहित कई अन्य प्राइज भी दिए जाएंगे। RPL 2023 सीजन के शुभारंभ पर मुख्य अतिथि पहुंचे प्रेम ठाकुर ने कहा कि आज के इस दौर में इस तरह की प्रतियोगिता आयोजित करना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि युवा नशे की तरफ बढ़ रहे है जो स्वास्थ्य के साथ साथ अपराध को भी अंजाम दे रहे है। ऐसे में इस तरह की खेल प्रतियोगिताएं युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेगी औरखेलो कि और आकर्षित करेगी । उंन्होने सभी युवाओं ने खेल सहित अलग अलग क्षेत्रो में आगे बढ़ने व नशे से दूर रहने की अपील की । वहीं rpl के आयोजकों ने बताया कि प्रेम ठाकुर 1980 में इस युवा क्लब के प्रधान भी रह चुके है और यह बहुत सौभाग्य की बात है कि जिस शख्शियत ने इस क्लब को बनाने में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई आज वही व्यक्तित्व क्लब द्वारा आयोजित किए जा रहे 8वें संस्करण के शुभारंभ पर पहुंचे हैं। यह क्लब के लिए सौभाग्य की बात है और आज इस अवसर पर क्लब के युवा साथियों को एक बार फिर उनका मार्गदर्शन व सहयोग मिला, जिसके लिए समस्त क्लब उनका आभारी रहेगा।
नशे की रोकथाम को लेकर पुलिस और पर्यटन विभाग की ओर से पर्यटन विकास निगम अध्यक्ष व पर्यटन विकास बोर्ड उपाध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री रैंक रघुबीर सिंह बाली ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। दरअसल, “वाइप आउट ड्रग्स” जोकि प्रदेश सरकार द्वारा चलाया गया एक अभियान है, जिसके अंतर्गत राज्य से नशीले पदार्थों के खतरे को खत्म करने के लिए मिशन बनाया गया है। इसको लेकर शिमला में होने वाले रन फॉर ड्रग फ्री, सेफ एंड ग्रीन हिमाचल प्रदेश 10वीं पुलिस हाफ मैराथन-2023 रिज शिमला में 25 जून को, प्रदेश पुलिस और हिमाचल पर्यटन की साझेदारी के साथ एक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। पुलिस और पर्यटन विभाग की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में RS बाली ने कहा कि “वाइप आउट ड्रग्स” एक ऐसा संकल्प है एक ऐसी सोच है, जिसको लेकर हमारा देश आगे बढ़ रहा है। एक ऐसी सोच जिसको लेकर एक ऐसी मुहिम को आगे बढ़ाया जा रहा है, जो एक बदलाव लाएगी। बाली ने आगे कहा इस मुहिम में बच्चों, विद्यार्थियों और बच्चों के माता-पिता सभी लोगों को शामिल किया गया और किसी ना किसी माध्यम इन सबको जागरूक भी किया गया कि किस तरह से ड्रग्स पूरे देश-प्रदेश और आने वाली पीढ़ियों को नष्ट कर सकता है। ड्रग्स के कारण कितनी जिंदगियां बर्बाद हो सकती है। ड्रग्स सभी के लिए हानिकारक है। आरएस बाली ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सोच की सहारना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की सोच बहुत ही अच्छी है। मुख्यमंत्री जब प्रदेश अध्यक्ष थे तबसे ही ऐसी सोच रखते हैं। प्रदेश को ड्रग फ्री करना बहुत ही अच्छी मुहिम है। प्रदेश को ड्रग फ्री करने के लिए सभी को एक साथ होना पड़ेगा। तभी पूरी तरह इसको जड़ से खत्म किया जा सकता है। उन्होंने विभागों से अपील की है कि टूरिज्म के साथ-साथ अन्य डिपार्टमेंट भी प्रदेश को ड्रग फ्री करने में अपना योगदान दें।
मिनर्वा शिक्षण व कोचिंग संस्थान घुमारवीं के होनहारों ने नीट परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया है। मिनर्वा के 52 बच्चों ने नीट परीक्षा को उत्तीर्ण कर सुनहरे भविष्य की नींव रखी है। संस्थान के सात विद्यार्थियों ने 600 से ऊपर अंक प्राप्त कर संस्थान व क्षेत्र का नाम रोशन किया है। प्रथम भारद्वाज सबसे अधिक अंक प्राप्त किए हैं। प्रथम भारद्वाज ने 700 में से 641 अंक अर्जित किए। इसके अलावा आर्यांश धर्माणी 631 अक्षित शर्मा 630, शगुन शर्मा 620, शिवेन पुलाद 614, अकुल शर्मा 604 तथा क्षितिज शर्मा 602 अंक प्राप्त क रनाम रोशन किया है। इसके साथ मिनर्वा के कुल 52 विद्यार्थियों ने 500 से ऊपर अंक हासिल किए हैं। बच्चों के शानदार प्रदर्शन के बाद संस्थान द्वारा सभी बच्चों को सादे समारोह के दौरान सम्मानित किया गया। इस दौरान मुख्य रूप से संस्थापक व संयोजक परवेश चंदेल मौजूद रहे। राकेश चंदेल ने जानकारी देते हुए बताया कि कुल 52 बच्चों ने इस परीक्षा को उतीर्ण किया है। इसमें उपासना 597, मानसी 595, प्रथित अरोडा 585, कनिष्का 580, ओमिका 577, नितिन चंदेल 574, आयुश शर्मा 574, रिधी 573, निहारिका 572, सौम्य चन्देल 571, दिया शर्मा 569, मधु 565, साम्भवी 564, नमन 563, सुचिता 559, आंचल 555, आदित्य 554, शिवांगी 552, अर्पित धर्मांणी 545, गरिमा 545, अपूर्वा 545, आर्या शर्मा 544, पियूश 543, श्रेया 542, प्रियांशु 541, अलिशा 541, सुजल 540, ईशा 530, रानय 529, निवेदिता 526, अंतरिक्ष 526, ईशांत चौधरी 525, शिवांश 520, समर्थ 515, अतुल्य चन्देल 515, प्रकृति 513, संचित 513, आयुशी 513, अनन्य 512, कृतिका 510, अपूर्वा 507, श्रुति 503, अरिशा सिंह 503, राशी कटोच 503, अंकिता 502 अक प्राप्त किए हैं। राकेश चंदेल ने कहा कि मिनर्वा संस्थान के इन विद्यार्थियों ने अपनी कड़ी लग्न व मेहनत से सबको गौरवान्वित किया है। इस उपलब्धि का श्रेय विद्यार्थियों ने संस्थान के अध्यापकों व अपने अभिभावकों को दिया है। राकेश चंदेल ने बताया कि विभिन्न आरक्षित श्रेणियों में मनन पुरी, अभिलाशा, भारती, हार्दिक और इशिता ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए एमबीबीएस में दाखिला पाने की उम्मीद को कायम रखा है। इस मौके पर मिनर्वा संस्थान के संस्थापक व संयोजक परवेश चंदेल, प्रबंधक राकेश चंदेल, एमडी स्वदेश चंदेल, प्रशांत चंदेल आदि ने इन सभी विद्यार्थियों व इनके अभिवावकों को बधाई प्रेषित कर सभी अभ्यर्थियों को उनके सुनहरे भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
करियर अकादमी के 16 छात्रों ने नीट में 500 से अधिक अंक लेकर एमबीबीएस में जगह पक्की की है। अकादमी की रुश्दा ने 601 अंक लेकर सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त किया। रुश्दा करियर अकादमी में छठी कक्षा से पढ़ रही है। बचपन से ही रुश्दा का लक्ष्य एक सफल डॉक्टर बनना था। रुश्दा के पिता सैनवाला के निवासी हैं व पेशे से मेकैनिक हैं और माता गृहिणी है। रुश्दा ने अपने माता-पिता व करियर अकादमी का सपना पूरा किया है। इसके अलावा पायल-591, सुषमा -583, रमा आर्य -575, केसर नवल -570, अनुष्का -548, प्रियांशू -545, रजनी -536 वान्या -534, अर्शप्रीत -532, अर्पिता -523, कशिश- 522, प्रेरणा-520, निहाल-519, अक्षर-518, रितिका -501 अंक लेकर नीट की परीक्षा पास की है। करियर अकादमी के जेईई मेन्स 2023 का रिजल्ट भी शानदार रहा था और करियर अकादमी ने अगले वर्ष के लिए भी कमर कस ली है और अपना डी ड्रॉपरबैच शुरू कर, क्लासरूम स्टडी शुरू कर दी है। इस अवसर पर अकैडमी के चेयरमैन एसएस राठी, समन्वयक मनोज राठी तथा ललित राठी व विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेश सोलंकी ने सभी छात्रों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी तथा सभी छात्रों को अपना आशीर्वाद प्रदान किया। सभी छात्रों को भविष्य में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने 21 जून को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिवों की प्रस्तावित बैठक स्थगित कर दी है। बैठक की अगली तारीख बाद में तय की जाएगी। प्रदेश कांग्रेस संगठन महामंत्री रजनीश किमटा ने यह जानकारी देते हुए बताया है कि 21 जून की प्रस्तावित प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिवों की बैठक को फिलहाल स्थागित कर दिया गया है,बैठक की अगली तारीख जल्द ही तय की जाएगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने पार्टी कार्यकर्ताओं से भितरघात करने वालों से सचेत रहने का आह्वान करते हुए कहा है कि जो नेता या कार्यकर्ता संगठन को कमजोर करने या उसके आदेशों की अवहेलना करने की कोशिश करेंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा है कि संगठन सर्वोपरि है और उससे ऊपर कोई नही है, चाहे वह किसी भी ओहदे पर क्यों न हो। संगठन की बजह से ही नेताओं ओहदा मिलता हैं। कुल्लू जिला के महौल में पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक को संबोधित करते हुए प्रतिभा सिंह ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं के अथक प्रयासों से ही प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी है और अगर कोई यह सोचता है कि वह स्वयं इतना लोकप्रिय व सक्षम है कि वह स्वयं के बल पर ही चुनाव जीत सकता है तो उसे यह भ्रम समय रहते छोड़ देना चाहिए। लोकतंत्र में जनता जनार्दन ही सर्वोपरि है जो हम सबको चुन कर सत्ता में बैठाती है। प्रतिभा सिंह ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपने मनोबल में किसी भी प्रकार की कमी न लाने का आग्रह करते हुए कहा कि संगठन उनके साथ तनमन से खड़ा है। उन्होंने कहा कि उप चुनावों में उनकी जीत और उसके बाद प्रदेश विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की जीत का एक बड़ा संदेश देशभर में गया हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी जीत के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रही है। जल्द ही देश में लोकसभा चुनाव होने जा रहे हैं और इन चुनावों में उन्हें पूरी एकजुटता के साथ पूर्व की भांति लोगों के बीच उतरना होगा। उन्होंने कहा कि देश मे बढ़ती महंगाई व बेरोजगारी दो ऐसे मुद्दे है जिसके खिलाफ लड़ना होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा की गलत नीतियों की बजह से देश के यह हालात हुए हैं। इसलिए केंद्र की सत्ता से भाजपा को बाहर करना ही होगा तभी देश को इन जटिल समस्याओं से छुटकारा मिलेगा।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा आजकल हिमाचल दौरे पर हैं। आज कुल्लू में बिजली महादेव को नमन कर एक रैली को संबोधित करते हुए नड्डा ने कहा कि जिस पार्टी ने देश में आपातकाल लगाया था, उसके नेता बोल रहे हैं कि देश में लोकतंत्र खतरे में है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा छल कपट से सत्ता पाने का काम किया है, पर भारतीय जनता पार्टी सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भाजपा और एनडीए की सरकार लोगों की सेवा, देश को सुशासन देने और गरीब कल्याण के लिए कटिबद्ध है। आज राजनीति की संस्कृति को पीएम मोदी ने बदल डाला है। वंशवाद से विकासवाद का परिवर्तन और वोट बैंक की राजनीति से रिपोर्ट कार्ड की राजनीति तक पहुंचाना, यह प्रधानमंत्री मोदी ने कर के दिखाया है। अभी हाल में ही पीएम मोदी तीन देशों का दौरा कर के आए हैं। जापान में अमेरिका का राष्ट्रपति मोदी का ऑटोग्राफ मांगता है। कभी किसी ने सोचा था कि ऐसा भी होगा। ये बदलते भारत की तस्वीर है। लेकिन हमारे कांग्रेस के युवराज अमेरिका की धरती पर जाकर भारत की आलोचना करते हैं। पीएम मोदी की आलोचना करते-करते वो भारत की आलोचना करने लगते हैं। इनकी दादी ने आपातकाल लगाया था और ये कहते हैं कि भारत का लोकतंत्र खतरे में है। जो संगठन भारत का विरोध करते हैं राहुल गांधी उनसे विदेश में मिल रहे हैं। देश को एक बार नहीं अनेकों बार मुसीबत में डालने का काम राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ने किया है। भारत की प्रतिष्ठा के साथ मजाक किया है। डोकलाम के समय चीन के दूतावास के लोगों से मिलने की इनको आवश्यकता क्यों पड़ी थी? इस प्रश्न का हमें जवाब चाहिए। राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा करते हैं लेकिन वे प्रतीक तोड़ने के हैं। 100 देशों को भारत ने कोविड वैक्सीन पहुंचाई है और इनमें से 48 देशों को तो मुफ्त में उपलब्ध करवाई है। ये नया भारत है। आज देश सुरक्षित है। 2014 के बाद देश में दमदार, मजबूत और निर्णय लेने वाली सरकार आई है। इसे पहले भ्रष्टाचार और काम न करने वाली सरकार थी। कांग्रेस की अपनी गारंटी नहीं दस गारंटियों की बातें करते हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा वन भूमि प्रत्यावर्तन (डायवर्सन) के प्रस्तावों की प्रक्रिया तीव्र की गई है, ताकि विकास कार्यों का निर्माण आवश्यक अनुमोदन प्राप्त करने के उपरान्त शीघ्र शुरू किया जा सके। कार्यों के समयबद्ध पूर्ण होने से राजस्व में बचत के साथ ही प्रदेश की जनता को इनका समुचित लाभ सुनिश्चित होता है। वर्तमान प्रदेश सरकार ने वन स्वीकृतियों में अनावश्यक विलम्ब के कारण विकास कार्यों में हो रही देेरी को गम्भीरता से लेते हुए इनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। वन भूमि प्रत्यावर्तन के संबंध में प्रदेश सरकार द्वारा जिला स्तरीय समितियों का गठन किया गया है, जिनकी नियमित आधार पर बैठकें हो रही हैं। इससे लंबित एवं नए मामलों के अनुमोदन की प्रक्रिया में तेजी आई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एफसीए से संबंधित विभिन्न मुद्दे केन्द्र सरकार के समक्ष प्रमुखता से उठाए गए हैं। त्वरित रूप से कार्य करते हुए प्रदेश सरकार द्वारा इस जून माह के दौरान वन भूमि प्रत्यावर्तन के 29 मामलों में केंद्र सरकार से द्वितीय चरण की स्वीकृति प्राप्त की गई है और औपचारिक आदेश जारी करते हुए विभिन्न प्रयोक्ता अभिकरणों के पक्ष में वन भूमि प्रत्यावर्तन की स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें सड़क निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग के 11 मामले, पुलिस विभाग के 4, जल शक्ति, एनएचएआई, शिक्षा तथा कृषि विभाग के 2-2 मामले और आईटीबीपी, नगर निगम शिमला, सैनिक कल्याण, गृह रक्षक, स्वास्थ्य, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड का 1-1 मामला शामिल है। उन्होंने कहा कि गत छः माह के दौरान प्रदेश सरकार द्वारा कुल 46 मामलों में औपचारिक आदेश जारी किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, प्रदेश सरकार द्वारा गत एक माह के दौरान एफसीए के अन्तर्गत वन भूमि प्रत्यावर्तन के 32 नए प्रस्तावों की संस्तुति प्रदान कर इन्हें केंद्र सरकार के प्रथम चरण के पूर्व अनुमोदन अर्थात सैद्धांतिक अनुमोदन के लिए भेजा गया है। इनमें सड़क निर्माण के 19 मामले, विद्युत, फोरलेन निर्माण, शिक्षा व अन्य परियोजनाओं के 2-2 मामले और जल आपूर्ति, सुरक्षात्मक परियोजना, पर्यटन, सौर ऊर्जा परियोजना, रोपवे इत्यादि के निर्माण के लिए प्रस्ताव शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विकासात्मक कार्यों को गति प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और गत छः माह के दौरान प्रदेश सरकार द्वारा 110 से अधिक मामलों में संस्तुति प्रदान करते हुए इन्हें केंद्र सरकार के पूर्व अनुमोदन के लिए भेजा गया है। हिमाचल प्रदेश के कुल क्षेत्रफल का लगभग 68 प्रतिशत क्षेत्र वैधानिक रूप से वर्गीकृत वन क्षेत्र के अन्तर्गत आता है, जिस पर वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 के प्रावधान लागू होते हैं। सरकार द्वारा प्रस्तावित अधिकांश विकास कार्यों के निर्माण के लिए वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 (एफसीए) की धारा-2 के अन्तर्गत केन्द्र सरकार का पूर्व अनुमोदन अनिवार्य है। वर्तमान में यह प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन है तथा इन प्रस्तावों को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के परिवेश पोटर्ल के माध्यम से प्रोसेस किया जा रहा है। इस विषय के महत्व के दृष्टिगत मुख्यमंत्री स्वयं तथा प्रधान सचिव (वन) भी एफसीए के मामलों का समय-समय पर अनुश्रवण कर रहे हैं। इसके साथ ही प्रदेश सरकार विकास एवं पर्यावरण में संतुलन बनाए रखने के लिए पौधरोपण पर भी विशेष ध्यान केन्द्रित कर रही है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार देर सायं हिमाचल प्रदेश नर्सिज रजिस्ट्रेशन काउंसिल (एचपीएनआरसी) के ऑनलाइन पोर्टल का शुभारम्भ किया। नई लांच की गई वेबसाइट का उद्देश्य नर्सों को सुविधाजनक तरीके से विभिन्न सेवाओं तक पहुंच प्रदान करना है। इसके अंतर्गत प्राथमिक पंजीकरण, पंजीकरण का नवीनीकरण, अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी करना, अतिरिक्त योग्यता अद्यतन, विदेशी सत्यापन इत्आदि की सुविधाएं उन्हें घर-द्वार पर उपलब्ध हो सकंेगी। इसके अतिरिक्त, यह पोर्टल पंजीकरण के ऑनलाइन स्थानान्तरण (माइग्रेशन) और हस्तांतरण की सुविधा प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने के अलावा विदेशों में भी रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस पहल के अंतर्गत इस वेबसाइट को रोजगार विभाग की वेबसाइट के साथ एकीकृत किया जाएगा, जिससे भर्ती एजेंसियों को प्रासंगिक डाटा तक पहुंच बनाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस एकीकरण से रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलने और प्रतिभा खोज (ट्रैकिंग) प्रक्रियाओं को और कारगर बनाने की उम्मीद है। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल, इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. सीता ठाकुर और हिमाचल प्रदेश नर्सिज रजिस्ट्रेशन काउंसिल की रजिस्ट्रार सीमा ब्राक्टा भी उपस्थित थीं।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में हार के बाद भाजपा लोकसभा चुनाव में कोई कमी नही छोड़ना चाहती है। यही वजह है की भाजपा नेता हिमाचल में अभी से लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गए है। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष आजकल हिमाचल दौरे पर है। कांगड़ा में नड्डा ने कांग्रेस को माँ बेटे की पार्टी बताया, जबकि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांग्रेस के छः माह के कार्यकाल पर सवाल उठाये है। इस कांग्रेस की तरफ से मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने इस पर पलटवार किया है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा की चुनाव में हार के बाद जय राम frustrated man बन गए है। पूर्व मुख्यमंत्री को इस तरह की बयान बाज़ी शोभा नहीं देती है। साथ ही कांगड़ा में कांग्रेस माँ बेटे की पार्टी वाले जेपी नड्डा के बयान पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस पर छींटा कसी करने से पहले वह अपने कूनबे को संभालें।
हिमाचल प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के निदेशक मंडल की आज शिमला में आयोजित 239वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने शिमला और मंडी जिलों के लिए खादी प्लाजा के लिए प्रस्ताव तैयार कर सरकार को सौंपने और विशेषज्ञ एजेंसी से परामर्श लेने के निर्देश दिए ताकि ये प्लाजा आय सृजन का स्रोत बन सकें और इनके माध्यम से ग्रामीण कारीगरों और उद्यमियों को विपणन सुविधाएं प्रदान की जा सकें। उन्होंने कहा कि खादी बोर्ड द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में भेड़ पालकों को ऊन पिंजाई तथा जनजातीय क्षेत्र के बागवानों को खुमानी के बीजों से बनने वाले चुल्ली के तेल की पीड़ाई की सुविधा खादी केन्द्रों के माध्यम से घर-द्वार पर ही प्रदान की जा रही है ताकि इस क्षेत्र से जुड़े कारीगर/बुनकर व बागवान लाभान्वित हो सकें। उद्योग मंत्री ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अन्तर्गत खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग द्वारा वर्ष 2022-23 के लिए निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने पर खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की सराहना की। उन्होंने कहा कि बोर्ड द्वारा प्रदेश में 383 इकाइयों को 14.34 करोड़ रुपये का उपदान दिया गया, जो निधारित लक्ष्य का लगभग 118 प्रतिशत है। इन इकाइयों की परियोजना लागत 57.36 करोड़ रुपये है, जो 48.72 करोड़ रुपये के निर्धारित लक्ष्य की तुलना में लगभग 118 प्रतिशत है। इसके अतिरिक्त, इन इकाइयों में रोजगार के 3,064 अवसर भी सृजित हुए हैं। उद्योग मंत्री ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा इस कार्यक्रम के तहत वर्ष 2023-24 के लिए निर्धारित लक्ष्यों को भी समय पर हासिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023-24 के लिए लक्षित 475 इकाइयों में से मई माह तक स्थापित 16 इकाइयों पर 73.96 लाख रुपये का उपदान दिया जा चुका है, जिनसे रोजगार के 128 अवसर सृजित हुए हैं।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने मंगलवार को एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के द्वारा एक रिपोर्ट हमारे समक्ष आई है, उसमे एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय का खुलासा किया है। पश्चिम बंगाल,बिहार, राजस्थान और पंजाब में हमारे ओबीसी भाइयों के लिए दिए गए संवैधानिक अधिकार रिजर्वेशन का खुलेआम हनन कर रही है और ओबीसी को उनके जायज अधिकारो से वंचित रखा जा रहा है। बंगाल, बिहार, राजस्थान और पंजाब में जो विपक्षी दल बहुत ज्यादा पिछड़े वर्ग के हतैशी बनते और जातिगत जनगणना के पक्षधर बनते है वही लोग ओबीसी के हितों का खुलेआम हनन कर रहे हैं। ओबीसी के कोटा में जो आरक्षण मिल रहा है उसमें इन सभी प्रदेशों ने सेंध लगा का काम किया है। नड्डा ने तंज कसते हुए कहा की इन विपक्षी दलों हाथी के दांत है जो दिखाने के अलग और खाने के अलग होते है। यह पूर्ण रूप से एक बहुत बड़ा षड्यंत्र है। बंगाल में ओबीसी के कोटे और उनके आरक्षण को ममता सरकार खुलेआम मुस्लिम तुष्टिकरण के भेंट चढ़ाया रही है और पिछड़े वर्ग के लोगों को उनके जायज हक से वंचित रख रही है। आपको जानकर हैरानी होगी कि बंगाल में 91.5% आरक्षण का लाभ मुस्लिम ओबीसी के लोगों को दिया गया है और अन्य लोगो को उनका हक अभी तक नही दिया है। बंगाल में कुछ ओबीसी की 179 जातियों को आयोग द्वारा दर्ज किया गया है और इसमें से 118 मुस्लिम समुदाय की जातियों को शामिल कर दिया गया है। इस तरीके से बांग्लादेशी घुसपैठ और रोहांगिया को प्रमाण पत्र देकर जातिगत आरक्षण का लाभ देने का प्रयास किया जा रहा है। यह घुसपैठियों को सीधा सीधा लाभ देने का गंभीर षड्यंत्र है। अगर हम 2011 की बात करे तो बंगाल में इससे पहले ओबीसी की 108 जातियां शामिल थी जिसमें से 53 मुस्लिम और 55 हिंदुओ जातियां थी। 71 नई जातियों को इस सूची में जोड़ा गया इसमें 65 मुस्लिम और केवल 6 हिंदू जातियां थी। बंगाल की जनसंख्या में 70.5% हिंदू है और 27% मुस्लिम। पर मुस्लिमो को ओबीसी आरक्षण के अंतर्गत 91.5% का लाभ प्रदान किया जा रहा है। ममता बनर्जी ने देशद्रोही ताकतों को ताकत देने का काम किया है यह दुर्भाग्यपूर्ण है और अति निंदनीय है। इसी प्रकार के आरक्षण की स्थिति राजस्थान पंजाब और बिहार में है। बिहार में ओबीसी के भाइयों को प्रमाण पत्र तक नहीं दिए जा रहे हैं, ओबीसी भाइयों के साथ बहुत बड़ा विश्वासघात हो रहा है और उनका अधिकारों का गला घोटा जा रहा है। पंजाब में 25% ओबीसी का आरक्षण है और लाभ केवल 12% ओबीसी लोगों को मिल रहा है। 13% लोग अपने अधिकारों से वंचित है और आज भी इंतजार कर रहे हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 9 वर्ष पूर्ण होने पर विधानसभा झंडूता में एक टिफन बैठक में भाग लिया। उनके साथ इस बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह, झंडुत्ता विधानसभा क्षेत्र के विधायक जेआर कटवाल, त्रिलोक जम्वाल, पूर्व मंत्री राजेंद्र गर्ग, सुरेश चंदेल और भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा विशेष रूप में उपस्थित रहे। इस बैठक में कार्यकर्ताओं द्वारा अपने-अपने घरों से टिफिन लाकर सामूहिक भोज के साथ प्रधानमंत्री के 9 वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों के बारे में संगठनात्मक चर्चा की गई। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि मोदी सरकार ने देश के 80 करोड़ भारतीयों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बड़े कदम उठाए है, 1121 लाख मीट्रिक टन से अधिक मुक्त खाद्यान्न प्रधानमंत्री योजना के अंतर्गत वितरित किया गया है और एक राष्ट्र एक राशन कार्ड से देश भर में लोगों को आसानी से राशन मिल रहा है। भारत ने दुनिया की सबसे बड़ी वित्तीय समावेशन पहल की है, इसके अंतर्गत 48.27 करोड से अधिक जनधन खाते देश में खोले गए हैं, देश भर में लाभार्थियों के बैंक खातों में 25 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर किया गया है इस प्रक्रिया से 2.73 लाख करोड़ रुपए की अनुमानित बचत इस प्रक्रिया से हुई है। उन्होंने कहा हमारी केंद्र सरकार ने किसान का कल्याण सुनिश्चित किया है, प्रधानमंत्री किसान योजना 2019 में लॉन्च की गई थी किसानों को तीन समान किस्तों में हर वर्ष 6000 रू प्राप्त होते हैं, पहली बार पूरे देश में प्रत्यक्ष नकद समर्थन शुरू किया गया। प्रधानमंत्री किसान योजना के अंतर्गत अब तक 11.39 करोड से अधिक किसान लाभान्वित हुए हैं। किसान फसल बीमा योजना 2016 में लॉन्च की गई थी फसल क्षति से पीड़ित किसानों को इस योजना का बहुत बड़ा लाभ हुआ है 37.59 करोड किसान का पंजीकरण इस योजना के अंतर्गत हुआ और पिछले 7 वर्षों में 11.68 करोड़ से अधिक आवेदकों को 1.3 लाख करोड रुपए से अधिक के दावे प्राप्त हुई है। पंजीकृत किसानों में से 81% छोटे और सीमांत किसान है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आज हिमाचल प्रदेश में 1 विधानसभा क्षेत्र की टिफिन बैठक में भाग ले रहे हैं। इस प्रकार की बैठके पूरे देश भर में चल रही है और सभी भाजपा के नेता गण ऐसी बैठकों में भाग ले रहे हैं इस बैठक में केंद्र में मोदी सरकार के 9 वर्ष पूरे होने पर विस्तृत चर्चा भी की जा रही है। हिमाचल में भी इस प्रकार की टिफिन बैठक का आयोजन हर विधानसभा क्षेत्र में किया जा रहा है।


















































