नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा मंगलवार को देश के 43 विभिन्न स्थानों पर छठे राष्ट्रीय रोजगार मेले का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इसका वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा उद्घाटन किया। इस दौरान केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा एवं खेल मामलों के मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर शिमला के रोजगार मेले के आयोजन में मौजूद थे। ठाकुर ने वहां उपस्थित 178 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपा। कार्यक्रम के उपरांत पत्रकारों से बातचीत करते हुए ठाकुर ने कहा, "आज देश के 43 स्थानों पर रोजगार मेले का आयोजन किया गया और 70,180 से अधिक युवाओं को सरकार नौकरी हेतु नियुक्ति पत्र दिए गए।" ठाकुर ने बताया कि यह छठा रोजगार मेला था। पहला रोजगार मेला अक्टूबर 2022 में आयोजित हुआ था जिसमें 75 हजार नौकरियां दी गई थी। उसके बाद अगले सभी रोजगार मेलों में 70000 या 71000 नौकरियां दी गई हैं। हम इस वर्ष 10 लाख नौकरियों के वादे को पूर्ण करेंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है। इसके साथ ही पिछले 2 वर्षों में विदेशी पूंजी निवेश रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है जिससे नई नौकरियां पैदा हुई है। आज भारत का निर्यात रिकॉर्ड स्तर पर है और महंगाई भी 4 फीसदी के आस पास आकर काबू में है। इससे पता चलता है कि सरकार के कदम सही दिशा में जा रहे हैं। हिमाचल सरकार के 6 महीने पूरे होने के सवाल पर ठाकुर ने कहा, "यह आपको मुझ से नहीं बल्कि उन किसानों से पूछना चाहिए जिन से वादा किया गया था की उनसे 100 रुपये प्रति किलो दूध और 2 रुपये किलो गोबर खरीदा जाएगा।" उन्होंने कहा, "महिलाओं को प्रति महीने 1500 रुपए और 300 यूनिट फ्री बिजली देने का वादा किया गया था क्या यह गारंटियां पूरी हुई है? यह सभी उतनी ही फेल हुई हैं जितनी कांग्रेस पार्टी फेल है। मैं चाहूंगा कि मुख्यमंत्री बिना 1 रुपये कर्ज लिए अपने सारे वादे पूरे करें।" इन्होंने युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया था। वह भी नहीं दिया। इसीलिए इनके विधायक मध्यप्रदेश में इनको छोड़ कर चले गए।" ठाकुर ने आगे कहा, "राजस्थान में भी रोज भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं। नौकरियों में, इंटरव्यू में घोटाला हो रहा है। पेपर लीक हो रहा है। इन्हीं के सरकार के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट अपने ही सरकार के खिलाफ सड़क पर हैं। यह इसलिए क्योंकि उन्होंने युवाओं, किसानों और पूरी राजस्थान की जनता के साथ धोखा किया है। कांग्रेस की गारंटीयां हर राज्य में फेल हुई हैं। कांग्रेस ने सभी राज्यों को कर्ज में डूबाने का काम किया है।" लव जिहाद के बढ़ते मुद्दों के सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऐसे एक नहीं बल्कि कई मामले आए हैं जिसमें धर्म छुपा कर लड़कियों को बहलाया- फुसलाया गया, प्यार में फसाया गया और फिर बाद में धर्मांतरण का दबाव बनाकर किसी की हत्या कर दी गई तो किसी के टुकड़े-टुकड़े कर दिए गए। यह बिल्कुल उचित नहीं है। इसपर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। यह राज्यों की जिम्मेदारी है। किसी भी राज्य की बात हो चाहे केरल या उत्तराखंड या पश्चिम बंगाल या हिमाचल प्रदेश, बेटियों की सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए। आगे पहलवान प्रकरण के सवाल पर बोलते हुए श्री ठाकुर ने कहा, "पुलिस जांच कर रही है जल्द न्याय उचित कार्रवाई होगी।" राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन के गठजोड़ के सवाल पर श्री ठाकुर ने कहा, "यह गठबंधन नहीं भ्रष्टबंधन है। इनके पास ना नीति है, ना नियत है ना चेहरा है। लोकतंत्र में सबको स्वतंत्रता है लेकिन लोग सब देख कर ही वोट करते हैं। 'नगद दो नौकरी लो', 'जमीन दो नौकरी लो'। यह ममता बनर्जी और लालू यादव जी का तंत्र है। पश्चिम बंगाल तो आज केवल हिंसा, अत्याचार और भ्रष्ट्राचार के लिए ही जाना जा रहा है।"
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री आकाश नेगी ने एक ब्यान जारी करते हुए जानकारी दी है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश ने देवभूमि हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में 25 वर्षीय युवक की निर्मम हत्या के विरोध में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में धरना प्रदर्शन किया व पूरे हिमाचल में जिला केंद्रों से उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजे गए। उन्होंने बताया कि बीते कल चंबा में हुई हत्याकांड के बारे में जानकारी प्राप्त हुई। यह हत्याकांड मामला चम्बा के सलूणी क्षेत्र के किहार का है इसमें जिस लड़के की हत्या की गई है, उसका नाम मनोहर है। मनोहर पिछले कुछ समय से मुस्लिम लड़की के साथ संपर्क में था , तथा जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि आपस में अच्छी बातचीत भी होती थी परंतु जब यह जानकारी विशेष समुदाय की लड़की के परिवार वालों को पता चला कि वह मनोहर नाम के लड़के के साथ संपर्क में है तो यह बात उनके परिवार वालों को रास नहीं आई , तो उस लड़की के माध्यम से मनोहर को घर बुलाया गया तथा बुलाकर उस लड़के को निर्मम तरीके से हत्या की गई। उसके शरीर के 8 टुकड़े किए गए तथा बोरी में बंद करके एक नाले में पत्थरों के नीचे दबा कर रखा गया। यह मामला जानकारी के मुताबिक 9 तारीख का बताया जा रहा है एक दो दिन बाद वहां के स्थानीय लोगों को तथा आते जाते लोगों को दुर्गंध आने लगी तो वहां के लोगों ने उस जगह पर जा करके देखा तो वहां पर बोरी के अंदर से बदबू आ रही थी ।वहां के लोगों ने शक के आधार पर पुलिस वालों को सूचना की और पुलिस वालों ने जब उस स्थान पर जाकर के उस बोरी को खोला तो उस बोरी पर मनोहर के शरीर के 8 टुकड़े पाए गए। उसके उपरांत अभी तक पुलिस द्वारा उस लड़की के परिवार में उस लड़की को उसके भाई को तथा उसके पिता को हिरासत में लिया है, परंतु दोषियों पर अभी तक किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है। आकाश नेगी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार आते ही कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई। आए दिन देवभूमि हिमाचल प्रदेश में ऐसी घटनाएं हो रही।आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय इकाई ने इस मामले के विरोध में पिंक पेटल पर धरना- प्रदर्शन कर सोए हुए प्रशासन व सरकार पर रोष प्रकट किया तथा प्रदेश में फैल रही अराजकता को सुधारने के लिए प्रदेश सरकार को सुचेत किया।
प्रदेश विधानसभा के कुलदीप सिंह पठानिया राष्ट्रीय विधायक सम्मेलन, भारत में भाग लेने के लिए 14 जून को मंबई के लिए शिमला से प्रस्थान करेंगे। गौरतलब है कि राष्ट्रीय विधायक सम्मेलन, भारत का आयोजन महाराष्ट्र इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी वर्ल्ड पीस विश्वविद्यालय द्वारा मुंबई में 15, 16, तथा 17 जून को किया जाना है। इस सम्मेलन में पूरे भारत वर्ष से 3300 के करीब विधान सभाओं तथा विधान परिषदों के सदस्यों के भाग लेने की संभावना है, जबकि हिमाचल प्रदेश राज्य से भी 40 से अधिक सदस्यों ने भाग लेने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार सायं वन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ईको-टूरिज्म गतिविधियों को प्रोत्साहन प्रदान कर राज्य की आय बढ़ाने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 72 वन विश्राम गृहों और 22 ईको पार्कों में ईको पर्यटन गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने 93 प्रस्तावित स्थलों पर इको-टूरिज्म गतिविधियों के संचालन के लिए वृहद योजना (मास्टर प्लान) में तेजी लाने की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ईकोे-टूरिज्म सतत् पर्यटन का एक बेहतर उदाहरण है। इसके माध्यम से आगंतुकों को अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करते हुए प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय संस्कृति के संरक्षण को भी बल मिलता है। उन्होंने कहा कि इको-टूरिज्म को बढ़ावा देकर, राज्य अपनी समृद्ध जैव विविधता, प्राकृतिक सुन्दरता और सांस्कृतिक विरासत को सहेज कर पर्यटन की दृष्टि से इसका लाभ उठा सकते हैं। पर्यटन के नए अनुभव प्राप्त करने वाले पर्यटकों के लिए यह वरदान साबित हो सकता है इससे राजस्व में वृद्धि होने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में ईको-टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं और इससे राज्य को काफी फायदा हो सकता है। वन विभाग को इसका अधिक से अधिक लाभ उठाने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि ईको-टूरिज्म की संभावनाओं के दृष्टिगत एक वृहद योजना तैयार की जा रही है। इसका उद्देश्य प्रदेशभर में ईको-टूरिज्म गतिविधियों के लिए प्रस्तावित स्थलों को विस्तार प्रदान करना है। इस योजना में संभावित रूप से बुनियादी ढांचा विकसित करना, आगंतुकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, प्राकृतिक स्थलों को संरक्षित करना और स्थानीय समुदायों की सहभागिता को सुनिश्चित करना है। प्रधान सलाहकार (सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार) गोकुल बुटेल, विधायक देवेंद्र भुट्टो, चैतन्य शर्मा, आशीष शर्मा, हिमाचल प्रदेश वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, प्रधान सचिव वन ओंकार चन्द शर्मा, प्रधान मुख्य अरण्यपाल राजीव कुमार, प्रबंध निदेशक पवनेश कुमार, अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल नागेश गुलेरिया और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री आकाश नेगी ने एक ब्यान जारी करते हुए कहा है कि जेबीटी व बीएड भर्ती मामले की समास्या का शीघ्र समाधान करें हिमाचल सरकार। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने जेबीटी व बीएड भर्ती को इकट्ठा करने का फैसला लिया है, जोकि बिल्कुल गलत है। इससे जेबीटी व बीएड के प्रशिक्षुओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आकाश नेगी ने बताया कि बीएड का कोर्स और जेबीटी के कोर्स को अलग-अलग प्रकार से डिजाइन किया गया है , तो उनकी भर्तियां भी अपने-अपने क्रम अनुसार ही होनी चाहिए ,सरकार इस विषय पर बिल्कुल भी सीरियस नहीं दिख रही है। जोकि अभ्यर्थियों के भविष्य के लिए ठीक नहीं है । उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान चाहती है। माननीय उच्चतम न्यायालय का निर्णय आने तक सरकार को इंतजार करना चाहिए । आकाश नेगी ने बताया कि वर्ष 1948 से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद छात्रों के विभिन्न मुद्दों को प्रदेश एवं केंद्र सरकार के सामने उजागर करती आ रही है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जेबीटी एवं बीएड के अभ्यर्थियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है, और सरकार से मांग करती है , कि जल्द से जल्द इस मामले का निपटारा किया जाए और अभ्यर्थियों को न्याय दिया जाए, अन्यथा विद्यार्थी परिषद् को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के तहत अध्यापक पात्रता परीक्षा (टेट) देने वाले अभ्यर्थियों को इस बार ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी भी मिलेगी। शिक्षा बोर्ड ने यह व्यवस्था जून-जुलाई में होने वाली सात विषयों की परीक्षा के दौरान की है। इससे पहले हुईं परीक्षाओं में ओएमआर शीट की डुप्लीकेट कॉपी देने की व्यवस्था नहीं थी। प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. विशाल शर्मा ने बताया कि 18 जून से दो जुलाई तक होने वाली सात विषयों की अध्यापक पात्रता परीक्षा के दौरान बोर्ड ओएमआर शीट की डुप्लीकेट काॅपी अभ्यर्थियों को मुहैया करवाएगा। इन परीक्षाओं के दौरान प्रत्येक परीक्षा की समाप्ति पर केंद्र समन्वयक और केंद्र अधीक्षक के माध्यम से परीक्षार्थियों को उनकी ओएमआर शीट की डुप्लीकेट कॉपी दी जाएगी। इसके लिए बोर्ड ने इस बार विशेष ओएमआर उत्तरपुस्तिकाओं की व्यवस्था की है, ताकि परीक्षाओं में और अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। उल्लेखनीय है कि इससे पहले हुईं अध्यापक पात्रता परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की ओएमआर शीट की डुप्लीकेट कॉपी नहीं दी जाती थी।
हिमाचल सरकार भांग की वैध और वैज्ञानिक खेती पर प्रदेशवासियों की राय लेकर समाज और राज्य के व्यापक हित में बहुत जल्द कारगर नीति लाएगी। हिमाचल में भांग की वैध और वैज्ञानिक खेती पर अध्ययन को गठित विशेष समिति के अध्यक्ष एवं राजस्व, बागवानी व जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने यह उद्गार आज सोमवार को धर्मशाला में विभिन्न हितधारकों और जनप्रतिनिधियों से चर्चा के लिए आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हिमाचल का वातावरण औषधीय गुणों से परिपूर्ण भांग के उत्पादन के लिए सहायक है। यहां उगने वाली भांग औषधीय और औद्योगिक दोनों प्रकार के काम में लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि समिति नीति निर्माण से पहले इस विषय पर खुली चर्चा से जनता की शंकाएं दूर करने और उनके सुझाव लेने के लिए प्रदेशभर में इस प्रकार के कार्यक्रम कर रही है। प्रदेश के लोगों से वार्तालाप कर नीति निर्धारण के लिए उनकी राय लेने का यह प्रदेश में पहला उदाहरण है। इसी क्रम में समिति ने सोमवार को धर्मशाला में विभिन्न हितधारकों और जनप्रतिनिधियों से विचार-विमर्श कर, इस विषय पर उनकी राय मांगी। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के नेतृत्व में गठित इस समिति ने डिग्री कॉलेज धर्मशाला के त्रिगर्त सभागार में इस विषय पर खुली चर्चा की। जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू पुरानी रिवायतों को छोड़, राज्य के आर्थिक विकास के लिए नए विचारों पर काम कर रहे हैं। उन्हांेने कहा कि सरकार लोगों की आर्थिकी सुदृढ़ करने के साथ युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के नए रास्ते अपना रही है। उन्होंने कहा कि भांग की वैज्ञानिक खेती से बनने वाले अनेकों उत्पादों का उपयोग आज हमारे देश सहित कई देशों में हो रहा है। आज विश्व के कई बड़े देश भांग की वैज्ञानिक खेती से धर्नाजन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शोध के आधार पर भांग के ऐसे बीज तैयार किए जाएंगे जिसके पौधों में नशा नहीं होगा और औद्योगिक उपयोग के लिए उसकी खेती किसानों द्वारा की जाएगी। उन्होंने कहा कि कपड़े सहित अनेक प्रकार के उद्योगों में इसका उपयोग हो सकता है। वहीं औषधीय गुणों से परिपूर्ण भांग की खेती करने के लिए लाइसेंस दिए जाएंगे और नियंत्रित वातावरण में प्रशासकीय निगरानी में इसकी खेती की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के जंगलों में भी बिना नशे वाले भांग के बीज डाले जाएंगे, जिनका उपयोग औद्योगिक उत्पादों के निर्माण के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मलाणा सहित कई क्षेत्रों में उगने वाली भांग सर्वोत्तम औषधीय गुणों से परिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इनके उपयोग से बनने वाली औषधी की जीआई टैगिंग करवाने के लिए सरकार प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि यहां उगने वाली अच्छी क्वालिटी की भांग के बीजों को शोध के आधार पर प्रदेश अन्य हिस्सों में भी उगाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इससे बनने वाले औद्योगिक और औषधीय उत्पादों से प्रदेश की आर्थिकी सुदृढ़ होने के साथ, नशे के तौर पर इसके उपयोग पर चैक रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार सायं ओक ओवर में हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि निगम भविष्य में किरतपुर-मनाली फोर लेन राजमार्ग के किनारे तीन अतिविशिष्ट होटल खोलेगा। इससे पर्यटकों और अन्य यात्रियों को अत्याधुनिक सुविधाएं प्राप्त होंगी। उन्होंने कहा कि ये होटल आधुनिक सुविधाओं से सुस्सजित होंगे और इसका उद्देेश्य राज्य में पर्यटकों को बेहतरीन अनुभव प्रदान करना है। इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए एक सलाहकार द्वारा एक अध्ययन भी किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि फोर लेन राजमार्ग के आरम्भ होने से क्षेत्र में पर्यटकों की आमद में अभूतपूर्व वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटकों को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएगी ताकि उन्हें प्रदेश में यात्रा का सुखद अनुभव प्राप्त हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन के बुनियादी ढांचे और सेवाओं के विस्तार की दिशा में सरकार प्रयास कर रही है। इससे न केवल पर्यटन व्यवसाय को सम्बल मिलेगा बल्कि स्थानीय आबादी के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हाल ही में मंत्रिमण्डल की बैठक में किरतपुर-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ बिलासपुर जिला के बगेड़, मंडी जिला के नेरचौक और कुल्लू जिला के भुंतर में तीन नए राजमार्ग-सह-पर्यटन पुलिस स्टेशन स्थापित करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि इन पुलिस स्टेशनों को क्रियाशील करने के लिए कर्मचारियों की आवश्यक भर्ती भी की जाएगी, जिसका उद्देेश्य पर्यटकों की आवश्यकता को पूरा करना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। बैठक के दौरान, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) के प्रबंध निदेशक अमित कश्यप ने निगम द्वारा क्रियान्वित की रही परियोजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
राजस्व, बागवानी व जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने सोमवार को मैकलोडगंज में बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा से उनके निवास पर भेंट की तथा उनका आशीर्वाद लिया। मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, विधायक केवल सिंह पठानिया, भांग की वैध खेती पर अध्ययन को गठित समिति के विशेष आमंत्रित सदस्य देवेन खन्ना सहित समिति के अन्य पदाधिकारी उनके साथ रहे। राजस्व मंत्री ने दलाई लामा को अपने गृह क्षेत्र किन्नौर आने का आमंत्रण दिया। वहीं, मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर ने दलाई लामा से अपने विधानसभा क्षेत्र कुल्लू आने का आग्रह किया। दलाई लामा ने अपनी चिरपरिचित मुस्कुराहट के साथ दोनों आमंत्रण सहर्ष स्वीकार किए। बता दें, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा राजस्व, बागवानी व जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी के नेतृत्व में प्रदेश में भांग की वैध और वैज्ञानिक खेती पर अध्ययन को गठित समिति सोमवार को धर्मशाला दौरे पर थी। इस दौरान धर्मशाला में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम से पहले सोमवार सुबह समिति अध्यक्ष एवं अन्य सदस्यों ने मैकलोडगंज में बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा से भेंट की।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने आज यहां अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है और इस दिशा में अनेक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि इंदिरा गांधी महिला सम्मान निधि योजना के तहत लाहौल-स्पिति में 840 महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह की दर से राशि प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री विधवा एवं एकल नारी आवास योजना के तहत लगभग 7000 विधवाओं और एकल नारियों को 1.50 लाख रूपए की राशि प्रदान की जाएगी। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अनाथ और विशेष रूप से विकलांग बच्चों, निराश्रित महिलाओं और बुजुर्ग व्यक्तियों के लिए मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना शुरू की है। इस योजना के अन्तर्गत सरकार ने 6000 अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के रूप में अपनाया हेै। योजना के तहत अनाथ बच्चों की शिक्षा, छात्रावास, व्यवसायिक प्रशिक्षण व कौशल विकास का व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने बताया कि अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत सड़क सुविधा, पेयजल, बिजली व अन्य विभिन्न विकास कार्य किए जा रहे हैं। इस अवसर पर अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के निदेशक प्रदीप ठाकुर, महिला एवं बाल विकास विभाग की अतिरिक्त निदेशक एकता काप्टा व अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि जब जगत प्रकाश नड्डा वेस्ट बंगाल जाते हैं तो उनके काफिले पर पत्थर फेंके जाते हैं पर जब वह हिमाचल प्रदेश आए हैं तो उनके ऊपर इतनी पुष्प वर्षा हुई है इससे साफ दिखता है कि हिमाचल की जनता जगत प्रकाश नड्डा से कितना प्यार करती है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी झूठी गारटियों के दम पर सत्ता में आई है। कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने तो गोबर खरीदने का वादा भी हिमाचल प्रदेश की जनता से किया है पर हिमाचल प्रदेश की जनता को पता है कि गोबर का क्या करना है। उन्होंने कहा की हिमाचल में कांग्रेस की सरकार कुप्रबंधन की सरकार है, आज हिमाचल प्रदेश पर कितना कर है वह सबको पता है और अब तो 1000 करोड़ का ओवरड्राफ्ट भी हिमाचल प्रदेश में चल रहा है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश भले ही एक छोटा प्रदेश है पर बहुत महत्वपूर्ण है, हिमाचल प्रदेश से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और केंद्र मंत्री अनुराग ठाकुर आते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को बहुत बड़ी सौगाते दी है जिसमें अटल टनल, एम्स आई आई टी, आई आई एम है। उन्होंने कहा कि इस कांग्रेस सरकार ने अपने 6 महीने के कार्यकाल में केवल संस्थाओं पर ताला लगाने का काम किया है, आज पूरे प्रदेश में माफिया राज चल रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है और एक ऐसा भी समय आ सकता है जब कर्मचारियों को उनका वेतन भी नहीं मिलेगा।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का हमीरपुर जिला पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। इस मौके पर कार्यकर्ताओं में अद्भुत दृश्य देखने को मिला। उनके साथ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, प्रभारी अविनाश राय खन्ना, सह प्रभारी संजय टंडन विशेष रूप से उपस्थित रहे। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रो प्रेम कुमार धूमल के साथ सर्किट हाउस हमीरपुर में भेंट की यह एक शिष्टाचार भेंट थी। इस मौके पर हिमाचल प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर विस्तृत रूप से चर्चा भी की गई। नड्डा ने सर्किट हाउस में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा हमीरपुर में गर्मजोशी के साथ मेरा स्वागत किया है उसके लिए मैं अपनी और पार्टी और से आपका आभार व्यक्त करता हूं। हम सब लोग जो भारतीय जनता पार्टी में काम कर रहे हैं उनको खुद को बहुत खुशनसीब समझना चाहिए क्योंकि भाजपा अकेली पार्टी जिसने देश के साथ कभी कंप्रोमाइज नहीं किया।
राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में डिजिटल गवर्नेंस के सफल क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री परिषद का गठन किया है। प्रदेश में डिजिटल परिवर्तन के लिए गठित यह पहली परिषद् रणनीतिक मार्गदर्शन व डिजिटल नीतियों और कार्यक्रमों की निगरानी प्रदान करने के लिए एक शीर्ष निकाय के रूप में कार्य करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक नवीन पहल है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों जैसे आईटी, उद्योग, डाटा प्रबंधन, दूरसंचार, वित्त, आईएसबी, आईआईटी आदि के विशेषज्ञ शामिल हैं। वैज्ञानिक, तार्किक और प्रौद्योगिक आधारित सोच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गठित यह परिषद् हर तीन माह में कम से कम एक बार या आवश्यकतानुसार बैठक करेगी। राज्य सरकार ने हिमाचल को देश का सूचना प्रौद्योगिकी हब बनाने की दिशा में यह निर्णय लिया है। सरकार राज्य में ड्रोन के उपयोग को बढ़ावा देने के अलावा ई-ऑफिस और हिम परिवार को भी प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करेगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस के लिए मुख्यमंत्री परिषद की रणनीति राज्य को डिजिटल रूप में विकसित करना है। राज्य सरकार के विभिन्न क्षेत्रों में डिजिटल परिवर्तन के लिए दृष्टिकोण, मिशन, लक्ष्यों और प्राथमिकताओं को रेखांकित करती है। यह ओपन डेटा मानकों, ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर, डेटा सुरक्षा, गोपनीयता, साइबर सुरक्षा, ई-गवर्नेंस, उभरती हुई तकनीक, डिजिटल साक्षरता जैसे क्षेत्रों से संबंधित डिजिटल गवर्नेंस के लिए नीतियों और दिशानिर्देशों को विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करेगी। परिषद् डिजिटल गवर्नेंस के मुद्दों पर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की सुविधा भी देगा और डिजिटल कौशल, डिजिटल साक्षरता और डिजिटल उपकरणों और प्लेटफार्मों के उपयोग जैसे क्षेत्रों में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की क्षमता निर्माण के लिए एक व्यापक कार्य योजना विकसित करने की दिशा में कार्य करेगी। यह परिषद अनुसंधान और विकास तथा अनुकूल व्यावसायिक वातावरण के निर्माण और एक जीवंत स्टार्ट-अप संस्कृति विकसित करने और राज्य में आईटी और संबंधित निवेश को बढ़ावा देने के माध्यम से डिजिटल अर्थव्यवस्था में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सुझाव भी देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि परिषद् में सदस्य दक्षता, प्रभावशीलता में सुधार और नागरिक जुड़ाव में सुधार के लिए सरकारी सेवाओं, संचालन और प्रक्रियाओं के डिजिटल परिवर्तन की देखरेख करेंगे। इसके अलावा, डिजिटल अर्थव्यवस्था के विकास को बढ़ावा देने और राजस्व सृजन में इसकी भूमिका की पहचान करने और सुझाव देने के अलावा, परिषद सरकार को डिजिटल प्रौद्योगिकियों और दूरसंचार नीति से संबंधित मुद्दों जैसे बुनियादी ढांचा, सुरक्षा, नवाचार, विनियमन पर सिफारिशें भी प्रदान करेगी। सूचना प्रौद्योगिकी सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने कहा कि डिजिटल व्यवस्था स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री परिषद् डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सरकारी एजेंसियों, उद्योग संघों, शैक्षणिक संस्थानों आदि जैसे बाहरी हितधारकों के साथ संपर्क स्थापित करेगी। परिषद् में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार, मुख्य सचिव और सचिव (आईटी) के अलावा विभिन्न पेशेवर और संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञ भी शामिल होंगे।
आगामी सेब सीजन के दृष्टिगत सड़कों के रखरखाव एवं अन्य कार्यों की समीक्षा के लिए आज यहां लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि हिमाचल फल उत्पादक प्रदेश के रूप में विख्यात है और बागवानी विशेषतौर पर सेब उत्पादन से राज्य में लगभग 5 हजार करोड़ रुपए की आर्थिकी जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि ऐसे में यह महत्वपूर्ण हो जाता है कि सेब, नाशपाती तथा प्लम इत्यादि की फसल समय पर मण्डियों तथा वहां से आगे बाजार तक पहुंचाई जाए। इसके लिए प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग समय रहते सभी तैयारियां पूर्ण करने के लिए कृतसंकल्प है। इसी कड़ी में आज सेब सीजन के दृष्टिगत यह बैठक आयोजित की गई है। बैठक में सेब सीजन के लिए प्रशासनिक स्तर पर विभिन्न तैयारियों तथा सड़कों के बेहतर रखरखाव के लिए आपसी समन्वय से कार्य करने पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि शिमला जोन में पांच वृत्तों की 14 सड़कों की त्वरित मरम्मत एवं रखरखाव पर लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि व्यय की जाएगी, ताकि आढ़ती, लदानी, किसान एवं बागवानों को आगामी सेब सीजन में अपनी फसल की ढुलाई में किसी भी प्रकार की असुुविधा का सामना न करना पड़े। लोक निर्माण मंत्री ने पराला, रोहड़ू, भट्टाकुफर, सोलन और परवाणु स्थित एपीएमसी मार्किट यार्ड को जोड़ने वाली सड़कों के उचित रखरखाव के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पराला मार्किट यार्ड की सड़क के लिए एपीएमसी के माध्यम से लगभग 3.48 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई है। इसके अतिरिक्त डिपोजिट वर्क में भी एपीएमसी से राशि का मामला उठाया गया है ताकि छिटपुट मरम्मत कार्य समय पर पूर्ण किए जा सकें। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि बरसात के मौसम में भूस्खलन इत्यादि की स्थिति में सड़क यातायात बहाल रखने के लिए प्रत्येक मण्डल में मशीनों इत्यादि की समुचित व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर की सम्पर्क सड़कों के रखरखाव के लिए ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के समन्वय से खण्ड विकास अधिकारी के माध्यम से सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी करते हुए कहा कि सेब सीजन के लिए अभी लगभग एक माह का समय शेष है और इस अवधि में वे सभी तैयारियां पूर्ण कर लें। सीजन के दौरान सड़कों के रखरखाव में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सेब सीजन शुरू होने से पूर्व जुलाई माह में वे एक बार पुनः इसकी समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि सेब उत्पादन क्षेत्र में आने वाली सड़कों में ब्लैक स्पॉट, तीखे एवं संकरे मोड़ तथा दुर्घटना सम्भावित क्षेत्रों में समुचित चेतावनी चिन्ह् भी प्रदर्शित किए जाएंगे। इसमें पुलिस विभाग से भी समन्वय स्थापित कर आवश्यक सहयोग लिया जाएगा। बैठक में सेब उत्पादन से जुड़े शिमला, कुल्लू और किन्नौर ज़िलों की प्रमुख सड़कों, पंचायत एवं ग्राम स्तर की सम्पर्क सड़कों, शिमला व ठियोग बाईपास को खुला रखने तथा छैला सड़क मार्ग विस्तारीकरण की अद्यतन स्थिति पर चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त ठियोग सहित विभिन्न स्थानों पर नियंत्रण एवं उप-नियंत्रण कक्ष स्थापित करने पर भी चर्चा की गई। बैठक में सचिव वित्त अक्षय सूद, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता सुरेंद्र कुमार जगोता, विभाग के अधीक्षण एवं अधिशाषी अभियंता तथा बागवानी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
प्रख्यात जादूगर सम्राट शंकर ने आज राज भवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से भेंट की। उन्होंने राज्यपाल को उनके द्वारा शिमला में विगत 5 जून से आयोजित किए जा रहे ‘फैमिली शो’ की जानकारी दी। उन्होंने राज्यपाल को अवगत करवाया कि वे अब तक लगभग 30 हजार मैजिक शो कर चुके हैं जिनमें से 24 हजार शो परोपकार कार्य के लिए किए गए हैं। उन्होंने कहा कि वे पिछले पांच दशकों से लगातार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। राज्यपाल ने सम्राट शंकर की उत्कृष्ट कला और विशेष रूप से परोपकारी कार्यों में उनके योगदान की सराहना की। राज्यपाल ने सम्राट शंकर को हिमाचली टोपी और शॉल भेंट कर सम्मानित भी किया।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज माता हाटू मंदिर नारकंडा में शीश नवाया और माता रानी का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि आज शिमला जिला के प्रसिद्ध माता रानी हाटू में आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। माता रानी का यह मंदिर पर्यटन के साथ धार्मिक आस्था का केंद्र है। उन्होंने माता रानी से प्रदेश के लोगों की सुख, समृद्धि एवं शांति की कामना की। इस अवसर पर विधायक ठियोग कुलदीप सिंह राठौर, प्रदेश कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष महेश्वर सिंह चौहान, उपमंडल दण्डाधिकारी सुरेंद्र मोहन सहित कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वर्तमान प्रदेश सरकार ने अपनी दृढ़ इच्छा-शक्ति को प्रदर्शित करते हुए सभी विधायकों और अधिकारियों को आम जनता की श्रेणी में लाने का निर्णय लिया है। इसके तहत हिमाचल भवन तथा हिमाचल सदन, दिल्ली और हिमाचल भवन, चंडीगढ़ में रहने पर मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों के लिए किराये के कमरों की दर अब सभी के लिए एक समान 1200 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है, जो यह दर्शाता है कि यह सरकार सभी के प्रति समान दृष्टिकोण रखती है। इस निर्णय का हालांकि कुछ विधायक और अधिकारी विरोध कर रहे थे, लेकिन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उनकी सलाह को नजरअंदाज करते हुए सभी के लिए एक समान 1200 रुपये किराया निर्धारित कर लागू भी कर दिया है। मुख्यमंत्री का तर्क है कि जब आम लोग 1200 रुपए किराया अदा कर सकते हैं तो विधायक व अधिकारी ऐसा क्यों नहीं कर सकते हैं। वर्तमान सरकार के इस निर्णय से सरकारी खजाने का बोझ भी कम होगा। प्रतिवर्ष प्रदेश सरकार लगभग 5 करोड़ रुपये ग्रांट-इन-एड के रूप में हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम को हिमाचल भवन तथा हिमाचल सदन दिल्ली, हिमाचल भवन चंडीगढ़ में ठहरने वाले विशिष्ट व्यक्तियों के खर्च के रूप में देती थी। सरकार के इस निर्णय से राज्य सरकार के लगभग 5 करोड़ रुपए की बचत होगी, जिसे विकास के अन्य कार्यों पर व्यय किया जाएगा। वर्तमान राज्य सरकार का यह निर्णय ‘आम जनता की सरकार’ को परिभाषित करता है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू कई मौकों पर कह चुके हैं कि हम सत्ता सुख के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए आए हैं। मुख्यमंत्री ने अनेक महत्वाकांक्षी निर्णय लेकर इस सोच को चिरतार्थ किया है। प्रदेश की जनता को लाभान्वित करने के लिए वर्तमान सरकार मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के कुशल नेतृत्व में शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य क्षेत्रों में व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में अनेक निर्णय लिए हैं, जिससे न केवल प्रदेश में विकास की गति में तेजी आई है बल्कि कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वय से आम जनता को लाभ पहुंचा है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा शिमला में आज बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर बाल सत्र आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मुख्यातिथि के रूप में भाग लेते हुए बाल सत्र की कार्यवाही देखी तथा इसमें भाग लेने वाले सभी बच्चों को बधाई देते हुए कहा कि जीवन में सफलता के लिए कड़ी मेहनत की आवश्यकता होती है और जब तक सफलता नहीं मिलती तब तक निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के सवाल नए हिमाचल की नींव रखते हैं और उनके सवाल-जवाब देखकर इस बात का विश्वास और दृढ़ हुआ कि हिमाचल प्रदेश का भविष्य सुरक्षित है। 'बच्चों की सरकार कैसी हो' विषय पर आयोजित इस बाल सत्र में ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की गई और बच्चों ने शिक्षा के सुधार तथा लोगों की समस्याओं के बारे अनेक प्रश्न पूछे। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बाल सत्र के दौरान स्कूलों में योगाभ्यास के लिए विशेष सत्र आयोजित करने के सुझाव पर विचार करने का आश्वासन दिया। सीएम ने कहा कि बाल सत्र के दौरान आए अन्य सुझावों पर राज्य सरकार गंभीरता से विचार करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विशेष बच्चों पर भी ध्यान दे रही है और सरकार ने प्रदेश के 6000 अनाथ बच्चों को 'चिल्ड्रन ऑफ दी स्टेटÓ के रुप में अपनाया है। उन्होंने कहा कि सेंट स्टीफन कॉलेज दिल्ली हिमाचल के तीन अनाथ बच्चों को एडमिशन देने के लिए तैयार हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल सत्र में भाग लेने वाले बच्चे सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें लगभग 98 वर्ष पहले बने भवन में अपने विचार व्यक्त करने का अवसर मिला है और यह भवन कई ऐतिहासिक घटनाक्रमों का गवाह रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने छात्र जीवन के दौरान 17 वर्ष की आयु में कक्षा प्रतिनिधि (क्लास रिप्रजेंटेटिव) का चुनाव लड़ा और आज उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश की जनता की सेवा करने का मौका मिल रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए राजनीति में काफी अवसर हैं।
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा 16 जुलाई, 2023 को निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय चयन परीक्षा-2023 का आयोजन करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में अधिसूचित अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबधित प्रार्थी इसमें भाग ले सकते हैं। इसके लिए प्रार्थी की आयु 1 अप्रैल, 2023 तक 10 से 13 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। प्रार्थी ने शैक्षणिक सत्र 2022-23 के दौरान किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय से पांचवीं की परीक्षा उर्तीण की हो। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में कक्षा छठी के लिए कुल 150 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा, जिनमें 75 छात्र और 75 छात्राएं चयनित होंगी। उन्होंने कहा कि जिला किन्नौर के निचार एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के लिए 30-30 छात्र एवं छात्राएं, जिला चम्बा के भरमौर स्थित होली विद्यालय और पांगी स्थित किलाड़ विद्यालय के लिए 15-15 छात्र एवं छात्राएं, जिला लाहौल-स्पिति के कुकुमसेरी स्थित विद्यालय के लिए 15-15 छात्र एवं छात्राएं चयनित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रार्थी का प्रवेश, चयन प्रक्रिया की मैरिट के आधार पर कांउसलिंग के माध्यम से किया जाएगा। इच्छुक पात्र उम्मीदवार हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला की वेबसाइट https://hpbose.org/Online Services/CET/Eklaya/Instructions.aspx पर 24 जून तक निःशुल्क ऑनलाइन आवेदन-पत्र भर सकते हैं।
नूरपुर में भाजपा की रैली को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ# राजीव बिंदल ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा हिमाचल के सपूत है और इनका हिमाचल से बहुत गहरा नाता है। उन्होंने कहा आज भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनकर उभरी है और इसके पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का बहुत बड़ा योगदान है। बिंदल ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का हिमाचल प्रदेश को 3 दिन का समय देने के लिए धन्यवाद भी किया। उन्होंने कहा इस दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश की 2 बड़ी रैलियों को संबोधित करेंगे, यह हमारा सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि भाजपा के हमारे सभी कार्यकर्ता अथक मेहनत कर रहे हैं और हम सभी संगठन के कार्य को धरातल तक ले जाएंगे इसके लिए हमारे सारे कार्यकर्ता अग्रिम भूमिका निभा रहे हैं। मोदी सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने पर ,महा संपर्क अभियान के चलते 800000 परिवारों से संपर्क साधने का काम भाजपा करने जा रही है और आने वाले 2024 के लोकसभा चुनावों में हमारे कार्यकर्ता अग्रिम भूमिका निभाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मंत्र घर घर पहुंचाएंगे।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने नूरपुर जिला भाजपा कार्यालय ‘दीपकमल’, गांव भालेटा, पोस्ट जसूर, तहसील नूरपुर, जिला कांगड़ा में दो जिला भाजपा कार्यालयों का वर्चुअल उद्घाटन किया। पहला संगठनात्मक जिला नूरपुर का कार्यालय और दूसरा कार्यालय संगठनात्मक जिला पालमपुर का है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना, सह प्रभारी संजय टंडन ने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष का जिला नूरपुर के भाजपा कार्यालय पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा में इस मौके पर दोनों जिला कार्यालयों की पट्टिकाओ का अनावरण किया और दोनों कार्यालय कार्यकर्ताओं को अर्पित किए। इस मौके पर भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने सभी कार्यकर्ताओं को इन भव्य जिला कार्यालयों के निर्माण पर भी बधाई दी। इस अवसर पर भाजपा जिला कांगड़ा के दिग्गज नेता रहे मौजूद।
कभी वीरभद्र सिंह के हनुमान कहे जाने वाले हर्ष महाजन को अब हिमाचल भाजपा ने कोर ग्रुप का सदस्य मनोनीत किया हैं। बीते साल हुए विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हर्ष महाजन भाजपाई हो गए थे। तब माना जा रहा था कि शायद चम्बा सदर सीट से भाजपा महाजन पर दांव खेल सकती है, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। अब बदली सियासी फ़िज़ा में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के आदेश पर हर्ष महाजन को भाजपा कोर ग्रुप का सदस्य बनाया गया हैं। ज़ाहिर है इस नियुक्ति के बाद भाजपा में हर्ष का सियासी कद बढ़ा है, साथ ही राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज़ हो चुकी है कि लोकसभा चुनाव में काँगड़ा संसदीय सीट से पार्टी हर्ष महाजन पर दांव खेल सकती है। हर्ष महाजन, स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के विशेष सलाहकार और रणनीतिकार रह चुके है। महाजन वीरभद्र सरकार में पशुपालन मंत्री भी रहे और फिर 2012 से 2017 तक कांग्रेस शासन में राज्य सहकारी बैंक के चेयरमैन भी। 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने हर्ष महाजन को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का वर्किंग प्रेसिडेंट नियुक्त किया था। यानी कांग्रेस में रहते महाजन का सियासी कद लगातार बढ़ा ही है, लेकिन महाजन ने 2022 के चुनाव से ठीक पहले सबको चौंकाते हुए भाजपा का दामन थाम लिया था। महाजन के भाजपा में जाने से कयास लगाए जा रहे थे कि ये भाजपा का मास्टरस्ट्रोक हो सकता है, दरअसल महाजन का चम्बा में बेहतर होल्ड माना जाता है, जाहिर है भाजपा को महाजन से कुछ उम्मीद तो ज़रूर रही होगी। हालांकि नतीजे आने के बाद महाजन की चम्बा सदर सीट पर भी कांग्रेस का परचम लहराया। भाजपा को अब भी महाजन की सियासी कुव्वत का अहसास है, इसलिए हर्ष महाजन को अहम् पद दिया गया है। भाजपा की सत्ता से विदाई होने के बाद हर्ष महाजन भी कमोबेश दरकिनार से ही दिखे है, पर अब उन्हें भाजपा कोर ग्रुप का सदस्य बनाया गया हैं। यानी अब भाजपा के अहम निर्णय लेने में उनकी भूमिका भी अहम होने वाली है। लोकसभा चुनाव के लिहाज़ से भाजपा में कई बड़े बदलाव होने की चर्चा तेज़ है। प्रदेश में सत्ता गवाने के बाद भाजपा इस दफा कोई चूक नहीं करना चाहेगी। फिलवक्त प्रदेश की चारों लोकसभा सीटों पर भाजपा का कब्ज़ा है। काँगड़ा संसदीय सीट की बात करे तो यहाँ वर्तमान में किशन कपूर सांसद है, लेकिन विधानसभा चुनाव में इस संसदीय क्षेत्र में भाजपा का प्रदर्शन फीका रहा था। ऐसे में महाजन की नियुक्ति के बाद कयास लग रहे है कि क्या भाजपा इस दफा कांगड़ा संसदीय सीट पर चेहरा बदलने की रणनीति पर आगे बढ़ सकती है ? महाजन जिला चम्बा से आते है और जिला चंबा के चार निर्वाचन क्षेत्र काँगड़ा संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आते है। ऐसे में उनकी दावेदारी ख़ारिज नहीं की जा सकती। बहरहाल कयासों का सिलिसला जारी है।
देश में कई मौके ऐसे आएं है जब सरकारों ने अपने पक्ष में माहौल देखकर समय से पहले चुनाव करवा दिए। क्या आगामी लोकसभा चुनाव भी अपने तय वक्त से पहले हो सकते हैं, ये सवाल इन दिनों सियासी गलियारों में खूब गूंज रहा है। दरअसल, इसी साल के अंत में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने है। क्या मोदी सरकार इन्हीं के साथ लोकसभा चुनाव करवाने पर विचार कर रही है? क्या सरकार का नौ साल की उपलब्धियों के प्रचार में ताकत झोंकना इसका संकेत है? ये अहम सवाल है। 'सेवा सुशासन और गरीब कल्याण' के नारे के साथ भाजपा आक्रामक तरीके से मैदान में उतर चुकी है, मानो चुनाव की घोषणा हो चुकी हो। संभवतः सरकार और पार्टी के शीर्ष स्तर पर लोकसभा चुनावों को लेकर गंभीर मंथन हो रहा है। बीते 6 महीनो में हिमाचल प्रदेश और कर्णाटक में सत्ता से बेदखल हुई भाजपा निश्चित तौर पर आत्ममंथन जरूर कर रही होगी। हालांकि पूर्वोत्तर के नतीजों ने भाजपा को कुछ उत्साहित जरूर किया है। पर पार्टी को इस बात का भी इल्म है कि बीते कुछ समय में कांग्रेस पहले से ज्यादा नियोजित दिख रही है और एंटी इंकम्बैंसी को पूरी तरह खारिज करना भी गलत होगा। ये कहना गलत नहीं होगा कि भाजपा कुछ असहज है। ऐसे में भाजपा के रणनीतिकारों को सोचने की जरुरत है। बताया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव इसी साल नवंबर-दिसंबर में होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के साथ कराने का विचार हो रहा है। इसके पीछे एक तर्क ये हो सकता हैं कि विपक्ष अपनी तैयारी अगले साल मार्च-अप्रैल के हिसाब से कर रहा है और उसे समय नहीं मिलेगा। एक तर्क ये भी हैं कि अगर विधानसभा चुनावों में भाजपा को अनुकूल नतीजे नहीं मिले तो कार्यकर्ताओं का मनोबल कमजोर नहीं होगा, बल्कि अगर दोनों चुनाव साथ हो जाते हैं, तो पीएम मोदी की लोकप्रियता का लाभ राज्यों के चुनावों में भी होगा। मुद्दे भांप रही हैं भाजपा ! कांग्रेस और भाजपा, दोनों तरफ सियासी पैंतरेबाजी तेज हो चुकी है। अगला लोकसभा चुनाव अमीर बनाम गरीब, हिंदुत्व बनाम सामाजिक न्याय और बेतहाशा बढ़ी अमीरी के मुकाबले गरीबी रेखा के नीचे की आबादी में बढ़ोत्तरी जैसे मुद्दों के बीच देखने को मिल सकता हैं। जातीय जनगणना भी बड़ा मुद्दा बन सकती हैं। शायद भाजपा इसे समझ रही हैं और ऐसे में जल्द चुनाव से इंकार नहीं किया जा सकता। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का फीडबैक भी कारण ! मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ से मिलने वाले फीड बैक भाजपा के लिए अच्छा नहीं बताया जा रहा है। राजस्थान में जरूर पार्टी अशोक गहलोत बनाम सचिन पायलट के झगड़े में लाभ तलश रही हैं लेकिन वसुंधरा राजे अगर नहीं साधी गई, तो मुश्किलें शायद भाजपा के लिए अधिक हो। उधर गहलोत सरकार की लोकलुभावन योजनाओं को भी खारिज नहीं किया जा सकता। इसी तरह बिहार, प. बंगाल और महाराष्ट्र में पिछले लोकसभा चुनावों के प्रदर्शन को न दोहरा पाने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
हिमाचल प्रदेश सरकार पन बिजली के ज़रिए हिमाचल प्रदेश की आर्थिकी को बेहतर करने का हर संभव प्रयास कर रही है। सरकार के पास पानी से बिजली और इस बिजली से पैसा बनाने को लेकर कई योजनाएं है, जिनपर इन दिनों गहन मंथन जारी है। ये सभी चर्चाएं तब और भी तेज़ हुई जब सीएम सुखविंदर सुक्खू हाल ही में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह के साथ किन्नौर का दौरा करने पहुंचे। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री के साथ सीएम सुक्खू की मुलाकात कई मायनो में अहम मानी जा रही है। दरअसल हिमाचल बिजली परियोजनाओं पर वाटर सेस लगाकर आमदनी बढ़ाना चाह रहा है। परन्तु हिमाचल के वाटर सैस को पंजाब और हरियाणा ने असंवैधानिक करार दिया है। हालांकि हिमाचल से पहले भाजपा शासित उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर भी वाटर सैस वसूल रहे है। इसके अलावा प्रदेश सरकार राज्य में स्थापित पावर प्रोजेक्ट में हिमाचल की हिस्सेदारी बढ़ाने तथा पावर प्रोजेक्टों में मिलने वाली 12 फीसदी रायल्टी को बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने की भी मांग है। उम्मीद जताई जा रही है कि मुख्यमंत्री केंद्र से चर्चा कर इन समस्याओं का हल निकालेंगे और क़र्ज़ में डूबती प्रदेश की आर्थिकी को सहारा मिलेगा। इसी के साथ हिमाचल में शानन पावर प्रोजेक्ट को लेकर भी चर्चाएं तेज़ है। हिमाचल सरकार लीज खत्म होने के बाद शानन प्रोजेक्ट को अपने अधीन लेना चाहती है। लीज़ खत्म होने ही वाली है, मगर ठीक उससे पहले पंजाब को शानन प्रोजेक्ट की याद आ गई है। जोगिंद्रनगर स्थित शानन प्रोजेक्ट में विद्युत उत्पादन को लेकर इसके कायाकल्प के लिए पंजाब राज्य विद्युत बोर्ड ने 200 करोड़ का बजट जारी किया है। दिलचस्प बात ये है कि 2024 की लीज अवधि समाप्त होने से पहले परियोजना की 2026 की प्रस्तावित योजनाओं के लिए इस बजट को स्वीकृति मिली है। बता दें कि ब्रिटिश राज में मंडी के तत्कालीन राजा जोगिंदर सिंह ने शानन प्रोजेक्ट को 3 मार्च 1925 को 99 साल के लिए पंजाब को लीज पर दिया था। यह प्रोजेक्ट 110 मेगावाट हाईड्रो बिजली पैदा करता है, जो पंजाब को काफी सस्ती पड़ती है। हालाँकि पंजाब सरकार द्वारा इस प्रोजेक्ट के रखरखाव पर सवाल उठते रहे है। अब जब लीज अवधि समाप्त होने के नजदीक है तो पंजाब को इसकी याद आ गई। मिली जानकारी के अनुसार 110 मेगावाट की विद्युत परियोजना में विद्युत उत्पादन बढ़ाने के लिए यह बजट जारी हुआ है। मौजूदा समय में एक घंटे में 110 मेगावाट बिजली पैदा करने वाली इस पन विद्युत परियोजना में हर माह 2600 मेगावाट विद्युत उत्पादन से सालाना तीन से चार सौ करोड़ की आमदनी पंजाब सरकार को हो रही है। हालांकि हिमाचल प्रदेश सरकार पहले ही शानन पावर प्रोजेक्ट से पंजाब से वापस लेने का मन बना चुकी है। सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्पष्ट कर दिया है कि लीज अवधि समाप्त होने के इसका नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। शानन पावर प्रोजेक्ट की लीज 2 मार्च 2024 को समाप्त हो रही है और इसके बाद हिमाचल सरकार इसे संभालेगी।
हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड (एचपीएससीबी) द्वारा आज यहां आयोजित स्पार्क-2023 कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बैंक के नए चिन्ह् (लोगो) का अनावरण किया। इसके अलावा उन्होंने बैंक की इंटरनेट बैंकिंग सुविधा एकेडमी फॉर एग्रीकल्चर एंटरप्रिन्योरशिप डिवेलपमेंट फॉर ग्रोथ एंड एम्पावरमेंट (एग्री एज) और नई वेबसाइट का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बैंक का विजन डाक्यूमेंट भी जारी किया। उन्होंने बैंक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले शाखा कार्यालयों को पुरस्कार भी प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने भविष्य की चुनौतियों के लिए एचपीएससीबी द्वारा तैयार रहने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि राज्य सरकार सहकारी बैंकों को हरसंभव सहायता प्रदान कर सुदृढ़ करेगी। उन्होंने कहा कि बैंक डिजिटल तकनीकयुक्त होने चाहिए और उपभोक्ताओं को आधुनिक तकनीक का उपयोग कर बैंकिंग सुविधा प्रदान की जानी चााहिए। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंकों की कार्यप्रणाली के विस्तार के लिए छह महीने के भीतर सुधारों को लागू किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि सहकारी बैंकों को भूमि खरीदने के लिए प्राथमिकता के आधार पर हिमाचल प्रदेश मुजारियत एवं भू-सुधार अधिनियम 1972 की धारा 118 के तहत अनुमतियां दी जाएंगी। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान सरकार का पहला बजट व्यवस्था परिवर्तन का प्रतीक है, जिसमें ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक को इन पहलों के क्रियान्वयन में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। राज्य सरकार निर्धन परिवार के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए 20 लाख रुपए तक का ऋण एक प्रतिशत ब्याज की दर से उपलब्ध करवाने की योजना बना रही है ताकि संसाधनों के अभाव में कोई भी शिक्षा से वंचित न रहे। इसके साथ ही भविष्य में टैक्सी संचालकों को ई-टैक्सी चलाने के लिए परमिट जारी किए जाएंगे। राज्य सरकार ई-टैक्सी, ई-बस और ई-ट्रक की खरीद पर 50 प्रतिशत अनुदान देगी। राज्य सरकार 250 किलोवाट से 2 मेगावाट तक की सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना के लिए 40 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान करेगी और उत्पादित बिजली हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड लिमिटेड द्वारा खरीदी जाएगी। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंक इन योजनाओं के तहत ऋण प्रदान करें जिनकी संप्रभु गारंटी राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना की योजना के लिए सहकारी बैंक को प्रमुख बैंक बनाएगी।
शिमला में आज एक कार्यक्रम में राज्य कोऑपरेटिव बैंक की ऑनलाइन सुविधा और वेबसाइट की लॉन्चिंग के अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश कॉपरेटिव बैंक राज्य का अपना बैंक है और सरकार हिमाचल के अपने बैंकों को सुदृढ़ करने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। उन्होंने बताया कि बैंक को सुदृढ़ करने के लिए प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं में नोडल बैंक के रूप में राज्य सहकारी बैंक को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य का बैंक सुदृढ़ होगा तो प्रदेश की आर्थिकी को बल मिलेगा। सीएम ने कहा कि राज्य सहकारी बैंक हिमाचल प्रदेश ऑनलाइन सुविधा से जोड़ दिया गया है, जिसके लिए आज मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला में बैंक की वेबसाइट और नए लोगो का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉपरेटिव बैंक राज्य का अपना बैंक है और इसे सुदृढ़ करने के लिए सरकार हर संभव प्रयास करेगी उन्होंने कहा कि बैंक को और मजबूत बनाने के लिए प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं में इसे नोडल बैंक बनाने की कोशिश की जाएगी, जिससे बैंक के साथ-साथ प्रदेश को भी आर्थिक मजबूती मिले मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी अन्य बैंकों को सरकार आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने के प्रयास कर रही है।
प्रदेश के संसाधनों में हिमाचल के हक को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कड़े शब्दों में कहा है कि प्रदेश में चल रहे बड़े पावर प्रोजेक्ट में अब 12 फीसदी से अधिक की रॉयल्टी प्रदेश को मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यहां पर स्थापित होने वाले नए प्रोजेक्टों के लिए ऊर्जा नीति में उचित प्रावधान किया जाएगा, ताकि प्रदेश के संसाधनों का दोहन कर चलने वाले ऐसे प्रोजेक्ट में हिमाचल को उचित हक मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस दिशा में प्रयास कर रही है और हिमाचल के संसाधनों का दोहन कर चलने वाले ऐसे बड़े प्रोजेक्टों में हिमाचल को उसका उचित हक मिलना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 40 वर्षों से चलाई जा रही औद्योगिक नीतियों के कारण हिमाचल प्रदेश को अपने संसाधनों में उचित हक नहीं मिल पाया है, जिसके लिए अब पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। बताया कि नई औद्योगिक नीति में उचित प्रावधान किए जाएंगे और इन्वेस्टर मीट के दौरान साइन किए गए सभी एमओयू को भी फिर से खंगाला जाएगा।
राज्य सरकार ने जिला कांगड़ा के टांडा स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में दो रोबोटिक कैथलैब स्थापित करने की स्वीकृति प्रदान की है। इस संबंध में कॉलेज प्रशासन को विस्तृत प्रस्ताव देने को कहा गया है। रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत कर राज्य में आधुनिक स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने की दिशा में यह पहला कदम है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में आधुनिक स्वास्थ्य सेवा प्रणाली विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल चमियाना में भी रोबोटिक सर्जरी सुविधाएं शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को इन संस्थानों से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) प्राप्त हुई है, जिसकी विशेषज्ञों द्वारा जांच की जा रही है। इस उद्देेश्य के लिए सैद्धांतिक रूप से 30 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और राज्य सरकार इसके लिए पर्याप्त धनराशि प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा प्रक्रियाओं के संचालन में रोबोटिक कैथलैब क्रांति ला सकती है। रोबोटिक्स तकनीक का उपयोग सर्जरी के दौरान सटीकता, बेहतर दृष्टि और अधिक नियंत्रण प्रदान कर सकता है। इससे सर्जरी के दौरान जटिलताओं में कमी आएगी और रोगी शीघ्र स्वस्थ होंगे। उन्होंने कहा कि कैथलैब एक विशेष चिकित्सा सुविधा है, जो मुख्य रूप से कार्डियोलॉजी (हृदय रोग विज्ञान) के क्षेत्र में मिनिमली इन्वेसिव सर्जरी के लिए इमेजिंग तकनीक का उपयोग करती है। कैथलैब में रोबोटिक तकनीक को शामिल कर सर्जरी के दौरान सटीकता और दक्षता में काफी वृद्धि की जा सकती है, जो रोगियों, चिकित्सकों और चिकित्सा कर्मियों के लिए फायदेमंद होगी। राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए सरकार आधुनिक चिकित्सा तकनीक में निवेश करने की योजना बना रही है, जो दो उद्देश्यों की पूर्ति करेगी। प्रथम उद्देश्य के तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि राज्य के लोगों को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में नवीनतम चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हों। दूसरे उद्देश्य के अंतर्गत राज्य में चिकित्सा उपचार के इच्छुक आगंतुकों को आकर्षित करने के लिए स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके परिणामस्वरूप राज्य सरकार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करते हुए राजस्व भी उत्पन्न करेगी।
कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने पार्टी के जिला अध्यक्षों से आगामी लोकसभा चुनावों के लिए अभी से कमर कसने को कहा हैं। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में विधानसभा चुनावों की तरह लोकसभा की चारों सीटों पर कांग्रेस को अपनी जीत का परचम लहराना है और अपनी जीत का क्रम जारी रखना है। आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में पार्टी के जिला अध्यक्षों की एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रतिभा सिंह ने कहा कि कांग्रेस के लिए आगामी लोकसभा चुनाव बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश विधानसभा चुनावों का एक बड़ा संदेश देशभर में गया है। पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा हैं। यही बजह है कि कांग्रेस ने कर्नाटक में शानदार जीत हासिल की। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में इस साल के अंत व अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में भी कांग्रेस अपनी जीत का परचम लहराती हुई केंद्र में मजबूती से अपनी सरकार बनाएगी। प्रतिभा सिंह ने संगठन की मजबूती के लिए जिला व ब्लॉक अध्यक्षों की सराहना करते हुए कहा कि उन सभी की एकता से आज प्रदेश में कांग्रेस की मजबूत सरकार बनी हैं। उन्होंने इसके लिये प्रदेश के लोगों व पार्टी के कार्यकर्ताओं का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बूथ कमेटियों को फिर से सक्रिय करने के साथ साथ जहां भी इसके पुनर्गठन की आवश्यकता हो जल्द कर दी जानी चाहिए। प्रतिभा सिंह ने केंद्रीय आलाकमान राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिका अर्जुन खड़गे,पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी व महासचिव प्रियंका गांधी ,प्रदेश मामलों के प्रभारी राजीव शुक्ला का भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके कुशल मार्गदर्शन में कांग्रेस मजबूती से आगे बढ़ रही हैं।
रविवार सुबह 11.30 बजे राजस्थान सरकार के शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला ने विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर कल्ला की पत्नी भी उनके साथ मौजूद थीं। पठानिया ने दोनों को टोपी व मफलर भेंट कर उनका अतिथ्य सत्कार किया। कल्ला राजस्थान के वरिष्ठ नेता हैं तथा पूर्व में राजस्थान कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं। पठानिया ने उन्हें कल होने वाले बाल सत्र के बारे भी अवगत करवाया तथा उन्हें बाल सत्र देखने के लिए भी आमंत्रित किया। इस बाल सत्र के लिए बीडी कल्ला के पोते श्री राघव कल्ला का भी चयन हुआ है। चर्चा के दौरान कल्ला ने कहा कि राजस्थान के बाद हिमाचल प्रदेश दूसरा राज्य है जहां बाल सत्र का आयोजन किया जा रहा है तथा उन्होंने कुलदीप सिंह पठानिया की इस पहल का स्वागत किया तथा उन्हें बधाई भी दी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से आज ओक ओवर में शिमला व्यापार मंडल का प्रतिनिधिमंडल विधायक हरीश जनारथा की अध्यक्षता में मिला। प्रतिनिधिमंडल ने हिमाचल प्रदेश होर्डिंग और प्रोफिटियरिंग प्रिवेंशन आदेश 1977, एचपी कमोडिटी प्राइस मार्किंग और डिस्प्ले आर्डर 1977 तथा एचपी ट्रेड आर्टिकल (लाइसेंसिंग और कंट्रोल) आदेश 1981 को हटाने की मांग की। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने व्यापार मंडल को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस अवसर पर व्यापार मंडल के अध्यक्ष हरजीत कुमार, महासचिव नितिन सोहल, कोषाध्यक्ष दीपक अग्रवाल, प्रदीप कुमार भुज्जा, नरेश कंधारी, राकेश पुरी, अजय सरना तथा तरुण राणा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
बाहरा यूनिवर्सिटी वाकनाघाट के स्कूल ऑफ लॉ विभाग ने मॉडल सेंट्रल जेल कंडा का दौरा किया। उन्होंने शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए बीएएलएलबी 5वें वर्ष और एलएलबी द्वितीय सेमेस्टर के छात्र एमसीजे, कांडा का दौरा करने गए। इसका उद्देश्य जेल के कैदियों के मानवाधिकारों चलाए जा रहे विभिन्न व्यावसायिक कार्यक्रमों के बारे उन्हें सिखाया जाने वाला कौशल,कैदियों को प्रदान किया जाने वाला प्रशिक्षण, दी जाने वाली सुविधाएं आदि के बारे में ज्ञान को बढ़ाना था।
स्वच्छता के लिए सीवरेज प्रणाली बेहद महत्वपूर्ण है। पेयजल सुविधा को सदैव प्राथमिकता दी जाती है लेकिन विकास में सीवरेज प्रणाली की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। दूषित पानी को पुन: उपयोग में लाने के लिए उसका ठीक से एकत्रण तथा उपचार आवश्यक है। ऐसा न करने की स्थिति में गंभीर जल प्रदूषण की समस्या की संभावना होती है। जल एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन है और इसका कुशलता से उपयोग किया जाना चाहिए। वर्तमान राज्य सरकार ने राज्य के पांच कस्बों में पेयजल और स्वच्छता सेवाओं में सुधार करने का निर्णय लिया है, जिनमें मनाली, बिलासपुर, पालमपुर, नाहन और करसोग शामिल हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हाल ही में उपरोक्त कस्बों में बेहतर सीवरेज सुविधाओं को विकसित करने तथा मनाली और पालमपुर में पेयजल आपूर्ति में सुधार के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा फ्रांसीसी विकास एजेंसी, एजेंसे फ्रैंकेइस डी डेवलपमेंट (एएफडी) के साथ 817.12 करोड़ रुपये की परियोजना के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि एएफडी द्वारा 612 करोड़ रुपये प्रदान किए जाएंगे जबकि राज्य सरकार 204.85 करोड़ रुपये प्रदान करेगी। परियोजना के तहत लाभार्थियों को इन पांच कस्बों में सीवरेज के कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को अत्याधुनिक तकनीकों के साथ डिजाइन किया जाएगा, जिससे कृषि और औद्योगिक उद्देश्यों के लिए अपशिष्ट का पुन: उपयोग किया जा सके। परियोजना का उद्देेश्य जल स्रोतों की पर्यावरणीय स्थिति में सुधार करना, जल जनित रोगों को कम करना, स्थानीय नियमों और अंतर्राष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुसार गुणवत्तापूर्ण स्वच्छता सुविधाओं का प्रबंधन करना और पेयजल व स्वच्छता क्षेत्र में वित्तीय स्थिरता लाना है।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से आज राजभवन में थल सेना अध्यक्ष जनरल मनोज पांडे ने भेंट की। यह एक शिष्टाचार भेंट थी। इस अवसर पर राज्यपाल ने उन्हें हिमाचली टोपी व शॉल के साथ स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। राज्यपाल को थल सेनाध्यक्ष ने सेना से सम्बंधित विभिन्न मुद्दों पर जानकारी दी। शिव प्रताप शुक्ल और जनरल मनोज पांडे ने क्षेत्र की सुरक्षा और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की। आर्मी ट्रेनिंग कमांड (आरट्रेक) के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, लेफ्टिनेंट जनरल एसएस महल भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
जान्हवी विधानसभा बाल सत्र की मुख्य मंत्री चुनी गई हैं। आज शिमला में विधानसभा अध्यक्ष से मिलकर उन्होंने सदन की कार्यवाही को समझा, वहीं बाल सत्र में शामिल होने वाले बाल विधायक भी इस मौके पर विधानसभा भवन पहुंचे। अगले दो दिन बच्चे शिमला में रहेंगे। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा सत्र विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर आयोजित किया जा रहा है। बच्चों की राजनीतिक सहभागिता सुनिश्चित करने के लिये इस सत्र का आयोजन होगा।
हिमाचल में अब बिक्रेता एक दिन में 20,000 रुपये के बजाय दो लाख रुपये तक के स्टांप पेपर बेच सकेंगे। प्रदेश सरकार के इस निर्णय से स्टांप विक्रेताओं की आय में इजाफा भी होगा। हालांकि प्रदेश में ई-स्टांप प्रणाली को वर्ष 2011 में शुरू किया गया था, लेकिन अब राज्य सरकार ने आगामी वित्त वर्ष से हिमाचल प्रदेश में पूरी तरह से ई-स्टांप प्रणाली से बिक्री करने का निर्णय लिया है। सुक्खू सरकार के बजट सत्र में इसका एलान किया था। शुक्रवार को इस बारे अधिसूचना जारी की गई है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पुलिस विभाग में सुधार पर बल देते हुए कहा कि विभाग के आधुनिकीकरण के लिए पर्याप्त निधि तथा पुलिस बल के सुचारू व प्रभावी कार्यान्वयन के लिए स्टाफ में वृद्धि की जाएगी। राज्य सरकार प्रदेश में सरकारी भवनों के निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भी सार्थक प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने आज अपने सरकारी आवास ओक ओवर से वर्चुअल माध्यम से सोलन में पुलिस विभाग के आवासीय भवन का उद्घाटन करने के उपरांत पुलिस विभाग द्वारा प्रकाशित कॉफी टेबल बुक ‘एक्सपीरियंस दी वॉटर्स आफ हिमाचल’ भी जारी की। प्रदेश में इस वर्ष जिला ऊना के अंदरोली में आयोजित 22वीं अखिल भारतीय पुलिस जल क्रीड़ा प्रतियोगिता की झलकियां इसमें प्रस्तुत की गई हैं। इसके अतिरिक्त इसमें प्रदेश के मनमोहक जलाशयों को भी प्रदर्शित किया गया है। मुख्यमंत्री ने विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इससे राज्य में जल क्रीड़ा को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल तथा मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर कुल्लू से वर्चुअली इसमें शामिल हुए। पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और पुलिस विभाग द्वारा की जा रही विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष रघुबीर सिंह बाली, विधायक हरीश जनारथा और विनोद सुल्तानपुरी, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सतर्कता) सतवंत अटवाल, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) अभिषेक त्रिवेदी तथा पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां राज्य स्तरीय गोष्ठी (फोरम) के दूसरे चरण के दौरान प्रदेश में 7828 करोड़ रुपए की 26 लंबित परियोजनाओं की कार्यान्वयन प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए पर्यटन, जल विद्युत तथा औद्योगिक क्षेत्रों के हितधारकों के साथ चर्चा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रत्येक परियोजना का स्वयं जायजा लिया तथा इनके विलंब के कारणों की जानकारी प्राप्त की। गत बुधवार को मुख्यमंत्री ने इस गोष्ठी के प्रथम चरण में 8468 करोड़ रुपए की 29 लम्बित परियोनाओं के लिए निवेशकों से चर्चा की थी। प्रदेश में अटकी पड़ी 16297 करोड़ रुपए की कुल 55 परियोजनाओं से 20 हजार से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। उद्योग स्थापित करने में विलम्ब पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए हरसम्भव प्रयास कर रही है तथा परियोजनाओं की स्थापना में आने वाली अड़चनों को दूर करने पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निवेशकों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर काटने से बचाने के लिए सरकार निवेश नीति में संशोधन कर रही है। उन्होंने निवेशकों को बेझिझक अपनी समस्याएं प्रदेश सरकार के साथ साझा करने का आग्रह किया तथा इनके समाधान का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा कि सरकार निवेश को नई दिशा देने पर विशेष बल दे रही है जिसमें जल विद्युत, पर्यटन तथा सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र भी शामिल हैं। कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटन विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है तथा कांगड़ा जिला प्रदेश की पर्यटन राजधानी बनेगी। उन्होंने कहा कि सरकार स्वयं पर्यटन क्षेत्र में महत्वपूर्ण निवेश करेगी। कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार तथा सभी ज़िला मुख्यालयों में हेलीपोर्ट का निर्माण चरणबद्ध ढंग से किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त सरकार प्रदेश में चिकित्सा उपचार के इच्छुक आगंतुकों को आकर्षित करने के लिए स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा दे रही है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य से बाहर सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में कार्य कर रहे प्रदेश के युवाओं के लिए राज्य में ही रोजगार व स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने तथा राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। ज़िला कांगड़ा के पालमपुर में सूचना प्रौद्योगिकी पार्क स्थापित करने के लिए भूमि चिन्ह्ति की गई है। प्रदेश की आर्थिकी में जल विद्युत क्षेत्र के महत्वपूर्ण योगदान को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने राज्य की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए जल उपकर अधिनियम पारित किया है। इसके अतिरिक्त प्रदेश में ऊर्जा परियोजनाओं के निर्माताओं की सुविधा के लिए खुली जल विद्युत नीति लाने पर कार्य किया जा रहा है। सरकार जल विद्युत परियोजनाओं को आर्थिक रूप से सफल बनाने तथा उनके निर्माण में आने वाली अड़चनों को दूर करने के लिए हरसम्भव सहयोग प्रदान करेगी। इसके उपरांत ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश में निवेश करने के इच्छुक उद्यमियों के साथ पारस्परिक चर्चा की तथा उनकी परियोजना को शीघ्र स्थापित करने के लिए उनके विचार सुने। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। निवेश से न केवल युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे बल्कि प्रदेश को राजस्व भी प्राप्त होगा। उन्होंने संभावित उद्यमियों की बैठकें आयोजित करने के लिए मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना की और आशा व्यक्त की कि यह अनूठा कदम परियोजनाओं को धरातल पर उतारने में मील का पत्थर साबित होगा। प्रधान सचिव पर्यटन देवेश कुमार ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और प्रदेश में राजस्व वृद्धि के लिए पर्यटन क्षेत्र की संभावनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। बैठक में हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष रघुबीर सिंह बाली, मुख्य संसदीय सचिव राम कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, निदेशक उद्योग यूनुस, निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क किरण बड़ाना, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और सम्भावित निवेशक भी शामिल हुए।
हिमाचल प्रदेश में सेब का उत्पादन किसानों-बागवानों की आय और प्रदेश की आर्थिकी का मुख्य स्रोत है। प्रदेश सरकार राज्य में आगामी सेब सीजन के लिए सभी प्रकार की तैयारियां पूर्ण करने की दिशा में कार्य कर रही है। यह बात बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज यहां पराला सब्जी मंडी तथा सीए स्टोर एवं सब्जी मण्डी शिलारू के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। जगत सिंह नेगी ने बैठक के दौरान संबद्ध विभागों के अधिकारियों को समय पर सभी प्रबंध पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पराला से छैला सड़क को बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने पराला में आधुनिक फल प्रसंस्करण संयंत्र तथा प्रदेश में विभिन्न सब्जी मण्डियों के निर्माण कार्यों की जानकारी भी ली। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड के प्रबंध निदेशक नरेश ठाकुर, हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम के महाप्रबंधक हितेश आजाद तथा जल शक्ति विभाग, लोक निर्माण विभाग, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड और हिमऊर्जा के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि उन्होंने प्रदेश के दो दिवसीय प्रवास पर आए केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह के समक्ष ऊर्जा क्षेत्र से सम्बंधित विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। केंद्रीय मंत्री ने इन सभी मुद्दों को समयबद्ध हल करने के प्रति आश्वस्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री से शानन जल विद्युत परियोजना को हिमाचल प्रदेश को हस्तातंरित करने के लिए समयबद्ध प्रक्रिया पूर्ण करने का आग्रह किया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को शानन परियोजना के स्वामित्व से सम्बंधित विभिन्न पहलुओं से अवगत करवाया। केंद्रीय मंत्री को यह भी अवगत करवाया गया कि शानन परियोजना के स्वामित्व का अधिकार पंजाब सरकार के पास नहीं है क्योंकि यह परियोजना केवल पट्टे पर पंजाब को दी गई थी और पट्टे की यह अवधि मार्च, 2024 में पूरी हो रही है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के हितों के दृष्टिगत उन्होंने केंद्र सरकार से प्रदेश में 25 मेगावॉट क्षमता से कम की पन विद्युत परियोजनाओं को सुविधा प्रदान करने के दृष्टिगत इनके ढांचागत विकास के लिए एक योजना बनाने का भी आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने परियोजना निर्माताओं के हितों के दृष्टिगत इस बारे में शीघ्र ही एक योजना आरम्भ करने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय मंत्री के साथ निःशुल्क विद्युत बिक्री से सम्बंधित विभिन्न मामलों पर भी चर्चा की गई जिस पर उन्होंने सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सौर विद्युत के अनुरूप हिमाचल प्रदेश को हरित हाईड्रोजन के उत्पादन के लिए प्रोत्साहन प्रदान करने का आग्रह किया ताकि हरित हाईड्रोजन उत्पादन क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ाई जा सके। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को बताया कि प्रदेश सरकार राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न सुविधाएं प्रदान कर रही है। वर्ष 2023-24 के लिए प्रदेश में 500 मैगावॉट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
पहाड़ों की रानी शिमला को यातायात जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रदेश सरकार रोप-वे परियोजना पर कार्य कर रही है। इसके माध्यम से पर्यावरण मित्र, साफ-सुथरा एवं हरित परिवहन सेवाओं पर कार्य करके शहर की पर्यटन क्षमता को भी प्रोत्साहित किया जा सकेगा। पहाड़ी इलाकों और दूरदराज के क्षेत्रों में एक कुशल परिवहन नेटवर्क विकसित करना एक बड़ी चुनौती है। परिवहन के पारंपरिक साधनों जैसे सड़क, रेल और वायु मार्ग का उपयोग करके ऐसे क्षेत्रों में सुदृढ़ परिवहन नेटवर्क स्थापित करने के लिए कई तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसी के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की सोच है कि प्रदेश में परिवहन के सुरक्षित, अभिनव और किफायती तरीकों के उपयोग के माध्यम से ऐसे स्थानों को वाहनों की भीड़-भाड़ से मुक्त किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला रोपवे परियोजना का विस्तार 14.13 किलोमीटर का होगा और यह शहर के विभिन्न स्थानों पर 15 स्टेशनों को आपस में जोड़ेगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल परियोजना लागत लगभग 1546.40 करोड़ रुपये है। यह शहरी रोपवे परियोजना दुनिया में अपनी तरह की दूसरी और भारत में पहली होगी और इससे शिमला शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धर्मशाला और मनाली शहर में इसी तरह की शहरी रोप-वे परियोजनाओं को विकसित करने की योजना बना रही है। शिमला शहर के लिए यह परियोजना रोप-वे एंड रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (आरटीडीसी) के माध्यम से संचालित की जाएगी और निगम ने इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट की तैयारी में पर्याप्त प्रगति की है, जिसके 30 जून 2023 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके लिए ड्रोन सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। इसके अलावा, भू-तकनीकी जांच और ईएसआईए की अध्ययन प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री का कहना है कि रज्जू मार्ग (रोप-वे) परिवहन के एक सुविधाजनक, सुरक्षित और पसंदीदा साधन के रूप में उभरा है, जो हिमाचल जैसे पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में तीव्र सम्पर्क सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ शहरों को भीड़भाड़ से भी राहत प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के अनुकूल, स्वच्छ और हरित परिवहन साधन होने के अलावा यह हरित और स्वच्छ हिमाचल के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को साकार करने में मदद करेगा। शिमला की जनसंख्या लगभग 3.08 लाख है और यहां वार्षिक लगभग 40 लाख पर्यटक पहुंचते हैं। शहर के दोनों तरफ बसावट के साथ संकरी सड़कें हैं, जो पर्यटन सीजन के दौरान शिमला पहुंचने वाले हजारों पर्यटक वाहनों के साथ और भी जटिल हो जाती हैं, जिससे यात्रियों को यातायात जाम से भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। रोप-वे परियोजना शिमला के प्रवेश बिंदु पर यहां आने वाले पर्यटकों को अपने वाहनों को पार्क करने के उपरांत शिमला की मनोहारी पहाड़ियों की प्राकृतिक सुंदरता और यहां के शांत वातावरण का आनंद लेने के लिए दूरगामी सिद्ध होगा।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने तंज कसते हुए कहा कि सुक्खू सरकार अपनी गारंटियां पूरी न कर पाने का ठीकरा केंद्र के सिर फोड़ रही है। जिला कांगड़ा दौरे पर आए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं 1500 रुपये का इंतजार कर रही हैं। पहली कैबिनेट में यह करेंगे, वो करेंगे, कहने वाली सरकार के छह माह का कार्य पूर्ण हो चुका है, लेकिन अब गारंटियों को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने की बात कही जा रही है, वो चरण न जाने कब आएगा। इस अवसर पर विधायक पवन काजल, सांसद किशन कपूर, पूर्व मंत्री सरवीन चौधरी, जिलाध्यक्ष चंद्रभूषण नाग सहित अन्य मौजूद रहे। शुक्रवार को सर्किट हाउस धर्मशाला में प्रेसवार्ता में डा. बिंदल ने कहा कि सरकार कांग्रेस की है तो जवाबदेही भी बनती है। ऐसा लगता है कि गारंटियों की जिम्मेवारी से सरकार भाग रही है। प्रदेश में सरकार की गारंटियों से दीवारें रंगी हुई हैं और गारंटियों के वीडियो लोगों के मोबाइल में कैद हैं। सत्ता पक्ष द्वारा केंद्र की ओर से प्रदेश के फंड रोकने के सवाल पर डा. बिंदल ने कहा कि शायद सरकार भूल रही है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का तीसरा व चौथा चरण जो बंद हो चुका था, उसे प्रदेश के लिए पीएम मोदी ने पुन: शुरू किया है। जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश में पेयजल योजनाओं के कार्य भी केंद्र के सहयोग से चल रहे हैं। जनता को सड़कों, बिजली, पानी की सुविधा देने और गारंटियां पूरी न कर पाने पर अब सरकार इसका ठीकरा केंद्र के सिर फोड़ रही है।
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक सतपाल सत्ती ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार केवल मात्र हिमाचल प्रदेश में शराब को बढ़ावा दे रही है। इसका एक नहीं कई उदाहरण जनता के समक्ष आए हैं, पहले जिस प्रकार से ठेकों की नीलामी हुई, उससे शराब की तादात हिमाचल प्रदेश में बढ़ गई और उसके उपरांत अब शराब बार रेस्टोरेंट में रात को 1 बजे तक बेच पाएंगे। कांग्रेस पार्टी ने बोला था कि हिमाचल में युवाओं को 5 लाख नौकरियां देंगे और प्रत्येक वर्ष 1 साल नौकरी देंगे चलो नौकरियां तो अब गोल होती दिखाई दे रही है । पर अब तो वह युवाओं को शराब पीने के लिए बढ़ावा दे रहे हैं, अगर रात 1 बजे तक बार रेस्टोरेंट शराब बेचेंगे और इसकी अनुमति सरकार देगी तो उसके बाद किस प्रकार का वातावरण पूरे हिमाचल प्रदेश में होगा उसका आप अनुमान लगा सकते है। युवा शराब के नशे में डूबा मिलेगा, महिलाएं अपने आपको असुरक्षित महसूस करेगी, क्राइम बड़ेगा और देर रात सड़को पर लड़ाइयां बढ़ती दिखाई देगी। उन्होंने कहा की वर्तमान कांग्रेस की सरकार जनविरोधी है और इस प्रकार के निर्णय जनहित में कतई नहीं हो सकते हैं। आज से पहले भी कई प्रकार के प्रतिनिधिमंडल इस मांग को लेकर भाजपा सरकार के पास आए थे पर भाजपा सरकार ने कभी भी इस को प्रोत्साहन नहीं दिय। हम तो आज भी कहते हैं कि जिस बार और रेस्टोरेंट में शराब बिकिनी है वह रात 10 बजे बंद हो जाने चाहिए उसके उपरांत व खुले नहीं रहनी चाहिए।
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरकेसिंह और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वीरवार सायं सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस 17वीं आईटीबीपी बटालियन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जिला किन्नौर के रिकांगपिओ में बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर सेना और आईटीबीपी के अधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री एवं मुख्यमंत्री को उत्तरी सीमावर्ती क्षेत्रों से संबंधित प्रस्तुति दी। उपायुक्त, किन्नौर, तोरुल एस. रवीश ने जिला किन्नौर और लाहौल-स्पीति में सरकार द्वारा चलाए जा रहे वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने दोनों जिलों में विभिन्न अवसरों और चुनौतियों से भी अवगत भी करवाया। बैठक में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, सेना और आईटीबीपी और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री और मुख्यमंत्री ने 450 मेगावाट की शांगटांग कड़छम हाइड्रो विद्युत परियोजना में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। इसके पश्चात, स्थानीय ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों ने कल्पा विश्राम गृह में केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया।
मंडी की सांसद और कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने डेढ़ साल के कार्यकाल में सांसद निधि से पांच करोड़ 31 लाख 65 हजार की राशि स्वीकृत की है। खास बात यह है कि नेताप्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के विधानसभा क्षेत्र में भी 35 लाख 30 हजार रुपए के विकास कार्य सांसद निधि से पूरे किए गए हैं, जबकि सबसे अधिक धनराशि रामपुर विधानसभा क्षेत्र में खर्च हुई है। रामपुर में प्रतिभा सिंह ने 56 लाख 50 हजार रुपए अलग-अलग विकासात्मक गतिविधियों को पूरा करने के लिए सांसद निधि से दिए हैं। मंडी के सभी 17 विधानसभा क्षेत्रों की बात करें तो मनाली को 43.20 लाख, आनी को 35 लाख, लाहुल-स्पीति को 35.70 लाख, भरमौर को 39.50 लाख, जोगिंदरनगर को 27 लाख, कुल्लू को 42 लाख, किन्नौर को 16.95 लाख, मंडी सदर को 32.50 लाख, सरकाघाट को 15 लाख, द्रंग को 35 लाख, सराज को 35.30 लाख, बल्ह को 35 लाख, सुंदरनगर को 12 लाख, नाचन को 31.50 लाख, करसोग 38.85 लाख, बंजार को 12.15 लाख और रामपुर को 56.50 लाख रुपए की विकास योजनाओं को मंजूरी दी है। प्रतिभा सिंह ने हाल ही में लाहुल-स्पीति में 10 बड़ी योजनाओं को 22 लाख 50 हजार रुपए जारी किए हैं। यह धनराशि सांसद निधि से जारी की गई है। प्रतिभा सिंह के राजनीतिक सचिव अमित पाल सिंह ने बताया कि सांसद प्रतिभा सिंह ने इस संदर्भ में मंडी संसदीय क्षेत्र के उपायुक्त, जो इस संसदीय क्षेत्र के नोडल अधिकारी भी हैं, को इस राशि का स्वीकृति पत्र भेज दिया है। इन विकास योजनाओं के तहत केलांग खंड के तोजिंग ग्राम पंचायत में सिंचाई योजना, खंगसर टिनान में साइफन सिंचाई योजना, कारिंग गांव की सिंचाई योजना को तीन-तीन लाख स्वीकृत किए हैं।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर श्वेत पत्र निर्माण को लेकर शुक्रवार प्रातः 11 बजे प्रारंभिक बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक उप मुख्यमंत्री के कार्यालय में होगी। प्रदेश सरकार की ओर से इस संबंध में कैबिनेट उप समिति का गठन किया गया है। बैठक में कृषि मंत्री चंद्र कुमार और ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह भी इसके सदस्य हैं।
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह और प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज किन्नौर जिला के छितकुल गांव में वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत आयोजित संवाद कार्यक्रम में भाग लिया। इस कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय ऊर्जा मंत्री और मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से संवाद किया और जन शिकायतें सुनीं। उन्होंने क्षेत्र के लोगों को उनकी सभी जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने इस अवसर पर लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम उत्तरी सीमा में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और शहरों के समान सभी सुविधाएं प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार की एक पहल है। उन्होंने कहा कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत किन्नौर जिला के छितकुल, पूह, नाको, लियो और चांगो गांवों को विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने छितकुल से मण्डी के लिए बस सेवा आरम्भ करने की घोषणा भी की। वहीं आरके सिंह ने कहा कि केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का एक उपक्रम (सीपीएसयू) छितकुल गांव को गोद लेगा और इसके विकास के लिए राज्य सरकार को सहयोग प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि छितकुल में एक मेगावाट का विद्युत संयंत्र स्थापित किया जाएगा तथा क्षेत्र के छोटे नालों पर सूक्ष्म जल विद्युत परियोजनाएं स्थापित करने की सम्भावनाओं की तलाश की जाएगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने और पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए छितकुल में सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से संवाद के दौरान कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्र के लोगों विशेषकर जनजातीय क्षेत्रों के लोगों के विकास के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों की सांस्कृतिक विरासत की अपनी विशिष्ट पहचान है, जो दुनिया भर के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रदेश सरकार द्वारा हरसम्भव प्रयास किए जा रहे हैं।
देश के सबसे लंबे और सर्वाधिक ऊंचाई पर स्थित दर्रों से गुजरने वाली हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम की रोमांचकारी दिल्ली-लेह बस सेवा आज से शुरु हो गई है। ये रूट बारालाचा दर्रा (4850 मी.), तांगलंग दर्रा (5328 मी.) व नाकी दर्रा (4769 मी.) से होकर मनोहारी स्थानों सरचू, पांग आदि से गुजरता है, जिसकी कुल लम्बाई 1026 किलोमीटर है तथा कुल किराया 1736 रुपए होगा। इस रूट पर तीन चालक और दो परिचालक सेवाएं देंगे। बस दोपहर बाद 3.45 बजे दिल्ली से चलेगी और अगले दिन सुबह 10.30 पर केलांग पहुंचेगी। रात्रि ठहराव केलांग में रहेगा। सुबह 5.30 बजे बस केलांग से लेह के लिए रवाना होगी तथा अगले दिन प्रातः 4 बजे बस लेह पहुंचेगी। बस का सफर 30 घंटे में पूरा होगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सामाजिक सरोकार को अधिमान देते हुए राज्य के कर्मचारियों और पैरा कर्मियों के कल्याण के लिए कई कदम उठाए हैं। राज्य के विकास में कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका को सम्मान देते हुए सरकार ने सभी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना के तहत लाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। सरकार के इस निर्णय से कर्मठ कर्मचारियों को सेवानिवृति के बाद भी सामाजिक सुरक्षा प्राप्त होगी। राज्य के विकास में पैरा कर्मियों द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार करते हुए राज्य सरकार ने उन्हें वह सम्मान देने का निर्णय लिया जिसके वे हकदार हैं। प्रदेश सरकार ने दैनिक भोगियों की दिहाड़ी को 350 रुपए से बढ़ाकर 375 रुपए किया है, इससे उन्हें अब प्रतिमाह 750 रुपए का लाभ मिल रहा है। कोविड-19 महामारी के चुनौतीपूर्ण समय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के समर्पण और निःस्वार्थ भाव को देखते हुए सरकार ने उनके मानदेय को 9000 रुपये से बढ़ाकर 9500 रुपये प्रति माह किया है। मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय को भी 6100 रुपये से बढ़ाकर 6600 रुपये किया है। आंगनबाड़ी सहायिकाओं का मानदेय 4700 रुपये से बढ़ाकर 5200 रुपये किया है। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और आशा कार्यकर्ताओं की मानवीय सेवा सेे राज्य सरकार भलीभांति परिचित है। राज्य सरकार ने आशा कार्यकर्ताओं केे मानदेय में 500 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि की। अब आशा कार्यकर्ताओं को 5200 रुपये का मासिक मानदेय मिल रहा है। सिलाई शिक्षक, नए प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राज्य सरकार ने उनके मानदेय में 500 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि की है। राज्य सरकार ने उनके मानदेय को 3500 रुपये से बढ़ाकर 4000 रुपये प्रति माह कर किया है। नैनिहालों को पोषणयुक्त भोजन परोसने वाले मिड-डे मील कार्यकर्ताओं का अब सरकार ने भलीभांति ख्याल रखते हुए उनके मानदेय को 3500 रुपए से बढ़ाकर 4000 रुपए प्रतिमाह किया है। शिक्षा विभाग में कार्यरत जल रक्षकों के मानदेय में 500 रुपये की वृद्धि भी की गई है। अब जल रक्षकों को 3900 रुपए के बजाए 4400 रुपए प्रति माह मिल रहे हैं। यह निर्णय उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है। राज्य सरकार पैरा श्रमिकों की विभिन्न श्रेणियों को सम्मानजनक पारिश्रमिक प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। जलरक्षकों, बहुउद्देश्यीय कर्मियों, पैरा फिटरों और पंप संचालकों के मानदेय में 500 रुपये की वृद्धि की गयी है। इसके अलावा, राज्य सरकार ने पंचायत चौकीदारों, राजस्व चौकीदारों, एसएमसी शिक्षकों और लम्बरदारों के मानदेय में भी सम्मानजनक वृद्धि की है। आउटसोर्स कर्मचारियों के योगदान को देखते हुए सरकार ने उनके लिए न्यूनतम वेतन प्रति माह 11,250 रुपये निश्चित किया है। हाल ही में आयोजित मंत्रिमण्डल की बैठक में सरकार ने अंशकालीन पंचायत चौकीदारों के मासिक मानदेय को 6200 रुपए से बढ़ाकर 6700 रुपए करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय 01 अप्रैल, 2023 से लागू होगा। इस निर्णय ने राज्य के 3226 अंशकालिक पंचायत चौकीदारों लाभान्वित होंगे। प्रदेश के विकास में कर्मचारियों और पैरा वर्करज़ को सहभागी बनाते हुए राज्य सरकार उनके कल्याण और उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है।
प्रदेश सरकार की ओर से प्रदेश पथ परिवहन निगम के निदेशक मंडल का पुनर्गठन किया है। इस संबंध में परविहन विभाग की ओर से वीरवार को अधिसूचना जारी की गई है। निदेशक मंडल में उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के अलावा, प्रधान सचिव परिवहन, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, प्रधान सचिव वित्त, केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के संयुक्त सचिव, प्रदेश पथ परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक और निदेशक परिवहन शामिल होंगे। इसके अलावा गैर सरकारी सदस्य के तौर पर रणजीत राणा, रामगोपाल शर्मा, मोहिन्द्र संधु, धर्मेंद्र धामी, प्रताप सूर्या, विवेक सिंह राणा, निशांत ठाकुर, सुरजीत कुमार भरमौरी, मनमोहन कटोच, चतर सिंह ठाकुर निदेशक मंडल में शामिल किए गए हैं। प्रदेश सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार सरकार ने राज्य परिवहन प्राधिकरण का भी गठन किया है। प्रधान सचिव परिवहन इसके चेयरमेन होंगे। निदेशक परिवहन इसके सदस्य एवं सचिव राज्य परिवहन प्राधिकरण इसके सदस्य सचिव होंगे।प्राधिकरण में गैर सरकारी सदस्यों को भी नामित किया है। इसमें अशोक ठाकुर, अंजना धीमान, बलदेव ठाकुर और सुनील दत्त शर्मा को शामिल किया गया है। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि परिवहन विभाग प्रदेश के लोगों के लिए बेहतर परिवहन सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका कहना है कि सरकार द्वारा गठित पथ परिवहन निगम का निदेशक मंडल और राज्य परिवहन प्राधिकरण जन कल्याणकारी नीतियां एवं योजनाएं बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस साल ग्रीन बजट पेश किया है। इसके तहत सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में सरकार द्वारा 20 नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदी गई हैं और ये बसें शिमला पहुंच चुकी हैं। इन बसों को एक सप्ताह के भीतर मुख्यमंत्री हरी झंडी दिखाएंगे। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार पथ परिवहन निगम के कर्मचारियों और पेंशनरों की देनदारी के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि निगम के कर्मचारियों की विभिन्न देनदारी के तहत 4.5 करोड़ रुपए की राशि आज जारी की गई है। इसके तहत दिसम्बर 2022 का 2.85 करोड़ राशि का ओवर टाइम भत्ता और रात्रि भत्ता शामिल है। इसी तरह जनवरी 2023 का रात्रि भत्ता भी जारी कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि फरवरी 2023 के रात्रि भत्ते और ओवर टाइम भत्ते के तहत 2.50 करोड़ रुपए की राशि सरकार द्वारा पहले ही जारी कर दी गई है। इसके अलावा फरवरी 2019 का 2.8 करोड़ रुपए का रात्रि भत्ता और ओवर टाइम भत्ता भी कर्मचारियों को प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि निगम के जनवरी 2023 तक सेवानिवृत कर्मचारियों के पीपीओ नंबर जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा पेंशनरों की सितम्बर 2022 तक लीव-इन-कैशमेंट और ग्रेच्युटी से संबंधित सारी देनदारी पथ परिवहन निगम द्वारा जारी कर दी गई है। देश के सबसे लंबे रूच पर बस सेवा शुरू देश के सबसे लंबे और सर्वाधिक ऊंचाई पर स्थित दर्रों से गुजरने वाली हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम की रोमांचकारी दिल्ली-लेह बस सेवा आज से शुरु हो गई है। ये रूट बारालाचा दर्रा (4850 मी.), तांगलंग दर्रा (5328 मी.) व नाकी दर्रा (4769 मी.) से होकर मनोहारी स्थानों सरचू, पांग आदि से गुजरता है, जिसकी कुल लम्बाई 1026 किलोमीटर है तथा कुल किराया 1736 रुपए रहेगा। इस रूट पर तीन चालक और दो परिचालक सेवाएं देंगे। बस दोपहर बाद 3.45 बजे दिल्ली से चलेगी और अगले दिन सुबह 10.30 पर केलांग पहुंचेगी। रात्रि ठहराव केलांग में रहेगा। सुबह 5.30 बजे बस केलांग से लेह के लिए रवाना होगी तथा अगले दिन प्रात 4 बजे बस लेह पहुंचेगी। बस का सफर 30 घंटे में पूरा होगा।


















































