भाजपा द्वारा एसडीएम शिमला को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन उनके रीडर भीमी राम द्वारा स्वीकार किया गया। ज्ञापन में कहा गया कि हम भारतीय जनता पार्टी की ओर से आपसे निवेदन है कि कुछ बिंदु नगर निगम चुनाव को लेकर हमारे समक्ष आए हैं और इन बिंदुओं पर आप उचित कार्रवाई करेंगे। ये बिंदु हैं - • कई नगर निगम के वार्डों में बड़ी संख्या में वोटों का आवेदन किया जा रहा हैं। जैसे लोअर बाजार में मस्जिद में 100 से ज्यादा संख्या में खानों के वोट बनाने का आवेदन आपके समक्ष आया है। • शिमला नगर निगम के कई वार्डों में मंत्रियों के घरों पर बड़ी संख्या में वोटों का आवेदन किया जा रहा है। जैसे बेनमोर वार्ड में कुछ उधारण सामने आए है। • वोट का आवेदन करते समय जो लोग उस वोट को वेरीफाई कर रहे हैं, उनका वोट अभी सप्लीमेंट सूची में प्रकाशित नहीं हुआ है, ऐसे आवेदनों को आप खारिज करें। • कई लोग जो वोट बनाने आ रहे हैं वह प्रशासन को सरकार का दबाव दिखाने का प्रयास कर रहे हैं अगर ऐसा हो रहा है तो उसपर आप सख्ती से कार्यवाही करें। पार्टी को पूरा विश्वास है कि प्रशासन उत्तम रूप से अपना कार्य कर रहा है और हम आशा करते हैं कि अगामी नगर निगम चुनाव फ्री एंड फेयर इलेक्शन के रूप में होगा। इस अवसर पर प्रदेश कोषाध्यक्ष संजय सूद, कर्ण नंदा, सुनील धर, रोहित सचदेवा, सुदीप और अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री आकाश नेगी ने एक ब्यान जारी करते हुए कहा है कि,अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बड़े लंबे समय से प्रदेश सरकार से मांग कर रही है हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में स्थाई कुलपति की नियुक्ति की जाए। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में काफी लंबे समय से केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। जिस कारण हिमाचल प्रदेश में बहुत से छात्रों को अपनी समस्याओं को लेकर परेशानी उठानी पड़ती है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के बहुत से विकास कार्य इस कारण से रुके हुए हैं। लेकिन हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में स्थाई कुलपति को लाने में असमर्थ है। अभी तक कुलपति के पद पर नियुक्ति करने की प्रक्रिया भी शुरू नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने में विफल हो गई है। हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार विश्वविद्यालयों में हस्तक्षेप करके शिक्षा के ढांचे को तोड़ने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि 06 अप्रैल, 2023 को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद बैठक में सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी व तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर के कुलपति की भी अतिरिक्त सामान्य छुट्टी रद्द कर दी गई।एक तो पहले ही हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला बिना स्थाई कुलपति के चल रहा है। और अब सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी व तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर भी बिना कुलपति के हो जाएगा। यह बहुत गंभीर विषय है कि हिमाचल प्रदेश के तीनों विश्वविद्यालय बिना कुलपति के चलेंगे। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार से मांग करती है कि जल्द से जल्द हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला, सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी वह तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर में स्थाई कुलपति की नियुक्ति की जाए। अन्यथा विद्यार्थी परिषद प्रदेश स्तरीय आंदोलन करने से भी गुरेज नहीं करेगी।
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री विधायक और नगर निगम चुनावों के प्रभारी सुखराम चौधरी ने कहा कि भाजपा की नगर निगम की दृष्टि से कल 12:30 बजे भाजपा मुख्यालय दीप कमल चक्कर शिमला में एक बैठक का आयोजन किया जाएगा जिसमें भाजपा के प्रदेश सह प्रभारी संजय टंडन विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। इस बैठक में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, शिमला शहरी के मंडल अध्यक्ष राजेश शारदा, शिमला ग्रामीण के अध्यक्ष दिनेश ठाकुर, कसुंपटी मंडल अध्यक्ष जितेंद्र भोटका, जिला अध्यक्ष विजय परमार, जिला प्रभारी डेजी ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। बैठक में भाजपा के 2022 के प्रत्याशी पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, संजय सूद और रवि मेहता भी उपस्थित रहेंगे। बैठक में नगर निगम चुनाव की आगामी योजना पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। भाजपा चुनाव प्रभारी सुखराम चौधरी ने कहा कि प्रवासी प्रभारी की सूची में पंथाघाटी वार्ड में परिवर्तन किया गया है, यहां पूर्व विधायक राजेश ठाकुर की जगह कैथू से राज पाल की नियुक्ति की गई है इसी प्रकार पगली में संजय ठाकुर की जगह पूर्व विधायक अरुण मेहरा कूका की नियुक्ति की गई है। प्रवासी सह प्रभारी की सूची में जाखू वार्ड में रवि धीमान की जगह रामपुर से नरेश चौहान और पटयोग वार्ड में शशि दत्त की जगह किसान मोर्चा से मोहिंद्र शर्मा की नियुक्ति की गई है। इसी प्रकार खलीनी में रामपुर से प्रत्याशी कौल नेगी, लोअर ढली में मोहिंद्र कालटा और कंगनाधर ने सुशांत देष्टा की नियुक्ति की गई है। वार्ड प्रभारियों की सूची में भराड़ी वार्ड में रोहित सचदेवा की जगह अधिवक्ता लक्ष्य ठाकुर की नियुक्ति की गई है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है। प्रदेश सरकार राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कांगड़ा जिला को पर्यटन राजधानी के तौर पर विकसित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इस दिशा में सरकार ने कांगड़ा जिला में विभिन्न परियोजनाओं का ब्लूप्रिंट तैयार किया है, जिसका उद्देश्य पर्यटकों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाना है, ताकि पर्यटकों का अनुभव देवभूमि के प्रति और बेहतर हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांगड़ा जिला में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यहां सुंदर धौलाधार पर्वत, ऐतिहासिक मंदिर और साहसिक गतिविधियों की अपार संभावनाएं विद्यमान हैं। राज्य सरकार जिला कांगड़ा में पारंपरिक पर्यटक स्थलों में आधारभूत ढांचा विकसित करने के लिए एशियन डिवेल्पमेंट बैंक द्वारा स्वीकृत 390 करोड़ रुपये व्यय करेगी। इससे जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने से स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे। इसके साथ राज्य की आर्थिकी भी सशक्त होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कांगड़ा जिला के धरोहर गांव परागपुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स बनाने का निर्णय लिया है। पालमपुर क्षेत्र के सौंदर्यीकरण के लिए भी कई योजनाएं तैयार की जा रही हैं, जिसमें एक उन्नत किस्म का रिजॉर्ट, 24 घंटे के लिए पर्यटन गांव, एक आधुनिक रोलर स्केटिंग रिंक और एक वेलनेस सेंटर का निर्माण करना प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने देहरा विधानसभा क्षेत्र के बनखंडी में 180 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की है, जिसमें एक आधुनिक चिड़ियाघर बनाया जाएगा। इसके लिए 300 करोड़ की अनुमानित लागत पर आधारित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। कांगड़ा जिला को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने में धर्मशाला में पर्यटकों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर का फाउंटेन, कन्वेंशन सेंटर, फूड कोर्ट और पार्किंग की सुविधा के क्षेत्र में व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने पौंग बांध में हाउस बोट, क्रूज, याच और जलक्रीड़ा गतिविधियों को शुरू करने का निर्णय भी लिया है। नूरपुर और नगरोटा बगवां क्षेत्र में सड़क किनारे आधारभूत सुविधाओं को बढ़ावा देकर साहसिक पर्यटन के व्यवसाय को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘नई मंजिल नई राहें योजना’ के तहत जिला कांगड़ा में 20.59 करोड़ रुपये, ऐतिहासिक मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए 46 लाख रुपये जारी कर दिए गए हैं। लाखों लोगों की आस्था के प्रतीक आदि हिमानी मंदिर से चामुंडा मंदिर तक रोपवे के निर्माण के लिए भी राज्य सरकार प्रयास कर रही है। जिला में फूड क्राफ्ट संस्थान धर्मशाला को स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट के रूप में उन्नत करने के लिए 11.75 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दो चरणों में कांगड़ा हवाई अड्डे के रन-वे की लम्बाई 1376 से बढ़ाकर 3010 मीटर करने की योजना बना रही है। साथ ही रक्कड़ में हेलीपोर्ट बनाने का भी प्रस्ताव है, जिसके लिए एफसीए केस अपलोड किया जा चुका है।
भाजपा के सह मीडिया प्रभारी करण नंदा मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि भाजपा आगामी नगर निगम चुनावों के लिए पूर्ण रूप से तैयार है। इस दृष्टि से भाजपा ने पूर्व मंत्री एवं विधायक सुखराम चौधरी को चुनावों के लिए प्रभारी नियुक्त किया है और उनके साथ पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, प्रत्याशी संजय सूद, रवि मेहता, विधायक त्रिलोक जम्वाल, चेतन ब्रागटा, शिशु भाई धर्मा संघ एक सशक्त टीम का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने हाल ही में वार्ड के प्रवासी प्रभारी, प्रवासी सह प्रभारी और वार्ड प्रभारियों की नियुक्ति भी की है। भाजपा के पास एक सशक्त नेतृत्व है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप का लगातार मार्गदर्शन कार्यकर्ताओं को प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन चुनावों को जीतने के लिए कांग्रेस पार्टी हर प्रकार के हथकंडे अपना रही है। पहले कांग्रेस ने वोटर लिस्ट का चयन अपने हिसाब से किया। अगर कांग्रेस पार्टी सच्ची पक्की होती तो 2022 की वोटर लिस्ट पर चुनाव करवाती न कि 2017 की वोटर लिस्ट पर और अब तो शिमला नगर निगम में कांग्रेस के नेता बड़ी संख्या में वोट बना रहे हैं, जिसके कारण यह चुनाव सत्य से परे होंगे। फिर भी भाजपा उनके वोटों के दावों का खंडन भी कर रही है। हमें पूरा विश्वास है कि प्रशासन अच्छा कार्य कर रहा है और सच्चाई के साथ अपने कर्तव्य का पालन कर रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने नगर निगम चुनाव प्रक्रिया को अपने हिसाब से बनाने का पूर्ण प्रयास किया है जिसके अंतर्गत यह चुनावी रोस्टर भी आता है। इससे पूर्व में जिस प्रकार से कांग्रेस सरकार ने 41 वार्डों को फिर 34 वार्ड बना डाला, वह प्रक्रिया भी ठीक नहीं थी। जब 41 वार्डों का चयन डीलिमिटेशन के हिसाब से हुआ था तो 34 वार्ड भी डीलिमिटेशन के हिसाब से ही ठीक करने चाहिए थे।
हिमाचल प्रदेश में कोरोना की रफ़्तार लगातार बढ़ रही है। बीते 24 घंटों में 108 नए मामले सामने आए है। प्रदेश में जैसे-जैसे कोरोना संक्रमण का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है, इससे मरने वालों की संख्या भी अब धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। बीते कल मंडी जिले में 19 वर्षीय युवती की इस संक्रमण से मौत हुई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मृतका दूसरी अन्य बीमारियों से भी ग्रस्त थी। इसके साथ ही हिमाचल में कोरोना वायरस से मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 4198 के पास पहुंच गया है। इस हफ्ते लगातार दूसरे दिन कोरोना से यह दूसरी मौत हुई है। पिछले महीने मार्च में 4 लोगों की इस संक्रमण से मौत हुई है। केंद्र सरकार ने प्रदेश में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी और मौतों पर चिंता जताई है। हमीरपुर में सबसे ज्यादा मामले सामने आए अधिकारियों को टेस्टिंग बढ़ाने के साथ कोरोना के नए वैरिएंट का पता लगने पर तुरंत सूचित करने को कहा गया है। हमीरपुर में सबसे ज्यादा 29 मामले सामने आए है। कांगड़ा में 25, बिलासपुर और चंबा में 10-10, मंडी में 15, शिमला में 9, सोलन में 4, कुल्लू, किन्नौर, लाहौल स्पीति और ऊना में कोरोना एक-एक नया मामला पॉजिटिव आया है। इससे प्रदेश में कोरोना के एक्टिव मरीजों का आंकड़ा बढ़कर 1739 के पास पहुंच गया है पॉजिटिविटी रेट लगातार बढ़ रहा इस बीच 301 मरीज इस संक्रमण से ठीक भी हुए हैं। हिमाचल में कोरोना की एक हफ्ते की पॉजिटिविटी रेट 6.6% रिकॉर्ड की गई है। स्वास्थ्य विभाग लगातार इस संक्रमण पर अपनी नजर बनाए हुए हैं और लोगों को भी मास्क पहनने के साथ-साथ जरूरी एहतियात बरतने की सलाह दी है।
कोरोना की स्थिति को लेकर शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मंडाविया ने सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों और अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से समीक्षा बैठक की। इसमें हिमाचल के स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने शुक्रवार को बताया कि हिमाचल में प्रतिदिन 5000 लोगों के कोरोना टेस्ट किए जा रहे हैं। प्रदेश में एक्टिव मरीजों की संख्या करीब 2000 है। प्रदेश में कोरोना की पिछले एक सप्ताह की पॉजिटिविटी दर 6.6 हो गई है, जबकि वर्तमान अस्पताल में प्रवेश की दर 0.9 फीसदी है। धनीराम शांडिल में कहा कि कोरोना से निपटने के लिए राज्य में पर्याप्त बिस्तर, ऑक्सीजन और वेंटिलेटर हैं। लेकिन वर्तमान में राज्य में कोविड-19 वैक्सीन की उपलब्धता नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री ने भारत सरकार से राज्य को कोविड-19 वैक्सीन की आपूर्ति करने की मांग की। उन्होंने कहा कि हिमाचल में कोरोना को लेकर निगरानी की जा रही है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को आश्वस्त किया कि राज्य और जिला स्तर पर कोरोना को लेकर समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी।
आज हिमाचल प्रदेश बागवानी सेवा संघ के चुनाव बागवानी निदेशालय, नवबहार, शिमला के सभागार में हुए। इसमें सभी 12 जिलों के 100 से ज्यादा जिला कार्यकारिणी के सदस्य एवं राज्य डेलिगेट्स ने भाग लिया। चुनाव निर्वाचन अधिकारी डॉ. सुभाष चंद एवं सह निर्वाचन अधिकारी डॉ. देश राज शर्मा की अध्यक्षता व डॉ. प्रवेश शर्मा डॉ. नारायण चंद रांटा के सहयोग से हुए। इसमें सर्वसम्मति से राज्य प्रधान डॉ. रंजन शर्मा, वरिष्ट उप प्रधान डॉ. शमशेर सिंह डेरू, उप प्रधान डॉ. समीर सिंह राणा, महासचिव डॉ. कुशाल सिंह मेहता, प्रेस सचिव डॉ. राहुल चौधरी, वित्त सचिव डॉ. अजय रघुवंशी, सह सचिव (सामन्य) डॉ. जीना बनयाल, सह सचिव (संगठन) डॉ. शैलजा राणा, सह सचिव राजेश कुमार चुने गए। नवनिर्वाचित प्रधान डॉ. रंजन शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के बागवानों को विदेश की तर्ज पर बागवानी को बढ़ावा देने हेतु प्रक्षिशण शिविरों का आयोजन किया जाएगा, ताकि हर बागवान अपनी फसल की गुणवत्ता युक्त पैदावार को बढ़ा सकें और हर बागवान की आय में वृद्धि हो सके।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का स्पष्ट मत है कि देश के सभी शैक्षणिक संस्थानों के पाठ्यक्रम वैज्ञानिक, तर्कसंगत तथा समग्रता की दृष्टि से युक्त होने चाहिए। देश की शिक्षा व्यवस्था को वामपंथियों तथा तथाकथित पंथनिरपेक्षता वादियों ने लंबे समय तक खंडित एक पक्षी तथा एजेंडा चलाने के शस्त्र के तौर पर देखा, जिस कारण से इतिहास सहित कुछ विषयों के पाठ्यक्रम छात्रों के समग्र विकास का स्पष्ट खाका होने के स्थान पर दोष व विवाद का समय समय पर माध्यम बने और अंतत: इससे शिक्षा व्यवस्था को नुकसान हुआ। देश का इतिहास केवल दिल्ली केंद्रीय मध्यकाल के कुछेक शासकों वंशों तक ही केंद्रित कर देखने की परिपाटी को मिटाकर समग्र तथा सभी पक्षों को समेकित किए हुए नई परिपाटी गड़ा जाना समय की मांग है। अहोम, चोल, विजयनगर, गोंड आदि राजवंशों के इतिहास सहित जनजातियों के गौरवशाली इतिहास का पाठ्यक्रमों में समुचित स्थान सुनिश्चित करना चाहिए। विद्यार्थियों में तथ्य व समग्रता आधारित दृष्टिकोण, आलोचनात्मक दृष्टि के विकास तथा 21वीं सदी के कृत्रिम मेधा के व्यापक परिवर्तनकारी दौर की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रमों को अद्यतन करना तथा आवश्यकता पड़ने पर नए पाठ्यक्रमों को तैयार किया जाना चाहिए। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) द्वारा इस दिशा में कदम बढ़ाने से शिक्षा क्षेत्र में आज की आवश्यकता अनुरूप बदलाव किए जाने की आशाओं को उचित स्वर मिला है । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री याज्ञवल्क्य शुक्ल ने कहा कि, "भारतीय इतिहास को समग्रता से पढ़ाया जाना चाहिए, ना कि उसे केवल दिल्ली केंद्रित या केवल एक सल्तनत के शासनकाल के एक ही पक्ष तक केंद्रित किया जाना चाहिए । पूर्व में ऐसा करके तथाकथित बुद्धिजीवियों ने देश की आशाओं तथा इतिहास के साथ न्याय नहीं किया। देश की शिक्षा व्यवस्था में सभी स्तरों पर पाठ्यक्रमों का अद्यतन किया जाना तथा पूर्व में हुई भूलों को सुधारा जाना बहुत आवश्यक हो गया है। एनसीईआरटी तथा अन्य शैक्षणिक संस्थानों द्वारा इस दिशा में उचित प्रयास हो रहे हैं। वामपंथियों सहित अन्य ऐंजडा वादियों को हर बदलाव को अपने चश्मे से देखने की पुरानी गलत आदत बदलनी होगी। पाठ्यक्रमों में सुधार तथा समग्रता निहित किया जाना आवश्यक है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री अकाश नेगी ने कहा कि, आज दिन तक हमें हमारा असली इतिहास नहीं पढ़ाया गया। हमारे इतिहास के साथ छेड़छाड़ की गई। ताकि हम अपने असली इतिहास को पढ़ने से वंचित रह सके। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रमों में सुधार किया जा बहुत जरूरी है।
हिमाचल प्रदेश में कोरोना की रफ़्तार लगातार बढ़ रही है। बढ़ते कोरोना के मामलों के बीच एक मरीज की मौत होने से प्रदेश में कोरोना वायरस से मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 4197 हो गया है। पिछले 4 दिन से रोजाना कोरोना के 300 से ज्यादा नए मामले सामने आ रहे हैं। हालांकि 24 घंटे में 130 कोरोना मरीज ठीक भी हुए हैं, लेकिन प्रदेश में कोरोना के एक्टिव मरीजों का आंकड़ा 2000 के पास पहुंच गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, कांगड़ा में सबसे ज्यादा 85 नए मरीज पॉजिटिव पाए गए हैं। मंडी में 6 हमीरपुर में 50 बिलासपुर में 1, चंबा में 20, किन्नौर में 7, कुल्लू में 15, लाहौल स्पीति में 7, शिमला में 19, सिरमौर में 20, सोलन में 24, और ऊना में 13 मरीज कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। -23 बेड का मेकशिफ्ट अस्पताल तैयार IGMC के MS डॉ. राहुल रॉव और CM सुक्खू भी लोगों से अपील कर चुके हैं कि वे मास्क पहनें। मरीजों और उनके तीमारदारों काे मास्क लगाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। वहीँ अस्पताल शिमला ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए तैयारियां शुरू कर दी हैं। फिलहाल 23 बेड का मेकशिफ्ट अस्पताल तैयार किया गया है। इसमें कोरोना संक्रमित मरीजों को रखा जा रहा है।
प्रदेश सरकार युवाओं को स्वरोजगार के माध्यम से स्वावलंबी एवं आर्थिक तौर पर सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की नई सोच से युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। औद्योगिक निवेश के अतिरिक्त मत्स्य पालन, सौर ऊर्जा और ई-वाहन जैसे तेजी से उभरते नवीन क्षेत्रों में युवाओं को प्रोत्साहन के लिए राज्य सरकार ने कई सार्थक कदम उठाए हैं। युवाओं को स्वरोजगार एवं स्टार्टअप सहायता प्रदान करने की कांग्रेस सरकार की गारंटी को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक नई ‘राजीव गांधी स्वरोजगार योजना’ की घोषणा की है। इस योजना के अंतर्गत विभिन्न उद्यमों के साथ-साथ डेंटल क्लीनिक में मशीनरी एवं औजार, मत्स्य इकाइयों, ई-टैक्सी तथा एक मैगावाट तक की सौर ऊर्जा परियोजनाएं सम्मिलित की जाएंगी। नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में हिमाचल एक सशक्त एवं पर्यावरण हितैषी नीति को आगे बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री ने अपनी दूरदृष्टि एवं युवाओं के प्रति नई सोच के साथ इसे स्वरोजगार से जोड़ने की पहल भी की है। सौर ऊर्जा उत्पादन को पंचायत स्तर तक ले जाने और इस क्षेत्र में हिमाचली युवाओं को प्रोत्साहन इस बार के हरित बजट की विशेषता है। प्रदेश के युवाओं को उनकी अपनी अथवा लीज़ पर ली गई भूमि पर 250 किलोवाट से दो मैगावाट तक की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने के लिए 40 प्रतिशत अनुदान सहित अनुमति दी जाएगी। इन परियोजनाओं से उत्पन्न बिजली की खरीद राज्य विद्युत बोर्ड द्वारा की जाएगी। ऊर्जा सक्षम बनने के साथ-साथ राज्य में विद्युत चालित वाहनों को बढ़ावा देते हुए इसे भी युवाओं के लिए स्वरोजगार के रूप में प्रोत्साहित किया जाएगा। ई-वाहन क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के दृष्टिगत निजी बस एवं ट्रक ऑपरेटरों को ई-बस व ई-ट्रक की खरीद पर 50 प्रतिशत की दर से अधिकतम 50 लाख रुपये का उपदान दिया जाएगा। ई-टैक्सी पर मिलने वाले उपदान को सरकार ने सभी वर्गों के लिए समान रूप से 50 प्रतिशत करने की भी घोषणा की है। चिन्हित बस रूटों पर युवाओं को ई-वाहन चलाने के लिए परमिट जारी किए जाएंगे। निजी संचालकों को ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन के लिए 50 प्रतिशत की दर से उपदान प्रदान किया जाएगा। हिमाचल के जलाशयों एवं नदियों को ऊर्जा उत्पादन, जलापूर्ति आवश्यकताओं से एक कदम आगे बढ़ते हुए मत्स्य पालन के माध्यम से स्वरोजगार का उपक्रम बनाने के सशक्त प्रयास भी इस बजट में नजर आते हैं। आर्थिकी को सुदृढ़ करने तथा युवाओं को प्रोत्साहन के दृष्टिगत मछली पालन के लिए तालाब निर्माण पर 80 प्रतिशत उपदान की घोषणा की गई है। इस क्षेत्र की क्षमता बढ़ाने के लिए 120 नई ट्राउट इकाइयों का निर्माण किया जाएगा। प्रदेश में बैकयार्ड फिश फार्मिंग, केज़ कल्चर इत्यादि नई तकनीकों के माध्यम से युवाओं को मत्स्य पालन में आय बढ़ाने के अवसर प्रदान किए जाएंगे। औद्योगिक क्षेत्र प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन में अपनी प्रमुख भूमिका निभाता है। मुख्यमंत्री हिमाचल को निवेश मित्र राज्य के रूप में स्थापित करने के लिए व्यवस्थाओं में आवश्यक बदलाव ला रहे हैं। निवेश आने से रोजगार भी पैदा होगा। प्रदेश में औद्योगिक निवेश को आकर्षित करते हुए लगभग 90 हजार प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे। युवाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए बजट में ‘मुख्यमंत्री रोजगार संकल्प सेवा’ आरंभ करने की भी घोषणा की गई है। इससे प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों के युवाओं को राज्य, राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध रोजगार अवसरों से जोड़ा जाएगा। इसके अतिरिक्त इस वर्ष सरकारी क्षेत्र में 25 हजार विभिन्न कार्यशील पदों को भरने की घोषणा प्रदेश सरकार ने की है। जल शक्ति विभाग में भी 5000 पद भरे जाएंगे। प्रदेश सरकार व विशेष तौर पर मुख्यमंत्री के इन प्रयासों से युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होने के साथ-साथ कांग्रेस प्रतिज्ञा-पत्र में प्रदत्त रोजगार प्रदान करने की गारंटी को मूर्त रूप प्रदान करने में यह कदम सार्थक सिद्ध होंगे।
सिरमौर ज़िला के हरिपुरधार क्षेत्र के रहने वाले CWE वर्ल्ड टैग टीम चैंपियन योगेश चौहान ने आज शिमला में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर विधायक विनय कुमार विशेष तौर पर मौजूद रहे।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल एवं लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल ने आज शिमला के सुप्रसिद्ध हनुमान मंदिर, जाखू में पूजा-अर्चना की। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इससे पहले, राज्यपाल ने प्रातःकाल राजभवन में हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर यज्ञ में भाग लिया। उन्होंने प्रदेश की खुशहाली, शांति एवं समृद्धि की कामना की।
आज बजट सत्र के अंतिम दिन जादूगर शंकर सम्राट ने विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया तथा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय कक्ष में मुलाकात की। इस अवसर पर लोक निर्माण तथा युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह तथा विधायक नंद लाल व पूर्व विधायक तिलक राज भी मौजूद थे।
प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने आज एक प्रेस वार्ता में कहा कि हिमाचल प्रदेश की चौदहवीं विधानसभा का दूसरा सत्र सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है। यह बजट सत्र 14 मार्च को शुरू हुआ तथा 6 अप्रैल तक चला। इस बजट सत्र के दौरान कुल 16 बैठकें आयोजित की गईं। 16 मार्च तथा 24 मार्च के दो दिन गैर सरकारी कार्य दिवस के लिए निर्धारित किए गए थे। सदन की कार्यवाही 75 घंटे चली। जिला प्रशासन तथा विधानसभा सचिवालय के अधिकारी व कर्मचारी इसके आयोजन के लिए पूरी तरह सजग व समर्पित थे। हिमाचल प्रदेश सरकार के बहुमूल्य सहयोग तथा इन सभी के प्रयासों से ही यह संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि दिनांक 17 मार्च को मुख्यमंत्री द्वारा बजट अनुमान वित्तीय वर्ष 2023-2024 प्रस्तुत किया । बजट अनुमानों पर सामान्य चर्चा चार दिन चली, जिसमें कुल 52 सदस्यों ने भाग लिया। 27 मार्च को बजट की अनुदान मांगों पर विपक्ष ने अपने-अपने कटौती प्रस्ताव प्रस्तुत किए एवं सार्थक चर्चा की, चर्चा के बाद मुख्यमंत्री व मंत्रियों अपनी मांगों से संबधित उत्तर दिए एवं मांगें पारित हुई। 29 मार्च को शेष मांगें गिलोटिन द्वारा सभी पूर्ण रूप से पारित हुई एवं विनियोग विधेयक पर विचार विमर्श एवं पारण हुआ। उन्होंने सदन के समस्त सदस्यों का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस सदन की समय सीमाओं और नियमों का पालन करते हुए अपने-अपने विषयों को सदन में उठाया। उन्होंने हिमाचल दिवस की भी सभी प्रदेशवासियों को अग्रिम बधाई दी तथा सभी से आग्रह किया कि सभी मिलकर इस शांतिप्रिय प्रदेश को खूबसूरत, स्बावलंबी तथा समृद्ध बनाने में अपना-अपना सहयोग दें।
वर्तमान राज्य सरकार ने प्रदेश में विकासात्मक कार्यों को गति प्रदान करने के लिए 82 करोड़ रुपये से अधिक की पहली किस्त जारी कर दी है। इसमें विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि के तहत 34.29 करोड़ रुपये, विकास में जन सहयोग कार्यक्रम के अंतर्गत 12.37 करोड़ रुपये, मुख्यमंत्री ग्राम पथ योजना के अंतर्गत 2.20 करोड़ रुपये और प्रदेश के 10 जिलों के लिए क्षेत्रीय विकेन्द्रीकृत योजना के अंतर्गत 26.19 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, किन्नौर, लाहौल-स्पीति, पांगी और भरमौर के जनजातीय क्षेत्रों को विधायक विकास निधि के तहत 5.62 करोड़ रुपये और विकास में जन सहयोग कार्यक्रम के अंतर्गत 2.07 करोड़ रुपये अतिरिक्त प्रदान किए गए हैं। राज्य सरकार इन योजनाओं के अंतर्गत विकास गतिविधियों के लिए चार तिमाहियों में धनराशि जारी करती है, जिसे विधानसभा क्षेत्र के स्थानीय विधायक के परामर्श पर खर्च किया जाता है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वर्ष 2023-24 के बजट में विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि बढ़ाकर 2.10 करोड़ रुपये करने की घोषणा की है और उसी के अनुसार पहली किस्त जारी की जा चुकी है। बजट में विधायकों की ऐच्छिक निधि को भी बढ़ाकर 13 लाख किया गया है और विधायकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर राज्य सरकार विधायक प्राथमिकता योजनाओं के लिए नए दिशानिर्देश जारी करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के कुप्रबंधन के कारण प्रदेश खराब वित्तीय हालात से गुजर रहा है और वर्तमान राज्य सरकार प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था को सुधारने के लिए समुचित उपाय कर रही है। लोगों की सुविधा के दृष्टिगत राज्य में विकास कार्यों को गति देने के लिए पर्याप्त धनराशि का प्रावधान किया जा रहा है। सही निर्णय और लोगों के सहयोग से हिमाचल प्रदेश अगले दस वर्षों में देश का अग्रणी राज्य बन कर उभरेगा। सरकार ने विकास के लिए इस वित्त वर्ष में 10 हजार करोड़ रुपये व्यय करने का लक्ष्य निर्धारित किया है जिससे प्रदेश की आर्थिकी में धन का प्रवाह बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार सायं स्वास्थ्य विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि अगले छह माह में आईजीएमसी शिमला और मेडिकल कॉलेज टांडा में पायलट आधार पर रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की जाएगी और इस संबंध में जल्द ही चिकित्सकों व अन्य स्टाफ को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न श्रेणियों की आवश्यक रोबोटिक सर्जरी शुरू करने के लिए चिकित्सकों और अन्य कर्मचारियों की संख्या की एक विस्तृत रिपोर्ट स्वास्थ्य सचिव द्वारा 15 दिनों के भीतर प्रस्तुत की जाएगी। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है ताकि प्रदेश में ही मरीजों को विश्व स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। इससे लोगों के समय और धन की बचत होगी। उन्होंने कहा कि लोगों को घर-द्वार के निकट बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए सरकार राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों में स्वास्थ्य अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक स्वास्थ्य संस्थान को आदर्श स्वास्थ्य संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां 134 प्रकार की प्रयोगशाला परीक्षण सुविधाएं, विशेषज्ञ चिकित्सक और चिकित्सा कर्मचारी, नवीनतम अत्याधुनिक एमआरआई, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड और डिजिटल एक्स-रे की सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय लोगों की जिला अस्पतालों पर निर्भरता कम होगी। उन्होंने कहा कि चिकित्सा और नर्सिंग शिक्षा की आधारभूत संरचना को भी सुदृढ़ किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कैंसर के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, हमीरपुर में कैंसर केयर के लिए ‘उत्कृष्टता केंद्र’ खोला जाएगा। कैंसर विभाग के लिए 400 करोड़ रुपये और 150 बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए अत्याधुनिक स्वास्थ्य मशीनरी और उपकरणों से लैस करेगी और इस महत्वपूर्ण क्षेत्र के लिए पर्याप्त धनराशि का प्रावधान भी किया जाएगा। मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार), गोकुल बुटेल, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी, वित्त सचिव अक्षय सूद, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विवेक भाटिया और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस बैठक में उपस्थित थे।
भाजपा नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर एवं प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने भाजपा मुख्यालय दीपकमल चक्कर शिमला में ध्वजारोहण कर भाजपा का 44वां स्थापना दिवस मनाया। उनके साथ भाजपा प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जमवाल विशेष रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के उपरांत सभी भाजपा नेताओं ने वर्चुअल माध्यम से राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का उद्बोधन सुना। इस मौके पर भाजपा के नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने सभी कार्यकर्ताओं को भाजपा के स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई भी दी। जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा आज विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक दल है और इसके लिए सभी कार्यकर्ताओं ने अथक संघर्ष किया है जो स्वरूप आज भारतीय जनता पार्टी का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर है वह लाखों कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा भाजपा सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र के साथ काम कर रही है। सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण को हमने हमेशा अपने हृदय और कार्यशैली में सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। सामाजिक न्याय हमारे लिए राजनीतिक नारेबाजी का हिस्सा नहीं बल्कि हमारे लिए आर्टिकल ऑफ फेथ है। सुरेश कश्यप ने कहा की विपक्षी दल जितना मर्जी प्रयास कर ले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता को कम नहीं कर सकते जिस प्रकार से प्रधानमंत्री जन जन से जुड़े हैं और सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलते हैं उससे साफ दिखता है कि आने वाले लोकसभा चुनावों में एक बार फिर भाजपा की सशक्त सरकार भारत में बनने जा रही है। उन्होंने कहा हमारा समर्पण है मां भारती को, हमारा समर्पण है देश के कोटि-कोटि जनों को, हमारा समर्पण है देश के संविधान को। आज भाजपा विकास और विश्वास का पर्याय है, नए विचार का पर्याय है और देश की विजय यात्रा में एक मुख्य सेवक बन कर अपनी भूमिका निभा रही है।
आयुक्त, राज्य कर एवं आबकारी, युनूस ने आज यहां बताया कि प्रदेश में अवैध शराब के विरूद्ध अभियान में शिमला और आबकारी ज़िला बद्दी में आबकारी अधिनियम उल्लंघन के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए विभाग ने 5,19,440 रुपए मूल्य की 1135 लीटर अवैध शराब पकड़ी है। आबकारी ज़िला बीबीएन बद्दी के सहायक आयुक्त आबकारी प्रेम कैथ के नेतृत्व में एक टीम ने क्षेत्र के 15 अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी के दौरान भारत में निर्मित विदेशी शराब की 29 और एक बीयर की पेटी जब्त की है। इन मामलों में हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम के अंतर्गत आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने बताया कि ज़िला शिमला में एएसटीइओ रोहड़ू आदर्श शर्मा ने विशेष जांच यूनिट शिमला के साथ चिड़गांव के एक ढाबे और एक बार में दो मामले दर्ज किए हैं। बार में भारत में निर्मित विदेशी शराब की 50 पेटियों और देसी शराब की 30 पेटियों का अतिरिक्त भण्डारण पाया गया। चिड़गांव में सड़क किनारे एक ढाबे में भारत में निर्मित विदेशी शराब की 3.5 पेटी तथा देसी शराब की एक पेटी पकड़ी गई। इस मामले में हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम के अंतर्गत केस दर्ज किया गया है और अधिनियम की धारा 67 के अंतर्गत 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
चौधरी सरवन कुमार कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के कुलपति प्रो. एचके चौधरी ने आज राजभवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल ने कृषि विश्वविद्यालय द्वारा हिमाचल प्रदेश के महत्वपूर्ण पौष्टिक अनाज पर प्रकाशित पांच पुस्तिकाओं का विमोचन किया। राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल में उगाए जाने वाले पौष्टिक अनाज को वृहद स्तर पर बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कुलपति को इस दिशा में काम करने और ऐसे किसानों को प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां अंतरराष्ट्रीय पोषक अनाज वर्ष-2023 के उपलक्ष्य में चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर की गतिविधियों पर आधारित कैलेंडर ज़ारी किया। इस अवसर पर विधायक इंद्र दत्त लखनपाल, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एचके चौधरी भी उपस्थित थे।
कर्नाटक में विधानसभा की कुल 224 सीटों के लिए 10 मई को विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के लिए अपनी युवा ब्रिगेड को चुनाव प्रचार के लिए लगा दिया है। हिरियूर विधानसभा सीट में चुनाव प्रचार के लिए कांग्रेस द्वारा हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा से अमित पठानिया जो युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव हैं, को संयोजक बनाया है। हिमाचल युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव, शशिकांत, कांग्रेस सेवादल सोशल मीडिया प्रमुख छतीसगढ़, मनीष तिवारी व उत्तर प्रदेश, लखीमपुर जिला अध्यक्ष, शुभम अग्निहोत्री को चुनाव प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। कांग्रेस की युवा ब्रिगेड द्वारा हिरियूर विधानसभा में कांग्रेस का घोषणा पत्र लेकर डोर-टू-डोर चुनाव प्रचार तेज कर दिया गया है। कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार में उतरी युवा कांग्रेस की यह टीम यहां कांग्रेस की जीत को लेकर कई दावे कर रही है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश में कोविड-19 के मामलों में वृद्धि पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य के लोगों से कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने और भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर मास्क पहनने का आग्रह किया है, ताकि इस वायरस को फैलने से रोका जा सके। मुख्यमंत्री गत सायं यहां इंडियन एसोसिएशन ऑफ पार्लियामेंटेरियन ऑन पॉपुलेशन एंड डेवलपमेंट (आईएपीपीडी) द्वारा आयोजित ‘भारत में महामारी के दौरान और उसके बाद स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए हिमाचल प्रदेश के विधायकों की मजबूत भूमिका’ विषय पर आयोजित सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है और अब समाज को कोरोना वायरस के साथ जीना सीखना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार लोगों को विशेष चिकित्सा देखभाल सेवाएं प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में आवश्यक सुधार कर रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इन सुधारों के सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों को विश्व स्तरीय बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का समावेश किया जाएगा ताकि लोगों को घर-द्वार पर आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज टांडा और आईजीएमसी शिमला में अगले छह महीनों में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। इससे न केवल मरीजों के कीमती समय की बचत होगी बल्कि इससे सटीक परिणाम भी मिलेंगे। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी शिमला में पैट ब्लॉक का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है और डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा में पैट स्कैन मशीन लगाने के लिए 50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि आईजीएमसी शिमला में ट्रॉमा सेंटर के साथ 175 बिस्तरों वाली चिकित्सा आपातकालीन सुविधा स्थापित करने के लिए सरकार ने 11 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। उन्होंने कहा कि चम्बा और हमीरपुर चिकित्सा महाविद्यालयों के भवन निर्माण कार्य में तेजी लाई गई है और इस वर्ष इनके पूरा होने की सम्भावना है, जिससे इन क्षेत्रों के लोगों को घर के नजदीक विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने व्यवस्था में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के दृष्टिगत स्वास्थ्य संस्थानों में दवाइयां, उपकरण और मशीनरी की खरीद के लिए चिकित्सा सेवा निगम का भी गठन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग को लाभान्वित करने के लिए विभिन्न कल्याणकारी और जनहितकारी निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कांग्रेस पार्टी द्वारा विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश की जनता को दी गई सभी गारंटियों को चरणबद्ध ढंग से पूरा करने के लिये प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है और हरित बजट इस दिशा में एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार राज्य के स्वच्छ वातावरण को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है और प्रदूषण उत्सर्जन की जांच के लिए कई पहल की गई हैं जो जलवायु परिवर्तन की समस्या को कम करने में दूरगामी सिद्ध होंगी। इससे पहले आईएपीपीडी की उपाध्यक्ष विप्लव ठाकुर ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और एसोसिएशन की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर सहित विधायकगण भी उपस्थित थे।
भारतीय संसदीय संस्थान-जनसंख्या एवं विकास तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन के संयुक्त तत्वावधान में गत सायं पीटर हॉफ में "भारत में कोविड अवधि के दौरान और इसके बाद के समय में प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार में सांसदों एवं विधायकों की भागीदारी विषय" पर कार्यशाला हुई। इसकी अध्यक्षता करते हुए हिमाचल प्रदेश विधान सभा के माननीय अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि कोरोना महामारी ने प्रदेश, देश व दुनिया की ऑखें खोल दी हैं और यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि हम कहां खड़े हैं और हम इस तरह की भयावह स्थिति को संभालने में कितने सक्षम हैं। पठानिया ने कहा कि इस महामारी ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले रखा है। हांलाकि हम इस स्थिति से काफी ऊभर चुके हैं, लेकिन अभी भी यह बीमारी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। अभी भी एहतियात बरतने की जरूरत है। पठानिया ने कहा कि ऐसी स्थिति में भविष्य में निपटने के लिए हमें अपने आप को अभी से तैयार रखना होगा तथा स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित अधारभूत ढ़ाचे को मजबूत करना होगा तथा आधुनिकतक प्रणाली अपनानी होगी। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू भी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे तथा उन्होंने भी कार्यशाला को संबोधित किया। इस अवसर पर भारतीय संसदीय संस्थान जनसंख्या एवं विकास की उपाध्यक्ष विप्लव ठाकुर, संस्थान के कार्यकारी सचिव मनमोहन शर्मा, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, स्वास्थ्य मंत्री (कर्नल) धनी राम शांडिल, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, मुख्य संसदीय सचिव आशीष बुटेल तथा दर्जनों विधायक शामिल थे।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में चल रहे बजट सत्र को देखने आए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला क्रिसेंट शिमला के छात्र-छात्राओं ने विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से विधानसभा परिसर में भेंट कर विधानसभा की कार्य प्रणाली की जानकारी हासिल की। पठानिया ने बच्चों को आज होने वाली कार्यवाही के बारे अवगत करवाया। पठानिया ने कहा कि सदन ही एक ऐसा सर्वोत्तम स्थान है, जहां चुने हुए प्रतिनिधि जनहित से जुड़े मुद्दों को उठा सकते हैं तथा उनका समाधान भी संभव हो पाता है। पठानिया ने छात्र-छात्राओं से लोकतांत्रिक प्रणाली को गहनता से अध्ययन करने का आग्रह किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को अपनी ओर से हार्दिक शुभकामनायें दीं तथा उनके उज्जवल भविष्य की कामना की
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि जिस प्रकार से वर्तमान कांग्रेस सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों को निकालने का काम प्रदेश भर में चला रखा है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह सरकार अपने चुनावी वायदे में नौकरी देने की बात करती थी पर जब से यह सत्ता में आई है तब से नौकरी छीनने की बात ही कर रही है। हिमाचल प्रदेश में लगभग 35000 से अधिक आउटसोर्स कर्मचारी कार्य कर रहे हैं और लगातार हिमाचल प्रदेश की सरकार इन कर्मचारियों को निकालने का कार्य कर रही है। यहां तक कि आउटसोर्स कंपनी के साथ करार भी इस सरकार ने अभी तक नहीं किया है इससे सैकड़ों आउटसोर्स कर्मचारी करार खत्म होने के कारण अपनी नौकरियां खो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपनी चुनावी गारंटियों से कांग्रेस मुकरती दिखाई दे रही है, कांग्रेस पार्टी ने कहा था कि हम हिमाचल प्रदेश में सत्ता में आते ही 5 लाख युवाओं को नौकरी देंगे पर यहां तो लगातार युवाओं की नौकरियां जाती दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि देखने की बात यह है कि कांग्रेसी केवल आंकड़ों के माया जाल प्रस्तुत करके जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस पार्टी की नीतियों का खंडन करती है और निंदा करते हुए कहती है कि कांग्रेस पार्टी को सच्ची पक्की राजनीति करनी चाहिए ना की जनता को ठगने वाली राजनीति करनी चाहिए।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से आज प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से आए विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों ने भेंट की तथा अपनी समस्याओं से अवगत करवाया। उप मुख्यमंत्री ने विधायक विनय कुमार की अध्यक्षता में नौहराधार का प्रतिनिधिमंडल, विधायक रवि ठाकुर की अध्यक्षता में लाहौल-स्पीति का प्रतिनिधिमंडल, पूर्व विधायक गंगूराम मुसाफिर की अध्यक्षता में पच्छाद का प्रतिनिधिमंडल साथ अन्य क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं। उप मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिनिधिमंडलों एवं लोगों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर उन्हें पूर्ण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के ओएसडी रितेश कपरेट से मिलने के लिए मंगलवार को उनके परिजन और गांव के लोग सचिवालय पहुंचे। रितेश कपरेट के कार्यालय में पिता हरिमन कपरेट सहित गांव के लोगों ने शॉल और टोपी पहनाकर सम्मानित किया और उन्हें बधाई दी।रितेश कपरेट के साथ मिलते समय परिवार व गांव के भावुक नजर आए। बेटे की उपलब्धि पर हरिमन कपरेट काफी खुश नजर आए। उन्होंने कहा कि बेटे का इस पद पर पहुंचना उनके लिए गौरव की बात है। यह केवल उनके परिवार के लिए नहीं, बल्कि पूरे इलाके के लिए गौरव की बात है। रितेश कपरेट कांग्रेस के केंद्रीय संगठन और प्रादेशिक संगठन के साथ सरकार का सामंजस्य देख रहे हैं और कांग्रेस के पदाधिकारियों का मुख्यमंत्री के साथ तालमेल स्थापित करने के लिए काम कर रहे हैं। रितेश कपरेट मूल रूप से जिला शिमला के कोटखाई से संबंध रखते हैं। कपरेट ने कांग्रेस के छात्र में एनएसयूआई से अपनी राजनीति की शुरुआत की थी। राहुल गांधी की ओर से कांग्रेस संगठन में चुनाव के जरिए हुई नियुक्तियों में रितेश युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव चुनकर आए थे। इस दौरान युवा संगठन में चुनकर आए अन्य प्रतिनिधि अनिरुद्ध सिंह, विक्रमादित्य सिंह, रघुबीर सिंह बाली और आशीष बुटेल पहले ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह के नेतृत्व वाली सरकार का हिस्सा हैं। इस कड़ी में रितेश कपरेट का नाम भी जुड़ा है। रितेश कपरेट को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह का बेहद करीबी माना जाता है। विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू जब चुनाव प्रचार कमेटी के अध्यक्ष थे, तब रितेश कपरेट महासचिव के रूप में उनके साथ अटैच थे और उनके सभी कार्यक्रम भी कॉर्डिनेट कर रहे थे।
प्रदेश के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज भोजन अवकाश के दौरान विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से उनके कार्यालय कक्ष में शिष्टाचार भेंट की।
विधानसभा बजट सत्र के दौरान आज पंचायत सचिवों ने अपनी मांगों को लेकर विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया को एक ज्ञापन सौंपा।
प्रदेश सरकार ने नालदेहरा गोल्फ सोसायटी कार्यकारी समिति का पुनर्गठन किया है। इसमें अनिल वालिया को गोल्फ कोर्स का कप्तान नियुक्ति किया है। गोल्फ सोसाइटी के मुख्य संरक्षक मुख्यमंत्री हैं, जबकि प्रधान सचिव पर्यटन इसके अध्यक्ष रहेंगे। गोल्फ सचिव अर्जुन लाल बनाए गए हैं, जबकि डीसी शिमला सदस्य होंगे। इसके अलावा बोर्ड ऑफ डायरेक्टर में गुरजोत सिंह और अमन सचदेवा बनाए गए हैं। कोर्स के नवनियुक्त कप्तान अनिल वालिया ने कार्यकारी समिति के पुनर्गठन के लिए मुख्य मंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया और उन्हें आश्वासन दिया कि वे न केवल गोल्फ पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से काम करेंगे, बल्कि नालदेहरा को दुनिया के गोल्फ मानचित्र पर लाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि नालदेहरा गोल्फ में बुनियादी ढांचे में सुधार करेंगे, ताकि यहां पर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किए जा सकें। उन्होंने कहा कि बच्चों को गोल्फ खेलने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा और जल्द ही उनके लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वहीं, गोल्फ सचिव अर्जुन लाल ने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी प्रणाली और प्रक्रियाओं को नालदेहरा में रखा जाएगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी सदस्यों को एक समान मान सम्मान सम्मान दिया जाएगा और स्थानीय गोल्फरों को भी तरजीह दी जाएगी।
हिमाचल प्रदेश में कोरोना फिर से दौड़ने लगा है। दिन प्रतिदिन कोरोना के मामले सामने आने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। बीते 24 घंटे में प्रदेश में कोरोना के 318 नए पॉजिटिव केस मिले हैं। इससे पहले 1 अप्रैल को 354 मामले सामने आए थे। 2 दिन बाद फिर 300 से ज्यादा मरीज मिलना स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ लोगों की चिंता को बढ़ाने वाला मामला भी है। प्रदेश जब कोरोना फ्री हुआ था तो लोग राहत की साँस लेने लगे थे वहीँ अब कोरोना के मामले को बढ़ते देख लोग भी चिंता के विषय बन चुके है वहीं अब प्रदेश में कोरोना के एक्टिव केसों का आंकड़ा बढ़कर 1379 हो गया है। मंडी जिला में सबसे ज्यादा 75 नए केस रिपोर्ट हुए हैं। कांगड़ा में 53, हमीरपुर में 51, शिमला में 24, सिरमौर और सोलन में 23-23, कुल्लू में 11, किन्नौर में 6, चंबा में 19 ,बिलासपुर में 30 और लाहौल स्पीति में कोरोना के 3 नए मरीज मिले। 24 घंटे में 157 मरीज ठीक भी हुए हिमाचल प्रदेश में पिछले 24 घंटे में कोरोना से संक्रमित 157 मरीज ठीक भी हुए हैं। 21 दिन के भीतर 1200 से ज्यादा नए मरीज पॉजिटिव आए हैं। इसके साथ ही हिमाचल में कोरोना का पॉजिटिविटी रेट 6.40% पहुंच गया है। स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों को कोविड प्रोटोकॉल को फॉलो करने की अपील कर रहा है। भीड़ वाली जगह पर मास्क पहनने की सलाह दी गई है।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राजभवन मेें डॉ. प्रमोद शर्मा द्वारा लिखित पुस्तक ‘इकिगाई इनसाइट’ का विमोचन किया। राज्यपाल ने लेखक के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पुस्तकें हमारे ज्ञान में वृद्धि एवं इसे विस्तार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इनके अध्ययन से हम अपने जीवन को निरंतर परिष्कृत करते रहते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक पाठक वर्ग को जीवन के प्रति अपने दृष्टिकोण को और स्पष्ट करने में सहायक सिद्ध होगी तथा उन्हें अधिक समर्पित भाव से समाज एवं मानवता की सेवा के लिए प्रेरित करेगी। डा. प्रमोद शर्मा ने पुस्तक के विमोचन के लिए राज्यपाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनकी 15वीं पुस्तक है, जो जीवन जीने के जापानी दर्शन पर आधारित है। इस पुस्तक में लम्बे समय तक एक स्वस्थ, सम्पन्न और खुशहाल जीवन के बारे में बताया गया है। पुस्तक में इकिगाई को उस बिंदु के रूप में दिखाया गया है जहां व्यक्ति नये आयाम के साथ जीवन की एक नई उड़ान भरता है।
भारतीय संसदीय संस्थान जनसंख्या एवं विकास की उपाध्यक्ष एवं पूर्व राज्यसभा सांसद विप्लव ठाकुर ने आज विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से उनके कार्यालय कक्ष में शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उनके साथ भारतीय संसदीय संस्थान जनसंख्या एवं विकास के कार्यकारी सचिव मनमोहन शर्मा भी मौजूद रहे।
हिमाचल के उद्योगपति संजीव सूरी ने आज नई दिल्ली में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू को मुख्यमंत्री सुख-आश्रय कोष के लिए 5 लाख रुपये का चेक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत योगदान के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने निराश्रित महिलाओं और ज़रूरतमंद बच्चों को सहायता प्रदान करने के दृष्टिगत इस कोष की स्थापना की है ताकि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के उपरांत उनकी सम्मानजनक जीवन की राह आसान हो। उन्होंने इस पुनीत कार्य के लिए समाज के सभी वर्गों को उदारतापूर्वक अंशदान करने का आग्रह किया। नई दिल्ली में मुख्यमंत्री के ओएसडी कुलदीप सिंह बाशटू भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
विधायक विनय कुमार के नेतृत्व में आज विधानसभा क्षेत्र रेणुका के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से भेंट की तथा अपनी विभिन्न समस्याओं से अवगत करवाया। प्रतिनिधिमंडल ने कोरोना काल के दौरान से हिमाचल पथ परिवहन निगम बस का बंद रूट सोलन से भराड़ी-पुन्नरधार को फिर से शुरू करने का आग्रह किया। वहीं, भराड़ी क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उठाऊ सिंचाई परियोजना तैयार करने का भी अनुरोध किया। उप मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर पूर्ण किया जाएगा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 18 से 20 अप्रैल तक शिमला आ रही हैं। इस प्रस्तावित दौरे के दौरान वे शिमला स्थित राष्ट्रपति निवास दी रिट्रीट में रुकेंगी। राष्ट्रपति के दौरे को लेकर जिला दंडाधिकारी शिमला आदित्य नेगी ने अधिकारियों के साथ बैठक की तथा उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सभी तैयारियां समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि 20 अप्रैल को राष्ट्रपति के जाने के बाद दी रिट्रीट को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा और यह पूरा वर्ष खुला रहेगा
जिला लोक संपर्क अधिकारी सिम्पल सकलानी ने आज जिला लोक संपर्क अधिकारी शिमला का कार्यभार संभाला लिया है। इससे पूर्व वह बतौर जिला लोक संपर्क अधिकारी सिरमौर व किन्नौर में सेवाएं दे चुके हैं। सिंपल सकलानी ने सितंबर 2019 में सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग में बतौर जिला लोक संपर्क अधिकारी भर्ती हुए थे।
एसएफआई पिछले लंबे समय से पुनर्मूल्यांकन के रिजल्ट को लेकर लगातार प्रदेश भर में आंदोलनरत थी, परंतु इसके बावजूद भी प्रशासन अभी तक आधे अधूरे परिणाम ही घोषित कर पाया है, जिसकी वजह से प्रदेशभर के अनेक छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। जो रिजल्ट घोषित भी हुए हैं, उनमें ईआरपी की खामियों के चलते अनेक अनियमितताएं पाई गई हैं। परंतु प्रशासन इस ओर भी कोई सुध लेने को तैयार नहीं है। 4 अप्रैल से यूजी के एग्जाम शुरू होने वाले हैं। इसके साथ साथ कई छात्र इसे है जिनके अभी एडमिट कार्ड नहीं आए हैं। ऐसे में छात्रों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि वो अगली क्लास की परीक्षा दे या पिछली परंतु प्रशासन इस ओर भी कोई सुध लेने को तैयार नहीं है। एसएफआई विश्वविद्यालय ईकाईअध्यक्ष हरीश ने कहा कि यूजी परीक्षाओं के परिणाम को आए 100 से अधिक दिन हो गए हैं, लेकिन हालात यह है कि विश्वविद्यालय 100 दिनों के अंदर भी पुनर्मूल्यांकन के परिणामों को घोषित कर पाने में नाकाम है। एसएफआई ने प्रदेश भर के कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों से आह्वान किया है कि सभी छात्र इस घटिया ERP सिस्टम व टालमटोल करने वाले प्रशासन के खिलाफ मजबूती के साथ मोर्चा खोलें, अन्यथा आने वाले समय में छात्रों को ओर ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह को गरीबों का मसीहा कहा जाता था और जो भी जरूरतमंद होलीलोज फरियाद लेकर आते थे, वे कभी भी खाली हाथ नहीं जाते थे। अब उनकी राह पर उनके पुत्र विक्रमादित्य सिंह भी चल पड़े हैं। उनकी विधानसभा क्षेत्र से 11 साल की सोनाक्षी, जो कि चलने-फिरने में पूरी तरह से अक्षम है, के परिजन बच्ची को लेकर विक्रमादित्य सिंह के पास पहुंचे तो विक्रमादित्य ने बच्ची को इलेक्ट्रिक व्हील चेयर देने का वादा किया। उन्होंने सोमवार को इस 11 साल की बच्ची को इलेक्ट्रिक चेयर सौंप भी दी। यह इलेक्ट्रिक चेयर 75 हजार की है और विक्रमादित्य ने अपनी ओर से इसे भेंट किया है। वहीं, इलेक्ट्रिक व्हील चेयर पर बैठकर सोनाक्षी काफी खुश नजर आई। सोनाक्षी चनोग में छठी कक्षा में पढ़ती है। परिजनों को उसे स्कूल ले जाने और वहां से लाने में काफी मुश्किल आ रही थी। सोनाक्षी अब इस इलेक्ट्रिक चीयर पर बैठकर स्कूल जाएगी। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि राजनीति के साथ-साथ समाजसेवा और दलगत राजनीति से उठकर काम करना चाहिए। उन्होंने अन्य लोगों से भी जरूरतमंदों की मदद करने के लिए आगे आने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने सुख आश्रय योजना शुरू की है, जिसमें दिव्यांग व अनाथ बच्चों की मदद के लिए बजट का प्रावधान किया गया है। उनसे ही सीख कर वे भी आगे बढ़ रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश में मौसम के करवट बदलने से लोग परेशान हो रहे है। प्रदेश के कई क्षेत्रों में आज सुबह से ही हल्की बारिश हो रही है। कई ऊंचाई वाले इलाकों में शीतलहर चल रही है। मौसम विभाग ने आज और कल भी बारिश होने का येलो अलर्ट जारी कर रखा है। इस दौरान कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि भी हो सकती है। इससे किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंच सकता है। शिमला समेत अधिक ऊंचे क्षेत्रों में ठंडी हवाएं चलने से प्रदेश में ठंड में भी महसूस हुई है। मौसम का रुख बदलते देख कई गर्मी वाले क्षेत्रों में भी लोगों ने दोवारा गर्म कपडे निकाल लिए है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में बीते 3 दिन से हो रही बारिश-बर्फबारी के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। शिमला का न्यूनतम तापमान नॉर्मल से 2 डिग्री गिरकर 7.2 डिग्री पहुंच गया। नाहन का तापमान 4.5 डिग्री की गिरावट के बाद 12.5 डिग्री, धर्मशाला का 2.9 डिग्री की गिरावट के बाद 10.2 डिग्री, मनाली का 6 डिग्री, कल्पा का 2 डिग्री, मंडी का 11.1 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। प्रदेश में ठंड का प्रकोप बढ़ने से सेब और दूसरे फल उत्पादकों की चिंताएं बढ़ गई हैं। फलों की फ्लावरिंग व सेटिंग को नुकसान होगा। बेमौसम बारिश गेहूं की फसल के लिए भी अच्छी नहीं है। वहीं मौसम विभाग की मानें तो प्रदेश में 6 अप्रैल तक मौसम खराब बना रहेगा।
सुखविंदर सिंह सुक्खू हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद पर पहुंचने वाले सातवें शख्स है। प्रथम मुख्यमंत्री डॉ वाईएस परमार से लेकर पिछले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर तक तमाम मुख्यमंत्रियों की अपनी एक अलग शैली, एक अलग दृष्टिकोण रहा है। सभी ने अपने अपने अंदाज में हिमाचल को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाने का प्रयास किया है। कोई सड़कों वाला मुख्यमंत्री कहलाया, कोई पानी वाला, तो किसी ने शिक्षा को तवज्जो दी। अलबत्ता सुखविंदर सिंह सुक्खू को कार्यकाल संभाले अभी चार माह भी नहीं बीते है लेकिन सुक्खू के कई ऐसे निर्णय है जो अभी से उन्हें एक अलग कतार में खड़ा करते है। मसलन प्रदेश के यतीम अब 'चिल्ड्रन ऑफ़ स्टेट' है और हिमाचल देश का एक ऐसा राज्य है जो 'ग्रीन स्टेट' बनने के मिशन पर ईमानदार प्रयास करता दिख रहा है। बहरहाल सफर लम्बा है और चुनौतियां बेशुमार, निर्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी हो सकता है लेकिन इसमें कोई डॉ राय नहीं है कि बतौर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू अपनी कार्यशैली से छाप छोड़ रहे है।" 'पूत के पाँव पालने में दिख जाते है', बेशक प्रदेश की सुक्खू सरकार को सत्ता में आएं अभी चार महीने भी नहीं बीते हो लेकिन सरकार नीति और नियत को लेकर एक सकारात्मक माहौल जरूर है। चुनौतियां भरपूर है और आर्थिक स्थिति पतली, बावजूद इसके बेतहाशा कर्ज और सीमित संसाधनों के साथ भी सुख की सरकार प्रदेश को उन्नति के पथ पर बढ़ाने के लिए अग्रसर दिखती है। अपने अल्प कार्यकाल में सरकार कई अहम फैसले ले चुकी है और कई सरकार की नीतियों में एक दूर्गामी सोच साफ़ देखने को मिल रही है। चाहे ग्रीन हिमाचल की राह पर आगे बढ़ने का फैसला हो या पर्यटन के लिए आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में कदम, इसमें कोई संशय नहीं है कि सुक्खू सरकार सही राह पर आगे बढ़ती दिख रही है। सुक्खू कैबिनेट की बैठकों में लिए गए सरकार के फैसलों हो या बजट में किए गए प्रावधान, कहीं न कहीं ये उम्मीद जरूर जगी है कि ये सरकार सिर्फ बातें नहीं करती बल्कि उन पर अमल करने को भी प्रतिबद्ध है। निसंदेह सीमित वित्तीय संसाधन बड़ी बाधा है पर सरकार की नियत को लेकर कोई शक ओ शुबा नहीं दिखता। प्रभावित करती ही सीएम की साफगोई और सादगी : सीएम सुक्खू की एक बात बेहद प्रभावित करती है और वो है प्रदेश की आर्थिक स्थिति के बारे में मुख्यमंत्री का खुलकर जनता को बताना। सीएम सुक्खू प्रदेश की खराब आर्थिक स्थिति की बात स्वीकार भी कर रहे है और जनता का समर्थन भी मांग रहे है। नए मुख्यमंत्री की इस स्पष्टवादिता से लोग खासे प्रभावित भी दिख रहे है। बहरहाल आगाज अच्छा है पर निसंदेह सुक्खू सरकार को उन सभी अपेक्षाओं पर खरा उतरना होगा जो जनता उनसे बांधे बैठी है। इसी तरह आल्टो कार से विधानसभा पहुंचना हो या फिर लाव लश्कर को छोड़कर शिमला माल रोड पर सुबह की सैर के लिए साधारण व्यक्ति की तरह निकल जाना, मुख्यमंत्री सुक्खू अपनी सादगी से जनता पर छाप छोड़ रहे है। मुख्यमंत्री से मिलने जो भी आता है, ये सुनिश्चित किया जाता है कि खाली हाथ वापस नहीं लौटे। सामान्य व्यक्ति की तरह रहते हुए सीएम सुक्खू ने विधायक रहते हुए कभी अपने साथ पीएसओ नहीं रखा था। अब प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद भी उनकी सादगी बरक़रार है। लिए कई बड़े अहम फैसले : अपने छोटे से कार्यकाल में सुक्खू सरकार ने ऐसे कई बड़े फैसले लिए है जो हिमाचल प्रदेश को वर्ष 2032 तक भारत का सबसे समृद्ध राज्य बनाने के सरकार के सपने को सींचता दिखाई देते है। गुड गवर्नेंस को लेकर सरकार संजीदा है। सरकार द्वारा भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने का प्रयास किया गया, जहां पेपर में गड़बड़ी पाई गई, वहां पेपर को कैंसल किया गया। इसके चलते कर्मचारी चयन आयोग को भंग किया गया ओर आरोपियों की गिरफ्तारी भी जारी है। इसके अलावा सरकार प्रदेश हरित राज्य बनाने की ओर भी आगे बढ़ रही है। सुक्खू सरकार ने साल 2026 तक हिमाचल को ग्रीन स्टेट बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए प्रदेश में वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदला जाएगा। इसके लिए सीएम ने ई-बस, ई-ट्रक की खरीद पर 50 लाख तक और ई-टैक्सी की खरीद पर 50 फीसदी सब्सिडी देने का ऐलान किया है। वहीं जिन 10 गारंटियों के सहारे कांग्रेस सत्ता में आई थी उनमें से दो को पूरा करती हुई भी सरकार दिखाई दी है। प्रदेश के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन दे दी गई और महिलाओं को 1500 चरणबद्ध तरीके से देने पर भी काम किया जा रहा है। दिल छू रहा सरकार का मानवीय चेहरा : यहाँ सुक्खू सरकार के उस मानवीय चेहरा का जिक्र भी जरूरी है जिसने हरआम और ख़ास व्यक्ति के मन को छुआ है। सीएम बनने पर सुखविंदर सिंह सुक्खू सबसे पहले अनाथ बच्चों, निराश्रित महिलाओं और बुजुर्गों के लिए बड़ी योजना लेकर आए, जिसे सुखाश्रय कोष का नाम दिया गया है। सुखाश्रय योजना का लाभ प्रदेश के करीब 6 हजार अनाथ बच्चों को होगा। वहीं 27 साल तक सरकार इन बच्चों की पढ़ाई से लेकर दूसरी हर जरूरतों को पूरा करेगी। आय बढ़ाने को बढ़ाये कदम : प्रदेश की आर्थिक स्थिति को बेहतर करने के लिए सरकार ने आय बढ़ाने पर भी काम किया है। नई एक्साइज पालिसी के तहत शराब के ठेकों की नीलामी की गई। वहीं सरकार ने बजट में शराब की हर बोतल पर दूध सेस लगाने का ऐलान किया है जिससे 120 करोड़ से अधिक का राजस्व मिलेगा। इसके अलावा सरकार ने जलविद्युत परियोजनाओं पर वाटर सेस वसूलने का निर्णय लिया है इससे सरकार का रेवेन्यू बढ़ेगा।
हिमाचल प्रदेश के बागवान सुक्खू सरकार से खफा खफा दिख रहे है। सरकार को चार माह भी नहीं हुए और यूनिवर्सल कार्टन लागू करने के लिए संयुक्त किसान मंच ने सात दिन के भीतर सरकार को विधानसभा सत्र में विधेयक लाने का अल्टीमेटम दे दिया है। ऐसा न होने की स्थिति में एक बार फिर आंदोलन पर उतरने की चेतावनी भी दी गई है। बागवानों ने सरकार से मांग की कि, इसी विधानसभा सत्र में यूनिवर्सल कार्टन लागू करने के लिए विशेष कानून बनाया जाए। बागवानों का मानना है, बीते कई दिनों से प्रदेश सरकार का बजट सत्र चल रहा है, लेकिन बागवानों के मुद्दे पर सरकार गंभीर नहीं है। बागवानी मंत्री सत्र से पहले यूनिवर्सल कार्टन लागू करने को लेकर मुखर थे, लेकिन सत्र में अब तक यूनिवर्सल कार्टन पर कोई चर्चा नहीं हुई। अगर इस बाबत विधेयक लाकर कानून नहीं बनाया गया तो किसानों-बागवानों को लामबंद कर आंदोलन खड़ा किया जाएगा। हालांकि इस पर मुख्यमंत्री ने ब्यान जारी कर कहा है कि बागवानों की आर्थिकी सुदृढ़ करने के लिए प्रदेश सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं और प्रदेश सरकार यूनिवर्सल कार्टन लागू करने के लिए कानूनी पहलुओं का अध्ययन कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सीए स्टोर स्थापित करने की दिशा में भी कदम उठाए हैं, ताकि बागवानों को उनके उत्पाद का सही मूल्य मिल सके और उन्हें बिचौलियों के शोषण से बचाया जा सके। इसके अलावा सेब आधारित डिस्टिलरी स्थापित करने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि बागवान कम गुणवत्ता वाले सेबों को भी बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें। यानी बागवान तल्ख़ जरुरी है, लेकिन सरकार उन्हें आश्वस्त करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही। बहरहाल, आगामी कुछ वक्त में ये तय होगा कि क्या बागवान सरकार को सेटल होने का वक्त देते है या नहीं। यहाँ ये भी जहन में रखना होगा कि लोकसभा चुनाव को करीब एक वर्ष का वक्त है और प्रदेश की दो संसदीय सीटों, शिमला और मंडी में बागवानों का वोट निर्णायक सिद्ध हो सकता है। जाहिर है ऐसे में सरकार भी बागवानों को साधे रखना चाहेगी। समझे : टेलीस्कोपिक से कैसे अलग यूनिवर्सल कार्टन यूनिवर्सल कार्टन में सिर्फ 20 किलो सेब ही भरा जा सकेगा, जबकि टेलीस्कोपिक में बागवान 25 से 40 किलो तक सेब भरते हैं। इतना सेब भरने के बावजूद भी बागवानों को दाम औसत 20 से 25 किलो के हिसाब से ही दिए जाते हैं। इस तरह प्रति पेटी बागवान 5 से 15 किलो अतिरिक्त सेब दे रहे हैं। इस लिहाज से बागवानों को प्रति पेटी कई बार 200 से 700 रुपए तक का नुकसान उठाना पड़ता है। इसका फायदा लदानी उठा जाते हैं, जो हिमाचल में खरीदे गए सेब को देश के बाजारों में किलो के हिसाब से बेचकर मोटा मुनाफा कमाते हैं। अगर यूनिवर्सल कार्टन लागू किया जाता है तो बागवान किलो के हिसाब से ही एक पेटी में सेब भरेंगे। यह है सेब पैकिंग का इंटरनेशनल स्टैंडर्ड दुनियाभर में सेब 4 लेयर में भरा जाता है। यह सेब पैकिंग का अंतरराष्ट्रीय स्टैंडर्ड है। दुनिया के किसी भी मुल्क से भारत में सेब आयात किया जाता है तो भी किलो के हिसाब से खरीदा जाता है, लेकिन हिमाचल में बागवान टेलीस्कोपिक कार्टन में 6 से 8 तह में सेब भर रहे हैं। कुछ बागवान ऐसा कमीशन एजेंट के दबाव में आकर तो कुछ सबसे महंगा सेब बेचने की चाहत में कर रहे हैं। वीरभद्र सरकार 2 बार लाई थी विधेयक पूर्व वीरभद्र सिंह सरकार ने भी यूनिवर्सल कार्टन को लेकर 2 बार विधेयक पेश किया, लेकिन बिना तैयारियों के लाया गया विधेयक बागवानों के विरोध के बाद वापस लेना पड़ा। उस दौरान यूनिवर्सल कार्टन तो अनिवार्य कर दिया गया, मगर बाजार में इसकी उपलब्धता नहीं कराई गई। कार्टन बनाने वाली कंपनियों से पहले संपर्क नहीं साधा गया। हालांकि यूनिवर्सल कार्टन इस्तेमाल न करने वाले बागवानों को पेनल्टी लगाने इत्यादि का प्रावधान अध्यादेश में कर लिया गया था। तब यूनिवर्सल कार्टन के साइज इत्यादि तैयार करने पर पूर्व सरकार ने तकरीबन 11 लाख रुपए खर्च किए थे।
प्रदेश सरकार, केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में अरोमा मिशन पर कार्य करेगी। अरोमा मिशन लैवेंडर की खेती की एक पहल है और यह जम्मू-कश्मीर में किसानों के लिए वरदान साबित हुई है। हिमाचल प्रदेश में जिला चम्बा सहित कई क्षेत्रों की जलवायु परिस्थितियां जम्मू-कश्मीर के समान होने के कारण प्रदेश सरकार राज्य के कई क्षेत्रों में लैवेंडर की खेती को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहित करने की योजना तैयार कर रही है। सरकार की इस पहल से राज्य के किसानों को आय का एक नया लाभदायक स्रोत प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ अरोमा मिशन के बारे में दूरभाष पर विस्तार से बातचीत की। जनवरी माह में नई दिल्ली में भी मुख्यमंत्री ने डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ इस विषय पर चर्चा की थी। केंद्रीय मंत्री ने इस परियोजना के लिए प्रदेश के किसानों को तकनीकी सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार के सहयोग से लैवेंडर की खेती से किसानों के जीवन में सार्थक बदलाव आएगा। अरोमा मिशन कृषि क्षेत्र के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना को इस मामले को सम्बंधित मंत्रालय के समक्ष उठाने और परियोजना को जमीनी स्तर पर लागू करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए निर्देश दिये हैं। प्रदेश सरकार खेती के लिए आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने की योजना भी बना रही है। इसे पूरा करने के लिए राज्य सरकार, केंद्र सरकार से तकनीकी मदद प्राप्त करने के लिए प्रयासरत है। केंद्र सरकार राज्य के किसानों और बागवानों के लिए प्रशिक्षण शिविर और विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें तकनीकी सहायता भी प्रदान करेगी। इससे किसानों को कृषि क्षेत्र में नवीन तकनीकों की जानकारी उपलब्ध होगी तथा वह अपनी उपज की गुणवत्ता में सुधार लाकर अधिक आय अर्जित करने में सक्षम होंगे।लैवेंडर की खेती जिसे बैंगनी क्रांति (पर्पल रिवॉल्यूशन) के रूप में भी जाना जाता है, राज्य के किसानों के लिए एक आकर्षक विकल्प साबित हो सकती है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के कुशल नेतृत्व में प्रदेश में अधोसंरचना विकास आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनकर उभरा है। प्रदेश में विभिन्न राजमार्गों के विकास व विस्तार से राज्य की आर्थिकी को बढ़ावा मिल रहा है। विगत एक माह के दौरान प्रदेश में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अंतर्गत राजमार्गों के निर्माण एवं विस्तारीकरण के लिए भू-अधिग्रहण मुआवज़ा के रूप में लोगों को रिकॉर्ड धनराशि वितरित की गई है। इस अवधि के दौरान प्रदेश में 1226 करोड़ रुपये की धनराशि भूमि मुआवजा के रूप में प्रदान की गई है। उपायुक्त कांगड़ा के माध्यम से इस अवधि के दौरान 593 करोड़ रुपये, उपायुक्त हमीरपुर द्वारा 182 करोड़ रुपये, उपायुक्त सोलन द्वारा 32 करोड़ रुपये, उपायुक्त मंडी द्वारा 242 करोड़ रुपये, उपायुक्त शिमला द्वारा 170 करोड़ रुपये और उपायुक्त चंबा द्वारा 7 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि लोगों को वितरित की गई है। भू-अधिग्रहण मुआवज़ा राशि प्रदान करने के मामले लम्बे अरसे से लंबित थे। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इन मामलों को निपटाने में तत्परता से कार्य करते हुए लोगों को राहत प्रदान की है। इससे प्रशासन में संवेदनशीलता के साथ समयबद्धता और पारदर्शिता भी सुनिश्चित हुई है। प्रदेश की आर्थिकी में एक माह के दौरान 1226 करोड़ रुपये की धनराशि आने से विभिन्न आर्थिक गतिविधियों को भी संबल मिलेगा। इससे हितधारकों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होने के साथ-साथ राज्य में रोज़गार व स्वरोज़गार के जुड़े कार्यों को भी बल मिलेगा। प्रदेश सरकार द्वारा प्रशासनिक कार्यों को समयबद्ध पूर्ण करने के ध्येय के साथ किए जा रहे प्रयासों से विकास को गति मिली है। व्यवस्था परिवर्तन के साथ-साथ यह वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने में भी मददगार साबित हो रहा है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीपीटीसीएल) की ट्रांसमिशन लाइनों के माध्यम से राजस्व बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया है। शनिवार देर सायं यहां आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉरपोरेशन अपनी टेंडर प्रक्रिया की अवधि को कम कर निर्माण कार्य में तेजी लाये ताकि राज्य को अधिक से अधिक राजस्व प्राप्त हो सके और लोगों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि राजस्व में बढ़ौतरी के लिए एक तकनीकी कमेटी का गठन किया जाएगा, जो एक माह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है तथा वर्तमान राज्य सरकार संसाधन बढ़ाने की दिशा में अनेक प्रयास कर रही है, ताकि राज्य की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एचपीपीटीसीएल की विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि कॉरपोरेशन के पास 15 सब स्टेशन तथा 964 सर्किट किमी लाइने हैं तथा अनेक परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 में कॉरपोरेशन को 166.99 करोड़ रुपए की आय प्राप्त हुई है। वर्ष 2025 तक कॉरपोरेशन की आय बढ़कर 455 करोड़ रुपए होने का अनुमान है। मुख्यमंत्री ने 6 किलोमीटर शोंगटोंग-बास्पा ट्रांसमिशन लाइन के निर्माण कार्य को अगले डेढ़ साल तक पूरा करने की आवश्यकता पर बल दिया क्योंकि यह 450 मेगावाट विद्युत निकासी के लिए महत्वपूर्ण है। शोंगटोंग-कड़छम विद्युत परियोजना का निर्माण कार्य जुलाई, 2025 तक पूरा होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इस लाईन के निर्माण कार्य में देरी से राज्य के राजस्व को नुकसान होगा, इसलिए कॉरपोरेशन को इस लाईन के निर्माण कार्य को प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने कहा कि एसपीपीटीसीएल भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप कार्य करे। उन्होंने कहा कि जिला ऊना में बनने वाले बल्क ड्रग पार्क तथा लमलैहड़ी और पेखुबेला में सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए उचित ट्रांसमिशन की व्यवस्था की जाए। इसके लिए नैहरियां से ऊना के लिए 220/132 केवी सब-स्टेशन और 41 किमी ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कॉरपोरेशन जिला सोलन के नालागढ़ में मेडिकल डिवाइस पार्क तथा जिला सिरमौर के काला अंब में औद्योगिक क्षेत्र में बिजली की मांग को पूरा करने के लिए भी ट्रांसमिशन की उचित व्यवस्था करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार जिला कांगड़ा को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए दृढ़ प्रयास कर रही है। इसके साथ-साथ देहरा में केंद्रीय विश्वविद्यालय का निर्माण किया जा रहा है और फतेहपुर क्षेत्र में सौर परियोजनाओं के निर्माण की काफी सम्भावनाएं हैं, इसलिए एचपीपीटीसीएल यहां भी भविष्य की जरूरतों के अनुरूप ट्रांसमिशन लाइनें बिछानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विद्युत आवश्यकताओं को पूरा करने में कॉरपोरेशन की भूमिका महत्वपूर्ण है। सभी अधिकारी सकारात्मक सोच के साथ इसके लिए दृढ़ प्रयास करें। बैठक में मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव वित्त मनीष गर्ग, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, सचिव वित्त अक्षय सूद, प्रबंध निदेशक एचपीपीटीसीएल ऋग्वेद मिलिंद ठाकुर और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
भाजपा के पूर्व मंत्री, विधायक और नगर निगम शिमला के चुनाव प्रभारी सुखराम चौधरी ने शिमला नगर निगम चुनावों की दृष्टि से प्रवासी सह प्रभारियों की नियुक्ति की है। इनमें भराड़ी संजीव देष्टा किसान मोर्चा, रुल्दूभट्टा अमर ठाकुर आनी, कैथू रविंद्र चौहान कोटखाई, अन्नाडेल शशि भूषण, समरहिल सुनील ठाकुर संयोजक एनजीओ प्रकोष्ठ, टूटू रतन पाल भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष, मज्याठ गोविंद शर्मा प्रत्याशी अर्की, बालूगंज अशोक ठाकुर, कच्चीघाटी ईश्वर रोहल प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, टूटीकंडी सीमा ठाकुर प्रदेश सचिव, नाभा गगन शर्मा जिला महामंत्री शिमला, फगली कृष्ण वर्मा, कृष्णानगर नंदराम कश्यप सोलन, राम बाजार सुमित शर्मा सह प्रभारी हमीरपुर संसदीय क्षेत्र, लोअर बाजार राकेश चौधरी प्रत्याशी धर्मशाला, जाखू रवि धीमान प्रत्याशी जयसिंहपुर, बेनमोर पायल वैद्या प्रदेश उपाध्यक्ष, इंजनघर अंकुश चौहान जिला महासू, संजौली चौक रजत ठाकुर प्रत्याशी धरमपुर, अप्पर ढली अजय श्याम प्रत्याशी ठियोग, लोअर ढली कौल नेगी प्रत्याशी रामपुर, शांति विहार छविंदर पाल, भट्टाकुफर उमेश शर्मा मंडल अध्यक्ष जुब्बल कोटखाई, संगटी अमर ठाकुर पूर्व मंडल अध्यक्ष कसुंपटी, मल्याणा बलदेव तोमर प्रदेश प्रवक्ता, पंथाघाटी राजेश कश्यप प्रत्याशी सोलन, कसुंपटी अरुण फाल्टा जिलाध्यक्ष महासू, छोटा शिमला नरोत्तम ठाकुर प्रत्याशी कुल्लू, विकास नगर तिलक राज प्रदेश सचिव, कंगनाधार महिंदर काल्टा, पत्योग शशि दत्त प्रदेश प्रवक्ता, न्यू शिमला बलदेव रांटा मंडल अध्यक्ष रोहडू, खालिणी सुशांत देष्टा और कंलोग शशि बाला प्रत्याशी रोहडू शामिल हैं।
भाजपा मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा ने कहा वर्तमान सरकार ने बिजली की दरों में बढ़ोतरी की है और यह एक जनविरोधी फैसला है। उन्होंने कहा कि भाजपा बिजली की दरों में बढ़ोतरी का विरोध करती है। शर्मा ने कहा कि जब विधानसभा चुनाव चल रहे थे तो कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने जनता को 300 यूनिट फ्री बिजली देने की गारंटी हिमाचल की जनता के समक्ष रखी थी, पर इस गारंटी की तो हवा निकल गई है और बदले में बिजली की दरों को बढ़ा दिया गया है। पहले सरकार ने डीजल की दरों में 3 रुपये की बढ़ोतरी की थी और अब बिजली की दरों में बढ़ोतरी कर जनता पर बोझ डालने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के मंत्री जगत नेगी कह रहे हैं कि इसमें सरकार कुछ नहीं कर सकती, यह रेगुलेटरी कमीशन का फैसला है। लेकिन हम बता दें कि सरकार अपनी ग्रांट देकर जनता को इस बोझ से बचा सकती थी। भाजपा की सरकार के दौरान भी कई बार इस प्रकार की बढ़ोतरी का मामला सामने आया था, पर भाजपा की सरकार ने हमेशा रेगुलेटरी कमिशन को ग्रांट दी है। इससे जनता को राहत मिलती रही है। इस मुद्दे को हम विधानसभा में भी उठाएंगे और इस जनविरोधी फैसले का कड़ा विरोध करेंगे।
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रदेश प्रभारी सतपाल जैन ने कहा कि राहुल गांधी को ट्रायल कोर्ट के जज ने सजा सुनाई है, इसमें भाजपा या अडानी का कोई भी लेना-देना नहीं है। कहा कि ट्रायल जज ने राहुल गांधी को कोर्ट में तीन बार माफी मांगने का मौका दिया, पर उन्होंने कोर्ट में माफी नहीं मांगी। अगर वह माफी मांग लेते तो आज उनकी सदस्यता रद्द नहीं होती। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं के खिलाफ भी कोर्ट में केस हुई है और हमारे नेताओं की सदस्यता को भी रद्द किया गया है, पर कोर्ट जाने पर सदस्यता को बहाल भी किया गया है। उन्होंने कहा कि अभी तक राहुल गांधी या कांग्रेस के नेता कोर्ट क्यों नहीं गए उन्हें कोर्ट जाना चाहिए था न कि प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप-प्रत्यारोप लगाने चाहिए थे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या सोनिया गांधी ने अयोग्य घोषित नहीं किया पर भारत के संविधान ने किया। अगर संविधान के मुताबिक किसी भी कोर्ट में एक व्यक्ति को सजा सुनाई जाती है तो उसकी सदस्यता रद्द की जा सकती है। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान पर सवाल उठाना गलत है, इससे पहले भी कई बार कोर्ट द्वारा नेताओं के खिलाफ निर्णय सुनाए गए हैं। इलहाबाद के एक सिंगल जज की कोर्ट ने सेटिंग प्राइम मिनिस्टर का इलेक्शन सेट एसाइड किया था। सतपाल जैन ने इंदिरा गांधी द्वारा वीर सावरकर के बारे में जो चिट्ठी लिखी थी, उसको भी सार्वजनिक किया और उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस चिट्ठी को पढ़ना चाहिए कि इंदिरा गांधी ने वीर सावरकर के लिए अपनी चिट्ठी में क्या लिखा है।
राज्य कर एवं आबकारी विभाग के आयुक्त यूनुस ने आज यहां बताया कि विभाग ने वित्त वर्ष 2022-23 में 5130 करोड़ रुपये के राजस्व एकत्रित करने के लक्ष्य को पार कर इस अवधि के दौरान 19 प्रतिशत वृद्धि के साथ 5343 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है, जो 2021-22 की तुलना में 846 करोड़ अधिक है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष जीएसटी संग्रह में यह शानदार वृद्धि विभाग द्वारा कड़ी सर्तकता और कर अधिकारियों की कार्यकुशलता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि रिर्टन फाईलिंग में सुधार हुआ है। इसके अतिरिक्त, विभाग द्वारा जांच एवं निगरानी में दक्षता से 13 लाख ई-वे बिल सत्यापित किए हैं। ई-वे बिल के सत्यापन से 8 करोड़ रुपये जुर्माने के तौर पर प्राप्त किए गए हैं। विभाग ने वर्ष के दौरान विभिन्न आयामों को पार करते हुए 400 अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि विभाग ने नियमों के अनुपालन में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की है। इन उपायों से रिटर्न फाइलिंग और रिटर्न जांच में सुधार हुआ है। राज्य मुख्यालय ने जीएसटी से जुड़े 257 करोड़ रुपये के 89 मामलों का पता लगाया है। उन्होंने बताया कि विभाग अपने प्रदर्शन में और सुधार करने की दृष्टि से रिटर्न फाइलिंग, रिटर्न की त्वरित जांच, जीएसटी ऑडिट को समय पर पूरा करने और कर अधिकारियों की क्षमता निर्माण के लिए निरन्तर प्रयास करता रहेगा।


















































