राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे के चलते कैनेडी चौक से लेकर बालूगंज तक सड़क पर यातायात 19 अप्रैल को प्रतिबंधित रहेगा। इस संबंध में जिला दंडाधिकारी आदित्य नेगी की ओर से आदेश जारी किए गए हैं। जारी आदेशों के अनुसार सुबह 10 से लेकर सायं 5 बजे तक सभी प्रकार के वाहनों के लिए यातायात बंद रहेगा। आपातकाल वाहनों पर ये नियम लागू नहीं होंगे।
शिमला शहर में ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार लाने के लिए पुलिस अधीक्षक शिमला संजीव गांधी द्वारा ट्रैफिक कर्मचारियों को विशेष हिदायत दी गई है तथा ट्रैफिक-व्यवस्था में सुधार लाने के लिए ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है। आमजन एवं पर्यटकों के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी भी जारी की गई है। आमजन एवं पर्यटकों को हिदायत दी गई है कि शिमला में पहुंचने के पश्चात वे अपने वाहन को निर्धारित पार्किंग में पार्क करें एवं वहां से अपने गंतव्य पर जाने के लिए स्थानीय टैक्सीज का उपयोग करें, ताकि भिन्न-भिन्न स्थानों पर ट्रैफिक जाम से बचा जा सके एवं समय की भी बचत हो सके। शिमला पुलिस द्वारा आमजन एवं पर्यटकों की सुविधा के लिए शहर में निर्धारित एक दर्जन पार्किंग स्थलों की सूची सोशल मीडिया के माध्यम से जारी की गई है। प्रस्तावित राष्ट्रपति के दौरे के दौरान शिमला पुलिस द्वारा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत करीब 100 से अधिक कैमरा शहर में वर्तमान में संचालित किए गए हैं। इनकी लाइव स्ट्रीम जिला पुलिस लाइन कैथु में बनाए कंट्रोल रूम में मॉनिटरिंग की जाती है। पुलिस उप अधीक्षक नरवीर सिंह राठौर के नेतृत्व में एक पुलिस टीम इन कैमरा की निरंतर मॉनिटरिंग कर रही है तथा शहर में जहां पर भी यातायात उल्लंघन या ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है तो तुरंत वायरलेस संदेश द्वारा यातायात पुलिस को मौका पर सूचित किया जा रहा है। नरवीर सिंह राठौर ने बताया कि शिमला शहर में सीसीटीवी कैमरा की सुविधा उपलब्ध होने पर आमजन एवं पर्यटकों को ट्रैफिक जाम से निजात पाने में काफी सुविधा प्राप्त हुई है। शिमला ट्रेफिक एडवाइजरी द्वारा आमजन एवं पर्यटकों से अनुरोध किया गया है कि यदि कोई अज्ञात वस्तु या संदिग्ध व्यक्ति दिखाई देता है, तो इसकी सूचना निकटतम ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी को दी जानी चाहिए। आम जनता और मोटर चालकों से अनुरोध है कि वे धैर्य रखें, यातायात नियमों और सड़क अनुशासन का पालन करें और सभी चौराहों पर तैनात यातायात कर्मियों के निर्देशों का पालन करें। लोगों से अनुरोध है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें और असुविधा से बचने के लिए पर्याप्त समय अपने पास रखें।
भाजपा नगर निगम चुनाव प्रभारी एवं पूर्व मंत्री सुखराम चौधरी ने बताया कि शिमला नगर निगम चुनावों के लिए भाजपा के 12 प्रत्याशियों ने नामांकन दर्ज किए। इसमें कृष्णानगर वार्ड से बिट्टू पांटा, कंगनाधार से रानू चौहान, कच्चीघाटी से अलका कंवर, लोअर बाजार से भारती सूद, पटयोग से आशा शर्मा, अन्नाडेल से डॉ. सपना कश्यप, समरहिल शैली शर्मा, टूटू से मीनाक्षी गोयल, न्यू शिमला ने निशा ठाकुर, रुल्दू भट्टा से सरोज ठाकुर, विकास नगर से रमा कुमार और सांगटी से कमल ठाकुर ने नामांकन भरा है। सुखराम चौधरी ने कहा कि कांग्रेस जिस प्रकार से झूठ का प्रचार हिमाचल प्रदेश में कर रही है, उससे नगर निगम शिमला में भाजपा का परचम लहराना तय है। जब से कांग्रेस पार्टी सत्ता में आई है तब से उन्होंने केवल झूठ की राजनीति की है। उन्होंने कहा कांग्रेस पार्टी की सरकार के कार्यकाल में आम जनता के ऊपर महंगाई का बोझ बढ़ता चला जा रहा है। पहले डीजल के ऊपर 3 रुपये वैट बढ़ाकर उन्होंने जनता के ऊपर बोझ बढ़ा दिया और अब डिपो में सरसों के तेल की कीमत में 10 रुपये की बढ़ोतरी के बाद सस्ते राशन के डिपो में सरसों का तेल 142 रुपये लीटर मिल रहा है और अगर हम आम बाजार की बात करें तो सरसों का तेल 130 रुपये तक का मिल जाता है।
बाहरा विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में देशभर से विभिन शिक्षण संस्थानों की 28 टीमों ने भाग लिया। बाहरा विश्वविद्यालय के डीन अकेडमिक अफ़ेयर्स प्रो. श्रीपद मार्कंडे ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। यह प्रतियोगिता लगातार तीन दिन तक भिन्न-भिन्न चरणों में चली और सभी प्रतिभागियों ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता के अंतिम चरण में प्रदेश उच्च न्यायालय से सेवानिवृत्त जज सुरेंद्र सिंह ठाकुर, ज़िला न्यायालय शिमला के जज प्रेम पाल रांटा और प्रोफ़ेसर संजय सिंधु हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला विधि विभाग के विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे। सभी सम्मानित जजों को बाहरा विश्वविद्यालय के विधि विभाग द्वारा हिमाचली टोपी, शाल और पौधा देकर सम्मानित किया। सभी जजों ने अपने अपने अनुभव भी विद्यार्थियों के साथ साझा किए। राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता की विजेता टीम तमिलनाडु डॉ. अंबेडकर लॉ यूनिवर्सिटी चेन्नई व उपविजेता एमएमएम शंकरराव चव्हाण लॉ कॉलेज पुणे रही। विजेता टीम को 25000 रुपये कैश प्राइज मोमेंटो और उप विजेता 11000 रुपये कैश प्राइज और मोमेंटो प्रदान किया गया। सभी ने विजेता टीम को बधाई दी। प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ शोधकर्ता अमन रंजन कैंपस लॉ सेंटर नई दिल्ली, सर्वश्रेष्ठ मेमोरीयल कैंपस लॉ सेंटर नई दिल्ली, सर्वश्रेष्ठ प्रेरक सुश्री पारुल शर्मा भारतीय कानूनी अध्ययन संस्थान, घणाहटी के रहे। इस अवसर पर बाहरा विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार विनीत कुमार, विधि विभाग के विभागाध्यक्ष डाक्टर मन्दीप वर्मा, मूट कोर्ट के स्योंजक उमेश, डाक्टर रचिता नेगी, डाक्टर अदिति, सहायक आचार्य डाक्टर पूनम, राशी सुद , श्वेता कटोच, रीटा, नीतीश, दीपशिका, राम, लाल दास, ज्ञान और विधि विभाग के सभी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
राजधानी शिमला में नगर निगम चुनावों का बिगुल बज चूका है और टिकट आवंटन के साथ ही राजनीतिक पारा चढ़ने लगा है। वहीं देर रात तक चली कांग्रेस पार्टी नेताओं की बैठक के बाद दस प्रत्याशियों के नामों पर मुहर लगी है। हालांकि, अभी भी आठ वार्डों में प्रत्याशियों के नाम तय करने को लेकर पार्टी को जद्दोजहद करनी पड़ रही है। इनमें एक से ज्यादा दावेदार होने के कारण अभी तक प्रत्याशियों के नाम तय नहीं हो पाए हैं। देर रात जारी की गई सूची में भराड़ी वार्ड से शहरी कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी, कैथू से कांता सुयाल, मज्याठ से अनिता शर्मा, कच्चीघाटी से किरण शर्मा, रामबाजार से सुषमा कुठियाला, फागली से रूप चंद, जाखू से अतुल गौतम, संजौली से ममता चंदेल, लोअर ढली से विशाखा मोदी और कंगनाधार से रामरतन वर्मा को पार्टी ने अपना प्रत्याशी बनाया है और आठ प्रत्याशियों की अंतिम सूची अब सोमवार को जारी हो सकती है। वहीं सोमवार और मंगलवार को नामांकन भरने का समय है। कांग्रेस से टिकट के इंतजार में देर रात तक दावेदार भी जागते रहे। पार्टी नेताओं की बैठक देर शाम सात बजे से शुरू हो गई थी। लेकिन दस दावेदार तय करने में 11:30 बज गए। टिकट मिलने से जहां कुछ दावेदार अब नामांकन भरने की तैयारी में जुट गए हैं तो कुछ दुखी हैं। दूसरी तरफ भाजपा भी अभी तीन वार्डों में भराड़ी, कैथू और मल्याणा में अपने प्रत्याशी तय नहीं कर पाई है। अभी भाजपा 31 वार्डों में ही प्रत्याशी तय कर पाई है। तय किए गए ज्यादातर प्रत्याशी सोमवार को नामांकन भी भर सकते है।
देवभूमि हिमाचल में महादेव शिव के अनेक मंदिर हैं। ऊना जिला के बंगाणा उपमंडल के तलमेहड़ा गांव की रामगढ़ धार पर स्थित धौम्येश्वर सदाशिव मंदिर भी लाखों शिव भक्तों की आस्था का केंद्र है। इस मंदिर का निर्माण पचास के दशक में हुआ था। सदाशिव मंदिर की विशेष धार्मिक मान्यता है और पूरा वर्ष यहां लाखों की तादाद में श्रद्धालु नमन करने और भगवान शंकर की आराधना करने के लिए पहुंचते हैं। मान्यता है कि करीब 5500 वर्ष पहले महाभारत काल में पांडवों के पुरोहित श्री धौम्य ऋषि ने तीर्थ यात्रा करते हुए इसी ध्यूंसर नामक पर्वत पर शिव की तपस्या की थी। भगवान शिव ने प्रसन्न होकर दर्शन देते हुए वर मांगने को कहा था जिस पर ऋषि ने वर मांगा कि इस पूरे क्षेत्र में आकर धौम्येश्वर शिव की पूजा करने वाले की मनोकामनाएं पूरी हों। मान्यताओं के मुताबिक भगवान शिव तथास्तु कह कर अंतर्ध्यान हो गए थे। इसके बाद से जो भी श्रद्धालु मंदिर पहुंच कर सच्चे मन से मन्नत मांगता है, तो उस भक्त की मुराद पूरी होती है। मंदिर को धौम्येश्वर शिवलिंग, ध्यूंसर महादेव और सदाशिव के नाम से पुकारा जाता है। मंदिर के वर्तमान पुजारी राकेश शर्मा व सिद्ध राज शास्त्री के मुताबिक 1948 में पहली बार जिला के इस सबसे ऊंचे स्थल पर मौजूद पवित्र शिवलिंग के स्थान पर शिवरात्री का आयोजन किया गया था। पुजारी की मानें तो 1937 में मद्रास के एक सैशन जज स्वामी ओंकारा नंद गिरी को स्वप्र में भगवान शिव ने दर्शन देते हुए कहा कि पांडवों के अज्ञातवास के समय उनके पुरोहित धौम्य ऋर्षि द्वारा स्वयंभू शिवलिंग अर्चना की थी। वे शिवलिंग की खोज कर पूजा अर्चना करें। स्वामी ओंकारा नंद गिरी ने स्वप्न के आधार पर शिवलिंग को काफी जगह खोजा, लेकिन नहीं मिला। घूमते-घूमते सन् 1947 में स्वामी सोहारी पहुंच गए। सोहारी स्थित सनातन उच्च विद्यालय के प्रधानाचार्य शिव प्रसाद शर्मा डबराल के सहयोग से स्वामी ओंकारा नंद गिरी जी शिवलिंग के पास पहुंचे। उन्होंने कहा कि सबसे पहले आठ बाय आठ फुट का पहला मंदिर बनाया था। 1988 तक स्वामी ओंकारानंद गिरी जी इस मंदिर का संचालन करते रहे, उनके उपरांत मंदिर समिति इसके प्रबंधों का जिम्मा संभाले हुए हैं। पूरे जिला का दिखता है अलौकिक नजारा जिला के सबसे खूबसूरत स्थलों में से एक तलमेहड़ा की पहाड़ी श्रृंखलाओं में से सबसे ऊंचे पहाड़ ध्यूंसर जंगल पर स्थित सदाशिव मंदिर से पूरे जिला का अलौकिक नजारा देखने को मिलता। मंदिर चारों ओर जंगलों से घिरा हुआ है। मंदिर से न केवल जिला का ही नजारा दिखता है, बल्कि धौलाधार की पहाड़ियां भी दिखाई देती है, जो कि अलग ही नजारा है। अखंड धूना जलाने से हुआ वट वृक्ष हरा-भरा करीब 23 वर्षों से प्रकाश चंद बाबा जी मंदिर में अखंड धूना जला रहे है। प्रकाश चंद बाबा की माने तो पांडवों के समय के पश्चात शिवलिंग के समीप वट वृक्ष सूख गया था। इसके बाद वर्ष 1996 में अखंड धूना जलाया गया, जिसके बाद वृक्ष धीरे-धीरे हरा भरा हो चला गया। माता चिंतपूर्णी की तर्ज पर श्रद्धालुओं द्वारा वट वृक्ष पर मौली बांधकर मुरादे मांगते है, जो कि पूरी होती है। प्रकाश चंद ने बताया कि अखंड धूने से सांस की बीमारी, फोड़ा फुंसी सहित चर्म रोगों से भी राहत मिलती है। श्रावण माह में सबसे ज्यादा भीड़ यूं तो पूरा वर्ष श्रद्धालु आते हैं लेकिन श्रावण माह में यहां श्रद्धालुओं की इतनी भीड़ उमड़ती है कि खड़े होने के लिए भी जगह नहीं बचती। अनेक श्रद्धालु यहां भंडारों का आयोजन करते हैं। श्रावण माह के अलावा मंदिर में शिवरात्रि पर्व, जन्माष्टमी पर्व, स्वामी ओंकारानंद गिरी की पुण्यतिथि के अलावा विशाल दंगल मेला की विशेष पहचान है। इन सभी कार्यक्रमों में हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं। बारिश न होने पर पिंडी को भरा जाता है जल से मान्यता है कि गर्मियों के दिनों अगर सूखा पड़ता है तो शिवलिंग को पूरा जल से भर दिया जाता है। सूखा पड़ने पर सभी ग्रामीण सदाशिव मंदिर पहुंचते है और पूजा अर्चना करते हैं। शिवलिंग को ऊपर तक पानी से भरने पर जोरदार बारिश होती है। ऐसा एक बार नहीं, कई बार हुआ। सूखा पड़ने पर मंदिर में ग्रामीण एकत्रित हुए और शिव शक्ति स्वरूप वाले शिवलिंग को पानी से भर दिया, जिसके बाद जोरदार बारिश होती है। शिव शक्ति स्वरूप शिवलिंग बदलता है रंग जंगलों के बीच चट्टानों पर स्थित शिव शक्ति स्वरूप वाला शिवलिंग अक्सर रंग बदलता है। मंदिर के पुजारी की मानें तो स्वयंभू शिवलिंग समय-समय पर अनेक रंग बदलता है, जो कि अद्भुत दिखता है। स्वयंभू शिवलिंग कभी हरा, कभी लाल तो कभी पत्थर के रंग का हो जाता है। शिवलिंग को फूलों से सजाया जाता है और सदा चांदी के छत्र से इसे शोभित रखते हैं। हैरत की बात है कि हर वर्ष शिवरात्रि के दिन शेष नाग दर्शन देते हैं। गऊ सेवा के अब नंदी सेवा सदाशिव मंदिर में पिछले 8 वर्षों से गऊओं की सेवा की जा रही है। शुरुआत में सिर्फ 2 गऊओं की सेवा शुरू की गई। इसके बाद गऊओं की संख्या बढ़ती गई। मौजूदा समय में मंदिर ट्रस्ट द्वारा गऊ की सेवा की जा रही है। इसके लिए अलग से गौशाला बनाई गई है। मंदिर में जलाई जाने अखंड ज्योत गऊओं के दूध के तैयार किए गए देसी घी से जलाई जाती है। गऊसेवा के बाद अब नंदीशाला का निर्माण किया गया है, जहां पर 100 से अधिक नंदी को रखा जाए। ये वह नंदी है, जो आस-पास के क्षेत्र में बेसहारा घूमते रहते थे। दिव्यांगों व वृद्धों के लिए लगाई लिफ्ट ऊंचाई पर स्थित शिवलिंग के दर्शन करने के लिए दिव्यांगों व वृद्धों को काफी परेशानी पेश आती है। ऐसे में मंदिर द्वारा लिफ्ट लगा दी गई है। जिसके माध्यम से श्रद्धालु आसानी से मंदिर तक पहुंच जाते है। 24 घंटे लगा रहता है लंगर मंदिर में सैकड़ों श्रद्धालुओं के ठहरने की भी काफी व्यवस्था है। मंदिर में दर्जनों सराय है, जहां पर श्रद्धालु रूक सकते हैं। यहां करीब 5000 से अधिक क्षमता के लंगर हाल के साथ-साथ जगह-जगह श्रद्धालुओं के बैठने के लिए अच्छी व्यवस्था की गई है। मंदिर में 24 घंटे लंगर की भी व्यवस्था रहती है। दिन व रात किसी भी समय कोई श्रद्धालु मंदिर पहुंचता है, तो लंगर की व्यवस्था हमेशा रहती है। आस्था के साथ जरूरतमंदों का भी सहारा आस्था का यह केंद्र केवल श्रद्धालुओं की मन्नतों को ही पूरा नहीं करता बल्कि यहां चढ़ाया गया दान अनेक जरूरतमंद लोगों के जीवन का सहारा बन रहा है। मंदिर ट्रस्ट की ओर से समय-समय पर जरूरतमंदों की मदद की जाती है। निर्धन कन्याओं की मदद के लिए उनकी शादी में वर्तमान में 21 सौ रुपए का शगुन भी दिया जाता है। इसके अलावा खाद्य सामग्री भी दी जाती है। अब तक मंदिर ट्रस्ट करीब 900 शादियां करवाई जा चुकी है। यही नहीं मानवता की सेवा के क्रम को बढ़ाते हुए मंदिर ट्रस्ट की ओर से किडनी, कैंसर से पीड़ित मरीजों का उपचार भी करवाया जाता है। तलमेहड़ा क्षेत्र के विकास की अनेक योजनाएं चढ़ावे में मिली राशि का सदुपयोग कर तैयार की जाती है। श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए यात्री निवास, शौचालय, पार्किंग व लंगर जैसी व्यवस्थाएं हैं। मंदिर में करवाई जाती शादियां सदाशिव मंदिर ध्यूंसर महादेव में सन् 2013 से बतौर प्रधान पद प्रवीण शर्मा को काम करने का अवसर मिला। प्रवीण शर्मा के नेतृत्व में समस्त प्रबंधन कमेटी के सहयोग से नई सोच से मंदिर में विकास व सामाजिक जन कल्याणकारी कार्यों शुरू करवाया गया। इसी सोच के तहत गरीब कन्याओं की शादी मंदिर में ही करवाने का निर्णय लिया। ट्रस्ट द्वारा मंदिर में गरीब कन्या की शादी करवाई जाती है, जिसका सारा खर्च मंदिर द्वारा किया जाता है। इसके अलावा खाने-पीने की भी व्यवस्था मंदिर द्वारा की जाती है। अनाथ बच्चों की पढ़ाई में ट्रस्ट कर रहा सहयोग सदाशिव मंदिर ट्रस्ट न केवल गरीब कन्याओं की शादी के लिए बल्कि अनाथ बच्चों की पढ़ाई के लिए भी पूरा खर्च उठाती है। अब तक कई अनाथ बच्चों की मंदिर ट्रस्ट द्वारा पढ़ाई करवाई गई है। मंदिर चेयरमैन प्रवीण शर्मा की मानें तो अगर किसी के माता-पिता नहीं है और पढ़ाई करना चाहते हैं, तो मंदिर द्वारा पूरा पढ़ाई करवाई जाती है। ग्रेजूशन के अलावा अगर कोई बच्चा आईटीआई व डिप्लोमा करना चाहता है, तो ट्रस्ट पूरी मदद करेगा। मंदिर की सुंदरता माया नगरी तक धौमेश्वर मंदिर तलमेहड़ा में हिमाचल पंजाब ही नहीं, बल्कि माया नगरी में भी खनक पहुंच गई है। फिल्मी जगत के सितारे धौमेश्वर मन्दिर तलमेहड़ा में कमेटी द्वारा मंदिर में की गई व्यवस्था से मंत्रमुग्ध हो चुके है। हाल ही में हिंदी एवं पंजाबी जगत के सुपरस्टार गायक मास्टर सलीम द्वारा धौमेश्वर मन्दिर तलमेहड़ा में 'भोले की बारात पार्ट 3 ' की शूटिंग की गई। मास्टर सलीम ने धौमेश्वर मंदिर कमेटी में हुए अथाह विकास और कमेटी द्वारा मंदिर में व्यवस्थाओं का जिक्र किया गया है। सदाशिव मंदिर की दूरी ऊना मुख्यालय के अगर आप अंब रोड़ पर बाया बडूही, जोल होते हुए सदाशिव मंदिर जाते हैं, तो इसकी दूरी 34 किलोमीटर है। इसके अलावा अगर हमीरपुर पर नलवाड़ी, तलमेहड़ा होते हुए मंदिर जाएंगे, तो इसकी ऊना से सदाशिव मंदिर की दूरी 41 किलोमीटर है।
राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि राज्य सरकार ने शिमला में डीकार्बोनाइजिंग ट्रांसपोर्ट के दृष्टिगत स्थायी गतिशीलता समाधान की निगरानी और उसे बढ़ावा देने के लिए एक ग्रीन मोबिलिटी कमेटी का गठन किया है। उन्होंने कहा कि प्रधान सचिव, परिवहन समिति के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, हिमाचल पथ परिवहन निगम, निदेशक, परिवहन, आयुक्त, नगर निगम, शिमला, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, शिमला स्मार्ट सिटी, प्रमुख अभियंता, हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग, शिमला, निदेशक रोपवे और रैपिड ट्रांजिट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, मुख्य अभियंता, एच.पी. स्टेट रोड एंड अदर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, प्रबंध निदेशक, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड, निदेशक, पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग इसके सदस्य होंगे। उन्होंने कहा कि सचिव, एसटीए-सह-अतिरिक्त आयुक्त, परिवहन समिति के सदस्य सचिव होंगे। उन्होंने कहा कि समिति इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग के मद्देनज़र एक टिकाऊ योजना विकसित करेगी, जो शिमला शहर में डी-कार्बोनाइजेशन के लिए मदद करेगी। उन्होंने कहा कि अंतर-विभागीय सहयोग के लिए एक मंच के रूप में काम करना समिति के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि समिति कार्यशालाओं और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के आयोजन, पायलट परियोजनाओं पर विचार-मंथन करने, परियोजना निष्पादन में तेजी लाने के लिए मौजूदा योजनाओं का विलय करने के अलावा समय-सीमा के साथ कार्ययोजना को परिभाषित करने में सहायता करेगी। उन्होंने कहा कि इस कमेटी की बैठक हर तिमाही में एक बार आयोजित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज काजा में भारत सरकार में ऊर्जा सचिव, आलोक कुमार से भेंट की और राज्य के विद्युत परियोजनाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने 210 मेगावाट की लुहरी-1, 172 मेगावाट लुहरी-2, 382 मेगावाट सुन्नी, और 66 मेगावाट की धौलासिद्ध परियोजनाओं सहित अन्य जलविद्युत परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार और सतलुज जल विद्युत निगम (एसजेवीएनएल) के मध्य हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापनों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं में हिमाचल प्रदेश को क्रमबद्ध हिस्सेदारी की पेशकश राज्य के लोगों के साथ अन्याय है। उन्होंने केंद्र सरकार से इन समझौतों का पुनः परीक्षण करने का आग्रह किया। उन्होंने हिमाचल प्रदेश को इन बिजली परियोजनाओं के स्वामित्व हस्तांतरण के लिए 75 वर्षों की एक निश्चित समय सीमा का भी आह्वान किया, क्योंकि वर्ष 2019 के बाद परियोजनाओं के लिए हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापनों में यह समय सीमा 70 वर्ष है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न बिजली परियोजनाओं में भागीदारी में वृद्धि पर चर्चा करते हुए आग्रह किया कि बीबीएमबी, एसजेवीएनएल और एनजेपीसी जैसी कंपनियों की पहले ही अपनी लागत वसूल कर चुकी पनबिजली परियोजनाओं में राज्य को 40 प्रतिशत हिस्सा प्रदान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब के साथ 110 मेगावाट की शानन जलविद्युत परियोजना के लिए पट्टे की अवधि वर्ष 2024 में समाप्त हो जाएगी। उन्होंने बल देते हुए कहा कि पट्टे की अवधि समाप्त होने के बाद हिमाचल प्रदेश को उसका उचित हिस्सा मिलना चाहिए। बैठक में विधायक रवि ठाकुर और एसजेवीएनएल के सीएमडी नंद लाल शर्मा भी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित सेवा संघ स्पीति इकाई काजा ने आज काजा में मुख्यमंत्री सुख आश्रय कोष के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू को एक लाख दस हजार रुपये का चेक भेंट किया।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू स्पिति घाटी, जिसे ‘लामाओं की भूमि’ भी कहा जाता है, में अपने तीन दिवसीय प्रवास के दौरान लामाओं से जुड़े और यहां की अनूठी संस्कृति एवं परंपराओं के प्रति गहरी रूचि दिखाई। उन्होंने मठों की विभिन्न मांगों को पूरा भी किया। स्पिति घाटी की महिलाओं को एक महत्वपूर्ण तोहफा देते हुए मुख्यमंत्री ने स्पिति घाटी की 18 वर्ष से अधिक आयु की सभी महिलाओं को आगामी जून माह से 1500 रुपये प्रतिमाह पेंशन प्रदान करने की घोषणा की और घाटी की बौद्ध भिक्षुणी ‘छोमो’ भी इससे लाभान्वित होंगी। मुख्यमंत्री ने की गोम्पा में अपने संबोधन में कहा कि हिमाचल दिवस के अवसर पर राज्य सरकार ने स्पिति घाटी की छोमो सहित सभी महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह पेंशन का एक बड़ा तोहफा दिया है, जिससे इन महिलाओं में आत्म-सम्मान की भावना और मजबूत होगी। प्रवास के प्रथम दिन सगनम हेलीपैड पर उतरने के बाद मुख्यमंत्री ने कुंगरी, ढंखर, काजा और की मठों में पूजा-अर्चना की और बौद्ध धर्म की परंपराओं और इतिहास को नजदीक से जाना व समझा। मुख्यमंत्री बनने के बाद स्पिति घाटी के अपने पहले प्रवास में ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का लामाओं द्वारा पारंपरिक परिधान भेंट कर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने घाटी के विभिन्न मठों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने कुंगरी गोम्पा को 50 लाख रुपये देने तथा ढंखर गोम्पा के लिए छात्रावास निर्माण और पेयजल योजना की घोषणा की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने की-गोम्पा के ध्यान केंद्र को स्तरोन्नत करने का भी आश्वासन दिया, जिसके लिए सरकार द्वारा समुचित धनराशि उपलब्ध करवाई जाएगी। प्रवास के दौरान स्पिति घाटी के विभिन्न संगठनों ने मुख्यमंत्री से भेंट की और उन्हें अपनी विभिन्न मांगों से अवगत करवाया। मुख्यमंत्री ने चिचम में एशिया के सबसे ऊंचे पुल का निरीक्षण भी किया। स्थानीय लोगों की मांग पर उन्होंने चिचम गांव के लिए पेयजल योजना के निर्माण पर विचार करने का वादा किया। स्पिति घाटी में किसी भी मुख्यमंत्री के सबसे लम्बे प्रवास से स्थानीय लोगों में हर्ष एवं उत्साह साफ दिखा और ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के सरल व मिलनसार व्यक्तित्व से हर कोई प्रभावित नजर आया। घाटी के मठों के प्रति उनकी अगाध श्रद्धा और घाटी की महिलाओं को पेंशन के रूप में सम्मान राशि की घोषणा की विभिन्न वर्गों ने सराहना की।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव व पूर्व पाषर्द सुशांत कपरेट ने आवासीय मकानों की एटिक फ्लोर की ऊंचाई 2.7 से बढाकर 3.05 मीटर करने के फैंसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि एटिक भवन का अहम हिस्सा होता है। नगर निगम व टीसीपी के दायरे में आने वाले भवन मालिकों को सरकार के इस फैंसले से बड़ी राहत मिली है। इससे लोग अब छत्त की ऊंचाई बढ़ाकर उसमें एक कमरे का प्रयोग कर सकेंगे। प्रेस को जारी एक ब्यान में सुशांत कपरेट ने कहा कि शिमला जैसे शहर जहां पर कंजेशन काफी ज्यादा है और एनजीटी ने ढाई मंजिल की शर्त लगाई है वहां के लिए यह निर्णय सबसे ज्यादा लाभदायक साबित होगा। इसके अलावा प्रदेश के अन्य शहरों के लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा चाहे वह नगर निगम की परिधि में आते हो या फिर नगर निगम की। उन्होंने कहा कि पिछले काफी समय से यह मांग उठ रही थी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जनता की भावनाओं को समझ कर यह निर्णय लिया है। इस निर्णय से शिमला जैसे शहर में जिनके भवन इस आधार पर नियमितीकरण के लिये अधर में लटके थे उन भवन मालिकों को बहुत बड़ी राहत है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू स्पिति घाटी के अपने पहले प्रवास के दौरान घाटी के रंग में रंगे नजर आए। अपने भाषण की शुरूआत उन्होंने ‘जूले’ कहकर की, जिसका हिंदी में अर्थ है नमस्ते। जूले कहते ही स्थानीय लोगों ने जोरदार तालियां बजाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इसके बाद स्थानीय निवासियों ने पारंपरिक परिधान "छूबा" पहनाकर उनका स्वागत भी किया। मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर को भी स्पिति वासियों ने पारंपरिक परिधान पहनाया। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्थानीय संस्कृति पर आधारित कार्यक्रमों में गहरी रुचि दिखाई और कलाकारों की खुले मन से प्रशंसा की। उन्होंने कलाकारों को सम्मानित किया और सभी स्पितिवासियों को अपनी प्राचीन एवं अनूठी संस्कृति के संरक्षण के लिए बधाई भी दी।
हिमाचल प्रदेश में 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सिविल सेवा, प्रेरणा स्रोत और हिमाचल गौरव पुरस्कार देंगे। यह स्पीति के काजा में होने जा रहे राज्यस्तरीय हिमाचल दिवस समारोह में दिए जाएंगे। सोमवार को सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव ने इससे संबंधित अधिसूचना जारी की। प्रेरणा स्रोत सम्मान से पाइनग्रोव स्कूल कसौली के प्रधानाचार्य कैप्टन एजे सिंह को भी पुरस्कृत किया जायेगा। बता दें कि पाइनग्रोव स्कूल के कार्यकारी निर्देशक कैप्टेन एजे सिंह की 1982 में भारतीय सेना में नियुक्ति हुई थी। पाँच वर्ष के अंतराल में ही उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में काम करने के उद्देश्य से अपने कमीशन से त्याग पत्र दे दिया। आज पाइनग्रोव स्कूल का न केवल प्रदेश बल्कि अन्य देशों में भी डंका बजता है। पाइनग्रोव स्कूल के निर्देशक कैप्टेन एजे सिंह का सामान्य रूप से स्कूली शिक्षा, विशेष रूप से आवासीय स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में और उच्च गुणवत्ता वाले मानव-संस्थान में योगदान अतुलनीय है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर अंबेडकर चौक, शिमला में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर ने समरसता, सौहार्द और सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए योगदान दिया। उनके अनुसार समतावादी समाज के निर्माण के लिए शिक्षा प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार प्रदान करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने समाज के पिछड़े वर्गों और गरीबों के कल्याण एवं उनके अधिकारों के लिए जीवन-भर कार्य किया। हमें उनके जीवन मूल्यों और आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बाबा साहेब अम्बेडकर वेलफेयर सोसायटी के कैलेंडर का विमोचन भी किया। वहीं सूचना एवं जन संपर्क विभाग के कलाकारों ने भक्ति संगीत प्रस्तुत किया। इस दौरान शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, विधायक विनय कुमार और हरीश जनारथा, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी, आयुक्त नगर निगम आशीष कोहली और अन्य लोग भी उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश में पेपर लीक होने के मामले लगातार बढ़ रहे है। पेपर लीक मामले में विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने एक और खुलासा किया है। नए खुलासे में भंग हो चुके हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग की निलंबित वरिष्ठ सहायक उमा आजाद की भांजी की परीक्षा भी संदेह के दायरे में है। बता दें कि उमा की बड़ी बहन की बेटी ममता उर्फ सोनिया ने भंग चयन आयोग के माध्यम से आयोजित पोस्ट कोड 939 की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण की हुई है। साथ ही एसआईटी ने महिला अभ्यर्थी को विजिलेंस थाना हमीरपुर में पूछताछ के लिए तलब किया है। मिली जानकारी के अनुसार पेपर लीक मामले में मुख्य सरगना उमा आजाद है। अभी तक छह विभिन्न पोस्ट कोड के तहत छह अलग-अलग एफआईआर में कुल सोलह लोगों को नामजद किया है जिसमें से चार लोग जमानत पर रिहा हो चुके हैं। पोस्ट कोड 939 जेओए आईटी भर्ती परीक्षा मामले में दो चपरासी, चपरासी का बेटा और भतीजे समेत कुल चार आरोपियों, पोस्ट कोड 1003 कंप्यूटर ऑपरेटर भर्ती मामले में गिरफ्तार दलाल सोहन लाल, पोस्ट कोड 819 ट्रैफिक इंस्पेक्टर भर्ती मामले में आरोपी रवि कुमार, पोस्ट कोड 980 कला अध्यापक मामले में गिरफ्तार सुनीता देवी की न्यायिक हिरासत गुरुवार को खत्म होने पर एसआईटी ने इन सातों आरोपियों को फिर से हमीरपुर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने इन सभी सात आरोपियों की 26 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत बढ़ा दी है।
शिमला नगर निगम चुनावों का बिगुल बज चूका है। नगर निगम शिमला के चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने पांच और प्रत्याशियों के नाम तय कर दिए हैं। प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप की ओर से प्रत्याशियों की सूची जारी की गई है। भाजपा ने बुधवार को पहले दिन एक साथ 24 प्रत्याशियों के नाम तय कर सूची जारी की थी। भाजपा इसके साथ ही अब तक नगर निगम के 34 में से 29 वार्ड में प्रत्याशियों की घोषणा कर चुकी है। गुरुवार को जारी हुई दूसरी सूची में वार्ड नंबर 10 टुटीकंडी से रितु गौतम , राम बाजार से सुनंदा करोल, जाखू से राजन अग्रवाल, पंथाघाटी से कुसुम ठाकुर और कनलोग से बृज सूद को पार्टी के प्रत्याशी बनाया है। हालांकि अभी भी भाजपा शेष बचे पांच वार्ड से अपने प्रत्याशियों के नाम तय नहीं कर पाई है। वहीं नगर निगम शिमला के चुनाव के लिए किसी भी प्रत्याशी ने पहले दिन नामांकन नहीं भरा। भाजपा और कांग्रेस के सभी नाम फाइनल नहीं हुए हैं। कांग्रेस ने 16 और भाजपा ने 24 वार्डों के प्रत्याशियों की सूची जारी की है। इस सप्ताह तीन दिन छुट्टी होने की वजह से अब नामांकन सोमवार को हो पाएंगे।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में नगर निगम चुनावों का बिगुल बज चुका है। राज्य चुनाव आयोग ने नगर निगम शिमला के लिए तारीखों का एलान कर दिया है। चुनाव आयोग की तिथियों के अनुसार 2 मई को शिमला नगर निगम के लिए वोटिंग होगी और 4 मई को परिणाम घोषित होंगे तारीखों के एलान के बाद प्रदेश के बड़े राजनीतिक दल सियासी रण में कूद गए है। कांग्रेस और भाजपा किश्तों में अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर रही है लेकिन प्रदेश की राजधानी शिमला में कुछ ऐसे चेहरों ने भी चुनावी ताल ठोक दी है जो लोगों में खासा प्रभाव रखते है। ऐसे ही एक शख्स जिनका जिक्र हम आज कर रहे है वह प्रदेश के उभरते लोकगायक व हिमाचल प्रदेश की ठेठ पहाड़ी महफ़िल के बेताज बादशाह कपिल शर्मा है। कपिल शर्मा अपने छात्र काल से ही सामाजिक व राजनीतिक कार्यों में सक्रिय रहे कई बार छात्र व मजदूरों के हितों के लिए लड़ाई लड़ते हुए जेल भी गए है। कपिल शर्मा ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से संगीत विषय में एमफिल की पढ़ाई की है और अब सियासत में अपने हाथ आजमा रहे है। कपिल शर्मा संगीत में अपनी छाप छोड़ चुके है। प्रदेश भर में उनके हजारों चाहने वाले है लेकिन अब वह सियासत में भी अपनी किस्मत आजमाना चाह रहे है । कपिल शर्मा ने बताया कि वह अपने छात्र जीवन से ही सामाजिक व राजनीतिक कार्यो में सक्रिय रहे है। छात्र जीवन में ही गरीब छात्रों व मजदूरों के हितों की लड़ाई लड़ते हुए जेल में भी गए है लेकिन कभी अपने मकसद से नहीं डिगे और आज जब शिमला नगर निगम के चुनाव का बिगुल बजा है तो जनता के आग्रह पर उंन्होने भी शिमला के सांगटी वार्ड नम्बर 24 से जनभावनाओं की कद्र करते हुए चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद ही नहीं बल्कि पूरा विश्वास है कि सांगटी वार्ड की जनता उन पर अपना विश्वास जताएगी और भारी मतों के साथ उन्हें नगर निगम शिमला में चुनकर भेजेगी और उन्होंने जनता को विश्वास दिलाते हुए कहा कि वह आने वाले समय मे भी सामाजिक बुराइयों जिसमें , बढ़ती मंहगाई, बेरोजगारी , और हर घर की समस्या बन चुकी नशे के खिलाफ लोगो को अपने लोकसंगीत व राजनीतिक जिम्मेवारी के साथ संगठित करते रहेंगे और लोगो को जागरूक करते रहेंगे और जनता के बीच रहकर जनता की उम्मीदों व आशाओं पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे।
The Shimla Lok Sabha (LS) constituency of Himachal is gearing up for a major political battle in 2024. The parliamentary constituency is a reserved seat (SC) consisting of 17 Vidhan Sabha segments. In the 2019 LS elections, Suresh Kashyap from the BJP defeated Congress veteran Dhani Ram Shandil by over 3.56 lacs ballots. The 2024 Lok Sabha election for the Shimla constituency is anticipated to be fiercely contested. BJP aims to retain Shimla, while Congress is likely to take the opportunity of momentum created by victory in the recent state election and capture the LS seats from BJP after 15 years of BJP dominance in the Shimla LS seat. As the Congress won 13 of the 17 Vidhan Sabha seats in the recent state assembly elections, experts believe that it indicates a shift in the Shimla constituency's mentality from the BJP to the Congress. However, center politics differs from state politics to a great extent. To begin with, the BJP has stronger central leadership than the Congress, whose face, Rahul Gandhi, is currently involved in a legal tussle over statements he made about the Modi surname during a rally. However, as seen in the recent state election, the Modi effect has faded in Himachal, while Congress showing a significant voter base in the Shimla constituency this time, making the future election unpredictable. One of the key factors that could determine the outcome of the election is the choice of candidates. BJP tends to surprise people with its candidate selection every time. Potential candidates from BJP can be Suresh Kashyap (MP Shimla), Virender Kashyap (ex-MP), and Rajiv Seizal (ex-MLA). Congress could give the ticket to leaders like Vinod Sultanpuri (MLA HP), Mohan Lal Brakta (MLA HP), or Vinay Kumar (MLA HP). There is also the possibility of Dhani Ram Shandil (Cabinet Minister HP) being positioned for the LS election again. However, there is a likelihood that new faces from both parties, one with substantial support and relevance in the Shimla constituency, would enter the candidacy in the 2024 election. Another crucial factor that could play a significant role in the election is the issue of development, with both the BJP and Congress promising to address issues such as traffic congestion, waste management, and inadequate infrastructure. The battle for Shimla promises to be exciting as political parties prepare for the 2024 Lok Sabha elections. BJP even started its campaigning in January, while Congress put out an attractive state budget to win over voters this year. With both the BJP and the Congress going all out to capture the seat, it remains to be seen who will come out on top in this election.
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने पंचायती राज संस्थानों में आकस्मिक रिक्तियों को भरने के लिए होने वाले उप-चुनावों के दृष्टिगत 2 मई, 2023 को सार्वजनिक अवकाश (मतदान होने की स्थिति में) घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि उप-चुनाव वाले क्षेत्रों में उस दिन औद्योगिक विवाद अधिनियम के तहत इस दौरान सभी सरकारी कार्यालय, निगम, बोर्ड, शैक्षणिक संस्थान, औद्योगिक प्रतिष्ठान तथा दुकानें बंद रहेंगी। नेगोशिएबल इंस्ट्रुमेंट एक्ट 1881 की धारा 25 के तहत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को सवैतनिक अवकाश देय होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विशेष आकस्मिक अवकाश उन कर्मचारियों को दिया जा सकता है जो राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं और उन्हें सम्बंधित संस्थानों पंचायती राज संस्थानों के उप-चुनाव में मतदान करना है। विशेष अवकाश लेने वाले कर्मचारियों को मतदान करने से सम्बंधित पीठासीन अधिकारी द्वारा ज़ारी प्रमाण-पत्र कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज शिमला के निकट क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केन्द्र मशोबरा का दौरा किया। केंद्र के अपने पहले दौरे पर राज्यपाल ने वैज्ञानिकों का आह्वान किया कि वे संस्थानों से बाहर निकलकर अपने क्षेत्र में किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि किसान इसके लाभ जानकर निश्चित रूप से इस पद्धति को अपनाएंगे। उन्होंने इस केंद्र में प्राकृतिक खेती मॉडल के रूप में विकसित किए गए प्रदर्शन बागों के अवलोकन में गहरी रुचि दिखाई और वैज्ञानिकों द्वारा तैयार इस कृषि पद्धति के परिणामों से प्रभावित हुए। उन्होंने बागवानी विश्वविद्यालय से जुड़े वैज्ञानिकों और सुभाष पालेकर प्राकृतिक कृषि परियोजना के अधिकारियों को उनके प्रयासों के लिए बधाई भी दी। राज्यपाल ने औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी द्वारा केन्द्र में आयोजित ‘प्राकृतिक खेती-सुरक्षित विकल्प’ विषय पर किसानों और वैज्ञानिकों के संवाद कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसान आज न केवल अपनी आय बढ़ा रहे हैं बल्कि सकल उत्पादन बढ़ाने में भी मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की सेब आधारित अर्थव्यवस्था लगभग 5000 करोड़ रुपये की है। हमारे किसान और फल उत्पादक प्रदेश को देश का विकसित राज्य बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र के अतिरिक्त अब फल उत्पादनक में भी हिमाचल की एक विशिष्ट पहचान है। आज किन्नौर का सेब विदेशों में ऊंचे दामों पर बिक रहा है, जिससे हिमाचल का महत्व और भी बढ़ गया है। किसानों के सुझावों और जानकारी से प्रभावित राज्यपाल ने उनके के बागीचों में जाने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि विश्व बैंक प्राकृतिक खेती करने वाले फल उत्पादकों की मदद के लिए आगे आ रहा है और जापान और अन्य देशों के लोग भी उनके खेतों का दौरा कर रहे हैं। आज बड़े उत्पादक स्वरोजगार को और प्रोत्साहन करने की स्थिति में हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हिमाचल प्राकृतिक खेती में एक आदर्श राज्य के रूप में उभरेगा। राज्यपाल ने कहा कि इस केंद्र ने बागवानी विकास और समशीतोष्ण फल उद्योग की व्यवहारिक समस्याओं और बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह केंद्र विशेष रूप से सेब उत्पादन एवं संबद्ध उद्योग के लिए मील का पत्थर साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्राकृतिक खेती के संबंध में कई बार हिमाचल का उल्लेख और प्रशंसा कर चुके हैं और अब उनकी अपेक्षाओं को पूरा करना हमारी जिम्मेदारी है। इस अवसर पर राज्यपाल एवं लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल ने केन्द्र परिसर में पौधरोपण भी किया। इससे पहले, डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल ने राज्यपाल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि देश में पहली बार किसानों और वैज्ञानिकों के समन्वय से प्राकृतिक खेती की विशेष कृषि प्रणाली विकसित की गई है। किसानों को केंद्र में रखकर प्राकृतिक खेती पद्धति को लागू किया गया है। किसान और फल उत्पादक स्वेच्छा से इसे अपना रहे हैं और इसकी सफलता उन्हीं पर निर्भर करती है। सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती के परियोजना निदेशक, नरेश ठाकुर ने कहा कि परियोजना मॉडल के तहत प्रत्येक पंचायत में प्राकृतिक खेती के फार्म विकसित किए जाएंगे और इस वर्ष 100 ऐसे गांवों का चयन किया जाएगा, जहां हर किसान प्राकृतिक खेती अपनाएगा।
शिमला नगर निगम का चुनावी बिगुल बज चुका है और कांग्रेस भाजपा तैयारियों में जुट गई है वही शिमला शहरी कांग्रेस विधायक हरीश जनारथा ने शिमला नगर निगम में कांग्रेस की जीत का दावा किया है उन्होंने कहा कि कांग्रेस नगर निगम चुनावों को लेकर पूरी तरह से तैयार है और जल्द ही उम्मीदवारों की सूची जारी की जाएगी । कांग्रेस जीते हुए उम्मीदवारों को ही चुनावी मैदान में उतारेगी उन्होंने कहा कि कांग्रेस विकास के मुद्दों को लेकर नगर निगम चुनाव लड़ेगी। शहर में सही तरीके से स्मार्ट सिटी के तहत कार्य करवाने के साथ ही सभी वार्डों में एक सम्मान पानी मुहैया करवाने ओर हर वार्ड में एंबुलेंस सड़क सुविधा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पूर्व की भाजपा सरकार द्वारा स्मार्ट सिटी के तहत शहर में बेतरतीब तरीके से कार्य किए गए कई प्रोजेक्ट की जीडीपीआर तक नहीं बनाई गई ओर पैसा बर्बाद किया गया। स्मार्ट सिटी के तहत लोगों के सुझाव लेना जरूरी है । लेकिन पूर्व की सरकार ने मनमर्जी से कार्य किए है। इसके अलावा शिमला शहर में गर्मियों में हर साल ही पानी की समस्या से जूझना पड़ता है। पूर्व सरकार ने 24 घण्टे पानी की सप्लाई देने का वादा किया था लेकिन कई हिस्सों में कई दिनों तक पानी नही मिलता है । सभी वार्डो में एक सम्मान पानी की सप्लाई मिले इस पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शहर की जनता को दस गारंटियाँ देने जा रही है और मेनिफेस्टो भी जारी करेगी और सत्ता पर काबिज होने पर सभी गारंटियों को पूरा किया जाएगा।
जिला सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र के हाटी समुदाय को जनजातीय घोषित करने के लिए सिरमौर हाटी विकास मंच का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर से शिमला में मिला। हाटी समुदाय का मुद्दा केंद्रीय कैबिनेट और लोकसभा से पारित होने के लिए उनका आभार प्रकट किया और साथ ही मांग रखी की शीघ्र ही लाखों लोगों के बिल को राज्यसभा से आगामी मानसून सत्र में पारित करवाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर लिया जाएगा। इस मौके पर अनुराग सिंह ठाकुर ने प्रतिनिधिमंडल को बताया की इस बार संसद विपक्ष के हंगामे के कारण संसद नहीं चल पाई जिसके कारण राज्यसभा से बिल पारित नहीं हो पाया लेकिन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और गृह मंत्री अमित शाह जी और बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व देश के देश के पिछड़े आदिवासी लोगों के हित के लिए कटिबद्ध है इस प्रतिनिधिमंडल में हाटी विकास मंच के अध्यक्ष प्रदीप सिंह सिंगटा, मुख्य प्रवक्ता डॉ रमेश सिंगटा मंच के मुख्य संरक्षक एवं मुख्य सलाहकार सुनील ठाकुर उपाध्यक्ष मदन सिंह तोमर, सचिव खजान ठाकुर और सलाहकार गोपाल ठाकुर , अतर सिंह तोमर ,दलीप सिंगटा कपिल चौहान ,आशु चौहान, अनुज शर्मा, सुरजीत ठाकुर, एडवोकेट श्याम सिंह चौहान, विक्रम नेगी, गोविंद राणा साहित हाटी नेता उपस्थित रहे।।।
शिमला नगर निगम चुनाव में प्रत्याशियों की पहली सूची जारी करने में कांग्रेस ने बढ़त बना ली है और अब भाजपा भी 12 अप्रैल को नगर निगम शिमला के सभी 34 वार्डों के प्रत्याशियों की घोषणा कर सकती है। बुधवार को विली पार्क शिमला में भाजपा चुनाव समिति की बैठक होनी है। इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, प्रदेश सह प्रभारी संजय टंडन, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, त्रिलोक जम्वाल, राकेश जम्वाल, त्रिलोक कपूर, पवन राणा, रश्मीधार सूद उपस्थित रहेंगे। भाजपा प्रदेश सह प्रभारी संजय टंडन ने कहा कि सभी 34 वार्डों की बैठकें हो चुकी है। 12 अप्रैल को भाजपा के नगर निगम में 34 प्रत्याशियों की घोषणा की जाएगी। 13, 17 और 18 अप्रैल को भाजपा प्रत्याशी नामांकन भरेंगे।
हिमाचल प्रदेश में कोरोना की रफ़्तार लगातार बढ़ती जा रही है। संक्रमण के आंकड़ों में हर दिन बढ़ोतरी हो रही है। वहीं, कोरोना की संक्रमण दर भी अब आठ प्रतिशत को पार कर चुकी है। बीते कल को स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदेश भर में कुल 5226 लोगों के सैंपल लिए थे। इनमें से 422 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, जबकि दो लोगों की कोरोना से मौत हुई है। इनमें एक मौत ऊना और एक मौत कुल्लू जिला में हुई है। कोरोना के नए मामले कोरोना वायरस के नए मामलों में बिलासपुर जिला में 30, चंबा में 10, हमीरपुर में 71, कांगड़ा में 126, किन्नौर में सात, कुल्लू में आठ, लाहुल-स्पीति में आठ, मंडी में 85, शिमला में 23, सिरमौर में 21, सोलन में 20 और ऊना जिला में 14 नए मामले आए हैं। इन मामलों के साथ ही प्रदेश में कोरोना के एक्टिव केस 1762 हो चुके हैं, जबकि संक्रमण दर प्रदेश में 8.7 प्रतिशत हो चुकी है। कोरोना का संक्रमण मंडी, हमीरपुर और कांगड़ा जिला में सबसे ज्यादा है। एक्टिव केस की बात करें तो कांगड़ा जिला में 394, बिलासपुर में 143, चंबा में 171, हमीरपुर में 314, कांगड़ा में 392, किन्नौर में 26, कुल्लू में 60, लाहुल-स्पीति में 20, मंडी में 315, शिमला में 136, सिरमौर में 112, सोलन में 117 और ऊना में 56 एक्टिव केस है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए कोविड प्रोटोकॉल का पालन करे।
प्रदेश कांग्रेस ने शिमला नगर निगम चुनाव के लिए 34 में से 7 वार्डों के प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है। कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी के चेयरमैन हर्षवर्धन चौहान ने प्रदेशाध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह के साथ मंगलवार को कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में उम्मीदवारों की घोषणा की। पहली सूची में सिर्फ सात नामों की घोषणा की है। इस मौके पर राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि पहले चरण में उन वार्डों के प्रत्याशियों की सूची जारी की गई है, जहां से 1 ही आवेदन आया था। उन्होंने कहा कि शेष वार्डों में एक से अधिक नाम आए हैं, ऐसे में वीरवार को पार्टी प्रदेशाध्यक्ष और मुख्यमंत्री की उपस्थिति में स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक होगी और उसके बाद सभी नाम तय कर अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी। इन वार्डों में वार्ड नंबर दस टूटीकंडी से उमा कौशल, लोअर बाजार वार्ड नंबर 15 से उमंग बांगा, वार्ड 17 बैनमोर से शीनम कटारिया, वार्ड 23 भट्ठाकुफर से नरेंद्र ठाकुर, छोटा शिमला वार्ड 28 से सुरेंद्र चौहान, वार्ड नंबर 31 पटयोग से दीपक रोहाल और वार्ड नंबर 32 न्यू शिमला से कांग्रेस ने कुसुमलता को प्रत्याशी बनाया है। हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि कांग्रेस बुधवार शाम या गुरुवार सुबह तक शेष वार्डों के लिए भी प्रत्याशियों की सूची जारी कर देगी। उन्होंने कहा कि शेष बचे 27 वार्ड में दो या दो से अधिक आवेदन आए हैं। विधायकों के साथ बैठक तैयार किए तीन-तीन दावेदारों के पैनल के नाम पर चर्चा की जाएगी। कांग्रेस ने इसके लिए सर्वे करवाया है। इसी आधार पर टिकट दिए जाएंगे। साथ ही हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि 18 या 19 अप्रैल को कांग्रेस अपना दस गारंटी वाला घोषणा पत्र जारी कर देगी। और दावा किया कि कांग्रेस नगर निगम चुनाव में भारी बहुमत से जीत कर आएगी। चौहान ने कहा कि भाजपा ने अपने हितों को ध्यान में रखकर वार्ड बढ़ाने, वार्ड के क्षेत्र से छेड़ाछाड़ की है। भाजपा ने चुनाव टालने का पूरा प्रयास किया। भाजपा को डर सता रहा था कि लोकसभा चुनाव से पूर्व नगर निगम चुनाव करवाने पर कांग्रेस के पक्ष में परिणाम आने का सीधा असर लोकसभा चुनाव पर पड़ेगा।
हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर से करवट बदली है। मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश में अगले चार दिन मौसम पूरी तरह से साफ रहेगा। साथ ही बागवानाें के लिए यह राहत की सूचना है। प्रदेश के कम ऊंचाई वाले सेब उत्पादित क्षेत्रों में इन दिनों बगीचाें में फ्लावरिंग का दौर जारी है। इसके लिए मौसम का साफ रहना बेहद जरुरी है। मौसम विभाग के अनुसार 15 अप्रैल को प्रदेश में मौसम फिर करवट बदलेगा। प्रदेश में मैदानी क्षेत्रों में मौसम के साफ रहने से तापमान का पारा बढ़ने लगा है। प्रदेश के आठ प्रमुख शहराें का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस चला गया है। मौसम विभाग के निदेश सुरेंद्र पॉल ने बताया कि प्रदेश में अगले चार दिन सभी जगह मौसम साफ बना रहेगा। 15 अप्रैल को पश्चिमी विक्षोभ प्रदेश में दस्तक दे रहा है। मध्यम से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अपना असर दिखाएगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व सांसद प्रतिभा सिंह ने कुल्लू जिला के बंजार में हुए भीषण अग्निकांड पर दुख प्रकट करते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की हैं। प्रतिभा सिंह ने कुल्लू जिला प्रशासन को प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने व उनके पुनर्वास में सहयोग करने को कहा है।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को नशामुक्त राज्य बनाने में हम सभी को सामूहिक जिम्मेदारी के साथ नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान को गति प्रदान करते हुए इसे आगे ले जाना होगा। आज मंडी के समीप रघुनाथ का पधर में स्थित नशा निवारण केंद्र के दौरे के दौरान उन्होंने यह बात कही। राज्यपाल ने कहा कि इस कार्य में समय अवश्य लग सकता है लेकिन यह असंभव कदापि नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के सहयोग से हम नशा निवारण अभियान में निश्चित तौर पर सफलता प्राप्त कर सकते हैं। शुक्ल ने कहा कि राज्य सरकार नशीले पदार्थों के विरुद्ध प्रभावी ढंग से कार्य कर रही है। राज्यपाल के तौर पर उन्होंने भी एक अभियान के रूप में इस कार्य को आगे बढ़ाते हुए सभी के सहयोग से हिमाचल को नशामुक्त बनाने की दिशा में प्रयास आरंभ किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के क्षय रोग मुक्त भारत अभियान को भी इसी तर्ज पर आगे बढ़ाते हुए हिमाचल को भी क्षय रोग मुक्त राज्य बनाने के लिए कार्य किया जाएगा। राज्यपाल ने केंद्र में उपचाराधीन आवासियों से संवाद भी किया। इस दौरान प्राप्त जानकारी पर संज्ञान लेते हुए राज्यपाल ने उपायुक्त को निजी स्तर पर संचालित किए जा रहे नशा निवारण केंद्रों की निगरानी के निर्देश भी दिए। इससे पहले, राज्यपाल ने क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में आईसीयू, कैजुअल्टी ओपीडी और हंस रिनल केयर सेंटर का दौरा किया और रोगियों को उपलब्ध करवाई जा रही सेवाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा भी की। राज्यपाल ने जिला रेडक्रॉस के माध्यम से अस्पताल में रोगियों को डिजिटल एक्स-रे, ईसीजी और एंबुलेंस इत्यादि की सुविधा उपलब्ध करवाने पर संतोष व्यक्त किया। स्थानीय विधायक अनिल शर्मा, उपायुक्त अरिंदम चौधरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने प्रदेश में जय भारत सत्याग्रह अभियान में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का आह्वान करते हुए कहा है कि देश मे लोकतंत्र की रक्षा के लिए लोगों को जागरूक करने की बहुत आवश्यकता है। उन्होंने कहा है कि अखिल भारतीय कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की भारत जोड़ो पहल के बाद अब जय भारत सत्याग्रह को भी सफल बनाने की जिम्मेदारी कांग्रेस के सभी नेताओं व कार्यकर्ताओं की है। आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्षों की एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रतिभा सिंह ने जिला मुख्यालयों में 15 से 20 अप्रैल के मध्य इस अभियान के तहत जिलाधिकारी के कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन करने को कहा। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के दिशा-निर्देश पर जय भारत अभियान तय सीमा में ही पूरा किया जाना है। उन्होंने कहा कि इस अभियान में पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं, विधायकों, पूर्व विधायकों सहित पार्टी के सभी पदाधिकारियों व अग्रणी सगंठनों के पदाधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। उन्होंने कहा कि इस अभियान में प्रबुद्ध वर्ग, सभी सहयोगी दलों के नेताओं को भी आमंत्रित किया जाना चाहिए। प्रतिभा सिंह ने कहा कि वह स्वयं भी इस अभियान में जहां संभव होगा शामिल होंगी। 20 अप्रैल को वह मंडी में इस अभियान में शिरकत करेंगी। बैठक में कांग्रेस महासचिव यशवंत छाजटा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश चौधरी, कुलदीप सिंह पठानिया, अतुल शर्मा, जितेंद्र चौधरी, शिव कुमार, उमेश नेगी, अंजना धीमान, सेस राम आजाद और आनंद परमार शामिल थे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री आकाश नेगी ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में वामपंथी छात्र संगठन के कार्यकर्ता आए दिन शराब पीकर आम छात्रों को मारने धमकाने का काम करते रहते हैं। इस हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में वामपंथियों द्वारा चार-चार हत्याएं की गईं। अपने इतिहास को दोहराने का कोई भी मौका यह वामपंथी नहीं छोड़ते। आकाश नेगी ने बताया कि यह वही छात्र संगठन है, जिसने अभी थोड़े दिन पहले ही आरकेएमवी छात्रा महाविद्यालय में विद्यार्थी परिषद की छात्रा कार्यकर्ताओं पर एसएफआई के छात्र कार्यकर्ताओं ने शराब के नशे में धुत होकर जानलेवा हमला किया था।शिक्षण संस्थाओं में अराजकता का महौल पैदा करने का काम यह कम्यूनिस्ट विचारधारा के कार्यकर्ता करते रहते हैं।हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में कम्यूनिस्टों ने कई बार अपने इतिहास को दोहराते हुए आम छात्रों व विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं पर हमला किया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के प्रशासन से मांग करती है कि अध्यापक को जान से मारने की धमकी देने वाले ऐसे संगठन के कार्यकर्ताओं पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक 13 अप्रैल को राज्य सचिवालय के शिखर सम्मेलन हाल में आयोजित की जाएगी। मंत्रिमंडल की बैठक मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में 3:00 बजे शरू होगी। बैठक में पुरानी पेंशन योजना को लेकर एसओपी जारी करने पर फैसला हो सकता है। प्रदेश के 1.36 लाख कर्मचारियों की नजरें पुरानी पेंशन देने के फार्मूले पर टिकी हुई हैं। वहीं, मंत्रिमंडल बैठक में 31 मार्च को अनुबंध खत्म होने से बेरोजगार हो चुके आउटसोर्स कर्मियों को लेकर भी फैसला हो सकता है। इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागों में रिक्त पद भरने के फैसले पर भी कैबिनेट अपनी मुहर लगा सकती है। बैठक में कई बड़े फैसले होने की उम्मीद है।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने किन्नौर जिला के दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन अगिम चैकी शिपकिला-पास का दौरा किया तथा भारतीय सेना व भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस बल के जवानों का कुक्षल क्षेम जाना तथा उनका मनोबल बढ़ाया। राजस्व, बागवानी व जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। भारतीय सेना एवं भारतीय तिब्बल सीमा पुलिस का मनोबल बढ़ाते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संसाधन अभाव के बावजूद हमारे जवान मुस्तैदी के साथ देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं, जिस कारण भारत की जनता सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि आज भारत ट्रांसफॉर्मेशन के दौर में है जिसका लोहा भारत ने पूरी दुनिया में मनवाया है तथा भारत प्रगति की राह पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि भारत प्रग्रति की राह पर अग्रसर रहे इसके लिए हमारा भी यह दायित्व बनता है कि हम अपनी जिम्मेदारियों का सही प्रकार से निर्वाह्न करें। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत में देश के लिए बलिदान की परंपरा रही है तथा इस परंपरा को भारत के ये वीर जवान कायम रखते हैं। उन्होंने कहा कि देश की सीमाएं मां के कपड़ों के समान पवित्र होती हैं तथा सीमाओं की पवित्रता को हमारे जवान दिन-रात सत्रद्धता व तत्परता के साथ बनाए हुए हैं। इसके उपरांत केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी तथा जिला प्रशासन किन्नौर द्वारा जिला की ग्राम पंचायत पूह सेे भावपूर्ण विदाई दी गई। इस अवसर पर उपायुक्त किन्नौर तोरूल एस रवीश, पुलीस अधीक्षक विवेक चाहल, स्थानीय जन-प्रतिनिधियों सहित अन्य उपस्थित रहे।
समाजसेवी एवं मदद सेवा ट्रस्ट के प्रेस सचिव विकास थापटा भाजपा में शामिल हो गए हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री एवं नगर निगम शिमला के चुनाव प्रभारी सुखराम चौधरी ने भाजपा मुख्यालय दीपकमल चक्कर शिमला में विकास थापटा को भाजपा की सदस्यता दिलवाई। विकास थापटा ने कहा कि यह उनकी किसी राजनीतिक दल की प्रथम सदस्यता है। उन्होंने कहा कि भाजपा सारे समाज को एक साथ लेकर आगे बढ़ने का कार्य करती है और जिस प्रकार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे समाज के लिए एवं हर वर्ग का ध्यान रखते हुए कार्य किया है इससे प्रभावित होकर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा है। उन्होंने कहा कि वे एक मजबूत विचार वाली पार्टी के साथ जुड़ना चाहता थे और भाजपा में एक मजबूत संगठन दिखा, जिससे प्रभावित होकर उन्होंने भाजपा में आने का निर्णय लिया। विकास थापटा मूलतः कोटखाई से हैं और उन्होंने शिमला मंडल के इंजन घर वार्ड से भाजपा की सदस्यता ग्रहण ही। इस अवसर पर विधायक विनोद कुमार, भाजपा के वरिष्ठ नेता रवि मेहता, कार्यालय सचिव प्यार सिंह कंवर, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा, जिला अध्यक्ष विजय परमार, त्रिलोक कपूर और विजय शर्मा उपस्थित रहे।
नगर निगम चुनाव में भी कांग्रेस पार्टी विधानसभा की तर्ज पर शहर की जनता को दस गारंटियां देने की तैयारी कर रही है। सोमवार को कांग्रेस मुख्यालय में कांग्रेस की चुनाव के लिए बनाई घोषणा पत्र कमेटी की निगम चुनाव प्रभारी तेजिंद्र पाल बिट्टू की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, शहरी विधायक हरीश जनारथा, केहर सिंह खाची, पूर्व मेयर ओर विधायक आदर्श, मनोज कुमार सहित कमेटी के सदस्य मौजूद रहे। बैठक के दौरान प्रभारी ने कहा कि विधानसभा की तरह कांग्रेस निगम चुनाव में भी आम जनता, पूर्व मेयर, पार्षद और वरिष्ठ कांग्रेसियों की राय लेकर अगले सप्ताह दस गारंटियों वाला घोषणा पत्र जारी करेगी। इसमें शहर की स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाली समस्याओं के साथ यहां किए जाने वाले विकास कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसी के साथ प्रभारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी प्रदेश में सत्ता में आने के बाद अपनी घोषणाओं को पूरा करने की दिशा में काम कर रही है। और कहा कि कांग्रेस मिलकर इन चुनाव में तीस से अधिक सीटें जीतकर आएगी।
शिमला नगर निगम चुनावों के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जन सुझावों को लेने का निर्णय लिया हैं। इसके लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने एक विशेष ईमेल sujhav.mcelections@gmail.com (PEOPLE’S MANIFESTO) बनाया है। कोई भी नागरिक जो शिमला नगर निगम चुनावों में रुचि रखता हो और शिमला शहर की समस्याओं को दूर करने या इसके विकास के लिये कोई अपना सुझाव देना चाहता हो, वह लिखित तौर पर या ईमेल के जरिये इस माह के 16 अप्रैल तक प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सीधे भेज सकता है। कांग्रेस महासचिव अमित पाल सिंह ने बताया है कि कांग्रेस शिमला शहर की समस्याओं व इसके विकास के लिये जन सुझावों पर गौर करते हुए शिमला नगर निगम में काविज होने के बाद जन भावनाओं के अनुरूप नगर के विकास की रूपरेखा तय करेगी।
संसाधनों की कमी के कारण उच्च और व्यवसायिक शिक्षा ग्रहण करने में असमर्थ विद्यार्थियों का सपना प्रदेश सरकार पूरा करेगी। इसमें सहायक बनेगी सरकार की नवोन्मेषी एवं महत्वकांक्षी ‘मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना’। वर्तमान राज्य सरकार द्वारा गरीब बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत वित्त वर्ष 2023-24 में गरीब विद्यार्थियों को एक प्रतिशत की ब्याज दर पर शिक्षा ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने इस योजना के तहत 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके अंतर्गत 3 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवारों को एक प्रतिशत की ब्याज दर पर वित्तीय संस्थानों या बैंकों के माध्यम से शिक्षा ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि योजना के तहत सहभागी वित्तीय संस्थानों और बैंकों से विद्यार्थी यह ऋण प्राप्त कर सकते हैं। इससे उन्हें ट्यूशन फीस, आवास, किताबें एवं शिक्षा से जुड़े अन्य संबद्ध खर्च वहन करने में सहायता मिलेगी। इंजीनियरिंग, चिकित्सा, प्रबंधन, पीएचडी, आईटीआई के पाठ्यक्रम, पॉलिटेक्निक, बी-फार्मेसी, नर्सिंग, जनरल नर्सिंग और मिडवाइफरी (जीएनएम) सहित कई व्यवसायिक पाठ्यक्रम इस योजना में शामिल होंगे। योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वित्तीय संसाधनों के अभाव में राज्य में कोई भी गरीब बच्चा उच्च और व्यवसायिक शिक्षा से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक प्रतिशत ब्याज दर सिर्फ उनमें जिम्मेदारी की भावना पैदा करने के लिए है, ताकि विद्यार्थी अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रेरित हों। राज्य सरकार का संकल्प है कि धन की कमी के कारण कोई भी विद्यार्थी उच्च शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि योजना को अंतिम रूप देने के लिए शिक्षा विभाग प्रयासरत है। इस योजना के माध्मय से गरीब विद्यार्थियों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच और उनकी क्षमता का सही उपयोग सुनिश्चित होगा तथा इससे उनकी आकांक्षाओं को पूर्ण करने में भी मदद मिलेगी। व्यवस्था परिवर्तन करने के संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की दिशा में कार्य कर रही है और मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना इन्हीं में से एक है। सरकारी संस्थानों में 18 वर्ष आयु से अधिक की 20 हजार मेधावी छात्राओं को प्रोत्साहन प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य सरकार उन्हें इलेक्ट्रिक स्कूटी की खरीद पर 25 हजार रुपए का उपदान प्रदान करेगी। इससे छात्राएं उच्च शिक्षा प्राप्त करने को प्रोत्साहित होंगी, वहीं ई-स्कूटी का उपयोग हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य बनाने में भी सहायक होगा।
शिमला नगर निगम चुनाव की रणभूमि पर आगामी चुनावी महासंग्राम के लिए राजनीतिक दलों ने अपने सियासी अस्त्र -शस्त्र तैयार कर लिए है। चुनावी रणभेरी बज चुकी है और अब रण कौशल दिखाने की बारी है। चुनाव प्रचार 30 अप्रैल को थम जाएगा और प्रत्याशियों के पास जनता का भरोसा जीतने के लिए एक महीने से भी कम समय बाकी है। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले ये चुनाव अपने आप में बेहद खास हैं। भाजपा के सामने जहां शिमला नगर निगम पर कब्ज़ा बरकरार रखने की चुनौती है, तो वहीँ नई नवेली कांग्रेस सरकार के लिए ये साख का सवाल है। इसी तरह ये चुनाव सीपीआईएम के लिए अपनी मौजूदगी दर्ज करवाने का अवसर है, तो आम आदमी पार्टी के भविष्य के लिए भी ये अहम है। ऐसे में स्वाभाविक है कि शिमला नगर निगम चुनाव में जबरदस्त घमासान देखने को मिलेगा। नगर शिमला पर अपना झंडा फहराने के लिए सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी फुल एक्शन मोड में दिख रही है। पूरी एक्शन फाॅर्स तैयार की गई है जिसमें पार्टी के धुरंधर शामिल है। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान को स्क्रीनिंग कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है, तो वहीँ कैंपेंन कमेटी की कमान डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री संभालेंगे। स्क्रीनिंग कमेटी में उद्योग मंत्री के साथ ही मंत्री अनिरुद्ध सिंह, विक्रमादित्य सिंह, हरीश जनारथा के अलावा आशीष बुटेल, विनय कुमार को कमेटी में रखा गया है। यह स्क्रीनिंग का काम देखेंगे और किसे चुनाव में उतारना है, इसका निर्णय लेंगे। कैंपेंन कमेटी की कमान डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री संभालेंगे,वहीं हेल्थ मिनिस्टर धनीराम शांडिल को संयोजक लगाया गया है। मेंबर की भूमिका में विधायक नंदलाल, मोहन लाल ब्राक्टा, अजय सोलंकी, विनोद सुल्तानपुरी भी शामिल है। इसके अलावा नरेंद्र कटारिया, रजनीश किमटा, दयाल प्यारी और हरदीप सिंह बावा को भी स्थान मिला है। वहीं कांग्रेस ने इलेक्शन मैनेजमेंट कमेटी की कमान शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर को सौंपी गई है, तो सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा को इस कमेटी संयोजक बनाया गया हैं। इनके अलावा महेश्वर सिंह चौहान, संजय अवस्थी, रघुबीर सिंह बाली, इंद्रदत्त लखनपाल, देवेंद्र बुशहरी, रामकुमार, सुरेश कुमार, राजेश शर्मा, सुनील शर्मा बिट्टू, अमित नंदा, रितेश कपरेट को मेंबर लगाया गया। कांग्रेस की इन फेहरिस्तों को देख कर स्पष्ट दिख रहा है पूरी कांग्रेस सरकार नगर निगम शिमला के चुनावी मैदान में उतरेगी। ये पार्टी के लिए अच्छे संकेत भी है और वहीँ अगर पार्टी बेहतर नहीं कर पाती तो पूरी सरकार की किरकिरी होना भी लाज़मी है। उधर चुनाव के लिए भाजपा ने भी कमर कस ली है। भाजपा ने इस बार शिमला नगर निगम चुनाव के लिए विधायकों और पूर्व विधायकों को मैदान में उतारा है। भाजपा ने अपने सभी विधायकों को प्रवासी वार्ड प्रभारी नियुक्त किया है। शिमला नगर निगम चुनाव का प्रभारी सुखराम चौधरी को नियुक्त किया गया है। तो वहीं हर वार्ड पर एक विधायक की ड्यूटी लगाई गई है। ज़ाहिर है यहाँ कब्ज़ा बरकरार रखने को भाजपा कोई कसर नहीं छोड़ेगी। 'आप' के लिए करो या मरो : आम आदमी पार्टी ने शिमला के सभी वार्डों में चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। पर ये देखना रोचक होगा कि पार्टी यहाँ पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरती है या खानापूर्ति के लिए चुनाव लड़ती है। जाहिर सी बात है अगर पार्टी शिमला नगर निगम चुनाव में भी बेहतर नहीं कर पाई तो हिमाचल में पार्टी के भविष्य पर सवाल तो उठेंगे ही। प्रत्याशी खर्च सकेंगे अधिकतम एक लाख नगर निगम शिमला चुनाव के दौरान प्रत्याशी एक लाख रुपये तक प्रचार पर खर्च कर सकेंगे। इससे अधिक व्यय यदि प्रत्याशी द्वारा प्रचार पर किया जाता है तो सदस्यता रद्द किए जाने का प्रावधान है। 86,650 मतदाता करेंगे मतदान नगर निगम शिमला के चुनाव के लिए जिला प्रशासन ने सभी 34 वार्डों की मतदाता सूची का प्रारूप जारी कर दिया। इस बार नगर निगम चुनाव में 86,650 मतदाता नगर निगम की सरकार चुनने के लिए मतदान करेंगे। इसमें पुरुष 45,544 और 41,106 महिलाएं मतदाता शामिल हैं। जिला प्रशासन की नई मतदाता सूची के प्रारूप में सबसे बड़ा वार्ड संजौली चौक बना है। संजौली चौक वार्ड में 4,062 मतदाता है। वहीं, सबसे छोटा वार्ड मल्याणा है। यहां पर कुल 962 मतदाता हैं।
बजट सत्र के दौरान विपक्ष हमलावर दिखा। प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों पर जहां सदन में तीखी नोकझोंक देखने को मिली वहीं, विपक्ष के नेताओं ने पिछली सरकार के काम भी गिनवाए। भाजपा के नेताओं ने संस्थानों के डी-नोटिफाई, लोकतंत्र प्रहरी सम्मान योजना को बंद करने के विरोध और आउटसोर्स कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के मुद्दे पर जमकर सरकार को घेरा। इन्हीं मुद्दों पर फर्स्ट वर्डिक्ट मीडिया द्वारा भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष व ऊना सदर से विधायक सतपाल सत्ती से खास चर्चा की गयी। पेश है चर्चा के मुख्य अंश...... सवाल : बजट सत्र के दौरान विपक्ष को कई बार बोलने का मौका दिया गया इसके बावजूद भी विपक्ष द्वारा कई दफा वॉक आउट किया गया, क्या कारण रहा ? जवाब : विपक्ष द्वारा 3 दिन विभिन्न मुद्दों पर वॉक आउट किया गया, सबसे पहले मुद्दा था लोकतंत्र प्रहरी सम्मान योजना को बंद करने का, इस सम्मान योजना को उन लोगों के लिए शुरू किया गया था, जिन लोगों ने इमरजेंसी के दौरान 19 महीने जेल में काटे थे। परन्तु कांग्रेस ने सरकार बनते ही इस सम्मान योजना को बंद कर दिया। हमने इसका विरोध किया लेकिन हमारी बात को नहीं सुना गया, जिस वजह से हमने सदन से वॉक आउट कर दिया। इसके साथ ही शिमला नगर निगम चुनाव से पहले भी कई अनियमितताएं देखने को मिली, नगर निगम के लिए वोट कौन बना सकता है और कौन नहीं, इस नियम को बार-बार बदला गया है। कांग्रेस धक्काशाही करके नगर निगम शिमला के चुनावों को जीतना चाहती है, इसलिए इस तरह के हथकंड़े अपना रही है। हमने इस पर चर्चा करना चाही तो उसे भी नहीं सुना गया। इसी तरह हमने विभिन्न मुद्दों को विधानसभा में रखा लेकिन कांग्रेस के लोगों ने किसी भी विषय पर ठीक तरह से चर्चा नहीं होने दी जिस वजह से हम सदन से बाहर आ गए। कई विषयों पर हमने चर्चा भी की और मुद्दों को सदन में रखा। हम बिना वजह सदन से वॉक आउट करने पर विश्वास नहीं रखते है। यदि सरकार ठीक तरह से कार्य करेगी तो हम भी साथ देंगे, लेकिन यदि हमारी बात को सदन में सुना नहीं जाएगा तो हम भी सरकार की बात को नहीं सुनेंगे। सवाल : नई सरकार के पहले बजट को भाजपा ने केंद्र की कॉपी बताया मगर कांग्रेस का कहना है की केंद्र की कॉपी होना कोई नेगेटिव पॉइंट नहीं है, आप इस पर क्या कहेंगे ? जवाब : भाजपा ने जयराम ठाकुर के नेतृत्व में प्रदेश में कई स्कीमों को चलाया और केंद्र सरकार का भी हमें उसमें पूरा सहयोग मिला। आज के समय में भी प्रदेश में जो योजनाएं चल रही है इसमें केंद्र का पूरा सहयोग मिल रहा है, फिर चाहे वह जल जीवन मिशन हो या फोरलेनिंग का कार्य, सभी कार्य केंद्र सरकार की मदद से हो रहे है। हम कंस्यूमर स्टेट है और हमारे पास इतने साधन नहीं है कि हम अपने स्तर पर इन सब कार्यों को कर सके। नरेंदर मोदी जब से प्रधानमंत्री बने है तब से उन्होंने प्रदेश को हक़ से ज्यादा दिया है और प्रदेश का विशेष ध्यान रखा है। इसके नाते हम यह कह सकते है कि पिछली सरकार द्वारा कई जनहित की योजनाएं चलायी गयी है, जैसे हिमकेयर योजना जिससे कोई भी व्यक्ति अपने इलाज के दौरान 5 लाख तक का मुफ्त इलाज करवा सकता है, महिला गृहणी सशक्तिकरण योजना जिससे आज प्रदेश में कोई भी घर एलपीजी गैस के बिना नहीं है, इसका पूरा श्रेय केवल भाजपा को जाता है। कांग्रेस की सरकार हाल ही में प्रदेश में बनी है, इस समय जो भी उद्घाटन कांग्रेस के मंत्रियों या मुख्यमंत्री द्वारा किये जा रहे है वह सब जयराम ठाकुर की सरकार में स्वीकृत हुए थे। इनके समय में अभी किसी भी कार्य की प्रक्रिया पूरी होने में करीब डेढ़ से दो साल का समय लगेगा, डेढ़ से दो साल बाद जो कार्य होंगे वह कांग्रेस सरकार के काम होंगे लेकिन अभी जो कार्य चल रहे है वह कार्य भाजपा सरकार की देन है। यह सरकार केवल जनता को दुःख देने के लिए हैं। इन्होने संसथान बंद कर दिए, बिजली को महंगा कर दिया और इसके साथ ही इन्होने लाखो युवाओं को रोज़गार देने का वादा किया था लेकिन आउटसोर्स पर लगे हज़ारों कर्मचारियों को बहार का रास्ता दिखा दिया। मेडिकल कालेज, हेल्थ इंस्टीटूशन खाली हो गए है, जल शक्ति विभाग में स्कीमों को चलने वाला कोई नहीं बचा है। कांग्रेस सरकार का नौजवानों के प्रति अन्यायपूर्ण रवैया है जिसका हम विरोध करते है। इस विषय का हम विधानसभा के अंदर और बहार विरोध करेंगे। यदि सरकार ठीक तरह से चलती है तो हम साथ देंगे नहीं तो सरकार का विरोध किया जाएगा। सवाल : पिछली सरकार के समय में फोरलेन के मुआवजे को लेकर विरोध हुआ है। आप भी लोअर हिमाचल से आते है और यदि देखा जाये तो लोअर हिमाचल में काफी विरोध इसे लेकर देखने को मिला है, इसपर आपका क्या पक्ष है ? जवाब : मेरे क्षेत्र में कहीं भी विरोध नहीं हुआ है, हमारे क्षेत्र में जो भी सड़कें बनी है वहां सभी को मुआवजा मिला है। मेहतपुर से अम्ब सड़क के लिए 107 करोड़ रूपए आया था और उसमे जो भी जमीन आई उनके मालिकों को मुआवजे दिए गए है। मौजूदा समय में भी जो सड़के बन रही है जैसे किरतपुर साहिब से मनाली, परवाणू से शिमला, उन सब के मुआवजे भी दिए गए है। हम मानते है कि किसान की इच्छा होती है कि उसे उसकी जमीन का ज्यादा से ज्यादा मुआवजा मिले जिसमें कोई गलत बात नहीं है। आजकल पठानकोट हाईवे के साथ साथ कांगड़ा जिले में विभिन्न सड़कों का कार्य चल रहा है और वहां पर भी मुआवजे को लेकर आवाज़ उठ रही है। उन्हें भी उचित मुआवजा मिलना चाहिए, यह जनता का हक़ है, हम इसका समर्थन करते है, लेकिन पिछली सरकार के समय मुआवजा नहीं मिला ऐसा कहना उचित नहीं है, क्यूंकि यह केंद्र सरकार का पैसा है और उनके माध्यम से ही पैसा दिया जाता है। इसमें हमारी सरकार की कोई कमी नहीं थी और केंद्र की स्कीमों में भी कोई कमी नहीं है। ऊना में पीजीआई का कार्य शुरू हुआ है, एम्स के कार्य का एक पोरशन 1347 करोड़ में समाप्त कर हम आगे बढ़ रहे है। मेडिकल कालेज का कार्य भी आगामी एक से डेढ़ साल में पूरा हो जायेगा और केंद्र सरकार द्वारा अरबों रूपए उसके लिए दिया जा रहा है। इसके साथ ही मदर चाइल्ड हॉस्पिटलस भी प्रदेश में बनने है। ऐसे ही बहुत सारे कार्य प्रदेश में केंद्र सरकार की मदद से हो रहे है। हम भी कोशिश करेंगे की प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा पैसा आये ताकी प्रदेश का विकास हो सके। प्रधानमंत्री ने पहले भी प्रदेश के लिए कोई कमी नहीं रखी है और आगे भी हमें पूरा विश्वास है कि वह प्रदेश को पूरा सहयोग देंगे। प्रदेश को हज़ारों करोड़ का बल्क ड्रग पार्क दे दिया, मेडिकल डिवाइस पार्क दे दिया जो कांग्रेस की कल्पना से बाहर की बाते है। कांग्रेस उन कार्यों के बारे में सपने में भी नहीं सोच सकती जो केंद्र की मोदी सरकार ने प्रदेश की जयराम सरकार को दिए है। कांग्रेस पार्टी आने वाले पांच वर्षों में यदि उन कार्यों को पूरा कर देगी तो वो भी इनकी बहुत बड़ी उपलब्धि होगी। सवाल : काँगड़ा को टूरिज्म कैपिटल बनाने की बात की गयी है। ऊना भी कांगड़ा के साथ लगता जिला है क्या इससे ऊना को भी लाभ होगा ? जवाब : कांगड़ा बहुत सुन्दर जिला है और उसे टूरिज्म कैपिटल बनाने की बात सरकार ने की है, जिसका हम स्वागत करते है। लेकिन सरकार इसमें कुछ कर के दिखाए तो बात बनेगी। इन्होंने पहले भी धर्मशाला को प्रदेश की दूसरी राजधानी बनाने की बात कही थी लेकिन वहां इन्होंने एक रूपए का कार्य भी नहीं किया। धर्मशाला में विधानसभा बना दी गयी लेकिन वहां केवल 4 दिन तक सत्र चलता है, जब तक सेटल होने की बात आती है तब तक विधानसभा समाप्त हो जाती है। भाजपा ने कांगड़ा के लिए बहुत कुछ किया है, एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, एजुकेशन बोर्ड, सेंट्रल यूनिवर्सिटी भाजपा की देन है। इसके साथ ही इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम भी भाजपा की देन है, जिससे कांगड़ा में पर्यटन को चार चाँद लगे है। केवल नाम देने से कुछ नहीं होगा, उसे तरजीह देना भी बहुत जरूरी है। इसके साथ ही कैबिनेट में कांगड़ा को इग्नोर किया गया है, कांग्रेस के 10 विधायक होने के बावजूद भी केवल 1 मंत्री पद दिया गया है और शिमला से 7 विधायक होने के बावजूद भी 3 मंत्री दिए गए है। कांगड़ा को कांग्रेस पार्टी द्वारा इग्नोर किया गया है। कांग्रेस की सरकार जब जब भी आती है तो लोअर हिमाचल के साथ हमेशा अन्याय करती है, उसी तरह का अन्य क्षत्रों में भी कांग्रेस ऐसा ही कर रही है। सवाल : इस बार मुख्यमंत्री भी लोअर हिमाचल से है, आपको क्यों लगता है कि इस बार भी लोअर हिमाचल को इग्नोर किया जाएगा? जवाब : कांग्रेस को लगता है कि अप्पर हिमाचल में उनका कैडर है और उनकी ज्यादा सीटें आती है इसलिए व अप्पर हिमाचल में ज्यादा जोर लगाते है। भाजपा का रुख साफ़ है कि हर क्षेत्र में काम किया जाए क्यूंकि सीटें तो आती जाती रहती है। पिछली बार भाजपा की कांगड़ा से ज्यादा सीटें थी, इस बार कांग्रेस की है और अगली बार हमारी आ जाएगी। इसके नाते सभी क्षेत्रों का विकास सम्मान होना चाहिए। केवल टूरिज्म कैपिटल का नाम देने से कुछ नहीं होगा, उसे लेकर कांग्रेस क्या कार्य करती है यह आने वाले पांच वर्ष बताएंगे। यदि यह पांच साल टिकते है तो इनके पांच सालों के किए गए काम का लेखा जोखा हम पांच वर्षों के बाद बताएंगे।
हिमाचल सरकार का पहला बजट सत्र समाप्त हो चुका है। इस दौरान प्रदेश के कई मुद्दों को लेकर सदन गरमाया। सदन में एक बार फिर फर्जी डिग्री का मामला गूंजा और इस मसले को सदन में उठाया सुजानपुर से विधायक राजेंद्र राणा ने। फर्जी डिग्री मामले और सदन में गूंजे अन्य मसलों को लेकर फर्स्ट वर्डिक्ट द्वारा सुजानपुर विधायक राजिंदर राणा से खास चर्चा की गयी। पेश है चर्चा के मुख्य अंश...... सवाल : इस बजट सत्र में भी आपने फर्जी डिग्री मामला उठाया, इस मामले में क्या नए अपडेटस आए है ? जवाब : मैंने 2020 में भी पिछली सरकार में इस मामले को उठाया था। 2007 के दिसंबर महीने में भाजपा की सरकार प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व में बनी और 2008 में भाजपा की सरकार प्राइवेट यूनिवर्सिटी एक्ट लेकर आई जिसमें प्राइवेट यूनिवर्सिटी खोलने को लेकर कई शर्तें तय हुई थी। जिस व्यक्ति द्वारा मानव भारती विश्वविद्यालय खोला गया था उस व्यक्ति द्वारा दो बार अप्लाई किया गया, लेकिन कैबिनेट में इनका मामला रिजेक्ट हो गया। विश्वविद्यालय खोलने के लिए 50 बीघा भूमि की शर्त थी लेकिन उस व्यक्ति के पास केवल 30 बीघा ही भूमि थी। मैंने सदन में कहा कि तीसरी बार ऐसी कौन सी बात या डील हुई जो इनको विश्वविद्यालय खोलने की अनुमति दे दी गई। 1998 में राजकुमार राणा ने हिमाचल के बिलासपुर, हमीरपुर और सोलन में वोकेशनल कोर्स शुरू करने की मान्यता ली और उसे मिली भी। उस समय पर भी इसके ऊपर 420 के मामले दर्ज हुए और यहाँ से भाग कर यह व्यक्ति हरियाणा चला गया और करनाल में इसके द्वारा यह गोरखधंधा फिर से शुरू किया गया। यदि व्यक्ति की आपराधिक पृष्ठभूमि थी तो उसे ऐसी यूनिवर्सिटी को शुरू करने कैसे दी गई। हिमाचल में 17 निजी विश्वविद्यालय खोल दिए गए, सोलन में एक पंचायत में तीन यूनिवर्सिटी खोल दी गई है। हिमाचल एक छोटा राज्य है यहाँ इन विश्वविद्यालयों में बच्चे कहाँ से आएंगे। मानव भारती के अलावा भी अन्य प्राइवेट यूनिवर्सिटी संदेह के घेरे में आ जाती है। शांता कुमार के द्वारा भी इस मुद्दे को कई बार उठाया गया है। मैंने यह भी कहा कि मेरी जानकारी के मुताबिक जो जाँच हुई है उसके अनुसार 5 से 6 लाख फर्जी डिग्रियां बेचीं गई है, हालाँकि पुलिस द्वारा की गई जाँच में 41 हज़ार डिग्री की जाँच हुई जिसमें 36 हज़ार फर्जी पाई गई है। इसका मतलब है कि करीब 5 लाख डिग्रियां बिक चुकी है। यदि एक डिग्री 4 लाख के अनुसार भी बेची गई होगी तो यह 20 हज़ार करोड़ का घोटाला है। हिंदुस्तान के विभिन्न राज्यों में यह डिग्रियां बेचीं गई है और विदेश तक में यह डिग्रियां बेचीं गई है। फर्जी डिग्री लेकर जो व्यक्ति किसी कॉलेज में प्रोफेसर लगेगा, तो वो अनपढ़ आदमी दूसरों को क्या पढ़ायेगा। यह देश के नौजवानों के साथ और देश के साथ गद्दारी है। भाजपा ने जो लोग गिरफ्तार किये उनकी जमानत हो गई। यदि उस व्यक्ति की जमानत हो गई तो पुलिस और सरकार डबल बेंच पर क्यों नहीं गई या सुप्रीम कोर्ट क्यों नहीं गई। इस लिए यह मामला सीबीआई का बनता है और इसलिए मैंने इस मामले को सीबीआई को देने की बात सदन में कही है। शांता कुमार भी स्टेटमेंट देते रहे है कि असली गुनाहगार तो बहार घूम रहे है और उन पर हाथ नहीं डाला जा रहा है। इस मामले को सीबीआई को दिए जाना चाहिए। इसके अलावा जिन लोगों ने 2008 में एक आपराधिक पृष्ठ्भूमि वाले व्यक्ति को विश्व विद्यालय खोलने की इजाजत दी थी और शर्तें पूरी न होते हुए भी इजाजत दी गई थी, उस समय की इस्टैब्लिशमेंट के खिलाफ भी कार्यवाही होनी चाहिए। उनके खिलाफ जाँच न होना और उनके खिलाफ एफआईआर न होना भी सवाल खड़े करता है। इसे लेकर हमारे द्वारा सीबीआई जाँच की मांग की गई है और शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री से इस विषय को लेकर चर्चा करेंगे और इस विषय को आगे बढ़ाएंगे। सवाल : कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद कई आउटसोर्स कर्मचारियों की नौकरी चली गई, इस पर आप क्या कहेंगे ? जवाब : देखिए जो आउटसोर्स से सम्बंधित प्रश्नों के जवाब सदन में आ चुके है। आउटसोर्स की बात की जाए तो एक ऐसी कंपनी प्रदेश में काम कर रही थी जिसने हज़ारों करोड़ों रूपए वहां से कमाया, अब एजेंसी बदल गई क्यूंकि उसका कॉन्ट्रैक्ट पीरियड पूरा हो चुका है तो उसमें विपक्ष को हल्ला करने की जरूरत नहीं है। कर्मचारियों की बात करें तो पांच वर्षों तक इनकी सरकार रही तब इन्होंने क्या किया, तब क्या इनकी सरकार सो रही थी। अब कौन से पंडित ने इन्हें मुहूर्त निकाल कर दिए कि अब आप इस विषय को लेकर आवाज़ उठाइए। यह केवल सुर्ख़ियों में बने रहने की बात है और कुछ नहीं है। सवाल : भाजपा कह रही है कि जो कॉन्ट्रैक्ट समाप्त हो चुके है उन्हें रिन्यू किया जाना चाहिए था, कर्मचारियों की नौकरियां नहीं जानी चाहिए थी, इसपर आप क्या कहेंगे? जवाब : जिस व्यक्ति को टेंडर दिए गया था उसका कॉन्ट्रैक्ट समाप्त हो चुका है और जो कर्मचारी थे उन्हें फिर से नौकरी पर रखा जाएगा। सवाल : लोकतंत्र प्रहरी सम्मान योजना को बंद करने को लेकर भी विपक्ष द्वारा खूब हंगामा किया गया, आप क्या मानते है, यह सम्मान राशि दिया जाना ठीक था या नहीं ? जवाब : विपक्ष के साथियों को यह बात समझ लेनी चाहिए कि सत्ता में जो पार्टी आती है वह कुछ लोगों को कमिटमेंट करके आती है। सत्ता परिवर्तन जब होता है तो नई सरकार यह देखती है कि उन्हें सरकार कैसे चलानी है। यदि पिछली सरकार ने कुछ गलत कार्य किये है और कोई गलत फैसले लिए है तो उनको ठीक करना नयी सरकार का कार्य है और वह सरकार कर रही है। सवाल : भाजपा कह रही है कि देश में जब इमरजेंसी लगी थी तब जो लोग जेल गए थे उन लोगों को सम्मान देने के लिए इस योजना को चलाया गया था। क्या कांग्रेस इमरजेंसी का समर्थन करती है ? जवाब : इमरजेंसी किन हालातों में लगाई गई थी इन विषयों पर जाने की जरूरत है। जब देश में हालात बेकाबू हो जाये तो इमरजेंसी जैसी स्थिति होती है और राष्ट्रपति शासन लगता है। यह कोई नयी बात नहीं है और हालातों के अनुसार फैसले लेने पड़ते है। हम न समर्थन कर रहे है और न विरोध कर रहे है जैसे उस समय की स्थिति होगी उस हालत को देखते हुए सरकारों ने फैसला लिया होगा।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप और पूर्व मंत्री सुखराम चौधरी ने आयुक्त राज्य निर्वाचन आयोग को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें नगर निगम शिमला के चुनावों में कांग्रेस पार्टी द्वारा फर्जी वोट बनाने की शिकायत की गई है। कश्यप ने कहा की नगर निगम शिमला की चुनाव प्रक्रिया में वोट बनाने का क्रम जारी है। वर्तमान कांग्रेस सरकार द्वारा सत्ता का दुरुपयोग करते हुए भारी संख्या में फर्जी वोट बनाकर नगर निगम चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उप मुख्यमंत्री एवं सरकार के कुछ मंत्रियों के घरों में भारी तादाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के फर्जी वोट बनाए जा रहे हैं। ऐसा ही एक वाकया बैनमोर वार्ड में भी सामने आया है, जहां एक ही कमरे में 18 से 20 लोगों द्वारा वोट बनाने के लिए आवेदन किए जा रहे हैं। इस तरह की घटनाएं अन्य वार्डो में सामने आ रही हैं। एक स्वस्थ एवं सुदृढ़ लोकतंत्र की स्थापना के लिए आवश्यक है कि चुनावो में पारदर्शिता और निष्पक्षता बरती जाए, लेकिन खेद का विषय है कि कांग्रेस पार्टी नगर निगम शिमला के चुनाव में जीत हासिल करने के लिए निम्न स्तर की राजनीति पर उतर आई है और जाली वोटों के सहारे नगर निगम पर कब्जा करना चाहती है। कश्यप ने कहा की भट्टाकुफर में तो हमारे कार्यकर्ताओं के वोट का आवेदन तक नहीं ले रहे पर दूसरी ओर कांग्रेस नेता बोरियों में भर कर वोट लेकर आ रहे हैं। इसपर चुनाव आयोग तो ध्यान देना चाहिए।
पक्ष -विपक्ष की तीखी नोक झोंक, बयानबाज़ी और विपक्ष के लगातार हमलों के बीच हिमाचल प्रदेश की 14वीं विधानसभा का पहला बजट सत्र अपेक्षाओं के अनुकूल खूब हंगामेदार रहा। विपक्ष में बैठी भाजपा पूरे सत्र में आक्रमक दिखी और ठीक उसी तरह वॉकआउट को अपने विरोध का तरीका बनाया जैसा विपक्ष में रहते कांग्रेस करती थी। सदन में सत्ता पक्ष को घेरने की कोई कसर नहीं छोड़ी गई। नई सरकार को हिमाचल के विकास पर लगा ग्रहण तक कह दिया गया। पूरे सत्र के दौरान भाजपा दो बार काम रोको प्रस्ताव लाई और वॉकआउट को अपना हथियार बनाया। नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा ने सदन में एक मजबूत विपक्ष के तौर पर दमदार मौजूदगी दर्ज करवाई। दिलचस्प बात ये है कि बतौर मुख्यमंत्री मिस्टर कूल इमेज बनाये रखने वाले जयराम ठाकुर ने विपक्ष में आते ही तेवर के जेवर पहन लिए है। जयराम हर छोटे बड़े मुद्दे पर लगातार सुक्खू सरकार को घेर रहे है। कभी अपने बयानों से तो कभी सदन में अपने तेवरों से, जयराम ठाकुर ने एक किस्म से स्पष्ट सन्देश दिया है कि वे ही विपक्ष का चेहरा है, फिलवक्त वे ही हिमाचल में भाजपा का चेहरा है। विपक्ष में आते ही जयराम ठाकुर का सियासी रंग बदले बदले से है। जयराम अब तल्ख़ भी है और ताव में भी दिख रहे है। जयराम के निशाने पर बेशक हिमाचल सरकार हो लेकिन सियासी चश्मे से देखे तो सन्देश भाजपा के भीतर उनके विरोधियों के लिए भी स्पष्ट है, बात साफ़ है कि अभी तो फेस जयराम है। अलबत्ता जयराम के बदले तेवरों ने भाजपा में ऊर्जा का संचार किया है लेकिन पार्टी अब भी सहज नहीं दिख रही। कारण साफ़ है और वो है हिमाचल में भाजपा का लचर दिख रहा संगठन। दरअसल जल्द शिमला नगर निगम का इम्तिहान है और अगले साल आम चुनाव, पर माहिर मानते है कि भाजपा के संगठन में वो धार नहीं दिख रही जिसके लिए पार्टी जानी जाती है। बहरहाल संगठन के सरदार को बदलने की कयासबाजी जरूर जारी है, लेकिन बदलाव कब होगा, इस पर अब भी संशय बना हुआ है। पर इस बीच जयराम ठाकुर सत्ता से बेदखल होने के बावजूद लगातार हिमाचल भाजपा में मजबूत होते जरूर दिख रहे है। ऐसे में यदि प्रदेश भाजपा संगठन में बदलाव होते है तो क्या ये बदलाव जयराम ठाकुर के मनमुताबिक होंगे या पार्टी आलाकमान प्रदेश भाजपा में संतुलन बनाने का प्रयास करेगा, ये देखना भी रोचक होने वाला है। विस चुनाव : जयराम के क्षेत्र में 'दमखम', बाकि जगह था 'दमकम' ! हिमाचल विधानसभा चुनाव के नतीजों पर निगाह डाले तो भाजपा 25 सीटें लेने में कामयाब रही थी। खास बात ये है कि जयराम ठाकुर के गृह ज़िले मंडी में भाजपा को दस में से नौ सीटें मिली और मंडी संसदीय क्षेत्र के लिहाज से देखे तो 17 में से 12 सीटों पर भाजपा का परचम लहराया। जबकि अन्य तीन संसदीय क्षेत्रों में भाजपा के सांसद होने के बावजूद पार्टी 51 में से सिर्फ 13 सीटें जीत पाई थी। इनमें से हमीरपुर सांसद अनुराग ठाकुर केंद्रीय मंत्री है तो शिमला सांसद सुरेश कश्यप हिमाचल भाजपा के अध्यक्ष। रोचक बात ये है कि भाजपा के तीनों राज्यसभा सांसद भी हमीरपुर और कांगड़ा संसदीय क्षेत्रों से है। इंदु गोस्वामी कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से ताल्लुख रखती है, तो सिकंदर कुमार और खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से।
'गुस्सा न करें, यह व्यवस्था परिवर्तन है' मीठे से शब्दों में तीखी बातें कहने वाले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के वक्तव्य सरकार के पहले बजट सत्र में खूब छाए रहे। सियासत की पिच पर विपक्ष के हर वार को मुख्यमंत्री इतनी कुशलता से बेअसर करते रहे मानो हर बॉल पर चौके और छक्के लगा रहे हो। अकेले मुख्यमंत्री ही नहीं पूरा सत्ता पक्ष इस बार विपक्ष पर हावी रहा, ये कहना गलत नहीं होगा। निसंदेह भाजपा बतौर विपक्ष खूब आक्रामक रहती है और रही भी, मगर सुक्खू सरकार को हल्के में निपटाना बिलकुल भी आसान नहीं होगा और ये बात हिमाचल प्रदेश की 14वीं विधानसभा के इस पहले बजट सत्र में स्पष्ट हो गई है। दरअसल बजट सत्र के शुरू होने से पहले कयासों का बाजार गर्म था कि नई सरकार के नए मुखिया जो पहले कभी मंत्री भी नहीं रहे, उनके थोड़े कम अनुभवी होने का फायदा भाजपा उठाएगी, मगर हुआ एक दम उलट। विपक्ष के हर सवाल का जवाब सरकार के पास मौजूद था और जवाबी हमला भी तैयार था। कहीं भी अनुभव की कोई कमी महसूस नहीं होने दी गई। जब मांग हुई तो कई बार विपक्ष को बोलने का मौका भी दिया गया। ख़ास बात ये है कि सिर्फ सीएम या एकाध विधायक ही नहीं बल्कि सत्ता पक्ष के कई विधायकों ने सदन में विपक्ष पर पलटवार भी किये और छाप भी छोड़ी। बजट सत्र में विपक्ष द्वारा सदन में कई मसले उठाए गए। डिनोटिफाइड संस्थानों को दोबारा खोलने की मांग की गई। विपक्ष बजट सेशन में ज़ंजीरों और तालों में लिपट कर भी पहुंचा और मुख्यमंत्री को 'लॉक प्रिय मुख्यमंत्री' की उपाधि भी दी गई। मगर इस पूरे प्रकरण को सिक्योरिटी ब्रीच बता सरकार ने किनारे किया। जब विपक्ष ने इस मुद्दे पर चर्चा मांगी तो चर्चा की अनुमति दी गई और जस्टिफाई भी किया गया कि संस्थानों को किन परिस्थितियों में बंद किया गया। जरूरत पड़ने पर इन्हें खोलने से भी सरकार गुरेज़ नहीं करेगी, ये भी स्पष्ट किया गया। फिर सत्र में विपक्ष द्वारा आउटसोर्स कर्मचारियों का मसीहा बनने की कोशिश भी की गई, मगर बात यहां आकर अटक गई कि आउटसोर्स कर्मचारी पिछले पांच साल जयराम सरकार के आगे रोते गिड़गिड़ाते रहे, मगर सरकार इन कर्मचारियों का डाटा ही एकत्रित नहीं कर पाई और न इनके लिए कोई पॉलिसी पूर्व सरकार ला पाई। इसी तरह सरकार का पहला बजट पेश हुआ तो उसे विपक्ष ने दिशाहीन करार दिया और दावा किया कि ये केंद्र सरकार का कॉपी पेस्ट बजट है मगर उसमें भी एक्सपर्ट्स को कोई ख़ास कमिया नज़र नहीं आई। विश्लेषण के बाद बजट फिजूल खर्चों को कम कर आय के साधन बढ़ाने की दृष्टि में कार्य करने वाला साबित हुआ और सरकार ने कहा कि अगर केंद्र जैसा बजट हिमाचल सरकार लेकर आए तो इसमें भाजपा को एतराज कैसा। लोकतंत्र प्रहरी योजना को बंद करने का मसला उठा तो कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि आरएसएस के लोगों को समर्थन देने की जिम्मेदारी हिमाचल सरकार के कर्ज तले दबे कंधो पर होना जायज नहीं है। जब बात विधायक निधि की हुई तो फाइनैंशल मैनेजमेंट का हवाला दिया गया। यानी ओवरऑल देखा जाए तो विपक्ष के पास ऐसा कुछ नहीं था, जो सरकार को पूरी तरह बैकफुट पर लाने में कारगर साबित हो पाता। यहाँ सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं का खास जिक्र भी जरूरी है जो सेशन में स्टार बनकर उभरे। सत्र के दौरान उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, पहली बार मंत्री बने हर्षवर्धन चौहान, जगत सिंह नेगी और लोकनिर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह सरकार की ढाल बने दिखाई दिए। खासकर मुकेश अग्निहोत्री ने मुख्यमंत्री की गैर-मौजूदगी और उनकी सदन में उपस्थिति पर भी विपक्ष पर तीखे हमले बोले। जिस तरह अग्निहोत्री 5 साल तक नेता प्रतिपक्ष के तौर पर पूर्व सरकार को घेरते रहे ठीक वैसे ही उन्होंने बजट सेशन में भी विपक्ष को आईना दिखाने में कमी नहीं छोड़ी । इंडस्ट्री मिनिस्टर एवं संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान भी सदन में सरकार की ढाल बने रहे और हर मसले पर विपक्ष के हमले पर तीखा पलटवार करते रहे। जगत सिंह नेगी और विक्रमादित्य सिंह भी अपने अंदाज़ में विपक्ष को आड़े हाथ लेते रहे। वहीँ फतेहपुर विधायक भवानी सिंह पठानिया के प्रदेश की आर्थिक स्थिति बेहतर करने को लेकर आए सुझाव सेंटर ऑफ़ अट्रैक्शन रहे।
हिमाचल प्रदेश में कोरोना की रफ़्तार लगातार बढ़ रही है। प्रदेश में बढ़ रहे कोरोना के मामलों ने लोगों और सरकार की चिंता फिर बढ़ा दी है। लगातार दूसरे दिन रविवार को भी कोरोना से तीन लोगों की मौत हो गई। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) एवं अस्पताल शिमला में उपचाराधीन सोलन, करसोग और शिमला के तीन पुरुष मरीजों ने दम तोड़ दिया। तीनों मृतकों की उम्र 50, 58 और 65 साल थी। अवकाश के चलते रविवार को प्रदेश में 1,716 लोगों के सैंपल लिए गए, जिनमें से 137 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के तबादलों पर रोक लगा दी है। रविवार को कांगड़ा में 34, शिमला 26, मंडी 23, हमीरपुर 14, सिरमौर 11, बिलासपुर नौ, सोलन सात, कुल्लू छह, चंबा पांच और ऊना में दो लोग संक्रमित पाए गए, जबकि 176 मरीजों ने कोरोना को मात दी। प्रदेश में अब सक्रिय मरीजों की संख्या 1764 पहुंच गई हैं। वही स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनी राम शांडिल ने कहा कि कोरना से निपटने के लिए अस्पतालों में व्यवस्था पूरी है। विशेष परिस्थितियों में ही कर्मचारियों के तबादले होंगे। गौरतलब है कि गत शनिवार को पिछले आठ माह बाद एक ही दिन में तीन मरीजों की जान गई है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वर्ष 2015 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी अश्वनी राज शाह के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। वह मूलरूप से कांगड़ा ज़िला के रहने वाले थे। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उनका प्रशासनिक सेवा में कार्यकाल अतुलनीय रहा है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिजनों को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
हिमाचल सामाजिक निकाय महासंघ द्वारा आज नई दिल्ली में आयोजित स्वर्ण जयंती एवं हिमाचली मिलन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। मुख्यमंत्री ने हिमाचलवासियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय राजधानी में प्रदेश की पहचान और संस्कृति को बनाए रखने के लिए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राज्य के तीव्र विकास के लिए गंभीरता से रणनीति बना रही है और कहा कि राज्य सरकार चार साल के भीतर राज्य की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने सरकार की दूरदर्शी नीतियों और कार्यक्रमों के कारण राज्य में सकारात्मक और रचनात्मक परिवर्तन देखने के लिए राज्य के बाहर रहने वाले हिमाचलियों को आने वाले वर्षों में राज्य का दौरा करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अगले दस वर्षों में हिमाचल प्रदेश को देश के सबसे प्रगतिशील और समृद्ध राज्यों में से एक बनाने के लक्ष्य पर काम करेगी। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उनकी सरकार ने एक ऐसा बजट पेश किया है जो सभी क्षेत्रों के विकास पर केंद्रित है, खासकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के उत्थान पर। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कई अन्य पहल भी कर रही है जैसे सभी जिलों को हेलीपोर्ट से जोड़ना, कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार, सड़कों के काम में तेजी लाना। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कांगड़ा जिले में पर्यटन को भी बढ़ावा दे रही है और इस क्षेत्र में और अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं लेकर आ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल 2026 तक 'ग्रीन स्टेट' बनने की ओर बढ़ रहा है और उन्होंने हरित ऊर्जा की ओर बढ़ने के लिए सरकार के विजन के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के माध्यम से राज्य में अनाथ बच्चों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए अनूठे कदम के अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों, सौर ऊर्जा आदि को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की पहल के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भूमि जोत में लड़कियों को अधिकार देकर महिलाओं को भी सशक्त बना रही है।
नगर निगम शिमला के चुनावों को लेकर भाजपा की ने विशेष बैठक का आयोजन पार्टी मुख्यालय दीप कमल चक्कर शिमला में किया। इस बैठक में भाजपा के प्रदेश प्रभारी संजय टंडन, प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, प्रत्याशी एवं पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, संजय सूद, रवि मेहता, प्रदेश कार्यालय सचिव प्यार सिंह कंवर, जिला अध्यक्ष विजय परमार, जिला प्रभारी डी जी ठाकुर , मंडल अध्यक्ष जितेंद्र भोटका, दिनेश ठाकुर एवं शिमला मंडल के महामंत्री सुशील चौहान उपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता भाजपा के पूर्व मंत्री विधायक एवं नगर निगम चुनाव प्रभारी सुखराम चौधरी द्वारा की गई है। भाजपा प्रदेश सह प्रभारी संजय टंडन ने कहा कि हमारी सभी 34 वार्डों की बैठकें हो चुकी है और हमारे प्रवासी प्रभारी अपनी रिपोर्ट अगले 3 दिनों में पार्टी को सौंपेंगे । उन्होंने कहा कि 12 अप्रैल को चुनाव समिति की बैठक शिमला में होगी जिसमें भाजपा के नगर निगम में 34 प्रत्याशियों की घोषणा की जाएगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही हम मेनिफेस्टो और दृष्टि पत्र के लिए एक टीम की घोषणा भी करेंगे जिसमें भाजपा सरकार और नगर निगम की उपलब्धियों को जनता के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि 13, 17 और 18 अप्रैल को भाजपा के प्रत्याशी नामांकन भरेंगे, उन्होंने कहा कि 30 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम का 100 वे एपिसोड का प्रसारण होगा इसको नगर निगम की दृष्टि से बूथ स्तर पर किया जाएगा और यह नगर निगम चुनाव के प्रचार का आखरी दिन होगा। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे मुद्दे भी हमारे समक्ष आए हैं जय कई कांग्रेस नेता वहां बड़ी तादाद में वोट बनाने का प्रयास कर रहे हैं जहां आपत्ति दर्ज की जा सकती है, जैसे कई मंत्रियों के घरों में बड़ी तादाद में वोटों का आवेदन किया जा रहे हैं । हम चुनाव आयोग से दरख्वास्त करते हैं कि ऐसे आवेदनों को खारिज किया जाए क्योंकि मंत्री के घर अस्थाई होते हैं और कुछ ऐसे धार्मिक स्थल भी हमारे सामने आए हैं जिसमें बड़ी तादाद में वोट बनाए जा रहे हैं। कल नगर निगम चुनाव प्रभारी सुखराम चौधरी की अध्यक्षता में हमारा एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से भी इस सिलसिले में मिलेगा और भाजपा का पक्ष उनके समक्ष भी रखेगा। कांग्रेस सरकार के पिछले 3 महीने निराशाजनक रही है और हिमाचल की जनता अपने आप को ठगा महसूस कर रही है, हमें पूरा विश्वास है कि नगर निगम शिमला के चुनावों में भाजपा अच्छा प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा स्थानीय मुद्दों पर चुनाव लड़ेगी और जिताऊ उम्मीदवार को टिकट दिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं जालंधर लोकसभा उप चुनाव के प्रभारी मुकेश अग्निहोत्री आजकल जालंधर के दो दिवसीय प्रवास पर हैं। उप मुख्यमंत्री के प्रभारी नियुक्त होने के उपरांत यह उनका जालंधर क्षेत्र का दूसरा दौरा है, जहां वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ उप चुनाव के संदर्भ में समीक्षा बैठक में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री ने आज जालंधर लोकसभा उपचुनाव के संदर्भ में पंजाब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजा वडिंग, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा व जालंधर लोकसभा से कांग्रेस प्रत्याशी करमजीत कौर व अन्य नेताओं के साथ समीक्षा बैठक में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने चुनाव के संदर्भ में विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया तथा आगामी रणनीति तैयार की।
कृषि पर आधारित हिमाचल की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन एक प्रमुख घटक है। प्रदेश में कुल पशुधन आबादी लगभग 44.10 लाख है और इनकी देखभाल प्रत्येक ग्रामीण परिवार का एक अनिवार्य हिस्सा है। पशुधन की समय पर उचित देखभाल और पशुपालकों की आजीविका में वृद्धि के दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने मोबाइल पशु चिकित्सा सेवाएं सुदृढ़ करने की दिशा में एक नई पहल की है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है कि पशुधन को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण उपचार प्रदान किया जाए और पशुपालकों को पशु औषधालयों पर जाने और गुणवत्तापूर्ण दवाओं का लाभ उठाने जैसे अतिरिक्त खर्चों से बचाया जाए। इस उद्देश्य से प्रदेश में ‘संजीवनी’ परियोजना आरंभ की जा रही है। वर्तमान में प्रदेश में पशुधन के लिए कृत्रिम गर्भाधान, दवाएं, टीकाकरण, सर्जरी, बांझपन परीक्षण इत्यादि पशु चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। इनका लाभ उठाने या उचित स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करने के लिए पशुपालकों को अपने पशुओं को निकटतम पशु औषधालयों में ले जाना पड़ता है। इससे यात्रा और परिवहन पर अतिरिक्त खर्च होता है। कई बार समय पर उपचार के अभाव में पशु बीमार होकर दम तोड़ देते हैं। ऐसे में प्रदेश में मोबाइल पशु चिकित्सा क्लीनिक स्थापित करने का प्रस्ताव है और यह क्लीनिक किसानों के घर-द्वार पर पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाएंगे। पशुपालन विभाग ने ‘संजीवनी’ परियोजना के लिए इंडसइंड बैंक की सहायक कंपनी भारत फाइनेंशियल इन्क्लूजन लिमिटेड (बीएफआईएल) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम-पशुपालन विभाग-मोबाइल पशु चिकित्सा वैन (एनएडीसीपी- एएचडी-एमवीयू) के तहत ‘संजीवनी’ परियोजना घर-घर तक पशुधन देखभाल सुविधा सुनिश्चित करेगी और विभिन्न पशु चिकित्सा सेवाएं सिर्फ एक फोन कॉल पर उपलब्ध होंगी। परियोजना के तहत पशुधन स्वास्थ्य देखभाल और टीकाकरण कार्यक्रम से संबंधित विभिन्न मामलों के लिए निदेशालय स्तर पर एकीकृत कॉल सेंटर स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र पशुपालकों को टेली-मेडिकल-परामर्श, सरकारी योजनाओं की जानकारी, विशेष रूप से पशुधन स्वास्थ्य और रोग नियंत्रण कार्यक्रम, शिकायत निवारण, प्रश्न-समाधान आदि जैसे विभिन्न पहलुओं पर व्यक्तिगत सहायता प्रदान करेगा। इसके अंतर्गत प्रदेश के 12 जिलों में स्थित 44 खंडों में किसानों को सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। राज्य में केंद्रीकृत कॉल सेंटर को इन 44 मोबाइल पशु चिकित्सा एम्बुलेंस के साथ एकीकृत किया जाएगा। कॉल सेंटर मोबाइल पशु चिकित्सा क्लीनिक वाहन और कार्यरत पशुधन क्लीनिक के बीच समन्वय सुनिश्चित करेगा। इससे पशु औषधालयों तक जाने और बीमार पशुओं के लिए गुणवत्तापूर्ण दवाएं प्राप्त करने पर किसानों का अतिरिक्त खर्च व समय बच सकेगा। पशु चिकित्सा सेवाओं में उपचारात्मक सेवाएं, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, निवारक देखभाल और पशुपालन से संबंधित सभी जानकारी घर-द्वार पर उपलब्ध होंगी। एकीकृत टेलीमेडिसिन और सेवा प्रबंधन मंच के माध्यम से पशुपालन विभाग की फील्ड पशु चिकित्सा सेवाओं को तैनात किया जाएगा। यह प्लेटफॉर्म मोबाइल फोन एप्लिकेशन के माध्यम से पशु चिकित्सकों और किसानों को आपस में जोड़ेगा। मोबाइल ऐप सेवा वितरण, निर्धारित दवाओं और पशुओं की बीमारियों से संबंधित डेटा की दक्षता को भी ट्रैक करेगा। पशु चिकित्सा सेवाओं के अलावा किसानों को उनके पशुओं के लिए पोषण देखभाल पर भी मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। ‘संजीवनी’ परियोजना पशुपालकों की आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में एक किसान-हितैषी पहल है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पशुधन को सुविधाजनक और गुणवत्तापूर्ण देखभाल सुनिश्चित होगी। विशेषतौर पर छोटे डेयरी किसानों को घर-द्वार पर समग्र रूप से पशु चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने में यह एक गतिशील मंच साबित होगा।
नगर निगम शिमला के चुनावों को लेकर भाजपा की एक विशेष बैठक का आयोजन पार्टी मुख्यालय दीप कमल चक्कर में हुआ। इस बैठक में भाजपा के प्रदेश प्रभारी संजय टंडन, प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, प्रत्याशी एवं पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, संजय सूद, रवि मेहता, प्रदेश कार्यालय सचिव प्यार सिंह कंवर, जिला अध्यक्ष विजय परमार, जिला प्रभारी डी जी ठाकुर , मंडल अध्यक्ष जितेंद्र भोटका, दिनेश ठाकुर एवं शिमला मंडल के महामंत्री सुशील चौहान उपस्थित रहे।
हिमाचल एटक के प्रदेशाध्यक्ष कामरेड जगदीश भारद्वाज ने आज लखनऊ में चल रही एटक की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक को संबोधित किया।


















































