डाक जीवन बीमा के विस्तार के लिए भारतीय डाक विभाग सोलन मंडल में प्रोत्साहन आधार पर डाक जीवन बीमा एवं ग्रामीण डाक जीवन बीमा के प्रत्यक्ष एजेंट तथा फील्ड अधिकारी पद के लिए आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं। यह जानकारी अधीक्षक डाकघर सोलन रतन चन्द शर्मा ने दी। उन्होंने कहा कि इन पदों के लिए सोलन तथा सिरमौर जिला के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। इन पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता दसवीं परीक्षा उत्तीर्ण निर्धारित की गई है। प्रत्यक्ष एजेंट के लिए आयु सीमा 18 वर्ष से 50 वर्ष निर्धारित है जबकि फील्ड अधिकारी के लिए आयु सीमा 50 से 65 वर्ष निर्धारित की गई है। इच्छुक उम्मीदवार आवेदन पत्र आवश्यक दस्तावेजों सहित अधीक्षक डाकघर सोलन मंडल, सपरून-173211 के कार्यालय में 25 मई 2021 तक स्वयं या स्पीड पोस्ड के माध्यम से प्रेषित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में सोलन मंडल द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है। विस्तृत जानकारी किसी भी समीप के डाकघर से प्राप्त की जा सकती हैं। अधिक जानकारी के लिए कार्यालय के दूरभाष नंबर 01792-223850 तथा 01792-225293 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
बच्चों की तार्किक बुद्धि और दिमाग की क्षमता जानने के लिए अर्की तहसील में एक नई तकनीक आ गई है। जिसके जरिए बच्चों के करियर से जुड़े सवाल व आपकी चिंता दूर होगी।इस तकनीक से आप अपने बच्चों के भविष्य में उसके द्वारा कौन सा करियर चुना जाएगा या कौन सा करियर उसके लिए अच्छा होगा इस पर भी सहमति बन सकेगी।इसके अलावा बच्चों में विद्यालय न जाना,पढा हुआ अधिक देर तक याद न रहना,बच्चे का चिड़चिड़ा होना पढ़ाई में रुचि न रखना,अधिक शरारती होना,विद्यालय में होने वाले किसी भी कार्यक्रम में रुचि न लेना व अन्य कई प्रकार की समस्याएं जो बच्चों में हो उसका समाधान डीएमआईटी टेस्ट द्वारा किया जाएगा व इसकी जानकारी आपको अब यही मिल जाएगी।अभी इस तकनीकी में आप बच्चों के करियर को चुन सकते हैं,जिसको शुरू करने वाले दाड़लाघाट सब उपमंडल के गांव फांजी निवासी किशन शर्मा ने कहा कि उपरोक्त समस्याओं से अवगत माता पिता के लिये यह तकनीक बहुत ही अच्छी साबित होगी,क्योंकि यह तकनीक बच्चों के भविष्य में उन्हें आगे बढ़ने में भी मदद करेगी क्योंकि भारत मे साल भर में उचित केरियर न मिलने से लगभग आठ हजार बच्चे आत्महत्या तक कर लेते है,जिससे माता पिता समेत समाज को बहुत क्षति पहुंचती है ओर यह रिपोर्ट बच्चों को उनके अनुसार केरियर चुनने में मददगार होगी,उन्होंने कहा कि अभी वह अर्की के दाड़लाघाट में इसकी शुरुआत कर रहे हैं,उन्होंने कहा की यह डीएमआईटी टेस्ट बच्चों के फिंगरप्रिंट से जुड़ा हुआ है,वह इसे अभी फिलहाल ऑनलाइन भी टेस्ट ले लेंगे व क्षेत्र के तकरीबन बच्चे उनके अभिभावक इस तकनीक का फायदा,उन्हें फोन करके पता कर सकते हैं।जल्द ही वह दाड़लाघाट में इस तकनीक से संबंधित दफ्तर खोलेंगे जिसमें बच्चों के लिए एक बड़ा हॉल होगा जिसमें बच्चों के ग्रोथ करने से सबंधित कई तकनीकीया अपनाई जाएगी,उन्होंने कहा कि जल्द ही वह अर्की में भी इस प्रकार का ऑफिस खोलेंगे।किशन शर्मा ने कहा कि बच्चों के अभिभावक ज्यादा जानकारी के लिये उनके दूरभाष 8894902028 व 8580757765 पर बात कर सकते है।
दाड़लाघाट में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्र व्यापी विरोध प्रदर्शन के अंतर्गत भाजपा कार्यकर्ताओं ने जिला परिषद अध्यक्ष हीरा कौशल की अध्यक्षता में बंगाल में हुए विधानसभा चुनाव के तुरंत बाद तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा वहां के भाजपा कार्यकर्ताओं पर किए गए हमलों के विरोध में प्रदर्शन किया। अर्की किसान मोर्चा भाजपा मंडल के अध्यक्ष जगदीश्वर शुक्ला ने बताया कि उन्होंने इस बारे में नायब तहसीलदार कार्यालय में एक ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि पश्चिमी बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं पर तृणमूल कांग्रेस द्वारा हमले किए जा रहे हैं, उनकी दुकानें जलाई जा रही है, हत्याएं की जा रही है जिस पर तृणमूल कांग्रेस की मुखिया ममता बनर्जी मूक दर्शक बनी हुई है। उन्होंने अभी तक दोषियों पर कोई भी कार्यवाही नहीं की है। अतः उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि दोषियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की जाए और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। इस विरोध प्रदर्शन में जिला परिषद सदस्य हीरा कौशल, प्रदेश भाजपा मीडिया सहप्रभारी संतोष शुक्ला, किसान मोर्चा अध्यक्ष जगदीश शुक्ला, पंचायत प्रधान दाड़लाघाट बंसीराम भाटिया, उपप्रधान हेमराज, कला ठाकुर, नागु राम, मनीराम शर्मा, ललित शर्मा, सुनीला, महेंद्र ठाकुर, अनिल इत्यादि शामिल रहे।
ग्राम पंचायत दाड़लाघाट के अंतर्गत विश्वव्यापी कोरोना महामारी का संक्रमण लोगों में बढ़ने की आशंका को देखते हुए पंचायत प्रधान बंसीराम भाटिया तथा उप प्रधान हेमराज ने सचिव धनीराम शांडिल व पंचायत चौकीदार पवन शर्मा के साथ मिलकर ग्राम पंचायत कार्यालय तथा दाड़लाघाट की मार्केट, सार्वजनिक स्थानों एवं दुकानों को सफाई कर्मचारियों की मदद से सेनेटाइज़ करवाया। पंचायत प्रधान बंसीराम भाटिया ने कहा कि क्षेत्र में कोविड-19 के मामले बढ़ने की आशंका होने के कारण पंचायत ने कस्बे की पूरी मार्केट तथा सार्वजनिक स्थानों को सेनेटाइज़ करने का निर्णय लिया ताकि कोरोना संक्रमण की श्रृंखला को ब्रेक किया जा सके। उन्होंने लोगों को हर समय मास्क पहनने, हाथों को साबुन से धोने तथा पर्याप्त समाजिक दूरी बनाए रखने हेतु जागरूक भी किया।
प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना महामारी को फैलने से कैसे रोका जाए जब अधिकतर स्वास्थ्य केंद्रों में सफाई कर्मी के पद खाली चल रहे हो। सफाई कर्मियों के न होने से उक्त चिकित्सालय में तैनात डॉक्टरों को ही मजबूरन स्वास्थ्य केंद्रों की सफाई व्यवस्था कायम रखने के लिए आगे आना पड़ रहा है। कुछ ऐसा ही नज़ारा कंडाघाट ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले स्वास्थ्य केंद्र सायरी में देखने को मिला। स्वास्थ्य केंद्र में सफाई कर्मी के न होने के कारण केंद्र में तैनात एक डॉक्टर ने ही अपने कंधो पर सेनेटाइज़ करने का पम्प उठा लिया व चिकित्सालय को सेनेटाइज़ करना शुरू कर दिया। ऐसी स्तिथि देखकर चिकित्सालय में पहुंचे ग्रामीणों ने सरकार के प्रति गहरा रोष व्यक्त किया है। अधिकतर ग्रामीणों ने कहा कि सरकार द्वारा कोरोना जैसी महामारी पर काबू पाना आसान नहीं है। फ्रंट लाइन वारियर से नवाज़े जाने वाले चिकित्सक जब खुद चिकित्सालय को सेनेटाइज़ कर रहे हैं तो मरीजो की जांच कब करेंगे। सफाई कर्मी न होने की वजह से चिकित्सालय के शौचालयों में गन्दगी पसर रही है। पूर्व प्रधान काहला रोशन लाल ने कहा कि सरकार चिकित्सालय में उचित व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे तो कर रही है लेकिन यह दावे कहीं न कहीं खोखले ही है। चिकित्सालय में स्टाफ की कमी चल रही है। सरकार सात दिनों के भीतर स्टाफ को भरे अन्यथा उक्त चिकित्साल को बंद कर दे। जब चिकित्सक खुद ही सेनेटाइज़ेशन करेगा तो मरीज को कब देखेगा।
वैश्रिवक महामारी कोरोना के बीच गुरूद्वारा सिंह सभा सपरून सोलन हर परिस्थती में जिला प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलकार खड़ा रहेगा। लंगर की सेवा हो या फिर इस आपदा स्थित में औक्सीजन लगाने की प्रकिया प्रशासन करना चाहता है तो गुरूद्वारा सिंह सभा सपरून अग्रिम पंक्ति में खड़ी होकर प्रशासन का सहयोग करेगी। गौरलतलब है कि पीड़ित मानवता की सेवा हुतु गुरूदारा सिंह सभा हमेशा से कार्य करता रहा है। जिसके बाद अब इस विपदा की घड़ी में गुरूद्वारा सिंह सभा हर सेवा के लिए तैयार है। गुरूद्वारा सिंह सभा सपरून के चैयरमैन अमरप्रीत सिंह पुंज ने बताया कि बीते वर्ष भी गुरुद्वारा सिंह सभा ने प्रशासन के साथ-साथ पीड़ित मानवता की सेवा हेतु लॉकडाउन में कार्य किया था। जरूरतमंद लोगो के लिए लंगर लगाया था। इस बार भी सभा किसी भी परिस्थिति में लोगो की सहायता हेतु तैयार है। वही गुरुद्वारा साहिब के प्रधान मनमोहिंद्र सिंह ने बताया कि कोई भी लोग इस विपदा की घड़ी में भूखे पेट ना रहे इसके लिए भी वह प्रशासन की अनुमति से कार्य करने को तैयार है।
कोरोना की दूसरी लहर ग्रामीण क्षेत्रो में घातक रूप लेने लगी है। अर्की उपमंडल में बीते कुछ हफ़्तों में कोविड से मौत का कोई न कोई समाचार सुर्खियों में रहता ही है। सोमवार को कुनिहार नागरिक चिकित्सालय में पट्टाबरौरी पंचायत की कला देवी 67 वर्षीय महिला की मृत्यु कोविड के कारण हो गई। कुनिहार में लिए गए कोविड के 27 सैम्पलों में 16 के पॉजिटिव रिपोर्ट आई है। इन दिनों ग्रामीण क्षेत्रो में गेंहू की कटाई चल रही है व कोविड का रुख ग्रामीण क्षेत्रो की ओर होने से अब लोगो मे ख़ौफ़ होने लगा है। लोगो मे अपने परिवार के रोजी रोटी की चिंताएं बढ़ने लगी है। सरकार व प्रशासन के दिशा निर्देशों के कारण हर एक छोटा बड़ा कारोबार कोविड के चलते प्रभावित होने लगा है। दुकानदार हो ,टैक्सी चालक या फिर कोई ट्रांपोर्टर होआज के दौर में सभी के कार्य प्रभावित हुए व सभी आर्थिक मंदी की मार झेल रहे है। कोविड से हो रही मौतो ने लोगो को डर के साये में जीने को मजबूर कर दिया है। नागरिक चिकित्सालय कुनिहार में कार्यरत डॉ अरुण शर्मा ने बताया कि आज कोविड से पट्टाबरौरी गावँ की एक 67 वर्षीय महिला की मृत्यु हुई है। उन्होंने इस नाजुक समय मे लोगो से सरकारी दिशा निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया ताकि इस वैश्विक महामारी से बचा जा सके।
उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट डाॅ. विकास सूद ने आज कण्डाघाट विकास खण्ड की सभी ग्राम पंचायतों के प्रधानों के साथ वर्चुअल माध्यम से कोविड-19 से सम्बन्धित समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी प्रधानों को कोविड-19 के सम्बन्ध में जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी दी तथा प्रधानों से उनकी पंचायतों में कोविड-19 की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। डाॅ. विकास सूद ने सभी ग्राम पंचायत प्रधानों से आग्रह किया कि उनकी पंचायत में जो भी व्यक्ति बाहर से आता है की पूरी जानकारी अपने पास रखें और यह भी सुनिश्चित करें कि बाहर से आए व्यक्ति का कोविड-19 परीक्षण शीघ्र करवाया जाए। यदि बाहर से आया कोई भी व्यक्ति आरटीपीसीआर परीक्षण नहीं करवाता है तो इस सम्बन्ध में प्रशासन को सूचित किया जाए ताकि उचित कार्यवाही कर सभी सुरक्षा सुनिश्चित बनाई जा सके। कोरोना संक्रमितों से होम आईसोलेशन नियम की पूर्ण पालना सुनिश्चित करवाई जाए। होम आईसोलेशन कोरोना संक्रमण को न्यून करने में अत्यंत सहायक है। उपमण्डलाधिकारी ने कहा कि होम आईसोलेशन में रह रहे कोविड-19 रोगी के लिए अलग शौचालय होना चाहिए। अलग शौचालय एवं आईसोलेशन में रह रहे व्यक्ति के आने-जाने के लिए अलग प्रवेश की व्यवस्था न होने पर उसके परिजनों के अलग रहने की व्यवस्था ग्राम पंचायत द्वारा की जाए। व्यवस्था न होने की स्थिति में प्रशासन को सूचित किया जाए ताकि ऐसे व्यक्ति के परिजनों के रहने की व्यवस्था की जा सके। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों केे बाजारों को नियमित रूप से सप्ताह में कम से कम एक बार पूरी तरह सेनेटाइज़ किया जाए। उपमण्डलाधिकारी ने कहा कि सम्भावित कोविड-19 रोगियों को परीक्षण उपरान्त घर छोड़ने एवं होम आईसोलेशन में रह रहे ऐसे रोगियों को समर्पित कोविड देखभाल केन्द्र अथवा अस्पताल पहुंचाने के लिए ‘समर्पित वाहन’ की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि सभी ग्राम पंचायत प्रधानों के पास कोविड-19 पाॅजिटिव रोगियों के लिए शीघ्र ही चिकित्सा किट पहुंचाई जा रही है। यदि दुःखद परिस्थिति में किसी रोगी की मृत्यु हो जाती है तो रोगी के अन्तिम संस्कार के लिए पूर्ण संवेदनशीलता अपनाते हुए मानक परिचालन प्रक्रिया का पालन किया जाए। इस अवसर पर विभिन्न ग्राम पंचायतों के परधावों ने वर्चुअल माध्यम से अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों की वर्तमान स्थिति के बारे में अवगत करवाया।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव संजय अवस्थी ने देश में बढ़ते कोरोना संक्रमण पर चिंता ज़ाहिर की है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण प्रदेश में तेज़ गति से बढ़ रहा है। अर्की विधानसभा क्षेत्र में भी प्रतिदिन कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। इसे देखते हुए सरकार व प्रशासन को आगाह करते हुए उन्होंने कहा कि बेकाबू होते इस संक्रमण को काबू करने के लिए समय रहते तुरन्त प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि दाड़लाघाट में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व वर्तमान विधायक वीरभद्र सिंह ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निर्माण हेतु बजट का प्रावधान किया था। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन बनकर तैयार भी हो चुका है लेकिन कई माह बीत जाने पर अभी तक उसका उपयोग नहीं किया जा रहा है। उन्होंने सरकार व प्रशासन से आग्रह किया है कि इस मुश्किल घड़ी में इस भवन को उपयोग में लाया जाए और इस स्वास्थ्य केंद्र को सुचारू रूप से चलाने हेतु डॉक्टर्स और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ की तुरंत नियुक्ति की जानी चाहिए ताकि जनता इस मुश्किल घड़ी में इसका लाभ उठा सके। कांग्रेस के प्रदेश महासचिव ने कहा कि प्रशासन यह भी सुनिश्चित करें कि क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों में ऑक्सीजन सिलेंडर या अन्य मेडिकल संबंधी सुविधाओं की कमी ना आए अतः समय रहते इसकी व्यवस्था कर ली जाए। आरटी पीसीआर टेस्ट की संख्या बढ़ाई जाए व आरटी पीसीआर किट की कमी को दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रीय भयंकर आपदा पर तभी विजय प्राप्त की जा सकती है यदि हम राजनीतिक स्वार्थ भूलकर एकजुट होकर आम जनमानस के हित में कार्य करेंगे।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी. चमन ने जिला में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के दृष्टिगत उपलब्ध स्वास्थ्य अधोसंरचना में वृद्धि के उद्देश्य से आवश्यक आदेश जारी किए हैं। जिला दण्डाधिकारी ने महर्षि मारकण्डेश्वर चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल कुम्हारहट्टी में कोविड-19 पॉजिटिव रोगियों को विशेष चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाने के लिए 60 बिस्तर और अधिगृहित किए हैं। इनमें 57 बिस्तरों के साथ ऑक्सीजन सुविधा तथा 03 बिस्तरों के साथ वेंटिलेटर सुविधा उपलब्ध है। पूर्व में महर्षि मारकण्डेश्वर चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल कुम्हारहट्टी में कोविड-19 के पुष्ट मामलों के लिए 50 बिस्तरों का अधिग्रहण किया जा चुका है। इनमें 38 बिस्तरों के साथ ऑक्सीजन सुविधा तथा 12 बिस्तरों के साथ वेंटिलेटर सुविधा उपलब्ध है। यह आदेश आपदा प्रबन्धन अधिनियम, 2005 की धारा 34 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किए गए हैं। यह आदेश 04 मई से लागू होंगे तथा आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेंगे।
A road linking the university to a new farm block was inaugurated by Dr. Parvinder Kaushal, Vice-Chancellor of Dr. YS Parmar University of Horticulture and Forestry, Nauni. The Khaltoo farm to Kuhat road has a total length of 2 km and has been constructed at a cost of Rs 16.7 lakh. It will provide access to a new farm being established by the department of forest products. Dr. Meenu Sood, Professor, and Head, Department of Forest Products welcomed the Chief Guest and explained the activities undertaken by the department. Explaining about the activities to be carried out, farm in-charge Dr. Yashpal Sharma said that the department has plans to develop around 50 bighas under this project. A short-term crop of wild marigolds has already been harvested for seed and can be used for raising future plantations. In addition to wild marigold, Babuna, mint, and Kalihari (for seed production) along with lemongrass (for extraction of oil), sandalwood will be planted in the sloped areas so that a sustainable model of medicinal and aromatic plants can be developed. The new farm at Kuhut was a barren area, covered with shrubs and bushes until a year ago. Dr. Kaushal shared his vision for developing the area as a model farm for commercial cultivation of Medicinal and Aromatic plants along with space for carrying out other research activities. During the lockdown period last year, the department planted wild marigolds in a small portion of the farm as a short-term rain-fed crop without any inputs. While addressing the statutory officers and the heads of all departments, Dr. Kaushal said that the development of the road and the farm was conceptualized during a visit last year to a large barren portion of land which was largely underutilized due to lack of road connectivity and its terrain. The new road, developed by the Estate organization of the university will provide a large chunk of land for research activities for the students and faculty and will also be helpful for the transfer of technology to the farmers. He congratulated the forest product department and the Estate Office of the university for completing the project in a short time. He also planted a ‘reetha’ tree at the farm. Dr. Bhupender Dutt presented the vote of thanks. The statutory officers, HODs of all departments, faculty, and staff of the department of forest products and Estate office were present on the occasion.
ग्राम पंचायत बरायली के अंतर्गत पंचायत प्रधान रीता शर्मा की अगुवाई में गांव छटेरा तथा ककेड़ गांव को सेनेटाइज़ किया गया। ज्ञात रहे कि इस पंचायत के इन 2 गांव में गत दिनों कुछ व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव आए थे। पंचायत प्रधान रीता शर्मा ने बताया कि इस कार्य में उन्हें अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन एवं जलागम समिति बरायली फगवाना ने सैनिटाइज़र इत्यादि मुहैया करवाकर पूर्ण सहयोग दिया तथा भविष्य में भी इस प्रकार की सहायता करने का आश्वासन दिया। पंचायत प्रधान ने यह भी बताया कि उन्होंने अपनी पंचायत क्षेत्र में सड़क किनारे चल रही सब्जियों की दुकानों तथा अन्य दुकानों को भी सेनेटाइज़ करवाया ताकि देश प्रदेश में बढ़ रही इस महामारी से लोगों का बचाव किया जा सके। उन्होंने गांव में जाकर लोगों को विश्वव्यापी इस महामारी से बचाव हेतु प्रशासन द्वारा दी गई हिदायतों का कड़ाई से पालन करने का आग्रह भी किया। इस कार्य में ककेड़ की वार्ड मेंबर स्नेह लता साथ रही तथा चल्यावन वार्ड से दिनेश ने सेनिटाइज छिड़काव में स्वयंसेवी भावना ने अपना योगदान दिया।
तकनीकी शिक्षा, जनजातीय विकास, सूचना प्रोद्यौगिकी मंत्री डाॅ. रामलाल मारकण्डा ने कहा कि प्रदेश सरकार कोविड-19 संक्रमण के दृष्टिगत यह सुनिश्चित बना रही है कि छात्रों को ऑनलाइन माध्यम से बेहतर शिक्षा प्राप्त हो। डाॅ. मारकण्डा ने सोलन जिला के कण्डाघाट स्थित राजकीय बहुतकनीकी महाविद्यालय (महिला) का निरीक्षण करने के उपरान्त उपस्थित शिक्षकोें एवं अन्य के साथ विचार-विमर्श किया। उन्होंने महाविद्यालय में 3.50 लाख रुपए की लागत से निर्मित व्यायामशाला का विधिवत शुभारम्भ भी किया। निरीक्षण के उपरान्त उन्होंने उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट को निर्देश दिए कि महाविद्यायल परिसर स्थित पुराने भवन को नियमानुसार असुरक्षित घोषित किया जाए। उन्होंने प्रधानाचार्य को निर्देश दिए कि महाविद्यालय के छात्रावास एवं आवासों की मुरम्मत के लिए रिपोर्ट प्रेषित की जाए ताकि मुरम्मत का कार्य शीघ्र आरम्भ हो सके। तकनीकी शिक्षा मन्त्री ने कहा कि इस महाविद्यालय में आवश्यकतानुसार और पाठ्यक्रम आरम्भ करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने अध्यापकों से आग्रह किया कि छात्राओं को रोज़गारपरक व्यावसायिक एवं व्यवहारिक शिक्षा प्रदान करें ताकि छात्राओं को भविष्य में रोज़गार एवं स्वरोज़गार के बेहतर अवसर प्राप्त हों। उन्होंने कहा कि कण्डाघाट स्थित राजकीय बहुतकनीकी महाविद्यालय (महिला) को गुणवत्तायुक्त शिक्षा के लिए जाना जाता है और यहां शिक्षा प्राप्त छात्राओं ने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। डाॅ. मारकण्डा ने इस अवसर पर सभी से आग्रह किया कि कोविड-19 से बचाव के लिए उचित प्रकार से मास्क पहनें, बार-बार अपने हाथ साबुन अथवा एल्कोहल युक्त सेनिटाइज़र से धोएं तथा सोशल डिस्टन्सिंग नियम का पालन करें। उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट डाॅ. विकास सूद, महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डाॅ. दिनेश बिन्द्रा सहित अन्य अध्यापक इस असवर पर उपस्थित थे।
राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धुन्दन में विश्व मजदूर दिवस पर ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कार्यकारी प्रधानाचार्य पीसी बट्टू ने की। इस कार्यक्रम में कार्यक्रम अधिकारी करुणा तथा एनएसएस के लगभग 50 स्वयंसेवियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवियों में श्रमिकों के प्रति सम्मान व राष्ट्रीय विकास में उनके योगदान पर चर्चा की गई। स्वयंसेवियों ने अपने-अपने घर से चित्रकला का आयोजन किया जिसमे स्वयंसेवी हिमानी भक्त की चित्रकला सराहनीय तथा प्रभावशाली रही। इसके माध्यम से उसने राष्ट्र के विकास में श्रमिकों के योगदान को प्रदर्शित किया। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम अधिकारी पीसी बट्टू ने श्रमिक दिवस के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी राष्ट्र या समाज में श्रमिकों की भूमिका सर्वोपरि रहती है परंतु भारत में अज्ञानता वश इसे इतना ज़्यादा महत्व नहीं दिया जाता। भारत में श्रमिकों के योगदान को सर्वप्रथम डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने पहचाना और उन्हें सम्मान दिलाने के लिए प्रयास किए।
जिला सोलन के अर्की में कोरोना के चलते दम तोड़ने वाले बाबा कृपाल भारती को प्रशासन को बिना सूचना दिए समाधि दे दी गई। इसमें कोविड-19 अंतिम संस्कार प्रोटोकॉल की अवहेलना के चलते 14 लोगों के खिलाफ आपदा प्रबंधन एक्ट 2005 के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। अर्की के लुटरू महादेव गुफा में रहने वाले 69 वर्षीय बाबा एमएमयू कुमारहट्टी में उपचारधीन थे। वीरवार को बाबा का निधन हो गया। अर्की पुलिस ने एसडीएम विकास शुक्ला की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। नगर पंचायत के अध्यक्ष अनुज गुप्ता ने प्रशासन के आधिकारिक वाट्सएप ग्रुप में समाधि देने को लेकर जानकारी दी। शिकायत में कहा गया था कि बाबा को मृत्यु के पश्चात मंदिर परिसर में लाया गया था। बकायदा पूर्ण रीति रिवाज के साथ समाधि दी गई है।
सोलन जिला के बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) के किसानों के लिए आज से नालागढ़ में ही गेहूं की खरीद आरम्भ हो गई है। कृषि उत्पाद विपणन समिति द्वारा संचालित अनाज मण्डी नालागढ़ में क्षेत्र के किसानों की गेहूं का क्रय आरम्भ हो गया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जब 17 अप्रैल, 2021 को बीबीएन क्षेत्र के दौरे पर आए थे तो उनके ध्यान में लाया गया था कि बीबीएन क्षेत्र के किसानों का गेहूं पंजाब स्थित मण्डियों में नहीं खरीदा जा रहा है और इस कारण क्षेत्र के किसानों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने किसानों की गम्भीर समस्या के दृष्टिगत कृषि विभाग को इसके त्वरित एवं समयबद्ध निदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बीबीएन क्षेत्र में किसानों से गेहूं खरीद की समस्या का शीघ्र हल किया जाए ताकि किसानों को अपनी उपज विक्रय करने के लिए यहां-वहां भटकना न पड़े। तदोपरान्त भारतीय खाद्य निगम ने सर्वेक्षण कर नालागढ़ स्थित अनाज मण्डी को गेहूं की खरीद के लिए उपयुक्त माना था। प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुष मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने बीबीएन क्षेेत्र के किसानों की समस्या का त्वरित हल करने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सदैव समाज के सभी वर्गों के हित के लिए प्रयत्नशील हैं और उनके प्रयासों से नित नवीन योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के सभी वर्गों का कल्याण सुनिश्चित बनाया जा रहा है। इस सम्बन्ध में अधिक जानकारी प्रदान करते हुए एपीएमसी सोलन के सचिव डाॅ. रविन्द्र शर्मा ने कहा कि आज से नालागढ़ स्थित अनाज मण्डी में बीबीएन के किसानोे से गेहूं की खरीद आरम्भ हो गई है। उन्होंने कहा कि यहां गेहूं की खरीद के लिए किसानों को पहले अपना पंजीकरण करवाना होगा। पंजीकरण के लिए किसानों को अपनी कृषि भूमि की जमाबन्दी, आधार कार्ड की प्रति, किसान बुक की प्रति, बैक खाते की प्रति साथ रखनी है। पंजीकरण के उपरान्त किसानों को दूरभाष के माध्यम से विक्रय के लिए गेहूं लाने के सम्बन्ध में सूचित किया जाएगा। यहां एक दिन में 800 क्विटंल गेहूं की खरीद की जाएगी। यह केन्द्र रविवार को भी कार्यरत रहेगा। भारतीय खाद्य निगम यहां किसानों से गेहूं की खरीद 1975 रुपए प्रति क्विटंल की दर पर कर रहा है।
सब तहसील दाड़लाघाट के सभागार में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें सब तहसील दाड़लाघाट में तैनात नायब तहसीलदार बीएल राजटा व तामील कुनिन्दा मदन लाल को सेवानिवृत्ति पर शॉल व स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान वरिष्ठ सहायक राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि सेवानिवृत्त नायब तहसीलदार बसंत लाल राजटा व तामील कुनिन्दा मदन लाल ने प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी के बीच सामंजस्य बनाकर शासकीय कार्य के सम्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने हर छोटे और बड़े व्यक्ति को समय देकर उनकी बात सुनी। कानूनगो विजय कांत शर्मा ने सेवानिवृत्त नायब तहसीलदार बीएल राजटा व तामील कुनिन्दा मदन शर्मा को सरल एवं मृदुभाषी बताया। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त नायब तहसीलदार एवं तामील कुनिन्दा ने कड़ी मेहनत एवं ईमानदारी से कार्य करते हुए जनता का दिल जीता है। यही कारण रहा कि इतने लम्बे कार्यकाल के दौरान उनकी एक भी शिकायत सामने नहीं आई। इस अवसर पर फील्ड कानूनगो विजय कांत शर्मा, कार्यालय कानूनगो कृष्ण लाल ठाकुर, वरिष्ठ सहायक राजेन्द्र ठाकुर, ललित कुमार, पटवारी कृष्ण प्रकाश, कपिल, विजेंद्र, अनिल, पूर्व पंचायत समिति उपाध्यक्ष जगदीश ठाकुर, पूर्व पंचायत उपप्रधान दाड़लाघाट राजेश गुप्ता, क्यारड़ पंचायत के उपप्रधान मोहन लाल सहित कार्यालय के सभी कर्मचारी उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटिड से प्राप्त जानकारी के अनुसार 2 तथा 3 मई को चम्बाघाट से शिमला तक राष्ट्रीय राजमार्ग के फोरलेन कार्य के दृष्टिगत सोलन शहर के कुछ क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी विद्युत बोर्ड के सहायक अभियन्ता आर.विदुर ने दी। आर.विदुर ने कहा कि इसके दृष्टिगत 2 मई को प्रातः 10.00 बजे से सांय 5.00 बजे तक सलोगड़ा, बस्ती रोड, रेलवे स्टेशन, कथोग तथा आसपास के क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने कहा कि 3 मई को पड़ग क्षेत्र, पंजाब नेशल बैंक, मैसर्ज विन्सम होटल तथा आसपास के क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति प्रातः 10.00 बजे से दिन में 2.00 बजे तक बाधित रहेगी। उन्होंने इस अवधि के दौरान लोगों से सहयोग की अपील की है।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटिड से प्राप्त जानकारी के अनुसार 2 मई को सोलन शहर के चम्बाघाट क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग के फोरलेन कार्य के दृष्टिगत 11 केवी वाटर सप्लाई फीडर की विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी विद्युत बोर्ड के सहायक अभियन्ता दिनेश ठाकुर ने दी। दिनेश ठाकुर ने कहा कि इसके दृष्टिगत 2 मई को प्रातः 10.00 बजे से सांय 6.00 बजे तक फोरेस्ट काॅलोनी, डीआईसी, चम्बाघाट चैक, बेर पानी, बेर खास, बेर गांव, एनआरसीएम, करोल विहार, बेर की सेर, झानू गांव, सलाकना तथा आसपास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने इस अवधि के दौरान लोगों से सहयोग की अपील की है।
प्रदेश में वर्तमान में कोविड-19 संक्रमण के मामलों में तीव्र वृद्धि दर्ज की गई है। इसी के चलते उपायुक्त सोलन केसी चमन ने कोविड-19 संक्रमण तथा कोविड से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान के सफल कार्यान्वयन के लिए गठित जिला कार्यबल की बैठक की अध्यक्षता की। केसी चमन ने कहा कि कोविड-19 की वर्तमान वृद्धि दर के दृष्टिगत यह आवश्यक है कि सभी स्तरों पर नियम पालन के साथ सावधानी बरती जाए और सभी पक्ष पूर्ण समन्वय स्थापित कर कार्य करें। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जहां उचित प्रकार से मास्क पहनना, बार-बार अपने हाथ साबुन अथवा एल्कोहल युक्त सेनिटाइजर से धोना तथा सोशल डिस्टेन्सिग नियम का पालन करना जरूरी है वहीं खांसी, जुखाम, बुखार सहित अन्य लक्षण होने पर चिकित्सक से सम्पर्क स्थापित कर परीक्षण करवाना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नियम पालन से ही कोरोना संक्रमण की श्रृखंला को तोड़ा जा सकता है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि जन-जन को इस दिशा में सचेत करें ताकि हम सभी महामारी को सफलतापूर्वक रोक सकें। उपायुक्त ने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देश पर सोलन जिला में भी उपमण्डल स्तर पर कार्यबल गठित कर दिए गए हैं। यह कार्यबल स्थानीय स्तर पर अनुमति प्राप्त समारोहों में मानक परिचालन प्रक्रिया की अनुपालना सुनिश्चित बनाएंगे तथा निर्देशों एवं मानक परिचालन प्रक्रिया की अवहेलना पर दोषियों के विरूद्ध कार्रवाही भी आरम्भ कर सकेंगे। यह कार्यबल होम आईसोलेशन में रखे गए रोगियों का स्थापित प्रोटोकोल के अनुसार ध्यान भी रखेंगे। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि स्थापित प्रक्रिया के अनुरूप होम आईसोलेशन में रखे गए रोगियों की स्थिति का अनुश्रवण किया जाए ताकि कोरोना वायरस संक्रमण को रोका जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि दूरभाष के माध्यम से इन रोगियों का हालचाल पूछकर उनकी स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियों को दूर करने में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए। केसी चमन ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए हर स्तर पर नियमानुसार सख्ती आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपनी कोविड-19 पाॅजिटिव रिपोर्ट छुपाता है तो उसके विरूद्ध विधि सम्मत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन का यह हरसंभव प्रयास है कि कोविड-19 संक्रमण से जन-जन को बचाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि दुःखद परिस्थिति में किसी रोगी की मृत्यु हो जाती है तो रोगी के अन्तिम संस्कार के लिए पूर्ण संवेदनशीलता अपनाते हुए मानक परिचालन प्रक्रिया का पालन किया जाए। प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार सोलन जिला में 18 से 45 वर्ष आयुवर्ग के व्यक्तियों का कोविड-19 से बचाव के लिए टीकाकरण किया जाना है। उन्होंने कहा कि इस आयुवर्ग को टीकाकरण के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करवाना आवश्यक है। इस आयुवर्ग को बिना पंजीकरण के टीका नहीं लगाया जाएगा। पंजीकरण के उपरान्त मोबाइल पर संदेश के माध्यम से टीकाकरण की तिथि बताई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिला में वर्तमान में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं सहित 45 से अधिक वर्ष आयुवर्ग का टीकाकरण किया जा रहा है। जिला में 29 अप्रैल, 2021 तक कुल 119222 व्यक्तियों का टीकाकरण किया गया है। उन्होंने 45 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के सभी व्यक्तियों से आग्रह किया कि कोविड-19 से बचाव के लिए अपना टीकाकरण शीघ्र करवाएं। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सोलन अभिषेक यादव, पुलिस अधीक्षक बद्दी रोहित मालपानी, अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अनुराग चन्द्र शर्मा, उपमण्डलाधिकारी सोलन अजय यादव, उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ महेन्द्र पाल गुर्जर, उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट डाॅ. विकास सूद, उपमण्डलाधिकारी कसौली डाॅ.संजीव धीमान, खण्ड विकास अधिकारी धर्मपुर रीतिका, समादेशक गृह रक्षा डाॅ. शिव कुमार शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ.राजन उप्पल, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डाॅ.राजेन्द्र शर्मा, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ.एसएल वर्मा, नगर निगम सोलन के आयुक्त एलआर वर्मा, बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ इन्डस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय खुराना, परवाणू इन्डस्ट्रियल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष संजीव कटोच सहित विभिन्न विभाागें के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
लुटरू महादेव मन्दिर अर्की के बाबा कृपाल भारती व नाहन के महंत कृष्णानाथ का कोरोना से निधन हो गया है। इस पर रामलोक मन्दिर कंडाघाट के बाबा अमरदेव ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से असमय मृत्यु होना बहुत दुःखद घटना है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि इस विश्व व्यापी महामारी से खुद को सुरक्षित रखने के लिए सरकार व प्रसासन के दिशा निर्देशों का पालन करें।
उपायुक्त सोलन के.सी. चमन ने जिला सोलन की पंचायती राज संस्थाओं के सभी प्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि कोविड-19 संक्रमण संकटकाल में पूर्ण सजगता के साथ अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन करें और जन-जन को कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियों के विषय में जागरूक बनाएं। के.सी. चमन ने आज वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से जिला के पंचायती राज प्रतिनिधियों, उपमण्डलाधिकारियों एवं खण्ड विकास अधिकारियों को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि संकट काल को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं और सभी के सहयोग से इस महामारी पर नियन्त्रण पाया जा सकेगा। वर्तमान में सावधानी अत्यन्त आवश्यक है। कोरोना वायरस संक्रमण में वृद्धि की दर तीव्र है और विभिन्न सावधानियों का पालन तथा पात्रता अनुसार टीकाकरण इस दिशा में बचाव का बेहतर माध्यम है। उन्होंने कहा कि संकट के इस काल में सभी अधिकारयों और पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को पूर्ण समन्वय के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने सभी उपमण्डलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्र के कोरोना पॉजिटिव रोगियों की सूची सम्बन्धित ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों से साझा करें ताकि होम आईसोलेशन की पूर्ण अनुपालना सुनिश्चित हो। ऐसी परिस्थिति में कोरोना पॉजिटिव रोगी एवं उसके परिजनों के भोजन तथा पशुओं के चारे इत्यादि का प्रबन्ध सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उपायुक्त ने पंचायती राज प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि अपने-अपने क्षेत्र में बाहर से आने वाले व्यक्तियों पर नज़र रखें ताकि आवश्यकतानुसार होम आईसोलेशन में कोई परेशानी न हो। जिला की सीमाओं पर बाहर से आने वालों की जानकारी पंचायत स्तर तक उपलब्ध करवाई जाएगी। के.सी. चमन ने आग्रह किया कि कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए निगरानी, सतर्कता और रोकथाम के सूत्र का पालन करें। गांव-गांव में बाहर से आनेे वालों के साथ-साथ समारोह इत्यादि की निगरानी करें तथा नियमानुसार 14 दिन की होम आईसोलेशन प्रक्रिया पूरी करवाएं। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि केवल आवश्यकतानुसार ही घर से बाहर निकलें। सभी सार्वजनिक स्थानों पर नाक से ठोडी तक ढकते हुए मास्क पहनें, दो व्यक्तियों के मध्य उचित दूरी बनाए रखें और बार-बार अपने हाथ साबुन या एल्कोहल युक्त सेनिटाईजर से धोते रहें। कोरोना संक्रमण की श्रृंखला को नियम पालन से ही तोड़ा जा सकता है। इसलिए आवश्यक है कि संक्रमण के न्यून होने तक स्व घोषित लाॅकडाऊन का पालन किया जाए। के.सी. चमन ने कहा कि कोरोना पॉजिटिव रोगियों के होम आईसोलेशन के लिए घरों में उचित व्यवस्था का होना आवश्यक है। उपमण्डलाधिकारी टीमें गठित कर यह सुनिश्चित बनाएं कि ऐसे घरों में रोगी के लिए पृथक शौचालय, अलग प्रवेश की व्यवस्था हो। ऐसा न होने पर रोगी को संस्थागत कोरंटीन किया जाए। उन्होंने आग्रह किया कि 45 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के सभी व्यक्तियों का टीेकाकरण करवाया जाए। टीकाकरण कोरोना संक्रमण के विरूद्ध कारगर है और बहुमूल्य मानवीय जीवन बचाने में उपयोगी है। 18 वर्ष से 45 वर्ष आयुवर्ग के लोग कोविड-19 टीकाकरण के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करवाएं। टीकाकरण की तिथि के बारे में ऑनलाइन ही सूचित किया जाएगा। 18 से 45 वर्ष आयुवर्ग के व्यक्तियों को सूचना मिलने के उपरान्त ही टीकाकरण के लिए आना होगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राजन उप्पल तथा डाॅ. अजय सिंह ने आवश्यक सावधानियों की जानकारी प्रदान की। जिला के पंचायती राज प्रतिनिधि, उपमण्डलाधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी तथ अन्य इस अवसर पर उपस्थित थे।
जिला पेंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन के जिला अध्यक्ष के डी शर्मा तथा महासचिव जगदीश पंवर ने हिमाचल सरकार द्वारा कोविड के तहत कर्मचारियों तथा पेंशन भोगियों के खाते से एक दिन की राशि काटे जाने की घोर निंदा की है। के डी शर्मा व जगदीश पंवर ने संयुक्त ब्यान जारी करते हुए कहा कि पिछले वर्ष जनवरी व जुलाई तथा इस वर्ष जनवरी 2021 से महंगाई भत्ता लगभग 13 प्रतिशत पर भी सरकार ने रोक लगाई है और ऊपर से सरकार ने एक दिन की पेंशन की भी कटौती कर दी है। उन्होंने कहा कि लम्बे अरसे से चली आ रही पेंशनरों की मांगों के प्रति सरकार का रवैया ठीक नहीं है आज तक सरकार ने पेंशनरों की समस्या को गम्भीरता से नहीं लिया। सरकार अपने फिजूल खर्चों पर तो कोई अंकुश नहीं लगा रही है। पेंशनरों ने कोविड फंड में पहले भी योगदान किया है और अब भी पेंशनर पीछे नहीं हटेंगे पर सरकार को भी पेंशनरों की मांगों पर गौर करना चाहिए। यह जानकारी संगठन के जिला प्रेस सचिव डी डी कश्यप ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी।
अमिताभ अवस्थी ने सोलन जिला के नालागढ़ उपमण्डल के बद्दी में ऑक्सीजन उत्पादकों एवं वितरकों के साथ आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमिताभ अवस्थी ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के दृष्टिगत प्रदेश सरकार विभिन्न स्तरों पर व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ कर रही है तथा यह सुनिश्चित बना रही है कि प्रदेश में कोविड-19 मामलों की वृद्धि को रोकने के साथ-साथ कोविड-19 पाॅजिटिव रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। अमिताभ अवस्थी ने कहा कि वर्तमान में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगियों की संख्या में उतरोत्तर वृद्धि हो रही है। रोगियों की संख्या में वृद्धि के साथ ही विभिन्न स्तरों पर जीवनदायिनी ऑक्सीजन की मांग भी बढ़ रही है। कोविड-19 पाॅजिटिव रोगियों में संक्रमण का स्तर अधिक बढ़ जाने पर ऑक्सीजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि प्रदेश में किसी भी स्तर पर ऑक्सीजन की कमी न हो ताकि सभी रोगियों को आवश्यकता पड़ने पर ऑक्सीजन प्रदान की जा सके। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में ऑक्सीजन की आपूर्ति मांग से अधिक है। आने वाले समय में यदि कोविड-19 रोगियों की संख्या में और वृद्धि होती है तो ऑक्सीजन की मांग में भी बढ़ोत्तरी होगी। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए बद्दी में यह बैठक आयोजित की गई है ताकि ऑक्सीजन उत्पादकों एवं वितरकों को आवश्यकता व मांग के विषय में उचित जानकारी दी जा सके। अमिताभ अवस्थी ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी स्तरों पर ऑक्सीजन आपूर्ति व मांग का अनुश्रवण एवं समीक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उद्योग जगत से आग्रह किया है कि ऑक्सीजन की उद्योग आधारित खपत को न्यून रखा जाए और इसे आवश्यकता पड़ने पर रोगियों को दी जाने वाली ऑक्सीजन में बदला जाए ताकि बहुमूल्य मानवीय जीवन की कम से कम क्षति हो। प्रदेश सरकार कोविड-19 नियम पालन के साथ-साथ यह सुनिश्चित करने का प्रयास भी कर रही है कि किसी भी श्रमिक अथवा अन्य व्यक्ति को परेशानी का सामना न करना पड़े। बीबीएन क्षेत्र में कार्यरत औद्योगिक इकाईयों के लिए इस सम्बन्ध में उचित आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि कोविड-19 से बचाव के लिए नाके से ठोडी तक ढकते हुए मास्क पहनें, बार-बार अपने हाथ साबुन अथवा एल्कोहल युक्त सेनिटाइजर से धोते रहें और उचित सोशल डिस्टेन्सिग का पालन करें। बैठक में उपमण्डल स्तर के अधिकारियों सहित ऑक्सीजन निर्माता, वितरक एवं विक्रेता उपस्थित थे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने सभी से आग्रह किया है कि खांसी, जुखाम व बुखार जैसे लक्षण होने पर शीघ्र अपना कोरोना वायरस संक्रमण के लिए परीक्षण करवाएं ताकि भविष्य में किसी भी परेशानी से बचा जा सके। लोगों की सुविधा के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा आयुर्वेदिक अस्पताल सोलन के साथ ठोडो मैदान सोलन में भी आरटीपीसीआर परीक्षण किया जा रहा है। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डाॅ. राजन उप्पल ने दी। डाॅ. उप्पल ने कहा कि ठोडो मैदान सोलन में आरटीपीसीआर परीक्षण के लिए वाक इन क्योस्क स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि आरटीपीसीआर परीक्षण सुविधा प्राप्त करने के लिए पूर्व पंजीकरण किया जा रहा है। पूर्व पंजीकरण प्रातः 9.30 बजे से प्रातः 11.30 बजे तक करवाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि दिन में 12.30 बजे से 1.30 बजे तक आरटीपीसीआर के लिए सैम्पल एकत्र किए जाएंगे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि ठोडो मैदान में रेपिड एंटीजन परीक्षण सुविधा भी उपलब्ध है। रेपिड एंटीजन परीक्षण के लिए पंजीकरण दिन में 2.00 बजे से 2.30 बजे तक किया जा सकता है। रेपिड एंटीजन परीक्षण तदोपरांत सांय 3.00 बजे से 4.00 बजे तक करवाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पंजीकरण ऑनलाइन करवाया जा सकता है। ठोडो मैदान सोलन में आरटीपीसीआर अथवा रेपिड एंटीजन परीक्षण के लिए ऑनलाइन https://forms.gle/ypf5VNcqvFKmZ1tD6 पर पंजीकरण किया जा सकता है।
सोलन जिला की नगर पंचायत कण्डाघाट की नव निर्वाचित अध्यक्षा गीता देवी तथा नव निर्वाचित उपाध्यक्ष मनीष सूद को आज शपथ दिलाई गई। उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट डाॅ. विकास सूद ने उन्हें शपथ दिलाई। नगर पंचायत कण्डाघाट के वार्ड नम्बर-07 ब्रिजेश्वर महादेव से नव निर्वाचित पार्षद गीता देवी को अध्यक्ष तथा वार्ड नम्बर-05 राज राजेश्वरी से नव निर्वाचित पार्षद मनीष सूद को नगर पंचायत कण्डाघाट के उपाध्यक्ष पद की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर भाजपा कार्यकारिणी सदस्य डाॅ. राजेश कश्यप, खण्ड विकास समिति कण्डाघाट के अध्यक्ष विजय ठाकुर, भाजपा मण्डल सोलन के अध्यक्ष मदन ठाकुर, तहसीलदार कण्डाघाट अमन राणा उपस्थित थे।
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव को लेकर स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड डिवीज़न परवाणु में अच्छी पहल की जा रही है। बिजली से सम्बन्धित कार्य, बिजली से सम्बन्धित शिकायत व किसी भी अन्य प्रकार की पूछताछ के लिए सम्बंधित अधिकारियों के मोबाईल नम्बर जारी किए गए है। इस पहल से उपभोगताओं को दफ्तरों के चक्कर काटने की आवश्यकता नही होगी। इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए अधिशासी अभियंता इंजीनियर राहुल वर्मा ने कहा कि किसी भी प्रकार की बिजली बोर्ड से सम्बंधित समस्या जैसे बिल का भुगतान, विधुत आपूर्ति व अन्य किसी भी जानकारी के लिए बिना संकोच किए जारी मोबाइल नंबर पर कॉल कर सकते है। राहुल वर्मा ने बताया कि आज हर भुगतान ऑनलाइन प्रक्रिया से सम्भव है ऐसे में जहां तक सम्भव हो सके बिजली के बिल का भुगतान ऑनलाईन करें और कोरोना संक्रमण से बचाव करें। उन्होंने कहा कि बहुत आसान तरीके से www.hpsebl.in पर विजिट कर अपने बिल का भुगतान कर सकते है। बिल का भुगतान HPSEBL App, Amazon App, Google Pay, Bharat Pay, Phone Pay,और अन्य विश्वसनीय ऐप से कर सकते है। राहुल वर्मा ने कहा कि सम्पूर्ण डिवीजन से सम्बंधित किसी प्रकार की जानकारी के लिए अधिशासी अभियंता राहुल वर्मा 94184-53864 को सम्पर्क करें। इसके अतिरिक्त उपमंडल परवाणु से सम्बंधित जानकारी के लिए सहायक अभियंता चतर सिंह 94182-27969, धर्मपुर से सम्बंधित किसी भी जानकारी के लिए सहायक अभियंता गौरव अधीर 94183- 81900, सहायक अभियंता कसौली अशोक शर्मा 94186-14564 पर सम्पर्क करें। उन्होंने सभी से अपील की है कि कोरोना से बचें व सभी नियमों का सख्ती से पालन करें।
अर्की उपमंडल के अंतर्गत ग्राम पंचायत चम्यावल के सैंज गांव में मंगलवार को हनुमान जयंती सभी ग्रामवासियों ने कोविड के नियमों की अनुपालना करते हुए मनाई। ग्रामवासियों ने मिलकर स्थानीय गांव में एक मंदिर भी बनाया है जिसमें मंगलवार को हनुमान व शनिदेव की मूर्ति को महंत बलदेव गिरी द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ स्थापित किया गया। इस दौरान मूर्ति स्थापना के लिए ग्रामीणों ने पंचायत प्रधान उर्मिला ठाकुर और उप प्रधान चरणदास को विशेष रूप से आमंत्रित किया। उर्मिला ठाकुर ने सभी को हनुमान जयंती की शुभकामनाएं दी और मन्दिर में आशीर्वाद भी प्राप्त किया। इस दौरान अर्की के व्यवसायी देवेंद्र कालिया, ताराचंद शर्मा ,बब्बी तथा मनसा राम भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
देवभूमि क्षत्रिय संगठन के प्रदेश कोषाध्यक्ष हरजिन्दर ठाकुर ने मिडिया के माध्यम से बताया कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को सवर्ण आयोग गठन के लिए जो प्रस्ताव देवभूमि क्षत्रिय संगठन और सामान्य वर्ग संगठन द्वारा दिया गया है उस पर ध्यान देते हुए प्रदेश के सवर्ण समाज को आश्वस्त किया है कि अगले तीन महीनों के भीतर सवर्ण समाज के लोगों के मौलिक अधिकारों के सरंक्षण के मद्देनजर सवर्ण आयोग का गठन तीन महीने के अंदर किया जाएगा। सवर्ण आयोग के गठन को लेकर मुख्यमंत्री से शिमला में मुलाकात के बाद इस मांग के जल्द पूरा होने की उम्मीद प्रदेश के सवर्ण समाज में जगी है। राजेन्द्र ठाकुर, कुलदीप सिंह कँवर, सुनील ठाकुर, अशोक ठाकुर, चेतन पंवर, कुलदीप पंवर, राहुल, श्रवण, कर्ण कँवर, धर्मेंद्र ठाकुर आदि संगठन के पदाधिकारियों व सदस्यों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का आभार व्यक्त किया है।
दाड़लाघाट क्षेत्र के ग्याणा गांव के प्रख्यात साहित्यकार, कहानीकार, उपन्यासकार, वरिष्ठ समाजसेवी व कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता बद्री सिंह भाटिया के आकस्मिक निधन से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। बद्री सिंह भाटिया का इस क्षेत्र के युवाओं, लेखकों तथा साहित्यकारों को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। बद्री सिंह भाटिया के निधन से जहां परिवार वालों ने एक बुजुर्ग को खोया है वहीं समाज ने भी एक बुद्धिजीवी व समाज सेवक और हर आमजन के दुख दर्द में शामिल होने वाला व्यक्ति खो दिया है। क्षेत्र के पीसीसी महासचिव संजय अवस्थी, रमेश ठाकुर, अमर चंद पाल, रोशन वर्मा, जगरनाथ शर्मा, प्यारे लाल, राजेंद्र रावत जगदीश ठाकुर, राजेश गुप्ता, अनिल गुप्ता, सुरेंद्र वर्मा, रविकांत पाठक, हेमंत वर्मा आदि ने शोक प्रकट किया है।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटिड सोलन से प्राप्त जानकारी के अनुसार 28 अप्रैल व् 29 अप्रैल को विद्युत लाईनों के आवश्यक मुरम्मत व रखरखाव कार्य के दृष्टिगत विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी विद्युत बोर्ड सहायक अभियन्ता दिनेश ठाकुर ने दी। उन्होंने कहा कि इसके दृष्टिगत 28 अप्रैल को प्रातः 10.00 बजे से सांय 5.30 बजे तक एससीईआरटी, हाउसिंग बोर्ड फेज-2, एचआरटीसी काॅलोनी तथा रबौण के कुछ क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। जबकि 29 अप्रैल को प्रातः 10.00 बजे से सांय 6.00 बजे तक फोरेस्ट काॅलोनी, जिला उद्योग केन्द्र, चम्बाघाट चैक, बेर पानी, बेर खास, बेर गांव, एनआरसीएम, शिल्ली, जौणाजी, अश्वनी खड्ड, दामकड़ी, फ्लाई, फशकना, नडोह, बजरोल, शूलिनी नगर के कुछ क्षेत्र एवं आसपास के इलाके में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने इस दौरान लोगों से सहयोग की अपील की है।
कसौली के साथ लगते पट्टा-जोहड़जी सड़क पर दर्दनाक हादसा पेश आया है। हादसे में एक गाड़ी 400 मीटर खाई में जा गिरी। सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार पुलिस थाना कसौली चौकी कुठाड़ के तहत यह हादसा हुआ है। कार में तीन लोग सवार थे। यह कार पट्टा-जोहड़जी सड़क पर अचानक 400 मीटर खाई में जा गिरी। लोगों ने इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस और एम्बुलेंस को दी। स्थानीय लोगों ने सभी को कार से निकालकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा। स्वास्थ्य केंद्र पट्टा में प्राथमिक उपचार देने के बाद दो घायलों को चंडीगढ़ रेफर किया गया लेकिन उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई। थाना प्रभारी संजय कुमार ने इस मामले की पुष्टि की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
जल शक्ति विभाग यह सुनिश्चित बना रहा है कि सोलन शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में लोगों को आवश्यकतानुसार पेयजल उपलब्ध हो। यह जानकारी आज यहां जल शक्ति विभाग के अधिशाषी अभियन्ता सुमित सूद ने दी। सुमित सूद ने कहा कि सोलन शहर सहित आसपास के क्षेत्रों को उठाऊ पेयजल योजना गिरी से जलापूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना से सोलन शहर के अतिरिक्त कुम्हारहट्टी एवं धर्मपुर क्षेत्र के गांवों को भी गर्मियों में पेयजल की कमी के दृष्टिगत जलापूर्ति की जाती है। सोलन शहर तथा धर्मपुर एवं कुम्हारहट्टी क्षेत्र के लिए जलापूर्ति वितरण पाइप लाइन अलग-अलग हैं। यह सभी क्षेत्र वर्ष 2008 में ही योजना के दायरे में सम्मिलत किए गए। उठाऊ पेयजल योजना गिरी वर्ष 2008 से क्रियाशील है। इस योजना से पानी का वितरण पूर्ण नियन्त्रण एवं मांग के अनुसार किया जाता है। उन्होंने कहा कि गत कुछ दिनों से गिरी नदी के जलागम क्षेत्र में अत्याधिक ओलावृष्टि एवं वर्षा के कारण पानी में भारी गाद आ रही है। गाद के कारण पानी की लिफ्टिंग प्रभावित होती है और जल वितरण मांग के अनुसार नहीं हो पाता। जल शक्ति विभाग निरन्तर यह प्रयास करता है कि लोगों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो। 25 अप्रैल से गिरी नदी के जल की गुणवत्ता में सुधार आया है और गाद की मात्रा कम होने पर गिरी पेयजल योजना से पानी की लिफ्टिंग सुचारू रूप से की जा रही है। उन्होंने कहा कि जल सभी के लिए मूलभूत आवश्यकता है और जल शक्ति विभाग यह प्रयास कर रहा है कि आवश्यकतानुसार नगर निगम सोलन सहित अन्य क्षेत्रों को समुचित पेयजल उपलब्ध करवाया जाए। प्रातः 5.00 बजे नगर निगम सोलन के मुख्य भण्डारण टैंकों से जवाहर पार्क, दुर्गा क्लब, चम्बाघाट व निचला डमरोग स्थित भण्डारण टैंकों को पेयजल उपलब्ध करवाया जाता है ताकि लोगों को सुचारू जलापूर्ति प्राप्त हो। इस कारण दिन के समय मुख्य भण्डारण टैंको में पानी की मात्रा कम रहती है। शहर के देहूंघाट, पावर हाउस, सपरून, तार फैक्टरी, क्लीन, हाउसिंग बोर्ड फेज-2, रबौण, आंजी, बाईपास, कथेड़, चम्बाघाट, बसाल व सलोगड़ा इत्यादि क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति जल शक्ति विभाग द्वारा की जा रही है। समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचार कि सोलन शहर का पानी किसी दूसरी जगह दिया जा रहा है को पूर्णतः निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि उपरोक्त तथ्यों के दृष्टिगत उठाऊ पेयजल योजना की स्थिति एवं मौसम के अनुसार जल वितरण में कोई कमी नहीं रखी जा रही है। सोलन शहर तथा धर्मपुर एवं कुम्हारहट्टी क्षेत्र के लिए अलग-अलग जल वितरण पाइपें होने से असमान जलापूर्ति सम्भव नहीं है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि जल की एक-एक बूंद का सदुपयोग करें और अफवाहों पर ध्यान न दें।
जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण सोलन ने आमजन की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नम्बर जारी किए हैं। यह जानकारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के अध्यक्ष भूपेश शर्मा ने दी। भूपेश शर्मा ने कहा कि वर्तमान में कोविड-19 संक्रमण के दृष्टिगत आम लोगों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से यह हेल्पलाइन नम्बर जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन दूरभाष नम्बरों पर कोई भी व्यक्ति अपने घर से ही विधिक जानकारी प्राप्त कर सकता है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा की जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण ने जिला व उपमंडल स्तर पर गठित विधिक सेवाएं प्राधिकरण के दूरभाष नम्बर को हेल्पलाइन के रूप में जारी किया हैं। इन हेल्पलाइन नम्बर पर लोग विधिक सेवा सम्बन्धी किसी भी जानकारी के लिए सम्पर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इन हेल्पलाइन नंबरों का लाभ उठाने के लिए जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण सोलन के सचिव के दूरभाष नम्बर 01792-220713 पर संपर्क किया जा सकता है। उपमंडलीय विधिक सेवाएं समिति सोलन के अध्यक्ष से हेल्पलाइन नम्बर 01792-220553, उपमंडलीय विधिक सेवाएं समिति अर्की के अध्यक्ष से हेल्पलाइन नम्बर 01796-220619, उपमंडलीय विधिक सेवाएं समिति कण्डाघाट के अध्यक्ष से हेल्पलाइन नम्बर 01792-256256, उपमंडलीय विधिक सेवाएं समिति कसौली के अध्यक्ष से हेल्पलाइन नम्बर 01792-273711 तथा उपमंडलीय विधिक सेवाएं समिति नालागढ़ के अध्यक्ष से हेल्पलाइन नंबर 01795-221197 पर संपर्क किया जा सकता है। इन सभी हेल्पलाइन नंबरों पर किसी भी कार्यदिवस पर प्रातः 10.00 बजे से सांय 5.00 बजे के मध्य सम्पर्क किया जा सकता है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि इन हेल्पलाइन नम्बरों पर समस्या की जानकारी मिलने के उपरान्त विधिक सेवाएं प्राधिकरण की टीम शिकायतकर्ता की समस्या का समाधान करने का प्रयास करेगी।
- अनुशासन है नहीं, पर सपना है 2022 में शासन पाने का 2022 में सोलन निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा का चेहरा कौन होगा ये तो समय के गर्भ में छीपा है, किन्तु सोलन भाजपा में अभी से जड़ खुदाई शुरू हो गई है। नगर निगम में हार का ठीकरा दोनों गुट एक दूसरे पर फोड़ रहे है, बड़े नेता बेशक चुप है, लेकिन कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर भड़ास निकाल रहे है। अनुशासन है नहीं, पर सपना है 2022 में शासन पाने का। बदलते समीकरणों के बीच चेहरे की जंग अभी से प्रखर होती दिख रही है। किस ओर जा रही है सोलन भाजपा की सियासत, क्या बन सकते है समीकरण ये जानने - समझने के लिए बात 2017 के चुनाव से शुरू करनी होगी। 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले सोलन निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा टिकट के लिए सिर्फ दो नाम चर्चा में थे, एक कुमारी शीला और दूसरा तरसेम भारती। थोड़ी बहुत कोशिश हीरानंद कश्यप भी करते रहे पर वो कभी रेस में दिखे नहीं। पर चुनाव से ठीक पहले डॉ राजेश कश्यप पैराशूट से आए और टिकट ले गए। कहते है टिकट दिलाने वाले थे डॉ राजीव बिंदल। इस टिकट ने तरसेम भारती और कुमारी शीला के अरमान कुचल दिए थे। रोचक बात ये है कि बिंदल के चहेते भी तब शीला के साथ खड़े दिखे थे, मंशा दिलासा देना था या बहलाना, इसे लेकर सबका अपना -अपना विश्लेषण है। खैर डॉ राजेश कश्यप चुनाव हार गए, पर कहते है चुनाव में बिंदल के कुछ ख़ास लोगों ने उनके पक्ष में काम नहीं किया। सो तभी से बिंदल गुट और उनके बीच एक खाई बन गई। आहिस्ता-आहिस्ता कश्यप सोफत गुट के नजदीकी हो गए। वहीं महेंद्र नाथ सोफत जिनका डॉ राजीव बिंदल के साथ मनभेद जगजाहिर है। 2017 से अब तक 40 माह में डॉ राजीव बिंदल का सियासी सफर किसी रोलर कोस्टर के सफर जैसा रहा है। सो जब - जब बिंदल अर्श पर सोलन में उनकी टीम भी फ्रंट फुट पर और जैसे ही बिंदल फर्श पर उनकी टीम भी हाशिए पर। इस सब के बीच डॉ राजेश कश्यप जमे रहे और भाजपा के प्राइम फेस बने भी रहे। नगर निगम चुनाव में भी बेशक प्रभारी डॉ राजीव बिंदल थे लेकिन जो भाजपाई जीते है उनमे से अधिकांश डॉ राजेश कश्यप के करीबी माने जाते है। अब जो बात निकल कर आ रही है वो आने वाले समय में सोलन भाजपा की सियासत को नई दिशा दे सकती है। दरअसल कुछ लोगों को अब तरसेम भारती के चेहरे में भाजपा का ग्लो दिख रहा है और इनमें वो लोग भी शामिल है जिन्हें 2017 तक तरसेम भारती फूटी आंख नहीं सुहाते थे। यानी वक्त, परिस्थिति और मौके के हिसाब से अब एक नया गठबंधन आकार ले सकता है ताकि डॉ राजेश कश्यप को साधा जा सके। अब ये गठबंधन जन्म लेता है या इसकी भ्रूण हत्या हो जाती है ये देखना रोचक होगा। शीला जीत जाती तो और बात होती जिला परिषद् चुनाव में सलोगड़ा वार्ड से कुमारी शीला भाजपा उम्मीदवार थी। लगातार तीन चुनाव जीत चुकी कुमारी शीला जीत का चौका लगाने का दावा कर रही थी, लेकिन जनता का आशीर्वाद उन्हें नहीं मिला। ये हार कुमारी शीला के लिए बड़ा झटका है। शायद यही कारण है कि डॉ राजेश के विरोधी अब कुमारी शीला की जगह तरसेम भारती में संभावना तलाश रहे है। निसंदेह, शीला अगर जीत जाती तो शायद 2022 में कुछ और बात होती। बहरहाल शीला अब भी डटी है और 2022 में ऊंट किस करवट बैठता है ये देखना रोचक होगा। नगर निगम में नहीं चला तरसेम का जादू नगर निगम चुनाव में तरसेम भारती ने वार्ड 7 में जमकर प्रचार किया। तरसेम भारती के करीबी बादल नाहर की पत्नी सोना नाहर वहां से चुनाव लड़ रही थी। पर इस पुरे चुनाव में भाजपा कभी भी मजबूत नहीं दिखी। तरसेम भारती का प्रचार यहां पूरी तरह बेअसर दिखा। कांग्रेस ने बागी के मैदान में होने के बावजूद यहां शानदार जीत दर्ज की। यानी तरसेम की पोलिटिकल मैनेजमेंट का जनाजा हालही में हुए सोलन नगर निगम चुनाव में निकल चूका है। पर हर दिन की तरह हर चुनाव भी नया होता है। बिंदल के खासमखास भी हारे चुनाव जानकार मानते है कि भाजपा बेशक नगर निगम हार गई लेकिन डॉ राजेश कश्यप ने इस हार के बावजूद ज्यादा नहीं खोया। दरअसल भाजपा ने डॉ राजीव बिंदल को प्रभारी बनाया था और यदि बिंदल का जादू चल जाता तो जाहिर है 2022 के टिकट वितरण में भी उनकी दखल ज्यादा होती। पर नगर निगम जीतना तो दूर बिंदल के कई खासमखास चुनाव में बुरी तरह हारे। इस हार का ठीकरा भी विरोधी बिंदल के सर ही फोड़ रहे है। 2022 में फिर पैराशूट लैंड हुआ तो 2012 से 2017 तक कई नेता टिकट के लिए जमीनी काम करते रहे। पर भाजपा आलाकमान ने इन सबके अरमान कुचल दिए और पैराशूट कैंडिडेट उतार दिया। 2022 में टिकट को लेकर भी तमाम दावेदारों में मन में ये भय जरूर होगा। न जाने ऐन मौके पर किसकी एंट्री हो जाए।
- 2017 में दो बार के विधायक का टिकट काटा, फिर अनदेखी भी हुई - ठगा सा महसूस कर रहा है भाजपा का पुराना कार्यकर्ता अर्की निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा का हाल फिलहाल ठीक नहीं दिख रहा है। दो नेताओं के बीच बढ़ती खींचतान और वर्चस्व की लड़ाई में पार्टी फंसी हुई है। क्षेत्र में नेतृत्व और चेहरे को लेकर लगातार सवाल उठ रहे है। दरअसल, 2017 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने दो बार विधायक रहे गोविन्द राम शर्मा का टिकट काट कर रतन सिंह पाल को टिकट दिया था। इसके बाद से ही अर्की भाजपा में विभाजन स्पष्ट देखा जा सकता है। खेर 2017 में सरकार बनी तो उम्मीद थी कि गोविन्द राम को पार्टी कोई महत्वपूर्ण पद या ज़िम्मेदारी देगी, पर ऐसा भी हुआ नहीं। इसका असर अर्की भाजपा के बड़े खेमे में दिखता है। गोविन्द राम से जुड़ा पुराना कार्यकर्ता खुद को ठगा सा महसूस करता है। उधर, गोविन्द राम अब तेवर बदल चुके है। वे 2022 के लिए अभी से खुलकर अपना दावा ठोक रहे है। उनके साथ भाजपा का एक बड़ा गुट दिख रहा है और जैसे - जैसे 2022 नजदीक आ रहा है उनके समर्थकों का कुनबा भी बढ़ता दिख रहा है। वैसे भी 2017 से ही भाजपा के लिए अर्की में कुछ ख़ास अच्छा नहीं हुआ है। हालहीं में हुए नगर पंचायत चुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। बीडीसी पर भी कांग्रेस का कब्ज़ा रहा। वहीं जिला परिषद् में भी टिकट वितरण को लेकर सवाल उठे। जिला परिषद् के डुमैहर कुनिहार वार्ड से पार्टी के बागियों ने जीत दर्ज की। बहरहाल, रतन सिंह पाल बेशक फ्रंट फेस बने हुए है पर गोविन्द राम की पकड़ पर कोई संशय नहीं है। अर्की में दो बार कमल खिला चुके है गोविंद राम कांग्रेस के गढ़ रहे अर्की में लम्बे समय बाद 2007 में गोविन्द राम शर्मा ने कमल खिलाया था। 2012 में शर्मा लगातार दूसरी बार जीते। बावजूद इसके 2017 में उनका टिकट काट दिया गया। हालांकि जानकार मानते है कि 2017 में शर्मा भाग्यशाली रहे क्योंकि अर्की से कांग्रेस टिकट पर खुद वीरभद्र सिंह ने चुनाव लड़ा था। अब तक खरे नहीं उतरे पाल अर्की नगर पंचायत में भाजपा को करारी शिकस्त मिली थी। जिला परिषद् चुनाव में पार्टी ने अमर सिंह ठाकुर और आशा परिहार का टिकट काटा था जो भारी भूल साबित हुआ। आखिरकार ये दो चेहरे ही अध्यक्ष पद पर पार्टी का कब्ज़ा करवाने में निर्णायक सिद्ध हुए। माना जाता है कि अर्की भाजपा में फिलवक्त रतन सिंह पाल की खूब चल रही है, पर चुनावी समर में पाल अब तक कुछ कमाल नहीं कर सके है। सोलन नगर निगम चुनाव में भी रतन सिंह पाल को वार्ड 17 का प्रभारी बनाया गया था। प्रत्याशी चयन में भी उनकी राय को तवज्जो दी गई पर वार्ड 17 में भाजपा तीसरे स्थान पर रही। मैं आश्वस्त, 2022 में मुझे मिलेगा टिकट: गोविन्द राम गोविन्द राम शर्मा 2022 के लिए अभी से हुंकार भर चुके है। शर्मा आश्वस्त है कि पार्टी उन्हें टिकट देगी और वे चुनाव जीतेंगे भी। निसंदेह उन्हें दरकिनार करना भाजपा के लिए आसान नहीं होने वाला। शर्मा कहते है 2017 में उन्होंने टिकट भी छोड़ा और पूरी शिद्दत से पार्टी के लिए काम करते आ रहे है। अब पार्टी के आशीर्वाद से 2022 में वे ही कमल खिलाएंगे।
हिमाचल में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को लेकर प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए फैसले का एनपीएस कर्मचारी संघ सोलन ने समर्थन किया है। संघ का कहना है की सरकार ने जो कर्मचारियों का एक दिन का वेतन कोविड -19 सहायता के लिए काटा है एनपीएस कर्मचारी संघ उसके लिए तैयार है। एनपीएस कर्मचरियों का कहना है की प्रदेश में लगातार कोरोना के मामलों में वृद्धि हो रही है। ऐसे में सभी कर्मचारियों को सरकार के इस फैसले का समर्थन करना चाहिए। संघ के जिला अध्यक्ष अशोक ठाकुर ने बताया कि एनपीएस कर्मचारी इस संकट के शुरुआत से ही सरकार के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर काम कर रहे हैं। पिछले वर्ष भी एनपीएस कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 25 लाख से अधिक राशी दी थी तथा इसके साथ ही सभी कर्मचारियों ने एक दिन का वेतन भी दिया था। एनपीएस कर्मचारियों ने कहा कि भविष्य में भी सभी कर्मचारी सरकार का हर संभव साथ देने का वादा करते हैं। उन्होंने कहा की कर्मचारी अपने स्वास्थ्य की परवाह किए बिना कोविड-19 से लड़ रहे हैं। कोई अस्पताल में सेवाएँ दे रहा है तो कोई सड़कों पर लोगों को जागरूक कर रहा है। एनपीएस कर्मचारियों ने सरकार से मांग की है कि केंद्र सरकार की तर्ज पर कर्मचारी की मृत्यु या विकलान्गता पर 2009 की अधिसूचना के तहत पुरानी पेंशन की व्यवस्था को प्रदेश में लागु किया जाए। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर एनपीएस कई बार सरकार के समक्ष मांग रख चूका है ,लेकिन अभी तक सरकार कि तरफ से उन्हें कोई भी आश्वासन नहीं मिला है। इसके साथ ही कर्मचरिओं ने मांग रखी है कि भाजपा के चुनावी दृष्टिपत्र के अनुसार पुरानी पेंशन की बहाली के लिए जल्द कमेटी गठन किया जाए।
हिमाचल प्रदेश में कुछ दवा उद्योगों के सैंपल लगातार फेल हो रहे है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रक संगठन (सीडीएससीओ) के ड्रग अलर्ट में लगातार इसका खुलासा हो रहा हैं। पिछले 9 महीनों के आंकड़ों पर अगर गौर करें तो हिमाचल में बनी कुल 41 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। जुलाई 2020 में कुल 11, अगस्त में 4, सितम्बर में 3, अक्टूबर में 2, नवंबर में 5, दिसंबर में 2, जनवरी 2021 में 8, फरवरी में 3 और मार्च में भी 3 सैंपल फेल हुए हैं। मार्च महीने में हिमाचल प्रदेश के दवा उद्योगों की तीन और देश की 18 दवाइयां मानकों पर खरी नहीं उतरी है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रक संगठन के मार्च के ड्रग अलर्ट में प्रदेश में बनी एंटी एलर्जी, पेन किलर और एंटीबायोटिक दवा के सैंपल फेल हो गए है। सिरमौर के पांवटा साहिब स्थित मैसर्ज जी लैबोरेटरीज कंपनी में बनने वाली एंटी एलर्जी दवा टरबीनापाइन, नालागढ़ के दवा औद्योगिक क्षेत्र में मैसर्ज एक्मे जेनेरिक्स कंपनी की पेन किलर दवा ट्रीपसिन एंड किमो ट्रीपसिन और औद्योगिक क्षेत्र झाड़माजरी की एंटीबायोटिक दवा अमोक्साइक्लीन के सैंपल फेल हुए हैं। चौंकाने वाली बात तो ये है की इनमें एक कंपनी ऐसी है जहां बनी दवाओं के सैंपल पिछले 8 महीनो में कई बार फेल हो चुके है। पौंटा की जी लैबोरेट्रीज में बनी दवाओं के सैंपल कई बार फेल हो चुके हैं। प्रदेश दवा नियंत्रक नवनीत मरवाह ने बताया तीनों दवा कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। फेल सैंपलों के बैच बाजार से हटाने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रक संगठन ने मार्च में देश की कुल 1572 दवाओं के सैंपल लिए थे, जिनमें 1553 मानकों पर खरे उतरे और 18 सैंपल फेल हुए हैं। खराब हुए सैंपलों में तमिलनाडु के छह, हिमाचल की तीन, मुंबई, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, हरियाणा और उत्तराखंड का एक-एक सैंपल शामिल है। एक सैंपल आयुर्वेदिक फार्मेसी का खराब निकला, जबकि दो सैंपल बिना लेवल के थे।
फूड इंस्पेक्टर सोलन संत राम वर्मा ने दाड़लाघाट व आसपास की दुकानों का औचक निरीक्षण किया, हालांकि निरीक्षण के दौरान कोई मामला सामने नहीं आया है। इस मौके पर फ़ूड इंस्पेक्टर संतराम वर्मा ने कहा कि कोविड-19 के चलते जिला उपायुक्त सोलन के आदेशानुसार दाड़लाघाट व आसपास के बाज़ार का निरीक्षण किया गया है। उन्होंने कोरोना वायरस महामारी के मद्देनज़र संकट की घड़ी में सब्जियों, ढाबों सहित अन्य दुकानदारों को अधिक दाम न वसूलने की हिदायत भी दी। फ़ूड इंस्पेक्टर संतराम वर्मा व पुलिस प्रशासन की टीम ने मास्क पहनने तथा सोशल डिस्टेंस का पालन करने का आग्रह किया और दुकानदारों व ढाबा संचालकों को निर्देश दिए कि कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के सब्जी, ढाबा या अन्य दुकानों में पहुंचता है तो उन्हें कोई सुविधा न प्रदान की जाए। लोगों को नो मास्क नो सिर्वीस के नियम की अनुपालना करवाई जाए। उन्होंने कहा कि दुकानों पर मूल्य सूचियां प्रदर्शित हों। इस मौके पर पुलिस विभाग के कर्मचारी भी मौजूद रहे।
सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र दाड़लाघाट में कोविड-19 से बचाव व इसकी रोकथाम के सम्बंध में हिमाचल प्रदेश सरकार व उपायुक्त सोलन द्वारा हाल ही में जारी दिशानिर्देशों के मद्देनजर शनिवार व रविवार को आवश्यक वस्तुओं की दुकानें छोड़ अन्य सभी दुकानों को बंद करने के आदेश का व्यापक असर देखने को मिला। व्यापार मंडल दाड़लाघाट के अध्यक्ष वेद प्रकाश शुक्ला ने बताया कि दाड़लाघाट बाजार में आवश्यक वस्तुओं की चीजों की दुकानों के सिवा सभी दुकानें बंद रही। बाजार बंद होने से दाड़लाघाट बाजार में सन्नाटा भी पसरा रहा। लोगों को दूध, ब्रैड, सब्जी व दवा की खरीद के लिए कोई भी परेशानी नही हुई। बाजार में दुकानें बंद होने को लेकर पुलिस प्रशासन की नज़र भी बनी रही। पुलिस ने बाजारों में गश्त भी की, हालांकि इस दौरान आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर अन्य सभी दुकानें बंद पाई गई। डीएसपी दाड़लाघाट प्रताप सिंह ठाकुर ने कहा कि पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है तथा फील्ड में कोविड-19 के नियमों का सख्ती से पालन करने के लिए आग्रह कर रहा है।
लंबे-लंबे बाल, तन पर भगवा वस्त्र और कमर के साथ लटकी चटाई और लोटा, कुछ ऐसे ही दिखते हैं बेन बाबा। बेन बाबा स्विट्जरलैंड से भारत पहुंचे हैं जबकि इन दिनों सोशल मीडिया में बेन बाबा का नाम बहुत चर्चित है। बात हो रही है स्विजरलैंड से पैदल भारत व इन दिनों देव भूमि हिमाचल में पैदल यात्रा कर रहे बेन बाबा की जो दाड़लाघाट से निकलते हुए पुलिस थाना दाड़लाघाट रुके। थाना प्रभारी जीत सिंह सहित उनके स्टाफ ने बेन बाबा को सेनिटाइज़र व फल भेंट करके मानवता की मिसाल पेश की है। बेन बाबा इन दिनों देव भूमि हिमाचल प्रदेश में पैदल यात्रा कर रहे है। बेन बाबा स्विट्जरलैंड से विश्व यात्रा पर निकले हुए हैं। भारत पहुंचने पर यहां की संस्कृति तथा धर्म की सराहना करते हुए इस विदेशी साधु ने हमारे धर्म में आस्था जताकर बता दिया है कि हमारा हिंदू धर्म दुनिया भर में शिरोमणि है और उसे बेन बाबा हिंदू वेशभूषा तथा पैदल यात्रा से सार्थक कर रहे हैं।
ग्राम पंचायत दाड़लाघाट में पंचायत प्रधान बंसी राम भाटिया की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन हुआ। बैठक में दाड़लाघाट पंचायत के क्षेत्र को स्वच्छ रखने के विषय में चर्चा कि गई। इस दौरान सभी सदस्यों ने मकान मालिकों को और उनके किरायेदारों को कूड़ा दान प्रयोग करने हेतु प्रोत्साहित करने की बात की। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी हर घर से कूड़ा कचरा एकत्रित करते हैं इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि पंचायत में रहने वाला कोई भी व्यक्ति अपने घर का कूड़ा इधर-उधर न फैंके। वह केवल सफाई कर्मचारी को ही कूड़ा दें ताकि पंचायत द्वारा बनाई गई इस व्यवस्था में कोई ढील न आने पाए और सब अपनी पंचायत को स्वच्छ और रोग मुक्त बनाने में स्वयंसेवी भावना से अपना सहयोग दें। बैठक में यह प्रस्ताव भी पारित किया गया कि जो व्यक्ति इस कार्य में पंचायत का सहयोग नहीं करेगा और उसके विरुद्ध ग्राम पंचायत द्वारा पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 13(ट) व 15 के अंतर्गत जुर्माना करने से परहेज नहीं किया जाएगा। बैठक में उप प्रधान हेमराज, सचिव धनीराम, वार्ड सदस्य मस्तराम, उमेश, महेश, ललित गौतम, नेमचंद, कांता, विमला देवी, अनुराधा, शारदा, अमर देई, पिंकी, पवन शर्मा इत्यादि मौजूद रहे।
शुक्रवार देर शाम कराडाघाट से मांगू लिंक मार्ग पर एक कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे चली गई। जिसमे एक युवक की मौत हो गई है,जबकि दूसरे को घायलावस्था में आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रेम सिंह पुत्र राम चंद गांव मांगू ने इस हादसे की सूचना दी पुलिस को दी। गाड़ी में उसके साथ एक और लड़का पीयूष निवासी मांगू भी था। जिसे उपचार के लिये घायल अवस्था में अर्की अस्पताल ले जाया गया। जहाँ से चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के उपरांत उसे आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया गया है।कार चालक ललित ठाकुर 26 वर्षीय पुत्र गोपाल चन्द गांव मांगू के द्वारा अपनी गाड़ी को सड़क पर तेज रफ्तारी व लापरवाही से चलाने के कारण यह हादसा हुआ है। पुलिस द्वारा लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्जकर आगमी कार्यवाही की जा रही है। मामले की पुष्टि करते हुए डीएसपी दाड़लाघाट प्रताप सिंह ठाकुर ने बताया कि एक युवक की मौत हो गई है जबकि दूसरे युवक को आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया है। उन्होंने कहा कि मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
दाड़लाघाट क्षेत्र के ग्याणा गांव के प्रख्यात साहित्यकार,वरिष्ठ समाजसेवी व कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता बद्री सिंह भाटिया के आकस्मिक निधन से क्षेत्र में शोक की लहर छा गई। वह कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। बद्री सिंह भाटिया का इस क्षेत्र के युवाओं, लेखकों तथा साहित्यकारों को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वे हिमाचल प्रदेश से मुद्रित होने वाले गिरिराज समाचार पत्र के कई वर्षों तक उपसंपादक भी रहे। उन्होंने अपने लेखनकाल में 12 बहुमूल्य कहानी संग्रह तथा तीन उपन्यास हिंदी साहित्य को प्रदान किए। वे हिमाचल प्रदेश सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, मुद्रणालय घोड़ा चौकी से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के उपरांत वे सामाजिक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर भाग लेते रहते थे। क्षेत्र के वरिष्ठ साहित्यकार अमर देव अंगिरस, पूर्व उपप्रधान राजेश गुप्ता, अनिल गुप्ता, सुशील ठाकुर, सुरेंद्र वर्मा, जगदीश ठाकुर, हेमंत वर्मा, तुलसीराम, पवन ठाकुर, प्रेम केशव,चमन ठाकुर ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।
जिला सोलन ट्रांसपोर्ट ट्रक ऑपरेटर सोसाइटी दाड़लाघाट स्थित यूनियन कार्यालय में 7 वार्डों के लिए चुनाव हुआ। खंड निरीक्षक सहकारी सभा कुनिहार बुद्धि सिंह की देख-रेख में उपमंडल अर्की के 6 व जिला सोलन के एक वार्ड के लिए चुनाव हुए। इसमें कण्डाघाट वार्ड से पुष्पेंद्र शर्मा, दसरेन वार्ड से विजेंदर, भराड़ीघाट वार्ड-1 से अश्वनी कुमार, भराड़ीघाट वार्ड-2 से नीलम भारद्वाज, सन्याड़ी मोड़ वार्ड से जगदीश चंद, भूमती से राज कुमार, व वार्ड मटेरनी से रमेश चंद ने चुनाव में जीत हासिल की है। गौर रहे कि जिला सोलन ट्रांसपोर्ट ट्रक आपरेटर सोसाइटी दाड़लाघाट के जिला में कुल 21 वार्ड हैं। इन दिनों यूनियन की चुनावी प्रक्रिया चल रही है। यूनियन के 14 वार्डों पर सदस्यों का चुनाव निर्विरोध हो चुका है। जबकि 7 वार्डों पर आम सहमति नहीं बन पाई थी। लिहाजा शुक्रवार को यूनियन के 7 वार्डों में सदस्यों के चयन के लिए चुनावी प्रक्रिया संपन्न हुई। चुनावी प्रक्रिया संपन्न होने के बाद अब यूनियन के मलाईदार पदों को झटकने के लिए जोड़-तोड़ की राजनीति आरंभ हो गई है।
परवाणू के उद्यमी प्रकाश चंंद वर्मा को औद्योगिक संगठन लघु उद्योग भारती का प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वह लंबे समय से संगठन से जुड़े हुए हैं और इंडस्ट्रियल एरिया परवाणु में अपना लघु उद्योग चलाते हैं। आज बददी में लघु उद्योग भारती कोर कमेटी की बैठक राजीव कंसल प्रदेशाध्यक्ष की अध्यक्षता में हुई जिसमें प्रदेश संरक्षक एम.पी शर्मा व वरिष्ठ उपप्रधान नेत्र प्रकाश कौशिक विशेष तौर पर उपस्थित हुए। संगठन को गति देने वाले व विस्तार के लिए प्रकाश चंद वर्मा को प्रदेश उपाध्यक्ष व परवाणु का सदस्यता प्रभारी नियुक्त किया गया। परवाणु इकाई में ज्यादा से ज्यादा नए सदस्यों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया और वह वर्तमान परवाणु इकाई का सहयोग करेंगे। राज्य वरिष्ठ उपप्रधान नेत्र प्रकाश कौशिक ने कहा कि अब हमें हाईकमान के दिशा निर्देशानुसार सब गिले शिकवे भुलाकर संगठन को मज़बूत करना है और कोरोना काल में हर एमएसएमई उद्यमी की मदद करनी चाहिए। हमने एक साल में परवाणू को नंबर वन इकाई बनाना है इसका लक्ष्य मिलकर लेना है। लघु उद्योगों के बगैर किसी की भी गति नहीं है क्योंकि यह भारत में अस्सी फीसदी रोजगार उपलब्ध करवाते हैं। इस अवसर पर फार्मा विंग के प्रदेश हैड चिरंजीव ठाकुर, परवाणू के पूर्व प्रधान प्रमोद शर्मा, प्रदेश संरक्षक एम.पी शर्मा, प्रमोद वर्मा व पैकेजिंग विंग के प्रदेश चेयरमैन आलोक सिंह भी उपस्थित थे।
दाड़लाघाट व आसपास के क्षेत्रों में पिछले दो तीन दिनों में ज़ोरदार बारिश हो रही है। किसानों को लिए यह बारिश संकट बनकर बरस रही है। बता दें कि आजकल गेंहू की कटाई चल रही है, वंही गेंहू भीगने से लोगों की फसल खराब हो रही है। स्थानीय लोग अनिल गुप्ता, इंदरसिंह चौधरी, नरेन्द्र सिंह चौधरी, ओमप्रकाश, राकेश, देवराज, उमेश, बृजलाल, प्रदीप, मंगल, योगेश, मुकेश, राजेंद्रकपिल, पंकज, मनोज, अमित, मदन, निशांत, पवन चौधरी, दीपक गजपति, श्याम चौधरी, बृजलाल, कमल सहित अन्य लोगों का कहना है कि ज्यादातर किसानों ने गेंहू की फसल खराब होने के कारण किसानों की छह महीने की मेहनत पानी में मिलती दिखाई दे रही है।
हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर परवाणू-सोलन अनुभाग में फोर लेन परियोजना का 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है। वर्तमान में इस परियोजना की कुल लम्बाई 36.139 किलोमीटर में से 35.652 किलोमीटर कार्य पूरा हो चुका है और अनुबंध समझौता के अनुसार परियोजना का 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण होने पर टोल लगाने के प्रावधान के अनुसार, टोल लगाया गया है। उन्होंने कहा कि अनुबंध समझौता और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुसार टोल प्लाजा 19 अप्रैल से कार्यशील कर दिया गया है। इस टोल हाईवे पर ठेकेदार द्वारा 19 अप्रैल से 17 एसओएस टेलीफोन बूथ, पैट्रोल, व्हीकल रिकवरी वैन और पैरा मेडिकल स्टाफ सहित एम्बुलेंस तैनात की गई हैं। टोल प्लाजा में स्थानीय लोगों को भी रोजगार प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर दायरे में रहने वाले स्थानीय लोगों को मासिक पास की सुविधा उपलब्ध है। निजी वाहनों के लिए 285 रुपये प्रतिमाह की दर से टोल प्लाजा भवन से पास खरीदा जा सकता है। प्रवक्ता ने कहा कि सोलन में सपरून ओवर पास, तीन वायाडक्ट और अन्य छोटे कार्य प्रगति पर हैं जो जून 2021 तक पूर्ण कर लिए जाएंगे।
कण्डाघाट उपमण्डल के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में कोविड-19 टीकाकरण के सम्बन्ध में टीकाकरण स्थल एवं तिथियां निर्धारित की गई हैं। यह जानकारी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के एक प्रवक्ता ने दी। उन्होंने कहा कि 24 अप्रैल को नागरिक अस्पताल कण्डाघा, नागरिक अस्पताल चायल, स्वास्थ्य उप केन्द्र ममलीग तथा स्वास्थ्य उपकेन्द्र झाझा में कोविड-19 टीकाकरण किया जाएगा। प्रवक्ता ने कहा कि 25 अप्रैल को स्वास्थ्य उप केन्द्र शारडाघाट, 26 अप्रैल को नागरिक अस्पताल कण्डाघाट, नागरिक अस्पताल चायल, स्वास्थ्य उपकेन्द्र रूगड़ा तथा स्वास्थ्य उपकेन्द्र टिक्करी (गौड़ा) में कोविड-19 टीकाकरण किया जाएगा। 27 अप्रैल को नागरिक अस्पताल कण्डाघाट, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सायरी, स्वास्थ्य उप केन्द्र बशील, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र छावशा तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कुरगल में कोविड-19 टीकाकरण किया जाएगा। 28 अप्रैल, 2021 को नागरिक अस्पताल कण्डाघाट तथा नागरिक अस्पताल चायल में कोविड-19 टीकाकरण किया जाएगा। 29 अप्रैल को नागरिक अस्पताल कण्डाघाट, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सायरी, स्वास्थ्य उप केन्द्र रूगड़ा तथा स्वास्थ्य उपकेन्द्र दंघील (ढोल का जुब्बड़) में कोविड-19 टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 30 अप्रैल को नागरिक अस्पताल कण्डाघाट, नागरिक अस्पताल चायल, स्वास्थ्य उप केन्द्र काहला तथा स्वास्थ्य उप केन्द्र टिक्करी में कोविड-19 टीकाकरण किया जाएगा। इन क्षेत्रों के पात्र लोगों से अपील की कि कोविड-19 टीकाकरण के लिए निर्धारित तिथियों पर अपना टीकाकरण करवाएं।
उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट डाॅ.विकास सूद ने कण्डाघाट उपमण्डल की विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रधान, उपप्रधान, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ कोविड-19 के सम्बन्ध में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।डाॅ.विकास सूद ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण के मामलों में वृद्धि हो रही है, तथा इसके दृष्टिगत यह आवश्यक है कि सभी सतर्क रहें और प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि उपमण्डल में यदि कोई व्यक्ति कोविड-19 पाॅजिटिव आता है तो उसे स्वास्थ्य मानकों के अनुसार होम आईसोलेशन अथवा अस्पताल में रखा जाए। उन्होंने कहा कि होम आईसोलेशन में रह रहे व्यक्तियों को यदि किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो ग्राम पंचायतों के प्रधान, उप प्रधान द्वारा उस समस्या को हल किया जाना चाहिए। कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी के प्राथमिक सम्पर्क में आए व्यक्तियों को भी आईसोलेशन के लिए प्रेरित करें एवं 5 दिन बाद उनका आरटीपीसीआर परीक्षण करवाएं। उपमण्डलाधिकारी ने कहा कि विवाह तथा अन्तिम यात्रा के मामलों में उपमण्डल प्रशासन द्वारा 50 व्यक्तियों के सम्मिलत होने की ही अनुमति प्रदान की जाएगी। उन्होंने ग्राम पंचायतों के प्रधान से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में यह सुनिश्चित करें कि किसी भी समारोह में 50 से अधिक लोग एकत्र न हों। समारोहों में भोजन पकाने वाले तथा पंडित का आरटीपीसीआर परीक्षण अनिवार्य है। डाॅ.विकास सूद ने कहा कि यदि किसी गांव अथवा क्षेत्र में 5 लोग कोविड-19 पाॅजिटिव आते हैं तो उस क्षेत्र को सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन घोषित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उपमण्डल में सभी दुकानें प्रातः 9.00 बजे से सांय 7.00 बजे तक ही खोली जाएंगी। उपमण्डलाधिकारी ने क्षेत्र की होटल एसोसिएशन, टैक्सी यूनियन इत्यादि के साथ बैठक की और उन्हें पर्यटन विभाग द्वारा इस दिशा में जारी मानक परिचालन प्रक्रिया की जानकारी दी। इस अवसर पर विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रधान एवं उपप्रधान, तहसीलदार कण्डाघाट अमन राणा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सायरी डाॅ. संगीता उप्पल तथा खण्ड विकास अधिकारी हेमचन्द शर्मा उपस्थित थे।


















































