रोहड़ू उपमंडल के नावर टिक्कर क्षेत्र में शनिवार की देर रात को आग ने तांडव मचा दिया है। रात्रि करीब 12:30 बजे टिक्कर के दरोटी गांव में एक मकान में आग लग गई। सभी मकान लकड़ी के बने हुए थे और आग तेज़ी से फैलती गई। देखते ही देखते एक दर्जन से ज्यादा मकान आग की चपेट में आ गए। इन मकानों में 21 परिवार रह रहे थे। आगजनी प्रदीप रांटा की चौथी मंजिल से शुरू हुई और बगल के कई घरों को अपनी जद में ले लिया। प्रारम्भिक आंकलन के मुताविक इस आगजनी में करीब दो करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान है। इस आगजनी की घटना में छह लोगों के मकान (10 परिवार) पुरी तरह से जल चुके है तथा 11 लोगों के मकानों को आंशिक नुकसान हुआ है। मुताविक उप प्रधान सुशील रांटा के अनुसार कोई भी जानी नुक्सान न हुआ है मौका पर फायर ब्रिगेड, तहसीलदार महोदय, एसडीएम साहब, स्वयं प्रभारी थाना भी मौजूद रहे। अभी तक के हालात व गांव वासियों के ब्यानात से उक्त घटना बिजली के शॉट सर्किट से होना पाया जा रहा है। घटना की आगामी जाँच जारी है । घटना स्थल का जायजा लेने । रोहड़ू के एसडीएम शनी शर्मा ने बताया कि इस घटना में नौ (तीन व चार मंजिला मकान) पूरी तरह जल गए हैं। इसके अलावा पांच अन्य मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि अग्निकांड में 21 परिवारों के 74 लोग प्रभावित हुए हैं। इन्हें ठहराने का प्रबंध किया जा रहा है। घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। इस घटना में बड़े पैमाने पर संपत्ति नष्ट हो गई है। रोहड़ू पुलिस अग्निकांड के कारणों को खंगाल रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अग्निकांड की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट रहा है।
अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा का प्रदेश के लोगों और देव समाज को बेसब्री से इंतजार है। 24 अक्तूबर से शुरू होने वाले कुल्लू दशहरा के लिए समिति ने जिला कुल्लू के 332 देवी-देवतओं को उत्सव में आने के लिए निमंत्रण भेज दिए हैं। यह निमंत्रण पत्र सभी कारदारों को उपमंडल अधिकारियों, तहसीलदारों व नायब तहसीलदारों की मदद से पहुंचाए जाएंगे। आपदा के चलते रास्ते व सड़कों के अवरुद्ध होने से निमंत्रण पत्र 15 सितंबर तक सभी कारदारों तक पहुंचने की उम्मीद है। इसके बाद देव समाज दशहरा की आगामी तैयारियों में जुट जाएगा। उल्लेखनीय है कि विश्वविख्यात कुल्लू दशहरा में बाह्य सराज आनी-निरमंड से लेकर मनाली तक के देवी-देवता भाग लेते हैं। भगवान रघुनाथ की अगवाई में मनाए वाले कुल्लू दशहरा में माता हिडिंबा, बिजली महादेव के साथ बाह्य सराज के अधिष्ठाता खुडीजल, टकरासी नाग, ब्यास ऋषि, कोट पझारी,चोतरू नाग, देवता चंभू, सप्त ऋषि समेत 300 देवी-देवता अपनी भागीदारी सुनिश्चित करते हैं। दशहरा उत्सव में साल दर साल देवी देवताओं की संख्या में वृद्धि हो रही है। खास बात है कि बाह्य सराज के देवी देवता 150 से 200 किलोमीटर का पैदल सफर कर दशहरा उत्सव में पहुंचते हैं। 2021 में रिकॉर्ड 283 देवताओं ने उत्सव में भाग लिया था। जबकि 2022 में 304 देवी देवताओं ने दशहरा की शोभा को बढ़ाया था, जो दशहरा के इतिहास में सबसे अधिक मौजूदगी थी। जिला देवी-देवता कारदार संघ के अध्यक्ष दोत राम ठाकुर ने कहा कि दशहरा उत्सव समिति की ओर से भेजे निमंत्रण पत्र देवी-देवताओं को अगले दो सप्ताह तक मिलना शुरू हो जाएंगे। कहा कि जिला मुख्यालय के आसपास के कई देवताओं को निमंत्रण पत्र मिलना शुरू हो गए हैं। सहायक आयुक्त कुल्लू शशिपाल शर्मा ने कहा कि दशहरा उत्सव समिति कुल्लू ने जिला के 332 अधिक माफीदार और गैर माफीदार देवी-देवताओं को निमंत्रण पत्र भेजा है।
त्योहारी सीजन से पहले ही हिमाचल प्रदेश मिल्क फेडरेशन ने दुग्ध उत्पादों के दाम बढ़ाकर उपभोक्ताओं को झटका दे दिया है। फेडरेशन ने अलग-अलग उत्पादों के 2.50 से 50 रुपये तक दाम बढ़ा दिए हैं। फेडरेशन का हिम देसी घी 50 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 650 रुपये प्रतिकिलो मिलेगा। हालांकि दूध के दामों में बढ़ोतरी नहीं हुई। फेडरेशन ने देसी घी के अलावा पनीर के 200 ग्राम पैकेट के दाम में छह रुपये बढ़ोतरी की है। हिम खोया में प्रतिकिलो के हिसाब से 20 रुपये बढ़ोतरी की गई है। हिम बटर में 25 रुपये आधा किलो के हिसाब से बढ़ाए गए हैं। मिल्क फेडरेशन के चक्कर स्थित प्लांट के यूनिट प्रभारी शुभम ने बताया कि दुग्ध उत्पादों के बढ़े हुए दाम 1 सितंबर से लागू हो गए हैं।
आईआईटी रुड़की, आईआईडी मंडी, सीयू धर्मशाला और एनआईटी हमीरपुर से चल रही बात हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के चलते जगह-जगह भूस्खलन से हुई भारी तबाही के बाद चार संस्थानों को आपदा के कारणों को तलाशने का जिम्मा सौंपा गया है। आईआईटी रुड़की, आईआईडी मंडी, केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला और एनआईटी हमीरपुर से इस संबंध में बातचीत चल रही है। अध्ययन रिपोर्टों के आधार पर ही तय किया जाएगा कि भूस्खलन के पूर्वानुमान के लिए किस तरह की पूर्व चेतावनी प्रणाली स्थापित की जाए। इस बार मानसून में हुई भारी तबाही के बाद राज्य सरकार जहां आपदा राहत कार्यों में जुटी है, वहीं भूस्खलन के कारणों पर अब एक विस्तृत अध्ययन करवाया जा रहा है। राज्य में शिमला, मंडी, कुल्लू समेत अन्य आपदा प्रभावित जिलों में पिछले दिनों बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है। भूस्खलन में दबने व नदी-नालों में बहने से बड़ी संख्या में लोगों की मौतें हो गईं। हजारों लोगों के घर ढह गए और बेघर हो गए। राज्य सरकार के प्रधान सचिव राजस्व व आपदा प्रबंधन ओंकार शर्मा ने बताया कि राज्य में जिस तरह से भारी बारिश के बाद आपदा आई, उसके बाद यह तय किया गया है कि आईआईटी रुड़की, आईआईटी मंडी, केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला और एनआईटी हमीरपुर से इस संबंध में एक विस्तृत अध्ययन करवाया जाएगा कि भूस्खलन के क्या-क्या कारण हैं। अध्ययन पर होने वाला खर्चा प्रदेश सरकार वहन करेगी। इस अध्ययन के बाद ही पूर्व चेतावनी प्रणाली लगाई जाएगी, जिससे कि भूस्खलन का पता लग जाए। 50 स्थानों पर लगाई पूर्व चेतावनी प्रणाली नहीं आई काम आईआईटी मंडी की ओर से तैयार की गई पूर्व चेतावनी प्रणाली राज्य में करीब 50 स्थानों पर लगाई गई थी, लेकिन यह प्रणाली भी काम नहीं आई। हिमाचल प्रदेश के इतिहास में सदी की यह इस तरह की सबसे बड़ी तबाही है। राज्य में कंक्रीट के कई भवन भरभराकर ढह गए, कई सड़कें और पुल बह गए।
मुख्य सचिव एवं राज्य कार्यकारी समिति के अध्यक्ष प्रबोध सक्सेना ने आज यहां राज्य आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की धारा 24 (1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य में निर्माण गतिविधियों के संबंध में आदेश जारी किए हैं। इन आदशों के अनुसार आपदा प्रभावित इमारतों और सड़कों के पुनर्निर्माण कार्यों को छोड़कर किसी भी प्रकार के निजी विकास और निर्माण गतिविधि के लिए पहाड़ियों के कटान पर पूरे राज्य में 16 सितंबर तक प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अतिरिक्त शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, सोलन और चंबा जिलों में वाणिज्यिक, पर्यटन इकाइयों के निर्माण के संबंध में 16 सितंबर तक नई योजना अनुमति एवं भवन अनुमति पर प्रतिबंध रहेगा।यह निर्णय प्रदेश में भारी बरसात के कारण आई प्राकृतिक आपदा के दृष्टिगत मानवीय जीवन, आधारभूत संरचना, पारिस्थितिकी की सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि प्रदेश सरकार भारी वर्षा एवं भूस्खलन के कारण आपदा ग्रस्त प्रभावितों के उचित पुनर्वास एवं सुरक्षा के लिए दृढ़ संकल्प होकर कार्य कर रही है। डॉ. शांडिल ने आज सोलन ज़िला के नालागढ़ उपमण्डल की ग्राम पंचायत पंजेहरा के घनीरी, ग्राम पंचायत कोइडी तथा ग्राम पंचायत रामशहर के मंजेहड़ में भारी वर्षा के कारण हुए नुकसान का जायज़ा लिया और प्रभावितों को दुख-दर्द जाना व आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार उनकी यथा संभव सहायता करेगी। डॉ. शांडिल ने कहा कि वह भारी वर्षा के कारण हुए नुकसान का स्वयं जायज़ा ले रहे हैं और यह सुनिश्चित बना रहे है कि प्रभावितों को उचित राहत एवं पुनर्वास के साथ-साथ सहारा मिले। उन्होंने सोलन ज़िला के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर नुकसान की वास्तविकता जानी है और ज़िला प्रशासन को निर्देश दिए है कि प्रदेश सरकार के निर्णय अनुरूप कहीं भी राहत एवं पुनर्वास में कमी न रहे। स्वास्थ्य मंत्री ने नालागढ़ उप मंडल की ग्राम पंचायत बाहा के गांव घनीरी में राहत शिविर में रह रहे वर्षा से प्रभावित लोगों से मुलाकात की। उन्होंने प्रभावितों को प्रदान की जा रही सुविधाओं का जायज़ा लिया तथा 25 परिवारों को राशन किटें वितरित की।
कहा- प्रभावितों के पुनर्वास को सुनिश्चित बनाने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत कृषि व पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने शनिवार को जवाली विधानसभा में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। सबसे पहले उन्होंने सिद्धपुरघाड़ में भारी बरसात व भूस्खलन से हुए नुकसान का जायजा लिया तथा प्रभावितों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना। इसके बाद उन्होंने कोहनाल में हुए नुकसान का निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए। इस अवसर पर कोहनाल की गुज्जर बस्ती में जनसभा को संबोधित करते हुए कृषि व पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि राज्य में मूसलाधार बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुई अधोसंरचना की तेजी से बहाली तथा प्रभावितों तक राहत पहुंचाने के साथ उनके पुनर्वास को सुनिश्चित बनाने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। जिसके लिए धन की कोई कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खु के नेतृत्व में प्रदेश सरकार इस आपदा से उभरने के लिए पूरी तत्परता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को राहत, पुनर्वास तथा पुनर्निर्माण के कार्यों को और गति देने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि इंसान बड़ी मेहनत से अपने लिए आशियाना बनाता है जिसके क्षतिग्रस्त होने के दुख को वे महसूस कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए मकान के लिए 1 लाख रुपए दिए जा रहे हैं जबकि पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुए घरों तथा भूमिहीन हुए परिवारों के लिए सरकार और मदद करने की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार कर रही है।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने भारत के प्रथम सौर मिशन, आदित्य-एल1 के सफल प्रक्षेपण के लिए इसरो के वैज्ञानिकों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 की सफलता के बाद भारत ने अपनी अंतरिक्ष यात्रा में एक और आयाम जोड़ा है। उन्होंने कहा कि यह भारत के लिए स्वर्णिम दिन है, जब संपूर्ण मानवता की सेवा के उद्देश्य से यह प्रतिष्ठित अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में यह मिशन पूरी मानवता के कल्याण के लिए कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि इससे संपूर्ण विश्व में अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारत की प्रतिष्ठा और बढ़ी है। इसरो के वैज्ञानिकों ने दुनिया में भारत का मान बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भारत के सौर मिशन आदित्य-एल1 के सफल प्रक्षेपण के लिए इसरो के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि कहा कि भारत के वैज्ञानिकों ने यह उपलब्धि हासिल कर सम्पूर्ण विश्व में देश का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि इसरो के वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष विज्ञान में सदैव ही नए आयाम स्थापित किए हैं। वैज्ञानिकों की यह उपलब्धि उभरते हुए युवा विज्ञानियों को इस क्षेत्र में और बेहतर करने की प्रेरणा प्रदान करेगी।
शनिवार को केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के वेदव्यास परिसर बलाहर में संस्कृत सप्ताह का समापन कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि एसडीएम देहरा शिल्पी बेक्टा उपस्थित रहीं। उन्होंने छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि छात्र जीवन में समय का सदुपयोग ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने छात्रों को प्रेरित किया कि अध्ययन में नियमितता आवश्यक है। इस अवसर पर उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति एपीजी अब्दुल कलाम को भी याद किया। कार्यक्रम के अंत में विगत सप्ताह भर से चल रहे संस्कृत सप्ताह के दौरान आयोजित की गई विभिन्न प्रतियोगिताओं के प्रतिभागियों को कार्यक्रम की मुख्यातिथि एसडीएम शिल्पी बेक्टा व परिसर निदेशक प्रोफेसर मनमोहन पाठक ने पुरस्कार प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता परिसर निदेशक प्रो.मदन मोहन पाठक ने की।अपने उद्बोधन में उन्होंने नारी शक्ति के महत्व को प्रतिपादित करते मुख्यातिथि का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि संस्कृत शिक्षक के रूप में उनके छात्र एवं छात्राएं प्रदेश भर के विभिन्न स्कूलों व महाविद्यालयों में अपना योगदान दे ही रहे हैं, लेकिन शीघ्र ही वेदव्यास परिसर में अन्य शिक्षकों की सहायता से वह ऐसा प्रयास कर रहे हैं कि भविष्य में उनके छात्र एवं छात्राएं प्रशासनिक सेवाओं में भी प्रदेश भर में अपना योगदान दें। इस अवसर पर सारस्वतातिथि के रूप में लालबहादुर शास्त्री संस्कृत विश्वविद्यालय दिल्ली से पधारे डॉ. परमेश कुमार शर्मा ने संस्कृत के महत्त्व पर प्रकाश डाला व व्यवहार में संस्कृत लाने की बात कही। कार्यक्रम में विशिष्टातिथि के रूप में केन्द्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला से आए डॉ. विवेक शर्मा उपस्थित रहे। उन्होंने संस्कृत वाङ्मय में निहित बहुमूल्य तथ्यों को सभी के समक्ष प्रस्तुत किया। अतिथियों का परिचय कार्यक्रम संयोजक कवि पंकज ने किया। इस कार्यक्रम के संचालन की डोर डॉ. के. मनोज्ञा के हाथ में रही।कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन ज्योतिष विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर डा शैलेश कुमार तिवारी ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर प्रो. मञ्जुनाथ एस् जि, अमित वालिया, डॉ. महीपाल सिंह, डॉ. मनोज श्रीमाल, डॉ. विनोद शर्मा, डॉ. पुरुषोत्तम, डॉ. मुकेश शर्मा, डॉ. प्रतिज्ञा आर्या, डॉ. सन्तोष गोडरा सहित समस्त प्राध्यापक, कर्मचारी एवं छात्र छात्रएं उपस्थित रहे।
पालमपुर पुलिस ने ज्वालामुखी उपमंडल के खुंडिया निवासी युवक से 452 ग्राम चरस बरामद कर उसे गिरफ्तार किया। युवक पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी संदीप शर्मा ने कहा कि युवक से पूछताछ जारी है। इसके पास यह चरस कहां से आई, इसकी बारीकी से जांच कर नशा बेचने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा।
हिमाचल प्रशासनिक सेवा के अधिकारी एलआर वर्मा ने अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (एडीएम) सिरमौर का पदभार संभाल किया है। वर्ष 2012 बैच के हिमाचल प्रशासनिक सेवा के अधिकारी एल.आर. वर्मा इससे पूर्व जोगिंंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक सोलन के प्रबंध निदेशक के पद पर तैनात थे।अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एल.आर. वर्मा ने कहा कि उनकी प्राथमिकता प्रदेश सरकार की नीतियों, कार्यक्रमों और निर्देशों को सही परिप्रेक्ष्य में लागू करना है। एलआर वर्मा ने इससे पूर्व विभिन्न प्रशासनिक पदों पर अपनी सेवाएं प्रदान की है। उन्होंने एसडीएम पांवटा साहिब, एसडीएम अर्की, एसडीएम कंडाघाट के अलावा उप निदेशक पर्यटन, आयुक्त नगर निगम, उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीबीएनडीए जैसे विभिन्न पदों पर भी अपनी सेवाएं प्रदान की हैं।
मार्ग के खुलने से लोगों के साथ लोक निर्माण विभाग ने भी राहत की सांस करीब दो माह के बाद शनिवार को लोक निर्माण विभाग ने परवाणू -पट्टा मार्ग को छोटे बड़े वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया है। मार्ग के बहाल होने पर हजारों लोगों के साथ लोक निर्माण विभाग ने भी राहत की सांस ली है। उक्त मार्ग को खुलवाने के लिए लोक निर्माण विभाग को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। गौरतलब है कि नौ व दस जुलाई को हुई भारी बरसात के कारण के कारण रलिरुग नामक स्थान पर भारी भूस्खलन होने के कारण मार्ग पर मलबा आ गया था। हालांकि विभाग ने मार्ग अवरुद्ध होने पर जेसीबी लगा दी थी लेकिन पहाड़ी से मलबा रुकने का नाम नहीं ले रहा था व यहाँ पर विभाग के कर्मचारी, मशीन ऑपरेटर को जान जोखिम में डाल कर कार्य करना पड़ा। सड़क के साथ मलकिती भूमि होने से लोक निर्माण विभाग को मिटी फेंकने मे मुश्किल आती रही। मामले को सुलझाने के लिये खुद स्थानीय विधायक विनोद सुल्तानपुरी को मोर्चा संभालना पड़ा। विधायक ने लोगों से बातचीत कर मामले का निपटारा कियाव विभाग को मार्ग खोलने के लिए पोप्लेन मशीन लाने के आदेश दिए। विधायक के आदेश के बाद दूसरे दिन बड़ी मशीने मार्ग खोलने को पहुंची। उसके बाद मार्ग खोलने के कार्य में तेजी आई। मार्ग खोलने का कार्य चल रहा था कि पंद्रह अगस्त को भारी बरसात से एक बार फिर भारी मात्रा में भूस्खलन हो गया। मार्ग बंद होने के कारण परवाणू औद्योगिक एरिया में जाने वाले लोगों को जान जोखिम में डालकर जाना पड़ रहा था। साथ ही बीमार लोगों, किसानों को बड़ी परेशानी हो रही थी। बीते 29 अगस्त को प्रदेश के बागवानी,राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, विधायक विनोद सुल्तानपुरी के साथ इलाके में बारिश से हुये नुकसान का जायजा लेने पहुंचे थे। अपने दौरे के दौरान मार्ग के अभी तक ना खुलने से मंत्री खासे नाराज दिखे थे तथा उन्होंने लोक निर्माण विभाग को आदेश दिए थे कि सड़क को जल्दी खोले ताकि जनता को राहत मिल सके। मंत्री के आदेशों के बाद विभाग ने दिन रात एक कर सड़क शानिवार को छोटे बड़े वाहनों की निकासी के लिये खोल दिया। सड़क के बहाल होने पर स्थानीय जनता ने कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी, विधायक विनोद सुल्तानपुरी, लोक निर्माण का आभार व्यक्त किया है। उधर, इस विषय मे लोक निर्माण विभाग के कनिस्ट अभियंता आतिश ठाकुर ने बताया कि शनिवार को मार्ग छोटे बड़े वाहनों के लिए खोल दिया गया है वाहनों को गुजरते समय कोई परेशानी ना हो इसके लिये जेसीबी, पोप्लेन मशीन को मौके पर रखा गया है।
प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष जैनब चंदेल ने केंद्र सरकार द्वारा एलपीजी घरेलू गैस सिलेंडर पर 200 रुपये की सब्सिडी को मात्र चुनावी स्टंट करार दिया हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने 2014 से लगातार एलपीजी के दामों में बढ़ोतरी कर लोगों विशेष तौर पर गृहिणियों का जीना मुहाल किया था, अब जब 2024 के आम चुनाव सामने आ रहे हैं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को एक झुंझना थमा दिया है, जिस पर अब जनता विश्वास करने वाली नहीं है। जैनब चंदेल ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 9 साल के इस कार्यकाल में महंगाई व बेरोजगारी के सारे रिकार्ड टूट चुके हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के जनविरोधी नीतियों की बजह से हर वर्ग परेशान हैं। जैनब चंदेल ने यहां जारी एक बयान में कहा है कि पिछले 9 साल में केंद्र की सरकार ने एलपीजी के दाम बढ़ा कर 31.37 करोड़ लोगों से लूटा हैं। उन्होंने जनता की जेब से 8,33,640.76 करोड़ रुपये कमाएं। उज्वला बहनों से ही 2017 से अबतक केंद्र सरकार ने 68,702,76 करोड़ लूट लिए। इतनी बड़ी लूट के बाद 200 रुपये घटाकर कोई एहसान नहीं किया है। जैनब चंदेल ने आरोप लगाया है कि केंद्र की भाजपा सरकार ने अपने कुछ साथी पूंजीपतियों के कर्ज माफ कर जनता के साथ बहुत बड़ा अन्याय किया है। जनता को कोई राहत नहीं दी। उन्होंने कहा है कि अगर भाजपा सरकार सचमुच में महिला हितेषी है तो उन्हें एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम 500 रुपये कर देने चाहिए, जिससे गृहिणियों को बढ़ती महंगाई से कुछ राहत मिल सकें।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने मौसम पूर्वानुमान एवं किसानों को खेतीबाड़ी के दृष्टिगत दिए जाने वाले परामर्श को और अधिक सटीक बनाने के उद्देश्य से मेघदूत ऐप्लीकेशन को उन्नत करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यह महत्त्वपूर्ण निर्णय तेज़ी से हो रहे जलवायु परिवर्तन के कारण लिया गया है क्योंकि यह कृषि और बागवानी क्षेत्रों के लिए खतरा बन कर उभर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा इस वर्ष भारी बारिश के कारण हिमाचल में भारी क्षति और जान-माल को काफी नुकसान हुआ है, साथ ही कृषि और बागवानी क्षेत्रों पर भी विपरीत प्रभाव पड़ा है। बारिश, बाढ़ एवं भूस्खलन के कारण प्रदेश भर में जगह-जगह पर खेत व बागीचे बह गए और करोड़ों रुपये की फसलें बर्बाद हो गईं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मेघदूत ऐप्लिकेशन मौसम की जानकारी और पांच दिनों का मौसम पूर्वानुमान प्रदान करता है, जिसमें ब्लाक स्तर तक बारिश, तापमान, आर्द्रता, हवा की गति और दिशा संबंधी डेटा शामिल है। ये कारक कृषि कार्यों, जैसे कि बुआई एवं कटाई से जुड़ी आवश्यक जानकारी प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्यमंत्री ने पर्यावरण, विज्ञान प्रौद्योगिकी और जलवायु परिवर्तन विभाग को प्रदेश में अधिक से अधिक किसानों और बागवानों को ऐप से जोड़ने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि ऐप द्वारा प्रदान की जा रही सेवाओं में सुधार लाने के लिए रूपरेखा भी तैयार की गई है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि मेघदूत ऐप में किए जाने वाले प्रमुख सुधारों में किसानों को प्रतिकूल मौसम के प्रति सचेत करने और ऐसी स्थिति से निपटने के लिए प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली को मजबूत करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, एप्लिकेशन फसलों की बुआई एवं कटाई आदि प्रक्रियाओं से संबंधित सटीक विशेषज्ञ जानकारी प्रदान करेगी। इसके इस्तेमाल से किसान आसन्न चुनौतियों के प्रति उचित कदम उठाने में सशक्त होंगे। इसके अलावा, प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से लाभ प्राप्त कर रहे राज्य के किसानों को मेघदूत ऐप्लिकेशन के साथ एकीकृत कर रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही की आपदाओं ने राज्य सरकार को कृषि क्षेत्र में चल रही मौजूदा नीतियों के पुनर्मूल्यांकन एवं पुनर्गठन के प्रति प्रेरित किया है। इसके अलावा प्रदेश सरकार भविष्य की चुनौतियों से बेहतर ढंग से निपटने के लिए निर्माण गतिविधि नियमों में संभावित संशोधन पर भी गम्भीरता से विचार कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कृषकों और बागवानों के लिए जलवायु संबंधी अनिश्चितताओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है जिससे उनकी आजीविका में आशातीत सुधार सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि राज्य की लगभग 90 प्रतिशत आबादी कृषि संबंधी गतिविधियों से जुड़ी है और मेघदूत ऐप को उन्नत कर इसके इस्तेमाल को सुलभ बनाना किसानों के लिए वरदान साबित होगा।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड़ तकनीकी कर्मचारी संघ की बैठक 1 सितंबर को बिजली बोर्ड मुख्यालय कुमारहाउस में प्रबंंधन वर्ग के साथ हुई। संघ के धरने के नोटिस में जवाब में प्रबंधन द्वारा यूनियन को 21 सूत्रीय मांगों व 7 अन्य अतिरिक्त मांगों पर वार्ता के लिए आमंत्रित किया था। इस बैठक में सर्वप्रथम प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण कपटा के संबोधन से बैठक की शुरुआत हुई उसके पश्चात तकनीकी कर्मचारियों के फील्ड में कार्य करते हुए गत 5 वर्षों में शहीद होने वाले 125 कर्मचारियों के लिए बैठक में शामिल सभी ने पदाधिकारियों व प्रबंधन वर्ग ने 2 मिनट का मौन रखा और उनकी आत्मा को शांति के लिए प्रार्थना की गई । तकनीकी कर्मचारी संघ ने सर्वप्रथम टी मेट व हेल्पर सभी विंग के पदोन्नति नियमों को तकनीकी कर्मचारी संघ के सुझाव के अनुसार संशोधित करने पर प्रबंधन वर्ग का धन्यवाद किया। इस संशोधन के उपरांत लगभग 2200 कर्मचारियों को प्रमोशन का लाभ मिलने जा रहा है। बोर्ड से आने वाले समय में सेवानिवृत्त होने जा रहे कर्मचारियों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे उनके पेंशन संबंधी सभी दस्तावेज सेवानिवृत होने से पूर्व ऑनलाइन माध्यम से बोर्ड में आ जाएंगे और और पेंशन में हो रही अनावश्यक देरी से छुटकारा मिलेगा। कर्मचारियों के सभी सर्विस रिकॉर्ड व एसीआर ऑनलाइन किए जायेंगे जिसमें आने वाले समय में प्रमोशन में देरी नहीं होगी। प्रबंधन वर्ग ने आश्वस्त किया कि फ्यूज वायर की खरीद बोर्ड स्तर पर बड़ी मात्रा में की जायेगी, जिससे की फील्ड में कार्यरत कर्मचारियों और अधिकारियों को फ्यूज वायर की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा। तकनीकी कर्मचारियों के वाहन भता मांग पर प्रबंधन वर्ग ने कहा कि अन्य राज्यों की तर्ज पर हिमाचल विद्युत बोर्ड में भी वाहन भता दिया जाएगा। तकनीकी कर्मचारियों की मोबाइल भत्ते से वंचित श्रेणियों को जल्द मोबाइल भत्ता दिए जाने पर भी सहमति बनी है। बोर्ड के सभी फील्ड सेक्शन में फर्नीचर व अन्य आवश्यक सामान जल्दी उपलब्ध करवाए जायेंगे व बोर्ड कॉलोनी के उचित रखरखाव व लिए उचित बजट दिया जाएगा। फील्ड सेक्शन व कंट्रोल रूम में शिफ्ट ड्यूटी दे रहे सभी तकनीकी कर्मचारियों को शिफ्ट अलाउंस दिया जाएगा। फील्ड तकनीकी कर्मचारियों के साथ फील्ड में हो रही लगातार दुर्घटनाओं से बचने के लिए हाई वोल्टेज डिटेक्टर की खरीद करने पर भी सहमति बनी है। सरकार द्वारा में हाल ही में संशोधित हुए टीए बिल नियमों को विद्युत बोर्ड में लागू करने पर संघ ने कड़ी आपत्ति दर्ज की है जिसमें टीए बिल 30 किमी के उपरांत देने का नियम था, इस पर प्रबंधन ने सरकार के साथ वार्ता करके इसे पूर्व की भांति यथावत रखने की बात कही गई हैं। इलेक्ट्रिशियन, स्टोरकीपर एवं फिटर को लाइनमैन व एसएसए के समान लेवल 7, हेल्पर को लेवल 1 में रखने पर भी अनौपचारिक सहमति बनी है। कर्मचारियों के वेतन संशोधन से जुड़े बकाया राशि को शीघ्र प्रदान करने की मांग भी रखी गई। इस बैठक में टीमेट व हेल्पेर्ज की एक डिवीज़न से दूसरे डिवीज़न में वन टाइम सेटलमेंट से ट्रांसफर पर सहमति बनी है और भर्ती प्रकिया आरंभ होने से पूर्व कर्मचारियों से ऑप्शन मांगी जाएगी। फील्ड में जूनियर इंजीनियर (विद्युत) की 200 खाली पड़े पदों को लाइनमैन और इलेक्ट्रिशियन से एकमुश्त प्रमोट करने की भी सहमति बनी है। कंप्यूटर आपरेटर बोर्ड में पिछले 10 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं, उनके लिए अभी तक कोई भी प्रमोशन पॉलिसी नहीं है उनके लिए जल्द पॉलिसी बनाकर एकमुश्त प्रमोट करने पर सहमति बनी है। आउटसोर्स कर्मचारियों को स्थाई नीति बनाने के लिये भी संघ ने बोर्ड प्रबंधन से अनुरोध किया है। इसके अलावा अन्य भी मांगें हंै, जिनको लेकर प्रबंधन ने विचार करने के उपरांत ही फैसला लेने की बात की है।
जिला स्तरीय राष्ट्रीय पोषण सप्ताह को देखते हुए आज पोषण पर कार्यक्रम का आयोजन मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा के सौजन्य से ब्लॉक तियारा के अंतर्गत दाडनू आंगनवाड़ी में किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सही खानपान का जीवन में कितना महत्व है। एक अच्छा पोषण हमें अच्छा स्वास्थ्य दे सकता है, इसके साथ ही बीमारियों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता है। संपूर्ण पोषण से हम दिमागी तौर पर भी स्वस्थ रहते हैं। संतुलित आहार हमें हमें अच्छी ऊर्जा देता है। अव्यवस्थित खानपान होने से हम किन किन रोगों की चपेट में आ सकते हैं। इन सब के बारे में जानकारी देना है। कार्यक्रम में जानकारी देते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. वंदना ने बताया कि आजकल हम लोगों का खानपान तथा दिनचर्या अति व्यवस्थित हो गई है। संतुलित भोजन की जगह जंक फूड तथा प्रोसेस्ड फूड ने ले ली है। देर रात तक जागना तथा सुबह देर से उठना आजकल के युवा वर्ग की दिनचर्या का एक हिस्सा है, जिसके कारण छोटी उम्र में ही गैर संचारी रोग जैसे बीपी, शुगर,कैंसर आदि लोगों को अपनी चपेट में ले रहे हैं। अत: हमारे लिए अपना खानपान तथा दिनचर्या को सुव्यवस्थित रखना बहुत जरूरी है।
बायोटेक्नोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, बॉटनी और केमिस्ट्री के स्नातकोत्तर (पीजी) छात्रों के लिए शूलिनी इंस्टीट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज एंड बिजनेस (एसआईएलबी) में इंडक्शन प्रोग्राम आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि शूलिनी विश्वविद्यालय के चांसलर प्रोफेसर पी.के.खोसला थे। उन्होंने एक प्रेरणादायक भाषण दिया जिसमे उन्होंने विज्ञान और अध्यात्म के बीच दिलचस्प अंतरसंबंध पर अपने विचार साझा किये । प्रोफेसर खोसला की अंतर्दृष्टि ने एसआईएलबी में अपनी शैक्षणिक यात्रा शुरू करते समय छात्रों के लिए मार्ग प्रशस्त किया। नेतृत्व को समर्पित सत्र की अध्यक्षता शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अतुल खोसला द्वारा की गयी । प्रोफेसर अतुल खोसला ने विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण नेता बनने वाले सामान्य व्यक्तियों की असाधारण यात्राओं पर अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी आकर्षक बातचीत ने न केवल मूल्यवान सीख दी, बल्कि छात्रों में उत्साह भी जगाया कार्यक्रम की शुरुआत एसआईएलबी की अध्यक्षा श्रीमती सरोज खोसला के स्वागत के साथ हुई, जिन्होंने आने वाले छात्रों को शुभकामनाएं दीं। एसआईएलबी के संकाय सदस्य भी स्वागत में शामिल हुए, जिससे छात्रों के लिए अपनी शैक्षणिक यात्रा शुरू करने के लिए अनुकूल माहौल तैयार हुआ। एसआईएलबी में इंडक्शन प्रोग्राम ने नए छात्रों के लिए अमूल्य अंतर्दृष्टि, प्रेरणा और अकादमिक समुदाय से जुड़े होने की भावना हासिल करने के लिए एक अनुकरणीय मंच के रूप में कार्य किया। संस्थान इन प्रतिभाशाली दिमागों को पोषित करने और जैव प्रौद्योगिकी, माइक्रोबायोलॉजी, वनस्पति विज्ञान और रसायन विज्ञान के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को देखने के लिए तत्पर है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार देर सायं यहां एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य में प्रति वर्ष पांच करोड़ पर्यटकों के आवागमन के लक्ष्य की पूर्ति के लिए हवाई सेवा की भूमिका महत्वपूर्ण है। राज्य में हवाई सेवा को सुदृढ़ करने के लिए चरणबद्ध तरीके से सभी ज़िला मुख्यालयों और जनजातीय क्षेत्रों में 16 हेलीपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले चरण में जिला हमीरपुर के जसकोट, जिला कांगड़ा के रक्कड़ और पालमपुर, जिला चंबा के सुल्तानपुर, जिला कुल्लू के मनाली, जिला लाहौल-स्पीति के जिस्पा, सिस्सू और रंगरीक तथा जिला किन्नौर के शारबो में नौ हेलीपोर्ट विकसित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सुल्तानपुर, रक्कड़, पालमपुर और जसकोट में हेलीपोर्ट निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्राप्त हो गई है, जबकि अन्य हेलीपोर्ट के लिए प्रक्रिया चल रही है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि दूसरे चरण में शेष 7 हेलीपोर्ट स्थापित किए जाएंगे। यह हेलीपोर्ट जिला चंबा के पांगी और होली, जिला बिलासपुर के औहर, जिला सिरमौर के धारकियारी, जिला शिमला के चांशल पास, जिला ऊना के जनकौर हार और जिला के जिला सोलन के गनालग में निर्मित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि रक्कड़ हेलीपोर्ट की स्थापना के लिए एफसीए स्वीकृति प्राप्त हो गई है और जसकोट, मनाली, जिस्पा, सिस्सू, रंगरिक, पांगी और होली सहित 6 हेलीपोर्ट के एफसीए मामले पोर्टल पर अपलोड कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर हवाई सेवा राज्य के पर्यटन क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगी। बेहतर हवाई सेवा की सुविधा से पर्यटक कम समय में गंतव्यों तक आसानी से पहुंच सकेंगे। पर्यटन स्थलों में आसान पहुंच से देश-विदेश के अधिक पर्यटक इन स्थानों में घूमने आएंगे जिससे स्थानीय पर्यटन और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख अंग है। यह क्षेत्र स्थानीय युवाओं को रोज़गार और स्वरोज़गार के अवसर भी प्रदान करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण और पर्यटकों के लिए सुविधाओं में सुधार पर विशेष बल दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने कांगड़ा को प्रदेश की पर्यटन राजधानी बनाने का निर्णय लिया है। इस पहल के तहत आगामी समय में कई नई परियोजनाएं क्रियान्वित की जाएंगी और राज्य सरकार पर्यटकों की यात्राओं को अधिक मनोरंजक, सुलभ एवं अविस्मरणीय बनाने के लिए क्षेत्र में पर्यटन विकास के लिए 3000 करोड़ रुपये व्यय करेगी। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुविधा के लिए कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार भी किया जा रहा है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विवेक भाटिया और अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
एक माह में मांग पूरी नहीं करने पर सयुंक्त संघर्ष शुरू करने की दी चेतावनी हिमाचल प्रदेश श्रमिक कल्याण बोर्ड द्धारा गत सप्ताह जारी पत्रों पर विरोध दर्ज करने के लिए आज सभी मजदूर यूनियनों के सयुंक्त प्रतिनिधिमंडल ने बोर्ड के सचिव से मुलाकात की और गत सप्ताह बोर्ड द्धारा जारी दो पत्रों पर विरोध व्यक्त किया और इन्हें रद्द करने की मांग उठाई। सीटू से सबंधित निर्माण मज़दूर की यूनियन के राज्य महासचिव की मांग पर बोर्ड के सचिव राजीव कुमार ने आज ये बैठक बुलाई थी। जिसमें पंजीकृत मज़दूर यूनियनों के साथ राज्य व जिला स्तर पर तालमेल न करने और उन्हें नजरअंदाज करने पर कड़ी आपत्ति जताई गई और भविष्य में इस कार्यप्रणाली पर तुरन्त रोक लगाने की मांग उठाई गई, जिसके चलते कई जिलों में श्रम कल्याण अधिकारी मज़दूर यूनियनों के माध्यम आने वाले प्रपत्र लेने से इंकार कर रहे हैं जो बोर्ड के नियमों के विपरीत है। इसके अलावा पंजीकरण कार्ड को अपडेट करने के लिए बोर्ड दफ़्तर में मजदूरों को न बुलाने और नवीनीकरण के समय इन्हें बोर्ड कर्मचारी ही करने की मांग उठाई। ग्रामीण इलाकों में भवन व अन्य निर्माण करने वाले मज़दूरों के रोजगार प्रमाण सचिव के बजाये भविष्य में नियोक्ता द्धारा जारी करने और उसे कल्याण अधिकारी द्धारा सत्यापित करके पारित किया जायेगा। पिछले तीन साल के आवेदनों की पुन: जांच करवाने का भी विरोध किया गया और उन्हें जल्दी स्वीकृत करने की मांग की गई। सभी मजदूरों के बजाए उन्हीं मज़दूरों के आधार नंम्बर लिए जाएंगे जिनके नंम्बर बोर्ड में उपलब्ध नहीं है, लेकि़न निचले स्तर पर इस कार्य को 15 दिनों से बजाय अगले छह महीने में चरणबद्ध तरीके से पूर्ण किया जायेगा। लंबित लाभों को ला विभाग से निर्देश आ जाने पर जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। सभी यूनियन प्रतिनिधियों ने बोर्ड नियमावली के नियम 266 से सेस की शर्त हटाने और यूनियनों को रोजगार प्रमाण पत्र जारी करने के अधिकार को तुरंत बहाल करने की मांग की गई। मजदूरों का पंजीकरण व नवीनीकरण कार्य तुरंत शुरू करने की भी मांग उठाई। बोर्ड सदस्य व सीटू के भूपेंद्र सिंह के प्रस्ताव पर ये निर्णय लिया गया कि अगर यदि एक महीने पर इन सब मांगों को नहीं माना जाता है तो सभी मजदूर संगठन मिलकर संघर्ष छेड़ेंगे। बैठक में सीटू के कश्मीर सिंह ठाकुर, विजेंद्र मेहरा, भूपेंद्र सिंह और जोगिंदर कुमार इंटक के प्रेम चंद भाटिया और पूर्ण चंद बीएमएस के प्रदीप कुमार,मंगत राम नेगी और सुरेंद्र ठाकुर निर्माण मजदूर यूनियन के रविंद्र सिंह रवि ग्रामीण कामगार संघटन के संत राम और डोले राम सहित 15 सदस्यों ने भाग लिया।
विधानसभा जयसिंहपुर के पूर्व विधायक रविंद्र धीमान ने कहा कि रक्षाबंधन के त्योहार पर घरेलू गैस सिलेंडर के दाम 200 रुपये घटाकर पीएम मोदी ने बहनों को बड़ी राहत दी है। अब उज्ज्वला योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को सिलेंडर 400 रुपये सस्ता मिलेगा। इस ऐतिहासिक निर्णय का हम स्वागत एवं अभिनंदन करते हैं। रविंद्र धीमान ने कहा कि जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे देश भर और प्रदेश को राहत देने का कार्य कर रहे हैं। केंद्र में मोदी सरकार पूरे देश भर में 75 लाख नए उज्जवला कनेक्शन भी बांटेगी। उज्जवला योजना के तहत अब तक देश में 9.5 करोड़ से ज्यादा कनेक्शन दिए जा चुके हैं। सरकार ने इस योजना की सब्सिडी पर वित्त वर्ष 2022-23 में कुल 6,100 करोड़ रुपए खर्च किए थे। योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा होती है।
जानकारी देते हुए अतिरिक्त सहायक अभियंता इंजीनियर मोहिंद्र सिंह ने बताया कि 11 केवी कुनिहार फीडर में एच टी लाईन का कार्य करने के लिए 4 सितंबर को सुबह 9 बजे से सायं 5 बजे तक शटडाउन लिया जाना है। इस कारण उपमंडल कुनिहार के अंतर्गत आने वाले ग्राम कुनिहार, बेहली, आंजी, कथार, जमरोट, कोटि, देलगी,जाडली, हरिपुर, दोची, भोला, धनेरी, रापुल इत्यादि में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की गई है।
जिला रेडक्रॉस सोसायटी के नवीनीकृत भवन के उद्घाटन के उपलक्ष्य पर जिलाधीश डॉ. निपुण जिंदल की अध्यक्षता में 15 अगस्त का रेडक्रॉस लक्की ड्रॉ निकाला गया। सचिव जिला रेडक्रॉस सोसायटी ओपी शर्मा ने बताया कि पुरस्कार विजेताओं की सूची जारी कर दी गई है। उन्होंने बताया कि लक्की ड्रा में टिकट नंबर 017165 के विजेता को प्रथम पुरस्कार के रूप में एक्टिवा स्कूटी मिलेगी। इसी प्रकार टिकट नंबर 002478 विजेता को द्वितीय पुरस्कार के रूप में एलईडी टीवी तथा टिकट नंबर 046162 को तृतीय पुरस्कार के रूप में रेफ्रिजरेटर मिलेगा। टिकट नंबर 087199 को चतुर्थ पुरस्कार के रूप में वाशिंग मशीन, टिकट नंबर 068404 के विजेता को पंचम पुरस्कार में माइक्रोवेव ओवन मिलेगा। उन्होंने बताया कि टिकट नंबर 007800 और टिकट नंबर 016016 के विजेताओं को छठे पुरस्कार में इंडक्शन चूल्हा प्रति विजेता, टिकट नंबर 031347 तथा टिकट नंबर 068071 को सप्तम पुरस्कार में सिलाई मशीन प्रति विजेता मिलेगी। उन्होंने बताया कि टिकट नंबर 011514 व टिकट नंबर 017642 को सांत्वना पुरस्कार में नकद 2500 प्रति विजेता को दिया जाएगा। सचिव ने सभी लक्की ड्रा विजेताओ से अनुरोध किया है कि मूल टिकट को एक माह के भीतर जिला रेडक्रॉस सोसाइटी कार्यालय धर्मशाला में जमा करवा दे, जिससे तय समय सीमा में पुरस्कार वितरित किया जा सके।
न्यूअस एजुकेशनल इंस्टीट्यूट धर्मशाला में 15 और 16 सितंबर को मेगा आईटी जॉब फेयर का आयोजन किया जाएगा। यह रोजगार मेला किसी भी विषय में स्नातक छात्रों को समर्पित है। संस्थान के निदेशक दिनेश शर्मा ने बताया कि इस रोजगार मेले में क्षेत्र के युवा भी नि:शुल्क भाग ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस जॉब फेयर में आईटी प्रोफेशनल्स, ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट, अंडर ग्रेजुएट, बीए, बीकॉम, बीएससी, बीबीए., एमबीए, एमसीए, पीजीडीसीए, एमए, एमकॉम, एमएससी भाग ले सकते हैं। जॉब फेयर में बीटेक आदि के कम से कम 150 से 250 युवाओं के लिए खास मौका है। इस जॉब फेयर में टेलीपरफॉर्मेंस, जेनपैक्ट, टेक महिंद्रा, ईक्लर्क्स, जिंदल टेलीकॉम, प्रोवाना, कॉन्सेंट्रिक्स, टीटेक अहमदाबाद जैसी कंपनियां भाग ले रही हैं। प्रोफाइल के आधार पर शुरुआती वेतन 18000 से 45000 रुपये है। न्यूअस धर्मशाला के हेड मैनेजर नवनीत चंदेल ने कहा कि इस रोजगार मेले के माध्यम से युवाओं को रोजगार के नये अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया आजकल नौकरियों की कोई कमी नहीं है, लेकिन उचित कौशल के अभाव के कारण युवा रोजगार से वंचित रह जाते हैं। आज किसी भी नौकरी के लिए आईटी स्किल का होना बहुत जरूरी है। आपको बता दें कि 15 और 16 सितंबर को आयोजित होने वाले जॉब फेयर के लिए उम्मीदवारों को अपने बायोडाटा और एक पासपोर्ट साइज फोटो के साथ 15 सितंबर से पहले संस्थान में आकर अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा, इसके बाद उन्हें एडमिट कार्ड मिल जाएगा। बता दें कि न्यूअस धर्मशाला समय-समय पर जॉब फेयर के माध्यम से ऐसे नए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराता रहा है।
स्नेह यात्रा पर्व के तीन दिन ऐतिहासिक रहे हिमाचल में वंदना योगी की अध्यक्षता व रश्मिधर सूद की देखरेख में सफल हुए कार्यक्रम भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा अपने आप में समाज को जोड़ने का काम कर रहा है। समाज को जोड़ने के लिए सेवा के कार्य हो, चाहे जनहित में मुद्दे उठाने की बात हो, महिला सशक्तिकरण की बात हो, महिला मोर्चा ने सदैव अग्रणीय रहकर के काम किया है और पार्टी द्वारा तय कार्यक्रमों को सफलता के साथ जमीन पर उतार कर जिस प्रकार संगठन की शक्ति बढ़ाने का काम किया गया है, यह अपने आप में अद्भुत है। हिमाचल प्रदेश में महिला मोर्चा लगातार मजबूत हो रहा है, जहां वैचारिक दृष्टि से महिलाओं को जोड़ा जा रहा है, वहीं धरातल पर रहकर महिलाओं के सुख-दुख को बांटने का कार्य भी किया जा रहा है। रक्षाबंधन का पर्व देश को जोड़ने का पर्व लगातार तीन दिन 29, 30 व 31 अगस्त को उत्साह पूर्वक हिमाचल प्रदेश के हर मंडल में मनाया गया। राज्य अध्यक्ष वंदना योगी जी की अध्यक्षता व नेतृत्व में सभी स्थानों पर इस पर्व को स्नेह यात्रा के रूप में मनाया गया ,विशेष रूप से हर क्षेत्र में कार्यरत चालकों को रक्षा का सूत्र बांधकर उनकी लंबी उम्र की कामना की गई । यह अपने आप में एक बेहतर परिकल्पना का कार्यक्रम रहा कि हमने उसे वर्ग को चुना जो वर्ग समाज के लिए काम करता है, परिवार से दूर रहता है, बहनों से दूर रहता है। इस पर्व को मनाने के लिए ऐसे भाइयों के साथ महिला मोर्चा की बहने खड़ी हुई, उनका हौसला बढ़ाया, उनके उत्साह को बढ़ाया और उनकी सेवा उनके कार्य को सलाम किया ।इसी के साथ पुलिसकर्मी, सेना, पैरामिलिट्री,सफाई कर्मियों सहित विभिन्न वर्गों को भी रक्षा का सूत्र बांधा गया। यह अपने आप में हिमाचल प्रदेश में महिला मोर्चा को सशक्त करता हुआ कार्यक्रम दिखाई दिया है, जिसे सफलता से पूर्ण किया गया है ।महिला मोर्चा की अध्यक्ष वंदना योगी ने जिस प्रकार से इस कार्यक्रम को लेकर महिलाओं को सक्रिय किया, पार्टी नेतृत्व के निर्देशों के अनुसार कार्यक्रम कराया, उसके लिए वह बधाई की पात्र हैं ।वहीं इस कार्यक्रम की प्रभारी, महिला मोर्चा की पूर्व अध्यक्ष व वर्तमान में भाजपा की राज्य उपाध्यक्ष रश्मि धर सुद ने मार्गदर्शन दिया जिसके चलते कार्यक्रम सफल हुआ है । भाजपा के राज्य अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ,नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ,संगठन मंत्री सिद्दार्थन सहित समस्त भाजपा नेतृत्व व महिला मोर्चा का नेतृत्व इस बड़े कार्यक्रम में शामिल रहा है और सब की भूमिका अहम रही है। इसीलिए मैं इस लेख के माध्यम से यह बताना चाह रही हूं की राजनीति के अंदर जहां राजनीतिक विषयों को उठाने संगठन का काम है। वही राजनीति से ऊपर उठकर समाज की सेवा समाज के लिए काम करना, सेवा के कार्य करना, यह महिला मोर्चा की विशेषता है। कोरोना काल में बहुत बड़ा सेवा का कार्य महिला मोर्चा द्वारा हर क्षेत्र में किया गया ,तो वहीं बारिश से हुए नुकसान के बीच महिला मोर्चा ने हर स्थान पर यथा संभव सेवा ,मदद व राहत के कार्य करने के लिए कदम बढ़ाए है , इसलिए राजनीति में जनहित के मुद्दे उठाने उनकी आवाज उठाना ,महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए बात करना यह संगठन करता है और भविष्य में और तेजधार ढंग से करेगा लेकिन सेवा के कार्यों को सर्वप्रथम रखते हुए आगे बढ़ाना है, यह राज्य अध्यक्ष वंदना योगी जी का संकल्प है, बह सबको सम्मान देते हुए जिस प्रकार से महिला मोर्चा को सक्रिय करने के लिए अपनी भूमिका अदा कर रही है ,निश्चित रूप से महिला मोर्चा सशक्त होकर महिलाओं को सक्रिय करके समाज को बेहतर दिशा देने का काम करेगा ।हमें रक्षाबंधन के कार्यक्रम की सफलता के बाद भविष्य के कार्यक्रमों पर रणनीति पर ध्यान केंद्रित करना होगा, समाज से जुड़े विषयों पर बात करनी है और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए धरातल पर रहकर के उचित कदम उठाते हुए समस्याओं का समाधान भी करना है।केंद्र ने रसोई गैस के दाम में कटौती कर महिला वर्ग को बड़ा लाभ दिया है,वही 75 लाख नए उज्जवला कनेक्शन भी स्वीकृत किये है , जिसका देश के साथ साथ हिमाचल को भी लाभ होगा। इसके लिए केंद्र सरकार के अच्छे निर्णय का आभार भी है । महिला शक्ति रचनात्मक कार्यों से समाज को दिशा दे और नशे पर जागरूकता का प्रहार करे यह समय की जरूरत है। रचना शर्मा स्वतंत्र लेखिका है| शिमला नगर निगम की पार्षद भी है
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य प्रतिभा सिंह ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मंडी संसदीय क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान पर चर्चा करते हुए लोक निर्माण विभाग के सेंट्रल जोन मंडी को अतिरिक्त धन जारी करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि मंडी संसदीय क्षेत्र में भारी बारिश व भूस्खलन की बजह से सड़कों को बहुत नुकसान पहुंचा है इसलिए यहां पुनर्निर्माण कार्यो में तेजी लाने के लिये अतिरिक्त धन की बहुत आवश्यकता है। आज ओक ओवर में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से भेंट के दौरान प्रतिभा सिंह ने अपने संसदीय क्षेत्र मंडी के दौरे की जानकारी देते हुए बताया की भूस्खलन से मण्डी संसदीय क्षेत्र में बहुत ही नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि पंडोह से कुल्लू के बीच भारी भूस्खलन की बजह से राष्ट्रीय राज मार्ग बुरी तरह प्रभावित हुआ हैं। संपर्क सड़कें भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं। कई जगह तो सड़कंे पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं, जिनका जल्द पुननिर्माण किया जाना बहुत ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों विशेष तौर पर स्कूल आने जाने वाले बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्कूल भवन भी इस आपदा के चलते खतरे की जद में आ गए हैं। प्रतिभा सिंह ने मुख्यमंत्री को मंडी संसदीय क्षेत्र में हुए भारी नुकसान की पूरी जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने केंद्र सरकार से मंडी पंडोह कुल्लू राष्ट्रीय राज मार्ग को जल्द बहाल करने की मांग की हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने केंद्र सरकार को कुल्लू के लिये बैकल्पिक मार्ग कमाद कटिंडी, कटौला बजौरा व चैलचोक से पंडोह सड़क के विस्तार व सुदृढ़ीकरण का प्रस्ताव भी दिया है, जिससे कुल्लू का सड़क संपर्क पूरा साल बना रहे। उन्होंने कहा कि इसके लिए उन्होंने सीआईआरएफ, केंद्रीय सड़क ढांचागत फंड उपलब्ध करवाने की मांग की हैं। प्रतिभा सिंह ने इस दौरान संगठन से जुड़े अनेक मसलों पर भी विचार विमर्श करते हुए कहा कि संगठन से जुड़े कर्मठ कार्यकर्ताओं को सरकार में जल्द कोई जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संगठन बहुत ही मजबूत हैं। उन्होंने कहा कि इस आपदा के समय भी संगठन एकजुटता के साथ प्रभावित लोगों की भरपूर मदद कर रहा हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने राजीव भवन में एक आपदा प्रबंधन केंद्र की स्थापना भी की है जो प्रदेश भर में हुए नुकसान का सभी ब्लॉकों से फीडबैक ले रहे हैं व प्रशासन से उन्हें हरसंभव सहायता में सहयोग कर रहे हैं।
हमीरपुर जिला भाजपा की नवनियुक्त कार्यकारिणी ने शनिवार को समीरपुर पहुंच कर पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल से मुलाकात की एवं उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस मौके पर उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री सहित भाजपा शीर्ष नेतृत्व का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व में समस्त भाजपा टीम अपनी जिम्मेदारी बाखूबी निभा रही है एवं नई जिम्मेदारियां को भी बाखूबी निभाएगी। इस दौरान प्रेम कुमार धूमल ने सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया एवं मिष्ठान भी करवाया गया। धूमल ने कहा कि सभी नवयुक्त पदाधिकारी एवं सदस्यों को बधाई एवं शुभकामनाएं एवं नई जिम्मेदारी को निभाने में वे सफल होंगे, इसका उन्हें पूर्ण विश्वास है। इस मौके पर जिला भाजपा अध्यक्ष देशराज शर्मा सहित समस्त नवनियुक्त कार्यकारिणी उपस्थित रही। कार्यकारिणी सदस्यों ने अपनी नियुक्ति पर पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल सहित प्रदेश भाजपा संगठन, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं गृह मंत्री अमित शाह सहित पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद अनुराग ठाकुर का धन्यवाद किया है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बठरा में श्रावण पूर्णिमा को विश्व संस्कृत दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। संस्कृत सप्ताह के समापन समारोह में छात्रों द्वारा संस्कृत गीत गायन श्लोक को चरण और संस्कृत संवाद तथा संस्कृत शोभायात्रा का आयोजन किया गया। आचार्य रजनीश शास्त्री ने संस्कृत भाषा के बारे में बताते हुए कहा कि संस्कृत भाषा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए संस्कृत भारती द्वारा कथा अन्य संस्कृत संस्थाएं संस्कृत सप्ताह का आयोजन करती है। संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है। यह हमारे धर्म ग्रंथ वेद पुराण रामायण महाभारत और श्रीमद् भागवत गीता की भाषा है, जिसका ज्ञान सभी भारतीयों को अनिवार्य रूप से होना चाहिए। संस्कृत समारोह के अंत में प्रधानाचार्य राजेंद्र कुमार ने कहा कि सभी अपनी भारतीय संस्कृति को संजोए रखने के लिए संस्कृत भाषा का दैनिक जीवन में पूर्ण रूप से अनुसरण करें।
हिमाचल कांग्रेस के दिग्गज नेता एवं सुजानपुर से विधायक राजेंद्र राणा ने अपनी ही सरकार पर सवाल दागे हंै। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को पत्र लिखकर भंग किए गए हिमाचल प्रदेश स्टाफ सिलेक्शन कमीशन को बहाल करने, भर्ती परीक्षाओं के लटके हुए रिजल्ट घोषित करने और पूर्व सरकार में हुए पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती स्कैब में दोषी अफसरों पर कार्रवाई की मांग की है। सीएम के नाम लिखे पत्र में राजेंद्र राणा ने कहा कि लंबे समय से भर्तियों के परिणाम रुके हुए हैं। जिन युवाओं ने परीक्षा उत्तीर्ण की है, वे अब बेचैन हैं और बड़ी बेसब्री से रिजल्ट का इंतज़ार कर रहे हैं। देरी के कारण कुछ युवा ओवर-एज हो रहे हैं। युवा इस बात से चिंतित हैं कि आयु सीमा लांघने के कारण कहीं वे सरकारी नौकरी के लिए अपात्र ना हो जाएं। उन्होंने मुख्यमंत्री से लटके हुए रिजल्ट जल्द घोषित करने का आग्रह किया है। एचपीएसएससी को बनाया जाए क्रियाशील कांग्रेस विधायक ने कहा कि एचपीएसएससी लंबे समय से बंद पड़ा है। उन्होंने सीएम से आग्रह कि में एचपीएसएससी ईमानदार अधिकारी की तैनाती करके इसे फिर से क्रियाशील बनाया जाए, क्योंकि हजारों युवाओं की उम्मीद इसके साथ जुड़ी हुई जुड़ी हुई हैं। पुलिस भर्ती स्कैम के दोषियों के खिलाफ की जाए कार्रवाई राजेंद्र राणा ने कहा कि पूर्व सरकार में पुलिस भर्ती स्कैम हुआ था। इससे हज़ारों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। तब इस मामले को विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस ने सदन में जोर शोर से उठाया था। मगर, अब इस स्कैम पर संजीदगी दिखाने की जरूरत है और प्रदेश के युवाओं की उम्मीदें आप पर हैं। इस भर्ती स्कैम में जो अधिकारी संलिप्त थे, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने हिमाचल प्रदेश में बीते दिनों हुई भारी बारिश, बाढ़ और बादल फटने से आई प्राकृतिक आपदा को देखते हुए सरकार को अनियोजित भवन निर्माण और अत्यधिक खनन पर रोक लगाने के लिए कहा है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को लिखे दो पत्रों में राज्यपाल ने आपदा के इन दो बड़े कारणों के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई भी मांगी है। राज्यपाल ने पत्र में लिखा कि हाल ही में राज्य में हुई अतिवृष्टि से जानमाल के भारी नुकसान का एक संभावित कारण पहाड़ों पर और नदियों के किनारे नियम दरकिनार कर भवन निर्माण और अवैध खनन भी हो सकता है। सरकार भवन निर्माण की अनुमति नियमानुसार देती है, लेकिन नियमों के अनुसार लोग भवन निर्माण नहीं करते हैं। अनियोजित तरीके से भवन निर्माण न हो और भविष्य में नियमों के अनुसार भवन निर्माण हो, इसके लिए सरकार को सख्ती से नियमों का पालन करना व करवाना सुनिश्चित करना होगा। राज्यपाल ने कहा कि कई भवन 70 से 80 डिग्री ढलानों पर भी बनाए गए हैं, जो अपने आप में खतरनाक हैं। भवन निर्माण से पूर्व संबंधित स्थल का भूमि परीक्षण भी नहीं करवाया जाता। इससे भूमि के खिसकने व धंसने से भवनों के ढहने का खतरा रहता है। राज्यपाल ने लिखा कि सरकार मामले में संबंधित विभागों को उचित दिशा-निर्देश जारी करे। राज्यपाल ने कहा कि पहाड़ों और नदियों के किनारे खनन के लिए लाइसेंस दिए जाते हैं, जिससे सरकार को राजस्व प्राप्त होता है। कुछ एक सीमावर्ती क्षेत्रों जैसे बद्दी, बरोटीवाला, नालागढ़ और ऊना में पाया गया है कि अत्याधिक खनन से इन क्षेत्रों में भू-क्षरण व भूस्खलन अधिक बढ़ गया है। गौर हो कि बीते दिन राज्यपाल चक्कीमोड़ पर बंद कालका-िशमला एनएच का निरीक्षण करने भी पहुंचे थे।
हिमाचल प्रदेश में बेशक भाजपा सत्ता में नहीं है, लेकिन भाजपा के विधायक जनप्रतिनिधि हैं। जनता की भावना का प्रतिनिधित्व केवल सरकार नहीं, बल्कि लोकतंत्र में विपक्ष भी करता है। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आज पत्रकार वार्ता में कही। उन्होंने कहा, 'हिमाचल की मदद के लिए, लोगों की मदद करने के लिए, उनकी जान बचाने के लिए केंद्र की जो मदद मिली है उसके लिए मैं केंद्र का धन्यवाद करना चाहूंगा, केंद्र द्वारा मिली मदद अप्रत्याशित है। केंद्र अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन बड़े ही अच्छे तरीके से कर रहा है। हिमाचल को केंद्र से जो सहयोग मिला है, इसके संदर्भ में मैं इतना ही कहना चाहूंगा कि प्रदेश सरकार की ओर से नुकसान का प्रस्तुतिकरण जिस प्रकार से किया गया, उसके अनुरूप केंद्र द्वारा जो किया जा सकता था, वह पर्याप्त था।Ó केंद्र की टीम जो नुकसान का आकलन करने के लिए प्रदेश आई थी, उसकी रिपोर्ट आना अभी बाकी है। जयराम ने कहा कि वे गृह मंत्री अमित शाह से मिले थे और उनसे कहा था कि प्रदेश की जनता केंद्र से मदद की आस लगाए बैठी है तो प्रदेश की और मदद करे। व्यक्तिगत रूप से अमित शाह को पत्र भी लिखा है, जिसमें हिमाचल में हुए नुकसान की जानकारी दी गई। हिमाचल में कांग्रेस सरकार का 9 महीने का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है, लेकिन प्रदेश सरकार ने बहुत सारा वक्त इस बात पर जाया कर दिया कि पूर्व की सरकारों ने ऋण लिया, आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। करीब 3 से 4 महीने प्रदेश सरकार का यही राग चलता आ रहा है।
मचकुंड महादेव चरण सेवक गांव घियोरी द्वारा एसडीएम देहरा शिल्पी बेकटा को महादेव चरण सेवक और घियोरी प्रधान पूनम धीमान की उपस्थिति में बाढ़ आपदा राहत कोष के लिए 76250 रुपये डिमांड ड्राफ्ट के द्वारा प्रदान किए गए। यह राशि पिछले एक सप्ताह मेें चरण सेवक दल द्वारा देहरा से लेकर गरली परागपुर बणी से होते हुए डाडा सीबा तक पैदल चलकर सुबह से शाम तक एकत्रित कर मिसाल कायम की। यह मुहिम आगे भी इस दल द्वारा जारी रहेगी। वहीं घियोरी प्रधान पूनम धीमान ने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि आगे भी संकट के इस दौर में लोग अपना सहयोग व मार्गदर्शन करते रहेंगे। इस सराहनीय कार्य के लिए किसी ने जो भी सहयोग दिया है उसके लिए महादेव चरण सेवक दल तहेदिल से अभिनंदन व आभार व्यक्त करता है।
छह सितंबर को मनाई जाएगी श्री कृष्ण जन्माष्टमी नाग मंदिर करियाडा में श्री कृष्ण जन्मोत्सव के सुअवसर पर शनिवार को 5 विद्वानों द्वारा प्रदेश और मंदिर से जुड़े भक्तों की खुशहाली के लिए महामृत्युंजय का जाप शुरू किया। मंदिर के मुख्य पुजारी कुलदीप गुलेरिया और पंडित भवानी शंकर के द्वारा सभी की मनोकामना व सुख समृद्धि के लिए प्रार्थना की गई। नाग मंदिर करियाडा के मुख्य पुजारी कुलदीप गुलेरिया ने बताया कि 6 सितंबर को कृष्ण जन्मोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है। 6 तारीख को सुबह हवन 11 बजे और दिन में सभी आये हुए भक्तों के लिए लंगर की व्यवस्था की गई है। वहीं रात के समय महामाई के जागरण का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हिमाचल की गायिका बंदना धीमान और फस्ट ग्रूव डांस स्टुडियो ज्वालामुखी के बच्चे अपनी प्रस्तुति देंगे।
बोले- पहले निभाऊंगा फर्ज, फिर करूंगा पिता का अंतिम संंस्कार शिलाई के रोनहाट कस्बे के एचआरटीसी चालक कमल ठाकुर वीरवार सुबह 6 बजे नाहन-कूहंट रूट पर बस लेकर निकले थे। सब कुछ सामान्य था। नाहन से ददाहू तक के 35 किलोमीटर रास्ते पर सफर करते हुए उनको घर से कई बार फोन आए, लेकिन फोन नहीं उठा सके। ददाहू बस अड्डे पहुंचने पर उन्हें पिता टेकचंद ठाकुर के देहांत की जानकारी मिली। परिचालक सचिन को जैसे ही ये बात पता चली तो उन्होंने तुरंत टैक्सी वाले को बुलाया और कमल को बस छोड़कर टैक्सी से घर जाने की बात कही। कहा कि घर में आपका सभी इंतजार कर रहे होंगे। टैक्सी लेने से ठीक पहले अचानक कमल ने पीछे मुड़कर बस की तरफ देखा जो बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और अन्य सवारियों से पूरी भरी थी और परिचालक से पूछा, अब इस बस को गंतव्य तक कौन पहुंचाएगा। इस बस के लिए चालक की व्यवस्था नहीं हो सकेगी। कमल ने आंसू पोंछे और बोला कि बस में बैठे लोग भी किसी न किसी मजबूरी और जरूरी काम से जा रहे होंगे। सवारियों को गंतव्य तक पहुंचाकर ही पिता का अंतिम संस्कार करूंगा। इस बात को सुनने के बाद परिचालक की आंखें भी नम हो गईं। सवारियों को भी जब यह बात पता चली तो उनका दिल पसीज गया।
राजस्थान के जेबीटी भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट से बीएड धारकों के खिलाफ फैसला आने के बाद प्रदेश हाईकोर्ट में ऐसे ही मुद्दे को लेकर लंबित पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई 11 सितंबर के लिए टल गई। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सत्येन वैद्य की खंडपीठ के समक्ष इस मामले पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। 11 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की उस अधिसूचना को अवैध करार दिया था, जिसके तहत बीएड डिग्री धारकों को जेबीटी टेट के लिए योग्य किया गया था। इससे पहले राजस्थान हाईकोर्ट ने 25 नवंबर 2021 को एनसीटीई की 28 जून 2018 की अधिसूचना को रद्द कर दिया था। याचिकाकर्ता देवेश शर्मा ने राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष चुनौती दी थी। हिमाचल हाईकोर्ट ने भी बीएड डिग्री धारकों को जेबीटी टेट के लिए योग्य करने के मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद निर्धारित की थी। हिमाचल हाईकोर्ट के समक्ष स्कूल शिक्षा बोर्ड की अधिसूचना को चुनौती दी गई है। इसमें बीएड डिग्री धारकों को जेबीटी टेट के लिए योग्य किया गया था। 26 नवंबर 2021 को हिमाचल हाईकोर्ट ने जेबीटी भर्ती मामलों पर फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया था कि शिक्षकों की भर्ती के लिए एनसीटीई के नियम प्रारंभिक शिक्षा विभाग के साथ-साथ अधीनस्थ कर्मचारी चयन आयोग पर भी लागू होते हैं। कोर्ट ने आदेश दिए थे कि एनसीटीई की 28 जून 2018 को जारी अधिसूचना के अनुसार जेबीटी पदों की भर्ती के लिए नियमों में जरूरी संशोधन किया जाए। हाईकोर्ट के इस फैसले से जेबीटी पदों के लिए बीएड डिग्री धारक भी पात्र हो गए थे। बाद में हाईकोर्ट ने जेबीटी यूनियन की ओर से दायर पुनर्विचार याचिका में पारित आदेशों से इस फैसले पर रोक लगा दी थी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के संवदेनशील नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने राज्य में भारी बारिश और भू-स्खलन से प्रभावित क्षेत्रों में ऋणधारकों की कठिनाइयों को कम करने के दृष्टिगत ऋण पुन:संरचना के लिए निर्णायक कार्रवाई की है। राज्य सरकार ने 18 अगस्त को प्रदेश को 'प्राकृतिक आपदा प्रभावित क्षेत्र' घोषित किया था। इस निर्णय के पश्चात मुख्यमंत्री ने बैंकों के साथ परामर्श कर आवश्यक उपायों को अंतिम रूप दिया। राज्य सरकार की यह पहल कृषि और संबद्ध गतिविधियों से संबंधित अग्रिमों को छोड़कर, सभी प्रकार के मौजूदा ऋणों की पुन:संरचना पर केंद्रित है, जिनमें सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), खुदरा और अन्य के लिए प्रदत्त ऋण शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आर.बी.आई.) के परिपत्र के अनुसार राज्य सरकार द्वारा फसल के नुकसान के आकलन के बाद कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए दिए गए ऋणों के लिए राहत उपाय प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस महत्त्वपूर्ण निर्णय का उद्देश्य उन लोगों को राहत प्रदान करना है जिनकी आर्थिक स्थिरता आपदा के कारण विभिन्न आर्थिक गतिविधियों में व्यवधान और संपत्ति के नुकसान के कारण गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। राहत उपायों के लिए पात्रता निर्धारित करने की मूल्यांकन तिथि 24 जून, 2023 निर्धारित की गई है। केवल वे खाते जो इस तिथि तक अतिदेय नहीं थे, ऋण पुन:संरचना के लिए पात्र होंगे। संपूर्ण पुन:संरचना प्रक्रिया सरकार द्वारा प्रदेश को प्राकृतिक आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित करने की तारीख 18 अगस्त, 2023 से तीन महीने के भीतर पूरी की जाएगी। पात्र लोगों के लिए एक स्थगन अवधि लागू की जाएगी जिससे मामले-दर-मामले आधार पर मूल्यांकन किए गए आवश्यकता-आधारित पुन:संरचना उपायों को लागू करने की तारीख से 12 महीने तक मूल किस्त के भुगतान को स्थगित करने की अनुमति मिलेगी।
राष्ट्रीय पोषण अभियान के अंतर्गत पहली सितंबर को बाल विकास परियोजना प्रागपुर के अंतर्गत 6वें राष्ट्रीय पोषण माह की शुरुआत ग्राम पंचायत बढल से की गई। इस दौरान सीडीपीओ अनिल कुमार न बताया छठवें राष्ट्रीय पोषण माह का उद्देश्य मोटे अनाज को विभिन्न रूप से अपने आहार में शामिल करना और भोजन में विविधता लाना है ताकि कुपोषण के हर प्रकार को दूर किया जा सके। 6 माह तक केवल एवं केवल मां का दूध,उसके उपरांत मां का दूध और ऊपरी आहार। इस शिविर में उपरोक्त जानकारी का प्रसार बाल विकास परियोजना अधिकारी प्रागपुर अनिल कुमार द्वारा किया गया और ये सूचित किया गया कि पूरे सितंबर माह के द्वारा परियोजना के समस्त 364 आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम बाल विकास परियोजना परागपुर के सौजन्य से एवं विभिन्न विभागों के सहयोग से विभिन्न समुदाय के सहयोग से गतिविधियों के माध्यम से जागरूक किया जाएगा। उपरोक्त शिविर में पर्यवेक्षक बढल संदीप कुमार एवं वृत्त ढलियारा के पर्यवेक्षक अजय कुमार उपस्थित रहे थे। इस कार्यक्रम में 25 महिलाएं एवं कई महिलाएं उपस्थित रही। देहरा:कृषि मंत्री चन्द्र कुमार ने धार धंगड में किया राहत शिविर का निरीक्षण विनायक ठाकुर/देहरा कृषि मंत्री चन्द्र कुमार देहरा विधानसभा क्षेत्र के तहत धंगड पंचायत के धीयूं में 26 प्रभावित परिवारों से मिले। इसके पश्चात, उन्होंने धंगड़ पंचायत में आपदा प्रभावितों के लिए बनाए राहत शिविर का निरीक्षण किया तथा प्रभावितों को दी जाने वाली सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावितों की समस्याओं को सुना तथा उन्हें सरकार द्वारा हर संभव सहायता पहुंचाने का आश्वासन दिया।इसके बाद, कृषि मंत्री ने पीर बिंदली में क्षतिग्रस्त मकान का निरीक्षण किया तथा एसडीएम देहरा को जरूरी निर्देश दिए।
हिमालयन आईटीआई लगवलियाना में फिर से 2 सितंबर को युवाओं को रोजगार मिलेगा। मैटा कासट और डोलपीन टायर लुधियाना 14000 रुपये प्रतिमाह सैलरी पर 100 बेरोजगार युवाओं को रोजगार प्रदान करेगी। इसमें वे युवा भाग ले सकते हैं, जिनकी आयु 18 से 30 वर्ष के बीच में है। और इसमें ट्रेड इलेक्ट्रीशियन, फीटर, मोटर मकैनिक व्हीकल, डीजल मकैनिक, टर्नर, मशीनिस्ट,वेल्डर,पलम्वर, इलेक्ट्रॉनिकस में पास छात्र भाग ले सकते हैं। प्रधानाचार्य आनंद कुमार का कहना है कि इच्छुक विद्यार्थी अपने साथ पासपोर्ट साइज 4 फोटो, दसवीं, बारहवीं तथा आईर्टीआई का प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक अकाउंट की दो कापी आदि दस्तावेज लेकर सुबह 10 बजे हिमालयन आईटीआई के प्रांगण में पहुंच जाएं। कंपनी की तरफ से ओर भी सुविधाएं दी जाएंगी।
कहा- उपमंडल स्तर पर भी रेडक्रॉस की शाखाएं की जा रही गठित धर्मशाला में रेडक्रॉस सोसाइटी के नवीनीकृत भवन का किया शुभारंभ उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि रेडक्रॉस सोसाइटी द्वारा जिला कांगड़ा में जनसेवा और लोकहित के अनेक कार्यों को अंजाम दिया जा रहा है। कांगड़ा जिला में रेडक्रॉस सोसाइटी को सुदृढ़ किया जाएगा ताकि रेडक्रॉस सोसाइटी के सेवा प्रकल्प जरूरतमंदों तक पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि जिले में रेडक्रॉस सोसाइटी के कार्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अब उपमंडल स्तर पर भी रेडक्रॉस सोसाइटी का निर्माण किया जा रहा है। शुक्रवार को जिला रेडक्रॉस सोसायटी के नवीनीकृत भवन का उद्घाटन करने के उपरांत जिलाधीश कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि जिला रेडक्रॉस सोसायटी जिले में एकीकृत चिकित्सा शिविर, दिव्यांग जनों के लिए सहायक उपकरण वितरण, क्लॉथ बैंक सरीखे कई महत्वपूर्ण प्रकल्पों की अगुआई लगातार कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिला रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा किए जा रहे कार्यों का संचालन ठीक से हो, इसके लिए पुराने भवन के जीर्णोद्धार की सख्त जरूरत महसूस हो रही थी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने इसके लिए लगभग 16 लाख 50 हजार रूपये व्यय किए और आज यह भवन नए स्वरूप में दोबारा लोकार्पित किया गया। इस दौरान जिला रेडक्रॉस सोसायटी की सदस्य शशी शर्मा ने ग्यारह हजार रूपये तथा अर्चना हकीम ने पांच हजार रूपये का चेक जिला रेडक्रॉस सोसायटी को उपायुक्त के माध्यम से भेंट किया। उपकरण तथा पुरस्कार किए वितरित जिला रेडक्रॉस भवन के उद्घाटन के बाद उपायुक्त ने जिला रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से दिव्यांगजनों को आवश्यक उपकरण भी वितरित किए। उन्होंने इस वर्ष 26 जनवरी के लक्की ड्रॉ के विजेताओं को भी सामान भेंट किया। उन्होंने तहसील हरिपुर के गांव बंगोली के शुभम चौधरी को प्रथम पुरस्कार के रूप में सकूटी और छठा पुरस्कार प्राप्त करने वाली तहसील कांगड़ा के गांव सनौरा की अनुपमा शर्मा को इंडक्शन चूल्हा भेंट किया। आपदा प्रभावितों के काम आया क्लॉथ बैंक डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि जिला रेडक्रॉस सोसायटी और धौलाधार क्लीनर्स संस्था के साथ मिलकर धर्मशाला के प्रयास भवन में एक क्लॉथ बैंक स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि इस क्लॉथ बैंक में कपड़ों के अलावा जूते, पुस्तकें और अन्य उपयोग की चीजों को भी एकत्रित किया जा रहा है। डीसी ने कहा कि हाल ही में भारी बारिश के कारण प्रभावित हुए व्यक्तियों को इस क्लॉथ बैंक के माध्यम से कपड़े और अन्य आवश्यक वस्तुएं भेंट की गई। उन्होंने कहा कि जिले के लोग इस वस्त्र भंडार में अधिक से अधिक वस्तुएं भेंट करें, जिससे जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाया जा सके। रेडक्रॉस करेगी टांडा सराय का संचालन उन्होंने बताया कि टांडा मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन मरीजों के तीमारदारों के ठहरने और खाने की व्यवस्था के लिए सराय भवन का निर्माण किया गया है। उन्होंने बताया कि लगभग 2 करोड़ 75 लाख की लागत से निर्मित इस नवनिर्मित सराय का संचालन भी जिला रेडक्रॉस सोसाइटी द्वारा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि टांडा अस्पताल सराय भवन में मरीजों और उनके तीमारदारों के ठहरने के लिए 56 बेड की सुविधा रहेगी। उन्होंने बताया कि सराय भवन में मरीजों और तीमारदारों के लिए न्यूनतम दामों में रहने और अच्छा भोजन उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जाएगें। एकीकृत चिकित्सा शिविर किए आयोजित उपायुक्त ने बताया कि जिला रेडक्रॉस सोसाइटी द्वारा कांगड़ा में अभी तक पांच एकीकृत चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया गया है। उन्होंने बताया कि इन शिविरों के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को चिकित्सा सहायता, परामर्श, उपकरण और दवाईयां आदि वितरित करने के साथ स्वास्थ्य चचाएं भी करवाई गई हैं। यह रहे उपस्थित रहे।
पार्टी कार्यालय जाकर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल से भी की शिष्टाचार भेंट मंडी जिला के नव नियुक्त पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल से शिष्टाचार भेंट की। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जिला मंडी के जिलाध्यक्ष निहाल चंद शर्मा कर रहे थे। उनके साथ जिला मंडी के सभी महामंत्री, उपाध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष, प्रवक्ता और सचिव भी उपस्थित रहे। नेता प्रतिपक्ष ने सभी पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं और पार्टी के दायित्वों के निर्वहन के लिए जी जान से लगने का आग्रह किया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सभी पदाधिकारियों को अपने अपने क्षेत्रों में डटकर काम करने, केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में प्रदेश के एक-एक व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए काम करे। उन्होंने कहा कि आगामी लोक सभा चुनाव में हर बूथ पर बीजेपी को सबसे आगे लेकर चलने का लक्ष्य हर पदाधिकारी और कार्यकर्ता लेकर चले। बाद में यह प्रतिनिधिमंडल बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल से भी मिला। डॉ. बिंदल ने सभी को शुभकामनाएं दी और हर बूथ से बीजेपी को सबसे मज़बूत करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ने को कहा। इस प्रतिनिधि मंडल में मंडी ज़िला अध्यक्ष निहाल चंद शर्मा, उपाध्यक्ष शेर सिंह, मोहन सिंह, रणवीर सिपाहिया, पंकज शर्मा, धर्मपाल, रोशन ठाकुर, महामंत्री सुमेश उपाध्याय, संजय ठाकुर, कोषाध्यक्ष दीपक गुलेरिया, प्रवक्ता पंकज कपूर, सिराज मंडल अध्यक्ष भगीरथ शर्मा, बल्ह के राजेंद्र राणा, दरंग मंडल अध्यक्ष भारती, सचिव ममता भाटिया, भारती शर्मा, सुकन्या, ख़िमीराम, चूड़ामणि, शिवराम और बल्ह मीडिया प्रभारी राकेश वालिया आदि मौजूद रहे। सभी पदाधिकारियों ने पार्टी द्वारा दिये गये दायित्वों का पूरी निष्ठा और लगन से निर्वहन करने का आश्वासन दिया।
पार्टी कार्यालय जाकर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल से भी की शिष्टाचार भेंट मंडी जिला के नव नियुक्त पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल से शिष्टाचार भेंट की। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जिला मंडी के जिलाध्यक्ष निहाल चंद शर्मा कर रहे थे। उनके साथ जिला मंडी के सभी महामंत्री, उपाध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष, प्रवक्ता और सचिव भी उपस्थित रहे। नेता प्रतिपक्ष ने सभी पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं और पार्टी के दायित्वों के निर्वहन के लिए जी जान से लगने का आग्रह किया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सभी पदाधिकारियों को अपने अपने क्षेत्रों में डटकर काम करने, केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में प्रदेश के एक-एक व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए काम करे। उन्होंने कहा कि आगामी लोक सभा चुनाव में हर बूथ पर बीजेपी को सबसे आगे लेकर चलने का लक्ष्य हर पदाधिकारी और कार्यकर्ता लेकर चले। बाद में यह प्रतिनिधिमंडल बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल से भी मिला। डॉ. बिंदल ने सभी को शुभकामनाएं दी और हर बूथ से बीजेपी को सबसे मज़बूत करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ने को कहा। इस प्रतिनिधि मंडल में मंडी ज़िला अध्यक्ष निहाल चंद शर्मा, उपाध्यक्ष शेर सिंह, मोहन सिंह, रणवीर सिपाहिया, पंकज शर्मा, धर्मपाल, रोशन ठाकुर, महामंत्री सुमेश उपाध्याय, संजय ठाकुर, कोषाध्यक्ष दीपक गुलेरिया, प्रवक्ता पंकज कपूर, सिराज मंडल अध्यक्ष भगीरथ शर्मा, बल्ह के राजेंद्र राणा, दरंग मंडल अध्यक्ष भारती, सचिव ममता भाटिया, भारती शर्मा, सुकन्या, ख़िमीराम, चूड़ामणि, शिवराम और बल्ह मीडिया प्रभारी राकेश वालिया आदि मौजूद रहे। सभी पदाधिकारियों ने पार्टी द्वारा दिये गये दायित्वों का पूरी निष्ठा और लगन से निर्वहन करने का आश्वासन दिया।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य श्रीनिवास वरखेडी के संरक्षकत्व तथा वेदव्यास परिसर के निदेशक प्रो. मदनमोहन पाठकके कुशल मार्गनिर्देशन में सरल संस्कृत अनुष्ठान समिति के तत्वावधान में बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में विगत दस दिवस से चल रहे कार्यालय कर्मचारियों एवं संस्कृतेतर अध्यापकों के लिए संस्कृत सम्भाषण शिविर का समापन हो गया। समापन कार्यक्रम की अध्यक्षता परिसर निदेशक प्रो. मदन मोहन पाठक व मुख्यातिथि के रूप में परिसर के व्याकरण विभागाध्यक्ष डॉ. सुरेश पांडेय उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ परिसर के पूर्व छात्र एवं वर्तमान में परिसर के कर्मचारी कमलकिशोर द्वारा मंगलाचरण से किया गया। स्वागत भाषण डॉ गोविंद शुक्ल ने किया। तदुपरांत कार्यक्रम के मुख्यातिथि डा. सुरेश पांडेय ने सभी को संस्कृत की महत्ता बताते हुए संस्कृत सम्भाषण के लिए प्रेरित किया । कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे परिसर निदेशक प्रो मदन मोहन पाठक ने सभी को संस्कृत सम्भाषण के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि परिसर में संस्कृत मय वातावरण बने इसके लिए सभी को मिलकर प्रयत्न करना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान परिसर के संगणक(कंप्यूटर )विषय के असिस्टेंट प्रोफ़ेसर अमित वालिया सहित अंग्रेजी विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मनीष सरोच व इतिहास विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर डा रामनारायण ठाकुर सहित सभी प्रतिभागियों ने अपने अनुभव कथन में कहा कि आगे भी ऐसे आयोजन निरंतर होते रहने चाहिए। जिससे सभी में संस्कृत सम्भाषण के प्रति रुचि जाग्रत हो। दस दिवसीय सरल संस्कृत सम्भाषण कक्षा के मुख्य प्रशिक्षक एवं कार्यक्रम के संचालक डॉ. यज्ञदत्त ने बड़े ही सरल माध्यम से सभी को संस्कृत सम्भाषण के लिए प्रेरित किया । कार्यक्रम में परिसर के सभी कार्यालयीय कर्मचारी, अध्यापक एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
आयोग के निर्देशानुसार जिला कांगड़ा के 15 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के मतदान केंद्रों की सूचियां लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 25 के प्रावधानानुसार 2 सितंबर को प्रारूप में प्रकाशित कर दी जाएंगी। प्रारूप में प्रकाशित मतदान केंद्रों की सूचियां 2 सितंबर से 8 सितंबरतक कार्यालय समय के दौरान जिला निर्वाचन कार्यालय, कांगड़ा स्थित धर्मशाला, जिला के समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं उप मंडल अधिकारी (नागरिक) व समस्त तहसीलों व उप-तहसीलों के कार्यालयों में जनसाधारण के नि:शुल्क निरीक्षण के लिए उपलब्ध रहेंगी। इसके अतिरिक्त उपरोक्त मतदान केंद्रों की सूचियां मुख्य निर्वाचन अधिकारी, हिमाचल प्रदेश, शिमला की विभागीय वेबसाइट पर भी देखी जा सकती हैं। उपायुक्त ने जिला कांगड़ा के समस्त नागरिकों से आग्रह करते हुए कहा मतदान केन्द्रों के युक्तिकरण के संबंध में अपनी कोई आपत्ति/ सुझाव प्रस्तुत करना चाहते हैं, तो वे अपना अभ्यावेदन उपरोक्त समस्त स्थानों में 8 सितंबरतक प्रस्तुत कर सकते हैं।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिला कांगड़ा में इलेक्ट्रोनिक मतदान मशीनों का प्रथम स्तरीय निरीक्षण 16 सितंबरसे किया जाएगा। इस बाबत शुक्रवार को डीसी कार्यालय में समस्त मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ जिला निर्वाचन अधिकारी डा निपुण जिंदल की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने समस्त राजनीैतिक दलों के पदाधिकारियों को इलेक्ट्रोनिक मतदान मशीनों का प्रथम स्तरीय निरीक्षण के बारे में विभिन्न प्रकार की जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें भारत निर्वाचन आयोग द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों की प्रतियां भी उपलब्ध करवाई गई तथा समस्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को 16 सितंबर से प्रत्येक दिन ईवीएम के निरीक्षण के समय अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है तथा कार्य में किसी भी प्रकार की शंका होने पर तुरंत जिला निर्वाचन अधिकारी उपस्थित अधिकारियों या कंपनी के अभियंताओं को सूचित करें, ताकि शंकाओं का त्वरित निदान सुनिश्चित किया जा सके।
एचपीयू में जल्द स्थाई कुलपति की नियुक्ति करने की भी उठाई मांग हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की एनएसयूआई इकाई के द्वारा छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सक्खू से उनके निवास स्थान ओकओवेर में भेंट कर ज्ञापन सौंपा। एनएसयूआई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई के प्रभारी परवीन मिन्हास व परिसर अध्यक्ष योगेश यादव की अगवाई में छात्र संगठन के प्रतिनिधियों ने एचपीयू सहित सभी कॉलेजों में छात्रसंघ चुनावों की बहाली को लेकर मुख्यमंत्री के समक्ष मांग रखी। एनएसयूआई के छात्रों ने विश्वविद्यालय में स्थाई कुलपति की जल्द नियुक्ति की भी मांग उठाई। छात्र नेता मिन्हास और यादव ने जानकारी दी कि एनएसयूआई ने मुख्यमंत्री से हिमाचल प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों व स्कूलों में रिक्त पड़े शिक्षक व गैर शिक्षक के पदों को जल्द भरने की भी मांग प्रमुखता से उठाई। इसके अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में नये छात्रावासों के जल्द निर्माण सहित हर वर्ष नियमित सेट की परीक्षा आयोजित करने की भी मांग उठाई। प्रदेश के हज़ारों लाखों बेरोज़गार युवाओं को अवसर प्रदान करने के लिए प्रदेश के सभी सरकारी विभागों में रिक्त पड़े पदों को जल्द से जल्द भरने की भी मांग की गई। एनएसयूआई ने मुख्यमंत्री से मांग की कि स्टेट कमीशन में भर्ती परीक्षाओं के लिए महिला कैंडिडेटों की तर्ज पर पुरुष कैंडिडेटों को भी नि:शुल्क आवेदन की सुविधा दी जाए। एनएसयूआई ने मुख्यमंत्री से यह भी मांग की कि हमीरपुर कमीशन में पूर्व में हुई परीक्षाओं के लंबित भर्ती परीक्षा परिणामों को जल्द से जल्द घोषित किया जाए और जो पूर्व में भरे गए परीक्षा फॉर्म उनकी जल्द से जल्द परीक्षा करवाई जाए। साथ ही हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के शोधार्थियों को केंद्रीय विश्वविद्यालय के तर्ज पर फेलोशिप के प्रावधान करने की मांग भी छात्र संगठन एनएसयूआई ने प्रमुखता से मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। वहीं, मुख्यमंत्री ने एनएसयूआई के छात्रों को विश्वास दिलाया है कि सरकार जल्द ही छात्रों की मांगों को प्राथमिकता से पूरा करेगी। इस अवसर पर एनएसयूआई राज्य महासचिव परवीन मिन्हास, महासचिव अरविंद ठाकुर, राज्य सचिव डैनी पंगवाल, एचपीयू कैंपस प्रेसिडेंट योगेश यादव, परिसर उपाध्यक्ष पवन नेगी, चंदन महाजन, अक्षिता भरोटा, परिसर महासचिव राकेश सिंगटा, रणदीप ठाकुर, सह सचिव सचिन, विक्रांत, गौरव नेगी, ईशान शर्मा, हसीना, गिरीश, कुलदीप वर्मा, हर्षित, सतीश आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा सचिवालय में आज रिपोर्टर्ज एसोसिएशन के आम चुनाव हुए। इसमें सर्वसम्मति से रिपोर्टर्ज एसोसिएशन के निम्न पदाधिकारियों/कार्यकारिणी को वर्ष 2023 हेतु चयनित किया गया। इसमें कल्पना शर्मा को एसोसिएशन का प्रधान, अंजुला वर्मा को महासचिव, टीसी वर्मा को उप प्रधान, अरविंद शर्मा को संयुक्त सचिव व युगल किशोर को वित्त सचिव चुना गया। वहीं, संतोख सिंह, अनित गुप्ता, राजेश सकलानी को कार्यकारिणी सदस्य चुना गया।
बहरापन जागरूकता सप्ताह को देखते हुए जिला स्तरीय बहरापन जागरूकता शिविर का आयोजन पपरोला पंचायत घर में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बहरापन के प्रति लोगों को जागरूक करना रहा। जानकारी देते हुए जिला कार्यक्रम अधिकार डॉक्टर अनुराधा ने बताया कि बहरापन कैसे हो सकता है, कैसे हम इसे रोक सकते हैं और इसके क्या लक्षण होते हैं इस पर ध्यान देना चाहिए। कान को चोट इत्यादि से बचाना चाहिए, ज्यादा शोर वाले स्थानों पर जाने से बचें, कभी भी संगीत को ज्यादा ध्वनि में ना सुने, यदि आप किसी शोर-शराबे की जगह काम करते हैं तो ईयर प्लग का प्रयोग करें, कान का मैल कभी भी खुद नहीं निकालना चाहिए, इन सभी कारणों से सुनने की क्षमता कम हो सकती है या पूर्णतया जा सकती है। कानों में किसी भी प्रकार की बीमारी होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, समय रहते यदि हम उचित चिकित्सा सहायता ले लें तो बहरेपन को काफी हद तक रोक सकते हैं ढ्ढ उन्होंने आगे बताया के जन्म के बाद ही छोटे बच्चों में उसके शैशवकाल से ही यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बच्चा ठीक ढंग से सुन पा रहा है या नहीं इसके लिए आशा कार्यकर्ता द्वारा छोटे बच्चों की घर पर देखभाल करने का कौशल सिखाया गया है, जिसके अंतर्गत आशा कार्यकर्ता जन्म से लेकर 18 महीने तक समय-समय पर बच्चे के विकास पर नजर रखती हैं ताकि किसी भी प्रकार की समस्या हो तो समय पर उसका इलाज करवाया जा सके, कानों में किसी भी प्रकार का संक्रमण या दिक्कत होने पर जल्दी से जल्दी डॉक्टरी सहायता लेनी चाहिए है ताकि ताकि बहरेपन बहरेपन को रोका जा सके ढ्ढ गर्भवती माता में मिसल रूबेला के टीकाकरण से भी इस पर लोग रोक लगाई जा सकती है कार्यक्रम में उपस्थित जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी श्रीमती जगदंबा मेहता ने बताया की बहरेपन के क्या-क्या लक्षण हो सकते हैं गर्भावस्था में मिस्र रूबेला होने से भी बहरापन हो सकता है गर्भावस्था के दौरान थायरोक्सिन की कमी से गर्भावस्था के दौरान कुछ ऐसी, एंटीबायोटिक जैसे स्ट्रेप्टोमाइसिन अमीकासिन आदि दवाइयां के सेवन, शिशु में सही पोजीशन में अगर दूध न पिलाया जाए तब भी बच्चों में कान से पस निकलने और बहरापन जैसे लक्षण देखने को मिल सकते हैं अगर कानों में किसी भी नुकीली चीज से छेड़छाड़ करने पर या मैल निकालने कान का पर्दा फट सकता है और बहरापन भी हो सकता है कान पर जोर से थप्पड़ या चोट से भी कानों में नुकसान हो सकता है। इस जागरूकता शिवर का उद्देश्य है सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और आंगनवाड़ी आशा वर्कर्स और सेवा प्रदाताओं के माध्यम से जानकारी को लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया गया आज के कार्यक्रम का का उद्देश्य है की भावनाओं को और इन लक्षणों को हम कैसे पहचान सकते हैं और इन लक्षणों को कैसे रोका जा सकता है बचपन में बहरेपन की पहचान से बच्चों में जल्दी होने से कोलिया ट्रांसप्लांट भी करवाया जा सकता है।
उपमंडल देहरा के अंतर्गत पड़ते बनखंडी शेरलोहारा के निवासी लाल चंद नरोत्रा पुत्र नानक चंद पीडब्ल्यूडी में लगभग 29 साल 9 महीने सेवाएं देने के उपरांत मेट के पद से सेवानीवृत्त हो गए। लाल चंद नरोत्रा पीडब्ल्यूडी हरिपुर में बतौर मेट के पद पर तैनात थे। सेवानिवृत्ति होने पर एसडीओ गुरबचन सिंह ने उन्हें सम्मानित भी किया। इसके अतिरिक्त उनके परिवार ने उनका घर पहुंचने पर भव्य स्वागत किया, वहीं कार्यक्रम स्वरूप रात्रि माता के जागरण का आयोजन भी किया गया, जिसमें गायक सौरव शर्मा, संजीव कुमार ने दरबार में हाजरी लगाई।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के खिलाफ सोशल मीडिया पर की जा रही बयानबाजी को लेकर पुलिस के पास एक और शिकायत पहुंच गई है। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव बलदेव ठाकुर ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक शिमला संजीव गांधी को शिकायत पत्र सौंपा है। शिकायत में उन्होंने कहा कि बीते दिनों सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य संबंधी कई तरह की खबरें चलाई गई है। प्रदेश के मुखिया के खिलाफ सोची समझी साजिश के तहत जनता को गुमराह करने की नियत से इन खबरों को सुनियोजित तरीके से चलाया गया। बलदेव ठाकुर ने शिकायत में कहा कि एक सोशल मीडिया पोर्टल ने यह खबर चलाई की मुख्यमंत्री ईलाज के लिए विदेश जा रहे हैं। जबकि इसमें कोई सच्चाई नहीं है। बलदेव ठाकुर ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि मुख्यमंत्री आपदा में बेहतर कार्य कर रहे हैं। रोजाना 16-16 घंटे जनता की समस्याओं का समाधान करने का कार्य कर रहे हैं। आपदा में किया जा रहे कार्यों को लेकर नीति आयोग विश्व बैंक उनके कार्यों की सराहना कर चुका है। यही नहीं भाजपा के दिग्गज नेता शांता कुमार भी मुख्यमंत्री के द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर कुछ शरारती तत्व जानबूझकर इस तरह की खबरें चला रहे हैं ताकि जनता को गुमराह किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार बेहतर तरीके से कार्य कर रही है।हर वर्ग को राहत देने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि जिन भी सोशल मीडिया पोर्टल पर यह खबर चली है उनका पता लगाया जाए। इस षड्यंत्र के पीछे कौन लोग शामिल है किसने यह षड्यंत्र रचा है इसका पता करके आरोपियों पर सख्त कारवाई की जाए।
प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदा ने हिमाचल के हर वर्ग और हर व्यक्ति को परेशान किया हुआ है। आपदा की इस घड़ी में पीड़ित प्रदेशवासियों को जल्द से जल्द राहत दिलाने की बजाए सुखविंदर सिंह सुक्खू की कांग्रेस सरकार केंद्र के सहयोग को नजरअंदाज करते हुए अकारण शोर मचाए जा रही है। उनका यह शोर कांग्रेस की नाकामी को खुद ही साबित कर रहा है। प्रदेश भाजपा मीडिया सह-प्रभारी विश्व चक्षु ने जारी एक ब्यान में कांग्रेस सरकार से कहा कि बिना मतलब के शोर मचाने की बजाए लोगों के राहत देने की ओर काम करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदा से हर कोई आहत एवं परेशान है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर प्रदेश की जनता के दर्द को समझते हुए केंद्र सरकार से मिलकर हर संभव सहायता कर रहे हैं। डा. राजीव बिंदल और जयराम ठाकुर की ओर से दिए गए फीडबैक के आधार पर केंद्र सरकार ने हिमाचल के लिए आर्थिक सहयोग किया। दुर्भाग्य की बात है कि इसके बावजूद सीएम सुक्खू और उनके नेता इस सहयोग को नकार रहे हैं और कह रहे हैं कि केंद्र सहयोग नहीं कर रहा है।


















































