हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवाएं (एचपीएएस) और संबद्ध सेवाओं के 13 परिवीक्षाधीन अधिकारियों ने आज राजभवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से शिष्टाचार भेंट की। यह परिवीक्षाधीन अधिकारी हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान (हिप्पा), फेयरलॉन, शिमला में आधार (फाउंडेशन) प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। राज्यपाल ने प्रशिक्षु अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि हिमाचल जैसे शांतिपूर्ण राज्य में उन्हें प्रशासनिक अधिकारी के रूप में सेवा करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि नियम और व्यवस्था के साथ-साथ उन्हें आम लोगों के मार्गदर्शक, सहयोगी और मित्र के रूप में धैर्य के साथ कार्य करने की आवश्यकता है। राज्यपाल ने उन्हें कानून व्यवस्था को सही रूप से लागू करने और कर्तव्यनिष्ठा व समर्पण भावना से कार्य करने का परामर्श दिया ताकि वंचित वर्ग लाभान्वित हो सकें। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के निवारण के लिए व्यवहारिक कानून की समझ आवश्यक है। काम ही व्यक्ति को एक अलग पहचान दिलाता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी युवा अधिकारी प्रदेश हित में कार्य करते हुए राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सदैव प्रयासरत रहेंगे। राज्यपाल ने कहा कि अधिकारियों का अपने काम के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे न केवल उनके करियर बल्कि देश के भविष्य को भी बेहतर दिशा मिलेगी। राज्यपाल ने परिवीक्षाधीन अधिकारियों के साथ जीवन के अनुभव भी साझा किये और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। परिवीक्षाधीन अधिकारियों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अपने अनुभव भी साझा किये। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा और हिप्पा के अतिरिक्त निदेशक प्रशांत सरकेक भी उपस्थित थे।
डिप्टी सीएम बोल- आपदा से प्रभावित लोगों को सहारा देना ही सरकार का मुख्य लक्ष्य उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री कांगड़ा जिला में जहां पर बरसात से नुकसान हुआ है और प्रभावित जल सिंचाई विभाग की योजनाओं का भी निरीक्षण कर रहे हैं। वही उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री द्वारा आज जिला मुख्यालय धर्मशाला में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक रखी गई थी, जिसमें जिला में हुई बारिश से नुकसान का विस्तृत ब्यौरा व जानकारी ली गई। इस मौके पर जिला के तमाम अधिकारी इस बैठक में मौजूद रहे। अग्निहोत्री ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि प्रदेश आज बड़ी आपदा से जूझ रहा है। प्रदेश में आपदा से 12 हजार करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार का मुख्य लक्ष्य बेसहारा हुए लोगों को सहारा देना है, ताकि इस आपदा की घड़ी में उनके दुख को बांटा जा सके। उन्होंने कहा कि 400 के करीब मकान कांगड़ा जिला में पूर्ण से ढ़ह गए हैं, लेकिन राहत की बात यह कि लोगों की जान बची है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला में 9 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा जिले में 3 हजार लोगों का रेस्क्यू किया गया है। रिलीफ कैंप में अभी भी 500 लोग रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि भू वैज्ञानिक आंकलन कर रहे हैं कि आपदा का क्या कारण रहा है। सरकार का मुख्य लक्ष्य राहत और पुर्नवास कार्यों में लगा हुआ है। जलशक्ति विभाग को काफी नुक्सान हुआ है। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रदेश की हर मदद के लिए जहां लोग आगे आए हैं तो वहीं अन्य राज्यों द्वारा भी प्रदेश को मदद की गई है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रमुख और मुख्य लक्ष्य सरकार पुर्नवास ही है, प्रभावितों को उनके मकान देना वैकल्पिक जमीन देना सरकार की प्राथमिकता है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार उन कर्मचारियों और अधिकारियों को सम्मानित करेगी, जिन्होंने आपदा के दौरान बेहतर कार्य किया है। वहीं कांगड़ा में पहाड़ियों का दरकना ओर खिसकना चिंताजनक है मकान नहीं टूटे हैं लोगों के दिल टूटे है, हिमाचल प्रदेश की सरकार जनता के साथ खड़ी है।
भाजपा के पूर्व मंत्री एवं संसदीय क्षेत्र प्रभारी बिक्रम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की सरकार आपसी मतभेदों में उलझी हुई है, जिसका प्रभाव सीधा-सीधा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों पर हो रहा है। सरकार का एक मंत्री लगातार बयान दे रहा है कि ये नुकसान खनन के कारण हुआ है और सरकार का दूसरा मंत्री और कुछ विधायक इस बात को डिफेंड करने में लगे हैं कि खनन के कारण यह नुकसान नहीं हुआ है। कांग्रेस के नेताओं के विरोधाभासी बयान अधिकारियों को कार्य करने में बाधा पहुंचा रहे हैं। राहत और बचाव कार्य इसके कारण प्रभावित हो रहा है और पिक एण्ड चूज करते हुए सहायता दी जा रही है। भाजपा ने इस मामले में सीपीएस की घेराबंदी शुरू कर दी है। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि विधायक के स्वयं के क्रशर हैं, ऐसे में उन्हें खनन अच्छा लग रहा है। दरअसल सीपीएस राम कुमार चौधरी ने बद्दी में एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि इस वर्ष अगर सरसा नदी में माइनिंग नहीं हुई होती तो 16 फुट हाइट का पानी गया होता। इस कारण बद्दी से लेकर नालागढ़ तक जितने भी गांव सरसा नदी के साथ लगते हैं, वे सभी तबाह हो जाते। उन्होंने बताया को लोक निर्माण, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि अवैध खनन पर लगाम लगाने को लेकर सशक्त नीति बनाई जाएगी। वह जल्द ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह एवं उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान से अवैध खनन की समस्या को समाप्त करने को लेकर एक सशक्त नीति बनाने का मामला उठाएंगे ताकि अवैध खनन को नियंत्रित किया जा सके। दूसरी ओर बारिश से हुई तबाही के मामले पर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह में जुबानी जंग छिड़ी हुई है। हाल ही में विक्रमादित्य सिंह ने कुल्लू दौरे के दौरान अपने बयान में कहा कि यह सब चीजें अवैध खनन से हुई हैं। नदी और नालों का रुख बदल गया है। इस अवैध खनन में किसका हाथ है। वहीं, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि बड़ी मात्रा में पानी आया है, इससे तबाही हुई है। एक दो स्थानों पर अवैध खनन हो सकता है। क्या पूरे कुल्लू जिले में अवैध खनन हुआ है। कुल्लू में जो त्रासदी हुई है। वह बाढ़ से हुई है। ब्यास नदी के किनारे माइनिंग लीज नहीं दी गई है। हर्षवर्धन विक्रमादित्य के बयान से सहमत नहीं हैं। नदी नालों के 100 मीटर के बाहर माइनिंग की अनुमति दी जाती है। विक्रमादित्य सिंह का बयान समझ से परे है। उन्होंने कहा की इस लड़ाई से प्रदेश भर में असमंजस का माहौल है।
मां ज्वाला स्किल सेंटर ज्वालामुखी में आयुष विभाग द्वारा मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया, जिसमें संस्थान में पढ़ रही छात्राओं को नि:शुल्क दवाइयां भी वितरित की गईं। इस मौके पर डॉक्टर शालिनी सूद ने संस्थान में पढ़ रही छात्रों का चेकअप किया और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां दीं। इस दौरान योगा ट्रेनर नितिन कुमार ने बच्चों को विभिन्न प्रकार की योग आसनों के बारे में जानकारी दी। संस्थान के निदेशक नवरत्न गुप्ता ने बताया कि संस्थान में हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम के सहजने से ब्यूटी एंड वैलनेस सेक्टर द्वारा नि:शुल्क ट्रेनिंग छात्रों को दी जा रही है, जिसमें बच्चों का रहना खाना भी संस्थान द्वारा उन्हें प्रोवाइड करवाया जा रहा है और जो भी बच्चे अभी ट्रेनिंग करना चाहते हैं वह संस्थान में आकर इन ट्रेनिंग को ज्वाइन कर सकते हैं, जो कि प्रदेश सरकार द्वारा निशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है। इस मौके पर संस्थान का सभी स्टाफ भी उपस्थित रहा।
लिस्ट जारी होते ही फतेहपुर से सोशल मीडिया पर शुरू हो गई थी इस्तीफों की झड़ी भाजपा संगनाठत्मक जिला के पदाधिकारियों की सूची जारी रविवार को हुई थी। उस समय फतेहपुर विधानसभा से जिला कार्यकरणी के नवनियुक्त पदाधिकारियों की सोशल मीडिया के माध्यम से इस्तीफों की झडी शुरू हो गई। इसी मामले को लेकर आज फतेहपुर के रैहन में फतेहपुर भाजपा मंडल की एक आपातकालीन बैठक मंडल अध्यक्ष राजेंद्र राणा की अध्यक्ष में हुई। बैठक में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने जिला कार्यकारणी की नियुक्तियों पर चर्चा की। बैठक में पहुंचे भाजपा जिलाध्यक्ष के नवनियुक्त सदस्य तरसेम राणा ने जिला भाजपा अध्यक्ष को डिक्टेटर (तानाशाही) करार दिया है। इस मौके पर उन्होंने कहा कि फिलहाल उन्होंने अपने नेता पूर्व मंत्री एवं फतेहपुर भाजपा के प्रत्याशी राकेश पठानिया के कहने पर इस्तीफा होल्ड कर लिया है। उन्होंने अश्वासन दिया कि इस मामले पर कोई हल निकाला जाएगा। तरसेम राणा ने कहा कि यह जो नियुक्तयां हुई हैं यह जिलाध्यक्ष की तानाशाही को दर्शाती हैं। तीन विधानसभाओं को हराने का इनाम है पुन: अध्यक्ष बनाना: रमेश दत्त कालिया बैठक में पहुंचे नवनियुक्त भाजपा जिला सदस्य रामेश दत्त कालिया ने बैठक के बाद जारी वीडियो ब्यान में संगनाठत्मक जिला नूरपुर के हाल में नियुक्त किए अध्यक्ष को घेरा है। उन्होंने कहा कि फतेहपुर, जवाली व इंदौरा विधानसभाएं जिस जिला अध्यक्ष की अध्यक्षता में चुनाव हारी थीं, उन्हें फिर से जिला अध्यक्ष बना दिया गया है। चुनाव हारने के बाद जिलाध्यक्ष को पद से हटा देना चाहिए था पर ऐसा न कर उन्हें पुन: अध्यक्ष बना दिया है। अगर फतेहपुर से 15 लोगों के भेजे थे तो उनके नाम जिला कार्यकरणी मे क्यों नहीं आए। जिन लोगों के नाम फतेहपुर से भेजे ही नहीं गये उनके नाम कैसे कार्यकरणी में आए। उन्होंने अपने इस पद से इस्तीफा दे दिया है अब वो किसी भी कीमत पर अपना निर्णय बदलने वाले नहीं है। कालिया ने कहा कि जिला अध्यक्ष को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए तभी चारों विधानसभाओं का भला होगा। हाई कमान से चर्चा के बाद ही हुई नियुक्तियां: जिलाअध्यक्ष रमेश राणा भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश राणा से फोन पर बात की तो उन्होंने बताया 15, 15 लोगों के नाम हर भाजप मंडल से मंगवाए गए थे। उन सभी को जगह दी गई है और हर वर्ग के व्यक्ति को जगह दी गई है जो लोग वर्षों से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनको पार्टी द्वारा सम्मान दिया जाता रहा है दिया जाता रहेगा। आगे एमपी चुनाव आ रहे हैं उनको मध्य नजर रखते हुए एक अच्छी टीम मिले हाईकमान से चर्चा के बाद ही यह नियुक्तयां की गई हैं।
अवैध संबंधों के चलते सगी मां ने देवर से मिलकर दिया था वारदात को अंजाम इंदौरा में 7 वर्षीय बेटे को अपने अवैध संबंधों की भेंट चढ़ाने वाली कलयुगी मां व देवर को माननीय अदालत द्वारा आज आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। घटना 28 दिसंबर, 2019 की है और 3 साल से अधिक अर्से तक चले इस मुकदमे में कुल 23 गवाह माननीय अदालत में पेश किए गए। उप जिला न्यायवादी पंकज धीमान ने बताया कि पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर आरोप सिद्ध होने के चलते आज अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र की अदालत द्वारा मासूम मृतक की माता पुन्नी देवी तथा उसके चाचा सेवा सिंह को मृत्यु तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। नूरपुर के उप जिला न्यायवादी पंकज धीमान बताया कि थाना इंदौरा के अंतर्गत केस नंबर 227/ 19 28 /12 को बलवंत सिंह ने अपने बेटे उधवीर सिंह की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। बलवंत सिंह ड्राइविंग का काम करता था। वह जम्मू गया हुआ था। वापस आने पर उसके छोटे बेटे ने बताया कि उधवीर सिंह ने मां को चाचा के साथ अवैध संबंध बनाते देख लिया था। इस राज को छिपाने के लिए बलवंत सिंह की पत्नी पुणे देवी और चाचा सेवा सिंह ने उधवीर सिंह को जंगल में ले जाकर किन्नू नाले में उसकी गला दबाकर हत्या कर दी और शव को पहाड़ी के नीचे फेंक दिया। बलवंत सिंह की रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी इंदौरा सुरेंद्र धीमान मौके पर पहुंचे तथा तथ्यों के आधार पर जांच करने पर पाया गया कि मामला अवैध संबंधों का है। पुलिस ने इस मामले में पुन्नी देवी तथा उसके चाचा सेवा सिंह से जब कड़ी पूछताछ की गई, तो उन्होंने सारा राज खोल दिया और गुनाह कबूल लिया था।
कहा-पात्र विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए 20 लाख रुपये का ऋण प्रदान करने की सुविधा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि राज्य सरकार ने पात्र हिमाचली विद्यार्थियों को एक प्रतिशत ब्याज की दर पर ऋण प्रदान करने के लिए वित्त वर्ष 2023-24 से डॉ. यशवंत सिंह परमार विद्यार्थी ऋण योजना लागू की है। उन्होंने कहा कि इस योजना से यह सुनिश्चित होगा कि राज्य का कोई भी युवा वित्तीय संसाधनों की कमी के कारण उच्च या व्यावसायिक शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जिस परिवार की वार्षिक आय 4 लाख रुपये से कम है, उस परिवार का छात्र इस योजना के तहत ऋण प्राप्त करने के लिए पात्र है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे मामलों में जहां बैंक को शुल्क राशि की पहली किस्त जारी करने में समय लग रहा है, संबंधित संस्थान को शुल्क राशि की पहली किस्त जारी करने के लिए सभी जिलों के उपायुक्त कार्यालय के स्तर पर एक कोष बनाया जाएगा ताकि छात्र को संस्थान में प्रवेश लेने में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से उच्च शिक्षा विभाग से पात्र छात्रों द्वारा लिए गए शिक्षा ऋण के बदले ब्याज सब्सिडी का दावा करने के लिए नोडल बैंक नामित करेगी। उन्होंने कहा कि नोडल बैंक उच्च शिक्षा विभाग के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित करेगा। उन्होंने कहा कि ऋण लेने वाले विद्यार्थियों को अपनी पसंद के संस्थान में प्रवेश पाने से पहले पोर्टल पर अपना पंजीकरण करना होगा और योजना के तहत अपने आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इसके पश्चात विद्यार्थी को प्रवेश में चयनित होने का प्रमाणन करने से संबंधित दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे। विद्यार्थी के पात्र पाए जाने पर उच्च शिक्षा निदेशक ऋण की पहली किस्त जारी करने के लिए संबंधित बैंक को मामले की सिफारिश करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत पात्र विद्यार्थी हिमाचल प्रदेश में स्थित किसी भी अनुसूचित बैंक से शिक्षा ऋण प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि योजना के तहत विद्यार्थी बोर्डिंग, आवास, ट्यूशन फीस, किताबें और उनकी शिक्षा से जुड़े अन्य संबद्ध खर्चों को पूरा करने के लिए अधिकतम 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण ले सकते हैं। सीएम सुक्खू ने कहा कि पिछली कक्षा में 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले छात्र व्यावसायिक व तकनीकी शिक्षा जैसे इंजीनियरिंग, चिकित्सा, प्रबंधन, पैरा मेडिकल फार्मेसी, नर्सिंग, विधि इत्यादि में डिप्लोमा व डिग्री कोर्स तथा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, बहुतकनीकी संस्थानों से तकनीकी कोर्स तथा मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों और विश्वविद्यालयों से पी.एच.डी. करने के लिए एक प्रतिशत ब्याज की दर से ऋण लेने के लिए पात्र होंगे। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक ऋण की सुविधा का लाभ प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों के पंजीकरण एवं प्रवेश तिथि को आयु सीमा 28 वर्ष निर्धारित की गई है। सुक्खू ने कहा कि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और छात्रों की प्रगति की निगरानी के लिए नियमित अवधि में योजना के परिणामों का मूल्यांकन करने के लिए एक तंत्र विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग शिकायत निवारण अधिकारी नामित करेगा, जिसके पास छात्र ईमेल, डाक या किसी डिजिटल माध्यम से अपनी शिकायतें दर्ज करवा सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीब छात्रों को उनकी क्षमता के अनुरूप जीवन में उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित करेगी।
कहा-राज्य सरकार हर प्रभावित तक मदद पहुंचाना कर रही सुनिश्चित धर्मशाला। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश में इस मानसून में बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है लेकिन राज्य सरकार हर प्रभावित तक मदद पहुंचाना सुनिश्चित कर रही है प्रदेश के संसाधनों पर हिमाचल के लोगों का हक है और आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए इन संसाधनों से हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सोमवार को जलशक्ति मंडल थुरल के अंतर्गत पुड़वा की उठाऊ पेयजल योजना और पेयजल योजना चौकी-जौना-क्यारवां का निरीक्षण किया। इसके उपरांत उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सुलह विधान सभा क्षेत्र में भारी बरसात से प्रभावित ग्राम पंचायत घराना एवम बच्छवाई, परमारनगर का दौरा किया और प्रभावित लोगों से बातचीत भी की। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में लोगों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि सरकार संकट की घड़ी में आम आदमी के साथ है और प्रभावितों का पुनर्वास करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि लोगों की जान बचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और स्थानीय प्रशासन लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। इस अवसर पर पूर्व विधायक जगजीवन पाल, एसडीएम डॉ. अमित गुलेरिया, जलशक्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सुविधाओं को बहाल करने के लिए दिन रात काम कर रही सरकार उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि राज्य में मूलभूत सुविधाओं का ढांचा दोबारा पटरी पर लाने के लिए सरकार दिन-रात कार्य कर रही है। सड़क, बिजली तथा पानी की सुविधा बहाल करने के लिए युद्व स्तर पर काम हो रही है। अधिकारी तथा कर्मचारी अपनी जान की परवाह किए बगैर सुविधाओं की बहाली के लिए जुटे हुए हैं। जल निकासी व्यवस्था पर विशेष ध्यान किया जाएगा केंद्रित डिप्टी सीएम ने कहा कि जल निकासी व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान केन्द्रित किया जाएगा ताकि बारिश के दौरान ज्यादा नुक्सान नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश भूकंप, भू-स्खलन, बाढ़ और बादल फटने जैसी विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं के लिए अति संवेदनशील है और आपदा संबंधित जोखिम को कम करने के लिए ऐसी घटनाओं से प्राप्त डाटा का संकलन और इसकी निरंतर निगरानी पर भी ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहाड़ी ढलानों के कटान, मलबा प्रबंधन और निर्माण से निकलने वाले मलबे के लिए निर्धारित बिन्दुओं की पहचान सुनिश्चित की जाएगी।
कहा-सीमित संसाधनों के बावजूद प्रभावितों को प्रदान की जाएगी हरसंभव मदद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज हमीरपुर जिला के भोरंज विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ तथा भू-स्खलन प्रभावित हिम्मर-दरोबड़ी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बाहनवीं, खुराल पुल, चंदरूही, नगरोटा गाजियां और अन्य गांवों का दौरा किया तथा वहां हुए भारी नुक्सान का जायजा लिया। उन्होंने इन गांवों में चल रहे राहत एवं पुनर्वास तथा मरम्मत कार्यों का निरीक्षण भी किया और प्रभावित लोगों का हाल-चाल पूछा। उन्होंने राहत एवं पुनर्वास तथा मरम्मत कार्यों के संबंध में अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की जान बचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और स्थानीय प्रशासन लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस मॉनसून के मौसम में अत्यधिक नुकसान हुआ है लेकिन राज्य सरकार हर प्रभावित तक मदद पहुंचाना सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश सरकार हिमाचल में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों को घर निर्माण के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगी। कंजयाण हैलिपैड पर पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सीमित संसाधनों के बावजूद सभी प्रभावितों को हरसंभव मदद प्रदान करेगी। नहीं देगी। उन्होंने कहा कि वह स्वयं आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करके नुकसान का जायजा ले रहे हैं और विश्व बैंक तथा नीति आयोग जैसी संस्थाओं ने भी प्रभावित को तुरंत सहायता पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि 18 सितंबर से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में इस आपदा पर व्यापक चर्चा की जाएगी। इस अवसर पर हमीरपुर की संस्था सीनियर सिटीजन काउंसिल के पदाधिकारियों ने 21 लाख रुपये और कॅरियर प्वाइंट यूनिवर्सिटी भोरंज के विद्यार्थियों ने 3 लाख रुपये के चेक आपदा राहत कोष के लिए मुख्यमंत्री को भेंट किए। इस अवसर पर भोरंज के विधायक सुरेश कुमार, हमीरपुर के विधायक आशीष शर्मा, कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, कांगड़ा सहकारी प्राथमिक कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष राम चंद्र पठानिया, हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम के समन्वयक अतुल कड़ोहता, कांग्रेस के पदाधिकारी, उपायुक्त हेमराज बैरवा तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
नेता प्रतिपक्ष बोले- जिस तरह से सड़क खोलने का काम हो रहा है, ऐसे तो महीनों लग जाएंगे नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि आपदा से बंद हुई सड़कों को खोलने में सरकार सरकार फेल हो गई है। लोगों का सब्र जवाब दे रहा है। सरकार से मदद की राह देखते देखते लोग अब ख़ुद ही मोर्चा संभाल रहे हैं और मजबूर होकर ख़ुद से पैसे इक_ा करके सड़कें खोलने का काम कर रहे हैं। एक तरफ आम आदमी आपदा से त्रस्त है तो दूसरी तरफ़ सरकार में ताल-मेल की कमी से। सरकार को सड़कें खोलने का काम युद्ध स्तर पर करना होगा। जिस गति से सरकार काम कर रही है उस हिसाब से सड़कें खोलने में कई महीनें का समय लग जाएगा। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश में इस बार की बारिश में सड़कों को काफ़ी नुक़सान हुआ है लेकिन सवाल यह उठता है कि ऐसे में सरकार कहां हैं। सरकार का काम है सड़कें सही करना। नेता प्रतिपक्ष ने कहा एक दो जगह नहीं सैकड़ों जगह यही हाल है। लोग महीना भर इंतज़ार करने के बाद अब मज़बूर होकर ख़ुद ही सड़कें खोलने में लग गए हैं। हर दिन समाचारों में ऐसी दर्जनों खबरें देखने को मिलती हैं कि स्थानीय लोगों ने चंदा इक_ा कर मशीनें बुलवाई और सड़क खुलवाई। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब आम आदमी को सड़कें सही करवाने के लिए मशीनें मिल जा रही हैं तो सरकार को यह मशीनें क्यों नहीं मिल रही हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने पचास किलोमीटर, सौ किलोमीटर के दायरे में एक मशीन लगाई है। जबकि सड़कें पचासों जगह से ख़राब हुई हैं। इस गति से काम होता रहा तो सड़कों को सही करने में कई महीनें का समय लग जायेगा। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि लोगों के पास समय कम है। सड़कें बंद होने की वजह से किसानों की सब्जियां खेत में सड़ रही हैं। जिसे लोग नदी, नालों और सड़कों पर फेंक रहे हैं। बागवानों के सेब की पैक की हुई पेटियां सड़कें बंद होने की वजह से मंडियो तक नहीं पहुंच रही हैं। जो लंबी दूरी तक सेब को लोगों द्वारा ढुलवा रहे हैं, उनकी लागत कई गुना बढ़ जा रही है। सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें करने से नहीं होता काम नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें करने से काम नहीं होता, लोगों को सुविधाएं भी देनी पड़ती हैं। सरकार के मंत्री सिफ़र् बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। उन्हें योजना बनाकर काम करना चाहिए था। सड़कों को खोलने के लिए प्लानिंग करनी थी। एपल और सब्ज़ियों वाले बेल्ट में सड़कों को खोलने के काम को प्रमुखता से करना था। जिससे आपदा प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की फसलों को बाज़ार तक पहुंचा सके। किसानों और बाग़वानों की फसलें बाज़ार तक पहुंच जाती उन्हें अच्छा दाम मिल जाता तो इस आपदा में उन्हें बहुत राहत मिलती। उन्होंने कहा कि सरकार सड़कें खोलने के काम में तेज़ी लाए। प्रदेश में मशीनों की कमी नहीं हैं। जब आम आदमी चंदा इक_ा करके मशीन से सड़कें खुलवा ले रहे हैं तो सरकार उन मशीनों का इस्तेमाल सड़कें खोलने में क्यों नहीं कर रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह असामान्य परिस्थिति है तो सामान्य तरीके से काम करने से समस्या हल नहीं होगी। इसलिए सरकार में बैठे लोग बड़ी-बड़ी बातें करने की बजाय आपदा राहत के काम में तेजी लाए।
विधायक ने किया शिलान्यास, कहा-शाहपुर के प्रत्येक गांव को चरणबद्व तरीके से मिलेगी सड़क सुविधा शाहपुर विस क्षेत्र के प्रत्येक गांव को चरणबद्व तरीके से सड़क के साथ जोड़ा जाएगा, ताकि लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधाएं मिल सकें। यह जानकारी विधायक केवल सिंह पठानिया ने आज एक करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले वरदाई से महाविद्यालय शाहपुर संपर्क मार्ग का शिलान्यास किया। इस संपर्क मार्ग के निर्मित होने से मंझगरा, भनियार क्यारी शाहपुर पंचायत के हजारों लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी। विधायक केवल सिंह पठानिया ने इस मार्ग के निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत करने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू एव लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सड़कें किसी भी क्षेत्र की भाग्य रेखाएं कहलाती हैं, सड़कों के निर्माण से विकास को गति मिलती है वहीं पर किसानों को भी अपने उत्पाद मार्केट तक पहुंचाने में आसानी होती है। विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि शाहपुर विस क्षेत्र में सड़कों के रखरखाव तथा मरम्मत के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए गए हैं। विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि इस बार भारी बारिश के कारण संपर्क मार्गों को भी काफी नुक्सान पहुंचा लेकिन सरकार ने युद्ध स्तर पर कार्य करते हुए सभी संपर्क मार्गों की बहाली के कारगर कदम उठाए हैं इसके साथ ही यातायात को भी नियमित तौर पर बहाल किया गया है। विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि राहत, पुनर्वास तथा विकास का ध्येय लेकर सरकार आगे बढ़ रही है तथा दिनरात आपदा प्रभावितों को राहत के साथ साथ पुनर्वास के लिए उचित कदम उठा रही हैं वहीं विकास को गति प्रदान की जा रही है ताकि आम जनमानस को बेहतर सुविधाएं प्रदान की जा सकें। इस मौके पर उप मंडलाधिकारी करतार चंद, नीना ठाकुर जिला परिषद सदस्य, अश्वनी चौधरी, बलि राम, मीनाक्षी देवी, अजय बबली प्रधान, दुष्यंत कायस्था, करवार चंद, बालकृष्ण, अमित डोगरा, सुभाष चंद सहित कई लोग मौजूद रहे।
राजस्व, बागवानी तथा जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार आज जिला सोलन के आपदा प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया तथा आपदा प्रभावित क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को सुना। राजस्व मंत्री ने आश्वासन दिया कि अतिवृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई के लिए यथासंभव प्रयास किए जाएंगे। जगत सिंह नेगी ने सोलन विधानसभा क्षेत्र के विकास खंड कंडाघाट की ग्राम पंचायत देलगी के गांव खैरी में राकेश, जय चंद और हरदेव के क्षतिग्रस्त मकान का जायज़ा लिया। राजस्व मंत्री तदोपरांत कसौली विधानसभा क्षेत्र के विकास खंड सोलन की ग्राम पंचायत शडियाणा के गांव थड़ी में भूस्खलन से हुए नुकसान तथा राजकीय प्राथमिक पाठशाला शडियाणा के क्षतिग्रस्त भवन का निरीक्षण भी किया। इसके उपरांत उन्होंने आपदा प्रभावितों के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सुबाथू में बनाए गए राहत शिविर में रह रहे प्रभावितों से भेंट की तथा यथासम्भव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। उन्होंने सुबाथू-धर्मपुर मार्ग छावनी क्षेत्र में टूटे हिस्से का निरीक्षण किया और सेना के अधिकारियों के साथ मार्ग को शीघ्र बहाल करने के बारे विस्तारपूर्वक चर्चा की। जगत सिंह नेगी ने तत्पशात दून विधानसभा क्षेत्र के धर्मपुर विकास खण्ड की ग्राम पंचायत जाडला के गांव खाल्टू में भारी वर्षा के कारण आए भूस्खलन का निरीक्षण किया। राजस्व मंत्री दून विधानसभा क्षेत्र के धर्मपुर विकास खण्ड की ग्राम पंचायत कृष्णगढ़-कुठाड़ तथा ग्राम पंचायत दाड़वां के बनलगी में प्रभावित लोगों से मिले और उन्हें यथा सम्भव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को भारी वर्षा के कारण हुए नुकसान के पीड़ितों के मामलो पर रिपोर्ट तैयार करने के दिशा-निर्देश दिए। मुख्य संसदीय सचिव (उद्योग, राजस्व तथा नगर नियोजन) राम कुमार ने कहा कि आपदा के मध्य प्रभावितों का पुनर्वास और विभिन्न कार्यों को गति प्रदान करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। इस अवसर पर ग्राम पंचायत देलगी की प्रधान प्रोमिला शर्मा, ग्राम पंचायत कृष्णगढ़ के प्रधान कैलाश शर्मा, ग्राम पंचायत दाड़वां के प्रधान रमेश ठाकुर, ज़िला कांग्रेस के अध्यक्ष शिव कुमार, खंड कांग्रेस समिति के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, खंड कांग्रेस समिति दून के अध्यक्ष कुलतार सिंह, प्रदेश खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के निदेशक जतिन साहनी, नगर निगम सोलन के मनोनीत पार्षद रजत थापा, कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी, उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक सोलन गौरव सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त अजय यादव, उपमण्डलाधिकारी सोलन कविता ठाकुर, तहसीलदार सोलन मुल्तान सिंह बनियाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा ग्रामीण उपस्थित थे।
इच्छुक बेरोजगार पीएनबी ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण सस्ंथान में करें संपर्क पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण सस्ंथान धर्मशाला द्वारा बेरोजगार युवक एवं युवतियों को स्वरोजगार की ओर अग्रसर करने के लिए औषधीय एवं सुगंधित पौधो की खेती का निशुल्क 10 दिवसीय का प्रशिक्षण शिविर आयोजित करेगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने के इच्छुक बेरोजगार ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान धर्मशाला के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। जानकारी देते हुए ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान की निदेशक गरिमा ने बताया कि 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर मे ग्रामीण क्षेत्र की युवक एवं युवतियां भाग ले सकती हैं। यह संस्थान 18 से 45 वर्ष की उम्र के बीच के युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान करता है। जिसमें प्रशिक्षुओं के रहने, खाने तथा युनिफॉर्म आदि संस्थान के द्वारा ही प्रदान की जाती है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के इच्छुक युवक एवं युवतियां नजदीक सरकारी कॉलेज ओडिटोरियम सिविल लाइन धर्मशाला, पीएनबी ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान कांगड़ा मे संपर्क कर सकते हंै। अधिक जानकारी के लिए संस्थान के निदेशक गरिमा से उनके दुरभाष नंबर 94188 83050 एवं आफिस नंबर 94599 00660 पर संपर्क कर सकते है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद प्रशिक्षुओं को प्रमाण प्रदान किए जाएंगे। जिसके माध्यम से प्रशिक्षणार्थी स्वयं रोजगार स्थापित करने के लिए हमारे माध्यम से जिला कांगडा के किसी भी बैंक से ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक सचिवों के साथ मंडे मीटिंग में विकास परियोजनाओं की समीक्षा की मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश सरकार की विकास परियोजनाओं और प्रमुख योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए आज यहां आयोजित सभी प्रशासनिक सचिवों की मंडे मीटिंग की अध्यक्षता की। उन्होंने सभी प्रशासनिक सचिवों को लंबित परियोजनाओं के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने डिजिटल कार्य पद्धति के महत्व पर बल देते हुए अधिकारियों से कार्य निष्पादन में तेजी लाने के दृष्टिगत ई-फाइल प्रणाली का उपयोग करने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हाल ही में आई आपदा के दृष्टिगत सरकार प्रभावित परिवारों को त्वरित राहत प्रदान करने के दृष्टिगत उनके लिए ऋण पुन:संरचना के विकल्प पर विचार कर रही है। उन्होंने इस संबंध में एक व्यापक कार्य योजना की आवश्यकता पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में हाल ही में 3671 अनाथ बच्चों का नामांकन हुआ है और इन सभी को इस योजना के दायरे में शामिल किया जायेगा। सुक्खू ने विभिन्न विभागों के विश्राम गृहों की दरों में समानता लाने के निर्देश दिए और कहा कि विश्राम गृहों की बुकिंग भी ऑनलाइन की जाएगी ताकि इसमें भी पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने राज्य में वन क्षेत्र बढ़ाने के लिए वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों को बचाए रखने के लिए एक उन्नत प्रणाली विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान केन्द्रित करना समय की मांग है और वन विभाग को इस दिशा में तत्परता से कार्य करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सड़कों के सुधार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और प्रदेशवासियों को स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करने के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पेयजल परियोजनाओं में यूवी-तकनीक-आधारित फिल्टर प्रणाली के कार्यान्वयन का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में चरणबद्ध तरीके से रोबोटिक सर्जरी शुरू की जा रही है और स्वास्थ्य विभाग को इस पर समयबद्ध कार्य करना चाहिए। उन्होंने प्रस्तावित पर्यटन परियोजनाओं की भी समीक्षा की और उन्हें शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग अतिरिक्त सेब से सिरका और वाइन उत्पादन के लिए एक संयंत्र की स्थापना पर विचार करें। इसके अतिरिक्त टमाटर प्यूरी, पपीता पाउडर और आलू का पेस्ट जैसे उत्पाद तैयार करने की संभावनाएं भी तलाशी जाएं ताकि किसानों को इसका भरपूर लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित मेडिकल डिवाइस पार्क और बल्क ड्रग पार्क सहित आगामी परियोजनाओं की भी समीक्षा की। इसके अतिरिक्त उन्होंने गत 'मंडे मीटिंगÓ में जारी दिशा-निर्देशों पर की गई कार्रवाई पर भी चर्चा की। बैठक में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा सहित अन्य प्रशासनिक सचिव उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुडापेस्ट हंगरी में आयोजित विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने पर नीरज चोपड़ा को बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह देश के लिए गौरव का क्षण है कि देश के युवा खिलाड़ी ने विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल किया है। उन्होंने कहा कि नीरज चोपड़ा ने इस प्रतिष्ठित चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल कर पहले भारतीय एथलीट बनकर एक इतिहास रचा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नीरज चोपड़ा की यह अभूतपूर्व उपलब्धि युवाओं को अपने कौशल और जुनून से अपने-अपने खेलों में देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित करेगी।
विकास खंड लंबागांव के अंतर्गत अधिकतर लोगों ने घर के बाहर लिखी बीपीएल पट्टिका मिटा दी है ताकि बीपीएल परिवार की पहचान न हो सके। लंबागांव ब्लॉक में बहुत सी ऐसी पंचायतें हैं, जिसमें आपात्र लोगों का बीपीएल में चयन हुआ है और गरीब परिवारों का बाहर कर दिया गया। बीपीएल की घरों के बाहर पीली पट्टिका न होने से इस श्रेणी में आने वाले लोगों की पहचान सही नहीं हो पाती है। इस बारे में विकास खंड अधिकारी लंबागांव सिकंदर ने कहा कि जिन लोगों के घर में बीपीएल की पट्टिका नहीं है वह अपने घरों में पीली पट्टिका जल्द लगाएं।
हर वर्ष की भांति इस बार भी जयसिंहपुर से कुंज्जेश्वर महादेव मणिमहेश सेवा दल आज मणिमहेश में 5 लंगर सेवा के लिए रवाना हुआ। यह लंगर सेवा छञ्चों मणिमहेश स्थान पर लगाया जाएगा। यह लंगर सेवा 2 सितंबर से लेकर 22 सितंबर तक चलाई जाएगी। जयसिंहपुर से रवाना होने से पहले कन्या पूजन व कुंज्जेश्वर महादेव मंदिर लंबागांव में पूजा-अर्चना और महादेव के जयकारों के साथ मणिमहेश के लिए पहला जत्था रवाना हुआ। इस अवसर पर जयसिंहपुर के जिला पार्षद व कुंज्जेश्वर महादेव सेवा दल के सदस्य संजीव ठाकुर, अजय पठानिया, नरेंद्र, अविषेक वर्मा के साथ अन्य सेवा दल के सदस्य भी उपस्थित रहे।
भाजपा प्रवक्ता बलवीर वर्मा और संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस के कुछ मंत्री अपने आप को अग्रिम रखने के लिए आए दिन बयानबाजी कर रहे हैं, यह बयानबाजी केवल मात्र इसलिए हो रही है कि वह हिमाचल के मुख्यमंत्री के बराबर छाप सके और दिख सके। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में सर्वाधिक दिक्कत सड़कों के मामले में हैं, सड़के खुल नहीं रही हैं और प्रदेश का किसान बागवान परेशान हंै। भाजपा का यह कहना है कि कांग्रेस पार्टी के मंत्री सड़क खोलने पर ध्यान दें, प्रदेश में राम राज्य तभी आएगा जब सड़कें खुलेंगी। भाजपा प्रवक्ताओं ने कहा कि अपने विभाग तो कांग्रेस के मंत्री संभाल नहीं पा रहे हैं, सड़कें खुल नहीं रही हैं, इससे प्रदेश की जनता परेशान है और कांग्रेस नेता राम राज्य की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राम राज्य की बात तो उनको छोड़ देनी चाहिए, पहले जो सड़कें हिमाचल प्रदेश को मिली हंै उनको खोलने पर पूर्ण ध्यान देना चाहिए। केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को सड़कों की दृष्टि से हजारों करोड़ों रुपये दिए हैं, उसका इस्तेमाल कांग्रेस की वर्तमान सरकार को सड़कों को खोलने और उनकी रखरखाव के लिए करना चाहिए।
हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर के घुमारवीं जनपद स्थित गुणात्मक शिक्षा व कोचिंग के लिए जाने-माने शिक्षण संस्थान मिनर्वा से इस साल भी कई विद्यार्थियों का चयन बहुप्रतिष्ठित राजकीय/राष्ट्रीय संस्थानों में हुआ है। इस कड़ी को आगे बढ़ाते हुए संस्थान के 46 विद्यार्थियों का चयन हिमाचल के विभिन्न मेडिकल संस्थानों में हुआ है। इन सभी अभ्यार्थियों ने इस साल की नीट परीक्षा को उत्तीर्ण कर यह मुकाम हासिल किया है। मिनर्वा संस्थान से शिक्षा व कोचिंग लेकर संस्थान के छात्रा प्रथम, आर्यांश, अक्षित, शिवेन, अकुल व मधु आईजीएमसी शिमला और क्षितिज, उपासना, शगुन, मानसी, प्रियांशु, नमन व इशिता आरपीजीएमसी टांडा कांगड़ा और प्रथित, कनिष्का, ओमिका व ईशा एसएलबीएसजीएमसी नेरचौक मंडी और गरिमा, श्रुती, शिवांगी, इशांत, अर्पूवा, आंचल, आयुष व आदित्या वाईएसपीजीएमसी नाहन सिरमौर और रिद्यी, सौम्य, सुचिता, निवेदिता, सांभवी, दिया, नितिन, कृतिका, निहारिका, ईशान, शौर्य व सुजल आरकेजीएमसी हमीरपुर और आर्या, अलिशा, पियुष, अपुर्वा, श्रेया, अर्पित, विंकल व शंसश्रुत्या जेएलएनजीएमसी चंबा और रान्या एमएमयू सोलन से अपनी-अपनी एमबीबीएस की पढ़ाई कर डॉक्टर बन देश सेवा करेंगे। मिनर्वा के इन होनहारों से जहां संस्थान में खुशी की लहर है, वहीं दूसरी और इन सबके माता-पिता व अभिभावक भी गदगद हैं। इस मौके पर मिनर्वा संस्थान के संस्थापक व संयोजक परवेश चंदेल व राकेश चंदेल ने इन सभी बच्चों और इनके माता-पिता को बधाई दी। उन्होंने संस्थान के सभी विद्यार्थियों का आह्नान किया कि आप सब इन होनहारों से प्रेरणा लेकर आने वाले समय में अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसी ही उपलब्धियां हासिल कर अपना व अपने माता-पिता और संस्थान, जिला व प्रदेश का नाम रोशन कर देश सेवा करें।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज राजभवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को प्रदेश में भारी बारिश, बाढ़, बादल फटने और भू-स्खलन के कारण हुई जान-माल की क्षति से अवगत करवाया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे राहत कार्यों और प्रभावितों के पुनर्वास के लिए किए गए कार्यों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है और सड़क एवं परिवहन व्यवस्था को सुचारू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को 18 से 25 सितंबर तक शिमला में हिमाचल प्रदेश विधानसभा के आगामी मानसून सत्र के बारे में भी जानकारी दी। राज्यपाल ने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा में पूरा प्रदेश प्रभावित परिवारों के साथ है। उन्होंने संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों की सराहना करते हुए कहा कि बचाव एवं राहत कार्य युद्ध स्तर पर चलाए गए, जिससे लोगों को काफी राहत मिली है।
हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा की तहसील इंदौरा निवासी विजय कुमार को 5 सितंबर राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर राष्ट्रीय शिक्षक अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश के अकेले विजय कुमार ही इस अवार्ड को हासिल करेंगे। कोविड काल के दौरान विजय कुमार ने बेहतर तरीके से अपने और क्षेत्र के बच्चों को शिक्षा दी। उन्होंने ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से बच्चों को पढ़ाया। विजय कुमार ने बताया कि सभी बच्चे ऑनलाइन क्लास से जुड़ नहीं पाते थे, कुछ बच्चों के पास मोबाइल नहीं थे व कई बार नेटवर्क की समस्या रहती थी। इस दौरान बच्चों के घरों में जाकर पढ़ते थे। वहीं उन्होंने सकोल मैथ के नाम से अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया है, इसमें क्लास 11वीं और 12वीं के बच्चों के लिए गणित सिलेबस के वीडियो अपलोड किए जाते हैं। इसके अलावा विजय कुमार फुलब्राइट पुरस्कार से भी चयनित हो चुके हैं, यह शिक्षण कार्यक्रम संयुक्त राज्य अमेरिका सरकार के शैक्षणिक और संस्कृत में मामलों के ब्यूरो की ओर से प्रायोजित किया गया था, इसमें देश भर से सात प्रतिभावान शिक्षकों का चयन किया गया गया था। विजय कुमार को यह पुरस्कार पाठ्यक्रम एवं गणित विषय शिक्षण प्रक्रिया को रुचिकर एवं प्रभावी बनाने के लिए नवीन सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग कर गणित विषय के प्रति विद्यार्थी के रुचि उत्पन्न करने पर प्रदान किया गया था। विजय कुमार ने बताया कि वह नई प्रौद्योगिकी सीखने के लिए बहुत उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि वह ऑनलाइन शिक्षक प्रबंधन प्रणाली को और प्रभावशाली बनाने की दिशा में काम करेंगे। विजय कुमार ने बताया कि उनके द्वारा रामानुजन मैथमेटिक्स पार्क जो कि हिमाचल का पहला मैथमेटिकल पार्क बनाया गया है। इसके अलावा 2 स्मार्ट मैथमेटिक्स क्लासरूम बनाए गए हैं, जिसमें की काफी लोगों का योगदान रहा हैं, मैथमेटिक्स पार्क और क्लासरूम बनाने के लिए कई लोगों का भी काफी योगदान रहा है, पार्क व क्लशरुम बनाने के लिए 4 लाख का खर्चा आया है। इसके इलावा मैथमेटिकल लैंब भी उनके द्वारा बनाई गई है जिसका इनोग्रेशन डीसी कांगड़ा निपुण जिंदल द्वारा किया गया है। इस लैब को स्कूलों व गांव में जाकर बच्चों की मदद करते हैं।
उद्योग मंत्री ने रोनहाट में सुनी लोगों की समस्याएं उद्योग, संसदीय मामले एवं आयुष मंत्री हर्षवर्धन चैहान ने अपने शिलाई विधानसभा प्रवास के तीसरे दिन रविवार को लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह रोनहाट में इस क्षेत्र के लोगों की समस्यायें सुनी। इस मौके पर भारी बारिश व भूस्खलन और बाढ़ से प्रभावित लोगों ने उद्योग मंत्री से मिल कर उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत करवाया। उद्योग मंत्री ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति में अधिकतर मामलों का मौके पर ही निराकरण किया और शेष समस्याओं को तुरंत निपटारे के लिए संबंधित विभागों को सौंप दिया। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चैहान ने भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन और बाढ़ प्रभावित लोगों से मिल कर प्रभावित परिवारों को सरकार और प्रशासन द्वारा प्रदान किये जा रहे मुआवजे एवं राहत सम्बन्धी जानकारी भी हासिल की। उन्होंने प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पीड़ित एवं प्रभावित लोगों को प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित राहत मैन्युअल के अनुसार मुआवजा देना सुनिश्चित बनायें। उन्होंने कहा कि मुआवजा प्रदान करने के कार्य में किसी भी प्रकार की देरी न करें और नुकसान होने की सूचना मिलते ही तुरंत प्रभावित को मुआवजा प्रदान करने की प्रक्रिया आरम्भ की जाये। उद्योग मंत्री ने इस दौरान रोनहाट क्षेत्र के ढाहर, जरबा जुनाली, पनोग, अजरोली, लानी बोराड़, कोटी बौंच, नया पंजोड़, हलाह, लोजा मानल, नैनीधार, जखांडो, धारवा, रास्त, शखोली और द्रबिल पंचायतों से आये लोगों की जन समस्यायें सुनी और अधिकारियों को इनके शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए। इस मौके पर गुरु कृपा नव युवक मंडल लोजा ने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए उद्योग मंत्री को 11 हजार रुपए का चेक भेंट किया।इससे पूर्व उद्योग मंत्री ने हाल ही में लानी बोराड़ के पास हुई एक सड़क दुघर्टना में लानी बोराड़ के डां रमेश भारद्वाज व जय राम और किणु गांव की साक्षी तथा कुछ दिन पहले बोराड गांव के ही रामलाल के बेटे क्यांश भारद्वाज के निधन पर उनके घर जाकर परिवारजनों से मिल कर शोक व्यक्त किया तथा शोक संतप्त परिवारजनों को सांत्वना दी और परिवारजनों को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर एसडीएम शिलाई सुरेश सिंघा, कांग्रेस ब्लॉक समिति अध्यक्ष सीता राम, अधिशासी अभियंता जल शक्ति विभाग राजेश कुमार, बीडियो अजय सूद सहित विभिन्न पंचायतों के चुने हुए प्रतिनिधि व विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
संस्कृत विश्वविद्यालय वेदव्यास परिसर बलाहर में सोत्साह संस्कृत सप्ताह का शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता परिसर निदेशक प्रो. मदन मोहन पाठक ने की। कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में पुलिस विभाग से पधारे मनजीत मनकोटिया उपस्थित रहे। विशिष्टातिथि के रूप में अपनी गरिमामयी उपस्थिति से नानक चन्द शर्मा ने सभा को अलंकृत किया। इसी अवसर पर सारस्वतातिथि के रूप में डॉ. विपिन कुमार झा उपस्थित रहे। इस अवसर पर परिसर निदेशक प्रो. पाठक ने कहा कि संस्कृत सप्ताह सात दिनों तक आयोजित होने वाला महोत्सव है। संस्कृत को घर घर पहुंचाने के उद्देश्य से इस तरह के कार्यक्रम आयोजित होते हैं। यह कार्यक्रम कवि पंकज के संयोजन में सम्पन्न होगा। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि छात्रों के सर्वांगीण विकास की दृष्टि से सात दिनों में लगभग 15 प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। साथ ही अन्तिम दिन छात्रों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। इस अवसर पर डॉ. मञ्जुनाथ एसजि, डॉ. सुरेश पांडेय, डॉ. श्याम बाबू, डॉ. मुकेश शर्मा, डॉ. भूपेंद्र ओझा, डॉ. श्रीनाथधर द्विवेदी, डॉ. मनोजश्रीमाल, डॉ. महीपाल सिंह, डॉ. सत्यदेव, डॉ. प्रतिज्ञा आर्या, डॉ. सन्तोष गोडरा, डॉ. शैलेश कुमार तिवारी, डॉ. नवीन तिवारी, डॉ. पुरुषोत्तम, डॉ. शक्तिशरणशर्मा, डॉ. योगेश पाण्डेय, डॉ. सत्यनारायण सहित समस्त आचार्य एवं छात्र उपस्थित रहे।
अशोक धीमान व महेंद्र छिब्बर ऊना भाजपा के महामंत्री किए नियुक्त ऊना भाजपा मंडल की पदाधिकारी और कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए ऊना मंडल के अध्यक्ष हरपाल सिंह गिल ने बताया कि विधायक ऊना सदर, सतपाल सिंह सत्ती व मंडल के शीर्ष नेतृत्व की सहमति से 13 पदाधिकारीयों को मनोनीत कर कार्यकारिणी का गठन किया गया है व मंडल कार्यकारिणी में 45 नए सदस्यों को शामिल किया है। हरपाल गिल ने बताया कि अशोक धीमान (लोअर अरनियाला) एवं महेंद्र छिब्बर (जखेड़ा) को मंडल महामंत्री का दायित्व सौंपा गया है। इसी प्रकार उपाध्यक्ष के पद पर पवन कपिला (वार्ड 2, ऊना), रविंद्र चौधरी (नगंड़ा), रमेश मल्ली (सासन), मोना मनकोटिया ( रक्कड़ कलोनी) और सचिव पद के लिए सोमनाथ ठाकुर (मैहतपुर बसदेहड़ा) अश्वनी कपिला (अजौली), प्रमेश शर्मा (संतोषगढ़), सुखराज कौर (बीनेवाल), प्रवीण कुमारी (बहडाला) साथ ही कोषाध्यक्ष पद पर अमरैल सिंह पूर्व प्रधान (देहलां अप्पर) व शिव कुमार वत्स (देहलां लोअर) को कार्यालय सचिव बनाया गया है। हरपाल गिल ने बताया कि अगले कुछ दिनों में विशेष आमंत्रित सदस्य की सूची को भी जल्द जारी किया जाएगा। हरपाल गिल ने बताया कि मंडल कार्यकारिणी सदस्य के रूप में लालसिंगी से हरवंस लाल सैनी, मलाहत से रवि जैलदार, बसोली से जोगिंदर बिंद्रा, रक्कड़ कॉलोनी से आकाश राणा, टब्बा से गुलशन ठाकुर, रामपुर से नरेंद्र कुमार ठाकुर, कुठार खुर्द से चमन लाल उपप्रधान, कुठार कलां से नरेश चौधरी, अबादा बराना सवरनी देवी प्रधान, जनकौर से शमशेर सिंह शेरा, सुनेहरा से संजना देवी प्रधान, बारसड़ा से चंचला देवी, बहडाला से ब्लॉक समिति सदस्य राधिका, सुरेश कुमार दाणू पूर्व उपप्रधान व अविनाश वामो उपप्रधान, भड़ोलियां कलां से वरिंदर कुमार शैंटी, देहलां लोअर से विनीत मैनन व पूर्व जिला परिषद सदस्य अनुराधा ऐरी, झोड़ोवाल से संजीव कुमार, नंगड़ा से कमला देवी पूर्व प्रधान, फतेहपुर से निधि राणा व नवदीप ठाकुर, ऊना वार्ड नंबर 1 से सीमा दत्ता, संतोषगढ़ से बलराम चब्बा, लम्लेहडा से राजेश कुमार बिंदु, मैहतपुर बसदेहड़ा वार्ड नंबर 4 से रितिका भारद्वाज, वार्ड 5 से बिंदर कौर, वार्ड नंबर 7 से अमरीक सिंह अटवाल व वार्ड 9 से अविनाश ठाकुर उर्फ बिल्लू उदयपुर से मास्टर बीरबल, खानपुर से सतीश चौधरी, चढ़तगढ़ से मुनीष भारद्वाज, छतरपुर टाडा से महेंद्र मोहन उर्फ मनु व राज कुमार, मैहतपुर से विशाल द्विवेदी व रामपाल, जखेडा से राजन शर्मा, बनगढ़ से हरजीव उर्फ मिंकु, श्री राकेश शर्मा व संजीव फौजी, फतेहवाल से कुलदीप चंद सनोली से दिलवाग सिंह व राजेश कौशल, मजारा से हरजाप सिंह व छतरपुर टाडा से रीता देवी को मंडल कार्यकारिणी में सदस्य मनोनीत किया गया है। इसके अतिरिक्त मंडल में सभी भाजपा समर्थित पंचायतों के प्रधान, उप प्रधान ब्लॉक समिति व जिला परिषद सदस्य एवं तीनों नगर परिषदों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व पार्षद सदस्य होंगे। उन्होंने बताया कि जल्द ही मंडल पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी की बैठक का आयोजन कर आगामी संगठन के कार्य को गति देने के लिए आयोजित की जाएगी। हरपाल गिल ने बताया कि उपरोक्त सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू रहेंगी।
हरिपुर के धंगड़ में भारी बारिश से हुए नुकसान का जायजा लिया उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि आपदा प्रभावितों के पुनर्वास के लिए सरकार कारगर कदम उठाएगी इस के लिए तत्परता के साथ कार्य किया जा रहा है। रविवार को हरिपुर में आपदा प्रभावित धंगड़ पंचायत में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने नुकसान का जायजा लिया तथा प्रभावित परिवारों के साथ बातचीत करते हुए कहा कि राज्य सरकार जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को क्षतिग्रस्त योजनाओं एवं अन्य अधोसंरचना की मरम्मत में तेजी लाने और प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मरम्मत एवं रखरखाव कार्यों तथा प्रभावितों को राहत पहुंचाने के लिए धन की कोई कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। आठ हजार करोड़ का हुआ है नुकसान उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में भारी बारिश के चलते आठ हजार करोड़ का नुक्सान एवं 300 से अधिक लोग इस मानसून का शिकार होकर जान गंवा चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार युद्व स्तर पर राहत एवं पुनर्वास कार्यक्रम चला रही है और अपने स्रोतों से जो भी राज्यवासियों की सुरक्षा के लिए किया जा सकता है, वो किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में आपदा की इस घड़ी में प्रभावितों के पुनर्वास पर विशेष फोक्स किया जा रहा है। आपदा से बचाव के लिए बनेगी स्थायी वैज्ञानिक योजना बाढ़ सुरक्षा, भूस्खलन, भूकंप और अन्य संवेदनशील स्थितियों के लिए एक स्थायी वैज्ञानिक योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में पुलिस बल को आगे आकर कार्यवाही करनी होती है, ऐसे में इन बलों को त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए भी प्रशिक्षित करने पर बल दिया जाएगा। सभी शहरी स्थानीय निकायों द्वारा आदर्श भवन नियम अपनाने तथा इनके सख्ती से कार्यान्वयन पर भी बल दिया जाएगा। प्रभावितों से मिलने के लिए पांच किमी पैदल पहुंचे डिप्टी सीएम भारी बरसात से हरिपुर की धंगड़ पंचायत में भूस्खलन से दो दर्जन के करीब परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, प्रशासन ने सात परिवारों को धंगड़ में राहत शिविर में ठहराया गया है जबकि अन्य अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं। रविवार को आपदा प्रभावितों से मिलने डिप्ट सीएम मुकेश अग्निहोत्री पांच किलोमीटर का पैदल सफर तय कर धंगड़ पहुंचे तथा आपदा प्रभावितों को प्रशासन को हरसंभव मदद देने के निर्देश भी दिए गए तथा उनके पुनर्वास के लिए त्वरित कार्य योजना तैयार करने के लिए कहा गया। इस अवसर पर विधायक होशियार सिंह, पूर्व में प्रत्याशी रहे डॉ. राजेश शर्मा, एसडीएम शिल्पी बेक्टा सहित विभिन्न विभागों के लोग उपस्थित थे।
व्यवस्था परिवर्तन की भावना से कार्य कर रही प्रदेश सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 31 अक्तूबर 2023 तक विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों के दौरान शॉल, टोपी और पुष्पगुच्छ इत्यादि के माध्यम से गणमान्य व्यक्तियों को सम्मानित करने की रस्म पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के कारण उत्पन्न स्थिति के दृष्टिगत यह निर्णय लिया गया है। इस निर्देशानुसार 31 अक्तूबर, 2023 तक सरकारी कार्यक्रमों में कोई औपचारिक सम्मान समारोह आयोजित नहीं किया जाएगा। इससे पहले प्रदेश सरकार द्वारा 15 सितम्बर, 2023 तक क्षेत्र के दौरे के दौरान अति विशिष्ट व्यक्तियों को पारम्परिक रूप से दिए जाने वाले गार्ड ऑफ ऑनर को भी निलंबित किया गया है। यह निर्णय व्यवस्था में सार्थक एवं सकारात्मक परिवर्तन लाने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का यह निर्णय प्राकृतिक आपदा के प्रबन्धन के लिए संसाधनों के समुचित उपयोग तथा प्रशासन में औपचारिकता के बजाय संवेदनशील व प्रभावी कार्य संस्कृति के समावेश को भी रेखांकित करता है।
युवाओं को सही मार्ग दिखाने में पूर्व सैनिकों को निभानी होगी महत्वपूर्ण भूमिका मुख्य ससंदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग) संजय अवस्थी ने कहा कि भारतीय सेना को पूरे विश्व में अपनी बहादुरी, समर्पण तथा दृढ़ संकल्प के लिए जाना जाता है। संजय अवस्थी आज सोलन ज़िला के अर्की विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत बातल के सैनिक सामुदायिक भवन में पूर्व सैनिक लीग के 8वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह को मुख्यतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे। संजय अवस्थी ने इस अवसर पर शूरवीरों को नमन करते हुए कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए समर्पित भारत के वीरों पर देश को गर्व है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अपने सैनिकों की आन-बान और शान को कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हंै। उन्होंने इस अवसर पर वीर नारियों को नमन करते हुए कहा कि उनके सहयोग एवं समर्पण से ही सैनिक अपने कार्य का निर्वहन उचित प्रकार से कर पाते हैं। मुख्य संसदीय सचिव ने कहा कि वीर भूमि हिमाचल प्रदेश में शौर्य, साहस एवं त्याग की समृद्ध परंपरा रही है। हिमाचल प्रदेश के रणबांकुरों ने साहस और बलिदान की परम्परा को सदैव कायम रखा है। उन्होंने कहा कि अर्की विधानसभा क्षेत्र के बातल में शहीद स्मारक निर्मित किया जाएगा। उन्होंने उपमंडलाधिकारी अर्की को शहीद स्मारक निर्माण के लिए भूमि चयनित करने के आदेश दिए। संजय अवस्थी ने कहा कि पूर्व एवं सेवारत सैनिक देश एवं प्रदेशवासियों के लिए ऊर्जा का अनंत स्त्रोत हैं। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति को दिशा प्रदान करने में पूर्व सैनिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने पूर्व सैनिकों से आग्रह किया कि युवाओं को भारतीय सेना की गौरवशाली परम्परा से जुड़ने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने आह्वान किया कि सैनिक लीग के इस भवन में एक पुस्तकालय विकसित किया जाए, जहां युवा भारतीय सेना में सम्मिलित होने के लिए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर सकें। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने में भी पूर्व सैनिकों को अपना योगदान देना होगा। मुख्य संसदीय सचिव ने कहा कि इस वर्ष हिमाचल वृह्द स्तर पर आपदा का सामना कर रहा है। वर्तमान में सरकार का उद्देश्य प्रभावितों का समुचित पुनर्वास एवं राहत सुनिश्चित बनाना है। उन्होंने कहा कि विकास एक निरंतर प्रक्रिया है और यह प्रयास किया जा रहा है कि राज्य का विकास उचित दिशा में आगे बढ़े। संजय अवस्थी ने कहा कि अर्की विधानसभा क्षेत्र का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित बनाया जा रहा है। नागरिक अस्पताल अर्की में 7 विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति कर दी गई है। उन्होंने कहा कि नागरिक अस्पताल अर्की में 54 लाख रुपये की लागत से शीघ्र ही अत्याधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित की जाएगी। उन्होंने कहा कि राजकीय डिग्री कॉलेज अर्की में एम.ए इतिहास और अंग्रेजी की कक्षाएं भी आरंभ होंगी। उन्होंने कहा कि अर्की विधानसभा क्षेत्र सहित जन-जन की आस्था के केंद्र बाड़ीधार को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने का कार्य प्रगति पर है। इस धार्मिक स्थल को रज्जू मार्ग से जोड़ने के लिए 200 करोड़ रुपए की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि बाड़ीधार में पर्यटन परियोजना के लिए 103 बीघा भूमि चिन्हित की गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वर्तमान सरकार वायदों को धरातल पर लागू कर रही है। प्रदेश के एनपीएस कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना में समाहित कर लिया गया है और कर्मियों को पुरानी पेंशन मिलनी भी आरम्भ हो गई है। उन्होंने पूर्व सैनिक लीग बातल के भवन के अतिरिक्त निर्माण के लिए आरम्भिक धनराशि के रूप में 3 लाख रुपए उपलब्ध करवाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इसके निर्माण के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी। मुख्य संसदीय सचिव ने इस अवसर पर जन समस्याएं सुनी और सम्बन्धित अधिकारियों को इनके त्वरित निपटारे के निर्देश दिए। इस अवसर पर ग्राम पंचायत बातल की प्रधान उर्मिल शर्मा, ग्राम पंचायत जलाना की प्रधान सुनीता गर्ग, खंड कांग्रेस अर्की के अध्यक्ष सतीश कश्यप, कांग्रेस अनुसूचित जाति लीग के अध्यक्ष सी.डी. बसंल, व्यापार मंडल अर्की के अध्यक्ष अनुज गुप्ता, बीडीसी सदस्य भावना शर्मा, पूर्व प्रधान ग्राम पंचायत बातल रतन लाल, नगर पंचायत अर्की की पूर्व अध्यक्ष सीमा शर्मा, पूर्व सैनिक लीग अर्की के अध्यक्ष कैप्टन पदम् देव ठाकुर, पूर्व सैनिक लीग ज़िला सोलन के अध्यक्ष कैप्टन मोहन लाल शर्मा, कांग्रेस समिति के कोषाध्यक्ष रोशन वर्मा, कांग्रेस के ज़िला महासचिव राजेंद्र रावत, लेखराम, किशोर शर्मा, कैप्टन विजय, चमन लाल अंगीरस, उपमंडलाधिकारी अर्की यादविंदर पाल, उप पुलिस अधीक्षक दाड़लाघाट संदीप शर्मा, जल शक्ति विभाग अर्की के अधिशाषी अभियंता विवेक कटोच, लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता सुरेश गुप्ता, पूर्व सैनिक लीग के सदस्य तथा ग्रामीण उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश से लकड़ियों की तस्करी से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए वन विभाग की चौकियों को पुलिस सीमा चौकियों के साथ एकीकृत करने के निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने आज यहां वन विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए इमारती लकड़ी की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए इन एकीकृत चौकियों पर सीसीटीवी निगरानी सहित अत्याधुनिक तकनीक अपनाने पर बल दिया। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इमारती लकड़ी की तस्करी से राज्य सरकार को राजस्व की हानि होती है। उन्होंने वन विभाग को लकड़ी के अवैध व्यापार पर रोक लगाने के लिए सक्रिय एवं कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वन और पुलिस चौकियों के एकीकरण से व्यापक निगरानी एवं इमारती लकड़ी चोरी के विरूद्ध प्रभावी कदम सुनिश्चित होंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के जंगल उत्तरी भारत को प्राणवायु प्रदान करते हैं और वन राज्य की मूल्यवान संपत्ति हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई भारी बारिश से प्रदेश की वन सम्पदा को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने वन विभाग को वन भूमि में गिरे पेड़ों को तुरंत हटाने और उनका उचित निपटान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने राज्य के पांच वन मंडलों में खैर के पेड़ों की कटाई की कार्य योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि वन विभाग इस कार्य योजना पर तत्परता से काम करते हुए बरसात का मौसम समाप्त होने के उपरांत समयबद्ध तरीके से इसे क्रियान्वित करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इस वर्ष मई माह में प्रदेश के पांच वन मंडलों ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, नालागढ़ और कुटलैहड़ में खैर के पेड़ों के कटान की अनुमति प्रदान की गई है। बैठक में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव अमनदीप गर्ग, सचिव (गृह) डॉ. अभिषेक जैन, विधि सचिव शरद लगवाल, पीसीसीएफ (हॉफ) राजीव कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
डिप्टी सीएम ने हरिपुर बस स्टैंड तथा देहरा में एचआरटीसी वर्कशाप का किया निरीक्षण उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने रविवार को देहरा में एचआरटीसी वर्कशाप तथा हरिपुर में बस स्टैंड का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि राज्य के सभी बस अड्डों को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। इस के लिए विभागीय अधिकारियों को उचित कदम उठाने के दिशा निर्देश दिए गए हैं इसके साथ ही एचआरटीसी की वर्कशॉप्स को भी अपग्रेड किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि चालकों तथा परिचालकों को विश्राम करने तथा ठहरने के लिए भी उचित व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि चालक तथा परिचालक बेहतर तरीके से अपना कार्य कर सकें। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को हरित राज्य बनाने के लिए हमारी सरकार प्रयासरत है और प्राइवेट आपरेटर्स द्वारा इलेक्ट्रिक बस, इलेक्ट्रिक टैक्सी व इलेक्ट्रिक ऑटो खरीद पर पचास फीसद की दर पर 50 लाख तक अनुदान देने का फैसला लिया है और राज्य में छह इलेक्ट्रिक कोरिडोर घोषित किए हैं। उन्होंने कहा कि धर्मशाला में 15 इलेक्ट्रिक बसें शुरू की गई हैं और 126 स्थानों पर 5 चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के वाहनों के टैक्स जमा करवाने के लिए पैनल्टी एवं ब्याज माफ करने के लिए 31 दिसंबर तक का समय दिया गया है। राज्य के युवाओं को रोजगार के नजरिये से 500 परमिट जारी करने का फैसला हुआ है और ई-वाहन खरीदने वाले युवाओं को प्रदेश सरकार 4 साल तक गाड़ी हायर करने की योजना पर काम कर रही है। इस अवसर पर एचआरटीसी के कर्मचारियों ने डिप्टी सीएम को अपनी समस्याओं से भी अवगत करवाया। इस अवसर पर विधायक होशियार सिंह, पूर्व में प्रत्याशी रहे डॉ. राजेश शर्मा, एसडीएम शिल्पी ब्रेक्टा, डीएसपी तथा एचआरटीसी के अधिकारी उपस्थित थे।
जब आंखों के सामने ही सपनों का आशियाना धराशायी हो जाए तो दर्द कितना होता होगा, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। ऐसा ही दर्द मंडी जिले के उप मंडल सरकाघाट के कई परिवारों का है। इनमें से एक अति निर्धन परिवार उप मंडल की ग्राम पंचायत रिस्सा के गांव रिस्सा का है। रिन्टू पुत्र टेक चंद के परिवार पर आपदा एक कहर बनकर आ बरसी है। इस बरसात ने इनका नया और पुराना घर दोनों छीन लिये हैं। यही नहीं गांव की सारी जमीन भूस्खलन की चपेट में आ गई है तथा मौजूदा समय में रिन्टू अपने पूरे परिवार के साथ रिस्सा के सरकारी स्कूल में अपना कष्ट भरा समय गुजार रहे हैं। आप सभी दानी सज्जनों से एक सादर अपील है कि आपकी छोटी से छोटी मदद भी इन सबको एक कुटिया बनाने में सहायक सिद्ध हो सकती है। ये लोग सरकार से भी अपील कर रहे हैं मदद की। दानी सज्जन निम्नलिखित अकाउंट नंबर में आप स्वेच्छा अनुसार सहयोग कर सकते हैं। Rintu S/O Tek Chand VPO Rissa, Sarkaghat, Mandi HP 175024 Himachal Pradesh Framing Bank Account Details 87491700075321 IFSC Code PUNBOHPGB04 इनके फोन नंबर हैं 78078 73145, 7807177180
प्रदेश के वन क्षेत्र में प्राकृतिक कारणों से क्षतिग्रस्त पेड़ों के बचाव एवं इनके समुचित प्रबंधन के लिए प्रदेश सरकार ने मानक संचालन प्रक्रिया तैयार की है। इसमें ऐसे पेड़ों के कटान से लेकर इन्हें बिक्री के लिए उपलब्ध करवाने तक की प्रक्रिया को समयबद्ध एवं शीघ्र पूर्ण करने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। निर्धारित समय अवधि में इस प्रक्रिया की कड़ाई से अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का कहना है कि वनों में प्राकृतिक कारणों से क्षतिग्रस्त पेड़ों के निपटान तथा बिक्री में देरी से प्रदेश को भारी वित्तीय हानि होती है। उन्होंने कहा कि नई मानक संचालन प्रक्रिया से स्थानीय स्तर पर इमारती लकड़ी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी तथा परिवहन व्यय में कमी, राजस्व में वृद्धि तथा स्थानीय स्तर पर कार्यरत कर्मियों की क्षमता में भी वृद्धि सुनिश्चित होगी। नई मानक संचालन प्रक्रिया के अन्तर्गत ऐसे क्षतिग्रस्त पेड़ों का चरणबद्ध तरीके से प्रबन्धन सुनिश्चित किया जाएगा। प्रारंभिक स्तर पर प्रदेश के चार वृत्तों हमीरपुर, धर्मशाला, सोलन एवं शिमला के पांच वन मण्डलों के अन्तर्गत सात वन परिक्षेत्रों में यह मानक संचालन प्रक्रिया प्रथम सितंबर, 2023 से पायलट आधार पर शुरू की जाएगी। इससे अगले चरण में प्रथम जुलाई, 2024 से इसे पूर्ण रूप से प्रदेश के छह वन वृत्तों के 70 वन परिक्षेत्रों तक विस्तारित किया जाएगा। नई मानक संचालन प्रक्रिया के तहत किसी वन परिक्षेत्र में 25 से कम क्षतिग्रस्त पेड़ों के निपटाने के लिए एक निश्चित समय सारिणी तैयार की गई है, जिसमें पेड़ों के चिन्हांकन से लेकर इनके अन्तिम निपटान तक 30 दिनों की अवधि तय की गई है। माह के पहले सात दिनों में वन रक्षक और वन निगम के कर्मचारी आपसी सहयोग से इससे संबंधित ब्यौरा तैयार करेंगे। आगामी तीन दिनों में उप वन परिक्षेत्राधिकारी ऐसे पेड़ों का चिन्हांकन करेंगे और इससे संबंधित सूची वन परिक्षेत्राधिकारी को अगले तीन दिनों में सौंपेंगे। वन परिक्षेत्राधिकारी सात दिनों के भीतर पेड़ों के कटान, इन्हें ल_ों में बदलने और निर्दिष्ट डिपो तक उत्पाद के परिवहन से संबंधित सभी प्रक्रियाओं को पूर्ण करेंगे। यह सब प्रक्रिया पूर्व निर्धारित दरों के तहत संबंधित वन मण्डलाधिकारी के समन्वय से तय समय अवधि में पूर्ण की जाएगी। प्रभावी निपटान के लिए वन परिक्षेत्राधिकारी वन मंडलाधिकारी को सूचित करेंगे और वह माह की 22 एवं 23 तारीख को वन निगम में अपने समवर्ती से संपर्क कर निष्कर्षण लागत और परिवहन व्यय निर्धारित करने के बारे में अवगत करवाएंगे। इसके साथ ही वन मण्डलाधिकारी निष्कर्षण, परिवहन लागत और रॉयल्टी के आधार पर बिल तैयार कर इसे वन निगम के मण्डलीय प्रबन्धक को भेजेंगे। बिल की अदायगी पर माह की 24 से 26 तारीख के मध्य उत्पादित माल वन निगम को भेज दिया जाएगा। यदि वन निगम इसे लेने से मना करता है तो वन परिक्षेत्राधिकारी माह की 27 एवं 28 तारीख को विभागीय स्तर पर नीलामी की प्रक्रिया आरम्भ करेगा और इसके लिए हिमाचल प्रदेश वन विभाग के प्रबन्धन विंग द्वारा आरक्षित मूल्य निर्धारित किया जाएगा। इस प्रक्रिया को विस्तार देते हुए पेड़ों के चिन्हांकन, निष्कर्षण और निपटान से संबंधित डाटा एकत्र करने के लिए एक समर्पित वेब पोर्टल भी विकसित किया जाएगा। क्षतिग्रस्त पेड़ों की जियो टैगिंग के माध्यम से लिए गए छायाचित्रों को इस पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, वहीं परिक्षेत्र डिपो अथवा सड़क किनारे के डिपो में एकत्र की गई इमारती लकड़ियों के लॉट के बारे में भी इसमें जानकारी संकलित की जाएगी। सूचना प्रौद्योगिकी आधारित इस सेवा से क्षतिग्रस्त पेड़ों के प्रबंधन से जुड़े लागत-लाभ के आकलन की भी सुविधा मिल सकेगी।
गेयटी थियेटर में नाटक 'रावी पारÓ के मंचन पर बतौर मुख्य अतिथि की शिरकत मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार देर सायं शिमला के गेयटी थियेटर में नाटक 'रावी पारÓ के मंचन पर बतौर मुख्य अतिथि भाग लिया। रिक्रिएशन आर्ट एंड कल्चरल क्लब हिमाचल प्रदेश सचिवालय, द लिटल ग्रुप क्लब और भाषा कला एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दो दिवसीय इस कार्यक्रम से अर्जित आय आपदा राहत कोष में प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने नाटक के बेहतर प्रस्तुतिकरण के लिए हिमाचल प्रदेश सचिवालय के कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य विकट वित्तीय चुनौतियों से जूझ रहा है लेकिन राज्य सरकार नीतिगत परिवर्तन और नए कानूनों से इस स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि सरकार संसाधन जुटाने पर ध्यान केन्द्रित कर रही है और सभी के सहयोग से हिमाचल आगामी चार वर्षों में आत्मनिर्भर और दस वर्षों में देश का सबसे समृद्ध राज्य बनकर उभरेगा। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस समय राज्य बरसात में आई आपदा की त्रासदी के दौर से गुजर रहा है। महत्त्वपूर्ण सड़कों और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बहाल करने के लिए राज्य सरकार दिन-रात प्रयासरत है। किसानों और बागवानों के उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने और उनके वित्तीय नुकसान को कम करने के दृष्टिगत परिवहन सुविधा प्रदान करने के लिए अस्थाई सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आपदा प्रभावितों की मदद करने के लिए संवदेनशील है। उन्होंने चंद्रताल में चलाए गए बचाव अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और मुुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी के नेतृत्व में यह असाधारण बचाव अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा कि 14000 फीट की ऊंचाई पर चंद्रताल झील में माइनस चार डिग्री तापमान में फंसे 300 लोगों को बचाने में इन दोनों के व्यक्तिगत प्रयास भी सराहनीय रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और युवाओं को रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक शिक्षा और उन्नत प्रौद्योगिकी से स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में सुधार के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, महापौर सुरेेंद्र चौहान, उप महापौर उमा कौशल, वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य भी उपस्थित थे।
देश के सर्वोच्च शिक्षक सम्मान के लिए कांगड़ा जिला के इंदौरा खंड से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मोहटली के प्रवक्ता विजय कुमार डोगरा का चयन हुआ है। 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में शिक्षक विजय कुमार को सम्मान दिया जाएगा। हिमाचल प्रदेश से तीन शिक्षकों के नाम राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए भेजे गए थे। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने शनिवार देर शाम को राष्ट्रीय पुरस्कारों की सूची जारी की। इसमें हिमाचल प्रदेश के शिक्षक विजय कुमार डोगरा का नाम दूसरे स्थान पर है।
सिरमौर जिला में पंचायत समिति संगड़ाह के निवर्तमान अध्यक्ष मेलाराम शर्मा ने हिमाचल प्रदेश भाजपा के शीर्ष नेतृत्व विशेष कर राष्ट्रीय भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, सिरमौर जिला भाजपा अध्यक्ष विनय गुप्ता का उन्हें भारतीय जनता पार्टी का जिला प्रवक्ता बनाए जाने के लिए आभार व्यक्त किया है। मेलाराम शर्मा ने कहा कि जिले में किसी संगठन के प्रवक्ता का पद बहुत जिम्मेदारीका होता है और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें यदि इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के काबिल समझा है। वह विश्व के सबसे बड़े राजनीतिक दल में जिला सिरमौर के प्रवक्ता बनकर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को विश्वास दिलाया कि वह भाजपा जिला प्रवक्ता के नाते शीर्ष नेतृत्व की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की चेष्टा करेंगे और पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य निष्पादन करेंगे।
इंटरनेट पर गैर कानूनी एप्लीकेशन पर पैसे लगाकर दोगुना करने के चक्कर में एक चिकित्सक ठगी का शिकार हो गया। मामला राजधानी शिमला का है। चिकित्सक ने लालच में आकर दो लाख अपने और पत्नी के करीब 18 लाख रुपये निवेश किए थे। इस बीच चिकित्सक को समय-समय पर एप्लीकेशन के माध्यम से पैसे मिलते रहे। बाद में जब पैसे आना बंद हो गए तो चिकित्सक को एहसास हुआ कि वह 20 लाख रुपये गवां चुके हैं। ञ्जह्म्द्गठ्ठस्रद्बठ्ठद्द ङ्कद्बस्रद्गशह्य शनिवार को चिकित्सक ने इसकी शिकायत साइबर पुलिस थाने में दर्ज करवाई है। साइबर पुलिस के मुताबिक इंटरनेट पर ऑनलाइन रजिस्टर टेलीग्राम, बिटकॉइन, बिनेंस से मिली जुली फर्जी एप्लीकेशन पर पैसे निवेश करने के लालच में लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं। साइबर ठग इस दौरान लोगों के निवेश की राशि को एक से तीन साल में दोगुना होने का झांसा देते हैं। इसी तरह पीड़ित चिकित्सक ने भी वर्ष 2021 से एक ऑनलाइन एप्लीकेशन में पैसे लगा रहे थे। कुछ माह बाद चिकित्सक को पैसे वापस होने लगे। इस दौरान चिकित्सक ने करीब 20 लाख रुपये और निवेश कर दिए। इसके बाद अचानक एप्लीकेशन बंद होने से चिकित्सक के होश उड़ गए। साइबर क्राइम पुलिस के कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र नेगी ने बताया कि ऑनलाइन एप्लीकेशन पर पैसे निवेश करने पर एक चिकित्सक से ठगी हुई है। शिकायत पर मामले की जांच जारी है। उन्होंने लोगों को इंटरनेट पर गैर कानूनी एप्लीकेशन पर पैसा न लगाने की सलाह दी है। गौरतलब है कि शिमला में पहले भी लोग ऑनलाइन लॉटरी और गिफ्ट मिलने के झांसे में आकर लाखों रुपये गंवा चुके हैं। पुलिस ने सलाह दी है कि ऐसे किसी भी झांसे में न आएं।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अस्थायी नियुक्ति को सेवा लाभों को गिने जाने के मामले में अहम व्यवस्था दी है। अदालत ने अनुबंध सेवा को वार्षिक वेतन वृद्धि और पेंशन लाभ के लिए गिने जाने के आदेश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि अस्थायी नियुक्ति के लिए सेवा लाभों का विस्तार विभिन्न नामकरण के साथ समान अस्थायी नियुक्ति पर समान रूप से लागू होता है। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने यह निर्णय सुनाया। अदालत ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य को एक आदर्श नियोक्ता की तरह व्यवहार करना चाहिए। कर्मचारियों के लिए शोषणकारी नीतियों को बनाने से बचना चाहिए। खंडपीठ ने कहा कि अदालत की ओर से बार-बार टिप्पणियों और आदेशों के बावजूद राज्य कर्मचारियों के वैध लाभों के विस्तार से बचने के लिए एक उपकरण के रूप में शोषणकारी नीतियों को बनाने, अपनाने और अभ्यास करने में लगा हुआ है। राज्य अस्थायी नियुक्तियों की प्रथा को जारी रखने के लिए पद और योजना के नामकरण को बदलकर कर्मचारियों को वैध लाभ से वंचित करने का प्रयास करता है। न्यायालय ने कहा कि अस्थायी शिक्षकों की नियुक्ति कर और उन्हें नियमित कर्मचारियों को मिलने वाले सेवा लाभों से वंचित करने के लिए सरकार ने स्वैच्छिक शिक्षकों, तदर्थ शिक्षकों, विद्या उपासकों, अनुबंध शिक्षकों, पैरा शिक्षकों, पीएटी, पीटीए और एसएमसी शिक्षकों जैसी चतुर शब्दावली का प्रयोग किया है। याचिकाकर्ताओं में से एक ने शुरू में अनुबंध के आधार पर जेबीटी के रूप में काम किया था। बाद में उसे नियमित आधार पर शास्त्री के रूप में नियुक्त किया गया। दूसरे याचिकाकर्ता को भी अनुबंध के आधार पर जेबीटी के रूप में नियुक्त किया था। बाद में उसकी अनुबंध नियुक्ति के बाद बिना किसी रुकावट के उसी पद पर नियमित कर दिया गया। अदालत ने कहा कि जहां किसी कर्मचारी ने विभिन्न पदों पर अनुबंध के आधार पर सेवा की है और उसे किसी अन्य पद पर नियमित किया गया है, तो उसकी तदर्थ अवधि को केवल पेंशन के लिए गिना जाएगा।
राज्य बिजली बोर्ड में 2500 टीमेट और हेल्पर दस सितंबर तक पदोन्नत होंगे। बोर्ड प्रबंधन ने तकनीकी कर्मचारियों के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों को संशोधित कर दिया है। नियम संशोधित होने से हेल्पर को सब स्टेशन अटेंडेंट और टीमेट को असिस्टेंट लाइनमैन के पद पर पदोन्नत किया जाएगा। सब स्टेशन अटेंडेंट और असिस्टेंट लाइनमैन के बिजली बोर्ड में करीब 4,000 पद रिक्त हैं। करीब 2500 कर्मी पदोन्नति के लिए पात्र हैं। बीते दिनों बिजली बोर्ड की कर्मचारी यूनियन ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मुलाकात कर तकनीकी कर्मियों के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों को संशोधित करने की मांग की थी। बोर्ड से जारी अधिसूचना के अनुसार टीमेट के पद पर सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को दो साल के बाद असिस्टेंट लाइनमैन के पद पर पदोन्नति दी जा सकेगी। इसके अलावा हेल्पर के पद पर सेवारत कर्मचारियों को सब स्टेशन अटेंडेंट पद पर पदोन्नति 2 साल के सेवाकाल के बाद दी जा सकेगी। पहले यह अवधि अधिक थी। पदोन्नति के नियम भी तय नहीं थे।
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में शनिवार को स्क्रब टायफस से चौपाल की रहने वाली एक 28 साल की युवती की मौत हो गई। इसकी पुष्टि आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव ने की है। अस्पताल में नौ दिन के भीतर स्क्रब टायफस से यह चौथी मौत है। मरने वालों में तीन महिलाएं हैं और एक युवती। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में रोजाना हजारों की संख्या में मरीज उपचार करवाने के लिए आते हैं। इनमें सबसे अधिक मरीज मेडिसिन ओपीडी में आते हैं। अस्पताल में शनिवार को भी बुखार के लक्षणों को लेकर मरीज उपचार करवाने आए थे। इसके बाद 26 मरीजों के स्क्रब टेस्ट किए गए जिनमें 12 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसमें अधिकतर मामले शिमला, मंडी, बिलासपुर, सोलन और कुल्लू से भी कुछ मामले आए हैं। इसके अलावा अब तक स्क्रब टायफस के 647 सैंपलों की जांच की जा चुकी है। इनमें 152 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। लगातार आ रहे स्क्रब टायफस के मामलों को लेकर स्वास्थ्य महकमा अलर्ट हो गया है। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि उनके पास दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक है। आईजीएमसी के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. गोपाल आशीष शर्मा ने कहा कि मरीज बीमारी के लक्षणों को देखने के तुरंत बाद नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में चेकअप करवाएं। इससे बीमारी का समय रहते उपचार हो पाएगा। पीलिया के दो मामले आईजीएमसी में हेपेटाइटिस (पीलिया) के दो नए मामले आए हैं। डॉक्टरों ने लैब में तीन सैंपलों की जांच की। इसमें दो की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, इसमें एक शिमला शहर और दूसरा ठियोग का रहने वाला है। अस्पताल में अब तक 207 सैंपलों की जांच की जा चुकी है। इसके अलावा हेपेटाइटिस ई के आठ मामले अभी तक पॉजिटिव आ चुके हैं।
प्रदेश पुलिस ने ठियोग में दिल्ली के एक तस्कर को 20.61 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया है। जानकारी आरोपी चिट्टा की सप्लाई देने ठियोग आया था। पुलिस को इसकी भनक लग गई और पुलिस ने सरयून में उसे दबोच लिया। आरोपी की पहचान सैयद साकिर (19) निवासी हरिजन बस्ती नेबसराय साउथ दिल्ली के तौर पर हुई है। पुलिस पूछताछ में नशा तस्करी में संलिप्त अपराधियों के कई राज बेपर्दा हो सकते हैं। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। चिट्टा अप्पर शिमला में कहां और किसे देना था, इस बारे में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
पुलिस चौकी डाडासीबा के तहत पुलिस थाना देहरा द्वारा ओआणी खड्ड के पास ट्रक न. HP 68 7900 से 25 पेटी शराब देसी मार्का संतरा बरामद की है बरहाल ट्रक चालक अभी मौका से ट्रक को छोड़कर फरार हो गया। मामले की पुष्टि डीएसपी देहरा अनिल कुमार ने कहा कि पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्यावई शुरू कर दी है।
देहरा में चल रहे एक मामले में एक डॉक्टर को दो सगी बहनों के साथ अश्लील हरकतें करने और रेप में दोषी पाए जाने पर नितिन कुमार अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश देहरा की अदालत ने पांच साल की कैद और 80 हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है। संदीप शर्मा जिला उपन्यायवादी देहरा ने बताया कि नादौन निवासी दंत चिकित्सक अनिल कुमार मझीण में वर्ष 2015 में प्राइमरी हेल्थ सेंटर में जब कार्यरत था, तो वहां इलाज के लिए आई दो सगी बहनों के साथ अनिल कुुमार ने अश्लील हरकतें करने के बाद दुष्कर्म किया। पीड़िताओं की शिकयत पर ज्वालाजी थाना में मामला दर्ज हुआ। ज्वालाजी थाना के सब इंस्पेक्टर संदीप पठानिया ने की छानबीन और गवाहों के आधार पर यह मामला कई वर्ष चला। आखिरकार शनिवार को अदालत ने अनिल कुमार को दोषी मानते हुए पांच वर्ष की कैद और अस्सी हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
कहा, महिलाओं को एकजुट कर संगठन को करेंगे मजबूत भाजपा नेतृत्व के मार्गदर्शन व नीतियों का घर-घर करेंगे प्रचार हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की राज्य अध्यक्ष वंदना योगी ने विधिवत रूप से शिमला पहुंचकर राज्य कार्यालय दीप कमल में अपना पदवार ग्रहण किया। इस मौके पर भाजपा महिला पदाधिकारी ,कार्यकर्ताओं, पार्षदों, पूर्व पार्षद, जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। वंदना योगी ने कहा कि पार्टी नेतृत्व के मार्गदर्शन में संगठन को मजबूत किया जाएगा। पार्टी की विचारधारा व नीतियों को महिलाओं में पहुंचने के लिए घर-घर प्रचार करेंगे।उन्होंने कहा कि महिला शक्ति ने सदैव भारतीय जनता पार्टी को अपना आशीर्वाद, सहयोग दिया है और भविष्य में भी महिला शक्ति भाजपा को केंद्र में सरकार बनाने के लिए अपना सहयोग दे इसके लिए हर स्तर पर प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महिला मोर्चा की ताकत को बढ़ाया जाएगा, सबको साथ लेकर आगे बढ़ेंगे, सबका सम्मान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी की नीतियों को प्रमुखता से आगे रखकर हम काम करेंगे। उन्होंने कहा कि संगठन के माध्यम से सेवा करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों को लोगों तक पहुंचाने का काम किया जाएगा ।उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में महिला मोर्चा अहम भूमिका अदा करेगा ।वंदना योगी ने कहा कि भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व राज्य अध्यक्ष व वर्तमान में राष्ट्रीय महामंत्री हैं। इंदु गोस्वामी, भाजपा की राज्य उपाध्यक्ष व महिला मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष रश्मिधर सूद सहित सभी जो अब तक भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष रही है उन सब के काम को आगे बढ़ने का प्रयास में करुंगी, सबका मार्गदर्शन लेकर के आगे बढूंगी। उन्होंने कहा कि हमारे लिए संगठन परिवार है और संगठन की मजबूती ही विचारधारा की मजबूती है। उन्होंने कहा कि सरकार से सवाल भी करेंगे ,जनता के हित की आवाज भी उठाएंगे,महिला सशक्तिकरण की बात भी करेंगे, नीति निर्धारण की बात भी करेंगे। उन्होंने कहा कि यह झूठी गारंटी दी गई है उन पर भी सवाल उठाएंगे। उन्होंने कहा कि इस समय बारिश में जिस प्रकार से तबाही हुई है त्रासदी आई है, उसमें महिला मोर्चा हर स्तर पर सेवा का काम कर रहा है और भविष्य में भी जब तक जनजीवन सामान्य ना हो अपने-अपने स्तर पर सेवा के कार्यों को आगे महिला मोर्चा की कार्यकर्ता बढ़ाएं इसके लिए प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर भाजपा की उपाध्यक्ष पायल वैध, भाजपा महिला नेत्री रूप शर्मा, भाजपा कार्यालय सचिव किरण बाबा ,पूर्व पार्षद किमी सूद, प्रतिभा बाली, पार्षद कमलेश मेहता, रचना शर्मा सहित महिला पदाधिकारी उपस्थित रहे।
उपायुक्त सिरमौर सुमित खिमटा ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत सिरमौर जिला में 9.5 करोड़ रुपये केे पंूजी निवेश के करीब 64 आवेदनों को जिला समिति द्वारा सैद्धांतिक अनुमति प्रदान कर दी गई है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत प्रदेश के पात्र बेरोजगार युवक एवं युवतियों को अपना कारोबार आरम्भ करने के लिए बैंको द्वारा ऋण प्रदान किया जाता है। उपायुक्त सिरमौर सुमित खिमटा गत शुक्रवार को नाहन में मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना की 2023-24 की पहली जिला स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने बताया कि जिला स्तरीय समिति के समक्ष कुल 94 आवेदन अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किये गए जिन पर विस्तृत चर्चा के उपरांत 64 आवेदनों को सैद्धांतिक अनुमति प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि जिन आवेदनों को जिला स्तरीय समिति ने अनुमोदित किया है वे मामले ऋण हेतु विभिन्न बैंकों को प्रेषित किये जायेंगे। महा प्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र, सिरमौर साक्षी सत्ती ने बैठक में अवगत करवाया कि मुख्यमंत्री स्वालंबन योजना को अगस्त 2023 से पुन: क्रियान्वित किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना का लाभ उठाने के लिए जिला के पात्र लोगों को आगे आना चाहिए। बैठक में उप निदेशक पशुपालन डा. नीरू शबनम, उप निदेशक उद्यान डा. सतीश शर्मा, प्रधानाचार्य आईटीआई नाहन अशरफ अली, खादी बोर्ड के प्रतिनिधि नीरज चौहान, एलडीएम यूकोबैंक राजीव अरोड़ा के अतिरिक्त विभिन्न बैंकों और विभागों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
उद्योग, संसदीय मामले एवं आयुष मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने शनिवार को अपने शिलाई विधानसभा प्रवास के दौरान कफोटा और शिलाई में जन समस्याएं सुनीं। इस मौके पर भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित लोगों ने उद्योग मंत्री से मुलाकात कर उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत करवाया। उद्योग मंत्री ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति में अधिकतर मामलों का मौके पर ही निराकरण किया। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बाढ़ प्रभावित लोगों से भेंट कर प्रभावित परिवारों को सरकार और प्रशासन द्वारा प्रदान किये गये मुआवजे एवं राहत सम्बन्धी जानकारी भी हासिल की। उन्होंने प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पीड़ित एवं प्रभावित लोगों को प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित राहत मैन्युअल के अनुसार मुआवजा देना सुनिश्चित बनायें। उन्होंने कहा कि मुआवजा प्रदान करने के कार्य में किसी भी प्रकार का विलंब न किया जाये और नुकसान होने की सूचना मिलते ही तुरंत प्रभावित को मुआवजा प्रदान करने की प्रक्रिया आरम्भ की जाये। उद्योग मंत्री के समक्ष कफोटा में बोखाला-पाब, दुगाना, शिल्ला, टटियाणा, कोटा-पाब, ठोठा-जाखल, समां-पंपता, जामना, जाखना, कांडो चियोग, शरली, महशु चीयोग पंचायतों के लोगों ने अपनी समस्यायें रखी। इसके उपरांत उद्योग मंत्री शिलाई लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में लोगों की समस्याओं का निराकरण करने पहुंचे। इस दौरान शिलाई क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों शिलाई, नाया, पाबमानल, कुंहट, बालीकोटी, गवाली, कोटामानल, बान्दली, भैला, डैहर, नैनी धार व लोजा मानल के चुने हुए प्रतिनिधियों व स्थानीय लोगों ने मंत्री से मुलाकात करके अपने क्षेत्रों की समस्याएं उनके समक्ष रखीं। मंत्री ने कफोटा और शिलाई में लोगों की अधिकांश समस्याओं का निपटारा मौके पर किया जबकि कुछ समस्याओं को उन्होंने संबंधित विभागों को तुरंत निराकरण के लिये सौंपा। उद्योग मंत्री से टिंबी के प्रतिनिधिमंडल ने भी भेंट कर अपनी टिंबी-जिमदवाड़ सड़क समन्धी समस्या से उन्हें अवगत करवाया। उद्योग मंत्री ने टिंबी से जिमदवाड़ सड़क के जीर्णोद्धार का आश्वासन प्रतिनिधिमंडल को दिया। इस अवसर पर एसडीएम शिलाई सुरेश सिंघा,एसडीएम कफोटा राजेश वर्मा, कांग्रेस ब्लॉक समिति अध्यक्ष सीता राम शर्मा, पूर्व जिला परिषद सदस्य जगत सिंह पुंडीर,कांग्रेस जिला महासचिव रघुबीर सिंह चौहान कांडो च्योग के प्रधान श्याम दत्त शर्मा, प्रधान टटियाना पंचायत पार्वती देवी, प्रधान शारली पंचायत वनिता चौहान, प्रधान ग्राम पंचायत गुददी मानपुर गुडडी शर्मा, गुलाब सिंह भंडारी, पूर्व जिला परिषद सदस्य प्रताप जेलदार, पूर्व जिला परिषद सदस्य रंणजीत नेगी, पंचायत समिति सदस्य प्रकाश व रमेश नेगी, उप प्रधान ग्राम पंचायत पाब मानल भगवान सिंह, बोकाला पाब पंचायत के पूर्व प्रधान रतीराम सहित विभिन्न पंचायतों के चुने हुए प्रतिनिधि व विभिन्न विभागों के अधिकारी इस दौरान मौजूद रहे।
सरकार सड़कों को बहाल करने में रही बिफल, तालमेल की कमी से बिगड़े हालात नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि प्रदेश सरकार मुख्य राजमार्गों सहित ग्रामीण सड़कों को बहाल करने में बिफल रही है। सेब बहुल इलाकों में सड़कों की हालत बेहद चिंताजनक है। ऐसा नहीं है कि इन सड़कों को खोला नहीं जा सकता था ये सड़कें छोटे वाहनों के लिए खोली जा सकती थी, लेकिन सरकार ने गंभीरता से काम नहीं किया। नतीजतन किसानों के कृषि उत्पाद जैसे सब्जियां और बागवानों का सेब मार्किट तक नहीं पहुंच पाने से करोड़ों का नुकसान हुआ है। किसानों और बागवानों ने मांग की है कि उन्हें भी नुकसान का मुआवजा दिलाया जाए। हमें जानकारी मिली है कि आपसी समन्वय के कारण लोक निर्माण विभाग सड़कों को समय पर बहाल नहीं कर पाया। अभी तक सरकार के मंत्री शिमला से बाहर नहीं निकल पाए हैं। प्रदेश के सबसे व्यस्ततम राजमार्ग शिमला से चंडीगढ़ और चंडीगढ़ से मनाली सड़कें कई दिनों से बंद पड़ी रहीं, जब लोगों ने शोर शराबा किया तो कुल्लू से पंडोह एक ही रात में सड़क कैसे बहाल हो गई। अब फोटो खिंचवाने के लिए एक सीपीएस दौड़े चले आ रहे हैं जबकि उनसे पूछा जाए कि वो इतने दिन लद्दाख में क्या करते रहे। उन्होंने कहा कि तालमेल की कमी का कारण ऐसा हुआ है। आपदा में जिस रफ्तार से ये लोग काम कर रहे थे उससे स्थिति विकराल होने जा रही थी। हमने एनएचएआई को निर्देश दिए तो कुल्लू और मंडी के बीच यातायात बहाल हो सका। इनके मंत्री और सीपीएस को यही मालूम नहीं था की उनके विभाग के अंडर कहां की सड़कें आती हैं। अभी भी सैकड़ों ग्रामीण सड़कें बंद पड़ी हैं जिन्हें खोलने के लिए तत्काल मशीनरी चाहिए। कुल्लू के लिए वैकल्पिक मार्ग वाया कटौला में भारी वाहन भेजे जाने से सड़क बैठ गई है और दर्जन वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि प्राथमिकता पंडोह से कुल्लू राजमार्ग खोलने को देनी चाहिए थी।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश में आपदा प्रभावितों के लिए प्राकृतिक आपदा से उबारने के लिए केंद्र सरकार प्रधानमंत्री आदरणीय नरेन्द्र मोदी जी और गृहमंत्री अमित शाह जी के नेतृत्व में भरपूर सहयोग कर रही है। केंद्रीय ग्रामीण विकास व पंचायती राज मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने आपदा प्रभावित हिमाचल प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 6000 नए आवास बनाने की मंज़ूरी दी है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पंचायती राज ग्रामीण विकास मंत्री श्री गिरिराज किशोर सिंह, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और अनुराग ठाकुर का पूरे हिमाचल प्रदेश की ओर से आभार व्यक्त किया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आपदा से बेघर हुए लोगों के लिये केंद्र सरकार का यह फ़ैसला किसी संजीवनी से कम नहीं हैं। राज्य सरकार से अनुरोध है कि बेघर हुए लोगों के लिए ज़मीन आवंटन का काम तेज़ी से करे। जिससे आपदा में सब कुछ गवा चुके लोगों के लिए घर का इंतज़ाम हो सके। इसके पहले ही केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तरह प्रदेश को 2700 करोड़ रुपये और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 5000 घरों के निर्माण की मंज़ूरी दे चुके हैं।
कांग्रेस मत्स्य पालन विभाग के चेयरमैन एवं देहरा संगठनात्मक जिला के पूर्व अध्यक्ष नरदेव कंवर ने शनिवार को मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू को एक लाख रुपये का चेक आपदा राहत कोष-2023 के लिए प्रदान किया। यह राशि देहरा उपमंडल के बनखंडी के समीपवर्ती गांव बणे दी हट्टी के शहीद बजिंदर सिंह की याद में उनके बड़े भाई विजय सिंह ने दी है। विजय सिंह ने शुक्रवार को यह चेक नरदेव कंवर को सौंपा था। मुख्यमंत्री को शनिवार को यह चेक सौंपने के दौरान खाद्य एवं आपूर्ति विभाग हिमाचल प्रदेश के निदेशक पुष्पिंदर ठाकुर और वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता अमित शर्मा उपस्थित रहे।
शनिवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से पुष्पिंदर ठाकुर निदेशक हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड मिले। उन्होंने नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। इस दौरान कांग्रेस मत्स्य विभाग के चेयरमैन नरदेव कंवर भी उपस्थित रहे।
नगरोटा विस क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों में नुकसान का लिया जायजा हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष व पर्यटन विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष (कैबिनेट रैंक) आरएस बाली ने नगरोटा बगबां विधानसभा क्षेत्र में भारी बरसात के कारण प्रभावित क्षेत्रों में राहत तथा पुनर्वास कार्यों का जायजा लिया, इस दौरान उन्होंने बंद पड़े ग्रामीण रास्तों, पेयजल परियोजनाओं को शीघ्र पुन: स्थापित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि राहत तथा पुनर्वास कार्यों में किसी भी स्तर पर कोताही नहीं बरती जाए ताकि आम जनमानस को किसी भी तरह की असुविधा नहीं हो। आरएस बाली ने इन क्षेत्रों में सार्वजनिक सुविधाओं और निजी संपत्ति को हुए नुकसान का निरीक्षण कर विभागीय अधिकारियों को तुरंत इनकी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। नुकसान का करें त्वरित आकलन आरएस बाली ने कहा किकि प्रभावित क्षेत्रों में सड़कें, जल आपूर्ति और बिजली को रिस्टोर करने के लिए भी विभागों द्वारा युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने इस दौरान लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग और बिजली बोर्ड के अधिकारियों को और अधिक तेज गति से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को आपदा से प्रभावित लोगों को त्वरित सहायता उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देश हैं कि आपदा के कारण आम जनमानस को हुए नुकसान का त्वरित आंकलन कर उन्हें राहत उपलब्ध करवाई जाए। बेघर हुए परिवारों को गृह निर्माण के लिए मदद का करें प्रावधान आरएस बाली ने कहा कि जिन लोगों के घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं प्रशासन अधिकारियों को उनको गृह निर्माण के लिए प्राथमिकता के आधार पर धन उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं ताकि इन परिवारों के रहने की उचित व्यवस्था हो सके। उन्होंने कहा कि इस संबंध में स्वयं नियमित तौर पर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करेंगे। मुमता पंचायत निवासी चंपा देवी के घर के पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होने पर आरएस बाली ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्राथमिकता के आधार पर उनको रहने के लिए मकान का निर्माण करवाया जाए इसके साथ ही मुमता पंचायत में गांव के मुख्य रास्ते पर बनी हुई पुलिया को जल्द से जल्द बनने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। उस्तेड़ कालीजन में स्कूटर से पहुंचे आरएस बाली उस्तेड़ कालीजन में रास्ता संकरा होने की बजह से नुक्सान का जायजा लेने के लिए आरएस बाली स्कूटर के माध्यम से पहुंचे। आरएस बाली ने कहा कि नगरोटा की हर पंचायत के लोग उनके परिवार की तरह हैं तथा आपदा की इस घड़ी में लोगों के साथ दिन रात खड़े हैं तथा अधिकारियों को भी लोगों को बेहतर सुविधाएं देने के निर्देश दिए गए हैं। इन पंचायतों में लिया जायजा आरएस बाली ने नगरोटा विस क्षेत्र की मुमता उस्तेहड़, कालीजन, मंगरेला, लूना, सरोत्री, सुन्नी, केरटा, बुस्सल और रतियाड़ इत्यादि पंचायतों में बारिश से हुए नुक्सान का जायजा लिया तथा लोगों की समस्याएं भी सुनीं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने आज सोलन जिला के कंडाघाट उप मंडल की ग्राम पंचायत ममलीग के गांव जडोन में गत दिनों से भारी वर्षा से प्रभावित जमना देवी के परिवार को राज्य आपदा निधि के तहत 15 लाख रुपये की राहत राशि का चेक भेंट किया। गत दिनों भारी वर्षा एवं भूस्खलन के कारण जमुना देवी के परिवार के 7 सदस्यों की दु:खद मृत्यु हो गई थी। इस आपदा में उनका मकान भी क्षतिग्रस्त हो गया था। डॉ. शांडिल ने इस अवसर पर कहा कि अपनों की मृत्यु के कारण उपजे दु:ख एवं खालीपन को कभी नहीं भरा जा सकता। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के संवदेनशील नेतृत्व में प्रदेश सरकार यह प्रयास कर रही है कि प्रभावितों के ज़ख्मों पर मरहम लगाकर उनके दु:ख को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रभावितों के साथ है और समयबद्ध राहत एवं पुनर्वास सुनिश्चित बनाना प्रदेश सरकार का उद्देश्य है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस हृदय विदारक समय में प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू स्वयं प्रभावित परिवार का दु:ख साझा करने जडोन पहुंंचे। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इससे पूर्व पीड़ित परिवार को एक लाख रुपए की फौरी सहायता राशि प्रदेश सरकार की ओर से प्रदान की जा चुकी है।


















































