भाजपा संगठनात्मक जिला देहरा के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने कहा कि रक्षाबंधन के त्योहार पर घरेलू गैस सिलेंडर के दाम 200 रुपये घटाकर पीएम मोदी ने बहनों को बड़ा तोहफा दिया है। इसी प्रकार उज्ज्वला योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को सिलेंडर 400 रुपये सस्ता मिलेगा। इस निर्णय का हम स्वागत एवं अभिनंदन करते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार को केंद्र सरकार से सीखना चाहिए कि किस प्रकार से जनता के पक्ष में काम किया जाता है। जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे देश भर और प्रदेश को राहत देने का कार्य कर रहे हैं वहीं वर्तमान कांग्रेस सरकार डीजल में वैट बढ़ोतरी कर प्रदेश में महंगाई को बढ़ावा दे रही है। केंद्र की मोदी सरकार पूरे देश भर में 75 लाख नए उज्ज्वला कनेक्शन भी बांटेगी। उज्जवला योजना के तहत अब तक देश में 9.5 करोड़ से ज्यादा कनेक्शन दिए जा चुके हैं। सरकार ने इस योजना की सब्सिडी पर वित्त वर्ष 2022-23 में कुल 6,100 करोड़ रुपए खर्च किए थे। योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा होती है। उन्होंने कहा की प्रदेश के प्रत्येक घर में एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध करवाने के उद्देश्य हिमाचल प्रदेश की पूर्व जयराम सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश गृहिणी सुविधा योजना का शुभारंभ किया गया था। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा इस योजना को 26 मई 2018 को लांच किया गया था। इस योजना के माध्यम से गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले नागरिकों को निशुल्क गैस कनेक्शन प्रदान किए गए थे। केंद्र सरकार द्वारा भी ऐसी ही एक योजना का संचालन किया जाता है जिसका नाम उज्जवला योजना है। उज्जवला योजना के माध्यम से भी निशुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध करवाए जाते हैं। हिमाचल प्रदेश ग्रहणी सुविधा योजना के माध्यम से उन ग्रहणीयो को गैस कनेक्शन उपलब्ध करवाए जाते हैं जो केंद्र सरकार की उज्जवला योजना के दायरे में नहीं है। गृहिणी सुविधा योजना के संचालन से हिमाचल प्रदेश देश का पहला एलपीजी युक्त एवं धुआं मुक्त राज्य बना है। इसके अलावा धुएं से होने वाली बीमारियों से भी महिलाओं को निजात मिली है। प्रदेश में उज्जवला योजना के अंतर्गत 21.81 करोड़ रुपए की लागत से 1.36 लाख निशुल्क घरेलू कनेक्शन प्रदान किए गए हैं एवं हिमाचल प्रदेश सरकार की ग्रहणी सुविधा योजना के माध्यम से 120 करोड़ रुपए की लागत से 3.23 लाख ग्रहणीयो को गैस सिलेंडर प्रदान किए गए हैं। उन्होंने कहा की वैश्विक एलपीजी बेंचमार्क (दाम) अप्रैल 2020 से अप्रैल 2022 के दौरान 303त्न बढ़ गई थीं तब मोदी सरकार इस दौरान देश में एलपीजी की कीमतें केवल 63त्न बड़ाने दी। यह दिखाता है कि केंद्र की मोदी सरकार ने किस प्रकार से जनता को रात देने के लिए उत्तम कार्य किया।
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) 3 सितंबर को मंडी जिला मुख्यालय में एनडीए, एनए-2 तथा सीडीएस-2 की परीक्षा आयोजित करने जा रहा है। सदर मंडी में इस परीक्षा के लिए राजकीय वल्लभ महाविद्यालय मंडी, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान मंडी, राजकीय विजय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, मंडी, डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल, मंडी, कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, मंडी तथा इंडस ग्लोबल स्कूल जरल, मंडी में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा को शांतिपूर्वक व सुचारू रूप से सम्पन्न करवाने के लिए 3 सितंबर को सदर मंडी मुख्यालय के संबंधित परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा-144 लागू रहेगी। इस बारे एसडीएम सदर मंडी ओम कांत ठाकुर ने शुक्रवार को आदेश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि 3 सितंबर को संबंधित परीक्षा केंद्रों के आसपास किसी भी सामाजिक, सांस्कृतिक व राजनीतिक कार्यक्रम, जुलूस, रैलियों, नारेबाजी, धरना प्रदर्शन आदि पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने बताया कि परीक्षा के दिन यानी 3 सितंबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक संबंधित परीक्षा स्थलों के आसपास लाउड स्पीकरों के उपयोग, परीक्षा स्थलों के आसपास निर्माण, टेंट स्टेज लगाने, तोड़ने आदि के काम पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने बताया कि इस दिन परीक्षा केंद्रों में किसी प्रकार के हथियार, लाठियां, गोला बारूद, तलवार, घातक उपकरण आदि ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
साईं इंटरनेशनल स्कूल में आज फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें नर्सरी व केजी के बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। प्रतियोगिता में बच्चों ने पुलिस अधिकारी, चंद्रयान 3, डॉक्टर, पीएम नरेंद्र मोदी, भारत माता, साई बाबा, बेटी बचाओ के साथ ही सैनिक के रूप में अपनी भूमिकाओं को निभाया। इस अवसर पर बच्चों में आत्मविश्वास दिखा। इस आयोजन पर स्कूल के डायरेक्टर रमिंदर बावा ने अपने संबोधन में बच्चों की प्रशंसा की और अभिभावकों को प्रोत्साहित किया कि वे अपने बच्चों को आगे भी स्कूल के इस तरह के कार्यक्रम में भाग लेने के लिए प्रेरित करें। फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता बच्चों के अंदर छुपी हुई प्रतिभा को उभार कर सामाजिक, बौद्धिक और नैतिक मूल्यों का विकास कराती है।
राजस्व मंत्री ने 'विस्थापन का दंश' पुस्तक का किया विमोचन राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज यहां राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ पौंग बांध विस्थापितों के पुनर्वास के संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्ष की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पौंग बांध विस्थापितों के पुनर्वास के प्रति संवेदनशील है तथा उनकी उचित मांगों को राजस्थान सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। राजस्व मंत्री ने कहा कि पौंग बांध परियोजना के कारण प्रदेश के जिला कांगड़ा में 20722 परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस परियोजना से विस्थापितों को भूमि आवंटित करवाने के लिए प्रयासरत है। इसके अलावा शेष विस्थापितों को एकमुश्त राहत उपलब्ध करवाने पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में समय-समय पर बैठकें आयोजित की जाएं ताकि विस्थापितों की मांगों का समय पर समाधान किया जा सकें। इस अवसर पर जगत सिंह नेगी ने उपायुक्त (राहत एवं पुनर्वास) राजा का तालाब तलवाड़ा, डॉ. संजय कुमार धीमान द्वारा विस्थापितों के जीवन तथा राहत व पुनर्वास प्रक्रिया पर लिखित पुस्तक 'विस्थापन का दंशÓ का विमोचन भी किया। यह पुस्तक भारत में विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं को समय पर पूर्ण करने के लिए विस्थापितों के त्याग को समर्पित है। राजस्व मंत्री ने प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा से भी विस्थापितों के पुनर्वास के संबंध में चर्चा की। बैठक में शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया ने विस्थापितों से संबंधित विभिन्न मांगों से अवगत करवाया। संयुक्त सचिव राजस्व बलवान चंद तथा सहायक आयुक्त कांगड़ा सुभाष गौतम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने प्रतिभाशाली युवा लेखिका, पाइनग्रोव स्कूल धर्मपुर की कक्षा सातवीं ए की छात्रा रेवा कश्यप द्वारा लिखित 'ड्रीम कैचरÓ नामक लघु कहानियों के एक आकर्षक संग्रह का अनावरण किया। विमोचन कार्यक्रम प्रतिष्ठित राजभवन में हुआ, जहां राज्यपाल शुक्ला ने रेवा की उल्लेखनीय रचनात्मकता और कहानी कहने की क्षमता की सराहना की। 'ड्रीम कैचरÓ ऐसा काव्य है, जिसमें 18 लघु कथाएं शामिल हैं, जो अपने पाठकों को कल्पना के एक आकर्षक क्षेत्र में ले जाता है। ड्रीम कैचर के साथ रेवा कश्यप ने मनोरम कहानियों को गढ़ने की क्षमता प्रदर्शित की है, जो न केवल वास्तविकता और कल्पना के बीच की खाई को पाटती है, बल्कि उम्र की बाधाओं को भी पार करती है। वह सभी उम्र के पाठकों को अपने अनूठे सपनों की खोज के लिए प्रेरित करती है, जो धीरे-धीरे हमें जीवन जीने का सबक सिखाते हैं। सात वर्षीय रेवा दिन में देखती और पढ़ती थी और रात में सपना देखती थी। उसकी सुबहें उसके सपनों की ओस से छलकी हुई थीं। उसने यादें बनाने के लिए उन्हें शब्दों में व्यक्त करना शुरू कर दिया, इस बात से अनजान कि सात साल की उम्र में वह अपनी पहली किताब लिख रही थी। यह दस साल की उम्र तक चलता रहा। कहानियां एकत्र की गईं और उसके सपने दिन की रोशनी देखने के लिए तैयार थे। अत: 'ड्रीम कैचरÓ पुस्तक रैक पर आ गई। उनकी कहानियों की मासूमियत मूल्यों को उजागर करती है और बच्चों की दुनिया को समझाती है। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने रेवा कश्यप की उनके उत्कृष्ट प्रथम कार्य के लिए सराहना की। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे उनकी कहानियां हास्य, रहस्य और मानवीय भावनाओं का समृद्ध मिश्रण हैं, जो उन्हें सभी के लिए दिलचस्प बनाती हैं। रेवा की निर्जीव वस्तुओं, फलों और सब्जियों को संबंधित मानवीय गुणों से जोड़ने की अद्वितीय क्षमता उनके असाधारण लेखन का परिचायक है। राज्यपाल शुक्ल ने साहित्य जगत में रेवा की शुरुआती उपलब्धि की सराहना की और उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने रेवा की रचनात्मक यात्रा में सहयोग देने में उनकी मां शालिनी शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका को सराहा एवं उन्हें बधाई ज्ञापित की। यह पुस्तक चंडीगढ़ में प्रमुख बुकस्टोर्स और ऑनलाइन अमेज़न पर खरीदने के लिए उपलब्ध है। पाइनग्रोव स्कूल के कार्यकारी निदेशक कैप्टन ए जे सिंह, प्रबंधन प्रमुख मिस समीक्षा सिंह, स्पेशल एजुकेटर मिस श्रिया, प्रधानाचार्य संजय चौहान, हैड एलीमेंट्री डॉ किरण अत्री एवं अन्य अधिकारियों नें भी रेवा एवं उनकी माता शालिनी शर्मा को बधाई दी।
जिला परिषद सदस्य सरस्वती नगर जुब्बल व अध्यक्ष कृषि बागवानी व उद्योग कमेटी जिला शिमला कौशल मुंगटा ने हाटकोटी में क्षेत्र की पहली लाइब्रेरी का शुभारंभ किया, जिसमें पचास से साठ बच्चों के बैठने की व्यवस्था की गई है। मुंगटा का कहना है कि रोहित ठाकुर के सहयोग व जिला परिषद निधि से क्षेत्र में बनने वाला ये पहला पुस्तकालय है, जो की शिक्षा क्षेत्र में एक नई क्रांति ले कर आएगा। उन्होंने कहा कि चुनावों में केवल पुस्तकालय खोलने का वादा किया था, जिसको पूरा कर दिया गया है और कुछ अन्य पंचायतों को भी 50-50 हजार की प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकों के लिए भी जिला परिषद निधि दी गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब छात्र व छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तके उपलब्ध हो सकें व वो भी सभी के साथ मिलकर आगे बढ़ सकें। मुंगटा ने आगे कहा कि ये पुस्तकालय तो केवल शुरआत है, अगर जगह मिली तो आने वाले समय में ऐसे और पुस्तकालय बनाने का प्रयास किया जाएगा और युवाओं के प्रोत्साहन के लिए कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्रों को पुस्तकालय की सुविधा न होने की वजह से शिमला या चंडीगढ़ का रुख करना पड़ता था, जिस वजह से गरीब छात्र पीछे रह जाता था जो कि अब नहीं होगा। मुंगटा का कहना है कि इस पुस्तकालय के अलावा उन्होंने युवाओं के लिए दो वर्षों में अपनी निधि से विभिन्न पंचायतों में मैदानों के लिए भी 10 लाख से ऊपर की राशि खर्च की है तथा सरकार के विभिन्न उपक्रमों से शिक्षा मंत्री के माध्यम से लाखों की राशि क्षेत्र के प्रदान की है। उन्होंने आगे कहा कि जिला परिषद सदस्य की जितनी शक्तियां हैं, उस लिहाज से युवाओं के लिए समर्पित हो कर कार्य किया जा रहा है और आगे भी प्रयास जारी रहेंगे,आने वाले समय में शिक्षा मंत्री जी से क्षेत्र में स्वर्गीय रामलाल ठाकुर के नाम से एक भव्य राज्य पुस्तकालय खोलने का भी आग्रह किया जाएगा। उन्होंने अपने कार्यों का ब्योरा देते हुए आगे कहा है कि उनके माध्यम से क्षेत्र में दो वर्षों में 50 लाख से ऊपर के कार्य मात्र जिला परिषद निधि से हो चुके हैं तथा अन्य विभागों के माध्यम से भी लाखों के काम चल रहे हैं। इस अवसर पर उन्होंने ब्लॉक के बीडीओ व पंचायत के सभी प्रतिनिधियों का आभार जताया, जिन्होंने इस कार्य में उनकी मदद की। इस मौके पर बीडीओ जुब्बल करण सिंह, पूर्व जिला परिषद सदस्य व बीडीसी अध्यक्ष मोती लाल सिथटा, पूर्व बीडीसी उपाध्यक्ष जुब्बल कोटखाई संदीप सेहटा, पंचायत समिति सदस्य प्रेम लता गांगटा, प्रधान सरस्वती नगर दीपना राजटा, उप प्रधान हरीश चांजटा, सचिव धन दास व ब्लाक के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राजभवन में प्रसिद्ध पार्श्व गायिका अलका याग्निक द्वारा स्वरबद्ध किए 'हिमाचली स्वैग-पाणी री टंकीÓ गीत जारी किया। हिमाचली गायक दिलीप चौहान ने भी इसमें अपनी आवाज दी है। इस अवसर पर राज्यपाल ने दिलीप चौहान को बधाई देते हुए कहा कि हिमाचली संस्कृति, बोली, रीति-रिवाज और पहनावा अति समृद्ध है। उन्होंने कहा कि संस्कृति के संवर्द्धन में उनके प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिकता के साथ-साथ अपनी संस्कृति को संरक्षित रखते हुए भावी पीढ़ियों को इससे अवगत करवाना आवश्यक है। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा भी उपस्थित थे।
उपमंडल संगडाह के तहत आने गांव ठोठा के आर्यन ने मात्र 10 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। ठोठा निवासी हरदेव के छोटे बेटे आर्यन की दो महीने पहले अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। परिजनों ने उसे पीजीआई चंडीगढ़ दिखाई डॉक्टरी जांच के बाद पता चला कि बच्चे को ब्रेन ट्यूमर से ग्रस्त है। परिजनों ने हिम्मत नहीं हारी परिजनों ने नियमित तौर पर उपचार जारी रखा, लेकिन बीते वीरवार को प्राथमिक पाठशाला और नोहराधार में चौथी कक्षा में पढ़ने वाले आर्यन कि अचानक फिर तबीयत बिगड़ी तो किराये के कमरे में ही दम तोड़ दिया। माता-पिता हरदेव और जानकी देवी ने गांव से दूर इसीलिए कमरा लिया था, ताकि स्कूल जाने के लिए दूर न पड़े। बेटे के निधन पर परिवार पर दुखों का पहाड़ टुट गया है। ग्राम पंचायत चोकर प्रधान ने इस बच्चे के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरुवार देर सायं सभी उपायुक्तों के साथ एक वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता की और उन्हें अपने जिलों में भारी बारिश से हुए नुकसान का तीन दिन के भीतर आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने आपदा प्रभावितों की सहायता के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए अधिकारियों को राहत व पुनर्वास कार्यों मेें तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों से क्षति की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उपायुक्त जिलों में क्षति का मूल्यांकन कर सम्बंधित क्षेत्रों को आपदा प्रभावित क्षेत्र का दर्जा प्रदान करें। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को राहत राशि के उचित वितरण के लिए एसडीएम और उपायुक्तों सहित राजस्व अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के कारण हुई तबाही के दृष्टिगत राज्य सरकार ने एक विशेष राहत पैकेज की घोषणा की है। इसमें प्रभावितों की सहायता के लिए दस गुणा तक बढ़ा मुआवजा प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व में पक्के मकान को आंशिक क्षति पर 12,500 रुपये और कच्चे घर को आंशिक क्षति होने पर 10,000 रुपये की राहत राशि दी जाती थी। लेकिन प्राकृतिक त्रासदी के कारण हुए नुकसान को देखते हुए सरकार ने इसे बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया है। उन्होंने कहा कि पहले दुकानों और ढाबों को हुए नुकसान के मुआवजे के रूप में सामान के बदले केवल 10 हजार रुपये की आंशिक आर्थिक सहायता मिलती थी जिसे अब राज्य सरकार ने दस गुना बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया है। इसके अलावा, नए प्रावधानों के अनुसार दुधारू और भारवाहक मवेशियों की मृत्यु पर प्रति पशु 55,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी और भेड़, बकरी और सुअर की मृत्यु की स्थिति में वित्तीय सहायता को 4000 रुपये से बढ़ाकर 6000 रुपये कर दिया गया है। प्रदेश में धंसते क्षेत्रों के संबंध में चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह की प्राकृतिक आपदा के कारण उत्पन्न स्थितियों का गहन अध्ययन करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिन प्रभावितों की सम्पत्ति पूर्ण रूप से नष्ट हो गई है, उन्हें पर्याप्त सहायता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि ईमारती लकड़ी और ईंधन की लकड़ी की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार ने प्रदेश से बाहर इनके निर्यात पर प्रतिबंध लगाया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के इस आदेश की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने आपदा के दौरान उपायुक्तों द्वारा किए गए त्वरित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की प्रतिबद्धता के फलस्वरूप 48 घंटों के भीतर विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति बहाल की गई। उन्होंने कहा कि अब विभाग सड़कों की मरम्मत पर विशेष ध्यान दे ताकि किसान अपनी उपज समयबद्ध बाजार तक पहुंचा सकें। उन्होंने कहा कि सड़कों को बहाल करने के लिए मशीनें किराये पर लेने में धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। बैठक में प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा, प्रधान सचिव लोक निर्माण भरत खेड़ा, प्रधान सचिव वित्त मनीष गर्ग, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निदेशक डीसी राणा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
चिंतपूर्णी के विधायक सुदर्शन सिंह बबलू ने आज यहां श्री माता चिंतपूर्णी मंदिर न्यास की ओर से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को आपदा राहत कोष के लिए 2 करोड़ रुपये का चेक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने मंदिर न्यास का इस पुनीत कार्य के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विभिन्न मंदिर न्यास व प्रदेश के लोग आपदा राहत कोष में उदारतापूर्ण अंशदान कर रहे हैं। यह राशि प्राकृतिक त्रासदी से प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने में सहायक होगी।
पुलिस अधीक्षक कांगड़ा शालिनी अग्निहोत्री ने बताया कि गगल में प्राइवेट मेडिकल स्टोर से निषेध ड्रग्स पकड़े गए हैं। इसके साथ ही एक होलसेल स्टोर है, जिससे भी सप्लाई की जा रही है। स्टोर में आठ घंटे तक पुलिस की ओर से छानबीन की गई। इसमें एटीजोमाल, ट्रमाडोल, साइकोजोंन सहित अन्य निषेध को बेचा जा रहा है, जिसमें 1629, 935 टैबलेट, 10 इंजेक्शन सहित अवैध स्टॉक एनडीपीएस एक्ट के तहत सीज किया गया है। साथ ही गगल पुलिस थाना में मामला दर्ज किया गया है। इसमें मेडिकल स्टोर के ऑनर को अरेस्ट किया गया है, जिसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। एसपी शालिनी अग्निहोत्री ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
मणिमहेश यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण के बाद अब शुक्रवार से ऑफलाइन पंजीकरण भी शुरू हो गया, जो 26 सितंबर तक चलेगा। 1,050 जवानों के हवाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था का जिम्मा होगा। इनमें पुलिस के 700 और होमगार्ड के 350 जवान शामिल रहेंगे। पूर्व की तरह इस बार भी यात्रा 13 सेक्टरों में विभाजित रहेगी। मणिमहेश यात्रा प्रशासनिक तौर पर 7 सितंबर से शुरू होगी। देश के कोने-कोने से पवित्र डल झील में डुबकी लगाने के लिए यहां श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। शिवभक्तों की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए जवान दिन-रात तैनात मिलेंगे। वहीं, सीमांत क्षेत्र जेएंडके, लाहडू, तुन्नूहटटी बैरियरों पर भी सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद कर दिया गया है। यात्रा के दौरान तहसील मुख्यालय भरमौर, चौरासी मंदिर, भरमाणी मंदिर, हड़सर से लेकर पवित्र डल तक पुलिस जवान वर्दी और सादे कपड़ों में ड्यूटी में नजर आएंगे। पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव ने बताया कि पवित्र मणिमहेश यात्रा के दौरान पुलिस और गृह रक्षक जवान भरमौर से लेकर पवित्र डल तक तैनात रहेंगे। कहा कि यात्रा के दौरान जाम की स्थिति से निपटने के लिए बाकायदा यातायात टीमें पेट्रोलिंग करती नजर आएंगी। उन्होंने यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं से भी यातायात नियमों का पालन करने की बात कही है।
आपदा के बीच हिमाचल प्रदेश सरकार फिर नया कर्ज लेने जा रही है। राज्य सरकार 500 करोड़ रुपये का नया कर्ज लेगी। इसे आगामी 15 वर्षों में चुकता किया जाएगा। यह ऋण प्रदेश में विकास कार्यों के नाम पर लिया जा रहा है। इसके लिए राज्य सरकार की प्रतिभूतियों को गिरवी रखा जाएगा। भारतीय रिजर्व बैंक इन प्रतिभूतियों को 5 सितंबर को नीलाम करेगा। यह उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश पर वर्तमान में करीब 78 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है। आर्थिक तंगहाली के बीच प्रदेश की स्थिति पहले से ही खराब चल रही है। बरसात ने हिमाचल को पहुंचाया 8657.80 करोड़ का नुकसान उधर, मानसून सीजन में अब तक हिमाचल प्रदेश को 8657.80 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। लोक निर्माण विभाग को सबसे ज्यादा 2932.94 करोड़ रुपये नुकसान का आकलन किया जा चुका है। बाढ़ से प्रदेश में 2527 मकान ढह गए, जबकि 10799 क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं 5607 गोशालाएं और 314 दुकानें ढही हैं।
धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के प्रावधानों के तहत हुई गिरफ्तारियां हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित 250 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के प्रावधानों के तहत की गई हैं। इनमें एएसएएमएस एजुकेशन ग्रुप के पार्टनर राजदीप जोसन और कृष्ण कुमार, केसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट पंडोगा के उपाध्यक्ष हितेश गांधी और प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय की छात्रवृत्ति शाखा के तत्कालीन अधिकारी अरविंद राजटा शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों को विशेष न्यायालय पीएमएलए शिमला में पेश किया गया। न्यायालय ने चारों को पांच दिन के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया। ईडी ने सीबीआई शिमला की ओर से दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की है। आरोप है कि राज्य शिक्षा विभाग, निजी संस्थान और बैंक अधिकारी करीब 250 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति निधि के वितरण में बड़े पैमाने पर गलत विनियोजन में शामिल थे। ईडी की जांच से पता चला कि राजदीप जोसन और कृष्ण कुमार ने मैसर्स एएसएएमएस एजुकेशन ग्रुप एंड स्किल डेवलपमेंट सोसायटी के माध्यम से फर्जी दस्तावेज पेश करके अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित विद्यार्थियों के लिए पोस्ट-मैट्रिक योजना के तहत छात्रवृत्ति घोटाला किया। इसी तरह हितेश गांधी की अध्यक्षता वाले केसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट पंडोगा ने छात्रवृत्ति के लिए फर्जी दावे किए, जिन्हें अरविंद राजटा ने सत्यापित किया। हितेश गांधी ने विद्यार्थियों के बैंक खाते में वितरित छात्रवृत्ति को केसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के बैंक खातों में स्थानांतरित कर दिया। इससे पहले 31 अगस्त को चार राज्यों में 24 स्थानों पर तलाशी ली गई थी। इसमें 4.42 करोड़ रुपये की अंतिम कुर्की आदेश दिया गया था। हिमाचल, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली के 24 स्थानों पर पड़े थे छापे प्रवर्तन निदेशालय ने छात्रवृत्ति घोटाले के मामले में 29 अगस्त को हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली के 24 स्थानों पर इस मामले में छापे मारे थे। ईडी ने इन छापों के दौरान बैंक खातों में 2.55 करोड़ रुपये की अघोषित नकदी जब्त की थी। छात्रवृत्ति घोटाले में संलिप्त आरोपियों ने खोल दिए होटल और शराब के ठेके हिमाचल में सामने आए 250 करोड़ रुपये से अधिक के बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले में संलिप्त कुछ निजी शिक्षण संस्थानों के मालिकों ने होटल और शराब के ठेके भी खोल दिए हैं। इन्होंने इसी बीच जमीन की भी खरीद-फरोख्त की है। सीबीआई की जांच में इसका खुलासा हुआ है। इनके पास आय से अधिक संपत्ति है, जिसे प्रवर्तन निदेशालय जब्त कर रहा है। सीबीआई ने अब तक की जांच के तहत करीब 28 निजी संस्थानों को छात्रवृत्ति घोटाले में संलिप्त पाया है। इनमें से 15 संस्थानों की जांच पूरी हो चुकी है। इनके खिलाफ आरोप पत्र भी दाखिल किए जा चुके हैं। 13 निजी शिक्षण संस्थानों की जांच चल रही है। यह घोटाला 2013 से 2019 के बीच हुआ है। पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर छात्रवृत्ति हुई जारी सीबीआई जांच में खुलासा हुआ है कि छात्रवृत्ति घोटाले को लेकर हर स्तर पर अनियमितताएं बरती गईं। आपसी मिलीभगत से निजी संस्थानों को पहले आओ और पहले पाओ के आधार पर छात्रवृत्ति के लिए बजट जारी हुआ। यही कारण रहा है कि छात्रवृत्ति का 80 प्रतिशत बजट निजी और 20 प्रतिशत बजट सरकारी संस्थानों को जारी हुआ।
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के भरमौर से भाजपा विधायक डॉ. जनक राज के जन्मदिन पर आईएएस अफसर के खिलाफ वायरल पत्र बम मामले में पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। यह पत्र शिमला डाकघर से पोस्ट कर भाजपा विधायक के शिमला स्थित आवास के पते पर भेजा गया। 15 अगस्त को विधायक का जन्मदिन था। अपने विधानसभा क्षेत्र भरमौर में विधायक कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ जन्मदिन मनाने पहुंचे। वहां पुलिस की गिरफ्त में आए एक आरोपी ने मोबाइल से पत्र की फोटो खींची और वायरल कर दी। उधर, विधायक ने पुलिस का सहयोग करते हुए पत्र के लिफाफे को एक जानकार के माध्यम से शिमला के बालूगंज थाना को सौंप दिया। अब यह लिफाफा केस प्रॉपर्टी के तौर पर पुलिस ने रख लिया है। लिफाफे पर विधायक का नाम और उनकी रिहायश का पता लिखा है। इस पर डाक विभाग की मुहर भी लगी है। शुरुआती जांच में अंदेशा जताया जा रहा है कि पत्र शिमला में लिखा गया और चंबा से वायरल किया गया। कंप्यूटर पर पत्र लिखा, बाद में इसका प्रिंट लिया और लिफाफे पर नाम व पता पेन से लिखा गया है। सारे सबूत मिलने पर अब पुलिस हैंडराइटिंग के सैंपल लेगी। शिमला शहर में 29 लेटर बॉक्स हैं। इनमें कुछ लेटर बॉक्स ही ऐसे हैं, जिनके आसपास सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। पुलिस जांच कर रही है कि यह पत्र कहां से पोस्ट किया होगा। इसमें सीसीटीवी फुटेज का भी सहारा लिया जाएगा। पुलिस इस मामले में करीब 70 फीसदी जांच पूरी कर चुकी है। उधर, एसपी शिमला संजीव गांधी ने कहा कि हर पहलू पर तफ्तीश की जा रही है। सीएम सुक्खू से मिले विधायक बीते दिन विधायक जनकराज सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मिले और कहा कि पत्र से उनका लेना-देना नहीं है। यह पत्र उनके पते पर डाक से आया। इसे वायरल करने में उनका हाथ नहीं है। विधायक ने अमर उजाला को बताया कि भाजपा और उनको मामले में जबरदस्ती घसीटा जा रहा है। वह विपक्ष में हैं, अगर कोई मुद्दा उठाना होगा तो वह छिपकर नहीं, बल्कि सामने आकर सवाल उठाएंगे। वह चुने हुए जनप्रतिनिधि हैं। यह कांग्रेस के असंतुष्ट लोगों का काम है, जो छिपकर अपनी ही सरकार के खिलाफ लामबंद हैं और ठीकरा भाजपा पर फोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वक्त आने पर पूरा जवाब देंगे। पत्र बम मामला बीते दिनों वायरल पत्र में एक निजी कंपनी से करोड़ों के लेनदेन के आरोप लगे थे। पत्र में हाईप्रोफाइल पार्टी और कॉल गर्ल्ज तक का उल्लेख है। पत्र में एक आईएएस अफसर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्र सीबीआई निदेशक को प्रेषित करने का दावा किया गया। पत्र अनमोल सिंह ठाकुर के नाम से जारी हुआ, जबकि इस नाम का कोई अधिकारी व कर्मचारी नहीं है। आईएएस अफसर ने थाना बालूगंज में एफआईआर दर्ज करवाई। उसके बाद पुलिस ने पत्र वायरल करने वाले मुख्य आरोपी को जिला चंबा से हिरासत में लिया।
उपमंडल जयसिंहपुर में 33 के. वी. कंगेहन-जयसिंहपुर लाईन के जरूरी रखरखाव के दृष्टिगत कुछ क्षेत्रों में 2 सितम्बर को बिजली गुल रहेगी। सहायक अभियंता सुशील शर्मा ने जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि गाँव जयसिंहपुर, संघोल, हारसी, करनघट, हड़ोट, लोअर लम्बागाँव, अप्पर लम्बागाँव, तलवाड, कोटलू, नाहलना, धुपकियारा, कोसरी, सुआं, उतरापुर व आसपास के गाँवो में सुबह 9:00 बजे से काम समाप्त होने तक विधुत आपूर्ति बाधित रहेगी।
वीरवार को SFI हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने कुछ छात्र मांगों को लेकर विश्वविद्यालय के प्रधानाचार्य को एक ज्ञापन सौंपा। SFI इकाई ने विश्वविद्यालय में पीजी कक्षाओं को शीघ्र शुरू करने की मांग की ताकि जो शैक्षणिक सत्र पहले से ही लेट है उसको वापिस सही समय पर शुरू किया जा सके। कोरोना महामारी के कारण शैक्षणिक सत्र काफी लेट हो गया था और इसको वापिस लाने के लिए शीघ्र से शीघ्र कक्षाओं को शुरू करना जरूरी है। निर्माण कार्यों में तेज़ी लाने की मांग दूसरी मुख्यमांग में SFI इकाई ने विश्वविद्यालय में व विश्वविद्यालय के छात्रावासों में जितने भी नवीकरण के कार्य पिछले लंबे समय से चल रहे हैं फिर चाहे वह भवन निर्माण के कार्य हो या लिफ्ट निर्माण के हो इन सभी निर्माण कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने की बात कही है। विश्वविद्यालय में पिछले लंबे समय से जगह-जगह लिफ्ट निर्माण के कार्य चले हुए हैं उसमें से कई लिफ्ट बन चुकी है परंतु अभी भी कुछ एक लिफ्ट बंद पड़ी है। आर्ट्स ब्लॉक की लिफ्ट जब से बनी है तब से ये लिफ्ट सुचारु नहीं है। उस लिफ्ट को भी शीघ्रता से चलाया जाने की मांग गई है। B.Ed के काउंसलिंग शेड्यूल को जारी करने की मांग तीसरी मुख्य मांग में SFI इकाई का कहना था कि B.Ed की प्रवेश परीक्षा बहुत पहले हो चुकी है, परंतु उसका काउंसलिंग शेड्यूल अभी तक जारी नहीं किया गया है। B.Ed के काउंसलिंग शेड्यूल को जल्द से जल्द जारी करने की मांग के साथ साथ उन्होंने कहा कि समय पर कक्षाएं शुरू होंगी तो शैक्षणिक सत्र में भी देरी नहीं होगी। SFI इकाई ने बताया कि विश्वविद्यालय के प्रधानश्चार्य ने आश्वासन दिया है कि इन सब मांगों पर प्राथमिकता से कार्रवाई की जाएगी और कुछ दिनों में ही इन सभी मांगों को पूरा किया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार निर्वाचक नामावली को शुद्ध एवं त्रुटिरहित व अद्यतन बनाए रखने के उदेश्य से बी.एल.ओ. द्वारा 21-07-2023 से अपने मतदान क्षेत्र के अन्तर्गत घर-घर जाकर फोटोयुक्त मतदाता सूचियों में विद्यमान प्रविष्टियों के सत्यापन का कार्यक्रम आरम्भ किया गया था जो कि दिनांक 21-08-2023 तक चला। इस दौरान 01-10-2023 की अहर्ता तिथि के आधार पर 18 वर्ष से अधिक आयु प्राप्त कर चुके 32,403 मतदाताओं की पहचान कर प्रारूप 6 पर आवेदन प्राप्त कर लिये गये है। सत्यापन के दौरान 18,445 मतदाता अनुपस्थित व 41,488 स्थानान्तरित मतदाता चिन्हित किये गये। इसके अतिरिक्त मतदाता सूची में 3,335 दोहरे रूप से पंजीकृत, व 40,939 मृत मतदाताओं की पहचान की गई तथा फोटो मतदाता सूची में 21,723 मतदाताओं की खराब व धुन्धली फोटो को रंगीन फोटो से परिवर्तित करने हेतु पहचान की गई। इसके अतिरिक्त उन्होने यह भी बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार हिमाचल प्रदेश के समस्त 68 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के मतदान केन्द्रों के भौतिक सत्यापन का कार्यक्रम भी समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों, समस्त निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों एवं उप-मण्डलाधिकारी की देख रेख में दिनांक 22-08-2023 से 31-08-2023 तक चलाया गया था। उन्होंने कहा कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 25 के प्रावधानुसार 2 से 8 सितम्बर, 2023 तक मतदान केंद्रों की सूचियां प्रारूप में प्रकाशित की जायेंगी। यह सूचियां समस्त जिला निर्वाचन कार्यालयों, समस्त निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी एवं उप-मण्डलाधिकारी (नागरिक), समस्त तहसीलों व उप-तहसीलों के कार्यालयों में जनसाधारण के निःशुल्क निरीक्षण के लिए उपलब्ध रहेेंगी। इस दौरान यह सूचियां https://ceohimachal.gov.in पर भी देखी जा सकती हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि प्रदेशवासी मतदान केंद्रों के युक्तिकरण के सम्बंध में अपनी कोई आपत्ति अथवा परामर्श 2 से 8 सितम्बर, 2023 तक अपने जिले से सम्बंधित जिला निर्वाचन अधिकारी (जिलाधीश), निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (एडीएम/एसडीएम) के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।
चंबा के तेलका में एक निजी कंपनी चिटफंड में करीब डेढ़ करोड़ का घपला करने के बाद रफूचक्कर हो गई है। करीबन पांच साल पहले खुली इस कंपनी के कार्यालय में निवेशकों ने लगभग डेढ़ करोड़ जमा करवाए थे। प्रभावितों का आरोप है कि तेलका में पांच वर्ष पहले खुली निजी कंपनी की शाखा के कर्मचारियों ने लोगों से लुभावने वादे किए। उन्होंने जमा राशि पर ब्याज की दर 12 प्रतिशत देने की बात कही। स्थानीय और जिला मुख्यालय के कर्मचारियों के कंपनी कार्यालय में तैनात होने से लोगों ने विश्वास में आकर एफडी और आरडी के तौर पर राशि जमा करवा दी। बताया कि शाखा खुलने के तीन-चार साल तक लोगों के साथ लेनदेन सही चलता रहा। अब शाखा बंद हो गई है। जमा राशि को वापस किए बिना कंपनी को बंद कर कर्मचारी फरार हो गए हैं। प्रभावितों ने तेलका थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई है। आवेदक अब कंपनी पर कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव ने बताया कि पुलिस को शिकायत मिली है। पुलिस छानबीन के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाएगी।
ग्रामीणों ने जेसीबी मशीन से शटर तोड़कर बुझाई आग सिरमौर जिला के उपमंडल संगड़ाह के अंतर्गत आने वाले गांव बड़ग में दुकानों में लगी आग की चपेट में आने से इंद्र सिंह नामक दुकानदार का परिवार बाल-बाल बचा। इंद्र सिंह ने बताया कि गत रात्रि करीब साढ़े 10 बजे 3 मंजिला भवन की पहली मंजिल में दुकानों में आग लगने के बाद धुएं की दुर्गंध से उन्हें घटना का पता चला। वह खुद तो जैसे तैसे धुएं के बीच नीचे उतर गए, मगर परिवार के बाकी सदस्यों को जान बचाने के लिए छत पर चढ़ना पड़ा और दूसरी तरफ से जैसे-तैसे उन्हें सुरक्षित निकाला गया। क्षेत्र में आज तक करीब 60 किमी दूर जिला मुख्यालय नाहन से 1 बार भी दमकल विभाग का वाहन अथवा कर्मचारी आग बुझाने नहीं पहुंचे और केवल सीएम जैसे वीआईपी के प्रवास के दौरान उक्त लाल गाड़ी हेलीपैड पर पानी छिड़कती दिखती है। अन्य इलाकों की तरह यहां भी दमकल विभाग अथवा पुलिस प्रशासन से कोई मदद नहीं मिली। स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत जेसीबी मशीन से दोनों दुकानों के शटर तोड़ डाले। इसके बाद पीने के पानी की पाइप जोड़कर जान जोखिम में डालकर गांव वालों ने खुद ही आग बुझाई। सिविल उपमंडल संगडाह में कहीं भी दमकल स्टेशन न होने से हर साल अग्निकांड से लाखों और कई बार करोड़ों का नुकसान होता है। दमकल विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2019 में हालांकि संगड़ाह में अग्नि चौकी के लिए प्रस्ताव भेजा गया था, मगर प्रदेश सरकार ने आज तक इसे मंजूरी नहीं दी। एसडीएम संगड़ाह सुनील कायथ ने बताया कि नायब तहसीलदार व पटवारी को भेजकर पीड़ित परिवार को 10,000 की फौरी राहत जारी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि औपचारिकताएं पूरी होने पर प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित राशि जारी की जाएगी।
नेता प्रतिपक्ष बोले-सरकार बने बीत चुका 9 माह का समय, लेकिन कब पूरी होगी कांग्रेस की गारंटी नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर हमला करते हुए कहा कि सरकार को बने नौ माह से ज्यादा का समय हो गया है और कांग्रेस ने अब तक एक भी गारंटी को पूरा नहीं किया है। रक्षा बंधन आ गया है, तो मुख्यमंत्री महोदय प्रदेश की माताओं-बहनों से किए गए वादे को ही पूरा कर दें। रक्षा बंधन में हर भाई अपनी बहन को तोहफे देते हैं। ऐसे में मौका और दस्तूर दोनों हैं जब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रदेश की माताओं बहनों को रक्षाबंधन के तोहफे के रूप में हर महिला को 1500 रुपये प्रति महीना देने की गारंटी पूरी करें। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव के समय बड़े-बड़े दावे किए थे। प्रदेश के लोगों को दस गारंटिया भी दी थी। जिसमें से एक गारण्टी प्रदेश की 18 से 60 साल की महिलाओं को हर महीनें 1500 रुपए देने की गारण्टी भी थी। कांग्रेस के सभी नेता जनता के बीच जाकर अपनी अपनी भाषा में 'घर में एक महिला होगी तो डेढ़ हजार, दो होगी तो तीन हजार, चार होगी तो छह हजार का नारा भी दिया था। हद तो तब हो गई थी जब कांग्रेस के नेताओं ने इसके लिए महिलाओं से फर्जी फॉर्म भी भरवा लिए थे। हिमाचल की राजनीति में प्रदेश की जनता से इस तरह का छल आज तक किसी ने नहीं किया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश की राजनीति में जनता के साथ ऐसा धोखा आज तक किसी ने नहीं किया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि चुनाव में गारंटी देकर चुनाव जीतने के बाद उसे भूल जाने वालों को प्रदेश के लोग माफ नहीं करने वाले हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सत्ता में आने के बाद अपने सारे वादे, सारी गारंटियां भूल गई, लेकिन प्रदेश के लोग नहीं भूले और आज भी उनकी राह देख रहे हैं। इसलिए मैं मुख्यमंत्री से आग्रह करता हूं कि वह रक्षा बंधन के पवित्र मौके पर प्रदेश की माताओं-बहनों से किए हुए वादे को पूरा करें। महिला सम्मान राशि की शुरुआत के लिए रक्षा बंधन से बेहतर कोई अवसर नहीं हो सकता है। महिला सम्मान की राशि पूरी ईमानदारी के साथ प्रदेश की हर मां-बहनों के खाते में डालें। नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश वासियों को दी रक्षा बंधन की बधाई नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश के लोगों को रक्षा बंधन की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि भाई बहन के असीम प्यार और अटूट बंधन को समर्पित यह त्यौहार लोगों के जीवन में सौहार्द और सद्भावना को और प्रगाढ़ करे। सब सुखी और स्वस्थ्य रहें।
कहा, उभरते डिजिटल परिदृश्य के अनुरूप ढल रहा हिमाचल मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का नाम बदलकर 'डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस विभागÓ करने एवं विभाग की नई वेबसाइट का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश संभवत: देश का पहला राज्य है जिसने डिजिटल रूप से उन्नत और आधुनिक राज्य बनने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं और विभाग का यह नया नाम इसके कार्यों के अनुरूप प्रासंगिक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन में उभरती प्रौद्योगिकी के व्यापक दायरे को देखते हुए विभाग का नाम डिजिटल प्रौद्योगिकी और गवर्नेंस विभाग किया गया है। उन्होंने कहा कि विभाग को उभरते डिजिटल परिदृश्य और बदलती आवश्यकताओं के साथ जोड़ना अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आमजन तक सरकारी सेवाओं के लाभ शीघ्रता से पहुंचाने के लिए प्रौद्योगिकी संचालित शासन के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सभी सेवाओं का डिजिटलीकरण कर तेज और सर्वसुलभ डेटा कनेक्टिविटी के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी को अपनाना आवश्यक है ताकि समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने में डिजिटल प्रौद्योगिकी का उपयोग एक क्रांतिकारी कदम है। इससे सूचना और सेवाएं प्राप्त करने के लिए आम लोगों की अपेक्षाएं भी बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्रौद्योगिकी के उपयोग से सरकार द्वारा शासन और सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा। सुक्खू ने कहा कि डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं शासन विभाग विभिन्न विभागों में डिजिटल क्षमता के अनुरूप चार मुख्य क्षेत्रों डिजिटल प्रौद्योगिकी, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं डेटा गवर्नेंस, डिजिटल ट्रांसफॉरर्मेशन तथा सूचना प्रौद्योगिकी निवेश एवं औद्योगिक प्रोत्साहन को सुदृढ़ करेगा। इन क्षेत्रों के माध्यम से डिजिटल प्रौद्योगिकी, टेली-संचार, ई-गवर्नेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, साइबर-सुरक्षा, कृत्रिम मेधा, ड्रोन और ड्रोन-आधारित सेवाएं, मशीन लर्निंग, क्लाउड कंप्यूटिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ब्लॉक चेन, और बिग डेटा एनालिटिक्स जैसी उभरती प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए नीतियां विकसित कर कार्यान्वित की जाएंगी। इसमें विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों के लिए प्रभावी मैपिंग, डेटा प्रबंधन और विश्लेषण के लिए भौगोलिक सूचना प्रणाली प्रौद्योगिकी का एकीकरण एवं कार्यान्वयन तथा सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन सहित विभिन्न उभरती प्रौद्योगिकी और विनिर्माण क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देना शामिल है। इस अवसर पर प्रधान सलाहकार (सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार) गोकुल बुटेल, सचिव डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस डॉ. अभिषेक जैन और निदेशक मुकेश रेपसवाल भी उपस्थित थे।
कहा, बेहतर एयर कनेक्टिविटी से मिलेगा पर्यटन को बूस्ट, आपात स्थितियों में भी मिलेगी मदद धर्मशाला के रक्कड़ में प्रस्तावित हेलीपोर्ट के निर्माण के लिए वन संरक्षण अधिनियम (एफसीए) के तहत पहले चरण की स्वीकृति मिल गई है। उपायुक्त कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने जानकारी देते हुए बताया कि रक्कड़ में हेलीपोर्ट निर्माण के लिए लगभग 25 कनाल भूमि के लिए वन स्वीकृति वांछित थी। उन्होंने बताया कि रक्कड़ में हेलीपोर्ट निर्माण को लेकर एफसीए के तहत लगाई गई आपत्तियों का प्रशासन द्वारा निराकरण करने के बाद स्टेज वन की स्वीकृति प्राप्त हो गई है। उन्होंने कहा कि अब वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) के तहत दूसरे चरण की स्वीकृति मिलने के बाद रक्कड़ में हेलीपोर्ट निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। जिलाधीश ने बताया कि प्रदेश सरकार ने प्रत्येक जिला मुख्यालय में हेलीपोर्ट बनाने का निर्णय लिया है, लेकिन पर्यटन राजधानी कांगड़ा में दो स्थानों में हेलीपोर्ट बनाए जाने प्रस्तावित हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार धर्मशाला के रक्कड़ और पालमपुर में इसका निर्माण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए पालमपुर में चौधरी सरवण कुमार कृषि विश्वविद्यालय में लगभग 82 कनाल भूमि पर्यटन विभाग को हस्तांतरित कर दी गई है। उन्होंने बताया कि पालमपुर में हेलीपोर्ट के निर्माण में लगभग 9 करोड़ रूपये व्यय किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पालमपुर में चयनित स्थान पर हेलिकॉप्टर के लिए हैंगर का निर्माण भी किया जाएगा। वहीं धर्मशाला के रक्कड़ में लगभग 6 करोड़ रूपये की लागत से 25 कनाल भूमि में हेलीपोर्ट बनकर तैयार होगा। उन्होंने बताया कि पालमपुर में हेलीपोर्ट निर्माण के लिए पर्यटन विभाग द्वारा डीपीआर तैयार की जा रही है तथा धर्मशाला में स्टेज टू की वन स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य किया जाएगा। डीसी ने कहा कि इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आपातकालीन स्थितियों में भी यह उपयोगी होगा। इससे मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में मरीजों को एयरलिफ्ट करने में भी मदद मिलेगी। इसके अतिरिक्त इन हेलीपोर्ट को किसी भी प्राकृतिक आपदा के दौरान निकासी स्थल के रूप में उपयोग किया जा सकता है और संकट के समय में राहत प्रदान की जा सकती है। उन्होंने कहा कि हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा ने यह साबित कर दिया है कि क्षेत्र में हेलीपोर्ट से जुड़ी सेवाएं अत्यंत आवश्यक हैं। पर्यटन राजधानी में एयर क्नेक्टिविटी होगी सुदृढ़ डीसी ने बताया कि पर्यटन राजधानी कांगड़ा में एयर क्नेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हवाई सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से हेलीपोर्ट निर्माण के अलावा कांगड़ा एयरपार्ट के विस्तार की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार का कार्य प्रगति पर है और रनवे की लम्बाई 1372 मीटर से बढ़ाकर 3010 मीटर की जाएगी ताकि यहां पर बड़े विमान भी उतर सकें। युवाओं के लिए सृजित होंगे रोजगार के अवसर डीसी ने कहा कि पर्यटन विकास के अलावा सामरिक दृष्टि से भी यह परियोजनाएं अति महत्वपूर्ण हैं। इससे जहां जिला कांगड़ा के साथ प्रदेश में पर्यटकों का आवागमन बढ़ेगा, वहीं देश की सुरक्षा के लिहाज से भी इनका महत्व है। उन्होंने बताया कि जिले में बेहतर एयर क्नेक्टिविटी से युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर सृजित होंगे।
कृषि मंत्री बोले-पेयजल, सड़क तथा विद्युत को बहाल करने के लिए युद्ध स्तर पर करें कार्य शहरी क्षेत्रों में निर्माण कार्यों को लेकर नियमों की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित करना जरूरी होगा। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को भी कारगर कदम उठाने चाहिए ताकि आपदा की स्थिति में जान माल के नुकसान को कम किया जा सके। यह बात बुधवार को धर्मशाला के मिनी सचिवालय में अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में कृषि एवं पशु पालन मंत्री चौधरी चंद्र कुमार ने कही। उन्होंने कहा कि वर्तमान में आपदा प्रबंधन के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रत्येक पहलु पर विचार जरूरी है तथा उसी के आधार पर योजनाओं का प्रारूप तैयार किया जाएगा। चंद्र कुमार ने कहा कि बार बारिश के कारण राज्य में भारी नुकसान हुआ है तथा राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से लोगों के राहत तथा पुनर्वास के लिए कारगर कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अब मानसून धीरे-धीरे समापन की ओर है तथा अब सभी विभागीय अधिकारियों को अपने अपने विभागों से संबंधित परियोजनाओं की बहाली के लिए युद्ध स्तर पर कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सभी उपायुक्तों तथा संबंधित विभागों को 165 करोड़ की धनराशि जारी की गई है ताकि प्रारंभिक तौर पर मुख्य मार्गों, पेयजल योजनाओं और विद्युत योजनाओं की बहाली सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश भूकंप, भू-स्खलन, बाढ़ और बादल फटने जैसी विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं के लिए अति संवेदनशील है और आपदा संबंधित जोखिम को कम करने के लिए ऐसी घटनाओं से प्राप्त डाटा का संकलन और इसकी निरंतर निगरानी पर भी ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहाड़ी ढलानों के कटान, मलबा प्रबंधन और निर्माण से निकलने वाले मलबे के लिए निर्धारित बिन्दुओं की पहचान सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि आपदा के कारण जो लोग बेघर हुए हैं उनके पुनर्वास के लिए भी उचित कदम उठाए जाएं इस के लिए राजस्व विभाग सभी पहलुओं पर विचार करे ताकि आपदा प्रभावितों का पुनर्वास सुनिश्चित किया जा सके। चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने भी रिलीफ मैन्युल में राहत राशि को पांच गुणा से लेकर दस गुणा तक बढ़ाया है इसके साथ ही बारिश के कारण क्षतिग्रस्त फसलों के नुक्सान के लिए भी मुआवजा राशि तय कर दी गई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रभावितों को समय पर राहत राशि मुआवजा दिया जाए। इस अवसर पर विधायक केवल सिंह पठानिया, पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। मिनी सचिवालय में सुनीं लोगों की जनसमस्याएं कृषि मंत्री प्रोफेसर चंद्र कुमार ने बुधवार को मिनी सचिवालय में लोगों की समस्याएं सुनीं तथा अधिकतर का मौके पर निपटारा भी सुनिश्चित किया गया। कृषि मंत्री ने कहा कि लोगों की समस्याओं का त्वरित निदान सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए धर्मशाला के मिनी सचिवालय में माह में दो बार लोगों की समस्याएं सुनीं जाएगी। इस मौके पर सभी विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे, ताकि समस्याओं एवं शिकायतों को अधिकारियों के सामने ही दूर किया जा सके। इस अवसर पर विधायक केवल सिंह पठानिया, कांग्रेस के सचिव पुनित मली तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।
कांगड़ा जिला के नगरोटा बगवां में पिछले दिनों खेलो इंडिया के तहत हुई जिला स्तरीय वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में देहरा उपमंडल की सात खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। अलग-अलग कटेगरी में इन लड़कियों ने पांच गोल्ड और दो सिल्वर मेडल अपने नाम किए हैं। 45 किलोग्राम भार वर्ग में अक्षिता ने सिल्वर और 49 किलोग्राम वर्ग में प्रियंका ने गोल्ड मेडल जीता है। 55 वर्ग में निधि ठाकुर को गोल्ड, 71 में कृतिका राणा को गोल्ड और 76 वर्ग में शिवानी ठाकुर ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। 81 किलोग्राम भार वर्ग में मनीषा ठाकुर और 87 में पूजा ठाकुर ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। इनमें से पांच लड़कियां ढलियारा स्थित एक शिक्षण संस्थान की छात्राएं हैं। वहीं देहरा के विधायक होशियार सिंह ने सभी विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी है। उन्होंने सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय यादव ने गत दिवस जिला स्तरीय आधार निगरानी समिति की चतुर्थ बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने सोलन जिला के सभी आधार केंद्रों में विभिन्न आधार संबंधित सुविधाएं सुचारू एवं समयबद्ध उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिला के बैंकों, डाकघरों, भारतीय संचार निगम लिमिटेड के केंद्रों और लोक मित्र केंद्रों आदि में संचालित विभिन्न आधार केंद्रों में सेवाएं बिना किसी रूकावट के सुचारू उपलब्ध होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सुचारू आधार सुविधाएं प्राप्त न होने से लोगों को दूर-दराज के क्षेत्रों से उपायुक्त कार्यालय आना पड़ता है और इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि ज़िला के अन्य आधार केंद्रों पर धीमी गति से कार्य होने से जिला मुख्यालय स्थित आधार केंद्र पर अनावश्यक बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने ऐसे आधार केंद्रों को स्थगित करने के निर्देश दिए जो बहुत समय से सेवाएं नहीं दे रहे हैं। उन्होंने सभी आधार सेवा देने वाले विभागों को दूर दराज के क्षेत्रों में भी आधार सेवाएं उपलब्ध करवाने पर बल दिया। अतिरिक्त उपायुक्त ने जिलावासियों से समय पर अपने आधार कार्ड को अपडेट करने की अपील की। उन्होंने कहा कि 10 वर्ष या उससे अधिक समय पहले आधार कार्ड बनवा चुके ऐसे लोग जिन्होंने अभी तक एक बार भी अपना आधार कार्ड अपडेट नहीं करवाया है वे अपने आधार दस्तावेज शीघ्र अपडेट करवाएं। उन्होंने कहा कि अपडेशन की सुविधा आधार केंद्रों पर उपलब्ध है। नागरिक स्वयं भी अपने दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को अपने पांच वर्ष तक के बच्चों का अधार नामांकन भी अवश्य करवाना चाहिए। उन्होंने 5 और 15 वर्ष की आयु प्राप्त करने के उपरान्त बच्चों के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेशन का आग्रह भी किया। उन्होंने कहा कि यदि आधार धारक द्वारा पांच और पन्द्रह वर्ष की आयु प्राप्त करने के दो वर्ष के भीतर बायोमेट्रिक अपडेशन नहीं किया जाता है, तो आधार निष्क्रिय हो सकता है। उन्होंने कहा कि अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेशन नि:शुल्क उपलब्ध है। उन्होंने सभी आधार केंद्रों पर क्यू आर कोड चलित यू.पी.आई लेनदेन को भी चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने जन-जन की सुविधा के लिए आधार संबंधित शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि शिविर आयोजन के संबंध में नोडल अधिकारी से अनुमति प्राप्त की जा सकती है। उप पुलिस अधीक्षक सोलन अनिल धौल्टा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. राजन उप्पल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं अन्य अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
अप्रैल 2024 से होगा आरंभ और आगामी पांच वर्ष तक किया जाएगा कार्यान्वित प्रदेश सरकार ने राज्य में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों और आपदा तैयारियों के दृष्टिगत 890 करोड़ रुपये का 'हिमाचल प्रदेश आपदा जोखिम न्यूनीकरण और तैयारी कार्यक्रमÓ बनाया है। फ्रांसीसी विकास एजेंसी के सहयोग से तैयार यह कार्यक्रम अप्रैल, 2024 से आरंभ होगा और आगामी पांच वर्ष तक कार्यान्वित किया जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाते हुए आपदा और जलवायु जोखिम में कमी लाना है। इसमें आपदाओं का सामना करने के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और शासन प्रणाली से संबंधित संरचनाओं का विस्तारीकरण शामिल है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के बढ़ते खतरे से निपटने के दृष्टिगत अग्रसक्रिय कदम उठाना समय की आवश्यकता है। इस पंचवर्षीय योजना में कई प्रमुख घटक शामिल हैं, जिनमें आपदा जोखिम गवर्नेंस पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया गया है। इसमें संस्थागत क्षमताओं को बढ़ाना, जोखिमों को गहराई से समझना और ज्ञान प्रबंधन को मज़बूत करने पर बल दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त आपदा तैयारियों को सुदृढ़ करना भी कार्यक्रम का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू है, जिसमें प्रभावी प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों की स्थापना और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता में वृद्धि की जाएगी। इस कार्यक्रम के संसाधनों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा शमन उपायों पर केन्द्रित किया जाएगा, जिसमें पारिस्थितिकी आधारित ईको-आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रकृति-आधारित समाधान शामिल हैं। इसका प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से पार पाने की दिशा में कार्य कर रहे विभिन्न विभागों को समर्पित निधि प्रदान की जाएगी। सुक्खू ने कहा कि इसमें हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एचपीएसडीएमए) और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) को मज़बूत करने के साथ-साथ राज्य आपदा प्रबंधन संस्थान की स्थापना भी प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त, योजना में एक राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (ईओसी) और जिला-स्तरीय आपदा परिचालन केन्द्र भी स्थापित किए जाएंगे। सभी नदी घाटियों के लिए ग्रामीण स्तर पर जलवायु परिवर्तन भेद्यता आकलन (सीसीवीए) के साथ-साथ कांगड़ा में एक विशेष आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) कंपनी की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसमें भूस्खलन, आकस्मिक बाढ़, बादल फटने, ग्लेशियरों के पिघलने से बनने वाली अस्थायी झीलों के कारण बाढ़ और बांध सुरक्षा के लिए प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली का विकास भी शामिल है। बाढ़ पूर्वानुमान के लिए नेटवर्क में सुधार और जीआईएस-आधारित निर्णय सहायता प्रणाली आरंभ करना परियोजना का महत्त्वपूर्ण पहलू है। जंगल की आग के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए प्रस्तावित कार्यक्रम में अग्नि-शमन उपायों को कार्यान्वित करने के लिए भी रणनीति तैयार की गई है। इसमें पहले से विभिन्न स्थानों पर आवश्यक उपकरणों और वाहनों की सुविधा सहित अग्निशमन केंद्र स्थापित करने का भी प्रस्ताव है। इसके अलावा योजना का लक्ष्य खतरनाक सामग्री से उत्पन्न होने वाली आपात स्थितियों से निपटने के लिए तीन मौजूदा अग्निशमन केन्द्रों की क्षमता बढ़ाना है। इसके साथ-साथ इसमें भू-स्खलन रोकने और संवेदनशील भू-स्खलन स्थलों का स्थिरीकरण शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव बढ़ने के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश आपदा जोखिम न्यूनीकरण और तैयारी कार्यक्रम के तहत विभिन्न आपदाओं से निपटने के लिए एक अग्रसक्रिय दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है। इस कार्यक्रम में पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना करने के लिए बहुआयामी रणनीति के साथ-साथ क्षमता विकास के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज हिमाचल प्रदेश राज्य रेडक्रॉस सोसाइटी के माध्यम से सोलन, ऊना और सिरमौर जिला रेडक्रॉस शाखाओं के लिए राहत सामग्री के तीन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह राहत सामग्री प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों को प्रदान की जाएगी। राहत सामग्री के रूप में स्वच्छता किट, तिरपाल, किचन सेट, कंबल आदि उपलब्ध करवाए गए हैं। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के समय राज्य रेडक्रॉस सोसायटी प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य रेडक्रॉस सोसाइटी द्वारा अब तक राहत सामग्री के 14 वाहन विभिन्न जिलों में भेजे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रदेशवासी प्रभावित परिवारों के साथ हैं और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने लोगों से प्रभावितों की मदद के लिए योगदान का भी आग्रह किया। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा और राज्य रेडक्रॉस के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
बोले-केंद्र से आर्थिक राहत के नाम पर लोगों को गुमराह कर रहे भाजपा नेता प्रदेश में बरसात से हुई तबाही पर केंद्र से हिमाचल को कोई मदद नहींं की गई है। यह बात पशु पालन एवं कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने बुधवार को धर्मशाला में पत्रकारवार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि केंद्र से आर्थिक राहत के नाम पर भाजपा नेता लोगों को गुमराह कर रहे हैं। केंद्र की मोदी सरकार ने अगर प्रदेश की मदद की है तो भाजपा नेता इस पर श्वेत पत्र जारी करें। चंद्र कुमार ने कहा कि हिमाचल व उत्तराखंड में बरसात से भारी नुकसान हुआ है। मगर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार भी इन हलातों पर कुछ नहीं कहा। उन्होंने कहा कि केंद्र से भाजपा के नेता हेलिकाप्टरों में आए और तबाही का मंजर देख घूम फिर कर दिल्ली लौट गए। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी कुल्लू और मंडी का दौरा कर चुके हैं। उन्होंने दिल्ली पहुंचकर हिमाचल को आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक हिमाचल को आर्थिक सहायता नहीं मिल पाई है। केंद्र सरकार से आपदा के लिए जो सहायता सेंक्शन होती है उसी सहायता की एक किस्त प्रदेश को अभी तक मिली है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश के संसाधनों से 1000 करोड़ से अधिक की राशि आपदा प्रभावितों को राहत के तौर पर पहुंचाने का काम किया है। कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि पौंग बांध के कारण हजारों लोगों को बेघर होना पड़ा है। कृषि भूमि पानी की भेंट चढ़ गई है। हजारों लोग बेरोजगार हुए हैं। धर्मशाला व मैक्लोडगंज में बनी बहुमंजिला इंमारतों को लेकर उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र भूकंप जॉन में आता है इसलिए ऐसे होटल व अन्य भवन मालिकों के ऊपर कार्रवाई की जाएगी, जिन्होंने टाउनिंग एक्ट की अवहेलना की होगी। उन्होंने कहा कि जहां तक होगा ऐसे होटलों के लाइसेंस भी रद्द किए जाएंगे। सीएम रह चुके जयराम को मालूम होना चाहिए किस हेड से आती आपदा राहत राशि : कृषि मंत्री नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा दिल्ली में मुख्यमंत्री का केंद्रीय नेताओं का आभार व्यक्त करने और प्रदेश कांग्रेस के नेताओं द्वारा आपदा में राजनीति करने के आरोपों पर पलटवार करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि जयराम ठाकुर प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उन्हें मालूम होना चाहिए कि आपदा राहत राशि किस हेड से आती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल को कोई विशेष राहत नहीं दी गई है। अगर भाजपा नेता अपने स्तर पर केंद्र का आभार व्यक्त करती है तो कर सकती है, लेकिन प्रदेश सरकार को अगर कोई विशेष राहत पैकेज मिलेगा तो उसका आभार भी व्यक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने केवल मैनुअल आधार पर ही दो किस्तें जारी करने की बात कही है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को नसीहत देते हुए कहा कि जयराम ठाकुर को सोच समझकर ही कोई बयान देना चाहिए।
सीएम ने भुभुजोत सहित प्रदेश में तीन प्रमुख सुरंगों के निर्माण की आवश्यकता पर भी दिया बल मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार सायं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने उन्होंने एनएचएआई को राज्य में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त हुए राष्ट्रीय राजमार्गों को शीघ्र बहाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा से मंडी-मनाली फोरलेन, विशेषकर पंडोह के पास कैंची मोड़ में संवेदनशील बिंदुओं पर अतिरिक्त अधिकारियों को तैनात किया जाए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरे के दृष्टिगत मंडी-मनाली राजमार्ग को अस्थायी रूप से बहाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए आने वाले समय में मंडी जिले में कैंची मोड़ के नीचे सुरंग बनाने की संभावनाएं तलाशी जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सेब सीजन चल रहा है और किसानों की उपज को समय पर मंडियों तक पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही लाहौल क्षेत्र में आलू की फसल भी तैयार हो जाएगी और राष्ट्रीय राजमार्गों की समय पर बहाली के लिए उचित कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। सुक्खू ने राज्य में तीन प्रमुख सुरंगों के निर्माण पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कांगड़ा और कुल्लू घाटी को जोड़ने के लिए घटासनी-शिल्ह-बुधाणी-भुभु जोत सुरंग का निर्माण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सुरंग न केवल पर्यटन की दृष्टि से वरदान साबित होगी बल्कि इसका सामरिक महत्व भी है क्योंकि इससे कांगड़ा से मनाली के बीच की दूरी लगभग 55 किलोमीटर कम हो जाएगी। उन्होंने कहा कि चंबा जिले में चुवाड़ी-चंबा सुरंग और भावा घाटी से पिन घाटी को जोड़ने वाली सुरंग राज्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। सुक्खू ने एनएचएआई के अधिकारियों के साथ परवाणु-सोलन फोरलेन की चर्चा करते हुए कहा कि ढलानों में बेहतर स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए इनकी कटाई तकनीकी रूप से की जाए। उन्होंने कहा कि एनएचएआई. को राजमार्गों पर ड्रेनेज और क्रॉस ड्रेनेज का निर्माण कर पानी की उचित निकासी सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने बाढ़ के कारण सोलन जिले के बद्दी क्षेत्र में क्षतिग्रस्त हुए दो पुलों के जीर्णोद्धार में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने नालागढ़-भरतगढ़ सड़क को फोरलेन बनाने पर बल दिया, जो दो राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ेगी। उन्होंने कहा कि पूरे पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन बनाया जाना चाहिए क्योंकि टुकड़ों में इस राजमार्ग को फोरलेन बनाने से यातायात के सुचारू प्रवाह में समस्या होगी। एनएचएआई के अध्यक्ष संतोष कुमार यादव ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि जल्द से जल्द राष्ट्रीय राजमार्गों को स्थायी रूप से बहाल करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। बैठक में मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव लोक निर्माण भरत खेड़ा, प्रधान सचिव परिवहन आरडी नजीम, प्रधान सचिव वित्त मनीष गर्ग, विशेष सचिव लोक निर्माण विभाग हरबंस सिंह ब्रसकॉन, क्षेत्रीय अधिकारी एनएचएआई अब्दुल बासित और राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। शिमला-मटौर फोरलेन परियोजना के निर्माण कार्य हो जल्द मुख्यमंत्री ने शिमला-मटौर फोरलेन परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी लाने को कहा क्योंकि इससे प्रदेश के आठ जिलों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि सड़क के सौंदर्यकरण में बढ़ोतरी के लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप अथवा पांच मीटर का मध्याह्न सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश में बड़े पैमाने पर पर्यटन को बढ़ावा दे रही है और राज्य में आने वाले पर्यटकों की संख्या प्रति वर्ष 5 करोड़ तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। शिमला-मटौर फोरलेन परियोजना राज्य में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित होगी।
द्रंग के विधायक पूर्ण चंद ने बुधवार को ग्राम पंचायत मासड और नागधार का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बरसात से प्रभावित हुए लोगों से मिलकर नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि प्रभावितों का नुकसान सरकार के समक्ष रखा जाएगा और सरकार से उचित मुआवजा दिलाने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने कहा कि जो भी घरों को नुकसान हुआ है। उसके लिए पंचायत के माध्यम से घरों के आगे सुरक्षा दीवारें लगाई जाएं। वहीं उन्होंने प्रशासन को कहा कि जहां जहां लोगों को राशन और अन्य सुविधा नहीं मिली है, वहां पर राशन की व्यवस्थ की जाए। उन्होंने कहा कि एक तरफ कांग्रेस सरकार किसान और बागवान हितैषी बनती फिरती है, वहीं दूसरी तरफ एक सड़क सात दिनों से नहीं खुल रही है। उन्होंने कहा कि द्रंग में प्रभावित लोगों को बहुत संस्थाओं ने राशन, तिरपाल और रसोई का सामान दिया है मैं उन सभी संस्थाओं का धन्यवाद करता हूं और उन संस्थाओं से आग्रह करता हूं कि आगे भी प्रभावित लोगों को राहत जारी रखें। पूर्ण चंद ने कहा कि द्रंग में विधायक विकास निधि से सड़कों को खोलने के लिए पैसे दिए गए हैं। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि किसी भी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
विभाग बोला-जल्द शुरू होगी लकड़ी की नीलामी प्रक्रिया वन विभाग द्वारा जंगलों में काटी गई लकड़ी अभी तक नहीं उठाई गई है। ऐसे में बरसात का मौसम निकल जाने के कारण लकड़ी खराब भी हो सकती है। वन विभाग द्वारा इसके लॉट्स बनाकर कारपोरेशन को सौंपा जाना है, लेकिन अभी तक इसे नहीं सौंपा गया है। विभाग का कहना है कि मार्किंग का कार्य शुरू हो गया है, इसे कारपोरेशन को जल्द ही भेज दिया जाएगा। विभाग ने चीड़ के पेड़ों को काटकर जंगलों के आसपास रखा है, बरसात के कारण लकड़ी खराब भी हो सकती है। लकड़ियों के ऊपर मिट्टी आने से लकड़ी गल या सड़ सकती है। जंगलों में कई जगह सड़कों के आसपास पेड़ भी झुक चुके हैं, जो दुर्घटना का कारण बन सकते हैं, उन्हें भी अभी तक नहीं काटा गया है। विभाग का कहना है कि इसको लेकर भी विभाग मार्किर्ंग करेगा और उसके बाद ही इन्हें काटने की प्रक्रिया शुरू होगी। इस बारे में डीएफओ राकेश का कहना है कि जो भी लकड़ी जंगलों के आसपास काट कर रखी गई है। उन्हें लौट बनाकर शीघ्र ही उनकी नीलामी प्रक्रिया की जाएगी और उसे कारपोरेशन को भी भेज दिया जाएगा।
नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के गांव पंजेहरा से अखिल गौतम को जिला सोलन का जिला सचिव बनाया गया। इसके लिए अखिल गौतम ने युवा कांग्रेस हाईकमान का धन्यवाद किया। उन्होंने पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह, हिमाचल युवा कांग्रेस के प्रभारी विनीत कंबोज, युवा कांग्रेस के अध्यक्ष निगम भंडारी, कार्यकारी अध्यक्ष यदुपति ठाकुर, जिला सोलन के प्रभारी व हिमाचल युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल चौहान, गौरव ठाकुर, चंदन राणा व हिमाचल प्रदेश यूथ कांग्रेस के सचिव अभी शर्मा का धन्यवाद किया। अखिल गौतम ने बताया कि संगठन के लिए दिन रात काम करेंगे व लोगों की समस्याओं का समाधान करवाने के लिए पूरा प्रयास करेंगे।
देहरा ब्लॉक में नियुक्त कृषि व पशु सखियों ने जवालमुखी मंदिर में मोटे अनाजों से बने व्यजनों की प्रदर्शनी लगाई गई। इस दौरान लोगों ने व्यंजनों की काफी तारीफ भी की। प्रदर्शनी में रागी की बर्फी, लड्डू, चॉकलेट, मीठी रोटी, कंगनी की खीर, कोधरे की चाय आदि व्यंजन कृषि व पशु सखियों के द्वारा बनाए गए थे। इस मौके पर ब्लॉक विकास अधिकारी कुलदीप कुमार भी उपस्थित रहे। उन्होंने मोटे अनाजों से बने व्यंजनों की काफी तारीफ की और उनसे होने वाले लाभ के बारे में बताया। बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2023-24 को मोटे अनाजों का वर्ष घोषित किया है। इस मौके पर नीना कुमारी, सविता, अमिता, अभिनंदन, मुकेश व दीपक ठाकुर मौजूद रहे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए क्षेत्र की जलवायु के अनुरूप पौधारोपण करना आवश्यक है। डॉ. शांडिल ने आज सोलन स्थित आश्रय गौशाला में सारथी सोशल वेलफेयर सोसायटी सोलन व वन विभाग के सहयोग द्वारा आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में 'आंवलाÓ का पौधा रोपित करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। डॉ. शांडिल ने कहा कि पौधारोपण क्षेत्र की जलवायु के अनुरूप किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में पौधे स्वस्थ पेड़ का रूप लेकर पर्यावरण को हरा-भरा कर सके। उन्होंने कहा कि जितने अधिक वन होंगे पर्यावरण उतना ही अधिक सुरक्षित व साफ-सुथरा होगा। पेड़-पौधें न केवल कार्बन डाइऑक्साइड लेते हैं बल्कि वातावरण से कई अन्य हानिकारक गैसों को भी अवशोषित करते हैं जिससे वातावरण को ताजगी मिलती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को पेड़ पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी को प्राकृतिक पेयजल स्रोतों व तालाबों की समय-समय पर साफ-सफाई करनी चाहिए। हम सभी को अपने चारों ओर मौजूद अपने पर्यावरण को स्वच्छ रखने का संकल्प लेना चाहिए। यदि इस प्रकार हर व्यक्ति अपने स्तर पर पर्यावरण की रक्षा के लिए तत्पर रहेगा, तो पर्यावरण में असंतुलन की स्थिति कभी पैदा नहीं होगी। उन्होंने आमजन से आग्रह किया कि पौधारोपण के पश्चात पौधे की समुचित देखभाल करना भी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश इस समय विकट परिस्थितियों से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि इस संकट की घड़ी से निपटने के लिए प्रदेशवासियों का सहयोग आपेक्षित है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भारी वर्षा के कारण हुए नुकसान के प्रभावितों के पुनर्वास के लिए कृत संकल्प है। उन्होंने आश्रय गौशाला में पानी की समस्या के निपटारे के लिए जल शक्ति विभाग को निर्देश जारी किए। उन्होंने आश्रय गौशाला के विकास कार्यों के लिए 5 लाख रुपये देने की घोषणा की। इस अवसर पर राजकीय महाविद्यालय सोलन के राष्ट्रीय कैडेट कोर के छात्र एवं छात्रा कैडेट, राष्ट्रीय सेवा योजना के विद्यार्थियों तथा इन्हरव्हील क्लब सोलन सिटी ने कचनार, आडू, देवदार तथा आंवला के लगभग 100 फलदार पौधे रोपित किए।
शाहपुर में सीवरेज योजना का मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से शीघ्र शिलान्यास करवाया जाएगा, ताकि शाहपुर नगर पंचायत को साफ तथा स्वच्छ बनाया जा सके। यह जानकारी विधायक केवल सिंह पठानिया ने मंगलवार को शाहपुर के वार्ड नं चार में विधायक आपके द्वार कार्यक्रम में लोगों की समस्याएं सुनने के उपरांत दी। उन्होंने कहा कि सीवरेज योजना के कार्यान्वयन को लेकर शाहपुर नगर पंचायत के प्रतिनिधियों तथा जल शक्ति विभाग के साथ आवश्यक बैठक भी आयोजित की जाएगी, ताकि सीवरेज का निर्माण कार्य समय पर पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी व शाहपुर को विकसित करने के लिए कार्य योजना तैयार की जा रही है। विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सभी क्षेत्रों के विकास के लिए कृतसंकल्प है तथा इसी दिशा में नौ माह के कार्यकाल में शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए विकास की कई सौंगातें प्रदान की गई हैं। पठानिया ने कहा कि लोगों की समस्याओं के त्वरित निदान के लिए शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में विधायक आपके द्वार कार्यक्रम आरंभ किया गया है तथा आम जनमानस को बेहतर सड़क, स्वास्थ्य तथा शिक्षा की सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए भी कारगर कदम उठाए जाएंगे। इस अवसर पर विधायक केवल सिंह पठानिया ने सूबेदार उत्तम सिंह के रास्ते की समस्या के बारे राजस्व विभाग के अधिकारियों को तुरंत जमीन की पैमाइश करने के आदेश दिए गए हैं।
नेता प्रतिपक्ष बोले- सरकार ने कांग्रेस से जुड़े लोगों को ही आपदा में काम देने का अधिकारियों को दिया है निर्देश नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर हमला करते हुए कहा कि आपदा के इस संवेदनशील मौके पर भी राजनैतिक दुर्भावना से काम कर रही है। फील्ड में तैनात अधिकारियों को सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आपदा में राहत के लिए किए जा रहे काम को सिर्फ कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को ही दिए जाएं। आम लोग, बीजेपी और अन्य पार्टी से जुड़े लोगों को इस आपदा में किसी प्रकार का काम नहीं दिया जाए। सरकार की इस दुर्भावना की वजह से राहत बचाव का काम गति नहीं पकड़ रहा है। जिसका खामियाजा आम लोगों को उठाना पड़ रहा है। सरकार आपदा में अपना-पराया करने की यह राजनीति बंद करे और सिर्फ आपदा राहत और जल्दी से जल्दी सड़कें खोलने पर ध्यान दें। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस आपदा में जहां सरकार का काम जल्दी से जल्दी सड़के बहाल करना था, उस जगह पर वह अपना पराया कर रही है। सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आपदा में किसी भी काम में सिर्फ कांग्रेस पार्टी से संबंध रखने वाले लोगों को ही दिया जाए। इस आपदा से निपटने में ज्यादा से ज्यादा श्रम शक्ति और मशीनरी की आवश्यकता है लेकिन सरकार का निर्देश इससे उल्टा है कि आम लोगों समेत बीजेपी और अन्य पार्टी के कार्यकर्ताओं को कोई काम न दिए जाने के कारण और न ही उनकी मशीनें लगाई जाए। उन्होंने कहा अगर स्थानीय लोग ने चंदा इक_ा करके अपनी सड़कें सही करेंगे तो फिर सरकार क्या कर रही है। नेता प्रतिपक्ष ने कांग्रेस के नेताओं से पूछा कि जो लोग कहते हैं कि केंद्र सरकार ने कुछ नहीं दिया, वह ये बताएं कि केंद्र द्वारा चार किश्तों में आपदा राहत के लिए भेजे गये 754 करोड़ रुपये क्या हैं। केंद्र द्वारा सीआरएफ़ के तहत सड़कों की मरम्मत के लिए दिये गए 400 करोड़ रुपये क्या हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस महीने केंद्र सरकार द्वारा दिये गये 2700 क्या हैं। केंद्र सरकार द्वारा पीएम आवास योजना के तहत आपदा प्रभावितों को 6000 घरों की मंज़ूरी दिये जाना क्या है। राज्य सरकार को जवाब देना चाहिए कि उन्होंने आपदा प्रभावितों को क्या दिया है। सिलेंडर के दाम में कटौती पर पीएम मोदी का जताया आभार नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा रसोई गैस के सिलेंडर के दामों में 200 रुपये और उज्ज्वला योजना के गैस सिलेंडर में 400 रुपये की कमी करके देश की बहनों को राखी का तोहफा दिया है। जयराम ठाकुर ने केंद्र सरकार के इस फैसले के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का आभार जताया।
राजस्व, बागवानी तथा जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज सोलन जिला के परवाणु स्थित हिमाचल प्रदेश फल विधायन संयंत्र तथा टर्मिनल फल मंडी का निरीक्षण किया। उन्होंने फल विधायन संयंत्र परवाणु को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने परवाणु स्थित सेब मंडी में आड़तियों द्वारा सेब के नीलामी की प्रक्रिया को देखा। उन्होंने आड़तियों से आग्रह किया कि सेब की नीलामी सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार कराएं। इस अवसर पर आड़तियों ने उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत भी करवाया। राजस्व मंत्री ने कसौली विधानसभा क्षेत्र के विकास खंड धर्मपुर की ग्राम पंचायत कोट बेजा के गांव गुनाई में वर्षा से प्रभावित लोगों से भेंट की। उन्होंने भारी वर्षा के कारण हुए नुकसान का जायजा लिया और प्रभावितों की समस्याओं को सुना तथा इनके निपटारे के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी दिए। जगत सिंह नेगी ने ग्राम पंचायत जावली के गांव सूजी में नंदलाल और सेवक राम के क्षतिग्रस्त मकान का जायजा लिया और प्रभावित को यथा संभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने ग्राम पचंायत जावली व ग्राम पचंायत सनवारा के समीप राष्ट्रीय उच्च मार्ग 5 में हुए भूस्खलन का जायजा भी लिया। उन्होंने प्रभावितों को आश्वासन दिया कि राष्ट्रीय उच्च मार्ग 5 के साथ लगते क्षेत्रों का भू-सर्वेक्षण करवाया जाएगा ताकि भविष्य में आपदा से अधिक नुकसान न हो। राजस्व मंत्री ने कसौली विधानसभा क्षेत्र के लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में जन समस्याएं सुनी और संबंधित अधिकारियों को इनके निपटारे के निर्देश दिए। उन्होंने सोलन विकास खंड के शामती तथा डमरोग में भारी वर्षा के कारण हुए नुकसान का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अवरुद्ध मार्गों को शीघ्र बहाल करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर कसौली विधानसभा के विधायक विनोद सुल्तानपुरी, ग्राम पंचायत कोट बेजा की प्रधान किरण, ग्राम पंचायत सनवारा के प्रधान दिनेश ठाकुर, ग्राम पंचायत कोट बेजा के उप प्रधान सुनील, हिमाचल प्रदेश फल विधायन संयंत्र के प्रबंध निदेशक हरीश वर्मा, सहायक तकनीकी अधिकारी सुनील ठाकुर, उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक सोलन गौरव सिंह, उपमंडलाधिकारी कसौली गौरव महाजन, प्रदेश फल विधायन संयंत्र सोलन के सचिव रविंद्र शर्मा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
भाजपा महिला मोर्चा की राज्य अध्यक्ष वंदना योगी ने रक्षाबंधन के उपलक्ष में भाजपा द्वारा दिए गए रक्षाबंधन कार्यक्रम के तहत नादौन नगर परिषद के कार्यालय में सफाई कर्मचारियों व पुलिस थाना में पुलिस कर्मियों के साथ रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया। जिसमें सफाई कर्मचारी, पुलिस कर्मियों व टैक्सी चालकों को राखी बांधी गई। इस दौरान उनके साथ महिला कार्यकर्ता व अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। वंदना योगी ने कहा कि पार्टी हर स्तर पर महिला मोर्चा के माध्यम से रक्षाबंधन का पर्व मना रही है। महिला कार्यकर्ता इस पर्व को सफल करेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि सभी समाज के विभिन्न वर्गों में पहुंचकर रक्षाबंधन का त्योहार मनाए।
लोटस इंटरनेशनल कान्वेंट स्कूल गरली स्थित सदवां में मंगलवार को खेल दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल के प्रधानाचार्य पंकज शर्मा के भाषण से हुई। उन्होंने प्रार्थना सभा को संबोधित करते हुए खेल दिवस के बारे में स्कूल के सभी विद्यार्थियों को अवगत करवाया। उसके बाद सभी विद्यार्थियों ने खेल के मैदान में कई खेलों में भाग लिया। विद्यार्थियों ने खो-खो, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल व दौड़ में भाग लिया।
पुलिस चौकी डाडासीबा के तहत लोअर बठरा में एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। इस हादसे में दो लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। वहां पर मौजूद लोगों ने कार मे फंसे लोगों को बाहर निकाला व उपचार हेतु सिविल अस्पताल डाडासीबा पहुंचाया। कार चालक बलबीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार सुबह पत्नी अशोक कुमारी को साथ लेकर डाडासीबा अस्पताल में दवाई लेने गए थे और वापस घर जा रहे थे। इस दौरान लोअर बठरा में सीनियर सेकेंडरी स्कूल के पास कार की ब्रेक फेल होने से कार की रफ्तार तेज हो गई और एक बड़ी ढांक से कार टकराकर कार सीधी हो गई। स्थानीय लोगों ने 108 एंबुलेंस की सहायता से मरीजों को सिविल अस्पताल डाडासीबा में पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने घायलों का उपचार शुरू कर दिया है। उधर, इस संबंध में डीएसपी देहरा अनिल कुमार ने बताया कि डाडासीबा पुलिस मौके पर पहुंची है व मामले की छानबीन की जा रही है।
राजकीय महाविद्यालय ज्वालाजी में आज राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया गया, जिसमें कबड्डी और वॉलीबॉल की खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता मे बीसीए, बीए, बीकॉम और बीएससी के छात्रों ने भाग लिया। कबड्डी में प्रथम स्थान पर बीसीए की टीम, द्वितीय स्थान पर बीए की टीम और तृतीय स्थान पर बीकॉम की टीम रही। वॉलीबॉल प्रतियोगिता में लड़कियों में प्रथम स्थान पर बीए और द्वितीय स्थान पर बीएससी की टीम रही और लड़कों में प्रथम स्थान पर बीकॉम और द्वितीय स्थान पर बीए और तृतीय स्थान पर बीसीए रही। इस दौरान प्राचार्य डॉक्टर सुशील बस्सी, प्राध्यापक वर्ग, कार्यक्रम के संयोजक डॉक्टर विशाल ठाकुर व प्रो. संजय कुमार मौजूद रहे।
राजकीय महाविद्यालय ढलियारा में राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष में विभिन्न खेलों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर रिटायर प्राचार्य डॉ. रमन कुमार ने बतार मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। मुख्य अतिथि ने सर्व प्रथम मेजर ध्यान चंद के चित्र पर पुष्पांजली अर्पित की। रमन कुमान ने बताया कि यह दिन हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले महान खिलाड़ी मेजर ध्यान चंद जी की याद में उनके जन्म दिवस पर मनाया जाता है। उन्होंने छात्रों को खेलों में भाग लेने के लाभ बताए। उन्होंने छात्रों को खेलों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने का भी आह्वान किया। इस अवसर पर महाविद्यालय प्राचार्या डॉ. अंजू रानी चौहान ने छात्रों का उत्साह बढ़ाया तथा उन्हें हाकी सम्राट मेजर ध्यान चंद जी के जीवन से प्रेरणा लेने की अपील की। ही उन्होंने महाविद्यालय के छात्रों से खेल प्रतियोगिताओं के लिए कड़ी मेहनत करने के लिए उनकी पीठ थपथपाई। इस अवसर पर महाविद्यालय द्वारा इंटर फैकल्टी खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया, जिसमें विभिन्न संकायों की दस टीमों ने भाग लिया। कबड्डी में कंप्यूटर विज्ञान संकाय तथा वॉलीबॉल में विज्ञान संकाय की टीम विजेता रही। इसके अलावा बैडमिंटन, चैस, टेबल टेनिस और वेट लिफ्टिंग आदि खेलों का आयोजन भी किया गया, जिसमें महाविद्यालय की छात्राओं ने भी भाग लिया। खेल प्रतियोगिताओं का संचालन शारीरिक शिक्षा विभाग प्रमुख प्रोफेसर सुशील भारद्वाज ने किया। इसके अलावा वरिष्ठ प्रोफेसर स्वदीप सूद, गुलशन धीमान, प्रोफेसर बृजेश रनौत, प्रो कंचन रनौत, प्रो सुनीता शर्मा, प्रो संजीव जसवाल, प्रो संजीव ठाकुर, प्रो जगदीप, प्रो राजीव ठाकुर, प्रो सुरेश राणा, प्रो बलवित, प्रो पीतांबर सिंह, आरती कौशल, कुशमाक्षी पटियाल, शर्मिता पठानिया, पूर्णेंदु बैंस, शगुन नाग, शैलजा सूद, कपिल सूद, प्रो वंदना राणा, रमेश भट्टी व राज कुमार मनकोटिया आदि ने विभिन्न खेलों का संचालन एवं निरीक्षण किया तथा जज की भूमिका भी निभाई।
डाडासीबा में सैर मेले का महादंगल 17 सितंबर को होगा। इसमें नामी पहलवान अखाड़े में अपनी कुश्तियों के जौहर दिखाएंगे। इस उपलक्ष्य में डाडासीबा लखदाता कांजू पीर मेला दंगल कमेटी की बैठक मंगलवार को राधाकृष्ण मंदिर परिसर में दंगल कमेटी प्रधान रवि दत्त शर्मा की अध्यक्षता में हुई। इस मौके पर व्यापार मंडल के प्रधान राजेंद्र सिंह गोगा व कोषाध्यक्ष अशोक मेहरा उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि सैर मेले का आयोजन 17 सितंबर को किया जा रहा है। इस दंगल प्रतियोगिता में हिमाचल पंजाब और हरियाणा के पहलवानों के बीच जोर अजामाइश होगी। इस मौके पर उन्होंने हिमाचल व पंजाब के कुश्ती प्रेमियों सहित सभी स्थानीय निवासियों से इस दंगल में ज्यादा से ज्यादा पहलवानों से हिस्सा लेने की अपील की। इस मौके पर कमेटी के सदस्य प्रमोद जसवाल, संजय शर्मा, राजेंद्र पाल, गुरबचन, रणजीत सिंह, बबली सूद, पंडित अक्षय शर्मा, केवल मैहरा, विमल शर्मा, रितेश शर्मा, नरेश कुमार, पूर्व प्रधान रामकुमार, प्रवीण शर्मा, लकी व बलवीर उपस्थित रहे।
अवैध खनन के चलते स्वां नदी व खडडों की चैनालाईजेशन को भी हो रहा भारी नुकसान प्रदेश में आपदा से निपटने के लिए सरकार कार्य कर रही है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर यह आपदा आई कैसे, अब प्रदेश सरकार भी इसको लेकर कहीं न कहीं अवैध खनन को एक बड़ा कारण मान रही है। ऊना जिले में स्वां नदी में रेत और बजरी का अवैध खनन धड़ल्ले से चल रहा है, खासकर सुबह के समय यह ज्यादा बढ़ जाता है। संतोषगढ़ को टाहलीवाल से जोड़ने वाले स्वां पर बने मुख्य पुल के पास अवैध गतिविधियों को अंजाम देने के लिए खनन माफिया बड़ी संख्या में ट्रैक्टर ट्रॉलियों का उपयोग करते हैं। ऊना जिले से संबंधित समाजसेवी मनीष शारदा ने कहा कि अब सरकार ने नई गाइडलाइन जारी कर दी है, लेकिन खनन माफिया को इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से अपील की है कि व्यास नदी की तरह स्वां नदी को भी बचाने के लिए सरकार कार्य करें। मनीष शारदा भी स्वां में अवैध खनन का मुद्दा बार-बार उठा चुका हैं। उन्होंने कहा कि नदी में अवैध खनन के कारण राज्य को रॉयल्टी और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के रूप में करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। शारदा ने कहा कि जिला ऊना में हाल ही में उफान पर आई स्वां नदी व सहायक खड्डें रेत से भर गई हंै। ऐसे में खनन माफिया फिर से अपने मंसूबों में जुट गया है। स्वां नदी में दिन-रात अवैध खनन को अंजाम दिया है। स्वां का रेत पंजाब में पहुंचाया जा रहा है। शारदा ने कहा कि सरकार ने अवैध खनन को रोकने के लिए कई विभागों को शक्तियां प्रदान की हैं, लेकिन अकेले पुलिस प्रशासन ही खनन माफिया के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है। पुलिस आए दिन रेत लेकर जा रहे वाहनों के चालान काट रही है। इसके अलावा स्वां नदी व खड्डों का निरीक्षण किया जा रहा है, लेकिन पुलिस की कार्रवाई के बावजूद अवैध खनन का काम जोरों-शोरों से चल रहा है। अवैध खनन के चलते स्वां नदी व खडडों की चैनालाईजेशन को भी भारी नुकसान हो रहा है।
ग्राम पंचायत कोरों केंथड़ी के केंथड़ी वार्ड में बोर न करवाने को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन व पंचायत से अपील की है। उन्होंने कहा कि वे सभी केन्थड़ी के रहने वाले हैं और प्रशासन से अनुरोध करते हैं कि उनके वार्ड केन्थड़ी में प्राकृतिक स्रोत सूखने की कगार पर हैं। इसकी वजह से उनके वार्ड में बोर होना है अत: ग्रामवासियों ने ग्राम पंचायत कोरों केन्थड़ी से अनुरोध किया है कि ग्राम पंचायत उनके वार्ड में हो रहे बोर को रुकवा कर भविष्य में भी कोई बोर ना करने की अनुमति दें। इस दौरान राजेंद्र, रजत, कुलवंत, रविंद्र, वीरेंद्र, धीरज, मनीष, रोहित ठाकुर, अर्जुन ठाकुर, पंकज कुमार, सुनील कुमार, अरुण ठाकुर, नीरज ठाकुर, संजीव मेहता, शुभम ठाकुर, चतर सिंह और नवीन सिंह मौजूद रहे।
सिरमौर जिला प्रशासन से सांसद सुरेश कश्यप ने आग्रह किया कि बाढ़ से प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री और राहत राशि पहुंचने का कार्य शीघ्र करें। सांसद सुरेश कश्यप आज सिरमौर जिला के रेणुका चुनाव क्षेत्र में खादरी, दुबुड़ी टिककर, खैर नाबड़ा, आलिया जरग और ककनौला जामूकोटी आदि गांवों में बाढ़ से प्रभावित परिवारों से बोल रहे थे। सुरेश कश्यप ने बताया कि इस संकट की घड़ी में वह व्यक्तिगत तौर पर समर्पित भाव से प्रभावित परिवारों के साथ उनका दुख दर्द बांटने आए हैं और उन्हें सरकार की ओर से हर संभव सहायता दिलाने के लिए पूरे प्रयास करेंगे। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश को इस दुख की घड़ी में हर संभव सहायता करने के लिए तत्पर है और अभी तक प्रदेश को 1200 करोड़ से अधिक की राहत राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है, जिसमें 822 करोड़ एचडीआरएफ के अंतर्गत और 400 करोड़ सीआरएफ के अंतर्गत उपलब्ध करवाई जा चुकी है। इसके अतिरिक्त हाल ही में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना तीन के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार द्वारा 2643 करोड़ रुपए भेजे जा चुके हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों को केंद्र द्वारा उपलब्ध कराई जा रही राहत राशि का सदुपयोग कर तुरंत प्रभावित लोगों को राहत पहुंचने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रदेश के अंदर सभी राष्ट्रीय उच्च मार्गों और राज्य उच्च मार्गों की मरम्मत करने का निर्णय लिया है और इन मार्गों कि शीघ्र मरम्मत के लिए युद्ध स्तर पर कार्य शुरू किये जाएंगे। इस दौरान जिला परिषद अध्यक्ष सीमा कन्याल, पंचायत समिति नाहन की अध्यक्ष अनीता शर्मा, रेणुका से भाजपा के प्रत्याशी रहे नारायण सिंह, पंचायत समिति संगड़ाह के निवर्तमान अध्यक्ष मेलाराम शर्मा, रेणुका भाजपा मंडल के प्रधान राजेंद्र ठाकुर, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष राजेन्द्र खूड़ी सहित अनेक भाजपा नेता मौजूद रहे।
एसएफआई राज्य कमेटी द्वारा शिमला के रिज मैदान पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। एसएफआई इस आपदा की घड़ी पूरे प्रदेशवासियों और प्रदेश के साथ कंधे से कंधा मिला कर खड़ी है और आगे आने वाले समय में भी एस एफ प्रदेश व देश के लिए अग्रिम पंक्ति में खड़ी रहेगी। ताकि बाकी रक्त के जरूरतमंद मरीजों को आसानी से रक्त मिल सके और उनकी जिंदगियां बच सकें। क्योंकि ब्लड बैंक में रक्त की कमी के कारण बहुत सारे मरीजों ने अपनी जिंदगियां खोई हैं। आने वाले समय में रक्त की कमी से कोई अपनी जिंदगी न खोए इसलिए यह शिविर उन तमाम लोगों की याद में आयोजित किया गया, जिन्होंने हाल ही में आई भयंकर आपदा में अपनी जिंदगियां गवां दी हैं। उन तमाम लोगों को याद करते हुए रक्तदान के शिविर के रूप में श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान 93 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया।
पेशेवर चालकों के सम्मान के लिए इस वर्ष भी चालक संघ ड्राइवर डे का कार्यक्रम 17 सितंबर को जिला सोलन के दाड़लाघाट के समीप जालपा माता मंदिर में होने जा रहा है। इस कार्यक्रम में प्रदेश के सभी जिलों के ड्राइवर भाग लेंगे व पिछले वर्ष में सड़क हादसों में मारे गए चालक साथियों की याद में मौन रखा जाएगा। हिमाचल मोटर चालक संघ के संस्थापक सत्यम ने कहा कि ड्राइविंग का कार्य एक जटिल, कठिन कार्य है। इसमें शारिरिक व मानसिक रूप से पूर्णतया स्वस्थ लोग ही कार्य कर सकते हैं, लेकिन आज सड़कों पर चालकों के साथ मार-पिटाई की वारदातें लगातार बढ़ रही हैं और उन्हें कम वेतन में ज्यादा समय तक काम करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सड़कों पर बुनियादी सुविधाएं न होने से चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि चालकों के लिए कल्याण बोर्ड का गठन किया जाए और सामाजिक सुरक्षा के लिए कानून बनाया जाए, जिससे ड्राइवर वर्ग की स्थिति सुदृढ़ हो सके। इस कार्यक्रम में स्थानीय गाड़ी मालिकों का भी सहयोग प्राप्त हुआ है और चालकों के लिए लंगर की व्यवस्था भी की गई है।
प्रभावित लोगों की समस्याओं को जल्द हल करने के दिए निर्देश प्रदेश के राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी और कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने कोटबेजा में बरसात से हुए नुकसान का जायजा लिया व प्रभावित लोगों की समस्याओं को सुना। इस दौरान नेगी ने उपस्थित अधिकारियों को प्रभावितों की समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि इस बरसात में कोटबेजा पंचायत का बनोई गांव में भूस्खलन से करीब 15 परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे। लोग आसपास गांव में रह रहे हैं साथ ही पंचायत के ठन्दू झगड़ गांव में भी कई मकान बारिश की भेंट चढ़ गए थे। इस गांव के लोगों को मंत्री ने बालदिया मंदिर की सराय में रहने के लिए कहा। इस दौरान मंत्री आपदा में चल रहे विभागों के कार्यों से काफी असंतुष्ट दिखे। उन्होंने कृषि, लोक निर्माण विभाग, जलशक्ति विभाग, विद्युत विभाग की जमकर क्लास लगाई। मंत्री के सामने लोगों ने शिकायत की कि हमारे डेमेज हुए मकानों से विभाग लाइट नहीं काट रहा है व करंट फैलने की संभावना बनी हुई है, जिस पर मंत्री ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को डेमेज मकानों की लाइट काटने को कहा। मंत्री लोक निर्माण विभाग के कार्य से भी नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि 40 दिनों से सड़क बंद पड़ी सड़क को जल्द खोला जाना चहिए था। उन्होंने विभाग को आदेश दिए कि बड़ी मशीनों से जल्द सड़क खोली जाए। मंत्री में कृषि व राजस्व विभाग को संयुक्त रूप से लोगों की फसलों को हुए नुकसान की रिपोर्ट जल्द बनाने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामसभा में प्रभवित परिवारों को जमीन का चयन किया जाए। उन्होंने कहा कि बरसात के कारण डेमेज हुई भूमि को खेती योग्य करने के लिए मनरेगा योजना के तहत भूमि सुधार किया जाएगा। बागवानी मंत्री ने कहा कि मनरेगा में बीस कार्य चलने की कोई गाइडलाइन नहीं है। उन्होंने लोगों से कहा कि आप काम के लिए पंचायत में आवेदन करें। उन्होंने कहा कि केंद्र से हमे कोई आपदा पर पैकेज नहीं मिला है। व जो पैसा केंद्र से मिला है वह आपदा के लिए हर साल मिलता है व इसकी अग्रिम किस्त मिली है। उन्होंने कहा कि बेघर हुए लोगों को जल्दी ही जमीन मुहैया करवाई जायगी व घर बनाने के लिये आर्थिक सहायता भी की जाएगी। कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने बनोई सड़क के लिए पैसा देने की घोषणा की।


















































