भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने जारी एक प्रैस बयान में कहा कि विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 17 सितम्बर को जन्मदिवस है तथा पार्टी प्रत्येक वर्ष प्रधानमंत्री का जन्मदिवस "सेवा सप्ताह’’ के रूप में मनाती है। प्रत्येक वर्ष पार्टी के सभी कार्यकर्ता विभिन्न प्रकार के सेवा के कार्यक्रम पूरे सप्ताहभर करके प्रधानमंत्री की दीर्घायु व स्वस्थ जीवन की कामना करते हैं। यह सेवा सप्ताह 14 सितम्बर से 20 सितम्बर, 2020 तक पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा जिसके लिए प्रदेश उपाध्यक्ष राम सिंह को प्रभारी बनाया गया है। सुरेश कश्यप ने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का 70वां जन्मदिवस है इसलिए इस सेवा सप्ताह में प्रत्येक मण्डल में कम से कम 70 दिव्यांगों को विभिन्न प्रकार के कृत्रिम अंग एवं उपकरण प्रदान करने का पार्टी ने निर्णय लिया है। इसी प्रकार गरीब भाईयों एवं बहनों को आवश्यकतानुसार चश्में प्रदान किए जाएंगे। उन्होनें कहा कि प्रत्येक जिले में गरीब बस्ती एवं अस्पतालों में कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए फल वितरण के कार्यक्रम किए जाएंगे तथा कोविड-19 से प्रभावित 70 लोगों को स्थानीय आवश्यकतानुसार एवं अस्पताल के माध्यम से प्लाजमा डोनेट किए जाएंगे। इस कार्यक्रम के लिए प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री प्रवीण शर्मा को प्रभारी बनाया गया है।
सोलन। हिमाचल की बेटी वंशिता ने प्रदेश में अपना और बद्दी क्षेत्र का नाम रौशन किया है। वंशिता ने ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (JEE) मेन 2020 में हिमाचल प्रदेश में टॉप किया है। वंशिता ने 99.83 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। वंशिता ने 12वीं तक की पढ़ाई नवज्योति सेंचुरी स्कूल बद्दी से की है और चंडीगढ़ से कोचिंग ले रही थी। वंशिता के पिता राकेश ठाकुर HPSEBL सोलन में बतौर SE कार्यरत है जबकि उनकी माँ आरती ठाकुर शिक्षिका है। वंशिता ने बताया कि उनको बचपन से ही अध्यापकों व माता पिता ने सही दिशा दिखा कर हर क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रोत्साहित किया। जिसके बुते ज़िंदगी का पहला सपना सच हुआ और मेहनत रंग लाई। वंशिता ने अपनी इस सफलता का श्रेय माता-पिता और टीचर्स को दिया है। टॉपर लिस्ट में शामिल होने पर वंशिता ठाकुर ने कहा कि उन्होंने इसके लिए कड़ी मेहनती की थी। वह अपनी तैयारी को लेकर काफी आश्वस्त थी और परीक्षा में सफलता को लेकर उनके मन में संदेह नहीं था। वंशिता ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह बिल्कुल सच है कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में किसी से कम नहीं है, और शिक्षा व संस्कारों की मजबूत नींव हो तो हर सपने को साकार किया जा सकता है।
रोहड़ू। उपमंडल के अंतर्गत सुंगरी शरमाली सड़क पर शुक्रवार को पिकअप गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हुई है। हादसे में तीन व्यक्ति की मौत हुई है। दो व्यक्ति घायल हुए हैं। घटना के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पिकअप गाड़ी देर शाम सुंगरी शरमाली मार्ग पर नाला में दुर्घटनाग्रस्त हुई। गाड़ी सुंगरी से रोहड़ू की ओर जा रही थी। गाड़ी में कुल पांच लोग स्वार थे। सभी सेब की ग्रेडिंग पैकिंग का कार्य कर रहे थे। स्थानीय लोगों से हादसे की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तथा राहत कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगो के सहयोग से घायलों को घटनास्थल से निकाला गया। हादसे में दो की मौत मौके पर हुई है। एक व्यक्ति की मौत अस्पताल ले जाते समय रास्ते में हुई है। जबकि दो व्यक्ति घायल हुए हैं। मृतकों की पहचान गौरव चौहान(26) पुत्र ओम प्रकाश, विजय कुमार(23) पुत्र सुनील कुमार, निखिल(26) पुत्र रवि कुमार गांव खेड़ा डाकघर कालका, जिला पंचकुला(हरियाणा) के रुप मे हुई है। घायलों में गौरव चौहान पुत्र ओम प्रकाश तथा विनोद सिंह पुत्र भरत सिंह गांव खेड़ा डाकघर कालका, जिला पंचकुला(हरियाणा) शामिल है। डीएसपी रोहड़ू सुनील नेगी ने बताया कि हादसे में तीन व्यक्तियों की मौत हुई है। दो घायल हुए हैं। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
कांग्रेस हाईकमान ने हिमाचल कांग्रेस को नया प्रदेश प्रभारी दिया है। अब तक हिमाचल कांग्रेस की कमान रजनी पाटिल के हाथों में थी। हाईकमान ने अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजीव शुक्ला को हिमाचल कांग्रेस की ज़िम्मेदारी सौंपी है। बता दें की शुक्रवार देर रात कांग्रेस ने पार्टी में बड़ा फेरबदल किया है। हिमाचल का प्रभार संभाल रही रजनी पाटिल को जम्मू -कश्मीर कांग्रेस की कमान दी है। हाईकमान ने शुक्रवार को महासचिवों और प्रभारियों की तैनाती की है। बताया जा रहा है की हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष व रजनी पाटिल के बीच अच्छा तालमेल बैठा हुआ था, लेकिन अब नए प्रभारी आने के बाद राठौर को तालमेल बनाने में समय लग सकता है। वहीं कांग्रेस वर्किंग कमेटी(सीडब्ल्यूसी)में पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा को स्थान मिला है। इससे प्रदेश में आनंद शर्मा के समर्थकों काफी गदगद हैं। पंजाब की छह साल तक प्रभारी रही आशा कुमारी के बदले अब प्रभारी हरीश रावत बनाए गए हैं।
Solan : हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड सोलन से प्राप्त जानकारी के अनुसार 14 सितम्बर, 2020 को 33/11 केवी विद्युत उपकेन्द्र कथेड़ से संचालित सभी 11 केवी फीडर की सामान्य मुरम्मत कार्य तथा विद्युत उपकरणों के परीक्षण के दृष्टिगत विद्युत आपूर्ति बाधित की जाएगी। यह जानकारी विद्युत बोर्ड के वरिष्ठ अधिशाषी अभियंता विकास गुप्ता ने दी। उन्होंने कहा कि इस कारण 14 सितम्बर, 2020 को प्रातः 09.00 बजे से सांय 06.00 बजे तक चम्बाघाट, सलोगड़ा, बसाल, कथेड़, मिनी सचिवालय, सोलन बाजार, न्यायालय परिसर, कोटलानाला, राजकीय महाविद्यालय, टैंक रोड़, ऑफिसर काॅलोनी, जौणाजी, शामती व इसके आसपास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने इस दौरान लोगों से सहयोग की अपील की है।
भाजपा सरकार द्वारा नई पंचायतों के गठन में पारदर्शिता नहीं बरती गई है। ये बात हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव संजय अवस्थी ने कही। संजय अवस्थी ने कहा कि यही वजह है कि धुन्दन पंचायत के लोगों की मांग को अनदेखा किया गया है। धुन्दन पंचायत की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए व अधिक जनसंख्या के कारण टुईरु व चमाकडी दो पंचायतें बननी चाहिए थी, लेकिन सरकार ने इस पंचायत के लोगों की इस मांग को नामंजूर करके उनके साथ अन्याय किया है। संजय अवस्थी ने कहा कि स्थानीय लोगों की मांग जायज है वह मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि जनहित को देखते हुए टुईरु व चमाकडी नई पंचायतों का गठन करने की स्वीकृति देकर अधिसूचना जारी करें।
बिलासपुर शहर की नहीं अपितू पूरे जिला की जीवन दायिनी ऐतिहासिक सतलुज नदी को दिन प्रतिदिन प्रदूशित किया जा रहा है। इसके लिए जहां सरकार की नीतियां जिम्मेवार है वहीं अफसरशाही की योजनाएं भी कम दोषी नहीं है, जो फाइलों में बनकर फाइलों ही में दम तोड़ देती है। पत्रकारों को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस महासचिव संदीप सांख्यान ने कहा है कि जिला प्रशासन, नगर परिषद, जन प्रतिनिधि व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इस मसले पर स्वतः संज्ञान लें और शहर के लोगों की सेहत से खिलवाड़ न करते हुए लुहनु ग्राउंड व गोविंद सागर के अस्तित्व को बचाने में कोई मूलभूत योजना का क्रियान्वयन करें। उन्होंने कहा कि उतरी भारत के नैसर्गिक सौंदर्य का प्रतीक सतलुज झील में पूरे शहर की गंदगी के साथ साथ पीछे से आने वाली गंदगी भी यहीं रूकती है। यही नहीं साठ के दशक में बनी सीवरेज प्रणाली की रिसती गंदगी इसी पानी में सीधे तौर पर मिलती हैं जबकि मरे हुए मवेशी तथा अन्य कूड़ा कर्कट इस प्राचीन धरोहर को आए दिन गंदा करती है। इसी गंदगी की हल्की सी बानगी लुहणु घाट से लेकर नाले के नौण पर सहज ही देखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि हैरानी का विषय यह है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के यह झील और इसका प्रदूषण इसलिए भी मायने नहीं रखता क्योंकि पूछने वाला कोई है ही नहीं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा बिलासपुर शहर के बाशिंदे टहलते हुए व खिलाड़ी भी सुबह शाम यही मिलते है। लेकिन अब पूरे शहर का सीवर व गंदगी इस लुहनु ग्राउंड से होते हुए गोविंद सागर झील में डाली जा रही है। शहर का पूरा सीवरेज व गारबेज यहाँ पर टेम्परेरी रूप से दबा कर प्नगर परिषद अपना पल्ला झाड़ रही है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन की दुहाई देने वाले प्रशासन ने अभी तक इस मामले पर किसी की जिम्मेदारी क्यों तय नहीं की। क्यों अभी तक यहाँ पर बायो वेस्ट प्लांट या बायो हजडेर्सियस सिस्टम की रूप रेखा तय नहीं की गई। क्यों अभी तक यहाँ पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की व्यवस्था अभी तक नहीं हो पाई।
बिलासपुर के गांव रानी कोटला में बेसहारा गायों और बैलों को आश्रय देने के लिए बना गौ-सदन का पशु पालन विभाग के उप निदेशक डाक्टर लाल गोपाल के नेतृत्व में जन प्रतिनिधियों व पशुपालन विभाग के अधिकारियों की टीम ने निरीक्षण किया। गौ-सेवा आयोग के सदस्य अश्विनी डोगरा ने बताया कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और पशु पालन विभाग मंत्री कंवर वीरेंद्र की योजना को साकार करने के लिए जिला भर में विभिन्न स्थानों पर गौ-सदनों का निर्माण किया गया है ताकि परित्यक्त अथवा बेसहारा गायों व बैलों को संरक्षण दिया जा सके और वहाँ उनके खाने पीने आदि की उपयुक्त व्यवस्था हो सके। डोगरा ने कहा कि सारे जिला भर में इन आवारा छोड़ दिये गए पशुओं द्वारा जहां किसानों की फसलों को हानि पहुंचाई जा रही थी, वहीं कुछ गलत तत्वों द्वारा इन्हें डंडों व तेज हथियारों तक से जख्मी करके उन्हें अपाहिज बना देने की शिकायतें मिल रही थी। उन्होंने कहा कि रानी कोटला में निर्मित किए गए गौ-सदन को शीघ्र ही आरंभ कर दिया जाएगा, जहां कम से कम 30 गायों व बैलों को रखने और उन्हें खाने- पीने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होने बताया कि इस अवसर पर उनके साथ रानी कोटला पंचायत प्रधान माया देवी, उप -प्रधान राज कुमार, गौदान कमेटी के प्रधान जोगिंदर ठाकुर और महासचिव मनोहर लाल चौहान, बी डी सी सदस्य आत्म देव, डाकटर विनोद कुंदी और डाक्टर विकास कुमार उपस्थित थे।
बुधवार को ग्रामीण संघर्ष समिति की नई कार्यकारिणी विस्तार किया गया है। समिति ने सर्वसम्मति से नेत्र सिंह उर्फ लेशु भाई बसाल को संयोजक, सलाहकार इंदर सिंह, अनोखी राम वर्मा, मोहन बनाल, प्रधान किरण किशोर वरिष्ठ उप प्रधान हितेश शर्मा व मोहनलाल मोनू, उप प्रधान भूपेंद्र, बिना, सविता, वह जयप्रकाश, प्रवक्ता नीरज भारद्वाज सह सचिव सुरेंद्र व कमल इसके अलावा पहले से सचिव मनोज वर्मा व सह सचिव मोहित मुख्य कार्यकारिणी के सदस्य जो पंच पंचायत के प्रतिनिधि, सविता शांडिल अध्यक्षा BDC सोलन, देवेंद्र प्रधान ग्राम पंचायत सेरी देवेंद्र कश्यप प्रधान ग्राम पंचायत बसाल, गरीबदास प्रधान ग्राम पंचायत अन्जी, कविराज प्रधान ग्राम पंचायत कोठों, गीताराम उप प्रधान ग्राम पंचायत पडग, विकास उप प्रधान ग्राम पंचायत कोठों बलवीर उप प्रधान ग्राम पंचायत अंजी महेंद्र प्रधान ग्राम पंचायत डांगरी, वार्ड मेंबर सीमा, निर्मला, सोमा, रेनू,खेम सिंह, सुषमा, अनिल, मधु, शिखा इंदर व प्रदीप। इसके अलावा 8 पंचायतों के गांव से दो-दो व्यक्तियों को एक्शन कमेटी मेंबर के तौर पर कार्यकारिणी में सम्मिलित किया गया। यह जानकारी संघर्ष समिति के महासचिव मनोज वर्मा द्वारा प्रदान की गई। मनोज ने कहा कि संघर्ष समिति संघर्ष जारी रखेगी और ग्रामीणों के हितों के सदेव तत्पर रहेगी।
दी जोगिन्द्रा केंद्रीय सहकारी बैंक समिति सोलन के चुनाव 15 सितम्बर को प्रस्तावित है। बैंक के 6 निदेशक पद के लिए चुनाव हो रहे है। अर्की, सोलन, कसौली, नालागढ़ और कंडाघाट जोन में निदेशक पद के चुनाव होने है। सोलन से वरिष्ठ भाजपा नेता बुधराम ठाकुर मैदान में है और उन्हें मजबूत दावेदार के तौर पर देखा जा रहा है। वहीँ, कण्डाघाट जोन इस बार दिलचस्प मुकाबला है। यहाँ से वरिष्ठ भाजपा नेता देवेंद्र वर्मा ने नामांकन भरा है। उनका सीधा मुक़ाबला विजय ठाकुर से है। इस मुकाबले को भाजपा के दो गुटों के मुकाबले के तौर पर भी देखा जा रहा है। विजय ठाकुर के मुकाबले यहाँ से देवेंद्र वर्मा का पड़ला भारी बताया जा रहा है। माना जा रहा है कि पार्टी के वरिष्ठ नेता देवेंद्र वर्मा के पक्ष में है।
दलित शोषण मुक्ति मंच की बैठक रोहड़ू में हुई। बैठक में जिला संयोजक विवेक कश्यप मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस मौके पर विवेक कश्यप ने दलित शोषण मुक्ति मंच के बारे में बताते हुए कहा कि दलित शोषण मुकित मंच कोई विशेष जाति का संगठन ने होकर सभी अनुसूची जाति व अनुसूचित जनजाति का मंच है। इस मंच से हम दलितों से जुड़े मुद्दों को उठाते है। ये किसी राजनीतिक पार्टी का पिछलगगू संगठन नहीं होते हुए दलित का संगठन है। इस बैठक में दलितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई की सरकार द्वारा दलितों को दी जाने वाली राहत से अपने हाथ पीछे खींच रही है जिससे प्रदेश में लगातार दलितों पर हमले बढ़ रहे है। केदार जिंदन, नेरवा से रजत, करसोग से बिमला देवी इसके उदाहरण है जिन्हे दलित होने की वजह से मार दिया गया है। लगातार दलितों को मिलने वाली आरक्षण में कटौती की जा रही है। कई जगह तो बिल्कुल भी आरक्षण नहीं है। एस सी व एस टी उपयोजना के तहत जो बजट आता है वो दलित बस्तियों तक पहुंचता ही नहीं है। दलित शोषण मुकित मंच ने तय किया है कि 16 सितंबर को विधानसभा के बाहर होने वाले प्रदर्शन में रोहड़ू से भी भारी संख्या में लोग बढ़ चढ़कर इसमें हिस्सा लेगे और सरकार के समक्ष अपनी बात रखेंगे। बैठक में मीर सुख, बबलू, पदम चंद, विनोद, सरण दास मनोज, देसराज, विनोद, बबलू ब्रागता, निशु, विशाल, प्रेम राज, सिंह नाथ आदि मौजूद रहे।
Rohru : लगातार सेब के गिरते दाम बागवानों की चिन्ता का कारण बन रहे है। इस वर्ष सेब की फसल पिछले साल की अपेक्षा आधी बताई जा रही है और आजकल जो सेब के दाम बागवानों को मिल रहे है वह करीब 8 से 10 साल पहले के मुकाबले है। हालांकि अब मार्केट मे सेब की क्वालिटी पहले की अपेक्षा काफी ज्यादा अच्छी है, बाबजूद इसके भी बागवानों को लगातार गिरते दाम के कारण चिन्ता सताए जा रही है। इसे आढतियों व खरीददारों की मिलिभगत कहे या बिचोलियों की लुकाछिपी कहे। आखिर पता लगाना आवश्यक है नहीं तो बागवान हर वर्ष इसी तरह पिसता जाएगा। आम आदमी पार्टी महासू के जिलाध्यक्ष लक्ष्मन नेगी बताया कि किसान बागवानों के हित के लिए आम आदमी पार्टी हर समय हर परिस्थिति मे खड़ी है। उनके हितों के लिए संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने बताया कि इस साल बाहर से 1पेटी का भी आयात नहीं हुआ है जबकि हर साल 10 से 15 करोड़ सेब कि पेटिया मंगाई जाती थी। आयात के द्वारा देश में इतनी मांग के बावजूद भी बिचोलियों ने सेब के दाम गिरा दिए है। अब सस्ते में खुद खरीद कर स्टोर कर आगे मुनाफा कमाएंगे। क्योंकि इस साल सेब का आयात नहीं हो पाया तो बिचोलियों और सटोरियों पर नकेल कसने का सही मौका है। अभी तक बाजार में केवल सवा करोड़ के करीब सेब पेटी बाजार में गया है, फिर भी मार्केट डाउन कर दी गई है। आम आदमी पार्टी सरकार से मांग की है कि जल्द इस स्थिति को सुधारने के लिए हस्तक्षेप करें। बागवानों के साथ खिलवाड़ बंद न हुआ तो मजबूरन जनता को सड़क पर उतरने के लिए विवश होना पड़ेगा।
भाजपा मंडल रोहडू ने गुरूवार को विवादित कंगना रणौत मामले को लेकर एसडीएम रोहडू बी आर शर्मा के माध्यम से राष्ट्रपती को ज्ञापन सौंपा। भाजपा मंडल ने महाराष्ट्र में कांग्रेस समर्थित सरकार, संजय राउत व अन्य शिव सेना नेताओं की ओर से दी गई टिप्पणियों व वक्तव्यों के खिलाफ प्रदर्शन कर विरोध जताया। भाजपा मंडल ने महाराष्ट्र सरकार की इस गतिविधि को असवैंधानिक करार देते हुए तुरंत बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की है। भाजपा मंडल रोहडू के अध्यक्ष बलदेव रांटा ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने जिस तरह कंगना रणौत के घर को गिरा कर गुडागर्दी का परिचय दिया है, यह लोकतंत्र की हत्या है। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज के लिए मातृ शक्ति का सम्मान प्राणो से अधिक प्रिय था, उनके नाम व विचारों पर राजनीति करने वाली कांग्रेस समर्थित सरकार ने देश की बेटी के खिलाफ पक्षतापुर्ण व्यवहार व अभद्र टिप्पणी करके समस्त महिलाओं के आत्म सम्मान को चोट पहुंचाई है, कंगना रणौत देश की सम्मानित नागरिक है और उन्हें किसी भी हिस्से में रहने का पुर्ण अधिकार है मुंबई शिवसेना व कांग्रेस की पैतृक संपती नहीं है। इस मौके पर महामंत्री शशि रावत, उपाध्यक्ष पींकू डंडा, सचिव दिनेश, गोपाल नेगी, बलवंत झोगटा, मीडिया प्रभारी सुमेश चौहान, अनुसूचित जाति जिला अध्यक्ष विनोद बुशैहरी, जिला सचिव बिज्जू मेहता, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष चमन शर्मा, अनुसूचित जाति मोर्चा रोहडू अध्यक्ष बिशन लाल, किसान मोर्चा रोहडू अध्यक्ष राज कुमार शरवाण, प्रदेश कार्य समिति सदस्य अनिता नाथटा, प्रदेश अनुसूचित जाति सदस्य सुहाग मल रूपटा, महिला मोर्चा रोहडू अध्यक्ष आशा रिठवाण सहित अन्य मौजूद रहे।
भाजपा प्रदेश अनुसूचित जाति मोर्चा के नवनियुक्त प्रदेश महामंत्री राकेश डोगरा ने कहा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें जो ज़िम्मेदारी दी है वह उस पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। डोगरा ने अपनी इस नियुक्ति के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर व मुख्य सचेतक व पूर्व कैबिनेट मंत्री नरेन्द्र बरागटा, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व सांसद सुरेश कश्यप, प्रदेश के संगठन मंत्री पवन राणा, शिमला संसदीय क्षेत्र के प्रभारी व खाधि ग्रामोद्योग के उपाध्यक्ष पुरषोत्तम गुलेरिया सहित अन्य नेताओं का आभार जताया। डोगरा ने कहा कि ये अनुसूचित जाति के लिए बेहद गौरव की बात है और ये सम्मान केवल उनका नहीं बल्कि उनके मण्डल जुब्बल नावर कोटखाई सहित समूचे प्रदेश के अनुसूचित समाज का है ।
उपमंडल अर्की की ग्राम पंचायत धुंधन के गांव टुईरू, ऐर, घरटूरी, बैमू भागड़ा, बैमू भलेड़ा तथा पसल जैरी के लोगों ने उपायुक्त सोलन को पत्र लिख कर इन गांवों को धुंधन पंचायत से अलग कर के टुईरू के नाम से नई पंचायत बनाने का आग्रह किया है । इस पंचायत प्रधान प्रेम चंद की अध्यक्षता में बुलाई गई बैठक में लोगों ने कहा कि पंचायत मुख्यालय पहुंचने के लिए ग्रामीणों को बीस से बाईस किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है जिससे इन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पंचायत प्रधान प्रेम चंद ने कहा कि गत माह धुंधन पंचायत का एक प्रतिनिधि मंडल उपायुक्त सोलन से मिला था तथा उनके माध्यम से अलग पंचायत बनाने हेतू फाईल पंचायती राज मंत्री व निदेशक पंचायती राज को भेजी गई थी, लेकिन अभी सरकार ने जो नई पंचायतों की अधिसूचना जारी की है उसमें टुईरू पंचायत का नाम नहीं है। इन लोगों ने उपायुक्त सोलन से एक बार पुनः आग्रह किया है कि धुंधन से अलग कर इन गांवों के एक नई पंचायत गठित की जाए। इस अवसर पर उपप्रधान त्रिलोक ठाकुर,महिला मंडल टुईरू की प्रधान सुनीता ठाकुर,महिला मंडल घरटूरी की प्रधान जानकी देवी,युवक मंडल टुईरू के प्रधान सुनील कुमार,वार्ड सदस्य चैतराम सहित लगभग पचास लोगों ने भाग लिया।
कोरोना काल के दौरान बंद हुए जिले के सभी मंदिरों में फिर से रौनक लौट आई है। करीब छह महीने के बाद जिले के सभी मंदिरों में कपाट खुले हैं। हालांकि मंदिरों में ज्यादा भीड़ नहीं है। इक्का-दुक्का लोग ही दर्शन के लिए पहुंचे हैं। एहतियात के साथ मंदिरों के द्वार खोले गए। बिलासपुर के आराध्य देव बाबा नाहर सिंह बाजिया के मंदिर को भी पूरी सुरक्षा के साथ खोला गया है। जो भी श्रद्धालु दर्शन करने के लिए जाता है उसे मुख्य गेट पर रोक कर उसका तापमान चैक किया जाता है। इसके पश्चात उसे अपना नाम रजिस्टर करवाना पड़ता है। नाम की एंट्री करने के उपरांत उसे अंदर जाने दिया जाता है, जहां पर बाबा नाहर सिंह जी के दर्शन करके अपनी मनो कामना मांगता है। इस के बाद उसे दूसरे रास्ते से बाहर निकाला जाता है। इसी तरह से बिलासपुर में नैना देवी माता का मंदिर और सहा तलाई में बाबा बालकनाथ का मंदिर भी श्रद्धालुओं के लिए खोला गया। बिलासपुर के उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने कहा है कि जिले के सभी मंदिर खोल दिए गए हैं लेकिन उसमें राज्य सरकार के दिशा निर्देशानुसार सावधानी बरती जा रही है । उन्होंने श्रद्धालुओं से भी आग्रह किया है कि वे नियमों का पालन करते हुए ही मंदिरों में दर्शन के लिए जाएं।
सरकार ने 4 सितंबर को कैबिनेट बैठक में धार्मिक स्थलों को खोलने का निर्णय लिया था जिसके बाद आज प्रदेश में धार्मिक स्थलों को खोल दिया गया है। इसे ले कर एसओपी जारी किए गए। देवभूमि हिमाचल प्रदेश में भी आज सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार मंदिरों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। शिमला स्थित प्रसिद्ध तारादेवी मंदिर , जाखू मंदिर एवं संकटमोचन मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों में श्रद्धालुओं ने दिशा-निर्देशों के अनुसार ही दरशन किए। एसओपी के तहत मंदिर परिसरों में सभी तैयारियां की जा चुकी हैं। सराहन स्थित प्रसिद्ध मां भीमाकाली मंदिर में सुबह सात से शाम साढ़े छह बजे तक भक्तों को माता के दर्शन करने की अनुमति रहेगी। शाम सात बजे मंदिर के कपाट बंद होंगे। मां चिंतपूर्णी का दरबार सुबह 9 से शाम 7 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए खुलेगा। श्रद्धालु प्रसाद ले जा सकेंगे, लेकिन इसे चढ़ाने पर मनाही रहेगी। श्री नयना देवी जी मंदिर में रोजाना एक हजार श्रद्धालु दर्शन कर पाएंगे। मंदिर में 60 साल से अधिक और 10 साल से कम उम्र के बच्चों और गर्भवती महिलाओं के प्रवेश पर फिलहाल रोक रहेगी। शक्तिपीठ बज्रेश्वरी मां के दर्शन भक्त सुबह सात से शाम सात बजे तक करेंगे। मां चामुंडा के दर्शन भी इसी समय हो सकेंगे। हरियाणा और हिमाचल की सीमा पर त्रिलोकपुर स्थित माता बालासुंदरी मंदिर, पांवटा साहिब के ऐतिहासिक गुरुद्वारे में सुरक्षा के विशेष इंतजाम हैं। दियोटसिद्ध स्थित बाबा बालक नाथ मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को ई-पास बनवाना होगा। मंदिर प्रतिदिन सुबह छह बजे खुलेगा और शाम 7 बजे बजे बंद होगा। प्रतिदिन लगभग 500 श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति दी जाएगी।
मेष आज के दिन आत्ममथंन कई मुश्किलों से बाहर निकालने में आपकी मदद करेंगे। ऑफिशियल कार्यों में भी जल्दबाजी के चलते गलती होने की प्रबल आशंका बनी हुई है, हो सकता है पिछला कार्य पुनः करना पड़ जाए। कारोबार को बढ़ाने के लिए अपनी क्षमता व योग्यता का पूरा प्रदर्शन करेंगे जिसमें सफलता भी मिलेगी। युवाओं के कुछ सपने अधुरे रहने से मन उदास रहेगा। सेहत में शारीरिक कमजोरी महसूस होगी जो किसी स्वास्थ्य संबंधित बीमारी का कारण बन सकती है, थैरपी लेने के लिए समय उपयुक्त चल रहा है। घर पर रहते हुए सदस्यों के साथ फैमली डिनर की प्लानिंग कर सकते हैं। वृष आज के दिन मन में द्वंद की स्थिति रहेगी जो कार्यों में अनेक अवरोध डाल सकती है। जिस पर आप सबसे ज्यादा विश्वास करते हैं, वहीं अविश्वास का कारण बन सकता है। कर्मक्षेत्र में सहकर्मियों से संपर्क को कमजोर न होने दें, वर्तमान समय में यह बेहद जरूरी है। व्यावसायिक गतिविधियाँ सामान्य रूप से चलती रहेंगी, साथ ही छोटे-मोटे निवेश करने के लिए दिन उपयुक्त है। हेल्थ की बात करें तो आंखों में दर्द या इंफेक्शन की समस्या उत्पन्न हो सकती है इसका तुरंत इलाज करना ही सही रहेगा, अन्यथा भविष्य में परेशानियां झेलनी पड़ेगी. संतान से संबंधित कोई शुभ सूचना मिलने की संभावना है। मिथुन आपके मूड में बारंबार परिवर्तन आने के कारण मन में अनिश्चितता रहेगी । परिणामस्वरूप मानसिक अस्वस्थता अनुभव करेंगे। पारिवारिक सदस्यों के साथ बातचीत करके और आवश्यक लगे तो विशेषज्ञों की सलाह लेकर बेचैनी कम कर सकेंगे। स्वास्थ्य का ध्यान रखने की गणेशजी की सलाह है। कर्क गणेशजी की कृपा से आज आप जो कुछ भी विचार करेंगे और युक्ति-प्रयुक्तियों को अजमाएँगे उसमें आपको सफलता मिलेगी। विद्यार्थी अध्ययन में अच्छा प्रदर्शन करेंगे तथा अधूरे कार्य पूरे होंगे। आप अपनी कल्पनाशक्ति का अच्छा चमत्कार दर्शा सकेंगे। संक्षेप में आज का दिन आपके लिए खुशी का और विविधतापूर्ण रहेगा सिंह आज के दिन आध्यात्मिकता की तरफ भी थोड़ा रूझान बढ़ाना चाहिए, जिससे आप प्रसन्नता व आत्मिक शांति का अनुभव करेंगे। ऑफिशियल कार्य समय रहते पूर्ण होंगे जिससे अन्य कार्यों के लिए भी पर्याप्त समय मिलेगा। व्यापारियों का बैंकिग संबंधित कार्य में रुकावट आने की वजह से मन में झुंझलाहट रहने की आशंका है। युवाओं को मनपसंद विषयों में अच्छे परिणाम मिलने से वह प्रसन्न रहेंगे। मुंह में छालें हो सकते हैं, यह समस्या पेट की गर्मी की वजह से होगी। संतान की हैबिट्स पर ध्यान रखें. अगर आपकी संतान छोटी है तो खेलते समय उसका विशेष ध्यान रखें, गिर कर चोट लग सकती है। कन्या आशावादी बनें और उजले पक्ष को देखें। आपका विश्वास और उम्मीद आपकी इच्छाओं व आशाओं के लिए नए दरवाज़े खोलेंगी। भविष्य में अगर आपको आर्थिक रुप से मजबूत बनना है तो आज से ही धन की बचत करें। आपका मज़ाकिया स्वभाव सामाजिक मेल-जोल की जगहों पर आपकी लोकप्रियता में इज़ाफ़ा करेगा। आप अपने प्रिय की बांहों में आराम महसूस करेंगे। आज अनुभवी लोगों से जुड़कर जानने की कोशिश करें कि उनका क्या कहना है। यदि आपको व्यस्त दिनचर्या के बाद भी अपने लिए समय मिल पा रहा है तो आपको इस समय का सदुपयोग करना सीखना चाहिए। ऐसा करके अपने भविष्य को आप सुधार सकते हैं। आप और आपका हमदम एक-दूसरे से आज एक-दूसरे की ख़ूबसूरत भावनाओं का इज़हार कर सकेंगे। तुला ससुराल वालों से नाराजगी और किसी बात को लेकर लड़ाई हो सकती है। बात करते समय अपना संयम न खोए किसी पेचीदा बात को रखते समय ना सीमा का उल्लंघन करें, ना होने दें। वरिष्ठ व्यक्ति की जिद के आगे आज आपको झुकना पड़ेगा। अहंकार आपका सबसे बड़ा शत्रु होगा। बहुत कष्ट से किए हुए काम में असफलता मिल सकती है। लेकिन, अपना आत्मविश्वास कम ना होने दें। अगर बात किसी जमीन से जुड़े मुद्दे की है, तो अपनी बात पर कायम रहें। वृश्चिक शारीरिक बीमारी के सही होनी की काफ़ी संभावनाएँ हैं और इसके चलते आप शीघ्र ही खेल-कूद में हिस्सा ले सकते हैं। जो लोग काफी वक्त से आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे उन्हें आज कहीं से धन प्राप्त हो सकता है जिससे जीवन की कई परेशानियां दूर हो जाएंगी। अपने जीवन-साथी के साथ प्यार, अपनापन और स्नेह महसूस करें। मुहब्बत की टीस आज रात आपको सोने नहीं देगी। आप क़ामयाबी ज़रूर हासिल करेंगे – बस एक-एक करके महत्वपूर्ण क़दम उठाने की ज़रूरत है। आपके पास समय तो होगा लेकिन बावजूद इसके भी आप कुछ ऐसा नहीं कर पाएंगे जो आपको संतुष्टि दे। जीवनसाथी के साथ एक आरामदायक दिन बीतेगा। धनु आज का दिन आपके लिए मध्यम रूप से फलदायक रहेगा। आपको अपने विरोधियों से कुछ परेशानी हो सकती है। घर परिवार के लोग किसी बात को लेकर वाद-विवाद कर सकते हैं। आप एक बुद्धिमान व्यक्ति की तरह उन्हें कोई काम की सलाह देंगे जो बहुत काम आएगी। शादीशुदा लोगों के गृहस्थ जीवन के लिए दिनमान अच्छा रहेगा। प्रेम जीवन बिता रहे लोग रिश्ते में कुछ दिक्कतें महसूस करेंगे। आपका प्रिय गुस्से में आकर आपको उल्टा सीधा बोल सकता है। इनकम सामान्य रहेगी और सेहत बढ़िया रहेगी। काम के सिलसिले में दिनमान आपके पक्ष में रहेगा। मकर अच्छी चीज़ों को ग्रहण करने के लिए आपका दिमाग़ खुला रहेगा। नौकरी पेशा से जुड़े लोगों को आज धन की बहुत आवश्यकता पड़ेगी लेकिन बीते दिनों में किये गये फिजुलखर्च के कारण उनके पास पर्याप्त धन नहीं होगा। कोई ऐसा रिश्तेदार जो बहुत दूर रहता है, आज आपसे संपर्क कर सकता है। आप रोमांटिक ख़यालों और सपनों की दुनिया में खोए रहेंगे। दफ़्तर की राजनीति हो या फिर कोई विवाद, चीज़ें आपके पक्ष में झुकी नज़र आएंगी। खेलकूद जीवन का जरुरी हिस्सा है लेकिन खेलकूद में इतने भी व्यस्त न हो जाएं कि आपकी पढ़ाई में कमी आ जाए। मुमकिन है कि आपके माता-पिता आपके जीवनसाथी को कुछ शानदार आशीर्वाद दें, जिसके चलते आपके वैवाहिक जीवन में और निखार आएगा। कुंभ आपके लिए आज का दिन अच्छा रहेगा। पारिवारिक जिम्मेदारियां निभाएंगे और सेहत को लेकर थोड़े चिंतित हो सकते हैं लेकिन परिवार वालों का सहयोग हर काम में आपको मिलेगा जिससे काम के सिलसिले में आपको अच्छे नतीजे मिलेंगे। आपके मित्र और आपके साथ काम करने वाले लोग आपको सपोर्ट करेंगे। प्रेम जीवन बिता रहे लोगों के लिए दिनमान अच्छा रहेगा। शादीशुदा लोगों के गृहस्थ जीवन में तनाव दिखाई देगा। मीन ऐसी गतिविधियों में शामिल हों जो रोमांचक हों और आपको सुकून दें। धन का आगमन आज आपको कई आर्थिक परेशानियों से दूर कर सकता है। वैवाहिक बंधन में बंधने के लिए अच्छा समय है। आज के दिन रोमांस के नज़रिए से कोई ख़ास आशा नहीं की जा सकती है। कामकाज के मोर्चे पर आपकी कड़ी मेहनत ज़रूर रंग लाएगी। हितकारी ग्रह कई ऐसे कारण पैदा करेंगे, जिनकी वजह से आज आप ख़ुशी महसूस करेंगे। आपके जीवनसाथी की कामकाज को लेकर व्यस्तता आपकी उदासी का कारण बन सकती है।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय की अध्यक्षता में हिमाचल प्रदेश नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी शिमला द्वारा ‘‘स्वतंत्रता आंदोलन एवं राष्ट्रीय राजनीतिक विचार’’ विषय पर ऑनलाइन विचार-विमर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर, राज्यपाल ने कहा कि भारत की स्वतंत्रता का विशेष ऐतिहासिक महत्व है क्योंकि इस इतिहास के फलस्वरूप हम राजनीतिक तौर पर आजाद हुए और हमने लोगों के दिल और दिमाग में राष्ट्रीयता का विचार पैदा करना शुरू किया। अगर ऐसा न होता तो लोग अपनी जाति, समुदाय व धर्म आदि के आधार पर ही सोचते रह जाते। हालांकि भारतीय होने का यह गौरव केवल एक भौगोलिक सीमा के ऊपर खड़ा था। उन्होंने कहा कि भारत का असली व पूरा गौरव इसकी सीमाओं में नहीं बल्कि इसकी सांस्कृतिक, आध्यात्मिक मूल्यों तथा सार्वभौमिकता में है। यहां के निवासी हजारों सालों से बिना किसी बड़े संघर्ष के रहते आ रहे हैं। दत्तात्रेय ने कहा कि भारत में लंबे अरसे से स्थिर समाजों का उदय हुआ और नतीजतन आध्यात्मिक प्रक्रियाएं विकसित हुई। इंसान बुनियादी रूप से क्या है, इस मुद्दे पर इस धरती की किसी भी दूसरी संस्कृति ने उतनी गहराई से विचार नहीं किया जैसा हमारे देश में किया गया। उन्होंने कहा कि भारत के नागरिकों को उन महान आदर्शों का ध्यान रखते हुए पालन करना चाहिए, जो हमारे राष्ट्रीय आन्दोलन की प्रेरणा का स्त्रोत बने। उन्होंने कहा कि एक समाज का निर्माण और स्वतंत्रता, सम्मानता, अहिंसा, भाईचारा और विश्व-शांति के लिए एक संयुक्त राष्ट्र का निर्माण हमारे आदर्श हैं।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कारगिल युद्ध के वीर योद्धा कैप्टन विक्रम बत्रा के जन्म दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रदेश के इस वीर सपूत ने कारगिल युद्ध के दौरान वर्ष 1999 में देश की सरहदों की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश उनके बलिदान की भावना और राष्ट्र की अखण्डता के लिए उनके समर्पण पर हमेशा ऋणी रहेगा। उन्होंने कहा कि कैप्टन विक्रम बत्रा ने सदैव अदम्य साहस का परिचय देते हुए प्वाइंट 4875 चोटी पर कब्जा करने में सफलता पाई। उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया, जो बहादुरी के लिए भारत का सर्वोच्च एवं प्रतिष्ठित सम्मान है।
दाड़लाघाट में बुधवार को अम्बुजा सीमेंट कंपनी में कार्यरत ट्रक ऑपरेटरों की एक संयुक्त आपात बैठक शिव मंदिर में आयोजित हुई।बैठक गोल्डन लैंड लूजर के पूर्व प्रधान सुशील ठाकुर की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। इस बैठक में कंपनी द्वारा ढलियारा में खोले गए सीमेंट डंप का भारी विरोध किया गया। बैठक में सभी ट्रक सहकारी सभाओं के सदस्यों ने संयुक्त रूप से कहा कि अम्बुजा कंपनी हमारी मां है हम इसका घाटा नहीं चाहते है पर कंपनी प्रबंधन के लोगों की मनमानी भी वो बर्दाश्त नहीं करेंगे। कंपनी की मैनेजमेंट में बैठे कुछ लोग अर्की क्षेत्र के ऑपरेटरों को तबाह कर निजी ट्रांसपोर्ट शुरू करने के लिए साजिश रच रहें है।लेकिन वो इस बात को गांठ बांध लें कि ऑपरेटरों को ऐसे लोगों को सबक सिखाने का पुराना अनुभव है। कंपनी ऑपरेटरों को गुमराह कर रही है कि उनके ढुलाई कार्य पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा लेकिन डंप की वजह से डिमांड पर भारी असर पड़ने वाला है। कंपनी से हुए समझौते के मुताबिक रोपड़ से वापसी खत्म हो जाएगी व क्लिंकर की डिमांड पर भारी असर पड़ेगा यह एक सोची समझी चाल है। ट्रांसपोर्ट का धंदा चौपट कर निजी ट्रांसपोर्टर कंपनी शुरू करने की जिसे सभी को समझने की जरूरत है। समझौते के तहत कंपनी पिछले 6 वर्षों से एनुयल हाइक को भी नही दे रही है जबकि आज तेल के रेट आसमान छू रहे है। ऑपरेटर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक है और इसे हासिल करना अच्छी तरह से जानते है। बैठक में सर्वसमति से अगली बैठक सोमवार को 11 बजे आयोजित करने का फैसला लिया गया। इस बैठक में अगली रणनीति तैयार की जाएगी। इस मौके पर पूर्व प्रधान बाघल लैंड लूजर राम कृष्ण शर्मा, अनिल गुप्ता, जगदीश ठाकुर, नीलम भारद्वाज, किशोरी भारद्वाज, सुमन गुप्ता, हेमराज ठाकुर, बंटू शुक्ला, हरीश भारद्वाज, हुक्म चंद सहित अन्य सभाओं के ट्रक ऑपरेटर मौजूद रहे।
क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर का अब जल्द ही कायाकल्प होगा। 2 करोड़ 11 लाख 87 हजार रूपये अस्पताल भवन की मरम्मत के लिए खर्च किए जाएंगे। यह राशिओ सरकार की ओर से स्वास्थ्य विभाग को जारी की गई है। इसे अस्पताल प्रशासन ने पीडब्लयूडी विभाग को भी सौंप दिया है और जल्द ही यहां पर मरम्मत कार्य शुरू हो जाएगा। जिला अस्पताल में तैनात चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. एनके भारद्वाज के प्रयासों से यह कार्य सफल हुआ है। खबर की पुष्टि करते हुए चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. एनके भारद्वाज ने बताया कि अस्पताल भवन के कई कक्ष की हालात जर्जर हो रही है। इन सभी कक्षों और भवनों की मरम्मत के लिए यह पैसा खर्च किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अस्पताल भवन पूरी तरह से बदला जाएगा। यहां पर भवनों में रंग-रोगन से लेकर सारे कक्षों का कायाकल्प होगा। इसी के साथ इसकी डाईंग भी पीडब्लयूडी विभाग के पास पहुंच गई है। जल्द ही यह कार्य शुरू हो जाएगा। चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. एनके भारद्वाज ने बताया कि जिला अस्पताल में 20 करोड़ रूपये की लागत से एमसीएच यानि मदर हैल्थ एंड चाइल्ड विंग भी बनने जा रहा है। जिसके लिए सरकार की ओर से साढे़ छहः लाख रूपये जारी हो गए है। वहीं, पीडब्लयूडी विभाग की ओर से इसका भी जल्द निर्माण कार्य शुरू होगा। वहीं, उन्होंने यह भी बताया कि यहां पर शव गह भी बनने जा रहा है। यह कक्ष आपातकाल ओपीडी के साथ ही बनाया जा रहा है जिसके लिए 40 लाख रूपये का बजट जारी हुआ है। इस कार्य के लिए दस्तावेज प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जल्द ही यह कार्य भी शुरू हो जाएगा। डाॅ. भारद्वाज ने बताया कि यहां पर आने वाले मरीजों के बैठने के लिए बेहतर सुविधा प्रदान की जाएगी। मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए अस्पताल प्रशासन कार्यरत है। मरीजों को किसी भी तरह से कोई दिक्कत न हो इसके लिए भरकस प्रयास किए जा रहे है। उधर, बिलासपुर चिकित्सा अधीक्षक डाॅ० एनके भारद्वाज ने बताया कि 2 करोड़ 11 लाख 87900 रूपये की लागत से जिला अस्पताल का कायाकल्प होगा। यह राशि पीडब्लयूडी विभाग को जारी कर दिया गया है। जल्द ही यहां पर कार्य शुरू हो जाएगा। एमएस ने अस्पताल परिसर का किया निरीक्षण चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. एनके भारद्वाज ने बुधवार को जिला अस्पताल का निरीक्षण भी किया है। उन्होंने सबसे पहले जिला अस्पताल की आपातकाल ओपीडी में बनाए एक कोविड सैंपल कक्ष का निरीक्षण लिया। यहां पर किस तरह से संदिग्ध मरीजों के कोविड टेस्ट किए जा रहे हैं, इसकी सारी व्यवस्थाएं जांची। साथ ही इसके बाद उन्होंने एमसीएच सेंटर के लिए चयनित स्थान का भी निरीक्षण किया। अंततः उन्होंने शव गह के लिए चिन्हित स्थान की भी व्यवस्थाएं जांची।
हिमाचल प्रदेश नई शिक्षा नीति को लागू करने वाला पहला राज्य बन गया है। प्रदेश के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने बीते रोज केंद्र द्वारा लाई गई नई शिक्षा नीति को हिमाचल में तत्काल प्रभाव से लागू करने के सरकार को निर्देश दिए थे जिस पर शिक्षा विभाग ने नई शिक्षा नीति को लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी। कैबिनेट ने पहले ही नई शिक्षा नीति को लागू करने की अनुमति दे दी है। शिक्षा मंत्री का बयान शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा है कि नई शिक्षा नीति को प्रदेश में लागू कर दिया है और इसके लिए एक टास्क फोर्स का भी गठन किया गया है जिसके साथ बैठक रखी गई है ताकि उसके सुझावों को शामिल कर शिक्षा नीति लागू किया जा सके। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा टास्क फोर्स और सब कमेटी के नई शिक्षा नीति के प्रारूप को लेकर जो सुझाव होंगे उन्हें नई शिक्षा नीति में शामिल किया जाएगा। इसके अलावा 9-12वीं तक के छात्रों के स्कूल खोलने को लेकर गृह मंत्रालय ने एसओपी जारी कर दिए हैं। शिक्षा विभाग प्रदेश के कोरोना के हालातों को देख कर इस पर फैसला लेगा।
BMC और महाराष्ट्र सरकार के साथ चल रहे विवाद के बीच अभिनेत्री कंगना रनौत मुंबई पहुँच गई हैं। मुंबई पुलिस पर उनकी टिप्पणी को लेकर शिवसेना कार्यकर्ताओं ने हवाई अड्डे पर विरोध प्रदर्शन किया। शिवसेना कार्यकर्ता हवाईअड्डे के बाहर काले झंडे के साथ कंगना खिलाफ नारे लगाते हुए देखे गए। आरपीआई (ए) और करणी सेना के कार्यकर्ता भी अभिनेता के समर्थन में एकत्र हुए। आरपीआई (ए) नेता और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने घोषणा की थी कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ता मुंबई में रहते हुए कंगना की रक्षा करेंगे। क्या बोले मुख्यमंत्री जयराम मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने महाराष्ट्र में कंगना के ऑफिस को शिव सेना द्वारा तोड़े जाने पर कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है। सीएम ने कहा की शिव सेना का गठन जिस चीज़ के लिए हुए था वह मूल को ख़त्म कर दिया गया है। जब से शिव सेना ने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया है शिव सेना का वजूद खत्म है। शिव सेना की हालात भी कांग्रेस जैसी होने वाली है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने महाराष्ट्र में कंगना के ऑफिस को शिव सेना द्वारा तोड़े जाने पर कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है। सीएम ने कहा की शिव सेना का गठन जिस चीज़ के लिए हुए था वह मूल को ख़त्म कर दिया गया है। जब से शिव सेना ने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया है शिव सेना का वजूद खत्म है। शिव सेना की हालात भी कांग्रेस जैसी होने वाली है।
शिमला, विधानसभा मॉनसून सत्र के तीसरे दिन सदन की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुए। विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को 67 स्थगन प्रस्ताव की चर्चा पर जबाब देने के लिए इजाज़त दी लेकिन विपक्ष फ़िर कल वाली चार सदस्यों को बोलने की मांग पर अड़ गया। यहां तक कि विपक्ष ने मुख्यमंत्री पर उनकी आवाज़ दबाने का आरोप लगाया। संसदीय कार्यमंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि जब अधिकतर सदस्य बोल चुके है तो फ़िर विपक्ष क्यों अड़ रहा है। इस पर भी विपक्ष अपने 4 सदस्यों को बोलने का मौका देने पर अड़ा रहा। इस बीच मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि पहले मंगलवार 3 बजे तक चर्चा तय हुई थी। उसके बाद 5 बजे तक सदन को बढ़ाया गया। अब विपक्ष क्यों शोर शराबा कर रहा है। विधानसभा अध्यक्ष ने भी यही कहा कि विपक्ष की सहमति से ही चर्चा का समय तय हुआ। सदन में विपक्ष की हर बात को माना, 6 घण्टे से ज्यादा दो दिन तक स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा हो चुकी है। अब मुख्यमंत्री चर्चा का जबाब देंगे। इस पर भी विपक्ष नही माना और सदन में नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष ने मांग उठाई की विपक्ष के 4 सदस्यों को 5-5 मिनट बोलने का मौका दिया जाए। विपक्ष ने नारा लगाया कि "लोकतंत्र की हत्या बन्द करो, चर्चा का प्रबंध करो।" मुख्यमंत्री बोलते रहे, विपक्ष करता रहा वेल में नारेबाज़ी विपक्ष की नारेबाज़ी के बीच विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार ने मुख्यमंत्री को चर्चा का जबाब देने की इजाज़त दे दी। मुख्यमंत्री बोलने के लिए खड़े हुए तो नाराज़ विपक्ष के सभी सदस्य स्पीकर की वेल में आकर नारेबाज़ी करने लगें। सत्ता की तरफ़ से मुख्यमंत्री बोलते रहे जबकि विपक्ष की नारेबाज़ी जारी रही। यहां तक विपक्ष के सदस्य वेल में बैठकर नारेबाजी करने लगे। सदस्य 'पीपीई किट घोटाले', 'सरकार की तानाशाही', 'हो गया जय राम तेरा काम कुर्सी छोड़ो करो आराम', 'कारोना काल में घपले' जैसे नारेबाज़ी लगाते रहे। मुख्यमंत्री डेढ़ घण्टे बोलते रहे विपक्ष वेल में नारेबाज़ी करता रहा, मुख्यमंत्री ने अपना जबाब पूरा किया व विपक्ष को प्रस्ताव वापिस लेने की बात की इसी नाराज़गी में विपक्ष ने सदन से वाकआउट कर दिया। मुख्यमंत्री ने विपक्ष के रवैए पर जताई नाराज़गी विपक्ष के रवैये से नाखुश मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के इतिहास में पहली बार नियम 67 के तहत कारोना को लेकर चर्चा दी। विपक्ष से उम्मीद थी कि उनकी तरफ से कोई सुझाव आएगा लेकिन दुर्भाग्य है विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। कांग्रेस नेतृत्वहीन है इसलिए बेवजह शोर कर रही है। विपक्ष को सदन में बोलने का पूरा मौका दिया गया। अढ़ाई दिन तक स्थगन प्रस्ताव की चर्चा में विपक्ष के 13 सदस्यों ने भाग लिया। बाबजुद इसके विपक्ष खुश नहीं था और सदन में हल्ला कर वाकआउट कर दिया।
जिला दण्डाधिकारी सोलन केसी चमन ने जिला सोलन के बद्दी, नालागढ़ तथा सोलन औद्योगिक क्षेत्र में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगियों को आईसोलेशन सुविधा में शीघ्र पहुंचाने एवं उनके सम्पर्क में आए व्यक्तियों को त्वरित ढूंढने के लिए 2 अगस्त, 2020 को जारी अपने उन आदेशों के लिए स्पष्टीकरण जारी किया है जिनके तहत पुलिस तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की सहायता के लिए टीमें अधिसूचित की गई थी। संशोधित आदेशों के अनुसार अब जिला सोलन के औद्योगिक क्षेत्रों में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगियों के सम्बन्ध में इन आदशों के अनुसार जारी किए गए दिशा-निर्देश लागू होंगे। आदेशों के अनुसार यदि किसी औद्योगिक इकाई में यदि क्षेत्र में 48 घंटे के भीतर पांच से कम कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी पाए जाते हैं तो केवल उसी क्षेत्र को संक्रमण रहित करने की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी जहां गत 48 घण्टों में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी गए हों। इस परिस्थिति में पूरी औद्योगिक इकाई को बन्द करने अथवा कार्यालय के अन्य क्षेत्रों में काम रोकने की आवश्यकता नहीं होगी तथा कार्य निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार क्षेत्र संक्रमण रहित करने के उपरान्त आरम्भ किया जाएगा। इस मामले में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगियों की सूचना स्थानीय प्रशासन एवं स्थानीय स्वास्थ्य विभाग को देनी होगी। ऐसे व्यक्तियों की सूचना व्यक्ति के आवास स्थान पर नियन्त्रण वालेे प्रशासन को भी दी जाएगी। यह सूचना राज्य के भीतर अथवा राज्य के बाहर परिस्थिति के अनुसार प्रदान करनी होगी। यदि किसी औद्योगिक इकाई में कोविड-19 के पांच से अधिक पाॅजिटिव रोगी पाए जाते हैं तो औद्योगिक इकाई के भवन अथवा खण्ड विशेष को संक्रमण रहित करने के लिए 48 घण्टे के लिए बन्द किया जाएगा। इकाई को यह सुनिश्चित बनाना होगा कि उक्त भवन अथवा खण्ड पूर्ण रूप से संक्रमण रहित हो जाए। ऐसी इकाई में कार्य तभी आरम्भ हो पाएगा जब कोविड-19 संक्रमण को रोकने के लिए निर्धारित प्रोटोकाॅल का पूर्ण पालन किया गया हो। ऐसे व्यक्तियों की सूचना व्यक्ति के आवास स्थान पर नियन्त्रण वालेे प्रशासन को भी दी जाएगी। उपरोक्त दोनों परिस्थितियों में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगियों की विस्तृत सूचना के सम्बन्ध में शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा। एक और शपथ पत्र इकाई प्रमुख द्वारा दिया जाएगा, यदि कोविड-19 पाॅजिटिव कर्मी गत 10 दिनों अथवा 10 दिनों से अधिक की अविध में उद्योग परिसर में न आया हो तो औद्योगिक इकाई को बन्द करने की आवश्यकता नहीं होगी। किन्तु औद्योगिक इकाई को सेनिटाइज करना होगा। परिसर को सेनिटाइज करने के उपरान्त ही कार्य आरम्भ किया जा सकेगा। यदि रोगी पहले से ही क्वारेन्टीन सुविधा में रखा गया है तथा तदोपरान्त पाॅजिटिव आया है तो भी औद्योगिक परिसर को बन्द करने की आवश्यकता नहीं होगी। किन्तु औद्योगिक इकाई को सेनिटाइज करना होगा। परिसर को सेनिटाइज करने के उपरान्त ही कार्य आरम्भ किया जा सकेगा।
नारेबाजी के बीच ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपना जवाब शुरू किया। नारेबाजी करते हुए विपक्ष के सदस्य वेल में आ गए और यहां भी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। कांग्रेस के विधायक वेल में नीचे फर्श पर बैठ गए। स्पीकर स्थगन प्रस्ताव पर जवाब देने के लिए सीएम को बुला रहे थे तो नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि मंगलवार को सदन की बैठक को मंत्री के लिए बढ़ा दिया गया, जबकि सदस्यों के लिए नहीं बढ़ाया जा रहा है।
विक्रम बत्रा के जन्मदिन पर जानिए उनकी कहानी... 'ये दिल मांगे मोर'... हर हिन्दुस्तानी के जहन में ताजा हैं कैप्टन विक्रम बत्रा के ये शब्द
प्रदेश में कोरोना से मौत का आंकड़ा थमने का नाम नही ले रहा है। मंगलवार को आइजीएमसी में कोरोना से एक व्यक्ति की मौत हुई है। बताया जा रहा है कि संक्रमित व्यक्ति को सिरमौर से आज ही रैफ़र करके शिमला लाया गया था। कोरोना से जंग लड़ते हुए 8 बजे सुबह व्यक्ति ने आईजीएमसी अस्पताल में दम तोड़ा दिया । व्यक्ति की उम्र 40 वर्ष बताई जा रही है और वह सिरमौर के पौंटा साहिब का रहने वाला था। हिमाचल में कोरोना से मरने वालों कि संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। प्रदेश में अब तक कोरोना से 63 लोगों कि जान चली गई है।
हिमाचल विधानसभा सत्र के दूसरे दिन भी सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक का दौर जारी रहा। सदन में तीखी नोकझोक के बाद विपक्ष ने वाकआउट भी कर दिया। स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान किन्नौर के कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी की ओर से सरकार के खिलाफ सदन में कहे एक शब्द पर सीएम ने एतराज़ जताते हुए तीखे कटाक्ष किए। उन्होंने कहा कहा कि अगर आज कांग्रेस की सरकार होती तो हिमाचल बरबाद हो जाता। इस पर विपक्ष के सदस्य आक्रामक हो गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इसके चलते प्रश्नकाल नहीं चल सका और सारा काम रोक कर कोरोना काल की अव्यवस्था और दिक्कतों पर चर्चा चलती रही। इस दौरान सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि जैसे शब्दों का इस्तेमाल विपक्ष के सदस्य सदन में कर रहे हैं, वह सही नहीं है। वह कांग्रेस का दौर था, जब हालात खराब थे। प्रदेश आज तबाह हो गया होता यदि कांग्रेस की सरकार होती। स्पीकर ने जब एक सदस्य को बोलने के लिए कहा तो विपक्ष के सदस्य हंगामा करने लगे। सीएम बोले- चर्चा लंबी खींचनी है तो कल का प्रश्नकाल भी जाएगा। ऐसे में जवाब आज नहीं आ पाएगा। शाम को स्वास्थ्य मंत्री राजीव सैजल को अपनी बात रखने को उठाया गया तो विपक्ष ने इसका विरोध किया। मुकेश अग्निहोत्री ने मांग उठाई कि चर्चा के लिए अन्य विधायकों को भी बुलाया जाए।
एसडीएम नालागढ़ महेंद्र पाल गुर्जर और विशेष अधिकारी कोविड-19 संकल्प गौतम ने मंगलवार को कोविड केयर सेंटर कालू झंडा में औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे। एसडीएम नालागढ़ महेंद्र पाल गुर्जर ने वहां कोविड-19 के मरीजों से वार्तालाप किया और उनकी समस्याएं सुनी। एसडीएम नालागढ़ ने वहां पर मरीजों के लिए की गई व्यवस्था का जायजा लिया और साथ में विशेष अधिकारी एवं कोविड केयर सेंटर के नोडल अधिकारी को निर्देश दिए की वहां पर मरीजों के लिए डाइट चार्ट लगवाया जाए। उन्होंने जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता को वहां पर हो रहे जल के रिसाव को रोकने के लिए निर्देश दिए। एसडीएम नालागढ़ ने बीबीएनडीए के अधिकारियों को भी कभी आकस्मिक बिजली की दिक्कत आने उपरांत तुरंत हल करने के आदेश दिए। उन्होंने मरीजों की हौसला अफजाई करते हुए उन्हें आ रही किसी भी समस्या को हल करने के लिए अपना एवं विशेष अधिकारी का दूरभाष नंबर भी उपलब्ध करवाया एवं तहसीलदार बद्दी को हफ्ते में दो बार कोविड केयर सेंटर के निरीक्षण करने के आदेश दिए।
पोषण अभियान के अंतर्गत उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने पोषण माह का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने पोषण अभियान के अंतर्गत वर्ष 2018-19 में उत्कृष्ठ कार्य करने के लिए सुपरवाईजर, आगंनवाडी कार्यकर्ता, आगंनवाडी सहायका, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सितम्बर माह को पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पोषण माह, 2020 का विषय कुपोषित बच्चों की पहचान और उनकी देखभाल करना है व पोषण वाटिका (नुट्री गार्डन) को बढ़ावा देने के लिए पौधा रोपण का अभियान चलाना है। उन्होंने बताया कि इसके तहत गांव स्तर, ब्लाॅक स्तर व जिला स्तर पर विभिन्न विभागों के समन्वय से व्यापक रूप से गतिविधियां आयोजित की जाएंगी जिसकी समय-समय जिला स्तरीय समीक्षा की जाएंगी। उन्होंने बताया कि जिला के प्रत्येक आंगनवाडी केन्द्र में नुट्री गार्डन बनाए जांएगे। उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को पोषण के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि इस दौरान कुपोषित बच्चों की पहचान के लिए बच्चों की वृद्धि समीक्षा की जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले एक हजार दिनों में तेजी से बच्चें का शारीरिक व मानसिक विकास होता है, इसमें गर्भावस्था की अवधि से लेकर बच्चें के जन्म से 2 साल तक की उम्र तक की अवधि शामिल है। उन्होंने बताया कि इस दौरान बेहतर स्वास्थ्य, पर्याप्त पोषण, प्यारभरा व तनाव मुक्त माहौल तथा सही देखभाल बच्चों के पूर्ण विकास में सहयोगी होता है। इस अवसर पर पोषण अभियान की शपथ भी दिलाई गई। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक दिवाकर शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी अंजू बाला, सीडीपीओ नरेन्द्र कुमार के अतिरिक्त अन्य अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटिड सोलन से प्राप्त जानकारी के अनुसार नवीन एचटी विद्युत लाइनों को बिछाने तथा आवश्यक मुरम्मत कार्य के दृष्टिगत 09 तथा 10 सितम्बर, 2020 को विद्युत आपूर्ति बाधित की जाएगी। यह जानकारी विद्युत बोर्ड के सहायक अभियन्ता दिनेश ठाकुर ने दी। उन्होंने कहा कि इसके दृष्टिगत ओच्छघाट, जीरो प्वाइंट तथा गांव कुण्डला की विद्युत आपूर्ति 09 तथा 10 सितम्बर, 2020 को प्रातः 10.00 बजे से सांय 05.00 बजे तक बाधित रहेगी। उन्होंने इस अवधि के दौरान लोगों से सहयोग की अपील की है।
ग्राम पंचायत कशलोग के सेरा गांव में नवयुग ग्राम सेरा देवता सुधार समिति की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रधान अमर चंद शर्मा ने की।बैठक में हाल ही में गांव सेरा में 500 से 700 पौधे लगाए जाने पर समस्त गांव वासियों का साधुवाद किया गया। अमर चंद शर्मा ने बताया कि एक-दो महीने पहले गांव सेरा के लोगों ने प्रण लिया था कि पिछले 5 साल से फॉरेस्ट विभाग द्वारा जो जंगल समाप्त कर दिए गए हैं उनकी जगह में नए पेड़ लगाने के लिए फॉरेस्ट विभाग को एक ज्ञापन पत्र दिया गया था तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के समक्ष भी यह मुद्दा उठाया गया था, जिसके बाद फॉरेस्ट विभाग ने अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन के माध्यम से 500 से 700 पौधे गांव सेरा में रोपे। उन्होंने कहा कि आने वाले तीन-चार साल में सेरा के जंगलों को फिर से हरा-भरा कर दिया जाएगा तथा पूरी नर्सरी की बाड.बंदी भी की जाएगी। बैठक में पंकज शर्मा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर,ग्राम पंचायत कशलोग के युवा प्रधान वेद ठाकुर, एसीएफ के प्रमुख भूपेंद्र गांधी, फॉरेस्ट विभाग का आभार प्रकट किया। पंकज शर्मा ने कहा कि एसीएफ समय-समय पर गांव में विकास के कार्य करती है तथा पंचायत प्रधान वेद ठाकुर तथा उप प्रधान राजेन्दर ठाकुर तथा मेंबर रीना का भी ग्राम वासियों को पूर्ण सहयोग मिलता है। इस दौरान बैठक में मस्तराम बंसल, नरपत राम, जगदीश शर्मा तथा अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
कोविड-19 कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए उपायुक्त राजेश्वर गोयल की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस अवसर उन्होंने समस्त अधिकारियों को कोविड-19 कोरोना वायरस से निपटने के लिए व्यक्तिगत रुचि के साथ कार्य करने का आहवान किया। उन्होंने बताया कि जिला में अब तक 39 कंटेनमेंट ज़ोन बनाए गए है। उन्होंने बताया कि जिला में डाॅ. अनंत राम को कोविड केयर केन्द्रों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि कोविड केयर केन्द्रों में मरीजों के लिए पूर्ण एहतियात बरतीं जा रही तथा उन्हें सभी प्रकार की सुविधाएं प्रदान की जा रही है, स्वच्छता का पूरा ध्यान रख जा रहा है। उन्होंने बताया कि कोविड केयर सैंटर में मरीजों को पोष्टिक भोजन उपलब्ध करवाने के लिए सप्ताहिक मेन्यू तैयार किया गया है उसी के अनुसार उन्हें खाना दिया जा रहा है और डाॅक्टरों द्वारा दिन में दो बार उनका टेम्परेचर चैक किया जा रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए की वे प्रतिदिन मरीजों को काढा पिलाएं ताकि उनकी प्रतिरोधक क्षमता बढ़े और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करें। इस अवसर पर एडीसी तोरूल रवीश, पुलिस अधीक्षक दिवाकर शर्मा, सीएमओ डाॅ. प्रकाश दरोच, समस्त एसडीएम, बीडीओ और सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
पहाड़ों की वादियों के बीच बसे चंबा शहर का सौंदर्य और इतिहास बहुत ही निराला है। यहां की वादियां और इमारतें बहुत सी कहानियां सुनाती हैं। ऐसे ही एक कहानी है रानी सुनैना की। रानी सुनैना यानी बलिदान और साहस कि मूर्ति। ये चंबा रियासत की वो रानी है जिन्होंने अपनी प्रजा और राज्य के उत्थान के लिए बिना किसी हिचकिचाहट के अपना बलिदान दे दिया। यूं तो चंबा शहर रावी और साल नदी के मध्य में बसा है पर एक समय ऐसा भी था जब यह शहर पीने के पानी की किल्लत से जूझ रहा था। दो नदियों के बीच बसे होने के बावजूद भी यहां पीने के लिए पानी की एक बूंद नहीं थी। उस समय चम्बा रियासत के राजा साहिल वर्मन हुआ करते थे। राजा भी इस समस्या से पूर्णतः वाकिफ थे पर वो करते भी क्या। एक रात उनकी पत्नी, रानी सुनैना को उनकी कुल देवी ने स्वप्न में दर्शन दिए और कहा कि राज घराने में से किसी को बलिदान देना होगा तभी पानी की कमी पूरी होगी। जब राजा साहिल वर्मन को रानी सुनैना ने पूरी कहानी सुनाई तो राजा वर्मन बलिदान देने के लिए तैयार हो गए। फिर रानी सुनैना ने सोचा यदि राजा बलिदान देंगे तो उनका सुहाग छिन जाएगा और राज्य के सर से भी साया उठ जाएगा, और यदि उनके पुत्र राजकुमार युगाकर बलिदान देते है तो कुल का दीपक बुझ जाएगा और वंश को आगे कौन बढ़ाएगा। ये सब सोचकर रानी सुनैना ने स्वयं बलिदान देने का फैसला लिया। इस निर्णय से पुरी चंबा रियासत में शोक व विस्मय की लहर दौड़ गई। आखिरकार रानी सुनैना बलिदान देने के लिए महल से निकल पड़ीं। आंखों में आंसू लिए उनके इस काफिले में चंबा की जनता भी शामिल थी। रास्ते मे सूही के मढ़ से रानी सुनैना ने आखिरी बार चंबा शहर पर नज़र डाली और फिर आगे बढ़ते हुए ये काफिला मलून नामक स्थान पर रुक गया। ममता और बलिदान की मूरत रानी सुनैना बलिदान देने से पहले कहा 'मेरी इच्छा है कि मेरी याद में हर वर्ष मेला लगे। इस मेले को सिर्फ स्त्रियां मनाएं और पुरुष इस में भाग न लें और न ही राज परिवार की बहुएं इस में भाग लें। इस मेले में पूजा केवल राज परिवार की कुंवारी कन्या के हाथों करवाई जाए।' बस इतना कहकर रानी सुनैना ने जिंदा समाधि ले ली। उसी समय पानी की धार फूट पड़ी और रानी सुनैना का बलिदान चंबा के लोगों के लिए अमृत बन कर बहने लगा। रानी सुनैना के बलिदान को याद करते हुए राजा साहिल वर्मन ने जिस स्थान से रानी सुनैना ने आखिरी बार चंबा को देखा था उसी सूही के मढ़ नामक स्थान पर उनके मंदिर का निर्माण करवाया। हर वर्ष इस जगह सूही के मेले का भी आयोजन किया जाता है। ये मेला 3 दिन तक चलता है और यहां केवल बच्चे और महिलाएं ही उपस्थिति दर्ज करवाते है। महिलाएं रानी की प्रशंसा में लोकगीत गाती हैं और समाधि तथा प्रतिमा पर फूल की वर्षा की जाती है।
हिमाचल प्रदेश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे है। वहीं, मौत का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ रहा है। मंगलवार सुबह कोरोना से एक और मौत का मामला सामने आया है। बिलासपुर की 57 वर्षीय महिला ने आईजीएमसी में दम तोड़ दिया है। वहीं, एक सरकाघाट और तीसरा शिमला के व्यक्ति की मौत हुई है। इसके साथ ही प्रदेश में कोरोना से मौत का आंकड़ा 60 पहुंच गया हैै। प्रदेश में संक्रमितों का कुल आंकड़ा 7660 पहुंच गया है। 2234 सक्रिय मामले हैं। 5359 मरीज ठीक हो गए हैं। बता दें सोमवार को 262 कोरोना पॉजिटिव मामले आए थे।
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा कंगना रनौत को सुरक्षा देने के बाद आज कंगना के घर के बाहर कमांडोज़ ने भी पहरा देना शुरू कर दिया है। बता दें की पिछले कल ही प्रदेश सर्कार द्वारा बॉलीवुड एक्ट्रेस व हिमाचल की बेटी कंगना रनौत को सुरक्षा दे दी गई थी। इसके बाद आज ग्रह मंत्रालय की और से Y श्रेणी की सुरक्षा भी कंगना को मिल गई है। मंगलवार सुबह मनाली स्थित कंगना के घर पर Y श्रेणी की सुरक्षा का पहरा देखा गया। Y श्रेणी की सुरक्षा के तहत कंगना के घरत पर 11 सदस्यों की टीम ने मोर्चा संभल लिया है। ये टीम दिन-रात कंगना के आस पास पहरा देगी। इससे पहले, हिमाचल प्रदेश सरकार ने कंगना रनौत को प्रदेश पुलिस की ओर से सुरक्षा प्रदान की थी। कंमाडो के आने से पहले घर के आसपास कुल्लू पुलिस के जवान तैनात थे।
लॉयन्स क्लब परवाणू के सौजन्य से 8 सितम्बर 2020 को पौधा वितरण अभियान चलाया जा रहा है। ये जानकारी लॉयन्स क्लब के प्रेजिडेंट तरुण गर्ग ने दी। उन्होंने कहा कि लॉयन्स क्लब द्वारा 201 औषधीय पौधे वितरित किए जाएंगे। यह कार्यक्रम शाम 5 बजे HDFC बैंक के पास आयोजित होगा। इस दौरान उन्होंने सभी सदस्यों से समर्थन की उम्मीद की है और आशा की है कि सभी बढ़ चढ़ कर इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।
SFI ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में हो रही प्रोफेसर तथा सहायक प्रोफेसर की भारतियों में रोसस्टर सिस्टम को पूरी तरह से नजरअंदाज किया जा रहा है। जो 200 पॉइंट रोसस्टर सिस्टम इस बार लागू किया जा रहा उसमे पूरी तरह से कई विभागों में सारी की सारी सीट्स आरक्षित रखी गई है और कई विभागों में एक भी सीट्स आरक्षित नहीं रखी गई है। फॉर्म्स के छँटनी के लिए भी किसी कमिटी का गठन नहीं किया गया है बल्कि वहां पर सीधे तौर पर नियमों की अवहेलना की जा रही है। SFI ने माँग की है कि फॉर्म्स की छँटनी सेवानिवृत्त प्रोफेसरों के बजाय विभागों के प्रोफेसर को शामिल करते हुए की जाए। SFI ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय अध्यादेश के अनुसार जब भी आप किसी भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित करते हैं तो विश्वविद्यालय को उसको कम से कम 3 हिंदी व अंग्रेजी के समाचार पत्रों के साथ साथ विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर प्रकाशित करना होता है जबकि इस कोरोना के दौर में वो सिर्फ एक ही पत्र में प्रकाशित किया गया ताकि सरकार व कुलपति के चहेते लोग जो पहले इन नियुक्तियों के लिए काबिल नहीं थे अब योग्यता पूरी कर रहे है उन्हें मौका मिल सके। इसलिए ये साफ तौर पर दर्शाता है कि भर्ती प्रक्रिया में नियमों को दरकिनार किया जा रहा है औऱ अपने चहेतों को भर्ती करवाने की मंशा से भर्तियां की जा रही है अगर एक दिन के अंदर विश्वविद्यालय अपना पक्ष नही रखता तो SFI आने वाले समय मे इस के खिलाफ़ सड़कों पर उतरेगी तथा ये जो भर्ती के नाम पर धांधली हो रही है उसको कतई भी बर्दाश्त नहीं करेगी। SFI राज्य सचिव अमित ठाकुर ने बताया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा 25 अगस्त को जारी अधिसूचना के मुताबिक किसी भी विश्वविद्यालय में जब तक इस महामारी के दौरान स्थिति सामान्य नहीं हो जाती है कोई भी भर्ती प्रक्रिया नहीं की जाएगी लेकिन हमारा विश्वविद्यालय इन नियमों का उल्लंघन करते हुए जल्दबाजी में इस महामारी को अवसर बनाते हुए अपने लोगो को भर्ती करने के लिए इस भर्ती प्रक्रिया को आयोजित कर रहा है। इस भर्ती प्रक्रिया में बहुत सारी खमिया है जिन्हें समय रहते दुरुस्त किया जाना जरूरी है अन्यथा विश्वविद्यालय की स्वायत्तता व भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के अभाव को लेकर एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
बिलासपुर सदर क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं जिला कांग्रेस के प्रधान रहे बंबर ठाकुर ने कहां है कि बिलासपुर जिले में प्रशासन द्वारा किए गए बेहतर प्रबंधों के बावजूद अब कोरोना ब्लास्ट हुआ है इसके पीछे वर्तमान सरकार के मंत्री और विधायक जिम्मेदार है बिलासपुर में पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा के स्थानीय विधायक और कुछ समय पूर्व जिला से नए बने मंत्री ने स्थान-स्थान पर विभिन्न बहानों से लोगों को इकट्ठा करके बैठकें आयोजित की। विकास कार्यों के बहाने एकत्रित की गई भीड़ भी कोरोना के अप्रत्याशित प्रसार के लिए उत्तरदाई है क्यूँ कि इन सभी समूहों में सभी सावधानियों की डट कर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं जिसके प्रमाण हर रोज समाचार पत्रों में इन लोगों के साथ छपवाए जा रहे फोटो सारी कहानी बता रहे हैं। बंबर ठाकुर ने हैरानी जताई कि बिलासपुर में 19 पुलिस जवान और 3 सी एम ओ कार्यालय के कर्मचारी ड्यूटी देते समय कोरोना सक्रमित हो गए जिन सभी को कोरोना वारीयर्स की संज्ञा दी गई है लेकिन उनकी धर्मपत्नी भावना ठाकुर जो कोरोना टेस्ट सैंपल एकत्रित करने में पिछले चार महीने से दिन-रात कार्यरत रहने के कारण कोरोना की चपेट में आ गई, उसे इनाम देने की जगह उसके विरुद्ध एफ आई आर दर्ज करवा दी गई, क्योंकि वह उनकी धर्म पत्नी है। बंबर ठाकुर ने पुलिस अधीक्षक से प्रश्न किया है कि वे बताएं कि जो अन्य कर्मचारी व अधिकारी ड्यूटी टाईम में कोरोना स्क्रमित हुए हैं, क्या उन्होंने उनके विरुद्ध भी एफ आई आर दर्ज कारवाई है। क्यूँ कि वे भी तो इस दौरान सैकड़ों लोगों के संपर्क में आने से कोरोना फैला चुके होंगे। प्रवासियों को जिला में लाने की प्रशासन की नीति भी जिम्मेदार उन्होंने कहा कि कोरोना के प्रत्याशित प्रसार में जहां जिला से बाहर से आने वाले प्रवासियों ने कोरोना फैलाने में विशेष भूमिका निभाई है वहीं इन प्रवासी मजदूरों को बिना कोरोना जांच के सीमाओं के अंदर आने देने की नीति भी उत्तरदाई है। लोग हो रहे लापरवाह और पुलिस भी मौन बंबर ठाकुर ने कहा कि अनलाक डाउन की मानसिकता के कारण अधिकांश लोग अब यह मान बैठे हैं कि यह बीमारी अब समाप्त हो गई है या हो रही है। इसलिए अधिकांश लोगों द्वारा घरों से बाहर निकलते समय मास्क लगाने, एक दूसरे से दो गज की दूरी बनाए रखने और भीड़ वाले स्थानों पर न जाने, बार बार साबुन से हाथ धोने और सेनेटाईजर का प्रयोग करने आदि सावधानियों का पालन करना त्याग दिया है जिस कारण यह बीमारी थमने की बजाए बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस को अब भी अपनी दक्षता दिखाते हुए मास्क लगाने और दो गज की दूरी बनाए रखने के लिए कठोर कदम उठाने चाहिए और भाजपा नेताओं की इस संदर्भ में की जा रही लापरवाही को भी सख्ती से रोका जाना चाहिए। राजनीतिक इशारों पर नाच कर विरोधियों को ना तंग करें अधिकारी बंबर ठाकुर ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि वे राजनीति और राजनेताओं के इशारों पर नाच कर विरोधियों को अकारण तंग करने की नीति को तुरंत बंद करें नहीं तो भविष्य में उन्हें इन बातों का उत्तर देना कठिन हो जाएगा और वे स्वयं ही कानून के शिकंजे में आ जाएँगे।
अतिरिक्त उपायुक्त जतिन लाल ने बताया कि मंडी जिला में मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना में 26 नई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इनकी कुल लागत 4.31 करोड़ तथा अनुदान राशि 75 लाख प्रस्तावित है। इससे करीब 140 लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं का अनुमोदन किया गया उनमें मुख्यतः ब्यूटी पार्लर, होटल, जिम तथा पेवर ब्लाक इत्यादि से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। अतिरिक्त उपायुक्त ने मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के अन्तर्गत विभिन्न परियोजनाओं के अनुुमोदन के जिला स्तरीय समिति की बैठक के उपरांत यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बैठक में कुल 60 परियोजना जिनकी कुल लागत 14.58 करोड़ तथा अनुदान राशि 3.12 करोड़ थी, समिति के समक्ष रखी गई, जिनमें से आज 26 परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है जिसके लिए जिला मंडी को वित्त वर्ष 2020-21 के लिए 7.50 करोड़ की अनुदान राशि प्रदान की गई है। जिला उद्योग केन्द्र मंडी के महा प्रबन्धक ओपी जरयाल ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत कोई भी हिमाचली युवा व युवती जिनकी आयु 18 से 45 वर्ष के बीच हो और अपना उद्योग स्थापित करना चाहते हों, उनके लिए 40 लाख रुपये तक के निवेश पर 25 प्रतिशत व 30 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है। उद्योग की अधिकतम लागत 60 लाख से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त योजना के तहत हिमाचली विधवा महिलाओं के लिए जिनकी आयु 45 वर्ष से कम हो को 35 प्रतिशत की अनुदान है। इसके अलावा 5 प्रतिशत की दर से 3 वर्षों तक 40 लाख रुपये के ऋण पर ब्याज अनुदान भी उपरोक्त योजना में दिया जाएगा । यह योजना सभी उत्पादन इकाईयों व 82 सेवा इकाईयों के ऊपर लागू है।
विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन शोकोदगार के खत्म होते ही विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने नियम 67 के स्थगन प्रस्ताव तहत चर्चा की मांग की। विपक्ष के नेता सदन में कहा कि कोरोना काल मे सरकार पूरी तरह असफल रही है पहले इस पर चर्चा हो। इस पर मुख्यमंत्री बोलने के लिए उठे लेकिन विपक्ष ने शोर शराबा शुरू कर दिया। विपक्ष के नेता ने कहा कोरोना काल मे भ्रष्टाचार हुआ, लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाला गया, यहां तक कि सरकार की पूरी मशीनरी फ़ेल हो गई है इसलिए मुख्यमंत्री और मंत्री अपने पद से इस्तीफ़ा दें। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष नियमों पर धज्जियां उड़ा रहा है ओर जो प्रस्ताव दिया है उस पर बोलें। इस बीच सत्ता पक्ष की तरफ से भी विपक्ष के रवैये का विरोध हुआ। दोनों ही दलों के नेता अपनी-अपनी कुर्सियों से खड़े हो गए औऱ शोर शराबा शुरू कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष ने फ़िर कहा कि जो प्रस्ताव दिया गया है विपक्ष उस पर बोले। इस बीच मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर उठे लेकिन विपक्ष ने उन्हें बोलने नहीं दिया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष को 67 स्थगन प्रस्ताव के तहत बोलने को कहा ओर विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष को चर्चा के लिए इजाज़त दे दी। विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार ने कहा कि विपक्ष ने कोरोना काल को लेकर 67 के तहत प्रस्ताव लाया। इसी विषय पर अन्य सदस्यों ने भी चर्चा मांगी है। इस पर 130 पर भी चर्चा दी गई है। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को बोलने की इजाज़त दी। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि कोरोना को लेकर व्यक्तव्य देना ही था। सरकार हर चर्चा के लिए तैयार है। आजतक ऐसा कभी नहीं हुआ कि नियम 67 के अंतर्गत स्थगन प्रस्ताव लाया गया औऱ उसे स्वीकार किया हो। बावजूद इसके सरकार हर चर्चा के लिए तैयार है। लेकिन विपक्ष कोरोना जैसी वैश्विक बीमारी को गंभीरता से नहीं ले रही है। फिर भी सरकार 67 के तहत चर्चा को तैयार है। इस पर एक बार फ़िर दोनों पक्षों में सदन के अंदर नारेबाजी शुरू हो गई। सत्ता पक्ष कहने लगा कि विपक्ष अपने जाल में फंस गया। उधर विपक्ष "चोर मचाए शोर" की नारेबाज़ी करने लगा। इसी बीच विधानसभा अध्यक्ष ने 67 नियम के तहत ही चर्चा की इजाज़त दे दी गई। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने 3 नए मंत्रियों राकेश पठानियां, सुखराम चौधरी औऱ राजेन्द्र गर्ग का भी सदन में परिचय दिया। इसी के साथ इतिहास में पहली बार नियम 67 स्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा शुरू हुई जो अभी चल रही है।
ग्राम पंचायत हनुमान बड़ोग में स्वामी विवेकानंद आजाद युवक की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता हनुमान बड़ोग पंचायत के उपप्रधान अशोक शर्मा ने की। इस दौरान पंचायत समिति कुनिहार के अध्यक्ष प्रेम चंद विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में पुरानी कार्यकारिणी को रद्द करके नई कार्यकारिणी गठित की गई। इस मौके पर नई कार्यकारिणी का गठन किया गया जिसमें भूपेंद्र शर्मा को प्रधान, मधुर शुक्ला को उपप्रधान, भूपेंद्र शर्मा सचिव, कोषाध्यक्ष पवन शर्मा बनाए गए। इसके अलावा रविंद्र शर्मा, जयदेव, दिलीप, धर्मेंद्र, भुवनेश्वर, गीताराम, भूपेंद्र, प्रकाश, हरीश को नवनियुक्त सदस्य बनाया गया।बैठक में विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। नवनियुक्त प्रधान भूपेंद्र शर्मा ने कहा कि मुझे जो जिम्मेदारी सौंपी गई है उसका वह सही से निर्वहन करेगे। इस अवसर पर पंचायत उप प्रधान हनुमान बड़ोग अशोक शर्मा, बीडीसी चेयरमैन प्रेम चोपड़ा, पूर्व जिला परिषद सदस्य ओम प्रकाश गौतम सहित मंडल के सदस्य व ग्रामीण मौजूद रहे।
शक्ति महिला मंडल डूगनिहार की प्रधान अंजना देवी की अध्यक्षता में दोनों गांव डूगनीहार एवं डुगनू के महिला मंडलों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में ग्राम पंचायत धुन्दन से डुगनीहार व डुगनू को अलग कर नई पंचायत चमाकड़ी पुल के नाम से बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक में चर्चा हुई कि वर्तमान ग्राम पंचायत धुन्दन इन दोनों गांव से लगभग 6 किलोमीटर की दूरी पर है जो यहां से दूर पड़ता है जिसकी वजह से ग्रामीणों को परेशान होना पड़ता है। महिला मंडल की सदस्यों ने सरकार से अनुरोध किया कि उनकी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए चमाकड़ी पुल को नई पंचायत बनाई जाए ताकि लोगों को सरकार की सभी योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने सरकार से उम्मीद है कि पुनः अधिसूचना जारी होने पर उनकी नई पंचायत भी बन जाएगी, परंतु पांच सितंबर को जो अधिसूचना जारी हुई उसमें भी चमाकड़ी पुल नई पंचायत का नाम शामिल नहीं था अगर चमाकड़ी पुल नई ग्राम पंचायत बनती है तो दोनों गांव को लगभग 1 किलोमीटर की दूरी पड़ेगी। महिला मंडल ने सरकार से अनुरोध किया कि नई ग्राम पंचायत चमाकड़ी पुल को अधिसूचना में जारी की किया जाए। बैठक में महिला मंडल प्रधान अंजना देवी, सचिव सुनीता देवी, धनीराम, दिलाराम, रोशन लाल, प्रेमलाल, हेमराज, विनोद कुमार, अमरचंद, वही जुगनू महिला मंडल से अर्चना देवी, शीला देवी, नारायणी, हरिराम, प्रकाश चंद, राकेश कुमार, राजेश, धनीराम, नीम चंद आदि शामिल रहे।
खंड चिकित्सा अधिकारी घुमारवीं डॉ अभिनीत शर्मा के निर्देश पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग घुमारवीं के सौजन्य से गावं छजोली में नेत्रदान जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में खंड स्वास्थ्य शिक्षक सुरेश चन्देल ने कहा कि राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा 25 अगस्त से 8 सितंबर तक मनाया जा रहा है और इस पखवाड़े को मनाने का मुख्य उद्देश्य नेत्रदान के महत्व के बारे में व्यापक पैमाने पर जन जागरूकता पैदा करना है तथा लोगों को मृत्यु के बाद अपनी आंखें दान करने की शपथ लेने के लिए प्रेरित करना है। चन्देल ने नेत्रदान व आंखों की देखभाल के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। इस अवसर पर गावं के बच्चों और महिला मण्डल की भाषण प्रतियोगिता भी करवाई गई जिसमें प्रथम स्थान पर कृष ठाकुर, द्वितीय स्थान पर नीलम कुमारी और तृतीय स्थान पर भावना ठाकुर रहे। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से भाषण प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतियोगियों को नगद इनाम दिए गए।
उपमंडल के अंतर्गत ग्राम पंचायत बम्म में एक बेसहारा पशु को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा तेज धार हथियार से घायल किए जाने का मामला सामने आया है जिसकी सूचना पशु विभाग को स्थानीय निवासी बांके राम द्वारा दी गई। अमींचंद व अन्य स्थानीय लोगों की सहायता से पशु विभाग में कार्यरत पशु चिकित्सक डॉ रोहित, कोट में कार्यरत औषधि योजक संगम शर्मा व बम्म में कार्यरत अनुज कुमार ने घायल पशु का इलाज किया। पशु विभाग के उपस्थित कर्मचारियों का कहना है कि यह चोटें किसी तेज हथियार से आई हैं। प्राप्त जानकारी केे अनुुुसार विभाग द्वारा घायल बैल को उपचार हेतु बिलासपुर ले जाने की कवायद की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अभी मामला पुलिस तक नहीं पहुंचा है।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग चंबा द्वारा 7th सितंबर के दिन पहला अंतर्राष्ट्रीय ‘स्वच्छ वायु दिवस’ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, चंबा, डॉ राजेश गुलेरी ने बताया कि भारत में बाहरी वायु प्रदूषण के कारण प्रतिवर्ष 670,000 लोगों की और घरेलू वायु प्रदूषण के कारण 480,000 मृत्यु होने का अनुमान है। वायु प्रदूषण के कारण फेफड़ों के कैंसर, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और स्ट्रोक सहित श्वसन और हृदय रोग जैसी बिमारियों को बढ़ाता है। इसके नतीजे कमजोर आबादी जैसे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और वृद्धों और जो लोग निर्माण या विनिर्माण उद्योगों में काम कर रहे हैं, उनके कब्जे के कारण वायु प्रदूषण के संपर्क में हैं। इस अवसर पर उन्होंने कार्यालय परिसर में पौधे लगाए। उन्होंने जिले के लोगों से वायु को स्वच्छ रखने की अपील की जिसके लिए अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाए जाएं, लोगों को घर पर जीवाश्म ईंधन और आग के चूल्हे का उपयोग कम कर देना चाहिए, दो पहिया और चार पहिया वाहनों का उपयोग करने के बजाय कम दूरी के लिए पैदल चलना चाहिए। इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी, डॉ गुरमीत कटोच, जिला कार्यक्रम अधिकारी, डॉ हरित पुरी, डॉ जालम, दीपक जोशी भी उपस्थित रहे।
मंडी जिला प्रशासन नशे के खिलाफ एक्शन मोड में है। प्रशासन ने जिला में नशे के दानव पर चैतरफा हमला बोला है। नशा मुक्त भारत अभियान के तहत गांव से लेकर शहर तक हर नशे के खिलाफ अलख जगाने के लिए जनभागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। सामाजिक कल्याण विभाग मंडी के कार्यक्रम अधिकारी रमेश चंद बंसल बताते हैं कि जिला में सरकारी मशीनरी के साथ साथ ग्राम पंचायतों, स्वयं सेवी संस्थाओं, शिक्षक संस्थानों, महिला एवं युवक मंडलों और समाज के प्रत्येक वर्ग का सहयोग लेकर नशा मुक्त भारत अभियान को तेज धार ओर रफ्तार दी गई है।


















































