** घर में घुसकर किया था हमला जिला अदालत ने शनिवार को घर में घुसकर मारपीट करने और सामूहिक हिंसा के मामले में माैत मामले में चौपाल के 33 लोगों को दोषी करार देते हुए सात साल के कारावास की सजा सुनाई। मारपीट और सामूहिक हिंसा में चौपाल निवासी नरवीर ठाकुर की जान गई थी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण गर्ग ने दोषियों को सजा सुनाते हुए शिकायतकर्ता वीरेंद्रा देवी को लगी चोटों के लिए 10 हजार मुआवजा देने के भी निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह सजा न्याय प्रशासन में जनता के विश्वास और समाज में शांति व्यवस्था बनाए रखने के सिद्धांत को कायम रखेगी। जिला न्यायवादी मुक्ता कश्यप ने बताया कि अदालत ने धारा 148 के तहत 3 वर्ष, 440 में 3 साल, 325 के तहत 5 साल और 452 के तहत 7 साल की सजा सुनवाई।अदालत ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि नरवीर की मृत्यु या तो भीड़ की हिंसा के परिणामस्वरूप हुई होगी या उसके बाद पीछा करने के दौरान किसी कठोर वस्तु पर गिरने से। केस में किसी भी उचित संदेह से परे यह साबित नहीं होता है कि यह केवल आरोपीगण थे, जिन्होंने अवैध रूप से एकत्रित होने के साझा उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए नरवीर की मृत्यु का कारण बना। पुलिस के मुताबिक चौपाल के तुइल गांव में 11 मार्च 2015 को कुछ लोग नरवीर के घर में घुस गए। नरवीर ने पत्नी और अपने बचाव में बंदूक निकाली। एक व्यक्ति ने नरवीर पर दरांती से हमला कर बंदूक छीनने का प्रयास किया। हाथापाई के दौरान बंदूक चल गई और गोली बंटू को लगी। गुस्साए लोग नरवीर को घसीटकर खेत ले गए। 12 को नरवीर का शव बरामद हुआ था।
बाबा कांशी राम राजकीय महाविद्यालय, डाडा सिबा में 23 दिसंबर को प्रथम रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। इस मेले का उद्घाटन एवं अध्यक्षता सुरेंद्र मनकोटिया करेंगे। इस रोजगार मेले में ऑटोमोबाइल और औद्योगिक क्षेत्र, विशेषकर संसारपुर टेरेस में स्थापित विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियां भाग लेंगी। ये कंपनियां युवाओं को उनके करियर को सुदृढ़ बनाने और रोजगार के सुनहरे अवसर प्रदान करने के लिए विशेष मंच उपलब्ध कराएंगी। रोजगार मेले में भाग लेने वाले युवा अपने साथ सभी आवश्यक दस्तावेज अवश्य लेकर आएं। यह मेला विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के युवाओं के लिए निजी और कॉरपोरेट क्षेत्र में रोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होगी। इस कार्यक्रम की जानकारी महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. जतिंदर कुमार ने दी।
राजकीय महाविद्यालय ढलियारा में सात दिवसीय एन.एस.एस कैम्प का विधिवित शुभारंभ शनिवार को हुआ, जिसमें एडीएम शिल्पी बेकता ने मुख्यातिथि की भूमिका निभाई। पहला दिन योग दिवस के पर आधारित था,, जिसमे योग के महत्व पर विशेष चर्चा हुईं। इस अवसर पर शिल्पी बेकटा ने छात्रों को सम्बोधित करते हुए की योग हमारे स्वास्थ्य जीवन का आधार है और इससे हम निरोग रह सकते है। इस दौरान उन्होंने एन. एस. एस के महत्व के बारे में भी अवगत करवाया और बताया कि एन.एस.एस. से हम एक समूह कार्य और अनुशासन का का कार्य सीखते हैं। एन. एस. एस. समाज के हर पहलू पर जागरूक करता है और समाज को उनके कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने में अहम भूमिका निभाता है। इस अवसर एन. एस. एस समन्वयक डा सुरेश राणा व डॉ शर्मिता पठानिया ने बताया कि सात दिवसीय कैम्प में स्वच्छता, योग और छात्रों में अनुसाशन पर विशेष ध्यान रहेगा और छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए बच्चो को विभिन्न प्रकार के रिसोर्स पर्सन लेक्चर भी देंगें। इस अवसर पर कॉलेज प्राचार्य डा अंजू चौहान, प्रो सुशील, प्रो राजीव रत्न, प्रो धर्मेंदर,प्रो सुनीता, प्रो पीताम्बर सहित समस्त कॉलेज स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राजभवन में परागण करने वाले कीटों पर वैज्ञानिक शोध पर आधारित ‘‘इन्सेक्ट पॉलिनेटरस डॉयवर्सिटी’’ पुस्तक का विमोचन किया। यह पुस्तक हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के जैव विज्ञान विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. नीलम कुमारी, डॉ.वाई.एस. परमार औद्योनिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी बागवानी अनुसंधान केंद्र मशोबरा की वैज्ञानिक डॉ.संगीता शर्मा तथा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के डॉ.नितेश कुमार एवं डॉ. हीरेन्द्र सिंह बनियाल द्वारा लिखी गई है। उन्होंने राज्यपाल को अवगत करवाया कि पुस्तक में परागण करने वाले कीटों तथा कृषि एवं बागवानी में उनके महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा कि फलों की बेहतर पैदावार में परागण करने वाले कीट महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा यह पुस्तक किसानों, बागवानी विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों के लिए लाभकारी साबित होगी। राज्यपाल ने बागवानों और किसानों के लिए शोध पर आधारित पुस्तक प्रकाशित करने के लिए सभी लेखकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि किसानों और बागवानों को जब खेतों में शोध आधारित बेहतर परिणाम मिलते हैं तो इससे शोध की सार्थकता साबित होती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि वह भविष्य में भी इस तरह के प्रयास जारी रखेंगे। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव सी.पी. वर्मा भी मौजूद थे।
सहकार भारती की अर्की ईकाई का गठन कुनिहार में अमर सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में हुआ। जानकारी देते हुए नवनियुक्त महासचिव वेद प्रकाश ने बताया कि बैठक में सहकार भारती की विस्तृत जानकारी दी गई और निम्न कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमें अजीत सिंह अध्यक्ष, वेद प्रकाश महासचिव ,धर्मपाल, रोशनी भारद्वाज,चेतना देवी, विजय सिंह राणा को उपाध्यक्ष,रामचंद व जगदीश पंवर सचिव, माधव शर्मा मुख्य सलाहकार, जगदीश चंद ऑडिटर, राजेश ठाकुर कोषाध्यक्ष तथा लायक राम को प्रेस सचिव चुना गया । इसके अलावा प्रवीण शर्मा, ईश्वर दत्त, अमर सिंह ठाकुर, चंचल, अर्जुन दास, बृजलाल, राम वर्मा, उषा शर्मा, विमला तथा जगत राम को कार्यकारिणी सदस्य चुना गया । बैठक में मुख्य रूप से पूर्व राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सीमा महंत, सोलन जिला उपाध्यक्ष जगदीश चंदेल, सोलन जिला महिला प्रमुख उर्मिल शर्मा, उपाध्यक्ष मनीराम, महासचिव श्यामाचंद शांडिल मौजूद रहे।
निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार आज यहां इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ई.वी.एम.) व वोटर वैरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (वी.वी.पैट.) भण्डारण कक्ष का त्रैमासिक आंतरिक निरीक्षण किया गया। अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय यादव व विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में आज सोलन के कथेड़ स्थित भण्डारण कक्ष में यह निरीक्षण किया गया। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की कंचन राणा, भारतीय जनता पार्टी के चन्द्रकांत शर्मा, आम आदमी पार्टी के भरत ठाकुर, बहुजन समाज पार्टी के राकेश बराड़ तथा सुनीता चौहान, तहसीलदार निर्वाचन ऊषा चौहान तथा नायब तहसीलदार सोलन जगदीश शर्मा इस अवसर पर उपस्थित थे।
** 15 कारों में 30 युवा चालक ले रहे हिस्सा, बीड़ में होगा समापन धौलाधार एक्सपेडीशन द्वारा आयोजित दो दिवसीय फोर वाई फोर कार रैली शनिवार को पधर से रवाना हुई। यह कार रैली रावणाखोकर, राजगुंधा, फुलाधार से होते हुए बीड़ बिलिंग पहुंचेगी। इस रोमांचक अभियान में कुल 15 कारों और 30 युवा ड्राइवर्स का दल भाग ले रहा है। यह एक्सपेडीशन कठिन पहाड़ी रास्तों और खतरनाक ट्रेल्स को पार करते हुए बीड़ बिलिंग में संपन होगी। धौलाधार एक्सपेडीशन के आयोजक लवनीश शर्मा ने बताया कि इस प्रकार के अभियानों से स्थानीय युवाओं को न केवल साहसिक कार्यों में भाग लेने का अवसर मिलता है, बल्कि यह उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है।
संजौली मस्जिद मामले पर शनिवार को नगर निगम आयुक्त शिमला की अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के दाैरान मस्जिद कमेटी ने कोर्ट ने अवैध निर्माण तोड़ने के लिए समय मांगा। इस पर आयुक्त कोर्ट ने कमेटी को 15 मार्च तक मस्जिद का सारा अवैध निर्माण तोड़ने के आदेश दिए। आयुक्त कोर्ट ने पिछले आदेशों में मस्जिद की तीन अवैध मंजिलों को गिरने के आदेश दिए थे। अभी तक अवैध निर्माण तोड़ने का 50 फीसदी काम हुआ है। आयुक्त कोर्ट में मस्जिद की निचली मंजिलों को लेकर भी चर्चा हुई। मस्जिद कमेटी ने उनके कब्जे से संबंधित राजस्व रिकॉर्ड पेश करने के लिए भी कोर्ट से समय मांगा है।
** स्थानीय लोगों ने बैंक अधिकारियों से की एटीएम सेवा बहाल करने की मांग... नौहराधार में स्थित एसबीआई का एटीएम पिछले 5 महीने से बंद है, जिससे क्षेत्र के लोगों और पर्यटकों को भारी परेशानी हो रही है। नौहराधार पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण स्थान है, जहां इन दिनों बड़ी संख्या में पर्यटक बर्फ का आनंद लेने आते हैं। लेकिन एटीएम बंद होने की वजह से उन्हें नकदी निकालने में दिक्कत हो रही है। इसके अलावा, इस क्षेत्र की दर्जनों पंचायतों के लगभग 21 हजार उपभोक्ता भी परेशान हैं। स्थानीय लोगों ने बैंक अधिकारियों से अपील की है कि एटीएम को जल्द से जल्द ठीक कराया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जिला अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों के लिए पार्टी ने चुनाव करवाए थे। बीते रोज़ इसके परिणाम सामने आए है। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नई कार्यकारिणी बन चुकी है। ऐसे में कई युवाओं को कांग्रेस ने मौका दिया है। इसी कड़ी में विजय चौहान(विक्की) जिला शिमला के दूरदराज क्षेत्र कुपवी के ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष चुने गए है। विजय युवा है और इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके है। विजय ने बताया कि वह अपनी इस नई जिम्मेवारी का बेहतर तरीके से निर्वहन करेंगे। उन्होंने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का धन्यवाद किया है। विजय ने विशेष तौर पर चौपाल से पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी रजनीश कीमटा का धन्यवाद किया है। बता दें कि हाल ही में हुए मुर्गा प्रकरण पर भी विजय ने विपक्ष पर निशाना साधा था। उन्होंने विपक्ष पर कुपवी क्षेत्र को बदनाम करने के आरोप लगाए थे।
** क्रेन और जेसीबी की मदद से निकाला बस को बाहर... हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में एचआरटीसी वर्कशॉप से रूट पर जाने के लिए तैयार बस लुढ़कती हुई वर्कशॉप के शेड में घुस गई। हादसा सुबह 10:30 बजे का है। जानकारी के अनुसार ड्राइवर ने बस स्टार्ट कर दी थी लेकिन हैंड ब्रेक चेक नहीं की। इसके बाद जैसे ही चालक बाहर निकला, एक मिनट बाद उतराई होने के कारण बस लुढ़कती हुई नीचे बने शेड में फंस गई। क्रेन के माध्यम से बस को निकाला गया। एचआरटीसी मंडल हमीरपुर डीएम राजकुमार पाठक ने कहा कि घटना की जांच जारी है।
शिमला: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को आईजीएमसी में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों की सैलरी से जुड़े विवाद का हल निकालने के आदेश जारी किए है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने वित्त सचिव को आदेश दिए हैं कि दो दिनों के भीतर याचिकाकर्ता मेसर्स कॉरपोरेट केयर और मेसर्स शिमला क्लीनवेज को देय राशि जारी करे। कोर्ट ने वित्त सचिव को इन आदेशों की अनुपालना रिपोर्ट 24 दिसंबर 2024 को पेश करने के आदेश भी दिए हैं। मामले की सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि मेसर्स कॉरपोरेट केयर और मेसर्स शिमला क्लीनवेज के प्रति सरकार पर 30 नवंबर, 2024 तक क्रमशः 1,97,55,819 रुपये और 1,63,34,391 रुपये बकाया राशि है। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट को सूचित किया गया था कि आउटसोर्स कर्मचारियों को दो माह की सैलरी नहीं मिली है। इस पर कोर्ट ने कहा कि यह संभवतः अंतर-विभागीय मुद्दे के कारण है कि वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। कोर्ट ने इसे अंतर-विभागीय मुद्दे से संबंधित मानते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को उक्त मुद्दे को हल करने का निर्देश दिया। उल्लेखनीय है कि आईजीएमसी में पिछले दो माह से 132 ऑउटसोर्स कर्मचारी सैलरी से वंचित हैं। इन्हें 2 महीने से सैलरी नहीं मिली है। याचिकाकर्ता मेसर्स कॉरपोरेट केयर और मेसर्स शिमला क्लीनवेज का आरोप है कि सरकार उनके साथ हुए करार को बीच में ही छोड़ कर एचपीएसईडीसी के माध्यम से आउटसोर्स कर्मचारियों की तैनाती करना चाहती है। एकल पीठ ने मेसर्स कॉरपोरेट केयर और मेसर्स शिमला क्लीनवेज कंपनियों की याचिका 50,000 रूपये कॉस्ट के साथ खारिज कर दी थी। एकल पीठ ने कंपनियों पर तथ्यों को छुपाने और छेड़छाड़ वाले दस्तावेज के आधार पर कोर्ट को गुमराह कर अंतरिम आदेश की गुहार लगाने का दोषी पाया था। कंपनियों ने एकल पीठ के इस फैसले को खंडपीठ के समक्ष चुनौती दी है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा शीतसत्र के अंतिम दिन पूर्व भाजपा सरकार के समय में खोले गए संस्थानों को बंद करने के विरोध में विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए वाकआउट कर दिया। संस्थानों को बंद करने पर सीएम के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चले गए। इससे पहले सदन में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि जहां बच्चे नहीं हैं, वहां संस्थान बंद कर दिए। 1100 प्राइमरी स्कूल बंद किए गए। ऐसा नहीं है कि वहां पर बच्चे नहीं हैं, बच्चे घर बैठ गए हैं। आपने बच्चों को शिक्षा के अधिकार से वंचित किया। पहले भी मुख्यमंत्री रहे हैं। आप तार्किक होकर सोचें। बच्चे स्कूल की पढ़ाई से महरूम किए गए हैं। जयराम बोले, हम आपके ससुराल के विरोध में नहीं हैं। चंबा, पांगी सभी जगह की बात है। देहरा में तो सीएम का कार्यालय भी खुल गया। हमेशा कैंप ऑफिस होता है। मेरे सराज में भी कैंप ऑफिस था। पर आप भाभी जी से डर गए, खोलिए। लेकिन अन्य जगह कार्यालय बंद कर आपने पाप किया है। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने जयराम को संक्षेप में अपनी बात पूरी करने को कहा। जयराम बोले- सच्चाई यह है कि सरकार का यह फैसला सही नहीं है। सुक्खू ने कहा कि नौ मिनट 18 सेकंड विपक्ष के नेता बोले। अगर ये जनता के सच्चे सेवक थे तो अंतिम वर्ष में 1 अप्रैल 2022 के बाद संस्थान खोलने की क्या जरूरत थी। हमारी तरह पहले खोल देते। इस अवधि के पहले के 2-4 संस्थान बंद किए। सीएम ने कहा कि 675 स्कूलों में जीरो एनरोलमेंट थी। इस पर विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चले गए। विधानसभा परिसर में जयराम ने कहा कि पूर्व में भाजपा सरकार की ओर से खोले 1865 संस्थान वर्तमान सरकार ने बंद किए। लेकिन वर्तमान दो साल में सरकार ने 37 संस्थान खोले और 103 की अतिरिक्त अधिसूचना जारी की।
** वित्त विभाग ने HRTC को दी कार्य करने की मंजूरी... हिमाचल प्रदेश में नाबार्ड के सौजन्य से 128 करोड़ से बनने वाले ई-चार्जिंग स्टेशन और ई-वर्कशॉप निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। वित्त विभाग ने एचआरटीसी को इसके लिए निर्माण कार्य करने की मंजूरी दे दी है। अब परिवहन विभाग का बस अड्डा विकास प्राधिकरण प्रदेशभर में बनने वाले ई-चार्जिंग स्टेशन और ई-वर्कशॉप की निर्माण प्रक्रिया शुरू कर पाएगा। पहले सरकार ने परिवहन विभाग को ई-चार्जिंग स्टेशन बनाने की मंजूरी दे दी थी, लेकिन विभाग ने इस कार्य को लेकर असमर्थता जताई थी। इस वजह से प्रोजेक्ट निर्माण को लेकर मामला काफी समय से उलझ हुआ था। अब वित्त विभाग ने दोबारा एचआरटीसी को कार्य के लिए अधिकृत कर दिया है। प्रदेश सरकार ने ई-चार्जिंग स्टेशनों के लिए 128 करोड़ रुपये की सहमति दी है। योजना में 90 फीसदी की राशि नाबार्ड से बतौर ऋण ली जाएगी, जबकि 10 फीसदी राशि का वहन प्रदेश सरकार करेगी। इसको लेकर नाबार्ड ने पहले चरण में 30 फीसदी रकम यानी करीब 35 करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी है, लेकिन पूरे मामले की वजह से प्रोजेक्ट निर्माण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही थी। गौर हो कि प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ई-वाहनों को बढ़ावा दे रही है। इसके अलावा ई-टैक्सियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रोजेक्ट के तहत प्रदेशभर में ई-चार्जिंग स्टेशन का निर्माण किया जाएगा तो वहीं एचआरटीसी ई-वर्कशॉप का निर्माण करने जा रहा है। इसमें इलेक्ट्रिक बसों की मरम्मत की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसमें अधिकांश जिलों को शामिल किया गया है। योजना के तहत जिला शिमला में दो जगह ई-वर्कशॉप का निर्माण किया जाएगा। इसमें ढली और तारादेवी को शामिल किया गया है। यहां आधुनिक सुविधाओं से लैस ई-वर्कशॉप का निर्माण होना प्रस्तावित है। वर्तमान में इलेक्ट्रिक बसों की मरम्मत कार्य को लेकर एचआरटीसी संबंधित कंपनियों पर ही निर्भर है। नई इलेक्ट्रिक बसों को पांच साल की एमसी पर खरीदा जा रहा है, लेकिन यह समय अवधि खत्म होने के बाद निगम को खुद अपने स्तर पर ही बसों के रखरखाव और मरम्मत का कार्य करना होगा। इसको देखते हुए प्रदेश सरकार सभी जिलों में ई-वर्कशॉप बनाने की योजना पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि रेडियोग्राफरों का वेतन बढ़ाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग में जल्द विभिन्न श्रेणियों की भर्तियां की जाएंगी। जिन संस्थानों में मशीनें हैं, वहां स्टाफ भी जल्द दिया जाएगा। प्रश्नकाल के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने आईजीएमसी में 133 और केएनएच में 42 प्रकार के स्वास्थ्य टेस्ट निशुल्क किए हैं। पूर्व सरकार के समय में 56 प्रकार के टेस्ट निशुल्क होते थे। कांग्रेस सरकार ने निशुल्क टेस्टों की संख्या बढ़ाकर 175 कर दी है। उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में लोग प्राइवेट लैब जा रहे हैं। भाजपा विधायक दीपराज और विनोद कुमार ने प्रश्नकाल में स्वास्थ्य संस्थानों के कामकाज पर सवाल उठाया। विधायक दीपराज ने कहा कि आईजीएमसी में अधिकांश टेस्ट बाहर करवाने पड़ रहे हैं। इसके लिए लोगों को 1500 से लेकर दस हजार रुपये तक का शुल्क चुकाना पड़ रहा है। करसोग अस्पताल में कोई भी टेस्ट नहीं हो रहा है। करसोग में मशीनें उपलब्ध हैं। फिर भी मरीजों को टेस्ट करवाने के लिए बाहर भेजा जा रहा है। विधायक विनोद कुमार ने कहा कि निशुल्क टेस्ट करवाने की बात गलत है। सच्चाई यह है कि टेस्ट निशुल्क नहीं हो रहे। स्टाफ ही कहता है कि रिपोर्ट जल्दी चाहिए तो बाहर से करवा लो। सवाल में पूछी गई जानकारी नहीं मिलने पर भाजपा विधायक रणधीर शर्मा और विपिन सिंह परमार ने नाराजगी जताई। रणधीर ने बीते एक साल के दौरान प्रदेश में खोले गए संस्थानों की जानकारी मांगी। लिखित जवाब में बताया गया कि सूचना एकत्रित की जा रही है। इस पर विधायक ने कहा कि सब जानते हैं कि नादौन, देहरा, हरोली और कुछ खास विधानसभा क्षेत्रों में ही संस्थान खुले हैं। इसकी जानकारी क्यों नहीं दी जा रही। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सारी जानकारी है तो सवाल को बंद कर दिया जाए। दूसरे सवाल में परमार ने असुरक्षित भवनों को लेकर जानकारी मांगी थी। इसमें भी अभी सूचना एकत्र करने की जानकारी देने पर विधायक ने कहा कि छोटी-छोटी जानकारियां नहीं मिलना दुभार्ग्यपूर्ण है। सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने बताया कि प्रदेश में 1714 युद्ध हताहत सैन्य अधिकारी और जवान हैं। कांगड़ा जिला में सबसे अधिक 736 और इंदौरा विधानसभा क्षेत्र के तहत नौ युद्ध हताहत सैन्य अधिकारी और जवान हैं। विधायक मलेंद्र राजन के सवाल का जवाब देते हुए शांडिल ने बताया कि युद्ध में मृत्यु को प्राप्त होने वाले वीर सैनिकों और सैन्य अधिकारियों को सरकारी कागजात में भारत सरकार की ओर से युद्ध हताहत घोषित किया जाता है। मरणोपरांत के निकटतम परिजनों को अनुग्रह राशि, एचआरटीसी की बसों में निशुल्क बस यात्रा की सुविधा, युद्ध विधवाओं की पुत्रियों की शादी के लिए आर्थिक सहायता और एक परिजन को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार की सुविधा भी दी जा रही है। कांग्रेस विधायक चंद्रशेखर ने कहा कि धर्मपुर बस डिपो की हालत खराब हो गई है। पूर्व सरकार के समय में यहां जुगाड़ से बसें दी गई थीं। कुल 51 बसों में से 36 की अवधि पूरी हो चुकी है। दो बार चलती बसों के टायर खुल चुके हैं। डिपो में सिर्फ छह नई बसें हैं। स्टाफ के छुट्टी पर जाने से सेवाएं ठप हो जाती है। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है। जवाब में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जल्द 700 नई बसों की खरीद की जा रही है। आवश्यकता अनुसार धर्मपुर को भी बसें दी जाएंगी। मैं स्वयं धर्मपुर का दौरा कर स्थिति का जायजा भी लूंगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेसहारार पशुओं और बंदरों के लिए नीतिगत बदलाव कर उचित कदम उठाए जा रहे हैं। बेसहारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए समाज को भी आगे आना चाहिए। मैंने खुद एक स्ट्रे डॉग को गोद लिया है। उन्होंने कहा कि बंदरों के लिए जंगलों में फलदार पौधे लगाए जाएंगे। वन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि जंगलों में 60 फीसदी तक फलदार पौधे लगाए जाएं, ताकि बंदरों को आबादी क्षेत्रों में आने से रोका जा सके। प्रदेश में 1.87 लाख बंदरों की नसबंदी की गई है। उन्हाेंने लोगों से रिहायशी क्षेत्रों में कूड़ा व बचा हुआ भोजन खुले स्थान पर न फेंकने का आह्वान भी किया। उधर, नाहन से कांग्रेस विधायक अजय सोलंकी ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में बंदरों और आवारा पशुओं ने समस्याओं को बढ़ा दिया है।
हिमाचल प्रदेश में करीब दो महीने से सूखे जैसे हालात हैं। बारिश, बर्फबारी न होने से सेब के बगीचे सूखे की चपेट में हैं। बगीचों में चिलिंग ऑवर्स पूरे होने का संकट हो गया है। मौसम ऐसा ही रहा तो सेब उत्पादन गिर सकता है। बागवानी विश्वविद्यालय नौणी के क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र मशोबरा ने इसे देखते हुए एडवाइजरी जारी की है। क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र मशोबरा के सह निदेशक डॉ. दिनेश सिंह ठाकुर ने बताया कि सेब के पौधों के लिए 7 डिग्री से कम तापमान में 800 से 1600 घंटे चिलिंग ऑवर्स की जरूरत रहती है। सूखे के कारण इस सीजन में अगर चिलिंग ऑवर्स पूरे नहीं होते तो फ्लावरिंग पर प्रभाव पड़ सकता है। एक समान फ्लावरिंग नहीं होगी और कमजोर फ्लावरिंग से फूल झड़ने की समस्या पेश आ सकती है। इससे सेब उत्पादन प्रभावित हो सकता है। अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश और बर्फबारी की आवश्यकता है। बागवान इस समय बगीचों में काट-छांट कर सकते हैं। नए बगीचे या फलदार पौधे लगाने के लिए जमीन में पर्याप्त नमी नहीं है। दिसंबर में बगीचों मे फॉस्फोरस और पोटाश खाद डाली जाती है, जिससे पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और जड़ें मजबूत होती हैं। नमी न होने के चलते खाद डालने का काम प्रभावित हो रहा है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। सिंचाई या नमी के अभाव में उर्वरकों का प्रयोग करने से बचें और नमी को बचाए रखने के लिए मल्चिंग करें। शुष्क मौसम में बगीचों में वूली एफिड का प्रकोप बढ़ सकता है। कीटों की संख्या नियंत्रित रखने के लिए वूली एफिड, स्केल, टहनियों के छेदक कीट तथा माइट ग्रसित टहनियों को काट कर नष्ट कर दें। घाव पर ताजा गोबर, गीली मिट्टी या चौबाटिया पेस्ट लगाएं। बोरर तथा वूली एफिड ग्रसित पौधों के तौलियों में जड़ों को खोद कर जड़ छेदक की सुंडियों को एकत्र कर डरमेट (800 मि. ली./200 ली. पानी) से उपचारित करें। नया पौधा लगाने से पहले उसे भी डरमेट के घोल में डुबोकर ही लगाएं। सूखे से पौधे कैंकर की चपेट में आ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे बचाव के लिए तने पर बोर्डो पेंट या ताजे गोबर और मिट्टी का लेप लगाएं, ताकि सूर्य की किरणों से होने वाले नुकसान को बचाया जा सके। कांट-छांट के बाद बोर्डो मिश्रण का स्प्रे जरूर करें। नये पौधे रोपित करने के तुरंत बाद सिंचाई जरूर करें। प्राकृतिक खेती करने वाले किसान जीवामृत को फोलीयर स्प्रे के रूप में 10-20 प्रतिशत और 15 दिनों के अंतराल में ड्रेंचिंग जरूर करें।
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने केंद्र सरकार से वन संरक्षण अधिनियम 1980 (एफसीए) में संशोधन करने के लिए सरकारी संकल्प प्रस्ताव लाया। प्रस्ताव को पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने ध्वनि मत के साथ पारित किया। इस भाजपा विधायकों ने एक कमेटी बनाकर इस सिफारिश को तैयार करने की बात कही। राजस्व मंत्री ने कहा कि इस प्रस्ताव को लाने का मकसद आपदा के दौरान खेती योग्य भूमि बह जाने पर तबादले में सरकारी वन भूमि व लघु एवं सीमांत किसानों को 10 बीघा तक सरकारी वन भूमि खेती करने के लिए देना था। कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार यदि 1980 के तहत राहत दे तो हिमाचल प्रदेश के आपदा प्रभावित और भूमिहीन लोगों को खासी राहत मिल सकती है। वहीं, विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि संशोधन बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि बोह वैली में पिछले दिनों एक आपदा आई थी। इसमें 24 लोगों की मौत हो गई थी और जो बच गए थे, वे भूमिहीन हो गए थे। आपदा में भूमिहीन हुए इन लोगों को राहत देने के लिए सरकार जमीन देना चाहती है, लेकिन एफसीए के नियम उनके आड़े आ रहे हैं। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, विधायक नीरज नैय्यर, भुवनेश्वर गौड़, बलवीर वर्मा, चंद्र शेखर और सुखराम चौधरी ने भी विचार रखे। विधायक बलवीर वर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार को पहले आंकड़ा तैयार कर लेना चाहिए कि आपदा के कारण कितने लोग बेघर हुए हैं और कितने भूमिहीन हैं। रणधीर शर्मा ने कहा कि एफसीए संशोधन के लिए भेजे जाने वाले प्रस्ताव में भागड़ा बांध सहित अन्य कारणों से विस्थापित होने वाले लोगों को भी जमीन देने का प्रावधान करवाने की बात रखी जाए।
** दो जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी हिमाचल में पांच जिले शीतलहर की चपेट में हैं। कड़ाके की ठंड पड़ने से सड़कों समेत नालों में पानी जम रहा है। वहीं, तीन जिलों में भीषण कोहरा पड़ रहा है। कोहरे के कारण शुक्रवार को कुल्लू के भुंतर हवाई अड्डे से एक भी उड़ान नहीं हो पाई। न्यूनतम तापमान में गिरावट आने से राजधानी शिमला की सड़कों पर भी पानी जम रहा है। प्रदेश के 9 क्षेत्रों में न्यूनतम पारा माइनस में पहुंच गया है। उधर, मौसम विभाग ने सात जिलों में अगले चार दिन भीषण शीतलहर का ऑरेंज और दो जिलों में तीन दिन घना कोहरा रहने का येलो अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार को कुल्लू, बिलासपुर और मंडी जिले में कोहरे का कहर रहा। कुल्लू जिले के भुंतर एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी कम होने से शुक्रवार को दिल्ली से भुंतर और भुंतर से अमृतसर की दोनों उड़ानें रद्द हो गईं। उड़ानें रद्द होने से विंटर टूरिस्ट सीजन में पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा है। भुंतर एयरपोर्ट अथॉरिटी के निदेशक सिद्धार्थ कदम्ब ने कहा कि विजिबिलिटी कम होने से दो दिन से हवाई उड़ानें नहीं हो पाईं। ऊना, मंडी, हमीरपुर, चंबा और बिलासपुर में शीतलहर ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने बिलासपुर, मंडी, हमीरपुर, ऊना जिले कांगड़ा, चंबा, सोलन के कुछ स्थानों पर अगले चार दिन के लिए रात को भीषण शीतलहर की चेतावनी जारी है। जबकि मंडी की बल्हघाटी, बिलासपुर में गोबिंद सागर क्षेत्र में तीन दिन घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। 23 दिसंबर को प्रदेश के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में एक दो-स्थानों और 26 दिसंबर को मध्य पर्वतीय और उच्च क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। हालांकि, मैदानी क्षेत्रों में 26 तक पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहेगा।
हिमाचल विधानसभा में शुक्रवार को विपक्ष के कड़े विरोध और तीखी नोकझोंक के बीच हिमाचल प्रदेश सरकारी कर्मचारी भर्ती एवं सेवा शर्तें संशोधन विधेयक, पंचायती राज संशोधन विधेयक और पुलिस अधिनियम में संशोधन विधेयक समेत चार विधेयक पारित किए गए। वहीं, भूजोत अधिकतम सीमा संशोधन विधेयक पारित होते ही अब भोटा अस्पताल की 30 एकड़ जमीन हस्तांतरित हो सकेगी। अनुबंध कर्मियों के विधेयक पर मुख्यमंत्री ने कहा कि त्रुटि को दुरुस्त किया गया है। अनुबंध वालों को नियमित कर्मचारियों के समान मानने से सरकार पर बोझ पड़ेगा और इससे वरिष्ठता भी प्रभावित होगी। उधर, विपक्ष ने कहा कि संशोधन विधेयक को पिछले तिथि से लागू करना ठीक नहीं, इससे पदोन्नत हो चुके अनुबंध कर्मी प्रभावित होंगे।भर्ती एवं सेवा शर्तें संशोधन विधेयक में नियमित और अनुबंध कर्मचारियों की सेवा शर्तों को अलग किया गया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि अनुबंध नीति के अनुसार नियमित और अनुबंध सेवाओं में अंतर होता है। अनुबंध कर्मियों की सेवा शर्तों को नियमित से अलग तरीके से प्ररिभाषित करना आवश्यक है। उन्होंने तर्क दिया कि अनुबंध कर्मियों को नियमित कर्मियों के समान मानना राज्य के खजाने पर भारी बोझ डालेगा और नियमित कर्मियों की वरिष्ठता को भी प्रभावित करेगा। सुक्खू ने कहा कि त्रुटि के कारण नियमित कर्मचारियों को डिमोट करने की नौबत आ रही थी, जो नहीं आनी चाहिए। कुछ लोग कोर्ट जा रहे हैं और वहां से भी निर्णय आ रहे हैं कि लाभ पहले की तिथि से दिया जाए, ऐसे कर्मियों की संख्या ज्यादा नहीं है। भाजपा विधायक त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि 12 दिसंबर 2003 के बाद जो भी अनुबंध पर लगे हैं, सुप्रीम कोर्ट तक हारने के बाद उनके बारे में विधेयक लाया गया है। यह संशोधन पिछली तिथि से लागू हो रहा है। अनुबंध कर्मचारी इससे परेशान होंगे। उनकी पदोन्नति का क्या होगा। सरकार अगर इसे अगली तिथि से लागू करने की बात करती है तो भी इस पर विचार किया जा सकता है। इसे वापस लिया जाए। भाजपा विधायक जीतराम कटवाल ने भी कहा कि प्रावधान को पिछली तिथि से लागू न किया जाए। विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि इसे प्रतिष्ठा का सवाल न बनाकर फैसले को वापस लिया जाए। भाजपा विधायक हंसराज ने भी कहा कि विधेयक पर पुनर्विचार होना चाहिए। हिमाचल विधानसभा में धर्मार्थ संस्थाओं के लिए 30 एकड़ जमीन हस्तांतरित करने का विधेयक पारित हो गया। भूजोत अधिकतम सीमा संशोधन विधेयक 2024 पर पहले सदन में चर्चा हुई। विपक्ष ने कहा कि इसे पारित करते समय जल्दबाजी न की जाए। राधास्वामी सत्संग संस्था की मदद होनी चाहिए, मगर विधेयक को विचार-विमर्श के लिए पहले विधानसभा की सिलेक्ट कमेटी को भेजा जाना चाहिए। दोनों पक्षों की नोकझोंक के बीच विधेयक ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। संशोधन विधेयक के पारित होने और इसके कानून बनने के बाद राधास्वामी सत्संग ब्यास भोटा अस्पताल और इसकी जमीन जगत सिंह सेवा ट्रस्ट को हस्तांतरित कर सकेगा। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने चर्चा के दौरान कहा कि संस्था और संगठन से ऊपर मेरे लिए प्रदेश है। संस्था के लिए पूरा आदर है, पर विधेयक को पारित करने से पहले सिलेक्ट कमेटी को भेजा जाए। विधेयक के पारण के बाद मुख्यमंत्री ने कांग्रेस विधायक दल का धन्यवाद किया और कहा कि भाजपा के विधायकों ने इसका समर्थन नहीं किया। एक तरह से साइलेंट विरोध किया। सेलेक्ट कमेटी को भेजने की बात करना भी एक तरह से विराेध करना है। यह दुख की बात है। सूक्खू ने कहा कि उनके लिए हिमाचल के हित सर्वोपरि हैं। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि यह केवल एक समय के लिए प्रावधान है। कोई भी धार्मिक, आध्यात्मिक या चैरिटेबल संस्था इसे केवल ऐसे ही कार्यों के लिए 30 एकड़ तक ही दूसरी उसी तरह की संस्था को जमीन हस्तांतरित कर सकेगी। भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि भाजपा भी चाहती है कि राधास्वामी ब्यास संस्था की समस्या का समाधान होना चाहिए, मगर इस कानून का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। जयराम ठाकुर ने कहा कि राधास्वामी संस्था ने कोविडकाल में बढ़िया किया है, मगर इससे अन्य संस्थाओं की ओर से दुरुपयोग करने की संभावना है। तीन सरकारों में धूमल, वीरभद्र और उनके समय भी मामले में जल्दबाजी नहीं की गई। पिछली भाजपा सरकार में यह मामला मंत्रिमंडल तक आया था, वहीं लंबित हो गया है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि कि हिमाचल के हितों को नहीं बेचा जाएगा। सरकार एक रुपये में किसी उद्योगपति को जमीन नहीं दे रही है, जैसा पिछली सरकार में हुआ। वह नेक काम करने वाली संस्थाओं की मदद कर रहे हैं।
राज्य सरकार की अनुमति से ही ड्यूटी के दौरान सरकारी कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा सकेगा। कांस्टेबलों का काडर भी अब राज्य स्तर का होगा। भर्ती राज्य पुलिस बोर्ड करेगा। इस संबंध में विपक्ष के विरोध पर भी शुक्रवार को पुलिस विधेयक पारित हो गया। हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम में संशोधन पर विधेयक को पारित करने से पहले चर्चा लाई गई। इस पर भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने लोक सेवक को किसी भी कार्य पर ड्यूटी करने के दौरान गिरफ्तार करने से पहले सरकार की मंजूरी लेने की धारा डालने पर आपत्ति दर्ज की। उन्होंने कहा कि इससे पुलिस अधिकारी अपना काम ठीक से नहीं कर पाएंगे। भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा मिलेगा। त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि पोक्सो एक्ट के तहत अगर किसी कर्मचारी को गिरफ्तार करना होगा तो क्या सरकार को पूछना होगा कि उसे गिरफ्तार करें कि नहीं। क्या यह व्यवस्था किसी विशेष व्यक्ति को लाभ देने के लिए तो नहीं किया जा रही है। सीएम ने कहा कि भाजपा के लोग कर्मचारियों के हितों में ही नहीं है। इससे यह जाहिर होता है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि रिश्वत, खून जैसे संगीन मामलों में गिरफ्तारी करने से संबंधित मामलों में गिरफ्तारी पर कोई रोक नहीं होगी। ये ऐसे मामलों के लिए है कि कार्यालय में कोई एक अधिकारी द्वेष भावना से किसी कर्मचारी के खिलाफ कुछ गलत कार्रवाई करे तो ही यह प्रावधान लागू होगा। इसका एसओपी आएगा। उसमें स्थिति स्पष्ट होगी। ऐसे कई मामले आए दिन सामने आ रहे हैं। इसमें सरकार की अनुमति से ही गिरफ्तारी का प्रावधान होगा। सीएम सुक्खू ने कहा कि रणधीर शर्मा काल्पनिक बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल कर रहे हैं। विजिलेंस मैन्युअल को नहीं बदला गया है। कई बार अधिकारी द्वेष भावना से एफआईआर दर्ज कर लेते हैं। हिमाचल में अब 25 हजार की कम संख्या होने पर भी जिला परिषद वार्ड बनेंगे। इसके लिए ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने शीत सत्र में हिमाचल प्रदेश पंचायती राज संशोधन विधेयक पारित करने का प्रस्ताव रखा। इससे पहले विधेयक पर भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने चर्चा में भाग लिया और उन्होंने जिला परिषद बनाने के लिए न्यूनतम जनसंख्या जाहिर नहीं करने पर सवाल उठाए। भाजपा विधायक ने कहा कि जिला परिषद वार्ड बनाने के लिए संख्या 25 हजार से ऊपर ही होनी चाहिए। जिस विधेयक को सरकार लाई है, उसमें यह तय नहीं किया गया है कि प्रदेश में जिला परिषद वार्ड बनाने के लिए लोगों की न्यूनतम संख्या कितनी हो। अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि सरकार विधेयक इसलिए ला रही है, ताकि जनजातीय क्षेत्रों में भी जिला परिषद के वार्डों का गठन किया जा सके। चर्चा के बाद विधेयक ध्वनि मत से पारित कर दिया गया।
हिमाचल में उपभोक्ताओं को सस्ते राशन के डिपुओं से खाद्य तेल खरीदने के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। रेट पर सहमति न बनने पर सरकार ने टेंडर रद्द कर दिया है। अब नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। हिमाचल में दो माह से उपभोक्ताओं को तेल नहीं मिला है। इधर, सरकार की ओर से दावा किया गया है कि अगले महीने टेंडर प्रक्रिया पूरी करके उपभोक्ताओं को तीन महीने का तेल एक साथ दिया जाएगा। हिमाचल प्रदेश में साढ़े 19 लाख राशन कार्ड धारक हैं। दो माह से डिपुओं में तेल न होने से उपभोक्ताओं को बाजार का रुख करना पड़ रहा है। बाजार में सरसों तेल 160 से 200 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। इस माह विभाग की ओर से टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई। इससे उपभोक्ताओं को जल्द तेल मिलने की उम्मीद बंधी थी, लेकिन रेट अधिक होने पर सरकार ने टेंडर रद्द दिया। अब खाद्य आपूर्ति निगम ने नए सिरे से तेल टेंडर के लिए कंपनियों से निविदाएं आमंत्रित की है। सरसों तेल के लिए 3 और रिफाइंड तेल के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 4 जनवरी निर्धारित की है। विभाग का दावा है कि निविदाएं आने के बाद अगर प्रक्रिया जल्द पूरी हुई तो उपभोक्ताओं को तीन महीने का तेल एक साथ देंगे। उधर, खाद्य आपूर्ति निगम के प्रबंध निदेशक राजेश्वर गोयल ने बताया कि पुराना टेंडर रद्द कर दिया है। अब नए सिरे से तेल के कंपनियों से निविदाएं मांगी गई हैं। उपभोक्ताओं को एक साथ तीन महीने तेल का कोटा दिया जाएगा।
** विधानसभा परिसर में कांग्रेस विधायक दल का प्रदर्शन मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक दल ने आज विधानसभा परिसर तपोवन धर्मशाला, जिला कांगड़ा में भाजपा के केंद्रीय वरिष्ठ नेता द्वारा संविधान निर्माता डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर पर आपत्तिजनक टिप्पणी के खिलाफ प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भाजपा पर डॉ.बाबा साहेब अंबेडकर का अपमान करने का आरोप लगाया और कहा कि संविधान निर्माता के अपमान पर उन्हें माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा ‘‘संविधान निर्माता के बारे में जो अपशब्द कहे गए, वो गलत हैं और कांग्रेस पार्टी इसकी कड़ी निंदा करती है’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विविधता में एकता का देश है और बाबा साहेब ने देश के सामने समानता का विचार दिया, जिससे देश में लोकतंत्र की नींव मजबूत हुई। उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने भी भाजपा के वरिष्ठ नेता के बयान की निंदा करते हुए कहा कि वह सत्ता के नशे में इतना चूर हो गए हैं, कि देश को संविधान देने वाले बाबा साहेब अंबेडकर का अपमान कर रहे हैं। विधायक सुरेश कुमार ने कहा कि बीजेपी और आरएसएस पहले भी दलित समुदाय की विरोधी थी और आज भी विरोधी है। यही भाजपा का असली चेहरा है। इस प्रदर्शन में उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, मंत्रिमंडल के सदस्य और कांग्रेस के विधायक शामिल हुए।
जयसिंहपुर/ नरेंद्र डोगरा: कंवर दुर्गा चंद राजकीय महाविद्यालय जयसिंहपुर में आज सड़क सुरक्षा क्लब की ओर से व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन सड़क सुरक्षा क्लब के संयोजक प्रो. अरविंद कुमार, प्रो. सचिन कुमार , प्रो. सरजनी नेगी, व लैब सहायक मुकेश चंद के द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. उपेन्द्र शर्मा बतौर मुख्य अतिथि व वक्ता के रूप में मौजूद रहे। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करना रहा। इस व्याख्यान कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी छात्रों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया । महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो उपेन्द्र शर्मा ने छात्रों को संबोधित करते हुए यातायात के नियमों को विस्तार से बताया। साथ ही उन्होंने सभी छात्रों को अपने साथ साथ दूसरों को इस ज्ञान को सांझा करने के लिए कहा। साथ ही सड़क सुरक्षा क्लब के सभी सदस्यों का इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए बधाई दी व भविष्य में सड़क सुरक्षा नियमों के लिए इस तरह के कार्यक्रम करने के लिए उनका मार्गदर्शन किया।
जयसिंहपुर/ नरेंदर डोगरा: आयुष विभाग उपमंडल बालकरूपी की ओर से 25 दिसंबर तक प्रकृति परीक्षण का आयोजन किया जाएगा। इस अभियान में उपमंडल बालकरूपी में जिला आयुष अधिकारी डॉ. हरीश भारद्वाज और उपमंडलीय आयुष अधिकारी डॉ.अनीता शर्मा ने एसडीम जयसिंहपुर संजीव ठाकुर की मौजूदगी में प्रकृति परीक्षण किया गया। एसडीएम ने आयुष मंत्रालय भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान को स्वास्थ्य के लिए बहुत ही उपयोगी बताया गया । एसडीएम ने लोगों से अपील की है की वह स्मार्ट फोन मे प्रकृति परीक्षण ऐप डाउनलोड कर किसी भी आयुष हैल्थ एवं वैलनेस सेंटर में जाकर अपनी प्रकृति (वात, पित्त कफ )को जान सकते है और स्मार्ट फोन में ही प्रकृति अनुसार समय -समय पर आहार बिहार के बारे में दी गई जानकारी अनुसार अपने आप को स्वस्थ रख सकते हैं l उपमंडलीय आयुष अधिकारी बालकरूपी ने बताया कि अभी तक उपमंडल में दो हजार से अधिक लोगों का प्रकृति परीक्षण किया जा चुका है ।
** एसडीएम करसोग गौरव महाजन ने की शिविर की अध्यक्षता समाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सौजन्य से खंड विकास अधिकारी कार्यालय करसोग के समीप पंचायत समिति बैठक कक्ष में दिव्यांगों को कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण प्रदान करने के लिए एसडीएम करसोग गौरव महाजन की अध्यक्षता में विशेष शिविर का आयोजन किया गया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा अधिकृत संस्था भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) के माध्यम से एडिप योजना के तहत दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग व व्हील चेयर, हियरिंग एड, कैलिपर, छड़ी, सहित अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध करवाए करवाए गए। दिव्यागजनों के लिए आयोजित इस शिविर में क्षेत्र के लगभग 42 पात्र दिव्यांगों को व्हील चेयर, हियरिंग एड, कैलिपर, छड़ी, बैसाखी सहित लगभग 74 कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण वितरित किए।एसडीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों को सशक्त कर उन्हें समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए कृत संकल्पित है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को सामान्य व्यक्तियों की तरह जीवन यापन करने और उनके जीवन को सुविधाजनक बनाने के लिए सहायक उपकरण एवं कृत्रिम अंग प्रदान किए गए है।इस अवसर पर तहसील कल्याण अधिकारी करसोग, भोपाल शर्मा ने प्रदेश सरकार द्वारा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के माध्यम से दिव्यागजनों और अन्य लोगों के लिए चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनओं की जानकारी भी प्रदान की।
** देशराज शारदा उप निदेशक उच्च शिक्षा सोलन रहे मुख्य अतिथि राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुनिहार में वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में देशराज शारदा, उप निदेशक उच्च शिक्षा सोलन, ने शिरकत की। विद्यालय परिवार ने उनका फूलमालाओं से गर्मजोशी से स्वागत किया। समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलन और छात्राओं द्वारा प्रस्तुत वंदे मातरम से हुई। विद्यालय परिवार ने मुख्य अतिथि को शॉल, टोपी और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने स्वच्छता पर शानदार प्रस्तुतियां दीं, जो लोगों को स्वच्छता का संदेश देने में प्रभावशाली रहीं। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने मॉडलिंग कर सभी का ध्यान आकर्षित किया।मुख्य अतिथि ने वर्ष भर विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को प्रमाण पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया। विशेष अतिथि प्रियंका शर्मा ने प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय के लिए 21-21 हजार रुपये की धनराशि भेंट की। इस मौके पर पंचायत प्रधान जगदीश अत्री, समाजसेवी पुष्पा देवी, कार्यकारी प्रधानाचार्य भूपेंद्र कौशिक और अन्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
आज शिक्षित बेरोज़गार संघ हिमाचल प्रदेश द्वारा हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा 1लखा सरकारी नौकरी और सरकारी स्कूलो में गेस्ट अध्यापक भर्ती करवाये जाने के निर्णय आउटसोर्स भर्ती के खिलाफ तपोवन शीतकाल सत्र धर्मशाल के बाहर बेरोजगार युवाओं के धरना प्रदर्शन में शामिल हुए। शिक्षित बेरोज़गार संघ हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार द्वारा गेस्ट अध्यापक की भर्तिया करवाने के विरोध में शिमला तपोवन शीतकाल सत्र धर्मशाल के बहार धरना प्रदर्शन किया शिक्षित बेरोज़गार संघ अध्यक्ष बाल कृष्ण मानना है की प्रदेश सरकार छात्र विरोधी और युवा विरोधी निर्णय लेकर लगातार प्रदेश सरकार युवाओ को बेरोजगारी की और धकेल रही है, जिसके कारण प्रदेश के युवाओं में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश सरकार ने दो साल पूरे होने का जश्न पूरी धूमधाम से बनाया, लेकिन युवाओं ने जिस मंशा से प्रदेश में बढ़ते भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और अव्यवस्था से तंग आकर प्रदेश में कांग्रेस का समर्थन किया था आज इसी बात से तंग आकर खुद को ही कोस रहे हैं। व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर युवाओं व छात्रों को बड़ी तेजी के साथ बेरोजगारी के गर्त में धकेला जा रहा है। शिक्षित बेरोज़गार संघ हिमाचल प्रदेश अध्यक्ष बाल कृष्ण ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार प्रदेश में पूर्व भाजपा सरकार की तरह युवा विरोधी नीतियां लाकर लगातार प्रदेश को पीछे धकेलने का काम कर रही है। शिक्षित बेरोज़गार संघ ने प्रदेश सरकार द्वारा लाई गई गेस्ट अध्यापक की नीति का कड़े शब्दों में विरोध करती है। क्योंकि वर्ष 2013 में बिल्कुल इसी तर्ज पर स्कूल में खाली चल रहे पदों को भरने के लिए SMC के माध्यम से हजारों युवाओ को भरा गया था लेकिन सालों से उन लोगों का शोषण ही हुआ और अब जाकर उन लोगो के लिए नियमित भर्ती में 5 प्रतिशत आरक्षण दिया गया और कुछ ही लोगो को नियमित किया गया। बिल्कुल ऐसा ही गेस्ट टीचरों के साथ भी होगा। ये उन तमाम युवाओं के साथ धोखा है जो सालों से सपने संजो कर मेहनत कर रहा है। शिक्षित बेरोज़गार संघ हिमाचल प्रदेश सरकार के निर्णय का विरोध करती है, जिसमें गेस्ट टीचर नियुक्त किए जा रहे हैं, जबकि प्रदेश में नियमित अध्यापको की नियुक्ति की जानी चाहिए। यह निर्णय NEP-2020 के कार्यान्वयन का हिस्सा है, जो बिना किसी सही योजना और विचार के लागू किया जा रहा है। यह नीति न केवल शिक्षा के स्तर को गिरा रही है, बल्कि हमारे राज्य के युवाओं के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ कर रही है। इसलिए, शिक्षित बेरोज़गार संघ द्वारा तत्काल गेस्ट टीचर नीति की समाप्ति और NEP-2020 के वर्तमान रूप में कार्यान्वयन की वापसी की मांग करती है। राज्य सरकार को सरकारी स्कूलों में सभी खाली पदों में स्थाई भर्तिया जल्द से जल्द करवाने की जरूरत एसएफआई HPRCA के माध्यम से योग्य और स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति की जानी चाहिए। लेकिन बीते दो सालों में सरकारी भर्तियों में ग्रहण लगा है राज्य चयन आयोग भी दो साल से बंद पड़ा था परन्तु कुछ दिनों पहले से पुराने भर्तियों के परिणाम निकाले जा रहे है। इन परिणामों के लिए भी प्रदेश के युवाओं को कई दिनों तक आंदोलन करने पड़े उसके बाद इन परिणामों को घोषित किया गया। प्रदेश सरकार द्वारा पुरानी स्वीकृत भर्तियों को निरस्त कर दिया गया है और आउटसोर्स के नाम पर धांधलियों को अंजाम दिया जा रहा है। शिक्षित बेरोज़गार संघ यह मांग करती है की जो प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों में गेस्ट अध्यापक भर्ती करने का निर्णय लिया है उसे वापिस लिया जाए और प्रदेश सरकार से यह भी मांग करती है की छात्र व युवा विरोधी इस पालिसी को न अपनाया जाए और गेस्ट टीचर और आउटसोर्स के बजाय नियमित भर्तीया करवाई जाए। ताकि प्रदेश के युवाओं को स्थाई रोजगार मिल सके।
** पंचायत विभाजन न होने से ग्रामीणों को आ रही हैं समस्याएं... जिला चंबा के विकास खंड मैहला की ग्राम पंचायत ब्रेही के लोगों ने अपनी पंचायत विभाजित करने की मांग को लेकर गुरुवार को उपायुक्त चंबा, मुकेश रेपस्वाल को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने 2019 में भी यह मांग उठाई थी, लेकिन राजनीतिक कारणों से पंचायत का विभाजन नहीं हो पाया।इस बार भी ग्राम सभा में पंचायत विभाजन की मांग रखी गई और प्रस्ताव पारित हुआ, लेकिन जानबूझकर औपचारिकताएं पूरी नहीं की गईं। इसके चलते विभाजन का प्रस्ताव रद्द हो गया। पंचायत विभाजन न होने के कारण ग्रामीणों को लंबे समय से कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें छोटे-छोटे कामों के लिए मीलों पैदल चलना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि विभाजन के लिए तय की गई अंतिम तिथि अब निकल चुकी है। फिर भी वे चाहते हैं कि उपायुक्त उनकी समस्या समझें और अब भी पंचायत विभाजन का रास्ता निकाला जाए। इस बार ग्रामीणों ने उपायुक्त के सामने अपनी मांग मजबूती से रखी है।
** उपायुक्त ने कहा, मोबाइल मेडिकल यूनिट से हर कोने में होगी स्वास्थ्य जांच जिला चम्बा में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सीएसआर के अंतर्गत एनएचपीसी ने स्वास्थ्य विभाग चम्बा को मोबाइल मेडिकल यूनिट की सौगात दी है। गुरुवार को उपायुक्त चम्बा मुकेश रेपस्वाल ने इसे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उनके साथ एडीएम अमित मैहरा, एनएचपीसी के महाप्रबंधक उमेश कुमार, सीएमओ चम्बा डॉ. विपिन ठाकुर भी मौजूद रहे। उपायुक्त ने कहा कि यह मोबाइल मेडिकल यूनिट जिले के कोने-कोने में जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच में अहम भूमिका निभाएगी। इसमें एक मेडिकल ऑफिसर, एक फार्मासिस्ट और एक स्टाफ नर्स मौजूद रहेंगे। य़ह मोबाइल यूनिट वॉकहार्ड फ़ाउंडेशन के माध्यम से सीएमओ की देखरेख में आगामी एक वर्ष तक लोगों को सेवाएं देगी। इसमें विभिन्न प्रकार के टेस्ट भी मौके पर किए जा सकेंगे। बहरहाल, यह मोबाइल मेडिकल यूनिट जिले के दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने में मील का पत्थर साबित होगी।
MS राहुल राव बोले, उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद होगी मामले में कार्रवाई... हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के IGMC अस्पताल में सफाई कर्मियों ने वेतन न मिलने पर प्रदर्शन किया। सफाई और अन्य आउटसोर्स कर्मचारियों को पिछले दो महीने से वेतन नहीं मिला, जिससे वे काफी परेशान हैं। महिला कर्मचारी भी इस समस्या से जूझ रही हैं। वेतन न मिलने पर कर्मचारियों ने अस्पताल गेट के बाहर काले रिबन बांधकर विरोध जताया।सफाई कर्मियों ने चेतावनी दी है कि अगर 23 दिसंबर तक उनका बकाया वेतन नहीं मिला, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। इस आंदोलन में सचिवालय घेराव, डीसी ऑफिस तक मार्च और रिज पर गांधी प्रतिमा के नीचे हड़ताल की जाएगी। इस मामले पर IGMC अस्पताल के मेडिकल सुपरीटेंडेंट राहुल राव ने कहा कि अस्पताल में नई इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर शुरू करने के लिए कर्मचारियों की भर्ती की गई थी। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने इस मुद्दे पर संबंधित कंपनी से बात की है।राहुल राव ने कहा कि अब तक 10 महीने का वेतन दिया जा चुका है, लेकिन 2 महीने का वेतन बकाया है। इसी दौरान कंपनी ने मामला उच्च न्यायालय में पहुंचा दिया है, और इस पर सुनवाई होनी है। उच्च न्यायालय के आदेश के आधार पर प्रशासन आगे की कार्रवाई करेगा।
हिमाचल प्रदेश में कर्मचारियों को अनुबंध सेवाकाल का वरिष्ठता और वित्तीय लाभ नहीं मिलेगा। साल 2003 से यह व्यवस्था लागू होने जा रही है। बुधवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस संदर्भ में सदन के पटल पर हिमाचल प्रदेश सरकारी कर्मचारी भर्ती एवं सेवा की शर्तें विधेयक रखा। वीरवार को सदन में चर्चा के यह विधेयक पारित होगा। इस विधेयक को लाने के पीछे एक प्रमुख चिंता राज्य पर पड़ने वाला संभावित वित्तीय बोझ है। अनुबंध सेवाकाल का लाभ देने से कर्मचारियों को न केवल अतिरिक्त संसाधनों का भारी आवंटन करना पड़ेगा, बल्कि पिछले 21 वर्षों से अधिक समय से वरिष्ठता सूची में भी संशोधन करना होगा। राज्य की कांग्रेस सरकार इस विधेयक के माध्यम से प्रदेश के कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण बदलाव करने जा रही है। विधेयक पारित होने के बाद कर्मचारियों को ज्वाइनिंग की तारीख से वरिष्ठता और वित्तीय लाभ नहीं मिलेंगे। कर्मचारियों की वरिष्ठता अब उनके नियमित होने के बाद तय की जाएगी। अनुबंध सेवाकाल को इसमें नहीं जोड़ा जाएगा। यह बदलाव विशेष रूप से उन कर्मचारियों के लिए हैं जिनकी वरिष्ठता को लेकर पहले अदालत से आदेश जारी किए गए थे। इन आदेशों के चलते राज्य खजाने पर बोझ बढ़ने की संभावना थी। विधेयक के अनुसार बिल का उद्देश्य नियमित सरकारी कर्मचारियों व अनुबंधित नियुक्तियों के हितों के बीच सामंजस्य स्थापित करना है। मुख्यमंत्री की ओर से स्थिति स्पष्ट की गई है कि यह विधेयक भारत के संविधान के अनुच्छेद-309 से अधिकार लेता है, जिसके तहत सार्वजनिक कर्मचारियों की भर्ती और सेवा शर्तों को नियंत्रित किया जाता है। हिमाचल में अनुबंध आधार पर नियुक्तियां 2003 में शुरू हुईं, जिसमें नियुक्ति पत्रों में सेवा शर्तों का स्पष्ट उल्लेख किया गया। कर्मचारियों को यह अवगत कराया गया था कि अनुबंध के तहत उनका कार्यकाल वरिष्ठता या नियमित कर्मचारियों को मिलने वाले अन्य लाभों के लिए नहीं गिना जाएगा। इसके बावजूद अनुबंध नियुक्तियों को भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में शामिल करने से यह धारणा बनी कि ऐसी नियुक्तियां नियमित रोजगार के बराबर हैं। विधेयक के अनुसार अनुबंध के आधार पर नियुक्ति करने का उद्देश्य उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान मानने का कभी नहीं था। उनकी सेवा शर्तें उनकी ओर से हस्ताक्षरित समझौतों से नियंत्रित होती हैं और इस प्रकार वे नियमित नियुक्तियों के समान सार्वजनिक सेवाओं का हिस्सा नहीं हैं। सरकार के उच्च अधिकारियों ने बताया कि कोर्ट के माध्यम से कई कर्मचारियों को अनुबंध सेवाकाल का वरिष्ठता लाभ देना पड़ा है। रोजाना इस प्रकार के मामले कोर्ट में लग रहे हैं। ऐसे में सरकार को विधेयक लाकर इस व्यवस्था को बंद करना पड़ रहा है। ताज मोहम्मद बनाम लेखराज केस ने सरकार की इन दिनों परेशानी बढ़ाई हुई है। विधेयक पारित होने के बाद अनुबंध सेवाकाल से वरिष्ठता और वित्तीय लाभ देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
राज्य विधानसभा के शीत सत्र के पहले दिन बुधवार को सदन में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने हिमाचल प्रदेश भू-जोत अधिकतम सीमा संशोधन विधेयक 2024 पेश किया। 1972 के लैंड सीलिंग एक्ट में संशोधन के रूप में इस विधेयक को प्रस्तुत करने के बाद यह आज पारित किया जा सकता है। इसके तहत अब धार्मिक और चैरिटी के लिए 30 एकड़ जमीन या भूमि पर बने ढांचे को हस्तांतरित किया जा सकेगा। अगर नियमों की अवहेलना की गई तो सरकार ऐसी जमीन या इस पर बनी संरचना को अपने कब्जे में ले लेगी। इस संशोधन विधेयक के उद्देश्यों में सरकार ने स्पष्ट किया है कि राधास्वामी सत्संग ब्यास पूरे देश में अपना क्रियाकलाप चलाने वाला एक धार्मिक और आध्यात्मिक संगठन है। इसने राज्य में नैतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक शिक्षा के कई केंद्र स्थापित किए हैं। इस संस्था ने हमीरपुर जिला के भोटा में एक अस्पताल भी स्थापित किया है। यह लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की पूर्ति कर रहा है। इस संगठन के पास लैंड सीलिंग एक्ट के तहत अनुमानित सीमा से अधिक जमीन है, जिसे अधिनियम की धारा पांच के खंड -झ के उपबंध के तहत छूट दी गई है। राधास्वामी सत्संग ने कई बार सरकार से अनुरोध किया है कि उसे भोटा चैरिटेबल अस्पताल की भूमि और भवन को चिकित्सा सेवाओं के लिए बेहतर प्रबंधन को जगत सिंह मेडिकल रिलीफ सोसाइटी को हस्तांतरित करने की अनुमति दी जाए। इसे इसका एक सहयोगी संगठन कहा गया है। मगर धारा पांच का खंड झ इसमें रोक लगाता है। ऐसे में कुछ शर्तों के साथ हस्तांतरण की अनुमति सरकार कुछ शर्तों के साथ देगी। इसके लिए धारा पांच का खंड झ में संशोधन प्रस्तावित किया गया है।
** 4 दिन के पुलिस रिमांड पर आरोपी हिमाचल प्रदेश में नशे का कारोबार लगातार अपने पैर पसार रहा है। हिमाचल पुलिस द्वारा विशेष अभियान के तहत आए दिन नशा तस्करों को पकड़ा जा रहा है और जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया जा रहा है। बावजूद इसके नशा तस्कर अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला सिरमौर जिले का है। यहां सिरमौर पुलिस की विशेष टीम ने एक व्यक्ति से चरस की बड़ी खेप बरामद की है। आरोपी के खिलाफ पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे 4 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस थाना नाहन के एसएचओ बृज लाल मेहता ने बताया कि पुलिस टीम नाहन-महीपुर सड़क पर गश्त पर तैनात थी। इस दौरान पुलिस ने एक बाइक को जांच के लिए रोका। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 1.156 किलोग्राम चरस की खेप बरामद हुई। आरोपी की पहचान लक्ष्मी दत्त (उम्र 44 साल) के तौर पर हुई है। लिहाजा, पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 4 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस थाना नाहन के एसएचओ बृज लाल मेहता ने बताया, सिरमौर पुलिस ने 1.156 किलोग्राम चरस के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस आगामी कार्रवाई कर रही है। आरोपी से अब पूछताछ की जाएगी कि वो ये चरस कहां से लाया और किसे और कहां बेचने जा रहा था। बता दें कि सिरमौर जिले में पुलिस लगातार नशा कारोबारियों पर लगातार शिकंजा कस रही है। इसी साल पुलिस नशा तस्करों की करीब एक करोड़ से ज्यादा की संपत्ति भी सीज कर चुकी है।
हिमाचल प्रदेश के मंडी शहर में बिना पंजीकरण कोई भी व्यक्ति रेहड़ी लगाकर कारोबार नहीं कर सकेगा। इसके साथ ही नगर निगम मंडी ने सभी रेहड़ी धारकों के लिए नाम पट्टिका लगाना अनिवार्य कर दिया है। निगम की ओर से एक-दो दिन के भीतर नेम प्लेट वितरित की जाएंगी। अवैध रूप से रेहड़ी लगाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी। नगर निगम के पास रेहड़ी धारकों की संख्या 350 थी, लेकिन हाल ही में वेंडिंग जोन में हुए सर्वे के दौरान कई रेहड़ियां ऐसी पाई गईं, जिनका कोई मालिक ही नहीं था। कुछ रेहड़ी धारक कारोबार नहीं कर रहे थे। इस पर नगर निगम ने करीब 100 लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। अब पंजीकृत रेहड़ी धारकों की संख्या 250 रह गई है। नगर निगम मंडी ने पात्र रेहड़ी धारकों को नेम प्लेट जारी करने का निर्णय लिया है। 50 रेहड़ी धारकों को पहले ही नेम प्लेट जारी की जा चुकी हैं, जबकि बाकी 200 नेम प्लेट निगम कार्यालय में पहुंच गई हैं। जल्द ही इन्हें वितरित किया जाएगा। नेम प्लेट से ग्राहक को रेहड़ी धारक का नाम और पता आसानी से मिल सकेगा। किसी समस्या की स्थिति में ग्राहक नगर निगम के पास शिकायत दर्ज करवा सकेगा। नेम प्लेट की व्यवस्था लागू होने से अवैध रूप से रेहड़ी-फड़ी लगाने वालों की पहचान करने में भी आसानी होगी। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि शहर में केवल पंजीकृत रेहड़ी धारकों को ही कारोबार करने की अनुमति होगी। शहर में रेहड़ी धारकों का सर्वे करने के बाद लाइसेंस की सभी प्रक्रियाएं पूरा कर ली हैं। शहर में सभी रेहड़ीधारकों और फूड कार्नर मालिकों को लाइसेंस जारी कर अब नेम प्लेट जारी की जाएगी। एक-दो दिनों में शहर के 200 रेहड़ीधारकों को नेम प्लेट का वितरण कर दिया जाएगा। हाल ही में कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह के हिमाचल में रेहड़ी-फहड़ी दुकानों और भोजनालयों पर नेम प्लेट लगाने के बयान पर विवाद हो गया था। विक्रमादित्य सिंह ने कहा था कि हिमाचल प्रदेश के स्ट्रीट वेंडर्स को भी अपनी नेम प्लेट और आईडी लगानी होगी। हालांकि बाद में इस मामले में सुक्खू सरकार ने स्पष्टीकरण जारी किया था। इसमें कहा था कि अभी ऐसे किसी भी फैसले को लागू नहीं किया है। सरकार ने विक्रेताओं को अपनी दुकानों पर नेम प्लेट या अन्य पहचान अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया है। इस बीच मंडी में रेहड़ी फड़ी पर नेम प्लेट लगने जा रही है।
** सरकार के खिलाफ जमकर की नारेबाजी हिमाचल प्रदेश में मुर्गा प्रकरण पर सियासत गरमा गई है। मामले में धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा समेत छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें कुछ मीडिया कर्मी भी शामिल हैं। इसके विरोध में गुरुवार को नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की अगवाई में विपक्ष ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। इस दाैरान नेता प्रतिपक्ष सहित भाजपा विधायकों ने हाथों में मुर्गे के पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। विपक्ष ने भाजपा विधायक और मीडिया पर एफआईआर दर्ज करना शर्मनाक बताया। साथ ही वन्यजीव अधिनियम में मामला दर्ज कर जांच की मांग उठाई। पत्रकारों से बातचीत में जयराम ठाकुर ने कहा कि सीएम के कुपवी दाैरे के दाैरान रात्रि भोज के मेन्यू में 12 नंबर पर जंगली मुर्गे का भी जिक्र था। सीएम ने डिनर के दाैरान खुद जंगली मुर्गे का जिक्र किया। कहा कि जंगली मुर्गा जंगल में ही मिलता है। मामले में सरकार ने कई स्पष्टीकरण देने की बातें हुईं। लेकिन हैरानी बात है कि सीएम के डिनर वाले वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर पर विधायक व कुछ मीडिया के लोगों पर एर्फआईआर दर्ज की गई, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। मुर्गा प्रकरण में कुपवी की कुलग पंचायत की प्रधान सुमन चौहान और नीटू परमार की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। शिकायत में महिला प्रधान ने कहा कि सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया और कई लोगों ने व्यक्तिगत हैंडल पर फर्जी मेन्यू शेयर किया। इसकी वजह से इलाके के पारंपरिक भोजन और संस्कृति को नुकसान पहुंचा है। इस तरह का दुष्प्रचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि 13 दिसंबर को उनके गांव टिक्कर में विशेष अतिथि आए थे, जिनके स्वागत के लिए गांव की महिलाओं ने पारंपरिक भोजन तैयार किया गया था। लेकिन एक फर्जी मेन्यू शेयर किया गया। पुलिस ने शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता की धारा-353 और 356 के तहत केस दर्ज किया है। गाैरतलब है कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू 13 दिसंबर को कुपवी इलाके के दौरे पर थे। रात को उन्होंने टिक्कर गांव में विश्राम किया था। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ता के घर पर डिनर किया था। डिनर का मेन्यू सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इसमें पहाड़ी मुर्गे का भी जिक्र था। यहां तक कि सीएम भी मुर्गा परोसने के बात कहते हुए नजर आए थे। सीएम का वीडियो और मेन्यू काफी ज्यादा वायरल हुए थे। हालांकि, सीएम ने मीट खाने से इन्कार किया था। सीएम के कार्यक्रम में जंगली मुर्गा परोसने पर सवाल उठाए गए थे। डीएसपी चौपाल सुशांत शर्मा ने केस दर्ज करने की पुष्टि की है। उधर, विधायक सुधीर शर्मा ने कहा कि सरकार डर के मारे एफआईआर कर रही है। कितने मुर्गे कटे हैं, इसकी जांच होनी चाहिए। सीएम के मेन्यू में मुर्गे का जिक्र था।
हिमाचल प्रदेश में अब कांस्टेबलों का भी जिला के बजाय राज्य काडर होगा। इनकी भर्ती भी अब राज्य काडर में पुलिस बोर्ड करेगा। बुधवार को सदन में इसके लिए हिमाचल प्रदेश पुलिस संशोधन विधेयक 2024 पेश किया गया। इसके पारित होने के बाद अब पुलिस कांस्टेबलों के एक जिले से दूसरे जिले में तबादले किए जा सकेंगे। राज्य विधानसभा के शीत सत्र के पहले दिन बुधवार को सदन में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम 2007 में संशोधन के लिए एक विधेयक पेश किया। नए संशोधन के लागू होने के बाद गैर राजपत्रित पुलिस अधिकारियों (ग्रेड-दो) की भर्ती अब पुलिस भर्ती बोर्ड करेगा। इस श्रेणी में कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल आते हैं। यह भर्ती अब राज्य काडर में भी होगी, जिससे प्रदेश में एक एकीकृत प्रक्रिया सुनिश्चित होगी। पुलिस कर्मियों की इन श्रेणियों के लिए जिला और राज्य रोल की आवश्यकता को हटाया जाएगा, जिससे प्रक्रिया सरल होगी। नए संशोधन विधेयक के पारित होने के बाद अब ड्यूटी पर तैनात लोक सेवकों यानी कर्मचारियों के लिए सुरक्षा की भी व्यवस्था की गई है। इसके अनुसार पुलिस अधिनियम की धारा-65 की उपधारा-तीन में संशोधन किया जाएगा। यानी सरकारी कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान सरकार की पूर्व स्वीकृति के बिना किसी भी लोक सेवक की गिरफ्तारी पर रोक रहेगी। यानी सरकार की अनुमति के बगैर गिरफ्तारी नहीं की जा सकेगी। इससे वह निडर होकर कर्तव्य निर्वहन कर सकेंगे। जिला पुलिस शिकायत प्राधिकरणों में नियुक्तियों में लचीलापन लाया जा रहा है। यानी ऐसे मामलों में जहां निर्दिष्ट रैंक के वरिष्ठ सेवानिवृत्त अधिकारी उपलब्ध नहीं हैं, वहां राज्य सरकार को इन प्राधिकरणों की कार्यक्षमता सुनिश्चित करते हुए कनिष्ठ सेवानिवृत्त अधिकारियों को नामित करने का अधिकार होगा। अभी तक सेवानिवृत्त पुलिस अधीक्षक, जिला न्यायवादी, अतिरिक्त जिला न्यायाधीश या इससे ऊपर के सेवानिवृत्त अधिकारियों को ही इस प्राधिकरण में नामित करने की व्यवस्था रही है, मगर अब ऐसे सेवानिवृत्त अधिकारियों के उपलब्ध नहीं होने पर कनिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति का भी प्रावधान होगा।
**जनता ट्रैफ़िक पुलिस और अन्य नामित कर्मियों द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का करें पालन ** ट्रैफिक पुलिस का सहयोग करें जनता भुंतर बैली ब्रिज का निर्माण कार्य 20 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है। एसडीएम कुल्लू विकास शुक्ला ने निर्देश जारी किए है कि पुल निर्माण कार्य के चलते यहां से सभी वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी । वाहन चालक और जनता ट्रैफिक नियमों का पालन करते हुए अपनी सुविधा अनुसार बजौरा ब्रिज और अन्य मार्गो का सहारा लेकर अपने गंतव्य की ओर पहुंच सकते है उन्होंने कहा कि जनता को सूचित करने और उन्हें डायवर्जन मार्गों पर मार्गदर्शन करने के लिए रणनीतिक बिंदुओं पर उपयुक्त साइनबोर्ड, बैरियर और ट्रैफ़िक सिग्नल लगाए जाएंगे। ट्रैफ़िक प्रवाह को प्रबंधित करने और वाहनों के सुचारू डायवर्जन को सुनिश्चित करने के लिए ट्रैफ़िक पुलिस को तैनात किया जाएगा। जनता से अनुरोध किया है कि ट्रैफिक अधिकारी के साथ सहयोग करें और ट्रैफ़िक पुलिस और अन्य नामित कर्मियों द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का पालन करें। अगर कार्य की प्रगति और डायवर्जन मार्गों में किसी भी बदलाव के बारे में नियमित अपडेट को स्थानीय मीडिया, सोशल मीडिया चैनल या आधिकारिक स्रोतों के माध्यम से सूचित किए जाएंगे। एसडीएम कुल्लू विकास शुक्ला ने कहा कि यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू है , और सभी संबंधित अधिकारियों, ट्रैफ़िक कर्मियों और आम जनता से इसका कड़ाई से अनुपालन अपेक्षित है।
डाडा सीबा पंचायत क्षेत्र में यात्रियों और राहगीरों को बैठने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इसी कड़ी में बुधवार को पंचायत के सौजन्य से डाडा सीबा बस स्टैंड गांव कलेहड़,बतबाड़ में पंचायत द्वारा 53 बेंच लगाए जा रहे हैं, जिससे राहगीर भाई यात्री आराम से बैठ सकेंगे। बाजार में पंचायत द्वारा बेंच लगाए जाने पर दुकानदारों ने पंचायत प्रतिनिधियों व प्रदेश सरकार का तहत दिल से धन्यवाद किया है। पंचायत प्रधान सुचिता कवंर ने जानकारी देते हुए बताया डाडा सीबा पंचायत द्वारा पंचायत क्षेत्र में 53 बैंच लगाए जा रहे हैं ताकि स्थानीय लोगों व यात्रियों को बैठने में सुविधा मिले बाजार को स्वच्छ और सुंदर बनाना हमारी प्राथमिकता है इस के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय(सी एस यू) के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में बीते दिन राष्ट्रीय सेवा योजना (एन एस एस) एवं सत्य साई मुरलीधर आयुर्वेदिक कॉलेज एवं हॉस्पिटल मोगा के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय चिकित्सकीय परामर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें परिसर के छात्रों को चिकित्सकीय लाभ प्राप्त हुआ। इसमें परिसर के छात्रों ने अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं बारे मोगा(पंजाब) स्थित अस्पताल से आए डॉक्टर से विचार विमर्श किया। वहीं डॉक्टर शर्मा ने छात्रों को सर्दी के मौसम में होने वाली बीमारियों के बारे में अवगत करवाया व उनसे बचने के लिए कई टिप्स भी दिए। उन्होंने कहा कि सर्दियों के मौसम में आमतौर पर व्यक्ति दिन भर में पानी का बहुत कम सेवन करते हैं,जबकि आजकल गुनगुने पानी का अधिक सेवन सेहत के लिए फायदेमंद होता है। इस अवसर पर परिसर की एन एस एस इकाई के कार्यक्रम अधिकारी अमित वालिया व समन्वयक पंकज कुमार ने भी अहम भूमिका निभाई। उक्त कार्यक्रम परिसर निदेशक प्रो.सत्यम कुमारी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। उस अवसर पर परिसर के सह निदेशक प्रो. मञ्जुनाथ एस जी भट्ट,डा. रामनारायण ठाकुर,डा. मनीष कुमार, डा. विनोद शर्मा,अमर चंद व अन्य कई प्राध्यापक भी उपस्थित रहे।
जनजातीय जिला किन्नौर के रिकांग पिओ स्थित आई.टी.डी.पी भवन में आज ई-ऑफिस प्रणाली के सुगम संचालन के दृष्टिगत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें समस्त विभागों के ई-ऑफिस संचालकों को सरकारी कार्यालयों के दस्तावेजों को पेपरलैस करने पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस प्रशिक्षण शिविर में जिला के विभिन्न कार्यालयों के 183 कर्मचारियों ने भाग लिया। ई-डिस्ट्रिक प्रबंधक शबनम मेहता ने ई-ऑफिस प्रणाली पर प्रशिक्षण प्रदान करते हुए बताया कि वर्तमान राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी विभागों को पेपरलैस करने की दिशा में यह कदम उठाया है ताकि जहां सरकारी कार्यप्रणाली सुगमता के साथ चल सके वहीं पर्यावरण को भी संरक्षित रखा जा सके। इस प्रणाली से प्रशासन के कार्यों में पारदर्शिता आएगी तथा धरातल पर आमजन को लाभ मिलेगा। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
** मेधावी छात्रों को किया गया सम्मानित किन्नौर जिला के जवाहर नवोदय विद्यालय रिकांग पिओ में आज वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह का आयोजन किया गया जिसमें शैक्षणिक सत्र-2024 के दौरान अकादमिक व अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पुलिस अधीक्षक किन्नौर अभिषेक शेखर ने कहा कि विद्यार्थियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों के समग्र विकास के लिए बौद्धिक विकास के साथ-साथ मानसिक एवं शारीरिक विकास भी महत्वपूर्ण है तथा अभिभावकों को अपने बच्चों को उनकी रूचि अनुसार प्रोत्साहित करना चाहिए तथा सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने से युवा पीढ़ी नशाखोरी की समस्या से बच सकती है तथा सशक्त समाज का निर्माण संभव हो सकता है। उन्होंने वर्तमान परिवेश में सूचना प्रौद्योगिकी के महत्व पर प्रकाश डाला और आधुनिक सूचना प्रणाली अपनाने पर बल दिया ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में युवा कदम से कदम मिला सकें। इस अवसर पर जवाहर नवोदय विद्यालय की प्रधानाचार्य शशि कांता कुमारी ने विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की तथा विभिन्न गतिविधियों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया।इस अवसर पर सहायक आयुक्त ओम प्रकाश यादव, 17वीं वाहिनी भारत तिब्बत सीमा पुलिस के आदेशक बसंत कुमार नोगल, जिला आयुष अधिकारी डॉ. इंदु शर्मा, उपनिदेशक शिक्षा प्रारम्भिक कुलदीप सिंह नेगी, जिला अग्रणी बैंक पंजाब नैशनल बैंक के प्रबंधक रोहित सांगवान, प्रधानाचार्य राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रिकांग पिओ व केंद्रीय विद्यालय रिकांग पिओ सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने पीएचडी में पंजीकृत शोधार्थियों की परेशानियों को खत्म में करते हुए बड़ा फैसला लिया है। पीएचडी की अब साल में दो बार कोर्स वर्क की परीक्षाएं होंगी। इन्हें दिसंबर और जून में करवाया जाएगा। शोधार्थियों को इस फैसले के बाद अब कोर्स वर्क की परीक्षा के लिए साल भर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अभी विवि मार्च और अप्रैल में परीक्षा करवाता है। विवि साल में दो बार पीएचडी में प्रवेश देता है। इसमें प्रवेश परीक्षा के आधार पर प्रवेश दिया जाता हैं और दूसरा राष्ट्रीय स्तर की स्कॉलरशिप जेआरएफ आदि में पास अभ्यर्थियों के लिए सीधे प्रवेश की व्यवस्था लागू थी। इसमें एक बार में दो से ढाई सौ छात्र पीएचडी के विवि के विभिन्न विभागों में चलाए जा रहे कोर्स में प्रवेश पाते हैं। साल में दो बार पीएचडी में प्रवेश दिए जाने के बाद अब विवि कोर्स वर्क की परीक्षाएं भी दो बार ही करवाएगा। विवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल ने माना कि विवि ने पीएचडी कोर्स वर्क की परीक्षाओं को साल में दो बार जून और दिसंबर में करने का फैसला लिया है। इससे शोधार्थियों को कोर्स वर्क की परीक्षा देने के लिए पूरे साल इंतजार नहीं करना पड़ेगा । इससे उनका शोध कार्य और बेहतर ढंग से चलेगा और समय से पूरा हो सकेगा। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने साल में दो बार पीएचडी कोर्स वर्क की परीक्षाओं को करवाने का फैसला लेने के साथ ही दिसंबर 2024 से ही इस फैसले के अनुरूप परीक्षाएं करवाने का फैसला ले लिया है। इसके लिए विवि के परीक्षा नियंत्रक ने सभी पीएचडी कोर्स वर्क की दिसंबर में होने वाली परीक्षाओं का शेड्यूल भी जारी कर वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। पीएचडी कोर्स वर्क विज्ञान विषय की ये परीक्षाएं 24 दिसंबर से शुरू होंगी। परीक्षाओं का विस्तृत शेड़्यूल विवि की वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। इन परीक्षाओं के लिए एचपीयू बिजनेस स्कूल को परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
खेल विभाग के साथ डीन छात्र कल्याण द्वारा शूलिनी विश्वविद्यालय में एक अंतर-विभागीय फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। टूर्नामेंट में आठ टीमों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखी गई, जिन्होंने 11 मैचों में प्रतिस्पर्धा की। कार्यक्रम में उत्कृष्ट व्यक्तिगत प्रदर्शन पर प्रकाश डाला गया, जिसमें अम्मार को सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर के खिताब से सम्मानित किया गया, डैक्स को शीर्ष स्कोरर का ख़िताब और दीपांशु (डीके) को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी नामित किया गया। टूर्नामेंट का समन्वय शूलिनी विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग के सहायक प्रोफेसर विक्रांत चौहान के मार्गदर्शन में किया गया था। उन्हें नंदीश, काव्या, संजना, अविनाश, पृथक और फिरदौस की एक आयोजन समिति का समर्थन प्राप्त था, जिन्होंने कार्यक्रम के सुचारू निष्पादन को सुनिश्चित करने के लिए लगन से काम किया। टूर्नामेंट के समापन पर पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया, जिसमें एसोसिएट डीन छात्र कल्याण डॉ. नीरज गंडोत्रा ने विजेताओं को ट्रॉफी प्रदान की। ट्राफियां डेकाथलॉन, सोलन द्वारा प्रायोजित की गईं।
चंबा: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में मोबाइल ब्लास्ट होने के कारण गंभीर रूप से घायल युवती ने टांडा मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है। युवती चंबा जिले के सलूणी क्षेत्र की रहने वाली थी। पुलिस ने मृतका का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है। हिमाचल में इस तरह का ये पहला मामला है, जिसमें मोबाइल ब्लास्ट के चलते मौत हुई है। डीएसपी सलूणी रंजन शर्मा ने बताया कि सलूणी क्षेत्र के विचूणी गांव की 20 वर्षीय किरण देवी 9 दिसंबर को जब अपने घर में मोबाइल फोन चला रही थी, तो अचानक हाथ में पकड़ा फोन बम की तरह जोरदार धमाके के साथ फट गया, जिससे युवती के कपड़ों ने भी तुरंत आग पकड़ ली। परिजनों ने कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह आग को बुझाया, लेकिन तब तक युवती बुरी तरह से आग में झुलस गई थी। जिसके बाद परिजन युवती को घायल अवस्था में इलाज के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए टांडा मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान 15 दिसंबर को उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि जब मोबाइल फोन में ब्लास्ट हुआ उस समय युवती ने फोन चार्जिंग पर लगा रखा था। डीएसपी सलूणी रंजन शर्मा ने बताया, मोबाइल ब्लास्ट में घायल युवती की इलाज के दौरान टांडा मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई है। सूचना मिलते ही चंबा से पुलिस टीम टांडा मेडिकल कॉलेज पहुंची। जहां पोस्टमार्टम समेत अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में अग्निकांड का मामला सामने आया, जिसमें अढ़ाई मंजिला मकान में आग लग गई। उपमंडल बंजार के तहत चेहनी गांव में एक अढ़ाई मंजिल मकान जल कर राख हो गया। वहीं, दमकल विभाग और स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची और आग लगने के कारणों की छानबीन शुरू की। ये आग चेहनी गांव की कमला देवी उर्फ जितमु के मकान में लगी। वहीं, इस दौरान मकान के अंदर देवता पांच वीर का रथ भी रखा गया था, जिसे स्थानीय ग्रामीणों द्वारा सुरक्षित बाहर निकाला गया। हालांकि मकान में रखा गया देवता का सामान भी जलकर राख हो गया। अभी तक आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। वहीं, मकान में आग लगते देख स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और अग्निशमन विभाग को अग्निकांड के बारे में सूचना दी गई। ग्रामीणों द्वारा अपने स्तर पर आग पर काबू पाने में जुटे रहे, लेकिन आग तेजी से पूरे घर में फैल गई, जिसके चलते पल भर में आग ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया और अढ़ाई मंजिला मकान जलकर राख हो गया। मकान के अंदर रखा सारा सामान भी जलकर राख हो गया। गनीमत रही कि अग्निकांड में किसी तरह का कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। डीएसपी बंजार शेर सिंह ने बताया, अग्निकांड की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और फायर ब्रिगेड द्वारा आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक मकान जल चुका था। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों द्वारा आग से हुए नुकसान की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि बंजार प्रशासन द्वारा अग्निकांड में प्रभावित परिवार को फौरी राहत के तौर पर 25 हजार रुपए की राशि प्रदान की गई। इसके साथ ही बर्तन, कपड़े और अन्य जरूरी सामान भी प्रभावित परिवार को दिया गया।
क्रिसमस और नव वर्ष बनाने के लिए हिमाचल के पर्यटन स्थल सैलानियों से गुलजार रहेंगे। क्रिसमस से पहले वीकेंड पर 21 दिसंबर से ही सैलानियों के पहुंचने का क्रम शुरू हो जाएगा जो जनवरी के पहले हफ्ते तक जारी रहेगा। क्रिसमस और न्यू ईयर के लिए शिमला, मनाली, धर्मशाला, कुफरी, नारकंडा, कसौली, चायल, किन्नौर और लाहौल-स्पीति के लिए सबसे अधिक इंक्वायरी आ रही है। प्रदेश के बड़े समूहों के होटलों में 50 फीसदी तक एडवांस बुकिंग हो चुकी है। विंटर टूरिस्ट सीजन के दौरान बड़ी संख्या में सैलानियों के हिमाचल पहुंचने की संभावना के चलते होटल कारोबारियों और ट्रैवल एजेंट्स ने खास तैयारियां शुरू कर दी हैं। करीब 15 से 20 दिन चलने वाले सीजन के लिए होटल संचालकों ने अतिरिक्त स्टाफ का बंदोबस्त करना शुरू कर दिया है। ट्रैवल एजेंट्स अतिरिक्त गाड़ियों का बंदोबस्त कर रहे हैं ताकि सैलानियों को लाने ले जाने और साइट सीन के लिए गाड़ियां उपलब्ध करवाई जा सकें। निजी होटल संचालकों और पर्यटन विकास निगम ने क्रिसमस और नववर्ष की पार्टी के लिए खास इंतजाम किए हैं। पर्यटन विकास निगम के होटलों में इस दौरान फूड फेस्टिवल का आयोजन होगा। दिल्ली से शिमला, मनाली सहित अन्य पर्यटन स्थलों के लिए अतिरिक्त वोल्वो बसों का संचालन होगा। एचआरटीसी भी मांग के अनुसार दिल्ली से पर्यटन स्थलों के लिए अतिरिक्त वोल्वो चलाएगा। हिमाचल के पर्यटन स्थल 21 दिसंबर से जनवरी के पहले हफ्ते तक सैलानियों से गुलजार रहेंगे। होटल संचालकों के पास बड़ी संख्या में इंक्वायरी आ रही है। बड़े होटलों में 50 फीसदी तक एडवांस बुकिंग भी हो गई है। भारी संख्या में सैलानियों के पहुंचाने की संभावना के चलते पर्यटन कारोबारी भी तैयारियों में जुट गए हैं।
हिमाचल प्रदेश के कई जिले शीतलहर की चपेट में हैं। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार अगले छह दिनों तक निचले पहाड़ी, मैदानी क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर शीतलहर चलने के आसार हैं। बीते 24 घंटों के दाैरान ऊना, हमीरपुर, मंडी और सुंदरनगर में शीतलहर दर्ज की गई है। विभाग ने 19 से 22 दिसंबर के दौरान बिलासपुर, हमीरपुर, ऊना, चंबा कांगड़ा व मंडी जिले के कुछ इलाकों में तेज शीतलहर चलने का ऑरेंज-येलो अलर्ट जारी किया है। उधर, राज्य के सात स्थानों पर न्यूनतम तापमान माइनस में व तीन स्थानों पर शून्य में दर्ज किया गया है। माैसम केंद्र शिमला की ओर से प्रदेश में अगले सात दिनों तक मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई गई है। हालांकि, चंबा व लाहाैल-स्पीति जिले के उच्च पर्वतीय एक-दो स्थानों पर आज हल्की बारिश-बर्फबारी हो सकती है। अन्य भागों में 24 दिसंबर तक माैसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान है। अगले 24 घंटों तक न्यूनतम और अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद अगले तीन दिनों तक राज्य के कुछ हिस्सों में तापमान में धीरे-धीरे 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी।
ऊना जिला मुख्यालय के पास रक्कड़ कालोनी स्थित एक निजी अस्पताल में मंगलवार देर रात एक महिला की ऑपरेशन के दौरान मौत हो गई, जिससे अस्पताल में हंगामा मच गया। मृतका के परिजनों ने क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ महिला चिकित्सक और निजी अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। अस्पताल में हंगामे की सूचना मिलने के बाद एसएचओ ऊना सदर, मनोज वालिया ने पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। मृतका के पति मोहिंदर सिंह ने बताया कि सोमवार को उन्हें अपनी पत्नी जसविंद्र कौर को इलाज के लिए क्षेत्रीय अस्पताल ऊना लाया था, जहां महिला चिकित्सक ने उनकी पत्नी के पेट में रसोली होने की जानकारी दी और ऑपरेशन की बात की। महिला चिकित्सक ने मोहिंदर को अपना मोबाइल नंबर दिया और शाम को ऑपरेशन का समय बताने के लिए कहा। शाम को जब उनकी बेटी ने महिला चिकित्सक से संपर्क किया, तो चिकित्सक के पति ने फोन उठाया और उन्हें सुबह 10 बजे क्षेत्रीय अस्पताल आने की सलाह दी, साथ ही व्हाट्सएप्प कॉल करने की नसीहत दी। मोहिंदर ने बताया कि मंगलवार सुबह उनकी बेटियां जसविंद्र कौर को लेकर क्षेत्रीय अस्पताल गईं, जहां महिला चिकित्सक ने उन्हें रक्कड़ कालोनी स्थित निजी अस्पताल में भेजने को कहा। जसविंद्र कौर को निजी अस्पताल में ले जाया गया और शाम करीब 4 बजे सरकारी डॉक्टर ने ऑपरेशन के लिए उन्हें अस्पताल ले लिया। ऑपरेशन के कुछ समय बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और जब बेटियों ने जानकारी मांगी, तो किसी ने कुछ नहीं बताया और उन्हें मां से मिलने नहीं दिया गया। मोहिंदर ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी पूरी तरह स्वस्थ थी और रसोली का ऑपरेशन करवाने आई थी, लेकिन सरकारी अस्पताल में तैनात महिला चिकित्सक और निजी अस्पताल की लापरवाही के कारण उनकी पत्नी की मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की और चेतावनी दी कि यदि महिला चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करेंगे। निजी अस्पताल के निदेशक ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ऑपरेशन ठीक से किया गया था, लेकिन ऑपरेशन के बाद ज्यादा ब्लीडिंग और बीपी बढ़ने के कारण महिला की मौत हो गई। जब ऑपरेशन करने वाले चिकित्सक का नाम पूछा गया, तो निदेशक ने नाम बताने से इंकार कर दिया, क्योंकि ऐसा करने से यह खुलासा हो जाता कि सरकारी चिकित्सक भी निजी अस्पतालों में सेवाएं दे रहे थे। जब पुलिस ने शव को कब्जे में लेने के लिए आईसीयू में प्रवेश किया, तो मृतका को वेंटिलेटर पर रखा गया था। आईसीयू में तैनात चिकित्सक ने बताया कि ऑपरेशन क्षेत्रीय अस्पताल में तैनात महिला चिकित्सक ने किया था। मृतका के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने महिला चिकित्सक और निजी अस्पताल के अन्य डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मृतका का शव पोस्टमार्टम के लिए टांडा मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है, ताकि मौत के असली कारणों का पता चल सके।
हिमाचल में सीमेंट फिर महंगा हो गया है। डीलरों ने प्रति बैग 5 से 20 रुपये तक दाम बढ़ाए हैं। हालांकि, डीलर दाम में बढ़ोतरी की वजह कंपनी की ओर से डिस्काउंट बंद करना बता रहे हैं। एसीसी सीमेंट विक्रेता पवन बरूर ने बताया कि एसीसी सुरक्षा सीमेंट पहले 430 रुपये प्रति बैग बिक रहा था, जो अब 440 रुपये में उपलब्ध होगा। एसीसी गोल्ड 480 के बजाय 485 रुपये में मिलेगा। अंबुजा सीमेंट विक्रेता रोहित शर्मा ने बताया कि पहले अंबुजा सीमेंट 435 रुपये प्रति बैग बिक रहा था। अब दाम बढ़कर 455 रुपये हो गए हैं। डीलरों के अनुसार, पहले कंपनियां अलग-अलग जोन बनाकर उन्हें डिस्काउंट देती थीं, इससे वह ग्राहकों को रियायती दरों पर सीमेंट बेच पाते थे। हाल ही में कंपनियों ने डिस्काउंट बंद कर दिया है। अब मुनाफा घटने के कारण उन्हें कीमतें बढ़ानी पड़ी हैं। कंपनियों ने अपनी बिलिंग में कोई बदलाव नहीं किया है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मंडी जिले के बल्ह में चिट्टे के मामले को रफा-दफा करने के लिए पैसे मांगे जाने पर पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई से जांच करवाने के आदेश दिए हैं। याचिका में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।अदालत ने एफआईआर नंबर 106/2024 पर सीबीबीआई के पुलिस अधीक्षक को तुरंत आपराधिक रिपोर्ट दर्ज करने और जांच को तार्किक निष्कर्ष तक ले जाने के निर्देश दिए हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह और न्यायाधीश सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने डीजीपी को तीन दिन के अंदर मामले से संबंधित सारा रिकाॅर्ड सीबीआई को सौंपने के आदेश दिए। अदालत ने मुख्य सचिव को भी संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा है। अदालत ने फैसले में कहा है कि पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट की सांविधानिक पीठ की ओर से ललिता कुमारी बनाम यूपी में जारी दिशा-निर्देशों की अनुपालना नहीं की है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने अदालत में घटनाक्रम की वीडियो दिखाई। इसमें कुछ पुलिस अधिकारी सादे कपड़ों में चिट्टा गाड़ी में रखते और आरोपियों को ले जाते पाए गए हैं। बल्ह में तीन युवकों को 287 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया गया था। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि किसी ने उनसे फिरौती की मांग की थी और कहा कि अगर पैसों का इंतजाम किया तो आपके बेटे पर एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने अदालत में बताया कि युवकों को गलत तरीके से फंसाया है। दलील में कहा कि 31 मार्च को याचिकाकर्ता को शाम करीब 6:00 बजे एक नंबर से फोन आया और बताया कि उसके बेटे दीपक की गाड़ी में सवार दो लोगों को पुलिस ने चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया है। याचिकाकर्ता ने बेटे को छोड़ने का आग्रह किया तो बदले में एक लाख रुपये की व्यवस्था करने को कहा गया। कहा कि अगर पैसे नहीं दिए तो बेटे को मामले में फंसाया जाएगा। इसके बाद याचिकाकर्ता ने पैसे का प्रबंध किया और तीन रिश्तेदार के साथ नेरचौक रवाना हुए। बीच रास्ते में बाबा बालक नाथ मंदिर के नजदीक पुलिस मिली और याचिकाकर्ता ने पुलिस को आपबीती सुनाई। पुलिस ने याचिकाकर्ता की बातों पर ध्यान नहीं दिया। अदालत के आदेशों की अनुपालना की अगली सुनवाई 3 मार्च को होगी।


















































