बिलासपुर में युवा कांग्रेस ने तेल की कीमतों में वृद्धि को लेकर अजब प्रदर्शन किया। युवाओं ने परिधि गृह से लेकर उपायुक्त कार्यालय तक गाड़ी को रस्सी से बांधकर खींचा ओर केंद सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इससे पहले परिधि गृह बिलासपुर में सम्पन हुई, बैठक की अध्यक्षता प्रदेश महासचिव युवा कांग्रेस आशीष ठाकुर ने की। बैठक में संगठन से सम्बंधित गतिविधियों के बारे में चर्चा की गई। आशीष ठाकुर ने युवाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना में जब केंद्र सरकार को जनता को राहत देनी चाहिए थी पर सरकार इसके विपरीत कार्य कर रही है और आम जनमानस के साथ लूट घसूट की जा रही है। आशीष ठाकुर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमत आज के समय मे लगभग 20 रुपये प्रति लीटर है। कोरोना महामारी के चलते पूरे विश्व मे 1986 के बाद आज के समय मे सबसे ज्यादा कम दाम कच्चे तेल के है पर बड़े ही दुर्भाग्य की बात है कि 20 रुपये प्रति लीटर कच्चा तेल होने के बाबजूद भारतवर्ष में 80 रुपये प्रति लीटर तेल बिक रहा है जिससे आम जनमानस की स्थिति दिन प्रतिदिन दयनीय होती जा रही है। आशीष ठाकुर ने बताया कि केंद्र सरकार पूरे विश्व मे सबसे ज्यादा टैक्स जो 69% है वह लोगों से ले रही है,आज हालात ऐसे है कि भारत के साथ लगते छोटे छोटे देशों में तेल की कीमतें भारत की अपेक्षा बहुत कम है चाहे बात बांग्लादेश की हो चाहे नेपाल, भूटान, श्रीलंका, पाकिस्तान इन देशों ने भी कोरोना महामारी में अपने नागरिकों के ऊपर आर्थिक बोझ नही डाला है पर भारतवर्ष में तेल की इतनी ज्यादा कीमतें होने की वजह से किसानों और आम जनता का जीना कठिन हो रखा है। धरना प्रदर्शन के बाद आशीष ठाकुर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त राजेश्वर गोयल से मिला और उन्होंने उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित ओर मांग की गई कि वो स्वयं इस मसले में हस्तक्षेप करें और केंद्र सरकार को आदेश जारी करें कि तेल के ऊपर से टैक्स कम किया और कीमतों को कम किया जाए ताकि आम जनमानस को राहत मिल सके। इस मौके पर सेवा दल जिला सचिव विजय वर्धन, लोकसभा युवा कांग्रेस सचिव वीरेंद्र सन्धु, जिला अध्यक्ष एनएसयूआई मनजीत सिंह ठाकुर, सोशल मीडिया जिला युवा कांग्रेस संयोजक धीरज शर्मा, सोशल मीडिया जिला संयोजक नरेश कुमार, सोशल मीडिया संयोजक अजय कुमार भाटिया, वीरेंद्र, जतिन ठाकुर, अरुण ठाकुर, एलेक्स ठाकुर, शालू, कमल किशोर, संतोष, बगु, रितिक सोनी, सलीम, सिद्धार्थ व अन्य युवा उपस्थित रहे।
विकास खण्ड सोलन में तकनीकी सहायकों के 02 रिक्त पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन 18 जुलाई, 2020 को प्रातः 10.00 बजे विकास खण्ड कार्यालय सोलन में किया जाएगा। यह जानकारी खण्ड विकास अधिकारी ललित दुल्टा ने दी। उन्होंने कहा कि जिन अभ्यर्थियों ने इस पद के लिए आवेदन किया है वे निर्धारित तिथि को मूल दस्तावेजों सहित उपस्थित होना सुनिश्चित करें ताकि उनके प्रमाण पत्रों का सत्यापन किया जा सके।
बरसात के मौसम में लोगों को जलजनित रोगों से बचाने और दूषित जलस्त्रोतों की पहचान के लिए जल शक्ति विभाग ने कमर कस ली है। पानी के स्त्रोतों से जल के नमूने एकत्रित किए जा रहे हैं और उन्हें परीक्षण में जल की गुणवत्ता सही होने के बाद ही लोगों को इसके उपयोग की अनुमति दी जा रही है। विभाग के ब्लॉक रिसोर्स को-ऑर्डिनेटर जयदेव ने सोमवार को ग्राम पंचायत देवठी और चामत-भड़ेच में पानी के नमूने एकत्रित किए। उल्लेखनीय है कि बरसात के मौसम में दूषित जल के उपयोग से कई प्रकार के जलजनित रोगों के फैलने का खतरा बना रहता है। इस मौसम में कई जलजनित रोग हर वर्ष जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और जल शक्ति विभाग की मुश्किलों को बढ़ाते हैं, लेकिन इस वर्ष विभाग ने इसके लिए ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। पेयजल स्त्रोतों की जांच की जा रही है ताकि समय रहते दूषित पानी का पता लगाया जा सके और लोग इसके सेवन से बच सकें। जल शक्ति विभाग के उच्चाधिकारियों के आदेशों पर बीआरसी जयदेव ने देवठी व चामत-भड़ेच पंचायतों के जलस्त्रोतों से पानी के नमूने एकत्रित किए। जयदेव ने बताया कि फील्ड टेस्ट किट(एफटीके) के माध्यम से उसी वक्त पानी की गुणवत्ता का पता लगाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि जिन स्त्रोतों या हैंडपंपों का पानी पीने लायक नहीं होता, उन पर विभाग द्वारा चेतावनी बोर्ड स्थापित किए जाते हैं और पंचायतों व स्थानीय निकायों के संबंधित जनप्रतिनिधियों को इसकी सूचना दी जाती है ताकि वह लोगों को जागरूक कर सकें।
जिला दण्डाधिकारी सोलन केसी चमन ने घरेलू रसोई गैस सिलेण्डर की दरों में परिवर्तन के सम्बन्ध में अधिसूचना जारी की है। यह अधिसूचना घरेलू रसोई गैस (आपूर्ति एवं वितरण का नियमन) आदेश, 2000 के खण्ड 9(ई) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी की गई है। इस अधिसूचना के अनुसार हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम सोलन के माध्यम से नगर परिषद सोलन के क्षेत्र, शहरी क्षेत्र तथा लोअर कलीन में 14.2 किलोग्राम भार वाले घरेलू रसोई गैस सिलेण्डर का मूल्य 668 रुपये प्रति सिलेण्डर निर्धारित किया गया है। अधिसूचना के अनुसार परचून विक्रय मूल्य प्रति सिलेण्डर 623 रुपये तथा अतिरिक्त मजदूरी एवं परिवहन भाड़ा 45 रुपये निर्धारित किया गया है। इस सम्बन्ध में 17 जनवरी, 2020 को जारी अधिसूचना के अनुरूप अन्य शर्तें अपरिवर्तित रहेंगी।
जिला ग्रामीण विकास अधिकरण द्वारा जिला में ईको ग्राम विकास योजना के तहत किए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने करते हुए कहा कि जिला बिलासपुर में ग्राम पंचायत कन्दरौर को ईको विलेज के रूप में चिन्हित किया गया है। उन्होंने कहा कि कन्दरौर पंचायत को ईको पंचायत के रूप में विकसित करने के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही है। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत कन्दरौर में पर्यावरण संरक्षण के लिए जिला ग्रामीण विकास अधिकरण, पर्यटन विभाग, वन विभाग और विज्ञान एवं तकनिकी विभाग संयुक्त रूप से योजनाओं का क्रियान्यवन करेंगे। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत कन्दरौर में ईको ग्राम विकास योजना के तहत 50 लाख रुपये की राशि खर्च की जानी है। उन्होंने बताया कि पंचायत में वनीकरण, सोलर लाईट, सोलर फैंसिंग लगाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि पंचायत में स्थित प्राकृतिक जल स्त्रोतों की मुरम्मत और उनका रखरखाव किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला में आवारा पशुओं की रोकथाम के लिए कृषि विभाग द्वारा सोलर फैंसिंग, वन विभाग द्वारा पौधारोपण तथा जल संग्रहण जैसे कार्य भी किए जाएंगे। इस अवसर पर पीओ डी.आर.डी.ए. राजेन्द्र गौतम, उप निदेशक कृषि डाॅ. कुलदीप सिंह पटियाल, आर.एफ.ओ. डाॅ. संयम, एल.डी.एम. यूको बैंक ए.के. गुप्ता, पंचायती राज विभाग से विनय कुमार शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
कोरोना वायरस से जन-जन से बचाने और विकास कार्यों को गति प्रदान करने के लिए यह आवश्यक है कि एक ओर जहां लोगों से नियमों का पालन करवाया जाए वहीं उन्हें जागरूक बनाते हुए ऐसी औषधियां भी उपलब्ध करवाई जाएं जो उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूत बनाती हों। इस कार्य को जिला सोलन में पूरी शिद्दत के साथ निभा रहा है आयुर्वेद विभाग। आयुर्वेद विभाग जन-जन को कोरोना संक्रमण से दूर रखने के लिए त्रि-आयामी नीति के अनुरूप कार्य कर रहा है। प्रथम स्तर पर लोगों को योग के माध्यम से निरोग रहने एवं अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को सुदृढ़ करने के उपाय सिखाए जा रहे हैं। द्वितीय स्तर पर सर्वप्रथम अग्रिम पंक्ति के कोरोना योद्धाओं को आयुर्वेद विभाग द्वारा तैयार मधुयष्टियादि कषाय (काढ़ा) उपलब्ध करवाया गया है वहीं होम्योपैथिक इम्यूनिटी बूस्टर दवा ‘आर्सेनिकम एल्बम 30’ भी वितरित की गई है। तृतीय स्तर पर जन-जन को जागरूक बनाने के लिए जिला की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ब्राॅशर बांटे गए हैं। आयुर्वेद विभाग ने कोविड-19 के दृष्टिगत जिला के विभिन्न क्वारेन्टीन केन्द्रों में रखे गए लोगों को योग के माध्यम से निरोग रहने के सूत्र प्रदान किए। विभिन्न क्वारेन्टीन केन्द्रों में 500 से अधिक व्यक्तियों को आसान योगासनों के माध्यम से न केवल रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना सिखाया गया अपितु मानसिक एवं भावनात्मक दबाव से निपटने की जानकारी भी दी गई। उन्हें योग के माध्यम से जीवन जीने की कला का ज्ञान भी दिया गया। विभाग के इस प्रयास की क्वारेन्टीन केन्द्रों में रह रहे सभी व्यक्तियों ने सराहना की। विभाग वर्तमान समय में डिजिटल माध्यम से लोगों को सप्ताह में 02 बार योग एवं ध्यान सिखाने के लिए प्रयासरत है। सोलन जिला में शीघ्र ही लोग फेसबुक पेज के माध्यम से योग सीख पाएंगे। हाल ही में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयुर्वेद विभाग सोलन द्वारा फेसबुक पेज के माध्यम से जन-जन को योग की बारिकियां सिखाई गईं। इस अवसर पर योग भारती द्वारा भी लोगों को योग के सूत्रों से अवगत करवाया गया। सोलन जिला में अभी तक मुख्य रूप से अग्रिम पंक्ति के कोरोना योद्धाओं को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने एवं कोरोना वायरस से बचाव के लिए मधुयष्टियादि कषाय के 3500 पैकेट उपलब्ध करवाए गए हैं। आमजन के लिए विभाग ने आयुष काढ़ा तैयार करने का सूत्र साझा किया है। घर पर 30 ग्राम तुलसी पाउडर, 20 ग्राम काली मिर्च, 30 ग्राम सौंठ तथा 20 ग्राम दालचीनी लेकर काढ़ा तैयार किया जा सकता है। विभाग ने जिला में अभी तक 600 सफाई कर्मियों एवं पर्यवेक्षकों को होम्योपैथिक इम्यूनिटी बूस्टर दवा ‘आर्सेनिकम एल्बम 30’ वितरित की है। आयुर्वेद विभाग सोलन जिला में लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जागरूक बना रहा है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए जिला की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ब्राॅशर बांटे गए हैं। जिला प्रशासन के सौजन्य से आयुर्वेद विभाग ने सोलन जिला में ‘कोरोना वायरस के प्रकोप से बचाव के उपाय’ विषय पर 50 हजार ब्राॅशर लोगों को उपलब्ध करवाए हैं। इस ब्राॅशर में कोरोना महामारी से बचाव की आधारभूत जानकारी प्रदान की गई है। प्राणायाम, रोग प्रतिरोधक क्षमता वर्धक आयुर्वेदिक उपाय तथा आहार की जानकारी भी दी गई है। आयुर्वेद विभाग जिला के विभिन्न कोविड केयर अस्पतालों में भी कार्य कर रहा है। विभाग के इन सभी कार्यों से जहां लोग कोरोना संक्रमण से बचाव की दिशा में जागरूक हुए हैं वहीं योग को जीवन का अंग बनाकर विभिन्न बीमारियों से बचने की कला भी सीख रहे हैं।
राष्ट्रीय चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे 205 पर सुबह करीब 8:00 बजे स्वारघाट के समीप जूस की बोतलो से भरा ट्राला व कार में जोरदार टक्कर हो गई। ट्राला टक्कर के बाद बीच सड़क में पलट गया व कोल्ड ड्रिंक की पेटियां सड़क पर बिखर गई। कार में 4 लोग सवार थे जिनमें से 3 को चोटे आई हैं, व इनको 108 की मदद से पीएचसी स्वारघाट में उपचार के लिए लाया गया। उपचार बाद उन्हें 108 की मदद से क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर भेजा गया है। जानकारी के अनुसार यह घटना सुबह 8:00 बजे के करीब हुई। बता दें यह ट्राला पंजाब से हिमाचल के बिलासपुर जा रहा था की दूसरी तरफ से हमीरपुर से कार बद्दी की ओर जा रही थी। स्वारघाट के समीप के तीखे मोड़ पर दोनों में जोरदार टक्कर हो गई। पुलिस थाना स्वारघाट की पुलिस अपनी टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंच गई। दोनों गाड़ियों को हटाने का प्रयास किया गया लेकिन ट्राला सड़क के बीच पलटने के कारण कुछ समय के लिए हाईवे पूर्ण रूप से बंद हो गया। दोनों तरफ सैकड़ों वाहनों की लाइने लग गई जिस कारण कुछ समय के लिए जाम की स्थिति पैदा हो गई। इस दुर्घटना में कार के अंदर एक 7 साल की बच्ची फस गई जिसे डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। जो भी इसमें घायल हुए हैं वे सभी सुरक्षित हैं व उनका उपचार स्वारघाट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में किया गया और उन्हें बिलासपुर रेफर कर दिया गया है। इस दुर्घटना में पुलिस थाना स्वारघाट ने मामला दर्ज कर लिया है और आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
जिला दण्डाधिकारी सोलन केसी चमन ने उपमंडलाधिकारी नालागढ़ की रिपोर्ट के आधार पर नालागढ़ उपमण्डल में 02 जुलाई, 2020 को अधिसूचित कन्टेनमेंट जोन के क्षेत्रों के सम्बन्ध में आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार ग्राम पंचायत गुल्लरवाला के वार्ड नम्बर 7 गांव कड़ूआणा तथा बद्दी स्थित अमरावती सोसायटी के जेस्मीन टावर में स्थित कोविड-19 संक्रमित व्यक्ति के फ्लैट को कन्टेनमेंट जोन की परिधि से बाहर कर दिया गया है। इन क्षेत्रों में अब 02 जुलाई, 2020 को जारी आदेशों के अनुसार प्रतिबंध लागू नहीं होंगे। इन क्षेत्रों में 05 जुलाई, 2020 को जारी आदेश लागू होंगे। यह निर्णय उपमंडलाधिकारी नालागढ़ की उस रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है जिसमें सूचित किया गया है कि उक्त क्षेत्रों में सघन जांच एवं परीक्षणों के उपरांत कोविड-19 महामारी का कोई नया मामला नहीं पाया गया है। यह आदेश तुरंत प्रभाव से प्रभावी हो गए हैं।
घुमारवीं उपमड़ल के डिपुओं से यूरिया खाद नहीं मिल रही हैं जिससे किसानों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश युवा कांग्रेस सचिव रजनीश मेहता ने कहा इस समय मक्की और धान की फसल अपने चरम पर है तथा मौजूदा समय सभी किसान मक्की की फसल को यूरिया खाद देते हैं लेकिन जिन सोसाइटी में यूरिया खाद आती थी वह खाद अभी तक नहीं आई है। घुमारवीं क्षेत्र के संबंध रखने वाले कुछ डिपुओं मे पहले सप्लाई आई थी, पर अब नहीं है जिससे किसान वर्ग परेशान है। बेशक पहले यूरिया खाद की एक खेप बिलासपुर में आकर सोसाइटी के माध्यम से बिक चुकी है लेकिन मौजूदा समय में मात्र 10% ही किसानों को यह खाद उपलब्ध हो पाई है। घुमारवीं उपमड़ल के सभी सोसाइटी में इस समय जो यूरिया खाद की एक खेप पहुंची थी वह मात्र 2 दिनों में ही खत्म हो गई जिससे कुछ किसान भाई ही इसका लाभ उठा सके है। मेहता ने कहा की प्रदेश सरकार व संबंधित विभाग से आग्रह है कि घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र की सोसाइटी में यूरिया खाद उपलब्ध करवाई जाए और किसानों को राहत प्रदान की जाए। एक तरफ तो प्रदेश सरकार बागवानों के लिए हर सुविधा घर द्वार पर मुहैया करवाने की बातें करती है और दूसरी तरफ किसान को आए दिन नई-नई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौजूदा महंगाई के समय में जिला बिलासपुर की जनता खेती पर ज्यादा निर्भर है। अगर किसान को जरूरत के समय कृषि के लिए खाद व अन्य वस्तुएं समय पर उपलब्ध नहीं हो पाएगी तो उनकी सारी मेहनत बेकार चली जाएगी। प्रदेश सरकार व स्थानीय प्रशासन से मांग है कि जल्द से जल्द जिला बिलासपुर की सभी सोसाइटी में यूरिया खाद उपलब्ध करवाई जाए अन्यथा किसानो को साथ में लेकर युवा कांग्रेस धरना प्रदर्शन करेगी ।
उपमंडल नालागढ़ के पीरस्थान स्थित आरटीओ कार्यालय के सामने कंपनी ने कामगारों को प्लांट बंद करने का हवाला देते हुए बाहर कर दिया। कंपनी में कार्यरत 11 प्रभावित लोग अपनी समस्या को लेकर श्रम कार्यालय नालागढ़ में पहुंचे। लोगों का कहना है कि बिना नोटिस के कंपनी से बाहर कर दिया गया है। कामगार पवन कुमार, रिंटु चौहान, अवदेश, शंभु, प्रदीप, शम्मी, जगदीश, गरजा राम, हरी राम व व्यास ने बताया कि प्लांट एनसीएलटी के तहत चल रहा है, लेकिन अब बिना नोटिस के निकाल दिया है, जिसके कारण बेरोजगार हो चुके है। उन्होंने कहा कि पहले कोरोना की मार झेल रहे है अब कंपनी ने बाहर करते हुए प्लांट बंद कर दिया है। उन्होंने मांग उठाते हुए कहा कि कंपनी के भीतर तीन प्लांट है उन्हें दूसरे प्लांट में शिफ्ट किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी नियमों के तहत वीआरएस की सुविधा दी जाए, ताकि अपनी आजीविका चला सके। कामगारों का कहना है कि अगर जल्द से जल्द समाधान नही निकाला गया तो बड़े स्तर पर मांग उठाई जाएगी। इस संबंध में श्रम अधिकारी नालागढ़ अमित ठाकुर का कहना है कि कंपनी से निकाले जाने को लेकर प्रभावित लोग आए थे, जिनकी शिकायत जमा कर ली गई है। इस संबंध में कंपनी प्रबंधन के साथ बातचीत की जाएगी, ताकि कामगारों की समस्या को हल करवाया जा सके।
कोरोना वैश्विक महामारी से जहाँ सारी दुनिया लड़ाई लड़ रही है तो वन्ही अर्की प्रशासन की इस लड़ाई में बहुत बड़ी लापरवाही सामने आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अर्की के बखालग में संस्थागत क्वारंटाइन सेंटर में प्रशासन ने 4,5 दिनों से कोरिया व दिल्ली से आए 8 लोगो को क्वारंटाइन किया हुआ था लेकिन सोमवार रात को प्रशासन द्वारा इन 8 युवकों को बखालग से उठाकर पहले राधा स्वामी सत्संग भवन कुनिहार ले जाया गया, जहाँ इन युवकों द्वारा व्यवस्था पर एतराज के बाद प्रशासन ने आनन फानन में इनको शिव तांडव गुफा कुनिहार में शिफ्ट कर दिया। हैरानी की बात यह है कि शिव तांडव गुफा विकास समिति को इनकी क्वारंटाइन की कोई जानकारी नही थी। उन्हें सुबह ही इस बारे में जानकारी मिली कि इन्हें बखालग से यंहा शिफ्ट किया गया है। इस बात से क्षेत्र के लोगो में दहशत का माहौल बन गया व लोग प्रशासन की इस लापरवाही से खासे नाराज हैं। विधित रहे कि शिव तांडव गुफा कुनिहार से हजारों लोगों की आस्था जुड़ी है सावन मास होने के कारण यंहा लोगों का आना जाना लगा रहता है। क्वारंटाइन लोगों ने प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं उनका कहना है कि हमे रात को प्रशासन ने बखालग से कुनिहार शिफ्ट किया और यंहा छोड़ कर हमारे खाने पीने की कोई व्यवस्था नही की। दोपहर लगभग 12 बजे तक कोई भी व्यवस्था प्रशासन द्वारा नहीं की गई। गुफा समिति अध्यक्ष राम रतन तनवर ने बताया कि हमे प्रशासन की ओर से यह जानकारी नही थी कि बाहर से आए व्यक्तियों को यंहा क्वारंटाइन किया जाएगा। थाना कुनिहार के एसएचओ रूपेश कांत ने बताया कि एस डी एम अर्की के कहने पर गुफा में क्वारंटाइन किए लोगो की व्यवस्था का जायजा लेकर प्रशासन द्वारा इनके खाने पीने सहित रहने की उचित व्यवस्था की जा रही है।
मंगलवार, चंबा में सुबह-सुबह कोरोना का विस्फोट देखने को मिला है। जिला में एक साथ सात नए मामले सामने आए हैं। इनमें एक ही परिवार के चार सदस्य भी शामिल हैं। पॉजिटिव आए लोगों में तीन आइटीबीपी और एक सेना का जवान है। इनमें तीन लोग केरल और एक रुड़की से वापस लौटा था, यह सभी इन दिनों होम क्वारंटाइन की अवधि काट रहे थे। स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को रेंडम सेंपलिंग के तहत इन लोगों के सैंपल जांच के लिए थे। जांच में इन चारों के सैंपल पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें आइटीबीपी के एक जवान के संपर्क में आने से उसकी पत्नी, बेटा व बेटी भी संक्रमित पाई गई है। इन सभी लोगों को चिकित्सक निगरानी के लिए जिला कोविड-19 केयर सेंटर बालू लाया जा रहा है। इसके साथ ही चंबा जिला में कोरोना के एक्टिव केसों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। उधर, सीएमओ चंबा डॉ राजेश गुलेरी ने बताया कि मंगलवार को कोरोना पॉजिटिव के 7 नए मामले सामने आए हैं इन सभी को जिला कोविड-19 सेंटर बालू शिफ्ट किया जा रहा है।
दाड़लाघाट व बागा में कार्यरत परिवहन सहकारी सभा में पंजीयक प्रशासक नियुक्त होने से बाजार का माहौल गर्म सा हो गया है। लोगों में चर्चा होनी शुरू हो गई है कि दाड़लाघाट व बागा में सहकारी सभा के प्रधानों द्वारा अनियमितताएं व कुर्सी का दुरुपयोग होने के बाद सोसाइटी के प्रशासक के रूप में नियुक्तियां हुई है। बता दे कि पहला मामला बागा में चल रही परिवहन सहकारी सभा में प्रशासक नियुक्त किया था। धीरे धीरे यह सिलसिला दाड़लाघाट की ओर रुख करने लगा तो गोल्डन लेंड लूजर परिवहन सहकारी सभा में सोसाइटी प्रशासक को नियुक्त किया गया। अभी फिलहाल कुछ दिनों के लिए आराम हुआ ही था तो 2 वर्ष पूर्व 2018 में बाघल लैंड लूजर दाड़लाघाट सभा में भी प्रशासक की नियुक्ति होने से बाजार में माहौल खूब गर्म रहा। इन सभी सभाओं में प्रशासक की जिम्मेदारी में ही ये सभाएं काम कर रही है। वही सोमवार को भी एक ऐसा फैसला सामने आया की एडीकेएम सोसाइटी में भी प्रशासक के तौर पर नियुक्त कर दिया गया। सोमवार को एडीकेएम सोसाइटी में ब्लॉक इंस्पेक्टर ने अपना पद संभाल लिया लेकिन बात यह खत्म नहीं होती लोगों में अभी चर्चा का माहौल बना हुआ है कि इन सभाओं में प्रधान द्वारा कुछ न कुछ हेराफेरी की जा रही थी, जिस कारण पंजीयक सहकारी सभा द्वारा जांच के बाद प्रशासक की नियुक्ति दाडला व बागा में करनी पड़ी क्योंकि कहीं न कहीं इन सभाओं में कुछ न कुछ अनियमितताएं हो रही थी और जांच होने के बाद सहायक पंजीयक सहकारी सभा द्वारा प्रशासक की इन सभा सोसाइटीयों में नियुक्त करना पड़ा।
सहायक पंजीयक सहकारी सभा सोलन द्वारा अम्बुजा दाड़ला कशलोग मांगू परिवहन सहकारी सभा (एडीकेएम) दाड़लाघाट को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्होंने सभा की पूरी प्रबन्धक समिति को नोटिस का जवाब देने तक ब्लॉक इंस्पेक्टर हंसराज को सोसायटी के प्रशासक के रूप में नियुक्त किया है। उन्होंने सभा प्रबंधन को 15 दिन का नोटिस दिया है कि वह इस संदर्भ में अपना जवाब दे। उन्होंने नोटिस में बताया है कि सभा के कुछ सदस्यों द्वारा शिकायत की है कि सभा ठीक से कार्य नहीं कर रही है और सभा सदस्यों के हितों को हानि पहुच रही है। कार्यालय द्वारा जांच करने पर पाया गया कि सभा मे कुछ अनियमितताएं हुई है जिस कारण सभा को 15 दिन का कारण बताओ नोटिस जारी किया है उन्होंने नोटिस में लिखा है कि जब तक सभा प्रबन्धन इस नोटिस का जवाब नहीं दे देता तब तक सभा मे ब्लॉक इंस्पेक्टर को प्रशासक नियुक्त कर दिया है। उन्होंने लिखा है कि यह निलंबन अधिनियम की धारा 37 (1ए) के तहत ब्लॉक इंस्पेक्टर कुंनिहार हंसराज को कार्यवाही तक नियुक्ति की जाती है। यह नोटिस हेतराम सहायक पंजीयक सहकारी समिति सोलन ने एचपी सहकारी समिति अधिनियम 1968 की धारा 37 1(ए) के तहत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए की है और प्रबन्धन समिति को कारण बताओ जारी किया है। जयराम सरकार ने भ्रष्टाचारियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया, चाहे वो लोग पार्टी से सम्बंधित क्यों न हो ऐसा ही मामला दाड़लाघाट की ट्रांसपोर्ट सोसायटी एडीकेएम में देखने को मिला। इस सोसायटी का जो प्रधान है वो भी भाजपा समर्थित है, लेकिन लोगों की शिकायत को देखते हुए जयराम सरकार ने भाजपा समर्थित इस प्रधान को भी 15 दिन का कारण बताओ नोटिस देकर पधमुक्त कर दिया जिसकी क्षेत्र में जयराम सरकार की प्रसंशा की जा रही है। लोगों का कहना है कि अर्की क्षेत्र में जितनी भी ट्रांसपोर्ट सोसायटी है उन सब की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
समेकित बाल विकास परियोजना अर्की में आंगनवाड़ी सहायिकाओं के 10 पद भरने के लिए साक्षात्कार 28 जुलाई, 2020 को प्रातः 10.00 बजे बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय अर्की में आयोजित किए जाएंगे। यह जानकारी एक सरकारी प्रवक्ता ने दी। उन्होंने कहा कि इन पदों पर सरकार द्वारा समय-समय पर निर्धारित मानदेय होगा। इच्छुक अभ्यर्थी 25 जुलाई 2020 तक बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय, अर्की के कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। साक्षात्कार के दिवस पर प्राप्त आवेदन पत्र भी स्वीकार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि समेकित बाल विकास परियोजना अर्की के तहत ग्राम पंचायत सरयांज के अन्तर्गत आंगनबाड़ी केंद्र सरयांज, ग्राम पंचायत कुंहर के अन्तर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र जघुन, ग्राम पंचायत सन्याड़ी मोड़ के अन्तर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र मगरूर टेपरा, ग्राम पंचायत मांगल के अन्तर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र कन्धर, ग्राम पंचायत दाड़ला के अन्तर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र दाड़ला, ग्राम पंचायत बसन्तपुर के अन्तर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र ठांगर, ग्राम पंचायत मटेरनी के अन्तर्गत आंगनबाड़ी पट्टा, ग्राम पंचायत बखालग के अन्तर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र चन्दपुर, ग्राम पंचायत पलानियां के अन्तर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र कोठी कुनाल तथा ग्राम पंचायत संघोई के अन्तर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र संघोई में आंगनबाड़ी सहायिका का एक-एक पद भरा जाना है। उन्होंने कहा कि इन पदों के लिए उम्मीदवार की आयु 21 से 45 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। प्रार्थी का नाम खुल रहे आंगनबाड़ी केन्द्र के परिवारों की सूची में सम्मिलित होना चाहिए। आंगनवाड़ी सहायिका के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता आठवीं पास होना अनिवार्य है। आठवीं कक्षा उत्तीर्ण न मिलने की स्थिति में पांचवीं पास न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता महिला पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन पदों के लिए उम्मीदवार के परिवार की वार्षिक आय 35 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस संबंध में उम्मीदवार को तहसीलदार, नायब तहसीलदार अथवा कार्यकारी दण्डाधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। इच्छुक पात्र महिला उम्मीदवार इन पदों के लिए समस्त प्रमाण पत्रों की सत्यापित छाया प्रतियों सहित बाल विकास परियोजना अधिकारी अर्की के कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक उम्मीदवार समीप के आंगनवाड़ी केन्द्र अथवा बाल विकास परियोजना अधिकारी अर्की से सम्पर्क कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने सोमवार को वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला शिमला के जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र के जुब्बल क्षेत्र में 76.25 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास किए। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की जिन परियोजनाओं को जनता को समर्पित किया उनके प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गांव धनसर में 4.14 करोड़ रुपये की लागत से लगभग 352 लोगों को सुविधा प्रदान करने वाले सम्पर्क सड़क मार्ग, लगभग 450 लोगों की सुविधा के लिए 3.85 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित घयान-सोजला सम्पर्क मार्ग के स्तरोन्यन और मैटलिंग, 54.46 लाख रुपये की लागत से निर्मित पन्सारी सम्पर्क मार्ग, 61.11 लाख रुपये की लागत से निर्मित बड़ाल-बनाना-कटारला-नलीबान सम्पर्क मार्ग और 30.78 लाख रुपये की लागत से मुरल-वीरगढ़ सम्पर्क मार्ग आदि शामिल हैं। उन्होंने ग्राम पंचायत शिल्ली की छूटी हुई बस्तियों के लिए 79.09 लाख रुपये की लागत से निर्मित पेयजल आपूर्ति योजना और ग्राम पंचायत मानदल की आंशिक रूप से कवर की गई बस्तियों के लिए 40.78 लाख रुपये की जलापूर्ति योजना का शुभारम्भ किया। उन्होंने सरस्वती नगर (हाटकोटी) में 39 लाख रुपये की लागत से निर्मित उप-मण्डल कार्यालय और लोक निर्माण विभाग के स्टोर का भी शुभारम्भ किया। जय राम ठाकुर ने क्षेत्र के लगभग एक लाख लोगों की सुविधा के लिए 39.58 करोड़ रुपये की लागत से हाटकोटी में निर्मित होने वाले 66 केवी सब स्टेशन, लाल बहादुर शास्त्री राजकीय महाविद्यालय सरस्वती नगर में 8.37 करोड़ रुपये के व्यय से निर्मित होने वाले आॅडिटोरियम तथा 30 लाख रुपये की लागत से नकराड़ी में निर्मित होने वाले पशु औषधालय के भवन की आधारशिलाएं भी रखीं। मुख्यमंत्री ने 1.07 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले खरशाल-शिलोली वाया धनसर सम्पर्क मार्ग, जुब्बल में एक करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले उप-मण्डल कार्यालय, और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के लिए आवासों, लगभग 260 लोगों की सुविधा के लिए 73.42 लाख रुपये से बनने वाले सराली-कपारी-सनोली सम्पर्क मार्ग, लगभग 253 लोगों को सड़क सुविधा प्रदान करने के लिए 45.40 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाली सलाना गांव के सम्पर्क मार्ग, लगभ 302 लोगों को लाभान्वित करने के लिए 38.63 लाख रुपये के व्यय से निर्मित होने वाले जखेला-डोगरी-मडेक सम्पर्क मार्ग तथा 38.63 लाख रुपये के व्यय से छिकली गांव के सम्पर्क मार्ग और 34.32 लाख रुपये की लागत से शिल्ली-रोशाल सम्पर्क मार्ग की आधारशिलाएं भी रखीं। जय राम ठाकुर ने जल जीवन मिशन के अन्तर्गत रावी, थाना, पन्दराणू, जालटा, गिलटाड़ी और अन्टी ग्राम पंचायतों के छूटे हुए गांवों के लिए 6.43 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली उठाऊ और बहाव पेयजल आपूर्ति योजना, कठासू, मण्ढोल, कोट काईना, सारी, बराल और धनार पंचायतों के छूटे हुए गांवों के लिए 2.77 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली उठाऊ और बहाव पेयजल आपूर्ति योजना तथा झड़ग, नकराड़ी, जालटा और रावी ग्राम पंचायतों के छूटे हुए घरों के लिए 1.74 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली उठाऊ और बहाव पेयजल जलापूर्ति योजना, जल जीवन मिशन के अन्तर्गत शाली, पराल, जयपीड़ी माता और शिल्ली पंचायत के छूटे हुए घरों के लिए 1.23 करोड़ रुपये की उठाऊ और बहाव पेयजल आपूर्ति योजना और 37 लाख रुपये के व्यय से जुब्बल तथा नगर पंचायत के लिए पेयजल जलापूर्ति के विस्तार की भी आधारशिलाएं रखीं। जय राम ठाकुर ने कहा कि जुब्बल कोटखाई में नाबार्ड के तहत 49 करोड़ रुपये की लागत से 14 सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दो सड़कों का निर्माण 20 करोड़ रुपये की लागत से केन्द्रीय सड़क कोष के तहत किया जा रहा है तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 16 सड़कों के निर्माण पर 68 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के 42 भवनों के निर्माण पर 25 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसी प्रकार क्षेत्र की 51 सड़कों के रख-रखाव पर 7 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान क्षेत्र की विभिन्न पेयजल आपूर्ति और सिंचाई योजनाओं पर 13.81 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बागवानी गतिविधियां सुदृढ़ करने के लिए 10.51 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं। क्षेत्र के 881 बागवानों को एंटी हेलनेट सुविधा प्रदान करने के लिए 7.95 करोड़ रुपये और क्षेत्र के किसानों को उपकरणों, पावर स्प्रेयर, पावर टिल्लर और जल भण्डारण टैंकों के निर्माण के लिए तीन करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 महामारी ने हमें तकनीक के माध्यम से बातचीत करने पर विवश किया है। राज्य में स्थिति देश के अन्य राज्यों की अपेक्षा ठीक है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के कारण विकास की गति बाधित न हो इसके लिए सरकार ने विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिलाएं व लोकार्पण आॅनलाइन किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बागवानी हमारी अर्थ-व्यवस्था का प्रमुख आधार है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि लाॅकडाऊन के कारण बागवानी गतिविधियों पर असर न हो। सरकार ने बागवानी और कृषि गतिविधियों को लाॅकडाऊन से बाहर रखा है। उन्होंने कहा कि लाॅकडाऊन के दौरान भी 300 से अधिक कृषि उपकरण प्रदान करने वाली दुकानों को खोलने की अनुमति प्रदान की गई है। गत्ता फैक्ट्री को कार्य करने की अनुमति दी गई है ताकि गत्ता पेटियों की कमी न हो। उन्होंने कहा कि बागवानों के लिए न केवल नेपाल से परन्तु सिरमौर, मण्डी और चम्बा जिलों से भी पर्याप्त श्रमिकों की व्यवस्था की गई है। जल शक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के तहत जुब्बल-कोटखाई क्षेत्र में 42 करोड़ रुपये की लागत से 6 परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। इन परियोजनाओं से 2292.02 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर स्वयं एक बागवान हैं, जो किसानों की समस्याओं को समझते हैं। मुख्य सचेतक और स्थानीय विधायक नरेन्द्र बरागटा ने मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का क्षेत्र के लिए करोड़ों रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि क्षेत्र के कांग्रेसी नेता झूठे और आधारहीन आरोप लगा रहे हैं तथा क्षेत्र में विकास को पचा पाने में असफल रहे हैं। उन्होंने क्षेत्र के लोगों की विकासात्मक अपेक्षाओं के प्रति सहानुभूति रखने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कोविड-19 संकट के समय में भी यह सुनिश्चित किया है कि क्षेत्र के बागवानों को अपने उत्पाद के विपणन में कोई असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि बागवानों को अपने उत्पाद को मण्डियों में बेचने की सुविधा प्रदान करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल के दौरान शिमला-ठियोग-हाटकोटी-रोहडू सड़क का निर्माण पूरा किया गया है, जो काफी समय से लटका पड़ा था। शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा आज जिन परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया है उनसे क्षेत्र के लोगों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होगी तथा क्षेत्र राज्य के एक माॅडल विधानसभा क्षेत्र के रूप में उभरेगा।
प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी.पालरासु ने सोमवार को राजभवन में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से भेंट कर उन्हें राज्य में लोकसभा-2019 के आम चुनावों पर दस्तावेजी रिपोर्ट प्रस्तुत की। राज्यपाल ने विभाग द्वारा तैयार किए गए इस आलेख का लोकार्पण किया जिसमें वर्ष 1951 से लेकर अभी तक हुए सभी लोक सभा और विधानसभा निर्वाचनों का ब्यौरा संकलित किया गया है। राज्यपाल ने इस अवसर पर स्वीप (मतदाता की व्यवस्थित शिक्षा और चुनावी भागीदारी) गतिविधियों के तहत महत्वपूर्ण आंकड़े एकत्रित करने के लिए हिमाचल प्रदेश निर्वाचन विभाग के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विभाग अपने उत्तरदायित्वों का समर्पण और बिना भेदभाव से निर्वहन कर रहा है। विभाग न केवल स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव करवा रहा है बल्कि मतदाओं को चुनावों में भारी संख्या में भाग लेने के लिए भी प्रोत्साहित कर रहा है। उन्होंने कहा कि लोकसभा-2019 के चुनावों में स्वीप अभियान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। दत्तात्रेय ने कहा कि लोकसभा-2019 के आम चुनावों में राज्य में सर्वाधिक 72.42 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया जिसके लिए निर्वाचन विभाग बधाई का पात्र है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह दस्तावेज प्रत्येक व्यक्ति को हर चुनावों में भागीदारी, समावेशी और उत्सव का अवसर बनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने सलाह दी कि चुनावी प्रक्रिया में विशेषकर शहरी क्षेत्रों में मतदाता सूची बनाने व इससे नाम हटाने की प्रक्रिया में विशेष सावधानी बरती जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सत्यापन प्रक्रिया में थर्ड पार्टी का सहयोग लिया जाना चाहिए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्वीप गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि स्वीप का प्रयोग मतदाताओं की सुविधा और उनके मतदाता सूची में नाम दर्ज करने तथा स्वयमतदान के लिए प्रोत्साहित करने के लिए किया गया है। स्वीप के तहत लक्षित हस्ताक्षेपों के लाभकारी परिणाम सामने आए हैं, जिससे न केवल ई.पी. अनुपात (इलेक्टोरल टू पाॅपुलेशन आंकड़ा) 703 तथा लिंग अनुपात 980 जो जनगणना अनुपात के बराबर है, बल्कि राज्य में सर्वाधिक मतदान भी दर्ज किया गया है।
पेड़ पौधे हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग है तथा एक अच्छा जीवन जीने के लिए पेड़ पौधे होना अति आवश्यक भी है। यह बात करसोग के एक पौधारोपण कार्यक्रम मे कही गई। वर्तमान में सभी सरकारी व गैर सरकारी संगठन पर्यावरण संरक्षण में प्रयास करते रहते है, इसी की चलते उपमंडल करसोग में प्लैटिनम सोशल वेल्फेयर फाउंडेशन (NGO) द्वारा पौधरोपण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इन्होंने करसोग से लगभग 40 किलोमीटर दूर शाओट पंचायत के बेलुधार गाँव मे वृक्षरोपण किया। इस वृक्षारोपण कार्यक्रम में युवक मंडल बेलुधार तथा बजरंग दल के सदस्यों के साथ संपूर्ण गांव वासियों का विशेष योगदान रहा। इस कार्यक्रम मे अनेको प्रकार के पौधे रोपे गए। NGO प्रमुख अनुराग गुप्ता एवम लक्ष्य शर्मा ने बताया कि आगामी दिनों मे इनके द्वारा बहुत से सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि उनका आगामी उद्देश्य.है की करसोग के विभिन्न क्षेत्रों में जो बेसहारा पशु है उनके लिए गौ सदन की व्यवस्था के लिए हर सम्भव प्रयास किया जाएगा ताकि इस पशुओं को रहने व चारे की सही व्यवस्था हो सकें।
सोमवार को अखिल भारतीय हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा विश्वविद्यालय की स्वायत्ता को पुनः बहाल करने हेतु हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इकाई अध्यक्ष विशाल वर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की स्वायत्ता पर विश्वविद्यालय के अधिनियम 1970 के अनुच्छेद 21 व 28 में किया गया संशोधन कई प्रकार की रुकावट खड़ी कर रहा है। उक्त अधिनियम में संशोधन कर के प्रदेश विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी परिषद जो कि विश्वविद्यालय की सर्वोच्च कार्यकारी एवं निर्णायक संस्था है, एवं कुलपति की शक्तियों को कम करने का प्रयास किया गया है। इसके परिणामस्वरूप विश्वविद्यालय प्रशासन समय पर अपनी आवश्यकता अनुसार निर्णय नहीं ले पाता है। इस संशोधन की वजह से विश्वविद्यालय के कई विकासशील कार्यों में बाधा उत्पन हो रही है। अनुच्छेद 28(1) के अंतर्गत विश्वविद्यालय में शिक्षकों एवं गैर शिक्षकों की विभिन्न श्रेणियों के पदों का सृजन व पदों की भर्तियां, पदोन्नति नियमों का निर्माण एवं संशोधन इत्यादि सर्वप्रथम प्रदेश सरकार की वित्त समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाना अपेक्षित है। उसके पश्चात वह प्रस्ताव कार्यकारिणी परिषद में विचारार्थ/ अनुमोदनार्थ हेतु प्रस्तुत किया जाता है। जिस वजह से विश्वविद्यालय में विकासशील कार्य करने में बहुत समय लगता है। जहाँ तक पदों की भर्तियां व उनके सृजन का सम्बंध है, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में शिक्षकों व गैर शिक्षकों की भर्तियां व पदों का सृजन प्रदेश सरकार के आदेशानुसार और स्वीकृति के बाद ही सम्भावित होती है। कई बार कुछ प्रकरणों पर विश्वविद्यालय द्वारा शीघ्र कार्यवाही तथा शीघ्र निर्णय लेना बहुत आवश्यक होता है। परन्तु उपरोक्त अधिनियम में संशोधन की वजह से इन कार्यों में बहुत देरी हो जाती है। विद्यार्थी परिषद का मानना है कि विश्वविद्यालय जैसे शिक्षण संस्थान के लिए विकास कार्यो में और महत्वपूर्ण निर्णय लेने में देरी होना प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्रों, अध्यापकों व कर्मचारियों के लिए सही नहीं है। विद्यार्थी परिषद ने इस हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से प्रदेश सरकार से माँग रखी कि अधिनियम 1970 के अनुच्छेद 21 एवं 28 में वर्ष 2015 में किए गए संशोधन पर सरकार पुनः विचार करे तथा प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्रों, अध्यापकों व कर्मचारियों के हित को ध्यान में रखते हुए उपरोक्त अधिनियम में किये गए संशोधन को पुनः इसके मूल रूप में बहाल करे, ताकि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की स्वायता यथावत बनी रहे। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इस हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से विश्वविद्यालय कर्मचारियों से मिले नैतिक समर्थन को लेकर आगामी दिनों में शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपेगी।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर इकाई का प्रतिनिधिमंडल प्रांत संगठन मंत्री कौल नेगी और प्रांत मंत्री राहुल राणा की अगुवाई में तकनीकी शिक्षा मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर से विश्वविद्यालय की समस्याओं के संदर्भ में मिला। तकनीकी विश्विद्यालय की समस्याओं को लेकर विद्यार्थी परिषद काफी लंबे समय से आंदोलनरत है और आज इसी के चलते प्रतिनिधिमंडल में कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय में लंबित पड़ी माँगो के संदर्भ में ज्ञापन सौंपा। 1.विश्वविद्यालय की मांगे रखते हुए कहा कि लंबे समय से विश्वविद्यालय में गेस्ट faculty द्वारा काम चलाया जा रहा है जिस से नियमित शिक्षकों के अभाव में छात्रों के भविष्य के साथ लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है तथा शिक्षकों और गैर शिक्षकों की नियमित भर्ती शीघ्र की जाए। इस मांग को प्रमुखता के साथ तकनीकी शिक्षा मंत्री के सम्मुख रखा गया। 2. विश्वविद्यालय की स्वायत्ता को बरकरार रखा जाए और इसके साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न की जाए। 3.इसी के साथ सभी सीट्स नॉन सब्सिडाइजड़ होने के कारण भारी भरकम फीस वसूली जा रही है, इसलिए विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि सब्सिडाइजड़ सीट्स की व्यवस्था की जाऐ, जिस से समाज के हर श्रेणी का छात्र तकनीकी शिक्षा ग्रहण कर सके एवं तकनीकी विश्वविद्यालय में एडमिशन ले सके। 4. इसी के साथ प्रतिनिधिमंडल ने यह मांग रखी कि मुख्य परिसर में विभिन्न बी. टैक, बी.फार्मेसी, इत्यादि विषय शुरू किए जाए ताकि विश्वविद्यालय के स्तर और विधार्थियों को स्वच्छ शैक्षणिक माहौल प्रदान किया जा सके। 5. विश्वविद्यालय के नए परिसर में छात्रों के लिए यातायात की उचित व्यवस्था प्रदान की जाए। बिक्रम ठाकुर ने कहा इसी के साथ छात्रों का कौशल बढ़ाने के लिए मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत बनाने में तकनीकी युक्त छात्रों की अहम भूमिका है। हिमाचल प्रदेश के एकमात्र तकनीकी विश्विद्यालय की समस्याओं का जल्दी से जल्दी निपटारा किया जाए।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में राज्य एकल खिड़की अनुश्रवण एवं स्वीकृति प्राधिकरण की 13वीं बैठक में नई औद्योगिक इकाइयों और मौजूदा इकाइयों के विस्तार के लिए 15 परियोजना प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। इससे लगभग 450.97 करोड़ रुपये का प्रस्तावित निवेश और लगभग 1285 व्यक्तियों को रोजगार प्राप्त होगा। इससे यह पता चलता है कि सम्पूर्ण विश्व में आर्थिक मंदी के बावजूद भी हिमाचल प्रदेश निवेश आकर्षित कर रहा है। प्राधिकरण द्वारा सीआई कांस्टिंग ऑफ़ ट्रेक्टर पार्टस और एसजी आयरन कास्टिंग आॅफ ट्रेक्टर पार्टस के निर्माण के लिए मै. शूरा ट्रैक्टर्ज इण्डिया लि., ग्रांम बूंबलू, उप-तहसील गगरेट जिला ऊना, ओटोक्लेव, क्लीन रूम, इलैक्ट्रीक्ल पैनल मैडिकल इक्यूपमेंटस, फैब्रीकेशन/जाॅब वर्क आदि के निर्माण के लिए मै. नेशनल एन्टरप्राईजिज, ग्रांम ढेला, तहसील बद्दी जिला सोलन, इंजैंक्शन के लिए पानी, लिक्विड वायरल और लिक्विड एमपाऊल के निर्माण के लिए मै. ओराया हेल्थकेयर यूनिट-2, प्लाॅट नं. 39 ईपीआईपी फेस-1, झांड़ माजरी तहसील बद्दी जिला सोलन, ड्राई इन्जैक्शन, टैबलेट, कैप्सूल, ड्राई सिरप, साॅफट जेल कैप्सूल के निर्माण के लिए मै. बायोट्रेंडज़ मेडिकामेंट प्राईवेट लि. आईए, झाड़ माजरी, प्लाॅट न. 62, ईपीआईपी फेज-1 तहसील बद्दी जिला सोलन, रिफाइंड खाद्य तेल के निर्माण के लिए मै. आरआरडी आॅइल्ज एण्ड फैटज़ प्राईवेट लि. ग्रांम गोंदपूर जयचन्द, टाहलीवाल, जिला ऊना और बल्क ड्रग्ज, फाॅरमयुलेशन, ग्लूको स्ट्रिप्स, प्लास्टिक मोलडिंग के विनिर्माण के लिए मै. प्रोस्पेरिटी ड्रग्स प्राईवेट लि., ग्रांम बेलीखोल नजदीक खरूनी तहसील बद्दी जिला सोलन में औद्योगिक इकाईयां स्थापित करने के लिए नए प्रस्ताव स्वीकृत किए हैं।
वर्तमान बीडीटीएस सभा सदस्यों ने आरोप लगाया है की पदाधिकारियों के ढुलमुल रवैए के कारण हजारों बरमाना ट्रक ऑपरेटरों को वार्षिक किराया वृद्धि न होने से लाखों रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है। वर्तमान सदस्य एवं पूर्व प्रधान रमेश ठाकुर, सदस्य चंदू राम ठाकुर, कुलदीप गौतम, पवन कौशल, विनय कुमार वर्मा, कमल किशोर ने कहा की सभा के पदाधिकारियों की नाकामी के चलते प्रतिदिन 300 से ज्यादा हिमाचल स्टॉकिस्ट को सीमेंट ढुलान में जुटी गाड़ियों के मालिकों को सभा और एसीसी प्रबंधन एग्रीमेंट के मुताबिक पहली अप्रैल से मिलने वाली वार्षिक किराया वृद्धि न करने से अब तक करोड़ों रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है। इन्होंने कहा जुलाई माह आधा बीतने को आया है लेकिन पहली अप्रैल से वार्षिक किराया वृद्धि न होने से अब तक करोड़ों रुपए में पदाधिकारियों की नाकामी के कारण ऑपरेटरों को नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि सभा द्वारा कई बैठके की गई लेकिन इन में वर्तमान सदस्यों को बुलाना भी उचित नहीं समझा गया। ऐसी परंपरा पहली बार सभा में देखने को मिली है जिससे लोकतांत्रिक तरीके से चुने हुए सदस्यों का ही नहीं अपितु वार्ड के सदस्य ऑपरेटरों का भी अपमान बताया, जोकि सभा ऑपरेटरों के हित में न होकर सभा के लिए घातक रहेगा। उन्होंने कहा पंजाब वेयरहाउसेस के वार्षिक बढ़ोतरी किराया तो ऐरियर रूप में बाद में मिल सकता है लेकिन हिमाचल सीमेंट ढुलान वार्षिक वृद्धि न मिलने से करोड़ों रुपए की चपत पदाधिकारियों के रवैयै के कारण ऑपरेटरों लग रही है। रमेश ठाकुर ने कहा बतौर प्रधान उन्होंने 1.87 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि व 6% घटे हुए किराए को बढ़ाया था जिसमें 5% एक बार जबकि 1% पिछले साल कुल 7. 87 प्रतिशत किराए बढ़ाकर ऑपरेटरों को लगातार हो रहे घाटे से उभारा था। इन्होंने कहा लगातार डीजल बढ़ोतरी व अन्य गाड़ियों के बढ़ रहे खर्चों के चलते ऑपरेटरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन पदाधिकारियों को ऑपरेटरों की परवाह ही नहीं है तभी तो जुलाई माह तक वार्षिक किराया वृद्धि नहीं दी गई। दूसरे सिविल सप्लाई ढुलान के 2014 के बाद रेट न बढ़ने से ऑपरेटरों को अब लगातार डीजल बढ़ोतरी से मुश्किल और ज्यादा बढ़ गई है। उन्होंने मांग करते हो कहां है कि शीघ्र ऑपरेटर हित में वार्षिक किराया वृद्धि व सिविल सप्लाई के रेट शीघ्र बढ़ाए जाएं अन्यथा मजबूरन पदाधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोलना पड़ेगा।
महिला मंडल हवानी कोल की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुरानी कार्यकारिणी भंग कर नई कार्यकरिणी का गठन किया गया जिसमें सर्वसहमति से महिला मंडल की पूर्व प्रधान पवना कुमारी को फिर से प्रधान बनाया गया। वहीं उप प्रधान रीता देवी, सचिव कंचन देवी, सह सचिव विनीता देवी, सलाहकार गीता देवी, कोषाध्यक्ष विमला देवी व ललिता देवी को नियुक्त किया गया। वही सदस्यों में प्रेमी देवी, लीला देवी, ईश्वरी देवी, विमला देवी, कौशल्या देवी व शीला देवी को नियुक्त किया गया। पुनः प्रधान नियुक्त किए जाने पर पवना कुमारी ने कहा कि उन पर विश्वास जता कर जो जिम्मेदारी दुबारा उन्हें दी गई है उसे वह सच्ची निष्ठा से पूरा करेंगी। इस दौरान महिला मंडल की कार्यकारिणी ने बावड़ी की सफाई की और भांग की खेती को उखाड़ा।
भाजपा आईटी प्रकोष्ठ की प्रदेश कार्यकारिणी में बतौर सदस्य नियुक्ति किए गए परवाणू निवासी विकास सेठ ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के अलावा संगठन मंत्री पवन राणा, भाजपा आईटी प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक चेतन बरागटा, सामाजिक न्याय एवं सहकारिता मंत्री डॉ. राजीव सैजल, हिमाचल प्रदेश महिला आयोग अध्यक्ष डेज़ी ठाकुर, भाजपा जिला अध्यक्ष आशुतोष वैद्य व कसौली मण्डल अध्यक्ष कपूर सिंह वर्मा का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि जो दायित्व उन्हें सौंपा गया है उसे वह पूर्ण कर्तव्यनिष्ठा एवं लगन पूर्वक निभाने का भरकस प्रयास करेंगे।
14 जे एंड के राइफल्स के जांबाजों ने अपनी जान की परवाह किए बिना मातृ भूमि की रक्षा हेतु नतमस्तक किया दुश्मन। कैप्टन शाम लाल ने कहा कि सभी योद्धाओं को मिले स्वतंत्रता सेनानियों के बराबर सम्मान। भारत के हाथ 1947,1965 और 1971 में कड़ी हार और मुंह की खाने के बाद भी पाकिस्तान की नियत ठीक नहीं हुई और उसने एक बार फिर 1999 में कारगिल में अपनी किस्मत आजमाने की कोशिश की और फिर धूल चाटी। कारगिल विजय दिवस 26 जुलाई को आने वाला है, पाकिस्तान की नापाक हरकत पर मुंह की खाने को मजबूर किए जाने वाले इस युद्ध में जीत पर हर हिन्दुस्तानी अपनी सेना पर गर्व महसूस करता है। कारगिल विजय दिवस पर कृतज्ञ राष्ट्र युद्ध में देश की आन बान और शान के लिए शहीद हुए सैकड़ों जवानों को श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें याद करेगा। इस युद्ध में कठिन पहाड़ी क्षेत्रों में अत्यन्त मुश्किल हालात के बावजूद भी जंग लड़ने वाले योद्धाओं ने शिमला जिला के घणाहट्टी क्षेत्र के गांव धामून के जांबाज़, सूबेदार मेजर (ऑनरेरी कैप्टन) शाम लाल शर्मा 14 जैक राइफलज, ने इस युद्ध की यादों को साँझा किया। उन्होंने बताया की कैसे भारत के सपूतों ने पाकिस्तान की सेना को मुंह तोड़ जवाब दिया और विजय हासिल की। वर्तमान में वेटरन इंडिया की शिमला इकाई के जिला अध्यक्ष शाम लाल शर्मा चाहते है कि इस युद्ध के हर योद्धा को स्वतंत्रता सेनानी जैसा मान सम्मान मिलना चाहिए। शाम लाल ने लिखा कि भारत के इतिहास में हमेशा गिने जाने वाले 1999 के भारत पाकिस्तान कारगिल युद्ध में पाकिस्तान ने एक बार फिर गुस्ताखी की जिसमें उसे भारतीय जवानों ने धूल चटाई। 1999 के मई के महीने में पाकिस्तान ने द्रास सेक्टर पर आर्टिलरी के गोले बरसाए। इसे दुश्मन कि हर साल की तरह से कायरता समझा गया। कैप्टन शाम लाल जो युद्ध में स्वयं शमिल थे, ने एक एक घटना कों याद कर बताया। दुश्मन के नापाक इरादों का पता तब चला जब हमारा एक पट्रोल 03 मई 1999 को बटालिक में ऐम्बुश हुआ और 12/13 मई को लेफ़्टिनेंट सौरभ कालिया का पट्रोल बजरंग पोस्ट के पास ऐम्बुश हुआ। 15 /16 मई को इसी क्षेत्र में हमारे एक और पट्रोल को भी काफ़ी नुक़सान हुआ। 24 मई 1999 को ऑपरेशन विजय शुरू किया गया। पाकिस्तान की नापाक घुसपैठ को मश्को, द्रास, काक्सर और बटालिक के क्षेत्र में पाया गया। मश्को और द्रास में 8 माउंटेन डिविज़न को और बटालिक में 3 माउंटेन डिविज़न को दुश्मन को खदेड़ने का काम दिया गया। काक्सर क्षेत्र में केवल हमारी बटालियन 14 जम्मू और कश्मीर राइफ़ल्ज़, को नियुक्त किया गया ताकि हर हालात में पाकिस्तानी सेना को आगे न बढ़ने दिया जाए। कक्सर क्षेत्र से जोजिला - कारगिल सड़क हो कर निकलती है, इस लिए यह कार्य अत्यधिक महत्वपूर्ण था। कैप्टन शाम लाल ने बताया कि उनकी अपनी 14 जम्मू और कश्मीर राइफ़ल् मई 1999 तक काश्मीर में आतंकवादियों का सफ़ाया करने में लगी थी और उसने घाटी के तराई वाले इलाक़े को आतंकवाद से मुक्त कर दिया था। 19 मई 1999 को उनकी पलटन को कक्सर भेजा गया। कक्सर में चोटियों की ऊँचाई 5000 मीटर से भी अधिक थी और पथरीले बंजर इलाके में पौधे न होने से सांस लेना मुश्किल था। उनकी पलटन प्वाइंट 5295 (बजरंग कॉम्प्लेक्स), 5400, 5300, 5270, 5605 और स्पर जंक्शन पर तेनात की गई थी। यहां चोटियों पर चढने उतरने के लिए रस्सों का प्रयोग किया। चोटियों को अब जिमी टाप, सचिन सैडल और बिष्ट टाप बोला जाता है। पलटन ने मोर्चा संभाला और हिम्मत और दिलेरी से दुशमन को आगे बढ़ने से रोका। शाम लाल ने बताया कि जब सीज़ फ़ायर की घोषणा की गई थी तो सबसे पहले पाकिस्तानी सेना को कक्सर से पीछे हटने को कहा गया। उनकी पलटन के 7 जवान दुश्मनों से लड़ते हुए इस युद्ध में शहीद हुए जबकि 41 घायल हुए थे। भारतीय सेना तथा जे एंड के रेजिमेंट और 14 जे के राइफल्स के इतिहास में इस वीरता पूर्वक कार्य करने के लिए युगों - 2 तक याद किया जाएगा।
कोविड-19 के कारण लोगों के कारोबार व अन्य रोजगार के संसाधन अभी तक प्रभावित हैं। हालांकि सरकार द्वारा छोटे कारोबारी या अन्य उद्योग धंधे खोल तो दिए हैं परंतु अभी भी जनजीवन पूरी तरह स्थापित नहीं हो पा रहा है। पूर्व अध्यक्ष नगर पंचायत तलाई एवं जिला कांग्रेस कमेटी पूर्व प्रवक्ता पवन कौशल ने कहा कि आमजन सरकार से कोविड-19 से प्रभावित अपने कारोबार व दिहाड़ी मजदूरी कर जीवन यापन करने वालों को बिजली पानी शहरी क्षेत्रों में हाउस टैक्स इत्यादि पर माफी देकर राहत मिलने की एक आशा थी। किंतु सरकार ने ऐसा कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि मध्यमवर्गीय परिवारों और छोटे व्यापारियों का कारोबार अभी भी पटरी पर इस बीमारी के चलते नहीं आ रहा है। बाजारों में आमजन अभी भी आने जाने से कतरा रहा है। दूसरे आर्थिक तौर पर भी निजी कार्य करने वाले और आम जनता बुरी तरह अभी भी प्रभावित है। लेकिन सरकार द्वारा इन विपरीत परिस्थितियों में राहत देने की बजाय 125 यूनिट बिजली के ऊपर से सब्सिडी खत्म करना, पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ना, राशन सब्सिडी में कई परिवार को काटने की योजना, बस किराए पर बढ़ोतरी जैसे चर्चा मंत्रिमंडल में कर जनता को दर्द की घड़ी में नमक छिड़कने वाली बात ही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार लोगों को राहत नहीं दे सकती है तो ऐसे में इस तरह के निर्णय न लिया जाए।
ओद्यौगिक क्षेत्र बीबीएन(बद्दी- बरोटीवाला- नालागढ़) में करोना माहामारी का कहर थमनें का नाम नहीं ले रहा है जिसके तहत बीते कल करोना माहामारी के चार मामले सामनें आए है। जानकारी के अनुसार नालागढ़ के पंजैहरा में तींन ओर बद्दी के झाड़माजरी में एक महिला करोना संक्रमित पाई गई है। उधर प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग अभी सारा टैक्सटाइल के 29 कामगारों के संक्रमित पाए जाने के मामले में ही उलझा हुआ था कि बीती रात सनोक्स इंटरनेशनल के तीन कामगारों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव पाई गई र्है पुलिस ने जब इन संक्रमितों की ट्रैवल हिस्ट्री को खंगाला तो खुलासा हुआ कि तीनों ही 4 जुलाई को नालागढ़ उपमंडल के पंजहेरा तक चोर रास्ते से पहुंचे थे। इन सभी लोगों के प्रशासन द्वारा आठ जुलाई को सेंपल लिये गये थे जिनकी रिपोर्ट शुक्रवार देर शाम को सामनें आई है जिसमें तीन कामगारों के साथ- साथ बद्दी के झाड़माजरी की एक महिला के करोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। क्षेत्र में करोना माहामारी के चार मामले सामनें आने के बाद सभी संक्रमित लोगों को उपचार के लिये कोविड़ केयर सेंटर नालागढ़ शिफट कर दिया है जबकि इनके संपर्क में आए लोगों की हिस्र्टी खंगाली जा रही है। ग्रांम पंचायत पंजैहरा के प्रधान नें जानकारी देते हुए बताया कि कुल 11 लोग चार तारिख को पंजैहरा सुखदेव सिंह के मकान में पहुचे थे और 6 तारिख तक वहीं रहे जिसके बाद उन्होंने अपना कमरा बदल कर पंजैहरा निवासी प्यारे लाल के पास ले लिया जिसके पश्चात 8 तारिख को प्रशासन द्वारा इन 11 लोगों के साथ- साथ कुल 54 लोगों के कारोना सेंपल लिये गये थे जिनमें पिछले कल तींन लोग करोना संक्रमित पाये गये है जिन्हे प्रशासन द्वारा ईलाज़ के लिए कोविड़ केयर भेज दिया गया है। वहीं बद्दी में करोना संक्रमित पाई गई महिला को प्रशासन द्वारा होम कोरेटींन किया गया था जोकि कोरोना संक्रमित पाई गई है। वहीं साथ ही वीरवार को एक साथ 31 मामले सामनें आने के पश्चात पिछले कल शुक्रवार का फिर उद्यौग के कामगारों में करोना संक्रमण पाए जाने के बाद ओद्यौगिक नगरी बीबीएन में हड़कंप मच गया है जिसके साथ ही ओद्यौगिक नगरी बीबीएन में कोरोना का कहर जारी है। क्या कहते है एसडीएम:- क्षेत्र में आऐ करोना वायरस के मामलों के बारे में एसडीएम प्रशांत देष्टा नें जानकारी देते हुये बताया की जो बैटरी उद्यौग में काम करनें आये तींन व्यक्ति संक्रमित पाये गये है वह क्षेत्र में चोर रास्ते के जरिये आये थे जिसपर ठेकेदार के विरूद्ध विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और जो महिला बद्दी के झाड़माजरी में करोना संक्रमित पाई गई है वह एक उद्यौग में कार्यरत थी जिसके करोना संक्रमित आने के पश्चात उद्यौग ओर उसके रिहाईशी मकान को सील कर दिया गया है ओर सभी की हिस्ट्री खंगाली जा रही है। साथ ही एसडीएम प्रशांत देष्टा नें कहा कि क्षेत्र के सभी पंचायत प्रधान एव सभी जागरूक नागरिक ऐसे लोगों की जानकारी तुरंत स्थानिय प्रशासन को दें जोकि बाहरी राज्यों से अवैध तरीके से बीबीएन में आ रहें हैं ताकि इस माहामारी को फैलनें से रोका जा सके। वहीं बीबीएन में बढ़ रहे करोना माहामारी के मामले पुलिस प्रशासन पर भी सवाल खड़े कर रहे है। बीबीएन से जुड़े सभी बोर्डरों पर भारी पुलिस बल तैनात होने के बावजूद ाी क्षेत्र में बाहरी राज्यों से आने वाले कामगार चोर रास्तों के जरिये बीबीएन में प्रवेश कर रहे है। बाहरी राज्यों से चोर रास्तों के जरिये आने ओर जाने की प्रक्रिया लॉकडाउन में शुरू से ही चली आ रही है। पुलिस प्रशासन द्वारा एसे लोगों पर कानूनी कार्यवाही भी की जा रही है जोकि अवैध तरिके से बीबीएन में प्रवेश कर रहे है लेकिंन प्रशासन का इतना स त पेहरा होने के बाबजूद भी बाहरी राज्यों से कामगार प्रशासन के नाकों तले बीबीएन में बेरोकटोक प्रवेश कर रहे है जोकि बीबीएन के लिये एक गंभीर विषय बनता जा रहा है ओर संक्रमित कामगारों के मामले दिन पर दिन सामनें आ रहे है। बीबीएन के सभी बैरियरों की व्यवस्था के बारे में जानने के लिए जब नालागढ़ के डीएसपी मानव वर्मा से दूरभाष के जरिये बातचीत करनी चाही तो उनके द्वारा दूरभाष से कोई जवाब नहीं दिया गया। क्या कहते है आईजी नॉर्दन रेंज:- बैरियरों की व्यवस्था के बारे में जब उच्च अधिकारियों से बातचीत की गई तो नॉर्दन रेंज आईजी हिमांशु मिश्रा नें कहा की इस संदर्भ के बारे में एसपी बद्दी रोहित मालपानी से बातचीत की जाएगी और जल्द ही इस प्रकार की समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा।
भारतीय जनता पार्टी आई टी विभाग के प्रदेश संयोजक चेतन बरागटा ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा से विस्तृत चर्चा के उपरांत आई टी विभाग की प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है जिसमें सुशील राठौर महासू, राजकुमार मण्डी, मनोज रतन कांगड़ा तथा अनिल डडवाल ऊना को प्रदेश सह-संयोजक बनाया गया है। इसी प्रकार अरूण शर्मा शिमला ग्रामीण, राजीव सोंधी जोगिन्द्रनगर, विशाल उपमन्यु भटियात, अमन राणा नगरोटा, विजया ठाकुर धर्मशाला, अनिल शर्मा ठियोग, जगजीत सिंह, सुदीप महाजन एवं गीतांजलि शिमला, प्रकाश ठाकुर पच्छाद, विरेन्द्र चैधरी दून, विक्रम मट्टू सोलन, विकास सेठ कसौली, महेन्द्र हमीरपुर, राजीव आर्य धर्मपुर, राहुल शर्मा हरोली, निशांत शर्मा नादौन, कनिष्का चोपड़ा हमीरपुर, शेलेन्द्र सिंह राणा गगरेट, विशाल शर्मा घुमारवीं, पुष्पेन्द्र ठाकुर मनाली तथा हेमलता शर्मा मण्डी को सदस्य नियुक्त किया गया है। चेतन बरागटा ने बताया कि सतवीर राणा ज्वालामुखी, अजय कुमार बड़सर, श्याम सुंदर देहरा तथा विनय राणा सरकाघाट को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है। उन्होनें बताया कि जिला व मण्डलों के संयोजको की नियुक्ति भी शीघ्र ही कर दी जाएगी।
शनिवार को भाजपा युवा मोर्चा करसोग मंडल की पहली मासिक बैठक का आयोजन मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र शर्मा की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में भाजपा जिला सुंदर नगर के अध्यक्ष अमी चंद, उनके साथ आए जिला महामंत्री तेजेंद्र शर्मा, कोषाध्यक्ष खुशी राम विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक का मंच संचालन महामंत्री बिहारी लाल और महेश कुमार द्वारा किया गया। बैठक में युवा मोर्चा के सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने अमी चंद को जिला अध्यक्ष बनने पर उनका जोरदार स्वागत और अभिनंदन किया गया। युवा मोर्चा अध्यक्ष भूपेंद्र शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि युवा मोर्चा भाजपा का एक भी अंग है जो पार्टी के साथ हमेशा तत्पर खड़ा रहता है। उन्होंने सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं से निवेदन किया कि अपनी बूथ लेवल पर सभी युवाओं को जोड़ा जाए और पार्टी का प्रचार प्रसार किया जाए। उसके बाद जिला महामंत्री तिजेनद्र शर्मा ने भी अपने विचार बैठक में रखें। अंत में जिला अध्यक्ष अमी चंद ने अपने संबोधन में कहा कि युवा शक्ति राष्ट्र शक्ति है और उन्होंने युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को प्रधानमंत्री जन कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी अवगत करवाया। साथ ही साथ उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के बारे में भी अवगत करवाया और पार्टी का प्रचार प्रसार करने के लिए भी युवाओं से आग्रह किया। मीडिया प्रभारी हीरालाल ने जानकारी देते हुए कहा की इस बार करसोग युवा मोर्चा की कार्यकारिणी सदस्य में महिला वर्ग को भी लिया गया जिसमें यामिनी शर्मा पुराना बाजार से और रंजना डवरोट पंचायत से है। अध्यक्ष भूपेंद्र शर्मा ने बैठक में यह भी चर्चा की गई कि पार्टी का प्रचार प्रसार करने के लिए तत्तापानी से इस कार्य का शुभारंभ किया जाएगा और आगामी रणनीति के विषय को लेकर चर्चा हुई। इस बैठक में सभी मंडल करसोग युवा मोर्चा के पदाधिकारी व् सदस्यो ने भाग लिया।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मन्त्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि विश्व के सबसे बड़े राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी के माध्यम से प्रदेश, अपने विधानसभा क्षेत्र एवं जन-जन की सेवा के लिए उन्हें जो अवसर प्रदान किया गया है उसके लिए वे सदैव प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृह मन्त्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, मुख्यमन्त्री जयराम ठाकुर और अपने विधानसभा क्षेत्र के निवासियों के आभारी रहेंगे। डाॅ. सैजल आज अपने 50वें जन्मदिवस पर उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित करने आए युवाओं एवं अन्य से विचार-विमर्श कर रहे थे। डाॅ. सैजल ने सभी से आग्रह किया कि वैश्विक महामारी कोविड-19 से बचाव के लिए स्वंय भी समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और अन्य को भी इस दिशा में प्रेरित करें। उन्होंने आग्रह किया कि सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनें और लोगों से भी इस नियम की अनुपालना करवाएं। सहकारिता मन्त्री ने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव में युवाओं को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने जन्म दिवस के उपलक्ष्य पर शुभकामनाएं प्रेषित करने के लिए सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे सदैव जन हित के लिए कार्यरत रहेंगे। प्रदेश महिला मोर्चा की अध्यक्ष डाॅ. डेजी ठाकुर, भाजपा मण्डल कसौली के अध्यक्ष कपूर सिंह वर्मा, भाजपा के जिला उपाध्यक्ष दौलत ठाकुर, एपीएमसी सोलन के अध्यक्ष संजीव कश्यप, जुवेनाईल जस्टिस बोर्ड के सदस्य एवं वरिष्ठ भाजपा नेता राज कुमार सिंगला, वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता रामेश्वर शर्मा, इन्द्र शर्मा, खलोगड़ा सहकारी समिति के अध्यक्ष यश्पाल ठाकुर, ग्राम पंचायत जाबली के प्रधान दुनी चन्द धीमान, ग्राम पंचायत धर्मपुर के उप प्रधान सुशील कुमार, ग्राम पंचायत कोट के पूर्व उप प्रधान जोगेन्द्र शर्मा, भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष नरेन्द्र ठाकुर, महामन्त्री सन्नी, भारतीय जनता युवा मोर्चा कसौली मण्डल के महामन्त्री रोहित ठाकुर, भाजपा तथा भाजयुमो के अन्य पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी वन्दना चैहान, जिला राजस्व अधिकारी केश्व राम सहित अन्य अधिकारी तथा गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड लिमिटिड सोलन से प्राप्त जानकारी के अनुसार 13 जुलाई, 2020 को जिला के धर्मपुर फीडर-2 को उचित रख-रखाव एवं मुरम्मत के लिए बंद रखा जाएगा। यह जानकारी बोर्ड के धर्मपुर स्थित एसडीओ गौरव अधीर ने दी। उन्होंने कहा कि बताया इसके दृष्टिगत 13 जुलाई, 2020 को प्रातः 10.00 बजे से सांय 5.00 बजे तक क्षेत्र के कानो, शाही, रोड़ी, सुबाथु रोड़, डाॅ. वीरेंद्र मोहन अस्पताल क्षेत्र एवं साथ लगते इलाकों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने इस अवधि में लोगों से सहयोग की अपील की है।
ग्राम पंचायत दाड़लाघाट के वार्ड खाता के गांव बागा में पानी की समस्या को लेकर ग्राम बागा विकास सुधार सभा व स्थानीय लोगों ने जल शक्ति विभाग से गांव में चल रही समस्या से निजात पाने की मांग की है। ग्राम बागा विकास सुधार सभा के महासचिव प्रेम केशव ने बताया कि जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता से गांव बागा में पीने के पानी की दिक्कत बारे समय समय पर अवगत कराने के बाद भी गांव की समस्या पर सुध नही ली जा रही है। प्रेम केशव ने बताया कि पानी की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों ने मांग की थी कि पीने के पानी की एक ही समस्या जिसमे हेड पंप के द्वारा सप्लाई जो बिजली कटों तथा मरम्मत के कारण बाधित होती रहती है व जिसका विकल्प 50 वर्षों से दी जा रही दाती योजना जो पांच महीनों से बन्द पड़ी है, इस बारे सहायक अभियंता द्वारा पिछले महीने आश्वासन दिया था कि इस योजना की मरम्मत के कारण सप्लाई 15 जून के बाद चालू की जाएगी तथा अन्य शिकायतों के समाधान हेतु तकनीकी कमर्चारियों द्वारा गांव की पीने के पानी की लाइन में कंट्रोल लगाकर उन्हें दुरुस्त किया गया। गांव बागा के ग्रामीणों ने फैसला लिया कि अगर कोई कंट्रोल लाइन में समस्या आती है तो इस बारे में विभाग को शिकायत करेंगे। इस मौके पर गांव बागा के ग्रामीणों ने पीने के पानी की लाइन के कंट्रोल की मरम्मत की गई। स्थानीय ग्रामीणों ने विभाग के अधिकारियों से आग्रह किया है गांव में पानी की हो रही समस्या को जल्द से जल्द ठीक किया जाए, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। इस दौरान लच्छी राम ठाकुर, बसन्त सिंह सिंघु, मेहर सिंह ठाकुर, अजय, राजा, धर्मदत्त, बीना, दशोदा, पार्वती केशव सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
दाड़लाघाट क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को एचएचओ दाड़लाघाट जीत सिंह ने अपनी टीम के साथ चाखड़-बुघार के पास औचक छापामारी के दौरान दो टिप्पर के पास एम फॉर्म ना होने के कारण ₹15000 का जुर्माना भी वसूल किया। पुलिस द्वारा अवैध खनन करने वालों को दोबारा पकड़े जाने पर कड़ी कार्यवाही की चेतावनी दे दी गई है। एचएचओ दाड़लाघाट जीत सिंह ने बताया कि चाखड़ बुघार के पास दो टिप्पर जा रहे थे,तो उनको पूछताछ के लिए रोका गया तो उनके पास एम फॉर्म ना होने के कारण उनके खिलाफ माइनिंग एक्ट में कार्यवाही की जा रही है। एचएचओ दाड़लाघाट जीत सिंह ने बताया कि इस दौरान उनके साथ हेड कांस्टेबल सुनील, मंजीत, राकेश भी साथ रहे। जीत सिंह ने बताया कि पुलिस को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थी कि सब उपमंडल के अनेक इलाकों में अवैध रूप से खनन किया जा रहा है और खनन करने वाले चांदी कूट रहे हैं। वही दाड़लाघाट पुलिस ने पूरी मुस्तैदी में कोविड 19 के दौरान गाड़ियों के चालान करने पर 2 लाख 78 हजार 400 रुपये जुर्माना वसूल किया है। डीएसपी दाड़लाघाट प्रताप सिंह ठाकुर ने पुष्टि करते हुए बताया कि शुक्रवार को एसएचओ दाड़लाघाट ने अपनी टीम के साथ चाखड़ बुघार के पास अवैध खननकारियों से ₹15000 का जुर्माना भी वसूला गया है। उन्होंने बताया कि अवैध खनन करने वालों को चेतावनी भी दी गई कि भविष्य में खनन करते या वाहनों में खनन सामग्री ले जाते पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी और उनके खिलाफ माइनिंग एक्ट में मामला दर्ज किया जाएगा।
बिलासपुर जिला में शुक्रवार को तीन लोग कोरोना पोजटिव आये थे जिन में से दो व्यक्ति इंस्टीचयूशनल क्वारनटाईन में थे जबकि एक व्यक्ति होम क्वारनटाईन में था। जिला प्रशासन ने इनकी रिपोर्ट पोजटिव आते ही इन सभी लोगो को कोविड 19 केयर सेण्टर (शिवा आयुर्वैदिक अस्पताल चाँदपुर) में शिफ्ट कर दिया जिसके बाद जिला प्रशासन होम क्वारनटाईन व्यक्ति के कोरोना पोजटिव आने के बाद एकदम हरकत में आया और शनिवार को खंड चिकित्सा कार्यालय से एक टीम बंदला पहुंची और वहा पर इस व्यक्ति के संपर्क में आए लोगो का आंकडा एकत्रित कर उन सभी को क्वारनटाईन किया। शनिवार को कार्यकारिणी खंड चिकित्सा अधिकारी डा वरुण शर्मा ने इपनी टीम सहित इस क्षेत्र का दौरा किया और इस व्यक्ति के संपर्क में आए सभी लोगो को क्वारनटाईन किया। डा वरुण के अनुसार यह व्यक्ति बिहार का रहने वाला है और 3 जुलाई को बिहार से हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बंदला में काम करने के लिए पहुंचा था जिसके बाद जिला प्रशासन ने इस व्यक्ति को होम क्वारनटाईन किया था। परन्तु जहाँ यह व्यक्ति रह रहा था वहा इसके साथ 40 अन्य मजदुर रह रहे थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बंदला को ही क्वारंटाईन सेंटर बना कर इन सभी लोगो को हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बंदला में क्वारनटाईन कर दिया है जबकि 15 अन्य लोकल लोग जो इसके सेकेन्ड्री कॉन्टैक्ट में थे उन सभी को होम क्वारनटाईन कर दिया है। अब स्वास्थ्य विभाग इन सभी लोगो के छ दिन बाद कोविड 19 के संपेल भरेगा। संपेल की रिपोर्ट नेगटिव आने के बाद इन लोगो को क्वारनटाईन से वापिस भेजा जाएगा। कोरोना पोजटिव व्यक्ति के संपर्क में आए सभी 40 लोगो को हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बंदला में क्वारनटाईन कर दिया गया है जबकि 15 अन्य लोग जो इसके सेकेन्डरी कांटेक्ट में आये थे उन्हें होम क्वारनटाईन किया गया है। इन सभी लोगो का छ दिन बाद कोविड 19 का संपेल लिया जाएगा।
शनिवार को भाजपा युवा मोर्चा कसौली मंडल द्वारा समाजिक न्याय अधिकारिता एवं सहकारिता मंत्री डॉ राजीव सैजल के जन्मदिवस पर गलवान घाटी में शहीद हुए वीर जवानों को नमन करते हुए रक्त दान शिविर का आयोजन किया गया। रक्त दान शिविर का आयोजन धर्मपुर के आर्य समाज भवन में किया गया। रक्त दान शिविर प्रातः 10:30 बजे से प्रारंभ हुआ। इस मौके पर समाजिक न्याय अधिकारिता एवं सहकारिता मंत्री डॉ राजीव सैजल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। प्रदेश महिला आयोग अध्यक्षा डेजी ठाकुर और संजीव कश्यप विशिष्ट अतिथि के रूप उपस्थित रहे। भाजपा युवा मोर्चा कसौली मंडल के अध्यक्ष वरुण शर्मा ने गुलदस्ता देकर मुख्यातिथि का स्वागत किया। सर्वप्रथम डॉ राजीव सहजल ने अपने जन्मदिन के अवसर पर पौधा रोपण किया। तत्पश्चात डॉ राजीव सैजल ने जन्मदिवस के अवसर पर भाजपा युवा मोर्चा कसौली मंडल द्वारा आयोजित गलवान घाटी में शहीद हुए वीर जवानों की याद में रक्त दान शिविर का शुभारंभ किया। डॉ राजीव सहजल ने गलवान घाटी में शहीद हुए वीर जवानों को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी भाजपा जिला सोलन, कसौली मंडल के पदाधकारियों, कार्यकर्ताओं व सभी लोगो ने इस शिविर में बढ़ चढ़ कर भाग लिया। युवाओं को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर ने भाजपा युवा मोर्चा कसौली मंडल को इस रक्तदान शिविर के लिए शुभकमनाएं दी और कहा कि सभी युवा वर्ग प्रण लें कि अपने जन्मदिवस पर कम से कम एक पौधा जरूर लगाए। राजीव सहजल ने कहा कि हम सभी को अपने जन्मदिवस पर वयर्थ के मनरंजनो को छोड़ कर समाजिक आयोजन करने चाहिए। उन्होंने इस रक्तदान शिविर के लिए भाजपा युवा मोर्चा कसौली मंडल को बधाई दी। डॉ शिवानी सूद के नेतृत्व में आईजीएमसी शिमला की टीम की सहायता से रक्तदान शिविर संपन हुआ । इस रक्त दान शिविर लगभग 150 लोगो ने रक्तदान किया। इस मौके पर भाजपा कसौली मंडल के अध्यक्ष कपूर सिंह वर्मा, राज कुमार सिंगला, सुशील कुमार बंसल, चरण यादव, रामशेवर शर्मा, महामंत्री विनोद मारवाह, पूर्व मंडल अध्यक्ष दौलत राम ठाकुर, यशपाल ठाकुर, सुरजीत लांबा, धर्मपुर उपप्रधान सुशील, जोगिंद्र शर्मा, जिला युवा मोर्चा अध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर, महामंत्री भूपेंद्र ठाकुर, उपाध्यक्ष जिला सोलन राहुल व दीपक, भाजपा कसौली मंडल के अध्यक्ष वरुण शर्मा, महामंत्री रोहित ठाकुर, उपाध्यक्ष हेमंत जुनेजा सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जिला सोलन बौद्धिक प्रमुख तथा पूर्व जिला संघ चालक पीताम्बर के निधन पर भाजपा प्रदेश संगठन महामन्त्री पवन राणा, प्रदेश उपाध्यक्ष रतन सिंह पाल, खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष पुरषोतम गुलेरिया, अर्की मण्डल अध्यक्ष देवेंद्र उपाध्याय, जिला सह मीडिया प्रभारी इंद्रपाल शर्मा, प्रदेश युवा मोर्चा महामन्त्री विषय ठाकुर, प्रदेश महिला मोर्चा सदस्या कौशल्या कंवर, जिला परिषद सदस्य कंचन माला, अनिल गर्ग, राजीव शर्मा, मस्तराम महाजन, स्यामा नन्द शांडिल आदि ने पीताम्बर के गाँव उच्चागांव पहुंच कर उनके परिजनों को सांत्वना दी व दिवंगत आत्मा की शांति की भगवान से प्रार्थना कर अपनी श्रधांजलि अर्पित की।
जिला बिलासपुर कांग्रेस कमेटी ने अपने सामाजिक दायित्व को समझते हुए पौध रोपण कार्यक्रम की शुरुआत की है। जिला कांग्रेस ने जिला से ब्लॉक स्तर तक पर्यावरण को बचाने के लिए पौधे रोपण करने का अभियान शुरू किया है जिसकी शुरुआत बिलासपुर के पशु औषधालय में पौधा लगा कर जिला अध्यक्ष अंजना धीमान ने की। बाद में रौड़ा सेक्टर, डियारा सेक्टर में भी पौधरोपण किया गया। इस अवसर पर पूर्व सांसद सुरेश चंदेल, पूर्व विधायक बाबूराम गौतम व तिलकराज शर्मा के अलावा अन्य कांग्रेसी नेताओं में तेजस्वी शर्मा, गौरव शर्मा, अनुराग शर्मा सुनील कुमार तथा अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस अक्सर पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष अंजना धीमान ने कहा कि कांग्रेस पार्टी एक जिम्मेदार विपक्ष होने के नाते अपने राजनीतिक और सामाजिक दायित्व को समझते हुए पर्यावरण को बचाने का संदेश दे रही है और लोगों को पौधे रोपण के लिए प्रेरित कर रहे हैं क्योंकि लगातार ग्लोबल वार्मिंग बढ़ रही है जिससे पर्यावरण को काफी खतरा बढ़ गया है इसलिए सभी को पर्यावरण बचाने के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर के निर्देशानुसार यह अभियान चलाया जा रहा है। शनिवार को पूरे जिला में यह अभियान चलाया गया और सभी कार्यकर्ताओं ने इसमें भाग लिया।
शनिवार को सोलन नगर निगम संघर्ष समिति का तीसरा स्थापना दिवस मनाया। कोविड-19 के चलते समारोह का स्वरूप बहुत ही सीमित रखा गया। बैठक मे सर्व सहमति से एक प्रस्ताव पास किया गया। सोलन नगर निगम संघर्ष समिति का यह मानना है की पूर्व तथा वर्तमान की सरकार का सोलन को नगर निगम बनाने के संबंध में रवैया करीब-करीब सोलन के हित के विरूद्ध है। जहाँ पूर्व सरकार ने धर्मशाला, जिसकी आबादी मात्र 22000 थी को नगर निगम का दर्जा दिया वहाँ सोलन के साथ अन्याय किया गया तथा सोलन को नगर निगम का दर्जा नही दिया गया। वर्तमान सरकार के आने के बाद संघर्ष समिति के प्रतिनिधि-मण्डल समय समय पर माननिए मुख्यमंत्री जी को मिलते रहे और सभी मुलाकातों में मुख्यमंत्री की तरफ से यह आश्वासन रहा की सोलन को नगर निगम का दर्जा जरूर दिया जाएगा। पिछले विधान सभा चुनाव के दौरान बीजेपी द्वारा घोषित “चुनाव घोषणा पत्र” में भी बीजेपी ने चुनाव के बाद जल्द ही नगर निगम बनाने का वादा किया था। परन्तु बहुत दुख के साथ यह कहना पड़ रहा है की इस संबंध में प्रक्रिया को बढ़ाने के लिए सरकार की और से कोई भी प्रयास नही हो रहा है। सोलन नगर निगम संघर्ष समिति सरकार से पुन: आग्रह करती है कि सरकार जल्द से जल्द आने वाले चुनाव से पहले सोलन को नगर निगम का दर्जा दिया जाए ताकि सोलन शहर का अगला चुनाव निगम के तौर पर ही करवाया जाए। समिति ने आशा व्यक्त की सोलन शहर के साथ जो अब तक जो भी अन्याय हुआ है उसे मुख्यमंत्री न्याय मे परिवर्तित करेंगे।
माना जाता है कि एक नटी के श्राप के कारण सिरमौरी ताल का विध्वंस हो गया था हिमाचल के सिर का मुकुट यानी "सिरमौर" ज़िला प्राचीन काल से ही ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा है। रियासत कालीन सिरमौर राजनैतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक रुप से समृद्ध राज्य था। इस रियासत की प्राचीन राजधानी 'सिरमौरी ताल' थी। माना जाता है कि एक नटी के श्राप के कारण सिरमौरी ताल का विध्वंस हो गया था। उसके बाद काफी समय तक राजबन सिरमौर की राजधानी रही जिसे 1219 ई० में राजा उदित प्रकाश द्वारा यमुना और टौंस नदियों के संगम स्थल 'कालसी' स्थानांतरित कर दिया गया था। 1621 ई० में राजा कर्म प्रकाश ने नाहन नगर की स्थापना कर उसे अपनी राजधानी बनाया। तब से लेकर सन् 1947 ई० तक नाहन ही इस रियासत की राजधानी रही। नाहन में स्थित शाही महल, रानी का ताल, राजा का ताल, लिंटन मेमोरियल (दिल्ली गेट), नाहन फाऊन्डरी, महिमा पुस्तकालय, नानी का बाग़ तथा चौग़ान आदि ऐतिहासिक धरोहरें आज भी इस शहर के राजसी अतीत का गुणगान करती हैं। 'सिरमौर' अर्थात ‘सिर का ताज‘ सिरमौर रियासत के नामकरण से संबंधित कोई भी लिखित प्रमाण न होने के परिणामस्वरूप अनेक धारणाएं प्रचलित हैं। एक मत के अनुसार माना जाता है कि सभी पहाड़ी रियासतों में इस रियासत की अहम् भूमिका होने के कारण इसे 'सिरमौर' अर्थात ‘सिर का ताज‘ कहा गया था। एक अन्य मत के अनुसार माना जाता है कि, राजा शालिवाहन द्वितीय के पौत्र राजा रसालू के पुत्र का नाम सिरमौर था। उन्हीं के नाम पर इस रियासत का नाम सिरमौर पड़ा था। यह भी माना जाता है कि चंद्रगुप्त मोर्य ने मगध के नन्द वंश को समाप्त करने के लिए मगध के मध्य स्थित पर्वतीय राज्य कुलिंद (वर्तमान सिरमौर) की सहायता ली थी, अतः चंद्रगुप्त मोर्य ने अपने प्रति किए गए उपकारों से कृत्य- कृत्य होकर यहाँ के राजा को “शिरोमोर्य” उपाधि अर्थात मोर्य साम्राज्य का शीर्षस्थ भाग से सम्मानित किया था। कालान्तर में इसका नाम ‘शिर-मोर्य’ के स्थान पर सिरमौर पड़ गया। एक अन्य मत के अनुसार इसका नाम पाँवटा साहिब से सोलह किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में गिरी नदी के बाएँ तरफ स्थित “सिरमौरी ताल” को भी इसके नामकरण का आधार माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि किसी समय ये स्थान सिरमौर के राजाओं की राजधानी थी। राजन...! यदि मैं इस पवित्र नदी को रस्सी पर चलकर वार-पार करूं तो पुरस्कार स्वरूप आप मुझे क्या देंगे? जनश्रुति के अनुसार प्राचीन समय में जब मदन सिंह सिरमौर राज्य के राजा थे, उस समय उनके राज्य में एक अत्यंत प्रतिभावान नर्तकी भी निवास करती थी। उस समय दूर–दूर तक उसके जैसा अन्य कोई नर्तक नहीं था। उस नटनी पर राजा मदन सिंह इतने अभिभूत हो गए कि उन्होंने नटनी को अपना आधा राज्य देने तक का वचन ही दे दिया था। नर्तकी ने एक दिन राजा से कहा कि वह एक रस्से पर नाचते हुए गिरी नदी के एक छोर से दूसरे छोर तक पहुँच सकती है। उसकी यह बात सुनकर राजा और उसके मंत्री उसका उपहास उड़ाने लगे। नटनी ने राजा मदन सिंह को रिझाते हुए फिर से कहा कि हे राजन...! यदि मैं इस पवित्र नदी को रस्सी पर चलकर वार-पार करूं तो पुरस्कार स्वरूप आप मुझे क्या देंगे? राजवंश हमेशा अपने अहंकार के दास रहे हैं। राजा ने नर्तकी की प्रतिभा का अवमूल्यन कर, यह जानकर कि गिरी नदी को पार करना इस स्त्री के वश में नहीं है, उसे आधा राज्य देने वचन दे दिया। राजा ने कहा, यदि तुम इस असंभव कार्य को पूरा करने का सामर्थ रखती हो, तो हम भी अपने वचन को पूरा करेंगे। नर्तकी को राजा के द्वारा दिए गए इस वचन की ख़बर पूरे राज्य में आग कि भांति फैल गई। “आर टोका पार पोका डूब मरो सिरमौरो रे लोका” निर्धारित काल पर कुछ दिन बाद नटनी के द्वारा दी गई चुनौती को साकार रूप प्रदान किया गया। इस करतब को देखने के लिए राज परिवार, मंत्रीगण और राज्य के सैंकड़ों लोग भी गिरी नदी के दोनों किनारों पर इकठ्ठा हो गए। सभी को लग रहा था कि नर्तकी यह कठिन कार्य नहीं कर पाएगी। गिरी नदी के ऊपर पोका गाँव से टोका पहाड़ी तक एक पतली सी रस्सी बाँधी गई।। नर्तकी ने एक छोर से नृत्य करते हुए दूसरे छोर की तरफ चलना शुरू किया। वह बड़ी सहजता से आगे बढ़ रही थी। वह गिरी नदी के ठीक ऊपर बंधी रस्सी पर करतब दिखाते हुए एक छोर से दूसरे छोर पर पहुंची। तत्पश्चात वह वापसी का आधा मार्ग तय कर टोका पहाड़ी पर पहुँचने ही वाली थी। यह देखकर राजा और उसके मंत्रियों को चिंता सताने लगी कि, यदि वह दूसरे छोर पर पहुँच गई तो आएधा राज्य उसे देना होगा। इस बात से घबराकर राजा ने अपने एक दीवान को रस्सी काटने का आदेश दे दिया। दीवान जुझार सिंह ने रस्सी काट दी और नटनी गिरी नदी में गिर गई। नदी में गिरने के बाद उसने राजा को यह श्राप दिया कि, “आर टोका पार पोका डूब मरो सिरमौरो रे लोका” अर्थात सिरमौर के लोग भी मेरी तरह डूब कर मर जाएँ। माना जाता है कि नर्तकी के नदी में गिरने के कारण ही उस नदी का नाम गिरी नदी पड़ा था। उसी रात नटनी के श्राप के कारण गिरी नदी में भयंकर बाढ़ आई और सिरमौर रियासत की तात्कालीन राजधानी 'सिरमौरी ताल' पूरी तरह नष्ट हो गई थी। इस बाड़ में सभी की मृत्यु हो गई, कोई भी जीवित नहीं बचा। निरपराध नर्तकी के श्राप के प्रभाव से समस्त नगरी पूरी तरह से तबाह हो गई। सबा रावल ने राजा विहीन राज्य की पुुुनः स्थापना कर राजबन को अपनी राजधानी बनाया नगर के पूरी तरह से ध्वस्त होने के बाद रियासत में अशांति फैल गई थी। उस समय जैसलमेर के राजा उग्रसेन तीर्थ यात्रा पर हरिद्वार आये हुये थे। सिरमौर राज्य के खाली सिंहासन के बारे में सुनकर उन्होने अपने बेटे सबा रावल को सिरमौर भेज दिया। सबा रावल ने राजा विहीन राज्य की पुुुनः स्थापना कर राजबन को अपनी राजधानी बनाया। यह भी माना जाता है कि राज्य में अशांति के भय से यहां के कुछ प्रबुद्ध लोगों ने जैसलमेर के राजा शालिवाहन द्वितीय से निवेदन किया कि वह रिक्त सिंहासन को संभालेंं। लोगों का अनुरोध स्वीकार कर राजा ने अपने तीसरे पुत्र हांसू को सपत्नी सिरमौर भेज दिया। उस समय हांसू की पत्नी गर्भवती थी। सिरमौर पहुंचने पर उसने एक पुत्र को जन्म दिया जिसका न पलासू रखा गया था। कालांतर में उसके नाम पर इस वंश का नाम पलासिया वंश पड़ा।
विद्युत विभाग अर्की के सहायक अभियंता बृजलाल ठाकुर को उनके बेहतर कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें मोहित चावला एडीसी टू गवर्नर हिमाचल प्रदेश द्वारा दिया गया है। बता दे कि ई० बृजलाल ठाकुर अर्की विद्युत विभाग में बतौर सहायक अभियंता कार्यरत है। यह मूल रूप से जिला बिलासपुर के नमोहल क्षेत्र के गुतराहन गांव के रहने वाले है। बृजलाल ठाकुर जहां विभाग से सम्बंधित किसी भी कार्य को बखूबी रूप से करते है, वहीं लोगों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहते है। इनका लोगों के साथ भाईचारे व अपनत्व होने के कारण यह बेहतर अधिकारी है। ई० बृजलाल ठाकुर ने कहा कि जो सम्मान उन्हें राज भवन शिमला की ओर से मोहित चावला द्वारा दिया गया है वह लोगों के प्यार की वजह से ही मिल पाया है। उन्होने कहा कि सभी लोगों को अके प्रति निष्ठावान व ईमानदार होना चाहिए। उन्होंने लोगों से आवाहन किया है, कि वह कोरोना काल की इस संकट की घड़ी में जरूरतमंद लोगों की सेवा करे व इस बीमारी से बचने को लेकर लोगों को ज्यादा से ज्यादा जागरूक करे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित प्रदेश मंत्रिमण्डल की बैठक में प्राथमिक और उच्च शिक्षा विभाग में कार्यरत अंशकालीन जलवाहकों के मानदेय में 300 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि कर 2400 रुपये ये बढ़ाकर 2700 रुपये प्रतिमाह करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमण्डल ने 25 जून, 1975 से 21 मार्च, 1977 तक आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की सुरक्षा और लोगों के मौलिक अधिकारों के लिए आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था अधिनियम (मीसा) और डीआईआर डिफैंस ऑफ़ इण्डिया रूल के तहत एक से 15 दिनों तक कैद में रहे लोगों को 8000 रुपये प्रति माह और 15 दिनों से अधिक अवधि तक कैद में रहने वालो को 12000 रुपये प्रतिमाह लोकतंत्र प्रहरी सम्मान राशि के रूप में प्रदान करने का निर्णय लिया है। बैठक में सरकारी स्कूलों में अंशकलीन मल्टी टास्क वर्कर्स को सम्मिलित करने के लिए एक नीति तैयार करने को स्वीकृति दी। इसके तहत प्रारम्भ में 7852 योग्य बेरोजगारों को स्थानीय स्तर पर मानदेय अर्जित करने का अवसर प्रदान किया जाएगा। इन कार्यकर्ताओं को अकादमिक वर्ष के दौरान 10 महीनों के लिए छः घण्टे के लिए प्रतिदिन 31.25 रुपये प्रति घण्टे का मानदेय दिया जाएगा। मंत्रिमण्डल ने देश की सेवा के लिए भारतीय सेना/नौसेना/वायु सेना व अर्द्ध सैनिक बल में शामिल होने के इच्छुक युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए जिला मण्डी के सरकाघाट क्षेत्र के बर्चवाड में प्रशिक्षण अकादमी/केन्द्र स्थापित करने को अपनी स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने शिमला में लोक निर्माण विभाग के तहत नए बागवानी खण्ड खोलने का निर्णय लिया। बागवानी विभाग के वर्तमान सभी उप-मण्डलों को इस मण्डल के प्रशासनिक नियंत्रण में लाया जाएगा। यह नया बागवानी मण्डल जैव इंजिनियरिंग तकनीक के माध्यम से सड़क के किनारे पौधरोपण और ढलान स्थिरता जैसी गतिविधियांे को सुनिश्चित करके हरित सड़कों के निर्माण में मदद करेगा। वैश्वीकरण की चुनौतियों का सामना करने और व्यवसाय के तरीकों में नियोक्ता को लचीलापन प्रदान करने की दृष्टि से, श्रमिकों को लाभान्वित करने के अतिरिक्त राज्य मंत्रिमंडल ने औद्योगिक रोजगार (स्थाई आदेश) हिमाचल प्रदेश (संशोधन) नियम-2019 को मंजूरी प्रदान की। औद्योगिक रोजगार (स्थाई आदेश) अधिनियम, 1946 तथा इसके उपरांत बनाए गए नियमों के तहत अपने अधिकार क्षेत्र में औद्योगिक प्रतिष्ठान निश्चित अवधि के रोजगार श्रमिकों के लिए प्रावधान किए गए हैं। यह ‘फिकस्ड टर्म एम्पलाॅयमेंट वर्कमेन’ को समान वैधानिक लाभ देगा, जो नियमित कर्मचारियों को दिए जा रहे हैं। इससे अनुबंध अधिकारियों का शोषण कम होगा, क्योंकि नियोक्ता बिना किसी मध्यस्थ के निश्चित समय अवधि के लिए श्रमिकों को अनुबंध आधार पर काम पर रख सकेगा। मंत्रिमंडल ने ऊना जिले की हरोली तहसील में पल्कवाह खास में हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा निर्मित कौशल विकास संस्थान को भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान को लोक निर्माण विभाग द्वारा मूल्यांकित दरों पर पट्टे पर देने का निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग के मैनुअल 2019 और सीपीडब्ल्यूडी के विभिन्न प्रकाशनों को अपनाने की स्वीकृति प्रदान की। इससे पारंपरिक निर्माण विधाओं पर प्रभुत्व हासिल करने के लिए नई उभरती निर्माण तकनीकों को अपनाकर विभाग में बदलाव लाए जाएंगे। यह राज्य लोक निर्माण विभाग के लिए मार्गदर्शक पुस्तक का कार्य करेगा, क्योंकि केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के पास महानिदेशक के नेतृत्व में अपना स्वयं का डिजाईन निदेशालय है। विभिन्न अधिनियमों के तहत बनाए जाने वाले रजिस्टरों/प्रपत्रों की संख्या को कम करने और राज्य में विभिन्न श्रम कानूनों की आवश्यकताओं के अनुपालन उपायों के लिए मंत्रिमंडल ने विभिन्न श्रम नियमों के तहत हिमाचल प्रदेश अनुपालन सुगमता रजिस्टर नियम, 2019 को अपनाने का निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने मैसर्स अर्नेस्ट एंड यंग (ईवाई) को ईज ऑफ़ डूइंग बिजनेस (राज्य व्यापार सुधार कार्य योजना और जिला व्यापार सुधार कार्य योजना) और राज्य में निवेश प्रोत्साहन के लिए परामर्शी सेवाएं प्रदान करने हेतु रिसोर्स व्यक्तियों की नियुक्ति करने को अपनी मंजूरी दी।
उपमंडल फ़तेहपुर के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राजा का तालाब में शुक्रवार को विभिन्न बाहरी राज्यों से आए 40 लोगों के थ्रोट सैंपल लिए गए। सभी सैंपल को टांडा भेजा गया है। सभी सैंपल की रिपोर्ट शनिवार शाम तक आने की संभावना है। इससे पहले शुक्रवार सुबह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत राजा का तालाब में थ्रोट सैंपल लेने वाली टीम में डॉ. गौरव नाग, डॉ. त्रिनेत्रा भारती, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक राकेश नाग, फार्मासिस्ट सतविंदर कौर, स्वास्थ्य कार्यकर्ता शबनम, आशा वर्कर सरोज कुमारी, सुदेश कुमारी, तृप्ता देवी, संजना देवी , रमेश सिंह शामिल रहे। खण्ड चिकित्सा अधिकारी फ़तेहपुर डॉ.रंजन मेहता ने जानकारी देते हुए बताया कि शुक्रवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राजा का तालाब में कुल विभिन्न बाहरी राज्यों से आये 40 लोगों के थ्रोट सैंपल लिए गए हैं। सभी सैंपल को मेडिकल कॉलेज टांडा भेजा जा रहा है। इनकी रिपोर्ट शनिवार शाम तक आने की संभावना है। डॉ. मेहता ने लोगों से आग्रह किया कि क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति को बुखार, गले मे खराश व खांसी से संबंधित कोई समस्या नजर आती है, तो वो घबराएं नहीं। अपितु इसकी जानकारी तुरन्त स्वास्थ्य विभाग को दें। उन्होंने लोगों से आग्रह किया हैं कि बार बार हाथ धोएं, मास्क पहनें, हैंड सेनिटाइजर व सामाजिक दूरी का विशेष ध्यान रखकर खुद्द भी कोरोना संक्रमण से बचें व औरों को भी इस वायरस से बचाएं।
बिलासपुर की प्रमुख समाजसेवी संस्था नगर सुधार समिति बिलासपुर ने समिति अध्यक्ष दिनेश कुमार की अगुवाई में कोविड-19 में बेहतर सेवाएं देने के लिए नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों तथा उनके सुपर वाईजर राजेश कुमार, रोहित कुमार व सभी सफाई कर्मचारियों एवं कार्यकारी अधिकारी उर्वशी वालिया, जिला स्वास्थ्य अधिकारी प्रविन्द्र सिंह, वार्ड सिस्टर उर्मिला चौहान को सम्मानित किया। इस मौका पर समिति के अध्यक्ष दिनेश कुमार ने कहा कि बिलासपुर शहर में महामारी के दौरान चाहे डेंगू के समय और अब कोरोना में नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों व स्वास्थ्य विभाग का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि संस्था ऐसे कर्मियों व अधिकारियों को नमन करती है तथा आशा करती है कि आगे भी बिलासपुर को स्वच्छ रखने व ऐसे ही बिलासपुर वासियों के स्वस्थ्य की चिन्ता करते रहें ताकि जनमानस स्वस्थ रह सके। इस मौके पर समिति के उपाध्यक्ष संजीव ढिल्लो, प्रेस सचिव तनुज सोनी, रामप्यारी ठाकुर, सुनीता देवी, देवेन्द्र सिंह, रोशन लाल, धर्मपाल, नरेश कुमार मौजूद थे।
जब से देश मे वैश्विक महामारी कोरोना का दौर चल रहा है तब से ही व्यापार मण्डल कुनिहार अपना कर्तव्य समझते हुए प्रशासन के हर दिशा निर्देशों का पालन करते हुए एहतियात बरत रहा है। इसीका नतीजा है कि आज कुनिहार इस वैश्विक बीमारी से दूर है। यह बात व्यापार मण्डल के प्रधान सुमित मित्तल ने कही है। उन्होंने कहा कि कुनिहार का हर व्यापारी एक जागरूक नागरिक का कर्तव्य निभा रहा है और मास्क,सोसल डिस्टेंसिंग व सेनेटाइजर जैसे हर नियम का पालन करते हुए व्यापार कर रहा है। उन्होंने कहा कि कुनिहार बाजार के प्रति जो अफवाहें फैली हुई है कि वँहा एक कोरोना संक्रमित व्यक्ति घुमा है बिल्कुल गलत है वह व्यक्ति जिसकी अफवाहें फैल रही है वह कुनिहार अस्पताल तक अपनी दादी को लेकर आया था और वन्ही से वापिस चला गया था उसके बाद एहतियात के तौर पर अस्पताल को बंद कर दिया गया था और अस्पताल के सभी कर्मचारियों के कोरोना टैस्ट भी हो चुके हैं जिनमे सभी की रिपोर्ट नेगिटिव आई है इसलिए किसी को भी अफवाहों से डरने की आवश्यकता नही है। बाजार में आने वाले व्यापारीयो व ग्राहकों के लिए बाजार के प्रवेश पर सेनेटाइजर का इंतजाम किया गया है। सुमित मित्तल ने सभी लोगों से अपील की है कि कोई भी सत्यता को बिना जाने ऐसी अफवाहों को न फैलाए जिससे लोगो में भय का माहोल हो।
दिन शनिवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा कसौली मंडल द्वारा हिमाचल प्रदेश सरकार में समाजिक न्याय अधिकारिता एवं सहकारिता मंत्री डॉ राजीव सैजल के जन्मदिवस पर गलवान घाटी में शहीद हुए वीर जवानों को नमन करते हुए रक्त दान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। रक्त दान शिविर का आयोजन धर्मपुर के आर्य समाज भवन में किया जाएगा। रक्त दान शिविर प्रातः 10:30 बजे से प्रारंभ होगा। इस मौके पर समाजिक न्याय अधिकारिता एवं सहकारिता मंत्री डॉ राजीव सैजल बतौर मुख्यातिथि उपस्थित रहेंगे। भाजपा कसौली मंडल के अध्यक्ष कपूर सिंह वर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। भारतीय जनता युवा मोर्चा कसौली मंडल के अध्यक्ष वरुण शर्मा ने सभी लोगो से आग्रह किया कि सभी बढ़- चढ़ कर इस शिविर में अपना योगदान दें।
विधायक सुभाष ठाकुर ने आज बिलासपुर सदर विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत ननांवा व कुह मझवाड़ में किए जा रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस मौके पर सुभाष ठाकुर ने बताया कि बिलासपुर जिला के सदर विधान सभा क्षेत्र में अनेक विकास कार्य प्रगति पर है। जिन्हें शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि लगभग 44 लाख रुपये को लागत से निर्मित मुख्य मार्ग टिहरा से डैहर सड़क का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। शकरोहा से गवाल्मुथानी सड़क की टायरिंग पर लगभग 27 लाख रुपये की राशि व्यय की गई है। उन्होंने बताया कि मंदरीघाट से कुहघाट वाया हरिजन बस्ती लुसाहन सड़क का कार्य प्रगति पर है जिस पर लगभग 70 लाख रुपये की राशि व्यय की जा रही है। उन्होंने बताया कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गवालमुथानी में स्टेडियम व सुरक्षा दिवार पर लगभग 30 लाख रुपये की राशि व्यय की जा रही है। उन्होंने बताया कि सोहर से जबल्याणा सड़क का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है जिस पर लगभग 17 लाख रुपये की राशि व्यय की गई है। उन्होंने बताया कि उठाऊ सिंचाई योजना ननांवा के पानी वितरण सुधार पर लगभग 23 लाख 93 हजार रुपये की राशि व्यय की जाएगी जिससे 45.28 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। कार्य शीघ्र ही आरम्भ कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मणी खड्ड पर चैक डैम व वाटर क्रेट लगाने के लिए लगभग 2 करोड़ रुपये की राशि व्यय की जाएगी। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत ननांवा व कुह मझवाड में लगभग 250 परिवारों को नल की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत सरकार प्रत्येक घर में पानी के नल लगाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि लिंक रोड भगोट के निर्माण पर लगभग 58 लाख रुपये की राशि व्यय की जा रही है। जबल्याणा से मझवाड़ सड़क पर इंटर लाॅक टाईल व सुरक्षा दिवार पर 11 लाख तथा कुहघाट से लेगडी सड़क की टायरिंग पर लगभग २० लाख रुपये की राशि व्यय की गई है। उन्होंने बताया कि जबल्याणा से मझवाड सड़क पर क्रेश वेरियर, सुरक्षा दिवार व टायरिंग के कार्य पर लगभग 14 लाख 50 हजार रुपये की राशि व्यय की जा रही है। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत उठाउ पेयजल योजना जबल्याणा के विस्तारीकरण पर लगभग एक करोड़ 50 लाख रुपये व्यय किए जाएगा। घारत पलेला बहाव, पेयजल योजना के अंतर्गत आने वाले प्रत्येक घर को नल की सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि गांव संताली में 14 हजार 300 लीटर का वाटर स्टोरेज टैंक बनाया जाएगा। जिससे संताली, खटेरा, गहरू, लुशान वकागरी बांव के लोगों की सुविधा होगी। इस अवसर पर सुभाष ठाकुर ने लोगों की समस्याओं को भी सुना तथा आवश्यक किया कि उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा। इस मौके पर भाजपा मंडल महामंत्री पवन, उप प्रधान दिला राम भाजपा युवा मोर्चा के सचिव पंकज, वार्ड सदस्य बिटू, रीना देवी व मस्त राम, एस.डी.ओ. लोक निर्माण सुरम सिंह, एस.डी.ओ. जल शक्ति विभाग आशीष कुमार, एस.डी.ओ. विद्युत राम पाल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष पद पर इंदु गोस्वामी के नाम की अनौपचारिक और गैर आधिकारिक घोषणा के उपरांत यू टर्न लेना भाजपा के अंदर सब कुछ ठीक ना होने का संकेत दे रहा है। हालांकि तीन दिनों से लगातार सोशल मीडिया पर इंदु गोस्वामी का नाम चर्चा में था और अधिकांश उनके समर्थक उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की शुभ कामना भी दे चुके थे लेकिन भाजपा द्वारा इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की जा रही है। यहां तक कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विजय वर्गीय ने भी अपना ट्वीट वापस लेते हुए कहा है कि उनकी टीम द्वारा यह गलत पोस्ट हो गया था। यहां उल्लेखनीय है कि भारतवर्ष में भाजपा को अनुशासित पार्टी कहा जाता है और भाजपा के नेताओं की छवि जनता में अन्य नेताओं से काफी ऊपर है। कहा जा सकता है कि भाजपा नेताओं की हर बात को जनता गंभीरता से लेती है और सोशल मीडिया पर जिस तरह से इंदु गोस्वामी का नाम भारतीय जनता पार्टी के हिमाचल प्रदेश अध्यक्ष के रूप में चल रहा था उसके बाद जब भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव ने ट्वीट करके इंदु गोस्वामी को बधाई दी तो अधिकांश जनता और कार्यकर्ता यह समझ चुकी थी कि इंदु गोस्वामी को ही भाजपा का नया अध्यक्ष बनाया गया है लेकिन उसके बाद यह कहना कि एक टीम की गलती के कारण हो गया था यह बात आम जनता और कार्यकर्ताओं के गले नहीं उतर रही है। यह भी चर्चा होने लगी है कि पिछले चार दिनों से इंदु गोस्वामी को लेकर जो सीन चल रहा है कहीं यह इंदु विरोधियों की चाल तो नहीं। वैसे भी जिस समय राज्यसभा के लिए इंदु गोस्वामी का नाम प्रस्तावित हुआ था तो भी सब कुछ अचानक हुआ था और उस समय भी इंदु गोस्वामी का नाम पैनल तक में नहीं था लेकिन बाद में यह सभी को यह स्वीकार करना पड़ा था। पिछले कुछ दिनों से भाजपा के अंदर कांगड़ा में जो उथल-पुथल चल रही है गोस्वामी का नाम प्रस्तावित करने के बाद उसकी आधिकारिक घोषणा ना हो पाना कहीं यह भाजपा के अंदर चल रही उथल-पुथल का ही परिणाम तो नहीं है। वैसे भी डॉ राजीव बिंदल का नाम जिस समय भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के लिए आया था तो वह भी अप्रत्याशित था क्योंकि उस समय डॉक्टर राजीव बिंदल को मंत्री बनाए जाने की चर्चाएं सोशल मीडिया पर चल रही थीं। यहां पर यह भी ध्यान देने योग्य बात है कि डॉ राजीव बिंदल का त्यागपत्र भी एकदम ही स्वीकार कर लिया गया। अभी भी यह कहा जा रहा है कि गोस्वामी ही प्रदेश भाजपा की अध्यक्ष होंंगी लेकिन आधिकारिक रूप से घोषणा न होने को लेकर के भाजपा की हाई कमान के बारे में आम जनता और कार्यकर्ताओं में सुगबुगाहट का दौर लगातार जारी है। देखना है कि ऊंट किस करवट बैठता है।
प्रदेश सरकार ने गत ढाये वर्षों के दौरान विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत राज्य में 10,000 घरों का निर्माण किया है। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने शुक्रवार को शिमला से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न आवास योजनाओं के लाभार्थियों के साथ बातचीत करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश, देश का एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां प्रत्येक लाभार्थी को घर निर्माण के लिए एक लाख 50 हजार रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरम्भ में यह राशि एक लाख 30 हजार रुपये थी। यह राशि वर्तमान सरकार द्वारा गत वित्त वर्ष के दौरान बढ़ा दी गई थी। वर्तमान वित्त वर्ष में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत 20 हजार रुपये की वृद्धि की गई है। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद और गरीब लोगों की सुविधा के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत 10 हज़ार नए घर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि गत वित्त वर्ष के दौरान इन योजनाओं के अंतर्गत आने वाले लाभार्थियों की तुलना में यह लक्ष्य लगभग दोगुना है। सरकार ने इन योजनाओं के तहत लाभार्थियों को अपना घर बनाने के लिए मनरेगा के अंतर्गत 95 दिन काम करने की अनुमति प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत केवल सामान्य श्रेणी के बीपीएल परिवारों को ही घर बनाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही थी, परन्तु वर्ष 2018-19 में वर्तमान सरकार ने सभी श्रेणियों के परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। जय राम ठाकुर ने कहा कि अपना घर होना प्रत्येक व्यक्ति का सपना होता है और प्रदेश सरकार जरूरतमंदों को वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है ताकि वे अपना सपना पूरा कर सकें। उन्होंने कहा कि सरकार लाभार्थियों को अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के साथ-साथ मुफ्त बिजली और पानी के कनैक्शन भी प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी ने पूरे विश्व के सामने चुनौती प्रस्तुत की है, परन्तु भारत के लोग भाग्यशाली हैं क्योंकि दूरदर्शी और सशक्त प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से सभी सुरक्षात्मक उपायों जैसे फेस-मास्क, हैंड सेनिटाइज़र तथा सामाजिक दूरी बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा इस संकट से निपटने के लिए उठाए गए कदमों की प्रधानमंत्री ने भी सराहना की है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि यह मुख्यमंत्री के प्रयासों का ही नतीजा है की प्रदेश में सभी लोगों के पास अपने घर हैं। निदेशक ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज ललित जैन ने विभाग द्वारा कार्यान्वित की जा रही विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। जिला मण्डी के दुनीचंद, जिला ऊना के गुरचरन, जिला शिमला की शकुन्तला देवी, जिला किन्नौर की महाबौध, जिला लाहौल-स्पीति के हीरालाल, जिला सोलन के चमनलाल, जिला बिलासपुर के शवेंद्र राणा, जिला चम्बा की शीतल, जिला कुल्लू के जोगिंद्र सिंह, जिला हमीरपुर की सुमना देवी, जिला कांगड़ा के अभिनव कुमार और जिला सिरमौर के अमित कुमार ने मुख्यमंत्री से संवाद किया और घर बनाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
प्रदेश कांग्रेस सोशल मीडिया सेल के चेयरमैन अभिषेक राणा ने अब देश में शिक्षा के साथ हो रही साजिश का गंभीर खुलासा किया है। अभिषेक ने कहा है कि अब देश में राजनीतिक स्वार्थ की पूर्ति के लिए भावी पीढ़ी के लोकतांत्रिक अधिकार को छीनने का सुनियोजित षड़यंत्र शुरू किया गया है। अभिषेक ने बताया कि सीबीएसई सिलेबस की कुछ कक्षाओं की किताबों से धर्म निरपेक्षता, राष्ट्रवाद जैसे कई अहम सब्जेक्ट को मौजूदा शैक्षणिक वर्ष के पाठ्यक्रम से हटा दिया गया है। इससे समझ में आता है कि 30 फीसदी पाठ्यक्रम कटौती के नाम पर प्रचंड बहुमत से जीती बीजेपी सरकार भारत की भावी पीढ़ी को इन अहम विषयों को ज्ञान से महरूम रखना चाहती है, ताकि भावी पीढ़ी स्वार्थ की राजनीति पर सवाल ही न उठा सके। उन्होंने कहा कि अगर पाठ्यक्रम में 30 फीसदी कटौती की ही बात थी तो इन पाठ्यक्रमों से आंशिक तौर पर गैर ज़रूरी विषयों को कुछ स्तर तक हटाया जा सकता था, लेकिन सरकार की सरपरस्ती में सीबीएसई ने तो छात्रों का लोकतांत्रिक अधिकार ही छीन लिया है, जिसमें अब लोकतांत्रिक अधिकार का चैप्टर धर्मनिरपेक्षता, जाति-धर्म का पाठ छात्र पढ़ ही नहीं पाएंगे जिस कारण से देश की भावी पीढ़ी के समग्र मौलिक विकास पर खतरा मंडराने लगा है। सीबीएसई पाठ्यक्रम की महत्वपूर्ण कक्षाओं में संघीय ढांचा, राज्य सरकार नागरिकता, राष्ट्रवाद और धर्मनिरपेक्षता जैसे अहम ज्ञान के विषयों पर इसका असर दिखेगा। हालांकि शिक्षा के प्रति हो रही इस साजिश को अंजाम देने के लिए अभी तक 1 वर्ष के लिए इस सिलेबस को हटाने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि सीबीएसई बोर्ड के मुताबिक एक अहम कक्षा के सामाजिक विज्ञान की किताब से 5 चैप्टरों में से 1 लोकतांत्रिक अधिकार को पूरी तरह हटा दिया गया है। वहीं एक अन्य कक्षा की किताबों से किसान, जमींदार, राज्य बंटवारे, विभाजन और देश द्रोह पर सेक्शन-द बाँबे डेकन और द डेकन राईट कमिश्नर जो साहुकारों के खिलाफ किसानों के आंदोलन पर आधारित है। इन सभी विषयों को भी हटा दिया गया है। कार्यस्थल पर भारतीय संविधान के तहत आने वाले फेडरलिज्म जैसे टॉपिक स्थानीय सरकारों की जरूरत, भारत में स्थानीय सरकार की ग्रोथ जैसे चैप्टर, पॉलिटिक्ल साईंस सब्जेक्ट से हटाया गए हैं। इसी तरह प्लस टू के छात्रों को अब मौजूदा वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था का बदलता स्वरूप, नीति आयोग, जीएसटी जैसे विषय भी नहीं पढ़ाए जाएंगे। हटाया गया पाठ्यक्रम बोर्ड की परिक्षाओं और अतिरिक्त मुल्यांकन के लिए निर्धारित विषयों का हिस्सा नहीं होगा। कुल मिलाकर 30 फीसदी कटौती के नाम पर भविष्य में भावी पीढ़ी के खिलाफ एक बड़ी साजिश रची गई है।
जिला सोलन कांग्रेस कमेटी में अनिल गुप्ता की उपाध्यक्ष पद पर ताजपोशी से इलाके में खुशी की लहर है। अनिल गुप्ता दाड़लाघाट पंचायत से सम्बंध रखते है। इससे पूर्व में 2014-15 में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी में प्रवक्ता व कांग्रेस कमेटी अर्की में उपाध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुके हैं। दाड़लाघाट में अनिल गुप्ता वीरभद्र सिंह के हनुमान के नाम से जाने जाते हैं। अनिल गुप्ता को उपाध्यक्ष बनाने पर स्थानीय लोगों ने पूर्व मुख्यमंत्री व वर्तमान विधायक अर्की राजा वीरभद्र सिंह,कांग्रेस पार्टी प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर, शिमला ग्रामीण विधायक विक्रमादित्य सिंह, कौल सिंह ठाकुर, मुकेश अग्निहोत्री, सुखविंदर सिंह सुक्खू, जिला सोलन कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शिव कुमार का धन्यवाद किया है। इस अवसर पर सुरेंद्र वर्मा, अरुण शुक्ला, तिलक शर्मा, वीरेंद्र शर्मा, राजेश शर्मा, मदन शर्मा, सत्या पाल शर्मा, जगदीश ठाकुर, मोहन सिंह ठाकुर, सुरेश गांधी, इंदर सिंह चौधरी, चेतराम ठाकुर, हेतराम ठाकुर, शंकर लाला, मनोज गौतम, कमल कांत चंदेल, रमेश गौतम, पवन शर्मा, पवन ठाकुर, प्रेम केशव, दीपक गजपति ने नेताओं का आभार जताया है कि अनिल गुप्ता को मिली इस जिम्मेवारी से इलाके में कांग्रेस पार्टी मजबूत होगी।


















































