हिमाचल प्रदेश उद्यान उपज विपणन एवं विधायन निगम लि. (एचपीएमसी) के प्रवक्ता ने बताया कि निगम द्वारा सेब सीजन 2020 के मध्यनजर बागवानों को समय रहते तथा उचित मूल्यों पर पैकिंग सामग्री जैसे कार्टन, ट्रे और सेपरेटर आदि की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु 26 फर्मों का चयन (ऐमपेनल) किया है। प्रवक्ता ने बताया कि एचपीएमसी द्वारा सेब की पैकिंग सामग्री के तय दामों की सूची निगम की वेबसाईट पर उपलब्ध करवाई गई है। प्रवक्ता ने सभी बागवानों से निवेदन किया है कि वे अपने मांगों की बुकिंग हेतु एचपीएमसी की सम्बन्धित शाखाओं से सम्पर्क करें तथा पैकिंग सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
बिलासपुर के नौजवान अंशुल शर्मा की रहस्यमयी मौत के चलते बिलासपुर शहर में शोक की लहर दौड़ गई है तथा बिलासपुर के युवाओं में डर पैदा हो चुका है। शनिवार को नगर सुधार समिति का प्रतिनिधि मण्डल समिति के प्रधान दिनेश कुमार की अध्यक्षता में उपायुक्त से मिला तथा इस रहस्यमयी मौत की उच्चस्तरीय जांच करने के बारे में ज्ञापन उपायुक्त महोदय के माध्यम से मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश सरकार को भेजा। ज्ञापन में निम्नलिखित तथ्यों पर जांच करने हेतु कहा गया जैसे-स्वर्गीय अंशुल शर्मा पुत्र चमन लाल शर्मा एक तंदुरूस्त नौजवान था दिनांक को किन परिस्थितियों में वह घर से अपने पैतृक गांव जिला मण्डी की तरफ घर में बिना बताए चला गया। स्वर्गीय अंशुल शर्मा की रहस्यमयी मौत से पहले उसकी किन-किन से फोन पर बात हुई तथा किस-किस व्यक्ति से वो मिला था। ऐसी क्या मजबूरी थी कि स्वर्गीय अंशुल शर्मा ने आत्महत्या कर ली तथा फेसबुक पर जो वीडियो वायरल हुआ है वोआत्महत्या से कितनी देर पहले का है। फेसबुक पर वायरल वीडियों से पूरा हिमाचल सकते में है तथा यहां पर डर का माहौल बना हुआ है। इसकी सच्चाई क्या है? स्वर्गीय अंशुल शर्मा की किन-किन लोगों से अधिकतम फोन पर बात हुआ करती थी तथा उन लोगों का क्या कारोबार है यह भी जांच का विषय है। ऐसी क्या मजबूरी व डर स्वर्गीय अंशुल शर्मा को था कि वो आत्महत्या करने पर मजबूर हो गया। अगर गहनता से इस रहस्यमयी मौत की न्यायिक जांच करवाई जाए तो इसमें कई नशा माफियाओं पर शिकंजा कसा जा सकता है तथा इस मौत से कई नशा माफियों के रहस्यमयी पर्दे उठने की संभावना है। उन्होंने कहा कि इस न्यायिक जांच द्वारा किसी बेकसूर को सजा न मिल सके तथा दोषियों को बक्शा न जाए तथा सच्चाई को जनता के सामने लाया जा सके और मृतक के परिवार वालों को न्याय मिल सके तथा मृतक की आत्मा को शांति मिल सके। इस मौका पर महामंत्री राजेन्द्र गौतम, उपाध्यक्ष संजीव ढिल्लो, प्रेस सचिव तनुज सोनी, देवेन्द्र सिंह, तुलसी राम ठाकुर, नरेष सोनी, रामप्यारी ठाकुर, सुनीता देवी, चम्पा देवी, कुलदीप शर्मा, ओम प्रकाश मैहता, धनीराम सौंखला, नसीम मुहम्मद, धर्मपाल, रामहरि, मनोहर लाल, ज्ञान चन्द आदि उपस्थित थे।
उपण्डलाधिकारी सोलन रोहित राठौर ने डेंगू, पीलिया, स्क्रब टाईफस, आन्त्रशोथ (गेस्ट्रोएनट्राइटिस), अतिसार तथा हैजा जैसे विभिन्न जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए आयोजित खण्ड स्तरीय समन्वय समिति की एक बैठक की अध्यक्षता की। रोहित राठौर ने कहा कि वर्षा ऋतु में विभिन्न जलजनित एवं अन्य रोग होने की सम्भावना अधिक रहती है। इनसे बचाव के लिए आवश्यक है कि उपमंडल सोलन में पारम्परिक जल स्त्रोतों के साथ-साथ विभिन्न जलापूर्ति योजनाओं को समय पर साफ किया जाए तथा घर के आसपास पानी एकत्र न होने दिया जाए ताकि मच्छर पनपने की सम्भावना न के बराबर रहे। उन्होंने कहा कि लोगों को यह भी समझाया जाना चाहिए कि पारम्परिक जल स्त्रोत समुचित देखभाल एवं साफ-सफाई के साथ ही दीर्घावधि तक लोगों को शुद्ध जल उपलब्ध करवा सकते हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि उपमंडल में पेयजल भंडारों एवं पारम्परिक जल स्त्रोतों की आवश्यकतानुसार एवं समबयबद्ध क्लोरिनेशन करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सभी पेयजल स्त्रोतों से समय-समय पर जल के नमूने एकत्र किए जाएं तथा पेयजल पीने योग्य न पाए जाने पर पेयजल स्त्रातों के निरीक्षण के लिए गठित समिति नियमानुसार कार्यवाही अमल में लाए। उन्होंने कहा कि सोलन उपमंडल में उपायुक्त सोलन के निर्देशानुसार पंचायत स्तर पर पेयजल स्त्रोतों की गुणवत्ता जांच के लिए रेंडम सैंपलिंग की जाए ताकि जलजनित रोगों से बचा जा सके और पेयजल को शुद्ध रखा जा सके। उन्होंने सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि पंचायत स्तर पर भी ब्लीचिंग पाउडर की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित बनाई जाए। रोहित राठौर ने कहा कि सभी क्षेत्रों में ऐसे पेयजल स्त्रोतों के पास सूचना पट्ट लगाए जाएं जहां का जल पीने योग्य नहीं है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे केवल उन्हीं प्राकृतिक जल स्रोतों, बावड़ियों का पानी प्रयोग में लाएं जो सुरक्षित हैं। जिन बावड़ियों पर पानी न पीने के संबंध में चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं वहां का पानी प्रयोग में न लाएं। उन्होंने खण्ड चिकित्सा अधिकारी चण्डी को निर्देश दिए कि जन-जन को क्लोरीन की गोलियां उपलब्ध करवाएं। सभी स्वास्थ्य संस्थानों में जलजनित रोगों की दवा एवं अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करवाई जाएं। उन्होंने कहा कि जलजनित रोगों से बचाव के लिए स्वास्थ्य कर्मी, स्वयंसेवी संस्थाएं, आशा कार्यकर्ता समन्वय स्थापित कर कार्य करें। रोहित राठौर ने निर्देश दिए कि उपमंडल के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में अतिसार रोधी दवा तथा ग्लूकोज एवं अन्य चिकित्सीय द्रव्यों की उपलब्धता सुनिश्चित बनाई जाए। उन्होंने कहा कि अतिसार एवं अन्य जलजनित रोगों के फैलने के संबंध में सूचना तुरंत उपलब्ध करवाई जाएं। खण्ड स्तर पर इस दिशा में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के त्वरित कार्यवाही बल तैयार रहें। उन्होंने निर्देश दिए कि मच्छरों से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए घरों में उपयुक्त कीटनाशक का छिड़काव एवं बाहर फोगिंग की जाए।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि कोरोना संक्रमण के समय में जिस समर्पण एवं कर्मठता के साथ विभिन्न विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं आमजन ने पीड़ित मानवता की सेवा के लिए दिन-रात कार्य किया है वह सभी के एिल अनुकरणीय एवं प्रशंसनीय है। डाॅ. सैजल सोेलन जिला के परवाणू में पुलिस, गृह रक्षा तथा अग्निशमन विभाग के अग्रिम पंक्ति के कोरोना योद्धाओं को सम्मानित करने के उपरान्त स्थानीय निवासियों एवं जन-प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श कर रहे थे। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने तदोपरांत परिधि गृह परवाणू में हिमुडा के अधिकारियों व कर्मचारियों को भी कोविड-19 महामारी के समय में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। डाॅ. सैजल ने कहा कि पीड़ित मानवता की सेवा हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे संकट काल में लोग एकजुट होकर न केवल रोगियों को सहायता प्रदान कर रहे हैं अपितु केन्द्र एवं प्रदेश सरकार के आदेशों का पालन भी सुनिश्चित बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं राज्य में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर दृढ़ संकल्प एवं एकनिष्ठ भावना के साथ कोरोना को समाप्त करने के लिए जन सहयोग के साथ समर्पित होकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही अनुसन्धान के साथ कोविड-19 पर लगाम लगाने में सफलता प्राप्त होगी। सहकारिता मंत्री ने कहा कि कोविड-19 से पार पाने के सरकारी प्रयास जन सहयोग के बिना सफल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि जब तक लोग स्वेच्छा से सोशल डिस्टेन्सिग का पालन नहीं करेंगे, घर से बाहर सदैव मास्क पहन कर नहीं जाएंगे और नियमित रूप से साबुन से हाथ धोने का संकल्प नहीं लेंगे तब तक कोरोना वायरस संक्रमण से बचा नहीं जा सकता। उन्होेंने कहा कि लोगों को यह समझना होगा कि स्वस्थ एवं सुरक्षित रहने के यह तीन नियम कोविड-19 के विरूद्ध श्रेष्ठ सुरक्षा चक्र हैं और इन्हें न मानकर लोग अपने परिवार एवं पूरे समाज को खतरे में डाल सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि इन तीन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करवाएं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि इस दिशा में लोगों को स्वयं जागरूक होना होगा। लोग न केवल स्वयं इन तीन नियमों का पालन करें अपितु अन्य से भी इनकी अनुपालना करवाएं। उन्होेंने कहा कि यदि लोग बिना मास्क के आने-जाने वाले तथा सोशल डिस्टेन्सिग न करने वाले लोगों से इनके पालन का आग्रह करें तो ही नियमों की शत-प्रतिशत अनुपालना सुनिश्चित होगी। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्राम वासियों से आग्रह किया कि अपने क्षेत्र में बाहरी राज्यों से आए व्यक्तियों की सूचना स्थानीय प्रशासन को दें और ऐसे व्यक्तियों का होम क्वारेन्टीन पूरा करवाएं। इस अवसर पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डाॅ. डेजी ठाकुर, भाजपा मण्डल कसौली के अध्यक्ष कपूर सिंह वर्मा, जिला भाजपा उपाध्यक्ष दौलत ठाकुर, भाजपा महिला मोर्चा कसौली मंडल की अध्यक्ष ममता ठाकुर, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य राजकुमार सिंगला, सहायक आयुक्त परवाणू विक्रम सिंह नेगी, उप पुलिस अधीक्षक परवाणू योगेश रोल्टा, उप अग्निशमन अधिकारी टीसी ठाकुर सहित स्थानीय निवासी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने कहा है कि प्रदेश में इस समय अराजकता और अस्थिरता का माहौल बना हुआ है। हर रोज प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से किसी न किसी युवा के नशा करके अथवा समाज विरोधी नशा व्यापार के जाल में फंस जाने के कारण मानसिक रोगी होकर अपने प्राण त्याग देने तक को विवश होने के समाचार प्राप्त हो रहे है। उन्होने कहा कि अस्पतालों में बिना इलाज के सैकड़ों रोगियों के प्राण चले जाने के मामले दिन प्रति –दिन बढ़ते चले जा रहे हैं, जिससे आम जन-जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। उन्होने कहा कि यह कोई कम चिंता का विषय नहीं है कि देश की युवा पीढ़ी गलत रास्ते पर भटकती अथवा गलत लोगों के चुंगल में फंस कर अपने जीवन को समाप्त करने पर तुली नजर आ रही है, जिस ओर सरकार और उसका तंत्र कोई ध्यान नहीं दे रहा है। देश की युवा पीढ़ी को बचाने और उनके जीवन को सुरक्षित किए जाने की ओर सरकार द्वारा कोई भी ठोस कदम न उठा पाने और उनके प्रति अपना उत्तरदाईत्व न निभा पाने के कारण युवा पीढ़ी नशे व गलत तत्वों के जाल में फंस कर अपने जीवन की इहलीला समाप्त कर रही है और हजारों परिवार तबाही का शिकार हो रहे हैं। बंबर ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस काल में जिला बिलासपुर में चिट्टा अथवा नशे का व्यापार चलाने के आरोप लगाए जाते थे, किन्तु अब सत्ता में आने पर इसे रोकने के लिए कोई भी उचित कदम नहीं उठाए जा रहे। उन्होने कहा कि महज कुछ नशाखोरों को पकड़ने अथवा जेल में डालने से नहीं बल्कि इसके वास्तविक समगलरों को पकड़ने और जेल में ठोकने की आवश्यकता है, ताकि नशे के व्यापार पर पूर्ण रूप से अंकुश लग सके और बेसमझ युवक–युवतियाँ इस नशे के जाल में फंस कर अपने जीवन को बर्बाद करने से बच सकें। बंबर ठाकुर ने कहा कि सरकार को नशा रोकने के लिए कठोर कदम उठाने चाहिए और गाँव –गाँव में घर -घर जाकर लोगों को जागरूक करने तथा नशे के दुष्प्रभावों बारे सचेत अथवा जागरूक करने की नीति निर्धारित करनी चाहिए ताकि हिमाचल के लाखों युवाओं का जीवन नर्क बनने से रोका जा सके। बंबर ठाकुर ने कहा कि सरकार को इसे अपनी प्राथमिकता में शामिल करके पुलिस के माध्यम से केस बनाने पर नहीं बल्कि नशे के जाल में फंस कर अपने जीवन को बर्बाद कर रहे युवाओं को समझाने और इस रास्ते पर जाने से रोकने के गंभीर प्रयास करने चाहिए। उन्होने कहा कि युवाओं को जेलों में बंद करके नहीं बल्कि उन्हें समझा कर सही रास्ते पर लाने के लिए जागरूक करके उनके बहुमूल्य जीवन को बचाया जाना चाहिए। बंबर ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की सीमाओं पर जब हर जगह पुलिस का कडा पहरा है, तो फिर यह नशा प्रदेश में कहाँ से और किसके द्वारा लाया जा रहा है। उन्होने कहा कि बिना मिलीभगत के सीमाओं से नशा प्रवेश होने का प्रश्न ही पैदा नहीं होता है, इसलिए इस बारे में सरकार को इस माले को गंभीरता से लेकर उचित कदम उठाने चाहिए।
बिलासपुर की डोगरा हौजरी में तैयार होने वाली पीपीई किट अब विदेशों तक पहुुंचेगी। डोगरा हौजरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल फार वोकल के नारे पर आधारित पीपीई किट व सूट के चार सेंपल को भारत सरकार की संस्था द साउथ इंडिया टैक्साईल रिसर्च एसोसिएशन (सिटरा) कोम्युबटूर द्वारा पास हुआ है। अब सैंपल को सिटरा की मंजूरी मिलने के बाद डोगरा हौजरी ने पीपीई किट व सूट बनाने पर कार्य शुरू कर दिया है और यह अब घरेलू मांग को पूरा करने के बाद विदेशों तक भी जाएगी। पूरे हिमाचल में डोगरा हौजरी के पीपीई किट व सूट के चार सैंपल को सिटरा की मंजूरी मिली है। यहां पर आयोजित एक सादे समारोह की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार कुलदीप चंदेल ने कहा कि डोगरा हौजरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल फार वोकल के नारे को सर्वपरि मानते हुए चरितार्थ किया है। इस अवसर पर डा. अरूण पटियाल मुख्यतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर डोगरा हौजरी के एमडी ऋषभ डोगरा ने कहा कि उन्होंने इस कार्य को पूरा करने में जिला प्रशासन का पूर्ण सकारात्मक सहयोग मिला। उन्होंने स्वयं की प्ररेणा से अपे्रल माह से इसकी तैयारी शुरू कर दी थी। उन्होंने इसके लिए पूरा अध्ययन करने के बाद द साउथ इंडिया टैक्साईल रिसर्च एसोसिएशन (सिटरा) द साउथ इंडिया टैक्साईल रिसर्च एसोसिएशन (सिटरा) कोम्युबटूर को पीपीई सूट के सैंपल भेंजे। जहां से 21 जून को उनके सैंपल को मंजूरी मिली क्योंकि उनके पास इससे संबंधित पूरी तकनीकी व मशीन उपलब्धता मौजूद थी। यह पीपीई सूट लगभग साढ़े चार सौ रूपये में उपलब्ध होगा। इस अवसर पर डोगरा हौजरी के चैयरमैन इंद्र सिंह डोगरा, प्रेम डोगरा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
झण्डुता चुनाव क्षेत्र के युवा कांग्रेसी नेता तथा प्रदेश युवा कांग्रेस के सचिव सुधीर कुमार सुमन ने केन्द्र की मोदी सरकार को लोकतंत्र का गला घोंटने वाली तानाशाह सरकार करार दिया है। सुमन ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के अन्तर्गत चुन कर सत्ता में बैठी सामन्तवादी मोदी सरकार अब देश की लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाओं को खत्म करने के लिए दीमक की तरह डटी हुई है और लोकतंत्र की सजग प्रहरी व सरकार में विपक्षी पार्टी की सार्थक आवाज और आलोचना को देशद्रोही बताकर उसे दबाने में लगी हुई है। सुधीर सुमन ने बताया कि मोदी सरकार की सामन्तवादी व तानाशाही सोच का ही परिणाम है कि हिमाचल प्रदेश की वीरभद्र सिंह सरकार में संसदीय सचिव रहे पूर्व विधायक नीरज़ भारती द्वारा मोदी सरकार के काम की, की गई सार्थक और सही आलोचना को देशद्रोह बता कर उन पर मुकदमा दर्ज किया गया है जिसकी हम सभी यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता मोदी सरकार के तानाशाही रवैये की जोर दार निन्दा करते हैं। युवा कांग्रेस के नेताओं ने उप मण्डल अधिकारी (नागरिक) झण्डुता के माध्यम से महामहिम राज्यपाल हिमाचल प्रदेश सरकार को भेजे ज्ञापन में मांग की हैं कि नीरज़ भारती पर दर्ज देशद्रोह के झूठे मुकदमे को वापस लिया जायें अन्यथा यूथ कांग्रेस मोदी सरकार के विरूद्ध इस आन्दोलन को और तेज़ करेगी। इस कार्यक्रम में सुधीर कुमार सुमन के अलावा प्रदेश सचिव अब्दुल खालिक, पूर्व जिला परिषद विजय कौशल, लोकसभा युवा कांग्रेस हमीरपुर के महासचिव लोकेश जोशी, झंडुत्ता युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष जावेद खान, कार्तिक चंदेल, नीतीश चंदेल, पंकज, अतुल शर्मा, आशीष सुमन, जितेंद्र युवा नेता भी उपस्थित थे।
किन्नौर युवा कांग्रेस पदाधिकारियों प्रदेश युंका सचिव कुलवंत नेगी, तीनो ब्लॉक अध्यक्ष प्रशांत नेगी, श्यामननंद नेगी, महासचिव दयाल नेगी, यशवंत नेगी, कार्यालय सचिव भरत नेगी, मीडिया प्रभारी केसर नेगी, सचिव धर्मेश नेगी, सोमेश्वर नेगी, वेद, रोबिन नेगी, व अन्य ने रिकोंग पीओ में प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि नेगी निगम भंडारी ने पार्टी विरोधी कार्य करने व क्षेत्र में कांग्रेस को कमज़ोर करने की कोशिश की है। प्रेस को सम्बोधित करते हुए किन्नौर युवा कांग्रेस मीडिया प्रभारी केसर नेगी ने कहा कि किन्नौर में अधिवक्ता प्रताप नेगी के अध्यक्षता में एक निर्वाचित यूथ कांग्रेस इकाई कार्य कर रही है जिसे प्रदेश युवा कांग्रेस, स्थानीय ज़िला कांग्रेस कमेटी व स्थानीय विधायक की मान्यता प्राप्त है। पिछले कईं वर्षो से इस इकाई ने ज़मीन पर कांग्रेस पार्टी की मजबूती के लिए कार्य किया व पंचायती राज चुनावों व विधानसभा चुनावों में कांग्रेस प्रतियक्षियों की जीत में अहम भूमिका निभाई है। वहीं नेगी निगम व उनके शुभचिंतकों ने हमेशा पार्टी प्रतियक्षि को कमज़ोर करने की कोशिश की है।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और इस प्रयोजन के लिए गठित समिति की सिफारिशों पर अमल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत अधिकारी डाॅ. अजय भंडारी को हिमाचल प्रदेश मानवाधिकार आयोग का सदस्य नियुक्त किया है। डाॅ. अजय भंडारी की नियुक्ति तीन वर्ष की अवधि या 70 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक, जो भी पूर्वतर हो, के लिए होगी।
कुनेड पंचायत में शनिवार सवेरे रीछ ने एक महिला पर हमला कर मौत के घाट उतार दिया। मृतका की पहचान कलमो देवी पत्नी लक्ष्मण वासी गांव रंडियारा के तौर पर की गई है। पुलिस ने मृतका के शव का सीएचसी चूड़ी में पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया है। जानकारी के अनुसार कलमो देवी अपने खेतों में घास काटने के कार्य में जुटी हुई थी। इसी दौरान अचानक रीछ ने कमलो देवी पर हमला कर दिया जिससे महिला ने मदद हेतु चीखना चिल्लाना आरम्भ किया। मौके पर पहुंचे लोगों को देखकर रीछ भाग खड़ा हुआ, लेकिन तब तक कमलो देवी की मौत हो चुकी थी। बाद में लोगों ने पुलिस व वन विभाग को सूचित किया। परिजनों ने लोगो के सहयोग से महिला के शव को उठाकर पोस्टमार्टम के लिए चूड़ी लाया। उधर, पंचायत प्रधान भगत राम ने खबर की पुष्टि की है।
आल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर फैडरेशन के राज्य अध्यक्ष व पूर्व में रहे बीडीटीएस के प्रधान लेखराम वर्मा ने शुक्रवार को बरमाणा में आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्र व हिमाचल राज्य सरकार का डीजल व पेट्रोल की बढाई गई कीमतों को लेकर विरोध किया। इस वार्ता के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार और राज्य सरकारों से मांग की कि बढ़ी हुई कीमतों के निर्णय को रोल बैक किया जाए ताकि ट्रांसपोर्ट जगत से जुड़े लोग इससे प्रभावित न हो। उन्होंने कहा की डीजल की कीमते पैट्रोल की कीमत से भी ज्यादा हो गई है जो चिंता का विषय है। इस से ट्रांसपोर्ट से जुड़े ऑपरेटरों की अर्थव्यवस्था डगमगा जाएगी। आमजन के लिए आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी भारी इजाफा हो गया है। ऐसा पहली बार हुआ है कि कीमतें अंतराष्ट्रीय बाज़ार में कम और देश में पिछले दो हफ्तों से बढ़ रही है। बरमाणा में भी शुक्रवार को को डीजल की बढ़ी हुई कीमतों को लेकर अन्य राज्यों की भांति ट्रांसपोटरों ने आल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर फैडरेशन के राज्य अध्यक्ष के अगुवाई में जोरदार विरोध किया। इस अवसर पर बरमाणा औसती यूनियन के प्रधान रतन लाल ठाकुर ने भी कहा कि एक तरफ देश में कोविड -19 महामारी की आपदा है जिससे आम लोगों की अर्थव्यवस्था बिगड़ी है तो ऐसे समय में सरकार को ऐसा नही करना चाहिए था। वर्मा ने जिला प्रशासन को जताया कि इस दौरान सभी उपस्थित ट्रक ऑपरेटरों ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान लॉ एंड आर्डर को बनाए रखने के लिए हम सभी पूर्ण रूप से उत्तरदायी है। इसमें प्रबंधन समितियों को भी इन योद्धाओं का ख्याल रखना चाहिए। उन्होंने मौजूदा प्रबंधन समिति पर ऐसे समय में घर में बैठने का आरोप लगाया। कहा जबकि इन लोगों को इस आपदा के दौरान ट्रांसपोर्ट से जुड़े ऑपरेटर, चालक व परिचालक की सुरक्षा, स्वास्थ्य व रोजी रोटी का ध्यान रखना चाहिए था। इस अवस्था में इन प्रबंधन समितियों ने घर में छुप कर अपनी नाकामियों का परिचय दिया है क्योंकि ट्रांसपोर्ट से जुड़े चालक व परिचालक हमारी अर्थव्यवस्था की रीड की हड्डी है। क्या इस दौरान इनका ख्याल रखा जा रहा है? प्रशासन से मांग की कि प्रबंधन समितियों से गाईड लाइन की अनुपालना करवाई जाए। उन्होंने कहा कि होम अफेयर गाईड लाइन 21 के तहत वाहन लुक आफ्टर की पालना नहीं हो रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि चालक और परिचालक के खाने की क्या व्यवस्था, ठहरने की व्यवस्था माल की ढुलाई के दौरान रास्ते में उचित ठहराव, विश्राम व्यवस्था, गाड़ी का सनेटाइज होना, चालकों को ग्लव्स, उनकी सुरक्षा स्वास्थ्य को लेकर कपम्लेंट वैन्यू कहां है, इन सभी बातों की प्रबंधन समितियां पालना करें। फेडरेशन सरकार व प्रबंधन समितियों से मांग करती है कि ऑपरेटरों ने लगातार कई वर्षों से अपनी मेहनत से ट्रांसपोर्ट संस्था को सींचा है और आज इस मुश्किल की घडी पर ऑपरेटर, चालक व परिचालक सभी के एकाउंट्स में 10 हजार रूपए जमा करवाकर पुण्य का काम कर सहायता करें। वर्मा ने कहा कि ऑपरेटरों का टीडीएस रुका हुआ है संस्था इस वक्त इसे दिलवाने में कोशिश करे। इस राशि के मिल जाने से जहां ऑपरेटरों का रुका हुआ धन इक्कठा मिलेगा वहीं मौजूदा कोरोना महामारी के चलते ऑपरेटरों को राहत भी मिलेगी। उन्होंने सरकार से मांग की है कि ऑपरेटरों ने अपनी रोजी रोटी चलाने के लिए ऋण लिया है उसमे कोविड के खत्म होने तक ब्याज मुक्त होना चाहिए। इसके अलावा ऑपरेटरों के हितों का ख्याल रखते हुए सरकार से फरियाद की कि इस आपदा की अवधि तक गाड़ियों की इन्शुरेन्स, पासिंग, लोन की किश्ते माफ़ की जाए। उन्होंने केंद्र सरकार और राज्य सरकारों से मांग की कि इनकी जिम्मेदारियाँ सुनिश्चित की जाए।
एक कारगिल योद्धा सूबेदार मेजर, आनरेरी कप्तान का, वेटरन इंडिया एवं सर्व साधारण बुजुर्गो के लिए समर्पित, संग्रहित, एक छोटी सी कहानी जीने की असली उम्र तो 60 साल है। बुढ़ापे में ही असली ठाठ है। ना बचपन का होम वर्क, ना जवानी का संघर्ष, ना 40 की परेशानियां, बेफिक्र दिन, और सुहानी रात। जीने की असली उम्र तो... ना स्कूल की जल्दी, ना ऑफिस की किट किट, ना बस की लाइन, ना ट्रैफिक का झमेला, सुबह रामदेव का योगा, दिन भर खुली धूप, दोस्तों यारों के साथ, राजनीति पर चर्चा आम है। जीने की असली उम्र तो .... ना ममी डैडी की डांट, ना ऑफिस में बॉस की फटकार, पोतो पोतियों के खेल में, बेटे बहू का प्यार, इज़त से झुकते सिर, सबके लिए आशीर्वाद व दूवाओं की भरमार। जीने की असली उम्र तो .... ना स्कूल की डिसिप्लिन, ना ऑफिस में बोलने कि कोई पाबन्दी, ना घर पर बुजुर्गो की रोक टोक, खुली हवा में हंसी के ठहाके, बेफिक्र बातें, किसी को भी कहने के लिए आजाद है। जीने की असली उम्र तो,60 साल है। दोस्तों, मैं किसी से बेहतर करू, क्या फ़र्क पड़ता है । मैं किसी का बेहतर करू, बहुत फ़र्क पड़ता है । जय हिन्द, जय भारतीय सेना, जय वेटरन इंडिया । कप्तान शाम लाल शर्मा शिमला
अर्की विधानसभा क्षेत्र के कुनिहार को मुख्यमंत्री द्वारा अटल आदर्श विद्यालय की सौगात देने पर शुक्रवार को प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रतन सिंह पाल व अर्की भाजपा मण्डल अध्यक्ष देवेन्द्र उपाध्याय की अगुवाई में एक प्रतिनिधि मण्डल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का आभार प्रकट करने शिमला पहुंचा। जँहा प्रतिनिधि मण्डल ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज से भेंट कर कुनिहार में अटल आदर्श विद्यालय खोले जाने की नोटिफिकेशन किए जाने के लिए आभार प्रकट किया। इसके अलावा प्रतिनिधि मण्डल ने कुनिहार में पुलिस थाना व छात्र विद्यालय कुनिहार के मैदान को 20 लाख देने की घोषणा पूरी होने पर भी मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया और आग्रह किया कि जल्द ही कुनिहार आकर इस अटल आदर्श विद्यालय की नींव रखकर अपने कर कमलों द्वारा इसका श्री गणेश करें। pra तिनिधि मण्डल में हाटकोट पँचायत प्रधान सुनीता ठाकुर, रावमापा छात्र कुनिहार के एस एम सी अध्यक्ष रणजीत ठाकुर, व्यापार मण्डल कुनिहार से विशाल कंवर, सुभाष भारद्वाज, पूर्व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अमर सिंह ठाकुर, जिला मीडिया सहप्रभारी इंद्रपाल शर्मा, जिला परिषद सदस्य कंचन माला, बीडीसी सदस्य सीमा महंत, कौशल्या कंवर, प्रतिभा कंवर,अनिल गर्ग, सुरेश जोशी, राजीव शर्मा, विजय सिंह, हँसराज ठाकुर, नवनीत आदि मौजूद रहे।
नशीली दवाओं के सेवन और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस का आयोजन राज्य पुलिस मुख्यालय में किया गया। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर अपने संबोधन में राज्यपाल ने सीमावर्ती क्षेत्रों में गैर कानूनी तस्करी को रोकने के लिए अधिक सतर्कता और सतत प्रयासों पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नशाखोरी से न केवल एक व्यक्ति या परिवार बल्कि पूरा समाज प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को इस सामाजिक बुराई के उन्मूलन के लिए अधिक प्रयास करने की नितांत आवश्यकता है। उन्होंने प्रसन्नता जताई कि पुलिस प्रशासन इस बुराई को रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। उन्होंने लोगों से नशे के विरूद्ध अभियान में पुलिस से सहयोग करने की अपील की। राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवभूमि के नाम से जाना जाता है तथा इसकी संस्कृति, जीवन शैली, विचारधारा बहुत समृद्ध है, परंतु यह दुर्भाग्य की बात है कि राज्य में नशाखोरी की समस्या एक विकराल रूप धारण कर चुकी है तथा यदि इसे शीघ्र न रोका गया तो आने वाले दिनों में स्थिति और अधिक खराब हो सकती है। दत्तात्रेय ने राज्य सरकार द्वारा गैर कानूनी तस्करी को रोकने के लिए ड्रग फ्री हिमाचल ऐप्प को आरंभ करने की पहल का स्वागत किया तथा कहा कि हम तकनीक की सहायता से समाज में परिवर्तन ला सकते हैं। उन्होंने पुलिस के खूफिया विभाग को सुदृढ़ करने की भी सलाह दी। उन्होंने गैर सरकारी संस्थाओं को नशे के विरूद्ध जागरूकता अभियान में शामिल करने का भी सुझाव दिया। राज्यपाल ने कहा कि नशीली दवाओं के सेवन और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस विश्व समुदाय द्वारा इस समस्या से निपटने के लिए हमारे सांझे प्रण और सहयोग का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज हम दो मोर्चों पर लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों मोर्चों पर हमारा पुलिस बल बेहतरीन कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थान, शैक्षणिक संस्थान, गैर सरकारी संस्थान, सामाजिक संगठन और प्रत्येक व्यक्ति को समाज को नशाखोरी की बुराई से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि हमारा पुलिस बल इन संस्थाओं को इस अभियान में भागीदारी के लिए प्रेरित कर रहा है। उन्होंने कहा कि अभिभावक, शिक्षक, चिकित्सक तथा स्वयंसेवी संस्थाओं को प्रशिक्षित करके स्वास्थ्य और पुनर्वास के लिए बड़े स्तर पर प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने अधिक पुनर्वास केंद्र स्थापित करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के नेशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर द्वारा पदार्थों के प्रतिमान तथा अधिकतम उपयोग पर एक राष्ट्रीय सर्वे किया गया है। सर्वे में यह बात सामने आई है कि 10 से 75 वर्ष की आयु के 14.6 प्रतिशत लोग शराब का प्रयोग करते हैं, जिनकी संख्या लगभग 16 करोड़ है। लगभग 5.2 प्रतिशत लोग जिनकी संख्या अनुमानतः 5.7 करोड़ है, शराब के कारण प्रभावित हैं, जिसका अभिप्राय यह है कि भारत में हर तीसरे शराब पीने वाले व्यक्ति को सहायता की आवश्यकता है तथा हम इस प्रकार यह समझ सकते हैं कि यह समस्या कितनी गंभीर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यद्यपि नशा व्यापारियों के खिलाफ बड़ी संख्या में मामले दर्ज किए गए हैं, परंतु इनमें से अधिकतर लोग पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा से संबंधित हैं। उन्होंने कहा कि इसलिए राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता नशा व्यापारियों के बारे में पड़ोसी राज्यों से जानकारी सांझा करना है। उन्हांेने कहा कि उन्हीं की पहल पर हिमाचल के पड़ोसी राज्य जैसे पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, राज्यस्थान आदि राज्य इस सामाजिक बुराई जो हमारे समाज के अस्तित्व के लिए खतरा बन चुकी है, को रोकने के लिए सांझा रणनीति बनाने पर सहमत हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस विषय पर पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ पहली बैठक पंचकुला में आयोजित की गई थी। उन्होंने कहा कि बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि नशा तस्करी पर जानकारी सांझा करने तथा संयुक्त रूप से निगरानी करने के लिए पंचकुला के सांझा सचिवालय स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। जय राम ठाकुर ने कहा कि मादक पदार्थों का इस्तेमाल एक वैश्विक समस्या है तथा हमें अपने समाज के अस्तित्व को बचाने के लिए इसका पूरी ताकत से विरोध करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों के तस्करों को पकड़ने के लिए अधिक सख्त कानून बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जो लोग मादक पदार्थों की तस्करी में सम्मिलित पाए जाएंगे, उनकी संपत्ति जब्त की जाएगी। उन्होंने कहा कि भारी संख्या में युवाओं द्वारा सिंथैटिक ड्रग का प्रयोग करना चिंता का सबब है। उन्होंने कहा कि युवाओं को मादक पदार्थों के हमारे शरीर, दिमाग और समाज पर पड़ने वाले कुप्रभावों पर जागरूक करने के लिए विशेष प्रयास करने चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में नशेड़ियों द्वारा चरस का अधिक प्रयोग किया जाता रहा है, परंतु अब सिंथैटिक ड्रग का सेवन एक बड़ी समस्या के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों की आदत न केवल व्यक्ति बल्कि उससे संबंधित लोगों तथा पूरे समाज पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों के प्रयोग तथा तस्करी के कारण अपराध, बीमारी, सड़क हादसे, घरेलु हिंसा, गाली-गलौच, नौकरी छूटना तथा बेघर होना आदि समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जय राम ठाकुर ने कहा कि युवाओं को रचनात्मक कार्यों से जोड़ने के लिए लंबी अवधि की योजना बनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभिभावकांे को भी अपने बच्चों के असाधारण व्यवहार पर नजर रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नशाखोरी के विरूद्ध अभियान को एक जन आंदोलन बनाया जाना चाहिए तथा किसी भी अभियान की कामयाबी के लिए जन भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अपराधियों को जल्द पकड़ने तथा तस्करी पर जानकारी सांझा करने के लिए प्रभावी तंत्र विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों की लत से व्यक्ति का शारीरिक तथा मानसिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। मुख्यमंत्री ने अपराध का प्रभावी विश्लेषण करने के लिए फिंगर प्रिंट ब्यूरो को एफएसएल जुन्गा से वापिस लेकर पुलिस विभाग के तहत सीआईडी विंग के नियंत्रण में लाने की घोषणा की। उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों की सुविधा के लिए पंथाघाटी के नजदीक राजपत्रित अधिकारियों के लिए मैस निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि साईबर क्राईम प्रयोगशाला को पुलिस विभाग को वापिस सौंपने की मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि शिमला में पुलिस विभाग के गैर राजपत्रित कर्मचारियों के लिए मैस की मांग तथा पुलिस आरक्षी को अगले वेतनमान प्रदान करने के लिए आठ साल की सेवा शर्त को छूट देने की मांग को भी सरकार द्वारा जांचा जाएगा। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की पहल पर ही नशीले पदार्थों की समस्या को हल करने के लिए पड़ोसी राज्य संयुक्त रणनीति बनाने पर सहमत हुए हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थियों का नशाखोरी में संलिप्त पाया जाना चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि शिमला जिसे एक समय देश के शिक्षा हब के रूप में जाना जाता था, अब नशेड़ियों तथा नशा तस्करों के लिए स्वर्ग बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों को नशाखोरी के विरूद्ध प्रेरित करने के लिए अभिभावकों को अपने बच्चों की तरफ अधिक ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को खेलों तथा अन्य पाठेत्तर गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करना चाहिए। अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता निशा सिंह ने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग विद्यार्थियों और युवाओं को नशाखोरी के खिलाफ प्रेरित करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि इस सामाजिक बुराई में पहले से फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए ग्रामीण महिला मंडलों और युवक मंडलों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण हुए लाॅकडाउन में कई युवाओं को सही मार्गदर्शन और पुनर्वास की आवश्यकता है। अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह मनोज कुमार ने कहा कि नशाखोरी एक सामाजिक बुराई है, जिस पर आम लोगों को जागरूक करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस को इन गतिविधियों में शामिल लोगों को पकड़ने तथा इनकी आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने के लिए अग्र सक्रियता दिखानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नशाखोरी के हमारे शरीर, दिमाग और समाज पर पड़ने वाले कुप्रभावों को रोकने के लिए जागरूकता पर विशेष ध्यान देना चाहिए। पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि नशाखोरी तथा नशा तस्करी के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं तथा समाज को बचाने के लिए उन्हें रोकने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस समस्या से प्रभावी रूप निपटने के लिए बहुआयामी रणनीति अपनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि फिंगर प्रिंट ब्यूरो को राज्य पुलिस के तहत लाया जाना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से जांच में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि साईबर अपराध प्रयोगशाला को पुलिस बल के अधीन वापिस लाया जाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से शिमला में पुलिस मैस बनाने तथा राज्य की राजधानी शिमला में विभागीय कार्य से आने वाले जवानों को सहायता प्रदान कर रही गैर सरकारी संस्थाओं के लिए मैस बनाने का भी आह्वान किया। कांगड़ा के पुलिस अधीक्षक विमुक्त रंजन ने इस अवसर पर कांगड़ा जिला में नशा तस्करी के मामलों पर प्रस्तुति दी। सिरमौर जिला के पुलिस अधीक्षक एके शर्मा ने जिला सिरमौर में नशा तस्करी पर अपने विचार सांझा किए। कुल्लू जिला के पुलिस अधीक्षक गौरव ने भी नशा तस्करी विशेषकर कुल्लू जिला में सिंथैटिक दवाओं के इस्तेमाल पर अपने विचार सांझा किए।
प्रदेश सरकार द्वारा पीटीए पैरा एवं पैट शिक्षकों को नियमित करने पर हिमाचल राजकीय संस्कृत शिक्षक परिषद् ने प्रदेश सरकार के माननीय मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज तथा सभी कैबिनेट मंत्रियों व शिक्षा विभाग का आभार प्रकट किया है। परिषद् के प्रदेशाध्यक्ष डॉ मनोज शैल, महासचिव अमित शर्मा कोषाध्यक्ष सोहनलाल, उपाध्यक्ष जंगछुब नेगी, अमरसेन, परमदेव, तेजस्वी शर्मा, संरक्षक डॉ अरुण शर्मा, डॉ दुनीचंद शर्मा, संगठन मंत्री योगेश अत्रि , प्रवक्ता शांता कुमार, बिलासपुर के प्रधान राजेंद्र शर्मा, हमीरपुर के सुनील धीमान, ऊना के बलबीर चंद, शिमला के दिग्विजयेंद्र कालिया, सिरमौर के रामपाल तथा किन्नौर के प्रधान वांगछेन नेगी ने संयुक्त विज्ञप्ति में कहा कि पीटीए पैरा एवं पैट शिक्षक काफी अरसे से नियमित होने के वनवास को झेल रहे थे। प्रदेश सरकार ने इनके वनवास को समाप्त किया है। इसके लिए प्रदेश सरकार व सभी शिक्षक बधाई के पात्र हैं। संस्कृत शिक्षक परिषद् के प्रदेशाध्यक्ष डॉ मनोज शैल ने कहा कि प्रदेश में सेवारत शास्त्री अध्यापक व भाषा अध्यापक भी अनेक वर्षों से टीजीटी पदनाम पाने के लिए वनवास काट रहे हैं। गत वर्ष माननीय मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री जी ने टीजीटी पदनाम देने का आश्वासन दिया था तथा माननीय शिक्षा मंत्री जी ने अपने सोशल मीडिया के फेसबुक पेज के माध्यम से घोषणा भी कर दी थी लेकिन अभी तक हमारा यह स्वप्न पूरा नहीं हुआ है। हिमाचल राजकीय संस्कृत शिक्षक परिषद् प्रदेश सरकार से विनम्र निवेदन करती है कि गत वर्ष 11 अगस्त को संस्कृत सप्ताह के शुभारंभ पर शिमला के गेयटी थियेटर में आयोजित कार्यक्रम में जो आश्वासन हमें मिला था उस आश्वासन को इस वर्ष 31 जुलाई से शुरू होने वाले संस्कृत सप्ताह के शुभारम्भ पर पूरा कर वर्षों से उपेक्षित शास्त्री व भाषा अध्यापकों को टीजीटी पदनाम देकर उनके वनवास को भी समाप्त करें। प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार कर्माचारी हितैषी है और सभी कर्मचारियों/शिक्षकों की हर मांग को सरकार ने पूरा किया है। अब केवल शास्त्री व भाषा अध्यापकों की मांग शेष है । अतः इस मांग को भी शीघ्रातिशीघ्र पूरा किया जाए। सरकार सराहनीय कार्य कर रही है हर कार्य के लिए वित्तीय प्रावधान भी कर रही है फिर हमारे कार्य के लिए ही क्यों यह समस्या आ जाती है? अतः प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री से निवेदन है कि आप स्वयं इस मामले में हस्तक्षेप कर शास्त्री व भाषा अध्यापकों को टीजीटी पदनाम देकर न्याय करें।
हिमाचल के प्रवेश द्वार स्वारघाट पर एक जीप में ठूस ठूस कर पशुओ को ले जाने पर चालान हुआ। प्राप्त जानकारी के अनुसार स्वारघाट थाने की एक टीम एएसआई राम नाथ की अगवाई में यातायात नियन्त्रण चैकिंग कर रही थी। इस दौरान स्वारघाट बाजार में बिलासपुर की तरफ से एक जीप नं. यू पी 11 बीटी 3845 आई जिसे इस टीम ने चेकिंग के लिए रोका जब इस जीप की चेकिंग की गई तो उन्होंने देखा कि गाड़ी के अन्दर 5 भैंसें व 1 कट्टड़ी ठूंस- ठूंस कर भरी हुई थी जिन्हें सांस लेना मुश्किल हो रहा था। पुलिस ने जीप चालाक के खिलाफ 5 भैंसों व 1 कटड़ी को ठूस ठूस कर भरने पर मुकदमा दर्ज किया गया जीप चालाक जाहिद पुत्र शाहिद निवासी गांव गंगोड डा0 व थाना सरसावा तह0 व जिला सराहनपुर उत्तर प्रदेश का रहने वाला है।
नुरपुर कांग्रेस ने शुक्रवार को गलवान घाटी में हुए शहीद सैनिको के सम्मान में श्रदांजलि कार्यक्रम का आजोजन किया जिसमें जिला कांगड़ा कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक नुरपुर मुख्यरूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर शहीदों के सम्मान के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। अजय महाजन ने कहा कि हमे अपने सैनिको पर गर्व है और उन्ही की वजह से हम सुरक्षित है। उन्होनें कहा कि हमारी तीनो ही सेनाएं हमारी सीमाओं की रक्षा करने में सक्षम हैं और किसी भी दुश्मन में इतनी हिम्मत नही कि हमारी एक इंच भी जमीन का वह अतिक्रमण कर सके। उन्होंने गलवान घाटी में शहीद हुए सैनिकों में हिमाचल के हमीरपुर से भी एक शहीद ने शहादत पाई है। उन्होंने हिमाचल सरकार से अपील की है कि वे भी शहीद के परिजनों को पंजाब की तर्ज पर 50 लाख रुपए व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दे। इस अवसर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षक सुशील मिंटू , पूर्व ब्लॉक समिति अध्यक्ष सन्देश डडवाल बलदेव पप्पी व शाम सिंह मौजूद रहे।
जिला सिरमौर के वैली आयरन स्टील कम्पनी धौलाकुंआ में 4 मजदूरों के कोरोना पॉजीटिव पाएं जाने के बाद 13 जून, 2020 को लेबर कॉलोनी के संपूर्ण क्षेत्र को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया था तथा पॉजिटिव आए व्यक्तियों की कांटेक्ट लिस्ट में सभी लोगों के टेस्ट किये जा चुके हैं। इसलिए अब इस क्षेत्र में थोड़ी छूट दी गई है जिसके तहत जिला प्रशासन ने अब मज़दूरों के लेबर कॉलोनी से फ़ैक्टरी परिसर तक आवागमन का एक निश्चित समय तय कर दिया है। यह जानकारी जिला दण्डाधिकारी सिरमौर डॉ0आर0के0परूथी ने दी। उन्होने बताया कि मज़दूर लेबर कॉलोनी से फ़ैक्टरी परिसर तक प्रातः 5:30 से 6 बजे, दोपहर 1:30 से 2:30 बजे तथा रात्री 9:30 से 10 बजे तक की समय अवधी के दौरान ही आवाजाही कर सकेगे। आवाजाही के दौरान मज़दूरों को मुंह पर मास्क लगाना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। उन्होंने बताया कि 13 जून, 2020 को जारी आदेशों के तहत कोई भी मजदूर घोषित कन्टेंनमेंट क्षेत्र से बाहर नही जा पाएंगे। फ़ैक्टरी प्रबंधन मज़दूरों की आवाजाही, सोशल डिस्टेंसिंग यानि दो गज की दूरी और मास्क पहनाना सुनिश्चित करेगा और किसी भी प्रकार के उल्लंघन के लिए खुद जिम्मेवार होगा। इन आदेशों की अवहेलना करने वाले व्यक्ति के विरूद्ध भारतीय दण्ड सहिंता की धारा 269, 270 और 188 तथा आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51, 54 और 56 के तहत कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
सोलन जिला से शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि के लिए 269 व्यक्तियों के रक्त नमूने केन्द्रीय अनुसंधान संस्थान कसौली भेजे गए। यह जानकारी जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.एन.के गुप्ता ने दी। डाॅ. गुप्ता ने कहा कि इन 269 रक्त नमूनों में से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नालागढ़ से 38, नागरिक अस्पताल बद्दी से 60, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन से 52, ईएसआई काठा से 42, एमएमयू कुम्हारहट्टी से 09, ईएसआई बरोटीवाला से 19, ईएसआई परवाणू से 13, नागरिक अस्पताल अर्की से 26 तथा ईएसआई झाड़माजरी से 10 सैम्पल कोरोना वायरस संक्रमण जांच के लिए भेजे गए हैं। जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि गत दिवस भेजे गए 308 सैम्पल में से 02 व्यक्तियों की रिपोर्ट कोविड पाॅजिटिव प्राप्त हुई है। शेष सभी रिपोर्ट नेगेटिव हैं। डाॅ. गुप्ता ने कहा कि अभी तक सोलन जिला में कोविड-19 के कुल 91 रोगी हुए हैं। जिला में वर्तमान में 45 व्यक्ति कोरोना पाॅजिटिव हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से 15 व्यक्तियों का ईएसआई काठा में, 12 व्यक्तियों का नौणी में, 13 व्यक्तियों का श्रमिक छात्रावास नालागढ़ में उपचार किया जा रहा है। मानकों के अनुसार 04 व्यक्तियों का घर पर ही उपचार किया जा रहा है। 01 रोगी को उपचार के लिए इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला भेजा गया है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा बाहरी राज्यों से प्रदेश में आने वाले लोगों से आग्रह किया कि वे क्वारेनटाइन सम्बन्धी दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन करें। उन्होंने कहा कि इन नियमों की अनुपालना न केवल बाहर से आने वाले व्यक्तियों के परिवारों अपितु समाज को किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचाने में सहायक सिद्ध होगी। डाॅ. गुप्ता ने सभी से आग्रह किया कि खांसी, जुखाम, बुखार या सांस लेने में तकलीफ होने पर शीघ्र समीप के स्वास्थ्य संस्थान से सम्पर्क करें। इस सम्बन्ध में किसी भी सहायता के लिए हैल्पलाईन नम्बर 104 तथा दूरभाष नम्बर 221234 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई। इकाई अध्यक्ष विशाल वर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की स्वायत्तता पर विश्वविद्यालय के अधिनियम 1970 के अनुच्छेद 21 व 28 में किया गया संशोधन कई प्रकार की रुकावट खड़ी कर रहा है। उक्त अधिनियम में संशोधन कर के प्रदेश विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी परिषद जो कि विश्वविद्यालय की सर्वोच्च कार्यकारी एवं निर्णायक संस्था है, एवं कुलपति की शक्तियों को कम करने का प्रयास किया गया है। इसके परिणामस्वरूप विश्वविद्यालय प्रशासन समय पर अपनी आवश्यकता अनुसार निर्णय नहीं ले पाता है। इस संशोधन की वजह से विश्वविद्यालय के कई विकासशील कार्यों में बाधा उत्पन हो रही है। अनुच्छेद 28(1) के अंतर्गत विश्वविद्यालय में शिक्षकों एवं गैर शिक्षकों की विभिन्न श्रेणियों के पदों का सृजन व पदों की भर्तियां, पदोन्नति नियमों का निर्माण एवं संशोधन इत्यादि सर्वप्रथम प्रदेश सरकार की वित्त समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाना अपेक्षित है। उसके पश्चात वह प्रस्ताव कार्यकारिणी परिषद में विचारार्थ/ अनुमोदनार्थ हेतु प्रस्तुत किया जाता है। जिस वजह से विश्वविद्यालय में विकासशील कार्य करने में बहुत समय लगता है। जहाँ तक पदों की भर्तियां व उनके सृजन का सम्बंध है, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में शिक्षकों व गैर शिक्षकों की भर्तियां व पदों का सृजन प्रदेश सरकार के आदेशानुसार और स्वीकृति के बाद ही सम्भावित होती है। कई बार कुछ प्रकरणों पर विश्वविद्यालय द्वारा शीघ्र कार्यवाही तथा शीघ्र निर्णय लेना बहुत आवश्यक होता है। परन्तु उपरोक्त अधिनियम में संशोधन की वजह से इन कार्यों में बहुत देरी हो जाती है। विद्यार्थी परिषद का मानना है कि विश्वविद्यालय जैसे शिक्षण संस्थान के लिए विकास कार्यो में और महत्वपूर्ण निर्णय लेने में देरी होना प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्रों, अध्यापकों व कर्मचारियों के लिए सही नहीं है। विद्यार्थी परिषद प्रदेश सरकार से माँग करती है कि अधिनियम 1970 के अनुच्छेद 21 एवं 28 में वर्ष 2015 में किए गए संशोधन पर सरकार पुनः विचार करे तथा प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्रों, अध्यापकों व कर्मचारियों के हित को ध्यान में रखते हुए उपरोक्त अधिनियम में किए गए संशोधन को पुनः इसके मूल रूप में बहाल करे, ताकि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की स्वायता यथावत बनी रहे।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी चमन ने कोविड-19 के खतरे के दृष्टिगत जिला की अंतरराज्यीय सीमाओं पर अन्य राज्यों से आने वाले प्रदेश के निवासियों के समुचित प्रबंधन एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निर्देशों की अनुपालना के लिए जिला के परवाणू नाका तथा क्वारेनटाइन केन्द्रों पर स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा सेवाएं प्रदान करने के सम्बन्ध में आदेश जारी किए हैं। यह आदेश आपदा प्रबन्धन अधिनियम-2005 की धारा 30 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किए गए हैं। 29 जून से 05 जुलाई, 2020 तक परवाणू नाके पर प्रातःकालीन ड्यूटी में सोलन होम्योपेथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के तेलयांग पिंकी एवं श्वेता भास्कर, सांयकालीन ड्यूटी में महर्षि मार्कण्डेश्वर चिकित्सा महाविद्यालय कुम्हारहट्टी के प्रदीप एवं विक्रम तथा रात्रि ड्यूटी में सोलन होम्योपेथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के शुभम दीक्षित एवं एम.एन. डीएवी दन्त महाविद्यालय के प्रदीप राणा सेवाएं प्रदान करेंगे। इसी अवधि में जिला के टीटीआर नाके पर प्रातःकालीन डयूटी में सोलन होम्योपेथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के तासो मुन्या एवं श्याम गौरी सांयकालीन डयूटी में एम.एन. डीएवी दन्त महाविद्यालय के दीपक कुमार एवं धीरज गुप्ता तथा रात्रि समय में एम.एन. डीएवी दन्त महाविद्यालय के हरदेव कुमार एवं कमल किशोर सेवाएं प्रदान करेंगे। 29 जून से 05 जुलाई, 2020 तक क्वारनेटाइन केंद्र पर सोलन होम्योपेथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल की मारिया मुबाशिर एवं पुनियो नाबिंग सेवाएं प्रदान करेंगे।
The two days awareness and training workshop for COVID-19 preparedness in hotels and restaurants being organized for owners concluded on Friday at The Oberoi Cecil Shimla. The program was designed with a vision to educate and build confidence amongst the hoteliers and restaurateurs of Shimla. The leading hospitality brand The Oberoi Group that runs three hotels in Shimla played a major role in giving training to the stakeholders through there highly trained staff. The presentation was given to the participants highlighting basic requirements for the implementation of standard operating procedures issued by the State Government. The awareness campaign was a grand success with over 100 participants from hotels, Restaurants, B&B, and homestay units participated in this awareness campaign. The objective of the awareness campaign is to prepare the hotels and restaurants to provide safe and hygienic accommodation &food to the tourists visiting Shimla post-COVID. The safety and hygiene essentials like disinfectants, equipment were also exhibited by the local suppliers for the knowledge of participants. The tourism industry Stakeholders Association is intending to organize training and awareness programs for managerial and other staff of the hotels and restaurants in a phased manner. Shimla has become the first tourist destination in the country that has taken a proactive step to educate the stakeholders about the safety norms before the revival of tourism in the state. Mr. Anil Walia advisor TISHA said the tourism industry in Himachal is at a grinding halt since March 2020. Many tourists want to come to Shimla for a change. We urge the Government to allow restricted entry to tourists with confirmed hotel reservation into the state for the hotels which have adopted the SOP's issued by the Himachal Government and are fully prepared to offer safe and hygienic accommodation to the tourists. The Tourism industry is looking forward to reopening of state borders for the Tourists by the Government of Himachal Pradesh. The Government in the first unlock opened hotels for local guests however in the second phase of unlocking government should allow tourists from other states to visit Shimla. Anil Bhardwaj Senior Vice President said the opening of doors for tourists coming from Punjab, Haryana, Chandigarh, and other cities except for the 13 cities which have been marked as COVID High cities by the District Administration. This can give a start to the Tourism Industry and we are sure when the borders will open the hotel industry may start getting 25 to 30 % occupancy. Tourism Industry stakeholders Association is thankful to The Oberoi Cecil; Wildflower Hall and Clarkes for encouraging the hotel owners of Shimla to prepare themselves for providing safe stay to the tourists coming to Himachal.
भाजपा ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) को लेकर कांग्रेस पर हमला किया है। पार्टी के महामंत्री त्रिलोक जम्वाल ने आरोप लगाया कि भारत के लोगों ने अपने जरूरतमंद साथी नागरिकों की मदद के लिए इसमें दान किया था, परंतु इस पैसे को कांग्रेस से संबंधित परिवार के ट्रस्ट में हस्तांतरण किया गया। भाजपा महामंत्री ने कहा, 'भारत के लोगों ने जरूरतमंदों की मदद करने के लिए अपनी मेहनत की कमाई को पीएमएनआरएफ में दान किया था। इस सार्वजनिक धन को एक परिवार द्वारा संचालित एक फाउंडेशन में हस्तांतरित करना न केवल एक संगीन धोखाधड़ी है बल्कि भारत के लोगों के लिए एक बड़ा धोखा भी है।' जम्वाल ने कहा कि 2017 में दोकलम गतिरोध के दौरान राहुल गांधी गुप्त रूप से भारत में चीन के राजदूत के साथ दिल्ली में वार्ता कर रहे थे। आज गलवां घाटी को लेकर भी कांग्रेस देश को गुमराह कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि चीन से राजीव गांधी फाउंडेशन को मोटी रकम मिली है, जिसके बारे में कांग्रेस देश की जनता को स्पस्टीकरण दे, कि यह किस मेहरबानी के एवज़ में इस फाउंडेशन चीनी सरकार ने पैसा दिया। उन्होंने कहा कि गलवां घाटी में हुई घटना पर भी कांग्रेस राजनीति कर रही है। ये वही कांग्रेस है, जब 2017 के अगस्त में चीन और भारत का विवाद चल रहा था, उस समय राहुल गांधी चीन के राजदूत के साथ गुपचुप मुलाकात कर रहे थे। उन्होंने कहा गलवां घाटी के विषय को लेकर सभी राजनीतिक दल जहाँ प्रधानमंत्री मोदी जी के साथ खड़े है वहीं कांग्रेस वीर जवानों को शहादत पर राजनीतिक रोटियां सेंकने की फिराक में है।
कूह लेंगड़ी- बल्ह चुरानी के स्वर्गीय हंसराज के परिजनों सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने पूर्व विधायक बंबर ठाकुर के चंगर सेक्टर स्थित आवास पर उन्हें कोई डेढ़ माह पूर्व स्वारघाट में कोरोना वायरस के चलते क्वारन्टाईन के दौरान हुई हंस राज की संदिग्ध मौत पर जिला प्रशासन द्वारा दोषी डाक्टर व अन्यों के विरुद्ध कार्रवाई न किए जाने बारे पूरा विवरण देते हुए उनसे न्याय दिलवाने का आग्रह किया। बाद में बंबर ठाकुर के नेतृत्व में सभी ग्रामीणों ने उनके आवास से लेकर जिलाधीश कार्यालय तक एक विशाल रैली निकाली और जिलाधीश कार्यालय के बाहर जोरदार नारों के बीच धरना दिया। बंबर ठाकुर ने धरने पर बैठे ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि 10 मई को जब हंस राज को जिला प्रशासन द्वारा स्वारघाट में क्वारन्टाईन किया गया था तो वहाँ हंसराज के बाथ रूम में गिर कर घायल होने की बात कही गई ,जो वहाँ बेहोश पड़ा रहा, जहां अधिकारियों और डाक्टरों को सूचना मिलने के बावजूद भी उसे कोई आधे घंटे बाद दूर से ही देखा गया। बाद में डाक्टर ने उसे मिर्गी का दौरा पड़ने की बात कही और उसे बिना किसी जांच अथवा हाथ लगाए ही डाक्टर चला गया। उन्होने कहा कि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अपने सिर पर हाथ रख कर हंस राज भारी पीड़ा से कहराता और तड़पता रहा, किन्तु उसकी किसी ने कोई सुध नहीं ली। उनका कहना था कि हंस राज के सिर पर गहरा जख्म था, जिससे खून बह रहा था, जिसे भी बंद तक करने को जिला प्रशासन के संबन्धित अधिकारियों व डाक्टरों ने कोई कदम नहीं उठाए। बंबर ठाकुर ने कहा कि यदि हंस राज की प्राकृतिक कारणों से मौत हुई होती तो उसे सरकार की नीति के अनुसार आज तक कोई भी आर्थिक अनुदान क्यूँ नहीं दिया गया है। हंस राज के भाई देशराज ने बताया कि हंसराज बरमाना से मध्य प्रदेश के द्तिया के लिए सवारी लेकर गया था और वहाँ से लौट कर घर आ रहा था जब उसे स्वारघाट में कवारन्टाईन किया गया था और वह किसी भी तरह से किसी भी रोग से ग्रस्त नहीं था। देश राज ने कहा कि उनके भारी आग्रहों के बाद डाक्टर शाम 4 बजे देखने के लिए आए और उन्होने बिना किसी उपचार के उसे बिलासपुर अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। उन्होने कहा कि जब उसे बिलासपुर अस्पताल में लाया जाना था तो सुरक्षा कर्मियों और एंबुलेंस कर्मियों ने उसे हाथ तक नहीं लगाया और उन्हें ही एम्बुलेंसे में डालने के आदेश दिए गए। यहाँ शाम को 6 बजे एस एच ओ के साथ चार पुलिस कर्मी आए और उन्होने हंस राज को खड़े होने को कहा लेकिन व खड़ा नहीं हो पाया था और उनके द्वारा उसे घसीटते हुए कमरे से बाहर ले जाया गया। उन्होने कहा कि उनके द्वारा बार-बार मांगने के बावजूद आज तक उन्हें हंस राज की मृत्य का प्रमाण पत्र तक नहीं दिया गया है। हाई कोर्ट के जज से करवाई जाए निष्पक्ष जांच बंबर ठाकुर ने सरकार से मांग की है कि हंस राज की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए हाई कोर्ट के जज से निष्पक्ष जांच करवाने के आदेश दिए जाएँ। बिसरा रिपोर्ट आने के बाद ही आगामी कार्रवाई होगी बाद में धरना स्थल पर एस डी एम रामेश्वर ने प्रदर्शनकारियों को बताया कि हंस राज की बिसरा रिपोर्ट आने के बाद ही आगामी कार्रवाई होगी जिस पर बंबर ठाकुर ने कहा कि आज तक प्रशासन ने सरकार के आदेशों के अनुसार परिजनों को 4 लाख की राशि से क्यूँ वंचित रखा है और क्वारन्टाईन के दौरान मौत होने पर आर्थिक सहायता क्यूँ नहीं दी जा रही है। बाद में बंबर ठाकुर के नेतृत्व में इस संदर्भ में ए डी एम विनय धीमान से एक प्रतिनिधि मण्डल मिला, जिन्होने इस संदर्भ में उपायुक्त से बातचीत करके उपयुक्त कार्यवाही करने की बात कहीं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उचित कार्यवाही नहीं की जाती धरना निरंतर जारी रहेगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ प्रकाश दरोच ने जानकारी देते हुए बताया कि अंतरराष्ट्रीय दवा दुरूपयोग और अवैध तस्करी निषेध दिवस के संदर्भ में जिला कार्यक्रम अधिकारी डाक्टर अनंत राम ने लोगों को ओ.पी.डी. क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर तथा एच.आर.टी.सी. कार्य शाला में कर्मियों को जागरूक किया गया तथा जागरूकता सामग्री का भी वितरण किया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य शिक्षक प्रवीण शर्मा तथा क्लिनिकल साईकौलोजिसट ज्योत्सना गौतम ने बताया कि जन जागरूकता के माध्यम से दवा के दुरुपयोग से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के साथ-साथ मादक पदार्थों की अवैध तस्करी रोकने के लिए हर वर्ष 26 जून को यह दिवस पूरे विश्व में मनाया जाता है और हर वर्ष इस संदर्भ में नया संदेश दिया जाता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष इस दिवस पर ‘बेहतर देखभाल के लिए बेहतर ज्ञान’ संदेश दिया गया है, जिसके तहत विश्व में दवा समस्या की समझ में सुधार करने की आवश्यकता और बदले में बेहतर ज्ञान प्रदान करने पर जोर दिया गया है। विश्व में दवा दुरुपयोग के कारण लगभग 10 प्रतिशत युवाओं की मौत हो जाती है। भारत में प्रतिवर्ष तंबाकू उपयोग से जुड़ी बीमारियों की वजह से 10 लाख लोग काल का शिकार बन रहे हैं तथा प्रतिदिन 2200 लोग असमय जीवन से हाथ धो रहे हैं। इस अवसर पर स्वास्थय पर्यवेक्षिका नरगिस, स्वास्थ्य कार्यकर्ता पवना शर्मा तथा किरण गुप्ता उपस्थित रही।
पूर्व वन मंत्री एवं श्री नयना देवी विस क्षेत्र के विधायक राम लाल ठाकुर ने कहा कि कोविड 19 के तहत छेडे गए सातवें कार्यक्रम के दौरान वह समूचे चुनाव क्षेत्र की 46 ग्राम पंचायतों में अब थर्मल स्कैनर बांटेगे तथा इसके माध्यम से हुई थर्मल स्कैंनिंग का संपूर्ण ब्यौरा बाद मेें उपायुक्त के माध्यम से सरकार को भी प्रेषित किया जाएगा व प्रदेश व अखिल भारतीय कांगे्रस कमेटी को भेजा जाएगा। वह यहां पर पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वह कोविड 19 जैसी विकट परिस्थितियों में हमेशा आमजन के साथ रहे व लोगों के स्वास्थ्य हितों के मध्य नजर पूरे चुनाव क्षेत्र में मास्क एवं हैंड सैनीटाईजर बांटे व उन्हें जागरूक किया। उसके बाद विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों तथा बिलासपुर नगर परिषद व श्री नयना देवी नगर परिषद में सैनीटाईजेशन करवाया जिसके अंतर्गत लगभग 50 हजार लीटर सैनीटाईजर प्रयोग में लाया। अब फिर से यह अभियान चलाया जाएगा। लेकिन पहले पूरे श्री नयना देवी चुनाव क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों में बाहर से आने वाले तथा अन्य सभी लोगों की थर्मल स्कैंनिंग बिना किसी राजनैतिक भेदभाव के की जाएगी ताकि इसका सही रिकार्ड तैयार हो सके। उन्होंने कहा कि थर्मल स्कैनिंग का पूरा रिकार्ड तैयार किया जाएगा जिसे सरकार व पार्टी संगठन को भी भेजा जाएगा। यह प्रदेश का ऐसी पहला चुनाव क्षेत्र है, जहां पर इस तरह की गतिविधियां चल रही है ताकि आमजन कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी के दौर में स्वस्थ्य रहे व भय मुक्त होकर रह सके। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव संदीप सांख्यान मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने जिला प्रशासन शिमला द्वारा लोगों विशेषकर युवाओं पर पड़ रहे मादक दवाओं के कुप्रभाव के बारे में जागरूक करने के लिए प्रकाशित लघु पुिस्तका ‘नशीले पदार्थों का सेवन जीवन के लिए घातक’ का विमोचन किया। जय राम ठाकुर ने जिला प्रशासन के इन प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह लघु पुस्तिका मादक दवाओं के दुरूपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषय पर लिखी गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पुस्तिका युवाओं को इस बुरी आदत को छोड़ने तथा स्वस्थ जिंदगी जीने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने समाज से इस बुराई के उन्मूलन में गैर सरकारी संस्थाओं का भी सहयोग मांगा। उपायुक्त शिमला अमित कश्यप ने लघु पुस्तिका के विमोचन के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि मादक दवाओं के दुरूपयोग पर लोगों को जागरूक करने के लिए इस पुस्तिका की एक लाख प्रतियां वितरित की जाएंगी। शिक्षा मन्त्री सुरेश भारद्वाज, अतिरिक्त उपायुक्त अपूर्व देवगन, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी कानून एवं व्यवस्था प्रभा राजीव, कल्याण अधिकारी हाकम चन्द भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
बिलासपुर के एक युवा अंशुल शर्मा की मौत को लेकर शुक्रवार को भाजयुमो सदर मंडल ने मंडल अध्यक्ष विनोद ठाकुर के नेतृत्व में उपायुक्त बिलासपुर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बिलासपुर को ज्ञापन सौंपा। विनोद ठाकुर ने कहा कि ज्ञापन के माध्यम से अंशुल की रहस्मय मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है और ज्ञापन को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर व पुलिस महानिदेशक हिमाचल प्रदेश को कॉपी प्रेषित करवाई। उन्होंने कहा कि इस बात की जांच हो की अंशुल ने अपने प्राण देने से पहल फेसबुक लाइव के माध्यम से बहुत से लोगों के नाम लिए। विनोद ने कहा कि भाजयुमो ज्ञापन के माध्यम से यह कहना चाहता है कि जिन लोगों के नाम अंशुल ने लिए हैं वो लोग क्यों अंशुल को पिछले कई महीनों से प्रताड़ित कर रहे थे। ऐसा क्या कारण था कि अंशुल को अपनी जीवन लीला समाप्त करनी पड़ी। जब अंशुल ने फेसबुक लाइव किया तो फेसबुक लाइव की वीडियो किसने डिलीट की। ऐसे कौन लोग थे जो अंशुल का पीछा कर रहे थे जिसकी वजह से अंशुल इतना डरा हुआ था तो मंडी पुलिस ने अब तक कोई कार्यवाही क्यों नहीं की। फेसबुक लाइव पर अंशुल ने उन लोगों के फोन को चेक करने की बात कही थी फोन में ऐसा क्या था कि अंशुल इतना घबरा गया था। ज्ञापन में मांग की गई है कि पिछले 6 महीनों की फोन की डिटेल निकाली जाए ताकि यह ज्ञात हो कि किस तरह का यह माफिया है जो पिछले इतने समय से सक्रिय था। उन्होंने कहा कि भाजयुमो बिलासपुर को उड़ता बिलासपुर नहीं बनना देना चाहता। भाजयुमो ने कहा कि इस मामले की जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की कोई भी घटना घटित न हो।
ग्राम पंचायत दाड़लाघाट में भांग उन्मूलन कार्यक्रम का आयोजन पुलिस थाना दाड़लाघाट के सौजन्य से किया गया। एसएचओ दाड़लाघाट मोती सिंह ठाकुर ने बताया कि भांग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायत परिसर व साथ लगती निजी भूमि व सरकारी भूमि में भांग को उखाड़ा गया व इस क्षेत्र में साफ सफाई आदि की गई। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर स्थानीय लोगों व बच्चों को नशे की बुराइयों बारे भी अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु स्थानीय लोगों, सड़क सुरक्षा क्लब के सदस्यों ने भी अपना पूर्ण सहयोग दिया। इस अवसर पर एसएचओ दाड़लाघाट मोती सिंह ठाकुर, एएसआई मदन सिंह, मंजीत, सुनील, मदन, राकेश, रवि, शंकर सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
कुछ समय पूर्व हुई नेशनल हाईवे 205 की सड़क मरम्मत आज फिर जैसी की तैसी हो गई है। शालाघाट-दाड़लाघाट से भराडीघाट व राजघाटी तक नेशनल हाईवे में पिछले दिनों टयरिंग उखड़ने से सड़क में जगह-जगह गड्ढे देखे जा सकते है। ज्ञात रहे कि सड़क लगभग 3-4 करोड़ रुपए से पक्की की गई थी, लेकिन अब यह उखड़ गई है। कार्य की गुणवत्ता सवालों के घेरे में आ चुकी है कि शालाघाट-दाड़लाघाट से भराडीघाट व राजघाटी नेशनल हाईवे सड़क पर करोड़ो रुपए खर्च किए गए, जबकि सड़क कुछ दिनों बाद ही किस प्रकार से उखड़ सकती है। उल्लेखनीय है कि शालाघाट दाड़लाघाट से भराडीघाट राजघाटी नेशनल हाईवे सड़क की मरम्मत के लिए सरकार की ओर से लगभग 3-4 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए थे, जिसका टेंडर बिलासपुर के ठेकेदार को दिया गया, लेकिन घटिया सामग्री व कोलतार की वजह से सड़क उखड़ गई है और हैरानी की बात तो यह है कि जो गड्ढे पहले भरे थे वो आज यथास्थित वैसे ही है, दोबारा से सड़कों पर ये गड्ढे देखे जा सकते है। विभाग और ठेकेदार की इस कार्यप्रणाली से लोग काफी नाराज है, लोगो के अनुसार जैसी सड़क पहले थी उसी स्थिति में सड़क दोबारा आ रही है, खासी परेशानी दो पहिया वाहनों को होती है जिसका डर गड्डो में गिरने का रहता है, वहीं कई जगह सड़क के किनारे सड़क पूरी उखड़ चुकी है जिससे वाहनों को पास लेने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अभी कुछ समय पहले इस नेशनल हाइवे में सड़क में पड़े गड्ढो को भरा था, लेकिन इसमें सही तरिके से कार्य न होने की वजह से ही इस सड़क में हजारों गड्ढे यथा स्थिति में दोबारा आ चुके है जो कि विभाग ओर ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर संदेह होता है। लोगो ने मांग की है कि इन गड्डो को जल्द भरा जाए ताकि इन गड्डो में गिर कर कोई जान माल की हानि न हो। स्थानीय लोगों में प्रेम केशव, जगदीश ठाकुर, अनिल गुप्ता, सुरेन्द्र वर्मा, हेमन्त वर्मा, जयसिंह ठाकुर, हेतराम, मनोज, रमेश भाटिया सहित अन्य व्यक्तियों ने बताया कि विभाग के ढुलमुल रवैये व ठेकेदार द्वारा घटिया सामग्री लगाने के कारण सड़क का यह हाल हुआ है। स्थानीय व्यापारियों में पंकज गुप्ता, राजेंद्र कपिल, शुभम, दिनेश, पवन, रितिक, संजू, मदन, संदीप, दीपक गजपति ने बताया कि यह सड़क शालाघाट दाड़लाघाट से भराडीघाट नेशनल हाईवे 205 तक बनाई गई है, जिसकी दूरी लगभग 35 किलोमीटर की है। उपरोक्त व्यक्तियों ने बताया कि इस कार्य मे ठेकेदार व विभाग की लापरवाही झलक रही है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। बड़े-बड़े गड्डो व सड़क खराब होने का मुख्य कारण ये स्थानीय लोगों का कहना है कि नेशनल हाईवे 205,शालाघाट दाड़लाघाट से भराडीघाट व राजघाटी तक सड़क में बड़े-बड़े गड्डो व सड़क खराब होने का मुख्य कारण ये है कि विभाग द्वारा सड़क तो बना दी गई लेकिन सड़क के साथ नाली का निर्माण न करने से सड़क की साइड धसक रही है और सड़क पर न तो नाली बनाई है जिससे बारिश के दिनों में बारिश का पानी सड़क में आने से सड़क की साइड कई जगह से धसक गई है। यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि अगर जिस समय सड़क की मुरम्मत की जा रही थी अगर उस समय सड़क के साथ नालियों का निर्माण किया जाता तो सड़क इतनी क्षतिग्रस्त नही होनी थी जिससे बारिश के दिनों में सड़क की साइड काफी जगहों से धसक रही है और लोगों का कहना है कि यदि सड़क में गड्ढे पड़ते रहे व सड़क की साइड इसी तरह से धसकती रही तो सड़क पूरी तरह से धसक जाएगी व गड्ढे पड़ जाएंगे और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। जब इस बारे एनएचएआई के इंजीनियर अमन गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने कहा कि नालियों का एस्टीमेट बना दिया गया है। जल्द ही इसका कार्य शुरू कर दिया जाएगा और सड़कों में जो गड्ढे पड़े है, उसका कार्य ठेकेदार को दे दिया है,ए क सप्ताह के अंदर गड्ढे भरने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
हर वर्ष 26 जून को 'अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस' मनाया जाता है। इसी कड़ी में रुद्रा पब्लिक स्कुल धुन्धन के प्रधानाचार्य ईशान भाटिया के द्वारा ऑनलाइन बच्चों को बताया कि नशीली वस्तुओं और पदार्थों के निवारण के लिए 'संयुक्त राष्ट्र महासभा' ने 7 दिसंबर 1987 को यह प्रस्ताव पारित किया था और तभी से हर साल लोगों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से इसे मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि किसी भी देश का भविष्य बच्चे व युवा होते है और किसी देश के बच्चे व युवाओ को नशे की लत लग जाती है तो वह देश शीघ्र ही गुलामी की कगार पर पहुंच जाता है। इस लिए जरूरी है कि बच्चों व युवाओ को नशे से दूर रहना चाहिए तथा अपने साथियों व अन्यो को भी इससे होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक करना चाहिए ताकि शारिरिक स्वास्थ्य के साथ देश भी सुरक्षित रहे। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर ऑनलाइन स्लोगन व पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता भी करवाई।
हमीरपुर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में भाजपा जिलाध्यक्ष बलदेव शर्मा व जिला मीडिया प्रभारी अंकुश दत्त शर्मा ने कांग्रेस नेताओं को चुनौती देते हुए कहा है कि राजीव गांधी फाउंडेशन को जो चीन से चंदा मिलने की बात सामने आई है उसका हिसाब कांग्रेस के नेताओं को देश की जनता को देना चाहिए। जिलाध्यक्ष बलदेव शर्मा ने कहा कि यूपी की पूर्व केंद्र सरकार में जो 3 सी का खेल खेला गया, उसकी सच्चाई अब देश की जनता के सामने आ चुकी है। कांग्रेस करप्शन और चीन का जब गठबंधन हुआ तब देश कि सुरक्षा से समझौता कर देशहित को अनदेखा किया गया था। अब असली सच्चाई सामने आने पर कांग्रेसी तिलमिलाए हुए हैं और जनता के ध्यान भटकाने को झूठे बयान दे रहे हैं, जबकि सच्चाई तो यह है कि चीन की हिमाकत को सही ढंग से रौंदने का हौंसला केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों से देश में आया है। उन्होंने कहा कि सर्वविदित है कि सरहदों पर अपने सैनिकों और अपनी जमीन गवाने का इतिहास कांग्रेस सरकारों का रहा है। भाजपा की सरकारों में दुश्मन को उसके घर में घुसकर मारने नीति होती है। चाहे अटल जी की सरकार में कारगिल युद्ध जीत कर अपनी जमीन से दुश्मनों को खत्म करने की बात हो या फिर मोदी जी की सरकार में सर्जिकल स्ट्राइक कर दुश्मनों के होंसले पस्त करने की बात हो। हां कांग्रेसी सबूत मांग कर सेना के पराक्रम पर हमेशा सवाल जरूर उठाती रहती है।
It was the day for the students of the Dagshai Public School to make their fathers feel very special on Father’s Day. Away from their school, it was really a time when dagshainians spent their time preparing greeting cards, messages, and goodies to present their fathers on this day. Under the guidance of the Administrative Officer Mrs. Jaspal Kaur who always takes initiative to motivate teachers and students to generate new ideas to show their hidden talents on different occasions. The students sent pictures and video messages dedicated to their fathers, “The Real Heroes of their life” in their online school groups. The music lovers sang songs dedicated to their fathers. Students shared the memorable moments they experienced with fathers. Teachers shared their ideas with the students to celebrate and spend quality time with their fathers. Principal Dr. Jaspal Singh and Executive Director S. Amarjit Singh congratulated all the students and their parents on the occasion.
मन मे यदि समाज सेवा का जज्बा हो तो बड़ी से बड़ी मुश्किल भी किसी के हौंसले को कम नही कर सकती है। ऐसा ही जज्बा लेकर चले मांजू-पलोग-राहु जन कल्याण समिति के सदस्यों ने लगभग तीन पंचायतों ( ग्राम पँचायत प्लानिया, पलोग व रोहांज- जलाना) के सैकड़ो ग्रामीणों को अर्की मुख्यालय तक पहुंचने के लिए जन सहयोग से लगभग दो किलोमीटर लम्बी सड़क का निर्माण किसी भी सरकारी संस्था के सहयोग के बिना स्वयं ही कर दिया। ज्ञात रहे कि बथालगं-जावड़ा-पलोग सम्पर्क सड़क मार्ग जो कि अर्की मुख्यालय से जुड़ने के लिए लगभग पांच वर्षों से लंबित था, वह सम्पर्क सड़क मार्ग अब जन कल्याण समिति के सभी सदस्यों व पलोग पँचायत के पंचायत प्रतिनिधियों के संयुक्त प्रयास से अर्की मुख्यालय के लिए जाने वाले रौड़ी-मांजू-अर्की सड़क मार्ग से जुड़ गया है। ज्ञात रहे कि शिमला-मंडी राष्ट्रीय राज मार्ग पर स्थित गांव बथालगं से पलोग के लिए वाया जावड़ा ग्राम होते हुए लगभग आठ किलोमीटर सड़क बनी थी। इस सम्पर्क सड़क का निर्माण कार्य अगस्त 2001 में शुरू हुआ था तथा वर्ष 2007 में इस सड़क मार्ग पर बस सेवा भी आरम्भ हो गई थी। एवम यह सड़क लोक निर्माण विभाग द्वारा पलोग गांव तक बनाई गई थी। वर्ष 2015 में ग्रामीणों ने लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर राहु गांव से होते हुए इस सड़क को रौड़ी- मांजू - अर्की सड़क मार्ग से जोड़ने की कोशिश भी की परंतु कुछ लोगों की निजी भूमि इस सम्पर्क सड़क मार्ग में आने के चलते आम सहमति न होने के कारण यह सड़क रौड़ी-मांजू -अर्की सड़क से जुड़ नही पाई और इस सम्पर्क सड़क का कार्य अधर में लटक गया जिसके चलते लगभग ग्यारह गांवों के सैंकड़ो ग्रामीणों को अर्की मुख्यालय तक पहुंचने के लिये पलोग से वाया बथालगं होते हुए लगभग 20 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही थी। इस कारण ग्रामीणों को बहुत परेशानियां झेलनी पड़ रही थी। हालांकि समय समय पर बहुत से बुद्धिजीवियों ने इस सड़क को जोड़ने के लिये भरसक प्रयास भी किये पर हर बार मायूसी ही हाथ लग रही थी। अंत मे मांजू-पलोग-राहु जन कल्याण समिति के सभी सदस्यों ने मिलकर इस इस सम्पर्क सड़क निर्माण कार्य को पूरा करने बारे में मुहिम छेड़ी। इस कार्य को अंजाम तक पहुंचाने के लिए समिति के उपाध्यक्ष मेहरचंद कौशल ने व्यक्तिगत तौर पर उन लोगों के घर घर जाकर मनाने की जिम्मेवारी ली जिनकी जमीन इस सड़क मार्ग में आ रही थी। अंत मे उनके अथक प्रयासों व समिति के सभी सदस्यों के सामूहिक प्रयासों के चलते ग्रामीणों ने इस सड़क मार्ग को रौड़ी- मांजू अर्की सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए अपनी सहमति प्रदान कर दी। अब इस सम्पर्क सड़क का निर्माण होने से धरैल, पन्जैहली, जावड़ा, दोची, घ्याना, घ्यान्टू, घाट, चरिंडी, शीलडु, बागी व पलोग गांव के लोग लाभान्वित होंगे। समिति द्वारा इस सड़क मार्ग को बनाने के लिए समाजसेवी गोपाल सिंह कौशल को अध्यक्ष बना कर एक उप समिति का गठन किया गया है। कौशल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस सड़क को बनाने के लिए समिति ने किसी भी सरकारी संस्था से कोई भी सहायता नहीं ली है। समिति के द्वारा स्थानीय गांवों के लोगों से ही धनराशि एकत्रित की गई और उस धनराशि से इस सड़क का निर्माण किया गया है। इस सड़क के बनने से जहां लोगों को अब अर्की मुख्यालय तक पहुंचने में अब समय भी कम लगेगा वहीं अब लोगों को कुनिहार बाजार तक पहुंचने के लिए भी वाया मांजू दूरी काफी कम हो जाएगी। उपाध्यक्ष मेहर चंद कौशल व स्थानीय लोगो का कहना है कि इस सम्पर्क सड़क मार्ग के निर्माण से अर्की मुख्यालय के लिये आवागमन हेतु लगभग 20 किलोमीटर व शिमला मुख्यालय के लिए 13 किलोमीटर की दूरी कम हुई है। इस सड़क मार्ग के निर्माण से लोगो मे उत्सव का माहौल है। पलोग पँचायत के प्रधान योगेश चौहान ने समिति के सभी सदस्यों एवं स्थानीय ग्रामीणों द्वारा सामूहिक प्रयासों से बनाई गई इस सड़क पर खुशी प्रकट करते हुए सभी का आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि पलोग पंचायत के लगभग नौ गांवों के ग्रामीणों को मांजू स्थित पँचायत मुख्यालय तक पहुंचने के लिए वाया खनलग होते हुए लगभग 20 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी। अब इस सड़क के बनने से ये दूरी आधे से भी कम हो जाएगी। जन कल्याण समिति के प्रधान जिया लाल शर्मा व महासचिव कृष्ण चंद शर्मा का कहना है की वे शीघ्र ही सम्पर्क सड़क निर्माण हेतु भूमि देने वाले लोगों से एनओसी लेकर सरकार व स्थानीय प्रशासन को सौंपेंगे ताकि लोकनिर्माण विभाग इस सड़क मार्ग का रखरखाव करे।
4 दिन पहले सायरी क्षेत्र में संस्थागत क्वारंटाइन किए एक व्यक्ति के कोरोना पॉजिटिव आने से सायरी पुलिस चौकी को सील कर दिया गया था व वँहा तैनात पुलिस कर्मचारियों को क्वारंटाइन कर सायरी बस अड्डे की दुकानों को भी बंद करने के आदेश दिए गए थे। इस घटना से क्षेत्र में कोरोना का भय व अफवाहों का बाजार गर्म था लेकिन बुधवार को क्वारंटाइन किए सभी पुलिस कर्मियों की कोरोना रिपोर्ट नेगिटिव आने से लोगों ने राहत की सांस ली व अफवाहों पर विराम लग गया। वहीँ वीरवार से सभी बन्द दुकाने प्रसासन की अनुमति से खुल गई जिससे व्यापारियों में खुशी का माहौल है। व्यापारी राजीव, यशपाल, करमचंद, राजू, कार्तिक, सतीश, सतीश, मोहन जसवाल, राजेश शर्मा, मनोज, डॉ जालपा, पवन कश्यप आदि ने नायब तहसीलदार रणजीत सिंह बेदी से मिलकर दुकाने खोलने की परमिशन मांगी जिसे नायब तहसीलदार ने जिला प्रसासन से स्वीकृति लेकर व्यापारियों की बन्द दुकानों को खोलने की परमिशन दे दी। व्यपारियों ने नायब तहसीलदार व प्रसासन का धन्यवाद करते हुए बताया कि प्रसासन ने दुकाने खोलने की परमिशन दे दी है और आज सभी ने अपनी दुकानें खोल दी। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने सभी व्यापारियों व क्षेत्रवासियों से कहा है कि क्वारंटाइन किए सभी पुलिस कर्मचारियों की कोरोना की रिपोर्ट नेगिटिव आई है व किसी को घबराने की जरूरत नही है। सभी बाजार में नियमों का पालन करते हुए व्यापार व खरीददारी कर सकते हैं।
कोरोना काल में शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता का बढ़ना जरूरी है, ताकि इस जानलेवा वायरस से आसानी से लड़ा जा सके। इसके लिए सुबह की सैर व व्यायाम के साथ योग, प्राणायाम भी जरूरी है। ऐसे में जिस स्थान पर इस प्रकार की क्रियाओं को किया जाता है, वहां पर स्वच्छ एवं स्वस्थ माहौल का होना भी जरूरी है। यह बात सेवानिवृत पूर्व हाॅकी कोच योद्धराज शर्मा ने वीरवार को पीजी कालेज के हाॅकी खेल मैदान के इर्द गिर्द उगी अवांछित झाड़ियों को उखाड़ने को लेकर युवाओं द्वारा छेड़े गए अभियान के दौरान कही। योद्धराज शर्मा ने कहा कि अभी बरसात का मौसम भी शुरू होने वाला है ऐसे में मैदान।के चारों ओर उगी झाड़ियों को नष्ट किया जाना जरूरी है ताकि कोई सांप, बिच्छु आदि न आ सके और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ सुबह सैर करने के लिए आने वाले लोगों को कोई समस्या पैदा न हो। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में अधिकांश लोग सड़कों या गलियों में घूमते नजर आते हैं लेकिन मैदान सबसे सुरक्षित स्थान होता है। उन्होंने कहा कि नगर के उत्साही युवा भी अपनी फिजिकल फिटनेस के लिए मैदान में आते हैं जो कि बहुत अच्छी बात है। योद्धराज शर्मा ने कहा कि मैदान यदि स्वच्छ होते हैं तो सुबह-सुबह मैदान की सुंदरता को निहार कर पूरा दिन बेहतर गुजरता है। वहीं खेल प्रेमी विकास टेस्सू, विशाल सागर, राहुल दबड़ा और विकास शर्मा ने बताया कि बरसात से पूर्व दो तीन बार हाॅकी मैदान में स्वच्छता अभियान छेड़ा जाता है ताकि मैदान में किसी प्रकार की गंदगी न फैले और माहौल खुशनुमा बना रहे। उन्होंने बताया कि वीरवार को इस श्रमदान में जितेंद्र कुमार, शुभम राही, रितेश कुमार, धीरज कुमार, अंषुल चंदेल, अमल, हरीष, कपिल जायसवाल, मोहम्मद आरिफ, निशात शर्मा, सिद्धार्थ ग्रेवाल, अभिषेक सांख्यान, अभिषेक डोगरा, अरूण ठाकुर, रजत पटियाल जट्ट, स्टार्क, मोहम्मद साहिल, मनोज कुमार व ओम ठाकुर आदि ने अहम भूमिका निभाई।
भारत के इतिहास में आपातकाल, कांग्रेस की दमनकारी नीतियों, सत्ता लोभी और तानाशाही मानसिकता के प्रतीक का काला धब्बा जो कभी नहीं मिट सकता। 25 जून 1975 को कांग्रेस ने लोकतंत्र का कत्ल किया था। केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने हमीरपुर संसदीय क्षेत्र की हिमाचल जनसंवाद वर्चुअल रैली में लाखों लोगों को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि देश में 3-c का खेल खेला गया है। कांग्रेस, करप्शन और चीन इन तीनों का गठबंधन जब हुआ तो देश हित को ही पीछे छोड़ दिया। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी द्वारा दिया गया हर ब्यान झूठा होता है। कांग्रेस ने सदैव केवल परिवार हित देखा है। सत्ता का लाभ उठाने के लिए कांग्रेस ने जो भी निर्णय लिए वो देश हित में नहीं थे। अनुराग ठाकुर ने कहा कि नरेन्दर मोदी के हाथों में देश पूर्णतः सुरक्षित है। मोदी सरकार ने देश के हर वर्ग के उत्थान के लिये सफल योजना दी है। उन्होंने प्रदेश सरकार की योजनाओं का जिक्र भी किया। उन्होंने कि दूसरे कार्यकाल के पहले ही वर्ष में मोदी व शाह की जोड़ी ने वो मुद्दे सुलझाए जो 70 वर्षों से देश के लिए नासूर बन हुए थे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने सम्बोधन में कहा कि केंद्र के राहत पैकेज से प्रदेश को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना ने पूरे विश्व को बेहाल किया है। ऐसे में नरेंदर मोदी के दृढ़ नेतृत्व ने विश्व को कोरोना बीमारी से बचने की राह दिखाई है। उनके नेतृत्व में राष्ट्र एकजुट है। केंद्रीय इस्पात एवं पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शहीद अंकुश ठाकुर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए देवभूमि, वीरभूमि हिमाचल प्रदेश को नमन कर अपना सम्बोधन रैली में दिया। उन्होंने कहा कि देश पर जब भी विपत्ति आई, सीमाओं की रक्षा के लिए हिमाचल के सपूतों ने वीरता की परकाष्ठता दिखाई है। आपातकाल खण्ड को उन्होंने देश की दूसरी स्वतंत्रता लड़ाई करार देते हुए कहा कि तानाशाही ताकतों से देश को बचाने की लड़ाई श्रद्धेय अटल जी के नेतृत्व में लड़ी गयी। उन्होंने अनुराग ठाकुर को बधाई देते हुए कहा कि पूरी तिजोरी को सबमें बांटने, राहत पैकेज योजना के क्रियान्वन और गरीबों को सही में लाभ मिले यह जिम्मेवारी प्रधानमंत्री ने उन्हें सौंपी थी जिस काम में वह बखूबी अपनी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 70 हजार करोड़ रुपये देश की गरीब जनता के खातों में मोदी सरकार ने भेजे हैं, ऐसा विश्व के किसी देश में नहीं होता है। नरेन्दर मोदी के इसी दृढ़ नेतृत्व की ओर विश्व आज आशा की नजरों से देख रहा है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में कुछ कमियों भी जरूर होंगी पर यह समस्याएं हमें विरासत में मिली हैं। विश्व के 150 देशों को भारत ने दवाई भेजी है, अमेरिका हमसे दवाई मंगवा रहा है, यह विश्व में भारत की मर्यादा और मान है। उन्होंने कहा कि देश के गरीबों, महिलाओं, युवाओं, किसानों को समर्पित मोदी सरकार ने देश के संसाधनों पर भी पहला अधिकार इन्ही का बता कर हर योजना बनाई और चलाई है। देश में हर 100 में से 73 लोगों ने अपना भरोसा मोदी सरकार पर जताया है। एक निर्णायक, मजबूत और संवेदनशील सरकार केंद्र में है जो देश को विश्व गुरु बनाने की राह पर चलायमान है।
The State Cabinet in its meeting held here today under the chairmanship of Chief Minister Jai Ram Thakur gave in-principle approval to regularize the services of PTA, PAT, and PARA teachers, which will benefit about 6500 PTA, 3300 PAT and 97 PARA teachers engaged in various government schools. It gave its nod for approval of the draft Scheme for Interest Subvention on Working Capital Loan for Hospitality Industry to revive the tourism industry in the State which has been adversely affected due to the Covid-19 pandemic. Under the Scheme tourism units in the State paying GST up to Rs. one crore would be entitled to a maximum loan of Rs. 50 lakh whereas for tourism units paying GST above Rs. one crore and up to Rs. three crores for at least one year ending 31st March 2020 would be entitled to loan up to Rs. 75 lakh. Units above Rs. three crores would be eligible for a loan of Rs. one crore. Small registered tourism units would also be eligible for a maximum loan of Rs. 15 lakh. This loan period would be for four years with interest subvention of 50 percent each for the first two years. The Cabinet also decided that the Transport Department would draft an interest subvention scheme for working capital on the analogy of the Tourism Department. The Cabinet gave its approval to enhance the support price of apple under Market Intervention Scheme (MIS) by 50 paise from Rs. 8 to Rs. 8.50 per kg for the year 2020. Under this scheme about 1.50 lakh MT apple would be procured from 20th July to 15th November 2020 for which 283 procurement centers would be opened in different parts of the State as per the demands of apple growers. It also accorded its consent to procure seedling mango, achari mango, and grafted mango at the rate of Rs. 8.50 per kg under the MIS which will be operative from 1st July to 31st August 2020. Similarly, Cabinet also gave its approval to provide support price of Rs. 7.50 per kg for ‘B’ grade Kinnow, Malta and orange and Rs. 7 per kg for ‘C’ grade kinnow, malta and orange. The procurement price of galgal had been fixed at Rs. 6 per kg under MIS. This scheme will be operative from 21st November 2020 to 15th February 2021 The support prices would ensure remunerative prices to the fruit growers in the State. The Cabinet gave its approval to guidelines for providing assistance for the promotion of cultivation of aromatic plants and their processing under the new Scheme ‘Mehak’ launched by the State Government to double the income of the farmers cultivating the aromatic plants. It gave its consent to fill up 500 posts of Junior Office Assistant (IT) on contract basis in the Education Department through Himachal Pradesh Staff Selection Commission Hamirpur. The Cabinet gave its approval to create and fill up 42 posts of different categories in the Himachal Pradesh State Human Rights Commission. It also accorded its consent to create one post of Convener-cum-Advisor to Himachal Pradesh Nasha Niwaran Board under Excise and Taxation Department to tackle and overcome the menace of drug trafficking and drug abuse in the State. The Cabinet decided to create and fill up four posts of different categories in newly created office of Prosecution Department attached with Additional District and Session Judge Court at Sarkaghat in Mandi district for its smooth functioning. It decided to give an extension for present tenders for the supply of food grains and essential commodities for the tribal and inaccessible areas of the State for the year 2020-21 on existing rates and on same terms and conditions to facilitate the people, keeping in view the fact that these areas remain cut off for a period of 4 to 7 months due to heavy snowfall in the winter season. The Cabinet gave its approval to open Primary Health Centre at Gram Panchayat Lech in district Chamba along-with the creation of three posts of different categories to man this Centre. It also decided to create and fill up two posts of Perfusionist in the Department of CTVS in Dr. Rajendra Prasad Government Medical College, Tanda to provide better heart care facilities to the people of the area. It also gave its approval to issue a Letter of Intent in favor of M/s Hillthrill Agro Processors Private Limited for setting up of winery based on fruits at Badhu in Chachiot tehsil of Mandi district. The Cabinet also decided to issue a Letter of Intent in favor of M/s Alcobrew Distilleries India Private Limited for setting up of distillery unit at village Kandla in district Solan with an investment of Rs. 65.39 crore. It gave its approval to create and fill up five posts of different categories in newly opened Sub Division of Public Works Department at Dera Baba Rudru (Basal) in district Una for the proper functioning of the Sub Division. The Cabinet decided to convert the Project Implementation Unit Sub Division Dhanotu in Mandi district into Sub Division of Public Works Department (Building and Roads) along with creation of four posts of different categories. It decided to enhance the award amount of War Jagir from existing Rs. 5000 to Rs. 7000 per annum to the families of war veterans. The Cabinet gave its approval to upgrade Government Middle School Bud and Government High School Rampur in Solan district to Government High School and Government Senior Secondary School respectively along with creation and filling up of 10 posts of different categories. It also decided to open Primary School at Kelua in Haroli Vidhan Sabha area of Una district to facilitate the children of the area. The Cabinet also gave its approval for guidelines for installation of the permanent structure of Bamboo or Steel for Anti-Hail Nets under ‘Krishi Utpaad Sarankshan (Anti Hail Net) Yojna, (KUSHY) for the year 2020-21 to facilitate the farmers of the State under the assistance of 50 percent would be provided to all the categories of farmers. It decided to extend the contract period for six months from 1st May 2020 to 31st October 2020 of M/s Tata Consultancy Services till the finalization of the tender process for the selection of new System Integrator by HP State Electronics Development Corporation for implementation of HP VAT-IT Project of Excise and Taxation Department.
आगामी 27 जून, 2020 को 132 केवी गिरी पांवटा लाईन पर बिजली की लाईनों की मुरम्मत कार्य के चलते समस्त पांवटा साहिब के क्षेत्र में, जिसमें घरेलु और आद्यौगिक क्षेत्र शािमल है, विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी देते हुए अतिरिक्त अधीक्षण अभियन्ता विद्युत गुरमीत सिंह ने देते हुए बताया कि विद्युत आपूर्ति सुबह 9ः00 से सांय 6ः00 बजे तक बाधित रहेगी।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रवासी कामगारों के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। जिला रोजगार अधिकारी अरविंद चौहान ने बताया कि स्किल रजिस्टर नामक इस ऑनलाइन पोर्टल पर लॉकडाउन के दौरान प्रदेश में पहुंचे प्रवासी कामगारों का डेटाबेस तैयार किया जाएगा। जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि यह डेटाबेस पंचायत स्तर से तैयार होगा। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि इस संबंध में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण को भी आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया गया है ताकि चंबा जिला का डाटाबेस जल्द तैयार किया जा सके।
भारतीय जनता पार्टी के बिलासपुर के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल के पूर्ण होने पर वीरवार को हमीरपुर संसदीय क्षेत्र की वर्चुअल रैली में भाग लिया। वर्चुअल रैली की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने की। वर्चुअल रैली में विशेष रुप से भारत सरकार में पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर रहे। भारत सरकार में पेट्रोलियम मंत्री प्रधान ने वर्चुअल रैली को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार एक वर्ष में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं जिसमें की धारा 370 और 35ए को जम्मू कश्मीर से हटाकर एक देश एक निशान और एक विधान के नारे को सार्थक किया। तीन तलाक पर कानून बनाकर मुस्लिम माताओं ओर बहनो को निजात दिलाई। राम मंदिर के निर्माण के लिए कानूनी लड़ाई लड़ कर इस फैसले को शांतिपूर्ण तरीके से लागू किया। नागरिकता संसोधन कानून बना कर लोगों को नागरिकता का हक दिया। पहली बार किसान सम्मान योजना लागू करके किसानों को 6000 रुपये प्रति वर्ष दिया जा रहा है। यूएपीए एक्ट में संशोधन किया गया। छोटे व्यापारियों को पेंशन स्कीम दी गई। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना शुरू की गई, ऐसे और भी ऐतिहासिक निर्णय केन्द्रीय सरकार ने लिए हैं जिससे कि आम जन मानस को सीधा लाभ हुआ है। उन्होंने कहा कि कोरोना के संकट के समय जो निर्णय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश हित में लिय हैं उन्हीं का नतीजा है कि पूरे विश्व में मोदी जो को नम्बर एक का खिताब मिला है। बिलासपुर में एम्स का निर्माण हो चाहे हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज के बनाने की बात हो ये सब भारतीय जनता पार्टी की देन है। बिलासपुर में वर्चुअल रैली को एलईडी के माध्यम से सुना, रैली को सुनते समय जिला अध्यक्ष स्वंतंत्र सांख्यान, जिला महामंत्री आशीष ढिल्लों, मंडल महामंत्री प्यारे लाल चौधरी, महिला मोर्चा की जिला अध्यक्षा भुवनेश्वरी लुम्बा, अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष लाली, हिमाचल व्यापार मंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष महिपाल सांख्यान, पार्षद नरेंद्र पंडित, चमन गुप्ता, युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष विनोद ठाकुर, आईटी के जिला संयोजक प्रीत, पंकज, सनी, अतुल दास बॉबी, प्रेम डोगरा, संतोष भारद्वाज इब्राहिम लोदी और अन्य उपस्थित रहे।
जिला दण्डाधिकारी सोलन केसी चमन ने प्रथम जुलाई, 2020 से आरम्भ हो रहे सेब सीजन के दृष्टिगत सोलन जिला के परवाणू तथा सोलन में हरियाणा राज्य के जिला पंचकूला तथा चण्डीगढ़ से दैनिक आधार पर आने वाले कमीशन एजेंटों, व्यापारियों, क्रेताओं, कर्मियों तथा मालवाहकों के आवागमन के लिए आदेश जारी किए हैं। दैनिक आधार पर चण्डीगढ़, हरियाणा राज्य के पंचकूला तथा पंजाब के मोहाली से आवागमन करने वाले कमीशन एजेंटों, व्यापारियों, क्रेताओं, कर्मियों तथा मालवाहकों को अनुमति ‘सी’ श्रेणी के लिए निर्धारित मानक परिचालन प्रक्रिया की अनुपालना के आधार पर दी जाएगी। बाहरी राज्यों से एपीएमसी सोलन तथा एपीएमसी परवाणू आने वाले ऐसे कमीशन एजेंटों, व्यापारियों, क्रेताओं, कर्मियों तथा मालवाहकों को ई-मेल अथवा अन्य इलैक्ट्राॅनिक माध्यमों से आवेदन करना होगा। परवाणू क्षेत्र में आने के लिए उप पुलिस अधीक्षक परवाणू तथा सोलन आने के लिए सचिव एपीएमसी सोलन को निर्धारित प्रपत्र पर लिखित में आवेदन करना होगा। लिखित में आवेदन एवं शपथ प्राप्त होने पर सम्बन्धित प्राधिकरण जांच उपरांत अनुमति के सम्बन्ध में आवेदक को सूचित करेगा। उपरोक्त का आवागमन सम्बन्धित पहचान पत्र अथवा अन्य सरकारी पहचान पत्र एवं सम्बन्धित प्राधिकरण द्वारा जारी अनुमति दिखाने पर होगा। इनकी स्वास्थ्य स्क्रीनिंग अंतररराज्यीय नाकों पर की जाएगी तथा समय-समय पर कार्य स्थल पर भी स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। आने-जाने के लिए व्यक्ति सेनिटाईज्ड वाहन का प्रयोग करंेगे। उक्त व्यक्ति केन्द्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप यात्रा करेंगे। यात्रा के समय एक वाहन में चालक सहित 03 व्यक्तियों से अधिक नहीं होंगे तथा सोशल डिस्टेन्सिग का पूर्ण पालन किया जाएगा। आने जाने के दौरान वाहन मूल स्थान एवं गंतव्य स्थल के अतिरिक्त कहीं नहीं रूकेगा। उक्त सभी व्यक्तियों को दैनिक क्रियाकलापों सहित अन्य कार्यों के समय मास्क पहनना होगा, सोशल डिस्टेन्सिग का पालन करना होगा तथा नियमित अंतराल पर हैंड सेनिटाइजर का प्रयोग करना होगा। आदेशों के अनुसार एपीएमसी सोलन के सचिव मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन के परामर्श से उक्त सभी का रेन्डम आधार पर रक्त नमूने एकत्र करना सुनिश्चित बनाएंगे। बाहरी राज्यों के प्रदेश के साथ लगते क्षेत्रों से आने वाले उक्त व्यक्ति पैदल ही अपने आवास से कार्यस्थल तक सम्बन्धित टोल नाकों अथवा निर्धारित मार्गों से आ-जा सकेंगे। इसके लिए उन्हें पहचान पत्र तथा सम्बन्धित प्राधिकरण द्वारा जारी अनुमति दिखानी होगी। उपरोक्त मानक परिचालन प्रक्रिया के अनुसार सेब सीजन के लिए बाहरी राज्यों से आने-जाने वाले उक्त व्यक्तियों के लिए केवल वन टाईम (एक बार) अनुमति ही पर्याप्त होगी। इन्हें प्रत्येक आवागमन के लिए अन्य किसी अनुमति अथवा प्रवेश पत्र की आवश्यकता नहीं होगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं तथा आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेंगे। इन आदेशों की उल्लंघना पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 तथा अन्य सम्बन्धित नियमों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।
जिला दण्डाधिकारी सोलन केसी चमन ने आगामी सेब सीजन के दृष्टिगत सोलन जिला में अन्य राज्यों से आने वाले कामगारों एवं श्रमिकों के सम्बन्ध में आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार हिमाचल प्रदेश के बाहर से आने वाले कामगारों एवं श्रमिकों को सोलन जिला में ‘वन टाईम’ (एक बार) अंतरराज्यीय प्रवेश की अनुमति प्रदान की गई है। किन्तु इसके लिए ‘डी’ श्रेणी के लिए निर्धारित मानक परिचालन प्रक्रिया का पालन करना होगा। मानक परिचालन प्रक्रिया के अनुसार आगामी सेब सीजन के लिए सोलन जिला में हिमाचल प्रदेश के बाहर से आने वाले श्रमिकों एवं कामगारों को ‘वन टाईम’ (एक बार) प्रवेश के लिए उचित माध्यम द्वारा आवेदन करना होगा। कामगारों एवं श्रमिकों को वन टाईम प्रवेश के लिए सम्बन्धित ठेकेदार, आढ़ती अथवा व्यक्ति के माध्यम से कृषि उत्पाद विपणन समिति सोलन (एपीएमसी) के सचिव को ईमेल अथवा अन्य इलैक्ट्राॅनिक माध्यम या व्यक्तिगत रूप से प्रार्थना पत्र की प्रति के साथ आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ निर्धारित प्रपत्र पर लिखित में प्रस्तुत करना होगा। ठेकेदार, आढ़ती अथवा व्यक्ति को मानक परिचालन प्रक्रिया के अनुसार निर्धारित प्रपत्र पर लिखित में शपथ देनी होगी। बाहरी राज्यों से प्रदेश में आने वाले कामगारों तथा श्रमिकों को पूर्व निर्धारित क्वारेन्टाइन सुविधा स्थलों में रखा जाएगा। कामगार एवं श्रमिक कार्यस्थल पर पहले से कार्य कर रहे कामगारों व स्थानीय लोगों के साथ मेलजोल नहीं करेंगे। ऐसे कामगारों एवं श्रमिकों का कोविड-19 पाॅजिटिव व्यक्तियों के साथ न तो कोई सम्पर्क होना चाहिए और न ही उन्होंने कोरोना संक्रमित व्यक्तियों के साथ कोई यात्रा की हो। बाहरी राज्यों से सेब सीजन के लिए आने वाले kamgaron एवं श्रमिकों का प्रवेश पंजीकरण जिला की अंतरराज्यीय सीमाओं पर किया जाना चाहिए। यहीं पर इनकी चिकित्सीय स्क्रीनिंग की जाएगी। कार्यस्थल पर भी इनका समय-समय स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। आदेशों के अनुसार एपीएमसी सोलन के सचिव मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन के परामर्श से श्रमिकांे एवं कामगारों के रेन्डम आधार पर रक्त नमूने लेना सुनिश्चित बनाएंगे। सरकार एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा सोशल डिस्टेन्सिग, सेनेटाइजेशन सहित समय-समय पर जारी अन्य नियमों की अनुपालना सुनिश्चित बनाई जाएगी। उपरोक्त मानक परिचालन प्रक्रिया के अनुसार सेब सीजन के लिए बाहरी राज्यों से आने वाले श्रमिकांे एवं कामगारों के लिए एपीएमसी सोलन के सचिव द्वारा जारी केवल वन टाईम (एक बार) अनुमति ही पर्याप्त होगी। इस सम्बन्ध में उप पुलिस अधीक्षक परवाणू तथा सोलन को सूचित करना अनिवार्य होगा। इन श्रमिकों एवं कामगारों को अन्य किसी अनुमति अथवा प्रवेश पत्र की आवश्यकता नहीं होगी। पुलिस अधीक्षक सोलन, उपमण्डलाधिकारी सोलन तथा एपीएमसी सोलन के सचिव इन आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित बनाएंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं तथा आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेंगे। इन आदेशों की उल्लंघना पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 तथा अन्य सम्बन्धित नियमों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।
सोलन जिले के सभी शस्त्र लाईसेंस धारकों को अपने शस्त्र लाईसेंस पर 29 जून 2020 तक विशिष्ट पहचान संख्या अंकित करवानी होगी। ऐसा न करने की स्थिति में उनके शस्त्र लाईसेंस रद्द कर दिए जाएंगे। यह जानकारी अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी सोलन विवेक चंदेल ने दी। विवेक चंदेल ने कहा कि यदि 29 जून, 2020 तक शस्त्र लाईसेंस में विशिष्ट पहचान संख्या अंकित नहीं करवाई गई तो इस तिथि के उपरांत शस्त्र लाईसेंस को अवैध माना जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले के शस्त्र लाईसेंस धारकों की सुविधा के लिए विशिष्ट पहचान संख्या अंकित करने का कार्य जिलाधीश कार्यालय सोलन, उपमण्डलाधिकारी कार्यालय सोलन, उपमण्डलाधिकारी कार्यालय कंडाघाट, उपमण्डलाधिकारी कार्यालय अर्की व उपमण्डलाधिकारी कार्यालय नालागढ़ में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समस्त शस्त्र लाईसेन्स धारक (आत्म रक्षा एवं फसल सुरक्षा) शस्त्र लाईसेंस पर 29 जून, 2020 तक अपने विशिष्ट पहचान संख्या लगवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यह विशिष्ट पहचान संख्या प्रत्येक शस्त्र लाईसेंस के लिए भिन्न होगी। यह संख्या आधार कार्ड नंबर से पृथक है। लाईसेंस धारक को लाईसेंस जारीकर्ता प्राधिकरण के कार्यालय में अपने मूल लाईसेंस के साथ आना होगा। इस प्रक्रिया में आधारकार्ड अथवा किसी अन्य दस्तावेज की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने जिले के सभी शस्त्र लाईसेंस धारकों से आग्रह किया कि 29 जून 2020 तक अपने शस्त्र लाईसेंस में विशिष्ट पहचान संख्या अनिवार्य रूप से अंकित करवाएं।
हिमाचल सरकार द्वारा चलाई जा रही हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना के अतंर्गत जिला सिरमौर में बिना गैस कनैक्शन के परिवारों को गैस कनैक्शन आबंटित किए जाएंगे। यह जानकारी जिला नियन्त्रक खाद्य नागरिक आपूर्तिं एवं उपभोक्ता मामले सिरमौर अभिनव बिद्रा ने दी। उन्होंने बताया कि पूर्व से अस्तिव में आए हिमाचली परिवार व वित्तिय वर्ष 2020-21 में बने नए परिवार, जिनके पास गैस कनैक्शन नहीं है, ऐसे पात्र परिवार सम्बन्धित ब्लॉक निरीक्षक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता सम्बन्धित गैस एजैन्सी में समस्त दस्तावेजो सहित आवेदन कर सकते है।
पुलिस अधीक्षक बद्दी रोहित मालपानी ने वीरवार पुलिस थाना बद्दी में पुलिस कर्मियों के विश्राम के लिए क्षेत्र की अग्रणी फार्मा कंपनी एलकेम बद्दी द्वारा निर्मित विश्राम कक्ष (रेस्ट लाउन्ज) का विधिवत शुभारम्भ किया। इस विश्राम कक्ष के निर्माण पर एलकेम कंपनी द्वारा काॅरपोरेट सोशल रिस्पोन्सिबिलिटी के तहत 43.50 लाख रुपये व्यय किए गए हैं। रोहित मालपानी ने इस अवसर पर कहा कि वर्तमान में कोरोना वायरस महामारी के दृष्टिगत पुलिस कर्मी दिन-रात कार्यरत हैं। ऐसे समय में उन्हें अपने कार्य के साथ-साथ अनेक ऐसे कार्य भी करने पड़ रहे हैं जो मानवीय सुरक्षा एवं क्षेत्र को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए अत्यंत आवश्यक है। ऐसे समय में पुलिस कर्मियों को समुचित विश्राम मिलना आवश्यक है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यह विश्राम कक्ष बद्दी क्षेत्र में तैनात पुलिस कर्मियों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में कारगर सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि इससे पुलिस कर्मियों को सही समय पर उचित विश्राम भी मिलेगा। रोहित मालपानी ने विश्राम कक्ष के निर्माण के लिए एलकेम फार्म कंपनी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बीबीएन क्षेत्र में प्रशासन, पुलिस, उद्योग एवं आमजन के आपसी समन्वय से न केवल कोरोना के विरूद्ध लड़ाई में सभी का सहयोग प्राप्त हो रहा है अपितु केन्द्र एवं प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार विभिन्न आवश्यक गतिविधियों को जारी रखने में सहायता भी प्राप्त हुई है। उन्होंने आशा जताई कि भविष्य में भी काॅरपोरेट सोशल रिस्पोन्सिबिलिटी के तहत उद्योग जगत प्रशासन एवं पुलिस को सहायता प्रदान करता रहेगा। एलकेम फार्मा कंपनी के प्रतिनिधि ने इस अवसर पर कहा कि संस्थान भविष्य में भी पुलिस तथा प्रशासन के साथ मिलकर कार्य करेगा।
हिमाचल प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा साहसिक खेलों को लेकर तैयार की गई नई नियमावली से प्रदेश के पैराग्लाइडिंग पाॅयलट और अन्य साहसिक खेलों से.जुड़े युवा असंतुश्ट है और इन्होंने अपनी आपत्तियों को लेकर खेल मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर से मनाली में मुलाकात की। हिमाचल पैराग्लाइडिंग एसोशिएशन के बैनर तले आयोजित इस बैठक में प्रदेश भर से आए प्रोफैशनल खिलाड़ियों ने भाग लिया। सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई इस बातचीत में.सकारात्मक परिणाम निकलने की उम्मीद भी जगी है। वहीं मामले का पूरा विवरण देते हुए एसोशिएशन के उपाध्यक्ष विशाल जस्सल, महासचिव अतुल खजुरिया तथा.सचिव मनोज शर्मा ने बताया कि नई नियमावली में किए गए बदलाव से हिमाचल में साहसिक खेलों में काम करना कठिन हो जाएगा। उन्होंने कहा कि.जम्मू-कष्मीर और उत्तराखंड आदि स्थान अब खुले हैं तो लोग हिमाचल में क्यों आएंगे। हिमाचल में पर्यटकों को आकर्शित करने के लिए अन्य राज्यो के मुकाबले अतिरिक्त सुविधाएं देनी होंगी ताकि पर्यटन व्यवसाय में प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से जुड़े लोगों को इसका लाभ मिल सके तथा सरकार के राजस्व में भी इजाफा हो सके। उन्होंने बताया कि बिलासपुर चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली व षिमला आदि स्थानों से नजदीक हैं वहां के लोग इस आनंद से वंचित हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि पैरा ग्लाइडिंग में एसआईवी कोर्स के लिए पौंग डैम का निर्धारण किया जा रहा है जोकि एक प्रकार से पूर्णतया अधिक खर्च व एक.कृत्रिम स्थान का निर्माण किया जाएगा। जिसका खर्चा बहुत अधिक है। वहां पर इस खेल के लिए प्रषिक्षण के लिए लिए पहले एक विंच का खरीदना जरूरी है व इससे प्रषिक्षण के लिए पहले पांच दिन का प्रषिक्षण लेना पड़ेगा फिर वह उड़ान भरने के लायक बन सकेगा। इससे उड़ान भरने के लिए पावर बोट का होना भी जरूरी है व सुरक्षा की दृश्टि से अन्य सुविधाओं का होना भी जरूरी है। इससे उड़ान भरने का खर्चा एक्पसर्ट के मुताबिक करीब 35 सौ रूपए प्रति व्यक्ति, प्रति उड़ान पड़ेगा जिससे इसका वित्तिय बोझ सरकार व प्रषिक्षुओं पर बहुत अधिक पड़ेगा जो कि एक बहुत ही मंहगा कार्य हो जाएगा। जबकि बिलासपुर में यही प्रषिक्षण का खर्चा पौंग डैम की तुलना में न के बराबर है। बिलासपुर में बंदला से उड़ान भरने के लिए टैक्सी का खर्चा प्रति व्यक्ति, प्रति उड़ान सौ रूपए है व अगर सरकारी बस का प्रयोग करते हैं तो एक बार में उपर जाने का खर्चा महज बीस रूपए हैं। दिन में यहां सरकारी बस पहले चार चक्कर लगाती थी लेकिन कोरोना काल के दौरान सिर्फ एक आध चक्कर ही लग पाता है। इन उत्साही पाॅयलटों ने बताया कि बिलासपुर में सदर विधायक सुभाष ठाकुर ही कर कमलों से ही एशिया स्तर की प्रतियोगिता सफलतापूर्वक संपन्न हुई है। बिलासपुर एक मात्र ऐसा स्थान हैं जहां पर नभ, स्थल और जल की खेलों का आयोजन एक समय में हो सकता है जबकि एसआईवी कोर्स के लिए पूरे देश में यह पहला स्थान है। उन्होंने मांग की है कि इस एसआईवी कोर्स को करवाने के लिए बिलासपुर को अधिकृत करवाने के लिए बिलासपुर को अधिकृत करें जिससे पर्यटन के क्षेत्र में भी इस क्षेत्र को लाभ हो व यहां पर टैंडम फ्लाइट का कार्य भी बढ़ेगा, जिससे राज्य सरकार को आय होगी व एक नए स्थान का पर्यटन के क्षेत्र में बनने से राज्य सरकार का नाम होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि राजपत्र में दिए गए रूलों को भी सभी एसोसिएशन के सीनियर पायलट को साथ लेकर नियमों का निर्माण किया जाए और टैंडम फ्लाइट के पायलट व एजेंसी की जो फीस निर्धारित करने का विचार है, उस पर एक बार फिर पुनः अवलोकन किया जाए व बिलासपुर में यह कार्य षुरू होने के स्तर पर है, जिसे एसोसिएशन अपने स्तर पर उसकी मार्केंटिंग व स्थान का निर्माण कर रही है, में फीस का निर्धारण नाम मात्र के लिए किया जाए। खेल मंत्री ने सभी पायलटों की बात को गौर से सुना और सकारात्मक हल निकालने का आश्वासन दिया। इस बैठक में कुल्लु से रोषन लाल, पूर्ण चंद ठाकुर, शिव राम, बुद्धि राम, संजय ठाकुर, कमल ठाकुर, कांगड़ा से ज्योति ठाकुर, सुरेष ठाकुर, कमल चंद, प्रकाश चंद, संतोष शिमला से पवन कुमार नेगी, मंडी से निर्मल और संजय शामिल थे।
दाड़लाघाट स्थित अंबुजा सीमेंट कम्पनी के लिए पत्थरों की ढुलाई के लिए लगाई गई कन्वेयर बेल्ट स्थानीय लोगों के लिए दिक्कते पैदा कर रही है। इस कन्वेयर बेल्ट के साथ किसानों को रोजमर्रा, घास, लकड़ी लाने के लिए आवागमन करना पड़ता है जिस कारण लोगों को कंपनी द्वारा कन्वेयर बेल्ट चलाते वक्त पत्थर गिरने से जानमाल का खतरा बना रहता है। ग्राम पंचायत सुधार सभा दाड़लाघाट के महासचिव प्रेम केशव ने कहा कि 31 कीते 26 बीघे 6 बिस्वे रकबे में से अंबुजा कम्पनी की जो कन्वेयर बेल्ट गुजरती है उससे लोगों पत्थर गिरने से डर का माहौल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि उपरोक्त जमीन के अलावा अन्य जमीन भी अत्यंत खराब हो चुकी है। घास का चारा पशुओं को देना एक रिस्क बना रहता है। वही इस धूल आदि से पशु हमेशा बीमार रहते हैं, क्योंकि कन्वेयर की धूल आदि लगातार उड़ती रहती है। उन्होंने कहा कि जब अंबुजा कंपनी को इस बाबत किसानों द्वारा पक्ष रखा था कि इस खराब पड़ी जमीन की लीज दी जाए व कन्वेयर बेल्ट के साथ पत्थरों की रुकावट हेतु गार्डियन लगाया जाए। तब कंपनी के लैंड विभाग ने माना था कि लोगों को लीज तथा आने-जाने के रास्ते व कनवेयर से जो धूल पत्थर गिरते हैं उनके लिए समाधान किया जाएगा, ताकि किसानों की आगामी मुश्किलें ना हो। प्रेम केशव ने कहा कि इस बारे किसानों द्वारा कई बार जिला उपायुक्त सोलन, उपमंडलाधिकारी अर्की व ग्राम पंचायत दाड़लाघाट को भी उपरोक्त समस्याओं से अवगत कराया गया है लेकिन अभी तक कोई समाधान नही हुआ है। उन्होंने अंबुजा प्रबंधन से इस महामारी के चलते दोबारा आग्रह किया है कि किसानों की इस दिक्कतों को देखते हुए उचित कदम उठाए जाएं।
दी बिलासपुर जे पी उधोग विस्थापित एंव प्रभावित परिवहन सहकारी सभा सीमित खारसी सभा के प्रधान परमांनंद ठाकुर व महासचिव दौलत सिंह ठाकुर ने सभा के समस्त सदस्यों की तरफ से उपायुक्त बिलासपुर राजेश्वर गोयल का वर्ष 2016-17 का टी डी एस जो लगभग 62 लाख रूपये था, आयकर विभाग से दिलवाने के लिए उपायुक्त कार्यालय जाकर धन्यवाद किया है। उन्होने कहा कि यह राशि आपे्रटरों के खाते में शीघ्र डाल दी जाएगी। इस राशि के मिल जाने से मौजुदा कोरोना महामारी के चलते सभी सभा के आप्रेटरों को कुछ राहत मिल जायेगी। उन्होंने बताया कि इस सभा में 800 से ज्यादा ट्रक ऑपरेटर हैं। प्रधान परमांनंद ठाकुर व दौलत सिंह ठाकुर ने.मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर, केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर और आयकर विभाग बिलासपुर का धन्यवाद किया है।
जिला सोलन के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत पट्टा बरावरी में गत एक वर्ष से चल रहा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन का निर्माण कार्य गत पांच महीनों से बंद पड़ा है जिसको लेकर अध्यक्ष पेंशनर्स एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन इकाई पट्टा बरावरी डी डी कश्यप, पूर्व प्रधान सुखराम उप प्रधान राकेश कौंडल,प्रधान पट्टा बरावरी प्रोमिला कौशल आदि ने काफी रोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि उक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का निर्माण कार्य वर्ष 2019 को शुरू किया गया था लेकिन वर्ष 2020 के फरवरी माह से भवन निर्माण कार्य बंद पड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पट्टा बरावरी का टेंडर दिनाक 18 अक्तुबर को स्वीकृत हो गया था व् ठेकेदार को भवन निर्माण कार्य पूर्ण करने की अवधि 31मार्च 2020 थी। उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि गत पांच महीनो से ठेकेदार द्वारा भवन निर्माण कार्य बंद किया हुआ है। निर्माण कार्य की सामग्रियों में रेत, बजरी, सरिया, टाइल, पाइपे आदि इधर उधर बिखरी पड़ी है। दूरभाष पर सम्पर्क करने के उपरांत भी ठेकेदार फोन नहीं उठा रहा है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन निर्माण कार्य में अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग मंडल कशौली तथा सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग उप मंडल सुबाथू भी उक्त विषय पर कोई उचित कदम नही उठा रहे हैं। डी डी कश्यप ने कहा कि वर्ष 2016 में पूर्व सरकार ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पट्टा बरावरी भवन निर्माण हेतु लगभग 78 लाख 91 हजार रूपये स्वीकृत किए थे व् उक्त भवन निर्माण कार्य का शिलान्यास 25 मई 2016 को हुआ था। लोगो ने विभाग से आग्रह करते हुवे कहा कि अधर में लटके प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू करवाकर पूरा किया जाए ताकि लोग इस भवन में शीघ्र स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सके।


















































