प्रदेश सरकार त्युंन सरयून धार के लोगों के साथ लगातार खिलवाड़ कर रही है ओर वोट बैंक के नाम पर छलावा कर रही है। यह बात प्रदेश महासचिव युवा कांग्रेस आशीष ठाकुर ने बिलासपुर में पत्रकारों से बात करते हुए कही। उन्होंने कहा कि 1988 से लेकर अब तक धार के लोग अपनी मुख्य समस्या उपतहसील के लिए मांग करते आए है पर किसी ने उनकी सुनवाई नही है कई बार समाचार पत्रों के माध्यम से हर एक पंचायत के प्रधान से प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री कार्यालय भेजे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व में धार की हर पंचायत में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया था, जिसकी प्रति मुख्यमंत्री कार्यालय भेजी गई थी। आशीष ठाकुर ने बताया त्युंन सरयून धार के तहत 9 पंचायते आती है जंहा की जनसंख्या लगभग 35000 है और इस क्षेत्र में 5 पटवार वृत आते है, सरकार द्वारा तय किए गए सभी मापदंडों को यह क्षेत्र पूरा करता है। आशीष ठाकुर ने कहा कि लोगो को आज भी तहसील के कार्य करवाने के लिए घुमारवीं जाना पड़ता है। घुमारवीं इस क्षेत्र से 30 से 35 किलोमीटर दूर पड़ती है, जिससे समय और पैसे दोनो की बर्बादी होती है। युवा नेता ने बताया कि धार के लोग मुख्यतः कृषि पर निर्भर है, पिछले लगभग चार महीने पहले धार का एक प्रतिनिधिमंडल उनकी अगुवाई में मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से मिला था। उस समय जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर व सदर विधायक सुभाष ठाकुर भी वहां मौजूद थे, उस वक्त धार के लोगो ने अपनी उपतहसील की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री से गुहार लगाई थी और मुख्यमंत्री ने लोगो को आस्वस्त किया था कि जनगणना खत्म होने के बाद यानी कि मार्च 2021 के बाद ही वो प्रदेश में नई तहसील, उपतहसील व नए पटवार वृत खोलेंगे पर उनकी समझ से परे है कि दो दिन पहले मुख्यमंत्री ने नावर क्षेत्र जिसके अधीन 8 पंचायते आती है, वहाँ पर तहसील खोल दी। आशीष ठाकुर ने मुख्यमंत्री से पूछा है कि वो ऐसी दोहरी नीति क्यों अपना रहे हैं। इससे पहले युवा कांग्रेस बिलासपुर की बैठक परिधि गृह बिलासपुर में सम्पन हुई। बैठक के तुरंत पश्चात परिधि गृह बिलासपुर से जिलाधीश कार्यालय बिलासपुर तक युवाओं द्वारा रैली निकाली गई, रैली में प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर रोष निकाला गया, ओर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इस मौके पर युवाओं को सम्बोधित करते हुए युवा नेता आशीष ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। धरने के बाद युवा नेता की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल एसी टू डीसी सिद्धार्थ आचार्य से मिला और उनके माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया और ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि धार में हरलोग केंद्र बिंदु पड़ता है और जल्द से जल्द हरलोग को उपतहसील का दर्जा दिया जाए, अन्यथा धार की जनता के साथ मिलकर एक उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा और आंदोलन की पूरी ज़िम्मेदारी प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन की होगी। इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष एनएसयूआई अंकुश ठाकुर, लोकसभा महासचिव युवा कांग्रेस राहुल ठाकुर, जिला सोशल मीडिया प्रभारी युवा कांग्रेस नरेश कुमार, जिला महासचिव एनएसयूआई अक्षय ठाकुर, जिला सचिव कमल किशोर, पूर्व अध्यक्ष बंटी, विक्की ठाकुर, तन्नू, सुनील ठाकुर, सर्वेश उपमन्यु, संतोष, आशीष चन्देल, रोहित चन्देल, मनीष, राजवीर, अनिता ठाकुर, काजल, शिवानी, शिवम के साथ 100 से ज्यादा युवाओं ने भाग लिया।
दाड़लाघाट पुलिस द्वारा अम्बुजा कंपनी एरिया कशलोग व हरसंग धार में अम्बुजा कंपनी के कर्मचारीयों व स्थानीय लोगों को हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा चलाई गई ड्रग फ्री मोबाईल ऐप के बारे में जानकारी दी। इस दौरान एसएचओ दाड़लाघाट जीत सिंह भी मौजूद रहे। एसएचओ जीत सिंह ने लोगों को जानकारी देते हुए बताया कि इस मोबाईल ऐप के माध्यम से उक्त व्यक्ति की सूचना पुलिस को दे सकते है, जो व्यक्ति आपके आस-पास के क्षेत्र में मादक पदार्थ का इस्तेमाल करता है, तस्करी करता है या उत्पादन करता है तथा आपके सूचना के आधार पर उक्त व्यक्ति खिलाफ पुलिस द्वारा प्रभावी कार्यवाही की जाएगी तथा आप इस ऐप के माध्यम से हिमाचल प्रदेश को ड्रग फ्री बनाने में अपना योदगान दे सकते है। इस मौके पर लगभग 35 लोगो को ड्रग फ्री मोबाईल ऐप डाऊनलोड करवाई गई। इस अवसर पर एचएचओ जीत सिंह, हेड कांस्टेबल ब्रजमोहन, कॉन्स्टेबल पवन कुमार, मंजीत सहित स्थानीय लोग व अम्बुजा कंपनी के कर्मचारी मौजूद रहे।
ज़िला शिमला के ग्रांम कलगांव के रहने वाले पति पत्नी दोनों ने फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला को समाप्त कर दिया है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक शांता कुमार पुत्र गोकल चंद गांव कलगांव डाकघर पुजारली न० 2 तहसील व थाना रोहडू जिला शिमला, उम्र लगभग 42 साल व 40 वर्षीया मीना पत्नी शांता कुमार ने शील गांव के जंगल मे वाटर लिफ्ट के साथ देवदार के पेड़ में एक ही रस्सी से फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर दी है। रोहड़ू थाना पुलिस मौके पर पंहुच गई है और दम्पत्ति की आत्महत्या के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
करसोग में कोरोना का पहला मामला सामने आया है। उपमंडल के खनेयोल बगड़ा के शाओट में 2 वर्षीय बच्ची को रिपोर्ट कोरोना पोजिटिव आई है। शाओट गांव सहित करसोग में 15 जुलाई को 43 सैंपल लिए गए थे। इसमें शाओट में 2 वर्षीय बच्ची सहित कुल 5 लोगों के सैम्पल लिए गए थे। इसमें बच्ची के माता पिता दादा और दादी शामिल थे। इन सैम्पलों को जांच के लिए नेरचौक मेडिकल कॉलेज जांच के लिए भेजा गया था। बच्ची का परिवार 6 जुलाई को दिल्ली से लौटा था। ये पूरा परिवार होम क्वारंटाइन पर रखा गया था। कोरोना संक्रमित बच्ची को उपचार के लिए कोविड केयर सेंटर मंडी शिफ्ट किया जा रहा है। कोरोना का मामला सामने आने पर प्रशासन शाओट के लिए रवाना हो गया है। बता दें कि मंडी जिला में अभी तक कोरोना संक्रमितों की संख्या 45 हो गई है जिसमें 12 केस एक्टिव और 30 मरीज ठीक हो चुके है। वहीं अभी तक कोरोना वायरस से जिला के 2 लोगों की मौत भी हो चुकी हैं। अब तक लिए जा चुके हैं 400 सैंपल: उपमंडल करसोग में बाहरी राज्यों से वापस लौटे 400 लोगों के कोरोना जांच के लिए सैंपल लिए जा चुके हैं। सभी की रिपोर्ट नेगटिव आई है। करसोग वासियों के लिए ये राहत भरी खबर है। करसोग में अभी भी बड़ी संख्या में लोगों का दिल्ली सहित अन्य बाहरी राज्यों के रेड जोन वाले क्षेत्रों वापस आना जारी है। इन लोगों को संस्थागत क्वारंटाइन सेंटरों व होम क्वारंटाइन पर निगरानी के लिए रखा जा रहा है। ऐसे लोगों पर स्वास्थ्य विभाग लगातार नजर रख रहा है। यही नहीं कोरोना वायरस के संक्रमण के अंदेशे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम बाहरी राज्यों से लौट रहे लोगों के सैंपल भी भर रही है। ए एम ओ डॉ. अनिल ने बताया कि खनेयोल बगड़ा के शाओट में 2 वर्षीय बच्ची की सैम्पल रिपोर्ट पोजटिव आई है। उन्होंने कहा बच्ची को कोविड सेंटर मंडी शिप्ट किया जा रहा है।
शहर की साफ सफाई करके स्वच्छ व सुंदर बनाने में जुटे परिषद के सफाई कर्मियों को 25 पीपीई किटें प्रदान कर समाजसेवी पुनीत शर्मा ने उनका हौसला बढ़ाया है। कोरोना की इस लड़ाई में वॉरियर्ज की भूमिका निभाने वाले परिषद के अधीन आने वाले सफाई कर्मचारियों के लिए बी.बी.एन. स्कूल के डायरेक्टर व समाजसेवी पुनीत शर्मा ने यह किट मुहैया करवाई है। उन्होंने कहा कि कोरोना वैश्विक महामारी के खिलाफ सभी विभाग पूरी मुस्तैदी व तन्मयता से जुटे हुए है, जिनमें प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, नगर परिषद सहित सफाई कर्मचारी सहित अन्य सभी विभाग इस जंग में लड़ाई लड़ रहे है, ताकि समाज के लोगों की मदद की जा सके और कोरोना जैसी लड़ाई से लड़ा जा सके। ऐसे में शहर की हर गली कूचे को साफ करने व लोगों के घरों से कूड़ा कचरा एकत्रित करने में अपनी सेवाएं देने जुटे हुए लोगों की हौसला अफजाई करने के लिए यह पी.पी.ई. किट प्रदान की है। समाजसेवा का यह काम भविष्य में भी यथासंभव जारी रहेगा। नप अध्यक्ष धर्मेंद्र राणा ने कहा कि सफाई कर्मचारी पूरी तरह से लोगों की सेवा में जुटे हुए है और पीपीई किटें मिलने से निश्चित तौर पर सफाई कर्मियों का मनोबल ऊंचा होगा।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं झंडुत्ता विधानसभा क्षेत्र के युवा नेता विवेक कुमार ने कहा है कि जब से प्रदेश के अंदर भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई है व झंडूता विधानसभा क्षेत्र से विधायक जीतराम कटवाल बने हैं तभी से बरठीं क्षेत्र के लोगों के साथ उनका हमेशा सौतेला व्यवहार रहा है। इस क्षेत्र में जनता के कामों के प्रति विधायक जरा भी गंभीरता नहीं दिखाते है। ढाई साल के बाद भी बरठीं सिविल अस्पताल की दुर्दशा सबके सामने है। उन्होंने कहा कि इस विषय को लेकर जल्द एक प्रतिनिधिमंडल सीएमओ बिलासपुर और डीसी बिलासपुर को ज्ञापन देगा तथा उनसे कारण पूछेंगे कि क्यों इस तरह सौतेला व्यवहार बरठी क्षेत्र के साथ किया जा रहा है। अगर फिर भी प्रशासन इसके ऊपर ध्यान नहीं देता है तो क्षेत्र की जनता के साथ मिलकर एक बड़ा आंदोलन प्रदेश सरकार व स्थानीय प्रशासन के विरुद्ध किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 07 अक्टूबर 2017 को पूर्व की कांग्रेस सरकार ने बरठीं कम्युनिटी हेल्थ सेंटर को अपग्रेड करके 50 बेड साथ में 15 पोस्टों को स्वीकृत करके सिविल हॉस्पिटल बनाने के लिए तत्काल नोटिफिकेशन जारी की गई थी। किंतु बड़े दुर्भाग्य से कहना पड़ रहा है कि आज भी उन 15 पोस्टों में से 6 पोस्ट में स्टाफ नर्स की नहीं आई है और डेंटल सर्जन की पोस्ट भी लंबे समय से खाली है, जिससे आसपास के क्षेत्रों से जो मरीज आते हैं उन्हें भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। साथ ही लगभग ढाई साल पहले 50 बेड स्वीकृत होने के बावजूद आज भी बरठीं सिविल हॉस्पिटल में केवल मात्र 20 ही बेड लगे हुए हैं साथ ही जो स्टाफ के क्वार्टर से हैं वह जर्जर हालत में है। लगभग 25 लोगों का स्टाफ होने के बाद केवल मात्र 7 क्वार्टर ही स्टाफ के लिए है जबकि कोई भी डॉक्टर इन क्वार्टर में नहीं रहता केवल जब ड्यूटी देने आते हैं तो सिर्फ ड्यूटी रूम का ही इस्तेमाल किया जाता है। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के द्वारा 50 बेड का हॉस्पिटल स्वीकृत किए जाने के बाद भी बरठी सिविल हॉस्पिटल में ना तो इंफ्रास्ट्रक्चर के अंदर एक भी इंट लगाई गई है और ना ही एक भी बेड बढ़ाया गया है जबकि नोटिफिकेशन में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि 15 लोगों का स्टाफ जिसमें डॉक्टर, वार्ड सिस्टर, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, क्लर्क, क्लास फोर आदि की पोस्टों को स्वीकृति दी गई थी। किंतु 6 पोस्ट में जो स्टाफ नर्स की है वह यहां पर नहीं आई है। यह सरासर प्रदेश सरकार की एवं स्थानीय विधायक की अनदेखी के कारण ही हो रहा है।
जयराम सरकार में कृषि मंत्री डॉ रामलाल मार्कंडेय के खिलाफ एक बार फिर स्पिति की जनता का गुस्सा फूट गया। बीते दिनों स्पिति में मंत्री का रास्ता रोकने वालों पर एफआईआर हुई थी। अब स्पिति की यूथ कांग्रेस समेत अन्य संगठनों ने मोर्चा खोल दिया। स्पिति की महिला, युवा और व्यापार मंडलों ने मुख्यमंत्री, राज्यपाल और उपायुक्त लाहौल-स्पिति को ज्ञापन सौंप कर झूठे मुक़दमे और विभागीय जांच रद्ध करने की मांग की। प्राप्त जानकारी के मुताबिक 1207 परिवारों ने ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर इस मुहिम को दिया समर्थन है। काज़ा महिला मंडल अध्यक्ष सोनम डोल्मा का कहना है कि “मंत्री के प्रवेश पर हुए स्थानीय विरोध को न जाने कितने रंग और चेहरे दिए जा रहे हैं। हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि 9 जून को हुआ विरोध स्पिति को कोरोना मुक्त बनाने की स्थानीय मुहिम के तहत था, व पूर्ण रूप से गैर-राजनैतिक था। हमारी इस मुहीम को एक राजनैतिक रंग देने की कोशिश की जा रही और कहा जा रहा है कि स्थानीय विरोध में एक पार्टी विशेष के नारे लगे जो सरासर झूठ हैं और इसका हम पुरजोर विरोध करते हैं जो कि हमने अपने ज्ञापन में भी स्पष्ट किया है।”
Dr. YS Parmar University of Horticulture and Forestry (UHF), Nauni has extended the last date of submission of online admission forms for its undergraduate, M Sc, MBA Agribusiness and Ph.D. programs for the academic year 2020-21. In undergraduate programmes, the University is offering B Sc (Hons) Horticulture and B Sc (Hons) Forestry at its four constituent colleges i.e. College of Horticulture and College of Forestry at the main campus, College of Horticulture and Forestry (COH&F), Neri and College of Horticulture and Centre of Excellence in Horticulture Research (CEHRE), Thunag. The university also offers B Tech Biotechnology programme at COH&F Neri. The last date for receipt of applications for undergraduate programmes has now been revised till 31st July for normal and self-financing seats. The last date for receipt of online applications for M Sc, MBA (Agribusiness), MBA General and Ph.D. programmes has also been extended till 5th August. The entrance examination for admission undergraduate and MSc/ MBA Agribusiness programmes has been postponed till further orders. The application process is online and interested students can apply by logging on the university website www.yspuniversity.ac.in. The detailed admission notice with total seats for each programme can be viewed on the website.
जिस प्रकार कोरोना जैसी महामारी पूरे विश्व मे फैली है जिससे कि भारत भी अछूता नहीं रहा है। इस प्रकार की महामारी से बचने के लिए सरकार व प्रसाशन द्वारा समय-समय पर कई दिशा निर्देश दिए जाते है जिसका सभी को पालन करना चहिए, जिससे की आप अपना और अपने परिवार व समाज को इस महामारी से बचाने में हितकारी सफल होंगे। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जिला सोलन के कार्यकर्ताओं द्वारा सोलन व शामति में झुगी और झोमपड़िओं में रहने वाले लोगों को मास्क वितरित किए। इकाई सचिव राघव ठाकुर ने कहा कि सभी भारतवासियों से यही अनुरोध करते हैं कि इस महामारी से लड़ने के लिए घरों से बाहर ना निकले अपने घर पर रहे खुद भी सुरक्षित रहे और अपने परिवार वालों को भी सुरक्षित रखे यदि कोई अति आवश्यक कार्य हो तभी घरों से बाहर आए , विद्यार्थी परिषद जिला सोलन ने अपील कि है कि इस महामारी के संकट में जरूरतमंदों की मदद करे।
It was an exuberant moment for the Principal students, teachers and parents of Dagshai Public School, Dagshai as the results of ISC class 12th were declared. The ambiance of the school spreading cheers and applauds duly depicted the fabulous performance of the students with a 100% result. Out of 13 students appeared 04, scored above 90% in aggregate. Three students scored 100% marks in Physical Education while three more scored 99%. Tina Bharti from Humanity stood topped the school by securing 92.5% marks. She got 100 marks in Physical Education and 96 in Political Science. Jaismeen Kaur from commerce stream stood second in school with a score of 92% followed by Saloni Chauhan(91%) and Shipra Sood(90%). All students cleared their exams with the first division. Executive Director S. Amarjit Singh, Principal Dr. Jaspal Singh and Administrative Officer Mrs. Jaspal Kaur showered their blessings on the teachers and the students for the success.
सामाजिक संस्था नगर सुधार समिति बिलासपुर ने राजकीय प्राथमिक पाठशाला रौड़ा बिलासपुर में कार्यरत शिक्षक राजेश गर्ग को कोरोना योद्धा के रूप में सम्मानित किया। समिति के अध्यक्ष दिनेश कुमार ने बताया कि राजेश गर्ग शिक्षक होने के साथ-साथ समाजसेवी भी है। वैश्विक महामारी कोविड-19 में इन्होंने समाज और राष्ट्रहित मे अपना बहुमूल्य योगदान दिया। यह एक सराहनीय कार्य है। इन्होंने जिला प्रशासन बिलासपुर द्वारा बनाए गए क्वारंटीन सेंटंर राजकीय प्राथमिक पाठशाला रौंड़ा में अपने स्वास्थ्य की चिंता किए बगैर दिन रात अपनी उपस्थिति देकर सेवाएं प्रदान की। इसके साथ ही इन्होंने ने शहर के गरीब साधनहीन तथा झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले बच्चों तथा लोगों को इस वैश्विक महामारी के प्रति सचेत करने का कार्य किया। इनके द्वारा समाज व राष्ट्र हित में किए गए बहुमूल्य, सराहनीय तथा नेक कार्य के लिए नगर सुधार समिति इनका हार्दिक आभार प्रकट करती है ,तथा आशा करती है कि यह भविष्य में भी समाज और राष्ट्र हित में शिक्षा के साथ-साथ अन्य सामाजिक कार्यो में भी इसी तरह का योगदान देते रहेंगे। इस मौके पर नगर सुधार समिति के अध्यक्ष दिनेश कुमार, उपाध्यक्ष संजीव ढिल्लो, महासचिव राजेंद्र गौतम, प्रेस सचिव तनुज सोनी, कार्यकारिणी सदस्य नरेश कुमार, को़षाध्यक्ष देवेंद्र सिंह ठाकुर तथा समाजसेवी व व्यास रक्तदाता समिति के प्रधान करण चंदेल मौजूद रहे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने शिमला शहर की विभिन्न समस्याओं को लेकर उपयुक्त को ज्ञापन सौंपा। जिला संयोजक सचिन ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान समय में कोरोना संकट को देखते हुए कई प्रकार की कठिनाई लोगो को झेलनी पड़ रही है उसी के चलते शिमला शहर की कुछ मुख्य समस्यों को लेकर विद्यार्थी परिषद उपयुक्त शिमला से मिली और ज्ञापन सौंपा। अखिल भारतीय विद्याथी परिषद इस ज्ञापन के माध्यम से शिमला शहर के शिक्षा क्षेत्र में तथा शिमला शहर में विद्यार्थियों को आ रही विभिन्न समस्याओं को लेकर ज्ञापन दिया गया जिसमें विद्यार्थी परिषद की मुख्य मांगे इस प्रकार थी कि 1. महाविद्यलयों में में दाखिला ले रहे विद्यार्थी जहां पर भी साइबर कैफे अथवा अन्य संस्थान में अपना ऑनलाइन फार्म भरता है तो उसका निश्चित रेट किया जाए। 2 शिमला शहर में विद्यार्थीयों को पढ़ाई के लिए रहन सहन करना पड़ता है लेकिन पिछले कोविड -19 के कारण मकान मालिक किराया वसूल कर रहे हैं जो कि गलत है जबकि विद्यार्थी इस दौरान इन मकानो में नहीं रहे। 3. शिमला शहर में मकान का निश्चित किराया किया जाना चाहिए क्योंकि बहुत से विद्यार्थी केवल पढ़ाई के उद्देश्य से आता है ।इस प्रकार की समस्याओं को लेकर विद्यार्थी परिषद ने ज्ञापन सौंपा। सचिन ने कहा कि आज के समय मे जहाँ एक ओर तो कोरोना का संकट है और वहीं दूसरी ओर लोगो की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है। यही बात शिमला में पढ़ने वाले छात्रों की हो तो ग्रामीण परिवेश से छात्र यहाँ पढ़ने आते है और इस वर्ष संकट के समय मे सभी लोगो की आर्थिक स्थिति भी ठीक नही है जिसके चलते उन्हें बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बीते लंबे समय से छात्र शिमला में अपने किराए के मकान में नही रह रहे है और इस दौरान भी उनसे किराया लिया जा रहा है जबकि वे छात्र इस दौरान वहां रहा भी नहीं ऐसी स्थिति में मध्यम वर्ग के लोग बहुत चिंतित है। इसलिए इन महीनों के किराया या तो माफ किया जाए या किसी प्रकार की छूट इसमें दी जाएं और साथ ही आज कल महाविद्यालयो में प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ हो गए है और इस वर्ष ऑनलाइन माध्यम से ही प्रवेश होंगे ऐसे में साइबर कैफे में फॉर्म भरने का रेट भी निर्धारित होना चाहिए और जिससे छात्रो से अतिरिक्त पैसे न लिए जाए। उपयुक्त ने आश्वासन दिया है कि इन सभी समस्याओं का अवश्य कोई समाधान निकाला जाएगा।
एसडीएम डॉ सुरेंद्र ठाकुर की अध्यक्षता में वीरवार को स्थानीय मिनी सचिवालय में मानसून सीजन तथा आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे बरसात के मौसम के दृष्टिगत विशेष सतर्कता व सजगता बरतें, ताकि किसी भी आपदा से समय रहते निपटा जा सके। उन्होंने कहा कि किसी भी घटित होने वाली प्राकृतिक आपदा को रोका नहीं जा सकता है, परंतु बेहतर प्रबंधन व विभागीय तालमेल से आपदा से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग व नगर परिषद के अधिकारियों को बंद पड़ी नालियों को शीघ्र खोलने व उनकी सफाई करवाने के निर्देश दिये, ताकि बरसात के मौसम के दौरान पानी की समुचित निकासी हो सके। उन्होंने सिंचाई व जन स्वास्थ्य विभाग को सभी जलापूर्ति श्रोतों सभी पेयजल लाइनों की समय- समय पर निगरानी व मरम्मत करने तथा जल भंडारण टैंकों की प्रतिदिन क्लोरीनेशन करने के भी निर्देश दिए, ताकि बरसाती पानी से उत्पन्न होने वाले रोगों से बचाव हो सके। एसडीएम ने अधिकारियों को लोगों द्वारा नदी-नालों के लिये अनाधिकृत तौर पर बनाए गए रास्तों को तुरन्त बंद करने व इसके नजदीक चेतावनी बोर्ड लगाने के भी निर्देश दिये। उन्होंने पुलिस विभाग को नदी नालों के किनारे रहने वाले प्रवासी परिवारों तथा मवेशियों को वहां से तुरन्त हटाने व सुरक्षित स्थानों पर भेजने के निर्देश दिए। एसडीएम ने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे बरसात के मौसम के दौरान अपना फ़ोन स्विचऑफ न रखें और न ही बिना किसी पूर्व अनुमति अपना मुख्यालय छोड़ें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में उनसे आसानी से संपर्क स्थापित किया जा सके। उन्होंने बताया कि उपमंडल अधिकारी के कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है जिसके दूरभाष नंबर 01893-220024 पर भी कोई सूचना दी जा सकती है। उन्होंने सभी विभागों में नोडल अधिकारी नियुक्त करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने खण्ड विकास अधिकारी को पंचायत प्रतिनिधियों से शीघ्र बैठक करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त उनसे उनके क्षेत्र में जानमाल के लिए खतरा बन चुके पेड़ों व अन्य खतरनाक स्थलों की रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर लेने के भी निर्देश दिए। उन्होंने खाद्य व नागरिक आपूर्ति विभाग को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित बनाए रखने के भी निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी स्नेक बाईट आदि के टीके तथा अन्य जरूरी दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए। ये रहे मौजूद बीडीओ डॉ रोहित शर्मा, नायब तहसीलदार देस राज ठाकुर, सीडीपीओ सुरेंद्रा राणा, उद्यान विकास अधिकारी डॉ अनामिका शर्मा, सहायक अभियंता देविंद्र राणा, एसएचओ मोहन भाटिया, एनडीआरएफ से रविन्द्र कुमार, अनिल कुमार सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
सेब उत्पादक राज्य हिमाचल काे इस बार नेपाली मजदूराें का संकट आ चुका है। हर साल नेपाली मजदूराें पर निर्भर रहने वाले हिमाचल के सेब बागवानाें काे मजदूराें के संकट से गुजरना पड़ेगा। हालांकि इन दिनों जिला शिमला में सेब सीजन शुरु हाे चुका है, लेकिन सितम्बर माह से जिला किन्नौर समेत कुल्लू में भी सीजन स्टार्ट हाेगा। बताया गया की जाे नेपाली मजदूर लाॅकडाउन से पहले हिमाचल में फंसे रहे उन्हीं से ही इस बार काम चलाना पड़ सकता है। यहां तक कि बीते दिनाें मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने दावा किया था की सेब सीजन के समय मजदूराें की काेई दिक्कतें नहीं आएगी, मगर यहां हालात यह है की जिला शिमला में कम से कम 95 हजार से एक लाख तक मजदूराें की आवश्यकता रहती है। वर्तमान में जिला में मात्र 40 हजार लेबर हैं जिसमे सिरमौर, चंबा और नेपाल के मजदूर शामिल हैं। बड़े बागवान स्वयं ही दूसरे राज्याें से मजदूर आ रहे हैं, लेकिन दिक्कत छाेटे बागवानाें काे आ रही है। नेपाल से मजदूर न आने की स्तिथि में प्रदेश सरकार अपने स्तर पर आठ से 10 हजार अतिरिक्त मजदूराें का इंतजाम करेगी। जिन जिलों में सीजन खत्म, ताे दूसरे जिले में शिफ्ट होगी लेबर नेपाल से मजदूराें के न आ पाने की स्थिति काे देखते हुए राज्य सरकार ने दूसरा विकल्प भी तैयार कर दिया है। सरकार और बागवानी विभाग द्वारा तैयार प्लान के मुताबिक जिन जिलों में सेब सीजन समाप्त हाेगा, वहां की लेबर दूसरे जिलों में शिफ्ट हाेगी। यानि शिमला के बाद जिला किन्नौर में शुरु हाेने वाले सेब सीजन के लिए जिला शिमला से सभी मजदूर रवाना किए जाएंगे। बागवानी विभाग ने डीसी शिमला और किन्नौर से मांगी डिटेल राज्य बागवानी विभाग ने डीसी शिमला और किन्नौर से मजदूराें की पूरी डिटेल मांगी है। भले ही किन्नौर में अभी सेब सीजन शुरु नहीं हुआ हाे, मगर मजदूराें का इंतजाम करना पड़ेगा। कारण यह भी है कि किन्नौर की भाैगाेलिक परस्थिति जिला शिमला से हट कर है। सेब की पेटियाें काे सड़क पर पहुंचाने के लिए कम से कम 90 हजार मजदूराें की आवश्यकता रहती है। सरकार और विभाग पूरी काेशिश में हैं कि नेपाल से हजाराें मजदूर आए, लेकिन उम्मीद कम है। ऐसी परस्थिति काे देखते हुए जिन जिलों में सेब सीजन समाप्त हाे जाएंगे वहां से मजदूराें काे दूसरे जिलों में शिफ्ट किए जाएंगे। काेराेना जैसी महामारी के चलते इस बार ऐसी दिक्क़ते आ रही है। अभी तक जिला शिमला में 40 हजार के करीब लेबर हैं, आने वाले दिनों में आठ से दस हजार अतिरिक्त लेबर पहुंच जाएगी। -अमिताभ अवस्थी, सचिव बागवानी।
- ट्यूशन फीस के नाम पर मनमानी, कार्रवाई कोई नहीं हिमाचल प्रदेश के निजी स्कूलों में ट्यूशन फीस के नाम पर मची लूट पर शिक्षा विभाग सिर्फ़ ज़ुबानी कार्रवाई कर रहा है। हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट ने अब नया फ़रमान जारी कर दिया। एसे में अब प्राइवट स्कूल मेनेजमेंट को अब लिखित में फीस की पूरी जानकारी शिक्षा विभाग को देनी होगी। कोविड-19 के प्रकोप के बीच भी मनमानी कर रहे निजी स्कूलों पर शिकंजा कसने के लिए ही ये निर्णय लिया गया है। इसके तहत उच्च शिक्षा निदेशालय हर स्कूल से एक परफार्मा भरवाएगा जिसमें हर निजी स्कूल से लिखित में छात्रों से ली जा रही फीस की डिटेल ली जाएगी। कितने बच्चे स्कूल में कक्षावार पढ़ रहे हैं, इसकी जानकारी भी देनी होगी। कैबिनेट ने बीते वर्ष तय हुई ट्यूशन फीस ही इस मर्तबा लेने के आदेश दिए हैं। बावजूद इसके कई निजी स्कूलों ने ट्यूशन फीस में अन्य तरह के फंड शामिल कर दिए हैं। मार्च में तीन से चार महीनों की पूरी फीस जमा करवाने वाले अभिभावकों के आग्रह के बावजूद इसे आगामी किस्त में एडजस्ट नहीं किया जा रहा है। निदेशालय के पास लगातार इस तरह की शिकायतें पहुंच रही हैं। इसी बीच शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूलों से फीस का ब्योरा एकत्र करने का फैसला लिया है, इसके लिए एक परफ़ोरमा तैयार किया गया है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ अमरजीत कुमार शर्मा ने इसकी पुष्टि की है।
इस बार स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर गवर्नर हाउस में एट होम कार्यक्रम पर ब्रेक लगेगी। कोरोना संकट के बीच राज्यपाल ने एट होम प्रोग्राम आयोजित न करने का निर्णय लिया है। बता दें कि हर साल 15 अगस्त को सत्तापक्ष और विपक्ष को गवर्नर राजभवन में एट होम का आयोजन करवाते हैं, मगर इस बार कोरोना महामारी को देखते हुए राज्यपाल दत्तात्रेय ने कार्यक्रम पर ब्रेक लगाने का निर्णय लिया है। राज्यपाल ने कहा कि आज कोरोना महामारी के कारण पूरा देश व दुनिया ग्रसित है। आज प्रदेश के लोग सरकार द्वारा दिए सभी दिशा निर्देशों का पालन कर रहे है, जो महामारी से बचने के लिए महत्वपूर्ण भी है। उन्होंने लोगों को सामाजिक दूरी बनाए रखने व मास्क और हैंड सेनिटाइजर इस्तेमाल करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय कोरोना महामारी के दृष्टिगत लिया गया है तथा यह निर्णय राज भवन के खर्च कम करने में भी सहायक सिद्ध होगा।
हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ की एक आपात बैठक पिछले कल प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में शिमला में हुई जिसमें संघ के महासचिव श्याम लाल हांडा सहित अन्य पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में संघ ने शिक्षकों के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की गई। चर्चा उपरांत सरकार से मांग की गई की सरकार अपने घोषणा पत्र के अनुसार अनुबंध अध्यापकों के नियमितीकरण को 3 वर्ष के बजाए 2 वर्ष करने पर तुरंत निर्णय लें। संघ ने प्रधानाचार्य एवं मुख्य अध्यापकों सहित सभी वर्गों के शिक्षकों की पदोन्नति करने की विभाग और सरकार से मांग की है। यह पदोन्नति लंबे समय से नहीं हो पा रही है। संघ का कहना है कि प्रधानाचार्य की पदोन्नति तो पिछले 2 वर्ष से रुकी पड़ी है जिस वजह से स्कूलों में एक ओर जहां बच्चों की पढ़ाई पर प्रभाव पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर बहुत से मुख्याध्यापक एवं प्रवक्ता बिना पदोन्नति ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं जिससे शिक्षकों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। साथ ही बैठक में अनुबंध शिक्षकों को जो 6 साल बाद, 5 साल बाद या फिर 3 साल बाद नियमित हुए हैं उन्हें उनकी प्रथम नियुक्ति से वरिष्ठता एवं अन्य सभी लाभ देने की मांग की गई। संघ ने केंद्र सरकार की नई पेंशन नीति के उस प्रावधान को हिमाचल में लागू करने की भी मांग की जिसमें किसी भी कर्मचारी की अकस्मात मृत्यु या अपंगता के कारण उसे पुरानी पेंशन के सभी लाभ दिए जाते है। संघ ने 4-9-14 टाइम स्केल को 2009 की अधिसूचना के अनुसार बहाल करने एवं ग्रेड पे में लगी 2 साल की शर्त को हटाने , 2016 से केंद्र का नया वेतनमान लागू करने व भूतपूर्व सैनिकों को वरिष्ठता लाभ न देने की भी मांग की। बैठक में केवल शिक्षकों के लिए ही स्थानान्तरण नीति बनाने पर भी आपत्ति दर्ज की गई जबकि सभी कर्मचारियों को समानता का अधिकार है। संघ का कहना है कि पीटीए, पैरा एवं पैट शिक्षकों के नियमितीकरण को लेकर विभाग द्वारा ढुलमुल रवैया पर भी संघ ने आपत्ति जताई क्योंकि 25 जून को सरकार ने कैबिनेट के द्वारा इनके नियमितीकरण की सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार हरी झंडी दे दी थी। उसके बाद से आज तक इतना लंबा समय बीत जाने के उपरांत भी इनके नियमितीकरण के आदेश जारी नहीं हो पाए हैं जो की बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण हैं। राजकीय अध्यापक संघ का कहना है कि संघ ने सरकार को एक अल्टीमेटम दिया है यदि इन शिक्षकों का नियमितीकरण नहीं किया जाता है और शिक्षकों की उपरोक्त मांगों को नहीं पूरा किया जाता है तो संघ के पास विरोध प्रदर्शन के सिवा और कोई चारा नहीं बचता है उसका उत्तरदायित्व सरकार व विभाग का होगा।
दो विधानसभा क्षेत्रों में पड़ने वाली औहर-धराड़सानी सड़क की बदहाली से परेशान लोगों ने जिला प्रशासन व लोक निर्माण विभाग को चेतावनी दी है कि यदि इस सड़क को जल्द दुरूस्त न किया गया तो उन्हें आंदोलन करने पर विवश होना पड़ेगा। ग्राम पंचायत औहर के पूर्व प्रधान एवं जिला ग्रामीण भाखड़ा विकास समिति के अध्यक्ष देसराज शर्मा, लक्ष्मण दास, आकाश चंदेल, सहज राम, बलबीर चंदेल, पूर्व बी.डी.सी. शीला देवी, सीता देवी, सुभाष ठाकुर, प्रेमलाल, दर्शन कुमार, धनीराम, अरङ्क्षवद वर्मा, प्रेमलाल वर्मा, अंकुश ठाकुर आशोक चंदेल, चंद्रमणि ठाकुर व जय कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा है कि सडृक की हालत बद से बदतर हो चुकी है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे पड़े हैं। बरसात के इस मौसम में गड्ढों में पानी भर जाता है जिससे इस सड़क पर वाहन चलाना दुश्वार हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस बारे में विभाग को कई बार अवगत करवाया गया लेकिन विभाग के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। उन्होंने बताया कि औहर से लेकर भंजवाणी तक की सड़क घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के तहत आती है जबकि इससे आगे की सड़क झंडूता विधानसभा क्षेत्र के तहत आती है। क्षेत्रवासियों ने दोनों विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों से मांग की है कि वे उनकी समस्या का समाधान करवाएं अन्यथा उन्हें मजबूरी में आंदोलन करने पर विवश होना पड़ेगा।
सोलन के कथेड़ बाईपास में शेड्स सीएचएम कॉलेज के 7 विद्यार्थियों ने एपपीयु द्वारा घोषित बीएचएम सेमेस्टर के परिणामों में प्रदेश में 7 सीटों पर कब्जा किया। इस मौके पर कॉलेज में ख़ुशी का माहौल रहा व मिठाईयां बांटी गई। शेड्स कॉलेज की साक्षी ने 532 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान, आनंद शर्मा ने 502 अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान, शिवानी ने 501 अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान, अंजली व महिमा ने 451 अंक लेकर चौथा स्थान, राहुल ने 480 अंक लेकर पांचवा स्थान, पवन ने 472 अंक लेकर छठा और प्रियंका ने 471 अंक लेकर सातवां स्थान प्राप्त किया। विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर कॉलेज की चेयरपर्सन सुनीता और डायरेक्टर नारायण सिंह ठाकुर ने बच्चों को बधाई दी व उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
विधानसभा अध्यक्ष के बाद भाजपा अध्यक्ष बने डॉ राजीव बिंदल को भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच पद को छोड़ना पड़ा लेकिन राजीव बिंदल की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही है। सीपीआईएम ठियोग के विधायक राकेश सिंघा ने स्वास्थ्य घोटाले के साथ विधानसभा में हुई 6 भर्तियों में भी धांधली के आरोप लगाए हैं। सिंघा ने आरोप लगाया कि ये भर्तियां भाई भतीजावाद के आधार पर की गई। विधानसभा में नियमों को ताक पर रखकर लॉ ऑफिसर का नया पद सृजित कर अपने संबंधी व निज़ी सचिव की बेटी को भर्ती कर दिया। इसके अलावा 3 भर्तियाँ अपने चुनाव क्षेत्र नाहन व एक भर्ती सोलन से की गई जबकि एक भर्ती भाजपा उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम गुलेरिया के बेटे की है। सिंघा ने समूचे मामले की न्यायिक जांच की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि विजिलेंस की जितनी भी जाँच आज तक हुई उनका कोई नतीजा नही निकल पाया। उन्हें सूचना है कि सरकार स्वास्थ्य विभाग में हुए घोटाले में भी लीपापोती कर क्लीन चिट देने की फ़िराक में है इसलिए मामले की न्यायिक जांच ही ताकि सच्चाई सामने आ सके।
भाजपा महिला मोर्चा हिमाचल प्रदेश द्वारा कोरोना वैश्विक महामारी से मुक्ति एवं विश्व शांति हेतु 55 लाख गायत्री जाप का आयोजन वीरवार को शिमला में लिफ्ट के समीप पार्किंग में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला मोर्चा की प्रदेश अद्यक्षा रश्मी धर सूद द्वारा की गई, उनके साथ कार्यक्रम की प्रभारी वंदना गुलेरिया एवं सह प्रभारी मधु सूद भी उपस्थित रही। कार्यक्रम में पूर्णाहुति प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा दी गई। उनके साथ भाजपा प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल एवं प्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा, शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज एवं मंत्री सरवीण चौधरी उपस्थित रहे।
भारत स्काउट्स एवं गाइड्स हिमाचल प्रदेश की नोै ओपन यूनिट्स ने कोविड-19 मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 71 हजार रुपये की धनराशि भेंट की। प्रतिनिधि विवेक कुमार शर्मा, सहायक रोवर स्काउट लीडर, देव भूमि रोवर्स ओपन क्रू कुल्लू द्वारा डॉ अंजू शर्मा, राज्य आयुक्त गाइड, श्री मति सुधा शर्मा, सह राज्य आयुक्त गाइड, डॉ राज कुमार, राज्य सचिव, डॉ सुनील बनयाल, राज्य विकास समन्वयक की मौजूदगी में डॉ अमरजीत कुमार शर्मा, निदेशक उच्च शिक्षा व राज्य मुख्य आयुक्त हिमाचल प्रदेश के माध्यम से मुख्यमंत्री राहत कोष कोविड-19 के लिए 71,000/- रुपये की धनराशि भेंट की। इस धनराशि को पूरा करने के लिए पार्वती रेंजर्स ओपन टीम कुल्लू, हिल्स क्वीन रेंजर्स ओपन टीम शिमला, हिमालयन रोवर्स ओपन क्रू कुल्लू, स्नो लैंड रोवर्स ओपन क्रू कुल्लू, देव भूमि रोवर्स ओपन क्रू कुल्लू, खालसा रोवर्स ओपन क्रू मंडी, गौतम बुद्ध रोवर्स ओपन क्रू मंडी, मॉन्टेनेर रोवर्स ओपन क्रू सोलन व त्रिउंड रोवर्स ओपन क्रू कांगड़ा ने अपना योगदान दिया। कमलेश ठाकुर कमेटी अध्यक्ष व रोहित चंदेल, उपाध्यक्ष द्वारा जानकारी देते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश में ओपन यूनिट्स हर स्तर पर अपनी सेवाएं दे रही है। कोरोना महामारी के समय भारत स्काउट्स एंड गाइड हिमाचल प्रदेश की ओपन यूनिट्स ने लोगों को जागरूक करने में अपना अहम योगदान दिया है जिसमे इन्होंने लोगों को सोशल मीडिया के माध्यम से पोस्टर व स्लोगन बना कर जहां घर बैठे जागरूक किया वहीं अपने-अपने जिला में प्रशासन के साथ मिलकर पिछले तीन महीनों में जमीनी स्तर पर भी कार्य किया। इस महामारी के समय में ओपन यूनिट्स द्वारा एक कमेटी बना कर मुख्यमंत्री राहत कोष कोविड-19 के लिए धनराशि देने का निर्णय लिया गया, जिसे 15 जुलाई को डॉ अमरजीत कुमार शर्मा, निदेशक उच्च शिक्षा व राज्य मुख्य आयुक्त हिमाचल प्रदेश को सौंप दिया गया।
कुल्लू जिला में कोरोना का नया मामला सामने आया है जिसमें 31 वर्षीय विदेश से लौटा 31 वर्षीय युवक की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। मिली जानकारी के मुताबिक सूडान से 4 जुलाई को दिल्ली पहुंचा 31 वर्षीय युवक अपने घर कलेहली लौटा था, जिसके बाद इस युवक को प्रशासन की तरफ से होम क्वॉरेंटाइन किया गया था। वही इस युवक का तेगुबेहड़ अस्पताल में कोरोना टेस्ट लिया गया था जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इस युवक के साथ कोरोना टेस्ट करवाने के लिए इसकी बहन भी अस्पताल में आई थी जिसके बाद प्रशासन की तरफ से इसको भी क्वॉरेंटाइन किया गया था। यह युवक सूडान में एक निजी कंपनी ए एस कॉमोडिटी ट्रेडिंग में ऑपरेशन हेड के तौर में कार्य करता था जहां से यह अपने घर लौटा है। उपायुक्त कुल्लू डॉक्टर रिचा वर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि यह युवक 4 जुलाई को विदेश से दिल्ली लौटा था जिसके बाद यह अपने घर कलेहली लौटा था और प्रशासन की तरफ से इसको होम कोरेंटिन किया गया था। उन्होंने कहा कि 31 वर्षीय युवक की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है इसके साथ दिल्ली से टैक्सी में ड्राइवर के साथ तीन अन्य लोग भी हिमाचल लौटे थे जिनमें से एक व्यक्ति धर्मशाला, एक व्यक्ति मंडी और तीसरा यह युवक भी कुल्लू पहुंचा था। उन्होंने कहा कि फिलहाल इस व्यक्ति की कांटेक्ट हिस्ट्री इन तीन लोगों के सिवाय इसकी बहन के साथ है ऐसे में प्रशासन की तरफ से इसको कोविड-19 आइसोलेशन सेंटर आयुर्वेदिक अस्पताल कुल्लू रेफर किया जा रहा है जहां पर इसका इलाज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना पॉजिटिव युवक बहन को भी होम क्वारंटाइन किया गया है जिसके बाद उसका भी सैंपल लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुल्लू जिला में यह नौवां मामला है ऐसे में एक्टिव केस अब 4:00 हो गए हैं और 5 लोग ठीक होकर घर वापस लौटे हैं। उन्होंने कहा कि जनता को घबराने की जरूरत नहीं है। इस व्यक्ति की स्थानीय लोगों से कोई संपर्क नहीं है और 2 गज दूरी ओर फेसकवर का इस्तेमाल जरूर करें।
सीबीएसई द्वारा बुधवार को घोषित दसवीं के परीक्षा परिणाम में जिले के सकूलों का प्रदर्शन सराहनीय रहा है। कसौली इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल सनवारा में दसवीं का परिणाम शत प्रतिशत रहा। स्कूल में अंकुर यादव 98 प्रतिशत अंकों के साथ पहले, अभिषेक वर्मा 96 प्रतिशत व प्रभात थरेजा 92 प्रतिशत अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। स्कूल के एमडी हीरा ठाकुर व प्रिंसिपल डॉ. संजीव मैनरा ने स्कूल के सराहनीय रिजल्ट पर बच्चों व शिक्षकों को बधाई व शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि यह सब विद्यार्थियों की मेहनत व अध्यापकों के प्रयासों से ही संभव हुआ है।
सीबीएसई द्वारा घोषित 10वीं कक्षा के परीक्षा परिणामों में द एसवीएन स्कूल बडोर घाटी कुनिहार के छात्र छात्राओं ने अव्वल स्थान हासिल किया है। सीबीएसई द्वारा घोषित दसवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में कुनिहार के एकमात्र सीबीएससी स्कूल द एसवीएन स्कूल बडोर घाटी में ऑल इंडिया लेवल की वार्षिक परीक्षा में न केवल शत प्रतिशत परिणाम दिया बल्कि स्कूल के छात्रों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक लेकर इलाके का नाम रोशन किया। स्कूल के 21 विद्यार्थियों ने वार्षिक परीक्षा दी जिसमें 21 के 21 छात्र- छात्राओं ने प्रथम श्रेणी में अपनी परीक्षा पास की। जिसमें सर्वाधिक सृष्टि चौहान ने 93.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर स्कूल में पहला स्थान प्राप्त किया है। जबकि मन्नत पाल ने 90 प्रतिशत अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान हासिल किया व साक्षी कौशल ने 83प्रतिशत अंक हासिल कर तीसरा स्थान प्राप्त किया। वही आरुषि कालिया ने 82.4 प्रतिशत अंक लेकर चौथा स्थान तथा विशाल वर्मा ने81. 2 प्रतिशत अंक लेकर विद्यालय में पांचवां स्थान हासिल कर स्कूल का नाम चमकाया। परीक्षा परिणामों में छात्र छात्राओं ने गणित,हिंदी व अंगेजी में अधिकतम 97,96,96अंक हासिल किए। वही सृष्टि चौहान ने इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता व एसबीएन परिवार को दिया। वही विद्यालय में प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान पर रही छात्राओं को विद्यालय में बुलाकर सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर स्कूल के चेयर मैन टीसी गर्ग, निदेशक लुपिन गर्ग ने बच्चों व उनके अभिभावकों और स्कूल के कर्मठ अध्यापकों को अपनी ओर से बधाई व शुभकामनाएं दी।वही प्रधानाचार्या उमा शर्मा ने बेहतरीन परीक्षा परिणाम हासिल करने पर छात्र छात्राओं को आशीर्वाद व भविष्य में भी इसी तरह आगे बढ़ने की प्रेरणा दी व उन्होंने सभी बच्चों व अभिभावकों से आग्रह किया कि जहां तक हो सके अपने घरों में ही रहे। घर से बाहर तभी निकले जब कोई आवश्यक कार्य हो घर में रहकर ही सुरक्षित रहें। इस मौके पर पद्मनाभम, गुरप्रीत सिंह बाजवा, सुनीता, सीता, निशा, सांगवा, मुकेश कुमार, संजीव चौहान आदि मौजूद रहे।
लॉरेंस स्कूल सनावर हि.प्र. के विद्यार्थी हर्षअंगद सिंह ने सीबीएसई द्वारा आयोजित दसवीं की परीक्षा में 96.6 फीसदी अंक प्राप्त करके अपने स्कूल व अभिभावकों का नाम रोशन किया है। हर्षअंगद सिंह ने गणित में 100 में से 100 अंक प्राप्त किए। लॉरेंस स्कूल सनावर देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में से एक है, जिसने देश को कई राजनेता व हस्तियां दी हैं।
केंद्रीय माध्यमिक स्कूल शिक्षा बोर्ड (सी.बी.एस.ई) दसवी का परिणाम घोषित हुआ जिसमें हमीरपुर पब्लिक स्कूल की छात्रा अनाहिता शर्मा ने 99.1% अंक लेकर स्कूल का नाम सुनहरे शब्दों में लिख दिया तथा स्कूल के नाम पर चार चाँद लगाए तथा प्रथम स्थान हासिल कर सब को गौरवान्वित कर दिया। स्कूल के अन्य छात्रों ने भी बहुत अच्छा प्रदर्शन दिखाया जिसमें वंशिका कंवर ने 95.5% अंक लेकर द्वितीय स्थान हासिल किया, रिद्धिम शर्मा ने 94.33 % अंक लेकर तीसरा स्थान हासिल किया। कृतिका ने 93.5%, चारु ने 93. 3 %, आरुधि ने 92.1 %, विभव ने 92.17 % और अक्षिता ने 92 % अंक हासिल किए। स्कूल के 8 बच्चों ने 90 % से अधिक अंक हासिल किए, 23 बच्चों ने 80% से अधिक तथा 17 बच्चों ने 70% से अधिक तथा 25 बच्चों ने 60% से अधिक अंक हासिल किए। स्कूल का परिणाम शत-प्रतिशत रहा जिस पर स्कूल प्रधानाचार्य घनश्याम कश्यप जी ने खुशी प्रकट की तथा सभी बच्चों तथा अध्यापकों को बधाई दी। बच्चों ने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानाचार्य, अध्यापको तथा अविभावको को दिया। स्कूल प्रधानाचार्य घनश्याम कश्यप जी ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने आत्मनिर्भर भारत पैकेज के अंतर्गत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा 100 प्रतिशत आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना के तहत एमएसएमई व व्यापारियों के लिए 1,25,099 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए जाने की जानकारी दी है। अनुराग ठाकुर ने कहा "कोरोना आपदा से देशवासियों को राहत देने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 लाख करोड़ रुपए से ज़्यादा का आत्मनिर्भर भारत पैकेज दिया है। इस आत्मनिर्भर भारत पैकेज के अंतर्गत केंद्र सरकार ने सभी वर्गों का पूरा ध्यान रखा व उन्हें उनकी ज़रूरतों के हिसाब से सहायता प्रदान की जा रही है। आत्मभारत पैकेज बनाते समय हमने विभिन्न सेक्टर के प्रतिनिधियों के साथ व्यापक चर्चा की थी और उसी के अनुरूप नीतियाँ बनाईं। हमने सूक्ष्म, लघु, मध्यम, गृह उद्योग व व्यवसायियों के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा भारत सरकार की गारंटी पर 100 प्रतिशत आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना के तहत ऋण दिए जाने शुरू की थी। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने अब तक इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम के तहत 1,25,099 करोड़ रुपये का ऋण सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए मंज़ूर कर दिया है जिनमें से 61,987 करोड़ रुपए का भुगतान किया भी जा चुका है। कुल 37.14 लाख ऋणों की स्वीकृति इस योजना के अंतर्गत दी गई है। इन उपायों से बैंकों से 20% अतिरिक्त कार्यशील पूँजी एमएसएमई को कम ब्याज दर पर मोदी सरकार दे रही है जिससे रोज़गार के पर्याप्त अवसर बढ़ेंगे व इसका सबसे ज़्यादा लाभ छोटे शहरों व व्यापारियों को मिलने वाला है।" अनुराग ठाकुर ने कहा "मध्यम, सूक्ष्म और लघु उद्योगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए इनकी परिभाषा में बदलाव किया है। नई परिभाषा में मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों की बिक्री सीमा को बढ़ा दिया गया। अब 5 करोड़ तक के टर्नओवर की इकाई सूक्ष्म, 50 करोड़ के टर्नओवर की इकाई लघु और 100 तक के टर्नओवर तक की इकाई को मध्यम वर्ग में शामिल किया जाएगा,यानी छोटे उद्योगों को मिलने वाली रियायतों की सीमा का विस्तार होगा इससे उद्योग का आकार और व्यापार बढ़ेगा। मध्यम, सूक्ष्म, लघु और कुटीर उद्योग (एमएसएमई) के लिए 3 लाख करोड़ रुपए के अतिरिक्त वर्किंग कैपिटल का प्रावधान बिना गारंटी और कोलैटरल के किया गया है। आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत तनावग्रस्त एमएसएमईके लिए 20,000 करोड़ रुपए का सबोर्डिनेट ऋण दिया जाएगा जिसका सीधा लाभ 2 लाख से ज़्यादा एमएसएमई को मिलने वाला है। एमएसएमई अपना आकार बढ़ाना चाहती थीं,उनके लिए फंड्स ऑफ फंड्स के माध्यम से 50 हज़ार करोड़ की इक्विटी इंफ्यूज़न का प्रावधान किया गया है। इस कदम से रोजगार के नए अवसर की पैदा होंगे जो देश को आत्मनिर्भर बनाने के सपने को साकार करेंगे।"
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिमला जिले के कोटखाई विधानसभा के टिक्कर क्षेत्र में 73 करोड़ रुपये की विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के उद्घाटनऔर शिलान्यास किए। जय राम ठाकुर ने 20.33 लाख रुपये की लागत से निर्मित निरगी से कशैणी जलापूर्ति योजना लोगों को समर्पित की। उन्होंने टिक्कर तहसील कार्यालय का उद्घाटन भी किया। मुख्यमंत्री ने जल-जीवन मिशन के तहत 24.87 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले नावर रोहड़ू ब्लाॅक, कोटखाई की विभिन्न ग्राम पंचायतों के शेष बचे घरों के लिए पब्बर नदी से उठाऊ जलापूर्ति योजना, 3.67 करोड़ रुपये की लागत से ग्राम पंचायत टिक्कर के शेष बचे हुए गांव के लिए निर्मित होने वाली जलापूर्ति योजना, ग्राम पंचायत पुजारली नं. 4, धराड़ा, हस्ताड़ी, समारा और टिक्कर के शेष बचे हुए घरों को कवर करने वाली 3.41 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली जलापूर्ति योजना, 4.23 करोड़ रुपये की लागत से ग्राम पंचायत कुठाड़ी, कड़यून, धराहड़ा, शरोंथा और टिक्कर के शेष बचे घरों को कवर करने के लिए कार्यान्वित होने वाली उठाऊ जलापूर्ति योजना की भी आधारशिला रखी। जय राम ठाकुर ने 15.62 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली गंगानगर-खांगटा सड़क, 14.28 करोड़ रुपये की लागत से मेंहदली-गणासीधार सड़क के उन्नयन की आधारशिला रखी। उन्होंने 1.60 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली पुलिस चैकी, टिक्कर और 5.25 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले ग्रेडिंग और पेकिंग सेंटर तुतूपानी (तहसिल टिक्क्र) की आधारशिला रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने जुब्बल और कोटखाई विधानसभा क्षेत्र के जुब्बल और नावर क्षेत्र के लिए 150 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाएं लोगों को समर्पित की हैं। उन्होंने कहा कि तुतूपाणी में ग्रेडिंग और पेकिंग केंद्र स्थापित किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के बागवानो को नवीनतम ग्रेडिंग और पेकिंग की सुविधा उनके घर-द्वार पर मिलेगी। उन्होंने कहा कि जल-जीवन मिशन के तहत उठाऊ जलापूर्ति योजनाओं से नावर क्षेत्र के लोगों को नल से पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने सेब की ढुलाई तथा इसे मंडी तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। राज्य सरकार ने न केवल नेपाल परंतु अन्य जिलों जैसे सिरमौर, चम्बा मण्डी से भी श्रमिकों को लाने के समूचित प्रबंध किए हैं। सरकार ने नावर क्षेत्र के कशैणी गांव के बाशिंदों को 2.04 करोड़ रुपये की त्वरित सहायता राशि प्रदान की है जिनके घर कुछ महीने पहले आगजनी के कारण पूरी तरह से जल गए थे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उन्होंने जिन परियोजनाओं की आधारशिला रखी है, उनको तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए ताकि लोगों को इन परियोजनाओं के लाभ अतिशीघ्र मिल सके। मुख्य सचेतक और स्थानीय विधायक नरेंद्र बरागटा ने क्षेत्र के लिए करोड़ो रुपये की विकासात्मक परियोजनाएं समर्पित करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के बावजूद भी किसान अपने उत्पादों को बिना किसी बाधा के मण्डियों तक पहुंचा पा रहे हैं जिसका श्रेय मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर द्वारा समय रहते की गई पहल को जाता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के सक्षम नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश देश के विकसित राज्यों की श्रेणी में तेजी से बढ़ रहा है।
हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव अनिल खाची ने वीडियो काॅन्फ्रेन्स के माध्यम से राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की 04 जिलों में स्वीकृत परियोजनाओं का शुभारम्भ किया। इनमें 02 परियोजनाएं सोलन जिला की हैं। यह जानकारी नाबार्ड के जिला विकास प्रबन्धक सोलन अशोक चैहान ने दी। अशोक चैहान ने कहा कि प्रदेश के मुख्य सचिव ने वीडियो काॅन्फ्रेन्स के माध्यम से सोलन, सिरमौर, कुल्लू व मण्डी जिलों में नाबार्ड की स्वीकृत परियोजनाओं का शुभारम्भ किया। जिला विकास प्रबन्धक ने कहा कि सोलन के लिए कन्धर जलागम परियोजना तथा रूरल मार्ट का शुभारम्भ किया गया। उन्होंने कहा कि कन्धर जलागम परियोजना के माध्यम से जिला के कुनिहार खण्ड के 04 गांवों के 237 परिवारों के 1152 लोग लाभान्वित होंगे। इनमें 16 प्रतिशत परिवार गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस परियोजना द्वारा क्षेत्र में जल एवं मृदा संरक्षण की स्थिति में सुधार होगा। इससे फसलों का उत्पादन बढ़ेगा और आय में आशातीत वृद्धि होगी। अशोक चैहान ने कहा कि कन्धर जलागम परियोजना का क्रियान्वयन नाबार्ड एवं अल्ट्राटेक कम्यूनिटी वेल्फेयर फाउंडेशन द्वारा काॅरपोरेट सोशल रिस्पाॅन्सिबिलिटी के तहत किया जाना है। परियोजना के अन्तर्गत 1371 हैक्टेयर क्षेत्र में उपचार, जल निकासी उपचार, प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास इत्यादि गतिविधियां की जाएंगी। उन्होंने कहा कि रूरल मार्ट की स्थापना सोलन के देहूंघाट में की जा रही है। इसके लिए नाबार्ड द्वारा मां शूलिनी एग्रो मार्केटिंग कॉरपोरेटर सोसाइटी सोलन को 3.45 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस मार्ट से 34 स्वयं सहायता समूहों के सदस्य जुड़े हैं। इनका गठन शेड्स सोसायटी सोलन द्वारा नाबार्ड स्वीकृत परियोजना के तहत किया गया है। उन्होंने कहा कि इस मार्ट से स्थानीय कृषि व गैर कृषि उत्पादों विशेष रूप से घी, आचार, लहसुन, बड़ियां, हल्दी, ऊनी कपडे़, कूशन तथा बांस आधारित उत्पादन की बिक्री की जाएगी। उन्हांेने कहा कि 03 से 04 लाख रुपये तक की बिक्री लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि मार्ट के साथ और अधिक समूहों को जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। यह मार्ट स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के उत्पादों के विपणन के लिए उचित स्थान उपलब्ध करवाएगा। अशोक चैहान ने कहा कि जोगिन्द्रा केन्द्रीय सहकारी बैंक सोलन को मोबाइल वैन के लिए 15 लाख रुपये की अनुदान सहायता भी स्वीकृत की गई। इस वैन के माध्यम से जिला में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलेगा। सोलन में इस अवसर पर पंचकूला, शेड्स सोलन तथा ग्राम जलागम समिति कन्धर के प्रतिनिधि तथा वीडियो लिंक के माध्यम से अल्ट्राटेक कम्यूनिटी वेल्फेयर फाउंडेशन के सदस्य उपस्थित थे।
जिला जल एवं स्वच्छता अभियान के तहत एक बैठक काआयोजन उपायुक्त राजेश्वर गोयल की अध्यक्षता में किया गया। बैठक के दौरान गोयल ने बताया कि जल शक्ति विभाग के माध्यम सेचलाए जा रहे जल एवं स्वच्छता अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ कर हर घर को नल तथा हर नल में शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाना है। उन्होंने बताया कि जिला बिलासपुर में जल जीवन अभियान फेस 3 के अंतर्गत लगभग 79 करोड़ 32 लाख रुपये की लागत की 6 पेयजल योजनाओं को स्वीकृति हेतु सरकार को भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं के तहत 14140 आंशिक रूप से छुटे हुए घरों को नल की सुविधा उपलब्ध करवानातथा पेयजल योजनाओं में सुधार करने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि जल जीवन अभियान फेस 1 के तहत 22733 आंशिक रूप से छुटे हुए घरों को नल सुविधा उपलब्ध करवाने हेतु लगभग 200 करोड़ 78 लाख रुपये की योजनाएं स्वीकृत हुई है। इसी प्रकार फेस 2 में 9127 घरों को नल सुविधा प्रदान करने के लिए लगभग 18 करोड़ 72 लाख रुपये की योजनाओं को स्वीकृति मिली है जिनका कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में कुल एक लाख 2 हजार 572 मकान है जिनमे से आंशिक रूप से छुटे हुए घरों को जल जीवन अभियान के अंतर्गत जून, 2021 तक नल सुविधा से जोड़ दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि लोगों को शुद्ध पेयजल की महत्ता बारे भी विभिन्न प्रचार माध्यमों के द्वारा जागरूक किया जाएगा जिससे की लोग जल जनित रोगों से बच सके। उन्होंने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों से आहवान किया कि वे जल जीवन अभियान के तहत स्वीकृत योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाए ताकि प्रत्येक व्यक्ति को नल द्वारा उसके घर में समुचित मात्रा में शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाया जा सके तथा लोगों को पेयजल सम्बन्धी किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक में जिला कमेटी के सदस्य सचिव अधिशाषी अभियन्ता ई. अरविन्द वर्मा, डी.एफ.ओ. सरोज भाई पटेल, अधिशाषी अभियन्ता झंडुता देव राज चौहान, जिलास्वास्थ्य अधिकारी परविन्द्र सिंह, उप निदेशक उच्च शिक्षा महेन्द्र सिंह, उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा सुदर्शन कुमार, सहायक अभियन्ता रविन्द्र रणौत तथा कृषि विकास अधिकारी राजीव शर्मा उपस्थित थे।
बिलासपुर जिले में इन दिनों स्कूलों में करवाई जा रही ऑनलाइन पढ़ाई को व्यापक रूप से चलाया जा रहा है तथा सरकार द्वारा निर्धारित किए गए कार्यक्रम घर घर पाठशाला का संचालन बेहतर तरीके से किया जा रहा है। यह बात बिलासपुर जिला मुख्यालय पर डिप्टी डायरेक्टर हायर एजुकेशन का पद संभालने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए नव नियुक्त डिप्टी डायरेक्टर महिंदर कुमार धीमान ने कही। धीमान इससे पहले राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घुगलाडा तहसील ज्वाली जिला कांगड़ा में बतौर प्रिंसिपल कार्य कर रहे थे। प्रमोशन होने के उपरांत बिलासपुर आने पर उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता शिक्षा के क्षेत्र में सरकार द्वाारा चलाई जा रही नीतियों को लागू करना रहेगी। उन्होंनेे बताया इसके अलावा पिछलेे 19 वर्ष शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत थे और उन्होने शिक्षा के हर पहलु को अनुभव किया है। घर घर पाठशाला के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि शिमला मुख्यालय से विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए लिंक जिले में सुबह साढ़े आठ बजे आ जाते हैं और उसके बाद वह सभी स्कूलों में अध्यापकों को भेज दिए जाते हैं जहां से वह बच्चों को भेजे जाते हैं और आन लाइन पढ़ाई आरंभ हो जाती है। उन्होंने बताया कि 13 जुलाई से यह कार्य अनवरत जारी है। उन्होने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने से पहले उन्होंने सेना में कार्य करते हुए देश सेवा की है इसलिए वह हर कार्य को मिशन की तरह से लेते हैं। उन्होंनें बताया कि बिलासपुर आकर उन्हें अलग सा कुछ भी नहीं लग रहा बल्कि सभी अपने ही लग रहे हैं। कार्यालय में भी बेहतर तालमेल है और सभी कर्मचारी अपना काम जिम्मेदारी पूर्वक कर रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड सोलन से प्राप्त जानकारी के अनुसार 16 जुलाई, 2020 को एचटी लाईन के रखरखाव एवं वृक्षों की टहनियों की कटाई के कारण 11 केवी चम्बाघाट फीडर की विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी विद्युत बोर्ड सोलन के सहायक अभियंता ने दी। उन्होंने कहा कि इसके दृष्टिगत 16 जुलाई, 2020 को प्रातः 10.00 बजे से सांय 6.00 बजे तक चम्बाघाट, बावरा रोड, सूर्य किरण काॅलोनी, कथेड़, एचएफसीएल के समीप का क्षेत्र, ईटीडीसी के समीप का क्षेत्र तथा चम्बाघाट में वैक्सीजेन हेल्थ केयर के समीप के क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील की है।
हिमाचल प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम की बैठक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डा. राजीव सैजल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। उन्होंने अधिकारियों से यह सनिश्चित बनाने के निर्देश दिए कि प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ अधिक से अधिक अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों तक पहुंचे ताकि उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि समुदाय विशेष के लोगों तक विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए संबंधित समुदाय के नेताओं को साथ लेकर कार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों को एक मंच पर लाने की जरूरत है और हिमाचल प्रदेश से इसकी पहल होनी चाहिए। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि लाहौल स्पिती व किन्नौर जिला के अल्पसंख्यक लोगों तक भी सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचना चाहिए और इस बात पर विशेष तौर पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ये प्रयास भी होने चाहिए कि प्रदेश के मुस्लिम, बौद्ध व सिक्ख समुदाय जैसे अल्पसंख्यक वर्गों के लोगों को भी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ मिलें। उन्होंने कहा कि निगम अल्पसंख्यक समुदाय एवं दिव्यांगों को स्वरोजगार व उच्च शिक्षा के लिए सस्ती दरों पर ऋण सुविधा उपलब्ध करवा रहा है। निगम ने स्वरोजगार के लिए अभी तक अल्पसंख्यक समुदायों के 2664 व्यक्तियों को 50.68 करोड़ रूपये के ऋण तथा 1605 दिव्यांगों को 39.29 करोड़ रूपये के ऋण विभिन्न योजनाओं के अन्र्तगत दिए हैं। इसके अलावा, शिक्षा क्षेत्र में 24 अल्पसंख्यक बच्चों को 0.58 करोड़ रुपये के ऋण तथा तीन दिव्यांग बच्चों को 0.7 करोड़ के ऋण उपलब्ध करवाए गए हैं। निगम द्वारा कुल 4296 अल्पसंख्यक एवं दिव्यांग व बच्चों को स्वरोजगार एवं शिक्षा के क्षेत्र में कुल 90.63 करोड़ रुपये के ऋण उपलब्ध करवाए गए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी निगम को वित्त वर्ष 2020-21 के लिए राष्ट्रीय निगमों द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय के 333 लाभार्थियों को पांच करोड़ रुपये व दिव्यांगजनों के 300 लाभर्थियों को तीन करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता है ताकि कोरोना संकट के इस समय में राज्य के दूर-दराज क्षेत्रों के लोगों को निगम की ऋण योजनाओं का लाभ मिल सके। बैठक में निदेशक मंडल की सदस्य एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता निशा सिंह एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
मंगलवार को सुबह 11:00 बजे जोड़ जी साहिब के पास कला रोड पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा पौधरोपण किया गया, जिसमें विभिन्न प्रकार के जंगली पौधे जिनकी तादात डेढ़ सौ के लगभग थी वह ब्लॉक कांग्रेस कमेटी परवानों द्वारा रोहित किए गए। वहां पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अधिकतर कार्यकर्ता उपस्थित हुए। कार्यक्रम में रमेश चौहान प्रवक्ता हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी, शिवकुमार अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी, ठाकुर दास शर्मा, अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, राजेश शर्मा उपाध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी, सतीश वेरी उपाध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी, रविंद्र गर्ग अध्यक्ष परमाणु कांग्रेस कमेटी, हरीश शर्मा सचिव जिला कांग्रेस कमेटी, संदीप चौहान सजीव ब्लॉक कांग्रेस कमेटी व मुख्य तौर से विनोद सुल्तानपुरी महासचिव हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी उपस्थित रहे। सभी कार्यकर्ताओं में इस कार्य को करने के लिए भरपूर जोश था और सभी ने पूरे मन के साथ इस कार्य को पूर्ण किया और आगे भी बरसात के मौसम में यह कार्य हर कार्यकर्ता अपने स्तर पर 10-10 पौधे लगाकर अपने आसपास के क्षेत्र को हरित करेगा। वनों को को हरा-भरा रखना हमारा परम कर्तव्य है व पर्यावरण की रक्षा करना भी हमारा परम धर्म है, इस मंत्र को लेकर कांग्रेस के सभी कार्यकर्ताओं ने इस कार्य को किया है।
केन्द्र सरकार द्वारा हथियार अधिनियम में संशोधन के उपरांत अब शस्त्र धारकों को अधिकतम 02 शस्त्र रखने की अनुमति प्रदान की गई है। यह जानकारी दण्डाधिकारी सोलन विवेक चंदेल ने दी। विवेक चंदेल ने कहा कि जिन व्यक्तियों के शस्त्र लाइसेंस में 03 शस्त्र दर्ज हैं को अपना तीसरा शस्त्र 12 दिसम्बर, 2020 से पूर्व निकटतम पुलिस थाना अथवा अधिकृत शस्त्र विक्रेता के पास जमा करवाना होगा। सेना में कार्यरत उपरोक्त शस्त्र धारको को अपना तीसरा शस्त्र शस्त्रागार इकाई में जमा करवाना होगा। उन्होंने कहा कि तदोपरांत 90 दिन की अवधि में यह शस्त्र सम्बन्धित लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा खारिज कर दिए जाएगें। अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी ने कहा कि इन निर्देशों की अवमानना करने पर लाइसेंस धारकों के विरूद्ध लाइसेंस अधिनियम 1959 के अनुरूप आगामी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय भारत सरकार द्वारा 13 दिसम्बर, 2019 को जारी अधिसूचना के अनुसार लिया गया है। इस अधिसूचना के अनुसार हथियार अधिनियम की धारा 3(2) में संशोधन किया गया है। इस संशोधन के अनुसार शस्त्र धारकों को अधिकतम 02 शस्त्र रखने की अनुमति प्रदान की गई है। उन्होंने आग्रह किया कि लाइसेंस में 03 शस्त्र वाले सभी शस्त्र धारक 12 दिसम्बर, 2020 से पूर्व अपना तीसरा हथियार जमा करवाएं, तथा कहा कि आदेशों की अवहेलना पर होने वाली कार्यवाही के लिए शस्त्र धारक स्वयं उत्तरदायी होंगे।
बुधवार को सीबीएसई द्वारा 10वीं का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया जिसके अंतर्गत गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल का परिणाम शत प्रतिशत रहा। विद्यालय की प्रबंधन समिति ने सभी अध्यापक वर्ग और छात्रों को हार्दिक बधाई दी और विद्यार्थियों के मंगलमय भविष्य की कामना की। विद्यालय की प्रधानाचार्य गुरप्रीत माथुर ने भी शत-प्रतिशत परिणाम पर बधाई दी। परीक्षा परिणाम इस प्रकार से रहा: नाम अंक रमणीक अटल 96% मन्नत काटना 95.2% प्रिंस शांडिल 93.8% गुंजन ठाकुर 92.2% कर्मा लामो 91.6% ख्याति वर्मा 91.6% काव्य 90% अविरल आकर्ष 89.8% अधिकतम अंक नाम अंक अंग्रेजी पलक रघुवंशी, कोविध 96 हिंदी रमनीक अटल 98 गणित बेसिक रमनीक अटल 95 गणित स्टैंडर्ड मन्नत कटना 98 सामाजिक विज्ञान प्रिंस शांडिल 96 कंप्यूटर रमनीक अटल, पलक 99 विज्ञान कर्मा लामो, प्रिंस शांडिल 89
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रदेश की आशा कार्यकर्ताओं को निःशुल्क स्मार्ट फोन वितरित किए ताकि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन प्रभावी और कुशलतापूर्वक कर सकें। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की आशा कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस सुविधा की उपलब्धता से आशा कार्यकर्ता अपना काम बेहतर तरीके से कर सकेगीं। उन्होंने कहा कि इन स्मार्ट फोन से आशा कार्यकर्ता डीसीडी, हिमआरोग्य, टीबी मुक्त हिमाचल ऐप, आरसीएच पोर्टल आदि एप्लिकेशन का प्रयोग कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि यह मोबाइल वीडियो और पोस्टर सहित सिंगल बटन के पुश के माध्यम से आईईसी के प्रभावी प्रसार में भी उनकी मदद करेगा और बल्क एसएमएस के माध्यम से सुचारू संचार में भी सुविधा होगी। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने आशा कार्यकर्ताओं को मार्च, अप्रैल, मई और जून माह के दौरान 1000 रुपये प्रति माह की प्रोत्साहन राशि प्रदान की है और अब जुलाई और अगस्त माह के दौरान प्रदेश सरकार राज्य की सभी आशा कार्यकर्ताओं को 2000 रुपये प्रतिमाह की प्रोत्साहन राशि प्रदान कर रही है। प्रदेश में लगभग 7842 आशा कार्यकर्ता अपनी सेवाएं दे रही हैं, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों में 7809 और शहरी क्षेत्रों में 33 कार्यकर्ता शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी ने सम्पूर्ण विश्व को हैरान कर दिया है, जिसके लिए स्वास्थ्य सेवाएं तैयार नहीं थी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश इस वायरस से प्रभावशाली तरीके से लड़ रहा है, तथा प्रदेश की आशा कार्यकर्ता इसको फैलने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता न केवल जुखाम जैसे लक्षण वाले लोगों को ढूंढने, बल्कि लोगों को क्वारंटीन के नियमों का सख्ती से पालन करने के लिए प्रोत्साहित करने में भी मदद कर रही हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि जमीनी स्तर पर आशा कार्यकर्ता सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं, जिन्होंने इस कोरोना महामारी के समय में बाहरी राज्यों से आए लोगों को होम क्वारंटीन के नियमों का सख्ती से पालन करने के लिए प्रेरित करना सुनिश्चित किया हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार द्वारा चलाए गए एक्टिव केस फांइडिंग कैम्पेन में भी अहम भूमिका निभाई है, जिसकी सराहना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भी की गई है। प्रधानमंत्री ने अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी सम्बन्धित राज्य में जुखाम जैसी लक्षणों का पता लगाने के लिए हिमाचल प्रदेश द्वारा चलाए गए इस अभियान को अपनाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता न केवल लोगों में सामाजिक दूरी के महत्व को समझाने बल्कि इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए फेस मास्क का प्रयोग करने के लिए प्रेरित करने में भी अहम भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं ने होम क्वारंटीन में रह रहे लोगों को इस बारे में जागरूक बनाने में भी बड़ा योगदान दिया है कि वे लोग होम क्वारंटीन के नियमों का सख्ती से पालन करें ताकि उनके परिजन सुरक्षित रहें। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने कोरोना वायरस के सामुदायिक संक्रमण को रोकने में कामयाबी हासिल की है, जिसका बड़ा श्रेय कार्यकर्ताओं को जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आशा कार्यकर्ताओं की सभी जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव आर.डी. धीमान ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने राज्य की आशा कार्यकर्ताओं द्वारा समाज के प्रति महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए उनको 500 रुपये अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने की स्वीकृति प्रदान की है।
जिला काँगड़ा के पुलिस थाना नूरपुर की चौकी कंडवाल के तहत टोल बैरियर पर ट्रक की चपेट में आने से बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। पुलिस से मिली जानकारी अनुसार 65 वर्षीय सोमा देवी पत्नी ध्यान सिंह निवासी ढांगू सरां अपने बेटे दिलबाग के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर रिश्तेदार के घर रहने आई थीं और बुधवार सुबह बेटे के साथ घर ढांगू जा रही थी। कंडवाल बैरियर क्रॉस करते समय बाइक अनियंत्रित हो गईव महिला गिर गई व पास से गुजर रहे ट्रक के पिछले टायर के नीचे आ गई। महिला की मौके पर मौत हो गई। ट्रक का चालक विजय कुमार पुत्र राम मूर्ति निवासी पठानकोट जसूर की तरफ जा रहा था। इस मामले की पुष्टि करते हुए डीएसपी साहिल अरोड़ा ने बताया कि पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
15 जुलाई, 2020 को हिमाचल किसान सभा क्षेत्रीय कमेटी वाकनाघाट द्वारा वाकनाघाट में एक दिवसीय अधिवेशन आयोजन किया गया। किसान सभा वाकनाघाट इकाई ने वर्ष 2019 में सब्जी मंडी वाकनाघाट की जो समस्याएं उठाई थी, उनके संबंध में मंडी सचिव व सोलन मंडी बोर्ड के चेयरमैन महोदय ने यह आश्वासन दिया था कि वाकनाघाट मंडी में परिसर का विस्तार किया जाएगा और बाहर से आने वाले आढ़तियों के रहने की व्यवस्था की जाएगी। यह भी आश्वासन दिया गया था कि किसानों से फसल तोल कर ली जाएगी। किसी किस्म की कोई काट नहीं काटी जाएगी, व बोली करवाने के लिए मंडी प्रशासन द्वारा कर्मचारी नियुक्त किया जाएगा। लेकिन इतना समय बीत जाने के बाद भी सब्जी मंडी में किसानों की फसल की कोई बोली नहीं हो रही है। आढ़तियों द्वारा किसानों से काट काटी जा रही है व मंडी का कोई भी विस्तार नहीं किया गया है, ना ही बाहर से कोई आढ़ती यहां आ रहा है तथा किसानों की मनमानी लूट चल रही है। किसान सभा क्षेत्रीय इकाई वाकनाघाट ने 26 जून, 2020 को भी सचिव एपीएमसी से एक ज्ञापन के माध्यम से मांग उठाई थी, कि सब्जी मंडी प्रशासन अपना प्रभावशाली हस्तक्षेप करके बाहर से आढ़तियों की पहुंच व बोली के लिए मंडी में प्रशासन का कर्मचारी तुरंत नियुक्त करवाए व फसल की बिक्री तोल कर करने की व्यवस्था की जाए तथा काट काटने की प्रथा को शीघ्र बंद करवाया जाए। इसके साथ ही साथ किसान सभा ने 15 जुलाई तक इन समस्याओं का समाधान न होने के मामले में किसान सभा को मजबूरन क्षेत्रीय स्तर पर किसान अधिवेशन को आयोजित करते हुए आंदोलन की राह पर चलने की चेतावनी भी दी थी। इस मौके पर किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल सब्जी मंडी प्रशासन से मिला जहां पर काट न काटे जाने व किसानों की सब्जियों की बोली सुबह 8 से 11 बजे तक लगाए जाने पर दोनों पक्षों में सहमति बनी। इस अधिवेशन में लगभग 150 किसानों ने भाग लिया व आगामी रणनीति पर चर्चा की गई व यह तय किया गया कि किसान सभा किसानों को लामबंद करते हुए 30 जुलाई, 2020 को सब्जी मंडी वाकनाघाट पर टमाटर पर आधारित प्रोसेसिंग उद्योग व मंडी के विस्तार की मांगों को लेकर प्रदर्शन आयोजित करेगी। इसके साथ ही साथ यदि सब्जी मंडी प्रशासन द्वारा किए गए वादों को 30 जुलाई तक अमल में नहीं लाया जाता है तो उस विषय पर भी प्रशासन से सवाल किए जाएंगे। इस मौके पर हिमाचल किसान सभा जिला सचिव प्यारे लाल वर्मा, क्षेत्रीय कमेटी वाकनाघाट अध्यक्ष पदम कंवर, सचिव अशोक वर्मा, उपाध्यक्ष तेजराम, कोषाध्यक्ष बालकृष्ण सोनी सहित अमीचंद, लता शांडिल, संगीता, कृष्णदत्त आदी क्षेत्रीय कमेटी के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
सुबाथू : पाइनग्रोव स्कुल के विद्यार्थियों ने एक बार फिर सी. बी. एस. ई. बारहवीं की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए सूबे में स्कुल का नाम रोशन किया है। विज्ञान और कॉमर्स वर्ग के 69 छात्रों ने परीक्षा दी, जिसमें से 49 छात्रों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर स्कुल का मान सम्मान बढ़ाया। कॉमर्स वर्ग में कबीर सिंह बेदी ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 97.4 प्रतिशत अंक प्राप्त किए, वहीं विज्ञान वर्ग में राहुल सोनी ने 96 प्रतिशत अंक प्राप्त करके स्कुल की शोभा बढ़ाई। विज्ञान वर्ग में दूसरे स्थान पर 95.4 प्रतिशत लेकर राशि और अजयपाल सिंह रहे जबकि तीसरे स्थान पर अश्नित कौर ने 95 प्रतिशत अंक अर्जित किए। इसी प्रकार कॉमर्स वर्ग में द्वितीय स्थान पर 97.2 प्रतिशत अंक लेकर कृष्या गाबा रही, वहीं तृतीय स्थान पर 96.8 प्रतिशत अंक लेकर देवांश महेश्वरी रहे। यह उपलब्धियां स्कुल के लिए विशेष महत्त्व रखती हैं क्योकि छात्र वर्ष भर अन्य कई गतिविधियों में व्यस्त रहते है। यह परिणाम छात्रों ने न केवल अपनी मेहनत बल्कि अपने गुरुजनो के अथक प्रयास एवं मार्गदर्शन के बलबूते पर प्राप्त किया। इस परीक्षा परिणाम में एक और रोचक तथ्य यह रहा की सभी छात्रों ने प्रथम श्रेणी में परीक्षा उत्तीर्ण की। पाइनग्रोव स्कुल के सभी छात्र 91.95 प्रतिशत कक्षा औसत प्राप्त करने में सफल रहे। छात्रों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए स्कुल के हेडमास्टर कैप्टन एजे सिंह ने मेधावी छात्रों को बधाई संदेश देते हुए कहा कि वे आगे चलकर भी मेहनत करते हुए नए आयाम स्थापित करें।
13 जुलाई को सीबीएसई का परीक्षा परिणाम घोषित हुआ जिसके अंतर्गत गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में जमा 2 का परिणाम शत प्रतिशत रहा। इस अवसर पर विद्यालय की प्रबंधन समिति ने प्रधानाचार्य अध्यापक वर्ग अभिभावक वर्ग व सभी छात्रों को खूब बधाई भी। विद्यालय की प्रधानाचार्य गुरप्रीत माथुर ने इसका श्रेय सभी अध्यापक वर्ग और विद्यार्थियों को दिया। परीक्षा के परिणाम इस प्रकार से है : पाखी राणा 97% प्रियांशी राणा 95% कनिष्क तांता 93.8% तारुषी अरोड़ा 93.6% दीक्षांत शर्मा 93.4% सार्थक गुप्ता 93% राशि परमार 91.6% शिवम शर्मा 90.8% , शुभम 90.8% चंचल 90%, मृज्ञा मलिक 90% विषय नाम आंक शारीरिक शिक्षा शिखा 100 हिंदी कनिष्क तांटा 97 गणित पारखी राणा 99 इतिहास चंचल 97 जीव विज्ञान राशि परमार 95 रसायनिक विज्ञान प्रियांशी, पारखी 95 भौतिकी सार्थक, प्रियांशी 95 सामाजिक शास्त्र कनिष्क तांटा 96 अंग्रेजी पारखी 98 भूगोल चंचल 96 संगीत चंचल 100 सूचना एवं प्रौद्योगिकी शिवम शर्मा 93
मंगलवार को हमीरपुर से जारी संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में भाजपा जिलाध्यक्ष बलदेव शर्मा महामंत्री हरीश शर्मा अभय वीर लवली वह जिला मीडिया प्रभारी अंकुश दत्त शर्मा ने कहां है कि केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर केंद्र सरकार में मिली बड़ी बड़ी जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ अपने चुनाव क्षेत्र से जुड़ी जन भावनाओं का ध्यान रखना बखूबी जानते हैं। भाजपा नेताओं ने कहा कि गत कुछ महीनों से एनआईटी हमीरपुर लगातार चर्चाओं का अखाड़ा बना हुआ था। कुछ विषय एनआईटी के डायरेक्टर की कार्यशैली और कार्यप्रणाली को संदेह के घेरे में लेते हुए चर्चाओं का बाजार गर्म कर रहे थे। इन चर्चाओं का पटाक्षेप करते हुए आज अनुराग ठाकुर के प्रयासों से एनआईटी मामले में जो कार्रवाई हुई है, जन भवनाओं को देखते हुए वह एक स्वागत योग्य कदम है तथा जिला भाजपा इसके लिए केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट अफेयर्स राज्यमंत्री का आभार व्यक्त करती है। भाजपा नेताओं ने कहा कि एनआईटी हमीरपुर का मामला दो बार केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री के ध्यान में लाया गया तथा दोनों ही बार उन्होंने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री निशंक पोखरियाल के पास यह मामला उठाया और उन्हें विस्तृत रूप से सारे तथ्यों से अवगत कराया। यद्यपि मार्च महीने में कोविड-19 महामारी से निपटने की चुनौती सामने खड़ी थी, जिस कारण इस मामले में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। लेकिन इस महीने के शुरू में केंद्रीय मंत्री निशंक पोखरियाल ने अनुराग ठाकुर को आश्वस्त किया था कि वह इस मामले की जांच करवाएंगे व एनआईटी डायरेक्टर के तथाकथित मनमाने रवैया पर भी लगाम लगाएंगे। एनआईटी की गिरती रैंकिंग पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य को कहीं अंधकारमय ना कर दे, एनआईटी में हो रही भर्तियों में लग रहे कथित अनियमितताओं के आरोपों के प्रति पनप रहे जन रोष को देखते हुए तथा स्थानीय लोगों के हितों को सुरक्षित करने की दृष्टि से एनआईटी मामले में जो कार्रवाई हुई है वह बहुत ही जरूरी थी। भाजपा नेताओं ने कहा कि यदि अनुराग ठाकुर केंद्र में जोरदार तरीके से इस मुद्दे को नहीं उठाते तो ऐसी कार्यवाही सम्भव नहीं है।
राजकीय महाविद्यालय दाड़लाघाट में बीए, बीकॉम प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने के इच्छुक छात्र-छात्राएं 31 जुलाई 2020 तक गूगल फॉर्म के द्वारा, जिसका लिंक https://bit.ly/ged-admissions है, के द्वारा अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ जनेश कूपर ने बताया कि इसके लिए उन्हें अपने जीमेल अकाउंट से लॉगिन करना पड़ेगा, जिससे कि उनके दवारा अपलोड की जाने वाले प्रमाण पत्रों की प्रति सुरक्षित रहें। गूगल फॉर्म का उपरोक्त लिंक महाविद्यालय के फेसबुक पेज जीडीसी दाड़लाघाट पर भी उपलब्ध है। प्रवेश पंजीकरण का लिंक admissiongdcdarlaghat@gmail.com पर ईमेल भेजकर अथवा 89884-60621 पर व्हाट्सएप या मैसेज करके भी प्राप्त किया जा सकता है। पंजीकरण के पश्चात अगस्त माह के प्रथम सप्ताह में प्रवेशार्थियों के मोबाईल नंबर पर उन्हें आगामी कार्यवाही के बारे में सूचित किया जाएगा।द्वितीय और तृतीय वर्ष में रोल ऑन प्रवेश के लिए भी विद्यार्थी अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। किसी भी अन्य जानकारी अथवा सहायता के लिए 01796-248084 पर संपर्क करें।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य, पूर्व मंत्री व विधायक श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र से राम लाल ठाकुर ने बचत खातों में कम की गई ब्याज़ दरों को लेकर केंद्र की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार झूठी व आमजन को ठगने वाली है। देश मे अच्छे दिन आने वाले के नारे देकर आने वाली केंद्र की सरकार ने लोंगो के साथ धोखे के सिवा और कुछ नहीं किया। राम लाल ठाकुर ने कहा कि एक तो कोविड 19 का संकट देश मे चल रहा है और लोगों के रोजगार और नौकरियां छिन चुकी है ऊपर से केंद्र की सरकार आये दिनों लोंगो के बचत खातों पर गुप् चुप तरीके से ब्याज की दरों को कम करती रहती है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि अभी मई और जून के एक महीने के अंदर अंदर ही बचत खातों की दरों में जो बदलाव किए हैं उससे आम लोंगो की स्थिति दयनीय हो गई है और जो प्रधानमंत्री मंत्री जी ने देश के वरिष्ठ नागरिकों को उनके फिक्स बचत खातों पर 8 प्रतिशत ब्याज देने की घोषणा की थी वह अब झूठी घोषणा साबित हो गई है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि यदि देश की सरकार ही झूठ बोलेगी जो जनता किस पर विश्वास करेगी। राम लाल ठाकुर ने कहा कि देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने ही एक महीने में दूसरी बार फिक्स डिपॉजिट करने वाले ग्राहकों को झटका दिया है। बैंक ने सावधि जमा यानी फिक्स डिपॉजिट पर ब्याज दरों में 40 आधार अंकों की कटौती की है। नई एफडी दरें 27 मई से प्रभावी हो चुकी कर दी गई थी। एसबीआई की वेबसाइट के मुताबिक बैंक ने 2 करोड़ या इससे अधिक की एफडी पर भी 50 बीपीएस तक की कटौती की है। इस श्रेणी के तहत एसबीआई द्वारा प्रस्तावित ब्याज दर अधिकतम 3% है। इस श्रेणी के अंतर्गत आने वाली नई दरें भी लागू कर दी गई हैं। राम लाल ठाकुर ने कहा कि सामान्तय सभी बैंक स्टेट बैंक को ही आधार बैंक मानकर अपनी ब्याज दरें निर्धारित करते है तो उनमें 7 दिन से 45 दिन 2.9%, 46 दिन से 179 दिन 3.9%, 180 दिन से 210 दिन 4.4%, 211 दिन से 1 वर्ष से कम 4.4%, 1 वर्ष से 2 वर्ष से कम 5.1%, 2 साल से 3 साल से कम 5.1%, 3 साल से 5 साल से कम 5.3%, 5 साल और 10 साल तक 5.4%, वरिष्ठ नागरिकों के लिए 27 मई से 2020 के लिए लागू कर दी है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि कहां तो कांग्रेस की सरकार के समय 6℅ सामान्य बचत खातों पर ब्याज मिलता था और 9.25℅ फिक्स बचत खातों पर ब्याज लोगों को मिलता था और अब कहां भाजपा की सरकार के समय इतनी बड़ी ब्याज खातों पर कटौती करना देश की जनता के साथ धोखा है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि एसबीआई ने 12 मई को 2020 को बीपीएस द्वारा '3 साल' तक के कार्यकाल के लिए सावधि जमा पर ब्याज दरों में कटौती की थी और मार्च में, एसबीआई ने एफडी पर ब्याज दरों को 20-50 बीपीएस से घटाकर 28 मार्च 2020 तक प्रभावी कर दिया है जिसको अन्य बैंकों ने भी फॉलो कर लिया है। यह दूसरी बड़ी कटौती थी। इससे पहले बैंक ने 10 मार्च को एफडी पर ब्याज दरों में कटौती की थी। राम लाल ठाकुर ने कहा कि बचत खाते पर भी ब्याज घट चुका है और ब्याज दरें वर्तमान ब्याज दर, संशोधित ब्याज दर के साथ प्रभावी हो चुकी है। राम लाल ठाकुर ने कहा आमजन साधारण तय पैसा बैंकों में जमा इसलिए करते है ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रहे और भविष्य में आने वाली वित्तिय संकटों से न जुझना पड़े लेकिन अब तो लोंगो के हालात इस सरकार ने और ज्यादा कठिन कर दिए हैं इससे बैंकों की साख पर भी बट्टा लग रहा है और लोगों में एक भय और अविश्वास का मत बढ़ता जा रहा है।
निजी बस ऑपरेटरों ने दो टूक शब्दों में सरकार और प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि दस दिनों के भीतर उनकी जायज मांगों को नहीं माना गया तो वे अनिष्चित कालीन संघर्ष की राह पर निकल जाएंगे जिसकी सारी जिम्मेवारी प्रदेश सरकार और प्रशासन की होगी। इसी आाशय को लेकर मंगलवार को करीब साठ निजी बस आपरेटरों ने एसी टू डीसी सिद्धार्थ आचार्य के माध्यम से प्रदेश मुख्यमंत्री को ज्ञापनप्रेषित किया। निजी बस आपरेटरों में शामिल अनिल कुमार मिंटू, अमरजीत सिंह सेन, हरीश, रमेश ठाकुर, अभिषेक, अजय भंडारी, देवराज, रवि कुमार, युवराज डटवालिया, सुनील कुमार, मेहरचंद, चुन्नीलाल, रतनलाल, विनय पुरी, नवल किशोर, राजेश धीमान, बंटी, राजू, विनीत, गुलजार आदि ने बताया कि अब हालात बहुत बिगड़ चुके हैं तथा वे अपनी खड़ी हुई बसों की चाबियां और कागजात प्रशासन को सौंपने के लिए आए थे लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने उनके यह दस्तावेज आदि लेने से मना कर दिया। उन्होंने बताया कि उनकी बसें खड़ी है जिस कारण उनकी परेशानियों में भी इजाफा हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने हालांकि इन बसों को चलाने के लिए सशर्त कवायद भी शुरू की लेकिन कोरोना के भय से निजी बसों को न तो सड़कों पर सवारियां मिल रही है और न ही उचित किराया। ऐसे में निजी बस ऑपरेटर अपना और अपने परिवार का पेट पालने में खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। ऑपरेटरों ने बताया कि जब लॉकडाउन शुरू हुआ था तो देश प्रदेश और समाज के हित में सभी निजी बस ऑपरेटरों ने अपनी अपनी गाड़ियां रोक दी थी। उन्होंने बताया कि यह गाड़ियों उन्होंने स्वरोजगार के तहत अपने परिवार को रोजी-रोटी चलाने के लिए बैंकों से भारी भरकम कर्ज लेकर डाली थी इसमें कई चालक और परिचालक अपनी सेवाएं दे रहे थे जो अब बेरोजगार हो चुके हैं। वहीं दूसरी ओर बैंकों की किस्तों के ब्याज में इजाफा निरंतर बढ़ रहा है। ऑपरेटरों ने अपनी मांगों को जिक्र करते हुए बताया कि एक तरफ सरकार औद्योगिक घरानों, मजदूरों और तमाम दूसरे तबकों को राहत देने के लिए विभिन्न प्रकार के पैकेज दे रही है किंतु निजी बस ऑपरेटरों को सरकार द्वारा किसी प्रकार की कोई राहत प्रदान नहीं की गई है। इसलिए ऑपरेटरों ने बसें चलाने से अपने हाथ खड़े कर दिए हैं मांगों का जिक्र करते हुए निजी बस ऑपरेटरों ने बताया कि सरकार को चाहिए कि वह डीजल की बढ़ी हुई कीमतों को वापस ले, तमाम निजी बस ऑपरेटर लॉक डाउन की अवधि के दौरान आर्थिक राहत पैकेज दिया जाए। सभी प्रकार के कर, पासिंग चार्जेस अगले वर्ष तक माफ किया जाए, इंश्योरेंस का लॉक डाउन की अवधि बढ़ाई जाए और अगले इंश्योरेंस का सारा पैसा इंश्योरेंस कंपनी को सरकार अदा करें। बसों में सोशल डिस्टेंसिंग की शर्तों को हटाया जाए, लॉक डाउन अवधि का बैंक ब्याज और किस तथा अगले 1 वर्ष का ब्याज माफ किया जाए, निजी बस ऑपरेटरों का स्टॉप चालक परिचालक आदि को आर्थिक पैकेज तथा तमाम स्टाफ का 50 लाख रुपए का बीमा सरकार की तरफ से किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार 10 दिनों के भीतर उनकी मांगों पर अमल नहीं करती है तो तमाम निजी बस ऑपरेटर संघर्ष की राह पर चलने के लिए बाध्य होंगे जिसकी पूरी जिम्मेवारी सरकार और प्रशासन की होगी। इस प्रतिनिधिमंडल में अनिल कुमार मिंटू, रमेश ठाकुर, मोहम्मद रफी, विनीत, संजय, रमेश चंद, अशोक, केहर सिंह, मेहर चंद, रवि कुमार, राजेश कुमार, बंटी, अनिल, रश्मि देवी, नवल किशोर, रामपाल, जीवन सिंह, माया देवी, मंजू बाला, प्रेमलता, गौरव सेन, अमरजीत सेन, शरीफ मोहम्मद, शशि सेन जगदीश कुमार सहित करीब 68 लोग मौजूद थे।
एसीसी विस्थापित एवं प्रभावित सभा की बैठक मंगलवार को राधा कृष्ण मंदिर बाग पंजगाई में बाबूराम शर्मा रिटायर्ड अध्यापक की अध्यक्षता में हुई जिसमें प्रभावित 5 पंचायतों बरमाणा, बैरी, पंजगाई, धौन कोठी, धार टटोह के लोगों ने भाग लिया। यह सभी पंचायतें एसीसी सीमेंट फैक्ट्री की माइनिंग से प्रभावित हैं। इस बैठक के दौरान लोगो को संबोधित करते हुए समाजसेवी भगत सिंह वर्मा ने कहा कि इन प्रभवित पंचायतो में जितनी भी माइनिंग हुई उसका फण्ड जिला प्रशासन के पास जमा होता है जिसे जिला प्रशासन इन प्रभावित पंचायतो में स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यावरण के लिए खर्च करता है। वर्मा ने कहा कि दुर्भाग्य की बात है कि एसीसी कंपनी अपना यह फंड जिला प्रशासन के पास जमा करवा रही है परन्तु जिला प्रशासन ने 2015 से लेकर आज तक इस फंड का इन प्रभावित पंचायतो के विकास के लिए इस्तेमाल नही किया उन्होंने कहा कि 2015 से लेकर आजतक यह फंड 50 करोड़ के लगभग डिस्टिक मीनर्ल फंड के खाते में जिला प्रशासन के पास जमा है। जो ए सी सी सीमेंट के खदान से मिलने वाली धनराशि है। उन्होंने कहा कि पंजगाई में स्वास्थ्य केंद्र की हालत खस्ता है यहाँ पर मात्र एक चिकित्सक उपलब्ध है। रात्री को इस अस्पताल में कोई चिकित्सक उपलब्ध नही होता। यहाँ पर स्टाफ के रहने के लिए बने क्वाटरो की हालत दयनीय है जिस करान कोई भी कर्मचारी इन क्वाटरो में नही रहता। उन्होंने बताया कि यह अस्पताल करीब दस पंचायतो के लोगो के लिए एक मात्र स्वास्थ्य संस्थान है जिसकी इतनी दयनीय हालत है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि जो इन प्रभावित पंचायतो के लिए डिस्टिक मीनर्ल फंड में पैसा जमा है जोकि मात्र स्वास्थ्य , शिक्षा और पर्यावरण पर खर्च होना है उस पैसे से इस अस्पताल में बुनियादी सुविधाएं मुहैया करवाए व उसके भवन निर्माण व आवासीय निर्माण पर इस पैसे को खर्च किया जाए। इसके साथ ही इस पैसे से यहाँ पर आईटीआई बनाया जाए जिसमे वह सब ट्रेड दिए जाए जिन ट्रेडो की आवश्यकता एसीसी सीमेंट कारखाने में है। उन्होंने कहा कि जिन ट्रेडो की आवश्यकता कंपनी में है वह ट्रेड यहाँ उपलब्ध नही है जिसकी वजह से यहाँ के बच्चे उन ट्रेडो में शिक्षा नही ले पा रहे है और इस कंपनी में बाहर के लोगो को रोजगार मिल रहा है। यदि इस पैसे से यहाँ पर आईटीआई का निर्माण हो जाता है तो प्रभावित पंचायतो के बच्चे इस आईटीआई में शिक्षा ग्रहण कर एसीसी कंपनी में रोजगार प्राप्त कर सकते है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस डिस्टिक मीनर्ल फंड समिति में प्रभावित पंचायतो के दो लोगो को शामिल किया जाए ताकि इस फंड का सही जगह पर जरुरत के अनुसार खर्च किया जा सके जिससे स्थानीय लोगो को फायदा हो सके। इसके साथ ही हर बड़े कारखाने में उपरोक्त कुछ अंश सोशल रिस्पांसिबिलिटी के लिए भी होता है जिसके तहत कंपनी प्रभावित पंचायतो के विकास के लिए खर्च करती है। कंपनी इस पैसे को इन प्रभावित पंचायतो में खर्च न करके बाहरी पंचायतो में खर्च कर रही है जोकि गलत है आज तक एसीसी फैक्ट्री ने इस पैसे को इन पांच पंचायतों को छोड़कर अन्य जगहों पर खर्च किया और इसका उपयोग भी चिकित्सा, शिक्षा के क्षेत्र में और प्रतयक्ष अप्रत्यक्ष रोजगार के साधन पैदा करने के लिए किया जाए जो की आज तक नहीं किया गया। बैठक में यह भी प्रस्ताव पारित किया गया कि प्रदेश सरकार प्रभावित विस्थापितों के लिए एसीसी के अंदर प्राथमिकता के आधार पर रोजगार मुहैया करवाए बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि उपरोक्त फंड का प्रयोग केवल चिकित्सा शिक्षा व रोजगार उत्पन्न करने पर हो अन्यथा पांच पंचायतों के लोग जन आंदोलन करने पर विवश होंगे। बैठक में समाजसेवी भगत सिंह वर्मा, जय किशन शर्मा, अमरजीत, भुवनेश्वर कुमार, सुशील शर्मा, कुलदीप ठाकुर, बलराम शर्मा, संजीव कुमार रामानंद ठाकुर सहित करीब डेड सों लोगो ने भाग लिया।
बरसात का मौसम शुरू होते ही सड़को पर गड्ढे पड़ना व पानी खड़ा होना शुरू हो जाता है। नेशनल हाईवे 205 मुख्य मार्ग में पड़े गड्डो को एनएचएआई द्वारा अभी कुछ दिन पहले ही दुरुस्त किया गया था, लेकिन ये गड्ढे अब फिर पुरानी स्थिति में देखे जा सकते है। हकीकत ये है कि कुछ समय पहले ही नेशनल हाईवे 205 शालाघाट से लेकर भराड़ीघाट तक पड़े इन गड्ढों को भरने का कार्य किया गया था, लेकिन जैसे ही बरसात का मौसम शुरू हुआ तो सड़क में पड़े गड्ढे फिर पुराने रूप में नजर आने लगे। स्थानीय लोगों में पंचायत सदस्य स्यार रमेश कुमार भाटिया, लक्ष्मी चंद, रमेश कुमार, रोशन लाल, संजीव गौतम, दीप राम चंदेल, संतराम ठाकुर, बाबू राम, अनिल गुप्ता, वीरेंद्र, लाल चंद, मदन का कहना है कि नेशनल हाईवे 205, शालाघाट दाड़लाघाट से भराडीघाट व राजघाटी तक सड़क में बड़े-बड़े गड्डो व सड़क खराब होने का मुख्य कारण ये है कि विभाग द्वारा सड़क में पड़े गड्ढे तो भर दिए गए, लेकिन सड़क के साथ नाली का निर्माण ना करने से बरसात के मौसम में पानी खड़ा होने से सड़क क्षतिग्रस्त हो रही है। लोगों ने कहा कि स्यार में जल शक्ति विभाग कार्यालय के नजदीक पड़े एक बड़े गड्ढे को अभी कुछ समय पूर्व ही भरा गया था, लेकिन जैसे ही बरसात का मौसम शुरू हुआ तो ये गड्ढा पुराने हालात में आ गया। लोगों ने कहा कि अगर जिस समय सड़क की मुरम्मत की जा रही थी अगर उस समय सड़क के साथ नालियों का निर्माण किया जाता तो सड़क की हालत इतनी खराब नही होनी थी जिससे आने वालों दिनों में बरसात के कारण सड़क की हालत खस्ताहाल हो जाएगी। लोगों का कहना है कि यदि सड़क में गड्ढे पड़ते रहे व सड़क क्षतिग्रस्त होती रही तो आने वाले दिनों में यह मालूम कर पाना मुशिकल हो जाएगा कि सड़क में गड्ढे है या गड्डो में सड़क। लोगों ने कहा कि सड़क की खस्ता हालत के चलते वाहन चालक परेशान है, वही जगह-जगह पड़े गड्ढों से हादसे की भी आशंका बनी हुई है। इस सड़क पर उद्योग होने से भारी-भरकम वाहनों का आना जाना लगा रहता है। इससे सड़क जल्द क्षतिग्रस्त हो जाती है। सड़क पर जगह-जगह पड़े गड्ढों से वाहन चालकों को तो क्या पैदल चलने वाले भी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जल्द से जल्द इन गड्ढों को ठीक करवाया जाए या पंचिंग दोबारा से की जाए। जब इस बारे एनएचएआई के इंजीनियर अमन गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वहा पर लोगो व दुकानदारों ने घर को जाने के लिए रैंप लगाए है जिस वजह से नालियां जाम हो जाती है।ज ल्द ही विभागीय अधिकारी को भेज कर उन नालियां को दुरुस्त करवा दिया जाएगा।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं परीक्षा में डीएवी अम्बुजा दाड़लाघाट कि होनहारों ने नए कीर्तिमान स्थापित किए। स्कूल का परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत रहा। विज्ञान संकाय में नियति गौतम ने 96% अंक हासिल कर प्रथम स्थान, 91.8% अंकों के साथ हर्षिता ने दूसरा तथा 90.4% अंकों के साथ स्नेहल ने तीसरा स्थान हासिल किया।वहीं वाणिज्य संकाय में आर्यन गुप्ता ने 96.4% अंक लेकर प्रथम, 88.8% अंकों के साथ किरण ठाकुर ने दूसरा तथा 77% अंकों के साथ कुणाल शर्मा ने तीसरा स्थान हासिल किया। स्कूल के प्रधानाचार्य मुकेश ठाकुर ने विद्यार्थियों को उत्तीर्ण होने पर बधाई देते हुए कहा कि विज्ञान संकाय में कुल 25 तथा वाणिज्य संकाय में कुल 19 विद्यार्थी थे, तथा सभी ने परीक्षा परिणाम में बेहतर करके दिखाया और इसके लिए विद्यार्थियों तथा अध्यापकों की कड़ी मेहनत और अभिभावकों का सहयोग सराहनीय रहा। स्कूल प्रबंधन समिति के चेयरमैन अनुपम अग्रवाल ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।


















































