त्युंन सरयून किसान एवं श्रमिक कल्याण सभा हरलोग के अध्यक्ष आशीष ठाकुर ने कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति दिन प्रतिदिन दयनीय होती जा रही है,कोरोना वैश्विक आपदा ने किसानों की कमर तोड़ दी है पर सरकार का इस ओर कोई ध्यान नही है। उन्होंने कहा कि इस बार निचले हिमाचल में आम की बहुत बढ़िया फसल हुई है पर बड़े ही दुर्भाग्य की बात है कि प्रदेश सरकार का इस ओर जरा भी ध्यान नही है। उन्होंने कहा कि तूफान और बारिश की वजह से किसानों की आम की काफी ज्यादा तबाह हुई है पर समझ से परे है कि आज तक निचले हिमाचल में पैदा होने वाली फसलों का सरकार मूल्य निर्धारित नही कर पाई है और न ही प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की मुआवजा राशि की कोई व्यवस्था है। जबकि ऊपरी हिमाचल में होने वाली मुख्य फसल सेब का मूल्य भी सरकार ने निर्धारित कर रखा है और आपदा से होने वाले नुकसान की भरपाई भी सरकार उन किसानों को करती आई है। उन्होंने कहा कि एक ही प्रदेश को दो भागों में बांट दिया गया है, किसान हर जगह एक से ही होते है मेहनत मजदूरी हर फसल के लिए बराबर ही लगती है। फिर इस तरह की भाई भतीजावाद वाली राजनीति उनकी समझ से परे है उन्होंने कहा कि इससे भी बड़े दुर्भाग्य की बात है कि सरकार के कृषि उपज विपणन समिति की तरफ से भी कोई व्यक्ति इन किसानों की सुध लेने के लिए नही पहुंचा है। आज किसानों की फसलें मंडी में न पहुंचने की वजह से तबाह हो रही है आशीष ठाकुर ने ज़रकर से मांग की है कि जल्द से जल्द सेब की फसल की तर्ज पर निचले हिमाचल में होने वाली फसलों के मूल्य प्रदेश सरकार निर्धारित करे और कृषि विभाग को आदेश जारी करे कि प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का जायजा लिया जाए और किसानों को आर्थिक मदद मिले। साथ ही किसानों की आम की फसलों को मंडी तक पहुंचाने की जल्द व्यवस्था हो ताकि हमारे किसानों को राहत मिल सके।
शिमला नागरिक सभा ने टूटू चौक व यादगार के पास नगर निगम द्वारा किए जा रहे दीवार व पार्किंग निर्माण को तुरंत रोकने की मांग की है। नागरिक सभा ने मांग की है कि उक्त निर्माण के कारण जो टूटू की जनता पर खतरा मंडरा रहा है उसके लिए नगर निगम को जिम्मेदारी लेनी चाहिए व बरसात के भारी समय में इन निर्माण कार्यों को शुरू करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज़ करनी चाहिए। नागरिक सभा के अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा है कि पीड़ितों व पंचायत तथा बीडीसी सदस्यों के खिलाफ दायर एफआईआर तुरन्त रदद् की जाए। पीडितोंको नगर निगम शिमला व प्रदेश सरकार तुरन्त मुआवजा राशि दे। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिनके भवन व दुकानें खतरे में हैं व जो पीड़ित हैं उनपर एफआईआर दर्ज की जा रही है। इस गलत निर्माण कार्य के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले पंचायत व बीडीसी के चुने हुए नुमाइंदों पर प्रशासन मुकद्दमे दायर कर रहा है जबकि बरसात में ऐसे गलत निर्माण कार्य को करके भवनों व जनता को नुकसान पहुंचा रहे हैं उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है। इस निर्माण कार्य के कारण कई भवन इसकी जद में हैं। कई दुकानों पर खतरा मंडरा रहा है। चैली पंचायत के पंचायत भवन व सरकारी राशन डिपो पर भी खतरा बरकरार है। पार्किंग निर्माण से टूटू-दाड़लाघाट व टूटू-नालागढ़ दोनों सड़कें खतरे में हैं। निर्माण कार्य के कारण भारी भूस्खलन हो रहा है। इस से टूटू-दाड़लाघाट सड़क का आधा हिस्सा पूरी तरह बैठ गया है जिसे बन्द करना पड़ा है। दो भवनों में भारी दरारें हैं। इन भवनों में चल रही दुकानें व रिहाइशें भारी खतरे में हैं। कभी भी भारी जानमाल का नुकसान हो सकता है। अगर भारी बारिश हुई तो पार्किंग से मलवा गिरने से टूटू-नालागढ़ सड़क भी पूरी तरह बंद हो जाएगा। पार्किंग से ऊपर व नीचे की दोनों सड़कें खतरे की जद में हैं। नीचे के भवन भी खतरे में हैं। गरीबों की बस्ती बंगाला कॉलोनी में रहने वाले तीन सौ लोग व उनके घर भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। विजेंद्र मेहरा ने कहा है कि टूटू चौक में मलवा गिरने से सड़क को भारी खतरा पैदा हो गया है। बरसात में दीवार का निर्माण कार्य शुरू करने से और ज़्यादा मलवा गिरने की संभावना पैदा हो गयी है। मिट्टी से छेड़छाड़ करने से मिल्कफेड के कुछ भवनों को भी खतरा पैदा हो गया है। बरसात में निर्माण कार्य शुरू करने का कोई तुक नहीं बनता था परंतु ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए नगर निगम इन दोनों कार्यों को अमलीजामा पहनाने के लिए उतावला है व खतरे के बावजूद इस कार्य को अमलीजामा पहनाने के लिए जबरन कोशिश कर रहा है। इन दोनों निर्माण कार्यों के कारण टूटू के तीन स्थान व सड़कें पूरी तरह बंद हो जाएंगी व शिमला शेष हिमाचल से कट जाएगा। इस पर तुरन्त रोक लगनी चाहिए नहीं तो नागरिक सभा सड़कों पर उतरकर इसका विरोध करेगी।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मंडी जिला के सुंदरनगर विधानसभा क्षेत्र में 45 करोड़ रुपये की विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं की आधारशिला रखी और उद्घाटन किए। मुख्यमंत्री ने 7.18 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले सुंदरनगर-बीना सड़क, 2.85 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले हराबाग में बागवानी विश्राम गृह, सुंदरनगर स्थित लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में 3.97 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले अतिरिक्त भवन के निर्माण और 22.24 करोड़ रुपये की लागत से सुंदरनगर शहर की उठाऊ सिंचाई योजना, जिससे शहर के 11 वार्डों के 21 हजार लोग लाभान्वित होंगे की आधारशिला रखी। जय राम ठाकुर ने 1.02 करोड़ रुपये की लागत से बेला खड्ड पर निर्मित 19.75 मीटर लंबे स्पेन पुल, 1.04 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित बागवानी विभाग के नए भवन तथा 3.03 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित उठाऊ पेयजल योजना कलाउहड का भी उद्घाटन किया। इस योजना से क्षेत्र की 48 बस्तियों के पांच हजार से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। वर्चुअल रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडी जिला के सुंदरनगर विधानसभा क्षेत्र में 500 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं पर कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं में जल शक्ति विभाग की 200 करोड़ रुपये की योजनाएं और लोक निर्माण विभाग की 100 करोड़ रुपये की परियोजनाएं आदि शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सुंदरनगर में 12 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले इंडोर स्टेडियम का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि 12 करोड़ रुपये की लागत से मातृ शिशु अस्पताल भवन भी निर्माणाधीन है। जय राम ठाकुर ने कहा कि जिन विकासात्मक परियोजनाओं का शिलान्यास उन्होंने आज किया है, इन सभी परियोजनाओं का निर्माण कार्य तय समयसीमा के भीतर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने निहरी में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान आरम्भ करने के अतिरिक्त कांगू के सलापड़ में लोक निर्माण विभाग का उप-मंडल भी आरम्भ किया है। उन्होंने कहा कि धन के अभाव को विकास के आड़े नहीं आने दिया जाएगा तथा लोग विकास के लाभ प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सुरक्षित हाथों में हैं। उन्होंने कहा कि आज ही के दिन वर्ष 1999 में प्रदेश के वीर सपूत कैप्टन विक्रम बत्तरा ने कारगिल में पाकिस्तानी घुसपैठियों से लड़ते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। उन्होंने धरती के इस वीर सपूत को भाव-भीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि भारत ने चीन द्वारा डोकलाम में किए गए दुस्साहस का मुंह तोड़ जवाब दिया है। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश एक समय कोरोना मुक्त बनने की ओर अग्रसर था, परंतु बड़ी संख्या में देश के विभिन्न भागों से वापिस आए लोगों के कारण कोरोना संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों को चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सरकार किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने अधिकारियों को खर्च न हुए धन को विकासात्मक कार्यों में प्रयोग करने के निर्देश दिए, ताकि धन का उचित प्रयोग सुनिश्चित हो सके। जल शक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर ने कहा कि यह मण्डी जिला के लोगों के लिए सम्मान की बात है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री उनके जिले से सम्बन्ध रखते हैं। उन्होंने कहा कि सुन्दरनगर की ऊठाउ पेयजल योजना से सुन्दरनगर क्षेत्र के लोगों को 24 घण्टे पेयजल की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। सुन्दरनगर के हराबाग के विश्राम गृह से क्षेत्र की पर्यटन की गतिविधियों को बल मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री को प्रदेश में कोरोना महामारी से प्रभावशाली तरीके से निपटने के लिए धन्यवाद किया। सुन्दरनगर के विधायक राकेश जमवाल ने मुख्यमंत्री को क्षेत्र की विकासात्मक योजनाओं के लिए करोड़ों रुपये की आधारशिलाएं रखनें व लोकार्पण करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का वर्तमान कार्यकाल जिले के लोगों विशेषकर सुन्दरनगर के लोगों के वरदान साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के क्षेत्र के प्रति विशेष लगाव के कारण इस विधानसभा क्षेत्र की सभी विकासात्मक परियोजनाओं पर कार्य तेजी से हो रहा है। उन्होंने क्षेत्र की कुछ विकासात्मक मांगों को भी विस्तार से प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव जे.सी. शर्मा, मुख्यमंत्री के सलाहकार डाॅ. आर.एन. बत्ता, प्रमुख अभियन्ता पीडब्ल्यूडी भवन शर्मा शिमला में उपस्थित रहे और उपायुक्त मण्डी ऋग्वेद ठाकुर, पुलिस अधीक्षक मण्डी गुरूदेव शर्मा और अन्य अधिकारी इस अवसर पर सुन्दरनगर में उपस्थित रहे।
जुब्बल तहसील के अंतर्गत झड़ग क्षेत्र के कान्टू गांव के एक दर्जन घरों मे पिछलें 20 दिनों से पानी की एक बूँद तक नसीब नही हो रही हैं जिससे बागवानों को बगीचों मे दवाईयों के छिड़काव सहित पशुओं को पीलाने तक पानी नहीं मिल रहा। लोगों को पीने के पानी को भी दो किलोमीटर दुर सड़क पर लगे हैड पंम्प से ढोकर लाना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर ग्रामिणों ने आईपीएच विभाग के कनिष्ठ अभियंता से शिकायत की तो उनकी मांग को नही सुना जा रहा। पानी की किल्लत से झूझ रहे लोगों में प्रकाश शर्मा, हरदियाल, रामप्रकाश, किशोरी लाल, भोपेंन्द्र व सेना देवी ने विभाग से मांग की है कि उनके घरों व बगीचों में लगे नल 20 दिनों से सुख चुकें हैं जिससे पीने के पानी के साथ साथ पशुओं व बागवानी कार्यों में पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा। लोगों ने जल्द पानी की सप्लाई सुचारू करनें की मांग की हैं। इस बारे में हाटकोटी डीविजन के कनिष्ट अभियंता विनोद कुमार का कहना है कि इस क्षेत्र में सोर्स में पानी की सप्लाई के चलतें यह समस्या आ रही है। इस पर विभाग काम कर रहा है व जल्द समस्या का समाधान किया जाएगा।
कुनिहार विकास खण्ड के अंतर्गत डुमेंहर पंचायत के पपलोटा गावं में 4 जुलाई को एक व्यक्ति के करोना पॉजिटिव आने के पश्चात उसका बेटा जो अपने पिता को दिल्ली लेने गया था सोमवार 6 जुलाई को वह भी करोना पॉजिटिव पाया गया। करोना पोस्टिव पाया गया युवक अपनी दादी को इलाज के लिए कुनिहार हॉस्पिटल लाया था। सोमवार को उक्त व्यक्ति की पॉजिटिव आने की खबर के साथ ही कुनिहार के लोगों व व्यापारियों में भय का माहौल बन गया। मामले को देखते हुए जंहा सोमवार रात को ही प्रशासन ने सिविल हॉस्पिटल को सील कर दिया था व मंगलवार को एसडीएम अर्की विकास शुक्ला के निर्देशों से नायब तहसीलदार कुनिहार दौलत राम चौधरी की अगुवाई में सिविल हॉस्पिटल कुनिहार के भवन सहित पूरे कुनिहार के बाजार को सेनेटाइज किया गया। दौलत राम चौधरी ने बताया कि अभी हाल ही में पपलोटा में जो बाप बेटा कोरोना पोस्टिव आए है व इस अवधि में उक्त युवक अपनी दादी को इलाज के लिए कुनिहार लाया था व इसी को मध्यनजर रखते हुए मंगलवार को एसडीएम अर्की के दिशा निर्देशों के अनुसार हॉस्पिटल सहित पूरे कुनिहार बाज़ार को एहतियात के तौर पर सेनेटाइज किया गया।
प्रदेश सरकार द्वारा पर्यटकों के लिए द्वार खोले जा रहे हैं जोकि कोविड-19 जैसी खतरनाक बीमारी के बढ़ते निर्णय खतरनाक साबित हो सकता है। पूर्व अध्यक्ष नगर पंचायत तलाई एवं पूर्व जिला कांग्रेस महासचिव प्रवक्ता पवन कौशल ने हैरानी जताते हुए कहा है एक तरफ पूरे हिंदुस्तान में दिन पर दिन कोविड-19 के केस बढ़ रहे हैं तभी तो भारत विश्व में शंकर मतों की संख्या के आधार पर तीसरे नंबर पर पहुंच गया है। प्रदेश में भी जहां पहले एकदम से संक्रमित की संख्या पर कंट्रोल हो गया था लेकिन बाहरी राज्यों से आए हमारे ही हिमाचली भाइयों के कारण दोबारा से एक हजार से भी अधिक आंकड़ा पहुंचा है हालांकि जिसमें काफी लोग रिकवर भी हुए हैं। परंतु ऐसी स्थिति में बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों के लिए छूट देने से प्रदेश की स्थिति में संक्रमितों की संख्या बढ़ भी सकती है इसलिए आमजन के हित में इस निर्णय पर सरकार को पुनर्विचार कर वापस लेना चाहिए। कौशल ने हैरानी जताते हुए कहा है एक तरफ तो देवभूमि के मंदिरों पर ताले लटके हुए हैं लेकिन पर्यटकों को बाहरी राज्यों से प्रवेश के लिए आमंत्रित करना कुछ ठीक नहीं रहेगा। हालांकि उन्होंने इस बात की भी पैरवी करते हुए कहा है कि कम से कम मंदिरों को प्रदेश के लोगों के लिए ही अगर खोल दिया जाता है तो उससे प्रदेश के भी लोग एक दूसरी जगह घूम भी सकते हैं और देवी देवताओं के दर्शन कर आशीर्वाद भी ले सकते हैं। इस से एक तो लोगों का धार्मिक स्थलों पर रोजगार भी शुरू हो जाएगा और छोटे व्यापारियों को कारोबार भी बढ़ सकता है लेकिन बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटक तो केवल कुछ लोगों को ही लाभ मिलेगा इसलिए सरकार इस विषय पर आमजन के हित को देखते हुए निर्णय लें।
वैश्विक महामारी कोरोना के कारण लोगो का जीवन स्थिर सा हो गया है। सभी सामाजिक, धार्मिक कार्यो के साथ साथ निजी व सरकारी बसों की आवाजाही पर रोक के कारण लोगो का जीवन नीरस सा हो गया था लेकिन लगभग 3 महीनों के बाद बसों की आवाजाही की परमिशन से लोगो मे फिर से जीवन पटरी पर आने की उम्मीद जगी है। धीरे धीरे निजी व सरकारी बसें अपने रूटों पर दौड़ना शुरू हो गई है जिससे लोगों में खुशी व उत्साह है। ऐसा ही नजारा रविवार को भूमती के सोयली गांव में देखने को मिला जब वँहा कुनिहार से वाया जयनगर बस लगभग साढ़े 3 महीने बाद पहुंची तो लोगों ने बस रोककर बस के आगे नारियल फोड़ा व बस चालक, परिचालक व मालिक का फूलमालाएं पहनाकर स्वागत किया व मिठाई बांटी। बस मालिक सोनू ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण लोगों की आवाजाही व दिनचर्या पर असर पड़ा है लेकिन अब फिर से बस शुरू होने से लोगों में उत्साह है। अब बस प्रतिदिन सुबह 8 बजे कुनिहार से चलेगी व 10 बजे जयनगर पहुंचेगी तथा वापिस बाया उखु पंजल होते हुए डेढ़ बजे कुनिहार पहुंचेगी। फिर वापिस इसी रूट से जयनगर व वापिस कुनिहार पहुंचेगी।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सोमवार को सभी जिलों के साथ-साथ सोलन जिला की उन महिलाओं से वीडियो काॅन्फ्रेन्स के माध्यम से संवाद किया जो प्रदेश सरकार की महत्वकांक्षी हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना से लाभान्वित हुई हैं। यह जानकारी आज यहां एक सरकारी प्रवक्ता ने दी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि हिमाचल देश का ऐसा पहला राज्य है जहां शत-प्रतिशत आवासों में रसोई गैस कुनैक्शन की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि इससे जहां महिलाओं की अनेक समस्याएं समाप्त हुई हैं और उनके समय की बचत हुई है वहीं प्रदेश के पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। जयराम ठाकुर ने सभी महिलाओं से आग्रह किया कि कोविड-19 के खतरे के दृष्टिगत सतर्क रहें तथा विभिन्न नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित बनाएं। प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ आयोजित संवाद में वीडियो काॅन्फ्रेन्स के माध्यम से सोलन जिला की 75 महिलाओं ने भाग लिया। यह वर्चुअल संवाद उपायुक्त कार्यालय सोलन तथा सभी विकास खण्डों में आयोजित किया गया। वर्चुअल संवाद में विकास खण्ड सोलन की 20, सोलन शहर की 14, विकास खण्ड कुनिहार की 10, विकास खण्ड धर्मपुर की 10, विकास खण्ड नालागढ़ की 11 तथा विकास खण्ड कण्डाघाट की 10 लाभार्थियों ने भाग लिया। वर्चुअल संवाद में जहां जिला की महिलाओं ने मुख्यमंत्री से बहुमूल्य सुझाव प्राप्त किए वहीं सोलन शहर के वार्ड नंबर-15 धोबीघाट की कारगिल कालौनी में रहने वाली सुषमा देवी पत्नी शेखर को मुख्यमंत्री से अपने अनुभव साझा करने का सुअवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री को हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना से होने वाले लाभ की जानकारी दी। उन्होंने इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत गैस चूल्हा व सिलेंडर उपलब्ध करवाने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का आभार व्यक्त किया।
जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण सोलन द्वारा कोविड-19 के दौरान डिजिटल माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। यह जानकारी अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव गुरमीत कौर ने दी। गुरमीत कौर ने कहा कि इसी कड़ी में सोमवार को सोलन उपमंडल के सुबाथू स्थित शांति निकेतन आश्रम के लगभग 80 बच्चों को उनके कानूनी आधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने बच्चो को बताया कि यदि बच्चों को ऐसा प्रतीत होता हो कि उकने अधिकारों का हनन हो रहा है तो वह इस सम्बन्ध में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन से सम्पर्क कर सकते हैं। उन्होंने आश्रम संचालकों को निर्देश दिए कि आश्रम परिसर की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए और यहां निवास कर रहे सभी बच्चों को स्वच्छता के लाभों के बारे में बताया जाए। उन्होंने बच्चों को आयु अनुसार पौष्टिक आहार प्रदान करने का भी परामर्श दिया। उन्होंने कहा कि जिला न्यायालय सोलन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में नियुक्त पैरा लीगल वालेंटियर को डिजिटल माध्यम से कानून सम्बन्धी जानकारी प्रदान की गई है ताकि पैरा लीगल वालेंटियर जरूरतमंद लोगों को उनके अधिकारों के में बारे में जागरूक कर सकें। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा अर्की स्थित बाल आश्रम तथा सोलन जेल के कैदियों को डिजिटल माध्यम से अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया है। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा भविष्य में भी यह प्रयास जारी रहेंगे।
राज्य स्तरीय एकल खिड़की अनुश्रवण एवं स्वीकृति प्राधिकरण ने एकल खिड़की पोटर्ल के माध्यम से 6100 करोड़ रुपये के निवेश वाले 193 परियोजना प्रस्ताव स्वीकृत किए हैं। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने उद्योगपत्तियों को राज्य में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से धर्मशाला में 7 व 8 नवम्बर, 2019 को ग्लोबल इन्वेस्टर्ज मीट का आयोजन किया था जिसमें 96721 करोड़ रुपये के 703 समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किए गए। इस मीट के दो महीने के उपरान्त 13656 करोड़ रुपये के 204 समझौता ज्ञापनों का ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह आयोजित किया गया। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने व्यवसाय में सुगमता के अंतर्गत विभिन्न प्रक्रियाओं को सरल बनाया है। वित्तीय पहल की समयबद्ध स्वीकृतियों और भुगतान के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश औद्योगिक निवेश नीति-2019 को लागू किया गया है। सरकारी भूमि बैंक स्थापित कर 600 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध करवाई जा चुकी है जबकि 1300 हेक्टेयर भूमि के स्थानांतरण की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से निवेशकों और समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करने वालों से निरंतर संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए ताकि जिन परियोजनाओं का निष्पादन होना है, उन्हें निर्धारित समय अवधि मंे कार्यान्वित किया जा सके। उन्होंने कहा कि वैबीनार के माध्यम से संभावित निवेशकों तथा उद्योग संघों से निरंतर संपर्क में रहा जाए। उन्होंने अधिकारियों से निवेशकों को आकर्षित करने के लिए विशेष क्षेत्रों जैसे विद्युत वाहनों, विद्युत और इलेक्टाॅªनिक्स, प्रेसिशन टूल्ज, आई.टी. हार्डवेयर आदि के लिए कार्य योजना तैयार करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान भी प्रदेश का फार्मा उद्योग क्रियाशील रहा है यहां निर्मित दवाईयां दूसरे देशों को भी निर्यात की गई है। इस विपत्ति की घड़ी को अवसर में तबदील करने के प्रयास किए जाने चाहिए क्योंकि देश के अन्य राज्य कोविड-19 के कारण बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं और हिमाचल प्रदेश की स्थिति बेहतर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापार में सुगमता सुनिश्चित करने के लिए विशेष बल दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी प्रक्रियाओं, नियमों तथा अधिनियमों को सरल बनाया गया है और धारा-118 के अंतर्गत स्वीकृतियों को सरल तथा आॅनलाइन किया गया है। उद्योगपतियों से संबधित 11 विभागों की लगभग 37 सेवाओं को आॅनलाइन किया गया है जिससे उन्हें कार्यालयों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं रही है। जय राम ठाकुर ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उपक्रमों (सुविधा और संचालन) 2019 के अंतर्गत आॅनलाइन स्वयं प्रमाणन को क्रियाशील बनाया गया है जिससे योजनाओं के समयबद्ध कार्यान्यवन में सुविधा हुई है। प्रदेश सरकार ने राज्य मंे बल्क ड्रग पार्क शुरू करने का मामला प्रभावशाली तरीके से केंद्र सरकार से उठाया है जिसके लिए दो स्थलों को चिन्हित किया गया है। ऊना जिले के टाहलीवाल में सामान्य इंजीनियरिग कलस्टर को मंजूरी दी गइ है, जिसमें मिनी टूल कक्ष, आधुनिक उपकरणों, परीक्षण प्रयोगशाला और प्रशिक्षण केंद्र की सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना के अंतर्गत 311.75 करोड़ रुपये के निवेश के साथ एकीकृत कोल्ड चेन और मूल्य संवर्द्धन अधोसंरचना के 16 मामलों को मंजूरी प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त 147.42 करोड़ रुपये की लागत के खाद्य प्रसंस्करण और संरक्षण क्षमता के सृजन और विस्तार के 20 मामलों को भी मंजूरी प्रदान की गई है। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न बैंकों के माध्यम से 25 लाख रुपये तक के ऋण प्रदान किए जा रहे हैं और इसके अंतर्गत परियोजना लागत की 35 प्रतिशत तक सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वित्त वर्ष के दौरान 1,181 परियोजनाओं के लक्ष्य के मुकाबले 1214 लाभार्थियों को गैर-कृषक आर्थिक गतिविधियों के माध्यम से युवाओं में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए इन्हें वित्त प्रबंधित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत सूक्ष्म लघु मध्यम इकाइयों को वित्तीय लाभ देने के लिए 1200 करोड़ रुपये वितरित किए गए। मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के अंतर्गत 140 करोड़ रुपये के निवेश के साथ प्रदेश में 728 इकाइयां स्थापित की गई हैं। उन्होंने येाजना की धीमी रफ्तार पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों की एक टीम नामित की जानी चाहिए, ताकि अधिकतम युवा इससे लाभान्वित हो सकें। उन्होंने कहा कि स्टार्ट अप हिमाचल योजना के अंतर्गत 92 नए उद्यमी लाभान्वित हुए हैं और 29 स्टार्ट अप का व्यवसायीकरण किया गया। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक केंद्र बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ विकास प्राधिकरण में उद्योगपतियांे को और बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इसे अधिक विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में इस प्राधिकरण को अधिक प्रभावी और सशक्त बनाने के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा। उन्होंने उद्यमियों की सुविधा के लिए हिमाचल प्रदेश औद्योगिक निवेश नीति-2019 के अंतर्गत प्रोत्साहन, रियायतें और सुविधाएं प्रदान करने के लिए ऑनलाइन माॅड्यूल का भी शुभारम्भ किया। उन्होंने कहा कि इससे उद्यमी एक ही आवेदन पत्र द्वारा विभिन्न योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे। उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने कहा कि हमें केंद्रित होकर कार्य करना चाहिए ताकि वांछित परिणाम प्राप्त किये जा सकें। उन्होंने राज्य में सीमेंट की कीमतों के पर नियंत्रण के लिए एक उपयुक्त तंत्र विकसित करने पर भी बल दिया।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने सोमवार को महामहिम दलाई लामा को उनके 85वें जन्म दिवस पर शुभकामनाएं दीं। राज्यपाल ने कहा कि धर्म गुरू दलाई लामा शांति, प्रेम और करूणा का प्रतीक हैं। वे शांति, भलाई के धर्मोपदेशक और श्रद्धेय नेता हैं। राज्यपाल ने उन्हें जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके स्वस्थ जीवन और दीर्घायु की कामना की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि महामहिम दलाई लामा आने वाले कई वर्षों तक मानवता का मार्गदर्शन करते रहेंगे। महामहिम दलाई लामा को अपने बधाई संदेश में मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि वह विश्व शांति का जीवंत उदाहरण है जिन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन मानव सेवा, पर्यावरण संरक्षण तथा वैश्विक शन्ति के लिए समर्पित किया है। मुख्यमंत्री ने धर्म गुरू महामहिम दलाई लामा के स्वस्थ्य एवं खुशहाल जीवन की कामना की है।
प्रदेश सरकार द्वारा पर्यटकों के लिए द्वार खोले जा रहे हैं जोकि कोविड-19 जैसी खतरनाक बीमारी के बढ़ते निर्णय खतरनाक साबित हो सकता है। पूर्व अध्यक्ष नगर पंचायत तलाई एवं पूर्व जिला कांग्रेस महासचिव प्रवक्ता पवन कौशल ने हैरानी जताते हुए कहा है एक तरफ पूरे हिंदुस्तान में दिन पर दिन कोविड-19 के केस बढ़ रहे हैं तभी तो भारत विश्व में शंकर मतों की संख्या के आधार पर तीसरे नंबर पर पहुंच गया है। प्रदेश में भी जहां पहले एकदम से संक्रमित की संख्या पर कंट्रोल हो गया था लेकिन बाहरी राज्यों से आए हमारे ही हिमाचली भाइयों के कारण दोबारा से एक हजार से भी अधिक आंकड़ा पहुंचा है हालांकि जिसमें काफी लोग रिकवर भी हुए हैं। परंतु ऐसी स्थिति में बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों के लिए छूट देने से प्रदेश की स्थिति में संक्रमितों की संख्या बढ़ भी सकती है इसलिए आमजन के हित में इस निर्णय पर सरकार को पुनर्विचार कर वापस लेना चाहिए। कौशल ने हैरानी जताते हुए कहा है एक तरफ तो देवभूमि के मंदिरों पर ताले लटके हुए हैं लेकिन पर्यटकों को बाहरी राज्यों से प्रवेश के लिए आमंत्रित करना कुछ ठीक नहीं रहेगा। हालांकि उन्होंने इस बात की भी पैरवी करते हुए कहा है कि कम से कम मंदिरों को प्रदेश के लोगों के लिए ही अगर खोल दिया जाता है तो उससे प्रदेश के भी लोग एक दूसरी जगह घूम भी सकते हैं और देवी देवताओं के दर्शन कर आशीर्वाद भी ले सकते हैं। इस से एक तो लोगों का धार्मिक स्थलों पर रोजगार भी शुरू हो जाएगा और छोटे व्यापारियों को कारोबार भी बढ़ सकता है लेकिन बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटक तो केवल कुछ लोगों को ही लाभ मिलेगा इसलिए सरकार इस विषय पर आमजन के हित को देखते हुए निर्णय लें।
ईएसआई अस्तपाल दाड़लाघाट में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर अर्की भाजपा मंडलाध्यक्ष डीके उपाध्याय की अध्यक्षता में युवा मोर्चा अर्की मंडल की ओर से कोविड-19 के योद्धाओं को सम्मानित किया गया। इस मौके पर अर्की भाजपा के मंडल अध्यक्ष डीके उपाध्याय ने कहा कि कोरोना जैसे महामारी के दौर में अपने जीवन को संकट में डालकर डॉक्टर कोरोना योद्धा के रूप में कार्य कर रहे हैं। ईएसआई अस्तपाल दाड़लाघाट में युवा मोर्चा मंडल अर्की की ओर से कोरोना योद्धाओं का सम्मान किया जा रहा है। इस दौरान ईएसआई अस्तपाल दाड़लाघाट के डॉक्टर मनजीत सिंह सेन ओर उनकी पूरी टीम को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रदेश कार्यकारणी के सदस्य जयनन्द शर्मा, ओपी गांधी, जिला सचिव राकेश गौतम, किसान मोर्चा अर्की के अध्यक्ष जगदीश्वर शुक्ला, अर्की मंडल सचिव डीआर चौहान, प्रेस सचिव पवन गौतम, बंटू शुक्ला, बालक राम शर्मा, नरेश गौतम, युवा मोर्चा अध्य्क्ष अर्की महेंद्र राणा, महामंत्री विजय, हेमराज, उपाध्यक्ष विकास, राजेश, सचिव हरीश, चमन, भूपेंद्र, जिला सयोंजक आई.टी भूपेंद्र सागर, मंडल सयोंजक प्रेम, भीम शर्मा एवम पवन उपस्थित रहे।
अक्सर हम अपने जीवन पर तनाव से होने वाले प्रभाव से अपरिचित रहते हैं। प्राय हमारा मन भूतकाल को लेकर क्रोध या पश्चाताप की जकड़ में रहता है अथवा भविष्य को लेकर चिंतित रहता है। मन के इस व्यवहार के कारण हमारे और हमारे आस पास के लोगों पर दुष्प्रभाव तो पड़ता ही है, साथ ही हमारी कार्यकुशलता भी प्रभावित होती है। हमारे शरीर और मन के बीच की कड़ी है श्वास, इसलिए यह मन और नकारात्मक भावनाओं को संभालने का साधन भी है और व्यवसाय, घर या खाली समय में अपनी सही क्षमता को अनुभव करने का माध्यम भी है। यह बात आर्ट ऑफ लिविंग की प्रशिक्षिका और स्टेट मीडिया प्रभारी तृप्ता शर्मा ने हिमाचल के मीडिया कर्मियों के लिए विशेष रूप से आयोजित किये गए तीन दिवसीय शिविर को वर्चुअल मीटिंग में ज़ूम एप पर सम्बोधित करते हुए कही। इस विशेष शिविर में हिमाचल भर से विभिन्न समाचार माध्यमों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बिलासपुर में एसएम न्यूज से भाग ले रहे विक्रांत शर्मा का कहना था कि उन्होंने इस तरह के शिविर में पहली बार भाग लिया लेकिन जिस तरह ने शिविर में नॉलेज पॉइंट दिए गए और सुदर्शन क्रिया सिखाई गई वह अद्भुत थी उन्होंने कहा कि इन दिनों में उन्होंने जो भी सीखा है उसे वह अपने जीवन में उतारने का पूरा प्रयास करेंगे। हर रोज 8:00 बजे शिविर का आरंभ हो जाता था और सबसे पहले आल्टो विवेक विक्षिप्त गौरव द्वारा विभिन्न प्रकार की योग क्रियाएं करवाई जाती थीं। उसके उपरांत पंकज शर्मा ने सुदर्शन क्रिया का महत्व बताया और सुदर्शन क्रिया से पहले थ्री स्टेज प्राणायाम व भस्त्रिका तथा उसके उपरांत साँसों की लय पर सुदर्शन क्रिया सिखलाई। अन्य नॉलेज पॉइंट्स के अलावा सभी को वर्तमान में रहने की बात बड़ी महत्वपूर्ण थी। इस सूत्र को सभी को अपनाने को कहा को कहा गया। प्रतिभागी जीएल वर्मा ने बताया कि आर्ट ऑफ लिविंग ने मीडिया के लिए स्पेशल तीन दिन का कोर्स करवाया। इन तीन दिनों में दो घण्टों के दौरान हर पल नया महसूस हुआ। सुदर्शन क्रिया तो लाजवाब थी। तीसरे दिन करवाई गई मैडिटेशन तो कमाल की थी। उन्होंने कहा कि मीडिया में यह कोर्स टीमवर्क स्थापित करने में अत्याधिक मददगार साबित होगा। इससे सकारात्मकता का वातावरण बनेगा। यह खुश रहने के लिए कई टिप्स दे गया है। उन्होंने कहा कि अगर हम इस कार्यक्रम में सिखाई गई चीज़ों का पालन करेंगे तो यह हमें स्वस्थ और ऊर्जावान रहने में मदद करेगा जिससे कार्यस्थल पर स्वतः ही हमारे कार्यप्रदर्शन में सुधार होगा।
ग्राम पंचायत सुधार सभा दाड़लाघाट ने अंबुजा चौक व अंबुजा गेट पर भारतीय डाक सेवा विभाग से डाक बॉक्स लगाने का आग्रह किया है। सभा के महासचिव प्रेम केशव ने भारतीय डाक विभाग के सहायक पोस्ट मास्टर दाड़लाघाट को इस विषय को लेकर अवगत करवाया गया था लेकिन आश्वासन मिलने के बाद आज दिन तक डाक पोस्ट नही लगाएं गए है। प्रेम केशव ने विभाग से अनुरोध किया है कि इन दिनों कोरोना महामारी के चलते लोगों इधर उधर जाने में परहेज करते है। अगर किसी काम से विभाग कार्यालय जाना भी पड़े तो वह खतरे से खाली नही है। उन्होंने ग्राम पंचायत से भी इस विषय को लेकर प्रस्ताव डालने का आग्रह किया है ताकि डाक बॉक्स को लेकर आमजन को लाभ मिल सके।
जिला के ऐसे नाई व सैलून कर्मी जो किसी कारण से पहले प्रशिक्षण नहीं ले पाए है जिस वजह से उनकों अपनी दूकानें व सैलून बन्द रखने पड रहे है। उनकी मुश्किलों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने उन्हें एक विशेष अवसर देने के उददेश्य से एक दिवसीय प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया है। यह जानकारी उपायुक्त सिरमौर डा आर के परूथी ने देते हुए बताया कि प्रशिक्षण से वंचित रहे जिला के नाई व सैलून कर्मीयों को 07 जुलाई, 2020 को दोपहर 3ः00 बजे उपायुक्त कार्यालय के बचत भवन में एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होने बताया कि इससे पूर्व में दिए गए प्रशिक्षणों में जिला के कुछ नाई व सैलून कर्मी प्रशिक्षण लेने से वंचित रह गए थे जिस कारण वह अपनी दूकानें नहीं खोल पाए थे ऐसे नाई व सैलून कर्मीयों का विशेष ध्यान रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा इस एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। उन्होने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान स्वास्थ्य मानकों को ध्यान में रखकर काम करने और कोरोना बचाव के तरीकों के बारे में बताया जाएगा ताकि जब उनका काम शुरू हो तो कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। उन्होनें प्रशिक्षण प्राप्त न करने वाले सभी नाई व सैलून कर्मीयों से अपील करते हुए कहा कि 07 जुलाई को दिए जाने वाले प्रशिक्षण शिविर में आवश्य भाग ले ताकि प्रशिक्षण उपरान्त वह अपना सैलून खोल कर अपनी आजीविका कमा सके।
कोरोना काल में केंद्र सरकार विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता पर रखते हुए शिक्षा हेतु हर संभव प्रयास कर रही है। यह बात मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई ऑनलाइन वार्ता में कही। इस मौके पर हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ सोलन के अध्यक्ष नरेन्द्र कपिला ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की प्रेरणा से राष्ट्र हित मे शिक्षा, शिक्षा के हित मे शिक्षक, शिक्षक हित में समाज के ध्येय वाक्य को लेकर कार्य करता है। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ अखिल भारतीय स्तर पर मानव संसाधन मंत्री निशंक से हुई वार्ता का स्वागत करता है और समर्थन करता है। इस वार्ता की चर्चा में भाग लेते हुए सोलन जिला टोली में जिला संगठन मंत्री अमर देव शर्मा, जिला मंत्री गगन चतुर्वेदी, कोषाध्यक्ष के एल शर्मा, नालागढ़ खंड अध्यक्ष दीपक शर्मा, बद्दी खंड के अध्यक्ष श्पवन शर्मा, अर्की खंड के अध्यक्ष सुनील कुमार, अतिरिक्त जिला मंत्री प्रदीप चंदेल, जिला कार्यकारिणी सदस्य भीम सिंह, महिला उपाध्यक्ष ज्योति महाजन और प्रवक्ता संवर्ग की उपाध्यक्ष सुमन ने भी इस वार्ता का स्वागत और समर्थन किया।
नंबरदार यूनियन का एक शिष्टमंडल उप तहसील प्रधान नन्द लाल ठाकुर की अगुवाई में मांगों को लेकर नायब तहसीलदार दाड़लाघाट बसन्त लाल राजटा से मिला। इस दौरान यूनियन की ओर से एक ज्ञापन सौंपकर मांगों जल्द पूरा करने की मांग की गई। प्रधान नन्दलाल ठाकुर ने बताया कि ज्ञापन के जरिए मांग की गई है कि कोई भी दस्तावेज रजिस्टर्ड होने के समय गांव के ही नंबरदार से तस्दीक करवाए जाए, ग्रामीण लोगों के कार्यों के लिए गांव के नंबरदार की मोहर और हस्ताक्षर सही माने जाने यकीनी बनाए जाए ताकि किसी तरह के राजस्व घोटाले की सम्भावना न रहे। इसके साथ ही यह मांग की गई कि नम्बरदारों के पहचान पत्र भी बनाये जाए और नम्बदारों को बैठने के लिए अलग से नम्बरदार कक्ष बनाया जाए। उन्होंने मांग कि की डालवाच, फर्दवाच समय पर उपलब्ध करवाई जाए ताकि मामला लेने में देरी न हो और समय पर मामला वसूला जा सके। इस अवसर पर प्रदेश संगठन मंत्री भीम सिंह व नम्बरदार यूनियन के सभी सदस्यों ने प्रदेश सरकार द्वारा मानदेय राशि को 15 सौ रुपये से बढ़ाकर 2 हजार रुपए करने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का धन्यवाद किया। यूनियन प्रधान ने बताया कि नायब तहसीलदार ने शीघ्र ही सभी मांगो को पूरा करने का आश्वासन दिया। इस मौके पर नम्बरदार यूनियन के प्रधान नन्दलाल ठाकुर,प्रदेश संगठन मंत्री भीम सिंह चौहान, कोषाध्यक्ष अनिता शर्मा, नम्बरदार राजेन्द्र, चुनीलाल, कृष्णराम उपस्थित रहे।
सोमवार के दिन स्व. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर भारतीय जनता युवा मोर्चा कसौली मंडल के माध्यम से ग्राम पंचायत चेवा मे पौधा रोपण कार्यक्रम किया गया। इस मौके पर हिमाचल प्रदेश सरकार में सामाजिक न्याय अधिकारिता एवं सहकारिता मंत्री डॉ राजीव सैजल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। भाजपा कसौली मंडल अध्यक्ष कपूर सिह वर्मा ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। सर्व प्रथम स्व श्यामा प्रसाद मुखर्जी को सभी ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। पौधा रोपण कार्यक्रम का शुभारंभ भाजपा कसौली मंडल अध्यक्ष कपुर सिह वर्मा ने किया। जिला सोलन युवा मोर्चा, भाजपा युवा मोर्चा कसौली मंडल के सदस्यों, पदाधिकारियों, वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचाियों ने मिलकर कुल 120 पौधे लगाए। भाजपा कसौली मंडल अध्यक्ष कपुर सिह वर्मा ने कहा कि हमें इस धरती को पेड़ पौधों लगाकर स्वर्ग बनाना है। उन्होंने सभी से आग्रह भी किया कि सभी पर्यावरण को स्वच्छ बनाए व अपने आस पास पेड़ पौधों लगाकर पर्यावरण को दूषित होने से बचाए। इस मौके पर विशेष तौर पर भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता तीर्थ राम ठाकुर, हीरा नन्द शर्मा, मनोज ठाकुर, जिला युवा मोर्चा के सदस्य सुशील शर्मा, रोमी, अमित शर्मा, जिला सोलन भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष नरेन्द्र ठाकुर, भाजपा युवा मोर्चा कसौली मंडल के अध्यक्ष वरुण शर्मा, महामंत्री रोहित ठाकुर, सभी सदस्य व पदाधिकारी उपस्थित रहे।
भाजपा मुख्यालय दीप कमल चक्कर शिमलन में आयोजित डॉ श्याम प्रसाद मुखर्जी की 119वी जन्मजयंती पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा के प्रदेश महामंत्री एवं मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि राष्ट्रोत्थान व सेवा भाव को आधार बनाकर भारतीय जनसंघ की स्थापना करने वाले परम श्रद्धेय डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उन्हें कोटि कोटि नमन। उन्होंने कहा समतामूलक समाज व अखंड भारत की संकल्पना के पोषक आपके विचार "आत्मनिर्भर भारत" के निर्माण में अत्यंत अनुसरणीय हैं। आज मेरा ये सौभाग्य है कि मुझे डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 119वीं जयंती के अवसर पर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बात करने का मौका मिला है । उन्होंने कहा ये खुशी का विषय इसलिए है कि जिस वजह से डॉ मुखर्जी ने जिस अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था, उस अनुच्छेद 370 को मोदी सरकार ने हमेशा के लिए खत्म कर दिया। एक राष्ट्र भक्त, महान शिक्षाविद, प्रखर राजनेता और प्रखर सांसद के रूप में हम श्रद्धेय डॉ मुखर्जी जी को जानते हैं। उन्होंने कहा खंडित भारत में अखंडता के लिए लड़ने वाले वो पहले व्यक्ति थे। 1952 में डॉ मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की और जनसंघ के पहले अध्यक्ष बने। जिस जनसंघ की यात्रा से बढ़कर आज भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी है उसकी नींव रखने का काम डॉ मुखर्जी ने किया था। ये हमारे लिए सौभाग्य की बात है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने 1951 में जनसंघ की स्थापना की और 1952 में कानपुर के अधिवेशन में ये विषय रख दिया की जम्मू-कश्मीर का विलय पूर्ण होना चाहिए और संपूर्ण होना चाहिए, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने स्पष्ट कहा था कि अनुच्छेद 370 के माध्यम से जम्मू कश्मीर को विशेष अधिकार क्यों दिया जा रहा है। उन्होंने कहा लेकिन नेहरू और शेख अब्दुल्ला की चाल को अंजाम देने का काम नेहरू कर रहे थे। डॉ मुखर्जी ने इसका विरोध किया। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जवाहरलाल नेहरू को चिट्ठी लिख कर कहा कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाना चाहिए, और कहा कि एक देश में दो निशान, दो विधान और दो प्रधान नहीं चलेंगे। उन्होंने कहा तब भारत के प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने चिट्ठी का जवाब तक नहीं दिया। डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की राष्ट्र भक्ति इस तरह थी कि उन्होंने अपना सब कुछ जम्मू कश्मीर के लिए लगाया। हमें खुशी है के डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी का बलिदान व्यर्थ नहीं गया। उनके बलिदान पर करोड़ों कार्यकर्ता दिन रात चले और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमने वो मुकाम हासिल किया और धारा 370 को धराशायी कर दिया। कार्यक्रम में प्रदेश कार्यालय सचिव प्यार कंवर, सह मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा, राज पाल सिंह, किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश शर्मा बब्ली, अमर ठाकुर, संजीव देष्टा, नरेश ठाकुर और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहां शत-प्रतिशत घरों में एलपीजी गैस कनेक्शन की सुविधा उपलब्ध है। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना के लाभार्थियों से बातचीत करते हुए यह बात कही। जय राम ठाकुर ने कहा कि पारंपरिक चूल्हे के लिए लकड़ियां एकत्रित करना और खाना बनाना न केवल कष्टदायी था बल्कि इससे महिलाओं के स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा था। ईंधन की लकड़ी के लिए लाखों पेड़ों के कटान के कारण पर्यावरण भी प्रभावित होता है। इन सभी मुद्दों को ध्यान में रखकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने पिछले कार्यकाल के दौरान प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की परिकल्पना की जिसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को निःशुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध करवाए गए। उन्होंने कहा कि इस योजना से प्रदेश के 1.36 लाख परिवार लाभान्वित हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर देश के करोड़ों लोगों ने स्वेच्छा से अपनी एलपीजी सब्सिडी छोड़ी है। इस योजना का लाखों परिवारों को लाभ मिला लेकिन प्रदेश के बहुत से परिवार इसका लाभ नहीं उठा पा रहे थे जिसे देखते हुए प्रदेश सरकार ने हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना आरम्भ करने का निर्णय लिया। इस योजना के अंतर्गत 2,76,243 परिवारों को निःशुल्क गैस कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि इससे महिलाओं को रसोई गैस के धुएं के दुष्प्रभाव से निजात मिली है और साथ ही पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिली है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी ने हमारे संवाद के तौर-तरीकों को भी बदल दिया है। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे अन्य राज्यों से आए होम-क्वारन्टीन लोगों पर भी नजर रखें, ताकि वह क्वांरटीन नियमों का उल्लघंन न करें। इससे समुदायिक स्तर पर संक्रमण के फैलाव को रोकने में मदद मिलेगी। इस योजना के विभिन्न लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री से बातचीत करते हुए कहा कि इस महत्वाकांक्षी योजना ने उनके जीवन को पूरी तरह से बदल दिया है। इस योजना को आरंभ करने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। जिला बिलासपुर की ब्यासा देवी, बालीचैकी की चिंता देवी, भरमौर की मीनू ठाकुर, जिला कांगड़ा की कामिनी देवी, जिला कुल्लू की मीना देवी, जिला सिरमौर की गुलनास, जिला लाहौल-स्पीति की दीपिका, जिला शिमला की श्रेष्ठा, जिला हमीरपुर की सोनिया देवी तथा जिला ऊना की सरोज बाला ने मुख्यमंत्री से अपने अनुभव सांझा किए। अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार ने कहा कि यह योजना ग्रामीण महिलाओं के लिए वरदान साबित हुई है, क्योंकि अब उन्हें लकड़ी इकट्ठा करने के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं है। इस अवसर पर योजना के संबंध में निदेशक खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति आबिद हुसैन सादिक ने प्रस्तुति दी। मुख्य सचिव अनिल खाची तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
सोशल मीडिया में वायरल हो रही वीडियो में गांव जामली तहसील सदर जिला बिलासपुर निवासी प्रमिला देवी को ससुर द्वारा मारपीट करने के प्रकरण में लाडली फाउंडेशन महिला की सहायता करने के लिए आगे आई है। विधवा पीड़ित महिला प्रमिला देवी ने लाडली फाउंडेशन कार्यालय बिलासपुर पहुंचकर मदद की गुहार लगाई। पीड़ित महिला प्रमिला देवी के मदद के लिए लाड़ली फाउंडेशन की जिला कार्यकारी अध्यक्ष रेखा बिष्ट ममता एवं सदर ब्लाक अध्यक्ष रीना ठाकुर शीतल के तत्वाधान में पुलिस अधीक्षक जिला बिलासपुर दिवाकर शर्मा को पीड़ित महिला के ससुर के खिलाफ शिकायत पत्र दिया गया जिसमें प्रमिला देवी ने कहा कि उनके पति का स्वर्गवास 26 मई 2018 को हुआ था तभी से लेकर आज तक प्रमिला देवी का ससुर मारने की धमकी देता है तथा मारपीट करता रहता है। जब पति की मौत हुई थी तो कुछ पैसे राहत के तौर पर मिले थे वह पैसे मांगता रहता है तथा मारपीट करता है। हद तो तब हो गई जब 1 जुलाई 2020 को बहुत बुरी तरह से पीटा और प्रमिला देवी को जख्मी हालत में छोड़कर भाग गया। 108 एंबुलेंस के माध्यम से उसे अस्पताल लाया गया और पुलिस ने मेडिकल किया लेकिन आज तक ससुर राजपाल को गिरफ्तार नहीं किया गया न ही उसके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई। फाउंडेशन ने ससुर की गिरफ़्तारी की मांग की है। इस मौके पर सर्वधर्म समभाव राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर पंडित सत्यदेव शर्मा, प्रदेश की प्रमुख सामाजिक संस्था रेनबो स्टार क्लब के प्रधान अजय कौशल एवं पीड़ित महिला का भाई मनोज कुमार भी मौजूद रहे। पुलिस अधीक्षक दिवाकर शर्मा ने पीड़ित महिला को आरोपी ससुर के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
बिलासपुर नगर के डियारा सेक्टर में स्थित गोविंद सागर झील के मनोरम तट पर स्थित महर्षि वेद व्यास जी मंदिर और गुफा में गुरू पूर्णिया का त्योहार बड़ी श्रद्धा और भावना से मनाया गया। कोरोना काल में सोषिल डिस्टेंसिग काध्यान रखते हुए इस बार केवल चंद लोगों द्वारा पूजा अर्चना ही की गई जबकि भंडारा, कीर्तन आदि के कार्यक्रम से परहेज रखा गया। व्यास गुफा परिसर व मंदिर की केयर टेकर बंती गिरी ने सानिध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में बहुत कम लोग शामिल हुए। पंडित द्वारा विधिवत रूप से गुरू पूर्णिमा की पूजा अर्चना की गई तथा गुरू के महत्व पर प्रकाश डाला गया। बंती गिरी ने बताया कि हर साल व्यास गुफा परिसर में गुरू पूर्णिमा के दिन गुरू महाराज का उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जाता रहा है। लेकिन इस बार कोरोना महामारी के चलते परिस्थितियां विपरीत है। इसी कारण केवल पूजा अर्चना का कार्यक्रम आयोजित किया गया। बंती गिरी ने बताया कि जब देष प्रदेष कोरोना से मुक्त हो जाएगा तथा माहौल बेहतर होगा तो वे व्यास गुफा परिसर में आम जनता के सहयोग से श्रीमद भागवत कथा का आयोजन भी करवाएंगी, तत्पषचात विषाल भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पूजा अर्चना के बाद हवन यज्ञ का आयोजन हुआ। बाद में मालपुए का प्रसाद भी वितरित किया गया। इस अवसर नगर के चंद गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।
ग्राम पंचायत मान में रक्तदान सेवा परिवार के सक्रिय सदस्य धर्मेंद्र कुमार व पंचायत के सहयोग से प्रथम रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जानकारी देते हुए धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि इस शिविर में 20 वर्षीय दीक्षा रक्तदान करने वाली एकमात्र बेटी थी जिन्होंने अपने जीवन का पहला रक्तदान किया है। इसके अतिरिक्त सचिन कुमार ने अपने जन्मदिवस पर रक्तदान कर नेक कार्य किया। उन्होंने बताया कि अधिकतर रक्त दाताओं ने इस शिविर में प्रथम बार रक्तदान किया है। वहीं कपिल कौशल ने 27 वीं बार तथा महेश कुमार ने 13वीं बार रक्तदान किया है। इस शिविर में रक्तदाता कई किलोमीटर का सफर तय करके भी पहुंचे। शिविर के आयोजक ने कहा कि क्षेत्र में इस पहले रक्तदान शिविर से लोगों में जागरुकता आएगी तथा वह इस आयोजन से संतुष्ट रहे। उन्होंने यह भी कहा कि इस आयोजन से लोगों में उत्साह देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन की सफलता को देखते हुए जल्द ही भविष्य में अगले रक्तदान शिविर का आयोजन करेंगे। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में ब्लड बैंक सोलन से छह सदस्यीय टीम आई थी व कुल 40 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। इसकी सफलता के लिए उन्होंने सभी प्रतिभागियों का आभार जताया।
मानव कल्याण समिति अर्की की बैठक समिति के प्रधान मनोहरलाल शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में चीन सीमा पर शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की गई। बैठक की जानकारी देते हुए संस्थापक डॉ संतलाल शर्मा ने बताया कि कोविड-19 के दृष्टिगत समिति ने कुछ पीपीई किट्स, एन 95 मास्क तथा कृत्रिम श्वसन के लिए अंबु बैग खरीदे हैं जो कि जल्द ही नागरिक चिकित्सालय अर्की को भेंट किए जाएंगे व लॉकडाउन के दौरान दी गई सेवाओं के लिए नगर पंचायत अर्की में कार्यरत सफाई कर्मचारियों को भी समिति द्वारा सम्मानित किया जाएगा। समिति के सचिव राजेश कपाटिया ने बताया कि समिति ने अर्की उपमंडल के एक व्यक्ति जो कि चंडीगढ़ पीजीआई में उपचाराधीन है, समिति द्वारा उक्त व्यकित की सहायता करने का भी निर्णय लिया है। उन्होंने इस समिति के सभी सदस्य व दानी सज्जनों उमेश शर्मा तथा विनय गुप्ता का समिति को सहयोग करने के लिए आभार प्रकट किया। समिति के सदस्यों ने श्मशान घाट में पानी की टंकी तथा बिजली उपलब्ध करवाने के लिए जल शक्ति विभाग व विद्युत विभाग सहित नगर पंचायत अर्की का धन्यवाद किया है। इस अवसर पर ओम प्रकाश शर्मा, सोहनलाल, धर्मपाल शर्मा, ओपी गुप्ता, विजय गुप्ता व रोहित शर्मा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
ब्लॉक कांग्रेस झंडूता ने पेट्रोल डीजल कीमतों की वृद्धि को लेकर धरना दिया और एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भी सौंपा। सारा कार्यक्रम ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सतीश चन्देल के नेतृत्व में हुआ। इससे पहले में बढ़ती मंहगाई के विरोध में धरना दिया गया जिसमें काफी संख्या में कारयकर्ताओं ने भाग लिया। सतीश चंदेल ने कहा कि इस समय पूरा विश्व कोरोना महामारी से जूझ रहा है उस समय भारत में इस तरह से पेट्रोल पदार्थों की कीमतें बढ़ाना आम जनता के साथ सरासर बेईमानी है। उन्होंने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अपने निम्न स्तर पर हैं उस समय पेट्रोल और डीजल क्योंकि हमसे अपने उच्च स्तर पर होना सरकार पर सवालिया निशान खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा डीजल का प्रयोग किसान, छोटे कारोबारी ट्रांसपोर्टर्स और लघु उद्योगों के द्वारा किया जाता है तथा डीजल की कीमतें बढ़ने से यह लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे वही महंगाई और ज्यादा बढ़ जाएगी इसके लिए झंडुत्ता कांग्रेस ने एसडीएम झंडूता के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा कि इन कीमतों में कमी की जाए ताकि आम जनता को इस महंगाई के बोझ को न उठाना पड़े। इस धरना प्रदर्शन में पूर्व विधायक डॉ बीरु राम किशोर, प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव विवेक कुमार ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पूर्व कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष मनिन्दर सिंह चंदेल, सेवादल, दिलीप धीमान, कार्डिनटे गुरदास सुमन, उप प्रधान चन्दरसेखर, उपप्रधान प्रताप ठाकुर ,उपप्रधान सुभाष अधिवक्ता विजय कौशल व सर्वजीत, चैन सिंह ,नरेश सोहर पवन कौशल तहसीलदार तुलसी राम कैप्टन बलदेव कैप्टन कृष्ण, झंडुत्ता नंबरदार संघ के प्रधान श्याम सिंह परमार, रमेश व सतीस वांडा, प्रकाश रविंदर सालिग्राम चन्देल बसिरदीन, बीरदीन ,अबुल खालिद, झंडुत्ता युवा कांग्रेस के प्रधान ललित शर्मा, महिंदर समोह, कलोल पंचायत के प्रधान राजकुमार, जगदीश तथा तुंगरी से सुनीता आदि शामिल रहे।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य पूर्व मन्त्री व विधायक श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र राम लाल ठाकुर ने एक बार फिर से भाखडा विस्थापितों के हक में आवाज बुलंद की है। राम लाल ठाकुर ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से पूछा है अभी हिमाचल प्रदेश सरकार 26 फरवरी, 2020 को बजट सत्र के दौरान बिलासपुर के भाखडा विस्थापितों के लिए विधानसभा में एक हाई लेवल कमेटी का गठन किया था उस कमेटी में जिला बिलासपुर के वर्तमान चार विधायक भी बतौर सदस्य थे, जिनमे वह भी शामिल हैं। उन सबको अपनी अपनी विधानसभा क्षेत्रों से भाखड़ा विस्थापितों की समस्याओं हेतू रिपोर्ट बना कर सचिव राजस्व विभाग हिमाचल प्रदेश सरकार या जिला उपायुक्त के माध्यम से सौंपनी थी। उन्होंने बताया कि 13 मार्च 2020 बिलासपुर के उपयुक्त के माध्यम से सरकार को बतौर उदाहरण कुछ भखडा विस्थापितों की अवार्ड नकलों सहित जिला उपायुक्त कार्यालय में सौंप दी थी और उस रिपोर्ट में काफी विस्तार पूर्वक भाखड़ा विस्थापितों की समस्याओं को रखा था। लेकिन अभी तक उस रिपोर्ट पर फैसला लेना तो दूर चर्चा भी प्रदेश सरकार कर नहीं सकी है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि वर्ष 1985 में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मेरे बोलने पर जिला में मिनी सेटेलमेंट तो करवाया था लेकिन समय बीतता गया भाखड़ा विस्थापितों की समस्याएं विकट होती गई और जिन पर समय समय पर ध्यान दिया जाना था वह दिया नहीं गया और यह समस्याएं जस की तस बनी हुई है। उन्होंने बताया कि जिला बिलासपर के साथ साथ अन्य विस्थापितों में यह रोष है कि उन्हें विस्थापित करने के बाद भाखड़ा ब्यास प्रबंध बोर्ड ने कोई श्रेय नहीं दिया है व न ही केंद्र सरकार ने विस्थापितों के लिए बीबीएमबी में नौकरियों जैसा कोई आरक्षण दिया है। इन हालातों में उजड़ चुके लोग जैसे-तैसे जीवन निर्वाह करने को मजबूर हो चुके हैं। राम लाल ठाकुर ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अगर आपकी सरकार से इन विस्थापितों की समस्याओं के बारे में कोई नीति निर्धारित नहीं हो पा रही है तो उत्तराखंड में बने टिहरी बांध की नीति से हो कोई प्रारूप ले लो।
जिला भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र सांख्यान, महासचिव आशीष ढिल्लों व सदर मंडल अध्यक्ष हंस राज ठाकुर ने पूछा है कि कांग्रेस के पूर्व विधायक बम्बर ठाकुर पर दर्ज हुई पुलिस प्राथमिकी आत्महत्या के लिए एक युवक अंशुल शर्मा को उकसाने हेतु भारतीय दंड सहिंता की धारा 306 व 120 बी पर कांग्रेस पार्टी का क्या रुख है। भाजपा के नेताओ ने एक सयुक्त बयान में प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौड़ पर निशाना साधा और पूछा कि नैतिकता की दुहाई देने वाले प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अपने पूर्व विधायक, पूर्व जिला कांग्रेस के अध्यक्ष व पूर्व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य बम्बर ठाकुर पर क्यों चुपी साधे हुए है? वह इस मसले पर कांग्रेस पार्टी अपना रुख साफ क्यों नही करती है? भाजपा के नेताओं ने राठौड़ से पूछा है कि क्या आप वही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हैं जो करीब एक महीना पहले भाजपा के नेताओं को नैतिकता का पाठ पढ़ाते थे अब आपकी नैतिकता कांग्रेस नेता बम्बर ठाकुर पर हुई एफआईआर कहां चली गई है। भाजपा नेताओं ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौड़ पर तंज कसते हुए यहाँ तक कह डाला कि राठौड साहब क्या फैसला लेंगे वह तो अपने आप ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की साजिशों का शिकार हो रहे हैं। भाजपा नेताओं ने यह भी कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बम्बर वाले मसले पर अपना क्या रुख रखेगे वह तो खुद ही दिल्ली में बैठे कांग्रेस के आला नेता के रहमो करम पर है और वीरभद्र सिंह की गोद पर बैठ पर अपनी राजनैतिक रोटियां सेक रहे है। और हास्यस्पद बात यह है कि वीरभद्र सिंह खुद और उनका पूरा परिवार जमानत पर है।
चीन के एप्स पर बैन लगाने के बाद भारत को एप्स और सोशल मीडिया के मामले में आत्मनिर्भर बनाने की योजना का आरंभ रविवार को हो गया जब आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक रविशंकर द्वारा एक भारतीय सोशल मीडिया सुपर एप एलाइनमेंट्स को देश के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू द्वारा लांच किया गया। यह बात बिलासपुर में आर्ट ऑफ लिविंग की प्रशिक्षका और जिला प्रभारी रचना मेहता ने कही। उन्होंने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग के सभी सदस्यों ने इस लांचिंग पर प्रसनता जाहिर की है। बिलासपुर में सभी ने फोन के माध्यम से एक दुसरे को बधाई दी। मेहता ने बताया कि लॉन्च के दौरान आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक रविशंकर भी मौजूद रहे। गौर रहे कि भारत में सोशल मीडिया का इस्तेमाल बड़ी संख्या में किया जाता है देश में करीब 50 करोड से ज्यादा सोशल मीडिया यूजर्स हैं। इनमें से अधिकतर प्लेटफार्म में भारत के बाहर की कंपनियों का बोलबाला है विदेशी कंपनियों के प्लेटफार्म पर डाटा प्राइवेसी को लेकर बहस छिड़ गई है। उन्होंने बताया कि भारत और चीन के बीच हुई झड़प के चलते पिछले दिनों भारत में 59 चीनी एप्स को बैन कर दिया गया था। बिलासपुर आर्ट ऑफ लिविंग के मीडिया प्रभारी अरुण डोगरा रीतू ने बताया कि इस अकेले ऐप में वह सारी खूबियां होंगी जिनके लिए लोग अभी अलग-अलग एप्स का इस्तेमाल करते हैं। इसमें सोशल कनेक्टिविटी के साथ चैटिंग, ऑडियो, वीडियो, कॉलिंग, ग्रुप कॉलिंग, ईपेमेंट, ई-कॉमर्स जैसे फीचर भी होंगे। यह 8 भाषाओं में उपलब्ध होगा प्राइवेसी एक्सपर्ट की मदद से यूजर्स के डेटा की सिक्योरिटी का भी पूरा ध्यान रखा गया है। आर्ट ऑफ लिविंग की ओर से यह दावा भी किया गया है कि कई महीनों तक लगातार इस ऐप का टेस्ट किया गया है और इस ऐप में यूजर डाटा देश में ही रहेगा और कोई तीसरी पार्टी से चुरा नहीं सकती इस समय गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है और अब तक करीब एक लाख से अधिक डाउनलोड भी कर चुके हैं।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी चमन ने कोविड-१९ के खतरे के दृष्टिगत जिला की अंतरराज्यीय सीमाओं पर अन्य राज्यों से आने वाले प्रदेश के निवासियों के समुचित प्रबंधन एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निर्देशों की अनुपालना के लिए जिला के परवाणू नाका तथा क्वारेनटाइन केन्द्रों पर स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा सेवाएं प्रदान करने के सम्बन्ध में आदेश जारी किए हैं। यह आदेश आपदा प्रबन्धन अधिनियम-२००५ की धारा ३० के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किए गए हैं। ०६ जुलाई से १२ जुलाई २०२० तक परवाणू नाके पर प्रातःकालीन ड्यूटी में सोलन होम्योपेथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल की श्वेता भास्कर एवं मंगखानलयान सांयकालीन ड्यूटी में महर्षि मार्कण्डेश्वर चिकित्सा महाविद्यालय कुम्हारहट्टी के तिलक राज एवं सोलन होम्योपेथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के पुनियो नाबिंग, रात्रि सेवा में एम.एन. डीएवी दन्त महाविद्यालय के पवन कुमार एवं सोलन होम्योपेथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के शुभम दीक्षित सेवाएं प्रदान करेंगे। इसी अवधि में जिला के टीटीआर नाके पर प्रातःकालीन डयूटी में सोलन होम्योपेथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के अमित कौशल एवं लता ठाकुर, सांयकालीन ड्यूटी में एम.एन. डीएवी दन्त महाविद्यालय के विनोद डोगरा एवं देवेन्द्र कुमार तथा रात्रि समय में एम.एन. डीएवी दन्त महाविद्यालय के रंजीत सिंह एवं राजेश कुमार सेवाएं प्रदान करेंगे। यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं।
भाजपा हमीरपुर के जिलाध्यक्ष बलदेव शर्मा, महामंत्री हरीश शर्मा, अभयवीर लवली, कोषाध्यक्ष तेज प्रकाश चोपड़ा व ज़िला मीडिया प्रभारी अंकुश दत्त शर्मा ने कांग्रेस की देश का मनोबल गिराने की साजिश का पर्दाफाश करने के लिए केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर का आभार व्यक्त किया है। ज़िला भाजपा ने अनुराग ठाकुर का समर्थन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सेना का हौंसला बढ़ाने के लिए 11 हज़ार फुट की ऊंचाई पर बॉर्डर के पास जाकर सेना से मिलते हैं, उनकी माताओं को नमन करते हैं, लेकिन राहुल गाँधी देश का मनोबल गिराने की साजिश कर रहें है। ज़िला भाजपा ने कहा कि गलवान हिंसक झड़प और एलएसी पर तनावपूर्ण माहौल में जब विश्व के सभी शक्तिशाली देश भारत के साथ खड़े हैं तब राहुल गांधी और उनकी पार्टी चीनी मिट्ठू बन देश विरोधी भाषा क्यों बोल रहे हैं। कांग्रेस, कम्युनिस्ट और चीनियों का आपस में क्या गठबंधन हैं यह राहुल गांधी को बताना चाहिए।
ग्रीनबेरी आर के जी ग्रुप व ग्रीनबेरी वेल्फ़ेयर फ़ाउण्डेशन के संस्थापक राजेश कुमार गुप्ता द्वारा सीएम ऑफिस के लिए 5000 मास्क और 1000 सैनिटाइजर दिए गए l संस्था ने मेडिकल कॉलेज के लिए वेंटिलेटर भी दिए है l संस्था बीते समय में ठियोग और नारकंडा की सभी पंचायतों में और प्रदेश के सभी विभागों के दफ्तरों में करीबन 2.5 लाख मास्क और 50 हजार सैनिटाइजर बांट चुकी हैl सारी राहत सामाग्री संस्था के लीगल ऑफिसर अरुण भोयल द्वारा सौंपी गई l राजेश कुमार गुप्ता पहले भी हिमाचल प्रदेश सरकार को 21 लाख की रकम मुख्य मंत्री राहत कोष, 11 लाख प्रधान मंत्री केयर फंड और 5 लाख उत्तर प्रदेश मुख्य मंत्री राहत कोष के लिए दे चुके है l
प्रदेश सरकार ने आज 38 HAS अधिकारियों का दलबदल किया और उन्हें नए स्थान पर तैनाती के आदेह भी दिए। कार्मिक विभाग की ओर से जारी इन अधिकारियों के तबादला आदेश के तहत राज्य परिवहन प्रधिकरण के सचिव सुनील शर्मा को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय का रजिस्ट्रार और HPU के रजिस्ट्रार घनश्याम चंद को राज्य परिवहन प्राधिकरण का सचिव लगाया गया है। अतिरिक्त निदेशक उच्चतर शिक्षा सोनिया ठाकुर को अतिरिक्त निदेशक आईटी के पद पर भेजा गया है। एसडीएम जयसिंहपुर डॉ. विक्रम महाजन को अतिरिक्त निदेशक एबीपी पर्वतारोहण संस्थान एवं अलाइड स्पोर्ट्स मनाली, डीटीडीओ कुल्लू भाग चंद नेगी को एलएओ पार्वती प्रोजेक्ट कुल्लू, एसडीएम शिमला ग्रामीण नीरज गुप्ता को संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा, एसडीएम चौपाल अनिल कुमार को संयुक्त सिचव सहकारिता के साथ रजिस्ट्रार एचपी उपभोक्ता निवारण आयोग, संयुक्त निदेशक नाहन मेडिकल कॉलेज नरेंद्र कुमार प्रथम को संयुक्त सीईओ बीबीएनडीए, एसडीएम थुनाग सुरेंद्र मोहन को एसडीएम रामपुर, एसडीएम शिमला शहरी नीरज कुमारी चांदला को जीएम शिमला स्मार्ट सिटी, एसडीएम केलांग अमर नेगी को संयुक्त निदेशक तकनीकी शिक्षा सुंदरनगर, प्रोजेक्ट अफसर आईटीडीपी केलांग स्मृतिका को रजिस्ट्रार अटल मेडिकल एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी, एसडीएम रामपुर नरेंद्र कुमार द्वितीय को एसडीएम चौपाल, एसडीएम उदयपुर कृष्ण चंद को डीटीडीओ कुल्लू, एसडीएम चुराह हेम चंद वर्मा को एसडीएम बंजार, एसडीएम डोडरा क्वार रत्ती राम को डीटीडीओ सोलन, एसी कम बीडीओ नादौन पारस अग्रवाल को एसडीएम थुनाग, एसी कम बीडीओ रैत सोमिल गौतम को एसडीएम चुराह, बीडीओ पच्छाद डॉ. शशंक गुप्ता को एसडीएम डोडरा क्वार लगाया गया है। इसके अलावा हिपा में प्रशिक्षण ले रही अपराजिता चंदेल को बीडीओ नादौन, स्वाति डोगरा को बीडीओ सुजानपुर टीहरा, प्रिया नागटा को बीडीओ निरमंड, डॉ. स्वाति गुप्ता को बीडीओ देहरा, रजनीश शर्मा को बीडीओ मेहला, डॉ. रोहित शर्मा को बीडीओ नूरपुर, गुनजीत सिंह चीमा को एसडीएम कुमारसैन, विश्व मोहन देव चौहान को बीडीओ नालागढ़, धरम पाल को बीडीओ झंडुता, महेंद्र प्रताप सिंह को बीडीओ काजा, निशांत तोमर को उप निदेशक कम प्रोजेक्ट निदेशक डीडब्ल्यूडीए कांगड़ा, पवन कुमार को एसडीएम जयसिंहपुर, मंजीत शर्मा को एसडीएम शिमला शहरी, देवी चंद को संयुक्त निदेशक मंडी मेडिकल कॉलेज, राज कुमार को एसडीएम उदयपुर, राजेश भंडारी को एसडीएम केलांग व प्रोजेक्ट अफसर आईटीडीपी केलांग का अतिरिक्त कार्यभार, मनोज कुमार को एसडीएम शिमला ग्रामीण, राजीव ठाकुर को उप निदेशक हिमाचल कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर और शमशेर सिंह को एलएओ ब्यास डैम प्रोजेक्ट लगाया है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने शनिवार को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक (C.O.E) को छात्र मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। विद्यार्थी परिषद के इकाई अध्यक्ष विशाल वर्मा और इकाई मंत्री मुनीष वर्मा ने कहा की विद्यार्थी परिषद ने ज्ञापन के माध्यम से विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक से मांग की है हाल ही में जो अभी यूजी पांचवें सत्र के परीक्षा परिणामों में जिन छात्रों की सपली आई है उन्हें अभी 6th सेमेस्टर की परीक्षाओं के साथ उनके सपली के पेपर देने की परमिशन दी जाए जिससे कि उन छात्रों का 1 वर्ष अतिरिक्त बर्बाद होने से बच जाए विद्यार्थी परिषद ने मांग की है कि एक तरफ तो विश्वविद्यालय प्रशासन पीजी परीक्षाओं के फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू कर चुका है, परंतु अभी तक पिछले सत्र के परीक्षा परिणामों को निकालने में असमर्थ रहा है विद्यार्थी परिषद की मांग है विश्वविद्यालय प्रशासन शीघ्र अति शीघ्र पीजी परीक्षाओं के लंबित पड़े शिक्षा परिणामों को घोषित करें जिससे कि छात्र आगामी परीक्षाओं के फॉर्म बिना किसी असमंजस की स्थिति के कारण भर सके।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने अधिकारियों को बजट आश्वासनों को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए ताकि इन योजनाओं का लाभ लक्षित समूहों तक पहुंचाया जा सके। मुख्यमंत्री वर्ष 2020-21 के लिए बजट प्राथमिकताओं पर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करे रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्ण जयंती ज्ञानोदय क्लस्टर श्रेष्ठ विद्यालय योजना शुरू की जा रही है और इस योजना के तहत प्रदेश के 100 विद्यालयों का गुणात्तमक बदलाव तथा छात्र-शिक्षकों का उचित अनुपात सुनिश्चित कर सुधार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 15 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 12 महाविद्यालयों में स्नातक स्तर के व्यवसायिक पाठ्यक्रम (बैचलर आॅफ वोकेशनल कोर्स) भी शुरू किए गए हैं और इस वर्ष प्रदेश के अन्य छः महाविद्यालयों में ऐसे पाठयक्रम आरम्भ किए जाएंगे। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई मेधा प्रोत्साहन योजना विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित हुई है, क्योंकि उन्हें नीट, आईआईआईटी जैसी विभिन्न परीक्षाओं के लिए कोचिंग लेने के लिए एक लाख रुपये तक का अनुदान मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष स्वर्ण जयंती सुपर 100 स्कीम के तहत दसवीं की परीक्षा में आए पहले 100 विद्यार्थियों को विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं के लिए प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए एक लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेषकर प्री-प्राईमरी और प्राईमरी स्तर के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या को बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि गुणात्त्मक शिक्षा पर विशेष बल दिया जाना चाहिए ताकि विद्यार्थियों को उनके घरद्वार के निकट उत्कृष्ट शिक्षा प्राप्त हो सकें। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य में कृषि उत्पाद संरक्षण योजना आरम्भ की गई है, जिसके तहत राज्य के किसानों को एन्टी हेल नेट लगाने के लिए ढांचे पर 50 प्रतिशत उपदान प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार राज्य में सुगन्धित पौधों की खेती और इनके प्रचार के लिए महक योजना आरम्भ की गई है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं की सहायता से राज्य के किसानों की आर्थिकी को बड़े पैमाने पर सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व बैंक की सहायता से चल रही बागवानी विकास परियोजना के अन्तर्गत गुम्मा, जरोल-टिक्कर और रोहडू में राज्य के बागवानो और किसानों की सहायता के लिए स्थापित नियंत्रित वातावरण (सी.ए.) स्टोर्ज का स्तरोन्यन किया जा रहा है ताकि किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त हो सके। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार जल जीवन मिशन के तहत वर्ष 2022 तक सभी घरों में नल से जलापूर्ति सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस मिशन के तहत प्रशंसनीय प्रगति की है तथा वर्ष 2019-20 में जल जीवन मिशन के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए राज्य सरकार को केन्द्र सरकार से 57 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को बे-मौसमी सब्जियां और नकदी फसल के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार अधिकतर क्षेत्र को सिंचाई के तहत लाने का प्रयास कर रही है, उन्होंने कहा कि इससे न केवल उनकी आर्थिकी सुदृढ़ होगी, बल्कि यह युवाओं को कृषि गतिविधियों में अपना सहयोग देने के लिए भी प्रेरित करेगा और युवाओं का शहरों की तरफ पलायन भी रूकेगा।
श्रम एवं रोजगार विभाग की विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों की समीक्षा बैठक उद्योग, श्रम एवं रोजगार और तकनीकी शिक्षा मंत्री बिक्रम सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। उद्योग मंत्री ने अधिकारियों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों को सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ प्रयास करने के निर्देश दिए। उद्योग मंत्री ने अधिकारियों को प्रदेश में निजी क्षेत्र में चल रहे कौशल प्रशिक्षण संस्थानों की नियमित रूप से निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई संस्थान डिफाॅल्टर पाया जाता है तो उसके खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि ऐसे संस्थानों से प्रशिक्षण लेने के बाद युवाओं की प्लेसटमेंट भी हो। सरकार द्वारा प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को दिया जाने वाला कौशल भत्ता मिल रहा है या नहीं, और इसकी पूरी जानकारी संस्थान के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित की जाए। उद्योग मंत्री ने कहा कि बाहरी राज्यों से रोजगार छोड़कर आने वाले युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर राज्य में ही रोजगार उपलब्ध करवाने के दृष्टिगत प्रदेश सरकार द्वारा स्किल रजिस्टर पोर्टल शुरू किया गया हैै। उन्होंने कहा स्किल रजिस्टर पोर्टल के प्रचार-प्रसार पर ज्यादा ध्यान दिया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ दूर-दराज के इलाकों के लोगों तक इस पोर्टल की जानकारी पहुंच और अधिक से अधिक इसका लाभ उठाने के लिए प्रेरित हों। उन्होंने कहा कि अब तक लगभग 13960 लोगों और 62 इंप्लायर ने भी इस पोर्टल में पंजीकरण किया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि इंप्लायर अपनी डिमांड भी इस पोर्टल में रजिस्टर करवाएं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार इंग्लिश स्पीकिंग ट्रेंनिग कोर्स प्रदेश भर में आरम्भ किया जाए, ताकि प्रदेश के युवाओं को इसका लाभ मिल सके। इस कार्य के लिए विशेषज्ञ की सेवाएं ली जाए। अब तक 65 स्कूलों व महाविद्यालयों में यह कोर्स शुरू किया जा चुका है। उद्योग मंत्री ने हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड (एचपीबीओसीडब्ल्यू) के अधिकारियों को बोर्ड में अधिक से अधिक मजदूरों का पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पंजीकरण व रिन्यूल की प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाए ताकि श्रमिकों को बोर्ड की कल्याणकारी नीतियों का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि मनरेगा सहित अन्य विभिन्न निर्माण कार्यों में 90 दिन की अवधि पूर्ण करने वाले सभी मजदूरों का पंजीकरण किया जाए ताकि उन्हें बोर्ड की ओर से मिलने वाले विभिन्न प्रकार के लाभ प्राप्त हो सके। लाॅकडाउन के दौरान बोर्ड में पंजीकृत सभी श्रमिकों को 2-2 हजार रुपये की 2 किश्तें जारी कर दी है और तीसरी किश्त शीघ्र ही जारी कर दी जाएगी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग चंबा द्वारा शनिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय चंबा के सभागार में समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया जिस की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी चंबा डॉ राजेश गुलेरी ने की व इसमें जिला के सभी खंड चिकित्सा अधिकारी और चिकित्सा अधिकारियो ने हिस्सा लिया। बैठक में सब से प्रथम मुख्य चिकित्सा अधिकारी चंबा डॉ राजेश गुलेरी ने कोविड-19 में कार्य कर रहे सभी चिकित्सा अधिकारियों और और कर्मचारियों के कार्य की सराहना की और उन्हें अब अन लोकडाउन के चरणों में दी जाने बाली स्वास्थ सुविधा के बारे में अवगत करवाया। उन्होंने कहा की कोरोना महामारी के दोरान लोगो को अन्य स्वास्थ सुविधाओं में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा की कोरोना महामारी अभी खत्म नहीं हुई है इसलिए लोगो को इस बीमारी से बचने के लिए घर में रहने के और मास्क लगाने व सोशल डिस्टेंस के बारे में जागरूक करना जरुरी है। उन्होंने महत्वकांक्षी जिले को मासिक रिपोर्ट का आकलन करते हुए बताया की जिला चंबा को महत्वकांक्षी जिले की लिस्ट में बेहतर स्थान दिया गया है जिस के लिए उन्होंने सभी अधिकारियो और करमचारियो को बधाई दी. साथ ही महत्वकांक्षी जिले के अंतर्गत आने बाले स्वास्थ बिन्दुओ पर और कड़ी मेहनत करने को कहा है। जिले में चल रहे स्वास्थ्य कार्यक्रम क्षय रोग कार्यक्रम, राष्ट्रीय कुष्ठ रोग कार्यक्रम, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बैठक में जिले में चल रहे राष्ट्रीय हेल्थ मिशन के तहत चल रहे कार्यकर्मो की समीक्षा की जिस में क्षय रोग कार्यक्रम, राष्ट्रीय कुष्ट रोग कार्यक्रम, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ कार्यक्रम, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, एन सी डी कार्यक्रम का जायजा लेते हुए सभी कार्यक्रमों और योजनाओं को जन जन तक पहुँचाने के लिए कहा। साथ ही लोगो को स्वास्थ विभाग की और से चलाई जा रही हर कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लोगो तक पहुचाने को कहा जिस से हर व्यक्ति इन योजनाओं का लाभ ले सके।
आयुष्मान भारत योजना के तहत जिला में 52,646 लोगों के कार्ड बनाए गए हैं। इनमें से अभी तक 1986 लोग मुफ्त इलाज की सुविधा प्राप्त कर चुके हैं और इनका क्लेम लगभग 80 लाख रुपये है। भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी अंकुश दत्त शर्मा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश की योजनाओं का लाभ जनता को मिलता देख विपक्ष के लोग चारों खाने चित्त हो चुके हैं । अंकुश दत्त ने बताया कि गरीब व जरूरतमंद मरीजों को आयुष्मान और हिमकेयर योजना का भरपूर लाभ मिल रहा है। इन योजनाओं के तहत हमीरपुर जिला में दस हजार से अधिक मरीजों का हुआ मुफ्त इलाज अब तक हुआ है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में अगर कोई जरुरतमंद परिवार आयुष्मान भारत योजना से छूट जाता है तो उसे भी चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे छूटे लोगों के लिए ही प्रदेश सरकार ने हिमकेयर योजना आरंभ की है। हिमकेयर योजना के अंतर्गत जिला में 41,462 कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिनमें से 8,663 लोगों ने मुफ्त इलाज की सुविधा का लाभ उठाया है और इनकी क्लेम राशि तीन करोड़ 44 लाख रुपये से अधिक है। प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत 5.90 लाख पात्र महिलाओं के खातों में अप्रैल, मई व जून माह में प्रति महिला पांच-पांच सौ रुपए हस्तांतरित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 5.69 लाख लाभार्थियों को तीन माह की सामाजिक सुरक्षा पेंशन अग्रिम प्रदान की गई जिस पर 217.85 करोड़ रुपए व्यय किए गए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत प्रदेश के 8.74 लाख किसानों के खातों में दो हजार रुपए प्रति लाभार्थी जमा किए गए जिस पर 175 करोड़ रुपए व्यय हुए हैं।
नगर सुधार समिति के प्रेस सचिव तनुज सोनी ने जारी ब्यान में कहा है कि बिलासपुर शहर में व आसपास की जगहों पर लोगों को कोरोना महामारी से बचने हेतु समिति ने अध्यक्ष दिनेश कुमार की अगुवाई में तथा अन्य सामाजिक संस्थाएं बिलासपुर में करीब 10-15 हजार मास्क बांट चुकी हैं लेकिन फिर भी लोग मास्क पहनना जरूरी नहीं समझ रहे हैं। जब से कोरोना महामारी फैली हुई है तब से नगर सुधार समिति ने कम से कम 4-5 हजार मास्क बांट दिये हैं तथा अब भी बांट रही है और लोगों को कोविड-19 के प्रति जागरूक भी करती आ रही है इसके साथ प्रषासन भी लगातार इस महामारी से बचाव हेतु व मास्क लगाने बारे जनता को जागरूक करती रही है, परन्तु खेद का विषय है कि लोग मास्क लगाने से परहेज कर रहे हैं। ऐसे में पुलिस द्वारा मजबूरी वश चालान करना जरूरी हो गया है ताकि महामारी को फैलने से रोका जा सके। समिति ने पुलिस द्वारा किए जा रहे चालान को सही करार देते हुए पुलिस से मांग की है कि फिलहाल चालान की राशि 200/-रू तक की जाए ताकि लोगों को अपनी गलती का अहसास हो सके तथा कोरोना महामारी के खिलाफ चलाए गए इस अभियान को सफल बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस प्राण घातक महामारी से बचने के लिए सावधानियां बरतना हरेक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य बनता है अतः अपने कर्तव्य को समझें व इस अभियान में अपना भरपूर सहयोग प्रदान करें।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी घुमारवीं के द्वारा शनिवार को ब्लॉक अध्यक्ष जागीर सिंह मेहता की अध्यक्षता में देशभर में बढ़ती हुई पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर खूब हल्ला बोला। इन कीमतों को वापस लेने हेतु एसडीएम घुमारवीं के माध्यम महामहिम राश्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। इस मौके पर विशेष तौर पर अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी के सचिव राजेश धर्माणी भी मौजूद रहे। धर्माणी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 41 डॉलर प्रति बैरल है और देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। पिछले एक माह में लगातार पेट्रोल डीजल की कीमतें बढ़ी हैं व तेल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल की कीमतों में लगभग 9.15 रूपए का इजाफा किया है वहीं डीजल में 11.35 रूपए प्रति लीटर की दर से महंगा हुआ है। इन बढ़ी हुई कीमतों को लेकर देश में पेट्रोल डीजल की कीमतों को लेकर अराजकता का माहौल बनता जा रहा है। यह भी एक इतिहास बन गया है कि डीजल पेट्रोल से महंगा हो गया। धर्माणी ने कहा कि।हिमाचल प्रदेश एक पर्वतीय राज्य है और यहां पर औद्योगिक क्षेत्र अन्य प्रदेशों से कम है जबकि यहां की मुख्य आमदनी कृषि व पर्यटन व्यवसाय पर आधारित है कोविड-19 की वजह से प्रदेश में कृषि और पर्यटन व्यवसाय भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। प्रदेश में आमजन की मुसीबतों को देखते हुए पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर नियंत्रण किया जाना अति आवश्यक है। इस मौके पर ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जागीर सिंह मेहता, पवना शर्मा, सतपाल, सुबेदार दीनानाथ, संजीव मल्होत्रा, विक्रम ठाकुर, अमरसिंह, रविंद्र सिंह ठाकुर, कुलजीत ठाकुर, राजेंद्र भारद्वाज, अमीचंद सोनी, रजनीश मेहता, रविंद्र सिंह ठाकुर, दिनेश भुट्टो, राम स्वरूप, हेमराज ठाकुर, मनोहर लाल शर्मा, सुरजीत ठाकुर, सुलक्षणा पठानिया, मनोहर लाल, सचिन चंदेल, विकास शर्मा व विकास गर्ग उपस्थित थेे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपायुक्तों एवं विकास खण्ड अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए निर्देश दिए कि राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं केे लाभार्थियों की सूची तैयार की जाए ताकि राज्य सरकार उन लाभार्थियों के साथ सम्पर्क साध कर समन्वय स्थापित कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी ने हमें और अधिक प्रतिबद्धता व अलग रणनीतियों के साथ काम करने के लिए मजबूर किया है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने इस महामारी के दौरान वचनबद्धता और उत्साह के साथ कार्य किया है। उन्होंने सन्तोष व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य की सभी विकासात्मक गतिविधियां मुश्किल के इस समय में भी निर्बाध चल रही है। जय राम ठाकुर ने कहा कि हमें लगातार विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए लगातार सम्पर्क में रहने के लिए एक प्रणाली बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए तकनीक का सर्वाेत्तम उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने खण्ड विकास अधिकारियों को पंचायत स्तर पर विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों का डाटा तैयार करने के निर्देश दिए ताकि इन सभी की त्वरित जानकारी उपलब्ध हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयुष्मान भारत और हिमकेयर, उज्ज्वला योजना और गृहिणी सुविधा योजना, आवास योजनाएं जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना तथा भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अधीन पंजीकृत कर्मचारी, आशा कार्यकर्ता, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, सामाजिक सुरक्षा पैंशन लाभार्थियों, सहारा योजना और जन-धन योजना के लाभार्थियों को प्रथम चरण में सूचीबद्ध किया जाएगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि इन योजनाओं के लाभार्थियों की सूची पंचायतों को उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस माह की 10 तारीख तक पंचायतों को यह सूची उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। उन्होंने खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे लाभार्थियों के मोबाइल फोन पर वैबैक्स सौफटवेयर डाउनलोड करवाकर उन्हें इसके प्रयोग का भी प्रशिक्षण प्रदान करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक पंचायत में डिस्प्ले पैनल स्थापित किए जाने चाहिए ताकि मुख्यमंत्री द्वारा की जा रही वीडियो काॅन्फ्रेंस आम लोग भी देख सके। मुख्य सचिव अनिल खाची ने कहा कि लाभार्थियों के आधार नम्बर की जानकारी कोई भी ले सकता है, क्योंकि योजनाओं के लाभ सीधे हस्तांतरण के माध्यम से किए गए है। उन्होंने कहा कि यद्यपि राज्य में आने के लिए ई-पास की आवश्यकता नही है परन्तु राज्य में आने के लिए पंजीकरण अभी भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसा होने के बाद भी क्वारंटीन के नियमों में कोई परिवर्तन नही किया गया है तथा रेड जोन से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को क्वारंटीन किया जाएगा।
शिमला स्थित CTO चौक से लेकर लोअर बाजार बाजार में भाजपा आईटी विभाग के प्रदेश संयोजक चेतन बरागटा एवं आईटी विभाग के सदस्यों ने पूर्व महापौर व पार्षद अनाडेल कुसुम सदरेट, रुल्दुभट्टा पार्षद संजीव ठाकुर, बालूगंज पार्षद किरण बावा, केथू पार्षद सुनील धर, पूर्व पार्षद संजीव शर्मा, लोअर बाजार से वरिष्ठ कारोबारी डॉ सुफल सूद, अशोक कुकरेजा, राजीव सूद, करनैल सिंह, सुरजन ग्रोवर और लोअर बाजार से संबंध रखने वाले भाजपा के जुझारू कार्यकर्ता व पूर्व भाजयुमो शिमला जिला अध्यक्ष राजीव अरोड़ा और कमल ठाकुर, राजकुमार अग्रवाल, कपिल जासवाल, श्रवण शर्मा, अभिमन्यु भांगड़ा, सुनंदा करोल ,मीना वर्मा, नोफल NGO के संयोजक गुरमीत सिंह व स्थानीय कार्यकर्ता दुकानदारों के सहयोग से सैनिटाइजर एवं फेस कवर का वितरण किया। संकट के समय में जनसेवा करना भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए सर्वोपरि है।
जिस प्रकार आज कोरोना जैसी महामारी पूरे विश्व मे फैली है जिससे कि भारत भी अछूता नहीं रहा है, इस प्रकार की महामारी से बचने के लिए सरकार व प्रसाशन द्वारा समय समय पर कई दिशा निर्देश दिए जाते है जिसका सभी को पालन करना चहिए, जिससे की आप अपना और अपने परिवार व समाज को इस महामारी से बचाने में हितकारी सफल होंगे। शनिवार को स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि के अवसर राजधानी शिमला मैं सेवार्थ विद्यार्थी के कार्यकर्ताओं द्वारा बंगला झोंपड़ी संजौली, शनान, सांगटी, झूग़ी झोंपड़ी मैं रहने वाले बच्चों व बुज़र्गो को बिस्किट, फल व रसक का वितरण किया गया और शाड़ाबाई में झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों को बिस्किट वितरित किए। इस से पहले भी सेवार्थ विद्यार्थी द्वारा हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग जिलों में स्टूडेंट फॉर सेवा के कार्यकर्ताओं ने मास्क का वितरण किया और दूसरों और जहा इस संकट के समय में स्कूल बंद होनी की वजह से विद्यार्थियों को बहुत से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है वही उसी कड़ी में स्टूडेंट फॉर सेवा के कार्यकर्ताओं द्वारा अपने अपने स्थान पर स्कूल के विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है। आज स्वामी विवेकानंद जी की पुण्यतिथि के अवसर पर बिस्किट, फल व रसक का वितरण शिमला और कुल्लू में किया और विवेकानंद जी को भी याद किया गया । हम आप सभी से यही अनुरोध करते हैं कि आप इस महामारी से लड़ने के लिए घरों से बाहर ना निकले अपने घर पर रहे खुद भी सुरक्षित रहे और अपने परिवार वालों को भी सुरक्षित रखे यादे कोई अति आवश्यक कार्य हो तभी घरों से बाहर आए और सेवार्थ विद्यार्थी हिमाचल प्रदेश आप सभी से एक अपील करती है कि आप इस महामारी के संकट में जरूरतमंदों की मदद जरूर करे।
समेकित बाल विकास परियोजना कण्डाघाट में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का 01 तथा आंगनबाड़ी सहायिकाओं के 05 पद भरने के लिए साक्षात्कार 20 जुलाई, 2020 को प्रातः 11.00 बजे बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय सोलन के सभागार में आयोजित किए जाएंगे। यह जानकारी सीडीपीओ कण्डाघाट पवन गुप्ता ने दी। उन्होंने कहा कि इन पदों पर सरकार द्वारा समय-समय पर निर्धारित मानदेय देय होगा। इच्छुक अभ्यर्थी 20 जुलाई 2020 को प्रातः 10.00 बजे तक बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय कण्डाघाट के कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि समेकित बाल विकास परियोजना कण्डाघाट के तहत ग्राम पंचायत पौधना में बाल विकास परियोजना वृत वाकनाघाट के आंगनबाड़ी केंद्र पपलोल में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का 01 पद भरा जाना है। पवन गुप्ता ने कहा कि समेकित बाल विकास परियोजना कण्डाघाट के तहत ग्राम पंचायत मही में बाल विकास परियोजना वृत कण्डाघाट के तहत आंगनबाड़ी केंद्र हाथौ पल्हेच, ग्राम पंचायत छावशा में बाल विकास परियोजना वृत वाकनाघाट के तहत आंगनबाड़ी केंद्र डयोन्डा, ग्राम पंचायत बीशा में बाल विकास परियोजना वृत साधुपुल के तहत आंगनबाड़ी केंद्र क्यारटू, ग्राम पंचायत बांजणी में बाल विकास परियोजना वृत साधुपुल के तहत आंगनबाड़ी केंद्र शिलाई तथा ग्राम पंचायत काहला में बाल विकास परियोजना वृत सायरी के तहत आंगनबाड़ी केंद्र काहला में आंगनबाड़ी सहायिका का एक-एक पद भरा जाना है। उन्होंने कहा कि इन पदों के लिए वही महिला उम्मीदवार पात्र हैं जो सम्बन्धित आंगनवाड़ी केन्द्र के लाभान्वित क्षेत्र में प्रथम जनवरी 2020 को सामान्य रूप से रह रहे परिवार से सम्बन्ध रखती हो। उम्मीदवार की आयु 21 से 45 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता दस जमा दो, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के लिए दसवीं तथा आंगनवाड़ी सहायिका के लिए आठवीं पास होनी चाहिए। सहायिका पद के लिए आठवीं पास शैक्षणिक योग्यता के उम्मीदवार उपलब्ध न होने की स्थिति में पांचवीं पास न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता महिला पर भी विचार किया जाएगा। किन्तु इसके लिए अन्य शर्तें पूर्ण होनी चाहिएं। उन्होंने कहा कि इन पदों के लिए उम्मीदवार के परिवार की वार्षिक आय 35 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस संबंध में उम्मीदवार को तहसीलदार अथवा नायब तहसीलदार द्वारा जारी तथा प्रतिहस्ताक्षरित प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने कहा कि आवेदक को आवेदन पत्र के साथ आयु, शैक्षणिक योग्यता, जाति, अपंगता, अनुभव, हिमाचली, परिवार रजिस्टर की नकल व अन्य योग्यता प्रमाणपत्रों की प्रमाणित प्रतियां साक्षात्कार के समय या इससे पूर्व जमा करवाने होंगे। उम्मीदवारों को पंचायत सचिव अथवा तहसीलदार से प्रतिहस्ताक्षरित स्थाई निवासी का प्रमाण पत्र लाना भी अनिवार्य है। आय प्रमाण पत्र तहसीलदार अथवा नायब तहसीलदार या इनसे अधिक स्तर के अधिकारी से प्रतिहस्ताक्षरित होना चाहिए। उम्मीदवारों को साक्षात्कार के दिन इन सभी प्रमाणपत्रों की मूल प्रतियां अपने साथ लाना अनिवार्य हैं। इच्छुक पात्र महिला उम्मीदवार इन पदों के लिए समस्त प्रमाण पत्रों की सत्यापित छाया प्रतियों सहित बाल विकास परियोजना अधिकारी कण्डाघाट के कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक उम्मीदवार समीप के आंगनवाड़ी केन्द्र अथवा बाल विकास परियोजना अधिकारी कण्डाघाट के कार्यालय दूरभाष नम्बर 01792-256367 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
जिला दण्डाधिकारी सोलन केसी चमन ने कोविड-19 के दृष्टिगत हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बार्ड लिमिटिड के निर्माण एवं अन्य कार्यों के सुचारू कार्यान्वयन के लिए आदेश जारी किए हैं। यह आदेश विद्युत बोर्ड से सम्बन्धित कार्य के लिए अर्धकुशल एवं कुशल कामगारों तथा श्रमिकों के सोलन जिला में विभिन्न निर्माण स्थलों तक पहुंचने के लिए अंतरराज्यीय आवागमन के दिशा-निर्देश एवं प्रक्रिया के विषय में हैं। इन आदेशों के अनुसार हिमाचल प्रदेश के बाहर से आने वाले कामगारों एवं श्रमिकों को सोलन जिला में अपने निर्माण स्थल तक पहुंचने के लिए ‘वन टाईम’ (एक बार) अंतरराज्यीय प्रवेश की अनुमति प्रदान की जाएगी। हिमाचल प्रदेश के बाहर से आने वाले श्रमिकों एवं कामगारों को ‘वन टाईम’ (एक बार) प्रवेश के लिए उचित माध्यम द्वारा आवेदन करना होगा। कामगारों एवं श्रमिकों के वन टाईम प्रवेश के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटिड के सम्बन्धित अधिशाषी अभियंता को सम्बन्धित ठेकेदार, ठेकेदार का प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता, फर्म या कंपनी द्वारा ईमेल या अन्य इलैक्ट्राॅनिक माध्यम अथवा व्यक्तिगत रूप से प्रार्थना पत्र की प्रति के साथ आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ निर्धारित प्रपत्र पर लिखित में शपथ प्रस्तुत करनी होगी। बाहरी राज्यों से प्रदेश में आने वाले कामगारों तथा श्रमिकों को पूर्व निर्धारित क्वारेन्टाइन सुविधा स्थलों में रखा जाएगा। कामगार एवं श्रमिक कार्यस्थल पर पहले से कार्य कर रहे कामगारों व स्थानीय लोगों के साथ मेलजोल नहीं करेंगे। क्वारेन्टीन सुविधा की विस्तृत जानकारी मानक परिचालन प्रक्रिया के साथ निर्धारित प्रपत्र पर उपलब्ध करवाई जाएगी। ऐसे कामगारों एवं श्रमिकों का कोविड-19 पाॅजिटिव व्यक्तियों के साथ न तो कोई सम्पर्क होना चाहिए और न ही उन्होंने कोरोना संक्रमित व्यक्तियों के साथ कोई यात्रा की हो। बाहरी राज्यों से प्रदेश विद्युत बार्ड के साथ कार्य करने वाले कामगारों एवं श्रमिकों का प्रवेश पंजीकरण जिला की अंतरराज्यीय सीमाओं पर किया जाना चाहिए। यहीं पर इनकी चिकित्सीय स्क्रीनिंग की जाएगी। कार्यस्थल पर भी इनका समय-समय स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। आदेशों के अनुसार प्रदेश विद्युत बोर्ड के सम्बन्धित अधिशाषी अभियंता मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन के परामर्श के अनुसार समय-समय पर रेंडम सैम्पलिंग सुनिश्चित बनाएंगे। सरकार एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा सोशल डिस्टेन्सिग, सेनेटाइजेशन सहित समय-समय पर जारी अन्य नियमों की अनुपालना सुनिश्चित बनाई जाएगी। उपरोक्त मानक परिचालन प्रक्रिया के अनुसार बाहरी राज्यों से आने वाले श्रमिकांे एवं कामगारों के लिए प्रदेश विद्युत बोर्ड के सम्बन्धित अधिशाषी अभियंता द्वारा जारी केवल वन टाईम (एक बार) अनुमति ही पर्याप्त होगी। इस सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक बद्दी, उप पुलिस अधीक्षक परवाणू तथा सोलन को सूचित करना अनिवार्य होगा। इन श्रमिकों एवं कामगारों को अन्य किसी अनुमति अथवा प्रवेश पत्र की आवश्यकता नहीं होगी। पुलिस अधीक्षक सोलन एवं बद्दी, सम्बन्धित उपमण्डलाधिकारी तथा प्रदेश विद्युत बोर्ड के सम्बन्धित अधिशाषी अभियंता इन आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित बनाएंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं तथा आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेंगे। इन आदेशों की उल्लंघना पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188 तथा अन्य सम्बन्धित नियमों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।
जिला दण्डाधिकारी सोलन केसी चमन ने कहा कि विश्वव्यापी कोविड-19 महामारी के दौरान जिला में सभी विभागों द्वारा बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्य किया गया है। इस दिशा में उद्योग विभाग की खनन इकाई ने सराहनीय भूमिका निभाई है। केसी चमन गत सांय जिला खनिज स्थापना न्यास की शासी परिषद (डीएमएफटी) की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। केसी चमन ने कहा कि उद्योग विभाग की खनन इकाई सोलन जैसे औद्योगिक रूप से महत्वपूर्ण जिला में अत्यंत आवश्यक कार्य कर रही है। खनन इकाई द्वारा विभाग की अन्य इकाईयों के सहयोग से जहां जिला में उपलब्ध खनिज सम्पदा के विषय में सारगर्भित जानकारी प्रदान करवाई जाती है वहीं जिला में वैध तथा अवैध खनन गतिविधियों का पूर्ण अनुश्रवण भी किया जाता है। उन्होंने खनन अधिकारी को निर्देश दिए कि सोलन जिला में अवैध खनन गतिविधियों पर नजर रखी जाए और इस दिशा में नियमानुसार उचित कार्रवाई अमल में लाई जाए। उपायुक्त ने कहा कि कोविड-19 के समय में सोलन जिला में कार्यरत खनन इकाई द्वारा महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला खनिज स्थापना न्यास सोलन द्वारा जहां कोविड-19 काल में प्रशासन को लगभग 2.23 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाए गए हैं वहीं राशन किट, सेनिटाईजर, पीपीई किट के लिए भी योगदान दिया गया है। बैठक में बद्दी तथा नालागढ़ में एक-एक खनन चेकपोस्ट स्थापित करने की स्वीकृति भी प्रदान की गई। न्यास के सदस्य सचिव एवं सोलन जिला के खनन अधिकारी कुलभूषण शर्मा ने न्यास की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि न्यास द्वारा कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत पूर्ण धनराशि भारत सरकार के निर्देशानुसार उपलब्ध करवाई गई है। बैठक में जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक राजीव कुमार, वन मंडलाधिकारी एके वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राजन उप्पल, जिला स्वास्थ्य अधिकारी एनके गुप्ता तथा लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता पीआर नेगी उपस्थित थे।
शिक्षा के व्यापारीकरण को लेकर विद्यार्थी परिषद शुरू से ही आंदोलनरत रही है और विद्यार्थी परिषद के आंदोलन का परिणाम है जहां निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग द्वारा चार निजी विश्वविद्यालय के कोर्स रद्द होने का परिषद स्वागत करती है। कुछ लंबे समय से इन विश्वविद्यालय की प्रदेश के अंदर तानाशाही के चलते निजी विश्वविद्यालय ना नियामक आयोग को मान रहे थे और ना ही प्रदेश सरकार को विश्वविद्यालय के अंदर यूजीसी के नियमों के साथ-साथ अपने विधानसभा एक्ट की भी अवहेलना हो रही थी। राहुल राणा ने कहा कि जहां मानव भारती के अंदर फर्जी डिग्रियां पकड़ी गई और गिरफ्तारी हुई जिस से प्रदेश शर्मसार हुआ। साथी इंडस यूनिवर्सिटी में अपने चार रेगुलर कर्मचारियों को रेगुलर डिग्री दे दी थी और उनकी स्कॉलरशिप भी ली थी साथ में 13 मार्च 2020 को इंडस यूनिवर्सिटी ने प्रेस नोट जारी करके कहा कि उन्होंने यह डिग्रियां कॉरेस्पोंडेंस डिस्टेंस एजुकेशन और ऑनलाइन क्लासेज के रूप में दी हैं। बाद में 18 मार्च को नियामक आयोग ने इंडस विवि को फटकार लगाई और साफ किया कि इस प्रकार की अनुमति हिमाचल प्रदेश में किसी भी विश्वविद्यालय को नहीं है। बाद में 13 अप्रैल को इंडस विश्वविद्यालय अपने बयान से मुकर गई और नया प्रेस नोट जारी करके कहा कि अपने रेगुलर चार कर्मचारियों को वे 4 से 6 घंटे छूट देते थे ताकि वह अपनी पढ़ाई कर सकें इस प्रकार का प्रावधान ना यूजीसी के अंदर है न ही भारत के किसी एक्ट के अंदर जो सरासर गलत है। साथ ही इंडस बीवी के अंदर डिस्टेंस मॉड में पीएचडी भी चलाई गई और कुलपति ने भी एक समय पर तीन-तीन डिग्रियां हासिल की है जहां अरनी विश्वविद्यालय के अंदर कर्मचारियों को कई महीने से सैलरी नहीं दी है और मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी को छोड़कर भाग गई। इन सब बातों से स्पष्ट होता है कि इन निजी विश्वविद्यालय के अंदर शिक्षा का व्यापारीकरण जोरों शोरों से चल रहा था और तीन विश्वविद्यालयों लूटपाट का अड्डा बना हुआ है। विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि इंडस विवि प्रेस के माध्यम से बयान जारी कर रही है कि वह 4 से 6 घंटे छूट देकर अपने रेगुलर कर्मचारियों से पढ़ाई करवाते थे जिसे वह स्टूडेंट कम एम्पलाई केटेगरी कह रहे हैं जो कि सरासर गलत है नियामक आयोग से मांग करती है की इस प्रकार के बेतुके बयानों पर रोक लगाया जाए और स्पष्ट किया जाए इस प्रकार के कोर्स चलाने की अनुमति पूरे भारत में और हिमाचल में किसी को नहीं है वरना रेगुलर डिग्री की क्रेडिबिलिटी खतरे में होगी। विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि तीन निजी विश्वविद्यालयों के ऊपर और नकेल कसी जाए तथा इन निजी विश्वविद्यालय की पूर्ण रूप से इंस्पेक्शन के बाद ही इन्हें कोई कोर्स दिए जाएं ताकि छात्रों का भविष्य खराब ना हो साथ ही इन निजी विश्वविद्यालय पर जल्दी से जल्दी एडमिनिस्ट्रेटर लगाया जाए ताकि वर्तमान में बढ़ रहे छात्र अपनी पढ़ाई ठीक ढंग से कर सकें। साथ ही मांग करती है कि स्टूडेंट कम एम्पलाई कैटेगरी के नाम पर हो रहे भ्रष्टाचार को जल्दी से जल्दी रोका जाए और जीने ऐसे अवैध डिग्रियां दी हैं उन्हें रद्द करके वि.वि को जुर्माना लगाया जाए।
अम्बुजा सीमेंट कर्मचारी संघ (संबंधित भारतीय मज़दूर संघ) दाड़लाघाट ने लोकसभा क्षेत्र शिमला के सांसद सुरेश कश्यप को सीमेंट उद्योग में लंबे समय से चल रही अस्थाई श्रमिकों की समस्याओं के संदर्भ बारे ज्ञापन सौंपा ओर मौखिक रूप से भी सीमेंट उद्योग की उत्पादन क्षमता और वित्तीय रूपरेखा से भी अवगत करवाया, क्योंकि अम्बुजा सीमेंट दाड़लाघाट जब से देव भूमि हिमाचल में स्थापित हुआ है किसी भी प्रकार के घाटे में नहीं गया है। इसका सीधा श्रेय श्रमिको की मेहनत और खून पसीने को जाता है लेकिन इसके बावजूद भी सीमेंट कंपनी मालिक श्रमिकों के शोषण में किसी भी प्रकार की कसर नही छोड़ रही है। वैश्विक महामारी कोरोना की आड़ में श्रमिको को केवल 26 दिन का वेतन दे रही है जिससे श्रमिकों में तनाव और मानसिक पीड़ा से ग्रसित हो रहे हैं क्योंकि जहां 30-31 दिन का वेतन मिलता था वह आज केवल 26 दिन का मिल रहा है जबकि उत्पान क्षमता में किसी भी प्रकार की गिरावट नही है। इस प्रकार की तनाशाही से अस्थाई श्रमिकों में तनाव बरकरार है क्योंकि भविष्य निधि,बोनस ओर छुट्टियों पर प्रभाव पड़ेगा उससे भी श्रमिकों का मनोबल गिरता जा रहा है। इस संदर्भ में अम्बुजा सीमेंट कर्मचारी संघ (भा.म.सँ.) के पदाधिकारियों ने अम्बुजा प्रबंधन वर्ग से अनेक बैठकों का दौर चला लेकिन परिणाम शून्य रहा इसलिए सांसद सुरेश कश्यप को एक ज्ञापन सौंपा गया। संसद ने भरोसा दिलवाया है कि विषय बहुत गंभीर है लिखित कार्यवाही करके अम्बुजा सीमेंट ओर अल्ट्राटेक सीमेंट उद्योग जो हिमाचल के सोलन जिला में स्थापित है इसकी उचित जांच होगी ओर श्रमिकों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय सहन नहीं होगा। अखिल भारतीय सीमेंट मज़दूर महा संघ के उपमहामंत्री ओम प्रकाश शर्मा ने संसद सुरेश कश्यप से चर्चा में कहा कि सम्पूर्ण भारत मे जितनी भी सीमेंट उद्योग है सभी अपने अपने क्षेत्र में के सांसद को ज्ञापन सौंपा है तथा अपनी अपनी समस्याओं से अवगत करवाया है इसलिए लोकसभा सत्र में यह मुद्दा जोर शोर से उठेगा ऐसी उम्मीद है जिससे समस्त अस्थाई श्रमिक जो कई वर्षों से परेशान हैं उनको अच्छे दिन देखने को मिले। आज भारत मे सीमेंट उद्योग में 80% अस्थाई श्रमिक है इसलिए इन श्रमिकों को स्थाई करने का प्रावधान हो ऐसी पूरी उम्मीद सांसद के माध्यम से लोकसभा में आवाज उठे। अम्बुजा सीमेंट कर्मचारी संघ के प्रधान सुरेश कुमार, महामंत्री नरेश कुमार, संयुक्त सचिव विनोद शर्मा तथा कोशाध्यक्ष रुवेश कुमार सभी ने अस्थाई श्रमिकों की अनदेखी ओर भेदभाव पूर्ण नीति के खिलाफ अपना ज्ञापन सौंपा ओर पूर्ण विश्वास जताया है कि लोकसभा सांसद सुरेश कश्यप सीमेंट उद्योग में कार्यरत श्रमिकों की समस्याओं को लोकसभा सत्र में अपना पक्ष रखेगे ओर भविष्य में सीमेंट उद्योग के श्रमिकों को स्थाई होने की नीति अवश्य बनेगी। इससे भविष्य में सीमेंट उद्योग में शांति का वातावरण रहेगा।
फलोद्यान केंद्र (नर्सरी) दाड़लाघाट में मंडी ज़िला के तीन लोगों को नियुक्ति किए जाने को लेकर स्थानीय लोगों में रोष है। लोगों का कहना है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री व जल शक्ति मंत्री अपने ज़िले के लोगों की विभिन्न विभागों में नियुक्तियां कर रहे है जिससे पात्र व्यक्तियों को दरकिनार कर भाई भतीजावाद के साथ इलाका वाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। दाड़लाघाट के स्थानीय लोग रमेश कुमार, जगदीश कुमार, अशोक, नीम चन्द, नवीन, रमेश शर्मा, सत्यपाल, महेन्द्र व दिनेश सहित अन्य का कहना है कि फलोद्यान (नर्सरी) दाड़लाघाट में बिना किसी सूचना के मंडी ज़िला के तीन व्यक्ति कमलेश, भानुप्रताप व नसवीर की नियुक्ति नियमों को ताक पर रखकर की गई है। लोगों का आरोप है कि इस नर्सरी में नौकरी के लिए स्थानीय रमेश कुमार, जगदीश शर्मा, नीमचन्द, रमेश शर्मा, नवीन व सत्यपाल ने पहले आवेदन किया था लेकिन विभाग में नियुक्त किए गए मंडी ज़िले के तीनों व्यक्तियों को गैर कानूनी तरीके से नियुक्तियां कर दी गई है। लोगों ने कहा कि प्रदेश सरकार के मुखिया द्वारा अपने ज़िले की लोगों को विभाग में नियुक्तियां करना कहीं न कही भाई भतीजावाद को बढ़ावा देना है। लोगों ने सरकार से आग्रह किया है वह इन नियुक्तियों की स्थिति सभी लोगों के बीच रखे। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ऐसा नही करती है तो स्थानीय लोग आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे जिसकी ज़िम्मेदारी सरकार की होगी। जब इस बारे संयुक्त निदेशक नर्सरी शिमला जेपी शर्मा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह पद विभाग द्वारा नही भरे जाते है यह पद आउटसोर्स कंपनी के माध्यम से भरे जाते है। उन्होंने ही यह नियुक्तियां की होगी।
अर्की थाना के अंतर्गत सरली नामक स्थान के समीप घडेच में एक व्यक्ति का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार अभी तक उस शव की शिनाख्त नहीं हो पाई है तथा पुलिस द्वारा शव को पोस्टमार्टम के पश्चात अर्की अस्पताल स्थित शव गृह में रखा गया है। बता दें कि शुक्रवार सांय लगभग पांच बजे एक व्यक्ति जो कि अपने मोटरसाइकिल से अपने घर की ओर जा रहा था, को सरली मोड़ से आगे घडेच नामक स्थान में सड़क में एक व्यक्ति पीठ के बल पड़ा दिखाई दिया। उसने इस बात की सूचना तुरंत गांव के लोगों को दी तथा लोगों ने इस बात की सूचना उस पंचायत की प्रधान को दी। पंचायत प्रधान द्वारा इस बात की सूचना अर्की पुलिस को दी गई तथा अर्की पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कार्यवाहक थाना प्रभारी प्यारे लाल के अगुवाई मेंं टीम गठित करके मौके पर जाकर शव का निरीक्षण करके शव को अपने कब्जे में लिया तथा उसे पोस्टमार्टम हेतु अर्की अस्पताल लाया गया परंतु शव की शिनाख्त नहीं हो पाई। जिस व्यक्ति का शव मिला है उसकी उम्र लगभग 35 से 40 वर्ष के करीब है तथा शरीर पर किसी भी प्रकार के घाव या चोट का निशान नहीं है। पुुुुलिस ने 174 सीआरपीसी के तहत मामला दर्ज कर लिया है तथा शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव गृह में रख दिया है तथा मामले की छानबीन जारी है। मामले की पुष्टि डीएसपी दाडलाघाट प्रताप सिंह ने की हैै। उन्होंने बताया कि मृतक कोई मजदूर लग रहा है तथा प्रथम दृष्टया से देखने पर मामला हृदय गति रुकने का लग रहा है। मौत के कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के पश्चात ही चल पाएगा। उन्होंने बताया कि इस बारे में अन्य थाना प्रभारियों को भी सूचनाा दे दी गई है कि उनकेे क्षेत्र का कोई व्यक्ति गुमशुदा तो नहीं है तथा शव का पोस्ट मार्टम करवाकर शव को अर्की अस्पताल के शव गृृृह में शिनाखत के लिए रखा गया है।


















































