राजधानी शिमला में आत्महत्या का मामला सामने आया है। यहां बीती रात थाना न्यू शिमला के सेक्टर 3 के 20 वर्षीय युवक ने घर के अंदर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक युवक पूर्व पार्षद का बेटा बताया जा रहा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए आईजीएमसी भेज दिया है।
बिलासपुर लेखक संघ ने कोरोना वैश्विक महामारी के दौरान कोरोना मरीजों के परीक्षण और देखभाल में जुटे पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के बारह व्यक्तियों को शुक्रवार को सम्मानित किया। सम्मान प्राप्त करने वालों में सदर थानाध्यक्ष यशवन्त सिंह, जिला रेड क्रॉस सोसायटी के सचिव अमित कुमार गौतम, क्षेत्रीय अस्पताल के डा अंकुर धर्माणी, डा प्रशांत आचार्य, स्टाफ नर्स सन्तोष पाठक, कुमारी मोनिका, स्वछ्ता कर्मी सतीश कुमार, विनोद कुमार, अनिता देवी, सामुदायिक स्वस्थ्य केंद्र रौडा से डा निशांत ठाकुर वा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भजून (देओथ) के डा कुलदीप ठाकुर और स्टाफ नर्स कुमारी पूनम शामिल हैं। बिलासपुर लेखक संघ के प्रधान रोशन लाल शर्मा, महासचिव सुरेन्द्र मिन्हास, कोषाध्यक्ष अमर नाथ धीमान व स्थापना सदस्य सुशील कुमार पुन्डीर ने उपरोक्त अधिकारियों और कर्मचारियों को कोरोना योद्धा सम्मान के रुप में प्रमाणपत्र, स्मृतिचिन्ह, पटका हार और लेखक संघ द्वारा लिखी पुस्तकों का एक-एक सेट भेंट किया। प्रधान ने इन कोरोना योद्धाओं के जज्बे और हौंसले की उन्मुक्त कण्ठ से सराहना की। उन्होंने आगे कहा कि अपनी जान को जोखिम में डाल कर कोरोना संक्रमितों की सेवा करने और परीक्षण के दौरान जोखिम उठाने वाले यह योद्धा वास्तव में सम्मान के पात्र हैं।
ग्राम पंचायत साई खारसी की पूर्व प्रधान कमला शर्मा को लाडली फाउंडेशन सदर ब्लाक की महासचिव नियुक्त किया गया है। लाडली फाउंडेशन के कार्यालय में एक सादा समारोह का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता जिला कार्यकारी अध्यक्ष रेखा बिष्ट ममता द्वारा की गई। कार्यक्रम में विशेष रूप से लाडली फाउंडेशन के राज्य उपाध्यक्ष एवं ग्राम पंचायत नौनी के प्रधान निर्मला राजपूत ने शिरकत की। इस मौके पर सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए समाज सेविका कमला शर्मा को फूलों की माला पहनाकर लाडली फाउंडेशन सदर ब्लाक के महासचिव बनने पर स्वागत किया गया। गौरतलब है कि कमला शर्मा कई वर्षों से प्रमुख सामाजिक संस्था रेनबो स्टार क्लब एव लाड़ली फाउंडेशन के साथ मिलकर सामाजिक कुरीतियों को जड़ से उखाड़ने के लिए हमेशा कटिबद्ध रही हैं। महिला सशक्तिकरण, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान, पर्यावरण संरक्षण, वन संपदा संरक्षण, कुष्ठरोग की जागरूकता, कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम जैसे सामाजिक कार्यों में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई है। इस मौके पर कमला शर्मा ने कहा कि वह महिला सशक्तिकरण व समाजिक कुरीतियों को जड़ से उखाड़ने के लिए लाडली फाउंडेशन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करेंगे। इस मौके पर लाडली फाउंडेशन के राज्य कार्यकारिणी सदस्य इंजीनियर पंडित सत्यदेव शर्मा भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
पाकिस्तान पाकिस्तान तेरा चप्पा चप्पा, मिल जाएगा अब हिंदुस्तान। कहां गए वो नवाज़ शरीफ जिस पर था तुझ को अभिमान। परवेज़ मुशर्रफ़ तो गीदड़ निकला कारगिल युद्ध 1999 में बचा कर निकला अपनी जान , इमरान खान और शी जिनपिंग चाइना (करोना) भी अब नहीं बचेगा चाहे जोडे हाथ और पकड़े कान। शहीदों की याद में, हर वर्ष लगेंगे मेले यही हमारा निशान होगा। आज से ठीक 21 साल पहले 1999 में कारगिल युद्ध हुआ था, युद्ध की आंखो देखी रोंगटे खड़े करने वाली, एक कारगिल वॉर योद्धा, वेटरन कप्तान शामलाल शर्मा की कलम से इस युद्ध की सच्ची कहानी। मेरे प्यारे वेटरन इंडिया के सभी सदस्यों एवम् समस्त महान देश भक्तों, ज्ञात रहे हम कल भी नहीं हारे है और चीनियों और पाकिस्तानियों तुम भी जरा सुन लो हम रिटायर हुए तो क्या, हथियार चलाना जानते है। हम भी बहादुरी में कम नहीं वतन के लिए जाए, जान तो भी गम नहीं। देश भर के सैनिकों व शहीदों की बलिदान कि काथाओं का विश्व भर में पता है। दुश्मन के नापाक इरादों को धूल चटाई थी। दुनिया का इतिहास गवाह है, सन 1999 में जब एक भयंकर, हिंदुस्तान व पाकिस्तान का युद्ध हुआ था; 18000 फीट से भी अधिक अति ऊंचाई वाली बर्फ से लदी हुई हिमालय पर्वत की पहाड़ियों पर दोनों देशों की सेनाएं आमने सामने खूब लड़ी थी। दोनों देशों की सहमति के कारण अपनी अपनी पोस्ट पर तैनात दोनों देशों की सेनाएं 6 महीनों के लिए पीछे हट जाया करती थी। लेकिन प्रति वर्ष की भांति 1999 में, उस समय कुछ भी ऐसा नहीं हुआ। जिस समय, हमारे देश के प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेई की ओर से दोनों देशों के बीच अमन शांति की कोशिश चल रही थी, दोनों देशों के मध्य ट्रेन व बस सेवाएं बहाल कर दी गई थी, उधर नवाज़ शरीफ़ की सरकार में जनरल परवेज़ मुशर्रफ, धोखेबाज, हमारी भूमि को हड़पने की चाल चल रहा था। वह अपनी सेनाओं को घुसपैठियों के साथ धोका करके, हमारी भारतीय सेना कि पोस्टों पर बैठ कर चुका था। हमारा ही राशन पानी जो भी पोस्टों में पहले बचा हुआ रखा रहता था खा रहा था। समय अनुसार जैसे ही हमारी पहली टुकड़ी कप्तान सौरभ कालिया के साथ अपनी पोस्ट पर पहुंची दुश्मनों द्वारा उनको किस कमीनी बर्बरता से भारतीय सैनिकों को स्ता स्ता कर के मारा गया था यह पूरी दुनिया जानती है। विश्व भर में इस बर्बरता का विरोध हुआ था जिसके उपरांत, मई 1999 से जुलाई 1999 तक कारगिल युद्ध हुआ था जिसमें भारतीय सेना ने दुश्मनों के असंख्य, घुसपैठिए और सैनिकों को मौत के घाट उतारा था और अनगिनत घायल किए थे। इस युद्ध की यादगार में देश भर में 27 जुलाई को हर वर्ष कारगिल विजय दिवस देश भर में मनाया जाता है शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करके वीरांगनाओं, युद्ध में घायल, भाग लेने वाले सैनिकों, को जगह जगह पर सनम्मनित किया जाता है। हालांकि इस भयंकर युद्ध में हमारी भारतीय सेना के 545 बहादुर ऑफिसर्स व जांबाज़ जवानों को कारगिल युद्ध में वीर गति प्राप्त हुई थी और असंख्य घायल भी हुए थे। भारतीय सेना मुख्यालय के अधीन आर्मी ग्रुप इन्सुरेन्स फंड बसंत विहार स्थित नई दिल्ली में, उस समय के मैनेजिंग डायरेक्टर स्वर्गीय ऑनरेरी लेफ्टिनेंट जनरल के.चंद्रशेखरन, अति विशिष्ट सेवा मैडल एवम् प्रिंसिपल डायरेक्टर व डायरेक्टर एडमिनिस्ट्रेशन स्टाफ ब्रिगेडियर जागीर सिंह कंवर साहब ने एक नए अतिरिक्त कारगिल युद्ध क्लेम सैल का संगठन करके, दिन रात भर प्रयत्न करके युद्ध में हुए शहीदों की वीरांगनाओं एवम् उनके आश्रितों, तथा घायल सैनिकों के लिए एजी.आई.एफ फंड का पैसा शीघ्र अति शीघ्र देने हेतू सबके रिकॉर्ड ऑफिस की सहायता से और सभी सहायक एजेंसीज से मिलकर इन्सुरेंस अनुदान राशि को उनके घर घर तक पहुंचाया, जिस का उदाहरण भारत वर्ष के इतिहास में इस संकट की घडी में अविस्मरणीय कार्य माना गया और देश भर और दुनिया भर में इसकी सराहना की गई थी। इस भयंकर युद्ध में शामिल हमारी जम्मू और कश्मीर राइफल्स की फीयूर्स फोटींथ एक प्पियुर डोगरा बटालियन लड़ रही थी, जिसमें मैं भी शामिल रहा था। इस यूनिट में पहाड़ी इलाकों के रहने वाले पहाडियों डोगरा लोगों को पहाड़ पर चढ़ने उतरने की आजनम प्रैक्टिस होती है। उस समय यह यूनिट जे एंड के में ही किसी जगह, काउंटर इंसर्जनसी ऑपरेशन रक्षक के अधीन, कमान अधिकारी कर्नल दिनेश कुमार नंदा साहब के नेतृत्व में शानदार कार्य कर रही थी व घुसपैठियों को मारने का कार्य कर थी जिसमें यूनिट ने खूब नाम कमा रखा था जिसके शौर्य की कथाओं को रेजिमेंट के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों से लिखा गया है। इससे पूर्व 1971 के पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध में खालद्दा सेक्टर दुश्मनों मार मार कर खदेड़ा था और चने चबाए थे, तथा जे एंड के काउंटर इंसुर्जनेसी ऑपरेशन का अनुभव होने के नाते बिना किसी समय दिए हुए, फायर्से फोर्टीन्थ बटालियन को काकसर, टोटोलिंग, बजरंग जैसी पोस्टों पर 18000 फीट ऊंचाई पर दुश्मनों को रोकने झोंकने, पीछे खदेड़ने का काम मिला। इस दुनिया के अति दुर्गम इलाकों में पलटन को दुश्मन के साथ लगातार लगाव रखने का कार्य दिया गया जिसमें पलटन को दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों से गुजरते हुए ऐसे स्थानों पर जाना था कि जहां पर कोई सैनिक टुकड़ी पहले कभी नहीं पहुंची थी। साथ ही साथ दुश्मन के नापाक इरादों को असफल करना था। जहां पहुंचने के लिए चट्टानी पहाड़ियों पर चढ़ने वाले उपकरणों का अत्याधिक इस्तेमाल करना पड़ा। इन चोटियों पर क्रमशः अल्फा, ब्रावो चार्ली, डेल्टा कम्पनियों को प्वाइंट 4890 एवम् 5000, प्वाइंट 5299,प्वाइंट 5300,5270 कांप्लेक्स पर एक इंडिपेंडेंट इन्फैंट्री ब्रिगेड के अन्तर्गत कार्य सौंपा गया था। यहां पर चढ़ने व उतरने के रोप यानि रस्सों के द्वारा चढ़ा उतरा जाता है, साथ में अपना वैपन एम्युनिशन क्लॉथिंग दवाईयां राशन बी व घायल बीमार आदि को भी पलटन को ही इस दुर्गम स्तिथि में लाना लेे जाना होता था। दूसरी पहाड़ियों पर दुश्मन पहले ही तैनात था। उनकी आर्टिलरी से लगातार फायर मीडियम तथा छोटे हथियारों एल एम जी एवम, ग्रेनेड इत्यादि की फायरिंग चलती थी। इधर भारतीय सेना का भी मुकाबले में बोफोर्स गन, मीडियम व छोटे तथा आधुनिक हत्यारों द्वारा एल एम जी, स्पिनर राइफल्स व ग्रेनेड आदि से फियर्से फोर्टीनथ के बहादुर जवान जिनका युद्ध का वार कराई (दुर्गे माता की जय) बोल कर धावा बोलते थे जिससे पहाड़ भी गूंज रहे थे यूनिट के जवान दुश्मनों पर टूट चुके थे तरह से उन्हें मार मार कर घायल कर पीछे हटाया जा रहा था, दुश्मन का मनोबल टूट चुका था और ज्ञात रहे की यूनिट लगातार उसी दुर्गम स्तिथि में सीज़ फायर जब तक घोषित नहीं हुआ तेनात रखी गई थी। कमान अधिकारी द्वारा बटालियन के वार इंस्ट्रक्शन एस ओ पी के मुताबिक यूनिट का हर ऑफिसर्स, जेसी ओज, अन्य पद अपनी अपनी ड्यूटी से निपूणतः निभा रहा था। यूनिट ने रेजिमेंट से भी अतिरिक्त, कुछ चुनिंदा ऑफिसर्स, जेसीओ तथा जवानों को अटैच कर दिया था । बटालियन का मनोबल दूर्गा माता की कृपा से बहुत ऊंचा रहा। दुश्मनों से लोहा लेते वक्त उनकी जान माल की भारी क्षति हुई। उनके आर्म्स, एम्युनिशन, क्लॉथिंग आदि असंख्य चीज़े प्राप्त की। उनकी डैड बॉडीज़ को उनके हवाले, सीज़ फायर के उपरांत दिया गया जो शायद पाकिस्तानियों ने उन्हें वहीं दफन कर दिया था। फायर्से फोर्टीन्थ बटालियन के भी कुछ सैनिक शहीद हो चुके थे, काफ़ी ऑफिसर्स, जेसी ओज, अन्य रैंक्स घायल भी हो चुके थे। मुझे भी यूनिट हेड क्लर्क होने के नाते इन जगहों जगहों पर कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ। बटालियन का संकल्प, हिमालय जितना ही ऊंचा है और भारत माता की रक्षा हेतु सर्वस्व त्याग करना रहा है। जम्मू और कश्मीर राइफल्स रेजिमेंट एवम् उनकी बटालियनों द्वारा युद्ध संबंधी किए हुए कार्यों, के शौर्य की कथाएं, वीरता का इतिहास रेजिमेंटल हिस्टरी और नेशनल वार मेमोरियल में हमेशा अमर रहेगी। भारतीय इतिहास में स्वर्णीय अक्षरों में लिखा जाएगा। इसके साथ ही हम सभी पूर्व सैनिक योद्धा वेटरन इंडिया ऑर्गनाइजेशन के माध्यम से भी अनुरोध करते हैं कि सभी वार वॉरियर्स को स्वतंत्रता सेनानी के बराबर सम्मान मिलना चाहिए और इसके गुहार भारतीय संसद भवन तक पहुंचनी चाहिए। पलटन का ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन विजय के लिए हुए कार्य की भिन्न भिन्न जगहों का एक चित्र भी दर्शाया जा रहा है । जय हिन्द। जय भारतीय सेना।
शिक्षा, विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने वीरवार को टुटू पहुंच कर वहां क्षतिग्रस्त भवन का निरीक्षण किया तथा जायजा लिया। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों की सुरक्षा व संरक्षण के उचित कदम उठाए जाएंगे तथा प्रभावित व्यक्तियों को हर संभव सहायता उपलब्ध करवाई जाएंगी। उन्होंने मौके पर उपस्थित नगर निगम, लोक निर्माण विभाग तथा जिला प्रशासन के अधिकारियों को समन्वय स्थापित करते हुए प्रभावित परिवारों को वैकल्पिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने को कहा। उन्होंने इस संबंध में सचिवालय में अधिकारियों की तुरंत बैठक बुलाई, जिसमें सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को तुरन्त आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए ताकि समय रहते इस सम्बन्ध में कदम उठाए जा सकें।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड सोलन से प्राप्त जानकारी के अनुसार 10 जुलाई, 2020 को 11 केवी सोलन नम्बर-2 फीडर की विद्युत आपूर्ति मुरम्मत कार्य तथा राष्ट्रीय उच्च मार्ग-05 पर सपरून चैक के समीप फोरलेन निर्माण कार्य के दृष्टिगत बाधित की जाएगी। यह जानकारी विद्युत बोर्ड लिमिटिड सोलन के वरिष्ठ अधिशाषी अभियंता विकास गुप्ता ने दी। उन्होंने कहा कि इसके दृष्टिगत 10 जुलाई, 2020 को आयकर कार्यालय, कोटलानाला क्षेत्र, टैंक रोड़, फोरेस्ट रोड़, शामती, डिग्री काॅलेज, जेबीटी रोड़, आॅफिसर काॅलोनी, खलीफा लाॅज, सूर्या विहार, फ्लोरा, पिक अप यूनियन खनोग, गलानग, मतियूल तथा इसके आसपास के क्षेत्रों में प्रातः 9.00 बजे से सांय 6.00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने इस अवधि के दौरान लोगों से सहयोग की अपील की है।
हिमाचल प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग तथा बहुद्देशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा राम सुभाग सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार उद्योगों की उचित समस्याओं के निराकरण के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में सभी सम्बन्धित अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। राम सुभाग सिंह सोलन के उद्योगपतियों के एक प्रतिनिधिमण्डल के साथ विचार-विमर्श कर रहे थे। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि कोविड-19 के कारण उत्पन्न खतरे ने उद्योग क्षेत्र के समक्ष अनेक अवसर प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य के कारण हमारे पड़ोसी देश में कार्यरत अनेक उद्योग भारत में आने के इच्छुक हैं। इस दिशा में हिमाचल प्रदेश उन्हें बेहतर सुविधाएं एवं उपयुक्त माहौल उपलब्ध करवाने में सक्षम है। उन्होंने उद्योगपतियों से आग्रह किया कि वे कोविड-19 के कारण उत्पन्न चुनौती को अवसर में परिवर्तित करने के लिए केन्द्र एवं प्रदेश सरकार के साथ मिलकर कार्य करें। राम सुभाग सिंह ने इस अवसर पर उद्योगपतियों की विभिन्न समस्याएं सुनीं और अधिकांश का मौके पर ही निपटारा सुनिश्चित बनाया। उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं प्रदेश सरकार के स्तर पर सुलझाई जाने वाली विभिन्न समस्याओं को उचित स्तर पर प्रेषित किया जाएगा। उन्होंने उपायुक्त सोलन तथा उद्योग विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश सरकार की उद्योगों से सम्बन्धित विभिन्न योजनाओं का उचित प्रचार-प्रसार किया जाए और विशेष रूप से सूक्षम, लघु एवं मध्यम उद्योगों तक इनकी जानकारी पहुंचाई जाए। उपायुक्त सोलन केसी चमन ने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार जिला प्रशासन उद्योगों को नियमानुसार उचित सुविधाएं प्रदान करने के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 समय में भी सोलन जिला में प्रदेश सरकार के निर्देश पर विभिन्न उद्योगों को क्रियाशील रखा गया है। इस अवसर पर बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनोद कुमार, उद्योग विभाग के संयुक्त निदेशक तिलक राज, जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक राजीव कुमार, प्रदेश विद्युत बोर्ड लिमिटिड सोलन के अधीक्षण अभियंता राकेश ठाकुर, विभिन्न विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं सोलन के उद्योगपति उपस्थित थे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने वीरवार काे 72वां स्थापना दिवस दुर्गा माता आनी मन्दिर सराय में मनाया । इस वर्ष कोरोना कहर के चलते कोई कार्यक्रम नहीं हो पाया। कार्यकर्ताओं ने सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए संक्षिप्त कार्यक्रम किया। परिषद गीत गाकर कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम का आगाज़ किया और स्वामी विवेकानंद व माँ सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। इकाई अध्यक्ष डालमी राम ने सभी कार्यकर्ताओं का स्वागत किया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता एसएफएस रामपुर आशीष ने कहा कि विद्यार्थी परिषद विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन है जो छात्र हित समेत राष्ट्र हित के लिए कार्य करता है। उन्होंने कहा कि छात्रों का राष्ट्र निर्माण में विशेष योगदान है। उन्होंने विद्यार्थी परिषद के लक्ष्यों, उद्देश्यों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं, कार्यक्रम में विद्यार्थी परिषद द्वारा करवाई गई स्वामी विवेकानंद सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया जिसमें एसवीएम आनी, एसवीएम कुंगश, राजकीय उत्कृष्ठ जमा दो विद्यालय आनी, राजकीय जमा दो विद्यालय शवाड़, राजकीय कन्या जमा दो आनी, एलपीएस आनी, डीपीएस आनी, जेपीएन कुंगश जैसे विद्यालयों के मेधावियों को परीक्षा में उत्कृष्ठ प्रदर्शन करने के लिए नवाज़ा गया। वहीं, विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता कोरोना काल मे भी विभिन्न क्षेत्रों में अनेकों तरह से अपना योगदान दे रहे हैं। छात्र शक्ति का राष्ट्र निर्माण में बड़ा याेगदान है। एबीवीपी के द्वारा समय समय पर वृक्षणरोपण,रक्तदान शिविर,लड़कियों को सशक्त बनाने के लिए मिशन साहसी, स्वामी विवेकानन्द सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता जैसे कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसके अलावा विद्यार्थी परिषद किसी भी आपदा में न केवल आर्थिक सहयोग प्रदान करता है बल्कि लोगों की मदद के लिए भी तैयार रहते हैं। इकाई महासचिव प्रिया चौहान ने कार्यक्रम के अंत में सभी कार्यकर्ताओं का आभार जताया। इस अवसर पर एबीवीपी के कंवर चौहान, आशीष, पूर्व इकाई अध्यक्ष व पूर्व सोशल मीडिया प्रभारी विजय ठाकुर, इकाई अध्यक्ष डालमी राम, महासचिव प्रिया चौहान, सन्नी, मनीष, ऋषभ, विक्रम, विजय, रीना, हिमानी, दीक्षा समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
डॉ यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के अंतर्गत आने वाले दो कृषि विज्ञान केन्द्रों ने विवि का नाम रोशन किया है। कंडाघाट में स्थित कृषि विज्ञान केंद्र सोलन को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) द्वारा प्रदेश भर के 13 केवीके में पहला स्थान दिया गया है। इसके अलावा विश्वविद्यालय के केवीके लाहौल स्पीति II, जो की ताबो में स्थित है को भी प्रस्तुति में दूसरे पुरस्कार से नवाजा गया है। यह पुरस्कार आईसीएआर के अंतर्गत आने वाले कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान(अटारी), क्षेत्र-1, लुधियाना द्वारा हाल ही में हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर तथा उत्तराखंड के कृषि विज्ञान केन्द्रों की ऑनलाईन वार्षिक कार्यशाला के दौरान घोषित किए गए। कार्यशाला का उद्देश्य क्षेत्र-1 के अंतर्गत आने वाले सभी 69 कृषि विज्ञान केन्द्रों के वार्षिक कार्य की समीक्षा तथा आगामी वर्ष के कार्य की रूपरेखा को स्वीकृति प्रदान करना था। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राज्य कैलाश चौधरी ने मुख्य अतिथि तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के महानिदेशक डॉ. त्रिलोचन महापात्र ने कार्यक्रम में विशिस्ट अतिथि के तौर पर शिरकत की। इस दो दिवसीय कार्यशाला में कोविड-19 महामारी के दौर में कृषि विज्ञान केन्द्रों की विभिन्न गतिविधियों के क्रियान्वयन हेतु केन्द्रों को सुदृड़ बनाने के विषय में विशेष परिचर्चा की गई जिसमें 8 विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने अपने विचार रखे। सभी केन्द्रो ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की जिसके आधार पर केवीके सोलन को हिमाचल में प्रथम पुरस्कार दिया गया। इस मौके पर कृषि विज्ञान केन्द्र, सोलन के प्रभारी डॉ. डी.पी. शर्मा ने सभी वैज्ञानिकों व कर्मचारियों की सराहना की तथा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. परविंदर कौशल, निदेशक अटारी तथा विवि के विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. पी. के. महाजन का उनके मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया जिनके नेतृत्व में कृषि विज्ञान केन्द्र को यह सम्मान प्राप्त हुआ। डॉ शर्मा ने बताया की केंद्र द्वारा पिछले कुछ वर्षों में बेहतरीन कार्य किया गया है। पिछले वर्ष केंद्र ने जल शक्ति अभियान के अंतर्गत जिले में तीन राज्य स्थरीय किसान मेलों का सफल आयोजन किया। इसके अलावा सेब की नवीन किस्मों का उच्च घनत्व बग़ीचा, केंद्र में स्थापित किया गया है जिससे प्रदेश के निचले क्षेत्र के किसानों के बीच फसल विविधिकरण को बढ़ावा देने में मदद मिल रही है। इसके अलावा कोविड-19 महामारी के दौरान केंद्र के वैज्ञानिकों ने किसानों से लगातार संपर्क बना कर रखा और वैज्ञानिक परामर्श दिया। केंद्र के सहयोग से क्षेत्र में कई प्रगतिशील किसान युवाओं के लिए प्रेरणा बने है। सोलन के दो युवा किसानों ने भारतीय किसान विज्ञान काँग्रेस में भी हिमाचल का प्रतिनिधित्व किया और प्रस्तुति दी। बेहतर वित्तीय प्रबंधन, शूलीनी कृषि पत्रिका और विभिन्न प्रजातियों के पौधे भी केवीके किसानों को उपलब्ध करवाता है। वहीं केवीके ताबो ने कम लगात में मटर और सेब की पर्यावरण अनुकूल तकनीकें, उच्च घनत्व बगीचों की स्थापना, स्थानीय उत्पादों का प्रसंस्करण और सामुदायिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने की ओर प्रयास किया है। स्पीति घाटी में केसर की खेती की संभावनाओं को तलाशने का भी केवीके की योजना है। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ परविंदर कौशल, निदेशक विस्तार शिक्षा डॉ पीके महाजन और अन्य अधिकारियों ने दोनों केवीके की टीम को बधाई दी। उन्होनें कहा कि यह बहुत गौरव की बात है की लगातार दूसरे वर्ष विश्वविद्यालय द्वारा संचालित केवीके को प्रदेश में अव्वल स्थान मिला है। उन्होनें कहा की इस पुरस्कार से आने वाले समय में सभी केन्द्रों को और बेहतर प्रयास करने की प्रेरणा मिलेगी।
हिमाचल प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग तथा बहुद्देशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा राम सुभाग सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल को देश का सर्वश्रेष्ठ औद्योगिक हब बनाने की दिशा में कार्यरत है। प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने की असीमित सम्भावनाओं के दृष्टिगत यह प्रयास किया जा रहा है कि इस क्षेत्र में राज्य में ‘एक जिला-एक उत्पाद’ की अवधारणा को अपनाया जाए ताकि प्रदेश के सभी जिले खाद्य प्रसंस्करण में विशिष्ट रूप से स्थापित हो सकें। राम सुभाग सिंह सोलन, बिलासपुर और हमीरपुर जिलों के उद्योग, प्रदेश विद्युत बोर्ड लिमिटिड तथा अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उद्योग तथा ऊर्जा विभाग से सम्बन्धित विभिन्न विषयों एवं आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत निर्धारित लक्ष्यों के सम्बन्ध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के प्रत्येक जिले में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में रोजगार एवं स्वरोजगार की व्यापक सम्भावनाएं हैं। प्रदेश सरकार प्रयास कर रही है कि इस दिशा में राज्य में ‘हब एण्ड स्पोक’ माॅडल अपनाया जाए। उन्होंने कहा कि महत्वाकांक्षी आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत देश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने के लिए आगामी चार-पांच वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध करवाया जाना है। उन्होंने कहा कि ‘हब एण्ड स्पोक’ माॅडल के माध्यम से राज्य, खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र का प्रमुख केन्द्र बनेगा। उन्होंने जिला उद्योग केन्द्र को सोलन में टमाटर, मशरूम एवं बेमौसमी सब्जियों पर आधारित खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने की सम्भावनाएं तलाशने के निर्देश दिए। राम सुभाग सिंह ने कहा कि महत्वाकांक्षी आत्मनिर्भर भारत अभियान का मुख्य उद्देश्य कोविड-19 के कारण उत्पन्न चुनौती को अवसर में परिवर्तित करना है। उन्होंने कहा कि भारत को विभिन्न अन्य देशों पर उद्योगों के लिए आवश्यक वस्तुओं के लिए अपनी निर्भरता को कम करना है। इसके लिए आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए लघु एवं दीर्घ अवधि की अनेक योजनाएं प्रस्तुत की गई हैं। आत्मनिर्भर भारत अभियान के अन्तर्गत प्रदेश में अभी तक लगभग 1200 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए गए हैं। शीघ्र ही लगभग 800 करोड़ रुपये के और ऋण उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि सोलन जिला में बल्क ड्रग पार्क, चिकित्सा उपकरण पार्क, सूक्ष्म एवं लघु उद्योग समूह, अधोसंरचना विकास, लघु उद्योग पार्क तथा राष्ट्रीय जैव प्रौद्योगिकी पार्क योजनाओं के तहत अधिक से अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए सघन प्रयास किए जाएं। उन्होंने बिलासपुर और हमीरपुर जिलों को अपनी भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप इस दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए। राम सुभाग सिंह ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी जिलों में प्रशासन एवं जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक उद्योग स्थापित करने के लिए समूह दृष्टिकोण के आधार पर कार्य कर उपयुक्त भूमि चिन्हित करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अधिकतम औद्योगिक निवेश आकर्षित करने के लिए आगामी 04 से 06 माह महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना के तहत ऐसी गतिविधियां चिन्हित की जाएं जिनमें निवेश की उचित सम्भावना हो ताकि बैंक शीघ्र ऋण प्रदान करें। उन्होंने निर्देश दिए कि इस योजना के तहत प्राप्त विभिन्न शिकायतों को शीघ्र निपटाया जाए। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने प्रदेश विद्युत बोर्ड लिमिटिड, खनन, लोक निर्माण तथा जलशक्ति विभाग के तीनों जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभिन्न योजनाओं एवं निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और उचित निर्देश जारी किए। उन्होंने प्रदेश विद्युत बोर्ड के तीनों जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिजली के लकड़ी के खम्बों को शीघ्र बदला जाए। बैठक में अवगत करवाया गया कि प्रदेश में उद्योग विभाग के पास लगभग 600 हैक्टेयर भूमि उपलब्ध है तथा लगभग 1300 हैक्टेयर भूमि शीघ्र विभाग के नाम हो जाएगी। नालागढ़ में बल्क ड्रग पार्क के लिए 1800 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। इस अवसर पर जिला उद्योग केन्द्र सोलन, बिलासपुर तथा हमीरपुर के जिला महाप्रबंधकों ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इस अवसर पर बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनोद कुमार, उपायुक्त सोलन केसी चमन, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी हमीरपुर जितेन्द्र सांजटा, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी बिलासपुर विनय धीमान, सोलन, बिलासपुर तथा हमीरपुर जिलों के विद्युत बोर्ड लिमिटिड के अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग सोलन के अधीक्षण अभियंता कैप्टन एसपी जगोता, जल शक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता केशव राम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला झंडुत्ता में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह द्वारा स्कूल में साइंस लैब के निर्माण के लिए लगाई गई शिलान्यास पट्टिका के तोड़े जाने और गायब करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव विवेक कुमार ने कहा कि थाने में भी सिर्फ शिकायत दर्ज की गई है जबकि इस मामले में प्राथमिकी नहीं दर्ज की जा रही। उन्होंने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए यह ऐलान किया है कि अगर इस मामले की एफ आई आर दर्ज नहीं की गई और दोषियों को नहीं पकड़ा गया तो शीघ्र ही झंडुत्ता थाना का घेराव किया जाएगा और धरना दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए चाहे जिस भी आंदोलन तक जाना पड़े उससे वे पीछे नहीं हटेंगे। विवेक ने कहा कि असामाजिक तत्वों के हौसले इसलिए बुलंद हैं क्योंकि कुछ पुलिस के लोग उन्हें इस तरह से संरक्षण देकर बचाते हैं जो कि किसी भी समाज के लिए लाभदायक नहीं है। उन्होंने कहा कि पूर्व में हिमाचल प्रदेश व झंडूता के अंदर जितना भी विकास हुआ है वह वीरभद्र सिंह के कर कमलों के द्वारा ही हुआ है लेकिन झंडुत्ता के अंदर इस तरह का घिनौना कृत्य जिन लोगों ने किया है उनके ऊपर कार्रवाई होनी चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह विकास पुरुष के नाम से जाने जाते हैं और उनके नाम की पट्टिका को तोड़ना बहुत ही गंभीर अपराध है। इस कृत्य से प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश के अंदर कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है एवं कानून प्रशासन व नेताओं की कठपुतली बन कर रह गए हैं। उन्होंने बताया कि इसके खिलाफ झंडुत्ता थाना के अंदर लिखित शिकायत भी की गई है जिसमे कहा गया है कि जिन भी लोगों ने यह कार्य किया है उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए किंतु पुलिस प्रशासन का रवैया बिल्कुल नकारात्मक रहकर इसके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया बल्कि एक रपट बनाई गई जिसमें लिखा कि उदघाटन पट्टिका वहां पर लगी पाई गई है। विवेक ने बताया जब टूटी हुई पट्टिका का फोटो दिखाया तो उनके पास कोई जबाब नहीं था इस अवसर पर उनके साथ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी झंडुत्ता के अध्यक्ष सतीश चंदेल जी भी साथ रहे वह रमेश चंदेल एवं सतीश मुन्ना भी उपस्थित रहे।
लाडली फाउंडेशन के राज्य महासचिव बिलाल शाह ने राज्य अध्यक्ष शालू की सहमति से घूमारवीं विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत गांव बलोह ग्राम पंचायत पट्टा जिला बिलासपुर की निवासी निशा कुमारी को लाडली फाउंडेशन का घूमारवीं ब्लॉक अध्यक्ष नियुक्त किया। गौरतलब है कि निशा कुमारी कई वर्षों से प्रमुख सामाजिक संस्था रेनबो स्टार क्लब एव लाड़ली फाउंडेशन के साथ मिलकर सामाजिक कुरीतियों को जड़ से उखाड़ने के लिए हमेशा कटिबद्ध रही हैं। महिला सशक्तिकरण, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान, पर्यावरण संरक्षण, वन संपदा संरक्षण, कुष्ठरोग की जागरूकता, कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम जैसे सामाजिक कार्यों में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई है। लाडली फाउंडेशन कि नवनियुक्त घूमारवीं ब्लॉक अध्यक्ष निशा कुमारी का कहना है कि भविष्य में उनका यही उद्देश्य है कि कहीं भी कोई सामाजिक विसंगती न हो। उन्होंने कहा कि वह सक्रिय होकर महिला सशक्तिकरण एवं युवाओं को नशे से दलदल से निकालने के लिए कार्य करती रहेंगी।
हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ की अगुवाई में सामाजिक दूरी का पालन करते हुए जिला सोलन का गुरूवंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष नरेंद्र कपिला ने की। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव पवन मिश्रा बतौर मुख्य अतिथि शरीक हुए। कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्वलित करके और सरस्वती बंदना से की गई। मुख्यातिथी पवन मिश्रा ने अपने सम्बोधन में गुरूवंदन कार्यक्रम के मूल उदेश्य को लेकर बात रखी। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के तत्वावधान में गुरूवंदन कार्यक्रम गुरू पूर्णिमा के दिन से पूरे भारत वर्ष में आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के बैनर तले प्रदेश में कार्यक्रमों की श्रृंखला एक सप्ताह तक चलेगी।उन्होंने कहा कि भारत में गुरू शिष्य की वैभवशाली परम्परा रही है जिसमें गुरू या शिक्षक की भूमिका समाज के पथ प्रदर्शक के रूप में मानी जाती है। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज की धूरी है जिसके मार्गदर्शन में देश का भविष्य तैयार होता है। यही वजह है कि शिक्षक को राष्ट्र निर्माता की संज्ञा दी गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण की मूल भूमिका को समझते हुए समाज को सही दिशा प्रदान करने के लिए खुलकर आगे आना चाहिए। इस अवसर पर विशेष अतिथि प्रकाश बट्टू ने भी अपने विचार रखे। जिला संगठन मंत्री अमर देव शर्मा ने बताया कि जिला सोलन के सभी खंडों में गुरूवंदन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे जिसमें संख्या व उचित दूरी का विशेष ध्यान रखा जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से शिक्षक महासंघ के गूगल मीट ऐप्प से सोलन जिला टोली में जिला संगठन मंत्री अमर देव शर्मा, जिला मंत्री गगन चतुर्वेदी, कोषाध्यक्ष के एल शर्मा, नालागढ़ खंड अध्यक्ष दीपक शर्मा, बद्दी खंड के अध्यक्ष पवन शर्मा, अर्की खंड के अध्यक्ष सुनील कुमार, अतिरिक्त जिला मंत्री प्रदीप चंदेल, जिला कार्यकारिणी सदस्य भीम सिंह, जागृति कपिल, महिला उपाध्यक्ष ज्योति महाजन और प्रवक्ता संवर्ग की उपाध्यक्ष सुमन ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया।
कांग्रेस पार्टी के प्रमुख नेता एवं पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने भाखड़ा विस्थापितों के उचित बसाव तथा जिन विस्थापितों को अभी तक भी आवासीय प्लाट तक नहीं मिल पाए हैं, उन्हें प्लाट अलौट करने तथा अतिक्रमण के नाम पर उनके द्वारा सरकारी जमीन पर विवशतावश किए गए कब्जों को नियमित करने की मांग की है, ताकि उनके द्वारा देश के निर्माण अथवा विकास-प्रगति के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान का कर्ज चुकाया जा सके। बंबर ठाकुर ने कहा कि भाखड़ा बांध निर्माण से पूर्व पंजाब के अधिकांश भागों में हर वर्ष बरसात के दिनों में बाढ़ से होने वाली तबाही का मंजर लाखों लोगों को सहन करना पड़ता था, जिससे छुटकारा दिलाने और पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और राजस्थान की सूखी अथवा बंजर भूमि को सिंचित करके उन सभी राज्यों में हरियाली लाने के उदेश्य से प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने भाखड़ा बांध का निर्माण करने का अपना सपना पूरा किया था। बंबर ठाकुर ने कहा कि इस बांध के निर्माण के बाद जहां इन सभी राज्यों में औद्योगिक क्रान्ति आई वहीं सभी राज्य आर्थिक रूप से मजबूत भी हुए, लेकिन इस बांध के निर्माण से उजाड़े गए बिलासपुर और ऊना जिला के कुछ भाग के लाखों किसानों का उचित बसाव करने की कोई भी योजना किसी भी सरकार द्वारा तैयार नहीं की गई, जिस कारण अधिकांश भाखड़ा विस्थापित आज भी अपने उचित बसाव के लिए दर - दर की ठोकरे खाने को विवश हैं। उन्होने कहा कि इस बांध निर्माण के कारण जहां बिलासपुर का 13 शताब्दी पुराना एतिहासिक नगर जलमग्न हो गया था, वहीं सतलुज नदी के किनारे बसे दर्जनों गांवों को उजाड़ा गया था और नदी किनारे की लाखों एकड़ उपजाऊ भूमि भी गोबिन्द सागर की भेंट चढ़ गई थी, जिस कारण किसानों को पहाड़ों पर पथरीली व अनुपयोगी भूमि पर बसने को विवश होना पड़ा। बंबर ठाकुर ने कहा कि यदि सरकार में जरा भी नैतिकता है तो विस्थापितों को दोबारा उजाड़ने की बजाए उनसे किए गए अपने वादों के अनुसार उनके कथित अवैध कब्जे नियमित करने, उन्हें बिजली-पानी मुफ्त उपलब्ध करवाने सहित नगर को झंडूता क्षेत्र को सीधे जोड़ने वाले पुल बैरी दडोला का निर्माण करने के तुरंत आदेश देने चाहिए। उन्होने सरकार से भी मांग की है कि बी बी एम बी से भाखड़ा विस्थापितों के उत्थान के लिए मिलने वाली रायलिटी को सिर्फ भाखड़ा विस्थापितों के उत्थान पर ही व्यय किया जाए और जनता को बताया जाये कि उनके बलिदानों से निर्मित इस बांध से अब तक प्राप्त रायलिटी राशि को कहाँ खर्च किया गया है ।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने राज्य पुलिस और विशेषकर हमीरपुर जिला के नादौन पुलिस थाने को देश के श्रेष्ठ पुलिस थानों में स्थान पाने और प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ पुलिस थाना चुने जाने पर बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा इस पुलिस थाने को उत्कृष्टता प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस थानों की रेंकिंग भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा की जाती है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने हाल ही में पुलिस महानिदेशकों के सम्मेलन के दौरान इस रेंकिंग को जारी किया था। पुलिस महानिदेशक संजय कुण्डू ने केन्द्रीय गृह मंत्रालय से प्राप्त उत्कृष्ट प्रमाण-पत्र मुख्यमंत्री को समर्पित किया।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने मण्डी जिला में सराज क्षेत्र के अंतर्गत बाली-चैकी के लोगों से बातचीत करते हुए अधिकारियों को विभिन्न निर्माणाधीन विकासात्मक परियोजनाओं का तय समय सीमा में निर्माण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन परियोजनाओं का निर्माण कार्य समाप्ति पर है, उन परियोजनाओं के पूर्ण करने के लिए विशेष प्रयास किए जाने चाहिए ताकि इनका शीघ्र लोकार्पण किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी परियोजनाओं के शीघ्र निर्माण के लिए समुचित धन उपलब्ध करवाएगी। उन्होंने कहा कि एफआरए और एफसीए से संबधित मामलों का जल्द निपटारा किया जाना चाहिए ताकि इनके कारण विकास प्रभावित न हो। जय राम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने क्षेत्र के स्वास्थ्य और शैक्षणिक संस्थानों में समुचित स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की है। बाली-चैकी में मिनी सचिवालय के निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित की जाए ताकि लोगों की सुविधा के लिए विभिन्न कार्यालयों की सुविधा एक ही छत के नीचे मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 संकट के कारण राज्य में विकासात्मक कार्य विपरीत रुप से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने जिला प्रशासन को पूर्ण प्रतिबद्धता से कार्य करने के निर्देश दिए ताकि महामारी के कारण बरबाद हुए समय की भरपाई की जा सके। उपायुक्त मण्डी ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया की क्षेत्र में चल रही विकासात्मक परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूर्ण करने के समुचित प्रयास किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में 44 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं का शिलान्यास एवं शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने 17.49 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित राजकीय महाविद्यालय धामी (16 मील), 1.11 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रामपुरी क्योंथल के अतिरिक्त भवन, 2.95 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ओखरू और 1.58 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ओगली समर्पित किए। जय राम ठाकुर ने नाबार्ड के तहत निर्मित होने वाले 4.17 करोड़ रुपये की घरोघ-नालटा सम्पर्क मार्ग, 5.41 करोड़ रुपये से बनने वाले बाग-क्यालू सम्पर्क मार्ग और 1.90 करोड़ रुपये से निर्मित होने वाले शालटु (नैहरा) दरगोट राजकीय प्राथमिक पाठशाला की भी आधारशिला रखीं। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 4.83 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले बाग-कांगरी (घराटनाला) सम्पर्क मार्ग और 4.10 करोड़ रुपये के व्यय से निर्मित होने वाले बसन्तपुर-नालटु सम्पर्क मार्ग के स्तरोन्यन और मैटलिंग की भी आधारशिला रखीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार के कार्यकाल के दौरान शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में 41 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं को कार्यान्वित किया जा रहा है। क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए सुन्नी में उप-मण्डलाधिकारी कार्यालय और खण्ड चिकित्सा कार्यालय तथा धामी में 6.66 करोड़ रुपये के व्यय से मिनी सचिवालय भवन का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि दाड़गी में 5.45 करोड़ रुपये और सुन्नी में 5.14 करोड़ रुपये की लागत से आईआईटी भवनों का निर्माण किया गया हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि क्षेत्र में पेयजल समस्या के समाधान के लिए सैंज खड्ड से 15.64 करोड़ रुपये की घरोग-घण्डल पेयजल योजना का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि 8.79 करोड़ रुपये की लागत से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला शोघी और 8.53 करोड़ रुपये के व्यय से सुन्नी में बस अड्डा का कार्य पूरा कर दिया गया हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में किए गए शिलान्यास और उद्घाटन उन लोगों को करारा जवाब है, जो क्षेत्र में विकास को लेकर भेदभाव का आरोप लगाते थे। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं निर्धारित समय पर पूरी की जाएंगी। शाली माता मन्दिर को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह क्षेत्र के लोगों से व्यक्तिगत तौर पर बातचीत करने के इच्छुक थे, परन्तु कोरोना महामारी के कारण वह उनके बीच नहीं पहुंच सके और वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत करने पर विवश होना पड़ा। उन्होंने कहा कि यद्यपि राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या 1100 से अधिक हो गई है, परन्तु इनमें से अधिक मामले उन लोगों के हैं, जो बाहरी राज्यों से वापिस लोटें हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग अपने निहित स्वार्थों की पूर्ति के लिए इस संवेदनशील मुद्दे पर भी राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा समय रहते की गई पहल से देश मंें कोविड-19 महामारी के मामले अन्य विकसित देशों से काफी कम हैं। उन्होंने कहा कि देश में अभी तक लगभग 21 हजार लोगों की मृत्यु दर्ज की गई है, जबकि विश्व के 15 सबसे विकसित राष्ट्रों में कोरोना के कारण 5.52 लाख लोगों की जान जा चुकी हैं। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने राज्य में कोविड-19 महामारी के संक्रमण को रोकने के लिए प्रभावी नीति पर कार्य किया है, जिसके कारण राज्य में देश के अन्य राज्यों की तुलना में सबसे कम मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने धामी काॅलेज भवन के निर्माण को पूरा करने के लिए 8 करोड़ रुपये प्रदान किए हैं। क्षेत्र में इस शैक्षणिक अधोसंरचना के कारण विद्यार्थियों को उनके घरों के समीप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता पहले से तैयार अधोसंरचना को सुदृढ़ करने पर है।
कुनिहार क्षेत्र में आवारा कुत्तों व लावारिस छोड़े जा रहे पशुओं की संख्या दिनप्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है जिस कारण लोगों व व्यापारियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सारा दिन यह आवारा कुत्ते व लावारिस पशु इधर से उधर घूमते रहते हैं। लोगों को हर समय इनसे भय बना रहता है कि कहीं यह हमला न कर दे। गौर रहे कि व्यापारिक दृष्टि के कारण कुनिहार बाजार में लोगो की अच्छी खासी भीड़ रहती है। लोग दूर दूर से यंहा खरीददारी करने आते हैं लेकिन कुछ समय से यहाँ, जहाँ आवारा कुत्तों की तादात बहुत अधिक बढ़ गई है तो वहीँ आए दिन लावारिस छोड़े जा रहे पशुओं की तादात भी बढ़ी है। लावारिस पशु जहाँ लोगों की फसलें बर्बाद करते है तो वहीँ बाजार में दुकानदारों के सामान में भी मुँह मारते रहते हैं और तो और यह आवारा कुत्ते व लावारिस पशु लोगों पर कई बार हमला भी कर चुके हैं। स्थानीय लोगों व व्यापारियों प्रवीण, कर्मचन्द, पदमदेव, सुरेश, जितेंद्र, बालक राम, कृष्ण लाल, महेंद्र, संजय आदि ने पँचायत प्रशासन से इस समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
सोलन के धर्मपुर से भेड़ें खेच जाने वाली सड़क ने बरसात की पहली बारिश मे ही नाले का रूप ले लिया है। सड़क मे जगह जगह खड़े पड़े और पानी भरा हुआ है। ये सड़क कई ग्रामीण इलाको को धर्मपुर से जोड़ती है। आजकल टमाटर का सीजन जोरों पर है जिसके चलते ग्रामीण वासियों को बड़ी मुश्किलो का सामना करना पड रहा है। ग्रामीण वासियों कहना है की सड़क पर गाड़ी चलाते हुए कोई बड़ी दुर्घटना कभी भी हो सकती है। सिहारडी तक यह रोड पी डब्लू डी के अंतर्गत आता है लेकिन प्रशासन कि तरफ से इसकी कोई भी देख रेख नहीं की जा रही है।
विद्युत उपमंडल सोलन के अधीन कुछ क्षेत्रों में विद्युत उपकरणों व तारों की सामान्य मरम्मत के कारण रविवार को सुबह नौ बजे से सायं छह बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। विद्युत बोर्ड के प्रवक्ता ने बताया कि इस दौरान इंकम टैक्स ऑफिस, कोटलानाला, टैंक रोड, फोरेस्ट रोड, शामती, डिग्री कॉलेज, जेबीटी, ऑफिसर्स कालोनी, खलीफा लॉज, सूर्य विहार फ्लोरा, पिकअप यूनियन खनोग, गलानग, मत्यूल और इनके आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि मौसम के अनुसार विद्युत आपूर्ति बाधित रहने का समय घटाया या बढ़ाया जा सकता है।
कोरोना वायरस के संकट में देशभर के तमाम डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ व अन्य स्वास्थ्य कर्मी अपनों से दूर होकर एक सैनिक की तरह मोर्चे डटे हुए हैं। उपमंडल नूरपुर के जौंटा क्षेत्र के गांव अमनी का 30 बर्षीय डाॅक्टर मनोज कुमार भी चार माह से बिना छुट्टी किए चंडीगढ़ स्थित अस्पताल में निरंतर आपात सेवा दे रहे हैं। डॉक्टर मनोज ने एक भी छुट्टी नहीं की है। परिवार को भी संकट के समय में बेटे की इस सेवाभाव पर गर्व है। हालांकि इस दौरान घर में उनकी मां का अचानक स्वास्थ्य बिगड़ गया और वह कुछ दिन बेहद नाजुक हालत में रहीं। इस दौरान स्वजनों ने मनोज को घर आने के लिए कहा लेकिन मनोज ने कहा कि एक डाक्टर होने के नाते इस समय संकट से झूझ रहे लोगों को मेरी जरूरत है, इसलिए मैं घर नहीं आ सकता। मनोज की माता वीना देवी ने बताया वह लगातार मेरे स्वास्थ्य की जानकारी भी लेता रहा और बराबर दवाओं के बारे में भी अवगत करवाता रहा। वीना देवी के अनुसार यह बेटे की सेवाभाव का ही फल है कि अब मैं भी बिल्कुल स्वस्थ हूं। बकौल वीना उसे अपने बेटे पर गर्व है कि घर में मां के गंभीर रूप से बीमार होने के बाबजूद बेटे ने अपना फर्ज निभाते हुए चडीगढ़ में लोगों की सेवा में लगा रहा।
8 जुलाई 2020 को जिला सोलन के अनुबंध से नियमित हुए जेबीटी अध्यापकों और अनुबंध पर कार्य कर रहे साथियों की एक ऑनलाइन मीटिंग हुई जिसमें पैट अध्यापकों के नियमितीकरण के लिए प्रदेश सरकार ने जिस मजबूती के साथ सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखा और इन्हें न्याय दिलवाया, उसके लिए प्रदेश सरकार बधाई की पात्र है और अस्थाई अध्यापकों को नियमित करने का साहसिक निर्णय लेने पर धन्यवाद दिया गया। बैठक में वर्तमान परिपेक्ष्य में जो घटनाक्रम चल रहा है इस बारे में चर्चा हुई और सभी ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि जो ये अस्थाई अध्यापकों का नियमतीकरण किया जा रहा है इससे हज़ारों अध्यापकों की वरिष्ठता सूची प्रभावित होगी जिसका की पुरजोर तरीके से विरोध किया जाएगा और अपने हितों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। बैठक में माँग करते हुए कहा गया कि सीधी भर्ती (R&P Rules) द्वारा चयनित अनुबंध से नियमित जेबीटी की वरिष्ठता के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। हिमाचल एवं भारत सरकार द्वारा तय मानकों (Gazette of India) अर्थात् भर्ती एवं पदोन्नति नियमों का मान सम्मान होना चाहिए। इसी के साथ सभी साथियों ने सभी विकल्पों पर विचार करने पर भी हामी भरी क्योंकि इसमें प्राथमिक अध्यापक संघ (ptf) हिमाचल प्रदेश का भी वर्ग विशेष के प्रति लगाव समझ से परे है और प्राथमिक अध्यापक संघ को अपने विवेक से निर्णय लेते हुए सभी साथियों के हितों को सुरक्षित करना चाहिए। उन्होंने आग्रहपूर्वक संघ को निवेदन किया कि संघ तटस्थ होकर सभी वर्गों का ध्यान रखे और सभी को साथ लेकर चले ताकि अन्य सभी चिरलंबित मांगों को सरकार से पूरा करवाया जा सके।
प्रदेश सरकार द्वारा किसानों की सुरक्षा के लिए पुर्नोत्थान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ मौसम 2020 के लिए लागू की जा रही है। यह जानकारी उपनिदेशक कृषि डाॅ. राजेश कौशिक ने दी। डाॅ. राजेश कौशिक ने कहा कि पुर्नोत्थान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ मौसम 2020 का मुख्य उद्देश्य किसानों को प्रतिकूल मौसम के कारण उत्पादन में होने वाली कमी तथा अन्य नुकसान आदि जोखिम से सुरक्षा प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि योजना के अन्तर्गत खरीफ मौसम 2020 में मक्की तथा धान की फसलों को सम्मिलत किया गया है। योजना के तहत बीमा करवाने की अंतिम तिथि 15 जुलाई, 2020 निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि किसान योजना के तहत मक्की तथा धान की फसल का बीमा अपने समीप के लोकमित्र केन्द्र के माध्यम से करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि बीमा करवाने के लिए इच्छुक किसानों को अपनी भूमि की जमाबन्दी, आधार कार्ड, बैंक पास बुक, बिजाई प्रमाण पत्र इत्यादि लेकर समीप के लोकमित्र केन्द्र में आना होगा। उन्होंने कहा कि किसान योजना के तहत बीमा के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन भी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में लोकमित्र केन्द्रों को सूचित कर दिया गया है तथा किसानों की सुविधा के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवा दी गई है। उपनिदेशक कृषि ने कहा कि मक्की फसल के लिए कुल बीमित राशि 30 हजार रुपये तथा धान की फसल के लिए भी कुल बीमित राशि 30 हजार रुपये निर्धाारित की गई है। किसानों को मक्की की फसल पर 48 रुपये प्रति बीघा तथा धान की फसल के लिए भी 48 रुपये प्रति बीघा प्रीमियम राशि अदा करनी होगी। डाॅ. राजेश कौशिक ने कहा कि ऋणी किसानों के लिए यह फसल बीमा योजना ऐच्छिक कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जो किसान पुर्नोत्थान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ मौसम 2020 का लाभ नहीं लेना चाहते वह अपने समीप की बैंक शाखा में में इस सम्बन्ध में सूचित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पुर्नोत्थान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत कम वर्षा, सूखा, बाढ़, सैलाब, भूमि कटाव, ओलावृष्टि और फसल कटाई के उपरान्त दो सप्ताह तक होने वाले नुकसान तथा स्थानीयकृत आपदाओं को कवर किया गया है। डाॅ. राजेश कौशिक ने सोलन जिला के सभी किसानों से आग्रह किया है कि वे योजना के तहत मक्की व धान की फसलों का बीमा करवाएं ताकि उक्त कारणों से फसलों को होने वाले नुकसान पर उन्हें बीमा कंपनियों से मुआवज़ा मिल सके। उन्होंने कहा कि पुर्नोत्थान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी को चयनित किया गया है। अधिक जानकारी के लिए किसान समीप के कृषि अधिकारी से सम्पर्क कर सकते हैं।
हिमाचल आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी परिषद का एक प्रतिनिधिमंडल ने विशेष कार्य अधिकारी डॉक्टर के.के शर्मा की अध्यक्षता में प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मुलाकात की। यह जानकारी देते हुए परिषद के प्रदेश सचिव डॉ अश्विन शर्मा ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने सर्वप्रथम प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को कोरोना आपदा से बेहतरीन ढंग से निपटने हेतु बधाई दी तथा प्रदेश सरकार की सकारात्मक सोच का परिणाम बताया। डॉक्टर के.के शर्मा विशेष कार्य अधिकारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि आयुर्वेद विभाग इस आपदा से निपटने के लिए प्रदेश सरकार के साथ खड़ा है तथा सरकार के दिशानिर्देशों का बखूबी पालन कर रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में आयुर्वेद विभाग द्वारा प्रदेश के प्रवेश द्वारों पर आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारियों एवं समस्त स्टाफ द्वारा तापमान रिकॉर्ड किया जा रहा है व इसके अलावा ए.सी.एस (एक्टिव केस फाइंडिंग) में घर-घर जाकर COVID का सर्वे किया जा रहा है। आयुर्वेद विभाग द्वारा प्रत्येक जिला में उपमंडल स्तर पर कोविड केयर सेंटर चलाए जा रहे हैं जिनमें विभाग के चिकित्सक, समस्त स्टाफ नर्स, एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दिन रात को विभाजित मरीजों के उपचार में लगे हैं। मरीजों को आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित काढ़ा पिलाया जा रहा है। अधिकारी ने बताया कि हैरानी की बात है कि आयुर्वेद कहीं भी किसी भी स्तर पर उल्लेख नहीं हुआ है। इस पर मुख्यमंत्री ने बताया कि यह बात उनके संज्ञान में नहीं थी तथा भविष्य एवं आयुर्वेदिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों का पूरा ध्यान रखा जाएगा मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद विभाग कोविड ड्यूटी में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के नाम सरकार को प्रेषित करें। सरकार उन्हें स्वास्थ्य विभाग के समान पूर्व पूर्ण सम्मान प्रदान करेंगे विशेष कार्य अधिकारी ने बताया कि परिषद शीघ्र ही पदाधिकारियों सहित मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगी।
मानसून के आने से वातावरण में नमी की अधिकता हो जाती है जिसके उपरांत पौधों में रोगों का प्रकोप भी दिखाई देने लगता है। सेब में स्कैब की समस्या जो लगभग समाप्त समझी जा रही थी पिछले वर्ष से हिमाचल प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में इसका प्रकोप दिखाई दिया है। इस वर्ष स्कैब रोग की समस्या प्रदेश के कुल्लू, मंडी और शिमला के कुछ क्षेत्रों में आ रही है। इसलिय समय रहते रोग की बढ़वार को रोकने के लिए उपाय करना आवश्यक है। डॉ वाईएस परमार औदयानिकी और वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी ने सेब बागवानों को इन रोगों के प्रबंधन के लिए सलाह दी है। सेब के स्कैब रोग, असामयिक पतझड़ व अल्टरनेरिया धब्बा रोग को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए, निम्नलिखित सिफ़ारिशें का पालन किया जाना चाहिए। ऊंची एवं मध्य पहाड़ियों वाले क्षेत्र प्रोपीनेब के स्प्रे @ 0.3% (600 ग्राम / 200 लीटर पानी) या डोडिन @ 0.075% (150 ग्राम / 200 लीटर पानी) या मेटिरम 55% + पाइरक्लोस्ट्रोबिन 5% WG @ 0.150% (300 ग्राम /200 लीटर पानी) या टेबुकोनाज़ोल 8% + कप्तान 32% SC @ (500ml/ 200 लीटर पानी) ऐप्पल स्कैब के प्रबंधन के लिए सिफारिश की जाती है। मेटिरम 55% + पाइरक्लोस्ट्रॉबिन 5% WG @ 0.150% (300 ग्राम / 200 लीटर पानी) या फलक्सापाइरोकसाड + पाइरक्लोस्ट्रोबिन 500 ग्राम / लीटर SC @ 0.01% (20ml / 200लीटर) का असामयिक पतझड़ व अल्टरनेरिया धब्बा रोग के प्रबंधन के लिए अनुशंसित हैं। निम्न ऊंचाई वाले क्षेत्र स्कैब के प्रबंधन के लिए प्रोपीनेब @ 0.3% (600 ग्राम/200 लीटर पानी) के स्प्रे की सलाह दी जाती है, जबकि समय से पहले पत्ती गिरने के प्रबंधन के लिए टेबुकोनाज़ोल 50% + ट्राइफ्लोक्सिस्ट्रोबिन 25% WG @ 0.04% (80 ग्राम/ 200 लीटर पानी) की सिफारिश की जाती है। कटाई से पूर्व (फसल लेने से 20-25 दिन पहले), स्कैब और अल्टरनेरिया लीफ स्पॉट के प्रबंधन के लिए मेटिरम 55% + पाइरक्लोस्ट्रोबिन 5% WG @ 0.1% (200 ग्राम/200 लीटर पानी) के स्प्रे की सिफारिश की जाती है। विश्वविद्यालय ने किसानों को सलाह दी है कि वे विश्वविद्यालय और बागवानी विभाग द्वारा अनुशंसित स्प्रे शेड्यूल का सख्ती से पालन करें और स्प्रे करते वक़्त सभी एहतियात बरते। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ परविंदर कौशल ने बताया की विश्वविद्यालय इस पूरे मामले में सजग है और यह सुनिश्चित किया गया है कि जिन क्षेत्रों से इस तरह की सूचनाएँ मिल रही है वहाँ के कृषि विज्ञान केन्द्रों, क्षेत्रीय अनुसंधान केन्द्रों और विभाग में कार्यरत वैज्ञानिकों को बागवानों की समस्याओं का निदान करने के निर्देश दिये जा चुके है। जिन क्षेत्रों में जरूरत पड़ रही है, विवि के वैज्ञानिक बगीचों का दौरा भी कर रहे है और वैज्ञानिक परामर्श भी दे रहें है। विश्वविद्यालय इस स्थिति की तरफ काफी सतर्क है ताकि बागवानों को नुकसान न उठाना पड़े। क्या है स्कैब रोग लक्षण : यह रोग वेंचूरिया इनैक्वैलिस नामक फफूँद द्वारा उत्पन्न होता है। इस रोग का आक्रमण सर्वप्रथम सेब की कोमल पतियों पर होता है। मार्च-अप्रैल में इन पत्तियों की निचली सतह पर हल्के जैतूनी हरे रंग के धब्बे पड़ जाते हैं जो बाद में भूरे तथा काले हो जाते हैं। बाद में पत्तों की ऊपरी सतह पर भी ये धब्बे बन जाते हैं जो अक्सर मखमली भूरे से काले रंग वाले तथा गोलाकार होते है। कभी-कभी संक्रमित पत्ते मखमली काले रंग से ढक जाते हैं जिसे शीट स्कैब कहते हैं। रोगग्रस्त पत्तियां समय से पूर्व (गर्मियों के मध्य में ही) पीली पड़ जाती है। इस रोग के धब्बे फलों पर भी प्रकट होते हैं। बसंत ऋतु के आरंभ में ये धब्बे फलों के निचले सिरे यानि 'पुशकोश अंत' पर पाये जाते है जो प्रयः गोलाकार तथा भूरे से काले रंग के होते हैं। अधिक संक्रमण होने पर फल विकृत हो जाते हैं, तथा उनमें दरारें पड़ जाती है। स्कैब की फफूँद अक्तूबर-नवम्बर माह में पतझड़ होने के बाद रोगग्रस्त पत्तियों पर पिन के सिरे से भी छोटे 'सूडोथिसिया' के रूप में जीवित रहती है। मार्च- अप्रैल में ये सूडोथिसिया परिपक्व होने लगते हैं व वर्षा की बौछारों द्वारा इनमें से असंख्य बीजाणु बाहर निकलकर नई पत्तियों व फलों की पंखुड़ियों पर पहुँचकर स्कैब के जैतुनी काले धब्बे 9-17 दिन में पैदा करते हैं। धब्बों में उबरने के बाद इनमें भारी मात्रा में कोनिडिया (फफूंद के बीजाणु) फल तुड़ान से पूर्व तक अपने स्थान से छूट कर दूसरी स्वस्थ पत्तियों व फलों पर पहुँचकर स्कैब के नए धब्बे पैदा करतें है।
बिलासपुर पुलिस ने एक बाइक सवार से 250 ग्राम चूरापोस्त (भुक्की) बरामद की है प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना कोट कैहलुर की एक टीम रात को अन्वेषणाधिकारी लेखराम मजारी पुल के पास गश्त पर था। देर रात को एक मोटर साईकिल नंबर PB12 Z 0965 दबट की तरफ से आया जिसे पुलिस ने रोक कर चेक किया तो इस बाइक सवार ने अपनी तोनो टांगो के बिच में एक गठरी राखी थी। जब पुलिस ने इस गठरी को खोल कर चेक किया तो इसमें से 250 ग्राम (भुक्की) चूरापोस्त बरामद हुआ। आरोपी व्यक्ति की शिनाख्त चंचल सिंह S/O सुरजीत सिंह गांव वेला रामगड डा.खाना पलहाण त. व थाना नंगल जिला रुप नगर (पंजाब) के रूप में हुई है। पुलिस ने इस व्यक्ति के खिलाफ थाना कोटकेहलूर में मुकदमा दर्ज करके आगामी जांच शुरू कर दी है।
करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष पीयूष चंदेल ने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में बताया कि करणी सेना ने पूरे हिमाचल प्रदेश में सदस्यता अभियान छेड़ दिया है और आने वाले 6 महीने में करणी सेना हिमाचल प्रदेश में एक लाख सदस्य बनाने का लक्ष्य तय किया है। पीयूष चंदेल ने बताया "चलो गांव की ओर" अभियान के तहत करणी सेना गांव गांव जाकर लोगों को करणी सेना के उद्देश्य के बारे में समझाएगी और सदस्यता ग्रहण करने के लिए निवेदन करेगी। आगे बताया कि पूरे हिमाचल प्रदेश में करणी सेना को स्वीकारा जा रहा है और प्रत्येक जिला में बहुत ही छोटे से उपरांत में करणी सेना कि जिला स्तर पर कार्यकारिणी गठित हो चुकी है। करणी सेना का सदस्यता अभियान पूरे भारत में आरंभ हो चुका है और राष्ट्रीय अध्यक्ष के आह्वान पर अब हिमाचल प्रदेश में भी करणी सेना सदस्यता अभियान चलाएगी। करणी सेना को पूरे हिमाचल प्रदेश में बढ़-चढ़कर प्यार और आशीर्वाद प्राप्त हो रहा है खासतौर पर युवाओं में करणी सेना से जुड़ने के प्रति खासा रूचि दिख रही है। करणी सेना जल्द ही आने वाले समय में अब विधानसभा स्तर पर भी अपना विस्तार करेगी। पीयूष चंदेल ने बताया कि जिस तरीके से करणी सेना से जुड़ने में लोगों की दिलचस्पी दिख रही है उससे यह अनुमान लगाया जा सकता है कि निश्चित तौर पर आने वाले समय में करणी सेना हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा संगठन उभर कर आएगा। पीयूष चंदेल ने करणी सेना से जुड़े सभी सदस्यों का करणी सेना से जुड़ने के लिए धन्यवाद किया और समाज हित और राष्ट्र हित में काम करने की आशा जताई।
अगर मन में कुछ करने का जज्बा हो तो अपनी मंजिल तक बखूबी पहुंचा जा सकता है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है दाड़लाघाट के गांव छामला से सम्बंध रखने वाली लता शर्मा ने। इन्हें हिमाचल की एक फ़िल्म यारियां में काम करने का मौका मिला है। गौरतलब है कि लता शर्मा को हिमाचल की स्वर कोकिला लता मंगेशकर के नाम से भी जाना जाता है। लता शर्मा गायकी के क्षेत्र में काफी नाम कमा रही है। इनकी मधुर आवाज लोगों के दिलों दिमाग में इस कदर छाई है कि लोग इन्हें हिमाचली लता मंगेशकर के नाम से भी जानते हैं। अब गायक लता बहुत ही जल्द लोगों के बीच हिंदी, पहाड़ी गीत गाने जा रही है। लता शर्मा जिस यारियां फ़िल्म में काम किया है वह दो दोस्तों पर आधारित हैं जिसमें बॉलीवुड की महान हस्तियां भी इस फिल्म में कार्य कर रही है। वहीं हिमाचल के नाटी किंग कुलदीप शर्मा और बॉलीवुड स्टार पोलाराम ढांग वाला, रजा मुराद, शक्ति कपूर, जसपाल भट्टी और कई बॉलीवुड स्टार के साथ इन्हें काम करने का मौका मिला है और एक हिंदी गीत गाने का मौका मिला है। हालांकि यह गीत और फ़िल्म अप्रेल में रिलीज होनी थी परन्तु बीच मे लोक डाउन के कारण इसे आगे बढ़ा दिया गया है जिसका लोगो को बेसब्री से इंतजार है। वहीं हिमाचल के लिए जिला सोलन, अर्की तहसील व क्षेत्र के लिए यह गर्व की बात है।एक गरीब परिवार से संबंध रखती लता शर्मा अपने लक्ष्य में काफी आगे बढ़ रही है। बहुत सारी कठिनाइयों का सामना कर इन्होंने ये उपलब्धि हासिल की है,इनके हिम्मत और हौसले व मेहनत के लिये सभी हिमाचली लोग दाद दे रहे है। हिमाचल की महान हस्तियों में ऋषि शर्मा व पोलाराम ढांग वाला और देवभूमि हिम कला मंच शिमला का लता शर्मा ने धन्यवाद किया है, इन्होंने मुझे हिमाचल मीडिया में सामने लाने में सहयोग किया।
सर्वधर्म समभाव राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर पंडित सत्यदेव शर्मा एवं राष्ट्रीय महासचिव निर्मला राजपूत की संयुक्त अगुवाई में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी विनय धीमान के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन प्रेषित किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर सत्यदेव शर्मा ने कहा कि ज्ञापन में मांग की गई कि सामरिक महत्व की भानुपल्ली-लेह रेल लाइन चीन बॉर्डर तक रेलवे का निर्माण युद्ध स्तर पर किया जाए ताकि चीन देश के साथ अगर किसी भी तरह की परिस्थिति बनती है तो सेना को लेह और चीन बॉर्डर तक पहुंचने में आसानी रहेगी। इस रेलमार्ग के बनने से दिल्ली से लेह बनने तक बीस घंटे की बचत होगी। फिलहाल दिल्ली से लेह तक सड़क मार्ग के जरिये 36 घंटे लगते हैं। साथ ही सेना को लेह तक और चीन बॉर्डर तक पहुंचने में आसानी रहेगी। सामरिक दृष्टि से यह मार्ग सेना के लिए काफी अहम है। इस मौके पर सर्वधर्म समभाव राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय प्रवक्ता रेखा बिष्ट (ममता), प्रदेश सह संयोजक सरदार प्रताप सिंह भल्ला, मोहम्मद मिर्जा यासीन इत्यादि पदाधिकारी मौजूद रहे।
विद्युत विभाग द्वारा करोड़ों रुपए हाल ही में खर्च किए गए हैं, परंतु आमजन को बिजली की आंख मिचौली से निजात नहीं मिल पा रही। नगर पंचायत तलाई व साथ लगती पंचायतों के लोगों को गर्मियों के दिनों में अघोषित बिजली की आपूर्ति बार-बार ठप हो जाने से परेशानी झेलनी पड़ रही है। यह बात नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व महासचिव जिला कांग्रेस कमेटी बिलासपुर पवन कौशल ने कहीं। उन्होंने बताया सबडिवीजन तलाई के अंतर्गत शाहतलाई में वोल्टेज और बिजली की व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए करोड़ों रुपए बोर्ड के माध्यम से खर्च किए गए जिसमें लोगों को आश्वासन दिया गया था कि अब क्षेत्र में विद्युत की सप्लाई सुचारू रूप से चलेगी, परंतु करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद उपभोक्ताओं को बिजली की आंख मिचौली के कारण बड़ी परेशानी उठानी पड़ रही है। विभाग द्वारा लाखों खर्च कर 33 केवी झबोला से तलाई कस्बे के लिए आर्मर्ड केबल डाली गई। वही नये ट्रांसफार्मर भी स्थापित किए गए ताकि कस्बे में लोड की समस्या को भी दूर किया जा सके। उन्होंने कहा की आमजन को उम्मीद थी कि विभाग द्वारा करोड़ों रुपए खर्च के बाद उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी लेकिन उल्टा करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद कस्बे में समस्या पहले से भी बढ़ गई है, तभी तो अघोषित बार-बार कट लग रहे हैं। इन्होंने यह भी कहा बाजार में लोगों को यह भी उम्मीद लगाए बैठे थे कि जो बाजार में बिजली की लाइने जा रही थी उन्हें भी हटाकर केबल लगाई जाएगी ताकि लोगों के भवनों के साथ सटी इन विद्युत लाइनों की तारों से राहत मिल सके। लेकिन विभाग द्वारा तो केवल मात्र कितना जरूर किया गया है उपभोक्ताओं के मीटर अवश्य इलेक्ट्रॉनिक नये लगा दिए गए हैं। राजेश कुमार सोहन सिंह अशोक कौशल विनोद कुमार सरवन कुमार देशराज नरेश कुमार अब्दुल खलिक प्रदीप कुमार शशि पाल रमन शर्मा इत्यादि अन्य कई उपभोक्ताओं ने भी विभाग से मांग की है की व्यवस्था को सुचारू रूप से किया जाए जो बार-बार अघोषित कट लग रहे हैं इनसे निजात दिलाई जाए। कौशल ने कहा अगर विद्युत विभाग द्वारा कस्बे में हो रही अघोषित बिजली की सप्लाई आपूर्ति ठप से राहत नहीं दिलाई गई तो मजबूरन आमजन को कोई कदम उठाना पड़ेगा।
अन्तरराष्ट्रीय योग संयोजक रंजीत सिंह ने त्रिगर्त दिव्य योग आश्रम के योग खिलाड़ियों के साथ राजभवन में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से भेंट की। रंजीत सिंह ने राज्यपाल को आश्रम के विद्यार्थियों द्वारा योगाभ्यास और अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर विद्यार्थियों की उपलब्धियों और गतिविधियों से अवगत करवाया। राज्यपाल ने सभी योग खिलाड़ियों की सराहना करते हुए उनकी उपलब्धियों विशेषकर 13 वर्षीय आहना कौशल, जिसने 15 जून, 2020 को एक दिन के भीतर 10 अन्तरराष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित कर इतिहास रचा है को बधाई दी। उन्होंने कहा कि योग मन, बुद्धि और शरीर को स्वस्थ बनाकर सफल जीवन जीने की शैली है। उन्होंने कहा कि यह हमारी जीवनशैली का एक अभिन्न अंग है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस समृद्ध प्राचीन भारतीय संस्कृति को अन्तरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में योग अधिक प्रासंगिक है, क्योंकि इससे हमें अपनी रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायता मिलती है। उन्होंने विद्यालयों में योग को प्रोत्साहित करने पर बल दिया।
राज्य सरकार, प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के समग्र विकास और कल्याण पर 586.82 करोड़ रुपये व्यय कर रही हैं। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से राज्य के विभिन्न भागों की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत के दौरान कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी ने हमें अलग तरीके से सोचने और काम करने के लिए विवश किया है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर कार्य करने वाली कार्यकर्ता हैं और इन्होंने परीक्षा की घड़ी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने यह सुनिश्चित किया है कि कोरोना संक्रमण सामुदायिक स्तर तक न फैले। आंगनवाडी कार्यकताओं ने न केवल लोगों को सामाजिक दूरी और मास्क के उपयोग के बारे में जागरूक किया, बल्कि होम क्वारन्टीन नियमों के प्रभावी कार्यान्वयन में भी मद्द की। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने होम क्वारन्टीन लोगों पर नजर रख कर, प्रदेश सरकार के निगाह कार्यक्रम को सफल बनाने में सराहनीय भूमिका निभाई है। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रदेश सरकार के एक्टिव केस फांईडिंग अभियान की सराहना और अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी अपने राज्यों में इस अभियान को आरम्भ करने का परामर्श दिया। इस वृहद अभियान के तहत राज्य की लगभग 70 लाख जनसंख्या को कवर किया गया। इस अभियान के तहत राज्य इन्फ्लुएंजा लक्षणों वाले लोगों का डाटा बेस एकत्रित करने में सक्षम हुआ। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। एक्टिव केस फांईडिंग अभियान में 4021 और कलस्टर कन्टेनमेंट सर्वे में 4083 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने 5.68 लाख मास्क बनाकर लोगों को वितरित किए और लोगों को मोबाइल पर आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने महिलाओं के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, मदर टेरेसा असहाय मातृ संबल योजना, बेटी है अनमोल योजना और बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ सहित अनेक योजनाएं आरम्भ की हैं। प्रदेश सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन प्रदान किए हैं ताकि वे अपना कार्य प्रभावी तरीके से कर सकें। उन्हांेंने फेस शील्ड और मास्क बनाने के लिए हमीरपुर जिला की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की विशेष रूप से सराहना की। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सराहनीय कार्य के दृष्टिगत उनके मानदेय में 500 रुपये मासिक, मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा आंगनवाड़ी सहायिकाओं के मानदेय में 300 रुपये मासिक बढ़ौतरी की है। अब आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 6300 रुपये के स्थान पर 6800 रुपये प्रतिमाह और मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 4600 रुपये के स्थान पर 4900 रुपये प्रतिमाह तथा आंगनवाड़ी सहायिकाओं को 3200 रुपये के स्थान पर 3500 रुपये प्रतिमाह प्राप्त हो रहे हैं। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से संवाद के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में मुख्यमंत्री के सशक्त नेतृत्व में कोरोना वायरस को नियंत्रित किया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता निशा सिंह ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान की। कांगड़ा जिला से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सोनिया, मण्डी जिला से सोनू, शिमला जिला से लता वर्मा, किन्नौर जिला से सुमन लता, लाहौल स्पीति जिला से शकुन्तला देवी, कुल्लू जिला से रजनी, सिरमौर से बबली, सोलन से सुरेखा, बिलासपुर से दीपा, हमीरपुर से कुसुम लता और ऊना जिला से रीता कुमारी ने मुख्यमंत्री के साथ विचार सांझा किए। मुख्यमंत्री के सलाकार डाॅ. आर.एन. बत्ता और निदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता कृतिका इस अवसर पर उपस्थित थी।
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश को 100% घरों को गैस कनेक्शन देने वाला देश के पहले राज्य बनने पर प्रसन्नता जताते हुए इसे केंद्र व राज्य सरकार के साझा प्रयासों का परिणाम बताते हुए इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर समेत सभी प्रदेशवासियों को बधाई दी है। अनुराग ठाकुर ने कहा "स्वच्छ ईंधन, बेहतर जीवन के नारे के साथ केंद्र सरकार ने 1 मई 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक सामाजिक कल्याण योजना-प्रधानमंत्री उज्जवला योजना की शुरूआत की थी। शुरुआत में 5 करोड़ महिलाओं को मुफ़्त गैस सिलेंडर देने की इस योजना की अपार सफलता को देखते हुए इसे बढ़ा कर 8 करोड़ कनेक्शन किया गया व तय समय से पहले लक्ष्य को प्राप्त करने में हमें सफलता मिली। हिमाचल प्रदेश को भी इस योजना का पूरा लाभ मिला व 1.36 लाख परिवारों को मुफ़्त गैस के सिलेंडर इस योजना के अंतर्गत मिले।केंद्र व राज्य में भाजपा सरकार के डबल इंजन की बदौलत हिमाचल का समुचित विकास हुआ है। उज्ज्वला योजना में जिन लोगों को मुफ़्त गैस सिलेंडर नहीं मिल पाए उनके लिए प्रदेश सरकार ने हिमाचल गृहणी सुविधा योजना की शुरुआत की जिसके अंतर्गत 2.76 लाख मुफ़्त गैस कनेक्शन लोगों को बाँटे गए। इन योजनाओं के समुचित क्रियान्वयन के चलते हिमाचल प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहांशत-प्रतिशत घरों में एलपीजी गैस कनेक्शन की सुविधा उपलब्ध है। इस उपलब्धि के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर समेत सभी प्रदेशवासियों को बधाई देता हूँ।” अनुराग ठाकुर ने कहा "कोरोना आपदा से लोगों को राहत देने व हिमाचल की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने 48 लाख से ज़्यादा लोगों को 37000 मीट्रिक टन अनाज व दालें 2 लाख 60 हज़ार उज्ज्वला गैस के सिलेंडर उपलब्ध कराए हैं। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए यह योजनाएँ वरदान बनी हैं। अब उन्हें लकड़ी की तलाश में बाहर नहीं जाना पड़ता व इस से होने वाले धुंए से उन्हें निजात मिली है व अब उनका धुआँजनित बीमारियों से बचाव होगा। हिमाचल प्रदेश के सभी घरों में एलपीजी सिलेंडर आ जाने से प्रदेश सरकार के वन संरक्षण कार्यक्रम को बल मिलेगा व पर्यावरण को साफ़ व सुरक्षित रखने में काफ़ी मदद मिलेगी।"
भाजपा महिला मोर्चा हिमाचल प्रदेश की प्रदेश अध्यक्ष रशिम धर सूद ने प्रदेश कार्यकारिणी का विस्तार किया जिसमे किरण कौंडल अर्की, सरला ठाकुर बल्ह, अंजना शर्मा एवं आशा ठाकुर जोगिंदरनगर, विदुषी शर्मा एवं सरोज ठाकुर शिमला, सरला गुनसैक चौपाल, रीमा राणा मंडी, रिचा राणा धर्मशाला को प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया। नीना शर्मा रामपुर, प्रियन्ता शर्मा बल्ह, नीलम सेरैक महासू, आरती चौहान, सुमन सूद एवं सरोज गोयल शिमला, स्नेह कंवर चौपाल, कमलेश मेहता एवं रेनू चौहान कसुम्पटी को विशेष आमंत्रित सदस्य नियुक्त किया गया।
हिमाचल जन अधिकार मंच के प्रदेशाध्यक्ष महेंद्र शर्मा ने कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए सोलन के विनोद पराशर को वरिष्ठ उप प्रधान चुनने के अलावा शिमला रोहडू के विजय डोगरा, पालमपुर के रमेश भाऊ और शाहपुर कांगड़ा के रमेश गौतम को उप प्रधान बनाया गया है। महासचिव की सूची में सोलन से नीरज वशिष्ठ, आशिष नेगी, विवेक कुमार और नाहन से सुनील वर्मा, नंदलाल घुमारवी, कुलवीर सिंह दौलतपुर ऊना को महासचिव का दायित्व सौंपा गया है। इसी तरह नगरोटा बागवां के सुरेश कुमार, पालमपुर की गुरमीत कौर, नालागढ़ के भूपेंद्र सिंह , रामशहर सोलन के हरविंद्र सिंह, शिमला के सुदर्शन शर्मा और रोहडू के विनोद कुमार को सचिव चुना गया है। इसके अलावा इंदौरा कांगड़ा के करतार सिंह, सोलन के एसके शर्मा, देहरा के संजीव सूद, धर्मशाला के रमेश ठाकुर, सोलन सुबाथू के अशोक कौशिक और धर्मशाला के अनुराग वर्मा को सहसचिव की जिम्मेदारी दी गई है। कांगड़ा के सुभाष चंद और धर्मशाला के शरणदास शर्मा को सलाहकार नियुक्त किया गया है। इसके अलावा विभिन्न जिलों से 34 लोगों को कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया है। यह जानकारी सचिव एस के शर्मा (सोलन) ने दी।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद समय समय पर छात्रों से सम्बंधित समस्याओं को उठता आ रहा है और प्रशासन के सामने समस्याओं उजागर करने के साथ साथ उनका समाधान भी देता है। जिला संयोजक सचिन ने जानकारी देते हुए बताया है कि बीते कई सालों से विद्यार्थी परिषद पीजी कोर्स की मांग उठाता आया है वहीं 2019 में महाविद्यालय के स्वर्ण जयंती के उपलक्ष्य पर माननीय मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज महाविद्यालय में आए थे। उस समय अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद संजौली इकाई ने उनके समक्ष एम ए हिंदी, अंग्रेजी और पीजीडीसीए और बीबीए की कक्षाओं को शुरू करने के लिए ज्ञापन सौंपा था, मुख्यमंत्री ने उस समय आश्वासन देते हुए मांगों को पूरी करने की घोषणा की थी जिसको अब विश्विद्यालय क़ी विशेषज्ञ टीम ने निरीक्षण करके मंजूरी दी गई है। प्रदेश के एकमात्र उत्कृष्ट महाविद्यालय संजौली में अब एमए अंग्रेज़ी और एमए हिंदी, पीजीडीसीए और बीबीए की कक्षाएं भी संचालित होंगी। विश्विद्यालय शिमला की विशेषज्ञ टीम ने आकर कॉलेज का निरीक्षण किया जिसमें अधिष्ठाता कॉलेज विकास प्रो. ज्योति प्रकाश शर्मा सहित अंग्रेज़ी, हिंदी, कम्प्यूटर और विजनेस मैनेजमेंट से आए आचार्यों ने संजौली महाविद्यालय के सभी विभागों का निरीक्षण किया। अब विश्वविद्यालय अपनी रिपोर्ट तैयार करके इसी सत्र से पीजी शिक्षार्थियों की सीटों का आवंटन करेगा। विशेषज्ञ टीम के सामने कॉलेज प्रशासन ने हिंदी में 30 और अंग्रेजी में 30 सीट देने का निवेदन किया, जिसे विश्वविद्यालय की अगुवाई में आई टीम ने आंशिक रूप से सहमति प्रदान की है। अब सांध्य महाविद्यालय के बाद संजौली कॉलेज शिमला में पीजी करने वाले शिक्षार्थियों के लिए एक अच्छा विकल्प बन गया है। इस मौके पर जिला संयोजक सचिन ने प्रदेश सरकार व विश्विद्यालय प्रशासन का आभार व्यक्त किया है और साथ ही धन्यवाद करते हुए कहा है कि शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे निर्णय सराहनीय का और उत्कृष्ट शिक्षा केन्द्र में पीजी कोर्स शुरू करने से बहुत से विद्यार्थियों को शिमला में एक नया विकल्प मिल सकता है और साथ ही जिस प्रकार इस मांग को सरकार ने एक वर्ष के भीतर ही लागू किया वह प्रयास बहुत ही सराहनीय है। इसके लिए विद्यार्थी परिषद बहुत बहुत आभार व्यक्त करती है।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता विनोद ठाकुर ने कांग्रेस नेताओं की कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी सरकार द्वारा किए गए अच्छे कार्यों से घबराई हुई है और सरकार की बढ़ती लोकप्रियता से चिंतित है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के पास ना तो कोई नेता है ना नीति है। कांग्रेस में केवल कुर्सी की प्रतिस्पर्धा चल रही है कांग्रेस पार्टी आज के समय में जब कोविड-19 का संकट काल चल रहा है तो लंच और डिनर डिप्लोमेसी कर रही है। कांग्रेस पार्टी के जितने भी नेता है उनका एक भी ब्यान एक दूसरे के साथ मिल नहीं रहा है अगर एक नेता कह रहा है कि बॉर्डर खुलने चाहिए तो दूसरा नेता कह रहा है कि बॉर्डर बंद रहने चाहिए कांग्रेस को यही नहीं समझ आ रहा है कि एक सशक्त विपक्ष का क्या कार्य होना चाहिए। आज कांग्रेस पार्टी कह रही है कि सरकार द्वारा बॉर्डर खोलने का निर्णय गलत है पर कुछ समय पहले यही कांग्रेस पार्टी कह रही थी कि बॉर्डर खुलने चाहिए । कांग्रेस पार्टी का सरकार से श्वेत पत्र जारी करने का बयान औचित्यहीन है। उन्होंने कहा कि पूरा भाजपा परिवार मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को बधाई देना चाहता है कि कोविड-19 के संकट काल में जिस प्रकार से सरकार ने धरातल पर जनता की दुख तकलीफ समझते हुए कार्य किया है वह अद्भुत है। लाखों हिमाचल से बाहर रह रहे हिमाचलवासियों को अपने घर ले करके हिमाचल की सरकार ने मानवता का एक नया आयाम स्थापित किया है।
कृषि मंत्री डाॅ. रामलाल मारकण्डा ने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना इस खरीफ मौसम में भी जारी रहेगी । उन्होंने बताया कि वर्तमान खरीफ मौसम में ऋणी और गैर ऋणी किसानों द्वारा मक्की व धान की फसलों पर बीमा करवाने की अन्तिम तिथि 15 जुलाई, 2020 निर्धारित की गई है। यह योजना गैर ऋणी किसानों के लिए स्वैच्छिक है। योजना के अंतर्गत सभी ऋणी किसानों का वित्तीय संस्थाओं द्वारा स्वतः ही बीमा कर दिया जाएगा। यदि कोई ऋणी किसान इस योजना का लाभ नहीं उठाना चाहते हैं तो वह इस बारे में अपना घोषणा पत्र सम्बन्धित बैंक में वर्षभर कभी भी जमा करवा सकते हैं। यह घोषणा पत्र ऋणी किसान को सम्बन्धित बैंक शाखा को सम्बन्धित मौसम की ऋण लेने की अन्तिम तिथियों से कम से कम सात दिन पूर्व तक देना होगा। प्रदेश सरकार ने इसकी अधिसूचना 24 जून, 2020 को जारी की है। मारकण्डा ने बताया कि प्रतिकूल मौसम से किसानों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचता है तथा आर्थिक हानि होती है। इस योजना का उद्देश्य किसानों की फसलों को बुआई से लेकर कटाई तक प्राकृतिक आपदाओं जैसे आग, बिजली, सूखा, शुष्क अवधि, आॅंधी, ओलावृष्टि, चक्रवात, तुफान, कीट व रोगों आदि से हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति, करना है। इसके अलावा अगर किसान कम वर्षा या प्रतिकूल मौसमी व्यवहार के कारण समय पर बुआई नहीें कर पाता है तो भी उसे बीमा आवरण मिलेगा। कटाई के उपरांत खेत में सुखाने के लिए रखी फसल यदि 14 दिन के भीतर चक्रवाती बारिश, ओलावृष्टि, चक्रवात व बेमौसमी बारिश के कारण खराब हो जाती है तो क्षतिपूर्ति का आकलन खेत स्तर पर ही किया जाएगा। यह योजना लाहौल व स्पीति और किन्नौर जिला को छोडकर सभी जिलों के लिए है।इन जिलों को दो वर्गों में बांटा गया है। चम्बा, हमीरपुर, कांगडा व ऊना वर्ग 1 में शामिल हैं तथा वर्ग 2 में बिलासपुर, मंडी, कुल्लू, शिमला, सोलन व सिरमौर शामिल हैं। सभी जिलों में किसानों का बीमा एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कम्पनी आफ इंडिया लि. करेगी। मक्की व धान दोनों फसलों के सामान्य कवरेज पर राशि तीस हजार रुपये प्रति हेक्टेयर है। प्रीमियम की दर किसानों के लिए बीमित राशि के अनुसार दो प्रतिशत रखी गई है। कृषि मंत्री ने किसानों का आह्वान किया कि फसलों को होने वाले नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए फसलों का बीमा करवायें। इसके लिए वे अपने नजदीक की प्राथमिक कृषि सहकारी सभाओं, ग्रामीण बैंकों तथा वाणिज्यिक बैंकों से सम्पर्क करें। इस बारे में अपने नजदीक के कृषि प्रसार अधिकारी, कृषि विकास अधिकारी व खण्ड स्तर पर तैनात विष्यवाद विशेषज्ञ का भी सहयोग ले सकते हैं।
चैधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के कुलपति प्रो. अशोक कुमार सरयाल ने आज राजभवन में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से भेंट की और विश्वविद्यालय के चाय विभाग द्वारा तैयार वैल्यू एडिड तुलसी और नींबू आॅर्गेंनिक चाय के चार प्रकार के उत्पादों के बारे में जानकारी प्रदान की। उन्होंने राज्यपाल को यह उत्पाद भेंट भी किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय को तकनीक आधारित अनुसंधान पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि किसानों को इसका लाभ पहुंचाया जा सके।
जुब्बल, नावर और कोटखाई विधानसभा क्षेत्र के एक प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को ‘एचपी एसडीएमए कोविड-19 स्टेट डिजास्टर रिसपाॅंस फंड’ के लिए 76 लाख रुपये का चेक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के लोगों का इस अंशदान के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अंशदान संकट की घड़ी में जरूरतमंदों की मद्द में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों द्वारा 40 हजार फेस मास्क और 10 हजार सेेनेटाईजर भी वितरित किए हैं, जिससे मानवता के प्रति उनकी उदारता झलकती है। जय राम ठाकुर ने कहा कि सेब सीजन शुरू होने वाला है और कोरोना-19 के कारण बागवानों को उनके उत्पादों के विपणन में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े इसके दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने पर्याप्त प्रबन्ध किए है। बागवानों को इस वर्ष सेब के बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है, क्योंकि बाजारों में आयतित सेब उपलब्ध नहीं हो सकेंगे। प्रदेश सरकार ने राज्य के सेब उत्पाद बहुल क्षेत्रों के लिए मजदूरों की उपलब्धता का मामला उठाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र के लोग भाग्यशाली है क्योंकि सशक्त नेता नरेन्द्र बरागटा उनका नेतृत्व कर रहे है। नरेन्द्र बरागटा ने क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को प्रभावशाली तरीके से सरकार के समक्ष उठाया है। मुख्य सचेतक और जुब्बल-कोटखाई के विधायक नरेन्द्र बरागटा ने मुख्यमंत्री का क्षेत्र की विकासात्मक जरूरतों के प्रति सहानुभूतिपूर्वक दृष्टिकोण और सेब के सुचारू परिवहन और विपणन के लिए सभी आवश्यक प्रबन्ध करने के लिए अधिकारियों को निर्देश जारी करने के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लगभग 15 हजार लोगों ने अरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड किया हैं और जरूरमंदों को 8 हजार से अधिक खाद्य किट भी वितरित किए हैं।
निदेशक पर्यटन और नागरिक उड्डयन यूनुस ने बताया कि राज्य में कोविड-19 महामारी के दौरान पर्यटन क्षेत्र को सुदृढ़ करने और राहत प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने आतिथ्य क्षेत्र में कार्यशील पूंजी ऋणों पर ब्याज अनुदान योजना आरंभ की है। यूनुस ने कहा कि राज्य सरकार ने पर्यटन क्षेत्र की तत्काल आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए कार्यशील पूंजी ऋण प्रदान करने के लिए योजना को अधिसूचित किया है। अधिकतम 11 प्रतिशत प्रतिवर्ष के मासिक चक्रवृद्धि ब्याज पर ब्याज दरें निश्चित की गई हैं। उन्होंने कहा कि पंजीकृत पर्यटन इकाइयां इस योजना के लाभ 31 मार्च, 2021 तक योजना अधिसूचित होने की तिथि से उठा सकती है। उन्होंने कहा कि ऋण का भुगतान चार वर्षों के अंदर करना होगा, जिसमें ब्याज अनुदान के प्रथम दो वर्ष और ऋण स्थगन का एक वर्ष भी शामिल है। ऋण अदायगी के प्रथम दो वर्षों में ऋण की 50 फीसदी राशि राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष के अंत में प्रतिपूर्ति की जाएगी, जबकि अंतिम दो वर्षों का ब्याज ऋण प्राप्त करने वाली इकाई को स्वयं चुकाना पड़ेगा। यूनुस ने बताया कि इच्छुक पर्यटन इकाई आॅपरेटर कार्यशील पूंजी ऋण लेने के लिए जिला पर्यटन विकास अधिकारी और संबंधित उप निदेशक/डीटीडीओ/एटीडीओ को आवेदन कर सकते हैं, जो ऋण लेने के लिए मामले को बैंक को प्रायोजित करेंगे। इस योजना के अंतर्गत ऋण सुविधा तीन सहकारी बैंकों जिसमें हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक, कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक, जोगिन्द्रा केंद्रीय सहकारी बैंक और व्यवसायिक बैंकों से प्राप्त की जा सकती है। पात्रता की शर्त व परिमाण इकाई के जीएसीडी भुगतान पर आधारित होगा। हालांकि छोटी पंजीकृत इकाइयां जो जी.एस.टी. के अन्तर्गत नहीं आती; 15 लाख तक की अधिकतम ऋण सीमा तथा 1.5 लाख रुपये प्रति कमरे के हिसाब से ऋण लेने के लिए पात्र होगी। यदि पंजीकृत पर्यटन इकाइयों ने औसतन प्रति वर्ष 1 करोड़ रुपये तक का जी.एस.टी. भुगतान किया होगा ऐसी इकाइयां 50 लाख रुपये केे कार्यशील पूंजी ऋण के लिए पात्र होगी तथा जिन इकाइयों ने 1 करोड़ से 3 करोड़ रुपये का भुगतान किया होगा ऐसी इकाइयां 75 लाख रुपये तथा जिन इकाइयों ने 3 करोड़ रुपये से अधिक का जी.एस.टी का भुगतान किया होगा, ऐसी इकाइयां एक करोड़ रुपये ऋण लेने के पात्र होगी।
मंगलवार को एनएसयूआई ने प्रदेश अध्यक्ष छतर सिंह ठाकुर के नेतृत्व में राज्यपाल से मुलाकात की और प्रदेश विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में पढ़ रहें छात्र-छात्राओं की विभिन्न समस्याओं से अवगत करवाया, जिसमें सम्पूर्ण हिमाचल प्रदेश में यूजी और पीजी के छात्र-छात्राओं को प्रमोट करने और फाईनल ईयर के छात्र-छात्राओं को 10 प्रतिशत अतिरिक्त अंक देकर प्रमोट करने की मांग रखी। एनएसयूआई ने विश्वविद्यालय तथा प्रदेश के महाविद्यालयों में शिक्षा के नाम पर छात्र-छात्राओं से 18 प्रतिशत जीएसटी लेने को लेकर राज्यपाल महोदय को अवगत करवाया। इसके साथ-साथ प्रदेश अध्यक्ष ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में पढ़ रहें छात्र-छात्राओं की एक समेस्टर की फीस माफ करने की बात रखी। उन्होंने कहा कि ना तो विश्वविद्यालय में प्रैक्टीकल लगे हैं ना स्लेब्स पुरा हुआ हैं और ऑनलाइन कक्षाएं भी सुचारू रूप से नही लगी हैं, तो विद्यार्थियों को राहत दी जाएं। उन्होंने कहा कि जहां अन्य प्रदेश पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और तेलगाना जैसे राज्यों ने विद्यार्थियों को प्रमोट किया है, वही हिमाचल प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय कोई भी फैसला न लेकर छात्रों को मंझधार में ड़ाल रखा हैं। एनएसयूआई ने राज्यपाल महोदय से अनुरोध किया कि कोविन-19 महामारी के चलते शिक्षण संस्थानो के बन्द रहने के कारण छात्र पढ़ाई नही कर पाए और परिक्षाओं भी बहुत विलम्व हो चुका है अतः यूजी और पीजी के छात्रों कको प्रमोट कर दिया जाए। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्यपाल महोदय ने उनकी मांगो को लेकर उन्हें पुरा करवाने का पुरा आश्वासन दिया हैं। इस मौके पर राष्ट्रीय संयोजक बलबिंदर सिंह बल्लु, जिला अध्यक्ष शिमला योगेन्द्र योगी, यासिन बटट, नितिन देष्टा, चंचल महाजन विशेष रूप से मौजूद रहें।
In a step which is expected to give a major fillip to education and entrepreneurship in students, the Dr YS Parmar University of Horticulture and Forestry (UHF), Nauni and Department of Industries, Himachal Pradesh have signed a Memorandum of Understanding (MoU) for promoting university-industry linkages. HR Sharma, Director Industries and UHF Vice-Chancellor Dr Parvinder Kaushal signed the MoU on Tuesday at Shimla. As part of the MoU, there will be knowledge sharing between both the parties and the experts from the industries department will regularly interact with faculty and students for making them aware of industrial policies and schemes. “The tie-up is part of the university initiative to promote university-industry linkages for humanities, social and managerial sciences on themes like entrepreneurship, business management, communication skills, personality development, leadership and event management etc. through expert lectures, guest faculty and resource persons,” said Dr Kaushal. He added that under the tie-up, the existing incubation centre at the University will be strengthened by providing special funds for machinery/equipment which will be used by the incubates. Every student will be encouraged to enrol for one startup idea. In addition, the Department will support the university for developing management professionals by facilitating summer trainings of students with industries, joint student research projects, placements etc. There will be an industrial collaboration for the vocational opportunities in the cultivation of fruits, vegetables, flowers, beekeeping, mushroom, dairy farming, environment quality management, food quality analysis, medicinal and aromatic plants, wood technology, natural farming, value addition, agro-processing, food processing, nursery production, biotechnology etc. Dr Kaushal said that the Department of industries will facilitate access to industrial establishments in the state to the graduating students of horticulture, biotechnology and forestry during their industrial attachments and explore sponsor scholarships and stipends from industries to the students for carrying out specific research to solve industrial problems. The diploma/certificate passed students from the university will be given preference while seeking employment with the industy. There will also be a provision for starting industrial sponsored certificate programmes where students, researchers and entrepreneurs are exposed to industrial setups, labs and other R&D infrastructure of global competence.
राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा पारित आदेशों की अनुपालना हेतु जिला स्तरीय टास्क फोर्स कमेटी की एक बैठक का आयोजन आज उपायुक्त राजेश्वर गोयल की अध्यक्षता में उपायुक्त कार्यालय के सभागार में किया गया। बैठक में 25 विभागों के अधिकारियों, प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में कोविड-19 से सम्बन्धित बायोमेडिकल, सूखा कुड़ा व कुडा-कचरा के निपटारे में आने वाली बाधाओं सहित वायु प्रदूषण, गोविन्दसागर झील तथा सतलुज नदी में पानी की गुणवत्ता बनाए रखने बारे विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इस मौके पर राजेश्वर गोयल ने अधिकारियों को निदेश दिए कि बिना उपचार के सीवरेज पानी को गोविन्द सागर झील या सतलुज नदी में न छोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि अवैध खनन को रोकने के लिए 39 विभागों को प्राधिकृत किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिए कि वे अवैध खनन को रोकने की दिशा में गम्भीरता से कार्य करे तथा प्रति माह अपनी रिपोर्ट दे। इसके अतिरिक्त प्लास्टिक, घरो से उत्पादित होने वाला कुड़ा-कचरा प्रबन्धन को व्यवस्थित तरीके से सम्पादित करने पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में डी.एफ.ओ. सरोज भाई पटेल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. प्रकाश दडोच, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी प्रकाश शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
प्रदेश यूथ कांग्रेस के सचिव तथा झण्डुता चुनाव क्षेत्र के कांग्रेसी नेता सुधीर कुमार सुमन ने स्थानीय विधायक जीतराम कटवाल के लचर रवैये और प्रशासन पर कमजोर पकड़ होने का आरोप लगाते हुए कहा है कि क्षेत्र में शरारती तत्वों के हाबी होने के कारण आराजकता का माहौल पैदा हो गया है। सुमन ने बताया कि झण्डुता के शहीद अश्विन कुमार वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कुछ वर्ष पूर्व तत्कालीन मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह ने विज्ञान संकाय के लिए एक प्रयोगशाला का शिलान्यास किया था जिसकी पाठशाला में स्थित पट्टिका को विधायक जीतराम कटवाल के नाक तले पिछले दिनों कुछ शरारती तत्वों ने राजनीतिक द्वेष के कारण तोड़ दिया है। इस कुकृत्य की यूथ कांग्रेस पार्टी कड़ा विरोध प्रकट करते हुए प्रशासन विशेष कर जयराम सरकार से इसकी छानबीन करवाकर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की है तथा यूथ कांग्रेस पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह द्वारा स्थापित उस पट्टिका को पुनः दीवार पर स्थापित करने की भी मांग की है। कांग्रेसी नेता सुधीर ने कहा कि विधायक यदि गहरी निन्द्रा त्याग कर जन हित के कार्यों को तरजीह न देकर शरारती तत्वों को संरक्षण देते हैं तो युवा कांग्रेस विधायक की नाकामियों की पोल खोलने के लिए जन अभियान चलाएगी।
कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तान के विरुद्ध अदम्य साहस और पराक्रम का प्रदर्शन करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा की पुण्यतिथि पर लाडली फाउंडेशन, सर्वधर्म समभाव राष्ट्रीय मंच एवं प्रदेश की प्रमुख सामाजिक संस्था रेनबो स्टार क्लब के संयुक्त अगवाई में शहीद स्मारक में पुष्पांजलि श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर लाडली फाउंडेशन के राज्य उपाध्यक्ष निर्मला राजपूत एवं रश्मि गौतम ने कहा कि कैप्टन विक्रम बत्रा परमवीर चक्र से सम्मानित भारत के सैनिक थे। इन्हें यह सम्मान सन् 1999 में मरणोपरांत मिला। उनका करिश्मा और शख़्सियत ऐसी थी कि जो भी उनके संपर्क में आता था। उन्हें कभी भूल नहीं पाता था। जब उन्होंने 5140 की चोटी पर कब्ज़ा करने के बाद टीवी पर 'ये दिल मांगे मोर' कहा था। तो उन्होंने पूरे देश की भावनाओं को जीत लिया था। वो कारगिल युद्ध के उस सिपाही का एक चेहरा बन गए थे जो अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए सीमा पर गया और शहीद हो गया। कारगिल युद्ध में बन गया था विजयी नारा 'ये दिल मांगे मोर,' देखते ही देखते यह लाइनें कारगिल में दुश्मनों के लिए आफत बन गईं और हर तरफ बस 'यह दिल मांगे मोर' ही सुनाई देता था। "भारत मां की जय, शहीद विक्रम बत्रा अमर रहे" के नारों से शहीद स्मारक बिलासपुर गूंज उठा। इस मौके पर लाडली फाउंडेशन के जिला अध्यक्ष अनीता शर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष रेखा बिष्ट, सदर मंडल अध्यक्ष रीना ठाकुर, शीतल, सर्वधर्म समभाव राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर पंडित सत्यदेव शर्मा, प्रदेश सह संयोजक सरदार प्रताप सिंह भल्ला, प्रदेश की प्रमुख सामाजिक संस्था रेनबो के प्रधान अजय कौशल एवं संस्थापक ईशान अख्तर भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने कामकाजी महिला छात्रावास तथा वन स्टाप सेंटर बिलासपुर की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने बताया कि जिला बिलासपुर में वन स्टाप सेंटर 24 दिसम्बर, 2018 से कामकाजी महिला छात्रावास बिलासपुर भवन के कमरा संख्या 106, 107 व 108 में संचालित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस योजना का मुख्य उदे्श्य परिवार में, सार्वजनिक स्थल या समुदाय में शारीरिक, लैंगिक, मानसिक, वित्तीय हिंसा, घरेलू हिंसा से प्रताड़ित किसी भी आयु, जाति, वर्ग, धर्म, क्षेत्र, यौन अभिविन्यास या वैवाहिक स्थिति से प्रभावित 18 वर्ष से कम आयु की लड़कियों सहित महिलायें।पांच दिन के लिए आश्रय ले सकती हैं जिन्हें बाद में सुधार गृह/अल्पअवधि गृह में पुर्नवास हेतु भेजा जाता है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार से पीड़ित महिलाओं को आपातकालीन प्रतिक्रिया व बचाव सेवायें, चिकित्सा सहायता, प्राथमिकी एफआईआर दर्ज करवाने में महिलाओं की सहायता मनोवैज्ञानिक-सामाजिक समर्थन और परामर्श, कानूनी सहायता और।परामर्श/अस्थायी शरण व वीडियों कांफ्रेसिंग की सुविधा प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि वन स्टाप सेंटर बिलासपुर (हि0 प्र0) को केन्द्र सरकार द्वारा 45,25,911 रुपये विभिन्न श्रेणियों के अन्तर्गत प्राप्त किए गए है तथा जिला में इस प्रकार की 15 महिलाओं को पुर्नवास करवाया जा चुका है। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. प्रकाश दडोच, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास अंजु बाला, सचिव डीएलएसए, जिला पंचायत अधिकारी, अधिशाषी अभियंता बीएसएनएल, जिला बाल सरंक्षण अधिकारी, उप अधीक्षक पुलिस भी उपस्थित रहे।
विधायक जीत राम कटवाल विधानसभा क्षेत्र झंडूता ने आज ग्राम पंचायत रोहल में दोकडू से धुलान सड़क पर 3 लाख रुपये से निर्मित डंगे का निरीक्षण किया तथा धुलान में जन समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने कहा कि इस सड़क को लोगों के लिए फिर से शुरू करवा दिया गया है जो कि डंगे के कारण लगभग एक साल से बंद थी। इसके उपरांत उन्होंने दोकडू से नेरी सड़क के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि इस सड़क पर तीन सौ मीटर तक कंकरीट तथा डंगों का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है और आगे का निर्माण कार्य प्रगति पर है । इस अवसर पर विधायक ने दोकडू से धुलान सड़क पर पुली डालने के लिए 2 लाख रु की घोषणा की। उन्होंने विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि जिस क्षेत्र में सड़क पहुँच जाती है उस के क्षेत्र का विकास तीव्र गति से होता है। विधानसभा क्षेत्र झंडूता में प्रथामिकता सड़कों और पुलों को दी जा रही है। इसके तहत नई सड़कों का निर्माण तथा सड़को को पक्का करने के लिए राशि स्वीकृति करवाई जा रही है। उन्होंने बताया कि एक करोड़ 58 लाख रुपये से बाला से बैहना को जोड़ने के लिए पुल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। देहलवीं से बाला के लिए पुल निर्माण हेतु 87 लाख रुपये से निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि 53 लाख रुपये से राजकीय उच्च विद्यालय दोकडू के अतिरिक्त भवन का निर्माण कार्य भी किया जा रहा है। एक करोड़ 30 लाख रुपये से ज्योरा से रोहल सड़क को पक्का करना, पुलियों तथा डंगो का निर्माण कार्य प्रगति पर है। एक करोड़ 70 लाख रुपये से झंडूता दोअम से मुकडाना सड़क का प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है। इस अवसर पर ग्राम पंचायत उपप्रधान राज कुमार, सेवानिवृत्त अधिशाषी अभियंता पी डी शर्मा, मीडिया प्रभारी पी आर सँख्यान, मंडल महासचिव राकेश चन्देल, युवा मोर्चा अध्यक्ष देवाँश चन्देल, वार्ड सदस्य शीला देवी, पूर्व वार्ड सदस्य बृज लाल, ज्ञान चन्द, छोटू राम,लाला राम,सुरेन्द्र पाल, बलदेव, श्याम लाल, मिदो दीन, बग्गू दीन सहित स्थानीय लोग भी उपस्थित थे।
बिलासपुर के लखनपुर में एक मकान में आग लग जाने के कारण बेघर हुए परिवार की मदद के लिए रोटरी क्लब मदद के लिए एक बार फिर आगे आया है। क्लब के प्रधान टेक चंद सैणी की अगुवाई में क्लब के सचिव एनआर शर्मा व पूर्व प्रधान डा. टीडी टंडन उनके घटना स्थल पर पहुंचे और घर की दो विधवाओं सहित परिवारवालो को राहत देते हुए 11000 रूपये व राशन वितरित किया ताकि दुख की इस घड़ी में भूखे न रहे। क्लब के प्रधान सैणी ने कहा कि रोटरी क्लब का सदैव प्रयास रहता है कि हर जरूरतमंद को सहायता प्रदान की जाए।
घुमारवीं में गाड़ी और स्कूटर की टक्कर में एक व्यक्ति की मौत होने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार शाम के समय शिमला धर्मशाला मार्ग पर घुमारवीं के डंगार चौक के पास हमीरपुर की तरफ से आ रही बोलेरो गाड़ी औऱ घुमारवीं की तरफ से आ रहे स्कूटर की जबरदस्त टक्कर हो गई। इस टक्कर में स्कूटर पर सवार व्यक्ति गंभीर हालत में था जिसे उसी गाड़ी में घुमारवीं अस्पताल पहुंचाया गया वहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया, दूसरे व्यक्ति को भी इसमें गंभीर चोटें आई है जिसका इलाज चल रहा है। मृतक व्यक्ति की पहचान मदन लाल पुत्र पृथी चंद गांव जरल हमीरपुर के रूप में हुई है। घायल व्यक्ति की पहचान नंद लाल पुत्र श्रवण सिंह गांव बॉडी बिलासपुर के रूप में हुई है। पुलिस थाना भराड़ी से पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी और आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। डीएसपी राजेन्द्र कुमार जसवाल ने मामले की पुष्टि की है।


















































