अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन दाड़लाघाट की सामुदायिक सलाहकार समिति का इस वर्ष का पहला त्रैमासिक बैठक का आयोजन वर्चुअल माध्यम के द्वारा सम्पन्न किया गया। बैठक की अध्यक्षता अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन के कार्यक्रम प्रबंधक भूपेंद्र गाँधी ने की। बैठक में चर्चा करते हुए कार्यक्रम प्रबंधक भूपेंद्र गांधी ने कहा कि वर्तमान परिस्थिति और कोरेना वायरस का संक्रमण पूरी मनुष्यता के लिए घातक है इस गंभीर संकट में सामाजिक दूरी के नियम का पालन तकनीक के उपयोग से लोगो तक पहुँचना जन संवाद करना और समुदाय के सुझावो का कार्यक्रम में शामिल कर योजनारूप से क्रियान्वित करने का प्रयास अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन दाड़लाघाट करने के लिए सदैव तत्पर है। इस दौरान ग्राम पंचायत दाड़लाघाट के प्रधान सुरेन्द्र शुक्ला, सचिव जलागम परियोजना अनिल कुमार, टीबी सुपरवाइजर अर्की हेमंत गुप्ता, अमरदेव अंगिरस ने अपने अपने विचार और सुझाव रखे। इस दौरान सुरेन्द्र शुक्ला ने पानी का संरक्षण और उसके सही उपयोग के बारे में विस्तृत चर्चा की तथा साथ मे ही पानी बचाने के लिए समुदाय की जन भागीदारी कैसे सुनिश्चित की जाए इसके लिए समुदाय से आए हुए प्रतिनिधियो को इस कार्य के लिए सुझाव और भागीदारी का निमंत्रण दिया और साथ ही साथ प्राकृतिक जल स्रोत का संरक्षण और उसका समुचित उपयोग में अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन द्वारा चलाये जा रहे प्रयासों को निरंतर आगे बढ़ते रहे इसकी रूपरेखा पर चर्चा की। वही अनिल कुमार ने सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों और योजनाओं के बारे में चर्चा की जिससे गांव का कोई भी पात्र व्यक्ति लाभान्वित हो सकता है। बैठक के दौरान हेमन्त गुप्ता ने कोरेना के कारण तपेदिक रोग के मरीजो की पहचान और निदान करने की आवश्यकता पर बल दिया। समाज के सभी प्रतिनिधियों को आह्वान किया की कोरेना से डरें नही बल्कि समझदारी और विवेक पूर्ण व्यवहार से इस संक्रमण से बच सकते है। वही योगेश शर्मा ने मानसून के समय मे कृषि का विकास कैसे हो इसकी जानकारी दी साथ ही साथ फलदार वृक्षों को नगदी फसल में जोड़ना जिससे कृषक जुड़ने लगे और उनका स्वरोजगार भी सुनिश्चित की जा सके। इस वर्ष करीब 10 से ज्यादा प्रकार के फलों के पौधे वितरित करने की योजना का लाभ समुदाय ले इसकी जानकारी प्रदान की। दाड़लाघाट विस्तार के सभी गांवों कि महिलाएं दुग्ध पालन के आजीविका से जुड़े इसके लिए स्वयं सहायता समूहों को प्रेरित किया जा रहा है, करीब सैकड़ो ऐसे महिला समूह अपनी भूमिका का निर्वाहन कर रही है। अजीत कुमार सिंह ने कहा कि कोविड 19 के कारण चिकित्सा सुविधाओं में होने वाली व्यवहारिक समस्याओ के लिए जागरूक होने पर बल दिया साथ ही साथ एसीएफ की स्वास्थ्य कार्यकर्ता अपनी सेवाएं गांवों में सुरक्षा और सामाजिक दूरी के नियमो का पालन, गृह भृमण के माध्यम से सतत जारी रखेंगे। लोगों को उच्च रक्तचाप और मधुमेह की गंभीर समस्या आ गई है, इस समस्या का समाधान के लिए अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन की आरोग्य टीम निरंतर प्रयासरत है।गाँव गाँव जा कर लोगों को स्वास्थ्य जाँच के लिए प्रेरित और मार्गदर्शन कर रही है। इसका रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई। बैठक में दाड़लाघाट परिक्षेत्र के सामाजिक प्रतिनिधियों, खण्ड विकास समिति, पशुपालन विभाग के प्रतिनिधि, किसान उत्पादक संघ, स्वयं सहायता समूह के प्रमुख और समिति के सदस्यों, स्वास्थ्य कार्यकर्ता सहित करीब 28 सदस्य उपस्थित रहें।
जिला सोलन ट्रक ऑपरेटर का प्रतिनिधिमंडल निदेशक एस डी टी ओ निदेशक नीलम भारद्वाज की अध्यक्षता में ऑनलाइन डिमांड से हो रही परेशानी बारे एसडीएम अर्की विकास शुक्ला से मिला जिसमें उन्होंने बताया कि हमारी गाड़ियां सीमेंट ढुलाई का कार्य करती हैं और कोविड-19 महामारी के चलते लॉकडाउन से पहले डिमांड, डिमांड सभा में होती थी व लॉकडाउन के पश्चात डिमांड को व्हाट्सएप के जरिए किया गया। महामारी के चलते सभी ऑपरेटरों ने लॉकडाउन के नियमों का पालन किया व डिमांड को व्हाट्सएप पर ही सुना जिससे हमें बहुत सी समस्याओं का भी सामना करना पड़ा। परंतु अब सरकार ने लॉकडाउन की प्रक्रिया को समाप्त कर दिया है ओर अनलॉक प्रक्रिया शुरू हो गई है। अनलॉक के पश्चात उक्त सभा में डिमांड ऑफलाइन शुरू की गई जिसमें सभी डिमांड प्रतिभागियों ने सरकार द्वारा तय किए गए नियमों का कड़ाई से पालन किया। सभी ने सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क को अपनाया। परन्तु अब डिमांड को ऑनलाइन शुरू करके हमे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा एक अधिसूचना नंबर पीपीटी-एफ (10) -5/2020 दिनांक 18 अप्रैल 2020 जारी की थी जिसमे ट्रक ड्राइवर को पुकार सुनने के लिए स्वीकृति प्रदान की है। यह तय किया है की डिमांड सुनते वक्त सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाए तथा 2 मीटर की दूरी बनाए जाए। डिमांड हाल में 50 से ज्यादा व्यक्तिगत ना हो। सभी ट्रांसपोर्टर ने उपरोक्त सभी नियमों का पालन किया है। उन्होंने कहा कि स्कूल व शिक्षण संस्थान 31 जुलाई 2020 तक बंद रहने की आशंका है। वह बच्चों का गृह कार्य भी बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप में आता है जिसके लिए मोबाइल बच्चों के पास देना पड़ता है व सभी ट्रांसपोर्ट के पास एंड्रॉयड फोन भी नही है या फिर ऑनलाइन डिमांड सुनने के लिए शिक्षित व जानकार नहीं है तथा अधिकांश ट्रांसपोर्ट का यह कहना है कि डिमांड हाल में डिमांड 30 से 45 मिनट में समाप्त हो जाती है। वहीं ऑनलाइन रिमांड के लिए व्यक्ति को तीन से 4 घंटे तक फोन के पास रहना पड़ता है जिससे उन्हें कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि दाड़लाघाट में लगभग चार-पांच सभाएं कार्य कर रही है जिनमें से अधिकांश का कार्य ऑफलाइन ही हो रहे है। उन्होंने कहा कि ड्राइवर यहां वहां आ जा रहे होते हैं। महामारी फैलने का खतरा है लेकिन हम लोग प्रशासन के ध्यानार्थ लाना चाहते हैं कि सभी ड्राइवर व मालिक गाड़ी चलाने के पश्चात अपने घर में ही जाते हैं वहां भी वह सभी सावधानियों का पालन करते हैं। उन्होंने कहा कि डिमांड ऑनलाइन होने की वजह से भ्रष्टाचार की भी आशंका है क्योंकि पूर्व में भी यहां ऐसा हो चुका है। इस दौरान इस प्रतिनिधिमंडल में महेंद्र ठाकुर, नरेश कुमार, मनोज कुमार, राकेश कुमार औऱ किशोरी सहित अन्य ऑपरेटर भी उपस्थित रहे। एसडीएम अर्की विकास शुक्ला ने उन्हें आश्वासन दिया कि आपकी इस समस्या का शीघ्र ही एक-दो दिन के भीतर ही समाधान कर दिया जाएगा।
शुक्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के द्वारा विश्वविद्यालयों के अधिष्ठाता अध्ययन को छात्र मांगो हेतु ज्ञापन सौंपा गया। विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय इकाई के इकाई अध्यक्ष विशाल वर्मा इकाई सचिव मनीष वर्मा ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा विद्यार्थी परिषद की मांग है विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा फॉर्म की अंतिम तिथि को 15 जुलाई तक बढ़ाया जाए विश्वविद्यालयों की साइत में कई तकनीकी खामियां होने के कारण प्रदेश में बहुत से छात्र फॉर्म नहीं भर पाए हैं ।इसलिए विश्वविद्यालय प्रशासन फॉर्म भरने की अंतिम तिथि को 15 जुलाई तक बढ़ाएं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की मांग है विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की लंबित पड़े सिलेबस को पूरा करने के लिए जुलाई माह के अंदर ऑनलाइन क्लासेज चलाएं विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों के लिए परीक्षा फॉर्म भरने की तिथि तो निकाल दी है परंतु बहुत से विषय तो एसे है जिनका 40% तक भी सिलेबस कंप्लीट नहीं हुआ है जिससे कि छात्रों को परीक्षा देते हुए बहुत ही परेशानियों का सामना करना पड़ेगा विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के सिलेबस को पूरा करने के लिए ऑनलाइन क्लासेज चलाएं वह छात्रों की शिक्षा से जुड़ी समस्याओं की प्राथमिकता से चिंता करें। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय प्रशासन से लगातार मांग कर रहा है आगामी परीक्षाओं व विश्वविद्यालयों के आगामी सत्र के संदर्भ में विश्वविद्यालय प्रशासन विश्वविद्यालय के छात्रों अभिभावकों से व्यक्तिगत रूप से ऑनलाइन या दूरभाष के माध्यम से संपर्क करें क्योंकि प्रदेशभर के छात्र जो विश्वविद्यालय में शिक्षा ग्रहण करते हैं वह आगामी परीक्षाओं व सत्र के संदर्भ में उनके अंदर असमंजस की स्थिति बनी हुई है ।
विद्युत उपमंडल सुबाथू के अधीन कुछ क्षेत्रों में 11 केवी एचटी लाइन के रख-रखाव के कारण रविवार को कुछ क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति सुबह 10 बजे से सायं 6 बजे तक बंद रहेगी। विद्युत बोर्ड सुबाथू के सहायक अभियंता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि गद्दों, पनूह, अपर थड़ी, खडय़ाणा, चामत-भड़ेच, तराशड़ी, पनशोड़ा आदि गांवों में विद्युत आपूर्ति प्रभावित रहेगी। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि बिजली बाधित रखने की अवधि मौसम पर निर्भर करेगी।
जिला चम्बा में गाड़ियों की पासिंग व निरीक्षण के लिए परिवहन विभाग चम्बा द्वारा जुलाई माह का शैड्यूल निर्धारित कर दिया गया है। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी चम्बा ओंकार सिंह ने बताया कि चम्बा में 7 जुलाई, 14 जुलाई, 21 जुलाई, 24 जुलाई और 28 जुलाई को वाहनों की पासिंग की जाएगी जबकि 16 जुलाई को बनीखेत और 17 जुलाई को चुवाड़ी में वाहनों की पासिंग की जाएगी। उन्होंने बताया कि वाहनों की पासिंग व निरीक्षण का कार्य मोटर वाहन निरीक्षक चम्बा अनुराग धीमान द्वारा किया जाएगा। वाहनों की पासिंग व निरीक्षण का समय दोपहर तीन बजे तक रहेगा। उन्होंने कहा कि जारी शैड्यूल में बदलाव भी किया जा सकता है ऐसे में पासिंग करवाने के लिए आने से पूर्व आरटीओ कार्यालय चम्बा में अवश्य संपर्क करें। गाड़ियों की पासिंग व निरीक्षण के समय कोविड- 19 महामारी से बचाव के लिए भारत सरकार द्वारा जारी अधिसूचना व आदेशों की कड़ाई से पालना करना अनिवार्य होगा और सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान रखना होगा। प्रत्येक व्यक्ति मास्क लगाकर और वाहनों को सैनिटाइज करके ही पासिंग स्थल पर पहुंचें। चालक व परिचालक के अतिरिक्त किसी भी व्यक्ति को पासिंग स्थल पर प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी।
राज्यों के ऊर्जा मंत्रियों के सम्मेलन में वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लेते हुए मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आर.के. सिंह से हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लि. को 540 करोड़ रुपये के ऋण पीएफसी/आरईसी के माध्यम से प्रदान करने का आग्रह किया ताकि मार्च और अप्रैल माह की देनदारियां पूरी की जा सके। मुख्यमंत्री ने इसके अतिरिक्त उनसे 350 करोड़ रुपये अनुदान के रूप मेें दिए जाने का आग्रह किया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आरईसी/पीएफसी के माध्यम से होने वाले ऋणों पर ब्याज दरों को भी कम करने का आग्रह किया। डिस्काॅम की नकदी समस्याओं का संज्ञान लेते हुए 90 हजार करोड़ रुपये की नकदी डालने का निर्णय लेने के लिए केंद्रीय ऊर्जा मंत्री का धन्यवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनकोस व ट्रांसकोज के 31 मार्च, 2020 तक के देय भुगतान पर ही डिस्काॅम्स वित्तीय सहायता के लिए पात्र होगा। उन्होंने कहा कि राज्य बिजली बोर्ड और डिस्काॅम ने मार्च 2020 तक अपनी देनदारियों का भुगतान कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब मार्च और अप्रैल 2020 तक 540 करोड़ रुपये की देनदारियां लंबित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान हुए लाॅकडाउन से प्रभावित ओद्यौगिक ईकाइयों, आर्थिक प्रतिष्ठानों, होटलों और रेस्तरां को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने छूट और डिमांड चार्जिज को टालने के माध्यम से 47 करोड़ रुपये की राहत दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए बिजली के बिल जमा करने की तिथि को कई बार बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन के कारण बिजली की मांग में 40-45 प्रतिशत की कमी आई है जिससे हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड को लगभग 319 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार निकट भविष्य में शिमला और धर्मशाला में 1.52 लाख स्मार्ट बिजली मीटर स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि यद्यपि केंद्र सरकार ने विशेष श्रेणी के राज्य हिमाचल प्रदेश को निश्चित अनुदान प्रदान करने का भी प्रावधान किया है, परन्तु इसे वास्तविक लागत के माध्यम से निश्चित किया जाना चाहिए ताकि 22 लाख उपभोक्ताओं, जिसमंे 20 लाख घरेलु उपभोक्ता पर कम से कम भार पड़े। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक उर्जा राज्य के रुप में जाना जाता है, तथा यहां देश में कुल उपलब्ध 45,000 मेगावाट जल विद्युत क्षमता में से 10,500 मेगावाट जल विद्युत का उत्पादन होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गत वर्ष राज्य सरकार ने 778 मेगवाट की परियोजनाएं सतलुज जल निगम, 499 मेगावाट की परियोजनाएं एनटीपीसी और 520 मेगावाट की परियोजनाएं चिनाब घाटी में क्रियान्वयन के लिए एनटीपीसी को आबंटित की हैं। उन्होंने कहा कि यह घाटी जनजातीय और दूरदराज के क्षेत्र में है, इसलिए ऊर्जा निकासी के लिए प्रभावी और दीर्घकालीन नीति बनाने की आवश्यकता हैं। उन्होंने कहा कि एसजेवीएनएल तथा राज्य सरकार द्वारा काज़ा में 1000 मेगावाट सौर ऊर्जा मेगा पार्क का निर्माण प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा निकासी के लिए प्रभावशाली व्यवस्था बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस संदर्भ में केन्द्रीय ऊर्जा सचिव को पहले ही एक पत्र लिखा है। केन्द्रीय राज्य ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण विभिन्न क्षेत्र प्रभावित हुए हैं और ऊर्जा क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र को हुई क्षति से उभारने के लिए प्रभावी कदम लेने और नवीन पहल की आवश्यकता है। केन्द्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को आशवस्त किया कि केंद्र सरकार राज्य सरकार की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि दूरदराज क्षेत्रों में ऊर्जा निकासी प्रणाली तैयार करने के लिए कदम उठाए जाएंगे। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री टी.एस. रावत, दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, विभिन्न राज्यों के ऊर्जा मंत्रियों ने भी इस बैठक में वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम सेे भाग लिया।
हमीरपुर से जारी सयुंक्त प्रेस विज्ञप्ति में भाजपा जिलाध्यक्ष बलदेव शर्मा, महामंत्री हरीश शर्मा व अभयवीर लवली, उपाध्यक्ष अनिल कौशल व ज़िला मीडिया प्रभारी अंकुश दत्त शर्मा ने कहा है कि एनआईटी हमीरपुर मसले में कोरोना लॉक डाउन के चलते रुकी कार्यवाही को केंद्रीय मानव साँसधन विकास मंत्री निशंक पोखरियाल व केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर की मुलाकात गति प्रदान करेगी। वीरवार को ही मानव संसाधन विकास मंत्री से मुलाकात कर विभिन्न मुद्दों पर वित्त राज्य मंत्री की चर्चा हुई थी जिनमें की एनआईटी हमीरपुर पर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों और गिरती रैंकिंग का मुद्दा भी शामिल था। ज़िला भाजपा ने एनआईटी मुद्दे को ज़रिया बनाकर अपनी राजनीति चमकाने व इस बहाने केंद्र सरकार और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर पर उंगली उठाने वालों को भी खरी खोटी सुनाई है। भाजपा नेताओं ने कहा है कि कोरोनाकाल में लॉक डाउन के दौरान सरकार ने जान और जहान को बचाने को प्राथमिकता जरूर दी है, लेकिन कांग्रेस नेता राजिंदर राणा का इसको शिक्षण संस्थाओं में सरकार का गुणवत्ता के प्रति गंभीर न होना समझ कर आँकना, बहुत बड़ी भूल है। भाजपा नेताओं ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि राजिंदर राणा किसी कारण विशेष के तहत एनआईटी मामले में दिलचस्पी ले रहे हैं, कहीं निजी आकांक्षाओं की पूर्ति न होना इस अनापेक्षित दिखावे की वजह तो नहीं है। कांग्रेस के सत्तासीन रहते हुए जब प्रदेश में भ्रष्टाचार के मामलों के चलते सीबीआई के छापे पड़े तब राजिंदर राणा चुप बैठे थे, तब जनभावनाओं की याद कहां गई थी, एनआईटी मामले में तो दूध का दूध पानी का पानी हो ही जाएगा। ज़िला भाजपा ने कहा है कि राजेन्द्र राणा को केंद्र सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर उंगली उठाना शोभा नहीं देता। जो खुद कोरोना लॉक डाउन में महीनों तक विधानसभा के बाशिंदों की सुध लेने नहीं पहुंच सके, और केंद्र सरकार और मंत्रियों की कार्य प्रणाली पर उंगली उठाकर सुर्खियों में बनने की कोशिश कर रहे हैं, जो हास्यपद है।
उपायुक्त सोलन केसी चमन ने कहा कि शिक्षित बेरोजगार युवाओं को बेहतर स्वरोजगार प्रदान करने के लिए महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री स्वाबलंबन योजना सर्वोत्तम है। उन्होंने जिला उद्योग केन्द्र सोलन एवं जिला के अग्रणी बैंक प्रबंधक को निर्देश दिए कि इस योजना का गांव-गांव तक प्रचार किया जाए ताकि ग्रामीण युवा इसका लाभ उठा सकें। केसी चमन मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के अनुश्रवण के लिए गठित जिला स्तरीय समिति की प्रथम बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। केसी चमन ने कहा कि सोलन जैसे औद्योगिक रूप से तेजी से बढ़ते जिला में मुख्यमंत्री स्वाबलंबन योजना की सफलता शत-प्रतिशत होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिला में जहां अनेक युवा इस योजना के तहत अपना बेहतर स्वरोजगार आरम्भ कर सकते हैं वहीं ऐसे कार्य भी आरम्भ किए जा सकते हैं जो स्थापित उद्योगों को उत्पादन के लिए उपकरण एवं गुणवत्तायुक्त कच्चा माल उपलब्ध करवाएं। उन्होंने कहा कि इसके लिए जिला उद्योग केन्द्र को युवाओं को जागरूक करना होगा और उन्हें योजना से लाभ लेने के लिए प्रेरित करना होगा। उन्होंने जिला के अग्रणी बैंक के प्रबंधक को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना के तहत जिला उद्योग केन्द्र से स्वीकृत आवेदनों के मामलों में शीघ्रा ऋण स्वीकृत करना सुनिश्चित बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सही समय पर ऋण मिलने से युवा बेहतर कार्य कर पाएंगे। बैठक में मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना के तहत कुल 136 प्रार्थियों के ऋण सम्बन्धी मामलों पर चर्चा की गई तथा विचार-विमर्श उपरान्त 117 मामलों को ऋण स्वीकृति के लिए बैंकों को पे्रषित करने के आदेश जारी किए गए। जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक राजीव कुमार ने योजना एवं आवेदन के विषय में विस्तृत जानकारी प्रदान की। बैठक में भारतीय प्रशासनिक सेवा की परिवीक्षाधीन अधिकारी रितिका, अतिरिक्त उपायुक्त विवेक चंदेल, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी राजकुमार, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सोलन के प्रधानाचार्य चमन लाल तनवर सहित अन्य अधिकारी तथा जिला के अग्रणी बैंक यूको बैंक की प्रतिनिधि सुरूचि साहनी उपस्थित थीं।
जिला दण्डाधिकारी सोलन केसी चमन ने परवाणू में कोविड-19 के पाॅजिटिव मामले सामने आने के उपरांत कुछ क्षेत्रों को कन्टेनमेंट जोन घोषित किया है। यह निर्णय कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं सहायक आयुक्त परवाणू की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है। जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार परवाणू के सेक्टर-1 में कोविड-19 पाॅजिटिव व्यक्तियों के आवास (हाउस नम्बर 41) की पूर्ण बाड़बंदी की जाएगी। परवाणू के सेक्टर-1 में चिल्ड्रन पार्क से गणपति हाउस तक के मार्ग की पूर्ण बाड़बंदी की जाएगी। जिला दण्डाधिकारी ने आपराधिक दण्ड संहिता की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उपरोक्त कन्टेनमेंट जोन में लोगों तथा वाहनों (आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर) की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगा दिया है। आदेशों के अनुसार आवश्यक सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रयुक्त अधिकारी एवं कर्मचारी उक्त क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित बनाएंगे। उक्त क्षेत्र में पेयजल तथा बिजली की निर्बाध आपूर्ति भी सुनिश्चित बनाई जाएगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन क्षेत्र में फ्लू जैसी बीमारी के लक्षणों वाले व्यक्तियों की घर-घर स्क्रीनिंग के लिए समुचित संख्या में टीमें तैनात करना सुनिश्चित करेंगे। इस दिशा में पूरी निगरानी रखी जाएगी। क्षेत्र में संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आए सभी व्यक्तियों की खोज कर उनकी जांच की जाएगी और उन्हें आईसोेलेट किया जाएगा। आदेशों के अनुसार पुलिस अधीक्षक सोलन कन्टेनमेंट जोन में प्रवेश तथा निकासी प्रतिबन्धित करने के लिए समुचित संख्या में पुलिस बल की तैनाती करेंगे। उक्त क्षेत्र में वाहनों का आवागमन नियन्त्रित करने के लिए पुलिस नाके भी लगाएगी। कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति को कन्टेनमेंट जोन में आने-जाने की अनुमति नहीं होगी। कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं सहायक आयुक्त परवाणू यह सुनिश्चित बनाएंगे कि कन्टेनमेंट जोन में प्रवेश तथा निकासी के समय सभी वाहनों को अनिवार्य रूप से सेनिटाइज किया जाए। यह आदेश कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं सहायक आयुक्त परवाणू द्वारा क्षेत्र में कोविड-19 के पाॅजिटिव रोगियों के सम्बन्ध में प्रेषित संस्तुति तथा केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किए गए हैं। कार्यकारी दण्डाधिकारी एवं सहायक आयुक्त परवाणू उक्त कन्टेनमेंट जोन के लिए समग्र प्रभारी होंगे। तहसीलदार कसौली उनके सहायक होंगे। आदेश कन्टेनमेंट जोन में स्वास्थ्य परीक्षण के लिए नमूने एकत्र करने की प्रक्रिया पूर्ण होने एवं सभी नमूनों की रिपोर्ट नेगेटिव आने तक लागू रहेंगे।
पर्यटन विभाग के सौजन्य से ऑनलाइन फोटोग्राफी प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है जिसमें प्रतिभागी पहले 25 फरवरी से 25 मार्च तक अपनी प्रविष्टि डिजिटल फोटो के रूप में विभागीय ईमेल पर भेज सकते थे। जिला पर्यटन विकास अधिकारी विजय कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि विभाग द्वारा फोटोग्राफी प्रतियोगिता-2020 का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के चलते अब इस प्रतियोगिता के लिए प्रविष्टियां भेजने की अंतिम तारीख को 31 जुलाई तक बढ़ा दिया गया है। जिला चंबा का इतिहास, संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य से संबंधित विषय प्रतियोगिता में शामिल किए गए हैं । सर्वश्रेष्ठ फोटोग्राफ के विजेता प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार के रूप में क्रमशः आठ हजार, पांच हजार और तीन हजार की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त चार सांत्वना पुरस्कार भी दिए जाएंगे जिसकी राशि एक-एक हजार रूपए रहेगी। प्रतियोगिता में भाग लेने की पात्रता चंबा जिला का मूल निवासी व प्रतिभागी की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी निश्चित की गई है। प्रतियोगिता में प्रतिभागी केवल एक फोटो भेज सकेगा और प्रेषित की जाने वाली फोटो के साथ नाम, पता व मोबाइल नंबर देना आवश्यक होगा। फोटो का शीर्षक या व्याख्या 50 शब्दों के भीतर की जा सकेगी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रतियोगिता के लिए भेजे गए समस्त फोटोग्राफ के कॉपीराइट विभाग के पास रहेंगे व चयनित फोटो का प्रयोग विभाग द्वारा किसी भी तरह के प्रचार- प्रसार इत्यादि कार्यों में बिना शुल्क दिए किया जा सकेगा। प्रविष्टि डिजिटल फोटो के रूप में 31 जुलाई तक विभागीय ईमेल dtdochamba@gmail.com पर स्वीकार की जाएगी। प्रेषित किए जाने वाले फोटोग्राफ का प्रारूप JPEG और न्यूनतम आकार 5MB जबकि गुणवत्ता 300 डीपीआई से कम नहीं होनी चाहिए। प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल का फैसला अंतिम व सर्वमान्य होगा। प्रतिभागियों को यह भी लिखित में देना होगा कि उनके द्वारा भेजी गई फोटो प्रविष्टि किसी तीसरी पार्टी के अधिकारों या कॉपीराइट का उल्लंघन नहीं करती है।
भाषा एवं कला संस्कृति विभाग के पुर्व उप निदेशक जगदीश शर्मा के पुत्र मनजीत शर्मा के एचएएस अधिकारी बनने पर कुनिहार के लोगो में खुशी की लहर है। कुनिहार की माटी से निकले अपार प्रतिभा के धनी मनजीत के पिता जगदीश शर्मा ने दूरभाष पर विशेष बातचीत में बताया कि मनजीत ने आवकारी एवं कराधान विभाग में सहायक के पद पर 3 वर्ष तक सेवाएं दी। इस अवधी में उन्होने बी कॉम,एल एल बी और पत्रकारिता में डिग्री हासिल करने के बाद एच ए एस/अलाइड की परीक्षा उत्तीर्ण की और राजस्व विभाग में नायब तहसीलदार के पद पर कार्य किया। इसके उपरांत इन्होंने तहसीलदार के पद पर अपने ईमानदार व पाक साफ कार्य के लिए लोगो के दिलो में राज किया। इसके पश्चात मनजीत ने जिला राजस्व अधिकारी के पद पर सेवाएं दी। कोविड के इस दौर में उनके बेहतरीन कार्य और ईमानदारी के लिए उन्होने लोगो के दिलों में जंहा विशेष स्थान बनाया तो वन्ही इस दौरान अनेक संस्थाओ ने उन्हे सम्मानित भी किया। मनजीत ने अपने कार्यकाल में जिस भी विभाग में कार्य किया, उस विभाग में आम लोगो के खासे पसंदीदा अधिकारी रहे। कुनिहार में मनजीत के चाचा इंद्रपाल शर्मा ने भी अपने भतीजे की इस कामयाबी पर खुशी जताई, तो वन्ही राधा रमन शर्मा, गोपाल कृष्ण शर्मा, विनोद भारद्वाज, देश राज शर्मा आदि ने मनजीत को बधाई देते हुए कहा कि मनजीत की इस कामयाबी से कुनिहार क्षेत्र का नाम रोशन हुआ है। हम उनकी नई पारी के लिए शुभकामनाएं देते हैं और आशा करते है कि यह अपने कार्यो से हमारे कुनिहार के साथ साथ जिला व प्रदेश का नाम भी रोशन करे।
जिला बिलासपुर नीजि बस आपरेटर यूनियन के पूर्व प्रधान अनिल कुमार मिंटू ने मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा है कि उन्होंने सरकार के आदेश अनुसार अपनी बसों को सड़कों पर उतार कर देख लिया लेकिन खर्चा तक पूरा न होने के कारण अब प्राईवेट बस आपरेटर बसें चलाने में पूरी तरह से असमर्थ हैं क्योंकि इस दौरान साठ प्रतिशत सवारियों को बिठाने की शर्त के तहत बसों को सड़क पर लाया तो गया लेकिन साठ प्रतिशत सवारियां भी नहीं मिली। उन्होंने कहा कि कोविड-19 यानि कोरोना वायरस का खौफ जनता के मन में घर कर गया है तथा लोग अपने घरों से नहीं निकल रहे हैं। लोग अपनी जान को जोखिम में नहीं डालना चाहते हैं, और इसी बात को सरकार ने भी माना है, क्योंकि।जिस जोर शोर से सरकार ने एचआरटीसी का बेड़ा सड़कों पर उतारा था, तो सरकार का यह प्रयोग भी विफल रहा है। अब मुश्किल से दस या बीस प्रतिशत बसें चल रही हैं। अनिल कुमार मिंटू ने कहा कि कोरोना से पीटे गए आपरेटर अभी अपनी सांसों को संभाल ही रहे थे कि डीजल के दाम में पैट्रोल से ज्यादा हुई।बढ़ोतरी ने आपरेटरों की कमर पूरी तरह से तोड़ दी है। सरकार ने पैट्रोल से ज्यादा डीजल के दाम बढ़ाकर न सिर्फ इतिहास रचा है बल्कि बस आपरेटरों की उम्मीद पर भी डीजल छिड़क दिया है। पूरी तहत से पस्त हो चुके नीजि बस आपरेटरों की उम्मीदें धूमिल हो चुकी हैं। सरकार को यदि प्राईवेट बसों को चलाना है तो बस किरायों में बढ़ोतरी निश्चित तौर पर करनी होगी। यही नहीं प्राईवेट बस आपरेटरो की यह भी मांग है कि बसों का टैक्स 31 मार्च 2021 तक माफ किया जाए। उन्होंने बताया कि प्राइवेट बसों का यह प्रयोग भी विफल रहा है तथा अब नीजि बस आपरेटरों को अपने परिवारों का भरण पोशण करना भी मुश्किल हो रहा है। बैंकों के कर्ज एवं अन्य देनदारियां इतनी बढ़ चुकी है कि इन्हें चुकाने के लिए फोन आना शुरू हो गए हैं जिससे बस आपरेटर मानसिक तौर पर परेशान हैं। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि लाखों की बसों के मालिकों को अपना व परिवार का पेट पालने के लिए मनरेगा के तहत दिहाड़ियां लगानी पड़ रही है। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री को चाहिए कि वे बस आपरेटरों की इस स्थिति को महसूस करें और आर्थिक पैकेज का ऐलान करें ताकि आपरेटर व उनके परिवार के साथ-साथ उन पर निर्भर चालक परिचालक भी दो वक्त की रोटी खा सके। अनिल कुमार मिंटू ने कहा कि आथिर्क पैकज के तौर पर सरकार ने एचआरटीसी को 55,65 करोड सहायता दी, तब कहीं स्टाफ को सैलरी मिली है। उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश की आर्थिकी में अपना अहम योगदान देने वाले प्राईवेट बस आपरेटरों के बारे में भी सरकार को गंभीरता से सोचना चाहिए और किसी राहत पैकेज का एलान कर कोरोना महामारी के इस दौर में राहत पहुंचाने का काम करना चाहिए।
हिमाचल पथ परिवहन निगम के चंबा डिपो में चालकों व परिचालकों के रात्रि व ओवरटाइम भत्ते सहित अन्य वित्तीय लाभों को डकारने के आरोपी आडिटर को प्रबंधन ने सस्पेंड कर दिया है। आरोपी आडिटर पर आरंभिक जांच में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सही पाए गए हैं। इसके अलावा आरोपी आडिटर डयूटी से गैर हाजिर रहकर जांच प्रक्रिया में अपनी भूमिका का सही तरीके से निर्वाहन भी नहीं कर रहा है। इसके चलते निगम प्रबंधन ने आरोपी आडिटर के खिलाफ यह नियमानुसार कडी कार्रवाई अमल में लाई है। परिवहन निगम चंबा डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक सुभाष रणहोत्रा ने खबर की पुष्टि की है। परिवहन निगम के चंबा डिपो में कार्यरत एक आडिटर पर वित्तीय अनियमितताएं बरतते हुए चालकों व परिचालकों के विभिन्न वित्तीय लाभों को अपने खाते में डालकर घपला करने की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर हुई थी। इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए निगम प्रबंधन ने आरोपी आडिटर के खिलाफ जांच बिठाई थी। इन दिनों शिमला से चंबा पहुंची टीम आडिटर पर लगे आरोपों की जांच में जुटी हुई है।
विद्युत विभाग अर्की के अधिशासी अभियन्ता के 30 जून को सेवा निवर्ती के उपरान्त 1 जुलाई बुधवार को विकास ठाकुर ने विद्युत विभाग अर्की के अधिशासी अभियंता के रूप में कार्यभार संभाला। विकास ठाकुर से हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि मेरी प्राथमिकता भूमती में 33केवी के सब स्टेशन का निर्माण शीघ्र करवाना है ताकि वँहा के लोगो की परेशानी कम हो साथ ही सायरी 33केवी सब स्टेशन को भी गति प्रदान की जाएगी। डुमेहर और भूमती के 11केवी फीडर को अलग करना है ताकि ट्रिपिंग की दर को कम से कम किया जा सके। साथ ही कुफ़्टू रुगड़ा के 20-22 ट्रांसफार्मर को सायरी फीडर से अलग किया जाएगा जिससे बिजली सुचारू रूप से चलेगी। अर्की मण्डल के दूर दराज क्षेत्रों का सिलसिलेवार दौरा कर लोगों की समस्याओं का निर्वहन किया जाएगा। लोगों और अफसरों से फीडबैक लेकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि समस्याओं को शीघ्र निपटाया जाए। इसके अलावा जल्द ही कुनिहार 33केवी सब स्टेशन की अपग्रेडेशन की जाएगी जिससे अर्की,कुनिहार, भूमती और सायरी की बिजली सुचारू रूप से चलेगी। गौर रहे कि इससे पहले विकास ठाकुर कुनिहार में एस डी ओ के पद पर कार्य कर चुके है और इन्हें अर्की क्षेत्र में कार्य करने का अनुभव है जिसका लाभ विभाग व लोगों को मिलेगा।
राज्य कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं विधायक राजेंद्र राणा ने अब इंडियन इंस्टिच्यूट ऑफ मैनेजमेंट नाहन की ओर प्रदेश व केंद्र सरकार का ध्यान खींचा है। राणा ने कहा कि एमएचआरडी कानूनों का हवाला देकर एनआईटी हमीरपुर के बाद अब आईआईएम नाहन पर भी मनमानी व तानाशाही के आरोप लगे हैं। राणा ने कहा कि संस्थान में कार्यरत पीड़ित और प्रताड़ित लोगों ने उन्हें बताया है कि संस्थान के मुखिया की मनमानी व तानाशाही के चलते इस संस्थान में श्रम नियमों व कानूनों की घोर अवेहलना हो रही है। यहां तक कि लॉकडाउन व कफ्र्यू के दौरान भी यहां कार्यरत लोगों को कई-कई घंटे काम करने के लिए दबाव बनाया जाता रहा है। जबकि इसकी एवज में इन कर्मचारियों को कोई वित्तिय लाभ नहीं दिया गया है। राणा ने कहा कि 2015 में खुले राष्ट्रीय स्तर के इस संस्थान में चल रही मनमानी व तानाशाही के कारण करीब 30 लोग नौकरी छोडऩे को विवश रहे हैं। जबकि मुख्य प्रशासनिक सेवाओं में कार्यरत 4 लोग भी इसी मनमानी के कारण नौकरी छोड़ चुके हैं। पहले यह संस्थान आईआईएम लखनऊ द्वारा नियंत्रित था लेकिन 2017 में यहां डायरेक्टर की तैनाती के बाद अब इस संस्थान को डायरेक्टर देख रहे हैं, लेकिन यहां तैनात डायरेक्टर पर भी मनमानी व तानाशाही के आरोप चस्पां हैं। केंद्र के सालाना करोड़ों के खर्चों से चलने वाले इस संस्थान में भी राजसी प्रशासनिक रुतबा कायम है। यहां संस्थान के मुखिया कड़ी इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा व्यवस्था में बैठते हैं। ऐसे में आम कर्मचारी व आम नागरिक को इन लोगों को मिलना काफी मुश्किलों भरा रहता है। राणा ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि इन संस्थानों में बढ़ रही बेखौफ मनमानी व तानाशाही को खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर प्रयास करें। क्योंकि जब तक इन संस्थानों की बीओजी कमेटी में 60 फीसदी सदस्य हिमाचल के नहीं होंगे तब तक इन संस्थानों की मनमानी जारी रहेगी। राणा ने कहा कि बीओजी का चेयरमैन भी हिमाचली हो तो जहां इन संस्थानों की निरंकुश कारगुजारी पर लगाम लगेगी। वहीं इन संस्थानों की पारदर्शिता भी बढ़ेगी और इसके साथ ही बीओजी कमेटी में बैठे लोग हिमाचली हितों की रक्षा भी कर सकेंगे। राणा ने कहा कि कमोवेश तानाशाही, मनमानी व भ्रष्टाचार की यह स्थिति समूचे भारत के राष्ट्र स्तरीय संस्थानों में एक जैसी है। जहां एमएचआरडी का हवाला देकर राज्य के हितों से खिलवाड़ किया जाता है। जिस कारण से इन संस्थानों पर मनमानी व तानाशाही के बीच भ्रष्टाचार के आरोप भी निरंतर लगे रहते हैं। शायद यही कारण है कि इन संस्थानों के मुखियों पर संस्थान छोड़ने के बाद गंभीर वित्तिय अनियमतताओं के आरोप लगातार लगते हैं। राणा ने एनआईटी हमीरपुर के पूर्व डायरेक्टर का हवाला देते हुए कहा है कि उन्हें मिली सूचना के मुताबिक एनआईटी हमीरपुर के पूर्व डायरेक्टर के अरेस्ट वारंट निकले हुए हैं, लेकिन अभी तक जांच एजेंसियों उन्हें नहीं ढूंढ पाई हैं। राणा ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आग्रह किया है कि प्रदेश में खुले राष्ट्र स्तरीय संस्थानों की बलेगामीयों व कारगुजारियों को लेकर मानव संसाधन मंत्रालय से मामला उठाया जाए ताकि हिमाचली प्रतिभाओं को कुंठित व प्रताडि़त होने से बचाया जा सके और इसके साथ ही एमएचआरडी के नियमों के नाम पर चली बेलगामी व भ्रष्टाचार पर अंकुश लग सके।
चंबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्थापित होने वाली एमआरआई और सीटी स्कैन मशीनों की बिड 25 जुलाई को खुलेगी। उपायुक्त विवेक भाटिया ने एस्पिरेशनल जिला योजना के केंद्रीय प्रभारी अधिकारी के संजयमूर्ति द्वारा दिल्ली से की गई वीडियो कॉन्फ्रेंस में भाग लेने के बाद बताया यदि यह बिड क्वालीफाई करती है तो संबंधित कंपनी को उसके बाद अगले 3 महीनों के भीतर इन मशीनों को स्थापित करना होगा। उपायुक्त ने कहा कि इन मशीनों की खरीद और उनकी स्थापना के लिए 9 करोड़ रुपए की राशि उपलब्ध भी हो चुकी है। उपायुक्त ने बताया कि इसके अलावा के संजय मूर्ति ने चंबा मेडिकल कॉलेज भवन के निर्माण, चंबा मेडिकल कॉलेज के मौजूदा अस्पताल की मरम्मत, जिले में संस्थागत डिलीवरी के सुदृढ़ीकरण और मोबाइल मेडिकल वैन की सुविधा को जल्द शुरू करने के भी निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि सरोल में मेडिकल कॉलेज भवन का निर्माण नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कंपनी करेगी। मेडिकल कॉलेज साईट पर 36 पेड़ों को काटने की भी अनुमति मिल चुकी है। उपायुक्त ने चंबा मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को इस दिशा में जल्द कदम उठाने के लिए कहा ताकि साइट क्लीयरेंस के बाद चंबा मेडिकल कॉलेज के नए भवन का कार्य भी आरंभ हो सके। उपायुक्त ने बताया कि जिले में गर्भवती महिलाओं को संस्थागत डिलीवरी की सुविधाएं मुहैया करने के मकसद से जहां दो डिलीवरी पॉइंट को सुदृढ़ किया जाएगा वहीं 7 नए डिलीवरी प्वाइंट भी चिन्हित किए गए हैं जहां संस्थागत डिलीवरी की आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। उपायुक्त ने कहा कि एस्पिरेशनल जिला योजना के केंद्रीय प्रभारी अधिकारी द्वारा विशेष तौर से जिले में टेलीमेडिसिन की सुविधा के अलावा राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन अभियान में देश के सभी 112 एस्पिरेशनल जिलों में चौथा स्थान हासिल करने के लिए सराहना भी की। जिले में इस समय 21 केंद्रों पर टेलीमेडिसिन की सुविधा दी जा रही है जिनमें जनजातीय पांगी और भरमौर क्षेत्र भी शामिल हैं। जिले को जल्द एक मोबाइल वैन मिलने वाली है जिसमें क्षय रोग के नमूने लेने की भी पूरी सुविधा उपलब्ध रहेगी। उपायुक्त ने यह भी बताया कि सलूणी क्षेत्र में एक शव गृह का निर्माण होगा जिसके लिए भूमि चिन्हित कर ली गई है और इसकी एफसीए क्लीयरेंस के बाद हिमुडा द्वारा इसका निर्माण किया जाएगा। केंद्रीय प्रभारी अधिकारी के साथ वीडियो कांफ्रेंस के बाद उपायुक्त ने लीड बैंक को हिदायत देते हुए कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड की उपलब्धता का जिले में पूरा विस्तार किया जाए ताकि सभी किसान किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा के साथ जुड़कर इसका लाभ उठा सकें। उपायुक्त ने कहा कि हालांकि जिले में माइक्रो सिंचाई के क्षेत्र में विस्तार हुआ है लेकिन फिर भी मनरेगा कन्वर्जेंस के तहत और ज्यादा माइक्रो सिंचाई पर फोकस करने की जरूरत है। उपायुक्त ने कहा ये भी बताया कि केंद्रीय प्रभारी अधिकारी के निर्देशानुसार राजकीय डिग्री कॉलेज चंबा की नेशनल एसेसमेंट एंड एक्रीडिटेशन काउंसिल(नैक) से असेसमेंट और एक्रीडिटेशन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी ताकि इस कॉलेज में विद्यार्थियों की बड़ी संख्या के मद्देनजर शिक्षा के क्वालिटी स्टेटस का लाभ मिले। उपायुक्त ने कहा कि आगामी कुछ दिनों के बाद वे एस्पिरेशनल जिला योजना के सभी पैरामीटर्स की समीक्षा बैठक करेंगे ताकि योजना का कार्यान्वयन जो कोविड-19 के चलते प्रभावित हुआ था अब गति ले। इस मौके पर चंबा मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ पीके पुरी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश गुलेरी, जिला योजना अधिकारी गौतम शर्मा के अलावा एस्पिरेशनल जिला योजना से जुड़े अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज कुल्लू जिला के मनाली में अटल सुरंग के परियोजना मुख्यालय में सीमा सड़क संगठन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें इस परियोजना को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। सुरंग का निर्माण कार्य पूरा होने से दूर-दराज लाहौल-स्पिति का क्षेत्र वर्षभर विश्व के अन्य भागों से जुड़ा रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस बड़ी परियोजना के शीघ्र पूरा होने में गहरी रूचि ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि परियोजना न केवल सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह लाहौल-स्पिति जिला के लोगों के लिए भी वरदान साबित होगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का निर्माण कार्य 3500 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरंग की लम्बाई लगभग नौ किलोमीटर है और इसके निर्माण के बाद 46 किलोमीटर की दूरी कम होगी। यह सुरंग इंजीनियरिंग का एक चमत्कार होने के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का प्रमुख केन्द्र होगी। उन्होंने कहा कि इस सुरंग में 150 मीटर की दूरी पर दूरभाष सुविधा, आग बुझाने के उपकरण, आपात निकास सुविधा, वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली, प्रसार प्रणाली, सीसीटीवी कैमरों के साथ ही दुर्घटना पता करने की स्वचालित प्रणाली आदि की भी सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि इस सुरंग के राष्ट्र को समर्पित होने के उपरान्त सीमावर्ती लद्दाख और कारगिल क्षेत्रों के लिए वर्ष भर सभी मौसमों के दौरान संचार सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री ने अटल सुरंग का दौरा किया तथा कार्य प्रगति का भी जायजा लिया। सीमा सड़क संगठन के प्रमुख अभियन्ता ब्रिगेडियर के.पी. पुरूषोतमन, वि.एस.एम. ने मुख्यमंत्री को परियोजना कार्य का तय समय सीमा के भीतर पूरा होने का आश्वासन दिया।
जिला प्रशासन सिरमौर की पहल पर आयुर्वेदिक विभाग द्वारा जिले के 6 प्रशासनिक ब्लोक में क्वाथ शाला प्रारम्भ करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई गई है जिनमें से पांच क्वाथ शालाओं का शुभारम्भ व संचालन आयुर्वेद विभाग द्वारा कर दिया गया है। यह जानकारी उपायुक्त सिरमौर डॉ आर के परूथी ने दी। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद में काढ़े का बड़ा महत्त्व है जिसका प्रयोग पुरातन काल से रोगों से बचाव व इलाज के लिए किया जाता था। वर्तमान में कोविड-19 की परिस्थिति को देखते हुए रोग प्रतिरोधि क्षमता बढाने के लिए काढ़े का महत्त्व और अधिक बढ़ गया है। इसी को ध्यान में रख कर आयुष मंत्रालय द्वारा नियमित रूप से काढा सेवन करने की सलाह व दिशा निर्देशों के बाद सामान्य जनता में काढ़े को लेकर जागरूकता उत्पन्न हुई है। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद चिकित्सालय पौंटा साहिब की क्वाथशाला का शुभारंभ विधायक सुखराम चौधरी, क्वाथशाला राजगढ़ का शुभारम्भ विधायक रीना कश्यप, क्वाथशाला शिलाई का शुभारम्भ बलदेव तोमर उपाध्यक्ष खाद्य आपूर्ति निगम, क्वाथशाला नैना टिक्कर का शुभारम्भ एस डी एम सरांहा सोनाक्षी तोमर तथा क्वाथशाला श्री रेणुकाजी का शुभारम्भ सी ई ओ, रेणुकाजी विकास बोर्ड दीपराम शर्मा ने किया। जिला आयुर्वेद अधिकारी सिरमौर डॉ राजेन्द्र देव ने बताया कि इन सभी क्वाथशालाओं में सामान्य जन की इम्युनिटी बढाने के लिए प्रतिदिन काढा बनाकर पिलाया जाएगा। इनमे आयुष काढा, मधुयष्ठी कषाय सहित समय-समय पर अन्य काढ़े पिलाए जायेंगे। इसके अतिरिक्त आयुष काढ़ा में तुलसी, दालचीनी, सौंठ और कालीमिर्च जैसे प्राकृतिक तत्व शामिल हैं। यह आयुष काढा लोगों में प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मददगार साबित होगा।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अधीन कार्यरत समेकित बाल विकास परियोजना को विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में शिशुओं, किशोरियों, महिलाओं एवं धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य को बनाए रखने का आधार माना जाता है। समेकित बाल विकास परियोजना में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं तथा इनसे जुड़े स्वयं सहायता समूह इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। किन्तु कोविड-19 के संक्रमण काल में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की अग्रिम कोरोना योद्धा की भूमिका ने सभी के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। अपने कार्य के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकओं तथा इनसे जुड़े स्वयं सहायता समूहों ने सोलन जिला की सभी 211 ग्राम पंचायतों में न केवल जन-जन को कोरोना वायरस संक्रमण के विषय में जागरूक किया अपितु प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण को रोकने के उद्देश्य से आरम्भ किए गए महत्वाकांक्षी एक्टिव केस फाइडिंग अभियान में भी सक्रिय भूमिका निभाई। कोविड-19 संक्रमण के विषय में लोगों को जागरूक बनाने तथा जिला के प्रत्येक आवास में पहुंचकर लोगों से इस विषय से जानकारी एकत्र करने के लिए कार्यान्वित किए गए एक्टिव केस फाइडिंग अभियान में 590 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने कार्य किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं और इनसे जुड़े स्वयं सहायता समूहों ने कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनने, 02 व्यक्तियों के मध्य कम से कम 02 गज की दूरी बनाने और बार-बार अपने हाथ साबुन से धोने अथा अल्कोहल युक्त सेनिटाईजर से स्वच्छ करने की दिशा में प्रेरित भी किया। समेकत बाल विकास परियोजना से जुड़े इन सभी अग्रिम पंक्ति कोरोना योद्धाओं की सक्रियता का अनुमान इस तथ्य से ही लगाया जा सकता है कि इन्होंने अब तक सोलन जिला में लोगों के प्रयोग के लिए 01 लाख 25 हजार कपड़े से बने मास्क तैयार किए हैं। यह सभी मास्क लोगों में वितरित भी कर दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने जहां यह मास्क तैयार करने के लिए कपड़ा उपलब्ध करवाया वहीं जिला की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं स्वयं सहायता समूहों ने अपने घर पर स्वयं भी मास्क तैयार किए। प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मंत्री डाॅ. राजीव सैजल की अगुवाई में 60 से अधिक ग्राम पंचायतों में लगभग 25 हजार से अधिक मास्क वितरित किए गए। जिला की सभी ग्राम पंचायतों में घर पर मास्क बनाने की विधि एवं उचित प्रकार से मास्क पहनने का तरीका भी व्यवहारिक रूप से बताया गया। लाॅकडाउन अवधि में गत 03 माह में जिला के सभी आंगनबाड़ी केन्द्र कार्यरत रहे और लाभार्थियों को उनके आवास पर पोषाहार उपलब्ध करवाया गया। इस अवधि में 03 वर्ष तक की आयु के लगभग 18700, 03 से 06 वर्ष तक की आयु के 7700 तथा 7800 गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषाहार उपलब्ध करवाया गया। कोविड-19 के कारण प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिला में कार्यरत पांचों समेकित बाल विकास परियोजना अधिकारियों को घरेलू हिंसा के मामलों में लोगों को परामर्श प्रदान करने एवं आवश्यकता पड़ने पर पुलिस की सहायता से मामला सुलझाने अथवा पंजीकृत करने के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया। अधिक से अधिक लोगों की इन अधिकारियों तक पहुंच बनाने के लिए इनके मोबाइल व्हट्सऐप नम्बर प्रचारित किए गए। समेकित बाल विकास परियोजना के इन प्रयासों से जिलावासी वृहद स्तर पर लाभान्वित हुए हैं। प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में लोग कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा सुझाए गए उपायों की महता को समझ रहे हैं। इन उपयों के पालन में निश्चित रूप से जिला में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं इनसे सम्बद्ध स्वयं सहायता समूहों की भूमिका सराहनीय रही है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि अटल सुरंग का निर्माण कार्य अगस्त माह के अन्त तक पूरा कर लिया जाएगा तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सम्भवतः सितम्बर माह में इसे राष्ट्र को समर्पित करेंगे। मुख्यमंत्री वीरवार को लाहौल-स्पिति जिले के सीसु में लोगों को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कोरोना महामारी से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए लाहौल-स्पिति के लोगों की सराहना की। उन्होंने जिला के लोगों से आग्रह किया कि वे अच्छा कार्य जारी रखें क्योंकि संकट अभी टला नही है। उन्होंने कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि देश को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मजबूत और सक्षम नेतृत्व प्राप्त है। उन्होंने कहा कि विश्व के 15 सबसे विकसित देशों, जहां 142 करोड़ जनसंख्या है, में कोरोना के कारण लगभग पांच लाख लोगों की मृत्यु हुई है, जबकि भारत की जनसंख्या 135 करोड़ होने के बावजूद भी अभी तक कोरोना महामारी के कारण लगभग 17 हजार लोगों की मृत्यु हुई हैं। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य की स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि राज्य में कोरोना मरीजों की संख्या में हुई तीव्र वृद्धि देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे दो लाख से अधिक लोगों को प्रदेश वापिस लाए जाने के कारण हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों की चिन्तित होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि प्रदेश सरकार स्थिति से पूरी तरह से अवगत है। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के लोगों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार क्षेत्र के विकासात्मक कार्यों के लिए पर्याप्त धन की व्यवस्था सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कार्य दिवस सीमित है इसलिए क्षेत्र की विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के प्रयास किए जाने चाहिए। कृषि मंत्री डाॅ. राम लाल मारकण्डा ने मुख्यमंत्री का अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र में स्वागत किया तथा अटल सुरंग के समयबद्ध निर्माण में गहन रूचि रखने के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इस सुरंग का निर्माण पूरा होने से इस खूबसूरत जिला की पर्यटन गतिविधियों में नए आयाम जुड़ने के अतिरिक्त युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे। सांसद रामस्वरूप शर्मा ने इस अवसर पर अपने विचार रखें। परिवहन और वन मंत्री गोविन्द ठाकुर, बंजार के विधायक सुरेन्द्र शौरी, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव डाॅ. आर.एन. बत्ता, उपायुक्त कमल कान्त सरोच, पुलिस अधीक्षक राजेश धर्माणी और अन्य अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
चौहडा के पास डैम में वीरवार को किसी महिला की लाश बरामद हुई। महिला की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस ने शव को डैम से निकालकर चंबा मेडिकल कॉलेज के शव गृह में रखा है जहां पर उसे शिनाख्त होने तक तय समयावधि तक रखा जाएगा। शव को देख लग रहा है कि शव काफी दिन पुराना है लेकिन अभी तक मृतक महिला की पहचान नहीं हो पाई है। वीरवार को पुलिस को सूचना मिली कि चौहड़ा के पास डैम में किसी महिला का शव पड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शव को डैम से बाहर निकाला जहां से शव को चंबा मेडिकल कॉलेज के शव गृह में पहुंचाया गया। पुलिस अब महिला की शिनाख्त करने में जुट गई है। जिला के सभी थानों व पुलिस चौकियों में संपर्क किया जा रहा है कि वहां किसी महिला के लापता होने की शिकायत तो दर्ज नहीं हुई है ताकि महिला की शिनाख्त के लिए संबंधित परिवार को बुलाया जा सके। खबर लिखे जाने तक शव की शिनाख्त नहीं हो पाई थी। पुलिस अधीक्षक डॉक्टर मोनिका ने बताया कि डैम में महिला का शव मिला है। लेकिन अभी तक शव की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस मामले की आगामी कार्यवाही को अंजाम दे रही है।
प्रदेश के बिलासपुर जिला के ग्राम पंचायत छड़ोल के अंतर्गत जामली गांव में ससुर द्वारा बहू की बेरहमी से पिटाई करने का मामला सामने आया है। पिटाई से महिला के शरीर पर काफी चोटें आईं है। गंभीर हालत में महिला को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर ससुर के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। बहू के साथ मारपीट का वीडियो भी वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि बीती शाम शराब के नशे में धुत्त ससुर किसी बात को लेकर बहू से बहस करने लगा। धीरे-धीरे मामला काफी बढ़ गया और उसने तेजधार हथियार से बहू के सिर पर वार कर दिया। बहू के चिल्लाने की आवाज सुनकर पड़ोस की महिलाओं ने मौके पर पहुंच कर उसे छुड़ाया ओर 108 की सहायता से जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
वीरवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता प्रदेश के शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज से मिले और ज्ञापन सौंपा। प्रान्त मंत्री राहुल राणा ने जानकारी देते हुए बताया कि आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा ज्ञापन सौंपा गया जिसमें की प्रमुख माँग यह है कि जो JBT कमीशन में NCTE की अधिसूचना के अनुसार B.Ed के छात्रों को शामिल किया जा रहा है और JBT के छात्रों को कोई प्रथमिकता नही दी जा रही है जिसका विद्यार्थी परिषद पुरजोर विरोध करती है। इसके पीछे उन्होंने तर्क देते हुए कहा कि जो जेबीटी प्रशिक्षु द्वारा प्राथमिक स्तर पर सभी विषयों को पढ़ाने का प्रशिक्षण दिया जाता है वही दूसरी ओर b.ed के प्रशिक्षु द्वारा किन्ही दो विषय को पढ़ाए जाता है, वहीं जेबीटी और बीएड के पाठ्यक्रम में बहुत अंतर होता है, जेबीटी प्रशिक्षु की न्यूनतम योग्यता 12वी पास और बीएड के लिए स्नातक रखी गई है अतः अंतर स्पष्ट दिखाई दे रहा है और इस प्रकार का निर्णय न्यायसंगत नही है। इस प्रकार की असमानता को देखते हुए भी ऐसे निर्णय उचित नहीं है। वर्तमान समय मे राज्य में 25000 जेबीटी प्रशिक्षु प्रशिक्षित है। अब इसमें राज्य सरकार को भी विचार करना होगा की ऐसे में बीएड प्रशिक्षु को जेबीटी के साथ टेट व कमीशन में बैठने देना न्यायसंगत है या नहीं। लाखों की तादाद में बीएड प्रशिक्षु को जेबीटी के कमीशन में बैठने देने का मतलब जेबीटी प्रशिक्षु का हक छीनने जैसा है। उत्तरांचल, बिहार एवम अन्य राज्यो में प्रदेश सरकार ने को JBT छात्रों का पक्ष लेते हुए कोर्ट में प्रभावी ढंग से यह दलील दी और आखिर में कोर्ट ने JBT के छात्रों को प्राथमिकता देने का जजमेंट सुनाया। अतः विद्यार्थी परिषद प्रदेश में ऐसे निर्णय का विरोध करती है और साथी मांग करती है कि लाखों की तादाद में जेबीटी प्रशिक्षुओ के साथ ऐसा न किया जाए क्युकि जेबीटी में अलग से दो साल का प्रक्षिण दिया जाता है। यदि जेबीटी और बीएड को एक साथ रख दिया जाएगा तो जेबीटी प्रशिक्षु के दो साल के अलग प्रशिक्षण का कोई वजूद नही रह जायेगा। इस प्रकार के निर्णय में शीघ्र बदलाव किया जाए और जेबीटी प्रशिक्षुओं को उनके हक से वंचित न रखा जाए और वर्तमान में राज्य के लगभग 25000 जेबीटी प्रशिक्षुओं के साथ उचित न्याय किया जाए।
नेशनल हाईवे 205 से बरायली के समीप बरायली से शिवनगर को जाने वाली लिंक रोड जो कि प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत बनाई गई है, यह रोड राष्ट्रीय राजमार्ग 205 से लेकर लगभग दो किलो मीटर तक सीधी चढ़ाई में है, जिसमें डंगे लगाए गए हैं लेकिन डंगो के ऊपर कोई भी पैराफिट नहीं लगाया गया है, जिसकी वजह से कोई भी गाड़ी किसी भी समय नीचे गिर सकती है। उसकी खस्ताहाल का आलम यह है कि वीरवार सुबह एक ऑल्टो गाड़ी भी इस सड़क से नीचे गिर गई जिससे कोई जनहानि की घटना नही हुई, लेकिन बता दे कि यह सड़क किसी भी हालत में प्रधानमंत्री सड़क योजना का स्वरूप किसी भी प्रकार नही लगती। और तो और यह सड़क बिल्कुल खड़ी चढ़ाई व ढलान की तरह बनाई गई है, जिससे वाहन चालकों को इस पर चलना खतरे से खाली नही लगता। वहीँ पुलिस थाना दाड़लाघाट में भी अभी फिलहाल मामला दर्ज नही हुआ है लेकिन स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इस रोड में पैराफिट होना अन्यन्त महत्वपूर्ण है जिससे आगे भी इस तरह की कोई घटना न घट सके।
पुलिस थाना दाड़लाघाट के नए थाना प्रभारी जीत सिंह ने वीरवार को विधिवत कार्यभार संभाल लिया। जीत सिंह ने कार्यभार संभालते ही अपराध और आपराधिक वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए स्टाफ के साथ बैठक की और जरूरी दिशा निर्देश दिए। एसएचओ दाड़लाघाट जीत सिंह ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को बनाए रखना उनकी प्राथमिकता में शामिल है।उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग द्वारा शुरू की गई सामुदायिक योजना समर्थ के तहत 65 वर्ष से ऊपर के असहाय लोगों जिनके पास कोई साधन नहीं है,वैसे लोगों को कभी भी सहायता की जरूरत हो तो प्राथमिकता के आधार पर पुलिस थाना दाड़लाघाट से सहायता ले सकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में रहकर जनता की सेवा करना गर्व और सौभाग्य की बात है और इसी मकसद को लेकर मैंने पुलिस विभाग ज्वाइंन किया था। आज तक जहां-जहां भी पोस्टिंग रही जनता और मीडिया के साथ मिलकर जनहित में काम किया गया। बतौर थाना प्रभारी जीत सिंह का कहना है कि दाड़लाघाट औद्योगिक क्षेत्र होने के साथ साथ एक बड़ा और संवेदनशील इलाका है। पूरे इलाके की तफतीश के बाद यहां से जुर्म,नशे, अपराधियों पर शिकंजे के साथ साथ ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखना पुलिस का अहम मकसद रहेगा।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य, पूर्व मंत्री व विधायक राम लाल ठाकुर ने वर्तमान में प्रदेश सरकार के नैशनल हाइवे की दावों की पोल खोलते हुए कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। राम लाल ठाकुर ने पूछा है कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश में 63 नेशनल हाईवे में से 58 के लिये विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनाने को मंजूरी प्रदान कर दी थी। उनका वर्तमान में क्या स्टेटस है? राम लाल ठाकुर ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण(एनएचएआई) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्ष 2018 में एक बैठक भी की थी। उन्होंने अधिकारियों को इन मार्गों के लिए जल्द डीपीआर तैयार करने के निर्देश भी दिये ताकि इन पर जल्द काम शुरू हो सके। मुख्यमंत्री ने राज्य में इस समय राष्ट्रीय राजमार्गों का सड़क घनत्व प्रति हजार वर्ग किलोमीटर पर 47.65 किलोमीटर बताया था जबकि राष्ट्रीय औसत प्रति हजार वर्ग किलोमीटर पर 38.40 किलोमीटर है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी थी कि 63 नए राष्ट्रीय राजमार्ग के बनने से राज्य में सड़क घनत्व प्रति हजार वर्ग किलोमीटर पर बढ़ कर 125.11 किलोमीटर हो जाएगा। वर्तमान में राज्य में 2653 किलोमीटर के राष्ट्रीय राजमार्ग हैं जो नए राष्ट्रीय राजमार्ग के निमार्ण के बाद बढ़ कर 6965 किलोमीटर हो जाने थे। राम लाल ठाकुर ने कहा है कि इस विषय को क्यों दबाया जा रहा है कि राष्ट्रीय राजमार्गों का वर्तमान के क्या प्रारूप है, जो सरकार की बैठकों में तय होता है वह पूरा क्यों नही किया जाता है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि उस समय प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बताया था कि इन राष्ट्रीय राजमार्ग के बनने से पड़ोसी राज्यों हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और दिल्ली के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होंगे तथा इससे आम जनता के अलावा राज्य के सेब और अन्य उत्पादों की ढुलाई को फायदा हो जाएगा। मुख्यमंत्री जी ने यह भी बताया था कि प्रस्तावितरोहड़ू-चिरगांव-लरोट-चंशल-डोडरा क्वार राष्ट्रीय राजमार्ग से न केवल हरिद्वार और चार धाम के लिये वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होंगे बल्कि इससे राज्य में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। जबकि मुख्यमंत्री के वक्तव्य के अनुसार 70वां नेशनल हाईवे कुल्लू जिला के आनी में शमशर से लेकर झाकड़ी तक बनना तय था, जिसकी कुल लंबाई 148 किलोमीटर होनी थी। उसका वर्तमान में क्या प्रारूप है कोई नहीं जानता है, क्यों? राम लाल ठाकुर ने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार हिमाचल को केंद्र की सरकार ने एक और नेशनल हाइवे की सैंद्धांतिक मंजूरी दी थी। केंद्रीय सड़क एवं भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने यह मंजूरी भी दी थी। सीएम जयराम ठाकुर ने उस समय विधानसभा में वक्तत्व के माध्यम से इसकी जानकारी भी दी थी। अब हिमाचल में कुल 70 नेशनल हाईवे हो गए हैं. 70वां नेशनल हाईवे कुल्लू जिला के आनी में शमशर से लेकर झाकड़ी तक बनेगा, जिसकी कुल लंबाई 148 किलोमीटर होनी तय थी इसकी डीपीआर के लिए केंद्र ने 7 करोड़ 50 लाख भी मंजूर किए थे। अभी उसका क्या स्टेटस है, यह भी कोई नहीं जानता है। आखिर सरकारी तंत्र में चल क्या रहा है, राम लाल ठाकुर ने कहा कि सरकार जरूरत से ज्यादा हवाई किले बना रही है जो पूर्व में 69 नेशनल हाईवे घोषित किए हैं, उनका पैसा कहां है? पहले सरकार यह तो बताए। लोकसभा चुनावों से पहले बीजेपी ने 69 नेशनल हाईवे मिलने का दावा किया था और कहा था कि हिमाचल को 64 हजार करोड़ रुपये मिलने हैं अब वह कहां है, किसी को कोई पता नही है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि जिस तरह से केंद्र की सरकार विकास की योजनाओं के लिए हवाई किले बनाती है ठीक उसी के पदचिन्हों पर प्रदेश सरकार भी लोंगो को हवाई आकड़ो के सब्ज बाग दिखा कर वाहवाही लूटना चाह रही है।
चिकित्सा और चिकित्सक का नाम तभी सार्थक होता है जब वह मरीज की भगवान रूपी कल्पना की कसौटियों पर खरा उतरता है। चकित्सक को धरती पर भगवान की संज्ञा दी गई है और यही भगवान हमारे प्राणों की रक्षा भी करते हैं, किंतु ईमानदारी, कत्वर्यनिष्ठा और लगन से काम करने वाले ऐसे भगवान लंबे समय तक याद रखे जाते हैं। अपने अनुभव और दक्षता से बड़े अस्पतालों में होने वाले जटिल आपरेशनों को बड़ी सहजता से हिमाचल प्रदेश जैसी छोटे से राज्य में सफलता पूर्वक करने में माहिर वरिष्ठ सर्जन डा. राजेश आहलुवालिया अपनी सरकारी सेवाओं से निवृत हो गए। बिलासपुर जिला में पिछले चार सालों से अपनी सेवाएं दे रहे डा. आहलुवालिया के पास एमएस यानि चिकित्सा अधीक्षक का पदभार भी था, जिसमें अस्पताल की व्यवस्था संभालना उनका मुख्य कार्य है। बावजूद इसके वे मरीजों के स्वास्थ्य की जांच करना तथा असाध्य आपरेशनों को सफलता की कसौटी पर चढ़ाना इनकी दिनचर्या में शुमार रहा। यही कारण है कि डा. आहलुवालिया अपने स्टाफ के साथ-साथ जनता में लोकप्रिय रहे। बात अगर प्लास्टिक सर्जरी, कैंसर व अन्य ऑपरेशन की करें तो निजी अस्पताल व अन्य राज्यों में इन ऑपरेशन के लिए लाखों रूपये में खर्च होते है। जिन असाध्य आपरेशनों के लिए मरीजों को यहां से रैफर किया जाता रहा है, उन्हें बिलासपुर में ही आपरेट कर ठीक करने का गौरव भी डाॅ. आहलुवालिया को हासिल है। इनकी ख्याति प्रदेश में इतनी है कि लोग बाहरी जिलों से भी बिलासपुर आते हैं। कार्य के लिए प्रति उनका अनुभव व लग्न अन्य चिकित्सकों के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत है। बता दें कि जब से देश में लाॅकडाउन शुरू हुआ था तो उससे पहले से ही डाॅ. आहलूवालिया अपने घर में नहीं गए थे। ताकि वह लोगों को इस कोरोना काल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान कर सकें। वहीं, खास बात यह है कि चिकित्सा अधीक्षक के पद होने के नाते यह सारा दस्तावेज कार्य सहित मरीजों की जांच अपने कार्यालय करते हैं। यहां पर अगर कोई भी मरीज आ जाता है तो वह उनको निराश नहीं भेजते है। जबकि सभी मरीजों को यहां पर देखने के साथ अपने कार्यालय की दस्तावेजी औपचारिकताओं को भी बखूबी पूर्ण करते हैं। डाॅ. राजेश आहलूवालिया को अपने कार्यकाल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने हेतू कई प्रमाण ईनाम भी प्राप्त कर चुके है। चिकित्सा क्षेत्र में डाॅ. राजेश का सफरनामा चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. राजेश आहलूवालिया ने 1992-95 शिमला आईजीएमसी से अपनी पीजी कंप्लीट की है। 1995-99 जिला अस्पताल हमीरपुर में अपनी सेवाएं दी है। उसके बाद 1999-2016 तक इन्होंने पालमपुर अस्पताल में 17 साल अपनी सेवाएं दी है। तत्पश्चात बिलासपुर अस्पताल में पहली बार चिकित्सा अधीक्षक का पद भरे जाने के पर इनका तबादला पालमपुर से बिलासपुर जिला में हुआ था। उसके बाद डाॅ. आहलूवालिया ने 30 मई 2016 को बिलासपुर में चिकित्सा अधीक्षक का पदभार संभाला था। सैंकडों ऑपरेशन कर मरीजों को ठीक कर चुके हैं डाॅ. आहलूवालिया चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. राजेश आहलूवालिया बिलासपुर कार्यकाल में सैंकड़ों ऑपरेशन कर चुके है। बिलासपुर में आने वाले नए सर्जन भी इनके अनुभव से काफी कुछ सीखते हैं। इनके द्वारा बिना चीरफाड़ से ऑपरेशन, पीते का ऑपरेशन, कैंसर व अन्य दर्जनों गंभीर बीमारियों के इन्होने सफल ऑपरेशन किया है। आधुनिक तकनीक से होने वाले आपरेशनों को भी डाॅ. आहलुवालिया ने सहजता से किया है।
डीजल में लगातार बढ़ोतरी के चलते सिविल सप्लाई विभाग के सीमेंट ढुलान में जुटे हजारों ऑपरेटरों को रेट में वृद्धि न होने से आर्थिक नुकसान हो रहा है व बड़ी मुश्किल से इंधन खपत भी पूरी नहीं हो पा रही है। उल्लेखनीय है वर्ष 2014 में सिविल सप्लाई विभाग द्वारा किराए तय किए गए थे लेकिन उस समय डीजल 56 रुपए प्रति लीटर था। यह बात बीडीटीएस सभा पूर्व प्रधान एवं वर्तमान कार्यकारिणी सदस्य रमेश ठाकुर ने कहीं इन्होंने कहा सभा व एक्स सर्विसमैन यूनियन के 5 हजार से अधिक ट्रक एसीसी फैक्ट्री में सीमेंट ढुलान कार्य हेतु लगे हुए हैं। परंतु सिविल सप्लाई विभाग के द्वारा विभिन्न सरकारी महकमे को जाने वाले सीमेंट सप्लाई के पूर्व रेट ट्रक किराया 8.35 पैसे प्रति टन के होने के कारण लाखों रुपए का आर्थिक नुकसान ऑपरेटरों को हो रहा है। इन्होंने कहा अब डीजल में ₹15 की वृद्धि वर्ष 2014 के बाद होने के कारण ऑपरेटरों को पूर्व भाड़े में ही स्टेशन तक सीमेंट पहुंचाने के लिए डीजल भी बड़ी मुश्किल से पूरा हो रहा है क्योंकि इस समय सिविल सप्लाई भाड़ा और अन्य स्टॉकिस्ट और डंप के रेट में 1.64 पैसे का अंतर है जिस कारण प्रति गाड़ी किलोमीटर के हिसाब से 1 हजार से 2 हजार के बीच फर्क का नुकसान ऑपरेटरों को झेलना पड़ रहा है। इन्होंने कहा 14 मई 2018 को जब वह प्रधान के पद पर थे तो एक प्रतिनिधिमंडल सिविल सप्लाई विभाग व सरकार से डीजल के मुताबिक रेट बढ़ाने के लिए मिला था परंतु कुछ दिनों बाद ही बीडीटीएस में सत्ता परिवर्तन होने के कारण यह मामला ठंडे बस्ते में पड़ गया। रमेश ठाकुर, सदस्य चंदू राम ठाकुर, कुलदीप गौतम, पवन कौशल, विनय कुमार वर्मा, कमल किशोर व अन्य सभा के सदस्यों ने बताया कि कोविड-19 के कारण पहले से ही ऑपरेटरों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है दूसरे अब डीजल का ज्यादा गैप होने के कारण सिविल सप्लाई महकमे के द्वारा दी जाने वाली सरकारी महकमे को सप्लाई के रेट तुरंत बढ़ाने के लिए मांग की है वही इन्होंने वर्तमान सभा पर भी आरोप लगाते हुए कहा उनके ढुलमुल रवैया के कारण ऑपरेटरों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। हालांकि सरकार व विभाग द्वारा वर्ष 2018 में भी प्रतिनिधिमंडल को डीजल बढ़ोतरी के मुताबिक रेट बढ़ाने की बात कहीं गई थी। इन्होंने प्रधान व अन्य पदाधिकारियों से मांग करते हुए कहा है कि शीघ्र इस विषय पर गौर फरमाएं ताकि ऑपरेटरों को हो रहे आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को बेहतर एवं लाभप्रद रोजगार प्रदान करने के लिए कृतसंकल्प है। इस दिशा में मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना एवं मुख्यमंत्री ग्राम कौशल योजना विशेष रूप से सहायक सिद्ध हो रही है। डाॅ. सैजल सोलन जिला के कसौली विधानसभा क्षेत्र के काटल का बाग (खारसी पुल) में लगभग 1.50 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित आटा मिल अपूर्वा फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज का शुभारम्भ करने के उपरांत मिल कर्मियों एवं स्थानीय लोगों से विचार-विमर्श कर रहे थे। डाॅ. सैजल ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर नेतृत्व में प्रदेश सरकार जहां कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए दृढ़ संकल्प है वहीं यह प्रयास भी किया जा रहा है कि संकट के इस समय में युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध करवाए जाएं। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना तथा मुख्यमंत्री ग्राम कौशल योजना आरम्भ की गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना के तहत 18 से 45 वर्ष आयुवर्ग के युवाओं को उद्यम स्थापित करने के लिए नियमानुसार उपदान उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी तक योजना के तहत 04 हजार से अधिक आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना के तहत 01 हजार से अधिक उद्यम स्थापित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ग्राम कौशल योजना के तहत पारम्परिक शिल्पकारों एवं ग्रामीण युवाओं को परम्परागत कला और शिल्प सिखाया जा रहा है। इन्हें प्रशिक्षण के दौरान प्रतिमाह 1500 रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि योजना के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी स्थानीय खण्ड विकास कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है। डाॅ. सैजल ने कहा कि क्षेत्र में आधुनिक आटा मिल स्थापित होने से युवाओं को बेहतर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। अपूर्वा फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज नाम से स्थापित इस आटा मिल की उत्पादन क्षमता 15 हजार मीट्रिक टन वार्षिक है। प्रथम जुलाई से यह मिल सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए भी उत्पादन कर रही है। वर्तमान में यहां 12 व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध हुआ है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मन्त्री ने तदोपरान्त स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों एवं लोगों से विचार विमर्श किया और क्षेत्र की जनसमस्याएं भी सुलझाई। उन्होंने क्षेत्र में पेयजल तथा सड़क समस्या सुलझाने के लिए संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए। इस अवसर पर ग्राम पंचायत कोट की प्रधान सत्या देवी, एपीएसमसी सोलन के सदस्य मीना राम ठाकुर, भाजपा कार्यकर्ता कमलेश कुमार शर्मा, दीपराम शर्मा एवं मदन राम ठाकुर, ग्राम पंचायत कोट के पूर्व प्रधान जोगिंद्र शर्मा, भारतीय संचार निगम लिमिटिड के निदेशक रामेश्वर शर्मा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के निरीक्षक धर्मेश शर्मा, अपूर्वा फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज के संस्थापक डाॅ. लोकेश शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
वीरवार को केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने मानव संसाधन विकास मंत्री से मुलाकात कर चर्चा का केंद्र बने हमीरपुर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान का मुद्दा उठाया है। इस मुलाकात में अनुराग ठाकुर ने एनआईटी हमीरपुर पर लग रहे तथाकथित भ्रष्टाचार के आरोपों और निरन्तर गिरती रैंकिंग की वजह की गंभीरता से जांच और उचित कार्यवाही की मांग की है। अनुराग ठाकुर ने मानव संसाधन विकास मंत्री को बताया कि कुछ समय पहले एनआईटी हमीरपुर के कर्मचारियों की तरफ से उनके पास विभिन्न पत्रचार के माध्यमों से एनआईटी डायरेक्टर पर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों व संस्थान की गिरती रैंकिंग की जानकारी पहुंची थी, तब तीन माह पूर्व मार्च में भी मानव संसाधन विकास मंत्री से मिल कर इस मुद्दे पर बात की थी, लेकिन लॉक डाउन होने की वजह से इस विषय पर कार्यवाही नहीं हो पाई थी। अनुराग ठाकुर ने अतिशीघ्र इस मुद्दे की जांच पर बल देते हुए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री को हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। गौरतलब है कि कुछ समय से एनआईटी हमीरपुर की कार्य प्रणाली लगातार सवालों के घेरे में रह रही है। कई तरह के आरोप भी प्रबन्धन पर लग रहे हैं यहां तक कि प्रबन्धन और फ़ैकल्टी की चुभन समाचार पत्रों में भी देखने को मिली है। संस्थान के ही कर्मचारियों ने अनुराग ठाकुर को बताया था कि संस्थान में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री ने एनआईटी हमीरपुर में भ्रष्टाचार के आरोपों और गिरती रैंकिंग की तुरंत जांच करने व उचित कदम उठाने के लिए अनुराग ठाकुर को आश्वस्त किया है। एनआईटी हमीरपुर से जुड़े कर्मचारियों ने व स्थानीय युवाओं ने अनुराग ठाकुर के प्रयासों का स्वागत किया है व आभार व्यक्त किया है।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने बुधवार सायं बौट जाकर कोरोना को मात देने वाली 90 वर्षीय वृद्धा से मुलाकात की तथा उनकी दीर्घ आयु की कामना की। कंवर ने कहा कि 90 वर्ष की आयु में भी महिला ने दृढ़ इच्छाशक्ति व अनुशासन का परिचय दिया है तथा इसी के चलते आज वह पूर्ण रूप से स्वस्थ है। उन्होंने कहा कि महिला के परिवार के चार अन्य सदस्य भी कोरोना से संक्रमित हुए थे लेकिन अब वह भी ठीक हो गए हैं। प्रदेश सरकार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान कर रही है और कोरोना से निपटने के लिए हिमाचल प्रदेश मॉडल की चर्चा पूरे देश में हो रही है। कंवर ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के नेतृत्व में प्रदेश सरकार कोरोना प्रभावित परिवारों की हर संभव सहायता करने के प्रयास कर रही है। ग्रामीण विकास मंत्री स्वस्थ हुए परिवार के पड़ोसी राजेश से भी मिले तथा उनकी सराहना की और कहा कि कोरोना संक्रमित परिवार की मदद करके वह पूरे समाज के सामने मिसाल बने हैं।
कराड़ाघाट में कुरगन ग्राम सुधार समिति के प्रधान मुकेश शर्मा की उपस्थिति में चीन और चीनी वस्तुओं का बहिष्कार किया गया व भारत निर्मित वस्तुओं को तवज्जो देने की शपथ ली गई व चीन के साथ गतिरोध में भारतीय सैनिकों का मनोबल बढ़ाने का संकल्प लिया गया। सदस्यों ने चीन के राष्ट्रपति का विरोधस्वरूप पुतला भी फूंका। प्रधान मुकेश ने कहा कि चीन हमारी पीठ पर छुरा घोम्प रहा है जो कि हर भारतीय के लिए यह जरूरी हो गया है कि हम सिमा पर न जाकर भी चीन का घर बैठकर भी सामना कर सकते है और इसके लिए जरूरी है कि उसकी आर्थिकी पर हमला किया जाए व चीन द्वारा निर्मित वस्तुओं और मोबाइल एप्प का तुरंत बहिष्कार करना शुरू कर दे इस अवसर पर अन्य सदस्यों में योगराज शर्मा, उप प्रधान भूपेंद्र शर्मा दूनी, चन्द शर्मा, हरीश शर्मा व मनोज कुमार आदि शामिल रहे।
मण्डी जिला में चल रहे विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं की विपाशा सदन मण्डी से समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने अधिकारियों को विकासात्मक परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए ताकि परियोजना लागत न बढ़े तथा लोगों को विकास योजनाओं का लाभ समय रहते मिल सके। जय राम ठाकुर ने कहा कि मण्डी जिला में चार हजार करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं पर कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि इसके अन्तर्गत लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड, पर्यटन और अन्य विभागों के अन्तर्गत कार्य शामिल है। उन्होंने कहा कि मण्डी शहर में 200 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाएं, जिसमें एशियाई विकास बैंक द्वारा सहायता प्राप्त 41 करोड़ रुपये की सौन्दर्यीकरण परियोजनाएं, 83 करोड़ रुपये की पेयजल योजना, 69 करोड़ रुपये की मल निकासी योजना, 50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली सड़कें, भवन व पुल और 25 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित विकटोरिया पुल का लोकार्पण किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला के लिए लोक निर्माण विभाग के 1202 करोड़ रुपये की निर्माण लागत से निर्मित होने वाली 137 परियोजनाएं, जिसमें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 344 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली 77 परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई हैं। उन्होंने कहा कि 54 पेयजल, सिंचाई, मल निकासी और बाढ़ से बचाव की परियोजनाओं के कार्य जिले में जल शक्ति विभाग के द्वारा किए जा रहे, जिसमें 1535 करोड़ रुपये का कुल निवेश होगा। जय राम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजनाओं के कार्यान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि इस सन्दर्भ में की गई किसी भी लापरवाही का कड़ा संज्ञान लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी परियोजनाएं, जिन पर कार्य समाप्ति पर है उन पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए, जिससे उनका निर्माण कार्य तय समय सीमा के भीतर किया जा सके। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी ने विकास की गति को विपरित रूप से प्रभावित किया है। इसलिए परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए अतिरिक्त प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को उनके विभागों को दिए गए धन का तय समय सीमा के भीतर उपयोग करने के निर्देश दिए तथा कहा कि इस विषय में की गई किसी भी लापरवाही का कड़ा संज्ञान लिया जाएगा। उन्होंने विभागों को प्रदान किए गए धन का समुचित उपयोग तथा शेष बचे हुए धन का प्रयोग करने पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में मानसून का मौसम आने वाला है इसलिए उन्होंने अधिकारियों को वर्षा से हुए नुकसान को कम करने के लिए समुचित एहतियाती उपाए करने के निर्देश दिए। इसके उपरान्त मुख्यमंत्री ने 5.61 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली और निर्मित हुई परियोजनाओं, जिसमें राष्ट्रीय ग्राम स्वरोजगार अभियान के तहत 2.40 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले जिला पंचायत स्रोत केन्द्र का लोकार्पण, कोषागार कार्यलय से सकोडी पुल के बीच 2.71 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले बाईपास सड़क की आधारशिला तथा नई राहें, नई मंजिलें योजना के तहत 50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले ट्रैकर्स हट की भी आधारशिला रखी। इससे पूर्व पार्टी पदाधिकारियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी अभी समाप्त नहीं हुई है तथा इसके संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को सावधानी बरतनी चाहिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को नगर परिषद् मण्डी की अध्यक्षा सुमन ठाकुर ने एचपी एसडीएमए कोविड-19 डिजास्टर रिसपाॅंस फंड के लिए 1.50 लाख रुपये का चैक भेंट किया।
आज कोरोना वायरस की वजह से जँहा सभी मन्दिर, शिवालय व अन्य कई संस्थान बन्द पड़े हैं तो इस संकट की घड़ी में शिव ताण्डव गुफा समिति द्वारा समय का सदुपयोग करते हुए गुफा परिसर के आसपास पौधा रोपण किया जा रहा है। गुफा समिति के अध्यक्ष राम रतन तनवर, समिति की पूर्व अध्यक्षा नर्बदा कंवर, हेमन्त शर्मा, ओमप्रकाश, मेहर सिंह, रितेश जोशी, अमर पंवर व दिनेश आदि पौधा रोपण में सहयोग कर रहे हैं। अध्यक्ष राम रतन तनवर ने बताया कि इस पौधा रोपण अभियान में पीपल, बड़ व फलदार पौधौ में आड़ू, खुमानी, केला, अनार आदि पोधों को रोपा जा रहा है। उन्होंने बताया कि समिति द्वारा इन पौधों के रखरखाव व देखभाल का संकल्प लिया गया है।
पुलिस स्टेशन अर्की में कोविड19 महामारी के समय मे बिना पास क्षेत्र में आने पर मामला दर्ज हुआ है। पुलिस के अनुसार सुरेन्द्र पाठक ने शिकायत दर्ज करवाई कि वह ग्राम पंचायत वार्ड सदस्य के साथ मौजूद था। उसी समय प्रिंस गांव में इनको दिखाई दिया उसके हाथ में एक बड़ा बैग भी था जिस पर उन्होंने पूछा कि इतने दिन कहां था तो उसने बताया की वह जालंधर में काम करता था तथा वहां काम न होने के कारण अपने घर वापस आया है। पूछने पर वह किसी भी राज्य सरकार द्वारा जारी परमिशन व पास न दिखा सका। उपप्रधान ने कहा कि कोविड 19 महामारी के दौरान प्रिंस का बिना अनुमति से अन्य राज्य से बखालग गांव पहुंचना कानून के खिलाफ है। इसके खिलाफ कानूनी कारवाई की जाए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। मामले की पुष्टि डीएसपी प्रताप सिंह द्वारा की गई।
कोविड-19 नियमों को ठेंगे पर दिखाने वाले और बिना मास्क से बाजारों या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर घुमने वाले लोगों के खिलाफ पिछले एक पखवाड़े से पुलिस विभाग द्वारा छेड़ी गई मुहिम के तहत पुलिस ने 211 लोगों के बिना मास्क के चालान किए हैं जबकि 32 हजार रूपए जुर्माना वसूला है। कोरोना वायरस के संभावित खतरे से बचने के लिए चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के बाद अब बिना मास्क से सड़क पर चलने वाले राहगीरों, दुकानदारों व भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर बिना मास्क से घुमने वालों के चालान काट कर उन्हें कानून का पाठ तथा कोरोना बीमारी के खतरे से भी अवगत करवाया जा रहा है। वहीं थाना प्रभारी सदर यशवंत ठाकुर ने बताया कि इस बाबत जिला एवं पुलिस प्रशासन द्वारा अधिसूचना जारी की है। जिसके तहत हिमाचल प्रदेेश पुलिस अधिनियम-2007 के तहत इस नियम का प्रावधान हैं। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक स्थान पर यदि कोई व्यक्ति बिना मास्क से दिखाई देता है तो पुलिस को उसका चालान काटने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि इस नियम के तहत दो सौ रूपए से लेकर 5 हजार रूपए तक का जुर्माना हो सकता है तथा आठ दिन की जेल भी हो सकती है। उन्होंने बताया कि उक्त दोनो सजाएं साथ भी हो सकती है। एसएचओ यषवंत ठाकुर ने दुकानदारों को भी अपनी दुकान में मास्क का पहनना लाजिमी है। जागरूक लोग दुकानदार को मास्क पहनने या दुकानदार अपने ग्राहकों को मास्क पहनने के लिए कह सकते हैं। उन्होंने बताया कि कम्यूनिटी स्प्रेडिंग का खतरा अब ज्यादा है, क्योंकि आवाजाही में भारी वृद्धि हुई है। लोगों को अपना ध्यान स्वयं रखना होगा। थानाध्यक्ष ने बताया कि दफतरों में काम करने वाले कर्मचारी, सड़कों पर चलने वाले राहगीर, दुकानदार और अन्य लोगों में यदि कोई भी यदि कोई भी कोविड-19 नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है तो उसके विरूद्ध कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने बिलासपुर की जनता से अपील की है कि जब भी वे घर से बाहर निकलें तो पूरी सावधानी से मास्क आदि लगाकर निकलें। सार्वजनिक स्थलों पर दो मीटर की दूरी बनाएं, जगह-जगह न थूकें आदि सावधानियों का ध्यान रखें।
कांग्रेस पार्टी के प्रमुख नेता एवं पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने बिलासपुर नगर के एक प्रतिष्ठित परिवार से संबन्धित पंडित चमन शर्मा के सुपुत्र अंशुल शर्मा (34 वर्ष ) की 24 जून को मंडी के पधर में हुई मौत पर कई प्रश्नचिन्ह खड़े करते हुए सरकार से मांग की है कि अंशुल की मौत के कारणों का सही पता लगाने के लिए उच्च न्यायालय के किसी जज से जांच कारवाई जाये, ताकि सच्चाई सामने आ सके और सभी दोषी व्यक्ति सलाखों के पीछे जा सकें । उन्होने कहा कि मुझे सरकार और डायरेक्टर जनरल पुलिस संजय कुंडु एवं सी आई डी पुलिस पर भी पूरा विश्वास है कि वे सच्चाई सामने लाकर दोषियों को अवश्य ही कानून के शिकंजे में लाएँगे। बिलासपुर में पत्रकारों को संबोधित करते हुए बंबर ठाकुर ने कहा कि अंशुल शर्मा की मौत साधारण नहीं बल्कि ऐसा प्रतीत होता है कि किसी गहरे षड्यंत्र के अधीन उसकी हत्या की गई है। उन्होने पूछने पर बताया कि उस दिन वे बिलासपुर में थे और उन्हें दीपक शर्मा की धर्मपत्नी ने फोन पर बताया था कि आप के नाम से तथा मेरे पति दीपक के नाम से किसी ने अंशुल के बारे में एक वीडियो फेसबुक पर डाली है और जब मैंने उसे देखा तो दीपक के साथ तत्काल थाना सदर में जाकर उस वीडियो को हटवाने और अंशुल का पता लगाने की शिकायत दर्ज की। बंबर ठाकुर ने कहा कि यह पता लगाया जाना अत्यंत आवश्यक है कि अंशुल के साथ उस दिन कौन लोग थे और उसे किसने जहर दिया या क्यूँ और किस कारण से उसने जहर खाया तथा किसने उस वीडियो को फेसबुक पर डाला, जिसे थोड़ी देर बाद किसने और क्यूँ डीलीट कर दिया। उन्होने कहा जब वह बिलासपुर थाना में शिकायत दर्ज करवा रहे थे तो फिर उनके नाम का अन्य कौन व्यक्ति था और अन्य वे कौन लोग थे जो उस वीडियो के अनुसार अंशुल के पीछे गाडियाँ लेकर गए थे? बंबर ठाकुर ने कहा कि फेसबुक पर डाली गई वीडियो के अनुसार पिछले 6 महीने से कोई व्यक्ति अंशुल के घर तक उसका पीछा कर रहे थे, जिनका भी मोहल्ले के लोगों और परिवार के सदस्यों से पता किया जाना चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। बंबर ठाकुर ने संदेह व्यक्त किया कि हो सकता है कि उनके राजनैतिक जीवन को तबाह करने के लिए किसी ने अंशुल की हत्या किए जाने से पहले उससे जबरदस्ती मेरे विरुद्ध कहलवा कर उसकी हत्या कर दी हो, जिसकी भी जांच की जानी चाहिए ताकि दोषी व्यक्ति किसी भी सूरत में बच न सके। उन्होने कहा कि पिछले एक सप्ताह से अंशुल किन- किन लोगों के संपर्क में था और किन- किन लोगों से मिलता–जुलता रहा, इसकी सारी जानकारी फोन डीटेल से पता चल जाएगी। बंबर ठाकुर ने कहा कि बिलासपुर की सारी जनता भली-भांति जानती है कि वो कौन लोग हैं, जो उन्हें राजनैतिक हाशिये पर धकेलने के लिए पिछले कितने ही वर्षों से प्रयासरत हैं, जिनका इस हत्या में हाथ होने से नकारा नहीं जा सकता है। बंबर ठाकुर ने कहा कि इस कथित हत्या के कारण चमन का पूरा परिवार गहरे सदमें में है क्यूँ कि अंशुल के पीछे 26 वर्षीय धर्मपत्नी और दो नन्हें नन्हें बच्चे असहाय होकर रह गए हैं। बंबर ठाकुर ने कहा कि उनके लिए चमन का पूरा परिवार बहुत ही आदरणीय और सममाननीय है तथा अपने परिवार की तरह है। उन्होने अंशुल की असमय हुई इस संदिग्ध मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उसके परिजनों से संवेदना प्रकट की है।
रोटरी क्लब बिलासपुर के नव नियुक्त प्रधान टीसी सैणी ने आज अपना कार्यभार संभालते हुए अन्न पूर्णना दिवस के उपलक्ष्य में औद्योगिक क्षेत्र के श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर और पुलिस लाईन लखनपुर के दुर्गा मंदिर में गरीब जरूरतमंद लोगों को 25 बैग राशन के वितरित किए। इस उपलक्ष्य पर उपस्थित लोगों को फ्री मास्क दिए गए। वहीं सोशल डिस्टेटिंग नियमों के पालन करने बारे अवगत करवाया। इस अवसर पर रोटरी के प्रधान टीसी सैणी ने कहा कि रोटरी क्लब सामाजिक कार्याे में बढ़ चढकर भाग लेता है और अन्य गतिविधियों का आयोजन समय -समय पर करता रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ मिल सके। इस मौके पर संस्थापक अध्यक्ष सुनील गुप्ता, सचिव एनआर शर्मा, पूर्व प्रधान डा. टंडन, भूपेंद्र टाडू,कोषाध्यक्ष जगमोहन गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कृष्ण गुप्ता, रमेश गुप्ता, सह सचिव वासु शर्मा सहित विभीषण शर्मा,चंदन शर्मा, अश्विनी चोपड़ा ,सोनू अग्रवाल, वनिता गुप्ता, जितेंद्र कपिल, सुरेंद्र कपिल, रजनीश , दिनेश शर्मा, विनोद कौशल व हर्ष गुप्ता सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
जिला दण्डाधिकारी सोलन केसी चमन ने केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देश एवं प्रदेश के मुख्य सचिव के निर्देशों के अनुसार आदेश दिए हैं कि सोलन जिला में आपराधिक दण्ड संहिता 144 की धारा के प्रावधान (कफ्र्यू) आगामी आदेशों तक लागू रहेंगे। जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार अनलाॅक-2 अवधि में 31 जुलाई 2020 तक विद्यालय, महाविद्यालय, शिक्षण तथा कोचिंग संस्थान बंद रहेंगे। आॅनलाइन अनलॉक तथा दूरवर्ती शिक्षा की अनुमति होगी और इसे प्रोत्साहित किया जाएगा। केन्द्रीय गृह मंत्रालय की अनुमति के अतिरिक्त यात्रियों की अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा प्रतिबन्धित रहेगी। सिनेमा हाॅल, व्यायाम शालाएं, स्वीमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थियेटर, बार, सभागार, सम्मेलन कक्ष एवं अन्य ऐसे स्थान बंद रहेंगे। सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, अकादमिक, सांस्कृतिक, धार्मिक समारोहों एवं अन्य बड़ी सभाओं पर रोक रहेगी। प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार सोलन जिला में भी आवश्यक गतिविधियों को छोड़कर व्यक्तियों की आवाजाही रात्रि 9.00 बजे से प्रातः 5.00 बजे तक प्रतिबन्धित रहेगी। औद्योगिक इकाईयों की ‘मल्टीपल शिफ्टस’, राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों पर व्यक्तियों एवं वस्तुओं की आवाजाही तथा बस, रेल एवं हवाई जहाज से अपने निर्धारित स्थल तक पहुंचने के लिए व्यक्तियों एवं उत्पादों की आवाजाही पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार रात्रि 9.00 बजे से प्रातः 5.00 बजे तक आवश्यक गतिविधियों को छोड़कर व्यक्तियों एवं वाहनों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। चिकित्सीय आपात एवं आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं की आपूर्ति बनाए रखने के अतिरिक्त कन्टेनमेंट जोन से लोगों की आवाजाही पर नियंत्रण रहेगा। सोलन जिला के लिए पूर्व आदेशों द्वारा छूट प्राप्त श्रेणियों के अतिरिक्त अन्य सभी के अन्तरराज्यीय आवागमन के लिए वैध पास अथवा प्रवेश पत्र अनिवार्य होगा। अन्य राज्यों से सोलन जिला के लिए आवागमन आवश्यकता के आधार पर ही होगा। अन्तरराज्यीय बैरियरों के माध्यम से दैनिक अथवा सप्ताहांत के आधार पर आवागमन करने वाले व्यक्ति वैध प्रवेश पत्र के साथ ही आ-जा सकेंगे। इन्हें क्वारेनटाइन करने की आवश्यकता नहीं होगी। किन्तु फ्लु अथवा इन्फ्लुएंजा बीमारी के लक्षण होने की स्थिति में स्वास्थ्य केन्द्र को सूचित करना इन व्यक्तियों का उत्तरदायित्व होगा। सोलन जिला के निवासी बिना किसी प्रवेश पत्र के जिला की सीमा छोड़ अन्य राज्य जा सकते हैं। किन्तु यदि वे चिकित्सा, व्यापार अथवा कार्यालय उद्देश्य के लिए अन्य राज्य कम समय के लिए जाना चाहते हैं और 48 घण्टे के भीतर जिला में वापिस आने के इच्छुक हैं तो वे प्रवेश पत्र के साथ आवागमन कर सकते हैं। इन व्यक्तियोें को उस स्थिति में क्वारेन्टीन होने की आवश्यकता नहीं होगी यदि उनमें बीमारी के कोई लक्षण नहीं पाए जाते हैं। कन्टेनमेंट जोन के अतिरिक्त अन्य स्थानों से अन्तरराज्यीय आवागमन करने वाले उद्योग मालिक, वरिष्ठ प्रबन्धन अधिकारी, कामगार एवं कर्मचारियों को रविवार सहित दैनिक आधार पर अपने अथवा कम्पनी के वाहन में आने-जाने की अनुमति होगी। इस सम्बन्ध में अन्य मानक परिचालन प्रक्रिया 24 मई, 2020 तथा 01 जून 2020 को जारी आदेशों के अनुसार ही रहेगी। चिकित्सा व्यवसायियों, चिकित्सकों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, रोगी वाहनों तथा स्वच्छता कर्मियों की अन्तरराज्यीय आवाजाही निर्बाध जारी रहेगी। जिला सोलन में चालकों तथा आवश्यक सेवाओं में संलग्न अन्य को सुविधा प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों पर स्थापित सभी ढाबे प्रतिदिन हर समय खुले रहेंगे। इसके लिए उन्हें कोविड-19 के लिए समय-समय पर जारी निर्देशों का पूर्ण पालन करना होगा। जिला सोलन में स्थापित अन्य ढाबे रात्रि 9.00 बजे तक खुले रह सकेंगे। आदेशों में 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, रोगी, गर्भवती महिलाओं तथा 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों को आवश्यक एवं स्वास्थ्य कारणों के अतिरिक्त घर पर ही रहने का परामर्श दिया गया है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे उपयुक्त मोबाइल फोन पर आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करें और इस पर अपना स्वास्थ्य स्थिति नियमित रूप से अपडेट करते रहें। कार्यालय एवं कार्यस्थलों पर सुरक्षा के दृष्टिगत सभी कर्मचारियों को अपने उपयुक्त मोबाइल पर आरोग्य सेतु ऐप स्थापित करना सुनिश्चित करना होगा। राष्ट्रीय निर्देशों के अनुसार कार्य स्थल, सार्वजनिक स्थानों एवं परिवहन के दौरान मास्क पहनना अनिवार्य है। सार्वजनिक स्थानों पर 02 व्यक्तियों के मध्य 06 फुट अर्थात 02 गज की दूरी होनी चाहिए। बड़ी जनसभाएं एवं समारोह प्रतिबन्धित हैं। विवाह समारोह में 50 तथा अन्तिम यात्रा में 20 से अधिक व्यक्ति नहीं होने चाहिएं। सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर नियमानुसार जुर्माना वसूला जाएगा। सार्वजनिक स्थानों पर मदिरा पान करना, पान, गुटखा एवं तम्बाकू का सेवन प्रतिबन्धित हैं। जिला के सभी उपमण्डलाधिकारी, कार्यकारी दण्डाधिकारी तथा पुलिस कर्मी यह सुनिश्चित बनाएंगे कि प्रत्येक व्यक्ति ने सार्वजनिक स्थान, कार्यस्थल पर मास्क पहना हो, सोशल डिस्टेन्सिग का पालन किया जा रहा हो और कोविड-19 प्रबन्धन के दृष्टिगत स्थापित अन्य नियमों की पालना हो। इन आदेशों की अवहेलना पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 एवं अन्य उपयुक्त नियमों के अनुरूप कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यह आदेश प्रथम जुलाई 2020 से प्रभावी हो गए हैं तथा आगामी आदेशों तक लागू रहेंगे।
आदर्श विद्या मंदिर धुन्धन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अनिल गौतम तथा मुख्य अध्यापिका कविता गौतम तथा अन्य अध्यापकों द्वारा कोविड-19 के चलते अप्रैल माह की फीस नहीं लेने का निर्णय लिया गया है। प्रबन्धन समिति ने बताया कि स्कूल का मुख्य उद्देश्य बच्चों का सर्वागीण विकास करना है। उन्होंने बताया कि यदि किसी भी अभिभावक के साथ कोई अप्रिय घटना घटती है, तो स्कूल प्रबंधन समिति बच्चों की फीस माफ करके उन्हें निशुल्क शिक्षा प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है। इसके अतिरिक्त स्कूल बच्चों के सर्वागीण विकास के लिए जिम्मेदार है। इसके अलावा स्कूल बच्चों को संस्कार से परिपूर्ण करते हुए आधुनिक शिक्षा प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है। बच्चों पर ही हमारे देश का भविष्य निर्भर करता है अतः स्कूल का मुख्य उद्देश्य बच्चों के संपूर्ण विकास पर जोर देना है।
मुख्य सचिव अनिल खाची ने जल शक्ति, वन एवं उद्योग विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सौरव वन विहार, पालमपुर को लेकर एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। जल शक्ति विभाग ने सौरव वन विहार नेचर पार्क में बाढ़ संरक्षण के कार्य और इसकी कार्य योजना के बारे में प्रस्तुति दी। वन विभाग ने इस पार्क के सौन्दर्यीकरण के सन्दर्भ में लिए गए निर्णयों के बारे में प्रस्तुतिकरण दिया। मुख्य सचिव ने कहा कि सौरव वन विहार में बाढ़ संरक्षण का कार्य पहली सितम्बर, 2020 से आरम्भ किया जाएगा। उन्होंने सम्बन्धित विभागों को निर्देश दिए कि इस कार्य को आरम्भ करने से पूर्व निविदाओं और परियोजना की रूपरेखा का कार्य पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि वन विभाग लैंड स्कैपिंग वास्तुकार का चयन करेगा, जिसे सौरव वन विहार के समूचे क्षेत्र की लैंड स्कैपिंग का कार्य सौंपा जाएगा। अनिल खाची ने कहा कि लैंड स्कैपिंग का कार्य पूरा होने के उपरान्त वन विभाग अगस्त माह में झील और एक्वाकल्चर विकास का कार्य आरम्भ करेगा। उन्होंने कहा कि सभी सम्बन्धित विभाग 8.50 करोड़ रुपये की इस परियोजना पर पहली सितम्बर, 2020 से कार्य आरम्भ करेंगे। उन्होंने कहा कि वह स्वयं इस परियोजना की प्रगति की समीक्षा करेंगे।
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने नेशनल डॉक्टर्स डे के अवसर पर बिना रुके उनकी अमूल्य सेवाओं के लिए सभी डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ़ का आभार प्रकट किया है। अनुराग ठाकुर ने कहा "ऐसे समय में जब पूरा विश्व कोरोना आपदा जैसे गम्भीर संकट से जूझ रहा है तब हमारे डॉक्टर्स और मेडिकल स्टॉफ बिना रुके रात दिन लोगों की सेवा में लगे हैं। डॉक्टरों के इस कठिन परिश्रम का ही फल है कि आज कोरोना से संक्रमित होने वालों के कहीं ज़्यादा संख्या इस से ठीक होने वालों की है। डाक्टरों के इस सेवाभाव व कर्तव्यनिष्ठा से लोगों के अंदर उम्मीद बनी हुई है। देश इस नेशनल डॉक्टर्स डे के अवसर पर सभी डाक्टरों, नर्सों व समस्त मेडिकल स्टॉफ के प्रति कृतज्ञ है व आपकी सेवाओं व त्याग के लिए मैं आपका आभार प्रकट करता हूँ।” आगे बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा "हमारे आज के सकारात्मक प्रयास एक बेहतर कल की तस्वीर गढ़ते हैं। 2 वर्ष पूर्व सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा की शुरुआत का मक़सद हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में लोगों को उनके घर द्वार पर उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवा मुफ़्त में उपलब्ध कराना था। आज यही स्वास्थ्य सेवा कोरोना के ख़िलाफ़ लड़ाई में जागरूकता अभियान चला कर, पोस्टर पंपलेट बाँट कर, मास्क, सेनेटाइजर व ग्लब्स बाँटने के साथ साथ मुफ़्त कोरोना की जाँच करके लोगों के मन में आशा के दीप जला रही है। हमीरपुर संसदीय में क्षेत्र में चलाई जा रही सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा भी कोरोना महामारी से निपटने में हिमाचल वासियों का पूरा सहयोग कर रही है। प्रदेश सरकार के साथ साथ मोबाइल स्वास्थ्य सेवा की जाँच यूनिट भी बाहर से प्रदेश में आने वाले सभी प्रवासियों का राज्य की सीमा पर कोविड टेस्ट कर रही है। सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा ने अब तक 35000 से ज़्यादा लोगों का कोरोना की प्राथमिक जाँच करके अपनी उपयोगिता सिद्ध की है।”
राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर ]राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कोरोना महामारी के समय में अपनी जान जोखिम में डाल कर लोगों की जान बचाने को किए गए अमूल्य योगदान के लिए चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया। राजभवन में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर डाॅक्टरों को सम्मानित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह एक महान व्यवसाय है तथा वह उनके साहस की सराहना करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष 1 जुलाई को राष्ट्रीय चिकित्सा दिवस हमारे जीवन में चिकित्सकों की महत्ता तथा उनके द्वारा मानवता के कल्याण के लिए किए गए कार्यों को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि इस दिवस की महत्ता और भी बढ़ गई है, क्योंकि कोरोना महामारी के दौरान प्रत्येक चिकित्सक अपनी शत-प्रतिशत सेवाएं दे रहा है तथा लोगों को इस भयावह संक्रमण से उभारने में अपना अमूल्य योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि यह दिन उन सभी चिकित्सीय और स्वास्थ्य सेवा प्रदान कर रहें पेशेवरों को समर्पित है, जो अपनी तमाम मुश्किलों के बाद भी मरीजों को देख रहें हैं तथा समाज के लिए अपना योगदान दे रहें हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों का परिश्रम और समर्पण इस महामारी के शुरुआती दौर से ही प्रशंसनीय है। दत्तात्रेय ने कहा कि राष्ट्र चिकित्सक दिवस महान चिकित्सक तथा पश्चिम बंगाल के द्वितीय मुख्यमंत्री डाॅ. बिधान चंद्र राॅय के सम्मान में आयोजित किया जाता है। डाॅ. राॅय को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से 4 फरवरी, 1961 को सम्मानित किया गया था। उन्होंने कहा कि वर्ष 1991 से भारत में महान चिकित्सक डाॅ. राॅय के सम्मान में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मनाया जा रहा है तथा मैं इस दिवस पर डाॅ. राॅय को अपना सम्मान प्रकट करता हूं। उन्होंने कहा कि सरकार कोरोना महामारी के दौरान सरकारी अस्पतालों, प्रयोगशालाओं आदि में अग्रिम पंक्ति में खड़े योद्धाओं के लिए 50 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा प्रदान कर रही है। इस अवसर पर राज्यपाल ने इन्दिरा गांधी मेडिकल काॅलेज और अस्पताल शिमला के प्रधानाचार्य डाॅ. रजनीश पठानिया, हिमाचल प्रदेश राजकीय दंत महाविद्यालय और अस्पताल शिमला के प्रधानाचार्य डाॅ. आशु कुमार गुप्ता, आई.जी.एम.सी. के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. जनक राज, कमला नेहरू अस्पताल शिमला की चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. अम्बिका चैहान, स्त्री रोग विभाग के प्रोफेसर डाॅ. कुशिया पठानिया, दीन दयाल उपाध्याय अंचल अस्पताल शिमला के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. लोकेंद्र शर्मा, जिला शिमला की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. सुरेखा चोपड़ा, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अस्पताल छोटा शिमला की चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. अमिता धीमान, होम्योपैथिक औषधालय एवं शोध केंद्र न्यू शिमला के डाॅ. सुनील रमटैक, आई.जी.एम.सी के मेडिसिन विभाग के प्रमुख और प्रोफेसर डाॅ. दलीप गुप्ता, ह्नदय रोग विभाग के विभागाध्यक्ष और प्रोफेसर डाॅ. पी.सी नेगी, रेडीयोलाॅजी विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. संजीव शर्मा, माईक्रोलाॅजी विभाग की विभागाध्यक्ष और प्रोफेसर डाॅ. सांत्वना वर्मा, न्यूरोलाॅजी विभाग के विभागाध्यक्ष और प्रोफेसर डाॅ. सुधीर शर्मा तथा कोविड-19 मेडिसिन और नोडल अधिकारी डाॅ. बलबीर वर्मा को सम्मानित किया। राज्यपाल के सचिव राकेश कंवर भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
अंतर्राष्ट्रीय इनरव्हील क्लब 307 डिस्ट्रिक्ट के तहत बिलासपुर क्लब के नए सत्र की शुरुआत इस बार के मोटो गोग्रीन के साथ वृक्षारोपण द्वारा की गई। बिलासपुर में क्लब के सदस्यों ने जहां अपने अपने घर में पौधा लगाया वही बिलासपुर क्लब की उपाध्यक्ष सुमन डोगरा के नेतृत्व में संक्षिप्त कार्यक्रम आयोजित कर सिट्रस और तुलसी के पौधे रोपित किए गए। इस अवसर पर बिलासपुर आंगनबाड़ी केंद्र की प्रभारी मोना शर्मा व सहायिका चेतना भी विशेष रूप से आमन्त्रित थीं। सुमन डोगरा ने बताया कि क्लब की प्रेजिडेंट शालिनी शर्मा ने अश्वगंधा का पौधा लगाया। इस तरह से बिलासपुर क्लब के नए सत्र की शुरुआत वृक्षारोपण से की गई। उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष भारतवर्ष में एक जुलाई को नए सत्र का आरंभ होता है और नई कार्यकारिणी अपना कार्यक्रम करती है। बुधवार एक जुलाई को पूरे भारतवर्ष में 45000 पौधे रोपित किए गए क्योंकि इंटरनेशनल इनरव्हील संस्था के इस समय देश भर में 45000 क्लब सदस्य हैं। उन्होंने बताया कि क्लब की सचिव अंजली शुक्ला ने नींबू का पौधा लगाया तो वही एडिटर शीला सिंह ने तुलसी का पौधा लगाया।
भारतीय जनता पार्टी जिला बिलासपुर किसान मोर्चाे अध्यक्ष सुरेन्द्र भारती ने जिला किसान मोर्चा कार्यकारिणी की घोषणा कर दी। उन्होने सदर विधानसभा क्षेत्र से भारत भूषण, घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र से चैन सिंह श्री नयनादेवी जी विधानसभा क्षेत्र से किशन सिंह ठकुर, झण्डूता विधानसभा क्षेत्र से नन्दलाल, श्री नयनादेवी जी विधानसभा श्याम लाल को उपाध्यक्ष मनोनीत किया। सतदेव शर्मा राजपुरा व पंकज चन्देल घुमारवीं को महामन्त्री का पदभार सौंपा गया। राकेश ठाकुर झण्डूता विधानसभा क्षेत्र, इन्द्र सिंह ठाकुर श्री नयनादेवी जी विधानसभा क्षेत्र, जोगिन्द्र राणा सदर विधानसभा क्षेत्र, विजय कुमार घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र तथा क्रांति ठाकुर सदर विधानसभा क्षेत्र को सचिव बनाया गया। अश्वनी गौतम झण्डूता विधानसभा क्षेत्र कोषाध्यक्ष का कार्य देखेंगे। प्रेम ऑचल घुमारवीं मिडिया प्रभारी तथा भूपेन्द्र ठाकुर टाली श्री नयनादेवी जी को प्रवक्ता बनाया गया। उन्होने श्री नयनादेवी जी विधानसभा क्षेत्र से तेलू राम गॉव थापना, बली राम ठाकुर गॉव नकराणा, बुद्धराम ठाकुर गॉव मलौण, गणपत ठाकुर गांव चन्दपुर, सदर विघानसभा क्षेत्र से प्रकाष चन्द गॉव मगरोट, देव राज गॉव चमलोग, सुनील ठाकुर, अन्जुल षर्मा सदर, सुभाष ठाकुर बाहौट कसौल, घुमारवी विधानसभा क्षेत्र से सुरेेन्द्र कुमार और बलबीर सिंह, झण्डूता विधानसभा क्षेत्र से ओंकार सिंह चन्देल और प्रीतम सिंह बनयाल को कार्यकारिणी सदस्य मनोनीत किया। भारती ने किसान मोर्चा के चारों मण्डल अध्यक्षों की भी नियुक्ति कर दी। उन्होने झण्डूता मण्डल से कैप्टन रघुवीर सिंह, घुमारवीं मण्डल से प्रकाश चन्द, सदर मण्डल से प्रताप चौहान और श्री नयनादेवी जी अप्पर मण्डल से गोरख सिंह गॉव व डा० कल्लर तथा लोअर मण्डल से नन्द लाल ठाकुर गॉव टरवाड को मण्डल अध्यक्ष मनोनीत किया।
शिमला में कोरोना का नया मामला सामने आया है। यह व्यक्ति तमिलनाडु से 23 जून को शिमला आया था। इसे इंस्टिट्यूशनल क्वारन्टीन में रखा गया था। इसके साथ ही जिला में कुल सकर्मितो की संख्या 41 तथा एक्टिव केस 16 हो गए हैं। तो वहीं प्रदेश में 956 मामले कोरोना के सामने आए है। कोरोना के एक्टिव केस 354 हो गए है। कोरोना में मरने वालों की संख्या 8 हो गई है।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री ग्राम कौशल योजना के लाभार्थियों से बात करते हुए कहा कि 6 जनवरी को आरम्भ की गई यह योजना पारम्परिक हस्तकला, हस्तशिल्प, स्थानीय कलाकृतियों, लकड़ी व धातु शिल्प कलाओं को पुनर्जीवित करने के अतिरिक्त युवाओं को लाभप्रद रोजगार प्रदान करने के लिए है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रशिक्षकों को 7500 रुपये तथा प्रशिक्षणार्थियों को तीन हजार रुपये प्रतिमाह प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण अवधि का समय तीन माह से एक वर्ष तक निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बैच में अधिकतम पांच प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण प्रदान करने की अनुमति प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे न केवल न हमारी परम्परागत कलाएं, शिल्प और संस्कृति का पुनरुद्धार होगा, बल्कि युवाओं को स्वरोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार के ग्रामीण विकास विभाग ने बीते अढ़ाई वर्ष के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए विभिन्न योजनाएं आरम्भ की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एक बीघा योजना कामयाब योजना साबित हुई है, क्योंकि इस योजना के तहत लाभ उठाने के लिए 3500 परिवारों ने अपना पंजीकरण करवाया है। उन्होेंने ई-पंचायत में भी प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने के लिए विभाग को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रारम्भ में मुख्यमंत्री ग्राम कौशल योजना राज्य के चार जिलों के 18 खण्डों में आरम्भ की गई है। उन्होंने कहा कि इस योजना के अन्तर्गत निर्धारित पाठ्यक्रम में काश्तकला, धातु शिल्प, मण्डी कलम, पत्थर शिल्प, बांस शिल्प, लकडी का शिल्प, चीड़ की पत्तियों के उत्पाद और मिट्टी के बर्तन बनाने का शिल्प आदि शामिल किए गए हंै। जय राम ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान केवल ग्रामीण आर्थिकी ही अपने आप को बचा पाई है, जिससे इस तथ्य पर पहुंचा जा सकता है कि हमारे ग्रामीण क्षेत्रों में ही किसी भी प्रकार की परिस्थिति सेे निपटने के लिए मजबूत आधार उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि युवाओं को लाभान्वित करने के लिए ग्राम विकासोन्मुखी योजनाएं आरम्भ करने के प्रयास किए जाने चाहिए ताकि ग्रामीण युवाओं को रोजगार की तलाश में शहरों की ओर न जाना पड़े। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर योजना से सम्बन्धित पोस्टर और सूचना पुस्तिका भी जारी की।
अर्की के लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल अर्की विकास मंच के तले मंच के अध्यक्ष राकेश भारद्धाज की अध्यक्षता में नगर पंचायत अर्की द्धारा लगाए गए टैक्स के विरोध में एसडीएम अर्की विकास शुक्ला से मिला। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम शुक्ला को एक ज्ञापन भी सौंपा जिसमें बढ़ाए गए गृह कर का विरोध किया गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि अर्की नगर पंचायत द्धारा जो गृह कर अर्की निवासियों पर थोपा गया है वह शिमला शहर की तर्ज पर लगाया गया है जबकि अर्की व शिमला की किसी भी लिहाज से बराबरी नहीं की जा सकती। शिमला प्रदेश की राजधानी के साथ-साथ नगर निगम है जबकि अर्की एक उपमंडल मुख्यालय होने के साथ-साथ नगर पंचायत है। लोगों का कहना था कि अर्की की जनता पर सौ से लेकर आठ सौ प्रतिशत तक टैक्स थोप दिया गया है जबकि यह दस प्रतिशत से किसी भी प्रकार अधिक नहीं होना चाहिए। लोगों ने मांग की है कि गृह कर निर्धारण के लिए वार्ड सदस्य की अध्यक्षता में हर वार्ड की एक कमेटी बनाई जानी चाहिए तथा लोकेशन फैक्टर, जोन सिस्टम, स्टृक्चरल फैक्टर, भवनों की निर्माण अवधि, आक्यूपैंसी फैक्टर तथा यूज़ फैक्टर को ध्यान में रख कर गृह कर का निर्धारण किया जाए। लोगों ने यह भी मांग की है कि कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए जिस प्रकार सरकार द्धारा आम आदमी को कई जगह छूट दी जा रही उसी प्रकार नगर पंचायत द्धारा भी वर्ष 2018-19 व वर्ष 2019-20 के गृह कर में पच्चीस से पचास प्रतिशत की छूट दी जाए क्योंकि कोरोना काल में लाॅकडाउन के चलते आम आदमी आर्थिक रूप से त्रस्त है। इस अवसर पर अर्की विकास मंच के अध्यक्ष राकेश भारद्धाज, अधिवक्ता देवेंद्र शर्मा, व्यापार मंडल के अध्यक्ष अनुज गुप्ता, प्रभा भारद्धाज, सोनू सोनी सहित नगर के अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
बिलासपुर जिले के पूर्व हॉकी स्टार तथा हॉकी खेल के दम पर हिमाचल का नाम पूरे देश में रोशन करने वाले देवेंद्र कुमार ठाकुर पुलिस विभाग से सेवानिवृत हो गए। पुलिस विभाग में 36 साल सेवाएं देने वाले देवेंद्र ठाकुर वर्ष 1984 में बतौर कांस्टेबल भर्ती हुए थे। इन्होंने शिमला फस्र्ट बटालियन जुनगा में अपनी सेवाएं दी जबकि शिमला डिस्ट्रीक्ट, विजीलेंस विभाग में पांच साल (एचक्यू) तथा बिलासपुर में अपनी सेवाएं दी। बिलासपुर शहर के स्वर्गीय प्रभु राम और माता स्वर्गीय कमला देवी के घर 18 जून 1962 को जन्में देवेंद्र ठाकुर की प्रारंभिक शिक्षा बिलासपुर के स्कूलों में हुई। मन में किसी बात को ठान कर पूरा करने के लिए हर जोखिम उठाने वाले देवेंद्र ने किसी भी क्षेत्र में हार नहीं मानी है। हॉकी और देवेंद्र एक दूसरे के पूरक रहे हैं। बचपन से ही कालेज हॉकी मैदान में इन्होंने अपनी करिश्माई खेल को दिखाना शुरू कर दिया था। स्वर्गीय हॉकी कोच चमन गुप्ता को अपना गुरू मानने वाले देवेंद्र ठाकुर ने स्कूली गेम्स में राष्ट्रिय स्तर पर चौथे स्थान तक पहुँचाया था। गौर हो यह वह समय था जब खेल के मैदान में खिलाड़ियों के लिए सुविधाओं का अभाव था तथा अन्य राज्यों के मुकाबले हिमाचल की टीम को कम आंका जाता था। अनगिनत बार हिमाचल का राष्ट्रिय स्तर पर नेतृत्व करने वाले देवेंद्र ने हॉकी इंडिया कैंप में भी भाग लिया है जो कि गौरव का विषय है। बिलासपुर में हॉकी के जादूगर देवेंद्र ठाकुर ने स्टेट फार्वड मानसिकता के खिलाड़ी होने के साथ-साथ अन्याय के हमेशा धुर विरोधी रहे हैं। पुलिस विभाग और समाज सेवा के क्षेत्र में भी इनकी उपलब्धियों की फेहरिस्त लंबी है। वर्ष 1988 को देवेंद्र ठाकुर सीमा ठाकुर के साथ परिणय सूत्र में बंधे। इनके दो पुत्र विक्रम ठाकुर और शिवम ठाकुर हैं। साढ़े तीन दशक से ज्यादा समय तक पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं देने वाले एचएएसआई देवेंद्र ठाकुर को उनके सहयोगियों भावभीनी विदाई दी तथा उनके साथ बिताए पलों को सांझा किया।
यहाँ कोरोना महामारी के इस दौर में जिला काँगड़ा के उपमंडल नूरपुर की एक संस्था युथ ऑफ नूरपुर अगेन्ट्स ड्रग्स ने सुरक्षाकर्मियों, स्वास्थ्यकर्मचारियों को खाना उपलब्ध करवाया। वहीँ इस संस्था के द्वारा नूरपुर के सफाई कर्मचारियो को सम्मानित किया गया। सफाई कर्मचारियों को मास्क व सेनिटाइजर दिए गए तथा उन पर पुष्प वर्षा की गई। युथ ऑफ नूरपुर अगेन्ट्स ड्रग्स के अध्यक्ष रवि मेहरा ने बताया कि इन सफाई कर्मचारी योद्धाओं को सम्मानित किया गया। रवि ने बताया कि टीम के सचिव मुनीश घई ने सेनिटाइजर दिए। रवि मेहरा ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि इन कोरोना योद्धाओं को सरकार नियमित करने के बारे में विचार करें। इनको मिलने वाले वेतन की भी बढ़ोतरी की जाए। इस मौके पर प्रशांत गुलेरिया, अमित कुमार, रिशू पठानिया व शुभम आदि मौजूद रहे।


















































