** पोर्टल में अब तक 482 नियोक्ता पंजीकृत ** 209 कैंपस साक्षात्कार में सहायक बना पोर्टल मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि 1 अगस्त, 2023 को प्रदेश में रोजगार कार्यालय प्रबंधन सूचना प्रणाली (ईईएमआईएस) पोर्टल की सुविधा शुरू की गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इसके माध्यम से नियोक्ताओं और बेरोजगार युवाओं के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को सरलता से एकीकृत किया गया है। इस पहल से रोजगार पंजीकरण प्रक्रिया में ऑनलाइन दक्षता की नई शुरुआत हुई है। सरकार की इस पहल को नियोक्ताओं का उत्साहजनक साथ मिल रहा है। इस पोर्टल में अभी तक 482 नियोक्ता पंजीकृत हो चुके हैं। इसमें नियोक्ताओं को आसानी से रिक्तियों की आवश्यकता बारे जानकारी अपलोड करने की सुविधा है, जिससे भर्ती की प्रक्रिया सुव्यवस्थित हुई है। उन्होंने कहा इस पोर्टल के शुरू होने के बाद से लगभग 209 कैंपस साक्षात्कार में इसका उपयोग हो चुका है, जिनमें 6,093 उम्मीदवारों ने भाग लिया। जिला रोजगार अधिकारी को भी अब और अधिक सशक्त तथा पारदर्शी प्रणाली के तहत समर्पित लॉग-इन आईडी के माध्यम से पंजीकरण और नियोक्ता अनुमोदन के लिए व्यापक अधिकार मिला हैं। उन्होंने कहा कि ईईएमआईएस पोर्टल एक उपयोगकर्ता के अनुकूल इंटरफेस उपलब्ध करवाता है। पंजीकरण प्रक्रिया के माध्यम से नियोक्ताओं और उम्मीदवारों दोनों का मार्गदर्शन करने के लिए यूट्यूब वीडियो लिंक भी उपलब्ध है। पोर्टल से सीधे आवेदकों को एसएमएस सूचना की सुविधा से नियोक्ता भी लाभान्वित होता है। रोजगार के अवसर और पंजीकरण नवीनीकरण के बारे में कुशल संचार की सुविधा भी इसमें मिली है। इसके अलावा यह पोर्टल बेरोजगार युवाओं के लिए भी सहायक सिद्ध हो रहा है। इसके माध्यम से उन्हें आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने तथा निर्बाध रूप से पंजीकरण की सुविधा मिली है। इसके अतिरिक्त, उम्मीदवार तीन प्रमुख योजनाओं कौशल विकास भत्ता योजना 2013, बेरोजगारी भत्ता योजना 2017 और औद्योगिक कौशल विकास योजना 2018 का लाभ भी इसके माध्यम से उठा सकते हैं।
हिमाचल के जिला शिमला के थाना क्षेत्र ढली में बल्देयां के पास एक कार अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हों गई। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार लोग घायल हो गए। शिकायत के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस के मुताबिक, 13 जनवरी को थाना ढली में रक्षा निवासी गांव कथोल तहसील करसोग ने मामला दर्ज कराया कि बल्देयां के पास उसके पति से कार नं. एचपी 30- 6983 अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। जिसमें इन्हें, उनके पति, बेटे तथा बेटी को चोटें आई हैं व ससुर ईश्वर दास की मौत हो गई है।
'समाज को लौटाने' की भावना से राजकीय स्कूलों को गोद ले सकेंगे जनप्रतिनिधि व आम लोग समाज के समावेशी विकास में मूल्य आधारित शिक्षा प्रणाली की महत्वपूर्ण भूमिका है। छात्रों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए मजबूत शैक्षणिक अधोसंरचना का निर्माण भी बेहद आवश्यक है। इसी उद्देश्य के साथ शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने के लिए निरंतर अभिनव पहल की जा रही हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने जनप्रतिनिधियों व कुशल पेशेवरों की साझेदारी से सरकारी स्कूलों में सुधार लाने के उद्देश्य से 'अपना विद्यालय: द हिमाचल स्कूल एडॉप्शनÓ कार्यक्रम की शुरुआत की है। इसके तहत प्रदेशवासियों को राजकीय पाठशालाओं को गोद लेने का अवसर प्रदान किया जाएगा, जिससे वह शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने में अपना योगदान दे पाएंगे। कार्यक्रम के तहत 'मेरा स्कूल-मेरा गौरव' अभियान प्रदेशवासियों एवं संस्थाओं को अपनी पसंद का स्कूल गोद लेने को प्रेरित करेगा। इन स्कूलों में वे छात्रों को सामाजिक सहायता कार्यों से जोड़ने और उनके लिए कैरियर परामर्श, विभिन्न परीक्षाओं के लिए अतिरिक्त या विशेष कक्षाएं लेने, योग प्रशिक्षण सहित विभिन्न स्तर पर मार्गदर्शन प्रदान कर सकेंगे। 'समाज को लौटाने' की इस पहल के माध्यम से राजकीय पाठशालाओं के लिए शैक्षिक सहायता टीम और गैर-शैक्षिक सहायता टीम स्थापित की जाएंगी। यह टीम भावी पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव स्थापित करने में बिना किसी वित्तीय या अन्य लाभ के सरकार का सहयोग करेगी। सेवानिवृत्त शिक्षक या कर्मचारियों, पेशेवरों, गृहणियों और समाज के अन्य व्यक्तियों को इन टीमों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। शैक्षिक सहायता टीम में शामिल लोग पाठशालाओं में शिक्षकों की कमी या अध्यापकों के अवकाश पर होने के चलते छात्रों को पढ़ाएंगे। साथ ही उनका कैरियर परामर्श और मार्गदर्शन भी करेंगे। वहीं गैर-शैक्षिक टीम छात्रों को खेल, कौशल, कला, चित्रकारी, संगीत, नाट्य और नृत्य आदि में रूचि अनुसार प्रशिक्षण देंगे। इसके अलावा वह स्कूलों में अधोसंरचना निर्माण के लिए वित्तीय सहयोग, उत्कृष्ट छात्रों को छात्रवृत्ति, विभिन्न कार्यक्रमों के प्रायोजन और मिड-डे मील कार्यक्रम में भी योगदान दे सकते हैं। इस तरह की प्रणाली के लिए स्कूलों में उपयुक्त निरीक्षण व्यवस्था स्थापित की जाएगी, जिसमें सम्बंधित स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा। इसके अलावा गणमान्य व्यक्तियों से भी प्रदेश में कहीं भी उनकी पसंद का कम से कम एक सरकारी स्कूल गोद लेकर उसका संरक्षक (पैट्रन) बनने का अनुरोध किया जाएगा। इनमें प्रदेश से चुने गए लोकसभा एवं राज्यसभा सांसद, सभी विधायक, श्रेणी-एक व दो के राजपत्रित अधिकारी, जैसे उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, वन मंडलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उपमंडलाधिकारी (ना.), खंड विकास अधिकारी, खण्ड चिकित्सा अधिकारी व पुलिस उपाधीक्षक इत्यादि शामिल हैं। यह कम से कम एक स्कूल गोद लेकर उसके संरक्षक बनेंगे। यह संरक्षक अध्यापकों और स्कूल प्रबंधन समिति को स्कूलों में वांछित सुधार के लिए सुझाव प्रस्तुत करेंगे। इसी प्रकार सचिवालय व निदेशालय में सेवाएं दे रहे शिक्षा विभाग के अधिकारी, उप-निदेशक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के समन्वयक, प्रधानाचार्य, राज्य शिक्षा परिषद अनुसंधान और प्रशिक्षण और हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अधिकारी भी एक-एक स्कूल गोद लेंगे और इसके प्रतिपालक (मेंटर) होंगे। 'अपना विद्यालय कार्यक्रमÓ के लिए समग्र शिक्षा अभियान द्वारा एक ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया जाएगा। यह पब्लिक डोमेन पर उपलब्ध रहेगा ताकि जनता के प्रति जबावदेही सुनिश्चित की जा सके। इस पोर्टल से ऑनलाइन व वास्तविक समय में आकलन, निगरानी और सुधारात्मक कार्रवाई की सुविधा मिलेगी। इस कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण घटक 'व्यवस्थित किशोर प्रबंधन एवं मूल्यवर्द्धन संवादÓ है, जिसके तहत विभिन्न विभाग मिलकर स्कूली छात्रों का व्यक्तिगत विकास व सशक्तिकरण करेंगे। इसमें नैतिक मूल्यों को बढ़ावा, अनुभव साझा करना, नशा निवारण एवं रोकथाम के प्रति जागरूकता, महिला सशक्तिकरण संबंधी योजनाएं, पोषण और कानूनी ज्ञान आदि शामिल हैं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को राज्य एवं जिला स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।
** बागवानों को प्रदेश में ही सस्ती दरों पर मिलेंगे उन्नत किस्म के पौधे **नर्सरी में अत्याधुनिक तकनीक से तैयार किए जाएंगे पौधे हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार सूबे के बागवानों को बड़ी सौगात देने जा रही है। सेब की उन्नत किस्मों के पौध अब बागवानों को आसानी से उपलब्ध होंगे। हिमाचल में इटली की कंपनी 200 बीघा जमीन पर सेब की नर्सरी लगाएगी। नर्सरी में अत्याधुनिक तकनीक से विश्व स्तरीय पौधे तैयार किए जाएंगे। कंपनी अपने खर्चे पर नर्सरी और उन्नत टेक्नालॉजी स्थापित करेगी। बागवानों को सस्ती दरों पर सेब के पौधे मिलेंगे और विदेशों से पौधे आयात करने का खर्चा भी नहीं करना पड़ेगा। नर्सरी में तैयार होने वाले अतिरिक्त पौधे उत्तराखंड और कश्मीर के बागवानों को ऑन डिमांड उपलब्ध करवाए जाएंगे। सरकार ने राजस्व विभाग को एक ही स्थान पर 200 बीघा का प्लॉट तलाशने के निर्देश दिए हैं। अब तक सरकार हर साल इटली सहित अन्य देशों से सेब के पौधे आयात करती है। पौधों को बागवानी विभाग की नर्सरियों में क्वारंटाइन के लिए रखा जाता है, हालांकि इनमें से बड़ी संख्या में पौधे खराब भी हो जाते हैं। हिमाचल में नर्सरी लगने के बाद पौधे अनुकूल वातावरण में तैयार होंगे जिससे पौधों की सफलता दर 100 फीसदी रहेगी।
** मार्ग पर स्थापित होंगे सात चार्जिंग स्टेशन राज्य सरकार ने किरतपुर-बिलासपुर-मंडी-कुल्लू-मनाली-केलांग ग्रीन कॉरिडोर के संचालन से एक ऐतिहासिक कीर्तिमान हासिल किया है, जिसमें सात इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन का शीघ्र ही शुभारंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने पहले बजट भाषण में इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य भर में छह ग्रीन कॉरिडोर स्थापित करने की घोषणा की है। इंडियन ऑयल कार्पोरेशन लिमिटेड ने रणनीतिक रूप से किरतपुर-बिलासपुर-मंडी-कुल्लू-मनाली-केलांग ग्रीन कॉरिडोर पर घंडल, दाड़लाघाट के समीप दसेरन, बिलासपुर के पास नौणी, जडोल, नेर चौक बाईपास, कुल्लू में भूतनाथ मंदिर पुल के सामने और केलांग में सात ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए हैं। शिमला से केलांग जाने वाले इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को भी चार्जिंग स्टेशनों से लाभ होगा। इन स्टेशनों को स्थापित करने का उद्देश्य परिवहन के बेहतर साधन को बढ़ावा देने के साथ-साथ ई-चालकों को सुखद यात्रा की सुविधा प्रदान करना है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि छह घोषित ग्रीन कॉरिडोर में परवाणू-नालागढ़-ऊना-हमीरपुर-देहरा-अंब-मुबारकपुर-संसारपुर-टैरेस-नूरपुर, पांवटा-नाहन-सोलन-शिमला, परवाणू-सोलन-शिमला-रामपुर-पिओ-पूह-ताबो-काजा-लोसर, शिमला-बिलासपुर-हमीरपुर-कांगड़ा-नूरपुर-बनीखेत-चंबा, मंडी-जोगिंदरनगर-पालमपुर-धर्मशाला-कांगड़ा-पठानकोट तथा किरतपुर-बिलासपुर-मंडी-कुल्लू-मनाली-केलांग-जिंगजिंगबार जैसे प्रमुख मार्ग शामिल हैं। इसके अतिरिक्त अन्य पांच ग्रीन कॉरिडोर को पूरी तरह संचालित करने के प्रयास जारी हैं। परिवहन विभाग ने अन्य प्रस्तावित ग्रीन कॉरिडोर के साथ 45 अतिरिक्त ईवी चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू की है। राज्य सरकार इन स्टेशनों को स्थापित करने के लिए निजी ऑपरेटरों को 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान कर रही है। सुविधाजनक मार्ग पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान करने के महत्व पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं और हमें इस समस्या को रोकने के लिए पहले से ही कदम उठाने चाहिए। यही कारण है कि राज्य सरकार 31 मार्च, 2026 तक हिमाचल प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के तहत ई-टैक्सी, ई-बस और ई-ट्रक की खरीद पर 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान करने सहित विभिन्न प्रावधान पहले ही लागू किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस वर्ष से सरकारी क्षेत्र में डीजल-पेट्रोल वाहनों की खरीद पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-वाहनों को बढ़ावा देना बेहतर परिवहन के प्रति सरकार के समर्पण को दर्शाता है, जिसका लक्ष्य कार्बन उत्सर्जन को कम करना तथा स्वच्छ और स्वस्थ भविष्य की ओर हरित ऊर्जा के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश को अग्रणी राज्य बनाना है।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मकर संक्रांति के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। राज्यपाल ने अपने संदेश में आशा व्यक्त की कि यह शुभ अवसर राज्य के लोगों के जीवन में समृद्धि और खुशहाली लाएगा। उन्होंने कहा कि यह पर्व जीवन में नवीन ऊर्जा के संचार का भी प्रतीक है। वहीं, मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उत्सव हमें अपने प्रियजनों एवं मित्रों के साथ खुशियां बांटने का अवसर प्रदान करता है और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कामना की कि उत्साह और उल्लास से परिपूर्ण यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और उन्नति लेकर आए।
**सीमेंट के दाम बढ़ने की खबरें आ रही हैं, अपना रुख स्पष्ट करे सरकार **नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेशवासियों को दी लोहड़ी और मकर संक्रांति की शुभकामनाएं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि अभी जांच सुविधाओं का मामला ठीक से हल नहीं हुआ और प्रदेश में डॉक्टर्स हड़ताल पर जाने की बात कर रहे हैं। सरकार को इस मामले में ध्यान देने की आवश्यकता है। सरकार को सुनिश्चित कराना चाहिए कि स्वास्थ्य से जुड़े मसलों को वह गंभीरता से सुलझाए। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही सरकार हिमकेयर में लोगों का इलाज होना भी सुनिश्चित करे, क्योंकि भुगतान लंबित होने की वजह से लोगों के इलाज नहीं हो पा रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने सभी प्रदेशवासियों को लोहड़ी और मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोग स्वस्थ्य और खुशहाल रहें यही मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं। जयराम ठाकुर ने कहा कि सीमेंट के दाम बढ़ने की खबरें भी आ रही हैं। अभी प्रदेश आपदा के दौर से गुजर रहा है और पंद्रह हजार से ज़्यादा लोगों के घर पूरी तरह से बर्बाद हो गये हैं। घरों के निर्माण में सीमेंट महत्वपूर्ण सामान है। आपदा की मार झेल रहे लोगों पर सीमेंट के दाम की दोहरी मार पूरी तरह से अमानवीय है। उन्होंने कहा कि आपदा के पहले और आपदा के दौरान भी सरकार सीमेंट के दाम बढ़ा चुकी है। ऐसे में सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि न सीमेंट के दाम बढ़े और न ही भवन निर्माण से जुड़े अन्य किसी प्रकार के समान के। नेता प्रतिपक्ष सरकार को आगाह करते हुए कहा कि वह जनविरोधी फैैसलों से बाज आए, क्योंकि सत्ता में आने से पहले सरकार ने एक से बढ़कर एक वादे किए थे और अब सत्ता में आकर लोगों को परेशान करने वाले फैसले नहीं ले सकती है। प्रधानमंत्री जो काम शुरू करते हैं, समय से पहले खत्म भी करते हैं नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री जो काम शुरू करते हैं वह समय के पहले ख़त्म भी करते हैं। वर्तमान में मुंबई में बना अटल सेतु भी इसका एक शानदार नमूना है। 21 किलोमीटर से भी लंबा अटल सेतु भारत का सबसे बड़ा पुल है जो रिकॉर्ड समय में बनकर तैयार हुआ है। कोविड के कारण इसके निर्माण में देरी हुई अन्यथा यह पुल पहले ही तैयार हो जाता। उन्होंने कहा कि यह पुल देश के वर्तमान और भविष्य की सूरत संवारने वाला पुल है। अटल सेतु विकसित भारत के लक्ष्यपथ को प्रशस्त करने वाला निर्माण हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली ही हर काम पूरी होने की गारंटी है। तभी देश उन पर आंखे मूंदकर भरोसा करता है।
हिमाचल के जिला चंबा में आज भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार चंबा में शनिवार दोपहर करीब 1:16 बजे भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.1 आंकी गई और इसका केंद्र जमीन के अंदर 9 किलोमीटर की गहराई पर था। यह वेरी लाइट कैटेगरी का भूकंप था। इससे किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। रिक्टर स्केल पर 2.0 से कम तीव्रता वाले भूकंप को माइक्रो कैटेगरी में रखा जाता है और यह भूकंप महसूस नहीं किए जाते। वहीं, 2.0 से 2.9 तीव्रता वाले भूकंप को माइनर कैटेगरी में रखा जाता है। यह वेरी लाइट कैटेगरी के भूकंप 3.0 से 3.9 तीव्रता वाले होते हैं, जो एक साल में 49,000 बार दर्ज किए जाते हैं। इन्हें महसूस तो किया जाता है लेकिन शायद ही इनसे कोई नुकसान पहुंचता है।
** छह पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग और ऑटोमेटिक टेस्टिंग सेंटर खोले जाएंगे ** अब सिर्फ इलेक्ट्रिक गाड़ियों को ही खरीदेगी सरकार उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शनिवार को शिमला में आयोजित प्रेसवार्ता में जानकारी देते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में 15 साल पुराने सरकारी वाहनों को स्क्रैप किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस साल राज्य में छह पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग और ऑटोमेटिक टेस्टिंग सेंटर की सुविधा शुरू होगी। वाहन स्क्रैपिंग सेंटर स्थापित करने के लिए 31 जनवरी तक इच्छुक लोगों से निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 साल पूरी कर चुकी सरकारी गाड़ियों का पंजीकरण रद्द हो चुका है। ये गाड़ियां अब अवैध मानी जाएंगी और इन्हें पोर्टल से हटा दिया गया है। इन गाड़ियों को अब स्क्रैप किया जाएगा। सरकारी स्तर पर अब सिर्फ इलेक्ट्रिक गाड़ियों की ही खरीद होगी। प्रदेश में 31 मार्च 2024 तक पूरी तरह से ई-चालान की व्यवस्था लागू होगी। परिवहन विभाग के 12 बैरियर 30 जून तक इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से जुड़ेंगे। वहीं, स्कूलों में भी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए अभियान चलाने की कोशिश की जाएगी। इसके तहत 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले बच्चों के लाइसेंस बनाए जाएंगे।
हिमाचल सरकार और क्रस्ना लैब के बीच गतिरोध तीसरे दिन टूट गया। क्रस्ना लैब की सरकार के साथ वार्ता सफल रही है। इसके बाद आईजीएमसी सहित प्रदेश के अन्य अस्पतालों में मौजूद क्रस्ना लैब में मरीजों के टेस्ट लेने शुरू कर दिए गए हैं। कंपनी ने बीते 9 महीने की लंबित 54 करोड़ रुपये की राशि जारी करने की मांग को लेकर मरीजों के टेस्ट बंद कर दिए थे। अब सरकार के आश्वासन के बाद क्रस्ना लैब ने टेस्ट सैंपल लेने शुरू कर दिए हैं। दो दिन टेस्ट नहीं होने से मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। आईजीएमसी शिमला में क्रस्ना लैब ने मरीजों के सैंपल लेकर जांच करना शुरू कर दी है। लैब संचालकों का कहना है कि उन्हें मरीजों के टेस्ट करने के निर्देश प्राप्त हो चुके हैं। लिहाजा, अब सैंपल लेकर टेस्टिंग की प्रक्रिया शुरू हो गईं है।
** सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया हाई कोर्ट का आदेश ** मामले में एसआईटी गठित करने को कहा वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संजय कुंडू को हिमाचल के डीजीपी पद से हटाने के हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट में आज मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने उच्च न्यायालय के 9 जनवरी के आदेश को चुनौती देने वाली कुंडू की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया है। पीठ ने कहा कि हालांकि, इस स्तर पर उच्च न्यायालय के उस आदेश को बरकरार रखना अनुचित होगा, जिसमें निर्देश दिया गया है कि याचिकाकर्ता को 26 दिसंबर, 2023 के पहले के आदेश के अनुसरण में डीजीपी के पद से हटा दिया जाए। जो कि रिकॉल आवेदन के खारिज होने पर पुष्ट होता है। पीठ ने जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा भी शामिल थे। पीठ ने राज्य सरकार को एसआईटी गठित करने के आदेश दिए है। शीर्ष अदालत ने संजय कुंडू को डीजीपी के पद से हटाने के उच्च न्यायालय के निर्देश को रद्द करते हुए आदेश दिए कि याचिकाकर्ता इस मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) की ओर की जाने वाली जांच के संबंध में किसी भी तरह का नियंत्रण नहीं रखेंगे। एसआईटी में एक आईजी स्तर का अधिकारी शामिल होगा।
** क्रस्ना लैब के साथ पहले क्यों नहीं हुई बातचीत, प्रदेश के लोगों को क्यों किया परेशान ** विकास का कोई काम नजर नहीं आता, सिर्फ हर जगह असंतोष और निराशा का माहौल नेता प्रतिपक्ष ने एक बार फिर सुक्खू सरकार पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी चीज को लेकर गंभीर नहीं है, सिवाय हर महीने कर्ज लेने के। महीना शुरू होने के पहले ही कर्ज की अधिसूचना जारी हो जाती है। अभी सरकार को बने एक साल और महीना ही हुआ है और सरकार ने एक हजार करोड़ और कर्ज लेने की अधिसूचना जारी कर दी। अपने 13 महीने के कार्यकाल में सरकार अब तक 13 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज ले चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के एक भी काम नहीं कर रही है तो कर्ज किस लिए लिया जा रहा है। जो कांग्रेस हर दिन बीजेपी सरकार पर क़ज़र् को लेकर शोर मचाती थी आज वह हर दिन के साथ कर्ज लेने का रिकॉर्ड क्यों बना रही है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस सरकार में कोई भी गंभीर नहीं है। अस्पतालों में जांच करने वाली लैब के पैसे बकाया करने के कारण लैब ने जांच बंद कर दी और तीन दिन तक मरीज़ जांच के लिए इधर-उधर भटकते रहे। निजी जांच केंद्रों में जाकर मोटी रकम खर्च करते रहे। जब लोग पूरी तरह परेशान हो गये तब जाकर सरकार ने लैब की अथॉरिटी के साथ बातचीत की और गतिरोध ख़त्म हुआ। जयराम ठाकुर ने सवाल उठाया कि आख़िर यह काम पहले क्यों नहीं हुआ? पहले ही इस मसले का समाधान क्यों नहीं निकाला गया। पहले से बातचीत क्यों नहीं की गई। क्या सरकार प्रदेश के लोगों की जान आफत में डाले बिना किसी समस्या का हल नहीं निकाल सकती है। भवन निर्माण को लेकर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय सराहनीय नेता प्रतिपक्ष ने शिमला में भवन निर्माण के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा एनजीटी के ढाई मंज़िला भवन निर्माण की सीलिंग को रद्द कर 21 मीटर की ऊँचाई तक भवन निर्माण को मंज़ूरी देने के फ़ैसले की सराहना करते हुए कहा कि इस निर्णय के खिलाफ हम सुप्रीम कोर्ट गए थे। इस निर्णय से भवन निर्माण में लोगों को सहूलियत होगी। स्वामी विवेकानंद को अर्पित किए श्रद्धा सुमन नेता प्रतिपक्ष ने स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के अवसर पर संजौली में युवा मोर्चा द्वारा आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद भारतीय पुनर्जागरण के प्रणेता थे। मानवीय शक्ति में अटूट आस्था और हर व्यक्ति ईश्वरीय स्वरूप देखने वाले स्वामी विवेकानंद हर युवा का, हर भारतीय काआदर्श हैं। उत्तिष्ठत जाग्रत प्राप्य वरान्निबोधत का उनका आह्वान आज भी हर भारतीय का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि युगों-युगों तक मानवता को प्रेरित करने वाले महापुरुष स्वामी विवेकानंद जी को मैं सादर नमन करता हूं। इस मौके पैट उनके साथ पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, बीजेपी सदर प्रत्याशी संजय सूद, पूर्व विधायक विशाल नेहरिया, पूर्व मेयर सत्य कौंडल, हनीश चोपड़ा, श्याम शर्मा, गौरव सूद, विकास ब्रागटा, गौरव कश्यप, कल्पी शर्मा, कल्पना ठाकुर, गीतांजलि, रागिनी चौहान आदि उपस्थित रहे।
**स्टेट कार्डर की जगह डिस्ट्रिक्ट कार्डर पर पटवारियों के 900 पद भरने को मिली मंजूरी **लड़कियों की शादी की उम्र 18 से बढ़ाकर 21 करने के प्रस्ताव को भी मिली मंजूरी हिमाचल कैबिनेट की बैठक शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू की अध्यक्षता में हुई। बैठक में इंडस्ट्री मिनिस्टर हर्षवर्धन चौहान, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह शामिल नहीं हुए। बैठक में कई महत्व पूर्ण निर्णय लिए गए हैं। बैठक के बाद जानकारी देते हुए राजस्व व बागवानी मंत्री जगत नेगी ने बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक में पटवारियों की भर्ती स्टेट कार्डर की जगह डिस्ट्रिक्ट कार्डर पर करीब 900 पद भरने की मंजूरी दी गई है। शिक्षा विभाग में गेस्ट फैकल्टी के आधार पर 2600 शिक्षकों की भर्ती को भी कैबिनेट में मंजूरी दी गई है। हिमाचल प्रदेश में फिल्म पॉलिसी के लिए फिल्म डेवल्पमेंट काउंसिल के गठन को मंजूरी दी गई है। सोशल मीडिया, न्यूज वेब पोर्टल, वेबसाइट के नीति बनाने को भी मंजूरी मिल गई है। कैबिनेट ने लड़कियों की शादी की उम्र 18 से 21 करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिसे केंद्र को भेजा जाएगा। वहीं, मिड-डे मील वर्कर को मातृत्व अवकाश मिलेगा। उन्होंने बताया कि एकल महिलाओं के लिए एकल नारी आवास योजना को मंजूरी दी गई है, जिसमें घर बनाने के लिए डेढ़ लाख की राशि दी जाएगी। नई शिक्षा नीति के तहत बच्चे की पहली क्लास में एडमिशन के लिए 6 महीने की छूट देने को मंजूरी दी गई है। मिड-डे मील वर्कर महिलाओं के मेटरनिटी लीव बढ़ाने को भी कैबिनेट में मंजूरी दी गई है। लोक निर्माण और जल शक्ति विभाग में भरे जाएंगे इतने पद मंत्रिमंडल ने लोक निर्माण विभाग में कनिष्ठ अभियंता (सिविल) के 40 पद और कनिष्ठ तकनीशियन (वर्क इंस्पेक्टर) के 25 पद, जल शक्ति विभाग में वर्क इंस्पेक्टर के 20 पद, राजस्व प्रशिक्षण संस्थान जोगिंद्रनगर, जिला मंडी में विभिन्न श्रेणियों के 7 पद तथा सैनिक कल्याण विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 5 पद भरने को स्वीकृति प्रदान की। बैठक में हमीरपुर जिला में 50 बिस्तर क्षमता के नागरिक अस्पताल सुजानपुर को 100 बिस्तर क्षमता के नागरिक अस्पताल में स्तरोन्नत करने तथा यहां पर विभिन्न श्रेणियों के 35 पद सृजित कर भरने को स्वीकृति प्रदान की गई।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में पुलिस ने लाखों रुपये के गहने चोरी की वारदात को 12 घंटे में सुलझा लिया है। पुलिस ने आरोपी शुभम गुप्ता को गिरफ्तार करने के साथ ही उससे 16.50 लाख रुपये के सोने व चांदी के गहने भी बरामद किए हैं। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक चोर ने चोरी की इस वारदात को शिमला के उप नगर ढली में अंजाम दिया था। घटना 10 जनवरी की है। पीड़ित रमेश कुमार गुप्ता निवासी गांव सर्वजीत, रायबरेली, उत्तर प्रदेश के किराये के कमरे से सोने और चांदी के आभूषण चोरी हो गए थे। शिकायतकर्ता कारोबार के सिलसिले में शहर से बाहर था। घर पर उसकी पत्नी थी। वारदात के समय वह बाजार गई थी। तीन घंटे बाद शाम 6 बजे लौटी तो देखकर होश उड़ गए। कमरे के अंदर सामान चारों तरफ बिखरा पड़ा था। सोने का एक मंग्लसूत्र, एक गले का हार, 2 चेन, 4 कड़े, 4 अंगूठियां, 4 झुमके, एक नथ, 2 टॉप्स, एक जोड़ी बालियां, तिलियां सहित चूड़ियां गायब थीं। इसके अलावा चांदी का कमरबंद, पायल सहित पैर में पहनने की करीब दो दर्जन बिछिया भी गायब थीं। शातिर किचन की खिड़की का शीशा खोलने के बाद ग्रिल को रॉड से तोड़कर कमरे के अंदर घुसा था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को पकड़ा।
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में आज यहां 'सरकार गांव के द्वार' कार्यक्रम के संबंध में सभी जिला उपायुक्तों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम 17 जनवरी, 2024 को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा जिला हमीरपुर के नादौन के गलोड़ गांव में औपचारिक तौर पर आरम्भ किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान जन समस्याएं सुनी जाएंगी। जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम के तहत 17 जनवरी 2024 को उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री जिला ऊना के हरोली के दुलेहड़, विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया जिला चंबा के भटियात के कुड्डी, कृषि एवं पशुपालन मंत्री चन्द्र कुमार जिला कांगड़ा के ज्वाली के पलोड़ा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल जिला सोलन के नौणी, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान जिला सिरमौर के शिलाई के बकरास, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह जिला मंडी के बल्ह के छातड़ू, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह जिला शिमला के चोपाल के बमटा, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी जिला बिलासपुर के घुमारवीं के कसारू, आयुष मंत्री यादवेन्द्र गोमा जिला कुल्लू के बजौरा, विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार जिला लाहौल-स्पीति के ताबो में इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक जिले में ग्राम सभा आयोजित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, सभी विभागों की प्रदर्शनियां तथा स्वास्थ्य शिविर भी लगाए जाएंगे। अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व ओसी शर्मा ने कहा कि राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी 17 जनवरी को किन्नौर के चगांव में इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।
-स्वास्थ्य सेवाओं को इतना हल्के में कैसे ले सकती है सरकार -जो टेस्ट फ्री होते थे, आज उनके लोगों को देने पड़ रहे पैसे नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के लोगों के स्वास्थ्य से साथ खिलवाड़ हो रहा है। मरीज बिना जांच के भटक रहे हैं। निजी लैब में मोटी रक़म देकर जांच करवाने को मजबूर हो रहे हैं और स्वास्थ्य मंत्री ऊल-जुलूल बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री का 'क्रसना लैब का काम संतोषजनक नहीं था और इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा हैÓ, वाला बयान शर्मनाक है। शायद उन्हें जानकारी नहीं है कि जाँच बंद होने से प्रदेश के लोगों को कितनी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के बयान का आधार क्या है? अगर काम संतोषजनक नहीं था तो राज्य सरकार ने क्या कार्रवाई की। कैसे लोगों की जाँच होती रही। यह भी प्रदेश के लोगों को बताना चाहिए। अखबारों में रोज़ छप रहा है कि जांच करने वाली संस्थाओं के भुगतान नहीं हो रहे हैं, इसलिए सेवा प्रदाता संस्था जांच करना बंद कर देगी। लेकिन सरकार और ज़िम्मेदार आंख मूंदकर सोए रहे। जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस नीत सुक्खू सरकार के काम असंतोषजनक ही नहीं निराशाजनक हैं। सिर्फ और सिर्फ झूठ बोलकर सरकार को चलाने का प्रयास किया जा रहा है। जयराम ठाकुर ने कहा की सत्ता में आते ही अस्पतालों पर ताला लगाया और अब लोगों के जाँच और इलाज पर ताला लगा रही है। देश में इलाज से कोई अछूता न रह जाए इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत चलाई। प्रदेश में जो भी आयुष्मान के तहत आ नहीं पाए उनके इलाज लिए हमने हिम केयर योजना चलाकर पांच लाख के नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था की। लोगों को कोई बीमारी होती थी तो लोग सिर्फ आयुष्मान और हिमकेयर का कार्ड जेब में रख कर अस्पताल जाते थे और पांच लाख तक का इलाज बिना किसी परेशानी के फ्री में करवाते थे। प्रदेश का कोई ऐसा परिवार नहीं था जिसे इलाज के लिए सोचना पड़े। लेकिन आज क्या हाल है। हिमकेयर के दो सौ करोड़ से ज़्यादा का बकाया है और लोग इलाज लिए दर-दर भटक रहे हैं। नि:शक्त हो चुके लोगों के लिए हमने सहारा योजना चलाई थी। आज वह भी बंद है। क्या यह सरकार सामाजिक सरोकार में इतना भी नहीं कर सकती है।
** प्रदेश में 73 प्रतिशत डिजिटल स्वास्थ्य कार्ड तैयार ** 35 आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में 6-6 विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां स्वास्थ्य विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्वास्थ्य सूचना प्रबंधन प्रणाली समयबद्ध शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आरंभिक स्तर पर यह प्रणाली प्रदेश के 56 अस्पतालों में शुरू की जाएगी, जिससे चिकित्सकों को क्लाउड आधारित सर्वर से रोगियों के सम्पूर्ण चिकित्सा विवरण उपलब्ध हो सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों को घर-द्वार पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के दृष्टिगत स्वास्थ्य संस्थानों में नवीनतम प्रौद्योगिकी का समावेश कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सूचना प्रबन्धन प्रणाली इस दिशा में एक मील पत्थर साबित होगी। इससे रोगियों को पर्ची तथा अन्य मेडिकल टेस्ट से संबंधित दस्तावेज या उनकी छायाप्रतियां साथ ले जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी और उन्हें निर्बाध चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने कहा कि चिकित्सक भी एक क्लिक पर रोगी का मोबाइल नम्बर अंकित करते ही उसके स्वास्थ्य के बारे में आवश्यक सूचना प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में डिजिटल स्वास्थ्य कार्ड बनाने का लक्ष्य जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा और अभी तक 73 प्रतिशत कार्ड बनाए जा चुके हैं। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में उच्च स्तरीय स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की भी गुणात्मक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी 68 विधानसभा क्षेत्रों में आदर्श स्वास्थ्य संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं और अभी तक ऐसे 35 आदर्श स्वास्थ्य संस्थान राज्य में स्थापित हो चुके हैं जहां 6 विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात किए गए हैं। उन्होंने शेष 33 संस्थानों में भी शीघ्र ही इन विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने आईजीएमसी शिमला, अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियेलिटी चमियाणा (शिमला) और टांडा मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी सुविधा शुरू करने के लिए जारी प्रक्रिया की भी समीक्षा की। उन्होंने यह सुविधा जल्द शुरू करने के निर्देश भी दिए ताकि लोगों को इसका लाभ समय पर मिल सके। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य देखभाल ढांचे के आधुनिकीकरण तथा डिजिटलीकरण से गुणात्मक सेवाएं सुनिश्चित हो सकेंगी।
** हिंदुकुश में जमीन से 220 किमी नीचे था केंद्र ** फिलहाल किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं अफगानिस्तान के हिंदुकुश में आज दोपहर बाद 2:20 बजे भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। इसकी वजह से पाकिस्तान के इस्लामाबाद, रावलपिंडी और भारत में जम्मू-कश्मीर से दिल्ली तक धरती हिल गई। नेशनल सेंटर फॉर सीसमोलॉजी के मुताबिक भूकंप की तीव्रता 6.1 मापी गई। इसका केंद्र हिंदुकुश में जमीन से करीब 220 किलोमीटर नीचे था। फिलहाल किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान में था। इसके झटके दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई शहरों में महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान में था। इसके झटके दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई शहरों में महसूस किए गए। दो माह पूर्व नेपाल में आया था 6.4 तीव्रता का भूकंप गत वर्ष 4 नवंबर को रात 11:32 बजे नेपाल में 6.4 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें 157 लोगों की मौत हुई थी। तब दिल्ली-एनसीआर के अलावा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और बिहार की राजधानी पटना में भी झटके महसूस किए गए थे। हालांकि भारत में किसी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ था।
** हाई कोर्ट ने डीजीपी पद से हटाने का निर्देश वापस लेने से कर दिया है इनकार ** उच्च न्यायालय ने खारिज कर दी है कुंडू की रिकॉल अपील हिमाचल के पूर्व डीजीपी संजय कुंडू ने हिमाचल हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ उक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सुप्रीम कोर्ट में कुंडू के वकील गौरव गुप्ता द्वारा अपील दायर की गई है और इसे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाना बाकी है। हाई कोर्ट ने नौ जनवरी को सुनाए अपने फैसले में कुंडू को हिमाचल प्रदेश के डीजीपी पद से हटाने का निर्देश वापस लेने से इनकार कर दिया है। हाई कोर्ट ने पद से हटाने के खिलाफ संजय कुंडू और कांगड़ा की पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री की रिकॉल अपील खारिज कर दी थी। मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सरकार से उस मामले की जांच के लिए एक सप्ताह के भीतर महानिरीक्षक स्तर से नीचे के अधिकारी की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने को कहा, जिसमें पालमपुर के व्यवसायी निशांत शर्मा ने अपने व्यापारिक साझेदारों से जान को खतरा होने की आशंका जताई थी। उन्होंने कुंडू के आचरण पर भी सवाल उठाया था और आरोप लगाया था कि अधिकारी ने उन्हें फोन किया था और शिमला आने के लिए कहा था।
-ओपीएस बहाली और एमडी को हटाने की उठाई मांग -कहा, बर्दाश्त नहीं करेंगे अनदेखी और सौतेला व्यवहार हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड के प्रदेश भर से हजारों कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आज शिमला के कुमार हाउस पहुंचे। कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली और एमडी को हटाने की मांग उठाई। कर्मी विद्युत बोर्ड में स्थायी एमडी नियुक्त करने की मांग कर रहे हैं। बिजली बोर्ड के इंजीनियर और कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर एक संयुक्त मोर्चे का गठन किया है। इसी संयुक्त मोर्चे के बैनर तल बिजली बोर्ड के कर्मचारी लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। आज शिमला में की गई महारैली में संयुक्त मोर्चा के संयोजक इंजीनियर लोकेश ठाकुर ने कहा कि बिजली बोर्ड कर्मचारियों की अनदेखी और उनके साथ सौतेला व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आज निकाली गई महारैली के बावजूद सरकार नहीं जागी तो आगामी रणनीति तैयार की जायेगी।
** प्रदेश सरकार ने नए शैक्षणिक सत्र को लेकर जारी किए दिशा-निर्देश ** छात्राओं के लिए घुटने से नीचे तक स्कर्ट, कमर से नीचे तक शर्ट पहनना जरूरी हिमाचल प्रदेश सरकार ने नए शैक्षणिक सत्र से सरकारी स्कूलों में वर्दी के रंग-रूप और अन्य पहनावों को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। अब विद्यार्थी बालों में जेल, हाथों में नेल पॉलिश, शरीर पर टैटू और खुली या तंग मोरी की पैंट-सलवार पहनकर नहीं आ सकेंगे। वहीं, छात्राओं के लिए घुटने से नीचे तक स्कर्ट, कमर से नीचे तक शर्ट पहनना और लंबे बाल होने पर दो चोटी बनाना अनिवार्य होगा। पहली से बारहवीं कक्षा तक पढ़ने वाले करीब साढ़े सात लाख विद्यार्थियों को नए सत्र से पहनावे में बदलाव लाना होगा। अस बाबत शिक्षा विभाग ने प्रारंभिक और उच्च शिक्षा निदेशकों को तय नियमों का नए सत्र से पालन सुनिश्चित करवाने के लिए पत्र भेज दिए हैं। बालों में जेल लगाने पर भी रोक शिक्षा सचिव की ओर से जारी निर्देशों में स्पष्ट है कि छात्राओं के सूट की लंबाई घुटनों से एक इंच नीचे होगी। सलवार की मोरी न तो बहुत अधिक होगी और न अधिक तंग। स्कूल शर्ट-स्कर्ट चुनते हैं तो शर्ट के कॉलर सफारी सूट जैसेे होंगे। सूट और शर्ट पूरे बाजू के बनाने होंगे। लंबी जुराबें पहननी होंगी। टाई को शर्ट के पहले बटन को बंद करते हुए लगाना होगा। लंबे बालों वाली छात्राओं को रिबन बांध कर दो चोटी करनी होगी। छोटे बाल वाली छात्राओं को हेयर बैंड के साथ हेयर पिन लगानी होगी। छात्राओं को दुपट्टा भी पहनना होगा। छात्रों को छोटे बाल रखने होंगे। सिख समुदाय के छात्रों को सफेद पटका पहनना होगा। बालों में जेल लगाने पर रोक लगाई गई है। इसके अलावा मेकअप कर आने, आभूषण पहनने, ऊंची एड़ी के जूते या बूट पहनने पर रोक लगाई है। स्कूल प्रमुख-एसएमसी करेंगे वर्दी का चयन सरकार ने वर्दी का रंग और रूप तय करने का अधिकार स्कूल प्रमुख और स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) को दिया है। इसके लिए वर्दी के रंगों के छह विकल्प हैं। वर्दी का कोई भी विकल्प तय नहीं होने पर स्कूल पुरानी वर्दी चुन सकेंगे। बैग फ्री डे या अन्य किसी विशेष दिवस पर स्कूल ट्रैक सूट भी लगा सकेंगे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक को अपने ग्राहकों की सुविधा के लिए वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) नीति बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने आज ओक ओवर में बैंक के अध्यक्ष देवेेंद्र श्याम और प्रबंध निदेशक श्रवण मांटा के साथ हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को नाबार्ड और भारतीय रिजर्व बैंक के साथ मिलकर एक विस्तृत वन टाइम सेटलमेंट नीति विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य हजारों किसानों, बागवानों और बैंक से जुड़े अन्य कर्जदारों को पर्याप्त सहायता प्रदान करना है, जिसे शीघ्र ही शुरू किया जाएगा। वन टाइम सेटलमेंट नीति बैंक के ऋणधारकों को रियायती दर पर अपने बकाया का निपटान करने का अवसर प्रदान करेगी। इससे कानूनी कार्रवाई से बचा जा सकेगा और सफल निपटान के बाद उनके क्रेडिट स्कोर में सुधार होगा। इसके साथ ही इससे गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों की पुनर्प्राप्ति करने, ऋण प्राप्ति और बैंक के समग्र वित्तीय सुधार होने से बैंक को भी लाभ मिलेगा। वन टाइम सेटलमेंट की इस नीति से 5 हज़ार से अधिक लोगों को लाभ होगा। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक और जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक को भी अपने ग्राहकों के हित में ऐसी वन टाइम सेटलमेंट नीति विकसित करने और लागू करने के लिए समान निर्देश जारी किए जाएंगे।
सीबीआई ने शिमला थाने में 191 करोड़ रुपये का चूना लगाने के मामले में भारत सरकार के उपक्रम सतलुज जल विद्युत निगम (एसजेवीएन) लिमिटेड के तीन पूर्व अफसरों, एक निजी कंपनी के दो प्रतिनिधियों और एक अन्य कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सीबीआई ने प्रांरभिक जांच में पाया कि एसजेवीएन के महाराष्ट्र के अहमदनगर स्थित पवन ऊर्जा संयंत्र की स्थापना में अनियमितता बरती गई, जिससे निगम को 191 करोड़ का नुकसान हुआ। सीबीआई की अलग-अलग टीमों ने बुधवार को आरोपियों के दिल्ली, गाजियाबाद, गुड़गांव, समाना (जिला पटियाला, पंजाब) और चेन्नई स्थित परिसरों सहित लगभग सात स्थानों पर दबिश दी। इस दौरान कई अहम दस्तावेज कब्जे में लिए गए। सीबीआई ने आईपीसी की धारा 120-बी और 420 के साथ ही पी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। जिन पर मामला दर्ज किया गया, उनमें एसजेवीएन के कार्यकारी निदेशक सेवानिवृत्त आरके अग्रवाल, सेवानिवृत्त मुख्य महाप्रबंधक संजय उप्पल और सेवानिवृत्त उप महाप्रबंधक एके जिंदल के अलावा निजी कंपनी मैसर्स पावर एनर्जी के प्रतिनिधि कंसल्टेंट्स विनीत शर्मा और सीएम जैन सहित मैसर्स गमेसा विंड टरबाइन प्रो. लिमिटेड चेन्नई (अब मैसर्स सीमेंस गेम्सा रिन्यूएबल पावर प्राइवेट लिमिटेड चेन्नई) शामिल है। सीबीआई ने पाया कि एसजेवीएन के महाराष्ट्र के अहमदनगर स्थित पवन ऊर्जा संयंत्र की स्थापना में अनियमितता बरती गई है। आरोप है कि कंपनी ने पवन ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए दोषपूर्ण व्यवहार्यता रिपोर्ट प्रदान की थी। इसके साथ ही आरोपियों ने अन्य के साथ षड्यंत्र रचते हुए खिरविरे, कोंभलाने जिला अहमदनगर (महाराष्ट्र) स्थित एसजेवीएन के पवन ऊर्जा संयंत्र की स्थापना के लिए निविदा विनिर्देशों के अनुसार उपकरणों एवं सामग्री की उचित आपूर्ति व स्थापना सुनिश्चित नहीं की, जिस कारण उक्त संयंत्र का प्रदर्शन कम हो गया। ऐसे में निगम को लगभग 191 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिमला के ऐतिहासिक टाउन हॉल में फूड कार्ट के संचालन पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने फूड कोर्ट संचालक देवयानी इंटरनेशनल कंपनी को आदेश दिए कि वह अगली सुनवाई तक टाउन हॉल में फूड कैफे का संचालन न करें। मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव और न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने कहा कि टाउन हॉल शिमला शहर का बहुत प्रतिष्ठित ऐतिहासिक स्थल है। इसे हाल ही में एशियन विकास बैंक के सहयोग से भारी खर्च कर पुनर्निर्मित किया गया। कोर्ट ने कहा कि विरासत स्थल हमेशा अनमोल होते हैं। प्राचीन युग की साक्षी रही हेरिटेज बिल्डिंग एक खजाना है, इसलिए इसे सार्वजनिक ट्रस्ट में माना जा सकता है। इस विरासत को विरासत के लिए संरक्षित करना होगा। प्रतिष्ठित इमारत में फ़ूड कैफे चलाने से इस संपत्ति पर लगातार दबाव बढ़ेगा जो इसके विरासत मूल्य को खतरा पैदा करेगा। कोर्ट ने इस मामले में जनहित को निजी हित से ऊपर बताया। कोर्ट ने कहा कि फूड कोर्ट चलाने से बिल्डिंग को अपूरणीय क्षति पहुंचेगी। न्यायालय ने नगर निगम शिमला कमिश्नर को आदेश दिए कि वह इस आदेश का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करें। कोर्ट ने खेद जताते हुए कहा कि मामले को दो दिनों तक लगातार सुनने के पश्चात कई महत्वपूर्ण प्रश्न उत्पन्न हुए परंतु आधिकारिक उत्तरदाताओं चाहे वे राज्य सरकार हो या नगर निगम हो या एचपी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बैंक, किसी ने भी उन प्रश्नों का उत्तर नहीं दिया। न्यायालय ने महाधिवक्ता कार्यालय से राज्य विरासत सलाहकार समिति को इस मामले के सभी पहलुओं पर गौर करने का आदेश भी दिया और अगली तारीख तक रिपोर्ट सौंपने को कहा है। मामले पर सुनवाई 14 मार्च को होगी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज ओक ओवर, शिमला में मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत निराश्रित बेटी नक्षत्रा सिंह को भवन निर्माण के लिए तीन बिस्वा जमीन के दस्तावेज प्रदान किए। नक्षत्रा सिंह वर्तमान में बिलासपुर जिला के सदर उपमंडल के तहत निदेशालय महिला एवं बाल विकास के वुमेन वर्किंग होस्टल में रह रही हैं। इस योजना के तहत भवन निर्माण के लिए भूमि प्राप्त करने वाली वह जिला बिलासपुर की पहली लाभार्थी हैं। मुख्यमंत्री ने नक्षत्रा सिंह के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और अपने ध्येय को प्राप्त करने के लिए उन्हें जीवन में निरन्तर आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित किया। इससे पूर्व, नक्षत्रा सिंह को स्टार्ट-अप के तहत लघु उद्योग के लिए भी दो लाख रुपये की धनराशि मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत प्रदान की गई है। इस स्टार्ट-अप में नक्षत्रा सिंह ने तीन महिलाओं को रोजगार प्रदान किया है। इस अवसर पर बिलासपुर के उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने अवगत करवाया कि मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के अन्तर्गत नक्षत्रा सिंह को घर बनाने के लिए धनराशि प्रदान करने सम्बंधी आवश्यक प्रक्रियाएं भी पूर्ण की जा रही हैं। उन्होंने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत जिला बिलासपुर में 18 से 27 वर्ष आयु के 128 चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट पंजीकृत किए गए हैं, जिन्हें योजना के तहत विभिन्न लाभ प्रदान किये जा रहे हैं।
भारतीय वायु सेना में अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीर वायु प्रवेश चयन परीक्षा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण 17 जनवरी को प्रात: 11 बजे से आरंभ होगा। यह जानकारी 1 एयरमेन सिलेक्शन सेंटर, एयरफोर्स, अंबाला कैंट के कमांडिंग ऑफिसर विंग कमांडर एसवीजी रेड्डी ने दी। रेड्डी ने कहा कि पात्र उम्मीदवार 17 जनवरी प्रात: 11 बजे से 6 फरवरी, की रात्रि 11बजे तक भारतीय वायु सेना में अग्निवीर वायु चयन परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। पंजीकरण के लिए वेबपोर्टल https://agnipathvayu.cdac.in का उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारतीय वायु सेना में अग्निवीर वायु के लिए ऑनलाइन परीक्षा 17 मार्च से आरंभ होगी। विंग कमांडर एसवीजी रेड्डी ने कहा कि भारतीय वायु सेना ने अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीर वायु प्रवेश चयन परीक्षा के लिए अविवाहित भारतीय पुरुष और महिला उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। उन्होंने कहा कि 2 जनवरी, 2004 से 2 जुलाई, 2007 के मध्य जन्मे उम्मीदवार इस परीक्षा के लिए पात्र हैं। उन्होंने कहा कि 1 एयरमेन सिलेक्शन सेंटर अंबाला द्वारा हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़, जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख के पात्र युवाओं के लिए इस भर्ती का आयोजन किया जा रहा है। विंग कमांडर एसवीजी. रेड्डी ने कहा कि पात्र उम्मीदवार इस संबंध में पूरी जानकारी वेबपोर्टल https://agnipathvayu.cdac.in पर प्राप्त कर सकते हैं।
-44.46 करोड़ की पेयजल परियोजना में होगा अत्याधुनिक यूवी फिल्टर तकनीक का इस्तेमाल 43.06 करोड़ के पर्यटन विकास निगम के होटल का भी किया शिलान्यास मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज जिला हमीरपुर की नादौन विधानसभा क्षेत्र के लिए चार विकासात्मक परियोजनाओं की आधारशिला रखी। उन्होंने नादौन शहर के लिए चौबीस घंटे पेयजल की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए 44.66 करोड़ की लागत से बनने वाली परियोजना का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना के निर्माण कार्य इस वर्ष गर्मियों से पहले पूरा कर लिया जाएगा, जिससे नगर पंचायत नादौन के सभी सात वार्डों के निवासियों को चौबीस घंटे पेयजल आपूर्ति की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि इस योजना में अत्याधुनिक यूवी फिल्टर तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। सीएम सुक्खू ने 43.06 करोड़ की लागत से नादौन में बनने वाले हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के होटल का शिलान्यास भी किया, जिसे जुलाई 2025 तक बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह होटल पर्यटकों को सुविधा प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री ने गगाल में 6.54 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले जल शक्ति विभाग के विश्राम गृह तथा जलाड़ी में 14.02 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले मॉडल करियर एवं स्किल सेंटर की आधारशिला भी रखी। स्किल सेंटर जून, 2025 तक बनकर तैयार कर लिया जाएगा। जल्द बनाए जाएंगे इन्फ्रास्ट्रक्चर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभाग मंत्रियों को विभाग आवंटित करने के सवाल पर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि नए बनाए गए मंत्रियों को विभाग सौंप दिए गए हैं तथा जिन मंत्रियों से विभाग लिए गए हैं, उन्हें उनके मौजूदा विभागों के अनुसार नए बनाए जा रहे विभाग दिए जाएंगे। कुछ विभाग लेने से मंत्रियों में कोई नाराजगी नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विभागों का पुनर्गठन करने जा रही है तथा आने वाले समय में कुछ नए विभाग बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इन्फ्रास्ट्रक्चर विभाग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभाग बनाए जाएंगे ताकि निर्णय लेने में आसानी हो सके और राज्य सरकार का कामकाज सुचारू रूप से चल सके। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि केंद्र सरकार के उपक्रम वाटर सेस का विरोध कर रहे हैं। इसके साथ ही बीबीएमबी के 4300 करोड़ रुपए केंद्र सरकार के पास फंसे हैं, जिसे केंद्र सरकार जारी नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि लुहरी, सुन्नी तथा धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजनाओं में हिमाचल प्रदेश के हितों का ध्यान नहीं रखा गया और प्रदेश के हितों को पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में बेचा गया। इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने सेरा विश्राम गृह में जन समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को शीघ्र निपटारा करने के निर्देश दिए।
-पेमेंट नहीं मिलने के कारण कंपनी ने बंद किया काम हिमाचल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में स्थापित क्रसना लैब ने आज से टेस्ट और एक्स-रे करना बंद कर दिया है, जिससे आज सुबह से ही लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। अस्पतालों में पैथोलॉजी टेस्ट और एक्स-रे के लिए अनुबंधित कंपनी क्रसना कंपनी ने पेमेंट नहीं मिलने के कारण काम बंद किया है। दो जिलों लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर अन्य सभी जिलों में मरीज टेस्ट करवाने के लिए भटकने को मजबूर हो गए हैं। दरअसल, सभी अस्पतालों में दोपहर 12 बजे तक सरकारी लैब में टेस्ट होते है। इसके बाद क्रसना लैब टेस्ट करती है। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में भी लैब द्वारा सेेवाएं बंद करने से मरीजों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में आए मरीजों ने कहा कि कुछ मरीज तो निजी लैब में टेस्ट करवाने के लिए जा रहे हंै, लेकिन हर मरीज निजी लैब की फीस नहीं दे सकता। सरकारी अस्पताल में जो टेस्ट फ्री में होने थे, अब उन्हें करवाने के लिए उन्हें निजी लैब में 1800-1900 रुपये देने पड़ेंगे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रवीण सिंह को तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार 2022 से सम्मानित होने पर बधाई दी है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा यह पुरस्कार उन्हें मंगलवार को नई दिल्ली में प्रदान किया गया। कांगड़ा जिला से संबंधित प्रवीण सिंह बीएसएफ में एएसआई के पद पर कार्यरत हैं। प्रवीण सिंह माउंट एवरेस्ट और माउंट कंचनजंगा को दो बार फतह करने के साथ-साथ 20 से अधिक हिमालयी चोटियों पर सफलतापूर्वक पर्वतारोहण कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि साहसिक खेलों में प्रवीण की उल्लेखनीय उपलब्धियां दूसरे लोगों के लिए प्रेरक हैं और सभी को कड़ी मेहनत तथा समर्पण के बल पर अपने क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।
हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के गगल हवाई अड्डे के विस्तार के लिए प्रस्तावित पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन योजना पर प्रदेश हाई कोर्ट ने रोक लगा दी है। अदालत ने यह रोक मामले की अगली सुनवाई तक लगाई है। विस्तारीकरण के लिए प्रस्तुत की गई सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन रिपोर्ट, विशेषज्ञ समूह रिपोर्ट और तकनीकी आर्थिक व्यवहार्यता रिपोर्ट को उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी। मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद राव और न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने स्पष्ट किया, चूंकि इस बात की संभावना है कि प्रदेश सरकार मामले के सभी पहलुओं की जांच करने के बाद गग्गल हवाई अड्डे के विस्तार को आगे बढ़ाने के अपने फैसले पर दोबारा विचार कर सकती है और ऐसी स्थिति में शुरू की गई आरएंडआर प्रक्रिया में लगने वाला समय और खर्च बर्बाद हो जाएगा। हाई कोर्ट ने आदेश दिए कि मामले की बगली सुनवाई तक आरएंडआर प्रक्रिया के साथ-साथ भूमि के अधिग्रहण एवं विध्वंस के लिए अधिसूचित भूमि पर कब्जा लेने के संबंध में यथास्थिति रखी जायेगी। मामले में अगली सुनवाई 29 फरवरी को होगी।
-समग्र शिक्षा अभियान के तहत शिक्षकों को प्रशिक्षण देने का काम शुरू राज्य के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी अब चैटबॉट से घर बैठे अभ्यास कर सकेंगे। ग्रीष्मकालीन स्कूलों के शिक्षकों को समग्र शिक्षा अभियान कार्यालय ने इस बाबत प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया है। समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय के विद्या समीक्षा केंद्र (वीएसके) कक्ष में इस बाबत बीते दिनों एक वर्चुअल मीट भी हुई है। इसमें हिमाचल प्रदेश के ग्रीष्मकालीन स्कूल प्रमुखों और शिक्षकों को एक साथ लाया गया। प्रशिक्षण स्टार्स नोडल अधिकारी सुरेंद्र रंगटा ने स्टार्स परियोजना में कॉन्वेजीनियस संस्था के सहयोग से संचालित किया। प्रशिक्षण का फोकस शिक्षकों को विद्या समीक्षा केंद्र में स्विफ्टचैट ऐप पर उपलब्ध स्टूडेंट लर्निंग चैटबॉट के बारे में उन्मुख करना रहा। राज्य के सभी 12 जिलों से करीब 175 शिक्षक और यूूट्यूब पर 1,200 समवर्ती दर्शक प्रशिक्षण में शामिल हुए। वीडियो, क्विज और कहानियों से बच्चों को हिंदी, अंग्रेजी और गणित विषय समझाए जाएंगे। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि गणित विषय के लिए चैटबॉट के माध्यम से कक्षा 1 से 12 तक के छात्र विषय से संबंधित हर अध्याय पर घर पर अभ्यास कर सकते हैं।
** हिमाचल में चल रही हैं 173 जल विद्युत परियोजनाएं ** अब तब केवल 35 ने ही जमा करवाया है वाटर सेस हिमाचल जल आयोग ने वाटर सेस जमा न कराने पर 20 और बिजली कंपनियों को नोटिस जारी किए हैं। इन कंपनियों को 15 जनवरी तक बिल जमा करने को कहा है। अगर वाटर सेस जमा नहीं कराया तो आयोग की ओर से आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बता दें कि हिमाचल में कुल 173 बिजली परियोजनाएं चल रही हैं। अब तक आयोग के पास 35 परियोजनाओं से वाटर सेस जमा हुआ है। सरकारी उपक्रम की 25 बिजली परियोजनाओं ने करीब 27 करोड़ रुपये जमा करा दिए हैं। गौरतलब है कि हिमाचल की सुक्खू सरकार ने प्रदेश की आर्थिकी को पटरी पर लाने के लिए ऊर्जा उत्पादकों पर वाटर सेस लगाने का फैसला लिया है। पहले सरकार ने प्रति घन मीटर 0.10 रुपये से 0.50 रुपये तक वाटर सेस वसूलने का फैसला लिया था, अब इसे घटाकर 0.06 से लेकर 0.30 रुपये प्रति घन मीटर किया गया है। वाटर सेस की दरें वसूल करने के लिए अलग-अलग टैरिफ बनाया गया है।
** अनुबंधित कंपनी क्रसना ने पेमेंट न होने पर काम किया बंद ** 700 अस्पतालों में 12 बजे के बाद पैथोलॉजी टेस्ट ** 115 अस्पतालों में एक्स-रे नहीं होंगे हिमाचल प्रदेश के मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों में आज से मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ेगी। अस्पतालों में पैथोलॉजी टेस्ट और एक्स-रे के लिए अनुबंधित कंपनी क्रसना ने पेमेंट नहीं मिलने के कारण काम बंद कर दिया है। इससे 700 अस्पतालों में 12 बजे से पैथोलॉजी टेस्ट और 115 अस्पतालों में दोपहर से एक्स-रे नहीं होंगे। दरअसल, सभी अस्पतालों में दोपहर 12 बजे तक सरकारी लैब में टेस्ट होते है। इसके बाद प्राइवेट क्रसना लैब टेस्ट करती है।
-कहा, एक साल में कई ऐतिहासिक फैसले लिए कांग्रेस सरकार ने -कानून बदलकर 16 हजार से ज्यादा परिवारों की दी आर्थिकी सहायता -आने वाले दिनों में नादौन में बनाया जाएगा बड़ा इंडोर स्टेडियम मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज देर शाम हमीरपुर जिला के धनेटा में उक जनसभा को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार धनेटा में जनसभा को संबोधित कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि प्रदेश आर्थिक संकट से जूझ रहा था और कर्ज की तरफ देखना पड़ रहा था। ऐसे हालात में सरकार ने धीरे-धीरे कर्जे पर नियंत्रण किया है और अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटने लगी। सुक्खू ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने एक साल में कई ऐतिहासिक फैसले लिए और कानून में बदलाव करके 16 हजार से जयादा परिवारों की आर्थिकी सहायता दी। पहले इंतकाल के लिए पटवारी के पीछे घूमना पड़ता था, लेकिन आज पटवारी लोगों के पीछे घूम रहे हंै कि जल्दी इंतकाल के लिए आएं। उन्होंने कहा कि नादौन में आने वाले दिनों में बड़ा इंडोर स्टेडियम बनाया जाएगा और धनेटा कॉलेज में छह महीने में उच्च शिक्षा के लिए ब्लॉक बन कर तैयार हो जाएगा। इस अवसर पर केसीसी बैंक चेयरमैन कुलदीप पठानिया, नादौन कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष पृथी चंद, प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रेम कौशल के अलावा एसपी आकृति शर्मा, डीसी हेमराज बैरवा, एसडीएम अपराजिता चंदेल भी मौजूद रहीं।
**धर्माणी को टेक्निकल, वोकेशनल एंड इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग विभाग **यादवेंदर गोमा को आयुष और खेल विभाग हिमाचल प्रदेश के नवनियुक्त 2 मंत्रियों को आज पोर्टफोलियो अलॉट कर दिए गए हैं। बिलासपुर जिले से संबंध रखने वाले राजेश धर्माणी को टेक्निकल एजुकेशन, वोकेशनल एंड इंडस्ट्रियल एजुकेशन दिया गया है, जबकि कांगड़ा जिले से संबंध रखने वाले यादवेंदर गोमा को आयुष और खेल विभाग दिया गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इंडस्ट्री मिनिस्टर हर्षवर्धन चौहान से आयुष विभाग, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह से खेल विभाग और शिक्षा मंत्री रोहित शर्मा से तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग लेकर नए मंत्रियों को सौंपा है।
हिमाचल में बर्फबारी का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। प्रदेश की राजधानी शिमला में आज दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट बदली। शिमला के नजदीक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कुफरी में हल्की बर्फबारी दर्ज की गई। शिमला के मालरोड, जाखू, ढली में भी फाहे गिरे। अचानक आसमान से बर्फ के फाहे गिरने देख सैलानी भी खुशी में झूम उठे। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से आज मध्य व उच्च पर्वतीय कुछ स्थानों पर हल्की बारिश-बर्फबारी की संभावना जताई गई है। 10 से 15 जनवरी तक पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहने के आसार हैं। वहीं, मैदानी जिलों में 10 जनवरी तक कोहरा छाए रहने का येलो अलर्ट जारी हुआ है। मौसम में आए बदलाव से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।
-प्रतिभा सिंह बोलीं, बैठक में लोकसभा चुनाव को लेकर बनाई जाएगी रणनीति -सरकार की नीतियों को घर-घर पहुंचाने पर किया जाएगा मंथन -कहा, राम मंदिर को लेकर राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस को चुस्त-दुरुस्त करने को लेकर 16 जनवरी को कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में अहम बैठक होगी, जिसमें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सूक्खू, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष, सभी मंत्री, विधायक व पूर्व विधायक और पार्टी के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। जानकारी देते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों पर 16 जनवरी को बैठक बुलाई गई है, जिसमें लोकसभा चुनाव को लेकर रणनीति बनाने के साथ सरकार और संगठन के बीच प्रभावी तालमेल बिठाकर सरकार की नीतियों को घर-घर पहुंचाने पर मंथन किया जाएगा। वहीं, अयोध्या में राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में जाने को लेकर प्रतिभा सिंह ने कहा कि समारोह में उन्हें भी आमंत्रित किया गया है। राजनीति अपनी जगह और धर्म अपनी जगह है। कुछ लोग इस विषय को लेकर राजनीति करना चाहते हैं, यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
-केंद्र से मिलने वाली मदद में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर डाल रहे अड़ंगा हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि अयोध्या जाने के लिए उन्हें निमंत्रण की जरूरत नहीं है। प्रभु राम की प्रतिमा के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद जब भी मौका मिलेगा और जब भगवान राम बुलाएंगे, तब वे वहां जाएंगे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने मंगलवार को शिमला में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में यह बात कही। वहीं, हमीपुर जिले के दो दिवसीय दौरे पर आज नादौन विधानसभा क्षेत्र पहुंचे सीएम ने कहा कि केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर केंद्र से मिलने वाली मदद में अड़ंगा डाल रहे हैं। अनुराग ठाकुर के बयान पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में आई आपदा के बाद केंद्र सरकार की तरफ से कोई विशेष राहत पैकेज नहीं मिला है। पहले से निर्धारित जो बजट हिमाचल को मिलना था उसे एडवांस में दिया गया है। उन्होंने कहा कि नियमों के तहत आपदा के बाद जो क्लेम बनता है उसका 9,900 करोड़ के प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार को भेजे गए हैं, लेकिन अभी तक यह क्लेम भी केंद्र सरकार की तरफ से नहीं दिया गया है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अरुणाचल प्रदेश में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल में तैनात दीपेश परमार के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उनकी एक दुर्घटना में मृत्यु हो गई। वह हमीरपुर जिला की नादौन तहसील के जजोली गांव के रहने वाले थे। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जिला प्रशासन को प्रभावित परिवार को हरसम्भव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
-मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करने के आदेश -आईजी स्तर के अधिकारी की देखरेख में होगी जांच -मामले में 28 फरवरी को होगी अगली सुनवाई हिमाचल हाई कोर्ट ने पूर्व डीजीपी संजय कुंडू और एसपी कांगड़ा शालिनी अग्निहोत्री की रिकॉल एप्लिकेशन डिसमिस कर दी है और मामले को लेकर एक सप्ताह में आईजी स्तर के अधिकारी की देखरेख में एसआईटी गठित कर जांच करने के आदेश दिए हैं। हाई कोर्ट में महाअधिवक्ता अनूप रतन ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर संजय कुंडू ने हाई कोर्ट में रिकॉल एप्लीकेशन दायर की थी, उन्होंनेे 26 दिसंबर के आदेशानुसार ट्रांसफर पर स्टे लगाने की गुहार लगाई थी, जिसको लेकर हाई कोर्ट ने 5 जनवरी को फैसला सुरक्षित रखा था। आज हाई कोर्ट की डबल बैंच ने रिकॉल एप्लिकेशन को डिसमिस कर दिया और मामले को सीबीआई को ट्रांसफर न करने के भी आदेश दिए। हाई कोर्ट के आदेशों पर एसआईटी को 28 फरवरी तक फ्रेस स्टेटस रिपोर्ट अदालत में देनी होगी। मामले में अगली सुनवाई 28 फरवरी को होगी। बता दें कि पालमपुर के कारोबारी निशांत कुमार शर्मा की सुरक्षा और मामले की स्वतंत्र जांच को लेकर इस मामले पर हाईकोर्ट में सुनवाई हो रही है। कोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी कर कारोबारी को उचित सुरक्षा मुहैया करवाने के आदेश पहले ही जारी कर रखे हैं। इस मामले में निशांत ने कोर्ट में एसपी कांगड़ा को बदलने के लिए याचिका दायर की थी। उन्होंने एसपी पर अपने कर्तव्यों के निर्वहन में कोताही बरतने का आरोप लगाया था। वहीं, डीजीपी की ओर से कोर्ट को बताया गया कि उनका निशांत से संपर्क करने का इरादा केवल इतना था कि वे दोनों पक्षकारों के बीच मध्यस्थता कर मामले को सुलझाना चाहते थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज ओक ओवर से इन्नर व्हील क्लब की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने पर इन्नर व्हील डिस्ट्रिक्ट 308 द्वारा आयोजित कार रैली को झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रैली दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय स्तर के समारोह में संपन्न होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन्नर व्हील क्लब सामाजिक सरोकार से जुड़े अपने दायित्वों का बखूबी निर्वहन कर रहा है। उन्होंने इस संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था 100 वर्षों से समाज के जरूरतमंद वर्गों के कल्याण के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित कर रही है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। महिलाएं हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। प्रदेश सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में कई कदम उठाए गए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा एवं रितेश कपरेट, इन्नर व्हील क्लब की डिस्ट्रिक्ट चेयरपर्सन सीमा कपूर, पदाधिकारी नेहा शर्मा और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में वार्षिक बजट 2024-25 के लिए विधायकों की प्राथमिकताओं के निर्धारण के लिए प्रस्तावित दो दिवसीय बैठक का आयोजन 29 और 30 जनवरी सचिवालय में किया जाएगा। 29 जनवरी को पूर्वाह्न 10.30 बजे से 1.30 बजे तक ऊना, हमीरपुर और सोलन तथा अपराह्न 2 बजे से 5 बजे तक सिरमौर, चंबा, बिलासपुर और लाहौल-स्पिति जिले के विधायकों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी। 30 जनवरी को पूर्वाह्न 10.30 बजे से 1.30 बजे तक कांगड़ा, किन्नौर व कुल्लू जिलों तथा अपराह्न 2 से 5 बजे तक शिमला और मण्डी के विधायकों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी। इन बैठकों में वार्षिक बजट 2024-25 की विधायक प्राथमिकताओं के निर्धारण के लिए विचार-विमर्श किया जाएगा। बैठकों में विधायकों से वर्ष 2024-25 के लिए मित्तव्ययता उपायों, वित्तीय संसाधन जुटाने एवं बेहतर प्रशासन के संदर्भ में प्राप्त सुझावों पर भी चर्चा होगी।
-बैडमिंटन स्टार चिराग शेट्टी और शात्विकसाईराज रंकीरेड्डी को खेल रत्न सम्मान -नई दिल्ली में आयोजित मारोह में राष्ट्रपति द्रोपती मुर्मू ने किया सम्मानित राष्ट्रपति द्रोपती मुर्मू ने आज नई दिल्ली में खिलाड़ियों को वर्ष 2023 के खेल रत्न और अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया। सबसे बड़ा खेल का सम्मान खेल रत्न अवॉर्ड बैडमिंटन की स्टार जोड़ी चिराग शेट्टी और शात्विकसाईराज रंकीरेड्डी को मिला, जबकि क्रिकेटर मोहम्मद शमी व हिमाचल की बेटी कबड्डी स्टार रितु नेगी सहित 26 खिलाड़ियों को अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। सिरमौर जिले के गिरीपार से संबंध रखने वाली रितु नेगी वर्तमान में भारतीय महिला कबड्डी टीम की कप्तान हैं। पुरस्कार समारोह से पहले शमी ने कहा था, 'यह पुरस्कार एक सपना है, जिंदगी बीत जाती है और लोग यह पुरस्कार नहीं जीत पाते। मुझे खुशी है कि मुझे इस पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया है।' बता दें कि भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने बीते साल हुए क्रिकेट वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए टूर्नामेंट में सबसे अधिक 24 विकेट झटके थे।
-केंद्रीय उपभोक्ता मामले विभाग के अतिरिक्त सचिव की जिम्मेदारी सौंपी हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान सचिव भरत खेड़ा को केंद्र सरकार ने दिल्ली बुला लिया है। केंद्र की मोदी सरकार ने खेड़ा को उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय में उपभोक्ता मामले विभाग के अतिरिक्त सचिव की जिम्मेदारी सौंपी है। इस संबंध में केंद्रीय कैबिनेट की नियुक्ति समिति के सचिवालय की ओर से नियुक्ति आदेश जारी किए गए हैं। भरत खेड़ा के प्रतिनियुक्ति पर जाने से मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव पद के लिए योग्य अधिकारी को तलाश करना सरकार के लिए चुनौती रहेगा। वर्तमान में प्रदेश के प्रशासनिक सचिवों के पास औसतन पांच से छह विभाग हैं। खेड़ा वर्तमान में अकेले करीब दस महकमों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। सामान्य प्रशासन विभाग, सचिवालय प्रशासन विभाग, ऊर्जा विभाग, बिजली बोर्ड, लोक निर्माण विभाग, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, कर एवं आबकारी विभाग, संसदीय कार्य के अलावा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव का पदभार इनके पास है। खेड़ा के दिल्ली जाने से इन महकमों का आवंटन करना सरकार के लिए आसान नहीं रहने वाला है।
** मानव भारती विवि के संचालक सहित 10 लोगों को बनाया आरोपी ** यूनिवर्सिटी पर 46,000 फर्जी डिग्रियां बेचने का है आरोप मानव भारती निजी विश्वविद्यालय के फर्जी डिग्री मामले में एसआईटी ने हिमाचल उच्च न्यायालय में अंतिम चालान पेश कर दिया है। एसआईटी ने विश्वविद्यालय के संचालक राजकुमार राणा व पत्नी समेत 10 से ज्यादा लोगों को आरोपी बनाया गया है। फॉरेंसिक लैब जुन्गा से सैंपल की रिपोर्ट आने और अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के बाद एसआईटी ने चालान पेश किया है। एसआईटी का दावा है कि आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं। लैब को भेजे गए फर्जी डिग्रियों के नमूने और उत्तर पुस्तिकाओं की लिखावट की जांच में पाया गया कि दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ हुई है। जांच में पाया गया कि कई राज्यों में फर्जी डिग्रियां बेची गईं। इन राज्यों में महाराष्ट्र, बिहार, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, दिल्ली, गुजरात, तमिलनाडु, केरल, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक शामिल हैं। डिग्रियां बेचने का यह फर्जीवाड़ा 2010 से चल रहा था। विश्वविद्यालय पर 46,000 फर्जी डिग्रियां बेचने का आरोप है।
-आयोजन में पहुंचे 12 से अधिक देवी-देवता और 20 हजार देवलु हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रोहड़ू के गवास गांव में देवता गुडारू महाराज के सानिध्य में 38 साल बाद ऐतिहासिक देव अनुष्ठान शांत महायज्ञ समारोह का शुभारंभ रविवार को हुआ था। तीन दिन तक चलने वाले इस ऐतिहासिक महायज्ञ में 12 से अधिक देवी-देवता और 20 हजार से अधिक देवलु एवं खूंद पहुंचे हैं। प्रचलित पंरपरा के मुताबिक इस ऐतिहासिक देव अनुष्ठान के सफल आयोजन से क्षेत्र में सुख-समृद्धि की कामना की जाएगी। आयोजन के दूसरे दिन सोमवार को फेरी व शिखा पूजन की परंपरा पूरी की गई। फेरी रोहटान खूंद की ओर से सुबह 9 बजे मंदिर की परिक्रमा करके की गई। शिखा पूजन रस्म दोपहर 1 बजे मंदिर की छत पर पारंपरिक ढंग से पूजा-अर्चना के साथ हुई। इस दौरान हजारों की संख्या में लोग उपस्थित रहे।
** नेहरू-गांधी परिवार से आज तक कोई क्यों नहीं पहुंचा राम जन्मभूमि ** भगवान राम पर अपमान जनक टिप्पणी पर खामोश है इंडी गठबंधन नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कोर्ट के आदेश से राम जन्मभूमि का ताला खुलने के बाद किसी बड़े कांग्रेसी नेता ने राम लला के दर्शन करने की जहमत क्यों नहीं उठाई। पूजा पाठ और दर्शन की अनुमति होने के बाद से कांग्रेस नेताओं की राम लला से दूरी बनाने की क्या वजह है। कांग्रेस को इन बातों का जवाब देना चाहिए। आज भगवान राम सबके हैं कहने वाले 37 साल से कहां थे। देश के लोग यह जानना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का असली चेहरा देश के सामने हैं। आज विपक्षनीत 'इंडी गठबंधन का कोई न कोई नेता हताशा में भगवान राम अपमानजनक टिप्पणी कर रहा है लेकिन कांग्रेस समेत सभी नेता ख़ामोश बैठे हैं। इसी से पता चलता है कि सनातन की परंपरा के ध्वजवाहक मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के प्रति कांग्रेस समेत विपक्ष की क्या भावना है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देश का बच्चा-बच्चा जानता हैं कि राम मंदिर की राह में कांग्रेस ने किस-किस तरह से रोड़े अटकाने का प्रयास किया। पूरे गांधी नेहरू परिवार की विरासत ही उत्तर प्रदेश की रही है। नेहरू-गांधी परिवार ने उत्तर प्रदेश से ही अपना प्रतिनिधित्व किया है। लेकिन कोर्ट से पूजा पाठ की अनुमति मिलने के बाद न जाने किस डर से किसी ने राम जन्मभूमि जाकर राम लला के दर्शन नहीं किए। चाहे वह राहुल गांधी हों, या प्रियंका गांधी या खुद सोनिया गांधी। कोई भी भगवान राम की चौखट तक नहीं गया। अमेठी का पिछला चुनाव हारने के पहले राहुल और सोनिया गांधी अयोध्या के आस-पास की लोक सभा क्षेत्रों से ही संसद का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह सभी नेता कई बार अयोध्या के आस-पास से गुजरे होंगे। प्रियंका गांधी ने तो अयोध्या रोड शो किया, हनुमान गढ़ी तक आई। वहां से चंद कदमों की दूरी पर राम लला का स्थान था लेकिन दो मिनट का समय भी उनसे नहीं निकाला गया। 37 साल से भगवान राम से इस तरह की दूरी बनाने के बाद अगर आज कांग्रेस के नेताओं को राम मंदिर पर बातें करने से पहले सोचना चाहिए।
** देशभर में इस तरह की महत्वकांक्षी पहल करने वाला पहला राज्य बनेगा हिमाचल ** मुख्यमंत्री बोले, स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने में कृत्रिम मेधा का होगा प्रयोग मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इटेंलिजेंस (कृत्रिम मेधा) का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। यह बात उन्होंने आज यहां स्वास्थ्य विभाग की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विभिन्न क्षेत्रों में कृत्रिम मेधा का उपयोग सुनिश्चित करने के लिए वृहद स्तर पर कार्य कर रही है। इसके लिए आर्टिफिशियल इटेंलिजेंस मंत्रालय का सृजन करने पर भी विचार किया जा रहा है। देशभर में इस तरह की महत्वकांक्षी पहल पहली बार होगी। हमीरपुर में स्थापित होगा राष्ट्रीय कैंसर केंद्र सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार हमीरपुर में राष्ट्रीय कैंसर केंद्र स्थापित करने जा रही है। इसके लिए सभी प्रक्रियाएं चरणबद्ध तरीके से पूर्ण की जा रही हैं। इस केंद्र में मुख्य तौर पर अस्पताल, पालीऐटिव केयर, सेंटर फॉर प्रिवेन्टिव ऑन्कोलोजी और सेंटर फॉर मोलीक्यूलर ऑन्कोलोजी विभाग होंगे। उन्होंने कहा कि इस केंद्र में हाई-एंड प्रौद्योगिकी का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा और विश्व स्तरीय डायग्नोस्टिक लैब स्थापित की जाएगी। इस केंद्र में मोलीक्यूलर ऑन्कोलोजी सहित अनेक नवीन प्रौद्योगिकियों का इस्तेमाल कर मरीजों को श्रेष्ठतम स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा वर्तमान में राज्य में कार्यशील कैंसर केयर यूनिट को भी सुदृढ़ किया जाएगा। बैठक में मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश पेढ़ारकर, डॉ. जीके रथ, डॉ. सीएम त्रिपाठी, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, स्वास्थ्य सचिव एम सुधा देवी, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विवेक भाटिया, मिशन निदेशक एनएचएम प्रियंका वर्मा, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं गोपाल बेरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
-कहा, लंबित राजस्व मामलों का त्वरित निपटारा प्रदेश सरकार की प्राथमिकता मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रशासनिक सचिवों के साथ आज यहां मंडे मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित पहली राजस्व लोक अदालत से अब तक 65000 से अधिक इंतकाल के मामलों का निपटारा किया गया है। इनमें से 11420 इंतकाल के मामले और 1217 तकसीम के मामले इस वर्ष 4 और 5 जनवरी को आयोजित तीसरी राजस्व लोक अदालत में निपटाए गए। उन्होंने कहा कि अगली राजस्व लोक अदालतें 30 और 31 जनवरी को आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है कि तकसीम के मामलों की निपटान दर 200 प्रतिशत दर्ज की गई है। 3 दिसंबर, 2023 से 5 जनवरी, 2024 तक तकसीम के 1823 नये मामले निपटारे के लिए आए जबकि इस अवधि में तकसीम के 3544 लंबित मामलों का निपटारा किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लंबित राजस्व मामलों को समयबद्ध निपटाने को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है, जिससे राजस्व लोक अदालतों को लोगों की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लोगों को घर-द्वार पर गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल आने वाले पर्यटकों को सहज और यादगार अनुभव प्रदान करने के लिए बुनियादी पर्यटन ढांचे को विकसित करने पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने राज्य सरकार के सभी पर्यटन होटलों, हिमाचल भवन, हिमाचल सदन और विभिन्न विभागों के विश्राम गृहों में क्यूआर कोड आधारित ऑनलाईन भुगतान की सुविधा प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने पर्यटन विभाग को पर्यटकों को दी जाने वाली सेवाओं में और सुधार सुनिश्चित करने को भी कहा। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना का पहला चरण शुरू किया है, जिसमें राज्य के युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए ई-टैक्सी परमिट की पेशकश की गई है। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न स्थानों में स्थापित किए जा रहे ई-चार्जिंग स्टेशनों की अद्यतन स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह कदम राज्य के स्वच्छ पर्यावरण को संरक्षित करने और 31 मार्च, 2026 तक हिमाचल प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
-मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने किया कैल्शियम क्लोराइड ब्राइन प्लांट का उद्घाटन -शिमला के बाद अन्य स्थानों पर भी किया जाएगा इस्तेमाल लोक निर्माण विभाग ने बर्फबारी से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम कर लिए हैं। विभाग पहली बार कैल्शियम क्लोराइड से सड़कों पर से बर्फ हटाएगा। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज शहर की पहली कैल्शियम क्लोराइड ब्राइन मशीन का उद्घाटन किया है। शिमला में यह मशीन आरटीओ कार्यालय के बाहर स्थापित की गई है। प्लांट एक दिन में 6,000 लीटर कैल्शियम क्लोराइड बना सकता है। इसके अलावा विभाग ने मंत्री को कैल्शियम क्लोराइड ब्राइन सॉल्यूशन की स्प्रे करके पूरी प्रक्रिया के बारे में भी बताया। प्लांट से 500 रुपये लागत में एक किलोमीटर सड़क पर कैल्शियम क्लोराइड ब्राइन सॉल्यूशन छिड़क कर सड़क पर बर्फ जमने से रोकी जा सकती है। लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर इन चीफ अजय गुप्ता ने बताया कि मशीन में बर्फ पिघलाने का कैमिकल तैयार होगा। इस कैमिकल को पिकअप के माध्यम से बर्फीले क्षेत्रों की सड़कों तक पहुंचाया जाएगा। जैसे-जैसे बर्फबारी का मौसम बनेगा, उससे पहले सड़कों पर इसका पहला छिड़काव किया जाएगा। इससे सड़क पर बर्फ नहीं टिकेगी। जिन सड़कों पर बर्फ जम गई है, वहां यह स्लूशन पांच मिनट के भीतर बर्फ पिघला देगा। शिमला के बाद अन्य बर्फबारी वाली जगहों में इस स्लूशन का प्रयोग किया जाएगा।


















































