खेत-मकान, सड़क, बिजली के खंभे-ट्रांसफार्मर सब बहाकर ले गया पानी सोलन जिले के कसौली विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत हरिपुर के अंतर्गत आने वाले ग्राम लूनसू भरोल व रो खड्ड के साथ जितने भी गांव लगते हैं, वहां भारी वर्षा के कारण भारी तबाही हुई है। गाड़ियां, सड़क, बिजली के खंभे व ट्रांसफार्मर, खेत मकान तक बाढ़ के पानी के बहाव में बह गए हैं। इस क्षेत्र में पिछली रात को हुई भारी बारिश ने यह तबाही मचाई है।
उपायुक्त सोलन को त्वरित राहत एवं बचाव कार्य के निर्देश स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉक्टर कर्नल धनीराम शांडिल ने सोलन विधानसभा क्षेत्र की ममलीग तहसील के जदोन गांव में बादल फटने के कारण 7 लोगों की दुखद मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने परमात्मा से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा शोक संतप्त परिजनों को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। हादसे की जानकारी मिलते ही उपायुक्त सोलन को त्वरित राहत एवं बचाव कार्य के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि 2 चिकत्सकों को शीघ्र घटना स्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को क्षेत्र के सभी संपर्क मार्ग शीघ्र बहाल करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में प्रदेश सरकार प्रभावितों के साथ है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू तथा वह स्वयं स्थिति का नियमित अनुश्रवण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी सहायता अपनों की क्षति की पूर्ति नहीं कर सकती। जिला प्रशासन को मृतकों के परिजनों को त्वरित फौरी राहत प्रदान करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सोलन जिले के कंडाघाट उप मंडल की उप तहसील ममलीग के गांव जादोन, धयवला में बादल फटने से दो मकान और एक गौशाला क्षतिग्रस्त हो गए हैं। पुलिस नियंत्रण कक्ष सोलन को मिली सूचना के अनुसार गांव में रती राम और इसके बेटे हरनाम के दो मकान भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त हो गए। मलबे में दबने से सात लोगों की मौत हो गई है। इनमें चार पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं, जबकि दो लोगों को बचा लिया गया है। मृतकों में हरनाम (38), कमल किशोर (35), हेमलता (34), राहुल (14), नेहा (12), गौरव (9), रक्षा (12) शामिल हैं। एक महिला कान्ता देवी की टांग टूट गई है। उसे उपचार के लिए भेजा गया है। बचाव दल को घटनास्थल तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है। इस गांव के पड़ोस के गांव जाबल में गौशाला गिरने से पांच पशु मर गए। एसडीएम कंडाघाट सिद्धार्थ आचार्य ने यह जानकारी दी।
भारी बारिश के कारण विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर लिया निर्णय सभी जिलों के डीसी से फोन पर बात कर बारिश से हुए नुकसान का लिया फीडबैक हिमाचल प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थान (स्कूल, कॉलेज) 14 अगस्त को बंद रहेंगे। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भारी बारिश के कारण विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर यह निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री के आदेश पर शिक्षा सचिव ने सभी सरकारी, निजी स्कूलों, कॉलेजों को १४ अगस्त को बंद रखने की अधिसूचना जारी कर दी है। मुख्यमंत्री ने जिलों में भारी बारिश से हो रहे नुकसान की फीडबैक सभी डीसी से ली। उन्होंने सड़क मार्गों के बंद होने की जानकारी भी हासिल की। भूस्खलन और मकानों के क्षतिग्रस्त के कारण हुए नुकसान के बारे में भी उन्होंने जाना। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव, गृह सचिव के साथ ही सभी डीसी को निर्देश दिए हैं कि भारी बरसात के कारण बने हालात पर पूरी नजर बनाए रखें। प्रशासनिक अमला मुस्तैद रहे और सड़क मार्ग, बिजली, पानी की व्यवस्था सुचारू बनाए रखें।
सीपीएस ने बथालंग स्कूल परिसर में पौधा रोपित किया वन महोत्सव का शुभारंभ मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूचना एवं जन संपर्क विभाग) संजय अवस्थी ने कि अर्की विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न विकासात्मक योजनाओं पर गत एक माह में लगभग 12 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। सीपीएस आज अर्की विधानसभा क्षेत्र की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बथालंग में लड़कों की 14 वर्ष से कम आयुवर्ग की खेलकूद प्रतियोगिता के समापन समारोह की अध्यक्षता में बोल रहे थे। उन्होंने छात्रों का आह्वान किया कि जीवन में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करें ताकि युवा शक्ति भविष्य में प्रदेश और देश के विकास का मार्ग एकजुट होकर प्रशस्त कर सके। संजय अवस्थी ने इससे पूर्व राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बथालंग के प्रागंण में आम का पौधा रोपित कर वन महोत्सव का शुभारंभ भी किया। मुख्य संसदीय सचिव ने कहा कि खेल प्रतियोगिताएं युवाओं में प्रतिस्पर्धा की स्वस्थ भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा एकजुट रखने में महत्वपूर्ण है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि जीवन में पढ़ाई और खेल-कूद का संतुलन बनाकर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए और लक्ष्य प्राप्ति के लिए नियमित प्रयत्नशील रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के युवा कल के बेहतर नागरिक है और देश तथा प्रदेश को युवा शक्ति से अनेक आशाएं हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों को सदैव नशे से दूर रहने का प्रण लेना होगा। उन्होंने कहा कि खेल प्रतियोगिताओं से नियम पालन के स्वभाव का विकास होता है और मन एकाग्र रहता है। खेल में भाग लेने से खिलाड़ियों में सहिष्णुता, धैर्य और साहस जैसे गुण विकसित होते हैं तथा सामूहिक सद्भाव और भाईचारे की भावना भी बढ़ती है। संजय अवस्थी ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी विधानसभा क्षेत्रों में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोल रही है। इनके माध्यम से ग्राम स्तर पर बेहतर गुणवत्ता की शिक्षा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि अर्की उपमण्डल में जलाणा से 03 किलोमीटर की दूरी पर 50 बीघा भूमि पर राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल निर्मित किया जाएगा। इस स्कूल में विश्व स्तरीय शिक्षा की सुविधा उपलब्ध होगी। बथालंग स्कूल में बाक्सिंग रिंग स्थापित करने की घोषणा उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बथालंग में बाक्सिंग रिंग स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बाक्सिंग रिंग के लिए प्राकलन मिलते ही धनराशि उपलब्ध करवा दी जाएगी। उन्होंने विद्यालय परिसर में रसोईघर निर्माण के प्रथम चरण के लिए एक लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने विद्यालय में शौचालय निर्माण के लिए 02 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि विद्यालय के छात्रों के लिए पथ परिवहन निगम की बस उचित समय सारणी निर्धारित करने के लिए प्रदेश पथ परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक को निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने आयोजन समिति को अपनी ऐच्छिक निधि से 21 हजार रुपये तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले छात्रों को 2100 रुपये देने की घोषणा भी की। उन्होंने विजेताओं को पुरस्कृत भी किया। प्रतियोगिता में 22 स्कूलों के 253 प्रतिभागियों ने भाग लिया। वॉलीबाल प्रतियोगिता में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मांगो प्रथम तथा राजकीय उच्च विद्यालय अर्की द्वितीय स्थान पर रहे। कबड्डी प्रतियोगिता में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बथालंग पहले तथा राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भूमती दूसरे स्थान पर रहे। खो-खो प्रतियोगिता में राजकीय उच्च विद्यालय बलेरा प्रथम तथा राजकीय राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डुमेहर दूसरे स्थान पर रहे। बैडमिंटन प्रतियोगिता में राजकीय उच्च पाठशाला बातल पहले तथा राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भूमती दूसरे स्थान पर रहे। मार्च पास्ट प्रतियोगिता में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बथालंग प्रथम तथा राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भूमती द्वितीय स्थान पर रहे।
सोलन जिले की बड़ोग निवासी रेनु ने धर्मपुर थाने में उनके होटल के बाथरूम से नल (टूटियां) चुराने की शिकायत दर्ज करवाई। शिकायतकर्ता के अनुसार 12 अगस्त को समय करीब 9 बजे उनको पता चला कि कुछ चोरों ने इनके होटल के बाथरूम के नल चुरा लिए हैं। उन्होंने कहा कि होटल की निचली मंजिल से 2 अनजान लड़के ऊपर की तरफ देखे गए, जिनकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। जब इन लड़कों से पूछा गया कि उनके हाथ में जो थैला है, उसमें क्या है तो वे हड़बड़ा गये और थैला वहीं फेंककर भागने की कोशिश करने लगे। उन्हें साथ लगते निर्माणाधीन भवन के मजदूरों ने पकड़ लिया। पूछताछ करने पर इन्होंने अपने नाम सूरज पुत्र दलवीर निवासी पिंजौर, हरियाणा व अजीत पुत्र राम लाल निवासी कालका, हरियाणा बताए हैं। दोनों के पास से चोरी का सामान बरामद हुआ। सामान की कीमत लगभग 30,000 रुपये के आसपास है। धर्मपुर थाने में चोरी का मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया गया है।
पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिस एक बार फिर अपना रंग दिखाने लगी है। कुनिहार वाया कुफ्टू-शिमला मार्ग फॉरेस्ट कलौनी के पास चीड का पेड़ गिरने से विद्युत विभाग की एचटीएलटी लाइन टूट गई। इससे यह मार्ग जहां सुबह 5 बजे से ही बंद हो गया तो वहीं विद्युत विभाग की लाइन के टूटने से कई गांवों की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। सब डिवीजन कुनिहार के कर्मचारियों ने हालांकि सुबह 6:30 बजे ही फॉरेस्ट कॉलोनी के पास घटना स्थल पर पहुंच कर बिजली की तारों को सड़क से बाहर किया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एचटी लाइन टूटने से कुफ़्टू, जोखाघाटी, कन्यारी, च्यावग, खाड्डी, काटल, जघाना, छोई व खनोल आदि ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई व देर शाम तक ही विद्युत आपूर्ति बहाल होने की संभावना है।
मंडी जिले के नाचन के चुनाहन में बादल फटा बल्ह घाटी में सबसे ज्यादा तबाही पहाड़ी राज्य हिमाचल में भारी बारिश का कहर जारी है। पिछले 35 घंटे से अधिक समय से भारी बारिश हो रही है। इससे 500 से ज्यादा सड़कें वाहनों की आवाजाही के लिए अवरुद्ध हो गई हैं। चंडीगढ़-मनाली, कालका-शिमला और शिमला-बिलासपुर नेशनल हाईवे जगह-जगह बंद पड़ा है। शनिवार रात से हो रही बारिश हसे मंडी जिले की बल्ह घाटी में सबसे ज्यादा तबाही हुई है। पूरी घाटी जलमग्न होने से 300 से ज्यादा घरों, 35 से ज्यादा गाड़ियों को नुक़सान पहुंचा है। किसानों की फसलें तबाह हुई हैं। मंडी जिले के नाचन के चुनाहन में भी बादल फटने से घर खेत और पशु बह गए। लोगों का कहना है कि पहली बार उन्होंने ऐसी तबाही देखी है। पंचायत घर, पशु चिकित्सालय, क्क॥ष्ट, हटगढ़ स्कूल जलमग्न है। सलवाहन का गोसदन भी खतरे में है। 75 पशु कभी भी बह सकते हैं। 8 जिलों में फ्लैश फ्लड की चेतावनी मौसम विभाग ने आज प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में भारी बारिश होने का ऑरेंज अलर्ट जारी कर रखा है। इसे देखते हुए 8 जिलों शिमला, कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर, बिलासपुर, मंडी, कुल्लू और सोलन में फ्लैश फ्लैड की चेतावनी दी गई है। बिलासपुर के डीब में भारी नुकसान बिलासपुर जिला में डीब नामक स्थान पर बारिश से बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। यहां पर बारिश के कारण आई बाढ़ और मलबे में 2 ट्राले, एक कार, गाय भैंस और बकरियां बह गईं। गनीमत रही कि कोई जानी नुक़सान नहीं हुआ। यहां पर पहाड़ी में दरारें आ जाने से मकानों को खतरा पैदा हो गया है। लोगों घरों से बाहर निकल गए हैं।
बारिश ने हिमाचल में एक बार फिर भारी तबाही मचाई है। सोलन जिले में चक्की मोड़ के पास मलबा आने से कालका शिमला एनएच फिर बंद हो गया है। इसके अलावा शिमला शहर का सर्कुलर रोड और कई सड़कें पेड़ गिरने एवं भूस्खलन से बंद हो गई हैं। बिलासपुर में दगसेच के पास पहाड़ी धंसने से शिमला-धर्मशाला हाईवे पूरी तरह से बंद हो गया है। शिमला से आने वाले वाहनों को नवगांव से बैरी वाली सड़क से सफर करना होगा। पहाड़ी धंसने से चार-पांच मकान भी जमींदोज हो गए हैं। सड़क समेत तीन-चार वाहन धंस गए हैं। शिमला में हिमलैंड होटल के पास भूस्खलन हिमलैंड होटल के पास भूस्खलन के कारण सड़क पूरी तरह से बंद कर दी गई है। भूस्खलन की वजह से खलीनी से टुटीकंडी मार्ग कनलोग के पास बंद हो गया है। हाईकोर्ट गेस्ट हाउस के पास पुलिस लाइन कैंथू रोड बंद हो गया है। शिमला में संस्कृत कॉलेज के पास सड़क धंस गई है। इसक वजह से फागली नाभा रोड यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। एनएच 205 हीरानगर ढाहड़ा के बीच भूस्खलन के कारण दोनों ओर से बंद कर दी गई है। ब्यूलिया रोड के पास शोघी मेहली बाईपास भूस्खलन के कारण दोनों ओर से बंद हो गया है। धर्मपुर में दुकानें और घर जलमग्न धर्मपुर में बारिश ने भारी तबाही मचाई है। दुकानों और घरों तक पानी पहुंच गया है। बिजली और मोबाइल सिग्नल की कनेक्टिविटी बंद है। धर्मपुर और सरकाघाट का अन्य जिला से संपर्क कट गया है। निर्माणाधीन एनएच जालंधर-मंडी वाया कोटली दर्जनों स्थानों पर पूरी तरह से बंद है।
पीड़ित मानवता की सेवा के लिए इनर व्हील क्लब सोलन मिड टाउन द्वारा आज ग्राम पंचायत रबोन में स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें चेकअप करवाने आए लोगों के निशुल्क टेस्ट भी किए गए। वहीं महिलाओं के लिए विशेष रूप से स्तन पान सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं को डॉक्टरों द्वारा स्तनपान के लाभ तथा आवश्यक डाइट के बारे मे जानकारी दी गई। डॉक्टरों ने महिलाओं को स्तनपान के दौरान अपने खान पान तथा जरूरी न्यूट्रिशन के बारे में भी बताया। क्लब की एडिटर नीलम ठाकुर ने बताया कि कैंप में विशेष करके महिलाओं के लिए महिलाओं से संबंधित रोगों के बारे में विशेषज्ञ डॉक्टर द्वारा उन्हें जानकारी दी गई। क्लब की प्रधान उषा ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि आज रबोन में इनरव्हील क्लब सोलन मिडटाउन द्वारा स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया जिसमें 50 के करीब लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई, वहीं महिलाओं को इस में विशेष रूप से आए महिला विशेषज्ञ डॉक्टर द्वारा ब्रेस्टफीडिंग,माहवारी संबंधी समस्या व हाइजीन के बारे में अवगत करवाया गया उन्होंने कहा कि इस कैंप में विशेष रूप से शुगर, बीपी और एचबी की भी जांच की गई उन्होंने बताया कि आने वाले समय में भी क्लब द्वारा इसी तरह के कैंप समाज सेवा के लिए लगाए जाएंगे।
यूरो किड्स प्ले स्कूल कोटलानाला में शनिवार को एनुअल एक्जीबीशन का आयोजन किया गया। स्कूल के सभी बच्चे स्कूल द्वारा दिए गए विषयों- हेल्दी फूड, मीन्स ऑफ ट्रासपोर्ट, पैट एंड वाइल्ड एनीमल एवं माय फैमिली पर मॉडल बना कर लाए थे, जो कि प्रदर्शनी में सजाए गए थे। इस अवसर पर असिस्टेंट कमिश्नर टू डिप्टी कमिश्नर मिस स्वाति गुप्ता ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने स्कूल की प्रिंसिपल मिसेज सीमा बहल व कोआर्डीनेटर मिसेज भव्या के साथ प्रदर्शनी का निरीक्षण किया व बच्चों द्वारा बनाए मॉडल्स की खूब सराहना की। इस प्रदर्शनी में शिवोम, गौराश, इनाया, युवराज ने प्रथम, शिवेन, गैतिक, अवि सिंह, विक्न तथा विवान शर्मा ने द्वितीय पुरस्कार एवं शिवन्या, युवान, वैदेही, सरिक, आविक, देवर्ल, रियांशी ने तृतीय पुरस्कार हासिल किया। इस मौके पर सभी अभिभावक उपस्थित थे। उन्होंने बच्चों की मेहनत की बहुत प्रशंसा की। कार्यक्रम डायरेक्टर मि. शोभित बहल की देखरेख में संपन्न हुआ।
बद्दी इंटरनेशनल स्कूल के छात्रों ने क्योरटेक ग्रुप के प्लांट में समझी दवाई बनाने की प्रक्रिया बद्दी के विश्व प्रसिद्ध क्योरटेक ग्रुप के प्रांगण में आज स्थानीय बद्दी इंटरनेशनल स्कूल के लगभग 70 मेधावी छात्र अपने शिक्षकों के साथ दवाओं के निर्माण कार्य को देखने पहुंचे। इस अवसर पर क्योरटेक ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर सुमित सिंगला ने सभी शिक्षकों और छात्रों का स्वागत किया और कंपनी के विश्व स्तर दवा, कैप्सूल व ड्राई सिरप निर्माण के आटोमेटिक प्लांट को देखा। इस अवसर पर सुमित सिंगला ने छात्रों को अपील की कि वह अपने माता पिता की सेवा, जिनका सपना है कि उनके बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त कर उनका व देश का नाम ऊंचा करें, को पूरा करने हेतु कड़ी मेहनत करें. उन्होंने कहा कि नवयुवाओं को नशों की दलदल व अन्य बुरी आदतों से भी दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष की भांति बद्दी इंटरनेशनल स्कूल हमेशा शिक्षा और खेलों के क्षेत्र में अग्रिम पंक्तियों में रहता है, और बच्चे देश का भविष्य होते हैं, जो इस बढ़िया स्कूल में उच्च क्वालिटी की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जो निसंदेह भविष्य में अच्छा मुकाम प्रापत कर सकेंगे। उन्होंने स्कूल मैनेजमेंट को आश्वाशन दिया कि क्योरटेक ग्रुप समाज सेवा में स्कूल का पूरा पूरा साथ देगा। इस अवसर पर उन्होंने कक्षा 8वीं व 10वीं के छात्रों को अच्छे परिणाम लाने हेतु प्रेरित किया। कई छात्रों ने दवा निर्माण के कार्यों से प्रभावित होकर भविष्य में बी फार्मा की शिक्षा लेने और दवा निर्माण के क्षेत्र में आने की इच्छा व्यक्त की। सुमित सिंगला ने कहा की क्योरटेक ग्रुप सदैव ही फ्रेशर्स को उत्साहित करता रहा है और मौजूदा समय में कई प्रसिद्ध फार्मा उद्योगों को शुरू करवाने में भी क्योरटेक ग्रुप उनके शुरुआती समय में सहयोगी रहा है। इस अवसर पर स्कूली छात्रों ने क्योरटेक ग्रुप के एचओडी व विभिन्न विभागों के अधिकारियों से भी बातचीत की जिनमें तापस दास, अमित कुमार, दीक्षित शर्मा, दीपक शर्मा, डीके तोमर, मुनीश वर्मा, विपिन, मोहित शर्मा, नरेश, बुधराम ठाकुर, बलवंत, जगतार सिंह शामिल हैं।
राजस्थान के जयपुर में हुए भव्या फाउंडेशन के सम्मान समारोह में मिला सम्मान भव्या फाउंडेशन के तत्वाधान में कैंसर पीड़ितों और शारीरिक रूप से अक्षम ऑटिज्म वॉरियर्स बच्चों की सहायतार्थ आयोजित अंतरराष्ट्रीय मैत्री सम्मेलन एवं ग्लोबल एक्सीलेंसी अवॉर्ड-2023 सम्मान समारोह सुबह 10 से सुरेश ज्ञान विहार यूनिवर्सिटी जगतपुरा जयपुर के कालिंदी ऑडिटोरियम में 30 जुलाई को हुआ। जयपुर में अंतरराष्ट्रीय मैत्री सम्मेलन एवं ग्लोबल एक्सीलेंसी अवॉर्ड 2023 में देश प्रदेश से लगभग 250 प्रतिभाओं को उनके अपने -अपने कार्य क्षेत्र में उच्च स्तरीय कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह में 15 विदेशी प्रतिभाओं ने भाग लेकर सम्मान प्राप्त किया। कार्यक्रम में पधारे सभी सम्मानित अतिथियों का ढोल-नगाड़ों की मंगल ध्वनि में फूलमाला पहनाकर व तिलक लगाकर स्वागत किया। अतिथियों की खाने-पीने व बैठने की व्यवस्था भी बहुत सुंदर व सुचारू रूप से की गई। इस कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश की कुछ महान विभूतियां भी सम्मानित हुई। जिला बिलासपुर के पाइनग्रोव बोर्डिंग स्कूल सुबाथू के होनहार शास्त्रीय नृत्य व गायन के अध्यापक, जो देश भर में प्रसिद्धि को प्राप्त विक्रम कुमार को दो बार राष्ट्रीय विजेता व स्वर्ण पदक प्राप्ति के लिए उनके अपने क्षेत्र में संगीत कला व नृत्य में और युवा सशक्तिकरण के लिए उन्हें अंतरराष्ट्रीय मैत्री सम्मेलन ग्लोबल एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित किया। इसके साथ जिला बिलासपुर के उच्चस्तरीय कई विधाओं में उच्च स्तरीय लेखन कार्य के लिए जिला बिलासपुर लेखक संघ के उपाध्यक्ष ललिता कश्यप, महासचिव रविंदर कुमार शर्मा, कोषाध्यक्ष रविंद्र कुमार साथी, शीला सिंह, लेखराज चौहान, अनिल शर्मा नील,परमजीत सिंह कहलूरी कोविद और अरुण कुमार शास्त्री जी को भी इस सम्मान से सम्मानित किया गया।
गांव में युवक मंडल ने किया विशेष बैठक का आयोजन ग्राम पंचायत जाबल झमरोट के गांव रिंवीं में युवक मंडल के द्वारा एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता सुभाष भारद्वाज ने की। इसमें गांव के सभी लोगों ने भाग लिया। बैठक में सुभाष भारद्वाज ने बताया की 9 अगस्त को कसौली विधानसभा क्षेत्र के विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने गांव में आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए एक दिवसीय दौरा किया। जहां पर उन्होंने बारिश से क्षतिग्रस्त हुए सोमा देवी के मकान को बनाने के लिए सरकार से राशि देने की घोषणा की। वहीं गांव में काफ़ी समय से चली आ रही पीने के पानी की मुख्य समस्या को हल करने के लिए निर्देश दिए। विधायक ने स्यांवा से रिंवीं सड़क के लिए पांच लाख रुपये, गांव में थ्री फेस लाइन की मरम्मत करवाने, गांव में मैदान व पार्क बनाने के लिए पांच लाख रुपये व रिंवीं गांव से शमशान घाट मार्ग रास्ते के लिए तीन लाख रुपये की धनराशि देने की घोषणा की। इसके अलावा बच्चों को नशे व मोबाइल फोन से दूर रखने के लिए गांव में अंडर ग्राउंड बैडमिंटन कोर्ट बनाने के बारे में भी विस्तृत चर्चा की। इसके लिए सभी ग्रामवासियों ने विधायक सुल्तानपुरी का धन्यवाद करते हुए कहा कि आज तक किसी भी विधायक ने रिंवी गांव के बारे में न तो कुछ सोचा ओर न ही कुछ किया। उन्होंने बताया कि जैसे ही सड़क व पानी की समस्या ठीक होगी उसी समय गांव में एक विशाल धन्यवाद जनसभा का अयोजन किया जाएगा, जिसमेें विधायक विनोद सुलतान पुरी का स्वागत व धन्यवाद किया जाएगा। बैठक में मनोज भारद्वाज, दिवेश, अखिल,पुनीत, विनय, सोनु,बृजेश,कैलाश, भानु, स्मृति,वान्या, परी, सरला,हेमा, सुनीता, कावेरी आदि मौजूद रहे हैं।
बघाट टैक्सी ऑपरेटर यूनियन सोलन के चुनाव सर्वसम्मति से सोलन में सम्पन्न हुए। यूनियन के चुनाव ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) के प्रदेशाध्यक्ष जगदीश चन्द्र भारद्वाज की अध्यक्षता में संपन्न हुए। जगदीश चंद्र भारद्वाज ने बताया कि बघाट टैक्सी ऑपरेटर यूनियन सोलन के प्रधान पद के लिए दिलीप कुमार, वरिष्ठ उप प्रधान विशांत सिंह मेहता, उप प्रधान सुनील कुमार, सचिव सुरेश कुमार, उप सचिव जय प्रकाश, सह सचिव राजेश ठाकुर, संगठन सचिव पवन दीप वर्मा, प्रचार सचिव जोगिंद्र शर्मा, कोषाध्यक्ष प्रवीन शर्मा, सलाहकार सुनील कुमार तथा कानूनी सलाहकार अतुल भारद्वाज को सर्वसम्मति से चुना गया। तदोपरांत चुने गए प्रतिनिधियों को शपथ भी दिलाई गई। जगदीश चंद्र भारद्वाज ने कहा कि टैक्सी यूनियन का लक्ष्य सभी टैक्सी ऑपरेटरों को समान रूप से कार्य प्रदान करना है तथा टैक्सी ऑपरेटरों के अधिकार की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि टैक्सी यूनियन बनाने का उद्देश्य टैक्सी भाड़े में एकरूपता लाना और ग्राहकों को लाभ पहुंचाना है। इस अवसर पर सुरेश कुमार, अतुल मैहता, अंकिता, राजेश, सुनील कुमार, मनोज सहित विभिन्न टैक्सी चालक उपस्थित थे।
शूलिनी विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज का प्रतिनिधित्व करने वाले डॉ. ललित शर्मा, डॉ. अदिति शर्मा और डॉ. रवीन चौहान ने हाल ही में स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित प्रतिष्ठित वर्ल्ड कांग्रेस ऑफ बेसिक एंड क्लिनिकल फार्माकोलॉजी (डब्ल्यूसीपी) सम्मेलन में अभूतपूर्व शोध कार्य का प्रदर्शन किया। अनुसंधान में उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों ने दुनिया भर के शिक्षाविदों का ध्यान आकर्षित किया है, जिससे शूलिनी विश्वविद्यालय मील के पत्थर हासिल करने का प्रयास करने वाले इच्छुक संस्थानों के लिए एक शानदार उदाहरण के रूप में उभरा । शोधकर्ताओं डॉ. अदिति शर्मा ने अपने शोध की सफलता में सहयोग की अभिन्न भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शूलिनी विश्वविद्यालय में, हम खुले संचार और टीम वर्क की संस्कृति को बढ़ावा देते हैं, संकाय सदस्यों और छात्रों को बहु-विषयक परियोजनाओं पर एक साथ काम करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। इस दृष्टिकोण से अविश्वसनीय परिणाम मिले हैं। डॉ. ललित शर्मा ने कहा कि दुनिया भर के प्रसिद्ध शोधकर्ताओं के साथ नियमित बातचीत ने हमें नवीनतम विकास और प्रौद्योगिकियों के साथ अपडेट रहने में सक्षम बनाया है। सम्मेलन में उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों के अलावा, तीनों ने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय, इंपीरियल कॉलेज ऑफ लंदन, ग्लासगो विश्वविद्यालय, स्ट्रैथक्लाइड विश्वविद्यालय और कैलेडोनियन विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों का दौरा किया। डॉ. रवीन चौहान ने कहा कि हमें ऑक्सफोर्ड और अन्य विश्वविद्यालयों में अपने साथियों के साथ सुंदर हिमाचली संस्कृति साझा करने में बहुत खुशी महसूस हुई।
मलिक प्रमोद कुमार निवासी सपरुन ने सोलन थाना में शिकायत की थी कि 7 अगस्त को दोपहर करीब 12 बजे एक अज्ञात व्यक्ति ने उनके घर का ताला तोड़कर अलमारी में से करीब 15 से 20 हजार की नकदी, 3 सोने की अंगुठियां, सोने की बालियां/टोप्स, सोने की चेन एवं चांदी के 5 सिक्के और पाजेब की 2 जोड़ियां चोरी कर ली हैं। शिकायत पर थाने में चोरी का मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू की गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी विश्लेषण से आरोपी का पता लगाने में सफलता हासिल की। थाना सदर की टीम ने आरोपी को गत रात्रि को गिरफ़्तार भी कर लिया। आरोपी की पहचान आदर्श राणा (32) निवासी ठारू, तहसील राजगढ़, जिला सिरमौर के रूप में हुई है। आरोपी को आज न्यायालय में पेश किया जाएगा। आरोपी के खिलाफ सोलन और सिरमौर ज़िला में पहले ही तीन मुक़दमे एनडीपीएस एक्ट और चार मुक़दमे चोरी के दर्ज किए जा चुके हैं। पुलिस ने कहा कि आरोपी एक हैबिचुअल ऑफेंडर है।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय शिक्षुता मेला 14 अगस्त को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सोलन में आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) सोलन के प्रधानाचार्य ललित कुमार शर्मा ने दी। ललित कुमार शर्मा ने कहा कि मेला 14 अगस्त को प्रात: 11.00 बजे आरंभ होगा। मेले में शिमला, सोलन व सिरमौर ज़ोन के इच्छुक उम्मीदवार भाग ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि मेले में विभिन्न व्यवसायों में आईटीआई पास प्रशिक्षुओं के अतिरिक्त दसवीं, व्यवसायिक विषय के साथ 12वीं पास विद्यार्थी तथा डिप्लोमा होल्डर अभियर्थी अपना पंजीकरण करवाकर मेले में आई हुई कंपनियों में साक्षात्कार के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मेले में जिन कंपनियों ने भाग लेना है वह अप्रेंटिस पोर्टल पर पंजीकृत करवाकर मेले में आए अभ्यर्थियों का पंजीकरण अपनी संस्थान में कर सकती हंै। उन्होंने इच्छुक उम्मीदवारों से अप्रेंटिस मेले में आकर लाभ उठाने का आग्रह किया। ललित कुमार शर्मा ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर प्रत्येक माह के दूसरे सोमवार को किया जाता है। इस बार प्रधानमंत्री राष्ट्रीय शिक्षुता मेला का आयोजन सोलन में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह मेला कंपनियों को कुशल श्रम शक्ति प्रदान करने और शिक्षित युवाओं को बेहतर रोजगार प्रदान करने में सहायत सिद्ध होगा।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि वर्तमान सरकार कांग्रेस पार्टी की सरकार, सुखविंद्र सिंह सुक्खू की सरकार के मंत्री जिस भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, वह लोकतंत्र में अवांछनीय है, अनापेक्षित हैं। मंत्री अनिरुद्ध सिंह द्वारा भाजपा के वरिष्ठ विधायक बलवीर वर्मा पर की गई टिप्पणी अमर्यादित है और लोकतंत्र के उपर सीधा हमला है। अनिरुद्ध सिंह का यह कहना कि बलवीर वर्मा भीख का कटोरा लेकर मुख्यमंत्री के साथ घूमते रहे, यह अपमानजनक शब्द है। भाजपा इन शब्दों की कड़ी निंदा करती है। बलवीर वर्मा को चैपाल की जनता ने बहुमत देकर चुना है और चैपाल की जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ना उनका धर्म है और वह अपने धर्म का पालन कर रहे हैं और इसी नाते मुख्यमंत्री जी के प्रवास के दौरान जनता की भलाई के लिए वे मुख्यमंत्री के साथ गए और उन्हें जाना भी चाहिए। डॉ. बिंदल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से सवाल किया है कि क्या वे सिर्फ कांग्रेसियों के मुख्यमंत्री हैं? क्या कांग्रेसी विधायकों के विधानसभा क्षेत्र ही हिमाचल के हिस्से हैं? क्या भाजपा व अन्य दलों के विधायक जनता द्वारा चुने हुए प्रतिनिधियों के वह मुख्यमंत्री नहीं हैं? यदि कोई राशि सरकारी खजाने से विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री या सरकार आबंटित करती है तो वो जनता के लिए भीख है? डॉ. बिंदल ने कहा कि उक्त स्पष्टीकरण निश्चित अवधि में जनता को प्राप्त होना चाहिए। बिंदल ने अनिरुद्ध सिंह की इस ओछी हरकत पर उन्हें सलाह दी कि वे बलवीर वर्मा के प्रति की गई अवांछनीय, अभद्र टिप्पणी के लिए खेद व्यक्त करें।
सेब बागवानी में प्राकृतिक खेती पर चल रहे शोधकार्य का जायजा लेने के लिए बागवानी सचिव सी पालरासू ने शुक्रवार को नौणी विश्वविद्यालय के मशोबरा स्थित क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र का दौरा किया। इस दौरान नौणी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल तथा क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र की वैज्ञानिक डॉ. ऊषा शर्मा ने प्राकृतिक खेती पर हो रहे शोधकार्य के बारे में बागवानी सचिव को विस्तार से जानकारी दी। नौणी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. चंदेल ने कहा कि इस साल की विपरीत परिस्थितियां किसान-बागवानों के हित में नहीं थी। मगर यह हर्ष का विषय है कि ऐसी परिस्थितियों में भी प्राकृतिक खेती करने वाले किसान-बागवान बेहतर फसल लेने में सफल हुए हैं। उन्होंने कहा कि किसान-बागवान अपने स्तर पर भी परीक्षण करता रहता है। ऐसे में वह अपने सफल अनुभवों को विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के साथ साझा करे, ताकि उसपर भी शोधकार्य किया जा सके। बागवानी सचिव सी पालरासू ने अनुसंधान केंद्र में प्राकृतिक खेती को लेकर किए जा रहे शोधकार्य पर खुशी जताई और विश्वविद्यालय के प्रयासों को सराहा। उन्होंने भविष्य में भी प्राकृतिक खेती पर शोधकार्य को जारी रखने का निर्देश दिया। कार्यक्रम के दौरान शिमला जिला के 24 प्रगतिशील बागवानों ने भी अपने अनुभव साझा किए। इस मौके पर प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के राज्य परियोजना निदेशक हेमिस नेगी ने बागवानी सचिव को प्राकृतिक खेती की गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक, कृषि डॉ. रविंदर सिंह जसरोटिया, नौणी विश्वविद्यालय के निदेशक अनुसंधान, डॉ. संजीव चौहान, क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के एसोसिएट डायरेक्टर, डॉ. दिनेश ठाकुर, कृषि उपनिदेशक, डॉ. मोहिंदर भवानी, राज्य परियोजना कार्यान्वयन इकाई तथा जिला आतमा टीम शिमला के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुनिहार के मोनाल ईको क्लब की छात्राओं ने विद्यालय परिसर के आसपास पौधरोपण किया। इस पौधरोपण कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय प्रधानाचार्य दीपिका शर्मा ने किया। विद्यालय की छात्राओं ने इस पौधरोपण कार्यक्रम में भड़चढ कर भाग लिया। इस दौरान छात्राओं ने जामुन, अनार, आंवला आदि प्रजाति के दर्जनों पौधे विद्यालय परिसर के आसपास रोपे व इन पौधों की देखभाल करने की प्रतिज्ञा ली। ईको क्लब की छात्राओं ने एक रैली के माध्यम से लोगों को पर्यावरण को शुद्ध रखने का संदेश दिया। प्रधानाचार्य ने छात्राओं को हमारे जीवन मे पर्यावरण के महत्व का संदेश दिया।इस मौके पर मोनाल ईको क्लब की इंचार्ज रीना, एनसीसी प्रभारी पूनम शर्मा ,जसिंदर कुमार व अन्य मौजूद रहे।
शिमला-कालका फोरलेन पर सोलन के चक्की मोड़ के पास फिर से लैंडस्लाइड हुआ, जिसके बाद हाईवे पर यातायात ठप हो गया है। अब वाहनों की आवाजाही अल्टरनेटिव सड़कों से की जा रही है। चक्की मोड़ के पास हाईवे 2 रोज पहले ही 8 दिन के बाद बहाल किया गया था। बसों की आवाजाही गुरुवार को शुरू हुई थी। हैवी व्हीकल्स के लिए हाईवे को आज खोला जाना था। इससे पहले ही रात में लैंडस्लाइड हुआ। अभी भी मौके पर लैंडस्लाइड का खतरा बरकरार है। वहीं प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में रात से ही मूसलाधार बारिश हो रही है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने भी अगले 3 घंटे तक तेज बारिश होने की चेतावनी दी है। इस दौरान लोगों को नदी-नालों के आस-पास और लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्रों में नहीं जाने की सलाह दी है। उधर, चौपाल में स्कूल जाते वक्त एक बच्ची पर लैंडस्लाइड हो गया है। इससे बच्ची दलदल में फंस गई। उसके सहपाठियों ने परिजनों को इसकी जानकारी दी और तब जाकर बच्ची को मलबे से सुरक्षित निकाला गया।
तीन बाइक सवारों ने तेजधार हथियारों से वार कर की हत्या औद्योगिक कस्बे नालागढ़ में दो सगे भाइयों को तेजधार हथियार से वार कर मौत के घाट उतार दिया गया। बाइक सवार तेजधार हथियारों से लैस हमलावर गुरुवार शाम सरेआम इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। नालागढ़ में दिन दहाड़े हुए इस डबल मर्डर के बाद से दहशत का माहौल है। पुलिस ने एहतियातन पड़ोसी राज्यों से सटी सीमाओं को सील कर हत्यारों की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है। शुरुआती पड़ताल में हत्या के पीछे पैसों के लेन-देन की वजह सामने आई है। हमलावर सुबह से दोनों भाइयों को फेान कर धमकी दे रहे थे और हिसाब चुकता करने के लिए नकोदर बुला रहे थे, लेकिन शाम को हमलावर योजना बनाकर नालागढ़ पहुंचे और दोनों भाइयों को शहर से बाहर सुनसान जगह पर बुलाकर तेजधार हथियारों से गोद कर हत्या कर दी। पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंचकर दोनों युवकों को अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने फिलवक्त हत्या का मुकदमा दर्ज करते हुए फरार हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है। फोरेंसिंक विशेषज्ञों ने भी देर रात घटनास्थल का रुख कर साक्ष्य जुटाए हैं। हत्या की यह सनसनीखेज वारदात गुरुवार शाम करीब छह बजे नालागढ़ रामशहर रोड़ पर दरगाह के पास हुई। यहां मूलत: जालंधर निवासी दो सगे भाइयों को हमलावरों ने मिलने के लिए बुलाया और तेजधार हथियारों से वार कर हत्या कर दी। दोनों सगे भाई नालागढ़ में अपने मामा के पास रह रहे थे और यहीं अपना कारोबार कर रहे थे। मृतक की पहचान कुनाल (21) और वरुण (19) पुत्र प्रदीप बावा मूल निवासी कीवा तहसील नकोदर जांलधर (पंजाब) के रूप में हुई है। मृतकों के मामा लवकेश ने पुलिस को बताया कि पंजाब के नकोदर तहसील के कीवा गांव के ही गौरव गिल इन दोनों भाइयों को नकदोर बुला रहे थे, लेकिन वह नहीं गए, तो शाम को तीन आरोपी बाइक पर सवार हो नालागढ़ पहुंच गए। पैसों के लेन देने के चल रहे आपसी विवाद को लेकर इन तीनों युवकों ने उन्हें रामशहर मार्ग पर दरगाह के पास सुनसान जगह पर बुलाया, जहां उनकी हत्या कर दी गई। सूचना मिलते ही एएसपी बद्दी रमेश कुमार, डीएसपी फिरोज खान, डीएसपी बद्दी प्रियंक गुप्ता ने घटनास्थल का रुख किया और क्षेत्र की सीमाओं को सील कर आरोपियों की धरपकड़ में पुलिस जुट गई है।
थाना कुनिहार के अंतर्गत ग्राम पंचायत जाडली के गांव टुटुवा में आज सुबह गाड़ी के नीचे एक व्यक्ति का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार टुटुवा गांव के एक व्यक्ति ने अपने घर के पास अपनी गाड़ी आल्टो 800 खड़ी की हुई थी। आज सुबह जब वह अपनी गाड़ी के पास गया तो उसने देखा कि उसकी गाड़ी के नीचे एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। उसने इसकी सूचना पुलिस को दी। कुनिहार पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया। मृतक की शिनाख्त सनोग गांव के शंकर दास (47) के रूप में हुइ है। वहीं, डीएसपी सोलन भीष्म ठाकुर भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि देखने पर यह मामला एक्सीडेंट का लग रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सही जानकारी मिल पाएगी।
कसौली विधानसभा क्षेत्र के विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत हरिपुर, पट्टाबरावरी व जाबल झमरोट पंचायतों का दौरा किया व अभी हाल में हुई भारी वर्षा से हुए नुकसान का जायजा लिया। कांग्रेस कमेटी जिला सोलन के उपाध्यक्ष व मीडिया प्रभारी डीडी कश्यप ने जानकारी देते हुए बताया कि विधायक ने जाबल झमरोट के बणी गांव के आंगनबाड़ी केंद्र का जायजा और निरीक्षण किया और आंगनबाड़ी केंद्र की जर्जर हालत को देखते हुए सहायक अभियंता लोक निर्माण सब डिवीजन सुबाथू को शीघ्र आंगनबाड़ी केंद्र की मरम्मत के निर्देश दिए। इसके पश्चात कोटी गांव के लोगों से मिले। जहां पर महिलाओं ने पानी की समस्या का मुद्दा उठाया। विधायक ने जल शक्ति विभाग को इस समस्या को शीघ्र हल करने के निर्देश दिए। कोटी तथा दुगड़ी की महिलाओं ने महिला मंडल भवन निर्माण की मांग रखी जिसके लिए विधायक ने पंचायत में प्रस्ताव डालकर जमीन के कागज व एस्टीमेट तैयार करके शीघ्र भेजने की बात कही। साथ में खेल मैदान के लिए बाउंड्री वाल निर्माण के लिए एस्टीमेट देकर राशि देने की बात कही। इसके बाद विधायक ने देलगी गांव में भारी बारिश से सड़क व डंगो का हुआ नुकसान का जायजा लेकर सरकार से उचित राशि स्वीकृत करवाने की घोषणा की। विधायक ने जाबल झमरोट पंचायत के रिंवी गांव के लोगों की समस्याएं सुनी और भारी वर्षा से हुए नुकसान की भरपाई का आश्वासन दिया। साथ ही विधायक ने इस गांव में खेल मैदान व पार्क बनाने के लिए 5 लाख रुपये देने की घोषणा तथा श्मशानघाट मार्ग के लिए 3 लाख की राशि देने की घोषणा की। इस अवसर पर देवेंद्र शर्मा अध्यक्ष कांग्रेस कमेटी कसौली, महासचिव रोशन ठाकुर, शिव दत्त ठाकुर, जिला सोलन कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष व मीडिया प्रभारी डीडी कश्यप तथा अन्य मौजूद रहे।
सांई इंटरनेशनल स्कूल में प्रिंस-प्रिंसेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें नर्सरी के अक्षत भारद्वाज को प्रिंस और धृति सोहता को प्रिंसेस के खिताब से नवाजा गया। केजी के आयांश समता को प्रिंस और वान्या कटोच को प्रिंसेस के खिताब से नवाजा गया। पहले रनरअप नर्सरी के भाविक ठाकुर और अमायरा मेहता और केजी की वेदांशी चौहान रहे। प्रतियोगिता में कक्षा नर्सरी एवं कक्षा केजी के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित किया। सभी छात्र-छात्राओं से सामान्य ज्ञान के प्रश्न पूछे गए।
जिला प्रशासन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज सोलन जिला के चक्की मोड़ के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग 05 पर भारी भूस्खलन के कारण हुई क्षति का जायजा लिया और जिला प्रशासन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। राज्यपाल ने इस अवसर पर जिला प्रशासन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक उपाय सुनिश्चित बनाए जाएं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश से सेब बाहरी मण्डियों को भेजा जा रहा है और ऐसे में यह आवश्यक है कि सेब सही समय पर मण्डियों तक पहुंचे। उन्होंने निर्देश दिए कि सेब सीजन के दृष्टिगत राष्ट्रीय राजमार्ग को सुचारू रखा जाए और आवश्यकता पढ़ने पर वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जाएं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग 05 प्रदेश में आवश्यक आपूर्ति तथा पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण है। शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि प्राकृतिक विभीषिका के कारण हिमाचल प्रदेश में अनेक स्थानों पर भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जगह-जगह भूस्खलन एवं बादल फटने से न केवल व्यवस्थाएं छिन्न-भिन्न हुई हैं अपितु जन-जीवन भी प्रभावित हुआ है। वह स्वयं अनेक स्थानों का दौरा कर क्षति का जायज़ा ले रहे हैं। उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने अवगत करवाया कि सोलन जिला में अभी तक भारी वर्षा से लगभग 526 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन है। उन्होंने प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा प्रभावितों को दी जा रही सहायता राशि एवं जन-जीवन सुचारू बनाए रखने के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी दी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक एके दहिया ने भारी वर्षा से राष्ट्रीय राजमार्ग 05 को हुए नुकसान का जानकारी दी। उन्होंने कहा कि चक्की मोड़ के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग को पूरी तरह ठीक करने में 30 से 45 दिन का समय लगेगा। उन्होंने प्राधिकरण द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग 05 को सुचारू बनाए रखने और भविष्य में क्षति से बचाने के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक सोलन गौरव सिंह, ज़िला प्रशासन तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के तीन घटक महाविद्यालयों के 100 छात्रों ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा विभिन्न विषयों के लिए आयोजित अखिल भारतीय राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) उत्तीर्ण कर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है। विश्वविद्यालय के बागवानी महाविद्यालय के 67 छात्र, जिनमें सब्जी विज्ञान विभाग और पादप रोग विज्ञान विभाग से 16-16 छात्र, फ्लोरीकल्चर और लैंडस्केप आर्किटेक्चर से 13, व्यवसाय प्रबंधन से 5, बीज विज्ञान और प्रौद्योगिकी से 3 और खाद्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी के 1 छात्र ने नेट परीक्षा पास की है हैं। इसके अतिरिक्त वानिकी महाविद्यालय से 29 विद्यार्थियों ने भी नेट की परीक्षा उत्तीर्ण की है। वानिकी विषयों में, मृदा विज्ञान से 6, सिल्विकल्चर और एग्रोफोरेस्ट्री से 13, सामाजिक विज्ञान से 3 और पर्यावरण, वन उत्पाद और बेसिक साइंस से 2-2 छात्रों और वृक्ष सुधार से एक छात्र ने इस परीक्षा को उत्तीर्ण किया है। हमीरपुर के नेरी में विश्वविद्यालय के कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट्री से सब्जी विज्ञान के दो और कृषि अर्थशास्त्र और सिल्विकल्चर और एग्रोफोरेस्ट्री विषयों में एक-एक छात्र ने भी नेट परीक्षा उत्तीर्ण की है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजेश्वर सिंह चंदेल और कॉलेजों के डीन ने व्यक्तिगत रूप से परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों से मुलाकात की और उन्हें उनकी उपलब्धि पर बधाई दी। इस अवसर पर प्रोफेसर चंदेल ने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में कई राष्ट्रीय परीक्षाओं के अलावा नेट परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पिछले साल लगभग 72 छात्रों ने परीक्षा उत्तीर्ण की थी जबकि इस वर्ष यह आंकड़ा 100 तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि हमारे छात्रों ने फैलोशिप और प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थानों में प्रवेश के लिए विभिन्न राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं में भी बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं को समझने और उसमें सफलता हासिल करने में सक्षम बनाने का प्रयास किये हैं। इस उद्देश्य से छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं पर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किए गए ताकि वे इन परीक्षाओं को समझ सकें और उनमें आगे निकल सके।
मलबे तले लोगों के दबने की भी संभावना, प्रशासन मौके की और रवाना एडवाइजरी: शिलाई-पांवटा सड़क मार्ग पर सफर करने से बचें लोग जिला सिरमौर के पांवटा साहिब के सिरमौरी ताल में बादल फटने से भारी तबाही की सूचना मिली है। देर शाम गांव के उपर जंगल में अचानक बादल फटा, जिसके सैलाब ने जंगल, सड़क और सिरमौरी ताल गांव को अपनी चपेट में ले लिया है। सूचना पर पांवटा साहिब का प्रशासन और विधायक मौके पर रवाना हुए हंै, लेकिन राजबन कांटा से थोड़ा आगे बाबा पत्थर नाथ मंदिर के पास से बड़े बड़े पेड़ सैलाब के साथ सड़क पर आए हैं, जिस कारण समाचार लिखे जाने तक प्रशासन मौके पर नहीं पंहुचा था। उधर, ग्रामीणों ने प्रशासन को सूचना दी है कि बादल फटने से गांव में भारी तबाही हुई है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव मे एक मकान मलबे तले दब गया है जिसके नीचे लोंगों के होने की संभावना है। एनएच को भी भारी नुकसान हुआ है। उधर, भारी आपदा को देखते हुए प्रशासन ने शिलाई-पांवटा एनएच पर सतौन से राजबन तक सफर न करने की सलाह दी है। उधर, एसडीएम गुंजीत सिंह चीमा ने कहा कि जगह जगह पेड़ गिरे हुए है। मशीने लगाई गई है। गांव तक पंहुचने के प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि फिलहाल शिलाई-पांवटा साहिब एनएच पर सतौन और राजबन के बीच कोई सफर न करें। नुकसान की पूरी जानकारी मौके पर पंहुचकर ही बताई जा सकती है।
शूलिनी विश्वविद्यालय में फार्मास्युटिकल विज्ञान संकाय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ललित शर्मा ने एम्स्टर्डम में आयोजित 2023 अंतरराष्ट्रीय अल्जाइमर एसोसिएशन सम्मेलन (एएआईसी) में भाग लिया। प्रतिष्ठित अल्जाइमर एसोसिएशन द्वारा डॉ. शर्मा को फेलोशिप प्रदान की गयी और उन्हें दुनिया भर के 10,000 से अधिक प्रतिनिधियों के सामने अपने अभूतपूर्व शोध को प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान किया गया । अल्जाइमर रोग की एक पहचान अमाइलॉइड बीटा के एकत्रीकरण को लक्षित करने वाले नए यौगिकों पर केंद्रित उनके दूरदर्शी काम ने सभा को मंत्रमुग्ध कर दिया और उन्हें क्षेत्र में एक अग्रणी शक्ति के रूप में स्थापित किया। डॉ. शर्मा की प्रस्तुति ने उनके अभूतपूर्व शोध के परिणामों को प्रदर्शित किया, जो अमाइलॉइड बीटा एकत्रीकरण को रोककर अल्जाइमर रोग की प्रगति को रोकने के लिए डिज़ाइन किए गए नवीन यौगिकों के विकास के इर्द-गिर्द घूमता है। यह प्रगति इस विनाशकारी न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारी के लिए प्रभावी उपचार खोजने की खोज के लिए अपार संभावनाएं रखती है। एएआईसी में, अल्जाइमर चिकित्सा विज्ञान में अत्याधुनिक प्रगति के बीच डॉ. ललित का योगदान एक प्रमुख आकर्षण था।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने की राज्य स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने आज यहां मुख्यमंत्री सुख-आश्रय कोष के तहत गठित राज्य स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार अनाथ बच्चों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और उनके समग्र विकास के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा और अन्य सुविधाएं सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पहले ही निर्णय में इन बच्चों को 'चिल्ड्रन ऑफ स्टेटÓ के रूप में अपनाने का संकल्प लिया। इसके बाद इन बच्चों के कल्याण के लिए 'मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजनाÓ और 'मुख्यमंत्री सुख-आश्रय कोषÓ शुरू की गई। मंत्री ने अधिकारियों को योजना का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक पात्र बच्चे को इस कल्याणकारी योजना का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि नि:शुल्क शिक्षा, कौशल विकास के अवसर, करियर परामर्श, विवाह अनुदान, घर बनाने के लिए वित्तीय सहायता और अन्य सुविधाएं प्रदान करने से इन बच्चों को जीवन में उपयोगी कार्य करने में मदद मिलेगी जिससे समाज को लाभ होगा। इस बैठक में सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता एम. सुधा देवी, निदेशक महिला एवं बाल विकास रूपाली ठाकुर, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. अमरजीत के. शर्मा, विशेष सचिव तकनीकी शिक्षा संदीप कुमार, निदेशक (अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं विशेष रूप से सक्षम का सशक्तिकरण) प्रदीप कुमार, अतिरिक्त निदेशक महिला एवं बाल विकास मोहन दत्त एवं अतिरिक्त सचिव वित्त विनय कुमार उपस्थित थे।
पूर्व सैनिक लीग कुनिहार इकाई की त्रैमासिक बैठक 27 अगस्त को लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह कुनिहार के सामने चौधरी कॉम्प्लेक्स में इकाई अध्यक्ष कैप्टन रणधीर सिंह कंवर की अध्यक्षता में सुबह 11 बजे आयोजित की जाएगी। अध्यक्ष कैप्टन रणधीर सिंह कंवर ने जानकारी देते हुए बताया कि लीग के सभी पूर्व सैनिक भाइयों व वीर नारी बहनों से अनुरोध किया गया है कि अधिक से अधिक संख्या में बैठक में पहुंचे, ताकि पूर्व सैनिकों की समस्याओं पर मिलजुलकर चर्चा व विचार-विमर्श किया जा सके। उन्होंने बताया कि जो पूर्व सैनिक हाल ही में पेंशन आए है व जो पूर्व सैनिक अपनी आयु के 80 वर्ष पूरे कर चुके है उन्हें लीग का स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया जाएगा। अध्यक्ष ने सभी पूर्व सैनिकों व वीर नारियों से आग्रह किया है कि अपने साथ जरूरी दस्तावेज साथ लेकर आए, ताकि उनमें जो कमियां है उन्हें दूर किया जा सके।
स्वास्थ्य मंत्री ने डाईट सोलन में दिव्यांगजन को वितरित किए उपकरण स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार बेसहारा का सहारा बनकर उनके उत्थान के लिए दृढ़ संकल्प है। डॉ. शांडिल आज ज़िला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान (डाईट) सोलन में दिव्यांग जन को विभिन्न उपकरण वितरित करने के लिए आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन समग्र शिक्षा अभियान सोलन द्वारा किया गया। कार्यक्रम आर्टिफिश्यिल लिम्बज़ मेनूफेक्चरिंग कॉपोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा प्रायोजित किया गया। डॉ. शांडिल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सत्ता सम्भालने से पूर्व निराश्रित महिलाओं एवं बच्चों के लिए सुखाश्रय योजना की परिकल्पना की। यह योजना सभी पात्र निराश्रित बच्चों एवं बेसहारा महिलाओं को आश्रय प्रदान करेगी और बच्चों की शिक्षा का खर्च वहन कर उन्हें भावी जीवन के लिए समर्थ बनाएगी। उन्होंने कहा कि कोई भी अक्षम नहीं होता और किसी भी दिव्यांगजन को स्वयं को अशक्त नहीं समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि उचित मार्गदर्शन एवं सतत् अभ्यास के साथ सभी दिव्यांगजन बहुत बेहतर कर सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने डाईट सोलन को इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए बधाई दी। डॉ. शांडिल ने कहा कि डाईट सोलन परिसर में प्रधानाचार्य एवं अन्य अध्यापकों के आवास तथा छात्रों के लिए छात्रावास निर्माण का मामला मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने प्रदेश विद्युत बोर्ड के अधीक्षक अभियंता को डाईट सोलन परिसर में स्थापित ट्रांसफार्मर को अन्यत्र स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने डाईट परिसर में पेयजल के लिए बोरवेल के लिए 4.68 लाख रुपये भी स्वीकृत किए। उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले डाईट के छात्रों को 21 हजार रुपये अपनी ऐच्छिक निधि से प्रदान करने की घोषणा की। कार्यक्रम में 25 दिव्यांग जन को विभिन्न उपकरण प्रदान किए गए। 133 विभिन्न उपकरण सोलन ज़िला के सभी विकास खण्डों को भेजे गए। कार्यक्रम में डाईट के प्रशिशुओं और उपस्थित लोगों को एम.एम.यू अस्पताल एवं चिकित्सा महाविद्यालय के चिकित्सकों द्वारा प्राथमिक उपचार एवं दुर्घटना के समय घायल व्यक्ति के प्राथमिक उपचार और उन्हें अस्पताल पहुंचाने के समय अपनाई जाने वाली सावधानियों की जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर जोगिंद्रा सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, नगर निगम सोलन के पार्षद सरदार सिंह ठाकुर, खण्ड कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, शहरी कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष अंकुश सूद, रोगी कल्याण समिति के सदस्य विनेश धीर, रोटरी क्लब के अध्यक्ष विजय दुग्गल, ग्राम पंचायत सलोगड़ा के पूर्व प्रधान लक्ष्मी दत्त शर्मा, युवा कांग्रेस के कुनाल सूद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजन उप्पल, साईं संजीवनी अस्पताल के डॉ. संजीव अग्रवाल, उपमण्डलाधिकारी सोलन कविता ठाकुर, डाईट सोलन के प्रधानाचार्य डॉ. शिव कुमार, डाईट के प्रवक्ता, प्रशिक्षु एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
हथकरघा एवं हस्तशिल्प क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान पर तीन श्रेणियों में शुरू होंगे राज्य स्तरीय पुरस्कार राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां गेयटी थिएटर में आयोजित एक कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने हिमाचल प्रदेश राज्य हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम लिमिटेड का नाम च्हिमक्राफ्ट कॉर्पोरेशनज् करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस रीब्रॉडिंग का उद्देश्य निगम के कार्य को विस्तार प्रदान करना और बाजार में एक विशिष्ट ब्रांड के रूप में उत्पादों को बढ़ावा प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हथकरघा एवं हस्तशिल्प के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करते हुए तीन श्रेणियों में राज्य स्तरीय पुरस्कार शुरू करने पर विचार कर रही है। इस पहल का उद्देश्य राज्य के पारंपरिक शिल्प में उत्कृष्ट हुनर की पहचान कर प्रोत्साहन प्रदान करना है। व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने लोगों से परिवर्तन की इस प्रक्रिया में सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य में आर्थिक संकट के लिए पूर्व सरकार एवं उनकी नीतियां जिम्मेवार हैं। वर्तमान सरकार राज्य को आत्मनिर्भर बनाने और कर्ज पर निर्भरता कम करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आगामी चार वर्षों में प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा और अगले दस वर्षों में हिमाचल देश का सबसे समृद्ध राज्य बन कर उभरेगा। मुख्यमंत्री ने राज्य में हाल ही में प्राकृतिक आपदा के कारण ८ से १० हजार करोड़ रुपये के अनुमानित नुकसान और पर्यटन क्षेत्र में इसके प्रतिकूल प्रभाव पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार स्थिति सामान्य करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार क्षतिग्रस्त सड़कों के बावजूद किसानों के सेब और सब्जियों जैसे उत्पादों को परिवहन सुविधा प्रदान कर इन्हें समयबद्ध बाजार तक पहुंचाने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने राहत नियमावली में बदलाव कर मुआवजा राशि में कई गुणा बढ़ौतरी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को राज्य में बाढ़ से हुए नुकसान के बारे में अवगत करवाया और उनसे अंतरिम राहत की पहली किस्त शीघ्र प्रदान करने का अनुरोध किया है ताकि राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाई जा सके। उन्होंने एनडीआरएफ के पिछले कुछ वर्षों से लंबित ३१५ करोड़ रुपये भी जारी करने का अनुरोध किया है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने आपदा प्रभावितों को हरसंभव सहायता प्रदान की है। सरकार ने रिकॉर्ड समय में लगभग ७०,००० पर्यटकों और १५,००० वाहनों को सुरक्षित निकाला। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी ने माइनस चार डिग्री तापमान में लाहौल-स्पीति जिला के चंद्रताल पहुंच कर वहां फंसे २९० लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी आमूल-चूल परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ रही है। प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोले जा रहे हैं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के कौशल में वृद्धि की जा सके। इसके साथ ही स्वास्थ्य क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का समावेश किया जा रहा है और सभी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में चरणबद्ध तरीके से रोबोटिक सर्जरी शुरू की जा रही है। इससे पहले, मुख्यमंत्री ने शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर हथकरघा एवं हस्तशिल्प पर आधारित प्रदर्शनी का शुभारम्भ भी किया। इस अवसर पर गेयटी थिएटर में पारंपरिक और आधुनिक परिधानों में फैशन शो का भी आयोजन किया गया। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और कहा कि प्रदेश के उच्च गुणवत्ता वाले ऊनी उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं जिनकी देश और विदेशों में भारी मांग है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों, संस्कृति और हथकरघा को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में इस दिशा में प्रभावी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल हथकरघा उत्पादों को एक ब्रांड के रूप में बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया जा रहा है और हिमक्राफ्ट नाम से एक नया लोगो भी जारी किया गया है।
कहा-प्रदेश में 14997 तथा सोलन जिले में 1266 बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने आज क्षेत्रीय अस्पताल सोलन से राज्य स्तरीय सघन मिशन इंद्रधनुष-5 का शुभारंभ किया। डॉ. शांडिल ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित बना रही है कि शून्य से 5 वर्ष आयुवर्ग के सभी बच्चों और गर्भवती महिलाओं का समय पर टीकाकरण हो। उन्होंने कहा कि सघन मिशन इंद्रधनुष-5 के तहत तीन चरण आयोजित किए जाएंगे। पहला चरण 7 से 12 अगस्त तक आयोजित होगा। मिशन इंद्रधनुष के प्रथम चरण में प्रदेश में शून्य से 2 वर्ष आयुवर्ग के 13903 तथा 2 से 5 वर्ष आयुवर्ग के 1094 बच्चों का विभिन्न बीमारियों के लिए टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सोलन जिले में प्रथम चरण में शून्य से 2 वर्ष आयुवर्ग के 1060 तथा 2 से 5 वर्ष के 206 बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सोलन जिला में प्रथम चरण में 212 गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण भी किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मिशन का दूसरा चरण 11 से 16 सितंबर तथा तीसरा चरण 9 से 14 अक्तूबर तक आयोजित किया जाएगा। कहा कि सोलन जिला में उच्च प्रवासी दर, दैनिक आधार पर नियमित रूप से आने-जाने वाले लोग तथा सीमांत ज़िला होने के कारण टीकाकरण के लिए लाभार्थियों का सही आकलन किया जाना आवश्यक है। इस दिशा में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने योजनाबद्ध तैयारी की है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी ज़िलों को उचित निर्देश जारी किए गए हैं। मिशन इन्द्रधनुष 5.0 के तहत यह सुनिश्चित बनाया जाएगा कि ऐसे सभी क्षेत्रों को कवर किया जाए जहां अभी तक शून्य टीकाकरण हुआ है। उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता के लिए आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है तथा घर-घर जाकर सर्वेक्षण के माध्यम से यह चिन्हित किया गया है कि कहां-कहां अभियान के तहत टीकाकरण किया जाना है।
मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य तथा सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग) संजय अवस्थी 8 अगस्त को सोलन जिला के अर्की विधानसभा क्षेत्र के प्रवास पर आ रहे हैं। अवस्थी प्रात: 10.30 बजे अर्की विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सरयांज में आयोजित वन महोत्सव में भाग लेंगे। मुख्य संसदीय सचिव तदापेरांत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सरयांज के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह की अध्यक्षता करेंगे।
परवाणू-सोलन फोरलेन निर्माण पर उठ रहे सवाल ना आसमान से आफत बरसने का दौर थम रहा है और न ही पहाड़ों के दरकने का। हिमाचल के पहाड़ लगातार टूट रहे है और प्रदेश के लोगों का जीवन व्यापन उतना ही कठिन हो गया है जितना शायद प्रकृति के लिए विकास के नाम पर हो रहे बेतरतीब निर्माण को सहना हुआ हो । सड़कों पर सफर करना तो खतरों से खाली है ही नहीं मगर कई क्षेत्रों में तो अपने घर में चैन की नींद से सो पाना भी नागवार हो गया है। हिमाचल में बने फोरलेन कि तस्वीरें कुछ इस तरह सामने आ रही है कि रूह कांप उठे। कालका-शिमला एनएच-5 की स्थिति भी कुछ यूँ ही बनी हुई है। पहाड़ दरक रहे है और सड़के धंस रही है। ये बेतरतीब निर्माण अभी कितने और ज़ख्म देगा, मालूम नहीं, मगर सवालों का अम्बार ज़रूर लग गया है। हिमाचल की सड़कों को हिमाचल की जीवन धारा माना जाता है। कठिन भौगौलिक परिस्थितियों वाले इस प्रदेश के दूर दराज़ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को ये सड़कें ही मुख्य धारा से जोड़ती है। मगर क्या इन सड़कों का निर्माण सही ढंग से हो रहा है ? क्या प्रदेश की जीवन धारा को बनाने वाले अपनी ज़िम्मेदारी सही तरीके से निभा रहे है ? क्या इस विनाश के लिए सिर्फ प्रकृति ज़िम्मेदार है या कारण और भी है ? कालका-शिमला एनएच-5 का इस कदर बह जाना क्या दर्शाता है ? क्या निरीक्षण में कोई कमी रह गई या फिर सड़क की गुणवत्ता ही खराब थी ? सवाल जहाँ सड़क निर्माण कि कंपनी को लेकर उठ रहे है तो कई आरोप अधिकारियों पर भी दागे जा रहे है, लेकिन इस वक्त सबसे अहम् सवाल ये है कि क्या अब एनएचएआई द्वारा सड़क निर्माण कंपनी पर कोई एक्शन लिया जाएगा या फिर सेटलमेंट कर दी जाएगी ....... आपको बता दें कि कालका-शिमला नेशनल हाईवे 5 के निर्माण में 748 करोड़ रुपये खर्च किये गए है। जबसे इस फोरलेन का निर्माण किया गया है तब से ये फोरलेन चर्चा में बना हुआ है। शुरू से शुरुआत करते है। परवाणू से सोलन तक फोरलेन का निर्माण कार्य नवंबर 2015 के आस पास शुरू किया गया था। फिर फोरलेन निर्माण के लिए एनएचएआई द्वारा इसका टेंडर ग्रिल कंपनी को दिया जाता है। कंपनी द्वारा फोरलेन बनाने के लिए पहाड़ियों को काटना शुरू किया जाता है और ज़्यादातर जगहों पर 90 डिग्री में पहाड़ों को काट दिया जाता है। अब मौसम चाहे कोई भी हो ये पहाड़ सड़को पर उतर आते है। सड़को के साथ लगे डंगे भी इन पहाड़ो को रोकने में सक्षम नहीं है। अधिकांश क्षेत्रों में रिटेनिंग वाल भी 7 8 फ़ीट की ही है। ऐसे में पहाडोनो का दरकना तो जायज़ है। फोरलेन के साथ बने भवन भी खतरे की जद्द में हैं। हाइवे के निर्माण के समय यहाँ कल्वर्ट ठीक से नहीं डाले गए जिस कारण अब पानी लोगो के घरो तक पहुंच रहा है। इसे फोरलेन निर्माण कंपनी कि लापरवाही ही कहेंगे जिसका खामियाज़ा अब इन लोगो को भुगतना पड़ रहा है। परवाणू से सोलन हाइवे की तस्वीरें देखने के बाद अब हाईवे के दूसरे चरण के फोरलेन निर्माण को लेकर भी सवाल उठने लगे है। अब सोलन से कैथलीघाट तक भी इसी तरह का दृश्य देखने को मिल रहा है। परवाणू से सोलन तक का ये सफर अब लोगों के लिए आफत बन गया है। निसंदेह इस प्राकृतिक आपदा से जन जीवन अस्त व्यस्त हो चूका है, लेकिन भारी बरसात से हुई तबाही ने इस वक्त कई निर्माण कंपनियों को सवालों के कठघरे में खड़ा कर दिया है। इस बरसात में भारी भूस्खलन से सड़को को तो नुकसान पहुंचा ही है लेकिन कई लोगो के आशियाने भी टूट कर बिखर चुके है। कई लोग इस आपदा में जान गवां चुके है। बरसात की इस तबाही के बाद अब हिमाचल में हो रहे बेतरतीब निर्माण को लेकर हाईकोर्ट भी सख्त चूका है। एनएचआई द्वारा अवैज्ञानिक तरीके से सुरंगें और फोरलेन बनाने पर हाईकोर्ट ने अटॉर्नी जनरल को नोटिस जारी किया है। खासकर चंडीगढ़ से शिमला और चंडीगढ़-मनाली हाईवे को हुए नुकसान पर अदालत ने अटॉर्नी जनरल से जवाब मांगा है। अब इसमें गलती चाहे निर्माण कंपनी की हो या फिर किसी और कि लेकिन इस गलती के कारण कई लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ रहा है। पहले भी ढह गया था सड़क का एक हिस्सा ये पहली दफा नहीं है कि चंडीगढ़-शिमला फोरलेन पर सड़क धसने का मामला सामने आया हो। इससे पहले भी इस मार्ग पर जगह-जगह लैंडस्लाइड होते रहे है। नेशनल हाईवे पर जब प्रथम चरण में परवाणू-सोलन फोरलेन का कार्य लगभग पूरा होने वाला था उस वक़्त भी बारिश के बाद सड़क के लगातार धंसने के मामले सामने आ रहे थे। तारीख थी 11अगस्त 2022 जब फोरलेन टनल को जोड़ने वाला कालका-शिमला नेशनल हाईवे-5 का एक हिस्सा अचानक से भरभरा कर ढह गया था। इस लैंडस्लाइड की चपेट में दो गाड़ियां भी आ गईं थी । तब गनीमत ये रही थी कि इन गाड़ियों में कोई नहीं था। इस हादसे के बाद टनल वाले मार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया था। इससे पहले भी कई बार यहां पर सड़क में दरारें आ चुकी हैं। इस सड़क पर सफर करना अब जोखिम भरा हो गया है। हाईवे की रेनोवेशन तक नहीं लिया जायेगा टोल टैक्स भारी बारिश की वजह से कालका शिमला फोरलेन को काफी नुकसान पहुंचा है। इस फोरलेन की एक लेन पूरी तरह से बंद है। कालका से शिमला तक एक लेन पर जगह जगह लैंडस्लाइड हुए हैं। ऐसे में जब सड़क जोखिमपूर्ण है और बमुश्किल एक लेन चालू है तो यात्रियों से टोल टैक्स लेने का मुद्दा बेहद चर्चा में था। परवाणू - सोलन हाइवे पर सनवारा टोल प्लाजा को लेकर लोगो में भारी रोष नज़र आ रहा था। इस हाईवे पर परवाणू के पास करीब 200 मीटर सड़क नक्शे से ही गायब हो गई है। ऐसे में अब डीसी सोलन ने हाईवे पर मौजूद टोल को बंद करने के आदेश जारी कर दिए है। हाईवे बंद होने के बाद भी संपर्क मार्गों से आवाजाही कर रहे वाहन चालकों से टोल लिया जा रहा था और इस पर लगातार टोल प्लाजा पर बहसबाजी देखने को मिल रही थी। इसी पर सोलन डीसी ने अब टोल वसूली पर रोक लगा दी है। डीसी सोलन का कहना है कि कालका शिमला हाईवे बंद पड़ा है और ऐसे में सनावरा टोल प्लाजा पर टोल देने का लोग विरोध कर रहे हैं। यहां पर विरोध के चलते लॉ एंड ऑर्डर की दिक्कत हो सकती है और इसी वजह से टोल बंद करने के आदेश दिए गए हैं। जब तक हाईवे की रेनोवेशन नहीं हो जाती, तब तक टोल बंद रहेगा।
हिमाचल प्रदेश राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि निगम प्रदेश के राशनकार्ड धारकों को चीनी का निर्धारित कोटा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि निगम द्वारा जुलाई माह के लिए 36,206 क्विंटल चीनी का आपूर्ति आदेश जारी किया गया था। इसमें से 25,202 क्विंटल चीनी अत्याधिक वर्षा के कारण शाहबाद चीनी मिल में सभी गोदामों में पानी भरने के कारण प्राप्त नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए इस चीनी की मात्रा को अगस्त माह के लिए जारी किए गए आपूर्ति आदेश में सम्मिलित किया गया है। उन्होंने कहा कि अगस्त माह के लिए 60,121 क्विंटल चीनी का आपूर्ति आदेश जारी किया गया है और एक-दो दिनों में प्रदेश के सभी गोदामों में चीनी की प्राप्ति शुरू होने की संभावना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगस्त माह के आवंटित चीनी के साथ जुलाई माह की शेष बची चीनी की मात्रा भी उपलब्ध करवाई जाएगी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार विभिन्न विकास योजनाओं को समय पर पूर्ण करने के लिए प्रयासरत है ताकि लक्षित वर्ग इनसे समुचित लाभ प्रदान कर सकें। डॉ. शांडिल शनिवार को सोलन विधानसभा क्षेत्र के लिए विधायक क्षेत्रीय विकास निधि योजना तथा खनन निधि की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। डॉ. शांडिल ने विकास खंड अधिकारियों को निर्देश दिए कि सोलन विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विकास खंड कंडाघाट और सोलन में निर्माणाधीन कार्यों एवं योजनाओं को समयबद्ध पूरा करना सुनिश्चित बनाएं ताकि धन और समय की बचत हो सके। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें तथा निर्माण कार्य का समय-समय पर निरीक्षण भी सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य क्षेत्र विशेष की बेहतरी के लिए आवश्यक हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि गत 6 वर्षों में विधायक क्षेत्रीय विकास निधि योजना के तहत सोलन विधानसभा क्षेत्र में लगभग 4 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सोलन विधानसभा क्षेत्र में 6 वर्षों में विधायक क्षेत्रीय विकास निधि योजना के तहत 415 कार्य स्वीकृत किए गए। इनमें से 176 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं जबकि 126 योजनाओं का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि शेष 113 योजनाओं का कार्य शीघ्र आरम्भ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्ण किए गए 176 कार्यों पर लगभग 02 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। डॉ. शांडिल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों के लिए धन की दूसरी किस्त तभी जारी की जाए जब पहली किस्त का उपयोगिता प्रमाण पत्र उपलब्ध हो जाए। उन्होंने प्रधानों को विभिन्न विकास कार्यों के लिए स्वीकृत राशि को समयबद्ध व्यय करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न महिला मण्डलों से आग्रह किया कि विधायक निधि के तहत विभिन्न सामान के लिए स्वीकृत राशि का शीघ्र उपयोग सुनिश्चित करें। डॉ. शांडिल ने कई वर्षों से लम्बित कार्यों को शीघ्र आरम्भ करने के निर्देश भी दिए। स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर ज़िला खनन अधिकारी से खनन निधि के तहत किए जा रहे विकास कार्यों पर चर्चा की और उचित निर्देश जारी किए। डॉ. शांडिल ने इस अवसर पर उपस्थित ग्राम पंचायत प्रधानों, महिला मण्डलों और अन्य से विकास कार्यों के सम्बन्ध में आवश्यक जानकारी प्राप्त की और उनकी विभिन्न समस्याओं के समयबद्ध निपटारे के अधिकारियों को निर्देश दिए। उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने इस अवसर पर विश्वास दिलाया कि विधायक निधि तथा खनन निधि के तहत विभिन्न निर्माण कार्यों को समयबद्ध पूरा किया जाएगा। उन्होंने इस अवसर पर धनराशि के समुचित उपयोग के सम्बन्ध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए। खण्ड कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. राजन उप्पल, विकास खण्ड अधिकारी कण्डाघाट नरेश शर्मा, विकास खण्ड अधिकारी सोलन रजनी गौतम, कार्यकारी खनन अधिकारी दिनेश कुमार, ज़िला कार्यक्रम अधिकारी (योजना) दिनेश शर्मा, विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रधान व उप प्रधान सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल के 7 अगस्त के प्रवास कार्यक्रम में आंशिक संशोधन किया गया है। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार डॉ. शांडिल 7 अगस्त को प्रात: 10 बजे क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के एमसीएच केंद्र से सघन मिशन इंद्रधनुष 5 का शुभारंभ करेंगे। तदोपरांत प्रात: 11.00 बजे जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान (डाईट) सोलन में दिव्यांग बच्चों को स्वास्थ्य उपकरण वितरित करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में मुख्यातिथि होंगे।
भारत के निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची को शुद्ध, त्रुटिरहित एवं अद्यतन बनाए रखने के उद्देश्य से वर्तमान में जिला सोलन के पांचों विधानसभा क्षेत्रों में घर-घर जाकर फोटोयुक्त मतदाता सूचियों का सत्यापन किया जा रहा है। यह जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने दी। मनमोहन शर्मा ने कहा कि यह अभियान 21 अगस्त, तक आयोजित किया जाएगा। इस अवधि में बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) जिला के 50-अर्की, 51-नालागढ़, 52-दून, 53-सोलन (अ.जा.) तथा 54-कसौली (अ.जा.) विधानसभा क्षेत्रों में घर-घर जाकर फोटोयुक्त मतदाता सूचियों का सत्यापन करेंगे। उन्होंने कहा कि बी.एल.ओ घर के मुखिया की सहायता से यह सुनिश्चित करेंगे कि परिवार के समस्त पात्र सदस्यों के नाम मतदाता सूची में सही दर्ज हैं तथा किसी प्रकार की अशुद्धि पाई जाने पर उसे ठीक करवाने के लिए प्रारूप-8 के माध्यम से कार्यवाही करेंगे। उन्होंने कहा कि बीएलओ प्रथम अक्तूबर की अहर्ता तिथि के आधार पर पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में सम्मिलित करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करेंगे। बी.एल.ओ प्रथम जनवरी, 2024 की अहर्ता तिथि के आधार पर पात्र भावी मतदाताओं के साथ-साथ ऐसे भावी मतदाताओं की जानकारी भी प्राप्त करेंगे जो प्रथम अप्रैल, 2024, प्रथम जुलाई, 2024 तथा प्रथम अक्तूबर, 2024 को मतदाता बनने के लिए पात्र हों।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री तथा जिला सोलन राहत एवं पुनर्वास समिति के अध्यक्ष अनिरुद्ध सिंह ने जिला प्रशासन सोलन को निर्देश दिए कि भारी वर्षा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए राहत कार्यों में तेजी लाएं और सोलन जिला की परीधि में आने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों को शीघ्र सुचारू बनाने तथा अन्य मरम्मत कार्यों के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से मामला उठाएं। अनिरुद्ध सिंह गत सायं सोलन में भारी वर्षा से हुए नुकसान के आकलन एवं राहत तथा पुनर्वास की दिशा में किए गए कार्यों के संबंध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। पंचायती राज मंत्री ने कहा कि वर्तमान में हिमाचल की आर्थिकी का महत्वपूर्ण आधार सेब भी मंडियों तक पहुंचाया जा रहा है। ऐसे में आवश्यक है कि राष्ट्रीय राजमार्ग 5 सहित जिला के अन्य राजमार्ग सुचारू रहें, ताकि सेब समय पर मंडियों में पहुंचे और यात्रियों सहित किसानों-बागवानों को परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि इस दिशा में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को और अधिक तेजी से कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने इस संबंध में उपायुक्त सोलन को आवश्यक निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि आपदा के समय में पड़ोसी राज्यों के उन ज़िलों से भी निरंतर तालमेल आवश्यक है जिनकी सीमाएं सोलन ज़िला के साथ लगती हैं। अनिरुद्ध सिंह ने निर्देश दिए कि विभिन्न राहत कार्यों में तेजी लाई जाए ताकि प्राभावितों को शीघ्र उचित राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि आपदाओं के समय में प्रभावितों को मानसिक क्षति भी उठानी पड़ती है। यह आवश्यक है कि सभी प्रभावितों को समयबद्ध राहत एवं पुनर्वास सुनिश्चित हो। उन्होंने राहत राशि सीधे प्रभावितों तक पहुंचाने और ग्राम स्तर के लिए स्वीकृत राहत राशि ग्राम पचंायत प्रधानों को निर्धारित समयावधि में उपलब्ध करवाने के निर्देश भी दिए। पंचायती राज मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देश पर प्रदेश के सभी मंत्री जिलों में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र का दौरा कर नुकसान का वास्तविक आकलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सही आकलन उचित राहत राशि दिलावाने में सहायक बनेगा और बेहतर पुनर्वास संभव होगा। उन्होंने सभी से अग्राह किया कि आपदा से सफलतापूर्वक निपटने के लिए एकजुट होकर कार्य करें। उन्होंने सोलन जिला में अब तक हुए नुकसान का जायजा लिया और विभागवार नुकसान एवं राहत की समीक्षा की। प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि आपदा में त्वरित राहत एवं स्थाई पुनर्वास आवश्यक है। उन्होंने सोलन जिला की परिस्थितियों के अनुरूप आवश्यक सुझाव भी दिए। मुख्य संसदीय सचिव (उद्योग, राजस्व एवं नगर नियोजन) राम कुमार तथा कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने आपदा राहत, बचाव व पुनर्वास के संबंध में सुझाव दिए। बैठक में अवगत करवाया गया कि ज़िला में विद्युत बोर्ड द्वारा विद्युत आपूर्ति सुचारू कर दी गई है। कुल 184 क्षतिग्रस्त मार्गों में से 177 मार्ग बहाल कर दिए गए हैं। जल शक्ति विभाग की 294 क्षतिग्रसत परियोजनाओं में से 290 योजनाएं सुचारू कर दी गई है। शेष 04 में से 02 योजनाओं को अस्थाई रूप से बहाल कर दिया गया है।
हाटी समुदाय ने करार दी ऐतिहासिक जीत हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के गिरीपार में रहने वाला हाटी समुदाय अब अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल हो गया है। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने संशोधित अनुसूचित जनजाति विधेयक को अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है। अब यह विधायक कानून बनेगा। हाटी समुदाय ने इसे ऐतिहासिक जीत करार दिया है। इसके लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन सिंह मुंडा, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ,केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर, हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, शांता कुमार, प्रेम कुमार धूमल, शिमला के सांसद एवं पूर्व अध्यक्ष भाजपा सुरेश कश्यप, पूर्व सांसद वीरेंद्र कश्यप, सांसद डॉ. सिकंदर कुमार, शिलाई के पूर्व विधायक बलदेव सिंह तोमर, भाजपा के प्रदेश नेतृत्व और राष्ट्रीय नेतृत्व का आभार जताया है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला का भी विशेष आभार जताया है। इस संबंध में हाटी विकास मंच के अध्यक्ष प्रदीप सिंगटा, मुख्य प्रवक्ता डॉक्टर रमेश सिंगटा ने कहा कि केंद्र सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति के बूते असंभव सा काम संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि अप्रैल महीने में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू से मंच के पदाधिकारियों ने मुलाकात की थी इस मुलाकात के गहरे मायने निकाले जा रहे हैं। पिछले महीने 26 जुलाई को यह विधेयक राज्यसभा से पारित हुआ था और अब इस पर राष्ट्रपति ने अपनी सहमति दे दी है। इसे अब राजपत्र में प्रकाशित किया गया है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के अथक प्रयास रंग लाए हैं। उनके सम्मान में रविवार को सिरमौर के हाटी शिमला में जुड़ेंगे और उनका स्वागत करेंगे,आभार जताएंगे। अध्यक्ष और मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि हाटी आंदोलन देशभर का ऐसा अनूठा आंदोलन रहा है, जहां हिंसा की एक भी घटना नहीं हुई। 56 वर्षों के संघर्ष का नतीजा सबके सामने आया है। आंदोलन की शुरुआत पिछले वर्ष महाखुमली के जरिए 1 जनवरी को रोनहाट से हुई थी। इसमें हजारों लोगों ने एसटी बनने का दृढ़ संकल्प लिया था। इसके बाद शिलाई, पझौता, संगड़ाह जैसे क्षेत्र में महाखुंबलिया हुई। इसके बाद पिछले वर्ष अप्रैल महीने में रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया में हाटी समुदाय की 14 जातियां और उपजातियां पंजीकृत हुई। आंदोलन की जीत का यह पहला पड़ाव था दूसरा पड़ाव तब आया जब सितंबर महीने में केंद्रीय कैबिनेट ने बड़ा फैसला लेते हुए हाथी को एसटी का दर्जा दे दिया इसके बाद दिसंबर महीने में लोकसभा में संशोधित एसटी विधेयक पारित हुआ। बेशक तब तयो ने किंतु परंतु लगाएं लेकिन मौजूदा सत्र में पिछले ही महीने 26 जुलाई को राज्यसभा ने भी बिल पर अपनी मुहर लगाई। पुरोधाओं के तौर पर दर्ज हो गया नाम आंदोलन को लीड करने वालों का नाम पुरोधाओं के तौर पर सिरमौर के इतिहास में अंकित हो गया है। इन्होंने रणनीतिकार और आंदोलनकारी दोनों की सशक्त भूमिका निभाई.. जब विरोधी प्रहार कर रहे थे तब हाटी समाज के लिए सुरक्षा कवच भी बने। इन्हें हाटी निर्माता के तौर पर भी याद रखा जाएगा....इनमें डॉक्टर रमेश सिंगटा, प्रदीप सिंगटा सबसे चर्चित रहे। निस्वार्थ भावना से अपने समाज के प्रति समर्पित रहे ऐसे चेहरे बिरले ही मिलते हैं।धरातल पर आंदोलन की न केवल पूरी स्क्रिप्ट लिखी बल्कि लोगों को हकों की लड़ाई के लिए शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र भी किया। जब जब संकट आता दिखा तब तक इन्होंने अग्रिम पंक्ति में आंदोलन की अगुवाई की। एक पेशेवर पत्रकार और दूसरे रिसर्च स्कॉलर हैं। इनके साथ-साथ डॉक्टर अमि चंद कमल, महासचिव कुंदन शास्त्री और उनकी टीम का योगदान भी अविस्मरणीय रहेगा। एकेडमिक इनपुट देने में अमित चंद कमल की बड़ी भूमिका रही। जबकि कुंदन सिंह शास्त्री कुशल रणनीतिकार माने जाते हैं। क्या बोले हाटी विकास मंच के पदाधिकारी हाटी विकास मंच के अध्यक्ष प्रदीप सिंह सिंगटा, मुख्य प्रवक्ता डॉ. रमेश सिंगटा, महासचिव अतर सिंह तोमर प्रवक्ता जी एस तोमर , ठाकुर खजान सिंह, मदन तोमर, कपिल चौहान, दलीप सिंगटा, काकू राम ठाकुर, मुकेश ठाकुर, नीतू चौहान, शूरवीर ठाकुर, अनुज शर्मा, दिनेश कुमार, भीम सूर्यवंशी, अमित चौहान, पिंकू बिरसांटा, विक्की ठाकुर , कपिल कपूर, विपिन पुंडीर, भीम सिंह, बलबीर राणा, दिनेश ठाकुर, दीपक नेगी, प्रताप मोहन चौहान खदराई कपिल शर्मा,,लाल सिंह, श्याम सिंह, खजान सिंह ठाकुर,सुशील, आशु चौहान, सुरजीत ठाकुर, अमन ठाकुर, राकेश शर्मा, सुरेश सिंह, जय ठाकुर, ओमप्रकाश शर्मा, ओमप्रकाश ठाकुर, चंद्रमणि शर्मा, आत्माराम शर्मा, गोपाल ठाकुर, सचिन तोमर ,खजान ठाकुर, भरत पुंडीर ,दलीप सिंह तोमर, भीम सिंह तिलकान, कपिल शर्मा, सहित पवन शर्मा, रण सिंह ठाकुर, सतीश चौहान, दिनेश चौहान ने बड़ी जीत के लिए केंद्र का आभार जताया।
जिला परिषद सोलन की त्रैमासिक बैठक 11 अगस्त को आयोजित की जाएगी। यह जानकारी जिला परिषद सोलन के सचिव जोगिंद्रा प्रकाश राणा ने दी। उन्होंने कहा कि यह बैठक 11 अगस्त को प्रात: 11 बजे जिला परिषद सोलन के बैठक कक्ष में आयोजित की जाएगी।
प्रदेश के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री तथा ज़िला सोलन राहत एवं पुनर्वास समिति के अध्यक्ष अनिरुद्ध सिंह ने आज सोलन स्थित चिल्ड्रन पार्क में हिमाचल निर्माता एवं प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री स्व. डॉ. यशवंत सिंह परमार को उनकी 117वीं जयंती पर प्रदेशवासियों की ओर से भावभीनी श्रद्धाजंलि अर्पित की। अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि स्व. डॉ. यशवंत सिंह परमार के संघर्ष एवं दूरदर्शी सोच के कारण ही हिमाचल एक राज्य के रूप में स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि स्व. डॉ. परमार के सशक्त हिमाचल के निर्माण के लिए कार्यान्वित की गई योजनाओं के लिए प्रदेशवासी सदैव उन्हें याद रखेंगे। इस अवसर पर कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी, प्रदेश कांग्रेस समिति के उपाध्यक्ष राहुल सिंह ठाकुर एवं सुरेेंद्र सेठी, बघाट बैंक के अध्यक्ष अरुण शर्मा, प्रदेश कांग्रेस महासचिव संजय भण्डारी, सिरमौर कल्याण मंच के सचिव अजय कवंर, कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी, ज़िला प्रशासन के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
सोलन में अभी तक लगभग 516 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन प्रदेश के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री तथा ज़िला सोलन राहत एवं पुनर्वास समिति के अध्यक्ष अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में प्रभावित परिवारों की समुचित सहायता की जाएगी। अनिरुद्ध सिंह ने आज सोलन ज़िला के कसौली एवं सोलन उपमंडलों में भारी वर्षा से प्रभावित क्षेत्रों का जायज़ा लिया और प्रभावित परिवारों से बातचीत कर वास्तविक परिस्थितियों की जानकारी प्राप्त की। अनिरुद्ध सिंह ने ग्राम पंचायत अन्हेच में प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री स्व. डॉ. यशवंत सिंह परमार को उनकी 117वीं जयंती पर कृतज्ञ प्रदेशवासियों एवं ज़िलावासियों की ओर से पुष्पाजंलि अर्पित की। अनिरुद्ध सिंह ने लोगों को विश्वास दिलाया कि संकट के समय में प्रदेश सरकार उनके साथ है और उनके हित के लिए योजनाबद्ध कार्य किया जा रहा है। ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि प्रदेश में वर्षा से प्रभावित लोगों के लिए 2000 नए आवास निर्मित किए जाएंगे। इस निर्माण कार्य पर 30 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने निर्देश दिए है कि भारी वर्षा से प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा के तहत पुनरुद्धार कार्य करें। पंचायत एवं ग्राम स्तर पर अधिक से अधिक पुनरुद्धार कार्य मनरेगा के तहत किए जाएं। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीणों को उनके घर के समीप कार्य मिलेगा और मुश्किल समय में आर्थिक सम्बल भी प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि कसौली विधानसभा क्षेत्र में भारी वर्षा से लगभग 100 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है। यहां 136 मकानों को क्षति पहुंची है। सोलन ज़िला में भारी वर्षा से लगभग 516 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन है। अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि पूरे प्रदेश के साथ सोलन ज़िला में भी क्षतिग्रस्त मार्गों को युद्ध स्तर पर बहाल किया जा रहा है। पेयजल एवं सिंचाई योजनाओं को सुचारू किया जा रहा है और विद्युत आपूर्ति बहाल की जा रही है। उन्होंने कहा कि सोलन ज़िला में राष्ट्रीय राजमार्ग 5 को शीघ्र-अतिशीघ्र सुचारू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नुकसान का उचित प्रकालन शीघ्र प्रेषित करें। पंचायती राज मंत्री ने बड़ोग गांव के निवासी महेन्द्र सिंह पुत्र बलवंत सिंह को फौरी राहत के तौर पर 10 हजार रुपये प्रदान किए। उन्होंने ग्राम पंचायत नारायणी में वर्षा से हुए नुकसान का जायज़ा लिया और प्रभावितों से भेंट की। अनिरुद्ध सिंह ने ग्राम पचंायत नेरी कलां के गांव कनाना में भारी वर्षा से हुई क्षति की जानकारी प्राप्त की और प्रभावितों से बातचीत की। उन्होंने ग्राम पंचायत भोजनगर के पंचायत भवन कार्यालय में प्रभावितों से भेंट की और उन्हें समुचित सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने इसके उपरांत ग्राम पंचायत अन्हेच में वर्षा से प्रभावित लोगों से मुलाकात की और समुचित सहायता का आश्वासन दिया। अनिरुद्ध सिंह ने शामती में हुए भारी नुकसान का जायज़ा लिया और प्रभावितों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रभावितों की सहायता के लिए कृत संकल्प है। इस अवसर पर कसौली के विधायक विनोद सुल्तानुपरी, ज़िला सोलन कांग्रेस के अध्यक्ष शिव कुमार, प्रदेश कांग्रेस समिति के उपाध्यक्ष राहुल सिंह ठाकुर, प्रदेश खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम निदेशक मण्डल के सदस्य जतिन साहनी, नगर निगम सोलन के पार्षद सरदार सिंह ठाकुर, नगर निगम शिमला के पार्षद नरेंद्र ठाकुर, खण्ड कांग्रेस कसौली के अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा, ग्राम पंचायत नारायणी के प्रधान श्रीराम शर्मा, ग्राम पंचायत नेरी कलां के प्रधान सुच्चा सिंह, ग्राम पंचायत प्राथा की प्रधान सरोज ठाकुर, ग्राम पंचायत प्राथा के उप प्रधान कर्म सिंह, ग्राम पंचायत नेरी कलां के उप प्रधान अशोक शर्मा, ग्राम पंचायत अन्हेच के प्रधान मोहन लाल, ग्राम पंचायत भोजनगर के प्रधान मनोज कुमार, ग्राम पंचायत शामती के उप प्रधान सुनील, मशोबरा खण्ड के बीडीसी उपाध्यक्ष वीरेन्द्र ठाकुर, नगर निगर सोलन के आयुक्त ज़फ़र इकबाल, अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय यादव, उपमण्डलाधिकारी सोलन कविता ठाकुर, उपमंडलाधिकारी कसौली गौरव महाजन, खण्ड विकास अधिकारी मुकेश, तहसीलदार सोलन मुलतान सिंह बनियाल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं स्थानीय निवासी उपस्थित थे।
प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री एवं हिमाचल निर्माता स्व. डॉ. यशवंत सिंह परमार की 117वीं जयंती पर आज सोलन में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सोलन के चिल्ड्रन पार्क स्थित स्व. डॉ. परमार की प्रतिमा पर आज प्रात: स्व. डॉ. परमार को कृतज्ञ ज़िलावासियों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। इन पुनीत अवसर पर सिरमौर कल्याण मंच सोलन की ओर से इस रक्तदान शिविर आयोजित किया गया तथा नगर निगम सोलन के हाल में प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री की स्मृति में कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। सोलन के उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने कवि गोष्ठी सत्र की अध्यक्षता की। मनमोहन शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि एक राज्य के रूप में हिमाचल की नीतियों को परिभाषित करने, प्रदेश के विकास को गति देने और राज्य के ईमानदार एवं कर्मठ लोगों के साथ मिलकर विकसित हिमाचल की नींव रखने के लिए प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री एवं हिमाचल निर्माता स्व. डॉ. यशवंत सिंह परमार को सदैव याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि सिरमौर कल्याण मंच हर वर्ष हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार की जयंती को भव्य रूप में आयोजित करता है। उन्होंने कहा कि इस माध्यम से युवा पीढ़ी को हिमाचल निर्माता की परिकल्पना, सोच और उनके जीवन के बारे जानने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश भौगोलिक रूप से पूरी तरह जुड़ा हुआ नहीं था। डॉ. परमार की दूरगामी सोच के कारण ही हिमाचल एक हो पाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान हिमाचल में पर्यटन, उद्योग, सड़क, विद्युत परियोजनाओं के विकास की नींव डॉ यशवंत सिंह परमार ने रखी थी। हिमाचल प्रदेश को अग्रणी राज्य बनाने में डॉ. परमार की महत्वपूर्ण भूमिका है। मनमोहन शर्मा ने कहा कि स्व. डॉ. परमार ने हिमाचल प्रदेश की पहाड़ी बोली के संरक्षण के लिए कार्य किया। उन्होंने स्व. डॉ. परमार के साथ रहे वरिष्ठजनों से आग्रह किया कि अपने अनुभवों को किताब या वृतचित्र के रूप में सहेजें ताकि युवा पीढ़ी को उनके व्यक्तित्व के बारे में अवगत करवाया जा सके। मनमोहन शर्मा ने इस अवसर पर स्व. डॉ. यशवंत सिंह परमार के चित्र पर पुष्पांजलि भी अर्पित की। नगर निगम सोलन के आयुक्त ज़फ़र इकबाल ने इस अवसर पर हिमाचल निर्माता को श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुए कहा कि मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों वाले प्रदेश को विकास की डगर पर आगे बढ़ाकर स्व. डॉ. परमार ने सभी के लिए अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। नगर निगम सोलन की महापौर पूनम ग्रोवर, उप महापौर राजीव कौड़ा, पार्षद सरदार सिंह ठाकुर, ज़िला कांग्रेस के अध्यक्ष शिव कुमार, प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव सुरेन्द्र सेठी, नगर परिषद सोलन के पूर्व अध्यक्ष कुल राकेश पंत, वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता जगमोहन मल्होत्रा, लक्ष्मी दत्त शर्मा, पी.डी. भारद्वाज, रवि मदान, विजय कुमार, स्व. डॉ. वाई.एस परमार के पौत्र आनन्द परमार, पड़पौत्र यशस्वी सिंह परमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बद्दी रमेश शर्मा, सिरमौर कल्याण मंच के अध्यक्ष बलदेव चैहान, उपाध्यक्ष पदम पुण्डीर, महासचिव राम गोपाल शर्मा, सचिव अजय कंवर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रदीप ममगई, वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीरेन्द्र कंवर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं स्थानीय निवासी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हिमाचल के लिए विशेष आर्थिक पैकेज मांगा है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की और उन्हें हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा से हुए भारी नुकसान के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री से हिमाचल को जल्द अंतरिम राहत राशि जारी करवाने का अनुरोध किया। साथ ही बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्रीय टीम भेजने पर उनका धन्यवाद किया।
बाहरा विश्वविद्यालय के होटल मैनेजमेंट एवं टूरिज्म विभाग द्वारा एक दिवसीय वाइन टेस्टिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला एक दिन तक होटल मैनेजमेंट विभाग के रेस्टोरेंट में चली। इसमें मुख्य अतिथि सोमेलियर मुकेश सुला वाइन वाईन्यार्ड्स उपस्थित रहे। बाहरा विश्वविद्यालय पहुंचने कुलपति डॉ. किरण अरोड़ा व रजिस्ट्रार विनीत कुमार ने मुख्य अतिथि को शाल व हिमाचली टोपी पहनाकर उनका स्वागत किया गया। उन्होंने विभिन्न-विभिन्न तरीक़ों से विस्तारपूर्वक कार्यशाला में अलग-अलग एक्सपेरिमेंट करवाकर सभी विद्यार्थियों को अछे से समझाया। उन्होंने वाइन बनाने के तरीक़ों के बारे में भी बताया।उन्होंने बहुत सी वाइन के प्रकार होटल मैनेजमैंट के विद्यार्थियों को बताए। होटल मैनेजमेंट एवं टूरिज़्म विभाग के विभागाध्यक्ष डाक्टर वैभव वर्मा ने बाहरा विश्वविद्यालय आने पर उनका धन्यवाद किया। इस अवसर पर कुलपति बाहरा विश्वविद्यालय डाक्टर किरण अरोड़ा, रजिस्ट्रार विनीत कुमार, डायरेक्टर मार्केटिंग एंड एडमिशन अनुराग अवस्थी, होटल मैनेजमेंट विभाग के सभी प्राध्यापक व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
विश्वविद्यालय में शोक सभा का आयोजन किया गया डॉ. यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के छात्रों, कर्मचारियों और शिक्षकों ने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार रहे संदीप नेगी को श्रद्धांजलि अर्पित की। नेगी का लंबी बीमारी के कारण पीजीआई चंडीगढ़ में बुधवार को निधन हो गया था। गुरुवार को विश्वविद्यालय परिसर में एक शोक सभा का आयोजन किया गया जिसमें छात्र और विश्वविद्यालय के सभी कर्मचारी शामिल हुए। अपने शोक संदेश में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजेश्वर सिंह चंदेल ने नेगी और उनके कुशल एवं त्वरित कार्य करने के तरीके और उनके मिलनसार स्वभाव को याद किया। विश्वविद्यालय स्टाफ ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार के सदस्यों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की। बुधवार को चंडीगढ़ में दिवंगत के अंतिम संस्कार में विश्वविद्यालय के कुलपति और वैधानिक अधिकारियों सहित कई कर्मचारी शामिल हुए। नेगी 2016 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी थे और जनवरी 2022 से विश्वविद्यालय के कुलसचिव के रूप में कार्यरत थे।


















































