जिला युवा सेवा एवं खेल सोलन द्वारा 26 अगस्त को ज़िला स्तरीय मेजर ध्यानचंद स्मारक प्रतिभा खोज हॉकी खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। यह जानकारी आज यहां ज़िला युवा सेवाएं एवं खेल अधिकारी सविंद्र सिंह कायथ ने दी। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता का आयोजन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कंडाघाट के समीप युवा सेवाएं एवं खेल विभाग के खेल मैदान में किया जाएगा। सविंद्र सिंह कायथ ने कहा कि प्रत्येक वर्ष हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंति के अवसर पर 29 अगस्त को खेल दिवस का अयोजन किया जाता है। इस उपलक्ष्य में ज़िला युवा सेवाएं एवं खेल विभाग सोलन द्वारा पुरूष वर्ग में ज़िला से राज्य स्तर तक अंडर 19 हॉकी खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रत्येक खण्ड से एक टीम आएगी। जिन प्रतिभागियों का जन्म वर्ष 2005 या उसके बाद हुआ है, वह इस प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं। खेल प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए इच्छुक प्रतिभागियों को 26 अगस्त, 2023 को प्रात: 10.00 बजे तक अपने आयु प्रमाण पत्रों सहित कण्डाघाट खेल मैदान में पहुंचना होगा। ज़िला युवा सेवाएं एवं खेल अधिकारी ने कहा कि ज़िला स्तरीय प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाली 16 सदस्यीय टीम 28 व 29 अगस्त, 2023 को ऊना ज़िला में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेगी। उन्होंने कहा कि इस टीम को विभाग द्वारा प्लेइंग किट व अन्य सामान उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ज़िला स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को विभागीय नियमानुसार साधारण बस किराया अथवा भत्ता, दैनिक भत्ता प्रदान किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में प्रभावी प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन सुनिश्चित करने और राज्य में प्लास्टिक सामग्री के सभी ब्रांड मालिकों और उत्पादकों का पंजीकरण शुरू करने के लिए सभी जिलों में प्लास्टिक अपशिष्ट संसाधकों (प्रोसेसरों) को पंजीकृत करने की आवश्यकता है। यह बात पर्यावरण, विज्ञान प्रौद्योगिकी और जलवायु परिवर्तन विभाग के निदेशक, डी.सी. राणा ने अपशिष्ट पेय पदार्थों से निपटने वाले एक्शन एलायंस फॉर रीसाइक्लिंग बेवरेज कार्टन (एएआरसी), पेट पैकेजिंग एसोसिएशन फॉर क्लीन एनवायरनमेंट (पीएसीई) और अपशिष्ट के कुशल संग्रह और पुनर्चक्रण प्रयासों (डब्ल्यूईकेयर) के प्रतिनिधियों के साथ आज यहां आयोजित एक बैठक में कही। डीसी. राणा ने बताया कि अब तक राज्य में 30 ब्रांड मालिकों और उत्पादकों को पंजीकृत किया गया है और बहुत से अन्य उत्पादकों का पंजीकरण होना अभी भी शेष है। बैठक में विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (ईपीआर) तंत्र पर चर्चा की गई और हिमाचल में सक्रिय प्लास्टिक अपशिष्ट संसाधकों को सभी जिलों में पंजीकृत करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा विकसित केंद्रीकृत पोर्टल के तहत पंजीकरण करने के लिए निर्माता, आयातक और ब्रांड मालिक के बीच जागरूकता लाने पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया जाएगा। प्रदेश में निर्माता, आयातक और ब्रांड मालिक द्वारा उत्पन्न प्लास्टिक अपशिष्ट क्रेडिट की जानकारी को सत्यापित करने के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारियों को अधिकृत किया गया है।
उपायुक्त को प्रभावितों को भूमि उपलब्ध करवाने के दिए निर्देश मुख्य संसदीय सचिव (उद्योग, राजस्व तथा नगर नियोजन) राम कुमार ने आज दून विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सौड़ी के गांव नवानगर और माजरी में भारी वर्षा से हुए नुकसान का जायज़ा लिया और प्रभावित लोगों को यथा सम्भव का आश्वासन दिया। राम कुमार ने कहा कि आपदा के दु:खद क्षणों में प्रदेश सरकार प्रभावित लोगों के साथ है। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को सरकार द्वारा सहायता राशि बढ़ौतरी दरों के अनुसार राहत राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को मकान बनाने के लिए शीघ्र ही 03-03 बिस्वा भूमि शीघ्र उपलब्ध करवाने के संबंध में उपायुक्त सोलन को निर्देश दिए गए है। उन्होंने कहा कि आपदा के प्रभाव को न्यून करना और सभी की सुरक्षा सुनिश्चित बनाना प्रदेश सरकार का कर्तव्य है। प्रदेश सरकार इस दिशा में दिन-रात कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उनके कैबिनेट के सभी सहयोगी, सभी मुख्य संसदीय सचिव तथा अन्य जन एवं अधिकारी व कर्मचारी 24ग7 कार्य कर रहे हैं। उन्होंने अतिरिक्त उपायुक्त को निर्देश दिए कि प्रभावितों तक त्वरित सहायता पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि भारी वर्षा के कारण हुए भूस्खलन से बालद नदी में इक्_ा हो रहा है जिससे खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि नुकसान के कारणों को जानने के लिए प्रशासन द्वारा शीघ्र ही भू-सर्वेक्षण करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि माजरी गांव के प्रभावित लोगों को भटोली कलां स्थित स्थानीय स्कूल तथा गुरुद्वारे में स्थानांतरण कर दिया गया है। प्रभावितों को प्रशासन की ओर से तरपाले तथा राशन वितरित किया गया है। राम कुमार ने भारी वर्षा से नवानगर गांव के 15 परिवारों तथा माजरी गांव के 7 परिवारों को जिसके मकान टूटे है, को अपनी ओर से 10-10 हजार रुपये तथा कम क्षतिग्रस्त मकान मालिकों को अपनी ओर से 5-5 हजार की सहायता राशि वितरित की। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय यादव, उपमंडलाधिकारी नालागढ़ दिव्यांशु सिंगल, खण्ड विकास अधिकारी नालागढ़ गौरव धीमान सहित ग्राम पंचायत सौड़ी के पूर्व प्रधान राम प्रकाश एवं जल शक्ति तथा लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सहित ग्रामीण उपस्थित थे।
शाहपुर के विधायक नरेटी में भारी बारिश से हुए नुकसान का लिया जायजा विधायक केवल सिंह पठानिया ने शाहपुर विस क्षेत्र के नरेटी में भारी बरसात से हुए नुक्सान का जायजा लिया तथा प्रभावित परिवारों को दस-दस हजार की फौरी राहत एवं राशन किट्स उपलब्ध करवाई गई। उपमंडल प्रशासन को प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए उचित कदम उठाने के दिशा निर्देश भी दिए गए। विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि नरेटी के पुरूषोतम चंद तथा जोगिंद्र सिंह के मकान भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गए थे जिन्हें फौरी राहत सरकार की ओर से दी गई है तथा इनके पुनर्वास के लिए कारगर कदम उठाए जाएंगे। विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र शाहपुर की जनता मेरा परिवार है मैं अपने परिवार के साथ दु:खद घड़ी में हमेशा खड़ा रहूंगा। हिमाचल में इतनी बड़ी त्रासदी हुई जिसमें मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दिन रात करके प्रदेश की जनता के साथ प्रभावित लोगों के साथ मौके पर खड़े दिखे जिसके चलते ही वर्ल्ड बैंक के बाद अब नीति आयोग ने भी राज्य में आपदा की स्थिति से प्रभावशाली तरीके से निपटने में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के कुशल प्रबंधन की सराहना की है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन के. बेरी ने एक पत्र के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की सराहना की। पत्र में कहा गया है कि हिमाचल प्रदेश सरकार, आपदा प्रबंधन टीमों सहित अन्य सभी हितधारक, जरूरतमंदों को राहत प्रदान करने के लिए सराहनीय कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू राज्य में आपदा के डे वन से ही प्रभावित क्षेत्रों में राहत तथा पुनर्वास कार्यों का स्वयं मॉनिटरिंग की तथा आपदा प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए यथासंभव मदद उपलब्ध करवाई यही नहीं राहत मैन्युअल में मुआवजा राशि भी पांच से दस गुणा तक बढ़ा कर आपदा प्रभावितों को राहत प्रदान की गई है। इस अवसर पर एसडीएम करतार चंद, तहसीलदार राकेश कुमार, खंड विकास अधिकारी कंवर सिंह, ब्लाक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुरजीत राणा, महासचिव प्रदीप बलोरिया भी उपस्थित थे।
सीएम के कुशल प्रबंधन में राहत और पुनर्वास कार्यों में दिखाई तत्परता पर्यटन निगम के अध्यक्ष कैबिनेट रैंक आरएस बाली ने कहा कि हिमाचल प्राकृतिक आपदा से जल्द उभरेगा और पर्यटन क्षेत्र फिर से तेज गति के साथ आगे बढ़ेगा। वीरवार को मिनी सचिवालय में पर्यटन निगम के अध्यक्ष आरएस बाली ने अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खु के नेतृत्व में आपदा से निपटने के लिए तत्परता के साथ कार्य कर रही है। इस के लिए वर्ल्ड बैंक से लेकर नीति आयोग भी राज्य सरकार विशेषकर मुख्यमंत्री के आपदा से निपटने के कुशल प्रबंधन की सराहना कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी जिलाधीशों को राहत एवं पुनर्वास के कार्यों में तत्परता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं इस के लिए नियमित तौर पर मॉनिटिरिंग भी सुनिश्चित की जा रही है ताकि हिमाचल के आम जनमानस को किसी भी तरह की असुविधा का सामना नहीं करना पड़े। राज्य की पहाड़ियों के दरकने को लेकर भी वैज्ञानिक रिपोर्ट होगी तैयार पर्यटन निगम के अध्यक्ष ने कहा कि बरसात के दौरान राज्य की पहाड़ियों के दरकने और भूस्खलन के कारण कई मकान ढह रहे हैं इसके साथ ही सड़कों पर भी मलबा एकत्रित हो जाता है। उन्होंने कहा कि पहाड़ों के दरकने को लेकर वैज्ञानिक रिपोर्ट तैयार करवाई जाएगी ताकि भविष्य में भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील जगहों पर मकान इत्यादि नहीं बनाने के लिए लोगों को प्रेरित किया जा सके। अवैध खनन पर रोक के लिए सरकार गंभीरता से कर रही कार्य पर्यटन निगम के अध्यक्ष ने कहा कि राज्य सरकार ने ब्यास नदी बेसिन और उसकी सहायक नदियों में स्टोन क्रशर के प्रयोग को तुरंत प्रभाव से बंद करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान मौजूदा परिस्थितियों और कांगड़ा जिले में चक्की नदी सहित कुल्लू, मंडी, कांगड़ा और हमीरपुर जिलों में ब्यास और इसकी सहायक नदियों में पारिस्थितिकी के खतरनाक परिवर्तन को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इस निर्णय के अनुसार अगले आदेश तक बारहमासी और गैर-बारहमासी दोनों नालों के सभी स्टोन क्रशर के संचालन को बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत राज्य की नाजुक पारिस्थितिकी और पर्यावरण को संरक्षित करने, बस्तियों और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। हालांकि, वैध खनन के लिए को रद्द नहीं किया गया है। मिनी सचिवालय में लोगों की समस्याओं को सुनेंगे आरएस बाली पर्यटन निगम के अध्यक्ष आरएस बाली ने कहा कि कांगड़ा जिला के लोगों की समस्याओं के निदान के लिए माह में एक बार मिनी सचिवालय में उपस्थित रहेंगे ताकि जन समस्याओं का त्वरित हल सुनिश्चित किया जा सके और कांगड़ा जिला के विकास को नई गति प्रदान की जा सके। इस अवसर पर पर्यटन विभाग के अधिकारियों के सहित विभिन्न गणमान्य लोग उपस्थित थे।
11वें दिन सर्च ऑपरेशन पूरा; दादा और पोती समेत 3 की डेड बॉडी मिली शिमला के शिव बावड़ी मंदिर हादसे में लापता सभी लोगों के शव बरामद कर लिए गए। नीरज ठाकुर के बाद गुरुवार को पवन शर्मा और उनकी चार साल की पोती का भी शव भी मलबे से निकाला गया। इसी के साथ 11वें दिन सर्च ऑपरेशन पूरा हुआ। तीनों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए आईजीएमसी लाया गया है। शिव मंदिर हादसे में मृतकों की संख्या 20 पहुंच गई। इसमें पवन शर्मा का सात लोगों का पूरा परिवार खत्म हो गया है। पवन शर्मा 14 अगस्त की सुबह सावन के आखिरी सोमवार को अपनी पत्नी, बेटे-बहू और तीन पोते-पोती के साथ मंदिर में दर्शन के लिए आए थे। इनका पूरा परिवार भी लैंडस्लाइड का शिकार हो गया। पांच के शव 18 अगस्त तक मिल चुके थे। मगर, पवन शर्मा और उनकी पोती का शव गुरुवार को सबसे आखिर में बरामद हुआ। पवन शर्मा अपने पीछे एक बेटी छोड़ गए हैं, जो हरियाणा में बिहाई हुई है।
उपायुक्त ने क्षतिग्रस्त सड़कों तथा पेयजल योजनाओं की मांगी रिपोर्ट कांगड़ा जिला में पिछले लगातार 24 घंटे से हो रही भारी बारिश के चलते 137 लाख के प्रारंभिक नुकसान का आकलन है। यह जानकारी देते हुए उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि बीस कच्चे मकान पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं जबकि पांच पक्के मकान तथा 75 कच्चे मकान आंशिक तौर पर क्षतिग्रस्त हुए हैं इसके साथ ही 75 कॉउ शेड भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। कांगड़ा उपमंडल में आईपीएच विभाग के जूनियर इंजीनियर का पेयजल योजना की मरम्मत के दौरान पानी में बह जाने की सूचना भी प्राप्त हुई है, एसडीआरएफ की टीम सर्च अभियान में जुटी है। उपायुक्त ने कहा कि प्रभावितों को फौरी राहत उपलब्ध करवाने के निर्देश राजस्व अधिकारियों को दिए गए हैं इसके साथ ही प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं। उपायुक्त ने कहा कि लोक निर्माण विभाग तथा जल शक्ति विभाग से भारी बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों तथा पेयजल, सिंचाई योजना की रिपोर्ट मांगी गई है ताकि क्षतिग्रस्त सड़कों तथा पेयजल योजनाओं की मरम्मत के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें, रिपोर्ट भेजने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त सड़कों तथा पेयजल योजनाओं को दुरूस्त करने के लिए सरकार की ओर से आवश्यक बजट का प्रावधान किया जाएगा ताकि आम जनमानस को किसी भी तरह की दिक्कत नहीं हो। फौरी राहत उपलब्ध करवाएं उपायुक्त ने कहा कि प्रभावितों को तुरंत प्रभाव से फौरी राहत उपलब्ध करवाने के दिशा निर्देश दिए गए हैें ताकि किसी को भी असुविधा का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला में लगातार जारी बारिश को लेकर प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है इस बाबत उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने उपमंडलाधिकारियों, तहसीलदारों तथा नायब तहसीलदारों को फील्ड में डटे रहने के निर्देश दिए हैं कंट्रोल रूम में दें तत्काल सूचना उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने जिला वासियों से आग्रह किया कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में तत्काल जिला आपदा प्रबंधन केंद्र के टोल फ्री 1077 नंबर पर संपर्क करें। जिला मुख्यालय समेत सभी उपमंडलों में आपदा प्रबंधन केंद्र चौबीसों घंटे चालू हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां राज्य एकल खिड़की स्वीकृति एवं अनुश्रवण प्राधिकरण की 27वीं बैठक सम्पन्न हुई। इसमें नए औद्योगिक उद्यमों की स्थापना और मौजूदा इकाइयों के विस्तार के लिए लगभग 1483 करोड़ रुपये के कुल 29 प्रस्तावित निवेशों को मंजूरी प्रदान की गई। इससे प्रदेश के लगभग 3961 व्यक्तियों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण के संरक्षण के लिए प्रदेश में हरित उद्योगों को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य पर इस बरसात के दौरान आई प्राकृतिक आपदा को देखते हुए जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों को कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का उपयुक्त यह समय है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और इसे सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की जा रही है। प्राधिकरण द्वारा अनुमोदित नए प्रस्तावों में कास्टिंग प्लेट और फिलिंग, इन्वर्टर-बैटरी इत्यादि के निर्माण के लिए मैसर्ज ईस्टमैन ऑटो एंड पावर लिमिटेड यूनिट-3, गांव नंदपुर, तहसील बद्दी, जिला सोलन, रोटावेटर ब्लेड और फोर्ज्ड पार्ट्स के निर्माण के लिए मैसर्ज एम्मफोर्स मोबिलिटी साल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड ईपीआईपी चरण-1, झाड़माजरी, तहसील बद्दी, जिला सोलन, कॉस्मेटिक्स और टॉयलेटरीज के निर्माण के लिए मैसर्स आरएसएच वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड बद्दी, जिला सोलन, सोडा, पैक्ड पानी के निर्माण के लिए मैसर्स क्लीन वॉटर एंड अलाइड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड गांव अदुवाल जंदोरी, तहसील नालागढ़, जिला सोलन, टैबलेट, कैप्सूल, तरल बोतलें, मलहम, ड्राई सिरप के निर्माण के लिए मैसर्स हिंदुस्तान फार्मास्यूटिकल्स, आई.ए., प्लास्डा, तहसील नालागढ़, जिला सोलन, तहसील नालागढ़, जिला सोलन, टेबलेट, कैप्सूल, तरल पदार्थ, मलहम, ड्राई सिरप के निर्माण के लिए मैसर्ज नेरी मास्टर एंटीबायोटिक्स प्राइवेट लिमिटेड आईए प्लास्डा, तहसील नालागढ़, जिला सोलन, टेबलेट, कैप्सूल, तरल बोतलें, मलहम, ड्राई सिरप के निर्माण के लिए मैसर्ज मास्टर फार्मास्यूटिकल्स इंडस्ट्रीज, आईए, प्लासडा, तहसील नालागढ़, जिला सोलन, नमूना परीक्षण, एपीआई आदि के लिए फॉर्मूलेशन विकास इत्यादि के लिए मेसर्ज वेल्जो रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड, एचपीएसआईडीसी, आईए, बद्दी, जिला सोलन, इंजेक्शन के लिए स्टेराइल वॉटर और शीशियों के निर्माण के लिए मैसर्ज कोलश फार्मा, ईपीआईपी चरण-2, थाना बद्दी, जिला सोलन, टैबलेट, कैप्सूल, ओरल ऑयल, क्रीम आदि के निर्माण के लिए मैसर्ज आदिरा लैब्स प्रा. लिमिटेड, ईपीआईपी, चरण-2, थाना, तहसील बद्दी, जिला सोलन, ट्यूबलर इनवर्टर बैटरी, प्लास्टिक बफर, वेट स्क्रबर आदि के निर्माण के लिए मैसर्ज केसीसीएस एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड आईए, अंब, तहसील अंब, जिला ऊना, हाइड्रोजन और इथेनॉल के निर्माण के लिए मैसर्ज ओआरकेए, औद्योगिक क्षेत्र, गगरेट, जिला ऊना, इंटीग्रेटेड कोल्ड एटमॉस्फेयर और पल्प प्रोसेसिंग यूनिट के निर्माण के लिए मैसर्ज पीआरसी एग्रोफ्रेश, मोहाल गजेडी, तहसील ठियोग, जिला शिमला, इन्फ्यूजन बीएफएस, कांच की बोतल, कोटिड और अनकोटेड टैबलेट तथा हार्ड जिलेटिन कैप्सूल के निर्माण के लिए मैसर्स हेटविक हेल्थकेयर एलएलपी, आईए, भांगला, तहसील नालागढ़, जिला सोलन और कार्बोनेटेड शीतल पेय, पैकेज्ड पेयजल, पेय पदार्थ आधारित सिरप (बीआईबी), सौर ऊर्जा के निर्माण के लिए मैसर्स वरुण बेवरेजेज लिमिटेड, औद्योगिक क्षेत्र कंदरोड़ी, चरण-2 जिला कांगड़ा शामिल हैं। प्राधिकरण द्वारा अनुमोदित विस्तार प्रस्तावों में लेखन और मुद्रण पेपर के निर्माण के लिए जिला कांगड़ा, तहसील इंदौरा डाकघर काठगढ़ गांव टिब्बी के मैसर्ज एचआरए पेपर मिल्स प्राइवेट लिमिटेड, नॉन डेयरी व्हिप, सजावटी व टॉपिंग इत्यादि के उत्पादन के लिए जिला सिरमौर, काला अंब, गांव ओगली के मैसर्स रिच प्रोडक्ट्स एंड सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, डाइंग, फैब्रिक प्रोसेसिंग तथा स्पिनिंग के निर्माण के लिए जिला सोलन औद्योगिक क्षेत्र बद्दी प्लॉट नंबर-1 के विनसम टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज लिमिटेड, थोक दवाओं, फॉर्मूलेशन, चिकित्सा उपकरणों, प्लास्टिक मोल्डिंग व अनुसंधान विकास के लिए जिला सोलन, तहसील बद्दी के मल्कुमाजरा में मैसर्ज मोरपेन लेबोरेटरीज लिमिटेड, लिक्विड इंजेक्शन एम्पौल्स शीशियों, आंख व कान की दवा के उत्पादन के लिए जिला सिरमौर काला अंब में मैसर्ज एमएमजी हेल्थकेयर, एम्पौल्स, लियोफिलाइज्ड शीशियों, तरल शीशियों आदि के निर्माण के लिए जिला सोलन, नालागढ़, के गांव थान्थेवाल में मैसर्ज इमैक्यूल लाइफ साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड, प्लास्टिक पैकेजिंग के उत्पादन के लिए जिला सोलन, झाड़माजरी, चरण-1 ईपीआईपी, प्लॉट नंबर 145, के मैसर्ज राधे पॉलीमर, रिंग फ्रेम स्पिंडल पॉलिएस्टर यार्न के उत्पादन के लिए जिला सिरमौर, काला अंब स्थित मैसर्ज पशुपति स्पिनिंग एंड वीविंग मिल्स लिमिटेड, खाद्य एवं न्यूट्रास्यूटिकल, टैबलेट के निर्माण के लिए जिला सोलन, तहसील बद्दी, डाकघर भूड, गांव मल्लपुर स्थित मैसर्ज पैनेसिया बायोटेक फार्मा लिमिटेड, आइसक्रीम आदि के निर्माण के लिए जिला सोलन तहसील नालागढ़, गांव किरपालपुर में मैसर्ज हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड, एयर कंडीशनर, एयर कंडीशनर (काइल्स) के निर्माण के लिए जिला सिरमौर, काला अंब, गांव ओगली स्थित मैसर्ज ब्लू स्टार लिमिटेड, मीटर्ड डोज इनहेलर्स (एमडीआई), ड्राई पाउडर इनहेलर्स, नेज़ल स्प्रे व टोटल इनहेलर्स के उत्पादन के लिए जिला सोलन, तहसील बद्दी, गांव किशनपुरा यूनिट-3 में मैसर्ज ग्लेनमार्क फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड, टेबलेट, कैप्सूल, ड्राई पाउडर, लिक्विड ओरल के उत्पादन के लिए जिला सिरमौर, पावंटा साहिब, औद्योगिक क्षेत्र गोंदपुर, प्लॉट नंबर 53-55 स्थित मैसर्स फार्मा फोर्स लैब और इंजेक्टिबल, आंख व कान की ड्रॉप्स, ड्राई पाउडर इंजेक्शन इत्यादि के उत्पादन के लिए जिला सोलन तहसील बद्दी, गांव संडोली स्थित मैसर्ज हेल्थ बायोटेक लिमिटेड के प्रस्ताव शामिल हैं। बैठक में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा, प्रधान सचिव आर.डी. नजीम, प्रधान सचिव पर्यटन देवेश कुमार, सचिव वित्त अक्षय सूद, सचिव एमपीपी एवं ऊर्जा राजीव शर्मा, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, निदेशक उद्योग राकेश प्रजापति और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
मिनर्वा कॉलेज ऑफ एजुकेशन इंदौरा में तृतीय सत्र की परीक्षा परिणाम में छात्रों का शानदार प्रदर्शन रहा। सभी प्रशिक्षु अध्यापकों ने प्रथम श्रेणी में आकर कॉलेज का नाम रोशन किया है। इसमें से 12 छात्रों ने 70से 75 प्रतिशत और 64 छात्रों ने 80 से 85 त्न एवं 24 छात्रों ने 85 से 90त्न अंक प्राप्त किए हैं। यह परीक्षा परिणाम शैक्षणिक योग्यता की सफलता को दर्शाता है। सभी बच्चों ने प्रदेश भर में प्रथम श्रेणी प्राप्त करके मिनर्वा कॉलेज का नाम रोशन किया है। इसके अलावा कोई भी विद्यार्थी किसी भी विषय में अनुत्तीर्ण नहीं है। मोनिका और डिंपी ने 88.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान व संकेतिका और अंशुल ने 88 प्रतिशत अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान तथा गीतांशु ने 87.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान प्राप्त किया है। मिनर्वा कॉलेज ऑफ एजुकेशन प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष चेयरमैन जे. एस पटियाल ने सभी छात्रों और अध्यापक वर्ग को बधाई दी और कहा कि यह हमारे लिए बहुत ही गर्व की बात है कि हमारे कॉलेज के छात्रों ने हर साल की तरह अच्छे अंक प्राप्त करके प्रदेश भर में प्रथम श्रेणी प्राप्त की है। यह हमारे लिए बहुत ही सौभाग्य की बात है। मिनर्वा कॉलेज ऑफ एजुकेशन के प्रिंसिपल डॉ प्रशांत कुमार ने सभी विद्यार्थियों को उनके भविष्य के लिए आशीर्वाद दिया और कहा कि आपको चुनौतियों का सामना करते हुए बुलंदियों को छूना है।
कृषकों एवं बागवानों की सुविधा के लिए उपयुक्त ऐप और सूचना प्रणाली विकसित करने में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एप्लीकेशंस के प्रभावी उपयोग पर चर्चा के लिए आज यहां पर्यावरण, विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के निदेशक डीसी राणा की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। उन्होंने जलवायु परिवर्तन एवं मौसम पूर्वानुमान पर आधारित सामान्य समूह आधारित किसान सूचना प्रणाली विकसित करने पर बल दिया ताकि क्राउड सोर्सिंग के उपयोग से मौसम पूर्वानुमान संबंधी जानकारी एसएमएस और व्हट्स ऐप जैसे माध्यमों से पंचायत स्तर तक पहुंचाई जा सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान में केन्द्र सरकार द्वारा संचालित मेघदूत जैसी एप्लीकेशन उपयोग में है, जिसके माध्यम से किसानों को उनकी फसलों और सब्जियों इत्यादि के बारे में आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भी किसानों के लिए एक अधिक उन्नत जलवायु परिवर्तन परामर्श एप्लीकेशन विकसित करने पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्य में एक विषयक कार्य समूह गठित करने का निर्णय लिया गया है। इस समूह में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग शिमला के निदेशक, कृषि, बागवानी व डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस विभागों के निदेशक, पर्यावरण, विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के चीफ सांईटिफिक ऑफिसर (जलवायु परिवर्तन) तथा प्रदेश कृषि और बागवानी विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर एवं वैज्ञानिक शामिल हैं। यह भी निर्णय लिया गया कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग पंचायत स्तर पर कृषि मौसम संबंधी डाटा संकलन व परामर्श प्रणाली की स्थापना के लिए एक तंत्र विकसित करने की प्रक्रिया आरम्भ करेगा। इससे प्रदेश के कृषि एवं बागवानी समुदायों को लाभ मिल सकेगा। बैठक में सभी संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
विधायक मलेंद्र राजन ने गुरुवार कोक बाढ़ ग्रस्त उल्लैहडियां व खानपुर क्षेत्र का दौरा किया। इस अवसर पर उनके साथ एसडीएम इंदौरा सुरेंद्र ठाकुर तहसील दार सिखा, कृषि विभाग के अधिकारी साथ उपस्थित रहे। विधायक ने आपदा ग्रस्त लोगों से उनकी उनकी समस्याओं को सुना और प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक सुविधाएं तत्काल उन्हें देने के लिए प्रशासन को आदेश दिए। मौके पर कुछ शिकायतों का समाधान कर दिया गया तथा पटवारी, कानूनगो, बागवानी व कृषि अधिकारियों को बाढ़ से हो रहे किसानों की भूमि कटाव सब्जी पैदावार व बागवानी तथा पेड़ पौधों की हुई क्षति के सही आकलन करने के आदेश दिए। यह है लोगों की प्रमुख समस्या मंड क्षेत्र में बाढ़ से हो रही निरंतर तबाही के चलते उल्लैहडियां खानपुर से पानी बहाव में अपना रुख तेजी से भूमि कटाव करते हुए मंड क्षेत्र आदि नजदीकी गांवों की ओर अधिक हो जाने के कारण नए क्षेत्र में लोगों की भूमि जलमग्न होने लगी है तथा इस स्थिति में अब अगर बांध से और पानी छोड़ा जाता है तो इन उपरोक्त गांवों के लिए अधिक खतरा पैदा हो गया है। अब इसी क्षेत्र में बाढ़ का पानी जोकि बांध से कुछ दूरी पर आते ही जो पहले दो भागों में बटा हुआ था अब एक ही तरफ अधिक होने की वजह से अधिक भूमि कटाव होने के कारण जहां गांव को खतरा पैदा हुआ है। इसलिए ग्रामीणों ने एकत्रित होकर अपनी अपील प्रशासन से और राहत कार्यों के लिए लगाई है इसी के चलते विधायक ने आज प्रशासनिक अधिकारियों मंडल कार्यकर्ताओं व स्थानीय लोगों साथ राहत कार्यों का जायजा लिया। इस अवसर पर विधायक के साथ ब्लॉक अध्यक्ष देवेंद्र मनकोटिया एसडीएम इंदौरा सुरेंद्र ठाकुर, तहसीलदार सिखा, कृषि विभाग के अधिकारी, निकटवर्ती पंचायतों के प्रधान तथा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
गुरुवार को जिला प्रशासन के आदेशों के बाद ग्रामीण राजस्व अधिकारी, पंचायत प्रधान, पंचायत सदस्य व ग्रामीणों ने कोट बेजा स्कूल के पुराने भवन का निरीक्षण किया व भवन को सभी लोगों ने बच्चों के लिए सुरक्षित बताया। स्कूल का पुराने भवन में बिजली, पानी की उचित व्यवस्था होने के साथ साथ कोई खतरा नहीं पाया गया। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए यहां पर स्कूल शिफ्ट होना चाहिए। गौरतलब है कि कोट बेजा स्कूल का नया भवन नदी के साथ होने के कारण स्कूल को जाने वाला एकमात्र रास्ता भारी बरसात के कारण दस जुलाई को हुई बह गया था तथा दो दिन पूर्व हुए बारिश से स्कूल के पीछे पहाड़ से भारी मलबा भवन के अंदर आ गया था। साथ ही स्कूल की निचली मंजिल में पानी पानी हो गया था। बुधवार को ग्रामीणों ने स्कूल को दौरा कर बताया था कि स्कूल का नया भवन बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं है। मामला मीडिया में आने के बाद जिला प्रशासन के आदेशों के बाद गुरुवार को ग्रामीण राजस्व अधिकारी नीरज कुमार, पंचायत प्रधान किरण ठाकुर, वार्ड मेंबर लोकनाथ, पुष्पेंद्र कंवर, नरेश कुमार, नंदलाल, लालसिंह, हीरालाल, बिटू कंवर, सोनू कपूर मस्तराम, मनोहर सिंह, राकेश ठाकुर, देवराज,आदि ने स्कूल के पुराने भवन के कमरों का दौरा किया। वहीं, ग्रामीण राजस्व अधिकारी ने बताया कि स्कूल के पुराने भवन का ग्रामीणों के सामने निरीक्षण किया गया। पुराने भवन के सुरक्षित होने की सूचना प्रशासन को भेज दी गई है।
चार साल की समायरा का वो मुस्कुराता चेहरा अब कभी नहीं दिखेगा। घर के उस आंगन में हंसती खेलती समायरा अब कभी नजर नहीं आएगी। कुदरत के इस कहर ने न जाने कितने परिवारों को उजाड़ दिया है। तबाही की ये तस्वीरें जब भी जहन में आती है रूह कांप उठती है। ये त्रासदी इतने गहरे जख्म देगी इस बात का अंदेशा भी नहीं था। शिव बावड़ी का वो हादसा भुलाए नई भूलता। पल भर में मंदिर मलबे में तब्दील हो चुका था। सोमवार का वो दिन उन लोगो के लिए काल का दिन बनकर आया था जो उस दिन शिव बावड़ी मंदिर में मौजूद थे। समायरा का पूरा परिवार इस हादसे में खत्म हो चुका है। 7 लोगों का एक साथ चले जाना बेहद दुखद है और उससे भी ज़्यादा दुखद अपनों की आखिरी झलक को तरस जाना। 11 दिन बीत चुके जाने के बाद समायरा का शव आज बरामद किया गया है। 11 दिन तक वो परिवार उस नन्ही सी बेटी की आखरी झलक देखने के लिए तरस गया था। वो परिवार पूरी तरह से बिखर चुका है। इस हादसे ने वो नासूर दर्द दिया है जो शायद ही किसी के जहन से कभी जाए।
मां की नजरे अपने दुलारे बेटे का इंतजार करती रही, एक पत्नी अपने सुहाग की सलामती के लिए दिन-रात प्रार्थना करती रही और वो नन्ही बच्ची रोज पूछती थी पापा कब आएंगे। नीरज के परिवार की नजरें घटनास्थल पर चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन पर थी और आस थी कि कुछ ऐसा चमत्कार हो जाए की नीरज सकुशल लौटे। दिन बीतता गया और परिवार की हिम्मत और आस्था अब जवाब दे रही थी। नीरज के सकुशल लौटने की उम्मीद दिन-व-दिन कम होते जा रही थी। 24 अगस्त को शिमला के शिव बावड़ी हादसे के घटनास्थल से नीरज का शव 11 दिन बाद मिला। हादसे वाले दिन नीरज शिव मंदिर में जलाभिषेक के लिए गया था, लेकिन चंद लम्हों में शिव बावड़ी मंदिर का नामोनिशान तक नहीं रहा। तबाही के उस मलबे में 20 लोगों ने अपनी जान गवां दी। जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों पर दुखो का पहाड़ टूट चूका है, परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। नीरज के परिवार वालो का दु:ख शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। 11 दिन तक वो परिवार इस आस में बैठा रहा की शायद नीरज वापस लौट आएंगे। हर रोज इसी उम्मीद में वो नम आंखें इंतजार में रहीं, लेकिन आज लापता नीरज ठाकुर का शव बरामद कर लिया गया है। नीरज समरहिल के रहने वाले थे। नीरज का कुल्लू में होटल का कारोबार था। इस दुखद हादसे में नीरज ठाकुर अपनी मां शांति देवी, पत्नी समा ठाकुर और बेटी सान्या को पीछे छोड़ गए हैं। पल भर में नीरज के परिवार की खुशियां खत्म हो गई है। इस आपदा ने लोगो को जो जख्म दिए हैं, वो कभी नहीं भूल सकते।
मकान नहीं, जीवन भर की पूंजी थी। वो सपनों का आशियाना था जो पल भर में तबाह हो गया। कितना दर्दनाक रहा होगा वो मंजर जब लोगों ने अपने घरों को अपनी आँखों के सामने ताश के पत्तों की तरह बिखरते हुए देखा होगा। ये सोचना भी बेहद मुश्किल है। हिमाचल में आसमान से बरस रही आफत से सैकड़ों लोग बेघर हो चुके हैं। दरकते पहाड़, धंसती जमीन और टूटते मकान इस ओर इशारा कर रहे है कि हिमाचल पर ये संकट बड़ा है और ये संकट अभी टला नहीं है। आफत की बरसात ने ऐसा कोहराम मचाया है कि लोग रात को अपने घरों में चैन की नींद भी नहीं सो पा रहे हैं। 24 जून वो तारीख थी जब हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की एंट्री हुई थी। तबसे अब तक भारी बारिश का दौर जारी है। हिमाचल प्रदेश आपदा प्रबंधन की तरफ से जारी रिपोर्ट में अब तक 2220 घर पूरी तरह से जमींदोज हो चुके हैं। जबकि 11 हजार के करीब घरों में दरारें आई हैं। इसी तरह 9819 घर ऐसे है जिन्हे थोड़ा बहुत नुक्सान पहुंचा है। इस रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में बारिश और फ्लैश फ्लड में 4695 से अधिक गौशालाएं बह गई हैं। 300 से अधिक दुकानें बारिश में ढह गई हैं। भारी बारिश के कारण हिमाचल में अब तक 8 हजार 99 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। कुदरत के इस कहर के कारण अब तक 350 से अधिक लोगों की मौत भी हो चुकी है। इस आपदा से जो हिमाचल को नुक्सान पहुंचा है शायद वो कुछ वक्त के बाद सामान्य भी हो जाए, कुछ समय बाद सब वापिस पटरी पर लौट आए, लेकिन जिन लोगों ने इस त्रासदी में अपनों को खोया है वो अब कभी लौट कर नहीं आएंगे। जब भी तबाही की ये तस्वीरें जहन में आएंगी उन लोगो की आंखें फिर नम हो जाएंगी। आपदा के दिए ये जख्म सदा हरे रहेंगे।
14 अगस्त को नितिका का जन्मदिन था। हमेशा की तरह वो अपने पापा के विश करने का इंतज़ार कर रही थी। नितिका अपने पापा की फोन कॉल का इंतज़ार करते-करते थक गयी। जब उसके पापा का कॉल नहीं आया तो उसने खुद कॉल की लेकिन नंबर नहीं लगा। इसके बाद जो खबर शिमला के समरहिल से आई वो दिल दहला देने वाली थी ।यहाँ सावन की शिवरात्रि की पूजा के लिए जिस शिव बावड़ी मंदिर में सात लोगों का पूरा परिवार पूजा करने गया था, वहां लैंडस्लाइड हुआ और सभी मलबे में दब गए हैं। वो लुधियाना से तुरंत शिमला के लिए निकली। शाम को यहां पहुंचीं तो देखा कि सात में से चार परिजन उनकी मां संतोष शर्मा, भाई अमन और भाई की बेटियों नायरा और साशा के शव मलबे से निकाले जा चुके थे। सावन का छठा सोमवार और 14 अगस्त का वो दिन, नितिका अब शायद कभी नहीं भूल पाएगी। इन चार शवों को मुखाग्नि भी नितिका ने ही दी। तीसरे दिन उनके भाई अमन की पत्नी अर्चना का शव मिला, जिसका संस्कार अर्चना के भाई ने किया। परिवार में इकलौती बची नितिका का कहना है कि उसे 14 अगस्त का दिन कभी नहीं भूल सकता। पापा पवन शर्मा और भतीजी समायरा अभी भी लापता हैं। नितिका का रो रो कर बुरा हाल है। नितिका कहती है, 'वक्त बीत जायेगा, लेकिन यह जख़्म कभी नहीं भर पायेगा।Ó
हिमाचल प्रदेश में आई त्रासदी ने जो दर्द दिया है वो नासूर है। त्रासदी ने जो गहरे जख्म दिए हैं, इन जख्मों का न मरहम है और न कोई दवा और न ही आने वाला वक्त ये जख्म भर सकता है। मंडी के पड़ोह के रहने वाले नितीश भी इसी दर्द से गुजर रहे हैं। 14 अगस्त की वो सुबह नितीश के परिवार के लिए नया सवेरा नहीं, बल्कि काल का ग्रास ले आया। 14 अगस्त की सुबह लगभग 5 बजे नितीश के घर के पीछे अचानक ढेर सारा मलबा आ गया। अफरातफरी में सभी घर से बाहर निकल आए, लेकिन 6 महीने की सानिया घर के अंदर ही रह गई थी। नितेश की 18 वर्षीय पत्नी मोनिका और 17 वर्षीय बहन रविता उस दुधमुंही को बचाने के लिए घर के अंदर गई। ये दोनों यही सोचकर घर में गई कि बच्ची को उठाकर तुरंत बाहर आ जाएंगी, लेकिन होनी को कौन टाल सकता है। अचानक मलबा घर पर आ गया और तीनों घर सहित उस मलबे में दब गईं। 45 वर्षीय माता रचना देवी और 11 वर्षीय एक अन्य बहन गोपी मलबे की चपेट में आ गई और उसके साथ बहती चली गई। इतने में गांव वालों को पता चल गया और उन्होंने दोनों मां-बेटी को बाहर निकाल दिया। नितीश और उसकी एक अन्य 15 वर्षीय बहन जाह्नवी भागकर खुद को बचाने में कामयाब हो सके। मां के पांव में गंभीर चोट लग चुकी थी। पांव का इन्फेक्शन इतना बढ़ गया कि डॉक्टरों को घुटने से नीचे पांव ही काटना पड़ गया। माता हॉस्पिटल में उपचारधीन है, लेकिन अभी पत्नी, बेटी और बहन का कोई सुराग नहीं लग पाया है। परिवार के इकलौते सहारे नितीश के सिर पर दुखों का पहाड़ टूटने के साथ-साथ जिम्मेदारियों का बोझ भी है। अब नितीश को समझ नहीं आ रहा कि वो अस्पताल में उपचाराधीन मां को संभाले या फिर सांबल में आकर दिन भर अपनी पत्नी, बेटी और बहन के लिए चल रहे तलाशी कार्य को देखे। नितीश पर जो दुखो का पहाड़ टूटा है उस दर्द को शब्दों में बयां करना नामुमकिन है और नामुमकिन है इस हानि की भरपाई कर पाना।
विधायक मलेंद्र राजन ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों-बागवानों की आय को बढ़ाने के लिए प्रयासरत है ताकि उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके। यह बात उन्होंने आज वीरवार को इंदौरा विधानसभा क्षेत्र के घोडन में फ्रंटलाइन डेमोस्ट्रेशन प्लाट में पौधरोपण करने के उपरांत दी। इस मौके पर उन्होंने आम का पौधा रोपित किया। उन्होंने बताया कि उद्यान विभाग द्वारा इस फ्रंटलाइन डेमोसोस्ट्रेशन प्लाट को क्लस्टर आधार पर तैयार किया जाएगा। जिसमें 25 कनाल क्षेत्र में आम की नवीनतम किस्में लगाई जाएंगी। जिनमें पूसा अरुणिमा, पूसा सूर्य, पूसा मनोहरी, पूसा लालिमा, मलिका और सिंदूरी किस्म के 1111 पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति से सम्बंध रखने वाले किसानों को विभाग द्वारा 75 फीसदी अनुदान प्रदान किया जाएगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों का इस क्षेत्र में बागवानी के तहत कलस्टर आधारित गतिविधियों को बढ़ाने और आम की नवीनतम फसलें तैयार करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से बागवानी गतिविधियों को और प्रभावी बनाने व समय-समय पर जागरूकता शिविरों का आयोजन करने को कहा, ताकि किसानों को आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों से कृषि व बागवानी करने की नवीनतम जानकारी मिल सके। इस अवसर पर उपमंडल अधिकारी इंदौरा डॉ सुरेंद्र ठाकुर, विषयवाद विशेषज्ञ उद्यान, नूरपुर डॉ. हितेंद्र पटियाल, उद्यान विकास अधिकारी जोगिंदर सिंह, उद्यान प्रबंधक इंदौरा सुनीता पठानिया, उद्यान प्रसार अधिकारी सोम राज, ब्लॉक कांग्रेस प्रधान देवेंद्र सिंह मनकोटिया, पंचायत प्रधान यशपाल सहित किसान मौजूद रहे।
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं धर्मशाला से विधायक सुधीर शर्मा ने कहा है कि धर्मशाला, मकलोडगंज और पालमपुर सरीखे पर्यटक स्थलों में सैलानी बेझिझक आ सकते हैं। कांगड़ा जिला के पर्यटक स्थलों में हालात सामान्य हैं। यहां जारी बयान में सुधीर शर्मा ने कहा कि अकेले धर्मशाला और मकलोडगंज क्षेत्र में करीब 500 होटल पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देने में तत्पर हैं। सुधीर शर्मा ने कहा कि हिमाचल को लेकर कई तरह के वीडियो वायरल हो रहे हैं। यह चिंता का विषय है। इससे प्रदेश की छवि खराब होती है। सुधीर शर्मा ने कहा कि हिमाचल में पर्यटन उद्योग आय का मुख्य साधन है। बेशक इस बार भयंकर बरसात ने कई सडक़ें और भवन बहाए हैं, लेकिन प्रदेश को लेकर वीडियो वायरल करके जिस तरह की छवि बनाई जा रही है, वह गलत बात है। उन्होंने कहा कि शिमला, कुल्लू, मंडी, हमीरपुर व कांगड़ा आदि जिलों में बरसात से नुकसान तो हुआ है, लेकिन जैसी तस्वीर बनाई जा रही है, वह बेहद गलत है। ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।सुधीर शर्मा ने कहा कि आने वाले दिनों में धर्मशाला में विश्व कप के पांच मैच होंगे। इससे पर्यटन उद्योग को फिर से बल मिलेगा। मौजूदा समय में धर्मशाला स्टेडियम में दुनिया भर से सैलानी आते हैं। इसी तरह प्रदेश का मुख्य हवाई अड्डा गगल भी व्यस्त रहता है। मकलोडगंज में बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा के होने से यह प्रदेश का प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थल बन गया है। उन्होंने कहा कि वह होटल समेत अन्य टूरिज्म इंडस्ट्री की समस्याओं से अवगत हैं। प्रदेश सरकार के समक्ष पर्यटन का मसला गंभीरता से रखा जा रहा है। सुधीर शर्मा ने कहा कि धर्मशाला की सडक़ों की बात करें,तो यहां इक्का दुक्का बारिश से नुकसान हुए हैं, जिन्हें समय रहते बहाल किया जा रहा है। सुधीर शर्मा ने कहा कि बनखंडी में विश्व स्तरीय चिडिय़ाघर बन रहा है। वहीं पौंग झील में भी कई तरह के वाटर स्पोर्ट्स शुरू किए जा रहे हैं। जिला में फोरलेन, आईटी पार्क, हवाई अड्डा विस्तारीकरण के अलावा धर्मशाला में स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्टों पर काम चल रहा है। सुधीर शर्मा ने कहा कि स्मार्ट सिटी के इस समय 50 प्रोजेक्ट किसी न किसी चरण में चल रहे हैं। प्रोजेक्टों में कार्यरत कंपनियों के नुमाइंदों को तेजी से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम और स्मार्ट सिटी के अधिकारियों को बरसात में शहर में व्यवस्था बनाए रखने को कहा है। सुधीर शर्मा ने कहा कि बरसात में शहरी और ग्रामीण एरिया में हुए नुकसान का आकलन करवाया जा रहा है। धर्मशाला के एसडीएम, बीडीओ, तहसीलदार आदि को मौके पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। सुधीर शर्मा ने लोगों से आह्वन किया है कि वे खड्ड-नालों के किनारे न जाएं। अभी बरसात में खड्डों का पानी बढ़ा है। सुधीर शर्मा ने कहा कि अभी हमें एहतियात बरतनी चाहिए। 12 नए मैदान बन रहे मौजूदा समय में सुधीर शर्मा ने धर्मशाला के गांवों में 12 नए प्ले ग्राउंड बनाने का टारगेट लिया है। नाबार्ड के तहत 5 बड़ी सडक़ों का काम चल रहा है। पास्सू में 12 जुलाई 2021 को बही सडक़ काम तेज हुआ है। पास्सू में ही एक पुल पूरा हो चुका है। सब्जी मंडी और ओबीसी भवन का काम तेज हुआ है। मांझी खड्ड के तटीकरण का काम चल रहा है। मकलोडगंज से सटे गांवों को लिंक रोड बन रहे हंै। धर्मशाला मे ग्रीन स्पेस बढ़ाया जा रहा है। सुधीर शर्मा के प्रयासों धर्मशाला इवेंट कैपिटल बनी है। यही कारण है कि यहांं मुख्य सचिव, जी-20 व महिला सांसदों के बड़े इवेंट हुए हैं।
हिमाचल प्रदेश भवन, सड़क एवं अन्य निर्माण मजदूर यूनियन (सीटू) की राज्य कमेटी के आह्वान पर जिला कमेटी सोलन का एक प्रतिनिधिमंडल श्रम कल्याण अधिकारी सोलन से मिला व उनके माध्यम से कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल, अध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश भवन एवम् अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड को निर्माण मजदूरों की मांगों से संबंधित एक ज्ञापन भेजा। इस ज्ञापन के माध्यम से यूनियन ने निम्नलिखित मांगों को उठाया है : 1. राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड से पंजीकृत मजदूरों की सहायता राशि संबंधीत पिछले तीन वर्षों की राशि तुरंत जारी की जाये। 2. 12 दिसंबर 2022 को बोर्ड से जारी पत्र के बाद रोक गए बोर्ड के कार्य को तुरंत बहाल किया जाये 3. निर्माण मजदूरों का पंजीकरण, नवीनीकरण और सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया तुरंत बहाल की जाये। 4. भवन निर्माण में कार्य करने वाले मजदूरों के रोजगार प्रमाण पत्र में सैस (उपकर) अदायगी की शर्त हटाई जाये। 5. निर्माण मजदूरों को रोजगार प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार पूर्व की भांति पंजीकृत मजदूर यूनियनों के लिये बहाल किया जाये। 6. ग्राम पंचायतों में विभिन्न मद्दों के तहत होने वाले निर्माण कार्यों को बोर्ड के साथ पंजीकृत होने के लिये मान्य किया जायें। 7. बोर्ड के बजट से प्रशासनिक खर्चे कम और मजदूरों की सहायता संबंधी खर्चे अधिक किये जाये। 8. बोर्ड से पंजीकृत मजदूरों को प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुक्सान की भरपाई के लिये सहायता राशि प्रदान की जाये। 9. पंजीकृत मजदूर की पत्नी या पति की मौत होने पर भी उसे मृत्यु प्रसुविधा प्रदान की जाये। 10. बोर्ड के संसाधन बढ़ाने के लिये सैस एक्ट के प्रावधानों का सख्ती से लागू किया जाये। 11. पिछले एक साल से बोर्ड में पंजीकृत मजदूरों का नवीनीकरण न होने के कारण इसके लिये एक वर्ष का अतिरिक्त समय दिया जाये। गौरतलब है कि उक्त मांगों को इससे पूर्व भी प्रदेश भर से मजदूरों के द्वारा सरकार के समक्ष उठाया जा चुका है। मगर सरकार के द्वारा इन समस्याओं को हल करने के बजाए महज आश्वासन दिए जा रहे हैं और प्रदेश सरकार मजदूरों के पंजीकरण की प्रक्रिया में फसे पेंच को सुलझाने के लिए कोई सकारात्मक पहल करती हुई नजर नहीं आ रही है। इस मौके पर जिला सचिव राकेश कुमार, जिलाध्यक्ष जोगिंदर धीमान व कोषाध्यक्ष मोहित वर्मा सहित ललित कुमार, प्रेम सिंह, सोनम किशोर नेगी, सुरेश आदि सदस्य शामिल रहे।
प्रदेश विद्युत बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार आवश्यक रखरखाव के दृष्टिगत 26 अगस्त को सोलन के विभिन्न क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता सोलन राहुल वर्मा ने दी।राहुल वर्मा ने कहा कि 26 अगस्त को दोहपर 1.00 बजे से सांय 3.30 बजे तक सोलन के दामकड़ी, जौणाजी, सेर चिराग, कोटला, मशीवर, दयारग बुखार, रोमी बस्सी, हदेची, शेरपा रिजॉर्ट, बालूघाटी, बायला, चंगर, शिल्ली, फशकना, अश्वनी खड्ड, बजलोग, जल शक्ति विभाग की शिल्ली तथा अश्वनी खड्डी स्थित योजना, रिधिधार, कनाह बजनाल, चम्बाघाट चैक, फोरेस्ट कालोनी, बसाल मार्ग, कुल्जा उद्योग, डीआईसी कालोनी, करोल विहार, एन.आर.सी.एम, मोक्षधाम, बेर खास, फ्रेन्डज कालोनी, बेर गांव, बेर पानी तथा आस-पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने कहा कि मौसम खराब होने की स्थिति में अथवा किसी अन्य अपरिहार्य कारणों के दृष्टिगत निर्धारित तिथि व समय में बदलाव किया जा सकता है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।
भारी बारिश के कारण प्रदेश में जारी आपदा की स्थिति से प्रभावशाली तरीके से निपटने में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा आगे बढ़कर सक्रिय नेतृत्व प्रदान करने की नीति आयोग ने सराहना की है। विश्व बैंक के बाद अब नीति आयोग ने आपदा की इस घड़ी में मुख्यमंत्री के कुशल प्रबन्धन की प्रशंसा की है। नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन के. बेरी ने एक पत्र के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की सराहना की। पत्र में कहा गया है कि हिमाचल प्रदेश सरकार, आपदा प्रबंधन टीमों सहित अन्य सभी हितधारक, जरूरतमंदों को राहत प्रदान करने के लिए सराहनीय कार्य कर रहे हैं। नीति आयोग इस चुनौतीपूर्ण समय में राज्य को हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है। सुमन के. बेरी ने कहा है कि राज्य में भीषण त्रासदी की घटनाएं चौंकाने वाली हैं। इस कारण राज्य में कृषि, समग्र आजीविका और आधारभूत अधोसंरचना को भारी क्षति हुई है। आपदा की गंभीरता को देखते हुए नीति आयोग संकट के इस समय में हिमाचल प्रदेश के लोगों के साथ दृढ़ता के साथ खड़ा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नीति आयोग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आयोग के प्रोत्साहन से राज्य सरकार को और अधिक तत्परता के साथ राहत एवं बचाव कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य को इस वर्ष बरसात के दौरान अभी तक 12000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। प्रदेश सरकार सभी प्रभावितों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से प्रदेश एक बार पुन: इस चुनौतिपूर्ण स्थिति से पार पाते हुए एकजुट होकर उभरेगा।
हिमाचल प्रदेश में अडाणी ग्रुप ने सेब के रेट ओपन कर दिए हैं। मगर यह ओपन मार्केट की तुलना में 30 से 50 रुपये तक प्रति किलो कम हैं। इससे बागवान भड़क गए हैं और अडाणी समूह पर सेब मार्केट क्रैश करने के आरोप लगा रहे हैं। दरअसल, अडाणी ने इस बार 20 रुपये से लेकर 95 रुपये तक प्रति किलो के रेट ओपन किए हैं, जबकि ओपन मार्केट में प्रीमियम क्वालिटी का सेब अधिकतम 150 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। ऐसे में अदाणी द्वारा कम रेट ओपन करने से सेब के बाजार भाव गिरेंगे। बीते सालों के दौरान भी इसे लेकर बागवान सड़कों पर लंबी लड़ाई लड़ चुके हैं और अदानी के रेट ओपन करते ही चार-पांच सालों से सेब के गिरे धड़ाम हुए हैं। यह मार्केट रेट गिराने की साजिश : सोहन सेब उत्पादक संघ के अध्यक्ष सोहन ठाकुर ने इसे मार्केट रेट गिराने की साजिश बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू और बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी से सेब के रेट रिव्यू करने की मांग की। उन्होंने प्रदेश के बागवानों से भी अपील की कि बागवानों को इस तरह लूटने का काम करने वाले औद्योगिक घरानों को आइना दिखाना जरूरी है। इसलिए इन्हें सेब न दें।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य प्रतिभा सिंह 25 अगस्त से अपने संसदीय क्षेत्र मंडी के दौरे पर रहेंगी। इस दौरान वह इस क्षेत्र में बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगी व प्रभावित लोगों से भी मिलेंगी।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे ने हिमाचल प्रदेश में जारी आपदा के लिये कांग्रेस पार्टी की ओर से राहत सामग्री बांटने के लिये प्रदेश कांग्रेस महासचिव प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के राजनीतिक सचिव अमित पाल सिंह को बड़ी जिम्मेदारी दी है। उनके साथ कांग्रेस महासचिव देवेंद्र बुशेहरी व कैप्टन एस के सहगल को भी दायित्व सौंपा गया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी एक पत्र में प्रदेश कांग्रेस नेताओं से प्रदेश में आपदा से लोगों को राहत देने के लिये दान देने की अपील की गई है। कांग्रेस महासचिव संगठन के सी बेनुगोपल ने कहा है कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के कोष में पार्टी के सभी नेता व आम नागरिक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के बैंक खाता संख्या 307804010028128 आईएफएससी यूबीआईएन 0530786 में सीधे तौर पर जमा करवा सकते हैं। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस पार्टी प्रदेश में भारी बारिश व बाढ़ से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए व लोगों को इस आपदा में किसी भी प्रकार की सहायता के लिए हर संभव सहयोग देगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य प्रतिभा सिंह ने मंडी संसदीय क्षेत्र के आनी में आज सुबह हुए भारी भूस्खलन से हुई भवनों की क्षति पर दुख प्रकट किया हैं। प्रतिभा सिंह ने कुल्लू जिला प्रशासन से प्रभावित परिवारों की हरसंभव मदद करने को कहा हैं। उन्होंने कुल्लू जिला प्रशासन से आपदा से प्रभावित सभी लोगों की हर संभव मदद करने को कहा हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी लोगों से इस आपदा के समय अपनी सुरक्षा के प्रति सचेत रहने का आग्रह किया हैं।
राजधानी शिमला के समरहिल क्षेत्र में शिव बावड़ी मंदिर में हुई त्रासदी के 11वें दिन वीरवार को एक और शव मलबे में मिला है। इस हादसे में मृतकों की संख्या 18 पहुंच गई है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, होमगार्ड, पुलिस, अग्निशमन, स्थानीय लोग शव निकालने में जुटे हुए हैं। एसपी संजीव गांधी ने बताया कि अभी बॉडी की लोकेशन पता चली है। मलबे को हटाने के लिए पानी की बौछार की जा रही है। जेसीबी मशीन से खुदाई की जा रही है। बता दें कि इससे पहले 17 शव बरामद हो चुके हैं। दो लोग अभी लापता हैं।
दी ग्रीन वैली गुडस कैरियर को-ऑपरेटिव ट्रांसपोर्ट सोसाइटी संसारपुर टैरस के उप प्रधान राकेश कुमार व सचिव हरमिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री राहत कोष में एक लाख रुपये का अंशदान किया है। उन्होंने कांग्रेस नेता सुरेंद्र सिंह मनकोटिया की मौजूदगी में एक लाख रुपये की राशि का चेक मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को भेंट किया है। सुरेेंद्र सिंह मनकोटिया ने कहा कि इसके अलावा जसवां परागपुर विधानसभा के अलग-अलग हिस्सों में हुए नुकसान के बारे में भी मुख्यमंत्री को अवगत करवाया गया। उन्होंने कहा कि इस दौरान जिन लोगों का नुकसान हुआ है, उन्हें डीसी कांगड़ा व स्वयं की तरफ से भी सहायता राशि उपलब्ध करवाई जा रही है। इस दौरान अरुण कुमार, वरिंद्र सिंह बिल्लू, राजीव कुमार काका, संजीव कुमार व रविंद्र सिंह बिट्टू भी मौजूद रहे।
भारत के चंद्रयान-3 उपग्रह के विक्रम लैंडर की चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग के साथ ही इतिहास के पन्नों में प्रदेश के कांगड़ा जिले का भी नाम जुड़ गया है। कांगड़ा जिले के रजत अवस्थी पुत्र धनी राम अवस्थी और डॉ. अनुज चौधरी पुत्र अमर सिंह चंद्रयान-3 को पृथ्वी की कक्षा में पहुंचाने वाले रॉकेट की कंट्रोलिंग कर इस मिशन का हिस्सा बने हैं। रजत अवस्थी इसरो में 2012 से सेवाएं दे रहे हैं। अवस्थी का जन्म 1989 को सेवानिवृत्त बीडीओ धनी राम अवस्थी के घर में हुआ है। पढ़ने में होशियार रजत की दसवीं कक्षा तक की पढ़ाई सिद्धपुर के सेक्रेट हार्ट स्कूल में हुई है। 12वीं करने के बाद रजत ने स्पेस साइंस में बीटेक की पढ़ाई की और 2012 में इसरो में सेवाएं देने के लिए चुने गए। वहीं, दो साल की सेवाओं के दौरान 2014 में उन्हें इसरो में टीम एक्सीलेंसी अवार्ड से सम्मानित किया गया है। चंद्रयान-3 मिशन से पहले रजत मंगलयान और चंद्रयान-2 का भी हिस्सा रह चुके हैं। उनके पिता धनीराम अवस्थी ने कहा कि गौरव की बात है कि उनके बेटे ने चंद्रयान मिशन का हिस्सा बनकर प्रदेश के साथ अपने जिले का नाम रोशन किया है। वहीं, 27 साल के डॉ. अनुज चौधरी की पढ़ाई सरकारी स्कूल में हुई है। पहली से लेकर आठवीं तक अनुज गांव के ही मिडिल स्कूल जंदराह में पढ़े हैं, जबकि नवमी तथा मैट्रिक बाबा बड़ोह में करने के बाद बारहवीं की परीक्षा ग्रीन फील्ड स्कूल नगरोटा बगवां से पास की। बचपन से ही अंतरिक्ष वैज्ञानिक बनने का सपना लिए अनुज ने मास्टर आफ साइंस की डिग्री स्टैनफर्ड यूनिवर्सिटी से की, जबकि पेनसिलवेनिया विश्वविद्यालय से एमबीए किया। अनुज चौधरी ने अमेरिका में एमआईटी से पीएचडी की है, जहां से अंतरिक्ष शोध की चाहत के चलते उन्होंने यूरोपियन स्पेस एजेंसी में सिलेक्शन के लिए एग्जाम दिया था। अनुज ने इस एजेंसी में 12वें रैंक के साथ अपनी जगह पक्की की थी। अनुज के पिता दिल्ली में अकाउंटेंट हैं, जबकि उनकी माता सरिता देवी गृहिणी हैं। अपने बेटे की इस उपलब्धि पर उनकी माता ने गर्व महसूस करते हुए बताया है कि देश को गौरव दिलाने वाले इस बड़े अभियान में उनका बेटा भी शामिल रहा है। उन्होंने बताया कि उनके बेटे को बचपन से ही साइंटिस्ट बनने का शौक था। इसे उन्होंने पूरा कर अपने माता-पिता के साथ देश और क्षेत्र का नाम भी रोशन किया है।
एक दिन में 950 से अधिक लोगों को भोजन पैकेट वितरित मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि कुल्लू और मंडी जिलों में भारी बारिश और भूस्खलन से सड़कें अवरुद्ध होने के कारण विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए लोगों को प्रदेश सरकार द्वारा हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि संबंधित जिला प्रशासन लोगों के लिए भोजन और अस्थायी शिविर की नि:शुल्क सुविधा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अवरुद्ध मार्गों को बहाल करने और स्थिति को सामान्य बनाने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडी-कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग पंडोह के पास भारी भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त हुआ है और इस पर यातायात बहाल करने में काफी समय लगेगा। जिला प्रशासन मंडी द्वारा फंसे हुए लोगों को आश्रय, भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करवाने के लिए पंडोह और औट में दो राहत शिविर स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि बुधवार को इन राहत शिविरों में 800 से अधिक लोगों को भोजन के पैकेट वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त 150 व्यक्तियों को कुल्लू जिले के बजौरा राहत शिविर में पका भोजन उपलब्ध करवाया गया। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि रेडक्रॉस सोसायटी सहित विभिन्न स्वयंसेवी संगठन और स्थानीय लोग भी ज़रूरतमंदों को भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुएं वितरित करने के लिए आगे आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी राहत शिविरों में उचित व्यवस्थाएं की गई हैं और लोगों को नि:शुल्क भोजन, पानी और आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार सभी फंसे हुए लोगों की तब तक देखभाल सुनिश्चित करेगी जब तक उन्हें सुरक्षित घर नहीं पहुंचा दिया जाता। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बरसात में बाढ़ एवं भू-स्खलन के कारण प्रदेशभर में जान-माल की भारी क्षति हुई है। आपदा में अभी तक 350 से अधिक लोगों की दु:खद मृत्यु हुई है और राज्य को 12000 करोड़ रुपये से अधिक की क्षति का अनुमान है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर व्यक्ति की भलाई सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और संकट की इस घड़ी में ज़रूरतमंदों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए चौबीसों घंटे अथक प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के लिए हर जान कीमती है और हर व्यक्ति की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मलबा हटाने और बहाली के प्रयासों में तेज़ी लाने के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध करवाया है।
प्रदेश में भारी बारिश के बीच सोलन, शिमला, मंडी और हमीरपुर जिले में बिजली संकट गहरा गया है। ऑरेंज अलर्ट के बीच जारी भारी बारिश के चलते प्रदेश में 2897 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं। आधे से अधिक ट्रांसफार्मर इन चार जिलों में हैं। मंडी में 1142, शिमला में 598, हमीरपुर में 376 और सोलन में 410 ट्रांसफार्मर बंद हैं।
जलशक्ति विभाग के अनुभाग दौलतपुर के एक जेई के खड्ड में बह जाने का समाचार प्राप्त हुआ है। जानकारी के अनुसार राजेश कुमार निवासी गांव सोहड़ा (कांगड़ा) पानी की सप्लाई सुचारू करने के लिए सुबह लगभग 10 बजे के जलाड़ी के पास डिब्बा में बनेर खड्ड में गये थे कि वहां उनका पैर फिसल गया और वह पानी के तेज बहाब में बह गए उनके साथियों ने बहुत कोशिश की, लेकिन पानी का बहाब ज्यादा होने के कारण उनका कुछ पता नहीं चला। डीएसपी कांगड़ा मदन धीमान ने खबर की पुष्टि की है।
विधानसभा क्षेत्र जवाली के अधीन कोटला पंचायत के बाशिंदों ने बुधवार का दिन मूसलाधार बारिश के चलते सडक़ किनारे खड़े होकर गुजारा तथा रात को भी कोटला के बाशिंदे प्रशासन द्वारा बनाए गए राहत शिविरों में ठहरे तथा वहां पर ही भोजन किया। कुछ लोग तो अपने-अपने रिश्तेदारों के घर चले गए थे, जो कि सुबह वापस अपने घर पहुंचे। नन्हें बच्चे पूरी रात बिलखते रहे तथा बाशिंदे बारिश में भी पल-पल दरकती पहाड़ी की तरफ देखते रहे। रात को कोई भी कोटला का बाशिंदा अपने घर वापस नहीं गया। गुरुवार सुबह लोग राहत शिविरों से उठकर अपने-अपने घरों को गए। रास्तों-गलियों में कीचड़ भरा होने के कारण लोगों को अपने घरों तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पहले रास्तों व गलियों से मलबा को हटाया गया तथा वहां पर रुके हुए पानी को निकाला गया। मलबा हटाने में जेसीबी की भी मदद ली गई। लोग अपने-अपने घरों में घुसे मलबे को देखकर तथा मकान के नुकसान को देखकर फूट-फूट कर रोए। लोग घरों में पहुंचकर मकानों के साथ लगे मलबे व कमरों में घुसे मलबे को हटाने में जुट गए। पूरा दिन लोग मलबे को हटाते रहे तथा मलबे में दब चुके सामान को निकालते रहे। कपड़े-शूज इत्यादि मलबे में दब गए हैं। मलबे में लोगों के बैड, खाने-पीने की सामग्री सहित फ्रिज-एलईडी-वाशिंग मशीन, कूलर इत्यादि दब चुके हैं और टूट गए हैं।
लोगों को सामुदायिक भवन, बिजली दफ्तर में शिफ्ट किया हिमाचल प्रदेश को कांगड़ा जिले के जवाली स्थित कोटला में बुधवार बादल फटने से तबाही मची। करीब 30 घर मलबे की चपेट में आए हैं। गली के बीचों-बीच मलबा आ गया है, जो कई घरों में भी घुस गया। वहीं बादल फटने से कई पेड़ भी टूट कर गिरे। लोगों को सामुदायिक भवन कोटला, बिजली ऑफिस के भवन में शिफ्ट किया गया है। नौजवान और लोग राहत कार्यों में जुटे हैं। बादल फटने की सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार और पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घर खाली कराए। बता दें कि शिमला सहित प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में हैवी रेनफॉल जारी है। जगह-जगह लैंडस्लाइड से घरों, गौशालाओं, दुकानों, सड़कों को नुकसान हो रहा है। चंडीगढ़-शिमला, चंडीगढ़-मनाली फोरलेन सहित 700 से ज्यादा सड़कें बंद हो गई हैं।
कुकलाह खड्ड में आई बाढ़ ने पटीकरी पावर हाउस को तबाह कर दिया है। फ्लड ने पहले बाउंड्री वॉल को तोड़ा और फिर पावर हाउस में तबाही मचाते हुए स्टेशन ट्रांसफार्मर, डीजी व पैनल को तबाह कर दिया। 16 मेगावाट के प्रोजेक्ट को तहस नहस कर दिया है। डैम साइट की दीवार भी टूट गई है। विद्युत उत्पादन अब कई महीनों तक के लिए ठप हो गया है। प्रोजेक्ट तक पहुंचने वाली 9 किलोमीटर सडक़ भी बहुत जगह से टूट चुकी है। ट्रांसमिशन लाइन गिर चुकी है, जो नए सिरे से बिछानी होगी। कर्मचारियों ने जैसे तैसे अपनी जान बचाई है।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने नौ एचपीएस अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए हैं। एएसपी आईआरबी बस्सी नरेंद्र कुमार को एएसपी सिरमौर, एएसपी सिरमौर सोम दत्त को एएसपी आईआरबी बस्सी, डीएसपी पीटीसी डरोह अमित ठाकुर को डीएसपी लीव रिजर्व शिमला, डीएसपी सिटी शिमला तजिंदर कुमार को डीएसपी सेकंड आईआरबी सकोह, एसडीपीओ कांगड़ा मदन लाल धीमान को डीएसपी फर्स्ट आईआरबी बनगढ़, डीएसपी फर्स्ट आईआरबी बनगढ़ अंकित शर्मा को एसडीपीओ कांगड़ा, डीएसपी विजिलेंस एसआईयू शिमला, वरुण पटियाल को डीएसपी सिटी शिमला, एसडीपीओ आनी चंद्र शेखर को डीएसपी एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स शिमला और एसडीपीओ सुंदरनगर दिनेश कुमार को डीएसपी सेकंड आईआरबी सकोह लगाया गया है। इसके साथ ही नियुक्ति का इंतजार कर रहे भरत भूषण को एसडीपीओ सुंदरनगर और निशा सिंह को डीएसपी लीव रिजर्व धर्मशाला लगाया गया है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डॉ. सुरेंद्र पाल ने बताया कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में आज भी भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। इसे देखते हुए आज ऑरेंज अलर्ट और कल के लिए यलो अलर्ट दिया गया है। परसों से मानसून के कमजोर पड़ने के आसार हैं।रहा है। वहीं किसानों को मार्केट तक अपने उत्पाद पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
44 मरीजों में स्क्रब टाइफस की पुष्टि, 59 मरीजों में टाइफाइड के लक्षण हिमाचल प्रदेश में जलजनित रोग पांव पसारते जा रहे हैं। दिन प्रतिदिन बढ़ रहे जलजनित रोग को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है। विभाग ने इसको लेकर एडवाइजरी भी जारी की है। लोगों को आसपास साफ-सफाई और उबालकर पानी पीने की सलाह दी है। जानकारी के अनुसार स्क्रब टाइफस बीमारी की आशंका के चलते प्रदेश के अस्पतालों में 129 मरीजों के सैंपल लिए गए। इसमें 44 लोगों में स्क्रब टाइफस की पुष्टि हुई। इसके अलावा 217 लोगों की टाइफाइड को लेकर जांच की गई। इनमें 59 मरीजों में बीमारी के लक्षण पाए गए। स्वास्थ्य विभाग ने बीमारियों को लेकर मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अलर्ट किया है। ओपीडी में इलाज के लिए आने वाले मरीजों के टेस्ट कराने को कहा गया है। अस्पताल प्रशासन को पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश में मूसलाधार बारिश के चलते लोगों के घरों में मटमैला पानी की सप्लाई हो रही है। इससे जलजनित के आंकड़ों में इजाफा हो रहा है। एनएचएम के निदेशक सुदेश मोक्टा ने कहा कि प्रदेश में जलजनित रोग के मामले बढ़ने से स्वास्थ्य संस्थानों को अलर्ट किया गया है। प्रतिदिन जिलों से बीमारी से ग्रसित मरीजों की रिपोर्ट ली जा रही है। बीमारी के लक्षण तेज बुखार 104 से 105 डिग्री तक आ सकता है जोड़ों में दर्द और कंपकंपी के साथ बुखार आना शरीर में अकड़न या शरीर टूटा लगना अधिक संक्रमण में गर्दन, बाजू के नीचे कूल्हों के ऊपर गिल्टियां आना
सेब ढुलाई में लगे ट्रक जगह-जगह फंसे पीडब्ल्यूडी का नुकसान करीब 2800 करोड़ तक पहुंचा भारी बारिश होने के कारण जगह-जगह भूस्खलन होने से प्रदेश भर में करीब 700 सड़कें बंद पड़ी हैं। शिमला और मंडी जोन में 433 सडक़ें बाधित हुई हैं। इनमें शिमला में सबसे ज्यादा 220 सडक़ें ठप हैं। अकेले शिमला सर्कल में 134 सडक़ें बाधित हैं, जबकि मंडी में 213 सडक़ें बाधित हैं। इनमें मंडी जोन में 151 सडक़ें पूरी तरह से ठप हैं। ताजा बारिश के बाद मुश्किलें उन इलाकों में भी महसूस हो रही हैं, जिनमें बीते करीब एक सप्ताह से सडक़ें बंद हैं। यहां आवश्यक वस्तुओं के दाम दोगुने हो गए हैं। हमीरपुर जोन में 180 और कांगड़ा में 93 सडकें बंद हैं। नेशनल हाईवे पर भी बारिश का असर देखने को लगातार मिल रहा है। पीडब्ल्यूडी विभाग सडक़ें बहाल करने में 800 जेसीबी की मदद ले रहा है। पीडब्ल्यूडी को अभी तक 116 पुलों का नुकसान हो चुका है। इनमें 19 पुल पूरी तरह से बर्बाद हो गए हैं, जबकि 97 पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं, सेब ढुलाई में लगे ट्रक जगह-जगह फंसे हुए हैं। पीडब्ल्यूडी का नुकसान करीब 2800 करोड़ तक पहुंच चुका है।
प्रदेश में विभिन्न जगहों पर फंसी 266 गाड़ियां हिमाचल प्रदेश में एचआरटीसी कुल 3804 रूटों पर बसों का संचालन करता है। इनमें से करीब 1300 रूटों पर एचआरटीसी की बस सेवा फिर से बंद हो गई है। इसके कारण एचआरटीसी को हर दिन लाखों रुपए का घाटा उठाना पड़ रहा है। वहीं किसानों को मार्केट तक अपने उत्पाद पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इंडियन ऑयल कारपोरेशन में छूट न देने का फैसला वापस लिया हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के बीच एचआरटीसी को बड़ी राहत मिली है। एचआरटीसी को डीजल पर मिलने वाली प्रति लीटर डेढ़ रुपए की छूट अब जारी रहेगी। इंडियन ऑयल कारपोरेशन में छूट न देने का अपना फैसला वापस ले लिया है। इंडियन ऑयल कारपोरेशन के फैसले से निगम को प्रति माह करीब एक करोड़ रुपए की बचत होगी। वहीं, सालाना 10 से 15 करोड़ रुपए की बचत होने का अनुमान है। गौरतलब है को इंडियन ऑयल कारपोरेशन ने पहले एचआरटीसी को डीजल पर मिलने वाली छूट को बंद करने का फैसला लिया था। इसके बाद एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर की ओर से केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय के समक्ष यह मामला उठाया गया था। इनके आग्रह पर इंडियन ऑयल कारपोरेशन ने फैसला वापस ले लिया है। इस बारे में एक पत्र के माध्यम से एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर को इंडियन ऑयल कारपोरेशन की ओर से जानकारी प्रदान की गई है।
2-3 और बिल्डिंग को खतरा, मौके पर पहुंचे स्थानीय प्रशासन के अफसर हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के आनी में 5 से ज्यादा बिल्डिंगें ताश के पत्तों की तरह ढह गई हैं। अब तक किसी तरह के जानी नुकसान की सूचना नहीं है, क्योंकि प्रशासन ने इन्हें पहले ही खाली करवा दिया था। आनी बस स्टैंड के पास 2 से 3 और बिल्डिंग के गिरने का खतरा बना हुआ है। स्ष्ठरू आनी नरेश वर्मा की अगुवाई में स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंच गया है और नुकसान का आकनल किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि ढहने वाले मकानों की संख्या सात से आठ भी हो सकती है। पहले ही खाली करा ली गई थीं इमारतें हादसा आज सुबह 9 बजकर 30 मिनट का बताया जा रहा है। पूर्व में एक बिल्डिंग में कांगड़ा को-ऑपरेटिव बैंक और दूसरे भवन में स्क्चढ्ढ बैंक भी चल रहा था। कुछ कमरे में किराएदार और दुकानें भी चल रही थी। इनमें सात से 11 जुलाई के बीच की भारी बारिश से ही दरारें पड़नी शुरू हो गई थी। इस खतरे को भांपते हुए प्रशासन ने इन्हें पहले ही खाली करवा दिया था और भवन मालिकों को मकान खाली करने के नोटिस दे रखे थे। मगर, उस दौरान पहाड़ी में सबसे ऊपर बने मकान के गिरने का किसी को अंदेशा नहीं था। इनमें भी दरारें पड़नी शुरू हो गई थी। लिहाजा लोगों ने इन्हें भी खुद ही खाली कर दिया था। बिल्डिंगों के साथ बने मकानों को खतरा बिल्डिंगें ढहने के बाद आनी के लोग दहशत में आ गए हैं। खासकर जिनके मकान इस बिल्डिंग के साथ बने हैं, वह नुकसान को लेकर ज्यादा चिंतिंत हैं। बता दें कि पहाड़ों पर इस बार बारिश में भारी तबाही मची है। इसी तरह की तस्वीरें प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी सामने आ रही हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के लिए इसरो के वैज्ञानिकों को बधाई दी है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि भारत के लिए यह ऐतिहासिक और यादगार क्षण हैं क्योंकि आज हमारा देश चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है। उन्होंने कहा कि देश के वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में अपना लोहा मनवाया है और पूरे विश्व में देश का नाम रोशन किया है। इस उपलब्धि को हासिल करने के लिए वे लम्बे समय से दिन-रात मेहनत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह भारत के वैज्ञानिकों की बड़ी जीत है। उन्होंने कहा कि भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने 1962 में अंतरिक्ष अनुसंधान एजेंसी की स्थापना की थी, जिससे भारत के अंतरिक्ष अभियानों के लिए मजबूत नींव रखने का मार्ग प्रशस्त किया है।
गगरेट भाजपा मंडल ने पूर्व विधायक राजेश ठाकुर की अगुवाई में जनशताब्दी के दौलतपुर चौक पहुंचने पर ख़ुशी करते हुए दौलतपुर चौक रेलवे स्टेशन पर जश्न मनाया। इस अवसर पर नवनियुक्त भाजपा मंडल अध्यक्ष राजीव राजू अपनी समस्त टीम एवं भाजपा कार्यकर्ताओं सहित उपस्थित रहे। जहां गगरेट के पूर्व विधायक राजेश ठाकुर द्वारा एक मंडल ने केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग ठाकुर से मिलकर उक्त ट्रेन का विस्तार करने कि मांग उठाई थी, ताकि जनशताब्दी को दौलतपुर चौक तक पहुंचाया जाये। केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग ठाकुर ने इसपर मुहर लगवाई और ट्रेन को दौलतपुर चौक तक पहुंचाया है, जो एक बड़ी उपलब्धी है। उल्लेखनीय है कि जनशताब्दी ट्रेन के दौलतपुर चौक से चलने से जहां लोगों को अत्यधिक लाभ होगा तो वहीं व्यापार के लिये भी नयेअवसर खुलेंगे। गगरेट के पूर्व विधायक राजेश ठाकुर ने जनशतब्दी ट्रेन के दौलतपुर चौक से चलने पर ख़ुशी व्यक्त करते हुए इसका श्रेय केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग ठाकुर को दिया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग ठाकुर के प्रयासों से ही दौलतपुर चौक रेलवे स्टेशन पर एक के बाद एक ट्रेनें आई है, जिसका सीधा लाभ गगरेट विस क्षेत्र कि जनता को हुआ है।
राजकीय महाविद्यालय दौलतपुर चौक के सी ब्लॉक को बुधवार को कॉलेज प्रशासन द्वारा असुरक्षित घोषित कर कक्षाओं के लिये बंद कर दिया गयाढ्ढ मिली जानकारी के अनुसार दौलतपुर चौक कालेज के तीन क्लासरूम एवं दो कम्प्यूटर लैब्स में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया और बुधवार शाम आनन फानन में दोनों लेब्स के कम्पुटर निकाल कर सुरक्षित जगह रखे गये, जहां दोनों लैब्स में करीब साठ कम्प्यूटर थे और बिल्डिंग के पिल्लर रिसने के बाद दोनों लेब सहायकों कि मौजूदगी में उक्त बिल्डिंग से शिफ्ट कर दिया गयाढ्ढ उल्लेखनीय है कि दौलतपुर चौक कॉलेज में पिछले कुछ समय दीवारों से पानी रिसने कि समस्या आ रही थी और सरकार द्वारा भी उसका संज्ञान लिया गया था जिसके बाद समस्या का अस्थायी हल किया गया और बरसात के बाद इसका स्थाई हल होने कि बात कही गयी थी। परंतु बुधवार को पिल्लर रिसने के चलते कॉलेज प्रशासन ने उक्त बिल्डिंग को अनसेफ घोषित कर दिया है।
चंद्रयान-3 की सफलता प्रत्येक भारतवासी के लिए खुशी और गर्व भरे पल लेकर आई है। कई दिनों से हम सबको बड़ी ही बेसब्री से इस ऐतिहासिक घड़ी का इंतजार था। चंद्रयान तीन मिशन की सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए महिला मंडल देवठना नानड़ी की महिलाओं ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि चंद्रमा की धरती पर चंद्रयान की सफलतापूर्वक लैंडिंग कराकर इसरो ने इतिहास रच दिया है। चंद्रयान-3 की सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित इसरो एवं इस मिशन से जुड़े तमाम वैज्ञानिकों और उनकी टीम को महिला मंडल देवठना नानडी की महिलाओ ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। महिलाओं ने कहा कि आज भारतवर्ष इस बड़ी सफलता पर फूले नहीं समा रहा है। इस खुशी के मौके पर महिला मंडल देवठना नानड़ी की महिलाओं ने आपने गांव पर पटाखे फोड़े गए और आतिशबाजी भी की गई तथा इन पलों को और भी यादगार बनाया गया महिला मंडल देवठना नानड़ी की सभी महिला मौजूद रही।
चंद्रयान-3 के चंद्रमा पर उतरने के साथ ही डाडा सीबा में व्यापारियों ने बाजार के बीच जश्न मनाया गया। दुकानदारों ने पटाखे फोड़कर ख़ुशी व्यक्त की। डाडा सीबा के व्यापारियों ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र पर सॉफ्ट लैंडिंग की ख़ुशी में केक काटा और लड्डू बांटे। इस मौके पर वयापार मंडल प्रधान राजिंदर गोगा सुनील शर्मा, मनीष शर्मा रितेश शर्मा, गुरमीत सिंह, बलबीर,चौहान, गुलशन, बिजू, मुनीश शर्मा, मोहित, केडी सरोच, रविंदर सिंह, हैप्पी व प्रवीण मेहता मौजूद रहे।
चंद्रयान-3 की सफलता प्रत्येक भारतवासी के लिए खुशी और गर्व भरे पल लेकर आई है। कई दिनों से हम सबको बड़ी ही बेसब्री से इस ऐतिहासिक घड़ी का इंतजार था। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल ने चंद्रयान तीन मिशन की सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए यह बात कही है। उन्होंने कहा कि चंद्रमा की धरती पर चंद्रयान की सफलतापूर्वक लैंडिंग कराकर इसरो ने इतिहास रच दिया है। चंद्रयान-3 की सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित इसरो एवं इस मिशन से जुड़े तमाम वैज्ञानिकों और उनकी टीम को पूर्व मुख्यमंत्री ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारतवर्ष इस बड़ी सफलता पर फूले नहीं समा रहा है। इस खुशी के मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री के समीरपुर स्थित निवास स्थान पर पटाखे फोड़े गए और आतिशबाजी भी की गई तथा इन पलों को और भी यादगार बनाया गया भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष देशराज शर्मा इस अफसर पर उनके साथ मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि राज्य में मूसलाधार बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुई अधोसंरचना की बहाली के लिए राज्य के सभी उपायुक्तों और संबंधित विभागों को 165.22 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ और भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त जल आपूर्ति योजनाओं के रखरखाव के लिए जल शक्ति विभाग को 74 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों की मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग को 14.50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड को 3.70 करोड़ रुपये तत्काल राहत प्रदान करने के लिए तथा बागवानी और कृषि विभागों को क्रमशः दो-दो करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसके अलावा, प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने और विभिन्न मरम्मत कार्यों के लिए सभी उपायुक्तों को ६३.०७ करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत और निर्माण के लिए उपायुक्त कांगड़ा, सोलन और शिमला को 4.95 करोड़ रुपये भी जारी किए गए हैं। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उपायुक्तों और संबंधित विभागों को क्षतिग्रस्त योजनाओं एवं अन्य अधोसंरचना की मरम्मत में तेजी लाने और प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मरम्मत एवं रखरखाव कार्यों तथा प्रभावितों को राहत पहुंचाने के लिए धन की कोई कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने लोगों से अगले 48 घंटों में भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए सतर्क रहने की भी अपील की। उन्होंने पिछले 12 घंटों के दौरान बारिश जनित घटनाओं के कारण मंडी और शिमला जिलों में छह लोगों की मृत्यु पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।
सरकार ने नदियों में पारिस्थितिकी के खतरनाक परिवर्तन को देखते हुए लिया निर्णय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को यहां कहा कि राज्य सरकार ने ब्यास नदी बेसिन और उसकी सहायक नदियों में स्टोन क्रशर के प्रयोग को तुरंत प्रभाव से बंद करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान मौजूदा परिस्थितियों और कांगड़ा जिले में चक्की नदी सहित कुल्लू, मंडी, कांगड़ा और हमीरपुर जिलों में ब्यास और इसकी सहायक नदियों में पारिस्थितिकी के खतरनाक परिवर्तन को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इस निर्णय के अनुसार अगले आदेश तक बारहमासी और गैर-बारहमासी दोनों नालों के सभी स्टोन क्रशर के संचालन को बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत राज्य की नाजुक पारिस्थितिकी और पर्यावरण को संरक्षित करने, बस्तियों और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। हालांकि, वैध खनन के लिए जारी को रद्द नहीं किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा कैप्टिव और अस्थायी स्टोन क्रशर इस आदेश के दायरे में नहीं आएंगे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा जलवायु परिवर्तन विभाग को इस प्रकार की विनाशकारी स्थिति उत्पन्न करने वाले कारकों की पहचान करने के लिए आईआईटी, एनआइटी, अनुसंधान एवं विकास संस्थानों और विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों से तुरंत उच्च स्तरीय विशेषज्ञ परामर्श लेने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग अवैज्ञानिक और अवैध खनन गतिविधियों के संचयी प्रभाव के मूल्यांकन के लिए एक बहु क्षेत्रीय विशेषज्ञ समिति का गठन करके एक व्यापक वैज्ञानिक अध्ययन भी करेगा। इस अध्ययन के निष्कर्ष के आधार पर दूरी से संबंधित परिसीमाएं फिर से परिभाषित की जाएंगी ताकि नदियों के समीप पर्यावरण को संरक्षित करने और राज्य में अन्य ऐसी किसी भी मानवजनित आपदा से बचने के लिए ऐसे कार्यों का विनियमन और प्रबंधन सुनिश्चित हो सके।


















































