प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य प्रतिभा सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हंै कि भारी बारिश व बाढ़ से प्रभाभित लोगों की बगैर किसी भेदभाव से पूरी मदद की जाए। उन्होंने कहा कि आपदा से प्रभाभित सभी लोगों की एक समान मदद की जानी चाहिए। सुंदरनगर में देर सायं सुंदरनगर ब्लॉक अधिकाररियों के साथ बाढ़ से प्रभाभित लोगो को राहत व पुनर्वास कार्यो की समीक्षा बैठक की करते हुए प्रतिभा सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार के राहत व पुनर्वास कार्यो का पूरा लाभ प्रभाभित लोगो को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि नुकसान का आंकलन ठीक ढंग से किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से स्वम् नुकसान के आकलन पर अपनी पूरी नज़र रखने को कहा।उन्होंने अधिकारियों से इस आपदा में हुए नुकसान की पूरी रिपोर्ट ली। सुंदरनगर के उप मंडल अधिकारी अमर नेगी व अन्य विभागों के अधिकाररियों ने ब्लॉक में हुए नुकसान की पूरी जानकारी देते हुए कहा कि प्रशासन पूरी मुस्तैदी से राहत व पुननिर्माण कार्यो को अंजाम करने में जुटा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि एक हफ्ते के अंदर सड़को व अन्य को पूरी तरह से बहाल करने में कोई कोर कसर बाकी नही रखी जायेगी। प्रतिभा सिंह ने मनरेगा के कार्य दिवस बढ़ाने के अधिकाररियों के प्रस्ताव पर अपनी सहमति जताते हुए कहा कि वह इस मामले को सरकार के समक्ष रखेगी। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत होने वाले राहत कार्यो की सभी औपचारिकताये समय पर पूरी की जानी चाहिए। उन्होंने ग्रामीण संपर्क सड़को को जल्द बहाल करने व जिन लोगों के घर पूरी तरह ध्वस्त हो गए है उन्हें हर प्रकार की सहायता देने का अधिकाररियों को निर्देश दिया।
लोगों को गुमराह करके सरकार बनाने वाली कांग्रेस पार्टी को अपने वादे एवं गारटियां पूरी करनी चाहिए। खासतौर पर महिला वर्ग की ओर ध्यान देना चाहिए। प्रदेश भाजपा प्रचार प्रसार प्रमुख परमजीत मनकोटिया ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से आग्रह किया है कि नारी सशक्तीकरण की बात करने से कुछ नहीं होगा, धरातल पर भी काम करना होगा। अभी रक्षा बंधन पर्व आ रहा है। इस पावन अवसर पर सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू को चाहिए कि वह प्रदेश की महिलाओं को सम्मान देते हुए अपने वादे के अनुसार रक्षा बंधन के दिन महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये देने की बात करने वाली नारी सम्मान योजना का शुभारंभ करें। इसी दिन से सरकार हर माह महिलाओं को 1500 रुपये दे। अगर कांग्रेस सरकार नारी सम्मान योजना शुरू कर देती है तो हमें भी लगेगा कि सीएम सुखविदंर सिंह सुक्खू प्रदेश की महिलाओं और बहनों की उत्थान को लेकर कितने सजग हैं। इस शुभ दिन पर अगर यह योजना शुरू कर दी जाती है कि प्रदेश की महिलाओं के लिए इससे बड़ा तोहफा कोई नहीं होगा। उन्होंने कहा कि चुनावों के समय कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में और हर मंच पर यह बात कही थी कि अगर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है कि प्रदेश की बहनों और माताओं को हर माह 1500 रुपये दिए जाएंगे। यह घोषणा कांग्रेस की 10 गारंटियों में प्रमुखता से थी। अब सरकार बने आठ माह से अधिक समय हो गया है, लेकिन प्रदेश की बहनें आज दिन तक 1500 रुपये का इंतजार कर रही हैं, ताकि वह अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकें।
-पीसीसी प्रवक्ता बोले- हर चुनौतियों का सामना कर रहे सीएम सुक्खू हिमाचल प्रदेश में भयंकर त्रासदी की बीच सुक्खू सरकार हर जरूरतमंदों के साथ खड़ी है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता सौरव चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के कुशल नेतृत्व में आज प्रदेश सरकार हर चुनौतियों का सामना कर जनहित के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश प्राकृतिक आपदा से सैंकड़ों लोगों की जान गई और कई परिवार बेघर हुए, तो सीएम सुक्खू ने अपनी टीम के साथ पहले दिन से ही राहत एवं पुनर्वास में जुट गई। आज यही वजह है कि देश का नीति आयोग और वर्ल्ड बैंक जैसे संस्था ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की पीठ थपथपाई। इसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। गौरतलब है कि बीते दिनों नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन के. बेरी ने एक पत्र के माध्यम से राज्य सरकार के चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की सराहना की है। इसमें कहा है कि हिमाचल सरकार आपदा प्रबंधन टीमों सहित अन्य सभी हितधारक, जरूरतमंदों को राहत प्रदान करने के लिए सराहनीय कार्य कर रही है। यहां तक कि आयोग इस चुनौतीपूर्ण समय में राज्य को हरसंभव सहायता देने के लिए तैयार है। सुमन के. बेरी ने कह दिया कि राज्य में भीषण त्रासदी की घटनाएं चौंकाने वाली हैं। इस कारण राज्य में कृषि, समग्र आजीविका और आधारभूत संरचना को भारी क्षति हुई है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सौरव चौहान ने वर्ल्ड बैंक और नीति आयोग द्वारा सीएम सुक्खू की सराहना पर उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक भारी बरसात से अनुमानित 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। प्रदेश सरकार सभी प्रभावितों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। सीएम सुक्खू दिल खोल कर कर रहे काम सौरव चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रदेश में राहत एवं बचाव के लिए दिल खोलकर काम कर रहे हैं। उन्होंनेे कहा कि बीते दिनों कुल्लू और मंडी जिलों में भारी वर्षा और भूस्खलन से सड़कें अवरुद्ध होने के कारण विभिन्न स्थानों पर फंसे लोगों को प्रदेश सरकार हरसंभव सहायता प्रदान कर रही है। संबंधित जिला प्रशासन लोगों के लिए भोजन और अस्थायी शिविर की नि:शुल्क सुविधा प्रदान गया। गत बुधवार को प्रदेश सरकार ने इन राहत शिविरों में 800 से अधिक लोगों को भोजन के पैकेट वितरित किए गए। इसके अलावा 150 व्यक्तियों को कुल्लू जिले के बजौरा राहत शिविर में भोजन उपलब्ध करवाया गया।
छह को उपाध्यक्ष और दो को सौंपा महामंत्री का जिम्मा भारतीय जनता पार्टी जिला शिमला के अध्यक्ष प्रेम ठाकुर ने शीर्ष नेतृत्व से चर्चा के उपरांत जिला शिमला के पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्यों की घोषणा की है। उन्होंने जिला उपाध्यक्ष के रूप में नरेंद्र शर्मा (शिमला ग्रामीण), बॉबी बंसल (शिमला ग्रामीण), राजीव सूद (शिमला शहरी), संजीव चौहान पिंकु (शिमला शहरी), उमेश वर्मा (कुसुम्पटी) और योगराज ठाकुर (शिमला ग्रामीण) को नियुक्त किया है। वहीं, महामंत्री का दायित्व प्रेम चौहान (कुसुम्पटी) और राजीव पंडित (शिमला शहरी)को सौंपा। सचिव का दायित्व शिव राम शर्मा (कुसुम्पटी), नागेश शर्मा ( शिमला ग्रामीण), कमलेश मेहता (कुसुम्पटी), सुनीता शर्मा (शिमला ग्रामीण), रजनी सिंह (शिमला शहरी) और मंजु वर्मा (कुसुम्पटी) को सौंपा। कोषाध्यक्ष अजय सरना ( शिमला शहरी), कार्यालय मंत्री शुभांकर सूद ( शिमला शहरी) होंगे।, मीडिया प्रभारी विद्या नंद शर्मा होंगे, सह मीडिया प्रभारी ललित ठाकुर (शिमला ग्रामीण) और प्रवक्ता विवेक शर्मा ( शिमला ग्रामीण) होंगे। कार्यकारिणी सदस्य शिमला शहरी से अनिता गोयल सूद, जयचंद, कपिल, नवीन सचदेवा, अनूप वैद्य, राजू ठाकुर, ब्रिज सूद, अरविंद लखनपाल, सिमी करोल, बिंदु सूद, कमलेश राणा, असीम अहलुवालिया, सतपाल (पिंटू), दीपक शर्मा, अजय शर्मा। शिमला ग्रामीण से मेहर चंद, आशा चौहान, कांता नेगी, निर्मला चौहान, सुनीता ठाकुर, पुष्पा ठाकुर, जगदीश शर्मा, राम प्यारी, अनूप शर्मा, देवीदत्त शर्मा, ज्योति प्रकाश, देविंदर ठाकुर, सुनीता ठाकुर। कुसुम्पटी से लक्ष्मी नंद शर्मा, ओम प्रकाश (काशु), नवीन शर्मा, दिवेश शर्मा, राजकुमार कश्यप, जीत सिंह कंवर, किरण शर्मा, मीरा राठौड़, सीताराम, कमाल दास,रमा कुमारी, रमेश शर्मा, जयराम (गोल्डी), विनरेंद्र बंसल, अजय कौंडल, लता वर्मा और दीपेश डोगरा होंगे। इस प्रकार विशेष आमंत्रित सदस्य पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, राज्य सभा सांसद डॉ सिकंदर कुमार, प्रत्याशी संजय सूद, गणेश दत्त, रूपा शर्मा, प्रत्याशी रवि कुमार मेहता, कार्यालय सचिव प्रमोद ठाकुर, विजया ज्योति सेन, पूर्व मंत्री रूप दास कश्यप, ईश्वर रोहाल, सह मीडिया प्रभारी प्यार सिंह कंवर, प्रदेश मीडिया प्रभारी करण नंदा, विजय परमार, रमेश चौज़र, राकेश शर्मा, मदन शर्मा, गगन शर्मा, अंजना शर्मा, प्रदीप कश्यप और दुर्गा सिंह ठाकुर होंगे।
जिला रोजगार कार्यालय सोलन में 31 अगस्त को 242 विभिन्न पदों के लिए कैंपस इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे। यह जानकारी आज यहां जिला रोजगार अधिकारी सोलन संदीप ठाकुर ने दी। उन्होंने कहा कि इन 242 पदों पर भर्ती के लिए इच्छुक उम्मीदवार सभी अनिवार्य प्रमाण-पत्रों तथा दस्तावेजों सहित जिला रोजगार कार्यालय सोलन में 31 अगस्त को प्रात: 10.30 बजे पहुंचकर कैंपस इंटरव्यू में भाग ले सकते है। संदीप ठाकुर ने कहा कि मैसर्ज कोरोना रेमिडिज प्राईवेट लिमिटिड सोलन में 14 पद, मैसर्ज टेक्निको एग्री लिमिटिड बद्दी में 13 पद, मैसज़र् गेबरियल इंडिया परवाणू के 15 पद, मैसर्ज औरो टेक्सटाइल प्राईवेट लिमिटिड बद्दी के 100 पद तथा एसआईएसलिआरटीए बिलासपुर में 100 पदों पर भर्ती के लिए कैंपस इंटरव्यू 31 अगस्तको जिला रोजगार कार्यालय सोलन में आयोजित किए जाएंगे। संदीप ठाकुर ने कहा कि उक्त पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता 10वीं, 12वीं, बी.फार्मा, एम.फार्मा, बी.एस.सी, एम.एस.सी, डिप्लोमा मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलैक्ट्रिोनिकल निर्धारित की गई है। उम्मीदवार की आयु 19 से 37 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सिक्योरटी गार्ड पद के लिए विशिष्ट शारीरिक मापदण्ड ऊंचाई 168 सेमी, भार 56 किलोग्राम निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि अधिक जानकारी के लिए दूरभाष नंबर 01792-227242 तथा मोबाईल नंबर 70189-18595 व 78768-26291 पर संपर्क किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ भेंट करके विधायक केवल सिंह पठानिया ने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 2,14,300 रुपये का अंशदान किया है। विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि शाहपुर विस क्षेत्र के लोग तथा कांग्रेस के फ्रंटल संगठन आपदा राहत कोष के लिए दिल खोलकर मदद कर रहे हैं ताकि आपदा प्रभावितों के पुनर्वास के लिए सरकार की मदद की जा सके। विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि मुख्यमंत्री से शाहपुर नगर पंचायत की विभिन्न समस्याओं को लेकर भी मांग पत्र भी सौंपा है, जिसमें गृह कर में छूट देने तथा शाहपुर नगर पंचायत के समग्र विकास के लिए भी उचित कदम उठाने का आग्रह किया गया है। विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार राहत, पुनर्वास तथा विकास के ध्येय को आगे लेकर बढ़ रही है ताकि आपदा की इस घड़ी में हिमाचल की जनता विशेष तौर पर प्रभावितों को पुनर्वास सुनिश्चित किया जा सके।
उप मंडल जयसिंहपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत कोसरी के वार्ड तीन बल्ह पट्ट पठानिया गांव और रोपड़ी पंचायत के उम्मर गांव के लोगों को आजादी के 76 वर्ष बीत जाने के बाद भी सड़क और पुल की सुविधा नहीं मिल पाई है। गौरतलब है कि इस गांव के साथ में शौर्य चक्र विजेता शहीद सूबेदार केयर सिंह का घर भी है, जिनके घर तक भी आज तक सड़क नहीं बन पाई। रोपड़ी स्कूल का नाम शहीद सूबेदार केयर सिंह के नाम पर ही रखा गया है। शहीद सूबेदार केयर सिंह की माता शांधो देवी की उम्र 100 वर्ष हो चुकी है उनका कहना है कि आज दिन तक मेरी आंखें सड़क सुविधा के लिए तरस गई कि हमारे घर तक बनेगी। शहीद केयर सिंह की पत्नी की उम्र 66 वर्ष हो गई है और उनका एक बेटा है पर आज दिन तक यह गांव सड़क सुविधा से वंचित है। इन गांवों में पहले 100 से अधिक घर हुआ करते थे पर सड़क सुविधा न होने से कई घरों के लोग यहां से दूर-दराज क्षेत्रों में जाने को मजबूर होना पड़ा। आज भी यहां के लोगों को राशन लेने के लिए या बच्चों को स्कूल जाने के लिए सुलयाली और हरोटी खड्ड को पार करके जाना पड़ता है। इन गावों के लोगों को जब बरसात शुरू होती है तो तीन महीने इन गावों के लोगों को काला पानी की सजा बन जाती है। बरसात के समय इन खड्डों का जल स्तर इतना बढ़ जाता है कि जयसिंहपुर में पढ़ने वाले स्कूल और कॉलेज के छात्रों और नौकरी और रोज काम करने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सबसे बड़ी मुश्किल तब होती है अगर इन दिनों में कोई बीमार पड़ जाए तो उन्हें बरसात के समय कंधे पर उठा कर इन खड्डों को पार करना पड़ता है, जिसमें कोई भी अनहोनी की संभावना बनी रहती है। गांववालों का कहना है कि जयसिंहपुर विधानसभा में कितने विधायक आए और चले गए पर हमारे गांव में सड़क और पुल नहीं बना सके। क्या कहते हैं स्थानीय विधायक गोमा विधानसभा जयसिंहपुर के विधायक यादविंदर गोमा का कहना है कि उम्मर गांव और पट्ट पठानिया गांव के लिए सड़क बनाने के लिए नाबार्ड के लिए प्रपोजल भेज दिया है जैसे ही नाबार्ड से पैसे सैक्शन हो जाएंगे इन गांव के पुल का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा
नगर पंचायत कोटखाई की अध्यक्ष अंजली चौहान ने आज यहां शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के माध्यम से मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 1.31 लाख रुपये का चेक भेंट किया। शिक्षा मंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए नगर पंचायत कोटखाई का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह राशि जरूरतमंद लोगों की सहायता करने में सहायक सिद्ध होगी। इस अवसर पर नगर पंचायत कोटखाई के उपाध्यक्ष प्रमोद वर्मा, पार्षद जगदीश चौहान, नीरज ठाकुर तथा विक्की चौहान भी उपस्थित है।
गुजरात के टूर ऑपरेटरों तथा ट्रैवल एजेंटों का हिमाचल के होटलों की ऑक्युपेंसी बढ़ाने में बहुत बड़ा योगदान रहता है। गुजरात से अधिकतर पर्यटक हिमाचल में ग्रुप्स में आते हैं। शिमला होटल एंड टूरिज्म स्टेक होल्डर एसोसिएशन ने गुजरात ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन के साथ गांधीनगर में टूरिज्म ट्रेड फेयर के दौरान एक बैठक की। ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन ऑफ पैन इंडिया के अध्यक्ष विनीश शाह गुजरात के अन्य ट्रेवल एजेंटों के साथ इस मीटिंग में उपस्थित रहे। शिमला होटल एंड टूरिज्म स्टेक होल्डर एसोसिएशन का प्रतिनिधित्व ज्वाइंट सेक्रेटरी तरुण बख्शी ने किया तथा हमारी एसोसिएशन के मेंबर्स ने गुजरात ट्रेवल एजेंट असोसिएशन के मेंबरों के साथ इंटरेक्ट किया। विनीश शाह ने कहा कि गुजरात के टूर ऑपरेटर्स तथा ट्रेवल एजेंट हिमाचल को प्रोमोट करना चाहते हैं, परंतु उन्हें शिमला आने पर कई प्रकार की समस्यों का सामना करना पड़ता है। जिन समस्याओं के कारण गुजरात के टूर ऑपरेटर हिमाचल मे ग्रुप लाने से कतराते हंै। शाह ने बताया कि जम्मू कश्मीर तथा उत्तराखंड में बाहरी राज्यों के नंबर वाली टूरिस्ट बसों से कोई भी टैक्स नहीं लिया जाता, जबकि हिमाचल में बाहरी राज्यों के नंबर वाली बसों से बहुत अधिक टैक्स वसूला जाता है। हाल ही में हिमाचल सरकार ने 1 सितंबर से टैक्स में बढ़ोतरी कर 3000 रुपए से लेकर 6000 रुपए टैक्स प्रतिदिन वसूलने का फैसला लिया है। इस भारी भरकम टैक्स के कारण टूर ऑपरेटर्स को हिमाचल के लिए टूर लेकर आना वायेबल ही नहीं रहता। एक तरफ तो गुजरात के ट्रैवल एजेंट में ही कंपीटीशन होता है और दूसरी तरफ सरकारी कर्मचारियों जो टूर बुक करते है उनका लिमिटेड बजट होता है। उन्होंने कहा कि शिमला शहर में टूरिस्ट बसों को प्रवेश नहीं करने दिया जाता, जिसके कारण टूर ऑपरेटर्स को शिमला से सात से आठ किलोमीटर पीछे ही तारादेवी के पास बसों को सड़क के किनारे पार्क करना पड़ता है। तारादेवी से शिमला के लिए तथा शिमला साईटसींग के लिए टैक्सी के माध्यम से पर्यटकों को भेजना पड़ता है, जिसके कारण टूर की कीमत और बढ़ जाती है। विनीश शाह ने कहा कि गुजरात के ट्रैवल एजेंट तथा टूर ऑपरेटर्स को हिमाचल में टूर लाने के लिए आकर्षित करने के लिए हिमाचल सरकार द्वारा बाहरी राज्यों की नंबर वाली टूरिस्ट बसों पर लगने वाले कर को हटाना चाहिए, ताकि टूर ऑपरेटर को हिमाचल में टूर लाना वायबले हो सके। वहीं शिमला होटल एंड टूरिज्म स्टेक होल्डर एसोसिएशन के सचिव तरुण बख्शी ने कहा कि एसोसिएशन जल्द ही इस मुद्दे को सरकार से उठाएगी। इन समस्याओं का हल होने से गुजरात के टूर ऑपरेटर्स को जेएंडके तथा उत्तराखंड न जाकर हिमाचल की और डायवर्ट किया जा सकता है। इससे न केवल हिमाचल की इंडस्ट्री को लाभ होगा, परंतु सरकार के खजाने में भी इजाफा होगा। वर्तमान में गुजरात टूर ऑपरेटर्स द्वारा हिमाचल में न के बराबर आने के कारण न तो हिमाचल के ट्रांसपोर्ट विभाग को कोई रेवेन्यू आ रहा और न ही सरकार को होटलों से मिलने वाला जीएसटी मल रहा है। ं
हिमालयन आईटीआई लगवलियाना में 25 अगस्त को एमएस गोदरेज और टीआई साइकल मोहाली द्वारा रोजगार मेला लगाया गया। इसमें प्रदेश भर के आईटीआई संस्थानों से आए 160 परीक्षार्थियों ने भाग लिया। ओर 120 परीक्षार्थियों को रोजगार मिला। आईटीआई के प्रधानाचार्य आनंद कुमार ने कहा कि चयनित हुए परीक्षार्थियों की एक हफ्ते के अंदर ज्वाइनिंग होगी। ओर आगे भी बहुत जल्द हिमालयन आईटीआई लगवलियाना में कंपनियों द्वारा रोजगार मेला लगाया जाएगा। और परीक्षार्थियों को रोजगार के अवसर मिलते रहेंगे।
सोलन जिला के अर्की उपमंडल का सुप्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक सायर मेला इस वर्ष 17 से 19 सितम्बर, 2023 तक अर्की के चैगान मैदान में आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी आज यहां इस संबंध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य ससंदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा श्रम एवं रोज़गार विभाग) संजय अवस्थी ने दी। संजय अवस्थी ने कहा कि इस वर्ष हिमाचल विकट प्राकृतिक संकट का सामना कर रहा है। प्रदेश सरकार आपदा के प्रभाव एवं कारकों को न्यून करने, राहत एवं पुनर्वास सुनिश्चित बनाने और प्रभावितों को आश्वस्त करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि देवी-देवताओं के आशीर्वाद और सभी के सहयोग से हिमाचल पुन: प्रगति पथ पर अग्रसर होगा तथा सभी प्रभावितों को समुचित आश्रय प्राप्त होगा। उन्होंने आपदा के समय में एकजुट होकर कार्य करने और आपदा प्रभावितों की समुचित सहायता सुनिश्चित बनाने के लिए सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और गैर-सरकारी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया।
जल शक्ति विभाग के कार्यरत कनिष्ठ अभियंता (जेई) राजेश कुमार का शव शनिवार को हरिपुर के थाना क्षेत्र के बंगोली में बरामद हो गया। उल्लेखनीय है दो दिन पूर्व अपने स्टाफ के साथ दौलतपुर के जलाड़ी में पानी की स्कीम को दुरुस्त करने गए जेई बनेर खड्ड में गिर गए थे। उसी दिन से एसडीआरएफ और पुलिस की टीम स्थानीय लोगों की मदद से जेई की तलाश में लगे थे।
राजीव गांधी स्वरोजगार योजना के लिए मानक संचालन प्रक्रिया जारी प्रदेश में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से महत्वाकांक्षी राजीव गांधी स्वरोजगार योजना आगामी 2 अक्तूबर, 2023 से आरम्भ की जा रही है। इस योजना के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया तैयार कर ली गई है। ऐसे में अब विभिन्न सरकारी विभाग, स्थानीय प्रशासन, स्वायत्तशासी निकाय, बोर्ड, निगम सहित अन्य सरकारी एवं अर्द्ध-सरकारी निकाय न्यूनतम चार वर्षों के लिए ई-टैक्सी अनुबंधित कर सकेंगे और इस अवधि को दो अन्य वर्षों के लिए बढ़ाया भी जा सकेगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का कहना है कि हिमाचल प्रदेश विद्युत चालित वाहनों के लिए एक आदर्श राज्य बनकर उभरने के लिए तैयार है और प्रदेश सरकार सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्रों के समन्वय व सहयोग से कार्बन उत्सर्जन को कम करने के दृष्टिगत विद्युत चालित वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित कर रही है। विद्युत चालित वाहनों के लिए मूलभूत ढांचा सुदृढ़ करने के दृष्टिगत पहले चरण में छ: हरित गलियारे विकसित किए जा रहे हैं। सरकार की इस पहल से वाहनों के लिए जिवाश्म इंधन पर निर्भरता में भी कमी आएगी। इस योजना के अंतर्गत ई-टैक्सी खरीदने एवं इसे किसी सरकारी संगठन के साथ सम्बद्ध करने के इच्छुक व्यक्ति परिवहन विभाग से अनुमति के लिए प्रत्यक्ष ऑनलाईन पोर्टल पर आवेदन कर सकता है। इसके लिए उसे निर्धारित प्रपत्र पर आवश्यक सूचना उपलब्ध करवानी होगी। आवेदन प्राप्त होने के उपरान्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के कार्यालय में इनकी छंटनी की जाएगी और दस्तावेजों में किसी भी तरह की कमी पाए जाने पर इन्हें आवेदक को सुधार के लिए वापस भेजा जाएगा और उसे पांच दिनों में इसे दुरूस्त करना होगा। निर्धारित अवधि में वांछित दस्तावेज उपलब्ध न करवाने पर आवेदन रद्द समझा जाएगा। पात्र लाभार्थियों की अंतिम सूचि तैयार होने के उपरान्त राज्य परिवहन प्राधिकरण की ओर से ई-टैक्सी के विक्रय की अनुमति प्रदान की जाएगी। संबंधित एजेंसी परिवहन विभाग को ई-टैक्सी से संबंधित आवश्यकता के बारे में ऑनलाईन अनुरोध कर सकेगी। इस योजना के अंतर्गत पात्रता एवं आवश्यकता के अनुरूप ई-टैक्सी किराए पर लेने के लिए पांच श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। वाहन के लिए ऋण प्रक्रिया बैंकों के माध्यम से अथवा आवेदक द्वारा अपने स्तर पर भी पूरी की जा सकेगी। मुख्यमंत्री का कहना है कि हिमाचल को 31 मार्च, 2026 तक हरित ऊर्जा राज्य बनाने का लक्ष्य सरकार का है और इसे प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार ई-वाहनों को प्रोत्साहित करने के साथ ही अन्य कई कदम उठा रही है। इसके तहत परिवहन विभाग में विद्युत चालित वाहन शामिल किए गए हैं और परिवहन निगम के डीजल चालित 1500 बसों के बेड़े को चरणबद्ध ढंग से ई-बसों से बदलने की योजना है। राज्य सरकार ने अपने प्रथम बजट में ई-टैक्सी, ई-बस और ई-ट्रक की खरीद के लिए 50 प्रतिशत उपदान का भी प्रावधान किया है। सरकार के इन नवोन्मेषी कदमों का उद्देश्य राज्य के युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करते हुए उन्हें विद्युत चालित वाहनों के संचालन में निवेश कर जीविकोपार्जन सहित राज्य के पर्यावरण को संरक्षित करने में सहायक बनाना है।
केंद्रीय सूचना प्रसारण एवं युवा व खेल मामलों के मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया है कि हिमाचल प्रदेश में आपदा पीड़ितों के लिए केंद्र सरकार 6,000 घर बनाएगी। पीएम ग्रामीण आवास योजना के तहत ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इसकी मंजूरी दे दी है। शुक्रवार को अनुराग ठाकुर ने नई दिल्ली में केंद्रीय ग्रामीण विकास व पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह से मुलाकात कर मंजूरी देने के लिए आभार जताया। अनुराग ने बताया कि हाल ही में 5,000 घरों को मंजूरी मिली थी। इस आपदा में केंद्र से अब तक कुल 11,000 घर मंजूर हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशानुसार केंद्र हिमाचल की हरसंभव सहायता कर रहा है। बीते दिनों भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल के साथ उन्होंने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया था।
उपमंडल फतेहपुर की ग्राम पंचायत टटवाली के गांव रेहतपुर का एक युवक पानी के तेज बहाव में बह गया है। के अनुसार हरीश कुमार उर्फ जोली पुत्र गुरदयाल सिंह पानी से अपने पशु निकाल रहा था, लेकिन ब्यास नदी में 52 नंबर गेट से बहुत अधिक मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा था। इस दौरान हरीश जब वह काफी देर तक अपने घर वापस नहीं आया, तो छोटे भाई ने आस पड़ोस में फोन के माध्यम से हरीश की घटना के बारे में बताया, जिससे स्थानीय लोग देर रात तक ब्यास किनारे ढूंढते रहे, लेकिन शनिवार को सुबह तक हरीश कुमार का कोई पता नहीं चल पाया, जिसके बाद इसकी सूचना पुलिस चौकी रे में दी गई। यह जानकारी ग्राम पंचायत टटवाली के उपप्रधान रमन कुमार ने दी।
गुस्साए लोग बोले- पांच साल में सांसद के दर्शन तक नहीं हुए, त्रासदी में नहीं जाना हाल विधानसभा क्षेत्र जवाली के अधीन पंचायत नियांगल में भूस्खलन प्रभावितों से मिलने आए भाजपा नेताओं को जनता की खूब खरी-खोटी सुननी पड़ी। भाजपा नेताओं को यह खरी-खोटी कांगड़ा- चंबा के सांसद किशन कपूर के कारण सुननी पड़ी। हुआ ज्यों कि शुक्रवार को कांगड़ा-चंबा लोकसभा प्रभारी विपिन परमार, भाजपा प्रदेश महामंत्री त्रिलोक कपूर, पूर्व मंत्री राकेश पठानिया, नूरपुर के विधायक रणवीर निक्का, संजय गुलेरिया भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के लिए आए तथा नियांगल पंचायत में प्रभावितों से मिले तो वहां पर पंचायत उपप्रधान संदीप समकड़िया सहित प्रभावितों ने रोष स्वरूप कहा कि पहले बताएं कि सांसद किशन कपूर कहां हैं। प्रभावितों ने कहा कि पांच साल में उनके दर्शन तक नहीं हुए और अब इतनी बड़ी त्रासदी आई है, तब भी सांसद बाहर नहीं निकले हैं। सांसद की 75 प्रतिशत सांसद निधि वापस हो गई है। पांच साल उनके कहीं दर्शन भी नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि सांसद किशन कपूर ने नियांगल पंचायत को गोद लिया हुआ है, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने इसकी सुध नहीं ली है। हालांकि नेताओं ने समझाने की कोशिश की, लेकिन प्रभावित उनकी बात सुुनने को तैयार ही नहीं थे। भाजपा नेताओं ने कहा कि वे प्रधानमंत्री के निर्देश पर प्रभावितों से मिलने आए हैं और उनकी आवाज सरकार से उठाएंगे।
मणिमहेश लंगर सेवादल जवाली, लव, राजा का तालाब, गनोह, रैहन, फतेहपुर, धमेटा, नागावाड़ी का संयुक्त दल शुक्रवार को प्रधान मंजीत कौंडल की अगुवाई में सुंदरासी शिवधाम मणिमहेश के लिए रवाना हो गया। इससे पहले सुबह मां ज्वाला मंदिर में पूजा अर्चना के उपरांत राशन सामग्री के दो ट्रकों के साथ टीम ने लव से प्रस्थान किया। रैहन, राजा का तालाब, धमेटा, नागावाड़ी में संयुक्त सेवादल का लोगों ने भव्य स्वागत किया। वहीं दल की रवानी पर फतेहपुर, राजा का तालाब, गनोह में हलवा, खीर का प्रसाद वितरित किया, जबकि रैहन में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान राजा का तालाब में जस्सी महंत ने सेवादल को अपना आशीर्वाद प्रदान करके, भगवान से लंगर को बिना किसी बाधा के संपन्न करवाने के लिए प्रार्थना की। दल सुंदरासी शिवधाम में अपना 21वां नि:शुल्क लंगर 25 अगस्त से 10 सितंबर तक दिन रात सुचारू रूप से चलाएगा। इस दौरान सुंदरासी शिवधाम में भोले भक्तों के लिए चाय पान, मिष्ठान, 24 घंटे भोजन, रात्रि विश्राम एवं चिकित्सा की व्यवस्था उपलब्ध रहेगी। इस अवसर पर मणिमहेश लंगर सेवादल के चेयरपर्सन राम नाथ शर्मा, महिंद्र मियां, अवतार सिंह, तारा चंद, चंद्रशेखर गोरा, बलकार जरियाल, प्रेम सिंह, वीरेंद्र बिट्टू, प्रदीप शर्मा, नरेंद्र पिंकी, राजेश्वर गुलेरिया, सौरभ कुमार, जिम्मी, मनोहर लाल, फौजी भी टीम के साथ रहे।
शिमला आने से कतरा रहे सैलानी, वीकेंड पर होटलों में नाममात्र बुकिंग भारी बारिश से राजधानी शिमला में पर्यटन कारोबार चौपट हो गया है। 20 दिन से वीकेंड पर नाममात्र बुकिंग होटलों में हो रही है। बारिश से हुए नुकसान के चलते सैलानी शिमला आने से कतरा रहे हैं। रिज मैदान सहित राजधानी के अन्य पर्यटक स्थल भी खाली पड़े हैं। इस हफ्ते होटलों में सात से दस फीसदी तक कमरे ही बुक हुए हैं। पिछले हफ्ते यह संख्या दो फीसदी तक ही सीमित थी। आमतौर पर जुलाई और अगस्त में सैलानी गर्मी से राहत पाने के लिए पहाड़ों में बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। होटलों में जगह मिलना मुश्किल होता था। इस बार भारी बारिश से हुई तबाही के चलते न केवल यहां का होटल व्यवसाय ठप पड़ा है बल्कि छोटे और मध्य वर्ग के व्यापारी भी संकट में आ गए हैं। इन्हें घर का खर्चा तक चलाना मुश्किल हो गया है। कारोबारियों के अनुसार राजधानी में दोबारा कोरोना काल जैसी स्थिति बन गई है। गौरतलब है कि शिमला शहर का तमाम कारोबार सैलानियों की आवाजाही पर निर्भर है। सैलानियों की संख्या बढ़ने पर करियाना की खरीदारी भी बढ़ती है। इसके अलावा शहर के अन्य सामान की बिक्री भी सैलानियों पर ही निर्भर होती है। कोरोनाकाल वाली स्थिति बन गई होटल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रिंस कुकरेजा ने बताया कि इस तरह की स्थिति राजधानी में कोरोना काल के समय बनी थी। सैलानी पूछताछ के लिए फोन कर रहें हैं लेकिन बुकिंग नहीं करवा रहे। आने वाले दिनों में अगर मौसम साफ रहेगा तो कारोबार में तेजी आने की उम्मीद है।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने बरसात के दौरान 6746.93 करोड़ रुपये के नुकसान होने का प्रस्ताव गृह मंत्रालय को भेजा है। 10 अगस्त तक हुए नुकसान के आधार पर आर्थिक सहायता देने की केंद्र सरकार से मांग की गई है। आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से आपदा के बाद की जरूरतों का आकलन करने में राज्य की सहायता का आग्रह किया है, ताकि पुनर्निर्माण और पुनर्वास गतिविधियों के लिए केंद्र से सहायता मांगी जा सके। शुक्रवार को राज्य सचिवालय में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने राज्य कार्यकारी समिति (एसईसी) की 20वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए आपदा संभावित क्षेत्रों की संवेदनशीलता की जांच करने और नुकसान कम करने के लिए किए जाने वाले उपायों संबंधी योजनाओं पर चर्चा की। आपदा की स्थिति में जानमाल का जोखिम कम करने के लिए त्वरित सामूहिक प्रतिक्रिया को सुदृढ़ करने पर भी मंथन किया। बाढ़ सुरक्षा, भूस्खलन, भूकंप और अन्य संवेदनशील स्थितियों के लिए एक स्थायी वैज्ञानिक योजना की तलाश की जानी चाहिए। किसी भी आपदा की स्थिति में पुलिस बल को आगे आकर कार्यवाही करनी होती है, ऐसे में इन बलों को त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए भी प्रशिक्षित किया जाना आवश्यक है। समिति ने प्रदेश के चयनित नाजुक भवनों, स्कूलों और सामुदायिक स्वास्थ्य संस्थानों की भूकंप रेट्रोफिटिंग तथा इसके लिए कुछ जिलों में पायलट आधार पर परियोजना शुरू करने पर भी चर्चा की। राज्य में प्रतिक्रिया बल और एनडीआरएफ तैनात करने पर चर्चा बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित निर्माण, बड़ी परियोजनाओं के मूल्यांकन तथा सुरक्षित निर्माण उपायों को प्रोत्साहित करने के दृष्टिगत सुरक्षा प्रकोष्ठ स्थापित करने तथा नदी-नालों और उच्च ढलानों के समीप निर्माण को विनियमित करने और राज्य आपदा प्रबंधन एवं क्षमता निर्माण संस्थान की स्थापना पर भी चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त राज्य में राष्ट्रीय आपदा मुख्यालय और क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्रों की स्थापना की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा गृह मंत्रालय के मानदंडों के अनुसार राज्य में प्रतिक्रिया बल और एनडीआरएफ की तैनाती पर भी चर्चा की गई।
मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूचना एवं जन संपर्क विभाग) संजय अवस्थी ने आज सोलन जि़ला के अर्की विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत नवगांव के गोदन गांव में बाढ़ प्रभावित परिवारों का कुशलक्षेम जाना और त्रासदी में उनके पशुधन की मृत्यु पर राहत राशि प्रदान की। गोदन गांव में भारी वर्षा के कारण बाढ़ प्रभावित परिवारों के पशुधन की मृत्यु हो गई थी। मुख्य संसदीय सचिव ने प्रभावित राकेश कुमार सुपुत्र स्व. दया राम निवासी गांव गोदन को पशुधन की मृत्यु पर 30 हजार रुपये प्रदान किए। प्रभावित व्यक्ति को त्वरित राहत के रूप में 10 हजार रुपये पहले ही प्रदान किए जा चुके हैं। संजय अवस्थी ने इस अवसर पर प्रभावित परिवारों को विश्वास दिलाया कि आपदा की इस घड़ी में प्रदेश सरकार एक-एक व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित बनाने और प्रभावितों को समय पर राहत सामग्री एवं राशि उपलब्ध करवाने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रभावितों का उचित पुनर्वास प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। यह प्रयास किया जा रहा है कि न केवल प्रभावितों का जीवन पुन: सही दिशा में आगे बढ़े अपितु उनकी आर्थिकी भी मज़बूत हो सके। उन्होंने कहा कि पीडि़त परिवार की यथा सम्भव सहायता सुनिश्चित बनाई जाएगी। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि भारी वर्षा के कारण हुए एवं हो रहे नुकसान की रिपोर्ट शीघ्र पे्रेषित करें ताकि समुचित राहत त्वरित प्रदान की जा सके। उन्होंने ग्राम पंचायत प्रधानों से आग्रह किया कि नुकसान की रिपोर्ट शीघ्र तैयार करने में सहायता करें। इस अवसर पर जिला कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सी.डी. बसंल, जि़ला कांग्रेस महामंत्री राजेन्द्र रावत, अर्की व्यापार मण्डल के अध्यक्ष अनुज गुप्ता, उपमण्डलाधिकारी अर्की यादविंदर पॉल, अन्य अधिकारी, गणमान्य व्यक्ति एवं ग्रामवासी उपस्थित थे।
भारत ने अंतरिक्ष ने इतिहास रच दिया है बुधवार को भारत के चंद्रायन-3 की चांद पर सफलतापूर्वक पूर्वक लैंडिंग से भारत विश्व का पहला देश बन गया है, जिसे चांद के साउथ पोल पर लैंड किया है। इस चंद्र विजय की खुशी में शिवालिक इंटरनेशनल कान्वेंट स्कूल नंगल चौक के यूकेजी कक्षा के छात्र दिवजोत सिंह ने एक बेहतरीन मॉडल तैयार किया है। इस पर स्कूल प्रबंधक मलकीत सिंह राणा क्लास टीचर पिंकी और निशु पटियाल तथा सभी अध्यापकों ने खुशी जाहिर की है और बधाई दिए।
अतिरिक्त उपायुक्त भरमौर नवीन तंवर की अध्यक्षता में श्री मणिमहेश यात्रा को लेकर समीक्षा बैठक का आयोजन लघु सचिवालय पट्टी के सभागार में किया गया। बैठक में यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं जुटाने के लिए मणिमहेश यात्रा के दौरान दुकानों द्वारा प्रदान की जाने वाली खाद्य वस्तुओं, कुली, घोड़े व खच्चरों और टैक्सियों के किराए के मूल्य की सूची पर समीक्षा करने के बाद संबंधित हितधारकों से फीडबैक लेकर मूल्य निर्धारण करने के आवश्यक निर्देश दिए गए । उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए की टैक्सी चालकों द्वारा ओवरलोडिंग ना की जाए और गाडिय़ों पर टैक्सी यूनियन के स्टीकर होने चाहिए । उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि गाडिय़ां निर्धारित किए गए स्थलों पर ही पार्क की जाएगी और ट्रैफिक व्यवस्था को मध्य नजर रखते हुए क्षमता के हिसाब से गाड़ी खड़ी करने के लिए स्थान चिन्हित किए जाएं। अतिरिक्त उपायुक्त ने टैक्सी यूनियन के प्रतिनिधियों से बैठक में यात्रियों की सुविधा के दृष्टिगत स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर ट्राफिक को निरंतर सुचारु रखने के लिए सहयोग का आग्रह किया। बैठक में दुकानों के लिए खाने के रेट निर्धारित कर दिए गए हैं। खाद्य सामग्री के मूल्य की समीक्षा करके उन्होंने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को खाने की वस्तुओं की जांच करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुकानदारों को मूल्य सूची लगाना और सफाई के व्यवस्था को सुनिश्चित बनाना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों को रखना और बेचने पर पूर्णता प्रतिबंधित रहेगा। घोड़े, खचरों की दरों को लेकर 26 अगस्त को पशुपालन व वन विभाग के साथ बैठक में दरें निर्धारित की जाएगी। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को यात्रा के सफल आयोजन के लिए सभी आवश्यक प्रबंधों को तय सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में उपमंडल अधिकारी नागरिक कुलबीर सिंह राणा, वन मंडल अधिकारी नरेंद्र कुमार, खंड विकास अधिकारी अनिल गुराड़, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग विशाल चौधरी, पुलिस निरीक्षक हरनाम सिंह और इंचार्ज शशी कुमार उपस्थित रहे ।
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व सुलाह विधानसभा क्षेत्र के विधायक विपिन सिंह परमार ने जवाली विधानसभा क्षेत्र भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर लोगों की समस्याओं को जाना व उनके दर्द को बांटा। इस दौरान उहोंने पंचायत न्यांगल, गांव बाड़ा, कोटला, पंचायत राजोल के गांव अनुही का के दौरा किया। इस मौके पर उनके साथ हिमाचल प्रदेश भाजपा के महामंत्री त्रिलोक कपूर, पूर्व मंत्री राकेश पठानिया, नूरपुर के विधायक ठाकुर रणवीर सिंह निक्का, भाजपा नेता संजय गुलेरिया, विशाल चौहान, भाजपा प्रदेश मीडिया सह प्रभारी विश्व चक्षु, जिला नूरपुर भाजपा अध्यक्ष रमेश राणा, प्रदीप शर्मा भी मौजूद रहे। इस मौके पर पूर्व विस अध्यक्ष परमार ने पिडि़त लोगों को हर संभव मदद करवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार से भी जोरशोर से मांग उठाएंगे कि पिडि़त लोगों को जल्द से जल्द घर बनाकर उन्हें बसाया जाए। इस मौके पर एसडीएम ज्वाली व नायब तहसीलदार भी उपस्थित रहे। उन्होंने प्रशासन की ओर से भी राहत व फौरी राहत को लेकर सभी व्यवस्था की जांच की। साथ ही अधिकारियों से पिडि़त लोगों की सबसे पहले मदद करने की बात रखी। भाजपा के वरिष्ठ नेता विपिन सिंह परमार ने बताया कि उक्त क्षेत्रों में बरसात का खौफनाक मंझर देखने को मिल रहा है। जिसमें 13 घर पूरी तरह से जमीदोंज हो गए हैं, जबकि 25 घरों को खाली भी करवाया गया है। उन्होंने बताया कि सुरक्षित स्थान स्कूलों में पहुंचकर भी उन्होंने सभी व्यवस्था को जांचा है। श्री परमार ने कहा कि भाजपा की पहली प्राथमिकता लोगों को उनके छत पर घर पहुंचाने की रहेगी। भाजपा दोबारा सभी लोगों को उनके घर दिलाने व बनाने तक साथ निभाएगी। इसके लिए सरकार व प्रशासन से लगातार समन्वय बनाकर भाजपा कार्य में डटी रहेगी। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने हैरानी व्यक्त करते हुए कहा कि जहां दर्जनों लोगों के घर उजड़ गए, वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री इस क्षेत्र का दौरा करना तक उचित नहीं समझ रहे हैं। प्रदेश सरकार ने इतनी बड़ी आपदा को लेकर फौरी राहत के लिए कोई फूटी कौड़ी तक नहीं दी। उन्होंने कहा कि मानसून सत्र में इस क्षेत्र की समस्या को वह जोरो शोरों से उठाएंगे, और लोगों के हुए नुकसान के लिए उचित मुआवजा मिले इसके लिए भी पूरे प्रयास करेंगे। श्री परमार ने कहा कि कांगड़ा के ज्वाली में आपदा के कारण दर्जनों लोगों के घर तबाह होकर उजड़ गए हैं, उससे इस क्षेत्र को आर्थिक तौर पर और सामाजिक तौर पर भी एक बहुत बड़ा धक्का लगा है। इस संदर्भ में भाजपा की टीम ने लोगों को यह आश्वस्त किया कि इसकी विस्तृत रिपोर्ट बनाकर वह भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को सौंपेंगे और उसके बाद दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और आवश्यकता अनुसार जहां भी जरूरत पड़ी वहां से मदद के लिए प्रयास करेंगे।
साईबर सेल धर्मशाला के पुलिस कर्मचारियों के अथक प्रयास से लगभग 2,80,000 कीमत के 12 मिसिंग फोन तलाश किए गए हैं। इनमें 1 ऐप्पल फोन भी था। मिसिंग मोबाइलों को आज उनके असल मालिकों को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में बुलाकर, सौंपा गया। साईबर सेल धर्मशाला द्वारा भविष्य में भी मिसिंग मोबाइल कैंपेन जारी रहेगा।
उप मंडल देहरा के तमाम राशन डिपुओं मे सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत मिलने वाली दालों से इस बार उपभोक्ता को वंचित रहना पड़ा है। यानी डिपुओं से दाले न मिलने पर हर उपभोक्ता खाद्य आपूर्ति विभाग की कार्यप्रणाली को कोसता नजर आ रहा है। लिहाजा उपभोक्ताओं को दाले ना मिलने के कारण उन्हे बाजार से महंगे दामों पर बाजार से खरीदारी करनी पड़ रही है। इससे उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। हालांकि दालों की सप्लाई डिपो में सुचारू करने को लेकर उच्च स्तर पर प्रक्रिया अपनाई जा रही है जिससे उम्मीद लगाई जा रही है कि जल्द ही उपभोक्ताओं को दालें मिलेगी इस बार उपभोक्ताओं को मात्र आटा चावल तेल चीनी ही मिल पाया है। वहीं दालें न मिलने पर हर कोई निऱाश नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाली दालों के दाम और बाजार के दामों में काफी अंतर है डिपो में डालें मिलने के चलते लोगों को बड़ी राहत मिलती है। उप मंडल के हजारों राशन कार्ड धारकों को मजबूरी में ही बाजार में महंगी दालें खरीदनी पड़ेगी। डिपुओं में दालें जल्द से जल्द उपलब्ध करवाई जाएगी वहीं विभाग को इस संदर्भ में जल्द से जल्द समस्या का समाधान करने को कहा जाएगा, ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
चुराह विधानसभा के नरेंद्र शर्मा उर्फ अभी शर्मा चुराही को अखिल भारतीय कांग्रेस की युवा कांग्रेस इकाई में प्रदेश सह सचिव बनाया गया। अभी शर्मा ने हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्षा प्रतिभा सिंह, पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह और युवा कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष यदोपति ठाकुर का धन्यवाद किया। इससे पहले अभी शर्मा जिला युवा कांग्रेस के महासचिव पद पर कार्य कर रहे थे। उससे पहले वह पूर्व एनएसयूआई में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। चुराह विधानसभा क्षेत्र में आज तक किसी भी व्यक्ति को युवा कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी में जगह नहीं मिली थी, लिहाजा युवाओं के बीच में अपना एक अलग स्थान रखने वाले अभी शर्मा ने चुराह विधानसभा क्षेत्र के लिए यह काम भी कर दिया। अभी शर्मा चर्चाओं में तब आए जब कोविड के समय में उन्होंने अपनी टीम के साथ पूरे चुराह विधानसभा क्षेत्र के लोगों की सहायता में कोई कमी नहीं छोड़ी। अभी शर्मा को पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह के बहुत करीब माना जाता है तथा चुराह विधानसभा क्षेत्र में अभी शर्मा लगातार चर्चा का विषय बने रहते हैं चुनाव विधानसभा क्षेत्र के युवाओं में अभी शर्मा को मिली इस जिम्मेदारी को लेकर के बहुत उत्साह देखने को मिला।
अस्पतालों में तैनात आउटसोर्स कर्मचारियों के सेवा विस्तार के लिखित आदेश सरकार ने शुक्रवार को जारी कर दिए हैं। हालांकि आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि यह सेवा विस्तार सिर्फ 30 सितंबर तक होगा। आईजीएमसी, डीडीयू, केएनएच समेत पूरे प्रदेश भर में 1,893 कर्मचारियों को कोरोना काल में आउटसोर्स पर अस्पतालों में रखा गया था। सबसे अधिक 250 आईजीएमसी में कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें स्टाफ नर्स, डाटा एंट्री ऑपरेटर, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल हैं। जून में सभी का कार्यकाल खत्म हो गया था। ऐसे में हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य आउटसोर्स कर्मचारी यूनियन मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मिला था। इन्होंने इन कर्मचारियों की सेवा विस्तार की मांग की थी। वहीं मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी दो माह पहले इन कर्मचारियों का कार्यकाल तीन महीने को बढ़ाने को कहा था। लेकिन शुक्रवार को विशेष सचिव स्वास्थ्य की ओर से इस बारे में आर्डर जारी किए है। इस बारे में निदेशक चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य निदेशालय को भी इस बारे में सूचित कर दिया गया है। उधर दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य आउटसोर्स कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष कमलजीत डोगरा ने कर्मचारियों के सेवा विस्तार के आदेश जारी करने पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार जताया है।
संबंधित अधिकारियों को संपर्क मार्गों को शीघ्र बहाल करने के निर्देश दिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज कुल्लू जिला के आपदाग्रस्त क्षेत्र आनी का दौरा किया और भू-स्खलन से क्षतिग्रस्त हुए घरों का जायज़ा लिया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से बातचीत की और कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रदेश सरकार उनके साथ है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला आनी में रहने, खाने-पीने और अन्य जरूरी सुविधाओंं की व्यवस्था की गई है। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि अस्थायी शिविर में रहने वालों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मुख्यमंत्री ने प्रशासन तथा स्थानीय लोगों से भूस्खलन के कारणों की जानकारी भी हासिल की। उन्होंने संबंधित विभागों को राष्ट्रीय राजमार्ग पर भवन गिरने के कारण गिरे मलबे को नियंत्रित तरीके से उठाने और खतरे की जद में आए भवनों को खाली करवाने को कहा। उन्होंने कहा कि लोगों की जान बचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और स्थानीय प्रशासन लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। उन्होंने लोगों से अपील की वे असुरक्षित घरों को खाली कर दें तथा राज्य सरकार द्वारा दिए जा रहे दिशा-निर्देशों की पालना करें। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को आनी उपमंडल के संपर्क मार्गों को जल्द बहाल करने के लिए निर्देश दिए ताकि बागवानों और किसानों को अपनी फसल मंडियों तक पहुंचाने में कोई दिक्कत पेश न आए। उन्होंने सब्जी ढोने वाली छोटी गाडिय़ों का परिचालन वाया जलोड़ी करने के निर्देश दिए ताकि कुल्लू व लाहौल-स्पिति के सब्जी उत्पादक अपने उत्पादों को मण्डियों तक पहुंचा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के संसाधनों पर हिमाचल के लोगों का हक है और आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए इन संसाधनों से हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस मॉनसून में बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है लेकिन राज्य सरकार हर प्रभावित तक मदद पहुंचाना सुनिश्चित कर रही है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि आनी उपमंडल में इस मानसून के मौसम में अभी तक 27 भवन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जबकि 87 भवनों को आंशिक रूप से नुकसान हुआ है। इसके अतिरिक्त सरकारी और निजी संपत्ति को भी काफी क्षति हुई है। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, विधायक लोकेंद्र कुमार, जिला परिषद अध्यक्ष पंकज परमार, एपीएमसी के अध्यक्ष राम सिंह मियां, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष यूपेंद्र कांत मिश्रा, उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने आज यहां आयोजित हिमाचल प्रदेश राज्य कार्यकारी समिति (एसईसी) की 20वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में आपदा संभावित क्षेत्रों की संवेदनशीलता की जांच करने और नुकसान को कम करने के लिए किए जाने वाले उपायों संबंधी योजनाओं पर चर्चा की गई। बैठक में आपदा की स्थिति में जान-माल के जोखिम को कम करने के लिए त्वरित सामूहिक प्रतिक्रिया को सुदृढ़ करने पर भी चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि केंद्र सरकार से सहायता लेने के दृष्टिगत 10 अगस्त तक 6746.93 रुपये की क्षति के संबंध में एक ज्ञापन गृह मंत्रालय को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से आपदा के बाद की जरूरतों का आकलन करने में राज्य की सहायता का भी आग्रह किया है ताकि पुनर्निर्माण और पुनर्वास गतिविधियों के लिए केंद्र सरकार से सहायता मांगी जा सके। उन्होंने कहा कि आपदा की दृष्टि से राज्य की संवेदनाशीलता का सघन आकलन किया जाना चाहिए और बाढ़ सुरक्षा, भूस्खलन, भूकंप और अन्य संवेदनशील स्थितियों के लिए एक स्थायी वैज्ञानिक योजना की तलाश की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में पुलिस बल को आगे आकर कार्यवाही करनी होती है, ऐसे में इन बलों को त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए भी प्रशिक्षित किया जाना आवश्यक है। समिति ने प्रदेश के चयनित नाजुक भवनों, स्कूलों और सामुदायिक स्वास्थ्य संस्थानों की भूकंप रेट्रोफिटिंग तथा इसके लिए कुछेक जिलों में पायलट आधार पर परियोजना शुरू करने पर भी चर्चा की। बैठक में आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, अग्निशमन सेवाएं, गृह रक्षक और नागरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने तथा सभी शहरी स्थानीय निकायों द्वारा आदर्श भवन नियम अपनाने तथा इनके सख्ती से कार्यान्वयन पर भी बल दिया गया। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित निर्माण, बड़ी परियोजनाओं के मूल्यांकन तथा सुरक्षित निर्माण उपायों को प्रोत्साहित करने के दृष्टिगत सुरक्षा प्रकोष्ठ स्थापित करने तथा नदी-नालों और उच्च ढलानों के समीप निर्माण को विनियमित करने पर भी चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त राज्य आपदा प्रबंधन एवं क्षमता निर्माण संस्थान की स्थापना पर भी चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल को सुदृढ़ करने और इसे अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी, औज़ारों एवं उपकरणों से सुसज्जित करने पर बल दिया। इसके अतिरिक्त राज्य में राष्ट्रीय आपदा मुख्यालय और क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्रों की स्थापना की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा गृह मंत्रालय के मानदंडों के अनुसार राज्य में प्रतिक्रिया बल और एनडीआरएफ की तैनाती पर भी चर्चा की गई। पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, वित्तीय आयुक्त राजस्व, ओंकार चंद शर्मा, सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, सचिव कृषि राकेश कंवर, प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग अजय गुप्ता, निदेशक सह विशेष सचिव राजस्व, डीसी राणा, विशेष सचिव वित्त रोहित जम्वाल, विशेष सचिव लोक निर्माण विभाग हरबंस सिंह ब्रस्कॉन, विशेष सचिव गृह मनोज चौहान, मुख्य अभियंता ऊर्जा डीपी गुप्ता, निदेशक भारत मौसम विज्ञान विभाग सुरेंद्र पॉल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।
शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अतुल खोसला ने प्रतिष्ठित 'जी20 यूनिवर्सिटीज इंपैक्ट समिट' कार्यान्वयन और एसडीजी में मुख्य वक्ता के रूप में भाग लिया। टाइम्स हायर एजुकेशन (टीएचई), लंदन, एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (एआईयू) और ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित शिखर सम्मेलन, जेजीयू इंटरनेशनल एकेडमी, ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी में नई दिल्ली में आयोजित किया गया था। भारत की जी20 की अध्यक्षता के अनुरूप शिखर सम्मेलन में सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) और उनके कार्यान्वयन पर विचार-विमर्श करने के लिए जी20 देशों के विश्वविद्यालयों के शिक्षाविदों, विद्वानों और दूरदर्शी लोगों को एक साथ लाया गया। इस कार्यक्रम ने वैश्विक स्थिरता की खोज में जी20 समुदाय में विश्वविद्यालयों द्वारा प्राप्त प्रगति और चुनौतियों के बारे में व्यापक समझ प्रदान की। प्रोफेसर अतुल खोसला ने सतत विकास और उच्च शिक्षा पर अपनी बात रखते हुए एसडीजी को प्राप्त करने की दिशा में सकारात्मक प्रभाव, नवाचार और परिवर्तन लाने में विश्वविद्यालयों द्वारा निभाई जाने वाली महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। प्रोफेसर खोसला ने अनुसंधान, शिक्षा और सामुदायिक जुड़ाव में विश्वविद्यालयों द्वारा किए जा सकने वाले बहुमुखी योगदान पर भी प्रकाश डाला। इस तरह के महत्वपूर्ण वैश्विक संवाद में योगदान देने के अवसर के लिए आभार व्यक्त करते हुए, प्रोफेसर अतुल खोसला ने कहा कि इस सभा का हिस्सा बनना एक सम्मान की बात है जो एक स्थायी भविष्य को आकार देने में विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका की कल्पना करता है। उन्होंने आगे कहा कि शूलिनी विश्वविद्यालय एसडीजी के साथ हमारे प्रयासों को संरेखित करते हुए अनुसंधान, नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस हाई-प्रोफाइल शिखर सम्मेलन में शूलिनी विश्वविद्यालय की भागीदारी अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रति इसकी प्रतिबद्धता और वैश्विक स्थिरता एजेंडे को आगे बढ़ाने के प्रति इसके समर्पण को रेखांकित करती है। एसडीजी और उससे आगे के कार्यान्वयन पर चर्चा में सक्रिय रूप से शामिल होकर, विश्वविद्यालय शिक्षा, अनुसंधान और सामुदायिक आउटरीच के माध्यम से सकारात्मक बदलाव लाने में एक वैश्विक नेता के रूप में अपनी स्थिति की पुष्टि करता है। शिखर सम्मेलन जी20 में विश्वविद्यालयों के बीच एसडीजी में अपने प्रयासों और सहयोग को तेज करने और अधिक न्यायसंगत, समृद्ध और सशक्त संसार बनाने में योगदान करने के सामूहिक दृढ़ संकल्प के साथ संपन्न हुआ।
पिछले करीब तीन वर्षों से लगातार प्राचार्य के बिना चल रहे रक्कड़ कॉलेज को आखिरकार प्रदेश शिक्षा निदेशालय द्वारा तैनाती दे दी है। डिग्री कॉलेज रक्कड़ में प्रोफेसर पंकज सूद ने कार्यभार संभाल लिया है। इससे पूर्व पंकज सूद पालमपुर में फिजिक्स के प्रोफेसर थे। प्राचार्य पद पर पदोन्नति मिलने पर इन्हें रक्कड़ नियुक्ति दी गई है। रक्कड़ में प्राचार्य के पद लगभग तीन साल से रिक्त चले हुए थे। रक्कड़ कॉलेज में प्राचार्य की नियुक्ति होने पर कॉलेज के पीटीए प्रधान प्रदीप ठाकुर सहित कमेटी के अन्य सदस्यों औऱ अभिभावकों ने प्राचार्य की नियुक्ति होने पर प्रदेश पूर्व कामगार एवं कर्मचारी कल्याण बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष सुरेंद्र मनकोटिया व मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू का आभार व्यक्त किया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य प्रतिभा सिंह ने बताया है कि केंद्र सरकार ने मंडी संसदीय क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना तृतीय बेच की 54 सड़कें स्वीकृत की हैं। इन पर 599.55 करोड़ खर्च होंगे। प्रतिभा सिंह ने इन 54 सड़कों के निर्माण को स्वीकृत करने पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह, प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू व लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा है कि इन सड़कों के निर्माण से मंडी संसदीय क्षेत्र में ग्रमीण विकास की गति को बल मिलेगा। प्रतिभा सिंह ने आज यहां बताया कि गत दिनों नई दिल्ली में उन्होंने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह से भेंट कर इन सड़कों के निर्माण का मामला उठाया था,जो उन्होंने स्वीकार कर दिया हैं। उन्होंने कहा कि इन सड़कों के निर्माण पर 599.55 करोड़ खर्च आएंगे। प्रतिभा सिंह ने कहा कि मंडी संसदीय क्षेत्र में सड़कों के विस्तार में यह सड़के मील का पत्थर साबित होंगी। उन्होंने कहा कि इस बार प्रदेश में हो रही भारी बारिश व बाढ़ से सबसे ज्यादा नुकसान मंडी संसदीय क्षेत्र में सड़कों को हुआ हैं। प्रतिभा सिंह ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय भूतल व परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से चेलचौक से पंडोह बाया गोहर सड़क को सीआईआर एफ,केंद्रीय सड़क ढांचागत फंड के तहत लाने का आग्रह किया हैं,जिससे इस सड़क के रखरखाव पर धन की कमी आड़े न आये। उन्होंने कहा कि मंडी से पंडोह कुल्लू का सड़क सम्पर्क पूरी तरह टूट चुका है इसलिए चैलचौक से पंडोह बाया गोहर सड़क कुल्लू व सीमावर्ती लेह के लिए बैकल्पिक मार्ग के तौर पर प्रयोग लाई जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि यह सड़क आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई के साथ साथ सेना की रसद के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मिल कर इस प्रस्ताव पर अमल करने का फिर से आग्रह करेंगी।
सदवां स्थित लोटस इंटरनेशनल कान्वेंट स्कूल के विद्यार्थियों ने कुछ दिन पहले हुए साइंस ओलंपियाड में भाग लिया था, जिसका परिणाम स्कूल में शुक्रवार को घोषित किया गया। इसमें लोटस स्कूल के एक विद्यार्थी ने सिल्वर मेडल और एक विद्यार्थी ने कांस्य पदक जीतकर स्कूल का नाम रोशन किया है। वहीं दूसरी ओर स्कूल के कुछ विद्यार्थियों ने अंग्रेजी और गणित ओलंपियाड के दूसरे चरण में भाग लिया था, जहां स्कूल के विद्यार्थियों ने अपना बेहतरीन प्रदर्शन किया है। स्कूल के प्रधानाचार्य पंकज शर्मा ने सभी विजेता विद्यार्थियों को मेडल और प्रमाण पत्र से नवाजा। अंत में प्रधानाचार्य ने स्कूल के सभी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्कूल इस तरह की परीक्षा भविष्य में भी करवाता रहेगा। सभी विद्यार्थियों को बढ़-चढ़कर ऐसी परीक्षाओं में भाग लेना चाहिए ताकि पढ़ाई से हटकर विद्यार्थी कुछ और अलग और अच्छा सीख सके।
पुलिस चौकी कंदरोड़ी के अंतर्गत पड़ते बाड़ी-पठानकोट रेलवे ट्रैक पर देर रात ट्रेन की चपेट में आने से व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। मौत इतनी दर्दनाक हुई है कि मृत व्यक्ति का सिर पूरे तरीके से कुचला गया है, लेकिन मुंह का कुछ हिस्सा पहचानने लायक है। स्थानीय लोगों ने दुर्घटना की सूचना पुलिस चौकी कंदरोड़ी के प्रभारी विक्रमजीत सिंह को दी तो वे तुरंत हेड कांस्टेबल पवन कुमार व कांस्टेबल विनोद कुमार सहित मौके पर पहुंचे। उन्हें मृतक की जेब से कोई पहचान पत्र नहीं मिल पाया है, जिससे अभी तक शिनाख्त नहीं हो पाई है। उन्होंने बताया कि मृत व्यक्ति की उम्र लगभग 28 से 30 वर्ष है। उन्होंने बताया कि मृत शरीर को पोस्टमॉटम के लिए नूरपुर सिविल अस्पताल में ले जाया गया है, जहां उसका पोस्टमॉटम करवाया जाएगा और उसके बाद शिनाख्त के लिए 36 घंटे मोर्चरी में रखा जाएगा।
मत्स्य विभाग हिमाचल प्रदेश के चेयरमैन नरदेव कंवर एवं पुष्पिंदर ठाकुर निदेशक खाद्य एवम आपूर्ति विभाग हिमाचल प्रदेश की उपस्थिति में वरिष्ठ कांग्रेसी कार्यकर्ता जय प्रकाश वालिया और शहीद बजिंदर सिंह की याद में उनके बड़े भाई विजय सिंह ने एक लाख की धन राशि मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में भेंट की है।
मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूचना एवं जन संपर्क विभाग) संजय अवस्थी 26 अगस्त को सोलन के प्रवास पर आ रहे हैं। संजय अवस्थी 26 अगस्त को प्रात: 11.30 बजे उपायुक्त कार्यालय सोलन में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय सायर मेला समिति अर्की की बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
आजादी के रणबांकुरों के इतिहास से रू-ब-रू होगी युवा पीढ़ी सरकार स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारजनों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध पर्यटन निगम के अध्यक्ष कैबिनेट रैंक आरएस बाली ने कहा कि पर्यटन विभाग के माध्यम से धर्मशाला के दाड़ी में शहीद मेजर दुर्गा मल-कैप्टन दल बहादुर थापा की स्मृति में भव्य संग्रहालय निर्मित किया जाएगा ताकि स्वतंत्रता सेनानियों की यादों को संजोया जा सके और युवाओं को भी आजादी के रणबांकुरों के इतिहास के बारे में जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि संग्रहालय के निर्माण के लिए एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं। शुक्रवार को पर्यटन निगम के अध्यक्ष केबिनेट रैंक आरएस बाली ने दाड़ी में शहीद मेजर दुर्गा मल-कैप्टन दल बहादुर थापा स्मृति मंच की ओर से आयोजित शहीदी दिवस में बतौर मुख्यातिथि अपने संबोधन में कहा कि हिमाचल वीर भूमि रही है, आजादी के संघर्ष में हिमाचल के वीर सपूतों का अमूल्य योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि देश की स्वतंत्रता को अक्षुण्ण रखने के लिए सेना में कांगड़ा जिला के वीर जवानों अमर शहीद मेजर सोमनाथ, कैप्टन विक्रम बतरा, मेजर सुधीर वालिया, कैप्टन सौरभ कालिया, और ब्रिगेडियर शेरजंग थापा जैसे वीरों के बलिदान की एक लंबी फेहरिस्त है जिसे देश कभी नहीं भुलाया सकता है। राष्ट्र गान की धुन के रचयिता कैप्टन राम सिंह की जन्म भूमि का गौरव भी कांगड़ा जिला को हासिल है। कांगड़ा जिला महान स्वतंत्रता सेनानी पहाड़ी गांधी बाबा कांशी राम की भी जन्म स्थली है जिन्होंने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों का प्रवास कर आजादी की अलख जगाई है। स्वतंत्रता सेनानियों तथा सैनिकों, पूर्व सैनिकों के लिए चलाई है कई योजनाएं उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी स्वतंत्रता सेनानियों प्रदेश सरकार स्वतंत्रता सेनानियों, उनके आश्रितों, सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारजनों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश सरकार द्वारा स्वाधीनता सेनानियों तथा स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों की पत्नियों को 15 हज़ार रुपये व उनकी अविवाहित बेटियों को 10 हज़ार रुपये हर माह प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों की बेटियों के विवाह के लिए 51 हज़ार रुपये तथा पोतियों के विवाह के लिए 21 हज़ार रुपये की आर्थिक मदद का प्रावधान किया गया है। स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों को सरकारी और अर्द्धसरकारी सेवा में दो प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। प्रदेश में परमवीर चक्र और अशोक चक्र विजेताओं को तीन लाख रुपये तथा महावीर चक्र व कीर्ति चक्र विजेताओं को दो लाख रुपये की सालाना राशि दी जा रही है। वीर चक्र तथा शौर्य चक्र विजेताओं को एक लाख रुपये सालाना दिए जा रहे हैं। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि ले जनरल रामपाल ने कहा कि शहीद मेजर दुर्गा मल तथा कैप्टन दल बहादुर का आजादी की लड़ाई में अतुलनीय योगदान रहा है इनकी जीवन यात्रा सब के लिए प्रेरणा की स्रोत है। इस अवसर पर पूर्व महापौर देवेंद्र जग्गी तथा पार्षद सविता कार्की ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इससे पहले स्मृति मंच के अध्यक्ष कर्नल एमएस कार्की ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए स्मृति मंच की कार्य योजना की जानकारी दी। इस अवसर पर खाद्य आपूर्ति निगम के निदेशक पुनित मल्ली, पार्षद नीनू शर्मा, पार्षद अनुराग, पार्षद रजनी, पार्षद सुषमा रंधावा सहित स्मृति मंच के विभिन्न पदाधिकारी उपस्थित थे।
उद्योग, संसदीय मामले एवं आयुष मंत्री हर्षवर्धन चौहान 25 अगस्त से 28 अगस्त तक जिला सिरमौर के प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान उद्योग मंत्री विभिन्न स्थानों पर जन समस्यायें सुनेंगे तथा कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान 25 अगस्त को सायं नाहन पहुंचेंगे। उद्योग मंत्री 26 अगस्त को प्रात: 11.00 बजे कफोटा विश्राम गृह तथा सांय 4.00 बजे शिलाई विश्राम गृह में जन समस्याएं सुनेंगे। हर्षवर्धन चौहान 27 अगस्त को प्रात: 10:30 बजे रोनाहट में जन समस्याएं सुनेंगे। उद्योग मंत्री 28 अगस्त को प्रात: 11 बजे सतीवाला में ब्रांड न्यू फार्मा प्लांट के ग्रैंड ओपनिंग इवेंट में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। एक सरकारी प्रवक्ता ने यह जानकारी प्रदान की है।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने दो बच्चों की संख्या वाले 143 स्कूल डि नोटिफाई किए हैं। प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने 117 प्राथमिक विद्यायल और 26 माध्यमिक विद्यालय बंद किए जाने को लेकर आदेश जारी कर दिए हैं। बिलासपुर जिले में 6, चंबा में 8, हमीरपुर में 4, कांगड़ा में 17, किन्नौर में 5, कुल्लू में 4, लाहौल-स्पीति में 19, मंडी में 18, शिमला में 25, सिरमौर में 3, सोलन में 7 और ऊना में 1 प्राथमिक विद्यालय डि नोटिफाई किया गया है। चंबा जिले में 2, कांगड़ा में 3, किन्नौर में 2, लाहौल-स्पीति में 7, मडी में 5, शिमला में 6 और सिरमौर में 1 माध्यमिक विद्यालय डि नोटिफाई किया गया है। वहीं विद्यार्थियों की संख्या बढऩे पर हिमाचल सरकार ने बंद किए 20 स्कूलों को दोबारा खोलने की अधिसूचना जारी की है। चंबा, कांगड़ा, शिमला, सिरमौर, सोलन और मंडी जिले में ये स्कूल दोबारा खोले गए हैं।
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय निचार में नए प्रवेश तथा विद्यालय में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों के दृष्टिगत उपायुक्त कार्यालय में बैठक का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त किन्नौर तोरूल रवीश ने की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि एकलव्य विद्यालय में नए सत्र में छठी कक्षा में प्रवेश के लिए 60-60 छात्र/छात्राओं की सीटों को भरे जाने के लिए 10 सितंबर को परीक्षा आयोजित की जा रही है। परीक्षा में पारदर्शिता लाने के लिए उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिए कि परीक्षा से पूर्व सभी सीसीटीवी कैमरों की जांच कर ली जाए कि वे सभी चालू हालत में है। विद्यालय में चल रहे चार दीवारी खेल मैदान तथा संपर्क सड़क के कार्य को इस सत्र के अंत तक संबंधित विभागों को पूर्ण करने के आदेश दिए। उन्होंने लोक निर्माण को निर्देश दिए कि संपर्क मार्ग में जल निकासी का कार्य सुचारू रूप से हो। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय सांस्कृतिक समारोह निचार में 11 व 12 सितम्बर को आयोजित किया जाएगा। उन्होंने विद्यालय के प्रबंधन को निर्देश दिए कि यहां शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र व छात्राओं को खेल गतिविधियों में भाग लेने का भी पूर्ण अवसर प्रदान किया जाए। विद्यालय की प्रधानाचार्य गीतांजलि भूषण ने बैठक का संचालन किया तथा विद्यालय में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों और गतिविधियों के बारे में विस्तारपूर्वक ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर सहायक आयुक्त संजीव कुमार भोट, एसडीएम भावानगर बिमला वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
12 अगस्त की रात को मंडी के जवाली क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के बाद जो आपदा की मार पड़ी वो असहनीय है। उस रात को बारिश के कारण भारी भूस्खलन हुआ और पल भर में पूरा गांव उस त्रासदी की आगोश में आ गया। इस आपदा से सैकड़ों लोग प्रभावित हुए। यह हादसा कितना डराने वाला था, इसका अनुमान लगाना भी कठिन है और बेहद कठिन है उन पीडि़तों के दर्द को समझ पाना, जिन्होंने अपने आंखों के सामने अपने सपनों के आशियाने को नष्ट होते हुए देखा। बेहद मुश्किल है पीडि़तों के दर्द पर मरहम लगा पाना। फस्र्ट वर्डिक्ट मीडिया ने पीडि़तों से संपर्क साधा और हाल जानने का प्रयास किया। इससे पहले हम उनसे कुछ सवाल कर पाते उनका दर्द छलक उठा। मझेड़ गांव के 70 वर्षीय भूप चंद ने जिस तरह पूरे घटनाक्रम को कांपती आवाज से बयां किया तो ये स्पष्ट हुआ कि वो मंजर बेहद डरावना रहा होगा। भूप चंद ने बताया की उस रात उन्होंने अपने आंखों के सामने छह कमरों के मकान को ढहते हुए देखा। भूप चंद ने कहा कि हाल ही में उन्होंने एक बीघा 15 बिस्वा जमीन खरीदी थी। सोचा था कि कृषि कर परिवार का पालन पोषण करेंगे, लेकिन प्रकृति ने गरीब भूप चंद की कमर तोड़ दी और इस घटना में खेत भी बह गए। अब भूप चंद के हाथ भी खाली है और बैंक खाते भी। वर्तमान में वे एक स्कूल में रह रहे है और वो दमा के मरीज है। भूप चंद ने दबी आवाज में कहा कि बस भगवान ने जान बचाई है लेकिन अब मुझमे हिम्मत नहीं बची है। भूप चंद को बस एक आस है कि वो जीते जी अपने परिवार को फिर छत दे सके और उनकी नजर अब सरकार पर टिकी है।
कहा- बागवानों की सुविधा के लिए 312 खरीद केंद्र स्थापित किए जाएंगे बागवानी आधारित अर्थव्यवस्था को संबल प्रदान करते हुए प्रदेश सरकार ने सेब उत्पादकों को लाभ प्रदान करने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय में मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) के तहत सेब के न्यूनतम समर्थन मूल्य को 10.50 रुपये से बढ़ाकर 12 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया है। प्रदेश सरकार ने सेब उत्पादकों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से पहली बार 1.50 रुपये की वृद्धि की है। सेब के अलावा, राज्य सरकार ने एमआईएस के तहत आम, किन्नू, माल्टा और संतरे की खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य भी 10.50 रुपये से बढ़ाकर 12 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया है। पहली बार नींबू की खरीद भी एमआईएस के तहत गलगल के बराबर यानी 10 रुपये प्रति किलोग्राम की दर पर की जाएगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि एमआईएस के तहत 1,43,778 मीट्रिक टन सेब की खरीद की जाएगी और बागवानों की सुविधा के लिए 312 खरीद केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इनमें से एचपीएमसी द्वारा 210 खरीद केंद्र और शेष 102 केंद्र हिमफेड द्वारा संचालित किए जाएंगे। राज्य सरकार के इस निर्णय से सेब उत्पादकों को लगभग 24 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ होगा। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों की सुविधा के दृष्टिगत खरीद उद्देश्यों के लिए सीडलिंग, ग्राफ्टेड और कच्चा अचारी आम के खरीद अंतर को समाप्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि पहले आम की विभिन्न किस्मों को अलग-अलग दरों पर खरीदने का प्रावधान था, लेकिन वर्तमान राज्य सरकार ने आम की तीनों किस्मों के लिए खरीद दर एक समान करने का निर्णय लिया है और 12 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से आम की खरीद की जाएगी। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने किन्नू, माल्टा और संतरे की खरीद दर भी सेब और आम के समान दर पर लाने का निर्णय लिया है। नींबू प्रजाति के ये फल भी अब सेब और आम के बराबर 12 रुपये प्रति किलोग्राम की दर पर खरीदे जाएंगे। इसके अलावा, किसानों की सुविधा के लिए राज्य सरकार ने किन्नू, माल्टा और संतरे की खरीद के लिए ग्रेड प्रणाली को समाप्त करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023-24 के दौरान 10 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से गलगल और नींबू की भी खरीद की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि फल उत्पादकों को बिचौलियों के शोषण से बचाने के लिए मंडी मध्यस्थता योजना कारगर है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के दृष्टिगत किसान और बागवान हितैषी योजनाएं क्रियान्वित कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में किसानों को और अधिक सहयोग प्रदान करने के लिए कीटनाशकों व फफंूदनाशकों को उपदान पर प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में विभिन्न प्रजाति के फलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कई नवोन्मेषी प्रयास कर रही है। सरकार किसानों के लिए उचित मुआवज़ा सुनिश्चित करने और कृषि क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
बद्दी को पिंजौर से जोडऩे वाला मुख्य समेत वैकल्पिक पुल भी ढहा गया है। बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ के लिए ट्रक रूपनगर होकर आएंगे। इससे वाहनों को 100 किमी का अतिरिक्त सफर करना पड़ेगा। उद्योगों समेत स्थानीय लोगों का संपर्क भी कट गया है। सुबह से सड़े मार्ग पर जाम लग रहा है। प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है। बीबीएन में लोगों को कई दिन तक परेशानी झेलनी पड़ सकती है। बीबीएन की लाइफलाइन बद्दी पुल के टूटने से प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में 35 फीसदी तक उत्पादन ठप हो गया है। बीबीएन में प्रतिदिन 500 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। यहां कामगार व कर्मचारी हरियाणा के पिंजौर, कालका व पंचकूला की ओर से आते हैं। इन कामगारों को लाने के लिए बसें तो लगी हैं, लेकिन 15 किमी का रास्ता तीन घंटे में तय हो रहा है। वैकल्पिक मार्गों पर जाम लग रहा है। बीबीएन में कच्चा माल लेकर बड़े ट्रक आते हैं। वह इस मार्ग पर नहीं चल पाएंगे। इससे जिन उद्योगों के पास कच्चा माल नहीं है, वह तो बंद हो जाएंगे। इस बीच अगर प्रशासन की ओर से पुल की रिपेयर नहीं की गई तो बड़े उद्योगों को भी नुकसान उठाना पड़ेगा। इस बारे में बीबीएनआईए ने केंद्रीय भू-तल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को भी पत्र लिखा है। संघ ने औद्योगिक क्षेत्र को बचाने के लिए वैकल्पिक पुल बनाने की मांग की है। बीबीएनडीए के सीईओ ललित जैन के साथ वीरवार को हुई बैठक में आपदा को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है। बीबीएनआई के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने कहा कि यह प्राकृतिक आपदा है और इसके लिए वह किसी को दोषी नहीं मान रहे हैं। अभी ढेरोंवाल व बालद खड्ड पर पुल है। हालांकि जाम तो लग रहा है लेकिन यहां पर पूरी तरह से आवाजाही ठप नहीं हुई है। बद्दी पुल बीबीएन की लाइफलाइन है और एनएचआई को बरसात से पहले ही पुल तैयार करना चाहिए था।
बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज यहां कहा कि प्रदेश सरकार बागवानों के कल्याण के लिए हाल ही में लिए गए निर्णयों को सख्ती से लागू करने के हरसंभव प्रयास कर रही है। किसी को भी नियमों की अवेहलना की अनुमति नहीं दी जाएगी और उल्लंघनकर्ताओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश कृषि और बागवानी उपज विपणन (विकास और विनियमन) अधिनियम- 2005 के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर कृषि उपज विपणन समिति ने कड़ा संज्ञान लेते हुए बकाएदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। बागवानी मंत्री ने कहा कि इन उल्लंघनकर्ताओं द्वारा सेब और नाशपाती को बिना वजन के क्रय और विक्रय किया गया। इनमें से एक डिफॉल्टर कृषि विभाग द्वारा जारी लाइसेंस के बिना मार्केट यार्ड पराला में कारोबार कर रहा था। दूसरा उल्लंघनकर्ता मार्केट यार्ड रोहड़ू में वजन के आधार पर फलों की बिक्री और खरीद के सरकारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन नहीं कर रहा था। जगत सिंह नेगी ने कहा कि दोषी पाए जाने पर अधिनियम के प्रावधानों के तहत उल्लंघनकर्ताओं के पंजीकरण प्रमाणपत्र निलंबित कर दिए जाएंगे।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की खोलानाला पंचायत में बुधवार रात बादल फटने से 300 लोग फंस गए। एनडीआरएफ की टीम इन्हें रेस्क्यू करने में जुटी हुई है। देर शाम तक 51 लोगों को रेस्क्यू करके सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है। अन्य को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। फंसे हुए लोगों को रेस्क्यू करने में कठिनाई पेश आ रही है, क्योंकि सड़क के साथ-साथ पंचायत को जोडऩे वाले रास्ते भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसलिए एनडीआरएफ की टीम इन्हें रेस्क्यू करने के लिए 15 किलोमीटर पैदल चलकर मौके पर पहुंची। घर और जमीन को भी नुकसान फंसे हुए लोगों को नालों, टूटे हुए रास्तों से होते हुए निकाला जा रहा है। फ्लैश फ्लड के बाद पंचायत के लोग 2 दिन से दहशत में है। शेहनू गौनी गांव में घरों और स्थानीय लोगों की कई बीघा उपजाऊ भूमि भी फ्लैश फ्लड के साथ बह गई है। एसडीएम बाली चौकी की सूचना के बाद एनडीआरएफ की टीम सेराज भवन कुल्लू से शेहनू गौनी गांव पहुंची। यहां बादल फटने के बाद 16 पुरुष, 20 महिलाएं और 15 बच्चे फंसे हुए थे, जिन्हें निकाल लिया गया है।
पुलिस थाना खुंडिया के अंतर्गत एक युवक की करंट लगने से मौत हो गई। जानकारी के अनुसार 24 वर्षीय शिशन पुत्र मुन्ना लाल निवासी सरोड़ी, अंगतपुर, थाना मीरगंज, जिला बरेली यूपी किराये के कमरे में रहता था, कमरे में ही करंट लगने से उसकी मौत हो गई। वह खुंडिया में रेहड़ी लगाकर अपना जीवन यापन करता था। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों के बयान दर्ज कर शव को कब्जे में लेकर आगामी पोस्टमार्टम हेतु शव को सिविल अस्पताल देहरा भेजा दिया है। मामले की पुष्टि करते हुए डीएसपी ज्वालामुखी विकास धीमान ने कहा कि पुलिस ने मामला दर्ज कर अगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला में आईसीसी वनडे क्रिकेट विश्वकप के मैचों के लिए टिकटों की ऑनलाइन बिक्री शुक्रवार से शुरू हो गई। क्रिकेट प्रेमी नॉन इंडिया मैचों के टिकट बुक माई शो वेबसाइट पर बुक कर सकते हैं। सबसे सस्ता टिकट एक हजार रुपये का रहेगा, जबकि सबसे महंगा टिकट साढ़े 12 हजार का होगा। आईसीसी की ओर भारतीय टीम के मैचों के टिकटों के दाम अभी तय नहीं किए गए हैं। धर्मशाला में भारत और न्यूजीलैंड के बीच 22 अक्तूबर को खेले जाने मैच का सबसे सस्ता टिकट 1500 रुपये का रहेगा। आईसीसी ने भारत में हो रहे वनडे क्रिकेट विश्व के टिकटों की बिक्री का जिम्मा बुक माई शो कंपनी का दिया है। धर्मशाला में होने वाले पांच में से चार मैच विदेशी टीमों के बीच खेले जाएंगे। नॉन इंडिया मैच के टिकटों के दाम मैदान में कॉरपोरेट बॉक्स के अलावा 14 स्टैंड हैं, जिन्हें आठ भागों में बांटा गया है। 1000 रुपये के सबसे सस्ते टिकटों के दो स्टैंड हैं। इसके अलावा 1250 रुपये के दाम वाले टिकटों के तीन स्टैंड रखे गए हैं। आईसीसी को ओर टिकटों के 1,000, 1,250, 2,500, 4,500, 5,500, 7,500, 10 हजार और साढ़े 12 हजार दाम तय किए गए हैं। वहीं, एक टिकट की बुकिंग पर 7 फीसदी तक फीस भी देनी होगी। अभी तक भारतीय टीम के मैचों के टिकटों के दाम आईसीसी ने तय नहीं किए हैं। भारतीय टीम के धर्मशाला में होने वाले मैच के टिकटों की बिक्री एक सितंबर से शुरू होगी। एचपीसीए के सचिव अवनीश परमार ने बताया कि आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप के नॉन इंडिया मैच के टिकटों की शुक्रवार से ऑनलाइन बिक्री शुरू हो जाएगी। भारतीय टीम के मैच के टिकटों की बिक्री एक सितंबर से होगी। नॉन इंडिया मैच के टिकटों के दाम 1,000, 1,250, 2,500, 4,500, 5,500, 7,500, 10 हजार और साढ़े 12 हजार रुपये रहेंगे। धर्मशाला में पहला मैच सात अक्तूबर को बांग्लादेश और अफगानिस्तान के बीच खेला जाएगा। अन्य मैच 10, 17, 22 और 28 अक्तूबर को होंगे।
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के 6,000 से अधिक पद भरने के लिए अक्तूबर से भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। राज्य सचिवालय में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि नया भर्ती आयोग गठित होते ही शिक्षा विभाग भर्तियां शुरू करेगा। प्रारंभिक शिक्षा विभाग में 5,300 और उच्च शिक्षा विभाग में 1,000 पद भरे जाएंगे। प्रदेश कैबिनेट ने इन पदों को भरने के लिए पहले ही मंजूरी दे दी है। शिक्षा मंत्री ने कहा है विभाग अपने स्तर पर भी प्रयास कर रहा है कि रिक्त पद जल्द भरे जाएं। पदोन्नति और बैचवाइज आधार पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। पांच वर्ष बाद नियमित प्रिंसिपल कॉलेजों में पदोन्नत कर दिए गए हैं। अन्य श्रेणियों के शिक्षकों के पद पदोन्नति से भरे जा रहे हैं। बैचवाइज आधार पर भी जिला शिक्षा अधिकारी भर्तियां कर रहे हैं। बीते दिनों ही मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश में भर्तियां करने के लिए नया आयोग गठित करने की बात कही है। इसके लिए सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी दीपक सानन की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। कमेटी अक्तूबर में अपनी रिपोर्ट देगी। इस रिपोर्ट के मिलते ही नया भर्ती आयोग गठित किया जाएगा। पेपर लीक मामले में भंग किए गए हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग की जगह नया भर्ती आयोग बनाया जाना है।
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को केंद्र से हिमाचल प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की अपील की ताकि प्रभावित लोगों को तत्काल राहत मिल सके। इस महीने राज्य में बारिश से संबंधित घटनाओं में लगभग 120 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 24 जून को हिमाचल प्रदेश में मानसून की शुरुआत के बाद से कुल 242 लोगों की मौत हो गई है और 40 लोग अभी भी लापता हैं। एक्स पर एक पोस्ट में कांग्रेस महासचिव ने कहा कि इस कठिन समय में उनकी प्रार्थनाएं हिमाचल प्रदेश के लोगों के साथ हैं। उन्होंने कहा कि कई राज्यों ने हिमाचल प्रदेश की मदद के लिए सराहनीय और संवेदनशील कदम उठाए हैं। केंद्र सरकार से अपील है कि त्रासदी से हुए भारी नुकसान को देखते हुए हिमाचल प्रदेश में आई आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए ताकि इससे पीड़ित बहनों और भाइयों को उचित और तत्काल राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि इस भीषण आपदा के समय देश के सभी लोगों को हिमाचल प्रदेश के लोगों के साथ खड़ा होना चाहिए और उनका हौसला बढ़ाना चाहिए।
ऊना जिले में दौलतपुर चौक, अंब-अंदौरा और ऊना रेलवे स्टेशन से रेल सफर का लाभ लेने वाले यात्रियों के लिए निराशाजनक खबर है। 28 से 30 अगस्त के बीच जिले के रेलवे स्टेशन से आवागमन करने वाली वंदे भारत सहित पांच ट्रेनें तीन दिन रद्द रहेंगी। ट्रेनों को कीरतपुर साहिब रेलवे स्टेशन में ट्रैक सुधारीकरण एवं आधुनिकीकरण कार्य के चलते रद्द रखा जाएगा। हालांकि वंदे भारत 28 और 30 अगस्त दो दिन ऊना एवं अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशन तक नहीं आएगी। ट्रेन दिल्ली और चंडीगढ़ के बीच इन तिथियों में आवागमन करेगी। वंदे भारत की 29 अगस्त के दिन ऊना आने की संभावना है। फिलहाल ट्रेनों के रद्द रहने के चलते यात्रियों को यात्रा संबंधित परेशानियां झेलनी पड़ेंगी।


















































