मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज परिवार सहित माता चिन्तपूर्णी मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। चिंतपूर्णी में पत्रकारों से अनौपचारिक संवाद में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल के पवित्र स्थलों एवं शक्तिपीठों की यात्रा को सुगम बनाने एवं यात्रियों को विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए सक्रियता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भंग किए जा चुके हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर के छ: पोस्टकोड के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त सतर्कता जांच से बाहर अन्य परिणाम घोषित करने के लिए प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि जूनियर ऑफिसर असिस्टेंट (आईटी) की भर्ती प्रक्रिया पूर्व भाजपा सरकार के कारण कानूनी पेचिदगियों में फंसी है और वर्तमान प्रदेश सरकार ने अभ्यर्थियों को राहत पहुंचाने के दृष्टिगत सर्वोच्च न्यायालय से इसकी शीघ्र सुनवाई के लिए आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर में प्रश्नपत्रों की बिक्री का मामला वर्तमान सरकार के गठन के उपरान्त सामने आया और इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि शानन जल विद्युत परियोजना की पट्टे की अवधि वर्ष 2024 में पूरी हो रही है और कानून के अनुसार पंजाब को यह परियोजना हिमाचल प्रदेश को वापिस कर देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों की सुविधा के दृष्टिगत वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा वर्तमान में विभिन्न गैर जरूरी कानूनों को निरस्त अथवा संशोधित करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास की प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। एक अन्य प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के वनों में सूखे पेड़ों को निकालने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए वन विभाग और हिमाचल प्रदेश वन विकास निगम को निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार शीघ्र ही बैठक आयोजित कर इसके लिए रूपरेखा तैयार करेगी।
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार आवश्यक रखरखाव के दृष्टिगत 10 जुलाई को सोलन के विभिन्न क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता सोलन राहुल वर्मा ने दी। राहुल वर्मा ने कहा कि 10 जुलाइ को प्रात: 10 बजे से दोहपर 12 बजे तक तथा सांय 4 बजे से सायं 6 बजे तक चम्बाघाट चैक, फोरेस्ट कालोनी, करोल विहार, डीआईसी, बेर गांव, बेर पानी, औद्योगिक क्षेत्र, कुलजा उद्योग, एनआरसीएम, बेर खास, दामकड़ी, जौणाजी, सेर चिराग, कोटला, मशीवर, दयारग बुखार, रोमी बस्सी, हदेची, शेरपा रिसोर्ट, बालूघाटी, बायला, चेंजर, शिल्ली, फशकना, अश्वनी खड्ड, रिडिधार, कनाह बजनाल एवं आस-पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने कहा कि मौसम खराब होने की स्थिति में अथवा किसी अन्य अपरिहार्य कारणों के दृष्टिगत निर्धारित तिथि व समय में बदलाव किया जा सकता है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज नादौन के सेरा विश्राम गृह में मीडिया कर्मियों से अनौपचारिक बातचीत में नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर द्वारा चंडीगढ़ में हिमाचल की हिस्सेदारी को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्हें संकीर्ण विचारधारा से ऊपर उठकर प्रदेश हित में व्यापक दृष्टिकोण अपनाते हुए एकजुट काम करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को चंडीगढ़ में हिमाचल प्रदेश की हिस्सेदारी का मामला केंद्र सरकार के साथ उठाने एवं इसे हल करने की दिशा में सार्थक प्रयास करने चाहिए। पड़ोसी राज्यों को पानी छोड़ने संबंधी मीडिया के एक अन्य सवाल का जबाव देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा भी किशाऊ और रेणुका जी बांध से अधिक पानी की मांग कर रहा है और इस मामले का सौहार्दपूर्ण तरीके से हल करने के लिए आपस में विचार-विमर्श जारी है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नादौन में लोगों की शिकायतें भी सुनीं। इसके उपरांत चिंतपूर्णी जाते समय कांगड़ा जिले के जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र के रक्कड़ में स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर कांग्रेस नेता सुरेंद्र मनकोटिया और कांग्रेस पार्टी के अन्य वरिष्ठ सदस्य भी उपस्थित थे। उन्होंने रक्कड़ में मोनिका शर्मा सारथी द्वारा लिखित पुस्तक च्अक्स मेरा नज़र तो आएगाज् का विमोचन भी किया।
प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि विद्यार्थियों का समग्र विकास सुनिश्चित करने के दृष्टिगत सरकार ने सभी विद्यालयों और महाविद्यालयों के खेल मैदान शिक्षण अवधि के उपरान्त भी खुले रखने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इन शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थी दैनिक शिक्षण अवधि के बाद भी खेल परिसर का उपयोग खेलकूद गतिविधियों के लिए कर सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को खेल गतिविधियों में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित करना है और उनके डिजिटल और भौतिक जीवन के बीच एक स्वस्थ संतुलन बनाने का अवसर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में युवा शारीरिक गतिविधियों के बजाय अत्याधिक मोबाइल उपयोग में संलिप्त रहते हैं जिसके कारण युवाओं में अवसाद जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। ऐसे में युवा ऊर्जा का उपयोग सकारात्मक कार्यों में करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में विद्यालय और महाविद्यालय प्रशासन द्वारा शिक्षण संस्थानों के समय के बाद खेल परिसर का उपयोग करने की मनाही होती है। सरकार के इस कदम से युवाओं का खेल के प्रति रूझान बढ़ेगा और उन्हें नशीले पदार्थों के खतरों से भी बचाया जा सकेगा।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हमने लोगों की मांग पर रामपुर विधान सभा क्षेत्र में संस्थान खोले थे, सुक्खू सरकार ने शपथ ग्रहण करते ही सारे संस्थान बंद कर दिए। उन्होंने पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह से पूछा कि वह आज रामपुर के लोगों को बताएं कि रामपुर में मेरी सरकार द्वारा खोला गया लोक निर्माण विभाग का डिवीजन गलत था। रामपुर के विधायक बताएं कि संस्कृत महाविद्यालय गलत खोला गया था। वह लिख कर दें कि जयराम सरकार ने गलत किया था। यदि लिख कर देने की हिम्मत नहीं है तो उन संस्थानों को फिर से बहाल करें। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सुक्खू सरकार प्रतिशोध की भावना से काम कर रही है। अब बहुत हुआ, अब चुप बैठने का समय नहीं है, यदि भी हम और आप चुप बैठ गये तो, यह सरकार इसी तरह से मनमानी करती रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार बंद संस्थानों को बहाल करे, नौकरी से निकाले गए आउटसोर्स कर्मियों को वापस ले। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि चुनाव के पहले कांग्रेस के एक नेता हर रोज सोशल मीडिया के माध्यम से खूब प्रचार-प्रसार करते थे। सबसे कामों की ज़िम्मेदारी लेते रहते थे। जब सरकार में हैं, मंत्री हैं तो प्रदेश के लोगों द्वारा किसी भी मांग पर कहते हैं कि हम डाकिया नहीं हैं। उन्होंने कहा आज मनोहर जैसे हत्याकांड हो रहे, हत्या के बाद भी जब जी नहीं भरा तो आठ टुकड़े में काट दिया। ऐसे लोगों को मुख्यमंत्री जैसे लोग शह दे रहे हैं जो खुलेआम मंचों से कहते हैं कि हमने 97 प्रतिशत की हिंदूओं को हराया हैं। क्या हिंदू होना कोई गुनाह है। नेता प्रतिपक्ष रामपुर में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे, इस मौके पर उनके साथ आनी के विधायक लोकेंद्र, रामपुर से बीजेपी के प्रत्याशी रहे कौल सिंह नेगी, जिलाध्यक्ष अरुण फाल्टा, मंडल अध्यक्ष कुलवीर, नरेश चौहान, बृजलाल अमर ठाकुर, विजय गुप्ता, श्यामलाल गुप्ता,जगदीश, अनिल चौहान, सभी मोर्चों के साथ साथ स्थानीय पार्षद समेत हजारों कार्यकर्ता मौजूद रहे। पहले बंद संस्थान बहाल करें, फिर सहयोग की बात करें नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हम सरकार खिलाफ नहीं है, हम जनता के लिए हैं। हमारा सरकार को पूरा सहयोग है। लेकिन सबसे पहले जनहित के लिए खोले गये संस्थानों को बहाल करिए। फिर हम बात करेंगे। ऐसा नहीं हो सकता है कि आप प्रतिशोध कि भावना के साथ काम करिए और हम से ही सभी सहयोग लेते रहिए। जनता कांग्रेस को करेगी डिनोटिफाई नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि सरकार सभी बंद किए संस्थानों को फिर से नोटिफाई नहीं करेगी तो प्रदेश के लोग ही सुक्खू की सरकार को डिनोटिफ़ाई कर देंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार आते ही हम सारे डिनोटिफ़ाई संस्थानों को नोटिफाई करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों के सामने कांग्रेस बेनक़ाब हो गई है और सभी नेताओं का भांडा फूट चुका है। हिमाचल के लोग आने वाले चुनाव में ही कांग्रेस को बता देंगे।
मैहतपुर स्थित ईशान आई अस्पताल को शुक्रवार महिला कर्मचारियों द्वारा खोलने की कोशिश गई। हालांकि यह मामला अभी भी प्रदेश हाई कोर्ट में विचारधीन है। बावजूद इसके डॉ. नदीम अख्तर के कर्मियों द्वारा विवादित भवन में चल रहे आंखों के अस्पताल को खोलने का प्रयास किया, जिसे हिंदू एकता मंच के सदस्यों में खासा आक्रोश व्याप्त है। आज सुबह करीब 11 बजे तीन महिलाओं ने अस्पताल खोला गया। इसके बाद हिंदू एकता मंच के सदस्य मौका पर पहुंचे। इसके मालिक डॉ. नदीम अख्तर ने भगवान शिव पर अश्लीश टिप्पणियां की थीं, जिसके बाद पूरे ऊना में विरोध प्रदर्शन हुए थे। हिंदू समाज का कहना है कि अब चोरी से अस्पताल खोलकर डॉ. नदीम अख्तर ने हिंदुओं की सहनशीलता को परखने का कार्य किया है। हिंदू एकता मंच के चंदन शर्मा, साहिल ठाकुर, विनय सहोड़, विक्रम ठाकुर, दिनेश ठाकुर, राहुल ऐरी, सुरिंद्र चौधरी छिंदा, रजनीश राणा, दीपक जोशी, पुलकित द्विवेदी और गोल्डी कौंडल सहित अन्य मौजूद थे। उधर, मैहतपुर पुलिस थाना के एसएचओ मनोज कौंडल ने बताया कि आज पुलिस का कोई कर्मी नहीं था, जबकि सुरक्षा के मद्देनजर एक टुकड़ी लगाई हुई थी। पुलिस का तर्क की आज सीएम के दौरे के कारण ड्यूटी लगी हुई थी। एकता मंच ने अस्पताल खोलने वाली महिलाओं के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है।
शिमला जिला के मतियाना में स्टार प्रोजेक्ट के तहत रोबोटिक्स लैब में विद्यालय के शिक्षकों को पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण में स्कूलनेट इंडिया लिमिटेड से आए प्रशिक्षक अनुराग तिवारी, सोनू मिश्रा और वीरेंद्र ने शिक्षकों को मैकेनिकल निर्माण और रोबोटिक्स एंबेडेड इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम के बारे में जानकारी दी। हिमाचल प्रदेश में स्कूलनेट इंडिया लिमिटेड के प्रदेश समन्वयक सन्नी शर्मा ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि आधुनिक भारत में तकनीकी शिक्षा होनी अतिआवश्यक है, ताकि वैश्विक पटल पर भारत के छात्र अविष्कार के क्षेत्र में नए नए आयाम और कीर्तिमान स्थापित कर सके। इस प्रशिक्षण का शुभारंभ जिला परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा शिमला श्री जय देव नेगी ने किया। इसमें उन्होंने प्रशिक्षकों को रोबोटिक्स लैब के फायदे बताए और बताया की कैसे शिक्षक अपने विद्यालय में प्रशिक्षण के पश्चात छात्रों के अंदर क्रिएटिविटी पैदा कर सकते हैं। इस प्रशिक्षण शिविर में राज्य समन्वयक समग्र शिक्षा वर्षा सूद ने भी अध्यापकों के समक्ष अपने विचार रखे और उन्हें रोबोटिक्स लैब को अधिक से अधिक इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया। सन्नी ने कहा कि उन्होंने कहा कि पांच दिवसीय इस प्रशिक्षण शिविर में डिजाइन थिंकिंग, उत्पाद विकास विचारों, शैक्षणिक अवधारणाओं के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण के पश्चात प्रशिक्षु शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश के पश्चात रोबोटिक्स कक्षाएं संचालित करेंगे। इस मौके पर विभिन्न विद्यालयों से आए हुए लगभग चालीस शिक्षकों ने भाग लिया। यह जिला स्तरीय शिमला जिला का प्रशिक्षण शिविर था। ऐसे प्रशिक्षण पूरे प्रदेश में सभी जिला होंगे।
प्रदेश कांग्रेस नेताओं ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के समर्थन में नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार की तानाशाही नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राहुल गांधी डरो मत हम तुम्हारे साथ, स्वतंत्र देश मे निरंकुश तानाशाही जैसे तख्तियां हाथ में लिए भारी बारिश के बावजूद जबरदस्त नारेबाजी की। इस अवसर पर प्रदेश महासचिव यशवंत सिंह छाजटा, अमित पाल सिंह, देवेंद्र बुशेहरी, प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष जैनब चंदेल, अमित नंदा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष शहरी जितेंद्र चौधरी,विनोद जिंटा,जी एस तोमर, हेमराज शर्मा, एस के सहगल, वीर सिंह वीरू, विनोद भाटिया, बनीता वर्मा, ऊषा दीवानटा, डॉ. दिनेश शर्मा, मधु सिंह, प्रकाश, विजय ठाकुर एनएस यू आई के महासचिव यासीन भट्ट, एनएसयूआई शिमला शहरी के प्रभारी, नितिन देष्टा, प्रवीण मिन्हास, योगेश यादव, मन्नत मेहता, बुनित कश्यप, समीक्षा ठाकुर, निखिल, प्रियांशू, सुजल, आयर्न, हिमांक व अन्य कांग्रेस व एनएसयूआई,युवा कांग्रेस, सेवादल के कार्यकर्ता मौजूद थे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने मानहानि के एक मामले में राहुल गांधी की याचिका खारिज होने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि न्याय की लड़ाई हर स्तर पर लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस एकजुटता के साथ राहुल गांधी के साथ खड़ी है। राहुल गांधी के खिलाफ भाजपा का कोई भी षडयंत्र सफल होने वाला नही। प्रतिभा सिंह ने राहुल गांधी की मानहानि की याचिका खारिज होने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि केंद्र की मोदी सरकार की तानाशाही आज देश की राजनीति में अस्थिरता पैदा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को एक राजनैतिक षडयंत्र के तहत लोकसभा की सदस्यता से बाहर किया गया। देश मे आज जिस प्रकार से संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है वह बहुत ही चिंता की बात हैं। उन्होंने कहा है कि राहुल गांधी के संघर्ष की लड़ाई में देश प्रदेश की कांग्रेस उनके साथ खड़ी हैं। उन्होंने कहा है कि सत्य परेशान हो सकता है पराजित नही। प्रदेश का एक एक पार्टी कार्यकर्ता राहुल गांधी की इस लड़ाई में उनके साथ खड़ा हैं।
राजस्व, बागवानी तथा जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि नशा मुक्त भांग की खेती संभव है और भांग के औषधीय व औद्योगिक उपयोग का लाभ उठाना आवश्यक है। जगत सिंह नेगी आज सोलन में हिमाचल प्रदेश में औषधीय व औद्योगिक उपयोग के लिए भांग की खेती को वैधता प्रदान करने के सम्बन्ध में प्राधिकृत समिति द्वारा आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। राजस्व मंत्री ने सोलन जिला के विभिन्न पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों से इस महत्वपूर्ण विषय पर सारगर्भित चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भांग की खेती को वैधता प्रदान करने के सम्बन्ध में सभी की राय एवं सुझावों पर चर्चा के उपरांत राज्य हित में निर्णय लेगी। जगत सिंह नेगी ने कहा कि भांग की खेती के विषय में जन-जन को जागरूक बनाया जाना आवश्यक है ताकि सभी भांग के औषधीय एवं औद्योगिक गुणों से परिचित हो सकें। उन्होंने कहा कि डॉ. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी, सोलन तथा चैधरी सरवण कुमार कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर, कांगड़ा के माध्यम से प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों के लिए इस विषय में प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सोलन ज़िला के प्रतिनिधियों के लिए नौणी विश्वविद्यालय द्वारा शीघ्र ही भांग की खेती एवं उपयोगिता के संबंध में प्रशिक्षण शिविर का आयोजन होगा। बागवानी मंत्री ने कहा कि वैज्ञानिक परीक्षण यह सिद्ध करते हैं कि भांग की उपयोगिता आर्थिकी का महत्वपूर्ण आधार बन सकती है। उन्होंने कहा कि भांग में पाए जाने वाले सीबीडी (कैनाबीडियोल) का प्रयोग विभिन्न रोगों के उपचार के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक रूप से प्रयोग कर भांग के पौधे से कपड़ा, कागज़, तेल एवं पेंट इत्यादि बनाया जा सकता है। जगत सिंह नेगी ने कहा कि नशे के रूप में भांग के दुरुपयोग पर कानून पूर्ववत रहेंगे और नशे के सौदागरों के विरुद्ध मुहिम को और गति प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी चुने प्रतिनिधियों को जन-जन को इस दिशा में जागरूक बनाना होगा कि भांग की उपयोगिता का लाभ उठाकर आर्थिक सशक्तिकरण को और मज़बूत किया जा सकता है। राजस्व मंत्री ने इस अवसर पर पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का विस्तृत उत्तर देकर उनकी शंकाओं का समाधान भी किया। मुख्य संसदीय सचिव (बहुउदेशीय परियोजनाएं, विद्युत, पर्यटन, वन एवं परिवहन) सुदंर सिंह ठाकुर ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा इस दिशा में गठित यह समिति अभी तक कुल्लू, मण्डी, कांगड़ा, चम्बा और आज सोलन में यह बैठक आयोजित कर रही है। उन्होंने कहा कि समिति का मुख्य उद्देश्य इस विषय में आमजन की राय जानना और भांग के औषधीय एवं औद्योगिक लाभों को प्रोत्साहित करना है। समिति द्वारा हाल ही में केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो सहित अन्य राज्यों का भ्रमण कर वहां भांग के उपयोग इत्यादि की विषय में गहन जानकारी प्राप्त की गई। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों का आह्वान किया कि भांग के औषधीय एवं औद्योगिक गुणों के सम्बन्ध में लोगों को जागरूक बनाएं। समिति के सदस्य एवं द्रंग के विधायक पूर्ण चंद ठाकुर, शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया, बंजार के विधायक सुरेन्द्र शौरी तथा भरमौर के विधायक डॉ. जनक राज ने इस अवसर पर भांग की उपयोगिता एवं इसके लाभों पर विस्तृत प्रकाश डाला। समिति के विशेष आमंत्रित सदस्य एवं अधिवक्ता देवेन कृष्ण खन्ना ने भांग से संबंधित विधिक विषयों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। पुलिस अधीक्षक बद्दी मोहित चावला ने भी विषय पर अपने विचार रखे। राज्य कर एवं आबकारी ज़िला सोलन के उपायुक्त देवकांत खाची ने सभी का स्वागत किया और समिति के कार्य के संबंध में जानकारी प्रदान की। कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी, जिला परिषद सोलन के अध्यक्ष रमेश ठाकुर, नगर निगम सोलन की महापौर पूनम ग्रोवर, उप महापौर राजीव कौड़ा, प्रदेश कांग्रेस समिति के उपाध्यक्ष राहुल सिंह ठाकुर एवं रमेश ठाकुर, ज़िला कांग्रेस समिति के अध्यक्ष शिव कुमार, प्रदेश कांग्रेस महासचिव सुरेंद्र सेठी, कांग्रेस के अजय कंवर, सोलन ज़िला के पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि, उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक सोलन गौरव सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय यादव, इस समिति के सदस्य सचिव एवं राज्य कर एवं आबकारी के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. राजीव डोगरा, उप पुलिस अधीक्षक सोलन भीष्म ठाकुर, राज्य कर एवं आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
जिला ऊना के हरोली क्षेत्र में निर्मित होने वाले बल्क ड्रग पार्क से पूरे क्षेत्र में प्रगति और समृद्धि के एक नए युग की शुरुआत होगी। यह पार्क हिमाचल को देश के फार्मा हब के रूप में स्थापित करने में भी सहायक सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राष्ट्रीय महत्व की यह परियोजना प्रदेश के मौजूदा फार्मा पारिस्थितिकीय तंत्र को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। राज्य सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना को समयबद्ध पूरा करने के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल को निवेश अनुकूल राज्य के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है। संभावित निवेशकों को सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि 8000 से 10,000 करोड़ रुपये की निवेश क्षमता वाला यह बल्क ड्रग पार्क 15,000 से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अधोसंरचना निर्मित करने के लिए 225 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता की पहली किस्त प्राप्त हो चुकी है। केंद्र सरकार के औषध (फार्मास्यूटिकल्स) विभाग द्वारा बल्क ड्रग पार्क प्रोत्साहन योजना के दिशानिर्देशों के तहत यह अनुदान राशि प्रदान की गई है। इस परियोजना को समयबद्ध पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश बल्क ड्रग पार्क इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के साथ राज्य कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में पंजीकृत किया है। यह एजेंसी इस परियोजना के कार्यान्वयन में आने वाली सभी बाधाओं का शीघ्र निवारण सुनिश्चित करेगी। पार्क के निर्माण के लिए 120 मेगावाट बिजली की आपूर्ति पूरी करने के लिए ऊना और टाहलीवाल से निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए दो ट्रांसमिशन लाइनों की योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सभी संबंधित विभागों को बल्क ड्रग पार्क को मूर्त रूप देने तथा इसे समयबद्ध पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विभागों को प्राथमिकता के आधार पर और समयबद्ध तरीके से बल्क ड्रग पार्क से संबंधित कार्यों में तेजी लाने के लिए कहा है। इस पार्क के लिए पानी, बिजली, सड़क जैसी बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य में जलशक्ति विभाग को पानी से संबंधित कार्यों के शीघ्र निष्पादन के निर्देश दिए गए हैं। क्षेत्र के भूमिगत जलस्तर के सुधार एवं रखरखाव के लिए जलशक्ति विभाग को 11.75 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भाखड़ा-ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) से पार्क को स्थायी बिजली आपूर्ति की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं। एचपी ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीटीसीएल) और हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड को बल्क ड्रग पार्क के लिए बाहरी विद्युत बुनियादी ढांचे का निर्माण शुरू करने के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके अलावा, राज्य सरकार ने वर्तमान वित्त वर्ष में विनिर्माण, पर्यटन, ऊर्जा, निर्माण, आवास इत्यादि क्षेत्रों में लगभग 20,000 करोड़ रुपये का निजी निवेश लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इससे 40,000 लोगों को प्रत्यक्ष और लगभग 50,000 लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
देहरा ब्लॉक में कृषि विभाग की योजनाओं से प्रेरित होकर कई किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। इन्हीं में से एक हंै देहरा ब्लॉक की धनोट पंचायत से संबंध रखने बाले विजय सिंह राणा। विजय सिंह राणा ओर उनके तीन भाइयों ने सिंतबर 2021 में हॉर्टिकल्चर विभाग के अंडर 25 कनाल में शिवा क्लस्टर लगया है। इसमें मौसमी के 1111 पौधे लगाए गए हैं। विजय सिंह ने 2018 में पालमपुर में पदम श्री सुभाष पालेकर जी से 7 दिवसीय शिविर में प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण लिया था और उसके बाद अपने खेतों में प्राकृतिक खेती करना शुरू कर दी। विजय राणा ने पौधों के बीच के खाली जगह को बड़े अच्छे तरीके से उपयोग किया। उन्होंने अपने बगीचे में भिंडी, फ्रेंचबीन, कुकरबीट्स लगाए हुए हंै और उन्होंने बताया कि इससे उनकी आय में बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने बताया कि जीवामृत, नीमलेप, घनजीवमृत, ओर ब्रहमास्त्र आदि प्राकृतिक घटक का प्रयोग करने से उनके मौसमी के पौधों की वृद्धि बड़े अच्छे से हो रही है। वे 25 कनाल के बगीचे में किसी भी प्रकार की रासायनिक खादें प्रयोग नहीं करते है। वे चाहते हैं कि जितने भी शिवा क्लस्टर उनके आसपास की पंचायतों में लगाए जा रहे हंै, वहां प्राकृतिक खेती में प्रयोग होने वाली खादों को खेतों में उपयोग किया जाए।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल और भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व चेयरमैन विजय अग्निहोत्री ने कहा कि मात्र घोषणा कर देने से मैडिकल कॉलेज नहीं बन जाता। उन्होंने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव से चंद दिन पहले एक कागज के टुकड़े के उपर मेडिकल कॉलेज हमीरपुर, मेडिकल कॉलेज नाहन और मेडिकल कॉलेज चंबा तीनों की घोषणा हो गई और इसके तुरंत बाद चुनाव हो गए और चुनाव में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी और जगत प्रकाश नड्डा इस सरकार में स्वास्थ्य मंत्री बने। भाजपा नेता ने कहा कि जगत प्रकाश नड्डा के स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद ही तीनों मेडिकल कॉलेजों के लिए संपूर्ण धन का प्रावधान किया गया और उसी धन की उपलब्धता के आधार पर तीनों मेडिकल कॉलेज बनने शुरू हुए। उन्होनें कहा कि सीएम सुक्खू का यह कथन सत्य से परे है कि इस मेडिकल कॉलेज भवन के निर्माण में उनका बड़ा योगदान है, जबकि पिछले 5 वर्षों में जयराम ठाकुर के नेतृत्व में बनी भाजपा सरकार के दौरान ही हमीरपुर मेडिकल कॉलेज, नाहन मेडिकल कॉलेज और चंबा मेडिकल कॉलेज तीनों के भवनों का निर्माण कार्य वर्तमान स्थिति पर पहुंचा। नाहन मेडिकल कॉलेज के भवन निर्माण का कार्य तो वर्तमान सुक्खू सरकार ने पूरी तरह से बंद करवा दिया और यह भी जानकारी मिल रही है कि वर्तमान प्रदेश सरकार नाहन के मेडिकल कॉलेज को दायने-बाएं बनाने की सोच रही है, ताकि कार्य में और विलंब हो।
हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के युवा नेता अखिल गौतम ने नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र की पंचायत बघलेहर में लोगों की समस्याओं को सुना। उन्होंने कहा कि काफी वर्षों से जायिवाला की सड़क पर सिर्फ रोड़ी और बजरी डली है, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का समाना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम मे बच्चों को स्कूल जाने में भी परेेशानी होती है। इस कारण बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते हैं। उन्होंने बताया कि जायिवाला की सड़क 8-9 पंचायतों को जोड़ती है। अखिल गौतम ने कहा कि बहुत जल्द इस रोड का मुद्दा लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के समक्ष रखा जाएगा व इस रोड को जल्द से जल्द बनवाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
मानसून सीजन में धर्मशाला वन वृत्त के तहत दस लाख के करीब पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए विशेष अभियान भी आरंभ किया जाएगा। मुख्य अरण्यपाल धर्मशाला वन वृत्त ई विक्रम ने बताया कि पौधारोपण अभियान में आम जनमानस की सहभागिता सुनिश्चित करने के साथ साथ वन प्रबंधन समितियों, महिला मंडलों, युवक मंडलों का भी सहयोग लिया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण में पौधारोपण की महत्ता को लेकर स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि युवा पीढ़ी भी वन संरक्षण के लिए आगे आ सके। उन्होंने बताया कि धर्मशाला वन वृत्त में वन विभाग चालू वर्ष के दौरान विभिन्न विभागीय योजनाओं के तहत लगभग 684 हेक्टेयर क्षेत्र में वन रोपण करेगा और विभिन्न प्रजातियों के 4.5 लाख पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा, 3189 हेक्टेयर क्षेत्र में पिछले वर्षों में किए गए वृक्षारोपण में मृत पौधों को बदलने का कार्य भी किया जाएगा, जिसमें 5.65 लाख पौधे भी लगाए जाएंगे। इस प्रकार इस मानसून सीजन के दौरान लगभग 10 लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे।
हिमाचल प्रदेश में नया वेतनमान लागू हो गया है और लाखों कर्मचारियों को वेतन वृद्धि का लाभ दिया गया है। वेतन वृद्धि जनवरी 2016 से मिले और प्रत्येक कर्मचारी को 50000 रुपये की पहली किस्त एरियर के तौर पर भी जारी हो चुकी है। प्रदेश के हजारों गृह रक्षकों में से कुछ को एरियर की पहली किस्त चुकी है और कुछ को नहीं मिली है। हिमाचल प्रदेश गृह रक्षक कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह चौहड़िया वार्ड जिला कांगड़ा के अध्यक्ष रघुवीर सिंह रघु ने कहा कि सरकार ने अपने कर्मचारियों को नए वेतनमान लाभ के साथ एरियर का भुगतान कर दिया है, किंतु होमगार्ड जवानों को न तो बढ़े हुए वेतन का लाभ मिला और न ही एरियर की किस्त मिल पाई है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि जिन कर्मचारियों को एरियर की पहली किस्त नहीं मिली है, उसका जल्द से जल्द भुगतान किया जाए।
भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं सुंदरनगर से विधायक राकेश जम्वाल ने कहा की कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने अपने युवा मंत्री विक्रमादित्य के ऊपर दबाव बनाकर अपने दिए गए बयान और विचारों से यू-टर्न लेने पर मजबूर किया है। हिमाचल प्रदेश के युवा मंत्री लगातार सोशल मीडिया और मीडिया में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे और केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित यूसीसी को लेकर अपना समर्थन दर्ज कर रहे थे। हैरानी की बात है कि कल वह युवा मंत्री एक प्रेस वार्ता बुलाते हैं और अपने बयान से यू टर्न ले लेते हैं, इससे स्पष्ट होता है कि कांग्रेस पार्टी के आलाकमान नेता अपने युवा नेतृत्व के विचारों का गला घोटने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस की बहुत पुरानी आदत है कि फूट डालो और राजनीति करो। डिवाइड एंड रूल की पॉलिसी पर कांग्रेस नेता आज से नहीं भारत की आजादी से लेकर खेल रहे हैं। अल्पसंख्यक के वोट बटोरने के लिए इस प्रकार के हथकंडे कांग्रेस पार्टी निरंतर अपनाती है। इसके कई उदाहरण भारत के इतिहास में हमने देखे भी है और जनता जानती भी है। कांग्रेस पार्टी वोट के लालच में वस्तुस्तीथ से भागने का कार्य करती है और जिस प्रकार का वातावरण भारत में बन रहा है, उससे स्पष्ट है कि कांग्रेस पार्टी विशेष अनुमति प्रदान कर विशेष समुदाय को एकत्र करने का प्रयास कर रही है, जिससे भारत का भविष्य अंधकार की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है, ऐसा तो नहीं कि कांग्रेस पार्टी के नेता भारत के भविष्य को अंधकार की ओर धकेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं द्वारा भारतीय जनता पार्टी पर जितने भी आरोप लगाए जा रहे हैं वह निराधार है। भाजपा के किसी भी नेता ने ऐसा प्रयास नहीं किया जिससे हिमाचल प्रदेश में राजनीतिक माहौल खराब हो। विपक्ष का तो कार्य है कि वह वर्तमान सरकार की नाकामियों को जनता के समक्ष लाएं, अगर उससे भी सत्तारूढ़ नेता परेशान है तो हम कुछ नहीं कर सकते। विपक्ष निरंतर अपना काम करता रहेगा और विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कांग्रेस पार्टी हिमाचल प्रदेश में न करें।
सहायक आयुक्त सुभाष गौतम ने जानकारी दी कि द्वितीय भारतीय आरक्षित वाहिनी सकोह की बट्ट रेंज के अंतर्गत 24 बटालियन सीमा सुरक्षा बल के जवानों द्वारा 8 जुलाई को प्रात: 8 बजे से शाम 5 बजे तक फायरिंग अभ्यास किया जाएगा। उन्होंने वार्ड नंबर 9 सकोह सहित ग्राम पंचायत चैतड़ू, सराह तथा सम्बन्धित क्षेत्र के लोगों से आग्रह किया कि किसी प्राकार की अप्रिय घटना से बचने के लिये इस दौरान फायरिंग रेंज में जाने और अपने मवेशियों को भेजने से परहेज करें।
पुलिस चौकी ठाकुरद्वारा की टीम ने मिलवा गांव में एक नशा तस्कर को चिट्टे की खेप सहित गिरफ्तार किया है। पुलिस थाना इंदौरा के प्रभारी कुलदीप शर्मा ने बताया कि ठाकुरद्वारा पुलिस के मुख्य आरक्षी राजेश कुमार अपनी टीम सहित मिलवा ठाकुरद्वारा रोड पर गश्त कर रहे थे। इस दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि कोई व्यक्ति क्षेत्र में नशे की तस्करी करने आ रहे हैं। पुलिस टीम जब मिलवा रेलवे फाटक के पास पहुंची तो एक व्यक्ति पैदल ठाकुरद्वारा की ओर आता दिखा। जब उसकी नजर पुलिस पर पड़ी तो वह घबरा गया और भागने की कोशिश करने लगा पुलिस ने उसे तुरंत काबू कर लिया और तलाशी लेने पर उसके पास 51.44 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। आरोपी की पहचान विजय कुमार निवासी चौधरीबाल तहसील बटाला जिला गुरदासपुर पंजाब के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस चौकी ठाकुरद्वारा में मामला दर्ज कर लिया है पुलिस अब आरोपी से यह जानने की कोशिश कर रही है कि पंजाब के कस्बा बटाला का नशा तस्कर मिलवा एरिया में किसे सप्लाई देने आया था पकड़ी गई नशे की खेप की कीमत लाखों के बताई जा रही है।
थाना डमटाल के अंतर्गत आती ग्राम पंचायत कंदरोडी में मारपीट का मामला सामने आया है। मामले की जानकारी देते हुए थाना डमटाल प्रभारी कल्याण सिंह ने बताया कि कंवर सिंह निवासी नागलिया चक्क ने शिकायत दर्ज करवाते हुए बताया कि एक ट्रक चालक ने उसके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की, जिससे उसे काफी गहरी चोटें आई हैं। थाना प्रभारी ने बताया कि शिकायतकर्ता का मेडिकल करवाया गया है तथा आरोपी ट्रक ड्राइवर सुरेंदर सिंह निवासी जस्टरवाल तहसील अजनाअजनाला जिला अमृतसर के खिलाफ मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले की बंदला पैराग्लाइडिंग साइट से वीरवार को पहली बार उड़ान भरी गई। दिन में थोड़ी देर के लिए मौसम साफ हुआ और इसी दौरान साइट से पहली उड़ान भरी गई। बंदला में पैराग्लाइडिंग के शौकीनों का आना शुरू हो गया है। वीरवार को पंजाब के कोटकपूरा से एक्रो पायलट अर्शदीप बंदला पहुंचे और मौसम साफ होते ही उन्होंने उड़ान भरी। बंदला से उड़ान भरने के बाद उन्होंने लुहणू मैदान में लैंडिंग की। उन्होंने अनुभव साझा करते हुए कहा कि देश में इस प्रकार की कोई साइट नहीं है। एक्रो गतिविधियों के लिए यह साइट सुरक्षित है।
जनजातीय क्षेत्रों का विकास प्रदेश की वास्तविक उन्नति का प्रतीक है। प्रदेश सरकार इन क्षेत्रों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है। यह बात जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने वीरवार को यहां जनजातीय विकास विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। जगत सिंह नेगी ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के लोग भौगोलिक कठिनाइयों का सामना करते हुए कड़ी मेहनत कर अपनी आजीविका कमा रहे हैं तथा प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान भी दे रहे हैं। दुर्गम क्षेत्रों में निवास कर रहे जनजातीय लोगों के कल्याण तथा उत्थान के लिए प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत 857 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके अतिरिक्त जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम के अंतर्गत केंद्रीय योजनाओं में 335 करोड़ रुपये का परिव्यय भी प्रस्तावित है।
जिला हमीरपुर के पांच दिवसीय प्रवास पर पहुंचे मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वीरवार को अपने गृह विधानसभा क्षेत्र नादौन में लगभग 12.30 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित लघु सचिवालय का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि नवनिर्मित लघु सचिवालय में स्थानीय लोगों को केन्द्रीकृत रूप से विभिन्न सरकारी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। इसके उपरांत मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने विधानसभा चुनावों से पहले जल्दबाजी में इस भवन का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन तो कर दिया था, लेकिन इसे कार्यशील बनाने में नाकाम रही। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने कार्यभार संभालने के छ: माह के उपरान्त लघु सचिवालय में सफलतापूर्वक कार्य संचालन आरम्भ कर दिया है। इससे नादौन के लोगों को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सेवाएं सुगमता से प्राप्त होंगी। उन्होंने कहा कि लघु सचिवालय की आधारशिला पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में रखी गई थी, लेकिन इसके उपरान्त सत्ता में आई भाजपा ने इसके विकास की उपेक्षा ही की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार लोगों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करने में विश्वास रखती है। जबकि पूर्व की भाजपा सरकार ने जन शिकायतों के निवारण के लिए तथाकथित जनमंच आयोजित करने का केवलमात्र ढोंग ही किया और इनमें लोगों की शिकायतों का निवारण करने के बजाय अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रताड़ित करने का कार्य किया गया। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि वह राज्य के विभिन्न क्षेत्रों का निरन्तर दौरा कर लोगों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं। हमीरपुर मेडिकल कॉलेज पर झूठ न बोलें नड्डा राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर की स्वीकृति को लेकर भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के दावे को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 03 मार्च, 2014 को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उनके आग्रह पर यह मेडिकल कॉलेज स्वीकृत किया था। उन्होंने कहा कि तत्कालीन केन्द्र सरकार ने इसके लिए 189 करोड़ रुपये की राशि भी आवंटित की थी। उन्होंने कहा कि अब भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष इस मेडिकल कॉलेज का झूठा श्रेय लेकर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य को गति प्रदान करते हुए इसके लिए 150 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष से आग्रह किया कि वह इस तरह के झूठे श्रेय लेने के बजाय केन्द्र के समक्ष हिमाचल प्रदेश के हितों की पैरवी करने में राज्य सरकार का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि केन्द्रशासित चण्डीगढ़ में हिमाचल की 7.19 प्रतिशत हिस्सेदारी बनती है और राज्य सरकार इसे प्राप्त करने की दिशा में निरन्तर प्रयासरत है। इसके अतिरिक्त प्रदेश में स्थापित भाखड़ा ब्यास प्रबन्धन बोर्ड की परियोजनाओं में रॉयल्टी इत्यादि में हिमाचल की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए भी प्रयास कर रही है। उन्होंने हिमाचल के हितों से जुड़े इन मुद्दों पर समर्थन के लिए पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता शांता कुमार का आभार भी व्यक्त किया।
पुलिस थाना ज्वालामुखी के अंतर्गत एक युवती ने एक व्यक्ति पर उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। युवती ने पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाई है कि एक व्यक्ति ने उसके घर आकर उसके साथ जोर जबरदस्ती करते हुए उसके साथ बलात्कार किया। उसने उसे यह भी धमकी दी कि अगर उसने किसी को बताया तो वह उसका मोबाइल नंबर अपने दोस्तों को दे देगा। पीड़िता का मेडिकल सिविल अस्पताल ज्वालामुखी में करवाया गया। पुलिस ने पीड़िता के बयान पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मामले की पुष्टि डीएसपी ज्वालामुखी विकास धीमान ने की है।
ऊना जिला में बीजेपी सदर मंडल की टिफिन बैठक में बीजेपी के विधायक सतपाल सत्ती ने मुख्य रूप से शिरकत की। मीडिया से रूबरू होते हुए सतपाल सत्ती ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार सुपर फ्लॉप हो रही है। यह सरकार कभी आर्थिक संकट का रोना, कभी गारंटी पूरा न करने का रोना, कभी नोटिफिकेशन बदलने का रोना, कभी तबादलों का रोना तो कभी केंद्र से पैसा न मिलने का रोना रो रही है। उन्होंने बताया कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा 30 मई से लेकर 6 जून तक राष्ट्रीय स्तर पर महा संपर्क अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 9 साल संपूर्ण होने पर चलाया गया था, उसी कड़ी में के तहत टिफिन बैठक का भी आयोजन किया गया है। यहां सभी लोग अपने-अपने घर से टिफिन लेकर पहुंचे हैं और एक साथ इक_े होकर भेदभाव को दूर कर भोजन करेंगे, ताकि कोई जात-पात और छोटे-बड़े का भेदभाव न हो सके। सत्ती ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बनता हक प्रदेशों को देते हैं, जहां-जहां बीजेपी की सरकार नहीं है, उन प्रदेशों को भी प्रोजेक्ट केंद्र सरकार की तरफ से दिए जा रहे हैं। कांग्रेस हमेशा राजनीतिक दृष्टि से भेदभाव करती थी, लेकिन नरेंद्र मोदी इस प्रकार की राजनीति नहीं करते। मोदी सरकार के 9 साल की उपलब्धियां बेमिसाल हैं।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज यहां जुब्बल ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय में पूर्व मुख्यमंत्री स्व. ठाकुर रामलाल की 22वीं पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके प्रदेश के लिए किए गए उल्लेखनीय योगदान पर विचार व्यक्त किए। इसके उपरांत उन्होंने आईटीआई भवन जुब्बल में 10 करोड़ 44 लाख रुपये से निर्मित होने वाले आजीविका केंद्र का शिलान्यास किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जुब्बल नावर कोटखाई विधानसभा क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के युग में आईटीआई जुब्बल, तकनीकी संस्थान प्रगति नगर और आईटीआई टिक़्कर मैं आधुनिक युग के अनुसार नवीनतम ट्रेड शुरू किए जाएंगे जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के साधन उपलब्ध हो सके और वे आत्मनिर्भर बन सके। उन्होंने बताया कि वर्तमान राज्य सरकार ने प्रदेश में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 361 करोड़ का प्रावधान किया है।
जसवां परागपुर की ग्राम पंचायत बाडी के राघव जम्वाल ने एशियन चैंपियनशिप में दो कांस्य पदक जीत कर पूरे देश का नाम रोशन किया व आज राघव जम्वाल के घर पहुंचने पर गांववासियों व स्थानीय विधायक विक्रम ठाकुर ने उनका भव्य स्वागत किया । इस दौरान राघव को विधायक विक्रम ठाकुर ने पुष्प भेंट कर राघव की जीत पर गर्व महसूस करते हुए कहा कि उन्हें खुशी है कि राघव हमारी विधानसभा जसवां-प्रागपुर का बेटा है व इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र व गांव में खुशी का माहौल है। उन्होंने युवा वर्ग को राघव से प्रेरणा लेकर खेलों में अपना योगदान देने के लिए कहा । ज्ञात रहे कि कजाकिस्तान में आयोजित एशियाई चैंपियनशिप में राघव जम्वाल ने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया व कजाकिस्तान में यह टूर्नामेंट 20 जून से शुरू हुआ था। बता दें राघव ने मध्य प्रदेश के देवास में हुई 16वीं जी.एफ.आइ ग्रेपलिंग चैंपियनशिप में दो स्वर्ण पदक जीते हैं जिसके आधार पर राघव का चयन एशियाई चैंपियनशिप में हुआ था। कजाकिस्तान में आयोजित एशियाई चैंपियनशिप में राघव जम्वाल भारतीय टीम के कप्तान थे और ग्रैपलिंग में यह भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है । भारत ने ओवरऑल तीसरा स्थान हासिल किया जिसमें भारत ने 2 गोल्ड, 2 सिल्वर और 12 ब्रॉन्ज मैडल जीते हैं। जम्वाल ने इस प्रतियोगिता में देश के लिए बेहतर प्रदर्शन करते हुए एक ट्रॉफी तथा सीनियर -71 किग्रा वर्ग में 2 कांस्य पदक जीते। वहीं राघव जम्वाल ने बताया कि इस प्रतियोगिता से पहले उन्होंने अधिकारियों से वादा किया था कि यह भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन होगा और उन्होंने इसे पूरा किया। उन्होंने अपने कोच सिद्धार्थ सिंह को देश का सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षक कहा है। वहीं राघव ने ग्रैपलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया ओ.पी नरवाल और शिव पंचाल का भी धन्यवाद करते हुए कहा कि हम ग्रैपलिंग फीट फेडरेशन ऑफ इंडिया लगातार प्रयास कर रहे हैं। वहीं उन्होंने भारत के रेफरी और संजय पवार का भी धन्यवाद किया है जिनके निरंतर प्रयासों और समर्पण ने यह सुनिश्चित किया है कि हम हर कदम पर बेहतर हों। उन्होंने कहा कि इस टूर्नामेंट से उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला है। वहीं राघव ने कहा कि मैं अपना सिर नीचे रखूंगा और उन गलतियों पर ध्यान केंद्रित करूंगा जो मैंने टूर्नामेंट में कीं। राघव ने कहा कि मेरा सपना अपने देश के लिए गोल्ड मेडल लाना है। जम्वाल ने कहा कि यह मेरा पहला अंतरराष्ट्रीय पदक है, मैं बहुत खुश हूं और मैं इससे भी बेहतर करूंगा । उन्होंने कहा कि मैंने अपनी गलतियों की एक सूची बनाई है, मैं उन पर काम करूंगा। मैं भी चाहता हूं कि मेरे राज्य हिमाचल प्रदेश के बच्चे बाहर आएं और संघर्ष करें। उन्होंने कहा कि हमारे पास देश में सर्वश्रेष्ठ बनने की क्षमता है हमें बस एक अच्छी संरचना और समर्पण की आवश्यकता है। इस दौरान पंचायत प्रधान रानी देवी, अश्वनी कुमार, मंजीत कुमार आदि भी उपस्थित रहे।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज जुब्बल उप मंडल के शुराचली क्षेत्र की ग्राम पंचायत थाना में 90 लाख रुपये से निर्मित होने वाली उठाऊ पेयजल योजना का लोकार्पण किया और क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ करने का आश्वासन दिया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार बागवानों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है और यूनिवर्सल कार्टन के माध्यम से बागवानों को राहत प्रदान की जाएगी रोहित ठाकुर ने बताया कि राज्य में शिक्षा के आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाया जा रहा है और प्रदेश की साक्षरता दर 88 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है और शीघ्र ही राज्य में 6000 शिक्षकों के पद भरे जाएंगे और ग्रामीण परिवेश के छात्र छात्राओं को घर द्वार पर शिक्षा सुविधा उपलब्ध होगी। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि जुब्बल नावर कोटखाई विधानसभा क्षेत्र में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं और पर्यटन की दृष्टि से क्षेत्र को विकसित किया जा रहा है ताकि स्थानीय युवाओं की आर्थिकी में इजाफा हो सके और उन्हें घर द्वार पर स्वरोजगार के साधन उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में संपर्क मार्गों को सुदृढ़ किया जाएगा ताकि किसानों को अपने उत्पाद मंडियों में पहुंचाने में कोई असुविधा ना हो। शिक्षा मंत्री ने इस अवसर पर स्थानीय लोगों की जन समस्याएं भी सुनी और उनका त्वरित निवारण किया। जिला परिषद सदस्य कौशल मुंगटा ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और उन्हें क्षेत्र की समस्याओं से अवगत करवाया। इस अवसर पर जुब्बल नावर कोटखाई विधानसभा क्षेत्र के मंडल अध्यक्ष मोतीलाल डेरटा, उप मंडल अधिकारी जुब्बल राजीव संख्यान, खंड विकास अधिकारी करण सिंह, कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी गण, अधिकारीगण व कर्मचारी उपस्थित रहे।
चुनाव प्रक्रिया को त्रुटिहीन, पारदर्शी, निष्पक्ष व सफल बनाने में प्रशिक्षण अहम भूमिका अदा करता है। यह बात जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त सिरमौर सुमित खिमटा ने उपायुक्त कार्यालय के बचत भवन में निर्वाचन विभाग द्वारा आयोजित एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण शिविर की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, विधानसभा स्तरीय प्रशिक्षको को कहा कि उन्हें प्रशिक्षण के दौरान अपने संदेहो को दूर करना चाहिए तथा अपने अनुभवों को भी सांझा करना चाहिए ताकि चुनाव प्रक्रिया को सफल बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि इन अधिकारियों की चुनाव प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए इन अधिकारियों को समय-समय पर विभिन्न निर्वाचन अधिनियमो एवं तकनीकों के विषय में प्रशिक्षित करना अति आवश्यक है। उन्होंने इन अधिकारियों से प्रशिक्षण के दौरान जनप्रतिनिधित्व अधिनियम सहित अन्य नियमों में हुए संशोधनों, मतदान केन्द्रो की स्थापना एवं बदलाव संबंधी पूरी जानकारी प्राप्त करने को कहा ताकि चुनाव प्रक्रिया में उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पडे। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नये मतदाता जोड़ना तथा जिन मतदाताओं की मृत्यु हो चुकि है उनका नाम मतदाता सूची से काटना अति आवश्यक है। चुनाव प्रक्रिया में मतदाता सूचियों की शुद्धता की महत्वपूर्ण भूमिका है। मतदाता सूचियों की त्रुटियों को समाप्त करने में यह प्रशिक्षण सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने स्वीप कार्यक्रमों पर विशेष बल देने के निर्देश देते हुए कहा कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके युवाओं का नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए स्कूल, कॉलेज, आईटीआई तथा अन्य शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता शिविर आयोजित किए जाए ताकि युवा वर्ग लोकतंत्र में चुनाव के महत्व को समझ सके तथा लोकतंत्र के इस महाकुंभ में जिम्मेवार मतदाता बन कर अपनी अहम भूमिका निभा सकें। इस अवसर पर उप-मुख्य निर्वाचन अधिकारी हिमाचल प्रदेश राजेश डोगरा, एसडीएम पांवटा गुनंजीत सिंह चिमा, तहसीलदार निर्वाचन मोहिन्द्र सिंह ने भी उपस्थित अधिकारियों को निर्वाचन संबंधी जानकारी प्रदान की। जिला सिरमौर की सभी विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचन अधिकारी एवं कर्मचारी इस प्रशिक्षण शिविर में मौजूद रहे।
जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान 25 जून को चोरी की कुछ शिकायतें नाहन थाना में प्राप्त हुई थीं। इस संबंध में पुलिस थाना सदर नाहन में मामला दर्ज किया गया था। मामले में संज्ञान लेते हुए रमन कुमार मीणा पुलिस अधीक्षक जिला सिरमौर ने अभियोग के अन्वेषण हेतु विशेष टीम का गठन किया। यात्रा के दौरान काफी सख्या मे श्रद्धालुओं ने भाग लिया था। भीड़ में आरोपी की शिनाख्त करना काफी मुश्किल था, परंतु टीम के अथक प्रयास व मेहनत से आरोपी की पहचान की गई व टीम को दिल्ली रवाना किया गया। आरोपी कल्याणपुरी दिल्ली क्षेत्र के रहने वाले हैं। अन्वेषण के दौरान जो साक्ष्य पाए गए उसके आधार पर उक्त पुलिस टीम जो मीनाक्षी, उप पुलिस अधीक्षक नाहन के मार्गदर्शन में काम कर रही थी। 5 जुलाई को पुलिस टीम ने आरोपी पति-पत्नी को दिल्ली से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। उक्त आरोपियों से एक मंगलसूत्र, ब्रेसलेट, एक चैन, दो झुमके, चार मोबाइल, एक लाख बीस हज़ार रुपये नकद व अपराध में प्रयोग की गई स्विफ्ट डीजायर गाड़ी को बरामद करने में सफलता हासिल की गई।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज नादौन में मिनी सचिवालय का उद्घाटन किया। इस मौके पर घृत-बाहती-चांग के जिलाध्यक्ष शैंकी ठुकराल ने मांग की है कि मिनी सचिवालय भवन का नाम पूर्व शिक्षा मंत्री और नादौन से विधायक नारायण चंद पराशर के नाम पर हो तथा इस भवन में श्रद्धापूर्वक उनकी प्रतिमा भी लगाई जाए। उन्होंने कहा कि नारायण चंद पराशर जी का नादौन के विकास में अपूर्व योगदान रहा है तथा तथा उनकी बदौलत नादौन को देश तथा विदेशों में अलग पहचान मिली है, परंतु उनको सम्मान देने के बजाए कांग्रेस ने उनके नाम का उपयोग सिर्फ वोट बैंक की राजनीति के लिए ही किया है तथा पूरे घृत तथा ओबीसी समाज को अनदेखा कर नारायण चंद पराशर जी को भी दरकिनार किया है जो कि बहुत ही दुखदायक है। अगर मुख्यमंत्री घृत समाज की इस मांग को दरकिनार करते हैं तो पूरा घृत बाहती चांग उनका घेराव करेगा तथा नारायण चंद पराशर जी को वो सम्मान दिलवाकर ही दम लेगा जिसके वो हकदार थे। इस मौके पर उनके साथ विपन चौधरी, राहुल चौधरी, रामकिशन चौधरी, जीवन चौधरी, ऋषभ चौधरी, प्रीतम चौधरी, नितिन चौधरी, सुभाष चौधरी, देवेंद्र चौधरी, तरलोक चौधरी, राजेंद्र चौधरी, रविंद्र चौधरी, रजत चौधरी इत्यादि लोग मौजूद रहे।
प्रदेश कांग्रेस सचिव एवं राज्य सहकारी बैंक के निदेशक हरिकृष्ण हिमराल ने केंद्र सरकार से प्रदेश के पड़ोसी राज्यों हरियाणा व पंजाब के साथ लंबित मामलों को सुलझाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा है कि हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की चंडीगढ़ में प्रदेश की 7.12 प्रतिशत हिस्सेदारी, पंजाब से सानन पावर प्रोजेक्ट को वापिस प्रदेश को देने व वाटर सेस लागू करने जैसे मुद्दों को सुलझाने के लिए प्रदेश की मदद करनी चाहिए। हिमराल ने एक बयान में कहा है कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति सुधारने व प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बीबीएम के पास पड़े प्रदेश के लंबित मामलों का भी जल्द निपटारा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री सुक्खू प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सार्थक प्रयास कर रहें है, इसलिए केंद्र सरकार को उन्हें हरसंभव मदद देनी चाहिए। हिमराल ने प्रदेश सरकार के निर्णयों की सराहना करते हुए कहा है कि सुक्खू सरकार जनहित में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस सरकार प्रदेश के समग्र विकास के प्रति समर्पित हैं और इस दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
उपमंडल देहरा के अंतर्गत पड़ते सनोट तलाई की अवंतिका पुत्री सुरजीत सिंह की ऑस्ट्रेलिया में एक कार हादसे में मौत हो गई है। अवंतिका का पिछले साल ही विवाह हुआ था और इस वर्ष यह दुर्घटना घट गई। अवंतिका के पिता पुलिस विभाग में कार्यरत हैं। अवंतिका की मौत की खबर सुनने के बाद घर का माहौल बड़ा ही गमगीन है। अवंतिका का शव अभी भारत नहीं पहुंचा है।
उद्योग, संसदीय कार्य, आयुष मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार हिमाचल को देश का सर्वश्रेष्ठ निवेश स्थल बनाने के लिए प्रयासरत है। इस दिशा में प्रदेश सरकार द्वारा उद्योग स्थापित करने के लिए सरल नीति बनाई जा रही है। हर्षवर्धन चौहान गत सायं सोलन ज़िला के दून विधानसभा क्षेत्र में बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ उद्योग संघ (बीबीएनआईए) के साथ आयोजित वार्षिक बैठक तथा संवाद कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार बीबीएन सहित राज्य के सभी औद्योगिक क्षेत्रों में और बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए कृत संकल्प है। उन्होंने कहा कि बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र प्रदेश की आर्थिकी का हब है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल के उद्योगपतियों की हर समस्या का निदान करने के लिए उचित कदम उठा रही है ताकि उद्योगपतियों को प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए कठिनाई का सामना न करना पड़े। उद्योग मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ औद्योगिक क्षेत्र में सभी मूलभूत एवं अधोसंरचनात्मक सुविधाओं के विकास पर विशेष बल दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से पिंजौर-नालागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग फोरलेन का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि नालागढ़ के लखनपुर में मेडिकल डिवाइज पार्क का निर्माण किया जा रहा है जिसमें अंतरराष्ट्रीय उद्योग स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि उद्योगों के स्थापित होने से लगभग 15 हजार युवाओं को रोज़गार के अवसर प्रदान होंगे। हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार उद्योगपतियों व औद्योगिक संगठनों की समस्याओं को बातचीत के माध्यम से हल कर रही है। बेहतर निवेश वातावरण प्रदान करना प्रदेश सरकार का लक्ष्य है। इस अवसर पर उद्योग मंत्री ने बीबीएनआईए की स्मारिका का विमोचन भी किया। मुख्य संसदीय सचिव राम कुमार ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का सपना प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने में उद्योगों अहम भूमिका निभाएंगे। बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ललित जैन ने इस अवसर पर कहा कि बीबीएन उत्तर भारत का ऐसा औद्योगिक क्षेत्र है जहां पर उद्योगपतियों को कार्य करने के लिए सौहार्दपूर्ण वातावरण उपलब्ध है। उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने इस अवसर उद्योगपतियों का आह्वान किया कि प्रदेश के पर्यावरण के दृष्टिगत ऐसे उद्योग स्थापित करें जिनका कच्च माल भी हिमाचल में उपलब्ध हो। पुलिस अधीक्षक बद्दी मोहित चावला ने कहा कि बद्दी क्षेत्र में सभी की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बनाए रखने लगभग 04 हजार सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है। कार्यक्रम में बीबीएनआईए के अध्यक्ष राजेंद्र गुलेरिया तथा आगामी अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने उद्योग मंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि बीबीएनआईए ने 28 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण कर लिया है। उन्होंने सरकार के कार्यकाल के दौरान बीबीएन औद्योगिक क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने क्षेत्र में उद्योगपतियों को आ रही समस्याओं के बारे में अवगत भी करवाया। औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों व उद्योगपतियों ने बीबीएन क्षेत्र में बेहतरीन औद्योगिक वातावरण तथा सुविधाएं स्थापित करने के विषय में अपने-अपने सुझाव दिए। उपमंडलाधिकारी नालागढ़ दिव्यांशु सिंगल, उप निदेशक उद्योग बद्दी संजय कंवर, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी नरेंद्र कुमार आहलूवालिया, पुलिस उपाधीक्षक नालागढ़ फिरोज़ खान, बीबीएनआईए के पदाधिकारी तथा उद्योगपति उपस्थित थे।
हिमाचल अनुबंध नियमित कर्मचारी संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्ष मनीष गर्ग की अगवाई में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से धर्मशाला में मिला। प्रतिनिधिमंडल ने प्रथम नियुक्ति की तिथि से वरिष्ठता देने के संबंध में एक ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपा। संगठन ने सरकार से भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के अंतर्गत नियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति की तिथि से वरिष्ठता देने की मांग की है। प्रदेश अध्यक्ष मनीष गर्ग ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान सरकार कर्मचारी हित में कार्य कर रही है। उन्होंने वरिष्ठता की मांग को ध्यान से सुना और कहा कि वे इस मांग पर अधिकारियों के साथ विचार करेंगे। कर्मचारियों को भरोसा है कि जिस तरह मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार ने कर्मचारियों की पुरानी पेंशन की मांग को पूरा किया है वैसे ही वे नियुक्ति की मांग को भी जल्दी ही पूरा करेंगे। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष मनीष गर्ग, अश्वनी चौधरी, अनोज, ओंकार सिंह मोंगरा, मनदीप चौधरी, अश्वनी, शम्मी कुमार, आदि साथी सम्मलित रहे।
ब्लॉक लंबागांव की ग्राम पंचायत लोअर लंबागांव में जयसिंहपुर की तरफ तीखे मोड़ पर सड़क में पड़े गड्ढे वाहन चालकों के लिए खतरा बने हुए हैं। बाजार में दुकानदारों के साथ राहगिरों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। दुकानदारों का कहना है कि जब बारिश होती है तो यह गड्ढे पानी से भर जाते हैं, जिससे यहां से गुजरने वाले वाहनों से गंदा पानी उनकी दुकानों में आ रहा है, जिससे उनके दुकानों में रखा सामान खराब हो रहा है। दुकानदारों ने जल्द ही संबंधित विभाग से इन गड्ढों को भरने की अपील की है। वहीं, लोक निर्माण विभाग जयसिंहपुर के सहायक अभियंता अंकित समकड़िया से बात की तो उन्होंने बताया कि जल्दी ही सड़क पर पड़े गड्ढों को भर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मैक्लोडगंज में तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा को उनके 88वें जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि तिब्बती समाज के लोगों और प्रदेश के बीच 75 वर्षों का गहरा रिश्ता है। उन्होंने दोनों समुदायों के बीच सौहार्दपूर्ण सह-अस्तित्व पर प्रकाश डाला और आश्वस्त किया कि राज्य सरकार तिब्बती समाज के कल्याण के लिए सदैव तत्पर रहेगी। सुक्खू ने कहा कि आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा की जीवन यात्रा, दृढ़-निश्चय समर्पण और संघर्षों से भरी है। उन्होंने सभी से दलाई लामा की शिक्षाओं और अनुभवों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया और कहा कि उनके विचारों को आत्मसात करते हुए हमें अध्यात्म के पथ पर आगे बढ़ना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दलाई लामा अहिंसा, करुणा और भाईचारे का प्रतीक हैं तथा दुनियाभर में प्रेम, शांति और भाईचारे के अग्रदूत के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने तिब्बत और वहां के लोगों के अधिकारों के लिए दलाई लामा के अथक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि दलाई लामा को इन्हीं प्रयासों के फलस्वरूप नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 122वीं जयंती पर भाजपा मुख्यालय दीप कमल चक्कर शिमला में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई इस मौके पर विधायक जेआर कटवाल मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेताओं के काम करने का तरीका किसी से छुपा नहीं है, कांग्रेस पार्टी जनता के समक्ष ऐसा मुद्दा लेकर आती है जो जनता को भ्रमित करने वाला होता है। इन्होंने ओपीएस की बात करी थी और आने वाले समय में इस बात का पता लग जाएगा, पहले पहली कैबिनेट की बात होती थी और अब 7 महीने होने को जा रहे हैं और अभी तक ओपीएस केवल अधिसूचना मात्र है। ऐसा न हो कि आने वाले समय में कर्मचारियों को इसका नुकसान उठाना पड़े। जहां तक रही कांट्रेक्चुअल और आउटसोर्स कर्मचारियों की बात तो एक बात बड़ी स्पष्ट है कि आउटसोर्स कर्मचारियों को भी जो पैसा मिलता है, वह सरकारी खजाने से जाता है और सरकारी खजाने से जिस व्यक्ति को पैसा जाता है उसको निकालने के मापदंड भी सरकारी सहमति से और इंसानियत के तरीके से होना चाहिए। पहले इन्होंने आते ही जल शक्ति विभाग के आउटसोर्स कर्मचारी निकाले, सि कारण पानी को लेकर जनता को समस्याओं का सामना करना पड़ा, लोगों को पानी से वंचित होना पड़ा। इन्होंने सोशल जस्टिस डिपार्टमेंट और महिला एवं बाल विकास डिपार्टमेंट में आउटसोर्स कर्मचारीयो को भी निकाला और अब आशा वर्कर्स जिन्होंने कोविड महामारी के समय में जन सेवा की थी उनको निकालने की बात हो रहे है। उन्होंने कहा है कि इन कर्मचारियों को निकालकर फिर नौकरी देंगे, यह कांग्रेस पार्टी का भ्रमित करने वाला बयान है। जिन लोगों को भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने नौकरियां दे दी थीं उनको निकालकर फिर नौकरियां देने वाली बात क्या है। इस अवसर पर भाजपा नेता संजय ठाकुर, प्यार सिंह कंवर, संजय सूद, तिलक राज, कर्ण नंदा विशेष रूप में उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज जिला कांगड़ा के धर्मशाला के मैक्लोडगंज में तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा को उनके 88वें जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि तिब्बती समुदाय के लोगों और प्रदेश के बीच 75 वर्षों का गहरा रिश्ता है। उन्होंने दोनों समुदायों के बीच सौहार्दपूर्ण सह-अस्तित्व पर प्रकाश डाला और आश्वस्त किया कि राज्य सरकार तिब्बती समाज के कल्याण के लिए सदैव तत्पर रहेगी। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा की जीवन यात्रा, दृढ़-निश्चय समर्पण और संघर्षों से भरी है। उन्होंने सभी से दलाई लामा की शिक्षाओं और अनुभवों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया और कहा कि उनके विचारों को आत्मसात करते हुए हमें अध्यात्म के पथ पर आगे बढ़ना चाहिए। दलाई लामा अहिंसा, करुणा और भाईचारे का प्रतीक हैं तथा दुनियाभर में प्रेम, शांति और भाईचारे के अग्रदूत के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने तिब्बत और वहां के लोगों के अधिकारों के लिए दलाई लामा के अथक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि दलाई लामा को इन्हीं प्रयासों के फलस्वरूप नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। मुख्यमंत्री ने भारत की समृद्ध प्राचीन संस्कृति, ज्ञान और जीवन मूल्यों के बारे में युवाओं को जागरूक करने में दलाई लामा के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक गुरु के संदेश का विश्वभर में अनुसरण किया जाता है। वैश्विक स्तर पर उनकी शिक्षाओं को लोगों का अपार स्नेह और समर्थन मिला है। शांति के क्षेत्र में दलाई लामा के योगदान के लिए उन्हें 150 से अधिक पुरस्कार मिले हैं। इस अवसर पर केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के अध्यक्ष पेंपा त्सेरिंग, निर्वासित तिब्बती संसद के अध्यक्ष खेंपो सोनम तेनफाल, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर, कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष रघुवीर सिंह बाली, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार) गोकुल बुटेल, मुख्य संसदीय सचिव आशीष बुटेल और किशोरी लाल, विधायक यादविन्द्र गोमा, केवल सिंह पठानिया, मलेंदर राजन, ओएसडी रितेश कपरेट, जिला कांग्रेस समिति के अध्यक्ष अजय महाजन, विभिन्न बोर्डों और निगमों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष, उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर का कहना है कि चंडीगढ़ में हिमाचल प्रदेश की हिस्सेदारी के मुद्दे को वे अपना समर्थन देते हैं लेकिन सरकार को नहीं। आज सुबह सर्किट हाउस मंडी में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में जयराम ठाकुर ने कहा कि चंडीगढ़ पर प्रदेश की 7.19 प्रतिशत की हिस्सेदारी बनती है और इस विषय को उन्होंने भी सीएम रहते कई बार उठाया था। इस विषय का समाधान उचित मंच पर वार्ता करके ही निकाला जा सकता है, ना कि आंदोलन करके दावेदारी हासिल की जा सकती है। जहां तक प्रदेश हित के मुद्दों की बात होगी, उसमें पहले भी हमने अपना समर्थन दिया है और आगे भी देते रहेंगे। प्रदेश की कानून व्यवस्था चरमराई जयराम ठाकुर ने कहा कि 7 महीनों में प्रदेश की कानून व्यवस्था बूरी तरह से चरमरा गई है। 7 महीनों में 45 हत्याएं और 150 के करीब बलात्कार की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसमें चंबा जैसा निर्मम हत्याकांड भी शामिल है। आज खनन माफिया के हौंसले इतने बुलंद है कि दिन दिहाड़े गोलियां चलाई जा रही हैं। इस मामले पर कोई कार्रवाई अभी तक नहीं हुई है। सरकार क्यों ऐसे लोगों को संरक्षण दे रही है। पूर्व में नेता विपक्ष रहते हुए मुकेश अग्निहोत्री आए दिन खनन को लेकर बयान देते थे, आज प्रदेश के क्या हालात हैं और वे चुप क्यों हैं। 7 महीनों में 7 लोगों को सरकार रोजगार नहीं दे पाई सरकार जयराम ठाकुर ने कहा कि 7 महीनों में 7 लोगों को सरकार रोजगार नहीं दे पाई और 10 हजार लोगों को बेरोजगार कर दिया है। आउटसोर्स पर लगे लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। यदि सरकार आउटसोर्स पर नौकरियां नहीं देना चाहती तो स्थायी नौकरियां भी नहीं दे पा रही है। पांच लाख लोगों को रोजगार देने का वादा करके कांग्रेस पार्टी सत्ता में आई थी और पहली कैबिनेट में हर साल 1 लाख लोगों को रोजगार देने का वादा किया था, आज क्या हालात हैं, यह सभी के सामने है।
बाहरा विश्वविद्यालय में एचपीपीईआरसी द्वारा एंटी ड्रग क्लब, पर्यावरण क्लब और हरीत ऊर्जा क्लब पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में मुख्य अतिथि आई जी सीआईडी संतोष पटियाल रहे। मेजर जनरल अतुल कौशिक अध्यक्ष एचपीपीईआरसी , प्रो. शशिकांत शर्मा सदस्य एचपीपीईआरसी, ललित कुमार सदस्य एचपीपीईआरसी और हिमाचल प्रदेश के सभी निजी विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि और नोडल अधिकारी मौजूद रहे। इस कार्यशाला में सभी विषयों पर चर्चा परीचर्चा हुई। इस अवसर पर कुलपति बाहरा विश्वविद्यालय डॉ. किरण अरोड़ा, रजिस्ट्रार विनीत कुमार डीन एकेडमिक्स डॉ. एस मार्कंडेय उपस्थित रहे।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लोगों की शिकायतों की कोई सुनवाई नहीं हैं। सरकार में बैठा कोई भी जवाबदेह मंत्री, अधिकारी लोगों की शिकायतें सुनने को तैयार नहीं हैं। मुख्यमंत्री शिकायतें सुन नहीं रहे हैं, उपमुख्यमंत्री के पास लोग जाते हैं तो वे मुख्यमंत्री के पास जाने की बात करते हैं। प्रदेशे के मंत्रियों का भी वही हाल है। वह जिस जिले में जाते हैं वहां की बड़ी-बड़ी घटनाओं की जानकारी भी उनके पास नहीं होती है। सरकार में बैठे लोगों के उदासीन रवैये के कारण स्थानीय स्तर पर कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी भी शिथिलता बरतते हैं। जिससे लोगों की छोटी-छोटी शिकायतों का भी समाधान नहीं हो पा रहा है। लोग परेशान हैं कि वह किससे अपनी शिकायतें कहें। नेता प्रतिपक्ष नें कहा कि लोग मंत्रियों और मुख्यमंत्री की गाड़ी के सामने खड़े हो जाए और न्याय मांगें यह सही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सडकों पर सस्ती लोकप्रियता के लिए किये जाने वाले स्टंट को न्याय नहीं कहते हैं। क़ानून का तकाजा है कि सभी को न्याय मिले। इसलिए सरकार ऐसा तंत्र बनाए जिससे लोग मर्यादापूर्ण तरीके से गोपनीयता के साथ अपनी शिकायतें सत्ता तक पहुंचा सकें और न्याय पा सकें। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हिमाचल की भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए हमने जनमंच की व्यवस्था बनाई थी, उसे सुक्खू सरकार ने बंद कर दिया। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1100 की व्यवस्था बनाई थी, जिसे भगवान् भरोसे छोड़ दिया है। आज हिमाचल के लोगों की 11 हजार से ज्यादा शिकायतें ऐसी है, जिनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार को जन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एक निर्धारित समयावधि में उनका निपटारा करना होगा। हम प्रदेश के लोगों के साथ सरकार की इस तरह की मनमर्जी नहीं चलने देंगे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हिमाचल में लोगों के काम न रुके और उन्हें परेशान न होना पड़े उसके लिए हमने जनमंच और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की व्यवस्था की थी। जनमंच में तो हर मंडल मुख्यालय पर शासन-प्रशासन के लोग जुटते थे और मौके पर ही हजारों शिकायतों का निपटारा होता था। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1100 से लोग घर बैठे अपनी शिकायतें दर्ज करवाते थे और निर्धारित समय में उनकी समस्या का समाधान हो जाता था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में सभी शिकायतों का समाधान हो इसलिए मुख्यमंत्री होने के नाते मैं खुद भी मॉनिटरिंग करता था। हमारी सक्रियता का परिणाम था कि दोनों माध्यमों से हमने साढ़े चार लाख से ज्यादा जन शिकायतों का निपटारा किया और इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी शिकायतकर्ता का एक भी पैसा नहीं खर्च हुआ था। उन्होंने कहा हमारे सरकार के समय की योजनाएं बंद करने से अगर हिमाचल के लोगों का भला हो रहा है तो मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री सारी योजनाएं बंद कर दें, अगर उन योजनाओं के बंद होने से हिमाचल के लोगों को समस्या हो रही है तो उन्हें जनमंच और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन जैसी योजनाओं को प्रभावी ढंग से चलाना चाहिए। हिमाचल के लोगों ने कांग्रेस को हिमाचल का भला करने के लिए सत्ता सौंपी है न कि बदले की राजनीति के लिए।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज चंडीगढ़ से वर्चुअल माध्यम से पांच करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले आदर्श पुलिस थाना, शाहपुर की आधारशिला रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से इस पुलिस स्टेशन की आधारशिला रखना चाहते थे, लेकिन खराब मौसम के कारण वह शाहपुर नहीं पहुंच सके। मुख्यमंत्री ने कांगड़ा जिला को ‘पर्यटन राजधानी’ के रूप में विकसित करने के सरकार के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू पर्यटकों की संख्या में वृद्धि के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तारीकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार विस्थापितों को सरकारी जमीन उपलब्ध कराएगी ताकि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में कोई भी परिवार बेघर न हो। उन्होंने कहा कि कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार से क्षेत्र में आर्थिक समृद्धि आएगी। उन्होंने कहा कि पालमपुर में हेलिकॉप्टर के लिए हैंगर के निर्माण सहित हवाई सेवा में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, सरकार ने शाहपुर-फतेहपुर सड़क परियोजना के लिए 70 करोड़ रुपये आवंटित करने की योजना बनाई है और रैहन महाविद्यालय के लिए भी धन उपलब्ध करवाया गया है। इसके अलावा, बीड़ में एक पुलिस थाना खोलने को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार क्षेत्रीय भावनाओं से ऊपर उठकर पूरे राज्य का संतुलित और समग्र विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आईटीआई शाहपुर में ड्रोन पायलट और मैकेनिक से सम्बंधित प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की विकट आर्थिक स्थिति के बावजूद सरकार प्रदेश के विकास में धन की कोई कमी को आड़े आने नहीं देगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन बहाल है ताकि वे वृद्धावस्था में सम्मानजनक तरीके से जीवन व्यतीत कर सकें। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में हिमाचल प्रदेश की 7.19 प्रतिशत हिस्सेदारी संबंधी मामले के लिए एक मंत्रिमंडलीय उप-समिति का गठन किया गया है। उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं, विशेषकर एसजेवीएन द्वारा शुरू की गई बिजली परियोजनाओं में राज्य के हितों की उपेक्षा करने के लिए पिछली भाजपा सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश के हितों संबंधी मामलों को विभिन्न मंचों पर रखा जा रहा है। उन्होंने प्रदेश के लोगों और हिमाचल के हितों के मामलों में भाजपा से सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान प्रदेश के हितों को दरकिनार करते हुए निवेश के नाम पर केवल राज्य के संसाधनों का अंधाधुंध दोहन किया गया। कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने हिमाचल को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न पहल की है। उन्होंने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सरकार द्वारा कई कदम उठाए गए हैं और कांग्रेस सरकार राज्य के समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों के दौरान किए गए सभी वायदों को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। इससे पहले स्थानीय विधायक केवल सिंह पठानिया ने शाहपुर में आधुनिक पुलिस स्टेशन के निर्माण के लिए धनराशि प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के गतिशील नेतृत्व में राज्य में जन कल्याण की कई योजनाएं शुरू की गई हैं। यह कल्याणकारी योजनाएं प्रदेश के इतिहास में एक नए युग की शुरुआत करेंगी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आज ज़िला कांगड़ा के पालमपुर में आयोजित उत्तर भारत के पहले हिमाचल ड्रोन कॉन्क्लेव के समापन समारोह में चंडीगढ़ से वर्चुअल माध्यम से जुड़े। उन्होंने लोगों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी संचालित प्रशासन को बढ़ावा देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ड्रोन तकनीक किसानों, बागवानों को लाभान्वित करने के साथ-साथ कानून व्यवस्था की निगरानी सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रशासन को और बेहतर बनाने के लिए कृत्रिम मेधा (आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस) जैसी आधुनिक तकनीक का उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उन्नत सूचना प्रौद्योगिकी को अपनाकर प्रदेश तकनीकी क्षेत्र में परिर्वतनकारी बदलावों की राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के दृष्टिगत विभिन्न क्षेत्रों में ड्रोन के उपयोग के महत्व को देखते हुए हिमाचल ड्रोन कॉन्क्लेव राज्य के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। प्रौद्योगिकी के महत्व पर बल देते हुए ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने चौधरी सरवन कुमार कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर से अपने परिसर में ड्रोन प्रौद्योगिकी से संबंधित प्रदर्शन इत्यादि आयोजित करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रदर्शन किसानों की आर्थिकी सुदृढ़ करने के दृष्टिगत उन्हें कृषि क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीकी को अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आगामी छः माह में इन प्रयासों के सुपरिणाम देखने को मिलेंगे। हिमाचल प्रदेश में ड्रोन निर्माण के लिए समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस क्षेत्र के निवेशकों को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार सभी बाधाओं का समाधान कर निवेशकों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाएगी। इसके अलावा, राज्य सरकार सरकारी क्षेत्र में उपयोग के लिए राज्य सरकार ड्रोन भी खरीदेगी। इस दो दिवसीय हिमाचल ड्रोन कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री खराब मौसम के कारण व्यक्तिगत रूप से भाग नहीं ले पाए। इस अवसर पर 200 करोड़ रुपये के पांच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) हस्ताक्षरित किए गए। इन एमओयू में प्रशासन में ड्रोन के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए फिक्की के साथ एक समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया। इसके अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश में निवेश के लिए एबेकोड टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड और ड्रोनटेक साल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, उड़ान संचालन की निगरानी के लिए मानव रहित यातायात प्रबंधन समाधान के लिए स्काईएयर के साथ भी समझौता किया गया इसके लिए डिजिटल टेक्नोलाजीज और गवर्नेंस विभाग, सीएसकेएचपीकेवी और आईआईटी रोपड़ का सहयोग लिया जाएगा। यह सहयोग कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित डिजिटल कीट विज्ञानॉ पशुधन प्रबंधन, कोल्ड चेन प्रबंधन, इंटरनेट ऑफ थिंग्ज़ (आईओटी) और ड्रोन प्रौद्योगिकी सहित कृषि इत्यादि क्षेत्रों पर केंद्रित होगा। मुख्य संसदीय सचिव आशीष बुटेल ने पालमपुर में हिमाचल ड्रोन कॉन्क्लेव आयोजित करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में ड्रोन के व्यापक उपयोग पर बल दिया। उन्होंने लोगों के लिए प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार) गोकुल बुटेल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पहली बार इस सम्मेलन का आयोजन अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के उपयोग से सुशासन उपलब्ध करवाने के प्रति मुख्यमंत्री की दूरदृष्टि का परिचायक है। उन्होंने कहा कि ड्रोन तकनीक भविष्य में युवाओं के लिए रोजगार के उपलब्ध करवाएगी। इस अवसर पर सूचना प्रौद्योगिकी सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने कॉन्क्लेव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस कॉनक्लेव में 26 निजी कंपनियों और 25 राज्य सरकार के विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज यहां आगामी सेब सीजन की तैयारियों से संबंधित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि सेब राज्य की आर्थिकी का मुख्य स्रोत है तथा प्रदेश सरकार इस सेब सीजन को सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है। जगत सिंह नेगी ने सेब सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए बागवानी, कृषि, लोक निर्माण तथा पुलिस विभाग को सभी पहलुओं के मद्देनजर आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बागवान व किसान हितैषी सरकार ने सदैव बागवानों के हित में निर्णय लिए हैं तथा भविष्य में भी बागवानों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। बागवानी मंत्री ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न स्थानों में सेब मंडियों में पार्किंग, पेयजल, शौचालय, बिजली तथा अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी ताकि सेब सीजन से संबंधित बागवानों, आढ़तियों तथा अन्य हितधारकों को लाभ मिल सके। उन्होंने यातायात नियंत्रण पर बल देते हुए कहा कि सेब सीजन के लिए उपयोग में लाई जाने वाली सभी सड़कों की मरम्मत तथा सेब मंडियों में वाहनों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने संबंधित उपायुक्तों को जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष की स्थापना तथा उचित प्रबन्धन के निर्देश भी दिए। बाहरी वाहनों में जीपीएस की अनिवार्यता पर भी बल दिया गया ताकि चोरी इत्यादि मामलों में समय रहते कार्रवाई की जा सके। विभिन्न स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों तथा स्वचालित स्पीडोमीटर की सहायता से भी यातायात तथा कानून व्यवस्था पर निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने पुलिस विभाग को आवश्यक बल तैनात करने के भी निर्देश दिए। बैठक के दौरान पैकेजिंग सामग्री की व्यवस्था तथा समायोचित आपूर्ति और कृषि उत्पाद विपणन समिति अधिनियम 2005 के अनुसार फल की नीलामी के उपरान्त वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित करने के भी निर्देश दिए गए। बागवानी आढ़तियों का पंजीकरण तथा उन्हें समय पर लाइसेंस व पहचान-पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त बागवानों को समय पर उनके उत्पाद की बिक्री के भुगतान की उचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त मण्डी मध्यस्थता योजना पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर सचिव बागवानी अमिताभ अवस्थी, निदेशक बागवानी संदीप कदम, उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी, हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम के प्रबंध निदेशक सुदेश मोक्टा, हिमाचल प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के प्रबंध निदेशक हेमिस नेगी, उप-मंडलाधिकारी कल्पा शंशाक गुप्ता, पुलिस अधीक्षक शिमला संजीव गांधी, उप-पुलिस अधीक्षक सोलन भीष्म ठाकुर, हिमफेड के प्रबंध निदेशक ज्ञान सागर नेगी, मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग एस.पी. जगोता, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक जीत सिंह ठाकुर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। बैठक में उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग व पुलिस अधीक्षक कुल्लू साक्षी वर्मा कार्तिकेयन तथा उपायुक्त मंडी अरिंदम चौधरी व पुलिस अधीक्षक मंडी सौम्या सांबशिवन ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित बनाया जा रहा है कि कर्मचारियों को उनके सभी देय लाभ समय पर मिलंे। मुख्यमंत्री आज चंडीगढ़ में हिमाचल भवन, चंडीगढ़ के अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित कर रहे थे। हिमाचल भवन के अधिकारियों और कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ के सामान्य आवास पूल में हिमाचल भवन चंडीगढ़ के कर्मियों को आवास आवंटित करने का मामला चंडीगढ़ प्रशासन से उठाया जाएगा। उन्होंने इस संबंध में अधिकारियों को दूरभाष पर उचित दिशा-निर्देश भी जारी किए। उन्होंने कहा कि आवास की सुविधा कर्मियों की कार्य कुशलता में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन विकास की व्यापक संभावनाएं हैं और पर्यटन विकास निगम को हिमाचल के अनछुए पर्यटन क्षेत्र के दोहन में सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की समृद्ध परम्परा के प्रसार में निगम की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के एन पी एस कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना में सम्मिलित कर प्रदेश सरकार ने न केवल अपना वायदा निभाया है अपितु इन कर्मियों का भविष्य भी सुरक्षित किया है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों के समर्पण एवं परिश्रम के साथ प्रदेश शीघ्र ही आर्थिक संपन्नता की ओर कदम बढ़ाएगा। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस समिति के उपाध्यक्ष राहुल सिंह ठाकुर, हिमाचल भवन चंडीगढ़ के उप महा प्रबंधक अनिल कपूर सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
एसएफआई की प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने विश्वविद्यालय में आउटसोर्स के जरिए की जा रही भर्तियों को रोकने और नॉन टीचिंग स्टाफ की भर्तियों को करवाने तथा विश्वविद्यालय में प्रोफेसर भर्ती में हुई अनियमितता की जांच करने को लेकर रजिस्ट्रार को मांग पत्र सौंपा। इकाई अध्यक्ष हरीश ने नॉन टीचिंग स्टाफ की रिक्रूटमेंट पर बात रखते हुए कहा कि एसएफआई पहले भी यह मांग उठाई थी कि इन भर्तियों को जल्द करवाया जाए, क्योंकि हर बार रिजल्ट्स लेट आने का कारण नॉन टीचिंग स्टाफ की कमी है। विश्वद्यालय प्रशासन ने इसके लिए भर्ती की नोटिफिकेशन जून 2020, सितंबर 2021 और जनवरी 2022 में तो निकाली थी, लेकिन अभी तक यह परीक्षा करवाने में विश्विद्यालय प्रशासन नाकाम रहा है। जब छात्रों से फीस लेने की बारी आती है तो तब तो विश्विद्यालय प्रशासन कहीं पीछे नहीं रहता, लेकिन वहीं जब एग्जाम्स कंडक्ट करवाने की बारी आती है तो वो नहीं करवा पा रहा है। इकाई सचिव सुरजीत ने कहा कि एक तरफ तो विश्वविद्यालय प्रशासन स्थाई रोजगार देने में असमर्थ है, परंतु दूसरी तरफ हर महीने- दो महीनों के अंदर आउटसोर्स के जरिए नये-नये लोगों को भरने का काम किया जा रहा है। इस सब का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। एसएफआई ने विश्विद्यालय प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ये मांगें जल्द पूरी नहीं की गई तो एसएफआई आने वाले समय में छात्रों को लामबंद करते हुए विश्विद्यालय प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन करेगी, जिसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन तथा प्रदेश सरकार होगी।
राजकीय महाविद्यालय नौहराधार के लिए प्रदेश सरकार द्वारा दो प्रोफेसर अंग्रेजी व अर्थशास्त्र (इकोनॉमीक्स) की नियुक्ति कर दी है, जससे अब अविभावकों व छात्रों ने राहत की सांस ली है। नौहराधार कॉलेज में अब लगभग स्टाफ की पूर्ति हो चुकी है। जिन प्रोफेसरों की कमी है, वह भी आगामी दिनों मे जल्द ही पूरी होने की उम्मीद है। मगर यहां महत्वपूर्ण विषय अंग्रेजी, इकोनॉमीक्स, हिस्ट्री, पोलटिकल साइंस की पूर्ति हो चुकी है एसएमसी अध्यक्ष नरेंद्र ने दो प्राध्यापको की नियुक्ति होने पर सरकार का आभार जताया है और उम्मीद जताई है कि जिन प्राध्यापकों की कमी है, उन्हें भी जल्द भेज दिया जाएगा, ताकि छात्रों की पढ़ाई वाधित न हो। वहीं, कार्यवाहक प्रिंसिपल वेद प्रकाश ने बताया कि सरकार द्वारा दो प्रोफेसरो की नियुक्ति कर दी गई है इन्होने कहा कि सत्र 2023-24 के लिए प्रथम वर्ष की प्रवेश प्रक्रिया 30 जून 2023 से आरंभ हो चुकी है छात्र धीरे धीरे दाखिले लेने पहुंच रहे है, बाकी आवेदन की तिथि 8 जुलाई तक निर्धारित की गई है। 8 जुलाई को पहली मेरिट सूची जारी होगी। 10 से 12 जुलाई तक तीन दिनों के दौरान फीस जमा होगी। 12 जुलाई को दूसरी मेरिट सूची जारी होगी। 18 जुलाई से महाविद्यालय में नया शैक्षणिक सत्र आरम्भ होगा। दाखिले हेतु छात्र समय पर पहुंच जाएं, ताकि आगामी 18 जुलाई से नियमित कक्षाएं बैठ सके व पढ़ाई शुरू हो सके।
हिमाचल अनुबंध नियमित कर्मचारी संगठन ने प्रदेश अध्यक्ष मनीष गर्ग और जिलाध्यक्ष सुनील पराशर के नेतृत्व में आज कैबिनेट मंत्री प्रो चंद्र कुमार को शाहपुर में नियुक्ति की तिथि से वरिष्ठता का लाभ देने के संबंध में एक ज्ञापन सौंपा। संगठन ने सरकार से भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के अंतर्गत नियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति की तिथि से वरिष्ठता देने की मांग की है। प्रदेश अध्यक्ष मुनीष गर्ग के अनुसार पिछले लंबे समय से कर्मचारियों ने वरिष्ठता की मांग को प्रदेश के हर मंच पर सैकड़ों बार उठाया है, लेकिन अभी तक यह मांग पूरी नहीं हो पाई है। कर्मचारियों ने कहा कि चुनावों से पूर्व उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कर्मचारियों को नियुक्ति की तिथि से सीनियरिटी देने का वादा किया था। कर्मचारियों को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही प्रदेश के 70 हजार कर्मचारियों की इस मांग को जरूर पूरा करेगी। वहीं, जिलाध्यक्ष सुनील पराशर के अनुसार 2008 में पहली बार भाजपा सरकार ने लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ चयन बोर्ड द्वारा भर्ती एवं पदोनित नियमों के अंतर्गत नियुक्त कर्मचारियों को अनुबंध आधार पर नियुक्त किया। सरकारों ने अनुबंध अवधि को कम किया, लेकिन कर्मचारियों को नियुक्ति की तिथि से अपना कर्मचारी नहीं माना। पहले यह अवधि सात वर्ष थी, जो कम होते- होते अब दो साल रह गई है। कमीशन और बैच के आधार पर नियुक्त ये कर्मचारी सभी नियमों और सेवा शर्तों को पूरा करके नियुक्त हुए हैं। इसलिए सरकार या तो उन्हें भी दो साल अनुबंध सेवा के बाद के समय के सभी लाभ दे या सभी को नियुक्ति की तिथि से वरिष्ठता प्रदान करे। कर्मचारियों को उम्मीद है कि जिस तरह मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार ने कर्मचारियों की पुरानी पेंशन की मांग को पूरा किया है, वैसे ही वे नियुक्ति की मांग को भी जल्दी ही पूरा करेंगे। प्रतिनिधिमंडल में जिलाध्यक्ष सुनील पराशर, मनदीप चौधरी, अश्वनी, शम्मी कुमार, विजय सैनी, राजेश, कपिल, राहुल, पंकज आदि शामिल रहे।
लोक लेखा समिति की बैठक सभापति अनिल शर्मा की अध्यक्षता में 4 व 5 जुलाई को विधानसभा के मुख्य समिति कक्ष में आयोजित हुई, जिसमें इंद्र दत्त लखनपाल, राजेश धर्माणी, बलबीर सिंह वर्मा, जीत राम कटवाल, कृष्ण लाल ठाकुर, डॉ. जनक राज, एवं अजय सोलंकी सदस्यों ने भाग लिया। इसमें समिति ने विभिन्न विभागों से अपेक्षित सुओ-मोटो उत्तरों तथा मूल/कार्रवाई प्रतिवेदनों में अंतर्विष्ट सिफारिशों से संबंधित लंबित कार्यों पर मुख्य सचिव एवं सचिव (वित्त), हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ मौखिक साक्ष्य किया।


















































