प्रदेश में पिछले 48 घंटे से लगातार हो रही भारी बारिश से जन-जीवन व्यापक तौर पर प्रभावित हुआ है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू राहत एवं बचाव कार्यो की स्वयं निगरानी कर रहे हैं और प्रदेश तथा जिला प्रशासन के साथ निरन्तर सम्पर्क में हैं ताकि आपातकाल की स्थिति में लोगों को समय पर मदद पहुंचाई जा सके। रविवार को देर सायं मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों से बात की और संबंधित जिलों में हुए नुकसान का जायजा लिया तथा प्रभावितों को तुरन्त मदद पहुंचाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने तड़के सुबह चार बजे तक विभिन्न स्थानों में फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए बचाव कार्यों पर नज़र बनाए रखी और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहे। सुखविंदर सिंह सुक्खू से हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी रविवार देर शाम फोन पर बात की और भारी बारिश के कारण प्रदेश के विभिन्न भागों में फंसे हरियाणा के लोगों को सहायता उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने मनोहर लाल खट्टर को आश्वस्त किया कि वह निजी तौर पर इस मामले को देखेंगे। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को इस संबंध में तत्काल आवश्यक कदम उठाने के दिशा-निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने मंडी जिला के नगवाईं में फंसे छह लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए चलाए गए बचाव अभियान पर भी नज़र बनाए रखी। इन सभी छह लोगों को देर रात लगभग दो बजे सुरक्षित निकाल लिया गया। मुख्यमंत्री ने बचाव दल और स्थानीय प्रशासन के प्रयासों की सराहना भी की। सुखविंदर सिंह सुक्खू मनाली के आलू ग्राउंड में फंसे 29 लोगों और लाहौल स्थित चंद्रताल झील के पास फंसे लगभग दो सौ पर्यटकों के बारे में भी पल-पल की जानकारी लेते रहे। मनाली में फंसे 29 लोगों को आज सुबह आठ बजे सुरक्षित निकाल लिया गया। मुख्यमंत्री ने चंद्रताल झील के पास फंसे पर्यटकों के लिए खाने-पीने की सामग्री, दवाएं और अन्य आवश्यक सामान भेजने के निर्देश दिए और जिला प्रशासन से उनके बारे में पल-पल की जानकारी लेते रहे, ताकि समय पर राहत एवं बचाव कार्यों का संचालन किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य प्रशासन को विभिन्न स्थानों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हरसंभव कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि वह स्थानीय प्रशासन और जन प्रतिनिधियों के लगातार सम्पर्क में हैं और व्यक्तिगत रूप से स्थिति का जायजा ले रहे हैं। आपदा की इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार सभी लोगों के साथ हैं। उन्होंने लोगों से अनावश्यक यात्राओं से बचने और नदी-नालों के नजदीक न जाने की अपील भी की है।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल से बात कर प्रदेश में भारी बारिश के कारण हुए नुकसान के बारे में जानकारी ली। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश की वजह से पैदा हुए हालात और लोगों की परेशानी को देखते हुए नड्डा ने पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को आगे बढ़कर प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद का निर्देश दिया है। इसके लिए हिमाचल प्रदेश भाजपा ने सूचना एवं सहायता हेतु दो नंबर 9317221289 और 8580616570 भी जारी किया है जिस पर संपर्क किया जा सकता है। भाजपा ने लोगों से मदद के लिये जारी किए नंबर पर संपर्क करने का आग्रह किया है। साथ ही, सभी मंडल अध्यक्षों एवं जिला अध्यक्षों को भी इस नंबरों पर संपर्क करने के आदेश जारी किए, ताकि लोगों को अविलंब मदद पहुंचाने के लिए मदद की जा सके।
भारी बारिश से सड़कें बंद होने से प्रदेश भर में एचआरटीसी के 1007 रूट बंद हो गए हैं। वहीं, अलग-अलग क्षेत्रों में निगम की 452 बसें फंसी हुई हैं। इसके अलावा हिमाचल से बाहर भी कई बसें फंसी हुई हंै। एचआरटीसी प्रबंधन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार प्रदेश में नाहन यूनिट की एक बस देहरादून पांवटा सड़क पर फंसी हुई है। वहीं एक बस सुंदरनगर यूनिट की सहारनपुर अंबाला के बीच फंस गई है। एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक रोहन चंद ठाकुर ने बताया कि मंडी का धर्मपुर डिपो सुरक्षित है। सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है, वीडिया 2015 का है। उन्होंने बताया कि रामपुर-रिकांगपिओ बस रूट बंद है। इसके कारण रिकांगपिओ में स्थानीय बसों का संचालन बंद हो गया है। रामपुर से रोहड़ू के रूट भी भूस्खलन के कारण बंद है। शिमला शहर के अंदर एचआरटीसी बसों की आवाजाही जारी है, लेकिन शहर के साथ लगते कई क्षेत्रों में बसों की आवाजाही बंद है। नाहन में मुख्य सडक़े अलावा सभी लिंक रूट बंद है। इसी तरह सोलन में भी मुख्य सडक़ के अलावा लिंक रूट बंद है। चंबा में एचआरटीसी की सभी बस सेवाएं प्रभावित है। कुल्लू जिला के भी सभी रूट बंद है। धर्मशाला डिपो के लोकल रूट बंद है। हमीरपुर में मुख्य रूट बहाल हैं, लेकिन लिंक रूट बंद है।
हिमाचल में तीन दिन से जारी बारिश प्रदेश को गहरे जख्म दे रही है। अब तक करीब 15 लोगों को यह बेरहम बरसात लील गई है। बरसात के कारण कई जगह लोगों के घर और अन्य भवन जमींदोज हो गए हैं तो कहीं पानी अपने साथ लोगों के आशियाने बहाकर ले गया है। मूसलाधार बारिश के चलते भूस्खलन, बादल फटने, घर ध्वस्त होने, पेड़ और बिजली गिरने से करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। 6 नेशनल हाईवे समेत 828 सड़कें यातायात के लिए अवरुद्ध हैं। 4686 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हैं। सबसे ज्यादा नुकसान कुल्लू और मंडी जिले में हुआ है। मनाली में चार लोग बहने से लापता हैं। वहीं, दो-तीन वोल्वो बसों के बहने की सूचना है। अखाड़ा बाजार में बैली ब्रिज को भारी नुकसान हुआ है। आवाजाही बंद कर दी गई है। मंडी में ब्यास नदी के उफान में 40 साल पुराना पुल बह गया है। जिला ऊना के उपमंडल बंगाणा क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में रविवार देर रात तथा सोमवार सुबह को लगातार हो रही बारिश से यातायात प्रभावित है। वहीं कुछ स्थानों पर रिहायशी मकान तथा गोशालाएं गिर गई हैं। रौद्र रूप दिखा रही ब्यास बारिश से ब्यास नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। नदी के तटीय इलाकों में भारी नुकसान हुआ है। ब्यास किनारे कई घर व होटल बह गए हैं। वहीं पार्वती व तीर्थन नदी व अन्य नदी नालों में बाढ़ जैसे हालात हैं। नदी किनारे बसें गांवों व घरों में पानी घुस गया है। लाहौल के तेलिंग नाला में तीन दिन से फंसे हैं 50 लोग जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में बारिश ने तबाही मचा दी है। मनाली-लेह मार्ग के बीच आने वाले तेलिंग व पागलनाला में बाढ़ आने से सड़क मार्ग बंद है। यहां एचआरटीसी की चार बसों के साथ कुछ छोटे वाहन भी फंसे हैं। बसों में सवार करीब 50 लोग तीन दिनों से भूखे प्यासे हैं। इसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। स्थानीय प्रशासन ने कोई भी मदद नहीं की है। किन्नौर की भावा खड्ड में तीन मकान बहे किन्नौर जिले की भावा खड्ड में रविवार रात बाढ़ आने से तीन मकान बह गए हैं, जबकि दो मकानों को आंशिक रूप से नुकसान हुआ है। एक टिप्पर, एक पिकअप और एक कार बाढ़ मे बह गई है। कई सेब के बागीचों को भी नुकसान पहुंचा है। वहीं भावा खड्ड पर बने पैदल पुल भी बाढ़ की चपेट में आने से बह गए हैं। जबकि कई मकान खतरे की जद में हैं। ऊना आने वाली सभी ट्रेनें रद्द ऊना आने वाली सभी ट्रेनें आज भी रद्द रहेंगी। बारिश की वजह से रेल सेवा पर सबसे बुरा असर पड़ा है। वंदे भारत, जनशताब्दी, हिमाचल एक्सप्रेस सहित पेसेंजर ट्रेने भी नहीं चलेंगी। ऊना, अंब, अंदौरा व दौलतपुर चौक रेलवे स्टेशन भी खाली पड़ हैं। ऊना में कुल नौ ट्रेने अवगमन करतीं हैं। सीएम ने की राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बारिश से हुई तबाही को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है। सीएम सुक्खू रात भर मंडी, कुल्लू, सोलन जिलों में हो रही तबाही की जानकारी लेते रहे। फंसे हुए लोगों को सकुशल निकालने के लिए जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं।
जिला सिरमौर मंडल श्री रेणुका जी के विकास खड़ सगड़ाह ग्राम पंचायत देवामानल के गांव देवठना नानडी की निवासी लीला देवी की गौशाला लगातार हो रही बारिश के कारण गिरने की कगार पर है। बारिश से गौशाला के पास लगा ड़गा गिर गया है, जिससे गौशाला के क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है। लीला देवी ने पंचायत प्रधान, पंचायत सदस्य, सरकार व प्रशासन से मदद की लगाई गुहार लगाई है। बता दें कि लगातार बारिश होने से गिरिपार क्षेत्र में खूब तबाही मची है। बारिश से आम लोगों का जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। कई घरो के आगे भूस्खलन हुआ है, जिससे भवनों को खतरा पैदा हो गया है।
भारी बारिश से हिमाचल प्रदेश में सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है। बीते 24 घंटे के दौरान मूसलाधार बारिश के चलते भूस्खलन, बादल फटने, घर ध्वस्त होने, पेड़ और बिजली गिरने से 11 लोगों की मौत हुई है।किन्नौर जिले के भावा खड्ड में रविवार रात भयंकर बाढ़ आने से तबाही मच गई। जानकारी के अनुसार, बाढ़ की चपेट में आने से तीन मकान पूरी बह गए हैं। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में भारी बरसात को लेकर रेड व ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, उपायुक्त किन्नौर ने आमजन से एतिहात बरतने और अनावश्यक यात्रा नहीं करने की अपील की है स्त होने, पेड़ और बिजली गिरने से 11 लोगों की मौत हुई है।किन्नौर जिले के भावा खड्ड में रविवार रात भयंकर बाढ़ आने से तबाही मच गई।
प्रदेश में फोरलेन निर्माण के दौरान मलबे के ढेर अब बर्दाश्त नहीं होंगे। एनएचएआई ने निर्माता कंपनी को सख्त निर्देश दिए हैं। चिन्हित जगह से बाहर कंपनियां मलबा फेंकती हैं, तो उन्हें ब्लैक लिस्ट किया जा सकता है। एनएचएआई ने बरसात को देखते हुए यह कदम उठाए हैं। जगह-जगह मलबा फेंकने की वजह से सडक़ से निचले क्षेत्रों में बाढ़ आने के हालात बने हुए हैं। इन्हें देखते हुए यह निर्देश जारी किए हैं। एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी अब्दुल बासित ने बताया कि फोरलेन पर मलबे के ढेर अब बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। प्रदेश में कालका-शिमला, शिमला-मटौर, कीरतपुर-मनाली, पठानकोट मंडी और पिंजौर-नालागढ़ समेत अन्य एनएच पर यह आदेश लागू रहेंगे। उन्होंने कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि वे पर्यावरण के प्रति अपनी भूमिका को बखूबी निभाएं। गौरतलब है कि केंद्रीय सडक़ परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने दो दिन पहले ही इंडियन रोड कांग्रेस अधिवेशन में पेड़ों को बचाने के आदेश दिए थे। इसमें उन्होंने पेड़ काटने की जगह उन्हें उखाड़ कर दूसरी जगह स्थापित करने के निर्देश दिए थे। केंद्रीय मंत्री ने देश भर के इंजीनियरों को यह आदेश दिए थे कि वे आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर सडक़ों के निर्माण को विश्वस्तरीय पहचान दें। उन्होंने नए एनएच निर्माण के दौरान काटे गए पेड़ों के एवज में 68 हजार पेड़ लगाने की बात कही है। एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी ने तमाम निर्माता कंपनियों की एक अहम बैठक ली है। इस बैठक के दौरान उन्होंने एनएच के किनारे लगे ढेर को हटाने की बात कही। फोरलेन निर्माण के दौरान जो मलबा निकल रहा है उसे डंप करने के लिए जगह चिन्हित की गई हैं। इन जगहों के अलावा दूसरे स्थानों पर ढेर नहीं लगाए जा सकते हैं। कंपनी प्रबंधकों को इस बात का ख्याल रखना होगा।
प्रदेश में लगातार जारी भारी बारिश के चलते प्रदेश उच्च न्यायालय व जिला न्यायपालिका के सभी न्यायालय में सोमवार को अवकाश घोषित किया गया है। इस संबंध में प्रदेश उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल ने आदेश जारी किए हैं। आदेशों में कहा गया है कि अवकाश के स्थान पर भविष्य में किसी अन्य गैर कार्य दिवस को प्रदेश उच्च न्यायालय में कार्य दिवस घोषित किया जाएगा। जिला एवं सत्र न्यायाधीश इसे हिमाचल प्रदेश राज्य के बार एसोसिएशन के माध्यम से आम जनता, वादिकरियों और अधिवक्ताओं के ध्यान में लाएंगे। लगातार हो रही बारिश के कारण वकीलों, कर्मचारियों और न्यायिक अधिकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसके बाद ही ये आदेश जारी किए गए हैं।
पर्यटन निगम अध्यक्ष, कैबिनेट रैंक आरएस बाली ने कहा कि भारी बारिश के कारण राज्य की विभिन्न जगहों पर फंसे पर्यटकों की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार कारगर कदम उठा रही है। यहां जारी प्रेस विज्ञिप्त में पर्यटन निगम के अध्यक्ष आरएस बाली ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के चंद्र ताल, पागल नाला और मलिंग नाला में फंसे सभी लोग तथा पर्यटक सुरक्षित और स्वस्थ हैं। उन्होंने कहा कि इन लोगों को पर्याप्त भोजन की आपूर्ति भी सुनिश्चित की जा रही है तथा स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि कार्यवाहक डीजीपी सतवंत अटवाल अपनी टीम के साथ, व्यक्तिगत रूप से ऑपरेशन की निगरानी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू सक्रिय रूप से स्थिति पर नजर रख रहे हैं और सरकार द्वारा सभी उचित कदम उठाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा और उनको वहां से निकालने के लिए प्रक्रिया जारी है, लेकिन चंद्र ताल से पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकालने में लगभग दो-तीन दिन लगेंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार प्रभावित लोगों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए अथक प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक घटनाएँ सभी के नियंत्रण से परे हैं, लेकिन हिमाचल प्रदेश सरकार सभी को बचाने और सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समर्पित है। उन्होंने पर्यटकों से आग्रह करते हुए कहा कि भारी बारिश में यात्राओं से पहरेज करें तथा नदी नालों के किनारे से जाने से भी गुरेज करें। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से हर जिला में आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं किसी भी आपातकालीन स्थिति में संबंधित जिलों के कंट्रोल रूम से संपर्क किया जा सकता है।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश में हुई भारी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में हुई भारी बारिश को देखते हुए केंद्र सरकार से हर संभव मदद करने का आग्रह किया। पिछले दो दिन से लगातार हो रही बारिश से प्रदेश में जन-जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त है। बारिश की वजह से प्रदेश में जान-माल की भारी क्षति हुई हैं। नेता प्रतिपक्ष ने बारिश की वजह से हुई मृत्यु पर अपनी शोक संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि ईश्वर मृतक आत्माओं की शांति और उनके परिजनों को यह असह्य दु:ख सहन करने की क्षमता प्रदान करें। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि भारी बारिश की वजह से कई जगहों पर लोगों के फंसे होने की सूचनाएं मिल रही हैं। हम सरकार से आग्रह करते हैं कि जल्दी से जल्दी उन्हें सुरक्षित निकाला जाए। इसके साथ ही उन्होंने हिमाचल के लोगों से अपील की कि वे बरसात में अपने घर में सुरक्षित रहे, अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। किसी भी संभावित बाढ़ वाली जगह से दूर रहें, अपना और अपने परिवार का ध्यान रखें। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश भर में बारिश से भारी नुक़सान हुआ है। इस बरसात में पंडोह और ऑट के पुल के भी बह जाने की सूचना मिली। दोनों ही पुल ऐतिहासिक थे। इन दोनों पुलों का भी बह जाना दु:खद है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बारिश की वजह से प्रभावित हुए लोगों को सरकार हर संभव मदद करे। जिन लोगों के घर टूटे हैं, उन्हें तत्काल सहायता दी जाए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बरतते हुए वहां पर टास्क फ़ोर्स की तैनाती की जाए जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके। नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से आग्रह किया कि बारिश सी बंद पड़े रास्तों को को जल्दी से जल्दी खोला जाए, जिससे जन जीवन सुचारू रूप से बहाल हो सके।
कांगड़ा जिला में आपदा प्रबंधन को और भी सुदृढ़ किया जाएगा यह जानकारी उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने रविवार को उपायुक्त कार्यालय परिसर में राज्य आपदा रिसपॉंस फोर्स के 25 जवानों को गोताखोरी के प्रशिक्षण के लिए वाटर स्पोर्ट्स प्रशिक्षण केंद्र पौंग डैम के लिए रवाना करने के उपरांत दी। इन जवानों का दस जुलाई से 23 जुलाई तक प्रशिक्षण कार्यक्रम चलेगा। उन्होंने कहा कि बरसात के दिनों में राज्य की विभिन्न नदियां तथा नाले पूरी उफान पर होते हैं तथा प्रतिवर्ष दर्जनों लोगों की मौत नदी तथा नालों में डूबने तथा बहने के कारण होती है जिला में प्रशिक्षित गोताखोरों की संख्या बहुत कम है जिसके चलते कई बार नदी तथा खड्डों में बहने वाले लोगों का बचाव नहीं हो पाता है। इसी पक्ष को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन के लिए कांगड़ा जिला में ही ज्यादा संख्या गोताखोरी का प्रशिक्षण देने की पहल की गई है ताकि बरसात के दिनों में नदी तथा खड्डों में डूबने वाले लोगों का समय रहते बचाव किया जा सके इसके साथ ही अन्य जिलों में जरूरत पड़ने पर भी इन प्रशिक्षित गोताखोरों को भेजा जा सके। उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने कहा कि कांगड़ा जिला में आपदा प्रबंधन को लेकर जिला स्तर से लेकर उपमंडल स्तर तक प्लान तैयार किए गए हैं इसमें आपदा प्रबंधन को लेकर विभिन्न स्तरों पर आम जनमानस को प्रशिक्षित भी किया गया है ताकि आपदा के समय स्थानीय स्तर पर सभी लोग प्रशासन का सहयोग कर सकें। उन्होंने कहा कि आपदा मित्रों को प्रशिक्षित करने के लिए भी वर्ष भर गतिविधियां संचालित की जाती हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बेहतर आपदा प्रबंधन के माध्यम से ही आपदा से होने वाले नुक्सान को कम किया जा सकता है। इस अवसर पर एडीएम रोहित राठौर सहित पुलिस के अधिकारी भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज भारी बारिश के बीच राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर में 94 लाख रुपये की लागत से निर्मित कैंटीन ब्लॉक तथा 25 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय के नए शैक्षणिक ब्लॉक का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने इसके उपरान्त राजस्व 2.01 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली कर्मचारी आवासीय कॉलोनी और ग्राम पंचायत उखली में 5.27 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले सम्पर्क मार्ग भगोट से फाफन की आधारशिला रखी। मुख्यमंत्री ने राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर में एक कार्यक्रम के दौरान शिक्षा व्यवस्था में क्रान्तिकारी परिवर्तन लाने की सरकार की प्रतिबद्धता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस पहल के तहत चरणबद्ध तरीके से प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल स्थापित किए जाएंगे। इन स्कूलों के निर्माण के लिए हमीरपुर जिले के सुजानपुर, भोरंज और बड़सर विधानसभा क्षेत्रों में भूमि चिन्हित कर ली गई है। यह स्कूल विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करने के लिए आधुनिक सुविधासम्पन्न स्मार्ट क्लास और खेल सुविधाएं प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में मॉडल कॉलेजों की स्थापना पर भी विचार कर रही है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने विद्यार्थियों की सुविधा के उद्देश्य से 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए वार्षिक मूल्यांकन प्रणाली आरम्भ की है। इसके अलावा सरकार युवाओं के लिए रोजगार के बेहतर अवसर पैदा करने के लिए तकनीकी शिक्षण संस्थानों में नए तकनीकी पाठ्यक्रम आरंभ कर रही है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग जैसे पाठ्यक्रमों को महाविद्यालय के पाठ्यक्रम में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 6,000 अनाथ बच्चों को 'राज्य के बच्चेÓ के रूप में गोद लिया गया है और प्रदेश सरकार उनके शैक्षिक खर्चों को भी वहन करेगी। उन्होंने कहा कि इन बच्चों को मासिक जेब खर्चे के रुप में 4,000 रुपये के साथ वर्ष में एक बार एक्सपोजर विजिट भी प्रदान करेगी। इसके अतिरिक्त मेधावी विद्यार्थियों मात्र एक प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन विद्यार्थियों के अविलम्ब प्रवेश के लिए संबंधित उपायुक्तों को प्रवेश शुल्क की पहली किश्त के भुगतान के लिए धन आवंटित किया गया है। उन्होंने राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर में स्मार्ट कक्षाओं के कार्यान्वयन के लिए 2 करोड़ रुपये देने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में शैक्षिक बुनियादी ढांचे को बढ़ाने और छात्रों के लिए बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री को राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर के कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री सुख-आश्रय कोष के लिए 51,000 रुपये का चेक भेंट किया। इस अवसर पर विधायक इन्द्र दत्त लखनपाल, आशीष शर्मा और सुरेश कुमार के साथ-साथ कांग्रेस नेता डॉ. पुष्पिंदर वर्मा, कांगड़ा सहकारी बैंक के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, उपायुक्त हेमराज बैरवा, पुलिस अधीक्षक आकृति शर्मा और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
शिमला जिला के कोटगढ़ इलाके में मलबे में दबने से दंपती और बच्चे की मौत हो गई और दो अन्य चोटिल हुए। भूस्खलन की ये घटना ठियोग-कुमारसैन विधानसभा क्षेत्र की उप तहसील कोटगढ़ के ग्राम पंचायत मधावनी के पनेवली गांव में हुई। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय विधायक व कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुलदीप राठौर मौके पर पहुंचे। उनके साथ एसडीएम कुमारसैन व अन्य अधिकारी मौजूद रहे। भूस्खलन की घटना में एक ही परिवार के तीन लोगों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया व दिवंगत आत्माओं की शांति और शोक संतप्त परिजनों को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। राठौर ने परिवार के सदस्यों से बातचीत की व उन्हें सरकार की तरफ से हर संभव सहायता मुहैया करवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने एच्छिक निधि से प्रभावित परिवार को 50 हजार रुपये जारी किए। वहीं राज्य सरकार की ओर से 1 लाख रुपये राहत राशि जारी की गई है। इसके अलावा तरपाल, राशन सहित अन्य सामान भी प्रभावित परिवार को मुहैया करवाया गया। बता दें कि बीती रात एक मकान भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हुआ है। मकान में पांच लोगों का परिवार रह रहा था। भारी वर्षा के कारण चट्टान युक्त मलबा इस मकान पर गिर पड़ा। इस मकान में दंपती समेत छह लोग सो रहे थे। इसमें अनिल (32) पुत्र जयचंद, किरण (31) पत्नी अनिल और स्वप्निल (11) पुत्र अनिल की मलबे में दबने के कारण मौत हो गई है। तीनों के शवों को निकाल दिया गया है। परिवार के अन्य सदस्यों जयचंद और उनकी पत्नी बीना देवी को हल्की चोटें आई है। हादसे में वे बाल-बाल बच गए। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया है। तीनों शवों को पोस्टमार्टम के बाद उनके परिजनों, रिश्तेदारों को सौंप दिया गया है। राठौर ने ठियोग विधानसभा क्षेत्र में बारिश से हुए नुकसान व राहत कार्यों का भी जायजा लिया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को बंद पड़ी सड़कों को तुरंत खोलने के निर्देश दिए।
भारतीय राज्य पेंशनर महासंघ हिमाचल प्रदेश की राज्य स्तरीय बैठक ज्वालामुखी में महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष घनश्याम शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इसमें प्रदेश अध्यक्ष ब्रह्मानंद,अतिरिक्त महामंत्री सुभाष पठानिया, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेम व्यास, प्रदेश पथ परिवहन के अध्यक्ष बलरामपुरी, जिला अध्यक्ष चमन पुंडीर, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य आरके धीमान, किशोरीलाल महासंघ के खंड देहरा के अध्यक्ष रामस्वरूप शर्मा और अन्य संगठनों के पदाधिकारियों पेंशनर आदि ने हिस्सा लिया। घनश्याम शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के गुरुकुल में केवल झूठ की पीएचडी करवाई जाती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता केवल मात्र झूठ के सहारे राजनीति करते हैं। उन्होंने झूठ बोलकर सत्ता हासिल की और झूठ बोलकर 10 गारंटी देकर प्रदेश की जनता को ठगा है। उन्होंने कहा की मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की प्रशासनिक पकड़ खत्म हो चुकी है मुख्यमंत्री जो घोषणा करते हैं, प्रशासनिक अधिकारी उस पर अमल नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के वरिष्ठ नागरिक, जिन्होंने सरकारी नौकरी में अपनी जवानी प्रदेश की तरक्की के लिए लगा दी, आज अपनी छोटी मोटी मांगों के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं। कर्मचारियों के एरियर नहीं मिल रहे हैं, पेंशनर का एरियर नहीं मिल रहा है। कर्मचारियों को डीए के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है । प्रदेश में कर्मचारियों को 34 फीसदी डीए मिल रहा है, जबकि अन्य राज्यों में 44त्न डीए मिल रहा है उन्होंने कहा कि मैं ओपीएस का समर्थक हूं। सरकार इसे ठीक ढंग से लागू करें, ताकि कर्मचारियों को लाभ मिले। परंतु इससे उल्टा सरकार राजस्थान और छत्तीसगढ़ जहां कांग्रेस की सरकारें हैं। उसी तर्ज पर प्रदेश में ओपीएस को लागू करने जा रही हैं। कैबिनेट में पास कर दिया है परंतु उसको कर्मचारियों के हित को देखते हुए लागू नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस के नेता दिल्ली में लड़ाई लड़ने की बातें करने लगे हैं। उन्होंने कांग्रेसियों से पूछा है कि 10 गारंटी उन्होंने क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछ कर लोगों को दी थी। उन्होंने सरकार को 15 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया है। यदि 15 अगस्त तक कर्मचारियों की सभी मांगे ंपूरी नहीं होती हैं तो पूरे प्रदेश में आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत उभरते हुए कस्बे पंचरुखी को नगर पंचायत के रूप में गठित करना अति अनिवार्य है। किसान नेता एवं समाजसेवी मनजीत डोगरा ने कहा कि पंचरुखी के आसपास तेज गति से हो रहे विकास को योजनाबद्ध रूप देने की आवश्यकता है। इसलिए इस क्षेत्र को शहरी निकायों की परिभाषा के अंतर्गत गठित करने की आवश्यकता है। मनजीत डोगरा ने कहा जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता पंचरुखी क्षेत्र अब कस्बे का रूप ले चुका है, पंचरुखी के आसपास घनी आबादी, बड़े-बड़े व्यवसायिक प्रतिष्ठान, बैंकों का विस्तार, ब्लॉक कार्यालय, तहसील कार्यालय, सभी सरकार के विभागों के कार्यालय, अस्पताल, सभी तरह की सुविधाएं इस क्षेत्र में मौजूद हैं, निर्माण का कार्य बहुत ही तेजी से समूचे क्षेत्र में चल रहा है, इस निर्माण को शहरी योजना में लाना आवश्यक है, ताकि शहर का विकास भविष्य की तमाम आवश्यकता ओं के मध्य नजर किया जा सके और यह क्षेत्र आर्थिक एवं सामाजिक तौर पर सुदृढ़ बने तथा हिमाचल प्रदेश के एक सुंदर एवं सुनियोजित शहर के रूप में विकसित हो सके।
प्रदेशभर में इन दिनों मौसम विभाग द्वारा हाई अलर्ट जारी किया गया है, क्योंकि बरसात के कारण भारी बारिश होने के कारण नदियों-नालों का बहाव तेज हो जाता है और भूस्खलन का खतरा मंडराता रहता है। बीते तीन दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण जिला कांगड़ा के विधानसभा क्षेत्र इंदौरा की ग्राम पंचायत तोकि (वार्ड -7) के लोग सहमे हुए हैं क्योंकि एक तो पहले ही उनके रास्तों व घरों से नाली का पानी नही जाता और ऊपर से बरसात आई तो गरीब जनता के लिए आफत का पहाड़ बन गई। लोगों के घरों में पानी इतना घुस गया है कि घर का सारा सामान पानी में डूब चुका हैं। इस मौके पर जब पीड़ित परिवारों ने अपनी व्यथा पंचायत प्रधान को सुनाई तो प्रधान तुरंत मौका देखने पहुंची। मौका देखने के बाद प्रधान ने उपमंडल अधिकारी सुरिंदर ठाकुर को संपर्क किया तो उन्होंने पीड़ित परिवारों को राशन दिया व जल्द ही उनकी समस्या हल करने का आश्वासन दिया। वहीं प्रधान बबली देवी ने कहा कि जनता की सेवा के लिए हम हमेशा तत्पर रहेंगे और जल्द उच्च अधिकारियों से बात करके इस समस्या का समाधान करवाएंगे ताकि हमारी पंचायत के किसी भी व्यक्ति को समस्या का सामना न करना पड़े।
भारी बरसात के चलते इलाके की सभी खड्डे भारी उफान पर हैं। रविवार सुबह कांगड़ा जिले के गांव सनौरा का 48 वर्षीय व्यक्ति रणजीत सिंह खड्ड में में बह गया। वह एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार में लकड़ी डालने गया था। रणजीत सिंह मृतक को लकड़ी डालकर हाथ धोने लगा और अचानक पैर फिसल जाने से वह पानी में गिर गया और पानी के तेज बहाव में बह गया। वहीं, सूचना मिलने पर गग्गल पुलिस की टीम भी थाना प्रभारी केसर सिंह के नेतृत्व में घटनास्थल पर पहुंच गई। थाना प्रभारी केसर सिंह ने बताया कि लापता व्यक्ति का अभी तक कोई पता नहीं चला है। उन्होंने बताया कि घटना के बारे नियंत्रण कक्ष को सूचित कर दिया गया है। उधर, सनौरा पंचायत प्रधान सुनीता देवी ने बताया कि रंजीत कुमार पहले होमगार्ड जवान था, लेकिन अब घर में ही मेहनत मजदूरी करता था। खड्ड में बहे रणजीत की ग्रामीणों द्वारा तलाश की जा रही है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला जिले की कुमारसैन तहसील में भूस्खलन की घटना में एक ही परिवार के तीन लोगों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है। अपने शोक संदेश में मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्माओं की शांति और शोक संतप्त परिजनों को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को प्रभावित परिवार को तत्काल राहत उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए हैं। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि भारी वर्षा तथा विषम मौसमी परिस्थितियों के दृष्टिगत हिमाचल प्रदेश राज्य शिक्षा बोर्ड से संबद्ध सरकारी तथा निजी स्कूल और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय तथा सरदार पटेल विश्वविद्यालय से संबंद्ध सरकारी व निजी महाविद्यालय 10 तथा 11 जुलाई, 2023 को बंद रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएससी), भारतीय माध्यमिक शिक्षा प्रमाणपत्र (आईसीएसई) तथा अन्य शिक्षा बोर्ड से संबद्ध संचालित निजी स्कूल परीक्षा तथा स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के आधार पर इन दो दिनों में स्कूल बंद रखने का निर्णय अपने स्तर पर ले सकते हैं। इसके साथ ही परामर्श दिया गया है कि उपरोक्त शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों तथा कर्मचारियों की सुरक्षा हर स्तर पर सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि खराब मौसम के पूर्वानुमान के दृष्टिगत राज्य सरकार ने सुरक्षा उपायों और आम जनता को इसके प्रति जागरूक करने के लिए संबंधित जिला प्रशासन को सतर्क कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार सतर्क रहने तथा लोगों से नदियों और नालों के पास न जाने की भी अपील की। उन्होंने प्रदेशवासियों से जिला प्रशासन के साथ सहयोग करने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की अनुपालना करने का भी आग्रह किया।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार देर शाम हमीरपुर में एक बैठक की अध्यक्षता की और राज्य में निर्माणाधीन जल विद्युत परियोजनाओं के कार्य में तेजी लाने की आवश्यकता पर बल दिया। परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के निर्माण कार्य में देरी से राज्य को वित्तीय नुकसान होता है इसलिए ऊर्जा विभाग को इन परियोजनाओं को समय पर पूरा करना सुनिश्चित करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का लक्ष्य मार्च 2027 तक 628 मेगावाट की जलविद्युत परियोजनाओं को आरंभ करना है। इनमें जुलाई 2025 तक 450 मेगावाट की शोंगटोंग कड़छम परियोजना, मार्च 2027 तक 48 मेगावाट की चांजू चरण-3 जलविद्युत परियोजना और जून 2026 तक 130 मेगावाट की काशांग चरण-2 और चरण-3 परियोजनाओं को पूरा करना शामिल है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य सरकार द्वारा सौर ऊर्जा के दोहन को बल देने पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 30 मेगावाट की देओथल चांजू परियोजना को दिसंबर 2027 तक, 40 मेगावाट की रेणुका जी जलविद्युत परियोजना को दिसंबर 2028 तक और 190 मेगावाट की थाना प्लौन परियोजना को मार्च 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2030 तक 1000 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पन्न करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्य ने 17 विभिन्न परियोजनाएं प्रस्तावित की हैं, जो पहले चरण में 200 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पन्न करेंगी। 32 मेगावाट क्षमता की पेखुबेला सौर ऊर्जा परियोजना दिसंबर 2023 तक पूरी होगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इन सभी परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि राज्य के लोगों को इनका लाभ समय पर मिल सके। बैठक में मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, विधायक इंद्र दत्त लखनपाल, आशीष शर्मा और सुरेश कुमार के साथ-साथ कांग्रेस नेता डॉ. पुष्पिंदर वर्मा, कांगड़ा सहकारी बैंक के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, निदेशक ऊर्जा हरिकेश मीना, उपायुक्त हेमराज बैरवा, पुलिस अधीक्षक आकृति शर्मा और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
अखिल भारतीय हिमाचल सामाजिक संस्था संघ (पंजी) नई दिल्ली के एक प्रतिनिधिमंडल ने संघ के अध्यक्ष केएम लाल की अध्यक्षता में केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से मुलाकात की तथा जर्मनी (बर्लिन) में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय स्पेशल ओलंपिक खेलों में टीम इंडिया को बास्केटबॉल में स्वर्ण पदक जीतने वाले हिमाचल प्रदेश जिला सोलन के कुनिहार से संबंध रखने वाले मुख्य कोच राज कुमार पाल तथा टीम के कप्तान अवनीश कौंडल के बारे में चर्चा की। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष केएम लाल ने खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से अनुरोध किया कि खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने हेतु उन्हें उचित पुरस्कार राशि तथा कोच को नौकरी में पदोन्नति किया जाना चाहिए और बेरोजगार कप्तान खिलाड़ी को केंद्र सरकार अथवा प्रदेश सरकार में नियमों के अनुसार नौकरी भी दी जानी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल में संघ के राष्ट्रीय महासचिव राकेश शर्मा, कोषाध्यक्ष शीश राम पाल एवं अन्य सदस्य मौजूद रहे।
मिनर्वा कॉलेज ऑफ एजुकेशन इंदौरा में एलमनाइस मीट रियूनियन 2023 का आयोजन किया गया। इसमें कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत कुमार ने कॉलेज महोत्सव में पहुंचे पूर्व छात्रों का तहदिल से स्वागत व अभिनंदन किया। कॉलेज में पढ़ चुके पुराने छात्रों से संपर्क रखने के लिए यह रियूनियन करवाई गई। मिनर्वा कॉलेज के प्रांगण में पूर्व छात्रों ने यहां पहुंचकर इस महोत्सव की शोभा बढ़ाई और कॉलेज प्रशासन के साथ अपनी जिंदगी में कामयाबी व नाकामयाबी एवं अन्य पहलुओं को साझा किया। वहीं कॉलेज प्रशासन ने भी पूर्व में रहे कॉलेज के छात्रों से कॉलेज के विकास और पढ़ाई के स्तर को और अच्छा किया जा सके, इसके लिए पढ़ाई पूरी कर चुके कॉलेज के छात्रों से सुझाव मांगे। वहीं, एलमनाइस मीट में पवन, अंबिका, राघव और सविता को एलमनाइस का प्रधान बनाया गया। कॉलेज प्रशासन ने भी छात्रों के भविष्य सुधारने के लिए कॉलेज की तरफ से हर यथासंभव सहायता देने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत कुमारने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि छात्र देश का भविष्य है इसलिए छात्र पढ़ाई के साथ-साथ अन्य कार्यक्रम और खेलकूद में भी अपना ध्यान केंद्रित करें और छात्रों को उनके उज्ज्वल भविष्य में हर तरह से सहायता करने और मार्गदर्शन के लिए आश्वस्त किया।
हिमाचल प्रदेश में बीते दिन से बारिश का कहर जारी है। रविवार को प्रउेश में पांच लोगों की मौत हो गई। बारिश की वजह से शिमला में एक मकान गिर गया। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। कुल्लू में एक महिला और रामपुर में एक व्यक्ति की मौत हुई है। कुल्लू जिले के बाहंग में एक दुकान ढह गई। कुल्लू में ब्यास के साथ पार्वती और तीर्थन नदी भी उफान पर हैं। इसके अलावा, मंडी शहर में ब्यास नदी उफान पर है। भूस्खलन की वजह से कई हाईवे बंद हैं। मौसम की मार से वंदे भारत, अम्बाला से ऊना आने वाली ट्रेन प्रभावित हैं। लाहौल में ताजा बर्फबारी और मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। रामशिमला से मनाली मार्ग यातायात के लिए बंद है। सांगरी बैग से बायां तट होते हुए नग्गर मनाली तक भी यातायात के लिए बंद है। कुल्लू के ब्यासा मोड़ में कार फंस गई।
भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं विधायक त्रिलोक जम्वाल और पूर्व मंत्री बिक्रम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का हिमाचल प्रदेश में निवेश बढ़ाने का एजेंडा नहीं है, अपितु प्रदेश में आ रहे निवेशकों और स्थापित निवेशकों को दौड़ाने का एजेंडा है। उन्होंने कहा कि जो उद्योग हिमाचल प्रदेश की भूमि पर लग चुके हैं और जो उद्योगपति हिमाचल प्रदेश में आना चाहते हैं उनको कांग्रेस नेताओं ने तंग कर रखा है, जिसके कारण उनका मन हिमाचल प्रदेश में काम करने को नहीं हो रहा है। दो चार बड़े घरानों ने तो यह तक सोच लिया है कि हम हिमाचल प्रदेश से अपने चलते उद्योग बंद कर देंगे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को अपना असली एजेंडा जनता के समक्ष रखना चाहिए। क्या वर्तमान कांग्रेस सरकार हिमाचल में निवेशकों को लाना चाहती है या यहां से भगाना चाहती। मुख्यमंत्री सुक्खू को बताना चाहिए कि पिछले 8 महीने में आप केंद्र से या अपनी शक्ति से हिमाचल प्रदेश के लिए क्या लेकर आए हैं। हिमाचल में चर्चा तो यह है कि पीएंडजी जैसी बड़ी कंपनियां हिमाचल से पलायन करने के लिए तैयार हंै। हिमाचल के उद्योग क्षेत्र में तो स्क्रैप के पीछे लड़ाई चल रही है। कांग्रेस के नेताओं में भी स्क्रैप को लेकर दो गुट बन गए हैं, जिसमें लड़ाई हो रही है कि यह स्क्रैच मेरा और यह खराब तेरा। ऐसे वातावरण में उद्योगपति काम कैसे करेंगे।
लगातार हो रही बारिश से धर्मशाला में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। स्मार्ट सिटी के चीलगाड़ी स्थित स्कूल शिक्षा बोर्ड कॉलोनी में एक बड़ा चीड़ का पेड़ गिर जाने से भारी नुकसान हुआ है। बोर्ड कर्मचारियों की एक कार पर चीड़ का पेड़ गिर जाने से गाड़ी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुई है। इसके अलावा आसपास बने कॉलोनी के घरों को भी पेड़ की बड़ी टहनियों से नुकसान पहुंचा है। गनीमत यह रही कि पेड़ उसे समय गिरा जब आसपास कोई व्यक्ति नहीं था, जिससे बचाव हो गया। कांगड़ा जिला के अन्य स्थानों में भी ऐसी अनेक घटनाएं सामने आई हैं। लगातार हो रही बारिश से लोग सहमे हुए हैं। उधर, उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने अलर्ट जारी करते हुए लोगों से बेवजह घरों से न निकलने और नदी नालों के आसपास न जाने की अपील की है।
प्रदेश में भारी बारिश के कारण कई जगहों पर नुकसान की खबर है। नदी नाले उफान पर है। पहाड़ों,चट्टानों और पेड़ों के गिरने का डर है। यह क्रम अभी दो दिन तक और जारी रहेगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने लोगों से अपील की है कि ज्यादा जरूरी काम न हो तो घर से बाहर न जाएं। जनता की सुविधा के लिए प्रशासन को हर संभव सहायता प्रदान करने और सतर्क रहने के आदेश दे दिए गए हैं। सरकार हर वक्त आपके साथ खड़ी है। अपना ख्याल रखें और सावधान रहें।
उपायुक्त आशुतोष गर्ग आज यहां बताया कि भारी वर्षा के कारण कुल्लू-मनाली मार्ग पर कई स्थानों पर पत्थर गिरने व रामशिला के निकट व्यास नदी में पानी का स्तर बढ़ जाने के कारण कुल्लू- मनाली व मनाली से अटल टनल व रोहतांग की तरफ वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार व्यास नदी के बाएं तरफ वाया सांगरी बाग से नग्गर मनाली मार्ग पर भी केवल आपातकालीन वाहनों को छोड़कर सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि मंडी-कुल्लू मार्ग पर जगह-जगह भूस्खलन व पत्थरों के गिरने के कारण आपातकालीन वाहनों को छोड़कर सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। उपायुक्त ने सभी लोगों व पर्यटकों से आग्रह किया है वे मौसम साफ होने तक जहां भी रुके है वहीं सुरक्षित रहे तथा अनावश्यक यात्रा से बचे।
शिमला जिला में पिछले दो दिन से जारी मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में भूस्खलन से भारी तबाही हुई है। शिमला जिला के कोटगढ़ इलाके में मलबे में दबने से दंपती और बच्चे की मौत हो गई और दो अन्य घायल है। भूस्खलन की ये घटना ठियोग-कुमारसैन विधानसभा क्षेत्र की उप तहसील कोटगढ़ के ग्राम पंचायत मधावनी के पानेवली गांव में हुई। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक यहां बीती रात एक मकान भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हुआ है। मकान में पांच लोगों का परिवार रह रहा था। भारी वर्षा के कारण चट्टान युक्त मलबा इस मकान पर गिर पड़ा। इस मकान में दंपती समेत छह लोग सो रहे थे। इसमें अनिल (32) पुत्र जयचंद, किरण (31) पत्नी अनिल और स्वप्निल (11) पुत्र अनिल की मलबे में दबने के कारण मौत हो गई है। तीनों के शवों को निकाल दिया गया है। परिवार के अन्य सदस्यों जयचंद और उनकी पत्नी बीना देवी को हल्की चोटें आई हैं। हादसे में वे बाल-बाल बच गए। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया है। तीनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
उपायुक्त लाहौल-स्पीति राहुल कुमार ने आज यहां बताया कि जिले में भारी वर्षा के दृष्टिगत 10 जुलाई सोमवार को सभी शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। उन्होंने कहा कि गत शनिवार प्रात: से ही जिले में लगातार बारिश हो रही है, जिसके कारण अधिकतर संपर्क मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं तथा मौसम विभाग द्वारा भी रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसी के मद्देनजर जिले के सभी शिक्षण संस्थानों सरकारी तथा प्राइवेट स्कूलों, महाविद्यालयों व आईटीआई में सोमवार को अवकाश रहेगा।
जिला नियंत्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले कांगड़ा पुरषोत्तम सिंह ने बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत विकास खंड फतेहपुर की ग्राम पंचायत डक गांव सोहर वार्ड नंबर 5 और विकास खंड नूरपुर की ग्राम पंचायत कोपड़ा गांव भटका वार्ड नंबर 7 में उचित मूल्य की दुकान का आवंटन किया जाना है। इसे लेकर इच्छुक लोग अथवा संस्थाएं 17 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश में जारी मूसलाधार बारिश के बीच मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से हिमाचल प्रदेश में 9 जुलाई के लिए बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में 10 जुलाई के लिए यलो अलर्ट जारी हुआ है। पूरे प्रदेश में 14 जुलाई तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने हिमाचल के लाहौल-स्पीति में अचानक बाढ़, हिमस्खलन की चेतावनी भी दी है। रेड अलर्ट को देखते हुए मौसम विभाग ने स्थानीय लोगों व पर्यटकों को संबंधित विभागों की ओर से जारी एडवाइजरी और दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है। विभाग के अनुसार मौसम के संबंध में जारी की गई किसी भी यातायात सलाह का पालन करें। -इन जिलों के लिए जारी हुआ रेड अलर्ट प्रदेश के ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिले के लिए बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी हुआ है। वहीं, शिमला, सोलन, सिरमौर व लाहौल-स्पीति के लिए येलो-ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। उधर, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से भी लोगों को एसएमएस के जरिये सचेत रहने की सलाह दी जा रही है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हमीरपुर जिला के प्रवास के तीसरे दिन आज सलासी में 5.27 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले जल शक्ति विभाग हमीरपुर के मुख्य अभियंता कार्यालय, उठाऊ जलापूर्ति योजना हमीरपुर के तहत 15 करोड़ रुपये से जल स्रोत का उन्नयन और 11.36 करोड़ रुपये से कुड़िहार-मसियाना सड़क को चौड़ा करने और सुधार कार्य की आधारशिला रखी। मुख्यमंत्री ने सुक्कर खड्ड पर 3.93 करोड़ रुपये के पुल का भी उद्घाटन किया, जिससे खाटवीं गांव के निवासी लाभान्वित होंगे। उन्होंने हमीरपुर में हिमाचल प्रदेश परिवहन अपीलीय ट्रिब्यूनल, अणु में हिमाचल प्रदेश ऊर्जा निगम लिमिटिड (एचपीपीसीएल) के सौर कार्यालय और 67 लाख रुपये की लागत से निर्मित युद्ध स्मारक हमीरपुर की आधारशिला रखी। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि इन सभी परियोजनाओं से लोगों को लाभ होगा। हमीरपुर में परिवहन अपीलीय ट्रिब्यूनल के उद्घाटन से ट्रांसपोर्टरों को सुविधा मिलेगी, जिससे उनका परिचालन सुव्यवस्थित होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सौर और हरित ऊर्जा के दोहन के लिए कृतसंकल्प है, जो पर्यावरणीय अनुकूल पहल के प्रति प्रदेश सरकार के सतत् समर्पण को दर्शाती है। एक प्रश्न के उत्तर में सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार द्वारा लिए गए प्रत्येक निर्णय का उद्देश्य पूरे राज्य में व्यापक विकास को बढ़ावा देना और प्रदेश के लोगों का कल्याण सुनिश्चित करना है। वर्तमान प्रदेश सरकार लालफीताशाही में विश्वास नहीं करती। सरकार गवर्नेंस में दक्षता और समयबद्धता को बढ़ावा दे रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की हाल ही में जमानत खारिज होने के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राहुल गांधी ने कोई गलत काम नहीं किया है बल्कि वह राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता के समर्थक हैं। राहुल गांधी की कन्याकुमारी से कश्मीर तक 4,000 किलोमीटर से अधिक की भारत जोड़ो यात्रा ने लोगों के साथ अनूठा संबंध बनाया है और यही उनके खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध का कारण भी बना है। एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के कर्मचारियों के हित में पहली ही कैबिनेट में पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने का निर्णय किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं बल्कि सेवानिवृत्त व्यक्तियों को एक सम्मानजनक जीवन जीने के लिए एक निश्चित आय प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आखिरी दिन तक जन कल्याण के प्रति समर्पणभाव से कार्य करती रहेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ऐसे निर्णय लेने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे लोगों को लाभ मिले और राज्य की समग्र प्रगति और समृद्धि में योगदान भी सुनिश्चित हो। इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव सुन्दर सिंह ठाकुर, विधायक इंद्र दत्त लखनपाल, आशीष शर्मा और सुरेश कुमार, पूर्व विधायक अनिता वर्मा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, कांग्रेस नेता डॉ. पुष्पिंदर वर्मा, उपायुक्त हेमराज बैरवा, पुलिस अधीक्षक आकृति शर्मा और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
हाल ही में प्रदेश सरकार द्वारा सेब की पेटी का वजन 24 किलो निर्धारित करने को लेकर बागवानों में आक्रोश के साथ असमंजस की स्थिति बनी हुई है। समय रहते अगर इसका समाधान न हुआ तो इस विषय को लेकर किसानों बागवानों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रेस विज्ञप्ति जारी कर भाजपा नेता चेतन बरागटा ने ये बात कही। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बागवानों को अनेक प्रकार की समस्याएं आ रही है जिन समस्याओं को वो सूचीबद्ध प्रदेश सरकार के समक्ष रखेंगे। 24 किलोग्राम पेटी पर 22 किलोग्राम का पैसा आज की व्यवस्था के अनुरूप बागवानों को मिल रहा है। लेकिन बागवानों को ये बात हजम नही हो रही है। 2 किलो की कटौती किस फार्मूले के तहत की जा रही है सरकार को इस बारे विस्तार से बागवानों को बताना चाहिए। चेतन बरागटा ने कहा कि जिला शिमला से प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्रियों में से एक भी नेता बागवानों की समस्याओं के बारे में कोई रुचि नहीं दिखा रहा। ऐसा क्या कारण है कि सेब बाहुल्य क्षेत्र से प्रदेश सरकार में कैबिनेट स्तर के मंत्रियों ने 24 किलो सेब की पेटी विषय पर चुप्पी साधी हुई है। ऐसा प्रतित होता है कि इनका बागवानों से कोई सरोकार नहीं है।
हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ खंड ज्वालामुखी के चुनाव लोक निर्माण विश्राम गृह ज्वालामुखी में आज पर्यवेशक सौरव वेद व अनूप धीमान की अध्यक्षता में संपन्न हुए। इसमें वन विभाग के गुरचरण भाटिया को सर्वसम्मति से ज्वालामुखी खंड का प्रधान चुना गया। वहीं, सुनील कुमार को महासचिव, वीरेंद्र शर्मा वरिष्ठ उपप्रधान और राजेश कुमार कोषाध्यक्ष, सुरेश कुमार जल शक्ति विभाग से उपाध्यक्ष, सुनील कुमार शिक्षा विभाग से उपाध्यक्ष, राज कुमार जल शक्ति विभाग से मुख्य सलाहकार व कुलदीप को सह सचिव चुना गया। कार्यकारिणी के गठन के तुरंत बाद प्रधान गुरचरण की अध्यक्षता में स्थानीय विधायक ज्वालामुखी संजय रत्न से मुलाकात की गई। नवनिर्वाचित कार्यकारिणी ने विधायक से आगे की रूपरेखा की जानकारी साझा की। वहीं, विधायक ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी।
डाडासीबा के तहत नंगल चौक में शनिवार दोपहर 2 बजे के करीब आंधी व तूफान के साथ मूसलाधार बारिश से कई पेड़ गिर गिर गए। डाडासीबा- ढलियारा मार्ग नंगल चौंक बाबा वेल्डिंग की दुकान के पास आम का काफी पुराना पेड़ गिर जाने से वाहन चालक व राहगीर बाल-बाल बचे। आम का सूखा पेड़ गिरने से बिजली के तीन खंबे टेढ़े हो गए हैं और बिजली की आपूर्ति बंद हो गई है। इस गांव में 25 घरों को बिजली आपूर्ति बंद है, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस रोड पर बहुत ही पुराने पेड़ हैं, जो बिना बारिश के ही सड़क पर गिर रहे हैं। उन्होंने फॉरेस्ट विभाग से मांग की है कि जो भी पुराने पेड़ सूखे हैं या गिरने की कगार पर हैं, उन्हें समय रहते कटवाया जाए, ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके। लोक निर्माण विभाग डाडासीबा के सहायक अभियंता राजन कुमार का कहना है भारी तूफान की वजह से आम का पेड़ सड़क पर गिरा है। शीघ्र ही पेड़ सड़क से हटाया गया। उधर, इस संबंध में डाडासीबा वन परीक्षेत्र अधिकारी नरेंद्र सिंह ने बताया जो सड़कों के किनारे सूखे पेड़ उनको रेमार्क करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है। उच्च अधिकारियों को इसकी रिपोर्ट भेजी गई है। जल्द बहाल की जाएगी बिजली विद्युत विभाग डाडासीबा के सहायक अभियंता दिनेश कुमार का कहना है मुझे सूचना मिली थी कि पेड़ बिजली की तारों पर गिरा है पेड़ के गिरने से बिजली के तीन खंबे झुक गए हैं बारिश अभी तक थमने का नाम नहीं ले रही है बारिश बंद होने के बाद बिजली बहाल की जाएगी। इसके लिए टीम को भेज दिया है।
आज ब्लॉक कांग्रेस कमेटी श्री रेणुका जी द्वारा हरिपुरधार रेस्ट हाउस में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह जी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया, जिसकी अध्यक्षता ब्लॉक अध्यक्ष तपेंदर चौहान ने की। इस मौक़े पर कांगेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करते हुए श्रद्धांजलि दी तथा उन्हें याद किया। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष तपेंदर चौहान ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह जी विकास के मसीहा थे और उन्होंने हिमाचल के कोन-कोने में विकास को एक समान दृष्टि से पहुंचाया। उन्होंने कहा कि रेणुका विधानसभा क्षेत्र में स्कुल, कॉलेज, सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य सहित सभी सरकारी संस्थान इत्यादि सभी योजनायें वीरभद्र सिंह देन है और उन्होंने हमेशा रेणुका कि जनता के बीच आकर हमेशा सुख दुख का हिस्सा बने। तपेंदर चौहान ने कहा कि वीरभद्र सिंह एक महान व्यक्तित्व के धनी थे और जनता से उनका प्रेम व लगाव अटूट है। इस मौक़े पर कांग्रेस के जिला सचिव दलीप चौहान, जोन अध्यक्ष अनिल शर्मा, प्रदेश युवा कांग्रेस के महासचिव ओपी ठाकुर ने भी अपने विचार रखे तथा स्व. वीरभद्र सिंह के जीवन पर प्रकाश डाला। इस मौके पर ब्लॉक अध्यक्ष तपेंदर चौहान, कांग्रेस के जिला सचिव दलीप चौहान, जोन अध्यक्ष अनिल शर्मा, प्रदेश युवा कांग्रेस के महासचिव ओपी ठाकुर, जगत भारद्वाज, सुखराम शर्मा, नेत्र शर्मा, अनिल ठाकुर, देवेंद्र शर्मा, विक्रम सिंह चौहान, बलबीर सिंह, दलीप राणा, दीप राम, राम शरण शर्मा, रमिया राम, रघुवीर सिंह, हरदेव ठाकुर, नवीन राणा, प्रताप शर्मा, कपिल छिंटा सहित दर्जनों कार्यकर्ता श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मौजूद रहे।
कंवर दुर्गा चंद राजकीय महाविद्यालय जयसिंहपुर के लिए सरकार द्वारा चार नए प्राध्यापकों को नियुक्ति दी गई है। इसमें गणित में सहायक प्राध्यापक हरजिंदर सिंह, रसायन विज्ञान में सहायक प्राध्यापक आस्था गुप्ता, संगीत (वाद्य) में सहायक प्राध्यापक ललिता शर्मा, भूगोल में सहायक प्राध्यापक अंशु देवी ने महाविद्यालय में अपना-अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया है। इसके अतिरिक्त महाविद्यालय में अप्रैल माह में दो विषयों में प्राध्यापकों को नियुक्ति दी गई है, जिसमें मनोविज्ञान में सहायक प्राध्यापक सचिन कुमार और दर्शनशास्त्र में सहायक प्राध्यापक रजनी देवी है। कॉलेज प्राचार्य ने महाविद्यालय के लिए प्राध्यापक उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश सरकार एवं स्थानीय विधायक यादविंदर गोमा का धन्यवाद किया। इस अवसर पर कॉलेज में नवागंतुक सहायक प्राध्यापकों का प्राचार्य व कॉलेज के समस्त टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ ने स्वागत किया व ढेर सारी बधाइयां दीं।
राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला करसोग में आयोजित किए जा रहे संयुक्त वार्षिक एनसीसी ट्रेनिंग कैंप में पांचवें दिन उपमंडल करसोग के सिविल जज राहुल वर्मा ने एचपी एनसीसी शिमला के कमान अधिकारी कर्नल डीआर गार्गी के निमंत्रण पर बतौर अतिथि व मुख्य वक्ता शिरकत की। उन्होंने एनसीसी कैडेट्स से संवाद भी किया। कमान अधिकारी कर्नल डीआर गार्गी ने ट्रेनिंग कैंप में एनसीसी कैडेट्स को कानून का पाठ व प्रेरक संवाद के लिए सम्मानित किया। कभी खुद एनसीसी कैडेट रहे सिविल जज राहुल वर्मा ने एनसीसी कैडेट्स को सलाह दी कि अपने लक्ष्य पर बाज की तरह नजर रखो, जो भी चीज ध्यान भटकाएं, उनसे दूर रहो, फिर चाहे वो मोबाइल फोन हो या टीवी। संक्षिप्त भाषण में उन्होंने कहा कि एनसीसी बिल्कुल सही प्लेटफार्म है, यहां से आने वाले समय में आर्मी और एयरफोर्स को ऑफिसर्स मिलने चाहिए। आप मेहनत कीजिए, परिणाम की मत सोचिए, चुनौतियों को अवसर में बदलना सीखिए। राहुल वर्मा ने हर तरह के नशे से दूर रहने की सलाह दी। कहा, नशे से देश में बहुत सारी दिक्कतें हो रही हैं। राहुल वर्मा ने एनसीसी कैडेट्स को कानून और कानून नियमों की बारीकियों बारे बताया कि नागरिकों को देश के संविधान और कानून व्यवस्था का पालन करना चाहिए। उन्होंने भारतीय संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों बारे भी एनसीसी कैडेट्स को जागरूक किया।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को जिला न्यायवादी संसार चंद रनौत (सेवानिवृत्त) ने शुक्रवार सायं नादौन में मुख्यमंत्री सुख-आश्रय कोष के लिए एक लाख रुपये का चेक भेंट किया।
सोलन जिले में पर्यटन इलाके कसौली में भूस्खलन होने के बाद तीन निर्माणाधीन भवन खतरे की जद्द में आ गए है। इनमें से एक भवन धंस गया है, जबकि दो भवनों को भी नुकसान पहुंचा है। भूस्खलन के चलते किम्मूघाट-चक्की मोड़ सड़क भी बंद हो गई है। वहीं कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर भी कई जगह बारिश में पत्थर और मलबा आया है। इस कारण सड़क पर कई जगह पहाड़ी वाली लेन को बंद कर दिया गया है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के इकाई मंत्री इंद्र सेन नेगी ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हमेशा से ही छात्र हितों की रक्षा के लिए आवाज बुलंद करती आई है। इसी के तहत आज हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में छात्रों की मांगों को लेकर कुलपति को ज्ञापन दिया गया। इस ज्ञापन में विद्यार्थि परिषद ने प्रदेश विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को जल्द लागू करने की मांग रखी। विद्यार्थी परिषद का कहना है कि नई शिक्षा नीति स्वतंत्र भारत की तीसरी शिक्षा नीति है जिसमे बुनियादी तौर पर बदलाब किए गए हैं। नई शिक्षा नीति को लागू करने पीछे मुख्य उद्देश्य भारत में बच्चों को तकनीकी तथा रचनात्मकता के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता का महत्व से अवगत कराना है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सके ऐसी शिक्षा नीति को लागू करने में प्रशासन विलम्ब न करे तथा जल्द से नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत पाठ्यक्रम को आरंभ किया जाए। साथ ही साथ विद्यार्थी परिषद ने ज्ञापन में प्रदेश विश्वविद्यालय में लम्बे समय से लंबित पड़ी गैर शिक्षक वर्ग की भर्ती को जल्द आयोजित करवाने की मांग रखी। जिससे विश्वविद्यालय में रिक्त पदों की पूर्ति हो तथा प्रशासनिक कार्य समय से पूर्ण हो पाए। इसी के साथ इंद्र ने कहा कि प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्रावासों में आए दिन लड़ाई झगड़े के मामले सामने आते हैं अधिकतर मामलों में अवैध प्रवेश से आए हुए व्यक्ति संलिप्त पाए जाते हैं। ऐसी घटनाओं को ध्यान में रखते हुए सभी छात्रावासों में सुरक्षा व्यवस्था के लिए सीसीटीवी कैमरा लगवाए जाएं व छात्रावासों और विश्वविद्यालय परिसर में खराब पड़े सीसीटीवी कैमरों को शीघ्र ठीक करवाया जाए। इकाई मंत्री इंद्र सेन नेगी ने विश्वविद्यालय प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि इन सभी छात्र मांगों का समाधान जल्द से जल्द नहीं किया गया तो विद्यार्थी परिषद उग्र आंदोलन करने से गुर्हेज नहीं करेगी, जिसकी जिम्मेदार विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सांसद सुरेश कश्यप ने राहुल गांधी के मोदी सरनेम वाले बयान को लेकर गुजरात हाईकोर्ट द्वारा राहुल गांधी की याचिका को खारिज किए जाने के निर्णय को स्वागत योग्य बताया। उन्होंने कहा कि मानहानि मामले में राहुल गांधी आदतन अपराधी हैं। गुजरात हाईकोर्ट ने सभी तथ्यों के मद्देनजर यह फैसला किया है। ज्ञात हो कि राहुल गांधी ने 2019 चुनाव में टिप्पणी की थी कि सारे चोरों के सरनेम मोदी क्यों होते हैं, इसको लेकर उनपर अदालत में सुनवाई चल रही थी, जिसके संबंध में 23 मार्च 2023 को सूरत की सेशन कोर्ट ने राहुल गांधी को 2 साल की सजा सुनाई थी। इसी सजा के खिलाफ राहुल गांधी गुजरात हाईकोर्ट पहुंचे थे, लेकिन कोर्ट ने उनकी याचिका को शुक्रवार को खारिज कर दिया। राहुल गांधी ने 2019 के चुनाव में एक टिप्पणी की थी कि सारे चोरों के सरनेम मोदी क्यों होते हैं। देशभर में मोदी सरनेम अधिकांश पिछड़ों और अति पिछड़ों का होता है। ये घोर रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी थी। कायदे के मुताबितक राहुल गांधी को कोर्ट में माफी मांगनी चाहिए थी लेकिन उन्होंने माफी नहीं माँगी। निचली अदालत ने उन्हें दो साल की सजा दी, जिसके खिलाफ वह सेशन कोर्ट गए। सेशन कोर्ट ने उन्हें बेल तो दे दी लेकिन दोषसिद्धि को स्टे नहीं किया। राहुल गांधी होमवर्क नहीं करते हैं।
गुलेर के रहने वाले मॉडल अमनदीप, जो कि आइकोनिक हिमाचल-2023 रह चुके हैं, हरीश मंडियाल के नए पहाड़ी गाने 'बुढ़का' में नजर आएंगे। हरीश मंडियाल मंडी के रहने वाले हैं। 'बुढ़का' गीत कल सुबह 6 बजे मंडियाल के यू-ट्यूब चैनल पर लांच होने जा रहा है, जिसमें अमनदीप शर्मा ने एक्टिंग की है। अमनदीप मॉडल के साथ एक अच्छे डांसर भी हैं। गाने का शूटिंग इस माह के शुरू में सुंदरनगर की वादियों में पूरी हो चुकी है। अमनदीप, जो कि कई खिताब अपने नाम कर चुके हैं, का कहना है कि वह अपने ऐतिहासिक गांव गुलेर की प्रसिद्धी को और आगे बढ़ाना चाहते हैं।
शिमला : चलती ट्रेन में सजा साहित्य मंच, स्वास्थ्य मंत्री ने किया राष्ट्रीय साहित्य यात्रा का शुभारंभ
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने आज रेलवे स्टेशन शिमला से हिमालय साहित्य संस्कृति एवं पर्यावरण मंच द्वारा आयोजित बाबा भलकू स्मृति कालका शिमला रेल राष्ट्रीय साहित्य यात्रा एवं संवाद 2023 का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि हिमालय साहित्य संस्कृति एवं पर्यावरण मंच द्वारा की गई यह पहल अत्यंत सराहनीय है, जिनके प्रयासों से हिमालयन क्वीन एक्सप्रेस शिमला-कालका रेल में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए लगभग 35 साहित्यकारों, पत्रकारों, लेखकों, रंग कर्मी एवं लोक गायक ने बाबा भलकू की स्मृति पर उन्हें चलती हुई रेल में याद किया। इस तरह का राष्ट्रीय आयोजन चलती हुई रेल में अपने आप में एक अनूठी पहल है। डॉ. शांडिल ने कहा कि शिमला-कालका रेल का इतिहास बाबा भलकू के साथ जुड़ा है जिनके प्रयासों एवं सहयोग से ही इस रेल लाइन का कार्य पूर्ण हुआ है। उन्होंने कहा कि कंडाघाट में कंडाघाट से बाबा भलकू के पुश्तैनी गांव की और जाने वाली सड़क पर उनकी स्मृति में बाबा भलकू द्वार की स्थापना की जा रही है। इसी तर्ज पर उनकी स्मृति पर समय-समय पर अलग-अलग प्रकार की संगोष्ठी एवं आयोजन किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा की यह साहित्य यात्रा शिमला रेलवे स्टेशन से बड़ोग रेलवे स्टेशन तक और वहां से वापस शिमला रेलवे स्टेशन आएगी। चलती रेल में कहानी, संस्मरण, कविता, गजल, संगीत के कई सत्र रेलवे स्टेशनों के नाम से संपन्न होंगे। सभी लेखक दूसरे दिन बस से बाबा भलकू के पुश्तैनी गांव और घर जाएंगे। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने कहा कि भारतीय रेलवे हम सब भारतवासियों की संस्कृति, सभ्यता, भाईचारा, समरसता एवं अखंडता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। उन्होंने रेलवे को भारतीय सेना के साथ जोड़ने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि जैसे भारतीय सेना को अनुशासन एवं समय के लिए जाना जाता है उसी तर्ज पर भारतीय रेलवे भी अपने दायित्व का निर्वहन कर रहा है। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने देश के अलग-अलग हिस्सों से आए साहित्यकारों को सम्मानित किया तथा उनके द्वारा लिखी गई पुस्तकों का विमोचन भी किया। स्वास्थ्य मंत्री ने साहित्यकारों के साथ उनकी साहित्य यात्रा में शिमला रेलवे स्टेशन से समरहिल स्टेशन तक का सफर तय किया। इस अवसर पर अध्यक्ष एवं संयोजक एस आर हरनोट, शिमला रेलवे स्टेशन अधीक्षक संजय गेरा सहित अन्य साहित्यकार एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के वेदव्यास परिसर बलाहर में शुक्रवार को साहित्य विद्याशाखा एवं हिमाचल संस्कृत अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में सात दिवसीय आवासीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता वेदव्यास परिसर के निदेशक प्रो. मदन मोहन पाठक ने की। इस कार्यक्रम में जयपुर से आए साहित्य के मर्मज्ञ विद्वान प्रो. राम कुमार शर्मा युवा प्रतिभागियों के केंद्रबिंदु रहे। उन्होंने बड़े ही सरल और मनमोहक शब्दों में श्लोक का महत्व सभी के सामने रखा। इस अवसर पर हिमाचल संस्कृत अकादमी के सचिव डॉ. केशवानंद कौशल ने सभी गणमान्यों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। इस अवसर पर सारस्वतातिथि के रूप में पंजाब विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. गणेश दत्त भारद्वाज भी उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में हिमाचल आदर्श संस्कृत महाविद्यालय जांगला से पधारे डॉ. हरिदत्त ग्वाड़ी ने वियोग से काव्य की उत्पति पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के संयोजक पंकज ने कहा कि यह कार्यशाला सात दिनों तक चलेगी। इसमें देश के विभिन्न कोनों से पधारे हुए लगभग 50 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला प्रतिभागियों का सर्जनात्मक विकास करेगी। इस अवसर पर साहित्य विद्याशाखा के संयोजक डॉ. श्याम बाबू ने सभी गणमान्यों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद व्यक्त किया। सत्र का संचालन डॉ. शक्ति शरण शर्मा ने किया। इस अवसर पर सभी विभागों के विभागाध्यक्ष, समस्त अध्यापक एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान कई क्षेत्रों में भारी बारिश हुई। इससे प्रदेश में 160 से ज्यादा सड़कें बंद हो गई हैं। मौसम विभाग ने आगे दो दिन तक हाईअलर्ट जारी किया गया है। शिमला और सोलन जिले में धुंध के कारण विजिबिलिटी 50 मीटर तक गिर सकती है। मौसम विभाग की मानें तो ऊना, कांगड़ा, चंबा, बिलासपुर, मंडी, शिमला, सोलन, सिरमौर और हमीरपुर जिले में कुछ स्थानों पर भारी से भी भारी बारिश हो सकती है। इसलिए इन जिलों में मौसम विभाग की ओर से ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। मौसम विभाग की मानें तो बारिश होने से मौसम में गिरावट आई है। अगले 2-3 दिन में भी तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरवाट आएगी। प्रदेश का अधिकतम तापमान औसत से 2.4 डिग्री नीचे लुढ़क चुका है। शिमला का अधिकतम पारा 22.8 डिग्री, ऊना का 33.2 डिग्री, नाहन 26.7 डिग्री, सोलन 27.4 डिग्री, मनाली 22.8 डिग्री, कांगड़ा 31.3 डिग्री, बिलासपुर 32 डिग्री और हमीरपुर 32.4 डिग्री दर्ज किया गया।
'आपका विधायक आपके द्वार' कार्यक्रम के तहस्त आज लाहट, रिट, गुंगड़ में लोगों की जनसमस्याओं को सुना और मौके पर समाधान किया। वहीं गोमा ने प्रदेश सरकार की गरीब बच्चों के लिए एक प्रतिशत ब्याज की ऋण उपलब्ध करवा रही है, जिसके लिए सरकार ने बजट का भी प्रविधान कर दिया है। विधायक ने मौके पर विकासात्मक कार्यों के लिए 2 लाख शमशान घाट, सड़क निर्माण रिट, गुंगड़ में शैड निर्माण के लिए 2 लाख विधायक निधि से घोषणा की। साथ ही साथ कुठेड़ा में महिला मंडल भवन भवन निर्माण के लिए 2 लाख रुपये, कुठेडा में पुलिया निर्माण के लिए 2 लाख रुपये, पांट में महिला मंडल के भवन निर्माण के लिए 2 लाख रुपये की विधायक निधि से घोषणाएं कीं।
एचपीयू में बीते वर्ष हुई शिक्षक भर्ती घोटालों की न्यायिक जांच की मांग ने फिरसे तूल पकड़ लिया है। इसी संदर्भ में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन की एचपीयू कैंपस इकाई के द्वारा विश्वविद्यालय के कुलपति और प्रतिकुलपति को घोटालों की न्यायिक जांच की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। एनएसयूआई विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष योगेश यादव में कहा कि विवि में लंबे समय से शिक्षक, गैर शिक्षक व विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा भर्ती घोटालों के खिलाफ न्यायिक जांच की मांग की जा रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व कुलपति के कार्यकाल में जो शिक्षक और ग़ैर शिक्षक कर्मचारियों की विश्वविद्यालय के नियमों को ताक पर रख कर जो भर्ती की गई है उसकी न्यायिक जांच जल्द से जल्द हाई कोर्ट के सीटिंग जज से करवायी जाए। साथ ही पूर्व कुलपति सिकंदर कुमार ने यूजीसी के नियमों को दरकिनार कर के पीएचडी में अपने बेटे और पी एल शर्मा और अरविंद भट्ट के बच्चो की को एडमिशन की गई है उन्हें तुरंत प्रभाव से निरस्त किया जाये। कुलपति कार्यालय में कुलपति को ज्ञापन पत्र सौंपते हुए एनएसयूआई छात्रों ने वहां मौजूद प्रति कुलपति व डीएस को भी मांग पत्र सौंपे। एनएसयूआई के छात्र नेताओं ने चेताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन अगर जल्द से जल्द शिक्षक और गैर शिक्षक भर्ती की न्यायिक जाँच नहीं करवाती है और पीएचडी में फर्जी एडमिशनों को जल्द से जल्द निरस्त नहीं किया गया तो एनएसयूआई उग्र आंदोलन और सड़कों पर उतरने से पीछे नहीं हटेगी।
हिमाचल प्रदेश जमाखोरी और मुनाफाखोरी रोकथाम और आवश्यक वस्तुओं के मूल्यांकन और प्रदर्शन आदेश, 1977 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला दण्डाधिकारी सिरमौर सुमित खिमटा ने आज यहंा अधिसूचना जारी करते हुए बताया कि आवश्यक वस्तुओं के संबंध में सभी प्रासंगिक शुल्कों सहित खुदरा कीमतों को निर्धारित किया गया है, जो सिरमौर जिला में डीलरों तथा खुदरा विक्रेताओं के लिए तत्काल प्रभाव से लागू होगा। अधिसूचना के अनुसार जिला सिरमौर में बकरे तथा भेड़ा का मीट पांच सौ रूपये प्रति किलोग्राम, सुअर का मीट 240 रुपये, चिकन ब्रायलर ड्रेस्ड़ 200 रुपये, चिकन ब्रायलर जीवित 140 रुपये, मछली फ्राईड हडडी सहित 480 रुपये, मछली फ्राईड बोन लेस 600 रूपये तथा मछली अनफ्राईड 180 रुपये प्रतिकिलो ग्राम निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार फुल डाईट (चावल, चपाती,दाल तथा सब्जी) 70 रुपये, चपाती तंदूरी 7 रूपये की एक, चपाती तवा 5 रूपये की एक, स्टफ्ड पराठा 30 रूपये का एक,तीन पूरी चना सहित 50 रूपये की 1 प्लेट, दो पूरी चना सहित 40 रूपये 1 प्लेट, चावल परमल 200 ग्राम की प्लेट 40 रुपये, दाल फ्राइड 50 रुपये की एक प्लेट, स्पेशल सब्जी 80 रुपये की एक प्लेट, पालक पनीर/मटर पनीर 100 रूपये की एक प्लेट,मीट प्लेट 5 पीस 200 ग्राम की 150 रुपये, चिकन कढी प्लेट 5 पीस 200 ग्राम की 120 रूपये, दही रायता 30 रुपये की एक प्लेट की दर निर्धारित की गई है। अधिसूचना के अनुसार स्थानीय दूध 40 रुपये लीटर, दूध सभी प्रकार के ब्रांड(पैकेट में) अंकित दर पर, दही 60 रुपये किलो, पनीर 280 रुपये किलोग्राम तथा सभी प्रकार के कोल्ड ड्रींक 200 मिली ग्राम के अंकित दरों पर उपलब्ध होंगे। जिला दंडाधिकारी ने जिला के सभी डीलर/ दुकानदार को निर्देश दिए कि वह उपभोक्ताओं को विक्रय किये गये सामान की कैशमेमो देना तथा उसकी डुप्लीकेट कॉपी निरीक्षण के लिए रखना सुनिश्चित करें । इसके अतिरिक्त डीलर/दुकानदार अपनी दुकान अथवा व्यवसायिक प्रवेश द्वार पर वस्तुओं की मूल्य सूची जो कि मालिक,साझेदारी या प्रबंधक द्वारा हस्ताक्षरित की गई हो।
बाबा कांशी राम महाविद्यालय डाडासीबा में आखिरकार शुक्रवार को प्रदेश शिक्षा विभाग ने इतिहास और अर्थशास्त्र के प्रवक्ताओं की तैनानी कर दी, जिससे यहां पढ़ने वाले तमाम छात्र-छात्राओं ने राहत की सांस ली है। बता दें कि महाविद्यालय में प्रवक्ता अर्थशास्त्र और इतिहास के दोनों पद बिगत कुछ वर्षों से रिक्त चल रहे थे, जिससे यहां शिक्षा ग्रहण करने बाले तमाम छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। इसी बात को मद्देनजर रखते हुए लंबे समय से कॉलेज मैनेजमेंट कमेटी अभिभावक एवं छात्र-छात्राएं प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग से बार बार मांग करते आ रहे थे। कॉलेज मैनेजमेंट कमेटी ने इस समस्या को पूर्व कामगार एवं कर्मचारी कल्याण बोर्ड सुरेेंद्र सिंह मनकोटिया के समक्ष रखा और प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को एक साथ दो प्रवक्ताओं की तैनाती दे दी। मांग पूरी होने पर कॉलेज मैनेजमेंट कमेटी व अभिभावकों ने सीएम सुखविंदर सिह सुक्खू व ठाकुर सुरेेंद्र सिंह मनकोटिया का आभार व्यक्त किया है।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान के नेतृत्व में राज्य सरकार के एक प्रतिनिधिमंडल ने आंध्र प्रदेश के विजाग में स्थित भारत के पहले एपीआई और फार्मा पार्क जवाहरलाल नेहरू फार्मा सिटी (जेएनपीसी) का दौरा किया। हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि इस दौरे का उद्देश्य विजाग स्थित फार्मा पार्क की तर्ज पर ऊना में बल्क ड्रग पार्क विकसित करने के लिए आवश्यक जानकारी साझा करना है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के फार्मास्यूटिकल्स विभाग (जीओआई) ने विभिन्न सामान्य सुविधाएं विकसित करने के लिए 1000 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता के साथ हिमाचल प्रदेश में पार्क स्थापित करने की मंजूरी दी है। उद्योग मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश फार्मा फॉर्मूलेशन का मुख्य केंद्र है। प्रदेश में लगभग 30,000 करोड़ रुपये की वार्षिक एपीआई खपत है और उत्तर भारत में फॉर्मूलेशन के प्रमुख निर्यातकों में शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बैकवार्ड इंटीग्रेशन के माध्यम से एक बेहतरीन बाजार उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री के सशक्त नेतृत्व में प्रदेश में पार्क का निर्माण समयबद्ध पूर्ण किया जाएगा और निवेशकों को हरसंभव सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि इस दौरे सेे जेएनपीसी के सामने आने वाली चुनौतियों को समझने और उनका प्रभावी ढंग से समाधान करने के लिए रणनीतियों का पता लगाने का एक अनूठा अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि आगामी बल्क ड्रग पार्क के परिप्रेक्ष्य में पर्यावरणीय पहलू राज्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। उद्योग मंत्री ने हितधारकों के साथ विस्तृत बातचीत की और उन्हें हिमाचल में बल्क ड्रग पार्क में इकाइयाँ स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने बल्क ड्रग पार्क के मामले पर तकनीकी और गैर-तकनीकी विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने जवाहर लाल नेहरू फार्मा पार्क (जेएनपीसी) में मौजूदा कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सुविधा का भी दौरा किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने लौरस प्रयोगशाला के संयंत्र का भी दौरा किया। यह एक विश्व स्तरीय भारतीय बहुराष्ट्रीय फार्मास्युटिकल और जैव प्रौद्योगिकी कंपनी है। लौरस के उपाध्यक्ष ने अवगत करवाया कि कंपनी कैंसर रोधी, मधुमेह रोधी और प्रति माह 100 टन तक एपीआई उत्पाद तैयार कर रही है। प्रतिनिधिमंडल ने जेएनपीसी की सभी प्रमुख सुविधाओं का दौरा किया और इससे संबंधित ऑपरेटरों के साथ चर्चा और बातचीत की। दौरे का उद्देश्य प्रमुख सुविधाओं की परिचालन तकनीकियों और प्रयोगशालाओं आदि के संचालन को समझना था। रामकी ग्रुप के अध्यक्ष अयोध्या रेड्डी ने प्रतिनिधियों का स्वागत किया और बल्क ड्रग पार्क की स्थापना के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार की गंभीरता और प्रतिबद्धता की सराहना की। जेएनपीसी के एमडी डॉ. पी.पी. लाल कृष्ण ने जेएनपीसी पर एक विस्तृत प्रस्तुति और पार्क के विवरण की जानकारी दी। उन्होंने पार्क में आवश्यकताओं के तकनीकी विवरण के साथ पार्क के संचालन और प्रबंधन पर भी जानकारी प्रदान की। बैठक के दौरान, एमडी ने सबसे महत्वपूर्ण चुनौती के रूप में अपशिष्ट जल और ठोस अपशिष्ट के उपचार पर प्रकाश डाला, जिसे आगामी बल्क ड्रग पार्क के लिए संबोधित करने और योजना बनाने की आवश्यकता है। प्रतिनिधिमंडल ने कुछ ऐसे निवेशकों से संवाद किया जिनकी इकाइयां थोक दवा उत्पादन का कार्य कर रही हैं। प्रतिनिधिमंडल में विधायक चन्द्रशेखर, प्रधान सचिव उद्योग आर.डी. नजीम, प्रबन्ध निदेशक व मुख्य कार्यकारी अधिकारी एचपीबीडीपीआईएल राकेश कुमार प्रजापति, जल शक्ति विभाग के प्रमुख अभियन्ता विजय कुमार ढटवालिया, अतिरिक्त निदेशक उद्योग तिलकराज शर्मा, जलशक्ति विभाग के अधीक्षण अभियन्ता नरेश धीमान, संयुक्त निदेशक उद्योग अंशुल धीमान और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।


















































