केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी अटल रैंकिंग ऑफ इंस्टीट्यूशन ऑन इनोवेशन अचीवमेंट में डॉ वाई एस परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी, हिमाचल प्रदेश में सर्वोच्च स्थान हासिल करने वाला सरकारी विश्वविद्यालय बन गया है। इस रैंकिंग में नौणी विश्वविद्यालय को देश के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त विश्वविद्यालयों की श्रेणी में ’बैंड ए’ (6 से 25 रैंक) में रखा गया है। राज्य के किसी अन्य सरकारी विश्वविद्यालय को इस सूची में जगह नहीं मिली है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने मुख्य रूप से नवाचार से संबंधित संकेतकों पर शिक्षा संस्थानों और विश्वविद्यालयों को व्यवस्थित रूप से रैंक करने के लिए अटल रैंकिंग ऑफ इंस्टीट्यूशन ऑन इनोवेशन अचीवमेंट शुरू की है। पहली रैंकिंग वर्ष 2019 में जारी की गई थी। अटल रैंकिंग उन सभी प्रमुख संकेतकों के आधार पर रैंकिंग करता है जो आमतौर पर दुनिया में सबसे नवीन शिक्षा संस्थानों / विश्वविद्यालयों को रैंक करने के लिए विश्व स्तर पर उपयोग किए जाते हैं। इस साल रैंकिंग छह श्रेणियों में की गई है। अटल रैंकिंग मुख्य रूप से छह मुख्य मापदंडों पर केंद्रित है जिसमें आईपीआर, नवाचार, स्टार्ट-अप और उद्यमिता पर कार्यक्रम और गतिविधियां; प्री इन्क्यूबेशन, इन्क्यूबेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं का समर्थन; गतिविधियों को बढ़ावा देने और समर्थन करने पर वार्षिक बजट खर्च; नवाचार, आईपीआर और उद्यमिता विकास पर पाठ्यक्रम; बौद्धिक संपदा (आईपी), प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और व्यावसायीकरण; सफल नवाचार और स्टार्ट-अप और फंडिंग नवाचार और स्टार्ट-अप जैसे संकेतक शामिल है। इस अवसर पर है विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ परविंदर कौशल ने कहा कि देश के शीर्ष 25 (बैंड ए) सरकारी विश्वविद्यालयों में स्थान पाना विश्वविद्यालय के लिए गर्व का क्षण है। विश्वविद्यालय ने छात्रों और किसानों के कौशल विकास और उद्यमशीलता को विकसित करने, और कृषि-बागवानी क्षेत्र में स्टार्टअप की दिशा में कई पहल की हैं। विश्वविद्यालय, विकसित प्रौद्योगिकी को राज्य के उद्यमियों को हस्तांतरण करने में भी सफल रहा है। विश्वविद्यालय के छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को इस रैंक का श्रेय देते हुए डॉ कौशल ने कहा कि विवि के लिए बैंड ए में रैंकिंग आना अत्यधिक उत्साहजनक है। विश्वविद्यालय भविष्य में रैंकिंग में सुधार करने के लिए सभी मापदंडों में सुधार करने के लिए इस वर्ष की रैंकिंग एक प्रेरणा है।
वर्ष 2016 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अनुराग चन्द्र शर्मा ने आज अतिरिक्त उपायुक्त उपायुक्त सोलन का कार्यभार सम्भाला। अनुराग चन्द्र शर्मा ने पदभार सम्भालने के उपरान्त कहा कि प्रदेश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे सोलन जिला में उपायुक्त के निर्देशानुसार कार्य करना और विकास की गति में आशातीत वृद्धि करना उनकी प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने कहा कि वे कोविड-19 के दौरान जिला में किए जा रहे विभिन्न कार्यों को गति प्रदान करने के लिए कार्यरत रहेंगे। अनुराग चन्द्र शर्मा ने तमिलनाडु स्थित वैल्लोर इन्स्टीच्यूट आॅफ टैक्नोलाॅजी से इलैक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटैक किया है। वर्ष 2016 बैच के युवा अधिकारी ने भारतीय प्रशासनिक सेवा में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के औषध विभाग में सहायक सचिव के रूप में कार्य आरम्भ किया। उन्होंने अपनी परिवीक्षाधीन अवधि जिला चम्बा में पूर्ण की। वे चम्बा जिला के भटियात में सहायक आयुक्त विकास के पद पर कार्यरत रहे। अतिरिक्त उपायुक्त सोलन के पद पर आने से पूर्व वे कुल्लू में उपमण्डलाधिकारी के पद पर कार्यरत थे। इस अवधि में उन्होंने 40 दिनों तक अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी कुल्लू का कार्यभार भी सम्भाला।
उपायुक्त सोलन केसी चमन ने लोगों से आग्रह किया है कि वे कोविड-19 के दृष्टिगत केन्द्र एवं प्रदेश सरकार तथा जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी किए गए निर्देशों का पालन करें और पूर्ण एहतियात बरतें ताकि कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव रहे। केसी चमन ने कहा कि गत दिवस जिला के दून विधानसभा क्षेत्र के विधायक परमजीत सिंह पम्मी की कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है। उन्हांेने लोगों से आग्रह किया कि गत 05 दिवस में दून के विधायक परमजीत सिंह पम्मी से मिलने वाले अथवा उनके सम्पर्क में आए सभी व्यक्ति कोविड-19 प्रोटोकाॅल के दृष्टिगत बचाव सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने कहा कि यदि इस अवधि में दून के विधायक के सम्पर्क में आने वाले किसी भी व्यक्ति को खांसी, जुखाम, बुखार अथवा आईएलआई जैसे लक्षण पाए जाते हैं तो वे स्वतः क्वारेन्टीन हो जाएं और तुरंत समीप के स्वास्थ्य संस्थान अथवा हेल्पलाइन नम्बर 104 तथा दूरभाष नम्बर 221234 पर सम्पर्क करें ताकि उनका कोविड-19 परीक्षण करवाया जा सके। उपायुक्त ने कहा कि दून के विधायक से मिलने अथवा सम्पर्क में आए जिन व्यक्तियों में बीमारी का कोई लक्षण नहीं है वे भी तुरंत अपने घर पर ही क्वारेन्टीन हो जाएं। केसी चमन ने कहा कि जिला प्रशासन कोविड-19 के खतरे से निपटने के लिए त्वरित कार्यवाही कर रहा है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि कोरोना वायरस संक्रमण के सम्बन्ध में किसी भी तरह के बहकावे में न आएं और सरकार एवं प्रशासन द्वारा उचित माध्यम से जारी की जा रही सूचनाओं पर ही विश्वास करें। उन्होंने आग्रह किया कि बीमारी के लक्षण पाए जाने पर घबराएं नहीं और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा इस सम्बन्ध में जारी किए गए निर्देशों का पालन करें।
अतिरिक्त उपायुक्त सोलन विवेक चंदेल को आज यहां जिला के विभिन्न अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने विदाई दी। विवेक चंदेल को निदेशक तकनीकी शिक्षा के पद पर तैनाती दी गई है। वे लगभग अढ़ाई वर्ष तक सोलन में अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी एवं अतिरिक्त उपायुक्त के पद पर तैनात रहे। विवेक चंदेल ने इससे पूर्व उनके स्थान पर नियुक्त सोलन के अतिरिक्त उपायुक्त अनुराग चन्द्र शर्मा से भेंट कर उनका स्वागत किया एवं उन्हें सोलन जिला के विषय में प्रशासनिक एवं अन्य जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर उपमण्डलाधिकारी सोलन रोहित राठौर, खण्ड विकास अधिकारी सोलन ललित दुल्टा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
जिला दण्डाधिकारी सोलन के.सी.चमन ने जिला के नालागढ़ उपमण्डल में कोविड-19 के दृष्टिगत सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन घोषित करने के सम्बन्ध में आदेश जारी किए हैं। यह आदेश केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मन्त्रालय द्वारा जारी निर्देशों तथा उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ की रिपोर्ट के अनुरूप लिए गए हैं। इन आदेशों के अनुसार नालागढ़ उपमण्डल की बद्दी तहसील के लेही गांव में कोविड-19 पाॅजिटिव रोगी के आवास तथा इस आवास तक जाने वाले सम्पर्क मार्ग को सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन घोषित किया गया है। सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन की सीमाओं को पूर्ण रूप से सील करने के आदेश दिए गए हैं। जिला दण्डाधिकारी ने आपराधिक दण्ड संहिता की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उक्त सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन में लोगों तथा वाहनों (आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर) की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगा दिया है। आदेशों के अनुसार आवश्यक सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रयुक्त अधिकारी एवं कर्मचारी उक्त क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित बनाएंगे। उक्त क्षेत्र में पेयजल तथा बिजली की निर्बाध आपूर्ति भी सुनिश्चित बनाई जाएगी। खण्ड चिकित्सा अधिकारी नालागढ़ क्षेत्र में फ्लू जैसी बीमारी के लक्षणों वाले व्यक्तियों की घर-घर स्क्रीनिंग के लिए समुचित संख्या में टीमें तैनात करना सुनिश्चित करेंगे। इस दिशा में पूरी निगरानी रखी जाएगी। क्षेत्र में संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आए सभी व्यक्तियों की खोज कर उनकी जांच की जाएगी और उन्हें आईसोेलेट किया जाएगा। आदेशों के अनुसार पुलिस अधीक्षक बद्दी उक्त सूक्ष्म कन्टेनमेंट जोन में प्रवेश तथा निकासी प्रतिबन्धित करने के लिए समुचित संख्या में पुलिस बल की तैनाती करेंगे। उक्त क्षेत्र में वाहनों का आवागमन नियन्त्रित करने के लिए पुलिस नाके भी लगाएगी। कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति को कन्टेनमेंट जोन में आने-जाने की अनुमति नहीं होगी।आदेशों के अनुसार उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ उक्त कन्टेनमेंट जोन के लिए समग्र प्रभारी होंगे। तहसीलदार बद्दी उनके सहायक होंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं तथा उक्त क्षेत्र की सैम्पलिंग एवं सभी सैम्पल की परीक्षण रिपोर्ट नेगेटिव आने तक लागू रहेंगे।
जल शक्ति विभाग के मंडल बिलासपुर के तहत आने वाली पेयजल योजना सोलग- जुरासी योजना में आउट सोर्स पर रखे कर्मियों को सबन्धित ठेकेदार ने पिछले छह महीनों से वेतन का भुगतान नहीं किया है। इस कारण इन कर्मियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोरोना काल में अपनी ड्यूटी निभाने वाले इन कर्मियों को अपने परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो रहा है। इन कर्मियों ने अपनी व्यथा इंटक के प्रदेश उपाध्यक्ष भगत सिंह वर्मा से बताई। उन्होंने कार्यरत कर्मियों के साथ बैठक कर वेतन का भुगतान, ईपीएफ का पैसा और उसकी डिटेल को सार्वजनिक करने के मामले को विभाग के अधिशासी अभियंता व अधीक्षण अभियंता से उठाने की बात कही। उन्होंने ने कहा कि अगर जलशक्ति विभाग ने पीएफ के मामले में कोई कदम नहीं उठाया तो इस मामले को ईपीएफ प्रदेश कमिश्नर के समक्ष उठाया जायेगा। इस बारे में जलशक्ति विभाग मण्डल बिलासपुर के अधिशाषी अभियंता अरविद वर्मा ने कहा कि कर्मियों की वेतन व ईपीएफ सबन्धित अगर कोई समस्या है तो उसे लिखित रूप में मण्डल में देना होगा इस पर त्वरित कार्यवाही की जाएगी।
भारतीय नमो संघ ने हिमाचल में तिरंगे मास्क को बैन करने की मांग की है। इस बारे में भारतीय नमो संघ की प्रदेश संगठन मंत्री रीना राणा ने तिरंगे मास्क को बैन करने की मांग करते हुए कहा कि कोरोना काल में कुछ लोग तिरंगे मास्क पहन कर घूम रहे है। इससे सभी भारतीयों के सम्मान को ठेस पहुँच रही है। रीना राणा ने बताया कि माननीय न्यायालय झारखंड ने इस संदर्भ में आदेश जारी करते हुए तिरंगे से बने मास्क को बैन किया है व यदि कोई झारखंड राज्य में तिरंगे मास्क को पहनता है या बेचता है तो इसे तिरंगे का अपमान माना जाएगा और उस व्यक्ति के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाएगा। रीना राणा ने कहा कि झारखंड राज्य की तर्ज पर पुरे देश में यह कानून जारी होना चाहिए ताकि तिरंगे का अपमान न हो। उन्होंने भारतीय नमो संघ की तरफ से प्रदेश सरकार से मांग की है कि वह झारखंड राज्य की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश में भी इस तरह के आदेश जारी करे। उन्होंने बताया कि भारतीय नमो संघ भी इस पर नजर रखेगा अगर ऐसा कोई व्यक्ति उन्हें मिलता है तो वह अपनी तरफ से इसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाएंगे।
एक विवाह ऐसा भी ! जहां सभी भाइयों की होती है एक ही पत्नी। जी हां, आपको आश्चर्य होगा कि आज भी बहु पति प्रथा का चलन समाज में महत्व रखता है। आज के आधुनिक युग में भी एक घर के सभी भाइयों की शादी एक ही युवती से होना कहीं न कहीं इस बात का प्रमाण देता है कि इतिहास के पन्नों में विवाह के वर्गीकरण का किया ज़िक्र सच है। आज हम आपको हिमाचल प्रदेश के जिला किन्नौर में होने वाले अनोखे विवाह के बारे में व इसके साथ जुड़े अविश्वसनीय रीति रिवाज़ों के बारे में जानकारी देंगे। यह जानकारी हम जिला के बुद्धिजीवी व स्थानीय लोगों के बयान के अनुसार आप तक पहुंचा रहें है। जिला किन्नौर में आज भी बहु पति प्रथा विवाह का चलन है। यहां रहने वाले परिवारों में महिला के कई पति होते हैं। ऐसा नहीं है कि ये पति अलग-अलग परिवारों के हो, महिला के पति एक ही घर के होते हैं। घर की एक ही छत के नीचे रहने वाले परिवार के सभी भाई एक ही युवती से परंपरा के अनुसार शादी करते हैं और विवाहित जीवन जीते है। इतना ही नहीं बल्कि शादी के बाद लड़की भी सभी भाईयों को समान रूप से अपना पति मानती हैं। अगर इतिहासकारों व यहां के बुज़ुर्गों की माने तो इस तरह के विवाह से खानदानी सम्पत्ति का विभाजन भाइयों में नही होता और भाइयों के बीच सम्पत्ति को लेकर कोई मतभेद नही होता है बल्कि रिश्ता और मजबूत होता है। इसके पीछे एक अन्य मत यह भी है कि पांडव ही ऐसे भाई थे, जिन्होंने एक ही महिला से शादी की थी, हालांकि ऐसी प्रथा का चलन कहीं और नही देखा गया। लेकिन किन्नौर में यह प्रथा आज भी जीवंत है। यहां के निवासी इस परंपरा का संबंध पांडवो के अज्ञातवास से जोड़ते हैं। उनका कहना है कि पांडवों ने यहां अपना अज्ञातवास काटा था जिसके चलते ये लोग उन्हें आज भी पालन करते है। इस विवाह को यहां के लोग "घोटुल" प्रथा कहते है। हम आपको यह भी बता दें कि यह विवाह जबरजस्ती या किसी के दबाव में नही किया जाता है, शादी से पहले भाइयों व दोनों पक्षों के रिश्तेदारों की भी सहमति ली जाती है। दाम्पतय जीवन में, टोपी का महत्व भाइयों के बीच मे किसी भी तरह का मतभेद न हो इसके लिए भी एक खास रिवाज़ को यहां तवज़्ज़ो दी गयी है। यदि भाइयों में से एक भाई पत्नी के साथ है तो उस परिस्थिति में संकेत के तौर पर दरवाजे पर टोपी को रखा जाता है। इसका मतलब यह होता है कि अभी एक भाई कमरें के अंदर है। मर्यादा के आधार पर जब तक टोपी दरवाजे पर हो तब तक कोई दूसरा भाई कमरे के अंदर प्रवेश नही करता। बहु पति प्रथा की कहानी, उन्ही महिलाओं की ज़बानी किन्नौर की रहने वाली महिलाएं जो बहु पति प्रथा का पालन कर एक परिवार के सभी भाइयों की पत्नी बनी, उनसे इस प्रथा पर सवाल पूछे जाने पर वह इस प्रथा को सही ठहरती नज़र आयी। उनका कहना है कि किन्नौर में प्रचलित इस प्रथा का पालन इसलिए भी सही है क्योंकि इस तरह परिवार कि पुश्तैनी सम्पत्ति का बंटवारा नहीं होता। यदी सभी भाइयों कि अलग अलग गृहस्थी होगी तो भाइयों कि संपत्ति के उतने ही हिस्से होंगे परन्तु एक ही बीवी होने से संतान किसी कि भी हो गृहस्थी एक ही कहलाई जाएगी व् सम्पत्ति को अलग अलग नहीं बांटना पड़ेगा। महिलाओं का यह तर्क कितना सही है इसके बारे में तो कुछ नहीं कहा जा सकता। बड़ा भाई पापा तो बाकी सब चाचा ! इस मामले में हैरानी की बात तो यह है कि जो महिला बहु पति प्रथा के अंतर्गत रहती है वह जिस संतान को जन्म देती है वह संतान केवल सबसे बड़े भाई को ही पिता मानती है हालाँकि उस संतान के जैविक पिता यानि सगे पिता के नाम कि पुष्टि केवल महिला द्वारा ही की जा सकती है एवं इस विषय में महिला कि बात पर कोई प्रश्न चिन्ह नहीं उठाया जा सकता। पुरुषों की राय - सबको अपना जीवन जीने का अधिकार वहीं, पुरूषों का कहना है कि इस प्रथा को हम अपनी संस्कृति में शामिल मानते है। संस्कृति के खिलाफ बोलना हमें गलत लगता है। पुरुषों ने कहा कि न हम इस प्रथा का विरोध करते है और न ही इसके बारे में कुछ टिप्पणी करते हैं । किंतु यह सच है कि समय के अनुसार परिवर्तन हुआ है अब इस तरह की शादी कम होती है। अब सभी शिक्षित है, ज्ञान का अभाव नहीं है। पहले जमाने मे परिवार का दबाव होता था अब ऐसा नही है। ऐसे में सभी को अपने जीवन को अपने नज़रिए से जीने का अधिकार है। बहु पति विवाह करने के निर्णय से हमें कोई मलाल नहीं है बल्कि भाइयों के बीच रिश्ता मजबूत होता रहा है। नोट:- हमारा मकसद आप तक जानकारी पहुंचाना है। यह जानकारी किन्नौर के लोगों से प्राप्त है। हमारे लिए सभी संस्कृति, रीति रिवाज से जुड़ी जानकारियां व भावनाएं सर्वोपरि हैं ।
विवेक चन्देल का कार्य के प्रति समर्पण सभी अधिकारियों के लिए प्रेरणादायक- के.सी. चमन उपायुक्त सोलन तथा अन्य अधिकारियों ने आज यहां अतिरिक्त उपायुक्त विवेक चन्देल के स्थानांतरण पर उन्हें विदाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। वर्ष 2004 बैच के प्रदेश प्रशासनिक सेवा के अधिकारी विवेक चन्देल को निदेशक तकनीकी शिक्षा के पद पर तैनाती दी गई है। विवेक चन्देल ने अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी सोलन के रूप में 03 जनवरी, 2018 को कार्यभार सम्भाला था। वे इससे पूर्व प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सेवारत रहे हैं। उपायुक्त के.सी. चमन ने इस अवसर पर कहा कि सोलन में विशेष रूप से कोविड-19 के समय में समाज के गरीब एवं कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए विवेक चन्देल द्वारा कर्मठता के साथ किए गए कार्य को सदैव याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि विवेक चन्देल का कार्य के प्रति समपर्ण सभी अधिकारियों के लिए प्रेेरणादायक रहेगा। भारतीय प्रशासनिक सेवा की परिवीक्षाधीन अधिकारी रितिका, पुलिस अधीक्षक सोलन अभिषेक यादव, उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट डाॅ. संजीव धीमान, सहायक आयुक्त सोलन भानु गुप्ता, सहायक आयुक्त परवाणु डाॅ. विक्रम नेगी, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सुरेश सिंघा, जिला राजस्व अधिकारी केशव राम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य, पूर्व मंत्री व विधायक श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र राम लाल ठाकुर ने प्रदेश में पुलिस विभाग को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार को पुलिस अधिनियम 2007 (संशोधित) को एक बार दोबारा रिव्यू करने की गम्भीर आवश्यकता है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में सिर्फ पुलिस विभाग ही ऐसा विभाग है जिसमे अनुबंध अभी 8 वर्ष का है जबकि प्रदेश के सभी अन्य विभागों में अब केवल 3 वर्ष का अनुबंध समय किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश पुलिस को अभी भी मकान का सरकारी तौर पर मिलने वाला किराया केवल 500 रुपये ही है जब की आज के महंगाई के दौर में 500 रुपये में दो कमरों का मकान किराये पर नहीं मिलता व कांस्टेबल को कम से कम सब डिवीजन में तो स्थान दिया जाना चाहिए। उनके अनुसार प्रदेश में पुलिस को अभी भी 210 रुपये प्रति माह राशन मनी दिया जाता है जी की बहुत ही कम है। राम लाल ठाकुर ने प्रदेश में पुलिस थानों और चौकियों की हालत पर भी सवाल उठाये।
सनातन धर्म सभा रबौण के संरक्षक एवं सामाजिक कार्यकर्ता और ज्योतिष शास्त्र विशेषज्ञ स्वाधीन चन्द्र गौड के अभिनँदन ग्रँथ का विमोचन मंगलवार को डॉ यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के कुलपति डा. परविंदर कौशल द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में किया गया। इस कार्यक्रम में स्वाधीन चंद्र गौड़, सनातन धर्म सभा रबौण के अध्यक्ष डा. शँकर वशिष्ठ और उपाध्यक्ष डा. प्रेमलाल गौतम, केसी बारिया, पूजा ढिल्लों, मंजुला गौड़, जीएस नेगी, सुरेश शर्मा, प्रवीण ठाकुर एवं आकर्षित उपस्थित रहे। इस अवसर पर डॉ कौशल ने स्वाधीन चंद्र गौड़ को उनके सहयोगियों को बधाई दी। सनातन धर्म सभा द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी उन्होनें प्रशंसा की। उन्होनें कहा कि साहित्य समाज में नई प्रेरणा लाता है और इस तरह की साहित्यक रचनाएँ सभी के ज्ञान में वृद्धि करती हैं। स्वाधीन चन्द्र गौड ने पुस्तक के विमोचन पर विश्वविद्यालय एवं कुलपति का आभार व्यक्त किया। उन्होंने डा. शँकर वशिष्ठ और डा. प्रेमलाल गौतम का सम्पादन सहयोग के लिए भी हार्दिक आभार जताया। उन्होंने कहा कि अभिनँदन ग्रँथ छपना एक सपना जिसे उनके सहयोगियों ने साकार कर दिया।
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड लिमिटिड सोलन द्वारा उन उपभोक्ताओं के विद्युत कुनैक्शन काट दिए जाएंगे, जिन्होंने जुलाई, 2020 में अपने बिजली के बिल जमा नहीं करवाए हैं। यह जानकारी आज यहां प्रदेश विद्युत बोर्ड निगम लिमिटिड के सहायक अभियंता विदुर ने दी। उन्होंने कहा कि काटे जाने वाले कुनैक्शन की कुल संख्या 183 है। उपभोक्ताओं द्वारा जमा न करवाई गई कुल राशि 22,21,888 रुपये है। इनमें 86 घरेलू उपभोक्ता हैं। इनकी कुल राशि 09,19,032 रुपये है। कुल उपभोक्ताओं में से 90 व्यवसायिक उपभोक्ता हैं। इनकी कुल राशि 11,99,920 रुपये है। अन्य 07 उपभोक्ताओं की राशि 1,02,936 रुपये है। उन्होंने कहा कि विद्युत बिल के संशय के सम्बन्ध में उपभोक्ता दूरभाष नम्बर 01792-223611 पर सम्पर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता अपने बिल पेटीएम, गुगल पे, अमेजाॅन, भीम ऐप फोन पे अथवा वैबसाईट www.hpsebl.in के माध्यम से भी जमा करवा सकते हैं।
बनोग के गांववासियों को अब बिजली की समस्या से निजात मिल गयी है। बता दें कि इस गांव में वोल्टेज की समस्या काफी समय से थी। गांववासियों की मांग थी कि गांव में होने वाले बिजली के समस्याओं का समाधान किया जाए। इसके उपरांत विधुत बोर्ड के अधिकारियों ने समस्या को सुन इसका निवारण किया और ट्रांसफर सहित बिजली के खम्बे लगा दिए। ट्रांसफार्मर लगने से अब गांववासियों को होने वाली कई समस्याओं से निजात मिलेगी। गांव के ग्रामीणों में बबलू अत्री सहित अन्य ग्रामीणों ने इस समस्या का स्थायी हल निकालने के लिए एक्सईएन परवाणू राहुल वर्मा, एसडीओ व जेई का आभार व्यक्त किया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डाॅ प्रकाश दरोच के अनुसार जिला से अब तक 8475 लोगों के सैंपल कोविड-19 के लिए लैब जांच के लिए आईजीएमसी शिमला भेजे गए, उनमें से 8064 सैंपल की रिपोर्ट नेगेटिव आई हैं और 181 की रिपार्ट अभी तक पाॅजिटिव आई है। उन्होंने बताया कि 231 सैंपल की रिपोर्ट आना अभी बाकी है। उन्होंने बताया कि 126 लोग अभी तक कोरोना से निजात पा चुकेे हैं और 55 का इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि अभी भी बाहर से लोग अपने-अपने घरों को आ रहें हैं, सभी की बार्डर पर स्वास्थ्य जांच की जा रही है और सरकार के आदेशानुसार जो लोग हाई-लोड क्षेत्र से आ रहे हैं उन्हें इन्स्टीट्यूशनल क्वारनटाईन में रखा जा रहा है और हर 5 से 7 दिनों के अन्दर उनका कोरोना टैस्ट किया जा रहा है नेगेटिव आने पर ही उन्हें होम क्वारनटाईन में भेजा जा रहा है।
भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी महेंद्र पाल गुर्जर ने मंगलवार को उपमंडलाधिकारी नालागढ़ का कार्यभार संभाल लिया। वर्ष 2018 बैच के आईएएस अधिकारी महेंद्र पाल गुर्जर इससे पहले कार्यकारी अधिकारी मनाली, खंड विकास अधिकारी कुल्लू तथा अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कुल्लू के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। नालागढ़ में उपमंडलाधिकारी का कार्यभार संभालने के अवसर पर अपनी प्राथमिकताओं के विषय में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि वैश्विक महामारी कोविड-19 से बचाव व इसकी रोकथाम उनकी पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने बताया कि कोविड-19 के संक्रमण पर नियंत्रण के साथ-साथ देश के महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र बद्दी बरोटीवाला नालागढ़ में उद्योग व व्यापार का सुचारू संचालन भी उनकी प्रमुख प्राथमिकता है। सताईस वर्षीय युवा व ऊर्जावान महेंद्र पाल गुर्जर ने कहा कि प्रशासनिक कार्य से संबंधित जन अपेक्षाओं का भी विशेष ख्याल रखा जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के जलाश्यों एवं सामान्य नदी नालों व इनकी सहायक नदियों में 12 हजार से अधिक मछुआरे मछली पकड़ कर अपनी रोजी रोटी कमाने में लगे हुए हैं। वर्तमान में प्रदेश में 5 जलाश्यों क्रमशः गोबिंदसागर, पौंग, चमेरा, कोलडैम एवं रणजीत सागर जिनका क्षेत्रफल 43785 हैक्टेयर के करीब है, में 5 हजार 300 से अधिक मछुआरे मछली पकड़ने का कार्य कर रहे हैं जबकि प्रदेश के सामान्य जलों, ट्राऊट जलों के अतिरिक्त जिनकी लम्बाई 240 0 किमी के लगभग है में 6 हजार से अधिक मछुआरे फैंकवां जाल के साथ मछली पकड़ने के कार्य में लगे हैं। इन सभी मछुआरा परिवारों को निरंतर मछली मिलती रहे तथा लोगों को प्रोटीनयुक्त प्राणी आहार मछली के रूप में मिलता रहे, इसके लिए हिमाचल प्रदेश मत्स्य पालन विभाग अपना दायित्व निभा रहा है। निदेशक एवं प्रारक्षी, मत्स्य सतपाल मैहता ने बताया कि इतने विशाल मानव निर्मित जलाश्यों की सघन निगरानी करना विभाग के लिए चुनौती से कम नहीं है, परन्तु मत्स्य विभाग इस चुनौती के समाधान के लिए प्रतिवर्ष सामान्य जलों में दो माह के लिए मछली पकड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाता है, क्योंकइस अवधि के दौरान अधिकतर महत्वपूर्ण प्रजातियों की मछलियां प्राकृतिक प्रजनन करती हैं जिससे इन जलों में स्वतः मछली बीज संग्रहण हो जाता है। उन्होंने बताया कि इस कार्य हेतु विभाग को मत्स्य धन संरक्षण का कार्य बड़ी तत्परता से करना पड़ता है। प्रदेश के जलाश्यों में मत्स्य धन संरक्षण हेतु विशेष कर्मचारी बल तैनात कर कैम्प लगाए जाते हैं, जिससे ये कर्मचारी जल एवं सड़क, दोनों मार्गों से गश्त कर मत्स्य धन की सुरक्षा करते हैं। उन्होंने बताया कि पहले यह बन्द सीजन 1 जून से 31 जुलाई तक होता था परन्तु 22 मई 2020 से हिमाचल प्रदेश मत्स्य नियम 2020 लागू होने से इस बार विभाग द्वारा 16 जून से 15 अगस्त तक बन्द सीजन का कार्यान्वयन किया गया। उन्होंने बताया कि इस बार विभाग ने 35 लाख के करीब 70 एम.एम. आकार से अधिक का मत्स्य बीज इन जलाश्यों में संग्रहित किया था। दो माह के बंद के बाद बढ़े मत्स्य उत्पादन से विभाग के साथ-साथ मछुआरों का मनोबल भी बढ़ा है। उन्होंने बताया कि गोबिंदसागर जलाश्य से 9.03 टन, कोलडैम 264 किलो, पौंग जलाश्य में 7.2 टन तथा चमेरा व रणजीत सागर से 2.1 टन मछली पकड़ी गई।
प्रदेश युवा सेवाएं एवं खेल विभाग के सदस्य सोनू सोनी को प्रदेश भाजयुमो कार्यकारीणी का सदस्य चुना गया है। ज्ञात हो कि इससे पूर्व भी वे इस पद पर लगातार तीन कार्यकाल पूरे कर चुके हैं। इससे पूर्व वे प्रदेश भाजपा खेल प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष, जिला सोलन भाजयुमो के उपाध्यक्ष तथा अर्की नगर भाजपा उपाध्यक्ष के अलावा पार्टी के अन्य कई पदों को सुशोभित कर चुके हैं। सोनू सोनी ने पुनः अपनी इस नियुक्ति पर प्रदेश भाजपा संगठन, प्रमुख नेताओं व अर्की भाजपा मंडल के सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया है। सोनू के इस पद पर पुनः नियक्त किए जाने पर अर्की भाजपा कार्यकताओं ने भी प्रदेश भाजपा संगठन व अर्की मंडल का धन्यवाद किया है।
मंगलवार को विकासखंड सोलन की 35 पंचायतों में बीआरसी जल शक्ति विभाग मंडल सोलन जयदेव द्वारा FTK से लगभग 200 महिलाओं को जल जांच गुणवत्ता संबंधी प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उन्होंने सभी पंचायतों की महिलाओं से यह भी आग्रह किया कि पेयजल स्रोतों को साफ सुथरा रखें ताकि जल्द जल जनित रोगों से सुरक्षित रहें।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मॉनसून सत्र 7 सिंतबर से शुरू होने जा रहा है। यह सत्र 7 से 18 सितंबर तक जारी रहेगा। इस सत्र में सत्ता पक्ष औऱ विपक्ष आमने-सामने होंगे। सत्र में 10 बैठके रखी गई है। कोरोना काल मे विपक्ष पहले ही सत्र बुलाने की मांग कर रहा था। विपक्ष कोरोना काल में सरकार पर उठ रहे सवालों सहित कई मुद्दों पर सदन में घेरने का प्रयास करेगा। हालांकि प्रदेश में कोरोना का कहर जारी है और बजट सत्र भी कोरोना के चलते कम कर दिया गया था।
मुख्यमंत्री आवास में एक चालक कोरोना पाॅजिटिव निकला है। यह बीते दिनों पाॅजिटिव आए सुरक्षा कर्मियों के संपर्क में आने से संक्रमित हुआ है। जिला निगरानी अधिकारी डाॅ. राकेश भारद्वाज ने इसकी पुष्टि की है। जानकारी के अनुसार संक्रमित चालक सुंदरनगर का रहने वाला है और जब सचिवालय में कोई चालक अवकाश पर होता है तो वह सीएम सुरक्षा में तैनात गाड़ी चलाता है।
शिमला बटालियन के सौजन्य से और वेटेरन इंडिया जिला शिमला हिमाचल प्रदेश की इकाई ने मिलकर पूर्व सैनिकों व उनके आश्रितों को फर्स्ट एड बॉक्स, कुछ अति आवश्यक दवाइयां और मास्क बाँटे। वेटरन इंडिया जिला शिमला के अध्यक्ष कैप्टन शामलाल शर्मा व उनकी टीम द्वारा करोना को मध्य नजर रखते हुए उचित दूरी का ध्यान रखते हुए, मास्क आदि का प्रयोग करके उपरोक्त इलाकों में जाकर जरूरतमन्द सैनिकों, सीनियर सिटीजनों तथा उनके आश्रितों की समस्याओं को को सुना। वेटेरन इंडिया द्वारा ईएसएम सेल की सहायता से 1000 जवानों एवं उनकी परिवारों की सूची बनाई गई है जिनसे समय समय पर वार्तालाप कर उनकी ज़रूरतों का ध्यान रखा जाता है।
हिमाचल को देवभूमि के नाम से जाना जाता है लेकिन यहां पर ऐसी कई मान्यताएं भी हैं, जिन पर यकीन करना शायद आम इंसान के बस में नहीं है। यहाँ अगर बात करें राक्षसी शक्तियों से जुडी अविश्वसनीय प्रथा की तो हिमाचल में डगयाली की कहानी भी आपको हैरान कर देगी। हम आपको बता दें कि हमारा मकसद किसी को डराना या अंधविश्वास को बढ़ावा देना नहीं है, किन्तु आप तक सभी तथ्यों को पहुंचाने के मकसद से आपको आज हम डगयाली के बारें में जानकारी देंगे। हिमाचल के कुछ एक जिला में 2 दिन तक डगयाली ( जिसका अर्थ कुछ एक क्षेत्रों में चुड़ैल है ) की रात मानी जाती है। स्थानीय लोगों की मान्यता है कि इन 2 रातों को बुरी शक्तियों का प्रभाव ज्यादा रहता है, जिनमें तांत्रिक साल में एक बार काली शक्तियों को जागृत करने के लिए साधना करते हैं, जिनसे बचने के लिए यहां के लोग अपने घरों के बाहर टिंबर के पत्ते लटकाते हैं। जबकि कुछ लोग कांटे वाले किसी भी पौधे के तने को दरवाजे के आसपास रखते है। कहा यह भी जाता है की इस माह सभी देवी-देवता सृष्टि की रक्षा छोड़ असुरों के साथ युद्ध करके अपनी शक्तियों का प्रर्दशन करने अज्ञात प्रवास पर चले जाते हैं। इस माह की अमावस्या की रात को ही डगयाली या चुड़ैल की रात कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस अमावस्या की रात को जितने भी काली विद्या वाले तांत्रिक होते हैं वे काली शक्तियों को जागृत कर किसी का अहित करने के लिए तंत्र का सहारा लेते हैं। क्यूंकि ऐसा माना जाता है कि इस दौरान देवता बुरी शक्तियों से लड़ाई करने चले जाते हैं तो इस डर के कारण अपने घरों के बाहर दिये जलाकर रोशनी करते है और बुरी शक्तियों के प्रभाव को खत्म करने का आह्वान करते हैं। आपको इस बात से और अत्यधिक हैरानी होगी की लोग मानते है कि इस दौरान देवताओं और बुरी शक्तियों के बीच की लड़ाई में यदि देवता जीत जाते हैं तो पूरा साल सुख-शांति से गुजरता है। और अगर ऐसा न हो तो....... खैर, हम इस बात कि पुष्टि नहीं करते। लेकिन ये सच है कि लोग इस दिन को इसी नजरिये से देखते हैं।
राज्य कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं विधायक राजेंद्र राणा ने पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार द्वारा निजी विश्वविद्यालयों को लेकर की गई टिप्पणी का स्वागत करते हुए कहा कि शांता कुमार सदैव अपनी सच्ची व बेवाक टिप्पणियों को लेकर जाने जाते हैं। शिक्षा के नाम पर भ्रष्टाचार का अड्डा बने निजी विश्वविद्यालयों को शांता कुमार ने केवल डिग्री देने वाली दुकानें करार दिया है। ऐसे ही एक जगजाहिर मामले में मानव भारती यूनिवर्सिटी समेत एक ही जिले में बीजेपी के राज में खुली 7 यूनिवर्सिटियां अब सवालों के घेरे में हैं। उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं, एक ही ग्राम पंचायत में 3-3 यूनिवर्सिटियां बीजेपी के राज में खोली गई थीं। इनको खोलने का मकसद क्या था, इनके लिए छात्र कहां से आने थे। हालांकि यह मुद्दा तब भी कांग्रेस ने तत्कालीन सरकार में उठाया था। बीजेपी के राज में खुली इन यूनिवर्सिटियों में किस-किस की मिलीभगत रही है। स्टेट रैगुलेटरी कमीशन भी इस मामले में शक और संदेह के घेरे में है। आरोप लगे हैं कि रैगुलेटरी कमीशन से जुड़े एक व्यक्ति ने 60 कम्प्यूटरों की खेप इस फर्जीवाड़े में हजम की है, जिसकी भी जांच होनी जरूरी है। यह तमाम विषय बीजेपी की नीयत और नीति पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मानव भारती यूनिवर्सिटी मामले में अब वर्तमान सरकार किन-किन को बचाना चाह रही है। वह कौन अधिकारी व कौन राजनेता हैं, जिनको बचाने के लिए वर्तमान सरकार मौन और मूक मुद्रा में रहते हुए अंदरखाते बचाव के दबाव में है। मानव भारती यूनिवर्सिटी में भ्रष्टाचार का पैसा विदेशों में जाने के बाद यह मामला ईडी की जांच का बनता है। सरकार इस मामले को ईडी को सौंपने से किसके दबाव में गुरेज कर रही है? अब प्रदेश सरकार पर केंद्र में बैठे कुछ नेता इस मामले के बचाव में सरकार पर लगातार दबाव बना रहे हैं। दबाव पड़ोसी राज्य की भाजपा शासित सरकार से भी बना हुआ है, जिसके चलते सूचनाएं ये हैं कि मानव भारती यूनिवर्सिटी के माफिया सरगना को बचाने के लिए अब यूनिवर्सिटी के एक अधिकारी की बलि देने का मसौदा तैयार किया जा रहा है। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि धर्मशाला में निजी संस्थान चलाने वाला जे एंड के से संबंध रखने वाला वह कौन व्यक्ति है, जिस पर इस मामले में दलाली के आरोप लगे हैं और अब सरकार उसको बचाने का प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में पालमपुर के एक व्यक्ति पर भी भ्रष्टाचार के इस खेल में दलाल की भूमिका अदा करने के आरोप लगे हैं। इन दोनों जालसाजों के नामों का भी सरकार खुलासा करे। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के इतने सारे आरोप लगने के बाद सरकार ने किस मजबूरी में मानव भारती यूनिवर्सिटी की मान्यता जारी रखी है। उन्होंने कहा कि सरकार की इस लीपापोती पर कांग्रेस चुप नहीं बैठने वाली है। विपक्ष इस मामले को विधानसभा में पुरजोर से उठाएगा। देश में शिक्षा के नाम पर दूसरे पायदान पर स्थापित हिमाचल प्रदेश की छवि पर सरकार के रवैये के कारण प्रतिकूल असर पड़ा है लेकिन सरकार इस मामले में ऐसे बर्ताव कर रही है कि मानों कुछ हुआ ही नहीं है। उन्होंने मांग की है कि अगर विपक्ष की बात सत्ता पक्ष को हजम नहीं हो रही है तो पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार की टिप्पणी पर गौर करे, जिसमें उन्होंने कहा है कि फर्जी डिग्री के अलावा अन्य निजी यूनिवर्सिटियों में बहुत कुछ फर्जी है। यहां तक कि स्टाफ भी फर्जी है। पढ़ाई की कोई व्यवस्था नहीं है। फर्जी डिग्रियां देकर ऐसे निजी संस्थान हजारों युवकों के जीवन को बर्बाद करने में लगे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि सरकार की मंशा और नीयत इस मामले में अगर साफ पाक है तो सरकार करोड़ों के इस भ्रष्टाचार के मामले की सीबीआई की जांच से क्यों कतरा रही है?
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड सोलन से प्राप्त जानकारी के अनुसार 19 अगस्त को, 2020 को सोलन फीडर नम्बर-1 के तहत विद्युत लाइनों के मुरम्मत तथा खराब विद्युत खम्बों को बदलने के दृष्टिगत सोलन शहर के विभिन्न क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति बाधित की जाएगी। यह जानकारी विद्युत बोर्ड के वरिष्ठ अधिशाषी अभियंता विकास गुप्ता ने दी। उन्होंने कहा कि इसके दृष्टिगत 19 अगस्त को प्रातः 09.30 बजे से सांय 6.00 बजे तक जिला न्यायालय, सिटी सेंटर प्लाजा, विवांता माॅल, सुन्दर सिनेमा, कलीन, सन्नी साइड, शेर कलीन, हिमानी रिजाॅर्ट, पैरागाॅन रिजाॅर्ट, हिमालयन पाइप व इसके आसपास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने इस दौरान लोगों से सहयोग की अपील की है।
रोहड़ू के विधायक मोहन लाल ब्राक्टा ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार के सेब सीजन की तैयारियो के दावे खोखले निकल रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा था कि हिमाचल सरकार अपने खर्चे पर बाहरी राज्य व नेपाल से सेब सीजन के लिए मजदूर लाएगी जो की सारी झूठी साबित हो रही है। उल्टे बागवानों को अपने खर्चे पर मंहगा गाड़ी किराया दे कर मजदूरों को लाना पड़ रहा है। एक तरह पहले ही सेब के बगीचे बेमौसमी बारिश वह बगीचों में रोगों की वजह से बागवान परेशान है। दूसरी तरफ सरकार बागवानी विभाग में लोगो को सेब की दवाइयां उपलब्ध कराने ने पूरी तरह से विफल साबित हुई है। लोगो को मजबूरी में बाजार मंहगे दामों पर दवाईयां खरीदनी पड़ रही है। जहां निचले व मध्यम इलाके ने सेब सीजन शुरू हो गया है लेकिन अभी तक एच पी एम सी व हिम् फेड के अधिकतर सेब एकत्रीकरण केंद्र नहीं खुले हैं जबकि 15 जुलाई तक सारे सेब एकत्रीकरण केंद्र खुल जाते थे। सेब एकत्रीकरण केंद्र न खुलने से बागवानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सेब का समर्थन मूल्य 50 पैसे बढ़ना बागवानों के साथ धोखा है और बागवान अपने आप को ठगा महसूस कर रहा है। वर्तमान प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर विफल हो रही है जब से भाजपा सरकार सत्ता में आई है मंहगाई आसमान छूने लगी है।
सोमवार को जल शक्ति विभाग मंडल सोलन बी.आर.सी द्वारा सोलन विकास खंड की पंचायतें धरोट, बसाल एवं सलोगड़ा की पांच-पांच महिलाओं को FTK से जल जीवन मिशन के अंतर्गत जल जांच गुणवत्ता का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। साथ ही सभी से यह भी आग्रह किया गया कि पेयजल स्त्रोतों को साफ-सुथरा रखे ताकि जल जनित रोगों से सभी सुरक्षित रहे। बी आर सी द्वारा लगभग 23 पंचायतों में यह प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है।
दाड़लाघाट के अंतर्गत कोरोना वायरस के मामलों में दिन प्रतिदिन बढ़ोतरी हो रही है, ये मामले बीते रविवार को अम्बुजा, कंसवाला व ठेरा से आए। जानकारी के मुताबिक रविवार को क्षेत्र में पांच पॉजिटिव केस आने से हड़कम्प मच गया, हालांकि ये लोग पहले से ही होम कवारंटाइन थे। उक्त व्यक्तियों के सेंपल अभी हाल में ही लिए गए थे। गौर रहे कि रविवार को उक्त व्यक्तियों की सेंपल रिपार्ट आने के बाद प्रशासन द्वारा इन्हें कोविड केअर सेंटर बखालग में शिफ्ट कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार पांच पॉजिटिव केस में दो व्यक्ति अम्बुजा सीमेंट उद्योग से थे, जो कि बाहरी राज्य से आए थे। वहीं दो व्यक्ति कंसवाला से थे जिनकी पीजीआई से ट्रेवल हिस्ट्ररी बताई जा रही है। वहीं ठेरा का व्यक्ति भी बाहरी राज्य से आया बताया जा रहा है। हालांकि स्थानीय व्यापार मंडल दाड़लाघाट द्वारा एहतियातन के तौर पर सोमवार व मंगलवार को सुरक्षा के मध्य नज़र पूरे बाजार को बंद करने का फैसला लिया है। इस बारे में दाड़लाघाट व्यापार मंडल के प्रधान वेद प्रकाश शुक्ला व उपप्रधान हेमराज गौतम छोटू का कहना है कि वह स्थानीय प्रशासन के हर निर्णय में कंधे के साथ कंधा मिलाकर खड़े हैं तथा प्रशासन द्वारा जो भी आदेश दिए जाएंगे वे उसका पालन करेंगे। उधर, इस बारे में उपमंडलाधिकारी, अर्की विकास शुकला ने बताया कि दाड़लाघाट के आसपास के क्षेत्रों में 5 कोरोना पॉजिटिव पाए गए है। उन्होंने लोगो से आह्वाहन किया है कि कोरोना के खिलाफ सरकार व जिला प्रशासन द्वारा जारी किए जा रहे निदेर्शों का पालन करें।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान जिला के 340 स्कूलों में 3 से 6 वर्ष तक की आयु के बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा प्रदान करने के लिए पूर्व प्राथमिक शिक्षा आरम्भ की गई है। उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने जानकारी देते हुए बताया कि कोविड-19 के दृष्टिगत स्कूलों में आनलाईन दाखिला 25 जुलाई से पूरे प्रदेश में आरम्भ कर दिया गया है जिसके तहत जिला बिलासपुर के स्कूलों में आनलाईन दाखिला चल रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक 1262 बच्चे दाखिला ले चुके है। उन्होंने बताया कि हर घर पाठशाला के माध्यम से बच्चों का बौद्धिक, शारीरिक, भाषायी, सृजनात्मक, सामाजिक व भावनात्मक विकास करने के लिए विभिन्न प्रकार की गतिविधियां बच्चों को करने के लिए दी जा रही है जिससे बच्चों का खेल-खेल में संर्वागिण विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहले नर्सरी कक्षाओं में बच्चों के दाखिले के लिए अभिभावक निजी स्कूलों में जाते थे लेकिन निम्न वर्ग के लोग अपने बच्चों को अधिक फीस होने के कारण निजी स्कूलों में नहीं भेज पाते थे लेकिन गत वर्षों से सरकारी स्कूलों में नर्सरी की कक्षाएं आरम्भ की गई है जिसमें सुंदर क्लासरूम, सुंदर फर्नीचर और बच्चो के लिए मनमोहक खिलौने तथा टीचिंग लर्निंग मटिरियल के अतिरिक्त बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए टायलेट किट भी प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि गत् वर्ष जिला में 1961 बच्चों ने नर्सरी और केजी कक्षाओं में दाखिला लिया। उन्होंने बताया कि बच्चों को गतिविधि आधारित शिक्षा प्रदान करने के लिए राज्य द्वारा प्रशिक्षित जिला स्त्रोत व्यक्तियों के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया। पाठ्यक्रम आधारित प्रश्नोतरी प्रतियोगिता में जिला बिलासपुर राज्य भर में प्रतिशत के आधार पर प्रथम उपायुक्त ने बताया कि हर घर पाठशाला के अंतर्गत प्रदेश में आरम्भ की गई आनलाईन शिक्षा में प्रत्येक शनिवार को पाठ्यक्रम आधारित प्रश्नोतरी प्रतियोगिता आयोजित करवाई जाती है जिसमें जिला बिलासपुर ने राज्य भर में प्रतिशत के आधार पर प्रथम तथा छात्र संख्या के आधार पर द्वितीय स्थान हासिल किया है। उन्होंने बताया कि ई-पीटीएम (अभिभावक शिक्षक) में जिला ने प्रदेश में छठा स्थान हासिल किया है। ई-संवाद में जिला तृतीय स्थान पर रहा। उन्होंने बताया कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा संचालित “फिट इंडिया मूवमेंट” कार्यक्रम में भी जिला ने बेहतर प्रदर्शन किया है। जिला परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा राकेश पाठक ने पूर्व प्राथमिक शिक्षा के बार में जानकारी देते हुए बताया कि जिला बिलासपुर में डाईट के तहत प्रशिक्षण हासिल कर रहे प्रशिक्षुओं के लिए आनलाईन कक्षाएं गुगल और वाट्सऐप के माध्यम से चलाई जा रही है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में डाईट बिलासपुर द्वारा प्रथम बार आनलाईन टेस्ट की भी व्यवस्था की गई है जोकि 18 अगस्त से 25 अगस्त तक होंगे जिसमें डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन पार्ट-1 एण्ड 2 की यूनिट टेस्ट आयोजित किए जा रहे है। उन्होंने बताया कि स्कूल और डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन के प्रशिक्षुओं के अभिभावकों को विडियो काॅन्फ्रेसिंग के माध्यम से भी जागरूक किया गया है। उन्होंने समस्त अभिभावकों, पंचायत प्रतिनिधियों व सभी समुदाय वर्ग से आग्रह किया कि केजी व नर्सरी कक्षाओं के लिए बच्चों का दाखिला नजदीकी सरकारी स्कूलों में करवाएं ताकि बच्चे सरकारी स्कूलों में उपलब्ध आधुनिक रूप से सुसज्जित सभी मूलभूत सुविधाओं का लाभ उठा सके। इस अवसर पर जिला समन्वयक पूर्व प्राथमिक शिक्षा संजय कुमार शामा, सांख्यिकी विद दिनेश कुमार के अतिरिक्त अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
भारतीय जनता युवा मोर्चा सोलन मण्डल द्वारा कण्डाघाट विकास खण्ड के अन्तर्गत चायल के नगाली गांव में पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राज्य खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष पुरूषोत्तम गुलेरिया बतौर मुख्यातिथि उपस्थित रहे। इस अवसर पर युवा मोर्चा द्वारा विभिन्न प्रजातियों के लगभग 100 पौधे रोपित किए गए। पुरूषोत्तम गुलेरिया ने इस अवसर पर कहा कि प्रकृति के संतुलन के लिए पौधरोपण आवश्यक है तथा हम सभी को इस मुहिम में अपना योगदान देना चाहिए। उन्होंने स्थानीय लोगों का आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में एक-एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी देखभाल भी सुनिश्चित करें। उन्होंने क्षेत्र में पौध रोपण का कार्यक्रम आयोजित करने के लिए भाजयुमो के कार्यकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य खादी बोर्ड रोजगार व स्वरोजगार की दिशा में बेहतरीन कार्य कर रहा है। इसके माध्यम से युवाओं को अपना व्यवसाय आरम्भ करने के लिए पात्रता अनुसार ऋण उपलब्ध करवाने का प्रावधान है। पुरूषोत्तम गुलेरिया ने कहा कि युवा देश का भविष्य है और युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाना हम सभी का कर्तव्य है। राज्य खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष ने कहा कि भाजयुमो को आगे बढ़ाने व युवा मोर्चा की हर मुहिम में वे उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि चायल क्षेत्रवासियों द्वारा रखी गई विभिन्न मांगों को उचित मंच पर उठाया जाएगा। इस अवसर पर भाजयुमो के अध्यक्ष रोहित भारद्वाज, भाजपा मण्डल सोलन के कोषाध्यक्ष योगेंद्र वर्मा, भाजपा नेता राजीव शर्मा, रिंकज गुप्ता, पंकज ठाकुर, इन्द्र सिंह ठाकुर, अरूण मेहता, दिनकर कुमार, अरूण ठाकुर, विशाल बैंस, गौरव साहनी, सुनील शर्मा, वैभव ठाकुर, किसान मोर्चा के अध्यक्ष सुरेश शर्मा, मदन शर्मा, भानु प्रकाश, पूर्व प्रधान मुन्नु राम, प्रधान मान सिंह तथा ओम प्रकाश उपस्थित थे।
उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं योजना के अंतर्गत जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग के सौजन्य से जिला बिलासपुर में 12वीं कक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने वाली मेधावी छात्राओं के लिए फ्री ऑनलाइन क्रेश कोर्स (जे.ई.ई.मेन्स/नीट) का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं के अंतर्गत जिला प्रशासन द्वारा अनेक कार्यक्रम चलाए जा रहे है। उन्होंने बताया कि गत् वर्ष जिला प्रशासन द्वारा निर्णय लिया गया कि जिला भर में 12वीं की कक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं को निःशुल्क कोचिंग दी जाए। उन्होंने बताया कि इसके अंतर्गत मिनर्वा स्टडी सर्कल घुमारवीं द्वारा निःशुल्क कोचिंग दी जा रही है। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं सिर्फ एक योजना ही नहीं बल्कि देश के हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लोगों को कन्या भ्रूण हत्या के बारे में जागरूक करें और यदि कहीं पर भी कन्या भ्रूण हत्या के बारे में जानकारी मिले तो उसकी सूचना तुंरत पुलिस को दे। इस अवसर पर उपायुक्त ने कोचिंग लेने वाली छात्राओं पुण्या पूर्णिमा तथा इन्दुबाला को पाठ्यक्रम से सम्बन्घित पुस्तकें देकर उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। जिला कार्यक्रम अधिकारी अंजू बाला ने बताया कि क्रेश कोर्स के लिए जिला से 42 छात्राओं का चयन किया गया है जिसमें सदर ब्लाॅक से 21, झंडुता से 15 तथा घुमारवीं से 6 छात्राएं शामिल है। उन्होंने बताया कि क्रेश कोर्स की अवधि जे.ई.ई मेन्स के लिए 30 दिन तथा नीट के 40 दिन रहेगी। उन्होंने बताया कि प्रधानाचार्य मिनर्वा स्टडी सर्कल घुमारवीं को सम्बन्धित छात्राओं की सूचि उपलब्ध करवा दी गई है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डाॅ प्रकाश दरोच ने बताया कि जिला से अब तक 8252 लोगों के सैंपल कोविड-19 के लिए लैब जांच के लिए आईजीएमसी शिमला भेजे गए, उनमें से 8033 सैंपल की रिपोर्ट नेगेटिव आई हैं और 181 की रिपार्ट अभी तक पाॅजिटिव आई है। उन्होंने बताया कि 40 सैंपल की रिपोर्ट आना अभी बाकी है। उन्होंने बताया कि 119 लोग अभी तक कोरोना से निजात पा चुके हैं और 62 का इलाज चल रहा है।उन्होंने बताया कि अभी भी बाहर से लोग अपने-अपने घर आ रहें हैं, सभी की बार्डर पर स्वास्थ्य जांच की जा रही है और सरकार के आदेशानुसार जो लोग हाई-लोड क्षेत्र से आ रहे हैं उन्हें इन्स्टीचयूशनल क्वारनटाईन में रखा जा रहा है और 5 से 7 दिनों के अन्दर उनका कोरोना टैस्ट किया जा रहा है और नेगेटिव आने पर ही उन्हें होम क्वारनटाईन में भेजा जा रहा है, और अन्य को डाॅक्टर की अनुमति के अनुसार उनका क्वारनटाईन किया जा रहा है। उन्होंने दिशा निर्देश देते हुए बताया कि जो व्यक्ति होम क्वारंटाईन में है,वे हवादार एक कमरे में रहें जिसमें कि पृथक शौचालय साथ हो को प्राथमिकता दी गई है। अगर उसी कमरे में कोई दूसरा परिवार का सदस्य ठहरा हो तो वह आपस में कम से कम एक मीटर की दूरी अवश्य बनाए रखें। घर के भीतर बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं, बच्चों व सह बीमारी वाले व्यक्ति दूर रहें। घर में केवल अपने कमरे तक ही सीमित रहें। किसी भी स्थिति में सामाजिक, धार्मिक, शादी व शोक मनाने इत्यादि जगहों पर न जाएं। उसे हमेशा सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों का पालन करना चाहिए अपने हाथों को हमेशा साबुन, पानी से अच्छी तरह धोएं या अल्कोहल युक्त सेनेटाइजर का उपयोग करें।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सोमवार को नई दिल्ली में राष्ट्रीय भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से मुलाकात की। इस बैठक में उन्होंने राज्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों के बारे में चर्चा की। माना जा रहा है कि बीजेपी ने आगामी चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति के साथ-साथ प्रदेश और पार्टी के कई और मुद्दों पर नड्डा से बातचीत की। बता दे कि मुख्यमंत्री 16 अगस्त से दिल्ली दौरे पर है।
हि प्र रा वि प लि कनिष्ठ अभियंता/अतिरिक्त सहायक अभियंता आई टी आई डिप्लोमा/नॉन डिप्लोमा एसोसिएशन की बैठक प्रदेशाध्यक्ष ईं जे सी शर्मा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में प्रदेश कार्यकारिणी ने संघ से नाराजगी जताई कि संगठन की उचित मानी गई मांगों के आदेश जारी करने में बोर्ड प्रबंधन आनाकानी कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह सब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संगठन से जुड़े हजारों सदस्यों द्वारा संघ से आग्रह किया गया है कि अगर प्रभंधन जल्दी आदेश जारी नहीं करता तो बोर्ड प्रबंधन के खिलाफ कड़ा फैसला लिया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री को बोर्ड प्रबंधन की बेरुखी से अवगत करवाया है। इस बैठक में प्रदेशाध्यक्ष ईं जे सी शर्मा सहित संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों ईं देवेंद्र कंवर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष ईं महेंद्र चौधरी, उपाध्यक्ष ईं रणवीर चौहान, उपाध्यक्ष ईं राय सिंह, संगठन सचिव ईं लाइक राम शर्मा, कार्यालय सचिव ईं दिनानाथ ठाकुर, उप वित्त सचिव मुख्य सलाहकार ईं ओम प्रकाश राणा ने भाग लिया।
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने 17 अगस्त से शुरु हुई कॉलेज और यूनिवर्सिटी की परीक्षाओं पर रोक लगा दी है। हाई कोर्ट ने सुनवाई में कहा है कि अभी तक सुप्रीम कोर्ट में 18 अगस्त को सुनवाई होनी है। इसके चलते 19 अगस्त तक हाई कोर्ट ने अंतरिम रोक लगाई है। हालांकि हाई कोर्ट में इस मामले को लेकर सुनवाई 14 अगस्त को हुई थी लेकिन बावजूद इसके विश्वविद्यालय शिमला ने परिक्षाओं की तारीख जारी कर दी है। ऐसे में सोमवार को एक पेपर हो गया है लेकिन कल 18 और 19 अगस्त को होने वाली परीक्षाओं पर रोक लगा दी गई है। इस मामले में 18 अगस्त यानी कल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है जिसके बाद हाई कोर्ट कुछ फैसला लेगा।
शिमला-थरोला-टिक्कर हिमाचल पथ परिवहन निगम बस सेवा लगभग एक वर्ष से बंद पड़ी हुई है जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह बात जुब्बल नावर कोटखाई ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोतीलाल डेरटा, गुमान सिंह,ओमप्रकाश रान्टा, जितेंद्र मैहता, संधिरा रान्टा, सुरेश चौहान, कपिल ठाकुर, नारायण दत्त शर्मा, अरुण रान्टा, राकेश स्तान(शिशु), सागर क्लांटा, तुषार स्तान, चेतन भीमटा, लोकिन्दर पुर्टा, रमेश चौहान, सोहन लाल (बलोग), राविन्दर सिंह चौहान (पड़ारा), चेतन आज़ाद, विपिन आजाद ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कही। उन्होंने कहा कि शिमला-थरोला- टिक्कर बस सेवा स्थानीय जनता की मांग पर पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रोहित ठाकुर ने शुरू की थी लेकिन गत्त वर्ष से बस सेवा बंद पड़ी है जिससे जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बस सेवा से कोटखाई तहसील विशेषकर थरोला पंचायत और नावर क्षेत्र की जनता लाभान्वित हुई थी। बस सेवा को बंद करके भाजपा ने नावर की जनता के प्रति भी औछी राजनीति का परिचय दिया हैं। इसी तरह दोपहर को कोटखाई से वाया टहटौली और वाया रौणी थरोला जाने वाली हिमाचल पथ परिवहन की बस सेवा भी पिछले दो माह से बंद पड़ी हैं जिससे थरोला की जनता में भारी आक्रोश हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार के समय शुरू की गई बस सेवाएं जुब्बल-नावर-कोटखाई की सबसे बड़ी पंचायत थरोला में बन्द होने से आम जनता को भारी परेशानी से जूझना पड़ रहा हैं। विधायक पिछले तीन वर्षों से थरोला पंचायत में एक नया काम शुरू नहीं कर पाएं जबकि पूर्व कांग्रेस सरकार के समय की योजनाओं का झूठा श्रेय ले रहे हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पूर्व विधायक व पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रोहित ठाकुर के प्रयासों से जुलाई, 2017 में विधिवत रूप से शुरू हो चुका था जबकि श्रेय लेने के लिए विधायक नरेंदर बरागटा द्वारा भोली-भाली जनता को गुमराह कर दोबारा पीएचसी खोलने का नाटक किया जा रहा। इसी तरह पशु औषधालय केंद्र थरोला में पिछले तीन वर्षो में ताला लगा हुआ हैं और स्थानीय जनता को दूरदराज के क्षेत्र से पशु चिकित्सक की सेवा को मजबूर होना पड़ रहा हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा विधायक सरकार के पुनर्गठन के बाद मंत्रिमंडल में स्थान न मिलने से सरकार से विमुख होकर अज्ञातवास में चले गए हैं और जनता स्वयं को लावारिस और ठगा हुआ महसूस कर रही हैं। उन्होंने परिवहन मंत्री से बस सेवा शुरू होने तक कोटखाई-थरोला के लिए शिमला की तर्ज़ पर टैक्सी सेवा शुरू करने की मांग की हैं।
शिमला के छराबड़ा में ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। सूचना के अनुसार छराबड़ा के हसन वैली में एक ट्रक हादसे का शिकार हो गया है। हादसे में एक की मौके पर मौत और एक गभीर रुप से घायल हुआ है। मृतक की पहचान चालक धर्मेंद्र मैनपुरी उतर प्रदेश औऱ कंडक्टर गौतम यादव पुत्र मनसा राम यादव निवासी अंजनी उतर प्रदेश के रुप में हुई है। ट्रक में नारकंडा से उड़ीसा के लिए सेब लाद कर जा रहे थे जिसे चालक धर्मेंद्र चला रहा था। जानकारी के अनुसार रविवार रात जब यह ट्रक को लेकर हसन वैली पहुंचे तो चालक ट्रक से अपना नियंत्रण खो बैठा और ट्रक नाले में पलट गया। इस हादसे में चालक धर्मेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई जबकि कंडक्टर घायल हो गया। कंडक्टर को ईलाज के लिए आईजीएमसी में दाखिल किया गया है।
इस समय देश और प्रदेश में तानाशाही और हिटलरशाही चल रही है जिसका उदाहरण पिछले दिन उस समय मिला जब 15 अगस्त को आजादी के 74वें स्वतन्त्रता दिवस के अवसर पर प्रजातन्त्र का चौथा स्तम्भ माने जाने वाले पत्रकारों को आमंत्रित करके समारोह स्थल पर बैठने तक का प्रबंध न करके सार्वजनिक रूप से उन्हें अपमानित किया गया । यह शब्द आज यहाँ पत्रकारों से बातचीत करते हुए पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने कहे। उन्होंने कहा कि मुख्यातिथि के रूप में पधारे मंत्री के सामने पत्रकारों को समारोह स्थल पर बैठने का प्रबंध न किए जाने के कारण उन्हें सभी उपस्थित लोगों के सामने भूमि पर बैठना पड़ा जो शर्मनाक और निंदनीय है । बंबर ठाकुर ने कहा कि यह चिंता का विषय है कि मंत्री के सामने पत्रकारों को अपमानित किया गया और उन्होने इस गंभीर लापरवाही और तानाशाही पूर्ण कृत्य के लिए जिला प्रशासन को पूछा तक नहीं। उन्होंने कहा कि पत्रकार ही हैं जो सरकार और सरकार की विभिन्न योजनाओं और कार्यकलापों को जन-जन तक पहुंचाते हैं और निर्धनों और अतिनिर्धनों सहित समाज के हर वर्ग से होने वाले अन्यायों के विरुद्ध जोरदार आवाज उठा कर उन्हें न्याय दिलाने में विशेष भूमिका निभाते हैं। बंबर ठाकुर ने कहा कि पत्रकारों ने निर्भीकता व निष्पक्षता से कोरोना काल में प्रदेश में हुए सेनेटाईजर और पी पी ई किट घोटाले सहित कितने ही घोटालों को उजागर किया है। अब यदि पत्रकारों द्वारा सरकार और प्रशासन की पोल जनता के सामने खुलने से वे आहत होकर उनसे इस प्रकार का व्यवहार कर रहे हैं, तो उसे किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जा सकता है। बंबर ठाकुर ने आरोप लगाया है कि जिला प्रशासन पत्रकारों से अपनी खुन्नस निकालने के लिए उनसे ऐसा व्यवहार कर रहा है, अन्यथा कोई कारण नहीं है कि हर बार की तरह इस समारोह में भी उनके बैठने का प्रबंध न किया होता। उन्होंने कहा कि वास्तव में पत्रकारों को डराने-धमकाने के उदेश्य से जानबूझ कर ऐसा किया गया लगता है ,ताकि भविष्य में वे सरकार और जिला प्रशासन के गलत कृत्यों के विरुद्ध अपनी कलम को न चला पाएँ। उन्होंने कहा कि इस समारोह में विरोध पक्ष के नेताओं तक को आमंत्रित नहीं किया गया था। जबकि पूर्व विधायक होने के नाते उन्हें भी इस समारोह से दूर रखने के प्रयासों में आमंत्रित नहीं किया गया था। उन्होंने जिला प्रशासन को चेतावनी दी है और कहा है कि यदि उसने अपना रवैया न बदला और जिला में भ्रष्टाचारियों पर नुकेल नहीं कसी तो उसके गंभीर परिणाम होंगे, जिसका सारा उत्तरदाईत्व भी उन्हीं पर होगा।
कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने प्रदेश में सेब के जनक कांग्रेस नेता स्व.सत्यानंद स्टॉक्स की जयंती पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा है कि प्रदेश उनके योगदान को कभी नही भुला सकता। उन्होंने कहा कि हिमाचल, जो आज पूरे देश ही नही विश्व मे सेब राज्य के रूप में जाना जाता है, यह सब सत्यानंद स्टॉक्स की ही देन है। उन्होंने कहा कि अगर सत्यानांद स्टॉक्स हिमाचल न आते तो शायद ही प्रदेश सेब राज्य बन पाता। राठौर ने सत्यानांद स्टॉक्स को याद करते हुए कहा की एक सुविधा सम्पन्न घर से ताल्लुक़ रखने वाला व्यक्ति जो अमेरिका से भारत घूमने के लिए आता है उसे हिमाचल प्रदेश ने इतना आकर्षित किया कि वह हिमाचल का बेटा बन गया। प्रदेश में गरीबों व बीमार लोगों का मसीहा बन गया। राठौर ने कहा कि सत्यानांद स्टॉक्स जो अमेरिका से भारत आते है उन्हें देश ने इतना आकर्षित किया कि वह देश को अंग्रेजों की गुलामी से मुक्त करवाने के लिए महात्मा गांधी के साथ स्वतंत्रता संग्राम में बढ़चढ़ कर भाग लेने लगे। उन्होंने महात्मा गांधी के आदर्शों को अपनाते हुए देश की आजादी की लड़ाई लड़ी व हिमाचल को अपना घर बनाया। राठौर ने सत्यानांद स्टॉक्स की जयंती पर आज श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि प्रदेश उनका सदैव ऋणी रहेगा और उन्हें उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
नालागढ़ कॉलेज में बीए, बीएससी, बीकॉम 6 सेमेस्टर की होने वाली परीक्षाओं के लिए कॉलेज प्रशासन ने गाइडलाइन जारी कर दी है इस दौरान एग्जामिनेशन सेंटर के साथ-साथ कमरों में सनितिज़ेशन किया जा रहा है जहां पर बच्चे बैठ कर अपना पेपर देंगे । कॉलेज की प्रधानाचार्य सुनीता सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते सभी कमरों और एग्जामिनेशन हाल को सन्नीटाईज़ किया जा रहा है नालागढ़ कॉलेज के दोनों हॉस्टल प्रशासन की ओर से आइसोलेशन सेंटर बनाए गए थे जिन्हें 10 अगस्त को प्रशासन ने खाली कर दिया उसके बाद से कॉलेज प्रबंधन उसमें सैनिटाइज कर रहा है जो बच्चे हॉस्टल में रहते हैं वह बिना डर से एग्जाम दे सकते हैं उनके लिए सभी प्रकार की सुविधाएं दी जा रही है। प्रधानाचार्य ने कहा कि एग्जाम को लेकर सभी तरह की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं,गेट पर एंटर होते ही बच्चों की थर्मल स्कैनिंग की जाएगी उसके बाद एग्जामिनेशन सेंटर में जाने के लिए सभी तरह की गाइडलाइन गेट पर ही बच्चों को उपलब्ध करवाई जायेगी। इसके लिए कॉलेज प्रबंधन ने कमेटी का गठन कर दिया है। जो बच्चे अन्य राज्यों से आ रहे हैं वह अपना एडमिट कार्ड दिखाकर बैरियर से क्रॉस कर सकते है।
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेन्द्र गर्ग ने आज घुमारवीं विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत सलाओं में लगभग 92.41 लाख से निर्मित की जाने वाली उठाऊ पेयजल योजना सलाओं, माकड़ी व भदरेट का शिलान्यास लगभग 4 लाख 65 हजार रुपये की लागत से निर्मित सामुदायिक शैड का उद्घाटन, भपराल में लगभग 3 लाख रुपये की लागत से बनने वाले महिला मण्डल भवन का शिलान्यास तथा दधोल खुर्द में लगभग 3 लाख रुपये की लागत से बनने वाले सामुदायिक भवन का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने सम्बोधित करते हुए कहा कि घुमारवीं में शीघ्र ही मिनी सचिवालय का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि घुमारवीं अस्पताल में 50 बिस्तरों की संख्या को बढ़ाकर 100 बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध करवा दी गई है। उन्होंने कहा कि घुमारवीं में एचआरटीसी के सब स्टेशन के कार्य भी आरम्भ हो चुका है। उन्होंने कहा कि घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के लिए जल जीवन मिशन के अंतर्गत 85 करोड़ रुपये स्वीकृति किए गए है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत घुमारवीं विधानसभा में जून, 2021 हर घर में नल उपलब्ध करवाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र में सुचारू पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए प्राथमिकता से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 92.41 लाख से निर्मित की जाने वाली उठाऊ पेयजल योजना सलाओं, माकड़ी व भदरेट के निर्मित होने से क्षेत्र के लगभग 1 हजार लोगों को समुचित मात्रा में शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि इस योजना से पूरी पंचायत कवर होगी। उन्होंने बताया कि यह योजना को दिसम्बर माह तक पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में 11 योजनाओं का संवर्धन किया जा रहा है। जिनके लिए लगभग 85 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि लगभग 53 करोड़ रुपये कि पेयजल योजना कोल डैंम से घुमारवीं विधानसभा के लिए स्वीकृत हुई है। उन्होंने कहा कि लोगों को सुचारू रुप से पेयजल सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए जहां-जहां पानी की कमी होगी उन्हें इस योजना के साथ जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र में बिजली की समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए जाहू में 33 के.बी. सब-स्टेशन स्वीकृत किया गया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए बम में एक सब-स्टेशन बनाया जाएगा और उसके उपरांत उसको भराड़ी के साथ जोड़ा जाएगा ताकि कम बोल्टेज की समस्या से निजात मिल सके। उन्होंने बताया कि इसके लिए 8 करोड़ रुपये भी स्वीकृत हो चुके है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में 5 नए ट्रांसफार्मर भी लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को यातायात की सुविधा प्रदान करने हेतु ढल्याणी सड़क के लिए 1.5 लाख रुपये स्वीकृत किया है और उसका कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि लिंक रोड सलाओं से गांव कामली तक के लिए 2 लाख रुपये स्वीकृति किए गए थे और उस सड़क का कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि बाड़ा दा घाट से सलाओं 4 किलोमीटर की सड़क का कार्य शुरू हो चुका है जिसमें 3 किलोमीटर सड़क का कार्य पूरा हो चुका है और शेष कार्य बरसात के उपरांत पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि द्रुग खडड के पुल के लिए 55 लाख रुपये स्वीकृत हो चुका और जिसके लिए टैंडर प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त क्षेत्र के विकास के लिए विभिन्न कार्यों पर 17 लाख 65 हजार रुपये स्वीकृत किए गए है। इनमें से अधिकांश कार्य पूर्ण कर लिए गए है तथा शेष कार्य प्रगति पर है। उन्होंने सलाओं पंचायत के लिए सोलर लाईट देने की घोषणा की है। शमशानघाट के लिए 10 लाख रुपये स्वीकृत किए। इस अवसर पर उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुना और उनका समाधान किया। इस मौके पर पूर्व मण्डलाध्यक्ष नरेन्द्र ठाकुर, मण्डल महामंत्री राजेश ठाकुर, प्रधान ग्राम पंचायत भपराल अंजू राणा, एसडीएम शशिपाल शर्मा के अतिरिक्त अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
पुलिस थाना अर्की में कुते द्वारा एक व्यक्ति को काटने को लेकर मामला दर्ज हुआ है । मिली जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता देवेंद्र कुमार सुपुत्र चिन्ताराम,गांव कोठी जमोगी डाकघर बथालंग ने अपनी शिकायत में कहा है कि पिछले कल उसके गांव के ही रहने वाले ताराचंद के पालतू कुते ने उसके बेटे को बुरी तरह काट दिया है । उन्होंने कहा कि यह कुता कई मर्तबा अन्य लोगों व बच्चों को काट चुका है, जिससे लोगों में भय का माहौल बना हुआ है । शिकायतकर्ता ने पुलिस से उचित कार्रवाई की मांग की है। वहीं, डीएसपी दाड़लाघाट प्रताप सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि अंडर सेक्शन 289 आईपीसी के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है व आगामी कार्यवाही अमल में लाई जा रही है ।
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को अपना ध्येय मानकर समाज में आत्मनिर्भरता की मशाल जलाकर जागरूक करने निकली बिलासपुर की बीस वर्षीय बेटी आंकाक्षा गौतम ने अपनी दूरदर्शी सोच से सबको प्रभावित किया है। अपने हुनर से कायल करने वाली आंकाक्षा ने ग्रामीण विकास, पंचायती राज, कृषि, पशु पालन व मत्स्य मंत्री वीरेन्द्र कंवर को भी न सिर्फ प्रभावित किया बल्कि उन्हें इस बच्ची के द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट पर अमल करने के लिए बाध्य किया। बता दें कि उत्थान के लिए नई किरण लेकर उभरी गुरू अंगद देव वैटनरी एंड एनिमल साईंस यूनिवर्सिटी में बैचुलर आफ फिशरीज साइंसिज संकाय की द्वितीय वर्ष की छा़त्रा आकांक्षा गौतम मीडिया की सुर्खियों में रही तथा यह भी एक पिता के लिए गौरव का विषय है कि स्वतंत्रता दिवस पर बिलासपुर में ध्वजारोहण करने आए मंत्री विरेंद्र कंवर ने स्वयं फोन कर इस बेटी से मिलने की इच्छा जताई। आकांक्षा ने मंत्री को चैलेंजिज एंड अपाॅच्र्यूनिटिज इन फिशरीज फाॅर आत्मनिर्भर हिमाचल नाम की प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी सौंपी। आकांक्षा गौतम ने बताया कि वर्तमान में फिशरीज कल्चर को बचाना ही सबसे बड़ी चुनौती है, क्योंकि खड्डों, नदी, नालों में हो रहे अवैध खनन और धड़ल्ले से विकास के नाम पर लग रहे हाइड्रो पावर प्रोजेक्टस से मत्स्य पर्यावरण को बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है, यदि इन पर अंकुश नहीं लगता है कि आने वाले समय में मछली से पेट पालने वाले परिवार सड़कों पर आ जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस जलाशय में सबसे बड़ी एक और समस्या सीडिंग की है, वेस्ट बंगाल से आने वाला बीज अधिकांश तौर पर रास्ते में दम तोड़ देता है, उपर से इस पर ट्रांस्पोटेशन का भारी भरकम खर्च होता है। जबकि जलाशय में बीज डालने के बाद इसकी सुध लेना और ग्रोथ देखना लाजिमी होता है। बिलासपुर के गोविंद सागर जलाशय में मछली की दस प्रजातियां पाई जाती है जिसमें केवल काॅमन व सिल्पर कार्प ही सरवाईव करती है। बीज उत्पादन के लिए हिमाचल में प्राइवेट हैचरीज नहीं है, जो सरकारी है उनकी देखभाल बहुत कम हैं। हर जिला में फिशरीज हैचरीज का बनना जरूरी है तथा विभिन्न किस्म की मछलियों का यहां पर बीज तैयार हो सके और लोगों को अतिरिक्त रोजगार प्राप्त हो सके। उन्होंने बताया कि पंजाब और हरियाणा में यह कल्चर शुरू हो चुका है। आकांक्षा ने बताया कि जागरूकता के अभाव में यह व्यवसाय दम तोड़ रहा है, यदि इस पर वैज्ञानिक तरीके से काम किया जाए तो हिमाचल में यह उत्पाद अन्य व्यवसायिक उत्पादों से छह गुणा लाभ देगा, जिसमें कृषि संबंधी सभी फसलें शामिल है। यह एक ऐसा व्ववसाय है जिसमें खर्चा बहुत कम है और इसके निम्न स्तर से शुरू किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि देष और प्रदेश की उन्नति के लिए कल्चर बेस्ड कैप्चर अभियान की नितांत आवश्यकता है। उन्होंने मत्स्य मंत्री विरेंद्र कंवर से आग्रह किया कि हिमाचल प्रदेश में फिशरीज कालेज यदि खुलता है तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वरोजगार के साथ मत्स्य शिक्षा से ही मिलेंगे। वहीं ग्रामीण विकास, पंचायती राज, कृषि, पशु पालन व मत्स्य मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने आकांक्षा गौतम की बातों को गौर से सुना तथा आश्वस्त किया कि वे कल्चर बेस्ड कैप्चर तथा मछुआरों के साथ-साथ विभागीय अधिकारियों को विज्ञानिक तौर तरीकों के साथ आधुनिक तकनीक के बारे में जागरूक करने के लिए सेमीनार का आयोजन किया जाएगा।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुर्वेद मन्त्री नेे कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार राज्य में चिकित्सा सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में अग्रसर है और अब तक के कार्यकाल में 1400 चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है। डाॅ. सैजल आज कसौली विधानसभा क्षेत्र के कसौली में पौधरोपण करने तथा जोहड़जी में वन विश्राम गृह का शिलान्यास करने के उपरान्त स्थानीय लोगों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने ग्राम पंचायत काबा कलां के जोहड़जी में 75 लाख रुपए की लागत से निर्मित होने वाले वन विश्राम गृह की अधारशिला रखी तथा महत्वाकांक्षी ‘एक बूटा बेटी के नाम’ योजना के तहत कन्या शिशुओं एवं उनके अभिभावकों को पौधा एवं किट वितरित की। डाॅ. सैजल ने कहा कि वर्तमान समय में लोगों को उनके घर-द्वार तक बेहतर स्वासथ्य सेवाएं प्रदान करना प्रदेश सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि केन्द्र तथा प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाएं इस दिशा में अत्यन्त महत्वपूर्ण सिद्ध हो रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर ‘हिमकेयर’ योजना कार्यन्वित की जा रही है। इस योजना के तहत पंजीकृत परिवार के पांच सदस्य 05 लाख रुपये तक प्रतिवर्ष निःशुल्क चिकित्सा सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। योजना में अब तक 5.50 लाख परिवार पंजीकृत हो चुके हैं तथा एक लाख से भी अधिक रोगी योजना के तहत अपना उपचार करवा चुके हैं। योजना के अन्तर्गत 92 करोड़ रुपये से भी अधिक व्यय कर लक्षित वर्गों को लाभान्वित किया गया है। आयुर्वेद मन्त्री ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में हिमाचल के विकास को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है और प्रदेश को इस अवधि में सुशासन, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि-बागवानी सहित सतत् विकास लक्ष्यों में बेहतर प्रदर्शन के लिए अनेक राष्ट्र-स्तरीय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। डाॅ. सैजल ने कहा कि जोहड़जी धार्मिक एवं पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जोहड़जी सहित ग्राम पंचायत प्राथा, भोजनगर, नारायणी इत्यादि क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से उभारने के लिए योजनाबद्ध कार्य किया जाएगा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मन्त्री ने कहा कि कसौली छावनी क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं के शीघ्र निपटारे के लिए प्रदेश के मुख्यमन्त्री के माध्यम से केन्द्र सरकार को ज्ञापन प्रेषित किया गया है। उन्होंने कहा कि वे शीघ्र ही इस दिशा में केन्द्रीय रक्षा मन्त्री राजनाथ सिंह से मिलकर इन समस्याओं के शीघ्र निपटारे की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से बचाव के लिए सार्वजनिक स्थानों पर सोशल डिस्टेन्सिग, मास्क का प्रयोग तथा बार-बार अपने हाथ साबुन से धोना अथवा एल्कोहल युक्त सैनिटाईजर से साफ करना आवश्यक है। उन्होंने सभी से इन नियमों का पालन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को शीघ्र सुलझाया जाएगा। इस अवसर पर जोहड़जी में ‘एक बूटा बेटी के नाम’ योजना के तहत पारूल, दिव्यांशी तथा अम्बिका के अभिभावकों ने क्रमशः दाड़ु, बेहड़ा तथा हरड़ के पौधे रोपे। डाॅ. सैजल ने कसौली में तुन्नी का पौधा रोपा। इस अवसर पर जगरेण्डा, रीठा, तुन्नी इत्यादि के 150 से अधिक पौधे रोपे गए। लोगों ने इस अवसर पर कसौली छावनी बोर्ड की समस्याओं को सुलझाने तथा कसौली-कालका सड़क को लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित करने की मांग की। वन मण्डल अधिकारी सोलन डाॅ. नीरज चड्डा ने कहा कि ‘एक बूटा बेटी के नाम’ योजना के तहत जिला में 339 बेटियों को घर-द्वार पर बूटे उपलब्ध करवाए जाएंगे। इस अवसर पर एपीएमसी सोलन के अध्यक्ष संजीव कश्यप, भाजपा मण्डल कसौली के अध्यक्ष कपूर सिंह वर्मा, जुवेनाईल जस्टिस बोर्ड के सदस्य राजकुमार सिंगला, जोगेन्द्र्रा बैंक के पूर्व अध्यक्ष लाज किशाोर, कसौली छावनी बोर्ड के सदस्य देवेन्द्र गुप्ता, पूर्व सदस्य सुदेश बंसल, ग्राम पंचायत नारी के उप प्रधान हिमांशु गुप्ता, भाजपा मण्डल कसौली अनुसूचित जाति मोर्चा के सचिव अमित सहोटा, सूचना प्रौद्योगिकी प्रकोष्ठ के अजमेर सिंह, भाजपा तथा भाजयुमो के अन्य पदाधिकारी अरण्यपाल अशोक चैहान, वन मण्डल अधिकारी डाॅ. नीरज चड्डा, सहायक अरण्यपाल पवन अचल, वन खण्ड अधिकारी संदीपना गुप्ता एवं प्रदीप कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं क्षेत्रवासी उपस्थित थे।
विकासखंड प्रागपुर की कौलापुर पंचायत के गांव जटोली चाकरां में पिछले 8 सालों से चल रहे पशु औषधालय को सरकार द्वारा बंद कर देने पर लोगों में गहरा रोष है। ग्रामीणों ने बंद किए कार्यालय पर अपना ताला जड़कर सरकार को चेतावनी दी है कि वह पशु औषधालय का सामान न निकाले अन्यथा वह किसी भी हद तक जाने को मजबूर होंगे। इस दौरान लोगों ने सरकार एवं स्थानीय विधायक एवं मंत्री विक्रम ठाकुर पर जमकर भड़ास निकाली उनके विरोध में नारे भी लगाए जबकि कुछ पंचायत प्रतिनिधियों ने भी बढ़ चढ़कर ग्रामीणों का सहयोग किया ।
जिला सोलन अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ का एक प्रतिनिधि मंडल जिला अध्यक्ष जेके ठाकुर की अगुवाई में प्रदेश के नव नियुक्त स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण व आयुर्वेद मंत्री डॉ राजीव सहज़ल से मिला। जिला अध्यक्ष जे के ठाकुर ने मंत्री को कर्मचारियो की मांगों व समस्या बारे अवगत करवाया। मंत्री ने संघ के प्रतिनिधि मंडल कि मांगो को गंभीरता से सुना व जल्द समाधान का आश्वासन दिया। इस दौरान अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के जिला स्तरीय प्रतिनिधि मंडल के सभी सदस्य इस दौरान मौजूद रहे।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर लायंस क्लब परवाणू ने कई स्थलों पर अटल त्रिवेणी लगाई । इन पौधों की पूरी देखभाल की जाएगी। व समय-समय पर इन्हें खाद पानी दिया जाएगा। जिस प्रकार अटल जी ने सारा जीवन देश हित के लिए कार्य किया उसी प्रकार यह त्रिवेणी धर्म ही नहीं बल्क़ि स्वस्थ जीवन की भी प्रतीक हैं । यह सदैव ऑक्सीजन देकर मानव जीवन की सुरक्षा करेंगे।
डॉ वाईएस परमार औद्यानिकी और वानिकी विश्वविद्यालय में 74वां स्वतंत्रता दिवस उत्साह के साथ मनाया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति डा॰ परविंदर कौशल द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में तिरंगा फहराया गया । इस वर्ष सरकारी दिशा निर्देशों का पालन करते हुए इस कार्यक्रम में सीमित संख्या में ही लोग शामिल हुए। विश्वविद्यालय के वैधानिक अधिकारी, विभागाध्यक्ष, एनसीसी ऑफिसर और नौणी पंचायत के प्रधान ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। इस कार्यक्रम में सामाजिक दूरी का पूरा पालन किया गया और यह सुनिश्चित किया गया की सभी ने मास्क पहना हो। इस अवसर पर एक विडियो संदेश के माध्यम से कुलपति डॉ परविंदर कौशल ने छात्रों और संकाय को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ दी। उन्होनें देश के स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया जिनके संघर्ष और निस्वार्थ बलिदान से देश को आज़ादी मिली। डॉ कौशल ने अपने संदेश में विद्यार्थियों और कर्मचारियों से राष्ट्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए कर्तव्यदायी और जिम्मेदार नागरिक बनने का आग्रह किया और देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के आदर्शों को आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि युवाओं को स्वतंत्रता के वास्तविक अर्थ और महत्व को समझना चाहिए जो हमारे पूर्वजों के वर्षों के बलिदान के कारण हमें हासिल हुई है। इस अवसर पर उन्होनें कोरोना महामारी में दिन रात काम कर इस वैश्विक महामारी से लड़ रहे कोरोना वॉरियर्स को सलाम किया और सभी से इनका सहयोग करने और इस कठिन दौर में सरकार और स्वास्थ्य संगठनों द्वारा समय समय पर जारी किए जा रहे दिशा निर्देशों का सख़्ती से पालन करने की अपील की ताकि मिलकर हम इस बीमारी पर जीत हासिल कर सके।
आज स्वतंत्रता दिवस पर अपनी आज़ादी का जश्न मनाने के साथ साथ, एक सदा और सुन लेना भी ज़रूरी है जो बँटवारे के समय से सुनाई पड़ती है। ये आवाज़ें वक़्त के साथ धुंधली ज़रूर हो सकती हैं, मगर इन्हें कभी दबा पाना मुमकिन नहीं। जहाँ देश में ख़ुशी की लहर है, वहीं यहाँ की हवा में मिट्टी की खुशबू के साथ उठती है गंध, उन सभी शवों की जिन्हें कोई जलाने, दफ़नाने वाला भी नहीं मिला। जी हाँ हम बात कर रहे हैं विभाजन की उस लड़ाई की, जिसने इस मुल्क़ को दो हिस्सों में बाँट कर रख दिया। बंटवारे की त्रासदी में कितने ही लोग बेघर हुए और कितने ही परिवारों के चिराग बुझ गए। उस दर्द की कल्पना भी कर पाना मुश्किल है। मगर इस दर्द को बेहद करीब से छुआ जा सकता है, उस समय का दर्द बयां करते कुछ साहित्यकारों की रचनाओं को पढ़ कर। ऐसी ही कुछ रचनाओं की आज बात करेंगे। अमृता प्रीतम ने "पिंजर" में उकेरा है विभाजन का दर्द जहाँ बेहतरीन लेखन और स्वतंत्रता की बात हो, वहां अमृता प्रीतम का नाम आना भी लाज़मी है। विद्रोही समझ वाली अमृता, न केवल महिलाओं के लिए बोला करती थी, बल्क़ि बेहतरीन, स्वतंत्र समझ का उदाहरण भी थी। अमृता के कई उपन्यासों में विभाजन का दर्द दिखाई देता है, जिनमें से एक है "पिंजर"। यूँ तो विभाजन पर कई उपन्यास लिखे गए हैं, परन्तु आज तक लिखे गए सभी उपन्यासों में पिंजर का अपना विशिष्ठ स्थान है। पिंजर को पढ़ कर ऐसा प्रतीत होता है कि जैसे आस पास होती सत्य घटनाओं पर ही आधारित है। 1947 में हुए विभाजन का दर्द, अमृता ने अपने इस उपन्यास के ज़रिये 1950 के आस पास लिखा। अमृता के इस उपन्यास का अहम किरदार है "पुरो" जो एक हिन्दू परिवार में जन्म लेती है, परन्तु पारिवारिक रंजिश के चलते, एक मुस्लमान शेख द्वारा, ज़बरदस्ती विवाह सम्बन्ध में बाँधी जाती है। इस उपन्यास में अमृता बात करती हैं एक ऐसे गाँव की जहाँ मुसलमानों की आबादी हिन्दू आबादी से कहीं ज़्यादा है और दंगों के चलते सभी हिन्दू एक हवेली में छुप गए, जो भी हिन्दू बहार आता वह मार दिया जाता था। अमृता लिखती हैं "एक रात जब हिन्दू मिलिट्री के ट्रक गाँव में आए तो लोगों ने हवेली में आग लगा दी। मिलिट्री ने आग बुझा कर लोगों को बाहर निकाला। “आधे जले हुए तीन आदमी भी निकाले गए, जिनके शरीर से चर्बी बह रही थी, जिनका मांस जलकर हड्डियों से अलग-अलग लटक गया था। कोहनियों और घुटनों पर से जिनका पिंजर बाहर निकल आया था। लोगों के लारियों में बैठते-बैठते उन तीनों ने जान तोड़ दी। उन तीनों की लाशों को वही फेंककर लारियाँ चल दीं। उनके घर वाले चीखते-चिल्लाते रह गए, पर मिलिट्री के पास उन्हें जलाने-फूंकने का समय नहीं था।” इस सिक्के के दूसरे पहलू पर भी रौशनी डालते हुए अमृता लिखती हैं "कुछ शहरों में सीमाएं बना दी गई थीं जिनकी एक ओर हिन्दू और दूसरी ओर सभी मुसलमान थे" दूसरी ओर से मुसलमान मरते कटते चले आ रहे थे, कुछ वहीँ मार दिए गए और कुछ रास्ते में मारे गए।" मोहन राकेश ने सुनाई बिछड़े अपनों की दास्ताँ साहित्यकार मोहन राकेश अपने उपन्यास "मलबे का मालिक" में भी ऐसा ही कुछ दर्द बयां करते नज़र आए जिसमें कहानी के मुख्य किरदार 'गनी मियां' दंगों के समय पाकिस्तान चले जाते हैं और उनके बेटे बहु और दो पोतियां यहीं हिंदुस्तान में रह जाते हैं। विभाजन के 7 साल बाद, जब दोनों देशों में आवाजाही के साधन खुलते हैं, तो हॉकी का मैच देखने के बहाने गनी मियां अमृतसर (भारत) आते हैं, इस आस में कि अपने पुराने घर परिवार को फिर देख सकेंगे, परन्तु यहां आ कर उन्हें पता चलता है कि उनके परिवार की 7 साल पहले ही हत्या हो चुकी है। पियूष मिश्रा ने "हुस्ना" (नाटक) में किया अधूरी मोहब्बत का ज़िक्र बंटवारे के समय हुई ऐसी कई घटनाओं का, कई परिवारों का दर्द जहाँ इन रचनाओं में आज भी ज़िंदा है, वहीं मुझे पियूष मिश्रा का एक नाटक, "हुस्ना" याद आता है। पियूष मिश्रा ने न केवल इसे लिखा, बल्क़ि मंच पर बखूबी इसे निभाया भी। इस नाटक में दो मुल्क़ों के बंटवारे में कभी न बँट पाने वाली, मोहब्बत की कहानी है। जिसमें हिंदुस्तान में रहने वाले प्रेमी का खत है, जो की उसकी विभाजन के बाद से, पाकिस्तान में रह रही प्रेमिका के नाम है। खत को गाने के रूप में पेश किया गया है जिसके बोल हैं, "लाहौर के उस जिले के दो परांगना में पहुंचे , रेशमी गली के दूजे कूचे के चौथे मकां में पहुंचे, और कहते हैं जिसको दूजा मुल्क़ उस पाकिस्तान में पहुंचे," गाने की इन पंक्तियों में लेखक खुद के पाकिस्तान में होने की कल्पना करते हैं व कहते हैं "मुझे लगता है में लाहौर के पहले जिले के दुसरे राज्य में हूँ।" इसी गाने में पियूष मिश्रा ने दोनों मुल्क़ों की समानताओं की ओर इशारा करते हुए यह भी लिखा की "पत्ते क्या झड़ते हैं पाकिस्तान में, वैसे ही जैसे झड़ते हैं यहाँ ओ हुस्ना, होता क्या उजाला वहां वैसा ही, जैसा होता है हिन्दोस्तान में हाँ ओ हुस्ना।" सवाल है जो "दर्द यहाँ है क्या वही दर्द वहां दूसरी ओर सभी उठता है?" जी हाँ यहाँ बात उठती है पाकिस्तानी लेखकों की तो उनकी रचनाओं पर भी रौशनी डालना ज़रूरी है। जॉन ऐलिया ने भेजे सन्देश फ़ारेहा के नाम पाकिस्तान के मशहूर लेखक जॉन ऐलिया की ही बात करें तो, जॉन का जन्म 1931 में अमरोहा (भारत) में हुआ और विभाजन के समय वह पाकिस्तान चले गए। जॉन की कई ग़ज़लें उनकी बचपन की मोहब्बत "फ़ारेहा" के नाम हैं, फ़ारेहा हिंदुस्तान में रहा करती थीं और कहा जाता है विभाजन के बाद जॉन का फ़ारेहा से मिलना कभी नहीं हुआ। मगर जॉन की लिखी एक ग़ज़ल "फ़ारेहा" में उनका दर्द पढ़ा जा सकता है " सारी बातें भूल जाना फ़ारेहा, था सब कुछ वो इक फ़साना फ़ारेहा, हाँ मौहब्बत एक धोखा ही तो थी, अब कभी धोखा न खाना फ़ारेहा " इन पंक्तियों में जॉन अपनी बचपन की मोहब्बत फ़ारेहा से, सब कुछ भूल जाने को कहते हैं, क्योंकि वह जानते हैं के दो मुल्क़ों के बीच खिंच चुकी इस लकीर को मिटा पाना, और इस मौहब्बत को अनजाम देना भी अब मुमकिन नही। विभाजन से किसी का घर टूटा तो किसी का दिल, किसी के अपने बिछड़े तो किसी के अपने ही पराए हो गए। इस नुकसान की भरपाई तो अब की नहीं जा सकती, पर इस बात को नकारा भी नहीं जा सकता कि नुकसान दोनों ओर बराबर रहा होगा।
शहीद रोशन क्लब पपलोल द्वारा शहीद स्मारक में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में पहले ध्वजारोहण किया गया और उसके पश्चात सेवानिवृत सैनिकों को समानित किया गया। इस मौके पर मुख्यातिथि रहे समाजसेवी एवं पेशे से अधिवक्ता नीरज भारद्वाज जी ने भारतीय ध्वज फहरा कर कार्यक्रम की शुरुआत की। नीरज भारद्वाज ने कहा कि आज की तारीख में भगत सिंह सभी को चाहिए परन्तु अपने बेटे को कोई भी भगत सिंह नही बनाना चाहता। उन्होंने कहा कि हमे भारत के सैनिकों से प्रेरणा लेनी चाहिये और कार्यक्रम में उपस्थित भारतीय सेना के जवानों को भी उनकी सेवा भाव के लिए धन्यवाद किया। कार्यक्रम में भारत माता के सपूत मदन ठाकुर, हरि दत्त शर्मा, अजय, राकेश, बलबीर, सागर चंद, अनिल को समानित किया गया। इस मौके पर शहीद रोशन लाल के पिता मोहन सिंह के साथ साथ विनीत रत्न, सिरी राम, हरनाम ठाकुर, हर्ष, राहुल, रामलाल, नंदलाल सहित महिला मंडल पपलोल के सदस्य मौजूद रहे। क्लब के निदेशक अरुण ठाकुर ने युवाओं में देश भावना भरने के लिए मुख्यातिथि का धन्यवाद किया।
जोगिन्दरनगर के रामलीला मैदान में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एसडीएम जोगिंदरनगर अमित मेहरा द्वारा तिरंगा फहराया गया और पुलिस व होमगार्ड के जवानों ने तिरंगे को सलामी दी। राजकीय आदर्श कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जोगिन्दरनगर की छात्राओं ने राष्ट्रगान प्रस्तुत किया। बाद में एसडीएम अमित मेहरा ने पुलिस, नगरपंचायत, स्कूली छात्राओं और मीडिया कर्मियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। मीडिया से बात करते हुए एसडीएम अमित मेहरा ने कहा कि मैं उन सभी लोगों का धन्यवादी हूँ जिन्होंने कोरोना महामारी में लॉकडाउन और अनलॉक के इस दौर में सरकार की व प्रशासन की मदद की है।












































