** 38 उड़ानें, 389 भक्तों ले किया सफर मणिमहेश यात्रा की हेलिटैक्सी सेवा के तहत शुक्रवार को दोनों तरफ कुल 38 उड़ानें ही हो पाई है, जबकि बीच में मौसम खराब होने के चलते कुछ समय के लिए उड़ाने भी नहीं हुई और तीन से चार मर्तबा हेलिकाप्टर को भी बीच राह से लौटना पड़ा है। प्रशासन से मिले आंकड़ों के तहत थुम्बी एविएशन के हेलिकाप्टर में शुक्रवार को कुल 389 यात्रियों ने सफर किया है, जबकि सेवा प्रदान करने वाली अन्य कंपनी का आंकड़ा अभी तक एडीएम कार्यालय को नहीं मिल पाया था। उल्लेखनीय है कि मणिमहेश हेलिटैक्सी सेवा 22 अगस्त से आरंभ हुई है। शुक्रवार को भरमौर से गौरीकुंड के लिए हवाई उड़ानों का दूसरा दिन रहा। लिहाजा शुक्रवार को थुम्बी एविएशन की कुल 21 उड़ानें हुई, जिसमें 115 यात्रियों ने भरमौर से गौरीकुंड के लिए उडान भरी, जबकि 98 श्रद्धालुओं ने डल झील में आस्था की डुबकी लगाने के बाद गौरीकुंड से भरमौर की राह पकड़ी है। एडीएम कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार हेलिटैक्सी सेवा प्रदान कर रही दूसरी कंपनी राजस एयरो स्पोट्र्स के हेलीकाप्टर से भरमौर से गौरीकुंड के लिए 86 उड़ानें भरी, जबकि गौरीकुंड से भरमौर के लिए 90 यात्रियों ने सफर किया। इस तरह इस कंपनी के हेलिकाप्टर में शुक्रवार को कुल 176 ने सफर किया है। मणिमहेश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ उमडऩे के साथ ही चौरासी मंदिर परिसर में भी पूरी तरह से रौनक आ गई है। भगवान भोले नाथ के भजनों और उद्घोषों से पूरा भरमौर कस्बा शिवमयी हो गया है। श्रद्धालुओं के भारी संख्या में पहुंचने से यहां के कारोबारियों को भी बेहतर कारोबार की उम्मीद जगी है। उपमंडल मुख्यालय भरमौर समेत आसपास के हिस्सों के कारोबारियों को मणिमहेश यात्रा कारोबार के लिहाज से बड़ी लाभदायक रहती है। यात्रा के दिनों में स्थानीय लोगों द्वारा स्थानीय फसलों को बेचने के लिए सडक़ किनारे अस्थायी रूप से दुकानें लगाई जाती है।
प्रदेश के कॉलेजों के शिक्षकों को भी राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसरों के प्रोत्साहन के लिए शिक्षा विभाग नई योजना बना रहा है। अभी तक स्कूल स्तर के शिक्षकों को ही हर साल पांच सितंबर को सम्मानित किया जाता है। इसी वर्ष से कॉलेजों के शिक्षकों से भी आवेदन मांगकर पुरस्कार देने की योजना बनाई गई है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में हुई विभागीय बैठक में इस योजना को शुरू करने का फैसला लिया गया। मंत्री ने अधिकारियों से इस बाबत विस्तृत योजना बनाने को कहा है। योजना से मुख्यमंत्री को अवगत करवाकर लागू किया जाएगा। हर साल शिक्षक दिवस पर स्कूलों में पढ़ाने वाले 30 शिक्षकों को सरकार सम्मानित करती है। कॉलेजों के शिक्षकों को इस योजना से अभी तक अलग रखा गया था। अब कॉलेज शिक्षकों के प्रोत्साहन के लिए अलग से योजना बनाकर सम्मानित करने का फैसला लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि सरकार से इस योजना को मंजूरी मिलते ही प्रयास रहेंगे कि इसी वर्ष से सम्मानित किया जाए। स्कूली शिक्षकों को राज्य स्तरीय पुरस्कारों के लिए चयनित करने के लिए 27 सितंबर से दूसरे चरण की छंटनी प्रक्रिया शुरू होगी। शिक्षा सचिव की अध्यक्षता वाली चयन कमेटी इन शिक्षकों के साक्षात्कार लेगी। बीते दिनों ही शिक्षा विभाग ने पुरस्कार के लिए आवेदन करने वाले शिक्षकों के स्कूलों में जाकर उनकी उपलब्धियों का मूल्यांकन किया है। स्कूली बच्चों की परीक्षाएं भी ली गई हैं। बच्चों को प्राप्त होने वाले अंकों के आधार पर शिक्षकों का चयन राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में एसीसी, अंबुजा व अल्ट्राटेक कंपनियों ने प्रति बैग दस रुपये सीमेंट के दाम बढ़ा दिए हैं। शुक्रवार से नए दाम पर सीमेंट बेचना शुरू कर दिया है। एसीसी सीमेंट विक्रेता पवन बरूर के मुताबिक एसीसी गोल्ड का दाम 460 रुपये प्रति बैग से बढ़कर 470 हो गया है। एसीसी सुरक्षा 430 रुपये में मिलेगा। अल्ट्राटेक सीमेंट विक्रेता सतपाल ने बताया कि अल्ट्राटेक सीमेंट का बैग 430 में मिलेगा। अंबुजा सीमेंट विक्रेता रोहित के मुताबिक 425 रुपये प्रति बैग बिकने वाला सीमेंट अब 435 में मिलेगा। सूत्रों के अनुसार जल्द 10 से 20 रुपये प्रति बैग दाम और बढ़ेंगे। राहत की बात यह है कि पिछले एक माह में सरिये के दाम 600 रुपये प्रति क्विंटल कम हुए हैं। बाजार में सरिया 5,500 से 5,700 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है।
जसवां- परागपुर विधानसभा क्षेत्र के तहत पड़ती पुलिस चौंकी डाडा सिबा के अंतर्गत पड़ते पक्का परोह के पास मोड़ पर एक बाइक व स्कूटी के बीच में भिडंत हो गई, जिसमें स्कूटी नम्बर एचपी 36डी 9118 पर सवार व्यक्ति एक्सीडेंट की वजह से जख्मी हो गया है। बताया जा रहा है दूसरी ओर शीतला मन्दिर की तरफ से आ रही मोटरसाइकल नम्बर पीबी29AG-3372 के चालक सुखदीप सिंह द्वारा स्कूटी चालक को टक्कर मार दी है। बताया जा रहा है कि मौके से मोटरसाईकल चालक व उसके अन्य साथी मोटरसाईकल को लेकर चन्नौर की तरफ भाग गए थे, जिन्हें वहां पकड़ लिया गया। वहीं मामले की पुष्टि थाना प्रभारी देहरा संदीप पठानिया ने की उन्होंने कहा कि पुलिस ने बाइक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर आगामी कार्यवाई शुरू कर दी है।
केन्द्रीय पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने वीरवार सायं चंडीगढ़ में उत्तरी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के पर्यटन मंत्रियों के सम्मेलन की अध्यक्षता की। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आरएस बाली और पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग की निदेशक मानसी सहाय ठाकुर ने इस सम्मेलन में हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। सम्मेलन में वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित पर्यटन केंद्रों को विकसित करने के लिए वैकल्पिक स्थलों की खोज करने और पर्यटन क्षेत्रों में सुरक्षा, सम्पर्क एवं सुविधाएं बढ़ाने पर बल दिया गया। सम्मेलन में निजी क्षेत्रों से निवेश आकर्षित करने के लिए रणनीति साझा करने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बाली ने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश आकर्षित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इस दिशा में विभिन्न पहल की गई हैं और निवेशकों को अनेक प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। केन्द्रीय राज्य पर्यटन मंत्री सुरेश गोपी, पर्यटन सचिव, पर्यटन महासचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने इस सम्मेलन में भाग लिया।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने आज यहां हिमाचल प्रदेश सामान्य उद्योग निगम लिमिटेड के निदेशक मंडल की 231वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान, बोर्ड ने राज्य सरकार को वित्त वर्ष 2022-23 के सात प्रतिशत लाभांश 50,06,978 रुपये के भुगतान को स्वीकृति प्रदान की। यह लाभांश राज्य सरकार के पांच प्रतिशत के मानक से दो प्रतिशत अधिक है। उद्योग मंत्री ने अप्रैल से मई 2024 के दौरान निगम के बेहतर प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए कहा कि निगम ने लगभग 2.85 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया है। इसके अतिरिक्त, वित्तीय वर्ष 2022-23 के वार्षिक खातों को मंजूरी देने के अलावा, बोर्ड ने इस अवधि के लिए निगम के 1.33 करोड़ रुपये के शुद्ध लाभ का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए बजट को भी मंजूरी दी, जिससे निगम को लगभग 10 करोड़ रुपये का लाभ होने की उम्मीद है। निगम के प्रबंध निदेशक अरिंदम चौधरी ने बोर्ड को निगम द्वारा की जा रही प्रमुख गतिविधियों से अवगत कराया। बैठक में प्रधान सचिव उद्योग आर.डी. नज़ीम और निदेशक उद्योग राकेश कुमार प्रजापति भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान ने आज यहां कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों की हितैषी है। सरकार ने अपनी गारंटी को पूरा करते हुए पहली कैबिनेट बैठक में ही पुरानी पेंशन बहाल की और 1 लाख 36 हजार कर्मचारियों को उनका हक दिया। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने पांच साल में एक बार भी कर्मचारियों की ओपीएस की मांग पर गौर नहीं किया बल्कि कर्मचारियों को प्रताड़ित किया गया। पुरानी पेंशन बहाल होने से पहले जहां सेवानिवृत्त कर्मचारियों 3,700 रुपये मिल रहे थे वहीं अब उन्हें 37,000 रुपये मासिक पेंशन मिल रही है। लाखों कर्मचारियों को इसका लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और एरियर की जवाबदेही को लेकर मीडिया के सामने भी और विधानसभा में श्वेत पत्र लाकर भी बताया जा चुका है। 75 हजार करोड़ का बोझ अलग है, लोन अलग हैं। इसके अलावा पिछली सरकार कर्मचारियों की 10 हजार करोड़ की देनदारियां छोड़ कर गई है। नरेश चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 75 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों के लिए 200 करोड़ का प्रावधान किया है और उन्हें सारे भुगतान इस वित्त वर्ष में किए जा रहे हैं। कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर जिस तरह का रुख अपनाया इस पर उन्हें बहुत अफसोस है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को अपनी मांग रखने का अधिकार है लेकिन मांग के साथ सरकार के खिलाफ आरोप-प्रत्योराप लगाकर आलोचना करना भी गलत है। उन्होंने कहा कि सचिवालय के कर्मचारी अन्यों के मुकाबले सरकार की आर्थिक स्थिति को बहुत ही बेहतर तरीके से समझते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कड़े फैसले ले रहे हैं। बिजली बोर्ड, एचआरटीसी, अन्य बोर्ड व निगम जो घाटे में चल रहे हैं और संभावनाएं तलाशी जा रही हैं कि उन्हें किस तरह घाटे से उबारा जाए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने जिस तरह का रवैया अपनाया उसकी सरकार को कभी उम्मीद नहीं थी। नरेश चौहान ने कहा कि सरकार को हर वर्ग के लिए काम करना है। किसानों, बागवानों बेरोजगारों हर वर्ग के लिए योजनाएं बनानी हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी बातचीत के जरिए सरकार के समक्ष अपनी मांग रखें तभी मिल बैठकर यह मसला सुलझाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि डेढ़ साल में सरकार ने कर्मचारी हित में बहुत सारे फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कर्मचारियों का आह्वान किया कि कर्मचारी किसी भी तरह के बहकावे में न आएं।
** 10 लाख 50 हजार रुपये की लागत से निर्मित महिला मंडल भवन मूरंग का किया लोकार्पण राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने गत शाम पूह खण्ड के ग्राम पंचायत मूरंग का दौरा कर 10 लाख 50 हजार रुपये की लागत से निर्मित महिला मंडल भवन मूरंग (गा्रमंग) का लोकार्पण किया। राजस्व मंत्री ने ग्रामवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार जनजातीय क्षेत्रों के हर एक वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है और समावेशी विकास के प्रति वचनबद्ध है। उन्होंने बताया कि वन अधिकार अधिनियम-2006 भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार की देन है जिससे जनजातीय लोगों को वनों में सामुदायिक भागीदारी का अधिकार प्राप्त हुआ है और ग्रामीण लोगों को वनों से जीवन यापन करने में सहायता प्राप्त हुई है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेत्तृव में प्रदेश सरकार विकास की दृष्टि से नए आयाम स्थापित कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विभिन्न विभागों में रिक्त पड़े पदों को भरने का कार्य कर रही है ताकि सरकारी कार्य प्रणाली और अधिक शीघ्रता से आगे बढ़े और प्रदेश की आर्थिकी सुदृढ हो सके। इसी कड़ी में प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा के ढांचे को मज़बूत करने के लिए 6 हजार शिक्षकों की भर्ती की गई है जिससे अब निर्धन एवं उपेक्षित वर्गों के बच्चों को उनके घर-द्वार के निकट बेहतर शिक्षा उपलब्ध होगी। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू बागवानों के उत्थान एवं विकास के प्रति निरंतर प्रयासरत है और जनजातीय जिला किन्नौर में वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दृष्टिगत सेब की उन्नत किस्मों को विकसित किया जा रहा है ताकि बागवानों को अपनी उपज के उचित दाम मिल सके तथा युवा पीढ़ी भी बागवानी की ओर आकर्षित हो सके। बागवानी मंत्री ने बताया कि प्रदेश के लघु एवं सीमांत बागवानों को लाभ पहुंचाने तथा उनकी आय में वृद्धि करने के मद्देनजर पूरे प्रदेश में यूनिवर्सल कार्टन इस वर्ष से आरंभ कर दिया गया है। इसके अलावा प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों की ग्रामीण आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए सभी संपर्क मार्गों को सेब सीजन से पूर्व दुरुस्त किया जा रहा है ताकि किसानों व बागवानों को उनकी नकदी फसलों को मंडी तक पहुंचाने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। राजस्व मंत्री का ग्राम पंचायत मूरंग पहुंचने पर स्थानीय ग्रामवासियों द्वारा भव्य स्वागत किया गया तथा उनके समक्ष क्षेत्र की समस्याओं को रखा तथा कैबिनेट मंत्री ने प्राप्त हुई सभी उचित मांगों को चरणबद्ध तरीके से पूर्ण करने का आश्वासन दिया तथा महिला मंडल मूरंग (गा्रमंग) की महिलाओं को सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने पर 10 हजार रुपये देने की घोषणा की। इस अवसर पर इस अवसर पर किनफैड के अध्यक्ष चंद्र गोपाल नेगी, गा्रम पंचायत मूरंग के प्रधान अनूप कुमार, जिला कांग्रेस अध्यक्ष उमेश नेगी, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पूह के अध्यक्ष प्रेम नेगी, सहित कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी सहित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
चन्द्रयान-3 की चन्द्रमा पर सफल लैंडिंग की प्रथम वर्षगाँठ पर राष्ट्रीय अन्तरिक्ष दिवस के शुभ ऐतिहासिक अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सायरी में विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। 'राष्ट्रीय अन्तरिक्ष दिवस' से सम्बन्धित भाषण, प्रश्नोत्तरी तथा कला प्रतियोगिताएँ आयोजित की गई। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों को विज्ञान तथा विशेष तौर पर अन्तरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि तथा ज्ञान में वृद्धि का अवसर प्राप्त हुआ। शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार प्रत्येक छात्र ने इन स्पर्धाओं में हिस्सा लिया। इस अवसर पर भारती फांउडेशन के सौजन्य से 'राष्ट्रीय अन्तरिक्ष दिवस से सम्बन्धित छठी से बारहवीं कक्षा तक छात्रों की ऑनलाईन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी करवाई गई, जिसमें सभी विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। विद्यालय की प्रधानाचार्या इंदु शर्मा ने अपने संबोधन में इस अविस्मरणीय उपलब्धि हेतु भारतीय वैज्ञानिकों को साधुवाद दिया तथा बच्चों को अन्तरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में पढ़ने व इसका गहन अध्ययन करने हेतु प्रेरित भी किया।
हिमाचल प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार चंडीगढ़-kullu -धर्मशाला को जोड़ने वाले नए हवाई रूट का प्रस्ताव तैयार कर रही है। इस पहल का उद्देश्य राज्य के दो प्रमुख पर्यटन स्थलों के बीच पर्यटकों की आवाजाही में बढ़ोतरी सुनिश्चित करना है, जिसके लिए संबंधित एयरलाइंस कंपनी और अन्य एजेंसियों के साथ चर्चा की जा रही है। इसमें कुल्लू और धर्मशाला के बीच नई सीधी हवाई सेवा के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र को प्रोत्साहन मिलेगा और पर्यटकों को बेहतर हवाई सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि 'राज्य सरकार प्रदेश में बेहतर पर्यटन सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। सुविधा संपन्न पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कई नए कदम उठाए जा रहे हैं और इस दिशा में हवाई सेवा को सुदृढ़ किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश अलौकिक सौन्दर्य से परिपूर्ण है और यहां पर्यटन की अपार सम्भावनाएं हैं। प्रदेश सरकार बेहतर पर्यटन अधोसंरचना का विकास कर पर्यटकों की संख्या में वृद्धि सुनिश्चित कर रही है जिससे क्षेत्रीय आर्थिकी को बल मिलेगा.प्रदेश में पर्यटकों की बढ़ती हुई संख्या लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाएगी। प्रदेश सरकार के समग्र और समावेशी प्रयासों के फलस्वरूप राज्य के विभिन्न पर्यटन स्थलों को देश के अन्य भागों से हवाई सेवा के माध्यम से जोड़ा जा रहा है। लोगों को दिल्ली-शिमला-दिल्ली, शिमला-धर्मशाला-शिमला हवाई सेवा प्रतिदिन और अमृतसर-शिमला-अमृतसर और अमृतसर-कुल्लू-अमृतसर हवाई सेवा सप्ताह में तीन दिन उपलब्ध करवाई जा रही है। प्रदेश में हवाई यात्रा सुविधा में वृद्धि करने के साथ-साथ राज्य सरकार नए हेलीपोर्ट भी विकसित कर रही है। प्रदेश की पर्यटन राजधानी जिला कांगड़ा के रक्कड़ और पालमपुर, चम्बा और किन्नौर जिला के रिकांगपिओ में हेलीपोर्ट के निर्माण के लिए प्रदेश सरकार ने 13 करोड़ रुपये जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश जैसे हिमालयी भौगोलिक क्षेत्र में हेलीपोर्ट पर्यटकों को आकर्षित करने और उनकी यात्रा सुगम बनाने में सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में यह हेलीपोर्ट स्थानीय लोगों को त्वरित सहायता प्रदान करने में मददगार होंगे। इनके महत्त्व को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में हेलीपोर्ट निर्मित कर रही है। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने जिला कांगड़ा को हिमाचल की पर्यटन राजधानी घोषित किया है। पर्यटकों की सुविधा के लिए जिला में आवश्यक पर्यटन अधोसंरचना को स्तरोन्नत किया जा रहा है। इस दिशा में कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तारीकरण किया जा रहा है, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस हवाई अड्डे के विस्तारीकरण से यहां बड़े विमान उतर सकेंगे और इससे हवाई यात्रा की लागत में भी कमी आएगी। प्रदेश सरकार के इस कदम से क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी और स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार व स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
हिमाचल में युवा पीढ़ी नशे के जाल में धंसती जा रही है। नशे का प्रचलन अब हिमाचल की जड़ों को खोखला कर रहा है। सरकारें और प्रशासन नशे पर लगाम लगाने के दावे तो करते हैं, लेकिन धरातल पर सब शून्य है। पुलिस और सरकारो के प्रयास इस दिशा में नाकाफी ही साबित हो रहे हैं। कई युवा नशे की ओवरडोज के कारण मौत के मुंह में समा चुके हैं। जिला पुलिस ने दो और नशा तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में सफलता हासिल की है। मंडी जिला के सरकाघाट थाना की टीम ने 2 तस्करों को अढ़ाई किलो के करीब चरस के साथ दबोचा है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की है। मिली जानकारी के अनुसार सरकाघाट थाना की टीम ने गत रात्रि गुप्त सूचना के आधार पर एएसआई राजेंद्र कुमार के नेतृत्व में मंडी-हमीरपुर जिला की सीमा पर चंदरूही के पास नाका लगाया था। नाके के दौरान करीब दो बजे पुलिस टीम ने ऑल्टो कार में सवार दो लोगों को तलाशी के रोका, जिसके बाद पुलिस टीम ने गाड़ी की तलाशी ली और कार से 2 किलो 43 ग्राम चरस बरामद की। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफतार कर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगामी छानबीन शरू कर दी है।
**तीन बार गुस्ताखी माफ़, चौथी बार रद्द होगा लाइसेंस शराब के शौकीनों के लिए यह खबर अच्छी है। अब शराब कारोबारी शराब के तय दरों से अधिक दाम वसूल नहीं पाएंगे। और अगर ऐसा कोई करता है तो आप इसकी शिकायत व्हाट्सप्प के जरिए कर सकते है। मनमानी दाम पर शराब बेचने वाले ऐसे कारोबारियों पर हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम, 2011 व इसके तहत बनाए गए नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। शिकायत के जाँच में यदि कारोबारी ओवर चार्जिंग में दोषी पाए जाने पर ठेकेदार को पहले उल्लंघन पर 15000 रुपये, दूसरे उल्लंघन पर 25000 रुपये, तीसरे उल्लंघन पर 50000 रुपये और चौथे उल्लंघन पर एक लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया है। अगर कोई ठेकेदार ओवर चार्जिंग करते हुए चार बार से अधिक दोषी पाया जाता है तो संबंधित आबकारी अधिकारी तुरन्त जोनल कलेक्टर को ठेकेदार के विरूद्ध हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम 2011 की धारा 29 के अंतर्गत कार्रवाई के लिए सिफारिश करेगा। जिसके तहत ठेकेदार का लाइसेंस निलंबित या रद्द हो सकता है। आबकारी आयुक्त डॉ यूनुस खान ने बताया कि आबकारी नीति के तहत बॉटल्ड इन ओरिजिन (सिंगल माल्ट, व्हिस्की, रम, जिन, वोदका, बायो बीयर/बायो वाइन, साइडर) पर 10 प्रतिशत लाभांश और भारत में निर्मित सभी बीयर ब्रांड पर 30 प्रतिशत लाभांश तय किया गया है। देसी शराब पर 30 प्रतिशत लाभांश, देश में बनी लो ब्रांड अंग्रेजी शराब पर 15 फीसदी और हाई ब्रांड शराब पर 30 फीसदी लाभांश तय किया गया है। न्यूनतम विक्रय मूल्य से 10 से 30 फीसदी लाभांश से अधिक शराब के विक्रय से संबंधित शिकायत के लिए विभाग ने दूरभाष नम्बर भी जारी किए हैं। वाट्स-एप नम्बर 94183-31426 पर शिकायतकर्ता शिकायत कर सकते हैं ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।
बिजली बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ का एक प्रतिनिधि मंडल बीते कल प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण कपटा की अध्यक्षता में विद्युत बोर्ड प्रबंधक वर्ग से मिला, जिसमे नॉन आईटीआई टी मेट एवं नान आईटीआई ALM को एकमुश्त पदोन्नत करने जनरेशन विंग में फिटर से फोरमैन एवं कनिष्ठ अभियंता पदोन्नत करने बारे में विस्तार पूर्वक चर्चा हुई, जिसमे बोर्ड प्रबंधक वर्ग ने इस विषय पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर कर्मचारियों के हित में फैसला लेने का आश्वासन दिया। उसके उपरांत संघ का प्रतिनिधिमंडल हिमाचल प्रदेश सरकार में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी से राज्य सचिवालय में मिला। राजेश धर्माणी को सरकार द्वारा बिजली बोर्ड के संदर्भ मे कैबिनेट सब कमिटी का अध्यक्ष बनाया गया है । इसी संदर्भ में तकनीकी कर्मचारी संघ ने मंत्री को विद्युत बोर्ड में फील्ड की वर्तमान वास्तविक स्थिति के बारे में अवगत करवाया गया, जिसमे तकनीकी संघ ने बोर्ड में खाली चल रही तकनीकी कर्मचारियों की भारी कमी की वजह से बढ़ रहे वर्क लोड और हादसों पर भी चर्चा की गई । तकनीकी कर्मचारियों की संख्या कम होने पर भी 26 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को तकनीकी कर्मचारी पूरे प्रदेश विद्युत आपूर्ति सुचारु रुप से दे रहा है। बिजली बोर्ड कर्मचारियों के लिए जल्द पुरानी पेंशन सरकार की तर्ज़ पर बहाल हो , जो कर्मचारी 12- 14 वर्ष से विभिन्न एजेंसी के माध्यम से आउटसोर्स पर कार्य कर रहे है उन के लिए नीति बनाकर बोर्ड में मर्ज किया जाए । बिजली बोर्ड में तकनीकी कर्मचारियों की जल्द भर्ती हो। विद्युत को सुचारू रूप से चलाने के लिए स्टोर में आवश्यक सामान जैसे फ्यूज वायर, टेप , mccb , किट कैट, केबल, की उपलब्धता सुनिश्चित करना। मंत्री ने उपरोक्त सभी मांगों को सब कमिटी में चर्चा के उपरांत पूरी करने का आश्वासन दिया है ।
हिमाचल प्रदेश में मानसून कमजोर पड़ गया है। 24 अगस्त तक मौसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान है। 25 अगस्त से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के आसार हैं। 25 से 27 अगस्त तक बादल बरसने की संभावना जताई गई है। वीरवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में धूप खिली। कहीं भी बारिश दर्ज नहीं हुई। प्रदेश में अभी भी 56 सड़कें, 10 बिजली ट्रांसफार्मर और 5 पेयजल योजनाएं ठप हैं। बारिश का दौर थमते ही मैदानी जिलों में उमस बढ़ गई है। वीरवार को ऊना में अधिकतम तापमान 36 डिग्री तक पहुंच गया। शुक्रवार और शनिवार को भी प्रदेश के सभी क्षेत्रों में मौसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान है। 25 अगस्त से बारिश के आसार हैं। बुधवार रात को शिमला में न्यूनतम तापमान 15.8, कल्पा में 15.0, धर्मशाला में 18.5, ऊना-कांगड़ा-मंडी में 22.5, नाहन में 23.3, केलांग में 9.8, सोलन में 19.5, मनाली में 18.8, बिलासपुर में 24.8, हमीरपुर में 23.1 और चंबा में 21.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला के रोहड़ू उपतहसील सरस्वती नगर के अंतर्गत अंटी घेली सड़क पर वीरवार को कार दुर्घटना में दंपती की मौत हो गई। कार पब्बर नदी में गिरने के बाद एक साल की बेटी लापता है। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर लापता बेटी की तलाश शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार, अंटी घेली सड़क पर हादसा करीब पांच बजे हुआ। सावरा कुड्डू परियोजना के घेली सड़क पर एडिट के पास से कार करीब दो सौ मीटर नीचे पब्बर नदी में गिर गई। हादसे में कार में दंपती एक साल की बेटी के साथ सवार थे। दुर्घटना के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने पब्बर नदी से शवों को निकाला। दुर्घटना में मृतक दंपती की पहचान झाल्टा गांव निवासी 34 वर्षीय सुशील पुत्र स्व सहाबू राम और उसकी 25 वर्षीय पत्नी ममता के रूप में हुई है। डीएसपी रोहडू रविंद्र नेगी ने हादसे की पुष्टि की है। उन्होंने कहा दंपती के शवों को कब्जे में ले लिया है। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस की टीम मौके पर पहुंच कर लापता बच्ची की तलाश कर रही है। वहीं इस घटना के बाद झाल्टा गांव में मातम पसरा हुआ है। दुर्घटना का पता चलते ही लोग पीड़ित परिवार के यहां ढांढ़स बंधाने के लिए पहुंचना शुरू हो गए थे। पीड़ित परिवार की दर्दनाक चीखें सुनकर हर किसी की आंख नम थीं।
स्वतंत्रता सेनानी पंडित सुशील रत्न राजकीय डिग्री कॉलेज, ज्वालाजी ज्वालामुखी और साई विश्वविद्यालय पालमपुर के बीच सोमवार को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए। इस समझौते के दस्तावेजों के लागू होने से छात्रों को शैक्षणिक, करियर संबंधी और रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। ये दस्तावेज 5 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर काम करेगा, जिसमें संकाय विकास, रोजगार, प्रशिक्षण कार्यक्रम और शोध को बढ़ावा मिलेगा। एम.ओ.यू. साइन करने के दौरान ज्वालाजी कॉलेज के प्राचार्य व साई यूनिवर्सिटी के प्रोफैसर उपस्थित रहे। इस दस्तावेज पर ज्वालाजी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुशील कुमार बस्सी और प्रोफैसर वी.पी. पटियाल, डीन साइं विश्वविद्यालय पालमपुर ने हस्ताक्षर किए। प्राचार्य डा. सुशील कुमार बस्सी ने इस दस्तावेज को महाविद्यालय के विकास के लिए मील का पत्थर बताया।
आज बीएल सेंट्रल पब्लिक स्कूल कुनिहार के विद्यार्थियों ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत पौध रोपण किया। जानकारी देते हुए विद्यालय प्रधानाचार्य पुर्शोतम लाल ने बताया कि वन विभाग कुनिहार के उचित मार्गदर्शन में कुनिहार के गांव नगर सेहाँवा के वन क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के उपयोगी एवं औषधिय पौधों का रोपण किया गया l उन्होंने बताया कि इस पौधरोपण के पुनीत कार्य में स्कूल के चारों इकाइया, इको क्लब, एनसीसी, स्काउट एंड गाइड एवं एनएसएस के 30 विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रकार के 100 पौधों का रोपण किया, जिनमें वीभिन्न प्रजातियों की औषधियां और आमला, बेहडा,जामुन, बांस, अनार, दाडु , पाजा के पौधों को रोपित किया गया l इस अवसर पर विभिन्न इकाइयों के प्रभारी, जिसमे इको क्लब की दीनाक्षी ठाकुर, एनएसएस की प्रभारी पूनम शर्मा, एनसीसी के प्रभारी अमरदेव एवं स्काउट एन्ड गाइड के प्रभारी पिंकी ठाकुर ने भी विद्यार्थीयों के साथ इस पौधरोपण कार्य में अपना सहयोग एवं मार्गदर्शन दिया। विद्यालय अध्यक्ष ने सभी इकाइयों के विद्यार्थियों द्वारा पौधरोपण करने पर सभी बच्चों को और अध्यापकों की प्रशंसा की है I इस अवसर पर वन विभाग कुनिहार रेंज के अधिकारी साहिल चंदेल ,वरिष्ठ फॉरेस्ट गार्ड संजीव कुमार, बीट गार्ड रीता दास भी उपस्थित रहे l
**प्रदेश सरकार ने लिया फैसला **मेडिकल कॉलेजो में रेजिडेंट डॉक्टर की ड्यूटी शाम 7 बजे से पहले होगी चेंज हिमाचल प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में रेजिडेंट डॉक्टर अब 12 घंटे से ज्यादा ड्यूटी नहीं देंगे। इसमें ऑन काल ड्यूटी भी शामिल होगी। सरकार की ओर से वीरवार को यह निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं आदेश संबंधी कॉपी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य को भी भेजी गई हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नए रोस्टर के हिसाब से रेजिडेंट डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई जाए। इसके अलावा इन आदेशों की अनुपालना रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर सरकार को भेजी जाए। अभी तक आईजीएमसी, चमियाना, टांडा समेत अन्य मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सक 36-36 घंटे तक ड्यूटी करते हैं। लगातार ड्यूटी देने और काम के बोझ के चलते मानसिक रूप से परेशान रहते हैं। ऐसे में अब रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए सरकार ने काम के घंटे निर्धारित किए हैं। इसके अलावा सरकार ने नए आदेशों में यह भी स्पष्ट किया है कि सुरक्षा के लिहाजा से शाम 7:00 बजे से पहले ही रेजिडेंट डॉक्टर की ड्यूटी चेंज हो जानी चाहिए। बता दें कि कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुए जघन्य अपराध के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों ने काम के घंटे और सुरक्षा का मुद्दा उठाया था। इसके बाद बाद सरकार हरकत में आई और वीरवार को यह फैसला सरकार ने लिया हैं। अस्पतालों में सेवाएं देने वाले चिकित्सक, जो आज काफी ऊंचे ओहदों पर पहुंच गए हैं, उनका भी कहना है कि यह सिस्टम सदियों पुराना था। लिहाजा अब इस सिस्टम के बदलने के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों को राहत मिलेगी। वहीं काम को लेकर मानसिक रूप से बोझ बना रहता था, वह भी कम होगा।
जिला कुल्लू के बंजार उपमंडल में जंगलों में हरे पेड़ों के कटान को लेकर अब वन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। हरे पेड़ों का कटान करने वालों पर अब विभाग द्वारा कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसी के तहत वन विभाग की टीम ने नाकाबंदी के दौरान कैंची मोड़ के पास देवदार के 54 अवैध स्लीपर बरामद किए । वन रक्षक की शिकायत पर पुलिस थाना बंजार ने मामला दर्ज कर जांच करना शुरू कर दिया है। बंजार डिवीजन के डीएफओ मनोज कुमार ने बताया कि वन रक्षक सोझा गुड्डू राम ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वन विभाग की टीम ने बुधवार रात को सोझा से जिभी तक नाकाबंदी की थी। इस दौरान कैंची मोड़ के पास से जैसी ही वन विभाग की टीम निजी गाड़ी में वहां पहुंची तो पाया कि सड़क किनारे देवदार के स्लीपर रखे गए हैं। जिसपर टीम ने जांच की तो पता चला कि वहां पर अवैध कटान हुआ है। इसके बाद टीम सड़क से करीब 25 मीटर अंदर की ओर गई तो वहां पर देवदार के हरे भरे पेड़ों का अवैध रूप से कटान पाया गया। इन्हीं से स्लीपर निकालकर वहां पर छुपा कर रखे गए थे। कुछ स्लीपर पर हरी घास रखी गई थी, ताकि किसी को भी पता न चले, जबकि कुछ स्लीपर खुले में पड़े हुए थे। वन विभाग की टीम ने जब इन स्लीपर की गिनती की तो ये 54 अवैध स्लीपर पाए गए। डीएफओ मनोज कुमार ने बताया कि इन स्लीपरों की कीमत 3 लाख 6 हजार 721 रुपए आंकी गई है। इसी आधार पर पुलिस थाना बंजार में अवैध कटान की शिकायत दर्ज करवाई गई है। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बता दें कि बंजार में विधायक सुरेंद्र शौरी ने भी अवैध कटान का मामला उजागर किया था, जिसके बाद से वन विभाग हरकत में आया है।
**हिमाचल सचिवालय में कर्मचारियों का जनरल हाउस आज हिमाचल में डीए और एरियर समेत अन्य मांगों को लेकर आज सरकार पर फिर से कर्मचारियों का गुस्सा फूटेगा। शिमला स्थित सचिवालय के आर्म्सडेल भवन के प्रांगण में 21 अगस्त को हुए जनरल हाउस में कर्मचारी संगठनों ने सरकार को वार्ता के लिए गुरुवार तक का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन इसके बाद भी सरकार ने कर्मचारियों को वार्ता के लिए नहीं बुलाया है। ऐसे में हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवा परिसंघ के क्लास वन से लेकर क्लास फोर तक के सभी कर्मचारी शुक्रवार को फिर से सचिवालय के आर्म्सडेल भवन के प्रांगण में एकत्रित होकर सरकार खिलाफ अपना गुबार निकालेंगे। हिमाचल में डीए और छठे वेतनमान का संशोधित एरियर न मिलने से कर्मचारियों के सब्र का बांध अब टूट चुका है। ऐसे में कर्मचारी संगठनों दो टूक चेतावनी दी है कि अब भी अगर सरकार की नींद नहीं टूटी तो विधानसभा का मानसून सत्र समाप्त होते ही कर्मचारी कैजुअल लीव पर चले जाएंगे। हिमाचल प्रदेश सचिवालय के आर्म्सडेल भवन के प्रांगण होने जा रहे जनरल हाउस में विभिन्न विभागों के कर्मचारी संगठन शामिल होंगे। जो डीए और एरियर की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ हल्ला बोलेंगे। इसमें हिमाचल प्रदेश इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड एम्पलाईज यूनियन, लोकायुक्त कार्यालय कर्मचारी संगठन, हिमाचल प्रदेश विधानसभा सचिवालय संगठन, स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम कर्मचारी संघ, हिमाचल प्रदेश राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ व जूनियर ऑफिस अस्सिटेंट( आई टी) ने लिखित तौर पर जनरल हाउस का समर्थन किया है। ऐसे में आज ये सभी कर्मचारी संगठन भी आम सभा में शामिल होकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। वित्तीय संकट से जूझ रही हिमाचल सरकार पर कर्मचारियों की देनदारी लगातार बढ़ रही है। इसमें पूर्व हिमाचल दिवस, स्वतंत्रता दिवस या दिवाली के मौके पर कर्मचारियों की देनदारियों को निपटाया जाता रहा है, लेकिन अब कर्ज के बोझ से दबी सरकार का खजाना कर्मचारियों के लिए खाली है। हालत ये है कि प्रदेश सरकार को डीए की तीन किस्त देनी है, जिसमें पहली किस्त 1 जनवरी 2023, दूसरी 1 जुलाई 2023 और तीसरी किस्त 1 जनवरी 2024 से दी जानी अभी बाकी है। इस पर अब 1 जुलाई 2024 से चौथी किस्त भी देय हो गई है। यही नहीं कर्मचारियों को अभी छठे वेतनमान का संशोधित एरियर नहीं मिला है, जिससे प्रदेश भर में विभिन्न विभागों के कर्मचारी संगठन अब सरकार से आर पार की लड़ाई लड़ने के लिए मैदान में उतर गए हैं।
हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर में लगातार बढ़ रहे डेंगू के मामलों ने डॉक्टर्स की नींद उड़ाकर रख दी है। इस सीजन में अब तक जिले में रिकॉर्ड केस 1300 के पार पहुंच चुके हैं, हालांकि स्वास्थ्य विभाग स्थिति नियंत्रण में होने का दावा कर रहा है, लेकिन जिले के अस्तपालों, खासकर मेडिकल कॉलेज नाहन में डेंगू से पीड़ित मरीजों के आने का सिलसिला जारी है। बता दें कि जिला मुख्यालय नाहन शहर में डेंगू का डंक तेजी से फैला है। खासतौर पर शहर का अमरपुर मोहल्ला, जहां से डेंगू के अधिकतर मरीज सामने आ रहे हैं। विभाग लगातार इस दिशा में लोगों को जागरूक भी कर रहा है, लेकिन डेंगू के बढ़ते मामलों ने विभाग की अच्छी खासी कसरत करवा रखी है। सिरमौर जिले में पिछले दो सालों में इस बार ज्यादा मामले डेंगू के दर्ज किए जा रहे हैं। सीएमओ सिरमौर डॉ. पाठक ने बताया कि आमतौर पर डेंगू जुलाई से नवंबर माह के बीच में तेजी से फैलता है। जिले में इस सीजन में अभी तक 1322 मामले डेंगू के दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि पिछले दो सालों के आंकड़ों पर नज़र दौड़ाएं तो जिला सिरमौर में साल 2022 में 852 मामले और साल 2023 में 1044 डेंगू के मामले दर्ज हुए थे। वहीं, इस बार ये आंकड़ा अब तक 1300 को पार कर चुका है और डेंगू के मरीजों के आने का सिलसिला फिलहाल अभी जारी है, जिस तरीके से जिले में डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, उससे अनुमान लगाया जा रही है कि जल्द ही मरीजों का आंकड़ा 2000 को भी पार कर सकता है। डॉ. पाठक ने बताया कि सिरमौर जिले में डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सजग है। चूंकि अधिकतर मामले नाहन शहर से सामने आ रहे हैं, तो शहर में सप्ताह में एक बार ड्राई दे करवा रहे हैं। इसके तरह पहले एक रैली का आयोजन किया जाता है और फिर विभाग द्वारा बनाई गई 20 टीमें लोगों के घर जा-जाकर जागरूक कर रही हैं। साथ ही ये भी चेक कर रही हैं कि अगर कहीं कई दिनों तक पानी स्टोर हो रहा है, तो उसे खाली भी करवा रही है। उन्होंने कहा कि जब तक लोग खुद को बचाने के लिए आगे नहीं आएंगे, तब तक बीमारी को रोकने के प्रयास अधूरे ही रहेंगे। डेंगू एक ऐसी बीमारी है, जिससे बड़े आराम से बचा जा सकता है। बस कुछ सावधानियां बरतने की जरूरत है।
** रिसेप्शन पर पहले आएगी मेल, तभी मिलेगी मंजूरी हिमाचल में अगर आम लोगों को मुख्यमंत्री से कोई काम है तो वे सचिवालय आने के कार्यक्रम को स्थगित कर दें। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू आधिकारिक व्यस्तताओं के कारण आज आम जनता की समस्याएं नहीं सुन पाएंगे। ये जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी की गई है। सीएम सुक्खू हर शुक्रवार को आम जनता से मिलकर उनकी समस्याओं को सुनते हैं। ऐसे में इस दिन प्रदेश भर के लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री से मिलने के लिए सचिवालय आते हैं। बता दें कि सीएम कार्यालय में सप्ताह भर लोगों की भीड़ न जुटे, इसलिए लोगों की सुविधा के लिए सचिवालय में बुधवार और शुक्रवार को खुला दरबार लगाने की व्यवस्था की गई है। इस दौरान बुधवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू कांग्रेस संगठन से जुड़े लोगों से मिलते हैं और शुक्रवार को सीएम आम जनता से मिलकर उनकी समस्याओं को सुनते हैं। हिमाचल प्रदेश सचिवालय में आम जनता के प्रवेश के नियम बदल गए हैं। सचिवालय में रोजाना जुटने वाली अत्याधिक भीड़ को देखते हुए अब मंत्रियों और मुख्य संसदीय सचिवों से कार्यालयों में मिलने के लिए लोगों को पहले अनुमति लेनी होगी। इसके लिए मिलने आने वाले लोगों को पहले रिसेप्शन से संबंधित मंत्री या सीपीएस व अन्य अधिकारियों की शाखा को फोन करना होगा। इस दौरान अगर किसी से मिलना जरूरी होगा तो प्रवेश के लिए संबंधित कार्यालय से ईमेल भेजी जाएगी। इस औपचारिकता को पूरा करने के बाद ही सचिवालय में प्रवेश के लिए पास जारी किया जाएगा। ये व्यवस्था सुबह 10 से दोपहर बाद 1 बजे तक लागू रहेगी। इसके बाद मिलने वाले लोगों के लिए पहले की तरह ही पास बनेंगे। प्रदेश सचिवालय में लोगों की रोजाना अत्यधिक भीड़ जुटती है। इसमें बहुत से लोग तो मंत्रियों और सीपीएस से जरूरी काम होने पर ही सचिवालय आते हैं, लेकिन ऐसे भी कई लोग हैं जो रोजाना अनावश्यक ही सचिवालय के अंदर और बाहर चक्कर काटते हैं। ऐसे में बेकार ही सचिवालय की शाखाओं में घूमने से काम प्रभावित होता है। इसको देखते हुए सचिवालय प्रशासन विभाग ने नई व्यवस्था को लागू किया है, जिसमें रिसेप्शन से फोन कर पहले प्रवेश के लिए मंजूरी लेना जरूरी है। मुख्यमंत्री के सलाहकारों, ओएसडी से भी मुलाकात के लिए भी नई व्यवस्था के अंतर्गत प्रवेश दिया जाएगा।
** पंचायत कार्यो में इस्तेमाल किया जा रहा था अवैध रेत व पत्थर ब्लाक खंड परागपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत बठरा में गुरुवार को अचानक खनन विभाग की हुई बड़ी कार्यवाई ने यहां इलाके भर मे खलबली मचा दी है। मसलन इन दिनो ग्राम पंचायत बठरा के तहत चल रहे मनरेगा के निर्माण कार्य पर सरकारी नियमों को ताक पर रख कर अवैध रुप से रेता व पत्थर खुलेआम इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसपर खनन विभाग ने मौके पर पहुंचकर बडी कार्यवाई करते हुए वहां माजूद करीब 20 टन से भी ज्यादा अवैध खनन से इकट्ठी की गई सामग्री को भी कब्जे मे लिया है। ऐसे मे उपरोक्त ग्राम पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना लाजमी है, जानकारी देते हुए माइनिंग इंस्पेक्टर ब्लॉक परागपुर अश्वनी कौंडल ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली थी कि बठरा पचायत मे हो रहे मनरेगा के निर्माण कार्यों पर कुछ समय से लगातार गलत मटेरियल लगाया जा रहा है, जिसपर विभाग ने अब कार्यवाई अमल में लाई है। विभाग को मौके पर 20 टन के लगभग ऐसी सामग्री मिली है जो कि सरकारी मापदन्डो के अनुसार इस्तेमाल नहीं की जा सकती है। बताया जा रहा है कि यहां मनरेगा के निर्माण कार्य पर नजदीकी खड्ड के पत्थर व समीपवर्ती डैम का रेता लाकर लगाया जा रहा था, जिसकी शिकायत स्थानिय ग्रामीणो ने माईनिग विभाग से की है और विभाग ने तुरंत कार्यवाई करते हुए उपरोक्त पचायत पर नियमो अनुसार कार्यवाई की है। गौरतलब रहे बठरा पंचायत इससे पहले भी सवालो के घेरे मे आ चुकी है। यहां मनरेगा मे फर्जी हाजरी लगाने का मामला भी सामने आया था, जिसको लेकर विभागीय अधिकारी नियमो अनुसार कार्यवाई कर चुके है। उधर,इस संबंध में बठरा पंचायत की प्रधान सुनीता कुमारी से बात की गई तो उन्होंने बताया जो निर्माण कार्य के लिए पत्थर लगाया जा रहा है, इसकी मुझे जानकारी नहीं है, इसके बारे में उप प्रधान से पूछा जाए और जो रेता निर्माण कार्य में लगाया जा रहा है इस बारे में ट्रैक्टर वाले को हमने क्रेशर से रेता लाने के लिए कहा था। उसने खड्ड का रेता निर्माण कार्य के लिए भेजा है उसके विरुद्ध उचित कार्रवाई की जा रही है।
** अजय गुलेरिया ने थाने में सौंपा शिकायत पत्र देहरा उपमंडल के तहत पड़ते ख़बली बरवाड़ा के स्थानीय निवासी अजय गुलेरिया को वीरवार सुबह एक अज्ञात नम्बर से धमकी भरा फोन आने के बाद उन्होंने देहरा थाना में इसकी शिकायत दी है। आपको बता दें इन दिनों हिमाचल में अज्ञात नम्बर से स्थानीय लोगो को फोन आ रहे हैं, जिसमे धमकी भरे अंदाज में लोगो से बात की जा रही हैं। इसी संदर्भ में अजय गुलेरिया को लगभग तीन दिन पहले व आज उनकी माता को किसी अज्ञात नम्बर से कॉल आया, जिसमें वह व्यक्ति धमकी भरे अंदाज में बात कर रहा था। इस संदर्भ में बात करते हुए अजय गुलेरिया ने बताया कि उन्होंने एक शिकायत पत्र देहरा थाना में दिया है, जिस नम्बर से उन्हें फोन आया है उसकी डिटेल भी दे दी गई है। वहीं थाना प्रभारी देहरा संदीप पठानिया ने कहा कि एक शिकायत पत्र उनके पास पहुंचा है और पुलिस कार्यवाई कर रही है।
राजकीय उत्कृष्ट विद्यालय डाडा सीबा में एसएमसी कमेटी का गठन किया गया। यह गठन सत्र 2024-26 के लिए वीरवार को स्कूल के प्रधानाचार्य सुदर्शन कुमार की अध्यक्षता में चुनाव द्वारा किया गया, जिसमें अजय कुमार, बबीता कुमारी व संजीव कुमार के बीच वोटिंग हुई, जिसमें अजय कुमार को एक तरफा मुकाबले में विजयी घोषित किया गया। इस मुकाबले में टोटल 90 मत पड़े, जिसमें अजय कुमार को 67 मत पडे़ और बबीता कुमारी को 15 मत व सजीब कुमार को 7 मत पडे़। वहीं, नवनियुक्त एसएमसी प्रधान अजय कुमार ने कहा कि स्कूल में कोई भी समस्या न आए इसका प्रयास किया जाएगा। स्कूल प्रबंधन के साथ मिलकर विद्यालय व छात्रों के उत्थान के लिए कार्य किया जाएगा। एसएमसी कमेटी प्रधान बनने पर प्रधानाचार्य सुदर्शन कुमार ने समस्त नई कमेटी को बधाई दी। कमेटी की नई कार्यकारिणी साक्षी, राकेश कुमार शर्मा, पबन, अवतार सिंह, होशियार सिंह, अश्विन सपेहिया, राशि, पूजा, रमेश कुमार, अरविंद कुमार, अंजना कुमारी, सुनील कुमार, राजेंद्र पाल ,बबीता कुमारी व विनय सपेहिया इस नई कार्यकारिणी के सदस्य बने।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू ने रविवार 25 अगस्त को कैबिनेट की मीटिंग बुलाई है। विधानसभा के मानसून सत्र से पहले इस मीटिंग को बुलाया गया है। इसमें मानसून सत्र में पेश होने प्रस्तावित विभिन्न विधायकों को लेकर चर्चा की जा सकती है। माना जा रहा है कि कैबिनेट में विधेयकों के अलावा कर्मचारियों-पेंशनर के लंबित महंगाई भत्ते डीए व एरियर को लेकर भी चर्चा हो सकती है। वहीं, आपदा से जिन परिवारों को भारी नुकसान हुआ हैं, उनके राहत एवं पुनर्वास के लिए राहत पैकेज का भी कैबिनेट में ऐलान हो सकता है। इसी तरह विभिन्न विभागों में भर्तियों को भी मंजूरी मिल सकती है। कैबिनेट में विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर भी चर्चा हो सकती है। बता दें कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 27 अगस्त से शुरू हो रहा है जो नौ सितंबर तक चलेगा।
शिमला जिले की फल मंडियों में सेब की आवक बढ़ना शुरू हो गई है। इसके चलते दाम में गिरावट आई है। एक हफ्ते में सेब के दाम 600 से 700 रुपये प्रति पेटी तक गिरे हैं। भट्ठाकुफर फल मंडी में एक हफ्ता पहले ए ग्रेड के सेब की पेटी 2400 से 3600 रुपये तक बिक रही थी। बुधवार को फल मंडी में यही सेब दो हज़ार से 2,800 रुपये प्रति पेटी तक बिका। दाम में गिरावट से बागवान निराश हैं। भट्ठाकुफर फल मंडी में ठियोग से सेब की खेप लेकर आए बागवान रोहन नेगी ने बताया कि निचले और मध्यम इलाकों वाले सेब को हर वर्ष बेहतर दाम मिलते हैं। जब तक ऊंचाई वाले इलाकों में सेब सीजन शुरू होता है तो दाम नीचे गिर जाते हैं। इससे बागवानों को उनकी मेहनत का पैसा नहीं मिल पाता। बागवान सुरेश ने बताया कि सूखा पड़ने से इस साल सेब की पैदावार बहुत ज्यादा प्रभावित हुई है। दूसरी ओर सीजन शुरू होने के बाद फसल के बेहतर दाम नहीं मिल रहे हैं। एक साल में एक पेटी के ऊपर खाद, स्प्रे से लेकर लेबर तक का करीब 750 रुपये का खर्चा आ जाता है। आढ़तियों के अनुसार इन दिनों फल मंडी में सबसे ज्यादा रॉयल सेब की खेप पहुंच रही है। वहीं इसके अलावा गोल्डन, स्पर और गाला सेब भी मंडी में आ रहा है। एपीएमसी के अनुसार भट्ठाकुफर फल मंडी में एक हफ्ता पहले 15 से 17 हजार सेब की पेटी मंडी पहुंच रही थी, वहीं बुधवार को मंडी में 23 से 24 हजार सेब की पेटी पहुंची है। आने वाले दिनों में आवक में बढ़ोतरी होनी की उम्मीद है। फल मंडी में एक हफ्ते में सेब की आवक में बढ़ोतरी देखने को मिली है। आवक के मुकाबले मंडी में ग्राहक भी नहीं आ रहे हैं। इसके चलते दामों में 500 से 600 रुपये की गिरावट आई है।
हिमाचल प्रदेश के जिला किन्नौर के निगुलसरी में बार-बार भूस्खलन से एनएच-पांच पर यातायात बाधित हो रहा है। बुधवार को भी आठ घंटे तक यहां एनएच बंद रहा। इससे दोनों ओर वाहनों की कतारें लगी रहीं और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। उधर, बुधवार शाम तक प्रदेश में 55 सड़कें, 14 बिजली ट्रांसफार्मर और 29 पेयजल योजनाएं ठप रहीं। जिला मंडी में 14, शिमला में 13, कुल्लू में 11, कांगड़ा में 12, किन्नौर में 2 और ऊना-सिरमौर-बिलासपुर में एक-एक सड़क बंद रही। प्रदेश में जारी बारिश से अभी तक विभिन्न विभागों को 1,19,544 लाख रुपये का नुकसान हो गया है। बुधवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहने के साथ धूप खिली। बारिश का दौर थमने से लोगों को कुछ राहत मिली है। आगामी तीन दिनों के दौरान भी प्रदेश में मौसम बना रहने की संभावना है। एक-दो स्थानों पर बारिश के आसार भी जताए गए हैं। हिमाचल प्रदेश में दक्षिण पश्चिम मानसून कमजोर पड़ गया है। 22 से 24 अगस्त तक प्रदेश में मौसम साफ रहने के आसार हैं। 25 अगस्त से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। 27 अगस्त तक प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है।
रामपुर: समेज में त्रासदी के दौरान प्रशासन ने 1 अगस्त से लापता लोगों को ढूंढने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया था। अभी तक केवल 14 लोगों के शव ही बरामद हुए हैं। अभी भी 22 लोगों का कोई सुराग नहीं चल पाया है। ग्राम पंचायत प्रधान मोहन लाल कपाटीया ने बताया इन 14 शवों में से 10 लोगों की पहचान डीएनए टेस्ट से हुई है और 4 लोगों की पहचान शारीरिक तौर पर की गई है। सरकार ने प्रभावितों की सहमति के बाद सर्च ऑपरेशन को बंद कर दिया है, हालांकि सतलुज नदी के किनारे अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है। बता दें कि 31 जुलाई की रात को समेज में भारी बाढ़ आने के कारण जान-माल का भारी नुकसान हुआ था। एक गांव के 36 लोग इस घटना में लापता हो गए थे। यह बाढ़ बादल फटने के कारण आई थी। आधी रात में आई इस बाढ़ का घर में सोए हुए लोगों को पता नहीं चल सका जिस कारण यह हादसा हुआ। अब तक सभी शव सुन्नी डैम व सतलुज नदी के आसपास ही बरामद हुए हैं। समेज गांव में एक भी शव बरामद नहीं हुआ है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि पानी का बहाव कितना तेज होगा। बता दें कि हिमाचल प्रदेश में इस साल कुल्लू, मंडी, शिमला, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में बादल फटने की घटनाएं सामने आई हैं। इसमें करोड़ों रुपये की सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। वहीं, कई लोगों ने अपनी जान भी गंवाई है।
** कर्मचारियों के डीए-एरियर के समय आर्थिक तंगी का रोना मंडी: पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार को निशाने पर लेते हुए कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों को जायज ठहराया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर निशाना साधते हुए जयराम ठाकुर ने कहा, सीएम सुक्खू प्रदेश में सबकुछ बंद करते-करते अब कर्मचारियों तक पहुंच आए हैं। बेहतर होगा अगर सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू बंद करने की शुरुआत अपने दफ्तर से करते। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोप लगाते हुए कहा कि सुक्खू कर्ज पर कर्ज ले रही है और इस पैसे का इस्तेमाल सीएम सुक्खू अपने सीपीएस को पालने में कर रहे हैं। सीएम सुक्खू ने प्रदेश में सीपीएस की फौज खड़ी कर दी है और उनके लिए विभागों से चार-चार अतिरिक्त गाड़ियां लगा रखी हैं। उनके लिए अतिरिक्त स्टाफ लगाकर करोड़ों रुपए खर्चे जा रहे हैं। जयराम ने कहा कि सीएम सुक्खू द्वारा अपने दफ्तर के खर्चे कम करने के बजाए लोगों पर अनावश्यक बोझ डाला जा रहा है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू को आड़े हाथों लेते हुए जयराम ठाकुर ने कहा, प्रदेश की भोली-भाली जनता के आगे आर्थिक संकट का रोना रोने वाले सीएम सुक्खू मंत्रियों को नए दफ्तर देने जा रहे हैं। सचिवालय के जिस भवन का सीएम सुक्खू ने स्वयं कुछ दिन पहले उद्घाटन किया था, उसके कमरों को आज मंत्रियों के नए और बड़े दफ्तर बनाने के लिए तोड़ा जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा, हमने भी पांच साल आर्थिक संकट के बावजूद सरकार चलाई और कभी ऐसा नहीं हुआ कि हमें किसी महीने कर्मचारियों की पगार रोकनी पड़ी हो या डीए और एरियर देने में देरी की हो। ये पहली ऐसी सरकार है जो ऋण तो बेतहाशा ले रही है, लेकिन न तो समय पर सैलरी मिल रही है और न ही घोषणा के बावजूद डीए व एरियर दिया जा रहा है। यही नहीं मेडिकल रीइंबर्समेंट का भुगतान भी दो सालों से नहीं हुआ है। जयराम ठाकुर ने कहा कि पहले से ही आर्थिक संकट से गुजर रहे प्रदेश में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू और कांग्रेस ने सिर्फ चुनाव जीतने के लिए प्रदेश के कर्मचारियों का इस्तेमाल किया है। सत्ता में आते ही सीएम सुक्खू की 10 की 10 गारंटियां फेल हुई है। नेता प्रतिपक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि सुक्खू सरकार को इन गांरटियों को पूरा करने के लिए 10 जन्म लग जाएंगे। बता दें कि 1 जनवरी 2023 से हिमाचल प्रदेश में कर्मचारियों की डीए की 3 किस्तें का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है, यानी 12 फीसदी देय है। कर्मचारी इसके लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं, हालांकि कर्मचारियों को 15 अगस्त के दिन उम्मीद थी कि उनकी कम से कम डीए की एक किस्त तो जारी होगी, लेकिन सरकार की ओर से कोई घोषणा न होने पर अब उन्हें 1 साल और इंतजार करना होगा, जबकि सरकार ने 75 साल की उम्र पूरी कर चुके पेंशनर्स को पूरे एरियर के भुगतान की घोषणा की है। वहीं, एरियर और डीए की किस्त न मिलने पर प्रदेश में कर्मचारियों में सुक्खू सरकार के प्रति भारी रोष है।
हिमाचल प्रदेश विजिलेंस की टीम ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय शिमला में तैनात डीएसपी के रीडर आरक्षी संदीप कुमार को अनुसूचित जाति व जनजाति अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले को रफा दफा करने के लिए रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। विजिलेंस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 20 अगस्त की शाम गिरफ्तार किया है। आरोपित संदीप कुमार 24 अगस्त तक पुलिस रिमांड पर हवालात पुलिस थाना छोटा शिमला में बंद है। वहीं संदीप कुमार की गिरफ्तारी और विजिलेंस थाना में मुकदमा पंजीकृत होने के बाद आरक्षी संदीप कुमार को रीडर पद से हटाकर पुलिस लाइन कैंथू शिमला में तैनात कर लिया गया है। आरक्षी संदीप कुमार पर आरोप है कि पुलिस थाना न्यू शिमला के मु० न० 15/2024 जेर धारा 341, 506, 427 आईपीसी व 3(1)(r), 3(1)(s), 3(1)(za) (A) अनुसूचित जाति व जनजाति अधिनियम को रफा दफा करने के लिए रिश्वत मांगी थी।
** हर्ष महाजन की अर्जी पहले ही खारिज कर चुका है कोर्ट हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में राज्यसभा चुनाव को चुनौती देने वाली अभिषेक मनु सिंघवी की याचिका पर आज सुनवाई होगी। हिमाचल में 27 फरवरी को घोषित किए गए राज्यसभा चुनाव परिणाम के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी अभिषेक मनु सिंघवी और भाजपा उम्मीदवार हर्ष महाजन के बीच मुकाबला बराबरी का रहा था, जिसके बाद पर्ची सिस्टम पर भाजपा उम्मीदवार को विजयी घोषित किया गया था। ऐसे में कांग्रेस प्रत्याशी अभिषेक मनु सिंघवी ने मुकाबला बराबरी पर रहने के बाद पर्ची सिस्टम से घोषित किए गए नतीजे को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। इस केस में बुधवार को ही हाईकोर्ट ने सांसद हर्ष महाजन की उस अर्जी को खारिज किया था, जिसमें उन्होंने 3 सितंबर को तेलंगाना में राज्यसभा चुनाव को देखते हुए, इस मामले की सुनवाई को टालने का आग्रह किया था। राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने कोर्ट में अर्जी देकर आग्रह किया था कि अभिषेक मनु सिंघवी तेलंगाना से राज्यसभा सीट के लिए चुनाव मैदान में उतरे हैं, जिसका असर हिमाचल हाईकोर्ट में चल रहे केस पर पड़ेगा। इसको देखते हुए हर्ष महाजन ने केस की सुनवाई को टालने का आग्रह किया था, लेकिन हाईकोर्ट ने हर्ष महाजन की इस अर्जी को अस्वीकार कर दिया है, जिसके बाद केस पर आज से बहस शुरू करने को कहा है। हिमाचल में राज्यसभा की एक सीट के लिए 27 फरवरी को मतदान हुआ था, लेकिन क्रॉस वोटिंग के कारण कांग्रेस के 40 विधायक होने पर भी पार्टी प्रत्याशी अभिषेक मनु सिंघवी भाजपा प्रत्याशी हर्ष महाजन से चुनाव हार गए थे। हुआ ये था कि कांग्रेस विधायकों की क्रॉस वोटिंग की वजह से कांग्रेस उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी और भाजपा प्रत्याशी हर्ष महाजन के बीच का मुकाबला 34-34 के वोटों पर बराबरी में हुआ था। ऐसे में बराबर मत होने के बाद चुनाव परिणाम लॉटरी सिस्टम से घोषित किया गया। जो भाजपा प्रत्याशी हर्ष महाजन के पक्ष में रहा था, जिसके चलते अभिषेक मनु सिंघवी ने प्रदेश हाईकोर्ट में एक याचिका डालकर राज्यसभा चुनाव को चुनौती दी है, जिसमें उन्होंने मुकाबला बराबरी पर होने के बाद पर्ची से हर्ष महाजन को विजय घोषित करने के नियम को गलत बताया है, जिस पर आज हिमाचल हाईकोर्ट में बहस शुरू होनी है।
हिमाचल प्रदेश में अब प्राइमरी और मिडल के बाद अब हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में भी शिक्षकों का युक्तीकरण शुरू होगा। नवीं से बारहवीं कक्षा वाले स्कूलों से आवश्यकता से अधिक नियुक्त शिक्षक शिफ्ट किए जाएंगे। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने उच्च शिक्षा निदेशालय से इसी माह सरप्लस शिक्षकों की सूची मांगी है। इसके अलावा पांच से कम विद्यार्थियों की संख्या वाले हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूल मर्ज करने को लेकर भी विचार शुरू हो गया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि विद्यार्थियों की कम संख्या वाले उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों से कई विषय शिफ्ट होंगे। उच्च शिक्षा निदेशालय ने जिला उपनिदेशकों से विद्यार्थियों के दाखिलों का ब्योरा एकत्र कर लिया है। विषयवार और कक्षावार नामांकन की अलग-अलग से जानकारी भी ली गई है। कई वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में कुछ विषयों में विद्यार्थियों का नामांकन बहुत कम है। ऐसे विषयों को साथ लगते अधिक विद्यार्थियों की संख्या वाले स्कूलों में शिफ्ट करने का विचार है। कम विद्यार्थियों की संख्या वाले स्कूलों से संबंधित विषयों के शिक्षकों को आवश्यकता वाले स्कूलों में तैनाती दी जाएगी। उच्च शिक्षा निदेशालय ने प्रवक्ता स्कूल न्यू, डीपीई सहित गैर शिक्षकों का युक्तीकरण करने का फैसला लिया है। इसके अलावा जिन स्कूलोंं में विद्यार्थियों के दाखिले कम हैं, ऐसे स्कूलों को मर्ज करने का प्रस्ताव भी बनाया जाएगा। विद्यार्थियों की कम संख्या वाले प्राथमिक और मिडल स्कूलों की तर्ज पर वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल भी साथ लगते स्कूलों में मर्ज किए जा सकते हैं। बता दें कि बीते दिनों ही प्रदेश सरकार ने विद्यार्थियों की शून्य संख्या वाले 99 स्कूल बंद करने का फैसला लिया है। पांच या पांच से कम विद्यार्थियों की संख्या वाले 419 प्राथमिक और मिडल स्कूल मर्ज करने का निर्णय हुआ है। इन स्कूलों को दो से तीन किलोमीटर के दायरे वाले स्कूलों में मर्ज किया जा रहा है।
धर्मशाला, 21 अगस्त। समाज के लिए अपना सहयोग देने की इच्छा रखने वाले बुजुर्ग नागरिकों और सेवानिवृत कर्मचारियों के लिए अब वरिष्ठ मंडल बनाए जाएंगे। महिला मंडल और युवा मंडलों की तर्ज पर ग्रामीण स्तर पर बुजुर्ग नागरिकों के लिए वरिष्ठ मंडल का गठन किया जाएगा। वरिष्ठ नागरिक दिवस के उपलक्ष्य पर आज बुधवार को क्षेत्र के बुजुर्ग नागरिक और गैर सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक में एडीएम कांगड़ा डॉ. हरीश गज्जू ने यह बात कही। डीसी ऑफिस धर्मशाला में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए एडीएम ने कहा कि कई ऐसे सेवानिवृत कर्मचारी और बुजुर्ग हैं जो समाज के लिए अभी भी अपना योगदान देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के अनुभव और उपलब्धता का लाभ लेते हुए अनेक प्रकार के सामाजिक कार्यों में उनका सहयोग और मार्गदर्शन लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक गतिविधियों में बुजुर्गों की भागीदारी से जहां एक तरफ वे सक्रिय रहेंगे, वहीं उनके अनुभवों से हमें आपदाओं से निपटने में सहायता मिलेगी। उन्होंने बताया कि आपदा के दौरान खतरे के न्यूनीकरण और तैयारियों के लिए स्वयंसेवियों की बहुत कमी देखने को मिलती है। कई युवा शिक्षा और बेहतर रोजगार के अवसरों की तलाश में अपने क्षेत्रों से बाहर जाते हैं। इस संदर्भ में, सेवानिवृत्त बुजुर्ग आशा की किरण के रूप में उभर सकते हैं। बकौल एडीएम, बुजुर्गों के पास अनुभव का खजाना है, क्षेत्र से गहरा जुड़ाव है, और सामाज की बेहतरी के लिए प्रतिबद्धता है, जो आपदा प्रबंधन और तैयारियों की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण हो सकती है। वरिष्ठ मंडल के गठन से सेवानिवृत्त लोगों के कौशल, ज्ञान और समर्पण का उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के व्यापक जीवन अनुभव और स्थानीय भुगोल की समझ को आपदा प्रबंधन के लिए स्थानीय स्तर पर उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक गतिविधियों में बुजुर्गों की भागीदारी स्थानीय निवासियों को संगठित कर सकती है और आपदा की तैयारियों में सामुदायिक भागीदारी को बढ़ा सकती है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के पारंपरिक ज्ञान और अनुभव का लाभ उठाते हुए वरिष्ठ मंडलों द्वारा लोगों को आपदा प्रबंधन को लेकर जागरूक भी किया जा सकता है। इसके लिए आपदा जोखिम न्यूनीकरण और तैयारियों को लेकर वरिष्ठ मंडल सार्वजनिक सेमिनार, सामुदायिक अभ्यास, सूचना अभियान तथा स्थानीय स्कूलों और संगठनों के साथ मिलकर कार्यक्रम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य सामाजिक देखभाल, स्वास्थ्य सेवा, पर्यावरण संबंधी मुद्दों और आपदा प्रबंधन जैसी प्रमुख सामाजिक चुनौतियों का समाधान करने में बुजुर्गों को सक्रिय रूप से शामिल करना है। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण और अन्य सामाजिक गतिविधियों में बुजुर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। इस दौरान सेवानिवृत प्रो. अंजन कालिया, डॉ. रजिका, अनीता शर्मा, हरजीत भुल्लर सहित अन्य हितधारकों ने भी वरिष्ठ मंडल और सामाजिक गतिविधियों में बुजुर्गों की सहभागिता पर अपने विचार रखे।
15 किमी कम होगी कैथलीघाट से ढली की दूरी राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज सोलन जिला के कैथलीघाट के नजदीक शिमला बाइपास सुरंग-1 (पोर्टल-2) शुंगल का दौरा किया। उन्होंने प्रगति कार्य का निरीक्षण किया और परियोजना के बारे में विस्तार से जानकारी ली। 28.5 किमी लंबे फोरलेन शिमला बाइपास (पैकेज-1 व 2) पर 10.6 किमी लंबी 10 सुरंगों का निर्माण किया जाना है और इसमें 27 बड़े पुल और वायाडक्ट भी होंगे। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने आज बाईपास की टनल 1 की बाईं ट्यूब का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से कैथलीघाट से ढली की दूरी लगभग 15 किलोमीटर कम हो जाएगी तथा यात्रा में लगभग एक घंटे का समय बचेगा। उन्होंने कहा कि इस सुरंग के निर्माण से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने लगभग 5,000 पेड़ों को कटने से बचाया है तथा मिट्टी के कटाव को भी रोका है। उन्होंने कहा कि यह सुरंग पहाड़ी क्षेत्र में सुरक्षित तथा सुगम यात्रा का अनुभव प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि इससे वाहनों के ईंधन की बचत होगी, जिससे वायु प्रदूषण तथा कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। वहीं, 10 सुरंगों के निर्माण से लगभग 22,500 पेड़ों को कटने से बचाया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के क्षेत्रीय अधिकरी अब्दुल बासित ने राज्यपाल को अवगत करवाया कि दोनों चरणों में सुरंग की कुल लंबाई 1,410 मीटर होगी और जनवरी 2025 तक इसका निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इस कार्य पर 90 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्होंने अवगत करवाया कि शिमला बाइपास फोरलेन परियोजना की कैथलीघाट से ढली तक कुल लागत 4,800 करोड़ रुपये है और इस परियोजना को मार्च 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा। राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा, उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह और एनएचएआई के अन्य अधिकारी भी इस मौके पर उपस्थित थे।
भारत के निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार ज़िला सोलन के पांचों विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में फोटोयुक्त मतदाता सूचियों में विद्यमान प्रविष्टियों का सत्यापन कार्य 08 अक्तूबर, 2024 तक किया जाएगा। यह जानकारी आज यहां ज़िला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने दी। उन्होंने कहा कि सत्यापन कार्य के तहत 50-अर्की, 51-नालागढ़, 52-दून, 53-सोलन (अ.जा.) तथा 54-कसौली (अ.जा.) की निर्वाचन नामावली को शुद्ध एवं त्रुटिरहित तथा अद्यतन बनाए रखने के उद्देश्य से बूथ स्तरीय अधिकारी (बी.एल.ओ.) आज से 08 अक्तूबर, 2024 तक घर-घर जाकर फोटोयुक्त मतदाता सूचियों का सत्यापन करेंगे। मनमोहन शर्मा ने कहा कि बी.एल.ओ. घर के मुखिया की सहायता से यह सुनिश्चित करेंगे कि परिवार के समस्त पात्र सदस्यों का नाम मतदाता सूची में दर्ज है तथा समस्त दर्ज विवरण सही हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी निर्वाचक की मतदाता सूची की प्रविष्टि में किसी प्रकार की कोई भी अशुद्धि पाई जाती है तो उसे ठीक करने के लिए प्रारूप-8 के माध्यम से कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रथम अक्तूबर, 2024 की अहर्ता तिथि के आधार पर मतदाता सूचियों में उन योग्य नागरिकों के सम्मिलित किए जाएंगे जो पंजीकरण से छूट गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रथम जनवरी, 2025 की अहर्ता तिथि के आधार पर योग्य भावी मतदाताओं के साथ-साथ ऐसे भावी मतदाता जो प्रथम अप्रैल, 2025, प्रथम जुलाई, 2025 तथा प्रथम अक्तूबर, 2025 को मतदाता सूची में नाम दर्ज करने के पात्र होंगे की जानकारी भी प्राप्त की जाएगी। ज़िला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि एक से अधिक स्थान पर दर्ज, मृत व स्थाई रूप से स्थानन्तरित, दोहरे पंजीकृत मतदाताओं की पहचान कर उनके नाम मतदाता सूची से अपमार्जित करने के लिए प्रारूप-7 के माध्यम से कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस अभियान के दौरान मतदाता सूचियों में विद्यमान खराब गुणवत्ता वाली फोटोग्राफ की पहचान कर सम्बन्धित मतदाता से नवीनतम रंगीन फोटो प्राप्त कर प्रारूप-8 के माध्यम से परिवर्तित करने की कार्यवाही भी की जाएगी। मनमोहन शर्मा ने ज़िला के समस्त पात्र मतदाताओं से आग्रह किया कि बूथ स्तर के अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर मतदाता सूचियों के सत्यापन करने में पूर्ण सहयोग प्रदान करें ताकि फोटोयुक्त मतदाता सूचियों को त्रुटिरहित बनाया जा सके।
कांगड़ा: केंद्रीय संस्कृत विश्विद्यालय बलाहार के विभाग द्वारा राजकीय महाविद्यालय डाडा सिबा में संस्कृत वस्तु एवं विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य की अध्यक्षता में किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृत विश्विद्यालय के साहित्य विभाग के सहायक प्रवक्ता पंकज ने संस्कृत भाषा के महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला और नित्यौपयोगी वस्तुओं की प्रदर्शनी लगा कर संस्कृत भाषा को अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर प्रो रामपाल, दविंदर, शीतल और पलक भी उपस्थित रहे।
काँगड़ा: देहरा विधानसभा क्षेत्र के तहत पड़ती खैरियां सहकारी समिति में चुनाव की प्रक्रिया कैप्टन रामेश बैंस की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। इस दौरान सोसाइटी का गठन हुआ जिसमें जसबीर गुलेरिया को प्रधान पद पर नियुक्ति मिली हैं वहीं उप प्रधान मंगल सिंह बैंस व सदस्य के तौर पर शशी बैंस,परमजीत चौधरी,गुरमेल को नियुक्ति मिली। आपको बता दें कैप्टन साहब ने 15 बरसों में सोसायटी को ऊंची बुलंदियों पर पहुंचाया है व सवास्थ्य कारणों से उन्होंने अध्यक्ष पद को छोड़ा है। सोसाइटी के नव नियुक्त प्रधान जसबीर गुलेरिया ने कहा कि उन्हें सर्वसम्मति से सोसायटी का प्रधान चुना गया है वह सभी सदस्यों व खैरियांवासियों का आभार प्रकट करते हैं ओर उन्होंने सोसायटी को और मजबूती देने की बात भी कही।
कहा, देहरा में पीएमजीएसवाई की जिन सड़कों का शिलान्यास किया वह सांसद अनुराग ठाकुर की देन प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत देहरा विधानसभा में लगभग 50 करोड़ की सड़के बनने जा रही है जिनका मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बीते दिनों देहरा दौरे के दौरान शिलान्यास किया था| मुख्यमंत्री द्वारा किए गए शिलान्यास पर सवाल खड़े करते हुए देहरा भाजपा के नेता व भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी डॉ सुकृत सागर ने पूछा, मुख्यमंत्री बताए कि उनका प्रधानमन्त्री ग्राम सड़क योजना में स्वीकृत हुई सड़कों के लिए क्या योगदान है| यह सड़के हमारे सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के प्रयासों से देहरा विधानसभा को मिली हैं| डॉ सुकृत ने कहा कि मुख्यमंत्री को शिष्टाचार दिखाते हुए कम से कम अनुराग ठाकुर का धन्यवाद तो करना चाहिए था लेकिन मुख्यमन्त्री देहरा के लोगों को गुमराह करते हुए श्रेय लेने के लिए चुपचाप अकेले ही इन सड़कों का शिलान्यास कर गए| उन्होंने कहा कि इन सड़कों को पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने पिछले कार्यकाल में ही स्वीकृत करवा दिया था तब मुख्यमंत्री की पत्नी देहरा की विधायक भी नहीं थी और जब इस सड़कों की स्वीकृति के लिए कार्रवाई शुरू हुई तब सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रदेश के मुख्यमंत्री भी नहीं थे| डॉ सुकृत ने कहा कि यह सही में बड़ा हास्यास्पद है कि एक तरफ़ तो मुख्यमंत्री देहरा में मंच से कह रहे थे कि केंद्र सरकार से हमे सहयोग नहीं मिल रहा है और दूसरी तरफ़ जब उसी देहरा में शिलान्यास करने चाहे तो छह में से पाँच शिलान्यास केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के करने पड़े और छठा अधीक्षण अभियंता के कार्यालय का शुभारंभ पुराने आवासीय भवन में कर दिया| इन सड़कों के लिए बजट केंद्र सरकार के ख़ज़ाने से स्वीकृत हुआ है मुख्यमंत्री को बड़ा दिल करके केंद्र सरकार व पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का धन्यवाद करना चाहिए|
करसोग में आज ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हरिओम शर्मा के नेतृत्व में सद्भावना दिवस के अवसर पर भारत रतन स्वर्गीय राजीव गांधी की जयन्ती पर बखरोट पंचायत के कुफ़रीधार में पौधरोपण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव व प्रभारी करसोग विधानसभा रुपेश कँवल, कांग्रेस नेता महेश राज पृथी सिंह नेगी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में भारत रतन स्वर्गीय राजीव गांधी के जीवन पर प्रकाश डाला गया व उनके द्वारा किए गए कार्यों के लिए उन्हें याद किया गया। इसके साथ हमारी वन संपदा को किस प्रकार से बचाया जाए इस पर भी सभी लोगो को जागरूक किया गया। भविष्य में ज़्यादा से ज़्यादा पेड़ लगाने के लिए भी आए हुए कार्यकर्ताओं को जागरूक किया गया। सद्भावना दिवस के मौक़े पर भारत रत्न राजीव गांधी की महानता और देश के लिए उनके योगदान को याद करते हुए कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस करसोग के सभी अग्रिम संगठनों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। इस अवसर पर कांग्रेस पदाधिकारी गोपाल सिंह दीवान, युव राज, बिहारी लाल शर्मा, संत राम धीमन, जय गोपाल गुप्ता, केवल शर्मा तिलक राज, ठाकुर सेन मेहता, हिरदा राम, सोम कृष्ण, टेक चंद नेगी, कमला वर्मा सहित कई अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
** संस्कृत भाषा भारत देश के प्राण जैसी है: प्रो सत्यम कुमारी केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में संस्कृत सप्ताह महोत्सव का समापन बड़े धूमधाम से किया गया। इसमें मुख्यातिथि के रूप में ज्वाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय दिल्ली से प्रो. सन्तोष कुमार शुक्ल उपस्थित रहे। उन्होंने संस्कृत की वैज्ञानिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्कृत भाषा आज भी अपने मूल स्वरूप में वर्तमान है। इस कार्यक्रम में विशिष्टातिथि के रूप में प्रदेश खाद्य-आपूर्ति विभाग के निदेशक पुष्पेन्द्र सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि वेदव्यास परिसर हमारे क्षेत्र की शान है। उन्होंने कहा कि केन्द्र की इस संस्था ने प्रदेश को संस्कृत के अनेक विद्वान् दिए हैं। वहीं उन्होंने विश्वास दिलाया कि वेदव्यास परिसर की सभी मूलभूत आवश्यताओं को पूरा करने में राज्य सरकार का पूरा सहयोग रहेगा। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता परिसर की निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी ने की। उन्होंने सभी छात्रों को आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि संस्कृत भारत देश की प्राण है। यदि संस्कृत न रही तो देश को समाप्त होने में देर न लगेगी इसलिए संस्कृत का संरक्षण अत्यन्त आवश्यक है। कार्यक्रम के संयोजक प्रो. मञ्जुनाथ एस्.जि. ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि- संस्कृत सप्ताह के दौरान वेदव्यास परिसर द्वारा विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं के साथ करीब 20 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें पांच हजार से अधिक छात्रों एवं सामाजिक लोगों ने भाग लिया। संस्कृत को सभी स्थानों तक पहुंचाने में यह अभियान सफल रहा। महोत्सव के दौरान विभिन्न स्पर्धाएं आयोजित की गई थी, जिसमें प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त छात्रों को भी परिसर प्रशासन द्वारा पुरस्कृत किया। संस्कृत सप्ताह के समापन अवसर पर वेदव्यास परिसर के समस्त शिक्षक एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
मंडी: उपमंडल करसोग के अंतर्गत कलेहनी से एक महिला बीते 5 दिनों से गायब हैं। जानकारी के अनुसार यह महिला 15 अगस्त की रात को अपने घर से अचानक लापता बताई जा रही है। महिला के पति ने पत्नी के लापता होने की शिकायत पुलिस थाना में दर्ज करवाई है। हेमन्त कुमार ने बताया कि उसकी पत्नी मंजु देवी 15 अगस्त की रात को पहले पूरे परिवार को खाना खिलाकर सो गई, लेकिन पति हेमन्त कुमार जब सुबह नींद से जागा तो पत्नी घर पर नही थी। काफी समय इंतजार करने के बाद जब पत्नी वापिस नहीं लौटी तो इधर-उधर व रिश्तेदारी में ढूढना शुरू किया, लेकिन पत्नी मंजू देवी कहीं नही मिली। मंजू देवी का मोबाइल फोन भी बन्द चल रहा है। उनका एक बेटा व बेटी है। दुखी पति हेमन्त कुमार ने पत्नी मंजू देवी से घर वापसी की गुहार लगाई है। मंजू देवी अपने साथ गहने व पढ़ाई के दस्तावेज भी ले गई है। यदि इसके बारे में कोई भी जानकारी प्राप्त हो तो दिए गए नंबर पर सम्पर्क करें 90151-45806 ...महिला की उम्र लगभग 28 वर्ष है कद 5 फिट 2 इंच है। डीएसपी सुन्दरनगर दिनेश कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस थाना करसोग में एक महिला की गुमशुदगी का मामला दर्ज हुआ है जो कि बीते 15 अगस्त की रात को अचानक घर से कहीं लापता बताई जा रही हैं, जिसे लेकर पति की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर पुलिस द्वारा महिला को तलाश करने का अभियान शुरू कर दिया गया है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने आज इंदौरा महाविद्यालय के अंदर बंगाल में हुई एक डॉक्टर के साथ बर्बरता के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसी के चलते इंदौरा महाविद्यालय व इंदौरा बस स्टैंड तक रैली निकाली गई। बस स्टैंड इंदौर में धरना प्रदर्शन भी किया गया। विद्यार्थी परिषद ने आज डॉक्टर को न्याय दिलाने के लिए अपनी आवाज को बुलंद किया और ममता बनर्जी की भ्रष्ट सरकार के खिलाफ विद्यार्थियों ने एकजुट होकर बंगाल में महिला सुरक्षा को सुनिश्चित करने का आह्नान किया गया। पश्चिम बंगाल में गत अनेकों माह से महिला सुरक्षा से संबंधित घटनाएं हो रही है। ऐसे दुष्कर्मों में संलिप्त लोगों को बचाने का प्रयास पश्चिम बंगाल की ममता सरकार कर रही है। टीएमसी के गुंडों द्वारा भी ऐसे अनेकों दुष्कर्म पूर्व में किए गए परंतु उनके विरुद्ध में कोई भी कार्यवाही ममता सरकार द्वारा नही की गई। बंगाल में हो रही यह घटनाएं मानवता को शर्मसार करने वाली है। इन घटनाओं को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थी परिषद ने पूरे हिमाचल के साथ-साथ पूरे भारत में हर एक इकाई स्तर पर ममता सरकार के खिलाफ अपनी आवाज को बुलंद किया है व साथ ही साथ डॉक्टर के केस की निष्पक्ष जांच की मांग की है। विद्यार्थी परिषद का कहना है कि जिस प्रदेश को माता दुर्गा का प्रदेश माना जाता हो, जिस प्रदेश को शक्ति का गढ़ माना जाता जो उस स्थान पर ऐसी घटनाओं का बार-बार होना शर्मनाक है। इस दुख की घड़ी में विद्यार्थी परिषद परिवार के साथ खड़ी है वह पूरे देश के युवाओं से यह आह्नान करती है कि ममता सरकार के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाई जाए, ताकि बंगाल में न ऐसी घटना हो न बंगाल को शर्मसार होना पड़े।
** केके पंत को मिला अतिरिक्त मुख्य सचिव वन का जिम्मा हिमाचल प्रदेश सरकार ने सिविल सेवा बोर्ड की सिफारिशों पर 7 IAS अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग के आदेश जारी किए हैं। इसको लेकर मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने बकायदा अधिसूचना जारी की है। यह अधिसूचना 20 अगस्त को जारी की गई। सेंट्रल डेप्युटेशन से लौटे केके पंत को अतिरिक्त मुख्य सचिव वन का जिम्मा सौंपा गया है। पंत को फाइनेंशियल कमिश्नर अपील का जिम्मा भी सौंपा गया है। यह अतिरिक्त प्रभार के तौर पर रहेगा। डॉ. अभिषेक जैन को डिजिटल टेक्नॉलजी का सेक्रेटरी बनाया गया है। इसके अलावा वह फाइनेंस, प्लानिंग, 20 सूत्री कार्यक्रम के सेक्रेटरी के तौर पर भी जिम्मा संभालेगें। स्वास्थ्य सचिव एम सुधा देवी को सचिव कार्मिक का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। इसके अलावा सीपी वर्मा को राज्यपाल का सचिव लगाया गया है। राज्यपाल के पूर्व सचिव राजेश शर्मा को "ग्रामीण विकास और पंचायती राज" सचिव का जिम्मा सौंपा गया है। आईएएस अधिकारी प्रियंका बसु इंग्टी को "सचिव श्रम एवं रोजगार, मुद्रण एवं स्टेशनरी, मत्स्य पालन और युवा सेवाएं एवं खेल" का जिम्मा सौंपा गया है। IAS राकेश कंवर को "शिक्षा, पशुपालन, भाषा, कला और संस्कृति" का सचिव बनाया गया है। इसके अलावा इनके पास एमपीपी एवं पावर और एनसीईएस का अतिरिक्त कार्यभार रहेगा।
पैंन्शनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ सायरी द्वारा पुराना अस्पताल सायरी के समीप वृक्षारोपण किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ एवं पैन्शनर्ज कल्याण संघ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने लगभग 30 पोधों का पौधरोपण किया। पौधरोपण करने के साथ-साथ उन्होंने प्रतिज्ञा ली कि वे इन पौधों का रख-रखाव भी करते रहेंगें। वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ, सायरी के प्रधान जगदीश भारद्वाज व पैंन्शनर्ज कल्याण संघ के अध्यक्ष बेली राम राठौर ने कहा कि पौधों का मनुष्य के जीवन में बहुत महत्व है क्योंकि पौधे मनुष्य को शुद्ध प्राण वायु हवा के रूप में देतें हैं व पर्यावरण को भी स्वच्छ रखते हैं। दोनों संघों ने लोंगों से अधिक से अधिक क्षेत्र में पौधरोपण करने की अपील की हैं।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने वाहन योग्य पुलों की रिपोर्ट मांगी है। लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों को इस माह के अंत तक रिपोर्ट देने को कहा गया है। लोक निर्माण विभाग ने इंजीनियरों को पुलों का ऑडिट करने के निर्देश दिए थे। इसमें कहा गया कि प्रदेश में पुल कितने मजबूत एवं सुरक्षित हैं? ऑडिट रिपोर्ट के बाद जो पुल मरम्मत करने योग्य होंगे, उन्हें ठीक किया जाएगा। जो बिल्कुल खस्ताहाल हैं, उनकी जगह नए पुल का निर्माण किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने लोक निर्माण विभाग को वेली ब्रिज तैयार करने के भी निर्देश दिए है। खस्ताहाल पुलों की जगह पहले बेली ब्रिज स्थापित होंगे, उसके बाद आरसीसी के पुलों का निर्माण किया जाएगा। हिमाचल में बीते साल प्राकृतिक आपदा के चलते दो दर्जन पुल बाढ़ में बह गए, जबकि कई को नुकसान पहुंचा है। कोई अप्रिय घटना न घटे, इसके चलते सरकार पुलों का ऑडिट करवा रही है। सरकार ने लोक निर्माण विभाग को आदेश दिए हैं कि जोन, मंडल या उपमंडल स्तर पर इंजीनियरों की टीमों का गठन कर सभी पुलों का निरीक्षण करें। अगर इंजीनियरों को लगा कि पुल ठीक करने योग्य है, ऐसी स्थिति में ही उसे दुरुस्त करने का प्लान तैयार किया जाएगा। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि बीते साल आपदा के चलते लोक निर्माण विभाग को 4,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इस बार भी कुल्लू और शिमला में बादल फटने से पुलों और सड़कों को 500 करोड़ का नुकसान हो चुका है। पानी के बहाव के साथ चट्टानें और पेड़ पुलों से टकराते हैं, इससे पुलों को नुकसान होता है। ऐसे में पुलों का ऑडिट जरूरी है।
मानसून सीजन खत्म होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं। सितंबर माह से मानसून लौटना शुरू करेगा, लेकिन इससे पहले एक बार मानसून रफ्तार पकड़ चुका है। हिमाचल प्रदेश में कई दिनों से मौसम लगातार खराब बना हुआ है। प्रदेश के कई हिस्सों में सोमवार को भी बारिश देखने को मिली है। वहीं, बारालाचा, कुंजुम पास, रोहतांग दर्रा, शिंकुला सहित कई चोटियों पर हल्की बर्फबारी हुई है। मौसम विभाग ने किन्नौर, लाहौल स्पीति, चंबा को छोड़कर अन्य जिलों में 20 अगस्त से लेकर 22 अगस्त तक कई जिलों में भारी बारिश, लैंडस्लाइड, बाढ़ और फ्लैश फ्लड को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग की ओर से जारी किए गए बुलेटिन के मुताबिक बारिश के कारण नदी, नाले उफान पर रह सकते हैं। मौसम विभाग के अनुसार 20 अगस्त को सबसे अधिक बारिश कांगड़ा में 39.9, मंडी में 37 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि सबसे कम बारिश लाहौल स्पीति में दर्ज की गई है, जबकि बीते स्पताह में कांगड़ा में सबसे अधिक 241.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। बारिश के कारण प्रदेश में तापमान सामान्य बना हुआ है। इसके कारण लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली है। सबसे अधिक तापमान ऊना में दर्ज किया गया है। वहीं, शिमला में 20 डिग्री, सुंदरनगर में 26, केलंग में 23 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। बता दें कि वहीं, प्रदेश में 107 सड़कों पर यातायात बाधित हुआ। इनमें शिमला में 48, मंडी और कुल्लू में 24-24 सड़कें बाधित हैं। कई क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर खराब होने से बिजली सेबा भी बाधित हैं। सोमवार को प्रदेश में 146 सड़कों पर यातायात ठप रहा। इसके अतिरिक्त 301 बिजली ट्रांसफार्मर और 20 जल आपूति योजनाएं ठप चल रही हैं। सबसे ज्यादा सड़कें, बिजली ट्रांसफार्मर शिमला, कुल्लू, मंडी जिले में प्रभावित हुई थी।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में इन दिनों संस्कृत सप्ताह महोत्सव बड़ी धूमधाम से आयोजित किया जा रहा है, जिसके संयोजक वेदांत विषय के विभागाध्यक्ष मंजूनाथ एस भट्ट हैं। वहीं समस्त कार्यक्रम परिसर निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी की देख-रेख व उनकी अध्यक्षता में संपन्न हो रहे हैं। संस्कृत सप्ताह महोत्सव के अन्तर्गत सोमवार को परिसर के कुछ आचार्यों ने कुछ शिष्यों सहित निकटवर्ती कालेश्वर महादेव के समीप पञ्च तीर्थ में श्रावणी उपाकर्म कार्य को विधिविधान सहित सम्पन्न किया। इस अवसर पर व्याकरण विषय के सहायकाचार्य डॉ भूपेंद्र ओझा सहित डॉ शैलेश कुमार तिवारी, डॉ राजन मिश्र, डॉ योगेश व कमल किशोर शर्मा सहित अन्य शिक्षक व कुछ छात्र भी मौजूद रहे।
सेवा निवृत्ति कर्मचारी यूनियन कुनिहार इकाई ने हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं संगठन द्वारा उठाई कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया है।आज प्रेस वार्ता में कुनिहार में कर्मचारी यूनियन संगठन इकाई के अध्यक्ष विनोद जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि सचिवालय सेवाएं संगठन द्वारा उठाई गई कर्मचारियों की मांगों का कुनिहार पेंशनर एसोसिएशन भरपूर समर्थन करता है, जिसमें इकाई के सभी सदस्यों ने एक स्वर में कहा है कि महंगाई भत्ते की बकाया राशि शेष बची महंगाई भत्ते की 12 प्रतिशत किस्तों को जल्द जारी किया जाए। संशोधित वेतनमान की बकाया राशि का भी शीघ्र अति शीघ्र भुगतान किया जाए। उन्होंने कहा कि सचिवालय यूनियन की ओर से उठाएं अन्य कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों का भी पुरजोर समर्थन करते हैं। यदि इस विषय में संघर्ष की राह भी चुननी पड़ी तो सेवानिवृत कर्मचारी इसके लिए भी पीछे नहीं रहेंगे, जिसके लिए सभी सेवा निवृत कर्मचारी हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं संगठन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े है।
** मुख्यमंत्री से करेंगे मुलाकात शिमला: कोलकाता में ट्रेनी महिला डॉक्टर से रेप और हत्या मामले को लेकर देशभर के चिकित्सकों में उबाल है। इन डॉक्टरों को अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता सता रही है। ऐसे में देशभर में रेप पीड़िता को न्याय दिलाने और डॉक्टरों को सुरक्षा प्रदान करने को लेकर चिकित्सक हड़ताल पर हैं। इसी कड़ी में हिमाचल प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में मंगलवार को भी डॉक्टरों की हड़ताल जारी है। वहीं, आज शिमला में रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने आईजीएमसी से सचिवालय तक पैदल मार्च किया और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से सचिवालय में मिलने पहुंचे। बता दें कि भारतीय चिकित्सा संघ के आह्वान पर हिमाचल प्रदेश में डॉक्टरों ने हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया है। आज भी मरीजों को अस्पतालों में इलाज नहीं मिलेगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के मिलने के बाद हो सकता है कि हिमाचल में डॉक्टरों की हड़ताल समाप्त हो जाए. शनिवार से शुरू हुई हड़ताल आज मंगलवार चौथे दिन भी जारी है। ऐसे में आज भी मरीजों को परेशानियां झेलनी पड़ेगी। रेजिडेंट डॉक्टर के बाद हिमाचल मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन (HMOA) भी हड़ताल पर है, जिससे प्रदेश में इससे स्वास्थ्य सेवाएं पटरी से उतर गई है। अस्पतालों में केवल आपातकालीन सेवाएं चालू रही। डॉक्टरों ने अपनी मांगों को पूरा नहीं होने तक प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया है। हिमाचल के सभी मेडिकल कॉलेजों हॉस्पिटल में आज भी डॉक्टर मरीजों का इलाज नही करेंगे। यदि मरीज दूरदराज क्षेत्रों से हॉस्पिटल पहुंचे तो आज भी बिना इलाज के वापस लौटना पड़ सकता है। आईएमए के राष्ट्रीय इकाई के रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल को समर्थन के ऐलान के बाद हिमाचल डॉक्टर एसोसिएशन ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन (FORDA) और फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FOAIA) ने मंगलवार को भी हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया है।


















































