मंदिर काठगढ़ में चल रही छठे दिन की शिव महापुराण कथा में आज जोगिंदर शास्त्री महाराज ने अपनी अमृत वाणी से कथा का आरम्भ किया। उन्होंने राजा हिमाचल की दो पुत्रियों एक मां गंगा और दूसरी मां पार्वती के बारे में बताया कि दोनों भगवान शिव की उपासना करती थी और उन्हें पति के रुप में अपनाना चाहती थी। उन्होंने कहा कि मां गंगा का नाम लेने से 100 बार स्नान करने से 1000 पापों का निवारण होता है। इस शिव पुराण में वर्णित है कि मां गंगा के पास जब दुर्भाषा ऋषि का आगमन हुआ तो मां गंगा द्वारा उनका स्वागत नहीं किया गया, जिससे उनके द्वारा उन्हें श्राप दिया गया कि आप एक नदी के रूप में बहती रहोगी और ऋषि को जब पता चला कि इस छल के पीछे का कारण मां पार्वती है तो उन्होंने फिर मां गंगा को वरदान दिया कि गंगा नदी को भगवान शिव अपने सिर पर धारण करेंगे और मां पार्वती को श्राप दिया कि भले ही आपकी शादी शिव से हो पर आपकी संतान शिव के अंश से नही होगी। इसीलिए भोले के अंश से मां गंगा शिव पुत्र कार्तिकेय की उत्पति हुई और इस अंश को अग्निदेव द्वारा कबूतर का रुप धारण करके अपनी चोंच में लेकर गंगा में डाला। इस वजह से मां पार्वती ने कबूतर जाति को भी श्राप दिया। उन्होंने कहा कि सात वर्ष की आयु में ही भगवान कार्तिकेय को देवताओं का सेनापति बनाया गया और इन्होंने सनातन धर्म की रक्षा करते हुए तारकासुर व अन्य राक्षसों को मारा। इसके साथ ही सभा के प्रेस सचिव सुरेंदर शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि कथा रोजाना सुबह 12 से 2:30 बजे तक चलती है और सभा द्वारा भक्तो के लिए प्रसाद व लंगर की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि कथा का समापन 14 अगस्त को होगा।
सिरमौर: जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिरमौर हंसराज की अदालत ने आरोपी सुनील कुमार पुत्र बाबूराम निवासी मोतीपुर, जिला लखीमपुर (उत्तर प्रदेश) को पत्नी की मौत के मामले में दोषी करार दिया है। अदालत ने आईपीसी की धारा 306 के तहत दोषी को 5 साल की साधारण कैद और 20,000 रुपए का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को 4 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इसके अलावा अदालत ने दोषी को आईपीसी की धारा 201 के तहत 1 साल की साधारण कैद व 5,000 रुपये का जुर्माना और आईपीसी की धारा 498 के तहत भी 1 साल की साधारण कैद व 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। ये सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। अदालत में मामले की पैरवी जिला न्यायवादी चंपा सुरील ने की। मामले की जानकारी देते हुए जिला न्यायवादी चंबा सुरील ने देते हुए बताया कि आरोपी सुनील कुमार अपनी पत्नी के साथ जिला सिरमौर के पुरुवाला में किराए का कमरा लेकर रहता था। 4 मार्च 2021 को पुलिस को सूचना मिली कि सुनील कुमार ने अपनी पत्नी के साथ कुछ गलत किया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार किया और उसके कमरे का दरवाजा खुलवाया। कमरे में एक लोहे का बक्सा मिला, जिसमें उसकी पत्नी का शव था। पुलिस जांच में पता चला कि सुनील कुमार अपनी पत्नी पर शक करता था और अकसर उसके साथ लड़ता था। 2 मार्च 2021 को सुनील कुमार ने अपनी पत्नी के साथ लड़ाई की और उसकी पत्नी ने अपने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। आरोपी ने शव को लोहे के बक्से में छिपा दिया था। इस मामले में अदालत ने 27 गवाहों और तमाम साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए अपना महत्वपूर्ण फैसला सुनाया और दोषी पति को उपरोक्त सजा सुनाई।
** कार्यक्रम में रोपे गए लगभग 80 फलदार वृक्ष कुमारहट्टी के निरंकारी मिशन के अनुयायियों और संत निरंकारी मिशन की ब्रांच धर्मपुर कसौली ने टीवी सेंटोरियन धर्मपुर में पौधरोपण किया। इस पौधरोपण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रेंज ऑफिसर केवल राम पंडित, डॉक्टर भूपेंद्र सह मोनिका और सारिका, संत निरंकारी मिशन के मुखी गौरी दत और मुखी जगत राम शर्मा एवं कसौली धर्मपुर और कुमारहट्टी संत निरंकारी मिशन सेवा दल के भाई-बहनों ने मिलकर इस टीवी सेंटोरियन के परिक्षेत्र में पौधरोपण किया। इस कार्यक्रम में लगभग 80 फलदार वृक्ष रोपे गए। और पिछले वर्ष लगाए गए पौधों की देखने की गई और इसके साथ ही परिक्षेत्र को साफ-सुथरा किया गया।
पंजाब के जेजो खड्ड में आई बाढ़ में बारातियों की गाड़ी बह गई है। ये बाराती हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के हैं। जिला ऊना के देहला गांव के लोग इनोवा गाड़ी से पंजाब के होशियारपुर जिले के महालपुर में शादी के लिए जा रहे थे। पंजाब की जेजो खड्ड में पानी के तेज बहाव से गाड़ी समेत 10 लोग बह गए। अभी तक 9 लोगों के शव बरामद हो चुके हैं। वहीं, एक शख्स अभी लापता है, जिसकी तलाश की जा रही है। वहीं, हादसे के वक्त एक युवक किसी तरह बचकर पानी से बाहर निकल आया था। उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पुलिस का कहना है कि लापता लोगों की तलाश जारी है। पुलिस ने 9 लाशें बरामद कर ली हैं। ये लोग हिमाचल प्रदेश के रहने वाले हैं। हिमाचल के जिले ऊना के देहला से ये लोग गाड़ी में सवार होकर पंजाब के नवांशहर आ रहे थे। इस दौरान खड्ड पार करते हुए यह हादसा हुआ।
हिमाचल प्रदेश में नशे का खात्मा करने के इरादे से प्रदेश की सुक्खू सरकार जिला सिरमौर में राज्य स्तरीय नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र खोलेगी। रविवार को प्रदेश सरकार ने यह नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित करने का ऐलान किया है। ये केंद्र सिरमौर जिला के पच्छाद उपमंडल के कोटला बड़ोग में स्थापित किया जाएगा। इस केंद्र के स्थापित होने से मादक पदार्थों की लत से जूझ रहे लोगों की सहायता की जाएगी और उन्हें नशीली दवाओं पर अपनी निर्भरता से उबरने और आत्मनिर्भरता के साथ समाज में फिर से एक खुशहाल और स्वस्थ जीवन जीने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को नशे से निपटने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर बल देते हुए कहा कि, 'राज्य सरकार ने युवाओं को मादक पदार्थों के खतरे के बारे में जागरूक करने के लिए विभिन्न कदम उठाए हैं। इसका उद्देश्य उन्हें नशे की लत से बचाना है। इसी के चलते कोटला बड़ोग में सरकार राज्य स्तरीय नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र को स्थापित करेगी। आज के दौर में युवाओं को नशे से दूर रखना सबसे बड़ी चुनौती है। समाज को भी नशे की लत से जूझ रहे लोगों का मनोबल बढ़ाना चाहिए, ताकि वो दृढ़ इच्छाशक्ति से मादक पदार्थों का सेवन छोड़ सकें। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि नशा मुक्ति केंद्र ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सिंथेटिक मादक पदार्थों के सेवन को खत्म करने की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है। नशा मुक्ति केंद्र का उद्देश्य एक ही परिसर में सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करके इसेे संकट से उत्पन्न गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य मुद्दों से निपटना है। नशा मुक्ति केंद्र में कमरे, शौचालय, भोजन की व्यवस्था, मनोरंजन स्थल, पुस्तकालय, व्यायामशाला, खेल, ध्यान और योग की सुविधाएं भी दी जाएंगी। इसके अतिरिक्त केंद्र में कौशल विकास व व्यावसायिक प्रशिक्षण और इन-हाउस उपचार, भोजन, कपड़े और लॉन्डरी जैसी अनिवार्य सेवाएं भी प्रदान की जाएंगी। उन्होंने कहा कि इस समग्र दृष्टिकोण का उद्देश्य नशे की लत से जूझ लहे लोगों के लिए महत्वपूर्ण सहायता और पुनर्वास सेवाओं का मानकीकरण करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे से जूझ रहे पुरुष और महिलाओं के लिए इस केंद्र में 100 बिस्तरों की सुविधा होगी। इस केंद्र का उद्देश्य राज्य के युवाओं को नशे से दूर रखना और समाज में सकारात्मक योगदान सुनिश्चित करना हैं। नशा मुक्ति केंद्र के लिए चयनित स्थल 157 बीघा और 07 बिस्वां में फैला हुआ है। यहां मौजूदा इमारतों को मामूली मरम्मत के साथ फिर से इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं अतिरिक्त बुनियादी ढांचे की योजना भी तैयार की गई है। लोक निर्माण विभाग को कार्य को आगे बढ़ाने के लिए एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का जिम्मा सौंपा गया है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि इस केंद्र की स्थापना मादक पदार्थों के दुरुपयोग से निपटने और ऐसे लोगों को मुख्यधारा में लाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को अंतिम रूप दिए जाने के बाद, राज्य सरकार आदर्श नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र के निर्माण के लिए पर्याप्त धनराशि मुहैया कराएगी। इसके अतिरिक्त केंद्र में नशे की लत से जूझ रहे व्यक्तियों की उचित देखभाल के लिए पर्याप्त स्टाफ भी सुनिश्चित किया जाएगा। बता दें कि सिरमौर जिला तीन राज्यों के साथ सटा है। 225 किलोमीटर में से 223 किलोमीटर की सीमा हरियाणा और उत्तराखंड को छूती है, जबकि दो किलोमीटर का एरिया यूपी के साथ भी लगता है। ऐसे में यहां राज्य स्तरीय नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित करना सरकार का सराहनीय प्रयास है। इससे काफी हद तक नशे की लत में जा चुके लोगों को लाभ मिल सकेगा।
**समेज क्षेत्र में बिजली और पेयजल आपूर्ति हुई बहाल समेज त्रासदी में लापता लोगों को परिजनों से मिलाने के लिए पुलिस की डीएनए मिलान तकनीक मददगार साबित हो रही है।अभी तक पहचान न हुए शवों में से दो शवों की पहचान डीएनए के माध्यम से हो चुकी है। इनमें संतोष कुमारी पत्नी सूरत राम गांव कनराढ़ डाकघर सुघा तहसील रामपुर उम्र 54 वर्ष की पहचान इनके पुत्र राजेश कुमार के डीएनए से हुई है। इसके साथ ही रूप सिंह सुपुत्र सुखराम डाकघर सरपारा तहसील रामपुर उम्र 52 वर्ष की पहचान इनके पुत्र साहिल के डीएनए मिलान करके हुई है। पुलिस ने 37 के करीब डीएनए सैंपल लिए हुए है। इन्ही के आधार पर डीएनए मिलान हो रहा है।उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि कई शव क्षत-विक्षत हालात में मिले है, जिनकी पहचान करना सबसे बड़ी चुनौती है। लेकिन हमने ऐसे लापता लोगों के परिजनों के डीएनए सैंपल लिए है। फिर शवों के डीएनए सैंपल से मिलान करवा रहे है। इनमें से दो शवों के डीएनए मिलान कर लिए गए है। यह दोनों व्यक्ति शिमला जिला के क्षेत्र में रहते थे।पुलिस ने डीएनए सैंपलिंग बहुत शानदार तरीके से की हुई थी। इसी की वजह से शवों की पहचान हो पाई है। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि सर्च आपरेशन के दौरान मिलने वाले हर शव की पहचान हो। इसी कड़ी में हमने वैज्ञानिक तकनीक का सहारा लिया है। पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी ने कहा कि वैज्ञानिक तकनीक के माध्यम से जांच को प्रभावी बनाया जाता है। डीएनए मिलान से ही परिजनों को शव मिल पा रहे है। क्योंकि कई शवों की पहचान बिना डीएनए के संभव ही नहीं थी। हमने पूरी योजना से डीएनए सैंपल प्रोफाईलिंग की है। इसी तरह अन्य शवों की पहचान करने में लगे है। समेज त्रासदी से प्रभावित क्षेत्र में बिजली एवं पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी गई है। करीब दस दिन बिजली और पेयजल आपूर्ति को बहाल करने में लग गए। कई जगह से पाईपें, बिजली के खंबे एवं तारें पूरी तरह गायब हो गई थी। ऐसे में संबधित विभागों ने नई तारें, खंबे और पानी की पाईपें बिछाई है। एसडीएम रामपुर निशांत तोमर ने बताया कि समेज में बिजली और पेयजल की आपूर्ति बहाल कर दी गई है। दोनों विभागों ने दिन रात मेहनत करके कार्य को तीव्र गति से अंजाम दिया है।
हिमाचल पथ परिवहन सेवा निवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच अर्की इकाई की अति आवश्यक बैठक वीरवार 15 अगस्त को पेंशनर्ज कार्यालय तालाब कुनिहार में इकाई अध्यक्ष बलबीर सिंह चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित की जा रही है। बलबीर सिंह चौधरी ने अर्की इकाई के सभी सदस्यों से इस अति आवश्यक बैठक में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचने की अपील की है। उन्होंने सभी पेंशनरों से आग्रह किया है कि इस बार की बैठक में हिमाचल पथ परिवहन सेवा निवृत्त कर्मचारीयो की रोष रैली 20 जुलाई से हर जिले में शुरु हो चुकी है, जिसके लिए जिला की आगामी रणनीति बनाई जाएगी, जिसके लिए 15 अगस्त को ठीक 11 बजे पेंशनर कार्यालय तालाब कुनिहार में पहुंचे तथा पेंशनरो की समस्या व आगामी रणनीति के बारे चर्चा में बढ़चढ़ कर भाग लें।
हिमाचल प्रदेश में आगामी कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहेगा। इसके अलावा मौसम विभाग ने आंधी तुफान को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग शिमला ने प्रदेश भर में 16 अगस्त तक भारी बारिश के लिए 'येलो' अलर्ट जारी किया है। शनिवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई और लैंडस्लाइड और बाढ़ के कारण प्रदेशभर में 135 सड़कें बंद रहीं। मौसम विभाग ने आज रविवार को भी चंबा, कांगड़ा, मंडी, सिरमौर और शिमला जिलों के अलग-अलग हिस्सों में बारिश के साथ हल्के से मध्यम स्तर की बाढ़ के खतरे की चेतावनी दी है। मौसम विभाग ने निचले इलाकों में तेज हवाओं और जलभराव के कारण बागानों, फसलों, कमजोर संरचनाओं और कच्चे घरों को नुकसान को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। लाहौल-स्पीति, चंबा और सिरमौर जिले में भारी बारिश, लैंडस्लाइड और फ्लैश फ्लड के कारण भारी नुकसान हुआ है। हालांकि गनीमत रही की इन घटनाओं में कोई भी हताहत नहीं हुआ है। लाहौल-स्पीति पुलिस ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को ज्यादा सावधानी बरतने और नदी-नालों के पास न जाने की सलाह दी है। जिले में तेजी से नदी-नालों में पानी का स्तर बढ़ रहा है। बीते कुछ दिनों में प्रदेश भर में भारी बारिश का दौर जारी है। शुक्रवार शाम से सबसे ज्यादा 168.3 मिमी बारिश सिरमौर के नाहन में दर्ज की गई। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक, सिरमौर में 42, कुल्लू में 37, मंडी में 29, शिमला में 17, कांगड़ा में पांच, किन्नौर में 4, लाहौल और स्पीति जिले में एक सड़क बंद है। प्रदेशभर में 135 सड़कें बंद हैं, जबकि बारिश के कारण 24 बिजली और 56 जलापूर्ति योजनाएं बाधित हुई हैं।
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से ताल्लुक रखने वाले लांस नायक प्रवीण शर्मा जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए हैं। महज 26 साल की उम्र में प्रवीण शर्मा ने शहादत पाई है। मां भारती की रक्षा में अपने प्राणों को न्यौछावर कर देने वाले प्रवीण शर्मा की शहादत के बाद उनके परिवार सहित पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई है। शहीद प्रवीण शर्मा उपमंडल राजगढ़ के हाब्बन क्षेत्र के पालू गांव के रहने वाले थे। दरअसल शनिवार दोपहर को शुरू हुई इस मुठभेड़ में शहीद प्रवीण शर्मा ऑपरेशन रक्षक का हिस्सा थे। देर शाम भारतीय सेना ने शहीद प्रवीण के परिवार को उनकी शहादत की सूचना दी। सिरमौर प्रशासन को फर्स्ट पैरा के प्रवीण शर्मा की शहादत की सूचना मिल गई थी। इसके बाद शहीद के परिवार से भी संपर्क किया गया। सोमवार को पार्थिव शरीर के घर पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। शहीद प्रवीण अपने पीछे मां रेखा शर्मा और पिता राजेश शर्मा को छोड़ गए हैं। जानकारी के अनुसार ऑपरेशन रक्षक जून 1990 में जम्मू और कश्मीर में उग्रवाद के चरम पर शुरू किया गया एक आतंकवाद-रोधी ऑपरेशन है। शहीद प्रवीण शर्मा को भी इसके लिए चुना गया था। इसी बीच अदम्य साहस का परिचय देने के दौरान वह वीरगति को प्राप्त हो गए।
कुनिहार की शिव ताण्डव गुफा में कल 12 अगस्त सावन के अंतिम सोमवार को भी गुफा विकास समिति व शंभू परिवार के सौजन्य से विशाल भंडारा व अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। समिति अध्यक्ष राम रतन तनवर ने जानकारी देते हुए बताया कि आज रविवार से गुफा में दो दिवसीय अखंड राम चरित मानस कथा पाठ का शुभारंभ हुआ, जिसे कल सोमवार को हवन व पूर्णाहुति के साथ विराम दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि दोपहर 1 बजे से विशाल भंडारा क्षेत्र वासियों के लिए आरंभ कर दिया जाएगा। गुफा परिसर में भजन कीर्तन भी निरंतर चलता रहेगा। समिति व शंभू परिवार ने सभी शिव भक्तों से गुफा में विराजमान प्राकृतिक शिवलिंग के दर्शन करने तथा भंडारे का प्रसाद ग्रहण करने की अपील की है। साथ ही सभी भक्तो से अपील की गई है कि गुफा के अंदर कोई भी धूप न जलाए और शांति पूर्वक कतार बध होकर गुफा में प्रवेश करे।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने हिमाचल की पंचायती राज संस्थाओं के लिए पंद्रहवें वित्त आयोग की सिफारिशों के बाद 59.34 करोड़ रुपये का पर्याप्त अनुदान जारी किया है। इसे पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों को दिया जाएगा। साथ ही केंद्र सरकार ने चेतावनी दी है कि सरकार या विभाग इसे अपने पास रोककर नहीं रख सकेंगे। केंद्र से प्राप्त होने के पंद्रह दिनों के भीतर यह पैसा संबंधित संस्थाओं को नहीं दिया गया तो इस पर ब्याज देना होगा। इसे कर्मचारियों के वेतन और स्थापना व्यय पर खर्च नहीं करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में मंत्रालय के वित्त आयोग प्रभाग के निदेशक चिन्मय पुंडलीकराव गोटमारे ने राज्य सरकार के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज सचिव को पत्र भेजा है। यह निधि ग्रामीण स्थानीय निकाय मूल अनुदान अनटाइड के तहत पंद्रहवें वित्त आयोग की सिफारिशों का हिस्सा है। इसका उपयोग जमीनी स्तर पर विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए किया जाएगा। वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की ओर से राज्य सरकार को भेजे गए पत्र से इसकी पुष्टि हुई है। यह धनराशि वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए पहली किस्त के रूप में जारी की गई है। राज्य सरकार को 2011 की जनगणना के आधार पर सामान्य और विभिन्न मदों से बाहर किए गए क्षेत्रों में 90 और 10 प्रतिशत के क्रमवार भार के साथ अनुदान वितरित करने की सलाह दी गई है। निधियों की प्राप्ति के दस कार्य दिवसों के भीतर इन्हें संबंधित संस्थाओं को हस्तांतरित किया जाना चाहिए। अन्यथा बाजार की दरों पर औसत ब्याज दर वसूली जाएगी। पंचायती राज मंत्रालय ने इन निधियों के उपयोग के लिए विशिष्ट दिशा-निर्देशों की रूपरेखा तैयार की है। अनुदान अनटाइड है, जिसका अर्थ है कि इसका उपयोग स्थानीय निकायों की आवश्यकताओं के अनुसार विभिन्न विकास गतिविधियों के लिए किया जा सकता है। राज्य सरकार को निधियों के पारदर्शी और कुशल प्रबंधन के लिए सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) से जुड़े पंद्रहवें वित्त आयोग के अनुदानों के लिए अलग-अलग बैंक खाते खोलने का अधिकार है।
हिमाचल प्रदेश में बंद और मर्ज होने वाले 560 सरकारी स्कूल सितंबर से नजदीकी शिक्षण संस्थानों में शिफ्ट होंगे। इस प्रक्रिया में सरप्लस होने वाले 750 शिक्षकों को नए स्कूलों में नियुक्ति के बाद ही 560 स्कूलों के विद्यार्थी नजदीकी स्कूलों में शिफ्ट किए जाएंगे।शून्य नामांकन वाले 108 स्कूल बंद करने और पांच व पांच से कम विद्यार्थियों की संख्या वाले 452 स्कूल मर्ज करने का सरकार ने फैसला लिया है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने जिला उपनिदेशकों से 10 दिन में शिक्षकों को नई जगह नियुक्ति देने की सूची मांगी है। इस सूची के तैयार होने के बाद विद्यार्थियों को दो से तीन किलोमीटर के दायरे में स्थित स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा। इस माह पहले की तरह ही इन सभी 560 स्कूलों में पढ़ाई करवाई जाएगी। जिन स्कूलों को स्कूल ऑफ एक्सीलेंस का दर्जा दिया गया, वहां सरप्लस शिक्षकों को लगाया जाएगा। इसी माह इस बाबत सूची बनाकर शिक्षा सचिव से मंजूरी लेने का लक्ष्य रखा है। इन स्कूलों में सेवारत शिक्षकाें को किस स्कूल में तैनाती दी जानी है, इसका अंतिम फैसला शिक्षा सचिव राकेश कंवर लेंगे। शिक्षकों को आसपास के स्कूलों में भी एडजस्ट न किया जा सके, इसके लिए शिक्षा सचिव ने तैनाती का अंतिम अधिकार अपने पास रखा है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि बंद और मर्ज होने वाले स्कूलों से जलवाहकों, मल्टी टास्क वर्करों सहित अन्य चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को अन्य जगह तैनाती देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अब गैर शिक्षकों और शिक्षकों की सूची तैयार करने को कहा गया है। अगले सप्ताह से यह काम शुरू हो जाएगा। शिक्षा निदेशक ने बताया कि लक्ष्य रखा गया है कि सितंबर से सरकार का फैसला पूरी तरह से लागू कर विद्यार्थियों को अन्य स्कूलों में शिफ्ट कर दिया जाए।
हिमाचल प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ते हुए हिमुडा प्रदेश में पहला ऊर्जा दक्षता आधुनिक व्यवसायिक परिसर बनाएगा। शिमला के विकासनगर में करीब 100 करोड़ की लागत से व्यवसायिक परिसर बनाया जाएगा। इस भवन में ऊर्जा की खपत घटाने के लिए स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के सहयोग से आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल होगा। नगर नियोजन, आवास और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने दिल्ली में स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। धर्माणी ने बताया कि तीन महीने के भीतर भवन का नक्शा तैयार कर इसी साल निर्माण कार्य शुरू करने का लक्ष्य है। अगले दो साल के भीतर आधुनिक व्यवसायिक परिसर बनकर तैयार हो जाएगा। भवन में कार्यालय, रिटेल चेन, मल्टीपर्पज हॉल, बैंक्वेट हॉल, फूड कोर्ट सहित अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। भवन की पूरी बिजली सोलर सिस्टम से उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट सरकार के लक्ष्यों के अनुरूप हाई बिल्डिंग रैंकिंग हासिल करने में महत्वपूर्ण साबित होगा। इस अवसर पर राजीव गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज नगरोटा जिला कांगड़ा के वास्तुकला विभाग और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के बीच तकनीकी ज्ञान साझा करने के लिए भी समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया। उन्होंने प्रदेश में हिल आर्किटेक्चर में विशेषज्ञ पाठ्यक्रम शुरू करने को लेकर भी चर्चा की। स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर दिल्ली के निदेशक प्रो. वीके पॉल ने एमओयू हस्ताक्षरण कार्यक्रम की कार्यवाही का संचालन किया।इस मौके पर हिमुडा के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
प्राचीन एवं ऐतिहासिक शिव मंदिर सुधार सभा काठगढ़,इंदौरा, द्वारा अयोजित धार्मिक अनुष्ठानों में चल रही शिव महापुराण कथा के पंचम दिवस में आज जोगिंदर शास्त्री महाराज (जम्मू वाले) ने प्रवचन देते हुए कहा कि माता पार्वती जी प्रकटया तथा भगवान शिवशंकर जी को पति के रूप में पाने के लिए तपस्या का वर्णन किया गया और इसके साथ उन्होंने त्रिकाल संध्या प्रात काल, मध्यकाल तथा सांय काल के महत्व के बारे में कहा की सनातन धर्म में श्री शालिग राम की पूजा व भगवान शंकर की पिंडी की पूजा सर्वश्रेष्ठ है अर्थात शंभु पिंडी की महिमा बहुत है जिसका जितना वर्णन किया जाए उतना कम है इसके साथ उन्होंने कहा कि, जिन भक्ति हरध्या, नही आनी, जीवन मृत समान तेहू पानी ,अर्थात जिसके जीवन में भगवान की भक्ति नही है वह जीवित भी मृत के समान है। भारी संख्या में श्रद्धालु भक्तों ने स्वयं भू प्रकट अदशिवलिंग के दर्शन किए लंगर प्रसाद का भी आनंद लिय। इसके साथ आज सुरेश महाजन मुख्य अभियंता,धर्मशाला, जलशक्ति विभाग परिवार सहित, व रविंद्र कुमार अधिशासी अभियंता मंडल इंदौरातथा वृंदावा लैक्समांसिंग गोहिल कमिश्नर ऑफ कस्टमर, पंजाब, हरियाणा व हिमाचल ने भी पूजाअर्चना की तत्पश्चात इन विशेष अतिथियों को सभा के प्रधान ओम प्रकाश कटोच उपप्रधान अजीत सिंह,युद्धवीर सिंह महासचिव सुभाष शर्मा जोगिंदर भारद्वाज, प्रेस सचिव सुरिंदर शर्मा, संगठन मंत्री प्रेम सिंह, रमेश पठानिया, प्रचार मंत्री पवन शर्मा सलाहकार कृष्ण मन्हास ने स्मृति चिन्ह व सिरोपा देकर सम्मानित किया
कसौली उपमंडल में बोरिंग को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। सरकार और प्रशासन की रोक टोक के बाद भी कसौली उपमंडल में कई लोगों द्वारा कमर्शियल बोरवेल किए जा रहे हैं। ताजा मामला सामने आया है जहां पिछले कल शाम के समय घसान गांव के करीब एक निजी होटल द्वारा बोर किया जा रहा था, जिसका विरोध स्थानीय लोगों ने किया कि यहां बोर नहीं कराया जा सकता क्योंकि इसके साथ शुद्ध पानी कि बावड़ी तथा उसके कुछ दूरी पर IPH की लिफ्टिंग स्कीम है, जिससे गांव गड़खल तथा किमुघाट घसान के लोगो को पेयजल की सुविधा दी जाती है । ग्रामीणों ने बताया कि जहां बोरिंग हो रही है वहां उनके जल स्रोतों को पानी जाता है तो जिससे उनके जल स्रोत दूषित हो सकते हैं। जब ग्रामीणों को इस बोरिंग का पता चला। इस कार्य को रोकने के लिए स्थानीय लोगो के साथ कसौली गड़खल के प्रधान राम सिंह उनके साथ गड़खल सनावर के प्रधान मोना चंचल, पूर्व प्रधान राजिंद्र शर्मा, गड़खल गांव कमेटी के प्रधान उर्वी दत्त, अत्री योगराज अत्री, युवा कांग्रेस से साहिल अत्री, पियूष अत्री, उदयन अत्री, मोंटी, जैलदार मोहित अत्री, सभी युवा साथी ग्रामीण लोगो के साथ मौके पर पहुंचे। IPH विभाग के एसडीओ धर्मपुर भानु ने बताया कि इस होटल के पास बोरिंग करने के लिए कोई भी परमिशन नहीं ली गई है।
** हमीरपुर क्षेत्र में 10000 पौधे लगाने का लिया निर्णय विधायक सदर आशीष शर्मा ने आज एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत ग्राम पंचायत भगेटू, पंधेड़ के बल्यूट गाँव, नेरी के कमलाह गाँव और वार्ड दस हमीरपुर में पौधरोपण किया। इस दौरान उन्होंने सभी से इस अभियान में बढ़चढ़कर भाग लेने की अपील की एवं पौधों का वितरण किया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में यह अभियान चल रहा है, जिसके तहत हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र में भी लगातार पौधे लगाए जा रहे व लोगों को वितरित भी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बरसात में 10000 पौधे पूरे विधानसभा क्षेत्र में लगाने का निर्णय लिया है और इसी कड़ी के तहत प्रत्येक बूथ पर पौधों का वितरण किया जा रहा है। इस मौके पर उनके साथ उनकी धर्मपत्नी स्वाति जार, मंडल अध्यक्ष आदर्श कांत, महामंत्री सुरेश सोनी साहित विभिन्न पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इंदौरा: आज अंडर 14 जोनल स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डाह कुलाड़ा में दीप प्रज्वलन से हुआ, जिसमें क्षेत्र के विधायक मलेंद्र राजन बतौर मुख्यातिथि सम्मिलित हुए। यहाँ विभिन्न स्कूलों से आए प्रतिभागियों ने मार्च पास्ट कर मुख्यातिथि को सलामी दी। इस दौरान स्थानीय विद्यालय के छात्र छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां पेश कीं। प्रिंसिपल नव प्रकाश पुरी ने बताया कि 4 दिन चलने वाली उक्त खेलकूद प्रतियोगिताओं में क्षेत्र के 38 विद्यालयों के 14 वर्ष से कम आयु वर्ग के 525 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। उन्होंने संबोधन के दौरान स्कूल की समस्याएँ बारे विधायक को बताईं। इस अवसर पर विद्यालय के समस्त स्टाफ द्वारा मुख्यातिथि को पारंपरिक टोपी, शॉल व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विधायक मलेंद्र राजन ने अपने संबोधन में कहा कि जब से प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खु के नेतृत्व वाली सरकार बनी है, तब से विद्यालयों में आधारभूत संरचना को विकसित करने की दिशा में प्रयासरत है और इंदौरा क्षेत्र में भी स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं की कमी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है, इस विषय पर एक प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा गया है। विधायक ने अपनी ऐच्छिक निधि से 21 हजार रुपये की राशि प्रदान करने की घोषणा की व और भी जो समस्याएँ होंगी, उन्हें प्राथमिकता पर हल करने का आश्वासन दिया। इस दौरान सुधीर कटोच, मेजबान उप प्रधान राजेश कुमार, प्रिंसिपल मोहन शर्मा, बी.ई.ई.ओ. किरण बाला, पूर्व उप प्रधान मनोहर पिंकी, निर्मल प्रसाद, एस.डी.ओ. रजिंद्र सनौरिया, से.नि. कैप्टन रणवीर सिंह, सुनीत सिंह, चंद्रमोहन, नरेंद्र शर्मा सहित अन्य लोगों को भी विद्यालय प्रबंधन द्वारा सम्मानित किया गया।
विकास सभा व पेंशनर एसोसिएशन कुनिहार द्वारा संयुक्त रूप से गौशाला कुनिहार में गौवंश के चारे के लिए दो गाड़ी हरे घास की भेंट की गई। विकास सभा के महासचिव संजय राघव ने जानकारी देते हुए बताया कि विकास सभा व पेंशनर एसोसिएशन ने निर्णय किया है कि भविष्य में भी ऐसे सामाजिक कार्यों में दोनो संस्थाएं बढ़चढ़ कर भाग लेती रहेगी। जल्द ही पौधरोपण कार्यक्रम भी संस्थाओं द्वारा आयोजित किया जाएगा। इस मौके पर पेंशनर एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद जोशी, कुनिहार विकास सभा के कार्यकारी अध्यक्ष गोपाल सिंह पंवर, दीप राम ठाकुर, संजय राघव, ओम प्रकाश ठाकुर आदि मौजूद रहे।
कांगड़ा: रेड क्रॉस सोसायटी के सौजन्य से शनिवार को राजा का तालाब में एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में यूथ क्लब के रक्तवीरों ने रक्त देकर इस कार्य में अपना योगदान दिया। शिविर ब्रिलेंट एकेडमी राजा का तालाब में सुबह नौ बजे शाम तीन बजे तक आयोजित किया गया। इस दौरान यूथ क्लब राजा का तालाब के रक्तदाताओं व अन्य ने कुल 32 यूनिट रक्त देकर पुण्य की इस बेला में अपनी आहुति डाली। शिविर में डॉ.संजय भारद्वाज सेवानिवृत खंड चिकित्सा अधिकारी व कांगड़ा की टीम ने अपनी विशेष सेवाएं प्रदान की। इस मौके पर यूथ क्लब प्रधान मुनीश चौधरी ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि रक्त दान के आगे अन्य दान फीके पड़ जाते हैं। रक्त दान को महादान कहा गया है। उन्होंने कहा कि रक्त दान करने से कई तरह की बीमारियों से हमें निजात मिलती है। नियमित रूप से रक्तदान शरीर के लिए बेहतरीन टॉनिक का कार्य करता है। वहीं आपात स्थिति में ब्लड की समस्या से जूझ रहे व्यक्ति को नई जिंदगी दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि खून नाड़ियों में बहना चाहिए, न कि नालियों में बहना चाहिए। इस मौके पर रक्त वीरों को जलपान भी दिया गया।
हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में आवश्यकता से अधिक कार्यरत शिक्षकों को अब जनजातीय क्षेत्रों में नियुक्त किया जाएगा। सरकारी स्कूलों के शिक्षकों का युक्तिकरण करने को लेकर शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। उच्च और प्रारंभिक शिक्षा के जिला उपनिदेशकों को जारी पत्र में जनजातीय क्षेत्रों में रिक्त पड़े पदों को प्रतिनियुक्ति के माध्यम से भरने के आदेश दिए गए हैं। विद्यार्थियों की अधिक संख्या वाले स्कूलों को शिक्षकों की तैनाती करने में प्राथमिकता देने को कहा गया है। बदले जाने वाले शिक्षकों की हर माह 5 तारीख तक उच्च और प्रारंभिक शिक्षा निदेशकों को सूचना देना भी अनिवार्य कर दिया गया है। शैक्षणिक दक्षता बढ़ाने के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार ने फैसला लिया है कि उच्च और प्रारंभिक शिक्षा विभाग के उप निदेशक अब स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर जनजातीय जिलों में शिक्षकों की तैनाती की निगरानी करेंगे। प्रत्येक उप निदेशक को छात्र नामांकन संख्या पर विचार करना होगा और प्रत्येक महीने की 5 तारीख तक विभागाध्यक्ष को स्कूल-वार प्रतिनियुक्तियों का विवरण देते हुए मासिक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। निदेशक पर्याप्त स्टाफिंग सुनिश्चित करने के लिए इन रिपोर्टों की समीक्षा करेंगे। राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश जिला मुख्यालय और उपमंडल मुख्यालयों में स्थित स्कूलों में सरप्लस शिक्षक कार्यरत हैं। एक ही विषय के कई स्कूलों में दो से तीन शिक्षक कार्यरत हैं। विद्यार्थियों की संख्या कम होने के बावजूद शिक्षकों की कई स्कूलों में आवश्यकता से अधिक नियुक्तियां की गई हैं। इसी कड़ी में अब शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने शिक्षकों की सभी श्रेणियों जेबीटी, टीजीटी, सीएंडवी, प्रवक्ता स्कूल न्यू का युक्तिकरण करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में सरप्लस शिक्षकों को अब जनजातीय क्षेत्रों के ऐसे स्कूलों में भेजा जाएगा जहां शिक्षकों की भारी कमी है। प्रतिनियुक्ति के आधार पर इन शिक्षकों को जनजातीय क्षेत्रों के स्कूलों में भेजा जाएगा। शिक्षा सचिव ने विभगाीय अधिकारियों से सरप्लस शिक्षकों और कमी से जूझ रहे स्कूलों की सूची तैयार करने के निर्देंश दिए हैं। शिक्षक उपलब्धता, छात्र नामांकन का उपायुक्त भी करेंगे आकलन प्रदेश के सरकारी स्कूलों में गुणात्मक शिक्षा माहौल बनाने के लिए अब जिला उपायुक्तों का सहयोग भी लिया जाएगा। इसके तहत उपायुक्त नियमित रूप से शिक्षक उपलब्धता और छात्र नामांकन का आकलन करेंगे और आवश्यक निर्देश प्रदान करेंगे। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्रीय शैक्षिक मांगों के साथ शिक्षण संसाधनों को बेहतर ढंग से संरेखित करना है।
**प्रोफेसर पर लगे धक्का-मुक्की करने के आरोप **धक्का देने वाले शिक्षक के खिलाफ थाने पहुंचे छात्र हिमाचल में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस कालेज संजौली शिमला में दूसरे दिन भी शनिवार को माहौल तनावपूर्ण रहा। छात्र संगठन एसएफआई के वर्कर ने शनिवार को फिर से कालेज परिसर में धरना दिया। पुलिस की मौजूदगी में छात्रों की प्रिंसिपल और प्रोफेसर के साथ तीखी नोक-झोंक हुई। SFI ने आरोप लगाया कि शुक्रवार को धरने के दौरान एक शिक्षक द्वारा एसएफआई के कार्यकर्ता के साथ मारपीट की गई। SFI ने प्रधानाचार्य से शिकायत कर आरोपी शिक्षक को बर्खास्त करने की मांग उठाई है।इस दौरान SFI कार्यकर्ताओं ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। SFI के राज्य सचिव दिनित देंटा ने कहा शुक्रवार को फीस वृद्धि के विरोध में कार्यकर्ता कैंपस में धरना दे रहे थे इस दौरान एक शिक्षक द्वारा एसएफआई के छात्रों के साथ मारपीट की गई है। उन्होंने शिक्षक पर आरोप लगाते हुए कहा कि छात्र को शिक्षक द्वार जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने कहा कि इस बाबत लक्कड़ बाजार चोकी में भी शिकायत दर्ज करवा दी गई है साथ ही प्रधानाचार्य को भी कंप्लेंट की गई है। दिनित देंटा ने शिक्षक पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब प्रिंसिपल ऑफिस में एसएफआई के कार्यकर्ता जा रहे है तो ये प्रोफ़ेसर छात्रों को डराने धमकाने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह से छात्रों को डराने का माहौल कॉलेज में बर्दाश्त नही किया जाएगा और आने वाले दिनों में SFI कॉलेज में उग्र आंदोलन करेगी। वहीं SFI के सचिव अंशुल ने कहा कि जब शुक्रवार को SFI कार्यकर्ता फीस वृद्धि व छात्र मांगो को लेकर कॉलेज कैंपस में प्रदर्शन कर रहे थे तो उसी समय कॉलेज के वरिष्ठ शिक्षक आते है और उनके साथ तथा अन्य कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट करते हैं। अंशुल ने शिक्षक पर गला दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस दौरान उनके कपड़े भी फट गए। उन्होंने कहा कि इसके उपरांत कॉलेज प्रशासन द्वारा लक्कड़ बाजार चौकी में गलत व्यवहार की झूठी शिकायत भी दर्ज करवाई गई । उन्होंने कहा कि SFI केवल धरने के माध्यम से छात्रों की मांगों को उठा रही थी।
सिरमौर: एक तरफ जिला में डेंगू का खतरा लगातार बढ़ रहा है, वहीं बरसात के इस मौसम में जनजनित रोगों के फैलने की आशंका भी बनी हुई है। वहीं, ऐसी स्थिति में गंदे पानी से बीमारियों का खतरा बना रहता है। नाहन विकास खंड की विक्रमबाग पंचायत के डाडूवाला गांव में लोगों को नियमित पेयजल की सप्लाई नहीं हो रही है। बीच-बीच में नल में आने वाला पानी गंदा और मटमेला है। इससे पीने से लोग बीमार हो रहे हैं। डाडूवाला गांव के ग्रामीण जल शक्ति विभाग के मटमैले पानी को एक बोतल में भर डीसी सिरमौर सुमित खिमटा के पास पहुंच गए और उन्हें इस संबंध में एक लिखित शिकायत सौंपी। ग्रामीणों ने डीसी को पानी दिखाते हुए कहा कि 'साहब आप खुद ही देख लें कि गांव में लोगों को किस तरह के पानी की सप्लाई हो रही है। इसके बाद ग्रामीणों ने मीडिया के समक्ष भी मटमैले पानी को रखते हुए समस्या के समाधान की गुहार लगाई। शिकायत लेकर पहुंचे ग्रामीणों ने कहा कि, 'पिछले 15 दिनों से पानी की सप्लाई गांव में नहीं हो रही है। सप्ताह में कभी-कभी पीने के पीनी की सप्लाई आती है। पीने के पानी की सप्लाई गांव में बनी योजना से होती है। इस योजना में प्राकृतिक स्त्रोत का पानी बहुत कम है। पानी की कमी को पूरा करने के लिए जल शक्ति विभाग सीधे मारकंडा नदी से पानी उठाकर लोगों के घरों में पहुंचा रहा है। यह पानी मटमैला और दूषित होता है। इसके चलते लोगों में बीमारियां फैलने का भी अंदेशा बना है। ग्रामीणों ने कहा कि, 'पानी की सप्लाई न होने के कारण लोग दूर-दराज से पानी ढोने या फिर टैंकरों के माध्यम से पानी खरीदने को मजबूर हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जल शक्ति विभाग से समस्या के समाधान की गुहार लगाई है, ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने के साथ-साथ नियमित रूप से पानी की सप्लाई हो सके। वहीं, इस मामले में जल शक्ति विभाग नाहन के अधिशासी अभियंता अरशद रहमान ने बताया कि डाडूवाला के ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल पेयजल समस्या को लेकर उनसे मिला था। जल शक्ति विभाग पानी को फिल्टर करने के बाद ही सप्लाई करता हैं कई बार बरसात के चलते ऐसी दिक्कत आ जाती हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में एसडीओ को समस्या के समाधान के निर्देश दिए गए हैं, जो शुक्रवार को मौके का दौरा करेंगे।
हिमाचल प्रदेश सरकार HRTC को घाटे से उभारने के लिए कई अहम फैसले लेने की तैयारी में है और खबर ये भी है कि महिलाओ को HRTC बसों में मिलने वाली 50 % छूट को घटाकर 25 % किया जा सकता है। इसके अलावा प्रदेश के सरकारी स्कूल के बच्चो के लिए HRTC बसों में फ्री सफर को बंद किया जा सकता है और बच्चो के लिए कम से कम और निर्धारित किराया तय करने पर भी सरकार विचार कर रही है। हाल में ही हुई कैबिनेट की बैठक में सरकार ने पुलिस कर्मियों को निगम की बसों में निशुल्क सफर बंद करने का फैसला लिया है। हालांकि इसके बाद पुलिस कर्मियों में रोष भी देखने को मिला है। पुलिस कर्मियों का कहना था कि उन्हें कभी भी फ्री सफर की सुविधा नहीं मिली। दरसल पुलिस कर्मियों को महीने के 250 रुपए देकर HRTC बसों में सफर करने की सुविधा मिलती थी। इससे पहले HRTC निदेशक मंडल की बैठक में निजी स्कूलों के बस पास की दरें दोगुना करने और कार्ड वैधता अवधि दो साल से घटा कर एक साल करने का निर्णय लिया जा चुका है। हालांकि बीते कुछ समय से निगम प्रबंधन द्वारा लिए गए फैसलों से HRTC की आय में बढ़ोतरी होनी शुरू हुई है। बीते सालों के मुकबले इस साल निगम की आय बढ़ी है और कर्मचारियों को भी वेतन महीने की पहली तारीख को मिला है। डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कुछ दिनों पहले कहा था कि HRTC को घाटे से उभारने के लिए सरकार अभी कई अहम फैसले लेगी। सरकार के इन फैसलों से बेशख लोगो को अपनी जेब थोड़ी ढीली करनी पड़े लेकिन निगम को घाटे से उभारने के लिए कुछ फैसले लेना तो ज़रूरी है।
**पीडब्ल्यूडी मंत्री ने अधिकारियों को औपचारिकताएं पूरी करने के दिए निर्देश लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि नाबार्ड के पास विभाग की विभिन्न परियोजनाओं से संबंधित 35 डीपीआर वर्तमान में लंबित हैं। उन्होंने इन लंबित डीपीआर को शीघ्र मंजूरी देने की आवश्यकता पर बल दिया और अधिकारियों को सभी आवश्यक औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि इन परियोजनाओं पर शीघ्र कार्य आरंभ किया जा सके। विक्रमादित्य सिंह शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए विभिन्न परियोजनाओं की लंबित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) और बारिश के कारण क्षतिग्रस्त सडक़ों और पुलों की मरम्मत कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने ने कहा कि प्रदेश में विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के समय पर क्रियान्वयन के लिए डीपीआर को शीघ्र मंजूरी प्रदान करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में तेजी आएगी। इससे क्षेत्र के लोग लाभान्वित होंगे। लोक निर्माण मंत्री ने हाल ही में हुई बारिश से क्षतिग्रस्त सडक़ों के मरम्मत कार्य की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को क्षतिग्रस्त पुलों की मरम्मत और सडक़ों की बहाली में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार कृषि क्षेत्र में हिम-उन्नति योजना लागू करने जा रही है। इस योजना के लिए 150 करोड़ रुपये दिए गए हैं। योजना से लगभग 1.92 लाख किसानों को प्रोत्साहन मिलेगा, जो पहले से ही 32,149 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर रसायनमुक्त खेती कर रहे हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्लस्टर-आधारित विकास मॉडल के माध्यम से कृषि क्षेत्र को आर्थिक रूप से व्यावहारिक बनाने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना होगा। योजना के तहत सरकार छोटे किसानों को एकीकृत करेगी, जिससे वह बड़ी मात्रा में उत्पादन कर सकें। यह पहल प्रदेश में चलाई जा रही विभिन्न कृषि योजनाओं को भी एकीकृत करेगी। इस योजना से विशेष रूप से छोटे व सीमांत किसानों, महिला किसानों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और गरीबी रेखा से नीचे रह रहे परिवार और समाज के कमजोर वर्गों के लोग लाभान्वित होंगे। योजना से 2600 केंद्रित कृषि समूहों के निर्माण से लगभग 50 हजार किसानों के लिए स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। इसके अलावा राज्य में सब्जियों और अनाजों की उत्पादकता में 15-20 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है। इस वित्त वर्ष के लिए 10 नए किसान उत्पादक संगठन स्थापित करने के लिए 50 करोड़ और कांटेदार तार लगाने के लिए 10 करोड़ का प्रावधान है।
** फल राज्य में अनुमान से भी कम उत्पादन रहने के आसार मौसम की मार से देश की मंडियों में इस बार हिमाचली सेब की महक फीकी पड़ने लगी है। देशभर में फल राज्य के नाम से विख्यात हिमाचल में पहले सर्दियों के मौसम में अच्छी बारिश और बर्फबारी न होने से सेब के लिए जरूरी चिलिंग आवर्स पूरे नहीं हुए थे। इसके बाद सेब में फ्लावरिंग के समय मौसम खराब रहने से और तापमान में आए उतार और चढ़ाव से फ्रूट सेटिंग कम हुई है। गर्मियों के मौसम में समय पर बारिश न होने से इस बार सेब के साइज पर भी असर पड़ा है, जिससे सेब की क्वालिटी पर प्रभाव पड़ा है। ऐसे में बागवानी विभाग ने पहले ही सेब उत्पादन कम रहने के आसार जताए थे, लेकिन अब मानसून सीजन में भी सेब को खासा नुकसान पहुंचा है, जिस कारण इस बार सेब उत्पादन अनुमान से भी कम रहने के आसार नजर आ रहे हैं। हिमाचल में इस बार सेब की पेटियों का उत्पादन 3 करोड़ पेटियों से कम रहने का अनुमान लगाया गया है।
हिमाचल प्रदेश में 31 जुलाई की रात को आई त्रासदी में 55 लोग लापता हुए थे, जिनमें से 28 शव रेस्क्यू टीम द्वारा बरामद किए गए हैं। वहीं, 14 शवों की शिनाख्त कर ली गई है, जबकि लापता लोगों के लिए अभी भी सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। समेज में आज 10वें दिन भी रेस्क्यू एंड सर्च ऑपरेशन जारी है।
** चालक व परिचालक सहित सभी सवारियां सुरक्षित कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर चक्कीमोड़ के समीप तंबू मोड़ में हरियाणा रोडवेज की बस अनियंत्रित होकर सड़क से बाहर निकल गई। हादसे में किसी को चोट नहीं आई है। चालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा होने से टल गया। सभी सवारियां सुरक्षित बताई जा रही हैं। हादसे के बाद कई यात्री दूसरी बसों में अपने गंतव्य की ओर निकल गए।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) में पीजी कोर्स की करीब 248 सीटें अभी भी खाली हैं। 22 विभागों में खाली पड़ी इनसब्सिडाइज्ड और नॉन सब्सिडाइज्ड सीटों को भरने के लिए 16 अगस्त तक आवेदन मांगे गए हैं। किस विभाग में कितनी सीटें खाली हैं, इसकी पूरी जानकारी विवि की वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. बीके शिवराम ने बताया कि खाली सीटों पर क्वालीफाइंग एग्जाम की मेरिट आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। खाली सीटों के लिए विद्यार्थी 16 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं। खाली सीटों की श्रेणी को बदलकर भरे जाने की प्रक्रिया विवरणिका में दिए नियमों के तहत की जाएगी। सीटों को भरने की प्रक्रिया के तहत प्रवेश पाने वाले विद्यार्थी छात्रावास सुविधा के लिए पात्र नहीं होंगे। एचपीयू की ओर से जारी ब्योरे के मुताबिक नॉन सब्सिडाइज्ड श्रेणी में अधिक सीटें खाली हैं। एमएफए पहाड़ी मिनिएचर पेंटिंग में 12, एमए ग्रामीण विकास में 9, एमसीए में 2 (पीडब्लूडी), एफवाईआईसीटीटीएम में 20, पीजी डिप्लोमा इन पापुलेशन स्टडीज में 3, एमए सोशल वर्क 3 (सामान्य श्रेणी), एमएससी एनवायरमेंटल साइंस में 2 सीटें खाली हैं। एमए एजुकेशन में 10, एमए विजुअल आर्ट में 4, एमएबी ग्रामीण विकास 14, एमएफए पहाड़ी मिनिएचर पेंटिंग में 15, एमए ग्रामीण विकास में 3, एमए डिफेंस एंड स्ट्रेटेजिक स्टडीज में 11, एमए पापुलेशन में 15, एमसीए में 2 जनरल, 10 एससी व 2 पीडब्ल्यूडी, एमएससी डाटा साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में एचपीयू जरनल 13, एसटी एक, एससी तीन, पीडब्ल्यूडी की एक सीट है। इसके अलावा एमए जेएमसी में एक नॉन, बीएचएम में 22, एफवाईआईसीटीटीएम में 10, एमटीटीएम में 10, पीजी डिप्लोमा इन पापुलेशन स्टडीज में 5, बेचलर इन लाइब्रेरी साइंस में 8, एमएससी माइक्रोबायोलॉजी में 3, एमए आर्कियोलॉजी एंड एनिशिएंट हिस्ट्री में 10, एमए योग स्टडीज में 1, डिप्लोमा इन योग स्टडीज में 5, पीजीडीडीडीएम में 6 और एमएससी एनवायरमेंटल साइंस में 3 सीटें खाली हैं।
मुकेश अग्निहोत्री ने सोनिया गांधी को सरकार और संगठन की गतिविधियों से अवगत कराया। जलशक्ति और परिवहन विभाग की योजनाओं की जानकारी भी दी। प्रदेश में बारिश से हुए नुकसान से भी अवगत कराया। वहीं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता और ठियोग से विधायक कुलदीप राठौर ने शुक्रवार को नई दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल, महासचिव मुकुल वासनिक, प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ल, फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की सदस्य व सांसद रजनी पाटिल से मुलाकात की। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात के दौरान राठौर ने सरकार और संगठन की गतिविधियों से अवगत कराया। मानसून सीजन के दौरान प्रदेश में हो रहे नुकसान की भी जानकारी दी। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर के दिल्ली दौरे से प्रदेश संगठन में बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। चुनावों के दौरान निष्क्रिय रहे पदाधिकारियों की संगठन से जल्द छुट्टी हो सकती है। बीते दिनों मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह भी राष्ट्रीय नेताओं से मुलाकात कर चुके हैं। इसी कड़ी में अब राठौर की मुलाकात के राजनीतिक गलियारों में कई मायने निकाले जा रहे हैं। ऐसे में आसार हैं कि आने वाले दिनों में संगठन में बड़ा फेरबदल हो सकता है।
एनएच के साथ लगतीं जिलों की सड़कों की मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग ने केंद्र से पैसा जारी करने के लिए रिमाइंडर भेजा है। सड़कों को दुरुस्त करने के लिए 52 करोड़ रुपये मांगे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से इस मामले को उठा चुके हैं। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी गडकरी से यह मामला उठाया है। बीते साल बरसात में आई प्राकृतिक आपदा के चलते हिमाचल में कई नेशनल हाईवे बंद हो गए थे। ऐसे में जिला सड़कों से वाहनों की आवाजाही हुई। उस दौरान केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने हिमाचल दौरे के दौरान केंद्र को प्रस्ताव भेजने की बात कही थी। हिमाचल में आपदा के चलते 17 पुल ढह गए। अकेले लोक निर्माण विभाग को 2913.05 करोड़ का नुकसान हुआ है। अन्य विभागों की अपेक्षा यह बहुत ज्यादा है। इन सड़कों की हालत दयनीय बनी हुई है। सड़कों पर गड्ढे पड़े हैं। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि एनएच बंद होने से वाहनों की आवाजाही जिला सड़कं और संपर्क मार्ग सहारा बने थे। केंद्र सरकार ने सड़कों को ठीक करने के लिए पैसा देने की हामी भरी थी, अभी यह पैसा नहीं मिला है।
डाक विभाग, देहरा मण्डल के अंतर्गत आने वाले सभी डाकघरों, उप डाकघरों, और शाखा डाकघरों, मे हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत बिक्री के लिए तिरंगे उपलब्ध हैं, जिसकी बिक्री 10 अगस्त से शुरू हो जाएगी। यह पहल "हर घर तिरंगा" अभियान के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करना और प्रत्येक नागरिक के घर पर तिरंगा लहराना है। इसका बिक्रय मूल्य 25 रुपए प्रति झण्डा तय किया गया है। तिरंगा खरीदने के इच्छुक नागरिक अपने नजदीकी डाकघर से संपर्क कर सकते हैं। यह अभियान 15 अगस्त, 2024 तक चलेगा। नागरिकों से अनुरोध है कि वे समय पर अपना तिरंगा खरीदकर इस राष्ट्रव्यापी अभियान में हिस्सा लें और देश की एकता और अखंडता का प्रतीक तिरंगा अपने घर पर फहराएं।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने आज हिमाचल प्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) ग्रामीण क्षेत्र में गारंटिड रोजगार अवसर प्रदान कर ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिकी सुदृढ़ करने और इन क्षेत्रों में अधोसंरचना निर्माण से गांवों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रदेश की लगभग 90 प्रतिशत आबादी बसती है और मनरेगा के तहत एक वर्ष में 100 कार्य दिवस का गारंटिड रोजगार प्रदान किया जाता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा मनरेगा के तहत अतिरिक्त बीस दिनों के कार्य दिवस का प्रावधान किया गया है, जिस पर होने वाला सम्पूर्ण खर्च प्रदेश सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने अप्रैल, 2024 से मनरेगा दिहाड़ी को 240 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दिहाड़ीदारों को लाभान्वित किया है। बैठक के दौरान वित्त वर्ष 2023-24 की वार्षिक रिपोर्ट को स्वीकृति प्रदान की गई और अवगत करवाया कि वित्त वर्ष 2023-24 में हिमाचल प्रदेश में 344 लाख से अधिक कार्य दिवस अर्जित किया गए, जिनमें से 64 प्रतिशत कार्य दिवस महिलाओं द्वारा अर्जित किए गए। वित्त वर्ष 2024-25 में जुलाई तक 144 लाख कार्य दिवस अर्जित किए गए हैं। मनरेगा को प्रदेश में लागू करने से अब तक इसके तहत 11 लाख 71 हजार 739 कार्यों में से लगभग 86 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि शेष कार्य निर्माणाधीन हैं। बैठक में बताया गया कि वित्त वर्ष 2023-24 में मनरेगा के तहत 1288 करोड़ 24 लाख रुपये से अधिक व्यय किया गया। वित्त वर्ष 2024-25 में जुलाई तक लगभग 688 करोड़ रुपये खर्च किए गए और 99 प्रतिशत से अधिक मामलों में समय पर मजदूरी का भुगतान किया जा चुका है। बैठक में हिमाचल प्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद के नामित सदस्यों ने परिषद के समक्ष अपने सुझाव प्रस्तुत किए। ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि परिषद के समक्ष आए सुझावों को लोगों के कल्याणार्थ एवं पंचायती राज संस्थानों को सुदृढ़ करने के दृष्टिगत प्रभावी रूप से केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। बैठक में निदेशक ग्रामीण विकास एवं आयुक्त मनरेगा राघव शर्मा, निदेशक मत्स्य पालन विवेक चन्देल और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज लोक निर्माण विभाग तथा राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए विभिन्न परियोजनाओं की लंबित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) और बारिश के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों की मरम्मत कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि नाबार्ड के पास विभाग की विभिन्न परियोजनाओं से संबंधित 35 डीपीआर वर्तमान में लंबित हैं। उन्होंने इन लम्बित डीपीआर को शीघ्र मंजूरी देने की आवश्यकता पर बल दिया और अधिकारियों को सभी आवश्यक औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए ताकि इन परियोजनाओं पर शीघ्र कार्य आरम्भ किया जा सके। उन्होंने कहा कि विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के समय पर क्रियान्वयन के लिए डीपीआर को शीघ्र मंजूरी प्रदान करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में तेजी आएगी, जिससे क्षेत्र के लोग लाभान्वित होंगे। लोक निर्माण मंत्री ने हाल ही में हुई बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों के मरम्मत कार्य की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को क्षतिग्रस्त पुलों की मरम्मत और सड़कों की बहाली में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि क्षेत्र के लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक डॉ. विवेक पठानिया और लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय वेदव्यास परिसर बलाहर में "सेहत अपने हाथों में" विषय पर एक महत्वपूर्ण व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. गुरिन्द्र सिंह ने "दर्द को बिना दवाइयों के कैसे ठीक कर सकते हैं" इस विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। डॉ. सिंह ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में तनाव और दर्द प्रबंधन के लिए कई प्राकृतिक और गैर-औषधीय उपायों पर प्रकाश डाला। उन्होंने ध्यान, योग, एक्युप्रेशर, और विभिन्न व्यायामों के महत्व पर बल दिया। वहीं उच्च रक्तचाप और कमर दर्द जैसी आम समस्याओं के लिए फिजियोथेरेपी के लाभों की भी चर्चा की। डॉ. गुरिन्द्र सिंह का व्याख्यान अत्यंत प्रभावशाली रहा। उन्होंने स्वास्थ्य के प्रति एक समग्र दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया, जिसमें शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों शामिल हैं। उनके व्याख्यान ने सभागार में मौजूद समस्त छात्र छात्राओं एवं शिक्षकों को यह समझने में मदद की कि कैसे वे अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव करके अपने स्वास्थ्य में सुधार ला सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने डॉ. सिंह के साथ एक संवादात्मक सत्र में भाग लिया।जहाँ उन्होंने विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी प्रश्नों के उत्तर दिए । इस अवसर पर परिसर निदेशक प्रो सत्यम कुमारी, विभिन्न विषयों के विभागाध्यक्ष,सहायकाचार्य,कर्मचारी एवं छात्र छात्राएं मौजूद रहे।
राजकीय महाविद्यालय डाडासीबा में नागपंचमी के अवसर पर छात्रों के बीच मेहंदी प्रतियोगिता करवाई गई । यह प्रतियोगिता इको क्लब के तत्वावधान में करवाई गई। इस बीच प्रोफेसर देवेन्द्र सिंह, प्रोफेसर खेमचंद और प्रोफेसर शीतल ने नागपंचमी का सम्बन्ध प्रकृति से जोड़कर अपने अपने विचार रखे । इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान निलाक्षी , द्वितीय स्थान गीतिका और तृतीय स्थान आरूषी ने हासिल किया। इस अवसर पर प्राचार्य ने भी छात्रों को नागपंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए अपने विचार रखे । इस अवसर पर वाणिज्य संकाय के प्रो. रामपाल और प्रो. पलक सिंह भी मौजूद रहे ।
हिमाचल प्रदेश भवन और अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने आज नई दिल्ली में केंद्र सरकार के श्रम महानिदेशक एवं अतिरिक्त सचिव कमल किशोर सोन और श्रम निदेशक पीके जिन्ना से भेंट की। उन्होंने श्रम महानिदेशक को प्रदेश में श्रमिकों के कल्याण के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए कई कारगर कदम उठा रही है। उन्होंने श्रम महानिदेशक से श्रमिकों के बच्चों के लिए डे बोर्डिंग स्कूल और सुविधा केंद्रों की स्थापना करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं के लिए बीओसीडब्ल्यू अधिनियम 1996 के तहत वित्त पोषण का प्रावधान किया जाए। उन्होंने बीओसीडब्ल्यू अधिनियम के तहत प्रशासनिक व्यय सीमा को 5 फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी करने का भी आग्रह किया ताकि इन कार्यक्रमों का अधिक प्रभावी कार्यान्वयन किया जा सके। कंवर ने श्रमिकों और उनके आश्रितों को विशिष्ट और उन्नत स्तर का कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए एजेंसियों को सूचीबद्ध करने का भी सुझाव दिया। उन्होंने इन सुझावों के सफल क्रियान्वयन के लिए निरंतर समर्थन और मार्गदर्शन का आग्रह किया। उन्होंने महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए श्रम महानिदेशक और श्रम निदेशक का आभार व्यक्त किया। श्रम महानिदेशक ने उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि नीति निर्धारण के दौरान प्रदेश के हितों का पूरा ख्याल रखा जाएगा। इस मौके पर वित्तीय अधिकारी नरेश चौहान भी उपस्थित थे।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव बाली ने आज धर्मशाला के ग्रीन प्लाजा 3 पार्क, नजदीक शहीद स्मारक में पौधारोपण कर एक विशेष वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शिखा लखनपाल ने बताया कि हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, शिमला के तत्वाधान में आयोजित वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ करते हुए आज जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव बाली ने पर्यावरण के संरक्षण और संवर्धन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने बताया कि राजीव बाली ने औषधीय पौधे आंवला को रोपित कर इस अभियान की शुरुआत की। उन्होंने इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए समाज के हर वर्ग को अधिक से अधिक वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित किया। राजीव बाली ने उपस्थित सभी लोगों को पर्यावरण की सुरक्षा और संवर्धन के प्रति जागरूक किया और इस दिशा में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। इस वृक्षारोपण अभियान के माध्यम से उन्होंने एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि ‘हमारा भविष्य हमारे वृक्षों में निहित है। इस दौरान प्रीति ठाकुर अध्यक्ष वक्फ बोर्ड धर्मशाला, राजेश चौहान अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश धर्मशाला, अनिल कुमार अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट धर्मशाला, नितिन मित्तल मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट धर्मशाला, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिखा लखनपाल, तथा ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास श्वेता नरूला ने भी पौधरोपण में भाग लिया। इस अभियान में सबको सम्मिलित करते हुए प्रभागीय वन अधिकारी दिनेश शर्मा, वन विभाग के कर्मचारी और राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, धर्मशाला की जमा एक की छात्राओं के साथ मिलकर पौधरोपण किया गया। उन्होंने बताया कि धर्मशाला में आयोजित वृक्षारोपण अभियान में आंवला, जामुन, बेहड़ा और अर्जुन जैसे औषधीय और छायादार पौधे लगाए गए, जो न केवल पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं बल्कि स्थानीय जैव विविधता को भी समृद्ध करेंगे।
** 27 अगस्त तक जमा कर सकते हैं आवेदन बाल विकास परियोजना धर्मशाला के अधीन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के तीन तथा आंगनबाड़ी सहायिका के 17 रिक्त पद भरे जाएंगे। बाल विकास परियोजना अधिकारी धर्मशाला रमेश जागवान ने जानकारी दी कि ग्राम पंचायत ढगवार के मसरेहड़ केंद्र, ग्राम पंचायत पासू पंतेहड़ के देहरू केंद्र तथा ग्राम पंचायत जूहल के बनगोटू में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद भरे जाने हैं। वहीं नगर निगम धर्मशाला के वार्ड नम्बर-1 के टैंगलवुड, वार्ड नम्बर-4 के कोतवाली बाजार, वार्ड नम्बर-7 के डिपो बाजार, वार्ड नम्बर-8 के उपरेहड़ तथा वार्ड नम्बर-15 के ठेहड़ केंद्रों में आंगनवाड़ी सहायिका के पद भरे जाने है। साथ ही ग्राम पंचायत रसेहड़ के रसेहड़, योल के लहसर, बरवाला के थम्बा, कजलोट के अप्पर सुधेड़, सुक्कड़ के खास सुक्कड़, शीला के शीला-2, गगल के गगल-2, मंदल के निचली भड़वार, ढगवार के मसरेहड़, झियोल के घियाणा खुर्द, नरवाणा खास के बलेहड़ तथा नरवाणा-2 केंद्रों में भी सहायिका के पद भरे जाएंगे। उन्होंने बताया कि इन पदों के लिए पात्र उम्मीदवार सादे कागज पर अपने संपूर्ण दस्तावेजों सहित 27 अगस्त शाम 5 बजे तक बाल विकास परियोजना अधिकारी धर्मशाला के कार्यालय में आवेदन जमा करवा सकते हैं। आवेदन के लिए 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग की महिला उम्मीदवार ही पात्र होंगी। उम्मीदवार उसी आंगनबाड़ी केंद्र के सर्वे क्षेत्र की स्थाई निवासी हो। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका के लिए जमा दो पास होना आवश्यक है। उम्मीदवार के परिवार की समस्त साधनों से वार्षिक आय 50 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इच्छुक अभ्यर्थी अधिक जानकारी के लिए बाल विकास परियोजना अधिकारी धर्मशाला के कार्यालय के मोबाइल नम्बर 7018095512 तथा 9418687263 में संपर्क कर सकते हैं। जिन महिला उम्मीदवारों ने उपरोक्त पदों के लिए पहले से आवेदन किया हुआ है, उन्हें दोबारा करने की आवश्यकता नहीं है।
** ज़िला स्तरीय शिकायत निवारण समिति की बैठक आयोजित स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल ने कहा कि शिकायत निवारण और सुशासन एक दूसरे के पूरक हैं और प्रदेश सरकार शिकायतों के त्वरित एवं उचित समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है। डॉ. शांडिल आज यहां ज़िला स्तरीय शिकायत निवारण समिति की त्रैमासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ज़िला प्रशासन की संवेदशीलता आमजन को समय पर सहायता पहुंचाने और उनके समस्याओं के निवारण में महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी अधिकारियों से आग्रह किया कि समस्याओं के समाधान के लिए विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय बनाए रखें और समस्याओं को निर्धारित समयावधि में सुलझाएं। डॉ. शांडिल ने कहा कि समस्या निवारण के साथ-साथ विकास कार्यों को गति प्रदान करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को समय पर पूर्ण करने से जहां धन की बचत होती है वहीं नागरिकों को समय पर सेवाएं मिलती हैं। उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों को समय पर पूरा करें। उन्होंने कहा कि जन-जन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, गुणावत्तायुक्त शिक्षा, अच्छी सड़कें और सामाजिक सेवाएं प्रदान करना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दिशा में योजनाबद्ध कार्य किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक में उपस्थित सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी सदस्यों से आग्रह किया कि नशे की सर्वव्यापी समस्या के समाधान के लिए एकजुट होकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि नशे पर नियंत्रण पाने के लिए हम सभी को सामुहिक रूप से आत्मचिंतन कर युवाओं को सही राह दिखानी होगी। इस दिशा में राज्य सरकार जहां रोज़गार एवं स्वरोज़गार बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रही है वहीं नशा निवारण केन्द्रों को आवश्यकताओं के अनुरूप मज़बूत बनाया जा रहा है। उन्होंने सभी से पौधरोपण कार्यक्रमों में बढ़-चढ़ कर भाग लेने और पौधों की देखभाल करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सहित ज़िला के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल कर्मियों की कमी को दूर करने के लिए पद भरने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि सुबाथू, डगशाई व कसौली सिविल क्षेत्र को छावनी क्षेत्र से बाहर करने के लिए जन भावनाओं का सम्मान हो। उन्होंने ज़िला में फोरलेन निर्माण वाले क्षेत्रों में प्राकृतिक जल स्त्रोतों के जीर्णोद्धार और विभिन्न स्थानों पर सम्पर्क मार्ग निर्माण के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को निर्देश देने के लिए कहा। उन्होंने नौणी में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन के निर्माण के लिए स्वास्थ्य विभाग एवं राजस्व विभाग को समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने क्यारी-खिन्ना मार्ग के निर्माण कार्य की समस्या को एक माह की अवधि में सुलझाने के निर्देश भी दिए। डॉ. शांडिल ने कहा कि भ्रष्टाचार के विरूद्ध प्रदेश सरकार की नीति ज़ीरो टॉलरेंस की है और इस दिशा में नियमित कार्य किया जा रहा है। बैठक में कुल 108 मदों पर सारगर्भित चर्चा कर अधिकांश का निपटारा सुनिश्चित बनाया गया। बैठक में अवगत करवाया गया कि गत वर्ष आई आपदा के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए राहत राशि प्रदान की गई है और प्रदेश सरकार द्वारा घोषित विशेष पैकेज के तहत भी सहायता प्रदान की जा रही है। नालागढ़ शहर में पेयजल समस्या के निदान के लिए लगभग 22 करोड़ रुपए की योजना निर्माणाधीन है। बैठक में जानकारी दी गई कि सुबाथू क्षेत्र के ग्राम खालटू में वोल्टेज की समस्या के निदान के लिए शीघ्र ही नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाएगा। धर्मपुर क्षेत्र में जल समस्या सुलझाने के लिए पुरानी योजना का संर्वद्धन और नई योजना बनाई जा रही है। उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने विश्वास दिलाया कि ज़िला शिकयत निवारण समिति की बैठक में प्रस्तुत विभिन्न शिकायतों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित बनाया जाएगा। अतिरिक्त उपायुक्त सोलन अजय कुमार यादव ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष शिव कुमार, प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव रमेश ठाकुर, खण्ड कांग्रेस समिति सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, ज़िला कांग्रेस समिति की उपाध्यक्ष संधीरा दुल्टा, कांग्रेस महासचिव संजय भण्डारी, समिति के गैर सरकारी सदस्य, पुलिस अधीक्षक सोलन गौरव सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजकुमार चंदेल, नगर निगम सोलन की आयुक्त एकता काप्टा, विभिन्न उपमण्डलाधिकारी एवं विभिन्न विभागो के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
**हिमाचल के राजनीतिक मसलों पर की चर्चा सीएम और कांग्रेस अध्यक्ष के बाद अब प्रदेश के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष और विधायक कुलदीप राठौर दिल्ली पहुंच गए है और दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिका अर्जुन खड़गे सहित कई नेताओं के साथ मुलाकात की। राठौर ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को हिमाचल में सरकार और संगठन को लेकर चर्चा की खास कर संगठन को मजबूत करने की बात कही। राठौर के दिल्ली जाने से सियासी सरगर्मियां भी तेज हो गई है। कुलदीप राठौर पहले भी संगठन के लोगो को सरकार में तरजीह न देने को लेकर बयान दे चुके है। सूत्रों की माने तो कुलदीप राठौर ने संगठन को मजबूत करने का आग्रह किया।
समेज त्रासदी के बाद आज नोगली में एक महिला का शव बरामद हुआ है। शव की पहचान कल्पना केदारटा पत्नी जयसिंह के तौर पर हुई है, जो कि ग्रीनको हाइड्रो प्रोजेक्ट में कार्यरत थी। रेस्क्यू टीम द्वारा शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रामपुर अस्पताल भेजा जा रहा है। ये जानकारी एसडीएम निशांत तोमर ने दी। समेज में आज रेस्क्यू ऑपरेशन का नौवां दिन है। त्रासदी के बाद अब तक 15 शव बरामद किए गए हैं, जिनमें से 4 शवों की शिनाख्त कर ली गई है।
समेज त्रासदी के बाद से चल रहे सर्च ऑपरेशन के नौवें दिन आज सुबह सुन्नी डैम के नजदीक दोघरी क्षेत्र में चार शव बरामद हुए है। प्रथम दृष्टया में दो शव पुरुषों के हैं और एक लड़की का शव है, जिसकी उम्र 14 से 15 साल बताई जा रही है। इसके साथ ही एक अन्य शव क्षत-विक्षत हालत में मिला है। यह भी प्रथम दृष्टया में महिला का बताया जा रहा है। यह जानकारी उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने दी। उन्होंने कहा कि शव क्षत-विक्षत है। शवों को रेस्क्यू किया जा रहा है, जिसके बाद इन्हे पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल में भेज दिया जाएगा। इसके साथ ही जिला प्रशासन कुल्लू को भी इसके बारे में सूचना दे दी गई है।
हिमाचल में मानसून सीजन में भारी बारिश से मचने वाली तबाही को रोकने के लिए सरकार ने अब सख्त कदम उठाए हैं। बरसात में भारी बारिश से नालों और नदियों में जलस्तर बढ़ने से साथ लगते भवन बाढ़ की चपेट में आने से हर साल जान और माल का काफी अधिक नुकसान हो रहा है। वहीं, इस साल 31 जुलाई की आधी रात को भी तीन जिलों शिमला, कुल्लू और मंडी में भी बादल फटने की घटना से नालों और खड्डों में बाढ़ आ गई, जिसमें 53 लोग लापता हुए थे। इसी तरह से कई घर बाढ़ की चपेट में आने से जमींदोज हो गए। भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने नालों और नदियों के साथ भवन बनाने के लिए नियम और शर्तों को सख्त बना दिया है। हिमाचल प्रदेश में अब लोगों को नालों और नदियों के साथ भवन निर्माण के समय नियमों की पालना करनी होगी। अब उचित दूरी के बाद ही मकान बनाने की अनुमति होगी, जिसके लिए सरकार ने नियम तय कर दिए हैं। इन नियमों के मुताबिक नालों से 5 मीटर और नदी से 7 मीटर छोड़कर ही भवन निर्माण करना होगा। इन नियमों को राजपत्र में प्रकाशित कर दिया गया है। इसके लिए जनता से सुझाव और आपत्तियां भी मांगी गई थी, जिसके बाद अब सरकार ने नियमों को लागू कर दिया है। इससे पहले नालों से 3 और नदियों से 5 मीटर की दूरी पर भवनों का निर्माण किया जाता था, लेकिन प्रदेश में पिछले साल मानसून सीजन में आई प्राकृतिक आपदा की वजह से नालों और नदी के किनारे बने भवनों को सबसे अधिक नुकसान हुआ था। इस साल भी तीन जिलों में बादल फटने की घटना हुई है, जिससे नालों में बाढ़ आने की वजह से कई घर इसकी चपेट में आ गए और 53 लोग पानी के तेज बहाव में बह गए, जिनकी तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इस दौरान कई शव भी बरामद हुए हैं। ऐसे में सरकार ने नालों और नदियों के साथ भवन निर्माण को लेकर तय नियमों में बदलाव किया है, ताकि प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान को रोका जा सके। ये नियम सूख चुकी खड्डों और नालों के किनारे बनने वाले भवनों पर भी लागू होंगे।
कुंडी में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी नव युवक मंडल कुंडी द्वारा जन्माष्टमी के उपलक्ष पर खेल-कूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें इस बार विक्रम शर्मा क्रिकेट मेमोरियल कप का भी आयोजन किया जाएगा, जो 12 अगस्त से 26 अगस्त तक आयोजित होगा। इसमें इच्छुक टीमें 11 अगस्त तक रजिस्ट्रेशन करवा सकती है। सभी टीमों को रजिस्ट्रेशन के लिए 2100 रुपए फीस रखी गई हैं, जिसमें विजेता टीम को 51000 व उपविजेता टीम को 11000 रुपए की नकद राशि दी जाएगी।
** प्रधानाचार्य ने चयनित विद्यार्थियों को किया सम्मानित इंदौरा: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मोहटली की +2 कक्षा की दो छात्राओं रिया और कल्पना का रिवालसर में हुए स्काउट एवं गाइड कैंप में राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए चयन हुआ हैं। इसमें उन्हें राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ-साथ कल्पना का चयन अगले वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय अवार्ड प्राप्त करने हेतु टेस्टिंग के लिए भी हुआ है। विद्यालय में पहुंचने पर प्रधानाचार्य बलविंदर कुमार ने चयनित विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस उपलब्धि के लिए विद्यालय को पूर्व स्काउट एंड गाइड प्रभारी नीलम कुमारी का महत्वपूर्ण योगदान रहा जिनके मार्गदर्शन मे यह उपलब्धि हासिल हुई हैं। इस अवसर पर स्कूल के स्काउट एंड गाइड प्रभारी अजय शर्मा, सीमा कुमारी, उप प्रधानाचार्य शैलजा कौशल, प्रवक्ता रविंद्र कुमार, विजय कुमार, सतपाल, सतीश कुमार, सविता भूषण, मुकेश कुमारी, सुनील कुमार, रूपलाल, सुमन ठाकुर, सुजाता ( D P E ) इंद्रजीत सिंह, प्रदीप शर्मा , राजीव ( एल ए ) उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स डिप्लोमा इन एलिमेंटरी एजुकेशन (डीएलएड) की स्पोर्ट्स काउंसलिंग में दस्तावेज न दिखा पाने अभ्यर्थियों को मुख्य श्रेणी में शामिल करेगा। इन अभ्यर्थियों को उनके पासिंग क्राइटेरिया के अनुसार आगे होने वाली काउंसलिंग प्रक्रिया में हिस्सा लेने का अवसर दिया जाएगा। उनकी स्पोर्ट्स कोटे की पात्रता को रद्द कर उन्हें जल्द ही आगे होने वाली मुख्य काउंसलिंग में हिस्सा लेने का अवसर मिलेगा। स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से डीएलएड-2024-26 के लिए जून में प्रदेश भर में 107 परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश परीक्षा करवाई थी। इस दौरान 17,646 अभ्यर्थियों ने भाग लिया था, जिनमें से शिक्षा बोर्ड ने 5,579 अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया था। इसके बाद शिक्षा बोर्ड ने स्पोर्ट्स कोटे की सीटें भरने को पहली और दो अगस्त को काउंसलिंग प्रक्रिया हुई। इसमें 116 अभ्यर्थियों को शार्टलिस्ट किया गया। इसमें सामान्य, एससी, एसटी और ओबीसी स्पाेर्ट्स श्रेणी में सर्टिफिकेटों की जांच पड़ताल पहली और दो अगस्त को बोर्ड मुख्यालय में की। दो दिन चली इस काउंसलिंग प्रक्रिया में कुल 62 अभ्यर्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। बोर्ड प्रबंधन की ओर से की गई दस्तावेजों की वेरिफकेशन के बाद अब 52 अभ्यर्थियों के दस्तावेज संबंधित कोटे की सीटें भरने के लिए सही पाए गए हैं, जबकि अन्य अभ्यर्थियों की स्पोर्ट्स कोटे की श्रेणी को रद्द कर दिया गया है। खेल श्रेणी के अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के दौरान खेलकूद प्रमाण पत्रों के आधार पर अंक प्रदान करने के लिए पात्र नहीं माना गया है। जिन्होंने अपने प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं करवाए हैं। उनकी खेल श्रेणी को रद्द कर उन्हें मुख्य श्रेणी में शामिल किया गया है। इसके अलावा जो अभ्यर्थी काउंसलिंग के दौरान अनपुस्थित रहे हैं, उन्हें भी मुख्य श्रेणी में शामिल किया गया है। अब यह अभ्यर्थी आगे होने वाली काउंसलिंग प्रक्रिया में हिस्सा ले सकेंगे।
स्कूली बच्चों के लर्निंग लेवल का मूल्यांकन करने के लिए हिमाचल में परख सर्वेक्षण-2024 नवंबर में होगा। समग्र शिक्षा निदेशालय, उच्च शिक्षा निदेशालय और प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। सर्वेक्षण की तैयारियों को लेकर वीरवार को समग्र शिक्षा निदेशालय शिमला में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा, उच्च शिक्षा निदेशक डा. अमरजीत शर्मा, अतिरिक्त उच्च शिक्षा निदेशक संजीव सूद, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक आशीष कोहली, अतिरिक्त प्रारंभिक शिक्षा निदेशक बीआर शर्मा सहित जिलों के उप शिक्षा निदेशक, डीपीओ और समग्र निदेशालय में तैनात नोडल अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में सर्वेक्षण के लिए बच्चों को तैयार करने की मकसद से सभी स्कूलों में जीरो पीरियड ( जीरो आवर) लगाने के निर्देश दिए गए। इनमें उन कक्षाओं के बच्चों की तैयारियां कराई जाएंगी जिनका सर्वेक्षण होना है। इस अवसर पर समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने कहा है कि राज्य सरकार परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण-24 में बेहतर प्रदर्शन को लेकर बेहद गंभीर है। साल 2021 में कराए गए नेशनल अचीवमेंट सर्वे में हिमाचल का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। ऐसे में इस सर्वे से पहले हिमाचल के स्कूलों में स्टेट लेवल अचीवमेंट सर्वे कराया गया था, जिससे कि बच्चों के सीखने के स्तर का आकलन किया जा सके। हालांकि इस सर्वे हम कुछ में बेहतर नहीं कर पाए हैं। ऐसे में परख सर्वेक्षण के लिए कड़ी मेहनत करने की जरूरत है।
जिला कुल्लू में नशा तस्करों पर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में पुलिस की टीम ने 107 ग्राम हेरोइन के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने हेरोइन को अपने कब्जे में ले लिया है और अब आरोपियों को अदालत में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। वहीं, आरोपियों से पुलिस द्वारा पूछताछ की जा रही है कि और कौन-कौन लोग इनके साथ शामिल हैं और कहां से वो ये नशा लेकर आए थे। एसपी कुल्लू डॉ. कार्तिकेयन गोकुलचंद्रन ने बताया कि पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर शाड़ाबाई में खेम राज के रिहायशी मकान की नियमानुसार चैकिंग की, तो इस दौरान घर से 107 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। वहीं, पुलिस ने खेम राज (उम्र 34 साल) निवासी भुंतर, प्रवेश कुमार (उम्र 32 साल) निवासी लुधियाना और भोला दत्त (उम्र 42 साल) निवासी भुंतर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया हैं। तीनों आरोपियों के कब्जे में बड़ी मात्रा में हेरोइन बरामद की है। तीनों आरोपियों के खिलाफ पुलिस थाना भुंतर में धारा 21, 29 मादक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले में पुलिस की जांच जारी है।
जिला मंडी में चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे पर औट के खोती नाला के पास एक 18 टायर वाला ट्रक बीती रात पलट गया। इस ट्रक पर हेवी मशीनरी लदी हुई थी। ट्रक पलटने के कारण चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे खोती नाला से आगे बड़ी गाड़ियों के लिए बंद हो गया है। घटना वीरवार रात करीब 9:00 की है। वहीं, हादसे की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और आगामी कार्रवाई शुरू की। गनीमत रही की हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। एएसपी मंडी सागर चंद्र ने बताया कि चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे पर 18 टायर का एक ट्रक हेवी मशीनरी लेकर गुजर रहा था। तभी खोती नाला के पास ये ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट जाता है, हालांकि अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है कि ये ट्रक मशीनरी लेकर कहां जा रहा था। इस ट्रक के सड़क पर पलटने से नेशनल हाईवे पर बड़ी गाड़ियों की आवाजाही बंद हो गई है, जबकि छोटी गाड़ियों को एक तरफा ट्रैफिक रोक-रोक कर भेजा जा रहा है। मंडी से कुल्लू की ओर आने वाली सभी भारी गाड़ियों को पंडोह के आर्मी ट्रांजिट कैंप व मंडी के बिंद्रवणी में रोका जा रहा है। वहीं, मनाली से मंडी की ओर आने वाले भारी वाहनों को औट से पीछे रोक दिया गया है।


















































