देश की राजधानी दिल्ली में स्थित संसद के करीब 400 कर्मचारी औचक टेस्ट के दौरान कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। राष्ट्रीय राजधानी में नए मामलों के अचानक बढ़ने के मद्देनजर 6-7 जनवरी को औचक परीक्षण किया गया था। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, राज्यसभा सचिवालय के 65, लोकसभा सचिवालय के करीब 200 और संसद में काम करने वाले अन्य 133 लोग 4 से 8 जनवरी के दौरान कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्यसभा के चेयरमैन वेंकैया नायडू (Venkaiya Naidu) ने दिशानिर्देश जारी किए हैं। कर्मचारियों की उपस्थिति पर प्रतिबंध:- राज्यसभा सचिवालय (Rajya Sabha Secretariat) ने अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति पर प्रतिबंध लगा दिया है। नवीनतम निर्देशों के अनुसार, अवर सचिव/कार्यकारी अधिकारी के पद से नीचे के 50 फीसदी अधिकारियों और कर्मचारियों को इस महीने के अंत तक घर से ही काम करना होगा। वे कुल कर्मचारियों का लगभग 65 फीसदी हैं। विकलांग और गर्भवती महिलाओं को कार्यालय में उपस्थित होने से छूट दी गई है। सभी आधिकारिक बैठकें वर्चुअली होंगी। राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने निर्देश दिया कि सभी 1300 अधिकारियों और कर्मचारियों का कोरोना टेस्ट किया जाए। उनका संक्रमण ठीक होने पर कड़ी निगरानी रखी जाए और जरूरत पड़ने पर अस्पताल में भर्ती होने और इलाज में मदद की जाए। वहीं शनिवार की शाम को राष्ट्रीय राजधानी में 20,181 नए कोविड मामले दर्ज किए गए, जो पिछले आठ महीनों में सबसे अधिक हैं। नए मामलों ने शहर में संक्रमण की संख्या को 15 लाख 26 हजार 979 तक पहुंचा दिया है। सात और मौतें दर्ज होने के बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर 25,143 हो गई है।
दिल्ली में कोविड-19 संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इस बीच कोरोना से ठीकर होकर काम पर लौटे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि आज शाम जो बुलेटिन आएगा उसमें करीब 22 हजार कोरोना के नए केस सामने आएंगे। दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामले पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि लॉकडाउन लगाने की कोई मंशा नहीं है। एलजी और वह पूरे हालात पर नजर रखे हुए हैं। कल डीडीएमए (DDMA) की बैठक है जिसमें हालातों की समीक्षा करेंगे. केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार से वो लगातार संपर्क में हैं और केंद्र का पूरा सहयोग दिल्ली सरकार को मिल रहा है। कोरोना से घबराने की जरुरत नहीं- केजरीवाल, ''लॉकडाउन की कोई मंशा नहीं'' : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा आप लोगों ने खूब दुआएं दी इसके लिए शुक्रिया। मुझे दो दिन बुखार रहा लेकिन कोविड प्रोटोकॉल के हिसाब से 7-8 दिन आइसोलेशन (Isolation) में रहा। इस दौरान सभी अधिकारियों के सम्पर्क में था और कोरोना संक्रमण को लेकर स्थिति पर नजर बनाई हुई थी। उन्होंने कहा कि रविवार शाम को जो बुलेटिन जारी होगा उसमें लगभग 22 हजार कोरोना के नए केस आ सकते हैं लेकिन घबराने की ज़रूरत नहीं है। शनिवार को 20 हजार केस आये थे इससे पहले 7 मई को इतने ही मामले सामने आए थे तब 341 लोगों की मौत हुई थी। शनिवार को इतने ही मामलों में 7 लोगों की जान गई है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में पिछले साल मई में 20 हजार बेड भर गये थे लेकिन अभी डेढ़ हजार के आसपास बेड ही भरे हैं। हालांकि उन्होंने सावधानी बरतने और मास्क अनिवार्य रूप से पहनने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कई लोग लॉकडाउन को लेकर पूछते हैं. हम लॉकडाउन नहीं लगाना चाहते हैं। लॉकडाउन लगाने की हमारी कोई मंशा नहीं है. कम से कम पाबंदियां लगाना चाहते हैं. पिछली बार की लहर से हमने पार पा लिया और इस बार पर हम जरूर इससे पार पा लेंगे. जिन्होंने वैक्सीन नही लगायी है वो जरूर वैक्सीन लगा लें। जिनको कोरोना हुआ है उनको घबराने की जरूरत नहीं है। ये माइल्ड कोरोना है। इसमें जान का खतरा नहीं होगा, अस्पताल जाने की जरूरत नहीं होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पंजाब में सुरक्षा चूक पर हिमाचल के राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ अर्लेकर को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, सरकार में मंत्रि सुरेश भारद्वाज, राम लाल मार्कण्डेय, राजीव सैजल, महामंत्री त्रिलोक जम्वाल, महापौर सत्या कौंडल, मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा, सचिव प्यार सिंह कंवर, ज़िला अध्यक्ष रवि मेहता, मंडल अध्यक्ष राजेश शारदा, दिनेश ठाकुर की उपस्थिति में ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा कि भारत के इतिहास में पंजाब की पुण्य भूमि पर कांग्रेस के खूनी इरादे नाकाम रहे, जो लोग कांग्रेस में प्रधानमंत्री से घृणा करते हैं, वो आज उनकी सुरक्षा को नाकाम करने के लिए प्रयासरत थे। कश्यप ने कांग्रेस सरकार को पूरी तरह फेल करार दिया और कहा कि सुरक्षा में कमी को जानते हुए भी पंजाब पुलिस मूकदर्शक बनी रही। कश्यप ने कहा कि जानबूझकर प्रधानमंत्री मोदी के सुरक्षा दस्ते को झूठ बोल गया? जिन लोगों ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा को भंग किया, उन लोगों को प्रधानमंत्री की गाड़ी के पास तक किसने और कैसे पहुंचाया? वहीं, उन्होंने पूछा कि राज्य सरकार की ओर से सुरक्षा का नेतृत्व करने वालों ने पीएम को सुरक्षित करने के किसी भी आह्वान या प्रयासों का जवाब क्यों नहीं दिया? इस पूरे मामले पर सख्त से सख्त कार्यवाही होनी चाहिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पंजाब के फिरोजपुर में एक जनसभा को सम्बोधित करना था परन्तु वे सभा स्थल तक नहीं पहुंच सके, क्योंकि रास्ते में पंजाब सरकार द्वारा संरक्षित उपद्रवियों एवं तथाकथित किसान संगठनो ने सुनियोजित ढंग से रास्ते को अवरूद्ध किया हुआ था जिसके कारण प्रधानमंत्री को लगभग 20 मिनट तक एक फ्लाईओवर पर रूकना पड़ा जोकि उनकी सुरक्षा में बहुत बड़ी चूक एवं उनके खिलाफ सोची समझी साजिश का स्पष्ट प्रमाण है। देश के इतिहास में प्रधानमंत्री की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक अब से पहले कहीं पर भी और कभी भी नहीं देखी गई है। पंजाब राज्य में कांग्रेस पार्टी की सरकार है और ऐसे में प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान उनकी सम्पूर्ण सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी राज्य सरकार की थी परन्तु पंजाब राज्य की कांग्रेस सरकार प्रधानमंत्री की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने में पूरी तरह नाकाम रही जिसके कारण प्रधानमंत्री की जान जोखिम में पड़ गई। कई महत्वपूर्ण तथ्यों एवं दस्तावेजों से यह बात सामने आई है कि यह कांग्रेस सरकार की घोर लापरवाही है जोकि उनके केन्द्रीय नेतृत्व के ईशारे पर हुई है। इससे पूर्व भी भारत ने दो पूर्व प्रधानमंत्री सुरक्षा व्यवस्था में चूक के कारण खोए हैं और पंजाब की कांग्रेस सरकार की जानबूझकर की गई इस लापरवाही के कारण एक बार फिर देश के प्रधानमंत्री की जान को खतरा पैदा हो गया था। कांग्रेस सरकार की इस घोर लापरवाही की पूरे राष्ट्र में पूरजोर निंदा हो रही है और लोगों में आक्रोश है कि कैसे कोई सरकार प्रधानमंत्री की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कर सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा यह दिन इतिहास में काले अध्याय के रूप में याद किया जाएगा जब कांग्रेस के खूनी मंसूबे पंजाब की पवित्र भूमि पर विफल हो गए। देश ने आज तक न तो आतंकवाद के सबसे बुरे दौर में और न ही आतंक प्रभावित क्षेत्रो में ऐसी स्थिति का सामना किया है। भारत के इतिहास में किसी भी राज्य के पुलिस बल को प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था को पटरी से उतारने के निर्देश नहीं दिए गए थे और न ही किसी राज्य सरकार ने देश के प्रधानमंत्री को चोट पहुंचाने की साजिश रची थी। यह जो कुछ भी हुआ सोची समझी साजिश के तहत हुआ है। प्रधानमंत्री के काफिले के रूट की पूरी सुरक्षा व्यवस्था पंजाब पुलिस द्वारा की गई थी और प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार भी थी। पंजाब पुलिस ने प्रधानमंत्री के सुरक्षा अधिकारियों को भी आश्वस्त किया था कि मार्ग पूरी तरह से सुरक्षित है लेकिन फिर पंजाब पुलिस के डी0जी0पी0 ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा टीम को रास्ते के बारे में झूठी जानकारी एवं आश्वासन क्यों दिया और किसके कहने पर दिया, यह अपने आप में बहुत बड़ा सवाल है। जयराम ठाकुर ने कहा हम सभी जानते हैं कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए एक सैट प्रोटोकाॅल होता है जिसके तहत प्रत्येक राज्य सरकार सुरक्षा के इंतजाम करती है परन्तु पंजाब सरकार ने प्रधानमंत्री के सुरक्षा प्रोटोकाॅल के साथ मजाक किया है। प्रोटोकाॅल के तहत मुख्यमंत्री, सरकार के मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेशक को प्रधानमंत्री जी की अगुवानी के लिए ऐयरपोर्ट पर उपस्थित रहना था, परन्तु ऐसा नहीं हुआ। जब प्रधानमंत्री का काफिला बठिंडा ऐयरपोर्ट से सभा स्थल की ओर रवाना हुआ तो उनके तय रूट पर सरकार के संरक्षण में चल रहे धरना-प्रदर्शन के कारण एक फ्लाईओवर पर उनका काफिला रोकना पड़ा। प्रधानमंत्री की सुरक्षा में हुई इस भारी चूक को लेकर जब प्रधानमंत्री के सुरक्षाकर्मियों ने इस बारे पंजाब सरकार में उच्च अधिकारियों से सम्पर्क करना चाहा तो पंजाब मुख्यमंत्री कार्यालय ने बात ही नहीं की, जिससे साबित होता है कि इस पूरे घटनाक्रम में पंजाब सरकार की मिलीभगत थी। गौरतलब है कि जिस जगह प्रधानमंत्री का काफिला रूका था वह क्षेत्र पाकिस्तान की फायरिंग रेंज में आता है। पंजाब की बेहद अक्षम और गैर जिम्मेदाराना सरकार की लापरवाही के कारण प्रधानमंत्री की जान खतरे में पड़ गई। यह तो देश के करोड़ो देशवासियों की दुआएं हैं कि आज देश के प्रधानमंत्री हम सबके बीच सही सलामत हैं अन्यथा देश किसी भयंकर मुसीबत में आ सकता था। इससे अधिक शर्मनाक और निंदनीय बात क्या हो सकती है कि कांग्रेस पार्टी के नेता अपनी सरकार की लापरवाही को नजरअंदाज कर रहे हैं और इस घटना पर अमर्यादित टिप्पणियां एवं गैर जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं। जयराम ने कहा पंजाब में अराजकता का माहौल है। पंजाब में हर साजिश की जड़ में कांग्रेस का हाथ है, आतंकवाद और अलगाववाद की जन्मदाता भी कांग्रेस ही है। ऐसी अक्षम, लापरवाह, गैर जिम्मेदार और अकर्मण्य सरकार को सत्ता में रहने का कोई हक नहीं है। ऐसी सरकार राष्ट्र एवं राज्य के लिए घातक हो सकती है इसलिए इस ज्ञापन के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश आपसे आग्रह करती है कि पंजाब सरकार के इस कृत्य की उच्च स्तरीय जांच की जाए तथा दोषियों के खिलाफ जल्द से जल्द सख्त कार्यवाही की जाए और वहां राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए ताकि राज्य में कानून व्यवस्था बनी रहे और भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही की ना हो सके।
उत्तर प्रदेश समेत 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। उत्तर प्रदेश में 403 सीटों के लिए 7 चरणों में चुनाव होंगे। उत्तराखंड की सभी 70 विधानसभा सीटों के लिए 1 चरण में चुनाव होंगे। पंजाब की 117 विधानसभा सीटों पर 1 चरण में मतदान होगा। गोवा में 40 विधानसभा सीटों के लिए भी 1 चरण में ही वोटिंग होगी। मणिपुर में 60 सीटों पर 2 चरण में चुनाव संपन्न होंगे। यूपी में पहला चरण 10 फरवरी, दूसरा चरण 14 फरवरी, तीसरा चरण 20 फरवरी, चौथा चरण 23 फरवरी, पांचवा चरण 27 फरवरी, छठा चरण 3 मार्च, सातवां चरण 7 मार्च को होगा। इसके अलावा 14 फरवरी को यूपी के साथ ही पंजाब, गोवा और उत्तराखंड में वोटिंग होगी। इन तीन राज्यों में एक ही चरण में वोटिंग होगी। मणिपुर में 27 फरवरी और 3 मार्च को दो चरणों में वोटिंग होगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि 15 जनवरी तक किसी भी तरह के रोड शो, पदयात्रा, साइकिल या बाइक रैली या फिर जुलूस की इजाजत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि 15 जनवरी के बाद स्थिति की समीक्षा की जाएगी और नए आदेश जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा, 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक, विकलांग व्यक्ति और कोविड-19 रोगी डाक मतपत्र से मतदान कर सकते हैं।
राजधानी शिमला में सुबह से ही बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। लंबे इंतजार के बाद शिमला शहर में पर्यटकों को बर्फ देखने को मिली है जिससे पर्यटकों के चेहरे खिल उठे हैं। पर्यटक बर्फबारी में खूब आनंद ले रहे हैं व बर्फबारी में अठखेलियाँ कर रहे हैं। वंही मौसम विभाग ने 8 व 9 जनवरी को प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जिसका असर सुबह से ही देखने को मिल रहा है। शिमला घूमने आए पर्यटकों का कहना है कि यह उनके लिए किसी जन्नत से कम नही है। वह बर्फबारी की उम्मीद से शिमला आए थे जो पूरी हो गयी है।
तमाम उठापटक और जोरदार हंगामे के बीच चंडीगढ़ में नगर निगम का मेयर चुनाव बीजेपी ने जीत लिया है। बीजेपी की सरबजीत कौर चंडीगढ़ की नई मेयर होंगी। सरबजीत कौर को 14 वोट मिले हैं, जबकि आम आदमी पार्टी के हिस्से में 13 वोट आए है। आम आदमी पार्टी का एक वोट वैलेट पेपर फटा होंगे के कारण रद्द हो गया था, जिसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने जबरदस्त हंगामा किया। कांग्रेस और अकाली दल वोटिंग में शामिल नहीं हुआ। मेयर के चुनाव के बाद आम आदमी पार्टी ने मेयर की कुर्सी और आसपास हंगामा किया। इस दौरान जमकर नारेबाज़ी भी की गई। हंगामा इतना बढ़ गया कि पुलिस भी बुलानी पड़ी। इस दौरान आप पार्षद मेयर की कुर्सी के पास धरने पर भी बैठ गए। आप पार्षद एक वोट रद्द होने से नाराज़ थे।
राजधानी दिल्ली में बढ़ते कोरोना वायरस के बाद आज से वीकेंड कर्फ्यू की शुरुआत हो चुकी है। वीकेंड कर्फ्यू सोमवार सुबह 5 बजे तक जारी रहेगा। दिल्ली में कोरोना के पिछले 24 घंटे में 17 हजार 335 नए केस सामने आए हैं। इसके साथ ही दिल्ली में कोरोना के एक्टिव मरीजों का आंकड़ा 39 हजार के पार पहुंच गया है और संक्रमण दर 17.73 फीसद है। कर्फ्यू के दौरान दिल्ली में बस और मेट्रो 100 फीसदी क्षमता के साथ चलेंगी, लेकिन सिर्फ उन्हीं लोगों को यात्रा की इजाजत मिलेगी जो जरूरी सेवाओं से जुड़े हैं। जांच के दौरान ऐसे लोगों को आईकार्ड भी दिखाना होगा।
हिमाचल प्रदेश में शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी चिट्टे व अन्य सिंथेटिक ड्रग माफियों ने कब्जा जमा लिया है। लगभग रोजाना ही पुलिस चिट्टे के साथ युवकों को दबोच रही है, लेकिन फिर भी इनके हौसले बुलंद हैं। पुलिस छोटे-छोटे पेडलरों या उपभोक्ताओं को तो पकड़ रही है, लेकिन बड़ी मछलियां उनके हाथों से कोसो दूर है। ताज़ा मामले में पुलिस ने जिला शिमला के तारादेवी में दो व झाखडी में दो अलग-अलग स्थानों से नशे की खेप के साथ चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चारों मामलों में एनडी एंडपीएस अधिनियम की धारा 21 के तहत मामला दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार गत शुक्रवार शाम पेट्रोलिंग के दौरान हैड कांस्टेबल ललित ने कर्मचारियों के साथ गश्त के दौरान तारादेवी-टुटू बाईफरकेशन के पास सोलन से शिमला की ओर आ रही एक एचआरटीसी बस संख्या एचपी 63ए-4062 को चेकिंग के लिए रोका तो उसमें सवार राहुल सलोत्रा निवासी सेट नं.10 बालूगंज से 9.02 ग्राम चिट्टा बरामद किया। एचसी हरीश मामले की जांच कर रहे हैं। वंही दूसरा मामला भी तारादेवी से ही सामने आया है। एचआरटीसी कार्यशाला तारादेवी के पास एएसआई अम्बी लाल ने कर्मचारियों के साथ गश्त के दौरान एक एचआरटीसी बस संख्या एचपी 30-5146 को चेकिंग के लिए रोका तो उसमें सवार मनोज कुमार निवासी वीपीओ जांगला तहसील चिड़गाव के कब्जे से 23.80 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया। एलएचसी रेखा मामले की जांच कर रही है। दोनों मामलों में पुलिस थाना बालूगंज में मामला दर्ज किया गया है। इसी तरह झाकड़ी के रतनपुर में एचसी संजीव कुमार ने अन्य जवानों के साथ गश्त के दौरान शुक्रवार शाम 7 बजे योगेश उर्फ गोल्डी निवासी गसोह पीओ झाकड़ी के कब्जे से 94.77 ग्राम चरस बरामद किया। एचसी संजीव कुमार मामले की जांच कर रहे हैं। वहीं आज सुबह 5 बजे एनएच-05 झाकड़ी में गश्त के दौरान एचसी चंद्र मोहन व उनके सहयोगी जवानों ने कृष्ण देव निवासी ग्राम ग्रेंज पीओ और तहसील निचार जिला किन्नौर के कब्जे से 4.32 ग्राम चिट्टा बरामद की। एचसी चंद्र मोहन मामले की जांच कर रहे हैं। इन दोनों मामलों में पुलिस स्टेशन झाखडी में मामला दर्ज किया गया है।
पांच राज्यों की विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान चुनाव आयोग आज दोपहर 3.30 बजे करेगा। इस साल उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों की तारीखों का एलान ऐसे समय पर किया जा रहा है, जब देश में कोरोना अपना प्रचंड रूप दिखा रहा है। उत्तर प्रदेश में जहां 403 सीटों पर मतदान होगा। वहीं गोवा में 40 विधानसभा सीटों के लिए सभी पार्टियां जान झोंके हुए हैं। पंजाब में 117 सीटों पर विधानसभा चुनाव होंगे। उत्तराखंड में 70 विधानसभा सीट है। जबकि मणिपुर में 60 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव की तारीखों का ऐलान होगा। इन तारीखों के ऐलान के साथ ही इन सभी राज्यों में चुनाव आचार संहिता लागू हो जाएगी। बताया जा रहा है कि यूपी में 7-8 चरणों में चुनाव हो सकते हैं। जबकि उत्तराखंड में 2 चरणों में चुनाव कराए जा सकते हैं। मणिपुर और गोवा में एक चरण में चुनाव हो सकता है। पंजाब में 2-3 चरणों में चुनाव हो सकते है।
देश में जानलेवा कोरोना वायरस महामारी की रफ्तार बेकाबू हो रही है। साथ ही कोरोना के सबसे खतरनाक वेरिएंट ओमिक्रोन के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के एक लाख 41 हजार 986 नए केस सामने आए हैं। वहीं, 285 लोगों की मौत हो गई। देश में अबतक कोरोना के ओमिक्रोन वेरिएंट के 3071 मामले सामने आ चुके हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 4 लाख 72 हजार 169 हो गई है। वहीं, इस महामारी से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 4 लाख 83 हजार 463 हो गई है। आंकड़ों के मुताबिक, कल 40 हजार 485 लोग ठीक हुए, जिसके बाद अभी तक 3 करोड़ 44 लाख 12 हजार 740 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने गुरुवार को अपना 57वां जन्मदिन धूमधाम से मनाया। उनके जन्मदिन के असवर पर पूरे प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जगह-जगह पर केक काटे गए। खुद मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी निवास ओक ओवर के परिसर में इस मौके पर सराजी नाटी डाली। मुख्यमंत्री के साथ धर्मपत्नी डॉ. साधना ठाकुर ने भी लोकनृत्य किया। इससे पहले सुबह मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने जन्मदिवस पर पूजा-अर्चना की। इस दौरान सीएम के सरकारी आवास ओकओवर में बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों, केंद्रीय मंत्रियों आदि ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।
देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना मामलों के बीच केंद्र सरकार ने कोरोना टीकाकरण के तहत 15-18 वर्ष के बीच के बच्चों के लिए टीकाकरण की मंजूरी दी थी। जिसके बाद भारत बायोटेक ने बुधवार को जानकारी देते हुए कहा है कि उसकी COVID-19 वैक्सीन कोवाक्सिन का डोज दिए जाने के बाद किसी भी दर्द निवारक या पेरासिटामोल दवा को दिए जाने सिफारिश नहीं की जाती है। भारत बायोटेक का यह बयान उस समय आया है जब उसे फीडबैक मिला कि कुछ टीकाकरण केंद्र बच्चों के लिए कोवैक्सीन के साथ तीन पैरासिटामोल 500mg टैबलेट लेने की सिफारिश कर रहे हैं। इस पर कंपनी ने साफ करते हुए कहा है कि इस तरह के कदम उठाए जाने की आवश्यकता नहीं थी। भारत बायोटेक का कहना है कि कुछ अन्य COVID-19 वैक्सीन लगाए जाने पर बुखार की शिकायत होने पर पैरासिटामोल दिए जाने की बात कही गई है। वहीं कोवाक्सिन के डोज के बाद किसी तरह के पैरासिटामोल या दर्द निवारक को रिकमेंड नहीं किया गया है। कंपनी का कहना है कि 30 हजार लोगों पर किए गए उनके क्लिनिकल टेस्ट में लगभग 10 से 20 प्रतिशत पर ही साइड इफेक्ट्स देखने को मिला, इनमें से अधिकतर काफी हल्के सिम्पटम दिखाई दिए, जो 1-2 दिन में ठीक हो गए, जिन्हें किसी तरह की दवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी। बता दें कि पिछले महीने ही भारत के औषधि महानियंत्रक ने कुछ शर्तों के साथ 12 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के लिए स्वदेशी रूप से विकसित भारत बायोटेक के कोवाक्सिन को इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी दी थी।
हिमाचल प्रदेश मेडिकल ऑफिसर संघ की बैठक नए वेतन आयोग को लेकर आयोजित की। इस बैठक की अध्यक्षता प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ राजेश राणा ने की। संघ के महासचिव डॉ पुष्पेंद्र वर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश मेडिकल ऑफिसर संघ वेतन आयोग की सिफारिशों से खासा नाखुश उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने हमें वादा किया था कि हमारे नॉन प्रैक्टिसिंग अलाउंस को पंजाब की तर्ज पर कम नहीं किया जाएगा। लेकिन उसे अब उसी तर्ज पर 25% से कम कर कर 20% कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश के चिकित्सकों के साथ बहुत बड़ा अन्याय है। संघ के महासचिव डॉ पुष्पेंद्र वर्मा ने कहा कि बरसों तक हमारे चिकित्सकों की कोई तरक्की समय अनुसार नहीं हो रही है। बहुत से ब्लॉक में बीएमओ के पद खाली पड़े हुए हैं, बरसों से चिकित्सक अपनी तरक्की की राह देख रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार ने महामारी के समय चिकित्सकों को इंसेंटिव भत्ता देने की बात भी कही थी लेकिन आज तक किसी भी तरह का कोविड भत्ता मेडिकल ऑफिसर्स को नहीं दिया गया। संघ का कहना है कि यदि समय रहते उनकी मांगो को नहीं माना गया तो मज़बूरन उन्हें संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा। बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ चांदनी राठौर, कांगड़ा के महासचिव डॉ सनी धीमान, मंडी के महासचिव डॉ विकास ठाकुर, प्रदेश संयुक्त सचिव डॉ निशांत ठाकुर, मंडी महासचिव डॉ विजय राय, आरडीए नेरचौक प्रधान डॉ विशाल जमवाल, आरडीए महासचिव टांडा डॉ मनोज ठाकुर, डॉक्टर जयंत ठाकुर हमीरपुर सचिव, डॉ मोहित डोगरा शिमला, डॉक्टर घनश्याम वर्मा प्रदेश कोषाध्यक्ष, डॉ प्रवीण चौहान व अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
देश में बढ़ते कोविड मामलो की रफ्तार को देखते हुए सीमा सुरक्षा बल ने अटारी में भारत-पाकिस्तान सीमा पर फ्लैग रिट्रीट सेरेमनी के समारोह में सार्वजनिक प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। गौरतलब है कि सितंबर 2021 में ही इस सेरेमनी को सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए एक बार फिर से खोला गया था। दरअसल कोरोना महामारी के चलते मार्च 2020 में दुनियाभर में चर्चित अपनी तरह की इस सेरेमनी को दोनो ही देशों ने बंद कर दिया था। बीएसएफ के मुताबिक 15 सितंबर से एक बार फिर भारत और पाकिस्तान ने ज्वॉइंट बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी शुरु कर दी थी। दोनों ही देशों के लोग इस समारोह को देखने पहुंच रहे थे। लेकिन एक बार फिर से कोरोना महामारी के चलते लोगों के यहां आने पर रोक लगा दी गई है। आपको बता दें कि भारत-पाकिस्तान सीमा पर पंजाब के अमृतसर सेक्टर के अटारी-वाघा बॉर्डर पर बीएसएफ और पाक रेंजर्स की तरफ से बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी होती है। हर रोज दिन ढलते ही दोनों देशों के जवान अपने-अपने फ्लैग को उतारने के लिए एक ड्रिल करते हैं। इस ड्रिल के दौरान दोनों देश के जवान शक्ति-प्रदर्शन करते भी नजर आते हैं।
गुजरात से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। सूरत में केमिकल से भरे एक टैंकर के लीक होने की वजह से पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई है जबकि 25 से ज्यादा गंभीर बताए जा रहे है। इन सभी का फिलहाल अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। सूरत के सचिन जीआईडीसी विस्तार इलाके में केमिकल लीक होने के चलते यह हादसा हुआ है। सचिन जीआईडीसी औद्योगिक इलाका है। बताया जा रहा है कि केमिकल के हवा में फैलने की बाद लोग बेहोश हुए। टैंकर से जहरीला केमेकल लीकेज हुआ है। सभी मजदूरों को अस्पताल में दाखिल करा दिया गया है। बताया जा रहा है कि सूरत के जीआईडीसी इलाके की एक फैक्ट्री में केमिकल से भरा यह टैंकर पहुंचा था। लेकिन, केमिकल निकालते वक्त इसका रिसाव हो गया है यह कैमिकल हवा के संपर्क में आया, इसके बाद यह बड़ा हादसा हुआ है। इन सभी का इलाज सूरत के सिविल अस्पताल में किया जा रहा है। फिलहाल किस वजह से यह हादसा हुआ इसकी जांच की जा रही है।
देश की राजधानी दिल्ली में आज मशहूर चांदनी चौक की लाजपत राय मार्केट में भीषण आग लग गई। आग कैसे लगी, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि आग की वजह शॉर्ट सर्किट हो सकती है। फिलहाल मौके पर दमकल की करीब 12 गाड़ियां आग बुझाने की कोशिश में जुटी हुई हैं। दमकल विभाग ने बताया है कि उन्हें सुबह करीब पौने पांच बजे आग लगने की सूचना मिली थी। माना जा रहा है कि आग की चपेट में करीब 60 दुकानें आई हैं। हादसे में करोड़ों रुपए के नुकसान की संभावना है। बता दें कि चांदनी चौक मार्किट पूरे देश में मशहूर है। यहां इलेक्ट्रॉनिक सामान के अलावा बड़ी तादाद में कपड़े की दुकानें भी हैं। इस मार्किट में हर दिन लाखों की संख्या में लोग खरीददारी करने आते हैं। चांदनी चौक पराठे वाली गली और संकरी गलियों को लिए भी मशहूर है।
राजधानी दिल्ली में आज का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस वहीं अधिकतम 20 डिग्री सेल्सियस आंका गया है। राहत की बात ये कि इस दौरान हल्की बारिश के कारण विजिबिल्टी बेहतर बनी हुई है। हालांकि लगातार हो रही हल्की बारिश का अनुमान इस पूरे हफ्ते जताया गया है। वहीं हवा के भी इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की दर से चलने का अंदेशा जताया जा रहा है। 11 जनवरी तक न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है और गिरकर 7 डिग्री सेल्सियस तक होने का अनुमान है। बारिश के कारण दिल्ली के सबसे प्रदूषित इलाके के AQI में सुधार देखा जा सकता है। आनंद विहार की हवा की गुणवत्ता करीब 15 दिन बाद पहले की तुलना में बेहतर दिखाई दे रही है और AQI मीटर के अनुसार 249 आंकड़ा पहुंच गया है जो कुछ दिनों पहले तक 350 के आसपास बना हुआ था।
लगातार तीसरे दिन सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। सोना 304 रुपये की गिरावट के बाद 47,853 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल पर कारोबार कर रहा है। वहीं चांदी में भी आज गिरावट देखने को मिली है। चांदी 61,447 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रहा है। इसके अलावा इंटरनेशनल मार्केट की बात करें तो सोने के भाव यहां पर 1,804 डॉलर प्रति औंस के लेवल पर था। वहीं, चांदी 23.83 डॉलर प्रति औंस पर थी। यहां पर सोने-चांदी की कीमतों में ज्यादा बदलाव देखने को नहीं मिला है।
हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड में नए पद भरे जाएंगे। जल्द ही एक हजार से अधिक नए पद भरे जाएंगे। बोर्ड के निदेशक मंडल की अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा आरडी धीमान की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई बैठक में नई भर्ती को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री बीते वर्ष इन पदों को भरने की घोषणा कर चुके हैं। नई भर्ती में तकनीकी कर्मियों के 650, चालकों के 100, सहायक अभियंता इलेक्ट्रिकल के 80, कनिष्ठ अभियंता से हेल्पर तक 150 और स्टेनो-क्लर्क के 70 पद भरने का फैसला लिया गया। इसके अलावा तीन साल में जूनियर टी मेट को टी मेट बनाने को भी हरी झंडी दी गई।
हिमाचल प्रदेश में नई शिक्षा नीति में पाठ्यक्रमों में कई तरह के बदलाव देखने को मिले हैं। स्कूलों में टर्म प्रणाली शुरू हुई है। वहीं 2023 तक एससीआरटी चार पैटर्न में पाठ्यक्रम को तैयार कर रहा है। यह चार पैटर्न प्री प्राइमरी जिसमें प्री-कक्षाएं शामिल होंगी। हिमाचल प्रदेश में नई शिक्षा नीति के तहत प्रौढ़ शिक्षा को शामिल किया जाएगा। इसके लिए अलग से पाठ्यक्रम बनेगा। चार पैटर्न में बनाए जा रहे इस पाठ्यक्रम को वर्ष 2023 तक तैयार किया जाएगा। इसके लिए एससीआरटी काम कर रही है। वहीं स्कूल एजूकेशन में पहली से 12वीं तक की कक्षाओं को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा टीचर एजूकेशन, जिसमें अध्यापकों को ट्रेनिंग करवाने से संबंधित कार्य होगा, जबकि चौथा पैटर्न अडल्ट शिक्षा पाठ्यक्रम होगा। एससीआरटी वर्ष 2023 तक पाठ्यक्रम तैयार कर देगी। प्रौढ़ शिक्षा का पाठ्यक्रम तैयार कर इस पंचायत स्तर पर शुरू किया जाएगा। इस दौरान उन लोगों शामिल किया जाएगा, जोकि अक्षर ज्ञान से पूरी तरह से अनभिज्ञ हैं। ऐसे लोगों को शिक्षित करने के लिए प्रौढ़ पाठ्यक्रम को तैयार कर उन्हें शिक्षित किया जाएगा। इस दौरान स्कूल के अध्यापकों सहित पंचायत प्रतिनिधि भी अपनी अहम भूमिका निभाएंगे।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम धर्मशाला में 15 मार्च को होने वाले भारत-श्रीलंका के मैच से एक माह पूर्व मैदान को तैयार कर दिया जाएगा। इसके लिए 15 फरवरी तक मैदान की पिच सहित आउट फील्ड को तैयार करने को टारगेट रखा गया है। पिच क्यूरेटर सुनील चौहान ने अपने ग्राउंड स्टाफ को मैदान की पिच और आउटफील्ड को तैयार करने के लिए विशेष सुझाव दिए हैं। इसके लिए मैदान कोपवेलियन साइड से पूरी तरह से बंद कर दिया ताकि वहां से फील्ड में कोई प्रवेश न सके। अंतर जिला क्रिकेट प्रतियोगिता के समापन पर बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष और एचपीसीए के निदेशक अरुण धूमल ने भी अंतरराष्ट्रीय मैच की तैयारियों के चलते पिच क्यूरेटर को मैदान की पिच और आउटफील्ड को तैयार करने के लिए कहा था। बता दें की धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम में कुल नौ पिच है। मैदान में पिच और आउटफील्ड के अलावा सभी स्टैंडों में कुर्सियों की मरम्मत के साथ मैच से पहले पेंट काम को करवाएगा। इसके अलावा फ्लड लाइट की भी जांच की जाएगी।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार को कहा कि उत्तर-पश्चिम भारत और मध्य भारत में 9 जनवरी तक बारिश होगी और उत्तर भारत में अगले 6-7 दिनों के दौरान शीतलहर की संभावना नहीं है। वहीं बुधवार को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की-मध्यम वारिश या बर्फबारी होने की संभावना है और 6 जनवरी को छिटपुट बारिश या बर्फबारी हो सकती है। IMD ने कहा कि 6 जनवरी तक पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, उत्तरी राजस्थान और पश्चिम उत्तर प्रदेश में छिटपुट रूप से, कहीं हल्की या मध्यम बारिश होने की संभावना है। 5 और 6 जनवरी को दक्षिण राजस्थान, गुजरात, पश्चिम मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में छिटपुट वर्षा होने की संभावना है। मौसम विभाग ने यह भी कहा कि 5 जनवरी यानी आज पंजाब के अलग अलग क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है, बुधवार को पंजाब और हरियाणा और चंडीगढ़ में और 6 जनवरी को पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिम मध्य प्रदेश में ओलावृष्टि के साथ अलग-अलग गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। आईएमडी के अनुसार 7 से 9 जनवरी के दौरान पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में व्यापक रूप से बर्फबारी बर्फबारी होने की संभावना है हालांकि उसके बाद इन क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी में कमी आएगी। इसी समय के दौरान जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद और फिर 8 और 9 जनवरी को हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी होने के अनुमान भी लगाए गए हैं। वहीं मौसम विभाग की माने तो पंजाब, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिम मध्य प्रदेश और राजस्थान में 7 जनवरी को और पूर्वी मध्य प्रदेश में 7 और 8 जनवरी को ओलावृष्टि हो सकती है। इसके साथ ही अलग-अलग क्षेत्र में गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है।
कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर मुंंबई महानगरपालिका ने मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए रैपिड आरटी-पीसीआर जांच अनिवार्य कर दी है। संशोधित दिशा निर्देशों से यह जानकारी मिली है. बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले हफ्ते जारी किए गए दिशा निर्देश सोमवार से लागू हो गए हैं। संशोधित आदेश में कहा गया है कि रैपिड आरटी-पीसीआर जांच में संक्रमित पाए जाने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को हवाई अड्डे पर ही नियमित आरटी-पीसीआर जांच करानी होगी। अगर वे उसमें भी संक्रमित पाए जाते हैं तो नमूने को तुरंत जीनोम अनुक्रमण के लिए भेजा जाएगा और यात्री को संस्थागत क्वारंटीन में भेजा जाएगा। गौरतलब है कि मुंबई में बढ़ते हुए कोविड केसों के बीच मुंबई महानगर पालिका मुंबईवासियों को एक और कोविड लहर से बचाने के लिए अलग-अलग निर्णय ले रहा है। इसी क्रम में उसने इससे पहले कोविड समस्या से निपटने के लिए BMC ने आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों का सात दिन का अपने घर में क्वारंटीन अनिवार्य कर दिया था।
कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है। बुधवार को ओमिक्रॉन के कुल मरीजों की संख्या 2 हजार पार हो चुकी है. देश के 24 राज्यों में अब तक कुल 2,135 मामलें दर्ज किए गए हैं। मंगलवार को यह आंकड़ा 1,892 था। वहीं, 828 लोग अब तक ओमिक्रॉन को मात देकर ठीक हो चुके हैं। सबसे ज्यादा मामले अभी भी महाराष्ट्र में बने हुए हैं। महाराष्ट्र में कुल 653 और दूसरे नंबर पर दिल्ली में 464 मामले हैं। भारत में ओमिक्रॉन केसों का आंकड़ा 2,000 के पार, कुल 2,135 मामलों में से 828 ठीक हुए है। महाराष्ट्र और दिल्ली के अलावा अभी तक केरल में 185, राजस्थान में 174, गुजरात में 154, तमिलनाडु में 121, तेलंगाना में 84, कर्नाटक में 77, हरियाणा में 71, ओडिशा में 37, उत्तर प्रदेश में 31, आंध्र प्रदेश में 24, पश्चिम बंगाल में 20, मध्य प्रदेश में 9, उत्तराखंड में 9, गोवा में 5, मेघालय में 5, चंडीगढ़ में 3, जम्मू-कश्मीर में 3, अंडमान एंड निकोबार में 2, पंजाब में 2, हिमाचल प्रदेश में 1, लद्दाख में 1, मणिपुर में 1 एक मामले सामने आए हैं।
जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में सुरक्षबलों ने मुठभेड़ के दौरान एक पाकिस्तानी समेत तीन आतंकियों को बुधवार की सुबह मार गिराया है। मारे गए तीनों आतंकी जैश-ए-मोहम्मद के सदस्य थे। इनके पास से हथियार और विस्फोटक बरामद किया गया है। कश्मीर के आईजी विजय कुमार ने बताया कि पुलवामा के चांदगाम में मुठभेड़ के दौरान जैश के तीन आतंकियों को ढेर कर दिया गया है। इनमें से एक पाकिस्तान का नागरिक था। इनके पास से 2 एम-4 कार्बाइन्स, एक एके-47 रायफल और अन्य विस्फोटक बरामद किए गए हैं। इससे पहले, कश्मीर जोन पुलिस ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सुरक्षाबलों ने चांदगाम गांव में घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया है। आतंकियों को सरेंडर करने के लिए कहा था लेकिन उनके नहीं मानने पर मुठभेड़ शुरू हुई। जम्मू कश्मीर में आतंकवाद को खत्म करने के लिए सुरक्षाबलों द्वारा शुरू किए गए इस ऑपरेशन में कल ही एक बड़ी कामयाबी अपने नाम की थी। दरअसल, सुरक्षाबलों ने कल श्रीनगर में दो अलग-अलग मुठभेड़ में तीन आतंकियों को मार गिराया था।
हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर से भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। भूकंप का केंद्र चंबा रहा है। मंगलवार रात को सूबे के चंबा जिले में भूकंप आया और यह मंडी, कुल्लू और मनाली सहित कई इलाकों में महसूस किया गया। शिमला के मौसम विज्ञान केंद्र ने भूकंप की पुष्टि की है। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.3 मापी गई है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात को 10 बजकर 47 मिनट पर यह भूकंप आया है। चंबा इसका केंद्र था। 4.3 रिक्टर स्कैल पर इसकी तीव्रता मापी गई है। हालांकि, जान-माल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन लोग डर गए और घरों से बाहर निकल आए।
नया साल है और नई चुनौतियां। राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से वर्ष 2022 बेहद महत्वपूर्ण है, सत्ता पक्ष के लिए भी और विपक्ष के लिए भी। साल 2022 देश के राजनीतिक परिदृश्य को बदल सकता है। दरअसल,ये साल अपने साथ सात राज्यों के चुनाव लेकर आया है। इन 7 राज्यों में लोकसभा की 132 सीट हैं। एक हजार से अधिक नए विधायक चुने जाएंगे जो 2022 में होने वाले राष्ट्रपति के चुनाव और राज्यसभा का शक्ति संतुलन तय करेंगे। नए साल के पहले 3 महीनों में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर विधानसभा के चुनाव होंगे, वहीं साल के अंत में हिमाचल प्रदेश और गुजरात में चुनाव होने है। इनके अलावा आठवें केंद्र शासित राज्य जम्मू-कश्मीर के चुनाव भी 2022 में हो सकते है। हालांकि परिसीमन की रिपोर्ट लंबित होने के चलते अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। राज्य विधानसभाओं के लिए सदस्यों के चुनाव और स्थानीय सरकारों के गठन के अलावा इन चुनावों का राष्ट्रीय राजनीति पर महत्वपूर्ण असर पड़ेगा। वर्तमान में इन 7 राज्यों में से 6 राज्यों मे भाजपा की सरकारें हैं। इन राज्यों में सत्ता पर काबिज़ रहने के लिए भाजपा को निसंदेह कड़ी मेहनत करनी होगी, साथ ही केंद्र की सियासत में अपने पैर जमाए रखने के लिए भी इन चुनावों में जीतना भाजपा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। बाकि विपक्षी दलों के लिए भी ये साल सियासी ज़मीन गहरी करने का अवसर है। स्पष्ट है कि साल 2022 में पक्ष और विपक्ष को न सिर्फ बड़े मौके मिलने हैं, बल्कि बड़ी चुनौतियां भी मिलने जा रही हैं, बस देखना है कि कौन इसमें क्या कमाल करता है। सत्तारूढ़ भाजपा की बात करें तो 2014 के बाद कुछ सालों तक गवर्नेंस के स्तर पर भले ही चुनौतियां आती रही हैं, लेकिन राजनीतिक जमीन पर पार्टी धुंआधार बैटिंग करती रही। हालाँकि पिछले कुछ समय से राज्यों में पार्टी का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। 2019 आम चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में बीजेपी को चुनावी अभियान में तमाम राज्यों में उनकी सरकार होने का लाभ मिला था। मगर 2019 के बाद से बीजेपी महाराष्ट्र, झारखंड जैसे राज्यों में सत्ता गंवा चुकी है। हरियाणा में भले पार्टी ने सरकार बनाई, लेकिन बहुमत से दूर रही। पश्चिम बंगाल चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन अपेक्षा अनुसार नहीं रहा। ऐसे में सात राज्यों के चुनाव पार्टी के मिशन 2024 के लिहाज से भी जरूरी है। दूसरी तरफ अगर देश की सबसे बुज़ुर्ग पार्टी कांग्रेस की बात करें तो सत्ता में वापसी तो दूर बतौर विपक्ष भी पार्टी अपना वजूद लगातार खो रही है। सात राज्यों में कांग्रेस का प्रदर्शन ये तय करेगा कि वो देश में विपक्ष का नेतृत्व करने योग्य भी रही है या नहीं। ममता बनर्जी जहाँ देशभर में एक नए गठबंधन की रूपरेखा बनाने में जुटी है तो निरंतर बेहतर होती आम आदमी पार्टी भी कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती है। ममता की पार्टी जहाँ गोवा में दमदार तरीके से चुनाव लड़ रही है, वहीं आम आदमी पार्टी पंजाब, उत्तराखंड और गोवा में पूरी ताकत झोंके हुए है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में भी आम आदमी पार्टी मैदान में है। आप का प्रदर्शन बेहतर रहा तो जाहिर है पार्टी इस साल के अंत में होने वाले हिमाचल और गुजरात विधानसभा चुनाव में भी मैदान में होंगी। ऐसे में कांग्रेस के सामने अपने पुराने और पारंपरिक वोट को दोबारा हासिल करने की बड़ी चुनौती है। अंदरूनी उथल-पुथल के दौर से गुजर रही बुजुर्ग पार्टी अगर बेहतर न कर पाई तो सत्ता सुख तो दूर, शायद विपक्ष का मुख्य चेहरा होने की प्रतिष्ठता भी खो देगी। नड्डा को भी करना होगा खुद को साबित 2022 में चुनाव वाले राज्यों में अगर बीजेपी की पकड़ कमजोर हुई तो पार्टी और केंद्र सरकार के लिए आगे की राह बेहद कठिन हो सकती है। पार्टी के साथ- साथ आगामी वर्ष पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के लिए भी चुनौतियों से भरपूर होने वाला। जनवरी 2020 में नड्डा निर्विरोध पार्टी के अध्यक्ष बने थे। तब से लेकर अब तक भाजपा के सितारे उभरते नज़र नहीं आए है। यहां तक कि पार्टी नड्डा के गृहक्षेत्र हिमाचल में भी चार उपचुनाव हार गई। ये साल बतौर अध्यक्ष नड्डा के कार्यकाल का अंतिम वर्ष है और उनके लिए खुद को साबित करने का अंतिम मौका भी है। आगामी तीन माह में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव होने है और यदि यहाँ पार्टी बेहतर नहीं कर पाती है तो सवाल उठना तो लाजमी है। उत्तर प्रदेश केंद्र की सियासत का रस्ता उत्तर प्रदेश से होकर निकलता है, इसीलिए ये सियासी लिहाज़ से बेहद महत्वपूर्ण चुनाव है। यहां सत्ता की रेस में मुख्य रूप से बीजेपी और समाजवादी पार्टी दिख रहे है। कांग्रेस के साथ मायावती की बहुजन समाज पार्टी सहित अन्य कई दल भी मैदान में हैं। योगी आदित्यनाथ बीजेपी के पहले नेता है, जिन्होंने उत्तर प्रदेश में पांच साल का कार्यकाल पूरा किया और पार्टी ने उन्हीं के चेहरे को आगे कर चुनाव लड़ रही है। ऐसे में यह उनके लिए भी ये चुनाव अग्नि परीक्षा है। पंजाब कांग्रेस के लिए पंजाब में सरकार बचाने की चुनौती है, तो आम आदमी पार्टी उसकी जमीन हड़पने के भरपूर प्रयास कर रही है। आम आदमी पार्टी के लिए भी यह साल तय करेगा कि वह राष्ट्रीय स्तर पर पांव पसारने के लिए किस हद तक तैयार है। हाल ही में हुए चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में भी आप ने कांग्रेस को पटकनी दी है। वहीं, अकाली दल ने बसपा के साथ हाथ मिला रखा है तो बीजेपी ने कैप्टन अमरिंदर सिंह की नवगठित पंजाब लोक कांग्रेस और सुखदेव सिंह ढींडसा के शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) पार्टी के साथ गठबंधन किया है। उत्तराखंड उत्तराखंड में कांग्रेस और बीजेपी के साथ आम आदमी पार्टी, बसपा और कई अन्य दल मैदान में है। उत्तराखंड में 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 57 सीट जीतकर प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाई जबकि विपक्षी दल कांग्रेस को 11 सीटें मिली थी। त्रिवेंद्र सिंह रावत मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन चार साल के बाद उन्हें हटाकर बीजेपी ने तीरथ सिंह रावत को सत्ता की कमान सौंपी और महज कुछ ही महीने में रावत की जगह पुष्कर सिंह धामी को उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बनाया गया। उत्तराखंड में भी हिमाचल की ही तरह हर 5 वर्ष बाद सत्ता परिवर्तन का रिवाज़ है। गोवा गोवा का आगामी विधानसभा चुनाव क्षेत्रीय दलों की राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा के लिए टेस्टिंग लैब बनता जा रहा है। यूं तो इस राज्य में क्षेत्रीय और स्थानीय राजनीतिक दलों की बहुलता रही है, लेकिन इस बार चुनाव मैदान में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के भी आ जाने से चुनावी माहौल में नया रंग आ गया है। ये दोनों ही पार्टियां गोवा की जमीन से अपनी राष्ट्रीय छवि सुधारने की कोशिश में नज़र आ रहीं है। उधर, बरसों सत्ता में रही कांग्रेस अपने ‘गौरवशाली अतीत’ के भरोसे है तो सत्तारूढ़ भाजपा भी कोई कसर नहीं छोड़ रही। मणिपुर पूर्वोत्तर मणिपुर में विधानसभा की 60 सीटों पर चुनाव होंगे। 2017 में मणिपुर विधानसभा चुनाव में बीजेपी 24 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप उभरी थी और कांग्रेस 17 विधायकों के साथ विपक्षी दल बनी थी। बीजेपी ने एनपीपी, एलजेपी और निर्दलीय विधायकों के समर्थन से सरकार बनाई और एन बीरेंद्र सिंह मुख्यमंत्री बने थे। अब बीजेपी ने एक बार फिर से मणिपुर की सत्ता बचाए रखने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है, तो वहीं कांग्रेस भी सत्ता में वापसी के लिए बेताब है। गुजरात गुजरात को बीजेपी की सियासी प्रयोगशाला कहा जाता है। पिछले ढाई दशक से बीजेपी यहां सत्ता पर काबिज है। पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह दोनों ही गुजरात से हैं, जिसके चलते बीजेपी के लिए गुजरात सियासी तौर पर काफी अहम माना जाता है। गुजरात में कांग्रेस ने पिछली बार कांटे की टक्कर दी थी और इस बार फिर से ओबीसी-दलित-पटेल-मुस्लिम समीकरण बनाकर अपने सत्ता के वनवास को तोड़ने की जुगत में है। इस बार आम आदमी पार्टी भी गुजरात में किस्मत आजमाने की तैयारी में है। 2017 की जीत के बाद बीजेपी ने विजय रूपाणी के नेतृत्व में सरकार बनाई थी। सितंबर में बीजेपी ने पूरी रुपाणी सरकार को हटाकर भूपेंद्र भाई पटेल की अगुवाई में कैबिनेट गठित की थी। अपने सियासी प्रयोग से पार्टी ने सत्ता विरोधी लहर से निपटने का फॉर्मूला निकाला है। पार्टी कामयाब होती है या नहीं ये तो आने वाला चुनाव ही बताएगा। हिमाचल प्रदेश हिमाचल में भाजपा हाल ही में 4 उपचुनाव हारी है। इस हार से पार्टी की छवि तो खराब हुई ही है साथ ही चार सालों से सुस्त पड़ी कांग्रेस के मनोबल में भी वृद्धि हुई है। यहां भाजपा के लिए गुटबाज़ी साधना कठिन होगा वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस में भी अभी से अंतर्कलह के संकेत उभरते दिखाई दे रहे है। पार्टी का एक तबका मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष के कार्य से संतुष्ट नहीं है और पूर्व अध्यक्ष को दोबारा पार्टी की कमान सौंपने की इच्छा जता रहा है। यहां जो भी पार्टी अंतर्कलह को साधने में कामयाब रहती है, उसके लिए चुनाव जीतना आसान होगा।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज जानकारी दी है वह कोरोना से संक्रमित हो गए हैं। हालांकि उन्होंने बताया कि उनमें अभी इसके हल्के लक्षण हैं। केजरीवाल ने ट्विटर पर कहा, "मैं कोरोना से संक्रमित पाया गया हूं। मुझमें इसके हल्के लक्षण हैं। मैंने खुद को घर में आइसोलेट कर लिया है, जो लोग पिछले कुछ दिनों में मेरे संपर्क में आए, कृपया खुद को आइसोलेट करें और अपना टेस्ट करवाएं।" दिल्ली में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 4099 नए मामले सामने आए जबकि एक की मौत हुई है। इसी के साथ कुल मामलों की संख्या बढ़कर 14,58,220 हो गई है। कोरोना संक्रमण दर बढ़कर 6.46 प्रतिशत हो गया है, जो पिछले सात महीनों में सबसे ज्यादा है।
कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन का कहर तेजी से फैल रहा है। इस बीच ओमिक्रोन का पता लगाने वाली पहली किट ओमिस्योर को मंजूरी मिल गई है।ओमिस्योर किट से ओमिक्रोन संक्रमण का पता लगाया जा सकता है। इसे टाटा मेडिकल ने तैयार किया है। ICMR ने ये मंजूरी दी है। भारत के 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से ओमिक्रोन के अबतक 1892 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 766 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं या विदेश चले गए हैं। ओमिक्रोन के महाराष्ट्र में सबसे अधिक 568 मामले सामने आए और इसके बाद दिल्ली में 382, केरल में 185, राजस्थान में 174, गुजरात में 152, और तमिलनाडु में 121 मामले सामने आए हैं।
प्रदेश में मौसम बदल गया है। कड़ाके की ठंड के बाद आज सुबह से ही राजधानी शिमला में बारिश शुरू हो गई। हिमाचल प्रदेश में आगामी 5 से 6 दिनों तक मौसम खराब रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 5 व 6 जनवरी को प्रदेश के ऊंचाई वाले हिस्सों में भारी बर्फबारी की संभावना जताई है। इसके लिए अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि प्रदेश में 4 जनवरी से मौसम करवट लेगा। जिसके बाद 5 व 6 जनवरी को शिमला, किनौर, लाहुल स्पीति, व अन्य जिलों के ऊँचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी व बारिश हो सकती है। इसके लिए अलर्ट भी जारी किया गया है। इसके बाद भी पश्चिमी विक्षोभ 9 जनवरी तक सक्रिय रहेगा जिससे मध्यम और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी हो सकती है।
चुनाव आयोग ने चुनाव वाले 5 राज्यों के मुख्य सचिवों से कहा है कि वो कोविड टीकाकरण में तेजी लाएं। आयोग ने मणिपुर को लेकर खासतौर पर चिंता जताई है। राज्य में पहली खुराक के कम प्रतिशत पर इलेक्शन कमीशन खुश नहीं है। ऐसे में आयोग ने तेजी से लोगों को टीका देने के लिए लिखा है। उत्तराखंड और गोवा में करीब सभी को कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक दी जा चुकी है। बाकी तीन राज्यों, उत्तर प्रदेश, पंजाब और मणिपुर में कोरोना वायरस टीके की पहली खुराक लेने वालों का प्रतिशत कम है। बता दें कि पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, गोवा और मणिपुर में इस साल मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव होने हैं। माना जा रहा है कि इसी महीने आयोग इन पांच राज्यों में चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है। हाल ही में कोरोना वायरस के मामले देश में तेजी से बढ़े हैं। ऐसे में चुनाव टालने की बातें भी कुछ लोगों की ओर से कही जा रही थी। चुनाव आयोग ने साफ किया है कि चुनाव टाले नहीं जाएंगे। बीचे हफ्ते मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने लखनऊ में अपने प्रेस वार्ता में कहा था कि उत्तर प्रदेश के सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने हमसे मुलाकात की है। सभी दल कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए समय पर चुनाव कराए जाने के पक्ष में हैं। किसी भी दल ने चुनाव टालने की मांग नहीं की है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप के नेतृव में केंद्रीय हाटी समिति के पदाधिकारियों का एक शिष्ट मण्डल महापंजीयक भारत सरकार से मिला और गिरिपार क्षेत्र के हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा देने संबंधी सभी तकनीकी पहलुओं तथा एथनोग्राफिक सर्वे के बारे में विस्तार से चर्चा की। सुरेश कश्यप ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल द्वारा आर.जी.आई को पहले की रिपोर्ट में लगाई गई सभी आपत्तियों के बारे में तथ्यों के साथ स्पष्टीकरण दिया गया जिसका समाधान हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा 18 सितम्बर 2021 को जनजातीय मंत्रालय भारत सरकार और प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी गई एथनोग्राफिक रिपोर्ट में भी किया गया है । आर.जी.आई ने अश्वस्त किया कि वह तकनीकि विशेषज्ञों के साथ हाटी समुदाय की एथनोग्राफिक रिपोर्ट पर चर्चा करेंगे और उसके बाद रिपोर्ट जनजातीय मंत्रालय को भेजी जाएगी। कश्यप ने कहा कि बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई और केंद्रीय अधिकारियों ने पूरे प्रतिनिधिमंडल की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। यह बैठक काफी फायदेमंद रही। कश्यप ने कहा कि हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। चर्चा में महापंजीयक भारत सरकार, डिप्टी रजिस्ट्रारजर्नल, सांसद सुरेश कश्यप, हाटी समिति के केन्द्रीय अध्यक्ष डा. अमीचन्द कमल, महासचिव कुन्दन सिंह शास्त्री तथा कोषाध्यक्ष अंतरसिंह नेगी ने भाग लिया
देश में कोरोना वायरस की रफ्तार तेज हो गई है। पिछले छह दिनों में कोरोना संक्रमण के 1,23,191 नए मामले दर्ज किए गए हैं। 28 दिसंबर को 9,195 मामले, 29 दिसंबर को 13,154 मामले, 30 दिसंबर को 16,764 मामले, 31 दिसंबर को 22,775 मामले, 1 जनवरी को 27,553 और 2 जनवरी को 33750 नए मामले दर्ज किए गए हैं। कोरोना वायरस के नए वैरिएंट 'ओमिक्रॉन' के मामले भी काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। पूरे देश में अब तक 1700 मामले सामने चुके हैं। हालांकि, इनमें से 639 लोग संक्रमण मुक्त भी हो गए हैं या अन्य स्थानों पर चले गए हैं। ओमिक्रॉन के महाराष्ट्र में सबसे अधिक 510 मामले सामने आए और इसके बाद दिल्ली में 351, केरल में 156, गुजरात में 136, तमिलनाडु में 121 और राजस्थान में 120 मामले सामने आए।
केंद्र की उज्ज्वला और प्रदेश सरकार की गृहिणी सुविधा योजना की बदौलत दिसम्बर 2019 में हिमाचल देश का पहला एलपीजी युक्त और धुआं मुक्त राज्य बना है। धुएं से होने वाली बीमारियों से महिलाओं को निजात दिलाने के लिए केंद्र ने उज्ज्वला योजना की शुरुआत की थी। इसके साथ ही हिमाचल सरकार ने भी योजना के तहत अधिक से अधिक महिलाओं को लाभ पहुंचाने के लिए गृहिणी सुविधा योजना की शुरुआत की। केंद्र सरकार की ओर से उज्ज्वला योजना के तहत 21.81 करोड़ रुपये की लागत से हिमाचल में 1.36 लाख निःशुल्क घरेलू कनेक्शन दिए गए, जबकि हिमाचल सरकार की गृहिणी सुविधा योजना के तहत करीब 120 करोड़ रुपये खर्च कर 3.23 लाख गृहिणियों को मुफ्त गैस सिलेंडर दिए गए। मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा योजना की शुरुआत 26 मई, 2018 को हुई। केंद्र और प्रदेश सरकार के कारण आज प्रदेश की महिलाओं को खाना बनाते समय चूल्हे के धुएं से छुटकारा मिला है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्यान्वित की जा रही इस योजना के तहत गैस कनेक्शन रहित परिवारों को एलपीजी कनेक्शन निःशुल्क वितरित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा योजना को शुरू करने का उद्देश्य उन परिवारों को निःशुल्क गैस कनेक्शन प्रदान करना था, जो केंद्र की उज्ज्वला योजना के दायरे में नहीं आए थे। उज्ज्वला योजना के तर्ज पर ही प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा योजना शुरू की। केंद्र सरकार की ओर से चलाई जा रही उज्ज्वला योजना और प्रदेश की सरकार की मुख्यमंत्री गृहिणी योजना हिमाचल की महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं।प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा योजना के फलस्वरूप ईंधन के लिए लकड़ी पर निर्भरता कम हुई है। साथ ही महिलाओं के स्वास्थ्य पर धुंए से पड़ने वाले विपरित प्रभाव से भी मुक्ति मिली है। इन योजनाओं की वजह से महिलाओं का जीवन स्तर भी बेहतर हुआ है।
नव वर्ष के मौके पर शनिवार को भारत और पाकिस्तान के सैनिकों ने एलओसी पर एक दूसरे को बधाइयां दी और मिठाई का आदान-प्रदान किया। एलओसी के कम से कम चार मीटिंग-पॉइंट पर ये आदान प्रदान हुआ। शुक्रवार को ही रक्षा मंत्रालय ने अपनी सालाना रिपोर्ट में डीजीएमओ स्तर पर हुए शांति समझौते को दोनों देशों के लिए फायदेमंद बताया था। भारतीय सेना के मुताबिक लाइन ऑफ कंट्रोल यानि एलओसीके जिन चार मीटिंग पॉइंट पर भारत और पाकिस्तान के स्थानीय कमांडर्स ने मुलाकात की, वे हैं चिलवाल-टिथवाल क्रॉसिंग, चकोटी-उरी क्रॉसिंग, पूंछ-रावलकोट और मेंढर-हॉट-स्प्रिंग क्रॉसिंग है। इस दौरान सभी जगह दोनों देशों के सैनिकों ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया और मिठाई सहित दूसरे उपहारों का आदान-प्रदान कियान। इस दौरान दोनों देशों के सैनिकों ने कोरोना प्रोटोकॉल का पालन किया और सभी ने मास्क लगाया हुआ था और हाथों में ग्लब्स पहन रखे थे।
एलएसी पर चीन से चल रहे विवाद के बीच भारत ने कहा है कि जिन सीमावर्ती इलाकों में डिसइंगेजमेंट नहीं हुआ है वहां सेना की तैनाती बढ़ा दी गई है। साथ ही एलएसी के दूसरी तरफ चीन के जबरदस्त इंफ्रास्ट्रक्चर और पीएलए की बढ़ी हुई संख्या को देखते हुए भारतीय सेना ने पुनर्गठन के साथ-साथ अपने सैन्य ढांचे में जरूरी बदलाव भी किए हैं। इस बात का खुलासा खुद रक्षा मंत्रालय की सालाना रिपोर्ट में हुआ है। रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, "एलएसी पर एक से अधिक क्षेत्रों में चीन द्वारा बल के प्रयोग पर स्टेट्स-क्यो यानि यथास्थिति को बदलने के लिए एकतरफा और उत्तेजक कार्रवाइयों का पर्याप्त रूप से जवाब दिया गया है।" रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इस विवाद को सुलझाने के लिए दोनों देशों की सेनाएं विभिन्न स्तरों पर बातचीत में लगी हुई हैं। निरंतर संयुक्त प्रयासों के बाद, कई स्थानों पर डिसइंगेजमेंट नहीं हुआ है। ऐसे में उन क्षेत्रों में जहां डिसइंगेजमेंट नहीं हुआ है वहां पर्याप्त रूप से सैनिकों की संख्या बढ़ाई गई है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, एलएसी पर अपने दावों को मजबूत करने के लिए भारतीय सैनिक पूरी दृढ़ता लेकिन शांति-पूर्वक सीमा पर चीन के खिलाफ डटे हुए हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि एलएसी पर भारत भी सड़क, ब्रिज और दूसरी मूलभूत सुविधाओं के साथ अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में जुटा है। रक्षा मंत्रालय की सालाना रिपोर्ट में पिछले एक साल के दौरान देश की रक्षा का पूरा लेखा जोखा है। इसमें थलसेना की चीन और पाकिस्तान के खिलाफ कारवाई और शांति समझौतों से लेकर वायुसेना और नौसेना की तैयारियों और आधुनिकिकरण के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले पांच साल के दौरान पाकिस्तान से सटी एलओसी पर बेहद तनाव के बाद इस साल फरवरी में दोनों देशों के डीजीएमओ ने शांति समझौता किया। ये समझौते दोनों देशों के लिए फायदे का सौदा था और इससे लंबे समय तक सीमा पर शांति कायम रह सकती है।
जम्मू-कश्मीर में नए साल के मौके पर माता वैष्णो देवी भवन में भगदड़ मच गई। इस हादसे में अबतक 12 लोगों की मौत हो चुकी है। मरने वालो में दो महिलाएं भी शामिल हैं। वहीं, 20 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है। भगदड़ की घटना के बाद कटरा में माता वैष्णो देवी भवन में रजिस्ट्रेशन फिर से शुरू हो गया है। केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा है कि वह माता वैष्णो देवी तीर्थ पर त्रासदी से उत्पन्न स्थिति का जायज़ा लेने के लिए कटरा जाएंगे। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर दुख जताते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये के मुआवजे की घोषणा की है। बताया जा रहा है कि मरने वाले लोग यूपी और हरियाणा के रहने वाले हैं।
महानिदेशक विरेंद्र सिंह पठानिया ने भारतीय तटरक्षक बल के 24वें प्रमुख के रूप में पदभार ग्रहण किया। वीएस पठानिया फ्लैग अफसर डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन और नेशनल डिफेंस कॉलेज, नई दिल्ली के पूर्व छात्र हैं। वीएस पठानिया मद्रास विश्वविद्यालय से रक्षा और सामरिक अध्ययन में परास्नातक हैं। उन्होंने यूएस कोस्ट गार्ड से खोज एवं बचाव और बंदरगाह संचालन में विशेष ट्रेनिंग ली है। वीएस पठानिया एक योग्य हेलीकॉप्टर पायलट हैं। अपने 36 वर्षों से अधिक के करियर में फ्लैग अफसर वीएस पठानिया ने पोतों एवं स्थापनाओं में कई महत्वपूर्ण पद संभाले हैं। इनमें कमांडर तट रक्षक क्षेत्र गांधी नगर, कमांडर तटरक्षक क्षेत्र मुंबई, उप-महानिदेशक और उप-महानिदेशक तटरक्षक मुख्यालय, नई दिल्ली शामिल हैं। फ्लैग अफसर ने सभी श्रेणियों के तटरक्षक पोतों की कमान भी संभाली हैं, जिनमें उपतटीय गश्ती पोत 'रानीजिंदन', अपतटीय गश्ती पोत 'विग्रह' और उन्नत अपतटीय गश्ती पोत 'सारंग' शामिल हैं।
मुंबई सहित पूरे महाराष्ट्र में ओमिक्रोन और कोरोना के दूसरे वेरिएंट को लेकर खतरे लगातार बढ़ते जा रहे हैं। महाराष्ट्र के कई मंत्री और विधायक कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। राज्य के डिप्टी सीएम अजीत पवार ने जानकारी देते हुए कहा है कि राज्य के 10 मंत्री और 20 विधायक कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। मुंबई में कोरोना संक्रमण की रफ्तार 50 हजार से 1 लाख तक होने की आशंका जताई जा रही है। लोगों को संक्रमण से रोकने के लिए टास्क फोर्स के साथ बैठकें हो रही हैं। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य सचिव प्रदीप व्यास ने डिविजनल कमिश्नर और कलेक्टर को लिखे पत्र में कोरोना की तीसरी लहर को हल्के में ना लेने की सलाह दी है। स्वास्थ्य सचिव ने अपने पत्र में आगाह करते हुए कहा है कि कोविड-19 मामलों की Genomic Sequencing की जा रही है। उसमें से 70 फ़ीसदी मामलों में डेल्टा वेरिएंट होने की बात सामने आई है, जो घातक है। स्वास्थ सचिव ने कोविड-19 तीसरी वेव काफी बड़ी होने की आशंका जताई है। पत्र में उन्होंने कहा है कि अगर कोविड की तीसरी लहर में 80 लाख मामले सामने आते हैं तो 1 % मृत्यु दर को भी अनुमानित किया जाए तो करीब 80 हजार मौतें हो सकती हैं। राज्य में मंत्री और विधायकों के संक्रमित होने से सरकार की चिंता और बढ़ गई है।
कोरोना महामारी के बीच नए साल 2022 का स्वागत किया जा रहा है। नए साल के मौके पर कई बदलाव भी हुए जिसमें से कुछ बदलाव सीधे तौर पर आम आदमी की जेब पर असर डालेंगे। 1 जनवरी 2022 से ATM से पैसे निकालना महंगा हो गया है। इसके साथ ही GST को लेकर भी कुछ बदलाव किए गए। जूते चप्पल भी महंगे हो गए। देश के ग्राहकों के लिए ATM से ट्रांजैक्शन करना अब महंगा हो गया है। RBI ने एटीएम से फ्री ट्रांजैक्शन के बाद कैश निकासी पर लगने वाले चार्ज को बढ़ाने की मंजूरी दी थी। बैंक 1 जनवरी 2022 से पहले तक ग्राहकों से 20 रुपए प्रति ट्रांजैक्शन का चार्ज वसूल कर रहे थे। RBI के मुताबिक, बैंक अब फ्री ट्रांजैक्शन के बाद अपने ग्राहकों से हर ट्रांजैक्शन पर 20 की जगह 21 रुपए चार्ज ले सकेंगे। वंही, नए साल पर लोग शौक से गाड़ी खरीदते हैं लेकिन इस बार ग्राहकों को गाड़ी खरीदना महंगा पड़ेगा। देश की कई ऑटो कंपनियां कारों के अलग-अलग मॉडलों के दामों में इजाफा करने जा रही है। मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki), फोक्सवैगन और वोल्वो की गाड़ियां 1 जनवरी से महंगी हो गई हैं। जूते और चप्पल पर अब 5 फीसदी के बदले अब 12 फीसदी जीएसटी लगेगा। जूतों के साथ-साथ कपड़ों पर भी जीएसटी बढ़ाने की योजना थी लेकिन जीएसटी काउंसिल ने इस बढ़ोतरी को फिलहाल टाल दिया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में इस पर फैसला लिया गया। अगर कोई पेमेंट करने के लिए ज्यादातर डेबिट या फिर क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करता है तो आज से इसके नियम बदल गए हैं। रिजर्व बैंक ने ये नियम ऑनलाइन पेमेंट को और ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए लागू किए हैं। अब ऑनलाइन पेमेंट करते वक्त डेबिट या क्रेडिट कार्ड का पूरा नंबर हर बार डालना होगा। कोई भी वेबसाइट, ऑनलाइन शॉपिंग या मोबाइल एप कार्ड डिटेल सेव नहीं कर सकेंगे।
भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। इस बीच ओमिक्रोन के मामले भी रोज रिकॉर्ड बना रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए रिपोर्ट के अनुसार देश में ओमिक्रोन के मामलों की कुल संख्या बढ़कर 1,431 हो गई है। वहीं महाराष्ट्र और दिल्ली में ओमिक्रोन के सबसे ज़्यादा 454 और 351 मामले दर्ज किए गए हैं। हालांकि 1,431 मरीज़ों में से 488 मरीज़ रिकवर भी हो गए हैं। राज्यों की बात करें तो देश में सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में 454 मामले सामने आए हैं। इसके बाद राजधानी दिल्ली में आज 351 मामले दर्ज किए गए। तीसरे नंबर पर सबसे ज्यादा ओमिक्रोन संक्रमित लोग तमिलनाडु में आए हैं। यहां ओमिक्रोन के कुल 118 मामले दर्ज किए गए। इसके अलावा गुजरात में 115, केरल में 109, राजस्थान में 69, तेलंगाना में 62, हरयाणा में 37, कर्नाटर में 34 मामले सामने आए हैं। इस बीच, केंद्र ने सभी राज्यों को चिट्ठी लिखकर कहा है कि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए कोरोना की जांच में तेजी लाएं। राज्यों से कहा गया है कि वो RTPCR के अलावा रैपिड एंटीजन टेस्ट का इस्तेमाल करें। साथ ही ICMR से मंजूरी पाने वाली होम टेस्टिंग किट का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका फायदा ये होगा कि कोरोना के पॉजिटिव केस की जांच समय पर हो सकेगी और वक्त रहते पॉजिटिव मरीजों को आइसोलेट किया जा सकेगा।
तीन जनवरी से शुरू होने वाले बच्चों के वैक्सीनेशन के लिए आज से रजिस्ट्रेशन की शुरुआत हो रही है। अभी टीका 15 से 18 साल के बच्चों को लगेगा। आज से करीब एक हफ्ते पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीनेशन का ऐलान किया था। बच्चों के लिए फिलहाल वैक्सीन का सिर्फ एक विकल्प होगा, जो 'कोवैक्सीन' होगा। सबसे पहले gov.in वेबसाइट पर जाएं। अगर कोविन पर रजिस्टर्ड नहीं हैं तो पहले रजिस्ट्रेशन करना होगा, यहां आपको बच्चे का नाम, उम्र जैसी कुछ जानकारियां देनी होगी। इसके बाद रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद मोबाइल पर कन्फर्मेशन मैसेज आएगा। फिर अपने इलाके का पिन कोड डालें। इसके बाद वैक्सीनेशन सेंटर की लिस्ट आ जाएगी, फिर तारीख और समय के साथ अपना वैक्सीनेशन स्लॉट बुक करें। ये सबकुछ करने के बाद आप वैक्सीनेशन सेंटर पर जाकर अपने बच्चे को कोरोना का टीका लगवा सकेंगे। वैक्सीनेशन सेंटर पर जाने से पहले आपको आइडेंटिटी प्रूफ और सीक्रेट कोड की जानकारी देनी होगी, जो रजिस्ट्रेशन करने पर मिलती है। बच्चों का कोरोना वैक्सीनेशन सरकारी सेंटर पर होगा। साथ ही निजी अस्पताल में भी बच्चे को वैक्सीन लगवा सकते हैं। सरकारी वैक्सीनेशन सेंटर पर बच्चों को मुफ्त वैक्सीन लगेगी। जबकि निजी अस्पतालों में वैक्सीन की कीमत चुकानी होगी। बच्चों के वैक्सीनेशन के लिए तमाम राज्यों ने कमर कस ली है. इसके लिए तमाम तैयारियां भी जोरों पर चल रही हैं। बच्चों का वैक्सीनेशन इस वक्त वक्त की मांग है और इसीलिए ये बेहद जरूरी है। देश में 15 से 18 साल की उम्र के करीब 8 करोड़ बच्चे हैं। वैक्सीनेशन का फायदा इन तमाम बच्चों को मिलेगा और कोरोना के खिलाफ लड़ाई में हमारे बच्चे मजबूत होंगे।
पीएम मोदी ने ओमीक्रोन के खतरे के बीच देश में 3 जनवरी से 15 से 18 वर्ष के बच्चों को वैक्सीन की डोज़ देने का ऐलान किया था। इसी के चलते हिमाचल प्रदेश में 15 से 18 वर्ष आयु के विद्यार्थियों के वैक्सीनेशन ड्राइव के लिए छुट्टियों के दौरान भी स्कूलों में बुलाए जाएंगे। गौरतलब है कि प्रदेश के शीतकालीन स्कूलों में एक जनवरी और ग्रीष्मकालीन स्कूलों में 3 जनवरी से सर्दियों की छुट्टियां घोषित की गई हैं। बता दें कि वैक्सीनेशन ड्राइव को सफल बनाने के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बुधवार को सभी जिला उप निदेशकों को पत्र जारी कर 15 से 18 वर्ष की आयु के विद्यार्थियों को टीका लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर शेड्यूल तैयार करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा निदेशक ने बताया कि शेड्यूल के मुताबिक विद्यार्थियों को छुट्टियों के दौरान नजदीकी स्कूलों में बुलाया जाएगा। ऐसे में सभी स्कूल और कॉलेज प्रिंसिपल को निर्देश दिए गए हैं कि इन आयु वर्ग के विद्यार्थियों को चिह्नित कर कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन लगाई जाए।
नए साल पर भारी संख्या में प्रदेश में आ रहे सैलानियों के प्रबंधन को लेकर पुलिस ने कमर कस ली है। सभी जिला, टीटीआर और एचपी पुलिस के फेसबुक और सोशल मीडिया अकाउंटों के जरिये मौसम के पूर्वानुमान के अलावा ट्रैफिक डायवर्जन और अतिरिक्त पार्किंग जैसे विषयों पर जानकारी देने को कहा है। न्यू ईयर सेलिब्रेशन के लिए वीरवार को बड़ी संख्या में सैलानी शिमला पहुंच गए। शहर के होटलों में ऑक्यूपेंसी करीब सौ फीसदी पहुंच गई है। प्रशासन कोरोना गाइडलाइंस को सख्ती से लागू करवाएगा। पर्यटन विकास निगम के होटल हॉलिडे होम सहित निजी होटलों में सैलानियों के लिए न्यू ईयर पार्टी को लेकर खास तैयारियां हैं। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। 31 दिसंबर और एक जनवरी के लिए बसों में अधिकतर सीटें एडवांस बुक हैं।
हिमाचल प्रदेश में न्यू ईयर का जश्न मनाने के लिए हज़ारों की संख्या में पर्यटक प्रदेश का रुख कर रहे है। इसी के चलते प्रशासन ने कुछ सख्त इंतज़ाम किए है। शिमला में 5000 वाहनों की एंट्री के बाद अन्य वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। शहर की पार्र्किंग फुल होने के बाद प्रतिबंधित मार्गों पर वाहन पार्क करवाए जाएंगे। टूटीकंडी क्रॉसिंग पर तैनात पुलिस कर्मी बाहरी क्षेत्रों से आने वाले सैलानियों को कनलोग बाईपास पर डायवर्ट कर देंगे। कुफरी, नारकंडा, मशोबरा और नालदेहरा की ओर जाने वाले वाहनों को भी बाईपास से रवाना किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश नए साल के जश्न के लिए पूरी तरह तैयार है। प्रदेश में सैलानी पहुंचने लगे हैं। शिमला, मनाली, धर्मशाला, डलहौजी, कसौली में सैलानियों की आवभगत के लिए होटल कारोबारी तैयार हैं। इस दौरान पुलिस की भी हुड़दंगियों पर कड़ी नजर रहेगी। प्रदेश में इस बार रिकॉर्ड भीड़ आने की उम्मीद है। मनाली में पर्यटकों का आना शुरू हो गया है। कारोबारियों ने होटलों, रेस्तरां और होम स्टे को नया स्वरूप दिया है। नए साल को खास बनाने के लिए पर्यटन विकास निगम मनाली के क्लब हाउस में न्यू ईयर क्वीन का चयन करेगा। कपल डांस, लेमन डांस समेत बच्चों के लिए कई प्रतियोगिताएं होंगी। सैलानियों का कुल्लवी परंपरा तथा वेलकम ड्रिंक्स से स्वागत होगा। नए साल के स्वागत के लिए शिमला भी तैयार है।
मध्य प्रदेश में नये साल से पहले कड़ाके की ठंड पड़ने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने राज्य में शीतलहर के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की ओर से जारी अलर्ट में घना कोहरा छाये रहने और ओस पड़ने की संभावना जतायी गई है। आईएमडी के एक अधिकारी ने कहा कि राज्य के कुछ हिस्सों में शीतलहर चलनी पहले ही शुरू हो चुकी है क्योंकि गुरुवार सुबह चार जिलों-रायसेन, धार, ग्वालियर और गुना में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। विभाग ने कहा कि शुक्रवार सुबह से शुरू होने वाले अगले दो दिनों में ग्वालियर, रायसेन, सिवनी और सागर सहित आठ जिलों के अलग-अलग स्थानों पर शीतलहर चलने की संभावना है. शुक्रवार सुबह से शुरू होने वाले अगले दो दिनों में भोपाल, जबलपुर, रायसेन, दतिया और मंडला सहित 23 जिलों के अलग-अलग स्थानों पर कड़ाके की ठंड पड़ने का एक और येलो अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस रायसेन, धार, ग्वालियर एवं गुना में दर्ज किया गया है। वहीं वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के बाद ठिठुरन बढ़ी है। बता दें कि पहाड़ों पर बर्फबारी का असर पूरे देश पर पड़ा है और दिल्ली से लेकर पंजाब तक एक बार फिर शीतलहर के चपेट में है।
भारत में कोरोना के बढ़ते मामले ने केंद्र की चिंता बढ़ा दी है। वहीं कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन के मामले भी रोज रिकॉर्ड बना रहे हैं। रिपोर्ट की माने तो देश भर में अब तक ओमिक्रोन से 1188 लोग संक्रमित हो चुके हैं हालांकि इसमें से 320 लोग ठीक भी हो चुके हैं। वहीं यह वायरस देश के 24 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में पैर पसार चुका है। ओमिक्रोन से संक्रमित मरीजों वाले राज्यों में सबसे पहले पायदान पर महाराष्ट्र है। दरअसल महाराष्ट्र में कोरोना के 450 मामले सामने आ चुके हैं। दूसरे स्थान पर दिल्ली को जगह मिली है। मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ के अनुसार राजधानी दिल्ली में भी इन दिनों कोरोना के मामले में उछाल देखा गया है। यहां अब तक ओमिक्रोन के 320 मामले सामने आ चुके हैं और तीसरे नंबर पर सबसे ज्यादा ओमिक्रोन केरल में आए हैं। यहां ओमिक्रोन के कुल 109 मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा गुजरात में 97, राजस्थान में 69, तेलंगाना में 62, तमिलनाडु में 46, कर्नाटक में 34, आंध्र प्रदेश में 16 मामले सामने आए हैं।
जम्मू-कश्मीर में बुधवार को सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच शुरू हुई मुठभेड़ में दो पाकिस्तानी नागरिक समेत 9 आतंकी मारे गए हैं। सेना, सीआरपीएफ और कश्मीर पुलिस ने मिलकर पिछले 24 घंटे में तीन अलग-अलग जगह पर मुठभेड़ में इन आतंकियों का सफाया किया है। वहीं, इस मुठभेड़ में 3 पुलिसकर्मी और एक CPRF का जवान घायल हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक, ये आतंकी अनंतनाग, कुलगाम और पंथ चौक इलाके में मुठभेड़ के दौरान मारे गए। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने मामले के बारे मे बताते हुए कहा कि, आतंकियों की मौजूदगी के बारे में खुफिया सूचना मिली थी जिस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए कुलगाम जिले के मीरहमा क्षेत्र में सुरक्षाबलों द्वारा घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया गया। इस दौरान आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ हुई। अधिकारी ने कहा कि तलाशी अभियान के दौरान छिपे हुए आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों पर अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। वहीं इससे पूर्व मारे गए आतंकियों के पास से एक एम-4 जबकि दो एके-47 राइफलें भी बरामद की गई। सुरक्षाबलों के लिए यह एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। इस मुठभेड़ में जैश के आतंकी को मार दिया गया है। वहीं मारे गए आतंकियों के बारे में टिप्पणी करते हुए कश्मीर के आईजीपी ने कहा है कि इन आतंकियों का मारा जाना सुरक्षाबलों के लिए बड़ी सफलता है।
देश में कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन से मौत का पहला मामला सामने आ गया है। हालांकि महाराष्ट्र सरकार ने मौत की वजह को कोरोना नहीं माना लेकिन उसकी मौत के बाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी की जो रिपोर्ट आई उसमें पता चला है कि वो ओमिक्रोन संक्रमित था। ये शख्स हाल ही में नाइजीरिया से लौटा था। 52 साल के इस शख्स की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है। पिंपरी चिंचवाड में इस शख्स का इलाज चल रहा था। म्यूनिसिपल कॉरपोर्रेशन के अस्पताल में इलाज किया जा रहा था। ये शख्स करीब 13 साल से डायबिटीज से पीड़ित था। दरअसल, महाराष्ट्र में एक बार फिर हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं। राज्य में 24 घंटे में सबसे ज्यादा 5 हजार 368 केस सामने आए है। कोरोना की चपेट में महाराष्ट्र के मंत्री बालासाहेब थोराट भी आ गए हैं। गुरुवार को कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमिक्रोन के 198 नए मामले सामने आए, जिनमें से 190 मामले अकेले मुंबई में दर्ज किए गए। राज्य में सामने आए ओमिक्रोन के 198 नए मामलों में से केवल 30 ने हाल में विदेश यात्रा की थी। ठाणे शहर में ओमिक्रोन के चार मामले जबकि सतारा, नांदेड़, पुणे और पिंपरी चिंचवाड नगर निगम क्षेत्रों से एक-एक मामला सामने आया है।


















































