प्रवर अधीक्षक डाक घर, शिमला मंडल द्वारा सूचित किया जाता है कि शिमला मंडल कार्यालय में पेंशन अदालत 29 सितंबर को आयोजित होनी निश्चित हुई है। इस दिन अदालत डाक पेंशन भोगियों, फेमिली पेंशन भोगियों की पेंशन संबंधी शिकायतें सुनेगी। यदि ऐसी कोई शिकायत हो तो उसे प्रवर अधीक्षक डाकघर, शिमला मंडल-171001 को दिनांक 26 सितंबर तक अवश्य भेजें।
-कॉलेज से 3 महीने और हॉस्टल से 6 महीने के लिए किया निलंबित प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े अस्पताल डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में सामने आए रैगिंग मामले की पूरी जांच के बाद कॉलेज प्रबंधन ने आरोपी 12 सीनियर छात्रों को सस्पेंड कर दिया है। इन छात्रों को कॉलेज से 3 महीने के लिए, हॉस्टल से 6 महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है। साथ ही इन पर 50- 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। आरोप है कि इन सीनियर छात्रों ने जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग की और उन्हें लगातार टॉर्चर भी किया जा रहा था। राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. भानु अवस्थी ने बताया कि सोमवार को इसकी पहली रिपोर्ट आई तो 6 सीनियर छात्रों पर कार्रवाई की गई। उनके माता-पिता को कॉलेज में बुलाया गया था। बुधवार को दूसरी रिपोर्ट आने के बाद 6 छात्र और दोषी पाए गए। इसके बाद कॉलेज प्रबंधन ने सभी 12 सीनियर छात्रों को सस्पेंड कर दिया है। गौरतलब है कि कुछ रोज पहले नेरचौक मेडिकल कालेज में भी रैगिंग का मामला सामने आया था। इस पर कॉलेज प्रबंधन ने कड़ा संज्ञान लेते हुए आरोपी 4 छात्रों और 2 छात्राओं को निलंबित कर दिया था।
-चीन के हांगझोऊ में 23 सितंबर से 8 अक्तूबर तक आयोजित होंगी गेम्स चीन के हांगझोऊ में 23 सितंबर से 8 अक्तूबर तक होने वाले एशियन गेम्स में भारतीय महिला हैंडबॉल टीम घोषित कर दी गई है। भारतीय रेलवे की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी ज्योति शुक्ला टीम की कप्तान होंगी। वहीं, मोरसिंघी हैंडबॉल नर्सरी की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दीक्षा उप कप्तान होंगी। खास बात यह है कि टीम में 6 खिलाड़ी मोरसिंघी हैंडबॉल नर्सरी की हैं। एशियन गेम्स के 19वें संस्करण में हैंडबॉल के मुकाबले 24 सितंबर से 5 अक्तूबर तक होंगे। इसमें भाग लेने के लिए भारतीय टीम दिल्ली से हांगझोऊ के लिए रवाना हो गई है। हैंडबॉल एसोसिएशन इंडिया के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने बताया कि अयोध्या के डॉ. भीम राव अंबेडकर इंडोर स्टेडियम में आयोजित टीम के शिविर की समाप्ति के बाद रवानगी से पूर्व भारतीय टीम का विदाई समारोह लखनऊ में एक निजी होटल में किया गया। इस समारोह में मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश हैंडबॉल संघ की अध्यक्ष अलका दास ने खिलाड़ियों को एशियन गेम्स में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्य अतिथि अलका दास ने कहा कि हमारी महिला खिलाड़ी लगातार खेलों में देश का परचम लहरा रही हैं। उन्होंने टीम को संबोधित करते हुए कहा कि एशियन गेम्स में पूरे जोश के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए खेलो इंडिया के मिशन को बढ़ावा देना है। उन्होंने मोरसिंघी हैंडबॉल नर्सरी की तारीफ करते हुए कहा कि कैसे एक राजनीतिक शास्त्र की अध्यपिका स्नेहलता निशुल्क हैंडबॉल नर्सरी अपने घर में चला रही हैं वह काबिलेतारीफ है क्योंकि उनकी एकेडमी से निकले खिलाड़ी हैंडबॉल में इतिहास रच रहे हैं। उत्तर प्रदेश ओलंपिक संघ के अध्यक्ष व बीबीडी यूनिवर्सिटी के प्रो चांसलर विराज सागर दास ने इस अवसर पर प्रेषित अपने संदेश में भारतीय महिला हैंडबॉल टीम में चयनित खिलाड़ियों को एशियन गेम्स के लिए शुभकामनाएं दीं।
-सदन में आज होने वाली कार्यवाही के बारे में जाना आज सुबह 10:30 बजे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दाड़गी, शिमला के छात्र-छात्राओं ने सदन की कार्यवाही देखने से पूर्व हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से मुलाकात की। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने विधानसभा अध्यक्ष से आज होने वाली कार्यवाही के बारे में पूछा तथा संसदीय कार्यप्रणाली की जानकारी ली। इस अवसर पर छात्रों को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि हिप्र विधानसभा के सदन की अपनी गरिमा है तथा यह विधानसभा अपनी उच्च परंपराओं के लिए पूरे देश में जानी जाती है। पठानिया ने कहा कि हिमाचल विधानसभा का अपना एक गौरवशाली इतिहास रहा है। उन्होंने कहा कि काउंसिल चैंबर का निर्माण वर्ष 1920 से 1925 के बीच में हुआ था। इस सदन को विठ्ठल भाई पटेल तथा मोती लाल नेहरू जैसी महान विभूतियों ने सुशोभित किया था। पठानिया ने कहा कि लोकतंत्र के इस मंदिर में ही चर्चाओं के माध्यम से समस्याओं का समाधान होता है। सदस्य अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने का प्रयास करते हैं। पठानिया ने कहा कि आज के युवा तथा छात्र-छात्राएं जिस तरह से सदन की कार्यवाही को देखने आ रहे हैं, वह लोकतांत्रिक प्रणाली के लिए एक अच्छा संकेत है तथा इससे देश का संविधान तथा लोकतंत्र लगातार सुदृढ़ हो रहे हैं। पठानिया ने सभी छात्र-छात्रओं को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं भी दीं।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राजभवन मेें जगदीश शर्मा द्वारा लिखित पुस्तक 'प्रथम स्वतंत्रता संग्रामÓ का विमोचन किया। राज्यपाल ने लेखक के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पुस्तकें हमारे ज्ञान को विस्तार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इनके अध्ययन से हम अपने जीवन को निरंतर परिष्कृत करते रहते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक पाठक वर्ग को प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के प्रति अपने दृष्टिकोण को और अधिक स्पष्ट करने में सहायक सिद्ध होगी और देश को गुलामी की जंजीरों से आजाद करने वाले शहीदों के प्रति नई पीढ़ी की श्रद्धा व विश्वास को सुदृढ़ करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि इस पुस्तक के माध्यम से पाठक समाज एवं मानवता की सेवा के प्रति अधिक समर्पित भाव से प्रेरित होंगे। जगदीश शर्मा ने पुस्तक के विमोचन के लिए राज्यपाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अपनी लेखनी द्वारा इस पुस्तक के माध्यम से उन्होंने शहीदों के जीवन पर गहन अध्ययन किया है और तथ्यात्मक साक्ष्यों को एकत्रित कर पुस्तक में प्रस्तुत किया है। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा, निदेशक सर्वशिक्षा अभियान राजेश शर्मा, सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक अधिकारी डॉ. केआर भारती, सेवानिवृत्त उप निदेशक एमबी शर्मा, सेवानिवृत्त सचिव डॉ. मस्तराम शर्मा, सहायक सचिव भाषा एवं संस्कृति विभाग डॉ. श्यामा वर्मा तथा अन्य गणमान्य भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री बोले- यह शिमला के गौरवशाली इतिहास और संस्कृति की बहुमूल्य निधि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार सायं यहां ऐतिहासिक बैंटनी कैसल के हाल ही में जीर्णोद्धार किए गए परिसर का उद्घाटन किया और कहा कि यह परिसर हमारी संस्कृति और इतिहास का जीवंत प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि बैंटनी कैसल परिसर शिमला की समृद्ध विरासत का साक्षी है और ग्रीष्मकालीन राजधानी रही 'श्यामलाÓ (शिमला) के समृद्ध इतिहास के दर्शन करवाता है। इस परिसर में तीन ऐतिहासिक भवन हैं और इसके जीर्णोद्धार पर 25 करोड़ रुपये की राशि व्यय की गई है। लगभग 20,000 वर्ग मीटर में फैला यह परिसर एंग्लो-गॉथिक वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण पेश करता है, जो पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का प्रमुख केन्द्र बनेगा। उन्होंने कहा कि बैंटनी कैसल परिसर में महात्मा गांधी की शिमला यात्राओं, डॉ. यशवंत सिंह परमार और सत्यानंद स्टोक्स की विस्तृत जीवनियों तथा शिमला शहर के व्यापक इतिहास को प्रदर्शित किया जाएगा जो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वालों के प्रति श्रद्धांजलि है। इसमें जनजातीय क्षेत्र स्पीति की समृद्ध संस्कृति को भी प्रदर्शित किया गया है जो क्षेत्र की अनूठी परंपराओं को प्रतिबिंबित करती हैं। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बैंटनी कैसल परिसर में शिमला के वैभवशाली इतिहास पर आधारित लेज़र लाईट एंड साउंड शो भी देखा जिसमें वॉलीवुड के महान अभिनेता अनुपम खेर ने आवाज़ दी है। प्रदेश की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता यह शो भावी पीढ़ियों को प्रदेश के समृद्ध इतिहास से अवगत करवाएगा। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार) गोकुल बुटेल, विधायक, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा और अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल बहुमत से पारित होने पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा है कि अंतत: देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. राजीव गांधी का महिलाओं का राजनीति में 33 प्रतिशत के आरक्षण का सपना साकार होने का मार्ग प्रशस्त हुआ हैं। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने महिलाओं को पंचायती राज संस्थाओं व नगर निकायों में आरक्षण देकर इसकी पहल की थी,अब लोकसभा व विधानसभा चुनावों में भी महिलाओं को उनका हक दिया जाना सक्रिय राजनीति में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित होगी। प्रतिभा सिंह ने महिला आरक्षण बिल पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा है कि इस बिल को बहुमत से पारित करवाने में सोनिया गांधी का बहुत बड़ा हाथ है। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी ने हर मंच से राजनीति में महिलाओं की उचित भागेदारी, उनके आरक्षण की मांग रखी। यहां तक कि सोनिया गांधी ने कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में केंद्र की भाजपा सरकार से महिला आरक्षण बिल को पारित करने की मांग करते हुए पार्टी का राजनैतिक प्रस्ताव भी पारित करवाया। प्रतिभा सिंह ने कहा कि भले ही केंद्र की भाजपा सरकार ने इस बिल को पारित करवाया है पर इस बिल की जननी कांग्रेस ही है और कांग्रेस इस बिल का स्वागत करती हैं। उन्होंने कहा है कि इसे जल्द लागू करने के प्रयास किये जाने चाहिए, जिससे देश में महिलाओं के साथ राजनैतिक असमानता जल्द दूर हो सकें।
उप मुख्यमंत्री बोले- कर्ज लेने के मामले में देश में पांचवें स्थान पर पहुंच गया हिमाचल 92774 करोड़ की देनदारी जयराम सरकार से विरासत में मिली उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्रिहोत्री ने कहा कि हिमाचल की वित्तीय स्थिति पर श्वेत पत्र लाने का एलान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने किया था और उसकी प्रति हाउस में रखी जाएगी। उप मुख्यमंत्री ने कहा '5 साल के दौरान राजकोषीय कुप्रबंधन किस प्रकार से हुआ इसके बारे में मैं प्रति हाउस में रखना चाहता हूं। प्रदेश के हालातों को विपक्ष खामोशी से सुने और समझे।' आज रिपोर्ट हाउस में रखी गई है। भारतीय रिजर्व बैंक की एक रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल कर्ज के दबाव में है। हिमाचल कर्ज लेने के मामले में देश में पांचवें स्थान पर पहुंच चुका है। बड़े और छोटे राज्यों की श्रेणी में हिमाचल पांचवें दर्जे पर पहुंच चुका है। इसके क्या कारण रहे हैं, यह अग्निहोत्री ने हाउस के समक्ष रखे। संसाधन जुटाने के लिए पिछली सरकार द्वारा कोई कदम नहीं उठाए गए। पूरी निर्भरता केवल कर्ज पर रखी गई है। कांग्रेस सरकार को 92,774 करोड़ की देनदारियां विरासत में मिली है। पिछली सरकार द्वारा चुनावी वर्ष में जिस तरह से वित्तीय कुप्रबंधन हुआ, वह आज तक कभी नहीं किया गया। 16261 करोड़ की उधारी जुटाई गई। चुनाव जीतने के लिए भाजपा ने 10 हजार करोड़ के महंगाई भत्ते का एलान किया, लेकिन पैसा नहीं दिया गया। 600 करोड़ की 2 किस्तें घोषित की गईं, लेकिन नहीं दी गईं। कुल मिलाकर 92774 करोड़ की देनदारियां पिछली सरकार की रखी गईं। प्रदेश के फाइनेंसर की दुर्दशा जिस तरह से भाजपा द्वारा की गई उससे प्रदेश की कमर टूट गई है।
प्रदेश की राजधानी शिमला की हवा लगातार प्रदूषित होती जा रही है। बीते साल के मुकाबले इस साल हवा 22 प्रतिशत ज्यादा दूषित हो चुकी है। शहर के वायु गुणवत्ता सूचकांक सितंबर 2022 में 62 था जो अब बढ़कर 76 हो गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक इसकी मुख्य वजह गाडिय़ों और आसपास के उद्योग से निकले वाला धुआं है। शिमला में पीएम प्रदूषकों का स्तर 2.5 है। यह विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुशंसित स्तर से 1.6 गुना ज्यादा है। बीते कुछ सालों में शहर में पर्यटक बढऩा भी इसकी मुख्य वजह है। शहर के आस पास नए औद्योगिक इलाकों का निर्माण भी प्रदूषण का बड़ा कारण है। प्रदूषण बढऩे से श्रय रोग बढऩे का अंदेशा भी जताया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार शहर में बढ़ते वाहनों के कारण कार्बन डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड का स्तर बढ़ा है। गाडिय़ों से निकलने वाला धुआं प्रदूषण का मुख्य कारण है। वीकेंड पर पर्यटकों की बढ़ोतरी से शहर में प्रदूषण भी बढ़ रहा है। शिमला के पास शोघी और ठियोग में नए औद्योगिक क्षेत्रों के निर्माण से शहर में अमोनिया, नाइट्रोजन ऑक्साइड और ओजोन की वायुमंडल में मात्रा बढ़ रही है। राजधानी में अंधाधुंध निर्माण भी प्रदूषण के बढऩे का बड़ा कारण है। ताजी हवा के लिए जाने-जाने वाले शिमला कि बिगड़ती हवा लोगों के लिए चिंता का विषय है। वायु प्रदूषण से दमा और टीबी जैसे श्रय रोगों के बढऩे का खतरा है। वायु प्रदूषण को कम करने के लिए पौधरोपण करने और गाडिय़ों पर निर्भरता कम करना जरूरी है। एक्यूआई या वायु गुणवत्ता सूचकांक इलाके की हवा में प्रदूषकों (ऐसे पदार्थ होते हैं जिनके कारण पर्यावरण में प्रदूषण फैलता है।) की संख्या का मापदंड है। इसमें विभिन्न पैमाने पर वायु की जांच करके उसे अंक दिए जाते हैं। 00-50 को अच्छा, 50-100 को ठीक, 200-300 को मध्यम, 300-400 को खराब और 400 से ऊपर के स्तर को खतरनाक माना जाता है।
मंडी से पुलिस की फॉरेंसिक टीम भी मौके पर इलाके में फैली सनसनी, करीब 200 मीटर दूर है पुलिस थाना कुल्लू जिले के पतलीकूहल टैक्सी स्टैंड में एक युवक की हत्या का मामला सामने आया है। युवक की हत्या से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह तड़के 3 से 4 बजे के आसपास पतलीकूहल थाना में सूचना मिली कि पतलीकूहल टैक्सी स्टैंड के पास किसी युवक का शव पड़ा है। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो जांच करने पर पता चला कि अनूप(26) पुत्र अमरचंद निवासी वशकोला की किसी ने हत्या कर दी है। वारदात के बाद मंडी से पुलिस की फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने हत्या का मामला दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है। बताया जा रहा कि रात के समय टैक्सी स्टैंड में झगड़ा हुआ था और इसी दौरान युवक की हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि पुलिस थाना से करीब 200 मीटर की दूरी पर बीच चौक पर यह वारदात हुई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दो युवकों को पकडऩे की सूचना है। एसपी कुल्लू साक्षी वर्मा ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाल रही है।
पुरानी पेंशन योजना बहाली के बाद से केंद्र सरकार ने हिमाचल सरकार पर ऋण लेने पर पाबंदियां लगा दी हैं। यह बात मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने कही। उन्होंने बताया कि पूर्व की भाजपा सरकार को बीते 5 साल में विभिन्न एजेंसियों से 10,000 करोड़ का ऋण मिला। अब पाबंदियां लगने से वर्तमान सरकार को 3 साल में 2,944 करोड़ रुपये का ही ऋण लेने का सीमित कर दिया है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री से शिवधाम मंडी और कन्वेंशनल सेंटर धर्मशाला को केंद्र सरकार से मिली स्वीकृति का पत्र देने का आग्रह भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के दौरे करने से कई जानकारियां मिल रही हैं। जिस स्वीकृति की बात जयराम ठाकुर करते हैं, वो कहां है। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव वर्ष 2018 से कागजों में ही चल रहा है। एशियन डेवलेपमेंट बैंक से इस प्रस्ताव को कोई मंजूरी नहीं मिली है। भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रदेश को मिलने वाले ऋण की सीमा को कम कर दिया है। केंद्र सरकार के आर्थिक मामलों के विभाग ने ऋण सीमा पर पाबंदी लगाई है। विश्व बैंक, जायका, जापान के बैंक सहित अन्य एजेंसियों से मिलने वाले ऋण भी इसमें आते हैं। प्रदेश में पुरानी पेंशन बहाली के बाद से यह पाबंदियां लगी हैं। मुख्यमंत्री ने पालमपुर के मैंझा में मैरिज डेस्टिनेशन बनाए जाने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि 100 कनाल भूमि पर करीब 40 करोड़ की राशि से मैरिज डेस्टिनेशन बनाया जाना है। यह बनने से क्षेत्र में मैदान की कमी हो जाएगी। स्थानीय लोग इसका विरोध कर रहे हैं। मैंझा की जगह इसे पालमपुर या सुलह के किसी अन्य क्षेत्र में बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले को विधायक परमार के साथ बैठकर हल कर लिया जाएगा।
-केंद्र से 12,000 करोड़ की विशेष मदद मांगी -वोटिंग के वक्त विपक्ष रहा मौन हिमाचल विधानसभा में बुधवार देर शाम राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का प्रस्ताव पास हो गया। स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने थ्रू-वायस वोट इस प्रस्ताव को सदन में पास कराया। इस दौरान विपक्ष ने राष्ट्रीय आपदा घोषित करने के सरकारी संकल्प का न समर्थन किया और न विरोध। सत्तापक्ष के विधायकों ने हां में हां भरी। स्पीकर ने प्रस्ताव पारित होते ही सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी। अब यह प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाएगा। इससे पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने विधानसभा में राष्ट्रीय आपदा घोषित करने के प्रस्ताव पर तीन दिल चली चर्चा का जवाब दिया। उन्होंने इस त्रासदी को राष्ट्रीय आपदा मानते हुए केंद्र से 12000 करोड़ रुपए का विशेष आर्थिक पैकेज देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ऐसा तबाही का मंजर पहले कभी नहीं देखा। प्रदेश में 441 लोगों की जान गई और 39 लोग अभी भी लापता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आपदा से 12 हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ। 16658 पशुओं की मौत, 2621 घर पूरी तरह नष्ट, 12 हजार से ज्यादा घरों को आंशिक नुकसान, 318 दुकानें, 238 झोपडिय़ां, 540 घराट और 5917 गौशालाएं तबाह हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पौंग, पंडोह, पार्वती-2 डैम प्रबंधन को बिना सूचना पानी छोडऩे पर नोटिस जारी किए गए, क्योंकि इससे डाउन स्ट्रीम में भारी नुकसान हुआ है। सभी बांध प्रबंधन को पानी छोडऩे से पहले अर्ली वॉर्निंग सिस्टम लगाने के निर्देश दिए गए है।
-उच्च अध्ययन संस्थान में टेनिस कोर्ट निर्माण में धांधलियों की मिली थी शिकायत केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम ने बुधवार को भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (आईआईएएस) और केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के कार्यालय में दबिश दी। यह दबिश एडवांस्ड स्टडी संस्थान में बने टेनिस कोर्ट निर्माण में हुई कथित धांधलियों को लेकर मिली शिकायत के आधार पर दी गई। इस कोर्ट का निर्माण सीपीडब्ल्यूडी ने किया है। सीबीआई ने उच्च अध्ययन संस्थान के साथ-साथ सीपीडब्ल्यूडी कार्यालय से भी रिकॉर्ड कब्जे में लिया गया है। इस कार्रवाई से दोनों ही केंद्रीय कार्यालयों में हड़कंप और अफरातफरी की स्थिति बनी रही। सीबीआई अब इस पर जल्द मामला दर्ज कर सकती है। सीबीआई की टीम बुधवार सुबह निजी वाहनों से आईआईएएस पंहुची। यहां जांच टीम ने टेनिस कोर्ट से जुड़े दस्तावेजों को खंगाला और कुछ दस्तावेज अपने कब्जे में भी लिए। डीएसपी स्तर के अधिकारी की अगुवाई में यह कार्रवाई अमल में लाई गई। टीम ने टेनिस कोर्ट का भी निरीक्षण किया। इसके बाद टीम सीपीडब्ल्यूडी के कैनेडी चौक स्थित कार्यालय पहुंची। यहां पर निर्माण कार्य से जुड़े हर दस्तावेज को खंगाला गया। कुछ दस्तावेज को टीम अपने साथ भी ले गई। यह जांच करीब चार घंटे तक चलती रही। सूत्रों के अनुसार एक अधिकारी ने टेनिस कोर्ट के निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत सीबीआई से की। बाकायदा इसको लेकर सीबीआई को पत्र भी लिखा। 50 से 55 लाख रुपये का बजट इस कोर्ट के निर्माण पर खर्च किया गया है। प्रथम दृष्टया जांच में यह काफी कम लग रहा है। हालांकि जांच के बाद ही इसके सही तथ्य उजागर होंगे। इस मामले में आने वाले दिनों में अधिकारियों से लेकर निर्माण एजेंसी से जुड़े लोगों से भी पूछताछ हो सकती है।
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय शिमला द्वारा स्टेनोग्राफर (श्रेणी-3), ट्रांसलेटर (श्रेणी-3), ट्रांसलेटर उर्दू (श्रेणी-3), ट्रांसलेटर पंजाबी (श्रेणी-3), सहायक प्रोग्रामर (श्रेणी-3), लिपिक (श्रेणी-3), ड्राइवर (श्रेणी-3), सफाई कर्मचारी (श्रेणी-4) व माली (श्रेणी-4) के पदों की भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की गई है। यह जानकारी जिला रोजगार अधिकारी सोलन संदीप ठाकुर ने दी। उन्होंने कहा कि उक्त पदों के लिए उम्मीदवार 30 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में विस्तृत जानकारी हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय शिमला की आधिकारिक वेबसाइट द्धह्लह्लश्च://222.द्धश्चद्धष्ह्म्द्गष्ह्म्ह्वद्बह्लद्वद्गठ्ठह्ल.द्बठ्ठ पर प्राप्त की जा सकती है।
-कहा, युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है प्रदेश सरकार -एक साल में एक लाख नौकरी का वादा करके सत्ता में आए और अब तक एक नौकरी नहीं दी विधानसभा में जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार बनते ही मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग को भंग कर दिया और सारे रिजल्ट रोक दिया। जब युवा रिजल्ट जारी करने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय आए तो मुख्यमंत्री ने उनसे एक महीने में सभी रिजल्ट जारी करने का वादा किया। एक महीने बाद जब युवा फिर पहुंचे तो मुख्यमंत्री ने तीन महीनें का समय मांगा। आज दस महीनें होने को हैं लेकिन सरकार ने लंबित भर्तियों के परीक्षा परिणाम नहीं निकाले। अब वही युवा जब मुख्यमंत्री से मिलने जाते हैं तो मुख्यमंत्री मिलते नहीं हैं। दो-दो दिन मुख्यमंत्री कार्यालय के सामने बरसात में पड़े रहने के बाद भी उनकी सुनवाई नहीं हुई। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जिन युवाओं ने एग्जाम पास करके टाइपिंग टेस्ट भी पास कर लिया है। जिनका डॉक्युमेंट्स वेरिफि़केशन भी हो गये है सरकार उनके भी रिजल्ट नहीं निकल पा रही है। आज रिज़ल्ट के इंतज़ार में युवा सड़कों पर भटक रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ उनके साथ धोखा किया है। प्रदेश के लोगों से झूठ बोला है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश की एक मात्र महिला विधायक के द्वारा पंचायत भवन के उद्घाटन कर दिया गया तो पंचायत की प्रधान को नोटिस दे दिया गया। उन्होंने कहा कि यह सरकार की कार्यप्रणाली हैं। यह शर्मनाक है। सरकार पंचायत प्रधान को दिये गये नोटिस को वापस ले। इस तरह की तानाशाही ग़लत है। हम इसे नहीं चलने देंगे। उन्होंने कहा कि सदन के अंदर विधायक बता रहे है कि किस तरह से आपदा के समय राहत देने में सरकार ने भेदभाव किया और अभी भी बहुत से लोग सरकारी राहत से अछूते रह गये। इसलिए मैं मुख्यमंत्री महोदय से निवेदन करता हूं कि आपदा प्रभावितों के बारे में सोचे और विधायकों की बातों को गंभीरता से लें। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अब बहुत समय हो गया। अब मुख्यमंत्री स्पष्ट बताएं कि वह लंबित परीक्षा के परिणामों को कब जारी कर रहे हैं। अब हर बार नई डेडलाइन वाला खेल नहीं चलेगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री यह भी बताएं कि जो पांच लाख नौकरियों का वादा उन्होंने प्रदेश के लोगों से किया था। वह नौकरियां कब प्रदेश के लोगों को मिल रही है। आज लोग उन वादों को पूरा करने का इंतज़ार कर रहे है। नेता प्रतिपक्ष ने सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश राज्य कर्मचारी चयन आयोग को भंग करने पर भी मुख्यमंत्री को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार ने एक अपरिपक्व फैसला लेते हुए एचएसएससी को भंग कर दिया। कल जो नया आयोग बनेगा यदि उसमें भी एक व्यक्ति अगर गड़बग़ निकल जाएगा तो क्या सरकार फिर से उन संस्थानों को बंद कर देगी। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यवस्था में जो किसी प्रकार की गड़बड़ी करते हैं, किसी प्रकार का अपराध करते हैं तो उसके लिए क़ानून हैं। क़ानून के तहत उसे सख्त से सख्त सज़ा दी जाए लेकिन इस तरह से आयोग ही भंग कर देना पूर्णत: बचकाना हरकत है। उन्होंने कहा कि अगर एक विधायक गड़बड़ हो जाए तो विधानसभा भंग नहीं की जा सकती है।
प्रदेश कांग्रेस संगठन महामंत्री चौपाल विधानसभा क्षेत्र के पार्टी प्रत्याशी रहे रजनीश किमटा ने भाजपा विधायक बलवीर वर्मा को आड़े हाथ लेते हुए कहा है कि अपनी विफलताओं को छुपाने के लिए वह उनपर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में चौपाल के लोग विधायक को ढूंढ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बलवीर वर्मा जन हित के काम कम और झूठ की राजनीति ज्यादा करते है इसलिए अब लोगों ने उन्हें सत्ता से बाहर करने का पूरा मन बना लिया है। इसी बोखलाहट के चलते वह उनपर बेबुनियाद व झूठे आरोप लगा रहें हैं। किमटा ने आज यहां एक बयान में कहा कि आपदा की इस घड़ी में वह कांग्रेस पार्टी के निष्ठावान सिपाही की तरह लोगों की सेवा में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार प्रदेश में लोगों की पूरी मदद कर रही है। प्रदेश भाजपा नेताओं का इसमें कोई भी सहयोग नहीं मिल रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में विधायक को अनाप-शनाप बयानबाज़ी को छोड़कर जनहित के मुद्दों को लेकर चर्चा की सलाह दी। विधायक को व्यक्तिगत विषय विधानसभा जैसे उच्च सदन में उठाना शोभा नहीं देता। रजनीश किमटा ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि आपदा ग्रस्त क्षेत्रों की उन्होंने हर संभव सहायता की है।
-सेरी बंगलो में नाग धुमनी मेले में बतौर मुख्य अतिथि करेंगी शिरकत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह 22 सितंबर को अपने संसदीय क्षेत्र मंडी के करसोग विधानसभा क्षेत्र के सेरी बंगलो में नाग धुमनी मेले में मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत करेंगी। कांग्रेस अध्यक्ष के राजनैतिक सचिव प्रदेश कांग्रेस महासचिव अमित पाल सिंह ने बताया है कि सांसद प्रतिभा सिंह 22 सितंबर को सुबह 8 30 बजे शिमला से बगशैड के लिए रवाना होंगी। यहां वन विभाग के विश्राम गृह में लोगों की समस्याओं को सुनने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक भी लेंगी। इसके बाद प्रतिभा सिंह सेरी बंगलों में नाग धुमनी मेले में मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत करेंगी। इसके पश्चात रामपुर सराहन के लिये रवाना हो जाएंगी। इस दिन रात्रि विश्राम सराहन रहेगा। 23 सितम्बर को प्रतिभा सिंह रामपुर विधानसभा क्षेत्र के सराहन में स्थानीय कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। इस दिन भी रात्रि विश्राम सराहन ही रहेगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने चंबा विधानसभा क्षेत्र के विधायक नीरज नैय्यर की माता चंचल नैय्यर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए परमेश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की है। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की हैं।
चौपाल के चांबी इलाके में एक युवक का शव सेब के पेड़ से लटका हुआ बरामद हुआ है। इसकी पहचान नेपाल के रहने वाले 26 वर्षीय मेघराज के रूप में हुई है। मृतक की पत्नी ने पुलिस को बयान दिया है कि उसका पति और कुछ और लोगों में झगड़ा हुआ था। इसके बाद युवक ने अपना डेरा छोड़ दिया। बाद में उसका शव पेड़ से लटका हुआ मिला है। पुलिस शव का आईजीएमसी में पोस्टमार्टम करवा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के असल कारणों का पता चल सकेगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के हिसाब से सरकार करुणामूलक नौकरियां देगी। मंगलवार को विधानसभा सदन में प्रश्नकाल के दौरान विधायक केएल ठाकुर के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार ने इस मामले पर कुछ काम नहीं किया। प्रदेश सरकार ने इस मामले पर विचार करने के लिए कमेटी बनाई है। कमेटी के साथ दो बार चर्चा हो चुकी है। जल्द कार्य योजना सामने लाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार ने करुणामूलक आधार की नौकरियों के सरकारी विभागों में 1,766 और निगमों-बोर्डों में 734 आवेदन रिजेक्ट किए। सिर्फ 25 फीसदी को ही नौकरियां दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते तीन साल में करुणामूलक नौकरियों के लिए सरकारी विभागों में 4,099 और निगम-बोर्डों में 2,971 आवेदन आए। इस मामले पर गंभीरता से सोचना होगा। उधर, मुख्यमंत्री के जवाब पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि करुणामूलक आधार पर सबसे अधिक नौकरियां पूर्व सरकार ने दी हैं। भाजपा सरकार ने नौकरियां देने के लिए नियम बदले। पहले 50 वर्ष की आयु के बाद कर्मचारी की मृत्यु होने पर उनके परिजनों को नौकरी नहीं मिलती थी। हमारी सरकार ने प्रावधान किया कि अगर सेवानिवृत्ति से एक दिन पहले भी मृत्यु होती है तो करुणामूलक नौकरी दी जाएगी। जयराम ने कहा कि आयु की शर्त में भी भाजपा सरकार ने छूट दी। विधायक केएल ठाकुर ने पूछा था कि करुणामूलक आधार की नौकरियां कब तक दी जाएंगी।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन में कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक आपदा प्रभावितों को राहत पैकेज देने की घोषणा कर चुकी है और इसके लिए हर तरह की कटौती की जाएगी। सरकार के पास सीमित बजट है, ऋण भी एक सीमा तक ही ले सकते हैं। सरकार विधायक निधि में कटौती करेगी, तभी आपदा से हुए नुकसान की कुछ भरपाई कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि विपक्ष राष्ट्रीय आपदा शब्द ही नहीं निकाल रहा। ञ्जह्म्द्गठ्ठस्रद्बठ्ठद्द ङ्कद्बस्रद्गशह्य उन्होंने विपक्ष से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर प्रदेश में राष्ट्रीय आपदा घोषित कर पीड़ितों के लिए उदार मदद देने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी चुटकी ली कि मदद लेने के लिए विपक्ष की नीयत भी तो साफ होनी चाहिए। मुख्यमंत्री श्रीनयना देवी के भाजपा विधायक रणधीर शर्मा के चर्चा में हिस्सा लेने के दौरान स्थिति स्पष्ट कर रहे थे। रणधीर आपदा पर नियम १०२ के तहत सरकार की ओर से रखे प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा ले रहे थे। सीएम ने कहा कि ४८ घंटे में बिजली-पानी बहाल करने के लिए मंत्रियों ने दिन-रात मेहनत की। अगर पानी की बहाली हुई तो उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बहुत मेहनत की। सड़कें बहाल करने में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने परिश्रम किया। इससे पहले रणधीर शर्मा ने कहा कि आपदा से निपटने के लिए सरकार में आपसी तालमेल नहीं है। आपदा के निरीक्षण के लिए मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मंत्री अलग-अलग जा रहे हैं। आपदा के बाद सर्वदलीय बैठक तो दूर दस दिन तक कैबिनेट की बैठक तक नहीं बुलाई गई। कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष दिल्ली में प्रधानमंत्री से मिलीं, उन्होंने आर्थिक सहायता मांगी, लेकिन राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग तक नहीं उठाई।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि महिला आरक्षण क़ानून से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की महिलाओं को देश भर की महिलाओं को सम्मान दिलाया हैं। यह प्रधानमंत्री के दृढ़प्रतिज्ञ और देश से किए गए हर वादे को पूरा करने का संकल्प है। देश की नई संसद में पहला क़ानून महिलाओं के हक़ के लिए बन रहा है। इससे बेहतर और क्या हो सकता है। उन्होंने महिला आरक्षण क़ानून के लिए प्रधानमंत्री समेत संपूर्ण कैबिनेट का आभार जताया। जयराम ठाकुर ने महिला आरक्षण क़ानून के लिए समस्त देश को शुभकामनाएं दीं।
- जनता की मांग पर खोले गए संस्थानों को बंद कर दिया - बद्दी में बीडीओ, एसडीएम ऑफिस बंद कर दिए - अपने सीपीएस की मांग पर खोलने कि घोषणा कर दी नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि यह सरकार दस महीने में प्रदेश को दस साल पीछे कर दिया। जनता की मांग पर जन प्रतिनिधि के निवेदन पर संस्थान खोले गये। मुख्यमंत्री ने बिना किसी कारण से सभी संस्थानों को बंद कर दिया। 1050 से ज़्यादा कार्यरत संस्थानों को एक दिन में डिनोटिफ़ाई कर दिया गया। आज तक प्रदेश के किसी मुख्यमंत्री ने ऐसा नहीं किया। ऐसा करके सिर्फलोगों को दुखी करने का काम किया गया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि एशिया का सबसे बड़ा फार्मा हब बद्दी-नालागढ़ है, लेकिन वहां पर बीडीओ का ऑफिस नहीं था, एसडीएम का ऑफिस नहीं था। जन प्रतिनिधियों और लोगों की मांग पर हमने बीडीओ और एसडीएम का ऑफिस खोला और सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सत्ता में आते ही उसे डिनोटीफाई कर दिया। इसके बाद जब बद्दी के विधायक और सीपीएस ने कहा कि बद्दी में बीडीओ और एसडीएम के ऑफिस नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने घोषणा कर दी कि बद्दी में बीडीओ और एसडीएम के दफ़्तर खुलेंगे। मुख्यमंत्री ने अपने पद का मज़ाक़ बनाया। जब संस्थान को खोलना था तो उसे बंद क्यों कर दिया गया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार यह बताए कि जनहित के लिए खोले गये संस्थान बंद क्यों किए? क्या इसी व्यवस्था परिवर्तन की बात सरकार कर रही थी। उन्होंने कहा कि हमारे पहले की सरकार ने आचार संहिता लगते लगते संस्थानों को खोला। बिना किसी पद और बजट के प्रावधान के ही संस्थान खोल दिये। हमने उन संस्थानों को बंद नहीं किया। उसे चलाने के रास्ते निकाले। उन संस्थानों को चलाया। इस सरकार में मुख्यमंत्री ने आठ-आठ महीनें के कार्यरत संस्थाओं को बंद कर दिया। इस तरह बदले की भावना से काम करने वाली सरकार आज तक प्रदेश में नहीं आई। अगर नहीं चाहिए संस्थान तो विधायक लिख कर दें नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हमारे द्वारा खोले गये संस्थान अगर लोगों की मांग पर नहीं थे तो कांग्रेस के विधायक यह लिख कर दे दें कि उनके विधानसभा क्षेत्र में खोले गये संस्थान की आवश्यकता नहीं हैं। चाहे वह स्कूल हों, कॉलेज हों, पटवार सर्किल हो, जल शक्ति विभाग के डिवीज़नल या सर्किल ऑफिस हों, पीडब्ल्यूडी या बिजली विभाग के कार्यालय हों या बीडीओ और एसडीएम दफ़्तर। यह सभी संस्थान गलत खोले गये हैं। विधानसभा के बाहर खड़े हजारों युवा बता रहे आपने प्रदेश से सिर्फ झूठ बोला नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार विधान सभा के अंदर बड़ी-बड़ी बातें कर रही हैं और विधान सभा के बाहर बारिश के बीच भी हज़ारों युवा खड़े होकर अपना हक़ माँग रहे हैं। आपने कर्मचारी चयन आयोग भंग कर दिया। कहा एक महीने में रिजल्ट जारी करेंगे, तीन महीनें में जारी करेंगे। आज दस महीनें हो गये लेकिन अभी तक लगभग चार हज़ार पोस्ट के रिज़ल्ट नहीं निकाल पा रही रही हैं। युवा जिन्हें नौकरी करते आज दस महीनें हो गये होते, वे कभी सचिवालय तो कभी मुख्यमंत्री आवास के चक्कर काट रहे हैं। नौकरी देना तो दूर मुख्यमंत्री उन्हें मिलने का समय भी नहीं दे पा रहे हैं। विधानसभा के बाहर खड़ी युवाओं की भीड़ बता रही है कि आपने सत्ता के लिए प्रदेश से सिर्फ़ झूठ बोला है। इसके अलावा ज़िला परिषद के मुद्दे भी सरकार हल नहीं कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अब बहुत हुआ, सरकार समयबद्ध तरीके से सभी लंबित रिजल्ट जारी करे। करुणामूलक आधार पर एक भी नौकरी नहीं दे पाई सुक्खू सरकार नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि करुणामूलक आधार पर सबसे ज़्यादा नौकरियाँ हमारी सरकार ने दी। सत्ता में आने के पहले कांग्रेस ने करुणामूलक आधार पर नौकरी देने का वादा किया था। दस महीना हो गया लेकिन एक नौकरी नहीं दे पाए। सरकार में आते ही कमेटी बना दी, तो बताओ कमेटी कि कितनी मीटिंग हुई। कमेटी ने क्या सुझाव दिये। उन्होंने कहा कि करुणामूलक आधार पर हमने हज़ारों लोगों को नौकरी दी। पहले नियम था पचास साल के बाद मृत्यु होने पर करुणामूलक आधार पर नौकरी नहीं मिलती थी लेकिन हमने नियम बदला कि अगर नौकरी में एक दिन पहले भी किसी की मृत्यु हो जाती है तो भी हम नौकरी देंगे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां चंबा विधानसभा क्षेत्र के विधायक नीरज नैय्यर की माता चंचल नैय्यर के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उनका आज प्रात: चंडीगढ़ में निधन हो गया। वह 81 वर्ष की थीं। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वंचित वर्गों के कल्याण के लिए उनके योगदान को सदैव याद रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।
हिमाचल प्रदेश नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एचपीएनएलयू), शिमला में भारत के संविधान पर तीन दिवसीय इंट्रा क्विज़ प्रतियोगिता क्विजलेक्स 2023 का आयोजन जी20 पहल के तहत एनिग्मा क्विज कमेटी द्वारा किया गया। प्रतियोगिता के प्रारंभिक दौर में कुल 20 टीमें शामिल हुईं, जिसमें आठ टीमों ने क्वार्टर-फ़ाइनल और चार टीमों ने सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया और अंतत: दो टीमों ने ग्रैंड फाइनल में जगह बनाई। ग्रैंड फिनाले का आयोजन कुलपति प्रो. (डॉ.) निष्ठा जसवाल और रजिस्ट्रार प्रो. (डॉ.) एसएस जसवाल की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया। माननीय कुलपति ने अपने भाषण से उपस्थित लोगों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने भविष्य में इस तरह के आयोजनों के माध्यम से एक समग्र शिक्षा प्रणाली बनाने पर भी बल दिया। कार्यक्रम की शुरुआत समिति की अध्यक्षा डॉ. रुचि गुप्ता के स्वागत भाषण से हुई। तीसरे वर्ष के छात्रों की टीम सिंपल माइंड्स अंतिम दौर में विजयी रही और पांचवें वर्ष के छात्रों की टीम रोलिंग स्टोन्स ने प्रथम रनर-अप का स्थान प्राप्त किया है। कार्यक्रम का समापन समिति संयोजक डॉ. पुष्पांजलि सूद के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
-बिजली, राशन, खाद्य तेल महंगा कर प्रदेश की जनता की कमर को ही तोड़ दिया कांग्रेस सरकार को हिमाचल प्रदेश में स्थापित हुए 10 महीने हो चुके हैं। जब से कांग्रेस की सरकार हिमाचल प्रदेश में आई है तब से 1000 से अधिक सरकारी संस्थान बंद कर चुकी है, जिसका कांग्रेस आज तक जवाब नहीं दे पाई कि ये संस्थान क्यों बंद किए। भाजपा प्रवक्ता चेतन बरागटा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने सरकार में रहते हुए प्रदेश में डीजल पर 7 रुपये की कटौती की थी, लेकिन कांग्रेस ने उसके विपरीत सरकार बनते ही इसको बढ़ा दिया। बिजली, राशन, खाद्य तेल महंगा कर महंगाई की मार झेल रही प्रदेश की जनता की कमर को ही तोड़ दिया। किसान और बागवान इस सरकार की कार्यप्रणाली से हताश और निराश बैठा हुआ है। बागबानों को समय पर खादें नही मिल रही है, बागीचों में पतझड़ की समस्या जस की तस बनी हुई है। पिछले साल एमआईएस के तहत खरीदे गए फलों का भुगतान बागवान को अभी तक नही हुआ है। सरकार समय पर सड़के नही खोल पाई ,जिस कारण बागवान अपना उत्पाद नदी-नालों में फेंकने को मजबूर हुए। जहां सरकार को उन बागवानों की मदद करनी चाहिए थी लेकिन सरकार उलटे उन बागवानों से लाखों रुपए का जुर्माना वसूलने का फैसला लेती है। सरकार की इस संकीर्ण मानसिकता से स्पष्ट होता है कि प्रदेश की इस कांग्रेस सरकार का बागवानों से कोई सरोकार नहीं है। चेतन ने कहा कि आपदा प्रबंधन की दृष्टि से यह सरकार पूरी तरह फेल साबित हुई है। सरकार में तालमेल की कमी देखी जा रही है,आए दिन सरकार के मंत्रियों का आपसी मनमुटाव सरे आम मीडिया में नजर आ रहा। सरकार में आपसी विरोधाभास के चलते हिमाचल प्रदेश की जनता प्रभावित हो रही है। आपदा राहत राशि में मेरा तेरा का राग गाकर सरकार जरूरत मंद को मदद नही कर रही है। इस सरकार में भाई भतीजावाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। चेतन बरागटा ने कहा जब से यह सरकार आई है तब से प्रदेश में कानून व्यवस्था पूर्ण रूप से चरमराई हुई है। चंबा हत्याकांड अभी तक लोग भूल नहीं पाए है और हिमाचल प्रदेश के हर कोने से कानून व्यवस्था बिगड़ने के कई उदाहरण सामने आ रहे है। अब तो मुख्यमंत्री के गृह जिला में एक बहन का मुंह काला कर, बाल काट कर गांव में घुमा दिया गया। यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस घटना की जितनी निंदा करे कम होगी। मुख्यमंत्री के गृह जिले की इस घटना ने कानून व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी। यह सरकार अभी तक हर फ्रंट पर नाकामयाब साबित हुई है। भाजपा प्रवक्ता चेतन बरागटा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और विधायक दल मिलकर 25 सितंबर को विधानसभा के बाहर एक बड़ा प्रदर्शन करने जा रहे है। यह प्रदर्शन इस सरकार को याद दिलाने के लिए होगा कि तुम्हारी 10 गारंटियां कहां गईं। आम जनमानस ने जिस उम्मीद से इस सरकार को चुना था, उन अपेक्षाओं को पूरा करने में ये सरकार अभी तक पूरी तरह फेल साबित हुई है। कानून-व्यवस्था, महंगाई, गारंटी, विरोधाभास, बदला-बदली की भावना, संस्थान बंद करना और आपदा में मेरा तेरा को लेकर भाजपा विधानसभा का घेराव करेगी।
आज सुबह 10:30 बजे इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ लीगल स्टडीज हरिदेवी के छात्र-छात्राओं ने सदन की कार्यवाही देखने से पूर्व हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से मुलाकात की। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने विधानसभा अध्यक्ष से आज होने वाली कार्यवाही के बारे पूछा तथा संसदीय प्रणाली की जानकारी ली। इस अवसर पर पठानिया ने छात्र-छात्राओं को अपनी शुभकामनायें देते हुए कहा कि लोकसभा तथा विधानसभा लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर हंै तथा आज के युवा जिस तरह संसदीय प्रणाली की ओर आकर्षित हो रहे है, इससे लोकतंत्र की मजबूती को और बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि सदन ही एक ऐसा सर्वोत्तम स्थान है, जहां चुने हुए प्रतिनिधि जनहित से जुड़े मुद्दों को उठा सकते हैं तथा उनका समाधान भी संभव हो पाता है। इस अवसर पर पठानिया ने छात्र-छात्राओं से लोकतांत्रिक प्रणाली को गहनता से अध्ययन करने का आग्रह किया।
-दामों में बढ़ोतरी होने से आम वर्ग पर पड़ेगा अतिरिक्त बोझ हिमाचल प्रदेश में तीनों बड़ी कंपनियों ने सीमेंट के दाम 10 रुपये प्रति बैग बढ़ा दिए हैं। सीमेंट के दामों में बढ़ोतरी होने से आम वर्ग पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। प्रदेश में अल्ट्राटेक, अंबुजा और एसीसी सीमेंट कंपनी ने दामों में बढ़ोतरी की है। वहीं सूत्रों के अनुसार आगामी कुछ दिनों में सीमेंट के दामों में पांच रुपये और बढ़ोतरी होने की संभावना है। एसीसी सीमेंट का दाम 430 रुपये से बढ़कर 440 रुपये हो गया है। जबकि एसीसी गोल्ड के दाम 470 से 480 रुपये हो गए हैं। अल्ट्राटेक सीमेंट के दामों में भी 10 रुपये बढ़ोतरी हुई है। अल्ट्राटेक सीमेंट के दाम 430 रुपये प्रति बैग से बढ़कर 440 रुपये प्रति बैग हो गए हैं। अंबुजा सीमेंट के दाम 430 रुपये प्रति बैग से बढ़ाकर 440 रुपये प्रति बैग किए गए हैं। प्रदेश में सभी सीमेंट कंपनियों की ओर से एक साथ दामों में बढ़ोतरी की है। बढ़े दाम बीती रात 12 बजे से लागू कर दिए गए हैं। सीमेंट के दामों में बढ़ोतरी होने से निर्माणाधीन मकानों के मालिकों का बजट बिगड़ गया है। एसीसी सीमेंट के विक्रेता किशन लाल एंड सन्स के मालिक पवन बरूर और सत्या प्रकाश एंड कंपनी के संचालक मनोज कुमार ने बताया कि सीमेंट के दामों में 10 रुपये प्रति बैग की बढ़ोतरी हुई है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ने कहा कि प्रदेश में जब से कांग्रेस की सरकार बनी है तब से 1000 से अधिक सरकारी संस्थान बंद कर चुकी है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने डीजल पर 7 रु की कटौती की थी, पर आते ही इस कांग्रेस सरकार ने इसको बड़ा दिया। बिजली, राशन, तेल महंगा कर महंगाई की मार से हिमाचल प्रदेश की जनता की कमर को तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन की दृष्टि से यह सरकार पूरी तरह फेल साबित हुई है, आपसी विरोधाभास के चलते हिमाचल प्रदेश की जनता प्रभावित हुई है। आपदा राहत राशि में मेरा तेरा का राग गा कर, भाई भतीजावाद इस सरकार ने फैलाया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और विधायक दल मिलकर 25 सितंबर को विधानसभा के बाहर एक बड़ा प्रदर्शन करने जा रहे है।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण कपटाऔर प्रदेश महामंत्री नेकराम ठाकुर ने प्रेस को जारी संयुक्त बयान में कहां है कि 1 सितंबर 2023 को बोर्ड प्रबंधन के साथ सकारात्मक वार्ता के दौरान जिन मांगों पर सहमति बनी थी, उन पर जल्द से जल्द अधिसूचना जारी करके लागू करें। जिसमे मुख्य रूप से फ्यूज वायर की खरीद को केंद्रीयकृत करके बोर्ड स्तर पर करना, फील्ड कर्मचारियों को अन्य राज्यों की तर्ज वाहन भत्ता देना, तकनीकी कर्मचारियों की मोबाइल भत्ते से वंचित श्रेणियां को मोबाइल भत्ता देना, बोर्ड की सभी फील्ड सेक्शन में उचित फर्नीचर उपलब्ध करवाना, बोर्ड कॉलोनियों के उचित रखरखाव के लिए बजट उपलब्ध करवाना, हाल ही में जारी टी.ए बिल संशोधन संबंधी आदेश वापिस लेने बारे, टी-मेट ब हेल्पर को वन टाइम सेटलमेंट के आधार पर ट्रांसफर करने का अवसर देना, कंप्यूटर ऑपरेटर्स के लिए पदोन्नति नियम बनाना, हाई वोल्टेज डिटेकटर की खरीद करने के अलावा फील्ड में जे.ई इलेक्ट्रिकल के रिक्त पड़े 200 पदों पर लाइनमैन और इलेक्ट्रीशियन को एकमुश्त पदोन्नति लाभ देना था। इसके अलावा उन्होंने प्रबंधन वर्ग से विशेष आग्रह किया है कि प्रदेश के कुछ एक विद्युत मंडलों में जो नॉन आईटीआई टी-मेट हाल ही में पदोन्नति लाभ से वंचित रह गए है, उन्हें एकमुश्त सहायक लाइनमैन के पद पर पदोन्नत किया जाए। फील्ड में बहुत से विद्युत अनुभाग ऐसे हैं जहां एक या दो कर्मचारियों के हवाले ,20 से 25 ट्रांसफार्मरों के अतिरिक्त कई किलोमीटर लंबी विद्युत लाइन की देखरेख का जिम्मा है। जिसकी वजह से कर्मचारी भारी दबाव में कार्य कर रहे हैं। इस तरह के दबाव के कारण ही पिछले दिनों पणडोह विद्युत उपमंडल के अंतर्गत आउटसोर्स आधार पर कार्यरत कर्मचारी बलवंत कुमार को एलटी लाइन में अकेले कार्य करते हुए जान गवानी पड़ी। इस दुख की घड़ी में तकनीकी कर्मचारी संघ शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ा है तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता है। उन्होंने बताया की तकनीकी कर्मचारी संघ बार-बार प्रबंधन वर्ग से मांग कर चुका है, कि आए दिन बोर्ड में कार्यरत नौजवान कर्मचारी घातक/गैर घातक दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। इन दर्दनाक दुर्घटनाओं के सही कारणों को जांचने तथा उन कारणों का निवारण करने के लिए उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया जाए । तकनीकी कर्मचारी आए दिन काल का ग्रास बन रहे है, परंतु प्रबंधन वर्ग इस मुद्दे पर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा की तकनीकी कर्मचारी संघ का एक प्रतिनिधिमंडल बोर्ड में विभिन्न श्रेणियों के हजारों रिक्त पदों को भरने के विषय के साथ-साथ बोर्ड में जल्द से जल्द ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने के संदर्भ में मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश से जल्द ही मिलेगा तथा उन्हें सारी वस्तुस्थिति से अवगत करवाएगा इसके साथ ही बिजली बोर्ड को कैसे फायदे वाली स्थिति में लाया जाए इसके बारे में उपयुक्त सुझाव देगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने हमीरपुर जिला के भोरंज में एक महिला के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ पुलिस प्रशासन से कड़ी कानूनी कार्यवाही करने को कहा हैं। उन्होंने कहा है कि यह घटना बहुत ही दुखदाई और देव भूमि को शर्मसार करने वाली हैं। प्रतिभा सिंह ने कहा कि महिलाओं के साथ इस प्रकार की कोई भी घटना किसी भी सभ्य समाज के लिए अभिशाप है जो किसी भी स्तर पर सहन नही की जा सकती। उन्होंने कहा पीड़ित महिला को पूरा न्याय मिलना चाहिए। भविष्य में इस प्रकार की कोई घटना ने हो इसके लिए जरूरी है कि इस घटना में संलिप्त सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी सज़ा मिले। उन्होंने पुलिस प्रशासन से भविष्य में ऐसी किसी भी घटना पर जो समाज विरोधी, महिलाओं से बदसलूकी से जुड़ी हो पर तुरंत कार्यवाही करने को कहा है जिससे ऐसी शर्मसार घटनाओं पर रोक लग सकें।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सौरव चौहान ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पूरे देश के समक्ष एक मिसाल पेश करते हुए भारी बारिश एवं भूस्खलन से आई आपदा से जूझ रहे हिमाचल प्रदेश के लिए अपनी समस्त जमा पूंजी की 51 लाख रुपये की धनराशि आपदा राहत कोष-2023 में दान कर दी है। सौरव चौहान ने कहा कि ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू देश और प्रदेश के ऐसे पहले मुख्यमंत्री बने गए हैं जो अपनी नहीं, बल्कि जनता को सुखी देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सुखविंदर सिंह सुक्खू संभवतया देश के ऐसे पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं, जिन्होंने पद पर रहते हुए अपनी निजी जमा पूंजी सरकार को आपदा से निपटने के लिए दान में दी है। सौरव चौहान ने कहा कि इससे पहले भी सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सामाजिक सरोकार को अधिमान देते हुए धन दान किया है। कोरोना काल में विधायक के तौर पर उन्होंने एक साल का वेतन और अपनी एफडीआर तोड़कर भी 11 लाख रुपये की धनराशि राज्य सरकार को महामारी से लड़ने के लिए दान में दी थी। उन्होंने कहा कि हिमाचल में प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू अपनी टीम के साथ प्रदेश को रिस्टोर करने में जुटे हैं। सौरव चौहान ने मुख्यमंत्री की इस मिसाल से खुशी जाहिर करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से धन्यवाद किया।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने आज यहां बताया कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश में सर्वोत्कृष्ट स्वास्थ्य सुविधाएं लोगों के घर-द्वार उपलब्ध करवाने के लिए दृढ़ता से कार्य कर रही है। इसी के दृष्टिगत डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय कांगड़ा स्थित टांडा में हृदय शल्य चिकित्सा केन्द्र स्थापित किया गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि यह केंद्र 25 सितंबर से कार्यशील हो जाएगा। इसके तहत टांडा मेडिकल कॉलेज के सीटीवीएस विभाग में ओपन हार्ट सर्जरी शुरू की जाएंगी। इसके लिए अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशिएलिटीज शिमला के विशेषज्ञों का दल भी सहयोग करेगा। उन्होंने कहा कि टांडा मेडिकल कॉलेज में हृदय शल्य चिकित्सा केन्द्र स्थापित होने से विशेष तौर पर प्रदेश के निचले क्षेत्र के लोगों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित हो सकेंगी। डॉ. शांडिल ने कहा कि हिमाचल सरकारी क्षेत्र में ओपन हार्ट सर्जरी की सुविधा प्रदान करने वाले देश के चुनिंदा राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2005 में इंदिरा गांधी राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय, शिमला ओपन हार्ट सर्जरी की सुविधा उपलब्ध करवाने वाला पहला संस्थान बना। यह हिमाचल जैसे राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि थी चूंकी उस समय पूरी उत्तरी भारत में सरकारी क्षेत्र में ओपन हार्ट सर्जरी की सुविधा केवल मात्र पीजीआई चण्डीगढ़ एवं शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साईंसेज श्रीनगर में ही उपलब्ध थी। उन्होंने कहा कि इसके 18 वर्षों के उपरान्त आज भी उत्तरी भारत के राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालयों में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके विपरीत आईजीएमसी शिमला ने इस क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और प्रतिमाह यहां 20 से 25 ओपन हार्ट सर्जरी की जाती हैं तथा इनकी सफलता की दर 95 प्रतिशत से अधिक रही है। उन्होंने कहा कि सभी आयुवर्ग के पात्र मरीजों को विभिन्न योजनाओं के तहत हृदय रोग से संबंधित नि:शुल्क उपचार की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि अभी तक आईजीएमसी में चार हजार से अधिक रोगियों की ओपन हार्ट सर्जरी की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खण्ड स्तर पर लोगों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में आगे बढ़ रही है और इन स्वास्थ्य संस्थानों में छ: विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती सुनिश्चित की जा रही है। इसके अतिरिक्त रोबोटिक सर्जरी सहित अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाएंगी।
-पुलिस अधीक्षक ने पीड़िता से मिलकर न्याय दिलाने का दिया आश्वासन कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो वायरल हो रहा था, जिसमें एक महिला के मुंह पर कालिख पोतना व अमानवीय व्यवहार करना दर्शाया जा रहा था। जिला पुलिस हमीरपुर द्वारा उक्त वायरल वीडियो के संदर्भ में छानबीन करने पर पाया गया कि जिला पुलिस हमीरपुर के समक्ष इस संदर्भ में कोई भी शिकायत या कोई जानकारी नहीं दी गई है। इस पर जिला पुलिस हमीरपुर ने अपने स्थानीय व विभागीय स्रोतों से इस वायरल वीडियो के संदर्भ में जानकारी जुटाई, जिससे पाया गया कि उक्त घटना थाना भोरंज के क्षेत्राधिकार में गांव चम्योग में घटित हुई है। पुलिस अधीक्षक जिला हमीरपुर द्वारा उक्त वायरल वीडियो पर तुरंत संज्ञान लेते हुए थाना प्रभारी भोरंज को उक्त घटना स्थल पर पहुंचकर पूरे प्रकरण की जांच करके नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए। थाना प्रभारी भोरंज द्वारा तुरंत पुलिस टीम सहित घटना स्थल पर पहुंच कर पीड़ित महिला से मिलकर घटनाक्रम के संदर्भ में पूरी जानकारी प्राप्त की गई। पीड़ित महिला ने बताया कि यह घटना दिनाक 31-08-2023 को घटित हुई है, जब वह अपने घर गांव चम्योग तहसील भोरंज जिला हमीरपुर पहुंची तो स्थानीय निवासी राजो देवी, केसरी देवी व रमेश चंद इनके घऱ आए तथा इनकी सास आशा देवी जो घर पर ही थी, के साथ मिलकर इसके साथ लड़ाई-झगड़ा तथा मारपीट की। पीड़िता की सास ने उसे पकड़ा तथा कैंची से इसके बाल काट दिए व इसके मुंह पर कालिख पोत दी। इसके उपरांत इसकी सास ने तथा राजो देवी ने दुपट्टे से पीड़िता को बांधा व गांव में घुमाने ले गई। इस दौरान पीड़िता के गांव के ही एक अन्य व्यक्ति प्रताप सिंह ने पीड़िता का रास्ता रोक कर थप्पड़ मार दिया। पीड़ित महिला की शिकायत पर थाना भोरंज में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक ने स्वयं मौका पर पहुंचकर पीड़िता से मुलाकात की तथा उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करने व न्याय दिलाने को लेकर आश्वस्त किया तथा थाना प्रभारी भोरंज को निष्पक्ष अन्वेषण करने के वारे में उचित दिशा-निर्देश दिए।
-कहा, सुक्खू सरकार में हर वर्ग के साथ हो रहा अत्याचार -आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों में नहीं रहा कानून का कोई खौफ नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हमीरपुर में महिला के साथ हुई अमानवीयता पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि यह घटना मानवीयता को शर्मसार करने वाली है। प्रदेश में इस तरह की घटनाओं का कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह की मानसिकता पर रोक लगनी चाहिए। इस तरह का कृत्य करने वाले को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाना चाहिए। सभी को सख़्त से सख़्त सजा दी जानी चाहिए। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह जघन्य कृत्य है, देवभूमि की संस्कृति और पहचान ऐसी कभी नहीं रही। इस तरह की घटनाओं पर रोक लगनी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हिमाचल देवभूमि है। यह शान्तिप्रिय प्रदेश हैं। हमीरपुर में हुई इस घटना ने देवभूमि की छवि को तार-तार कर दिया है। मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र से लगता हुआ यह क्षेत्र हैं, जहां पर यह घटना हुई है। पिछले नौ महीनों में एक से बढ़कर एक घटनाएं हिमाचल में हुई हैं जो पहले कभी नहीं हुई। इस पर सरकार को सख़्ती दिखानी चाहिए और आरोपियों पर सख्त से सख़्त कार्रवाई करनी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि मीडिया के ज़रिए यह पता चला है कि हमीरपुर ज़िला के भोरंज मण्डल में एक महिला के साथ उसके ससुराल वालों ने अमानवीय कृत्य किया। ससुरालीजनों ने उसके बाल काट दिये और मुंह पर कालिख भी पोत दी। इसके साथ ही उसके साथ मारपीट की गई। इस घटना को एक हफ़्ते से भी ज़्यादा समय हो गया लेकिन पुलिस ने को इस घटना का पता ही नहीं चला। जब पूरे प्रकरण का वीडियो सामने आया तो पुलिस हरकत में आई। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह कोई पहला मामला नहीं है जब हिमाचल की पुलिस कार्रवाई करने से बचती रही। इसके पहले भी रोहड़ू में एक मासूम के साथ भी बर्बरता हुई थी। शिकायत मिलने के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। जब वीडियो सामने आया तब जाकर कार्रवाई की। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश में क़ानून-व्यवस्था का बुरा हाल है। प्रदेश में आए दिन बड़ी-बड़ी आपराधिक घटनाएं हो रही हैं, जो प्रदेश में पहले कभी नहीं होती थी। प्रदेश में हर वर्ग के साथ अपराध बढ़ा है, चाहे वह महिलाएं हो या बच्चे अथवा बुजुर्ग। सभी के साथ अपराध की घटनाओं में वृद्धि हुई है। प्रदेश में क़ानून-व्यवस्था को मज़बूत करने की आवश्यकता है। पुलिस बढ़-चढ़ कर अपराधियों के खिलाफ़ कार्रवाई करे, जिससे उनके हौसले पस्त रहें।
प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने आज 18 सितंबर से आरंभ होने जा रहे मानसून सत्र के दृष्टिगत विधानसभा सचिवालय तथा परिसर में चल रहे मरम्मत, विकासात्मक तथा सुविधा विस्तार कार्य का निरीक्षण किया। इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग, विद्युत तथा विधानसभा सचिवालय के अधिकारी मौजूद रहे।
अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के मौके पर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में राजीव गांधी स्टडी सर्कल व एनएसयूआई के तत्वावधान में एक विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। इस मौके पर विवि के राजनीति शास्त्र विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर रमेश चौहान द्वारा विषय पर छात्रों को संबोधित किया गया। एनएसयूआई के परिसर अध्यक्ष योगेश यादव और राजीव गांधी स्टडी सर्कल के छात्र सह सचिव परवीन मिन्हास ने जानकारी दी कि प्रो. रमेश चौहान ने वर्तमान में भारतीय लोकतंत्र की स्थिति 'संकट और चुनौतियांÓ विषय पर छात्रों के बीच अपना लेक्चर पेश किया। इस अवसर पर एनएसयूआई राज्याध्यक्ष छत्तर ठाकुर व स्टडी सर्कल के छात्र सचिव मनोज चौहान विशेष रूप से मौजूद रहे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने अखिल भारतीय महिला कांग्रेस के स्थापना दिवस पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने राजनीति में महिलाओं की बढ़ती भागेदारी की सराहना करते हुए कहा है कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, इसके लिए वे बधाई की पात्र हैं। प्रतिभा सिंह ने महिला कांग्रेस की सराहना करते हुए कहा है कि पार्टी की नीतियों व इसके प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिलाओं के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रदेश महिला कांग्रेस ने स्थापना दिवस पर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में महिला कांग्रेस का झंडा फहराया। उन्होंने इस दौरान राष्ट्र गीत के साथ संगठन की मजबूती की शपथ भी ली। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष जैनब चंदेल ने संगठन से जुड़ी सभी महिलाओं को स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि देश की पूर्व प्रधानमंत्री स्व इंदिरा गांधी ने महिला कांग्रेस की स्थापना कर पार्टी में महिलाओं की भागीदारी को सुनिश्चित किया था। उन्होंने कहा कि इसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. राजीव गांधी ने महिलाओं को पंचायती राज संस्थाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देकर उनका जो मान सम्मान बढ़ाया उसके लिए महिला कांग्रेस सदैव उनकी ऋणी रहेंगी। जैनब चंदेल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के प्रयासों से ही आज स्थानीय निकायों व पंचायती राज संस्थाओं में यह आरक्षण 50 प्रतिशत हो गया है जिसके लिये सभी महिलाएं बधाई की पात्र हैं। उन्होंने समाज में महिलाओं के उल्लेखनीय योगदान की सराहना करते हुए कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने महिला उत्थान के जो उल्लेखनीय कार्य किये है उसी का परिणाम है कि आज महिला घर के साथ साथ समाज व अन्य महत्वपूर्ण कार्यो में पुरुषों से आगे बढ़ रही हैं। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में शशि ठाकुर,प्रभा वर्मा,पुष्पा शोभटा,उर्मिला कश्यप, सत्या वर्मा, विनी शर्मा, वृंदा सिंह, विनीता वर्मा, उमा मुदलियार, तनुजा, निर्मला, कृष्णा, शारदा शर्मा, सुदेश, बबली, चंपा, कुसुम, नीना, लोकेश्वरी, बागेश्वरी, प्रीति थानटा, नेहा, उषा शर्मा व अन्य महिला कांग्रेस की कार्यकता मौजूद थीं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आपदा राहत कोष में अपने जीवन की सारी जमापूंजी दान कर दी। मुख्यमंत्री ने अपने तीन खातों से कुल 51 लाख रुपये की राशि आपदा राहत कोष में दान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें बच्चों से इसकी प्रेरणा मिली है, बच्चे आपदा राहत कोष में अपने गुलक तोड़ कर दान कर रहे है। इसलिए वह स्वयं आगे आए और उन्होंने अपनी जमा पूंजी आपदा राहत कोष में दान दी है। आपको बता दें कि इससे पहले भी मुख्यमंत्री सुक्खू कोविड के दौरान विधायक रहते हुए पूरा एक साल का वेतन कोविड राहत कोष में दान कर चुके है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विधायक भी आपदा राहत कोष में दिल खोल कर दान कर रहे है। इसके साथ ही उन्होंने लोगों का भी धन्यवाद किया को आपदा राहत कोष में खुल कर दान कर रहे है। मुख्यमंत्री अपने आवास ओक ओवर पत्रकारों से बात कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने केंद्र की मदद को लेकर पूछे सवाल पर कहा कि सभी नियमों के तहत केंद्र के समक्ष बात रखी जा रही है। केंद्र से लगातार आपदा में मदद की मांग की जा रही है और हम उम्मीद करते है कि केंद्र जल्द ही हिमाचल की मदद करेगा। इसके साथ ही चयन आयोग में होने वाली भर्तियों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही इसका चार्ट निकाला जाएगा और सभी को जल्द सूचित किया जायेगा।
राजस्व, बागवानी एवम जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने अमरीकी सेब पर आयात शुल्क को 15 प्रतिशत करने के निर्णय का खंडन करते हुए कहा की अमेरिकी सेब के आयात शुल्क घटाने से हिमाचल प्रदेश के बागवानों को भारी नुकसान होगा। उन्होंने कहा की केंद्र सरकार द्वारा जी-20 सम्मिट के दौरान अमरीकी सेब के आयात शुल्क को 15 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया, जिस पर केंद्र सरकार को पुन: विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा की केंद्र सरकार द्वारा पहले सेब आयात शुल्क को 75 प्रतिशत से कम कर 50 प्रतिशत किया गया और अब 15 प्रतिशत किया जा रहा है, जो हिमाचल प्रदेश व अन्य क्षेत्रों के बागवानों की आर्थिकी के लिए नुकसानदायक है। बागवानी मंत्री ने कहा की केंद्र सरकार के इस निर्णय से देश की मंडियां विदेशी सेब से भर जायेगी और राज्य के बागवानों की आर्थिकी को क्षति पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को हिमाचल सहित अन्य सेब उत्पादक राज्य के बागवानों के लिए अपने निर्णय पर पुन: विचार करना चाहिए। राजस्व मंत्री ने कहा कि निगुलसरी में बाधित हुए राष्ट्रीय उच्च मार्ग-05 की बहाली का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है तथा इसकी बहाली के कार्य में जुटे जवान दिन-रात बहाली का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिला के बागवानों की सेब की फसल को नुकसान न हो इसके लिए निगुलसरी में रज्जू-मार्ग लगाया गया जिसके माध्यम से जिला के किसानों व बागवानों की सेब व मटर की फसलों को मंडियो तक पहुंचाने का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि इस सड़क के बाधित होने से जिला अन्य जिलों से कट चुका है तथा आवश्यक खाद्य वस्तुओं व पेट्रोल डीजल की आपूर्ति वाया काजा-किन्नौर मार्ग तथा ढुलाई के माध्यम से करवाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने किया एचपीएसईबीएल के एकीकृत बिजली उपभोक्ता पोर्टल का शुभारंभ मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां अभियंता दिवस के अवसर पर शिमला में हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड लिमिटेड (एचपीएसईबीएल) के एकीकृत बिजली उपभोक्ता पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के माध्यम से उपभोक्ताओं को अब अपने बिजली बिलों का भुगतान करने के लिए लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा, बल्कि वे घर बैठे ही आसानी से बिलों का भुगतान कर सकेंगे। इसके अलावा लोग अब नए बिजली कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और इस पोर्टल के माध्यम से अपने आवेदन की प्रगति की भी निगरानी कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त पोर्टल पर एचपीएसईबीएल द्वारा दी जाने वाली नाम परिवर्तन और लोड समायोजन आदि विभिन्न सेवाएं भी उपलब्ध होंगी। इस डिजिटल पहल का उद्देश्य बिजली बोर्ड में कागज रहित कार्य संस्कृति की शुरुआत करना है, जिससे प्रशासनिक प्रक्रियाएं सुव्यवस्थित होंगी और सेवाओं में तेजी आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पोर्टल ऊर्जा क्षेत्र में उपभोक्ता सुविधा बढ़ाने और डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है जिससे उपभोक्ताओं को अधिक कुशल और सुलभ सेवाएं प्राप्त होंगी। इसके अलावा पोर्टल पर ऊर्जा उत्पादन डेटा उपलब्ध होगा और यह उपभोक्ताओं को कार्यालय में आए बिना आईपीपी द्वारा ऑनलाइन चालान जमा करने की सुविधा प्रदान करेगा। उन्होंने राज्य के बुनियादी ढांचे के विकास में अभियंताओं के अमूल्य योगदान की सराहना करते हुए कहा कि हाल ही में भारी वर्षा के कारण आई आपदा ने राज्य के बुनियादी ढांचे को बुरी तरह से प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि इसके वाबजूद प्रदेश के विभिन्न विभागों के इंजीनियरों के समर्पित प्रयासों से सरकार ने 48 घंटे की अल्पावधि में आवश्यक सेवाओं को अस्थायी रूप से बहाल की। इस आपदा के कारण प्रदेश में सड़क, बिजली और जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं और अभी तक हुए कुल नुकसान का आकलन 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक है। डिजिटलीकरण के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न सरकारी विभाग आधुनिक प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ उनके घर-द्वार पर प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 31 मार्च, 2026 तक हिमाचल प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस लक्ष्य को प्राप्त करने में अभियंताओं की महत्त्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से जलवायु परिवर्तन को एक सामूहिक जिम्मेदारी मान कर इससे निपटने में पूर्ण सहयोग देने का भी आह्वान किया। इस अवसर पर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, एचपीएसईबीएल के प्रबंध निदेशक हरिकेश मीणा, एचपीएसईबीएल के निदेशक डॉ. अमित कुमार शर्मा, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक राजीव कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
नेहरू युवा केंद्र शिमला युवा मामले विभाग भारत सरकार एवं सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा संयुक्त रूप से 17 सितंबर को शिमला गेयटी थिएटर में विश्वकर्मा दिवस पर पीएम विश्वकर्मा सेंट्रल सेक्टर स्कीम का शुभारंभ किया जाएगा। कार्यक्रम में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर बतौर मुख्यातिथि शिरकत करेंगे और योजना को शुरू करेंगे। नेहरू युवा केंद्र संगठन हिमाचल प्रदेश के युवा मामले विभाग की राज्य निदेशक ईरा प्रभात ने प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी। अपने संबोधन में राज्य निदेशक ने पीएम विश्वकर्मा स्कीम के बारे में बताया माननीय प्रधानमंत्री द्वारा 17 सितंबर को द्वारिका से विश्वकर्मा सेंट्रल सेक्टर स्कीम का शुभारंभ किया जाएगा। योजना के संभावित लाभार्थियों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए देश भर में 70 स्थानों पर एक साथ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस योजना के द्वारा कारीगरों और शिल्पकारों को कौशल उन्नयन, टूलकिट प्रोत्साहन, डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहन और विपणन सहायता प्रदान किया जाएगा। यह योजना पूरे भारत में ग्रामीण और शहरी कारीगरों और शिल्पकारों को सहायता प्रदान करेगी।
सिविल अस्पताल भोरंज के आपातकालीन बेड पर सो रहे एक कुत्ते का फोटो वायरल हुआ है। यह फोटो 13 सितंबर सुबह सवा 3 बजे का बताया जा रहा है, जिससे अस्पताल की अव्यवस्था का पता चलता है कि जहां अस्पताल में आने वाले मरीजों को जिला अस्पताल में बेड न होने के चलते हमीरपुर रैफर किया जा रहा है, वहीं कुत्ते अस्पताल के बेड पर आराम फरमा रहे हैं। दूसरी तरफ भोरंज अस्पताल में चारदीवारी व गेट के साथ-साथ चौकीदार या सुरक्षा गार्ड भी नहीं हैं, जिससे भी अस्पताल में लवारिस पशु और कुत्ते बेखौफ घूमते रहते हैं। हालांकि भोरंज अस्पताल में एक भवन का ब्लॉक बनकर तैयार हो गया है व दूसरे भवन के लिए भी तैयारियां शुरू हो गई हैं, लेकिन अस्पताल की व्यवस्था आपातकालीन बेड पर सोने के फोटो से जगजाहिर हो गई है। वहीं, बीएमओ डॉ. ललित कालिया का कहना है कि अस्पताल में बाउंड्री वॉल, गेट व चौकीदार न होने से अस्पताल में आवारा कुत्ते व लावारिस पशु घुस आते हैं, हालांकि अस्पताल प्रशासन चौकस रहता है।
-साधारण किराये पर हिमधारा एसी 2&3 बसों का संचालन करेगा एचआरटीसी -श्रद्धालु एचआरटीसी की वेबसाइट पर ऑनलाइन बुकिंग भी कर सकेंगे हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) नवरात्र पर श्रद्धालुओं को धार्मिक सर्किट बस सेवा की सौगात देगा। पहली बार एचआरटीसी की एक ही बस से श्रद्धालु कई धार्मिक स्थलों के दर्शन कर पाएंगे। यात्रा एक दिन की रहेगी सुबह शुरू होकर शाम को खत्म हो जाएगी। यात्रियों से बसों का सामान्य किराया वसूला जाएगा। खास बात यह रहेगी कि श्रद्धालुओं को सरकार की सुगम दर्शन योजना की भी सुविधा मिलेगी। धार्मिक सर्किट में एचआरटीसी हिमधारा एसी 2&3 बसों का संचालन करेगा। धार्मिक सर्किट बस सेवा के लिए श्रद्धालु एचआरटीसी की वेबसाइट पर ऑनलाइन बुकिंग भी कर सकेंगे। अगर श्रद्धालु पूरी बस की बुकिंग करते हैं तो 10 फीसदी छूट भी दी जाएगी। रास्ते में खाने के लिए बसें एचआरटीसी के चिन्हित ढाबों या पर्यटन विकास निगम के रेस्टोरेंट्स पर रुकेगी। ट्रायल के तौर पर सबसे पहले धर्मशाला, कांगड़ा, ज्वालाजी, चिंतपूर्णी, बगलामुखी, धर्मशाला सर्किट पर बस सेवा शुरू होगी। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के निर्देशों पर एचआरटीसी ने यह सेवा शुरू करने की योजना बनाई है।
लोकसभा चुनावों की तैयारियों के लिए कांग्रेस ने राजनीतिक मामलों की कमेटी गठित कर दी है। कमेटी में पार्टी के प्रदेश मामलों के प्रभारी राजीव शुक्ल, प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री आंनद शर्मा सहित 25 नेता शामिल किए गए हैं। गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के दिल्ली पहुंचते ही पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल ने सूची जारी। राजनीतिक मामलों की कमेटी में कैबिनेट मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल, चंद्र कुमार, हर्षवर्द्धन चौहान के अलावा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विप्लव ठाकुर, कौल सिंह ठाकुर, कुलदीप कुमार, कुलदीप सिंह राठौर को भी कमेटी में शामिल किया गया है। इनके अलावा रामलाल ठाकुर, आशा कुमारी, राजेंद्र राणा, सुधीर शर्मा, रंगीलाराम राव, विनय कुमार, नंद लाल, ठाकुर सिंह भरमौरी, राजेश धर्माणी, आशीष बुटेल, भवानी सिंह पठानिया, रामकुमार चौधरी और रवि ठाकुर को भी कमेटी में शामिल किया गया है। वर्ष 2024 में प्रस्तावित लोकसभा चुनावों को लेकर इस कमेटी की अगुवाई में प्रदेश में चुनाव प्रचार की आगामी रणनीति बनाई जाएगी।
भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा में सोशल मीडिया संयोजक बनाने के लिए प्रतिभा बाली ने संगठन के राष्ट्रीय व प्रदेश श्रेष्ठ नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्षा वंदना योगी के दिशानिर्देशों के अनुसार कार्य करने में अपनी समर्थता व्यक्त की है। प्रतिभा बाली इससे पहले भी प्रदेश सोशल मीडिया का दायित्व बड़ी कुशलता से निभा चुकी है और अपने कार्य की क्षमता के लिए ही देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी ने भी प्रतिभा बाली को सोशल मीडिया पर फॉलो किया है। भारतीय जनता पार्टी में प्रतिभा बाली ने 2007 से विधिवत रूप से एक कर्मठ कार्यकर्ता की जिम्मेदारी निभा रही हैं और जिसके लिए संगठन ने फिर से उन्हें प्रदेश सोशल मीडिया की जिम्मेदारी दी है।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में भाषा एवं संस्कृति विभाग ने राज्यस्तरीय राजभाषा पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यअतिथि ने दीप प्रज्वल्लन के साथ की। इसके बाद पूनम शर्मा की संस्था कला संगम अकादमी की छात्राओं ने सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी। छात्राओं ने प्ले डांस ड्रामा की प्रस्तुति दी। उन्होंने नृत्य मुद्राओं से राज भाषा हिंदी का संदेश दिया। इस दौरान विभाग के निदेशक डॉ. पंकज ललित ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में हिन्दी एक सशक्त भाषा के रूप में प्रचलित है और विभाग हिन्दी भाषा को पूर्णत: लागू करने के लिए सदैव प्रयासरत है। कार्यक्रम के पहले सत्र में वरिष्ठ पत्रकार पीसी लोहमी, डॉ. शशिकान्त शर्मा और साहित्यकार डॉ. सत्य नारायण स्नेही ने हिन्दी के प्रचार-प्रसार और विकास के संबंध में वक्तव्य दिए। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि संस्कृत सबसे प्राचीन भाषा है। इसको सम्मान देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है कि मैंने हिंदी में काम किया है। हिंदी के प्रति लोगों के मन में भावना पैदा करना जरूरी है। हिंदी राजभाषा है आने वाले समय में यह हमारी राष्ट्र भाषा बन जाएगी। प्राकृत, पाली भी प्राचीन काल में बोलचाल की भाषा रही है। काफी विचार-विमर्श के दौरान संविधान सभा में हिन्दी को बोलचाल की भाषा के रूप में स्वीकार किया गया। इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने शंकर लाल वाशिष्ठ के काव्य संग्रह 'जुगनु जितनी औकातÓ का विमोचन किया। कार्यक्रम का मंच संचालन विभाग की सहायक निदेशक कुसुम संघाईक ने किया। इस अवसर पर विभाग के संयुक्त निदेशक मनजीत शर्मा, सचिव राकेश कंवर, संग्रहालय अध्यक्ष हरि चौहान, विभाग की सहायक निदेशक अलका कैंथला, बिहारी लाल शर्मा, सहायक सचिव अकादमी श्यामा वर्मा, अधीक्षक अमित शर्मा, गेयटी प्रबंधक सुदर्शन शर्मा, अधीक्षक श्रेष्ठा ठाकुर, चेत राम दुग्गल, भाषा अधिकारी सुरेश राणा, सरोजना नरवाल, संतोष कुमार, जिला भाषा अधिकारी शिमला अनिल हारटा सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। राजधानी के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में आयोजित अंतर महाविद्यालय निबंध लेखन प्रतियोगिता में एचपीयू के हिन्दी विभाग की अंजलि ने पहला, संजौली कॉलेज के कुनाल भारद्वाज ने दूसरा और संस्कृत कॉलेज फागली की निकिता ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं, मंडी कॉलेज की ज्योति ठाकुर को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। भाषण स्पर्धा में राजकीय महाविद्यालय मंडी की धृति ठाकुर ने पहला, यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडी एवालॉज शिमला के सौम्य शुक्ला ने दूसरा, राजकीय महाविद्यालय कुल्लू की तमन्ना सूद ने तीसरा प्राप्त किया। संजौली कॉलेज के स्वप्निल सूर्यान को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। हिंदी कविता लेखन में एचपीयू के कमल चंद ने पहला, कुल्लू कॉलेज की प्रभा शर्मा ने दूसरा, संजौली के आयुष वर्मा ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। एचपीयू की वंदना ने सांत्वना पुरस्कार पाया। इसके अलावा राजभाषा पखवाड़ा के अन्तर्गत राज्य स्तर पर सचिवालय, निदेशालय, निगम, बोर्ड, आयोग और विश्वविद्यालयों में कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों के अतिरिक्त हिन्दी में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभागों को भी सम्मानित किया। इसमें सचिवालय के विधि विभाग ने पहला, सामान्य प्रशासन विभाग ने दूसरा, बहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं विद्युत विभाग ने तीसरा, निदेशालय में मुद्रण एवं लेखन सामग्री विभाग ने पहला, भुव्यवस्था विभाग ने दूसरा, पंचायती राज विभाग ने तीसरा स्थान पाया। निगम, बोर्ड, आयोग और विश्वविद्यालयों में राज्य नागरिक आपुर्ति निगम समिति ने पहला, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड ने दूसरा, राज्य पिछड़ा वर्ग ने तीसरा स्थान पाया। इसके अलावा विभागों के अधिकारी वर्ग को सम्मानित किया गया। जिसमें सत्यदेव शर्मा, राजेंद्र कुमार प्रेमी, दलीप सिंह ठाकुर, करूणा देवी, अनिल कुमार, किशोरी लाल, इंद्र कुमार, केहर सिंह, कृष्ण लाल नेगी, खेम चंद ठाकुर, उमा भंकर, रंजन शर्मा, शशि कांत, उमा ठाकुर, नेक चंद, किरण बाला शर्मा, कमल सिंह दलाईक, पन्ना लाल शर्मा, सुभाष चंद्र ठाकुर, करण दीप, अशोक कुमार को सम्मानित किया। जिला कार्यलय शिमला के केवल राम चौहान, राजेंद्र कश्यप और अनिल घामटा को भी उत्कृष्ठ कार्य करने के लिए सम्मानित किया।
डॉ. सीमा ठाकुर, शीतल व्यास, मीनाक्षी राणा, कांता ठाकुर और अनिता वर्मा प्रदेश अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्षा वंदना योगी ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से चर्चा के उपरांत महिला मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारियों एवं जिलाध्यक्षों की घोषणा की है। प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. सीमा ठाकुर, शीतल व्यास, मीनाक्षी राणा, कांता ठाकुर और अनिता वर्मा होंगी। महामंत्री मांचली ठाकुर और अंजना शर्मा होंगी। प्रदेश सचिव मनीषा सूद, रजनी ठाकुर, सीमा चंदेल, प्रतिभा कंवर, शीतल भारद्वाज और वर्षा ठाकुर (आई0टी0 प्रभारी) नियुक्त किए गए। कोषाध्यक्ष अंजना ठाकुर, सह कोषाध्यक्ष नीतू धमीर, कार्यालय सचिव आशा शर्मा, सह कार्यालय सचिव, शशिकमल लता होंगी। प्रदेश प्रवक्ता संजू शर्मा, शशि मल्होत्रा, अनिता गर्ग और अनिता चौधरी होंगे। मीडिया प्रभारी प्रेम चौहान, सह मीडिया प्रभारी रूपा शारदा और अनिता गथानिया, आईटी संयोजक सुनीता कटोच, आईटी सह संयोजक मनीषा चौहान, शालिनी, आईटी संयोजक कांगड़ा संसदीय क्षेत्र पूजा ठाकुर, आईटी संयोजक मंडी संसदीय क्षेत्र कुसुम कुमारी दीपक और दीपिका राठौर, आईटी संयोजक हमीरपुर संसदीय क्षेत्र रितिका भारद्वाज और पूनम कुमारी और सोशल मीडिया संयोजक प्रतिभा बाली होंगे। जिलाध्यक्ष का नाम कुछ इस प्रकार होंगे चंबा से जयंती दुग्गल, कांगड़ा से रंजू रस्तोगी, नूरपुर से सृष्टा देवी, देहरा से सरिता धीमान, पालमपुर से रागिनी रकवाल, लाहौल स्पीति से मनी देवी,कुल्लू से कमलेश शर्मा, सुंदरनगर से नीलम परमार, हमीरपुर से अर्चना चौहान, ऊना से अनु ठाकुर, बिलासपुर से शैलजा शर्मा, सिरमौर से सीमा कन्याल, सोलन से इंदू ठाकुर, महासू से आशा रिठवान, शिमला से विनती शर्मा और मंडी से सीमा शर्मा होंगे। योगी ने बताया कि महिलाओं की हिमाचल प्रदेश में बड़ी संख्या है और हिमाचल प्रदेश की मातृ शक्ति को और सुदृण बनाते हुए हम संगठन का कार्य बूथ स्तर तक ले जाएंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान सरकार, पूर्व सरकार में शुरू की गई जनहित की योजनाओं को बंद करने का प्रयास कर रही है। यह दु:खद है। बदले की राजनीति में इस तरह कार्य नहीं करना चाहिए जिससे आम लोग प्रभावित हों। वर्तमान सरकार ने गृहिणी सुविधा योजना के बजट को नगण्य करके धीरे-धीरे उसे बंद करने का प्रयास कर रही है, जो ग़लत है। सरकार गृहिणी सुविधा योजना के लिए बजट उपलब्ध करवाए। जिससे माताओं- बहनों को सब्सिडी पर सिलेंडर मिल सके। बजट न होने की वजह से लोगों को एलपीजी सिलेंडर लेने में अपने जेब से मोटी रक़म खर्च कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सरकार पूरी तरह से नाकाम है। जनता में सरकार के प्रति भारी रोष है। उन्होंने कहा कि जन हितैषी योजनाओं को सरकार बंद न करे। इससे प्रदेश के बहुत लोग जुड़े हैं। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार को यदि पूर्व के कामों से आपत्ति है तो हिमाचल के लोगों को बताए कि हमने सहारा योजना ग़लत दे दिया, हिम केयर योजना ग़लत दे दिया, गृहिणी सम्मान योजना ग़लत दे दी। इसके बाद सरकार उसे बंद कर दे। लेकिन बंद करने से पहले उससे बेहतर योजनाएं प्रदेश के लोगों को दे। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकारकी योजनाओं को बंद करवाकर मुख्यमंत्री सिफ़र् हिमाचल के लोगों का नुक़सान कर रहे हैं। झूठ बोलकर, झूठी गारंटियां देकर सत्ता में आई कांग्रेस के पास न नीति है, न नीयत। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सहारा योजना का पैसा लोगों तक नहीं पहुंच रहा है। हिम केयर से लोगों के इलाज में असुविधा हो रही है। यह सभी योजनाएं चुनाव के दृष्टिगत नहीं लाई गई थी। यह सभी योजनाएं शुरू से चल रही हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार में माताओं-बहनों को धुंवे और लड़की के झंझट से मुक्ति दिलाने के लिए केंद्र में प्रधानमंत्री ने उज्ज्वला योजना शुरू की थी। प्रदेश के बहुत से लोग उज्ज्वला योजना का के दायरे में नहीं आ पाए। उनके लिए हिमाचल सरकार द्वारा गृहिणी सुविधा योजना शुरू की गई। इस योजना में जो प्रदेशवासी रह गये उन्हें गृहिणी सुविधा योजना के तहत एलपीजी सिलेंडर देने का प्रावधान किया गया। इन दोनों योजनाओं से प्रदेश की 4 लाख 60हज़ार माताओं बहनों को धुंवे से मुक्ति मिली। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने बुधवार को प्रधानमंत्री द्वारा उज्ज्वला योजना के तहत 75 लाख ने एलपीजी कनेक्शन के लिए 1650 करोड़ रुपए जारी करने के लिए आभार जताया।


















































