एएनटीएफ स्टेट सीआईडी शिमला रेंज ने एक व्यक्ति को 2.016 किलो अफीम के साथ गिरफ्तार किया है। एएनटीएफ राज्य सीआईडी शिमला रेंज ने प्रेम प्रकाश पुत्र मल्ल बहादुर से सोलन ब्रुअरी में कुनार्क होटल के पास 2.016 किलोग्राम अफीम पकड़ी। आरोपी के खिलाफ एनडी एंड पीएस अधिनियम की धारा 18-61-85 के तहत पुलिस स्टेशन धर्मपुर में मामला दर्ज किया गया है और आगामी जांच जारी है।
- एसएमसी शिक्षकों के वेतन में 2 हजार रुपये की बढ़ोतरी -अंशकालिक जलवाहकों का मानदेय भी 2000 रुपये बढ़ा -मुख्यमंत्री लघु दुकान कल्याण योजना- 2023 को मंजूरी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रमों, बोर्डों, निगमों के तहत विभिन्न समूह-सी पदों की भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित करने के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग की स्थापना करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने विभाग को मजबूत करने के लिए पुलिस विभाग में कांस्टेबल के 1226 पद भरने का निर्णय लिया, जिसमें 877 पुरुष कांस्टेबल, 292 महिला कांस्टेबल और 57 कांस्टेबल ड्राइवर शामिल हैं। कैबिनेट ने एसएमसी शिक्षकों का मानदेय 2000 रुपये बढ़ाने का निर्णय लिया गया। 1 अप्रैल, 2023 से 2000 प्रति माह जिससे 2115 व्यक्तियों को लाभ होगा। इसके अलावा, शिक्षा विभाग में कार्यरत अंशकालिक जलवाहकों का मानदेय 2000 रुपये बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया। 3900 से रुपये 1 अप्रैल, 2023 से 4400 प्रति माह, जिससे 283 व्यक्ति लाभान्वित होंगे। मंत्रिमंडल ने अवैध खनन गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए उद्योग विभाग में खनन निरीक्षक के 12 पद, सहायक खनन निरीक्षक के 24 पद और खनन गार्ड के 38 पद भरने का भी निर्णय लिया। बागवानी विभाग में बागवानी विस्तार अधिकारियों के 50 पद भरने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में सांख्यिकी सहायक के 10 पद भरने को भी मंजूरी दी। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री लघु दुकान कल्याण योजना- 2023 को मंजूरी दी और रुपये आवंटित करने का फैसला किया। योजना के तहत 40 करोड़ रु. यह योजना छोटे उद्यमियों और कौशल आधारित श्रमिकों जैसे मोची, दर्जी, नाई, मोबाइल रिपेयरिंग विक्रेता, सब्जी और फल विक्रेता आदि को अपने व्यवसाय के लिए ऋण प्राप्त करने के बेहतर अवसर प्रदान करेगी। राजस्व न्यायालय के मामलों के विलंबित निर्णयों के मुद्दे को संबोधित करने और विभाजन, सुधार, उत्परिवर्तन, अपील जैसे विभिन्न राजस्व कार्यों को सुव्यवस्थित करने के लिए हिमाचल प्रदेश विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में हिमाचल प्रदेश भूमि राजस्व (संशोधन) विधेयक, 2023 लाने का निर्णय लिया गया। और जनता की सुविधा के लिए सीमांकन आदि। लंबित मूल्यांकन मामलों और बकाया जो मुकदमेबाजी के अधीन थे या अभी तक जीएसटी के तहत मूल्यांकन नहीं किया गया था, को निपटाने के लिए 1 अक्टूबर 2023 से 31 दिसंबर, 2023 तक हिमाचल प्रदेश सद्भावना विरासत मामले समाधान योजना, 2023 के तीसरे चरण को शुरू करने का भी निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने राजस्व के अनुकूलन के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 से एचपीएसईबीएल, एचपीपीसीएल और ऊर्जा निदेशालय के संबंध में व्यापारिक रणनीतियों और बिजली के लेनदेन के समन्वय के लिए एकल ऊर्जा ट्रेडिंग डेस्क स्थापित करने का निर्णय लिया। इसने जलवायु, स्थलाकृतिक और अन्य संबंधित कारणों से मंदी की अवधि के दौरान ऊर्जा की कमी का प्रबंधन करने के लिए स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति, 2021 में संशोधन करने को भी मंजूरी दे दी। नए प्रावधान छत आधारित सौर परियोजनाओं की स्थापना को प्रोत्साहित करेंगे और बिजली उत्पादन में योगदान देंगे।
काम में कोताही बरतने पर सरकार ने लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कांगड़ा में बनेर खड्ड और हमीरपुर के जाहू में निर्माणाधीन पुल ढहने पर जूनियर इंजीनियर से लेकर अधिशाषी अभियंता समेत 14 इंजीनियरों और कर्मचारियों को चार्जशीट किया है। सरकार से मंजूरी मिलने के बाद विभाग ने चार्जशीट थमाई। इनके खिलाफ विभाग अपने स्तर पर विभागीय कार्रवाई अमल में लाएगा। एक ठेकेदार को एक साल के लिए ब्लैक लिस्ट भी कर दिया है। काम में कोताही बरतने के आरोप तय होने पर इनका वेतन व अन्य वित्तीय सुविधाएं छिन सकती हैं। डेढ़ साल पहले इन पुलों का निर्माण कार्य चल रहा था। काम के दौरान दोनों पुल ढह गए। विभाग ने इसकी जांच बिठाई। जांच कमेटियों की रिपोर्ट आने के बाद विभागीय चार्जशीट तैयार की गई। इसके बाद दोनों मामले सरकार को भेजे गए। अब सरकार ने इन इंजीनियरों को चार्जशीट करने के निर्देश दिए हैं। सूत्र बताते हैं कि जाहू पुल 75 मीटर लंबा था, जो कि तीन जगह से टूटा है। इंजीनियर इन चीफ अजय गुप्ता ने बताया कि दोनों पुलों का निर्माण ठेकेदारों को अपने पैसों से करना होगा। ऐसा नहीं किया तो ठेकेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।
विदेशी सेब पर आयात शुल्क घटाए जाने पर हिमाचल के बागवान भड़क गए हैं। फैसल के विरोध में बागवान सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं। बागवानों का मानना है कि इससे हिमाचल का सेब बाजार में पिट जाएगा। विदेशी सेब का आयात बढ़ेगा। अफगानिस्तान के रास्ते से आ रहे ईरान के सेब की मार हिमाचली सेब पर सबसे ज्यादा पड़ रही है। प्रदेश के बागवान सेब पर आयात शुल्क 100 फीसदी तक करने के लिए सरकार पर लंबे अरसे से दबाव बना रही है लेकिन आयात शुल्क घटाने पर बागवानों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। अमेरिका से भारत आने वाले सेब पर 35 फीसदी आयात शुल्क घटाए जाने की बात सामने आ रही है। बागवान संघ मुख्यमंत्री और बागवानी मंत्री के माध्य से यह मामला केंद्र से उठाएंगे। हिमाचल में हर साल 5,000 हजार करोड़ का कारोबार सेब से किया जाता है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सेब की अहम भूमिका रहती है। अधिकांश बागवानों की सालभर की कमाई भी सेब पर ही टिकी है। दूसरी ओर विदेशी सेब ने हिमाचल के बागवानों के सामने चुनौती खड़ी कर रखी है। पहले से ही बड़ी मात्रा में विदेशी सेब के आने से हिमाचल के सेब को अच्छे रेट नहीं मिल रहे हैं।
शुक्रवार से शिमला शहर के लोगों को प्राकृतिक खेती उत्पाद मिलना शुरू हो जाएंगे। 'प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजनाÓ के तहत उपभोक्ताओं को उनके घर के आसपास ही रसायन रहित फल-सब्जी एवं अन्य उत्पाद मिल सकें, इसके लिए पायलट आधार पर मोबाइल वैन की व्यवस्था की गई है। इस वैन के माध्यम से प्रत्येक शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश सचिवालय, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर और कृषि भवन में प्राकृतिक खेती उत्पाद उपलब्ध करवाए जाएंगे। प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के राज्य परियोजना निदेशक हेमिस नेगी ने आज यहां बताया कि इस पहल से शहर के लोगों को रसायन रहित उत्पाद उनके आसपास ही मिल सकेंगे। शुरूआत में चुनिंदा स्थानों पर ही प्राकृतिक खेती के उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे और उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ने पर अन्य स्थानों पर भी इस वैन के जरिए उत्पाद बेचे जाएंगे। पायलट आधार पर शहर से सटे तीन विकास खंड बसंतपुर, टुटू और मशोबरा के किसानों द्वारा प्राकृतिक खेती विधि से तैयार फल-सब्जी व अन्य उत्पाद इस वैन के माध्यम से उपलब्ध करवाए जाएंगे। उपभोक्ता हर शुक्रवार मोबाइल वैन के जरिए सचिवालय में एक से 2.30 बजे तक, प्रदेश विश्वविद्यालय समरहिल में 3 से 4 बजे तक एवं कृषि भवन में शाम 4.15 से 5.30 प्राकृतिक खेती विधि से उत्पादित रसायन रहित उत्पाद खरीद सकेंगे। कृषि विभाग की इस पहल के जरिए प्राकृतिक खेती में प्रमाणित किसानों के उत्पाद बेचे जाएंगे। इस पहल से शिमला जिला के 3 विकास खंडों के 200 से अधिक किसान सीधे तौर पर जुड़े हैं। आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) से जुड़े इन किसानों के उत्पाद बिना किसी मध्यस्थ के सीधे उपभोक्ता तक पहुंचाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के तहत राज्य सरकार प्राकृतिक खेती के उत्पादों को बाजार मुहैया करवाने एवं किसानों के कल्याण के लिए काम कर रही है। प्रदेश में 1.71 लाख से अधिक किसान प्राकृतिक खेती अपना चुके हैं और 24,000 हैक्टेयर से अधिक भूमि पर इस विधि से कृषि-बागवानी कर रहे हैं। किसान अपना उत्पाद बेच सकें इसके लिए, अलग-अलग जिलों में सात किसान-उत्पादक कंपनियां भी खोली गई हैं।
-17 संगठनात्मक जिला अध्यक्षों की भी हुई घोषणा - अध्यक्ष तिलक बोले- युवा जोश और अनुभव के साथ युवा मोर्चा और मजबूत एवं शक्तिशाली होगा शिमला, भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष तिलक राज शर्मा ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से चर्चा के उपरांत युवा मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारियों एवं जिलाध्यक्षों की घोषणा की है। तिलक राज ने घोषणा की कि प्रदेश उपाध्यक्ष भुवनेश ठाकुर, सुशील कडशोली, भवानी सिंह पठानिया, सुनील नेगी और नीलम कुमारी होंगे। वहीं, प्रदेश महामंत्री सन्नी शुक्ला और साकेश शर्मा होंगे।प्रदेश सचिव जगदीप शर्मा, पृथ्वी राज ठाकुर, हर्ष सूद, रोहित ठाकुर, करनैल सिंह और नरेंद्र ठाकुर होंगे। प्रदेश कोषाध्यक्ष मोहर चंद भारद्वाज (मोनू) नियुक्त किए गए। प्रदेश कार्यालय सचिव विनिल पाल होंगे। मुख्य प्रवक्ता अजय चौहान, प्रवक्ता देवेंद्र ठाकुर, सौरभ धीमान, कमल सैणी, देवेेंद्र राणा, विनय छिंटा, मुस्कान, दीक्षा वर्मा और अरूण चौहान समराण होंगे। मीडिया प्रभारी अमित होंगे उनके साथ सह मीडिया प्रभारी आशीष ठाकुर, साहिल, हरप्रीत सैणी, अरविंद कुमार, सुनील शर्मा और अभिमन्यु भागड़ा होंगे। सोशल मीडिया संयोजक अभिनव ठाकुर, सह संयोजक अजय राणा, आईटी संयोजक कर्तव्य वैद्य, सह संयोजक रीना नड्डा होंगे। तिलक राज ने बताया कि युवा मोर्चा ने 17 संगठनात्मक जिला के जिला अध्यक्षों की घोषणा की जिसमे जिला चंबा का जिला अध्यक्ष विनायक रैणा, कांगड़ा तपन मंहास, नूरपुर राहुल कालिया, देहरा रमन शर्मा, पालमपुर राकेश कुलेठी, लाहौल स्पीति राहुल धुंशी, कुल्लू जनेश ठाकुर, मंडी योगेश ठाकुर, सुंदरनगर उत्कर्ष चौधरी, हमीरपुर कपिल मोहन शामा, ऊना संदीप शर्मा, बिलासपुर मनोज कुमार, सिरमौर रणवीर सिंह ठाकुर, सोलन भूपेेंद्र ठाकुर, महासु अतुल शर्मा, शिमला हनीश चोपड़ा और किन्नौर ललित मोहन जिला अध्यक्ष होंगे। इस अवसर पर तिलक राज ने कहा कि युवा जोश और अनुभव के साथ युवा मोर्चा और मजबूत एवं शक्तिशाली होगा। युवा मोर्चा संगठन को मजबूत बनाते हुए, प्रदेश के युवाओं के हक के लिए लड़ेगा।
झूठ बोलकर सत्ता में आने वाले लोग सेब की इंपोर्ट ड्यूटी को लेकर बोल रहे हैं झूठ नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रियंका गांधी का हिमाचल की राजधानी शिमला में घर भी हैं। उन्हें आपदा में पहले आ जाना चाहिए था। हिमाचल के लोग उनका बहुत बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। उनके द्वारा दी गई चुनावी गारंटियां सरकार बनने के बाद कांग्रेस भूल गई। पहली कैबिनेट में ही एक लाख सरकारी नौकरी देने का हिमाचल के युवा इंतज़ार कर रहे हैं। सरकार को बने नौ महीन हो गए न महिलाओं को सम्मान निधि मिली और न ही युवाओं को रोजगार। जो पिछली सरकार में दिये गए थे उसे भी छीन लिया गया है। प्रियंका गांधी हिमाचल में आई लेकिन आपदा प्रभावितों के लिए राज्य सरकार से क्या राहत दिलवाई, इसके बारे में भी उन्हें बताना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सेब पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाने से हिमाचल के बागवानों को कोई नुकसान नहीं है। यह सरकार कोरा झूठ बोल रही है। कांग्रेस सरकार झूठ के सहारे सत्ता में आई है और अभी भी लगातार झूठ बोलने का ही काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कोई भी सेब 75 रुपये कम के मूल्य से भारत में आ ही नहीं सकता है। इसके बाद ट्रांसपोर्ट समेत अन्य खर्चे अलग हैं। इसलिए कांग्रेस के लोग बाग़वानों को बरगलाना बंद करे और यह बताए कि उनके 'किसान ही तय करेंगे सेब के दामÓ वाला दावा कहां गया। जो कांग्रेस सड़कें न खुलने की वजह से सेब फेंकने वाले बाग़वान पर एक लाख का जुर्माना लगा रही है। उनके मुंह से बाग़वान की बात अच्छी नहीं लगती है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अमेरिकन सेब पर 20 प्रतिशत इंपोर्ट ड्यूटी मोदी सरकार ने अमेरिकी सरकार द्वारा एल्युमिनियम और स्टील से जुड़े उत्पादों पर इंपोर्ट ड्यूटी लगाने के विरोध में जवाबी कार्रवाई में लगाई थी। जब वह ड्यूटी अमेरिकन सरकार ने हटा ली तो उसे भारत सरकार ने भी हटा लिया।उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों को बरगलाना बंद करे और बाग़वानों के लिए दी गई गारंटियों को पूरा करने का काम करे। जयरम ने कहा कि प्रियंका गांधी का हिमाचल में घर है। पूरा प्रदेश आपदा की चपेट में था। प्रियंका गांधी को हिमाचल पहले आना चाहिए था। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी को ख़ुद से चीजें पता करने के बाद बोलना चाहिये न कि हिमाचल के नेताओं के कहने पर। जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रदेश का भरपूर सहयोग किया है। मुख्यमंत्री केंद्र के सहयोग को पीड़ितो तक पहुंचाने का कष्ट करे। यह सभी बातें नेता प्रतिपक्ष ने शिमला में मीडिया से बात करते हुए कहीं।
ब्यास नदी की तर्ज पर ऊना जिला के स्वां नदी में चल रहे क्रशरों पर लगे पूर्ण प्रतिबंध हिमाचल प्रदेश में भारी प्राक्रतिक आपदा के बाद भी माफिया खड्डों में खनन सामग्री एकत्रित करने से बाज नहीं आ रहा है। यह बात समाजसेवी मनीष शारदा ने कही। उन्होंने कहा कि गगरेट विस क्षेत्र में जगह जगह खड्डों में खनन सामग्री के बढ़े-बढ़े ढेर माफिया ने लगाए हुए हैं, जिसकी कोई जानकारी प्रशासन के पास नहीं है और प्रशासन आंखे मुंधे खड़ा है। उन्होंने कहा कि गगरेट विस क्षेत्र में खनन माफिया इतना हावी था कि प्रशासन को क्यूआरटी लगानी पड़ी और मरवाडी में क्यूआरटी लगने के बाद माफिया पांवड़ा रोड और सलोह के माध्यम से पैर पसार रहा है और पंजाब में खनन सामग्री पहुंचा रहा है। क्यूआरटी के फैसले का स्वागत करते हुए इसे 31 दिसंबर तक लगाये रखा जाना चाहिए और ओवरलोड एवं मॉडीफाइड टिप्परों पर पूर्ण रोक लगी रहे। उन्होंने माइनिंग विभाग कि कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि आखिर खनन माफिया के फन फैलाने के बावजूद भी कहीं नजर नहीं आ रहा है और विभाग आंकड़े जारी करे कि गगरेट में कितने चालान किये क्या कार्रवाई की है। जहां पूरे प्रदेश में पंद्रह सितंबर तक खनन पर पूर्ण प्रतिबंध है बावजूद इसके भी लोग खनन सामग्री एकत्रित कर नियमों कि धज्जियां उड़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसके सरंक्ष्ण में यह खनन माफिया फन फैला रहा है और इस आपदा कि घड़ी में चंद चांदी के सिक्कों के लिए खड्डों का सीना छलनी कर रहे हैं, आखिर क्यों इस त्रासदी के बाद भी माफिया प्रदेश कि सम्पदा को नुक्सान पहुंचा रहा है, इस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और ब्यास नदी की तर्ज पर ऊना जिला के स्वां के सीने पर चल रहे क्रशरों पर पूर्णत: प्रतिबंध लगा देना चाहिए।
- कहा, बयानों से सामने आ रही घमंडिया विपक्ष की मानसिकता - प्रियंका गांधी के हिमाचल दौरे को फोटाग्राफी दौरा दिया करार - बोले, दिल्ली में मुख्यमंत्री के सुर कुछ और, हिमाचल में कुछ और सनातन को खत्म करने संबंधी विपक्ष के नेताओं के बयान पर भाजपा ने पलटवार किया है। सुलह क्षेत्र के विधायक व कांगड़ा-चंबा भाजपा के प्रभारी विपिन सिंह परमार ने सनातन संबंधी बयान पर कांग्रेस पार्टी दयानिधि स्टालिन और मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे के साथ है या नहीं, इस पर सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। बुधवार को धर्मशाला में प्रेस वार्ता में परमार ने कहा कि विभिन्न दलों के गठबंधन को घमंडिया की संज्ञा दी गई है, ऐसे में सनातन पर दिए गए बयानों से घमंडिया विपक्ष की मनोभावना स्पष्ट हो जाती है। परमार ने कहा कि सनातन आदि अनंत है, उसे कोई नहीं मिटा सकता। परमार ने कहा कि आपदा के दो माह बाद प्रियंका गांधी हिमाचल दौरे पर हैं, कांग्रेस नेता उन्हें आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करवा रहे हैं, जबकि प्रियंका गांधी का यह दौरा फोटाग्राफी दौरा है। परमार ने सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू पर निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्रपति द्वारा भोज में भाग लेकर लौटने पर सीएम कह रहे हैं कि वह प्रदेश की बात रखने गए थे। दिल्ली में उनके सुर कुछ और हिमाचल में कुछ और होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में सीएम और उनके मंत्री आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पर्यटक बनकर घूम रहे हैं, जबकि प्रभावितों को राहत नहीं मिल पाई है।
सिरमौर जिला युवा कांग्रेस के अध्यक्ष वीरेन्द्र जालटा ने आज यहां मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को आपदा राहत कोष-2023 के लिए एक लाख रुपये का चेक उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान की उपस्थिति में भेंट किया। मुख्यमंत्री ने अंशदान के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि इस तरह के योगदान आपदा प्रभावितों की मदद में अमूल्य हैं। उन्होंने लोगों से आपदा राहत कोष के लिए उदारतापूर्वक अंशदान का आग्रह भी किया। इस अवसर पर युवा कांग्रेस शिलाई के अध्यक्ष अरूण ठाकुर, पच्छाद युवा कांग्रेस अध्यक्ष मनीष भगनाल और सिरमौर जिला युवा कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने शिमला शहर के शिव बावड़ी, कृष्णानगर और कनलोग स्थित आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्वास कार्यों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री और प्रियंका गांधी ने शिव बावड़ी में प्रभावितों से बातचीत कर उनसे संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस अवसर पर मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रदेश में भारी बारिश से हुए नुकसान की व्यापकता को देखते हुए केंद्र सरकार को इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण प्रदेश विकट स्थिति गुजर रहा है और राज्य में भारी क्षति हुई है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार आपदा प्रभावितों को राहत पहुंचाने के लिए दिन-रात अथक प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश की स्थिति की गंभीरता को नहीं समझ पा रही है। प्राकृतिक आपदा के कारण प्रदेश को भारी क्षति हुई है और इस समय राज्य सरकार को स्थितियां सामान्य करने के लिए केन्द्र सरकार से सहयोग की आवश्यकता है इसलिए केंद्र सरकार को राजनीतिक भेदभाव से दूर रह कर इस चुनौतीपूर्ण समय में राज्य के लोगों की उदारतापूर्वक मदद करनी चाहिए। उन्होंने इस विकट परिस्थिति में राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर कार्य करने में प्रदेश की सहायता के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी को संसद के विशेष सत्र की कार्य-सूची की जानकारी नहीं है परन्तु कांग्रेस पार्टी इस सत्र के दौरान हिमाचल के मुद्दे को उठाएगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को कुछ अहम मामलों का संवेदनशीलता के साथ समाधान करना चाहिए, केवल पार्टी आधार पर मामले का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। केन्द्र सरकार को संकट के इस समय में राज्य को आपदा से उबारने में उदारतापूर्वक सहायता प्रदान करनी चाहिए। प्रियंका गांधी ने इस चुनौतीपूर्ण समय में प्रदेश के लोगों की एकजुटता और सहयोग की भावना की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि इस त्रासदी से निपटने के लिए हर क्षेत्र से लोग अपना मूल्यवान योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुल्लू जिले में सड़कों को पुन: बहाल करने के लिए महिलाओं के साथ-साथ अनेक लोग नि:स्वार्थ भाव से श्रमदान कर रहे हैं। लोगों के इस नि:स्वार्थ योगदान को देखकर उन्हें खुशी हुई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका से आयातित सेब पर शुल्क 35 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत करने से प्रदेश के सेब उत्पादकों पर प्रतिकूल असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि भारी तबाही के कारण कठिनाइयों से गुजर रहे प्रदेश के बागवानों के हितों की रक्षा करने के बजाय केंद्र सरकार अमेरिका की मदद कर रही है। उन्होंने कहा कि बड़े व्यापारिक घराने हिमाचल प्रदेश में सेब की उपज की खरीद कम कीमतों पर कर रहे हैं, जिससे बागवानों को नुकसान हो रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार अपने सीमित संसाधनों के बावजूद प्रभावित परिवारों को पूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है और राहत शिविरों में रहने वाले प्रभावित परिवारों को निश्चित किराया प्रदान करने का निर्णय लिया है ताकि उन्हें किराए पर उपयुक्त आवासीय सुविधा मिले। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक आपदा के दृष्टिगत राहत शिविरों में अस्थाई तौर पर रह रहे परिवारों को उपयुक्त आवासीय सुविधा प्रदान करने के लिए उन्हें आवास का निश्चित मासिक किराया उपलब्ध करवाने का प्रावधान किया है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में राहत शिविरों में अस्थाई तौर पर रह रहे परिवारों को आवास किराए पर लेने के लिए पांच हजार रुपये प्रतिमाह और शहरी क्षेत्रों में राहत शिविरों में रह रहे परिवारों को दस हजार रुपये प्रतिमाह प्रदान किए जाएंगे। प्रदेश में भारी बारिश के कारण प्रभावित हुए परिवारों को राहत प्रदान करने के लिए अस्थाई तौर पर कई जिलों में राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। इनमें से बहुत से शिविर स्कूलों और मेक शिफ्ट आवास में स्थापित किए गए हैं। इसके दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने अस्थाई शिविरों में शरण लेने वाले वाले परिवारों को उपयुक्त आवास किराए पर लेने के लिए प्रतिमाह निश्चित किराया प्रदान करने का निर्णय लिया है। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, कृषि मंत्री चंद्र कुमार, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान, विधायक हरीश जनारथा, शिमला नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान, उप-महापौर उमा कौशल, उपायुक्त आदित्य नेगी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
प्रदेश कांग्रेस सचिव एडवोकेट तरुण पाठक ने शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद सुरेश कश्यप की आलोचना करते हुए कहा है कि वह और उनके सभी नेता प्रदेश की आपदा पर केवल घड़याली आंसू बहा रहे हैं। उन्होंने कहा है कि भाजपा के नेता केवल बयानबाजी कर लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रही हैं। तरुण पाठक ने मंडी की सांसद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह पर भाजपा सांसदों को आपदा में सहयोग के लिए लिखे पत्र पर दिए उनके बयान को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि प्रतिभा सिंह पर कोई भी टिप्पणी करने से पहले उन्हें शिमला संसदीय क्षेत्र के लोगों को यह बताना चाहिए कि उन्होंने आपदा प्रभावित लोगों को केंद्र सरकार से क्या राहत पहुंचाई हैं। असल में केंद्र की भाजपा सरकार ने प्रदेश के प्रति अपनी आंखें बंद कर रखी हैं। अभी तक प्रदेश को कोई भी विशेष आर्थिक मदद केंद्र ने नही दी है, जबकि भाजपा के नेता इस बारे भ्रामक प्रचार कर रहे हैं। तरुण पाठक ने प्रतिभा सिंह के आपदा राहत को लेकर किये जा रहें प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वह केंद्रीय मंत्रियों से मिल कर हर संभव प्रयास कर रही हैं,जबकि भाजपा के सांसद कोई भी सहयोग नही कर रहें हैं। अब जब उन्होंने प्रदेश के सभी भाजपा सांसदों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिये एक पत्र लिखा है तो उन्हें इसकी मिर्ची लग रही है,क्योंकि लोगों के सामने उनकी पूरी पोल खुल रही हैं।
-अमेरिका के सोब पर आयात शुल्क कम करने पर जताई हैरानी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने केंद्र की भाजपा सरकार पर आरोप लगाया है कि वह प्रदेश के सेब बागवानों की कमर तोड़ने पर आमादा है। उन्होंने अमेरिका के वॉशिंगटन सेब के आयात शुल्क को कम करने पर हैरानी जताते हुए कहा है कि यह निर्णय पूरी तरह सेब बागवानी विरोधी है। प्रतिभा सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावों के दौरान प्रदेश के बागवानों को भरोसा दिलाया था कि भाजपा उनके हितों की पूरी रक्षा करेगी,पूरी तरह खोखला साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने विदेशी सेब पर आयात शुल्क बढ़ाने व कृत्रिम जूस में 5 प्रतिशत सेब जूस मिक्स करने का जो आश्वासन दिया था, वह भी हवा हवाई साबित हुआ। प्रतिभा सिंह ने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वदेशी का राग अलापते है तो दूसरी तरफ विदेशी सेब के निर्यात को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सेब बागबानी से एक बहुत बड़ा वर्ग जुड़ा हैं। लगभग 6 से 7 हजार करोड़ की आर्थिकी के इस कारोबार से देश व हिमाचल प्रदेश के लाखों लोग प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से जुड़े हैं। इसलिए केंद्र की मोदी सरकार को देश व प्रदेश हित मे ही कोई फैसला लेना चाहिए। उन्होंने विदेशी सेब पर आयात शुल्क बढ़ाने की गुहार लगाते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री को प्रदेश के लोगों के साथ किये अपने वादे को पूरा करना चाहिए।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के साथ ही मंगलवार को समरहिल चौक पर सुबह सवा आठ बजे एसएफआई और एबीवीपी कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। इस घटना में एबीवीपी के कई कार्यकर्ताओं को चोटें आई हैं। दोनों छात्र संगठनों ने एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराते हुए हथियारों से हमला करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस घटना के तुरंत बाद पुलिस और विवि की सुरक्षा में तैनात जवान मौके पर पहुंचे और मामले को शांत करवाया। एसएफआई और एबीवीपी की शिकायत पर थाना बालूगंज में क्रॉस एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस के मुताबिक सुबह चौक पर दोनों संगठनों के कार्यकर्ताओं के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई और देखते ही देखते यह मारपीट में बदल गई। इसमें कुछ छात्र घायल हुए हैं, इसमें गंभीर चोटिल दो छात्रों का मेडिकल करवाया गया है। हिंसा की इस घटना के बाद पुलिस जवानों की क्यूआरटी पूरा दिन मौके पर तैनात रही। इस तरह की घटना फिर न हो, इसके लिए विवि परिसर में पूरा दिन बालूगंज थाना और समरहिल चौकी से पुलिस के जवानों को तैनात किया था। हर बार की तरह इस बार भी छात्र संगठन नया सत्र शुरू होने पर सुबह ही नए छात्र-छात्राओं के स्वागत और उन्हें लुभाने के लिए चौक तथा मुख्य गेट पर खड़े रहते हैं। ऐसे में छात्र संगठनों के बीच हर बार मारपीट की घटनाएं होती रहती हैं। हिंसा की ऐसी घटनाओं के चलते ही पूर्व में रही कांग्रेस सरकार ने दस साल पहले छात्र संघ चुनाव पर प्रतिबंध लगा दिया था।
हिमाचल प्रदेश के कई भागों में 18 सितंबर तक मौसम खराब बना रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश में मानसून फिलहाल कमजोर बना हुआ है। 13 सितंबर को कुछ भागों में अंधड़ चलने व बिजली चमकने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, बीते 24 घंटों के दौरान नाहन में 49.1, सरहाली खड्डा बिलासपुर 33.4 व बिलासपुर केवीके में 23.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। उधर, जगह-जगह भूस्खलन से चलते राज्य में अभी भी 60 सड़कें यातायात के लिए बाधित हैं। मंगलवार सुबह 10:00 बजे तक 27 बिजली ट्रांसफार्मर भी बाधित थे। वहीं, मंगलवार को राजधानी शिमला व आसपास भागों में धूप खिलने के साथ हल्के बादल भी छाए रहे।
शिमला-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे-5 परवानू के पास रखरखाव के लिए मंगलवार की रात 11 बजे से अगले दिन बुधवार सुबह 3 बजे तक सड़क वाहनों की आवाजाही के लिए बंद रहेगी। पुलिस ने इस अवधि के दौरान वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने सूचित किया है कि शिमला-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे-5 पर परवानू के पास स्लाइडिंग जोन चक्की मोड़ में सड़क के रखरखाव के लिए 12 सितंबर, रात 11 बजे से दिनांक 13 सितंबर सुबह 3 बजे तक वाहनों की आवाजाही के लिए सड़क पूरी तरह से बंद रहेगी। शिमला पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि बहुत आवश्यक होने पर ही यात्रा करें। इस अवधि के दौरान वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने जेओए आईटी पेपर लीक मामले में नामित आरोपी नितिन आजाद की जमानत रद्द कर दी है। न्यायाधीश सुशील कुकरेजा ने अपने निर्णय में कहा कि नितिन गंभीर आरोपों का सामना कर रहा है। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि जमानत मिलने के बाद याचिकाकर्ता कानूनी परिणामों से बचने के लिए फरार हो सकता है। अदालत ने पाया कि जांच एजेंसी ने अभी तक मामले की जांच पूरी नहीं की है। एजेंसी का शक है कि वह किसी अन्य समानांतर मामले में संलिप्त हो सकता है। आरोपी नितिन के खिलाफ पुलिस थाना सतर्कता हमीरपुर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7ए, 8, 12 और 13(1)(ए) और भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 201 और 120बी के तहत मामला दर्ज है। अभिलाष कुमार की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस को शिकायत की गई कि संजीव कुमार उर्फ संजय ने उसे जेओए (आईटी), पोस्ट कोड संख्या 965 की परीक्षा के पेपर चार लाख रुपये में बेचने की बात कही थी। उसके बाद शिकायतकर्ता ने संजीव कुमार उर्फ संजय की बातचीत रिकॉर्ड करनी शुरू कर दी। उसके बाद प्रश्नपत्र के लिए कीमत पर ढाई लाख रुपये में सौदेबाजी की गई। प्रश्नपत्र के लिए संजीव कुमार ने शिकायतकर्ता का परिचय निखिल नाम के व्यक्ति से करवाया। इसके बाद संजीव कुमार और निखिल ने प्रश्नपत्र और उत्तर कुंजी उपलब्ध कराने की पेशकश की। मामले की आगामी जांच में नितिन आरोपी पाया गया और उसके खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया। इससे पहले अप्रैल में भी आरोपी ने हाईकोर्ट के समक्ष जमानत याचिका दायर की थी, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। प्लास्टिक अपशिष्ट के कार्यान्वयन की जानकारी दें सरकार हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने नियमानुसार प्लास्टिक अपशिष्ट का निष्पादन न करने पर कड़ा संज्ञान लिया है। अदालत ने राज्य सरकार से शपथपत्र के माध्यम से प्लास्टिक अपशिष्ट के कार्यान्वयन के संबंध में जानकारी तलब की है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने राज्य सरकार से पूछा है कि प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन (संशोधित) नियम, 2022 में इसके निष्पादन के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। मामले की सुनवाई 20 सितंबर को निर्धारित की गई है। अदालत ने राज्य सरकार को आदेश दिए हैं कि प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन (संशोधित) नियम, 2022 के तहत सक्षम प्राधिकारी के साथ पंजीकृत उत्पादकों, आयातकों और ब्रांड-मालिकों की संख्या अदालत के समक्ष स्पष्ट रूप से बताई जाए। इसके अलावा प्लास्टिक अपशिष्ट के निष्पादन के लिए चिन्हित स्थानों की जानकारी भी तलब की गई है। अदालत ने हिमाचल प्रदेश ठोस कचरा (नियंत्रण) अधिनियम, 1995 में उन व्यक्तियों या प्राधिकरणों की संख्या भी तलब की है, जिनके विरुद्ध अधिनियम के अंतर्गत जुर्माना लगाया हो। इसके अतिरिक्त अदालत ने प्रदेश के सभी ठोस कचरा संयंत्रों का निरीक्षण की रिपोर्ट दायर करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि अदालती आदेशों के बावजूद भी कचरे का निस्तारण नियमों के अनुसार नहीं किया जा रहा है। बता दें कि अदालत के समक्ष हिमाचल के अलग-अलग हिस्सों से अपशिष्ट प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट स्थापित करने के लिए स्थल विवाद और अनुपचारित सीवरेज और ठोस अपशिष्ट की रिहाई से जुड़ी याचिकाएं दर्ज की गई है। हिमाचल प्रदेश में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और इसके कार्यान्वयन पर अदालत को बताया गया कि हिमाचल प्रदेश 59 शहरी समूह के साथ भारत का सबसे अच्छा शहरीकृत राज्य है। लेकिन, कचरे की कम मात्रा भी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकती है। हिमाचल में 29 नगर परिषद और 5 नगर निगम है। कहीं भी कचरे का नियमानुसार निष्पादन नहीं किया जा रहा है।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि आपदा की वजह से प्रदेश में हज़ारों लोगों का घर टूट गया। फसलें बर्बाद हो गई हैं, खेत बह गए हैं। लोग आपदा राहत शिविरों में रह रहे हैं। आपदा राहत शिविरों की हालत किसी से छुपी नहीं है। वहीं, सरकार उनकी मदद करने की बजाय हर रोज नई घोषणाएं कर रही है। उन्होंने कहा कि अब बहुत हो चुका, लोगों को सच में राहत चाहिए। सरकारी वादे नहीं। इसलिए सरकार से आग्रह है कि प्रभावितों को राहत पहुंचाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए। लोग पूछ रहे हैं कि राहत कब मिलेगी। लोग कह रहे हैं कि वह अपने गांवों में टेंट में रह लेंगे लेकिन राहत शिविरों में नहीं। राहत शिविरों की हालत किसी से छिपी नहीं हैं। इसलिए सरकार उन्हें जमीनें और बाक़ी सुविधाएं उपलब्ध करवाए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अभी भी सड़कें बंद पड़ी हैं। बागवान परेशान हैं। सेब और सब्जियां बाजार तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। सभी आपदा प्रभावित क्षेत्रों में बिजली और पानी की आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है। इसलिए सरकार से अनुरोध है कि इधर-उधर की बात करने के बजाय गंभीरता से काम करे। आपदा की आंड़ में सरकार अब अपनी नाकामियां नहीं छिपा सकती हैं। लोग सरकार के वादों के पूरा होने का इंतज़ार कर रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस का हर नेता कह रहा है कि केंद्र द्वारा कोई मदद नहीं की गई है। जबकि हजारों करोड़ रुपये केंद्र द्वारा आपदा राहत के विभिन्न मदों में दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली के कांग्रेसी नेताओं को हिमाचल में केंद्र द्वारा दी गई मदद के बारे में ख़ुद पता करना चाहिए क्योंकि हिमाचल सरकार के लोग लगातार झूठ पर झूठ बोल रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा सड़कों की मरम्मत से लेकर, नई सड़कों और फ़ोरलेन के निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने हजारों करोड़ रुपये दिए हैं। आपदा राहत के लिए साढ़े सात सौ करोड़ दिये हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आपदा प्रभावितों के लिए तहत आवास दिये हैं, इसके पहले भी 5 हजार आवास दिये थे। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 2700 करोड़ रुपये दिए हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली से आने वाले नेताओं को यह सब पता करना चाहिए, जिससे उन्हें हिमाचल के लोगों को झूठ न बोलना पड़े। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इतना सब कुछ करने के बाद हिमाचल सरकार में बैठे लोग मदद का आभार जताते हुए और सहयोग की मांग करने के बजाय उल्टी सीधी बातें कर रहे हैं। यह ठीक परंपरा नहीं हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने आज अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव प्रियंका गांधी को मंडी संसदीय क्षेत्र में हुई भारी बारिश व भूस्खलन से हुई तबाही की जानकारी दी। इस क्षेत्र में एक ओर जहां सड़कों को भारी नुकसान पहुंचा है, वहीं लोगों के घर, किसानों व बागवानों की फसलें भी पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। भूस्खलन की वजह से सैकड़ों लोग भी अकाल मौत का शिकार हुए हैं। आज प्रियंका गांधी के साथ मंडी संसदीय क्षेत्र के दौरे पर साथ गई प्रतिभा सिंह ने उन्हें आपदा से हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार अपने सीमित संसाधनों से लोगों को राहत व पुनर्वास के साथ साथ पुनर्निर्माण कार्यों को जोरो-शोरों से कर रही है। सीएम सहित सरकार के सभी मंत्री प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत कार्यो का स्वयं जायजा ले रहे हैं। प्रतिभा सिंह ने कहा कि उन्होंने केंद्र सरकार से प्रदेश में हुई इस आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है पर केंद्र का कोई इस बारे सकारात्मक रवैया नहीं है जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से अभी तक प्रदेश सरकार को कोई भी विशेष आर्थिक मदद नही मिली हैं। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिल कर विशेष आर्थिक मदद की मांग को दोहराएगी। प्रतिभा सिंह ने इस दौरान प्रियंका गांधी को संगठन से जुड़े मसलों से भी अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संगठन बहुत मजबूत हैं। इसी मजबूती से प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनी हैं। प्रतिभा सिंह ने संगठन के कर्मठ कार्यकर्ताओं को सरकार में अहम जिम्मेदारियां देने की वकालत करते हुए कहा कि इनको जल्द जिम्मेदारियां मिलनी चाहिए, जिससे आगामी लोकसभा चुनावों में संगठन पूरी मजबूती के साथ चुनावों में उतर सकें। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के मनोबल को बनाएं रखने के लिए सरकार में उन्हें समय पर पूरा मान-सम्मान दिया जाना चाहिए।
-परिवार सहित सड़कों पर उतरने की भी दी चेतावनी प्रदेशाध्यक्ष सुनील शर्मा बोले- 2555 एसएमसी शिक्षक स्कूलों में दे रहे सेवाएं -सैकड़ों विद्यालय सिर्फ और सिर्फ एसएमसी शिक्षकों के ही सहारे एसएमसी अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुनील शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार यदि 30 सितंबर 2023 तक एसएमसी शिक्षकों के लिए पॉलिसी नहीं बनाती है तो 2 अक्तूूबर से प्रदेश में सत्याग्रह किया जाएगा। एसएमसी शिक्षकों ने प्रदेश सरकार को चेताया कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं होती है तो वे परिवारों के साथ सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे। बता दें कि प्रदेश में 2555 एसएमसी शिक्षक मौजूदा समय में कार्यरत हैं और अपने लिए सरकार से पॉलिसी बनाने की मांग कर रहे हैं। शिमला में एसएमसी अध्यापक संघ द्वारा आज पत्रकार वार्ता को संबोधित किया गया। पत्रकार वार्ता के दौरान संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुनील शर्मा ने बताया कि एसएमसी अध्यापक संघ द्वारा शिक्षा सचिव को एसएमसी अध्यापकों द्वारा नियमित करने के संदर्भ में अल्टीमेटम दिया गया है। संघ ने कहा कि 2555 एसएमसी अध्यापक 2012 से निरंतर प्रदेश के विद्यालयों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और सरकार द्वारा कोई भी नीति न बनने के कारण अभी तक शोषण के शिकार हो रहे हैं, जबकि अन्य सभी अस्थाई अध्यापक पीटीए, पैट, पैरा व उर्दू पंजाबी पीरियड आधार तथा तकनीकी शिक्षा में पीरियड आधार शिक्षकों को कम अंतराल में ही नियमित किया जा चुका है। एसएमसी अध्यापक बहुत ही कम वेतन में शिक्षा विभाग में सभी कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं और प्रदेश के सैकड़ों विद्यालय सिर्फ और सिर्फ एसएमसी शिक्षकों के ही सहारे चल रहे हैं। एसएमसी अध्यापकों द्वारा शिक्षा विभाग को यह अल्टीमेटम दिया गया है कि 30 सितंबर तक एसएमसी अध्यापकों को नियमित नीति में लाया जाए, अन्यथा 2 अक्तूबर से ही एसएमसी अध्यापक मजबूरन अपने परिवार और बच्चों सहित सत्याग्रह, धरना-प्रदर्शन पैन डाउन स्ट्राइक करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इस संदर्भ में एसएमसी अध्यापकों ने विश्वास जताते हुए कहा कि सरकार ने हमें गंभीरता से सुना और सरकार हमें नियमित करेगी। मुख्यमंत्री ने भी हमें आश्वासन दिया है कि एसएमसी अध्यापकों को सितंबर माह तक नियमित किया जाएगा। इस मौके पर अध्यक्ष सुनील शर्मा, उपाध्यक्ष निर्मल ठाकुर, महासचिव बेला राम वर्मा,सचिव वेद प्रकाश ठाकुर, और सुरेश चौहान उपस्थित रहे।
निवेशकों ने टीएचडीसीआईएल की कारपोरेट बॉन्ड सीरीज के बेस साइज VIII से नौ गुना ओवर सब्सक्राइबिंग के साथ जताया भरोसा ऊर्जा क्षेत्र की अग्रणी कंपनी टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने टीएचडीसीआईएल कॉर्पोरेट बांड सीरीज VIII जारी कर 763 करोड़ रुपये सफलतापूर्वक जुटाकर एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है। बांडों ने निवेशकों से काफी ब्याज हासिल किया, जिसके परिणामस्वरूप आधार मुद्दे के आकार में उल्लेखनीय 9 गुना ओवरस्क्रिप्शन हुआ, जिसकी राशि 2588 करोड़ रुपये हो गई। टीएचडीसीआईएल कॉर्पोरेट बांड सीरीज VIII, जिसमें 300 करोड़ रुपये के आधार आकार और 500 करोड़ रुपये के हरे जूते के विकल्प के साथ 10 साल के टेनर के साथ 800 करोड़ रुपये के कुल अंक प्राप्त किया। इसके माध्यम से एकत्र किए गए फंड का उपयोग टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की चल रही और निर्माणाधीन परियोजनाओं के ऋण की आवश्यकताओं को आंशिक रूप से पूरा करने के लिए किया जाएगा, क्योंकि कंपनी अपने कार्यों का विस्तार जारी रख रही है। यह उपलब्धि टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की वित्तीय स्थिरता और ऑपरेशनल प्रदर्शन में निवेशकों के विश्वास को मजबूत करती है। बीएसई-इलेक्ट्रॉनिक बोली प्लेटफॉर्म के माध्यम से खोज 7.76 प्रतिशत की प्रतिस्पर्धी कूपन दर THDCIL कॉर्पोरेट बॉन्ड में रखे गए विश्वास को और मजबूत करता है। इन बांडों को केयर और इंडिया रेटिंग्स दोनों से एए 'स्टेबल' की क्रेडिट रेटिंग मिली है, जिससे कंपनी की मजबूत क्रेडिट योग्यता पर प्रकाश डाला गया है। इस सफल बांड की बोली 11 सितंबर को THDCIL के कॉर्पोरेट ऑफिस ऋषिकेश में लगी। बहेरा, निदेशक (वित्त) और सीएफओ, एबी. गोयल, ईडी (वित्त), एके गर्ग, जीएम (वित्त), रश्मि शर्मा, कंपनी सचिव, और हेमलता अग्रवाल, बीएसई प्रमुख उत्तरी क्षेत्र, लिस्टिंग। आज, टीएचडीसीआईएल को एक श्रेणी-1 मिनी रत्न वर्ग-ए सेंट्रल पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (सीपीएसयू) के रूप में मान्यता प्राप्त है। कंपनी वर्तमान में 1587 मेगावाट ऊर्जा क्षमता का काम करती है, जिसमें हाइड्रो, हवा, और सौर ऊर्जा शामिल है, जिसमें हाइड्रो क्षमता में अतिरिक्त 1444 मेगावाट और उन्नत विकास चरणों के तहत औष्णिक शक्ति में 1320 मेगावाट है। टीएचडीसीआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरके विश्नोई ने इस उपलब्धि पर अपनी संतुष्टि व्यक्त की और टीएचडीसीआईएल की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि टीएचडीसीआईएल कारपोरेट बांड सीरीज के माध्यम से धन जुटाने में यह उल्लेखनीय उपलब्धि सभी को 24&7 सस्ती विद्युत उपलब्ध कराने के राष्ट्रीय उद्देश्य के प्रति कंपनी की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है। विश्नोई ने आगे कहा कि टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड जल विद्युत के अलावा सौर, पवन, ताप और पंप स्टोरेज संयंत्र (पीएसपी) जैसे विद्युत स्रोतों के सभी क्षेत्रों में तेजी से विकास और विविधीकरण के माध्यम से इस संगठनात्मक उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए समर्पित है। विश्नोई ने कहा कि यह प्रतिबद्धता वित्तीय स्थिरता और परिचालन उत्कृष्टता को बनाए रखते हुए देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में टीएचडीसीआईएल की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करती है।
कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा का मंगलवार सुबह आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेने हिमाचल पहुंचीं। प्रियंका चंडीगढ़ से हवाई मार्ग से कुल्लू के भुंतर पहुंचीं। उनके साथ मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला, सांसद प्रतिभा सिंह और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी मौजूद रहे। इसके बाद उन्होंने बाढ़ से हुई तबाही का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित लोगों की समस्याओं को सुना और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस आपदा से बहुत से लोग बेघर हुए हैं और कई लोगों ने जान गवाई है। प्रदेश सरकार प्रभावितों को हर मुमकिन सहयोग प्रदान करने के प्रयास कर रही है। सभी प्रभावित क्षेत्रों में राहत व पुनर्वास कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में राज्य की जनता और प्रदेश सरकार का केंद्र सरकार से इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का आग्रह है। इससे प्रदेश सरकार को आपदा से निपटने और प्रभावितों को राहत प्रदान करने मे बड़ा सहयोग मिलेगा। प्रियंका गांधी सोलन और मंडी जिले का भी दौरा करेंगी। मनाली में बाढ़ प्रभावितों से बातचीत के बाद उनका हेलिकाप्टर से मंडी के पंडोह जाने और प्रभावितों से मिलने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसके बाद सोलन पहुंचेंगी। इसके बाद प्रियंका कल्याणी हेलिपेड शिमला आएंगी। बताया जा रहा है कि प्रियंका गांधी शिमला के छराबड़ा स्थित अपने आवास पर ही रुकेंगी। बुधवार को वह शिमला में भी आपदा प्रभावितों से बातचीत कर सकती हैं।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री आकाश नेगी ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि एसपीयू (सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी) का दायरा घटाने पर प्रदेश भर के शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इसी के तहत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा विभिन्न मांगों को लेकर 24 घंटे की सांकेतिक भूख हड़ताल का प्रारंभ किया गया। आकाश नेगी ने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी के दायरे को 5 जिलों से घटा कर 3 जिलों तक कर दिया है। सरकार के इस निर्णय से उस विश्वविद्यालय से सुविधा प्राप्त करने वाले हजारों छात्रों को क्षति पहुंची है। विद्यार्थी परिषद की दूसरी मांग है कि लगभग 10 सालों से प्रदेश में बंद पड़े छात्र संघ चुनावों को बहाल किया जाए व छात्रों को उनका लोकतांत्रिक अधिकार पुन: प्रदान किया जाए। इसके अलावा विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय की समस्याओं को उजागर करते हुए मांग रखी की विश्वविद्यालय की घटिया ईआरपी प्रणाली में सुधार लाया जाए। लंबे समय से कई विद्यार्थी छात्रावास आवंटन सूची का इंतजार कर रहे हैं। विश्वविद्यालय की इस सत्र की सभी कक्षाएं सुचारू रूप से चल पड़ी हैं। छात्रावास आवंटन की सूची ना आने के कारण विद्यार्थियों के भारी भरकम धनराशि चुका कर कमरे लेकर रहना पड़ रहा है। विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने मांग रखी है कि प्रदेश के सबसे पुराने विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को तुरंत लागू किया जाए, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सके। विद्यार्थी परिषद ने यह चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि समय रहते इन मांगों को पूरा न किया गया तो विद्यार्थी परिषद प्रदेश स्तर पर आंदोलन करेगी।
प्रदेश कांग्रेस महासचिव बोले- सांसद प्रतिभा सिंह को किसी से प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं प्रदेश कांग्रेस महासचिव देवेंद्र बुशैहरी ने सांसद सुरेश कश्यप को आड़े हाथ लेते हुए कहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए केंद्रीय सहायता के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं, लेकिन भाजपा इसमें कोई भी सहयोग नहीं कर रही है। उन्होंने कहा है कि प्रतिभा सिंह केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी व गिरिराज सिंह से मिलकर आपदा से हुए नुकसान में मदद की गुहार लगा चुकी हैं। देवेंद्र बुशैहरी ने प्रतिभा सिंह के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा है कि उन्होंने प्रदेश के सभी भाजपा सांसदों को पत्र लिखकर जो पहल की है, वह बहुत ही सराहनीय है और भाजपा के सभी सांसदों को इसमें पूरा सहयोग करना चाहिए। बुशैहरी ने कश्यप को प्रतिभा सिंह पर दिए उनके बयान की आलोचना करते हुए कहा है कि उन्हें अपना चश्मा बदल लेना चाहिए। ऊलजलूल बयानबाजी से उन्हें कुछ हासिल होने वाला नहीं। प्रतिभा सिंह को उनसे किसी भी प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं। उन्होंने कहा है कि प्रतिभा सिंह अपने संसदीय क्षेत्र मंडी का व्यापक दौरा कर चुकी हैं। अभी पिछले कल ही उन्होंने रामपुर, आनी,करसोग के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया है, जबकि इससे पूर्व मंडी, सुंदरनगर, द्रंग, नाचन, सरकाघाट का विस्तृत दौरा कर प्रभावित लोगों से मिलकर अधिकारियों से पुनर्निर्माण व राहत कार्यो की समीक्षा बैठके भी कर चुकी हैं। बुशैहरी ने कहा कि कश्यप बताएं कि उन्होंने इस आपदा से निपटने के लिए केंद्र के किस नेता से मदद मांगी। उन्होंने कहा कि उन्हें यह भी बताना चाहिए कि उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र शिमला में भूस्खलन से प्रभावित कितने क्षेत्रों का दौरा किया। उन्हें यह भी बताना चाहिए कि कालका-शिमला राष्ट्रीय राज मार्ग को दुरुस्त करने के लिए उन्होंने केंद्र सरकार या राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से कितनी बार बातचीत की। बुशैहरी ने कश्यप पर तंज कसते हुए कहा है कि उन्हें अपने संसदीय क्षेत्र में भूस्खलन से प्रभावित लोगों को राहत व पुनर्वास कार्यों की चिंता करनी चाहिए ,न कि मंडी संसदीय क्षेत्र की।
कहा- प्रदेश सरकार अदा करेगी आवास का किराया मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं और कार्यक्रमों के कार्यान्वयन की समीक्षा के लिए आज यहां मंडे मीटिंग की अध्यक्षता की। उन्होंने योजनाओं व विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में भारी बारिश के कारण घर क्षतिग्रस्त होने से जो लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं, उन्हें प्रदेश सरकार किराए पर आवासीय सुविधा उपलब्ध करवाएगी। मकान का किराया प्रदेश सरकार अदा करेगी। इसके दृष्टिगत दो व तीन कमरों के सेट किराए पर लेने का प्रावधान किया जाएगा। इस संबंध में सभी उपायुक्तों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला नगर निगम क्षेत्र में भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत के लिए 10 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे। उन्होंने शिमला में विभिन्न क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त सड़कों व गिरे हुए डंगों के कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी अभियांत्रिकी महाविद्यालयों में अगले शैक्षणिक सत्र से कृत्रिम मेधा (एआई) के पाठ्यक्रम आरम्भ किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षण संस्थानों में भविष्य की चुनौतियों के आधार पर एआई पाठ्यक्रम आरम्भ करना समय की मांग है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मत्स्य क्षेत्र में स्वरोजगार के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण से योजनाओं का कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने हेलीपोर्टस के निर्माण कार्य की प्रक्रिया की प्रगति की हर सप्ताह समीक्षा करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कटहल की खेती की अपार सम्भावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग द्वारा किसानों को कटहल की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वाहनों के फिटनेस प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन व समयादेश (अपॉइंटमेंट) के लिए प्रभावी ऑन-लाईन प्रणाली विकसित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव ओंकार चंद शर्मा, भरत खेड़ा, आरडी. नजीम, देवेश कुमार, डॉ. अमनदीप गर्ग और विभिन्न सचिव उपस्थित थे।
- हालांकि पद पर बने रहेंगे युवा कांगेस के जिला व विधानसभा अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस महासचिव एवं प्रभारी जिला हमीरपुर महेश सिंह ठाकुर मैडी ने भारतीय युवा कांग्रेस के महासचिव एवं प्रभारी हिमाचल प्रदेश विनीत कंबोज, सहप्रभारी योगेश हांडा व प्रदेश अध्यक्ष नेगी निगम भंडारी की अनुमति से जिला युवा कांग्रेस हमीरपुर, विधानसभा क्षेत्र बड़सर, हमीरपुर व भोरंज की कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है जबकि युवा कांगेस के जिला व विधानसभा अध्यक्ष अपने-अपने पद पर बने रहेंगे। महेश सिंह ठाकुर ने कहा कि सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र युवा कांग्रेस की कार्यकारिणी को अध्यक्ष समेत भंग कर दिया है वहां जल्द ही स्थानीय नेताओं की सलाह से नये अध्यक्ष की नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय जिला व ब्लॉक कार्यकारिणी के पदाधिकारियों की संगठन में निष्क्रियता को देखते हुए व आने वाले लोकसभा चुनावों के मद्देनजर लिया गया है। शीघ्र ही जिला तथा भंग ब्लॉकों की कार्यकारिणी गठित की जाएगी, जिसमें संगठन के कार्यक्रमों की रूचि रखने वाले व ऊर्जावान युवाओं को कार्य करने के अवसर दिए जाएंगे। महेश सिंह ठाकुर ने कहा कि हमीरपुर जिला अध्यक्ष व बड़सर, हमीरपुर व भोरंज के विधानसभा अध्यक्षों से जिला व विधानसभा स्तर की जो कार्यकारिणीयां भंग की गई हैं, उनसे नई कार्यकारिणी को 15 दिनों के भीतर गठित कर स्वीकृति के लिए प्रदेश युवा कांग्रेस कार्यालय को भेजने को कहा है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया 11 सितंबर को नई दिल्ली के संसद भवन के मुख्य समिति कक्ष में सीपीएस सेल, लोक सभा द्वारा आयोजित पीठासीन अधिकारियों तथा प्रतिनिधियों की ब्रीफींग बैठक में शामिल हुए। गौरतलब है कि लोक सभा सचिवालय के सीपीए सेल द्वारा इसका आयोजन 30 सितंबर से 6 अक्तूबर तक अफ्रीका महाद्वीप के घाना देश अक्रा में अयोजित होने वाले 66वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन के पूर्वाभ्यास सत्र के रूप में किया गया है। इस सत्र में घाना में आयोजित होने वाले सम्मेलन से संबंधित जानकारी तथा वहां पर किन-किन विषयों पर चर्चा होगी तथा सत्र की समय सारणी तथा उद्देश्य के बारे जानकारी दी गई। ब्रीफिंग बैठक में भाग लेने बाले पीठासीन अधिकारीयों तथा प्रतिनिधियों को यात्रा संबंधी जानकारी भी दी गई। इस ब्रीफिंग बैठक में देश की सभी राज्य विधान सभाओं के पीठासीन अधिकारी तथा विधान परिषदों के पीठासीन अधिकारी व सम्मेलन में भाग लेने जा रहे सभी प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बता दें कि कुलदीप सिंह पठानिया घाना में आयोजित होने वाले 66वें राष्ट्रमंडल सम्मेलन में भाग लेने जा रहे हैं।
कहा- सांसद होते हुए भी सरदार पटेल यूनिवर्सिटी मंडी का अस्तित्व बचा नहीं पाई भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा की मंडी की सांसद प्रतिभा सिंह का पत्र हमें प्राप्त नहीं हुआ है। हम उनको बताना चाहेंगे कि पत्र लिखने से कुछ नहीं होगा। वह मंडी की संसद भी हैं और कांग्रेस पार्टी की प्रदेश की प्रदेश अध्यक्षा भी हैं, उनको स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलना चाहिए। इस आपदा की घड़ी में वैसे भी केंद्र सरकार ने किसी भी प्रकार की कमी नहीं रखी है। एक ओर केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को आपदा के लिए 1200 करोड़ से अधिक की राशि उपलब्ध कराई है। आपदा प्रभावित लोगों को 6000 से ज्यादा घर उपलब्ध करवाए गए हैं और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 2643 करोड़ की राशि स्वीकृत की है। शायद कांग्रेस नेताओं को यह दिखता नहीं है। अब काम तो कांग्रेस सरकार को करना है केंद्र तो सहायता प्रदान कर सकती है। उन्होंने कहा कि जनता की मदद करने के लिए तत्पर है और एमपी लैड फंड से पूर्ण रूप से जनता को सहायता प्रधान कर रहे है। मैंने स्वयं अपने संसदीय क्षेत्र में 15 टन का राशन वितरण किया है। दूसरी ओर प्रशासन जनता को राहत प्रदान करने में पूरी तरह फेल है, जिन मकानों में दरारें आई हैं, उनको पटवारी द्वारा कहा जा रहा है कि पहले मकान गिरेंगे तो उनको राहत राशि प्रदान की जाएगी और जिन लोगों को तरपाल एवं प्लास्टिक शीट दी गई है, उनको यह बोला गया है कि आपदा के बाद यह वापस भी ली जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रतिभा सिंह स्वयं मंडी संसदीय क्षेत्र की सांसद है और उनकी ही कांग्रेस सरकार में सरदार पटेल यूनिवर्सिटी से 80 से ज्यादा कॉलेज छीन लिए गए हैं, अफसोस की बात तो यह है कि प्रतिभा सिंह के होते ऐसा कठोर कदम इस सरकार ने उठाया। इस कृति से साफ है कि कांग्रेस पार्टी मंडी संसदीय क्षेत्र के साथ अन्याय कर रही है और मंडी संसदीय क्षेत्र की जनता इससे परेशान है। यहां तक कि अगर आप मंडी का संसदीय क्षेत्र की जनता से बात करो तो वह खुद कहते हैं कि यहां की संसद संसदीय क्षेत्र से गायब हैं। जनता आपको ढूंढ रही है और आप केवल पत्र लिख रहे हैं जो कि अभी तक हमें मिले भी नहीं है। जम्वाल ने कहा कि मैं प्रतिभा सिंह को याद दिलवाना चाहता हूं कि हिमाचल में इस बार जब पहली प्राकृतिक आपदा कुल्लू- मनाली व मंडी में आई थी तो उसी समय पीएम नरेंद्र मोदी ने हिमाचल को 180 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता राशि जारी की थी उसके एक सप्ताह की भीतर 183 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता राशि की दूसरी किश्त जारी की थी। उसके बाद पीएम मोदी ने 2643.01 करोड़ रुपए प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत स्वीकृत किए हैं, उसके बाद पीएम मोदी ने शिमला में आई प्राकृतिक आपदा के समय 200 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता राशि जारी की है, लेकिन शायद सांसद प्रतिभा सिंह अपनी रजवाड़ी शाही के चलते आम जनता के दुख दर्द से दूर है और पीएम मोदी द्वारा करीब 3000 करोड़ से ज्यादा दी गई आर्थिक सहायता राशि से अनभिज्ञ है।
शिमला जिले में बड़ा हादसा हुआ है। शिमला के रोहड़ू के चिड़गांव में एक टिप्पर खाई में गिर गया। हादसे में तीन मजदूरों की मौत हो गई, पांच घायल हैं। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके के लिए रवाना हो गई। फिलहाल हादसे के कारणों का पता नहीं चल पाया है। अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है। ञ्जह्म्
प्रदेश सरकार ने हमीरपुर जिले में एडवांस कैंसर केयर यूनिट स्थापित करने का फैसला लिया है। स्वास्थ्य सेवाएं कॉरपोरेशन की ओर से इसके लिए जल्द ही टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। पीजीआई की तर्ज पर कैंसर केयर यूनिट में मशीनें स्थापित होंगी। इसके स्थापित किए जाने से जहां कैंसर पीड़ित मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया होगी, वहीं लोगों को इलाज के लिए बाहरी राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इसमें आधारभूत ढांचा और मशीनरियों पर करीब 50 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। अभी कैंसर पीड़ित अपना इलाज कराने के लिए या तो इंदिरा गांधी मेडिकल काकॉलेज शिमला या फिर टांडा जाते हैं। कई बाहरी राज्यों में इलाज करवाते हैं। हमीरपुर में यूनिट स्थापित किए जाने से लोगों को काफी सहूलियत होगी। ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, मंडी जिले के लोगों के लिए यह यूनिट कारगर साबित होगी। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में मरीजों की तादाद कम होगी। अभी इस अस्पताल में प्रतिदिन सौ से ज्यादा ओपीडी रहती है। कैंसर के मरीजों को भर्ती करना पड़ता है। ऐसे में आधारभूत ढांचा होना आवश्यक है। स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा ने बताया कि एडवांस कैंसर केयर यूनिट के स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है। स्वास्थ्य सेवाएं कॉरपोरेशन मशीनों की खरीदारी करेगा। इस एडवांस चिकित्सा सुविधा से लोगों को काफी फायदा होगा।
कहा- बिजली के दाम इस कदर बढ़ाने से उद्योग बंद होंगे और महंगाई बढ़ेगी इससे स्टील और सीमेंट के भी दाम बढ़ेंगे और आपदा प्रभावितों को दोहरी मार पड़ेगी नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा बिजली के शुल्क में डेढ़ गुना वृद्धि करके सरकार प्रदेश में चल रहे उद्योगों को बर्बाद करना चाह रही है। उन्होंने कहा कि बिजली के शुल्क को सरकार ने अलग बढ़ाए और पिछली सरकार द्वारा प्रदेश में नए उद्योगों को लगाने हेतु को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार द्वारा दी गई रियायत को वापस ले लिया गया है। उन्होंने कहा यह एक दुर्भाग्यपूर्ण और राजनीतिक बदले की भावना से लिया गया फैसला है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार पार्टी की नहीं प्रदेश की होती है। एक सरकार उद्योग लगाने के लिए प्रोत्साहन देती है, दूसरी सरकार आकर वह सुविधाएं छीन लेती है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कोरोना के बाद प्रदेश में उद्योग-धंधों को गति देने के लिए हमारी सरकार ने उद्योगों को निर्धारित समय के लिए कुछ रियायतें दी थी। उसे भी ख़त्म कर दिया गया है। जयराम ठाकुर ने कहा ऐसे चलता रहा तो प्रदेश में नए उद्योग आने के बजाय जो यहां काम कर रहे हैं, वे भी बाहर जाने को मज़बूर हो जाएंगे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उद्योग लगाने के लिए हम उद्योगपतियों को देश में सबसे सस्ती बिजली देने का वादा करके लाए और आज उन्हें सबसे महंगी बिजली मिल रही है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उद्योगों के लगने से प्रदेश में उत्पादन होता हैं। प्रदेश में हज़ारों की संख्या में लोगों को सीधा रोज़गार मिलता है। इसके अलावा भी तमाम तरह के अवसर उपलब्ध होते हैं। बिना उद्योगों प्रदेश के विकास की कल्पना भी नहीं की जा सकती है लेकिन सरकार प्रदेश में उद्योग धंधों को बर्बाद करना चाहती है। इस तरह के फ़ैसले लेने वाले लोग उसी डाल को काटना चाहते हैं, जिस पर बैठे हैं । नेता प्रतिपक्ष ने जहां कि प्रदेश में उद्योग धंधों को बर्बाद करने और उन्हें प्रदेश से बाहर भेजने पर योजनाबद्ध तरीक़े से काम हो रहा है। एक तरफ़ सरकार के तुगलकी फ़ैसले उद्योगों में आर्थिक असुरक्षा की भावना पैदा कर रही हैं तो दूसरी तरफ़ बेख़ौफ़ माफिया तंत्र उद्योगपतियों को डरा रहा है। जिसके कारण वह स्वयं ही प्रदेश से जाना चाहते हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह माफिया किसकी शह पर काम कर रहे हैं। इन्हें कौन संरक्षण दे रहा है। यह बात मुख्यमंत्री को पता करके, उन पर कार्रवाई करनी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि नई दरों के तहत एचटी (हाई टेंशन) के अधीन आने वाले उद्योग के लिए बिजली शुल्क 11 प्रतिशत से बढ़ाकर 19 प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि ईएचटी (एक्सट्रीम हाई टेंशन) उद्योगों के लिए इसे 13प्रतिशत से बढ़ाकर 19 प्रतिशत कर दिया गया है। छोटे और मध्यम उद्योगो पर बिजली शुल्क 11 प्रतिशत से 17 प्रतिशत तक बढ़ाया है। सीमेंट संयंत्रों पर बिजली शुल्क 17 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है। यही नही डीजी (डीज़ल जनरेटर) सेट द्वारा बिजली उत्पादन पर 45 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली शुल्क भी लगाया गया है और कैप्टिव उत्पादन और हरित ऊर्जा पर विद्युत शुल्क में दी गई छूट भी वापस ले ली गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न बिजली उपयोग के आधार पर पूर्व सरकार ने पांच साल तक बिजली में रियायत देने की नीति बनाई थी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बिजली शुल्क में वृद्धि से प्रदेश में सीमेंट और लोहे का दाम भी महंगा हो जाएगा। जिससे आपदा में अपना घर गंवा चुके लोगों को दोहरी मार पड़ेगी। सरकार ने पहली आपदा के बाद ही डीज़ल के दाम बढ़ाकर आपदा प्रभावित प्रदेश में लोगों पर महंगाई का बोझ सरकार पहले ही डाल चुकी हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इसके पहले सुक्खू सरकार ने बिजली, पानी, कूड़ा उठाने साथ प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाकर लोगों पर महंगाई का बोझ पहले ही डाल चुकी है। सत्ता में आते ही सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन की बात की और लोगों के जेब पर बोझ डालने का काम करना शुरू कर दिया। हर चीज के दाम बढ़ा दिये। जिन्हें हमारी सरकार में बिजली, पानी, डीज़ल, सब महंगा लगता था और रोज़ सड़कों पर उतर कर शोर मचाते थे। आज उन्होंने सारी चीजों के दाम बढ़ा दिए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आपदा के समय में भी प्रदेश के लोगों पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष महंगाई का बोझ बढ़ाना किसी भी तरह से सही नहीं हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य प्रतिभा सिंह ने प्रदेश भाजपा के तीनों लोकसभा व राज्यसभा सांसदों को पत्र लिख कर प्रदेश में भारी बारिश व भूस्खलन से हुए नुकसान की भरपाई के लिए एकजुटता के साथ प्रयास करने व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर इस आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करवा कर विशेष आर्थिक मदद लेने का आग्रह किया है। प्रतिभा सिंह ने अपने पत्र में लिखा है कि प्रदेश में भारी बारिश व बाढ़ से हुए भूस्खलन की बजह से भारी जानमाल का नुकसान हुआ है। प्रदेश में एक ओर जहां करोड़ों रुपये की चल व अचल संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है, वहीं इस आपदा से जन जीवन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। लोकतंत्र में चुने हुए प्रतिनिधियों की ऐसी आपदाओं के समय लोगों को राहत पहुंचाने व पुनर्वास कार्यों के प्रति बहुत बड़ी जिम्मेदारी बन जाती है। राजनीति में भले ही हमारी विचारधारा अलग-अलग है, पर हिमाचल प्रदेश के सांसद होने के नाते हमारा कर्तव्य बन जाता है कि प्रदेश में आई इस आपदा में हमसब एकजुट होकर प्रभावित लोगों की मदद करें और पुनर्वास कार्यों में प्रदेश सरकार का सहयोग करें। अगर सब मिलकर प्रधानमंत्री से प्रदेश में इस आपदा से हुए भारी जानमाल के नुकसान से अवगत करवाएं तो अवश्य ही प्रधानमंत्री प्रदेश की पीड़ा को समझते हुए विशेष आर्थिक मदद की मांग को पूरा करेंगे।
सीएम ने जी-20 सम्मेलन के उपलक्ष्य पर राष्ट्रपति द्वारा आयोजित रात्रि भोज में लिया भाग मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को नई दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा जी-20 शिखर सम्मेलन के अवसर पर आयोजित रात्रि भोज में भाग लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेेंद्र मोदी से भी मुलाकात की और उनके समक्ष प्रदेश हित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रधानमंत्री को प्रदेश में भारी बारिश के कारण आई आपदा से हुए नुकसान के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी और उनसे प्रदेश में हुई त्रासदी को 'राष्ट्रीय आपदाÓ घोषित करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि गत दो महीनों में भारी बारिश, भू-स्खलन और बाढ़ के कारण प्रदेश में 400 से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवाई है और 13 हजार से अधिक घरों को नुकसान पहुंचा है, जिस कारण हजारों परिवार बेघर हो गए हैं। उन्होंने बताया कि इस प्राकृतिक आपदा के कारण प्रदेश को 12 हजार करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से कहा कि इस आपदा से उबरने के लिए प्रदेश को केंद्र की ओर से आर्थिक पैकेज की आवश्यकता है। आपदा के कारण प्रदेश में हुए अभूतपूर्व नुकसान के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि भुज और केदारनाथ मेें आई आपदा की तर्ज पर हिमाचल को भी विशेष राहत पैकेज दिया जाना चाहिए। नरेंद्र मोदी ने ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा उठाए गए प्रदेश हित के मद्दों को ध्यानपूर्वक सुना और कहा कि प्रदेश की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बिडेन, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस, जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान सहित अन्य देशों के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, 19 आमंत्रित देशों के प्रतिनिधि, संयुक्त राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व स्वास्थ्य संगठन सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि, केंद्रीय कैबिनेट मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के अलावा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
कालका-शिमला नेशनल हाईवे-5 पर परवाणू से कुमारहट्टी तक राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की तकनीकी टीम ने पहाड़ों के दरकने के कारण का पता लगाया। इस टीम में आईआईटी रुड़की, आईआईटी मंडी और एनएचएआई के सेवानिवृत्त अधिकारी मौजूद थे। टीम ने चक्की मोड़ में मिट्टी के सैंपल भी भरे। इसी के साथ फोरलेन निर्माण कर रही कंपनी से भी किस प्रकार की कटिंग की गई है, समेत कई प्रकार के इनपुट लिए हैं। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण शिमला से भी कई प्रकार का डाटा टीम ने मांगा है। जैसे ही यह डाटा विशेष तकनीकी टीम के पास पहुंचता है, उसके बाद परवाणू-सोलन फोरलेन पर आगामी निर्माण कार्य के लिए रिपोर्ट तैयार की जाएगी। बताया जा रहा है कि इस माह के अंत तक यह रिपोर्ट तैयार कर एनएचएआई को देगी। इसके बाद ही कई महत्वपूर्ण जगहों पर कार्य शुरू किया जाएगा। इसी टीम की रिपोर्ट के अनुसार चक्कीमोड़ पर निर्माण कार्य के लिए ड्राइंग तैयार की जाएगी। वहीं वर्तमान में भी चक्कीमोड़ में पहाड़ से मलबा नहीं रुक रहा है। भूस्खलन के बाद वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ रही है। वहीं परवाणू से सोलन के बीच कई जगह ऐसी हैं, जहां मलबा हटाना गले की फांस बनता जा रहा है। जैसे ही मलबा हटाया जा रहा है, वैसे ही पहाड़ी से भूस्खलन हो जाता है। परवाणू से कुमारहट्टी तक एनएचएआई की विशेष टीम ने दौरा किया है। कुछ डाटा एनएचएआई से भी मांगा है, जो टीम को जल्द दे दिया जाएगा। इसके बाद आगामी कार्य शुरू होगा। - आनंद दहिया, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई शिमला।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने दिव्यांग महिला के लिए सड़क सुविधा मुहैया करवाने के सिरमौर जिला प्रशासन को आदेश दिए हैं। न्यायाधीश संदीप शर्मा ने उपायुक्त सिरमौर को आदेश दिए कि दिव्यांग याचिकाकर्ता को दो माह के भीतर सुलभ सड़क मुहैया करवाएं। अदालत ने आदेशों की अनुपालना रिपोर्ट भी तलब की है। अदालत ने कहा कि सड़क तक पहुंच प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है। इसके अलावा विकलांगता अधिनियम, 2016 के तहत दिव्यांग व्यक्ति को सुलभ सड़क प्रदान करना राज्य की जिम्मेवारी है। इस अधिनियम में दिव्यांग व्यक्ति को सड़क सुविधा देने के लिए विशेष प्रावधान है। शिलाई क्षेत्र की आरूशी की याचिका का निपटारा करते हुए अदालत ने यह निर्णय सुनाया। अदालत को बताया गया कि याचिकाकर्ता नाबालिग है और शारीरिक रूप से 75 फीसदी दिव्यांग होने के कारण चलने-फिरने में असमर्थ है। वह अपने पिता की पीठ पर स्कूल जाने को मजबूर है। इस कारण वह अपने घर से 80 किलोमीटर दूर नाहन में पढ़ाई कर रही है। याचिकाकर्ता और ग्राम पंचायत ने कई बार प्रशासन से सड़क बनाने की मांग की। दो वर्ष के बाद उपायुक्त सिरमौर ने शिलाई क्षेत्र के जामली से डुंगड कितेश वाया समदी मोहाल धारवा सड़क के निर्माण के लिए एक लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है। 31 मई 2023 को स्वीकृत राशि के बावजूद सड़क निर्माण के लिए कोई कदम नहीं उठाए। अदालत ने तथ्यों का अवलोकन करने के बाद सड़क बनाने के आदेश दिए।
-बारिश और भूस्खलन से हुए नुकसान और राहत व पुनर्वास कार्यों का लिया जायजा - प्रभावितों का दुख-दर्द जाना, हर संभव सहायता प्रदान करने का दिया आश्वासन मंडी संसदीय क्षेत्र की सांसद व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने आज करसोग विधानसभा क्षेत्र की आपदा प्रभावित पंचायतों मनोला नराश और कलाशन का दौरा कर बारिश और भूस्खलन से हुए नुकसान और राहत व पुनर्वास कार्य का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रदेश सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। सांसद ने मनोला नराश व कलाशन में भूस्खलन से ध्वस्त हुए मकानों का जायजा लेने के बाद प्रभावित लोगों से मिलकर उनके दुख-दर्द को जाना। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन लोगों के मकान पूरी तरह से ध्वस्त हो गए हैं और जो बेघर हो गए हैं, उनके पुनर्वास के लिए प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार उन्हें बसाने के लिए उपयुक्त जगह चिन्हित की जाए। प्रतिभा सिंह ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से आपदा से हुए नुकसान की रिपोर्ट भी ली। वहीं, मनोला गांव की सड़क की हालत सुधारने व गांव के लिए बस सेवा शुरू करने की मांग पर अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
-सौरभ वैद और दरशोक ठाकुर को चुना वरिष्ठ उपाध्यक्ष - प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के सभागार में संपन्न हुए चुनाव प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के चुनाव आज प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के सभागार में संपन्न हुए। चुनाव प्रक्रिया में अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एसएस जोगटा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। चुनाव प्रभारी लाल सिंह चावला तथा सह प्रभारी हेम सिंह ठाकुर की देखरेख में संपन्न हुए। चुनाव में सभी 12 जिलों के अध्यक्षों तथा उनके प्रतिनिधि और 90 विभिन्न कर्मचारी संगठनों केअध्यक्ष-महासचिव व अन्य पदाधिकारियों ने भाग लिया। सभागार में लगभग 1100 कर्मचारी उपस्थित रहे। चुनाव में प्रदीप ठाकुर को सर्वसम्मति से प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ का अध्यक्ष चुना गया। चुनाव में सौरभ वैद जिला कांगड़ा तथा दरशोक ठाकुर जिला हमीरपुर को वरिष्ठ उपाध्यक्ष चुना गया। महासचिव भरत शर्मा जिला शिमला तथा कोषाध्यक्ष इंद्रजत शर्मा जिला सिरमौर से चुने गए। शमशेर ठाकुर मुख्य सलाहकार, कुशल शर्मा मुख्य प्रवक्ता, एम आर वर्मा मुख्य संरक्षक, पंकज शर्मा मीडिया प्रभारी, सुनील तोमर उपाध्यक्ष, नसीब सिंह, सोनम, मोहनलाल कश्यप, हंसराज उपाध्यक्ष रजनीश प्रवक्ता, अंकुर सचिव, ईश्वर उपाध्यक्ष, प्रवेश, हितेश शर्मा सचिव, कश्मीर सचिव, विनोद सलाहकार, नवीन रविकांत सोलन उपाध्यक्ष, मराठा सलाहकार, देव नेगी कार्यालय सचिव, नित्यानंद, रामेश्वर, कंवर सिंह ठाकुर, सुनीता मेहता उपाध्यक्ष, संजय कुमार, रजनीश, कमल शर्मा, सुरेश कुमार, जीवन गौतम, सरवन, पूजा सेन, भावना ठाकुर इत्यादि को राज्य कार्यकारिणी में चुना गया। नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने उन्हें अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ का अध्यक्ष चुनने के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि नवनियुक्त कार्यकारिणी कर्मचारियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान हेतु प्रयास करेगी, जिसके लिए आज शाम को ही कार्यकारिणी की बैठक कर रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने प्रदेश भर से पहुंचे सभी कर्मचारियों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि जल्द प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिलकर सभी समस्याओं को उनके समक्ष रखा जाएगा। उनसे जल्द संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक हेतु भी आग्रह किया जाएगा, ताकि संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक में कर्मचारियों के सभी समस्याओं का निपटारा हो सके।
- कहा, बजट भाषण में प्रदेश से किए गए वादे भूली सरकार -मुख्यमंत्री बताएं- हरित प्रदेश से जुड़ी योजनाओं में क्या काम हुआ और कितने लोगों को लाभ मिला नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को देश का पहला हरित राज्य बनाने का दावा कहां गया। शपथ ग्रहण से लेकर बजट तक मुख्यमंत्री ने हिमाचल को देश का पहला हरित राज्य बनाने को लेकर बड़ी-बड़ी बातें कहीं थीं। सरकार बने 9 महीने और विधानसभा में बजट को आए लगभग 7 महीने का समय बीत गया है। इस दौरान सरकार ने हिमाचल को हरित प्रदेश बनाने की दिशा में कौन से कदम उठाए हैं। इस बात का जवाब मुख्यमंत्री को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में डेढ़ हजार इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा एचआरटीसी में शामिल करने और निजी बसों के संचालकों को इलेक्ट्रिक वाहन लेने पर सब्सिडी देने की घोषणा थी, परिवहन मंत्री प्रदेश को बताएं कि कितने निजी बस संचालकों को यह सब्सिडी अब तक दी गई है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इन सारे वादों, सारी योजनाओं की घोषणा मुख्यमंत्री ने बिना किसी प्लान के ही कर दी थी। इसलिए आज तक इन योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं हो पाया है और जिस प्रकार यह सरकार काम कर रही है उससे यह साफ़ है कि इनकी हिमाचल को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की कोई नीयत नहीं है। नालागढ़ में मेडिकल डिवाइसेज में गाड़ी लगाने को हुआ गोलीकांड दुर्भाग्यपूर्ण नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने नालागढ़ के मेडिकल डिवाइसेज पार्क में गाड़ी लगाने को लेकर हुए गोलीकांड को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। प्रेस वक्तव्य जारी करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में माफिया पूरी तरह से हावी है। इस तरह की घटनाएं प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को प्रभावित करेंगी और प्रदेश में निवेश की संभावनाओं को भी समाप्त कर देंगी। प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र में आए दिन इस तरह की वर्चस्व की लड़ाई देखने को मिल रही हैं। माफिया की इस तरह के मनोबल का क्या कारण हैं। उन्हें कौन शह दे रहा है। मुख्यमंत्री को यह पता होना चाहिए। जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री से प्रदेश में पनप रहे इस तरह के संगठित माफिया राज के ख़िलाफ़ अभियान चलाकर कठोर से कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
-प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद ने आनी के बारिश व भूस्खलन क्षेत्रों का किया दौरा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने कहा है कि भारी बारिश व भूस्खलन से प्रभावित लोगों का पुनर्वास सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद करेगी। आज जिला कुल्लू के आनी के मुख्य बाजार व पोखरी पंचायत में भूस्खलन से जमींदोज हुए भवनों का जायजा लेने के बाद प्रभावित लोगों से मिलकर उन्होंने उनके दुख-दर्द को सुना। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन लोगों के भवन पूरी तरह नष्ट हो गए हंै और जो बेघर हो गए है उनके पुनर्वास के लिए प्रदेश सरकार के दिशानिर्देश के अनुसार उन्हें बसाने के लिए उपयुक्त जगह का चयन जल्द किया जाए। प्रतिभा सिंह ने आनी में भूस्खलन से नष्ट हुई संपत्ति पर दुख प्रकट करते हुए प्रभावित लोगों से अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्राकृतिक आपदा से प्रदेश में भारी जानमाल का नुकसान हुआ हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसा नुकसान न हो इसके लिए हमें जागृत होना होगा। उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ हमें पर्यावरण सरंक्षण की भी चिंता करनी होगी। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि उन्हें अपने भवन वास्तुकार की योजना व पहाड़ की स्थिति के अनुरूप आपदारोधी भवनों के निर्माण को प्राथमिकता देनी चाहिए, जिससे ऐसी प्राकृतिक आपदाओं से बचा जा सके। प्रतिभा सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से अभी तक प्रदेश को कोई भी विशेष आर्थिक मदद नही मिली हैं। उन्होंने कहा कि लोकसभा के विशेष सत्र के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने की एक योजना बनाई है, जिसमें प्रदेश में हुई इस आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करवाना व राहत व पुनर्वास कार्यों के लिये विशेष आर्थिक मदद की मांग करना है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री प्रदेश की तंगहाल वित्तीय स्थिति को देखते हुए प्रदेश को इस विकट आपदा से निपटने के लिए विशेष आर्थिक मदद जारी करेंगे। इस दौरान उनके साथ जिला कांग्रेस अध्यक्ष सेसराम आजाद,यादवेंद्र मिश्रा व पार्टी के कई अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
-कॉलेज प्रधानाचार्य डॉ. सीता ठाकुर विशेष रूप से रहीं उपस्थित -नेत्र रोग विभागाध्यक्ष ने समझाई नेत्रदान की बारीकियां आईजीएमसी शिमला में नेत्र रोग विभाग की ओर से 38वां नेत्रदान पखवाड़ा मनाया गया। यह पखवाड़ा 25 अगस्त से लेकर 8 सितंबर तक चला, जिसमें विभिन्न गतिविधियों के द्वारा लोगों में नेत्रदान को लेकर जागरूकता फैलाई गई। इस दौरान विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर एलइडी और पंपलेट के माध्यम से लोगों को नेत्रदान से संबंधित जानकारी दी गई। 31 अगस्त को दूरदर्शन और रेडियो के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम किया गया। सिस्टर निवेदिता गवर्नमेंट नर्सिंग कॉलेज आईजीएमसी में नेत्रदान से संबंधित क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई। क्विज के विजेताओं को शुक्रवार के दिन सम्मानित किया गया। नेत्रदान पखवाड़ा कार्यक्रम के तहत अंतिम दिन आईजीएमसी प्रिंसिपल डॉक्टर सीता ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रही। नेत्र रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. रामलाल शर्मा ने नेत्रदान के महत्व के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि आईजीएमसी शिमला में मौजूदा समय तक 404 नेत्रदान किए गए हैं, जबकि 336 कॉर्निया ट्रांसप्लांट किए जा चुके हैं। वहीं प्रदेश भर के करीब 1234 लोगों ने नेत्रदान की शपथ ली है। इसके बाद डॉक्टर वाईपी रांटा ने आईजीएमसी के आई बैंक की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में नेत्र रोग विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टर, सीनियर रेजिडेंट, जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर, वार्ड सिस्टर सहित अन्य लोग मौजूद रहे। कोई भी व्यक्ति कर सकता है नेत्रदान कोई भी व्यक्ति जीवित रहते हुए नेत्रदान करने की शपथ ले सकता है। नेत्रदान मृत्यु के बाद संभव होता है। मृत्यु के करीब 6 घंटे के भीतर नेत्रदान किया जा सकता है। नेत्रदान करने से जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में उजाला होता है। एक से लेकर 100 वर्ष तक का कोई भी स्वस्थ व्यक्ति नेत्रदान करने में सक्षम होता है। संक्रमण फैलाने वाली बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति का नेत्रदान संभव नहीं हो पाता क्योंकि यह नेत्र अगर दूसरे व्यक्ति के शरीर में ट्रांसप्लांट कर दिए जाएं तो संक्रमण फैलने की आशंका रहती है। अस्पताल के अलावा नेत्रदान घर पर भी किया जा सकता है। आई डोनेशन सेंटर के 50 किलोमीटर के दायरे में अस्पताल से प्रशिक्षित स्टाफ की टीम जाती है और मृत व्यक्ति के शरीर से नेत्र निकालकर व संरक्षित करके उन्हें दूसरे व्यक्ति के शरीर में ट्रांसप्लांट किया जाता है।
वरिष्ठ लेखिका डॉ. नलिनी विभा 'नाजली' को 'आजीवन साहित्य उपलब्धि सम्मान' चार युवा लेखिकाओं-डॉ. प्रेरणा ठाकरे, डॉ. देवकन्या ठाकुर, दीप्ति सारस्वत 'प्रतिमा' और डॉ. देविना अक्षयवर को मिलेगा 'युवा साहित्य सृजन सम्मान' देश और प्रदेश में अपने अनूठे साहित्यिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय सोच के कार्यक्रमों के लिए प्रतिष्ठित हिमालय साहित्य संस्कृति एवं पर्यावरण मंच पांच महिला लेखिकाओं को उनके हिंदी और हिंदी साहित्य के क्षेत्र में दिए रहे उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित करेगा। इन रचनाकारों में हिंदी और उर्दू की प्रख्यात वरिष्ठ लेखिका-गजलकार डॉ. नलिनी विभा 'नाजली' को 'आजीवन उपलब्धि साहित्य सम्मान' और चार युवा लेखिकाओं-डॉ. प्रेरणा ठाकरे (नीमच मध्य प्रदेश), डॉ. देवकन्या ठाकुर, दीप्ति सारस्वत 'प्रतिमा' व डॉ. देविना अक्षयवर को 'हिमालय युवा साहित्य सम्मान' से अलंकृत किया जाएगा। यह जानकारी प्रख्यात लेखक व हिमालय साहित्य मंच के अध्यक्ष एसआर हरनोट ने आज शिमला में एक प्रेस नोट जारी कर मीडिया को दी। सम्मान समारोह शिमला में अक्तूबर मास में आयोजित किया जाएगा, जिसकी तिथियों की घोषणा जल्दी ही की जाएगी। डॉ. नलिनी विभा 'नाजली' वरिष्ठ लेखिका डॉ. नलिनी विभा 'नाजली' का नाम एक शायरा/गजलकार के रूप में देश भर में प्रख्यात है। उनके अब तक 13 गजल संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं जिनमें दो पुस्तकें बच्चों के लिए भी शामिल हैं। हाल ही में उनका गजलों का वृहद् गं्रथ 'दीवान-ए-नाजली' प्रकाशित हुआ है जिसमें उनकी पांच सौ के करीब गजलें संग्रहीत हैं। नाजली को प्रदेश और देश के अनेक पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। डॉ. प्ररेणा ठाकरे डॉ. प्ररेणा ठाकरे की मूल भाषा मराठी है, जबकि वे पिछले लगभग 25 सालों से हिंदी की मंचीय कविता में बेहद सक्रिय हैं और अपने प्रदेश में एक सैलेब्रिटी की तरह लोकप्रिय हैं। हिंदी साहित्य में पीएचडी डॉ. प्रेरणा ठाकरे मध्य प्रदेश के नीमच में एक सरकारी कॉलेज में हिन्दी की आचार्य हैं। मंचीय कविता और बच्चों को कई व्यवहारिक सम सामायिक विषयों को पढ़ाने में उनकी महारथ है। वे हिंदी कविता, गजल और कहानी लेखन में सम्मान रूप से सक्रिय हैं। उनकी अबतक कविता और गजलों की चार और कहानी की एक पुस्तक प्रकाशित हैं। वे कई राज्य सम्मानों से अलंकृत हैं। डॉ. देवकन्या ठाकुर डॉ. देवकन्या ठाकुर हिंदी साहित्य और फिल्म निर्माण में सक्रिय हैं। अब तक अंग्रेजी और हिंदी में पांच पुस्तकें प्रकाशित हैं और हिमाचल के कई दुर्लभ विषयों में कई फिल्मों का निर्माण कर चुकी है जिन्हें कई राज्य और राष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं। पिछले कई सालों से देवकन्या ठाकुर शिमला अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल का सफल संचालन कर रही है। दीप्ति सारस्वत 'प्रतिमा' दीप्ति सारस्वत 'प्रतिमा' लेखन के साथ अध्यापन में रहते हुए हिन्दी की सेवा कर रही है। उनकी अब चार कविता और एक कहानी की पुस्तक प्रकाशित हो चुकी है। साथ ही डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। डॉ. देविना अक्षयवर डॉ. देविना अक्षयवर मूल रूप से मोरिशस की निवासी हैं, लेकिन जेएनयू में पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने के बाद उन्होंने स्थायी निवास शिमला बना लिया है। वे फ्रेंच भाषा की विद्वान भी हैं। इन दिनों शिमला के प्रतिष्ठित कॉलेज सैंट बीड्स में हिंदी की सहायक प्रोफेसर हैं। प्रवासी साहित्य को लेकर उनका अध्ययन हैं और वे कविता, कहानी और आलोचना में समान रूप से अपनी भूमिका निभा रही हैं।
छह विश्वविद्यालयों, कृषि विज्ञान केंद्रों और आईसीएआर संस्थानों के 20 वैज्ञानिकों ने डॉ. यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान और प्रशिक्षण स्टेशन मशोबरा का दौरा किया और सेब में सफल प्राकृतिक खेती परीक्षणों के बारे में जाना। यह दौरा विश्वविद्यालय द्वारा प्राकृतिक खेती पर आयोजित दो सप्ताह के राष्ट्रीय प्रशिक्षण का हिस्सा था। इस कार्यक्रम को आईसीएआर राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना की संस्थागत योजना (एनएएचईपी आईडीपी) द्वारा समर्थित किया जा रहा है। हरियाणा, पंजाब, जम्मू और कश्मीर और हिमाचल के वैज्ञानिक प्रशिक्षण में भाग ले रहे हैं। यह दौरा सेब की खेती के लिए विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित प्राकृतिक खेती मॉडल को प्रदर्शित करने के लिए किया गया। डॉ. उषा शर्मा ने विश्वविद्यालय द्वारा प्राकृतिक खेती के तहत सेब पर किये गये विभिन्न सफल परीक्षणों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। प्राकृतिक खेती सेब प्रदर्शन बगीचे का एक भ्रमण भी आयोजित किया गया। विभिन्न सब्जियों जैसे गोभी, बीन और जंगली गेंदा आदि के बारे में समझाया गया, जो इस पर्यावरणीय कृषि पद्धति के तहत बहुस्तरीय फसल प्रणाली के तहत लगाए गए थे। परीक्षण के नतीजे प्रशिक्षुओं के साथ भी साझा किये गये। केंद्र के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. दिनेश ठाकुर ने भी प्रशिक्षुओं से बातचीत की और उन्हें स्टेशन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी। इस अवसर पर प्रशिक्षुओं के साथ विश्वविद्यालय की प्राकृतिक कृषि टीम के सदस्य डॉ. कुलदीप ठाकुर भी उपस्थित रहे। गांव धगोगी में किसानों के खेतों का दौरा भी किया गया, जहां मोहन वर्मा, खिमी देवी और कपिल वर्मा ने सेब के साथ-साथ अपनी आय बढ़ाने के लिए उनके द्वारा उगाई जाने वाली शिमला मिर्च, बीन, भिंडी और खीरा जैसी अतिरिक्त फसलों के लिए अपने प्राकृतिक खेती मॉडल दिखाए। किसानों ने प्रतिभागियों के साथ अपने अनुभव साझा किए और उन्हें बताया कि कैसे प्राकृतिक खेती को अपनाने से उन्हें अपनी आय में सुधार करने में मदद मिली है।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि एचआरटीसी द्वारा छोटे-छोटे सामान का किराया वसूलना बहुत अनुचित है। क्या शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री इसी व्यवस्था परिवर्तन की बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लोगों को इस तरह का व्यवस्था परिवर्तन नहीं चाहिए। जहां पर सरकार के ऐसे जनविरोधी फ़ैसले की वजह से लोगों को परेशान होना पड़े। जयराम ठाकुर ने कहा कि किसी को शादी का एल्बम ले जाने के बदले आधा टिकट का पैसा लिया जा रहा है तो किसी को को दवाओं के पैकेट के कारण अतिरिक्त पैसे चुकाने पड़ रहे हैं। सरकार का काम लोगों को सुविधाएं देने का कम करना चाहिए, सुविधाएं लेने का नहीं। उन्होंने कहा कि आम लोगों पर बोझ डालने वाले इस फ़ैसले को सरकार वापस ले।
-कहा, सनातन धर्म पर जानबूझकर किया जा रहा हमला -हिमाचल कांग्रेस के नेता अपने घमंडिया विपक्ष के नेताओं पर रुख स्पष्ट करें नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों द्वारा जानबूझकर सनातन धर्म पर हमला किया जा रहा हैं। आए दिन घमंडिया गठबंधन का कोई न कोई नेता सनातन धर्म पर अपनी घटिया मानसिकता का प्रदर्शन करता है। उनके इस कृत्य पर देश के तमाम कथित बुद्धिजीवी और नेता या ख़ामोश रहकर उनका समर्थन कर रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सनातन को मिटाने का सपना देखने वालों को यह समझना चाहिए कि हज़ारों वर्षों से आताताइयों ने सनातन धर्म को मिटाने की कोशिश की लेकिन वह स्वयं मिट गए। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि विपक्ष का यह कुत्सित प्रयास बंद होना चाहिए। किसी संप्रदाय की भावनाओं को इस तरह आहत करने का क्या औचित्य है। जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस और उसके गठबंधन के नेता एक के बाद एक सनातन धर्म के खिलाफ़ शर्मनाक बयान दे रहे हैं और कांग्रेस कर्ता-धर्ता खामोश हैं, यह नहीं चलेगा। उन्हें देश भर के लोगों को जवाब देना पड़ेगा।उन्हें बताना पड़ेगा कि वह सनातन धर्म के खिलाफ़ आने वाले बयानों के साथ है या खिलाफ़। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सनातन के ख़िलाफ उल्टी सीधी बातें करने वालों के खिलाफ़ हिमाचल के कांग्रेस के नेताओं को भी अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। हिमाचल कांग्रेस के नेता बताए कि वे सनातन के ख़िलाफ़ अपने सहयोगियों की टिप्पणी पर क्या राय रखते हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने भी चुनाव जीतने पर सबसे पहले ऐसी ही बातें की थी। उन्होंने छत्तीसगढ़ और कर्नाटक में जाकर बड़े गर्व से कहा था कि वह हिमाचल में 97 प्रतिशत हिंदुत्व की विचारधारा को हराकर सत्ता में आए हैं। इस तरह के बयान का असर हिमाचल ने भी देखा है।
-उप मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद डीजीपी ने किया स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम का गठन 11 सितंबर 2022 को जिला मुख्यालय के गांव अबादा बराना में कार हादसे की जांच को लेकर एसआईटी का गठन कर दिया गया है। इस हादसे में पांच युवकों की मौत हो गई थी। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के हस्तक्षेप के बाद हिमाचल प्रदेश पुलिस के डीजीपी संजय कुंडू ने स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम का गठन करते हुए डीआईजी नॉर्थ जोन अभिषेक दुल्लर को टीम का अध्यक्ष नियुक्त किया है। इसके अलावा पुलिस अधीक्षक ऊना अर्जित सिंह ठाकुर, आईआरबी बनगढ़ के कमांडेंट खुशहाल शर्मा को टीम में शामिल किया गया है। जो कि इस पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच कर पुलिस हेडक्वाटर को रिपोर्ट सुपुर्द करेंगे। गौरतलब है कि 11 सितंबर 2022 में आधी रात को आबादा बराना के समीप एक कार सडक़ हादसे का शिकार हो गई। हादसे में कार सवार पांच युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। युवकों की मौत के बाद जहां मृतक के परिजनों ने हादसे पर सवाल उठाए थे, वहीं अस वक्त नेता प्रतिपक्ष रहे मुकेश अग्निहोत्री ने भी मामले को लेकर निष्पक्ष जांच करवाने की मांग उठाई थी। आचार संहिता, विधानसभा चुनाव के बाद नई सरकार बनने के बाद मामला ठंडा पड़ गया, लेकिन सलोह के राजन जसवाल के पिता कुलदीप सिंह जसवाल न्याय के लिए इधर-उधर भटक रहे थे। इसी बीच घालूवाल में आयोजित युवा मिलन कार्यक्रम में उन्होंने प्रदेश के उप मुख्यमंत्री से मुलाकात की, जिसके बाद उप मुख्यमंत्री ने जल्द ही पिता को एसआईटी गठन करवाने का आश्वासन दिया। मात्र 6 दिनों के भीतर ही उप मुख्यमंत्री के आदेश के बाद एसआईटी का गठन हो गया। मामले में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्रिहोत्री ने कहा कि सड़क हादसे में पांच युवकों की एक साथ मौत हो जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हादसा कैसे हुआ, इसको लेकर अब एसआईटी निष्पक्ष रूप से जांच करेगी और मृतक के परिजनों को न्याय मिलेगा।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की आरकेएमवी इकाई ने आज महाविद्यालय की विभिन्न समस्याओं व प्रदेश स्तरीय मांगों को लेकर महाविद्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में विद्यार्थी परिषद के लगभग 38 कार्यकर्ता मौजूद थे। धरना-प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने छात्र संघ चुनाव बहाली, सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी के दायरे को घटाने के विरोध में, प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में शिक्षक एवं गैर शिक्षक भर्ती शीघ्र करवाने, प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में लैब की उचित व्यवस्था करने, प्रदेश के सभी महाविद्यालयों की आधारभूत संरचना सुदृद्ध करने, सभी महाविद्यालय के परीक्षा परिणाम समय पर घोषित करने, प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में हॉस्टल की सुविधा देने व राष्ट्रीय शिक्षा नीति को प्रदेशभर में लागू करने की मांग की। इकाई सचिव दीक्षिता ठाकुर ने कहा है कि उपरोक्त मांगों का यदि प्रशासन जल्द से जल्द समाधान नहीं करता है तो विद्यार्थी परिषद उग्र आंदोलन करेगी।
-दो दिन रहेंगे दिल्ली, जी20 कार्यक्रम में लेंगे भाग -मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने दी जानकारी आगामी 9 और 10 सितंबर को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू दिल्ली जाएंगे। इस बाबत जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री सुक्खू 9 और 10 सितंबर को दिल्ली में होंगे। इस दौरान वह देश की राजधानी में आयोजित होने वाले जी20 कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली में जी20 सम्मेलन का आयोजन करना देश के लिए गर्व की बात है।
बिलासपुर जिले के लुहणु मैदान में चल रही अग्निवीर सेना भर्ती रैली में हजारों की संख्या में युवा भारतीय सेना में शामिल होने के लिए भाग ले रहे हैं। जिला ऊना के गांव नलवाड़ी तहसील बंगाना के जुड़वा भाई सौरव कुमार और गौरव कुमार जो हमीरपुर में हुई रैली में सफल नहीं हो पाए थे, लुहणु मैदान में आयोजित रैली में उन्होंने अपनी सफलता का परचम लहराया। आश्चर्यजनक बात यह है कि दोनों जुड़वा भाई एक साथ सभी पायदानों को पार करते हुए सेना के लिए चुने गए हैं। विगत रैली की असफलता से सबक लेकर दोनों भाइयों ने कठोर परिश्रम के साथ सभी बाधाओं को पार करने की मन में ठानी। माता-पिता के आशीर्वाद तथा विभिन्न लोगों से प्रेरणा प्राप्त कर इस रैली में सफल हुए इन दोनों भाइयों का कहना है कि सेना भर्ती रैली में परिश्रम के माध्यम से ही स्थान पाया जा सकता है। सौरव और गौरव का कहना है कि रैली से पूर्व सी टेस्ट की सुविधा होने से छंटनी हो कर अभ्यर्थी शारीरिक क्षमता के विभिन्न आयोजनों में भाग लेता है। इससे दौड़ने में अधिक भीड़ न होने से अभ्यर्थी द्वाराअपनी क्षमता को बेहतर रूप में प्रदर्शित किया जा सकता है। उन्होंने इस प्रक्रिया को प्रारंभ करने के लिए सेना का आभार व्यक्त किया। दोनों भाईयों ने शैक्षणिक क्षेत्र में भी उत्कृष्ट मुकाम प्राप्त किया है बावजूद इसके अन्य विकल्पों के होते हुए भी उन्होंने सेना में भर्ती होकर देश सेवा को सबसे बेहतर विकल्प के रूप में चुना। इनके पिता बलवंत सिंह का कहना है कि उन्होंने इन दोनों बेटों को सेना के लिए समर्पित किया है यद्यपि एक और बेटा है जो मानसिक दिव्यांग है। उन्होंने अग्नि वीर सैन्य भर्ती के प्रति अपनी पूरी आस्था जताते हुए बच्चों द्वारा किए गए प्रदर्शन पर प्रसन्नता जाहिर की। ऐसे ही जिला हमीरपुर के काकडियार के जुड़वा भाई अखिल राठौर और निखिल राठोर भी इस रैली में अपने बचपन के सपने को साकार करने में सक्षम हुए हैं। बड़े भाई व बहुत से परिवार जन भारतीय सेना में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं यही जज्बा अखिल और निखिल के मन में भी भरा हुआ था यह दोनों भाई बताते हैं कि अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए उन्हें जहां परिवारजनों से प्रेरणा मिली वही गांव के कुछ लोग भी मार्गदर्शक बने। यह फौज में अपने सुनहरे भविष्य को संवारने के लिए आतुर है। अखिल और निखिल कहते हैं कि आज बहुत से युवा भारतीय सेवा का अंग प्रत्यंग बन देश की सेवा के लिए तत्पर है युवाओं में इसके लिए होड़ लगी है। जिला ऊना के हरोली क्षेत्र से संबंध रखने वाले मनीष कुमार ने जमा दो की परीक्षा 92 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की परिवार तथा स्वयं के समक्ष जीवन यापन के लिए अनेक विकल्पों में से इन्होंने सेना में जाकर देश के प्रति अपने कर्तव्य के निर्वहन को ही सबसे उचित समझा। मनीष कुमार का कहना है कि अग्नि वीर सैनिक में यदि योग्यता और समर्थ है तो वह सेना में लंबे समय के लिए अपनी सेवाएं प्रदान कर सकता है। गौरतलब है कि लुहणु मैदान में आयोजित अग्नि वीर भर्ती रैली में बहुत से ऐसे युवाओं ने भाग लिया जो न केवल शैक्षणिक योग्यता में उत्कृष्ट मुकाम हासिल किए हुए थे, अपितु अन्य वोकेशनल ट्रेनिंग या किसी और विषय में भी महारत रखते थे, किंतु इन्होंने उन सब को दरकिनार कर भारतीय सेना का सिपाही बन देश के प्रति अपने कर्तव्य को पूरा करने का लक्ष्य ही चुना।
सेना भर्ती कार्यालय शिमला के कर्नल पुष्विंदर कौर ने आज यहां बताया कि 18 से 24 नवंबर तक मिलट्री स्टेशन ओवेरीपट्टी, रामपुर बुश्हर जिला शिमला में अग्निवीर भर्ती रैली आयोजित की जाएगी जिसमें शिमला, सोलन, सिरमौर व किन्नौर जिला के युवक भाग ले सकेंगे। उन्होंने बताया कि भर्ती के दौरान उम्मीदवारों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए पुलिस विभाग, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, शिक्षा, खेल, राजस्व, परिवहन व दमकल विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित 250 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले में निजी शिक्षण संस्थान फर्जी दावे करते रहे और शिक्षा विभाग के अधिकारी इन दावों को सत्यापित करते रहे। सीबीआई की जांच में इसका खुलासा हुआ है। ईडी की ओर से गिरफ्तार चार आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ है। मामले में हर स्तर पर अनियमितताएं बरती गई हैं। आरोप हैं कि निजी शिक्षण संस्थान और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से छात्रवृत्ति का बजट जारी हुआ है। इन आरोपियों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम-2002 के प्रावधानों के कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। आरोपियों की संपत्ति, बैंक खाते से लेनदेन, कैसे छात्रवृत्ति को इधर से उधर किया गया, इसे लेकर प्रवर्तन निदेशालय बारीकी से जांच कर रहा है। उल्लेखनीय है कि ईडी ने छात्रवृत्ति घोटाले में एएसएएमएस एजुकेशन ग्रुप के पार्टनर राजदीप जोसन और कृष्ण कुमार, केसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट पंडोगा के उपाध्यक्ष हितेश गांधी और प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय की छात्रवृत्ति शाखा के तत्कालीन अधिकारी को गिरफ्तार किया है। आरोप हैं कि निजी शिक्षण संस्थान ने फर्जी दस्तावेज पेश करके अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित विद्यार्थियों के लिए पोस्ट-मैट्रिक योजना में छात्रवृत्ति घोटाला किया। यह है मामला छात्रवृत्ति घोटाले में ईडी ने सीबीआई शिमला की ओर से दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की है। आरोप लगाया गया था कि राज्य शिक्षा विभाग, निजी संस्थान और बैंक अधिकारी 250 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति निधि के वितरण में बड़े पैमाने पर गलत विनियोजन में शामिल थे। इस मामले में सीबीआई और ईडी कई अधिकारियों और निजी शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों को गिरफ्तार कर चुकी है।


















































