सोलन ज़िला के अटल शिक्षा कुंज स्थित प्रसिद्ध आईईसी यूनिवर्सिटी में बच्चों को नशे के दुष्प्रभाव बताने और यातायात नियमों के बारे में जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पुलिस सेवाओं में लंबा अनुभव रखने वाले एसएचओ बरोटीवाला श्याम लाल ने कार्यक्रम में शिरकत कर बच्चों को नशे से दूर रहने के लिए जरूरी संदेश दिया। यातायात नियमों की पालना के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी, ताकि सड़क पर सफर सुरक्षित हो सके। एसएचओ श्याम लाल ने विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के सेवन से शरीर और मन पर पड़ने वाले बुरे असर के बारे में विस्तार में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिंदगी की मुश्किलों से तंग आकर जिस नशे को हम सहारा मान लेते हैं, वही हमारे अस्तित्व को मिटा देता है। उन्होंने दुश्मन देश की ओर से हमारी युवा पीढ़ी का बर्बाद करने के लिए नशाखोरी को एक अंतरराष्ट्रीय साजिश बताया। उन्होंने कहा कि यातायात के नियम वाहन चालकों और सवारियों की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। ऐसे में यातायात नियमों के पालन को बोझ नहीं, बल्कि जिम्मेदारी समझें। इससे पहले कार्यक्रम में बच्चों ने लघु नाटक, गीत-संगीत और नृत्यों के माध्यम से नशे से दूर रहने की सीख दी। वहीं, पिछले कल विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ फार्मेसी की ओर से बच्चों को तनाव से मुक्त रखने के लिए हेप्पीनेस जोन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके तहत नंबर गेम, स्टे ऑन स्टेज, गेस्स द ओब्जेक्ट सहित खुशी को बढ़ाने वाली अन्य खेलों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में फार्मेसी सहित अन्य विभागों के 200 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। इसके अलावा अवसर कार्यक्रम के तहत विश्वविद्यालय आ रहे करीब 150 विद्यार्थियों ने विभिन्न खेलों में भाग लिया।
उपमंडल जयसिंहपुर के अंतर्गत पड़ती ग्राम पंचायत मंझेड़ा के गांव लुगट निवासी अक्षय कुमार ने यूको बैंक की परिक्षा पास कर ली है। उसकी माता का नाम मीरा देवी एवं पिता का सरवण कुमार है। अक्षय कुमार यूको बैंक में मैनेजर के पद पर नियुक्त हुआ है। ग्रामीण परिवेश में पले अक्षय ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा सरकारी प्राइमरी स्कूल लुगट एवं हिम साईं ज्योति पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल तिनबड़ से पूरी की। उसके बाद पंजाब में रायात भारा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस से कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री हासिल की। 23 वर्षीय अक्षय ने बताया कि वह यूको बैंक में सिलेक्शन के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक की क्लर्क एवं पीओ की परीक्षा भी उत्तीर्ण कर चुके हैं, लेकिन उन्होंने यूको बैंक को चुना है।
उपायुक्त के साथ 20 अप्रैल को होने वाली जिला पेंशनर्स एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन सोलन की संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक किन्हीं अपरिहार्य कारणों के चलते स्थगित कर दी गई है। यह जानकारी संगठन के जिलााध्यक्ष केडी शर्मा, महासचिव जगदीश पंवर व जिला मीडिया प्रभारी डीडी कश्यप ने प्रेस को जारी संयुक्त बयान में दी है। मीडिया प्रभारी डीडी कश्यप ने कहा कि जैसे ही जिला प्रशासन की तरफ से बैठक को फिर से आयोजित करने की तिथि जारी की जाती है तो उसके बारे में संगठन पदाधिकारियों व सदस्यों को अवगत करवा दिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से पड़ रही गर्मी से लोगों को आज निजात मिल गई है। शिमला सहित प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बारिश होने से लोग गर्मी से राहत महसूस कर रहे हैं। हालांकि मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की तरफ से बारिश और ओलावृष्टि की संभावना पहले ही जता दी गई थी। ताजा बारिश से राजधानी शिमला का मौसम काफी सुहावना हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि 21 अप्रैल तक प्रदेश में मौसम खराब रहने का अनुमान है। इस दौरान कुछ जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि को लेकर अलर्ट भी जारी किया गया है, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी सकती है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से तापमान में वृद्धि दर्ज की गई थी। ऊना में बीते कल 41 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था।
उपायुक्त आरके गौतम ने बताया कि सिरमौर जिला में 20 अप्रैल से 4 जून तक पशुओं में बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में पशुओं को मुंह और खुर की बीमारियों के टीके लगाए जाएंगे। उन्होंने जिला के सभी पशुपालकों से आग्रह किया कि सभी पशुपालक, संबंधित क्षेत्र में कार्यरत पशुपालन संस्थान में जाकर अपने पशुओं का निशुल्क टीकाकरण करवाएं। उन्होंने बताया कि पशुओं के टीकाकरण के लिए सिरमौर जिला में वर्तमान में 1.15 लाख खुराक (डोज) उपलब्ध हैं। उपायुक्त बुधवार को नाहन में पशुपालन विभाग द्वारा आयोजित पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। आरके गौतम ने शहर में निराश्रित पशुओं की समस्या से निपटने के लिए पशुपालन विभाग नगर परिषद तथा पुलिस विभाग को सांझा रूप से जरूरी कदम उठाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि टैग लगे हुए पशु यदि निराश्रित घुमते हुए शहर में पाये जाते हैं तो उनका चालान किया जाये। इसी प्रकार बिना टैग वाले निराश्रित पशुओं को अगले कुछ दिनों के भीतर काऊ सेंचुरी कोटला बड़ोग में शिफ्ट किया जाए। उन्होंने बताया कि जिला में वर्तमान में टैग लगे हुए पशुओं की संख्या करीब 2.50 लाख है। टैग के यूनिक नंबर को पोर्टल पर डालते ही पशु और उसके मालिक का संपूर्ण डाटा एक क्लिक पर देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि टैग लगे हुए पशु यदि निराश्रित घुमते हुए पाये जाते हैं इसकी सूचना पशुपालन विभाग अथवा सम्बन्धित एसडीएम एवं पंचायत को दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि पशु पालकों की आर्थिक दशा को सुदृढ़ करने तथा दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय कृत्रिम बीजारोपण कार्यक्रम के माध्यम से गौ-वंश में कृत्रिम बीजारोपण का टीकारण अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस कृत्रिम बीजारोपण टीकाकरण से गौ-वंश में बछिया पैदा होती है और इस टीकाकरण की सफलता दर 80 से 90 प्रतिशत है। यह टीका अनुदान दरों पर केवल 125 रुपये में विभाग के पास उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि पशु पालकों को इस योजना का लाभ उठाना चाहिए और समय पर अपने गौवंश में कृत्रिम बीजारोपण का टीकाकरण करवाना चाहिए। उपायुक्त ने जिला की 259 पंचायतों में पशुओं की टैगिंग और राष्ट्रीय कृत्रिम बीजारोपण कार्यक्रम (एनएआईपी) की जानकारी के लिए सूचना बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर एसडीएम नाहन रजनेश कुमार, परियोजना अधिकारी जिला ग्रामीण विकास अभिकरण अभिषेक मित्तल, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद संजय तोमर, पुलिस उप अधीक्षक मीनाक्षी शाह, अधिशासी अभियंता जलशक्ति आशीष राणा के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण किन्नौर के सचिव ने आज यहां जानकारी दी कि जिला किन्नौर में राष्ट्रीय लोक अदालत 13 मई को आयोजित की जानी निश्चित की गई है। राष्ट्रीय लोक अदालत के समक्ष निम्न प्रकार के मामले प्रस्तुत किए जा सकते हैं, जिनमें धारा 138 के तहत एनआई अधिनियम से संबंधित मामले, मनी-रिकवरी, श्रम विवाद, बिजली व पानी, भरण-पोषण व अन्य (आपराधिक, कम्पाउन्डेंबल व दीवानी विवाद) से संबंधित मामले शामिल हैं। उन्होंने जानकारी दी कि इसके अतिरिक्त न्यायलयों में लंबित मामले जिनमें क्रिमिनल कम्पाउन्डेंबल ऑफेन्स, धारा 138 के तहत एन.आई अधिनियम से संबंधित मामले, मनी-रिकवरी, वाहन दुर्घटना, श्रम विवाद, विद्युत व पानी के बिल, वैवाहिक विवाद (तलाक को छोड़कर), भू-अधिग्रहण, सेवाओं से संबंधित तनख्वा व भत्ते, सेवानिवृति से संबंधित मामले, राजस्व मामले (केवल जिला व उच्च न्यायलय में लंबित) व अन्य दीवानी मामले (किराया, सुखभोग अधिकार (गुजारा भत्ता), हिदायत संबंधी, विशिष्ट प्रदर्शन सूट) शामिल हैं। सचिव ने बताया कि अपने-अपने न्यायिक क्षेत्र के तहत जो कोई व्यक्ति भी उक्त मामलों का राष्ट्रीय लोक अदालत में समाधान करना चाहते हैं तो वह न्यायिक न्यायालय परिसर रामपुर बुशहर, न्यायिक न्यायालय परिसर रिकांग पिओ जिला किन्नौर, न्यायिक न्यायालय परिसर आनी जिला कुल्लू, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण रिकांग पिओ जिला किन्नौर के कार्यालय में अपने मामले की सुनवाई के लिए संपर्क कर सकते हैं।
केंद्रीय विद्यालय नलेटी के भारत स्काउट एंड गाइड इकाई की ओर से सामाजिक जागरुकता कार्यक्रम के तहत नंगल बीहन के श्रीमचकुंड महादेव मंदिर में स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन किया। बच्चों ने मंदिर परिसर में साफ-सफाई कर श्रमदान किया। श्रीमंचकुंड मंदिर समिति द्वारा स्काउट्स व गाइड्स के लिए भोजन की व्यवस्था की गई। इस कैंप के निर्देशन व अनुरक्षण के लिए स्काउट मास्टर अनूप सिंह, अशोक कुमार तथा विपन कुमार बच्चों के साथ रहे। विद्यालय प्रशासन की ओर से स्काउट्स की सुरक्षा को देखते हुए लाने व ले जाने के लिए बस की व्यवस्था की गई थी। उधर, विद्यालय प्राचार्य स्वाति अग्रवाल ने कहा कि विद्यालय के स्काउट्स एंड गाइड्स द्वारा शुरू की यह पहल समाज में एक नई सोच विकसित करने में सफल होगी। बच्चों ने अपना श्रमदान देकर मंदिर परिसर को स्वच्छ बनाया। भविष्य में भी इस तरह की विभिन्न गतिविधियां में आयोजित की जाएंगी।
पुलिस चौकी डाडासीबा के तहत गांव सवाणा में पुलिस ने एक राहगीर से 8 बोतल देसी शराब बरामद की है। आरोपी की पहचान पवन कुमार निवासी सवाणा के रूप में हुई है। मामले की पुष्टि डीएसपी देहरा विशाल वर्मा ने की है।
पुलिस थाना ज्वालामुखी के अंतर्गत बीती रात राजेश कुमार पुत्र बिशंभर दास निवासी रजोल, डाकघर गुम्मर, तहसील देहरा की दुकान से तलाशी के दौरान मौके पर कुल 5 बोतल देसी शराब मार्का संतरा बरामद की गई है। पुलिस ने आरोपी राजेश कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की पुष्टि डीएसपी ज्वालामुखी विकास धीमान ने की है।
उपमंडल इंदौरा में बुधवार सुबह हुई बेमौसम तेज बारिश ने किसानों की 6 महीने की कड़ी मेहनत से उगाई गेहूं की फसल पर पानी फेर दिया है | इंदौरा क्षेत्र में बुधवार सुबह करीब 3:30 बजे तेज बारिश और आंधी चल रही थी, जिस कारण इलाके में बिजली भी गुल हो गई। सुबह 8:00 बजे के करीब बारिश बंद हुई। किसानों का कहना है कि उनकी साल भर की मेहनत पर पानी फिर गया है। किसानों की गेहूं की फसल तेज बारिश के कारण खराब होने की कगार पर है। पहले भी बेमौसम बारिश के कारण फसल को नुकसान हुआ था। किसानों ने कहा कि जब बारिश की जरूरत थी तब बारिश नहीं हुई, अब हो रही बेमौसम बारिश के कारण बची हुई फसल भी खराब हो चुकी है। किसानों ने सरकार से गुहार लगाई है कि खराब फसल के लिए किसानों को उचित मुआवजे का प्रावधान किया जाए।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के करीबी व गत विधानसभा चुनाव में प्रचार-प्रसार कमेटी के अध्यक्ष रहे बृजराज ठाकुर उर्फ छोटा भाई को श्री रेणुका जी कांग्रेस कमेटी द्वारा 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित करने का प्रस्ताव पारित किया गया है। मंगलवार को विश्राम गृह परिसर संगड़ाह में हुई बैठक में श्री रेणुका जी कांग्रेस मंडल अध्यक्ष तपेंद्र चौहान की अध्यक्षता में पारित किए गए प्रस्ताव से संबंधित प्रेस नोट सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रस्ताव में प्रधान परिषद संगड़ाह के अध्यक्ष रह चुके बृजराज के अलावा कांग्रेस विधायक नाहन अजय सोलंकी के रिश्तेदार अरूण ठाकुर तथा दो और लोगों को पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निष्कासित करने का आग्रह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह से किया गया है। हालांकि इस बैठक में मीडिया को नहीं बुलाया गया था। पार्टी की तरफ से युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष अजय भारद्वाज ने प्रेस को जारी बयान में बताया कि यह फैसला श्री रेणुका जी कांग्रेस कमेटी का है।
किन्नौर, लाहुल-स्पीति, कुल्लू और आस-पास के ट्राइबल क्षेत्र के लोग हिमाचली टोपी पर सफ़ेद फूल लगाते है। क्या आप जानते है यह कौन सा फूल है? दरअसल ये फूल जैसा दिखने वाला एक बीज है। हालांकि इस का पौधा उन क्षेत्रों में नहीं मिलता है जहाँ ये फूल स्थानीय लोगों की पोशाक का एक अनिवार्य हिस्सा हैं। इस पेड़ का नाम है ओरोक्सिलम सिग्नम जिसे अरलू या टाट पटनगा भी कहा जाता है। यह बीज बड़ी तलवार के आकार की फली में मौजूद होते हैं। इसका प्रयोग ट्राइबल क्षेत्र के हिंदू और बौद्ध धर्म से जुड़े लोग भी करते है। सफेद फूल के बिना किन्नौरी टोपी की शान अधूरी मानी जाती है। इसे किन्नौर में ख्वार और सिरमौर में टाट पटनगा के नाम से जाना जाता है। देश-विदेश में पहचान पाने वाली किन्नौरी टोपी पर सफेद फूल किन्नौर में न होकर जिला सिरमौर के मैदानी क्षेत्रों में पाए जाते हैं। इस फूल को किन्नौर में ख्वार और चाम्खा, सोलन में टाट मरंगा जबकि सिरमौर में टाट पटनगा के नाम से जाना जाता है। अरलू एक छोटा से मध्यम आकार का पर्णपाती पेड़ है जो 12 मीटर की ऊंचाई तक बढ़ता है। हैरानी की बात है कि यह समशीतोष्ण क्षेत्र का पौधा नहीं है। यह लगभग सभी उपोष्णकटिबंधीय भारत में 1,200 मीटर की ऊंचाई तक बढ़ता है। इसमें बड़े यौगिक पत्ते होते हैं, जो कभी-कभी एक मीटर लंबा भी हो सकता है। पेड़ बड़े बैंगनी फूल धारण करता है। फली बड़ी, 60-90 सेमी लंबी और तलवार के आकार की होती है। ये फली के अंदर पंखों की तरह होते है। इसे निकालने के लिए चाकू से खोल दिया जाता है। इसके बाद इसे पिरोने के लिए पेटल्स को बीच में रखकर गेहूं के तनों से घुमाकर गुथ की तरह बनाया जाता है, जिसे स्थानीय भाषा में "तेकेमा" कहा जाता है। इसके बाद इसमें पसंद अनुसार बखरी कान को सम्मिलित किया जाता है जिसे वैज्ञानिक रूप से "चोरिज़िया स्पीसीओसा" के नाम से जाना जाता है। बखरी कान कपास की गेंदों का प्रतिबिंब देती हैं। इन्हें गेंद के रूप में टैग करके बनाया जाता है और विभिन्न रंगों में रंगा जाता है। इस सफेद फूल और बकरी कान से बने फूल के बिना हिमाचली टोपी की शान अधूरी मानी जाती है।
धर्मशाला बस अड्डे पर 20 अप्रैल को होने वाले इलेक्ट्रिक बसों के शुभारंभ कार्यक्रम के चलते बस अड्डा सामान्य संचालन के लिए बंद रहेगा। इस दौरान बस अड्डे की गतिविधियां ट्रक यूनियन स्थल से संचालित होंगी। यह जानकारी एचआरटीसी धर्मशाला के क्षेत्रीय प्रबंधन राजन जम्वाल ने दी। उन्होंने बताया कि 19 अप्रैल को दोपहर 12 बजे से 20 अप्रैल दोपहर तक 12 बजे तक बस अड्डे की गतिविधियां ट्रक यूनियन स्थल से संचालित होंगी। बता दें, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 20 अप्रैल को धर्मशाला बस अड्डे से इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखा कर रवाना करेंगे।
शिमला नगर निगम चुनावों में हॉट सीट माने जाने वाली संजौली चोक से भाजपा ने फिर से पूर्व महापौर सत्या कौंडल को चुनावी मैदान में उतारा है। मंगलवार को ढोल नगाड़ों ओर दल बल के साथ सत्या कौंडल नामांकन भरने उपायुक्त कार्यालय पहुंची। इस दौरान पूर्व मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर चेतन बरागटा सहित कई नेता उनके साथ मौजूद रहे। नामांकन भरने के बाद सत्या कौंडल ने फिर से जीत की हुंकार भरी। उन्होंने कहा कि पूर्व नगर निगम में शिमला शहर में विकास कार्य हुए हैं और स्मार्ट सिटी के तहत शिमला शहर का नक्शा बदला है। शहर में पार्किंग ओवरब्रिज लिफ्ट सहित कई कार्य किए गए हैं और संजौली रोड में भी विकास कार्य किए गए हैं। ऐसे में उन्हें पूरा विश्वास है कि संजौली की जनता फिर से उन्हें गीता कर भेजेगी और फिर से शहर में भाजपा का नगर निगम पर कब्जा होगा इसी दौरान पूर्व मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि शिमला में नगर निगम चुनाव होने जा रहे हैं और भाजपा को पूरा विश्वास है कि शिमला की जनता फिर से भाजपा का साथ देगी और शिमला नगर निगम में भाजपा का कब्जा होगा। वहीं उन्होंने कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि 4 महीने में ही सुख की सरकार से लोगों का मोहभंग हो गया है और इन चुनावों में शिमला के लोग भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में मतदान कर दोबारा से इतिहास रचेंगे।
पुलिस ने दाड़ी ग्राउंड के पास प्रशोतम चंद गांव बड़ोल तहसील धर्मशाला की दुकान से 5,250 मिलीलीटर देसी शराब बरामद की है। पुलिस ने धर्मशाला थाने में हिमाचल प्रदेश आवकारी अधिनियम के तहत मामला पंजीकृत कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को ‘डिजिटल नवाचारों में प्रगतिशील राज्य’ का द्वितीय सराहना पुरस्कार प्राप्त करने पर शुभकामनाएं दी हैं। कम्प्यूटर सोसायटी ऑफ इंडिया विशेष रूचि समूह द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी तथा ई-गर्वेनेंस को बढ़ावा देने के लिए हिमाचल प्रदेश को हाल ही में यह पुरस्कार प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री ने सराहनीय कार्य करने के लिए आईटी विभाग की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी के ‘डिजिटल इंडिया’ के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता व दक्षता लाने के लिए सरकार ने कई ऑनलाइन कार्यक्रम शुरू किए हैं। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सचिवालय, निदेशालयों और उपायुक्त कार्यालयों में ई-ऑफिस का उपयोग शीघ्र ही सुनिश्चित किया जाएगा ताकि सरकारी कार्यों में और दक्षता लाई जा सके। उन्होंने कहा कि जन शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए ‘मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन’ को और सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के डाटा बेस को एकीकृत करने के लिए एक ‘एकीकृत डाटा बेस प्रबंधन प्रणाली’ तैयार की जाएगी, जिसके माध्यम से कृषि, पशुपालन, श्रम और रोजगार इत्यादि विभिन्न विभागों की कल्याणकारी योजनाओं के प्रत्यक्ष लाभ हस्तातंरण के दृष्टिगत डीबीटी मैपिंग की जाएगी। एक ही स्थान पर परिवारों का उचित डाटा रखने के लिए ‘हिम परिवार’ नाम से एक रजिस्ट्री बनाई जाएगी। इसमें सार्वजनिक वितरण प्रणाली, ई-कल्याण और अन्य पोर्टल के डाटा के माध्यम से परिवार के सदस्यों से संबंधित जानकारी को एकीकृत किया जाएगा। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने बताया कि विभाग द्वारा सरकारी सेवाओं में सुधार, ई-गवर्नेंस और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण के लिए अनेक पहल की जा रही है। यह पुरस्कार सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा सुशासन और ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में विभिन्न जी-टू-सी (सरकार से नागरिक) और जी-टू-बी (सरकार से व्यवसाय) सेवाएं प्रदान करने के सफल प्रयासों को मान्यता और उनकी सराहना के लिए दिया गया है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा गरुड़ (गवर्नेंस एंड रिफॉर्मज़ यूजिंग ड्रोन्स) जैसी पहल को सफलतापूर्वक कार्यान्वित किया जा रहा है। हिमाचल ऑनलाइन सेवा, मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन-1100, ई-ऑफिस, डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तातंरण), हिमस्वान (हिमाचल प्रदेश स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क), एचपीएसडीसी (हिमाचल प्रदेश स्टेट डाटा सेंटर), ई-कैबिनेट, एलएमएस (लिटिगेशन मॉनिटरिंग सिस्टम), आरएमएस (राजस्व प्रबंधन प्रणाली) जैसी आईटी पहलों को सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है।
शिमला नगर निगम चुनावों में कई दिग्गज नेता भी चुनावी मैदान में उतरे है। शिमला शहरी कांग्रेस के अध्यक्ष और पूर्व में दो बार पार्षद रहे जितेंद्र चौधरी ने भी चुनावी ताल ठोकी है और भराड़ी वार्ड से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है। मंगलवार को जितेंद्र चौधरी ने अपने समर्थकों के साथ उपायुक्त कार्यालय में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया और अपनी जीत का दावा किया। नामांकन के बाद जितेंद्र चौधरी ने कहा कि वह पूर्व में दो बार पार्षद रह चुके हैं और अभी उनकी धर्मपत्नी भराड़ी वार्ड से ही पार्षद थी। वहीं उन्होंने भाजपा पर भी निशाना साधा और कहा कि पूर्व में प्रदेश में भाजपा की सरकार थी और शिमला नगर निगम भी भाजपा की थी और शहर में केवल स्मार्ट सिटी के नाम पर डंगे और लोहे का ढांचा खड़ा किया गया है। स्मार्ट सिटी के पैसे की बर्बादी की गई है प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है और नगर निगम में कांग्रेस के काबिज होने के बाद शिमला शहर का एक समान विकास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 100 मेगावाट ऊहल-3 जलविद्युत परियोजना को मई, 2024 तक क्रियाशील बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री आज यहां ऊर्जा विभाग की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस विद्युत परियोजना के क्षतिग्रस्त पेनस्टॉक को 8 माह के भीतर बदलने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इस परियोजना की स्थापना में पहले ही देरी हो चुकी है और अधिकारियों को निर्धारित समयावधि में परियोजना कार्य पूरा करने के लिए अथक प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार परियोजना को पूरा करने के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी तथा वह स्वयं इस वर्ष 15 जून, 2023 को परियोजना स्थल का भ्रमण कर इसकी प्रगति की समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट घोषणा के अनुसार प्रदेश सरकार राज्य के सम्भावित उद्यमियों को 100 किलोवाट से 2 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने के लिए 40 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बैंकों से इन परियोजनाओं को वित्त पोषित करने के लिए सहायता भी प्रदान करेगी। उन्होंने इस योजना की रूपरेखा शीघ्र तैयार करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए ताकि अधिक से अधिक युवा इसका लाभ ले सकें। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश में प्रस्तावित छः ग्रीन कॉरिडोर की स्थापना से सम्बंधित कार्योे की प्रगति की समीक्षा भी की तथा इस वर्ष अक्तूबर तक सभी ग्रीन कॉरिडोर के लिए निविदा प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लगभग 1600 किलोमीटर लम्बे इन कॉरिडोर के लिए चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जायेंगे, जिनमें इन कॉरिडोर के दायरे में आने वाले शहर भी शामिल होंगे। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार ने मार्च, 2026 तक हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने लाहौल-स्पीति जिले में सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना के लिए भूमि चिन्हित करने के भी अधिकारियों को निर्देश दिए। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, बहुउद्देश्शीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा सचिव राजीव शर्मा, निदेशक ऊर्जा हरिकेश मीणा, हिमाचल पथ परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक संदीप कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सोलन के सौजन्य से आज ग्राम पंचायत सलोगड़ा में राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ज़िला कार्यक्रम अधिकारी सोलन डाॅ. सविता अग्रवाल ने की। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि इस कार्यक्रम को मनाने का उद्देश्य गर्भावस्था, प्रसव, पोस्ट डिलीवरी तथा गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था का पता चलते ही गर्भवती महिलाओं को अपना पंजीकरण सरकारी अस्पताल में करवाना चाहिए और आवश्यक टीके लगवाने चाहिए ताकि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ रहें। बीसीसी समन्वयक राधा चौहान ने कहा कि जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत गर्भवती महिलाओं के लिए सरकारी अस्पतालों में प्रसव व अतिरिक्त टैस्ट निःशुल्क है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रत्येक माह की 9 तारीख को गर्भवती महिलाओं को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सिविल अस्पताल व ज़िला अस्पताल में डाॅक्टर द्वारा निःशुल्क चेकअप किया जाता है। कार्यक्रम में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया जिसमें विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत सलोगड़ा की प्रधान, आशा वर्कर सहित स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।
मुख्य संसदीय सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, लोक निर्माण तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग संजय अवस्थी ने कहा कि प्रदेश सरकार औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से युवाओं को बाज़ार की मांग के अनुरूप विश्व स्तरीय पाठ्यक्रम एवं प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए योजनाबद्ध प्रयास कर रही है। संजय अवस्थी आज सोलन ज़िला के अर्की विधानसभा क्षेत्र के अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन दाड़लाघाट स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान महिला खेलकूद प्रतियोगिता के शुभारम्भ समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस 14वीं ज़िला स्तरीय औद्योगिक प्रशिक्षण महिला खेलकूद प्रतियोगिता का दीप प्रज्जवलित कर विधिवत शुभारंभ किया। संजय अवस्थी ने कहा कि सोलन ज़िला के चिन्हित औद्योगिक संस्थानों में कौशल विकास निगम के माध्यम से ड्रोन सर्विस टेकनिश्यिन पाठ्यक्रम चरणबद्ध तरीके से आरम्भ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ज़िला के चिन्हित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में इलैक्ट्रिक व्हीकलस मकैनिक, मेनटेंनेस मकैनिक, सौलर टेकनिश्यिन, ड्रोन टेकनिश्यिन,मैकाट्रोनिक्स तथा इंटरनेट ऑफ़ थिंग्ज टेकनिश्यिन के पाठ्यक्रम भी आरम्भ किए जाएंगे। इन पाठ्यक्रमों से युवाओं को बेहतर रोज़गार एवं स्वरोज़गार के अवसर प्रदान होंगे। मुख्य संसदीय सचिव ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं और महिलाओं को सम्बल प्रदान करने के लिए विभिन्न योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। उन्होंने युवाओं एवं महिलाओं से प्रदेश सरकार द्वारा कौशल विकास के लिए कार्यान्वित की जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कौशल विकास वर्तमान समय की मांग है तथा प्रदेश सरकार द्वारा कौशल विकास पर विशेष बल दिया जा रहा है। उन्होंने अंबुजा प्रबंधन से स्थानीय बेरोज़गार शिक्षित युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोज़गार प्रदान करने का आग्रह भी किया। संजय अवस्थी ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए मनुष्य का सक्रिय रहना आवश्यक है। खेलकूद के माध्यम से शारीरिक विकास ही नहीं बल्कि मानसिक विकास भी होता है। इसीलिए सभी को खेलों को अपने जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बच्चों के विकास में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ खेलकूद गतिविधियों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत करने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि अर्की विधानसभा क्षेत्र का सर्वांगीण विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि दाड़लाघाट महाविद्यालय भवन निर्माण के लिए 14.58 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कर दी गई है तथा शीघ्र ही निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर भवन निर्माण का कार्य आरंभ कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 14.50 करोड़ रुपये व्यय कर दाड़लाघाट में पशु चिकित्सा प्रशिक्षण केंद्र खोला जाएगा। शिव नगर-कोटला पशु औषधालय सड़क मार्ग के लिए 1.75 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत किए गए हैं। शीघ्र ही इस सड़क का निर्माण कार्य आरंभ कर दिया जाएगा।मुख्य संसदीय सचिव ने इस अवसर पर जन समस्याएं भी सुनीं तथा अधिकारियों को इनके समयबद्ध निपटारे के निर्देश दिए। उन्होंने प्रतियोगिता आयोजन समिति को अपनी ऐच्छिक निधि से 21 हजार रुपये की राशि प्रदान करने की घोषणा की।
सहायक अभियंता रमेश चंद, विद्युत उपमंडल-2 धर्मशाला ने जानकारी देते हुए बताया कि 19 अप्रैल को विद्युत लाइनों की सामान्य मरम्मत के कारण 11 केवी मंदल फीडर के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों मंदल, मसरेड़, भड़वाल, त्रैंबलू, हरनेड़, घियाना खुर्द, ढगवार, खटेहड़, मनेड़, अप्पर बगली, कोहाला, मटौर तथा साथ लगते क्षेत्रों में प्रातः 9 बजे से सायं 5 बजे अथवा कार्यसमाप्ति तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने बताया कि मौसम खराब होने की स्थिति में यह कार्य अगले दिन किया जाएगा।
पंचायती राज संस्थाओं में रिक्त पदों को भरने के लिए होने वाले उप निर्वाचन के लिए 2 मई को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। यह जानकारी एक सरकारी प्रवक्ता ने दी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रदेश सरकार द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि अधिसूचना के अनुसार इस दिन उप निर्वाचन वाले स्थानों में सभी सरकारी कार्यालय, बोर्ड, निगम, शिक्षण संस्थान और औद्योगिक संस्थान तथा दुकानें बंद रहेंगी। नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट, 1881 की धारा 25 के प्रावधान के अनुसार इस दिन दिहाड़ीदारों के लिए भी सवैतनिक अवकाश होगा। उन्होंने कहा कि निर्वाचन वाले स्थानों में मतदान का अधिकार रखने वाले ऐसे कर्मचारियों को विशेष आकस्मिक अवकाश प्रदान किया जा सकता है जो राज्य के अन्य स्थानों पर कार्यरत हों। इस विशेष आकस्मिक अवकाश के लिए कर्मचारियों को संबंधित पीठासीन अधिकारी से मतदान करने के संबंध में प्रमाण पत्र लाना होगा।
ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार सोलन ज़िला में पंचायती राज संस्थाओं के उप निर्वाचन 2023 के लिए सभी विकास खंडों में निर्वाचन वाले क्षेत्रों में मतदान केंद्रों की सूचना जारी कर दी है। ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) द्वारा जारी सूची के अनुसार विकास खंड कुनिहार की ग्राम पंचायत धुन्धन के वार्ड 6, टुईरू के लिए राजकीय प्राथमिक पाठशाला टुईरू, ग्राम पंचायत कोटली के वार्ड 1, घुमारी के लिए राजकीय प्राथमिक पाठशाला कोटली, ग्राम पंचायत बखालग के वार्ड 2, खाली के लिए राजकीय माध्यमिक पाठशाला चंदपुर, ग्राम पंचायत डुमैहर के वार्ड 4, डुमैहर (विक्रमपुर-2) के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डुमैहर तथा ग्राम पंचायत समोग के वार्ड 2, प्लाटा के लिए राजकीय प्राथमिक पाठशाला नेरी प्लाटा को मतदान केंद्र घोषित किया गया है। ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) ने विकास खंड धर्मपुर की ग्राम पंचायत कसौली के वार्ड 5, कसौली-3 (कसोल वेली) के लिए राजकीय माध्यमिक पाठशाला कसौली गांव को मतदान केंद्र घोषित किया है। ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) द्वारा जारी सूची के अनुसार विकास खंड कंडाघाट की ग्राम पंचायत मही के वार्ड 1, घलाई के लिए ग्राम पंचायत कार्यालय मही को मतदान केंद्र घोषित किया है। विकास खंड सोलन की ग्राम पंचायत काबाकलां के वार्ड 1, घुमारड़ा तथा वार्ड 2, बोहड़ों के लिए राजकीय प्राथमिक पाठशाला घुमारड़ा, वार्ड 3, काबा धारगुड़ा तथा वार्ड 4, काबा कलां के लिए राजकीय प्राथमिक पाठशाला गटोगड़ा और वार्ड 5, हल्दा के लिए राजकीय प्राथमिक पाठशाला जंगीरियां को मतदान केंद्र घोषित किया है।
विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल की जिला स्तरीय बैठक प्रांत अध्यक्ष लेखराज राणा व प्रांत सह मंत्री रमेश परमार की अध्यक्षता व प्रांत सह समरसता प्रमुख व सेवानिवृत अधिशाषी अभियंता अजय शर्मा की विशेष उपस्थिति में हुई। इसमें कलोहा निवासी आचार्य बनीस शर्मा को विश्व हिंदू परिषद जिला देहरा के सत्संग प्रमुख का दायित्व सौंपा गया है। इस अवसर पर प्रांत अध्यक्ष लेखराज राणा ने संगठन के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ हिंदू समाज अपनी सनातनी संस्कृति को छोड़कर पाश्चात्य संस्कृति को अपनाकर अपने आप को गौरवांवित महसूस कर रहा है, जो कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। हमारे पूर्वजों ने सनातन धर्म को बचाने के लिए कई बलिदान दिए हैं। अत: हम सब सनातनियों का धार्मिक कर्तव्य बनता है कि वे अपने सनातन धर्म की रक्षा और पूर्वजों की इस धरोहर को संजोकर रखें। बैठक में जिला देहरा संगठन मंत्री त्रिलोक चंद शर्मा, पवन बजरंगी विभाग सत्संग प्रमुख विभाग कांगड़ा, प्रशांत शर्मा, धर्म प्रचार प्रमुख विनोद डोगरा, मदन लाल शर्मा देहरा प्रखंड अध्यक्ष, बनीश शर्मा जिला सत्संग प्रमुख, वरिष्ठ स्वयंसेवक सुशील शर्मा, कुलदीप सिंह, हेमराज चौधरी सहित अन्य पदाधिकारियों ने भाग लिया।
विधानसभा क्षेत्र हमीरपुर के विधायक आशीष शर्मा के जन्मदिवस पर मंगलवार को विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। सवेरे ही उनके निवास स्थान पर बधाइयां देने वालों का तांता लग रहा है। सुबह ही समर्थक उनके निवास स्थान पर पहुंचकर उन्हें शुभकामनाएं दीं। गांधी चौक हमीरपुर पर विधायक के जन्मदिवस के मौके पर रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें 52 यूनिट रक्त इकट्ठा किया गया। विधायक ने स्वयं भी रक्तदान किया। वहीं गांधी चौक पर केक काटकर व लोगों में बांटकर जन्मदिवस मनाया गया। विधायक के समर्थकों की ओर से गांधी चौक पर लड्डू व जलेबी बांटी गई व धाम का आयोजन भी किया गया। इसके साथ ही अन्य जगहों पर समर्थकों ने जलेबियों के भंडारे लगाए व लड्डू बांटे। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में मरीजों को फल भी बांटे गए। वहीं विधायक ने भी अपने शुभचिंतकों, समर्थकों व देवतुल्य जनता का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि जो प्यार उन्हें हमीरपुर की जनता ने दिया है उसके लिए वह ताउम्र उनके ऋणी हैं। इस मौके पर विधायक की धर्मपत्नी स्वाती शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।
केंद्रीय विद्यालय नलेटी की कक्षा दसवीं की छात्रा यशिका का इसरो के युविका कार्यक्रम के लिए चयन हुआ है। चयनित छात्रा को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग (IIRS) देहरादून में ग्रीष्मावकाश के दौरान दो सप्ताह के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें प्रख्यात वैज्ञानिकों से वार्तालाप करने का अवसर मिलेगा तथा प्रबुद्ध वैज्ञानिक अपने अनुभव साझा करेंगे। साथ ही वैज्ञानिक प्रयोगों का प्रदर्शन, प्रयोगशालाओं का भ्रमण, विशेषज्ञों के साथ चर्चा करने तथा प्रैक्टिकल सत्र में भाग लेने का अवसर दिया जाएगा। स्कूल प्राचार्य स्वाति अग्रवाल ने कहा कि यह हमारे विद्यालय के लिए गौरव का विषय है। यह उपलब्धि हमारे बच्चों में उत्साह और प्रेरणा शक्ति के रूप में कार्य करेगी। बच्चों को इस तरह के अवसर मिलने से बच्चों की बौद्धिक, वैज्ञानिक चेतना को पनपने का उचित वातावरण मिलता है और विषय को अलग तरीके से सोचने में सक्षम होते हैं।
थाना नूरपुर के अंतर्गत पड़ते राजा का तालाब में पुलिस ने देह व्यापार के आरोप में होटल के मालिक व उसके दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। मामले की जानकारी देते हुए थाना नूरपुर के प्रभारी सुरेंद्र धीमान ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर आज राजा रिसोर्ट राजा का तालाब में रेड की गई। जानकारी मिली थी कि वहां पर देह व्यापार किया जाता है। पुलिस टीम द्वारा आज देह व्यापार करते हुए 2 महिलाओं और पुरुष को रंगे हाथ पकड़ा गया है, जिस पर होटल के मालिक, मैनेजर व एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मामले में आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
धर्मशाला में होने जा रहे जी20 शिखर सम्मेलन के लिए 20 देशों के मेहमान आज पहुंच जाएंगे। इस सम्मेलन से हिमाचल को दुनिया भर में ब्रांडिंग करने का एक बेहतर अवसर मिला है। यह सम्मेलन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के कांगड़ा जिले को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने के संकल्प को और आगे बढ़ाने में मददगार होगा। लिहाजा, प्रदेश की सुक्खू सरकार इसे हर तरह से यादगार बनाने में जुटी है। बता दें, 19-20 अप्रैल को होने वाले इस सम्मेलन में विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर चर्चा के लिए विभिन्न देशों के 70 प्रतिनिधि धर्मशाला आएंगे। हिमाचल में उनके प्रवास को यादगार बनाने के लिए तमाम प्रबंध किए गए हैं। सरकार ने जिला प्रशासन को यह तय बनाने को कहा है कि जी20 समूह के प्रतिनिधियों के लिए यहां सभी इंतजाम चौक चौबंद हों। साथ ही उन्हें हिमाचल और कांगड़ा की विरासत, कल्चर के साथ साथ, खानपान, कला, हैंडीक्राफ्ट से भी रूबरू कराया जाए, ताकि वे यहां की समृद्ध संस्कृति की नई तस्वीर अपने दिन दिमाग में सहेज कर साथ ले जाएं। स्पष्ट है भविष्य में इसका सीधा लाभ हिमाचल के पर्यटन उद्योग को मिलेगा।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने आज यहां जारी एक प्रेस वक्तव्य में कहा कि वर्तमान राज्य सरकार मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में कर्मचारियों सहित सभी वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। कर्मचारियों को समय-समय पर सभी देय वित्तीय लाभ प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास में कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए मुख्यमंत्री ने काजा में हिमाचल दिवस के अवसर पर राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनधारकों को तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता करने की घोषणा की है। इससे महंगाई भत्ता बढ़कर 34 प्रतिशत हो गया है। इससे प्रदेश के लगभग 2.15 लाख कर्मचारियों और 1.90 लाख पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय कर्मचारियों और पेंशनरों के लाभ प्रदान करने की दिशा में वर्तमान सरकार के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह मंहगाई भत्ता पूर्व सरकार के समय पिछले वर्ष से देय था, मगर पूर्व भाजपा सरकार ने इसे प्रदान करने में कोई रूचि नहीं दिखाई। उद्योग मंत्री ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने कर्मचारियों के लिए केवल संशोधित वेतनमान की घोषणा मात्र ही की और कर्मचारियों व पेंशनधारकों के बकाये और महंगाई भत्तों की किस्तें जारी करने के मामले में नाकाम रही। जिससे कर्मचारी व पेंशनधारकों को देय वित्तीय लाभों से वंचित रहना पड़ा। हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने राज्य की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं और राजस्व वृद्धि के लिए निरंतर प्रयासरत है।
लोक निर्माण तथा युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय ग्रामीण विकास तथा पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह से भेंट की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि प्रदेश ने केंद्र सरकार को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना चरण-3 के तहत 2813 करोड़ रुपए की लागत की 2565 किलोमीटर लंबी 242 सड़कों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्रेषित की है। उन्होंने इन सड़कों के निर्माण कार्यों की शीघ्र स्वीकृति का आग्रह किया। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना चरण-3 के तहत 3125 किलोमीटर सड़क निर्माण लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिसमें बैच एक के तहत गत वित्तीय वर्ष के दौरान 440 किलोमीटर सड़कों के लिए स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना चरण-3 के माध्यम से राज्य में ग्रामीण सड़क सुविधा को सुदृढ़ करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए केंद्र सरकार से उदार सहायता एवं सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री ने सभी मांगों को ध्यानपूर्वक सुना तथा हरसम्भव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया।
शिमला नगर निगम के चुनाव के लिए कुसुम्पटी वार्ड 27 से भाजपा प्रत्याशी रचना झीना शर्मा ने अपने चुनावी कार्यालय का शुभारंभ किया। इस कार्यालय का उद्घाटन वार्ड के प्रभारी व विधायक जोगिंदर नगर प्रकाश राणा ने किया। उनके साथ गुड़िया सक्षम बोर्ड की पूर्व अध्यक्ष रूपा शर्मा भाजपा महिला नेत्री उपस्थित रही। इस अवसर पर विधायक प्रकाश राणा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी नगर निगम में फिर से जीत का परचम लहराएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार के समय पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज के नेतृत्व में शानदार काम शिमला को स्मार्ट सिटी बनाने का हुआ है। उन्होंने कहा कि भाजपा की नगर निगम ने हर क्षेत्र में काम किया है। इस मौके पर रचना झीना शर्मा ने कहा कि पार्टी के नेतृत्व की आभारी हूं कि उन्होंने मुझ पर विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि कर्मठता के साथ पूरी टीम काम करेगी, पार्टी ने जो विश्वास जताया है, उस पर खरा उतरेंगे। इस अवसर पर पूर्व पार्षद डिप्टी मेयर राकेश शर्मा, भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता रमेश सैनी, सह प्रभारी राजेश सैनी गोल्डी सहित अन्य भी उपस्थित रहे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने शिमला नगर निगम चुनावों के लिए मंत्रियों व विधायकों की सेक्टर वाइज प्रभारी व सह प्रभारी की जिम्मेदारियां सौंप दी हैं। कांग्रेस महासचिव सगंठन महामंत्री रजनीश किमटा ने बताया कि सेक्टर 1 कृष्णा नगर, राम बाजार, लोवर बाजार व जाखू के लिए विधायक सुधीर शर्मा को प्रभारी व सीपीएस आशीष बुटेल को सह प्रभारी के साथ विधायक संजय रत्न, यादवेंद्र गोमा व चैतन्य शर्मा को लगाया गया है। सेक्टर 2 टूटू, मंजयाट, बालूगंज व कच्ची घाटी में चंद्र कुमार प्रभारी व सह प्रभारी संजय अवस्थी के साथ इंद्र दत्त लक्खन पाल व मलेंद्र राजन को लगाया गया है। सेक्टर 3 भराड़ी, रुलदू भट्टा, कैथू व अनाडेल में राजेंद्र राणा प्रभारी, किशोरी लाल सह प्रभारी के साथ देवेंद्र भुट्टो व विनोद सुलतानपुरी को लगाया गया है। सेक्टर 4 समरहिल, टूटीकंडी, नाभा व फागली में डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल प्रभारी राम कुमार सह प्रभारी के साथ अजय सोलंकी व चंद्र शेखर को लगाया गया है। सेक्टर 5 उप्पर ढली ,लोअर ढली,शांति विहार,भट्टाकुफर, कुसम्पटी में रोहित ठाकुर प्रभारी, सह प्रभारी राजेश धर्माणी के साथ नंद लाल व भुवनेश्वर गौड़ को लगाया गया है। सेक्टर 6 बेनमोर, इंजन घर,संजोली चौक,सांगटी में जगत सिंह नेगी प्रभारी,मोहन लाल ब्राक्टा सह प्रभारी के साथ रवि ठाकुर व भवानी सिंह पठानिया को लगाया गया है। सेक्टर 7 कंगना धार, पटियोग, न्यू शिमला खलीनी व कनलोग में हर्षवर्धन चौहान प्रभारी, सुंदर सिंह ठाकुर सह प्रभारी के साथ सुरेश कुमार व सुदर्शन बबलू को लगाया गया है। सेक्टर 8 मल्याणा, पंथा घाटी, छोटा शिमला व विकास नगर में विनय कुमार प्रभारी व रघुवीर सिंह बाली सह प्रभारी के साथ नीरज नय्यर, केवल सिंह पठानिया को लगाया गया है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के विजन के अनुरूप हिमाचल प्रदेश ग्रीन स्टेट बनने की ओर अग्रसर है। यातायात व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक बसों से लैस किया जा रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को कांगड़ा जिले के लिए 30 सीटर 15 इलेक्ट्रिक बसों की खेप पहुंची है। शाहपुर के रैत मैदान में अनलोड की गई इन बसों को आगे संबंधित डिपुओं को भेजा गया है, जहां उन्हें एचआरटीसी फ्लीट में शामिल किया जाएगा। इस मौके शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया ब्लॉक की कार्यकारिणी के समस्त सदस्यों के साथ रैत मैदान में मौजूद रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का कांगड़ा जिले की जनता की ओर से धन्यवाद करते हुए आभार जताया। केवल सिंह पठानिया ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने बजट भाषण में ई बसें चलाने की घोषणा की थी। यह अभूतपूर्व है कि एक पखवाड़े में ही यह घोषणा जमीन पर उतार दी गई है। उनकी दूरदर्शिता के चलते हिमाचल ग्रीन तकनीकी को बढ़ावा देने में देशभर में अग्रणी बना है। सरकार ने प्राइवेट ऑपरेटर्स को इलेक्ट्रिक्स बस, इलेक्ट्रिक्स ट्रक, इलेक्ट्रिक्स टैक्सी, ई गुड्स कैरियर्स लेने पर 50 प्रतिशत की दर से अधिकतम 50 लाख रुपये उपदान का प्रावधान किया है। इससे प्राइवेट यातयात भी ई वाहनों की ओर बढ़ेगा तथा प्रदेश हरित विकास का नया मॉडल देने में मिसाल कायम करेगा। इस अवसर पर कांग्रेस के ब्लॉक उपाध्यक्ष प्रदीप बलोरिया, प्रधान सल्ली निर्मल,सोशल मीडिया प्रभारी विनय, विवेक राणा, पूर्व प्रधान संजय, किशन मेहरा, अक्षय, एचआरटीसी ड्राइवर यूनियन के प्रधान मान सिंह, मिलाप चंद, मुख्तयार, अरुण, कृष्ण, यशवंत, कश्मीर, कमलेश, अजय तथा रमन उपस्थित रहे।
राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे के चलते कैनेडी चौक से लेकर बालूगंज तक सड़क पर यातायात 19 अप्रैल को प्रतिबंधित रहेगा। इस संबंध में जिला दंडाधिकारी आदित्य नेगी की ओर से आदेश जारी किए गए हैं। जारी आदेशों के अनुसार सुबह 10 से लेकर सायं 5 बजे तक सभी प्रकार के वाहनों के लिए यातायात बंद रहेगा। आपातकाल वाहनों पर ये नियम लागू नहीं होंगे।
शिमला शहर में ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार लाने के लिए पुलिस अधीक्षक शिमला संजीव गांधी द्वारा ट्रैफिक कर्मचारियों को विशेष हिदायत दी गई है तथा ट्रैफिक-व्यवस्था में सुधार लाने के लिए ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है। आमजन एवं पर्यटकों के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी भी जारी की गई है। आमजन एवं पर्यटकों को हिदायत दी गई है कि शिमला में पहुंचने के पश्चात वे अपने वाहन को निर्धारित पार्किंग में पार्क करें एवं वहां से अपने गंतव्य पर जाने के लिए स्थानीय टैक्सीज का उपयोग करें, ताकि भिन्न-भिन्न स्थानों पर ट्रैफिक जाम से बचा जा सके एवं समय की भी बचत हो सके। शिमला पुलिस द्वारा आमजन एवं पर्यटकों की सुविधा के लिए शहर में निर्धारित एक दर्जन पार्किंग स्थलों की सूची सोशल मीडिया के माध्यम से जारी की गई है। प्रस्तावित राष्ट्रपति के दौरे के दौरान शिमला पुलिस द्वारा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत करीब 100 से अधिक कैमरा शहर में वर्तमान में संचालित किए गए हैं। इनकी लाइव स्ट्रीम जिला पुलिस लाइन कैथु में बनाए कंट्रोल रूम में मॉनिटरिंग की जाती है। पुलिस उप अधीक्षक नरवीर सिंह राठौर के नेतृत्व में एक पुलिस टीम इन कैमरा की निरंतर मॉनिटरिंग कर रही है तथा शहर में जहां पर भी यातायात उल्लंघन या ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है तो तुरंत वायरलेस संदेश द्वारा यातायात पुलिस को मौका पर सूचित किया जा रहा है। नरवीर सिंह राठौर ने बताया कि शिमला शहर में सीसीटीवी कैमरा की सुविधा उपलब्ध होने पर आमजन एवं पर्यटकों को ट्रैफिक जाम से निजात पाने में काफी सुविधा प्राप्त हुई है। शिमला ट्रेफिक एडवाइजरी द्वारा आमजन एवं पर्यटकों से अनुरोध किया गया है कि यदि कोई अज्ञात वस्तु या संदिग्ध व्यक्ति दिखाई देता है, तो इसकी सूचना निकटतम ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी को दी जानी चाहिए। आम जनता और मोटर चालकों से अनुरोध है कि वे धैर्य रखें, यातायात नियमों और सड़क अनुशासन का पालन करें और सभी चौराहों पर तैनात यातायात कर्मियों के निर्देशों का पालन करें। लोगों से अनुरोध है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें और असुविधा से बचने के लिए पर्याप्त समय अपने पास रखें।
अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन की प्राइवेट आईटीआई दाड़लाघाट में महिला खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। दाड़लाघाट आईटीआई के एडवाइजरी कमेटी सदस्य विद्यासागर ठाकुर व राजेश गुप्ता ने बताया कि 18 अप्रैल को आईटीआई दाड़लाघाट में महिला खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ होगा। प्रतियोगिता में विभिन्न जगहों से आईटीआई के खिलाड़ी भाग लेंगे। प्रतियोगिता का का शुभारंभ मुख्य संसदीय सचिव व विधायक अर्की संजय अवस्थी सुबह 11 बजे दाड़लाघाट आईटीआई संस्थान से करेंगे। विद्या सागर ठाकुर व राजेश गुप्ता ने क्षेत्र के लोगों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में इस प्रतियोगिता में पहुँचने का आह्वान किया है।
भाजपा नगर निगम चुनाव प्रभारी एवं पूर्व मंत्री सुखराम चौधरी ने बताया कि शिमला नगर निगम चुनावों के लिए भाजपा के 12 प्रत्याशियों ने नामांकन दर्ज किए। इसमें कृष्णानगर वार्ड से बिट्टू पांटा, कंगनाधार से रानू चौहान, कच्चीघाटी से अलका कंवर, लोअर बाजार से भारती सूद, पटयोग से आशा शर्मा, अन्नाडेल से डॉ. सपना कश्यप, समरहिल शैली शर्मा, टूटू से मीनाक्षी गोयल, न्यू शिमला ने निशा ठाकुर, रुल्दू भट्टा से सरोज ठाकुर, विकास नगर से रमा कुमार और सांगटी से कमल ठाकुर ने नामांकन भरा है। सुखराम चौधरी ने कहा कि कांग्रेस जिस प्रकार से झूठ का प्रचार हिमाचल प्रदेश में कर रही है, उससे नगर निगम शिमला में भाजपा का परचम लहराना तय है। जब से कांग्रेस पार्टी सत्ता में आई है तब से उन्होंने केवल झूठ की राजनीति की है। उन्होंने कहा कांग्रेस पार्टी की सरकार के कार्यकाल में आम जनता के ऊपर महंगाई का बोझ बढ़ता चला जा रहा है। पहले डीजल के ऊपर 3 रुपये वैट बढ़ाकर उन्होंने जनता के ऊपर बोझ बढ़ा दिया और अब डिपो में सरसों के तेल की कीमत में 10 रुपये की बढ़ोतरी के बाद सस्ते राशन के डिपो में सरसों का तेल 142 रुपये लीटर मिल रहा है और अगर हम आम बाजार की बात करें तो सरसों का तेल 130 रुपये तक का मिल जाता है।
बाहरा विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में देशभर से विभिन शिक्षण संस्थानों की 28 टीमों ने भाग लिया। बाहरा विश्वविद्यालय के डीन अकेडमिक अफ़ेयर्स प्रो. श्रीपद मार्कंडे ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। यह प्रतियोगिता लगातार तीन दिन तक भिन्न-भिन्न चरणों में चली और सभी प्रतिभागियों ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता के अंतिम चरण में प्रदेश उच्च न्यायालय से सेवानिवृत्त जज सुरेंद्र सिंह ठाकुर, ज़िला न्यायालय शिमला के जज प्रेम पाल रांटा और प्रोफ़ेसर संजय सिंधु हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला विधि विभाग के विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे। सभी सम्मानित जजों को बाहरा विश्वविद्यालय के विधि विभाग द्वारा हिमाचली टोपी, शाल और पौधा देकर सम्मानित किया। सभी जजों ने अपने अपने अनुभव भी विद्यार्थियों के साथ साझा किए। राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता की विजेता टीम तमिलनाडु डॉ. अंबेडकर लॉ यूनिवर्सिटी चेन्नई व उपविजेता एमएमएम शंकरराव चव्हाण लॉ कॉलेज पुणे रही। विजेता टीम को 25000 रुपये कैश प्राइज मोमेंटो और उप विजेता 11000 रुपये कैश प्राइज और मोमेंटो प्रदान किया गया। सभी ने विजेता टीम को बधाई दी। प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ शोधकर्ता अमन रंजन कैंपस लॉ सेंटर नई दिल्ली, सर्वश्रेष्ठ मेमोरीयल कैंपस लॉ सेंटर नई दिल्ली, सर्वश्रेष्ठ प्रेरक सुश्री पारुल शर्मा भारतीय कानूनी अध्ययन संस्थान, घणाहटी के रहे। इस अवसर पर बाहरा विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार विनीत कुमार, विधि विभाग के विभागाध्यक्ष डाक्टर मन्दीप वर्मा, मूट कोर्ट के स्योंजक उमेश, डाक्टर रचिता नेगी, डाक्टर अदिति, सहायक आचार्य डाक्टर पूनम, राशी सुद , श्वेता कटोच, रीटा, नीतीश, दीपशिका, राम, लाल दास, ज्ञान और विधि विभाग के सभी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
पाइनग्रोव स्कूल सुबाथू में चल रही अंतरसदनीय क्रिकेट स्पर्धाएं संपन्न हो गईं। ये स्पर्धाएं दो श्रेणियों के लिए आयोजित की गई थीं। कनिष्क वर्ग में कक्षा 6-9 तथा वरिष्ठ वर्ग में कक्षा 10-12 के विद्यार्थी शामिल थे। चारों सदनों क्रमशः चिनार, देवदार, ओक और टीक के बॉयज की दोनों श्रेणियों में कुल 8 टीमें थीं। सभी मुकाबले नॉकआउट आधार पर खेले गए। कनिष्क वर्ग के मुकाबलों में पहला मैच चिनार और टीक सदन के मध्य खेला गया, जिसमें चिनार सदन नें पहले बल्लेबाज़ी करते हुए टीक सदन को 10 ओवरों में 5 विकटें खोकर 77 रनों का लक्ष्य दिया। टीक सदन की टीम 7.4 ओवरों में मात्र 39 रन बनाकर आलआउट हो गई और चिनार सदन नें फाइनल में प्रवेश किया। इसी वर्ग के एक अन्य मैच में ओक सदन ने टॉस जीतकर देवदार सदन को पहले बल्लेबाज़ी का न्योता दिया। देवदार सदन नें कुल निर्धारित 10 ओवरों में मात्र 3 विकट खोकर ओक सदन के लिए 80 रनों का लक्ष्य रखा। देखने योग्य बात यह रही कि ओक सदन का कोई भी खिलाड़ी आउट नहीं हुआ, लेकिन ओक सदन की टीम 5 रनों से हार गई। देवदार सदन के रणविजय की स्टीक गेंदबाजी के आगे ओक सदन ने हथियार डाल दिए। इसी श्रेणी का फाइनल मैच चिनार एवं देवदार के मध्य खेला गया। चिनार सदन नें टॉस जीता पहले बल्लेबाज़ी का निर्णय लिया व 10 ओवरों में 6 विकट खोकर देवदार के लिए 68 रनों का लक्ष्य खड़ा किया। देवदार सदन नें चार विकट खोकर मैच जीतकर कनिष्क वर्ग विजेता का खिताब अपने नाम किया। वारिष्ट वर्ग में कक्षा 9-12 में ओक सदन नें चिनार सदन को हराकर फाइनल में प्रवेश किया। वहीं देवदार सदन नें टीक को हराकर फ़ाइनल में अपने लिए जगह सुरक्षित की। फ़ाइनल मैच देवदार एवं ओक के मध्य खेला गया, जिसमें देवदार सदन नें ओक को हराकर विजयश्री का खिताब अपने नाम किया। हेड ऑफ़ स्पोर्ट्स मिस्टर दिगंबर भट्ट नें जानकारी दी कि सभी मैच बीसीसीआई के नियमानुसार खेले गए। विद्यालय के हेड ऑफ़ स्कूल कैप्टेन रेणु शर्मा, हेड टीचर पंकज शर्मा और गतिविधि प्रभारी गुरप्रीत सिंह नें विजेता टीमों को हार्दिक बधाई दी।
सोमवार को प्रेस क्लब सोलन की मासिक बैठक का आयोजन प्रेसरूम में किया गया, जिसमें विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता क्लब के चीफ पैटर्न मुकेश कुमार और अध्यक्ष मनीष शारदा ने की। बैठक में फैसला लिया गया कि प्रेस क्लब सोलन के निर्माण को लेकर क्लब के पदाधिकारी जल्द सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिलेंगे। बैठक के दौरान क्लब के सदस्यों को ट्रैक सूट वितरित किए गए। क्लब के सदस्यों ने नए डीसी मनमोहन शर्मा से भी मुलाकात कर शहर की समस्याओं के बारे में उन्हें अवगत करवाया। क्लब की ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी मोहिनी सूद ने बताया कि मासिक बैठक में विभिन्न मुद्दों को लेकर चर्चा हुई है। वहीं, डीसी सोलन से प्रेस क्लब सोलन के निर्माण को लेकर भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गई है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जो भी सहायता क्लब को प्रशासन से चाहिए, वह उन्हें मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रेस क्लब सोलन के निर्माण को लेकर भूमि का चयन किया जा चुका है और प्रेस क्लब का निर्माण जल्द हो इसको लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से भी मुलाकात की जाएगी। वहीं, आगामी दिनों में किन खेल गतिविधियों और अन्य सामाजिक कार्यो को लेकर क्या-क्या कार्य किए जाने है, इसको लेकर चर्चा की गई है। बैठक में महासचिव प्रताप भारद्वाज, वरिष्ठ पत्रकार सतीश बंसल, मनमोहन वशिष्ठ, भूपेंद्र ठाकुर, कीर्ति कौशल, संदीप शर्मा, मनीष, सौरभ शर्मा, मदन हिमाचली, ऋतु हांडा, भावना, मनोज, अमित, ललित, रोहित गोयल, जय ठाकुर, सुनील, विनोद व विशाल मौजूद रहे।
नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक व प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष व पर्यटन विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रघुबीर सिंह बाली ने आज अपनी विधानसभा में स्वास्थ्य क्षेत्र में जनता को तोहफा दिया है। उन्होंने नगरोटा के सिविल अस्पताल में ट्रूनेट मशीन का उद्घाटन किया व मुख्यमंत्री मोबाइल क्लिनिक भी शुरू किया। इस दौरान वहां पर काफी मात्रा में कांग्रेस कार्यकर्ता व डॉक्टर, अस्पताल स्टाफ उपस्थित रहा। इस दौरान बाली ने अस्पताल में वार्डों का दौरा कर मरीजों का जाना हाल भी जाना है। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस सेवा के माध्यम से हर गांव व घर में जाकर लोगों का चेकअप करना यह हमारी सोच है। उन्होंने प्रदेश सरकार, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू व अन्य स्वास्थ्य से जुड़े लोगों का धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि नगरोटा विधानसभा के हर एक गांव में एंबुलेंस के जाने का समय निर्धारित किया जाएगा। गांव में एंबुलेंस जाने के लिए रोड मैप भी तैयार किया जाएगा। इसके बाद घोषणा की जाएगा कि किस गांव में एंबुलेंस किस दिन जाएगी। एंबुलेंस में सभी टेस्ट किए जाएंगे और हर हफ्ते पांच दिन इस सेवा को लागू किया गया है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जिला कांगड़ा द्वारा आज उपायुक्त के माध्यम से शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया गया। परिषद की प्रदेश समीक्षा योजना बैठक हाल ही में 10-11 अप्रैल को नाहन में संपन्न हुई थी। इस बैठक के दौरान शिक्षा क्षेत्र से कुछ ऐसे मुद्दे निकल कर आए, जिनकी वजह से प्रदेश के छात्रों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस बैठक में प्रमुख 7 मुद्दों - छात्र संघ चुनाव को शीघ्र बहाल करना, स्थाई कुलपति व विश्वविद्यालय की स्वायत्तता को शीघ्र बहाल करना, सभी महाविद्यालयों में आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करना, महाविद्यालयों में प्राचार्य, शिक्षकों व गैर शिक्षकों की भर्तियां शीघ्र करना, ERP प्रणाली को शीघ्र सुधारना, शोधार्थियों को मिलने वाली 3000 रुपये शोध प्रोत्साहन राशि योजना को जल्द से जल्द लागू करना व नौणी विश्वविद्यालय व कृषि विश्वविद्यालय में बढ़ी हुई फीस को कम करने पर मंथन किया गया। इन 7 मुद्दों को लेकर परिषद ने प्रदेश स्तरीय आंदोलन करने का आह्वान किया है। इसी कड़ी में परिषद 19 अप्रैल को प्रदेश के प्रत्येक महाविद्यालय में हस्ताक्षर अभियान चलाएगी, 25 अप्रैल को विश्वविद्यालयों केंद्रों पर धरना-प्रदर्शन व 28 अप्रैल को विश्वविद्यालयों केंद्रों व जिला केंद्रों में 24 घंटे की सांकेतिक भूख हड़ताल की जाएगी।
राजधानी शिमला में नगर निगम चुनावों का बिगुल बज चूका है और टिकट आवंटन के साथ ही राजनीतिक पारा चढ़ने लगा है। वहीं देर रात तक चली कांग्रेस पार्टी नेताओं की बैठक के बाद दस प्रत्याशियों के नामों पर मुहर लगी है। हालांकि, अभी भी आठ वार्डों में प्रत्याशियों के नाम तय करने को लेकर पार्टी को जद्दोजहद करनी पड़ रही है। इनमें एक से ज्यादा दावेदार होने के कारण अभी तक प्रत्याशियों के नाम तय नहीं हो पाए हैं। देर रात जारी की गई सूची में भराड़ी वार्ड से शहरी कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी, कैथू से कांता सुयाल, मज्याठ से अनिता शर्मा, कच्चीघाटी से किरण शर्मा, रामबाजार से सुषमा कुठियाला, फागली से रूप चंद, जाखू से अतुल गौतम, संजौली से ममता चंदेल, लोअर ढली से विशाखा मोदी और कंगनाधार से रामरतन वर्मा को पार्टी ने अपना प्रत्याशी बनाया है और आठ प्रत्याशियों की अंतिम सूची अब सोमवार को जारी हो सकती है। वहीं सोमवार और मंगलवार को नामांकन भरने का समय है। कांग्रेस से टिकट के इंतजार में देर रात तक दावेदार भी जागते रहे। पार्टी नेताओं की बैठक देर शाम सात बजे से शुरू हो गई थी। लेकिन दस दावेदार तय करने में 11:30 बज गए। टिकट मिलने से जहां कुछ दावेदार अब नामांकन भरने की तैयारी में जुट गए हैं तो कुछ दुखी हैं। दूसरी तरफ भाजपा भी अभी तीन वार्डों में भराड़ी, कैथू और मल्याणा में अपने प्रत्याशी तय नहीं कर पाई है। अभी भाजपा 31 वार्डों में ही प्रत्याशी तय कर पाई है। तय किए गए ज्यादातर प्रत्याशी सोमवार को नामांकन भी भर सकते है।
देवभूमि हिमाचल में महादेव शिव के अनेक मंदिर हैं। ऊना जिला के बंगाणा उपमंडल के तलमेहड़ा गांव की रामगढ़ धार पर स्थित धौम्येश्वर सदाशिव मंदिर भी लाखों शिव भक्तों की आस्था का केंद्र है। इस मंदिर का निर्माण पचास के दशक में हुआ था। सदाशिव मंदिर की विशेष धार्मिक मान्यता है और पूरा वर्ष यहां लाखों की तादाद में श्रद्धालु नमन करने और भगवान शंकर की आराधना करने के लिए पहुंचते हैं। मान्यता है कि करीब 5500 वर्ष पहले महाभारत काल में पांडवों के पुरोहित श्री धौम्य ऋषि ने तीर्थ यात्रा करते हुए इसी ध्यूंसर नामक पर्वत पर शिव की तपस्या की थी। भगवान शिव ने प्रसन्न होकर दर्शन देते हुए वर मांगने को कहा था जिस पर ऋषि ने वर मांगा कि इस पूरे क्षेत्र में आकर धौम्येश्वर शिव की पूजा करने वाले की मनोकामनाएं पूरी हों। मान्यताओं के मुताबिक भगवान शिव तथास्तु कह कर अंतर्ध्यान हो गए थे। इसके बाद से जो भी श्रद्धालु मंदिर पहुंच कर सच्चे मन से मन्नत मांगता है, तो उस भक्त की मुराद पूरी होती है। मंदिर को धौम्येश्वर शिवलिंग, ध्यूंसर महादेव और सदाशिव के नाम से पुकारा जाता है। मंदिर के वर्तमान पुजारी राकेश शर्मा व सिद्ध राज शास्त्री के मुताबिक 1948 में पहली बार जिला के इस सबसे ऊंचे स्थल पर मौजूद पवित्र शिवलिंग के स्थान पर शिवरात्री का आयोजन किया गया था। पुजारी की मानें तो 1937 में मद्रास के एक सैशन जज स्वामी ओंकारा नंद गिरी को स्वप्र में भगवान शिव ने दर्शन देते हुए कहा कि पांडवों के अज्ञातवास के समय उनके पुरोहित धौम्य ऋर्षि द्वारा स्वयंभू शिवलिंग अर्चना की थी। वे शिवलिंग की खोज कर पूजा अर्चना करें। स्वामी ओंकारा नंद गिरी ने स्वप्न के आधार पर शिवलिंग को काफी जगह खोजा, लेकिन नहीं मिला। घूमते-घूमते सन् 1947 में स्वामी सोहारी पहुंच गए। सोहारी स्थित सनातन उच्च विद्यालय के प्रधानाचार्य शिव प्रसाद शर्मा डबराल के सहयोग से स्वामी ओंकारा नंद गिरी जी शिवलिंग के पास पहुंचे। उन्होंने कहा कि सबसे पहले आठ बाय आठ फुट का पहला मंदिर बनाया था। 1988 तक स्वामी ओंकारानंद गिरी जी इस मंदिर का संचालन करते रहे, उनके उपरांत मंदिर समिति इसके प्रबंधों का जिम्मा संभाले हुए हैं। पूरे जिला का दिखता है अलौकिक नजारा जिला के सबसे खूबसूरत स्थलों में से एक तलमेहड़ा की पहाड़ी श्रृंखलाओं में से सबसे ऊंचे पहाड़ ध्यूंसर जंगल पर स्थित सदाशिव मंदिर से पूरे जिला का अलौकिक नजारा देखने को मिलता। मंदिर चारों ओर जंगलों से घिरा हुआ है। मंदिर से न केवल जिला का ही नजारा दिखता है, बल्कि धौलाधार की पहाड़ियां भी दिखाई देती है, जो कि अलग ही नजारा है। अखंड धूना जलाने से हुआ वट वृक्ष हरा-भरा करीब 23 वर्षों से प्रकाश चंद बाबा जी मंदिर में अखंड धूना जला रहे है। प्रकाश चंद बाबा की माने तो पांडवों के समय के पश्चात शिवलिंग के समीप वट वृक्ष सूख गया था। इसके बाद वर्ष 1996 में अखंड धूना जलाया गया, जिसके बाद वृक्ष धीरे-धीरे हरा भरा हो चला गया। माता चिंतपूर्णी की तर्ज पर श्रद्धालुओं द्वारा वट वृक्ष पर मौली बांधकर मुरादे मांगते है, जो कि पूरी होती है। प्रकाश चंद ने बताया कि अखंड धूने से सांस की बीमारी, फोड़ा फुंसी सहित चर्म रोगों से भी राहत मिलती है। श्रावण माह में सबसे ज्यादा भीड़ यूं तो पूरा वर्ष श्रद्धालु आते हैं लेकिन श्रावण माह में यहां श्रद्धालुओं की इतनी भीड़ उमड़ती है कि खड़े होने के लिए भी जगह नहीं बचती। अनेक श्रद्धालु यहां भंडारों का आयोजन करते हैं। श्रावण माह के अलावा मंदिर में शिवरात्रि पर्व, जन्माष्टमी पर्व, स्वामी ओंकारानंद गिरी की पुण्यतिथि के अलावा विशाल दंगल मेला की विशेष पहचान है। इन सभी कार्यक्रमों में हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं। बारिश न होने पर पिंडी को भरा जाता है जल से मान्यता है कि गर्मियों के दिनों अगर सूखा पड़ता है तो शिवलिंग को पूरा जल से भर दिया जाता है। सूखा पड़ने पर सभी ग्रामीण सदाशिव मंदिर पहुंचते है और पूजा अर्चना करते हैं। शिवलिंग को ऊपर तक पानी से भरने पर जोरदार बारिश होती है। ऐसा एक बार नहीं, कई बार हुआ। सूखा पड़ने पर मंदिर में ग्रामीण एकत्रित हुए और शिव शक्ति स्वरूप वाले शिवलिंग को पानी से भर दिया, जिसके बाद जोरदार बारिश होती है। शिव शक्ति स्वरूप शिवलिंग बदलता है रंग जंगलों के बीच चट्टानों पर स्थित शिव शक्ति स्वरूप वाला शिवलिंग अक्सर रंग बदलता है। मंदिर के पुजारी की मानें तो स्वयंभू शिवलिंग समय-समय पर अनेक रंग बदलता है, जो कि अद्भुत दिखता है। स्वयंभू शिवलिंग कभी हरा, कभी लाल तो कभी पत्थर के रंग का हो जाता है। शिवलिंग को फूलों से सजाया जाता है और सदा चांदी के छत्र से इसे शोभित रखते हैं। हैरत की बात है कि हर वर्ष शिवरात्रि के दिन शेष नाग दर्शन देते हैं। गऊ सेवा के अब नंदी सेवा सदाशिव मंदिर में पिछले 8 वर्षों से गऊओं की सेवा की जा रही है। शुरुआत में सिर्फ 2 गऊओं की सेवा शुरू की गई। इसके बाद गऊओं की संख्या बढ़ती गई। मौजूदा समय में मंदिर ट्रस्ट द्वारा गऊ की सेवा की जा रही है। इसके लिए अलग से गौशाला बनाई गई है। मंदिर में जलाई जाने अखंड ज्योत गऊओं के दूध के तैयार किए गए देसी घी से जलाई जाती है। गऊसेवा के बाद अब नंदीशाला का निर्माण किया गया है, जहां पर 100 से अधिक नंदी को रखा जाए। ये वह नंदी है, जो आस-पास के क्षेत्र में बेसहारा घूमते रहते थे। दिव्यांगों व वृद्धों के लिए लगाई लिफ्ट ऊंचाई पर स्थित शिवलिंग के दर्शन करने के लिए दिव्यांगों व वृद्धों को काफी परेशानी पेश आती है। ऐसे में मंदिर द्वारा लिफ्ट लगा दी गई है। जिसके माध्यम से श्रद्धालु आसानी से मंदिर तक पहुंच जाते है। 24 घंटे लगा रहता है लंगर मंदिर में सैकड़ों श्रद्धालुओं के ठहरने की भी काफी व्यवस्था है। मंदिर में दर्जनों सराय है, जहां पर श्रद्धालु रूक सकते हैं। यहां करीब 5000 से अधिक क्षमता के लंगर हाल के साथ-साथ जगह-जगह श्रद्धालुओं के बैठने के लिए अच्छी व्यवस्था की गई है। मंदिर में 24 घंटे लंगर की भी व्यवस्था रहती है। दिन व रात किसी भी समय कोई श्रद्धालु मंदिर पहुंचता है, तो लंगर की व्यवस्था हमेशा रहती है। आस्था के साथ जरूरतमंदों का भी सहारा आस्था का यह केंद्र केवल श्रद्धालुओं की मन्नतों को ही पूरा नहीं करता बल्कि यहां चढ़ाया गया दान अनेक जरूरतमंद लोगों के जीवन का सहारा बन रहा है। मंदिर ट्रस्ट की ओर से समय-समय पर जरूरतमंदों की मदद की जाती है। निर्धन कन्याओं की मदद के लिए उनकी शादी में वर्तमान में 21 सौ रुपए का शगुन भी दिया जाता है। इसके अलावा खाद्य सामग्री भी दी जाती है। अब तक मंदिर ट्रस्ट करीब 900 शादियां करवाई जा चुकी है। यही नहीं मानवता की सेवा के क्रम को बढ़ाते हुए मंदिर ट्रस्ट की ओर से किडनी, कैंसर से पीड़ित मरीजों का उपचार भी करवाया जाता है। तलमेहड़ा क्षेत्र के विकास की अनेक योजनाएं चढ़ावे में मिली राशि का सदुपयोग कर तैयार की जाती है। श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए यात्री निवास, शौचालय, पार्किंग व लंगर जैसी व्यवस्थाएं हैं। मंदिर में करवाई जाती शादियां सदाशिव मंदिर ध्यूंसर महादेव में सन् 2013 से बतौर प्रधान पद प्रवीण शर्मा को काम करने का अवसर मिला। प्रवीण शर्मा के नेतृत्व में समस्त प्रबंधन कमेटी के सहयोग से नई सोच से मंदिर में विकास व सामाजिक जन कल्याणकारी कार्यों शुरू करवाया गया। इसी सोच के तहत गरीब कन्याओं की शादी मंदिर में ही करवाने का निर्णय लिया। ट्रस्ट द्वारा मंदिर में गरीब कन्या की शादी करवाई जाती है, जिसका सारा खर्च मंदिर द्वारा किया जाता है। इसके अलावा खाने-पीने की भी व्यवस्था मंदिर द्वारा की जाती है। अनाथ बच्चों की पढ़ाई में ट्रस्ट कर रहा सहयोग सदाशिव मंदिर ट्रस्ट न केवल गरीब कन्याओं की शादी के लिए बल्कि अनाथ बच्चों की पढ़ाई के लिए भी पूरा खर्च उठाती है। अब तक कई अनाथ बच्चों की मंदिर ट्रस्ट द्वारा पढ़ाई करवाई गई है। मंदिर चेयरमैन प्रवीण शर्मा की मानें तो अगर किसी के माता-पिता नहीं है और पढ़ाई करना चाहते हैं, तो मंदिर द्वारा पूरा पढ़ाई करवाई जाती है। ग्रेजूशन के अलावा अगर कोई बच्चा आईटीआई व डिप्लोमा करना चाहता है, तो ट्रस्ट पूरी मदद करेगा। मंदिर की सुंदरता माया नगरी तक धौमेश्वर मंदिर तलमेहड़ा में हिमाचल पंजाब ही नहीं, बल्कि माया नगरी में भी खनक पहुंच गई है। फिल्मी जगत के सितारे धौमेश्वर मन्दिर तलमेहड़ा में कमेटी द्वारा मंदिर में की गई व्यवस्था से मंत्रमुग्ध हो चुके है। हाल ही में हिंदी एवं पंजाबी जगत के सुपरस्टार गायक मास्टर सलीम द्वारा धौमेश्वर मन्दिर तलमेहड़ा में 'भोले की बारात पार्ट 3 ' की शूटिंग की गई। मास्टर सलीम ने धौमेश्वर मंदिर कमेटी में हुए अथाह विकास और कमेटी द्वारा मंदिर में व्यवस्थाओं का जिक्र किया गया है। सदाशिव मंदिर की दूरी ऊना मुख्यालय के अगर आप अंब रोड़ पर बाया बडूही, जोल होते हुए सदाशिव मंदिर जाते हैं, तो इसकी दूरी 34 किलोमीटर है। इसके अलावा अगर हमीरपुर पर नलवाड़ी, तलमेहड़ा होते हुए मंदिर जाएंगे, तो इसकी ऊना से सदाशिव मंदिर की दूरी 41 किलोमीटर है।
भदसाली के रमन कुमार दिव्यांग होने के बावजूद प्रतिगतिशील किसान बनकर मिसाल पेश की है। रमन कुमार ने दिव्यांग होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और खेतीबाड़ी को अपनाया। रमन कुमार का कहना है कि जब उन्होंने खेतीबाड़ी का कार्य शुरू किया तो वह कैमिकल युक्त खेती करते थे जिससे फसलों की पैदावार में कमी होने के साथ-साथ खेतों की मिट्टी भी खराब हो रही थी। खेतों में रसायनों का प्रयोग करने से सामान्य वर्षा होने पर भी फसल पानी को सोख नहीं पाती थी और फसलें खराब हो जाती थी। रमन कुमार कहते हैं कि रसायन युक्त खेती से छुटकारा पाने के लिए उन्होंने प्राकृतिक खेती की ओर रूख किया तथा पालमपुर में प्राकृतिक खेती की टेनिंग ली। टेनिंग के उपरांत उन्होंने 25 बीघा जमीन पर प्राकृतिक खेती करना शुरू किया जिससे खेतों की मिट्टी सजीव हो उठी है और फसल की पैदावार में बढ़ौतरी हुई तथा कृषि करने की लागत में भी कमी आई हैं। रमन कुमार अरबी, प्याज व लहसुन की खेती करते हैं। उन्होंने बताया कि ज्यादातर प्राकृतिक उत्पाद वह अपने घर से ही विक्रय कर देते हैं। वर्तमान में रमन कुमार प्याज, फूलगोभी, बंदगोभी, ब्रोकली, बैंगन, बैंगन, टमाटर, गेंदा, शिमला मिर्च व हरी मिर्च की पनीरी भी प्राकृतिक खेती की विधि से तैयार कर रहे हैं। प्राकृतिक तरीके से तैयार की हुई सब्जियों की पनीरी लोग उनके घर से ही अच्छे दामों पर खरीद कर लेते है।। इसके अलावा रमन कुमार ने प्राकृतिक खेती के साथ साथ देसी गायें भी पाल रखी है जिसके मल-मूत्र से बनने वाले उर्वरकों का प्रयोग वह प्राकृतिक खेती में करते हैं। देसी गाय खरीदने, संसाधन भंडार और गाय शेड लाईनिंग और घोल बनाने के लिए ड्रम भी विभाग द्वारा अनुदान पर उपलब्ध करवाए गए हैं। रमन कुमार ने बताया कि प्राकृतिक खेती करने के लिए एक माह में लगभग 26 हज़ार रूपये का लेबर खर्च आता है। उन्होंने खेतीबाड़ी का कार्य करने के लिए चार लोगों को भी रोजगार दे रखा है। रमन कुमार प्राकृतिक खेती की विधि से तैयार फसलों मे सालाना 4 लाख रूपये का मुनाफा अर्जित कर रहे हैं। रमन की तरह तिलक राज भी प्राकृतिक खेती कर रहे है। उन्होंने 2019 में प्राकृतिक खेती के लिए 2 दिवसीय ट्रेनिंग लेकर प्राकृतिक खेती की तकनीक को अपनाया। उन्होंने सबसे पहले दो कनाल भूमि पर गेहूं की फसल प्राकृतिक तकनीक से करना आरंभ किया। तिलक राज का कहना है कि पहले वह रसायन युक्त खेती करते थे जिससे खेती की उर्वरकता कम होने के साथ-साथ खेती करने की लागत भी बढ़ रही थी। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष प्राकृतिक खेती के तहत गेहूं की बांसी किस्म के बीज बोए थे जिसके काफी उत्पादन हुआ और 4 हज़ार रूपये प्रति क्विंटल के हिसाब से विक्रय किया जिससे उन्हें काफी मुनाफा हुआ। वर्तमान में विजय कुमार 55 कनाल भूमि पर गेहूं, चने और सरसों की प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। विजय कुमार ने दो देसी गाय भी खरीदी है जिस पर उन्हें 25 हज़ार रूपये के अनुदान मिला है। इसके अतिरिक्त कऊ शेड लाईनिंग और संसाधन भंडार के लिए भी 8 हज़ार रूपये का अनुदान विभाग की ओर से मिला है। वहीं, परियोजना निदेशक आतमा ऊना संतोष शर्मा ने बताया कि जिला ऊना के किसानों ने वर्ष 2018 से प्राकृतिक खेती को अपनाना आरंभ किया था। उन्होंने बताया कि सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती के अंतर्गत प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को 7 सात दिन का प्रशिक्षण पालमपुर विश्वविद्यालय में दिया जाता है। प्रशिक्षण में किसानों को देसी गाय के गोबर, गोमूत्र व खट्टी लस्सी ने बनाए जाने वाले विभिन्न घटकों बारे बताया जाता है। देसी गाय के गौबर व गोमूत्र से जीवामृत, बीजामृत व घनजीवामृत तथा पौध संरक्षण सामग्री को तैयार किया जाता है। उन्होंने बताया कि जीवामृत पौधों व धरती के लिए अमृत के तुल्य है। जीवामृत से बीजों का उपचार और घनजीवामृत से सूखी खाद तैयार की जाती है जोकि फसलों के लिए काफी फायदेमंद होती है।
बाल विकास परियोजना रिवालसर के अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका के रिक्त पड़े कुल आठ पदों को भरा जाना हैं। इसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का एक पद तथा सहायिका के सात पद शामिल हैं। इन पदों के लिए पात्र व इच्छुक उम्मीदवार एक मई को सायं 5 बजे तक बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) रिवालसर कार्यालय में सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं, जबकि साक्षात्कार 4 मई को प्रात 11 बजे से उपमण्डलाधिकारी कार्यालय बल्ह में लिया जाएगा। यदि किसी कारणवश कोई उम्मीदवार निर्धारित तिथि व समय तक आवेदन पत्र जमा नहीं करवा पाता है तो ऐसे पात्र उम्मीदवार आवश्यक दस्तावेजों के साथ साक्षात्कार वाले दिन भी अपना आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं। इस बारे जानकारी देते हुए बाल विकास परियोजना अधिकारी रिवालसर संजीव ने बताया कि आंगनबाडी कार्यकर्ता का रिक्त पद ग्राम पंचायत बैरी के आंगनबाड़ी केंद्र अंद्रेटा में भरा जाना है। इसी तरह आंगनबाड़ी सहायिका के कुल सात रिक्त पदों में से ग्राम पंचायत रियूर का आंगनबाड़ी केंद्र सुक्का रियूर, ग्राम पंचायत दूसरा खाबू का सेरला खाबू-।।, लोअर रिवालसर के आंगनबाड़ी केंद्र धार-1 और धार-।।, डहणु का डहणु, कोठी का समलेहड़, बैहल पंचायत का मोहरी में एक-एक पद भरा जाना है। चयनित होने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका को निर्धारित दर पर प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। उन्होने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्र्ता व सहायिका के पदों हेतु केवल ऐसी महिला उम्मीदवार ही पात्र होंगी जिनकी आयु 21 से 45 वर्ष के मध्य होगी। इसके अलावा प्रार्थी का नाम संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र के परिवारों की सूची में शामिल हो तथा प्रार्थी के परिवार की वार्षिक आय 35 हजार रुपये से अधिक न हो एवं इस बारे कार्यकारी दंडाधिकारी द्वारा आय प्रमाण पत्र जारी किया हो। इसके अतिरिक्त आवेदक का नाम पंचायत रजिस्टर में एक जनवरी, 2023 से पहले पंजीकृत होना चाहिए। सीडीपीओ ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास जबकि सहायिका के लिए आठवीं पास होना अनिवार्य है। इन रिक्त पदों के लिए इच्छुक व पात्र महिला उम्मीदवार सभी आवश्यक दस्तावेजों सहित एक मई सायं पांच बजे तक बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय रिवालसर को अपना आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं। यदि किसी कारणवश कोई उम्मीदवार निर्धारित तिथि व समय तक अपना आवेदन प्रस्तुत नहीं करवा पाता है तो साक्षात्कार वाले दिन भी सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। उन्होने बताया कि 4 मई को प्रातः 11 बजे से एसडीएम कार्यालय बल्ह में साक्षात्कार लिया जाएगा। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय रिवालसर से संपर्क किया जा सकता है।
सोलन जिले के बद्दी में इस वर्ष पहली अक्टूबर से उपमंडलाधिकारी (एसडीएम) का कार्यालय खोला जाएगा। यह घोषणा मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश के मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण करने के बाद, दून विधानसभा क्षेत्र के पहले दौरे के दौरान हनुमान चौक बद्दी में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए की। उन्होंने बद्दी में बीएमओ कार्यालय और झारमाजरी में पटवार वृत खोलने की घोषणा भी की। उन्होंने अधिकारियों को बद्दी बस स्टैंड की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि पिछली सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन के कारण राज्य के प्रत्येक व्यक्ति पर 92,840 रुपये का ऋण है, जिससे राज्य को आर्थिक संकट के दौर का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि राज्य के विभिन्न व्ययों का प्रबंधन करने में मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार को पिछली सरकार की देनदारियों को चुकाने के लिए 6000 करोड़ रुपये का ऋण लेना पड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने के बाद वे वित्तीय अनुशासन के दृष्टिगत निर्णय लेकर राज्य की आर्थिक स्थिति को पटरी पर लाने के लिए ठोस प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार संसाधन जुटाने के लिए काम कर रही है, ताकि विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं के लिए राज्य के पास धन उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में स्थापित जलविद्युत परियोजनाओं पर जल उपकर लगाया गया है, जिससे राज्य की वित्तीय स्थिति में काफी सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने राज्य की शराब की दुकानों की नीलामी की है, जिससे राजस्व में 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार ने राज्य के 6000 अनाथ बच्चों के लिए मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना आरंभ की है, ताकि सरकार द्वारा अनाथ बच्चों की देखभाल सुनिश्चित की जा सके। योजना के तहत अनाथ बच्चों की उच्च शिक्षा का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। इसके साथ ही 4000 रुपये पॉकेट खर्च के तौर पर दिए जाएंगे और वर्ष में एक बार उनके एक्सपोजर विजिट का व्यय भी सरकार वहन करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा अनाथ बच्चों को घर बनाने के लिए तीन बिस्वा जमीन और आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। राज्य सरकार जरूरतमंद लोगों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति से अवगत है और उनके जीवन में सुधार के लिए विभिन्न कदम उठा रही है ताकि वे एक सम्मानित जीवन जी सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए एक प्रतिशत की दर से ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि कोई भी बच्चा संसाधनों के अभाव में शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि एकल नारी को घर बनाने के लिए डेढ़ लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का बजट में प्रावधान किया गया है। इसके अलावा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बजट में कई प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ई-ट्रक, ई-बस, ई-टैक्सी और ई-गुड्स कैरियर की खरीद के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान करेगी जिसके कि न केवल हिमाचल प्रदेश को देश का हरित राज्य बनने में सहायता मिलेगी, बल्कि युवाओं को स्वरोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए 250 किलोवाट से 2 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने पर 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नई निवेश नीति लाई जा रही है, जिससे उद्यमियों के साथ-साथ प्रदेश की जनता को भी लाभ होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नशा निवारण व मादक पदार्थों के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने के दृष्टिगत भी गंभीर प्रयास कर रही है और उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस संबंध में सख्त कानून बनाने का आग्रह भी किया है। मुख्यमंत्री ने दून विधानसभा क्षेत्र के बुघार में बनिया देवी-बुघार मार्ग पर गंभर खड्ड पर 5.16 करोड़ की लागत के पुल का लोकार्पण किया जिससे कि अर्की, दून और कसौली विधानसभा क्षेत्र के लोग लाभान्वित होंगे। उन्होंने बद्दी क्षेत्र के कल्याणपुर में 3.33 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित महिला पुलिस थाने का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने हरिपुर से चुनरी संपर्क रोड में सिरसा खड्ड पर 11.44 करोड़ रुपये की लागत के 180 मीटर लंबे डबल लेन पुल का शिलान्यास, बद्दी में सनसिटी रोड पर 1.50 करोड़ रुपये की लागत से साइकिल ट्रैक और 87 लाख रुपये की लागत से बनने वाले लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता कार्यालय एवं आवासीय भवन का शिलान्यास भी किया।
धर्मशाला में रेसलिंग अकादमी खोली जाएगी, ताकि ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को उपयुक्त सुविधा व संसाधन मिल सकें। धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा ने यह बात चैतड़ू के समीप भीम टिल्ला छिंज मेले में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए कही। उन्होंने कुश्ती समेत अन्य ग्रामीण खेलों को बढ़ावा देने पर बल दिया। इस मौके सुधीर शर्मा ने सैंकड़ों लोगों के साथ बैठकर दंगल प्रतियोगिता का आनंद लिया और विजेता व उपविजेता पहलवानों को इनाम देकर सम्मानित किया। प्राचीन खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाना जरूरी सुधीर शर्मा ने कहा कि ग्रामीण खेलों को नई ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए युवाओं में प्राचीन खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि गांवों में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की आवश्यकता है ताकि युवा ऊर्जा रचनात्मक तथा सकारात्मक दिशा में अग्रसर हो। साथ ही यह भी आवश्यक है कि खिलाड़ियों को उचित सुविधाएं मिलें। उन्होंने कहा कि वे ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मेला समिति को दिए 1.50 लाख सुधीर शर्मा ने कहा कि भीम टिल्ला दंगल आपसी मेलजोल का बड़ा प्रतीक है। इस मेले में कई पंचायतों के लोग एक मंच पर आकर संयुक्त रूप से आयोजन करके एकता का संदेश देते हैं। इस अवसर पर उन्होंने मेला समिति को 1.50 लाख रुपये देने की घोषणा की। इसमें वे 51 हजार रुपये अपनी ओर से तथा 1 लाख रुपये विधायक निधि से देंगे। अगले साल मनेड़ मैदान में होगा छिंज मेला विधायक ने मेला कमेटी के सुझाव के अनुरूप अगले साल से मेले का आयोजन मनेड़ मैदान में कराने की बात कही, ताकि मेले के आयोजन को खुली जगह मिले तथा बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग मेले का भरपूर आनंद ले सकें। अभी जहां मेला होता है वो जगह सड़क के बिल्कुल साथ है और जगह भी बहुत कम है, इसलिए सभी की सुविधा को देखते हुए अगले वर्ष से मेला मनेड़ पंचायत के ग्राउंड में शिफ्ट किया जाएगा । उन्होंने कहा कि मेले के लिए मैदान के विकास और रखरखाव का खर्च सरकार वहन करेगी। धर्मशाला में तेजी से घूम रहा विकास का पहिया सुधीर शर्मा ने कहा कि धर्मशाला हलके में शहर से लेकर गांव तक विकास कार्यों को तेजी दी जा रही है। किसान बहुल इलाकों में कूल्हों को सुधारा जा रहा है। कृषि बीमा से किसानों को जोड़ा जा रहा है। किसानों को उन्नत किस्मों के बीज दिलाए जा रहे हैं। मोटे अनाज के उत्पादन को प्रमोट किया जा रहा है। पास्सू में ओबीसी भवन और सब्जी मंडी पर काम जारी है। खेती के साथ बागवानी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। मेले में पहलवानों ने दिखाया दमखम भीम टिल्ला छिंज मेले में उतरी भारत के कई इलाकों से पहलवानों ने दमखम दिखाया। इसमें पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, यूपी आदि राज्यों के नामी अखाड़ों से रेस्लर पहुंचे। सुधीर शर्मा ने सभी से खेल भावना का पालन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल में कुश्ती एक लोकप्रिय खेल है। इसे हम सब मिलजुलकर सहेजेंगे। इस दौरान मेला कमेटी के प्रधान कुलदीप काकू ने विधायक को सम्मानित किया। इस अवसर पर मनेड़ पंचायत प्रधान प्रधान मलकीत सिंह, मीका, बगली की प्रधान शालिनी देवी, बीडीसी उपाध्यक्ष विपन कुमार केसीसी बैंक के एजीएम कुलदीप भारद्वाज सहित स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि राज्य सरकार ने शिमला में डीकार्बोनाइजिंग ट्रांसपोर्ट के दृष्टिगत स्थायी गतिशीलता समाधान की निगरानी और उसे बढ़ावा देने के लिए एक ग्रीन मोबिलिटी कमेटी का गठन किया है। उन्होंने कहा कि प्रधान सचिव, परिवहन समिति के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, हिमाचल पथ परिवहन निगम, निदेशक, परिवहन, आयुक्त, नगर निगम, शिमला, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, शिमला स्मार्ट सिटी, प्रमुख अभियंता, हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग, शिमला, निदेशक रोपवे और रैपिड ट्रांजिट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, मुख्य अभियंता, एच.पी. स्टेट रोड एंड अदर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, प्रबंध निदेशक, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड, निदेशक, पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग इसके सदस्य होंगे। उन्होंने कहा कि सचिव, एसटीए-सह-अतिरिक्त आयुक्त, परिवहन समिति के सदस्य सचिव होंगे। उन्होंने कहा कि समिति इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग के मद्देनज़र एक टिकाऊ योजना विकसित करेगी, जो शिमला शहर में डी-कार्बोनाइजेशन के लिए मदद करेगी। उन्होंने कहा कि अंतर-विभागीय सहयोग के लिए एक मंच के रूप में काम करना समिति के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि समिति कार्यशालाओं और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के आयोजन, पायलट परियोजनाओं पर विचार-मंथन करने, परियोजना निष्पादन में तेजी लाने के लिए मौजूदा योजनाओं का विलय करने के अलावा समय-सीमा के साथ कार्ययोजना को परिभाषित करने में सहायता करेगी। उन्होंने कहा कि इस कमेटी की बैठक हर तिमाही में एक बार आयोजित की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश के दूरदराज इलाकों और बर्फ से ढकी चोटियों में कई रहस्य छुपे है। ऐसी ही एक जगह है स्पीति घाटी जो अपने ठंडे रेगिस्तान और जादुई प्राकृतिक सौंदर्य के साथ अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करती है। इसी स्पीति घाटी में करीब 10,000 फीट की ऊंचाई पर मौजूद है मजबूत ताबो मठ। यह मठ भारत के सबसे पुराने मठों में से एक है। यह भारत और हिमालय का सबसे पुराना मठ है जो अपनी स्थापना के बाद से लगातार काम कर रहा है। यह आकर्षक मठ ‘हिमालय के अजंता’ के रूप में प्रसिद्ध है। ऐसा इसलिए कहा जाता है क्यूंकि इस मठ की दीवारों पर अजंता की गुफाओं की तरह आकर्षक भित्ति और प्राचीन चित्र बने हुए हैं। मिट्टी की मोटी दीवारों से बना ये मठ किले जैसा दिखता है। बौद्ध संस्कृति के ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण स्थलों में से एक होने के नाते, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने इसके रखरखाव और संरक्षण की जिम्मेदारी संभाली है। यह मठ 6300 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला है और बौद्ध समुदाय के लिए एक अनमोल खजाना है। ताबो घाटी के ठंडे रेगिस्तान में और मिट्टी की ईंटों की ऊंची दीवारों से ढका यह समृद्ध विरासत स्थल बौद्ध भिक्षुओं द्वारा अत्यधिक पूजनीय है और तिब्बत में थोलिंग गोम्पा के बाद दूसरे स्थान पर आता है। इस गोंपा यानि मठ की स्थापना लोचावा रिंगचेन जंगपो ने 996 ई. में की थी। लोचावा रिंगचेन जंगपो एक प्रसिद्ध विद्वान थे। ताबो मठ परिसर में कुल 9 देवालय हैं, जिनमें से चुकलाखंड, सेरलाखंड एवं गोंखंड प्रमुख है। ये सभी मिट्टी से बने हैं और 1000 से अधिक वर्षों से इसी तरह खड़े हैं। मुख्य मंदिर में एक सभा कक्ष है जहां भिक्षु एक साथ प्रार्थना करते थे। मठ के भीतर सभी दीवारें बौद्ध कथाओं से रंगी हुई हैं। कहते है ताबो भित्ति चित्रों ने बौद्ध धर्म की विरासत को संरक्षित रखा हुआ है। चुकलाखंड (देवालय) की दीवारों पर बहुत ही सुंदर चित्र अंकित हैं। इसमें बुद्ध के संपूर्ण जीवन को चित्रों के माध्यम से बताने का प्रयास किया गया है। बुद्ध के आलावा विभिन्न बोधिसत्वों के जीवन की कहानियां भी यहां मौजूद हैं। दिलचस्प बात यह है कि ताबो मठ के चित्र दो अलग-अलग चरणों को दिखाते है। 996 सीई का पहला चरण स्पष्ट स्थानीय और मध्य एशियाई प्रभाव दिखाता है, जबकि 11वीं सदी के दूसरे चरण में स्पष्ट कश्मीरी और पूर्वी भारतीय (पाल वंश) का प्रभाव दिखाई देता है। दीवारों पर बोधिसत्वों की 33 प्लास्टर मूर्तियां भी हैं। गोंपा में बहुत ही पुराने धर्म ग्रंथ ( तिब्बती भाषा में लिखे हुए है) एवं बौद्ध धर्म से संबंधित बहुत पुरानी पांडुलिपि भी मौजूद है। ताबो गोंपा के चित्र अजंता गुफा के चित्रों से मेल खाते हैं इसलिए ताबो गोंपा को हिमालयन अजंता के नाम से भी जाना जाता है। पुराने मठ परिसर के बगल में, एक नया मठ और एक सभा हॉल है। अन्य मंदिर आमतौर पर बंद रहते हैं, लेकिन भिक्षु आपके अनुरोध पर उन्हें आपके लिए खोल सकते हैं। ये मंदिर तारा और बुद्ध मैत्रेय जैसे बौद्ध देवताओं के हैं। ताबो मठ में चित्रों की कोई फोटोग्राफी की अनुमति नहीं है, हालांकि आप परिसर के बाहर की तस्वीरें ले सकते हैं। इन सुंदर चित्रों के चित्र पोस्टकार्ड भिक्षुओं के पास बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। कहा जाता है कि साल 1975 में आए एक भूकंप ने इस मठ की संरचना को काफी नुकसान पहुंचाया था, लेकिन इसकी इमारत की बेहतर गुणवत्ता ने इसे गिरने नहीं दिया। बाद में साल 1983 में, 14वें दलाई लामा ने इसे फिर बनाने का काम शुरू करवाया था। मठ के ठीक ऊपर पहाड़ी पर कुछ ध्यान गुफाएँ भी दिखाई देती हैं जो अभी भी भिक्षुओं द्वारा उपयोग की जाती हैं। इस मठ में लगभग 60 से 80 लामा प्रतिदिन बौद्ध धर्म का अध्ययन करते हैं। इनकी दैनिक चर्या बौद्ध धर्म के धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन एवं स्थानीय लोगों के अनुरोध पर उनके घरों में जाकर धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करना एवं पूजा पाठ करना है। मुख्य मंदिर के मध्य में वेरोकाना की मूर्ति है, जो मुख्य मंदिर को चारों दिशाओं से मुखारबिंद किए हुए है। साथ ही उनके चारों तरफ मंदिर की दीवार के मध्य में दुरयिंग की मूर्तियां हैं। इनमें महाबुद्ध अमिताभ, अक्षोभया, रत्ना सभा की मूर्तियां प्रमुख हैं। यह मोनेस्ट्री भारत में सबसे पुरानी कोब संरचना है। कोब यानि प्राकृतिक चीज़ों से बना एक तरह का मिट्टी का घर। बनाने में मुख्य रूप से कच्ची मिट्टी का उपयोग किया गया है। इतना ही नहीं, यहां के पारंपरिक घरों की फ्लैट छतों में भी मिट्टी ही इस्तेमाल की गई है। देवताओं ने एक रात में बनाए थे यहां चित्र ! वर्ष 1983 एवं 1996 में 14वें दलाई लामा ने यहां कालचक्र समारोह का आयोजन किया। इस कालचक्र समारोह में दीक्षा एवं पुनर्जीवन जैसे विषयों पर चर्चा की गई। यहां हर चार वर्ष में एक बार चाहर मेला लगता है, जो अक्टूबर माह में होता है। इस मठ के गर्भगृह में अलौकिक भित्ति चित्र देखने को मिलते हैं। इन्हें लेकर मान्यता है कि यह सभी चित्र देवताओं ने एक ही रात में बनाए थे। शायद यही वजह है कि यहां बने भित्ति चित्रों जैसी भाव-भंगिमाएं विश्वभर में कहीं और देखने को नहीं मिलती। मठ पर नहीं होता बर्फबारी का असर आपको यह जानकर हैरानी होगी है कि गोंपा परिसर के सभी मठों की दीवारें, छतें, सब कुछ मिट्टी से निर्मित है। इन्हें बने हुए हजारों वर्षों से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन इसकी अनूठी वास्तुकला पर बारिश और बर्फबारी का कोई असर नहीं होता। इसे दैवीय शक्तियों का आशीर्वाद माना जाता है। बता दें कि 1975 के भूकंप के बाद मठ का पुनर्निर्माण किया गया है। ऐतिहासिक धरोहर के रूप में इस मठ का संरक्षण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को सौंपा गया है। इस मठ का नाम यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है। दूर-दूर से लोग इस मठ को देखने आते हैं। सदियों से कोब की मजबूत दीवारों ने अपने भीतर की इस सुंदरता को संभालकर रखा है। हालांकि, आज इस मठ को जिन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, वे पहले की तुलना में अधिक गंभीर हैं और इसका सबसे बड़ा कारण है जलवायु परिवर्तन। स्पीति घाटी में होने वाली तेज बारिश से मठ की दीवारों पर बनी कलाकृतियां धुंधली होती जा रही हैं। यूएन वर्ल्ड कमीशन ने पर्यावरण और विकास को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने भविष्य में ज्यादा से ज्यादा प्राकृतिक वस्तुओं का उपयोग करके सस्टेनेबल कंस्ट्रक्शन पर जोर देने की वकालत की है। उनके अनुसार, पुरानी शैली से प्रेरणा लेकर हमें बिना प्रकृति को नुकसान पहुचाएं, मजबूत और अच्छी इमारतें बनाने पर ध्यान देना होगा।


















































