रक्कड़ : मुंबई में रहने वाले हिमाचल प्रदेश के निवासियों ने आधिकारिक रूप से शिव शक्ति परिवार हिमाचल प्रदेश नामक एक नया संगठन बनाया है, जिसके तहत व्यक्तियों के संघ (AOP) का समझौता किया गया है। इस संगठन का मुख्य उद्देश्य fमुंबई में भव्य शिव नुआला का आयोजन करना है—यह एक पवित्र अनुष्ठान है, जो भगवान शिव के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनकी दिव्य कृपा प्राप्त करने के लिए किया जाता है। यह संगठन सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार तथा भक्तों के बीच एकता को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। संगठन में राजिंदर के. कपूर को अध्यक्ष, वीना सिप्पी उपाध्यक्ष, संजय कपूर सचिव जोगराज कपूर कोषाध्यक्ष, चोक्कस भारद्वाज मुख्य संरक्षक, दुष्यंत पाह्ल सोशल मीडिया प्रभारी एवं संयोजक बनाया गया। इसके अलावा, एक सम्मानित सलाहकार समिति भी गठित की गई है, जिसमें कैप्टन सोमराज, हुकम सिंह, अवतार सिंह, कमलेश कपूर, डॉ. रुपाली कपूर और लव कपूर शामिल हैं। संस्था के गठन पर बोलते हुए, अध्यक्ष राजिंदर कपूर ने कहा कि इस संगठन का उद्देश्य भक्तों और सांस्कृतिक प्रेमियों को एकजुट करना और अपने गृह राज्य से बाहर भी शिव नुआला का प्रचार-प्रसार करना है। यह आयोजन आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक एकता का प्रतीक होगा और एक सांस्कृतिक सेतु के रूप में कार्य करेगा, जिससे हिमाचल प्रदेश की परंपराएं मुंबई और अन्य स्थानों पर भी जीवंत बनी रहेंगी। एक सशक्त नेतृत्व टीम और समर्पित सलाहकार मंडल के साथ, शिव शक्ति परिवार हिमाचल प्रदेश धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है। यह संगठन सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने और पारंपरिक मूल्यों को संरक्षित करने के लिए निरंतर कार्य करेगा।
विकास खंड सोलन की पट्टा बरावरी पंचायत के पेंशनर्स एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन इकाई पट्टा बरावरी-हरिपुर की मासिक बैठक पट्टा बरावरी इकाई के पेंशनर्स कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता इकाई के अध्यक्ष जगदेव गर्ग ने की। बैठक में पेंशनर्स ने सरकार की नीतियों पर नाराजगी व्यक्त की। जगदेव गर्ग ने कहा कि प्रदेश सरकार को कार्यभार संभाले लगभग दो साल हो गए हैं, लेकिन अभी तक संयुक्त सलाहकार समिति का गठन नहीं किया गया है और न ही लंबित पेंशन मामलों का निपटारा हुआ है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 से सरकार ने पेंशनर्स के लिए वेतन आयोग लागू किया था, लेकिन 2016 से जनवरी 2022 तक का एरियर अभी तक नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 से जनवरी 2022 तक सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों की बड़ी संख्या अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने के लिए मजबूर हो रही है। 11% महंगाई भत्ता केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को पहले ही दे चुकी है, लेकिन प्रदेश सरकार इस पर टालमटोल कर रही है। विभिन्न विभागों में मेडिकल के बिलों की अदायगी नही कर रही है और न ही बजट में इसका प्रावधान कर रही है। बैठक में महासचिव भरतराम ठाकुर, उपाध्यक्ष रामनाथ कश्यप, उप-प्रधान दुनीचंद ठाकुर, खेमचंद ठाकुर, संयुक्त सचिव विशनदास, प्रेस सचिव रोशन लाल गौड़, नेकराम कौंडल, स्नेहलता, ब्रह्मदास शर्मा, शिवदत्त शर्मा आदि पेंशनर्स ने भाग लिया।
प्रदेश एवं सोलन ज़िला के किसानों एवं पशुपालकों की आर्थिकी को सुदृढ़ करने और किसानों को उचित दर पर गोबर एवं कम्पोस्ट उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा गोबर एवं कम्पोस्ट की खरीद आरम्भ कर दी गई है। यह जानकारी कृषि विभाग सोलन के उप निदेशक देव राज कश्यप ने दी। देव राज कश्यप ने कहा कि विभाग ने सोलन ज़िला के नालागढ़ से गोबर एवं कम्पोस्ट खरीद आरम्भ की है। अभी तक नालागढ़ के मंझोली में किसानों से 45 क्विंटल गोबर एवं कम्पोस्ट की खरीद की गई है। उन्होंने कहा कि ज़िला के विभिन्न स्थानों पर किसानों से वृह्द स्तर पर गोबर एवं कम्पोस्ट की खरीद की जाएगी। यह खरीद 03 रुपए प्रति किलो की दर पर की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस योजना से किसानों की आय में आशातीत वृद्धि होगी तथा रयासन मुक्त सब्जियों व फलों के उपयोग से लोगों के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा फसलों में प्रयोग में लाए जाने वाले रसायन युक्त कीटनाशकों से भूमि की उर्वरा शक्ति, वायु संचरण व गुणवत्ता नष्ट हो रही है। इससे स्वास्थ्य पर भी वितरित प्रभाव पर रहा है। वृह्द स्तर पर गोबर खाद के उपयोग से जहां भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी वहीं लोगों को बेहतर कृषि उत्पाद प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि योजना के पूर्ण रूप से लागू होने पर कृषि आर्थिकी मज़बूत बनेगी और प्रदेश सरकार के महत्वकांक्षी प्राकृतिक खेती अभियान को गति मिलेगी। उप निदेशक ने कहा कि कम्पोस्ट खरीद योजना का लाभ उठाने के लिए किसान कृषि विभाग के खण्ड स्तरीय कृषि अधिकारियों से सम्पर्क कर सकते हैं।
भारतीय थल सेना में अग्निवीर योजना के तहत सोलन, शिमला, सिरमौर व किन्नौर के युवाओं के लिए पंजीकरण आरम्भ हो गया है। यह पंजीकरण वर्ष 2025-26 के लिए किया जा रहा है। यह जानकारी भर्ती कार्यालय शिमला की भर्ती निदेशक कर्नल पुष्विंदर कौर ने दी। कर्नल पुष्विंदर कौर ने कहा कि इच्छुक युवा www.joinindianarmy.nic.in पर 10 अप्रैल, 2025 तक पंजीकरण करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अग्निवीर योजना के लिए उम्मीदवार की पात्रता तथा शर्ते www.joinindianarmy.nic.in वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 से उम्मीदवार पात्र दो ट्रेड्स के लिए पंजीकरण करवा सकते है। उम्मीदवारों की सुविधा के लिए वेबसाइट पर वीडियो लिंक भी उपलब्ध करवाया गया है। इस वीडियो लिंक के माध्यम से उम्मीदवार बदली हुई पंजीकरण प्रक्रिया में कैसे पंजीकरण करवाएं और ऑनलाइन परीक्षा में उपस्थित रहने के सम्बन्ध में समुचित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। भर्ती कार्यालय की निदेशक ने कहा कि अग्निवीर जनरल ड्यूटी, अग्निवीर लिपिक, स्टोरकीपर टेक्निकल, अग्निवीर ट्रेड्समैन, अग्निवीर टेक्निकल के लिए ऑनलाइन परीक्षा विभिन्न केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। इन केंद्रों की जानकारी उम्मीदवारों को उपरोक्त वेबसाइट पर मिल जाएगी। कर्नल पुष्विंदर कौर ने कहा कि इच्छुक उम्मीदवार पंजीकरण करने से पूर्व उक्त वेबसाइट पर भर्ती के लिए पात्रता व अन्य शर्तों का अवलोकन करना सुनिश्चित करें।
दयानंद आदर्श विद्यालय में आज इंटर हाउस इंग्लिश डिक्लेमेशन कंपटीशन का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य छात्रों की स्पीकिंग स्किल्स और आत्मविश्वास को बढ़ावा देना था। इस प्रतियोगिता में विद्यालय के चारों सदनों के विद्यार्थियों ने भाग लिया और अपनी वक्तृत्व कला का प्रदर्शन किया। विद्यालय की प्रिंसिपल ऊषा मित्तल ने बताया कि इस तरह की प्रतियोगिताओं से बच्चों में नेतृत्व क्षमता और अच्छे वक्ता बनने की योग्यता विकसित होती है। जिससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ता है। जूनियर कैटेगरी में विजयनंद सदन की अक्षरा चौहान, श्रद्धानंद सदन की नाभ्या शर्मा, और विवेकानंद सदन के अखिकेश को बेस्ट स्पीकर चुना गया। जबकि दयानंद सदन के आदित्य शर्मा ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। सीनियर कैटेगरी में विवेकानंद सदन की इच्छा सूर्यवंशी और दयानंद सदन के नितिन बिष्ट को बेस्ट स्पीकर के रूप में सम्मानित किया गया, जबकि विजयनंद सदन की साक्षी और श्रद्धानंद सदन की हर्षिता ठाकुर ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता के जज के रूप में स्कूल प्रिंसिपल ऊषा मित्तल, रोमिला कंवर, फूलाधर, और सुमिती चंदेल उपस्थित रही। कार्यक्रम का मंचन 12वीं कक्षा की तान्या और प्रियंशी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रिंसिपल ऊषा मित्तल ने सभी प्रतिभागियों को बधाई दी और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाते हुए उन्हें भविष्य में और सफलता की शुभकामनाएं दीं।
राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय तिरुपति में केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालयों की दो दिवसीय बैठक का सफल आयोजन किया गया। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई, जिनमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों का मानकीकरण, पुस्तकालय और ज्ञान संसाधनों का परस्पर आदान-प्रदान, शोधार्थियों के लिए समान शोध नियमावली, सह-निर्देशक और शोध मार्गदर्शकों की नियुक्ति, संयुक्त डिग्री और समवर्ती उपाधि प्रणाली, तीनों विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों की गतिशीलता, क्षमता निर्माण कार्यक्रमों का आयोजन, वैश्विक स्तर पर संस्कृत के प्रचार-प्रसार हेतु आपसी सहयोग, बहुविषयक और अंतःविषयक पाठ्यक्रमों का संचालन, क्रेडिट ट्रांसफर, संकाय विनिमय कार्यक्रम, ऑनलाइन पाठ्यक्रमों की मान्यता, संयुक्त अनुसंधान पहल, ‘उत्कर्ष महोत्सव’ की रूपरेखा, समझौता ज्ञापन (MoU) का प्रभावी क्रियान्वयन और रणनीति, अखिल भारतीय क्षेत्रीय सामाजिक-शैक्षिक प्रतियोगिताएँ, छात्रवृत्तियों की समानता और विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रैंकिंग में सुधार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेडी, राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जी. एस. आर. कृष्णमूर्ति, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति मुरली मनोहर पाठक, परीक्षा नियंत्रक आर. जी. मुरलीकृष्ण, शैक्षणिक अधिष्ठाता पवन कुमार, मदनमोहन झा सहित तीनों केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालयों के संकायाध्यक्ष, अधिष्ठाता और उच्च प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में कुलपतियों, संकायाध्यक्षों और वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों का गहन अध्ययन किया और उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर सहमति व्यक्त की। केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेडी ने इस अवसर पर कहा कि उच्च शैक्षिक मानकों की स्थापना, संयुक्त शोध कार्यों को प्रोत्साहन, और संस्कृत की समृद्ध धरोहर के संरक्षण व संवर्धन के प्रति संस्थानों की एकीकृत प्रतिबद्धता इस समझौते (MoU) की आधारशिला होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह समझौता संसाधनों के साझा उपयोग, छात्र और संकाय विनिमय कार्यक्रमों के विस्तार और संयुक्त पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करते हुए एक नए युग की शुरुआत करेगा। प्रो. वरखेडी ने कौशल विकास के परिप्रेक्ष्य में पारंपरिक पाठ्यक्रमों को रोजगारोन्मुखी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि अनुसंधान आधारित नवाचारों को भी इसमें शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने संस्कृत विश्वविद्यालयों को एक वैश्विक संस्थान के रूप में विकसित करने के लिए सामूहिक प्रयासों की महत्ता को रेखांकित किया और कहा कि संयुक्त संवाद व सहयोग के आधार पर ही संस्कृत शिक्षा के उत्थान की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि संस्कृत विश्वविद्यालयों को वैश्विक परिप्रेक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यह समझना होगा कि आज की दुनिया में भारत से क्या अपेक्षाएं हैं विश्वविद्यालयों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में खुद को स्थापित करने के लिए संगठित प्रयास करने की आवश्यकता है।वरखेडी ने यह भी सुझाव दिया कि स्थानीय और लघु उद्योगों के साथ समन्वय स्थापित कर छात्रों के कौशल विकास, इंटर्नशिप कार्यक्रमों के सुव्यवस्थित संचालन, और शिक्षकों के लिए रिफ्रेशर कोर्स और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए ताकि वे अपने विषयों में अद्यतन बने रहें। इससे न केवल छात्र संस्कृत अध्ययन की ओर आकर्षित होंगे, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता में भी अभूतपूर्व सुधार होगा। बैठक में जी. एस. आर. कृष्णमूर्ति और प्रो. मुरली मनोहर पाठक ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के क्रियान्वयन और विभिन्न शैक्षणिक क्षेत्रों में विश्वविद्यालयों द्वारा किए गए नवाचारों की जानकारी दी। बैठक में प्रो. सर्वनारायण झा, सुदेश कुमार शर्मा, बनमाली बिश्वाल, ललित कुमार त्रिपाठी, रामकांत पांडेय, ललित कुमार साहू, पी. वी. सुब्रमणियम, नारायण सिंघा, मधुकेश्वर भट्ट और डॉ. डी. दयानाथ सहित कई गणमान्य विद्वान उपस्थित रहे। बैठक का समापन संस्कृत शिक्षा के सर्वांगीण विकास और तीनों केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालयों के बीच आपसी सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता के साथ हुआ। उपरोक्त जानकारी केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर के दिल्ली स्थित मुख्यालय के डीन प्रो. मदनमोहन झा ने दी।
सरार, हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले के सलूनी तहसील का एक छोटा सा गांव, जो सलूनी से लगभग 8 किलोमीटर और चम्बा से 60 किलोमीटर दूर स्थित है। यह गांव अपने शांतिपूर्ण वातावरण और अपूर्व प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। चारों ओर हरे-भरे पहाड़, घने जंगल और ताजगी से भरपूर हवा इस गांव को एक आदर्श स्थान बनाते हैं। गांव सरार में एक प्रमुख धार्मिक स्थल है - वासुकी नाग जी का मंदिर। यह मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसकी अद्भुत वास्तुकला और शांतिपूर्ण वातावरण भी लोगों को आकर्षित करता है। गांव के पास एक सुंदर झील भी है, जो एक समय में लगभग 12 बीघा में फैली हुई थी। यह झील गांव की प्राकृतिक सुंदरता का अहम हिस्सा थी, लेकिन बढ़ते प्रदूषण और गंदगी के कारण इसका पानी सूख गया है। यहाँ के लोगों का कहना है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है, अगर झील को साफ और संरक्षित किया जाए, तो यह फिर से अपनी खोई हुई सुंदरता को प्राप्त कर सकती है और पर्यटकों के लिए एक आकर्षण का केंद्र बन सकती है। यदि सरकार और स्थानीय प्रशासन इस झील का जीर्णोद्धार करते हैं, तो यह न केवल गांव की प्राकृतिक धरोहर को संरक्षित कर सकता है, बल्कि यह एक प्रमुख पर्यटन स्थल भी बन सकता है। झील के पुनर्निर्माण से पर्यटक यहां आ सकते हैं और गांव की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है। सरार गांव, इसके मंदिर, झील और पहाड़ों के साथ, प्रकृति प्रेमियों और शांति चाहने वालों के लिए एक आदर्श स्थल बन सकता है। यदि इसे एक संरक्षित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए, तो यह न केवल गांव की सुंदरता को बचा सकता है, बल्कि यह हिमाचल प्रदेश के पर्यटन उद्योग में भी एक महत्वपूर्ण योगदान देगा।
हिमाचल प्रदेश सरकार और कृषि विभाग ने किसानों की आय में वृद्धि, मृदा स्वास्थ्य सुधार और जैविक खेती को प्राथमिकता देने के लिए कई कदम उठाए हैं। कृषि उप निदेशक देव राज कश्यप ने बताया कि इन प्रयासों के तहत, श्रीधान्व लगाने के लिए फसलें और पोषण को बढ़ावा देने के साथ-साथ मृदा की उर्वरा शक्ति को बढ़ाने के लिए कम्पोस्ट का उपयोग महत्वपूर्ण बन गया है। आजकल हाईब्रिड फसलों में इस्तेमाल किए जाने वाले कीटनाशक, फफूंदनाशक और अन्य रसायनों के कारण कैंसर जैसी गंभीर बीमारियाँ बढ़ रही हैं, जो कि एक बड़ा चिंता का विषय है। ऐसे में जैविक खेती और कम्पोस्ट का उपयोग किसानों और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। सरकार ने किसानों के लिए कम्पोस्ट खरीद योजना की शुरुआत की है, जिससे किसानों को अपनी फसल की गुणवत्ता और मृदा की उर्वरकता में सुधार लाने का अवसर मिलेगा। कम्पोस्ट से न केवल फसल के अवशेषों का विघटन होता है, बल्कि इससे मृदा की वायु संचरण क्षमता, गुणवत्ता और उर्वरा शक्ति में भी सुधार होता है। इसके परिणामस्वरूप मृदा में दारण (erosion) जैसी समस्याओं का समाधान हो सकता है, और फसलों को सूक्ष्म तत्व आसानी से उपलब्ध होते हैं।इसके अलावा, मृदा और जन स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने किसानों से गोबर और कम्पोस्ट तीन रुपये प्रति किलो की दर से खरीदने की योजना शुरू की है। इस योजना से किसान अपने घर पर कम्पोस्ट बनाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा सकते हैं। कृषि उप निदेशक देव राज कश्यप ने बताया कि अधिक जानकारी के लिए किसान अपने संबंधित खंड स्तरीय अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।
आज देहरा में मातृवंदना संस्थान कांगड़ा द्वारा अपनी मासिक पत्रिका का विमोचन बड़े धूमधाम से किया गया। इस कार्यक्रम में नववर्ष की दिन दर्शिका (कलैंडर) का भी विमोचन हुआ। समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े नागरिकों और मातृ शक्ति ने इस कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त डॉ. निगम राजपूत (स्वास्थ्य विभाग) ने शिरकत की, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रदेश सह संघचालक, अशोक शर्मा ने नागरिकों को संबोधित किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय विश्वविद्यालय के राजनीतिक विज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ. जगमीत बाबा ने की। मुख्य वक्ता ने अपने संबोधन में कहा कि जब हिंदू समाज विस्मृति की ओर बढ़ रहा था, तब ऐसी जागरूकता फैलाने वाली पत्रिकाओं, जैसे मातृवंदना ने समाज को जागरूक करने का कार्य किया। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा था जब हिंदू समाज खुद को 'हिंदू' कहने में संकोच करता था, लेकिन संघ के कार्यकर्ताओं और जागरूकता फैलाने वाली पत्रिकाओं ने समाज को न केवल जागृत किया, बल्कि राष्ट्रभक्ति का भाव भी प्रदान किया। आज हम गर्व से स्वयं को हिंदू कहने में संकोच नहीं करते हैं। अशोक शर्मा ने समाज में बढ़ते नशे के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा चलाए जा रहे पंच परिवर्तन कार्यक्रम की चर्चा की। उन्होंने कहा कि समाज की नींव कुटुंब है और एक सशक्त कुटुंब व्यवस्था ही हमारे युवाओं को नशे से दूर रखने में मदद कर सकती है। कार्यक्रम का आयोजन समाज में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से किया गया था, और यह एक सफल प्रयास साबित हुआ।
राजकीय महाविद्यालय ढलियारा में मंगलवार को एक प्लेसमेंट सेमिनार का आयोजन किया। जिसमें बी.सी.ए, बी.बी.ए एवम एम.बी.ए. विभाग के लगभग 62 छात्रों ने हिस्सा लिया। इस दौरान एक्सिस बैंक से आये सूर्य प्रकाश एवं विजय सिंह ने युवाओं को बैंकिंग के बारे में जानकारी दी और उन्हें बताया कि कैसे वो जीवन मे अपना लक्ष्य हासिल कर सकते है। इस सेमीनार में 62 छात्रों ने हिस्सा लिया जिनमें से 35 छात्रों को अगले राउंड के लिए शार्टलिस्ट कर लिया गया। इस दौरान कालेज प्राचार्य डा अंजू चौहान ने कहा कि कॉलेज प्रशासन छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रहा है और भविष्य में भी ऐसे प्रोग्राम आयोजित करता रहेगा। इस अवसर पर प्रो सुनीता,अनीता,ओंकार भाटिया, बलवित और अमित सिंह सहित अन्य स्टाफ उपस्थित रहा।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में आज सुबह एबीवीपी और एसएफआई के बीच खूनी संघर्ष हो गया, जिससे विश्वविद्यालय परिसर में तनाव का माहौल बन गया है। यह घटना सुबह करीब 10 बजे के आसपास शिमला स्थित विश्वविद्यालय के एडम ब्लॉक के पास घटित हुई। बताया जा रहा है कि एसएफआई के छात्र कार्यकर्ता ढाबे पर नाश्ता कर रहे थे, तभी एबीवीपी के छात्र भी वहां पहुंच गए और दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। शुरुआत में यह बहस हुई लेकिन देखते ही देखते ये बहस हाथापाई में, और फिर खूनी संघर्ष में बदल गई। बताया जा रहा है कि इस झड़प में 5 से 7 छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, और कुछ घटनाओं के वीडियो और फोटो भी सामने आए हैं, जिनमें दोनों छात्र गुटों के बीच की हिंसक मुठभेड़ को साफ देखा जा सकता है। घटना के बाद विश्वविद्यालय में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और पूरा परिसर छावनी में तब्दील हो गया है। छात्रों के बीच डर और असुरक्षा का माहौल है, और विश्वविद्यालय प्रशासन स्थिति को काबू में करने के प्रयासों में जुटा हुआ है।
हिमाचल प्रदेश की महिला आईपीएस अधिकारी इल्मा अफरोज अब लाहौल-स्पीति की नई पुलिस अधीक्षक होगी। इस संदर्भ में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने आदेश जारी कर दिए हैं। इसे लेकर मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने आदेश जारी कर दिए है। इल्मा अफ़रोज़ के लाहौल-स्पीति में कार्यभार संभालने के बाद एसपी का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे कार्तिकेन गोकुलचंद भारमुक्त हो जाएंगे। बता दे कि इल्मा अफरोज ने 7 जनवरी, 2024 को बद्दी के एसपी के रूप में कार्यभार संभाला था। अगस्त 2024 में, इल्मा ने विधायक रामकुमार चौधरी की पत्नी की माइनिंग से जुड़ी गाड़ियों के चालान काटे, जिससे विधायक नाराज हो गए। इसके बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ गया और विधायक ने इल्मा को विधानसभा से विशेषाधिकार हनन का नोटिस भी दिलवा दिया। फिर 6 नवंबर, 2024 को सीएम के साथ डीसी-एसपी की बैठक से लौटने के बाद इल्मा अफरोज ने लंबी छुट्टी ली थी। इसके बाद सरकार ने बद्दी के एसपी का अतिरिक्त कार्यभार विनोद कुमार को सौंपा। हाईकोर्ट के आदेशों के कारण सरकार इल्मा का ट्रांसफर नहीं कर पा रही थी। लेकिन लगभग 40 दिन बाद जब इल्मा ड्यूटी पर लौटी, तो उन्होंने बद्दी के बजाय पुलिस मुख्यालय में ज्वाइन किया।, और तब से वह पुलिस मुख्यालय में तैनात थीं। अब, सरकार ने इल्मा अफरोज को लाहौल-स्पीति का एसपी नियुक्त किया है। इस बीच, सुच्चा सिंह नामक एक व्यक्ति ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इल्मा को एसपी बद्दी नियुक्त करने का आग्रह किया था। हालांकि, राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि इल्मा ने खुद ही बद्दी से ट्रांसफर की मांग की थी। इसके बाद, हाईकोर्ट ने इल्मा के ट्रांसफर पर लगी स्टे को हटा दिया।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में एक हृदयविदारक घटना पेश आई है। जहाँ एक नाबालिगलड़की ने विक्टोरिया ब्रिज से ब्यास नदी में छलांग लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। यह दुखद घटना रात लगभग दो बजे हुई। जानकारी के अनुसार, पिता द्वारा मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग पर डांटे जाने से लड़की ने यह कदम उठाया। जानकारी के अनुसार लड़की गोहर उपमंडल की रहने वाली थी व नॉन मेडिकल स्ट्रीम की विद्यार्थी थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जांच शुरू की और एनडीआरएफ की टीम ने अ घटनास्थल से लगभग ढाई किलोमीटर दूर छात्रा के शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा की अध्यक्षता में बाल एवं श्रम किशोर ( निषेध एवं विनियनम ) अधिनियम 1986 के अंतर्गत गठित जिला कार्यक्रम कार्यबल की बैठक का आयोजन किया गया जिसमें सदस्य सचिव जिला टास्क फोर्स, श्रम अधिकारी जिला किन्नौर सुरेंद्र सिंह बिष्ट ने बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम 1986 के संशोधित प्रावधान धारा 3 के अनुसार किसी भी व्यवसाय और प्रक्रिया में बाल श्रम संपूर्ण रूप से निषेध एवं धारा 3-ए के अंतर्गत वर्णित खतरनाक व्यवसाय और प्रक्रियाओं में बाल एवं किशोर के नियोजन पर प्रतिबंध के बारे अवगत करवाया। उन्होंने 14(1), (1ए), (1बी), (2), (3) के अंतर्गत उपरोक्त प्रावधानों के उल्लंघन पर नियोक्ताओं को कम से कम 6 माह का कारावास और अधिकतम 2 वर्ष का कारावास या कम से कम रुपए 20000 जुर्माना और अधिकतम रुपए 50000 जुर्माना या दोनों ही सजा के प्रावधानों के बारे अवगत करवाया। उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने जिला टास्क फोर्स के सदस्यों को जिला में बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम 1986 के प्रावधानों के अंतर्गत बाल एवं किशोर श्रम के पूर्ण उन्मूलन के लिए संगठित होकर कार्य करने के लिए निर्देश दिए। जिला टास्क फोर्स किन्नौर के नोडल अधिकारी अभिषेक शेखर ने सभी सदस्यों को बाल एवं किशोरों के अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए कार्य करने के निर्देश दिए ताकि बाल एवं किशोर मुख्य धारा में शामिल होकर देश निर्माण में अपना योगदान दे सके। बैठक में उप पुलिस अधीक्षक किन्नौर नवीन जालटा, जिला कार्यक्रम अधिकारी किन्नौर जय कुमार गुप्ता, जिला कल्याण अधिकारी किन्नौर बलबीर सिंह, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र किन्नौर गुरु लाल नेगी, राज्य कर एवं उत्पाद अधिकारी किन्नौर ऋषभ कुमार, जिला खाद्य निरीक्षक किन्नौर चंदूलाल नेगी, तहसीलदार पूह नानक नेगी, जिला किन्नौर बाल कल्याण समिति अध्यक्ष प्रताप नेगी, बाल कल्याण समिति जिला किन्नौर सदस्य मदन मोहन नेगी, जिला विधिक सहायता प्राधिकारी किन्नौर के प्रतिनिधि पवन कुमार, मानव तस्करी रोधी इकाई( एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट)किन्नौर की सदस्या शुभ कांता उपस्थित रहे।
शूलिनी विश्वविद्यालय के विधि विज्ञान संकाय के एलएलबी और बीएएलएलबी के छात्रों को जिला न्यायालय, सोलन में लोक अदालत की कार्यवाही देखने का अवसर मिला। इस दौरे ने वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली के कामकाज और त्वरित और सौहार्दपूर्ण विवाद निपटान सुनिश्चित करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में बहुमूल्य जानकारी प्रदान की। सत्र के दौरान, छात्रों ने संपत्ति के मामलों, पारिवारिक विवादों, उपभोक्ता मामलों, श्रम विवादों और चालान मामलों सहित विभिन्न विवादों के समाधान का अवलोकन किया। इस वास्तविक दुनिया के प्रदर्शन ने पारंपरिक कक्षा ज्ञान से परे व्यावहारिक कानूनी कार्यवाही की उनकी समझ को बढ़ाया। स्कूल ऑफ लॉ के एसोसिएट डीन डॉ. नंदन शर्मा ने दौरे को सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे छात्रों को लोक अदालत के परिचालन ढांचे के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त हुई। कार्यवाही के दौरान, छात्रों को अरविंद मल्होत्रा (जिला एवं सत्र न्यायाधीश), विवेक खनाल (अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश) और मेहुल शर्मा (न्यायिक मजिस्ट्रेट) सहित प्रतिष्ठित न्यायिक अधिकारियों को कार्य करते हुए देखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। न्यायाधीशों ने छात्रों को कानूनी शिक्षा के लिए व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने और वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र के महत्व को समझने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अनुभव को और बढ़ाते हुए, छात्रों ने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति त्रिलोक सिंह चौहान के साथ एक ज्ञानवर्धक बातचीत की। न्यायमूर्ति चौहान ने कानूनी अभ्यास, न्यायिक प्रक्रियाओं और भविष्य के कानूनी पेशेवरों की जिम्मेदारियों के बारे में बहुमूल्य जानकारी साझा की। एक अन्य प्रभावशाली बातचीत में, छात्रों ने सोलन बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट मनोज वर्मा के साथ बातचीत की, जिन्होंने अदालती वकालत और उभरते कानूनी परिदृश्य पर गहन दृष्टिकोण प्रदान किए। सामाजिक प्रतिबद्धता के एक संकेत के रूप में, कुछ छात्रों ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को चिह्नित करने के लिए रेड क्रॉस सोसाइटी, सोलन में योगदान दिया।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने छोटा शिमला से विली पार्क तक बनाई जा रही अंडरग्राउंड यूटिलिटी डक्ट के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को डक्ट के निर्माण में विश्व स्तरीय गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रदेश सरकार द्वारा शिमला में अंडरग्राउंड यूटिलिटी डक्टस के निर्माण पर 146.34 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं। इसके निर्माण से शिमला में आधारभूत संरचना सुदृढ़ होगी, साथ ही शहर के सौंदर्यीकरण में भी मदद मिलेगी। शहर में सभी उपयोगिताएं जैसे पेयजल आपूर्ति की पाइप लाइनें, विद्युत लाइनें और फाइवर केबल इत्यादि भूमिगत डक्ट में बिछाई जाएंगी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण को समयबद्ध पूर्ण करने के लिए बृहद योजना तैयार की गई है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि निर्माण कार्यों के दौरान लोगों को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े।
विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल की तीन दिवसीय प्रांत अभ्यास वर्ग और प्रांत कार्यसमिति की बैठक के दौरान नये दायित्व मिलने पर कार्यकर्ताओं में प्रसन्नता और उत्साह का वातावरण देखने को मिला। इस अवसर पर संगठनात्मक जिला देहरा से ताल्लुक रखने वाले पवन बजरंगी, जो पहले विभाग सत्संग प्रमुख बिलासपुर में तैनात थे, को अब सह प्रांत सत्संग प्रमुख के नवीन दायित्व पर नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त, देहरा जिला में कई महत्वपूर्ण फेरबदल भी किए गए हैं। तरलोक चंद जी को देहरा जिला अध्यक्ष, मूनीश सूद जी को देहरा जिला मंत्री, आनंद सूद जी को रक्कड़ सह मंत्री, देसराज भाटिया को ज्वालामुखी जिला प्रचार प्रसार प्रमुख, और राजकुमार कालेश्वर महादेव को बजरंग दल के जिला सह संयोजक के रूप में नवीन दायित्व सौंपा गया हैं। ये सभी नियुक्तियाँ तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। जिला संरक्षक मनोज भारद्वाज, उपाध्यक्ष मदन लाल, सुशील कुमार, धर्म प्रचार प्रमुख विनोद डोगरा, सत्संग प्रमुख बनीश शर्मा, जिला बजरंग दल संयोजक मुनीश गुलेरिया सहित अन्य सभी स्वयंसेवकों ने इन नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई दी और संगठन के वरिष्ठ अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। नवनियुक्त जिला अध्यक्ष तरलोक चंद जी ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य अब यह होगा कि वे संगठन को जिले के प्रत्येक गांव तक पहुंचाएं, ताकि हिन्दू समाज को और अधिक एकजुट किया जा सके।
आज हिमाचल प्रदेश के सभी साथियों ने आदर्श स्वाभिमान मंच के तहत प्रदेश में मौजूदा सरकार द्वारा शास्त्री पद की भर्ती प्रक्रिया को लेकर एक बैठक आयोजित की गई। जिसमें अध्यक्ष अध्यक्ष डॉ. संजीव शर्मा ने जानकारी दी कि सरकार ने शास्त्री भर्ती हेतु नए R&P (रूल्स एंड रेगुलेशंस) नियम लागू किए हैं, जिनका असर प्रदेश में संस्कृत शिक्षा पर प्रतिकूल रूप से पड़ सकता है। नए नियमों के अनुसार, कोई भी शास्त्री योग्यता प्राप्त छात्र जो कमीशन या बैचवाइज भर्ती के माध्यम से शास्त्री पद पर नियुक्ति चाहता है, उसे अब केवल बीए, बीएससी करने वाले उम्मीदवारों से ही प्रतियोगिता करनी होगी, जिन्होंने संस्कृत को एक ऐच्छिक विषय के रूप में लिया हो। यह बदलाव प्रदेश के संस्कृत महाविद्यालयों और धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन को समाप्त करने का कारण बन सकता है। इसका परिणाम यह हो सकता है कि प्रदेश में संस्कृत महाविद्यालयों का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा, और धार्मिक संस्कार जैसे विवाह, पूजा और अन्य कर्मकांडों को करने के लिए कोई प्रशिक्षित शास्त्री नहीं रहेगा। यह बदलाव न केवल प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को प्रभावित करेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक गंभीर संकट उत्पन्न कर सकता है। अध्यक्ष डॉ. संजीव शर्मा ने सरकार से कई बार आग्रह किया है कि कृपया शास्त्री पद को समाप्त न किया जाए। यदि सरकार कोई नया नियम लागू करना चाहती है, तो इसके लिए एक समिति बनाकर विचार किया जाए ताकि प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर और शास्त्री की विद्या का संरक्षण हो सके। संजीव शर्मा ने क्षेत्रीय विधायक श्री विक्रम ठाकुर जी को एक ज्ञापन भी सौंपा और उनसे आग्रह किया कि वे इस विषय को विधानसभा में उठाएं। इस संदर्भ में आचार्य सागर शर्मा, आचार्य रंजना देवी और आचार्य सुमित शर्मा सहित अन्य साथियों ने विधायक विक्रम ठाकुर से मिलकर इस मामले को गंभीरता से उठाने का निवेदन किया।
बिलासपुर के एम्स को भ्रष्टाचार का अड्डा बताने पर पूर्व उद्योग मंत्री तथा जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक विक्रम सिंह ठाकुर ने कांग्रेस के पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर को अपना कद और काठी देखकर बयान बाजी करने की सलाह देते हुए रविवार को यहां जारी प्रेस बयान में कहा कि रामलाल ठाकुर द्वारा भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के खिलाफ अनर्गल आरोप लगाए गए हैं जिसकी उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए क्योंकि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के एक ऐसे नेता के खिलाफ आरोप लगाए हैं जिनकी ईमानदारी से पूरा देश वाकिफ है । विक्रम ठाकुर ने कांग्रेस नेता रामलाल ठाकुर को हार का रिकॉर्ड बनाने बाला नेता बताते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में उनको जनता ने बार-बार नकारा है । लोकसभा से लेकर विधानसभा चुनाव में उनकी इसी कारण बार बार हार होती है क्योंकि वे अच्छे कार्यों में हमेशा विघ्न डालने का प्रयास करते हैं। एक तरफ जहां बिलासपुर में बन रहे एम्स की पूरे प्रदेश में प्रशंसा हो रही है ,वहीं दूसरी तरफ हारे और नकारे हुए नेता एम्स पर भी अनर्गल बयान बाजी करने से बाज नहीं आ रहे हैं । इस तरह के नेताओं की बातों को कोई भी गंभीरता से नहीं लेता है । उन्होंने रामलाल ठाकुर को सलाह दी कि वे अपनी पार्टी की चिंता करें क्योंकि कांग्रेस पार्टी ने मोदी के राष्ट्रीय राजनीति में उतरने के बाद पूरे राष्ट्र में अपनी फ़जीहत करवाई है । नेशनल हेराल्ड का मामला भ्रष्टाचार का साक्षात उदाहरण है जिसमें उनके आका अभी तक जमानत पर बाहर हैं । उन्होंने रामलाल ठाकुर को भारतीय जनता पार्टी के कार्यालयों से सम्बंधित टिप्पणी करने पर आडे हाथों लेते हुए कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में अरबों रुपए के घोटाले किए हैं । भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना कांग्रेस पार्टी के नेताओं को शोभा नहीं देता । आज हिमाचल प्रदेश के अंदर ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी कांग्रेस का ग्राफ लगातार गिरता जा रहा है और आने वाले दिनों में हिमाचल प्रदेश के अंदर भी कांग्रेस का सफाया तय है । रामलाल ठाकुर को कांग्रेस सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश के अंदर दी गई गारंटियों पर चिंता करनी चाहिए न कि भाजपा के कार्यालयों को लेकर शोक मनाना चाहिए । उन्होंने कहा कि जगत प्रकाश नड्डा हिमाचल प्रदेश के ही नहीं बल्कि पूरे देश के नेता हैं और विश्व की सबसे बड़ी पार्टी के अध्यक्ष हैं जो कि हिमाचल प्रदेश के लिए बड़े गौरव की बात है ।
हिमाचल प्रदेश में नशे की बढ़ती समस्या समाज के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुकी है। इसी खतरे को रोकने और लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से गतवाड पंचायत के उपप्रधान अजय शर्मा के नेतृत्व में भदसीं गांव में एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अखिल भारतीय चिकित्सक संघ, हिमाचल प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. ऋतिक शर्मा मुख्य वक्ता रहे, जबकि पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता राजिंदर गर्ग ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. ऋतिक शर्मा ने कहा कि नशे को खत्म करने के लिए सिर्फ सरकार या पुलिस पर निर्भर नहीं रहा जा सकता। समाज के हर व्यक्ति को सतर्क रहना होगा। हमें यह देखना होगा कि हमारे क्षेत्र में कौन आ रहा है कौन किससे मिल रहा है। अगर कोई व्यक्ति या वाहन संदिग्ध लगे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। समाज में जागरूकता और सतर्कता ही इस बुराई को खत्म कर सकती है।” उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि नशे के सौदागरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तभी संभव होगी जब हर नागरिक इस लड़ाई में शामिल होगा। उन्होंने कहा जब तक समाज खुद इस लड़ाई को नहीं लड़ेगा तब तक चिट्टा जैसी घातक लत पर काबू नहीं पाया जा सकता। हर व्यक्ति को अपनी भूमिका निभानी होगी। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता राजिंदर गर्ग ने भी नशे के खिलाफ कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा नशा हमारे समाज को खोखला कर रहा है। युवा इसकी चपेट में आकर अपने भविष्य को नष्ट कर रहे हैं। हमें इसे हर हाल में रोकना होगा। सरकार, प्रशासन, पुलिस और आम जनता को मिलकर इस जहर को जड़ से खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने आगे कहा कि समाज को जागरूक बनाना ही इस समस्या का सबसे बड़ा समाधान है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि अगर कहीं भी नशे का कारोबार हो रहा है या कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आती है तो तुरंत प्रशासन और पुलिस को सूचित करें। हालांकि इस विशेष शिविर में मुफ्त दवाइयों और परामर्श का वितरण नहीं किया गया, लेकिन डॉ. ऋतिक शर्मा ने पहले ही समाज के लिए मुफ्त होम्योपैथिक चिकित्सा और परामर्श की घोषणा कर रखी है जिससे नशा पीड़ितों को बेहतर इलाज मिल सके। उन्होंने कहा अगर किसी का बेटा, भाई या दोस्त नशे की चपेट में आ चुका है, तो उसे अकेला न छोड़ें। उसके इलाज और पुनर्वास के लिए पूरा प्रयास करें। मैं पहले से ही समाज के लिए मुफ्त चिकित्सा और परामर्श उपलब्ध करवा रहा हूं, ताकि लोग इस बुरी लत से छुटकारा पा सकें।” इस जागरूकता शिविर का आयोजन गतवाड पंचायत के उपप्रधान अजय शर्मा के प्रयासों से संभव हुआ। उन्होंने नशे के खिलाफ इस मुहिम को मजबूत बनाने के लिए ग्रामीणों और युवाओं को जोड़ने की पहल की। उन्होंने कहा नशे का बढ़ता प्रभाव हमारे समाज को खोखला कर रहा है। हमें इसे रोकने के लिए मिलकर काम करना होगा। जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है और इसी उद्देश्य से यह शिविर आयोजित किया गया है।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बेटियों ने देश को बड़ा तोहफा दिया है। शनिवार को तेहरान में छठी एशियाई महिला कबड्डी चैंपियनशिप में भारत ने फाइनल में ईरान को हरा खिताब अपने नाम कर लिया। भारत ने ईरान को 32-25 से हराया। 6 से 8 मार्च तक आयोजित चैंपियनशिप में भारतीय टीम का श्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। वही हिमाचल प्रदेश की पांच बेटियों का योगदान देश को खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण रहा। सिरमौर के शिलाई क्षेत्र की ऑलराउंडर पुष्पा राणा ने बतौर उपकप्तान टीम का नेतृत्व किया और अपने शानदार खेल से जीत में अहम भूमिका निभाई। बिलासपुर की निधि शर्मा, सोलन की ज्योति ठाकुर समेत साक्षी शर्मा, भावना ठाकुर ने भी टीम को न केवल फाइनल में पहुंचाने, बल्कि गोल्ड दिलाने में भी योगदान दिया। सेमीफाइनल में भारत ने नेपाल को 56-18 से हराया था। कबड्डी एसोसिएशन के महासचिव कृष्ण लाल ने कहा कि बेटियों ने फिर से पूरे देश को गौरवान्वित किया है।
प्रदेश के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी व मध्य व मैदानी इलाकों में हुई बारिश के बाद शनिवार को राज्य में खूब धूप खिली और अधिकतम तापमान में खासा उछाल आया है, लेकिन मौसम विभाग की मानें तो प्रदेश में रविवार से मौसम बिगड़ेगा और 12 मार्च को जहां येलो अलर्ट जारी किया गया है, वहीं 14 मार्च तक मौसम के खराब रहने के आसार हैं। ऊना में अधिकतम तापमान 28.5 डिग्री रहा, जबकि शिमला में 19 डिग्री रिकार्ड किया गया है। वही पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम बिगड़ेगा, लेकिन आगामी दिनों में गर्मी बढ़ जाएगी। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को एक या दो बार भारी बारिश व बर्फबारी का येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें चम्बा, कांगड़ा व लाहौल-स्पीति में बर्फबारी व बारिश, जबकि कुल्लू व मंडी में आंधी तूफान व बिजली चमकने की संभावनाएं हैं। 10 व 11 मार्च को राज्य के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम, 12 से 14 मार्च तक राज्य में कई स्थानों पर हल्की से मध्य बर्फबारी व बारिश की संभावनाएं हैं। राज्य में पिछले 24 घंटों में एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा हुई है, जिसमें मनाली में 1 मिलीमीटर वर्षा रिकाॅर्ड की गई है। न्यूनतम तापमान केलांग व कुकुमसेरी में माइनस 6.9 डिग्री, ताबो में माइनस 5.5, कल्पा में माइनस 0.4 डिग्री रहा, जबकि राजधानी शिमला व सोलन में 7.4, ऊना में 5.9 व पालमपुर में 6 डिग्री रिकाॅर्ड किया गया है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के सोमवार से शुरू होने जा रहे बजट सत्र के लिए स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। भाजपा इस बार भी बैठक से किनारा कर सकती है। यह बैठक दोपहर बाद एक बजे शुरू होगी। विपक्ष के प्रतिनिधियों इस बैठक में शामिल होंगे या नहीं इस पर संसय बना हुआ है। बता दे भाजपा विधायक दल पिछले विधानसभा सत्रों में भी सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार कर चुका है। इस बैठक के लिए संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, सरकारी उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया और भाजपा विधायक व मुख्य सचेतक प्रतिपक्ष सुखराम चौधरी को बुलाया गया है पठानिया ने कहा कि वह सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के सदस्यों से अनुरोध करेंगे कि जनहित से जुड़े मुद्दों को ही सदन में उठाएं। हिमाचल प्रदेश विधानसभा की परंपराओं और गरिमा का सम्मान करते हुए नियमों की परिधि में रहकर जनहित से संबंधित विषयों पर सदन में सार्थक चर्चा करें।साथ ही सत्र के संचालन में अपना रचनात्मक सहयोग दें। वही विधानसभा बजट सत्र के लिए भाजपा विधायक दल रविवार शाम शिमला के एक निजी होटल में रणनीति बनाएगा। यह बैठक नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में होगी। सोमवार को राज्यपाल के अभिभाषण में भाजपा स्वाभाविक रूप से शांत दिखेगी। लेकिन दूसरे दिन मंगलवार को शोकोद्गार के बाद प्रश्नकाल और शून्यकाल के दौरान सदन में हंगामा कर सकती है। विपक्ष सरकार को किन-किन मुद्दों पर घेरेगा, इसी पर भाजपा विधायक दल में मंत्रणा होगी। उधर, कांग्रेस विधायक दल की बैठक सोमवार को विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले होगी। सोमवार दोपहर दो बजे से बजट सत्र शुरू होगा। ऐसे में सुबह के समय मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में विधायक दल की बैठक में बजट सत्र को लेकर रणनीति बनाई जाएगी।
विकास खण्ड कुनिहार की ग्राम पंचायत कुनिहार और हाटकोट में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला ग्राम सभाओं का आयोजन धूमधाम से किया गया। इन सभाओं में बड़ी संख्या में महिलाओं ने बढ़चढ़ कर भाग लिया और इस खास दिन को उत्साह के साथ मनाया। महिलाओं ने एक-दूसरे को महिला दिवस की बधाई दी और इस मौके पर अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए। महिलाओं ने नाच-गाकर इस दिवस को खास बनाने की पूरी कोशिश की और इसे खुशी-खुशी मनाया। इस अवसर पर महिलाओं ने संकल्प लिया कि वे समाज के हर क्षेत्र में समाज हित के लिए हमेशा आगे रहेंगी। विशेष रूप से, समाज में फैल रहे जानलेवा नशे के खिलाफ सक्रिय रूप से काम करने का संकल्प लिया और युवा पीढ़ी को इस दलदल से बाहर निकालने, उनके जीवन को बचाने के लिए प्रयास करेंगी। कुनिहार पंचायत में इस दिन महिलाओं को औषधीय पौधे भी वितरित किए गए, जिससे पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बढ़ावा दिया जा सके। कार्यक्रम के दौरान पंचायत प्रधान राकेश ठाकुर और जगदीश अत्री सहित अन्य व्यक्तियों ने महिलाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक बधाई दी।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन धूमधाम से किया गया। इस कार्यक्रम का संयोजन वेदव्यास परिसर के सरोजिनी महर्षि महिला अध्ययन अनुसंधान केंद्र द्वारा किया गया था। कार्यक्रम में दिल्ली से आई प्रसिद्ध अधिवक्ता नियति शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुईं। उन्होंने महिलाओं के कर्तव्यों और समाज में उनकी भूमिका पर विस्तृत उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी पालन करना चाहिए, ताकि समाज में समानता और समृद्धि सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा, सीयू धर्मशाला से अंग्रेजी विभाग की सहायक प्रोफेसर मोनिका शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुईं। उन्होंने महिलाओं को आत्म-प्रकाशन और आत्म-सम्मान के साथ कार्य करने के महत्व पर जोर दिया। उनके उद्बोधन से सभी छात्राएं प्रेरित हुईं और उन्होंने अपनी क्षमताओं को पहचानने की प्रेरणा ली। कार्यक्रम में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के जम्मू स्थित रणवीर परिसर के निदेशक प्रो. श्रीधर मिश्र भी उपस्थित रहे और उन्होंने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। इस अवसर पर परिसर की छात्राओं द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें उनके हुनर और कला का सुंदर प्रदर्शन हुआ। उक्त समस्त कार्यक्रम की अध्यक्षता वेदव्यास परिसर की निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी ने की। इस अवसर पर काफी संख्या में छात्र-छात्राएं भी उपस्थित थे, जिन्होंने कार्यक्रम का आनंद लिया और महिलाओं के सम्मान में जागरूकता बढ़ाई।
जयसिंहपुर /नरेंद्र डोगरा: आज भाजपा जयसिंहपुर विधानसभा के तीनों मंडलों की संयुक्त बैठक होटल पीक बॉन्ड, पचरुखी में आयोजित की गई। इस बैठक में भाजपा संगठन महामंत्री सिद्धार्थन उपस्थित रहे, जिन्होंने संगठन की बारीकियों और कार्यकर्ताओं के लिए जरूरी कार्यों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। सिद्धार्थन ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा आज विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक दल बन चुकी है, और इसका श्रेय भाजपा के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को जाता है, जिनका निरंतर परिश्रम और समर्पण पार्टी की सफलता में अहम योगदान है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा चुनावों में भाजपा की प्रचंड जीत का प्रमुख कारण यही है कि पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अपनी मेहनत और लगन से हर बूथ पर भाजपा को विजयी बनाया। खासकर हिमाचल की चारों लोकसभा सीटों पर भाजपा की शानदार जीत यह साबित करती है कि कार्यकर्ता किस तरह पार्टी के लिए अपनी अहम भूमिका निभाते हैं। सिद्धार्थन ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि 2027 के विधानसभा चुनावों में भाजपा को हर बूथ पर विजयी बनाने के लिए हमें अभी से जुट जाना होगा। हमें संगठन को और मजबूत करना होगा और हर कार्यकर्ता को अपनी जिम्मेदारी का एहसास कराना होगा। इस बैठक में कांगड़ा-चंबा क्षेत्र के पूर्णकालिक विस्तारक राजपाल सिंह, पूर्व विधायक रवि धीमान, जिला अध्यक्ष रागिनी रकवाल, मंडल अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा, हनुमत प्रसाद, उषा राणा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य घनश्याम शर्मा, महामंत्री आदर्श सूद, राजेश सुधा और ओंकार चंद भी उपस्थित रहे।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आज एनएसएस इकाई और विमेन सेल, राजकीय महाविद्यालय डाडा सीबा द्वारा संयुक्त रूप से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय की राजनीतिक विज्ञान विभाग की प्रोफेसर पलक सिंह ने छात्रों को संबोधित करते हुए फेमिनिज़्म और महिलाओं की समाज में विशेष भूमिका पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने महिलाओं के कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ, जिसे डॉ. रामपाल ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी प्रो. खेम चंद, विमेन सेल की इंचार्ज शीतल, सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष अंजना भी उपस्थित रही। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों और उनके समाज में योगदान के बारे में जागरूकता फैलाना था, और यह आयोजन सभी के लिए प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक रहा।
सोलन जिला के स्कूलों में शिक्षा के स्तर में सुधार और गुणवत्ता को लेकर शुक्रवार को उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा सोलन मोहिंदर चंद पिरता की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन जिला कल्याण कार्यालय के सभागार में किया गया। इस बैठक में उप जिला शिक्षा अधिकारी सोलन राज कुमार पराशर भी उपस्थित रहे। बैठक में चार ब्लॉक्स के बीईईओ साहिबान और सभी केंद्राध्यक्ष उपस्थित रहे। इस बैठक में कंडाघाट से 18, धर्मपुर से 22, कुठार से 10 और सोलन शिक्षा खंड से 12 केंद्राध्यक्षों ने अपनी उपस्थिति दर्ज की। बैठक का सफल आयोजन ब्लॉक एलीमेंट्री एजुकेशन ऑफिसर सोलन हरि राम चंदेल और समस्त सोलन के केंद्राध्यक्षों द्वारा किया गया। बैठक में उप निदेशक मोहिंदर चंद पिरता ने सभी केंद्राध्यक्षों को निर्देश दिए कि पाठशालाओं में बच्चों को प्रभावी और गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रयास किए जाएं। उन्होंने वीएसके पोर्टल पर स्मार्ट उपस्थिति को 1 अप्रैल 2025 से अनिवार्य करने और पाठशाला में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए प्रयास करने की बात कही। मिड डे मील में मेनू के अनुसार पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करने के साथ-साथ बुधवार को सभी छात्रों को अंडे और ताजे फल उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। पिरता ने यह भी कहा कि प्राथमिक और अपर प्राथमिक स्कूलों के बीच संसाधनों का आदान-प्रदान करना आवश्यक है और शिक्षकों की कक्षा में 100 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि छात्रों की शिक्षा स्तर में वृद्धि हो। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सभी पाठशाला प्रभारी को अपनी पाठशालाओं को सुंदर, आकर्षक और उपयोगी बनाकर एक उत्तम वातावरण तैयार करने के लिए कहा, ताकि अभिभावक यह कहें, आओ अब लौट चलें सरकारी स्कूल की ओर। बैठक में उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा सोलन के हाथों एक एसओपी का विमोचन भी किया गया, जिसे सभी पाठशालाओं तक पहुंचाया जाएगा। इस बैठक में जिला कल्याण अधिकारी जी.एस. नेगी और तहसील कल्याण अधिकारी सुरिंदर शर्मा ने नवयुवकों को समाज में फैल रहे नशे से बचाने के उपायों पर चर्चा की। डाइट सोलन से गोबिंद ठाकुर ने यू-डाइज और सोशल ऑडिट (SAFT) पर अपनी जानकारी साझा की। इस बैठक में बीईईओ कार्यालय सोलन से राजेश शर्मा, बीईईओ धर्मपुर, बीईईओ कंडाघाट और बीईईओ कुठार राजिंदर कुमार भी उपस्थित रहे। बैठक के अंत में खंड-शिक्षा अधिकारी सोलन हरि राम चंदेल ने सभागार में उपस्थित सभी अधिकारियों का बैठक में आने के लिए धन्यवाद किया।
धर्मपुर(मंडी)/ डिंपल: धर्मपुर में नलवाड़ व देवता मेला का आयोजन 04 अप्रैल से 09 अप्रैल तक किया जाएगा। मेला के सफल आयोजन हेतू में शुक्रवार को एसडीएम कार्यालय धर्मपुर में विधायक चन्द्रशेखर की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में इस मेले के सफल आयोजन हेतु विभिन्न उप समितियां गठित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मेले के दौरान मैराथन दौड़, वाॅलीबाल, कबड्डी, कुश्ती, बेबी-शो, डॉग-शो, रक्तदान शिविर, रस्सा-कसी, रंगोली व मेहन्दी जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इस मेले के दौरान पांच सांस्कृतिक संध्याएं भी आयोजित की जाएंगी। जिसमें स्थानीय कलाकारों के अतिरिक्त इंडियन आईडल फेम आदि कलाकारों को आमंत्रित किया जाएगा। मेले के दौरान प्रत्येक दिन महिला मण्डलों के सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। 24 व 25 को सांस्कृतिक संध्याओं के ऑडीशन इस बैठक में सांस्कृतिक संध्याओं में भाग लेने के लिए कलाकारों के ऑडिशन हेतू दिन व समय भी निर्धारित किया गया। कलाकारों के ऑडिशन 24 व 25 मार्च, 2025 को होंगे। इस मेले के दौरान विभिन्न विभागों की विभागीय प्रर्दशनियां व स्वयं सहायता समूहों द्वारा अपने उत्पादों के स्टाल भी लगाए जाएंगे। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सांस्कृतिक संध्याओं के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के आने जाने के लिए परिवहन सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी। इस मेले में क्षेत्र के विभिन्न देवी-देवताओं को आमंत्रित किए जाने का भी निर्णय लिया गया। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों, विभिन्न सामाजिक संगठनों व अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
ग्रामीण खेलकूद एवं जन-कल्याण सभा जलाड़ी उप-मंडल नादौन द्वारा आगामी रविवार को पारंपरिक पंजपिरी छिंज मेला आयोजित किया जाएगा। इस मेले में पारंपरिक खेलों के अंतर्गत एक महा दंगल का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विजेता पहलवान को ₹31,000 और एक गुरज प्रदान किया जाएगा, जबकि उप विजेता को ₹11,000 और गुरज मिलेगा। छोटी माली दंगल में 25 वर्ष तक के हिमाचली पहलवान ही भाग ले सकेंगे, जिसमें विजेता को ₹11,000 और उप विजेता को ₹7,000 के साथ गुरज दिया जाएगा। दंगल में भाग लेने के लिए पहलवानों की आयु 50 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। रजिस्ट्रेशन के लिए पहलवानों को अपने आधार कार्ड के साथ रजिस्टर कराना अनिवार्य होगा, और रजिस्ट्रेशन का समय सुबह 10:00 बजे से लेकर दोपहर 1:30 बजे तक ही होगा। इसके बाद आने वाले पहलवानों को दंगल में भाग लेने की अनुमति नहीं होगी। मेला ग्राउंड में जिमनास्टिक खेल का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। यदि कोई कम्पनी, संस्था, या बैंक अपनी प्रदर्शनी या विज्ञापन लगाना चाहता है, तो उसे मेला कमेटी से अनुमति प्राप्त करनी होगी, जिसके लिए मेला कमेटी के प्रधान रणजीत परमार से संपर्क किया जा सकता है।
शूलिनी यूनिवर्सिटी ने महिलाओं के स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती में पोषण के महत्व को उजागर करने के लिए ‘एम्पावर हर वेलनेस बाय न्यूट्रिशन’ पर एक ज्ञानवर्धक वार्ता का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में महिला संकाय सदस्यों, कर्मचारियों और छात्राओं ने भाग लिया, जिसका उद्देश्य जीवनशैली से संबंधित बीमारियों को रोकने और समग्र कल्याण को बढ़ावा देने में संतुलित पोषण की भूमिका के बारे में जागरूकता पैदा करना था। कुलाधिपति शूलिनी विवि प्रोफेसर पीके खोसला ने सत्र का उद्घाटन किया, जिसमें भारत में प्राचीन काल से एक स्वस्थ समाज को आकार देने में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया गया। मुख्य वक्ता, डॉ. ममता, सहायक प्रोफेसर, बायोइंजीनियरिंग और खाद्य प्रौद्योगिकी संकाय शूलिनी यूनिवर्सिटी ने महिलाओं के आहार में मैक्रोन्यूट्रिएंट्स और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स के महत्व पर बहुमूल्य अंतर्दृष्टि साझा की। उन्होंने किशोरावस्था से लेकर रजोनिवृत्ति तक जीवन के विभिन्न चरणों में महिलाओं की बदलती आहार संबंधी ज़रूरतों पर भी चर्चा की और समग्र स्वास्थ्य के लिए हाइड्रेशन और शारीरिक गतिविधि के महत्व पर ज़ोर दिया। इस बातचीत में आहार और मानसिक स्वास्थ्य के बीच संबंध पर भी चर्चा की गई, जिसमें इस बात पर प्रकाश डाला गया कि कैसे उचित पोषण तनाव और चिंता को प्रबंधित करने में मदद कर सकता है। यह सत्र अत्यधिक संवादात्मक था, जिसमें उपस्थित लोगों ने आहार संबंधी सिफारिशों, पूरक आहार और जीवनशैली में बदलाव के बारे में विशेषज्ञ सलाह मांगी। संधारणीयता निदेशक पूनम नंदा ने महिलाओं के स्वास्थ्य में पोषण की महत्वपूर्ण भूमिका पर अपने विचार साझा किए, तथा उपस्थित लोगों से सचेत आहार विकल्प चुनने का आग्रह किया। कार्यक्रम का समापन एसोसिएट डीन छात्र कल्याण डॉ. नीरज गंडोत्रा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता बढ़ाने में वक्ता के बहुमूल्य योगदान की सराहना की।
केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश, सप्त सिंधु परिसर देहरा-II में समाजशास्त्र एवं सामाजिक नृविज्ञान विभाग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन स्पर्श समिति के सदस्य डॉ. विश्व ज्योति (सह प्रोफेसर) और डॉ. श्रेया बक्शी (सहायक प्रोफेसर) ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार ने की, जिसमें सभी संकाय सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत शोधार्थी लक्ष्मी जिन्या के प्रेरणादायक भाषण से हुई, जिसके बाद उन्होंने सभी उपस्थित शोधार्थियों और पीएचडी स्कॉलर्स से फिट इंडिया प्रतिज्ञा दिलवायी। इसके बाद, परास्नातक एवं पीएचडी विद्यार्थियों के बीच गहन तर्क-वितर्क हुआ, जिससे विचार-विमर्श और अधिक सारगर्भित हुआ। कार्यक्रम का समापन परास्नातक छात्रा नेहा ठाकुर द्वारा विभिन्न गतिविधियों, जैसे "सिमोन सेज़" और "कन्वेंस मी", के माध्यम से किया गया, जिनसे छात्रों की तर्कशक्ति और संवाद कौशल में विकास हुआ। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए बेहद प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक साबित हुआ।
विद्युत उपमंडल-2 धर्मशाला के सहायक अभियंता रमेश चंद ने बताया कि 10 मार्च (सोमवार) को विद्युत लाइनों के सामान्य रख-रखाव के चलते 11 केवी दाड़ी फीडर के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों दाड़ी बाजार, आईटीआई, धौलाधार कॉलोनी, लोअर व अप्पर बड़ोल, रेनबो स्कूल, स्टेडियम रोड, कश्ममरी कॉलोनी, लोअर दाड़ी तथा साथ लगते क्षेत्रों में दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने बताया कि मौसम खराब होने की स्थिति में यह कार्य अगले दिन किया जाएगा। लोगों से की सहयोग की अपील।
आज राजकीय महाविद्यालय देहरा में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण धर्मशाला के सौजन्य से एक नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को प्राकृतिक आपदाओं जैसे आग, बाढ़ और भूकंप के कारणों और उनसे बचाव के उपायों के बारे में जागरूक करना था। कार्यक्रम में वंशिका सांस्कृतिक युवा कला मंच के कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुति से विद्यार्थियों को इन आपदाओं से बचने के विभिन्न तरीकों के बारे में बताया। नाटक के माध्यम से छात्रों को बताया गया कि आपदाओं के समय किस प्रकार की सावधानियाँ बरतनी चाहिए और क्या उपाय किए जा सकते हैं ताकि जीवन और संपत्ति को नुकसान से बचाया जा सके। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सतीश सोनी, सेवानिवृत्त आचार्य प्रो. करण पठानिया, महाविद्यालय आपदा प्रबंधन नोडल अधिकारी प्रो. मोनिका शर्मा, प्रो. निशा, डॉ. प्रवीण, डॉ. मंजू, प्रो. शिवानी गुप्ता, प्रो. दिनेश और वंशिका संस्कृत युवा मंच के कलाकार उपस्थित रहे। इस नुक्कड़ नाटक के माध्यम से विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक किया गया और साथ ही उन्हें अपने आसपास की स्थिति को समझने और आपदाओं से निपटने के लिए तैयार रहने की प्रेरणा दी गई।
विशेष सड़क कर (एसआरटी) तथा यात्री व माल कर (पीजीटी) का भुगतान करने की अंतिम तिथि 31 मार्च, 2025 निर्धारित की गई है। यह जानकारी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सोलन सुरेन्द्र ठाकुर ने दी। उन्होंने अभी तक उक्त कर न जमा करवाने वाले वाहन मालिकों से आग्रह किया कि वह 31 मार्च, 2025 तक कर जमा करवा दें। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा विशेष सड़क एवं यात्री व माल कर जमा करवाने के लिए 17 फरवरी, 2025 को अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस अधिसूचना के अनुसार कर जमा करवाने की अंतिम तिथि 31 मार्च, 2025 तक निर्धारित की गई है। इसके उपरांत कर जमा करवाने के लिए कोई भी छूट प्रदान नहीं की जाएगी। सुरेन्द्र ठाकुर ने कहा कि अभी तक विशेष सड़क एवं यात्री व माल कर जमा न करवाने वाले वाहन मालिक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सोलन के कार्यालय में 10 प्रतिशत पेनल्टी की दर से भुगतान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि निर्धारित तिथि तक कर का भुगतान न करने पर क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी कार्यालय द्वारा ऐसे वाहन जब्त कर लिए जाएंगे।
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी 'सप्तसिंधु संवाद: भारत के भू-सांस्कृतिक प्रत्यभिज्ञान' का शुक्रवार को समापन हुआ। यह संगोष्ठी सेंट्रल यूनिवर्सिटी के इतिहास विभाग के सहयोग से आयोजित की गई थी। संगोष्ठी का उद्घाटन बुधवार को हुआ था और इस दौरान कई प्रमुख विद्वानों ने भारतीय इतिहास, पुरातत्व, साहित्य, लोककला, तीर्थ-परंपरा आदि विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। इस संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, मुकुल कानिटकर ने ऑनलाइन माध्यम से सप्तसिंधु क्षेत्र की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्ता पर प्रकाश डाला। कुलपति श्रीनिवास वरखेड़ी और राधावल्लभ त्रिपाठी ने भी संगोष्ठी को भारतीय सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। संगोष्ठी में कुल आठ सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें प्रमुख विद्वानों ने भारतीय संस्कृति, इतिहास, साहित्य और अन्य विषयों पर गहन विचार प्रस्तुत किए। प्रमुख वक्ताओं में प्रो. संतोष कुमार शुक्ल, प्रो. कंवर चंद्रदीप सिंह, डॉ. नरेंद्र परमार, डॉ. सुदर्शन चक्रधारी, डॉ. प्रमोद कुमार बुटोलिया समेत अन्य विद्वान शामिल थे। संगोष्ठी के दूसरे दिन 'युथिका' नाट्य मंचन कार्यक्रम ने विशेष आकर्षण का केंद्र बना। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम ने श्रोताओं का दिल जीता और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और पुनर्जागरण की महत्ता को उजागर किया। शुक्रवार को संगोष्ठी के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि कंवर चंद्रदीप सिंह ने कहा कि 'सप्तसिंधु संवाद' भारतीय सांस्कृतिक पुनरुत्थान की आधारशिला है और यह संगोष्ठी भारतीय सांस्कृतिक धरोहरों को पुनः जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। परिसर निदेशक प्रो. सत्यम् कुमारी ने इस संगोष्ठी को शोध और अनुसंधान के लिए प्रेरणादायक बताया और इसके आयोजन की सराहना की। इस मौके पर विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और गैर-शिक्षक कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया और संगोष्ठी को सफल बनाने में सहयोग दिया।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में 8 मार्च को बनालट क्रिकेट ग्राउंड ललीन में आयोजित होने वाले जिला स्तरीय महिला दिवस समारोह के आयोजन की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को भाजपा कार्यालय हमीरपुर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता जिला महिला मोर्चा की अध्यक्ष अर्चना चौहान ने की।अर्चना चौहान ने बैठक के दौरान बताया कि महिला दिवस के सफल आयोजन के लिए रूपरेखा तैयार की गई है और सभी पदाधिकारी एवं सदस्यों को उनकी जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। उन्होंने कहा कि यह समारोह हमीरपुर शहरी मंडल की ग्राम पंचायत बड़ी फरनोल व ललीन के पास स्थित बनालट क्रिकेट मैदान में आयोजित किया जाएगा। इस मौके पर शहरी मंडल हमीरपुर के करीब 130 महिला मंडलों को सदर विधायक आशीष शर्मा द्वारा सम्मानित किया जाएगा। इस जिला स्तरीय महिला दिवस समारोह में भाजपा से राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होंगी, जबकि भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष वंदना योगी और भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर विशिष्ट अतिथि के तौर पर शिरकत करेंगे। समारोह की अध्यक्षता विधायक सदर आशीष शर्मा करेंगे और इस अवसर पर भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष, भाजपा जिला अध्यक्ष तथा जिला के सभी मंडलों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहेंगे। विधायक आशीष शर्मा ने सभी से इस समारोह में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की और बताया कि इस समारोह में हमीरपुर मंडल शहरी के सभी महिला मंडलों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही, दरबोड़ गांव की 106 वर्षीय वृद्धा को भी इस मौके पर सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि विधायक की ओर से गरीब, अनाथ और गरीब बच्चियों के लिए चलाई जा रही सुकन्या समृद्धि योजना के तहत दो बच्चियों को चेक भेंट किए जाएंगे। इस बैठक में पूर्व जिला महामंत्री अजय रिंटू, वीणा शर्मा, मंडल शहरी अध्यक्ष श्रीपाल शर्मा, ग्रामीण अध्यक्ष जसवीर सिंह सहित दोनों मंडलों के महामंत्री व पदाधिकारी सदस्य भी मौजूद थे।
पेंशनर एसोसिएशन कुनिहार की मासिक बैठक पेंशन भवन तालाब कुनिहार में प्रधान विनोद जोशी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में कार्यकारिणी द्वारा कई विषयों पर चर्चा कर पेंशनरों के वित्तीय लाभ शीघ्र देने की मांग की गई। बैठक में पेंशनरों ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली की निंदा करते हुए कहा कि आज तक कभी नहीं हुआ कि कर्मचारियों की सैलरी व पेंशनरों की पेंशन पहली या दो तारीख को न मिली हो। जबकि अब हर महीने में तकरीबन यही हो रहा है की पेंशन कभी 10 तारीख को कभी 20 तारीख को मिल रही है। बैठक में महंगाई भत्ते की बकाया किस्तों का भुगतान जल्द से जल्द करने की मांग की सरकार से की गई। पेंशनरों ने कहा कि जुलाई 2022 से मार्च 2024 तक के महंगाई भत्ते की किस्त का एरियर अभी तक नहीं दिया गया है इसे जल्द देने के आदेश किया जाए। सेवानिवृत कर्मचारियों की एकमुश्त की एवज में 15 वर्ष तक कटने वाली राशि को भी घटाकर 10 वर्ष 8 माह के पश्चात पेंशन के साथ समायोजित करने के आदेश दिए जाए। जबकि कुछ राज्यों ने ऐसे आदेश पारित कर दिए है।वहीं 65 , 70 और 75 वर्ष के सेवानिवृत कर्मचारियों को 5 , 10 व 15 प्रतिशत के लाभ को मूल वेतन पर देकर पेंशन में समायोजित किया जाना चाहिए। प्रदेश सरकार से यह भी अनुरोध किया गया कि एक जनवरी 2016 से 31 दिसंबर 2022 के बीच सेवानिवृत कर्मचारियों के वित्तीय लाभ संशोधित वेतनमान का अभी तक कोई भी भुगतान नहीं हुआ है। जबकि एक जनवरी 2022 के बाद से सेवानिवृत कर्मचारियों को सभी लाभ दिए जा चुके हैं। जो की अन्याय व पक्षपात वाला निर्णय है। वही बैठक में सरकार से अनुरोध है कि पेंशनरों की जे सी सी की बैठक भी जल्द बुलाई जाए। ताकि लम्बित मांगों पर विस्तार से चर्चा की जा सके। जैसा कि समाचार पत्रों के माध्यम से पता चला है कि कुछ जिलों में अभी तक पेंशन का भुगतान नहीं हुआ है। इस प्रकार सेवा निवृत कर्मचारियों से अन्याय न किया जाए। जबकि मुख्यमंत्री महोदय ने खुद यह बयान दिया था कि संशोधित वेतनमान का एरियर भुगतान चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। मार्च 2024 के पश्चात एरियर का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है यह कैसा चरणबद्ध तरीका है। वही बैठक में विनोद जोशी, सूर्यकांत जोशी, के एल तंवर, ज्ञानचंद जोशी, गोपाल सिंह पंवर, राजेंद्र शर्मा,ज्ञानचंद ठाकुर, मनसाराम पाठक, भागमल तनवर,कृष्ण लाल तनवर, दीपराम ठाकुर, दिलाराम तंवर, दिलाराम पंवर, विजय कंवर आदि पेंशनर मौजूद रहे।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज यहां बताया कि परियोजना आंतरिक स्वीकृति समिति की 141वीं बैठक में हिमाचल प्रदेश के छः जिलों में 10 ग्रामीण सड़क परियोजनाओं के लिए आरआईडीएफ के अन्तर्गत 109.3 करोड़ रुपये की धनराशि को स्वीकृति प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि यह परियोजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क और परिवहन सुविधाएं प्रदान करने में सहायक साबित होंगी, जिससे प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग लाभान्वित होंगे। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश सरकार राज्य का समग्र विकास सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए सरकार प्रदेश की विकासात्मक आवश्यकताओं को निरंतर सक्रिय रूप से केंद्र के समक्ष रख रही है। प्रदेश सरकार के सतत प्रयासों से राज्य को विभिन्न परियोजनाओं के लिए अनुदान प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि स्वीकृत परियोजना में जुनाला-करलोटी-छट-बरथिन सड़क, टिक्कर-मनोह वाया जखयोल-रमेहरा-सुलखान-धीरवी सड़क तथा रोहडू़-चिड़गांव-डोडरा क्वार सडक का उन्नयन शामिल हैं। इसके साथ पीरसलूही (कांगड़ा) से किटपल (हमीरपुर), पुयाद से टिक्करी वाया धारली और थाथर त्रिपाल से मेहवा पंचायत, शहीद तेजसिंह स्मारक जट्टा रा नाला से कुकरी गलू वाया हरिजन बस्ती सलूण, कटलूण और छमयार सड़क शामिल है। उन्होंने कहा कि एक प्रमुख परियोजना के तहत नेहवाट, नयासर, घैणी और देवीधार को जोड़ने वाला 35 मीटर स्पैन पुल का निर्माण भी शामिल है। इसके अलावा कांशीवाला से बिरोजा फैक्ट्ररी वाया जाबल का बाग, कनोल लग और बटूनी मैटलिंग टारिंग वाली सड़क को मंजूरी दी गई है। मंत्री ने कहा कि यह परियोजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सम्पर्क सुविधा सुनिश्चित करने के साथ-साथ लोगों को कृषि उत्पाद, दैनिक आवश्यक वस्तुओं और सार्वजनिक परिवहन की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करेगी। लोक निर्माण मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आवश्यक औपचारिकताओं के पूरा होने के उपरान्त एक माह के भीतर निर्माण कार्य शुरू किए जाएं और इन परियोजनाओं में गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित कर परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा किया जाए।
ज्वालामुखी मन्दिर में आरती के समय में देरी को लेकर मंदिर प्रशासन ने एक कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस मामले में पूर्व ट्रस्टी कमल किशोर ने स्पष्ट किया कि उन्होंने मंदिर प्रशासन के पास कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई है। उन्होंने कहा कि कुछ समाचार पत्रों में उनका नाम गलत तरीके से जोड़ा गया है, जो कि सही नहीं है। हालांकि, स्थानीय दुकानदारों द्वारा मंदिर प्रशासन के पास इस मुद्दे की शिकायत की गई थी, जिसके बाद मंदिर अधिकारी ने संबंधित कर्मचारी को नोटिस भेजा और उनसे इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा।
ज्वालामुखी उपमंडल के अंतर्गत आते स्वंतत्रता सेनानी पंडित सुशील चंद रत्न राजकीय महाविद्यालय ज्वालामुखी में NSUI इकाई विधायक संजय रत्न जी के जन्मदिवस के अवसर पर रक्तदान शिविर का आयोजन करवाने जा रही है। ये जानकारी जिला कांगड़ा एनएसयूआई उपाध्यक्ष नीरज राणा ने मीडिया के माध्यम से दी। राणा ने कहा कि रक्तदान जीवन का सबसे बड़ा महादान है, जिससे किसी के जीवन को बचाया जा सकता है। उन्होंने विधानसभा के समस्त युवा साथियों से तथा जनता से अपील की है कि वे इस रक्तदान शिविर में जरूर भाग लें।। इस मौके पर कैंपस अध्यक्ष शाहिद, सोशल मीडिया अनुज, आदित्य , तुषार, रोहित,अर्शिता,अक्षिता, महक,तथा अन्य एनएसयूआई सदस्य मौजूद रहे।
नशे के विरुद्ध अभियान के तहत कसौली थाना क्षेत्र गड़खल, थाना प्रभारी कसौली धनवीऱ सिंह व ड्रग इंस्पेक्टर सुप्रिया शर्मा के नेतृत्व में दवाइयों की दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया। इस अभियान के तहत दुकानों के सेल, परचेज रजिस्टर की छानबीन की गई। इस दौरान दोनों विभागों के अधिकारियों ने दवा,विक्रेताओं को सख्त निर्देश जारी किए कि बिना डॉक्टर की पर्ची के कोई भी दवाई, सिरिंज नहीं दी जाए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों, कर्मचारियों ने दूकानों में रखी सभी दवाइयों को बारीकी से चैक किया। थाना प्रभारी कसौली धनवीर सिंह ने बताया कि थाना क्षेत्र के कसौली व गड़खल में दवा विक्रेताओं की दुकानों के औचक निरीक्षण किया गया व निर्देश जारी किए गए कि बिना डॉक्टर की पर्ची के सिरिंज, दवाइयां न दी जाए । उन्होंने जनता से आवाहन किया कि नशे के खात्मे को लेकर जारी जंग में पुलिस का साथ दे व अवैध तरीके से नशा बेचने वालों की सूचना पुलिस को दे।
प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार कृतसंकल्प है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में बनी प्रदेश सरकार द्वारा गरीब कल्याण की जितनी भी योजनाएं चलाई जा रही है उनका लाभ पात्र लोगों तक पहुंचे इसके लिए सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है। ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजय रतन ने बुधवार को लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह ज्वालाजी में पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत सहायता राशि के चेक वितरित करने के उपरांत यह उद्गार व्यक्त किए। संजय रतन ने ज्वालामुखी में विधायक ऐच्छिक निधि के 109 लाभार्थियों को 13 लाख रुपये, मुख्यमंत्री राहत कोष के 33 लाभार्थियों को 4 लाख रुपये, एसडीआरएफ रिलीफ के तहत 29 लाभार्थियों को 75 लाख रुपए के चेक वितरित किए। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के अधिकारी कर्मचारी यह सुनिश्चित करें कि उनके विभाग से संबंधित योजनाओं की जानकारी और उनके लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के मुखिया स्वयं एक सामान्य परिवार से आते हैं इसलिए वे आम जनमानस के दुख तकलीफों को समझते हैं। उन्होंने कहा कि आम व्यक्ति को ध्यान में रखकर ही सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। बकौल विधायक, ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र में आम लोगों की समस्याओं से वे भली भांति वाकिफ हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सड़क, बिजली व पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को ओर बेहतर बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं को लेकर लोगों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। विधायक ने कहा कि वे हर समय ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र की जनता के लिए उपलब्ध हैं। यदि किसी को कभी लगता है कि उनकी समस्या की सुनवाई नहीं हो रही है तो वे उनसे सीधे संपर्क कर सकते हैं। यह रहे उपस्थित इस दौरान एसडीएम ज्वालामुखी डॉ. संजीव शर्मा, तहसीलदार ज्वालामुखी राहुल, तहसीलदार खुंडिया शिवानी भारद्वाज, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग मुनीश गर्ग, अधिशाषी अभियंता विद्युत विभाग कर्ण पटियाल, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग भारत भूषण सहित स्थानीय लोग मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा जारी की गई अधिसूचना के अनुसार हिमाचल पुलिस में 1226 पदों पर पुरुष एवं महिला आरक्षियों के लिए चल रही भर्ती प्रक्रिया में 05-03-2025 को जिला सोलन के पुलिस ग्राउंड में कुल 1100 पुरुष उम्मीदवारों को शारीरिक मापदंड/ दक्षता परीक्षा के लिए बुलाया गया था, जिनमे से 624 पुरुष उम्मीदवारों ने भाग लिया। उक्त पुरुष उम्मीवारों में से 68 पुरुष उम्मीदवार शारीरिक मापदंड (Physical Standard Test) और ग्राउंड टैस्ट (Physical Efficiency Test) पास करने में सफल रहे है तथा 556 पुरुष उम्मीदवार ग्राउंड टैस्ट पास करने में असफल रहे।
राजस्व, बागवानी तथा जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश में पुष्प खेती के विस्तार व बागवानों की आय में वृद्धि करना सरकार की प्राथमिकता है। जगत सिंह नेगी आज सोलन ज़िला के कण्डाघाट उपमण्डल की ग्राम पंचायत झाजा के महोग बाग स्थित आदर्श पुष्प केन्द्र तथा गौडा स्थित फल संतति एवं प्रदर्शन उद्यान का निरीक्षण कर रहे थे। जगत सिंह नेगी ने पुष्प आदर्श केन्द्र के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह यहां के पुष्प उत्पादकों की मांग के अनुसार फूलों के पौधे तैयार करें। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को पुष्प पौधो की विभिन्न किस्में विकसित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने अधिकारियों को आदर्श पुष्प केन्द्र महोग बाग में टिशू कलचर से विभिन्न प्रजातियों के पौधे विकसित करने के निर्देश दिए। बागवानी मंत्री ने कहा कि सोलन ज़िला में लगभग 250 पुष्प उत्पादक पुष्प व्यवसाय से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि सोलन ज़िला में लगभग 55 हैक्टेयर भूमि पर पुष्प उत्पादन किया जा रहा है। सोलन ज़िला में लगभग 10 करोड़ रुपए का पुष्प व्यवसाय किया जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि सोलन ज़िला पुष्प उत्पादन (फूलों के संरक्षण) की खेती में अग्रणी है। जगत सिंह नेगी ने कहा कि पुष्प केन्द्रों में अधिक से अधिक पुष्प खेती के अपग्रेडिड पौधे तैयार कर बागवानों तथा पुष्प खेती में उपयोग होने वाली सामग्री को बागवानों तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि गौड़ा में वर्तमान में ब्लूबेरी के पौधे तैयार किए जा रहे है और भविष्य में कीवी तथा पर्सिमन के पौधे तैयार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नई प्रजातियों के फलों व फूलों की उपज को तैयार कर इसकी जानकारी बागवानों तक पहुंचाई जाएगी ताकि बागवानों की आय में वृद्धि की जा सके। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को गौड़ा में ड्रेगनफूट के पौधे लगाने व उत्पाद करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही ब्लूबेरी (हाई चिल्ड) किस्म के फलदार पौधे को सोलन ज़िला के चायल स्थित आदर्श पुष्प केंद्र महोबाग में इंटरड्यूस किया जाएगा।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने राज्य सरकार के सतत प्रयासों और आग्रह के फलस्वरूप केंद्र सरकार ने प्रदेश को 15वें वित्त आयोग के तहत राष्ट्रीय डेटा केंद्र के लिए नगरपालिका साझा सेवा केंद्रों (एमएसएससी) की स्थापना के दृष्टिगत 50 करोड़ रुपये की अनुदान राशि स्वीकृत की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के मार्गदर्शन में राज्य सरकार शहरी स्थानीय निकायों को सशक्त बनाकर नगर प्रशासन के आधुनिकीकरण के लिए निरंतर कार्यरत है। प्रदेश सरकार सीमित श्रमशक्ति, वित्तीय संसाधनों की कमी और तकनीकी सहायता के अभाव जैसी चुनौतियों का समाधान करने की दिशा में कार्य कर रही है। एमएसएससी की स्थापना से नगर पालिकाओं में प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और लोगों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएगी। लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि पासपोर्ट सेवा केंद्रों की तर्ज पर इन केंद्रों के माध्यम से लोगों को जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, व्यापार लाइसेंस जारी करने तथा शिकायत निवारण जैसी आवश्यक जन सेवाएं को सुगमता से उपलब्ध होगी। इसके अतिरिक्त यह केंद्र लेखा कार्य, पेरोल मेनेजमेंट और वेंडर के भुगतानों के लिए एक केंद्रित प्रणाली के रूप में कार्य करेंगे। कर संग्रह, कचरा प्रबंधन और रखरखाव कार्य जैसी सुविधाएं घर-द्वार के निकट उपलब्ध होगी, जिससे छोटे नगर निकायों की कार्यप्रणाली में उल्लेखनीय सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहरी विकास नवाचारों के लिए केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस अनुदान से राज्य में शहरी स्थानीय निकायों के तीन क्लस्टर स्थापित किए जाएंगे, जिससे नगर प्रशासन तकनीकी रूप से सक्षम बनेगा और लोगों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि मंत्रालय द्वारा हिमाचल के लिए शीघ्र धनराशि जारी करने का प्रस्ताव दिया जा चुका है। हिमाचल के अलावा असम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड को भी यह अनुदान मिलेगा। यह राशि दो चरणों में वितरित की जाएगी। इसके तहत 50 प्रतिशत राशि मंजूरी के समय और शेष राशि एमएसएससी मॉडल के संचालन के बाद जारी की जाएगी। इस परियोजना का प्रभावी क्रियान्वयन और मूल्यांकन सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार एक त्रि-पक्षीय संस्था की नियुक्ति करेगी। उन्होंने कहा कि एमएसएससी मॉडल से संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग और सेवा वितरण में सुधार होगा, जिससे राज्य के शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोग लाभान्वित होंगे।
पेंशनर एसोसिएशन कुनिहार इकाई की मासिक बैठक शुक्रवार 7 मार्च को पेंशनर्ज कार्यालय तालाब कुनिहार में इकाई अध्यक्ष विनोद जोशी की अध्यक्षता में आयोजित की जा रही है। महा सचिव चेतराम भारद्वाज ने कुनिहार इकाई के सभी कार्यकारणी सदस्यों से इस बैठक में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचने की अपील की है। उन्होंने सभी पेंशनरों से आग्रह किया है कि 7 मार्च को 11 बजे पेंशनर कार्यालय तालाब कुनिहार में पहुंचे तथा पेंशनरो की समस्या व आगामी रणनीति बारे चर्चा में बढ़चढ़ कर भाग लें। उन्होंने बताया कि बैठक में अप्रैल माह में होने वाले स्थापना दिवस पर भी चर्चा की जाएगी।
विधायक संजय अवस्थी ने आज शिमला से जारी एक बयान में आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। हिमाचल प्रदेश को विशेष मदद प्रदान करना तो दूर की बात, हमारे हक का पैसा भी समय पर नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन में अपनी हिस्सेदारी का पांच तिमाही से एक भी पैसा जारी नहीं किया है। केंद्र सरकार ने लगभग 65 करोड़ रुपए की धनराशि जनवरी 2024 से जारी नहीं की है। वहीं, मनरेगा का भी यही हाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने मनरेगा में अपने हिस्से के अक्तूबर 2024 से लंबित 252.56 करोड़ रुपए भी अभी तक हिमाचल प्रदेश को प्रदान नहीं किए गए हैं। भाजपा के नेता सुर्खियों में बने रहने के लिए बयानवीर बने हुए हैं, जबकि केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश के लोगों को उनके हक से भी वंचित कर रही है। संजय अवस्थी ने कहा कि हिमाचल भाजपा के नेता प्रतिदिन अखबारों में केंद्र सरकार से मिलने वाली मदद को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं। लेकिन हकीकत इससे ठीक उलट है। उन्होंने कहा कि राज्य में कांग्रेस की सरकार होने के कारण प्रदेश के साथ अन्याय किया जा रहा है। वर्ष 2023 में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान भी केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के प्रभावित परिवारों के साथ धोखा किया। जहाँ उत्तराखंड को आपदा के लिए बजट में सीधे मदद प्रदान की, वहीं हिमाचल प्रदेश को मिलने वाली मदद को शब्दों के मकड़जाल में फँसा कर रख दिया है। यहाँ तक की केंद्र सरकार की टीम डेढ़ साल पहले आपदा से हिमाचल प्रदेश को हुए नुकसान का सर्वे कर गई और राज्य में लगभग 10 हजार करोड़ रुपए के नुकसान का आकलन किया। हालत यह है कि यह पैसा भी अभी तक हिमाचल प्रदेश के लोगों को नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने आपदा प्रभावितों की मदद के लिए 4500 करोड़ का विशेष राहत पैकेज प्रदान कर उन्हें फिर से बसाया ताकि वे अपना जीवन सम्माजनक जी सकें। विधायक ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार हिमाचल प्रदेश के लोगों के साथ भेदभाव कर रही है जबकि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार जन कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बिना केंद्र सरकार के सहयोग ही राज्य सरकार प्रदेश के विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
आज शिमला सचिवालय में भरमौर निर्वाचन क्षेत्र के विधायक जनक राज और आनी विधायक लोकेंद्र कुमार ने अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व, गृह और जनजातीय विकास ओंकार शर्मा से मुलाकात की। इस मुलाकात में दोनों विधायकों ने प्रदेश में राजस्व कर्मचारियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल के बीच आम जनमानस को हो रही असुविधा को लेकर उचित कदम उठाने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने राजस्व कर्मचारियों की मांगों पर सरकार से विचार करने का अनुरोध किया। इसके अलावा, पांगी घाटी में बर्फबारी से हुए नुकसान और राहत कार्यों में तेजी लाने का भी आग्रह किया गया। लोकेन्द्र कुमार परमार ने अपने विधानसभा क्षेत्र में प्रभावित लोगों के घरों को हुए नुकसान के लिए राहत और भोजन सामग्री हवाई माध्यम से पहुँचाने की मांग उठाई।
मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग (एचपीआरसीए), हमीरपुर की बैठक की अध्यक्षता करते हुए पूर्व में मंत्रीमण्डल की बैठक में अनुमोदित 6 पोस्ट कोड के 660 पदों के परिणामों को शीघ्र घोषित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न विभागों, बोर्डों और निगमों के 2000 से अधिक पदों की भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने को कहा। इन पदों में वे पद भी शामिल हैं, जो पूर्व हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग द्वारा विज्ञापित किए गए थे। इसके अलावा एचपीआरसीए को हाल ही में प्राप्त नए अधिसूचित पदों को भी भरने का कहा गया है। उन्होंने एचपीआरसीए को उन उम्मीदवारों को दो वर्ष की आयु छूट प्रदान करने को कहा जो विभिन्न कारणों से आवेदन करने से वंचित रह गए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार प्रदेश के युवाओं को सरकारी क्षेत्र में पारदर्शी तरीके और योग्यता के आधार पर रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार युवाओं को रोजगार प्रदान करने में विफल रही थी और उनके कार्यकाल के दौरान अनेक प्रश्न-पत्र लीक हुए थे। उन्होंने आश्वासन दिया कि आयोग पारदर्शी भर्ती और कम्प्यूटर आधारित टैस्ट संचालित कर युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने आयोग को अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए आवेदन प्रक्रिया के लिए 20 मार्च, 2025 तक वन टाइम रजिस्ट्रेशन मॉड्यूल विकसित करने के निर्देश दिए।


















































