बिलासपुर जिला अस्पताल में विश्व फार्मासिस्ट दिवस बड़े हर्ष व उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर एमएस डा. एनके भारद्वाज के कार्यालय में सभी अस्पताल फार्मासिस्टों ने एकत्रित होकर विष्व फार्मासिस्ट दिवस मनाया। कार्यक्रम में वरिश्ठ चिकित्सा अधिकारी डा. सतीष षर्मा ने भी विषेश रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज करवाईं। इस अवसर पर डा. सतीष षर्मा ने कहा कि अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग में फार्मासिस्ट एक महत्वपूर्ण अंग हैं जो चौबीसों घंटे हर चिकित्सक के साथ अपनी सेवाएं देने के लिए तत्पर रहते हैं। यह एक ऐसा वर्ग है कि इसकी कमी हो तो पूरी व्यवस्था चैपट हो सकती है। आपातकाल में चिकित्सकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने की इस वर्ग की षैली अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करती है। वहीं एमएस डा़. एनके भारद्वाज ने कहा कि अब कोरोना काल चला है तथा बिलासपुर जिला के फार्मासिस्टों ने अपनी नियमित डयूटी से बढ़कर काम किया हैं जबकि अतिरिक्त सेवा का अवसर आता है तो यह वर्ग बिना किसी हिचकिचाहट के अपनी सेवा के लिए दिन रात तत्पर रहता है जो कि प्रषंसनीय कार्य है। स्वास्थ्य विभाग में महत्वपूर्ण किरदार निभाने वाले इन फार्मासिस्टों को दवा विषेशज्ञ भी कहते हैं। वहीं फार्मासिस्ट विनोद भारद्वाज और सुरेद्र नड्डा ने बताया कि इस बार विष्व फार्मासिस्ट दिवस का थीम था वैश्विक स्वास्थ्य को बदलना। उन्होंने बताया कि इस थीम के तहत पूरे विश्व के लोगों को स्वास्थ्य की बारे में जागरूक करना है जिसे साकार करने के लिए फार्मासिस्टों ने अपना अहम रोल अदा किया। इस अवसर पर सेवानिवृत चीफ फार्मासिस्ट पुरूषोतम शर्मा, चीफ फार्मासिस्ट पदम वीर चंदेल, विनोद भारद्वाज, सुरेंद्र नड्डा, रोहित, कपिल, सुरेश ठाकुर, सुरेश नड्डा, सुनील दत शर्मा , संदला चौहान, गुरूपाल, नरेश शर्मा मौजूद रहे।
सर्वधर्म समभाव राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष इं. पंडित सत्यदेव शर्मा ने जिला अस्पताल परिसर के मुख्य द्वार पर स्थित ट्रामा सेंटर के बिलकुल साथ बनाए जा रहे शव गृह पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि इस बेतुक निर्माण के लिए जिम्मेवार लोगों के उपर कार्यवाही होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि टाऊन प्लानर के साथ-साथ अस्पताल प्रशासन की भी जबावदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ट्राॅमा सेंटर के साथ ही शव गृह का निर्माण किसी भी सूरत में सही नहीं है। शर्मा ने कहा कि लुहणु में स्थित मोक्ष धाम परिसर में शव गृह का निर्माण किया जा सकता है। रही बात पोस्टमार्टम की तो चिकित्सक सरकारी गाड़ी सुविधा से लुहणु आ जा सकते हैं लेकिन इच्छाशक्ति की कमी के कारण ऐसे कार्यों को अंजाम देकर जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है जिसे सर्वधर्म समभाव राष्ट्रीय मंच कभी सहन नहीं करेगा। शर्मा ने कहा कि जिस स्थान पर शव गृह बनाया जा रहा है वहां पर अस्पताल की आपातकालीन सेवाएं हैं और उसके साथ ही ट्रॉमा वार्ड है और इसी भवन के निचली मंजिल पर अस्पताल की कैंटीन है और इसके मध्य मुख्य अस्पताल को आने.जाने वाला मध्य मार्ग भी है। अगर ठीक से देखा जाए तो जहां पर यह शव गृह बनाया जा रहा है। उससे केवल कुछ मीटर की पर ट्रॉमा सेंटर, रात्रि ओपीडी है, स्पेशल वार्ड और अस्पताल कैंटीन है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही इस बारे में सर्वधर्म समभाव राष्ट्रीय मंच अन्य संस्थाओं के साथ बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा जबकि इसके साथ ही डीसी बिलासपुर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी प्रेषित किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डाॅ प्रकाश दरोच ने बताया कि इन दिनों लोगो को कोरोना, डेंगू और मलेरिया के साथ-साथ स्क्रब टाइफस से बचने के बारे में जागरुक होना बहुत जरुरी है। उन्होंने बताया कि इस मौसम में स्क्रब टाइफस से जिला बिलासपुर में रोगियों की संख्या में वृद्धि हुई है इससे बचने के लिए इन दिनों बहुत सावधानी रखना जरुरी है। उन्होंने बताया कि स्क्रब टायफस भी एक किस्म का बुखार है यह रोग भी एक जीवाणु विशेष (रिकेटशिया) से संक्रमित माइट (पिस्सू) के काटने से फैलता है जो खेतों में झाड़ियों में वह घास में रहने वाले चूहों में पनपता है। यह जीवाणु चमड़ी के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है और स्क्रब टायफस बुखार पैदा करता है। इसके कारण फेफडों और दिमाग में संक्रमण हो जाता हैै। यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता। उन्होंने बताया कि तेज बुखार जो 104 से 105 डिग्री तक जा सकता है। इस बुखार को लोग जोड़ तोड़ बुखार भी कहते हैं। जोड़ों में दर्द कंप कंपी के साथ बुखार शरीर में ऐंठन अकड़न, कमजोरी, शरीर में ,ऐंठन, अकडन और शरीर टूटा हुआ लगना तथा जिसु के काटने के स्थान पर त्वचा काली होने पर घाव बन जाता है। अधिक संक्रमण में गर्दन बाजुओं के नीचे, कुल्हो के ऊपर गिल्टियां होना। उन्होंने बताया कि अपने शरीर की सफाई का ध्यान रखना चाहिए। घर के आसपास के वातावरण को साफ रखना चाहिए। घर के चारों ओर खरपतवार या घास नहीं उगने देना चाहिए। घर के अंदर व आस-पास कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करना चाहिए। खेतों या झाड़ियों में काम करते समय शरीर को पूरा ढक कर रखें व पांव में भी जूते पहने ताकि पांव भी नंगे न रहे। खेतों से आने पर गर्म पानी से नहाएं और तौलिए से शरीर को रगडकर अच्छी तरह साफ करें। स्क्रब टायफस का इलाज बहुत आसान है तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। बुखार कैसा भी हो नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र में जाकर डॉक्टर का परामर्श अति आवश्यक है, बचाव में ही सुरक्षा है। लापरवाही बरतने पर घातक हो सकता है।
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले और मुद्रण एवं लेखन सामग्री मंत्री राजिन्द्र गर्ग ने मुद्रण व लेखन विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि मुद्रण और लेखन के कार्य को सतर्कता और गुणवत्ता के साथ किया जाए। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य सरकार, विभिन्न विभागों और विश्वविद्यालयों, बोर्डों की स्टेशनरी की आवश्यकताओं की आपूर्ति समय पर की जाए। उन्होंने बताया कि प्रिंटिंग में नई तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा और कर्मचारियों को इनका प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को पंचायती राज चुनावों से संबंधित कार्यों की तैयारी के भी निर्देश दिए। राजिन्द्र गर्ग ने कहा कि विभिन्न विभागों को राइटिंग पेपर और स्टेशनरी ड्राइंग सहित 150 विभिन्न प्रकार की प्रकाशन सामग्री उपलब्ध करवाई जाती है। उन्होंने कहा कि स्टेशनरी आर्टिकल्स को ई-टेंडर के माध्यम से सरकार द्वारा गठित स्टेशनरी कमेटी से मंजूरी मिलने के बाद खरीदा जाता है और इस कार्य में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की जाती है। इसके पश्चात, राजिन्द्र गर्ग ने मुद्रण एवं लेखन विभाग की सरकारी प्रिंटिंग प्रेस का निरीक्षण किया तथा समस्त अधिकारियों व कर्मचारियों से विभागीय कार्यप्रणाली की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों व कर्मचारियों के कार्य की सराहना करते हुए कर्मचारियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर कंट्रोलर मुद्रण और लेखन सामग्री रीमा कश्यप सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने बताया कि जिला में मतदान केन्द्रों का युक्तिकरण किया जा रहा है। इस सम्बन्ध में उन्होंने निर्वाचन विभाग के अधिकारियों और विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर आवश्यक चर्चा की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में मतदाताओं के लिए पूर्व में बनाए गए मतदान केन्द्र जो दूर पड़ते हैं, को नजदीक के मतदान केन्द्रों में सम्मिलित किया जाना है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन आयोग के नए नियमों के अनुसार एक मतदान केन्द्र में अधिकतम 1500 मतदाता हो सकते है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिला बिलासपुर के चारों विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की कुल संख्या 3 लाख 12 हजार 130 है और कुल 415 मतदान केन्द्र है। उन्होंने बताया कि इनमें से 25 मतदान केन्द्रों में संशोधन का प्रस्ताव है। विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से चर्चा के उपरांत उन्होंने प्रस्तावनाओं पर अपनी सहमति प्रदान की। उन्होंने बताया कि 46-झण्डूता अजा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में 106 मतदान केन्द्र है जोकि सभी सरकार भवनों में स्थित है। उन्होंने बताया कि इस निर्वाचन क्षेत्र में मतदान केन्द्रों के युक्तिकरण हेतु निर्वाचक रजिस्ट्रकरण अधिकारी एवं एसडीएम झण्डूता से 14 प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं जिनमें मतदान केन्द्र 1-बडगांव-1, मतदान केन्द्र 2-बडगांव-2, मतदान केन्द्र 5-चंगरतलाई-1, मतदान केन्द्र 15-कोसरियां-1, मतदान केन्द्र 16-कोसरियां-2, मतदान केन्द्र 18-जंगल ठठलचैंता, मतदान केन्द्र 21-टिहरी, मतदान केन्द्र 55-छम्वाहण (गेहडवी), मतदान केन्द्र 73-बकैण, मतदान केन्द्र 76-मलराओं, मतदान केन्द्र 77-गाह, मतदान केन्द्र 86-जैंजवीं तथा मतदान केन्द्र 100-तन्यूर। उन्होंने बताया कि 47-घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र से 2 प्रस्तावनाएं प्राप्त हुई है जिसमें मतदान केन्द्र 19-बौणी ढलयाणी और मतदान केन्द्र 54-छजौली शामिल है। उन्होंने बताया कि बिलासपुर सदर विधानसभा क्षेत्र में मतदान केन्द्रों के युक्तिकरण हेतु निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एसडीएम सदर बिलासपुर से कोई भी प्रस्तावना प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि श्री नैना देवी जी निर्वाचन क्षेत्र में वर्तमान में 97 मतदान केन्द्र है। इस निर्वाचन क्षेत्र में मतदान केन्द्रों के युक्तिकरण हेतु एसडीएम श्री नैना देवी जी स्थित स्वारघाट में 9 प्रस्तावनाएं प्राप्त हुई है जिसमें मतदान केन्द्र 3-रानी कोटला (मतदाता-1165), मतदान केन्द्र 9-सुई (मतदाता-861), मतदान केन्द्र 12-चन्दपुर (मतदाता-617), मतदान केन्द्र 33-कोठी (मतदाता-394), मतदान केन्द्र 61-स्वाहण (मतदाता-1044), मतदान केन्द्र 65-बैहल-3 (मतदाता-1198), मतदान केन्द्र 66-मण्डयाली (मतदाता-928) तथा मतदान केन्द्र 97-ग्वालथाई (मतदाता-1024) शामिल है। उन्होंने बताया कि युक्तिकरण की प्रस्तावनाएं मुख्य निर्वाचन अधिकारी हिमाचल प्रदेश के माध्यम से भारत निर्वाचन आयोग को मंजूरी हेतु भेजी जाएगी। इस अवसर पर एडीसी तोरूल रवीश, निर्वाचन तहसीलदार विजय कुमार, नायब तहसीलदार राजेश कौंडल के अतिरिक्त विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
हिम आंचल टैक्सी ऑपरेटर यूनियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि अटल टनल के खुलने पर रोहतांग जाने के लिए सभी टैक्सी वाहनों को परमिशन दी जाए और इससे पहले 1200 टेक्सी वाहनों की परमिशन के आदेशों को रद्द किया जाए। लिखे गए इस पत्र के बारे में जानकारी देते हुए यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष गुप्त राम ठाकुर भारती ने बताया कि अगर यह इजाजत मिल जाती है तो यूनियन के सभी सदस्य सरकार व प्रशासन का कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करेंगे। उन्होंने बताया कि मनाली पूरे विश्व पर्यटन का हब है। लगभग पूरे भारतवर्ष की टैक्सियों का काम मनाली से ही निकलता है क्योंकि यहां पर मुख्य आकर्षण रोहतांग दर्रा है। वर्तमान में रोहतांग दर्रा जाने के लिए 1 दिन में मात्र 1200 टैक्सी व पर्यटक वाहनों को ही परमिशन दी जाती है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बेरोजगारी की दर अन्य राज्यों से बहुत अधिक है और यहां रोजगार के नाम पर केवल मात्र टैक्सी का काम ही ऐसा काम है जिसे एक बेरोजगार कम पैसे से शुरू करता है और अपनी रोजी-रोटी के साथ-साथ सरकार द्वारा निर्धारित टैक्स व अन्य अनुदानों का भुगतान भी करता है। उन्होंने बताया कि आज के दौर में लगभग 5000 टैक्सी मनाली में ही चल रही हैं जबकि पूरे हिमाचल प्रदेश की बात की जाए तो 60 से 70 हजार टैक्सी वाहन चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इतने टैक्सी वाहनों के होते हुए मात्र 1200 वाहनों को ही परमिशन दिए जाने से सभी को काम नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि एनजीटी कोर्ट द्वारा रोहतांग दर्रा में जाम की समस्या होने के कारण यह संख्या 1200 निर्धारित की गई थी लेकिन अब रोहतांग टनल खुलने के बाद लाहौल स्पीति और लद्दाख जाने वाले वाहनों की आवाजाही एक तरफ से ही हो जाएगी तो रोहतांग सड़क पर जाम लगने जैसी परेशानी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह से सभी टैक्सी वाहनों को 8 साल पहले बिना किसी परमिशन के रोहतांग दर्रा जाने दिया जाता था उसी तरह से अब सभी टैक्सी वाहनों को बिना परमिशन के रोहतांग दर्रा जाने की अनुमति दी जाए ताकि हिमाचल प्रदेश में आने वाले पर्यटकों को भी असुविधा का सामना ना करना पड़े। उन्होंने कहा कि इन सभी दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए 1200 वाहनों की परमिशन की व्यवस्था को पूरी तरह से रद्द किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पर्यावरण बचाने के लिए जो शुल्क दिया जाता है उस शुल्क को देने के लिए सभी टैक्सी ऑपरेटर तैयार हैं ताकि पर्यावरण सुरक्षित रहे।
बिलासपुर में कोरोना के मामलो ने रफतार पकड़ ली है। अधिकांश गली मोहल्लों में कोरोना पाॅजीटिव आने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में एहतियात से बढ़कर कोई दूसरा रास्ता नहीं है। वहीं नगर परिषद बिलासपुर द्वारा भी अपना सेनेटाइजेशन अभियान निरंतर जारी रखे हुए हैं। जहां पर कोरोना पाॅजीटिव मामले आ रहे हैं तथा कंटेनमेंट जोन बन रहे हैं वहां पर भी नगर परिषद के कर्मचारी लगातार सेनेटाइजेषन कार्य कर रहे हैं। इसके साथ ही नगर के अधिकांश वार्डों में नगर परिषद कर्मचारी घूम घूम कर इस कार्य को अंजाम दे रहे हैं तथा लोगों को भी स्वच्छता का पाठ पढ़ा रहे हैं। गौर हो कि यह महीना डेंगू बीमारी के लिए माना जाता है कोरोना और डेंगू का मिश्रण सीधे तौर पर बहुत घातक हो सकती है। इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी विभिन्न माध्यमों से लोगों को स्वच्छता को लेकर जागरूक किया जा रहा है। वहीं सीएमओ बिलासपुर डा. पीसी दड़ोच ने भी जिला की जनता से अपील की है कि वे अपने घर तथा आस पड़ोस में सफाई का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा है कि होमआइसोलेसन में उन्हीं मरीजों को रखा जाएगा जिनका उच्च रक्तचाप, मधुमहे ह्रदय रोग, दमा, क्र्राॅनिक लिवर या गुर्दे की बीमारी एच आई वी कैंसर साॅरी ब्रो वैस्कुलर रोग आदि से ग्रसित ना हो। उन्होंने बताया कि कोरोना के लक्षण दिखने के 17 दिनो बाद तक होम आइसोलेसन में रहना होगा या फिर 10 दिनो तक बुखार न आने पर होम आइसोलेसन खत्म किया जा सकता हैं अन्त में दुबारा टेस्टिंग की जरुरत नही हैं।
हिमाचल प्रदेश अस्पताल अनुबंध फार्मासिस्ट संघ का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेशाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार नड्डा की अध्यक्षता में स्वास्थ्य मंत्री डॉ.राजीव सहजल से मिला और अपनी मांगों से संबंधित एक मांग पत्र सौंपा। स्वास्थ्य मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल के डिमांड चार्टर को ध्यान से पढ़ा और सकारात्मक संकेत देते हुए समय रहते उनकी मांगों पर अमल करने का आश्वासन दिया। वहीं मांगों का जिक्र मीडिया से करते हुए प्रदेशाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार नड्डा ने बताया कि सरकार अनुबंध फार्मासिस्टों के अनुबंध को तीन वर्ष से घटाकर दो वर्ष करे तथा जो यह समय पूरा कर चुके हैं उन्हें तुरंत नियमित करने के आदेश पारित करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अनुबंध फार्मासिस्ट बहुत ही कम वेतन पर पूरी योग्यता होने के बावजूद अपनी सेवाएं चौबीसों घंटे दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट वर्ग को अनुबंध काले से ही मूलत वेतन 10,300 पे-स्केल मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हजारों कर्मचारी इसी आस में बैठे हैं कि सरकार उनकी मांग को शीघ्र अमलीजामा पहनाएगी। उन्होंने स्मरण करवाया कि बीते विधानसभा चुनावों से पूर्व भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में वायदा किया था कि वे अनुबंध के कार्यकाल को तीन साल से घटाकर दो साल करेंगे लेकिन अब दो साल का समय बीत चुका है जबकि इस मांग पर कोई अमल नहीं किया गया। उन्होंन बताया कि प्रदेष के विभिन्न विभागों के करीब तीस हजार कर्मचारी ऐसे हैं जो अनुबंध में पूरी ईमानदारी और निष्ठा से कम वेतन पर भी सेवाएं दे रहे हैं। अनुबंध फार्मासिस्ट संघ के प्रदेषाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार नड्डा ने कोविड-19 के दौरान प्रदेश के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में अपनी जान को जोखिम में डालकर बहुत कम वेतन पर अपनी सेवाएं देने वाले इस वर्ग के बारे में सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने इससे पहले भी कई ऐतिहासिक निर्णय लेकर कर्मचारियों को राहत पहुंचाई है तथा इस बार भी सरकार अनुबंध कर्मचारियों को निराश नहीं करेगी। इस प्रतिनिधिमंडल में सुरेश नड्डा, रवि कांत, कमलेश कुमार, संजीव शर्मा व सुरेश भारती आदि मौजूद थे।
राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की जयन्ती के 150 वर्ष पूर्ण होने एवं पूर्ण राज्यत्व की 50वीं वर्षगाँठ के अवसर पर जिला प्रशासन बिलासपुर एवं भाषा संस्कृति विभाग जिला बिलासपुर द्वारा स्कूली विद्यार्थियों की जिला स्तरीय ऑनलाइन चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन करवाया जा रहा है। कक्षा छठी से आठवीं तक कनिष्ठ वर्ग का विषय मेरा हिमाचल तथा कक्षा 9वीं से 12वीं के लिए राष्ट्रीय एकता नामक विषय है। इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए अपने द्वारा बनाए गए चित्र का फ़ोटो दिनांक 27 सितंबर सायं 5 बजे तक जिला भाषा अधिकारी बिलासपुर की ई-मेल (dlo.blp.hp@gmail.com) पर भेजना सुनिश्चित करें। बनाए गए चित्र पर प्रतिभागी का नाम, स्कूल व कक्षा का नाम, मोबाइल नंबर लिखना अनिवार्य है। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त होने वाली ईमेल मान्य नहीं होगी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं आयुर्वेदा मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने जिला बिलासपुर में कोरोना महामारी के बचाव के लिए अब तक किए गए कार्यों की समीक्षा की तथा भविष्य उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों पर चर्चा की। उन्होंने विधायकों, उच्च अधिकारियों तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कोरोना की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी से बचाव व रोकथाम के लिए (आईईसी) सूचना-शिक्षा-संचार अभियान हेतु जिला प्रशासन विधायकों के साथ मिलकर एक ठोस कार्य योजना तैयार करें, जिसमें सबकी भागीदारी सुनिश्चित कर समाज के हर वर्ग को इससे जोड़े और इस कार्य योजना को लागू करने के लिए इसे आंदोलन के रूप में लें ताकि बढ़ते हुए कोरोना मामलों की चेन को तोड़ा जा सके और कोरोना महामारी से निपटने में सफलता मिल सके। उन्होंने आमजनता से आग्रह किया कि कोरोना महामारी से बचने के लिए बचाव के तरीक्कों का पूर्ण रूप से पालन करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि लोगों सही ढंग से मास्क पहने, दो गज की दूरी का पालन करे, साबुन से हाथ धोएं, सैनीटाईजर का प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने 500 वैंटीलेटर तथा आक्सीजन सिलेंडर भी प्रदेश सरकार को दिए है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी से रोकथाम के लिए हर व्यक्ति तक पहुँच कर हर व्यक्ति को जागरूक करना होगा तभी हम कोरोना महामारी से निपटने के लिए सक्षम होंगे। इस मौके पर उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने जिला में कोरोना की स्थिति और प्रशासन इसकी रोकथाम के लिए उठाए जा रहे आवश्यक कदमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने आश्वासन दिलाया की जिला में कोरोना महामारी से निपटने के लिए एकजुट होकर कार्य किया जाएगा। इस अवसर पर विधायक सुभाष ठाकुर व जीत राम कटवाल ने भी कोरोना महामारी की रोकथाम से बचाव के लिए अपने महत्त्वपूर्ण सुझाव रखे। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक दिवाकर शर्मा, एडीसी तोरूल रवीश, सीएमओ डाॅ. प्रकाश दरोच, एसडीएम शशिपाल शर्मा और विकास शर्मा भी उपस्थित रहे।
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजिन्द्र गर्ग ने घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग और विद्युत विभाग के माध्यम से चलाए जा रहे विभिन्न विकासात्क कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को विकास कार्यों में बिना किसी रूकावट के तीव्रता लाने के निर्देश दिए ताकि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने प्रदेश की समस्त जनता को जो मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने का संकल्प लिया उसे प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समयावधि में पूरा किया जा सके। उन्होंने घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में लोगों को बेहतर यातायात के साधन उपलब्ध करवाने के लिए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सम्पर्क सड़कों का निर्माण प्राथमिकता से किया जाएगा ताकि प्रत्येक गांव सड़क सुविधा से जुड़ सके। उन्होंने नाबार्ड, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, अनुसूचित जाति-जनजाति उप योजना के तहत बनाई जाने सभी सड़कों के विस्तार और रखरखाव पर भी चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को विभागीय कार्यों में किसी प्रकार की कोताही करने वाले ठेकेदारों से सख्ती से निपटने के आदेश दिए गए।
'बेटियों व महिलाओं पर अत्याचार बंद करो, नारी का करो सम्मान तभी बनेगा देश महान' नारे लगाते हुए लाडली फाउंडेशन ने राष्ट्रपति को उपायुक्त के माध्यम से भेजे गए ज्ञापन में मांग की है कि हिमाचल में महिलाओं व बेटियों पर किए जा रहे अत्याचारों पर रोक लगाई जाए। फांउडेशन की जिला अध्यक्ष अनीता शर्मा ने कहा कि मंगलवार को बिटिया दिवस है और इस दिवस पर सभी को शपथ लेनी चाहिए कि सब नारी का सम्मान करेंगे। उन्होंने बताया कि ज्ञापन में मांग की गई है कि प्रदेश के जिला कांगड़ा में गत दिनों हुई ईशा कटोच की मौत प्रकरण मामले की सीबीआई जांच की जाए। जिला शिमला की गुड़िया मौत प्रकरण की फिर से सीबीआई जांच करवाई जाए और नए सिरे से केस खोला जाए। ज्ञापन देने से पहले शहर में महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों के प्रति रोष प्रदर्शन रैली भी निकाली गई। उन्होंने बताया कि ज्ञापन में यह मांग भी की गई कि जो अपराधी बेटियों व महिलाओं के साथ अत्याचार करते हैं, आरोपी सिद्ध होने पर आरोपी अपराधियों को सरेआम बाजारों में फांसी या उससे भी ज्यादा भयंकर सजा दी जाए। शायद तभी बेटियों तथा महिलाओं पर अत्याचार कम हो सकते हैं। इस मौके पर फांउडेशन की जिला कार्यकारी अध्यक्ष रेखा बिष्ट, सदर ब्लाक अध्यक्ष रीना ठाकुर एवं महासचिव कमला शर्मा, आयुषी ठाकुर, नीना, रुबीना, शिल्पा शर्मा, अनीता, किरण शर्मा, रजनी बाला, रमा शर्मा, घूमारवीं ब्लॉक अध्यक्ष निशा कुमारी, श्री नैना देवी जी ब्लॉक अध्यक्ष धनवंती ठाकुर , झंडुता ब्लॉक महासचिव दीपा सेन भी उपस्थित थे।
ओल्ड स्टूडेंट्स एसोसिएशन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हटवाड़ द्वारा बम में उप निदेशक उच्च शिक्षा बिलासपुर के सम्मान में एक कार्यक्रम का आयोजन किया। एसोसिएशन के प्रधान के डी शर्मा सेवा निवृत बैंक मैनेजर ने ओल्ड स्टूडेंट्स एसोसिएशन हटवाड़ के पदाधिकारियों के साथ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजकुमार शर्मा एसोसिएशन के महासचिव को बैच लगाकर, शॉल भेंट कर वह टोपी पहना कर सम्मानित किया। मंच का संचालन होशियार सिंह ठाकुर प्रधान प्राथमिक शिक्षक संघ घुमारवीं-प्रथम खंड ने किया। एसोसिएशन के प्रधान के डी शर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि राजकुमार शर्मा का राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हटवाड़ का कार्यकाल स्वर्णिम काल रहा और उनके द्वारा करवाए गए सराहनीय कार्यों को आज भी सारी जनता याद करती है। उन्होंने यह भी कहा कि इस एसोसिएशन के संस्थापक सदस्य अमरनाथ धीमान (प्रवक्ता इतिहास) हटवाड़ स्कूल में भूमि स्थानांतरण संबंधी मामले तथा अन्य विकासात्मक कार्य में अपना विशेष योगदान दिया है। कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि राजकुमार शर्मा ने कहा कि एसोसिएशन द्वारा उन्हें जो सम्मान दिया गया है वह सदैव स्मरणीय रहेगा। इस पर अवसर पर पदाधिकारियों में मनजीत राणावत, रमन शर्मा, ब्रह्मदत्त गौतम, मदनलाल, स्वात्मा राम, देशराज, दिनेश कुमार तथा अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।
उपायुक्त एवं अध्यक्ष समग्र शिक्षा राजेश्वर गोयल ने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि जिला में 340 स्कूलों में चल रही पूर्व प्राथमिक कक्षाओं में अभी तक जिले में नर्सरी तथा के.जी. कक्षाओं में 2446 तथा हिमाचल प्रदेश में कुल 26541 बच्चों ने दाखिला लिया है। उन्होंने बताया कि जिला बिलासपुर में ‘हर घर पाठशाला’ के अंतर्गत शुरू की गई आनलाईन शिक्षा के अंतर्गत हो रही प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में भी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने बताया कि 9वीं से 12वीं की कक्षा तक की आनलाईन टेस्ट में की उत्कृष्ट कार्य किया है। उन्होंने राज्य विज्ञान केन्द्र में चल रहे कार्यों का जायजा लिया तथा डाईट के द्वारा समग्र शिक्षा के अंतर्गत हो रहे कार्यों पर संतोष व्यक्त किया तथा इन कार्यों में और तेजी लाने का आहवान किया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य डाईट राकेश पाठक, संयुक्त नियंत्रक हंस राज ठाकुर, दौलत राम ठाकुर एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग मन्त्री राजेंद्र गर्ग ने सोमवार को एस.डी.एम घुमारवीं शशीपाल शर्मा और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ विधानसभा क्षेत्र घुमारवीं में बनने वाले अटल आदर्श आवासीय विद्यालय के निर्माण के लिए ग्राम पंचायत लैहडी सरेल के गांव जोल में जमीन ज़मीन का निरीक्षण किया। गौरतलब है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में अटल आदर्श आवासीय पाठशाला बनाने की घोषणा की है जिसके निर्माण के लिए प्रक्रिया आरंभ की गई है। उन्होंने पाठशाला के लिए जमीन को उपयुक्त पाया और इस संदर्भ में उन्होंने स्थानीय लोगों से भी बात-चीत की। उपमंडल अधिकारी नागरिक घुमारवीं शशि पाल शर्मा ने बताया कि इस स्थान पर लगभग 27 बीघा सरकारी भूमि उपलब्ध है जिसमें यह पाठशाला बनाई जा सकती है। पाठशाला के निर्माण हेतु एक साथ इतनी जमीन उपलब्ध होने और पाठशाला निर्माण के लिए उपयुक्त होने के कारण मंत्री ने स्थानीय प्रशासन को इस भूमि को शिक्षा विभाग के नाम हस्तांतरित करने की प्रक्रिया आरंभ करने के निर्देश मौके पर ही दे दिए।
भाजपा की तेज़तर्रार नेता व पूर्व मंत्री श्यामा शर्मा ने सोमवार को पंचकूला के एक निजी अस्पताल में आखिरी सासें लीं। उनके आकस्मिक निधन से पुरे हिमाचल प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है। बता दें श्यामा पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रही थीं। सोमवार को अचानक उनकी तबियत बिगड़ी और उन्हें नाहन स्थित मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहाँ से उन्हें चंडीगढ़ PGI रेफेर कर दिया गया पर श्यामा ने बीच रस्ते में ही दम तोड़ दिया। पूर्व मंत्री श्यामा ने 16 सितम्बर को ही प्रधानमंत्री मोदी को फेसबुक पर शुभकामनाएं प्रेषित की थीं, पर उस समय कौन जनता था वह चंद रोज़ में दुनिया को अलविदा कह देंगी। श्यामा अपनी आखिरी समय तक राजनीती व समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय रहीं। उनका राजनितिक करियर 42 सालों का रहा। वह तीन बार विधायक और एक बार मंत्री भी रहीं। उन्होंने भाजपा को जिला सिरमौर में पहचान दिलाई व संगठन के लिए कई बड़े कार्य किए। उन्होंने छात्र राजनीती से अपना करियर शुरू किया। उन्होंने पहली बार 1977 में नाहन विधानसभा से चुनाव लड़ा था और जीत भी हासिल की। श्यामा शर्मा नाहन से तीन बार विधायक 1977, 1982 व 1990 में रही। 1977 में वह तात्कालीन सरकार मेें पंचायती राज, खाद्य एवं आपूर्ति तथा विधि मंत्री रही। इसके बाद प्रेम कुमार धूमल की सरकार में राज्य योजना बोर्ड की उपाध्यक्ष भी रही। मुख्यमंत्री ने जताया शोक हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पूर्व मंत्री श्यामा शर्मा के निधन पर शोक जताया है। सीएम ने कहा श्यामा शर्मा ने पार्टी और जनता की निस्वार्थ एवं समर्पण भाव से सेवा की है। भगवान उनकी दिवंगत आत्मा काे शांति प्रदान करे व परिवार को यह दुख सहने की शक्ति दे।
सिविल अस्पताल घुमारवीं में खंड चिकित्सा अधिकारी घुमारवीं डॉ अभिनीत शर्मा ने अस्पताल के कर्मचारियों को भांग व अफीम को हटाने, प्रयोग न करने और भांग तथा अफीम के प्रयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया और भांग और अफीम को हटाने की प्रतिज्ञा दिलाई। डॉ अभिनीत शर्मा ने बताया कि भांग और अफीम हटाने की कैम्पेन 21 सितंबर से 5 अक्टूबर तक चलेगी और इस कैम्पेन में खंड की सभी 35 उपस्वास्थ्य केंद्र, 11 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 4 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 1 सिविल अस्पताल के कर्मचारी अपने अपने क्षेत्र में भांग और अफीम को हटाएंगे। वह लोगो को भांग और अफीम से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में भी जागरूक करेंगे। इस अवसर पर अधीक्षक सिविल अस्पताल घुमारवीं रतन लाल राव, स्वास्थ्य शिक्षक सुरेश चन्देल, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक जगदीश चंद, माया शर्मा, वीना जगोता, उर्मिला ठाकुर, ओमी चंद, नीरज, अरविंद शर्मा, शिखा , कपिल, अनिता, निशा, प्रेम चंद ,चंद्र लेखा, ज्ञान चंद उपस्थित थे।
ग्रामीण भाखड़ा विस्थापित सुधार समिति की बैठक झंडूता में समिति के प्रधान देसराज शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में ग्रामीण भाखड़ा विस्थापितों की समस्याओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इस बैठक में हिमाचल नीति अभियान के राज्य सचिव संदीप मिन्हास व राज्य उपाध्यक्ष विशाल दीप विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में वन अधिकार कानून-2006 को लेकर चर्चा की गई तथा निर्णय लिया गया कि समिति अपने साथ कार्यरत ग्रामीण स्त्तर की समितियों को वन अधिकार कनून-2006 बारे जागरूक करेगी तथा विस्थापितों को समझाया जाएगा कि वन अधिकार कानून-2006 के तहत वे लोग वन भूमि व सामुदायिक जमीन पर स्थायी व परंपरागत अधिकार भी मान्यता प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि इस कानून के तहत वन भूमि पर निवास व खेती कर रहे किसानों को संवैधानिक व कानूनी मान्यता प्रदान करता है। बैठक में समिति के अध्यक्ष देसराज शर्मा ने कहा कि भाखड़ा बांध के कारण 60 के दशक में जिला के करीब 254 गांव जलमग्र हो गए थे। तत्कालीन समय बेघर हुए लोगों को सरकार द्वारा जमीन कहीं पर दी गई और लोगों को बसाया कहीं गया। तत्कालीन समय अज्ञानता के कारण लोग जहां बताया गया, वहीं पर ही बस गए। उन्होंने कहा कि करीब 60 वर्षों से विस्थापित जंगल में अपने आशियाने बनाकर रह रहे हैं जिन्हें अब वन भूमि पर अतिक्रमण करने के नाम पर तंग किया जा रहा है तथा करीब 400-500 लोगों के घरों के बिजली व पानी के कनैक्शन तक काट दिए गए हैं जोकि आज तक बहाल नहीं हो पाए हैं। उन्होंने कहा कि वन अधिकार कानून-2006 के तहत संबंधित लोगों के कनैक्शन गैर कानूनी तरीके से काटे गए हैं। इस कानून के तहत लोगों को वन भूमि पर रहने और वहां पर कृषि करने का अधिकार प्राप्त है। उन्होंने कहा कि इस बारे लोगों को जागरूक करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने प्रदेश सरकार से एफ.आर.ए. समितियों को इस कानून बारे प्रशिक्षण दिए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि समिति प्रदेश सरकार से विस्थापितों के अतिक्रमण के नाम पर काटे गए बिजली व पानी के कनैक्शनों को वन अधिकार कानून-2006 के तहत लगाने की मांग करेगा। इस अवसर पर रमेश कुमार, प्रेम ङ्क्षसह, रणजीत ङ्क्षसह, तिलक राज, बृजलाल, अजय शर्मा, चरंजीलाल, ब्रह्मदत, सुमन कुमार, जोङ्क्षगद्र, आशीष, हाकिम ङ्क्षसह व राजकुमार आदि मौजूद
पूर्व विधायक एवं जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रधान बंबर ठाकुर ने मुख्यमंत्री से प्रशासन को बिलासपुर में नशे के सौदागरों पर हाथ डालने के आदेश देने का आग्रह किया। बिलासपुर में हो रही पत्रकार वार्ता में बम्बर ठाकुर ने कहा कि इस बात की भी जांच की जाए कि इन नशे के सौदागरों को किस का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने जेपी नड्डा पर तीखी बयानबाज़ी करते हुए कहा जिस तरह जेपी नड्डा के ड्राइवर से हुई मार-पीट के मामले में पुलिस ने आरोपियों को तुरंत पकड़ लिया था उसी तरह कि कार्रवाई क़ानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए भी की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सरकार द्वारा उन्हें सुरक्षा मिलनी चाहिए परन्तु अगर सरकार सुरक्षा नहीं देगी तो वे अपनी सुरक्षा करना स्वयं जानते हैं।
बिलासपुर कांग्रेस कमेटी के जिला महासचिव संदीप संख्यान ने कहा कि जिला के सदर विधानसभा क्षेत्र के कुठेड़ा में आई.पी.एच. सब डिवीज़न कार्यालय खोला जाना अति आवश्यक है। इस क्षेत्र में जिला का एक बहुल जनसंख्या वाला क्षेत्र है। यदि इस क्षेत्र में जल शक्ति विभाग का सब डिवीज़न लेवल का कार्यलय खुलता है तो इस क्षेत्र की करीब 48000 लोग लाभान्वित होंगे। इस कार्यालय के खुलने से लोंगो को जल शक्ति विभाग के सब डिवीज़न कार्यालय कंदरौर के चक्र लगाने से भी निजात मिलेगी और कंदरौर जल शक्ति विभाग का कार्य भी ज्यादा गुणवत्ता पर निर्भर हो जाएगा। जिले में जल शक्ति विभाग के तीन डिवीज़न हो चुके है जिसमे बिलासपुर, घुमारवीं और झंडूता है जबकि सब डिवीज़न बिलासपुर, जुखाला, कंदरौर, घुमारवीं, झंडूता, स्वारघाट, बस्सी, कलोल, भराड़ी आदि पहले से ही मौजूद हैं लेकिन सिर्फ बिलासपुर जिला के सदर विधानसभा क्षेत्र का यही बहुल जनसंख्या वाला क्षेत्र है जहाँ पर पर जल शक्ति विभाग का सब डिवीज़न लेवल का कार्यलय खुलना लाज़मी है। यदि इस क्षेत्र में जल शक्ति विभाग का सब डिवीज़न खुलता है तो कुठेड़ा, मोरसिंघी, तल्याणा, लद्दा, मेहरी काथला, पटेर, बलसुहाय, कोठी व अन्य साथ लगते क्षेत्रों के लोग लाभान्वित होंगे और उनको कंदरौर पहुचने में औसतन 15 से 45 किलोमीटर की आवज से निजात मिलेगी। इस पूरे क्षेत्र के लोंगो को पानी के बिल तक जमा करवाने हेतु कंदरौर जल शक्ति विभाग के सब डिवीज़न में जाना पड़ता है। कहा कि अगर यह कायार्लय कुठेड़ा क्षेत्र में खुलता है तो लोगों को एक तो सब डिवीज़न लेवल के अधिकारी की सेवाएं यहीं नजदीक में मिल सकती है दूसरे पानी की अन्य छोटे-मोटे एस्टीमेट भी यहीं पर सब डिवीज़न लेवल पर बन सकते हैं। इससे एक तो जल शक्ति विभाग के सब डिवीजन कार्यलय कंदरौर का काम कम होगा और इस कार्यलय की गुणवत्ता व कार्य क्षमता बढ़ेगी दूसरे कुठेड़ा क्षेत्र में जल शक्ति विभाग का कार्यलय खुलने से एक बड़ी जनसँख्या को फायदा मिलेगा और वहां भी जल शक्ति विभाग की कार्य क्षमता और गुणवत्ता बढ़ेगी। उन्होंने प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री व प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग करते हुए कहा कि कुठेड़ा व इसके साथ लगती पंचायतों को और यहाँ की बहुल जनसँख्या को मद्देनजर रखते हुए यहां पर जल शक्ति विभाग का सब डिवीज़न लेवल का कार्यलय खोला जाए, ताकि लोगों की समस्याओं को निजात मिल सके।
स्वास्थ्य विभाग बिलासपुर का फूड एंड सेफटी विंग प्रतिदिन जिलाभर की दुकानों का लगातार निरीक्षण कर रहा है। ऐसे में शनिवार को फूड एंड सेफटी सहायक आयुक्त बिलासपुर महेश कश्यप ने अपनी टीम के साथ नयना देवी जी विस क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सबसे पहले मां नयना देवी जी में लंगर में बन रहे खाने की व्यवस्थाएं जांची। हालांकि श्रद्धालुओं के लिए लंगर सुविधा आगामी आदेशों पर बंद की गई है, लेकिन यहां पर तैनात ड्यूटी दे रहे पुलिस सहित होमगार्ड व अन्य पुजारियों के लिए लंगर की व्यवस्था है। ऐसे निरीक्षण के दौरान यहां पर सारी व्यवस्थाएं सही रही। सफाई की बात करें तो यहां पर सफाई व्यवस्था भी सही रही, जिसके लिए सहायक आयुक्त ने मंदिर न्यास के प्रयासों का सराहा। सहायक आयुक्त महेश कश्यप ने बताया कि इसके बाद उन्होंने ग्वालथाई इंडस्ट्रीयल एरिया का निरीक्षण किया जिसमें उन्होंने यहां पर उद्योगपतियों द्वारा लगाए फलोर मिल की व्यवस्थाएं जांची, सहित उन्होंने इसके सारे दस्तावेज भी चैक किए। उन्होंने बताया कि शुरूआती दौर में सभी को अपनी कमियां दूर करने के आदेश जारी किए गए है। अगर फिर भी यह व्यवस्थाओं पर सुधार नहीं करते हैं तो कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जुर्माना और सजा का है प्रावधान केंद्र सरकार की ओर से बनाए गए फूड सेफ्टी एक्ट के तहत लाइसेंस न लेने वालों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान रखा गया है। इसमें एक बार चेतावनी देने के बाद उक्त खाद्य पदार्थ विक्रेता को पांच लाख रुपये तक का जुर्माना और छह माह तक की कैद की सजा हो सकती है।
बिलासपुर कांग्रेस कमेटी की सचिव मीरा भोगल ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मामलों का प्रभारी बनने पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि राजीव शुक्ला के हिमाचल प्रभारी बनने से उनके लंबे राजनीतिक अनुभव का लाभ प्रदेश कांग्रेस को मिलेगा क्यूंकि राजीव शुक्ला एक अनुभवी राजनीतिज्ञ हैं। उनके मार्गदर्शन से हिमाचल कांग्रेस को लाभ होगा। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस की निवर्तमान प्रभारी रजनी पाटिल को जम्मू-कश्मीर कांग्रेस का प्रभारी बनने पर बधाई दी वहीं वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में कांग्रेस के उपनेता आनंद शर्मा को कांग्रेस कार्यसमिति का सदस्य बनने पर भी बधाई दी।
बिलासपुर से संबंध रखने वाले वरिष्ठ नेत्र रोग विषेशज्ञ डा. अशोक कुमार को पीजीआई चंडीगढ़ में संपन्न हुए वर्चुअल आई डोनेशन फोर्टनाईटट (ईडीएफ) 2020 समारोह के दौरान नेत्र रोग क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएं देने पर काॅर्निया हीरो के विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार उन्हें पंजाब राज्य के मुख्य सचिव विन्नी महाजन द्वारा प्रदान किया गया। बता दें कि पूरे भारत वर्श में मार्च से लेकर जून 2020 तक आई डोनेशन यानि नेत्र दान करने में 80 प्रतिशत की गिरावट आई है जबकि कैरटोपलास्टी सर्जरी में भी 78 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है इसलिए पंजाब राज्य ने कोर्नियल ब्लाइंडनेस बैकलाॅग फ्री (सीबीबीएफ) मुहिम को और तेज करने के लिए विशेष अभियान छेड़ा गया है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए डिपार्टमेंट आफ काॅम्यूनिटी मेडीसीन एंड स्कूल ऑफ़ पब्लिक हैल्थ पीजीआईएमजीईआर चंडीगढ़, एनपीसीवीवीआई, पंजाब एंड यूटी चंडीगढ़, रोटरी आई बैंक एंड काॅर्नियल ट्रांसप्लांटेशन सोसायटी (पंजीकृत) होशियारपुर पंजाब, स्ट्रैटजिक इंस्टीटयूट फार पब्लिक हैल्थ एजूकेषन एंड रिसर्च (एसआईपीएचईआर) ने अपना अहम योगदान देकर नेत्र रोग व नेत्र दान क्षेत्र में काम करने वाले वाॅरियर्स का सम्मान किया। क्या कहते हैं काॅर्निया हीरो डा. अशोक कुमार शर्मा का कहना है कि काॅर्निया ग्राफ्टिंग के लिए डोनर आई का होना अति आवष्यक है। जितने ज्यादा लोग अपनी आंखों का दान करेंगे उतने अंधे लोग इस सुंदर दुनिया को देख पाएंगे। उन्होंने बताया कि इसके लिए समाज में जागरूक होना जरूरी है। डा. अशोक ने बताया कि अब सभी जगह आई बैंक की सुविधा हो गई है वहीं सरकार ने भी इसी संवेदनशील मसले को लेकर भारत सरकार ने एचसीआरसी कार्यक्रम की शुरुआत की है जिसमें मृत्यु पश्चात मृतक के परिजनों की सहमति ली जाती है ताकि आंखे दान की जा सके। उन्होंने कहा कि हर साल 25 अगस्त से 8 सितंबर तक नेत्र दान करने के लिए जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जाता है जिसमें एनजीओ के माध्यम से या एक्सपर्ट के लैक्चर के जरिए गांव-गांव में जाकर लोगों को आई डोनेषन के बारे में समझाया जाता है तथा फार्म भरने के लिए प्रेरित किया जाता है।
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेन्द्र गर्ग ने विश्राम गृह लोक निर्माण विभाग घुमारवीं में लोगों की जन समस्याओं को सुना तथा अधिकतर शिकायतायों का मौके पर ही निपटारा किया। इस अवसर पर राजेन्द्र गर्ग ने कहा कि वर्तमान केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है ताकि किसान, गरीब व पिछड़े वर्ग के लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का मुख्य उद्देश्य किसान मजदूर व गरीब वर्ग के लोगों को लाभान्वित करना है ताकि वे सम्मान पूर्वक अपना जीवन यापन कर सके। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण पहलू यह है कि आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति को विकास की यात्रा का भागीदार बनाने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण एवं पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना आरम्भ की गई। इस योजना के अंतर्गत उज्ज्वला योजना में आंशिक रूप से छुट हुए परिवारों को भी निःशुल्क घरेलू गैर कुनेक्शन प्रदान किए गए ताकि कोई भी घर गैस कुनेक्शन से वंचित न रह सके। उन्होंने कहा कि इस योजना से जहां महिलाओं को धुंए से होने वाली परेशानियों से मुक्ति मिली, वहीं पर्यावरण संरक्षण में भी काफीलाभ हुआ है। इस अवसर पर हिमाचल की बेटी कंगना रणौत के सर्मथन में महिला मोर्चा मंडल घुमारवीं द्वारा हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। मंत्री राजेन्द्र गर्ग ने भी अभियान में हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर मंडल महामंत्री राजेश शर्मा, महिला मोर्चा मंडल घुमारवीं अध्यक्ष कमलेश ठाकुर, महामंत्री रेणु ठाकुर, निर्मला देवी, उपाध्याय गोमती गौतम, सचिव शीतल नेगी, रंजना देवी, सदस्य कोमल उपस्थित थी।
शिक्षकों और विद्यार्थियों को स्कूलों में बुलाने को लेकर अगले सप्ताह एसओपी जारी होगी। केंद्र सरकार से जारी अनलॉक-4 की गाइडलाइन के अनुसार 9वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को 21 सितंबर से स्कूलों में बुलाने को हरी झंडी मिल गई है। केंद्र ने अभिभावकों के सहमति पत्र पर बच्चों को स्कूलों भेजने को मंजूरी दी है। केंद्र ने इसका अंतिम फैसला राज्य सरकारों पर छोड़ा है। केंद्र की ओर से बीते दिनों एसओपी भी जारी की गई है। इसी कड़ी में शिक्षा विभाग ने भी एसओपी तैयार कर अंतिम मंजूरी के लिए फाइल शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर को भेज दी है। केंद्र से जारी गाइडलाइन में 30 सितंबर तक स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों को बंद रखने का फैसला लिया गया है। हालांकि, केंद्र सरकार ने राज्यों को अपने स्तर पर फैसले लेने के लिए कुछ छूट भी दी है। प्रदेश शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार ने कंटेनमेंट जोन से बाहर वाले स्कूलों में नवीं से जमा दो कक्षा को शुरू करने के लिए एसओपी जारी कर दी है। हिमाचल ने भी अपनी एसओपी तैयार कर ली है। केंद्र सरकार ने 21 सितंबर से 50 फीसदी शिक्षकों और गैर शिक्षकों को भी स्कूल बुलाने को कह दिया है। ऐसे में पहली से आठवीं कक्षा की ऑनलाइन पढ़ाई की मानीटरिंग 21 सितंबर से शिक्षक स्कूल आकर ही करेंगे। एसओपी में शिक्षकों और विद्यार्थियों के आने-जाने को लेकर सभी नियम तय किए जाएंगे।
प्रदेश में स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से लोगों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। प्रदेश सरकार द्वारा हिम केयर तथा सहारा जैसी योजनाएं शुरू कर जरूरतमदों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई हैं। सदर विधायक सुभाष ठाकुर ने हरलोग में आशा कार्यकर्ताओं को मोबाईल वितरण समारोह के दौरान सम्बोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हरलोग में 49 आशा कार्यकर्ताओं को एंड्राइड मोबाइल फोन वितरित किए। उन्होंने कहा कि मोबाईल फोन आशा कार्यकर्ताओं के लिए काफी लाभकारी सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि स्मार्ट फोन के माध्यम से आशा कार्यकर्ता टीबी मुक्त हिमाचल ऐप, मुख्यमंत्री निरोग योजना, आरसीएच पोर्टल इत्यादि ऐप्लिकेशन का प्रयोग कर सकती है। इन एपों के माध्यम से समय पर लोगो को विभिन्न प्रकार की बीमारियों की जानकारी प्रदान कर जागरूक कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि लोगों को घर द्वार पर बेेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना सरकार का मुख्य ध्येय है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को ग्रामीण क्षेत्रों में सफल बनाने में आशा कार्यकर्ता अपनी अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 की रोकथाम के लिए भी आशा कार्यकर्ता अपने मोबाईल में आरोग्य सेतु ऐप को डाऊनलोड करेंगी तथा लोगों को भी इस ऐप को डाऊनलोड करने के लिए प्रेरित करेंगी। उन्होंने कहा कि कोरोना मुक्त हिमाचल ऐप के लिए इन मोबाईलो का प्रयोग किया जायेगा ताकि हिमाचल प्रदेश को कोरोना मुक्त किया जा सके।
भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने जारी एक प्रैस बयान में कहा कि विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 17 सितम्बर को जन्मदिवस है तथा पार्टी प्रत्येक वर्ष प्रधानमंत्री का जन्मदिवस "सेवा सप्ताह’’ के रूप में मनाती है। प्रत्येक वर्ष पार्टी के सभी कार्यकर्ता विभिन्न प्रकार के सेवा के कार्यक्रम पूरे सप्ताहभर करके प्रधानमंत्री की दीर्घायु व स्वस्थ जीवन की कामना करते हैं। यह सेवा सप्ताह 14 सितम्बर से 20 सितम्बर, 2020 तक पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा जिसके लिए प्रदेश उपाध्यक्ष राम सिंह को प्रभारी बनाया गया है। सुरेश कश्यप ने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का 70वां जन्मदिवस है इसलिए इस सेवा सप्ताह में प्रत्येक मण्डल में कम से कम 70 दिव्यांगों को विभिन्न प्रकार के कृत्रिम अंग एवं उपकरण प्रदान करने का पार्टी ने निर्णय लिया है। इसी प्रकार गरीब भाईयों एवं बहनों को आवश्यकतानुसार चश्में प्रदान किए जाएंगे। उन्होनें कहा कि प्रत्येक जिले में गरीब बस्ती एवं अस्पतालों में कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए फल वितरण के कार्यक्रम किए जाएंगे तथा कोविड-19 से प्रभावित 70 लोगों को स्थानीय आवश्यकतानुसार एवं अस्पताल के माध्यम से प्लाजमा डोनेट किए जाएंगे। इस कार्यक्रम के लिए प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री प्रवीण शर्मा को प्रभारी बनाया गया है।
बिलासपुर शहर की नहीं अपितू पूरे जिला की जीवन दायिनी ऐतिहासिक सतलुज नदी को दिन प्रतिदिन प्रदूशित किया जा रहा है। इसके लिए जहां सरकार की नीतियां जिम्मेवार है वहीं अफसरशाही की योजनाएं भी कम दोषी नहीं है, जो फाइलों में बनकर फाइलों ही में दम तोड़ देती है। पत्रकारों को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस महासचिव संदीप सांख्यान ने कहा है कि जिला प्रशासन, नगर परिषद, जन प्रतिनिधि व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इस मसले पर स्वतः संज्ञान लें और शहर के लोगों की सेहत से खिलवाड़ न करते हुए लुहनु ग्राउंड व गोविंद सागर के अस्तित्व को बचाने में कोई मूलभूत योजना का क्रियान्वयन करें। उन्होंने कहा कि उतरी भारत के नैसर्गिक सौंदर्य का प्रतीक सतलुज झील में पूरे शहर की गंदगी के साथ साथ पीछे से आने वाली गंदगी भी यहीं रूकती है। यही नहीं साठ के दशक में बनी सीवरेज प्रणाली की रिसती गंदगी इसी पानी में सीधे तौर पर मिलती हैं जबकि मरे हुए मवेशी तथा अन्य कूड़ा कर्कट इस प्राचीन धरोहर को आए दिन गंदा करती है। इसी गंदगी की हल्की सी बानगी लुहणु घाट से लेकर नाले के नौण पर सहज ही देखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि हैरानी का विषय यह है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के यह झील और इसका प्रदूषण इसलिए भी मायने नहीं रखता क्योंकि पूछने वाला कोई है ही नहीं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा बिलासपुर शहर के बाशिंदे टहलते हुए व खिलाड़ी भी सुबह शाम यही मिलते है। लेकिन अब पूरे शहर का सीवर व गंदगी इस लुहनु ग्राउंड से होते हुए गोविंद सागर झील में डाली जा रही है। शहर का पूरा सीवरेज व गारबेज यहाँ पर टेम्परेरी रूप से दबा कर प्नगर परिषद अपना पल्ला झाड़ रही है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन की दुहाई देने वाले प्रशासन ने अभी तक इस मामले पर किसी की जिम्मेदारी क्यों तय नहीं की। क्यों अभी तक यहाँ पर बायो वेस्ट प्लांट या बायो हजडेर्सियस सिस्टम की रूप रेखा तय नहीं की गई। क्यों अभी तक यहाँ पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की व्यवस्था अभी तक नहीं हो पाई।
बिलासपुर के गांव रानी कोटला में बेसहारा गायों और बैलों को आश्रय देने के लिए बना गौ-सदन का पशु पालन विभाग के उप निदेशक डाक्टर लाल गोपाल के नेतृत्व में जन प्रतिनिधियों व पशुपालन विभाग के अधिकारियों की टीम ने निरीक्षण किया। गौ-सेवा आयोग के सदस्य अश्विनी डोगरा ने बताया कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और पशु पालन विभाग मंत्री कंवर वीरेंद्र की योजना को साकार करने के लिए जिला भर में विभिन्न स्थानों पर गौ-सदनों का निर्माण किया गया है ताकि परित्यक्त अथवा बेसहारा गायों व बैलों को संरक्षण दिया जा सके और वहाँ उनके खाने पीने आदि की उपयुक्त व्यवस्था हो सके। डोगरा ने कहा कि सारे जिला भर में इन आवारा छोड़ दिये गए पशुओं द्वारा जहां किसानों की फसलों को हानि पहुंचाई जा रही थी, वहीं कुछ गलत तत्वों द्वारा इन्हें डंडों व तेज हथियारों तक से जख्मी करके उन्हें अपाहिज बना देने की शिकायतें मिल रही थी। उन्होंने कहा कि रानी कोटला में निर्मित किए गए गौ-सदन को शीघ्र ही आरंभ कर दिया जाएगा, जहां कम से कम 30 गायों व बैलों को रखने और उन्हें खाने- पीने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होने बताया कि इस अवसर पर उनके साथ रानी कोटला पंचायत प्रधान माया देवी, उप -प्रधान राज कुमार, गौदान कमेटी के प्रधान जोगिंदर ठाकुर और महासचिव मनोहर लाल चौहान, बी डी सी सदस्य आत्म देव, डाकटर विनोद कुंदी और डाक्टर विकास कुमार उपस्थित थे।
कोरोना काल के दौरान बंद हुए जिले के सभी मंदिरों में फिर से रौनक लौट आई है। करीब छह महीने के बाद जिले के सभी मंदिरों में कपाट खुले हैं। हालांकि मंदिरों में ज्यादा भीड़ नहीं है। इक्का-दुक्का लोग ही दर्शन के लिए पहुंचे हैं। एहतियात के साथ मंदिरों के द्वार खोले गए। बिलासपुर के आराध्य देव बाबा नाहर सिंह बाजिया के मंदिर को भी पूरी सुरक्षा के साथ खोला गया है। जो भी श्रद्धालु दर्शन करने के लिए जाता है उसे मुख्य गेट पर रोक कर उसका तापमान चैक किया जाता है। इसके पश्चात उसे अपना नाम रजिस्टर करवाना पड़ता है। नाम की एंट्री करने के उपरांत उसे अंदर जाने दिया जाता है, जहां पर बाबा नाहर सिंह जी के दर्शन करके अपनी मनो कामना मांगता है। इस के बाद उसे दूसरे रास्ते से बाहर निकाला जाता है। इसी तरह से बिलासपुर में नैना देवी माता का मंदिर और सहा तलाई में बाबा बालकनाथ का मंदिर भी श्रद्धालुओं के लिए खोला गया। बिलासपुर के उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने कहा है कि जिले के सभी मंदिर खोल दिए गए हैं लेकिन उसमें राज्य सरकार के दिशा निर्देशानुसार सावधानी बरती जा रही है । उन्होंने श्रद्धालुओं से भी आग्रह किया है कि वे नियमों का पालन करते हुए ही मंदिरों में दर्शन के लिए जाएं।
सरकार ने 4 सितंबर को कैबिनेट बैठक में धार्मिक स्थलों को खोलने का निर्णय लिया था जिसके बाद आज प्रदेश में धार्मिक स्थलों को खोल दिया गया है। इसे ले कर एसओपी जारी किए गए। देवभूमि हिमाचल प्रदेश में भी आज सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार मंदिरों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। शिमला स्थित प्रसिद्ध तारादेवी मंदिर , जाखू मंदिर एवं संकटमोचन मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों में श्रद्धालुओं ने दिशा-निर्देशों के अनुसार ही दरशन किए। एसओपी के तहत मंदिर परिसरों में सभी तैयारियां की जा चुकी हैं। सराहन स्थित प्रसिद्ध मां भीमाकाली मंदिर में सुबह सात से शाम साढ़े छह बजे तक भक्तों को माता के दर्शन करने की अनुमति रहेगी। शाम सात बजे मंदिर के कपाट बंद होंगे। मां चिंतपूर्णी का दरबार सुबह 9 से शाम 7 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए खुलेगा। श्रद्धालु प्रसाद ले जा सकेंगे, लेकिन इसे चढ़ाने पर मनाही रहेगी। श्री नयना देवी जी मंदिर में रोजाना एक हजार श्रद्धालु दर्शन कर पाएंगे। मंदिर में 60 साल से अधिक और 10 साल से कम उम्र के बच्चों और गर्भवती महिलाओं के प्रवेश पर फिलहाल रोक रहेगी। शक्तिपीठ बज्रेश्वरी मां के दर्शन भक्त सुबह सात से शाम सात बजे तक करेंगे। मां चामुंडा के दर्शन भी इसी समय हो सकेंगे। हरियाणा और हिमाचल की सीमा पर त्रिलोकपुर स्थित माता बालासुंदरी मंदिर, पांवटा साहिब के ऐतिहासिक गुरुद्वारे में सुरक्षा के विशेष इंतजाम हैं। दियोटसिद्ध स्थित बाबा बालक नाथ मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को ई-पास बनवाना होगा। मंदिर प्रतिदिन सुबह छह बजे खुलेगा और शाम 7 बजे बजे बंद होगा। प्रतिदिन लगभग 500 श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति दी जाएगी।
मेष आज के दिन आत्ममथंन कई मुश्किलों से बाहर निकालने में आपकी मदद करेंगे। ऑफिशियल कार्यों में भी जल्दबाजी के चलते गलती होने की प्रबल आशंका बनी हुई है, हो सकता है पिछला कार्य पुनः करना पड़ जाए। कारोबार को बढ़ाने के लिए अपनी क्षमता व योग्यता का पूरा प्रदर्शन करेंगे जिसमें सफलता भी मिलेगी। युवाओं के कुछ सपने अधुरे रहने से मन उदास रहेगा। सेहत में शारीरिक कमजोरी महसूस होगी जो किसी स्वास्थ्य संबंधित बीमारी का कारण बन सकती है, थैरपी लेने के लिए समय उपयुक्त चल रहा है। घर पर रहते हुए सदस्यों के साथ फैमली डिनर की प्लानिंग कर सकते हैं। वृष आज के दिन मन में द्वंद की स्थिति रहेगी जो कार्यों में अनेक अवरोध डाल सकती है। जिस पर आप सबसे ज्यादा विश्वास करते हैं, वहीं अविश्वास का कारण बन सकता है। कर्मक्षेत्र में सहकर्मियों से संपर्क को कमजोर न होने दें, वर्तमान समय में यह बेहद जरूरी है। व्यावसायिक गतिविधियाँ सामान्य रूप से चलती रहेंगी, साथ ही छोटे-मोटे निवेश करने के लिए दिन उपयुक्त है। हेल्थ की बात करें तो आंखों में दर्द या इंफेक्शन की समस्या उत्पन्न हो सकती है इसका तुरंत इलाज करना ही सही रहेगा, अन्यथा भविष्य में परेशानियां झेलनी पड़ेगी. संतान से संबंधित कोई शुभ सूचना मिलने की संभावना है। मिथुन आपके मूड में बारंबार परिवर्तन आने के कारण मन में अनिश्चितता रहेगी । परिणामस्वरूप मानसिक अस्वस्थता अनुभव करेंगे। पारिवारिक सदस्यों के साथ बातचीत करके और आवश्यक लगे तो विशेषज्ञों की सलाह लेकर बेचैनी कम कर सकेंगे। स्वास्थ्य का ध्यान रखने की गणेशजी की सलाह है। कर्क गणेशजी की कृपा से आज आप जो कुछ भी विचार करेंगे और युक्ति-प्रयुक्तियों को अजमाएँगे उसमें आपको सफलता मिलेगी। विद्यार्थी अध्ययन में अच्छा प्रदर्शन करेंगे तथा अधूरे कार्य पूरे होंगे। आप अपनी कल्पनाशक्ति का अच्छा चमत्कार दर्शा सकेंगे। संक्षेप में आज का दिन आपके लिए खुशी का और विविधतापूर्ण रहेगा सिंह आज के दिन आध्यात्मिकता की तरफ भी थोड़ा रूझान बढ़ाना चाहिए, जिससे आप प्रसन्नता व आत्मिक शांति का अनुभव करेंगे। ऑफिशियल कार्य समय रहते पूर्ण होंगे जिससे अन्य कार्यों के लिए भी पर्याप्त समय मिलेगा। व्यापारियों का बैंकिग संबंधित कार्य में रुकावट आने की वजह से मन में झुंझलाहट रहने की आशंका है। युवाओं को मनपसंद विषयों में अच्छे परिणाम मिलने से वह प्रसन्न रहेंगे। मुंह में छालें हो सकते हैं, यह समस्या पेट की गर्मी की वजह से होगी। संतान की हैबिट्स पर ध्यान रखें. अगर आपकी संतान छोटी है तो खेलते समय उसका विशेष ध्यान रखें, गिर कर चोट लग सकती है। कन्या आशावादी बनें और उजले पक्ष को देखें। आपका विश्वास और उम्मीद आपकी इच्छाओं व आशाओं के लिए नए दरवाज़े खोलेंगी। भविष्य में अगर आपको आर्थिक रुप से मजबूत बनना है तो आज से ही धन की बचत करें। आपका मज़ाकिया स्वभाव सामाजिक मेल-जोल की जगहों पर आपकी लोकप्रियता में इज़ाफ़ा करेगा। आप अपने प्रिय की बांहों में आराम महसूस करेंगे। आज अनुभवी लोगों से जुड़कर जानने की कोशिश करें कि उनका क्या कहना है। यदि आपको व्यस्त दिनचर्या के बाद भी अपने लिए समय मिल पा रहा है तो आपको इस समय का सदुपयोग करना सीखना चाहिए। ऐसा करके अपने भविष्य को आप सुधार सकते हैं। आप और आपका हमदम एक-दूसरे से आज एक-दूसरे की ख़ूबसूरत भावनाओं का इज़हार कर सकेंगे। तुला ससुराल वालों से नाराजगी और किसी बात को लेकर लड़ाई हो सकती है। बात करते समय अपना संयम न खोए किसी पेचीदा बात को रखते समय ना सीमा का उल्लंघन करें, ना होने दें। वरिष्ठ व्यक्ति की जिद के आगे आज आपको झुकना पड़ेगा। अहंकार आपका सबसे बड़ा शत्रु होगा। बहुत कष्ट से किए हुए काम में असफलता मिल सकती है। लेकिन, अपना आत्मविश्वास कम ना होने दें। अगर बात किसी जमीन से जुड़े मुद्दे की है, तो अपनी बात पर कायम रहें। वृश्चिक शारीरिक बीमारी के सही होनी की काफ़ी संभावनाएँ हैं और इसके चलते आप शीघ्र ही खेल-कूद में हिस्सा ले सकते हैं। जो लोग काफी वक्त से आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे उन्हें आज कहीं से धन प्राप्त हो सकता है जिससे जीवन की कई परेशानियां दूर हो जाएंगी। अपने जीवन-साथी के साथ प्यार, अपनापन और स्नेह महसूस करें। मुहब्बत की टीस आज रात आपको सोने नहीं देगी। आप क़ामयाबी ज़रूर हासिल करेंगे – बस एक-एक करके महत्वपूर्ण क़दम उठाने की ज़रूरत है। आपके पास समय तो होगा लेकिन बावजूद इसके भी आप कुछ ऐसा नहीं कर पाएंगे जो आपको संतुष्टि दे। जीवनसाथी के साथ एक आरामदायक दिन बीतेगा। धनु आज का दिन आपके लिए मध्यम रूप से फलदायक रहेगा। आपको अपने विरोधियों से कुछ परेशानी हो सकती है। घर परिवार के लोग किसी बात को लेकर वाद-विवाद कर सकते हैं। आप एक बुद्धिमान व्यक्ति की तरह उन्हें कोई काम की सलाह देंगे जो बहुत काम आएगी। शादीशुदा लोगों के गृहस्थ जीवन के लिए दिनमान अच्छा रहेगा। प्रेम जीवन बिता रहे लोग रिश्ते में कुछ दिक्कतें महसूस करेंगे। आपका प्रिय गुस्से में आकर आपको उल्टा सीधा बोल सकता है। इनकम सामान्य रहेगी और सेहत बढ़िया रहेगी। काम के सिलसिले में दिनमान आपके पक्ष में रहेगा। मकर अच्छी चीज़ों को ग्रहण करने के लिए आपका दिमाग़ खुला रहेगा। नौकरी पेशा से जुड़े लोगों को आज धन की बहुत आवश्यकता पड़ेगी लेकिन बीते दिनों में किये गये फिजुलखर्च के कारण उनके पास पर्याप्त धन नहीं होगा। कोई ऐसा रिश्तेदार जो बहुत दूर रहता है, आज आपसे संपर्क कर सकता है। आप रोमांटिक ख़यालों और सपनों की दुनिया में खोए रहेंगे। दफ़्तर की राजनीति हो या फिर कोई विवाद, चीज़ें आपके पक्ष में झुकी नज़र आएंगी। खेलकूद जीवन का जरुरी हिस्सा है लेकिन खेलकूद में इतने भी व्यस्त न हो जाएं कि आपकी पढ़ाई में कमी आ जाए। मुमकिन है कि आपके माता-पिता आपके जीवनसाथी को कुछ शानदार आशीर्वाद दें, जिसके चलते आपके वैवाहिक जीवन में और निखार आएगा। कुंभ आपके लिए आज का दिन अच्छा रहेगा। पारिवारिक जिम्मेदारियां निभाएंगे और सेहत को लेकर थोड़े चिंतित हो सकते हैं लेकिन परिवार वालों का सहयोग हर काम में आपको मिलेगा जिससे काम के सिलसिले में आपको अच्छे नतीजे मिलेंगे। आपके मित्र और आपके साथ काम करने वाले लोग आपको सपोर्ट करेंगे। प्रेम जीवन बिता रहे लोगों के लिए दिनमान अच्छा रहेगा। शादीशुदा लोगों के गृहस्थ जीवन में तनाव दिखाई देगा। मीन ऐसी गतिविधियों में शामिल हों जो रोमांचक हों और आपको सुकून दें। धन का आगमन आज आपको कई आर्थिक परेशानियों से दूर कर सकता है। वैवाहिक बंधन में बंधने के लिए अच्छा समय है। आज के दिन रोमांस के नज़रिए से कोई ख़ास आशा नहीं की जा सकती है। कामकाज के मोर्चे पर आपकी कड़ी मेहनत ज़रूर रंग लाएगी। हितकारी ग्रह कई ऐसे कारण पैदा करेंगे, जिनकी वजह से आज आप ख़ुशी महसूस करेंगे। आपके जीवनसाथी की कामकाज को लेकर व्यस्तता आपकी उदासी का कारण बन सकती है।
क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर का अब जल्द ही कायाकल्प होगा। 2 करोड़ 11 लाख 87 हजार रूपये अस्पताल भवन की मरम्मत के लिए खर्च किए जाएंगे। यह राशिओ सरकार की ओर से स्वास्थ्य विभाग को जारी की गई है। इसे अस्पताल प्रशासन ने पीडब्लयूडी विभाग को भी सौंप दिया है और जल्द ही यहां पर मरम्मत कार्य शुरू हो जाएगा। जिला अस्पताल में तैनात चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. एनके भारद्वाज के प्रयासों से यह कार्य सफल हुआ है। खबर की पुष्टि करते हुए चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. एनके भारद्वाज ने बताया कि अस्पताल भवन के कई कक्ष की हालात जर्जर हो रही है। इन सभी कक्षों और भवनों की मरम्मत के लिए यह पैसा खर्च किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अस्पताल भवन पूरी तरह से बदला जाएगा। यहां पर भवनों में रंग-रोगन से लेकर सारे कक्षों का कायाकल्प होगा। इसी के साथ इसकी डाईंग भी पीडब्लयूडी विभाग के पास पहुंच गई है। जल्द ही यह कार्य शुरू हो जाएगा। चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. एनके भारद्वाज ने बताया कि जिला अस्पताल में 20 करोड़ रूपये की लागत से एमसीएच यानि मदर हैल्थ एंड चाइल्ड विंग भी बनने जा रहा है। जिसके लिए सरकार की ओर से साढे़ छहः लाख रूपये जारी हो गए है। वहीं, पीडब्लयूडी विभाग की ओर से इसका भी जल्द निर्माण कार्य शुरू होगा। वहीं, उन्होंने यह भी बताया कि यहां पर शव गह भी बनने जा रहा है। यह कक्ष आपातकाल ओपीडी के साथ ही बनाया जा रहा है जिसके लिए 40 लाख रूपये का बजट जारी हुआ है। इस कार्य के लिए दस्तावेज प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जल्द ही यह कार्य भी शुरू हो जाएगा। डाॅ. भारद्वाज ने बताया कि यहां पर आने वाले मरीजों के बैठने के लिए बेहतर सुविधा प्रदान की जाएगी। मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए अस्पताल प्रशासन कार्यरत है। मरीजों को किसी भी तरह से कोई दिक्कत न हो इसके लिए भरकस प्रयास किए जा रहे है। उधर, बिलासपुर चिकित्सा अधीक्षक डाॅ० एनके भारद्वाज ने बताया कि 2 करोड़ 11 लाख 87900 रूपये की लागत से जिला अस्पताल का कायाकल्प होगा। यह राशि पीडब्लयूडी विभाग को जारी कर दिया गया है। जल्द ही यहां पर कार्य शुरू हो जाएगा। एमएस ने अस्पताल परिसर का किया निरीक्षण चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. एनके भारद्वाज ने बुधवार को जिला अस्पताल का निरीक्षण भी किया है। उन्होंने सबसे पहले जिला अस्पताल की आपातकाल ओपीडी में बनाए एक कोविड सैंपल कक्ष का निरीक्षण लिया। यहां पर किस तरह से संदिग्ध मरीजों के कोविड टेस्ट किए जा रहे हैं, इसकी सारी व्यवस्थाएं जांची। साथ ही इसके बाद उन्होंने एमसीएच सेंटर के लिए चयनित स्थान का भी निरीक्षण किया। अंततः उन्होंने शव गह के लिए चिन्हित स्थान की भी व्यवस्थाएं जांची।
पोषण अभियान के अंतर्गत उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने पोषण माह का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने पोषण अभियान के अंतर्गत वर्ष 2018-19 में उत्कृष्ठ कार्य करने के लिए सुपरवाईजर, आगंनवाडी कार्यकर्ता, आगंनवाडी सहायका, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सितम्बर माह को पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पोषण माह, 2020 का विषय कुपोषित बच्चों की पहचान और उनकी देखभाल करना है व पोषण वाटिका (नुट्री गार्डन) को बढ़ावा देने के लिए पौधा रोपण का अभियान चलाना है। उन्होंने बताया कि इसके तहत गांव स्तर, ब्लाॅक स्तर व जिला स्तर पर विभिन्न विभागों के समन्वय से व्यापक रूप से गतिविधियां आयोजित की जाएंगी जिसकी समय-समय जिला स्तरीय समीक्षा की जाएंगी। उन्होंने बताया कि जिला के प्रत्येक आंगनवाडी केन्द्र में नुट्री गार्डन बनाए जांएगे। उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को पोषण के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि इस दौरान कुपोषित बच्चों की पहचान के लिए बच्चों की वृद्धि समीक्षा की जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले एक हजार दिनों में तेजी से बच्चें का शारीरिक व मानसिक विकास होता है, इसमें गर्भावस्था की अवधि से लेकर बच्चें के जन्म से 2 साल तक की उम्र तक की अवधि शामिल है। उन्होंने बताया कि इस दौरान बेहतर स्वास्थ्य, पर्याप्त पोषण, प्यारभरा व तनाव मुक्त माहौल तथा सही देखभाल बच्चों के पूर्ण विकास में सहयोगी होता है। इस अवसर पर पोषण अभियान की शपथ भी दिलाई गई। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक दिवाकर शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी अंजू बाला, सीडीपीओ नरेन्द्र कुमार के अतिरिक्त अन्य अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।
कोविड-19 कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए उपायुक्त राजेश्वर गोयल की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस अवसर उन्होंने समस्त अधिकारियों को कोविड-19 कोरोना वायरस से निपटने के लिए व्यक्तिगत रुचि के साथ कार्य करने का आहवान किया। उन्होंने बताया कि जिला में अब तक 39 कंटेनमेंट ज़ोन बनाए गए है। उन्होंने बताया कि जिला में डाॅ. अनंत राम को कोविड केयर केन्द्रों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि कोविड केयर केन्द्रों में मरीजों के लिए पूर्ण एहतियात बरतीं जा रही तथा उन्हें सभी प्रकार की सुविधाएं प्रदान की जा रही है, स्वच्छता का पूरा ध्यान रख जा रहा है। उन्होंने बताया कि कोविड केयर सैंटर में मरीजों को पोष्टिक भोजन उपलब्ध करवाने के लिए सप्ताहिक मेन्यू तैयार किया गया है उसी के अनुसार उन्हें खाना दिया जा रहा है और डाॅक्टरों द्वारा दिन में दो बार उनका टेम्परेचर चैक किया जा रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए की वे प्रतिदिन मरीजों को काढा पिलाएं ताकि उनकी प्रतिरोधक क्षमता बढ़े और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करें। इस अवसर पर एडीसी तोरूल रवीश, पुलिस अधीक्षक दिवाकर शर्मा, सीएमओ डाॅ. प्रकाश दरोच, समस्त एसडीएम, बीडीओ और सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
पहाड़ों की वादियों के बीच बसे चंबा शहर का सौंदर्य और इतिहास बहुत ही निराला है। यहां की वादियां और इमारतें बहुत सी कहानियां सुनाती हैं। ऐसे ही एक कहानी है रानी सुनैना की। रानी सुनैना यानी बलिदान और साहस कि मूर्ति। ये चंबा रियासत की वो रानी है जिन्होंने अपनी प्रजा और राज्य के उत्थान के लिए बिना किसी हिचकिचाहट के अपना बलिदान दे दिया। यूं तो चंबा शहर रावी और साल नदी के मध्य में बसा है पर एक समय ऐसा भी था जब यह शहर पीने के पानी की किल्लत से जूझ रहा था। दो नदियों के बीच बसे होने के बावजूद भी यहां पीने के लिए पानी की एक बूंद नहीं थी। उस समय चम्बा रियासत के राजा साहिल वर्मन हुआ करते थे। राजा भी इस समस्या से पूर्णतः वाकिफ थे पर वो करते भी क्या। एक रात उनकी पत्नी, रानी सुनैना को उनकी कुल देवी ने स्वप्न में दर्शन दिए और कहा कि राज घराने में से किसी को बलिदान देना होगा तभी पानी की कमी पूरी होगी। जब राजा साहिल वर्मन को रानी सुनैना ने पूरी कहानी सुनाई तो राजा वर्मन बलिदान देने के लिए तैयार हो गए। फिर रानी सुनैना ने सोचा यदि राजा बलिदान देंगे तो उनका सुहाग छिन जाएगा और राज्य के सर से भी साया उठ जाएगा, और यदि उनके पुत्र राजकुमार युगाकर बलिदान देते है तो कुल का दीपक बुझ जाएगा और वंश को आगे कौन बढ़ाएगा। ये सब सोचकर रानी सुनैना ने स्वयं बलिदान देने का फैसला लिया। इस निर्णय से पुरी चंबा रियासत में शोक व विस्मय की लहर दौड़ गई। आखिरकार रानी सुनैना बलिदान देने के लिए महल से निकल पड़ीं। आंखों में आंसू लिए उनके इस काफिले में चंबा की जनता भी शामिल थी। रास्ते मे सूही के मढ़ से रानी सुनैना ने आखिरी बार चंबा शहर पर नज़र डाली और फिर आगे बढ़ते हुए ये काफिला मलून नामक स्थान पर रुक गया। ममता और बलिदान की मूरत रानी सुनैना बलिदान देने से पहले कहा 'मेरी इच्छा है कि मेरी याद में हर वर्ष मेला लगे। इस मेले को सिर्फ स्त्रियां मनाएं और पुरुष इस में भाग न लें और न ही राज परिवार की बहुएं इस में भाग लें। इस मेले में पूजा केवल राज परिवार की कुंवारी कन्या के हाथों करवाई जाए।' बस इतना कहकर रानी सुनैना ने जिंदा समाधि ले ली। उसी समय पानी की धार फूट पड़ी और रानी सुनैना का बलिदान चंबा के लोगों के लिए अमृत बन कर बहने लगा। रानी सुनैना के बलिदान को याद करते हुए राजा साहिल वर्मन ने जिस स्थान से रानी सुनैना ने आखिरी बार चंबा को देखा था उसी सूही के मढ़ नामक स्थान पर उनके मंदिर का निर्माण करवाया। हर वर्ष इस जगह सूही के मेले का भी आयोजन किया जाता है। ये मेला 3 दिन तक चलता है और यहां केवल बच्चे और महिलाएं ही उपस्थिति दर्ज करवाते है। महिलाएं रानी की प्रशंसा में लोकगीत गाती हैं और समाधि तथा प्रतिमा पर फूल की वर्षा की जाती है।
हिमाचल प्रदेश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे है। वहीं, मौत का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ रहा है। मंगलवार सुबह कोरोना से एक और मौत का मामला सामने आया है। बिलासपुर की 57 वर्षीय महिला ने आईजीएमसी में दम तोड़ दिया है। वहीं, एक सरकाघाट और तीसरा शिमला के व्यक्ति की मौत हुई है। इसके साथ ही प्रदेश में कोरोना से मौत का आंकड़ा 60 पहुंच गया हैै। प्रदेश में संक्रमितों का कुल आंकड़ा 7660 पहुंच गया है। 2234 सक्रिय मामले हैं। 5359 मरीज ठीक हो गए हैं। बता दें सोमवार को 262 कोरोना पॉजिटिव मामले आए थे।
बिलासपुर सदर क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं जिला कांग्रेस के प्रधान रहे बंबर ठाकुर ने कहां है कि बिलासपुर जिले में प्रशासन द्वारा किए गए बेहतर प्रबंधों के बावजूद अब कोरोना ब्लास्ट हुआ है इसके पीछे वर्तमान सरकार के मंत्री और विधायक जिम्मेदार है बिलासपुर में पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा के स्थानीय विधायक और कुछ समय पूर्व जिला से नए बने मंत्री ने स्थान-स्थान पर विभिन्न बहानों से लोगों को इकट्ठा करके बैठकें आयोजित की। विकास कार्यों के बहाने एकत्रित की गई भीड़ भी कोरोना के अप्रत्याशित प्रसार के लिए उत्तरदाई है क्यूँ कि इन सभी समूहों में सभी सावधानियों की डट कर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं जिसके प्रमाण हर रोज समाचार पत्रों में इन लोगों के साथ छपवाए जा रहे फोटो सारी कहानी बता रहे हैं। बंबर ठाकुर ने हैरानी जताई कि बिलासपुर में 19 पुलिस जवान और 3 सी एम ओ कार्यालय के कर्मचारी ड्यूटी देते समय कोरोना सक्रमित हो गए जिन सभी को कोरोना वारीयर्स की संज्ञा दी गई है लेकिन उनकी धर्मपत्नी भावना ठाकुर जो कोरोना टेस्ट सैंपल एकत्रित करने में पिछले चार महीने से दिन-रात कार्यरत रहने के कारण कोरोना की चपेट में आ गई, उसे इनाम देने की जगह उसके विरुद्ध एफ आई आर दर्ज करवा दी गई, क्योंकि वह उनकी धर्म पत्नी है। बंबर ठाकुर ने पुलिस अधीक्षक से प्रश्न किया है कि वे बताएं कि जो अन्य कर्मचारी व अधिकारी ड्यूटी टाईम में कोरोना स्क्रमित हुए हैं, क्या उन्होंने उनके विरुद्ध भी एफ आई आर दर्ज कारवाई है। क्यूँ कि वे भी तो इस दौरान सैकड़ों लोगों के संपर्क में आने से कोरोना फैला चुके होंगे। प्रवासियों को जिला में लाने की प्रशासन की नीति भी जिम्मेदार उन्होंने कहा कि कोरोना के प्रत्याशित प्रसार में जहां जिला से बाहर से आने वाले प्रवासियों ने कोरोना फैलाने में विशेष भूमिका निभाई है वहीं इन प्रवासी मजदूरों को बिना कोरोना जांच के सीमाओं के अंदर आने देने की नीति भी उत्तरदाई है। लोग हो रहे लापरवाह और पुलिस भी मौन बंबर ठाकुर ने कहा कि अनलाक डाउन की मानसिकता के कारण अधिकांश लोग अब यह मान बैठे हैं कि यह बीमारी अब समाप्त हो गई है या हो रही है। इसलिए अधिकांश लोगों द्वारा घरों से बाहर निकलते समय मास्क लगाने, एक दूसरे से दो गज की दूरी बनाए रखने और भीड़ वाले स्थानों पर न जाने, बार बार साबुन से हाथ धोने और सेनेटाईजर का प्रयोग करने आदि सावधानियों का पालन करना त्याग दिया है जिस कारण यह बीमारी थमने की बजाए बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस को अब भी अपनी दक्षता दिखाते हुए मास्क लगाने और दो गज की दूरी बनाए रखने के लिए कठोर कदम उठाने चाहिए और भाजपा नेताओं की इस संदर्भ में की जा रही लापरवाही को भी सख्ती से रोका जाना चाहिए। राजनीतिक इशारों पर नाच कर विरोधियों को ना तंग करें अधिकारी बंबर ठाकुर ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि वे राजनीति और राजनेताओं के इशारों पर नाच कर विरोधियों को अकारण तंग करने की नीति को तुरंत बंद करें नहीं तो भविष्य में उन्हें इन बातों का उत्तर देना कठिन हो जाएगा और वे स्वयं ही कानून के शिकंजे में आ जाएँगे।
खंड चिकित्सा अधिकारी घुमारवीं डॉ अभिनीत शर्मा के निर्देश पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग घुमारवीं के सौजन्य से गावं छजोली में नेत्रदान जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में खंड स्वास्थ्य शिक्षक सुरेश चन्देल ने कहा कि राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा 25 अगस्त से 8 सितंबर तक मनाया जा रहा है और इस पखवाड़े को मनाने का मुख्य उद्देश्य नेत्रदान के महत्व के बारे में व्यापक पैमाने पर जन जागरूकता पैदा करना है तथा लोगों को मृत्यु के बाद अपनी आंखें दान करने की शपथ लेने के लिए प्रेरित करना है। चन्देल ने नेत्रदान व आंखों की देखभाल के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। इस अवसर पर गावं के बच्चों और महिला मण्डल की भाषण प्रतियोगिता भी करवाई गई जिसमें प्रथम स्थान पर कृष ठाकुर, द्वितीय स्थान पर नीलम कुमारी और तृतीय स्थान पर भावना ठाकुर रहे। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से भाषण प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतियोगियों को नगद इनाम दिए गए।
उपमंडल के अंतर्गत ग्राम पंचायत बम्म में एक बेसहारा पशु को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा तेज धार हथियार से घायल किए जाने का मामला सामने आया है जिसकी सूचना पशु विभाग को स्थानीय निवासी बांके राम द्वारा दी गई। अमींचंद व अन्य स्थानीय लोगों की सहायता से पशु विभाग में कार्यरत पशु चिकित्सक डॉ रोहित, कोट में कार्यरत औषधि योजक संगम शर्मा व बम्म में कार्यरत अनुज कुमार ने घायल पशु का इलाज किया। पशु विभाग के उपस्थित कर्मचारियों का कहना है कि यह चोटें किसी तेज हथियार से आई हैं। प्राप्त जानकारी केे अनुुुसार विभाग द्वारा घायल बैल को उपचार हेतु बिलासपुर ले जाने की कवायद की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अभी मामला पुलिस तक नहीं पहुंचा है।
जिला कांग्रेस महासचिव संदीप सांख्यान प्रेस विज्ञापन जारी करके कहा कि बिलासपुर शहर और उसके साथ लगती स्थानीय पंचायतों में बिजली विभाग या बोर्ड की बहुत बड़ी नाकामी सामने आई है। बीती शुक्रवार की रात से बिजली बोर्ड के गैर जिम्मेदाराना रवैया से बिलासपुर शहर और साथ मे लगती स्थानीय पंचायतों के बाशिंदे बिजली न होने से परेशान है। बिजली बोर्ड का यह सिलसिला शनिवार को दोपहर 12 बजे से शुरू हो गया और रविवार सुबह पौने पांच बजे तक भी जारी रहा। उसके बाद रविवार को बिजली आने जाने का लुक्काछिपि का खेल चलता रहा। लोगों को बिजली न होने से भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ा। दूसरे ऐसे में छोटे बच्चों व मरीजों का तो इस उमस भरी गर्मी में दम ही नहीं निकला बाकी सब कुछ हुआ। बिजली बोर्ड का इतना गैर जिम्मेदारी का कारनामा बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण पूर्ण रहा है। बिजली न होने से लोगों को तो परेशानी हुई है पर जो नुकसान और घाटा बिजली बोर्ड को हुआ है उसका खमियाजा भी सरकार को भुगतना पड़ गया। बिलासपुर में बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता को बताना चाहिए कि इस तरह से अघोषित बिजली के कट से और विभागीय लापरवाही से कितनी मेगावाट या किलोवाट यूनिट्स बिजली का नुकसान हुआ है जिससे बिजली बोर्ड को मॉनेटरी तौर पर कितना घाटा हुआ है। उन्होंने मांग की है कि बिजली बोर्ड को इस लापरवाही के लिए जांच बिठानी चाहिए और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों से कुल नुकसान की राशि वसूलनी चाहिए और जो बिजली न होने से लोंगो को मुसीबतों का सामना पड़ा उसके लिए बिजली विभाग के अधिकारियों पर गैर जिम्मेदार रवैए के लिए पुलिस में प्रथमिकी दर्ज करवाई जानी चाहिए, ताकि ऐसा गैरजिम्मेदाराना रवैया दोबारा न हो सके।
हिमाचल जन क्रान्ति पार्टी के राज्य अध्यक्ष सुभाष शर्मा ने कहा है कि वर्तमान सरकार ने इस पहाड़ी प्रदेश की भोली-भाली जनता को ठगने का काम किया है। उन्होने कहा कि जयराम ठाकुर सरकार ने न केवल हिमाचल के संसाधनों को बाहरी राज्यों से आई अरबपति कंपनियों के पास कथित गिरवी रखने का ही अपराध किया है बल्कि प्रदेश में पैदा होने वाली बिजली, पानी और सीमेंट को प्रदेश में अन्य राज्यों से अधिक दामों पर बेच कर प्रदेश की जनता को लूटने का काम किया है। उन्होने कहा कि हैरानी है कि पानी के बिलों के साथ सीवरेज के लिए अतिरिक्त 30 प्रतिशत धन बसूला जा रहा है जबकि प्रदेश में सीमेंट का एक बैग 450 रुपए बेचा जा रहा है। उन्होने कहा कि कोरोना के कारण पूरे देश की आथिक स्थिति चौपट होकर रह गई है बेरोजगारी और मंहगाई ने तो आम आदमी का जीवन दूभर करके रख दिया है। सब्जियों और राशन के दाम आसमान छू रहे हैं । छोटे किसान , लघु उद्यमी व छोटे दुकानदारों की आर्थिक स्थिति दयनीय हो गई है। उन्होने आरोप लगया कि प्रदेश में सरकार द्वारा कथित चोर दरवाजे से पार्टी के कार्यकर्ताओं और उनके सगे संबंधियों को नौकरियां बांटी जा रही हैं जबकि रोजगार की तलास में आम आदमी सड़कों की खाक छान रहे हैं । सुभाष शर्मा ने कहा कि विश्व विद्यालयों में भर्ती नियमों में संशोधन करके प्रोफेसर की नियुक्तियों में पी एच डी की जगह एम एस सी पास को लगाया जा रहा है । उन्होने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए कि ऐसा क्यूँ और किस कारण से किया गया है । सुभाष शर्मा ने सरकार पर बरसते हुए कहा कि वर्तमान सरकार बदला - बदली की सरकार बन कर रह गई है और राजनैतिक आधार पर कर्मचारियों और अधिकारियों को तास के पत्तों की तरह फेंटा जा रहा है । उन्होने कहा कि हिमाचल सरकार पड़ोसी राज्यों पंजाब व हरयाणा से बिजली की रायल्टी के रूप में मिलने वाली राशि को प्राप्त करने में असफल रही है । उन्होने मांग की कि सरकार इस संबंध में शीघ्र श्वेत पत्र जारी करे ताकि जनता को पता चले कि वास्तव ही में सरकार इस मामले में कितनी गंभीर व सजग है । सुभाष शर्मा ने कहा कि 60 हज़ार करोड़ रुपए के कर्ज में डूबे प्रदेश को इस स्थिति तक पहुंचाने में किसी और का नहीं बल्कि अब तक प्रदेश में रही सरकारों का कुप्रबंधन ज़िम्मेवार है , जिसका आने वाले समय में प्रदेश की जनता माकूल उत्तर देगी । उन्होने कहा कि आगामी विधान सभा चुनावों में हिमाचल जन क्रान्ति पार्टी सभी 68 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और तीसरे विकल्प के रूप में उभर कर सरकार बनाएगी ताकि कांग्रेस और भाजपा को सत्ता से दूर रखा जा सके । उन्होंने बताया कि इससे पहले उनकी अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया , जिसमें प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारियों व सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में कंवर रामपाल , मुंशी राम ठाकुर , आशीष डोगरा और हरीश गुलेरिया के अलावा सभी पदाधिकारी उपस्थित थे ।
एक लंबे अंतराल के बाद मंदिरों को खोलने की अनुमति सशर्त सरकार ने प्रदान कर दी है। आगामी दस सितंबर से सरकार ने मंदिरों को खोलने की घोषणा कर दी है। ऐसे में बिलासपुर के नगर अराध्य देव बाबा नाहर सिंह मंदिर को खोले जाने की भी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं । वरिश्ठ पुजारी अरूण शर्मा ने बताया कि करीब पांच महीने से ज्यादा समय तक मंदिर बंद रहा है। उन्होंने बताया कि अब बाबा नाहर सिंह स्थापना यानि पीढ़ी तक कोई भी श्रद्धालु नहीं जा सकेगा। सामने बेरीकेटस लगाए गए हैं जहां पर दान पात्र और धूप आदि रखने की व्यवस्था भी कर दी गई है। उन्होंने बताया कि मंदिर के प्रवेश द्वार पर पार्किंग के पास श्रद्धालुओं का बाकायदा नाम पता लिखा जाएगा तथा थर्मल स्कैनर से तापमान जांचा जाएगा। उसके बाद मंदिर के द्वार पर श्रद्धालु को सेनेटाइज किया जाएगा। मंदिर में मात्था टेकते समय छह फुट की दूरी यानि सामाजिक दूरी का भी प्रबंध किया गया हैै, इसके लिए स्थानों को गोल दायरा बनाकर चिन्हित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि मात्था टेकने के बाद राणी मंदिर, तुलसी चौरा से होते हुए बाहर लंगर भवन की ओर से एक्जिट व्यवस्था बनाई गई है। मंदिर में घंटी का बजाना वर्जित है। इसलिए घंटी पर पहले की कवर किया जा चुका है। प्रसाद व्यवस्था पर प्रतिबंध रहेगा जबकि कोई श्रद्धालु पुजारी के करीब यानि छू नहीं सकेगा। अरूण शर्मा ने बताया कि मंदिर में श्रद्धालु सीधे आएंगे और दूर से दर्शन कर अलग रास्ते से भेजे जाएंगे। नई गाईड लाइस के अनुसार मंदिरों में लाइन लगने की स्थिति में बुजुर्गो व बच्चों के लिए दी गई हिदायतों का पालन किया जाएगा। अरूण शर्मा बताया कि मूर्तियों के आगे एक मिनट से अधिक श्रद्धालु खड़े नहीं हो पाएंगे। श्रद्धालुओं को अपने जूते वाहनों में खोलकर रखने होंगे। धार्मिक स्थलों में भीड़ जमा नहीं होगी और समूह में प्रार्थना पर रोक रहेगी। श्रद्धालुओं के हाथ पैर धोने की व्यवस्था मंदिर के बाहर होगी। उन्होंने बताया कि सरकार के एसओपी नियमों को मंदिर प्रबंधन द्वारा कड़ाई से पालन किया जाएगा ताकि कोरोना संक्रमण पूरी तरह से रोका जा सके।
कोल बांध परियोजना से विस्थापित ग्राम जमथल नैहर देना देवला छाम्ब हरनोड़ा चमयोंण के विस्थापितों की एक बैठक ग्राम पंचायत कार्यालय हरनोड़ा में पूर्व प्रधान रमेश चंद ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित हुई। कोल बांध प्रबंधन द्वारा विस्थापितों को दी जाने वाली 1% निशुल्क बिजली की राशि निदेशालय ऊर्जा विभाग हिमाचल प्रदेश के पास वर्ष 2015 से लेकर 2018 पूर्व तीन सालों की जमा करवाई है। जिसके आवंटन के लिए चारों जिला के प्रशासन कोल बांध परियोजना के लिए बनी पात्रता सूची को किनारे करते हुए आवंटन प्रक्रिया शुरू कर रहा है। जो कि पात्र विस्थापितों के साथ साथ गैर विस्थापितों को भी राशि वितरीत कर रहा है। परियोजना प्रभावितों के लिए बनी पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना नीति के पैरा नम्बर 3.1.1 का उलंघन है शनिवार को इस प्रक्रिया से नाराज चल रहे सभी विस्थापितों ने कोविड-19 के संक्रमण के बचाव को लेकर समाजिक दूरी का ध्यान रखते हुए ग्राम पंचायत के कार्यालय में बैठक की। ठाकुर ने सरकार से मांग कि पंचायत को आधार न मानकर राजस्व गांव को आधार माना जाए । जिन गांव के विस्थापितों की जमीन परियोजना में गई है केवल उन्हें ही आधार माना जाए । जो विस्थापित पंचायत परिवार रिकार्ड की सूची से बाहर हुए है उन लोगों को भी 1% व मुफ्त बिजली मिलनी चाहिए। विस्थापितों ने पीपीआर की शर्त को भी हटाने की मांग की है। ठाकुर ने कहा विस्थापितों के हितों के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगें । कहा अभी तक इन गावों के कुछ एक लोग इस सूची से बाहार है । असली हक़दार गैर विस्थापित नहीं यहां के विस्थापित है। विस्थापितों ने मांग उठाई कि जो विस्थापित पीपीआर के तहत सूची में शामिल नहीं है सरकार उन्हें भी सूची में शामिल करे। कोल बांध परियोजना से प्रभावित चारों जिलों में अपनाई जा रही प्रक्रिया पर पूर्व प्रधान रमेश चंद ठाकुर ने विस्तार से चर्चा की।
जिला कांग्रेस महासचिव संदीप सांख्यान ने उप निदेशक कार्यालय उद्यान विभाग से प्रश्न किया है कि उन के कार्यलय में पिछले कुछ सालों से लोंगो की फाइलें जो विभिन्न मदों में अनुदान राशि दी जानी है वह लटका कर रखी है उन पर अनुदान राशि क्यों नहीं दी जा रही है। जिला बिलासपुर के बागवान व किसान उद्यान विभाग में पनपी लाल फीताशाही के शिकार हो रहें है। अभी भी बहुत से किसानों व बागवानों को मिलने वाली अनुदान राशि वाली फाइलें उद्यान विभाग कार्यलय में पेंडिंग पड़ी है या फिर अनुदान राशि चहेते व अपात्र लोगों को दे दी गई है। उप निदेशक कार्यालय उद्यान विभाग ने न तो उन किसानों और बागवानों की अनुदान फाइलों को वापस लौटाया है और न हो कोई कार्यवाही की गई है जबकि उन फाइलों पर अनावश्यक ऑब्जेक्शन लगा कर काम न करने वाली लाल फीताशाही को जन्म दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बागवानी मिशन को लेकर बड़े बड़े दावे करती है और जिनमें पावर टिल्लर, कारनेशन क्रॉप, प्लांटेशन पर अनुदान राशियां दी जाती है, पर जिला का उप निदेशक कार्यलय उन योजनाओं को लेकर उदासीन रवैया अपनाए हुए है या फिर प्रदेश सरकार ही किसानों व बागवानों की योजनाओं पर लोगों को भृमित कर रही है। उन्होंने बताया कि पॉली हाउस इंटेग्रेटेड योजना के अंतर्गत पूर्व की सरकार के समय से 85 प्रतिशत अनुदान राशि दी जाती है लेकिन जिला में उप निदेशक कार्यालय उद्यान व बागवान विभाग प्रगतिशील योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रमोट करने में असफल रहा है। यदि उप निदेशक कार्यालय उद्यान व बागवान विभाग की कार्यशैली ऐसी ही सुस्त रही तो किसानों और बागवानों को बहुत दिक़्क़तों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह उदासीन रवैय्या इस कार्यलय का रहा तो जिला भर के किसानों और बागवानों को इकठ्ठा करके इनके खिलाफ आंदोलन करने से भी परहेज नहीं किया जाएगा।
स्वास्थ्य खंड घुमारवीं के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दधोल में खंड चिकित्सा अधिकारी घुमारवीं डॉ अभिनीत शर्मा की अध्यक्षता में रोगी कल्याण समिति की बैठक की गई। रोगी कल्याण समिति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दधोल की डॉ सपना पठानिया ने बताया कि समिति के पास वर्ष 2019 -20 में 1,51,771 रुपये थे जिसमें से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रख रखवा और लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए 1,48,250 रुपये खर्च किए गए। खंड चिकित्सा अधिकारी घुमारवीं डॉ अभिनीत शर्मा ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लोगो को अच्छी सुविधा के लिए आपातकालीन दवाई खरीदना, फर्नीचर, बिजली पानी के बिलों के खर्चे, अस्पताल के भवन की माइनर मुरामत और डेंटल मैटीरियल और इक्विपमेंट खरीदने का प्रस्ताव पारित किया। इसके लिए खंड चिकित्सा अधिकारी ने वर्ष 2020 -21 को 4,56,000 रुपये खर्च करने की अनुमति दी। इस बैठक में डॉ सपना पठानिया, स्वास्थ्य शिक्षक घुमारवीं सुरेश चन्देल, सुनीता शर्मा प्रधान पड़यलग, अतुल कुमार फार्मासिस्ट, अरविंद शर्मा लेखाकार, शिखा शर्मा खंड प्रोग्राम मैनेजर, जगदीश चंद स्वास्थ्य पर्यवेक्षक घुमारवीं, राजेश कुमार उप प्रधान ग्राम पंचायत पडयलग, बलवंत कुमार वीडीसी सदस्य, यस पाल, रोहित चंद, जागीर सिंह, अनिल कुमार, चरंजी लाल उपस्थित थे।
खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेंद्र गर्ग ने कहा है कि उन्होंने विभाग को निर्देश दिए हैं कि इस बात का सर्वे किया जाए कि जिन ग्रामीण क्षेत्रों में डिपो का राशन लेने के लिए लोगों को दो से तीन किलोमीटर दूर चलना पड़ता है उन क्षेत्रों को अडेंटीफाई किया जाए ताकि उनमें डिपो या सब डिपो खोलने की प्रक्रिया आरंभ की जा सके। वह बिलासपुर में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि हाल ही में डिपो खोलने के लिए राशन कार्ड की अनिवार्यता 300 राशन कार्ड है जिसे घटाकर 200 करने की बात भी विभागीय अधिकारियों के साथ की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा उन्होंने यह निर्देश भी दिए हैं कि सभी को राशन हर महीने की 10 तारीख तक मिल जाना चाहिए। इनकम टैक्स देने वालों को राशन लेने बारे में दिए गए आदेशों में आंशिक संशोधन उन्होंने बताया कि पिछले कल हुई कैबिनेट मीटिंग में इनकम टैक्स देने वालों को राशन लेने बारे में दिए गए आदेशों में आंशिक संशोधन किया गया है उन्होंने कहा कि अब इनकम टैक्स देने वालों को आटा और चावल सब्सिडी की दरों पर मिलेंगे लेकिन उसके अलावा भी वे अन्य समान बिना सब्सिडी के डिपू से ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि जो इनकम टैक्स नहीं देते यानी कि जिनकी रिटर्न जीरो जाती है उन पर यह नियम लागू नहीं होगा, उन्हें पहले की तरह सब्सिडी वाला राशन मिलता रहेगा। कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोप मनगढ़ंत कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों का उत्तर देते हुए राजेंद्र गर्ग ने कहा कि यह आरोप मनगढ़ंत हैं और केवल राजनीतिक स्टंट और सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने विभाग को जो निर्देश दिए थे उन ही निर्देशों के अनुसार नियमानुसार कार्य किया गया है और इसमें 700 के लगभग आवेदन हुए थे जिनकी जांच हुई और नंबरों और मेरिट के आधार पर इंटरव्यू में बुलाया गया। उसके बाद सिलेक्शन की गई उन्होंने कहा कि कांग्रेस के आरोप उनके मन की उदासीनता है। अंत्योदय बीपीएल घोटाले में राज्य सरकार ने व्यापक स्तर पर जांच का फैसला उन्होंने बताया कि अंत्योदय बीपीएल घोटाले में राज्य सरकार ने व्यापक स्तर पर जांच का फैसला लिया है। अब यह जांच का जिम्मा प्रदेश के सभी एसडीएम को सौंपा गया है इसके तहत एसडीएम अपनी-अपनी जूरिडिक्शन में अंत्योदय बीपीएल फर्जीवाड़े की जांच करेंगे। इसके अलावा गरीबों का मुफ्त राशन कार्ड अपने वालों से रिकवरी के आदेश भी जारी की है। उन्होंने बताया कि अभी तक खाद्य आपूर्ति विभाग ने 6 अधिकारी व कर्मचारियों से करीब एक लाख रुपए की रिकवरी भी वसूली है। हिमाचल में और खुलेंगे पेट्रोल पंप व गैस एजेंसियां गर्ग ने बताया कि वह अपने दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मिले और उनसे हिमाचल में खाद्य और आपूर्ति विभाग के पेट्रोल पंप तथा गैस एजेंसियों को खोले जाने के बारे में विचार-विमर्श किया। उन्होंने बताया कि मंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया है कि शीघ्र ही इस विषय पर विचार कर के आदेश किए जाएंगे । पत्रकार वार्ता में झंडुत्ता के विधायक जीतराम कटवाल तथा उपायुक्त राजेश्वर गोयल भी उपस्थित थे।
पहाड़ी भाषा एवं संस्कृति को संरक्षित रखने की बेहतरीन सोच के साथ, तेज़ी से आगे बढ़ रहा है दी मॉडर्न फोक नोट। हाल ही में रिलीज़ हुए दी मॉडर्न फोक नोट 6 को दुनिया भर में पसंद किआ जा रहा है । ए सी भरद्वाज द्वारा गाई गई इन सीरीज को प्रदेश और देश के साथ साथ विश्व के भी अन्य 35 देशों की जनता से भरपूर प्यार मिल रहा है । इस प्यार की ख़ास वजह यह भी है कि मॉडर्न फोक नोट एक नई सोच ले कर सामने आया है जिसमे उन्होंने युवाओं के बीच लोक संगीत का रुझान बढ़ाने के लिए, मॉडर्न बीट्स एवं पहाड़ी गानों का मिश्रण किया है। मॉडर्न फोक नोट की 5 सीरीज पहले ही यू ट्यूब पर आ चुकी हैं जिन्हें दुनिया भर से बहुत प्यार एवं सम्मान मिला है । मॉडर्न नोट 6 इसी सीरीज को आगे बढ़ाते हुए प्रसारित किया गया , एवं कुछ ही दिनों में 3 लाख से भी ज़्यादा लोगों द्वारा देखा जा चूका है।
घुमारवीं उपमंडल के ग्राम पंचायत फटोह, रोहिण, मलावर तीनों पंचायत को जोड़ने वाला मुख्य चौक पनोह शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति पाए जाने के कारण बिल्कुल सुना रहा तथा सभी दुकानें बंद रही। ग्राम पंचायत फटोह प्रधान कुलजीत ठाकुर ने उपरोक्त जानकारी देते हुए कहा कि शुक्रवार रात्रि जैसे ही लोगों को फटोह पंचायत के गांव पनोह के एक व्यक्ति के करोना पॉजिटिव पाए जाने की सूचना मिली तो लोगों में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया। पंचायत प्रधान कुलजीत ठाकुर ने बताया कि उपरोक्त व्यक्ति की कोई भी ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। वह पेशे से कार चालक है तथा अपने घर पनोह मुख्य चौक से ही लोगों को अपनी कार में उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचाने का कार्य करता है। कुलजीत ठाकुर ने बताया कि शायद इसी दौरान वह किसी पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में आया होगा जिसके चलते वे स्वयं भी संक्रमण का शिकार हो गया। पंचायत प्रधान कुलजीत ठाकुर ने लोगों से आग्रह किया कि हाल ही में जो व्यक्ति उपरोक्त चालक के संपर्क में आया होगा या उसकी कार में यात्रा की होगी तो वह तत्काल अपने आपको अपने ही घर में क्वारंटाइन कर ले ताकि गांव में कोई भी व्यक्ति संक्रमण की चपेट में ना आ सके।
हिमाचल के चंबा में दो स्वास्थ्य कर्मियों समेत तीन कोरोना पाॅजिटिव मरीज पाए गए है। इनमें एक सीआईडी यूनिट चंबा का कर्मचारी भी शामिल है। 4 सितम्बर को जाँच के लिए कुल 239 सैंपल लिए गए थे जिसमे से तीन पोसिटिव पाए गए है, वहीं 176 सैम्पल की रिपोर्ट आना अभी बाकि है। पॉजिटिव पाए गए तीन व्यक्तियों में से एक 26 वर्षीय महिला है जो की JLNMC चम्बा की स्वस्थ्य कर्मी है। DIET सरु का एक 26 वर्षीय स्वास्थ्य कर्मी जो की इंस्टीटूशनल क्वारंटाइन में था, और एक 41 वर्षीय CID यूनिट चम्बा का कर्मचारी भी कोरोना पोसिटिव पाया गया है। चम्बा जिले में संक्रमितों का आंकड़ा 478 पहुंच गया है। 112 सक्रिय मामले हैं और 361 मरीज ठीक हो चुके हैं। इसके अलावा मंडी से 12 नए मामले, काँगड़ा से 9 नए मामले और कुल्लू से 1 नया पॉजिटिव मामला सामने आया है जिनकी पूरी जानकारी आना अभी बाकी है। इसके साथ ही प्रदेश में कोरोना संक्रमितों का कुल आंकड़ा 6855 पहुंच गया है। 1823 सक्रिय मामले हैं। 4932 मरीज ठीक हो गए हैं। 45 मरीज राज्य के बाहर चले गए हैं और 51 की मृत्यु हो चुकी है।


















































