भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के मौके पर हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है।शिक्षक समाज के ऐसे शिल्पकार होते हैं जो बिना किसी मोह के समाज को तराशने का काम करते हैं। शिक्षक का काम सिर्फ किताबी ज्ञान देना नहीं बल्कि सामाजिक परिस्थितियों से छात्रों को परिचित कराना भी होता है। शिक्षकों की इसी महत्ता काे स्थान देने के लिए हमारे देश में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। इसके अलावा इस दिवस को मना कर डॉक्टर राधाकृष्णन के प्रति सम्मान भी व्यक्त किया जाता है। शिक्षा के क्षेत्र में आज भारतीय महिलाओं की भागीदारी काफी अधिक है और इसमें उत्तरोत्तर वृद्धि हो रही है। इसका कारण नौकरी की उच्च अकांक्षा और माता-पिता का समर्थन है। ऐतिहासिक रूप से भी महिलाएं जीवन के सभी क्षेत्रों में साहस और उत्साह से भाग लेती रही हैं। भारत के पौराणिक ग्रंथों में उच्च शिक्षित महिलाओं का बृहद उल्लेख आता है। भारत में शिक्षा की देवी के रूप में एक महिला ही पूजनीय मानी जाती है। बीसवीं शताब्दी के प्रारंभ में महिलाओं की शिक्षा पर जोर दिया गया ताकि वे अपनी संतान को शिक्षित कर सकें और राष्ट्र निर्माण में अपना सहयोग दे सकें। सुप्रसिद्ध कवित्री और भारत के सर्वोत्तम राष्ट्रीय नेताओं में से एक कुशाग्र बुद्धि, युवा वर्ग के लिए प्रेरणा स्रोत रही सरोजिनी नायडू ने सन 1906 में महिला शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए एक सभा को संबोधित किया। उसके बाद काफी महिलाओं ने महत्वपूर्ण राजनीतिक और सामाजिक कार्यों में अपनी विशेष भूमिका निभाई। रमाबाई रानाडे, एनी बेसेंट, रामेश्वरी नेहरू राजकुमारी अमृत कौर, सुचेता कृपलानी, उषा मेहता, वैश्णवी आदि सशक्त महिलाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद महिलाओं की शिक्षा विशेष रूप से उच्च शिक्षा की नई शुरुआत हुई। आज महिलाओं की भूमिका ने स्कूल, महाविद्यालयों कार्यालयों, पुलिस स्टेशनों, अस्पतालो, होटलों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का लिंग परिदृश्य बदल दिया है। शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाने वाली उन महिलाओं का योगदान अमूल्य रहा जिन्होंने इस क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया। "सावित्रीबाई फुले" काे भारत की प्रथम महिला शिक्षक कहा जाता है। सन 1848 में उन्होंने "पुणे" में बालिका विद्यालय की स्थापना की जिसमें वह खुद शिक्षिका बनी। इस कार्य के लिए उन्होंने सामाजिक कुरीतियों और जाति व्यवस्था में निहित संकीर्ण विचारों का भी सामना किया। जब वह लड़कियों को पढ़ाने जाती तो उन पर गोबर, पत्थर आदि फेंके जाते लेकिन वह अपने निर्णय पर अटल रही। कादंबिनी गांगुली भारत की पहली महिला स्नातक थी, वह देश की पहली महिला चिकित्सक भी थी, उन्होंने कोयला खदानों में काम करने वाली महिलाओं की स्थिति को सुधारने का काफी काम किया। दुर्गाबाई देशमुख एक स्वतंत्रता सेनानी थी जिन्होंने महात्मा गांधी के आदर्शों पर चलते हुए स्कूलों की स्थापना की और उनमें महिलाओं को चरखा चलाने और कातने की ट्रेनिंग दी। उन्होंने "आंध्र महिला सभा "की स्थापना की। महादेवी वर्मा हिंदी भाषा की प्रख्यात कवयित्री, स्वतंत्रता सेनानी और शिक्षाविद जिन्होंने मात्र 7 वर्ष की आयु में कविता लिखना शुरू किया। इलाहाबाद के "प्रयाग महिला विद्यापीठ "में बतौर प्रिंसिपल और वाइस चांसलर के तौर पर काम किया। महान समाज सुधारक तथा हैदराबाद दक्कन की पहली महिला संपादक जिन्होंने स्त्रियों के लिए "अन -निशा "और "जेब -उन -निसा" पत्रिकाएं निकाली और संपादन किया। हैदराबाद में लड़कियों के लिए "मदरसा सफदरिया" जो आज भी "सफदरिया हाई स्कूल" के नाम से चल रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी आज विस्तृत रूप ले चुकी है। इन्हीं शिक्षाविदों, शिक्षिकाओं महान विभूतियों के अमूल्य योगदान से भारतीय समाज की दिशा व दशा दोनों में अभूतपूर्व परिवर्तन आया है। इन सभी विभूतियों को मेरा कोटि-कोटि प्रणाम। गुरु ज्ञान का सागर है, संपूर्ण जगत को आलोकित करता है। विद्या रूपी धन प्रदान कर मानव जीवन सुख से भरता है। मिटाए तम प्रकाश दिखाए सही गलत की पहचान कराता है। शत शत प्रणाम उस गुरु को जो खुशबू ज्ञान की जीव में भर जाता है। -शीला सिंह -अध्यक्ष महिला साहित्यकार संस्था, जिला बिलासपुर इकाई।
पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने बिलासपुर सदर पुलिस थाना में उनकी धर्मपत्नी के विरुद्ध क्षेत्रीय अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक की शिकायत पर दर्ज कराई गई एफ आई आर को नितांत झूठा, बेबुनियाद, मनघडन्त एवं राजनीति से प्रेरित बताया है। बंबर ठाकुर ने टेलीफोन पर पत्रकारों को बताया कि 25 अगस्त को उनका अपना कोरोना टेस्ट सैंपल लिया गया था, जिसकी उन्हें 27 अगस्त को रिपोर्ट दी गई थी और उन्हें कोरोना पॉजिटिव बताया गया था। उन्होंने कहा कि 28 अगस्त को उन्हें मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने फोन किया कि वे अपनी धर्मपत्नी को भी कोरोना टेस्ट कराने के लिए अस्पताल में भेजें इसलिए उनकी धर्मपत्नी 28 अगस्त को मुख्य चिकित्सा अधिकारी के बुलाने पर ही क्षेत्रीय अस्पताल में गई थी। वहां उनका कोरोना टेस्ट सैंपल लिया गया था, जिसकी दूसरे दिन 29 अगस्त को रिपोर्ट उनकी धर्मपत्नी को डाक्टर द्वारा व्यक्तिगत तौर पर दी गई थी जिसका उनके पास अस्पताल द्वारा दिया गया लिखित प्रमाण है। बंबर ठाकुर ने कहा कि उस समय वह पूर्ण रूप से स्वस्थ थी और उसमें कोरोना संक्रमण के कोई प्राथमिक सिम्पटम्स तक नहीं थे किन्तु दूसरे दिन उन्हें यह जान कर बहुत आश्चर्य हुआ कि अस्पताल द्वारा 28 अगस्त को लिए गए टेस्ट में 29 अगस्त को उन्हें कोरोना पॉजिटिव घोषित कर दिया गया जो कि पूर्णतया अनुचित व षड्यंत्र्पूर्ण लग रहा था। उन्होने कहा कि वह उस समय भी और अब भी पूर्ण रूप से स्वस्थ है। बंबर ठाकुर ने कहा कि 28 अगस्त को मुख्य चिकित्सा अधिकारी के बुलाने पर ही उनकी धर्मपत्नी स्वयं अस्पताल गई थी जबकि उस समय उसका कोरोना टेस्ट भी नहीं हुआ था। फिर उन्हें आश्चर्य है कि क्षेत्रीय अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक किस प्रकार पुलिस को लिखित शिकायत करके एफ आई आर दर्ज करवा रहे हैं कि उनकी धर्मपत्नी ने अस्पताल में आकर वहाँ मौजूद लोगों में संकर्मण की संभावना बना दी और उन्हें खतरे में डाल दिया।
जिस प्रदेश में बिजली का उत्पादन हो रहा हो और जिस जिला व प्रदेश के लोगों ने बिजली की परियोजनाओं के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया हो, उस प्रदेश के लोगों को बिजली मंहगी देकर धन अर्जित किए जाने की सरकार की पालिसी अव्यवहारिक ही नहीं बल्कि अनुचित है। यह बात पूर्व विधायक तिलक राज शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। उन्होंने कहा कि देश के प्रथम अथवा विश्व के सबसे ऊंचे बांध भाखड़ा के कारण किसानों की लाखों एकड़ उपजाऊ भूमि और हजारों परिवारों के घर-द्वार तथा शताब्दियों पुराने बिलासपुर नगर इस बांध के कारण बनी विशाल गोबिन्द सागर की भेंट चढ़ गए थे तब से लेकर अब तक विस्थापित हुए लाखों लोग विभिन्न प्रकार की कठिनाइयाँ व समस्याएँ निरंतर झेलने को विवश हुए हैं। सरकारों ने इन विस्थापितों को विभिन्न वादे, प्रलोभन अथवा झांसे तो दिए पर उन पर कोई अमल नहीं किया। उन्होने खेद व्यक्त किया कि अब प्रदेश सरकार कोरोना की आड़ में लोगों पर विभिन्न प्रकार के टेक्स थोप कर उनकी आर्थिक कमर तोड़ने में कोई कसर शेष नहीं छोड़ रही है। शर्मा ने कहा कि कहाँ तो यह विस्थापित पिछले कितने ही वर्षों से बिजली-पानी मुफ़त उपलब्ध करवाने की मांग कर रहे थे और कहाँ अब प्रदेश की जयराम ठाकुर सरकार ने एकाएक अचानक बिजली के रेटों में दुगने से भी अधिक बढ़ौतरी करके उनकी आर्थिक कमर तोड़ने का रिकार्ड स्थापित कर दिया है। उन्होने मांग की कि भाखड़ा विस्थापितों को बेची जा रही बिजली के रेट तुरंत कम किए जाएँ और भविष्य में इन्हें मुफ़त बिजली दिए जाने की व्यवस्था की जाए।
ग्राम पंचायत औहर के वार्ड नंबर एक व दो पलथीं में शुक्रवार को पूर्व प्रधान देशराज शर्मा की अध्यक्षता में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को सैकड़ों पौधे वितरित किए जिसमें बेहड़ा, आंवला, अनार आदि अनेक प्रकार के पौधे बांटे गए। स्थानीय लोगों ने इस कार्यक्रम में बढ़ चढ़कर भाग लिया। अपने संबोधन में देशराज शर्मा ने कहा कि ग्रामीण अधिक से अधिक औषधीय पौधे लगाएं। उन्होंने कहा कि पौधारोपण से जहां हमारी धरती का श्रृंगार होता है वहीं वातावरण भी शुद्ध रहता हैं। इसके अलावा हमें इससे और औषधीय गुण भी प्राप्त होते हैं। इस मौके पर पलथीं ग्राम सुधार सभा के सचिव गुरुदेव कौशल ने भी लोगों से आह्वान किया कि वह इस पुण्य कार्य के लिए आगे आएं और अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाकर अपना योगदान दें। मौके पर पंचायत के वार्ड सदस्य रणजीत सिंह, रमेश कुमार, विनोद कुमार, बाबूलाल, प्रेमलाल, ओंकार चंद, सुभाष चंद्र, कैप्टन प्रेमलाल, कश्मीर चंद, श्रवण कुमार, अश्विनी कुमार, सदाराम, रजत शर्मा के अलावा अन्य लोग मौजूद थे।
प्रदेश में कोरोना से एक और मौत हो गई है। डॉ वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज नाहन में एक 70 वर्षीय महिला ने वीरवार देर रात दम तोड़ दिया। सिरमौर में कोरोना से यह तीसरी मौत हुई है। मृतक महिला पांवटा साहिब की रहने वाली थी जिसे 1 सितंबर को पांवटा साहिब सिविल अस्पताल से डॉ वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। डायबटीज व हाईपरटेंशन रोग से ग्रसित इस महिला का नाहन मेडिकल कॉलेज में कोरोना टेस्ट पॉजिटिव पाया गया था। 3 सितंबर को देर रात आइसोलेशन वार्ड में भर्ती इस महिला ने दम तोड़ दिया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी सिरमौर डॉ केके पराशर ने बताया कि पांवटा साहिब में कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत मृतक का अंतिम संस्कार किया गया है। इसी के साथ प्रदेश में अब कोरोना संक्रमण से मरने वालों का आंकड़ा 48 हो गया है।
पंचायत के और नगर निकायों में चुनाव के मध्यनजर राजनैतिक फायदा उठाने के चक्कर में और सरकार के पास जनता के मध्य जाने का कोई सटीक बहाना न होने की वजह से ही सरकार ने नई पंचायते और नगर निकाय बनाए। यह बात सह सयोंजक राजीव गांधी पंचायती राज संगठन हिमाचल प्रदेश पूर्व सचिव प्रदेश कांग्रेस ठाकुर हीरापाल सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस बार केवल हवाई घोषणाएं है कि हैं जिस कारण वह जनता के बीच नहीं जा सकती। ये जो पंचायतों का गठन अब किया है वो दो साल पहले भी तो हो सकता था। उन्होंने कहा कि इस बार मोदी का जादू भी चलने वाला नहीं है। भाजपा को उसकी विफलताओं की जिम्मदारी तो उठानी ही पड़ेगी और जनता के कोपभाजन का शिकार होगी। पंचायत के चुनाव विधानसभा चुनावों से पहले सरकार का आईना होता है क्योंकि सरकार को अपनी असली स्थिति का अहसास इससे है होता है कि वो कितनी लोकप्रिय है। उन्होंने कहा कि यही चुनाव कांग्रेस के नेतृत्व की भी अग्नि परीक्षा है। कौन सी रणनीति सफल रहेगी और असली रणनीतिकार कितना सफल होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में राजीव गांधी पंचायती राज संगठन कांग्रेस की रणनीति में अहम रोल अदा करेगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष निजी तौर पर और संवैधानिक तौर पर जो आदेश करेंगे उस निर्णय को फलीभूत करने के लिए अगले तीन माह कांग्रेस और राजीव गांधी पंचायती राज संगठन है। कांग्रेस समर्थित सुयोग्य विजय हासिल करने वाले उमीदवारों को जिताने के लिए एहम रोल अदा करेगा।
प्रदेश सरकार द्वारा किसानों की सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री किसान एवं खेतिहर मजदूर जीवन सुरक्षा योजना शुरू की गई है। यह योजना कृषक या मजदूर की मृत्यु पर पीड़ित परिवार के लिए लाभ दायक सिद्ध होगी। इस योजना के तहत कृषि कार्यों के दौरान उन किसानों तथा खेतिहर मजदूरों को सहायता दी जाएगी जो कृषि मशीनरी, औजार व उपकरण आदि द्वारा खेत में प्रयोग के दौरान अथवा कृषि मशीनरी को खेत से घर, घर से खेत ले जाते हुए किसी दुर्घटना की वजह से घायल हुए हो या मृत्यु हुई हो। इस योजना के तहत उन किसानों और खेतिहर मजदूरों को भी शामिल किया जाएगा जिनकी मृत्यु अथवा विकलांगता नलकूप, बोरवेल, पम्पिंग सेट, लघु लिफ्ट, इत्यादि को स्थापित या संचालित मशीनरी को उपयोग या ढूलाई करते समय हुई हो। इसके अतिरिक्त कृषि कार्यों में उपयोग किए जा रहे ट्रेक्टर, पाॅवर टीलर, वीडर, उर्जा चलित हल, रीपर बाईडर मशीन, पाॅवर थे्रशर, घास काटने की मशीने, औजार उपकरण शामिल है। इस योजना में केवल स्थानीय किसान/मजदूर ही शामिल हैं। किसी भी कम्पनी/ठेकेदार के कार्यकर्ता/मजदूर/कर्मचारी इस योजना में शामिल नहीं है। इस योजना के तहत मृत्यु पर 3 लाख रुपये, स्थायी रूप से रीड़ की हड्डी टूटने पर 1 लाख रुपये, दोनों बाजू/दोनों टांगे/एक बाजू एक टांग के पूर्ण रूप से कटने पर 40 हजार रुपये, एक बाजू/एक टांग या चार उंगलियां कटने पर 30 हजार रुपये, एक से तीन ऊँगली के पूर्ण रूप से कट जाने पर 20 हजार रुपये तथा आंशिक रूप से ऊँगली/अंगूठा कटने पर 10 हजार रुपये सहायता राशि दी जाएगी। उप निदेशक कृषि कुलदीप सिंह ने बताया कि दुर्घटना की स्थिति में दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को दुर्घटना के 2 महीने के भीतर सम्बन्धित विकास खण्ड के विषयवाद विशेषज्ञ कृषि को निर्धारित प्रपत्र पर आवेदन करना होगा जो खण्ड स्तर पर विभाग के पास उपलब्ध हैं तथा दुर्घटना का सत्यापन सम्बन्घित पंचायत प्रधान अथवा सचिव से करवा कर तथा चिकित्सा प्रमाण पत्र पंजीकृत चिकित्सा अधिकारी से जारी करवाकर जमा करवाएं।
घुमारवीं उपमंडल की ग्राम पंचायत लोहारवी के सीलह गांव में स्थित प्राथमिक पाठशाला सीलह मैं लोगों के तत्काल सहयोग से प्राथमिक पाठशाला के चार कमरे बचा लिए गए। यदि ग्रामीणों ने समय पर श्रमदान नहीं किया होता तो यह सरकारी संपत्ति पलक झपकते ही नुकसान में आ सकती थी। नंदलाल ने बताया कि उनके घर के पास ही प्राथमिक पाठशाला शीलह का भवन है तथा हाल ही में तेज बरसात के चलते पहाड़ी से पानी स्कूल भवन की दीवार पर आ गिरा जिससे वहां काफी भूमि कटाव हो गया। उन्होंने इस बारे ग्रामीणों से चर्चा की तथा लोग भी तत्काल सहयोग करने के लिए तैयार हो गए। लोगों ने तत्काल वहां स्कूल भवन की दीवार पर गिरे मिट्टी के मलबे को हटाया तथा वहां सीमेंट व बजरी का उपयोग कर पानी के लिए अलग से रास्ता बनाया। समाजसेवी सूबेदार नंदलाल ने बताया कि स्कूल के भवन बचाने के लिए स्कूल प्रबंध समिति अध्यक्ष मीना कुमारी के अलावा ग्रामीण दिनेश कुमार, नीलम कुमारी, मंगलेश कुमारी, सुनीता कुमारी, कृष्णा देवी रवि सिंह, सीमा देवी, निखिलेश, महेंद्र सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने न केवल बढ़-चढ़कर योगदान किया बल्कि अपनी जेब से पैसे खर्च कर निर्माण सामग्री में भी अपना योगदान सुनिश्चित किया।
कांग्रेस पार्टी के जिला उपाध्यक्ष ओम प्रकाश, नंदलाल, जयकृष्ण, निर्मला तथा जिला महासचिव सुनील शर्मा, अनुराग पंडित, राजेंद्र प्रसाद, विजय ठाकुर, मीरा भोगल, आशा कुमारी और निरंजना नड्डा के अलावा सभी ब्लॉक अध्यक्ष तथा सभी पदाधिकारियों ने कहा कि कांग्रेस पार्टी जिला बिलासपुर में कोई अंतर कलह नहीं है। सभी कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष अंजना धीमान के नेतृत्व में एक जुट होकर समर्पित होकर पार्टी को मज़बूत करने का कार्य कर रहे हैं। सभी पदाधिकारियों ने कहा कि अंजना धीमान नारी शक्ति का प्रतीक बन कर बिलासपुर जिला में उभर रही है तथा बेहद रचनात्मक तरीक़े से पार्टी की गतिविधियों को जनता तक पहुँचाने का कार्य कर रही है। जिला के सभी वरिष्ठ नेताओं की सहमति से ही ज़िले के कार्यकारिणी का गठन हुआ है तथा कोई नाराज़गी का विषय उत्पन्न नहीं होता। पदाधिकारियों ने कहा जो भी कार्यकर्ता अपने आप को संगठन से ऊपर समझकर तथा संगठन की गाइडलाइन से बाहर जाकर कार्य कर रहा है उसके ख़िलाफ़ जल्द अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाए ताकि निचले स्तर पर अनुशासन का संदेश सभी कार्यकर्ताओं में बना रहे।
कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राजेश धर्माणी ने प्रदेश की जयराम ठाकुर सरकार पर करारे प्रहार करते हुए कहा है कि यह सरकार कथित घपलों, घोटालों और भ्रष्टाचार को संरक्षण देने वाली सरकार बन कर रह गई है। सरकार का सारा ध्यान जनहित न होकर पार्टी हित साधन तक सीमित होकर रह गया है। बिलासपुर परिधि गृह में पत्रकारों को संबोधित करते हुए धर्माणी ने कहा कि कुछ विभागों में कथित अपने चहेते, चाटुकारों, नज़दीकियों और पार्टी के कार्यकर्ताओं को नौकरियों में बैक डोर एंट्री देकर लाभान्वित करने के निंदनीय प्रयास चल रहे हैं। उन्होने कहा कि नौकरियों में सुयोग्य एवं सक्षम युवक –युतियों को नजरंदाज करके सिफ़ारिश के आधार पर अथवा व्यापक धांधलियाँ अपनाते हुए सभी नियम-कानून तक पर रखे जा रहे हैं। उन्होने उदाहरण देते हुए कहा कि जिला में जल शक्ति विभाग में लगभग 650 लोगों ने पैरा फीटर, पैरा पंप आपरेटर और मल्टी पर्पज वरकर्ज़ की इन तीन श्रेणियों के लिए आवेदन कर रखा था जबकि अधिकांश बच्चे इसलिए आवेदन नहीं कर पाए क्यूंकि विभाग ने इन श्रेणियों के साक्षात्कार के लिए उपयुक्त प्रचार-प्रसार नहीं किया था। उन्होने कहा कि इन पदों पर नियुक्ति के लिए 8 वीं पास योग्यता रखी गई थी, जिसमें 44 प्रतिशत अंक पाने वाले को तो नियुक्ति पत्र दे दिया गया जबकि 87.50 प्रतिशत वाले को रिजेक्ट कर दिया गया। कहा कि खेद तो इस बात का है कि अपने चहेतों को लाभान्वित करने के उदेश्य से बी पी एल, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वालों के लिए एक्सपीरिएन्स में कोई आरक्षण नहीं रखा गया था जबकि जिन लोगों ने शिमला की एक कंपनी से कथित अवैध एक्सपीरिएन्स सार्टिफिकेट लेकर प्रस्तुत किए, उन्हें उन के आधार पर अतिरिक्त नंबर देकर इन पदों के लिए नियुक्तियाँ प्रदान कर दी गई। उन्होने हैरानी व्यक्त की कि एक युवक जिसने बी टेक मकेनिकल में कर रखी है, को फिसिकल साक्षात्कार में 0.9 प्रतिशत अंक देकर बाहर का रास्ता दिखाया गया जबकि यदि उसे एक नंबर दे दिया होता तो उसकी नियुक्ति हो जाती। उन्होंने कहा कि जो लोग पिछले कितने ही वर्षों से सरकार की नीति के अनुसार ठेकेदारों के पास कार्यरत हैं और जिनका काफी लंबा तुजर्बा है, उन निर्धन बच्चों को कोई नंबर न देकर उनके जीवन से खिलवाड़ किया गया है जबकि कथित कितने ही पूँजीपतियों के बच्चों को नौकरिया बांटी गई। उन्होने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आग्रह किया है कि जिला बिलासपुर में जल शक्ति विभाग में इन नियुक्तियों में हुई कथित व्यापक धांधलियों तथा शिमला की उस कंपनी जिस ने पैसे लेकर कथित झूठे सार्टिफिकेट देकर कुछ धनवान लोगों के बच्चों को नौकरी दिलाने में सहयोग किया है, की उच्च स्तरीय जांच के आदेश देकर दोषियों को दंडित किए जाने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा है कि यह पता भी लगाया जाए कि जिस कंपनी ने यह एक्सपीरिएन्स सार्टिफिकेट दिए हैं, उन्होंने क्या वास्तव ही में उनका सी पी एफ काटा था या नहीं, ताकि सच्चाई सबके सामने आ सके। राजेश धर्माणी ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि इस मामले में तुरंत जांच के आदेश नहीं दिये गए तो लाखों बेरोजगार युवक युवतियों से हुए अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का रास्ता अपनाया जाएगा, जिसका सारा उत्तरदाईत्व सरकार पर ही होगा।
लाडली फाउंडेशन की बैठक आयोजन जिला मुख्यालय बिलासपुर में जिला कार्यकारी अध्यक्ष रेखा बिष्ट की अध्यक्षता में किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए फाउंडेशन की संस्थापक राज्य कार्यकारिणी सदस्य शीला सिंह ने बताया कि लाडली फाउंडेशन हिमाचल प्रदेश सितम्बर माह के अंतिम सप्ताह में गरीब, बीपीएल एवं विधवा महिलाओं के साथ साथ सैनिक विधवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लाडली सिलाई कटाई निशुल्क प्रशिक्षण केंद्र बिलासपुर में खोलने जा रहा है। उन्होंने बताया कि लाडली फाउंडेशन पिछले कई वर्षों से सामाजिक संस्था रेनबो स्टार क्लब के सहयोग से समाज की कुरीतियों को जड़ से उखाड़ने के लिए हमेशा कटिबद्ध रहती है। इसी कड़ी में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लाडली फाउंडेशन पूरे प्रदेश में निशुल्क सिलाई कटाई प्रशिक्षण केंद्र खोलेगा। इस बैठक में विशेष अतिथि के रुप में पधारी रेनबो स्टार क्लब की संरक्षक शीला सिंह को लाडली फाउंडेशन के पदाधिकारियों द्वारा माता श्री नैना देवी जी से लाई चुनरी से सम्मानित किया गया। इस मौके पर लाडली फाउंडेशन के राज्य कार्यकारिणी सदस्य एवं सर्वधर्म समभाव राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर पंडित सत्यदेव शर्मा, रेनबो स्टार क्लब के सह सचिव तनवीर खान, लाडली फाउंडेशन के पदाधिकारी विशेष रुप से मौजूद रहे।
कोरोना काल में इस बार गणेश पूजन घरों तक ही सीमित रहा है। बावजूद इसके लोगों गणपति पूजन के बाद विसर्जन गोविंद सागर झील में सोषल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए किया। हालांकि बिलासपुर के प्रमुख मंदिरों में श्री गणेश चतुर्थी से आगामी नौ दिन तक गणपति जी का भव्य पूजन होता था, और विसर्जन के लिए भव्य शोभायात्रा नगर के मुख्य बाजारों से होते हुए लुहणुघाट पर पहुचती थी जहां पर दर्जनों मोटर बोट के माध्यम से गणपति को झील के बीच जयघोष के साथ विसर्जित किया जाता था लेकिन वर्श 2020 में कोरोना वायरस के कारण काफी कुछ कुछ समय के लिए रूक सा गया हैै। बावजूद इसके नगर एवं जिला वासियों की श्रद्धा में कोई असर नहीं पड़ा है। लोगों ने अपने घरों में भगवान श्री गणेश जी की प्रतिमा की विधिवत पूजा के बाद प्रतिश्ठापित किया। लगातार नौ दिनों तक सुबह षाम भगवान गणेश जी की पूजा अर्चना की गई। नगर के मुख्य बाजार के साथ सिनेमा कालोनी में श्री नयना देवी जी मंदिर न्याय के पुजारी राजीव गौतम, उनकी धर्मपत्नी शिप्रा गौतम व उनके परिवार द्वारा बीते कल विधिवत रूप से भगवान श्री गणेश जी की मूर्ति को नौ दिनों की पूजा के बाद गोविंद सागर झील में विसर्जित किया। राजीव गौतम ने बताया कि लगातार नौ दिन चली इस पूजा में मोहल्ले वालों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। हर शाम कीर्तन का दौर चला। उन्होंने बताया कि घरेलू उत्सव में खास बात यह रही कि मुस्लिम परिवारों ने भी इस धार्मिक समागम में बढ़चढ़कर भाग लिया जो कि हिंदु मुस्लिम एकता को दर्षाता है। उन्होंने बताया कि बीती शाम विसर्जन में हालांकि सभी लोगों को विसर्जन यात्रा में जाना था लेकिन कोरोना काल को लेकर यह संभव नहीं था। केवल चार-पांच लोगों द्वारा ही मूर्ति विसर्जन किया गया लेकिन विसर्जन के समय मोहल्ला वासियों ने अपने घरों की छतों और बालकनी से खड़े होकर पुष्प वर्षा की तथा गणपति जी को अगले साल दोबारा आने की मंगल कामना के साथ विदाई दी। इन नौ दिनों में पंडित पंकज अग्निहोत्री ने पूजा करवाई। पूजा और विसर्जन कार्यक्रम में गौतम परिवार से राजीव गौतम, शिप्रा गौतम, आकांक्षा व अंतरिक्ष के अलावा शशि , संजीवनी पंडित, देशराज शास्त्री, कांता, प्रेम चंद, मीना, गोमती, रीता ठाकुर, सीमा वर्मा, मंगल रात, शोकत अली, रहीना खान, नफरीन खान, बेबी ईबादत, गंभरू देवी, विजय रघुवंशी, वीना पंडित, आदि शामिल रहे।
सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग में 27 साल सेवाएं देने के बाद सुशील कुमार साउंड रिकाॅर्डिस्ट के पद से सेवानिवृत्त हो गए। सुशील कुमार ने अपनी सेवाएं लोक सम्पर्क विभाग में 31 अक्टूबर, 1992 को बतौर चलचित्र चालक ऊना से आरम्भ की। उन्होंने ऊना के अतिरिक्त पांगी, बिलासपुर, शिमला में अपनी सेवाएं देते हुए 27 वर्ष 10 महीने का कार्यकाल तय किया। विभाग की ओर से उन्हें वर्ष 2012 में पदोन्नत कर तकनीकी सहायक और वर्ष 2020 में साउंड रिकाॅर्डिस्ट के पद पर पदोन्नत किया गया। जिला लोक सम्पर्क अधिकारी कार्यालय बिलासपुर द्वारा सुशील कुमार की सेवानिवृत्ती पर उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी गई तथा उनके स्वस्थ एवं सुखद स्वास्थ्य की कामना की।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजिन्द्र गर्ग ने कहा है कि जो लोग पात्र न होने पर भी गलत तरीके से बीपीएल एवं अन्त्योदय परिवारों को मिलने वाली सुविधाओं का दुरूपयोग कर रहे हैं, उनके खिलाफ विभाग सख्त कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग गरीब व जरूरतमंदों को दी जाने वाली सुविधाओं का अनुचित लाभ ले रहे हैं। अभी तक प्रदेश में 125 फर्जी कार्ड धारकों की पहचान हो चुकी है और विभाग द्वारा पहचान का कार्य प्रगति पर है, जिससे ऐसे मामलों के और अधिक बढ़ने की सम्भावना है। सभी फर्जी बीपीएल व अन्त्योदय कार्ड धारकों की पहचान कर मामले की छानबीन की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति ऐसा कार्य न कर सके। मंत्री ने कहा कि उन लोगों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी जिन्होंने बीपीएल व अन्त्योदय के लाभ के लिए इन लोगों की अनुशंसा की है।
कांग्रेस पार्टी जिला बिलासपुर की अध्यक्ष अंजना धीमान ने बताया कि बिलासपुर जिला कांग्रेस कार्यकारिणी में दो युवाओं को शामिल किया गया है और उन्हें पार्टी के सचिव पद की जिम्मेवारी दी गई है। उन्होंने बताया कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर से स्वीकृति लेकर यह नियुक्तियाँ तुरंत प्रभाव से लागू की गई हैं। उन्होंने बताया कि विशाल चंदेल निवासी बैरी तथा विनोद कुमार सोनी निवासी घुमारवीं को कांग्रेस पार्टी जिला बिलासपुर का सचिव नियुक्त किया गया है। यह दोनों युवा कांग्रेस पार्टी जिला बिलासपुर के प्रेस सचिव भी होंगे तथा प्रेस से संबंधित पार्टी की सभी गतिविधियों का संचालन करेंगे। अंजना धीमान ने कहा कि कार्यकर्ता कांग्रेस पार्टी को मज़बूत करने के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान अदा करेंगे ऐसी पार्टी की अपेक्षा है।
घुमारवीं उपमंडल के तहत ग्राम पंचायत हंबोट के वणी पंडिता, कोटलू, ब्रहनली, दायरा, डंगार व मडकोटा व त्वाक गांव के ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार से अलग ग्राम पंचायत वणी पंडिता के गठन की मांग की है। इन क्षेत्रों के ग्रामीणों ने यहां पर जिला भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला महामंत्री अमरनाथ धीमान की अगुवाई में उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा व अपनी आपतियां दर्ज करवाई। ग्रामीणों ने बताया कि वह पिछले काफी समय से वणी पंडिता, कोटलू, ब्रहनली, दायरा, डंगार, मडकोटा व त्वाक गांवो के लिए अलग ग्राम पंचायत के गठन की मांग को उठा रहे हैं लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 15 वर्ष पहले वणी पंडिता गांव को ग्राम पंचायत पंतेहडा से अलग कर ग्राम पंचायत हंबोट मेें शामिल किया था जिस पर वणी पंडिता गांव के लोगों ने तत्कालीन उपायुक्त के समक्ष अपनी आपत्ति जताई थी लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई थी। इन लोगों ने बताया कि यह गांव हंबोट से आठ किलो मीटर दूर स्थित हैं और न ही कोई सीधी बस सुविधा उपलब्ध है जिससे लोगों को भारी परेशनियों से जूझना पडता है। वहीं ग्राम पंचायत हटवाड बहुत बडी ग्राम पंचायत है जिसके कुछ गांव दायरा, डंगार, मडकोटा व त्वाक गांव नई गठित होने वाली पंचायत वणी पंचायत में शामिल होना चाहते हैं तथा इसके लिए महिला मंडल दायरा व त्वाक एवं दलित ग्राम ग्राम विकास समिति हटवाड के माध्यम से जनता अपना पक्ष रख चुकी है। इन क्षेत्रों के लोगों को वणी पंडिता समीप पड़ती है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र के अधिकतर महिला मंडलों ने भी पंचायती राज मंत्री व स्थानीय विधायक तथा वर्तमान खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेंद्र गर्ग को भी ज्ञापन प्रेषित किए है। उन्होंने प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन से इस मुद्दे पर उचित कार्रवाई करने की मांग है।
कोरोना के कारण पर्यटन उद्योग, होटल व्यवसायी व टेक्सी ऑपरेटरों का बुरा हाल है। सरकार इस क्षेत्र में प्रभावित होने वाले लोगों की सहायता नहीं कर रही। इस बारे में सरकार को अपना रवैया स्पष्ट करना होगा वरना कांग्रेस प्रदेश में इन सभी मुद्दों पर सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। यह बात ठाकुर हीरापाल सिंह पूर्व प्रदेश कांग्रेस सचिव एवं सह संयोजक राजीव गांधी पंचायती राज संगठन हिमाचल प्रदेश ने पत्रकारों से कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार और संगठन दोनों ही आंतरिक युद्ध के शिकार हैं क्योंकि भ्रष्टाचार में संलिप्तता के मामले में पहले पूर्व अध्यक्ष राजीव बिंदल का त्यागपत्र लिया गया अब जांच के बाद उन्हें निर्दोष करार दक दिया गया। इसी तरह से एक और मंत्री सरवींन चौधरी के ऊपर जमीन घोटाले में संलिप्तता पाई गई पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी तरह एक बड़ा मंत्री जो मंडी ज़िला से संबंधित है क्या वो पाक दामन है जिस तरह बैठकों में वो अधिकारियों को कर्मचारियों को प्रताड़ित करते देखा गया है उस पर कभी भी कोई संज्ञान नहीं लिया गया। हालत यह है कि मुख्यमंत्री कोई भी निर्णय नहीं ले पा रहे हैं बल्कि प्रदेश से संबंधित हर निर्णय दिल्ली में बैठे आका कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं की आपसी खींचतान जग हंसाई का पात्र बनकर रह गई है जो भी निर्णय सरकार और संगठन से संबंधित हो रहे हैं वो राष्ट्रीय अध्यक्ष के हाथों से हो रहे हैं तथा मुख्यमंत्री एक पुतला बनकर रह गए हैं। प्रदेश में सिर्फ नाममात्र की सरकार है क्योंकि अगर सभी निर्णय दिल्ली से ही होने है तो प्रदेश में सरकार होना न होना एक बराबर है। प्रदेश में प्रथम बार ऐसा लग रहा है कि सरकार नाम की कोई चीज नही है सिर्फ राष्ट्रीय एजेंडे के सिवाए प्रदेश स्तरीय सभी मुद्दे गौण है। विकास ठप्प पड़ा है। कोई नई परियोजना लागू नहीं। कितने ही राष्ट्रीय उच्च मार्गो को चौड़ा करने की बात की थी आज बिजली सीमेंट पानी जो हिमाचल में पैदा होते है ये तीनो चीजे महंगी हैं।
जिला कांग्रेस महासचिव संदीप सांख्यान (Sandeep Sankhyan) ने कहा है कि जिला के रीजनल अस्पताल में मरीज़ों और वहाँ कार्यरत अधिकारियों कर्मचारियों की हालत भगवान के भरोसे ही है। इस अस्पताल में कोविड-19 को लेकर के जिस तरह से लापरवाही बरती जा रही है उससे लगता है कि यह अस्पताल कोविड-19 संक्रमण का सबसे बड़ा केंद्र बन जाएगा। अस्पताल का प्रशासन अभी भी कोविड-19 को लेकर लापरवाह है उसके बारे में प्रदेश के स्वास्थय मंत्री को संज्ञान लेना चाहिए। यहाँ पर कोविड-19 पर विश्व स्वास्थ्य संगठन व स्वास्थ्य मंत्रालय के द्वारा जारी किए गए दिशा निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। ऐसे कोविड-19 के पॉजिटिव मामले अब जिला के रीजनल अस्पताल में आने शुरू हो चुके हैं। जिला रीजनल अस्पताल में मास एडुकेटर इन्फॉर्मेशन ऑफिसर एम.ए.ई.ओ. को जब हल्का इंफ्यूएंजा हुआ था और इस आफिसर ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को इसकी सूचना दी और छुटटी मांगी तो रीजनल अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने इसकी बातों पर ध्यान नहीं दिया, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन व आयुष मंत्रालय के दिशा निर्देशों के अनुसार ऐसे व्यक्ति जिसको किसी भी तरह का हल्का इन्फ्लूएंजा हो तो उसको अलग से रखा जाना चाहिए या छुटटी पर भेजा जाना चाहिए लेकिन जिला अस्पताल प्रशासन इस कुछ नहीं किया और लापरवाही बरती। सारे दिशा निर्देश ताक पर रख दिए गए और जब उक्त अधिकारी का कोविड-19 का टेस्ट 27 अगस्त को किया गया, 28 अगस्त में उसकी रिपोर्ट में वह अधिकारी कोविड-19 पॉजिटिव पाया गया। ऐसे में हड़कंप का मौहाल बनना लाज़मी था, जबकि 26 अगस्त को उक्त अधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से हल्के इन्फ्लूएंजा के चलते छुटटी पर जाने की गुजारिश भी की थी, लेकिन वह दी नहीं गई। अब रीजनल अस्पताल के जिस कमरे में मास एडुकेटर इन्फॉर्मेशन ऑफिसर बैठता था तो सम्भवतः वहाँ और भी अधिकारी बैठते होंगे और उन्ही के सम्पर्क में आने से एक चिकिसक और एक अन्य अधिकारी भी कोविड-19 पॉजिटिव पाए गए हैं। ऐसे में अब प्रश्न उठता है कि जिला रीजनल अस्पताल के अधिकारियों व चिकिसकों की अगर ऐसी हालत हो रही है तो वहाँ दाखिल अन्य बीमारियों के रोगियों की कोरोना से सुरक्षा पर तो सवालिया निशान लगना लाज़मी हैं। प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य विभाग को चाहिए कि जिला बिलासपुर के रीजनल अस्पताल में कोविड-19 को लेकर के बरती जा रही लापरवाही पर कड़ा संज्ञान लिया जाए और अस्पताल प्रशासन की जबाबदेही भी तय की जाए अन्यथा वह दिन दूर नहीं होगा कि जब जिला का रीजनल अस्पताल कोरोना संक्रमण का सबसे बड़ा केंद्र बन जाएगा।
कांग्रेस की जिला सचिव और पूर्व सीनियर बैंक मैनेजर मीरा भोगल ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर दुख जताया है और उनके परिवार एवं मित्रों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होेंने कहा कि मुखर्जी एक महान राजनेता थे और उनके जाने से देश को बहुत बड़ी क्षति हुई है। उन्हें अर्थव्यवस्था से लेकर आम आदमी से जुड़े मुद्दों की गहरी समझ थी। उनके योगदान के लिए देश उनका सदैव ऋणी रहेगा। उन्होंने कहा कि देश का प्रथम नागरिक होते हुए भी वह सभी लोगों के संपर्क में रहते थे। राष्ट्रपति भवन तक आम लोगों की पहुंच हो इसके लिए उन्होंने काम किया। उन्होंने कहा कि माननीय और महामहिम शब्द के इस्तेमाल को बंद करने का उनका फैसला ऐतिहासिक था। भोगल ने आगे कहा कि असाधारण विवेक के धनी, भारत रत्न मुखर्जी के व्यक्तित्व में परंपरा और आधुनिकता का अनूठा संगम था। पांच दशक के अपने शानदार सार्वजनिक जीवन में अनेक उच्च पदों पर आसीन रहते हुए भी वे सदैव जमीन से जुड़े रहे। अपने सौम्य और मिलनसार स्वभाव के कारण राजनीतिक क्षेत्र में वे सबके प्यारे नेता थे।
इन अनिश्चित और तनावपूर्ण समय में लोग पराजित कर देने वाली भावनाओं, चिंता और भय से निपटने के लिए साधनों की तलाश कर रहे हैं। लोगों को इस समय पर टिकने में तथा समाधान खोजने में सहायता करने के लिए ‘आर्ट ऑफ़ लिविंग’ एक नि: शुल्क 21 दिवसीय ऑनलाइन मेडिटेशन चैलेंज का आयोजन कर रहा है, जहां प्रतिभागियों को वैश्विक आध्यात्मिक गुरु, गुरुदेव रविशंकर द्वारा प्रतिदिन संध्याकाल में 7.30 बजे एक अद्वितीय निर्देशित ध्यान से परिचित कराया जाएगा। ध्यान सत्र छोटे, उत्कृष्ट व शक्तिशाली होंगे और तनाव से तुरंत राहत दिलाएंगे, जिससे अधिक शांति और स्थिरता का अनुभव किया जा सकेगा। महामारी ने सभी जाति, लिंग, वित्तीय स्थिति वाले लोगों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित किया है। हाल के एक सर्वेक्षण से पता चला है कि 65% भारतीयों ने लॉकडाउन के बाद सामान्य से गम्भीर तनाव का सामना किया है। लोगों ने, विशेष रूप से छात्रों और कामकाजी व्यावसायिकों ने चिंता, क्रोध, हताशा, चिड़चिड़ापन और अकेलेपन की भावनाओं का अनुभव किया. 21 दिन का मेडिटेशन चैलेंज क्यों लें? ऐसा कहा जाता है कि किसी भी अच्छी आदत को डालने में कम से कम 21 दिन लगते हैं। इसी प्रकार 1 सितंबर से शुरू होने वाली ध्यान की चुनौती, प्रत्येक अभ्यास के बाद ध्यान प्रणाली द्वारा लाई गई गहराई और स्पष्टता से पूरी तरह से लाभ उठाने के लिए तंत्रिका तंत्र को बेहतर बनाएगी और पूर्ण विश्राम, हल्केपन व सहजता का अनुभव होगा। 3,000 से अधिक प्रकाशित वैज्ञानिक अध्ययनों के बाद आज ध्यान के लाभ सामान्य ज्ञान हैं। नियमित ध्यान के अभ्यास के लाभों में स्पष्ट सोच, बढ़ी हुई ऊर्जा, तनाव से राहत, बेहतर शारीरिक स्वास्थ्य, मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली, बेहतर रिश्ते और मन की अधिक शांति शामिल हैं। वर्ल्ड साइकेट्री एसोसिएशन के वार्षिक सम्मेलन में 2017 में, हृदय के स्वास्थ्य, तंत्रिका तंत्र और नैदानिक अवसाद पर ध्यान के प्रभावों पर एक अध्ययन ने सर्वश्रेष्ठ अनुसंधान के लिए पुरस्कार प्राप्त किया। इस वर्ष मार्च और मई के मध्य गुरुदेव ने 22 मार्च से दिन में दो बार ध्यान निर्देशित किया, जिसे 100 मिलियन से अधिक लोगों द्वारा देखा गया, प्रतिभागियों ने पूर्ण विश्राम का अनुभव करने, मन में स्पष्टता पाने और भावनात्मक रूप से संतुलित होने की सूचना दी। यह जानकारी देते हुए आर्ट आफ लिविंग के जिला बिलासपुर मीडिया कोआर्डीनेटर अरूण डोगरा रीतू ने बताया कि इसे निम्न से लॉग इन किया जा सकता है। इस चुनौती को गुरुदेव रविशंकर के आधिकारिक YouTube चैनल पर आयोजित किया जाएगा। चैनल है YouTube.com/srisri, समय शाम 7:30 बजे।
राजकीय महाविद्यालय बिलासपुर में स्थित इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) अध्ययन केंद्र के नए समन्वयक का कार्यभार संभालने के लिए प्रोफेसर वीरेंद्र कुमार शर्मा को हिमाचल इग्नू लर्नर्स वेलफेयर एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष ईशान अख्तर एवं लाडली फाउंडेशन के जिला अध्यक्ष अनीता शर्मा की अगुवाई में सम्मानित किया गया। हिमाचल इग्नू लर्नर्स वेलफेयर एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष ईशान अख्तर ने माता वैष्णो देवी से लाई चुनरी एवं स्मृति चिन्ह तथा फूल देकर नवनियुक्त इग्नू समन्वयक प्रोफेसर वीरेंद्र कुमार शर्मा को देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर नवनियुक्त समन्वयक प्रोफेसर वीरेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि हिमाचल इग्नू लर्नर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने संस्थापक अध्यक्ष ईशान अख्तर के नेतृत्व में इग्नू का प्रचार व प्रसार करने में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि बिलासपुर महाविद्यालय इग्नू अध्ययन केंद्र में कुल 54 स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर के कोर्स चल रहे हैं। नवनियुक्त इग्नू अध्ययन केंद्र समन्वयक प्रोफेसर वीरेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि इग्नू अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विद्यार्थियों के लिए स्नातक स्तर के कोर्स मैं प्रवेश के लिए कोई फीस व शुल्क नहीं लेता है। इस मौके पर सर्वधर्म समभाव राष्ट्रीय मंच के राज्य सचिव बिल्कीश खान एवं रेनबो स्टार क्लब के जिला उपाध्यक्ष रजत चंदेल विशेष रूप से उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य खंड घुमारवीं के अंतर्गत घुमारवीं पंचायत के गावं टकरेडा में खंड चिकित्सा अधिकारी घुमारवीं डॉ अभिनीत शर्मा के आदेशानुसार अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस घुमारवीं पंचायत के उप प्रधान किशोरी लाल शर्मा की अध्यक्षता में मनाया गया। इस दिवस पर स्वास्थ्य शिक्षक सुरेश चन्देल ने बताया कि यह अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस जागरूकता अभियान 12 अगस्त से 31 अगस्त तक जगह जगह किया गया और इस अभियान में माध्यम से युवाओं को क्षेत्र में युवाओं को दिवस मनाने के महत्व के अलावा समाज मे युवाओं भूमिका और भागीदारी, समाज मे बढ़ती विकृतियां, नशे का प्रचलन, एच आई वी एड्स, कोविड 19 के समान्य लक्षण व वचाव के तरीके, डेंगू, मलेरिया, क्षय रोग, और आयुष्मान भारत योजना, हिम केअर योजना, सहारा योजना के बारे में युवाओं को विस्तार से जागरूक किया और युवाओं से आग्रह किया कि अपने क्षेत्र में लोगो को भी इसके बारे में जागरूक करे ताकि सभी लोग इसका लाभ उठा सके। इस अवसर पर युवाओं की भाषण प्रतियोगिता भी करवाई गई जिसमें प्रथम स्थान पर अदिती शर्मा, द्वितीय स्थान पर प्रिंस शर्मा, तृतीय स्थान पर नितीश शर्मा रहे और स्वास्थ्य विभाग की तरफ से भाषण प्रितियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतियोगियों को नगद इनाम दिया गया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत उप प्रधान किशोरी लाल शर्मा ने युवाओं को नशे से बचने की सलाह दी और समाज मे अच्छे काम करने के लिए अपनी भागीदारी देने का आग्रह किया क्योंकि आज के युवा कल समाज का हिस्सा बनेंगे और यदि युवा अच्छे संस्कारी होंगे तो एक शुद्ध समाज का निर्माण होगा। इस अवसर पर वार्ड सदस्य सुरेश कुमार, स्वास्थ्य कार्यकर्ता उप स्वास्थ्य केंद्र टकरेडा संजीव शर्मा, कला देवी, केशव चंद, राम पाल शर्मा, आशा कार्यकर्ता पुष्पा देवी, अनिता देवी उपस्थित थी।
भाषा एवं संस्कृति विभाग कार्यालय बिलासपुर द्वारा गुगल ऐप के माध्यम से महिला साहित्यकार संस्था बिलासपुर के संयुक्त तत्वावधान में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम प्रतिभा शर्मा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की उसके उपरान्त विजय सहगल ने ‘‘प्रकृति ने बनाई सुन्दर बस्ती", प्रियंका चन्देल ने ‘‘मैं नारी हूं" शीर्षक से रचना प्रस्तुत की। तनवी राणा ने ‘‘नारी" शीर्षक ने से रचना सुनाई। फूलां चन्देल की रचना की पंक्तियां थी ‘‘सुन्नी राहों पर हम चल पडे" मीना चन्देल ने ‘‘शब्द" शालिनी शर्मा ने ‘‘फिर आया भादों मास उमड़ता घुमडता", शीला सिंह ने "हम हिन्द देश के वासी हैं नमो नमः", संतोष गर्ग ने "तुम्हारा यू निशब्द होना", प्रोमिला भारद्वाज ने ‘‘आखिरी इच्छाएं चहचहाती ये चि़ड़ियां", प्रतिभा शर्मा ने "मैं भारत की वो बेट हूँ जो स्वाभिमान रखती है न डरती है बुराई से नहीं जो मान तजती है....तथा पहाड़ी रचना" मैं लिखां गीत रिवाजां जो" सुनाई। हेमा ठाकुर ने भी अपनी रचना प्रस्तुत की। इन्द्र सिंह चन्देल ने पहाड़ी गीत ‘‘अज देयां लोकां नो समझावां मैंहगी मैस नी लेणी वे" प्रस्तुत किया। अन्त में ज़िला भाषा अधिकारी नीलम चन्देल ने कहा कि कोबिड -19 महामारी के चलते विभाग द्वारा गुगल ऐप के माध्यम से ही साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने महिला साहित्यकार संस्था का कवि सम्मेलन में सहयोग करने के लिए धन्यवाद किया तथा कहा कि साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं के कारण ही विभाग ऐसे कार्यक्रमों का सफल आयोजन करवा पाता है तथा जबतक यह कोबिड -19 महामारी नियंन्त्रण में नहीं आती है उस समय तक ऐसे ऑनलाईन कार्यक्रमों का आयोजन विभाग भविष्य में भी करवाता रहेगा।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि लोक निर्माण विभाग का मण्डल खुलने से क्षेत्र के लोगों की लम्बित मांग पूर्ण हुई है। इस मण्डल के खुलने से जिला के झण्डुता क्षेत्र में लोक निर्माण गतिविधियों को मजबूती प्रदान होगी। इसी तरह झण्डुता में अग्निशमन उप-केन्द्र आज समर्पित किया गया है। वह शिमला से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से झंडूता चुनाव क्षेत्र की 40 करोड़ रूपयों की विभिन्न परियोजनाओं का उदघाटन व शिलान्यास करने के बाद अपना संबोधन कर रहे थे। उन्होंने विधायक जीत राम कटवाल की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह लगातार प्रयास में रहते हैं कि विकास कार्य हों और एक बार स्वीकृति मिल जाने के बाद जब तक कार्य सिरे नहीं चढ़ जाता एसके पीछे लगे रहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम के पिछले दिन कटवाल शिमला आए थे और उन्हें सम्मानित करके गए तथा अगले कार्यों की चर्चा भी कर गए। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के ठीक होते ही झंडूता चुनाव क्षेत्र में एक्चुअल कार्यक्रम करेंगे और लोगों से भी मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने झंडूता क्षेत्र के लोगों का मुख्यमंत्री कोविड फंड में 1.16 करोड़ रुपये और पीएम केयर्स में 5 लाख रुपये का योगदान करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र के लोगों को 54 हजार से अधिक फेस मास्क तैयार कर वितरित किए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों द्वारा प्रदान की गई सहायता संकट के समय जरूरतमंदों को सहायता प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को कोरोना वायरस को लेकर अधिक सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों के दौरान बारिश के मौसम में कोरोना पाजिटिव मामलों में तेजी आई है। उन्होंने लोगों से सार्वजनिक स्थानों पर बाहर जाने के दौरान फेस मास्क का उपयोग करने और इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए नियमित रूप से साबुन से हाथ धोने का भी आग्रह किया। उन्होंने 2017 के विधानसभा चुनावों में भाजपा उम्मीदवार को समर्थन देने और 2022 के विधानसभा चुनावों में भी भाजपा उम्मीदवार को इसी तरह का समर्थन देने का आग्रह किया। वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से लोगों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त और कारपोरेट मामले राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने क्षेत्र की सड़कों और पुलों की बेहतर स्थिति को सुनिश्चित करने के लिए झंडुता में लोक निर्माण विभाग मंडल के खोलने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी ने हमारे जीवन और जीवन शैली को पूरी तरह से बदल दिया है। इस महामारी को फैलने से रोकने के लिए जन प्रतिनिधियों को लोगों को फेस मास्क और हाथ धोने के लिए प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की स्थिति विश्व के अन्य विकसित देशों की तुलना में बहुत बेहतर है इसका पूरा श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समयबद्ध निर्णयों को जाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सितम्बर के अंत में अटल टनल रोहतांग जनता को समर्पित करेंगे जो प्रदेश के लोगों के लिए सबसे बड़ा उपहार होगा। उन्होंने कहा कि बिलासपुर को रेल लाइन के माध्यम से जोड़ने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं जिसके लिए भानुपल्ली बिलासपुर रेल लाइन के अगले स्पैल का कार्य भी शुरू हो गया है। विधायक झंडुता जीत राम कटवाल ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए क्षेत्र के लिए करोड़ों रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि झंडुता विधानसभा क्षेत्र में गत अढ़ाई वर्षों मेंअभूतपूर्व विकास हुआ है, मुख्यमंत्री के इस स्नेह के प्रति क्षेत्र के लोग हमेशा आभारी रहेंगे। राज्य भाजपा कार्यकारिणी सदस्य राकेश गौतम ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। भाजपा मंडल अध्यक्ष मोहिन्द्र सिंह चंदेल ने इस अवसर पर सभी गणमान्यों का स्वागत किया। बहुद्देश्यीय परियोजना एवं ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी, उपायुक्त बिलासपुर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। क्या थीं परियोजनाएं उदघाटन क्षेत्र के 91 हजार 562 लोगों की सुविधा के लिए झंडूत्ता में लोक निर्माण विभाग का मण्डल और उप-अग्निशमन केन्द्र का उद्घाटन शिलान्यास प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत 11.50 करोड़ रुपये की समोह-गेहड़वी-थुराण सड़क व 10 करोड़ रुपये की लागत की झण्डुता-भडोलीकलां सड़क के स्तरोन्यन की आधारशिला सात करोड़ रुपये की लागत से सीर खड्ड पर री-रडोह में 100 मीटर स्पैन डबल पे्रस-स्ट्रैस्ड बाॅक्स गर्डर पुल आधारशिला तलाई में 3.82 करोड़ के समुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन, 3.62 करोड़ की दसलेहड़ा-खमेड़ा कलां पुल की आधरशिला तलाई में 1.68 करोड़ रुपये से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में विज्ञान प्रयोगशाला की आधारशिला झण्डुता तहसील में 94 लाख रुपये की उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना चैंता जांगला ठाठल के अतिरिक्त स्त्रोत के विकास व सुधार की आधार शिला शाह तलाई में 48 लाख रुपये की लागत की विद्युत उप-मण्डल भवन की आधारशिला
निदेशक सेना भर्ती कर्नल तनवीर सिंह मान ने बताया कि पड्डल मैदान जिला मण्डी में 6 अक्तूबर से 14 अक्तूबर, 2020 तक सेना भर्ती कार्यालय मण्डी द्वारा जिला शिमला, सोलन, सिरमौर और किन्नौर के युवाओं के लिए भारतीय सेना में भर्ती का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह भर्ती सैनिक तकनीकी (पुरुष), सैनिक तकनीकी (गोला बारुद परीक्षक) (एटी)(पुरुष), सैनिक तकनीकी (उड्डयन) (एक्स गु्रप)(पुरुष) तथा सैनिक तकनीकी (उपचार सहायक) (एन ए) (पुरुष) पदों के लिए होगी। उन्होंने बताया कि मापदण्ड और योग्यता के लिए सेना भर्ती कार्यालय, शिमला, हिमाचल प्रदेश द्वारा जारी 06 अगस्त, 2020 की अधिसूचना भारतीय सेना की वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in पर देखें। उल्लेखनीय है कि जो उम्मीदवार सेना भर्ती रामपुर बुशैहर शिमला में सैनिक तकनीकी वर्ग के लिए सेना भर्ती कार्यालय, शिमला द्वारा 16 फरवरी, 2020 को जारी अधिसूचना के तहत पहले पंजीकृत हो चुके है, उनको भी दोबारा पंजीकरण करना है।
सर्व अनुबंध संघ इकाई जिला बिलासपुर ने प्रदेश सरकार से अनुबंध कार्य काल को तीन वर्ष से घटाकर 2 वर्ष करवाने की मांग रखी है। अपनी मांग को लेकर रविवार को सर्व अनुबंध संघ की जिला इकाई ने प्रदेश कार्य कारी अध्यक्ष अरुण भारद्वाज की अगुवाई में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के मंत्री राजेन्द्र गर्ग से घुमारवीं में मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। मांग की है कि मानसून सत्र में मुख्यमंत्री अनुबंध कार्यकाल को 3 वर्ष से घटा कर 2 वर्ष करे ताकि सबको समान रूप से लाभ मिल सके। कार्यकारी अध्यक्ष अरुण भारद्वाज ने बताया कि भाजपा ने अपनी सरकार के कार्यकाल में कई स्वर्णिम और ऐतिहासिक फ़ैसले जनता के हित में पूरे किए व चुनावी घोषणा पत्र के लगभग सभी वादे पूरे कर दिये । उन्होंने मंत्री राजेन्द्र गर्ग के समक्ष सरकार द्वारा चुनावों के समय सरकारी अनुबंध कर्मचारियों के अनुबंध सेवा कार्यकाल को 3 वर्ष से घटाकर 2 वर्ष करने के वादे को पूरा करवाने की फरियाद रखी । उन्होंने मंत्री को बताया कि सरकार ने अपने घोषणा पत्र में भी हमारी मांग को शामिल किया था। कहा प्रदेश में लगभग 30 हजार कर्मचारी अनुबंध पर अपनी सेवाएं पूरी निष्ठा के साथ बहुत कम वेतन पर दे रहे हैं । जिनमें अकेले शिक्षा विभाग में कम से कम 10 हजार अध्यापक अति दुर्गम क्षेत्रों में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सरकार ने अपने मेनिफेस्टो में अनुबंध काल को तीन वर्ष से घटाकर दो वर्ष करने का वायदा किया था परन्तु अभी तक इस वायदे को सरकार ने पूर्ण नही किया । सरकार ने समाज के सभी वर्गों को राहत दी है । हमारे ऊपर भी अपनी अनुकम्पा बनाएं । हम अनुबन्ध कर्मचारियों ने भी इसी वादे के अनुरूप आपका चुनावों में पूर्ण समर्थन किया था और भविष्य में समर्थन रहेगा। मंत्री ने शीघ्र ही मुख्यमंत्री से बात करके मांगों को पूरा करवाने का आश्वासन दिया।
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेन्द्र गर्ग ने घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत गतवाड के भदसी में लगभग 2 लाख रुपये की लागत से पेयजल टैंक का उद्घाटन, लगभग 6 लाख रुपये से बनाई जाने वाली सम्पर्क सड़क का भूमि पूजन तथा लगभग 3 लाख रुपये से निर्मित होने वाले समुदायिक भवन का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य ध्येय आखरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक प्रदेश सरकार कि योजनाओं, कार्यक्रमों का लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश सरकार ने अनेकों कल्याणकारी योजनाएं किसानों और बागवानों के हित के लिए चलाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसानों/बागवानों की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए हिमाचल प्रदेश में बागवानी मिशन के तहत शिवा प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है जिला में भी विभिन्न स्थानों में इस मिशन के तहत कार्य चल रहा है और कारगर सिद्ध हो रहा है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे इस प्रोजेक्ट से जुड़े और अपनी भूमि को इस मिशन के तहत जोड़ने का प्रयास करें और पारम्परिक खेती के साथ-साथ नगदी फसलें उगाने में भी रुचि पैदा करें। उन्होंने कहा कि युवा मौसम के अनुसार फल और सब्जियों का उत्पादन करें ताकि घर-बैठे ही आर्थिकी मजबूत हो सके। उन्होंने कहा कि यदि मार्किटिंग में किसी प्रकार की समस्या आती है तो उत्पाद सरकार द्वारा खरीदें जाएंगे। उन्होंने कहा कि घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य क्षेत्र में भी लोगों को बेहतर सुविधाएं प्रदान की जा रही है। घुमारवीं हस्पताल में विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सक लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे है। भराड़ी हस्पताल को 30 बिस्तर से 50 बिस्तर में स्तरोन्नत किया गया है और यहां भी विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे है। उन्होंने कहा कि घुमारवीं में मिनी सचिवालय का निर्माण शीघ्र किया जाएगा। उन्होंने कहा कि घुमारवीं के लोगों को समुचित मात्रा में पेयजल उपलब्ध हो इसके लिए 85 करोड़ रुपये की योजनाएं स्वीकृत की गई है। उन्होंने गांव लोहट में लोगों की समस्याएं सुनी तथा आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा। इस अवसर पर भाजपा मण्डल महामंत्री राजेश ठाकुर, प्रधान ग्राम पंचायत भराड़ी हेम राज, प्रधान ग्राम पंचायत गतवाड़ बबीता, अधिशाषी अभियन्ता जल शक्ति विभाग सतीश शर्मा, अधिशाषी अभियन्ता लोक निर्माण मनोहर लाल, अधिशाषी अभियन्ता विद्युत अनिल सहगल, खण्ड विकास अधिकारी जीत राम के अतिरिक्त अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कांग्रेस पार्टी की जिला बिलासपुर अध्यक्ष अंजना धीमान में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि दूसरों पर आरोप लगाने वाले पहले अपना कुनबा संभाले। उन्होंने कहा कि सुरेश कश्यप कह रहे हिमाचल कांग्रेस नेतृत्व विहीन हो गई है लेकिन यह उनकी बौखलाहट दर्शा रही है क्योंकि भारतीय जनता पार्टी में राजीव बिंदल तथा अन्य कई नेताओं के रूष्ट होने से सुरेश कश्यप अंदर ही अंदर आहत हैं। उन्होंने कहा कि कुलदीप राठौर के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी संगठनात्मक स्तर पर और जिला स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर संगठन को और मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मजबूती देखकर ही भाजपा प्रदेशाध्यक्ष बौखलाए हैं और इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं उन्होंने कहा कि भाजपा नेता इस बात का जवाब दें कि डॉ0 बिंदल को क्यों हटाया गया। उन्होंने कहा कि जिस समय सुरेश कश्यप की प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर नियुक्ति हुई उसके बाद हुई बैठक में भाजपा के चार बड़े नेता क्यों नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि भाजपा में अन्य कई वरिष्ठ नेता ऐसे हैं जो कि अपना विरोध जता चुके हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की संगठन पर पकड़ बिल्कुल भी नहीं है क्योंकि कभी वह इंदू गोस्वामी को अध्यक्ष घोषित करती है तो उसके बाद वह उस घोषणा को वापस ले लेती है। उन्होंने कहा कि दूसरों पर बयारन बाजी करने से पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष को अपने घर में झांक कर देखना चाहिए कि वहां क्या चल रहा है।
राजीव गांधी पंचायती राज संगठन की राष्ट्रीय स्तर की बैठक राष्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री मीनाक्षी नटराजन की अध्यक्षता में जूम एप्प के माध्यम से आयोजित की गई । पूर्व प्रदेश सचिव प्रदेश सह संयोजक राजीव गांधी पंचायती राज संगठन हिमाचल प्रदेश हीरापाल सिंह ठाकुर ने यह जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में एक अति महत्वपूर्ण विषय को लेकर चर्चा हुई जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जय राम रमेश ने वन संशोधन अधिनियम 2020 पर कहा कि इस बिल में प्रावधान है कि सरकार अधिसूचना के जरिये बिना राज्य सरकार, पंचायतों, नगर निकायों को पूछे आपकी जमीन पर कोई भी परियोजना या उद्योग के लिए सड़क निकाल सकती है। उन्होंने कहा कि ये अधिसूचना वन अधिनियम को कमजोर करने का हथियार है। पहले स्थानीय लोगो की शिकायतें सुनी जाती थीं, परंतु अभी तो सिर्फ शक्तियों को केंद्रित करके चन्द चुने हुए उद्योग पतियों को खुश करने का जरिया मात्र बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस अधिसूचना से उत्तरी पूर्वी राज्यों के साथ साथ आदिवासी अधिकृत क्षेत्र में वनसंपदा को लूटने के लिए प्रयास के मकसद से इसमें प्रावधान किया है। इसके अलावा अपने करोड़पति चुनिंदा व्यवसाइयों को कोल् माइन व अभ्रक की खानों के साथ बड़ी बड़ी परियोजनाओं को लगाने के रास्ते को खोलने के उद्देश्य से भूमि अधिग्रहण बिल को कमजोर करने का कुप्रयास कर रही है इस तरह प्रदेश में लगने वाले उद्योग कारखानों को स्थापित करने के लिए पंचायत के साथ ग्रामसभा से पूछने की जरूरत नही है इस तरह कमजोर किया जा रहा है वन अधिकार नियम और भूमि अधिग्रहण के कानून को कमजोर करने का प्रयास जो कि किसान वेगवान एवम गरीब विरोधी निर्णय ले रही जो कि अति निंदनीय भाजपा की कथनी करनी में अंतर है। प्रधानमंत्री क्योंकि 68 बार मन की बात कर चुके हैं जो बड़ी बड़ी बातें करते थकते नही सिर्फ मन की बात करके गरीब मजदूर किसान व बागवान का भला नहीं होने वाला।
कांग्रेस पार्टी के पूर्व विधायक तिलक राज शर्मा ने आश्चर्य व्यक्त किया है कि भाजपा के कुछ ऐसे पदाधिकारी राज्य स्तर अपने आप को नेता घोषित करके बड़ी -बड़ी घोषणाएँ करते हैं जिन्होने कभी पंचायत स्तर पर भी चुनाव तक नहीं लड़ा है और जिन्हें यह भी पता नहीं होता है कि पंचायत का सदस्य कैसे बनाया जाता है। बिलासपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि जिला में सम्पन्न भाजपा के मण्डल स्तरीय प्रशिक्षण वर्ग में नेताओं द्वारा दिये गये भाषण में एक ऐसे ही नेता ने दावा किया है कि भाजपा अगले कितने ही वर्षों तक सत्ता से नहीं हटाई जा सकेगी और अगले चुनाव में मिशन रिपीट करने वाली है। शर्मा ने कहा कि सत्ता के नशे में चूर होकर बड़े -बड़े नेता प्राय अपनी कुर्सी बरकरार रखने के लिए ऐसे स्वप्पन देखते हैं ,जैसे यह भाजपा नेता देख रहे हैं । क्यूँ कि चुनाव में जनता आँखें मूँद कर नहीं या किसी बड़ी कुर्सी पर बैठे नेता के आदेश पर नहीं बल्कि सोच-समझ कर ही मतदान करते हैं । पूर्व विधायक का कहना था कि इस नेता का दावा था कि जयराम ठाकुर सरकार ने प्रदेश में विकास की एक प्रकार से आँधी चलाई है । जबकि बिलासपुर जिला सहित सारे प्रदेश भर में धरातल पर यह कथित आँधी किसी को भी अनुभव नहीं हो रही है । उन्होने भाजपा के इस नेता को सचेत किया कि वे सावधान रहें कि कहीं यह कथित आँधी उन्हें उड़ा कर अपने साथ न ले जाये । तिलक राज शर्मा ने तंज़ कसते हुए कहा कि किसी बड़े नेता द्वारा गेंद की तरह उछाले जाने से किसी बड़ी कुर्सी पर बैठा दिया जाये तो उसका अर्थ यह कदाचित नहीं कि उसका ज्ञान व अनुभव भी उतना ही हो गया है । इसलिए ऐसे भाजपा नेताओं को सोच समझ कर ही वक्तव्य देना चाहिए।
कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय सचिव व पूर्व सीपीएस राजेश धर्माणी ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा की गई कांग्रेस विरोधी टिप्पणी पर भारी आपति उठाई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री यह कह रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी अभी भी गांधी परिवार की गुलामी से बाहर नहीं निकल पाई है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए धर्माणी ने कहा कि पता नहीं भाजपा के नेताओं को कांग्रेस पार्टी का नेतृत्व गांधी परिवार द्वारा किए जाने की चिंता क्यूँ सता रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा के यह नेता अपनी पार्टी की चिंता करने की बजाए कांग्रेस पार्टी का नेतृत्व करने की चिंता से दुबले होते जा रहे हैं । धर्माणी ने कहा कि लगता है कि भाजपा के नेता गांधी परिवार के हाथों कांग्रेस पार्टी का नेतृत्व रहने से अत्यंत भयभीत हैं क्यूँ कि उन्हें स्पष्ट लग रहा है कि इस परिवार के हाथों अगले चुनाव में कांग्रेस पार्टी के दोबारा पहले जैसा प्रभुत्व स्थान दिलाने और सत्ता में लाने की पूरी क्षमता है। उन्होंने कहा कि इसी परिवार के हाथों भाजपा की सत्ता छिन सकती है। इसीलिए भाजपा के यह नेता गांधी परिवार के विरुद्ध मन घड़ंत वक्तव्य देते रहते हैं । उन्होंने कहा कि देश के प्रति गांधी परिवार की सेवाओं और बलिदानों को भाजपा नेता पूरी तरह से भुला कर अपने आप को बड़ा देश भक्त बताने का असफल प्रयास कर रहे हैं । हालांकि भाजपा नेताओं द्वारा यह कभी नहीं बताया गया कि जिस परिवार ने देश की एकता व अखंडता के लिए अपने परिवार के दो –दो सदस्यों का बलिदान दिया है , उनके आगे वे स्वयं कहाँ और किस पायदान पर खड़े हैं । राजेश धर्माणी ने आश्चर्य व्यक्त किया कि भाजपा को कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व को कौन संभाले ,कौन नहीं इसकी चिंता सत्ता रही है । जबकि चाहिए तो यह था कि उनकी अपनी पार्टी द्वारा देश में अपनाई जा रही गलत नीतियों में सुधार लाने तथा अधिनायकवाद के विरुद्ध व प्रजातन्त्र विरोधी रास्ते पर जाने से रोकने की चिंता करते ताकि देश पर आए गंभीर आर्थिक व सामाजिक संकट से देशवासियों को मुक्ति मिल पाती।
सदर विधानसभा क्षेत्र की 6 पंचायत नई बनाई गई हैं. उनकी अधिसूचना जारी होने पर इन सभी पंचायतो के सभी प्रतिनिधि, प्रधान,बीडीसी के सदस्य और अन्य लोगो ने सदर विधायक सुभाष ठाकुर का धन्यवाद किया। इन सभी लोगों ने धन्यवाद करते हुए कहा कि इन पंचायतों के लोगो की काफी समय से यह मांग थी कि इन पंचायतों को अलग करके ओर पंचायतें बनाई जाए परन्तु आज तक किसी ने भी इनकी तरफ ध्यान नही दिया। पर अब सदर विधायक के अथक प्रयासों के चलते नई पंचायतो का गठन हो पाया है। ये है नई पंचायतें : बल्हचुरानी, ओयल, नोग, जमथल, सोलग जुरासि और दरोबड़
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप के बिलासपुर पहुंचने पर जिला भाजपा ने जोरदार स्वागत किया। प्रदेश अध्यक्ष पद पर नियुक्ति के बाद पहली बार बिलासपुर की भूमि पर पहुंचे। जिला भाजपा की ओर से खाद्य एवं आपूर्ति मन्त्री राजेन्द्र गर्ग, मुख्यमन्त्री के राजनेैतिक सलाहकार त्रिलोक जम्वाल, प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा, विधायक सदर सुभाष ठाकुर, झण्डूता के विधायक जीतराम कटवाल, जिलाध्यक्ष स्वतन्त्र सांख्यान सहित सैकडों कार्यकर्ताओं ने परिधि गृह में जोरदार स्वागत किया। नवनियुक्त भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने अपने सम्बोधन में कहा कि हिमाचल भाजपा को 2022 में रिपीट करवाना पार्टी का मुख्य लक्ष्य रहेगा । इसके लिए आला कमान के दिशा निर्देशों पर सरकार व संगठन के बीच तालमेल बिठाकर पार्टी को आगे बढाया जाएगा। उन्होने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनाये जाने पर राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नडडा का धन्यवाद किया। उन्होने कहा कि पार्टी का पंचायत और नगर निकाय चुनाव पर मुख्य फोकस रहेगा। कश्यप ने कहा कि कोरोना काल में केन्द्र और प्रदेश सरकार ने हर वर्ग के कल्याण के लिए किए गए कार्यों की सराहना की। उन्होने कहा कि प्रदेश में जयराम ठाकुर की सरकार ने अढाई वर्ष के कार्यकाल में बहुत अच्छे जनहित के कार्य किये हैं। भाजपा की प्रदेश सरकार ने कई योजनाऐं शुरू की हैं जिनका हर एक आम आदमी तक फायदा पहुुंच रहा है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उज्जवला व गृहणी योजना के अर्न्तगत आठ करोड़ से ज्यादा महिलाओं को रसोई गैस कनैक्श्न दिये गए। उन्होने बताया कि कोरोना काल में जयराम सरकार ने पूरे देश के कोने -कोने से हिमाचल के लोगों को घर तक पहुंचाया। प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि मोदी सरकार ने एक साल में ऐतिहासिक निर्णय लिए है जिसमें धारा 370 का हटाना, राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू करवाना, तीन तलाक की कुप्रथा को समाप्त करवाना, करतारपुर गलियारा राष्ट्र को समर्पित करवाना, 80 करोड लोगों को कोरोना काल में 5 किलो गेहॅू/ चावल , एक किलो दाल मुफत उपलब्ध करवाना, मनरेगा मजदूरी को 182 रूपये से बढा कर 202 रूपये करना मुख्य योजनाएं रही है।
भाजपा हिमाचल प्रदेश के सभी कार्यकर्ताओं ने 2022 में मिशन रिपीट के लिए कमर कस ली है। यह बात बिलासपुर में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने भाजपा हिमाचल प्रदेश के प्रशिक्षक प्रशिक्षण वर्ग को सबोंधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि भाजपा धरातल से जुड़ी पार्टी है और भाजपा के कार्यकर्ताओं में प्रदेश में जयराम सरकार के उत्कृष्ट कार्य से बड़ा उत्साह है। भाजपा सरकार ने हिमाचल में चौमुखी विकास किया है, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने गत दिनों में कृषि विपणन बोर्ड की 198 करोड़ की परियोजनाएं , सरकाघाट में 94 करोड़ के विकास कार्यों को जनता को समर्पित किया, गगरेट विधानसभा क्षेत्र में 73.10 करोड़ की विकासात्मक परियोजनाओं की आधारशिला एक लोकार्पण किया, चिंतपूर्णी में 170.30 करोड़ कुल तीन दिन में 535.40 करोड़ की परियोजनाएं जनता को समर्पित की गई । कल ही मुख्यमंत्री ने बिलासपुर में फल एवं सब्ब्जी उप मंडी बिलासपुर में 2.84 करोड़ रुपय की लागत से बनने वाले बहुमंजिली परिसर का निर्माण कार्य का शिलान्यास भी किया गया। इस विकास की आंधी से पूरे प्रदेश में कार्यकर्ताओं में जोश है और 2022 में भाजपा का एक बार फिर सत्ता में आना निश्चित हैं। पहले सत्र को संबोधित करते हुए प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जमवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी बूथ स्तर की पार्टी है बूथ की रचना भारतीय जनता पार्टी का मूल मंत्र है। भाजपा ने डिजिटल सदस्यता अभियान शुरू किया था जिसमें कोई भी व्यक्ति भाजपा का सदस्य बन सकता है, आज भाजपा विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक दल है। बैठक में विशेष रूप से प्रदेश संगठन मंत्री पवन राणा, राकेश जमवाल, त्रिलोक कपूर एवं पुरुषोत्तम गुलेरिया ने भाग लिया। भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित प्रशिक्षक प्रशिक्षण वर्ग में कुल 4 सत्रों का आयोजन किया गया। वर्ग में सभी ज़िला के प्रभारी एवं सह प्रभारी उपस्थित रहे ।
विधायक सुभाष ठाकुर ने आज बिलासपुर में जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने बिलासपुर में फल एवं सब्जी मण्डी में 2 करोड़ 84 लाख रुपये बनने वाले बहुमंजिला परिसर के निर्माण अनाज उप मण्डी के निर्माण का शिलान्यास किया। जिसमें धरातल में 4 दुकानों, प्रथम मंजिल में छोटी गाड़ियों के लिए पार्किग, दूसरी मंजिल में काॅन्फ्रेंस हाॅल व शौचालय इत्यादि, तीसरी तथा चैथी मंजिलों में 5 रिहायशी सेटों का निर्माण तथा मजारी में अनाज मण्डी का निर्माण किया जाना है। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं पर 4.69 करोड़ की धनराशि का व्यय की जाएगी। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं से जिला बिलासपुर के किसानों व बागवानों को बहुत लाभ होगा। इस अवसर पर सुभाष ठाकुर ने आनलाईन वीडियो सम्मेलन के माध्यम से लोगों को सम्बोधित किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक श्री नैना देवी जी विधानसभा क्षेत्र रणधीर शर्मा, कृषि उपज मण्डी समिति अध्यक्ष हंस राज ठाकुर, सदस्य हिमाचल प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड दौलत राम ठाकुर, कृषि उपज मण्डी समिति बिलासपुर के सदस्य व कर्मचारी उपस्थित रहे।
बिलासपुर निजी बस आपरेटर यूनियन के पूर्व प्रधान अनिल कुमार मिंटू ने प्रदेश सरकार पर वायदा खिलाफी के साथ जले पर नमक छिड़कने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में लगातार चार पांच महीने अपनी बसों को मजबूरी वश खड़ा रखने तथा अब सरकार के आग्रह पर बसों को सड़कों पर उतारने के बाद सरकार निजी बस आपरेटरों को राहत पंहुचाना तो दूर की बात है उल्टा स्पेशल रोड़ टैक्स बढ़ाकर जले पर नमक छिड़कने का काम किया है। जो कि निजी बस आपरेटरों के साथ विष्वासघात है। प्रैस को जारी बयान में अनिल कुमार ने कहा कि कोरोना काल में निजी बस मालिक ने बेहतरीन सेवाए दे रहे हैं। जिला मे 20 प्रतिशत बस मालिक ही अपनी बसें पूरे रूट पर चला रहे हैं। जबकि 20 प्रतिशत आधे रूट पर चला रहै है। अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए निजी बस आपरेटरों ने बड़ा जोखिम उठाकर सरकार के कोविड-19 नियमों का पालन करते हुए अपनी जिम्मेवारी का वहन करना षुरू कर दिया है ताकि जनता को परेशानी न हो लेकिन यह हैरानी की बात है कि सरकार ने स्पेशल रोड टैक्स बढ़ा दिया है तथा 1 अगस्त 2020 से टैक्स लेना भी शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि 80 प्रतिशत बस मालिक की 22 मार्च 2020 से जनता कर्फ्यू लगाया। 1 जुलाई 2020 से हिमाचल सरकार ने परिवहन सुविधा चलाने के आदेश किए तब से आज तक बसें 30 प्रतिशत ही रूट पर चली है। उन्होंने कहा कि बसों मे सवारी 15 प्रतिशत सवारी से बसें चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी निजी बस आपरेटर घाटे में बसें चला रहे हैं। ऐेसे हालातों से न डीजल का खर्चा पूरा हो रहा है और न ही कर्मचारियों का वेतन निकल रहा है। सरकार ने टैक्स वसूलने के लिए पोर्टल ओपन किया है, यही नहीं लेट होने पर पैनल्टी भी वसूली जा रही है जो कि निजी बस आपरेटरों के साथ अन्याय हैं। उन्होंने पोर्टल बंद करने तथा सरकार को निजी बस आपरेटरों के प्रति अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। उन्होंने एसआरटी की बढ़ोतरी आपरेटरों से अन्याय है। उन्होंने कहा कि आमदनी अठन्नी खर्चा रूपया के ढर्रे पर काम कर रहे निजी बस आपरेटरों के लिए यह समय बहुत नाजुक चल रहा है। कई आपरेटर तो मनरेगा के तहत मेहनत मजदूरी कर अपना परिवार पाल रहे हैं जबकि कईयों में अवसाद की शिकायतें आना शुरू हो गई हैं। यह आपरेटरों व इनके परिवार के लिए कोई शुभ संकेत नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि यदि उन्हें कोई रियायत दी गई है तो अधिसूचना जारी की जाए। इसके अलावा उन्होंने बढ़े टैक्स को वापिस लिया जाए, स्पेशल रोड टैक्स, टोकन टैक्स, ग्रीन टैक्स, अड्डा पर्ची 31-3-2020 तक माफ किया जाए। इसके अलावा तीन लाख कैपिटल राशि बिना ब्याज की राहत प्रदान की जाए ताकि निजी बस आपरेटर अपनी बसें चला सकें।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डाॅ0 प्रकाश दरोच ने रेबीज के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कोविड-19 के साथ-साथ कुत्ते के काटने से भी बचाव करना चाहिए। उन्होंने बताया कि कुत्ते के काटने से यदि व्यक्ति अपना इलाज नहीं करवाता है तो रेबीज हो सकती है जिसका इलाज असंभव है, इसलिए बचाव ही उपाए है। उन्होंने बताया कि कुत्ते और बिल्लियों का हर वर्ष रेबीज के विरूद्ध टीकाकाण करवाएं। पालतू जानवर की अच्छी देखभाल करें, उन्हें भरपूर खाना व रहने के लिए सुरक्षित स्थान दें। पालतू कुत्ते और बिल्लियों को गलियों और अन्य सार्वजनिक स्थानों में अवारा न घूमनें दें और उनके साथ दुव्र्यवहार जैसे लात मरना, पूंछ खींचना या उन्हें पत्थर मारना आदि न करें। उन्होंने बताया कि आवारा कुत्ते और बिल्लियों से दूर रहें व अपने पालतू जानवरों को परेशान न करें जब वह सो रहे हों, खा रहे हों, या अपने बच्चों को दूध पिला रहें हों। उन्होंने बताया कि रेबीज फैलता हैं रेबीज वाले कुत्तों और बिल्लियों के थूक से। पालतू कुत्तों और बिल्लियों का टीकाकरण कर के रेबीज से बचा जा सकता हैं। कुत्ते या बिल्ली के काटे जाने पर तुरन्त बहते पानी से घाव को धोएं। कुत्ते या बिल्ली के काटे जाने पर तुरन्त किसी व्यस्क (माता-पिता, अध्यापक, अभिवावक) को बताएं और उनसे कहें कि आपको स्वास्थ्य केन्द्र या पशु दंश उपचार केन्द्र लेकर जाएं। रेबीज से मौत भी हो सकती है। उन्होंने बताया कि कुत्ता मनुष्य का परम मित्र है लेकिन वह शत्रु बनकर खतरनाक साबित हो सकता है। सावधानी से इसे टाला जा सकता हैं। कुत्ते के काटने पर घाव को साबुन और पानी से साफ करें व अस्पताल जाएं। शांति से या धीरे-धीरे कुत्ते के पास जाएं। बधे हुए या खाना खाते हुए कुत्ते को तंग न करें। गुस्साए या डरे हुए कुत्ते से दूर रहें। कोई कुत्ता पीछा करे तो भागे नहीं खडे हो जाएं। कुत्ता न काटे इसके लिए हमें निम्न बातें करने की जरूरत हैं कुत्ते के व्यवहार को समझना, कत्ते के पास सुरक्षित जाना और इलाज से परहेज बेहतर। उन्होंने बताया कि कुत्ते उदास, बेचैन, चिडचिडा, सीधे खडे कान, गुर्राना, आक्रामक, रोंगटे खडे होना, एकटक घूरना, पीछे हटकर आक्रमण करना आदि कुत्ते के व्यवहार के खतरे के संकेत है। उन्होंने बताया कि इस दौरान साावधान की अवस्था में खडे हो जाएं और कुत्ते से दूर न भागे, न ही चिल्लाएं और न ही डरे और आंख से आंख भी न मिलाएं। उन्होंने बताया कि यदि कुत्ते ने काट लिया तो कुत्ते से खुद को छुडवाने की कोशिश न करें, सावधान खडे हो जाएं और यदि गिर जाएं तो गेेंद की भांति खुद को सिकोड़ लें। उन्होंने कहा कि यदि कुत्ते ने काट लिया है तो तुरन्त नजदीकी अस्पताल में जाएं और अपना इलाज मुफ्त करवाएं। किसी दूसरे तन्त्र मंत्र के चक्कर में न पडें।
पार्टी हित के लिए हर सम्भव कदम उठाए जाएंगे और आने वाले समय में पार्टी की जिला स्तरीय बैठकें नियमित रूप से होंगी। यह बात जिला कांग्रेस अध्यक्ष अंजना धीमान ने जिला कांग्रेस कार्यालय इंदिरा भवन में आयोजित जिला कांग्रेस कार्यकारिणी की प्रथम बैठक को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने बैठक की अध्यक्षता भी की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ता मिलजुल कर चलेंगे और अभी से 2022 में आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए तैयारियां आरंभ कर देंगे। उन्होंने कहा कि बिलासपुर जिले में विकास के कार्य न के बराबर हो रहे हैं लेकिन कोई भी ऐसा कार्य नहीं हुआ है जिससे आम जनता को लाभ पहुंचे। उन्होंने कहा कि जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों के लिए अलग अलग रणनीति बनाई जाएगी और उस पर काम किया जाएगा ताकि भाजपा को आडट किया जा सके और जिले की चारों सीटें कांग्रेस की झोली में डाली जा सकें। इस बैठक में कोविड—19 के चलते हुए सभी सावधानियां बरती गई। जिला कांग्रेस की बैठक में मौजूद सभी कार्यकर्ताओं ने पार्टी संगठन के क्रियान्वयन को लेकर चर्चा की और कार्यकर्ताओं के सम्मान और अधिकारों और उनकी सहभागिता को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इस मौके पर जिला कांग्रेस महासचिव संदीप सांख्यान ने पार्टी का एजेंडा रखा और पार्टी और कार्यकारिणी की प्रोसीडिंग को लिखित रूप में संयोजित किया। इस बैठक में कांग्रेस के पदाधिकारियों ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर का आभार प्रकट किया और जिला कांग्रेस अध्यक्षा अंजना धीमान को भी संतुलित कार्यकारिणी बनाने के लिए बधाई दी। सभी पदाधिकारियों ने मिशन 2022 के लिए जुट जाने की बात कही। पदाधिकारियों ने जिला अध्यक्ष को सम्मानित भी किया। इस मौके पर जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष हुसैन अली, मनिंदर चंदेल, हेम राज ठाकुर, निर्मला धीमान, परमिंदर शर्मा, बलबीर सिंह ठाकुर, श्याम सिंह परमार, आई डी शर्मा, महासचिव राजेन्द्र ठाकुर, विजय कौशल, कांता ठाकुर, विजय ठाकुर, बबली देवी, श्याम लाल चौधरी, अनुराग शर्मा, सुनील शर्मा, ब्लॉक कांग्रेस अमरजीत सिंह बंगा, जगीर सिंह मेहता, नायक सतीश चंदेल। सोमा देवी अध्यक्ष नगर परिषद बिलासपुर, मीरा भोगल, मंजीत सिंह, बुद्धिसिंह ठाकुर, शिप्रा गौतम, सुनीता देवी, अमरजीत, कविता ठाकुर, जय कृष्ण शर्मा, बलदेव ठाकुर, रमेश चंद, राजेन्द्र प्रासाद, नंदलाल, कश्मीर सिंह, यश नड्डा, राजेश ठाकुर, नरेश कुमार, कमल देव ठाकुर , प्रभात सिंह चंदेल, सुलोचना पठानिया, बबली देवी, पूनम शर्मा, कैप्टन कृष्ण सिंह,अमरा देवी, राकेश मेहता, असरफ खान, विजय कौशल, किशन लाल बरूर, श्याम सिंह परमार, हरि सिंह, सुरजीत सिंह ठाकुर, सीता राम, बिमला देवी, मस्त राम वर्मा, निरंजना नड्डा, विनोद चंदेल, ज्ञान सिंह गम्भीर, कैप्टन ओम प्रकाश, आई डी शर्मा, नाज़र सिंह ठाकुर, सुनील शर्मा व अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डाॅ0 प्रकाश दरोच ने बताया कि जिला से अब तक 10001 लोगों के सैंपल कोविड-19 के लिए लैब जांच के लिए आई0जी0एम0सी0 शिमला भेजे गए, उनमें से 9555 सैंपल की रिपोर्ट नेगेटिव आई हैं और 285 की रिपार्ट अभी तक पाॅजिटिव आई है। उन्होंने बताया कि 161 सैंपल की रिपोर्ट आना अभी बाकी है। उन्होंने बताया कि 163 लोग अभी तक कोरोना से निजात पा चुके हैं और 122 का इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 के अंतर्गत जिन लोगों को मौसमी बुखार, खांसी और जुखाम जैसे लक्षण हों वो नजदीक के कोरोना टैस्टिंग केन्द्र में जाकर अपना कोरोना टैस्ट जरूर करवाएं। उन्होंने बताया कि जिला बिलासपुर में आर.एच. बिलासपुर सिविल हस्पताल घुमारवीं, मारकण्ड, घवांडल, समुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र झंडुता तथा बरठीं में कोरोना टैस्ट किए जाते है।
विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा हिमाचल प्रदेश में एडवोकेट तुषार डोगरा को आत्मनिर्भर भारत उत्कृष्ट भारत के प्रांत संयोजक की जिम्मेवारी सौंपी गई है। इस अवसर पर आज बिलासपुर नगर के विहिप बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत व अभिनंदन किया। उपस्थित कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए एडवोकेट तुषार डोगरा ने कहा कि विहिप के केंद्रीय व प्रांत नेतृत्व ने जो विश्वास उनके ऊपर व्यक्त किया है वह इस दायित्व का निर्वहन पूरी सत्य निष्ठा व ईमानदारी से करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि पूरे देश के अंदर इस अभियान को विश्व हिंदू परिषद के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है इसी सिलसिले में हिमाचल प्रदेश के अंतर्गत भी आत्मनिर्भर भारत की प्रांत स्तर की एक कार्यकारिणी का गठन जल्द ही संगठन द्वारा किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आत्मनिर्भर भारत का जो नारा दिया गया है उस नारे को संगठन विभिन्न क्षेत्रों में साकार करेगा इस अभियान के अंतर्गत ऐसे लोगों को जोड़ा जाएगा जो जैविक खेती,देशी गोवंश के कार्यो से जुड़े हो, शिक्षा,विज्ञान, जो अपने कार्यों को आत्मनिर्भरता से पूर्ण कर रहे हो उन्हें कार्यकारिणी में प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो नारा दिया है वोकल फोर लोकल उस नारे को हम सभी को पूर्ण करने की आवश्यकता है। भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए यहां के समाज की आत्मनिर्भरता होनी आवश्यक है क्योंकि आज विश्वव्यापी बीमारी करोना के समय में समाज ने अपनी असीमित सुविधाओं को भी सीमित साधनों में पूर्ण करने का संकल्प करते हुए जीवन को आगे बढ़ाया है। आज लोग अपने आपको फिट रखने के माध्यम के लिए योग को प्राथमिकता दे रहे हैं अपने जीवन को बीमारी से मुक्त रखने के लिए प्रत्येक कार्य कर रहे हैं ।इसी भांति प्रत्येक हिमाचल प्रदेश के समाजिक संस्था को साथ में जोड़ते हुए इस कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा। समाज में लोगों को सरकार से मिलने वाली सुविधाएं के बारे में जानकारी मुहैया करवाते हुए उनकी मदद करना इस अभियान का मुख्य लक्ष्य रहेगा ताकि हिमाचल प्रदेश में भी व्यक्ति आत्मनिर्भरता की तरफ आगे बढ़े। स्वागत कार्यक्रम में प्रान्त मातृ शक्ति संयोजिका विमला अंगिरस,रेखा शर्मा, बिलासपुर विभाग विशेष संपर्क प्रमुख भाग सिंह संख्यान,विहिप जिला बिलासपुर अध्य्क्ष विजय पल शर्मा,बजरंग दल जिला संयोजक मनजीत नड्डा, विहिप नगर अध्य्क्ष अनिल शर्मा,नगर मंत्री संजीव ढिल्लों, उपाध्यक्ष राजेंद्र गौतम,सुरेश चंदेल ,सूरज शर्मा, रोहित संख्यान, राहुल ठाकुर, शिवांश शर्मा, सनी कुमार,भरत डोगरा,सौरव व्यास उपस्थित रहे।
विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा हिमाचल प्रदेश में एडवोकेट तुषार डोगरा को आत्मनिर्भर भारत उत्कृष्ट भारत के प्रांत संयोजक की जिम्मेवारी सौंपी गई है। इस अवसर पर आज बिलासपुर नगर के विहिप बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत व अभिनंदन किया। उपस्थित कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए एडवोकेट तुषार डोगरा ने कहा कि विहिप के केंद्रीय व प्रांत नेतृत्व ने जो विश्वास उनके ऊपर व्यक्त किया है वह इस दायित्व का निर्वहन पूरी सत्य निष्ठा व ईमानदारी से करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि पूरे देश के अंदर इस अभियान को विश्व हिंदू परिषद के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है इसी सिलसिले में हिमाचल प्रदेश के अंतर्गत भी आत्मनिर्भर भारत की प्रांत स्तर की एक कार्यकारिणी का गठन जल्द ही संगठन द्वारा किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आत्मनिर्भर भारत का जो नारा दिया गया है उस नारे को संगठन विभिन्न क्षेत्रों में साकार करेगा इस अभियान के अंतर्गत ऐसे लोगों को जोड़ा जाएगा जो जैविक खेती,देशी गोवंश के कार्यो से जुड़े हो, शिक्षा,विज्ञान, जो अपने कार्यों को आत्मनिर्भरता से पूर्ण कर रहे हो उन्हें कार्यकारिणी में प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो नारा दिया है वोकल फोर लोकल उस नारे को हम सभी को पूर्ण करने की आवश्यकता है। भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए यहां के समाज की आत्मनिर्भरता होनी आवश्यक है क्योंकि आज विश्वव्यापी बीमारी करोना के समय में समाज ने अपनी असीमित सुविधाओं को भी सीमित साधनों में पूर्ण करने का संकल्प करते हुए जीवन को आगे बढ़ाया है। आज लोग अपने आपको फिट रखने के माध्यम के लिए योग को प्राथमिकता दे रहे हैं अपने जीवन को बीमारी से मुक्त रखने के लिए प्रत्येक कार्य कर रहे हैं ।इसी भांति प्रत्येक हिमाचल प्रदेश के समाजिक संस्था को साथ में जोड़ते हुए इस कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा। समाज में लोगों को सरकार से मिलने वाली सुविधाएं के बारे में जानकारी मुहैया करवाते हुए उनकी मदद करना इस अभियान का मुख्य लक्ष्य रहेगा ताकि हिमाचल प्रदेश में भी व्यक्ति आत्मनिर्भरता की तरफ आगे बढ़े। स्वागत कार्यक्रम में प्रान्त मातृ शक्ति संयोजिका विमला अंगिरस,रेखा शर्मा, बिलासपुर विभाग विशेष संपर्क प्रमुख भाग सिंह संख्यान,विहिप जिला बिलासपुर अध्य्क्ष विजय पल शर्मा,बजरंग दल जिला संयोजक मनजीत नड्डा, विहिप नगर अध्य्क्ष अनिल शर्मा,नगर मंत्री संजीव ढिल्लों, उपाध्यक्ष राजेंद्र गौतम,सुरेश चंदेल ,सूरज शर्मा, रोहित संख्यान, राहुल ठाकुर, शिवांश शर्मा, सनी कुमार,भरत डोगरा,सौरव व्यास उपस्थित रहे।
प्रदेश युवा कांग्रेस कमेटी के सचिव सुधीर कुमार सुमन ने हिमाचल प्रदेश सरकार से विशेष कर पंचायती राज मंत्री से क्षेत्र की शेष बची पांच पंचायतों को जनहित में उनका विभाजन करने पर गम्भीरता से विचार करने का आग्रह किया है ताकि सम्बन्धित लोगों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि झण्डुता चुनाव क्षेत्र की बड़ी आबादी वाली और विकट भौगोलिक परिस्थितियों वाली पांच पंचायतों को लोगों की सुविधा के लिए अलग करवाने में स्थानीय विधायक जीतराम कटवाल असफल रहे हैं। सुमन ने विधायक जीतराम कटवाल पर तंज कसते हुए कहा है कि उनको चुनाव क्षेत्र की परिस्थितियों का शायद कम ज्ञान होने के कारण तथा स्थानीय पंचायतों के भाजपा कार्यकर्ताओं के नकारात्मक रवैए के कारण क्षेत्र की बड़ी पांच पंचायतें जनता की पूर ज़ोर मांग के बाद भी जनहित में अलग नहीं हो सकी हैं जिसका खमियाजा जनता भुगत रही है और आगे भी इनको भुगतना पड़ेगा । सुमन ने कहा कि भौगोलिक परिस्थितियों के कारण क्षेत्र की पपलोआ पंचायत में गाह-गडयाणा जनपद, पंचायत घराण में खम्बेड़ा कलां जनपद तथा जड्डू पंचायत में चौंता जनपद के लोगों को पंचायत सम्बंधित काम करवाने के लिए दस किलोमीटर से लेकर पन्द्रह किलोमीटर तक का सफर पैदल या अपनी व्यक्तिगत गाड़ी करके जाना पड़ता है जिससे लोगों पर व्यर्थ में ही धन और समय के बरबाद होने का दबाव बना रहता है। उधर जेजवीं तथा बैहनाब्रह्माणां पंचायतों की वोटरों की संख्या तीन हजार से ज्यादा होने के कारण भी लोगों के विकास कार्य भी उचित ढंग से नहीं हो पा रहे हैं। अतः उपरोक्त सभी पंचायतों का विभाजन बहुत जरूरी था जिसमें स्थानीय विधायक महोदय जन समर्थन होने के बावजूद भी असफल रहे हैं जिसका खमियाजा जनता के आक्रोश के रूप में विधायक को भुगतना पड़ेगा। सुधीर सुमन ने कहा कि चुनाव क्षेत्र की एक मात्र नई पंचायत समोह से निहाण स्थानीय प्रबुद्ध जनता के भारी दबाव के कारण ही अलग हो पाई है जिसके लिए सुधीर ने रैली निहाण की जनता को बधाई दी है।
जिला मुख्यालय पर स्थित बिलासपुर के रीजनल अस्पताल में चल रहे डायलेसिस सेंटर की हालत नाजुक अवस्था मे है। यह डायलेसिस सेंटर बुनियादी तौर पर प्राइवेट पार्टनरशिप की योजना के तहत चल रहा है लेकिन अभी तक यह पता नहीं चल पा रहा है कि इस डायलेसिस सेंटर में रोगियों को अपना डायलेसिस करवाने के लिए कौन से नियम और कायदे बरतने होंगे। यह बात जिला कांग्रेस महासचिव संदीप सांख्यान ने कही। उन्होंने कहा कि आर एस बी वाई राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत दी जाने वाली राशि का सही से इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है, क्योंकि डायलेसिस किस मरीज को होना है यह भी कोई साफ सिद्धान्त नहीं है कुछ तो डायलेसिस उन मरीजों का हो रहा है जो कि इंडोर में है लेकिन कुछ मरीज जो डायलेसिस करवाने के लिए बाहर से आते हैं उनमें असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का स्वास्थ्य विभाग इस डायलेसिस सेंटर की नोडल एजेंसी बन कर काम कर रहा तो स्वास्थ्य विभाग का इस डायलेसिस सेन्टर के लिये इतना लचर सिस्टम क्यों है। जिला बिलासपुर के डायलेसिस सेंटर में रीजनल अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट को बताना चाहिए कि अभी तक इस डायलेसिस सेंटर में कितने रोगियों का डायलेसिस हो चुका है और किन नियमों के तहत वह डायलेसिस किया गया। इसके अलावा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बीमा योजना के तहत कितना पैसा इस डायलेसिस सेन्टर के रोगियों हेतू खर्च हो चुका है और जो पैसा डायलेसिस के अलावा खर्चा गया वह कहां खर्चा गया इसका भी भी लेखा जोखा सामने आना चाहिए। यदि यह सब जिला बिलासपुर के रीजनल अस्पताल के डायलेसिस सेंटर में हो रहा तो प्रदेश के बाकी डायलेसिस सेंटरों का भी यही हाल होगा। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि इनके मरीजो पर किये जाने कुल खर्चो की जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए।
नगर परिषद घुमारवीं के वार्ड बड्डू के अंतर्गत आने वाली राधा स्वामी सत्संग कॉलोनी में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मुद्रण एवं लेखन सामग्री मंत्री राजेंद्र गर्ग ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को एस्टीमेट बनाने के निर्देश जारी किए। बताते चलें अगस्त 2007 में भारी बारिश के चलते राधा स्वामी सत्संग कॉलोनी को जाने वाली सड़क का नीचे का हिस्सा ढह गया था जिसके चलते कॉलोनी के सड़क को नुकसान पहुंचा ही था साथ ही इस कॉलोनी के तमाम भवन खतरे में पड़ गए थे। उस समय प्रशासन ने आनन-फानन में मात्र एक तिरपाल से इस खतरे वाले क्षेत्र को ढक दिया। उसके बाद कॉलोनी वासियों का हाल किसी ने भी नहीं जाना। इस कॉलोनी के निवासी अरविंद शर्मा, विपिन बंसल, चंद्रशेखर, काकू, पम्मी, ज्योति प्रकाश आदि ने बताया कि बीते वर्ष 25 अगस्त को यह क्षेत्र दोबारा से ढह गया। इन लोगों ने बताया कि उन्होंने सारी जमा पूंजी लगाकर अपने अपने मकानों के निर्माण कर लिए हैं लेकिन इस खतरे को देखते हुए रात को नींद तक नहीं आती है। लोगों ने बताया कि कई बार प्रशासन को इस समस्या के बारे में बताया गया लेकिन किसी ने भी उनकी सुध नहीं ली। राजेंद्र गर्ग ने इन लोगों की समस्याओं को सुना तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को आदेश दिए कि जल्द से जल्द इस क्षेत्र का एस्टीमेट तैयार किया जाए। उन्होंने बताया कि जैसे ही एस्टीमेट तैयार हो जाता है धन की व्यवस्था कर दी जाएगी ताकि इन लोगों की समस्या का निराकरण हो सके।
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय अभिसरण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने बताया कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना फेज-2 के अंतर्गत जिला बिलासपुर के 24 गांवों को चयनित किया गया है। उन्होंने बताया कि सभी चयनित 24 गांवों की अंतरिम वीडीपी सम्बन्धित ग्राम पंचायतों द्वारा तैयार कर दी गई है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 महामारी के चलते ग्राम सभा न होने के कारण मिनी ग्राम सभा द्वारा 20 चयनित गांवों द्वारा अंतरिम वीडीपी को ग्राम स्तरीय अभिसरण समितियों द्वारा पारित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि शेष गांवों की वीडीपी भी एक सप्ताह के भीतर बनाना सुनिश्चित करें। उन्होंने सम्बन्धित ग्राम पंचायत सचिव व विभागीय को निर्देश दिए कि अंतरिम वीडीपी में शामिल की गई योजना के अनुसार ही कार्य करें और उसकी प्रगति रिपोर्ट हर माह 5 तारीख तक भेजना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जो भी राशि सम्बन्धित ग्राम पंचायत को जारी की गई उसके वाउचर व अन्य सम्बन्धित दस्तावेजों का सही तरीके से रिकाॅर्ड रखे जिससे भविष्य में उसका सफलतापूर्वक आडिट हो सके। उन्होंने समस्त विभागों से आग्रह किया कि ग्रामीण स्तर पर सम्बन्धित विभागों के फील्ड अधिकारी भी उपस्थित होना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सभी विभाग सम्बन्धित पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों में तेजी लाएं ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सके। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम योजना फेज-2 के अंतर्गत केन्द्र से प्रथम चरण में 20 गांवों को चयनित किया गया है जिसमें सरकार द्वारा गैप फिलिंग एवं प्रशासनिक वे हेतु 2 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा नई निदेशिका के अनुसार अब प्रत्येक जिले में एक प्रोजेक्ट इंपलीटेंशन सेल स्थापित किया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने सम्बन्धित पंचायतों के प्रधानों से आग्रह किया कि वे कोविड-19 कोरोना वायरस के दृष्टिगत एहतियात रखे और लोगों को भी जागरूक करें। इसके उपरांत कम्प्यूटर एप्लीकेशन एवं समवर्गी क्रियाकलापों में दक्षता योजना के अंतर्गत बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत जिला से कुल 87 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष 90 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया जिनमें से 65 प्रशिक्षणार्थियों को 6 माह के लिए जिला/तहसीलों के विभिन्न कार्यालायों में प्लेसमेंट पर रखा गया है। अल्पसंख्यकों के कल्याणार्थ प्रधानमंत्री के नए 15 सूत्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय कार्यान्वयन एवं अनुश्रवण समिति की त्रैमासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने बताया कि स्कूल शिक्षा अल्पसंख्यक बहुल्य क्षेत्रों में पहुंचाने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा जिला के 551 अल्पसंख्यकों के छात्र-छात्राओं को योजना के अंतर्गत नामांकित किया गया है। उन्होंने बताया कि अल्पसंख्यक समुदाय के मेधावी विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत वर्तमान में 184 नए मामले तथा नवीनीकरण के 102 मामले स्वीकृत किए गए है। उन्होंने बताया कि छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए प्रचार-प्रसार के माध्यम से भी जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए की अल्पसंख्यकों के कल्याणार्थ चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी पात्र लोगों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें तथा योजनाओं के अंतर्गत लाभान्वित लाभार्थियों की सूचना भेजना सुनिश्चित करें। इस मौके पर जिला परिषद अध्यक्ष अमरजीत बंग्गा, जिला कल्याण अधिकारी डाॅ.संजीव शर्मा के अतिरिक्त सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बिलासपुर जिले में भाजपा ने मुख्य प्रवक्ता, प्रवक्ता के अलावा कार्यालय सचिव और जिला मीडिया प्रभारी के पदों पर जिन युवाओं की नियुक्तियां की है निश्चित रूप से वह कर्मठ कार्यकर्ता होने के साथ-साथ विपक्ष पर आप आक्रामक भी रहे हैं और प्रेस के साथ ही उनकी आत्मीयता काफी बेहतर बताई जाती है। जहां तक प्रश्न है जिला के मुख्य प्रवक्ता रूपलाल ठाकुर का तो सीहड़ा ग्राम पंचायत के प्रधान रहे हैं। अपने कार्यकाल में पंचायत में बेहतर कार्य करने के लिए जाने जाते हैं। इसके अलावा पिछली बार कांग्रेस सरकार के समय उन्होंने विभिन्न मुददों पर कांग्रेस नेताओं की ईंट से ईंट बजा कर रखी और जिस तरह तथ्यों के आधार पर उन्होंने अखबारों में बयान दिए वह काफी आक्रमक थे। कहीं न कहीं भाजपा को चुनावों में इसका लाभ अवश्य हुआ। इसके अलावा रूपलाल ठाकुर विभिन्न नेताओं के साथ कार्य कर चुके हैं। प्रवक्ता पद पर नियुक्त किए गए रोशन ठाकुर नैना देवी विधानसभा क्षेत्र से युवा नेता हैं ।किसान मोर्चा रोशन ठाकुर 1998 में जिला युवा मोर्चा के अध्यक्ष बने उसके पश्चात युवा मोर्चा में प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य रहे। बिलासपुर किसान मोर्चा में उन्हें जिला महामंत्री का पद दिया गया। किसान मोर्चा में ही प्रदेश प्रवक्ता के पद को संभाला। किसान मोर्चे में प्रदेश कोषाध्यक्ष व प्रदेश उपाध्यक्ष भी रहे। इसके अलावा किसान मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सदस्य भी रहे। विभिन्न मोर्चों में अपनी जिम्मेदारियां निभाने के पश्चात और एक लंबे अंतराल के बाद रोशन ठाकुर को जिला प्रवक्ता के पद पर ताजपोशी की गई है। निश्चित रूप से एक जुझारू और युवा कर्मठ कार्यकर्ता के लिए बहुत बड़ा सम्मान है, विशेषकर नैना देवी विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा होने के कारण यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। गौर रहे कि यह वही रोशन ठाकुर हैं जब 2006 में राजनाथ सिंह बिलासपुर आए थे तो रोशन ठाकुर ने उन्हें भरी जनसभा में हल भेंट किया था। रोशन ठाकुर पार्टी के विभिन्न पदों पर कार्य करते हुए जिला प्रवक्ता के पद पर पहुंचे हैं। सोनल शर्मा को मीडिया प्रभारी बनाया गया है। वह पहले भी मीडिया प्रभारी ही थे। निश्चित रूप से पिछले 10 वर्षों से उनके मीडिया के साथ बेहतर संबंध है और फिर से उन्हें मीडिया प्रभारी बनाना इस बात को दर्शाता है कि उन्होंने अपने कार्य बखूबी निभाया है। अगर बात चमन गुप्ता की की जाए तो नगर परिषद में पार्षद मनोनीत होने के उपरांत उन्होंने नगर के विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों में अपनी रुचि ली और अधिकतर कार्य करवाए। यह चमन गुप्ता वह शख्सियत हैं जो भाजपा के काफी समय पहले विधायक रह चुके स्वर्गीय सदाराम ठाकुर के साथ भी कार्य कर चुके हैं। उसके अलावा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के भी काफी करीबी माने जाते हैं। फोटो 1 रूपलाल ठाकुर 2 रोशन ठाकुर 3 सोनल शर्मा 4 चमन गुप्ता
जिला स्तरीय लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने बताया कि जिला बिलासपुर में कुल 238 उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से 1 लाख 12 हजार 93 राशन कार्डों की 4 लाख 23 हजार 465 जनसंख्या को लाभान्वित किया जा रहा है जिसमें 66 हजार 457 एपीएल कार्ड धारकों की 2 लाख 31 हजार जनसंख्या तथा एनएफएसए के तहत 45 हजार 636 राशन कार्डों के तहत 1 लाख 81 हजार 596 जनसंख्या पंजीकृत है। उन्होंने बताया कि माह मई से जुलाई, 2020 तक 12 करोड़ 93 लाख 65 हजार 993 रुपये की आवश्यक वस्तुएं वितरित की गई। उन्होंने बताया कि जिला में 124 उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से माह मई से जुलाई तक 180 किलो लीटर मिट्टी के तेल का आवंटन किया गया। उन्होंने बताया कि जिला में 238 उचित मूल्य की दुकानों से जुड़े 1 लाख 12 हजार 93 राशन कार्ड धारकों में से शतप्रतिशत राशन कार्ड धाराकों को डिजिटल राशन कार्ड जारी किए जा चुके है तथा उपभोक्तओं को पीओएस मशीनों के माध्यम से आवश्यक वस्तुओं का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिला में 14 गैस एंजेसियां कार्यरत है जिनके पास कुल 1 लाख 9 हजार 613 कुनेक्शन है। उन्होंने बताया कि मई से जुलाई, 2020 तक 1 लाख 32 हजार 847 गैस सिलैंडर वितरित किए गए। उन्होंने बताया कि जिला में हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना के तहत 15 हजार 429 गैस कुनैक्शन तथा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अधीन 14 हजार 739 गैस कुनैक्शन जारी किए जा चुके है। उन्होंने बताया कि विभिन्न नियंत्रण आदेशों के अंतर्गत 196 दुकानों के निरीक्षण किए गए तथा निरीक्षण के दौरान पाई गई त्रुटियों बारे 49 दुकान दारों को कारण बताओं नोटिस जारी किए गए। उन्होंने खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग को निर्देश दिए कि वे सभी दुकानों में रैट लिस्ट लगवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि खाद्यानों की गुणवत्ता से सम्बन्धित शिकायत प्राप्त होने पर विभाग द्वारा आवश्यक वस्तुओं की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए आटा मिलों/थोक बिक्री केन्द्र/उचित मूल्य की दुकानों से हर माह नमूने भरे जा रहे है। उन्होंने बताया कि उचित मूल्य की दुकानों में वितरित की जा रही आवश्यक वस्तुओं के कुल 30 नमूने मासिक आधार पर विशलेषण हेतु प्रयोगशाला भेजे गए। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत जिला को अप्रैल, मई व जून तीन माह के लिए 27 हजार 480 क्विंटल चावल व 1368.48 क्विंटल काले चने का आंवटन हुआ था जिसके तहत 27 हजार 240 क्विंटल चावल व 1310.69 क्विंटल काले चने का वितरण कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस योजना को भारत सरकार द्वारा माह नवम्बर तक जारी रखा गया है जिसके लिए जिला बिलासपुर को 27 हजार 593 क्विंटल गंदम, 19 हजार 100 क्विंटल चावल व 2286 क्विंटल काले चने का आवंटन 5 माह के लिए हुआ है जिसके तहत 3209.99 क्विंटल गंदम और 2724.06 चावल व 146.63 क्विंटल काले चने का वितरण कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर योजना के तहत 2 हजार 836 परिवारों द्वारा आवेदन किया गया है जिसमें कुल 8 हजार 821 सदस्य है जिन्हें 783.55 क्विंटल चावल व 28.68 क्विंटल काल चने का वितरण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि जिला में अब तक 11 राशन कार्ड धारकों द्वारा स्वेच्छा से अनुदानित खाद्यान का अनुदान छोड़ दिया है। उन्होंने समस्त एपीएल उपभोक्ताओं से अपील कि की वे खाद्यानों पर मिलने वाली सब्सिडी को अपनी इच्छा से छोड़ने हेतु विभागीय कार्यालय या विभागीय बेबसाईट से आवेदन पत्र प्राप्त करके उसे भरकर निकटतम विभागीय कार्यालय में जमा करवा सकते है ताकि उनके द्वारा छोड़ी गई सब्सिडी से पिछड़े गरीब वर्ग खाद्यान उपलब्ध करवाया जा सके। इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष अमरजीत बंग्गा, जिला नियंत्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले पवन शर्मा, सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं राकेश कुमार के अतिरिक्त अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के उत्थान के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा र ही है जिसका किसान भरपूर लाभ उठा रहे हैं। जिला बिलासपुर में भी विभाग द्वारा अनेक प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही है। जिला बिलासपुर का भौगोलिक क्षेत्रफल एक लाख 12 हजार 135 हैक्टेयर है, जिसमें से केवल 31,878 हैक्टेयर भूमि पर विभिन्न फसलें उगाईजा रही है कृषि उत्पादन बढ़ाने व भूमि की उपयोगिता जानने के लिए मिटटी परीक्षण बहुत महत्व है, इसके लिए विभाग निःशुल्क मिट्टी परीक्षण करवाता है। जिला के किसानों व बागवानों की फसलों को जंगली जानवरों व बंदरों से बचाने के लिए मुख्यमंत्री खेत सरंक्षण योजना आरंभ की गई है। योजना के तहत सौर उर्जा से संचालित बाढ़ का प्रावधान है। योजना में 100 मीटर से 1500 मीटर तक के माॅडल उपलब्ध है तथा एक किसान अधिकतम 1500 मीटर तक बाढ़ लगाने के बाद विभाग से अनुदान प्राप्त कर सकता है। इसके अलावा कांटेदार, जालीनुमा बाड़ पर 50 प्रतिशत अनुदान तथा विद्युत बिल मिश्रित बाड़ पर 70 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है। गत वर्ष योजन के तहत 68 हैक्टेयर क्षेत्रफल को संरक्षित करके 260 लाख रूप्ये का अनुदान 78 किसानों को दिया गया है। योजना के तहत इस वर्ष 250 लाख रूपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें अब तक 80 लाख रूपये व्यय करके 10 हैक्टेर क्षेत्रफल को संरक्षित किया गया है। जिला में राष्ट्रीय बांस योजना का क्रियान्वयन भी किया जा रहा है। योजना के तहत 90 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार द्वारा तथा शेष 10 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है। चालू वित वर्ष जिले में 15 हैक्टेयर क्षेत्र में उन्नत प्रजाति के बांस किसानों के खेतों में लगवाये गए हैं तथा भविष्य में इस योजना के तहत बासं आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए अनुदान दिया जायेगा। इसके साथ-साथ बांस के शिल्पकारों के कौशल विकास हेतु प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। पिछड़ा क्षेत्र योजना के अंतर्गत किसानों को बीज, दवाईयां, कृषि यंत्रों को 50 प्रतिशत अनुदान पर देने का प्रावधान है तथा समय-समय पर किसानों को नई तकनीक पहुंचाने के लिए प्रशिक्षण शिविर लगाने का भी प्रावधान है। योजना के तहत एक लाख 52 हजार रूपये खर्च किए गए हैं तथा इस वर्ष योजना पर एक लाख 57 हजार रूपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त कृषि यंत्रीकरण सबमिशन, राज्य कृषि यंत्रीकरण योजना, जनजातिय क्षेत्र योजना, मुख्यमंत्री किसान एवं खेतीहर मजदूर जीवन सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, एम किसान पोर्टल परियोजना, कृषि सूचना सेवा जैसी अनेक योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है, जिसका किसान व बागवान भरपूर लाभ उठा रहे हैं।
प्रदेश सरकार द्वारा नई पंचायतों के गठन में घुमारवीं विकास खंड की कुठेड़ा पंचायत को नजरअंदाज करने से लोगों में भारी रोष है। पंचायत प्रतिनिधियों के साथ ही ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्रफल और आबादी के साथ ही वार्डों के लिहाज से कुठेड़ा पंचायत का विभाजन किया जाना बेहद जरूरी है,लेकिन बार-बार ग्राम सभाओं से पारित प्रस्तावों को भेजने के बावजूद सरकार ने उसे अनदेखा कर दिया। कुठेड़ा पंचायत से बार्ड सदस्य मीरा देवी, युवा मंडल मसौर के पूर्व प्रधान विपिन मैहता,आशीष मैहता, अश्वनी कुमार, सुनीता देवी, विनय कुमार, सुशील कुमार, अनिता कुमारी, अवतार सिंह, आदर्श कुमार, इशान मैहता, अजय सिंह, अरविन्द कुमार, असीम कुमार, मनिन्द्र, चैन सिंह, शुभम मैहता, गौरव मैहता, संगीता ठाकुर व बलवन्त सिंह ने कहा कि कुठेड़ा पंचायत घुमारवीं विकास खंड के अंतिम छोर पर स्थित है। पंचायत के छोटे-बडे लगभग दर्जन गांव है तथा कुल वार्ड 9 हैं। अरविन्द कुमार ने कहा कि कुठेड़ा पंचायत का विभाजन 1990-91 में 30 वर्ष पूर्व हुआ था। वर्तमान में इस पंचायत में 1190 परिवार हैं तथा लोगों की जनसंख्या लगभग 4600 है और इसमें 01-01-2020 के अनुसार 3550 वोटर हैं जिस कारण इस पंचायत का विभाजन होना बहुत अनिवार्य है। ज्यादा परिवार और ज्यादा जनसंख्या होने के कारण इस पंचायत में न तो सभी को सारी सुवीधायें मिल पा रही हैं और न ही ज्यादा विकास कार्य हो पा रहे हैं। कई गांव तो इतने दूर हैं कि उनमें रहने वाले लोगों के लिए पंचायत कार्यालय पहुंचना बेहद कठिन होता है जिस कारण ग्राम सभाओं में लोगों की संख्या कम होने के कारण जरूरी प्रस्ताव पारित नहीं हो पाते हैं। भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए कुठेड़ा पंचायत को विभाजित करके पुर्नगठन की मांग मसौर और जोल पलाखीं के ग्रामवासियों ने की थी। हैरानी इस बात की है कि 9 वार्डाें वाली अधीकतर पंचायातों को विभाजित करके पुर्नगठन कर दिया गया जबकि कुठेड़ा पंचायत नअरअंदाज कर दी गई। मसौर और जोल पलाखीं के ग्रामवासियों ने विधायक सुभाष ठाकुर, डीसी तथा जिला पंचायत अधिकारी से कुठेड़ा पंचायत को विभाजित करके पुर्नगठन करने की मांग की है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. प्रकाश दरोच ने जानकारी देते हुए बताया गर्मियों तथा बरसात के मौसम में सांप ज्यादा निकलते हैं इसलिए कोविड -19 के साथ-साथ सांपों से भी बचाव करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि किसी प्रकार की लापरवाही जानलेवा हो सकती है और इससे बचने के लिए सही जानकारी होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सांप द्वारा काटे गए स्थान पर दांतों के हल्के या स्पष्ट दिखने वाले निशान व जख्म होते हैं, जो सूजन से कई बार ढक जाते है। सांप के काटने पर विषाक्ता से कभी-कभी मृत्यु भी हो सकती है। अब यह पता लग चुका है कि अधिकांश सांप विषहीन होते हैं। उन्होंने बताया कि दंश के स्थान पर तीब्र जलन, सूजन और दर्द होना, आवाज का बैठना, ज्यादा नींद लगना, तनाव, मिचली व उल्टी होना, अनैच्छिक रुप से मल-मूत्र का त्याग, लकवा होना, पलकों का गिरना, एक वस्तु की दो दिखाई देना तथा पुतलियों का फैलना दंश के मुख्य लक्षण हैं। उन्होंने बताया कि सभी सरकारी अस्पतालों में सर्पदंश के इलाज की मुफ्त सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि दंश जहरीला है या नहीं विशेषज्ञ द्वारा जांच से ही पता लग सकता है। उन्होंने बताया कि व्यक्ति को शांत रखें और आश्वस्त करें कि वह ठीक हो जाएगा अन्यथा तनाव व दिल की तेज धड़कन से जहर तेजी से शरीर में फैलेगा, सांप द्वारा काटे गए व्यक्ति को चलने फिरने न दें, दंश के स्थान को हृदय से नीचे रखें, ताकि जहर शरीर के अन्य भागों में न फैल जाए, महत्वपूर्ण लक्षणों जैसे बुखार, नब्ज, सांस की गति और रक्तचाप की निगरानी करें, आघात में व्यक्ति को सीधा लिटाएं, दोनों पांव एक फूट उंचा उठाएं और कंबल ओढा दें, तुरन्त व्यक्ति को इलाज के लिए 108 के द्वारा नजदीक के सरकारी अस्पताल ले जाएं सभी सरकारी अस्पतालों में इलाज की सुबिधा मुफ्त उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि सर्पदंश जानलेवा है या नहीं, सोचने में समय न गवाएं, मन्त्र व झाडने से जहर उतारने में भी बिल्कुल समय न गवाएं, काटे गए स्थान पर न चीरा लगाएं, न चूसें, सर्पदंश के व्यक्ति को अति-उतेजित ने होने दें, व्यक्ति को खाने पीने को कुछ न दें तथा स्थानीय औषधि का इस्तेमाल भी न करें। उन्होंने बताया कि सर्पदंश से बचाव हेतु घर के आस-पास साफ सफाई रखें, घास व झाडियां न उगने दें, इन्हें समय-समय पर काटते रहें, दाल, अनाज, पानी के बर्तन ढक कर रखें, कूडे कचरे का समय-समय पर सही समापन करें, घर के अन्दर व बाहर चूहों के बिलों को पत्थर व सीमेंट से बन्द कर दें, चूहे मार दवा से चूहे मार दें, जाली दार खिडकी व दरवाजों का प्रयोग करें, घर और रसोई से पानी की निकास पाइप पर भी जाली लगाएं, नंगे पांव बाहर न जाएं, जूते पहने, अंधेरे में बाहर निकलने पर बल्ब जलाएं या टाॅर्च का प्रयोग करें, सोने से पहले बिस्तर अच्छी तरह झाड लें तथा बरसात के दिनों में जमीन पर न सोएं।


















































