हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव विवेक कुमार ने कहा कि जो पिछले कल हिमाचल प्रदेश सरकार के द्वारा नई पंचायतें बनाई गई हैं उसके ऊपर उन्होंने खासकर झंडुता विधानसभा क्षेत्र से मात्र एक ही नई पंचायत बनाई गई है जबकि यहां पर कई पंचायतों के प्रस्ताव सरकार को भेजे गए। जो नई पंचायत बनी है उसके लिए उन्होंने ग्राम वासियों को बधाई दी है वहीँ उन्होंने कहा अभी भी कई पंचायतें ऐसी है जिन की दूरी गांव से पंचायत भवन तक लगभग 17 किलोमीटर बन जाती है तथा ऐसे में वहां पर भी नई पंचायतों का निर्माण होना आवश्यक था किंतु ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने सरकार से मांग की है कि पंचायत चुनावों से पूर्व झंडूता विधानसभा क्षेत्र से नई पंचायत बनाने के लिए जो प्रस्ताव सरकार को भेजे गए थे उस पर पुनर्विचार करने की जरूरत है ताकि लोगों को असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि लंबे समय से बेहना ब्राह्मणा पंचायत के लोगों को लंबी दूरी तय करके पंचायत कार्यालय तक आना पड़ता है। वही ग्राम पंचायत घरान के अंतर्गत खामेडा कला, घूमारपुर के लोगों को भी 17 किलोमीटर का सफर तय कर कर पंचायत भवन पहुंचना पड़ता है जिससे उनको बहुत ही असुविधा उठानी पड़ती है। साथ ही जेज़विं के लोगों की भी मांग है कि उन्हें भी काफी असुविधा उठानी पड़ती है इसलिए वहां पर भी नई पंचायत के गठन की मांग कई बार लोग उठा चुके हैं।
जिला किन्नौर में राष्ट्रीय उच्च मार्ग 5 पर श्रीमती ढांग के समीप मंगलवार को आइटीबीपी की एक जिप्सी के दुर्घटनाग्रस्त होकर सतलुज नदी में गिर गई जिप्सी में सवार दो जवानों का तेज़ बहाव के चलते कोई सुराग नहीं लग सका था। जिप्सी चालक घुमारवी उपमंडल की ग्राम पंचायत मल्यावर के भटोली गांव का 29 वर्षीय जवान प्रदीप चंदेल पुत्र तुलसीराम है जिनका अभी कोई सुराग नहीं लग पाया है। ग्राम पंचायत मलयावर प्रधान मधुपाल धीमान की पुष्टि की है। जवान के घर इसकी खबर पहुंचते ही परिवार पर पहाड़ सा टूट पड़ा जवान के बड़े भाई संजय कुमार जो एचआरटीसी में कंडक्टर के तौर पर कार्यरत हैं घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार लापता जवान के परिवार में दो बड़े भाई व तीन बड़ी विवाहित बहने हैं। जवान का विवाह अभी एक वर्ष पूर्व ही हुआ है। पंचायत मल्यावर प्रधान मधुपाल धीमान ने 65 वर्षीय जवान की मां कौशल्या देवी को ढांढस बंधाया।
विकास खंड सदर जिला बिलासपुर में पंचायत धार टटोह से अलग ग्राम सोलग-जुरासी(Solag-Jurassi) को पंचायत बनाने को लेकर भाजपा वरिष्ठ नेता रूप लाल ठाकुर की अगवाई में ग्रामीण युवा सदर विधायक सुभाष ठाकुर से मिले और उन्हें वस्तु स्थिति से अवगत करवाया तथा ज्ञापन सौंप कर उचित कार्यवाही की मांग की है। ज्ञापन की प्रतियां प्रैस को वितरित करते हुए भाजपा नेता रूप लाल ठाकुर ने समस्त सोलग-जुरासी व साथ लगते गांवों के निवासियों की समस्या की पैरवी करते हुए बताया कि यह पंचायत भौगोलिक दृष्टि से बहुत बड़ी है इसमें पड़ने वाले गांव की पालंगरियां टंगार, रौड़ी, कोहल, केरटी, सिद्ध, बनी व राजस्व गांव सोलग-जुरासी गांव एक दूसरे से काफी दूरी पर स्थित है। पंचायत धार-टटोह से इनकी दूरी 7 से 8 किलोमीटर के करीब है। उन्होंने बताया कि धार-टटोह पंचायत में 13 वार्ड जबकि पंचायत की आबादी 7000 से उपर है। उन्होंने बताया कि इस पंचायत में राजस्व गांव के आधार पर नई पंचायत का गठन नहीं किया गया है। धार-टटोह पंचायत में तीन ही राजस्व गांव हैं जिनमें से दो धार व एक सोलग-जुरासी है जिसकी आबादी लगभग सात हजार से ज्यादा है। वहीं राजस्व गांव सोलग-जुरासी की आबादी लगभग 25 सौ से उपर है। रूप लाल ठाकुर ने विधायक से आग्रह किया है कि उपरोक्त गांव व पालंगरियां की भौगोलिक स्थिति की जनसंख्या प्राकृतिक स्थिति को देखते हुए सोलग जुरासी गांव की अलग पंचायत गठित की जाए जिससे गांव के लोगों को अपनी पंचायत के हर कार्य के लिए दूर नहीं जाना पड़े। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस बात पर गौर करती है तो ग्रामीणों को सुविधा के साथ-साथ विकास के मार्ग भी प्रशस्त होंगे। इस प्रतिनिधिमंडल में भाजपा नेता रूप लाल ठाकुर के अलावा धार टटोह पंचायत के पूर्व उपप्रधान रूप लाल ठाकुर, प्रीतम, रतन लाल, संजीव कुमार, सौणू राम, अधिवक्ता विजय कुमार हेमराज, अधिवक्ता रमत कुमार, विनोद कुमार व सोनू मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने जिला पंचायत अधिकारी को भी ज्ञापन सौंपा।
जिला कांग्रेस की नव नियुक्त कार्यकारिणी की प्रथम बैठक जिला कांग्रेस के कार्यलय इंदिरा भवन कांग्रेस कार्यालय रौड़ा सेक्टर में दिनांक 27 अगस्त, 2020 वीरवार को रखी गई है। इस बैठक की अध्यक्षता जिला कांग्रेस की अध्यक्षा अंजना धीमान करेगीं। यह जानकारी जिला कांग्रेस महासचिव संदीप सांख्यान ने दी। सभी से अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने का अनुमोदन भी किया जाता है। जिला कांग्रेस महासचिव संदीप सांख्यान ने कहा चूंकि यह जिला कांग्रेस की नई कार्यकारिणी की बैठक है। बैठक प्रातः 11 बजे शुरू होगी और पार्टी के वैचारिक व इंट्रोडक्टरी एजेंडे पर मंथन किया जाएगा। बैठक में कोविड 19 के चलते सभी के लिए मास्क पहनना व सोशल डिस्टेंसिनग के नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण बिलासपुर के अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिलासपुर आर के चौधरी ने लोगों से आग्रह किया है कि जो पौधे वन विभाग द्वारा जंगलों में रोपे जाएगें उनकी देखभाल व सुरक्षा करें और उनका कटान न करें जिससे जंगली जानवर किसानों की खेती को नुकसान न पहुंचाऐं। उन्होंने कहा कि जंगलों में फलदार पौधे लगाने से जंगली जानवर किसानों के खेतों की तरफ नहीं जाएगें, क्योंकि जानवरों को उनका भरण पोषण जंगलों में ही मिल जाएगा। बिलासपुर में उनकी अध्यक्षता में ‘जंगली फलदार वृक्ष लगाऐं, फसलो को बचाऐं', कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम के तहत सिद्ध फाट, ग्राम पंचायत समोह, तहसील झण्डुता, में पौधा-रोपण अभियान किया गया। उन्होंने बताया कि कार्यकारी अध्यक्ष राज्य विधिक सेवाऐं प्राधिकरण शिमला, हि.प्र. के दिशा निर्देशों अनुसार जिले में खण्ड विकास अधिकारी व वन विभाग अधिकारी के साथ मिलकर जिला बिलासपुर में जंगली फलदार पौधे लगाने के लिए विभिन्न पंचायतों में कई स्थानों को चिन्हित किया गया हैै जिसमें वन विभाग द्वारा स्थानीय प्रशासन व पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग से पौधा-रोपण किया जाएगा। कार्यक्रम में अक्षी शर्मा, सचीव, जिला विधिक सेवाऐं प्राधिकरण, बिलासपुर, हि.प्र., विक्रांत कोन्डल, अध्यक्ष, उप-मण्डलीय, विधिक सेवाऐं समिति घुमारवीं, हि.प्र., सरोज भाई पटेल उप-मण्डलीय, वन अधिकारी बिलासपुर, अशोक कुमार वन रेन्ज़ अधिकारी, झण्डुता, सुशील कुमार, खण्ड वन अधिकारी, समोह, अनिल कुमार, प्रधान ग्राम-पंचायत, समोह, नंद लाल, उप प्रधान ग्राम पंचायत समोह के अतिरिक्त अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।
बिलासपुर के प्रसिद्ध व्यवसायी शशि पाल शर्मा “भाई” के निधन पर जिले में शोक की लहर दौड़ गई है। कई स्वयंसेवी संस्थाओं व राजनेताओं ने इस निधन पर शोक प्रकट किया है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, स्थानीय विधायक सुभाष ठाकुर, नैना देवी विधानसभा क्षेत्र के विधायक रामलाल ठाकुर, जिला भाजपा के अध्यक्ष स्वतंत्र संख्यान, जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष अंजना धीमान, महासचिव संदीप संख्यान व अनुराग शर्मा, जिला बार संघ के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट तेजस्वी शर्मा, जिला लघु उद्योग संघ के अध्यक्ष प्रेम डोगरा एवं महासचिव दीपचंद, प्रमुख उद्योगपति इंदर सिंह डोगरा एवं राजेंद्र शर्मा जेपी, जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक प्रोमिला भारद्वाज, हिम साहित्यकार सभा के राज्य अध्यक्ष रतन चंद निर्झर एवं राज्य महासचिव अरुण डोगरा ऋतु , राम नाटक समिति के अध्यक्ष नरेंद्र पंडित, उड़ान थियेटर ग्रुप के सभी कलाकार, जिला भाषा अधिकारी नीलम चंदेल राज्य पत्रकार महासंघ के अध्यक्ष जयकुमार ने कहा है कि इस अपूरणीय क्षति को पूरा नहीं किया जा सकता। शशि पाल शर्मा को शशि भाई के नाम से जाना जाता था। बिलासपुर औद्योगिक क्षेत्र में उनकी एक जूस बनाने की फैक्ट्री थी। शशि भाई इतने मिलनसार थे कि हर कोई उनका चहेता बन जाता था उनके परम मित्र एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य, पूर्व मंत्री व विधायक श्री नयना देवी जी राम लाल ठाकुर ने कहा कि शशि भाई का कांग्रेस से भी बड़ा गहन जुड़ाव रहा है, उन्होंने साथ मे कई आंदोलन भी साथ लड़े हैं। शशि भाई एक बहुत उम्दा कलाकार और निर्देशक भी थे और स्पोर्ट्स में आल राउंडर थे। शशि भाई हॉकी, एथेलेटिक्स, हैंडबॉल, टेबल टेनिस व लॉन टेनिस के भी उम्दा खिलाड़ी थे। सभी गणमान्य व्यक्तियों एवं बुद्धिजीवियों के साथ संस्थाओं के प्रमुखों ने शशि भाई की आत्मा की शान्ति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार को यह दुख सहने की शक्ति परमात्मा से मांगी।
अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ खंड घुमारवीं के प्रधान सुरेश चन्देल के नेतृत्व में कर्मचारियों का प्रतिनिधिमंडल उपमंडलधिकारी घुमारवीं शशिपाल शर्मा से मिला और उन्होंने सिविल अस्पताल घुमारवीं की रोगी कल्याण समिति के सचिव डॉ अनुपम की कार्य प्रणाली और तानाशाही रवैये का ज्ञापन दिया। प्रधान सुरेश चन्देल ने रोगी कल्याण समिति के सचिव डॉ अनुपम पर अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करने और कर्मचारियों को धमकाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा यह कर्मचारी महासंघ सैहन नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि रोगी कल्याण समिति की बैठक में जो सचिव ने एजेंडा बनाया उसमे रोगियों के लिए कम और अपने लिए ज्यादा बनाया गया। चन्देल ने बताया कि वर्ष 2019 -20 से लेकर अब तक समिति ने 91 लाख 13 हजार 573 रुपये खर्च किए है उन्होंने मांग की कि यह पैसा कहा कहा लगाया गया और यह नियम के अनुसार लगया गया है या नहीं इसकी जांच की जाए। इन कर्मचारी नेताओं ने कहा कि निष्पक्ष जांच के लिए डॉ अनुपम को तुरंत पद से हटाया जाए। इन कर्मचारी नेताओं ने कहा कि यदि एक सप्ताह के अंदर डॉ अनुपम को सचिव के पद से नहीं हटाया तो आराजपत्रित कर्मचारी महासंघ घुमारवीं उपमंडलधिकारी कार्यालय के बाहर धरना देने के लिए विवश हो जाएगा। इस अवसर पर महासचिव रंगीला राम ठाकुर, मुख्य संरक्षक तिलक राज शर्मा, मुख्य सलाहकार जगदेव चौहान, उपप्रधान संजीव शर्मा, कानूनी सलाहकार निका राम धीमान, संगठन राज कुमार, जगदीश चंद, मनोज कुमार, सुशील कुमार, सोहन सिंह, रमेश कुमार, उपेन्द्र सिंह, सुख देवी, मधुवाला, प्रेमी देवी, नलनी, चंद्र लेखा, कला देवी, उपस्थित थे।
उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने बताया कि सरकार द्वारा करवाए गए इस वर्ष स्वच्छता सर्वेक्षण में बिलासपुर जिला से सम्बन्धित 2 नगर परिषदों व एक नगर पंचायत ने राज्य में उच्च श्रेणी प्राप्त की है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में नगर परिषद श्री नैना देवी जी प्रथम स्थान पर, तलाई नगर पंचायत पांचवे तथा नगर परिषद बिलासपुर 11वें स्थान पर रही है। उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय स्वच्छता संर्वेक्षण, 2020 में 25 हजार से कम आबादी की ज़ोनल रैकिंग में नगर परिषद श्री नैना देवी जी 397वें रैंक से साथ प्रथम स्थान पर, नगर पंचायत तलाई 500 रैंक के साथ पांचवे स्थान पर, नगर परिषद बिलासपुर 592वें रैंक के साथ प्रदेश भर में 11वें स्थान पर रहे है। गत वर्ष नगर परिषद श्री नैना देवी जी ने 642वां, नगर पंचायत तलाई ने 921वां तथा नगर परिषद बिलासपुर ने 946वां रैंक रैंक हासिल किया था। उन्होंने बताया कि इस वर्ष नगर पंचायत व नगर परिषद द्वारा प्रशासन की देखरेख में तथा सही दिशा निर्देशों का पालन करते हुए यह सफलता प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि घर-घर से कुडा कचरा उठाने की योजना को बेहतर तरीके से क्रियान्वित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन एकत्रित किए जा रहे कूडे का निष्पादन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन तथा नगर पंचायतों व नगर परिषद में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों आपसी बेहतर तालमेल और कर्तव्यनिष्ठा के कारण सम्भव हो पाया है। उन्होंने लोगों का आहवान किया कि वे स्वच्छता को बनाए रखने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। कूडा-कचरा इधर-उधर न फैंके जिससे जहां साफ सफाई रहेगी वही पर्यावरण भी प्रदूषण मुक्त होगा।
हिमाचल प्रदेश अखिल भारतीय साहित्य परिषद द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर साहित्यिक व्याख्यानमाला का आयोजन परिषद की प्रदेश अध्यक्ष डॉ रीता सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। यह जानकारी देते हुए परिषद की जिला बिलासपुर अध्यक्ष शीला सिंह ने बताया कि निरंतर 16 ऑनलाइन श्रृंखलाओं में हिमाचल की देव संस्कृति के संदर्भ में हिमाचल के प्रमुख साहित्यकारों ने अपने अपने वक्तव्य ऑनलाइन सांझा किए। भारत के कोने कोने से श्रोतागण इस कार्यक्रम से ऑनलाइन जुड़े रहे। प्रदेश अध्यक्ष डॉ रीता सिंह ने इस कार्यक्रम को सफल रूपरेखा प्रदान की और ऐसा एक मंच स्थापित किया जो भविष्य में साहित्यिक व्याख्याताओं के लिए अनुकरणीय उदाहरण बन गया। इस मंच पर एक से बढ़कर एक महान विद्वानों एवं विदुषियों को अपने वक्तव्य प्रस्तुत करने का मौका मिला। शीला सिंह ने बताया कि यह एक एैसा अनुभव हुआ कि जैसे प्रत्येक साहित्यकार द्वारा प्रस्तुत वक्तव्य में हिमाचल की देव संस्कृति व अन्य विधाओं के साक्षात दर्शन हो गए। वास्तव में हिमाचल देव भूमि है ऋषि मुनियों की तपस्थली है हिमाचल देव संस्कृति की विस्तृत जानकारी अनेक साहित्यकारों के माध्यम से प्रस्तुत की गई कार्यक्रम के समापन में परिषद के राष्ट्रीय संगठन सचिव श्रीधर गोविंद पराड़कर मुख्य अतिथि रहे जबकि अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघ चालक डा. वीर सिंह रांगड़ा ने की। अंतिम व्याख्यान माला में प्रांत हिमाचल की अध्यक्ष डॉ रीता सिंह ने सभी साहित्यिक वक्ताओं द्वारा जो अनुभव इस साहित्यिक श्रृंखला के दौरान ग्रहण किए गए उनके बारे में विचार प्रस्तुत करने का मौका भी दिया। इस साहित्य माला में कुल 32 वक्ताओं ने अपने अपने वक्तव्य सांझा किए। जिला बिलासपुर से अखिल भारतीय साहित्य परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष अनेक राम सांख्यान तथा लेखक संघ बिलासपुर से जुड़े रविंद्र कुमार शर्मा सेवानिवृत्त व डीएसपी रविंद्र कुमार ठाकुर ने भी अपने वक्तव्य प्रस्तुत किए। बिलासपुर महिला साहित्यकार संस्था की अध्यक्ष शीला सिंह, महासचिव शालिनी शर्मा, उपाध्यक्ष सुधा हंस तथा सदस्य हेमा ठाकुर, प्रतिभा शर्मा और विजय कुमारी सहगल ने भी हिमाचल देव संस्कृति के संदर्भ में अपने-अपने वक्तव्य दिए।
विधायक विधानसभा क्षेत्र झंडूता जीत राम कटवाल ने वीडियो काॅन्फ्रेसिंग (वर्चुअल रैली) के द्वारा झंडूता विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत केन्द्र व प्रदेश सरकार की योजना के लाभार्थियों से बातचीत की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण और उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए केन्द्र तथा प्रदेश सरकार द्वारा अनेकों कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का मूल उद्देश्य इन योजनाओं को पात्र परिवारों तक पहुंचाना है, ताकि वे इन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सके। उन्होंने कहा कि झंडूता विधानसभा क्षेत्र में 10239 व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की जा रही है। इस कार्यक्रम में विधानसभा क्षेत्र की सभी पंचायतों से लगभग 1250 लाभार्थियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि लोगों के कल्याणनार्थ चलाई जा रही नीतियों एवं कार्यक्रमों का लाभ समाज के आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति को मिले। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों, अधिकारियों से आहवान किया कि वे सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करे ताकि वे इन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने विभिन्न आवास योजनाओं के तहत प्रदेश में 10 हजार घरों के निर्माण का लक्ष्य रखा है ताकि गरीब अपने घर का सपना पूरा कर सके। उन्होंने कहा कि गृहिणियों को रसोई के धुएं से राहत दिलाने के लिए राज्य सरकार ने हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना भी आरम्भ की गई है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत, केंद्र सरकार की उज्जवला योजना से बांछित परिवारों को मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन उपलब्ध करवाए गए हैं। उन्होंने कहा की दोनों योजनाओं में झंडूता विधानसभा के लगभग 7354 पात्र परिवारों को गैस कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं और हिमाचल प्रदेश देश का पहला धुआं मुक्त राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के कल्याण के लिए हमेशा प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि किसानों को सम्मान प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना आरम्भ की गई है जिसके अंतर्गत प्रत्येक वर्ष 6 हजार रुपये की राशि प्रत्येक किसान के खाते में सीधे जमा की जा रही है ताकि किसी भी किसान को खेती करने में किसी तरह की परेशानी न हो सके। उन्होंने कहा कि लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुचाने के लिए आयुष्मान भारत योजना आरम्भ की गई है। इस योजना के तहत एक परिवार के 5 सदस्यों का एक साल के लिए 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा किया जाता है ताकि कोई भी व्यक्ति धन की कमी के कारण इलाज से वंचित न रह सके। इस योजना से वंचित रहे व्यक्तियों के लिए प्रदेश सरकार ने हिमकेयर बीमा योजना चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन सरकार की एक महत्त्वपूर्ण योजना है जिसे तेजी के साथ क्रियान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत हर घर को नल तथा नल द्वारा शुद्व पेयजल उपलब्ध करवाना है। इस अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष मोहिंद्र सिंह चन्देल, एस डी एम विकास शर्मा, सहायक आयुक्त (विकास) एवं खंड विकास अधिकारी धर्म पाल उपस्थित रहे।
जिला हमीरपुर के पुलिस थाना सुजानपुर में तैनात हैप्पी सिंह गुलेरिया की मौत का समाचार प्राप्त हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार हैप्पी सिंह को अचानक पेट में इंफेक्शन हो गया जिसे उपचार के लिए पीजीआई चंडीगढ़ में ले जाया गया। लेकिन इंफेक्शन इतना ज्यादा बढ़ गया कि इस पुलिस जवान ने रविवार शाम को दम तोड़ दिया। पुलिस जवान का अंतिम संस्कार उसके पैतृक गांव राजनौन में किया गया। मृतक पुलिस जवान हैप्पी सिंह अपने पीछे पत्नी व दो बेटे छोड़ गया है। मौके पर पहुंचीं डीएसपी रेनू शर्मा ने बताया कि उनके परिवार की आर्थिक मदद डिपार्टमेंट की ओर से पूरी तरह से की जाएगी।
भाषा एवं संस्कृति विभाग कार्यालय बिलासपुर ने घुमारवीं की ग्राम पंचायत लुहारवीं के गांव बडोटा के गुग्गा मन्दिर में गुग्गा लोकगाथा का ऑन लाईन आयोजन करवाया। इस आयोजन में गुग्गा मण्डली बडोटा के कलाकारों द्वारा लोकगाथा का गायन किया गया। कोरोना महामारी के चलते आजकल विभाग द्वारा सभी कार्यक्रम ऑन लाईन गुगल ऐप के माध्यम से ही करवाए जा रहे हैं। कलाकारों द्वारा सर्वप्रथम गुग्गा जाहरवीर जी की आरती की गई उसके उपरान्त गुग्गा जी का जन्म, मकलावा इत्यादि गायन के माध्यम से गुग्गा जी की गाथा का वृतांत सुनाया। भाषा एवं संस्कृति विभाग बिलासपुर द्वारा लोक संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा देने की दिशा में ऑनलाईन कार्यक्रम आयोजित करवाए जा रहे हैं। ज़िला भाषा अधिकारी नीलम चन्देल द्वारा बताया गया कि कोरोना काल में साहित्यिक, एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम ऑनलाईन ही आयोजित करवाए जा रहे हैं। इस तरह के कार्यक्र्रूमों के माध्यम से लोक संस्कृति से जुडे कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। इन्द्र सिंह चन्देल ने तकनीकी रूप से इस कार्यक्रम के आयोजन में अपना सहयोग प्रदान किया। गुगल मीट ऐप के माध्यय से संजय चन्देल, अमीचन्द, विश्नी देवी, रत्नी अजय, पल्वी, अंकुश भी श्रोताओं के रूप में जुड़े रहे।
एक ओर प्रदेश कोरोना महामारी से जूझ रहा है लेकिन हिमाचल सरकार चेयरमैन नियुक्त करके कह रही है कि कैबिनेट पद को एन्जॉय करो। यह बात आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डा. टीपी पांडेय ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कही। उनके साथ पार्टी के प्रदेश सचिव अमर सिंह चौधरी भी थे। पांडेय ने कहा कि वित्त आयोग के चेयरमैन सतपाल सत्ती की नोटिफिकेशन में साफ लिखा गया है कि आप कैबिनेट पद का एन्जॉय कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इससे लगता है कि सरकार को आम लोगों से कुछ नहीं लेना देना उन्हें तो बस एन्जॉय चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्तमान भाजपा सरकार के कार्यकाल में बेरोजगारी की दर दिन प्रतिदिन बढ़ रही है उस ओर कोर्ई भी ध्यान नहीं दे रहा। कोरेाना के दौरान समाज के हर वर्ग की हालत दयनीय हो चुकी है और सरकार लोगों के हितों की रक्षा करने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने प्रदेश भाजपा सरकार पर कर्ज मुक्ति को लेकर विफल रहने का आरोप लगाया और कहा कि किसानों और छोटे उद्योगपतियों के बारे में कोई नहीं सोच रहा उन्हें किसी तरह की राहत नहीं दी जा रही। जो बेरोजगार हो गए उनके लिए सरकर कुछ भी नहीं कर रही। सरकार अपना काम कर्ज लेकर काम चला रही है जिसके बोझ तले आम आदमी दिन प्रतिदिन दब रह रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि हिमाचल प्रदेश में बिजली व सीमेंट का उत्पादन होता है और दोनों के ही दाम लगातार बढ़ाए जा रहे हैं कोई पूछने वाला नहीं है। उन्होंने प्रदेश सरकार की वर्तमान समय में प्रदेश शिक्षा विभाग द्वारा चलाई जा रही आन लाईन शिक्षा प्रणाली की असफलता, बढती महंगाई व भ्रष्टाचार से जुडे मुददों पर भी चर्चा की। दो पदाधिकारी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित उन्होंने बताया कि पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी ने पार्टी विरोधी कार्यों के चलते नंद लाल चंदेल एवं आर के मंढोत्रा को प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। विधानसभा चुनाव 2022 में क्या रहेगा एजंडा आने वाले 2022 के विधानसभा चुनावों में हिमाचल में आम आदमी पार्टी का क्या मुददा रहेगा के बारे में पूछे जाने पर डा. पांडेय ने बताया कि आम आदमी पार्टी हिमाचल को आत्म निर्भर बनाने के एजंडे पर कार्य करेगी जिसके लिए अभी से ही तैयारियां आरंभ कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी केवल राजनैतिक मुददों पर नहीं बल्कि सामाजिक मुददों पर आम जनता के साथ है। इसी के चलते पार्टी प्रदेश के 68 विधानसभा क्षेत्रों में दस हजार ओक्सो मीटर लाकर लोगों के आक्सीजन स्तर की स्वास्थ्य जांच की जाएगी ताकि लोग पूर्ण रूप से स्वस्थ रह सकें। उन्होंने बताया कि इसके अलावा पार्टी एनपीएस के मुददे, बिजली व सीमेंट के दाम को भी मुददा बनाने वाली है ताकि आम जनता को लाभ दिया जा सके। उन्होंने कहा कि इसके अलावा हिमाचल प्रदेश में दिल्ली के विकास माडल को भी लागू किया जाएगा।
अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ खंड घुमारवीं के प्रधान सुरेश चन्देल, महासचिव रंगीला राम ठाकुर, मुख्य संरक्षक तिलक राज शर्मा, मुख्य सलाहकार जगदेव चौहान, वरिष्ठ उपप्रधान सतीश गौतम, उपप्रधान दाता राम, वीरेंद्र ठाकुर, नरेंद्र ठाकुर, संजीव शर्मा, वित्त सचिव नरेंद्र कुमार, कानूनी सलाहकार निका राम धीमान, कार्यालय सचिव पंकज शर्मा, संगठन सचिव देश राज, सुमन कुमार, उपेन्द्र ठाकुर, शेर सिंह, सुरेन्द्र पाल, सतीश पाल ने सयुक्त बयान में कहा कि सिविल अस्पताल घुमारवीं के रोगी कल्याण समिति के सचिव को चेतवानी दी कि वह अपनी कार्य सीमा में रह कर कार्य करें। वह रोगी कल्याण समिति का सचिव है और रोगी कल्याण समिति का कार्य देखे कैसे हो रहा है। मनमर्जी से बिना टेंडर से लाखों रुपये के एल्मुनियम के कैबिन बनाए जा रहे है वह देखे कमरे में किस कर्मचारी की व्यवस्था करनी है किसको कहा बिठाना है यह खंड चिकित्सा अधिकारी के अधीन है। प्रधान सुरेश चन्देल कहा कि जिस कर्मचारी को सदस्य सचिव कमरे से निकालने की धमकी दे रहा है व उस कर्मचारी को जब से इस भवन का 2018 में उद्घाटन हुआ था उस समय से स्थाई खंड चिकित्सा अधिकारी ने दिया था। वह कर्मचारी उस कमरे में युवा परामर्श केंद्र भी चला रहा है जिसमे 11 से 18 वर्ष के युवाओं को किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या का परामर्श देकर ओपीडी में भेजता है। चन्देल ने कहा कि जो सदस्य सचिव कह रहे है कि उक्त कर्मचारी ओपीडी के कमरे में बैठा है वह ओपीडी का रूम नही है। उस कमरे को युवा परामर्श केंद्र ओपीडी के कमरों के साथ चलाया जाता है ताकि की युवाओं की कॉन्सलिंग करके ओपीडी में भेजा जा सके। चन्देल ने कहा कि सदस्य सचिव आए दिन किसी न किसी कर्मचारी को धमकियां देता रहता है और कमरे से निकालने की धमकी तो मुख्य फार्मासिस्ट, स्वास्थ्य शिक्षक, स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों को दे चुका है। साथ मे रोगी कल्याण समिति के अंतर्गत रखे गए कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की धमकी देता है यह सब आराजपत्रित कर्मचारी महासंघ सैहन नही करेगा। चन्देल ने बताया कि सदस्य सचिव मनमाने प्रस्ताव और पत्राचार उच्च अधिकारियों को भेज रहा है। जब कि नियम के अनुसार उच्च अधिकारियों को पत्राचार खंड चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से जाता है। चन्देल ने कहा कि जल्दी ही सब कार्यों की सच्चाई सामने आ जाएगी। जब तक सच्चाई सामने नहीं आती आराजपत्रित कर्मचारी महासंघ पीछे नहीं हटेगा।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप के बयान के उपरांत बिलासपुर भाजपा की राजनीति में उबाल आ गया है। गैर राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोगों को पद मुक्त करने की बात को लेकर भाजपा जिला उपाध्यक्ष जोरावर सिंह पटियाल ने अपने पद और पार्टी की सक्रिय सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया है। पटियाल ने कहा कि उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रदेश अध्यक्ष को प्रेषित कर दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा का वजूद ही गैर राजनीतिक संगठनों के कार्यकर्ताओं से है। यदि उनके लिए दरवाजे बंद किए जाएंगे, तो यह पार्टी के लिए शुभ संकेत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह भारतीय राष्ट्रवादी अटल सेना के प्रदेश अध्यक्ष हैं। इसलिए भाजपा के बिलासपुर जिला उपाध्यक्ष के पद से और घुमारवीं मंडल में दर्ज सक्रिय सदस्यता से उन्होंने त्यागपत्र दे दिया है। पटियाल ने कहा कि वह 1990 से भाजपा कार्यकर्ता के तौर पर जुड़े और केडी धर्माणी के समय से 20 वर्ष की उम्र से लगातार सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में लगातार मंडल में युवा मोर्चा से लेकर जिला तक कई पदों पर कार्य किया है। जब उन्हें प्रदेश में एक गैर राजनीतिक संगठन का दायित्व मिला, तब पार्टी ने नए कानून लागू कर दिए। कहा कि भारतीय अटल सेना राष्ट्रवादी उन्होंने गठित नहीं की है। वह पूरे देश के अटल प्रेमियों ने बनाई है और लगभग 26 प्रदेशों में सेवा भावना से कार्य कर रही है। जिला उपाध्यक्ष के त्यागपत्र के बारे में कोई जानकारी नहीं है। पार्टी हित को देखते हुए जो भी बयान जारी हुए हैं, वह शीर्ष नेतृत्व का फैसला है। अटल के नाम पर पार्टी के कार्यकर्ताओं को गुमराह किया जा रहा है। अटल भारतीय जनता पार्टी के आदर्श हैं। शीर्ष नेतृत्व इस बारे में जो भी आदेश जारी करेगा, हम उसका पालन करेंगे।
पूरे भारत वर्ष में इन दिनों गणपति पूजन की धूम है। गणेश चतुर्थी को भगवान गणेश जी की मूर्ति की स्थापना की गई। कोरोना काल में हालांकि उत्सव आदि मनाने पर मनाही है लेकिन बिलासपुर में अधिकांश घरों में भगवान श्री गणेश जी का पूजन किया जा रहा है, इससे पहले नगर के डियारा सेक्टर में स्थित बाबा विश्वकर्मा मंदिर में गणेश उत्सव का भव्य आयोजन हुआ करता था लेकिन कोरोना महामारी के कारण अब इस प्रकार के धार्मिक कार्यक्रमों पर रोक लगी हैै। नगर के मुख्य बाजार के साथ सिनेमा कालोनी में श्री नयना देवी जी मंदिर न्याय के पुजारी राजीव गौतम, उनकी धर्मपत्नी शिल्पा गौतम व उनके परिवार द्वारा बीते कल विधिवत रूप से भगवान श्री गणेश जी की मूर्ति स्थापित की गई। पंडित द्वारा विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ-साथ पूजन किया गया। राजीव गौतम ने बताया कि आगामी नौ दिनों तक यह पूजा अर्चना का कार्यक्रम घर पर ही होगा जबकि शाम के समय आस पड़ोस की महिलाएं कीर्तन कर रही हैं। उन्होंने बताया कि आगामी रविवार को गोविंद सागर झील में भगवान श्री गणेश जी की मूर्ति का विसर्जन कार्यक्रम होगा। उन्होंने नगरवासियों से आग्रह किया है कि कोविड -19 के चलते सभी भक्तजन अपने-अपने घरों में हीपूजन करे ।
भारतीय जनता पार्टी जिला बिलासपुर ने अपने पदाधिकारियों को जिला मे नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह जानकारी भाजपा के एक प्रवक्ता ने दी। इसमें जिला महामंत्री नवीन शर्मा को सदर बिलासपुर व आशीष ढिल्लों को घुमारवीं मण्डल का प्रभारी बनाया गया है। जिला उपाध्यक्ष राम कुमार को श्री नैना देवी जी उपरी मण्डल ओर जिला किसान मोर्चा का दायित्व दिया गया।प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य बृज लाल ठाकुर को झंडूता मण्डल का प्रभार दिया गया।जिला सचिव प्रेम लाल को श्री नैना देवी जी लोअर मण्डल का प्रभारी बनाया गया।जिला सचिव बृज लाल ठाकुर को जिला युवा मोर्चा की जिम्मेदारी दी गई।जिला की उपाध्यक्ष श्रीमती नीना कौशल को जिला महिला मोर्चा की जिम्मेदारी दी गई है।
लोक निर्माण विभाग के घुमारवीँ मंडल में सरकारी नियमों को दरकिनार कर पूरी व्यवस्था तहस-नहस कर दी है। सरकारी मशीनरी खड़ी रखकर राजनैतिक इशारे पर कुछ चेहते जेसीबी मालिकों को को लाभ पहुंचाया जा रहा है। यह बात पूर्व सीपीएस एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव राजेश धर्माणी ने कही। उन्होंने आरोप लगाया कि लोक निर्माण विभाग में बड़े कार्यों के टेन्डर तोड़ कर ऊंची दरों पर सरकारी पैसे को लूटा जा रहा है। यहां तक कि सांसद निधि के तहत कार्यों को भी राजनैतिक आका के इशारे पर रोक रखा है। कई कार्य विभाग द्वारा तय मानकों के अनुरूप नहीं करवाए जा रहे। प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत निर्मणाधीन सड़कें बार-2 उखड़ रही हैं। उन्होंने बताया कि नाबार्ड से स्वीकृत दो सड़कों के टेन्डर कांग्रेस सरकार के समय हो गए थे लेकिन इनका काम आज तक शुरु नहीं होने दिया। मोहड़ा-सुनाली-माकड़ा-गालियाँ सड़क के लिए 3.58 करोड़ और दधोल-डोहरू-पट्टा-दख्यूत सड़क के लिए 4.72 करोड़ रूपए स्वीकृत होने व टेन्डर होने के बावजूद इसलिये काम शुरु नहीं किया गया ताकि चुनावों के समय भाजपा द्वारा फैलाए गए झूठ को सही ठहरा जा सके। चुनावों में भाजपा ने इन स्वीकृतियों को चुनावी स्टंट करार दिया था। इन सड़कों के निर्माण कार्य को रोकने के लिए मनगडंत बहाने बनाए जा रहे हैं। वन भूमि में सड़क निर्माण को लेकर दोहरे मापदंड अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभाग ये बताए कि जिन तीन संपर्क सड़कों का मंत्री ने उद्घाटन किये ये सभी वन भूमि बिना अनुमति लिए बनाई हैं। लेकिन तमाम औपचारिकताएं पूर्ण होने के उपरांत नाबार्ड से स्वीकृत उपरोक्त दोनों सड़क कार्यों को बेवजह रोक रखा है। इन दो सड़कों के इलावा अन्य मदों के अधीन स्वीकृत सड़कों व पुलों के कार्य भी रोक रखे हैं। तीनों सड़कों में से दो सड़कों के लिए धनराशि कांग्रेस सरकार के समय स्वीकृत थी लेकिन मंत्री ने इन सड़कों के कार्य भी अढ़ाई वर्ष रुकवाए ताकि लोगों को भ्रमित कर श्रेय अपने आप ले सकें और अपनी पट्टिका लगवा सकें। उन्होंने बताया कि तीसरी सड़क के लिये सांसद जेपी नड्डा ने भाजपा के एक स्थानीय कार्यकर्ता के अनुरोध पर सांसद निधि स्वीकृत की थी। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता को चेतावनी दी है कि वह पूर्व सरकार द्वारा स्वीकृत सड़कों का निर्माण एक महीने के अंदर शुरु करवाए नहीं तो कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
बिलासपुर शहर की बेटी प्रोफेसर अभ्युदिता गौतम ने अपनी साहित्य पर आधारित किताब सब मर्जड एंड रेहबिलितटेड द्वारा साहित्य की दुनिया में पहला कदम रखा है। अंग्रेजी में लिखी इस किताब में बिलासपुर नगर की लेखिका अभ्युदिता गौतम ने पहाड़ी संस्कृति की कुल 6 काल्पनिक लघु कथाओं और 10 अलग-अलग विषय की कविताओं से पिरोया है। जिसमें हिमाचली संस्कृति, सुंदर वादियों, मंदिरो सांस्कृतिक परिवेश और पहाड़ी लोगों की मनोस्थिति को लघु कथाओं और कविताओं द्वारा दर्शाने की कोशिश की गई है। किताब में लेखिका प्रोफेसर अभ्युदिता गौतम ने अपनी जन्मस्थली विस्थापितों के शहर बिलासपुर के उजड़ने के दर्द और पुनस्थापन का वर्णन किया गया है, जिसमें सांढू मैदान में जर्जर पड़े बेसहारा मंदिरों और जिला के पुरातन इतिहास को मिटते देखते आ रहे पूर्वजों के दर्द को काल्पनिक कथाओं द्वारा बखूबी बयान किया गया है। अन्य कहानियों में हिमाचली लड़कियों और महिलाओं के संघर्ष, भावनाओं और बहादुरी का सुंदर वर्णन किया गया हूं जो आजकल के आधुनिक परिवेश और अपनी संस्कृति से जुड़े रह कर कैसे तालमेल बिठा कर जीती हैं। अभ्युदिता गौतम का कहना है, उन्होंने किताब को अंग्रेजी में लिखना इसलिए चुना क्योंकि अंग्रेजी में हिमाचली संस्कृति को न के बराबर लिखा गया है और वो हिमाचली संस्कृति को युवा पीढ़ी और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुचाना चाहती हैं। इस किताब का अंग्रेजी में होने के कारण देश-विदेश के विश्वविद्यालयों में रिसर्च के लिए लिए भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। जिससे हमारी हिमाचली संस्कृति जानने की इच्छा रखने वालों को आसानी से मैटर उपलब्ध होगी। लेखिका अभ्युदिता मूलतः बिलासपुर शहर की रहने वाली है। उनके पिता सेवानिवृत्त कर्नल अम्बा प्रसाद और माता देव गृहणी हैं। पिता के फौजी अफसर होने के कारण उनकी स्कूली पढ़ाई सेंट मैरी स्कूल कसौली, आर्मी पब्लिक स्कूल डगशाई, डीएवी स्कूल बिलासपुर और उच्च शिक्षा स्नातकोत्तर विद्यालय बिलासपुर और एमए पंजाब यूनिवर्सिटी जैसे भिन्न-भिन्न स्थानों पर हुई। इन दिनों अभ्यूदिता गौतम महाविद्यालय नगरोटा बगवां में अंग्रेजी विषय के प्रोफेसर पद पर कार्यरत हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डॉक्टर प्रकाश चंद दरोच ने बताया कि समुदाय को कोविड-19 के बचाव के साथ-साथ अन्य जल जनित बीमारियों के स्वास्थय पर पडने वाले दुष्प्रभावो के बारे में भी जागरूक रहने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि विश्व की 80 प्रतिशत से अधिक बीमारियां दूषित जल से होने वाले रोगों के कारण होती हैं, जिनमें डायरिया प्रमुख है। उन्होंने बताया कि भारतवर्ष में हर साल लगभग 2 लाख बच्चे दस्त रोग के कारण मर जाते हैं। उन्होंने बताया कि जिला के सभी स्वस्थ्य संस्थानों में ओ आर एस, जिंक की गोलियां तथा पानी को शुद्व करने के लिए क्लोरीन की गोलियां तथा लोगों जागरुकता हेतु पर्याप्त मात्रा में प्रचार- प्रसार सामग्री इत्यादि सभी आवश्यक चीजें उपलब्ध करवा दी गई हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि नल के पानी का ही प्रयोग करें, बाबडियों, कुओं व अन्य किसी भी जल स्रोत का पानी पीेने के लिए प्रयोग न करें क्योंकि आजकल बरसात के मौसम में बरसात का गंदा पानी इन स्रोतों में मिल जाता है जिसकी बजह से लोग दस्त, उल्टियां आदि जल जनित रोगों से ग्रसित हो जाते हैं। यदि इन जल स्रातों का पानी किसी कारण वश पीना ही पड़े तो पानी को 20 मिनट तक उवालकर पीएं या उसमें क्लोरिन की गोली डालकर ही पानी प्रयोग में लाएं। उन्होंने आग्रह किया कि यदि कहीं भी किसी क्षेत्र में दस्त व उल्टियों से ग्रसित ज्यादा लोग ग्रसित हो जाते है तो घवराएं नहीं इसकी सूचना हमारी आशा व नजदीक के स्वास्थ्य कार्यकर्ता को तुरन्त दें।
हिमाचल में भाजपा सरकार ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है और आए दिन नए फरमान जारी करके गरीबों को परेशान किया जा रहा है। यह बात जिला कांग्रेस की सचिव मीरा भोगल ने कही। उन्होंने जिला सचिव का कार्यभार दिए जाने पर जिला कांग्रेस प्रधान अंजना धीमान का धन्यवाद भी किया। उन्होंने कहा कि इस समय जहां बिजली के दाम बढ़ाए हैं वहीं एक और आदेश भी जारी किया गया है जिसके तहत एडवांस कंजप्शन डिपॉज़िट के नाम पर सभी उपभोक्ताओं को बिजली विभाग ने बिल के अलावा अतिरिक्त पैसे जमा करने के लिए कहा जा रहा है। 330 रुपए से लेकर 1000 रुपए तक की राशि जमा करवाने के आदेश हैं। जो इस मुश्किल समय में गरीब जनता पर कुठाराघात है। उन्होंने कहा कि इससे पहले बस किराये में 25 फीसद वृद्धि कर गरीब जनता की कमर पहले ही तोड़ दी है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में कांग्रेस भाजपा के काले कारनामों को लेकर जनता में जाएगी और लोगों को जागरूक करेगी।
रंगनाथ मंदिरों के पास नाले नौण के नजदीक प्रदेश की प्रमुख सामाजिक संस्था रेनबो स्टार क्लब के स्टार क्लब के मुख्य सलाहकार एवं लाडली फाउंडेशन के राज्य उपाध्यक्ष निर्मला राजपूत की अगवाई में सतलुज आरती का आयोजन किया गया। इसमें सर्वधर्म समभाव राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर पंडित सत्यदेव शर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। जबकि विशेष रुप से सतलुज आरती के संयोजक ईशान अख्तर मौजूद रहे। रेनबो स्टार क्लब के पदाधिकारियों निर्मला राजपूत ,नेहा वर्मा, तनवीर खान ने मुख्य अतिथि इंजीनियर पंडित सत्यदेव शर्मा को माता वैष्णो देवी की चुनरी तथा गंगा मैया का स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। वही हिंदू मुस्लिम सभी धर्मों के लोगों ने एक साथ सतलुज आरती कर एकता और भाईचारे का संदेश दिया। आयोजन में गणेश पूजन, स्वास्तिक पूजन, कलश पूजन तथा हवन के बाद सतलुज आरती की गई। रेनबो स्टार क्लब के मुख्य सलाहकार निर्मला राजपूत ने बताया कि पिछले कई वर्षों से रेनबो स्टार क्लब द्वारा गंगा आरती की तर्ज पर बिलासपुर जिले में सतलुज आरती आरंभ की गई है। इस मौके पर मुख्य अतिथि सर्वधर्म समभाव राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर पंडित सत्यदेव शर्मा ने कहा कि हिंदू मुस्लिम सभी धर्मों की ओर से आरती में भाग लेकर आपसी भाईचारे का संदेश दिया गया है। इस मौके पर लाडली फाउंडेशन की जिला कार्यकारि अध्यक्ष रेखा बिष्ट , सदर महासचिव कमला शर्मा ,घुमारवी ब्लॉक अध्यक्ष निशा सिंह ,सर्व धर्म समभाव राष्ट्रीय मंच के प्रांत सह संयोजक यासीन मिर्जा एवं सरदार प्रताप सिंह बल्ला रेनबो स्टार क्लब के पदाधिकारी तनवीर खान, करमचंद, नेहा वर्मा, अजय कौशल, रमा शर्मा , करमचंद, विशाल हिंदू सभा के अध्यक्ष ठाकुर रजनी बाला इत्यादि मौजूद रहे।
भारत सरकार द्वारा पदम् पुरस्कार 2020 हेतु जिला के सभी गणमान्य पात्र व्यक्ति आवेदन आमंत्रित किए गए हैं । पदम् पुरस्कार कला , साहित्य , शिक्षा ,खेल , चिकित्सा , विग्यान , एवम् सामाजिक कार्य आदि क्षेत्रो में उत्कृष्ट और असाधारण उपलब्धि के लिए भारत सरकार द्वारा प्रति वर्ष प्रदान किए जाते है । यह जानकारी जिला भाषा अधिकारी नीलम चंदेल ने देते हुए बताया कि इन पुरस्कारो से सबंधित विधान व नियमावली वेबसाईट www.padmaawards.govt.in पर उपलब्ध है । जिला के सभी गणमान्य पात्र विभूतियो से आग्रह है कि पदम् पुरस्कार हेतु अपना आवेदन व्यकित्व एवं कृतित्व 800 शब्दो में 23 अगस्त 2020 तक कार्यालय जिला भाषा-संस्कृति अधिकारी बिलासपुर हिप्र को भेजना सुनिश्चत करें । इन पुरस्कारो के लिए नामांकन आनलाईन पोर्टल www.padmaawards.govt.in पर भेजना अनिवार्य है । यह पुरस्कार कृषि , बागवानी , पर्यटन , जल प्रबंधन , सामाजिक कार्य , पर्यावरण आदि क्षेत्रो में उत्कृष्ट कार्य हेतु हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा दिया जाता है । उपरोक्त दिए जाने वाले दोनों पुरस्कार हेतु अपना आवेदन डाक एवं ई - मेल द्वारा 23 अगस्त 2020 तक कार्यालय जिला भाषा-संस्कृति अधिकारी बिलासपुर को भेजना सुनिश्चत करें ।
बिलासपुर शहर के वार्ड नंबर आठ में इन दिनों की पानी त्राहि मची हुई है,जहाँ लोगों को एक बाल्टी भी पानी नसीब नहीं हो रहा । हालात ऐसे हो गए हैं कि लोग अब पैसा खर्च करके पानी के टैंकर मंगवा रहे है। यहां पर पानी न आने की शिकायत आईपीएच विभाग को दी जा चुकी है, लेकिन इस पानी की समस्या को दूर करने के लिए कोई भी अधिकारी व कर्मचारी यहां पर नहीं आया है। इस तरह बरती जा रही लापरवाही के चलते आईपीएच अधिकारियों पर सवालिया निशान खड़े हो रहे है। समस्या यह भी है कि जो थोड़ा पानी सुभे के समय आ रहा है उसमें भी कुछ लोग मोटर चला कर पानी कि चोरी कर रहे हैं जिसके चलते यहां पर लोगों को अब भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस पानी की समस्या को यहाँ के लोग दो सप्ताह से झेल रहे हैं , जिसके कारण अब उनके यहां पर रोजमर्रा के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं । यहां के लोगों ने आईपीएच विभाग से मांग की है कि इस पानी की समस्या को जल्द से जल्द दूर किया जाए, वहीं, उन्होंने विभाग को चेतावनी भी दी है कि अगर इस समस्या को दूर नहीं किया गया तो लोग सड़कों पर उतर कर खाली बरतनों के साथ प्रदर्शन करने से भी परहेज नहीं करेंगे। ग़ौरतलब है कि बिलासपुर आईपीएच अरविंद वर्मा ने बताया कि अगर ऐसी समस्या आ रही है तो यहां पर विभाग के कर्मचारियों को भेजा जाएगा। उनके ध्यान में यह मामला आया हुआ है, जल्द ही यहां पर पानी की समस्या का हल कर दिया जाएगा।
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेन्द्र गर्ग ने आज खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय घुमारवीं में वीडियों कान्फ्रेसिंग के माध्यम से (वर्चुअल रैली के द्वारा) ज्वाली विधानसभा क्षेत्र के से सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं से लाभ पाने वाले लाभार्थियों से बात की तथा उन्हें योजना के माध्यम से हुए लाभ बारे जानकारी प्राप्त की। अपने सम्बोधन में राजेन्द्र गर्ग ने कहा कि वर्तमान केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है ताकि किसान, गरीब व पिछड़े वर्ग के लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का मुख्य उद्देश्य किसान मजदूर व गरीब वर्ग के लोगों को लाभान्वित करना है ताकि वे सम्मान पूर्वक अपना जीवन यापन कर सके। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण पहलू यह है कि आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति को विकास की यात्रा का भागीदार बनाने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन सरकार की एक महत्त्वपूर्ण योजना है जिसे तेजी के साथ क्रियान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत हर घर को नल तथा नल द्वारा शुद्व पेयजल उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि इस योजना से कोई भी घर बिना नल के वंचित नहीं रहेगा तथा प्रत्येक व्यक्ति को समुचित मात्रा के शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों अधिकारियों से आहवान किया कि वे सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करे ताकि वे इन योजनाओं को अपनाकर इनका लाभ प्राप्त कर सकें। ज्वाली विधानसभा क्षेत्र के विधायक अर्जुन ठाकुर ने कहा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाएं प्रत्येक पात्र व्यक्ति के लिए है। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र व्यक्ति आगे आकर इनका लाभ प्राप्त करे। इससे पूर्व खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेन्द्र गर्ग ने घुमारवीं में लोगों की जन समस्याओं को सुना तथा अधिकतर शिकायतायों का मौके पर ही निपटारा किया। वर्चुअल रैली में खण्ड विकास अधिकारी जीत राम भी उपस्थित थे।
जल शक्ति विभाग के मंडल बिलासपुर के तहत आने वाली पेयजल योजना सोलग- जुरासी योजना में आउट सोर्स पर रखे कर्मियों को सबन्धित ठेकेदार ने पिछले छह महीनों से वेतन का भुगतान नहीं किया है। इस कारण इन कर्मियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोरोना काल में अपनी ड्यूटी निभाने वाले इन कर्मियों को अपने परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो रहा है। इन कर्मियों ने अपनी व्यथा इंटक के प्रदेश उपाध्यक्ष भगत सिंह वर्मा से बताई। उन्होंने कार्यरत कर्मियों के साथ बैठक कर वेतन का भुगतान, ईपीएफ का पैसा और उसकी डिटेल को सार्वजनिक करने के मामले को विभाग के अधिशासी अभियंता व अधीक्षण अभियंता से उठाने की बात कही। उन्होंने ने कहा कि अगर जलशक्ति विभाग ने पीएफ के मामले में कोई कदम नहीं उठाया तो इस मामले को ईपीएफ प्रदेश कमिश्नर के समक्ष उठाया जायेगा। इस बारे में जलशक्ति विभाग मण्डल बिलासपुर के अधिशाषी अभियंता अरविद वर्मा ने कहा कि कर्मियों की वेतन व ईपीएफ सबन्धित अगर कोई समस्या है तो उसे लिखित रूप में मण्डल में देना होगा इस पर त्वरित कार्यवाही की जाएगी।
भारतीय नमो संघ ने हिमाचल में तिरंगे मास्क को बैन करने की मांग की है। इस बारे में भारतीय नमो संघ की प्रदेश संगठन मंत्री रीना राणा ने तिरंगे मास्क को बैन करने की मांग करते हुए कहा कि कोरोना काल में कुछ लोग तिरंगे मास्क पहन कर घूम रहे है। इससे सभी भारतीयों के सम्मान को ठेस पहुँच रही है। रीना राणा ने बताया कि माननीय न्यायालय झारखंड ने इस संदर्भ में आदेश जारी करते हुए तिरंगे से बने मास्क को बैन किया है व यदि कोई झारखंड राज्य में तिरंगे मास्क को पहनता है या बेचता है तो इसे तिरंगे का अपमान माना जाएगा और उस व्यक्ति के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाएगा। रीना राणा ने कहा कि झारखंड राज्य की तर्ज पर पुरे देश में यह कानून जारी होना चाहिए ताकि तिरंगे का अपमान न हो। उन्होंने भारतीय नमो संघ की तरफ से प्रदेश सरकार से मांग की है कि वह झारखंड राज्य की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश में भी इस तरह के आदेश जारी करे। उन्होंने बताया कि भारतीय नमो संघ भी इस पर नजर रखेगा अगर ऐसा कोई व्यक्ति उन्हें मिलता है तो वह अपनी तरफ से इसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाएंगे।
हिमाचल प्रदेश के जलाश्यों एवं सामान्य नदी नालों व इनकी सहायक नदियों में 12 हजार से अधिक मछुआरे मछली पकड़ कर अपनी रोजी रोटी कमाने में लगे हुए हैं। वर्तमान में प्रदेश में 5 जलाश्यों क्रमशः गोबिंदसागर, पौंग, चमेरा, कोलडैम एवं रणजीत सागर जिनका क्षेत्रफल 43785 हैक्टेयर के करीब है, में 5 हजार 300 से अधिक मछुआरे मछली पकड़ने का कार्य कर रहे हैं जबकि प्रदेश के सामान्य जलों, ट्राऊट जलों के अतिरिक्त जिनकी लम्बाई 240 0 किमी के लगभग है में 6 हजार से अधिक मछुआरे फैंकवां जाल के साथ मछली पकड़ने के कार्य में लगे हैं। इन सभी मछुआरा परिवारों को निरंतर मछली मिलती रहे तथा लोगों को प्रोटीनयुक्त प्राणी आहार मछली के रूप में मिलता रहे, इसके लिए हिमाचल प्रदेश मत्स्य पालन विभाग अपना दायित्व निभा रहा है। निदेशक एवं प्रारक्षी, मत्स्य सतपाल मैहता ने बताया कि इतने विशाल मानव निर्मित जलाश्यों की सघन निगरानी करना विभाग के लिए चुनौती से कम नहीं है, परन्तु मत्स्य विभाग इस चुनौती के समाधान के लिए प्रतिवर्ष सामान्य जलों में दो माह के लिए मछली पकड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाता है, क्योंकइस अवधि के दौरान अधिकतर महत्वपूर्ण प्रजातियों की मछलियां प्राकृतिक प्रजनन करती हैं जिससे इन जलों में स्वतः मछली बीज संग्रहण हो जाता है। उन्होंने बताया कि इस कार्य हेतु विभाग को मत्स्य धन संरक्षण का कार्य बड़ी तत्परता से करना पड़ता है। प्रदेश के जलाश्यों में मत्स्य धन संरक्षण हेतु विशेष कर्मचारी बल तैनात कर कैम्प लगाए जाते हैं, जिससे ये कर्मचारी जल एवं सड़क, दोनों मार्गों से गश्त कर मत्स्य धन की सुरक्षा करते हैं। उन्होंने बताया कि पहले यह बन्द सीजन 1 जून से 31 जुलाई तक होता था परन्तु 22 मई 2020 से हिमाचल प्रदेश मत्स्य नियम 2020 लागू होने से इस बार विभाग द्वारा 16 जून से 15 अगस्त तक बन्द सीजन का कार्यान्वयन किया गया। उन्होंने बताया कि इस बार विभाग ने 35 लाख के करीब 70 एम.एम. आकार से अधिक का मत्स्य बीज इन जलाश्यों में संग्रहित किया था। दो माह के बंद के बाद बढ़े मत्स्य उत्पादन से विभाग के साथ-साथ मछुआरों का मनोबल भी बढ़ा है। उन्होंने बताया कि गोबिंदसागर जलाश्य से 9.03 टन, कोलडैम 264 किलो, पौंग जलाश्य में 7.2 टन तथा चमेरा व रणजीत सागर से 2.1 टन मछली पकड़ी गई।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान जिला के 340 स्कूलों में 3 से 6 वर्ष तक की आयु के बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा प्रदान करने के लिए पूर्व प्राथमिक शिक्षा आरम्भ की गई है। उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने जानकारी देते हुए बताया कि कोविड-19 के दृष्टिगत स्कूलों में आनलाईन दाखिला 25 जुलाई से पूरे प्रदेश में आरम्भ कर दिया गया है जिसके तहत जिला बिलासपुर के स्कूलों में आनलाईन दाखिला चल रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक 1262 बच्चे दाखिला ले चुके है। उन्होंने बताया कि हर घर पाठशाला के माध्यम से बच्चों का बौद्धिक, शारीरिक, भाषायी, सृजनात्मक, सामाजिक व भावनात्मक विकास करने के लिए विभिन्न प्रकार की गतिविधियां बच्चों को करने के लिए दी जा रही है जिससे बच्चों का खेल-खेल में संर्वागिण विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहले नर्सरी कक्षाओं में बच्चों के दाखिले के लिए अभिभावक निजी स्कूलों में जाते थे लेकिन निम्न वर्ग के लोग अपने बच्चों को अधिक फीस होने के कारण निजी स्कूलों में नहीं भेज पाते थे लेकिन गत वर्षों से सरकारी स्कूलों में नर्सरी की कक्षाएं आरम्भ की गई है जिसमें सुंदर क्लासरूम, सुंदर फर्नीचर और बच्चो के लिए मनमोहक खिलौने तथा टीचिंग लर्निंग मटिरियल के अतिरिक्त बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए टायलेट किट भी प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि गत् वर्ष जिला में 1961 बच्चों ने नर्सरी और केजी कक्षाओं में दाखिला लिया। उन्होंने बताया कि बच्चों को गतिविधि आधारित शिक्षा प्रदान करने के लिए राज्य द्वारा प्रशिक्षित जिला स्त्रोत व्यक्तियों के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया। पाठ्यक्रम आधारित प्रश्नोतरी प्रतियोगिता में जिला बिलासपुर राज्य भर में प्रतिशत के आधार पर प्रथम उपायुक्त ने बताया कि हर घर पाठशाला के अंतर्गत प्रदेश में आरम्भ की गई आनलाईन शिक्षा में प्रत्येक शनिवार को पाठ्यक्रम आधारित प्रश्नोतरी प्रतियोगिता आयोजित करवाई जाती है जिसमें जिला बिलासपुर ने राज्य भर में प्रतिशत के आधार पर प्रथम तथा छात्र संख्या के आधार पर द्वितीय स्थान हासिल किया है। उन्होंने बताया कि ई-पीटीएम (अभिभावक शिक्षक) में जिला ने प्रदेश में छठा स्थान हासिल किया है। ई-संवाद में जिला तृतीय स्थान पर रहा। उन्होंने बताया कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा संचालित “फिट इंडिया मूवमेंट” कार्यक्रम में भी जिला ने बेहतर प्रदर्शन किया है। जिला परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा राकेश पाठक ने पूर्व प्राथमिक शिक्षा के बार में जानकारी देते हुए बताया कि जिला बिलासपुर में डाईट के तहत प्रशिक्षण हासिल कर रहे प्रशिक्षुओं के लिए आनलाईन कक्षाएं गुगल और वाट्सऐप के माध्यम से चलाई जा रही है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में डाईट बिलासपुर द्वारा प्रथम बार आनलाईन टेस्ट की भी व्यवस्था की गई है जोकि 18 अगस्त से 25 अगस्त तक होंगे जिसमें डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन पार्ट-1 एण्ड 2 की यूनिट टेस्ट आयोजित किए जा रहे है। उन्होंने बताया कि स्कूल और डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन के प्रशिक्षुओं के अभिभावकों को विडियो काॅन्फ्रेसिंग के माध्यम से भी जागरूक किया गया है। उन्होंने समस्त अभिभावकों, पंचायत प्रतिनिधियों व सभी समुदाय वर्ग से आग्रह किया कि केजी व नर्सरी कक्षाओं के लिए बच्चों का दाखिला नजदीकी सरकारी स्कूलों में करवाएं ताकि बच्चे सरकारी स्कूलों में उपलब्ध आधुनिक रूप से सुसज्जित सभी मूलभूत सुविधाओं का लाभ उठा सके। इस अवसर पर जिला समन्वयक पूर्व प्राथमिक शिक्षा संजय कुमार शामा, सांख्यिकी विद दिनेश कुमार के अतिरिक्त अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डाॅ प्रकाश दरोच ने बताया कि जिला से अब तक 8252 लोगों के सैंपल कोविड-19 के लिए लैब जांच के लिए आईजीएमसी शिमला भेजे गए, उनमें से 8033 सैंपल की रिपोर्ट नेगेटिव आई हैं और 181 की रिपार्ट अभी तक पाॅजिटिव आई है। उन्होंने बताया कि 40 सैंपल की रिपोर्ट आना अभी बाकी है। उन्होंने बताया कि 119 लोग अभी तक कोरोना से निजात पा चुके हैं और 62 का इलाज चल रहा है।उन्होंने बताया कि अभी भी बाहर से लोग अपने-अपने घर आ रहें हैं, सभी की बार्डर पर स्वास्थ्य जांच की जा रही है और सरकार के आदेशानुसार जो लोग हाई-लोड क्षेत्र से आ रहे हैं उन्हें इन्स्टीचयूशनल क्वारनटाईन में रखा जा रहा है और 5 से 7 दिनों के अन्दर उनका कोरोना टैस्ट किया जा रहा है और नेगेटिव आने पर ही उन्हें होम क्वारनटाईन में भेजा जा रहा है, और अन्य को डाॅक्टर की अनुमति के अनुसार उनका क्वारनटाईन किया जा रहा है। उन्होंने दिशा निर्देश देते हुए बताया कि जो व्यक्ति होम क्वारंटाईन में है,वे हवादार एक कमरे में रहें जिसमें कि पृथक शौचालय साथ हो को प्राथमिकता दी गई है। अगर उसी कमरे में कोई दूसरा परिवार का सदस्य ठहरा हो तो वह आपस में कम से कम एक मीटर की दूरी अवश्य बनाए रखें। घर के भीतर बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं, बच्चों व सह बीमारी वाले व्यक्ति दूर रहें। घर में केवल अपने कमरे तक ही सीमित रहें। किसी भी स्थिति में सामाजिक, धार्मिक, शादी व शोक मनाने इत्यादि जगहों पर न जाएं। उसे हमेशा सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों का पालन करना चाहिए अपने हाथों को हमेशा साबुन, पानी से अच्छी तरह धोएं या अल्कोहल युक्त सेनेटाइजर का उपयोग करें।
इस समय देश और प्रदेश में तानाशाही और हिटलरशाही चल रही है जिसका उदाहरण पिछले दिन उस समय मिला जब 15 अगस्त को आजादी के 74वें स्वतन्त्रता दिवस के अवसर पर प्रजातन्त्र का चौथा स्तम्भ माने जाने वाले पत्रकारों को आमंत्रित करके समारोह स्थल पर बैठने तक का प्रबंध न करके सार्वजनिक रूप से उन्हें अपमानित किया गया । यह शब्द आज यहाँ पत्रकारों से बातचीत करते हुए पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने कहे। उन्होंने कहा कि मुख्यातिथि के रूप में पधारे मंत्री के सामने पत्रकारों को समारोह स्थल पर बैठने का प्रबंध न किए जाने के कारण उन्हें सभी उपस्थित लोगों के सामने भूमि पर बैठना पड़ा जो शर्मनाक और निंदनीय है । बंबर ठाकुर ने कहा कि यह चिंता का विषय है कि मंत्री के सामने पत्रकारों को अपमानित किया गया और उन्होने इस गंभीर लापरवाही और तानाशाही पूर्ण कृत्य के लिए जिला प्रशासन को पूछा तक नहीं। उन्होंने कहा कि पत्रकार ही हैं जो सरकार और सरकार की विभिन्न योजनाओं और कार्यकलापों को जन-जन तक पहुंचाते हैं और निर्धनों और अतिनिर्धनों सहित समाज के हर वर्ग से होने वाले अन्यायों के विरुद्ध जोरदार आवाज उठा कर उन्हें न्याय दिलाने में विशेष भूमिका निभाते हैं। बंबर ठाकुर ने कहा कि पत्रकारों ने निर्भीकता व निष्पक्षता से कोरोना काल में प्रदेश में हुए सेनेटाईजर और पी पी ई किट घोटाले सहित कितने ही घोटालों को उजागर किया है। अब यदि पत्रकारों द्वारा सरकार और प्रशासन की पोल जनता के सामने खुलने से वे आहत होकर उनसे इस प्रकार का व्यवहार कर रहे हैं, तो उसे किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जा सकता है। बंबर ठाकुर ने आरोप लगाया है कि जिला प्रशासन पत्रकारों से अपनी खुन्नस निकालने के लिए उनसे ऐसा व्यवहार कर रहा है, अन्यथा कोई कारण नहीं है कि हर बार की तरह इस समारोह में भी उनके बैठने का प्रबंध न किया होता। उन्होंने कहा कि वास्तव में पत्रकारों को डराने-धमकाने के उदेश्य से जानबूझ कर ऐसा किया गया लगता है ,ताकि भविष्य में वे सरकार और जिला प्रशासन के गलत कृत्यों के विरुद्ध अपनी कलम को न चला पाएँ। उन्होंने कहा कि इस समारोह में विरोध पक्ष के नेताओं तक को आमंत्रित नहीं किया गया था। जबकि पूर्व विधायक होने के नाते उन्हें भी इस समारोह से दूर रखने के प्रयासों में आमंत्रित नहीं किया गया था। उन्होंने जिला प्रशासन को चेतावनी दी है और कहा है कि यदि उसने अपना रवैया न बदला और जिला में भ्रष्टाचारियों पर नुकेल नहीं कसी तो उसके गंभीर परिणाम होंगे, जिसका सारा उत्तरदाईत्व भी उन्हीं पर होगा।
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेन्द्र गर्ग ने आज घुमारवीं विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत सलाओं में लगभग 92.41 लाख से निर्मित की जाने वाली उठाऊ पेयजल योजना सलाओं, माकड़ी व भदरेट का शिलान्यास लगभग 4 लाख 65 हजार रुपये की लागत से निर्मित सामुदायिक शैड का उद्घाटन, भपराल में लगभग 3 लाख रुपये की लागत से बनने वाले महिला मण्डल भवन का शिलान्यास तथा दधोल खुर्द में लगभग 3 लाख रुपये की लागत से बनने वाले सामुदायिक भवन का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने सम्बोधित करते हुए कहा कि घुमारवीं में शीघ्र ही मिनी सचिवालय का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि घुमारवीं अस्पताल में 50 बिस्तरों की संख्या को बढ़ाकर 100 बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध करवा दी गई है। उन्होंने कहा कि घुमारवीं में एचआरटीसी के सब स्टेशन के कार्य भी आरम्भ हो चुका है। उन्होंने कहा कि घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के लिए जल जीवन मिशन के अंतर्गत 85 करोड़ रुपये स्वीकृति किए गए है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत घुमारवीं विधानसभा में जून, 2021 हर घर में नल उपलब्ध करवाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र में सुचारू पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए प्राथमिकता से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 92.41 लाख से निर्मित की जाने वाली उठाऊ पेयजल योजना सलाओं, माकड़ी व भदरेट के निर्मित होने से क्षेत्र के लगभग 1 हजार लोगों को समुचित मात्रा में शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि इस योजना से पूरी पंचायत कवर होगी। उन्होंने बताया कि यह योजना को दिसम्बर माह तक पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में 11 योजनाओं का संवर्धन किया जा रहा है। जिनके लिए लगभग 85 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि लगभग 53 करोड़ रुपये कि पेयजल योजना कोल डैंम से घुमारवीं विधानसभा के लिए स्वीकृत हुई है। उन्होंने कहा कि लोगों को सुचारू रुप से पेयजल सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए जहां-जहां पानी की कमी होगी उन्हें इस योजना के साथ जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र में बिजली की समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए जाहू में 33 के.बी. सब-स्टेशन स्वीकृत किया गया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए बम में एक सब-स्टेशन बनाया जाएगा और उसके उपरांत उसको भराड़ी के साथ जोड़ा जाएगा ताकि कम बोल्टेज की समस्या से निजात मिल सके। उन्होंने बताया कि इसके लिए 8 करोड़ रुपये भी स्वीकृत हो चुके है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में 5 नए ट्रांसफार्मर भी लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को यातायात की सुविधा प्रदान करने हेतु ढल्याणी सड़क के लिए 1.5 लाख रुपये स्वीकृत किया है और उसका कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि लिंक रोड सलाओं से गांव कामली तक के लिए 2 लाख रुपये स्वीकृति किए गए थे और उस सड़क का कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि बाड़ा दा घाट से सलाओं 4 किलोमीटर की सड़क का कार्य शुरू हो चुका है जिसमें 3 किलोमीटर सड़क का कार्य पूरा हो चुका है और शेष कार्य बरसात के उपरांत पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि द्रुग खडड के पुल के लिए 55 लाख रुपये स्वीकृत हो चुका और जिसके लिए टैंडर प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त क्षेत्र के विकास के लिए विभिन्न कार्यों पर 17 लाख 65 हजार रुपये स्वीकृत किए गए है। इनमें से अधिकांश कार्य पूर्ण कर लिए गए है तथा शेष कार्य प्रगति पर है। उन्होंने सलाओं पंचायत के लिए सोलर लाईट देने की घोषणा की है। शमशानघाट के लिए 10 लाख रुपये स्वीकृत किए। इस अवसर पर उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुना और उनका समाधान किया। इस मौके पर पूर्व मण्डलाध्यक्ष नरेन्द्र ठाकुर, मण्डल महामंत्री राजेश ठाकुर, प्रधान ग्राम पंचायत भपराल अंजू राणा, एसडीएम शशिपाल शर्मा के अतिरिक्त अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को अपना ध्येय मानकर समाज में आत्मनिर्भरता की मशाल जलाकर जागरूक करने निकली बिलासपुर की बीस वर्षीय बेटी आंकाक्षा गौतम ने अपनी दूरदर्शी सोच से सबको प्रभावित किया है। अपने हुनर से कायल करने वाली आंकाक्षा ने ग्रामीण विकास, पंचायती राज, कृषि, पशु पालन व मत्स्य मंत्री वीरेन्द्र कंवर को भी न सिर्फ प्रभावित किया बल्कि उन्हें इस बच्ची के द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट पर अमल करने के लिए बाध्य किया। बता दें कि उत्थान के लिए नई किरण लेकर उभरी गुरू अंगद देव वैटनरी एंड एनिमल साईंस यूनिवर्सिटी में बैचुलर आफ फिशरीज साइंसिज संकाय की द्वितीय वर्ष की छा़त्रा आकांक्षा गौतम मीडिया की सुर्खियों में रही तथा यह भी एक पिता के लिए गौरव का विषय है कि स्वतंत्रता दिवस पर बिलासपुर में ध्वजारोहण करने आए मंत्री विरेंद्र कंवर ने स्वयं फोन कर इस बेटी से मिलने की इच्छा जताई। आकांक्षा ने मंत्री को चैलेंजिज एंड अपाॅच्र्यूनिटिज इन फिशरीज फाॅर आत्मनिर्भर हिमाचल नाम की प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी सौंपी। आकांक्षा गौतम ने बताया कि वर्तमान में फिशरीज कल्चर को बचाना ही सबसे बड़ी चुनौती है, क्योंकि खड्डों, नदी, नालों में हो रहे अवैध खनन और धड़ल्ले से विकास के नाम पर लग रहे हाइड्रो पावर प्रोजेक्टस से मत्स्य पर्यावरण को बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है, यदि इन पर अंकुश नहीं लगता है कि आने वाले समय में मछली से पेट पालने वाले परिवार सड़कों पर आ जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस जलाशय में सबसे बड़ी एक और समस्या सीडिंग की है, वेस्ट बंगाल से आने वाला बीज अधिकांश तौर पर रास्ते में दम तोड़ देता है, उपर से इस पर ट्रांस्पोटेशन का भारी भरकम खर्च होता है। जबकि जलाशय में बीज डालने के बाद इसकी सुध लेना और ग्रोथ देखना लाजिमी होता है। बिलासपुर के गोविंद सागर जलाशय में मछली की दस प्रजातियां पाई जाती है जिसमें केवल काॅमन व सिल्पर कार्प ही सरवाईव करती है। बीज उत्पादन के लिए हिमाचल में प्राइवेट हैचरीज नहीं है, जो सरकारी है उनकी देखभाल बहुत कम हैं। हर जिला में फिशरीज हैचरीज का बनना जरूरी है तथा विभिन्न किस्म की मछलियों का यहां पर बीज तैयार हो सके और लोगों को अतिरिक्त रोजगार प्राप्त हो सके। उन्होंने बताया कि पंजाब और हरियाणा में यह कल्चर शुरू हो चुका है। आकांक्षा ने बताया कि जागरूकता के अभाव में यह व्यवसाय दम तोड़ रहा है, यदि इस पर वैज्ञानिक तरीके से काम किया जाए तो हिमाचल में यह उत्पाद अन्य व्यवसायिक उत्पादों से छह गुणा लाभ देगा, जिसमें कृषि संबंधी सभी फसलें शामिल है। यह एक ऐसा व्ववसाय है जिसमें खर्चा बहुत कम है और इसके निम्न स्तर से शुरू किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि देष और प्रदेश की उन्नति के लिए कल्चर बेस्ड कैप्चर अभियान की नितांत आवश्यकता है। उन्होंने मत्स्य मंत्री विरेंद्र कंवर से आग्रह किया कि हिमाचल प्रदेश में फिशरीज कालेज यदि खुलता है तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वरोजगार के साथ मत्स्य शिक्षा से ही मिलेंगे। वहीं ग्रामीण विकास, पंचायती राज, कृषि, पशु पालन व मत्स्य मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने आकांक्षा गौतम की बातों को गौर से सुना तथा आश्वस्त किया कि वे कल्चर बेस्ड कैप्चर तथा मछुआरों के साथ-साथ विभागीय अधिकारियों को विज्ञानिक तौर तरीकों के साथ आधुनिक तकनीक के बारे में जागरूक करने के लिए सेमीनार का आयोजन किया जाएगा।
जिला स्तरीय 74वां स्वतन्त्रता दिवस समारोह मुख्यमंत्री आदर्श राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (बाल) के खेल मैदान में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्यातिथि ग्रामीण विकास, पंचायती राज, कृषि, पशु पालन व मत्स्य मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने ध्वजारोहण किया और पुलिस बल, होमगार्ड, नेबल विंग द्वारा प्रस्तुत भव्य मार्च पास्ट की सलामी ली। इससे पूर्व उन्होंने चंगर स्थित शहीद स्मारक में माल्यार्पण कर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि हम सभी उन वीर सपूतों को नमन करते हैं,जिन्होंने देश की आजादी के लिए कड़ा संघर्ष किया और कुर्बानियां दी। उन्होंने कहा कि इस छोटे से पहाड़ी प्रदेश के वीर सपूतों ने भी स्वाधीनता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लोगों ने भी स्वतंत्रता संग्राम में बढ़-चढ़ कर भाग लिया था। उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता के ठीक 8 माह के पश्चात् 15 अप्रैल, 1948 को हिमाचल प्रदेश का उदय हुआ। उन्होंने प्रदेश के गठन और निर्माण में दिए गए अपने बहुमूल्य योगदान के लिए डाॅ. वाई. एस. परमार व अन्य विभूतियों को भी श्रद्धासुमन अर्पित अर्पित किए। उन्होंने कहा कि डाॅ.परमार स्वयं प्रदेश के गठन से लेकर पूर्ण राज्यत्व का दर्जा पाने तक की यात्रा के पुरोधा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह हर्ष की बात है कि हम इस बार प्रदेश के पूर्ण राज्यत्व का स्वर्ण जयंती वर्ष मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ओजस्वी नेतृत्व में हमारा देश एक सशक्त राष्ट्र के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि संघर्ष की स्थिति में पड़ोसी देशों को मुंह-तोड़ जबाव तथा कोविड-19 के दौरान आत्मनिर्भर अभियान इसके सार्थक प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने 2 वर्ष 8 माह में विकास के कई आयाम स्थापित किए है। इस अवधि में सुशासन, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, बागवानी में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए अनेक राष्ट्र-स्तरीय पुरस्कार प्राप्त हुए है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी क्षेत्रों का समग्र विकास सभी वर्गों का उत्थान सुनिश्चित बनाने के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं आरम्भ की गई है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने के लिए आयु सीमा को 80 वर्ष 70 वर्ष कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 70 वर्ष से अधिक आयु के 2.85 लाख से अधिक वृद्धजन 1500 रुपये मासिक पेंशन प्राप्त कर रहे है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दृष्टिगत 5.69 लाख पेंशनधारकों को सितम्बर, 2020 तक पेंशन का अग्रिम भुगतान कर दिया गया है, जिसपर अब तक 424.58 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। गत अढ़ाई वर्षों में विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 1,63,607 नए मामले स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के गम्भीर बिमारियों से पीड़ित लोगों के लिए सहारा योजना आरम्भ की गई है। इस योजना के अंतर्गत अब तक 9 हजार 78 लाभार्थियों को 5.90 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना के तहत 2.78 लाख से भी अधिक महिलाओं को निःशुल्क गैस वितरित की गई है। उन्होंने कहा कि किसानों और बागवानों की आय को दौगुना करने के उद्देश्य से अनेकों योजनाएं आरम्भ की गई है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब तक 59 हजार किसान प्राकृतिक खेती को अपना चुका है जिससे 3,037 हेक्टेयर में इस पद्धति से खेती की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता लोगों को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शहरी व ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं के स्वयं सहायता समूह गठित कर आर्थिक गतिविधियां आरम्भ करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में स्वयं सहायता समूहों ने फैस मास्क, सैनीटाईजर इत्यादि लोगों में वितरित कर सराहनीय कार्य किया जिसके लिए उन्होंने धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि जिला बिलासपुर ने भी विकास के इस पथ में नए आयाम छुएं है। जिला बिलासपुर के कोठीपुरा में अखिल भारतीय अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान (एम्स) का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एम्स के बनने से प्रदेश तथा बिलासपुर के लोगों को स्वास्थ्य की सुविधाएं घर-द्वार पर ही उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि हाईड्रो इंजीनियरिंग काॅलेज, फोरलेन और रेलवे का निर्माण कार्य भी तीव्र गति से चल रहा है। उन्होंने कहा कि जिला बिलासपुर में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने तथा उन्हें स्वरोजगार अपनाने के प्रति प्रेरित करने के लिए झंडुता विधान सभा क्षेत्र के बरसंड गेहड़वीं और घुमारवीं विधान सभा क्षेत्र के चैहड़ी में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाने प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग की ओर प्रदेश डिस्ट्रिक्ट गुड गवर्नेंस-2019 के 18 मुख्य विषयों, 45 मानकों और सात थीम्स के आधार पर तैयार की गई सूची में सभी अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए बिलासपुर जिला को प्रथम पुरस्कार 50 लाख का प्राप्त हुआ है जिसके लिए उन्होंने बधाई दी। इस मौके नटराज कला मंच के कलाकारों देशभक्ति पर आधारित समूह गान प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विधायक सदर सुभाष ठाकुर, झंडुता जे.आर. कटवाल, पूर्व विधायक रणधीर शर्मा, जिला अध्यक्ष स्वतंत्र सांख्यान, उपायुक्त राजेश्वर गोयल, पुलिस अधीक्षक दिवाकर शर्मा, एडीएम विनय धीमान, सहायक आयुक्त सिद्धार्थ आचार्य के अतिरिक्त अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। घुमारवीं में एसडीएम शशी पाल शर्मा ने ध्वजारोहण किया तथा झण्डुता में एसडीएम विकास शर्मा ने ध्वजारोहण किया। बिलासपुर न्यायालय परिसर बिलासपुर में जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार चौधरी ने 74वें स्वतन्त्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर पुलिस विभाग की टुकड़ी द्वारा राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी गई। इस अवसर पर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अक्षी शर्मा, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी नितिका ताहिम, प्रधान बार एसोशिएशन चमन लाल के अतिरिक्त अन्य अधिवक्तागण तथा स्टाॅफ उपस्थित रहा।
बिलासपुर जिला के घुमारवीं उपमंडल में स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर एसडीम घुमारवीं शशि पाल शर्मा ने ध्वजारोहण किया तथा उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हुए न केवल देश के उत्थान के लिए कार्य करें परंतु उन वीरों को भी नमन करें जिन्होंने हंसते हुए अपने प्राणों की आहुति देश के लिए दे दी। इस अवसर पर डीएसपी घुमारवीं अनिल ठाकुर भी उपस्थित रहे तथा उन्होंने भी कार्यक्रम का आगाज महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने के बाद किया। इस अवसर पर व्यापार मंडल प्रधान हेमराज संख्यान, नगर परिषद अध्यक्ष राकेश चोपड़ा, महेंद्र पाल रतवान सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। हालांकि कोविड-19 का प्रभाव यहां भी खूब देखने को मिला। सभी लोग जहां 2 गज की सामान्य दूरी अपनाए हुए थे वहीँ मास्क भी सभी लोगों ने पहन रखा था। बताते चलें कि आजकल घुमारवीं में कोरोनावायरस ने लोगों में दहशत पैदा कर दी है जिसके चलते जहां अधिकांश दुकानें व नगर परिषद के वार्ड पूर्णतया बंद हैं। वही लोगों में भी इसके प्रति दहशत है तथा हर कोई अपने आप को बचाने के लिए विभिन्न उपाय करने में ही अपनी समझदारी समझ रहा है।
वो दौर था 1857 का, पूरे देश में क्रांति की ज्वाला भड़क रही थी। ऐसे में पहाड़ों की शांत वादियों में लगी चिंगारी भी कम नहीं थी। धीमें से सुलग रही इस क्रांति की चिंगारी ने जब विकराल रूप लिया तब लगभग पूरा हिमाचल इसकी जद में आ गया। 20 अप्रैल 1857, वो दिन जब पहली बार हिमाचल प्रदेश में अंग्रेज़ों के खिलाफ धधक रही ज्वाला ने विकराल रूप धारण किया। क्रांति का आगाज़ हुआ कसौली से। अंबाला राइफल डिपो के छह भारतीय सैनिकों ने कसौली थाने को आग के हवाले कर दिया। अंग्रेजों के सुरक्षित गढ़ कही जाने वाली कसौली छावनी पर हुए इस हमले से गोरे बौखला उठे और उन्होंने अन्य छावनी क्षेत्रों व कंपनी सरकार के कार्यालयों की सुरक्षा कड़ी कर दी। गोरों ने कई क्रांतिकारियों को जेलों में डाल दिया और कईयों को सूली पर चढ़ा दिया, पर सैनिकों का बलिदान ज़ाया नहीं गया। कसौली से भड़की इस ज्वाला ने पूरे हिमाचल में आज़ादी की अलख जगा दी। इसके बाद डगशाई छावनी, सुबाथू, कालका व जतोग में क्रांति की लहर दौड़ी। उधर कांगड़ा, नूरपुर, धर्मशाला, कुल्लू-लाहुल, सिरमौर व अन्य रियासतों में भी विद्रोह प्रखर हो गया। बुशहर के राजा शमशेर सिंह, कुल्लू-सिराज के युवराज प्रताप सिंह, सुजानपुर के राजा प्रताप चंद गुप्त रूप से क्रांतिकारियों की गतिविधियों में संलिप्त हो गए। 11 मई को अंग्रेजों को मेरठ, दिल्ली और अम्बाला में विद्रोह की सुचना मिली। गोरों ने कसौली, सुबाथू, डगशाई व जतोग की छावनियों को अंबाला कूच का आदेश दिया। भारतीय सैनिकों ने इस आदेश का खुले तौर पर विद्रोह किया और बगावत का ऐलान कर दिया। 13 मई को जतोग में गोरखा रेजिमेंट ने सूबेदार भीम सिंह के नेतृत्व में देशी सैनिकों ने अंग्रेजों पर धावा बोल दिया। सिर्फ 45 क्रांतिकारियों ने 200 अंग्रेजों को धूल चटा दी। सैनिकों ने कसौली ट्रेजरी को लूटा और जतोग की तरफ बढ़ने लगे। इस बारे में अंग्रेज़ों के तत्कालीन कमिश्नर पी. मैक्सवैल ने अपनी डायरी में जिक्र किया है और हैरानी जताई है कि कैसे मुट्ठीभर क्रांतिकारियों ने अपने से चार गुना अधिक अंग्रेजी सेना को हरा दिया था। इसके बाद विद्रोह की डोर स्थानीय पुलिस ने अपने हाथों में ली। स्थानीय पुलिस गार्ड के दरोगा बुद्धि सिंह जतोग पर कब्जे के लिए रवाना हो गए। जतोग पहुँचते पहुँचते रास्ते में अंग्रेजी सेना ने कुछ क्रांतिवीरों को पकड़ लिया तो कुछ मारे गए। जबकि बुद्धि सिंह ने गोरों के हाथों मरने से भला स्वयं को गोली मरना समझा और वो शहीद हो गए। पहाड़ी रियासतों में क्रांति योजनाबद्ध तरीके से हो रही थी, जिसके लिए एक गुप्त संगठन बना हुआ था, जिसके सदस्य सूचनाओं को यहां-वहां पहुंचाया करते थे। पहाड़ों में इस क्रांति के नेता पंडित राम प्रसाद वैरागी थे। वैरागी सुबाथू मंदिर में पुजारी थे। वे संगठन पत्रों के माध्यम से संदेश भेजा करते थे। 12 जून 1857 को इस संगठन का कुछ पत्र अंबाला के कमिश्नर जीसी बार्नस के हाथ लगे, जिसमें दो पत्र राम प्रसाद वैरागी के भी थे। इसके साथ ही संगठन का भेद खुल गया। वैरागी को पकड़ कर अंबाला जेल में फांसी पर चढ़ा दिया गया। क्रांतिकारियों को सहयोग न मिला व अंग्रेज़ों ने 1857 के विद्रोह को दो महीनो में ही दबा दिया और प्रदेश में लगी विद्रोह की ज्वाला कुचल दी गई।
जब जब स्वतंत्रता संग्राम की बात की जाती है तो पहाड़ के जांबाज़ों का ज़िक्र न हो ऐसा हो नहीं सकता। स्वतंत्रता संग्राम में हिमाचल प्रदेश के सपूतों ने महात्मा गांधी के साथ कदम से कदम मिलाकर जो योगदान दिए वो किसी से कम नहीं। देवभूमि के वीर सपूतों ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ जो आंदोलन का बिगुल बजाया तो उसकी गूंज पूरे भारत वर्ष को सुनाई दी। चाहे 1857 की महाक्रांति हो या 15 अगस्त 1947 तक का आंदोलन हो, छोटे से पहाड़ी प्रदेश हिमाचल ने भी इनमें अहम भूमिका निभाई। आजादी की लड़ाई के लिए हिमाचल में गुरिल्ला बम बने। सशस्त्र क्रांतियां हुईं। हजारों क्रांतिकारियों ने पूरे दमखम से स्वतंत्रता के लिए लड़ाई लड़ी। तो आज स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य पर हम उन्हीं कुछ स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में जानेंगे। पंडित राम प्रसाद वैरागी उस समय पूरे देश में क्रांति के संचालन के लिए एक गुप्त संगठन बनाया गया था। पहाड़ों में इस क्रांति के नेता पंडित राम प्रसाद वैरागी थे। वैरागी सुबाथू मंदिर में पुजारी थे। वे संगठन को पत्रों के माध्यम से संदेश भेजा करते थे। 12 जून 1857 को इस संगठन के कुछ पत्र अंबाला के कमिश्नर जीसी बार्नस के हाथ लगे, जिसमें दो पत्र राम प्रसाद वैरागी के भी थे। इसके साथ ही संगठन का भेद खुल गया। वैरागी को पकड़ कर अंबाला जेल में फांसी पर चढ़ा दिया गया। क्रांतिकारियों को सहयोग नहीं मिला और अंग्रेज़ों ने 1857 के विद्रोह को दो महीनो में ही दबा दिया और प्रदेश में सुलगी विद्रोह की ज्वाला कुछ समय के लिए शांत हो गई। 'हिमाचल निर्माता' डॉ॰ यशवंत सिंह परमार डॉ॰ यशवंत सिंह परमार, हिमाचल निर्माता के नाम से भी जाने जाते हैं। हिमाचल के पहले मुख्यमंत्री डाॅ. परमार ने हिमाचल में विकास की नींव रखी थी। सिरमौर में जन्मे परमार सिरमौर की रियासत में 11 साल तक सब जज और मजिस्ट्रेट रहे। उसके बाद न्यायाधीश के रूप में 1937-41 तक अपनी सेवाएं दीं। इसी दौरान वह सुकेत सत्याग्रह प्रजामंडल से जुड़े। नौकरी की परवाह न करते हुए उन्होंने स्वतंत्रता की लड़ाई में अपना पूरा योगदान दिया। उनके ही प्रयासों से यह सत्याग्रह सफल हुआ। 'पहाड़ी गांधी' बाबा कांशी राम पहाड़ी गांधी कहे जाने वाले बाबा कांशीराम ने आज़ादी की लड़ाई में बेहद अहम भूमिका निभाई। उन्होंने जब तक भारत को आजादी नहीं मिल जाती तब तक काले कपड़े पहनने की शपथ ली थी। बाबा कांशी राम ने अपने पहाड़ी गीतों और कविताओं से पहाड़ी राज्य हिमाचल और देश को आजादी के लिए जगाने में सराहनीय प्रयास किए। उन्होंने गांव-गांव घूमकर अपने लिखे लोकगीतों, कविताओं और कहानियों से अलख जगाई। कांशी ने पहली बार पहाड़ी बोली को लिखा और गा-गाकर लोगों को राष्ट्रीय आंदोलन से जोड़ा। सरोजनी नायडू ने उन्हें बुलबुल-ए-पहाड़ के खिताब से नवाजा। 1930 और 1942 के बीच वो 11 बार जेल गए और अपने जीवन के 9 साल सलाखों के पीछे काटे। जेल के दिनों में लिखी हर रचना उस वक्त लोगों में जोश भरने वाली थी। ‘समाज नी रोया’, ‘निक्के निक्के माहणुआं जो दुख बड़ा भारा’, ‘उजड़ी कांगड़े देश जाना’ और ‘कांशी रा सनेहा’ जैसी कई कविताएं मानवीय संवेदनाओं और संदेशों से भरी थीं। दौलतराम सांख्यान आजादी की लड़ाई में बिलासपुर के महान स्वतंत्रता सेनानी दौलतराम सांख्यान के संघर्ष को आखिर कौन भुला सकता है। बिलासपुर में प्रजामंडल का गठन कर दौलतराम सांख्यान ने ब्रिटिश सरकार को सीधी चुनौती देकर कई मुश्किलें खड़ी कर दीं थी। ब्रिटिश सरकार ने उन्हें इस मुहिम के लिए कई यातनाएं दीं। अंग्रेजी सरकार ने उनकी चल-अचल संपत्ति तक जब्त कर ली थी। इतना ही नहीं 11 जून 1946 से 12 अक्तूबर 1948 तक रियासत से निष्कासित कर दिया गया। इसके बावजूद स्वतंत्रता संग्राम के इस सेनानी ने हार नहीं मानी और डट कर अंग्रेजों का सामना किया। कैप्टन राम सिंह ठकुरी वहीं आजाद हिंद फौज के सिपाही और संगीतकार कैप्टन राम सिंह ठकुरी ने भारत के राष्ट्र गान जन गन मन की धुन तैयार की है। उन्होंने अपनी वीरता के लिए किंग जार्ज-पंचम मेडल प्राप्त किया। जब सुभाष चंद्र बोस ने उनसे मुलाकात की तो उन्हें वोइलिन भेंट की, जिसे वह हमेशा अपने पास रखते थे। उन्होंने 'कदम-कदम बढ़ाए जा-खुशी के गीत गाए जा' जैसे सैकड़ों ओजस्वी गीतों की धुनों की रचना की। 15 अगस्त 1947 को राम सिंह के नेतृत्व में आईएनए के आर्केस्ट्रा ने लाल किले पर शुभ-सुख चैन की बरखा बरसे गीत की धुन बजाई। कौमी तराना नाम से यह गीत आजाद हिंद फौज का राष्ट्रीय गीत बना, इस गीत की ही धुन को बाद में जन-गण-मन की धुन के रूप में प्रयोग किया गया। पदम् देव पदमदेव जिला शिमला के गांव भनोल से ताल्लुक रखते थे। उन्होंने 1930 में असहयोग आंदोलन और सिविल अवज्ञा में(सिविल डिसओबेडिएंस) में भाग लिया। वह हिमालय रियासती प्रजा मंडल के संस्थापक सदस्य थे और गरीबी व अस्पृश्यता(अनटचेबिलिटी) के खिलाफ लड़े थे। 1952 में वह विधानसभा के लिए चुने गए और राज्य के पहले गृह मंत्री बने। 1957 में वह लोकसभा, 1962 में क्षेत्रीय परिषद और फिर 1967 में विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए। वह कविराज के नाम से मशहूर थे। यश पाल उस समय यश पाल कॉलेज में ही थे जब उनकी मुलाकात भगत सिंह और सुखदेव से हुई। उन्होंने चरमपंथी समूह हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी (एचएसआरए) को ज्वाइन किया। एचएसआरए ने 1929 में लॉर्ड इरविन को ले जाने वाली ट्रेन को उड़ाने की योजना बनाई थी। यशपाल ने उस में बम से विस्फोट किया था। कई नेताओं की गिरफ्तारी के बाद यशपाल ने चंद्रशेखर आजाद को एचएसआरए को फिर से संगठित करने में मदद की। 1932 में उन्हें गिरफ्तार किया गया और वह 6 साल तक जेल में रहे। वह एक प्रतिभाशाली लेखक थे और प्रसिद्ध किताब ‘सिम्बालोकन’ सहित कई पुस्तकें लिखी थीं। उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार और पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। शिवानंद रामौल, पूर्णानंद, सत्य देव, सदा राम चंदेल, सत्यानंद स्टोक्स, ठाकुर हजक सिंह इत्यादि ऐसे अन्य प्रमुख स्वतंत्रता सैनानी रहे हैं जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में अपना योगदान दिया था। आज भले ही यह हस्तियां हमारे बीच नहीं हैं पर उनके दिए गए बलिदान को कृतज्ञ राष्ट्र कभी नहीं भूल सकता।
विधायक सुभाष ठाकुर ने लघट में 20 लाख रुपये की लागत से निर्मित गौ सदन का उद्घाटन किया जिसका संचालन बीडीटीएस द्वारा किया जाएगा। उन्होंने ग्राम पंचायत बरमाणा में 10 लाख 10 हजार रुपये की लागत से निर्मित होने वाले ग्राम सभा हाॅल तथा 2 लाख रुपये की लागत से बनने वाले सामुदायिक भवन का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने पौधारोपण भी किया। इसके उपरांत सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रदेश सरकार प्राथमिकता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सदर विधानसभा क्षेत्र को आदर्श विधानसभा क्षेत्र बनाना उनकी प्राथमिकता है। विधानसभा क्षेत्र में सड़कों, पेयजल व सिंचाई योजनाओं तथा अन्य विकास कार्यों पर करोड़ों रुपये की धनराशि व्यय की जा रही है। क्षेत्र में लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए गांवों में तीव्र गति से गुणवत्ता के आधार पर विकास कार्य करवाएं जा रहे है। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र में लोगों को यातायात के बेहतर साधान उपलब्ध करवाने के लिए करोड़ो रुपये की लागत से सड़कों का विस्तारीकरण किया जा रहा है। लोगों को सुचारू पेयजल सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए 65 करोड़ रुपये की कोल परियोजना से विधानसभा क्षेत्र में जहां-जहां पेयजल समस्या थी वहां पेयजल उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा बेसहारा पशुओं को आश्रय देने के लिए गौसदनों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लघट में बने गौसदन में 35 पशुओं को रखने की क्षमता होगी, इससे बेसहारा गौवंश को आश्रय प्रदान कर क्षेत्र की सड़कें गौवंश मुक्त किया जाएगा। इस गौसदन के बनने से क्षेत्र के किसानों को आवारा पशुओं से फसलों को नुकसान पहुचने से राहत मिलेगी वहीं सड़कों पर यातायात में बाधा नहीं आएगी। उन्होंने गौ सदन का संचालन करने के लिए बीडीटीएस का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि जिला में लोगों को स्वास्थ्य की बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए पीएचसी, सीएचसी तथा जिला चिकित्सालय में पर्याप्त मात्रा में डाॅक्टर उपलब्ध करवाए जा रहे है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 24 विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद है। उन्होंने कहा कि बैरी में क्षेत्र के लोगों को बिजली की कम बोल्टेज की समस्या से निजात दिलाने के लिए 2 करोड़ रुपये की लागत से सब स्टेशन बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 35 नए बिजली के ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे जिसमें 2 ट्रांसफार्मर बरमाणा पंचायत में लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग में 10 नई पोस्ट स्वीकृति हुई है। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र में 2 करोड़ रुपये की लागत से नए पोल लगाए जाएंगे। इस मौके पर उन्होंने लोगों की समस्याओं को भी सुना। इस अवसर पर मण्डल अध्यक्ष हंस राज, जिला महामंत्री आशीष, एडवोकेट शिवपाल मन्हास, प्रधान मन्जू मन्हास, प्रधान पंजगाई सुशील शर्मा, बीडीटीएस प्रधान जीत राम गौतम, बीडीटीएस सचिव रजनीश ठाकुर, बीजेपी युवा मोर्चा प्रदेश सह प्रवक्ता राकेश, अध्यक्ष विनोद, जिला उपाध्यक्ष रोहित, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अशोक शर्मा, पूर्व बीडीसी उपाध्यक्ष राजकुमार चौधरी, श्याम सिंह ठाकुर, सरवीण सिंह, अमरनाथ चढढा, बीडीओ विनीत ठाकुर, एसडीओ लोक निर्माण सूरत सिंह, एसडीओ विद्युत शमशेर सिंह उपस्थित रहे।
भाषा एवं संस्कृति विभाग कार्यालय बिलासपुर द्वारा स्वतन्त्रता दिवस से पूर्व अवसर पर ऑनलाईन गुगलमीट ऐप के माध्यम से ज़िला स्तरीय कवि सम्मेलन का आयोजन करवाया गया । इस आयोजन में लगभग 15 साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं का वाचन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ज़िला भाषा अधिकारी नीलम चन्देल द्वारा की गई। कार्यक्रम का संचालन इन्द्र सिंह चन्देल द्वारा किया गया । सर्वप्रथम इन्द्र सिंह चन्देल द्वारा "ऐ मालिक तेरे बन्दे हम, ऐसे हो हमारे कर्म" वन्दना प्रस्तुत की गई। उसके उपरान्त रवि सांख्यान ने अपनी रचना "दास्तां की बेड़ियों में कैद था भारत महान, सोने की चिड़िया किसे सुनाती व्यथा अपनी अन्जान", प्रतिभा शर्मा ने "इस धरती के देव है ब्रह्या, विष्णु महेश तथा पहाड़ी रचना पंक्तियां थी- मेरे मैरमा न जायां परदेश, मन ता मेेरा लगे नई", सुशील पुण्डीर की रचना का शीर्षक था- "स्वतन्त्रता पंक्तियां थी- स्वतन्त्रता दिवस है आया मुहब्बत का पैगाम है लाया", सुरेन्द्र मिन्हास ने "गुलामी सभी ते माडी मितरा, अजादिया कने धुम कोई नफिकरा", दिनेश सांवन्त की रचना की पक्तियां थी- "सरहद पे लहू जो बहता है, बहते-2 कहता है भारत दिल में रहता है'', सत्या शर्मा ने "यह कैसा कोरोना धरती पर आया", तृप्ता देवी ने "स्वतन्त्रता दिवस है आया चारों तरफ खुशी का माहौल है छाया", अरूण डोगरा रीतू ने "मेरी सलाह तुसां जो मनणी पौणी" शीर्षक से रचना प्रस्तुत की पंक्तियां थीं "सलाह देने वाले जो कोई नी झलदा'', हेमा ठाकुर ने औरत व प्रोमिला भारद्वाज ने "स्वतन्त्र हवा" शीर्षक से अपनी रचना प्रस्तुत की पंक्तियां थी- स्वतन्त्र हवा चलती जब-जब बलखाती, सरसराती अल्हड मस्त फर्र-फर्र बहती हवा। श्याम लाल शर्मा ने धार्मिक रचना प्रस्तुत की। नवोदित कवयित्रि तनवी राणा की पंक्तियां थी- "आक्रोश की ज्वाला धधक रही थी", प्रियंका चन्देल की पंक्तियां थी- ''मन में विश्वास दिल में जनून, कुछ कर गुजरने का हौंसला त्याग अपना सर्वस्व देश पर कर बलिदान।'' अन्त में ज़िला भाषा अधिकारी नीलम चन्देल द्वारा सभी कवियों एवं कवयित्रियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमारा राष्ट्रीय पर्व है और हमें अपने राष्ट्र के प्रति आदर एवं सम्मान की भावना रखनी चाहिए। उन्होने विभागीय परियोजनाओं की जानकारी देते हुए विभागीय गतिविधियों पर भी प्रकाश डाला। इसके अतिरिक्त भाषा एवं संस्कृति विभाग कार्यालय बिलासपुर द्वारा ज़िला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में छात्र पाठशाला बिलासपुर के प्रांगण में ज़िला स्तरीय स्वतन्त्रता दिवस के अवसर पर विभाग द्वारा देश भक्ति एवं रंगोली सम्बन्धी कार्यक्रम का आयोजन भी किया जा रहा है।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, कृषि, पशु पालन व मत्स्य पालन मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने ग्रामीण विकास, कृषि, पशु पालन, मत्स्य तथा पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा कि आपसी तालमेल से कार्य करें और किसानों तथा अन्य लोगों के कल्याणार्थ सम्बन्धित विभागों द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं की बारे में भी जागरूक करें ताकि अधिक से अधिक पात्र व्यक्ति इन योजनाओं का लाभ उठा सके। उन्होंने कृषि के अधिकारियों को निर्देश दिए की वे कल्स्टर तौर पर कार्य करें और किसानों को अधिक से अधिक प्राकृतिक खेती को अपनाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि किसानों की भूमि का मृदा परीक्षण कर उन्हें अधिक से अधिक जानकारियां प्रदान करें ताकि वे फसलों का अधिक उत्पादन करें और प्रदर्शन प्लाॅट भी तैयार करें। उन्होंने किसानों को पेट्रीसाईड का प्रयोग न करने के लिए प्रेरित करने को कहा ताकि पोष्टिकपैदावार हो सके। उन्होंने बताया कि जिला में 12 गौ सदन कार्य कर रहे है जिसमें 1898 पशुओं को आश्रय दिया गया है। उन्होंने बताया कि जिला में पशुओं की जियो टैगिंग की जा रही है तथा गौ सदनों में पशुओ का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने पशु पालन विभाग के चिकित्सकों को निर्देश दिए की वे समय-समय पर गौ सदनों में जाकर पशुओं की स्वास्थ्य की जांच करें तथा उनका आवश्यक उपचार भी सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने कहा कि पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था के लिए गौ सदनों के आस-पास ही उगाने की व्यवस्था बनाई जाए ताकि पशुओं को आसानी से चारा उपलब्ध करवाया जा सके। उन्होंने बताया कि जिला में 2 काऊ सैचुरी बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास के लिए गांव में लोगों को घरों से सड़क तक एम्बुलेंस रास्ता बनाने के लिए शीघ्र कार्य करें। इस अवसर पर उपायुक्त राजेश्वर गोयल, निदेशक मत्स्य सतपाल मैहता, उप-निदेशक कृषि डाॅ. कुलदीप पटियाल, जिला पंचायत अधिकारी शशि बाला के अतिरिक्त सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बिलासपुर जिले में कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष का कार्यभार संभालने के पश्चात अंजना धीमान ने जिस तरह से नए और पुराने कार्यकर्ताओं को साथ लेकर कार्य करना आरंभ किया है उसके दूरगामी परिणाम बताए जा रहे हैं। उन्होंने हाल ही में सदर ब्लॉक कांग्रेस की कमेटी के बारे में एक बैठक की अध्यक्षता की। उसमें पार्टी की ओर से पर्यवेक्षक वीरेंद्र सूद भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस बैठक में सदर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष के नाम पर चर्चा की जानी थी। गौरतलब यह है कि इस बैठक में पूर्व विधायक डॉक्टर बाबू राम गौतम, तिलकराज शर्मा व बंबर ठाकुर उपस्थित रहे ही लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रताप कौंडल, मस्त राम वर्मा, तेजस्वी शर्मा, राजिंदर ठाकुर, हेमराज ठाकुर, संदीप सांख्यान, सुनील शर्मा और गौरव शर्मा सहित अनेक ऐसे कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे जिनका पार्टी के लिए विशेष योगदान रहा है। इस बैठक में पर्यवेक्षक के सामने यह सभी ने सर्वसम्मति से पारित किया कि जो भी निर्णय सर्वसम्मति से हाईकमान द्वारा लिया जाएगा वह सबको मान्य होगा। इसके अलावा इस बैठक में नगर परिषद में कांग्रेस समर्थित पार्षद विमला देवी के निधन पर शोक प्रकट किया गया और उनकी आत्मा की शांति के लिए मौन भी रखा गया। पर्यवेक्षक वीरेंद्र सूद ने भी कहा कि जो भी वरिष्ठ नेता इस पद पर दावेदारी जता रहे हैं। उनकी पार्टी के प्रति कार्यों की रूपरेखा देखी जाएगी और पूरी पारदर्शिता के बाद गहनता से अध्ययन करने के उपरांत ही इस पद पर कोई निर्णय लिया जाएगा।
क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में सफाई व्यवस्था सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए अस्पताल प्रशासन ने सफाई अभियान शुरू कर दिया है। एक सप्ताह तक चलने वाले इस अभियान में प्रतिदिन अस्तपाल प्रशासन की टीम नए व पुराने भवनों में उगे पौधों को उखाड़ेगी। साथ ही अस्पताल प्रांगण व परिसर को साफ-सुथरा रखने में अपनी मुख्य भागीदारी सुनिश्चित करवाएगी। यहां पर तैनात चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. एनके भारद्वाज ने बताया कि प्रतिदिन अस्पताल परिसर का सुबह के समय निरीक्षण किया जाता है। अगर कहीं भी कोई खामियां दिखे तो उसे दूर करने के लिए आदेश जारी कर दिए जा रहे है। उन्होंने बताया कि सफाई अभियान के लिए भी एक कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी प्रतिदिन अस्तपाल परिसर की सफाई कर रही है। वहीं, पुराने भवनों की ज्यादा सफाई की जा रही है। क्योकि उनके ध्यान में आया है कि यहां पर अभी भी कुछ भवन ऐसे में जहां पर गंदगी का आलम है। ऐसे में उन्होंने सख्त आदेश जारी किए हैं कि सबसे पहले पुराने भवनों में पड़ी गंदगी को साफ किया जाए ताकि यहां पर सफाई सुचारू रूप से रहे। एमएस डाॅ. भारद्वाज ने बताया कि अस्पताल परिसर में बेस्ट मेटिरियल अधिक हो गया है जिसके कारण अस्पताल में काफी स्थान इन मेटिरियल की वजह से भरा हुआ है। उन्होंने बताया कि इसके लिए जल्द ही ऑक्शन की जाएगी, जिससे बेस्ट मेटिरियल यहां पर से उठा दिया जाए। इसके उठाने से अस्पताल परिसर में और अधिक जगह खुल सकती है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में कई अन्य और भी ऐसे कार्य है जिन्हें करवाया जाएगा। मदर एंड चाइल्ड विंग के कार्य की बात करें तो उसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। सभी दस्तावेज कार्य भी पूरे हो चुके है, जल्द ही यहां पर कार्य शुरू होने जा रहा है। मदर एंड चाइल्ड विंग के बनने से यहां पर गर्भवती महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा।
सदर विधानसभा क्षेत्र के युवा नेता एवं प्रदेश महासचिव युवा कांग्रेस आशीष ठाकुर ने प्रदेश सरकार और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशाना साधते हुए कहा है कि सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रों व शिक्षकों की कोई परवाह नहीं है, जब आज पूरे विश्व मे कोरोना महामारी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है और देव भूमि हिमाचल में भी आये दिन मामले बढ़ते जा रहे है वंही दूसरी तरफ विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की परीक्षाएं शुरू करने जा रहा है जो कि सरासर गलत निर्णय है। आशीष ठाकुर ने पूछा है कि सरकार और प्रशासन कौन सी ऐसी व्यवस्था करने जा रही है कि जिससे छात्रों और शिक्षकों को कोरोना महामारी से बचाया जा सके। साथ मे उन्होंने पूछा है कि कंटेन्मेंट ज़ोन से आने वाले छात्र किस आधार पर परीक्षा में उतीर्ण होंगे उन्होंने कहा कि अगर एक भी छात्र पॉजिटिव पाया जाता है तो महामारी को घर द्वार तक पहुंचने से कोई नही रोक पाएगा। आशीष ठाकुर ने कहा कि जब मंत्री और यंहा तक कि मुख्यमंत्री के स्टाफ मेम्बर पोसिटिव आ रहे है तो आप किस आधार पर छात्रों, अभिवावकों ओर उनके शिक्षकों की ज़िंदगी से खिलवाड़ कर रहे है। आशीष ठाकुर ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि छात्रों और उनके परिवार के लोगो ओर शिक्षकों की 5 करोड़ का बीमा किया जाए और अगर परीक्षा के समय या उसके बाद कोई अनहोनी होती है तो उसकी जिमेदारी लेने के लिए तैयार रहे। आशीष ठाकुर ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जब तक कोरोना महामारी पर नियंत्रण न हो पाए तब तक परीक्षायों को अनिश्चित काल के लिए रोक लगाई जाए नही तो वो दिन दूर नही होगा कि जब घर द्वार तक इस महामारी का प्रकोप पहुंच जाएगा और नियंत्रण पाना असंभव हो जाएगा।
प्रगति समाज सेवा समिति द्वारा चलाई गई अपाहिज गौवंश गौशाला जमीन पर संवैधानिक कब्जा होने के बावजूद भी जिला प्रशासन कुछ राजनीतिक व शरारती तत्वों के बहकावे में आकर इस जमीन को असंवैधानिक बता रहे है जबकि वर्ष 2014 में उच्च न्यायलय के बेसहारा गौ वंश को रखने के लिए जब आदेश पारित हुए थे तो अपाहिज गौवंश को रखने के लिए कोई भी गौशाला रखने को तैयार नहीं थी। यह बात प्रगति समाज सेवा समिति के अध्यक्ष सुनील कुमार शर्मा ने बताते हुए कहा कि जब कोई भी गौशाला सड़कों पर दुर्घटना ग्रस्त हो रहे गौवंश को रखने को तैयार नहीं थी उस वक़्त जिला प्रसाशन ने भगेड़ में सभी औपचारिकताएं पूरी कर अपाहिज गौवंश के नाम जमीन कर इन पशुओं की जिम्मेदारी उन्हें सौंप दी थी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में जिला प्रशासन द्वारा अपाहिज गौवंश की जमीन उनसे जमीन सौंपने से पूर्व पूरी औपचारिकताएं पूरी की गई परन्तु आज उन फाइलों को दबा कर प्रशासन आए दिन जमीन को लेकर अडंगे लगा रहा है जबकि वर्ष 2014 से लेकर आज तक उनके पास अपाहिज पशुओं की संख्या बड़ती जा रही है जिनके लिए उन्हें जिला प्रशासन द्वारा दी गई जमीन पर अपाहिज पशुओं को रखने के लिए सेल्टर बनाने की आवश्यकता पड़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अधिकतम गौशालाएं सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे कर बनाई गई है और उन गौशालाओं में अपाहिज गौ वंश व बेसहारा सड़कों पर घूम रहे पशुओं की अपेक्षा दुधारू गाय रखी गई है। वहीं पर सरकार बेसहारा पशुओं को रखने के नाम पर करोड़ों रुपए की राशि इन गौ शालाओं को चलाने के लिए दे रही है जबकि भगेड में चल रही अपाहिज गौ शाला को चलाने के लिए सरकार से कोई अनुदान नहीं लिया जा रहा है। उसके बावजूद भी प्रशासनिक अधिकारी कुछ शरारती तत्वों के कहने से उनकी सेवा कार्य में बाधा डाल रहे है। उन्होंने कहा कि वह राजनीति से दूर रहकर बेसहारा गौ वंश की सेवा में लगे है वहीं पर प्रशासन उन्हें अपाहिज गौ वंश की जमीन को लेकर उनके कार्य में बाधा डाल रहा है। दूसरी तरफ कुछ एक राजनीतिक तत्व उन्हें बदनाम करने के लिए उनकी समिति के नाम जाली बैंक अकाउंट खोलकर पैसा इकट्ठा कर रहे है। उन्होंने कहा कि वह वर्ष 2009 से बेसहारा पशुओं की सेवा से जुड़े है इसलिए उनका मकसद बेसहारा अपाहिज पशुओं को सहारा देना बन चुका है और सरकार से भी आए दिन यही मांग करते है कि प्रदेश में लाखो रुपए की राशि से चल रही गौ शालाओं में दुधारू गायो को रखने की अपेक्षा बेसहारा व अपाहिज गौ वंश को रखा जाए ताकि उनकी गौशाला में रह रहे। अपाहिज पशुओं को भी सरकारी गौशाला में रखकर वह भगेड गौशाला की जमीन प्रशासन को सौंप सके।
प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं कांगड़ा-चंबा संसदीय क्षेत्र के विस्तारक राम प्रकाश पटियाल के आकस्मिक निधन पर सदर के विधायक सुभाष ठाकुर भारतीय भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष स्वतंत्र संख्यान, जिला महामंत्री आशीष ढिल्लों, नवीन, सदर मंडल के अध्यक्ष हंसराज, मंडल महामंत्री पवन, प्यारे लाल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य ब्रिज लाल ठाकुर, स्वदेश ठाकुर समस्त जिला और मंडल के पदाधिकारी एवं सदस्य, युवा मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता राकेश, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष विनोद, महामंत्री सोनू, नंद लाल एवं समस्त पदाधिकारी एवं सदस्य सभी मोर्चों प्रकोष्ठों के अध्यक्ष व महामंत्री मोर्चा प्रकोष्ठों के पदाधिकारी एवं सदस्यों ने गहरा दुख प्रकट किया है। राम प्रकाश पटियाल बहुत ही सालिन, मृदुभाषी, स्पष्टवादी और मिलनसार स्वभाव व्यक्तित्व के धनी थे। रामप्रकाश पटियाल भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ और कर्मठ कार्यकर्ता थे। उनका इस संसार को छोड़कर जाना भारतीय जनता पार्टी लिए एक अपूरणीय क्षति है जिसे पूरा नहीं किया जा सकता।
संस्कृत पखवाडे़ के अन्तर्गत हिमाचल प्रदेश राज्य स्तरीय संस्कृत शिक्षक परिषद के संयुक्त तत्वावधान में ऑनलाईन गुगलमीट ऐप के माध्यम से ज़िला स्तरीय संस्कृत कवि सम्मेलन का आयोजन करवाया गया । इस आयोजन में लगभग 16 संस्कृत के विद्वानों के अपनी रचनाओं का वाचन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ज़िला भाषा अधिकारी नीलम चन्देल द्वारा की गई। कार्यक्रम का संचालन हिमाचल प्रदेश राज्य स्तरीय संस्कृत शिक्षक परिषद के राज्य अध्यक्ष आचार्य मनोज शैल ने किया। सर्वप्रथम खेम चन्द शास्त्री ने सरस्वती वन्दना से कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। कृष्ण मोहन पाण्डेय ने "कोरोना काल में मातृभूमि की महता", डॉ सुदेश गौतम ने "मां महामाया योगमाया की वन्दना", डॉ श्रीधरनाथ ने "धीरे-धीरे शीर्षक पर अभिवादन", हेमराज सहोता ने "चीन देश की कुटिलता", डॉ अमनदीप शर्मा ने "कोरोना काल में अनुशासन की महता", सतीश शर्मा ने "षिरगुलाश्टक", डॉ शिव कुमार ने "देव भूमि हिमाचल" नीरज शास्त्री ने "सब जगह कोरोना दिख रहा", गोरखू राम शास्त्री ने "कवियों के स्वागत व भारतीय संस्कृति", सोहनलाल शास्त्री ने "कोरोना काल में माता व पुत्री का संवाद", नरेश मलोटिया ने "पुण्य भूमि हिमाचल", अमित शर्मा ने "शिव स्त्वन" पर आधारित तथा डॉ मनोज शैल ने "कर्म की महता", विषय पर अपनी संस्कृत रचना का पाठ किया। अन्त में ज़िला भाषा-संस्कृति अधिकारी द्वारा सभी कवियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्कृत भाषा विश्व की सबसे प्राचीन भाषा है एवं समस्त भारतीय भाषाओं की जननी है। संस्कृत भाषा को देववाणी भी कहा जाता है यानि देवताओं की भाषा। संस्कृत शब्द का शाब्दिक अर्थ है परिपूर्ण भाषा। संस्कृत भाषा पूर्णतः वैज्ञानिक है विश्व के वैज्ञानिकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। विभाग का सदैव यह प्रयास रहता है कि भाषाओं का उत्थान प्रचार-प्रसार को बढ़ावा दिया जाए। विभाग द्वारा नोवेल कोविड -19 महामारी के चलते अब ऑनलाईन साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करवाया जाएगा। इस ऑनलाइन कवि सम्मेलन में इन्द्र सिंह चन्देल, प्रियंका चन्देल, तनवी राणा भी श्रोताओं के रूप में उपस्थित रहे।
भारतीय जनता युवा मोर्चा सदर मंडल अध्यक्ष विनोद ठाकुर ने कहा कि सदर विधायक सुभाष ठाकुर के नेतृत्व में जो विकास कार्य हुए हैं उन उपलब्धियां को हर घर तक पहुंचाने का कार्य युवा मोर्चा सदर मंडल करेगा ताकि प्रत्येक व्यक्ति को इस बात का पता चले कि पिछले अढ़ाई वर्षों में जो विकास कार्य हुए हैं वो अतुलनीय हैं और अविश्वसनीय हैं। उन्होंने कहा कि इन उपलब्धियों को लेकर अब प्रत्येक गांव में युवा मोर्चा जाएगा और प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचने का कार्य करेगा। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि चुनावों के समय में जो विधायक ने कहा था उसे पूर्ण भी किया है। उन्होंने कहा कि आज सदर बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र में करोड़ों रूपयों के कार्य हो रहे हैं जो पहले नहीं हुए। बात चाहे सड़कों की लें आज पूरे सदर विधानसभा क्षेत्र में सड़कों के विस्तारी करण, नवीनी करण और हर छोटी सड़क को गांव से जोड़ने के लिए 150 करोड़ से ज्यादा लागत से कार्य चले हैं। नई सड़कों के टेंडर हुए हैं उनके कार्य चल पड़े हैं कुछ सड़कें जो पिछले पूर्व विधायक के समय से गलत तरीके से बनाने का प्रयास किया जा रहा था उन्हें आज पीडब्ल्यूडी और फॉरेस्ट की एनओसी दिला कर अप्रूवल के लिए भेजा जा रहा है ताकि लोगों को जल्दी ही सड़क की सुविधा प्राप्त हो। अगर बात करें जल शक्ति विभाग की तो कोलडैम की 66 करोड़ की लागत से बने स्कीम जो पिछले कई वर्षो से लंबित पड़ी थी लेकिन सदर विधायक सुभाष ठाकुर ने चुनावों के समय में कहा था कि हर घर तक पानी पहुंचाने का काम करेंगे। उन्होंने 66 करोड से बनी स्कीम को एक लाख लोगों तक पानी पहुंचाने का काम किया है जो बहुत ही प्रशंसनीय है इसके अलावा और नई स्कीमें बनाकर हर गांव तक पानी पहुंचाने का काम चला है हर घर तक नल लगाने की बात हो वह कार्य चला है, स्वास्थ्य के क्षेत्र में सभी को विदित है पिछले 5 वर्षों में इस जिला अस्पताल की स्थिति कितनी दयनीय थी। कोई भी डॉक्टर यहां पर आना नहीं चाहता था लेकिन सदर विधायक ने चुनावों के समय में यह भी कहा था कि इस जिला अस्पताल की दुर्दशा को ठीक करेंगे और आज इस अस्पताल में 24 डॉक्टर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। हर विभाग का डॉक्टर है, और प्रत्येक व्यक्ति आज जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं ले रहा है। बिजली के क्षेत्र में सबसे ज्यादा ट्रांसफारमर स्वीकृत करवाने का काम सदर विधानसभा क्षेत्र में हुआ है। लो वोल्टेज की समस्या से निजात दिलाने के लिए करोड़ों रुपए स्वीकृत किए जा चुके हैं।
भारत की सीमा पर सैनिक दिन रात तैनात रहकर व युद्ध के समय दुश्मनों को हार के मज़ा चखाने वाले उन वीर सपूत जो वीरगति को प्राप्त हुए व्यापार मंडल बिलासपुर ने उन वीरों को श्रद्धांजलि देते हुए निर्णय लिया है। व्यापार मंडल बिलासपुर के अध्यक्ष सुनील गुप्ता व महासचिव सुरेंद्र गुप्ता ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि शहीदों की याद में 15 अगस्त को बिलासपुर के व्यापारी भाई अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखेंगे। उन्होंने कहा कि यह स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बिलासपुर व्यापार मंडल की ओर से यह शहीदों को श्रद्धांजलि होगी। इसके अलावा व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुनील गुप्ता, महासचिव सुरेंद्र गुप्ता, चीफ पैटर्न कमलेन्द्र कश्यप, चीफ एडवाइजर शान अली, वरिष्ठ उपप्रधान तरुण टाडू, उपप्रधान नवीन ठाकुर, रामलाल, दीपक शर्मा, अनुसौरभ, संयुक्त सचिव चन्द्रशेखर, राज वर्मा, सलाहकार राज दबड़ा, नरेंद्र खन्ना, कोषाध्यक्ष अमित गुप्ता, संगठन मंत्री अजय चन्देल, क्रीम खान, प्रेस सचिव अर्पण सन्त ने सभी व्यापारी भाईयों, उनके परिवार जनों व देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को इस दिन स्वतंत्रता दिवस को हर्षोल्लास से मनाने का पूरा अधिकार है।
घुमारवीं उपमंडल की ग्राम पंचायत कपाहड़ा के गांव चलारन में एक गरीब का रिहायशी मकान भारी वर्षा के कारण गिर गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार चलारन निवासी कुलदीप सिंह पुत्र लछमन दास के पास दो कमरों का रिहायशी मकान है जिसकी एक दीवार बुधवार सुबह गिर गई और सारा मकान क्षतिग्रस्त हो गया। कुलदीप सिंह बीपीएल परिवार से सम्बद्ध रखता है और उसके पास यही स्लेटपोश मकान था। बीती रात कुलदीप सिहं, उसकी पत्नी ब बेटा इसी मकान में सोए हुए थे। कुलदीप का कहना है कि भारी वर्षा के चलते वह रात भर डरता रहा और सुबह जब सब नींद में थे तो मकान की दीवार अचानक गिर गई। दीवार गिरने की आवाज सुनते ही वे तीनो बाहर भाग गए जिससे तीनो सुरक्षित निकल गए। मकान की दीवार गिरने पर कुलदीप के होश उड़ गए और पड़ोस के लोगो को बताया तथा ग्राम पंचायत कपाहड़ा की प्रधान माया देवी व उप प्रधान विनय कुमार को सूचित किया, जिसपर दोनों मौका पर पुहंच गए। प्रधान व उप प्रधान ने घटना स्थल का जायजा लिया और एस डी एम शशि पाल को सुचित किया। प्रशासन की तरफ से एस डी एम शशि पाल ने 10 हजार की राशि प्रदान की जो मौका पर प्रधान माया देवी व उप प्रधान विनय कुमार ने पीड़ित परिवार को सौंपी। भारी वर्षा के कारण आज कुलदीप सिंह बेघर हो गया है और पंचायत ने उसके घर का सारा सामान स्थानीय लोगों के सहयोग से बाहर निकलवाकर पड़ोसियों के घरों में रखवा दिया। कुलदीप सिंह के पास अब रहने को घर भी नहीं है और रात की भारी वर्षा ने उसका आशियाना ही छीन लिया। उधर घुमारवीं के एस डी एम शशि पाल से बात की गई तो उनोहने कह को कुलदीप सिंह को फोरी राहत के रूप में 10 हजार रूपय प्रदान कर दिए गए हैं। इसके अलावा उसके नुकसान का जायजा लिया जाएगा।
प्रदेश सरकार ने अगर पंचायत एवं अन्य निकायों के चुनाव सबंधी कोई आनाकानी की या समय पर नहीं करवाए गए तो प्रदेश में राजीव गांधी पंचायती राज संगठन इस माह 14 अगस्त से प्रदेश की जनता से सीधे मुलाकात करके जन संवाद कार्यक्रम करने जा रहा है। यह जानकारी पंचायती राज संगठन के प्रदेश सह संयोजक हीरा पाल सिंह ठाकुर ने बिलासपुर में दी। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत 14 अप्रैल को कार्यक्रम बिलासपुर में होगा। उन्होंने बताया कि इसके बाद मंडी, कुल्लू, हमीरपुर, ऊना व चम्बा में कार्यक्रम होंगे। कार्यक्रमों में उनके साथ प्रदेश संयोजक दीपक राठौर व ज़िलों के भिन्न भिन्न तैनात प्रभारी, ज़िला संयोजक, ब्लॉक संयोजक, लोगों के साथ सरकार के पंचायत चुनावों को लेकर की जा रही आनाकानी या चुनाव के टालमटोल से सम्बंधित निर्णयों के विरोधस्वरूप जनजागरण अभियान चलाने के लिए जागरूकता लाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इसी दौरान दीपक राठौर सभी जिलों में जाकर मीडिया से भी रूबरू होंगे। सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार की चुनाव टालने की कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। कांग्रेस ने इन चुनावों के लिए अपने सभी सेनापति तैनात कर दिए हैं। 15 दिन में पूरे प्रदेश का भ्रमण कर लिया जाएगा।


















































