फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज नई दिल्ली में करुणा फांउडेशन एवं संस्कृति मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इन्द्रप्रस्थ साहित्य महोत्सव की अध्यक्षता की। इस अवसर पर अपने संबाेधन में राज्यपाल ने कहा कि पुस्तकें ज्ञान और सृजन का आधार हैं। यह देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ कला व साहित्य को भावी पीढ़ियों तक पहंुचाने का सशक्त माध्यक हैं। राज्यपाल ने विद्यार्थियों को पुस्तकें पढ़ने के लिए प्रेरित करने का आह्वान करते हुए कहा कि अच्छी पुस्तकें पढ़ने से न केवल ज्ञानार्जन होता है, बल्कि पाठक में सकारात्मक सोच और दृष्टिकोण भी विकसित होता है। उन्होंने कहा कि साहित्य जीवन की एक अटूट कड़ी है और भारत ने हजारों वर्षों में इसे सहेजा एवं संवारा है। साहित्य एवं अन्य विधाओं का संवर्द्धन कर हमने पूरे विश्व के समक्ष अपनी इस ज्ञान परंपरा को रखने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय साहित्य में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ-साथ सृजनात्मक क्षमता भी प्रदर्शित होती है। वर्तमान में अच्छी किताबों के प्रकाशन के साथ-साथ पाठकों में पुस्तकें पढ़ने की रूचि पैदा करने की नितांत आवश्यकता है। राज्यपाल ने इन्द्रप्रस्थ साहित्य महोत्सव के आयोजन के लिए करुणा फांउडेशन के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर करुणा फांउडेशन के सदस्य और अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
कांग्रेस वादे तो तब पूरे करेगी जब मंत्रिमंडल का गठन होगा फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का ग्राफ जिस प्रकार से चढ़ा था, उसी प्रकार से गिरता चला जा रहा है , अगर इसकी तुलना बाजार के सेंसेक्स से की जाए, तो जब सुक्खू मुख्यमंत्री बने थे, तो सेंसेक्स तेजी से चढ़ा पर अब नीचे की दिशा में तेजी से गिरता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस के नेता आए थे, तो उन्होंने जनता के बीच जो वादे किए थे, उन्हें पूरा करने का पूरा आश्वासन दिया था, पर हैरानी की बात तो यह है कि अभी तक उनका मंत्रिमंडल भी तय नहीं हो पाया है। यह सब दर्शाता है कि कांग्रेस का नेतृत्व कितना लाचार है। अपने ही विधायकों के एकीकरण में कांग्रेस के नेता अपना समय व्यतीत कर रहे हैं और मंत्रिमंडल का फैसला अभी तक हो नहीं पाया है। जनता से किए गए वादे तो तब पूरे होंगे, जब मंत्रिमंडल का गठन होगा। कश्यप ने कहा कि कांग्रेस सरकार का हाई टेंपो अब लो टेंपो बनता दिखाई दे रहा है। गौर से देखा जाए, तो अभी भी कांग्रेस के अंदर कई ग्रुप है, जो अपने लोगों को एडजेस्ट करने का प्रयास कर रहे हैं। प्रदेश की जनता मंत्रिमंडल का इंतजार कर रही है और अभी मंत्रिमंडल का गठन होता दिखाई नहीं दे रहा है। कश्यप ने कहा की भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल में जो भी काम किए थे, वह जनहित के थे। इसलिए कांग्रेस की सरकार एक भी निर्णय को पलट नहीं पाई है।हिमाचल में सीमेंट फैक्ट्री बंद होने से इन लोगों की रोजी-रोटी पर आन पड़ी है, पर कांग्रेस के नेताओं को भारत से जुड़े यात्रा में अपने नंबर बनाने की लगी है। कश्यप कहा कि हिमाचल प्रदेश में एसीसी और अंबुजा सीमेंट प्लांट का विवाद चल रहा है, जिससे 2000 लोगों की नौकरियां पर संकट है और 4000 से अधिक ट्रकों के चक्का जाम हो गए हं, पर इससे कांग्रेस के नेताओं को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है, उनको तो केवल भारत जोड़ो यात्रा की पड़ी है। मुख्यमंत्री और उनके विधायक केवल दिल्ली और राजस्थान से इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी कर रहे हैं, पर हमारे विधायक तो धरातल पर इस समस्या का समाधान करने का प्रयास कर रहे हैं। हिमाचल में सीमेंट फैक्ट्री बंद होने से इन लोगों की रोजी-रोटी पर आन पड़ी है, पर कांग्रेस के नेताओं को भारत से जुड़े यात्रा में अपने नंबर बनाने की लगी है। राहुल गांधी ने देश भर में भारत जोड़ो यात्रा नहीं, अपितु भारत तोड़ों यात्रा चलाई हुई है और इसी से प्रशिक्षण लेते हुए कांग्रेस के नेता हिमाचल में वापस आते ही हिमाचल तोड़ो यात्रा निकाल सकते हैं।
एक बार फिर राज्य सचिवालय के कमरा नंबर 202 का इतिहास बरकरार रहा। बीते करीब ढाई दशक का इतिहास बताता है कि कमरा नंबर 202 में बैठने वाले कैबिनेट मंत्री जीतकर वापस विधानसभा नहीं पहुंचते और इस बार भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। सचिवालय के कमरा नंबर 202 में बैठने वाले पूर्व मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा इस बार चुनाव हार गए। अब प्रदेश में कांग्रेस की सत्ता वापसी हो चुकी है और ये कमरा नंबर 202 फिर चर्चा में आ गया है। बहरहाल सबसे बड़ा सवाल ये है कि इस बार इस कमरे में कौन बैठेगा ? जो मंत्री कमरा नंबर 202 में बैठकर सरकार का कामकाज निपटाएगा क्या अगली बार चुनाव जीत पायेगा ? इन सभी सवालों का जवाब देना तो मुश्किल है, लेकिन इतना ज़रूर है कि जो विधायक मंत्री पद को लेकर आश्वस्त हैं, उनके समर्थक उन्हें इस कमरे में न बैठने की सलाह दे रहे हैं। हिमाचल प्रदेश राज्य सचिवालय का कमरा नंबर 202 वो कमरा है जिसमें बैठने वाला मंत्री अगला चुनाव हार जाता है। इस कमरे में मंत्री बनने पर जगत प्रकाश नड्डा, आशा कुमारी, नरेंद्र बरागटा और सुधीर शर्मा भी बैठे है और ये सभी तत्कालीन मंत्री रहते हुए अगला चुनाव हार गए। गौरतलब है कि वर्ष 1998 से 2003 तक तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री एवं भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा इस कमरे में बैठे। नड्डा 2003 का चुनाव हार गए। फिर वीरभद्र सरकार में मंत्री रही आशा कुमारी 2007 का विधानसभा चुनाव हार गई। 2007 में प्रदेश में फिर धूमल सरकार बनी और नरेंद्र बरागटा कैबिनेट मंत्री बने और इसी कमरे में बैठे। बरागटा भी 2012 का चुनाव हार गए। इसके बाद वीरभद्र सरकार में शहरी विकास मंत्री रहे सुधीर शर्मा भी इस कमरे में बैठे और 2017 का विधानसभा चुनाव हार गए। वहीं इस बार जयराम सरकार में मंत्री रहे डॉ रामलाल मारकंडा चुनाव हारे है जो इसी कमरा नंबर 202 में बैठते थे। मारकंडा ने बताया था अंधविश्वास पूर्व मंत्री डॉ. राम लाल मारकंडा की भी इस कमरे के ग्रहण से बच नहीं पाए है। लाहुल स्पीति से इस बार चुनाव लड़े मारकंडा को कांग्रेस के रवि ठाकुर ने 1616 वोट से शिकस्त दी है। 2017 में जब डॉ. रामलाल मारकंडा को मंत्री पद मिला और उन्हें कमरा नम्बर 202 अलॉट हुआ तो उन्होंने इसे अंधविश्वास ही बताया था। पर अब इसे अंधविश्वास कह लीजिये या फिर कुछ और, इस कमरे की परम्परा अब भी बरकरार है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर निशाना साधा हैं। नरेश चौहान ने पूर्व सीएम को सब्र रखने की हिदायद दी हैं। दरअसल जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर हेलीकाप्टर के दुरपयोग को लेकर निशाना साधा था। मुख्यमंत्री के प्रधान मिडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि हैलीकॉप्टर उड़ानों को लेकर उनकी चिंता अब दिखी है, अगर पांच वर्ष पहले उनके मन में ऐसे विचार आ जाते तो प्रदेश तथा यहां की जनता का ज्यादा भला होता। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के अवसर पर सरकारी हेलिकॉप्टर का कतई उपयोग नहीं किया गया और इस दौरान यह अनाडेल में ही रहा। इसके विपरीत अति-विशिष्ट व्यक्तियों के लिए निजी हेलिकॉप्टर का उपयोग किया गया। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल में लगभग 25 हजार करोड़ रुपये का कर्ज छोड़ने वाले पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा वित्तीय प्रबन्धन पर टिप्पणी करना हास्यास्पद है। उन्होंने कहा कि सरकार के गठन को अभी एकसप्ताह भी नहीं हुआ है जयराम ठाकुर अभी संयम रखें। उन्होंने कहा कि आर्थिक संसाधनों को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री सुखविन्दर सिंह सुक्खू के नेतृृत्व में प्रदेश सरकार प्रभावी कदम उठाएगी, विपक्ष को इस बारे में चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह और सभी नव-निर्वाचित विधायकों के साथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से भेंट की। इस अवसर पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं हिमाचल प्रदेश के प्रभारी राजीव शुक्ला भी उपस्थित थे। मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्यमंत्री और सभी कांग्रेस विधायकों को विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज करने और राज्य में कांग्रेस को सत्तासीन होने पर बधाई दी। उन्होंने प्रतिभा सिंह, सुखविंदर सिंह सुक्खू, मुकेश अग्निहोत्री और सभी पार्टी नेताओं की कड़ी मेहनत की सराहना की। उन्होंने राजीव शुक्ला को चुनाव अभियान की निगरानी करने के लिए बधाई दी। उन्होंने पार्टी के सभी नेताओं से एकजुट होकर राज्य के लोगों के लिए काम करने और घोषणा-पत्र में किए गए सभी वायदों को अक्षरशः लागू करने के लिए कहा ताकि गरीब से गरीब व्यक्ति विकास कार्यों से लाभान्वित हो सके। राजीव शुक्ला ने सभी विधायकों का स्वागत करते हुए राज्य में कांग्रेस की सत्ता वापिसी पर बधाई दी। उन्होंने पार्टी नेतृत्व को उनके मार्गदर्शन और समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए राज्य सरकार मजबूती और स्थिरता से कार्य करेगी। वहीं मुख्यमंत्री ने पार्टी नेतृत्व को उनके मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया जिसके फलस्वरूप चुनावों में कांग्रेस पार्टी की जीत सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि चुनाव जन कल्याण से संबंधित मुद्दों पर लड़े जाते हैं और कांग्रेस की विचारधारा का मुख्य केंद्रबिंदु जन कल्याण ही है। उन्होंने कहा कि सभी पार्टी नेताओं ने कड़ी मेहनत की और जन कल्याण की विचारधारा को जमीनी स्तर तक लोगों के बीच पहुंचाया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नई सरकार किए गए वायदों को पूरा कर लोगों को बेहतर सेवा और शासन देने का पूरा प्रयास करेगी। इस दौरान उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं का चुनावी अभियान में सहयोग प्रदान करने तथा उचित मार्गदर्शन कर जीत सुनिश्चित करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अब नई सरकार प्रदेश की जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का भरसक प्रयास करेगी। वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने सभी विधायकों को उनकी जीत पर बधाई दी और विशेष तौर पर सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी, राहुल गांधी और राजीव शुक्ला का धन्यवाद किया जिन्होंने राज्य में कांग्रेस की जीत को संभव बनाया। उन्होंने कहा कि पार्टी के हर कार्यकर्ता ने प्रदेश में कांग्रेस की जीत के लिए कड़ी मेहनत की और यह गर्व की बात है कि पार्टी ने एकजुट होकर चुनाव लड़ा।
शिमला के ऐतिहासिक आइस स्केटिंग रिंक में स्केटिंग का रोमांच शुरू हो गया है। एक लंबे इंतजार के बाद बुधवार को पहले सीजन का स्केटिंग सेशन हुआ। सुबह साढ़े आठ से दस बजे तक स्केटर्स ने बर्फ पर फिसलने का रोमांच का लिया। पहले दिन 16 लोग स्केटिंग करने पहुंचे। स्केटिंग के पहले दिन बच्चों व बड़ों में काफी उत्साह देखने को मिला। आइस स्केटिंग करने आए बच्चों का कहना था कि वे पूरे साल इस समय का इंतजार करते हैं। सर्दी के इस मौसम में उन्हें स्केटिंग करने में बहुत आनंद आता है। वे जमकर इन पलों का लुत्फ उठाते हैं। उन्होंने कहा कि वह कई वर्षों से स्केटिंग करते आ रहे हैं। आइस स्केटिंग क्लब के सचिव पंकज प्रभाकर ने बताया की पिछले साल 16 दिसंबर से स्केटिंग शुरू हुई थी। इस बार दो दिन पहले स्केटिंग की शुरुआत हुई है। इस बार 70 से 80 सेशन होने की उम्मीद है। पहले दिन कम बच्चे ही पहुंचे हैं। एक दिन पहले 16 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया था।
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णयों पर बड़ा हमला बोला है। जयराम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार आते ही बदले की भावना से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जिन संस्थानों को पूर्व सरकार ने खोला था, उनको अगर वर्तमान सरकार ने बंद किया तो उसके लिए भाजपा सड़कों पर उतरेगी और जरूरत पड़ी तो न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा। जयराम ठाकुर ने कहा कि पूर्व सरकार ने जनहित में निर्णय लिए हैं। कई संस्थान में पूरा प्रशासन बैठकर कार्य करने में भी जुट गया है, ऐसे में संस्थानों को बंद करना सही नहीं है। कांग्रेस पर कड़ा हमला बोलते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि जब वह सत्ता में थे तो कांग्रेस हेलीकॉप्टर का दुरुपयोग करने पर सवाल उठाती थी, लेकिन अब हिमाचल जैसे छोटे राज्य में मुख्यमंत्री के अलावा उपमख्यमंत्री बना दिया गया है, जिससे आर्थिक बोझ और अधिक बढ़ेगा। अब परिस्थिति यह हो चुकी है कि उपमुख्यमंत्री को छोड़ने के लिए हेलीकॉप्टर जाता है और उसके बाद दोबारा मुख्यमंत्री को लेने के लिए हेलीकॉप्टर वापस आ रहा है। अभी एक और उप मुख्यमंत्री की लडाई कांग्रेस में चल रही है। यदि ऐसा हुआ तो हेलिकॉप्टर तीन के लिए उड़ेगा। जिससे प्रदेश पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
हिमाचल प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद बड़े प्रशासनिक फेरबदल के कयास लगाए जा रहे थे। लेकिन इन सब पर विराम लगाते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि फिलहाल कोई भी प्रशासनिक फेरबदल नही होगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ने कहा कि वे सता के लिए नही व्यवस्था परिवर्तन के लिए आए है। अभी डीसी एसपी के तबादलो पर कोई विचार नही है और सभी डीसी एसपी को काम करने को कहा है। विधानसभा सत्र को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि 28, से 30 दिसम्बर के बीच सेशन कराने की बात चली है, यदि नहीं हो पाया तो 15 जनवरी के बाद यह सत्र करवाया जाएगा। बता दें कि सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू शिमला से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। दिल्ली रवाना होने से पहले मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली में पीएम से मिलने का टाइम मांगा गया है। उनसे शिष्टाचार भेंट करनी है। इसके अलावा कांग्रेस के नेताओ से मिलना है और मंत्रिमंडल विस्तार पर भी चर्चा होनी है। साथ ही उन्होंने कहा कि वे 16 दिसम्बर को कांग्रेस के 40 विधायकों व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष समेत भारत जोड़ों यात्रा में शमिल होंगे।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने 10वीं व 12वीं टर्म-1 परीक्षा में नकल करने का दोषी पाए जाने पर 12 परीक्षार्थियों को एक साल तक परीक्षा देने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है। वहीं कुछ परीक्षार्थियों का संबंधित पेपर रद्द भी कर दिया है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित की गई 10वीं व 12वीं टर्म-1 परीक्षा में 114 नकल के मामले पकड़े गए हैं। 8वीं का एक, 10वीं के 41 व 12वीं के 72 मामले हैं। नकल करते पकड़े गए इन परीक्षार्थियों को हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने अपना पक्ष रखने का मौका भी प्रदान किया। नकल के मामलों की जांच के लिए बनाई गई कमेटी के समक्ष इन परीक्षार्थियों ने अपना पक्ष रखा। कुछ मामले दोषमुक्त हुए हैं जबकि कुछ मामलों में परीक्षार्थियों को सजा प्रदान की गई है। सत्र नवम्बर 2022 में 8वीं के नकल के एक मामले में परीक्षार्थी का संबंधित पेपर रद्द कर दिया गया है। 10वीं के 7 मामलों में परीक्षार्थी एक साल तक परीक्षा देने के लिए अयोग्य घोषित हो गए है। वहीं 32 मामलों में परीक्षार्थी का संबंधित पेपर रद्द हुआ है तथा 2 मामले दोषमुक्त हुए हैं। इसके अलावा 12वीं में 5 मामलों में परीक्षार्थी पेपर देने के लिए एक साल तक अयोग्य घोषित हुए हैं। इसके अलावा 12वीं में ही 67 नकल के मामलों में बोर्ड ने संबंधित पेपर रद्द कर दिया है। वहीं सत्र जून-2022 (डीएलएड सीईटी) एंट्रैंस में एक मामले में परीक्षार्थी का पेपर रद्द कर दिया गया है। सत्र मार्च 2022 दूसरे टर्म में दसवीं के 15 तथा 12वीं के 81 नकल के मामले में बोर्ड ने परीक्षार्थी का संबंधित पेपर रद्द किया है। वहीं 10वीं के एक मामले में परीक्षार्थी दोष मुक्त हुआ है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड सचिव डाॅ. मधु चौधरी ने कहा कि 10वीं व 12वीं टर्म-1 परीक्षा में नकल करते कई परीक्षार्थी पकड़े गए थे। दोष साबित होने पर कुछ परीक्षार्थियों को एक साल तक परीक्षा देने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है। कुछ परीक्षार्थियों का संबंधित पेपर रद्द भी कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अधिकारियों को कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए अग्र-सक्रिय कदम उठाने के साथ जनता का कल्याण सुनिश्चित करने के लिए नवोन्मेषी विचारों के साथ विभागों की कार्यशैली सरल एवं सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली पर चर्चा के उद्देश्य से आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य में हरित ईधन को बड़े स्तर पर बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वाहनों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए राज्य सरकार विद्युत चलित वाहनों को प्रोत्साहन प्रदान करेगी। प्रदेश में महत्त्वपूर्ण स्थानों का चयन कर अधिकतम संख्या में चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे ताकि विद्युत चलित वाहन मालिकों को सुविधा प्राप्त हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रैफिक की बढ़ती समस्या का समाधान करने के लिए प्रदेश में रज्जुमार्ग (रोपवे) निर्मित करने और परिवहन के अन्य विकल्पों के उपयोग पर विशेष बल दिया जाएगा। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को एफसीए/एफआरए से संबधित मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि सभी विकासात्मक परियोजनाएं समयबद्ध शुरू की जा सकें। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पशु पालन और कृषि विभाग को नवोन्मेषी विचारों के साथ किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि व दुग्ध आधारित आर्थिक गतिविधियों को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को संबंधित विभाग के लिए ठोस योजना का खाका तैयार करने को कहा।
हिमाचल प्रदेश पेंशनर कल्याण संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष आत्मा राम शर्मा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से भेंट की और प्रदेश की बागडोर संभालने पर उन्हें बधाई दी। इस अवसर पर प्रदेश कोषाध्यक्ष संतराम शांडिल, जिला शिमला इकाई के अध्यक्ष बलबन कश्यप, कार्यालय सचिव रूप कौशल और कार्यालय के पदाधिकारी बेलीराम आजाद, जीवन ठाकुर तथा सुन्दर लाल सूर्यवंशी भी उपस्थित थे।
कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक चंद्र कुमार को प्रोटेम स्पीकर बनाया गया है। चंद्र कुमार नव निर्वाचित सदस्यों को धर्मशाला में शपथ दिलाएंगे। विधानसभा का शीतकालीन सत्र धर्मशाला के तपोवन में होगा। चंद्र कुमार कांगड़ा जिला के जवाली विधानसभा क्षेत्र से छठी बार जीत कर आए हैं। चंद्र कुमार सबसे पहले 1982 में विधायक बने थे, जब ठाकुर रामलाल हिमाचल के मुख्यमंत्री होते थे। उसके बाद वह 1985, 1993, 1998 और 2003 में भी जीत कर आए तथा इसके बाद लोकसभा चले गए थे। बता दें कि जब नई विधानसभा गठित होती है तो विधानसभा में सबसे अधिक समय गुजारने वाले सदस्य या निर्वाचित सबसे वरिष्ठ सदस्य को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया जाता है। सत्तारूढ़ दल प्रोटेम स्पीकर का नाम राज्यपाल के पास भेजता है। इसके बाद प्रोटेम स्पीकर को नियुक्त किया हैं, जो नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाता है।
हिमाचल प्रदेश में अभी मंत्री मंडल का विस्तार नहीं किया गया है। मंत्रिमंडल का गठन न होने तक मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने सभी विभाग आपस में बांट लिए हैं। हिमाचल सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में मंगलवार देर रात को अधिसूचना जारी कर दी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने पास वित्त, सामान्य प्रशासन, गृह, योजना और कार्मिक विभाग रखे हैं। जबकि उप मुख्य मंत्री मुकेश अग्निहोत्री को जलशक्ति विभाग, परिवहन और भाषा कला एवं संस्कृति विभाग दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने अपने पास पांच विभाग रखे हैं, जबकि उपमुख्यमंत्री को तीन विभाग दिए गए हैं। हिमाचल प्रदेश में ऐसा पहली बार हुआ है कि मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री को मंत्रियों से पहले पोर्टफोलियो दे दिए गए हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री की नियुक्ति के साथ ही मंत्रियों की नियुक्तियां हो जाती थी, उसके बाद ही विभाग बांटे जाते थे। गौतलब है कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह के तीसरे दिन भी मंत्रियों पर फैसला नहीं हो पाया है। ऐसे में सरकारी कामकाज को चलाने के लिए दोनों को पोर्टफोलियो का आवंटन हो गया है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पदभार संभालने के बाद बीजेपी सरकार के फैंसलो को रिव्यु करने फैसला लिया हैं। जिसके बाद अब पक्ष व विपक्ष में ज़ुबानी जंग तेज़ हो गई हैं। बीजेपी ने सरकार पर बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया, जिसके बाद अब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस पर पलटवार किया है और कहा है कि चुनावों में फ़ायदा लेने के मकसद से बिना बजट के घोषणाएं की गई थी, जिन्हें रिव्यू करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि चुनाव के समय मुख्यमंत्री ने बिना बजट के घोषणाएं की है। उन्होंने इन सभी कार्यों पर चर्चा की और पाया कि यह सभी संस्थान बिना बजट के खोले है। सीएम ने कहा कि हिमाचल में कैबिनेट गठन के बाद ओपीएस बहाल कर दी जाएगी। अटल टनल रोहतांग पट्टीका को रिस्टोर करने को लेकर सुक्खू ने कहा शिलान्यास पट्टीका लगाने के आदेश दिए गए है। वहीं उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा की 100 दिन पूरे होने जा रहे हैं। अब 16 दिसम्बर को सीएम सुक्खू, उनके 40 विधायक और प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने जा रहे हैं।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के संयुक्त सचिव गोकुल बुटेल को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का प्रधान सलाहकार आईटी नियुक्ति किया गया है। इस संबंध में मुख्य सचिव आरडी धीमान की ओर से आदेश जारी किए गए हैं। वीरभद्र सिंह की सरकार में भी गोकुल बुटेल को सलाहकार(आईटी) नियुक्त किया गया था। पालमपुर से सम्बन्ध रखने वाले गोकुल बुटेल कांग्रेस के निष्ठावान बुटेल परिवार से आते है। गोकुल गाँधी परिवार के भी करीबी माने जाते है। चुनाव के दौरान कांग्रेस के वॉर रूम की ज़िम्मेदारी भी गोकुल बुटेल के ही पास थी।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की ओर से कुर्सी संभालते ही कई बड़े नितनय लिए है। वहीं इस पर पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। सीएम जयराम ठाकुर ने मंगलवार को ट्वीट के माधयम से इन फैसलों पर विरोध जताया है । पूर्व जयराम ने ट्ववीट कर लिखा-स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, पुलिस स्टेशन, पुल, सड़क, पेयजल योजना इन सब कामों को लटकाने, अटकाने और भटकाने का काम शुरू हो गया है, जिसके लिए जनता इन्हें कभी माफ नहीं करेगी। गौरतलब है कि सीएम सुक्खू ने पूर्व जयराम सरकार के 1 अप्रैल 2022 के बाद कैबिनेट में लिए गए सभी फैसलों की समीक्षा करने का फैसला लिया है। साथ ही नए संस्थान खोलने और अपग्रेड करने के फैसले रिव्यू करने और डिनोटिफाई करने का भी फैसला लिया है। इसके अलावा भी कई अन्य निर्णय लिए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार द्वारा बीते छह महीने के फैसले रिव्यू करने को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इसे जन भावनाओं के खिलाफ बताया है। इस पर किन्नौर के विधायक जगत सिंह नेगी ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर हार के सदमे में हैं और इसलिए इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने जन भावनाओं के खिलाफ कोई फैसला नहीं लिया है। यह आम प्रक्रिया है। जब भी कोई सरकार आती है, तो चुनावी साल में लिए गए फैसले को रिव्यू किया जाता है। पूर्व उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर के बयान पर भी जगत सिंह नेगी ने कहा कि जरूरत पड़ेगी, तो सरकार 6 महीने की नहीं पूरे 5 साल के फैसले रिव्यू करेगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर पूरे 5 साल का पोस्टमार्टम भी कर दिया जाएगा। वहीं हिमाचल प्रदेश के जिला लाहौल स्पीति में बनी अटल टनल में शिलान्यास पट्टिका को दोबारा लगाए जाने के मामले पर विधायक जगत सिंह नेगी ने कहा कि बीजेपी अटल टनल को लेकर राजनीति करती है। अटल टनल के लिए पैसा तत्कालीन कांग्रेस सरकार में ही सैंक्शन किया गया था। बीजेपी सिर्फ और सिर्फ अटल टनल का श्रेय लेने का काम करती है। उन्होंने कहा कि पट्टिका सरकार ने नई पट्टिका लगाने का फैसला नहीं, बल्कि पुरानी पट्टिका को स्टोर रूम से बाहर निकाल कर दोबारा पुरानी जगह पर लगाने के लिए कहा है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज शिमला के समीप राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बियोलिया का दौरा किया और विद्यार्थियों से संवाद किया। राज्यपाल ने उन्हें अच्छी आदतें अपनाने और ज्ञानवर्धक पुस्तकें पढ़ने की शिक्षा दी। उन्होंने विद्यार्थियों को किताबों का अध्ययन करने तथा ज्ञान अर्जित कर उसे दूसरों के साथ साझा करने का परामर्श दिया। उन्होंने कहा कि पुस्तकें उनकी सच्ची मित्र होती हैं, जो उन्हें जीवन में आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त करती हैं। उन्होंने कहा कि हमें पुस्तकों से देश और दुनिया के बारे में सभी तरह की जानकारी मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों को महान हस्तियों की जीवनी पढ़कर उनके जीवन से प्रेरणा लेने को कहा। उन्होंने कहा कि पुस्तकें पढ़ने से हमें और अधिक पुस्तकें पढ़ने की रुचि जागृत होती है। राज्यपाल ने विद्यार्थियों को महापुरुषों के जीवन पर आधारित पुस्तकें भी भेंट की और उन्हें पढ़ने के उपरांत पत्रों के माध्यम से अपने अनुभव उनके साथ साझा करने को कहा। इसके उपरांत, राज्यपाल ने शिक्षकों के साथ बैठक की और उन्हें बच्चों को किताबें पढ़ने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह हम सभी का दायित्व है कि छात्रों को पाठ्य पुस्तकों के अलावा अन्य पुस्तकें भी उपलब्ध करवाएं, ताकि उनमें पढ़ने की भावना विकसित हो। इस अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बियोलिया की प्रधानाचार्या निशा भलूनी ने राज्यपाल का स्वागत किया तथा विद्यालय की विभिन्न गतिविधियों से अवगत करवाया।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री व पूर्व मंत्री विद्या स्टोक्स से उनके आवास ‘बोहमिया निवास’ में भेंट की। मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, विधायक चंद्र कुमार, रोहित ठाकुर, अनिरुद्ध सिंह, जगत सिंह नेगी, राजेश धर्माणी, सुंदर सिंह ठाकुर, इंद्र दत्त लखनपाल, कुलदीप पठानिया, रवि ठाकुर, केवल सिंह पठानिया व हरीश जनारथा और अन्य वरिष्ठ नेता भी इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित रहे।
प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही बीजेपी सरकार के पिछले 8 महीनों के फैसलों को रिव्यु करने का निर्णय लिया हैं। वहीं इस पर बीजेपी ने कांग्रेस पर बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया हैं। बीजेपी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार जनता विरोधी निर्णय लेती है, तो उसे विपक्ष हरगिज बर्दाश्त नहीं करेगा। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा ने शिमला में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस की सुखविंदर सिंह सरकार को चेताया है कि यदि वह हिमाचल के हित में काम करेंगे तो सहयोग करेंगे, नही तो विपक्ष उनका विरोध करने से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार द्वारा पहले ही दिन लिए गए निर्णय जन विरोधी है। बीजेपी सरकार के 1 अप्रेल 2022 के बाद लिए निर्णयों को रिव्यु करना गलत है। उन्होंने कहा कि जयराम सरकार ने पहले दिन से जनता के हित में काम किया है, ये तुगलकी फरमान है इसकी बीजेपी निंदा करती हैं। वंही रोहतांग टनल की शिलान्यास पट्टीका को पुनः स्थापित करने के फैसले पर रणधीर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार शिलान्यास पट्टिका को पुनः स्थापित करना चाहती है, यह उनका निर्णय है। लेकिन यह टनल पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी का सपना था। पीएम मोदी ने इसका उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू दबाव में है। पहले मंत्रिमंडल का गठन करने के बजाए वह कुछ कर रहे है।
20 दिसंबर से कालका-शिमला हेरिटेज रेलवे ट्रैक पर उत्तर रेलवे हॉलीडे स्पेशल ट्रेन का संचालन करेगा शुरू
20 दिसंबर से कालका-शिमला हेरिटेज रेलवे ट्रैक पर उत्तर रेलवे हॉलीडे स्पेशल ट्रेन का संचालन शुरूकरेगा। क्रिसमस और न्यू ईयर से पहले शिमला आने वाले सैलानियों की सुविधा के लिए और भारी संख्या में यात्रियों की आवाजाही को देखते हुए रेलवे प्रबंधन ने हॉलीडे स्पेशल गाड़ी चलाने का फैंसला लिया है। 20 दिसंबर से 31 दिसंबर तक इस अनारक्षित गाड़ी को चलाया जाएगा। रेल मोटरकार (72451), शिवालिक डीलक्स एक्सप्रेस (52451), हिमालयन क्वीन (52455), कालका शिमला एक्सप्रेस (52453), कालका शिमला एक्सप्रेस (52459), कालका शिमला एक्सप्रेस (52457) इन दिनों पैक चल रही हैं। अगले हफ्ते के लिए गाड़ियों में वेटिंग (इंतजार) 70 से अधिक पहुंच गई है। क्रिसमस और न्यू ईयर से 6 दिन पहले के लिए अधिकतर गाड़ियों में बुकिंग पूरी होने पर बंद कर दी गई है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज शिमला के जाखू स्थित हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने मंदिर परिसर का भ्रमण कर इसके सुधारीकरण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की पत्नी कमलेश ठाकुर और पुत्रियां भी उनके साथ थीं। मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, विधायक रोहित ठाकुर, जगत सिंह नेगी, राजेश धर्माणी, सुंदर सिंह ठाकुर, रवि ठाकुर व केवल सिंह पठानिया, उपायुक्त आदित्य नेगी, पुलिस अधीक्षक मोनिका और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने जयराम सरकार के दौरान लिए गए 1 अप्रैल 2022 के सभी फैसलों को रिव्यू करने के आदेश जारी किए हैं। इस पर हिमाचल प्रदेश के पूर्व उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने कहा है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को केवल छह महीने ही नहीं बल्कि पूरे पांच साल के फैसले रिव्यू करने चाहिए। उन्होंने कहा कि जयराम सरकार ने कभी कोई गलत फैसला नहीं लिया। ऐसे में CM सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार को सभी फैसले रिव्यू कर लेने चाहिए। हिमाचल प्रदेश में ओल्ड पेंशन स्कीम की बहाली को लेकर पूर्व उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने जनता के बीच झूठ फैलाया है। जनता भी कांग्रेस पार्टी के झूठ में आ गई है। प्रदेश सरकार के वित्तीय स्थिति ऐसी नहीं है कि ओल्ड पेंशन स्कीम की बहाली की जा सके। उन्होंने कहा कि उन्हें कांग्रेस के वादे पर विश्वास नहीं है। हिमाचल प्रदेश में ओल्ड पेंशन स्कीम की बहाली नहीं की जा सकती।
हिमाचल प्रदेश में इस सर्दी में प्रदेश के कई भागों में अधिकतम तापमान सामान्य से ज्यादा दर्ज किया गया है। प्रदेश की राजधानी शिमला में भी अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने शिमला के अनुसार प्रदेश के सभी भागों में पांच दिनों तक मौसम साफ रहने के आसार बताए है। प्रदेश में 13 से 17 दिसंबर तक मौसम शुष्क रहेगा। ऐसे में अधिकतम तापमान में और बढ़ाेतरी होने की संभावना है। वही विभाग के अनुसार मैदानी इलाकों में ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा के कुछ क्षेत्रों में 15 दिसंबर तक सुबह और शाम के समय धुंध छाए रहने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम साफ रहने से आज भी अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी के आसार है। सोमवार को ऊना में अधिकतम तापमान 28.6, सोलन में 26.0, बिलासपुर में 24.5, कांगड़ा में 24.3, नाहन में 24.2, हमीरपुर में 24.1, चंबा में 23.8, धर्मशाला में 23.7, मंडी में 23.1, भुंतर में 22.4, शिमला में 20.0, मनाली में 16.6, कल्पा में 14.6 और केलांग में 11.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था।
हाईकोर्ट ने फैसला उसके पक्ष में दिया फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मेधावी दिव्यांग छात्रा निकिता चौधरी का डॉक्टर बनने का सपना अब पूरा हो जाएगा। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा को उसे एमबीबीएस में प्रवेश देने का आदेश दिया है। उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. अजय श्रीवास्तव ने बताया कि न्यायमूर्ति सबीना और न्यायमूर्ति सुशील कुकरेजा की खंडपीठ ने सोमवार को व्हीलचेयर यूजर निकिता चौधरी की याचिका पर फैसला देते हुए कहा कि अदालत के आदेश पर पीजीआई चंडीगढ़ के मेडिकल बोर्ड ने उसकी विकलांगता 78% प्रमाणित की है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के अनुसार 80% तक विकलांगता वाले विद्यार्थियों को एमबीबीएस में प्रवेश दिया जा सकता है। गौरतलब है कि कांगड़ा जिले की बडोह तहसील के गांव सरोत्री के निवासी राजेश कुमार और रंजना देवी निकिता ने पहले ही प्रयास में एमबीबीएस के लिए आयोजित नीट की कठिन परीक्षा पास कर ली थी, लेकिन टांडा मेडिकल कॉलेज अपने नियमों का हवाला देकर विकलांगता के कारण एमबीबीएस में दाखिला देने से इनकार कर दिया था। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के अनुसार एमबीबीएस में प्रवेश के लिए विकलांगता प्रमाण पत्र उसके द्वारा अधिकृत मेडिकल कॉलेज या अस्पताल से बनवाना पड़ता है। चंडीगढ़ के सेक्टर 32 का राजकीय मेडिकल कॉलेज इसके लिए अधिकृत है। वहां निकिता को 78% विकलांगता का प्रमाण पत्र दिया गया था, लेकिन टांडा मेडिकल कॉलेज ने फिर से उसकी विकलांगता का आकलन किया। और विकलांगता 78% से बढ़ाकर 90% कर दी, ताकि वह एमबीबीएस में दाखिले की पात्रता से बाहर हो जाए। निकिता ने परेशान होकर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल से लेकर के पिछली सरकार के आला अफसरों तक को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई, लेकिन किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। अंत में उसने वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव भूषण के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने पीजीआई के निदेशक को आदेश दिया कि वह निकिता की विकलांगता का आकलन करके प्रमाणपत्र 9 दिसंबर तक सीधे कोर्ट में जमा कराएं। वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव भूषण की दलीलों पर सोमवार को हाईकोर्ट ने सहमति जताई और निकिता को एमबीबीएस में प्रवेश देने के आदेश दिए।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय बीटेक के पहले, तीसरे, पांचवें और सातवें सेमेस्टर की नियमित और री अपीयर परीक्षाएं इसी माह करवा सकता है। परीक्षाओं के लिए 22 दिसंबर परीक्षा फार्म फीस के साथ जमा करवाने की अंतिम तिथि तय की गई है। इसके बाद जमा होने वाले परीक्षा फार्म पर लेट फीस देनी होगी। परीक्षा फार्म विवि के एग्जाम पोर्टल पर उपलब्ध करवाए गए है। वही ऑनलाइन परीक्षा फार्म भरे जाने के बाद विद्यार्थियों को फार्म की हार्ड कापी विवि में जमा करवानी होगी। एमएड की दूसरे सेमेस्टर की दिसंबर में होने वाली परीक्षा के लिए भी ऑनलाइन परीक्षा फार्म भरने को 22 दिसंबर अंतिम तिथि तय की गई है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं बिलासपुर से विधायक त्रिलोक जम्वाल आज भाजपा मुख्यालय दीपकमल चक्कर पहुंचे उनका भाजपा मुख्यालय पहुंचने पर कार्यकर्ताओं द्वारा स्वागत किया गया। इस मौके पर भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव कटवाल, सह मीडिया प्रभारी करण नंदा और संजीव चौहान उपस्थित रहे। चुनाव जीतने के बाद पहली बार भाजपा प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल आज पार्टी मुख्यालय पहुंचे। जम्वाल ने कहा कि प्रदेश में हुआ विधानसभा चुनाव कांटे का रहा और उसमें भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता ने सक्रिय रूप से भाग। अगर 2017 और 2022 की तुलना की जाए, तो जब भारतीय जनता पार्टी ने 2017 में सरकार बनाई थी, तो दोनों पार्टियों के भीतर 268000 वोटों का अंतर था, पर इस बार 2022 में कांग्रेस केवल भाजपा से 37974 वोट आगे है। यही बताता है कि चुनाव कांटे का था। उन्होंने कहा कि भाजपा को इस बार चुनावों में 1814530 वोट प्राप्त हुआ और अगर मत प्रतिशत देखी जाए, तो भाजपा को 43% वोट प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा किए गए वादे पूरे करना काफी मुश्किल है। पुरानी पेंशन बहाल करना, युवाओं को 500000 रोजगार देना, महिलाओं को हर महीने 1500 देना और 300 यूनिट बिजली फ्री करना अपने आप में एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को मुख्यमंत्री पद संभालने के लिए शुभकामनाएं भी दी। साथ ही उन्होंने मुकेश अग्निहोत्री को भी उपमुख्यमंत्री पद संभालने के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में डबल इंजन की सरकार ने भाजपा के कार्यकाल में अच्छा काम किया और कई योजनाएं ऐसी है, जो मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा शुरू की गई है, जिसका आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश को बड़ा लाभ होगा।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर पदभार संभालने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह प्रदेश सचिवालय में सभी विधायकों के साथ बैठक की। जिसमें सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि अब हिमाचल सदन और हिमाचल भवन में विधायकों को भी आम आदमी जितने पैसे चुकाने होंगे। इससे पहले विधायकों को आम आदमी के मुकाबले रियायती दरों पर कमरे उपलब्ध करवाये जाते थे। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस नीतिगत फैसले से अब विधायकों को भी आम आदमी जितने पैसे चुकाने होंगे। CM सुक्खू ने कहा कि जल्द ही हिमाचल प्रदेश सरकार अपने वादे के मुताबिक ओल्ड पेंशन स्कीम की बहाली को लेकर भी फैसला लेगी।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों ने आज यहां मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का गर्मजोशी से स्वागत किया। सचिवालय के हजारों अधिकारियों व कर्मचारियों ने मुख्य द्वार पर पंक्तिबद्ध होकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने भी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को मुख्यमंत्री का पद ग्रहण करने पर बधाई दी। इसके उपरांत, हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवाएं संघ के सदस्यों के साथ बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने उनसे राज्य के लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए नए उत्साह, समर्पण और प्रतिबद्धता से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अच्छी सरकार के लिए सुशासन आवश्यक है, इसलिए यह अधिकारियों का कर्तव्य बनता है कि वे अपना समय लोगों की शिकायतों के निवारण के लिए समर्पित करें। उन्होंने कहा कि अधिकारी आमजन के जीवन में सुखद परिवर्तन लाने के लिए कार्य करें। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, विधायक हर्षवर्धन चौहान, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुभासीष पंडा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
हिमाचल कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह और विधायक विक्रमादित्य सिंह ने सचिवालय में पहुंचकर सुखविंदर सिंह सुक्खू को मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण करने पर उन्हें बधाई दी। इस दौरान प्रतिभा सिंह मुख्यमंत्री सुक्खू को फूलों का गुलदस्ता भेंट करने लगीं, तभी मुख्यमंत्री ने उनके सम्मान में कहा कि आप नहीं मैं आपको गुलदस्ता भेंट करूंगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं पार्टी का सदस्य हूं और आप मेरी अध्यक्षा हैं। मैं पहला मुख्यमंत्री होऊंगा, जो आपको रिपोर्ट करेगा। मुख्यमंत्री ने पार्टी अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के सम्मान में उन्हें माता की चुनरी भी भेंट की। वहीं इस दौरान विधायक विक्रमादित्य सिंह ने भी गुलदस्ता भेंट करके मुख्यमंत्री सुक्खू का स्वागत किया।
प्रदेश के पहले उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने राज्य सचिवालय में अपना पदभार संभाल लिया। अपना पद ग्रहण के बाद मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि कैबिनेट की पहली बैठक में ओपीएस का वादा पूरा होगा। उन्होंने कहा कि जल्द अगर मंत्रिमंडल का गठन नहीं होता है तो केवल दो लोग भी कैबिनेट कर सकते हैं। उनकी सरकार चलेगी दौड़ेगी और परफॉर्म भी करेंगी कोई परिंदा इस पर चोंच नहीं मार सकता। उन्होंने कहा कि जो भी वादे किए गए हैं पूरे किए जाएंगे। प्रियंका और राजीव शुक्ला से मीटिंग हुई हैं। हर वादा पूरा किया जाएगा।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज शिमला में टूटीकंडी स्थित बालिका आश्रम का दौरा कर बालिकाओं को मिठाइयां वितरित कीं। आश्रम की बालिकाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सुविधाओं से वंचित विद्यार्थियों को लाभान्वित करने के लिए एक विस्तृत योजना तैयार करेगी, ताकि वे निर्बाध अपनी इच्छा के अनुरूप उच्च शिक्षा ग्रहण कर सकें। उन्होंने बालिकाओं को एक लक्ष्य तय कर उसे प्राप्त करने के लिए अधिक मेहनत करने का परामर्श दिया। उन्होंने कहा कि आश्रम में रहने वाली बालिकाओं को सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आश्रम का उचित रख-रखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि उन्हें किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन बालिकाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सहायता प्रदान करने को विस्तृत योजना तैयार की जाए। उन्होंने इस आश्रम की बालिकाओं की प्रतिभा की भी सराहना की और अधिकारियों को उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करने को कहा, ताकि वे जीवन में आगे बढ़ सकें और राष्ट्र विकास में योगदान देने में सक्षम हो पाएं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाली बालिकाओं को ऐच्छिक निधि से 51 हजार रुपये की राशि देने की घोषणा की। विधायक रोहित ठाकुर, जगत सिंह नेगी, राजेश धर्माणी, इंद्रदत्त लखनपाल, सुंदर सिंह ठाकुर, केवल सिंह पठानिया, संजय अवस्थी एवं सुरेश कुमार, पूर्व विधायक सोहन लाल, मुख्य सचिव आरडी धीमान, प्रधान सचिव सुभासीष पंडा, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी, अतिरिक्त निदेशक एकता काप्टा व पुलिस अधीक्षक डॉ. मोनिका भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज शिमला के रिज पर आयोजित एक भव्य समारोह में सुखविंदर सिंह सुक्खू को हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। राज्यपाल ने इस अवसर पर मुकेश अग्निहोत्री को प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ भी दिलाई। राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी व प्रियंका गांधी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजीव शुक्ला, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, वरिष्ठ राष्ट्रीय कांग्रेस नेता मुकुल वासनिक, पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल और आनंद शर्मा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला, जितेंद्र बिट्टू और सचिन पायलट, मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री के परिजन, विधायकगण, कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता, वरिष्ठ अधिकारी तथा हिमाचल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोग भारी संख्या में इस अवसर पर उपस्थित थे। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का जीवन परिचय स्वर्गीय श्री रसील सिंह के सुपुत्र श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का जन्म 27 मार्च, 1964 को नादौन, जिला हमीरपुर में हुआ। उन्होंने एम.ए., एल.एल.बी. की शिक्षा ग्रहण की है तथा उनका विवाह श्रीमती कमलेश ठाकुर से हुआ। उनकी दो बेटियां हैं। वह वर्ष 1981-82 तथा 1982-83 में राजकीय स्नातक महाविद्यालय संजौली शिमला के कक्षा प्रतिनिधि रहे। वर्ष 1983-1984 में वह राजकीय स्नातक महाविद्यालय संजौली, शिमला के महासचिव निर्वाचित हुए तथा वर्ष 1984-85 में राजकीय डिग्री महाविद्यालय संजौली के अध्यक्ष निर्वाचित किए गए। वर्ष 1985-86 के दौरान वह हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के विधि विभाग के विभागीय प्रतिनिधि रहे तथा वर्ष 1989-95 तक राज्य युवा कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। वर्ष 1995-1998 तक वह प्रदेश युवा कांग्रेस के महासचिव, वर्ष 1998-2008 तक प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। वर्ष 1992-97 और 1997-2002 तक वह दो बार नगर निगम शिमला के पार्षद चुने गए। वर्ष 2008 से 2012 तक वह प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव और 8 जनवरी, 2013 में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बने। वर्ष 2003 और वर्ष 2007 में वह प्रदेश विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए। वर्ष 2007-12 तक कांग्रेस विधायक दल के मुख्य सचेतक रहे। सुखविंदर सिंह सुक्खू दिसंबर, 2017 में तीसरी बार विधायक के रूप में चुने गए और सार्वजनिक उपक्रम, विशेषाधिकार और व्यापार सलाहकार समितियों के सदस्य के रूप में नामित हुए। दिसंबर, 2022 में वह चौथी बार फिर प्रदेश विधानसभा के लिए चुने गए हैं और आज मुख्यमंत्री पद का पदभार ग्रहण किया। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का जीवन परिचय मुकेश अग्निहोत्री का जन्म स्व. ओंकार चन्द शर्मा के घर 9 अक्तूबर, 1962 को हुआ। वह मूल रूप से गांव व डाकघर गोंदपुर, जिला ऊना से संबंध रखते हैं। उन्होंने बीएससी, लोक संपर्क एवं विज्ञापन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा और एमएससी गणित की शिक्षा ग्रहण की है। उनका विवाह सिम्मी अग्निहोत्री से हुआ और उनकी एक पुत्री है। उन्होंने लगभग 15 वर्षों तक देश के विभिन्न प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में कार्य किया। वह हिमाचल प्रदेश सरकार की प्रेस प्रत्यायन कमेटी के सदस्य, राज्य प्रेस सलाहकार समिति के सदस्य, हि.प्र. विधानसभा की प्रेस गैलरी समिति के सदस्य और राज्य सरकार की पहाड़ी भाषा समिति के सदस्य रह चुके हैं। इसके अलावा, वह प्रेस क्लब, शिमला, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव और प्रदेश कांग्रेस समिति के मीडिया सैल के महासचिव रह चुके हैं। मार्च, 2003 में वह पहली बार संतोखगढ़ (अब हरोली) विधानसभा से प्रदेश विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए। उसके उपरांत वह वर्ष 2007, 2012, 2017 और 2022 में प्रदेश विधानसभा सदस्य के रूप में पांचवीं बार निवाचित हुए।मुकेश अग्निहोत्री 2003 से 2005 तक मुख्य संसदीय सचिव तथा हिमाचल प्रदेश सरकार के आवास बोर्ड के अध्यक्ष नियुक्त किए गए। दिसंबर 2012 से 2017 के कार्यकाल के दौरान उन्होंने प्रदेश के उद्योग, श्रम एवं रोज़गार, संसदीय मामले और सूचना एवं जन संपर्क विभाग मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2017 से 2022 तक वह सदन में नेता प्रतिपक्ष रहे। दिसंबर, 2022 में वह 14वीं विधानसभा के लिए पुनः निर्वाचित हुए हैं और प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री का कार्यभार संभाला है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ हिमाचल प्रदेश की बैठक आज ईएमसी पीडब्ल्यूडी निगम विहार (ENC PWD Nigham Vihar) में प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सभी साथियों ने Vote for Ops अभियान को सफल बनाने के लिए प्रदेश के कर्मचारियों का धन्यवाद किया। प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर व महासचिव भरत शर्मा ने कहा कि नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ द्वारा पेंशन बहाली के लिए 2015 से लगातार प्रयास किए गए हैं और यह प्रयास पेंशन बहाली तक जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि चुनावों में प्रदेश की जनता ने कांग्रेस पार्टी को सत्ता सौंपी है और कांग्रेस पार्टी द्वारा चुनावों के वक्त कर्मचारियों को पेंशन बहाली की गारंटी दी थी। पेंशन बहाली के लिए कर्मचारी भी कांग्रेस के साथ खड़े हुए। अब प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनने जा रही है। प्रदेश के कर्मचारियों को उम्मीद है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार अपनी दी गई गारंटी के अनुसार पहली कैबिनेट की बैठक में पेंशन बहाली की घोषणा करेगी तथा जल्दी प्रदेश में पेंशन बहाली की अधिसूचना होगी। प्रदेश के कर्मचारियों ने इस बार के चुनाव में दिखा दिया है कि कर्मचारी सरकार बना भी सकते हैं और गिरा भी रखते हैं। कर्मचारियों ने प्रदेश में एक नया इतिहास बनाया है, जिसके लिए प्रदेश के सभी कर्मचारियों का उन्होंने धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि संगठन का गठन सिर्फ पेंशन बहाली के लिए हुआ है, जिसके लिए वह निरंतर प्रयासरत है। बैठक में राज्य महासचिव भरत शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सौरव वैद, कोषाध्यक्ष शशि पाल शर्मा, संगठन सचिव घनश्याम, पूजा सभरवाल, सुनीता मेहता, सुनील तोमर, मुख्य प्रवक्ता अनिरुद्ध गुलेरिया, प्रवक्ता ओम प्रकाश, मीडिया प्रभारी पंकज शर्मा, आईटी सेल प्रभारी शैल चौहान, अतिरिक्त महासचिव अंकुर शर्मा, उपाध्यक्ष अजय राणा, बलदेव बिष्ट, सुनील तोमर, अमित जरियाल, शिवकुमार, वीरेंद्र ठाकुर, निर्मल राज, दीपक ओझा, जिलाध्यक्ष मंडी लेखराज, जिला अध्यक्ष कांगड़ा रजिंदर मिन्हास, जिला अध्यक्ष चंबा सुनील जरियाल, जिलाध्यक्ष सोलन अशोक ठाकुर, जिला अध्यक्ष शिमला कुशाल शर्मा, जिला अध्यक्ष बिलासपुर राजेंद्र कुमार, जिलाध्यक्ष हमीरपुर राकेश कुमार, जिला अध्यक्ष सिरमौर सुरेंद्र पुंडीर, जिलाध्यक्ष किन्नौर वीरेंद्र जिंटो, जिला उना वरिष्ठ उपाध्यक्ष तेजिंदर, कुशाल ठाकुर, विजय ठाकुर व किशन इत्यादि कर्मचारी उपस्थित रहे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला नामित मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां राजभवन में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को हिमाचल प्रदेश में नई सरकार बनाने का दावा पेश किया। नामित मुख्यमंत्री कल ऐतिहासिक रिज पर मुख्यमंत्री के पद की शपथ ग्रहण करेंगे। कंेद्रीय पर्यवेक्षक दल जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री एवं एआईसीसी पर्यवेक्षक भूपेश बघेल, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं एआईसीसी पर्यवेक्षक भूपंेद्र सिंह हुड्डा, सांसद राज्यसभा व इंचार्ज जीएसएचपी राजीव शुक्ला, सांसद लोकसभा व राज्य कांग्रेस अध्यक्षा प्रतिभा सिंह, पर्यवेक्षक तेजिंदर बिट्टू तथा कांग्रेस के वरष्ठि नेता मुकेश अग्निहोत्री भी इस अवसर पर उपस्थित थे। उन्होंने राज्यपाल को हिमाचल प्रदेश में नई सरकार बनाने का दावा करने के लिए एक औपचारिक पत्र सौंपा।
पांवटा साहिब में भाजपा के तीन बागी उम्मीदवारों के मैदान में होने से क्या निवर्तमान ऊर्जा मंत्री बेहतर कर पाएंगे, इस सवाल पर आठ दिसंबर को आये नतीजों ने विराम लगा दिया है। सुखराम चौधरी ने तमाम कयासों को गलत साबित करते हुए बड़े मार्जिन से चुनाव जीता। जयराम सरकार में कैबिनेट मंत्री सुखराम चौधरी इस सीट से छठी बार भाजपा टिकट के साथ मैदान में थे। चौधरी ने 1998 में हार के साथ शुरुआत की थी लेकिन इसके बाद 2003 और 2007 में वे जीते। तब इस सीट का नाम पौंटा दून था, फिर 2008 में परिसीमन के बाद यह सीट पौंटा साहिब हो गयी। 2012 में उन्हें फिर हार का सामना करना पड़ा लेकिन 2017 में वे फिर जीते। इसके बाद वर्ष 2020 में हुए जयराम कैबिनेट के विस्तार में उन्हें मंत्री पद भी मिल गया। सुखराम चौधरी इस बार जीत का चौका लगाने के फ़िराक में थे और वे सफल भी हुए। सुखराम चौधरी ने 8596 मतों से जीत हासिल की। उधर, कांग्रेस ने फिर इस सीट से किरनेश जंग को मैदान में उतारा। किरनेश पहली बार 2003 में लोकतान्त्रिक मोर्चा के टिकट पर चुनाव लड़े थे लेकिन हार गए थे। फिर 2007 में कांग्रेस के टिकट पर हारे। 2012 में कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया लेकिन वे निर्दलीय चुनाव जीतने में कामयाब रहे। पर 2017 में कांग्रेस टिकट पर फिर हार गए। ऐसे में इस बार कांग्रेस से उनके टिकट को लेकर संशय बना हुआ था लेकिन आखिरकार उन्हें पार्टी ने टिकट दे दिया। ये किरनेश जंग का पांचवा चुनाव था और उनके खाते में सिर्फ एक जीत है। स्वाभाविक है ऐसे में उनके लिए इस बार जीत हासिल करना बेहद जरूरी था लेकिन वे इस बार भी चुनाव हार गए। अब निसंदेह हार के बढ़ते क्रम से किरनेश जंग की राह बेहद मुश्किल होने वाली है। खेर, निवर्तमान ऊर्जा मंत्री के जीतने से पांवटा साहिब में भाजपा फिर पावर में आ गयी है
आख़िरकार कसौली विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस ने 15 वर्षों के बाद वापसी कर ही ली। बीते तीन चुनावों की तरह इस बार भी कसौली सीट पर कांटे की टक्कर देखने को मिली। इस बार निवर्तमान स्वास्थ्य मंत्री डॉ राजीव सैजल के साथ भाजपा की पूरी टीम जीत का चौका लगाने के लिए मैदान में थे, तो दूसरी तरफ कांग्रेस और विनोद सुल्तानपुरी जीत का सूखा खत्म करने के लिए जदोजहद करते दिखे। डॉ राजीव सैजल खुद जीत को लेकर आश्वस्त थे लेकिन कांग्रेस के प्रत्याशी विनोद सुल्तानपुरी ने इस बार चुनाव जीत कर निवर्तमान स्वास्थ्य मंत्री डॉ राजीव सैजल के सियासी चौका लगाने के फ़िराक पर पानी फेर दिया और 6768 मतों से जीत हासिल कर ली। अतीत पर गौर करें तो कसौली निर्वाचन क्षेत्र लम्बे अर्से तक कांग्रेस का गढ़ रहा। 1982 से 2003 तक हुए 6 विधानसभा चुनावों में से पांच कांग्रेस ने जीते और पांचों बार प्रत्याशी थे रघुराज। सिर्फ 1990 की शांता लहर में एक मौका ऐसा आया जब रघुराज भाजपा के सत्यपाल कम्बोज से चुनाव हारे। 2003 में प्रदेश में भी कांग्रेस की सरकार बनी और वीरभद्र सरकार में रघुराज मंत्री बने। मंत्री बनने के बाद कसौली के लोगों की अपेक्षाएं भी बढ़ी और शायद इसी का खामियाजा रघुराज को 2007 में उठाना पड़ा, जब वे चुनाव हार गए। इसके बाद राजीव सैजल ने जीत की हैट्रिक लगाकर जयराम सरकार में मंत्री पद भी हासिल किया। वर्ष 2012 में कांग्रेस ने चेहरा बदला और युवा विनोद सुल्तानपुरी को यहां से अपना प्रत्याशी बनाया। दो युवा नेताओं के बीच इस चुनाव में कांटेदार टक्कर हुई और हार व जीत का मार्जिन भी काफी करीबी रहा। राजीव सैजल ने विनोद सुल्तानपुरी को मात्र 24 मतों से शिकस्त दी। वर्ष 2017 में कांग्रेस व भाजपा दोनों दलों ने एक बार फिर इन्हीं दोनों प्रत्याशियों को चुनावी रण में उतार दिया। इस बार भी दोनों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। हालांकि डा. सहजल ने वर्ष 2012 के मार्जिन व अपनी स्थिति को थोड़ा बेहतर करते हुए 442 मतों से जीत प्राप्त की। लगातार दो चुनावों में मामूली अंतर से हार का मुंह देख रहे कांग्रेस के विनोद सुल्तानपुरी के लिए वर्ष 2022 का चुनाव उनके राजनीतिक करियर के लिए काफी महत्वपूर्ण था। कांग्रेस के टिकट चाहवानों को दरकिनार करते हुए विनोद सुल्तानपुरी एक बार फिर पार्टी टिकट पाने में कामयाब रहे। भाजपा ने भी जीत की हैट्रिक लगा चुके डा. राजीव सैजल पर ही दांव खेला। तीसरी बार विनोद सुल्तानपुरी और राजीव सैजल चुनावी मैदान में आमने सामने थे। नतीजन भाजपा के 15 सालों के तिलिस्म को तोड़ते हुए विनोद सुल्तानपुरी ने कसौली में वापसी करवाई।
रामपुर निर्वाचन क्षेत्र कांग्रेस का अभेद गढ़ रहा है। देश में आपातकाल के बाद हुए 1977 के चुनाव को छोड़ दिया जाएं, तो यहां हमेशा कांग्रेस का परचम लहराया है। वहीं भाजपा की बात करें तो 1980 में पार्टी की स्थापना के बाद से 9 चुनाव हुए है, लेकिन पार्टी को कभी यहां जीत का सुख नहीं मिला। पर बीते कुछ चुनाव के नतीजों पर नजर डाले तो कांग्रेस और वीरभद्र परिवार के इस गढ़ में पार्टी की जीत का अंतर कम जरूर हुआ है। 1990 की शांता लहर में भी कांग्रेस के सिंघीराम यहाँ से 11856 वोट से जीते थे, लेकिन 2017 आते -आते ये अंतर 4037 वोटों का रह गया। 1993 में कांग्रेस यहाँ 14478 वोट से जीती तो 1998 में जीत का अंतर 14565 वोट था। जबकि 2003 के चुनाव में ये अंतर बढ़कर 17247 हो गया। तीनों मर्तबा यहाँ से सिंघी राम ही पार्टी प्रत्याशी थे। 2007 में कांग्रेस ने यहाँ से प्रत्याशी बदला और नंदलाल को मैदान में उतारा। नंदलाल को जीत तो मिली लेकिन अंतर घटकर 6470 वोट का रह गया। 2012 में नंदलाल 9471 वोट से जीते तो 2017 में अंतर 4037 वोट का रहा। इस बार भाजपा ने रामपुर विधानसभा क्षेत्र में टिकट बदल युवा चेहरे कौल सिंह नेगी को मैदान में उतारा था जबकि कांग्रेस ने भारी विरोध के बावजूद वर्तमान विधायक नंदलाल पर ही दांव खेला। नंदलाल को लेकर क्षेत्र में एंटी इंकम्बेंसी दिखी है, मगर उनके प्रचार का ज़िम्मा खुद राज परिवार ने संभाला था। उधर कौल नेगी ने भी प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। कौल नेगी इस सीट पर कमल तो नहीं खिला पाए लेकिन कांग्रेस के प्रत्याशी को जबरदस्त टक्कर दे कर जीत के अंतर को न के बराबर साबित किया। इस चुनाव में नन्द लाल मात्र 567 वोट से जीत दर्ज कर गए।
जिला किन्नौर में इस बार भी विधानसभा चुनाव में भरपूर रोमांच देखने को मिला। पहले दिन से ही कांग्रेस और भाजपा दोनों तरफ जमकर खींचतान दिखी। कांग्रेस में जहाँ सीटिंग विधायक और वरिष्ठ नेता जगत सिंह नेगी का टिकट अंतिम समय तक लटका रहा, तो भाजपा ने पूर्व विधायक तेजवंत नेगी का टिकट काटकर युवा सूरत नेगी को मैदान में उतारा। खफा होकर तेजवंत भी चुनावी समर में कूद गए और इस मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया। नतीजन, भाजपा के बगावत का फायदा कांग्रेस प्रत्याशी जगत सिंह नेगी को मिला और जगत नेगी हैट्रिक लगाने में कामयाब रहे। जगत सिंह नेगी को 20696 मत मिले और भाजपा प्रत्याशी सूरत नेगी को 13732 वोट प्राप्त हुए जबकि भाजपा के बागी तेजवंत नेगी ने 8574 मत लेकर भाजपा को डैमेज किया। किन्नौर के चुनावी इतिहास पर नज़र डाले तो अब तक सिर्फ ठाकुर सेन नेगी (तेते जी) ही जीत की हैट्रिक लगा सके है। ठाकुर सेन नेगी 1967 से 1982 तक लगातार चार चुनाव जीते। दिलचस्प बात ये है कि वे तीन बार निर्दलीय और एक बार लोकराज पार्टी के टिकट पर चुनाव जीते। फिर वे भाजपा में शामिल हो गए और एक बार 1990 में भाजपा टिकट से भी जीतने में कामयाब हुए। ठाकुर सेन नेगी के अलावा जगत सिंह नेगी ही इकलौते ऐसे नेता है जो हैट्रिक लगाने में सफल हुए है।
हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वालो क्षेत्रों में बर्फ़बारी का दौर जारी है। प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रोहतांग और पांगी सहित कई चोटियों पर शुक्रवार को बर्फबारी हुई। शनिवार को भी प्रदेश के उच्च और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 11 दिसंबर से मौसम साफ रहने की संभावना जताई है। शनिवार को राजधानी शिमला के साथ अन्य क्षेत्रों में मौसम साफ रहा। बर्फबारी के कारण पांगी उपमंडल के अधिकांश मार्गों पर शुक्रवार को वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। वहीं बारालाचा, कुंजुम दर्रा, घेपन पीक, शिगरी ग्लेशियर, शिंकुला दर्रा सहित मनाली की ऊंची चोटियों पर भी हल्की बर्फबारी हुई है। गुरुवार रात को केलांग में न्यूनतम तापमान माइनस 2.0, कुकुमसेरी में 0.1, कल्पा में 1.2, सुंदरनगर में 2.0, मंडी में 2.9, भुंतर में 3.0, सोलन में 3.4, ऊना में 4.4, हमीरपुर में 4.6, बिलासपुर में 5.0, मनाली में 5.8, शिमला में 9.1 और धर्मशाला में 10.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग ने हिमाचल प्रदेश मुख्य निर्वाचन कार्यालय की टीम के साथ आज राजभवन में राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर से भेंट की। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राज्यपाल को हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में निर्वाचित सदस्यों की सूची के संबंध में अधिसूचना की प्रति भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश में विधानसभा निर्वाचन की प्रक्रिया को सुचारू और शांतिपूर्ण तरीके से पूर्ण करने के लिए निर्वाचन विभाग को बधाई दी। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले राज्य में चुनाव सामग्री को निर्धारित स्थान पर पहुंचाना काफी मुश्किल कार्य था। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में तैनात सभी कर्मचारियों को भी बधाई दी और कहा कि यही वजह है कि लोगों का विश्वास चुनाव प्रक्रिया पर बढ़ा है। इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राज्यपाल को चुनाव से संबंधित आंकड़ों की विस्तृत जानकारी भी दी।
हिमाचल में विधानसभा चुनावों में कांग्रेस बहुमत प्राप्त करने के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए कसरत शुरू हो गई है। विधायक दल का नेता चुनने के लिए कांग्रेस की आज दोपहर बाद कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में बैठक होगी जिसमे हिमाचल चुनाव प्रभारी राजीव शुक्ला व पर्यवेक्षक भूपेंद्र हुड्डा, छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल शामिल होंगे। इसी के साथ कांग्रेस के जीते हुए कुछ विधायक होली लॉज प्रतिभा सिंह से मिलने पहुंच रहें है ठियोग से नवनिर्वाचित विधायक कुलदीप सिंह राठौर भी होलीलॉज पहुंचे। 3 बजे होनी वाली बैठक में केंद्रीय प्रयवेशक हुड्डा , छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश मामलों के प्रभारी राजीव शुक्ला भी पहुंच रहे है। बैठक में पार्टी के मापदंडों पर चर्चा होगी। बैठक में सभी विधायकों से चर्चा की जाएगी उसके बाद फिर आलाकमान के पास जो भी रिपोर्ट जाएगी उसी के आधार पर मुख्यमंत्री बनाया जाएगा।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला सर्दियां शुरू होते ही जिला में आगजनी के मामले शुरू हो गए हैं, ताजा मामले में उपमंडल रोहड़ू की चड़ गांव में गुरुवार देर रात आगजनी का मामला सामने आया है। आगजनी में एक भवन के तीन कमरे व एक गौशाला जल गई है, जिसमें एक गाय और बछड़ा भी जल गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार रात समय करीब 11.30 बजे थाना चड़ गांव में सूचना मिली है कि यशपाल सिंह पुत्र ज्ञान चंद गांव सूंधा के 3 कमरे के मकान एवं गाैशाला में आगजनी की घटना हुई है, जिसमें एक गाय तथा बछड़ा जला गए हैं। यह आगजनी बिजली के शॉट शर्किट से होना बताया जा रहा है। इस आगजनी में 10 लाख के नुकसान का आकलन किया जा रहा है। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच में पाया कि इस आगजनी में एक मंजिल का तीन कमरों वाला मकान, गाैशाला में रखी एक जर्सी गाय, एक बच्छी, सुखा घास व राशन, रोजमर्रा की वस्तुएं, कृषि उपकरण (स्प्रे मशीन आदि) जलकर राख होने पाए गए हैं। इस आगजनी से करीब 10 लाख रुपए का नुकसान होना पाया गया है। आग पर स्थानीय व्यक्ति व अग्निशमन की सहायता से काबू पाया गया है। यह आग बिजली के शॉट सर्किट के कारण मकान में रखे सुखे घास में आग लगने के कारण लगनी बताई जा रही है। पुलिस जांच कर रही है।
हिमाचल प्रदेश के बेरोजगार एवं प्रशिक्षित युवाओं के लिए नौकरी पाने का सुनहरा मौका मिलने जा रहा है।हिमाचल प्रदेश एचपीयूएसएसएएल संगठन लिमिटेड ने (792) पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। इसमें कई पदों पर भर्तियां की जाएगी। इन पदों के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 14/12/2022 निर्धारित की गई है। संगठन के सचिव विनीत शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि , इसमें जूनियर ऑफिस असिस्टेंट , कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट, फिटर, इलेक्ट्रीशियन, वायरमैन, मैकेनिक डीजल ,ड्राफ्ट्समैन सिविल, पंप ऑपरेटर एंड मैकेनिक, टर्नर ,सीनियर इंजीनियर, प्रोडक्शन मैनेजर, अकाउंट्स मैनेजर, इलेक्ट्रिकल इंजीनियर, एचआर एडमिन एग्जीक्यूटिव, सीनियर एग्जीक्यूटिव , सुरक्षा गार्ड, सुरक्षा सुपरवाइजर, सीनियर मैनेजर इंजीनियरिंग, सीनियर ऑफिसर/ असिस्टेंट, स्टोर असिस्टेंट, जूनियर इंजीनियर सिविल, ड्राइवर, स्टाफ नर्स एएनएम, स्टाफ नर्स जीएनएम , लैब टेक्नीशियन , कार्यालय सहायक, ऑफिस कोऑर्डिनेटर, डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर, आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट , फ्रंट ऑफिस एग्जीक्यूटिव फीमेल , कंस्ट्रक्शन हेल्पर , एरिया सेल्स मैनेजर, बैंक सेल्स एग्जीक्यूटिव, रिक्रूटमेंट ऑफीसर कार्यालय , कैसियर फीमेल, टेलीकॉलर फीमेल, फ्रंट डेस्क मैनेजर ,स्वीपर, बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर , फॉर्म सेल्स एग्जीक्यूटिव एजेंट, पीएन कम हेल्पर के पदों को भरने के लिए अधिसूचना जारी की गई है. सभी पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन व्हाट्सएप नंबर पर ही लिए जाएंगे सभी पद हिमाचल प्रदेश के लिए आरक्षित किए गए है। (यहां करें आवेदन ) इन पदों के इच्छुक उम्मीदवार आवेदन करने के लिए संगठन के व्हाट्सएप नंबर 62304-06027 पर अपनी शैक्षणिक योग्यता के मूल प्रमाण पत्रों की छाया प्रति, आधार कार्ड, पुलिस चरित्र प्रमाण पत्र , रोजगार कार्यालय पंजीकरण कार्ड, स्कैन, पीडीएफ फाइल बनाकर अंतिम तिथि तक अपना आवेदन भेज सकते हैं. निर्धारित तिथि के बाद मिलने वाले आवेदन रद्द कर दिए जाएंगे। इन पदों के लिए आयु सीमा 18 वर्ष से लेकर 50 वर्ष तक निश्चित की गई है। उम्मीदवार आवेदन करते समय पदनाम लिखना अनिवार्य किया गया है। संगठन द्वारा उम्मीदवारों का चयन प्रक्रिया लिखित परीक्षा/ छटनी परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर ही किया जाएगा। लिखित परीक्षा 25 दिसंबर 2022 को ऑनलाइन ही आयोजित की जाएगी , सभी पदों की लिखित परीक्षा में हिमाचल सामान्य ज्ञान, एवरीडे साइंस, समाजशास्त्र ,कंप्यूटर न्यूमेरिकल एटीट्यूट, जनरल हिंदी, जनरल इंग्लिश, गणित विषय से संबंधित ऑब्जेक्टिव टाइप (एमसीक्यू) (150) प्रश्न पूछे जाएंगेहिमाचल प्रदेश के बेरोजगार एवं प्रशिक्षित युवाओं के लिए नौकरी पाने का सुनहरा मौका मिलने जा रहा है। हिमाचल प्रदेश एचपीयूएसएसएएल संगठन लिमिटेड ने (792) पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है।इसमें कई पदों पर भर्तियां की जाएगी। इन पदों के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 14/12/2022 निर्धारित की गई है। संगठन के सचिव विनीत शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि , इसमें जूनियर ऑफिस असिस्टेंट , कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट, फिटर, इलेक्ट्रीशियन, वायरमैन, मैकेनिक डीजल ,ड्राफ्ट्समैन सिविल, पंप ऑपरेटर एंड मैकेनिक, टर्नर ,सीनियर इंजीनियर, प्रोडक्शन मैनेजर, अकाउंट्स मैनेजर, इलेक्ट्रिकल इंजीनियर, एचआर एडमिन एग्जीक्यूटिव, सीनियर एग्जीक्यूटिव , सुरक्षा गार्ड, सुरक्षा सुपरवाइजर, सीनियर मैनेजर इंजीनियरिंग, सीनियर ऑफिसर/ असिस्टेंट, स्टोर असिस्टेंट, जूनियर इंजीनियर सिविल, ड्राइवर, स्टाफ नर्स एएनएम, स्टाफ नर्स जीएनएम , लैब टेक्नीशियन , कार्यालय सहायक, ऑफिस कोऑर्डिनेटर, डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर, आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट , फ्रंट ऑफिस एग्जीक्यूटिव फीमेल , कंस्ट्रक्शन हेल्पर , एरिया सेल्स मैनेजर, बैंक सेल्स एग्जीक्यूटिव, रिक्रूटमेंट ऑफीसर कार्यालय , कैसियर फीमेल, टेलीकॉलर फीमेल, फ्रंट डेस्क मैनेजर ,स्वीपर, बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर , फॉर्म सेल्स एग्जीक्यूटिव एजेंट, पीएन कम हेल्पर के पदों को भरने के लिए अधिसूचना जारी की गई है. सभी पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन व्हाट्सएप नंबर पर ही लिए जाएंगे. सभी पद हिमाचल प्रदेश के लिए आरक्षित किए गए है। (यहां करें आवेदन ) इन पदों के इच्छुक उम्मीदवार आवेदन करने के लिए संगठन के व्हाट्सएप नंबर 62304-06027 पर अपनी शैक्षणिक योग्यता के मूल प्रमाण पत्रों की छाया प्रति, आधार कार्ड, पुलिस चरित्र प्रमाण पत्र , रोजगार कार्यालय पंजीकरण कार्ड, स्कैन, पीडीएफ फाइल बनाकर अंतिम तिथि तक अपना आवेदन भेज सकते हैं. निर्धारित तिथि के बाद मिलने वाले आवेदन रद्द कर दिए जाएंगे। इन पदों के लिए आयु सीमा 18 वर्ष से लेकर 50 वर्ष तक निश्चित की गई है। उम्मीदवार आवेदन करते समय पदनाम लिखना अनिवार्य किया गया है। संगठन द्वारा उम्मीदवारों का चयन प्रक्रिया लिखित परीक्षा/ छटनी परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर ही किया जाएगा। लिखित परीक्षा 25 दिसंबर 2022 को ऑनलाइन ही आयोजित की जाएगी , सभी पदों की लिखित परीक्षा में हिमाचल सामान्य ज्ञान, एवरीडे साइंस, समाजशास्त्र ,कंप्यूटर न्यूमेरिकल एटीट्यूट, जनरल हिंदी, जनरल इंग्लिश, गणित विषय से संबंधित ऑब्जेक्टिव टाइप (एमसीक्यू) (150) प्रश्न पूछे जाएंगे. लिखित परीक्षा का परिणाम 15 जनवरी 2023 को ऑफिशियल/ आधिकारिक वेबसाइट www.hpussa.in पर घोषित किया जाएगा। उम्मीदवार अनिवार्य वांछनीय शैक्षणिक योग्यता , पदनाम की डिटेल, नोटिफिकेशन संगठन की आधिकारिक वेबसाइट www.hpussa.in पर भी देख सकते है। सभी उम्मीदवारों को इनरोलमेंट नंबर ऑनलाइन ही जारी किए जाएंगे। इन पदों के लिए एप्लीकेशन फीस /आवेदन शुल्क सभी श्रेणियों के वर्गों के लिए सामान्य वर्ग, ईडब्ल्यूएस, एससी, एसटी ,ओबीसी, दिव्यांग, अनुसूचित जाति, एपीएल, बीपीएल, फ्रीडम फाइटर, स्वतंत्रता सेनानी वर्गों के लिए 1870 रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है, जो कि नॉन रिफंडेबल रहेगा। उम्मीदवार की शैक्षणिक योग्यता 10वीं, 12वीं, स्नातक, स्नातकोत्तर, एमबीए मार्केटिंग/ फाइनेंस, एमसीए, बीसीए ,पीजीडीसीए, एमकॉम, बीकॉम , एमटेक, बीटेक, बीएससी बीएड, एमएससी साइंस, आईटीआई डिप्लोमा/ एएनएम /जीएनएम डिप्लोमा हिमाचल सरकार एवं भारत सरकार के किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से उत्तीर्ण होना अनिवार्य किया गया है। नियुक्त /चयनित उम्मीदवारों का मासिक वेतनमान राज्य सरकार के पॉलिसी एक्ट सीटीसी ग्रेड पे- 11710/- से लेकर 35860/- रुपए सीटीसी ग्रेड पे- दिया जाएगा। यह नियुक्तियां 2 वर्ष के अनुबंध आधार पर की जाएगी, जिन्हें कॉन्ट्रैक्ट समाप्ति के बाद रेगुलर किया जाएगा। नियुक्त किए गए उम्मीदवारों को हिमाचल प्रदेश के किसी भी जिले में तैनाती दी जा सकती है। यह सभी पद विभागों, मल्टीनेशनल कंपनियों , प्रोजेक्ट, फाइनेंस सेक्टर, बैंक , सोसाइटी ,मेडिकल कॉलेज , हॉस्पिटल, एनजीओ ,कॉल सेंटर में भरे जाएंगे। इसके अलावा पीएफ, जीपीएफ, जनरल इंश्योरेंस , प्रमोशन की सुविधा भी मिलेगी। असफल उम्मीदवारों को भी नौकरी दी जाएगी। उम्मीदवार अधिकतर जानकारी के लिए कार्यालय /अधिकारियों के मोबाइल नंबर 9418139918 , 6230590985 पर संपर्क कर सकते है। लिखित परीक्षा का परिणाम 15 जनवरी 2023 को ऑफिशियल/ आधिकारिक वेबसाइट www.hpussa.in पर घोषित किया जाएगा। उम्मीदवार अनिवार्य वांछनीय शैक्षणिक योग्यता , पदनाम की डिटेल, नोटिफिकेशन संगठन की आधिकारिक वेबसाइट www.hpussa.in पर भी देख सकते है। सभी उम्मीदवारों को इनरोलमेंट नंबर ऑनलाइन ही जारी किए जाएंगे। इन पदों के लिए एप्लीकेशन फीस /आवेदन शुल्क सभी श्रेणियों के वर्गों के लिए सामान्य वर्ग, ईडब्ल्यूएस, एससी, एसटी ,ओबीसी, दिव्यांग, अनुसूचित जाति, एपीएल, बीपीएल, फ्रीडम फाइटर, स्वतंत्रता सेनानी वर्गों के लिए 1870 रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है, जो कि नॉन रिफंडेबल रहेगा. उम्मीदवार की शैक्षणिक योग्यता 10वीं, 12वीं, स्नातक, स्नातकोत्तर, एमबीए मार्केटिंग/ फाइनेंस, एमसीए, बीसीए ,पीजीडीसीए, एमकॉम, बीकॉम , एमटेक, बीटेक, बीएससी बीएड, एमएससी साइंस, आईटीआई डिप्लोमा/ एएनएम /जीएनएम डिप्लोमा हिमाचल सरकार एवं भारत सरकार के किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से उत्तीर्ण होना अनिवार्य किया गया है। नियुक्त /चयनित उम्मीदवारों का मासिक वेतनमान राज्य सरकार के पॉलिसी एक्ट सीटीसी ग्रेड पे- 11710/- से लेकर 35860/- रुपए सीटीसी ग्रेड पे- दिया जाएगा। यह नियुक्तियां 2 वर्ष के अनुबंध आधार पर की जाएगी, जिन्हें कॉन्ट्रैक्ट समाप्ति के बाद रेगुलर किया जाएगा। नियुक्त किए गए उम्मीदवारों को हिमाचल प्रदेश के किसी भी जिले में तैनाती दी जा सकती है। यह सभी पद विभागों, मल्टीनेशनल कंपनियों , प्रोजेक्ट, फाइनेंस सेक्टर, बैंक , सोसाइटी ,मेडिकल कॉलेज , हॉस्पिटल, एनजीओ ,कॉल सेंटर में भरे जाएंगे। इसके अलावा पीएफ, जीपीएफ, जनरल इंश्योरेंस , प्रमोशन की सुविधा भी मिलेगी। असफल उम्मीदवारों को भी नौकरी दी जाएगी। उम्मीदवार अधिकतर जानकारी के लिए कार्यालय /अधिकारियों के मोबाइल नंबर 9418139918 , 6230590985 पर संपर्क कर सकते है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला आठ दिसंबर को होने वाली मतगणना से पूर्व आज सामान्य पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में मतगणना कर्मियों की दूसरी रैंडमाइजेशन हुई। रैंडमाइजेशन में पर्यवेक्षक पंधारी यादव, भावना गर्ग, मंजू शाह मिसकर, बाहू साहेब डंगाधर तथा महेंद्र कुमार खिंची के साथ-साथ उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी तथा एडीसी शिवम प्रताप सिंह उपस्थित रहे। इस बारे जानकारी देते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त आदित्य नेगी ने कहा कि जिला शिमला के आठ विस क्षेत्रों के लिए कुल 437 मतगणना कर्मियों की दूसरी रैंडमाइजेशन हुई, जिनमें से 387 कर्मचारियों को संबंधित रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष 7 दिसंबर को उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि 50 कर्मियों को रिजर्व में रखा गया है। उन्होंने बताया कि विस क्षेत्र चौपाल में 36, ठियोग में 51, कसुम्पटी में 60, शिमला में 45, शिमला ग्रामीण में 36, जुब्बल कोटखाई में 48, रामपुर में 66 तथा रोहड़ू में 51 मतगणना कर्मियों को तैनात किया गया है। उपायुक्त आदित्य नेगी ने कहा कि शिमला ग्रामीण, शिमला शहरी तथा कसुम्पटी विस क्षेत्र के लिए तैनात किए गए मतगणना कर्मियों का पूर्वाभ्यास आज राजकीय महाविद्यालय संजौली में करवाया गया, जबकि अन्य विस क्षेत्रों में भी निश्चित स्थानों पर कर्मचारियों की रिहर्सल करवाई गई है। उन्होंने कहा कि मतगणना कर्मियों का तीसरा पूर्वाभ्यास बुधवार को दोपहर 12 बजे करवाया जाएगा तथा 8 दिसंबर को प्रातः 5 बजे उन्हें टेबल आबंटित कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मतगणना के कार्य में तैनात किए गए मतगणना पर्यवेक्षकों, मतगणना सहायकों तथा माइक्रो ऑब्जर्वरों की पहली रिहर्सल 3 दिसंबर को करवाई गई थी। आदित्य नेगी ने कहा कि मतगणना के लिए सभी तैयारियां समय सीमा के भीतर पूरी की जा रही हैं। डीसी ने कहा कि मतगणना स्थल पर अनाधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश वर्जित रहेगा तथा निर्वाचन विभाग से जारी ड्यूटी पास को प्रस्तुत करने पर ही एंट्री मिलेगी। मतगणना के दिन यानी 8 दिसंबर को मतगणना हॉल में मोबाइल सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर पूर्ण पाबंदी रहेगी। कोई भी कर्मचारी, पार्टी का उम्मीदवार या एजेंट आदि मतगणना हॉल में अपने साथ मोबाइल फोन या अन्य कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं ले जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि मतों की गिनती का कार्य 8 दिसंबर को प्रातः 8 बजे शुरू होगा।
छात्रों को गुमराह करने के लिए हुआ ABVP का गठन फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में छात्रों के गलत रिज़ल्ट और ERP सिस्टम के खिलाफ एसएफआई द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन को खत्म करने के लिए ABVP के गुंडों द्वारा एसएफआई के साथियों पर सुनियोजित तरीके से हमला किया गया है। परंतु अभी तक उन पर किस तरह की कार्रवाई नहीं की गई है, जिसके चलते आज एसएसआई ने कैंपस के अंदर धरना प्रदर्शन किया। इसे धरना प्रदर्शन में बात रखते हुए सचिवालय सदस्य गौरव ने कहा कि जबसे विश्वविद्यालय के अंदर एसएफआई ने छात्रों के आंदोलन को आगे बढ़ाया है और उनके मुद्दों को लड़ा है, तब ABVP के लोगों ने इन आंदोलनों को कुचलने के लिए कैंपस के अंदर लड़ाई का माहौल बनाया है, लेकिन इससे यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है। एसएफआई ऐसा जनवादी, प्रगतिशील व वैज्ञानिक छात्र संगठन है जो रुकने वाला नहीं है। ABVP का गठन ही छात्रों को गुमराह करने के लिए हुआ है। यह हमेशा छात्रों के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का काम करते हैं। यह सरकार की सभी नीतियों का स्वागत करने और उनकी कठपुतली बनने के अलावा कुछ न करते हैं। इनकी इस कायराना हरकत ने उनकी वास्तविकता एक बार फिर छात्रों के सामने ला दी है। इस धरने में आगे बात रखते हुए कैंपस सचिव सुरजीत ने कहा कि ERP के खामियों के चलते छात्रों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है अभी विश्वविद्यालय प्रशासन ने विधि विभाग का रिजल्ट घोषित किया है, जिसके अंदर फिर से काफी खामियां देखने को मिली है। एसएफआई मांग कर रही है कि बार-बार जिस तरह खामियां इस ERP के अंदर देखने को मिल रही है, इस सिस्टम को विश्वविद्यालय से निकाल देना चाहिए। एसएफआई ने चेतावनी देते हुए कहा है कि एसएफआई बार-बार मांग कर रही है कि इस सिस्टम को या तो सुदृढ़ किया जाए नहीं तो इस सिस्टम को विश्वविद्यालय से निकाल दिया जाए। अगर विश्वविद्यालय इस पर कोई कार्यवाही नहीं करता है, तो एसएफआई आने वाले समय के अंदर छात्रों को एकजुट करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन का घेराव करेगी, जिसका जिम्मेदार खुद विश्वविद्यालय प्रशासन होगा और इसके साथ हमारा प्रदेश के सभी छात्र समुदाय से आग्रह है कि इन सरकारी संगठनों जो छात्रों को उनकी समस्या के समाधान की जगह उनका ध्यान भटकाकर छात्रों को गुमराह करने का काम करते हैं, इनसे पर्याप्त दूरी बनाएं तथा खराब रिजल्ट व ERP सिस्टम के खिलाफ आंदोलन में एसएफआई का सहयोग करें। एसएफआई हमेशा छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी।
हाटी विकास मंच ने बताया ऐतिहासिक निर्णय फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला गिरिपार क्षेत्र के हाटी समुदाय को जनजाति समुदाय घोषित करने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 14 सितंबर,2022 को मंजूरी प्रदान कर दी थी। अब केंद्र की सरकार ने इसको कानूनी रूप से अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है। भारत की संसद में शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र में हाटी समुदाय से संबंधित बिल पारित होने वाला है। इस शीतकालीन सत्र में संसद में 19 बिल पारित होने हैं, जिसमें हाटी समुदाय का बिल भी पारित होना है। सरकार के इस निर्णय से हाटी समुदाय बहुत ही खुश है कि लंबे समय से चल रही उनकी लड़ाई पूरी होने जा रही है और भारत के संविधान में स्पेशल मेजॉरिटी से बिल को अमलीजामा पहनाया जा रहा है, जिसमें संविधान संशोधन होना है। हाटी विकास मंच के अध्यक्ष प्रदीप सिंगटा, मुख्य प्रवक्ता डॉ. रमेश सिंगटा, अधविक्ता श्याम सिंह चौहान, खजान ठाकुर, सुरजीत ठाकुर, कपिल चौहान, माधवराम शर्मा मदन तोमर, दलीप सिंगटा, मुकेश ठाकुर, पवन शर्मा, आत्तर तोमर व नीटू चौहान आदि हाटी नेताओं ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और जयराम ठाकुर का आभार प्रकट किया है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला सामाजिक क्षेत्र में जनता की भलाई के लिए काम कर रहे सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट की ओर से एक बार फिर वस्त्र बैंक की शुरुआत की गई। शिमला जिला के संजौली बस स्टैंड, न्यू शिमला नजदीक अक्षरधाम मंदिर, रिज़ मैदान, शिमला एवं टुटु चौक, बस स्टैंड पर ट्रस्ट के कार्यकताओं ने वस्त्र एकत्र किए। सर्दियों के मौसम में हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्राें में ठंड की वजह से खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह परेशानी गरीब तबके के लोगों के लिए और भी ज्यादा होती है। क्योंकि उनके पास पहनने के लिए कपड़े नहीं होते। ऐसे में सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट की ओर से इन लोगों को कपड़े बांटे जाएंगे। ट्रस्ट इसके लिए यूनिवर्सिटी-कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के साथ प्रदेश भर के लोगों का सहयोग लेता है। ट्रस्ट के सचिव सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि ट्रस्ट प्रत्येक वर्ष विभिन्न कार्यक्रम समाज एवं राष्ट्र हित में करवाता आ रहा है और हर वर्ष की तरह ही इस वर्ष भी वस्त्र बैंक कार्यक्रम में लोगों ने भरपूर सहयोग दिया, ताकि यह वस्त्र किसी जरूरतमंद व्यक्ति के काम आ सकें। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंदों की मदद करना एक मानव धर्म है, जिसे ट्रस्ट निभाने की पूरी कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट हर साल जरूरतमंदों की मदद के लिए शिमला में वस्त्र बैंक अभियान चलाता है। इस वर्ष भी सर्दियों को देखते हुए ट्रस्ट लोगों से पुराने कपड़े लेकर गरीबों को देने का अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि संपन्न समाज के लोग कपडे़ दान कर बड़ा उपकार का काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में सुधार के लिए भी काम कर रहा है। गरीब तबके से जुड़े लोगों को पढ़ाई में भी समर्थन दिया जाता है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में भी सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट ने जरूरतमंद तबके तक पहुंचकर उनकी मदद करने का काम किया। प्रो. सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट से जुड़ा हर कार्यकर्ता नि:स्वार्थ भाव से अपने दायित्व का निर्वहन कर रहा है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला राज्यपाल ने यूथ हॉस्टल एसोसिएशन ऑफ इंडिया की गतिविधियों का विस्तार करने का आह्वान किया है। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, जो यूथ हॉस्टल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, ने रविवार को नई दिल्ली में एसोसिएशन की राष्ट्रीय परिषद की बैठक की अध्यक्षता की। राज्यपाल ने इस अवसर पर एसोसिएशन के सभी पदाधिकारियों का आह्वान करते हुए कहा कि सभी अपने-अपने राज्यों में एसोसिएशन की गतिविधियों का विस्तार करने के लिए गंभीर प्रयास करें। उन्होंने विभिन्न राज्यों में कार्यरत एसोसिएशन की इकाइयाें की वार्षिक आम बैठक और राष्ट्रीय परिषद की बैठकें आयोजित करने का सुझाव दिया, ताकि इकाइयां अधिक सक्रिय हों सकें और उनकी समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर हो पाए। उन्होंने सभी सदस्यों से मिलकर काम करने का आह्वान किया। बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति से प्राप्त विभिन्न सिफारिशों और प्रस्तावों पर चर्चा की गई। परिषद द्वारा बैठक में प्रस्तावित विभिन्न मुद्दों पर महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए। इससे पूर्व, अध्यक्ष यूथ हॉस्टल एसोसिएशन ऑफ इंडिया वेंकट नारायणन ने राज्यपाल का स्वागत किया और बैठक की कार्यसूची के बारे में विस्तार से बताया। इस अवसर पर एसोसिएशन के पदाधिकारी व अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।
फतेहपुर भाजपा के टिकट आवंटन के बाद सबसे चर्चित सीटों में से एक है। दरअसल ये वो सीट है जहाँ भाजपा ने नजदीकी निर्वाचन क्षेत्र से प्रत्याशी इम्पोर्ट किया है। नूरपुर से विधायक और कैबिनेट मंत्री राकेश पठानिया को भाजपा ने इस मर्तबा फतेहपुर फ़तेह करने का जिम्मा सौपा है। वैसे भी डॉ राजन सुशांत के पार्टी छोड़ने के बाद से इस क्षेत्र में भाजपा कभी कांग्रेस को जोरदार टक्कर नहीं दे पाई है। बगावत मानो यहाँ भाजपा की नियति बन चुकी है। यहाँ पार्टी दो उपचुनाव सहित लगातार चार चुनाव हार चुकी है। ऐसे में पार्टी ने इस बार राकेश पठानिया को उतार कर बड़ा गैम्बल खेला है। दरअसल इस क्षेत्र में पार्टी टिकट के दो मुख्य दावेदार थे, बलदेव ठाकुर और कृपाल परमार। पिछले चुनावों को देखे तो पार्टी अगर एक को टिकट देती है, तो दूसरा नाराज हो जाता है। संभवतः पार्टी को लगा हो किसी तीसरे को लेकर पार्टी को एकजुट किया जा सकता है। पर दाव उलटा पड़ गया। कृपाल ने बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ा है। दिलचस्प बात तो ये है कि कृपाल को मनाने के लिए खुद पीएम मोदी का फोन आया था, जो काफी वायरल भी हुआ। पर पीएम के मनाने पर भी कृपाल माने नहीं। अब कृपाल पर मतदाताओं की कितनी कृपा रही, ये देखना रोचक होगा। तो वहीं कभी भाजपा के नेता रहे पूर्व सांसद राजन सुशांत इस बार आम आदमी पार्टी से मैदान में है। पर डॉ राजन सुशांत का प्रचार प्रसार इस बार ज्यादा आक्रामक नहीं दिखा है। पर इस क्षेत्र से वो चार बार विधायक रहे है और उनका एक सेट वोट बैंक है जिसके चलते उन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता। उधर कांग्रेस ने एक बार फिर भवानी सिंह पठानिया को मैदान में उतारा है। कांग्रेस में भवानी के नाम को लेकर कोई विरोध नहीं दिखा। भवानी सिंह पठानिया कॉर्पोरेट जगत की नौकरी छोड़कर अपने पिता स्व सुजान सिंह पठानिया की राजनैतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए फतेहपुर लौटे है। पर पिछले चुनाव को जीत कर भवानी ने ये साबित कर दिया था की वे राजनीति के लिए नए नहीं है। बहरहाल कांग्रेस में 'जय भवानी' का नारा बुलंद है और समर्थक तो उन्हें भावी मंत्री भी बताने लगे है। जानकारों का मानना है कि यदि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है और भवानी भी ये चुनाव जीतते है तो उन्हें मंत्री पद या कोई अहम ज़िम्मेदारी मिल सकती है। बहरहाल, भवानी और विधानसभा के बीच भाजपा के बड़े नेता और मंत्री राकेश पठानिया, कृपाल परमार और राजन सुशांत जैसे दिग्गज है। अब फतेहपुर में युवा जोश की जीत होती है या अनुभव की, ये तो नतीजे ही तय करेंगे।


















































