फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने गत सायं नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। लेडी गवर्नर अनघा आर्लेकर भी इस अवसर पर उपस्थित थीं। यह एक शिष्टाचार भेंट थी।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य के सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में तैनात डेढ़ हजार से अधिक डीपीई (डेमोस्ट्रेटर ऑफ फिजिकल एजूकेशन) को बड़ी राहत खबर दी है। अदालत ने उन्हें सभी सेवा लाभों के लिए प्रवक्ता की श्रेणी में गिने जाने के आदेश दिए है। न्यायाधीश संदीप शर्मा ने शिक्षा विभाग को आदेश दिए है कि दो माह के भीतर डीपीई को प्रवक्ता की श्रेणी में लाने के लिए भर्ती एवं पदोन्नति नियम बनाए जाएं। अदालत ने स्पष्ट किया कि डीपीई वरीयता का लाभ पाने के हकदार भी होंगे।
भाजपा के प्रवासी कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा को जन्मदिन की दी शुभकामनाएं फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला भाजपा प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. राजीव भारद्वाज के सानिध्य में हिमाचल प्रदेश के प्रवासी कार्यकर्ताओं ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से शिष्टाचार भेंट की इस दौरान सभी कार्यकर्ताओं ने जगत प्रकाश नड्डा को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं भी दी। भाजपा महामंत्री त्रिलोक जम्वाल ने बताया कि बैठक के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के साथ सभी कार्यकर्ताओं ने अपने दिल्ली के चुनावी अनुभव को सांझा किया और राष्ट्रीय अध्यक्ष के समक्ष किस प्रकार से दिल्ली में काम किया गया उसकी विस्तृत जानकारी भी दी। सभी कार्यकर्ताओं में हर्ष और उल्लास का माहौल देखा गया। सभी कार्यकर्ताओं ने बताया की दिल्ली नगर निगम में भाजपा अच्छे मत प्राप्त कर रही है और हिमाचल प्रदेश की तरह दिल्ली नगर निगम चुनाव में भी भाजपा पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने जा रही है। डॉ. राजीव भारद्वाज ने बताया कि दिल्ली चुनावों में सभी कार्यकर्ताओं ने अच्छा काम किया और इस कामकाज का ब्यौरा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के समक्ष रखा गया। बैठक में भाजपा के वरिष्ठ नेता युवराज बोध, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी करण नंदा, वंदना योगी, प्रतिभा कवर, अंजना शर्मा, नीना शर्मा, शीतल शर्मा, पिंकी गोयल, वर्षा ठाकुर एवं रेखा उपस्थित रहे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज फोरेंसिक विज्ञान विभाग हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा क्षेत्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला, उत्तरी रेंज, धर्मशाला के सहयोग से हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में आयोजित डिजिटल अपराध और फोरेंसिक में उभरते नये आयामों पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान में प्रौद्योगिकी आज विश्व को प्रभावित कर रही है और हम भी इससे अछूते नहीं हैं, लेकिन पिछले कुछ दशकों में हमने इस दिशा में अच्छे प्रयास किए हैं और कई उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने तकनीक के विभिन्न पहलुओं पर बल देते हुए कहा कि हम विज्ञान और तकनीक का उपयोग किस रूप में कर रहे हैं और कितना करना है। इस पर विचार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में साइबर अपराध शारीरिक अपराध तक ही सीमित नहीं रह गया है, बल्कि डिजिटल अपराध जीवन का हिस्सा बन गया है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध सभी अपराधों का स्रोत बन गया है, इसलिए हमें अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आज तकनीक सभी के लिए सुलभ है और इसका प्रभाव हम सभी पर पड़ रहा है। हमें इसका सार्थक उपयोग करना तथा इसके दुष्परिणामों से बचने के प्रयास करने चाहिए। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में साइबर अपराध की जांच के लिए एक बड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रयोगशाला की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि राज्य का सीमा क्षेत्र विस्तृत है और हम इन क्षेत्रों में भी इस तकनीक का उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सीमा पार गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए इन क्षेत्रों से लगते गांवों में इसका उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह हम ज्ञान और तकनीक का उचित दिशा में उपयोग कर सकते हैं। आर्लेकर ने कहा कि इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में आने वाले सुझावों और शोध पत्रों को संकलित कर भारत सरकार को भेजा जाना चाहिए, ताकि इस दिशा में उभरते वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं की मेहनत का लाभ मिल सके। इससे पूर्व राज्यपाल ने फोरेंसिक विज्ञान से संबंधित विभिन्न पत्रिकाओं का विमोचन भी किया। राज्यपाल की उपस्थिति में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला और मेसर्ज नेक्सटेक्नो जनरल प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य उच्च कौशल मानव संसाधन की एक नई पीढ़ी के निर्माण के लिए प्रस्तावित सहयोग के लिए एक रूपरेखा प्रदान करने के अलावा रोजगार और आर्थिक विकास के लिए पूरी तरह से नए अवसर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इस समझौता ज्ञापन से हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, एनटीजीपीएल और राज्य को इन उभरती प्रौद्योगिकियों में एक वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करने में मदद मिलगी तथा विशेष रूप से डिजिटल फोरेंसिक और साइबर जांच में प्रौद्योगिकी पर ध्यान केंद्रित हो सकेगा। दोनों संस्थानों के बीच अनुभव और वैज्ञानिक/तकनीकी ज्ञान का आदान-प्रदान उनकी पारस्परिक प्रगति और समाज की सेवा के लिए भी बहुत रुचिकर होगा। वैज्ञानिक और मानक परीक्षण एवं गुणवत्ता प्रमाणन (एसटीक्यूसी) के निदेशक वीके त्रिवेदी ने कहा कि वर्तमान दौर डिजिटल युग का है और इसके बिना हम अपने अस्तित्व के बारे में सोच भी नहीं सकते। उन्होंने कहा कि इसके दृष्टिगत भारत डिजिटल प्रगति के लिए प्रतिबद्ध है और देश विभिन्न पहलों के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने फोरेंसिक साइंस के विभिन्न पहलुओं पर भी विस्तार से जानकारी दी। फ्लोरिडा अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय, यूएसए के कंप्यूटिंग एवं सूचना विज्ञान के नाइट फाउंडेशन स्कूल के प्रोफेसर डॉ. लतेश कुमार ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के प्रति कुलपति प्रो. ज्योति प्रकाश शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय को नैक टीम द्वारा ए-ग्रेड घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए कई पहलें की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि समय-समय पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई सेमिनार और सम्मेलन आयोजित किए गए हैं, जिससे शोधकर्ताओं और विद्वानों के ज्ञान को अद्यतन करने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि हमारी शोध की परंपरा बहुत प्राचीन है और इसे आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अनुसंधान का लक्ष्य मानव कल्याण होना चाहिए। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के फोरेंसिक विज्ञान विभाग के अध्यक्ष और प्लानिंग एंड टीचर्स मैटर्स के डीन प्रो. अरविंद कुमार भट्ट ने इस अवसर पर राज्यपाल का स्वागत किया और कहा कि फोरेंसिक विज्ञान विभाग वर्ष 2021 में स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि फोरेंसिक विज्ञान में सीखने के स्तर में सुधार करने के लिए निरंतर ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। सम्मेलन की सह-संयोजक डॉ. मीनाक्षी महाजन ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अवसर हिमाचल प्रदेश विधि अकादमी के निदेशक राजीव बाली, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. कुलभूषण चंदेल, विभिन्न विभागों के अधिकारी, विशेषज्ञ और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।
हिमाचल प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट बदलने वाला है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते प्रदेश के लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कुल्लू और चंबा जिले के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में आज बारिश-बर्फबारी के आसार है। वहीं राजधानी शिमला के साथ साथ आसपास के क्षेत्रों में आज धूप के साथ हल्के बादल छाए हुए है। वहीं कल से प्रदेश के सभी भागों में छह दिनों तक मौसम साफ रहने के आसार है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश में 3 से 8 दिसंबर तक मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई गए है। हालांकि, प्रदेश के कांगड़ा, हमीरपुर, बिलासपुर और मंडी जिले के कुछ भागों में 4 दिसंबर तक कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया गया है। शिमला में न्यूनतम तापमान 8.6, सुंदरनगर 4.9, भुंतर 4.0, कल्पा 3.0, धर्मशाला 9.4, ऊना 6.8, नाहन 12.3, केलांग माइनस 1.1, पालमपुर 6.0, सोलन 4.6, मनाली 4.0, कांगड़ा 10.0, मंडी 5.0, बिलासपुर 8.5, हमीरपुर 7.1, चंबा 7.8, डलहौजी 9.1, कुफरी 8.3, कुकुमसेरी माइनस 0.6, नारकंडा 6.0, रिकांगपिओ 5.4, धौलाकुआं 10.0 और पांवटा साहिब में 12.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
राजधानी शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर स्थित क्राइस्ट चर्च शिमला का माइल स्टोन माना जाता है। लेकिन करोना के कारण 2 साल से इसकी रोकन में कमी देखने को मिली है पर इस साल कोरोना के बाद 25 दिसंबर को खूब हलचल देखने को मिलेगी और कोरोना काल के बाद यहां पूरी परंपरा अनुसार आराधना होगी। इस चर्च में 150 साल पहले इंग्लैंड से लाई कॉल बेल का अपना महत्व है जिसे प्रार्थना से पहले बजाया जाता है। कहा जाता है कि यह बेल कोई साधारण घंटी नहीं है बल्कि यह मैटल से बने छह बड़े पाइप के हिस्से है। इस बेल को बजाते समय इस से संगीत के सात सुर की ध्वनि आती है। इस बेल रस्सी से खींचकर कर बजाया जाता है और इस रस्सी को किसी मशीन से नहीं, बल्कि हाथ से खींचकर बजाई जाती है। चर्च के इंचार्ज सोहन लाल ने कहा कि क्रिसमस और न्यू ईयर के लिए चर्च की मरम्मत की जा रही है। उन्होंने कहा कि क्रिसमस और न्यू ईयर के मौके पर रात 12 बजे इस बेल को बजाकर जश्न मनाया जाता है। इसी तरह यहां भी रविवार को प्रार्थना से ठीक 15 मिनट पहले इसे बजाया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि यह बेल 1982 में खराब हो गए थी जिसे 2019 में दोबारा ठीक करवाया गया और कोरोना के बाद इस साल इसे दुबारा से उपयोग में लाया गया है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला सैंट एडवर्ड स्कूल शिमला में आठवीं कक्षा के छात्र हार्दिक शर्मा का चयन राष्ट्रीय सब जूनियर कराटे प्रतियोगिता-2022 के लिए हुआ है। हार्दिक शर्मा इस प्रतियोगिता में हिमाचल का प्रतिनिधित्व करेंगे। वह प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु दिल्ली रवाना हुए हैं। यह प्रतियोगिता 3 और 4 दिसंबर,2022 को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित की जा रही है। हार्दिक मूल रूप से मंडी जिला के गांव मंडल के रहने वाले हैं। उनका चयन बैजनाथ में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में 45 किलोग्राम भार के वर्ग में गोल्ड मेडल प्राप्त करने पर हुआ है। हार्दिक ने अपनी सफलता का श्रेय अपने कराटे कोच पीएस पवार, सुनील वर्मा, स्कूल प्रधानाचार्य अनिल, स्कूल के सभी अध्यापकों और अपने माता-पिता को दिया है। गौरतलब है कि इससे पहले भी हार्दिक शर्मा ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में 16 गोल्ड, 7 सिल्वर और 4 ब्रोंज मैडल जीते हैं।
हिमाचल प्रदेश में प्रॉपर्टी टैक्स जमा ना भरने वालों की संख्या 500 पहुंच गई है और अब प्रॉपर्टी टैक्स जमा ना करने पर नोटिस देने का सिलसिला जारी हो गया है। शिमला नगर निगम ने टैक्स जमा नहीं करवाने वाले लोगों को नोटिस जारी किए है। कोरोना काल से लेकर अब तक लोगों ने प्रॉपर्टी टैक्स नहीं दिया है। आज शिमला नगर निगम के कमिश्नर आशीष कोहली ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि, यदि लोगों ने समय रहते टैक्स नहीं भरा तो लोगों की नागरिक सुविधाएं बंद की जा सकती है। वही उन्होंने कहा की शिमला आईएसबीटी के पास सबसे ज्यादा 4 करोड़ की देनदारी है।
हिमाचल प्रदेश में पहली बार रेशम विभाग एरी रेशम कीट पालन की खेती शुरू करने जा रहा है। किसान इस पौधे से एक साल में छह बार रेशम प्राप्त कर सकते है और यह गर्म इलाकों में उगाया जाएगा। हमीरपुर, ऊना और बिलासपुर जिलों में इसका ट्रायल सफल रहा है। यह कीट अरंडी के पौधे पर तैयार होता है और ट्रायल सफल होने पर विभाग ने 500 किसानों के साथ इसे शुरू करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए विभाग केंद्र सरकार से प्रदेश में एक प्रोजेक्ट स्वीकृत करवा रहा है। बिलासपुर से 200, ऊना से 100, सिरमौर से 100 और हमीरपुर से 100 किसानों के साथ इस प्रोजेक्ट की शुरुआत की जाएगी। रेशम विभाग के उपनिदेशक बलदेव चौहान ने बताया कि ट्रायल के बाद प्रदेश में एरी रेशम कीट पालन शुरू किया जा रहा है और बिलासपुर की बंदलाधार और सिरमौर जिले से धौलाकुआं, हमीरपुर, सोलन और ऊना इसके लिए उचित स्थान है।
हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड ने बिजली बिल वसूली में लापरवाही करने वाले अफसरों और कर्मचारियों पर कार्रवाई करना शुरू कर दी है इसी के साथ बिजली बोर्ड के प्रबंध निदेशक पंकज डडवाल ने सभी अधीक्षण और अधिशाषी अभियंताओं को सख्ती बरतने के निर्देश दिए है। साथ उन्होंने सरकारी विभागों से भी बिजली बिल वसूली के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा है। बिजली बोर्ड मुख्यालय शिमला से वर्चुअल बैठक में प्रबंध निदेशक ने कहा कि घरेलू, कामर्शियल, औद्योगिक, जल शक्ति विभाग, स्ट्रीट लाइट कनेक्शन से संबंधित विभाग से राजस्व प्राप्ति प्रबंधन पर जोर देना होगा।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज शिमला के समीप आदर्श केन्द्रीय कारागार, कंडा में हिमाचल प्रदेश कारागार एवं सुधारात्मक सेवाएं विभाग की सात नई योजनाओं का शुभारंभ किया। इनमें ध्यान कार्यक्रम, टेलीमेडिसिन परियोजना, वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम, अपशिष्ट प्रबंधन, निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग, ऑडियो लाइब्रेरी और कविता संग्रह परवाज का विमोचन शामिल हैं। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि कारागृह में बंदियों का हुनर देखना उनके लिए भावुक कर देने वाला क्षण है। उन्होंने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, कारागार एवं सुधारात्मक सेवाएं सतवंत अटवाल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि कारागृह को सुधार गृह में परिवर्तित करने का प्रयास सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा कि बंदियों के भी विचार और भावनाएं होती हैं। उनके यहां आने का कारण दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन उनका समय यहीं खत्म नहीं होता। भविष्य के लिए नई उम्मीदें उनका इंतजार कर रही हैं। राज्यपाल ने उनसे भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम बनने की अपील की। राज्यपाल ने कहा कि बंदियों के यहां आने का जो भी कारण हो, वे यहां सीखने, प्रयोग करने, प्रशिक्षित होने और सकारात्मक विचारों के साथ आगे बढ़ने के लिए हैं। उन्होंने कहा कि यह सुधार गृह है, इसलिए बंदियों के लिए विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों को अपनाने से न केवल उन्हें बल्कि समाज को भी लाभ होगा। इस अवसर पर बंदियों ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इससे पूर्व, राज्यपाल ने ट्रान्सेंडैंटल ध्यान कार्यक्रम एवं प्रशिक्षण का शुभारंभ किया, जिसे कि ट्रान्सेंडैंटल ध्यान संस्थान द्वारा क्रियान्वित किया जाएगा। उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा ई-संजीवनी के माध्यम से कारागृहों में टेलीमेडिसिन कार्यक्रम भी शुरू किया। इस कार्यक्रम में विशेषज्ञ चिकित्सक बंदियों को ऑनलाइन परामर्श देंगे। उन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक के सहयोग से बंदियों के लिए एक वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम भी शुरू किया। वेस्ट वॉरियर्स सोसाइटी धर्मशाला के सहयोग से कारागार विभाग ने अपशिष्ट प्रबंधन के लिए वेस्ट अंडर अरेस्ट प्रोग्राम के तहत धर्मशाला में एक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई भी स्थापित की है। प्रदेश के अन्य सभी कारागृहों में भी ऐसी इकाइयां संचालित की जाएंगी। इन इकाइयों में द्विआयामीय रणनीति होगी। बंदियों को कचरे का पृथीकरण करना सिखाया जाएगा और अन्य को अपशिष्ट अपसाइक्लिंग तकनीक जैसे कि हरे कचरे से वर्मीकम्पोस्टिंग और टेट्रा पैक से बोर्ड बनाना सिखाया जाएगा। राज्यपाल ने इस सोसायटी के सहयोग से कारागार में कचरा प्रबंधन प्रणाली की शुरूआत भी की। उन्होंने स्माइल फाउंडेशन के सहयोग से बंदियों के बच्चों के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग का शुभारंभ भी किया। विभिन्न कारणों से किताबें न पढ़ सकने वाले बंदियों के लिए एक ऑडियो लाइब्रेरी भी शुरू की गई। इसके उपरांत, राज्यपाल ने कंडा कारागृह में पौधारोपण भी किया। उन्होंने बंदियों द्वारा निर्मित किए जाने वाले विभिन्न विभिन्न उत्पादों की इकाइयों का निरीक्षण भी किया। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सतवंत अटवाल ने राज्यपाल का स्वागत किया और जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं विभाग द्वारा कार्यान्वित विभिन्न गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रत्येक कारागृह में एक-एक बैरक को फ्री कारागृह घोषित किया गया है। इनमें पात्र बंदी कारागृह से बाहर जाकर अपने परिवार की बेहतर देखभाल कर अपनी आजीविका चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश, देश का एकमात्र ऐसा राज्य है, जिसने योग्य महिला बंदियों को फ्र्री प्रिजन सुविधा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि देश की अन्य कारागृहों में भी हिमाचल प्रदेश के मॉडल को अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन कार्यों को विभिन्न संस्थानों द्वारा सराहा गया है और नौ विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कृत भी किया गया है। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अभिषेक त्रिवेदी, राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव एवं हिमाचल कांग्रेस के युवा नेता रघुबीर सिंह बाली ने भी भारत जोड़ो यात्रा में हिस्सा लिया। वे लगातार दो दिन भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए और पार्टी नेता राहुल गांधी के साथ कई किलोमीटर तक पैदल सफर तय किया। रघुबीर सिंह बाली पहले दिन इंदौर से संवर तक गए और दूसरे दिन उज्जैन महाकाल तक राहुल गांधी के साथ यात्रा में शामिल हुए। इस दौरान राहुल गांधी के साथ 5 मिनट तक उन्होंने बातचीत की और हिमाचल में हुए विधानसभा चुनावों को लेकर फीडबैक भी दिया। इससे पहले अन्य नेता भी भारत जोड़ो यात्रा का हिस्सा बन चुके हैं। इनमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह और पार्टी महासचिव विक्रमादित्य सिंह शामिल है। AICC सचिव और कांग्रेस पार्टी के नगरोटा बगवां उम्मीदवार आरएस बाली ने कहा कि यह यात्रा भारत की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि वे अपने नेता और यात्रा के साथ हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने देश से नफरत को खत्म करने की जिम्मेदारी ली है। बाली के अनुसार, भारत जोड़ो यात्रा देश को नफरत, विभाजन और अब तक की उच्चतम बेरोजगारी दर के खिलाफ एकजुट करने के लिए वर्तमान समय का सबसे बड़ा आंदोलन है।
हिमाचल प्रदेश में ठंड बढ़ने लगी है। 5 दिसंबर तक प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहने का पूर्वानुमान है। इसी के चलते मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में अगले 3 दिन तक घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया है। यह अलर्ट बिलासपुर, कांगड़ा, हमीरपुर और मंडी जिले के लिए जारी किया गया है। जिसके चलते मौसम विज्ञान केंद्र ने लोगों को एडवाइजरी जारी करते हुए संभल कर वाहन चलाने की सलाह दी है। घने कोहरे के कारण इन जिलों में विजिबिलिटी काम होगी इसलिए लोगों को बच कर वाहन चलाने की सलह दी गई है। बारिश न होने के करण मैदानी इलाकों में भी ऐसी स्थिति बनी हुए है जो आगामी तीन दिनों तक बनी रहेगी। प्रदेश में बढ़ रही ठंड के कारण न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। प्रदेश के सबसे गर्म जिले ऊना का न्यूनतम तापमान भी 5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। नाहन और पांवआ साहिब को छोड़ प्रदेश के अन्य शहरों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। और रात में भी ठंड के बढ़ने से शिमला का न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस , सुंदरनगर और भुंतर का न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस , धर्मशाला का न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस , पालमपुर का 6 और सोलन का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस , मंडी का 4 और हमीरपुर का न्यूनतम तापमान भी 5 डिग्री सेल्सियस, केलोंग और कुमकुमसेरी का न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु से 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
हिमाचल प्रदेश में नशा लगातार विकराल रूप धारण करता जा रहा है। आए दिन प्रदेश में अलग अलग क्षेत्रो से अवैध नशे के मामले सामने आते रहते है। राजधानी शिमला का ऊपरी क्षेत्र में नशे से अछूता नहीं है। इसलिए इसके निवारण के लिए सरकार, प्रशासन व सामाजिक संगठनों के साथ-साथ स्थानीय लोग भी अपने स्तर पर नशा निवारण के लिए तरह-तरह के कार्यक्रमों कर रहे है। इसी कड़ी में मंगलवार को कोटखाई की ग्राम पंचायत बाघी में नशा निवारण सबंध में एक आम सभा का आयोजन किया गया। नशा निवारण के सबंध में आयोजित इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य रूप से डीएसपी ठियोग सिद्धार्थ शर्मा, एसएचओ कोटखाई बलदेव ठाकुर ने शिरकत की। इस दौरान ग्राम पंचायत बाघी में पँचायत प्रतिनिधि, महिला मंडल सदस्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाघी के कक्षा 9 से लेकर कक्षा 12वीं तक के बच्चे, स्कूल अध्यापक सहित पँचायत रतनाड़ी के पँचायत प्रधान, उपप्रधान सहित दोनो पंचायतों के स्थानीय लोगो ने भाग लिया। डीएसपी सिद्धार्थ शर्मा ने लोगों को संबोधित करते हुए लोगों व बच्चों को नशे के बारे में जागरूक किया और क्षेत्र में अवैध नशे के कारोबार की रोकथाम के लिए जनता से पूर्ण सहयोग की अपील की।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला हिमाचल प्रदेश में सर्विस वोटर और चुनाव ड्यूटी वाले कर्मचारियों के पोस्टल बैलेट वापस नहीं आने का मामला तूल पकड़ रहा है। कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के दबाव में प्रशासन पर गड़बड़ी करने की आशंका जाहिर की है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव देवेंद्र बुशहरी ने कहा कि देवभूमि के जो कर्मचारी प्रदेश से बाहर सेना, ITBP तथा अन्य विभागों में सेवाएं दे रहे हैं। जिन कर्मचारियों ने चुनाव में ड्यूटी दी है, उनको भेजे गए पोस्टल बैलेट वापस नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आशंका जताई कि OPS के कारण हिमाचल का कर्मचारी भाजपा के खिलाफ है। इस वजह से जानबूझकर से पोस्टल बैलेट में गड़बड़ी की जा रही है। ऐसा ही एक मामला सिरमौर जिला के शिलाई उपमंडल में देखने को मिला, जहां पर 40 से अधिक पुलिस कर्मियों के पोस्टल बैलेट गुम हुए हैं। अन्य उपमंडलों में भी ऐसा ही होने की संभावना है। देवेंद्र बुशहरी ने बताया कि इलेक्शन कमीशन द्वारा चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों को 59,728 डाक मत पत्र जारी किए गए थे। 2 दिन पहले तक केवल 32,177 डाक मत पत्र संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर (RO) को वापस मिले हैं। सैन्य कर्मियों के लिए जारी 67,559 डाक मतपत्रों में से केवल 15,099 ही वापस मिले हैं, यानी लगभग 34 प्रतिशत पोस्टल ही वापस मिले हैं। जो अधिकारी गड़बड़ करेंगे, सरकार बनने पर की जाएगी कार्रवाई बुशहरी कांग्रेस महासचिव ने पोस्टल बैलेट मामले में ढुलमुल रवैया अपनाने वाले अधिकारियों को चेताते हुए कहा कि 8 दिसंबर के बाद कांग्रेस की सरकार बनने पर ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) से आग्रह किया कि पोस्टल बैलेट को लेकर मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और उन पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
हिमाचल प्रदेश के सभी इलाकों में दो दिसंबर तक मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। पिछले कल भी प्रदेश के अधिकांश इलाकों में धूप खिली रही। मौसम विज्ञान केंद्र ने 3 और 4 दिसंबर को प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश होने की संभावना जताई है। बिलासपुर में अधिकतम तापमान 25.5 ,ऊना तापमान 27.7, कांगड़ा, धर्मशाला और हमीरपुर में 24.0 तथा शिमला में 17.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। केलांग में न्यूनतम तापमान माइनस 4.1, कुकुमसेरी में माइनस 3.6, कल्पा में 1.6, मनाली में 2.2, भुंतर में 2.4, सुंदरनगर में 2.6, मंडी में 4.1, हमीरपुर में 4.9, सोलन में 5.1, ऊना में 5.5, शिमला में 8.4 और धर्मशाला में 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
विंटर सीजन शुरू होते ही हिमाचल की तरफ टूरिस्टों की आवाजाही बढ़ने लगती है। इसी दौरान होटलो में भी एडवांस बोक्किंग का सिलसिला शुरू हो जाता है। इस महीने 50 परसेंट एडवांस बुकिंग होटलों में हो गई है, जिनमें HPTDC में 40% और प्राइवेट होटल में 60% तक बुक हो गए है। वहीं HPTDC के होटल्स में बुकिंग के लिए 14 दिसंबर तक 20% और प्राइवेट होटल्स 25 से 30% तक डिस्काउंट दिया जा रहा है। टूरिस्ट 25 दिसंबर तक अच्छी बर्फ़बारी की उम्मीद में हिमाचल का रुख कर रहे है। और ऊपरी क्षेत्रों में लगातार बर्फ़बारी के दौरान मनाली, मैक्लोडगंज, शिमला, नारकंडा और कुफरी के होटलों में ज़्यादा बुकिंग हो रही है। क्रिसमस और न्यू ईयर तक हिमाचल प्रदेश में 90% तक एडवांस बुकिंग होगी। वहीं HPTDC के जनरल मैनेजर अशनी सोनी ने कहा कि 2 साल तक कोरोना के कारण से विंटर सीज़न में कोई फायदा नहीं हुआ लेकिन इस बार कारोबार में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। अभी तक पिछली बार से 4% ज्यादा टूरिस्ट हिमाचल का रुख कर चुका है।
** त्रिकोणीय मुकाबले में मोहन लाल ब्राक्टा जीत को लेकर आश्वस्त रोहड़ू विधानसभा सीट, वो सीट है जो वीरभद्र सिंह की कर्मभूमि के नाम से जानी जाती है। रोहड़ू सीट पर हमेशा वीरभद्र सिंह का प्रभाव रहा है। बीते चालीस वर्षों में भाजपा यहां सिर्फ एक बार जीती है, वो भी केवल 2009 के उपचुनाव में। आज भी इस सीट पर स्व वीरभद्र सिंह से बड़ा और असरदार कोई नाम नहीं दिखता। अब उनके बाद उनके परिवार के लिए भी रोहडू वालों के दिल में विशेष स्थान दिखता है। निसंदेह वीरभद्र फैक्टर अब भी रोहड़ू में बड़ा असर रखता है और कांग्रेस के मोहन लाल ब्राक्टा होलीलॉज के बेहद करीबी माने जाते है। ऐसे में जाहिर है कि इस बार भी वीरभद्र फैक्टर यहां ब्राक्टा के लिए संजीवनी साबित हो सकता है। भाजपा से शशि बाला एक बार फिर मैदान में है, लेकिन इस बार भी उनकी डगर कठिन नज़र आ रही है। उधर बतौर निर्दलीय मैदान में रहे राजेंद्र धीरटा की परफॉर्मेंस पर भी इस बार निगाह रहेगी। बड़ा दिलचस्प है रोहड़ू का इतिहास: रोहड़ू का इतिहास बड़ा दिलचस्प रहा है। यहां वीरभद्र सिंह ने 1990 से लेकर 2007 तक लगातार पांच बार जीत दर्ज की। इसके बाद ये सीट आरक्षित हो गई और वीरभद्र ने 2012 का चुनाव शिमला ग्रामीण से लड़ा। रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र आरक्षित होने के बाद कांग्रेस ने यहां मोहन लाल ब्राक्टा को टिकट दिया और वे रिकार्ड मत लेकर जीते। 2017 में भी रोहड़ू से मोहन लाल ब्राक्टा की ही जीत हुई। बीते चालीस साल में भाजपा यहां सिर्फ एक बार जीती है, वो भी केवल 2009 के उपचुनाव में। दरअसल 2009 के लोकसभा चुनाव में वीरभद्र सिंह मंडी से जीतकर सांसद बन गए और रोहड़ू में उपचुनाव हुआ। इस उपचुनाव में भाजपा में खुशीराम बालनाहटा विजयी रहे थे। उपचुनाव में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी मनजीत सिंह ठाकुर को हराया था, पर उपचुनाव के दौरान लोगों से किए वादे भाजपा पूरा नहीं कर सकी और 2012 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले खुशी राम बालनाटाह तथा उनके समर्थकों ने भी भाजपा से किनारा कर लिया। अब इस बार फिर रोहड़ू में भाजपा की राह मुश्किल दिख रही है। मोहन लाल ब्राक्टा को लेकर क्षेत्र में कोई ख़ास एंटी इंकम्बेंसी भी नहीं दिखी है और यदि इस बार फिर वीरभद्र फैक्टर चलता है तो जाहिर है कि इसका सीधा लाभ ब्राक्टा को मिल सकता है। बहरहाल रोहड़ू में किसकी जीत होती है इसके लिए 8 दिसंबर का इंतजार है।
अटल मेडिकल यूनिवर्सिटी के मनमाने नियम बने बाधा, राज्यपाल से न्याय दिलाने की मांग फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला अत्यंत मेधावी छात्रा निकिता चौधरी को उसकी दिव्यांगता के कारण डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज, टांडा ने एमबीबीएस में प्रवेश देने से इनकार कर दिया है। उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष और राज्य विकलांगता सलाहकार बोर्ड के विशेषज्ञ सदस्य प्रो. अजय श्रीवास्तव ने राज्यपाल को पत्र लिखकर निकिता को न्याय दिलाने की मांग की है। राज्यपाल अटल मेडिकल विश्वविद्यालय मंडी के कुलाधिपति भी हैं। प्रो. अजय श्रीवास्तव ने बताया की कांगड़ा जिला की तहसील बड़ोह के गांव सरोत्री की निकिता चौधरी ने इस वर्ष नीट की कठिन परीक्षा उत्तीर्ण की। वह विकलांगता के कारण व्हीलचेयर यूजर है। कांगड़ा के मेडिकल बोर्ड ने उसे 75% विकलांगता का प्रमाण पत्र दिया था। उसे मेरिट के आधार पर राज्य कोटे की एमबीबीएस की सीट टांडा मेडिकल कॉलेज में मिलनी थी। नीट की शर्तों के अनुसार ऐसे उम्मीदवारों को उसके द्वारा अधिकृत मेडिकल बोर्ड से विकलांगता का प्रमाणीकरण कराना आवश्यक है। चंडीगढ़ के सेक्टर-32 का राजकीय मेडिकल कॉलेज इसके लिए नीट ने अधिकृत किया था। निकिता ने वहां से विकलांगता का प्रमाण पत्र लिया, जो 78% का है। नीट के नियमों के अनुसार 80% तक विकलांगता वाले युवा एमबीबीएस में प्रवेश के पात्र हैं। इस आधार पर उसका प्रवेश टांडा मेडिकल कॉलेज में हो जाना चाहिए था। टांडा मेडिकल कॉलेज ने नीट के नियमों के विपरीत जाकर उसका दोबारा मेडिकल कराया और प्रमाण पत्र में उसकी विकलांगता 90% कर दी। वहां उससे यह भी कहा गया कि तुम पढ़ाई के दौरान व्हीलचेयर से कैसे चल पाएगी। गौरतलब है कि कांगड़ा के मेडिकल बोर्ड और चंडीगढ़ के मेडिकल कॉलेज के अधिकृत बोर्ड ने उसकी विकलांगता को 'प्रोग्रेसिव' नहीं बताया था। टांडा मेडिकल कॉलेज के बोर्ड ने प्रमाण पत्र पर लिखा कि उसकी बीमारी प्रोग्रेसिव है, यानी भविष्य में और भी बढ़ सकती है। प्रो. अजय श्रीवास्तव ने राज्यपाल को बताया कि अटल मेडिकल यूनिवर्सिटी और टांडा मेडिकल कॉलेज द्वारा दोबारा उसका मेडिकल किया जाना बिल्कुल गैरकानूनी है। क्योंकि यह मेडिकल कॉलेज विकलांगता प्रमाण पत्र बनाने के लिए नीट द्वारा अधिकृत ही नहीं किया गया है। मेडिकल कॉलेज को नीट द्वारा अधिकृत मेडिकल बोर्ड वाले विकलांगता प्रमाण पत्र को ही स्वीकार करना चाहिए था। अटल मेडिकल यूनिवर्सिटी के नियमों के अनुसार राष्ट्रीय कोटे की एमबीबीएस सीटों के लिए विकलांगता का प्रमाण पत्र टांडा मेडिकल कॉलेज दोबारा नहीं बनाया जाता। यानी यदि निकिता चौधरी को राष्ट्रीय कोटे की सीट टांडा मेडिकल कॉलेज में मिली होती, तो चंडीगढ़ मेडिकल कॉलेज द्वारा जारी विकलांगता प्रमाण पत्र के आधार पर ही उसे दाखिला मिल जाता। उन्होंने राज्यपाल से कहा कि अटल मेडिकल यूनिवर्सिटी और टाटा मेडिकल कॉलेज ने एक दिव्यांग मेधावी छात्रा के साथ अन्याय किया है। निकिता चौधरी के 10वीं में 93% और 12वीं की परीक्षा में 96% अंक थे। उन्होंने कहा कि दिव्यांगों को बाधा रहित वातावरण देना विकलांग जन अधिनियम 2016 के अंतर्गत राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। बाधा रहित वातावरण मिलने पर उसकी विकलांगता पढ़ाई में रुकावट नहीं बन सकती। सुप्रीम कोर्ट भी दृष्टिबाधित एवं व्हीलचेयर यूजर दिव्यांगों को एमबीबीएस में प्रवेश देने के लिए कई फैसले कर चुका है। उन्होंने पत्र में मांग की कि अटल मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति होने के नाते राज्यपाल को तुरंत इस मामले में हस्तक्षेप कर मेधावी छात्रा का जीवन बर्बाद होने से बचाना चाहिए।
** मुश्किल हो सकती है भाजपा और आप की राह 'प्रदेश का मुख्यमंत्री कैसा हो, सुक्खू भाई जैसा हो' ,चुनाव प्रचार के दौरान नादौन विधानसभा क्षेत्र में ये नारा खूब बुलंद रहा। इस बार सुखविंद्र सिंह सुक्खू के समर्थक उन्हें भावी मुख्यमंत्री के तौर पर देख रहे है। नादौन में जहाँ भी सुक्खू प्रचार के लिए पहुंचे, समर्थक ये ही नारा दोहराते दिखे। इस बार कांग्रेस ने बेशक सामूहिक नेतृत्व में और बगैर सीएम फेस के चुनाव लड़ा है ,लेकिन इसमें कोई संशय नहीं है कि यदि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है और नादौन विधानसभा सीट से सुखविंद्र सिंह सुक्खू चुनाव जीत कर आते है तो मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में सुक्खू का दावा बेहद मजबूत है। नादौन की सियासी फ़िज़ाओं में सुगबुगाहट तेज़ है कि मुमकिन है इस बार नादौन विधानसभा क्षेत्र को मुख्यमंत्री मिल जाएँ। ऐसे में जाहिर है इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि भावी सीएम फैक्टर का लाभ इस चुनाव में सुक्खू को मिला हो। नादौन के इतिहास की बात करें तो नादौन विधाभसभा सीट यूँ तो कांग्रेस का गढ़ रही है। यहां से नारायण चंद पराशर तीन बार विधायक रहे। नारायण चंद पराशर के बाद सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस सीट पर राज किया है। 2003 से अब तक सुखविंद्र सिंह सुक्खू नादौन सीट पर तीन बार जीत चुके है, हालांकि 2012 के विधानसभा चुनाव में सुक्खू को 6750 मतों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। पर फिर 2017 में सुक्खू ने जीत हासिल की। कांग्रेस में सुक्खू के अलावा कभी कोई अन्य चेहरा विकल्प के तौर पर नहीं उभरा। इस बीच भाजपा की बात करे तो एक बार फिर विजय अग्निहोत्री मैदान में है। अग्निहोत्री एक दफा सुक्खू को पटकनी भी दे चुके है और इस बार फिर मैदान में डटे हुए है। नादौन में भाजपा के लिए ऐसा भी कहा जाता है कि अगर यहां भाजपा एकजुट हो जाए तो शायद कांग्रेस की राह इतनी आसान न हो। अब भाजपा एकजुट है या नहीं ये तो आने वाला समय ही बताएगा। वहीँ इस बार आम आदमी पार्टी ने नादौन के सियासी समीकरण ज़रूर बदले है। दरअसल इस बार आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी शैंकी ठुकराल ने पुरे दमखम के साथ चुनाव लड़ा है। अब देखना ये होगा कि शैंकी किसके वोट बैंक में कितनी सेंध लगाते है। नादौन में फिलवक्त सुक्खू जीत को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त है। सुक्खू ने भावी सीएम के टैग के साथ चुनाव लड़ा है। ऐसे में जाहिर है इसका लाभ भी उन्हें मिलता दिख रहा है। बहरहाल, जनादेश ईवीएम में कैद है और सभी अपनी -अपनी जीत का दावा कर रहे है।
** भाजपा ने सुरेश भारद्वाज की जगह संजय सूद को दिया टिकट ** कांग्रेस में इस बार बागी नहीं, सीपीआईएम भी मैदान में शिमला शहरी विधानसभा क्षेत्र वर्तमान शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज का गढ़ रहा है। भारद्वाज इस क्षेत्र से चार बार चुनाव जीत चुके है। मगर इस बार भाजपा ने भारद्वाज का टिकट बदल कर उन्हें कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र भेज दिया। भारद्वाज ने कसुम्पटी से चुनाव लड़ा और शिमला शहरी से भाजपा ने एक नए चेहरे संजय सूद को मैदान में उतार दिया। एक चाय वाले यानी भाजपा प्रत्याशी संजय सूद के मैदान में होने से शिमला शहरी सीट के चर्चे प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में हुए। वहीं कांग्रेस ने भी पिछली बार की अपनी गलती को सुधारा है और हरीश जनारथा को मैदान में उतारा है। जबकि इस बार माकपा ने इस विधानसभा क्षेत्र से टिकेंद्र पंवर को मैदान में उतारा है। 2017 में इस विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस ने आनंद शर्मा के करीबी हरभजन भज्जी को टिकट दिया था। इस बात से नाराज होकर वीरभद्र सिंह के करीबी रहे कांग्रेस नेता हरीश जनारथा ने बगावत की और निर्दलीय तौर पर मैदान में उतर गए। केवल हरीश जनारथा ही इस टिकट आवंटन से असंतुष्ट नहीं थे, बल्कि कई पार्षद ओर कांग्रेस के कई कार्यकर्त्ता भी उनके साथ खड़े हो गए थे। इसके अलावा माकपा की ओर से शिमला नगर पालिका के पूर्व महापौर संजय चौहान भी मैदान में थे। तब जीत बीजेपी प्रत्याशी सुरेश भारद्वाज की हुई, जबकि दूसरे स्थान पर निर्दलीय प्रत्याशी हरीश जनारथा रहे। सुरेश भारद्वाज को कुल 14,012 मत मिले, जबकि जनार्था को 12,109 मत मिले। तीसरे स्थान पर माकपा के संजय चौहान रहे थे, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी हरभजन सिंह भज्जी सिर्फ 2680 मत पाकर चौथे स्थान पर रहे थे। बीते चुनाव में यहां कांग्रेस अपनी ज़मानत भी नहीं बचा पाई थी, मगर इस बार हालत बदले हुए है। जीत की हैट्रिक लगा चुके है भारद्वाज : शिमला शहरी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा का खासा प्रभाव दिखता रहा है। इस क्षेत्र में साल 1967 से 1982 तक चार बार दौलत राम विधायक रहे। इसके बाद 1985 में हुए चुनाव में इस सीट से कांग्रेस प्रत्याशी हरभजन सिंह भज्जी विधायक बने। साल 1990 में इस क्षेत्र से सुरेश भारद्वाज बतौर भाजपा प्रत्याशी पहली बार विधायक बने। साल 1993 में माकपा के तेज़तर्रार नेता राकेश सिंघा भी शिमला से विधायक रह चुके है। 1996 में हुए उपचुनाव में इस क्षेत्र में कांग्रेस की जीत हुई और आदर्श कुमार विधायक बने। इसके बाद 1998 में हुए चुनाव में भाजपा से नरेंद्र बरागटा की जीत हुई। साल 2003 में कांग्रेस ने एक बार फिर हरभजन सिंह भज्जी को टिकट दिया और वे ये चुनाव जीत गए। इसके बाद 2007 , 2012 और 2017 के चुनाव में लगातार भाजपा से सुरेश भारद्वाज ही विधायक चुन कर आते रहे है। मौजूदा चुनाव की बात करें तो यहां भाजपा ने नए उम्मीदवार संजय सूद को मैदान में उतारा है। सम्भवतः भाजपा को लगा हो कि सुरेश भारद्वाज के लिए क्षेत्र में एंटी इंकम्बैंसी है और इसी लिए पार्टी ने ये फेरबदल किया है। वहीं कांग्रेस ने हरीश जनारथा को मैदान में उतारा है जो लगातार सक्रीय रहे है। कांग्रेस से इस बार कोई बागी मैदान में नहीं है जिसका लाभ पार्टी को होता दिख रहा है। यहां सीपीआईएम भी मौजूदगी दर्ज करवाती दिख रही है। बहरहाल यहां हरीश जनारथा इस बार जीत को लेकर आश्वस्त दिख रहे है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा खेल एवं युवा कार्यक्रम मंत्री अनुराग ठाकुर ने गुजरात विधानसभा चुनावों में आज अहमदाबाद में प्रेस कान्फ्रेंस एवं भुज में युवा विश्वास युवा सम्मेलन के अंतर्गत 2 कार्यक्रमों के दौरान भाजपा को भरोसे का दूसरा नाम बताया व गुजरात में फिर से विशाल बहुमत से भाजपा की सरकार बनने की बात कही। अनुराग ठाकुर ने कहा कि विगत दो दशकों से ज़्यादा समय में भारतीय जनता पार्टी में गुजरात में सुशासन व सेवा भाव की सरकार चलाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्यक् नेतृत्व में गुजरात दंगा, अराजकता, माफियाराज व भ्रष्टाचार के जंजाल से मुक्त होकर प्रगति के अभूतपूर्व पथ पर आगे बढ़ा है। गुजरात ने देश के सामने विकास का एक सफल मॉडल सामने रखा है। आज देश भर भाजपा भरोसे का दूसरा नाम बन चुकी है, जिस पर लोगों का अटूट विश्वास है। गुजरात की जनता की पूरी आस्था भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी व मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल की नीतियों में है। भारतीय जनता पार्टी की चुनावी सभाओं में जनता की भारी भीड़ पार्टी प्रति उनके स्नेह का प्रतीक है और इसे देखते हुए यह स्पष्ट है कि एक बार फिर गुजरात में कमल खिलने की तैयारी है। आगे बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि कभी दशकों तक राज करने वाली कांग्रेस के पास आज विपक्ष का नेता बनाने लायक भी सदस्य पूरे नहीं हैं और यही हाल पार्टी का गुजरात में होने वाला है, जहां पर भी नंबर वन की बात आती है, तो गुजरात आगे रहता है। जब कोई कृषि के क्षेत्र में डबल डिजिट ग्रोथ नहीं देखता था, तब मोदी के नेतृत्व में गुजरात में वह ग्रोथ दिखी, जब कोई बड़े बांध बनाने का सपना नहीं देखता था, तब नर्मदा बांध बना, दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा स्टैचू ऑफ यूनिटी गुजरात में है। पहली बुलेट ट्रेन गुजरात में और एक्सपोर्ट के मामले में भी गुजरात नंबर वन है। अनुराग ठाकुर ने भाजपा के संकल्प पत्र में किये गए वादों को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि बेटियों के लिए केजी से पीजी तक की शिक्षा मुफ्त होगी। मेधावी छात्राओं के लिए स्कूटी मुफ्त में मिलेगी। 60 साल से ज्यादा उम्र की बुजुर्ग महिलाओं के लिए बस में मुफ्त सेवा मिलेगी। इसके अलावा श्री ठाकुर ने कहा कि हमने गुजरात को एक ट्रिलियन डॉलर इकनॉमी बनाने का संकल्प लिया है। भारत की 5 ट्रिलियन डॉलर इकनॉमी में गुजरात का भी एक ट्रिलियन डॉलर इकनॉमी का बहुत बड़ा सहयोग होगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गुजरात में अगले 5 वर्षों में 20 लाख युवाओं को रोजगार दिया जाएगा और एक लाख महिलाओं को सरकारी नौकरी अगले 5 साल में देंगे। ठाकुर ने बताया कि आयुष्मान भारत की तर्ज पर गुजरात में 10 लाख रुपए तक का इलाज बिल्कुल मुफ्त में किया जाएगा। अनुराग ठाकुर ने कहा कि मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों के पुनर्निर्माण के लिए एक हजार करोड़ रूपए खर्च किए जाएंगे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला शिमला के रिज मैदान में रविवार को स्टेट ऑर्गन एंटिटी ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन हिमाचल प्रदेश हेल्प एंड हेल्प फाउंडेशन की ओर से रक्तदान के साथ अंगदान के विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 25 लोगों ने अंगदान करने की शपथ ली और अंगदान के महत्व के बारे में जाना। टीम की ओर से स्थानीय लोगों के लिए यह जागरूकता शिविर लगाया गया था। इसमें स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया।
प्रदेश भर में आज मौसम साफ रहा और आगामी 6 दिनों तक मौसम साफ रहने के आसार है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश में 27 नवंबर से 2 दिसंबर तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है। वहीं, रात के समय शिमला से ज्यादा ठंड चंडीगढ़ व ऊना में पड़ रही है। शिमला का न्यूनतम तापमान 10.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। लेकिन ठंड का प्रकोप अभी भी जारी है सुबह शाम की ठंड से लोगो को काफी परेशानी होगी। इसी के साथ लाहौल सपिति का न्यूनतम तापमान -3.0 तक पहुंच गया है। जबकि ऊना में 6.0 और चंडीगढ़ में 9.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इसके अलावा सुंदरनगर में 2.7, भुंतर 2.4, कल्पा 3.0, धर्मशाला 9.2, नाहन 12.1, केलांग माइनस 3.6, पालमपुर 7.0, सोलन 4.6, मनाली 3.0, कांगड़ा 8.0, मंडी 5.6, बिलासपुर 8.0, हमीरपुर 5.5, चंबा 6.0, डलहौजी 9.9, जुब्बड़हट्टी 9.4, कुफरी 7.6, कुकुमसेरी माइनस 3.3, नारकंडा 7.8, रिकांगपिओ 6.8 और पांवटा साहिब में 13.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्य सचिव आरडी धीमान ने आज यहां राजस्व विभाग के आपदा प्रबंधन सैल द्वारा उपायुक्तों और संबंधित विभागों के साथ शीतकालीन तैयारियों को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्बाध बिजली और पानी की आपूर्ति, रोजमर्रा उपयोग की वस्तुओं की उपलब्धता और विशेष रूप से बर्फबारी वाले क्षेत्रों के लिए आवश्यक वस्तुओं का भंडारण सुनिश्चित करने के लिए समन्वित कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सम्पर्क सुविधा, अस्पताल, बिजली, जलापूर्ति और शिक्षण संस्थान प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने प्रदेश में संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित करने और बर्फ हटाने के लिए क्षेत्रों को प्राथमिकता प्रदान कर पर्याप्त मशीनरी तैनात करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर सड़कों की आवश्यक मरम्मत करने के अलावा बुलडोजर और स्नो कटर पहले से ही तैयार रखे जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि बर्फ हटाने के उपकरण और स्नो ब्लोअर की खरीद की प्रक्रिया समय पर पूरी की जानी चाहिए। उन्होंने सभी जिला प्रशासन को शीत लहर के प्रभाव से निपटने के लिए समुचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष तौर पर उन क्षेत्रों पर ध्यान केन्द्रित करने को कहा, जहां कोहरे के कारण आम जन जीवन, कृषि और बागवानी फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। मुख्य सचिव ने उपायुक्तों को अपने क्षेत्राधिकार में वायु सेना, सेना इकाइयों, आईटीबीपी और पैरा मिलिट्री संगठनों के साथ उनके साथ संपर्क बनाए रखने के भी निर्देश दिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में शीघ्र समन्वित ऑपरेशन चलाए जा सकें। आरडी धीमान ने कहा कि ट्रैकर्स के साथ जाने वाले प्रशिक्षित गाइडों द्वारा दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आवाजाही की उचित निगरानी प्राथमिकता के आधार पर की जानी चाहिए। उन्होंने हिमाचल पथ परिवहन निगम को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में वैकल्पिक यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड, शहरी विकास, दूरसंचार, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं अन्य विभागों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निदेशक एवं विशेष सचिव राजस्व-आपदा प्रबंधन सुदेश मोक्टा ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
केसीसी बैंक में पदोन्नति के माध्यम से होने जा रही भर्तियों पर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। बैंक ने चुनाव आयोग से 790 विभिन्न पदों को पदोन्नति के माध्यम से भरने की मंजूरी ली थी। बैंक के विभिन्न विभागों में कर्मचारियों की कमी को देखते हुए आयोग ने इन पदों को भरने की मंजूरी दी थी। मुख्य न्यायाधीश एए सैयद और न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने अपने आदेशों में स्पष्ट किया कि बैंक के खाली पदों को बिना अदालत की अनुमति से न भरा जाए। खंडपीठ ने राज्य सरकार और बैंक प्रबंधन से तीन सप्ताह में जवाब तलब किया है।
प्रदेश भर में बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। राजधानी में बर्फबारी के दौरान प्रशासन इस बार आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए फोर बाई फोर वाहनों का इस्तेमाल करेगा। यह जानकारी डीसी आदित्य नेगी ने बर्फबारी के दौरान विभिन्न विभागों की तैयारियों की समीक्षा को लेकर आयोजित बैठक में शुक्रवार को दी। उन्होंने कहा कि बर्फबारी के दौरान एंबुलेंस के लिए चेन और क्यूआरटी के लिए फोर बाई फोर गाड़ियों का प्रबंध किया जाएगा ताकि किसी को भी किसी तरह कि परेशानी ना हो। वही उन्होंने कहा कि पैदल चलने वाले मार्गों पर फिसलन को रोकने के लिए भी समुचित प्रबंध होंगे ताकि रास्ते बंद न हों। उन्होंने निर्देश दिए कि बर्फबारी से निपटने के लिए सभी विभाग तैयारियां कर लें ताकि जिला के लोगों और सैलानियों को किसी तरह की कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
भाजपा का मास्टरस्ट्रोक या सबसे बड़ी भूल? आखिर क्यों बदला गया मंत्री सुरेश भारद्वाज का निर्वाचन क्षेत्र ? शिमला शहरी सीट पर जीत की हैट्रिक लगाने वाले भारद्वाज को आखिर कसुम्पटी क्यों भेजा गया ? क्या कसुम्पटी में पार्टी को दमदार चेहरे की थी दरकार, या फिर कुछ और है माजरा ? जब भाजपा ने प्रत्याशियों की सूची जारी की, तो दो मंत्रियों का टिकट बदल देना आसानी से किसी के गले से नहीं उतरा। जिन दो मंत्रियों के हलके बदले गए है उनमें मंत्री सुरेश भारद्वाज भी शामिल थे। शिमला शहरी सीट से सुरेश भारद्वाज चार बार विधायक रहे है पिछले तीन चुनाव भारद्वाज लगातार जीते है। सबसे पहले 1990 में भारद्वाज शिमला शहर से विधायक बने उसके बाद लगातार 2007 से 2017 तक भारद्वाज ने शिमला शहरी सीट पर राज किया। इसके बावजूद भी भाजपा ने भारद्वाज को कसुम्पटी ट्रांसफर कर दिया। कुछ लोग मानते है कि इस बदलाव का कारण कसुम्पटी में लगातार हार रही भारतीय जनता पार्टी को मजबूत करना है, तो कुछ का मानना है कि भारद्वाज को लेकर शिमला शहरी में पर्याप्त एंटी इंकम्बेंसी का अंदेशा भाजपा को था और इसलिए भाजपा ने यहाँ किसी नए चेहरे को उतारना वाजिब समझा। बहरहाल अब मतदान हो चुका है और अब कसुम्पटी में भारद्वाज का सीधा मुकाबला कांग्रेस के अनिरुद्ध सिंह से है। वही अनिरुद्ध सिंह जो इस बार जीत की हैट्रिक लगाने को आश्वस्त दिख रहे है और उनके समर्थक लगातार उन्हें मंत्री के तौर पर प्रोजेक्ट कर रहे है। अब कसुम्पटी में अनिरुद्ध सिंह जीत की हैट्रिक लगाते है या सुरेश भारद्वाज अपनी प्रतिष्ठा को बरकरार रख पाते है, ये तो नतीजे आने के बाद ही पता चलेगा। अतीत पर निगाह डालें तो कसुम्पटी में भाजपा के लिए राह आसान नहीं दिख रही है। आखिरी बार रूप दास कश्यप ने यहां 1998 में भाजपा को जीत दिलाई थी, लेकिन 2003 में रूप दास कश्यप करीब तीन हजार वोट के अंतर से हार गए। तब निर्दलीय सोहन लाल ने जीत दर्ज की थी। ये आखिरी मौका था जब भाजपा कुसुम्पटी में मुकाबले में दिखी। इसके बाद हुए तीन चुनाव में भाजपा तीन उम्मीदवार बदल चुकी है और तीनों बार पार्टी को शिकस्त ही मिली है। 2007 में पार्टी ने तरसेम भारती को टिकट दिया, लेकिन भारती करीब साढ़े सात हजार मतों के अंतर से हारे। 2012 में भाजपा ने प्रेम सिंह को और 2017 में विजय ज्योति को मैदान में उतारा और दोनों करीब दस हजार के अंतर से हारे। इन दोनों ही मौकों पर कांग्रेस के अनिरुद्ध सिंह का कसुम्पटी में शानदार प्रदर्शन रहा। लगातार 10 साल तक विधायक रहने के बाद भी अनिरुद्ध सिंह को लेकर कोई एंटी इंकम्बेंसी नहीं दिख रही है। कसुम्पटी में अनिरुद्ध सिंह का सरल स्वभाव लोगों को पसंद है और वे लगातार जनता के बीच भी रहे है। अनिरुद्ध ने इस बार भी चुनाव पूरे दमखम से लड़ा है और कांग्रेस इस क्षेत्र में सहज दिखाई दे रही है। उधर सुरेश भारद्वाज को लेकर विरोध के स्वर भी उठते रहे है। हालांकि समय रहते पार्टी द्वारा बगावत को तो साध लिया गया, लेकिन भीतरघात की संभावना को खारिज नहीं किया जा सकता। ऐसे में अब अगर कसुम्पटी में भाजपा बेहतर नहीं कर पाती है तो टिकट आवंटन को लेकर तो सवाल उठेंगे ही, साथ ही सुरेश भारद्वाज की साख भी यहां दांव पर लगी हुई है।
हिमाचल प्रदेश के शीतकालीन छुट्टियों स्कूलों की डेट शीट जारी कर दी गई है प्रदेश के सभी शीतकालीन छुट्टियों वाले स्कूलों में असेसमेंट परीक्षाएं 13 दिसंबर शुरू होंगी। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने पहली, दूसरी, चौथी, छठी और सातवीं कक्षा की परीक्षाओं की डेटशीट जारी की है और इन कक्षाओं में किसी भी विद्यार्थी को फेल नहीं किया जाता है। इस परीक्षा में असेसमेंट में प्राप्त अंकों के आधार पर वार्षिक ग्रेडिंग तैयार की जाएगी। सभी केंद्रों में सुबह साढ़े दस बजे परीक्षा शुरू होगी और दोपहर डेढ़ बजे तक चलेगी। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों विद्यार्थी यह परीक्षाएं देंगे। परीक्षा परिणाम ई संवाद एप पर अपलोड किया जाएगा। 31 दिसंबर को इन स्कूलों में परिणाम घोषित होंगे और फरवरी 2023 से शीतकालीन स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र शुरू होगा। प्रदेश के सभी सरकारी और स्कूल शिक्षा बोर्ड संबद्ध निजी स्कूलों में इन परीक्षाओं का आयोजन होगा।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने आज यहां बचत भवन में 08 दिसंबर, 2022 को होने वाली मतगणना के संदर्भ में जिला के रिटर्निंग अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने उपस्थित समस्त रिटर्निंग अधिकारियों को प्रत्याशियों से सम्पर्क करने के निर्देश दिए, ताकि वे मतगणना के दिन काउंटिंग एजेंटों की नियुक्ति कर सके और मतगणना का कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो सके। उन्होंने बताया कि काउंटिंग एजेंटों के नाम 04 दिसम्बर, 2022 को सायं 5 बजे तक संबंधित निर्वाचन अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत हो जाने चाहिए। उपायुक्त ने रिटर्निंग अधिकारियों को ईवीएम, वीवीपैट एवं वीडियोग्राफी के संदर्भ में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और उनके संशय पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने मतगणना केन्द्र में काउंटिंग टेबल की संख्या, पोस्टल बैलेट, मोबाइल के प्रवेश पर भारत निर्वाचन आयोग के आदेश पर चर्चा की और निर्वाचन अधिकारियों से विभिन्न बारीकियों पर विचार-विमर्श किया। आदित्य नेगी ने रिटर्निंग अधिकारियों को स्ट्रांग रूम के समय-समय पर निरीक्षण एवं मतगणना केंद्र के बाहर बेरिकेडिंग पर निर्देश दिए और निर्वाचन प्रक्रिया के सफल कार्यान्वयन का आह्वान किया। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त शिवम प्रताप सिंह, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (प्रोटोकाॅल) सचिन कंवल, उपमंडलाधिकारी शिमला शहरी भानू गुप्ता, उपमंडलाधिकारी शिमला ग्रामीण निशांत ठाकुर, अतिरिक्त आयुक्त डाॅ. पूनम एवं तहसीलदार निर्वाचन राजेंद्र शर्मा उपस्थित थे।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने आज बचत भवन में 08 दिसम्बर, 2022 को होने वाली मतगणना के संदर्भ में जिला के रिटर्निंग अधिकारियों के साथ बैठक कि। उन्होंने उपस्थित समस्त रिटर्निंग अधिकारियों को प्रत्याशियों से सम्पर्क करने के निर्देश दिए ताकि वे मतगणना के दिन काउंटिंग एजेंटों की नियुक्ति कर सके और मतगणना का कार्य सुचारू रूप से सम्पन्न हो सके। उन्होंने बताया कि काउंटिंग एजेंटों के नाम 04 दिसम्बर, 2022 को सायं 5 बजे तक संबंधित निर्वाचन अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत हो जाने चाहिए। उपायुक्त ने रिटर्निंग अधिकारियों को ईवीएम, वीवीपैट एवं वीडियोग्राफी के संदर्भ में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और उनके संशय पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने मतगणना केन्द्र में काउंटिंग टेबल की संख्या, पोस्टल बैलेट, मोबाइल के प्रवेश पर भारत निर्वाचन आयोग के आदेश पर चर्चा की और निर्वाचन अधिकारियों से विभिन्न बारीकियों पर विचार-विमर्श किया। आदित्य नेगी ने रिटर्निंग अधिकारियों को स्ट्रांग रूम के समय-समय पर निरीक्षण एवं मतगणना केन्द्र के बाहर बेरिकेडिंग पर निर्देश दिए और निर्वाचन प्रक्रिया के सफल कार्यान्वयन का आह्वान किया। इसी दौरान अतिरिक्त उपायुक्त शिवम प्रताप सिंह, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (प्रोटोकाॅल) सचिन कंवल, उपमण्डलाधिकारी शिमला शहरी भानू गुप्ता, उपमण्डलाधिकारी शिमला ग्रामीण निशांत ठाकुर, अतिरिक्त आयुक्त डाॅ. पूनम एवं तहसीलदार निर्वाचन राजेन्द्र शर्मा भी उपस्थित रहे।
चुनाव आयोग ने शिक्षा विभाग को बच्चों के लिए नई वर्दी खरीदने की मंजूरी दे दी है अब प्रदेश के सरकारी में पढ़ने वाले 8 लाख छात्रों को जल्द नई वर्दी मिलेगी। शिक्षा विभाग ने चुनाव आचार संहिता के चलते नई वर्दी खरीदने की परमिशन मांगी थी। सभी सरकारी स्कूलों में पहली से 12वीं कक्षा के सभी छात्र-छात्राओं को यह वर्दी दी जानी है। और अब परमिशन मिलने के बाद वर्दी के लिए टेंडर खोला जा सकेगा। जो छात्र लंबे समय से वर्दी का इंतजार कर रहे थे उनका इंतजार भी अब खत्म हो गया है
हिमाचल प्रदेश में मौसम ने करवट बदल ली है। प्रदेश भर में ठण्ड बढ़ गयी है। प्रदेश की राजधानी शिमला और डलहौजी का न्यूनतम तापमान सबसे ज़्यादा है। वहीं प्रदेश के सभी क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान इन दो शहरों से कम रिकॉर्ड हुआ है। मैदानी क्षेत्रों की बात करें तो कोहरा पड़ने से सुबह और शाम के समय मौसम में ठंडक बढ़ गई है। ताज़ा बर्फबारी के चलते केलांग और कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस में पहुंच गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश में 28 नवंबर तक मौसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान जताया है।
हिमाचल प्रदेश में मौसम ने करवट बदल ली है। प्रदेश भर में ठण्ड बढ़ गयी है। प्रदेश की राजधानी शिमला और डलहौजी का न्यूनतम तापमान सबसे ज़्यादा है। वहीं प्रदेश के सभी क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान इन दो शहरों से कम रिकॉर्ड हुआ है। मैदानी क्षेत्रों की बात करें तो कोहरा पड़ने से सुबह और शाम के समय मौसम में ठंडक बढ़ गई है। ताज़ा बर्फबारी के चलते केलांग और कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस में पहुंच गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश में 28 नवंबर तक मौसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान जताया है।
केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आम बजट को तैयार करने से पहले सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों के साथ शुक्रवार को बैठक हुई। बैठक में सेब आयात शुल्क बढ़ाने, औद्योगिक पैकेज और जीएसटी मुआवजे की अवधि बढ़ाने के मामले उठाए गए। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि इस बैठक में प्रदेश में बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने और कनेक्टिविटी के मुद्दे पर चर्चा की गई और पैकेजिंग सामग्री के जीएसटी में वृद्धि पर भीबातचीत कि गई है। और केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि इसे 18 फीसदी के बजाय 12 फीसदी किया जाए जिससे प्रदेश के सेब बागवानों को काफी मदद मिलेगी।
'प्रदेश का मुख्यमंत्री कैसा हो, सुक्खू भाई जैसा हो' ,चुनाव प्रचार के दौरान नादौन विधानसभा क्षेत्र में ये नारा खूब बुलंद रहा। इस बार सुखविंद्र सिंह सुक्खू के समर्थक उन्हें भावी मुख्यमंत्री के तौर पर देख रहे है। नादौन में जहाँ भी सुक्खू प्रचार के लिए पहुंचे, समर्थक ये ही नारा दोहराते दिखे। इस बार कांग्रेस ने बेशक सामूहिक नेतृत्व में और बगैर सीएम फेस के चुनाव लड़ा है ,लेकिन इसमें कोई संशय नहीं है कि यदि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है और नादौन विधानसभा सीट से सुखविंद्र सिंह सुक्खू चुनाव जीत कर आते है तो मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में सुक्खू का दावा बेहद मजबूत है। नादौन की सियासी फ़िज़ाओं में सुगबुगाहट तेज़ है कि मुमकिन है इस बार नादौन विधानसभा क्षेत्र को मुख्यमंत्री मिल जाएँ। ऐसे में जाहिर है इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि भावी सीएम फैक्टर का लाभ इस चुनाव में सुक्खू को मिला हो। नादौन के इतिहास की बात करें तो नादौन विधाभसभा सीट यूँ तो कांग्रेस का गढ़ रही है। यहां से नारायण चंद पराशर तीन बार विधायक रहे। नारायण चंद पराशर के बाद सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस सीट पर राज किया है। 2003 से अब तक सुखविंद्र सिंह सुक्खू नादौन सीट पर तीन बार जीत चुके है, हालांकि 2012 के विधानसभा चुनाव में सुक्खू को 6750 मतों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। पर फिर 2017 में सुक्खू ने जीत हासिल की। कांग्रेस में सुक्खू के अलावा कभी कोई अन्य चेहरा विकल्प के तौर पर नहीं उभरा। इस बीच भाजपा की बात करे तो एक बार फिर विजय अग्निहोत्री मैदान में है। अग्निहोत्री एक दफा सुक्खू को पटकनी भी दे चुके है और इस बार फिर मैदान में डटे हुए है। नादौन में भाजपा के लिए ऐसा भी कहा जाता है कि अगर यहां भाजपा एकजुट हो जाए तो शायद कांग्रेस की राह इतनी आसान न हो। अब भाजपा एकजुट है या नहीं ये तो आने वाला समय ही बताएगा। वहीँ इस बार आम आदमी पार्टी ने नादौन के सियासी समीकरण ज़रूर बदले है। दरअसल इस बार आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी शैंकी ठुकराल ने पुरे दमखम के साथ चुनाव लड़ा है। अब देखना ये होगा कि शैंकी किसके वोट बैंक में कितनी सेंध लगाते है। नादौन में फिलवक्त सुक्खू जीत को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त है। सुक्खू ने भावी सीएम के टैग के साथ चुनाव लड़ा है। ऐसे में जाहिर है इसका लाभ भी उन्हें मिलता दिख रहा है। बहरहाल, जनादेश ईवीएम में कैद है और सभी अपनी -अपनी जीत का दावा कर रहे है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला विधानसभा सभा के पास शुक्रवार सुबह एक गाड़ी अनियंत्रित होकर सड़क से बाहर चली गई। गाड़ी का चालाक हादसे में घायल बताया जा रहा है। अनियंत्रित AURA गाड़ी (35B 2524) लोहे की एक रैलिंग को तोड़ती हुई दूसरी रैलिंग में फंस गई। जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) के बीएससी और बीकॉम प्रथम वर्ष के नतीजों पर बच्चों ने कल सवाल खड़े किए है। दरअसल पांच माह इंतजार करने के बाद घोषित किए गए इन नतीजों में बीएससी में सिर्फ 20 फीसदी, बीकॉम में 33 फीसदी बच्चे ही पास हुए है। नतीजों से नाराज छात्र-छात्राओं ने एचपीयू समेत कल धर्मशाला, बैजनाथ, चंबा के बनीखेत और ऊना के भटोली कॉलेज में धरना-प्रदर्शन भी किए। और इसी दौरान ऑन स्क्रीन मूल्यांकन, एंटर प्राइज सिसोर्स प्लानिंग (ऑनलाइन सिस्टम) में खामी का आरोप लगाते हुए छात्र-छात्राओं ने जमकर नारेबाजी भी की। और अब परीक्षा परिणाम खराब रहने से दूसरे वर्ष की पढ़ाई पूरी कर चुके छात्र-छात्राओं को साल बर्बाद होने का डर सता रहा है। और जो बच्चे फेल हुए है, उन्हें अब पहले वर्ष की परीक्षा में अपीयर होना पड़ेगा। वही विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति - प्रो. ज्योति प्रकाश का कहना है विद्यार्थियों और छात्र संगठन की ओर से परीक्षा परिणाम को लेकर मिली शिकायत पर कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी दो दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगीऔर जो भी रिपोर्ट आएगी, उसके आधार पर छात्र को उसका निर्णय सुना दिया जाएगा। यदि ऑनलाइन सिस्टम में खामी रही होगी तो उसे भी दुरुस्त किया जाएगा।
शिमला पुलिस की एसआइयू टीम ने बड़ी कार्रवाई के दौरान शिमला के दो निवासियों से 10.54 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद हुई है। चिट्टा बरामद होने के बाद दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया गया है और आगे की जांच शुरू कर दी गई है। दोनों व्यक्तियों की पहचान शिमला निवासी के तौर पर की गई है।
हिमाचल प्रदेश में फिलहाल 28 नवंबर तक मौसम साफ बना रहेगा। शिमला मौसम विभाग केंद्र ने पूर्वानुमान जताया है कि 28 नवंबर तक पूरे प्रदेश भर में मौसम साफ रहने वाला है और बारिश या बर्फबारी की आशंका नहीं है, लेकिन ठंड का प्रकोप अब धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। वहीं लाहौल स्पीति में न्यूनतम तापमान -3.0°C डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है और केलांग और कुकुमसेरी का न्यूनतम तापमान माइनस में दर्ज किया गया है। प्रदेश के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों किन्नौर, लाहौल स्पीति, कुल्लू, मंडी, चंबा और शिमला के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंडक लगातार बढ़ने लगी है। जिससे सुबह-शाम लोगों को सूखी ठंड का सामना करना पड़ेगा। वहीं प्रदेश की राजधानी शिमला के साथ साथ निचले क्षेत्रों में भी बुधवार को मौसम साफ रहा। ऊना में अधिकतम तापमान 27.6, बिलासपुर में 25.5, सोलन में 25.2, धर्मशाला में 24.0, हमीरपुर में 23.9, कांगड़ा में 23.5, शिमला में 19.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं आज केलांग में - 5.2 न्यूनतम तापमान और ऊना में 27. 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
हाईकोर्ट में गुरुवार को हुई सुनवाई में जेबीटी यूनियन vs हिमाचल प्रदेश सरकार CWP 8134/2022 केस में बी.एड उम्मीदवारों को जेबीटी टेट देने से रोक लगा दी है। यूनियन अध्यक्ष मोहित ठाकुर ने कहा की यूनियन के ओर से हाईकोर्ट में पैरवी करते समय यह दलील रखी गई थी की जब जे.बी.टी. बनाम बी.एड. केस सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है तो वर्तमान में शिक्षा विभाग को जेबीटी टेट में नियम बदलने की कोई आवश्यकता ही नहीं थी। साथ ही उन्होंने बताया कि जिस अधिसूचना को आधार बना कर बी.एड उम्मीदवार हिमाचल में जेबीटी कैडर में जगह बनाना चाहते है उस अधिसूचना को राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा ना बल्कि रद्द करार दिया था साथ ही सुप्रीम कोर्ट में भी उस अधिसूचना पर कई प्रश्न चिन्ह खड़े किए गये हैं। इसीलिए ग़नीमत है कि बाई.एड उम्मीदवारों को हाल ही में जेबीटी टेट देने से रोका जाए। इन्ही बातों को मद्देनज़र रखते हुए कोर्ट ने जेबीटी का पक्ष लेते हुए यह निर्णय सुनाया। संघ महासचिव जगदीश परियाल ने भी प्रदेश के तमाम जेबीटी प्रशिक्षुओं को कोर्ट के इस निर्णय पर शुभकामनाएँ दी।साथ ही यूनियन का इस लड़ाई में साथ देने के लिए उनका धन्यवाद भी किया।
आज भाजपा मीडिया प्रभारी करण नंदा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने पूरे देश भर में कांग्रेस छोड़ो यात्रा निकाल रखी है, जब से कांग्रेस पार्टी की भारत जोड़ो यात्रा चली है तब से कांग्रेस के दिग्गज नेता कांग्रेस छोड़ रहे है। भाजपा को कांग्रेस की यात्रा से कोई डर नहीं है पर कांग्रेस को भाजपा से पूर्ण भय है क्योंकि जिस प्रकार से जनता ने बढ़-चढ़कर भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में मतदान किया है उससे कांग्रेस नेताओं को पूर्वसंकेत हो चुका है कि वह सत्ता में नहीं आने वाले। उन्होंने कहा कि हार के डर से कांग्रेस अलग-अलग प्रकार के आरोप भाजपा पर लगा रही है पर दुख की बात तो यह है कि उनके लगाए सारे आरोप निराधार है। आने वाली 8 तारीख को जब परिणाम सामने आएंगे तो भाजपा की 40 से अधिक सीटें आएगी। भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ हिमाचल प्रदेश में एक स्थिर सरकार बनाने जा रही है और इस बार हिमाचल प्रदेश में रिवाज बदलने तय है। कांग्रेस पार्टी के नेताओं को तो यह भी चिंता सता रही है कि उनके कई मुख्यमंत्री दावेदार हार की ओर अग्रसर हो रहे है। समीकरण तो ऐसे निकल कर आ रहे है जैसे कांग्रेस के मुख्यमंत्री दावेदार चुनाव में हार का सामना करने जा रहे है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला राजधानी शिमला के फाइव बेंच के पास एक व्यक्ति पर तेंदुएं ने हमला कर घायल कर दिया। विजय थापा के मुताबिक जब वह रात 11 बजे होटल में काम करने के बाद घर लौट रहा था, तो अंधेरे में उसके ऊपर तेंदुएं ने हमला कर दिया, वह किसी तरह जान बचाकर वहां से भाग गया, लेकिन तेंदुएं के हमले से हाथ में ज्यादा लगी है। IGMC में ईलाज के बाद विजय को छुट्टी दे दी गई है।
बिजली की बढ़ रही खपत को लेकर बोर्ड ने विशेष एडवाइजरी जारी की है। बोर्ड ने उपभोक्ताओं को सुबह अढ़ाई घंटे जबकि शाम को साढ़े तीन घंटे बिजली इस्तेमाल करने की बात की है। इसके साथ ही गीजर इस्तेमाल करने को लेकर भी बोर्ड ने दिशा-निर्देश दिए है। बोर्ड ने सुबह पांच से छह बजे के बीच गीजर से पानी गर्म करने की बात कही है और आवश्यकता अनुसार पानी गर्म होने के बाद बंद करने की सलाह दी है। प्रदेश भर में इन दिनों बिजली की खपत बढ़ रही है और विद्युत उपकरणों के ज्यादा इस्तेमाल की वजह से लोड पर असर पड़ रहा है। इसे देखते हुए बिजली बोर्ड प्रबंधन अब सक्रिय हो गया है। बोर्ड प्रबंधन के अनुसार सुबह 6:30 बजे से 9:00 बजे तक और शाम को 6:30 से रात 10:00 बजे के दौरान विद्युत उपकरणों का उपयोग विशेष रूप से आवश्यकता के अनुसार करना होगा। बोर्ड के अनुसार उपकरण अच्छी गुणवत्ता वाले खास कर बीईई स्टार रेटिंग उपकरण हो जिनके उपयोग से विद्युत लोड में कमी आएगी और विद्युत बिलों में भी उपभोक्ताओं की बचत होगी।बोर्ड ने पानी गर्म करने के लिए हस्त निर्मित फिलामेंट तार रॉड का इस्तेमाल न करने की सलाह दी है।
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन आरकेएमवी इकाई ने शिमला से सटे कस्बे मल्याणा के समीप जरुरतमंद लोगों को वस्त्र वितरित किए। प्रदेश में बढ़ रही ठंड को देखते हुए छात्र संगठन ने यह कदम उठाया है। इस मौके पर छात्र संगठन एनएसयूआई हिमाचल प्रदेश के प्रदेश महासचिव शुभम वर्मा भी छात्रों के साथ उपस्थित रहे।उनके अलावा महाविद्यालय आरकेएमवी में एन एसयूआई की छात्रा कार्यकर्ता ममता, माही, सुमन, रिया, काजल, मन्नत इत्यादि मौजूद रही। एसयूआई प्रदेश महासचिव शुभम वर्मा ने कहा कि प्रदेश में ठंड बढ़ रही है। ऐसे में प्रदेश में बहुत सारे जरूरतमंद लोग रहते है। ऐसे में हर व्यक्ति को या सामाजिक संगठन को अपने स्तर पर जितना हो सके जरूरतमंदों लोगो की मदद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पहाड़ी प्रदेश है। प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ती है, हिमपात होता है, ऐसे में सर्दियों के समय में जरूरतमंदों को गर्म कपड़ों की बेहद आवश्यकता होती है।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने कहा कि प्रदेश को क्षय रोग मुक्त बनाने के अभियान में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी सहभागिता सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि वर्ष 2023 तक इस लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त कर हिमाचल देश का पहला आदर्श राज्य बनकर उभर सकता है, जो हम सभी के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी। राज्यपाल आज राज्य स्वास्थ्य प्रशिक्षण केन्द्र, शिमला में हिमाचल प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों और खण्ड चिकित्सा अधिकारियों के लिए आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 9 सितंबर को क्षय मुक्त भारत अभियान का शुभारंभ किया था और वर्ष 2025 तक देश को क्षय मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि राज्य के स्वास्थ्य विभाग द्वारा राज्य और क्षेत्रीय स्तर पर क्षय मुक्त भारत अभियान सराहनीय तरीके से चलाया जा रहा है। उन्होंने विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के निरन्तर प्रयासों के फलस्वरूप हिमाचल वर्ष 2023 तक क्षय मुक्त राज्य का लक्ष्य हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि कोविड-19 टीकाकरण के मामले में देश में हिमाचल प्रदेश प्रथम स्थान प्राप्त कर चुका है। राज्यपाल ने कहा कि यह केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक व्यक्ति को आगे आने की आवश्यकता है। उन्होंने राज्य के विभिन्न जिलों में इस विषय पर बैठकें की हैं। उन्होंने मरीजों को व्यक्तिगत रूप से अपनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि मरीजों को व्यक्तिगत रूप से अपनाने से उनके स्वास्थ्य में शीघ्र सुधार होता है और उन्हें ज्यादा मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि उपचार के दौरान सभी रोगियों को निःक्षय मित्र के माध्यम से सामुदायिक सहायता प्रदान करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कॉर्पाेरेट, व्यक्तिगत, राजनेता, गैर सरकारी संगठन, नागरिक, समाज और अन्य लोग निःक्षय मित्र की भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों और क्षेत्रीय अधिकारियों को इसकी बारीकी से निगरानी करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि पंजीकरण के तुरंत बाद सभी टीबी रोगियों को सामुदायिक सहायता प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि वह स्वयं इस अभियान में शामिल हैं और रेडक्रॉस जैसी संस्थाओं को जोड़कर इस कार्य में तेजी लाई जा सकती है। उन्होंने प्रधानमंत्री क्षय मुक्त भारत अभियान के माध्यम से मरीजों की पहचान करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि क्षय रोगियों को अपनाने की जिम्मेदारी किसी एक विशेष वर्ग की नहीं बल्कि यह एक सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने इस दिशा में जागरूकता बढ़ाने पर भी बल दिया। राष्ट्रीय कुष्ठ नियंत्रण कार्यक्रम (एनएलसीपी) की समीक्षा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि कार्यक्रम का प्राथमिक लक्ष्य कुष्ठ रोग के मामलों का प्रारंभिक चरण में पता लगाना और रोगियों को अपंगता से बचाने के लिए उन्हें शीघ्र निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि प्रारम्भिक चरण में रोग की जांच से सामुदायिक स्तर तक बीमारी को फैलने से रोका जा सकता है।
उम्मीदवार के खर्च का लेखा-जोखा मतगणना के दिन तक जोड़ा जाएगा। यह जानकारी देते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने कहा कि 8 दिसंबर को मतगणना होगी तथा विजयी उम्मीदवारों के विजय जुलूस का खर्च भी उनके व्यय खाते में जुड़ेगा। आदित्य नेगी ने कहा कि सहायक व्यय प्रेक्षक तथा अकाउंटिंग टीमें मतगणना से एक दिन पूर्व ड्यूटी पर तैनात रहेंगी तथा विजय जुलूस के खर्च पर निगरानी रखेंगीं। उन्होंने कहा कि निर्वाचन विभाग ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा के उपरांत अलग-अलग वस्तुओं के दाम पहले से ही निर्धारित किए हैं, जिसके हिसाब से व्यय का आकलन किया जाएगा। बैंड अथवा ढोल के लिए 1000 रुपए प्रति व्यक्ति खर्च निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त प्रति फूलमाला के रेट 35-70 रुपए तक निर्धारित किए गए हैं। साथ ही मिठाईयों के दाम भी पहले ही निर्धारित हैं। विजयी जुलूस में इस्तेमाल होने वाली सामग्री जैसे कि झंडे, बैनर, गाड़ी इत्यादि का खर्च भी उम्मीदवार के खर्च में जोड़ा जाएगा। जिला निर्वाचन अधिकारी आदित्य नेगी ने कहा कि मतगणना के लिए रिटर्निंग अधिकारी तैयारियां कर रहे हैं और शांतिपूर्ण मतगणना के लिए सभी से सहयोग की आशा है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों की अनुपालना में निर्वाचन विभाग ने इन विधानसभा चुनावों के दौरान दिव्यांगजन मतदाताओं के लिए फार्म 12-डी और डाक मतपत्र प्रदान करने सहित अन्य सुविधाओं का प्रावधान सुनिश्चित किया था। गर्ग ने बताया कि 40 प्रतिशत से अधिक शारीरिक दिव्यांगता वाले 6882 दिव्यांगजन मतदाताओं को डाक मतपत्र जारी किए गए थे जिनमें से 6426 ने निर्वाचन विभाग द्वारा तैनात की गई विशेष टीमों के माध्यम से अपने घरों से मतदान किया। सोलन जिला की अर्की विधानसभा क्षेत्र के बांजण गांव के पवन कुमार (34) एक ऐसे दिव्यांग मतदाता हैं जिन्होंने स्वंय निकटतम मतदान केन्द्र पर जाकर अपना मत डाला। पवन कुमार अर्की तहसील के जिले के मांगू के सरस्वती विद्या मंदिर में कंप्यूटर शिक्षक हैं। पवन ने बताया कि यद्यपि निर्वाचन विभाग ने दिव्यांगजन मतदाताओं के लिए घर से मतदान करने की व्यवस्था की थी लेकिन उन्होंने अपनी दिव्यांगता को दरकिनार करते हुए स्वंय मतदान केंद्र पर पहुॅंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिसके लिए वह गर्व महसूस करते हैं। पवन कुमार ने बताया कि उन्हें अधिकारियों द्वारा व्हील चेयर की पेशकश की गई थी, लेकिन उन्होंने इस सुविधा के बिना ही मतदान करने का निर्णय लिया। पवन कुमार का कहना है कि वह अपने जैसे अन्य मतदाताओं को प्रेरित कर जहां चाह वहां राह का सन्देश देना चाहते हैं। इसी प्रकार पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के बाग पशोग पंचायत के सेर-भराल गांव के ओम प्रकाश (50) जो चल-फिरने में पूरी तरह असमर्थ हैं, ने 11 साल की अवधि के बाद डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान किया। ओम प्रकाश कहते हैं कि निर्वाचन आयोग की नई पहल के कारण राज्य में पहली बार डाक मतपत्रों के माध्यम से विशेष श्रेणी के मतदाताओं को चुनाव प्रक्रिया में शामिल किया गया। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने तथा मतदान के लिए प्रेरित करने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग का आभार व्यक्त किया।
इंडियन ऑडिट एंड अकाउंट्स डिपार्टमेंट नॉर्थ जॉन तीन दिवसीय बैडमिंटन चैंपियनशिप का आज से आगाज हो गया है। इस प्रतियोगिता में पांच राज्यों के खिलाड़ी भाग लेंगे। 23 से 25 नवंबर तक चलने वाली इस प्रतियोगिता का शुभारंभ हिमाचल के राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने किया। इस प्रतियोगिता में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल के खिलाड़ी अपना दम खम दिखाएंगे। इस अवसर पर राज्यपाल ने सभी खिलाड़ियों का स्वागत किया और कहा कि खेल के बहाने सभी खिलाड़ी आए है और विभाग की यह बहुत अच्छी पहल है उन्होंने कहा ज्यादातर इस विभाग के अधिकारियों के हाथ मे पैन होता है, लेकिन आज विभाग के खिलाड़ी रैकेट ओर शटल से अपना दम दिखाएंगे। उन्होंने सभी खिलाड़ियों के लिए इस प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दी।
100 से अधिक छात्रों ने कार्यक्रम में लिया भाग प्रधानाचार्य ने अंगदान की शपथ लेकर छात्रों को किया प्रेरित सोटो की ओर से आयोजित हुआ जागरूकता कार्यक्रम अमित शारटा। शिमला शिमला के कोटशेरा कॉलेज में मंगलवार को स्टेट ऑर्गन एंड टिशु ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (सोटो) हिमाचल प्रदेश की ओर से अंगदान के विषय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में कॉलेज प्रधानाचार्य डॉ. अनुपमा गर्ग ने शपथ पत्र भरकर अंगदान करने का प्रण लिया। सोटो के नोडल अधिकारी व आईजीएमसी के सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ. पुनीत महाजन ने छात्रों को अंगदान की महत्वता के बारे में अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि लोग मृत्यु के बाद भी अपने अंगदान करके जरूरतमंद का जीवन बचा सकते हैं। ब्रेन डेड होने पर अंगदान करने वाला व्यक्ति ऑर्गन के जरिए 8 लोगों का जीवन बचा सकता है। हमारे देश में अंगदान की कमी के कारण लाखों लोग मौत के मुंह में चले जाते हैं। रोजाना हजारों लोग सड़क दुर्घटना के कारण मर जाते हैं। इनमें से कई लोग ब्रेन डेड होते हैं और अंगदान करने के लिए सक्षम होते हैं, लेकिन सही जानकारी ना होने की वजह से अंग दान नहीं हो पाता। वहीं, दूसरी ओर देश में हर वर्ष करीब दो लाख लोगों को ऑर्गन ट्रांसप्लांट की जरूरत होती है। बदलती जीवन शैली के चलते ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हृदय की बीमारी, ब्रेन स्ट्रोक व फेफड़े की बीमारियां बढ़ती जा रही है। इसकी वजह से किडनी हॉर्ट और लीवर बड़ी संख्या में फेल हो रहे हैं। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि कई बार मरीज के तीमारदारों में भ्रम होता है कि अंगदान करवाने के चलते डॉक्टर उनके मरीज को ठीक करने की कोशिश नहीं करेंगे, जबकि यह धारणा बिल्कुल गलत है। अस्पताल में इलाज करने वाले डॉक्टर मरीज को हर संभव मेडिकल इलाज उपलब्ध करवाते हैं। इसके बावजूद अगर मरीज में इंप्रूवमेंट नहीं होती है और मरीज ब्रेन डैड की स्थिति में पहुंच जाता है, तभी अंगदान के बारे में तीमारदारों को अवगत करवाया जाता है। तीमारदारों की रजामंदी के बाद ही मरीज के शरीर से अंग निकाले जाते हैं। साथ ही कई बार तीमारदारों की धारणा होती है कि ब्रेन डेड होने के बाद भी मरीज वापस जिंदा हो सकता है। उन्होंने बताया कि मरीज कोमा से वापस आ सकता है, लेकिन ब्रेन डेड होने के बाद उसका रिकवर होना असंभव है। वहीं, लोगों को लगता है कि अमीर मरीजों की जान बचाने के लिए ब्रेन डेड की स्थिति में चल रहे मरीज से अंग लिए जाएंगे, जबकि निकाले गए अंगों को दूसरे के शरीर में प्रत्यारोपित करने से पहले कई प्रकार के टेस्ट किए जाते हैं। अंग दाता और अंग लेने वाले मरीज के ब्लड सैंपल मैच के जाते हैं, टिशु टाइपिंग, ऑर्गन साइज, मेडिकल अर्जेंसी, वेटिंग टाइम और भौगोलिक स्थिति के आधार पर दान किए गए अंग दूसरे मरीज के शरीर में ट्रांसप्लांट किए जाते हैं। अस्पताल में ब्रेन डेट डिक्लेअर करने वाली कमेटी उपलब्ध होती है। अस्पताल के किसी भी वार्ड के आईसीयू में अगर कोई मरीज ब्रेन डेड की स्थिति में पहुंचता है, तो ब्रेन डेथ कमेटी एक्टिवेट हो जाती है। यह कमेटी आगामी 36 घंटे के भीतर मरीज की पूरी तरह से मॉनिटरिंग करती है और पूरी तरह से आश्वस्त होने के बाद ही मरीज को ब्रेन डेड डिक्लेअर किया जाता है। देश में प्रतिदिन प्रत्येक 17 मिनट में एक मरीज ट्रांसप्लांट का इंतजार करते हुए जिंदगी से हाथ धो बैठता है। उन्होंने छात्रों से अपील करते हुए कहा कि अंगदान की मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए युवा बढ़-चढ़कर आगे आए और इस पुनीत कार्य में अपना सहयोग दें। कॉलेज प्रधानाचार्य डॉ. अनुपमा गर्ग ने कहा कि जरूरतमंद लोगों की जान बचाने के लिए सदैव आगे रहना चाहिए। छात्रों को अंगदान के प्रति मिली जानकारी अपने परिवार में साझा करनी चाहिए, ताकि समाज में अंगदान को लेकर फैली भ्रांतियां दूर हो सके। इस दौरान सोटो के ट्रांसप्लांट को-ऑर्डिनेटर नरेश कुमार, एचपीयू की रिसर्च स्कॉलर नीलमा वर्मा, कॉलेज के शिक्षक वर्ग में डॉ.अनुप्रिया, डॉ. नितिका, डॉ अजीत ठाकुर, डॉ राकेश शर्मा, डॉ निखिल, डॉ दिनेश शर्मा प्रो विजय और यशिका गुलेरिया मौजूद रहीं। शव को नहीं किया जाता क्षत-विक्षत मरणोपरांत अंगदान के लिए परिजनों की सहमति सहित अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ट्रांसप्लांट के लिए जिस व्यक्ति के शरीर से अंगों को निकाला जाता है, उस शव को क्षत-विक्षत नहीं किया जाता। विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में आंखों सहित अन्य अंगों को सावधानी पूर्वक निकाला जाता है। शरीर के जिन हिस्सों से अंग निकाले जाते हैं, उन जगहों पर स्टिचिंग की जाती है। कॉर्निया निकालने के बाद आर्टिफिशियल आंखें मृत शरीर में लगा दी जाती है, ताकि शरीर भद्दा नजर ना आए।


















































