कुनिहार: किन्नरों द्वारा बधाई के नाम पर मनमाने तरीके से मांगी गई धनराशि न दिए जाने पर ग्रामीणों के साथ अभद्रता किए जाने से परेशान कुनिहार के तीन पंचायत के ग्रामीणों ने किन्नरों की बधाई की रकम को फिक्स करने की मांग की है। इस संबंध में प्रतिनिधियों ने बैठक कर आगामी ग्राम पंचायत की मीटिंग में बधाई की रकम 1100 रूपये तय करने की मांग की। वरिष्ठ नागरिकों ने तीनो पंचायतों से मांग हुए कहा कि यह समाज खुशी के मौके पर उस परिवार से केवल ₹1100 ले सकते हैं । इस प्रकार से तीनों पंचायत में जनहित को देखते हुए 1100 रुपए लेने का अधिकार होना चाहिए । जबरदस्ती किसी गरीब परिवार से ना लिया जाए और कॉपी प्रस्ताव उप मंडल अधिकारी नागरिक एसडीएम साहब व पुलिस थाना को भेजी जानी चाहिए ,ताकि इस प्रकार के मामलों में कानूनी कार्रवाई की जा सके। इस बारे जगदीश अत्री प्रधान हाटकोट पंचायत,बलविंदर चौधरी प्रधान कोठी पंचायत व राकेश ठाकुर प्रधान कुनिहार पंचायत से बात कि गई तो उन्होंने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों की यह मांग बिल्कुल जायज है पंचायतों की अगली बैठकों में यह प्रस्ताव डाल दिया जाएगा। कुनिहार की तीनों पंचायत के वरिष्ठ नागरिक प्रेम राजपूत ,संतराम ,ओम प्रकाश ,रामदास तंवर ,धनीराम तंनवर ,हरिराम ठाकुर ,मोहन सिंह, सोहनलाल ,बाबूराम तंवर ,धर्म सिंह, जगदीश ठाकुर ,बलिराम ,जगतराम वेश ,गोविंद ठाकुर, प्रेम राज ,मोहन सिंह चौधरी, ईश्वर दास ,जियालाल एवं नारी शक्ति महिला मंडल ने इस बाबत पहल की है।
आगरा में थाई बॉक्सिंग संगठन उत्तरप्रदेश के सौजन्य से आयोजित करवाई गई अंडर 14 राष्ट्रीय ताईक्वांडो प्रतियोगिता में बीएल स्कूल कुनिहार के बच्चों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए कुल 5 मेडल 4 सिल्वर व एक ब्रॉन्ज मैडल अपने नाम किए। विद्यालय के 5 बच्चो ने कोच सैमुअल संगमा के नेतृत्व में इस प्रतियोगिता में भाग लिया, जिसमे सभी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ध्रुव, ईशान, तेजस व पार्थ ने सिल्वर तथा आर्यन ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया है। इनकी इस उपलब्धि से विद्यालय सहित कुनिहार क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग) संजय अवस्थी ने कहा कि अर्की विधानसभा क्षेत्र का संतुलित विकास करना उनकी प्राथमिकता है। संजय अवस्थी आज अर्की विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत चाइयां स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला के प्रांगण में बेलपत्र और नीम का पौधा रोपित करने के उपरांत उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित कर रहे थे। संजय अवस्थी ने कहा कि अर्की विधानसभा क्षेत्र का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित बनाया जा रहा है। अर्की विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए नागरिक अस्पताल अर्की में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति कर दी गई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में विकास की गति में तेजी लाने के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। इस दिशा में राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूलों की स्थापना एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि डे बोर्डिंग स्कूलों में प्रदेश के विद्यार्थी विश्व स्तरीय गुणात्मक शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को स्वरोज़गार प्रदान करने के उद्देश्य से व्यावसायिक व भविष्योन्मुखी पाठ्यक्रम आरम्भ किए जा रहे हैं। उन्होंने महिला मण्डल भवन चइयां की मुरम्मत के लिए 01 लाख रुपए, महिला मण्डल परोही के सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए 01 लाख रुपए तथा महिला मण्डल भवन पलकड़ी की मुरम्मत के लिए 75 हजार रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने सम्पर्क मार्ग से राजकीय प्राथमिक पाठशाला चाइयां तक इंटरलॉक टाईले लगाने के लिए 02 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने चइयां में खेल मैदान निर्माण के लिए औपचारिकता पूर्ण होने के उपरांत 01 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने ग्राम पंचायत चाइयां में सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए औपचारिकता पूर्ण होने के उपरांत 02 लाख रुपए देने की घोषणा भी की। उन्होंने पशु औषधालय निर्माण के लिए उच्च स्तर पर मामला उठाने का आश्वासन दिया। उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले बच्चों को 1100 रुपए तथा नशा मुक्ति पर भाषण प्रस्तुत करने वाली श्रुति ठाकुर को अपनी ओर से 500 रुपए देने की घोषणा की। मुख्य संसदीय सचिव ने इस अवसर पर लोगों की समस्याएं सुनी और सम्बन्धित अधिकारियों को इनके शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए। इस अवसर पर इस स्कूल की छात्रा श्रुति ठाकुर ने नशा मुक्ति पर निबंध प्रस्तुत किया तथा बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। खण्ड कांग्रेस समिति अर्की के अध्यक्ष सतीश कश्यप, पूर्व बी.डी.सी. सदस्य नरेश शर्मा, ग्राम पंचायत चाइयां के प्रधान ओम प्रकाश, ग्राम पंचायत चाइयां के उप प्रधान देव राज, महिला मण्डल चाइयां की प्रधान गीता, युवक मण्डल के प्रधान बलदेव, खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. तारा चंद, लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता शशिपाल धीमान, पुलिस उपाधीक्षक दाड़लाघाट संदीप शर्मा सहित अन्य व्यक्ति, अध्यापक तथा विद्यार्थी इस अवसर पर उपस्थित थे।
हमीरपुर भाजपा विधायक आशीष शर्मा ने प्रदेश सरकार और सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोला है। हमीरपुर पहुंचे विधायक आशीष शर्मा ने कहा कि विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान प्रदेश सरकार जनहित के मुद्दों पर चर्चा नहीं करना चाहती है। आशीष शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के पास प्रदेश में सरकार की नाकामियों को छुपाने के अलावा और कोई काम नहीं है। सीएम सुक्खू और उनके कैबिनेट मंत्रियों ने दो महीने का वेतन विलंबित करने की बात कह कर जनता के साथ भद्दा मजाक किया है। विधायक आशीष शर्मा ने कहा कि सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू लोगों को भ्रमित करने का काम कर रहे हैं। बार-बार झूठ बोलने से झूठ सच नहीं हो जाएगा। प्रदेश में लूटपाट और भ्रष्टाचार चरम पर है। युवाओं के साथ रोजगार के नाम पर धोखा किया जा रहा है। विधायक ने कहा कि विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने महिलाओं को 1500 रुपए प्रतिमाह देने की गारंटी दी गई, लेकिन अभी तक महिलाओं को इनसे पैसे नहीं दिए जा रहे हैं। लोग अब सरकार की कार्यप्रणाली को भली-भांति समझ रही है और अब जनता सरकार को जवाब देगी। हमीरपुर विधायक ने कहा कि सीएम सुक्खू के आर्थिक कुप्रबंधन का खामियाजा हिमाचल प्रदेश की जनता भुगत रही है। प्रदेश का कर्मचारी वर्ग भुगत रहा है। प्रदेश सरकार अपने वादे भी पूरे नहीं कर पा रही है। अभी तक उन्होंने अपनी चुनावी गारंटियां पूरी नहीं की हैं। मुख्यमंत्री ने अपने मित्रों पर दोनों हाथों से खजाने का पैसा लूटा कर प्रदेश को कर्ज के दलदल में इस कदर धकेल दिया है कि आने वाले कई सालों तक प्रदेश आर्थिक रूप से खड़ा नहीं हो पाएगा।
हिमाचल प्रदेश में आर्थिक संकट को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है और सरकार पर फिजूल खर्ची के आरोप लगा रहा है। वहीं, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश में किसी भी तरह के आर्थिक संकट होने की बात को सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा कि जब से सरकार सत्ता में आई है, पहले दिन से हिमाचल को साल 2027 तक आत्मनिर्भर बनाने और 2032 तक देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाने की बात कही है। अर्थव्यवस्था में सुधार करने की प्रक्रिया में प्रदेश सरकार काम कर रही है। ये जो कहा जा रहा है कि प्रदेश में फाइनेंशियल मेस हो गया है ये गलत है। अगर हमने दो वेतन भत्तों को विलंबित किया है तो अर्थव्यवस्था सुधार की प्रक्रिया का हिस्सा हैं। सीएम सुक्खू ने कहा कि भाजपा जो 85 हजार करोड़ की देनदारियां की बात कर रही है वो भाजपा सरकार छोड़ कर गई है। कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही कर्मचारियों को 7% DA दिया। प्रदेश में 14 प्रकार की सब्सिडी दी जा रही है, जिनको आवश्यकता नहीं उन्हें भी मिल रही है। हजारों लोग सबसिडी छोड़ने की बात कह रहे हैं, हजारों लोगों ने बिजली पानी की सब्सिडी छोड़ने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को सरकार बनाए हुए सिर्फ 19 महीने हुए हैं। पूर्व सरकार के समय प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई थी। वर्तमान सरकार इसमें सुधार कर रही है। इसमें पैसों की जरूरत है। सरकारी कर्मचारियों की सैलरी जो है, वो समय पर मिलेगी और पेंशन भी दी जाएगी। 28 कर्मचारियों को एरियर दे दिया है। केंद्र सरकार से 9200 करोड़ रुपए एनपीएस और 9300 करोड़ रुपए पीडीएन का मिलना है। बीबीएमबी में 4300 करोड़ रुपये का शेयर है, इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट से निर्देश भी दिए हैं। वहीं, प्रदेश में आर्थिक संकट को लेकर मुख्यमंत्री ने भाजपा पर राजनीति करने के आरोप लगाए और कहा कि भाजपा नेता बिना तैयारी के बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता कभी ड्रोन से जासूसी की बता कर रहे हैं कभी फाइनेंशियल मेस की बात कर रहे हैं। विपक्ष के नेताओं को होमवर्क करके आने की जरूरत है।
हिमाचल प्रदेश की जानीमानी सांस्कृतिक, साहित्यक,एवं समाजिक संस्था फिलफोट फोरम ने आज अपनी संस्था के उद्देश्यों का अनुपालन करते हुए सांस्कृतिक विरासत के साथ साथ पर्यावरण के संरक्षण हेतु रचनात्मक कदम उठाते हुए सोलन से 8 कि.मी. दूर ग्राम पंचायत कोठो (शामती)के साथ मिल कर वृक्षारोपण किया गया। इस सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी देते हुए संस्था के सचिव राजीव उप्पल ने बताया कि संस्था का ये कृतसंकल्प है कि संस्था सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ साथ समाजिक कार्यक्रम में भी बढ़चढ़ कर भाग ले इसी अनुक्रम में आज संस्था के मैंबरों ने सामुहिक रुप से वर्षा ऋतु में लगने वाले पोधों का रोपण किया व राजकीय प्राथमिक विद्यालय कोठो मे के 80 से ऊपर औषधीय पोधे लगाए गए। इस अवसर पर ग्राम पंचायत कोठो के प्रधान जयावंती एवम उप प्रधान सुनील ठाकुर, समाज सेवी एवम पूर्व अध्यक्ष नगर पालिका सोलन कुल राकेश पंत तथा संस्था के सदस्यों में विपुल गोयल, विजय पुरी, सुनीता शर्मा, गुलाब सिंह, राजेन्द्र शर्मा, भेदराम, मनोज गुप्ता, मीनाक्षी उप्पल, नीलम राणा, प्रभा शर्मा, रक्षा, अनिता, मोहिनी सूद, विक्रम मट्टू, प्रतीक गोयल, प्रियंका, रुपांजली, रक्षा ठाकुर, रोहिणी, काजल, मयंक, सीमा पुरी एवं विवेक के अतिरिक्त अनेक सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
हिमाचल प्रदेश में कई दिनों बाद शनिवार को कहीं भी बादल नहीं बरसे। राजधानी शिमला समेत सभी जिलों में धूप खिली रही। बिलासपुर और ऊना में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। रविवार को भी हिमाचल में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। दो और तीन सितंबर को कई जगह बारिश का येलो अलर्ट है। चार सितंबर से फिर मौसम साफ रहने की संभावना है। शनिवार शाम तक प्रदेश में 70 सड़कें और 22 बिजली ट्रांसफार्मर बंद रहे। शिमला जिला में 35, मंडी में 12, कांगड़ा में 11, कुल्लू में 9, लाहौल-स्पीति-ऊना और सिरमौर में एक-एक सड़क आवाजाही के लिए बंद है। राजधानी शिमला में शनिवार को दिन भर धूप खिली। बीते एक सप्ताह से शहर में सुबह या शाम बारिश हो रही थी।शनिवार को बारिश से राहत मिली। हालांकि शाम के समय शहर में बादल छा जाने से मौसम में कुछ ठंडक हुई। मैदानी जिलों के मौसम में धूप खिलने से उमस बढ़ गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने दो और तीन सितंबर को कुछ क्षेत्रों में भारी व अन्य स्थानों पर सामान्य बारिश होने का येलो अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान सामान्य से 23 फीसदी कम बारिश हुई है। 26 जून से 31 अगस्त तक प्रदेश में 471.1 मिलीमीटर बारिश हुई। इस अवधि में 613.8 मिलीमीटर बारिश को सामान्य माना गया है। शेष सात जिलों सोलन, चंबा, लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कुल्लू, हमीरपुर और ऊना में सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड हुई।
**पुणे में हुआ दो दिवसीय इंडिया कॉपरेटिव बैंकिंग कनेक्ट 2024 का आयोजन इंफोसिस दुनिया के नामी आईटी कंपनी द्वारा पुणे में 2 दिवसीय इंडिया कॉपरेटिव बैंकिंग कनेक्ट 2024 का आयोजन 30 और 31 अगस्त को किया गया। कोऑपरेटिव बैंक्स में इंफोसिस के बैंकिंग सोफ्टवेयर फिनेकल को लेकर देश भर से आए लगभग 120 अर्बन और ग्रामीण कोऑपरेटिव बैंक के टॉप मैनेजमेंट को इस अवसर पर विस्तृत जानकारी दी गई। इंफोसिस की दस सहयोगी कंपनीज के उच्च अधिकारियों ने में भी देश में सहकारी बैंकों में लेटेस्ट आईटी की आवश्यकताओं को लेकर जरूरी जानकारी दी। जोगिंद्रा बैंक, ग्रामीण कॉपरेटिव बैंक के तहत पहला बैंक है जो नाबार्ड के अंतर्गत आता है इस बैंक ने इन्फोसिस के साथ नए अपग्रेडेड सोफ्टवेयर के साथ पहले करार किया है। जोगिंद्रा बैंक साल 2012 से इंफोसिस फिनैकल 7.0.29 सोफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रहा है । अपने ग्राहकों को और बैंक कर्मियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से अब फिनैकल का लेटेस्ट सोफ्टवेयर 10 एक्स बैंक में इस्तेमाल किया जाएगा और बैंक की बेहतरी और एडवांस्ड रिपोर्टिंग के लिए यह बेहद लाभकारी सिद्ध होगा। पुणे में आयोजित भव्य कार्यक्रम में इंफोसिस के टॉप मैनेजमेंट के श्री वेंकट रमना गौसावी सीनियर वाइस प्रेसिडेंट एंड ग्लोबल हेड ऑफ सेल्स द्वारा जोगिंद्रा बैंक को नवीनतम टेक्नोलॉजी से जुड़ने के लिए सम्मानित भी किया गया। जोगिंद्रा बैंक के चेयरमैन मुकेश शर्मा ने जानकारी दी कि जल्द ही बैंक के पुराने डाटा को माइग्रेट करने का काम शुरू किया जाएगा और जल्द बैंक में अपग्रेडेड सोफ्टवेयर के माध्यम से उच्च तकनीक वाली सुविधाएं शुरू की जाएगी। इस अवसर पर बैंक के प्रबंध निदेशक पंकज सूद, सीनियर आईटी हेड भारत भूषण शामिल रहे।
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के चलते अब लैंडस्लाइड के मामले भी सामने आ रहे हैं। मिट्टी के कमजोर होने से पहाड़ दरक रहे हैं, जिससे मिट्टी पहाड़ों से खिसकते हुए सड़कों पर आ रही है। ऐसा ही एक मामला सोलन के वाकनाघाट से सामने आया है। यहां पर बाहरा यूनिवर्सिटी के नीचे बने टिन के शेड और भवनों के नीचे लैंडस्लाइड होने के चलते कुछ टिन के शेड इसकी चपेट में आ गए हैं। वहीं, इस लैंडस्लाइड का सारा मलबा नीचे एनएच-5 पर जा गिरा है, जिसके कारण हाईवे की एक लेन पूरी तरह से प्रभावित हो गई है और सिर्फ एक लेन पर ही ट्रैफिक चलाया जा रहा है। मौके पर तहसीलदार कंडाघाट भी पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया, जिन लोगों को यहां पर नुकसान हुआ है, उनसे बातचीत की गई। लोगों ने अपनी दुकानों में रखे सामान को बाहर निकाल लिया है। वहीं, दूसरी ओर भारी बारिश और लैंडस्लाइड के कारण यूनिवर्सिटी के एक ब्लॉक में भी दरारें आ गई हैं। फिलहाल बड़ी-बड़ी दरारें बिल्डिंग के आसपास की जगह में देखने को मिल रही हैं। इस कारण बाहरा यूनिवर्सिटी को भी खतरा पैदा हो गया है। वहीं तहसीलदार कंडाघाट राजेन्द्र शर्मा ने कहा, "प्रशासन मौके पर पहुंचा है और स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। मौके पर जमीन धंसी है, जिस कारण 2 दुकानें जो टिन के शेड से बनी थी, वो टूट गई हैं। 4 दुकानों को और बाहरा यूनिवर्सिटी के एक ब्लॉक को खतरा बना हुआ है। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने 2 सितंबर तक भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश के साथ मौसम विभाग ने आंधी चलने और बिजली गिरने को लेकर भी चेतावनी जारी की है।
हिमाचल में महंगाई की मार से पहले ही परेशान लोगों को अब डिपुओं में सामान खरीदते वक्त झटका लगने वाला है। वित्तीय संकट से जूझ रही सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत डिपुओं के माध्यम वितरित किए जाने वाला राशन महंगा कर दिया है। वहीं, हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के होल सेल गोदामों से डिपुओं के लिए राशन का कोटा भेजा जा रहा है। ऐसे में जब सितंबर की पहली तारीख को उपभोक्ता डिपुओं में राशन का कोटा खरीदने जाएंगे तो उन्हे इस महीने की तुलना में आटा और चावल के अधिक दाम चुकाना होगा। प्रदेश भर में उपभोक्ताओं को अगले महीने से सस्ता राशन खरीदने के लिए अधिक दाम चुकाने होंगे। सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से दिए जाने वाले आटे और चावल के रेट बढ़ा दिए हैं। नए रेट कल यानी एक सितंबर से लागू हो रहे हैं, जिसकी अधिसूचना पहले ही जारी की जा चुकी है। इन आदेशों के मुताबिक सुक्खू सरकार ने एपीएल और बीपीएल को दिए जाने वाले आटे और चावल के दाम बढ़ाए हैं। इसके अतिरिक्त एनएफएसए को मिलने वाले राशन के भाव में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हिमाचल प्रदेश में डिपुओं के माध्यम से उपभोक्ताओं को मिलने वाला आटा और चावल महंगा हुआ है। कल से एपीएल परिवारों को चावल 13 रुपये किलो मिलेगा। अभी डिपुओं में चावल की कीमत 10 रुपए किलो है। इस तरह से चावल अब 3 रुपए प्रति किलो महंगा हुआ है। वहीं, आटे के भी अब प्रति किलो 12 रुपए चुकाने होंगे। अभी एपीएल परिवारों को 9.30 रुपये किलो के हिसाब से आटा दिया जा रहा है. इसी तरह से डिपुओं में आटा भी 2.70 रुपए महंगा हुआ है। सरकार ने बीपीएल परिवारों को मिलने वाला राशन भी महंगा कर दिया है। इस श्रेणी के उपभोक्ताओं को सितंबर महीने से चावल 10 रुपए प्रति किलो और आटा 9.30 रुपए प्रति किलो से हिसाब से मिलेगा। अभी बीपीएल को चावल 6.85 रुपए प्रति किलो और आटा 7 रुपए किलो के हिसाब से दिया जा रहा है। ऐसे में बीपीएल परिवारों को चावल के 3.15 रुपए और आटे के 2.30 रुपए अधिक चुकाने होंगे। वहीं, दाम बढ़ाने के पीछे तर्क दिया जा रहा है कि राशन को डिपुओं और गोदामों तक पहुंचाने का भाड़ा पहले की तुलना में कई गुणा महंगा हो गया है और राशन की कीमतें भी लगातार बढ़ रही है। केंद्र से हिमाचल को गेहूं का आवंटन होता है, लेकिन प्रदेश सरकार अपने स्तर पर गेहूं की पिसाई कर उपभोक्ताओं को आटा उपलब्ध करा रही है। ऐसे में चक्की में पिसाई भी अब महंगी हुई है, जिस कारण सरकार को 13 साल बाद आटा और चावल के भाव बढ़ाने पड़ रहे हैं।
शिमला: स्वास्थ्य के मोर्चे पर चमकदार उपलब्धियों वाले राज्य हिमाचल के अस्पतालों में लाइफ सेविंग के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले 498 वेंटीलेटर्स बिना उपयोग के धूल फांक रहे हैं। इन्हीं में से 128 वेंटीलेटर्स रखे-रखे खराब हो गए। कुल उपलब्ध 914 वेंटीलेटर्स में से केवल 416 वेंटीलेटर्स का ही प्रदेश के मेडिकल कॉलेज अस्पतालों व अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में उपयोग हो रहा है। ये जानकारी हिमाचल विधानसभा के मानसून सेशन में भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती की तरफ से पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में सामने आई है। ऊना सदर से भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने चार हिस्सों में बंटे सवाल में वेंटीलेटर्स की संख्या, उनका उपयोग और ऑक्सीजन प्लांट्स के बारे में जानकारी मांगी थी। स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल की तरफ से दिए गए लिखित जवाब में बताया गया कि कुल 914 वेंटीलेटर्स हैं और उनमें से 416 का प्रयोग हो रहा है, बाकी 498 बेकार पड़े हैं और इन्हीं में से 128 खराब हैं। सतपाल सिंह सत्ती ने ये भी जानना चाहा था कि कौन-कौन से ऑक्सीजन प्लांट खराब हैं। हिमाचल के अस्पतालों में कुल 56 पीएसए (प्रेशर स्विंग एडसरप्शन) ऑक्सीजन प्लांट्स हैं। इसके अलावा एक मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट भी है। पीएसए प्लांट में ऑक्सीजन का उत्पादन एडमिट पेशेंट की ऑक्सीजन की जरूरत के आधार पर होता है। इन प्लांट्स में ऑक्सीजन उत्पादित होने के बाद स्टोर नहीं होती। इनमें से 24 पीएसए ऑक्सीजन प्लांट बंद हैं. एक मेडिकल ऑक्सीजन गैस प्लांट भी बंद पड़ा है। इसके अलावा इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज अस्पताल शिमला में एकमात्र ऑक्सीजन प्लांट कार्यशील है। यहां 150 सीयूएम/पर आवर ऑक्सीजन का उत्पादन हो रहा है। रीजनल अस्पताल बिलासपुर के सभी 24 वेंटीलेटर्स कार्यशील हैं। वहीं, बिलासपुर जिला के सिविल अस्पताल मारकंड, सीएचसी पंजगाह, सीएचसी स्वारघाट, सिविल अस्पताल बरठीं में कोई भी वेंटिलेटर कार्यशील नहीं है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल हमीरपुर में 69 में से केवल 18 ही वेंटीलेटर्स काम कर रहे हैं। कुल 51 वेंटीलेटर्स बिना उपयोग के पड़े हैं। तकनीकी स्टाफ की कमी इनके उपयोग में न लाए जाने का कारण बताया गया है। सिविल अस्पताल बड़सर में दो वेंटीलेटर्स हैं और दोनों ही काम कर रहे हैं। किन्नौर के रीजनल अस्पताल रिकांगपिओ में 27 में से 22 वेंटीलेटर्स बिना उपयोग के हैं। कुल्लू के रीजनल अस्पताल के हालात ये हैं कि यहां पर सभी के सभी 21 वेंटीलेटर्स तकनीकी स्टाफ न होने से उपयोग में नहीं लाए जा रहे। नेरचौक मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 101 वेंटीलेटर्स में से 60 बिना उपयोग के हैं। जोनल अस्पताल मंडी में 26 में से 20 उपयोग में हैं। प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान आईजीएमसी अस्पताल में 119 में से 60 वेंटीलेटर्स प्रयोग में लाए जा रहे हैं। डीडीयू अस्पताल शिमला में 25 में से केवल 4 वेंटीलेटर्स ही काम कर रहे हैं। नाहन के मेडिकल कॉलेज अस्पताल का हाल सबसे बुरा है। यहां पर 35 में से केवल एक ही वेंटिलेटर प्रयोग में लाया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार को सदन से लेकर सड़क तक जयराम ठाकुर के निवास स्थान के आसपास उड़ने वाले ड्रोन का मामला छाया रहा। विधानसभा के मानसून सेशन में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार के इशारे पर पुलिस वाले उनके सरकारी आवास के आसपास ड्रोन उड़ा रहे हैं। ये जासूसी करने जैसा है और उनकी निजता का हनन है। नेता प्रतिपक्ष ने इस मामले की जांच की बात कही तो सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार किसी की जासूसी नहीं कर रही है। यदि नेता प्रतिपक्ष को ऐसा लगता है तो मामले की जांच की जाएगी। बाद में खुलासा हुआ कि जिसे जयराम ठाकुर जासूसी वाला ड्रोन समझ रहे थे, वो दरअसल शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड का ड्रोन था। ये शिमला शहर को राउंड दि क्लॉक पानी उपलब्ध करवाने के लिए सर्वे को लेकर उड़ाया जा रहा था। इस सर्वे को लेकर जल प्रबंधन निगम लिमिटेड ने बाकायदा वीडियो जारी कर स्थिति भी स्पष्ट की है। शिमला शहर के सभी वार्डों के नागरिकों को 24 घंटे पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए जियो मैपिंग की जा रही है। इसी कड़ी में ये ड्रोन उड़ रहे हैं। इस बारे में संबंधित प्रशासन से अनुमति ली गई है। शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड ने स्वेज इंडिया कंपनी को जियो मैपिंग का काम सौंपा है।
कुनिहार की बेटी यशिका ठाकुर का नीट यूजी काउंसलिंग में एमबीबीएस के लिए चयन हुआ है। इंदिरा गांधी मैडिकल कॉलेज शिमला में यशिका एमबीबीएस की प्रैक्टिस करेगी। गौर रहे कि जून माह में घोषित नीट परीक्षा में विकास खंड कुनिहार कजियारा गांव की बेटी यशिका ठाकुर ने अपना लोहा मनवाते हुए नीट की परीक्षा उत्तीर्ण की थी, जिसमे यशिका ने 720 अंकों में से 635 अंक लेकर अपने डॉक्टर बनने के सपने को पूरा करने को कदम बढ़ाया था। अब नीट यूजी काउंसलिंग के पहले राऊंड में ही यशिका को आईजीएमसी शिमला में प्रैक्टिस का मौका मिला है। जहां अपनी मेहनत व लग्न से यशिका अपने डॉक्टर बनने के सपने को उड़ान देगी। यशिका की माता मीना ठाकुर जो शिक्षिका के पद पर कन्या विद्यालय कुनिहार में कार्यरत हैं और पिता रविंद्र ठाकुर ने बताया कि एमबीबीएस के लिए बेटी का चयन आईजीएमसी के लिए हुआ है जहां यशिका प्रैक्टिस कर अपना सपना पूरा करेगी। उन्होंने बताया कि हमे अपनी बेटी पर नाज है कि वह अपने सपने को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है।
** भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने की तैयारी प्रदेश सरकार की ओर से हाल ही 21 भर्ती परीक्षाओं का नतीजा घोषित करने के लिए हरी झंडी दी है। भंग कर्मचारी चयन आयोग में शुरू हुई लॉ अफसर और और लीगल इंस्पेक्टर के भर्ती परीक्षाओं का नतीजा जल्द घोषित होगा। प्रदेश सरकार की ओर से हाल ही 21 भर्ती परीक्षाओं का नतीजा घोषित करने के लिए हरी झंडी दी है। कैबिनेट बैठक में इस परीक्षाओं का नतीजा घोषित करने का निर्णय लिया गया है। ऐसे में अब हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग हमीरपुर ने भर्ती परीक्षाओं का नतीजा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रथम चरण में उन पोस्ट कोड की भर्ती परीक्षाओं का नतीजा घोषित किया जाएगा जो अंतिम चरण में हैं और उनमें भरे जाने वाले पदों की संख्या कम है। इस कड़ी में पोस्ट कोड 994 लॉ अफसर के एक पद, इंस्पेक्टर लीगल के तीन पदों का नतीजा सबसे पहले घोषित किया जाएगा। इन दोनों परीक्षाओं में प्रक्रिया लगभग अंतिम चरण में है। हर परीक्षा का नतीजा घोषित करने से पूर्व आयोग में नियमों में कमेटियों का गठन होता है। कमेटियों का गठन कर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा हैं। ऐसे में उम्मीद है कि करीब दो साल से अटकी इन भर्तियों के नतीजे जल्द घोषित होंगे। पेपर लीक मामला सामने आने के बाद से जांच के चलते इन भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया थम गई थी। नतीजे घोषित न होने से अभ्यर्थियों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा था। हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग हमीरपुर के प्रशासनिक अधिकारी जितेंद्र सांजटा ने कहा कि 21 पोस्ट कोड का नतीजा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिन पोस्ट कोड की प्रक्रिया अंतिम चरण में है उनके नतीजे जल्द घोषित होंगे।
**HPBOCWB चेयरमैन की सैलरी 1 लाख बढ़ाई हिमाचल में गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रही सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार ने हिमाचल बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर वेलफेयर बोर्ड (HPBOCWB) के चेयरमैन नरदेव कंवर की 1 लाख की सैलरी बढ़ा दी है। अभी तक HPBOCWB चेयरमैन को 30 हजार रुपए प्रति माह दिए जा रहे हैं, लेकिन सैलरी बढ़ाने के बाद अब नरदेव को हर महीने 1 लाख 30 हजार रुपए मिलेंगे। इसके अलावा भत्ते और दूसरी सुविधाएं अलग से मिलेगी। वहीं, सरकार के पास कर्मचारियों के डीए और संशोधित वेतनमान के एरियर देने के लिए पैसे नहीं है। सरकारी कर्मचारी डीए और एरियर के भुगतान के लिए सरकार के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में वित्तीय स्थिति खराब होने का हवाला देने वाली सुक्खू सरकार अब विपक्ष के निशाने पर आ गई है। हिमाचल में सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार 125 यूनिट फ्री बिजली और पानी के फ्री बिलों की सुविधा को समाप्त कर सरकारी खजाने को भरने का दावा कर रही है, ताकि प्रदेश की आर्थिक स्थिति को पटरी पर लाया जा सके। इसी बीच सरकार ने हिमाचल बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर वेलफेयर बोर्ड के चेयरमैन नरदेव कंवर की सैलरी सीधी 1 लाख रुपए बढ़ दी है. सैलरी में एक लाख इजाफा होने से सरकार के खजाने पर साल का 12 लाख का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। बता दें कि सैलरी बढ़ाने के आदेश 30 जुलाई को किए गए थे, लेकिन सचिवालय में कर्मचारियों के साथ टकराव के बाद कर्मचारियों ने इसके आदेशों की कॉपी सोशल मीडिया में वायरल की है, जिस पर अब लोग सोशल मीडिया में भी HPBOCWB चेयरमैन की सैलरी एक लाख रुपए बढ़ाने को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। हिमाचल सरकार वर्तमान में 90 हजार करोड़ के कर्ज में डूबी है, जिसके लिए सरकार विभिन्न मंचों से पूर्व की भाजपा सरकार को दोषी ठहरा रही है। वहीं, विपक्ष 6 मुख्य संसदीय सचिवों के सहित सलाहकार, OSD, बोर्ड-निगमों में चेयरमैन की लंबी फौज खड़ी करने पर सरकार को घेर रही है। भाजपा का आरोप है कि सरकार की फिजूलखर्ची से ही सरकार के खजाने को चूना लग रहा है। इसके अलावा सचिवालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने सवाल उठाया है कि अगर सरकार की वित्तीय स्थिति खराब है तो सैलरी बढ़ाने के लिए कहां से पैसा आ रहा है? जबकि सरकारी कर्मचारियों के डीए और एरियर के भुगतान के लिए सरकार का खजाना खाली है।
बीएल सेंट्रल पब्लिक वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार के पांच छात्र राष्ट्रिय स्तरीय ताईक्वांडो बॉक्सिंग चैम्पियनशिप प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं I जानकारी देते हुए विद्यालय अध्यक्ष ने बताया कि विद्यालय से पांच छात्र ईशान, आर्यन, तेजस, ध्रुव व पार्थ U -14 राष्ट्रिय स्तरीय ताईक्वांडो बॉक्सिंग चैम्पियनशिप प्रतियोगिता 2024 में भाग ले रहे है जो की 30 अगस्त से 1 सितम्बर तक आगरा में थाई बॉक्सिंग संगठन उत्तर प्रदेश के सौजन्य से आयोजित किया जा रहा हैI उन्होंने बताया कि ये बच्चे राकेश कुमार अध्यक्ष वेटरन स्पोर्ट्स विंग सोलन व ताईक्वांडो बॉक्सिंग कोच सैमुअल संगमा के नेतृत्व में भाग ले रहे हैं I विद्यालय अध्यक्ष ने इन सभी बच्चों को उत्तम प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं दी है I विद्यालय प्रधानाचार्य, विद्यालय पीटीए अध्यक्ष, मुख्याध्यापिका और अन्य सभी अध्यापकों ने भी इन सभी बच्चों को शुभकामनाएं दी हैI विद्यालय प्रधानाचार्य ने बताया इस विद्यालय के बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ अन्य गतिविधियों में भी विद्यालय का राष्ट्रिय व अंतराष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन कर रहे हैं I
** भूस्खलन से 72 सड़कें ठप हिमाचल प्रदेश के कई भागों में मानसून कमजोर पड़ गया है। राजधानी शिमला सहित आसपास भागों में आज सुबह से ही धूप खिली हुई है। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से प्रदेश के कुछ भागों में 6 सितंबर तक हल्की बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान है। 2 सितंबर के लिए कुछ स्थानों पर भारी बारिश का येलो अलर्ट है। 3 सितंबर के लिए बिजली चमकने व अंधड़ का अलर्ट है। शुक्रवार रात को सुंदरनगर में 44.8, शिलारू 43.1, जुब्बड़हट्टी 20.4, मनाली 17.0, शिमला 15.1, सलापड़ 11.3 और डलहौजी में 11.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। उधर, राज्य में शनिवार सुबह 10:00 बजे तक जगह-जगह भूस्खलन से 72 सड़कों पर आवाजाही बंद रही। इसके अतिरिक्त 32 जल आपूर्ति स्कीमें भी प्रभावित हैं। प्रदेश के पांच जिलों बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर में अगस्त के दौरान सामान्य से अधिक बादल बरसे। शेष सात जिलों में सामान्य कम बारिश दर्ज हुई। 1 से 31 अगस्त तक प्रदेश में सामान्य से पांच फीसदी कम बारिश हुई। मानसून सीजन में भी सामान्य से 23 फीसदी कम बारिश हुई है। 1 से 31 अगस्त तक 256.8 मिलीमीटर बारिश को सामान्य माना गया है, इस बार अगस्त में 244.7मिलीमीटर बारिश हुई। मानसून सीजन के दौरान सिर्फ शिमला जिला में सामान्य से 55 फीसदी अधिक बारिश हुई है। शेष 11 जिलों में कम बादल ही बरसे। इस मानसून सीजन में 27 जून से अब तक राज्य में बादल फटने की 51 व भूस्खलन की 37 घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं में 34 लोगों की माैत हुई। पांच घायल हुए और 33 अभी भी लापता है। मानसून में 122 घर, 17 दुकानें व 24 गोशालाओं को क्षति पहुंची। 149 पालतु पशुओं को भी जान गंवानी पड़ी।
पंजाब के पठानकोट से बीते दो दिन पहले छोटे बच्चे की किडनैपिंग का मामला सामने आया था, जिसमे सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई थी। फुटेज में साफ तौर पर देखा जा रहा था कि किडनैपिंग करने आए लोगो ने बच्चे को स्कूल से घर लौटते समय सविफ्ट गाड़ी में किडनैप कर लिया था, जिसके बाद बच्चे के परिवारजनों ने पुलिस को सूचित किया था और पंजाब पुलिस तथा हिमाचल प्रदेश जिला नूरपुर के अधीक्षक अशोक रत्न व डीएसपी विशाल वर्मा ने अपनी टीम सहित मुस्तैदी दिखाते हुए बच्चे को करीब 24 घंटो में ढूंढ निकाला। इसमें पंजाब पुलिस व हिमाचल पुलिस का बहुत बड़ा योगदान रहा, जिसके चलते पंजाब पुलिस तथा हिमाचल पुलिस की लोग खूब सहारना कर रहे है, जिन्होंने एक परिवार का छोटा बच्चा सुरक्षित परिवारजनों को लौटाया है, वहीं लोगों ने पुलिस जिला नूरपुर के अधीक्षक अशोक रत्न व डीएसपी विशाल वर्मा की खूब सराहना की। इस दौरान अधीक्षक अशोक रत्न ने सभी अभिवावकों से आग्रह किया कि अपने बच्चो का स्कूल जाते व आते समय पूरा ध्यान रखें और छोटे बच्चों को अकेले बाहर न भेजें। इस तरह की अप्रिय घटना होने पर घबराएं न और पुलिस पर भरोसा बनाए रखें और स्थानीय थाने में सूचित जरूर करें ताकि पुलिस सफलतापूर्वक अपनी जांच कर सके।
हिमाचल प्रदेश के राज्य सहकारी बैंक की नौहराधार शाखा में इसी माह सामने आए बहुचर्चित करोड़ों रुपये के बैंक घोटाले के मामले की जांच के लिए अब पुलिस विभाग की साइबर टीम ने भी डेरा डाल लिया है। साइबर टीम भी नौहराधार पहुंच गई है और तकनीकी आधार पर इस सारे गड़बड़झाले को खंगालने में जुट गई है। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच संगड़ाह पुलिस थाना के एसएचओ बृज लाल मेहता के नेतृत्व में गठित एसआईटी कर रही है। इसके साथ-साथ एसआईटी को ऑडिट रिपोर्ट का भी इंतजार है। फिलहाल बैंक प्रबंधन द्वारा इस पूरे मामले को लेकर ऑडिट करवाया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार इसी बीच साइबर टीम भी कम्प्यूटर इत्यादि से तकनीकी आधार पर इस पूरे घोटाले में अनियमितताओं को लेकर जांच में जुट चुकी है। उधर 5 दिन के पुलिस रिमांड के बाद मामले के आरोपी निलंबित सहायक प्रबंधक ज्योति प्रकाश को पुलिस ने अदालत में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में रखने के आदेश देकर सेंट्रल जेल नाहन भेज दिया है। बता दें कि बैंक प्रबंधन की तरफ प्रारंभिक जांच के मुताबिक 4 करोड़ 2 लाख रुपये के घोटाले को लेकर संगड़ाह पुलिस थाना में आरोपी सहायक प्रबंधक के खिलाफ केस दर्ज करवाया गया। इसके बाद प्रबंधन ने आरोपी को निलंबित कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी सिरमौर रमन कुमार मीणा द्वारा जांच के लिए एसआईटी गठित की गई। इसके बाद गत 25 अगस्त को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था। पुलिस सूत्रों की मानें तो ऑडिट रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह सामने आ सकेगा कि इस पूरे घोटाले में कौन-कौन शामिल हैं। ऐसे में मामले में अन्य गिरफ्तारियां भी हो सकती है। बैंक प्रबंधन द्वारा मामले में अब तक कुल 7 कर्मचारियों को सस्पेंड किया जा चुका है, जबकि 10 को नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं। साथ ही पूरा स्टाफ शाखा से ट्रांसफर किया गया है। प्रबंधन की तरफ से उपभोक्ताओं को भी आश्वस्त किया गया है कि नियमों के मुताबिक टाइम बाउंड में उनकी राशि को लौटाया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में सरकार के प्रयासों के बाद किसान अब रासायनिक खेती को छोड़कर प्राकृतिक खेती को अपना रहे हैं। ऐसे में किसानों को मंडियों में उत्पादों के उचित दाम मिल सके, इसके लिए सरकार ने प्राकृतिक तकनीक के पैदा की जाने वाली गेहूं की खरीद का न्यूनतम समर्थन मूल्य 40 रुपये और मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य 30 रुपये प्रति किलो कर दिया है। ऐसा करने वाला हिमाचल देश का पहला राज्य बन गया है। हिमाचल प्रदेश में हजारों किसान प्राकृतिक खेती की तकनीक से पैदावार ले रहे हैं। इस पहल के लिए देश और दुनिया में हिमाचल के प्रयासों की सराहना हो रही है। ऐसे में हिमाचल से प्राकृतिक खेती की तकनीक के टिप्स लेने के लिए फ्रांस के राष्ट्रीय कृषि, खाद्य एवं पर्यावरण अनुसंधान संस्थान (आईएनआरएई) के चार वैज्ञानिकों के प्रतिनिधिमंडल ने शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से भेंट की। एलआईएसआईएस के उप निदेशक प्रो. एलिसन मैरी लोकोंटो के नेतृत्व में टीम में शोधकर्ता प्रो. मिरेइल मैट, डॉ. एवलिन लोस्टे और डॉ. रेनी वैन डिस शामिल हैं। वो प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में हुई प्रगति के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए हिमाचल प्रदेश के दौरे पर हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में अग्रणी राज्य है। प्राकृतिक खेती के जरिए उगाए गए उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान करने वाला देश का पहला राज्य है। इसके अतिरिक्त किसानों की आर्थिक को मजबूत करने के लिए गाय का दूध 45 रुपये प्रति लीटर और भैंस का दूध 55 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदा जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सीटारा प्रमाणन प्रणाली शुरू की गई है, जिसे किसानों को उचित मूल्य दिलाने के लिए लागू किया जा रहा है। वहीं हिम-उन्नति योजना को राज्य में क्लस्टर आधारित दृष्टिकोण के साथ लागू किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य रसायन मुक्त उत्पादन और प्रमाणन करना है। इसके तहत करीब 50 हजार किसानों को शामिल करने और 2600 कृषि समूह स्थापित करने की योजना है। इसके अलावा राज्य सरकार डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने और दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। आईएनआरएई के वैज्ञानिक तीन सप्ताह तक डॉ. वाईएस परमार बागवानी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय, नौणी और राज्य के अन्य स्थानों का दौरा करेंगे। उनका दौरा यूरोपीय आयोग की ओर से वित्त पोषित एक्रोपिक्स परियोजना (अंतर्राष्ट्रीय सह-नवप्रवर्तन गतिशीलता और स्थिरता के साक्ष्य की ओर कृषि-पारिस्थितिकी फसल संरक्षण) का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कृषि-पारिस्थितिकी फसल संरक्षण में सह-नवप्रवर्तन को आगे बढ़ाना है। फ्रांस से आते प्रतिनिधिमंडल ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने में राज्य सरकार के प्रयासों और सीटारा प्रमाणन प्रणाली की सराहना की। उन्होंने कहा कि आईएनआरएई इस प्रमाणन प्रणाली को अन्य देशों में अपनाने की संभावना तलाशेगा।
कंगना रनौत के खिलाफ राजकीय महाविद्यालय सोलन में एनएसयूआई का प्रदर्शन ** NSA लगाने की उठाई मांग सोलन के राजकीय महाविद्यालय में एनएसयूआई ने मंडी की सांसद कंगना रनौत के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान महाविद्यालय में एनएसयूआई ने कंगना रनौत का पुतला भी फूंका गया। सांसद कंगना रनौत के द्वारा जिस तरह से देश के किसानों के प्रति बयानबाजी की जा रही है। उसका एनएसयूआई ने विरोध किया। बता दे कि बीते दिनों कंगना रनौत ने एक इंटरव्यू में कहा था कि अगर हमारी लीडरशीप कमजोर होती तो देश में बांग्लादेश जैसी स्थिति हो सकती थी। सभी ने देखा कि किसान आंदोलन के दौरान क्या हुआ था। प्रदर्शन की आड़ में हिंसा फैलाई गई। वहां बलात्कार हो रहे थे। लोगों को मारकर लटकाया जा रहा था। इस स्थिति में भारत में बांग्लादेश जैसी स्थिति हो सकती थी। केंद्र सरकार ने जब कृषि कानूनों को वापस लिया तो सभी प्रदर्शनकारी चौंक गए। इस आंदोलन के पीछे एक लंबी प्लानिंग थी। इसी बयान को लेकर एनएसयूआई सोलन ने सरकार से कंगना के खिलाफ एनएसए यानी नेशनल सिक्योरिटी एक्ट लगाने की मांग की। इस धरना प्रदर्शन मे छात्र नेता रितिक सिंह, शिवांक, रमन,रितिक झमता,पियूष ,साहिल ,मोहित,प्रदीप,अजय,हेमंत,चिराग,निशील,अंजलि,भीमिका ,मेहाक,श्रेया,सुहानि,महिमा सहित अन्य लोग भी शामिल रहे।
विकास खंड अधिकारी तन्मय कंवर ने कुनिहार बाजार में दुकानों का किया औचक निरक्षण **प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तैमाल करने वालों के काटे चालान **पांच दुकानदारों के 500 से 5000 के कटे चालान विकास खंड अधिकारी कुनिहार तन्मय कंवर ने क्षेत्र की तीनों पंचायतों कुनिहार, हाटकोट व कोठी के प्रधान उप प्रधान व वार्ड सदस्यों के साथ मिलकर कुनिहार बाजार कोठी चौक से न्यू बस स्टैंड से होते हुए पुराना बस स्टैंड तक होटल ढाबों, मीट शॉप ,अन्य दुकानदारों सहित बैंक आदि का औचक निरक्षण कर सिंगल यूज प्लास्टिक रखने वालो व दुकानों के आगे फैंका व जलाया गया। प्लास्टिक व कूड़ा-कर्कट के चालान किए गए। बीडीओ कुनिहार तन्मय कंवर ने बताया कि पहले कई बार दुकानदारों को विभाग व पंचायतों द्वारा प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने व दुकानों के आगे गंदगी न फैलाने की अपील की जाती रही है लेकिन अभी भी बहुत से दुकानदार इस अपील की परवाह किए बिना इसका उल्लंघन कर रहे है। इसी के मद्देनजर कुनिहार बाजार में ऐसे दुकानदार जो प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल कर रहे हैं और जो अपनी दुकानों के आगे खुले में ही प्लास्टिक व अन्य कूड़ा फेंक व जला रहे है उनके चालान कर भविष्य में ऐसा न करने की चेतावनी भी दी गई। उन्होंने बताया कि समय समय पर ऐसे औचक निरीक्षण होते रहेगें। उन्होंने उन सभी दुकानदारों जो पंचायतों द्वारा निर्धारित वेस्ट कलेक्शन फीस नही दे रहे हैं उनसे भी अपील की है कि सभी दुकानदार इसमें सहयोग करे। ताकि कुनिहार शहर स्वच्छ रह सके। आज 5 दुकानदारों के चालान किए गए जिसमे 1चालान 5 हजार व चार चालान 500,500 के किए गए। इस अवसर पर जगदीश अत्री प्रधान पंचायत हाटकोट,बलविंदर चौधरी प्रधान पंचायत कोठी, राकेश ठाकुर प्रधान पंचायत कुनिहार, रोहित जोशी,लायक राम,राकेश कुमार,तेजिंदर आदि मौजूद रहे।
** सरकार ने पेश किए आंकड़े शिमला: इन दिनों सोशल मीडिया पर शराब के अधिक दाम वसूल करने के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। वीडियो में शराब के अधिक दाम ग्राहकों से वसूलने के आरोप लगे थे। ये सवाल विधानसभा के मानसून सत्र में भी गूजा। विपक्ष ने इसे लेकर सरकार से सवाल किया था। सदन में अनुपूरक सवाल के जवाब में सरकार ने कहा कि शराब पर ओवरचार्जिंग के लिए सख्त प्रावधान किया गया है। इससे निपटने के लिए 25 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक जुर्माना है। पहले यह 5 हजार से लेकर 25 हजार तक था। सरकार ने ओवर चार्जिंग करने पर 2022-2023 में शराब विक्रेताओं पर ₹ 15,12,000 का जुर्माना लगाया है। 2023-2024 में ₹ 17, 5000, 2024 में अगस्त महीने तक ₹ 15,21,000 जुर्माना लगाया जा चुका है। शराब की विक्री के दौरान ओवरचार्जिंग को लेकर प्रदेशभर से शिकायतें आ रहीं थी। इसको लेकर समय-समय पर सरकार की ओर से कार्रवाई भी की गई है। बता दें कि आबकारी नीति के तहत बॉटल्ड इन ओरिजिन (सिंगल माल्ट, व्हिस्की, रम, जिन, वोदका, बायो बीयर/बायो वाइन, साइडर) पर 10 प्रतिशत लाभांश और भारत में निर्मित सभी बीयर ब्रांड पर 30 प्रतिशत लाभांश तय किया गया है। देसी शराब पर 30 प्रतिशत लाभांश, देश में बनी लो ब्रांड अंग्रेजी शराब पर 15 फीसदी और हाई ब्रांड शराब पर 30 फीसदी लाभांश तय किया गया है। न्यूनतम विक्रय मूल्य से 10 से 30 फीसदी लाभांश से अधिक शराब के विक्रय से संबंधित शिकायत के लिए विभाग ने दूरभाष नम्बर भी जारी किए हैं। इस संबंध में शिकायतकर्ता कांगड़ा जोन में दूरभाष नम्बरः 01894230186, मण्डी जोन में 01905223499, शिमला जोन में 01772620775 सम्पर्क कर सकते हैं। विभाग का नियंत्रण कक्ष सप्ताहभर 24 घंटे कार्यशील रहता है और सभी नागरिक इस प्रकार के मामले संज्ञान में आते ही टोल फ्री नम्बर 18001808063, दूरभाष नम्बर 0177-2620426 और व्हाट्स-एप नम्बर 94183-31426 पर जानकारी साझा कर सकते हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।
हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री, मंत्रियों और मुख्य संसदीय सचिवों के वेतन-भत्ते दो महीने के लिए विलंबित होंगे। यानी बाद में मिलेंगे। विधायकों ने भी ऐसा करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज हिमाचल विधानसभा सदन को इस संबंध में अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विषम वित्तीय परिस्थिति के दृष्टिगत अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों व मुख्य संसदीय सचिवों सहित अपने वेतन व भत्ते दो माह तक विलंबित करता हूं। इसके अतिरिक्त आप सभी सदस्यों से भी अपने वेतन एवं भत्ते स्वेच्छा से विलंबित करने का आग्रह करता हूं। सीएम ने कहा कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है। इसके कई कारण हैं। राजस्व घाटा अनुदान जो वर्ष 2023-24 में 8058 करोड़ रुपये थी, इस वर्ष 1800 करोड़ कम होकर 6258 करोड़ रुपये हो गई है। अगले वर्ष (2025-26) में यह 3000 करोड़ रुपये और कम होकर 3257 करोड़ रुपये रह जाएगी। पीडीएनए की लगभग 9042 करोड़ रुपये की राशि में से केंद्र सरकार से अभी तक कोई भी राशि प्राप्त नहीं हुई है। एनपीएस एनपीएस अंशदान के लगभग 9200 करोड़ रुपये पीएफआरडीए से प्राप्त नहीं हुए हैं, जिसका हम केंद्र सरकार से कई बार अनुरोध कर चुके हैं। जीएसटी मुआवजा जून 2022 के बाद मिलना बंद हो गया है, जिससे प्रतिवर्ष लगभग 2500-3000 करोड़ की आय कम हो गई है। ओपीएस बहाल करने के कारण हमारी उधार भी लगभग 2000 करोड़ से कम कर दी गई है। इन परिस्थितियों से पार पाना आसान नहीं है। सीएम ने आगे कहा कि हमने प्रदेश सरकार की आय बढ़ाने और अनुत्पादक व्यय कम करने का प्रयास किया है। इन प्रयासों के परिणाम आने में समय लगेगा।
वन विभाग कुनिहार के कर्मचारियों ने भी हिमाचल प्रदेश सचिवालय कर्मचारी संघ द्वारा उठाई कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में पूरे विधानसभा सत्र तक काले बिल्ले लगाकर कार्य करने का निर्णय लिया है। आज सभी कर्मचारी काले बिल्ले लगाकर कार्यालय पहुंचे। विभाग के सुपरीटेंडेंट रामलाल ने बताया कि सरकार ने पिछले 2 वर्षों से कर्मचारियों व पेंशनरों के लिए कुछ भी नहीं दिया है, जिससे कर्मचारियों की चार किश्ते देय है । साल 2016 में पे स्केल रिवाइज हुए थे उसकी एक किस्त 2022 में मिली थी, वर्तमान में सरकार एक भी पैसा एरियर के रूप में कर्मचारियों के लिए नहीं दे रही है। साथ ही महंगाई भत्ता कर्मचारियों को आज तक नहीं मिला है । उन्होंने बताया कि कर्मचारियों पर काम का बोझ दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है क्योंकि एक कर्मचारी चार से पांच सीटों का कार्य कर रहा है जो की तब भी पूरा नहीं हो पा रहा है वहीं सरकार के उच्च अधिकारियों की पोस्ट एक भी दिन खाली नहीं रहती है तुरंत उस पोस्ट को भर दिया जाता है, जबकि उच्च अधिकारियों की नई नई पोस्ट क्रिएट की जा रही है, जिससे सरकारी खजाने पर दिन प्रतिदिन बोझ बढ़ता जा रहा है। वहीं क्लास 3 क्लास 4 की भर्ती के लिए सरकार द्वारा कोई भी प्रयास नहीं किया गया है । सरकार अपने वेतन भत्तों की हर वर्ष बढ़ोतरी करती है, जिसमें आज तक कोई कटौती नहीं की गई है वहीं सरकार के पास कर्मचारियों को देने के लिए पैसा नहीं है। कर्मचारियों व पेंशनरों के मैडिकल बिल काफी समय से लंबित पड़े है। उन्होंने कहा कि इस सरकार से पेंशनरों और कर्मचारियों ने काफी आस लगाई थी कि यह सरकार हमारी सभी मांगों को पूरा केरेगी, जबकि यह एक कोरा कागज साबित हुई है । इसी लिए आज सरकार के प्रति रोष व्यक्त करते हुए वन विभाग के कर्मचारियों चंद्रशेखर, बलदेव, विनोद कुमार, मनोहर लाल, श्याम लाल, धर्मचंद,सीताराम, प्रेम चंद आदि ने पूरे विधानसभा सत्र के दौरान काले बिल्ले लगाकर कार्य करने का निर्णय लिया है।
** इसी माह मिलेगा पचास फीसदी हिस्सा शिमला: कर्मचारियों की डीए व एरियर की डिमांड को लेकर चल रहे विवाद के बीच सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार ने 75 और इससे ऊपर की आयु वाले पेंशनर्स को एरियर की घोषणा कर दी है। बुधवार को वित्त विभाग के प्रधान सचिव की तरफ से जारी ऑफिस मेमोरेंडम में कहा गया कि पहली जनवरी 2016 से पेंशन/फैमिली पेंशन का संशोधित एरियर तय घोषणा के अनुसार दिया जाएगा। इस संदर्भ में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 15 अगस्त को देहरा में आयोजित राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में घोषणा की थी। ऑफिस मेमोरेंडम में कहा गया है कि उपरोक्त आयु वर्ग के पेंशनर्स को बकाया एरियर का पचास फीसदी दिया जाएगा। यानी बाकी बचे 45 फीसदी एरियर का आधा यानी 22.5 फीसदी इसी माह में दे दिया जाएगा। अगस्त 2024 में जिन पेंशनर्स की आयु 75 या इससे अधिक हो गई है, वे इस एरियर के पात्र होंगे। 55 फीसदी एरियर का हो चुका है भुगतान: उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार पेंशनरों को 55 फीसदी एरियर का भुगतान कर चुकी है। बकाया एरियर 45 फीसदी है। इस 45 फीसदी में से आधा हिस्सा यानी 22.5 फीसदी इसी माह जारी किया जाएगा। पेंशनर्स के अलावा फैमिली पेंशनर्स को भी इसका लाभ मिलेगा। इस बारे में प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार ने सभी पीडीए यानी पेंशन डिस्बर्सिंग अथॉरिटीज को निर्देश जारी किए हैं कि पात्र पेंशनर्स को एरियर का भुगतान तय समय में किया जाए। अब इस आयु वर्ग के पेंशनर्स को कुल मिलाकर 77.50 फीसदी भुगतान हो जाएगा। बाकी 22.5 फीसदी आने वाले समय में दिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में इन लगातार बारिश हो रही है। सोलन में भी वीरवार सुबह से ही मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है। आज बारिश को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही बारिश के चलते नदी नालों का जलस्तर बढ़ रहा है। ऐसे में इसे देखते हुए डीसी सोलन मनमोहन शर्मा ने लोगों से नदी नालों से दूर रहने का आग्रह किया है। इसी के साथ सोलन जिले की अश्विनी खड्ड और गिरी नदी के किनारे सभी प्रकार की पर्यटन गतिविधियों पर आगामी 2 माह तक पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। सोलन की अश्वनी खड्ड लगातार हो रही बारिश के चलते अब उफान पर है। वहीं, दूसरी ओर इस खड्ड में गाद आ चुकी है, जिस कारण पानी की सप्लाई शहर में बाधित हो चुकी है। इस खड्ड के किनारे पर्यटन गतिविधियों पर भी अब रोक लग गई है। हालांकि शहर में गिरी पेयजल योजना के जरिए लोगों को पानी मिल रहा है, जिसकी सप्लाई नगर निगम 4 से 5 दिनों बाद शहर में कर रहा है। डीसी सोलन मनमोहन शर्मा ने भारी बारिश को देखते हुए जिला सोलन की सीमा में अश्वनी खड्ड के किनारों और गिरी नदी के किनारों पर सभी प्रकार की अनाधिकृत पर्यटन गतिविधियों एवं व्यावसायिक गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है, जो कि आगामी दो माह तक जारी रहेगा। डीसी सोलन के आदेशों में कहा गया है कि मानसून के मौसम में भारी बारिश के कारण नदी, नालों के किनारे जाना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि भारी बारिश के दौरान बादल फटने और लैंडस्लाइड जैसी घटनाएं हो सकती हैं। ऐसे में किसी भी कारण से नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि से जान का खतरा भी हो सकता है। डीसी सोलन के आदेशों के अनुसार स्थानीय पुलिस, जिला पर्यटन अधिकारी के साथ सक्रिय समन्वय स्थापित करते हुए निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करेगी। इन आदेशों का उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
** लंबी लाइनों में खड़े होने से मिलेगा छुटकारा मंडी: अस्पतालों में इलाज करवाने आए मरीजों के लिए सबसे बड़ी परेशानी होती है कि उन्हें लंबी-लंबी कतारों में खड़े रहकर पर्ची कटवानी पड़ती है, जिससे की मरीजों को और ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ता है। मरीजों को इसी दिक्कत से निजात दिलाने के लिए हिमाचल के जोनल अस्पताल मंडी ने एक नई पहल शुरू की है, जिससे मरीजों या उनके तीमारदारों को लंबी-लंबी लाइनों में लगकर घंटों इंतजार नहीं करना होगा। अब पर्ची काउंटर पर पहुंचे ही पर्ची झट से बन जाएगी, जिसके लिए बस एक क्यूआर कोड को स्कैन करने की जरूरत है। मंडी के जोनल अस्पताल में आपको पर्ची के लिए इंतजार न करना पड़े और आपके काउंटर पर पहुंचते ही पर्ची मिल जाए, इसके लिए मोबाइल फोन पर 'आभा' ऐप डाउनलोड करके पेशेंट का अकाउंट खोलना होगा। इसके बाद काउंटर पर लगाए गए क्यूआर कोड को स्कैन करना होगा, जिसके बाद एक घंटे के लिए एक टोकन नंबर जनरेट होगा। इसके बाद पर्ची काउंटर पर सिर्फ टोकन नंबर, पिता का नाम और जिस विभाग में मरीज को दिखाना है, ये सब बताने के साथ ही आपकी पर्ची बन जाएगी। क्यूआर कोड को भविष्य में पर्ची बनाने के लिए मोबाइल की गैलरी में भी रखा जा सकेगा। जब भी पर्ची बनानी हो तो आभा ऐप में क्यूआर कोड को स्कैन किया, टोकन नंबर लिया औप पर्ची काउंटर पर थोड़ी सी जानकारी देने के बाद पर्ची बना ली। जोनल अस्पताल मंडी के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डीएस वर्मा ने बताया, " डीसी मंडी ने पर्ची बनाने में घंटों लगने वाली लाइन की समस्या को दूर करने के निर्देश दिए हैं, जिसके तहत फिलहाल ट्रायल बेसिस पर ये व्यवस्था की गई है। अगर ये व्यवस्था पूरी तरह से सफल रही तो पर्ची काउंटर पर पर्चियां बहुत जल्दी बनना शुरू हो जाएंगी। अभी तक पर्ची बनाने के लिए मरीज का नाम, उम्र, लिंग, मोबाइल नंबर, पता, जिस विभाग में दिखाना है उसकी सारी जानकारी देनी होती हैं। इसे भरने में काफी समय लग जाता था। नई व्यवस्था में अगर कोई क्यूआर कोड को स्कैन करके पर्ची बनाने आता है तो सिर्फ टोकन नंबर, पिता का नाम और जिस विभाग में दिखाना है बताने पर पर्ची तुरंत बन जाएगी। वहीं, डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने बताया कि जोनल अस्पताल के पर्ची काउंटर पर लगने वाली लंबी लाइनों का मामला उनके ध्यान में था। उन्होंने प्रशासन को इसमें सुधार करने के निर्देश दिए थे, ताकि अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को राहत मिल सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि क्यूआर कोड को स्कैन करने से पर्ची बनाने से व्यवस्था में सुधार आएगा। आगे भी ऐसी व्यवस्था किए जाने पर विचार किया जा रहा है कि अस्पताल आने वाले मरीज की घर पर ही पर्ची बन जाए। डीसी मंडी ने बताया कि छुट्टी से अगले दिन अस्पताल आने वाले मरीजों की ज्यादा संख्या को देखते हुए अस्पताल के पिछली ओर कोविड के दौरान बनाए गए काउंटर में भी 9:30 बजे से लेकर 1:30 बजे तक पर्चियां बनाई जा रही हैं।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा मानसून सेशन का आज गुरुवार को तीसरा दिन है। 27 अगस्त से 9 सितंबर तक चलने वाले मानसून सत्र में आज सदन की कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजे से शुरू होगी। ऐसे में प्रश्नकाल के दौरान सबसे पहले आरक्षण और भर्तियां, अटल आदर्श विद्यालय, शराब के ठेके और नीति, जल आपूर्ति, रिक्त पद, फसलों को हुए नुकसान, अवैध शराब आदि जैसे विषयों पर सवाल आएंगे। इसके अलावा कुछ विधेयक भी सदन के पटल पर रखे जाएंगे। प्रश्नकाल में तारांकित व अतारांकित दोनों को मिलाकर कुल 81 सवाल लिस्टेड हैं। इनमें 52 सवाल तारांकित हैं। मानसून सत्र के तीसरे दिन राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी दस्तावेजों की एक-एक प्रति सभा पटल पर रखेंगे, जिसमें कंपनी अधिनियम, 1956 की धारा 619 (4) के तहत हिमाचल प्रदेश कृषि उद्योग निगम सीमित का 52वां वार्षिक प्रतिवेदन, वर्ष 2021-22 (विलंब के कारणों सहित); और हिमाचल प्रदेश कृषि, बागवानी और वानिकी विश्वविद्यालय अधिनियम, 1986 (1987 का अधिनियम संख्या 4) की धारा 45 (4) के तहत डॉ. वाईएस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी, सोलन का वार्षिक लेखा परीक्षा प्रतिवेदन, वर्ष 2012-13, 2013-14, 2014- 15 एवं 2015-16 (विलंब के कारणों सहित) रखी जाएगी। डॉ. जनक राज और सुख राम चौधरी जलवायु परिवर्तन के मध्यनजर वन महोत्सव के माध्यम से पौधरोपण और कार्बन क्रेडिट पर सदन सरकार से नीति बनाने की सिफारिश करेंगे। इसके अलावा जीत राम कटवाल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व व वन भूमि पर बने घरों और गौशालाओं के नियमितीकरण करने के सदन में सरकार से नीति बनाने पर विचार करने की सिफारिश करेंगे। राकेश जम्वाल बीबीएमबी की ओर से निर्मित व संचालित जल विद्युत परियोजनाओं के कारण उत्पन्न विभिन्न समस्याओं के निवारण के लिए सदन में सरकार से नीति बनाने पर विचार करने की सिफारिश करेंगे। वहीं, जीत राम कटवाल भारतीय प्रजातंत्र व कल्याणकारी राज्य में चिन्हित संवैधानिक प्रावधानों के तहत सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने तथा विषमताओं के निवारण बारे में सदन में सरकार से नीति बनाने पर विचार करने की सिफारिश करेंगे।
हिमाचल प्रदेश में बारिश के चलते भूस्खलन से निगुलसरी में रामपुर-किन्नौर एनएच-पांच ठप हो गया है। सोलन-मीनस मार्ग भी 13 घंटे बंद रहा। राजधानी शिमला में मंगलवार रात को भारी बारिश से तीन पेड़ गिरे, कुछ क्षेत्रों में डंगे ढहे और भवनों को भी नुकसान हुआ है। बुधवार को शिमला में 2, डलहौजी में 4, मंडी में 1, कल्पा में 2 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में मौसम साफ रहा। हिमाचल में वीरवार को भी बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है। शुक्रवार से बारिश का दौर थमने का पूर्वानुमान है। जिला किन्नौर के निगुलसरी में एनएच-पांच भूस्खलन के कारण बाधित हो गया है। इससे जिले के हजारों लोगों को परेशानियां का सामना करना पड़ रहा है। ऊपरी पहाड़ी से लगातार हो रहे भूस्खलन से एनएच को बहाल करना चुनौती बना हुआ है। बुधवार सुबह भी करीब साढ़े छह बजे बाधित एनएच को बहाल करने में जुटी मशीन पर बोल्डर गिर गए और मशीन क्षतिग्रस्त हो गई। ऑपरेटर भी बाल-बाल बचा। बीते कई दिनों से निगुलसरी में एनएच-पांच ऊपरी पहाड़ी के दरकने से अवरुद्ध हो रहा है। यातायात ठप होने से जिले के हजारों लोगों को आवाजाही करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार देर शाम सात बजे भी निगुलसरी में एनएच-पांच पर ऊपरी पहाड़ी से भूस्खलन होने का सिलसिला जारी हुआ। बुधवार को भी दिनभर भूस्खलन का सिलसिला जारी रहा और वाहनों के पहिये पूरी तरह से जाम हो गए हैं। राजधानी शिमला में बारिश से भारी नुकसान हुआ है। शहर में तीन जगह पेड़ गिरे हैं। छोटा शिमला में सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय के भवन पर मंगलवार देर रात देवदार का बड़ा पेड़ गिर गया। इससे भवन को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा रुल्दूभट्ठा वार्ड के कुफ्टाधार में बारिश से रास्ता बह गया। कुल्लू जिले में भी मंगलवार रात को भारी बारिश हुई है। 16 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बंद हो गई है। पतलीकूहल के हलाण-दो में एक नाले में बाढ़ आने से सेब के बगीचों को नुकसान पहुंचा है। वहीं मलाणा, गुशैणी और न्यूली में आठ बिजली के ट्रांसफार्मर बाधित हो गए हैं। जिला सिरमौर के हरिपुरधार में बियोंग गांव में भूस्खलन होने से सोलन-मीनस मार्ग 13 घंटे बंद रहा। मंगलवार रात दस बजे बंद हुआ मार्ग बुधवार सुबह 11 बजे खुला। मंगलवार रात को शिमला में 36, मनाली में 42, जुब्बड़हट्टी में 39, कुफरी में 40, नारकंडा में 41, भरमौर में 18, धौलाकुआं में 12 और कसौली में 22 मिलीमीटर बारिश हुई। मंगलवार रात को शिमला में न्यूनतम तापमान 15.6, धर्मशाला में 19.4, ऊना में 22.3, नाहन में 23.9, सोलन में 19.0, मनाली में 15.7, कांगड़ा में 21.5, मंडी में 20.5, बिलासपुर में 23.8, हमीरपुर में 23.4 और चंबा में 22.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
कसौली इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल (किपस) सनवारा के पांच विद्यार्थियों ने 23 से 26 अगस्त तक नाहन में अयोजित आठवीं अंतरविद्यालय राज्य स्तरीय ओपन शूटिंग चैंपियनशिप में भाग लेकर कई मेडल अपने नाम किए। इसमें कक्षा 10वीं के छात्र वीरेन गुलिया ने 10 मीटर एयर पिस्टल यूथ श्रेणी में 366/400 स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीत कर नॉर्थ जोन के लिए क्वालिफाइ किया। कक्षा नौवीं की छात्रा प्रियांशी अरोड़ा ने 10 मीटर एयर राइफल सब यूथ वूमेन श्रेणी में 367/400 स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीतकर नॉर्थ जोन के लिए क्वालिफाइ किया। कक्षा 10वीं के छात्र अंश कौशल ने 10 मीटर एयर पिस्टल यूथ श्रेणी में 369/400 स्कोर के साथ कांस्य पदक जीतकर विद्यालय को गौरवान्वित किया। विद्यालय पहुंचने पर स्कूल के प्रबंध निदेशक हीरा ठाकुर, प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद, व उप-प्रधानाचार्या पूनम ठाकुर ने सभी प्रतिभागियों को बधाइयां देकर प्रोत्साहित किया।
** मिलिट्री हॉस्पिटल रांची, झारखंड में बतौर नर्सिंग ऑफिसर देंगी सेवाएं कसौली उपमंडल की ग्राम पंचायत दाड़वा के जतरोग (बढेच) गांव की रंजना ठाकुर ने मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (MNS) परीक्षा पास कर प्रदेश और जिले का नाम गौरवान्वित किया है। उनके पिता मनीराम, दाड़वा पंचायत के पूर्व उपप्रधान रह चुके हैं। ग्राम पंचायत प्रधान रमेश ठाकुर ने रंजना की इस उपलब्धि के लिए उनके माता-पिता को बधाई दी और कहा कि रंजना की इस उपलब्धि ने पंचायत व क्षेत्र का नाम रोशन किया है। इसके साथ-साथ उन्होंने कहा कि रंजना की यह उपलब्धि पहाड़ी क्षेत्र के लिए खुशी के बात है, जिससे कि समस्त क्षेत्र गर्वान्वित हुआ है तथा ये उपलब्धि अन्य बेटियों व युवाओं के लिए प्रेरणा है। बता दे कि रंजना की प्रारंभिक शिक्षा सीनियर सेकेंडरी स्कूल कुठाड़ से हुई थी। बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई उन्होंने बडू साहिब विश्वविद्यालय से की और इसके बाद फॉर्टिस हॉस्पिटल, मोहाली में अपनी सेवाएं दीं। वर्तमान में रंजना ठाकुर पीजीआई चंडीगढ़ में प्रोजेक्ट नर्सिंग के पद पर कार्यरत हैं। अब उन्होंने MNS परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की है और मिलिट्री हॉस्पिटल रांची, झारखंड में बतौर नर्सिंग ऑफिसर सेवाएं देंगी।
आज हिमाचल विधानसभा मानसून सत्र का दूसरा दिन है। सत्र के पहले दिन लड़कियों की शादी की उम्र 21 साल करने वाला विधेयक पेश किया गया, जो कि बिना चर्चा के ही पारित हो गया। वहीं, इसके अलावा नियम 67 के तहत कानून व्यवस्था पर चर्चा न देने से नाराज भाजपा ने सदन से वॉकआउट किया था, जिसके चलते सत्र का पहला दिन हंगामे भरा रहा। सदन के दूसरे दिन की कार्यवाही में शाहपुर विधायक केवल सिंह पठानिया ने बल्क ड्रग पार्क से जुड़ा सवाल किया, जिसके जवाब में उद्योग मंत्री हर्ष वर्धन चौहान ने बताया कि बल्क ड्रग पार्क का निर्माण किया जा रहा है। पार्क बनने पर 50 हजार करोड़ का टर्न ओवर होगा। इससे 20 हजार रोजगार मिलेगा। इस पार्क के लिए मुंबई में 2165 करोड़ के MOU हुए और दुबई में 2645 करोड़ रुपये के MOU किए गए। ये पार्क 31 मार्च 2026 तक पूरा होगा।
बिजली की चोरी पर अंकुश लगाने और बिजली खर्च को लेकर उपभोक्ताओं को अपडेट रखने के लिए विद्युत विभाग द्वारा स्मार्ट मीटर लगाया जा रहे हैं, जिसकी शुरुआत सोलन में आज से की गई है। जिला सोलन में 2,80,000 स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं, जिसके माध्यम से घर बैठे ही उपभोक्ता अपनी बिजली की रीडिंग को जान सकते हैं कि उन्होंने प्रतिदिन कितनी बिजली खर्च की है और कितना उनका बिल आने वाला है। विद्युत विभाग सोलन के एसई विनोद वर्मा ने बताया कि स्मार्ट मीटर को लेकर विभाग ने जिला में कार्य करना शुरू कर दिया है और उसकी शुरुआत आज से विद्युत विभाग ने अपने कार्यालय में मीटर लगाकर की है। उन्होंने कहा कि जिला में 2 लाख 80 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे।
*जयराम ठाकुर बोले, पूर्व सरकार ने 4500 करुणामूलकों को दी नौकरी आज हिमाचल विधानसभा मानसून सत्र का दूसरा दिन है। सत्र के दूसरे दिन करुणामूलकों को नौकरी के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के समय इस मामले में सबसे ज्यादा काम हुआ है। आपकी सरकार को 20 महीने का समय हो गया है और आपकी सरकार ने सिर्फ काम रोकने का काम किया है। जयराम ठाकुर ने सदन में सवाल पूछते हुए कहा कि सरकार बताए की पूर्व सरकार के समय 5 साल में कितने करुणामूलकों को रोजगार दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को जब भी कोई काम अटकाना हो तो कमेटी बना दी जाती है। जयराम ठाकुर ने अनुपूरक सवाल में पूछा कि क्या समयबद्ध तरीके से रोजगार मिलेगा? जिसके जवाब में सीएम सुक्खू ने कहा कि हमारी सरकार ने एक साल में 180 करुणामूलक आधार पर रोजगार दिए हैं। सरकारी कर्मी की विधवा पत्नी को 9 महीने में करुणा मूलक आधार पर नौकरी दी जाएगी। जिसपर विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि करुणामूलकों के लिए जो कमेटी रोहित ठाकुर की अगुवाई में बनी है, क्या वो एमएलए से सुझाव लेगी? जिसके जवाब में सीएम ने कहा कि कमेटी में विपक्ष के सदस्यों की राय लेने में कोई आपत्ति नहीं है। नेता प्रतिपक्ष ने सत्ता पक्ष को घेरते हुए सदन में कहा कि पूर्व सरकार ने 4500 पात्र लोगों को करुणामूलक आधार पर नौकरी दी थी, जबकि इस सरकार ने सिर्फ 180 लोगों को रोजगार दिया है।
हिमाचल विधानसभा मानसून सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू हो गई है। सदन के सभी सदस्य विधानसभा में पहुंच गए हैं और प्रश्नकाल शुरू हो चुका है। भरमौर के विधायक डॉ. जनकराज ने करुणामूलक आधार पर रोजगार से जुड़ा सवाल किया, जिसके जवाब में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि रोजगार के 1415 मामले करुणामूलक आधार पर लंबित हैं। इस मामले में रोहित ठाकुर की अगुवाई में कैबिनेट सब कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी की पहली बैठक में निर्णय लिया गया है कि मेरिट व एजुकेशन के आधार पर करुणामूलकों को नौकरी दी जाएगी। ये मामला लंबे समय से चला आ रहा है।
हिमाचल प्रदेश में आज यानी बुधवार को मौसम विभाग ने भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी भी दी है। खराब मौसम को लेकर आज विभाग ने प्रदेश में येलो अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में बीते कल यानी मंगलवार को भी भारी बारिश हुई, जिससे कई सड़क मार्ग भी प्रभावित हुए हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक प्रदेश में मंगलवार को हुई भारी बारिश के कारण कई जगहों पर लैंडस्लाइड हुआ है और पेड़ गिरने के मामले भी सामने आए हैं, जिसके कारण से प्रदेशभर में अभी 126 सड़कें यातायात के लिए बंद हो गई हैं। शिमला जिले में 41 सड़कें गाड़ियों की आवाजाही के लिए बंद हैं, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भारी बारिश के बाद मंडी जिले में सबसे ज्यादा 59 सड़कें बंद हैं। इसके बाद सोलन में 12 सड़कें, कांगड़ा में 10 सड़कें, कुल्लू में 6 सड़कें, सिरमौर में 4 और ऊना, किन्नौर, लाहौल-स्पीति में 1-1 सड़क बंद है। इसके अलावा बद्दी में भी बुनियादी ढांचे, खासकर सड़कों को भारी बारिश से खासा नुकसान पहुंचा है। वहीं, प्रदेश में 1191 बिजली और 27 जलापूर्ति योजनाएं भी बाधित हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार मंगलवार को शिमला जिले के जुब्बड़हट्टी में शाम तक सबसे ज्यादा 101 मिमी बारिश दर्ज की गई। 27 जून को मानसून की शुरुआत के बाद से हिमाचल प्रदेश में अब तक बारिश में 23 प्रतिशत की कमी आई है। प्रदेश में औसत 591.8 मिमी बारिश के मुकाबले 453.4 मिमी बारिश हुई है। मंगलवार को शिमला जिले का नारकंडा 11.4 डिग्री तापमान के साथ हिमाचल का सबसे ठंडा स्थान रहा, जबकि ऊना 34 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ सबसे गर्म स्थान रहा।
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में इन दिनों हजारों श्रद्धालु मणिमहेश यात्रा के लिए पहुंच रहे हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु इस धार्मिक यात्रा के लिए चंबा पहुंच रहे हैं। इस बीच बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में मणिमहेश की यात्रा पर निकले 3 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। चंबा पुलिस जांच कर रही है कि ये हादसा कैसे हुआ, बताया जा रहा है कि ये सभी लोग मणिमहेश यात्रा के लिए निकले थे। जहां इनकी कार हादसे का शिकार हुई और कार के खाई में गिरने के कारण 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 8 घायलों की स्थिति भी गंभीर बताई जा रही है। जिन्हें नागरिक अस्पताल में प्राथमिक चिकित्सा के बाद पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा रेफर कर दिया गया है। गौरतलब है कि चंबा में 26 अगस्त से चंबा जिले में स्थित प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा शुरू हो चुकी है। इस धार्मिक यात्रा के लिए रोजाना सैंकड़ों लोग चंबा पहुंच रहे है। आलम ये है कि भरमौर नेशनल हाइवे पर इन दिनों गाड़ियों का रेला निकल रहा है, जिसके कारण लंबा जाम लग रहा है और गाड़ियां घंटो इस जाम में फंस रही है। हर साल देशभर से हजारों श्रद्धालु इस यात्रा में शिरकत करने के लिए पहुंचते हैं। इस साल ये यात्रा 26 अगस्त से लेकर 11 सितंबर तक चलेगी। इससे पहले 24 अगस्त को भी पठानकोट-चंबा नेशनल हाइवे पर बनीखेत के पास एक कार खाई में गिर गई थी। इस हादसे में कार सवार एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि 3 घायलों को डलहौजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था और प्राथमिक उपचार के बाद इन्हें भी चंबा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था।
हिमाचल में डीए और एरियर के भुगतान की मांग कर रहे कर्मचारी नेताओं पर सरकार ने एक्शन लिया है। प्रदेश के देहरा में आयोजित किए राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने डीए और और छठे वेतन आयोग का संशोधित एरियर का भुगतान की कोई घोषणा नहीं की थी, जिससे कर्मचारी सरकार से नाराज चल रहे हैं। ऐसे में हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवा परिसंघ के तहत पांच कर्मचारी संगठनों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सचिवालय प्रांगण में जनरल हाउस किया, जिसमें डीए और एरियर का भुगतान की मांग को लेकर सरकार पर अपनी भड़ास निकाली थी। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार को वार्ता के लिए एक दिन का भी अल्टीमेटम दिया था, लेकिन कर्मचारियों को वार्ता के लिए न बुलाकर सुक्खू सरकार के कैबिनेट मंत्री ने कर्मचारियों के खिलाफ बयान जारी कर आग में घी डालने का काम कर दिया, जिसके बाद हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवा परिसंघ के कर्मचारी नेता और भड़क गए और 23 अगस्त को फिर से बुलाए गए जनरल हाउस कैबिनेट मंत्री राजेश धर्माणी पर जमकर अपना गुबार निकाला। ऐसे में सरकार ने हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवा परिसंघ के तहत पांच कर्मचारी संगठनों के 10 कर्मचारी नेताओं को भड़काऊ भाषण देने पर कारण नोटिस जारी किया है। इसमें पांचों कर्मचारी संगठनों के अध्यक्ष और महासचिव शामिल हैं। हिमाचल में स्वतंत्रता दिवस पर लाखों सरकारी कर्मचारियों को आस थी कि सरकार डीए और एरियर के भुगतान को लेकर घोषणा करेगी, लेकिन देहरा में आयोजित हुए स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने न तो चार फीसदी डीए का जिक्र किया और न ही एरियर के भुगतान की घोषणा की। हालांकि, इस दौरान सीएम ने 75 साल की उम्र पूरी कर चुके आयु के पेंशनरों के एरियर का पूरा भुगतान करने का ऐलान जरूर किया। वहीं, सीएम ने अन्य कर्मचारियों को अगले साल से चरणबद्ध तरीके से डीए-एरियर के भुगतान की बात कही थी। ऐसे में लाखों कर्मचारी सुक्खू सरकार से नाराज चल रहे हैं। प्रदेश में हिमाचल दिवस, स्वतंत्रता दिवस या दिवाली के मौके पर कर्मचारियों को सरकार कुछ न कुछ देने की घोषणा करती है। इस बार भी उम्मीद थी कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कर्मचारियों को कम से कम 4 फीसदी डीए की किस्त देने की घोषणा की जाएगी, लेकिन मुख्यमंत्री ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की है। प्रदेश सरकार को डीए की तीन किस्त देनी है, जिसमें पहली किस्त 1 जनवरी 2023, दूसरी 1 जुलाई 2023 और तीसरी किस्त 1 जनवरी 2024 से दी जानी है। अब 1 जुलाई 2024 से चौथी किस्त भी देय होगी। वहीं, केंद्र ने अपने कर्मचारियों को तीनों किस्त जारी कर दी हैं, लेकिन हिमाचल सरकार ने डीए की एक भी किस्त नहीं दी है। इसको लेकर 12 अगस्त को मुख्यमंत्री से मिलकर मांग भी की गई थी। संशोधित वेतनमान का एरियर काफी समय से पेंडिंग है। पिछली बार सरकार ने 0.025 फीसदी के हिसाब से एरियर दिए जाने की अधिसूचना जारी की थी, जिसे सभी कर्मचारियों ने नकार दिया था और सरकार को अधिसूचना वापस लेनी पड़ी थी। हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवा परिसंघ के चेयरमैन संजीव शर्मा का कहना है, "सरकार ने 10 कर्मचारी नेताओं को कारण बताओ नोटिस दिया है। इसको लेकर अब अगली रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि डीए और एरियर का भुगतान न करने के विरोध में आज से सभी काले बिल्ले लगाकर काम करेंगे।
**सेहरा सजाने का मां का सपना टूटा, बिछड़ गई जुड़वां भाइयों की जोड़ी ** 6 साल पहले सेना में हुए थे भर्ती हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के गिरिपार क्षेत्र आंजभोज के गांव भरली निवासी वीर सपूत आशीष कुमार अपने वतन की सेवा में बलिदान हो गए। मां संतरो देवी का अपने लाडले बेटे के सिर पर सेहरा बांधने का सपना था पर उन्हें क्या पता था कि होनी को कुछ और ही मंजूर है। वहीं जुड़वां भाइयों की जोड़ी भी टूट गई है। बेटे की शहादत की खबर के साथ ही मां का सपना टूट गया। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। गिरिपार के आंजभोज व पांवटा साहिब में शोक की लहर है। भूतपूर्व सैनिक संगठन पांवटा साहिब व शिलाई के उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह ठुंडू व पूर्व अध्यक्ष विरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि वीर सपूत आशीष कुमार ने मंगलवार को अरुणाचल प्रदेश में ‘ऑपरेशन अलर्ट’ के दौरान अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए देश को अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है लेकिन जवान के पूरे परिवार पर जैसे दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। शहीद का जुड़वां भाई रोहित एक निजी कंपनी में सेवारत है। आशीष कुमार का जन्म 14 मार्च 1999 को हुआ। वर्तमान में 19 ग्रेनेडियर बटालियन के अधीन अरुणाचल प्रदेश में सेवारत थे। करीब 6 साल पहले आशीष सेना में भर्ती हुआ। बताया जा रहा है कि अरुणाचल प्रदेश में सैन्य ऑपरेशनल गतिविधि के दौरान सेना के वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर मिली। इसमें गिरिपार के भरली गांव के वीर सपूत आशीष के भी शहीद होने की खबर है। शहीद आशीष की पार्थिव देह वीरवार तक उनके पैतृक गांव पहुंचने की संभावना है। भूतपूर्व सैनिक संगठन पांवटा साहिब व शिलाई के उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह ठुंडू व पूर्व अध्यक्ष विरेंद्र सिंह चौहान समेत पदाधिकारियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। कहा कि भूतपूर्व सैनिक संगठन लगातार 19 ग्रेनेडियर के नुमाइंदों तथा परिवार से संपर्क में है, जिससे शहीद की पार्थिव देह जल्द से जल्द उनके पैतृक गांव पहुंच सके।
मणिमहेश यात्रा के दौरान सड़क हादसे में चार लोगों की मौत की सूचना है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह करीब 9:00 बजे गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हुई। गाड़ी गिरने की आवाज सुन भरमाणी माता मंदिर में माथा टेकने के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं और पुलिस जवानों ने बचाव अभियान आरंभ कर दिया। दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चल पाया है। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कुलबीर सिंह राणा ने सड़क हादसे की पुष्टि की है।
देश और प्रदेश में लहसुन की मांग के साथ बीज के दाम भी बढ़ गए हैं। इस बार किसानों को पिछले वर्ष के मुकाबले 100 रुपये प्रतिकिलो अधिक दाम में लहसुन बीज की खरीद करनी होगी। इन दिनों सोलन सब्जी मंडी में जम्मू और कुल्लू का बीज पहुंचा है। यह बीज ग्रेड के हिसाब से 220 से 280 रुपये प्रतिकिलो तक बिक रहा है। आने वाले दिनों में इसमें और उछाल आने की भी संभावना जताई जा रही है। इस बार किसानों को भी लहसुन के अच्छे दाम मिले हैं। इसमें 100 से 250 रुपये प्रति किलो तक लहसुन की खरीद सब्जी मंडी में की गई है। सोलन, सिरमौर, कुल्लू, सहित अन्य जिलों में सितंबर से अक्तूबर के बीच लहसुन की बिजाई का कार्य किया जाता है। सोलन में हर वर्ष लहसुन का करोड़ों रुपये का कारोबार होता हैं। बीते वर्ष सोलन मंडी में 120 से 180 रुपये प्रतिकिलो तक लहसुन का बीज किसानों को मिला था, जबकि इस वर्ष 100 रुपये महंगा मिलेगा। सोलन, सिरमौर का लहसुन सोलन मंडी से देश सहित विदेश को भी सप्लाई किया जाता हैं। सोलन में करीब 600 हेक्टेयर भूमि पर लहसुन की पैदावार की जाती हैं। कृषि विभाग भी किसानों को लहसुन का बीज देता है। इसमें विभाग ने भी निदेशालय को बीज की मांग भेज दी है। इसमें किसानों को बीज अनुदान पर प्रदान किया जाता है, जबकि अधिकतर किसान सब्जी मंडी सोलन से बीज की खरीद करते हैं। जिले भर में अधिकतर किसान जम्मू का बीज लगाते हैं। सब्जी मंडी सोलन के आढ़ती आशीष ठाकुर ने बताया कि इस बार लहसुन के बीज की मांग अधिक है, जिससे इसके दाम भी बढ़ गए है। सोलन में सिरमौर में सितंबर और अक्तूबर में बिजाई कार्य किया जाता है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सायरी के 33 मेधावी विद्यार्थियों ने एयरटेल भारती फाउंडेशन के सौजन्य से वैज्ञानिक तथा अद्यतन तकनीक को विकसित करने के दृष्टिगत साईस सिटी शोघी का शैक्षिक भ्रमण किया। मेधावी बच्चों का नेतृत्व स्वयं विद्यालय प्रधानाचार्या इन्दु व अध्यापकों ने किया। सहयोग देने वाले अध्यापको में सीमा, नितिका वंसल लेक्चरर न्यू ( वाणिज्य संकाय) एवं राम प्रताप कौंडल (कलाध्यापक) रहे। शैक्षणिक-भ्रमण को भारती फाउंडेशन के द्वारा प्रायोजित किया गया था तथा बचों ने आर्टिफैक्ट से इसके तहत सम्बन्धित बारिकियों को समझकर विज्ञान की नवीनतम प्रौद्योगिकी को भी प्रत्यक्ष जाना। प्रधानाचार्या इन्दु शर्मा ने मेधावियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि बच्चों को विज्ञान विषय में रुचि लेकर अपना भविष्य बनाकर संस्था, क्षेत्र प्रदेश तथा देश का नाम ऊंचा करना चाहिए। विज्ञान संग्रहालय से बच्चों को अतीत में हुई खोज अनुसन्धान की जानकारी से भविष्य निर्माण और वैज्ञानिक सोच को बल मिलता है। इस शैक्षणिक भ्रमण की दूसरी कड़ी में धार्मिक तथा ऐतिहासिक स्थल तारादेवी में भी शीश नवाया तथा मंदिर की ऐतिहासिक, सामाजिक तथा धार्मिक महत्ता को जानकर शैक्षिक भ्रमण को सफल बनाया। प्रभारी नीतिका (एयरटेल भारती फाउंडेशन ) ने कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण भविष्य में भी आयोजित किए जाते रहेंगे।
**सेब के दामों में गिरावट से बागवान परेशान प्रदेश कांग्रेस सरकार की लापरवाही व नालायकी की वजह से सेब बागवान हताश और निराश महसूस कर रहा है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता चेतन बरागटा ने कहा कि बागवानों का उत्पाद मंडियो में सस्ते दामो पर बिक रहा है। प्रदेश सरकार व APMC का हिमाचल की मंडियों में कोई नियंत्रण नही रह गया है। व्यपारियों व खरीदारों को सेब कौड़ियों के दाम खरीदने की खुली छूट दी जा रही है। बरागटा ने कहा इस तरह की कार्यप्रणाली से मिलीभगत का अंदेशा लगाया जा सकता है। सेब व्यपार के इतिहास में पहली मर्तबा सेब रिकार्ड 1000 से 1500 रुपये दो दिन के अंदर दाम गिरा है, जबकि पूर्व में 100 से 200 रुपये तक कि ही गिरावट देखने को आती थी। बहरहाल यह चिंता का विषय है,सरकार से मांग है कि तुरन्त इस मामले में हस्तक्षेप करें व बागवानों को सेब के उचित दाम दिलाने में सहयोग करें। बरागटा ने कहा की बड़ी हैरत की बात यह है कि सेब बाहुल क्षेत्र से सम्बन्ध रखने वाले कांग्रेस सरकार में मंत्री व विधायकों ने सेब गिरावट व बागवानों को आ रही अन्य असुविधाओं को लेकर चुप्पी साधी हुई है, जबकि चुनावों में कांग्रेस से अपने घोषणा पत्र में पांचवी गारेंटी में कहा था कि बागवान तय करेंगे फलो की कीमत और आज कांग्रेस की वो गारेंटी कहां गई, बागवान ये बात जानना चाहते है। कांग्रेस ने आज तक केवल किसानों बागवानों को गुमराह करने का काम किया है, जबकि पूर्व भाजपा सरकार में पूर्व बागवानी मंत्री नरेन्द्र बरागटा ने बागवानों के हितों को देखते हुए बागवानी के क्षेत्र में अनेकों कीर्तिमान स्थापित किए है, जिसको बागवान हमेशा याद रखेंगें ।
** नियम 67 पर चर्चा न देने से विपक्ष ने किया वॉकआउट हिमाचल मानसून सत्र के पहले दिन ही विपक्ष ने कड़े तेवर दिखा दिए हैं। विपक्ष ने सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद ही सदन में जमकर हंगामा किया नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सदन में विधानसभा अध्यक्ष से प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर स्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा देने की मांग की, लेकिन इसकी अनुमति नहीं मिली, जिसके बाद विपक्ष द्वारा सदन में नारेबाजी शुरू की और सदन से वॉकआउट किया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। आए दिन घटनाएं सामने आ रही है, लेकिन प्रदेश सरकार अपराधों पर अंकुश लगाने में नाकाम हो रही है। उन्होंने कहा कि बीते दिन बद्दी में एक मारपीट का मामला सामने आए जहां पर 15 लोग लोगों ने तीन युवकों की डंडों से बेरहमी से पिटाई कर दी. जिसमें एक युवक की मौत हो गई है, जबकि दो गंभीर रूप से घायल है। जयराम ठाकुर ने कहा कि बिलासपुर कोर्ट परिसर में ही फायरिंग हुई, जहां पर एक व्यक्ति घायल हुआ था और उसमें एक पूर्व विधायक का बेटा शामिल था। ऐसी कई घटनाएं हैं, जो प्रदेश भर में हो रही है। शिमला के पुलिस थाने में ही कुछ युवक घुसकर पुलिस वालों के साथ मारपीट की। प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। सरकार ने कानून व्यवस्था के लिए पुलिस नहीं बल्कि किसी और चीज के लिए पुलिस को लगाया गया है। विपक्ष के विधायकों को प्रताड़ित करने और उनके फोन की रिकॉर्डिंग करने के लिए। यही नहीं चुने हुए विधायकों को चार-चार घंटे तक थानों में पूछताछ के बहाने प्रताड़ित किया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार प्रदेश कामों में पुलिस जवान न लगाकर कुछ विधायकों को जेड प्लस सुरक्षा दी गई है। यही नहीं पुलिस मुख्यालय में 25 के करीब अधिकारियों को रखा गया है, उन्हें बैठने तक को कुर्सी नहीं मिल रही है। इन सब मुद्दों को लेकर आज जब सदन में मामला उठाया गया तो मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि बद्दी वाला मामला चिट्टे से संबंधित मामला है और इस पर चर्चा देने से मना किया जा रहा है। जिसे प्रतीत होता है कि मुख्यमंत्री प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं है। सदन में इतने गंभीर मामले को लेकर चर्चा नहीं दी गई जिसके चलते उन्हें वॉकआउट करना पड़ा।
**पुलिस पर भी लगाए गंभीर आरोप शिमला: चुराह से बीजेपी विधायक और पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज के खिलाफ एक युवती से अश्लील चैट करने का गंभीर आरोप लगे थे। अब उनके खिलाफ हिमाचल में महिला कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस प्रवक्ता अलका लांबा की अगुवाई में हिमाचल महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन से विधानसभा तक मार्च निकाला। इस दौरान महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 'बेटी को न्याय दो...न्याय दो' के नारे लगाए। इसके साथ ही उन्होंने विधायक हंसराज को जेल भेजने की मांग की है। इस दौरान बैरिकेडिंग कर महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया। महिला पुलिस के साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की धक्का-मुक्की भी हुई। महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने बीजेपी विधायक की गिरफ्तारी और उनके मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच करवाने की मांग के लिए सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू को ज्ञापन भी सौंपा। इस दौरान सीएम सुक्खू ने उन्हें पूरी जांच का भरोसा भी दिलाया है। कांग्रेस प्रवक्ता अलका लांबा ने कहा कि, 'हिमाचल में बेटियां खतरे में हैं। बीजेपी के विधायक हंसराज पर उनकी पार्टी के ही बूथ अध्यक्ष की बेटी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। विधायक पर एफआईआर हुई थी, लेकिन उसके बाद क्या हुआ? इसका जवाब जानने के लिए हम पुलिस हेडक्वार्टर जाएंगे। क्या एफआईआर न्याय है? क्या एफआईआर के बाद हंसराज की गिरफ्तारी और पूछताछ होनी चाहिए थी या नही? उनके फोन जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाना चाहिए था या नहीं? बेटी भारी दबाव में है, लेकिन ये मामला रफा-दफा नहीं होगा। बीजेपी का पूरा परिवार हिमाचल की बेटी के साथ नहीं अपने आरोपी विधायक के साथ खड़ा है। अब ये मामला वापस नहीं होगा। हम सरकार से मांग करेंगे कि विधायक पर आरोप लगाने वाली युवती को सुरक्षा दी जाए। इस मामले को रफा-दफा करने की बजाय तुरंत विधायक को गिरफ्तार किया जाए। बेटियों के दोषी विधायक की जगह विधानसभा में नहीं जेल में है। अलका लांबा ने कहा कि 'आरोप लगाने वाली बेटी दबाव में है, लेकिन पुलिस पर क्या दबाव है? एफआईआर को दबाने से कुछ नहीं होगा। फोन में सबूत नष्ट हो सकते हैं और सबूत नष्ट होने से बेटियों को न्याय नहीं मिलता है। हमें मालूम है प्रदेश सरकार ने अगर बीजेपी के विधायक को गिरफ्तार कर जेल भेजा तो दिल्ली की सरकार यहां की सरकार को तंग करना शुरू कर देगी, लेकिन हम हिमाचल सरकार के साथ खड़े हैं। एफआईआर के बाद आरोप लगाने वाली युवती पर दबाव बनाना शुरू हुआ था। बता दें कि विधायक और पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज के खिलाफ एक युवती से अश्लील चैट करने का गंभीर आरोप लगाए थे। युवती की शिकायत पर जिले के महिला थाने में मामला भी दर्ज हुआ था। युवती ने विधायक से जान का खतरा बताते हुए कई संगीन आरोप लगाए थे। एसपी चंबा को इस बाबत लिखित शिकायत दी थी, जिसके बाद महिला थाने में FIR दर्ज भी हुई, लेकिन इसके बाद आरोप लगाने वाली युवती अपने बयान से पलट गई। युवती ने एक वीडियो जारी कर कहा था कि 'सोशल मीडिया और मीडिया में चलाई जा रही खबरों के बाद मेरे पिता मेरे पास आए। 8 अगस्त 2024 को विधायक हंसराज के खिलाफ मैनें महिला थाना चंबा में रिपोर्ट दर्ज करवाई और 16 अगस्त को पुलिस ने मुझे कोर्ट में पेश किया जहां मैंने बिना किसी दबाव के अपने बयान जज के सामने दर्ज करवाए हैं, जिसमें मैंने स्पष्ट किया मेरे द्वारा विधायक पर लगाए गए सारे आरोप निराधार हैं। मैंने गलतफहमी, मानसिक तनाव और बहकावे के बाद विधायक के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। मेरी शिकायत के आधार पर चुराह कांग्रेस के नेताओं व मीडिया ने झूठी खबरें फैलाई हैं। मेरे पिता के विधायक के साथ पारिवारिक संबंध हैं। सोशल मीडिया पर विधायक और मेरे परिवार के खिलाफ झूठी खबरें फैलाई जा रही हैं। मेरी हाथ जोड़कर सब लोगों से विनती है कि ऐसी अफवाहें ना फैलाई जाएं। इस मामले को लेकर चुराह के विधायक हंसराज का बयान भी सामने आया है। विधायक ने कहा "मेरे ऊपर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। यह एक राजनीतिक साजिश है और इन आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है।
भाजपा सांसद कंगना रनौत द्वारा निजी अखबार को दिए इंटरव्यू के बाद बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। कांग्रेस हो या फिर किसान संगठन दोनों कंगना रनौत के खिलाफ लामबंद हो चुके हैं। कंगना के बयान बाद हुई फजीहत के बाद भाजपा को प्रेस नोट जारी करना पड़ा कि कंगना रनौत के बयान से भाजपा का कोई लेना देना नहीं है। ये बयान कंगना का निजी मत है। वहीं, कंगना को निर्देश दिए कि वो भविष्य में ऐसा कोई बयान न दे। इसी कड़ी में हिमाचल प्रदेश के पीडब्लूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी कंगना रनौत पर निशाना साधा है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि कंगना रनौत ने जो बयानबाजी किसानों के ऊपर की है और किसान आंदोलन में चीन का और अमेरिका का हाथ होने की संभावना जताई है। ये बयान काफी दुर्भाग्यपूर्ण है और मजाक का केंद्र बन रहा है। इसकी स्थिति विदेश मंत्रालय को सपष्ट करनी चाहिए कि क्या केंद्र की मोदी सरकार की विदेश नीति इतनी कमजोर है कि हमारे आंतरिक मुद्दों में चीन और अमेरिका हस्ताक्षेप कर रहा है। वहीं, केंद्रीय नेतृत्व ने जिस प्रकार कंगना के बयान से पल्ला झाड़ा है वो इस चीज को दर्शाता है कि मानसिक दिवालियापन जो है वो भाजपा की सांसद के बयानों में झलक रहा है। विक्रमादित्य सिंह ने कंहना रनौत को नसीहत देते हुए कहा कि जब आप एक चुने हुए पद पर होते हैं तो गंभीरता और सोच समझकर बयान देने चाहिए। क्योंकि इनका असर भारत तक ही नहीं विदेशों तक होता है और जो विदेशों के साथ हमारी कूटनीति होती है उस पर बड़ा प्रश्नचिन्ह पैदा करती है। मैं उनको कहना चाहता हूं कि उनको ज्यादा ध्यान मंडी संसदीय क्षेत्र के मुद्दों पर देना चाहिए। जिनके लिए अभी तक उनके पास समय नहीं है। वो एक दिन के तूफानी दौरे पर आती हैं और चली जाती हैं। उनको स्थिति सपष्ट करनी चाहिए श्वेत पत्र लाना चाहिए कि वो कितना सहयोग वो दिल्ली से हिमाचल प्रदेश के लिए लाई हैं खासकर मंडी संसदीय क्षेत्र के लिए। उनको विवादित बयानों से और सैंसलैस बयान जो वो समय समय पर देती हैं और जिनके लिए वो जानी जाती हैं उससे उनको बचना चाहिए। सोमवार को हिमाचल कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष संजय अवस्थी ने कहा कि "राजनीति की समझ आने में कंगना रनौत को अभी समय लगेगा। फिल्मों में अभी तक कंगना स्क्रिप्ट पढ़कर काम करती रही है, लेकिन राजनीति फिल्मी स्क्रिप्ट पर नहीं चलती है। मंडी से सांसद बनने के बाद अब कंगना संवैधानिक पद पर हैं। इसलिए कंगना को अब मुद्दों की गंभीरता को समझ कर बयानबाजी करनी चाहिए"। बता दें कि कंगना रनौत ने एक निजी अखबार को इंटरव्यू को में बयान दिया था कि ''अगर हमारा शीर्ष नेतृत्व मजबूत नहीं रहता तो किसान आंदोलन के दौरान पंजाब को भी बांग्लादेश बना दिया जाता। पंजाब में उपद्रवी किसान आंदोलन के नाम पर हिंसा फैला रहे थे। वहां रेप और हत्याएं हो रही थी। कंगना रनौत के इस बयान पर विपक्ष लगातार हमलावर है। कांग्रेस ने कंगना पर एनएसए के तहत एक्शन लिए जाने की मांग की है।
जिला सोलन पैंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन के जिलाध्यक्ष एवं राज्य पैंशनर्ज कल्याण संघ कार्यकारिणी के मुख्य सलाहकार केडी शर्मा ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि यदि 15 सितंबर से पहले पैंशनरों की तमाम लंबित पड़ी मांगों को पूर्ण नहीं किया तो पैंशनर्ज संघ सड़कों पर धरना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य हो जाएगा। इसलिए संघ सरकार से विनम्रता पूर्वक मांग करता है कि 15 सितंबर तक पैंशनरों की सभी मांगों को पूर्ण करते हुए उनके लंबित पड़े वित्तीय लाभ प्रदान किए जाएं। केडी शर्मा ने कहा कि 23 अगस्त, 2024 को राज्य पैंशनर्ज कल्याण संघ की कार्यकारिणी की बैठक प्रदेशाध्यक्ष आत्माराम शर्मा की अध्यक्षता में शिमला में रोटरी टाउन हॉल में हुई। इसमें निर्णय लिया गया है कि प्रदेश सरकार ने यदि 15 सितंबर, 2024 तक पैंशनरों की मांगे पूर्ण नहीं की तो संघ प्रदेशव्यापी आंदोलन का बिगुल बजा देंगे। प्रदेश के पैंशनरों के हित में संघ द्वारा लिए गए इस निर्णय का केडी शर्मा ने स्वागत किया है और जिला पैंशनर्ज संघ की तरफ से राज्य कार्यकारिणी को आश्वस्त किया है कि वे पैंशनरों के हित में इस लड़ाई में आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे। केडी शर्मा ने मांगों को दोहराते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने 12 प्रतिशत की तीन किश्तें रोक कर रखी है और इसके साथ ही जुलाई, 2022 से मार्च, 2024 तक का महंगाई भत्ते का एरियर भी नहीं दिया है। यही नहीं, बल्कि छठे नए वेतन आयोग 2016 से मिलने वाला एरियर फरवरी, 2022 तक के पेडिंग वित्तीय लाभ जारी करने का मामला सरकार से कई बार उठाया जा चुका है, लेकिन सरकार पैंशनरों की मांगों को अनसुना करती आ रही है। केडी शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार को सत्ता में आए पौने दो साल का कार्यकाल पूर्ण हो चुका है, परंतु पैंशनरों से चुनाव के दिनों में किए वादों को आज तक पूरा नहीं किया गया है। सरकार के पैंशनरों के प्रति उदासीन रवैये को लेकर प्रदेश के पैंशनर्ज वर्ग में भारी रोष व्याप्त है। संघ के जिलाध्यक्ष एवं राज्य कार्यकारिणी के मुख्य सलाहकार केडी शर्मा व प्रदेशाध्यक्ष आत्माराम शर्मा ने सरकार को 15 सितंबर, 2024 तक पैंशनरों की मांगों को पूर्ण करने का अल्टीमेटम दिया है। संघ पदाधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि प्रदेश सरकार ने पैंशनरों की लंबित सभी मांगों को समय रहते पूर्ण नहीं किया तो प्रदेशभर के लाखों पैंशनर सरकार के उदासीन रवैये के विरोध में सड़कों पर धरना प्रदर्शन करने के लिए विवश हो जाएंगे। केडी शर्मा ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने कई बार आश्वासन दिया कि पेंशनर्ज संघ की संयुक्त सलाहकार समिति का गठन किया जाएगा और शीघ्र ही जेसीसी की बैठक भी बुलाई जाएगी। लेकिन यह सिर्फ आश्वासनों तक ही सीमित है।
कुनिहार: जवाहर नवोदय विद्यालय बनिया देवी में 27 अगस्त को विद्यालय प्रधानाचार्य के के यादव की देखरेख में प्रेरणा महोत्सव का आयोजन किया गया। इसमें सोलन जिले के विभिन्न स्कूलों के लगभग 50 बच्चों ने भाग लिया, जिसमें विकसित भारत 2047 जैसी विभिन्न गतिविधियों में प्रतियोगिता कराई गई। प्रधानाचार्य के के यादव ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य विषय था प्रेरणा कार्यक्रम,जो छात्रों के लिए एक अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम है, जिसे जनवरी 2024 में शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा लॉन्च किया गया था। कार्यक्रम का लक्ष्य छात्रों को अनुभवात्मक शिक्षा के माध्यम से प्रेरित करना है। हिंदी में प्रेरणा शब्द का अर्थ है "प्रेरणा" या "प्रेरित करना"। इस कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 10 जिलों के 20 छात्रों के लिए एक सप्ताह का आवासीय कार्यक्रम शामिल है।
हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग शिमला ने आज मंगलवार और बुधवार को प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर आंधी और बिजली गिरने को लेकर चेतावनी दी है। मौसम विभाग ने प्रदेश में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। मानसून की शुरुआत यानी 27 जून के बाद से अब तक प्रदेश में बारिश में 25 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। हिमाचल में 584.2 मिमी औसत के मुकाबले सिर्फ 439.9 मिमी बारिश हुई है। प्रदेश में बरसात के चलते सोमवार शाम तक 41 सड़कें बंद थी। कुछ इलाकों में लगातार हो रही बारिश के चलते इन सड़कों को अभी तक पीडब्ल्यूडी विभाग बहाल नहीं कर पाया है। मंडी में सबसे ज्यादा 14 सड़कें बंद हैं। इसके बाद कांगड़ा में 9 सड़कें, शिमला में 8 सड़कें, कुल्लू में 6 सड़कें और चंबा, किन्नौर, लाहौल-स्पीति और ऊना जिलों में एक-एक सड़क बंद है. बारिश से प्रदेश में 211 बिजली योजनाएं बाधित हुई हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार 27 जून को प्रदेश में मानसून की एंट्री से लेकर 26 अगस्त तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 254 लोगों की मौत हो चुकी हैं। 385 लोग घायल हुए हैं, जबकि 30 लोग लापता हैं. 172 घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि 447 घरों को आंशिक तौर पर नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 57 दुकानें और 433 गौशालाएं भी बरसात में क्षतिग्रस्त हुई हैं। इस साल बरसात में अब तक प्रदेश को करीब 1,21,694 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा नुकसान लोक निर्माण विभाग को करीब 55249 लाख रुपए का नुकसान हुआ है, जबकि जल शक्ति विभाग को 48856 लाख और विद्युत विभाग को 98 लाख का नुकसान हुआ है।


















































