बीएल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार की छात्रा गुंजन ठाकुर ने राष्ट्रीय स्तरीय 34वीं नॉर्थ जोन कनिष्ट एथलेटिक्स में शॉट पुट में हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया है। जानकारी देते हुए विद्यालय अध्यक्ष ने बताया कि यह बड़े गर्व की बात है कि गुंजन ने राष्ट्र स्तरीय 34वीं उत्तरीय जोन कनिष्ट एथलेटिक्स, जो जम्मू में 15 से 17 अक्टूबर तक आयोजित की गई थी, में ब्रॉन्ज मेडल जीत कर हिमाचल का नाम रोशन किया है। शॉट पुट प्रतियोगिता में पहले स्थान पर उत्तराखंड, दूसरे स्थान पर पंजाब और तीसरे स्थान पर हिमाचल रहा है। विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष ने खुशी जाहिर करते हुए कहा की गुंजन की इस उपलब्धि से विद्यालय के लिए बड़े हर्ष की बात है। उन्होंने बताया कि गुंजन ठाकुर एक बहुत उम्दा खिलाड़ी है। विद्यालय अध्यक्ष ने इस उपलब्धि के लिए राज्य खेल उपाध्यक्षा सुमन रावत, जिला खेल शिक्षा अधिकारी सोलन अशोक चौहान, उच्च उप शिक्षा निदेशक सोलन जगदीश नेगी, प्रारंभिक उपशिक्षा निदेशक सोलन का धन्यवाद व्यक्त किया है और कहा कि इनके मागदर्शन से गुंजन हिमाचल प्रदेश का नेतृत्व कर विद्यालय का, इलाके का और हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन करेगी। गुंजन की इस उपलब्धि के लिए अरुणा शर्मा और अमर देव, अध्यापक-अभिभावक संघ अध्यक्ष रतन तंवर व सभी सदस्यों ने गुंजन व उनके अभिभावक माता-पिता को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है व उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
-रामलीला के संस्थापक स्व. शंकर लाल त्यागी के परिवार ने समिति को दिए 11 हजार रामलीला जन कल्याण समिति कुनिहार के सौजन्य से राम लीला के तीसरे दिन का आगाज काली माता की भव्य झांकी के साथ हुआ। रामलीला के संस्थापक सदस्य स्व. शंकर लाल त्यागी की बहू उर्मिला भारद्वाज ने परिवार के साथ भद्र काली मां की आरती गाकर मां का आशीर्वाद लिया। उन्होंने अपने ससुर की रामलीला से जुड़ी स्मृतियों को याद करते हुए भारद्वाज परिवार की ओर से समिति को 11 हजार रुपये की राशि भेंट की। उन्होंने कहा कि हमारे बुजुर्गों के लगाए पौधे को समिति बहुत ही लग्न व मेहनत से सींच रही है। वहीं, समिति के निर्देशक व वरिष्ठ कलाकार संदीप जोशी ने मुख्य अतिथि को पटका एवं भगवत गीता देकर सम्मानित किया। रामलीला के तीसरे दिन राधा रमन शर्मा के निर्देशन में ताड़का वध के मंचन सहित राम जन्म, मारीच सुबाहु आदि राक्षसों द्वारा विश्वामित्र के हवन कुंड में मदिरा व हड्डियां डाल कर यज्ञ भंग करना, विश्वामित्र द्वारा अपने योग बल से राजा दशरथ के घर भगवान राम के अवतार को जानकर राजा दशरथ से राम लक्ष्मण को मांगना इत्यादि दृश्यों का भव्य मंचन किया गया। इस अवसर पर समिति के संस्थापक देवेंद्र शर्मा व अक्षरेश शर्मा, प्रधान रितेश जोशी, अरविंद जोशी, अजय जोशी, संजय जोशी, संदीप जोशी, आशीष द्विवेदी, मुकेश शर्मा, राहुल सहित सभी सदस्य मौजूद थे।
-बैंक के चेयरमैन ने प्रबंध निदेशक, शाखा मैनेजर्स व एजीएम की बैठक में दी जानकारी -कहा, वर्ष 2023-2024 की छमाही में संतोषजनक रहा बैंक का व्यवसाय वित्त वर्ष 2023-2024 की छमाही की प्रोग्रेस रिपोर्ट को लेकर जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक के चेयरमैन एडवोकेट मुकेश शर्मा और प्रबंध निदेशक नरेंद्र कुमार ने एक निजी होटल में 33 शाखा मैनेजर्स और हेड ऑफिस के एजीएम की बैठक ली। बैठक में कहा गया कि वित्त वर्ष 2023-2024 की छमाही में बैंक का व्यवसाय संतोषजनक रहा है। चेयरमैन ने इसे और बेहतर करने के लिए बैंक के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए। वहीं, 31 मार्च, 2024 तक बैंक के डिपॉजिट लोन और एनपीए को 5 प्रतिशत करने का टारगेट दिया। गौर रहे कि जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक प्रदेश का सहकारी बैंक है, जिसका कुल व्यवसाय लगभग 1900 करोड़ का है। इसमें डिपॉजिट लगभग 1300 करोड़ और 600 करोड़ के लोन वितरित किए हैं और यह बैंक प्रदेश के मुख्यमंत्री की सोच के अनुरूप ग्रामीण विकास की दिशा में कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है। बैंक चेयरमैन मुकेश शर्मा ने बताया कि फेस्टिव सीजन को ध्यान में रखते हुए 15 अक्टूबर से 15 नवंबर तक विशेष लोन स्कीम चलाई है, जिसका सभी ग्राहक और आमजन लाभ उठा सकते हैं। बैठक में बैंक में एजीएम कुलदीप कुमार, एजीएम राम पॉल, एजीएम हरीश कुमार, एलडी शर्मा, भारत भूषण आदि मौजूद रहे।
-शूलिनी विश्वविद्यालय के 7वें दीक्षांत समारोह में मेधावी छात्रों को किया सम्मानित मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज सोलन जिला में स्थित शूलिनी विश्वविद्यालय के 7वें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता की। उन्होंने 63 विद्यार्थियों को पीएचडी डिग्री और 77 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य है तथा यहां से निकल कर अनेक व्यक्तित्व देश-विदेश में प्रदेश का नाम रौशन कर रहे हैं। शूलिनी विश्वविद्यालय में चल रहे 400 शोध कार्यों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यहां के विद्यार्थियों ने 1300 पेंटेट हासिल किए हैं, जो उनकी मेहनत और दृढ़निश्चय का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोल रही है। इसके साथ ही मेधावी विद्यार्थियों को 20 लाख रुपए का ऋण एक प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त वर्तमान राज्य सरकार ग्रीन इंडस्ट्री को बढ़ावा दे रही है। ई-व्हीकल और सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है। युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए ई-टैक्सी, ई-ट्रक और ई-बस की खरीद पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी प्रदान कर रही है। इसके अतिरिक्त सौर ऊर्जा की परियोजनाएं स्थापित करने के लिए 40 प्रतिशत आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने युवाओं से प्रदेश सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में कामयाबी के लिए दृढ़संकल्प और मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि हमें अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए। सबसे पहले जीवन में अच्छा इंसान बनना चाहिए और फिर समाज को वापिस देना भी सीखना चाहिए। असफलता से ही सफलता का रास्ता निकलता है और युवाओं को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने हमेशा राजनीति के माध्यम से जनसेवा का सपना देखा और उसी दिशा में मेहनत की। जीवन में ईमानदारी और लगन के साथ काम किया और आज प्रदेश का नेतृत्व करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि 17 साल की आयु में उन्होंने छात्र जीवन का पहला चुनाव लड़ा जिसके बाद वे नगर निगम शिमला में पार्षद और उसके बाद विधायक निर्वाचित हुए। सामान्य परिवार से निकलकर राजनीति करना आसान नहीं है, इसके बावजूद उन्हें एनएसयूआई, युवा कांग्रेस का प्रदेशाध्यक्ष और सबसे कम उम्र में कांग्रेस पार्टी का प्रदेशाध्यक्ष बनने का मौका भी मिला। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हाल में आई आपदा ने राज्य में बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि पिछले 50 वर्ष में हमने ऐसी आपदा नहीं देखी, लेकिन इसके बावजूद राज्य सरकार और अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रयास से इस आपदा में फंसे 75 हजार पर्यटकों और 15 हजार गाड़ियों को सुरक्षित निकाला गया। इसके साथ ही 48 घंटे में आवश्यक सेवाएं अस्थाई तौर पर बहाल की। उन्होंने कहा कि यह राजधर्म के प्रति राज्य सरकार का उत्तरदायित्व है, जिसकी विभिन्न स्तर पर प्रशंसा की गई। उन्होंने कहा कि हिमाचल की धरती अतिथियों का सत्कार करना जानती है। मुख्यमंत्री ने शूलिनी विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ इमर्जिंग टेक्नोलॉजी का उद्घाटन भी किया। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में अनाथ बच्चों की देखरेख के लिए कानून बनाने वाला हिमाचल देश का पहला राज्य बना है। इस कानून के तहत 27 वर्ष तक अनाथ बच्चों की देख-रेख और उन्हें शिक्षा प्रदान करने का दायित्व प्रदेश सरकार का है। उन्होंने कहा कि हाल ही में आई आपदा के दौरान मुख्यमंत्री ने आगे बढ़ कर नेतृत्व करते हुए प्रभावितों की हरसम्भव मदद की। डॉ. शांडिल ने कहा कि हम सभी का जीवन संस्कारयुक्त होना चाहिए और नशे से दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज नशा हमारे समाज के लिए सबसे बड़ा खतरा है और हमें नशे से दूर रहने और राष्ट्र निर्माण में अपना भरपूर योगदान देने का प्रण लेना चाहिए। इससे पहले शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलपति पी.के. खोसला ने कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत किया और विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव राम कुमार चौधरी व संजय अवस्थी, विधायक विनोद सुल्तानपुरी, जोगिंद्रा बैंक के चेयरमैन मुकेश शर्मा, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिव कुमार, महासचिव सुरेंद्र सेठी, उपायुक्त मनमोहन शर्मा, एसपी गौरव सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल 17 अक्तूबर को सोलन के प्रवास पर रहेंगे। स्वास्थ्य मंत्री 17 अक्तूबर को प्राथमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक और औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री रोहित ठाकुर के साथ दोपहर 12 बजे सोलन ज़िला के सायरी स्थित पुराने व नए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट के समीप) का निरीक्षण करेंगे।
प्राथमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक और औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री रोहित ठाकुर 17 अक्तूबर को सोलन के प्रवास पर आ रहे हैं। रोहित ठाकुर 17 अक्तूबर को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल के साथ दोपहर 12 बजे सोलन जिला के सायरी स्थित पुराने व नए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (जुब्बड़घट्टी एयरपोर्ट के समीप) का निरीक्षण करेंगे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि मेले एवं त्यौहार हमारी समृद्ध संस्कृति एवं परंपराओं के परिचायक है। डॉ. शांडिल गत सांय सोलन की ग्राम पंचायत सन्होल के गांव मतीवल में दो दिवसीय बिजेश्वर महाराज मेले के समापन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। डॉ. शांडिल ने कहा कि मेले एवं त्यौहार हमारी परम्पराओं और संस्कृति की धरोहर को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि भावी पीढ़ी का यह दायित्व है कि वो अपनी धरोहर को संजोए रखें। उन्होंने कहा कि युवाओं को स्मरण रखना होगा कि अपनी परम्पराओं, संस्कृतिक और हस्तशिल्प को संरक्षित रख ही विकास के मार्ग पर सशक्त कदम बढ़ाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों को बेहतर और उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक स्वास्थ्य संस्थान को 'आदर्श स्वास्थ्य संस्थानÓ के रूप में विकसित करेगी। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों में विभिन्न विशेषज्ञों और अन्य स्टाफ सहित लैबोरेटरी जांच की सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाएगी। इस अवसर पर कुश्ती का आयोजन भी किया गया। उन्होंने सामुदायिक भवन मतीवल के निर्माण के लिए 2 लाख रुपये तथा महिला मंडल मतीवल भवन की चारदीवारी के निर्माण के लिए 1.50 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने मेला प्रबंधक समिति मतीवल को अपनी ऐच्छिक निधि से 11 हजार रुपए देने की घोषणा भी की। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव रमेश ठाकुर, खण्ड कांग्रेस समिति के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, ग्राम पंचायत सन्होल की प्रधान कुसुम ठाकुर, मेला समिति मतीवल के प्रधान राम किश्न, संजय शांडिल, कांग्रेस कार्यकर्ता लीलदत्त, सुंदर सिंह, प्रशांत, सुशांत इाकुर, युवा खण्ड के अध्यक्ष अंकुश, उपमण्डलाधिकारी सोलन कविता ठाकुर, तहसीलदार सोलन मुल्तान सिंह बनियाल, एम.ओ.एच सोलन डॉ. अमित तलवार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
-लिटफेस्ट के अंतिम दिन रियल और रील लाइफ पर रहा फोकस खुशवंत सिंह लिटफेस्ट के अंतिम दिन कसौली क्लब में रियल और रील लाइफ पर फोकस रहा। फ़िल्म अभिनेता से राजनेता बने राज बब्बर ने कहा कि मैं अभिनेता हूं, अभिनय से ही मेरी पहचान है। मैंने न नौकरी करने और न डायरेक्टर बनने की कसम खाई है। सिर्फ एक्टिंग करना चाहता हूं, यही मेरी पहचान है। उन्होंने कहा कि बचपन से मेरी पहली मोहब्बत एक्टिंग थी। मैं सिर्फ एक्टर बनना चाहता था। आठवीं कक्षा से शुरू हुई मेरी एक्टिंग की आशिकी पटियाला में आकर परवान चढ़ी। उन्होंने बताया कि आठवीं कक्षा में चंद्रधर शर्मा गुलेरी की कहानी उसने कहा था में मुझे जर्मन सिपाही का रोल मिला। अच्छा किरदार न निभाने के कारण फिर मुझे कोई रोल नहीं मिला। पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला में कॉलेज का प्रधान बनने, फिर रोल मिला और फिर मेरी तालाश पूरी हुई। मुझे ओम पुरी, मीना टीवाना ने एनएसडी का रास्ता दिखाया। मैं पढ़ा-लिखा नहीं, लेकिन लिखा-पढ़ा जरूर हूं। यहां मेरे गुरु इब्राहिम से बहुत कुछ सीखा। उन्होंने बताया कि पहली जनवरी 1979 में उन्होंने अपना बजाज स्कूटर 6 हजार रुपए में बेचा। अपनी पत्नी नादिरा और जूही को छोडक़र मुंबई चल गए। कई उतार-चढ़ाव देखे और मुंबई में अपनी अभिनय प्रतिभा का लोहा मनवाया। इस सत्र में जाने-माने फिल्म अभिनेता और राजनेता राज बब्बर, उनकी बेटी जूही बब्बर सोनी और दामाद अनूप सोनी के बीच दिल को छू लेनी वाली चर्चा हुई। इसमें बाप-बेटी और ससुर-दामाद का संवाद का सभी ने आनंद उठाया। इस सत्र का संचालन अनूप सोनी ने किया। अनूप सोनी ने कहा कि जब घर पर भाई-बहन हंसी-मजाक करते हैं तो कहते हैं पापा आप रेप न करते तो हमारा घर नहीं चलना था। बात हो रही है फिल्म इंसाफ का तराजू की। हलांकि इससे पहले भी राज बब्बर 14 फिल्मों में छोटे -मोटे रोल कर चुके थे, लेकिन यह फिल्म उनके लिए टर्निंग प्वाइंट बनी। राज बताते हैं कि इससे बाद फिल्मों में उनका रोल तो बढ़ा, लेकिन पैसे नहीं बढ़े। 80 के दशक में उनका अभिनय पीक पर था। उन्होंने कहा कि वह एक दोस्त ने उन्हें राजनीति में आने की सलाह दी । मैं सोशलिस्ट रहा हूं। राजनीति में मदद भी कर रहा था। वह राजनीति में आ गए, उन्होंने मुझे राज्यसभा का मेंबर बना दिया। इस एहसान के बदले राजनीति में कूद पड़ा। जब जीत जाते तब लोकसभा और हार जाते तो राज्यसभा के सदस्य रहे। 27 साल वह एमपी रहे। आज तक कोई भी अभिनेता इतने लंबे समय तक नहीं रहा है। अब उन्होंने राजनीति को अलविदा कह दिया है। उन्होंने कहा कि उनका जीवन अभिनय को समर्पित है। अब राजनीति को अलविदा कहने बाद दोबारा आप उन्हें पर्दे पर देख सकेंगे। यह बात उनकी बेटी जूही बब्बर ने कही। वह वैब सीरिज में काम कर रहे हैं। 2024 का क्या प्लान है। इस पर वह कुछ नहीं बोले। क्या कहा जूही बब्बर ने.... जूही बब्बर ने एस सवाल के जबाव में कहा कि मेरे पापा कितने भी बिजी रहें, लेकिन कभी मेरा बर्थडे नहीं भूलते और आज तक कभी नहीं हुआ कि मेरी स्कूल इवेंट या कोई मेरा बर्थडे मिस किया हो। 20 जुलाई को मेरा बर्थडे होता है। जूही ने बताया कि मैं चार साल की थी, जब मुंबई आई थी। उस समय हमारे पास 2 बीएचके घर और एक कार होती थी। पापा कैसे मैनेज करते थे, यह बात आज महसूस करती हूं। हम न्यू ईयर, दीपावली और अन्य त्यौहार अपने घर में ही मनाते हैं। यह रिवायत पहले से ही हमारे परिवार में चली आ रही है।
-हाटकोट पंचायत के प्रधान जगदीश अत्रि ने बतौर मुख्य अतिथि की शिरकत -कहा, रामलीला से सनातन संस्कृति को आगे बढ़ा रही समिति रामलीला जन कल्याण समिति कुनिहार की रामलीला के दूसरे दिन का आगाज बाबा बालक नाथ की भव्य झांकी के साथ हुआ। दूसरे दिन हाटकोट पंचायत के प्रधान जगदीश अत्रि ने बतौर मुख्य अतिथि आरती कर बाबा बालक नाथ का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि समिति भगवान राम की लीला के माध्यम से सनातन संस्कृति को आगे बढ़ा रही है व आज की युवा पीढ़ी भगवान राम के जीवन के आदर्शों से सामाजिक दायित्वों को निभा रही है। इस दौरान उन्होंने समिति को अपनी ओर से 7100 रुपये की राशि भेंट की। समिति निर्देशक राधा रमन शर्मा ने मुख्य अतिथि को पटका एवं भगवत गीता देकर सम्मानित किया। रामलीला के दूसरे दिन राधा रमन शर्मा के निर्देशन में श्रवण कुमार की लीला का भव्य मंचन किया गया। इस दौरान रामलीला मंचन में रावण दरबार, जनक दरबार व दशरथ दरबार के शानदार दृश्य दिखाए गए, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। समिति की ओर से दर्शकों के लिए जहां पंडाल में बैठने के लिए बेहतर व्यवस्था की गई है, वहीं चाय व हलवा प्रसाद भी वितरित किया जा रहा है। दर्शक समिति की ओर से की गई व्यवस्था व रामलीला के बेहतरीन मंचन की सराहना कर रहे हंै। इस दौरान समिति के संस्थापक देवेंद्र शर्मा, अक्षरेश शर्मा, प्रधान रितेश जोशी, अरविंद जोशी, अजय जोशी, संजय जोशी, संदीप जोशी, आशीष द्विवेदी, मुकेश शर्मा, राहुल सहित सभी सदस्य मौजूद थे।
पाइनग्रोव ! पाइनग्रोव ! पाइनग्रोव ! यही नाम गूंज रहा था, जब पाइनग्रोव स्कूल के कार्यकारी निदेशक कैप्टन एजे सिंह नेंजे डब्लू मैरियट होटल-नई दिल्ली के सुसज्जित मंच पर सम्मान लेने के लिए कदम रखा। सम्मान समारोह में देशभर के कई दिग्गज शिक्षाविद् एवं विद्यालय पधारे थे। एजुकेशन वर्ल्ड इंडिया स्कूल रैंकिंग 2023 के लिए मई माह में आवेदन आमंत्रित किए गए थे। बहुत अधिक विस्तृत जानकारी प्रतिपादित करते हुए पाइनग्रोव स्कूल द्वारा आवेदन दाखिल किया गया। प्रक्रिया में बहुत विस्तार से जानकारी मांगी जाती है, जिसमें विद्यालय का ढांचागत स्वरूप एवं उसका विकास, आधुनिकता के साथ सायंजस्य, अध्यापकों के लिए सुविधाएं, सामाजिक कार्यों में योगदान, खेल उपलब्धियां, अनेकानेक गतिविधियों में प्रतिभागिता एवं उपलब्धियां, बोर्ड परीक्षा परिणाम, अध्यापक-छात्र रेशो, विद्यार्थियों के लिए इंटरनेशनल एक्सचेंज प्रोग्राम्स, केरियर गाइडेंस कार्यक्रम, एनसीसी, स्काउट्स, आईएवाइपी, रौंद स्क्वेयर, एएफएस एवं अनेक अन्य मापदंड शामिल होते हैं। सत्र 2022 में पाइनग्रोव स्कूल देशभर में तीसरे स्थान पर था, जबकि इस सत्र लगातार सुविधाओं एवं अति उच्च स्तर के अंतर्राष्ट्रीय ढांचे को विकसित करके बोर्ड परिणामों एवं अन्य खेल गतिविधियों में अपार सफलता प्राप्त करके पहले रैंक पर पहुंच गया है। हम सभी हिमाचल वासियों के लिए गर्व का विषय है कि देश का नंबर वन विद्यालय अपने प्रदेश की वादियों में फलित हुआ है। पाइनग्रोव स्कूल के कार्यकारी निदेशक कैप्टन एजे सिंह ने विद्यालय के सभी कर्मचारियों एवं अध्यापकों को अपार बधाई देते हुए ज्ञापित किया कि यह सम्मान सभी की कड़ी मेहनत एवं लग्न का सुखद परिणाम है। इस अवसर पर गौरव का वह क्षण भी स्मरण हो आया है जब कैप्टन ए जे सिंह को हिमाचल प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह द्वारा प्रदेश का सर्वोच्च सम्मान प्रेरणा स्रोत प्रदान किया था। हमें पाइनग्रोव स्कूल और इसके कुशल नेतृत्व पर गर्व है।
इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ एग्रीकल्चरल म्यूजियम (एआईएमए) द्वारा आयोजित इंटरनेशनल कांग्रेस ऑफ एग्रीकल्चरल म्यूजियम का 20वां संस्करण, सीआईएमए-2023, शूलिनी यूनिवर्सिटी कैंपस में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और अगले दो दिनों तक पीएयू, लुधियाना में जारी रहेगा। एक प्रमुख सत्र में प्रसिद्ध पर्यावरणविद् राजेंद्र सिंह, जिन्हें भारत के जलपुरुष के रूप में जाना जाता है, ने सिंचाई के लिए पारंपरिक जल संचयन के विषय पर दर्शकों को संबोधित किया। उन्होंने भारतीय कृषि में जल संरक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया और प्राकृतिक संसाधनों पर आधुनिक कृषि पद्धतियों के हानिकारक प्रभावों पर प्रकाश डाला। एक अन्य उल्लेखनीय सत्र में ्रहृञ्ज॥क्र्र के संस्थापक-निदेशक डॉ. नित्या घोटगे शामिल थे, जिन्होंने पशुधन और हरित क्रांति के प्रभाव पर चर्चा की। उन्होंने पशुधन प्रबंधन के उभरते परिदृश्य, विशेष रूप से पारंपरिक तरीकों से आधुनिक मशीनरी में परिवर्तन की ओर ध्यान आकर्षित किया। सतना, मध्य प्रदेश के स्वतंत्र पत्रकार सुरेश दहिया ने कृषि रसायनों के दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला, जिसके परिणामस्वरूप मिट्टी और पर्यावरण प्रदूषण हुआ। पश्चिम बंगाल के कृषि निदेशालय में कृषि के पूर्व अतिरिक्त निदेशक डॉ. अनुपम पॉल ने भारत की पारंपरिक चावल किस्मों के संरक्षण के महत्व और जैव विविधता और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका पर चर्चा की। डॉ. संचित ठाकुर ने भारत में टिकाऊ कृषि और जैव विविधता के संरक्षण में फसल विविधता की भूमिका पर चर्चा की। डॉ. बारबरा कोर्सन, क्लॉस क्रॉप, डॉ. पॉल स्टार्की ने कामकाजी जानवरों के कल्याण और पशु विरासत के बारे में जानकारी साझा करने के महत्व को संबोधित किया। हिमाचल सत्र में, हिमाचल प्रदेश सरकार के पर्यावरण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के डॉ. सुरेश सी. अत्री ने जलवायु तनाव की स्थिति में नमी प्रबंधन और सिंचाई प्रथाओं को अपनाने के अनूठे पहलुओं पर चर्चा की। इसके अलावा, चेन्नई के एक कृषि अभियंता और विकास पेशेवर डॉ. आर. सीनिवासन ने पारंपरिक टैंक पारिस्थितिकी तंत्र के पारिस्थितिक और सामाजिक महत्व पर जोर दिया। उन्होंने अतिक्रमण और शहरीकरण सहित इन पारिस्थितिक तंत्रों के लिए खतरों की ओर इशारा किया, और बदलती जलवायु परिस्थितियों के संदर्भ में स्थानीय आजीविका का समर्थन करने और पर्यावरण की रक्षा के लिए उनके संरक्षण और विकास की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। इन सत्रों ने कृषि, जल संरक्षण, पशुधन प्रबंधन और पर्यावरणीय चुनौतियों के सामने पारंपरिक प्रथाओं के संरक्षण के महत्व के विभिन्न पहलुओं पर अमूल्य अंतर्दृष्टि प्रदान की। सम्मेलन ने विशेषज्ञों के लिए ज्ञान और विचारों के आदान-प्रदान के लिए एक मंच के रूप में कार्य किया, जिससे भारत में कृषि के लिए अधिक टिकाऊ और पर्यावरण के प्रति जागरूक दृष्टिकोण का मार्ग प्रशस्त हुआ। शूलिनी विश्वविद्यालय सभी प्रतिभागियों के प्रति अपना आभार व्यक्त करता है और कृषि स्थिरता के क्षेत्र में आगे के सहयोग और प्रयासों के लिए तत्पर है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि देश व प्रदेश के समग्र विकास में शिक्षा महत्वपूर्ण घटक है। डॉ. शांडिल आज सोलन के दुर्गा पब्लिक स्कूल के 20वें स्थापना दिवस कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। डॉ. शांडिल ने कहा कि शिक्षा युवाओं को बेहतर नागरिक बनाने का सर्वोत्तम साधन है। इसके लिए आवश्यक है कि अध्यापक और छात्र दोनों समर्पित होकर आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि अध्यापक का छात्रों को अच्छा नागरिक बनाने के प्रति समर्पित होना तथा छात्रों का अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण रखना ही सफलता की कूंजी है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को दी जाने वाली गुणवत्तायुक्त शिक्षा बेहतर और अनुशासित समाज के निर्माण में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही व्यक्ति को सफलता के शिखर पर पहुंचाती है। ज्ञान और अनुभव मिलकर हमारे मार्ग को सफलता की ओर अग्रसर करते हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपना लक्ष्य निर्धारित कर इसे एकाग्र मन से पाने की कोशिश करनी चाहिए ताकि वह अपने भविष्य को उज्जवल बना सकें। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए विभिन्न कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा छात्रों की शिक्षा को और बेहतर बनाने के लिए प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल आरम्भ किए जा रहे हैं। डॉ. शांडिल ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और कठिन परिश्रम तथा दृढ़ता के साथ ही सफलता को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि खेल-कूद प्रतियोगिताएं एवं अन्य गतिविधियां छात्रों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि स्कूल स्तर पर खेल-कूद प्रतियोगिताएं आयोजित होती रहनी चाहिएं ताकि छात्र ऑल राउडर बन सकें। उन्होंने कहा कि छात्रों को नशे की लत से दूर रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नशे जैसे कुरीति छात्र के जीवन को केवल अंधकार में ही धकेल सकती है। इससे बचाव समाज और छात्र के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। स्वास्थ्य मंत्री ने सभी को स्थापना दिवस समारोह की बधाई दी और मेधावी छात्रों को शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर जोगिंद्रा सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, कांग्रेस समिति के अध्यक्ष शिव कुमार, खंड कांग्रेस समिति के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, नगर निगम सोलन के पार्षद सरदार सिंह, नगर निगम सोलन के मनोनीत पार्षद विजय ठाकुर, प्रदेश कांग्रेस समिति सेवादल के सदस्य हरि मोहन, खंड कांग्रेस समिति सोलन के महासचिव लोकेंद्र शर्मा तथा कुनाल सूद, अजय कंवर, दुर्गा पब्लिक स्कूल के अध्यक्ष राजेश्वर कंवर तथा ईंद्रा कंवर, प्रबंधक टिक्कम सिंह तथा जितेंद्र सिंह, प्रधानाचार्य अंजली वशिष्ठ, संजय शांडिल, पूनम शांडिल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति तथा छात्र उपस्थित थे।
बीएल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार की छात्रा गुंजन ठाकुर 34वीं उत्तरीय जोन कनिष्ट एथलेटिक्स प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर पर शॉट पुट स्पर्धा में हिमाचल का प्रतिनिधित्व करेगी। विद्यालय अध्यक्ष ने बताया कि यह बड़े गर्व की बात है कि गुंजन का चयन राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धा के लिए हुआ है। यह प्रतियोगिता जम्मू में 15 से 17 अक्टूबर तक होगी। वहीं, विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष ने ख़ुशी जाहिर करते हुए कहा कि गुंजन का राष्ट्र स्तर पर चयन होना वद्यालय के लिए बड़े हर्ष की बात है। उन्होंने बताया कि गुंजन ठाकुर एक बहुत उम्दा ख़िलाड़ी है। इसका लगातार तीन बार राष्ट्रीय स्तर पर चयन हो चुका है। विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष ने इस उपलब्धि के लिए जिला खेल शिक्षा अधिकारी सोलन अशोक चौहान, उच्च उप शिक्षा निदेशक सोलन जगदीश नेगी, प्रारंभिक शिक्षा उप निदेशक सोलन का धन्यवाद व्यक्त किया है और कहा कि इनके मागदर्शन से गुंजन हिमाचल प्रदेश का नेतृत्व कर विद्यालय, इलाके और हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन करेगी। गुंजन की इस उपलब्धि के लिए अरुणा शर्मा और अमर देव, अध्यापक अभिभावक संघ अध्यक्ष रतन तंवर एवं सभी सदस्यों ने गुंजन व उसके माता-पिता को भी इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है व उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
-मेजर ने खुशवंत सिंह लिटफेस्ट में ताजा की पाकिस्तानी-बांग्लादेश युद्ध की यादें खुशवंत सिंह लिटफेस्ट के दूसरे दिन मेजर जनरल ईयान कार्डोजो की बुक वियोंड फियर पर उनके साथ सारा जैकब ने चर्चा की। उन्होंने 1971 के पाकिस्तानी-बांग्लादेश युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि युद्ध के फैलने के दौरान वह कार्डोज़ो डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन में एक पाठ्यक्रम में भाग ले रहे थे। उनकी बटालियन, 4/5 गोरखा राइफल्स, पहले से ही ऑपरेशन के पूर्वी मोर्चे पर तैनात थी। बटालियन का सेकेंड-इन-कमांड कार्रवाई में मारा गया और कार्डोज़ो को उसकी जगह लेने का आदेश दिया गया। सिलहट की लड़ाई के दौरान भारतीय सेना के पहले हेलिबोन ऑपरेशन में उनका साथ देने के लिए वह समय पर अपनी बटालियन में पहुंचे। यहां 9 दिन और 9 रात हमारे सैनिक दुश्मनों का मुकाबला करते रहे। न खाना न पानी। अदम्य साहस का परिचय देते हुए 352 सैनिकों ने पाकिस्तान के 8000 की आर्मी को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर कर दिया था। ढाका के बाद कार्डोजो का पैर एक बारूदी सुरंग पर पड़ गया और उसका पैर गंभीर रूप से घायल हो गया। पेनकीलर व अन्य दर्द निवारक औषधी न होने और डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण उसका पैर शल्य चिकित्सा द्वारा नहीं काटा जा सका। बाद में उन्होंने अपनी खुखरी का इस्तेमाल अपना पैर काटने के लिए किया। 9 माह अस्पताल में रहा। 6 माह बाद उनका वेतन आधा कर दिया गया, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे मैं आहत हुआ। आर्मी ऑफिसर बोल नहीं सकता, लेकिन जनता तो बोल सकती है। एक मेजर आर्मी के इतने बड़े सिस्टम से कैसे लड़ सकता है। उन्होंने अपनी लड़ाई लड़ी। नकली पांव से वो सब कुछ किया , जो सामान्य कर सकते थे। उन्हें प्रेरणा मिली पुस्तक अस्पताल के दौरान पुस्तक रीच फॉर स्काई से। उन्होंने कहा कि उन्होंने आर्मी पैसे के लिए नहीं बल्कि वे ऑफ लाइफ के लिए चुना था। हर आर्मी ऑफिसर का सपना होता है कि वह कमांड करें। लिटफेस्ट के दूसरे दिन कार्डोजो की बुक वियोंड फियर पर चर्चा खुशवंत सिंह लिटफेस्ट के दूसरे दिन मेजर जनरल ईयान कार्डोजो की बुक वियोंड फियर पर उनके साथ सारा जैकब ने चर्चा की। मेजर जनरल ईयान कार्डोजो से प्रश्न किया गया कि आपने 7 पुस्तकें लिख चुके हैं और अपने जीवनी लिखने की क्यों सोची। उन्होंने बताया कि खुशवंत सिंह के साथ अपना संस्मरण साझा करते हुए बताया कि एक बार खुशवंत सिंह ने उन्हें अपनी साथ वाली चेयर पर बिठाया और कहा कि मैं आपकी स्टोरी लिखना चाहता हूं। उन्होंने कहा कोई स्टोरी नहीं है। खुशवंत सिंह ने कहा कि यस और नो। मैंने कहा नो। उन्होंने कहा कि फिर आप अपनी स्टोरी पढ़ लेना, कोई गलती हुई तो उसके लिए आप जिम्मेवार होंगे। फिर हम दोनों ने व्हीस्की ली। इसी से उन्हें अपनी जीवनी लिखने की प्रेरणा मिली। 1937 में मुंबई में हुआ था जन्म 1937 में मुंबई में जन्म ईयान कार्डोजो प्रारंभिक शिक्षा मुम्बई में हुई। कार्डोजो ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी से स्नातक की उपाधि प्राप्त की और फिर भारतीय सैन्य अकादमी में भाग लिया। जहां से वह 5 गोरखा राइफल्स (फ्रंटियर फोसज़्) में शामिल हो गए और उन्हें कमीशन दिया गया। उन्होंने गोरखा राइफल्स के साथ भी काम किया है और उनके साथ दो युद्ध लड़े हैं-1965 का भारत-पाकिस्तान युद्ध और 1971 का भारत-पाकिस्तान युद्ध।
खुशवंत सिंह लिटफेस्ट के 12वें एडिशन का आगाज शुक्रवार को कसौली क्लब में हुआ। इसमें मुख्य वक्ता लेखक डॉ. प्राकला प्रभाकर, मणि शंकर अय्यर, इंद्राणी मुखर्जी, राहुल सिंह, निरुपम दत्त सहित कई जानी-मानी हस्तियों ने अपने विचार व्यक्त किए। पहले दिन इंद्राणी मुखर्जी की किताब अनब्रोकन चर्चा में रही। इंद्राणी मुखर्जी ने इस दौरान किताब को लेकर खुलकर अपने विचार व्यक्त किए। इंद्राणी ने कहा कि 16 वर्ष की उम्र में मां बनना एक कड़वा अनुभव रहा। बाद में पति से तलाक होने के बाद मीडिया ग्रुप के किंग पीटर से दूसरी शादी होने के बाद जिंदगी में बहुत कुछ हासिल किया। पर पहली बेटी शीना की मर्डर मिस्ट्री के बाद गिरफ्तारी और 6 वर्ष तक जेल में रहते 'अनब्रोकन इंद्राणी मुखर्जीÓ किताब को लिखने का अवसर मिला। जेल में लिखे 1 लाख 26 हजार 582 शब्द ही असल कहानी है। इंद्राणी बताती है कि नाबालिग बेटी की मर्डर मिस्ट्री के बाद जब उसे जेल भेजा गया तो पति पीटर ने वकीलों को पैसा देकर कई तरह के डॉक्यूमेंट साइन करने को भेजा, लेकिन उन्होंने किसी भी कागज को साइन करने से मना कर दिया। यदि उस वक्त कागज साइन कर दिए होते तो आज वह और उसके बच्चे बर्बाद हो जाते।मुखर्जी ने कहा कि वह आज तक नहीं समझ पाई की बेटी का मर्डर कैसे हुआ और किसने किया। किताब में उन्होंने उल्लेख किया कि पति पीटर ने सोचा था की इंद्राणी मुखर्जी जेल में 15 दिन तक जिंदा नहीं रह पाएगी पर ऐसा नहीं हुआ। इंद्राणी ने कहा कि अपने आप को साबित करने के लिए जेल में कलम का सहारा लिया और वह आज जेल से बाहर खुशहाल जिंदगी जी रही है। इंद्राणी महिलाओं के उत्थान के लिए कार्य कर रही है साथ ही नई किताब भी लिख रही है। इसके अलावा उन्होंने दिनचर्या में भी योगा, एक्सरसाइज और डांस को शामिल किया है। इंद्राणी ने कहा कि उसे कोई फर्क नहीं पड़ता कि दुनिया उसके बारे में क्या कहती और सोचती है। इंद्राणी ने कहा कि अनब्रोकन इंद्राणी मुखर्जी के ऑडियो विजुअल राइट्स को बेच दिए है। अब उसकी कहानी फिल्मी पर्दे पर भी देखी जा सकती है, जिसमें अब सारी सच्चाई सामने आ जाएगी। लेखक व साहित्यकार डॉ. परकला प्रभाकर ने अपनी किताब क्रूकेड टिम्बर ऑफ न्यू इंडिया पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि साल 2014 से शुरू हुई स्कीम मेक इन इंडिया, स्टैंड अप इंडिया, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, स्किल इंडिया और स्वच्छ भारत यह सब सुनने में बहुत अच्छा लगता था, लेकिन सुनने तक ही रह गया। ये पॉलिटिकल पार्टी के महज पब्लिसिटी स्टंट है। अब जो बोलेगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी और कैद कर दिया जाएगा। इसलिए शुरू हुई यह यात्रा अब शटअप इंडिया तक पहुंच गई है। इस तरह के न्यू इंडिया को बनाने में ये राजनीतिक पार्टियां जिम्मेवार हैं। अब इस न्यू इंडिया से बाहर करने में यह मदद नहीं कर सकती। आने वाले 2024 के परिणाम भी हमें अपना भविष्य संवारने में मदद नहीं करेंगे। देश की स्थिति इस वक्त यह है कि हमारा स्किल रेट 5 फीसदी, जबकि सॉलिड इकोनॉमी वाले देश जैसे यूके साउथ कोरिया और जापान के 85 फीसदी टच करता है। हमारे देश से पिछले 9 वर्षों से एवरेज डेढ़ लाख हाई नेट वर्थ इंडिविजुअल इंडियन सिटीजन छोड़ सिंगापुर या मिडल ईस्ट की ओर रुख कर रही है। पिछले 10 साल में 100 लाख करोड़ कर्ज चढ़ गया है। देश में पहले 30 से 32 फीसदी प्राइवेट इन्वेस्टमेंट होती थी जो आज महज 19 फीसदी रह गई है।
-स्वास्थ्य मंत्री ने यूरो किड्स स्कूल के वार्षिक समारोह में की शिरकत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री कर्नल डॉ. धनी राम शांडिल ने कहा कि प्ले स्कूल बच्चों को भावी शिक्षा के लिए पूर्ण रूप से तैयार करने में बेहतर कार्य कर रहे हैं। डॉ. शांडिल आज यहां यूरो किड्स स्कूल सोलन के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। डॉ. शांडिल ने कहा कि शिक्षा की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण अध्यापक हैं, जोकि बच्चों की नींव मजबूत बनाते हैं। उन्होंने कहा कि गुरुओं के मार्गदर्शन में ही बच्चे जीवन की ऊंची से ऊंची उड़ान भरने में सक्षम होते हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर नन्हे छात्रों के अभिभावकों से आग्रह किया कि इन बच्चों को भविष्य का उत्तरदायी नागरिक बनाने में अपना सहयोग दें। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में नशा व्यापक समस्या बनकर उभरा है। छोटे बच्चों के अभिभावकों को न केवल एक आदर्श प्रस्तुत करना होगा किंतु बच्चों की गतिविधियों पर भी सदैव ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि एकता के साथ ही हम नशे को हरा पाएंगे। डॉ. शांडिल ने कहा कि प्ले स्कूल के अध्यापकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह अध्यापक बहुत छोटी आयु के बच्चों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करते हैं। इस स्तर पर अभिभावकों और अध्यापकों का आपसी तालमेल आवश्यक है। स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर उपस्थित अभिभावकों व अन्य को सुखाश्रय योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत चिन्हित किए गए लगभग 2700 अनाथ बच्चे, जो कि अपने रिश्तेदारों के साथ रह रहे हैं, को भी 27 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक 4000 रुपये मासिक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन बच्चों के संरक्षण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है और इस योजना में मातृत्व देखभाल की आवश्यकता वाले प्रत्येक बच्चे के लिए एक परिचारिका का भी प्रावधान किया गया है और प्रत्येक बढ़ते तीन बच्चों के लिए एक मैट्रन का भी प्रावधान है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि इस योजना के बारे में लोगों को अवगत करवाएं ताकि कोई भी पात्र बच्चा न छूट पाए। यूरो किड्स की मुख्याध्यापक सीमा बहल ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और विद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर स्कूल के नन्हे बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। मुख्यातिथि द्वारा स्कूल के बच्चों को सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए अपनी एच्छिक निधि से 11 हजार रुपये देने की घोषणा की। जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, ज़िला कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष शिव कुमार, खण्ड कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निदेशक जतिन साहनी, नगर निगम के पार्षद सरदार सिंह ठाकुर, पूजा, संगीता ठाकुर, ईशा पराशर, नगर निगम के मनोनीत पार्षद रजत थापा तथा विजय ठाकुर, जिला कांग्रेस समिति के सचिव विजय ठाकुर, खण्ड कांग्रेस समिति सोलन के महासचिव कुनाल सूद, कांग्रेस समिति के मीडिया पैनालिस्ट शोभित बहल, कांग्रेस सेवा दल के सदस्य हरिमोहन शर्मा, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अरविंद, नन्हे बच्चे तथा अभिभावक इस अवसर पर उपस्थित थे।
-फाइनल मुकाबले में पाइनग्रोव स्कूल धर्मपुर को दी शिकस्त -मॉडर्न स्कूल की ऋद्धिमा ने हासिल किया प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब पाइनग्रोव स्कूल धर्मपुर में आईपीएससी अंडर-17 गर्ल्स क्रिकेट टूर्नामेंट-2023 का आयोजन 10 से 13 अक्तूबर तक किया गया। इसमें देश के उन प्रतिष्ठित विद्यालयों की टीमों ने भाग लिया, जो लड़कियों के क्रिकेट कौशल निखारने हेतु मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने में सक्षम हैं एवं लड़कियों को भी लड़कों के समान अवसर देने की सोच तथा हिम्मत रखते हैं। टूर्नामेंट में भाग लेने वाली टीमों में मुख्य रूप से मेयो कॉलेज गर्ल्स स्कूल अजमेर, मॉडर्न स्कूल दिल्ली, यादवेंद्र पब्लिक स्कूल मोहाली और मेज़बान पाइनग्रोव स्कूल शामिल थे। फाइनल मैच में राजकुमार ठाकुर बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। राजकुमार ठाकुर हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा में चयन के पश्चात राजस्व एवं बंदोबस्त विभाग में बतौर तहसीलदार सेवाएं दे चुके हैं। ये लाहौल-स्पीति के उदयपुर एवं जिला बिलासपुर के नैना देवी में एसडीएम के पद पर भी सेवाएं दे चुके हैं। टूर्नामेंट के सभी मुकाबले लीग मैचेज के आधार पर खेले गए। फाइनल मैच पाइनग्रोव स्कूल एवं मॉडर्न स्कूल दिल्ली के मध्य खेल गया। पाइनग्रोव ने टॉस जीत कर मॉडर्न स्कूल को बल्लेबाज़ी के लिए आमंत्रित किया। मॉडर्न स्कूल ने 20 ओवरों में 176 रनों का लक्ष्य रखा। पाइनग्रोव स्कूल 20 ओवर खेलकर लक्ष्य प्राप्त नहीं कर पाया और मॉडर्न स्कूल दिल्ली नें विजेता का खिताब अपने नाम किया। मॉडर्न स्कूल दिल्ली की याना गुप्ता को बेस्ट बॉलर, पाइनग्रोव स्कूल की वृंदा भसीन को बैस्ट बैटर, मेयो कॉलेज गर्ल्स स्कूल-अजमेर की माही को बेस्ट फील्डर, मॉडर्न स्कूल की नैना अग्रवाल को बेस्ट विकेट कीपर, पाइनग्रोव स्कूल की कनिका चौहान को बेस्ट अपकमिंग प्लेयर और मॉडर्न स्कूल की ऋद्धिमा को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब दिया गया।
भारत निर्वाचन आयोजन के निर्देशानुसार जिला सोलन के 50-अर्की, 51-नालागढ़, 52-दून, 53-सोलन (अ.जा.) तथा 54-कसौली (अ.जा.) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के मतदान केंद्रों की सूचियां लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 25 के नियमानुसार अंतिम रूप से प्रकाशित कर दी गई है। यह जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने दी। मनमोहन शर्मा ने कहा कि विधानसभा निर्वाचन-2022 के दौरान जिला में 579 मतदान केंद्र स्थापित किए गए थे तथा मतदान केन्द्रों की युक्तिकरण प्रक्रिया के दौरान 13 नए मतदान केंद्र स्थापित किए गए है। उन्होंने कहा कि अब मतदान केन्द्रों की कुल संख्या 592 हो गई है। उन्होंने कहा कि मतदाताओं की सुविधा के लिए 13 मतदान केंद्रों के भवनों को स्थानान्तरण तथा 08 मतदान केन्द्रों के अनुभागों का युक्तिकरण किया गया है। उन्होंने कहा कि मतदान केंद्रों की सूचियों का जिला निर्वाचन अधिकारी (उपायुक्त) तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (उपमंडलाधिकारी) कार्यालय में नि:शुल्क निरीक्षण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उक्त सूचियों का अवलोकन मुख्य निर्वाचन अधिकारी हिमाचल प्रदेश की वेबसाईट तथा उपायुक्त सोलन की वेबसाईट पर भी किया जा सकता है।
अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ जिला सोलन ने मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में 1 लाख रुपये का चेक भेंट किया है। महासंघ की नवगठित जिला कार्यकारिणी ने अध्यक्ष मंदीप ठाकुर की अध्यक्षता में स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय, श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. धनी राम शांडिल से मुलाकत की। सोलन व कंडाघाट ब्लॉक के सहयोग से अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने मंत्री को मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में 1 लाख रुपये का चेक भेंट किया, इस आपदा के समय में ऐसे पुनीत कार्य के लिए मंत्री ने अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ सोलन का आभार व्यक्त किया। ज़िलाध्यक्ष मंदीप ठाकुर ने स्वास्थ्य मंत्री को अवगत करवाया कि अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने पूरे हिमाचल में ब्लॉक स्तर, जिला स्तर व प्रदेश स्तरीय चुनाव शांतिपूर्ण व संवैधानिक तरीके से संपन्न करवाए हैं और हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने प्रदीप ठाकुर को सर्वसम्मति से प्रदेशाध्यक्ष चुना है, साथ ही महासंघ को मान्यता बारे मंत्री से आग्रह किया। वहीं मंत्री ने आश्वासन दिया कि वह महासंघ की मान्यता बारे मुख्यमंत्री से बात करेंगे और महासंघ के साथ जल्द ही संयुक्त समन्वय समिति की बैठक बुलाने का आग्रह भी करेंगे। इस अवसर पर कर्मचारी महासंघ की प्रदेश कार्यकारणी के मुख्य सलाहकार शमशेर ठाकुर, उपाध्यक्ष रवि कांत, अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष देश राज ठाकुर, महामंत्री हरचरण सिंह, कोषाध्यक्ष मोहन राठौर, महिला उपाध्यक्ष वंदना शर्मा, उपाध्यक्ष ईश्वर सिंह, ब्लॉक सोलन के अध्यक्ष करमजीत सिंह, ब्लॉक कांडघाट के अध्यक्ष सतीश शर्मा, ब्लॉक धर्मपुर की अध्यक्षा अंजना राणा, ब्लॉक अर्की के अध्यक्ष ओम प्रकाश, ब्लॉक कांडघाट के महासचिव विनोद कुमार और उनकी कार्यकारणी के अन्य पदाधिकारी व विभागीय एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद थे।
जिला सोलन के कुनिहार क्षेत्र के साथ लगते गांव रिंवी की नीलाक्षी भारद्वाज ने एम्स में नर्सिंग ऑफिसर का मुकाम हासिल किया है। नीलाक्षी ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि उसने यह मुकाम दूसरे प्रयास में हासिल किया है। हालांकि पहले प्रयास में भी उसने यह परीक्षा क्लियर की थी, परंतु उस दौरान उसका रैंक ठीक नहीं रहा था। नीलाक्षी ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता को देते हुए बताया कि सामान्य परिवार से होते हुए आर्थिक तंगी के बावजूद भी मेरे माता-पिता ने मुझे इस मुकाम को हासिल करने के लिए सपोर्ट किया। नीलाक्षी ने बातचीत में बताया कि उसकी 10वीं की पढ़ाई गाजियाबाद यूपी से हुई। प्लस टू डीएवी शिमला से उत्तीर्ण करने के पश्चात नर्सिंग का कोर्स मुरारी लाल मैमोरियल कॉलेज ऑफ नर्सिंग ओच्छ घाट सोलन से किया। इसके पश्चात श्री गंगा राम हॉस्पिटल दिल्ली में कार्य किया, परंतु सरकारी जॉब की अभिलाषा दिल में पाले हुए इस जॉब को छोड़कर दो माह तक बिना किसी कोचिंग के 10 से 12 घंटे पढ़ाई करके माता-पिता के स्नेह व ईश्वर के आशीर्वाद से आज एम्स में नर्सिंग ऑफीसर के रूप में सफलता पाई है। नीलाक्षी ने दिल्ली,ऋषिकेश व बिलासपुर एम्स का पसंद के तौर चुनाव किया है। बेटी की इस उपलब्धि से नीलाक्षी के पिता कमल किशोर व माता रंजू भारद्वाज ने खुशी जाहिर करते हुए बेटी की कड़ी मेहनत को इसका श्रेय दिया है।
-सड़कें बदहाल, स्थानीय लोगों और पर्यटकों को उठानी पड़ती हैं मुश्किलें विश्व मानचित्र पर अंकित पर्यटन नगरी कसौली स्विट्जरलैंड की तर्ज पर कब संवरेगा। इसकी स्थिति कब सुधरेगी कोई नहीं जानता। केंटोनमेंट के तहत इस कसौली कस्बे की हालत इतनी दयनीय है कि स्थानीय लोग तो परेशान हैं, साथ ही बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी मुश्किलें उठानी पड़ती हैं। नेशनल हाइवे से करीब 15 किलोमीटर दूर इस पर्यटन स्थल तक पहुंचने के लिए जिस सड़क मार्ग का इस्तेमाल करना पड़ता है, उसकी स्थिति बेहद खराब है। सड़क कब ठीक रही शायद यहां रहने वाले लोगों को भी याद करने के लिए बादाम खाने पड़ेंगे। आलम यह है कि सड़क संकरी है। हर पांच से दस फीट की दूरी पर सड़क टूटी हुई मसलन उबड-खाबड़ है। रोजाना वाहन चालक परेशान होते हैं। छिटपुट सड़क की घटनाएं होना आम है। कसौली पर्यटन स्थल होने की वजह से यहां पर्यटकों की आमद ज्यादा रहती है। अधिकतर पर्यटक यहां पहुंचने के लिए टूरिस्ट बसों का इस्तेमाल करते है, लेकिन सड़क की खराब हालत बस चालको सहित सवारियों की जान को जोखिम में डाल देती है। उस पर गढ़खल में लगने वाला जाम तो रही सही कसर पूरी कर देता है। बता दें कि कसौली अपने अपार सौंदर्य के लिए मशहूर है। पहाड़ी इलाका और यहां से चंडीगढ़ और बीबीएन के मैदानी इलाकों का दृश्य अति मनमोहक नजर आता है। उस पर यहां की खूबसूरती को चार चांद लगाती है होटल इंडस्ट्री। कसौली क्षेत्र होटल इंडस्ट्री हब है। यहां 250 से ज्यादा होटल हैं, जिसमें देश के कई बड़े होटलों की चेन है। हैरत इन होटलों तक पहुंचने के लिए पर्यटकों को खासी माथापच्ची करनी पड़ती है। होटल व्यवसायी इस समस्या से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। व्यवसायियों का कहना है की पर्यटक बुकिंग कर यहां आते है, लेकिन सड़कों की हालत से परेशान खरी खोटी सुनाते हैं। कसौली होटल इंडस्ट्री सरकार को सबसे अधिक रेवेन्यू देने वालों में से एक है। बावजूद उनकी अनदेखी होती है। उन्होंने सरकार से गुहार लगाई है कि पर्यटन की दृष्टि से कसौली क्षेत्र और अधिक विकसित हो इसके लिए सरकार को उचित कदम उठाने चाहिए। अन्यथा जितने होटल यहां खुल रहे हंै, उनमें रोजगार मिलना तो दूर संचालकों को बैंक की किस्तें निकालना भी मुश्किल हो जाएगी। लिटफेस्ट में भीड़, लेकिन सड़क से परेशान कसौली में इन दिनों खुशवंत सिंह लिटफेस्ट चल रहा है। देश विदेश से मशहूर हस्तियां यहां पहुंची हैं, लेकिन सभी सड़कों की हालत पर अफसोस जता रहे हैं। कुछ राष्ट्रीय स्तर के पत्रकारों ने कसौली की सड़कों का मामला संपादकीय में उठाने की बात भी की है। बहरहाल, सड़कों की हालत किसी से छुपी नहीं है। अब इनकी सेहत ठीक करने के लिए नेता, अभिनेता, साहित्यकार, पत्रकार या लेखक कौन आगे आता है ये देखने वाली बात होगी। कसौली में व्यापार व पर्यटन की अपार संभावनाएं है। सड़कों की हालत बेहद खराब है। लंबे समय से इनको दुरुस्त करने की मांग कर रहे हैं। होटल व्यवसाय प्रभावित होता है। प्रदेश की छवि बाहरी राज्य में सही नहीं जाती। अब हमारी कांग्रेस की सरकार सत्ता में आई है। होटल इंडस्ट्री व आम जनता की मांग को सरकार के समक्ष रखा है। उम्मीद है सरकार कसौली के लिए जल्द कुछ अच्छा करेगी। -वेद गर्ग, कांग्रेस जिला मुख्य प्रवक्ता एवं होटल व्यवसायी
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार 16 अक्तूबर को आवश्यक रखरखाव के दृष्टिगत सोलन शहर के कुछ क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी आज यहां अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता राहुल वर्मा ने दी। राहुल वर्मा ने कहा कि 16 अक्तूबर को प्रात: 10.00 बजे से सांय 5.00 बजे तक बसाल, कालाघाट, ओच्छघाट, नाडू, फनगरल, कुंडला, क्यार एवं आस-पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने कहा कि मौसम खराब होने की स्थिति तथा अन्य कारणों से उपरोक्त तिथि एवं समय में बदलाव किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की।
कृषि विज्ञान केंद्र सोलन द्वारा प्राकृतिक कृषि पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण शिविर आत्मा परियोजना शिमला द्वारा प्रायोजित किया गया और इसमें रामपुर और बसंतपुर खंडों के 20 किसानों ने भाग लिया। केंद्र के प्रभारी डॉ जितेंद्र चौहान ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र कंडाघाट प्राकृतिक कृषि के बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है और समय-समय पर प्रशिक्षण शिविरों और प्रदर्शनों का आयोजन केंद्र द्वारा किया जा रहा है। डॉ चौहान ने किसानों को प्राकृतिक खेती के महत्व एवं फलदार पौधों को प्राकृतिक कृषि से तैयार करने के विषय में जानकारी दी। कार्यक्रम की संयोजक डॉ मीरा ठाकुर ने जीवामृत तथा घन जीवामृत तैयार करने की विधि बताई। वरिष्ठ पौध रोग विशेषज्ञ डॉ आरती शुक्ला ने प्राकृतिक कृषि में उपयोग में किए जाने वाली रोगनाशी और कीटनाशी के विषय में विस्तृत रूप से जानकारी दी तथा प्रतिभागियों से तैयार भी करवाया। कीट वैज्ञानिक डॉ अनुराग शर्मा ने किसानों को अच्छाधन, वापसा का महत्व तथा अंतह फसलों के विषय में जानकारी दी। इसके अतिरिक्त ड्रोन के माध्यम से किसानों को जीवामृत का छिड़काव करना भी दिखाया।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल 14 से 16 अक्तूबर तक ज़िला सोलन के प्रवास पर रहेंगे। डॉ. शांडिल 14 अक्तूबर को दिन में 12.30 बजे सोलन के हिमानी होटल में यूरो किडज स्कूल के वार्षिक समारोह में मुख्यातिथि होंगे। स्वास्थ्य मंत्री 15 अक्तूबर को प्रात: 11.30 बजे सोलन के दुर्गा पब्लिक स्कूल के 20वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यातिथि होंगे। वह तदोपरांत इसी दिन सांय 3 बजे जीरो प्वाइंट, ओच्छघाट में कुछ समय के लिए रूकेंगे। डॉ. शांडिल 16 अक्तूबर को प्रात: 10.30 बजे शूलिनी विश्वविद्यालय सोलन के 7वें दीक्षांत समारोह में उपस्थित रहेंगे। श्रम एवं रोज़गार मंत्री इसी दिन सायं 3 बजे ग्राम पचंायत शमरोड़ के धर्जा में आयोजित महामाई मेला में मुख्यातिथि होंगे।
-बद्दी में डिजीटीकरण विषय पर कार्यशाला एवं संवाद सत्र आयोजित हिमाचल प्रदेश के डिजिटल टेक्नोलॉजीज़ एंड गवर्नेंस विभाग के सचिव अभिषेक जैन ने कहा कि प्रदेश सरकार डिजिटल बदलाव के माध्यम से आमजन को समयबद्ध एवं सर्वसुलभ सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। अभिषेक जैन आज सोलन ज़िला के नालागढ़ उपमण्डल के बद्दी में 'वर्कशॉप ऑन एप्लीकेशन ऑफ आर्टिफिश्यिल इंटेलीजेंस एण्ड डिजिटल टेक्नोलॉजीज़ फॉर इफैक्टिव गवर्नेंस इन हिमाचल प्रदेशÓ विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला एवं संवाद सत्र को सम्बोधित कर रहे थे। अभिषेक जैन ने कहा कि डिजिटल बदलाव का मुख्य उद्देश्य आम जन तक विभिन्न नागरिक केन्द्रित सेवाओं को समयबद्ध पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि डिजिटीकरण के माध्यम से नागरिक इन सेवाओं का लाभ कहीं भी किसी भी समय उठा सकते हैं। इससे जहां उनके समय व धन की बचत होती है वहीं प्रदेश सरकार द्वारा नागरिकों को त्वरित सेवाएं सुनिश्चित बनाई जा सकती हंै। उन्होंने कहा कि हिमाचल ऑनलाईन सेवा पोर्टल (ई-डिस्ट्रिक्ट) पर 217 सेवाएं नागरिकों को ऑनलाइन उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू डिजिटीकरण और सूचना प्रौद्योगिकी के आमजन हितैषी प्रयोग पर बल दे रहे हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश में पहली बार डिजिटल गवर्नेंस के लिए मुख्यमंत्री परिषद गठित की गई है। इस परिषद का उद्देश्य हिमाचल को डिजिटल रूप में विकसित कर जन-जन तक डिजिटीकरण के लाभ पहुंचाना है। अभिषेक जैन ने कहा कि सभी के समय, धन और प्रयासों की बचत के लिए हिमाचल प्रदेश में ई-ऑफिस का कार्यान्वयन आरम्भ कर दिया गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री स्वयं ई-ऑफिस का प्रयोग कर आमजन को लाभान्वित कर रहे हैं।डिजिटल टेक्नोलॉजीज़ एंड गवर्नेंस विभाग के सचिव ने कहा कि आज की कार्यशाला एवं संवाद सत्र का उद्देश्य शिक्षाविदों एवं क्षेत्रीय स्तर पर कार्यरत साझेदारों से फीडबैक प्राप्त कर विभिन्न ऑनलाईन सेवाओं में सुधार लाना और सरकारी क्षेत्र में नित नवीन तकनीक के प्रयोग को बढ़ावा देना है। अभिषेक जैन ने कहा कि आज की कार्यशाला में सरकारी क्षेत्र में तकनीक के श्रेष्ठतम प्रयोग के विषय में एक समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर मुख्यमंत्री को प्रस्तुत की जाएगी। उन्होंने कहा कि तकनीक के कार्यान्वयन की चुनौतियों से निपटने के लिए सार्थक चर्चा आवश्यक है ताकि कमियों को दूर कर लोगों तक अधिक लाभ पहुंचाया जा सके। उन्होंने उपस्थित शिक्षाविदों एवं विशेषज्ञों का आह्वान किया कि व्यावहारिक कार्यान्वयन के लिए तार्किक सुझाव प्रस्तुत करें। अभिषेक जैन ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं प्रदेश के अन्य ज़िलों में भी आयोजित की जाएंगी ताकि प्रदेश सरकार द्वारा जनहित में कार्यान्वित की जा रही डिजीटीकरण के विषय में उचित फिडबैक प्राप्त कर सुधार किया जा सके।
-मुख्यमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस पर दिया सम्मान -स्कूल सेफ्टी मोबाइल ऐप का किया शुभारंभ -कहा, राज्य में बादल फटने की बढ़ती घटनाओं का अध्ययन आवश्यक -सीबीआरआई रुड़की और हिमकॉस्टे के मध्य समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अंतर्राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के अवसर पर आज शिमला में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आपदा के दौरान बेहतरीन कार्य करने वाले विभागों और अधिकारियों को सम्मानित किया। साथ ही संकट की इस घड़ी में प्रदेशवासियों एवं विभिन्न संगठनों के प्रयासों की भी सराहना की। आपदा के दौरान विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के बेहतर कार्यों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावितों की मदद में सभी ने अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दिया है। राज्य सरकार द्वारा राहत एवं बचाव अभियान के लिए उन्हें सभी तरह के संसाधन उपलब्ध करवाए गए। इसके अतिरिक्त स्थानीय लोगों एवं स्वयंसेवी संगठनों का भी भरपूर सहयोग मिला है। इस आपदा में हिमाचली लोगों के परस्पर सहयोग तथा संकट का एकजुट होकर सामना करने का जीवट भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बादल फटने की बढ़ती घटनाओं का अध्ययन करने की भी आवश्यकता है, क्योंकि राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों के साथ-साथ मैदानी क्षेत्रों में इस तरह की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुरक्षित भवन निर्माण के दृष्टिगत विभिन्न उपायों पर चर्चा के साथ ही इन्हें अमल में लाने के लिए कड़े कानून बनाने पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस बार मानसून में भारी तबाही हुई है, लेकिन प्रशासन के सामूहिक प्रयासों से विभिन्न स्थानों में फंसें 75 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला गया और 48 घंटों में सभी आवश्यक सेवाएं अस्थाई रूप से बहाल की गईं। ट्रैफिक में फंसे लोगों के लिए खाने-पीने सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान की गईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रभावित परिवारों के लिए 4500 करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज घोषित किया गया है। बेघर हुए परिवारों को किराए के आवास के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 5 हजार और शहरी क्षेत्रों में 10 हजार रुपए प्रदान करने के साथ-साथ नि:शुल्क राशन भी दिया जा रहा है। आपदा में भूमिहीन हुए परिवारों को घर बनाने के लिए शहरी क्षेत्रों में दो बिस्वा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में तीन बिस्वा भूमि देने का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भीषण आपदा का दृढ़ता के साथ सामना करने के बाद अब राज्य सरकार हिमाचल को फिर से विकास की राह पर आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश पर 75 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है, लेकिन सरकार केवल कर्ज के सहारे ही नहीं चल सकती। ऐसे में राज्य सरकार अपने आर्थिक संसाधन बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले चार वर्षों में हिमाचल को आत्मनिर्भर तथा दस वर्षों में देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्कूल सेफ्टी मोबाइल ऐप का शुभारम्भ भी किया। इस ऐप के माध्यम से स्कूल आपदा प्रबंधन की योजना बना सकेंगे और उसी के अनुरूप मॉकड्रिल का आयोजन कर सकेंगे, जिसकी निगरानी उच्च स्तर पर भी आसानी से की जा सकेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की उपस्थिति में केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) रुड़की और हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद (हिमकॉस्टे) के मध्य एक समझौता ज्ञापन भी हस्ताक्षरित किया गया। सीबीआरआई की ओर से एसके नेगी और हिमकॉस्टे की ओर से डी.सी. राणा ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भूकंप से भवनों की सुरक्षा तथा ग्रामीण हिमाचल में राज मिस्त्रियों की प्रशिक्षुता से संबंधित पुस्तक एवं मार्गदर्शिका का भी विमोचन किया। प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा ने समर्थ कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की और इस दौरान आयोजित गतिविधियों की जानकारी प्रदान की। विशेष सचिव डीसी राणा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र शर्मा, उप-महापौर उमा कौशल, उपायुक्त आदित्य नेगी, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
राज दरबार कुनिहार में होने वाली राम लीला के मंचन के लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। 1987 से अनवरत राज दरबार परिसर कुनिहार में रामलीला का भव्य मंचन किया जा रहा है। 1987 में रविंद्र शास्त्री के निर्देशन में रामलीला का मंचन आरंभ हुआ था। उस समय कुनिहार के व्यवसायी सतीश मित्तल, स्व. धर्म पाल अरोड़ा, स्व. ओम प्रकाश शर्मा, देवेंद्र शर्मा सहित स्थानीय जनपद के लोगो ने रामलीला मंचन का प्रण लिया था, जिसे साल दर साल बुलंदियों पर पहुंचाने का कार्य आज युवा पीढ़ी करती नजर आती है। पिछले पांच छह वर्षो से रामलीला के युवा प्रधान रिशु राम कार्य को पूरी निष्ठा से निभा रहे है। रामलीला राधा रमन शर्मा,संदीप जोशी के निर्देशन में नए आयाम स्थापित कर रही है। रामलीला के सयोंजक देवेंद्र शर्मा वर्ष 1987 से भगवान राम की सोंगन्ध खा कर पूर्ण समर्पण के साथ नए युवा वर्ग को अपने सनातन से जोड़ते दिखते है, तो वहीं राम लीला किरदारों में वास्तविकता के रंग भर दर्शकों को भगवान राम की लीला के दीदार करवाने में अक्षरेश शर्मा भी किरदारों के मेकअप में अपना 100 प्रतिशत योगदान देकर मंच की गरिमा में चार चांद लगाते नजर आते है। लगातार 37वें वर्ष में प्रवेश कर रही कुनिहार की रामलीला 14 अक्टूबर से मंचन के लिए पूर्ण रूप से तैयार है। आशीष द्विवेदी, अजय जोशी, मुकेश शर्मा, अरविंद जोशी सहित युवा पीढ़ी राम लीला के मंचन के लिये नए संकल्प के साथ तैयार है। जिला सोलन में कुनिहार की रामलीला व दशहरा उत्सव का नाम प्रख्यात हो चुका है। रामलीला में जंहा रात्रि में सैंकड़ों दर्शक जंहा अपनी संस्कृति से रूबरू होते है, तो वहीं दशहरा उत्सव की रौनक दशहरा ग्राउंड में देखते ही बनती है। हजारों लोग जंहा दिन में अनेकों कार्यकर्मो का आनन्द लेते है,तो वन्ही सन्ध्या बेला में रावण दहन का मनोरम दृश्य का आनंद लेते हैं। रात्रि सांस्कृतिक संध्याओं में लोगों का भरपूर मनोरंजन होता है।
चित्रकूट स्कूल ऑफ लिबरल आर्ट्स शूलिन विश्वविद्यालय द्वारा अंग्रेजी में भारतीय लेखन का रूटलेज विश्वकोश जारी किया गया। यह साहित्यिक कार्य दुनिया भर के 150 से अधिक विद्वानों की कड़ी मेहनत और समर्पण के सामूहिक प्रयासों का प्रतिनिधित्व करता है। शूलिनी विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों ने, चित्रकोट स्कूल ऑफ लिबरल आर्ट्स के पीएचडीछात्रों के सहयोग से, इस विश्वकोश को जीवंत बनाने में अभिन्न भूमिका निभाई है। उन्होंने न केवल विचारोत्तेजक निबंधों और लेखों का योगदान दिया है जो इस साहित्यिक संग्रह के पन्नों की शोभा बढ़ाते हैं, बल्कि वे विद्वता और सटीकता के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करते हुए संपादकीय टीम के महत्वपूर्ण सदस्य भी रहे हैं। रूटलेज इनसाइक्लोपीडिया ऑफ इंडियन राइटिंग इन इंग्लिश में भारतीय लेखन के सभी पहलुओं को शामिल किया गया है, जो इस समृद्ध और विविध साहित्यिक परिदृश्य का पता लगाने के इच्छुक विद्वानों और शोधकर्ताओं के लिए एक अमूल्य संसाधन के रूप में कार्य करता है। इस साहित्यिक परियोजना के सह-संपादक, प्रो. मंजू जैदका और प्रो. तेज नाथ धर, इस उल्लेखनीय प्रयास के शीर्ष पर रहे हैं। उनके दूरदर्शी नेतृत्व ने यह सुनिश्चित किया है कि यह विश्वकोश इसके निर्माण में शामिल सभी लोगों के समर्पण और जुनून के प्रमाण के रूप में खड़ा है।
एचपी नेवल यूनिट एनसीसी बिलासपुर द्वारा 10 दिवसीय जलतरंग नौकायान मेन्यू शिविर 2023 के चौथे दिन की दिनचर्या में कैडेट्स ने सुबह-सवेरे शारीरिक व्यायाम और योग से की। सुबह 9 बजे कैडेट्स गोविंदसागर झील में तीन सेलिंग बोट, दो रेस्क्यू बोट और एक सेफ्टी बोट्स लेकर अली खड्ड पुल से होते हुए चांदपुर की तरफ नौकायान करते हुए रवाना हुए। प्रशिक्षकों की देखरेख में कैडेट्स ने नौकायान का लुत्फ लिया। नौकायान के दौरान कैडेट्स ने बोट पुलिंग, जनरल नेविगेशन, बोट रिगिंग आदि के बारे में सीखा। नौकायान करने के बाद सभी बोटस वापिस लुहनू मैदान पहुंची। इस दौरान कमांडिंग ऑफिसर कमांडर डॉक्टर देवाशीष गूहा, एएनओ सब लेफ्टिनेंट डॉ. सुरेश कुमार जमवाल, मुख्य अनुदेशक भरत भूषण, पीओ अनिल शर्मा, मनीष ठाकुर, राजेश कुमार, संजीव कुमार, विक्रम, ओम प्रकाश, बी डी दास, जीसीआई अंकिता, एएनओ केवल सिंह, सीटीओ अब्दुल मजीद, नर्सिंग ऑफिसर अमित कुमार, शिप मॉडलिंग इंस्ट्रक्टर अमित ठाकुर व नौ सेना यूनिट एनसीसी बिलासपुर के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
यूरो किड्स कोटला नाला में आज ग्रांड पेरेंट्स डे का आयोजन किया गया। स्कूल में सभी बच्चों के दादा-दादी या नाना-नानी को आमंत्रित किया गया था। स्कूल पहुंचे ग्रांड पेरेंट्स का तिलक लगा कर स्वागत किया गया। अपने ग्रांड पेरेंट्स के सम्मान में बच्चों ने बहुत सुंदर व मनमोहक रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किये। ग्रांड पेरेंट्स की कई प्रकार की प्रतियोगिताएं करवाई गईं, जिनमें अनाया, हितेशी, परिनीती, नमन, आशिया वैभव, गूजूल विजेता रहे। सभी विजेताओं को पुरस्कार से सम्मानित किया गया। स्कूल की प्रिंसिपल सीमा वहल ने कहा कि ग्रांड पेरेंटस व बच्चों का भावनात्मक संबंध होता है, जिसे बरकरार रखने के लिए इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। बच्चों को शिक्षा के साथ साथ संस्कारिक शिक्षा प्रदान करना यूरो किड्स का मुख्य उद्देश्य है, अंत में स्कूल के डायरेक्टर शोभित बहल ने सभी अभिभावकों का व पूरे स्टाफ कर्मचारियों का धन्यवाद किया, जिनके सौजन्य से व यह कार्यक्रम सफल रहा।
-छात्र विद्यालय कुनिहार में जिला स्तरीय अंडर-19 एथलेटिक्स स्पर्धाएं संपन्न राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुनिहार में जिला क्रीड़ा संघ सोलन द्वारा आयोजित तीन दिवसीय जिला स्तरीय अंडर-19 छात्र एवं छात्रा एथलेटिक्स स्पर्धाओं का विधिवत समापन हुआ। 10 अक्तूबर से 12 अक्तूबर तक चली। एथलेटिक्स स्पर्धाओं में 53 विद्यालयों के 471 छात्र व छात्रा खिलाड़ियों ने भाग लिया। एथलेटिक्स स्पर्धाओं में ओवरऑल चंैपियन का खिताब छात्र वर्ग में एसएपीएस बद्दी के नाम रहा, जबकि छात्र वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सोलन दूसरे स्थान पर रहा। वहीं छात्रा वर्ग में देलगी स्कूल ने ट्रॉफी पर कब्जा किया व दूसरे स्थान पर बद्दी स्कूल रहा। प्रतियोगिता में बेस्ट एथलीट बॉयज में फारुख खान पंजेरा व शिवांश सोलन रहे। कनुप्रिया बद्दी, गुंजन बीएल पब्लिक स्कूल कुनिहार व तनुप्रिया एवाईसी दयोली गर्ल्स वर्ग में बेस्ट एथलीट रही। वीरवार को स्पर्धाओं के समापन अवसर पर स्थानीय विद्यालय के प्रधानाचार्य बीएस ठाकुर ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत कर एथलेटिक्स स्पर्धाओं के विजेता व उप विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया। बीएस ठाकुर ने खिलाड़ियों को अपना आशीर्वाद देते हुए विजेता खिलाड़ियों को उनकी कामयाबी पर बधाई दी व जो खिलाड़ी कामयाबी पाने से रह गए उन्हें भविष्य में कड़ी मेहनत करके इसे हासिल करने की नसीहत दी। ठाकुर ने बच्चो को नसीहत देते हुए कहा कि वे जीवन मे किसी भी प्रतियोगिता के लिए अपना लक्ष्य बनाकर उसे पूरा करने के लिये कड़ी मेहनत करे आपको सफलता जरूर मिलेगी। अंत मे मुख्यातिथि ने सभी विजेता व उप विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। इस दौरान जिला क्रीड़ा संघ उच्चतर प्रतियोगिता प्रभारी शेर सिंह,खेल निरीक्षक कैलाश कौशल,खेल मीडिया प्रभारी राज कुमार पाल, कार्यालय प्रभारी सुभाष ठाकुर, किशोर शर्मा व महेंद्र राठौर सहित विभिन्न विद्यालयों के शारीरिक शिक्षक व डीपीई मौजूद रहे।
पाइनग्रोव स्कूल सूबाथू के विद्यार्थियों ने उप मंडल स्तरीय पर चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस में शानदार प्रदर्शन करके अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उप मंडल स्तरीय पर चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस-2023 का आयोजन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धर्मपुर में हुआ। इसमें 55 निजी एवं सरकारी विद्यालयों के 348 विद्यार्थियों नें अलग-अलग स्पर्धाओं भाग लिया। विज्ञान एवं गणित के इस दो दिवसीय महाकुंभ में विद्यार्थियों के साथ प्रत्येक विद्यालयों के विज्ञान अध्यापकों ने भी अपने छात्रों के साथ अपना बहुमूल्य समय दिया। दूसरे दिन समापन समारोह में इनर व्हील क्लब कसौली की प्रेसीडेंट रूबी गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। पाइनग्रोव स्कूल सूबाथू से कुल तेरह विद्यार्थियों नें मैथ्स ओलंपिययड्स, साइंस क्विज़, ऐक्टिविटी कॉर्नर और इनोवेटिव साइंस माडल में भाग लिया। सभी नें छात्रों ने शानदार प्रदर्शन करके अपने स्कूल का नाम रोशन किया। पाइनग्रोव स्कूल सूबाथू के भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता जितेेंद्र के अनुसार कुल 13 विद्यार्थियों में से 7 ने पुरस्कार प्राप्त एवं 5 विद्यार्थियों का चयन जिला स्तर के लिए हुआ। जेनियर वर्ग में राशि सिंह ने ऐक्टिविटी कॉर्नर में तृतीय स्थान प्राप्त किया, जबकि सीनियर वर्ग में ऐक्टिविटी कॉर्नर में यामिनी सिंह प्रथम स्थान पर रहीं। सीनियर केटेगरी ऐक्टिविटी कॉर्नर में रोहन तृतीय स्थान पर रहे। सीनियर केटेगरी साइंस क्विज़ में आरिष गर्ग एवं वेदांत शर्मा तृतीय आए। जूनियर केटेगरी मैथ्स ओलम्पिययड्स में आरव चौधरी तृतीय स्थान पर रहे, जबकि इनोवेटिव साइंस माडल में पाइनग्रोव स्कूल सूबाथू की जशनप्रीत कौर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। पाइनग्रोव स्कूल के कार्यकारी निदेशक कैप्टन ए जे सिंह नें विद्यार्थियों को बधाई ज्ञापित की एवं जिला स्तर के लिए शुभकामनाएं दीं।
जिला सोलन में राष्ट्रीय डाक सप्ताह के अंतर्गत आज फिलैटली (टिकट संग्रहण) दिवस मनाया गया। यह जानकारी आज यहां अधीक्षक डाकघर सोलन मण्डल सपरुन राम देव पाठक ने दी। राम देव पाठक ने कहा कि फ़िलैटली दिवस के अवसर पर गीता आदर्श पब्लिक स्कूल, डी.ए.वी कुमारहट्टी एवं डी.ए.वी परवाणु के बच्चों को फ़िलैटली से सम्बन्धित जानकारी दी गई। इस अवसर पर फ़िलैटली से सम्बन्धित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। प्रतियोगिता में छात्रों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया। इस अवसर पर डाक विभाग के अधिकारी तथा छात्र उपस्थित थे।
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सोलन ज़िला के नगर पंचायत अर्की के वार्ड नंबर 2 मियांपुर में उप चुनाव के दृष्टिगत आदर्श आचार संहिता चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने तक तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई है। यह जानकारी ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने दी। उपमंडलाधिकारी सोलन निर्वाचन अधिकारी नियुक्त, समयसारिणी जारी ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने नगर पंचायत अर्की के वार्ड नंबर 2 के उप चुनाव के संचालन के लिए सचिव, राज्य निर्वाचन आयोग हिमाचल प्रदेश की अनुपालना में अधिसूचना जारी की है। अधिसूचना के अनुसार उपमंडलाधिकारी सोलन को नगर पंचायत अर्की के वार्ड नंबर 2 के उप चुनाव के लिए निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया है। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सोलन ज़िला के अर्की में नगर पंचायत के वार्ड नंबर 2 मियांपुर के उप निर्वाचन के लिए समयसारिणी जारी कर दी गई है। यह जानकारी निर्वाचन अधिकारी एवं उपमंडलाधिकारी सोलन कविता ठाकुर ने दी। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत अर्की के वार्ड नंबर 2 (मियांपुर) के लिए उम्मीदवार अथवा उनके प्रस्तावक नामांकन पत्र 18 अक्तूबर से 20 अक्तूबर तक प्रात: 11.00 बजे से सांय 3.00 बजे तक तहसील कार्यालय अर्की में प्रस्तुत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि नामांकन प्रपत्र तहसील कार्यालय अर्की से प्राप्त किया जा सकता है। कविता ठाकुर ने कहा कि नामांकन पत्रों की छंटनी 21 अक्तूबर को की जाएगी। उन्होंने कहा कि 25 अक्तूबर को दोपहर 3.00 बजे तक नामांकन पत्र निर्धारित नियमानुसार वापिस लिए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि नामांकन पत्र वापिस लेने के लिए निर्धारित समय के उपरांत उम्मीदवार को प्रतीक चिन्ह आबंटित किए जाएंगे। निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निर्वाचन करवाए जाने की स्थिति में 5 नवंबर को प्रात: 8 बजे से सायं 4 बजे तक मतदान होगा।
-जल रक्षकों, मल्टी टास्क वर्कर्स, पैरा फिटर तथा पैरा पंप ऑपरेटर के मानदेय में बढ़ोतरी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में वन विभाग की 'वन मित्र' योजना को मंजूरी देने का निर्णय लिया गया, जिसके तहत 2061 वन बीटों में एक-एक वन मित्र को लगाया जाएगा। जमीनी स्तर के संस्थानों को शामिल करके वन क्षेत्रों की सुरक्षा, संरक्षण और विकास में स्थानीय समुदायों की भागीदारी और वन विभाग में अनुबंध के आधार पर वन रक्षकों के 100 रिक्त पदों को भरने की मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने जल शक्ति विभाग के जल रक्षकों, बहुउद्देश्यीय कार्यकर्ताओं, पैरा फिटर तथा पैरा पंप ऑपरेटरों के मानदेय में 200 रुपये की वृद्धि करने का निर्णय लिया। बैठक में जल शक्ति विभाग के जल रक्षकों, बहु उद्देशीय कार्यकर्ताओं, पैरा फिटर और पैरा पम्प ऑपरेटर के मानदेय को 500 रुपये मासिक बढ़ाकर क्रमशः 5000 रुपये, 4400 रुपये, 6000 रुपये और 6000 रुपये करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने ऊना जिला में श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत 76.50 करोड़ रुपये की लागत से पीपीपी मोड में बाबा माई दास भवन पार्किंग चिन्तपूर्णी से मंदिर तक यात्री रोपवे प्रणाली स्थापित करने को सैद्धांतिक तौर पर मंजूरी प्रदान की। परिवहन विभाग में 15 ई-टैक्सियां किराए पर लेने को मंजूरी मंत्रिमंडल ने परिवहन विभाग में 15 ई-टैक्सियां किराए पर लेने को मंजूरी पदान की। बैठक में राज्य के सभी जिलों में आपात स्थिति के दौरान वैकल्पिक संचार के लिए एमेच्योर और सामुदायिक रेडियो को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया। इससे सूचना स्रोतों, आपातकालीन प्रबन्धकों और आपदा या आपातकालीन स्थितियों से प्रभावित लोगों के बीच प्रभावी सूचना आदान-प्रदान सुनिश्चित होगा। बैठक में सीसे (लैड) पर अतिरिक्त माल कर 25 पैसे प्रति किलोग्राम की दर से कम करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने प्रदेश में लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा के लिए राज्य में निजी संचालकों के लिए 234 रूट और टैम्पो ट्रेवलर्ज के 100 अतिरिक्त रूट प्रदान करने का निर्णय लिया। बैठक में परिवहन विभाग के यातायात निरीक्षकों, मोटर वाहन निरीक्षकों, वरिष्ठ मोटर वाहन निरीक्षकों तथा पुलिस विभाग के सहायक उप-निरीक्षकों व हैड कांस्टेबल को मोटर वाहन अधिनियम-1988 की विभिन्न धाराओं के तहत अपराधों को कम करने के लिए नामित प्राधिकारी घोषित करने की भी मंजूरी दी। मंत्रिमंडल ने आपदा के कारण बेघर हुए लोगों और जिन लोगों के पास नया घर बनाने के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध नहीं है उन्हें शहरी क्षेत्र में दो बिस्वा भूमि और ग्रामीण क्षेत्रों में तीन बिस्वा भूमि प्रदान करने का निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने प्रदेश में आपदा प्रभावित परिवारों के लिए 30 सितम्बर, 2023 को घोषित विशेष राहत पैकेज को मंजूरी प्रदान की। इस विशेष पैकेज के तहत घर के पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने पर दिए जाने वाले 1.30 लाख रुपये के मुआवजे को साढ़े पांच गुणा बढ़ाकर सात लाख रुपये किया गया है। इसके अलावा कच्चे मकान के आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने पर दिए जाने वाले मुआवजे को 25 गुणा बढ़ाकर 4000 रुपये से एक लाख रुपये तथा पक्के घर के आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने पर दिए जाने वाले मुआवजे को साढ़े 15 गुणा बढ़ाकर एक लाख रुपये किया गया है। दुकान तथा ढाबा के क्षतिग्रस्त होने पर दिए जाने वाले मुआवजे को 25000 रुपये से चार गुणा बढ़ाकर एक लाख रुपये किया गया है। प्रदेश सरकार गऊशाला को हुए नुकसान की भरपाई के लिए दी जाने वाली राशि को 3000 रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। प्रदेश सरकार किराएदारोें के सामान के नुकसान के लिए दी जाने वाली 2500 रुपये की राशि को 20 गुणा बढ़ाकर 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान करेगी। दुधारू तथा भार उठाने वाले पशुओं की क्षति पर 55 हजार जबकि बकरी, सुअर, भेड़ तथा मेमने की मुआवजा राशि 6000 रुपये प्रति पशु की दर से प्रदान की जाएगी। कृषि तथा बागवानी भूमि के नुकसान की भरपाई के लिए दी जाने वाली राशि मुआवजा राशि को 3615 रुपये प्रति बीघा से बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रति बीघा कर दिया है। फसलों कोे हुए नुकसान की भरपाई के लिए दी जाने वाली राशि को 500 रुपये प्रति बीघा को आठ गुणा बढ़ाकर 4000 रुपये किया गया है। कृषि तथा बागवानी भूमि से सिल्ट हटाने के लिए दी जाने वाली आर्थिक सहायता को 1384.61 प्रति बीघा से बढ़ाकर 5000 रुपये किया गया है। यह विशेष पैकेज 24 जून, 2023 से 30 सितम्बर, 2023 तक प्रदान किया जाएगा। मंत्रिमंडल ने शिमला विकास योजना को संशोधित करने का निर्णय लिया। सड़क से ऊपर स्थित ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में नवबहार से रामचन्द्रा चौक से मछीवाली कोठी से क्राइस्ट चर्च से लक्कड़ बाजार से आईजीएमसी से संजौली चौक से नवबहार तक जहां पेड़ नहीं हैं वहीं निर्माण की अनुमति दी जाएगी। शिमला विकास योजना के तहत ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में सिर्फ उन्हीं प्लाटों पर आवासीय निर्माण को अनुमति प्रदान की जाएगी जहां पेड़ नहीं हैं। मंत्रिमंडल ने नाला और खड्ड से क्रमशः पांच और सात मीटर की दूरी पर निर्माण को अनुमति देने के लिए हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना नियमों को संशोधित करने का निर्णय लिया।
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार 12 अक्तूबर को आवश्यक रखरखाव के दृष्टिगत प्रात: 9.30 बजे से 5.30 बजे तक सोलन के सपरुन स्थित पावर हाउस मार्ग के आस-पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी सहायक अभियंता विद्युत उपमण्डल नंबर 3 सोलन दिनेश कुमार ने दी।उन्होंने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।
-नौणी विवि में हुई कार्यशाला में 150 से अधिक किसान हुए शामिल हिमाचल प्रदेश में मसाला फसलों और सुगंधित पौधों की व्यवसायिक खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य स्तरीय कार्यशाला आज डॉ. यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी में शुरू हुई। यह कार्यशाला मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर परियोजना की हिमाचल प्रदेश में मसाला फसलों का लोकप्रियकरण के तहत विश्वविद्यालय के बीज विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित कर रहा है। इस दो दिवसीय कार्यशाला में राज्य के सभी 12 जिलों के 150 से अधिक किसान भाग ले रहे हैं। इस परियोजना को भारत सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के सुपारी और मसाला विकास निदेशालय द्वारा वित्त पोषित किया गया है। प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए बीज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. नरेंद्र भारत ने बताया कि यह परियोजना राज्य में 2015-16 से चल रही है। अब तक 30 से अधिक पंचायत स्तरीय, चार जिला स्तरीय और 1 राज्य स्तरीय किसान सेमिनार आयोजित किए जा चुके हैं जिसमें 3000 से अधिक किसान लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत विश्वविद्यालय द्वारा प्रतिवर्ष अदरक, लहसुन, हल्दी, धनिया, मेथी, जंगली गेंदा, तुलसी आदि की 7 क्विंटल से अधिक रोपण सामग्री की आपूर्ति की जा रही है। इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर राजेश्वर सिंह चंदेल ने बताया कि पिछले कुछ वर्षो से मसाला फसलों की खेती के तरफ किसानों का रुझान बढ़ा है। केवल सिरमौर जिले में ही लहसुन फसल उत्पादन का क्षेत्र 1600 हेक्टेयर (2015-16) से बढ़कर 4000 हेक्टेयर (2022-23) हो गया है। इस अवधि के दौरान उत्पादन 26500 से बढ़कर 60650 मीट्रिक टन तक पहुँच गया है और 5360 से अधिक सीमांत और छोटे किसान अपनी आय के लिए पूरी तरह से लहसुन पर निर्भर हैं। विश्वविद्यालय एवं लाइन विभाग द्वारा नवीनतम तकनीक एवं ज्ञान के प्रसार से यह संभव हुआ है।
-महिला एवं बाल विकास विभाग ने हाटकोट में मनाया बालिका दिवस -कार्यक्रम में बालिकाओं व उनकी माताओं को किया गया सम्मानित महिला एवं बाल विकास विभाग की तरफ से कुनिहार के हाटकोट में आज बालिका दिवस मनाया गया। इसमें हाटकोट के तीनों आंगनबाड़ी केंद्रों की वर्कर्स, महिला मंडल सदस्यों सहित हाटकोट पंचायत की महिलाओं ने भाग लिया। महिला एवं बाल विकास पर्यवेक्षिका निशा ठाकुर ने इस बालिका दिवस की सभी बालिकाओं व माताओं को बधाई देते हुए कहा कि बेटियों को बेटों से कम न समझें। आज बेटियां राजनीति, सामाजिक व अन्य क्षेत्रों में अपना लोहा मनवा रही हंै। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की कि बेटियों को पढ़ाई के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी आगे बढ़ने के लिए सहयोग करें। पर्यवेक्षिका ने बालिकाओं व उनकी माताओं को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नीता, रमा व उर्मिला तथा महिलाएं व बालिकाएं उपस्थित रहीं।
मुख्य संसदीय सचिव मोहन लाल ब्राक्टा ने आज जिला सोलन के कृषि विज्ञान केंद्र कंडाघाट का दौरा किया और विभिन्न अनुसंधान और विस्तार गतिविधियों के बारे में जाना। इस अवसर पर उन्होनें फलों, सब्जियों और श्री अन्न पर लगाई गई प्रदर्शनी को भी देखा। उन्होनें फलों की नर्सरी का भी निरीक्षण किया, जिसमें सेब की विभिन्न किस्मों के पौधे रूट स्टॉक एवं सीडलिंग एवं अन्य फलों के पौधे तैयार किए जा रहें है। यह पौधे जनवरी माह में बागवानों को बिक्री किए जाएंगे। इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव ने डॉ यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ इंदर देव, कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. जितेंद्र चौहान एवं सभी वैज्ञानिकों एवं स्टाफ से बातचीत की और केंद्र पर किसानों के लिए किए जा रहे नए नए कार्यों के बारे में जाना। उन्होंने सेब, आडू, प्लम की नर्सरी और कीवी ब्लॉक और विभिन्न फलों में प्राकृतिक कृषि के अनुसंधान के बारे में जाना। श्री अन्न पर लगाए गए प्रदर्शन मॉडल का भी दौरा किया। उन्होंने केंद्र के वैज्ञानिकों से किसानों की आय को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास करने के निर्देश दिया। ब्राक्टा ने वैज्ञानिकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस क्षेत्र के किसानों को सेब व अन्य गुटलीदधार फलों कि गुणवत्ता रोपण सामग्री उपलब्ध करवाने में साथ-साथ किसानों की कृषि संबंधी समस्याओं का समाधान करने और प्रशिक्षण देने में भी यह केंद्र अहम भूमिका निभा रहा है।
शूलिनी विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय मामलों के कार्यालय ने कल एक शिक्षा मेले की मेजबानी की, जिसमें स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट, प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों को आकर्षित करने और अकादमिक सहयोग के लिए एक शिक्षा मेले की मेजबानी की। पांच प्रसिद्ध संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा और विशेष छात्रवृत्ति योजनाओ का आयोजन किया गया जिसमें 200 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। पांच प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि थे, डॉ. शिवराज कानूनगो, वाइस-डीन, जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ बिजनेस, क्रिस्टीन गोज्डज़ियाक, सहायक डीन ऑफ इंटरनेशनल पार्टनरशिप्स, यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनोइस अर्बाना-शैंपेन - जीआईईएस कॉलेज ऑफ बिजनेस। डॉ. अरमान डेवट्यन, सहायक डीन, पेपरडाइन यूनिवर्सिटी - ग्राज़ियाडियो बिजनेस स्कूल। अमांडा बार्थ, सहायक डीन, विलियम और मैरी - रेमंड ए. मेसन स्कूल ऑफ बिजनेस। ऋचा अग्रवाल, कंट्री मैनेजर, बोकोनी यूनिवर्सिटी और डेबियन रॉय, एसोसिएट डायरेक्टर, जीएमएसी। कार्यक्रम का उद्घाटन शूलिनी विश्वविद्यालय के चांसलर प्रोफेसर पीके खोसला और कुलपति प्रोफेसर अतुल खोसला द्वारा किया गया। प्रो. पीके खोसला ने छात्रों के लिए यह अवसर लाने और व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में पारस्परिक रूप से लाभकारी साझेदारी लाने के प्रयासों के लिए शूलिनी संकाय की प्रशंसा की। प्रोफेसर अतुल खोसला ने कहा, इस शिक्षा मेले ने न केवल ज्ञान के आदान-प्रदान की सुविधा प्रदान की, बल्कि छात्रों को छात्रवृत्ति के माध्यम से अपनी शैक्षणिक आकांक्षाओं को आगे बढ़ाने के लिए भी सशक्त बनाया। यह छात्र सशक्तिकरण और व्यावसायिक शिक्षा में वैश्विक भागीदारी के प्रति शूलिनी विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। शूलिनी विश्वविद्यालय के अंतर्राष्ट्रीय मामलों के उपनिदेशक कार्यालय डॉ. रोज़ी धांता ने अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा अवसरों पर प्रकाश डाला, जिसमें अधिकांश विजिटिंग स्कूलों के लिए आवेदन शुल्क में छूट और विशेष छात्रवृत्ति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। छात्रवृत्ति के अवसर में एक छात्र को 100 प्रतिशत छात्रवृत्ति मिलेगी और दो मेधावी छात्रों को जीडब्ल्यूएसबी के किसी भी मास्टर कार्यक्रम के लिए 50त्न छात्रवृत्ति मिलेगी। दो प्रतिभाशाली छात्रों को पेपरडाइन यूनिवर्सिटी के एमएस इन एप्लाइड फाइनेंस (एसटीईएम-नामित) और एमएस इन बिजनेस एनालिटिक्स (एसटीईएम-नामित) कार्यक्रमों के लिए 50त्न छात्रवृत्ति मिलेगी। एक अन्य छात्रवृत्ति कार्यक्रम में एक मेधावी छात्र को मास्टर ऑफ अकाउंटिंग के लिए 100त्न छात्रवृत्ति मिलेगी और दूसरे छात्र को विलियम और मैरी मेसन कॉलेज ऑफ बिजनेस में बिजनेस एनालिटिक्स कार्यक्रम में एमएस के लिए 100त्न छात्रवृत्ति मिलेगी। शिक्षा मेले में प्रबंधन विज्ञान के डीन प्रोफेसर मुशीष शरावत और स्नातक अध्ययन के निदेशक प्रोफेसर बीके कौल के मार्गदर्शन में 200 से अधिक छात्रों की भागीदारी देखी गई।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि छात्रों को गुणवत्तायुक्त तथा रोज़गारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता है। डॉ. शांडिल आज सोलन ज़िला के कंडाघाट उप मंडल की ग्राम पंचायत छावशा के गांव मंझोल (क्यारी बंगलो) में लगभग 65 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले उत्कृष्टता केंद्र के निर्माण कार्य का निरीक्षण कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सोलन ज़िला के वाकनाघाट के निकट ग्राम पंचायत छावशा में निर्मित होने वाले उत्कृष्टता केंद्र पर्यटन, आतिथ्य और सूचना प्रोद्यौगिकी के उत्कृष्टता केंद्र का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस केंद्र में पर्यटन और आतिथ्य (हॉस्पिटेलिटी) के लिए यह उत्कृष्ट केन्द्र देश का चौथा केंद्र होगा। यह केन्द्र राज्य के युवाओं के कौशल उन्नयन की दिशा में वरदान सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि इस केंद्र में पर्यटन आतिथ्य सत्कार भवन, सूचना प्रौद्योगिकी खंड, छात्रावास तथा निदेशक के आवास का निर्माण भी किया जाएगा। डॉ. शांडिल ने कहा कि युवाओं को रोज़गार उपलब्ध करवाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए प्रदेश के युवाओं के कौशल को उन क्षेत्रों में उन्नत करना आवश्यक है जहां अधिक रोज़गार के अवसर उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि पर्यटन की दृष्टि से हिमाचल प्रदेश में अपार सम्भावनाएं है और इन सम्भावनाओं को बेहतर रोज़गार अवसरों में बदलने के लिए इस दिशा में छात्रों को शिक्षा उपलब्ध करवाना आवश्यक है। स्वास्थ्य मंत्री ने ग्राम पंचायत सैंज के गांव कशाउला में अश्वनी खड्ड पर बनने वाले पुल स्थल का निरीक्षण किया। यह पुल गंाव कशाउला से ग्राम पचंायत झाझा के गांव चौड़ा को जोड़ेगा। इस पुल के निर्माण से यहां पर्यटक स्थल चायल तक जाने का सफर 15 किलोमीटर तक कम हो जाएगा वहीं ग्रामीणों को भी आवागमन में सुगमता होगी व कृषि उत्पादों को मण्डी तक पहुचाने में सहायता मिलेगी।
- प्रधानाचार्य उपासना सूद ने की कार्यक्रम की अध्यक्षता - शिक्षकों एवं बच्चों ने निकाली कलश यात्रा, शपथ भी ली सोलन जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल कोटी में मंगलवार को मेरी माटी, मेरा देश उत्सव मनाया गया। यह कार्यक्रम स्कूल की प्रधानाचार्य उपासना सूद की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। उन्होंने बच्चों को मेरी माटी, मेरा देश कार्यक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान स्कूल के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने एक कलश यात्रा भी निकाली। सभी बच्चे अपने घर से एक मुट्ठी माटी लेकर आए थे, जो कलश में एकत्रित की गई। सभी ने मेरी माटी, मेरा देश के नारों के साथ हमेशा देश हित में कार्य करने की शपथ भी ली। कार्यक्रम में स्कूल के सभी बच्चों एवं स्टाफ ने भाग लिया।
सरकाघाट मंडी की बेटी अद्विका ठाकुर पुत्री गरिमा ठाकुर ने हरियाणा में आयोजित मॉडलिंग प्रतियोगिता में हिमाचल का नाम रोशन किया है। इस प्रतियोगिता में 30 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। अद्विका ठाकुर सबको पीछे छोड़ते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया और मिस हरियाणा का खिताब अपने नाम किया। बता दें कि अद्विका ठाकुर इससे पहले लिटल मिस आईकॉनिक हिमाचल 2023 का खिताब भी जीत चुकी है। अद्विका ठाकुर अभी सिर्फ 11 वर्ष की है और 11 वर्ष की आयु में इस बच्ची ने बहुत सी ट्रॉफी और मेडल अपने नाम कर लिए हैं। अद्विका ठाकुर का सपना डॉक्टर बनने का है। मॉडलिंग और डांस वह अपने शौक के लिए करती है। अद्विका ठाकुर ने बताया कि हर मां-बाप को अपने बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ उनकी रुचि के साथ संगीत, मॉडलिंग, डांस इत्यादि इन क्षेत्रों में भी आगे लाना चाहिए। अद्विका ठाकुर ने आगे बात करते हुए बताया कि इस जीत का पूरा श्रेय वह अपने नाना-नानी और माता गरिमा ठाकुर को देती है, जिन्होंने हमेशा उसे आगे बढ़ने के लिए एक प्रेरणा दी है।
-प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने जिला रोजगार कार्यालयों से मांगी सूची हिमाचल प्रदेश में 1,409 प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) की बैचवाइज भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से 25 वर्ष पहले बीएड करने वालों को भी सरकारी नौकरी करने का मौका मिलने जा रहा है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय टीजीटी कला संकाय के 652, नॉन मेडिकल के 492 और मेडिकल के 265 पद भरेगा। टेट पास अभ्यर्थी भर्ती के लिए पात्र होंगे। अनुबंध आधार पर भर्ती होने वाले शिक्षकों को 22,860 रुपये का फिक्स वेतन मिलेगा। विभाग ने प्रदेश के दुर्गम और दूरदराज के स्कूलों में सेवाएं नहीं देने के इच्छुक अभ्यर्थियों से काउंसलिंग में न आने की अपील की है। किस कोटे में कितने पद टीजीटी के 898 पद अनारक्षित, ईडब्ल्यूएस, ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग से भरे जाएंगे। इसके अलावा पूर्व सैनिक कोटे से 353, खेल कोटे से 68 और दिव्यांग कोटे से 90 पद भरे जाएंगे। 898 पदों के लिए जिला रोजगार कार्यालयों से पात्र अभ्यर्थियों की सूची मांगी गई है। बीए, बीएससी और बीकॉम में 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले और बीएड पास अभ्यर्थी भर्ती के लिए पात्र होंगे। टीजीटी के 898 पदों की भर्ती के लिए नॉन मेडिकल संकाय में बीएड करने वालों का वर्ष 1999 का बैच पात्र होगा पूर्व सैनिक कोटे के तहत टीजीटी कला में 159, नॉन मेडिकल में 130 और मेडिकल में 64 पद भरे जाएंगे। निदेशक सैनिक कल्याण विभाग से पात्र अभ्यर्थियों की सूची प्राप्त होते ही प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को शुरू करेगा। बैचवाइज भर्ती के लिए कला संकाय में अनारक्षित वर्ग के लिए वर्ष 2001, मेडिकल में 2002 का बीएड बैच चल रहा है। कला संकाय की भर्ती के लिए आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग का मई 2003, ओबीसी का 2003, एससी और एसटी वर्ग का वर्ष 2004 का बैच चल रहा है। नॉन मेडिकल भर्ती के लिए ईडब्लूएस का 2002, ओबीसी का 2003, एससी का 2006 और एसटी का 2008 का बैच चल रहा है। मेडिकल संकाय में ईडब्लूएस का 2005, ओबीसी का 2006, एससी-एसटी का वर्ष 2006 का बैच चल रहा है 6 से 15 नवंबर तक जिला स्तर पर होगी काउंसलिंग टीजीटी की बैचवाइज भर्ती के लिए जिला स्तर पर 6 से 15 नवंबर तक काउंसलिंग होगी। जिला उप निदेशक शिक्षा भर्ती करेंगे। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने जिला रोजगार कार्यालयों से 20 अक्तूबर तक पात्र अभ्यर्थियों की सूची देने को कहा है। शिक्षा निदेशालय की जगह जिला उप निदेशक कार्यालयों में अभ्यर्थियों के नाम देने को कहा गया है।
भारतीय डाक विभाग द्वारा 9 से 13 अक्तूबर तक राष्ट्रीय डाक सप्ताह मनाया जा रहा है। यह जानकारी अधीक्षक डाकघर सोलन राम देव पाठक ने दी। राम देव पाठक ने कहा कि राष्ट्रीय डाक सप्ताह का उद्देश्य लोगों और व्यवसायों के दैनिक जीवन, वैश्विक, सामाजिक और आर्थिक विकास में योगदान के बारे लोगों को जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि सोलन डाक मंडल में राष्ट्रीय डाक सप्ताह के दौरान 10 अक्तूबर को वित्तीय सशक्तिकरण दिवस, 11 अक्तूबर को फिलेटली दिवस (डाक-टिकट संग्रहण), 12 अक्तूबर को मेल एवं पार्सल दिवस तथा 13 अक्तूबर को अंत्योदय दिवस मनाया जाएगा।
19वें हिमाचल उत्सव के दौरान आयोजित इंटर स्कूल डांस कंपटीशन के विजेताओं को उत्सव की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में सम्मानित किया गया। इस प्रतियोगिता में शहर के विभिन्न स्कूलों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, जबकि निर्णायक मंडल में जानी-मानी रंगकर्मी कुमारी सुनीता व मंजू भारद्वाज शामिल रहीं। उत्सव के पहले दिन आयोजित फोक डांस प्रतियोगिता के सब जूनियर वर्ग में यूरो किड्स प्ले स्कूल ने पहला व बीएल स्कूल ने दूसरा पुरस्कार जीता। जूनियर वर्ग में बीएल स्कूल, टैगोर इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल व जीनियस ग्लोबल प्ले स्कूल क्रमश: पहले, दूसरे व तीसरे स्थान पर रहे, जबकि सीनियर कैटेगरी में दयानंद आदर्श विद्यालय प्रथम, बीएल स्कूल द्वितीय व जीनियस ग्लोबल प्ले स्कूल तृतीय स्थान पर रहा। सरस्वती विद्या निकेतन स्कूल को सांत्वना पुरस्कार मिला। इसके अलावा धार्मिक प्रस्तुतियों में बीएल स्कूल की शिव स्तुति को प्रथम व सोलन पब्लिक स्कूल की नाग लोक को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। दूसरे दिन आयोजित वेस्टर्न कैटेगरी के सब जूनियर वर्ग में सोलन पब्लिक स्कूल को पहला, यूरो किड्स प्ले स्कूल को दूसरा और बीएल स्कूल को तीसरा स्थान मिला, जबकि जूनियर वर्ग में गुरुकुल इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल पहले, जीनियस ग्लोबल प्ले स्कूल दूसरे व बीएल स्कूल तीसरे स्थान पर रहा। सीनियर वर्ग में साईं इंटरनेशनल स्कूल व जीनियस ग्लोबल प्ले स्कूल संयुक्त रूप से प्रथम स्थान पर रहे। बीएल स्कूल को द्वितीय और गीता आदर्श विद्यालय व दयानंद आदर्श विद्यालय को संयुक्त रूप से तृतीय स्थान हासिल हुआ। हिमाचल उत्सव के तीसरे दिन देशभक्ति थीम पर आधारित नृत्य प्रतियोगिता के सब जूनियर वर्ग में यूरो किड्स प्ले स्कूल को पहला स्थान मिला, जबकि सोलन पब्लिक स्कूल दूसरे और जीनियस ग्लोबल प्ले स्कूल तीसरे स्थान पर रहा। सीनियर वर्ग में बीएल स्कूल ने पहला और जीनियस ग्लोबल प्ले स्कूल ने द्वितीय स्थान अर्जित किया। इसके अलावा सीनियर वर्ग में गीता आदर्श विद्यालय प्रथम, बीएल स्कूल द्वितीय व दयानंद आदर्श विद्यालय तृतीय स्थान पर रहा।
सोलन जिला में विभिन्न निजी उद्योगों में 76 पदों को भरने के लिए 17 अक्तूबर को उप रोजगार कार्यालय नालागढ़ में कैंपस इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे। यह जानकारी ज़िला रोज़गार अधिकारी सोलन संदीप ठाकुर ने दी। संदीप ठाकुर ने कहा कि इन पदों में मैसर्ज टॉरेन्ट फार्मास्यूटिकल बद्दी में 10 पद, मैसज़र् औग्ज़ेलिस लैब बद्दी में 42 पद, मैसज़र् रैकिट बैंकिंज़र हेल्थकेयर इंडिया प्राइवेट लिमिटिड बद्दी में 9 पद तथा मैसर्ज अनुस्पा हेरिटैज प्रोडक्ट प्राईवेट लिमिटिड परवाणु में 15 पद पर भरे जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन पदों के लिए उम्मीदवार की आयु 20 से 35 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उक्त पदों की विस्तृत जानकारी के लिए आवेदक विभागीय पोर्टल पर लॉग इन कर सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 अक्तूबर है। उन्होंने कहा कि इच्छुक उम्मीदवार अपनी योग्यता संबंधी सभी अनिवार्य प्रमाण पत्र व दस्तावेज़ सहित उप रोजगार कार्यालय नालागढ़ में 17 अक्तूबर को प्रात: 10.30 बजे पहुंचकर कैंपस इंटरव्यू में भाग ले सकते है। कैंपस इंटरव्यू से संबन्धित अधिक जानकारी के लिए किसी भी कार्य दिवस पर कार्यालय दूरभाष नंबर 01792-227242, 78768-26291 तथा 70189-18595 पर संपर्क कर सकते हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल 10 अक्तूबर को सोलन के प्रवास पर आ रहे हैं। डॉ. शांडिल प्रात: 11.45 बजे सोलन ज़िला के मंझोल (क्यारी बंगलो) में उत्कृष्ट केन्द्र के निर्माण कार्य का निरीक्षण करेंगे। तदोपरांत दिन में 1.15 बजे सोलन ज़िला के कशाउला (अश्वनी खड्ड) में डीडीएल फैक्ट्री से चौरा मार्ग पर अश्वनी खड्ड पर निर्मित किए जाने वाले पुल के स्थान का निरीक्षण करेंगे।
हिमाचल के सबसे बड़े गैर सरकारी मेले हिमाचल उत्सव के 19वें संस्करण में जानेमाने रोबोटिक सर्जन डॉ. विवेक बिंदल को हिमाचल गौरव अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। सोलन के निवासी और पूर्व मंत्री राजीव बिंदल के बेटे डॉ. विवेक बिंदल हिंदुस्तान के अग्रणी रोबोटिक विशेषज्ञों में शुमार हैं। साल 2003 में हिमाचल पीएमटी में टाप करने के बाद विवेक बिंदल ने मौलाना अबुल कलाम आजाद मेडिकल कॉलेज से अपनी पढ़ाई करने के बाद सर गंगाराम अस्पताल और उसके बाद अमेरिका जाकर रोबोटिक सर्जरी में सुपर स्पेशलाइजेशन हासिल की। वर्तमान में दिल्ली के मैक्स हेल्थकेयर में रोबोटिक सर्जरी के विभाग में डायरेक्टर और हेड आफ डिपार्टमेंट के तौर पर कार्यरत हैं। वर्तमान में डा. बिंदल देश की कई नेशनल और इंटरनेशल प्रोफेशनल सोसायटीस में लीडरशीप पोजिशन पर हैं और अब तक उनके 50 से ज्यादा रिसर्च पेपर प्रतिश्ठित इंटरनेशनल मेउिकल जर्नल्स में प्रकाशित हो चुके हैं। कई प्रथम अपने खाते में दर्ज करने वाले डा विवेक बिंदल को सबसे कम उम्र के बच्चे की बैरियेटिक सर्जरी करने का श्रेय प्राप्त है। उनके द्धारा आईजीएमसी में की गई बैरियेटिक सर्जरी को आडिटोरियम में बैठे 200 से ज्यादा विशेषज्ञों ने लाईव देखा। डायनामिक इंडिया युवा मंडल द्धारा हिमाचल गौरव सम्मान देने के समय हजारों दर्शकों ने तालियां बजा कर डा बिंदल का जोरदार अभिवादन किया।
-पंचायती राज, ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने की घोषणा हिमाचल के सबसे बड़े गैर सरकारी मेले 8 दिवसीय हिमाचल उत्सव का 19वां संस्करण रविवार को धूमधाम से संपन्न हो गया। प्रदेश सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू के प्रतिनिधि के तौर पर मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए हिमाचल उत्सव की लोकप्रियता की जमकर सराहना की। उन्होंने हिमाचल उत्सव को पहले जिला स्तरीय और फिर राज्य स्तरीय मेला घोषित करने का भी एलान किया। संध्या में मंत्री अनिरुद्ध सिंह के साथ विशिष्ठ मेहमान के तौर पर कसौली के लोकप्रिय विधायक विनोद सुल्तानपुरी भी मौजूद थे। कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिव कुमार, युवा मंडल के संरक्षक जगमोहन मल्होत्रा सहित नेता सरदार सिंह ठाकुर और नगर निगम के पार्षद भी मौजूद थे। आठवीं संध्या में युवा मंडल के संस्थापक उपाध्यक्ष मुकेश शर्मा एडवोकेट ने मुख्यमंत्री को डेडिकेट करते हुए मुख्यमंत्री का पसंदीदा राज कपूर का गाना जीना यहां मरना यहां सुनाकर खूब वाहवाही बटोरी। शौकिया गायक के रूप में हिमाचल उत्सव में अपनी प्रस्तुति से मुकेश ने मेहमानों सहित आये दर्शकों का दिल जीत लिया। आयोजन और प्रबंधन के साथ साथ मुकेश की गायकी की क्षमता देख मुख्य अतिथि भी बहुत प्रभावित हुए।


















































