उपमंडल इंदौरा के तहत आते जल शक्ति विभाग के सब डिवीजन गंगथ में कुछ इलाके में लोगों को पीने के लिए पानी नहीं मिल रहा, तो वहीं कुछ गांव के लोग पानी को सब्जियों के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। विभाग की नाकामी के चलते यह सभी कार्य हो रहा है। कुछ लोग पानी को टुल्लू पंप से अपने खेतों में लगाई सब्जियों को पानी लगा रहे हैं। सब डवीजन गंगथ के तहत आते धरवाल, समाल, ठठोली, बेलपुर, सहोडा, गांवों में इस तरह के कारनामे को अंजाम दिया जा रहा है। गांव का लोग नलको से कई मीटर लंबी प्लास्टिक की पाइप डालकर खेतों में बनाए हुए गड्ढों को भरते हैं, फिर टुल्लू पंप के माध्यम से पानी को सब्जियों के खेतों में छोड़ते हैं।
सिरमौर जिला के संगड़ाह विकास खंड में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा तीन नई उचित मूल्य की दुकानें खोली जायंेगी। इन दुकानों को लेने के इच्छुक पात्र व्यक्ति अथवा संस्था विभाग की वैबसाईट पर 5 जुलाई 2023 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन केवल ऑनलाईन माध्यम से ही मान्य होंगे और निर्धारित तिथि के उपरांत मिलने वाले आवेदन स्वीकार नहीं किये जायेंगे। जिला नियंत्रक, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सिरमौर विजय सिंह ने यह जानकारी प्रदान करते हुए बताया कि 12 मई 2023 को संपन्न जिला स्तरीय सार्वजनिक वितरण समिति की बैठक में सिरमौर जिला के संगड़ाह खंड में तीन स्थानों पर उचित मूल्य की दुकानें खोलने का निर्णय लिया गया था। उन्होंने बताया कि विकास खंड संगड़ाह की ग्राम पंचायत शिवपुर के गांव अरट, ग्राम पंचायत भाटन भुजौंड के गांव गतलोग तथा ग्राम पंचायत देवना थनगा के गांव देवना में उचित मुल्य की दुकानें खोली जानी हैं जिसके लिए आवेदन आमंत्रित किये गए हैं। जिला नियंत्रक, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति ने कहा कि इच्छुक पात्र व्यक्ति अथवा संस्था वांछित दस्तावेजों के साथ 5 जुलाई 2023 तक विभागीय वेबसाइट emerginghimachal.hp.gov.in पर अपने आवेदन अपलोड करना सुनिश्चित बनाएं।
पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं ऊना के विधायक सतपाल सिंह सत्ती का जिला कांगड़ा के प्रवेश द्वार जयसिंहपुर उपमंडल के क्षेत्र आलमपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। इस मौके पर पूर्व विधायक रवि धीमान, पूर्व मंडल अध्यक्ष मोहिंद्र डडवाल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य विनोद शर्मा, मंडल महामंत्री अजय पठानिया, जयसिंहपुर वार्ड के जिला परिषद संजीव ठाकुर, ग्राम पंचायत अलमापुर की प्रधान शकुंतला देवी, गन्दड की प्रधान विनता कटोच, बालरूपी के प्रधान सुनील चौधरी व सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार सायं वन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ईको-टूरिज्म गतिविधियों को प्रोत्साहन प्रदान कर राज्य की आय बढ़ाने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 72 वन विश्राम गृहों और 22 ईको पार्कों में ईको पर्यटन गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने 93 प्रस्तावित स्थलों पर इको-टूरिज्म गतिविधियों के संचालन के लिए वृहद योजना (मास्टर प्लान) में तेजी लाने की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ईकोे-टूरिज्म सतत् पर्यटन का एक बेहतर उदाहरण है। इसके माध्यम से आगंतुकों को अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करते हुए प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय संस्कृति के संरक्षण को भी बल मिलता है। उन्होंने कहा कि इको-टूरिज्म को बढ़ावा देकर, राज्य अपनी समृद्ध जैव विविधता, प्राकृतिक सुन्दरता और सांस्कृतिक विरासत को सहेज कर पर्यटन की दृष्टि से इसका लाभ उठा सकते हैं। पर्यटन के नए अनुभव प्राप्त करने वाले पर्यटकों के लिए यह वरदान साबित हो सकता है इससे राजस्व में वृद्धि होने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में ईको-टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं और इससे राज्य को काफी फायदा हो सकता है। वन विभाग को इसका अधिक से अधिक लाभ उठाने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि ईको-टूरिज्म की संभावनाओं के दृष्टिगत एक वृहद योजना तैयार की जा रही है। इसका उद्देश्य प्रदेशभर में ईको-टूरिज्म गतिविधियों के लिए प्रस्तावित स्थलों को विस्तार प्रदान करना है। इस योजना में संभावित रूप से बुनियादी ढांचा विकसित करना, आगंतुकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, प्राकृतिक स्थलों को संरक्षित करना और स्थानीय समुदायों की सहभागिता को सुनिश्चित करना है। प्रधान सलाहकार (सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार) गोकुल बुटेल, विधायक देवेंद्र भुट्टो, चैतन्य शर्मा, आशीष शर्मा, हिमाचल प्रदेश वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, प्रधान सचिव वन ओंकार चन्द शर्मा, प्रधान मुख्य अरण्यपाल राजीव कुमार, प्रबंध निदेशक पवनेश कुमार, अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल नागेश गुलेरिया और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।
सहायक अभियंता, विद्युत उपमंडल, सिद्धपुर कर्म चंद भारती ने सूचित किया है कि 11 केवी योल तथा 11 केवी खनियारा के तहत नई विद्युत लाइन निकालने के लिये 14 जून को प्रातः 9ः30 बजे से दोपहर 2 बजे तक सिद्धबाड़ी बाजार, योल बाजार, ग्योतो मोनेस्ट्री व नोरबुलिंगा क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति आंशिक रूप से बाधित रहेगी। उन्होंने बताया कि मौसम खराब होने या अन्य आकस्मिक परिस्थितियों में यह कार्य स्थगित किया जा सकता है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री आकाश नेगी ने एक ब्यान जारी करते हुए कहा है कि जेबीटी व बीएड भर्ती मामले की समास्या का शीघ्र समाधान करें हिमाचल सरकार। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने जेबीटी व बीएड भर्ती को इकट्ठा करने का फैसला लिया है, जोकि बिल्कुल गलत है। इससे जेबीटी व बीएड के प्रशिक्षुओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आकाश नेगी ने बताया कि बीएड का कोर्स और जेबीटी के कोर्स को अलग-अलग प्रकार से डिजाइन किया गया है , तो उनकी भर्तियां भी अपने-अपने क्रम अनुसार ही होनी चाहिए ,सरकार इस विषय पर बिल्कुल भी सीरियस नहीं दिख रही है। जोकि अभ्यर्थियों के भविष्य के लिए ठीक नहीं है । उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान चाहती है। माननीय उच्चतम न्यायालय का निर्णय आने तक सरकार को इंतजार करना चाहिए । आकाश नेगी ने बताया कि वर्ष 1948 से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद छात्रों के विभिन्न मुद्दों को प्रदेश एवं केंद्र सरकार के सामने उजागर करती आ रही है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जेबीटी एवं बीएड के अभ्यर्थियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है, और सरकार से मांग करती है , कि जल्द से जल्द इस मामले का निपटारा किया जाए और अभ्यर्थियों को न्याय दिया जाए, अन्यथा विद्यार्थी परिषद् को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।
अक्तूबर-नवबंर में होने वाले आईसीसी वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप के दौरान धर्मशाला के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को बड़े मैचों की मेजबानी करने का मौका मिलेगा। वर्ल्ड कप में भारतीय टीम के अलावा आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड की टीमें धर्मशाला में अपने मुकाबले खेलेंगी। भारतीय टीम के एक मैच के अलावा अन्य मेहमान टीमों के मुकाबले धर्मशाला स्टेडियम में होंगे। जानकारी के मुताबिक भारत में होने वाले आईसीसी विश्व कप में धर्मशाला स्टेडियम को तीन से पांच मैचों की मेजबानी करने का मौका मिलेगा। पहला मैच 22 अक्तूबर को भारत और न्यूजीलैंड की टीम के साथ हो सकता है। अन्य मुकाबले मेहमान टीमों के बीच खेले जाएंगे। 29 अक्तूबर को न्यूजीलैंड की टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच खेलेगी। टूर्नामेंट में हर टीम अपने नौ-नौ मैच खेलेगी। इसके अलावा धर्मशाला में न्यूजीलैंड और आस्ट्रेलिया की टीम इंग्लैंड टीम के साथ अपना मैच खेल सकती है। सूत्रों की मानें तो जल्द ही वर्ल्ड के मैचों का शेड्यूल आईसीसी की ओर जारी कर दिया जाएगा। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ने भी अंदरखाते वर्ल्ड कप की तैयारियां शुरू कर दी हैं। एचपीसीए के सचिव अवनीश परमार ने कहा कि उम्मीद है कि धर्मशाला स्टेडियम को वर्ल्ड कप के तीन से अधिक मैचों की मेजबानी करने का मौका मिलेगा। एक मैच भारतीय टीम का भी होगा। उन्होंने कहा कि एसपीसीए हर टूर्नामेंट की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। मैदान की नई आउटफील्ड भी अच्छी है। आईपीएल मैचों के दौरान भी खिलाड़ियों ने पिच और आउटफील्ड को अच्छा बताया था।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के तहत अध्यापक पात्रता परीक्षा (टेट) देने वाले अभ्यर्थियों को इस बार ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी भी मिलेगी। शिक्षा बोर्ड ने यह व्यवस्था जून-जुलाई में होने वाली सात विषयों की परीक्षा के दौरान की है। इससे पहले हुईं परीक्षाओं में ओएमआर शीट की डुप्लीकेट कॉपी देने की व्यवस्था नहीं थी। प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. विशाल शर्मा ने बताया कि 18 जून से दो जुलाई तक होने वाली सात विषयों की अध्यापक पात्रता परीक्षा के दौरान बोर्ड ओएमआर शीट की डुप्लीकेट काॅपी अभ्यर्थियों को मुहैया करवाएगा। इन परीक्षाओं के दौरान प्रत्येक परीक्षा की समाप्ति पर केंद्र समन्वयक और केंद्र अधीक्षक के माध्यम से परीक्षार्थियों को उनकी ओएमआर शीट की डुप्लीकेट कॉपी दी जाएगी। इसके लिए बोर्ड ने इस बार विशेष ओएमआर उत्तरपुस्तिकाओं की व्यवस्था की है, ताकि परीक्षाओं में और अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। उल्लेखनीय है कि इससे पहले हुईं अध्यापक पात्रता परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की ओएमआर शीट की डुप्लीकेट कॉपी नहीं दी जाती थी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री डाॅ. कर्नल धनीराम शांडिल ने सोलन के ऐतिहासिक ठोडो मैदान में आयोजित भजन संध्या में भाग लिया। डाॅ. शांडिल ने आयोजकों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सभी को प्रतिदिन कुछ क्षण ईश्वर की भक्ति में व्यतीत करने चाहिएं। उन्होंने कहा कि भजन ईश्वर प्राप्ति का सरलतम उपाय माना जाता है और ऐसे आयोजनों से सतसंग की और बढ़ने का सुअवसर प्राप्त होता है। इस भजन संध्या का आयोजन श्याम परिवार ट्रस्ट द्वारा किया गया। जोगिन्द्रा केन्द्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, नगर निगम सोलन के पार्षदगण, खण्ड कांग्रेस समिति के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, ज़िला कांग्रेस व्यापार मण्डल प्रकोष्ठ के अध्यक्ष जतिन साहनी, शहरी कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष अंकुश सूद, उपाध्यक्ष रजत थापा, खण्ड कांग्रेस समिति के सचिव लोकेन्द्र शर्मा, कांग्रेस पार्टी के विभिन्न पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक सोलन वीरेन्द्र शर्मा, उपमण्डलाधिकारी सोलन कविता ठाकुर, श्याम परिवार ट्रस्ट के सदस्यों सहित भक्त इस अवसर उपस्थित थे।
हिमाचल सरकार भांग की वैध और वैज्ञानिक खेती पर प्रदेशवासियों की राय लेकर समाज और राज्य के व्यापक हित में बहुत जल्द कारगर नीति लाएगी। हिमाचल में भांग की वैध और वैज्ञानिक खेती पर अध्ययन को गठित विशेष समिति के अध्यक्ष एवं राजस्व, बागवानी व जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने यह उद्गार आज सोमवार को धर्मशाला में विभिन्न हितधारकों और जनप्रतिनिधियों से चर्चा के लिए आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हिमाचल का वातावरण औषधीय गुणों से परिपूर्ण भांग के उत्पादन के लिए सहायक है। यहां उगने वाली भांग औषधीय और औद्योगिक दोनों प्रकार के काम में लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि समिति नीति निर्माण से पहले इस विषय पर खुली चर्चा से जनता की शंकाएं दूर करने और उनके सुझाव लेने के लिए प्रदेशभर में इस प्रकार के कार्यक्रम कर रही है। प्रदेश के लोगों से वार्तालाप कर नीति निर्धारण के लिए उनकी राय लेने का यह प्रदेश में पहला उदाहरण है। इसी क्रम में समिति ने सोमवार को धर्मशाला में विभिन्न हितधारकों और जनप्रतिनिधियों से विचार-विमर्श कर, इस विषय पर उनकी राय मांगी। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के नेतृत्व में गठित इस समिति ने डिग्री कॉलेज धर्मशाला के त्रिगर्त सभागार में इस विषय पर खुली चर्चा की। जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू पुरानी रिवायतों को छोड़, राज्य के आर्थिक विकास के लिए नए विचारों पर काम कर रहे हैं। उन्हांेने कहा कि सरकार लोगों की आर्थिकी सुदृढ़ करने के साथ युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के नए रास्ते अपना रही है। उन्होंने कहा कि भांग की वैज्ञानिक खेती से बनने वाले अनेकों उत्पादों का उपयोग आज हमारे देश सहित कई देशों में हो रहा है। आज विश्व के कई बड़े देश भांग की वैज्ञानिक खेती से धर्नाजन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शोध के आधार पर भांग के ऐसे बीज तैयार किए जाएंगे जिसके पौधों में नशा नहीं होगा और औद्योगिक उपयोग के लिए उसकी खेती किसानों द्वारा की जाएगी। उन्होंने कहा कि कपड़े सहित अनेक प्रकार के उद्योगों में इसका उपयोग हो सकता है। वहीं औषधीय गुणों से परिपूर्ण भांग की खेती करने के लिए लाइसेंस दिए जाएंगे और नियंत्रित वातावरण में प्रशासकीय निगरानी में इसकी खेती की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के जंगलों में भी बिना नशे वाले भांग के बीज डाले जाएंगे, जिनका उपयोग औद्योगिक उत्पादों के निर्माण के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मलाणा सहित कई क्षेत्रों में उगने वाली भांग सर्वोत्तम औषधीय गुणों से परिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इनके उपयोग से बनने वाली औषधी की जीआई टैगिंग करवाने के लिए सरकार प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि यहां उगने वाली अच्छी क्वालिटी की भांग के बीजों को शोध के आधार पर प्रदेश अन्य हिस्सों में भी उगाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इससे बनने वाले औद्योगिक और औषधीय उत्पादों से प्रदेश की आर्थिकी सुदृढ़ होने के साथ, नशे के तौर पर इसके उपयोग पर चैक रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार सायं ओक ओवर में हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि निगम भविष्य में किरतपुर-मनाली फोर लेन राजमार्ग के किनारे तीन अतिविशिष्ट होटल खोलेगा। इससे पर्यटकों और अन्य यात्रियों को अत्याधुनिक सुविधाएं प्राप्त होंगी। उन्होंने कहा कि ये होटल आधुनिक सुविधाओं से सुस्सजित होंगे और इसका उद्देेश्य राज्य में पर्यटकों को बेहतरीन अनुभव प्रदान करना है। इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए एक सलाहकार द्वारा एक अध्ययन भी किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि फोर लेन राजमार्ग के आरम्भ होने से क्षेत्र में पर्यटकों की आमद में अभूतपूर्व वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटकों को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएगी ताकि उन्हें प्रदेश में यात्रा का सुखद अनुभव प्राप्त हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन के बुनियादी ढांचे और सेवाओं के विस्तार की दिशा में सरकार प्रयास कर रही है। इससे न केवल पर्यटन व्यवसाय को सम्बल मिलेगा बल्कि स्थानीय आबादी के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हाल ही में मंत्रिमण्डल की बैठक में किरतपुर-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ बिलासपुर जिला के बगेड़, मंडी जिला के नेरचौक और कुल्लू जिला के भुंतर में तीन नए राजमार्ग-सह-पर्यटन पुलिस स्टेशन स्थापित करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि इन पुलिस स्टेशनों को क्रियाशील करने के लिए कर्मचारियों की आवश्यक भर्ती भी की जाएगी, जिसका उद्देेश्य पर्यटकों की आवश्यकता को पूरा करना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। बैठक के दौरान, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) के प्रबंध निदेशक अमित कश्यप ने निगम द्वारा क्रियान्वित की रही परियोजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
राजस्व, बागवानी व जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने सोमवार को मैकलोडगंज में बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा से उनके निवास पर भेंट की तथा उनका आशीर्वाद लिया। मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर, विधायक केवल सिंह पठानिया, भांग की वैध खेती पर अध्ययन को गठित समिति के विशेष आमंत्रित सदस्य देवेन खन्ना सहित समिति के अन्य पदाधिकारी उनके साथ रहे। राजस्व मंत्री ने दलाई लामा को अपने गृह क्षेत्र किन्नौर आने का आमंत्रण दिया। वहीं, मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर ने दलाई लामा से अपने विधानसभा क्षेत्र कुल्लू आने का आग्रह किया। दलाई लामा ने अपनी चिरपरिचित मुस्कुराहट के साथ दोनों आमंत्रण सहर्ष स्वीकार किए। बता दें, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा राजस्व, बागवानी व जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी के नेतृत्व में प्रदेश में भांग की वैध और वैज्ञानिक खेती पर अध्ययन को गठित समिति सोमवार को धर्मशाला दौरे पर थी। इस दौरान धर्मशाला में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम से पहले सोमवार सुबह समिति अध्यक्ष एवं अन्य सदस्यों ने मैकलोडगंज में बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा से भेंट की।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने आज यहां अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है और इस दिशा में अनेक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि इंदिरा गांधी महिला सम्मान निधि योजना के तहत लाहौल-स्पिति में 840 महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह की दर से राशि प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री विधवा एवं एकल नारी आवास योजना के तहत लगभग 7000 विधवाओं और एकल नारियों को 1.50 लाख रूपए की राशि प्रदान की जाएगी। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अनाथ और विशेष रूप से विकलांग बच्चों, निराश्रित महिलाओं और बुजुर्ग व्यक्तियों के लिए मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना शुरू की है। इस योजना के अन्तर्गत सरकार ने 6000 अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के रूप में अपनाया हेै। योजना के तहत अनाथ बच्चों की शिक्षा, छात्रावास, व्यवसायिक प्रशिक्षण व कौशल विकास का व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने बताया कि अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत सड़क सुविधा, पेयजल, बिजली व अन्य विभिन्न विकास कार्य किए जा रहे हैं। इस अवसर पर अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के निदेशक प्रदीप ठाकुर, महिला एवं बाल विकास विभाग की अतिरिक्त निदेशक एकता काप्टा व अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
करसोग के युवा विधायक दीप राज इन दिनों करसोग विधानसभा क्षेत्र की हर पंचायत में जाकर जनता का आभार व्यक्त कर रहे हैं इसी कड़ी में बेलरधार में आभार कार्यक्रम के दौरान स्थानीय जनता की मांगों प्रमुखता से पूरा करते हुए लाखों रुपये की सौगातें दीं। विधायक अपनी मासिक तनख्वाह को भी जनता के कार्य में लगा रहे हैं। दीप राज ने इससे पूर्व नाविधार में मंदिर जीर्णोद्धार के लिए अपनी एक माह की पूरी सैलरी दे दी, वहीं कुठेड़ ग्राम पंचायत में भी अपनी एक माह की सैलरी मंदिर के लिए दान कर दी, जिससे विधायक लोगों में बहुत लोकप्रिय हो रहे हैं। ग्राम पंचायत बेलरधार में जनता, युवक मंडल व महिला मंडलों ने विधायक का भव्य स्वागत किया। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। विधायक ने देव धड्यास सलाना मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए 4 लाख, उच्च पाठशाला बेलर के खेलमेदान के लिए एक लाख, 6 महिला मंडलों को बीस -बीस हजार सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वाले बच्चों को 21 हजार व साथ में 14 वर्दियां भी प्रदान की, जबकि युवा शक्ति युवक मंडल बेलर के लिए 21 हजार रुपये की धनराशि प्रदान की साथ जिला परिषद द्वारा प्राथमिक पाठशाला बेलर के लिए वाटर कूलर लगाने की घोषणा की।
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि जब जगत प्रकाश नड्डा वेस्ट बंगाल जाते हैं तो उनके काफिले पर पत्थर फेंके जाते हैं पर जब वह हिमाचल प्रदेश आए हैं तो उनके ऊपर इतनी पुष्प वर्षा हुई है इससे साफ दिखता है कि हिमाचल की जनता जगत प्रकाश नड्डा से कितना प्यार करती है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी झूठी गारटियों के दम पर सत्ता में आई है। कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने तो गोबर खरीदने का वादा भी हिमाचल प्रदेश की जनता से किया है पर हिमाचल प्रदेश की जनता को पता है कि गोबर का क्या करना है। उन्होंने कहा की हिमाचल में कांग्रेस की सरकार कुप्रबंधन की सरकार है, आज हिमाचल प्रदेश पर कितना कर है वह सबको पता है और अब तो 1000 करोड़ का ओवरड्राफ्ट भी हिमाचल प्रदेश में चल रहा है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश भले ही एक छोटा प्रदेश है पर बहुत महत्वपूर्ण है, हिमाचल प्रदेश से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और केंद्र मंत्री अनुराग ठाकुर आते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को बहुत बड़ी सौगाते दी है जिसमें अटल टनल, एम्स आई आई टी, आई आई एम है। उन्होंने कहा कि इस कांग्रेस सरकार ने अपने 6 महीने के कार्यकाल में केवल संस्थाओं पर ताला लगाने का काम किया है, आज पूरे प्रदेश में माफिया राज चल रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है और एक ऐसा भी समय आ सकता है जब कर्मचारियों को उनका वेतन भी नहीं मिलेगा।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का हमीरपुर जिला पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। इस मौके पर कार्यकर्ताओं में अद्भुत दृश्य देखने को मिला। उनके साथ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, प्रभारी अविनाश राय खन्ना, सह प्रभारी संजय टंडन विशेष रूप से उपस्थित रहे। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रो प्रेम कुमार धूमल के साथ सर्किट हाउस हमीरपुर में भेंट की यह एक शिष्टाचार भेंट थी। इस मौके पर हिमाचल प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर विस्तृत रूप से चर्चा भी की गई। नड्डा ने सर्किट हाउस में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा हमीरपुर में गर्मजोशी के साथ मेरा स्वागत किया है उसके लिए मैं अपनी और पार्टी और से आपका आभार व्यक्त करता हूं। हम सब लोग जो भारतीय जनता पार्टी में काम कर रहे हैं उनको खुद को बहुत खुशनसीब समझना चाहिए क्योंकि भाजपा अकेली पार्टी जिसने देश के साथ कभी कंप्रोमाइज नहीं किया।
राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में डिजिटल गवर्नेंस के सफल क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री परिषद का गठन किया है। प्रदेश में डिजिटल परिवर्तन के लिए गठित यह पहली परिषद् रणनीतिक मार्गदर्शन व डिजिटल नीतियों और कार्यक्रमों की निगरानी प्रदान करने के लिए एक शीर्ष निकाय के रूप में कार्य करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक नवीन पहल है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों जैसे आईटी, उद्योग, डाटा प्रबंधन, दूरसंचार, वित्त, आईएसबी, आईआईटी आदि के विशेषज्ञ शामिल हैं। वैज्ञानिक, तार्किक और प्रौद्योगिक आधारित सोच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गठित यह परिषद् हर तीन माह में कम से कम एक बार या आवश्यकतानुसार बैठक करेगी। राज्य सरकार ने हिमाचल को देश का सूचना प्रौद्योगिकी हब बनाने की दिशा में यह निर्णय लिया है। सरकार राज्य में ड्रोन के उपयोग को बढ़ावा देने के अलावा ई-ऑफिस और हिम परिवार को भी प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करेगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस के लिए मुख्यमंत्री परिषद की रणनीति राज्य को डिजिटल रूप में विकसित करना है। राज्य सरकार के विभिन्न क्षेत्रों में डिजिटल परिवर्तन के लिए दृष्टिकोण, मिशन, लक्ष्यों और प्राथमिकताओं को रेखांकित करती है। यह ओपन डेटा मानकों, ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर, डेटा सुरक्षा, गोपनीयता, साइबर सुरक्षा, ई-गवर्नेंस, उभरती हुई तकनीक, डिजिटल साक्षरता जैसे क्षेत्रों से संबंधित डिजिटल गवर्नेंस के लिए नीतियों और दिशानिर्देशों को विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करेगी। परिषद् डिजिटल गवर्नेंस के मुद्दों पर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की सुविधा भी देगा और डिजिटल कौशल, डिजिटल साक्षरता और डिजिटल उपकरणों और प्लेटफार्मों के उपयोग जैसे क्षेत्रों में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की क्षमता निर्माण के लिए एक व्यापक कार्य योजना विकसित करने की दिशा में कार्य करेगी। यह परिषद अनुसंधान और विकास तथा अनुकूल व्यावसायिक वातावरण के निर्माण और एक जीवंत स्टार्ट-अप संस्कृति विकसित करने और राज्य में आईटी और संबंधित निवेश को बढ़ावा देने के माध्यम से डिजिटल अर्थव्यवस्था में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सुझाव भी देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि परिषद् में सदस्य दक्षता, प्रभावशीलता में सुधार और नागरिक जुड़ाव में सुधार के लिए सरकारी सेवाओं, संचालन और प्रक्रियाओं के डिजिटल परिवर्तन की देखरेख करेंगे। इसके अलावा, डिजिटल अर्थव्यवस्था के विकास को बढ़ावा देने और राजस्व सृजन में इसकी भूमिका की पहचान करने और सुझाव देने के अलावा, परिषद सरकार को डिजिटल प्रौद्योगिकियों और दूरसंचार नीति से संबंधित मुद्दों जैसे बुनियादी ढांचा, सुरक्षा, नवाचार, विनियमन पर सिफारिशें भी प्रदान करेगी। सूचना प्रौद्योगिकी सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने कहा कि डिजिटल व्यवस्था स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री परिषद् डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सरकारी एजेंसियों, उद्योग संघों, शैक्षणिक संस्थानों आदि जैसे बाहरी हितधारकों के साथ संपर्क स्थापित करेगी। परिषद् में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार, मुख्य सचिव और सचिव (आईटी) के अलावा विभिन्न पेशेवर और संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञ भी शामिल होंगे।
आगामी सेब सीजन के दृष्टिगत सड़कों के रखरखाव एवं अन्य कार्यों की समीक्षा के लिए आज यहां लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि हिमाचल फल उत्पादक प्रदेश के रूप में विख्यात है और बागवानी विशेषतौर पर सेब उत्पादन से राज्य में लगभग 5 हजार करोड़ रुपए की आर्थिकी जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि ऐसे में यह महत्वपूर्ण हो जाता है कि सेब, नाशपाती तथा प्लम इत्यादि की फसल समय पर मण्डियों तथा वहां से आगे बाजार तक पहुंचाई जाए। इसके लिए प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग समय रहते सभी तैयारियां पूर्ण करने के लिए कृतसंकल्प है। इसी कड़ी में आज सेब सीजन के दृष्टिगत यह बैठक आयोजित की गई है। बैठक में सेब सीजन के लिए प्रशासनिक स्तर पर विभिन्न तैयारियों तथा सड़कों के बेहतर रखरखाव के लिए आपसी समन्वय से कार्य करने पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि शिमला जोन में पांच वृत्तों की 14 सड़कों की त्वरित मरम्मत एवं रखरखाव पर लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि व्यय की जाएगी, ताकि आढ़ती, लदानी, किसान एवं बागवानों को आगामी सेब सीजन में अपनी फसल की ढुलाई में किसी भी प्रकार की असुुविधा का सामना न करना पड़े। लोक निर्माण मंत्री ने पराला, रोहड़ू, भट्टाकुफर, सोलन और परवाणु स्थित एपीएमसी मार्किट यार्ड को जोड़ने वाली सड़कों के उचित रखरखाव के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पराला मार्किट यार्ड की सड़क के लिए एपीएमसी के माध्यम से लगभग 3.48 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई है। इसके अतिरिक्त डिपोजिट वर्क में भी एपीएमसी से राशि का मामला उठाया गया है ताकि छिटपुट मरम्मत कार्य समय पर पूर्ण किए जा सकें। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि बरसात के मौसम में भूस्खलन इत्यादि की स्थिति में सड़क यातायात बहाल रखने के लिए प्रत्येक मण्डल में मशीनों इत्यादि की समुचित व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर की सम्पर्क सड़कों के रखरखाव के लिए ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के समन्वय से खण्ड विकास अधिकारी के माध्यम से सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी करते हुए कहा कि सेब सीजन के लिए अभी लगभग एक माह का समय शेष है और इस अवधि में वे सभी तैयारियां पूर्ण कर लें। सीजन के दौरान सड़कों के रखरखाव में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सेब सीजन शुरू होने से पूर्व जुलाई माह में वे एक बार पुनः इसकी समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि सेब उत्पादन क्षेत्र में आने वाली सड़कों में ब्लैक स्पॉट, तीखे एवं संकरे मोड़ तथा दुर्घटना सम्भावित क्षेत्रों में समुचित चेतावनी चिन्ह् भी प्रदर्शित किए जाएंगे। इसमें पुलिस विभाग से भी समन्वय स्थापित कर आवश्यक सहयोग लिया जाएगा। बैठक में सेब उत्पादन से जुड़े शिमला, कुल्लू और किन्नौर ज़िलों की प्रमुख सड़कों, पंचायत एवं ग्राम स्तर की सम्पर्क सड़कों, शिमला व ठियोग बाईपास को खुला रखने तथा छैला सड़क मार्ग विस्तारीकरण की अद्यतन स्थिति पर चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त ठियोग सहित विभिन्न स्थानों पर नियंत्रण एवं उप-नियंत्रण कक्ष स्थापित करने पर भी चर्चा की गई। बैठक में सचिव वित्त अक्षय सूद, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता सुरेंद्र कुमार जगोता, विभाग के अधीक्षण एवं अधिशाषी अभियंता तथा बागवानी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
प्रख्यात जादूगर सम्राट शंकर ने आज राज भवन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से भेंट की। उन्होंने राज्यपाल को उनके द्वारा शिमला में विगत 5 जून से आयोजित किए जा रहे ‘फैमिली शो’ की जानकारी दी। उन्होंने राज्यपाल को अवगत करवाया कि वे अब तक लगभग 30 हजार मैजिक शो कर चुके हैं जिनमें से 24 हजार शो परोपकार कार्य के लिए किए गए हैं। उन्होंने कहा कि वे पिछले पांच दशकों से लगातार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। राज्यपाल ने सम्राट शंकर की उत्कृष्ट कला और विशेष रूप से परोपकारी कार्यों में उनके योगदान की सराहना की। राज्यपाल ने सम्राट शंकर को हिमाचली टोपी और शॉल भेंट कर सम्मानित भी किया।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज माता हाटू मंदिर नारकंडा में शीश नवाया और माता रानी का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि आज शिमला जिला के प्रसिद्ध माता रानी हाटू में आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। माता रानी का यह मंदिर पर्यटन के साथ धार्मिक आस्था का केंद्र है। उन्होंने माता रानी से प्रदेश के लोगों की सुख, समृद्धि एवं शांति की कामना की। इस अवसर पर विधायक ठियोग कुलदीप सिंह राठौर, प्रदेश कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष महेश्वर सिंह चौहान, उपमंडल दण्डाधिकारी सुरेंद्र मोहन सहित कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में वर्तमान प्रदेश सरकार ने अपनी दृढ़ इच्छा-शक्ति को प्रदर्शित करते हुए सभी विधायकों और अधिकारियों को आम जनता की श्रेणी में लाने का निर्णय लिया है। इसके तहत हिमाचल भवन तथा हिमाचल सदन, दिल्ली और हिमाचल भवन, चंडीगढ़ में रहने पर मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों के लिए किराये के कमरों की दर अब सभी के लिए एक समान 1200 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है, जो यह दर्शाता है कि यह सरकार सभी के प्रति समान दृष्टिकोण रखती है। इस निर्णय का हालांकि कुछ विधायक और अधिकारी विरोध कर रहे थे, लेकिन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उनकी सलाह को नजरअंदाज करते हुए सभी के लिए एक समान 1200 रुपये किराया निर्धारित कर लागू भी कर दिया है। मुख्यमंत्री का तर्क है कि जब आम लोग 1200 रुपए किराया अदा कर सकते हैं तो विधायक व अधिकारी ऐसा क्यों नहीं कर सकते हैं। वर्तमान सरकार के इस निर्णय से सरकारी खजाने का बोझ भी कम होगा। प्रतिवर्ष प्रदेश सरकार लगभग 5 करोड़ रुपये ग्रांट-इन-एड के रूप में हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम को हिमाचल भवन तथा हिमाचल सदन दिल्ली, हिमाचल भवन चंडीगढ़ में ठहरने वाले विशिष्ट व्यक्तियों के खर्च के रूप में देती थी। सरकार के इस निर्णय से राज्य सरकार के लगभग 5 करोड़ रुपए की बचत होगी, जिसे विकास के अन्य कार्यों पर व्यय किया जाएगा। वर्तमान राज्य सरकार का यह निर्णय ‘आम जनता की सरकार’ को परिभाषित करता है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू कई मौकों पर कह चुके हैं कि हम सत्ता सुख के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए आए हैं। मुख्यमंत्री ने अनेक महत्वाकांक्षी निर्णय लेकर इस सोच को चिरतार्थ किया है। प्रदेश की जनता को लाभान्वित करने के लिए वर्तमान सरकार मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के कुशल नेतृत्व में शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य क्षेत्रों में व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में अनेक निर्णय लिए हैं, जिससे न केवल प्रदेश में विकास की गति में तेजी आई है बल्कि कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वय से आम जनता को लाभ पहुंचा है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा शिमला में आज बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर बाल सत्र आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मुख्यातिथि के रूप में भाग लेते हुए बाल सत्र की कार्यवाही देखी तथा इसमें भाग लेने वाले सभी बच्चों को बधाई देते हुए कहा कि जीवन में सफलता के लिए कड़ी मेहनत की आवश्यकता होती है और जब तक सफलता नहीं मिलती तब तक निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के सवाल नए हिमाचल की नींव रखते हैं और उनके सवाल-जवाब देखकर इस बात का विश्वास और दृढ़ हुआ कि हिमाचल प्रदेश का भविष्य सुरक्षित है। 'बच्चों की सरकार कैसी हो' विषय पर आयोजित इस बाल सत्र में ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की गई और बच्चों ने शिक्षा के सुधार तथा लोगों की समस्याओं के बारे अनेक प्रश्न पूछे। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बाल सत्र के दौरान स्कूलों में योगाभ्यास के लिए विशेष सत्र आयोजित करने के सुझाव पर विचार करने का आश्वासन दिया। सीएम ने कहा कि बाल सत्र के दौरान आए अन्य सुझावों पर राज्य सरकार गंभीरता से विचार करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विशेष बच्चों पर भी ध्यान दे रही है और सरकार ने प्रदेश के 6000 अनाथ बच्चों को 'चिल्ड्रन ऑफ दी स्टेटÓ के रुप में अपनाया है। उन्होंने कहा कि सेंट स्टीफन कॉलेज दिल्ली हिमाचल के तीन अनाथ बच्चों को एडमिशन देने के लिए तैयार हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल सत्र में भाग लेने वाले बच्चे सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें लगभग 98 वर्ष पहले बने भवन में अपने विचार व्यक्त करने का अवसर मिला है और यह भवन कई ऐतिहासिक घटनाक्रमों का गवाह रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने छात्र जीवन के दौरान 17 वर्ष की आयु में कक्षा प्रतिनिधि (क्लास रिप्रजेंटेटिव) का चुनाव लड़ा और आज उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश की जनता की सेवा करने का मौका मिल रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए राजनीति में काफी अवसर हैं।
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा 16 जुलाई, 2023 को निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय चयन परीक्षा-2023 का आयोजन करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में अधिसूचित अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबधित प्रार्थी इसमें भाग ले सकते हैं। इसके लिए प्रार्थी की आयु 1 अप्रैल, 2023 तक 10 से 13 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। प्रार्थी ने शैक्षणिक सत्र 2022-23 के दौरान किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय से पांचवीं की परीक्षा उर्तीण की हो। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में कक्षा छठी के लिए कुल 150 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा, जिनमें 75 छात्र और 75 छात्राएं चयनित होंगी। उन्होंने कहा कि जिला किन्नौर के निचार एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के लिए 30-30 छात्र एवं छात्राएं, जिला चम्बा के भरमौर स्थित होली विद्यालय और पांगी स्थित किलाड़ विद्यालय के लिए 15-15 छात्र एवं छात्राएं, जिला लाहौल-स्पिति के कुकुमसेरी स्थित विद्यालय के लिए 15-15 छात्र एवं छात्राएं चयनित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रार्थी का प्रवेश, चयन प्रक्रिया की मैरिट के आधार पर कांउसलिंग के माध्यम से किया जाएगा। इच्छुक पात्र उम्मीदवार हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला की वेबसाइट https://hpbose.org/Online Services/CET/Eklaya/Instructions.aspx पर 24 जून तक निःशुल्क ऑनलाइन आवेदन-पत्र भर सकते हैं।
नौहराधार तहसील की चोकर पंचायत के गांव शिल्ली भंगाड़ी के प्रवीण ठाकुर ने लेफ्टिनेंट बनकर अपने सपनों को साकार किया है। ऑफिसर ट्रेनिंग अकादमी गया बिहार से पासआउट होकर बतौर लेफ्टिनेंट पद पर देश की सेवा करेंगे। इस मौके पर इनकी पिता माता, भाई व पत्नी भी शनिवार को गया बिहार गए थे। बचपन से ही भारतीय सेना में जाने का उनका सपना था। इस सपने को हकीकत में बदलने के लिए उन्होंने दिन-रात मेहनत की व अच्छे अंक प्राप्त कर उनका चयन लेफ्टिनेंट के लिए हुआ प्रवीण ठाकुर 2011 में सेना में बतौर सिपाही भर्ती हुए थे। इसके बाद काबिलियत के बूते लांस नायक बने। 2022 मे इन्होंने कड़ी मेहनत से लेफ्टिनेंट की परीक्षा पास की। कई बार वह असफल भी हुए, मगर इन्होंने हार नहीं मानी और अंत में परीक्षा पास कर ही दम लिया।
उपमंडल घुमारवीं के अंतर्गत आने वाले डंगार चौक के पास गांव सौग में एक महिला की दराट से गला काटकर निर्मम हत्या कर दी गई। हत्या करने वाला पुरुष महिला का देवर है और सोलन जिला के किसी सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल है, वहीं मृतक महिला रोशनी देवी उम्र 54 पत्नी सुरेंद्र कुमार पंचायत डंगार व गांव सौग निवासी है। घटना के बाद थाना भराड़ी की पुलिस मौके पर पहुंची है और हत्या करने वाले पुरुष की हिरासत में ले लिया है। जानकारी के अनुसार महिला सुबह करीब साढ़े पांच बजे अपनी पशुशाला में पशुओं से दूध निकाल रही थी। इस दौरान उसका देवर मनोहर लाल शर्मा भी वहां किसी काम से आया। दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इस दौरान मनोहर ने वहां पड़े दराट से अपनी भाभी पर वार कर दिया, जिससे उसके गले पर गंभीर चोट आ गई व देवर घर वापस चला गया। पशुशाला घर से एनएच-103 के दूसरी ओर होने के कारण जब वह 6:30 बजे तक घर नहीं आई तो परिवार के सदस्य उसे देखने के लिए गए तो महिला अचेत अवस्था मे पड़ी थी और उसकी गर्दन दराट से कटी हुई थी और खून बह रहा था, जिसे देखते ही एंबुलेंस को फोन कर बुलाया गया। ऐंबुलेंस के स्टाफ ने उसे मौके पर ही मृत घोषित किया व पुलिस को सूचित कर थाना प्रभारी देवानंद शर्मा टीम के साथ मौके पर पहुंच कर छानबीन कर रहे हैं व एसपी-डीएसपी भी मौके पर पहुंचे। छानबीन में खून के धब्बों से सनी टी-शर्ट को घर से बरामद की व शक आधार पर मृतका के देवर को पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया। छानबीन के दौरान पुलिस टीम ने पशुशाला से खून से सन्ने दराट को भी बरामद किया। शक के आधार पर पकड़े गए मृतका का देवर कुछ दिन पहले ही कॉमर्स लेक्चरर से प्रिंसीपल प्रोमोट हुआ है व उसकी पत्नी अध्यापिका व तीन बच्चे एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। ये तीन भाई है जो ज्वाइंट फैमली मे एक साथ रहते हंै। आरोपी सीनियर सेकेंडरी स्कूल तरवाड़ में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत है। 10 दिन पहले ही आरोपी को प्रधानाचार्य पद पर प्रोमोशन मिली थी। आरोपी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेंद्र जसवाल, उपअधीक्षक चंद्रपाल भी मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने मौके पर साक्ष्य जुटाए। मृतका के मायके वालों ने घटनास्थल पर जमकर नारेबाजी की। उन्होंने आरोपी को फांसी देने की मांग की।
हिमाचल प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण विभाग पूर्व सैनिकों कोटे के तहत पूर्व सैनिकों को विभिन्न सरकारी विभागों में पद भरने की प्रक्रिया सोमवार को शुरू हो गई। हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिला दिव्यांग पूर्व सैनिक व युद्ध में शहीद हुए सैनिकों की विधवाओं व आश्रितों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया। यहां इनके प्रमाण पत्रों की जांच की गई। प्रमाण पत्रों की जांच करने के बाद योग्यता के अनुरूप पूर्व सैनिकों को विभिन्न विभागों में पदों पर तैनात किया जाएगा। सोमवार को साक्षात्कार के लिए पहुंचे पूर्व सैनिकों ने लाइनमैन और इलेक्ट्रीशियन के सामान्य, ओबीसी, एससी व एसटी वर्ग के 26 पदों के लिए साक्षात्कार में भाग लिया। योग्यता पूरी करने वाले पूर्व सैनिकों का पैनल तैयार किया जाएगा तथा पैनल के अनुरूप ही सिनियोरिटी के आधार पर नौकरी दी जाएगी। वहीं इस मौके पर पूर्व सैनिक निदेशालय के बिग्रेडियर मदनशील शर्मा ने विभिन्न जिला से आए हुए पूर्व सैनिकों को साक्षात्कार में जरूरी दस्तावेजों के बारे में जानकारी दी। साक्षात्कार देने 60 के करीब अभ्यर्थी पहुंचे लाइनमैन और इलेक्ट्रीशियन के लिए सामान्य वर्ग में 12, ओबीसी वर्ग में 4, एससी वर्ग में 8 व एसटी वर्ग में 2 पदों के लिए साक्षात्कार का आयोजन किया जाएगा। पूर्व सैनिक रोजगार विभाग के अधिकारी रविंद्र कुमार ठाकुर ने बताया कि सेामवार को लाइनमैन और इलेक्ट्रीशियन के 26 पदों के लिए विभिन्न जिलाें के पूर्व सैनिकों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया है। 26 पदों पर साक्षात्कार के लिए 60 के करीब पूर्व सैनिक ही पूर्व सैनिक के रोजगार विभाग में दस्तावेज चेक करवाने के लिए पहुंचे है। उन्होंने बताया कि दिव्यांग पूर्व सैनिक व युद्ध में शहीद हुए सैनिकों की विधवाओं व आश्रितों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया है।
नूरपुर में भाजपा की रैली को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ# राजीव बिंदल ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा हिमाचल के सपूत है और इनका हिमाचल से बहुत गहरा नाता है। उन्होंने कहा आज भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनकर उभरी है और इसके पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का बहुत बड़ा योगदान है। बिंदल ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का हिमाचल प्रदेश को 3 दिन का समय देने के लिए धन्यवाद भी किया। उन्होंने कहा इस दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश की 2 बड़ी रैलियों को संबोधित करेंगे, यह हमारा सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि भाजपा के हमारे सभी कार्यकर्ता अथक मेहनत कर रहे हैं और हम सभी संगठन के कार्य को धरातल तक ले जाएंगे इसके लिए हमारे सारे कार्यकर्ता अग्रिम भूमिका निभा रहे हैं। मोदी सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने पर ,महा संपर्क अभियान के चलते 800000 परिवारों से संपर्क साधने का काम भाजपा करने जा रही है और आने वाले 2024 के लोकसभा चुनावों में हमारे कार्यकर्ता अग्रिम भूमिका निभाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मंत्र घर घर पहुंचाएंगे।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने नूरपुर जिला भाजपा कार्यालय ‘दीपकमल’, गांव भालेटा, पोस्ट जसूर, तहसील नूरपुर, जिला कांगड़ा में दो जिला भाजपा कार्यालयों का वर्चुअल उद्घाटन किया। पहला संगठनात्मक जिला नूरपुर का कार्यालय और दूसरा कार्यालय संगठनात्मक जिला पालमपुर का है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना, सह प्रभारी संजय टंडन ने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष का जिला नूरपुर के भाजपा कार्यालय पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा में इस मौके पर दोनों जिला कार्यालयों की पट्टिकाओ का अनावरण किया और दोनों कार्यालय कार्यकर्ताओं को अर्पित किए। इस मौके पर भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने सभी कार्यकर्ताओं को इन भव्य जिला कार्यालयों के निर्माण पर भी बधाई दी। इस अवसर पर भाजपा जिला कांगड़ा के दिग्गज नेता रहे मौजूद।
बीएल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार की छात्रा गुंजन ठाकुर ने राष्ट्रीय खेलकूद स्पर्धा शॉट पुट में 9वां स्थान प्राप्त किया हैI जानकारी देते हुए विद्यालय अध्यक्ष ने बताया की गुंजन ठाकुर ने भोपाल में 6 जून से 9 जून तक आयोजित की गई स्पर्धा में भाग लिया था, जिसमे गुंजन ने शॉट पुट 9वां स्थान प्राप्त किया। उन्होंने बताया की यह बड़े गर्व की बात है की गुंजन ठाकुर राष्ट्रीय सतरीय पर विद्यालय का, कुनिहार का, सोलन जिले का और हिमाचल प्रदेश का नाम देश भर में रोशन किया हैI विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष तथा अध्यापक अभिभावक संघ अध्यक्ष रतन तंवर ने इस उपलब्धि के लिए गुंजन ठाकुर, उसके अभिभावकों को, उच्च उप शिक्षा निदेशक सोलन, खेल प्रभारी जिला सोलन, शारीरिक शिक्षक अमर देव और अरुणा शर्मा को बधाई दी है व् उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की हैI विद्यालय प्रधानाचार्य ने बताया की गुंजन ठाकुर लगातार तीसरी बार राष्ट्रीय स्तर पर भाग लिया है और वह एक बहुत ही उम्दा ख़िलाड़ी हैI छात्रा गुंजन ठाकुर को प्रधानाचार्य पुर्शोतम लाल, मुख्याध्यापिका सुषमा शर्मा , और समस्त अध्यापक वर्ग ने उनकी उपलब्धि के लिए उन्हें बधाई दी और राष्ट्रीय स्तर पर उम्दा प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं दीं।
कभी वीरभद्र सिंह के हनुमान कहे जाने वाले हर्ष महाजन को अब हिमाचल भाजपा ने कोर ग्रुप का सदस्य मनोनीत किया हैं। बीते साल हुए विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हर्ष महाजन भाजपाई हो गए थे। तब माना जा रहा था कि शायद चम्बा सदर सीट से भाजपा महाजन पर दांव खेल सकती है, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। अब बदली सियासी फ़िज़ा में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के आदेश पर हर्ष महाजन को भाजपा कोर ग्रुप का सदस्य बनाया गया हैं। ज़ाहिर है इस नियुक्ति के बाद भाजपा में हर्ष का सियासी कद बढ़ा है, साथ ही राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज़ हो चुकी है कि लोकसभा चुनाव में काँगड़ा संसदीय सीट से पार्टी हर्ष महाजन पर दांव खेल सकती है। हर्ष महाजन, स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के विशेष सलाहकार और रणनीतिकार रह चुके है। महाजन वीरभद्र सरकार में पशुपालन मंत्री भी रहे और फिर 2012 से 2017 तक कांग्रेस शासन में राज्य सहकारी बैंक के चेयरमैन भी। 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने हर्ष महाजन को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का वर्किंग प्रेसिडेंट नियुक्त किया था। यानी कांग्रेस में रहते महाजन का सियासी कद लगातार बढ़ा ही है, लेकिन महाजन ने 2022 के चुनाव से ठीक पहले सबको चौंकाते हुए भाजपा का दामन थाम लिया था। महाजन के भाजपा में जाने से कयास लगाए जा रहे थे कि ये भाजपा का मास्टरस्ट्रोक हो सकता है, दरअसल महाजन का चम्बा में बेहतर होल्ड माना जाता है, जाहिर है भाजपा को महाजन से कुछ उम्मीद तो ज़रूर रही होगी। हालांकि नतीजे आने के बाद महाजन की चम्बा सदर सीट पर भी कांग्रेस का परचम लहराया। भाजपा को अब भी महाजन की सियासी कुव्वत का अहसास है, इसलिए हर्ष महाजन को अहम् पद दिया गया है। भाजपा की सत्ता से विदाई होने के बाद हर्ष महाजन भी कमोबेश दरकिनार से ही दिखे है, पर अब उन्हें भाजपा कोर ग्रुप का सदस्य बनाया गया हैं। यानी अब भाजपा के अहम निर्णय लेने में उनकी भूमिका भी अहम होने वाली है। लोकसभा चुनाव के लिहाज़ से भाजपा में कई बड़े बदलाव होने की चर्चा तेज़ है। प्रदेश में सत्ता गवाने के बाद भाजपा इस दफा कोई चूक नहीं करना चाहेगी। फिलवक्त प्रदेश की चारों लोकसभा सीटों पर भाजपा का कब्ज़ा है। काँगड़ा संसदीय सीट की बात करे तो यहाँ वर्तमान में किशन कपूर सांसद है, लेकिन विधानसभा चुनाव में इस संसदीय क्षेत्र में भाजपा का प्रदर्शन फीका रहा था। ऐसे में महाजन की नियुक्ति के बाद कयास लग रहे है कि क्या भाजपा इस दफा कांगड़ा संसदीय सीट पर चेहरा बदलने की रणनीति पर आगे बढ़ सकती है ? महाजन जिला चम्बा से आते है और जिला चंबा के चार निर्वाचन क्षेत्र काँगड़ा संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आते है। ऐसे में उनकी दावेदारी ख़ारिज नहीं की जा सकती। बहरहाल कयासों का सिलिसला जारी है।
देश में कई मौके ऐसे आएं है जब सरकारों ने अपने पक्ष में माहौल देखकर समय से पहले चुनाव करवा दिए। क्या आगामी लोकसभा चुनाव भी अपने तय वक्त से पहले हो सकते हैं, ये सवाल इन दिनों सियासी गलियारों में खूब गूंज रहा है। दरअसल, इसी साल के अंत में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने है। क्या मोदी सरकार इन्हीं के साथ लोकसभा चुनाव करवाने पर विचार कर रही है? क्या सरकार का नौ साल की उपलब्धियों के प्रचार में ताकत झोंकना इसका संकेत है? ये अहम सवाल है। 'सेवा सुशासन और गरीब कल्याण' के नारे के साथ भाजपा आक्रामक तरीके से मैदान में उतर चुकी है, मानो चुनाव की घोषणा हो चुकी हो। संभवतः सरकार और पार्टी के शीर्ष स्तर पर लोकसभा चुनावों को लेकर गंभीर मंथन हो रहा है। बीते 6 महीनो में हिमाचल प्रदेश और कर्णाटक में सत्ता से बेदखल हुई भाजपा निश्चित तौर पर आत्ममंथन जरूर कर रही होगी। हालांकि पूर्वोत्तर के नतीजों ने भाजपा को कुछ उत्साहित जरूर किया है। पर पार्टी को इस बात का भी इल्म है कि बीते कुछ समय में कांग्रेस पहले से ज्यादा नियोजित दिख रही है और एंटी इंकम्बैंसी को पूरी तरह खारिज करना भी गलत होगा। ये कहना गलत नहीं होगा कि भाजपा कुछ असहज है। ऐसे में भाजपा के रणनीतिकारों को सोचने की जरुरत है। बताया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव इसी साल नवंबर-दिसंबर में होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के साथ कराने का विचार हो रहा है। इसके पीछे एक तर्क ये हो सकता हैं कि विपक्ष अपनी तैयारी अगले साल मार्च-अप्रैल के हिसाब से कर रहा है और उसे समय नहीं मिलेगा। एक तर्क ये भी हैं कि अगर विधानसभा चुनावों में भाजपा को अनुकूल नतीजे नहीं मिले तो कार्यकर्ताओं का मनोबल कमजोर नहीं होगा, बल्कि अगर दोनों चुनाव साथ हो जाते हैं, तो पीएम मोदी की लोकप्रियता का लाभ राज्यों के चुनावों में भी होगा। मुद्दे भांप रही हैं भाजपा ! कांग्रेस और भाजपा, दोनों तरफ सियासी पैंतरेबाजी तेज हो चुकी है। अगला लोकसभा चुनाव अमीर बनाम गरीब, हिंदुत्व बनाम सामाजिक न्याय और बेतहाशा बढ़ी अमीरी के मुकाबले गरीबी रेखा के नीचे की आबादी में बढ़ोत्तरी जैसे मुद्दों के बीच देखने को मिल सकता हैं। जातीय जनगणना भी बड़ा मुद्दा बन सकती हैं। शायद भाजपा इसे समझ रही हैं और ऐसे में जल्द चुनाव से इंकार नहीं किया जा सकता। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का फीडबैक भी कारण ! मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ से मिलने वाले फीड बैक भाजपा के लिए अच्छा नहीं बताया जा रहा है। राजस्थान में जरूर पार्टी अशोक गहलोत बनाम सचिन पायलट के झगड़े में लाभ तलश रही हैं लेकिन वसुंधरा राजे अगर नहीं साधी गई, तो मुश्किलें शायद भाजपा के लिए अधिक हो। उधर गहलोत सरकार की लोकलुभावन योजनाओं को भी खारिज नहीं किया जा सकता। इसी तरह बिहार, प. बंगाल और महाराष्ट्र में पिछले लोकसभा चुनावों के प्रदर्शन को न दोहरा पाने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
कुल्लू में आज एक उपचाराधीन मरीज ने अस्पताल भवन से कूद कर अपनी जान दे दी। जानकारी के अनुसार क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में उपचाराधीन मरीज ने अस्पताल भवन की पांचवीं मंजिल से छलांग लगा दी, जिससे उसकी मौत हो गई। मरीज के शव को पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू करवा दी है। मरीज दो-तीन दिन से क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में उपचाराधीन था। आज सुबह मरीज बिस्तर से उठ कर अस्पताल भवन की पांचवी मंजिल में गया और खिडक़ी से छलांग लगा दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने इसकी सूचना अस्पताल प्रबंधन को दी, जिसके बाद जब डॉक्टरों ने उसे चेक किया, तो उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक की खराहल घाटी के पौडूशाड का रहने वाला था। पुलिस घटना की जांच कर रही है।
हिमाचल प्रदेश सरकार पन बिजली के ज़रिए हिमाचल प्रदेश की आर्थिकी को बेहतर करने का हर संभव प्रयास कर रही है। सरकार के पास पानी से बिजली और इस बिजली से पैसा बनाने को लेकर कई योजनाएं है, जिनपर इन दिनों गहन मंथन जारी है। ये सभी चर्चाएं तब और भी तेज़ हुई जब सीएम सुखविंदर सुक्खू हाल ही में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह के साथ किन्नौर का दौरा करने पहुंचे। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री के साथ सीएम सुक्खू की मुलाकात कई मायनो में अहम मानी जा रही है। दरअसल हिमाचल बिजली परियोजनाओं पर वाटर सेस लगाकर आमदनी बढ़ाना चाह रहा है। परन्तु हिमाचल के वाटर सैस को पंजाब और हरियाणा ने असंवैधानिक करार दिया है। हालांकि हिमाचल से पहले भाजपा शासित उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर भी वाटर सैस वसूल रहे है। इसके अलावा प्रदेश सरकार राज्य में स्थापित पावर प्रोजेक्ट में हिमाचल की हिस्सेदारी बढ़ाने तथा पावर प्रोजेक्टों में मिलने वाली 12 फीसदी रायल्टी को बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने की भी मांग है। उम्मीद जताई जा रही है कि मुख्यमंत्री केंद्र से चर्चा कर इन समस्याओं का हल निकालेंगे और क़र्ज़ में डूबती प्रदेश की आर्थिकी को सहारा मिलेगा। इसी के साथ हिमाचल में शानन पावर प्रोजेक्ट को लेकर भी चर्चाएं तेज़ है। हिमाचल सरकार लीज खत्म होने के बाद शानन प्रोजेक्ट को अपने अधीन लेना चाहती है। लीज़ खत्म होने ही वाली है, मगर ठीक उससे पहले पंजाब को शानन प्रोजेक्ट की याद आ गई है। जोगिंद्रनगर स्थित शानन प्रोजेक्ट में विद्युत उत्पादन को लेकर इसके कायाकल्प के लिए पंजाब राज्य विद्युत बोर्ड ने 200 करोड़ का बजट जारी किया है। दिलचस्प बात ये है कि 2024 की लीज अवधि समाप्त होने से पहले परियोजना की 2026 की प्रस्तावित योजनाओं के लिए इस बजट को स्वीकृति मिली है। बता दें कि ब्रिटिश राज में मंडी के तत्कालीन राजा जोगिंदर सिंह ने शानन प्रोजेक्ट को 3 मार्च 1925 को 99 साल के लिए पंजाब को लीज पर दिया था। यह प्रोजेक्ट 110 मेगावाट हाईड्रो बिजली पैदा करता है, जो पंजाब को काफी सस्ती पड़ती है। हालाँकि पंजाब सरकार द्वारा इस प्रोजेक्ट के रखरखाव पर सवाल उठते रहे है। अब जब लीज अवधि समाप्त होने के नजदीक है तो पंजाब को इसकी याद आ गई। मिली जानकारी के अनुसार 110 मेगावाट की विद्युत परियोजना में विद्युत उत्पादन बढ़ाने के लिए यह बजट जारी हुआ है। मौजूदा समय में एक घंटे में 110 मेगावाट बिजली पैदा करने वाली इस पन विद्युत परियोजना में हर माह 2600 मेगावाट विद्युत उत्पादन से सालाना तीन से चार सौ करोड़ की आमदनी पंजाब सरकार को हो रही है। हालांकि हिमाचल प्रदेश सरकार पहले ही शानन पावर प्रोजेक्ट से पंजाब से वापस लेने का मन बना चुकी है। सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्पष्ट कर दिया है कि लीज अवधि समाप्त होने के इसका नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। शानन पावर प्रोजेक्ट की लीज 2 मार्च 2024 को समाप्त हो रही है और इसके बाद हिमाचल सरकार इसे संभालेगी।
केंद्र सरकार में सूचना एवं प्रसारण व युवा खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने जिला ऊना के भंजाल में मीडिया कर्मियों से बात करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को हर हक दिया है। हिमाचल प्रदेश की योजनाओं को प्राथमिकता पर जारी किया है, विकास की हजारों करोड रुपए की योजनाएं हिमाचल को दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आर्थिक मोर्चे पर केंद्र सरकार को दोष देने का काम ना करें ।कांग्रेस के नेता अपने आप को अनुभवी कहते हैं, वे अपने अनुभव से सरकार को चलाएं और हिमाचल को कर्ज से मुक्त भी करें, अपनी गारंट पूरी करें। उन्होंने कहा कि 6 महीने के अंदर ही कांग्रेसी सरकार के हाथ पांव फूल गए। अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश को सबसे अधिक योजनाएं मिली है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का वर्तमान नेतृत्व केवल राजनीतिक बात कर रहा है।उन्होंने कहा कि जब हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार स्व. वीरभद्र सिंह नेतृत्व में रही तब भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश को योजनाएं दी, विकास को आगे बढ़ाने के लिए मदद की, जिससे हिमाचल का विकास आगे बढ़ा। प्रदेश में भाजपा सरकार मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में बनी उस समय भी हिमाचल प्रदेश की योजनाओं को लागू किया गया। हिमाचल प्रदेश को सड़क के प्रोजेक्ट दिए गए, हिमाचल प्रदेश को प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत आगे बढ़ाया गया, स्वास्थ्य से लेकर हर क्षेत्र में योजनाएं दी गई ।उन्होंने कहा कि विकास की बात यहां है वहां केंद्र सरकार ने हर संभव मदद की है। अनुराग ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी विकास की राजनीति करती है और विकास को आगे बढ़ाने के लिए कभी भी किसी भी प्रदेश को रोका नहीं गया है और राजनीति के लिए कांग्रेस ने राजनीति करनी हो तो अलग बात है ,लेकिन कांग्रेस की सरकार भी जानती है कि किस प्रकार की मदद से हिमाचल में विकास की योजनाएं चल रही है और हर विभाग में केंद्र सरकार की मदद मिल रही है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार के 9 वर्षों में वह काम हुए हैं जो कांग्रेस अपने लंबे सत्ता काल में नहीं कर पाई।उन्होंने कहा कि भारत ने निर्माण के क्षेत्र में आगे छलांग लगाई है, आर्थिक मोर्चे पर भारत मजबूत हुआ है, भारत विश्व की ताकत बना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पांचवें नंबर की अर्थव्यवस्था बना है। उन्होंने कहा कि कल्याणकारी नीतियों से हर वर्ग को आगे बढ़ाने का काम किया गया है। अनुराग ने कहा कि महंगाई पर लगाम लगाने के लिए बेहतरीन कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि विश्व के अन्य देशों में देखें तो महंगाई बढ़ी है और भारत का जमीन आंकड़ा देखें तो भारत 9 वर्षों में औसत 5.9% महंगाई की दर बढ़ी है जो 6% से कम है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि राज्य स्तरीय मां शूलिनी मेला-2023 में सुरक्षा और संतुष्टि के साथ परंपराओं का निर्वहन किया जाएगा। डॉ. शांडिल आज यहां मां शूलिनी मेला की तैयारियों के संबंध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। डॉ. शांडिल ने कहा कि मां शूलिनी मेला सोलन सहित सिरमौर, शिमला एवं अन्य क्षेत्रों की आस्था का केंद्र है। उन्होंने कहा कि मेले में सभी लोग मां शूलिनी के दर्शन एवं उनका आशीर्वाद प्राप्त करने आते हंै। ऐसे में आवश्यक है कि जन आस्था का सम्मान करते हुए सभी की सुरक्षा का पूर्ण ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि सभी को सुरक्षित रूप से मां शूलिनी के दर्शन करवाना ज़िला प्रशासन का नैतिक उत्तरदायित्व है। उन्होंने उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक सोलन को निर्देश दिए कि इस दिशा में पूरी योजना के साथ व्यवस्था को अंतिम रूप प्रदान किया जाए। स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य स्तरीय इस मेले में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि मेले के दौरान विभिन्न स्थानों पर आयोजित किए जाने वाले भण्डारों में सफाई व्यवस्था सुनिश्चित बनाई जाए। उन्होंने भण्डारों के दौरान तैयार किए गए भोजन इत्यादि की उचित जांच के निर्देश भी दिए। डॉ. शांडिल ने कहा कि मेले में आयोजित होने वाली सांस्कृतिक संध्याओं में गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए। उन्होंने समय के अनुसार उभरते हुए कलाकारों को उचित मौका प्रदान करने के निर्देश दिए।
हिमाचल सरकार द्वारा भांग की वैध और वैज्ञानिक खेती को लेकर अध्ययन को लेकर गठित विशेष समिति 12 जून सोमवार को धर्मशाला के दौरे पर रहेगी। जिलाधीश डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि बागवानी व राजस्व मंत्री श्री जगत सिंह नेगी के नेतृत्व में गठित यह समिति सोमवार को प्रात: साढ़े 10 बजे धर्मशाला डिग्री कॉलेज के सभागार में विभिन्न हितधारकों, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर भांग की खेती से जुड़े विविध पहलुओं पर विस्तृत चर्चा करेगी। जिलाधीश ने सभी संबंधित अधिकारियों को सुबह सवा दस बजे सभागार में पहुंचने को कहा है।
हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड (एचपीएससीबी) द्वारा आज यहां आयोजित स्पार्क-2023 कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बैंक के नए चिन्ह् (लोगो) का अनावरण किया। इसके अलावा उन्होंने बैंक की इंटरनेट बैंकिंग सुविधा एकेडमी फॉर एग्रीकल्चर एंटरप्रिन्योरशिप डिवेलपमेंट फॉर ग्रोथ एंड एम्पावरमेंट (एग्री एज) और नई वेबसाइट का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बैंक का विजन डाक्यूमेंट भी जारी किया। उन्होंने बैंक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले शाखा कार्यालयों को पुरस्कार भी प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने भविष्य की चुनौतियों के लिए एचपीएससीबी द्वारा तैयार रहने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि राज्य सरकार सहकारी बैंकों को हरसंभव सहायता प्रदान कर सुदृढ़ करेगी। उन्होंने कहा कि बैंक डिजिटल तकनीकयुक्त होने चाहिए और उपभोक्ताओं को आधुनिक तकनीक का उपयोग कर बैंकिंग सुविधा प्रदान की जानी चााहिए। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंकों की कार्यप्रणाली के विस्तार के लिए छह महीने के भीतर सुधारों को लागू किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि सहकारी बैंकों को भूमि खरीदने के लिए प्राथमिकता के आधार पर हिमाचल प्रदेश मुजारियत एवं भू-सुधार अधिनियम 1972 की धारा 118 के तहत अनुमतियां दी जाएंगी। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान सरकार का पहला बजट व्यवस्था परिवर्तन का प्रतीक है, जिसमें ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक को इन पहलों के क्रियान्वयन में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। राज्य सरकार निर्धन परिवार के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए 20 लाख रुपए तक का ऋण एक प्रतिशत ब्याज की दर से उपलब्ध करवाने की योजना बना रही है ताकि संसाधनों के अभाव में कोई भी शिक्षा से वंचित न रहे। इसके साथ ही भविष्य में टैक्सी संचालकों को ई-टैक्सी चलाने के लिए परमिट जारी किए जाएंगे। राज्य सरकार ई-टैक्सी, ई-बस और ई-ट्रक की खरीद पर 50 प्रतिशत अनुदान देगी। राज्य सरकार 250 किलोवाट से 2 मेगावाट तक की सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना के लिए 40 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान करेगी और उत्पादित बिजली हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड लिमिटेड द्वारा खरीदी जाएगी। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंक इन योजनाओं के तहत ऋण प्रदान करें जिनकी संप्रभु गारंटी राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना की योजना के लिए सहकारी बैंक को प्रमुख बैंक बनाएगी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री डाॅ. कर्नल धनीराम शांडिल ने आज सोलन की अधिष्ठात्री देवी मां शूलिनी के मंदिर के लिए निर्मित भव्य द्वार का लोकार्पण किया। प्रवेश द्वार के निर्माण पर 9 लाख रुपये खर्च हुए है। यह धनराशि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डाॅ. कर्नल धनीराम शांडिल द्वारा अपनी विधायक निधि से प्रदान की गई थी। डाॅ. शांडिल ने इस अवसर पर कहा कि सोलन को मां शूलिनी के नाम से ही जाना जाता है। उन्होंने कहा कि माता के मंदिर के मार्ग पर प्रवेश द्वार के निर्माण से मंदिर की भव्यता और निखरेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार और ज़िला प्रशासन मां शूलिनी मंदिर के सौंदर्यकरण के लिए वचनबद्ध हैं और इस दिशा में योजनाबद्ध कार्य किया जाएगा। इस अवसर पर नगर निगम सोलन की महापौर पूनम ग्रोवर, पार्षदगण, पूर्व पार्षद, खण्ड कांग्रेस समिति सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, कांग्रेस पार्टी के विभिन्न पदाधिकारी, उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त अजय यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश रोल्टा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राजन उप्पल, उप पुलिस अधीक्षक भीष्म ठाकुर, ज़िला कल्याण अधिकारी गिरधारी लाल शर्मा, ज़िला कार्यक्रम अधिकारी आर.एस. नेगी, तहसीलदार सोलन मुल्तान सिंह बनियाल, अन्य विभागों के अधिकारी, गणमान्य व्यक्ति, माँ शूलिनी देवी मण्डल के सदस्य तथा स्थानीय निवासी उपस्थित थे।
राज्य स्तरीय मां शूलिनी मेला में विभिन्न संस्थाओं एवं व्यक्तियों द्वारा आयोजित किए जाने वाले भण्डारों की अनुमति ऑनलाइन प्राप्त करनी होगी। यह जानकारी उपमण्डलाधिकारी सोलन कविता ठाकुर ने दी। कविता ठाकुर ने कहा कि 23 जून से 25 जून, 2023 तक आयोजित किए जाने वाले राज्य स्तरीय माँ शूलिनी मेला में तीन दिवस तक विभिन्न संस्थाओं, दुकानदारों, होटलों, ढाबों एवं व्यक्तियों लगाए जाने वाले भण्डारों के लिए अनुमति ऑनलाइन प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन अनुमति प्रदान करने से सभी को सरलता से अनुमति मिलेगी और भण्डारा लगाने वालों को जानकारी होने से स्वच्छता इत्यादि का विशेष ध्यान रखा जा सकेगा। उपमण्डलाधिकारी ने कहा कि इच्छुक व्यक्ति ऑनलाइन http://forms.gle/hp6DTxbgscH9kT6Z6 पर आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि क्यू आर कोड स्केन कर भी वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री डाॅ. कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि संगीत जीवन का स्पंदन है और संगीत ही मनुष्य को तनाव से मुक्त रखता है। डाॅ. शांडिल गत देर सांय सोलन के कोठों में फिलफाॅट फोरम द्वारा आयोजित 35वीं अखिल भारतीय नृत्य, नाटक और संगीत प्रतियोगिता ‘अभिनय 2023’ के समापन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। डाॅ. शांडिल ने कहा कि प्राचीन समय से ही संगीत प्रकृति के साथ-साथ मनुष्य को सुकून प्रदान करता आया है। उन्होंने कहा कि जीवन में संगीत विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। संगीत पर आधारित ऐसी प्रतियोगिताएं आज की भागा-दौड़ की जिंदगी में राहत प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि संगीत के माध्यम से क्षेत्र विशेष की संस्कृति का संवर्द्धन एवं प्रचार-प्रसार सरलता के साथ किया जा सकता है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ऐसी सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं हमारी संस्कृति के सवंर्द्धन एवं संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताओं में देश के विभिन्न राज्यों की समृद्ध एवं बहुरंगी संस्कृति देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की समृद्धि संस्कृति को संजोए रखने के लिए वचनबद्ध है और यह प्रयास किया जा रहा है कि संस्कृति और पर्यटन के माध्यम से प्रदेश की आर्थिकी को मज़बूत किया जा सके। उन्होंने कहा कि हिमाचल की संस्कृति अपनी विविधता के लिए विश्व में खास पहचान रखती है। प्रदेश की संस्कृति और पर्यटन का गहरा संबंध है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र के विकास में हमारी सांस्कृतिक धरोहरों महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। डाॅ. शांडिल ने आयोजकों को शुभकामनाएं दी और फिलफाॅट फोरम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि फिलफाॅट फोरम वर्ष 1986 से कलाकारों को अपनी प्रतिभा व कौशल का प्रदर्शन करने के लिए सशक्त मंच प्रदान कर रही है। उन्होंने आशा जताई कि यह प्रतियोगिता देश के साथ-साथ हिमाचल के उभरते हुए कलाकारों को भविष्य का बेहतर कलाकार बनने की दिशा में उचित मंच प्रदान करेगी। ऐसे कार्यक्रम हमारी युवा पीढ़ी को अपने देश की रंग-बिरंगी संस्कृति से रू-ब-रू करवाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने इस अवसर पर संस्था की स्मारिका का विमोचन भी किया।
तीसरी रैपिड शतरंज चैंपियनशिप शानदार सफलता के साथ संपन्न हुई। इसमें डीएवी भड़ोली के खिलाड़ियों ने अपने असाधारण कौशल का प्रदर्शन किया और कई श्रेणियों में जीत हासिल की। प्रिंसिपल सुरजीत राणा के मार्गदर्शन में, जिनके अटूट समर्थन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, स्कूल शतरंज के क्षेत्र में एक ताकत के रूप में उभरा। आदित्य सोनी ने ओवरऑल चैंपियन का खिताब अपने नाम किया, जबकि लड़कियों के वर्ग में शेरिया गुलेरिया ने जीत दर्ज की। रसेश गुलेरिया और शेरिया गुलेरिया ने अंडर-15 गु्रप में अपना जलवा दिखाया। अंडर-11 वर्ग में अद्विक शर्मा और अनवी विजेता बने, जबकि अंडर-13 वर्ग में ऋत्विक बन्याल और यश्वी ठाकुर ने अपने कौशल का प्रदर्शन किया। विशेष रूप से सक्षम सहगल और अनन्या ठाकुर ने अंडर-9 डिवीजन में अपना दबदबा कायम रखा। प्रतियोगिता में विवेका फाउंडेशन भवरना, पारस सेन सेक पब्लिक स्कूल भवरना, आरएनटी ज्वालाजी, शिवालिक ज्वालाजी, डीएवी आलमपुर, डीएवी कांगू, डीएवी देहरा के 158 खिलाड़ियों ने भाग लिया। टूर्नामेंट निदेशक अनूप शर्मा ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। मुख्य आर्बिटर किशन चंद और डिप्टी चीफ आर्बिटर नैन्सी पटियाल ने मैचों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित किया, जबकि आयोजन सचिव सारिका ठाकुर और मीडिया प्रवक्ता अंकु वालिया ने आयोजन के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के प्रायोजन ने शतरंज को बढ़ावा देने की उनकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए चैंपियनशिप में प्रतिष्ठा बढ़ाई। चैंपियनशिप ने शतरंज के प्रति उत्साही और व्यापक जनता का समान रूप से ध्यान आकर्षित किया, रोमांचकारी मुकाबलों में प्रतिभागियों द्वारा प्रदर्शित समर्पण और दृढ़ संकल्प का जश्न मनाया। सभी श्रेणियों में डीएवी भड़ोली का उत्कृष्ट प्रदर्शन खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने में प्रिंसिपल सुरजीत राणा के सहयोग की प्रभावशीलता को दर्शाता है। उनकी उपलब्धियों ने शतरंज के क्षेत्र में एक बिजलीघर के रूप में स्कूल की प्रतिष्ठा को मजबूत किया।
गुरु रविदास महासभा देहरा खंड के चुनाव गुरु रविदास गुरुद्वारा देहरा में संपन्न हुए। गुरु रविदास महासभा देहरा खंड प्रधान नवल किशोर की अध्यक्षता में समस्त कार्यकारिणी की बैठक का आयोजन गुरु रविदास गुरुद्वारा देहरा में किया गया इस मौके पर बैठक में जिला के नियुक्त चुनाव प्रभारी दिनेश कुमार राजकुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे जिनकी अगुवाई में यह चुनाव संपन्न हुए। खंड प्रधान नवल किशोर द्वारा संबोधन किया गया तथा पुरानी कार्यकारिणी को भंग करने का ऐलान किया गया। चुनाव प्रक्रिया शुरू करने से पहले पूर्व में कार्यकारिणी द्वारा किए गए आय-व्यय का ब्यौरा आए हुए पदाधिकारियों तथा गणमान्य व्यक्तियों के समक्ष रखा गया। जिला द्वारा नियुक्त किए गए चुनाव अधिकारियों द्वारा चुनाव प्रक्रिया शुरू की गई जिसमें मुख्य संरक्षक पद के लिए नवल किशोर को चुना गया। संरक्षक पद के लिए ओंकार चंद को चुना गया। मुख्य सलाहकार पद के लिए हरबंस लाल तथा सलाहकार पद के लिए लखविंदर सिंह को चुना गया। तथा प्रधान पद के लिए नवल कुमार की जगह राकेश कुमार को चुना गया। उप प्रधान पद के लिए ज्ञान चंद सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के लिए किशोरीलाल को चुना गया। तथा सचिव पद के लिए भेटेहड बसा से विजय कुमार को चुना गया। कोषाध्यक्ष पद के लिए पवन कुमार को चुना गया। तथा प्रेस सचिव के लिए बाबू राम को चुना गया। इस मौके पर हरबंस लाल किशोरी लाल हरबंस सिंह ओंकार सिंह किक्कर सिंह नवल किशोर प्रीतम संधू प्यार चंद राजकुमार रतन चंद विजय कुमार प्रमोद सिंह व अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे सभी ने नवगठित कार्यकारिणी को बधाई दी।
शिमला में आज एक कार्यक्रम में राज्य कोऑपरेटिव बैंक की ऑनलाइन सुविधा और वेबसाइट की लॉन्चिंग के अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश कॉपरेटिव बैंक राज्य का अपना बैंक है और सरकार हिमाचल के अपने बैंकों को सुदृढ़ करने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। उन्होंने बताया कि बैंक को सुदृढ़ करने के लिए प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं में नोडल बैंक के रूप में राज्य सहकारी बैंक को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य का बैंक सुदृढ़ होगा तो प्रदेश की आर्थिकी को बल मिलेगा। सीएम ने कहा कि राज्य सहकारी बैंक हिमाचल प्रदेश ऑनलाइन सुविधा से जोड़ दिया गया है, जिसके लिए आज मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला में बैंक की वेबसाइट और नए लोगो का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉपरेटिव बैंक राज्य का अपना बैंक है और इसे सुदृढ़ करने के लिए सरकार हर संभव प्रयास करेगी उन्होंने कहा कि बैंक को और मजबूत बनाने के लिए प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं में इसे नोडल बैंक बनाने की कोशिश की जाएगी, जिससे बैंक के साथ-साथ प्रदेश को भी आर्थिक मजबूती मिले मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी अन्य बैंकों को सरकार आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने के प्रयास कर रही है।
प्रदेश के संसाधनों में हिमाचल के हक को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कड़े शब्दों में कहा है कि प्रदेश में चल रहे बड़े पावर प्रोजेक्ट में अब 12 फीसदी से अधिक की रॉयल्टी प्रदेश को मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यहां पर स्थापित होने वाले नए प्रोजेक्टों के लिए ऊर्जा नीति में उचित प्रावधान किया जाएगा, ताकि प्रदेश के संसाधनों का दोहन कर चलने वाले ऐसे प्रोजेक्ट में हिमाचल को उचित हक मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस दिशा में प्रयास कर रही है और हिमाचल के संसाधनों का दोहन कर चलने वाले ऐसे बड़े प्रोजेक्टों में हिमाचल को उसका उचित हक मिलना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 40 वर्षों से चलाई जा रही औद्योगिक नीतियों के कारण हिमाचल प्रदेश को अपने संसाधनों में उचित हक नहीं मिल पाया है, जिसके लिए अब पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। बताया कि नई औद्योगिक नीति में उचित प्रावधान किए जाएंगे और इन्वेस्टर मीट के दौरान साइन किए गए सभी एमओयू को भी फिर से खंगाला जाएगा।
मंडी जिले के धर्मपुर के मंडप में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। बादल फटने से जेसीबी मशीन गयूण खड्ड में बह गई। वहीं पुल के पिल्लर को लगी करीब 200 लोहे की प्लेटें मलबे में दब गईं। गयूण-द्रमण सड़क पर पुल का कार्य चला हुआ था। घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया है। वहीं चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे बनाला के पास भूस्खलन होने से बंद हो गया है।
राज्य सरकार ने जिला कांगड़ा के टांडा स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में दो रोबोटिक कैथलैब स्थापित करने की स्वीकृति प्रदान की है। इस संबंध में कॉलेज प्रशासन को विस्तृत प्रस्ताव देने को कहा गया है। रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत कर राज्य में आधुनिक स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने की दिशा में यह पहला कदम है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में आधुनिक स्वास्थ्य सेवा प्रणाली विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल चमियाना में भी रोबोटिक सर्जरी सुविधाएं शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को इन संस्थानों से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) प्राप्त हुई है, जिसकी विशेषज्ञों द्वारा जांच की जा रही है। इस उद्देेश्य के लिए सैद्धांतिक रूप से 30 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और राज्य सरकार इसके लिए पर्याप्त धनराशि प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा प्रक्रियाओं के संचालन में रोबोटिक कैथलैब क्रांति ला सकती है। रोबोटिक्स तकनीक का उपयोग सर्जरी के दौरान सटीकता, बेहतर दृष्टि और अधिक नियंत्रण प्रदान कर सकता है। इससे सर्जरी के दौरान जटिलताओं में कमी आएगी और रोगी शीघ्र स्वस्थ होंगे। उन्होंने कहा कि कैथलैब एक विशेष चिकित्सा सुविधा है, जो मुख्य रूप से कार्डियोलॉजी (हृदय रोग विज्ञान) के क्षेत्र में मिनिमली इन्वेसिव सर्जरी के लिए इमेजिंग तकनीक का उपयोग करती है। कैथलैब में रोबोटिक तकनीक को शामिल कर सर्जरी के दौरान सटीकता और दक्षता में काफी वृद्धि की जा सकती है, जो रोगियों, चिकित्सकों और चिकित्सा कर्मियों के लिए फायदेमंद होगी। राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए सरकार आधुनिक चिकित्सा तकनीक में निवेश करने की योजना बना रही है, जो दो उद्देश्यों की पूर्ति करेगी। प्रथम उद्देश्य के तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि राज्य के लोगों को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में नवीनतम चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हों। दूसरे उद्देश्य के अंतर्गत राज्य में चिकित्सा उपचार के इच्छुक आगंतुकों को आकर्षित करने के लिए स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके परिणामस्वरूप राज्य सरकार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करते हुए राजस्व भी उत्पन्न करेगी।
हिमाचल प्रदेश स्कूल डीपीईज संघ ने दिल्ली भोपाल और ग्वालियर में चल रही 66वीं राष्ट्रीय स्कूली खेलों में हिमाचल प्रदेश के खिलाड़ियों द्वारा जीते गए तीन स्वर्ण, चार रजत, और आठ कांस्य पदक के लिए प्रतियोगिताओं में भाग ले रहे सभी खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों को बधाई दी है। डीपीईज संघ के प्रदेश अध्यक्ष मोहन नागटा,उपाध्यक्ष कपिल मोहन जिला सिरमौर के प्रधान दिनेश शर्मा ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों में कार्य कर रहे शारीरिक शिक्षकों की मेहनत और कर्मठता से ही यह संभव हो पाया है। ऐसा पहली बार हुआ है जब हिमाचल प्रदेश को स्कूली राष्ट्रीय खेलों में 16 पदक प्राप्त हुए हैं। इसके लिए प्रदेश में कार्यरत सभी शारीरिक शिक्षक बधाई के पात्र हैं। ऐसे उत्कृष्ट प्रदर्शन से हिमाचल प्रदेश का नाम पूरे भारत में बुलंदियों पर पहुंचा है। प्रदेश में अभी बहुत सारे स्कूलों में डीपीज के पद खाली पड़े हैं, कई स्कूलों में पद सृजित ही नहीं है। अगर प्रदेश में सभी स्कूलों में डीपीज के पद सृजित किए जाते हैं तो खेलों के क्षेत्र में हम और अधिक अच्छा कार्य कर नए आयाम स्थापित कर सकते हैं। प्रदेश स्कूली डीपी संघ ने हिमाचल प्रदेश सरकार से मांग की है कि सभी विद्यालयों में डीपीज के पद आवश्यक तौर पर सृजित किए जाएं ताकि हिमाचल प्रदेश का नाम पूरे भारत में ही नहीं अपितु संपूर्ण विश्व मानचित्र में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाए।
ऊना जिले के त्युड़ी में रविवार सुबह हरियाणा रोडवेज की बस स्कूटर सवार को टक्कर मारने के बाद घर में जा घुसी। हादसे में स्कूटर सवार की मौत हो गई है, वहीं बस में सवार यात्रियों को भी हल्की चोटें आई हैं। मृतक की पहचान पदम चंद निवासी बसाल के तौर पर हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना के संबंध में मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार घटना के समय सोनीपत डिपो की बस ऊना से धर्मशाला की तरफ आ रही थी। इसी बीच त्युड़ी गांव में बस ने स्कूटर सवार को टक्कर मार दी। स्कूटर को टक्कर मारने के बाद बस अनियंत्रित हो गई और एक घर में जा घुसी। हादसे में बस का अगला हिस्सा भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुआ है। वहीं, बस की टक्कर से घायल हुए स्कूटर सवार को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बीच रास्त में ही उसने दम तोड़ दिया।
कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने पार्टी के जिला अध्यक्षों से आगामी लोकसभा चुनावों के लिए अभी से कमर कसने को कहा हैं। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में विधानसभा चुनावों की तरह लोकसभा की चारों सीटों पर कांग्रेस को अपनी जीत का परचम लहराना है और अपनी जीत का क्रम जारी रखना है। आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में पार्टी के जिला अध्यक्षों की एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रतिभा सिंह ने कहा कि कांग्रेस के लिए आगामी लोकसभा चुनाव बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश विधानसभा चुनावों का एक बड़ा संदेश देशभर में गया है। पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा हैं। यही बजह है कि कांग्रेस ने कर्नाटक में शानदार जीत हासिल की। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में इस साल के अंत व अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में भी कांग्रेस अपनी जीत का परचम लहराती हुई केंद्र में मजबूती से अपनी सरकार बनाएगी। प्रतिभा सिंह ने संगठन की मजबूती के लिए जिला व ब्लॉक अध्यक्षों की सराहना करते हुए कहा कि उन सभी की एकता से आज प्रदेश में कांग्रेस की मजबूत सरकार बनी हैं। उन्होंने इसके लिये प्रदेश के लोगों व पार्टी के कार्यकर्ताओं का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बूथ कमेटियों को फिर से सक्रिय करने के साथ साथ जहां भी इसके पुनर्गठन की आवश्यकता हो जल्द कर दी जानी चाहिए। प्रतिभा सिंह ने केंद्रीय आलाकमान राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिका अर्जुन खड़गे,पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी व महासचिव प्रियंका गांधी ,प्रदेश मामलों के प्रभारी राजीव शुक्ला का भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके कुशल मार्गदर्शन में कांग्रेस मजबूती से आगे बढ़ रही हैं।
रविवार सुबह 11.30 बजे राजस्थान सरकार के शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला ने विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर कल्ला की पत्नी भी उनके साथ मौजूद थीं। पठानिया ने दोनों को टोपी व मफलर भेंट कर उनका अतिथ्य सत्कार किया। कल्ला राजस्थान के वरिष्ठ नेता हैं तथा पूर्व में राजस्थान कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं। पठानिया ने उन्हें कल होने वाले बाल सत्र के बारे भी अवगत करवाया तथा उन्हें बाल सत्र देखने के लिए भी आमंत्रित किया। इस बाल सत्र के लिए बीडी कल्ला के पोते श्री राघव कल्ला का भी चयन हुआ है। चर्चा के दौरान कल्ला ने कहा कि राजस्थान के बाद हिमाचल प्रदेश दूसरा राज्य है जहां बाल सत्र का आयोजन किया जा रहा है तथा उन्होंने कुलदीप सिंह पठानिया की इस पहल का स्वागत किया तथा उन्हें बधाई भी दी।


















































