शूलिनी विवि में वैहवानथन शांता (वी शांता) गैलरी का उद्घाटन योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ इंडिया के एक वरिष्ठ स्वामी कृष्णानंद गिरि द्वारा किया गया, जिसकी स्थापना परमहंस योगानंद ने की थी, जो एक विश्व प्रसिद्ध योगी और दुनिया की सबसे प्रशंसित पुस्तक 'द ऑटोबायोग्राफी ऑफ ए योगी' के लेखक हैं। वी शांता अपने देश में सभी रोगियों के लिए गुणवत्तापूर्ण और किफायती कैंसर उपचार को सुलभ बनाने के प्रयासों के लिए जानी जाती हैं। उनके काम ने उन्हें कई पुरस्कार जीते, जिनमें पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला दूसरा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार शामिल है। स्वामी कृष्णानंद गिरि ने वी शांता की एक प्रतिमा समर्पित की, जो उनके चचेरे भाई भी थे, जो बुनियादी विज्ञान विभाग, डी-ब्लॉक, शूलिनी विश्वविद्यालय में स्थापित और स्थापित है। समारोह में बोलते हुए, स्वामी गिरि ने कहा कि वह युवा छात्रों के लिए एक प्रेरणा थीं। स्वामी गिरी IIT बॉम्बे के पूर्व छात्र हैं। वह एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं और व्याख्यान के लिए भारत और विदेश में कई जगहों का दौरा कर चुके हैं। शूलिनी विश्वविद्यालय के सह-संस्थापक और प्रो-चांसलर, विशाल आनंद, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. सुनील पुरी, योगानंद केंद्र धर्मशास्त्र, शोलिनी विश्वविद्यालय के अध्यक्ष और एक पूर्व आईएएस विवेक अत्रे, प्रोफेसर जेएम जुल्का, ब्रिगेडियर सुनील मेहता, निदेशक ऑपरेशन शूलिनी विश्वविद्यालय, स्कूल योग विज्ञान के प्रमुख डॉ. सुबोध और प्रबंधन विज्ञान संकाय डॉ. सुप्रिया श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत किया और समारोह का सफल आयोजन भी किया।
शूलिनी यूनिवर्सिटी ने राष्ट्रीय महिला आयोग के सहयोग से कल 'क्षमता निर्माण और व्यक्तिगत विकास कार्यक्रम' का उद्घाटन किया। लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से आयोजित सेमिनार में विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों की छात्राओं ने जबरदस्त भागीदारी की। क्षमता निर्माण और व्यक्तित्व विकास संगोष्ठी के लिए आवेदन करने वाले 152 विश्वविद्यालयों में से शूलिनी विश्वविद्यालय 61 चयनित संस्थानों में से एक था। इस कार्यक्रम में एसआईएलबी, नर्सिंग कॉलेज, डॉ. वाईएस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी नौणी विश्वविद्यालय और शूलिनी विश्वविद्यालय की छात्राएं उपस्थित रहीं। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) एक वैधानिक निकाय है, जो भारतीय महिलाओं के अधिकारों के लिए एक वकील के रूप में कार्य करता है, महिलाओं को प्रभावित करने वाली नीतियों पर सरकार को सलाह देता है। आयोग ने महिलाओं को सशक्त बनाने और चिंता के मुद्दों को संबोधित करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम को बहुमूल्य समर्थन प्रदान किया। संगोष्ठी प्रभावी नीति निर्माण, विधायी उपायों, कानून प्रवर्तन, योजना कार्यान्वयन और महिलाओं के खिलाफ भेदभाव और हिंसा से निपटने के लिए रणनीतियों के माध्यम से महिलाओं के अधिकारों और अधिकारों को हासिल करने पर केंद्रित थी। इस कार्यक्रम की शुरुआत शूलिनी फाउंडेशन और एसआईएलबी की अध्यक्ष सरोज खोसला के उद्घाटन भाषण से हुई, जिन्होंने महिलाओं के सहज गुणों जैसे अंतर्ज्ञान और दयालुता पर जोर दिया। उन्होंने उपस्थित लोगों को प्रतिज्ञान का अभ्यास करने के लिए प्रोत्साहित किया 'मैं यह कर सकती हूँ; मैं यह करूंगी' और राष्ट्र निर्माता के रूप में लड़कियों की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार किया। डॉ. यूके नियोगी, मुख्य वक्ता, इंदिरा गांधी साधना अवार्डी और शूलिनी विश्वविद्यालय में अनुसंधान परियोजनाओं के निदेशक, ने विश्व स्तर पर महिलाओं को सशक्त बनाने की प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने क्षमता निर्माण और व्यक्तित्व विकास के माध्यम से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने, रोजगार तैयारियों, पारस्परिक कौशल और रचनात्मक सोच पर ध्यान केंद्रित करने के कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। डेलिना खोंगडुप, एक पेशेवर वकील और कार्यक्रम की मुख्य अतिथि ने राष्ट्रीय महिला आयोग की वेबसाइट, ncw.inc.in पर प्रकाश डाला, जिसमें महिलाओं के लिए उनकी शिकायतों को सुनने के लिए एक शिकायत प्रकोष्ठ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी देश को तब तक विकसित नहीं माना जा सकता जब तक कि उसकी महिलाएं सशक्त न हों। सुश्री खोंगडुप ने महिला दिवस 2023 की थीम "डिजिटऑल: इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी फॉर जेंडर इक्वेलिटी" पर भी प्रकाश डाला। दिल्ली में प्रबंधन शिक्षा और अनुसंधान संस्थान की डीन डॉ. दीपिका कालरा ने साइबर क्राइम पर प्रस्तुति दी और हमारे हितों की रक्षा के लिए डिज़ाइन किए गए एप्लिकेशन की विशेषताओं पर प्रकाश डाला। विशेष रूप से, उन्होंने जीमेल, गूगल ड्राइव और गूगल शीट्स पर चर्चा की, व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा के लिए सुरक्षा सुविधाओं का प्रदर्शन किया। शूलिनी विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमर राव ने कार्यस्थल की सफलता के लिए आवश्यक क्षमताओं पर बहुमूल्य अंतर्दृष्टि साझा की। उन्होंने फलते-फूलते करियर के लिए महत्वपूर्ण कौशल के रूप में प्रभावी संचार, समस्या-समाधान, टीम वर्क, अनुकूलन क्षमता और समय प्रबंधन पर जोर दिया। संगोष्ठी में सुश्री पूनम नंदा, छात्र कल्याण के डीन के नेतृत्व में एक आकर्षक प्रश्न और उत्तर सत्र भी शामिल था।
पाइनग्रोव स्कूल धर्मपुर की हेड गर्ल अनन्या कालिया जो पालमपुर की रहने वाली है, उसका चयन वायु सेना कैडेट के रूप में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में हुआ है। अनन्या कालिया ने हिमाचल प्रदेश की सभी लड़कियों को गौरवान्वित किया है और वह 22 जून, 2023 को एनडीए का ताज धारण करेगी। एनडीए में शामिल होने के लिए चुनी गई 19 लड़कियों का यह दूसरा दल है। यह पाइनग्रोव के लिए एक महत्त्वपूर्ण अवसर है, क्योंकि 17 वर्षीय अनन्या ने पाइनग्रोव स्कूल धर्मपुर में 2011 में कक्षा प्रथम में दाखिला लिया था। अनन्या एन डी ए में सूडान ब्लाक के पवित्र गलियारों में चलने वाली स्कूल की पहली महिला अधिकारी होगी, जिसे लड़कियों के लिए खोला गया था। उनका चयन स्कूल के कठोर शैक्षिक और सह-शैक्षणिक पाठ्यक्रम के वारे में बहुत कुछ बताता है, क्योंकि पूरे भारत से 19 लड़कियों में से केवल छह ही आईएफ कैडेट हैं। इन लड़कियों ने सैन्य उत्कृष्टता के क्षेत्र में बैश्विक उत्कृष्टता के विश्व के सबसे प्रसिद्ध संस्थान का हिस्सा बनकर पुरुषों के गढ़ को तोड़ दिया है। समर्थ सचदेवा पाइनग्रोव स्कूल, सुबाथू का पूर्व छात्र है जिसका चयन भी एनडीए में हुआ है। पाइनग्रोव स्कूल के अध्यापकों के मार्ग दर्शन और इनकी कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के कारण ही ये उपलव्धि हासिल कर स्कूल के अन्य छात्रों के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। हम कामना करते हैं वह भविष्य में भी अच्छा काम करके देश को गौरवान्वित करे। पाइनग्रोव स्कूल के कार्यकारी निदेशक कैप्टन एजे सिंह, प्रबंधन प्रमुख मिस समीक्षा सिंह, स्पेशल एजुकेटर मिस श्रिया, हेड ऑफ पाइनग्रोव स्कूल, सूबाथू कैप्टेन रेणु शर्मा, पाइनग्रोव स्कूल धर्मपुर के हेड टीचर संजय चौहान, पाइनग्रोव स्कूल सूबाथू के हेड टीचर पंकज शर्मा एवं अध्यापकों नें भी अनन्य कालिया की इस उपलब्धि के लिए उन्हें बधाई दी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से आज ओक ओवर में शिमला व्यापार मंडल का प्रतिनिधिमंडल विधायक हरीश जनारथा की अध्यक्षता में मिला। प्रतिनिधिमंडल ने हिमाचल प्रदेश होर्डिंग और प्रोफिटियरिंग प्रिवेंशन आदेश 1977, एचपी कमोडिटी प्राइस मार्किंग और डिस्प्ले आर्डर 1977 तथा एचपी ट्रेड आर्टिकल (लाइसेंसिंग और कंट्रोल) आदेश 1981 को हटाने की मांग की। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने व्यापार मंडल को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस अवसर पर व्यापार मंडल के अध्यक्ष हरजीत कुमार, महासचिव नितिन सोहल, कोषाध्यक्ष दीपक अग्रवाल, प्रदीप कुमार भुज्जा, नरेश कंधारी, राकेश पुरी, अजय सरना तथा तरुण राणा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शनिवार को ज्वालामुखी में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में चल रहे विकास कार्यों का सिलसिलेवार ब्योरा लिया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह ज्वालामुखी में जल शक्ति, परिवहन, सहकारिता तथा भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग के अधिकारियों से बैठक कर विकास कार्यों की समीक्षा की। उपमुख्यमंत्री ने इस दौरान सभी विभागों के अधिकारियों से लोकहित को ध्यान में रखते हुए कार्य करने के निर्देश दिये। जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रही 1067 करोड़ की परियोजनाएं उप मुख्यमंत्री ने जिले में चल रहे जल शक्ति विभाग के कार्यों का जायजा लेते हुए अधिकारियों को प्रत्येक कार्य को पूर्ण गंभीरता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिला कांगड़ा में जल जीवन मिशन के तहत 1067 करोड़ की लागत से 227 परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र में भी जल शक्ति विभाग की महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि ज्वालामुखी के साथ लगते क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के तहत लगभग 38 करोड़ की परियोजनाएं आने वाले एक महिने में पूर्ण कर दिए जाएंगे। ई-वाहनों को दिया जा रहा प्रोत्साहन मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने हिमाचल को हरित राज्य बनाने का लक्ष्य लिया है। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु राज्य को 'मॉडल स्टेट फ़ॉर इलेक्ट्रिक व्हीकल्सÓ के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके तहत निजि एवम् सरकारी क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। जिले में तीन ग्रीन कॉरिडोर में बनेंगे 19 चार्जिंग स्टेशन उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा प्रथम चरण में छ: राष्ट्रीय तथा राज्य उच्च मार्गों को ई-वाहनों के माध्यम से ग्रीन कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके तहत राजमार्गों पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जिला कांगड़ा में ग्रीन कॉरिडोर के अन्तर्गत पड़ने वाले तीन राजमार्गों पर प्रथम चरण में 19 चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, जिसके लिये स्थान का चयन कर लिया गया है। यह चार्जिंग स्टेशन परवाणू-नालागढ़-ऊना-हमीरपुर-देहरा-अंब-मुबारकपुर-संसापुर टैरेस - नूरपुर, शिमला-बिलासपुर-हमीरपुर-कांगड़ा-नूरपुर-बनीखेत-चंबा और मंडी-जोगिंदर नगर-पालमपुर-धर्मशाला-कांगड़ा-पठानकोट राजमार्ग पर ग्रीण कॉरिडोर में स्थापित किए जाएंगे।
बाहरा यूनिवर्सिटी वाकनाघाट के स्कूल ऑफ लॉ विभाग ने मॉडल सेंट्रल जेल कंडा का दौरा किया। उन्होंने शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए बीएएलएलबी 5वें वर्ष और एलएलबी द्वितीय सेमेस्टर के छात्र एमसीजे, कांडा का दौरा करने गए। इसका उद्देश्य जेल के कैदियों के मानवाधिकारों चलाए जा रहे विभिन्न व्यावसायिक कार्यक्रमों के बारे उन्हें सिखाया जाने वाला कौशल,कैदियों को प्रदान किया जाने वाला प्रशिक्षण, दी जाने वाली सुविधाएं आदि के बारे में ज्ञान को बढ़ाना था।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल 11 जून को उपायुक्त कार्यालय सोलन के सभागार में राज्य स्तरीय मां शूलिनी मेला समिति की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह जानकारी आज यहां उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने दी। मनमोहन शर्मा ने कहा कि इस बैठक में राज्य स्तरीय मां शूलिनी मेला समिति के सभी सरकार एवं गैर-सरकारी सदस्यों को आमंत्रित किया गया है। उन्होंने सोलन के मीडिया बंधुओं से भी इस बैठक में भाग लेने का आग्रह किया। उपायुक्त ने कहा कि यह बैठक 11 जून को दिन में 12.30 बजे आयोजित की जाएगी।
स्वच्छता के लिए सीवरेज प्रणाली बेहद महत्वपूर्ण है। पेयजल सुविधा को सदैव प्राथमिकता दी जाती है लेकिन विकास में सीवरेज प्रणाली की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। दूषित पानी को पुन: उपयोग में लाने के लिए उसका ठीक से एकत्रण तथा उपचार आवश्यक है। ऐसा न करने की स्थिति में गंभीर जल प्रदूषण की समस्या की संभावना होती है। जल एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन है और इसका कुशलता से उपयोग किया जाना चाहिए। वर्तमान राज्य सरकार ने राज्य के पांच कस्बों में पेयजल और स्वच्छता सेवाओं में सुधार करने का निर्णय लिया है, जिनमें मनाली, बिलासपुर, पालमपुर, नाहन और करसोग शामिल हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हाल ही में उपरोक्त कस्बों में बेहतर सीवरेज सुविधाओं को विकसित करने तथा मनाली और पालमपुर में पेयजल आपूर्ति में सुधार के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा फ्रांसीसी विकास एजेंसी, एजेंसे फ्रैंकेइस डी डेवलपमेंट (एएफडी) के साथ 817.12 करोड़ रुपये की परियोजना के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि एएफडी द्वारा 612 करोड़ रुपये प्रदान किए जाएंगे जबकि राज्य सरकार 204.85 करोड़ रुपये प्रदान करेगी। परियोजना के तहत लाभार्थियों को इन पांच कस्बों में सीवरेज के कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को अत्याधुनिक तकनीकों के साथ डिजाइन किया जाएगा, जिससे कृषि और औद्योगिक उद्देश्यों के लिए अपशिष्ट का पुन: उपयोग किया जा सके। परियोजना का उद्देेश्य जल स्रोतों की पर्यावरणीय स्थिति में सुधार करना, जल जनित रोगों को कम करना, स्थानीय नियमों और अंतर्राष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुसार गुणवत्तापूर्ण स्वच्छता सुविधाओं का प्रबंधन करना और पेयजल व स्वच्छता क्षेत्र में वित्तीय स्थिरता लाना है।
मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूचना एवं जन संपर्क) संजय अवस्थी ने कहा कि अर्की विधानसभा क्षेत्र में इस वर्ष प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत 100 करोड़ रुपये की सड़क योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। संजय अवस्थी आज सोलन के अर्की के ऐतिहासिक चौगान में महावीर दंगल समिति लोक निर्माण विभाग द्वारा आयोजित विशाल दंगल के अवसर पर उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित कर रहे थे। संजय अवस्थी ने कहा कि स्थाई विकास ही प्रदेश सरकार का लक्ष्य है। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त धनराशि का समुचित उपयोग सुनिश्चित बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत इस वर्ष स्वीकृत धनराशि से विभिन्न गांव तक सम्पर्क सुविधा प्रदान करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस वर्ष में अर्की विधानसभा क्षेत्र में 102 सड़क योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। मुख्य संसदीय सचिव ने कहा कि अर्की विधानसभा क्षेत्र में खनिज संस्थान न्याय के माध्यम से विभिन्न योजनाओं को गति प्रदान की जाएगी। उनके प्रयासों से इस वर्ष अर्की विधानसभा क्षेत्र में 09 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। संजय अवस्थी ने कहा कि अर्की विधानसभा क्षेत्र का चहुमुंखी विकास उनकी प्राथमिकता है। अर्की विधानसभा क्षेत्र में सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मूलभूत क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अर्की विधानसभा क्षेत्र के नौनिहालों को विश्व स्तरीय शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से जलाना में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग विद्यालय स्थापित करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। इसके लिए 50 बीघा भूमि का चयन कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के ऊर्जावान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आम आदमी के कल्याण के लिए योजनाबद्ध कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले ही बजट में मुख्यमंत्री ने युवाओं को 90 हजार नौकरियां प्रदान करने के लिए ठोस पग उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार न केवल अपनी 10 गारंटियों को समयबद्ध पूरा करेगी अपितु जन कल्याण के लिए अन्य विभिन्न योजनाओं को भी कार्यान्वित करेगी। उन्होंने महावीर दंगल समिति लोक निर्माण विभाग अर्की मण्डल को 61वें विशाल दंगल के आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि लोक निर्माण विभाग द्वारा वर्ष 1962 से इस दंगल का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्थानीय विद्यालय की मुरम्मत के लिए पूर्व में 20 लाख रुपये उनके द्वारा उपलब्ध करवाए गए हैं। शीघ्र ही यह कार्य आरम्भ हो जाएगा। उन्होंने स्थानीय दंगल आयोजन समिति को अपनी ऐच्छिक निधि से 21 हजार रुपये प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने स्थानीय निवासियों को विश्वास दिलाया कि क्षेत्र के विकास के लिए धन की कोई कमी नहीं होगी। उन्होंने इस अवसर पर जन समस्याएं सुनी और अधिकारियों को इनके शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए। खंड कांग्रेस अर्की के अध्यक्ष सतीश कश्यप, महावीर दंगल समिति के प्रमुख संरक्षक एवं लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता रवि कपूर, सचिव देला राम ठाकुर, संगठन समिति एलआर कौंडल, अर्की कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सीडी बसंल, खंड कांग्रेस अर्की के महासचिव रोशन शर्मा, खंड कांग्रेस अर्की के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र रावत, नगर पंचायत अर्की की पूर्व अध्यक्ष सीमा शर्मा, पूर्व उपाध्यक्ष कुलदीप सूद, पार्षद निर्मला देवी, रूचिका गुप्ता, कांग्रेस पार्टी के विभिन्न पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी, गणमान्य व्यक्ति एवं स्थानीय निवासी इस अवसर पर उपस्थित थे।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से आज राजभवन में थल सेना अध्यक्ष जनरल मनोज पांडे ने भेंट की। यह एक शिष्टाचार भेंट थी। इस अवसर पर राज्यपाल ने उन्हें हिमाचली टोपी व शॉल के साथ स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। राज्यपाल को थल सेनाध्यक्ष ने सेना से सम्बंधित विभिन्न मुद्दों पर जानकारी दी। शिव प्रताप शुक्ल और जनरल मनोज पांडे ने क्षेत्र की सुरक्षा और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की। आर्मी ट्रेनिंग कमांड (आरट्रेक) के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, लेफ्टिनेंट जनरल एसएस महल भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
एलआर बीएड कॉलेज में फाइनल सेमेस्टर के प्रशिक्षुओं के लिए विदाई समारोह आयोजित किया गया। इसमें बीएड डिपार्टमेंट की ओर से जूनियर छात्रों ने अपने सीनियरों को विदाई दी। कार्यक्रम पारंपरिक रूप से सरस्वती वंदना के साथ शुरू हुआ, जिसमें हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से प्रोफेसर डॉ. सुनील देशटा ने अपनी उपस्थिति से इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। वहीं स्थानीय पंचायत की प्रधान कुसुम ठाकुर, सुपर सीनीयर अभिषेक शर्मा भी इस समारोह में उपस्थित रहे। वहीं कालेज के उप निदेशक हुसैन जैदी, आदिल हुसेन,प्रिंसिपल आर पी नेंटा, प्रिन्सिपल डॉ. श्वेता, प्रिंसिपल कंचन जसवालसहित अन्य डिपार्टमेंट के हैड श्वेता गुप्ता,शिखा बाली, नवीन कुमार मौजूद रहे। बी एड विभाग के छात्रों ने विदाई समारोह में चार्ट पेपर और ग़ुब्बारों से सजावट का सारा काम छात्रों द्वारा किया गया जिसकी सबने तारीफ़ की। इस विदाई समारोह में छात्र छात्राओं ने रैंप वाक, सोलो डांस, ग्रुप डांस, शेरोंशायरी आदि रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस मौक़े पर खेल स्पर्धाओं में विजयी रही टीमों को मेडल और स्मृति चिन्ह भी दिये गये। साथ ही प्रिंसिपल डा निशा ने विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया और उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं दीं। भवप्रिया मिस, अभिषेक मिस्टर फेयरवेल कार्यक्रम में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रशिक्षुओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए निर्णायक मंडल ने इस समारोह में भवप्रिया को मिस फेयरवेल, अभिषेक को मिस्टर फेयरवेल , ब्रिजमोहन को मिस्टर पर्सनैलिटी, और इशिता को मिस पर्सनैलिटी , सत्यम को मिस्टर टेलेंट और रिताक्षी को मिस टेलेंट से नवाजा गया। सीनियर्स ने खूबसूरत यादों को साझा किया और बीएड विभाग के प्रति आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद किया। विद्यार्थियों ने इस समारोह में खूब आनंद लिया और अपने अध्यापकों का धन्यवाद किया।एलआर बी एड की प्रिन्सिपल डॉ. निशा ने अंत में सभी मेहमानो का धन्यवाद किया और विद्यार्थियो को स्मृति चिन्ह भेंट करते हुए उनके मंगल भविष्य की कामना की और उन्हे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
उद्योग, संसदीय मामले व आयुष मंत्री हर्षवर्धन चैाहान ने आज शिलाई विधानसभा क्षेत्र की तहसील कमरऊ के कफोटा में ग्राम पचंायत शिल्ला, बोकाला पाब व दुगाना के लिये 4 करोड़ 21 लाख लागत की उठाऊ पेयजल योजना की आधारशिला रखने के उपरांत जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि शिलाई विधानसभा क्षेत्र में पिने के पानी की मुख्य समस्या रही है, जिसे दूर करने के लिये प्रदेश सरकार द्वारा इस क्षेत्र में 60 करोड़ की लागत से विभिन्न पेयजल योजनाओं का निर्माण कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि तहसील कमरऊ के ग्राम पंचायत कोडगा में लगभग 50 लाख की उठाऊ पेयजल योजना निर्मित की जा रही है जिससे कोडगा के 955 लोगों को शुद्ध पेयजल मिलेगा तथा ग्राम पंचायत भजौण में 45 लाख 51 हजार रुपये की लागत से बनने वाली उठाऊ पेयजल योजना से 353 लोग लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि जल शक्ति मंडल कफोटा में 2 करोड़ 11 लाख की एनडीडब्ल्यूपी योजना व 2 करोड़ 18 लाख की एचएफटीसी से 5000 लोगों को पानी की सुविधा मिलेगी। शिलाई विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कांडो च्योग में 1 करोड 60 लाख रुपये से काडंो च्योग उठाऊ पेयजल योजना से ग्राम काण्डो, थाना व च्योग गांव के लगभग 1660 लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया करवाया जाएगा। उन्होने जानकारी दी कि ग्राम पंचायत दुगाना में बनने वाली उठाऊ पेयजल योजना पर 1 करोड 13 लाख रुपये व्यय किये जाएंगे जिससे हरिजन बस्ती, नेडा, इन्दोली, पाटनी व साथ लगते गांव की लगभग 1300 की आबादी लाभान्वित होगी। इस अवसर पर महासचिव कांग्रेस कमेटी जगत सिंह पुडिंर, महासचिव कांग्रेस शिलाई रती राम शर्मा, उपाध्यक्ष मंडल शिलाई आत्मा राम, उपाध्यक्ष मंडल शिलाई गुमान सिंह, एसडीएम शिलाई सुरेश सिंघा, अतिरिक्त निदेशक उद्योग ज्ञान सिंह, अधीक्षण अभियंता राजीव महाजन, जिला आयुष अधिकारी राजन सिहं, अधीशाषी अभियंता शिलाई नरेन्द्र वर्मा, बीडीओ शिलाई अजय सूद, काग्रेस ब्लाक समिति अध्यक्ष सीता राम व पंचायती राज संस्थानों के चुने हुए प्रतिनिधि मौजुद रहे।
राजकीय प्राथमिक खंड ब्लॉक रक्कड़ के मल्टी टास्क वर्कर गठन के लिए बैठक रक्कड़ में शनिवार को की गई। इसमें अपनी यूनियन का गठन किया, जिसमें राकेश कुमार की अध्यक्षता में सर्वसम्मति से प्रधान पद पर जगदेव को चुना गया और लता कुमारी को उपप्रधान, सचिव सुनील कुमार, कोषाध्यक्ष सुमन, प्रवक्ता प्रेमलता, मीडिया सलाहकार राहुल शर्मा, कार्यकारणी सदस्य अनिल कुमार, अनिता, ऊषा रानी, सुलेखा, सुनीता ,रीना को सदस्यों कार्यकारिणी की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं नवनियुक्त प्रधान जगदेव सिंह ने कहा कि सदस्यों की सहमति से हर माह सौ रुपये सद्स्य शुल्क लिया जाएगा और मुझे जो जिम्मेदारी सौंपी गई है उसे मल्टी टास्क वर्कर के उत्थान के लिए हर संभव प्रयास करूंगा।
डाडासीबा में शनिवार को व्यापार मंडल प्रधान राजेंद्र सिंह गोगा की अध्यक्षता में डाडा सीबा पुलिस चौकी सब इंस्पेक्टर एवं चौकी प्रभारी किशोर चंद् दूसरी बार पुलिस चौकी प्रभारी होने पर पर व्यापारियों द्वारा फूल का गुलदस्ता देखकर सम्मानित किया गया इस मौके पर डाडा सीबा पंचायत के उपप्रधान परमेश्वरी दास, पूर्व प्रधान धर्मचंद, पूर्व उप प्रधान सूरम सिंह, रितेश शर्मा ,सरदार जितेंद्र सिंह ,राजेंद्र सिंह ,विक्रम कवंर, रजत सूद ,मोनू शर्मा, मनीष शर्मा ,अजय कुमार, आकाश ,उत्तम फौजी, राजकुमार, महिंद्र वालिया ,बलवीर, सनी, शिवाय, रिंकू मेहरा ,पवन शर्मा व सतीश चौधरी इस मौके पर उपस्थित रहे।
हाथी तो बहुत बलवान होता है पर अपनी दुर्बलता के कारण अपने से कम ताकत वाले महावत को पीठ पर बैठाकर दर-दर की भीख मांगता रहता है। हम सब की भी कहानी कुछ ऐसी ही है। अपने आत्मबल को न जान कर मन की आकांक्षाओं के गुलाम बन ठोकरें खाते रहते हैं। परमात्मा हमसे दूर नहीं है। इस तथ्य का बोध न होने के कारण ही हम उन्हें दूर एवं अलग समझते हैं। मनुष्य ईश्वर से अनिभिज्ञ है फिर भी अपने को चतुर समझता है। यही उसकी सबसे बड़ी कमी है। उक्त वचन श्रीमद् भागवत कथा के षष्ठम दिवस में परम श्रद्धेय स्वामी अतुल कृष्ण महाराज ने रक्कड़ में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि प्रभु में लगन लगनी चाहिए तभी साधना सफल होगी। हमारा निश्चय हो जाय कि हम कभी अकेले नहीं हैं, सर्वशक्तिमान प्रभु सदैव हमारे साथ है। धर्म सम्मत जीवन हमें यशस्वी बनाता है जबकि मनमर्जी का व्यवहार परेशानियां एवं मुसीबतें देता है। कीट-पतंगे देखते हैं कि हमारे कितने साथी दीपक की रोशनी में जल मरे फिर भी वह दिए की लौ में अपने को झोंक देता है। ऐसे ही मछली, भ्रमर, मृग एवं हाथी अपनी-अपनी कमजोरियों के कारण विपत्ति मोल ले लेते हैं। सत्संग एवं भगवान की पावन कथा हमें प्रज्ञावान बनाती है। महाराजश्री ने कहा कि हम भगवान की इच्छा में अपनी इच्छा को मिला कर आगे बढ़ेंगे तो अधिक आनंद में रहेंगे। जब तक जिन्दगी है कभी काम से फुर्सत नहीं मिलेगी। इन्हीं उलझनों में हरि भजन के लिए भी समय निकालना पड़ेगा। जो हो रहा है अच्छा हो रहा है, जो होगा अच्छा ही होगा और जो हुआ अच्छा ही हुआ। यदि गीता का यह दिव्य ज्ञान बुद्धि में स्थिर हो सके तो जीवन की सारी खटपट ही मिट जाय। आज कथा में भगवान श्रीकृष्ण की अनेक बाल लीलाएं, महारास, कंस-वध एवं श्रीरुक्मिणि विवाह का प्रसंग सभी ने अत्यंत तन्मयता से सुना। इस अवसर पर अनेक मनमोहक झांकियां निकाली गईं एवं लोगों ने ब्रज की होली का भी आनंद लिया।
जसवां-परागपुर विधानसभा के तहत सवाणा गांव की प्रियंका चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पीएचडी की डिग्री सौंपी। विजय शर्मा और सुषमा शर्मा की बेटी प्रियंका शर्मा ने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से पीएचडी की डिग्री हासिल की है। यह डिग्री केमिस्ट्री विषय में हासिल की है। प्रियंका शुरू से ही पढ़ने में होशियार थी। राजकीय महाविद्यालय ढलियारा मे बीएससी की डिग्री लेने के बाद हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी से से बीएड की डिग्री हासिल की इसके बाद एमएससी केमिस्ट्री की डिग्री हासिल की। इसके बाद एमए एजुकेशन और यूजीसी नेट करने के बाद अब चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से पीएचडी की डिग्री हासिल की है। प्रियंका ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया है और कहा कि मुझे माता-पिता और अपने भाई प्रिंकल पराशर शर्मा का काफी सहयोग रहा, जिसके कारण में आज पीएचडी की डिग्री हासिल कर सकी हूं।
हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड धर्मशाला की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए विद्यालय प्रवक्ता संघ जिला सिरमौर ने खेद जताया कि लगभग आधा सत्र बीतने को है, परंतु बोर्ड अभी तक यह निर्धारित नहीं कर पाया कि परीक्षाएं वार्षिक होगी या छमाही। अध्यक्ष सुरेंद्र पुंडीर, राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेंद्र नेगी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा, महासचिव डॉ. आईडी राही, जिला कोषाध्यक्ष विजय वर्मा, राज्य कार्यकारिणी सदस्य सतीश शर्मा, संजय शमा,रमेश नेगी, महिला अध्यक्ष सीमा वर्मा, भावना साथी, रमा शर्मा, संध्या चौहान आदि ने कहा कि बोर्ड प्रति वर्ष लगभग 2 लाख विद्यार्थी 10वीं व 12वीं कक्षा की परीक्षा से करोड़ों रुपये की शुल्क वसूलता है। प्रवक्ता संघ जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि यद्यपि प्रवक्ता संघ सहित विभिन्न शिक्षक संगठन बार-बार शिक्षा बोर्ड को आगाह करते आए है परंतु बोर्ड कुंभकर्णी नींद से जागने को तैयार ही नहीं है। संघ ने कह कि 22 जून से ग्रीष्मकालीन अवकाश होना है और यदि 10वीं और 12वीं की परीक्षा पिछले वर्ष की तरह टर्म के आधार पर होंगी तो अभी तक बोर्ड ने सिलेबस तक निर्धारित नहीं किया और ऐसे में अध्यापकों को प्रथम सत्र की परीक्षा के लिए मात्र अगस्त के 23 दिन ही मिल पाएंगे। प्रवक्ता संघ ने शिक्षा मंत्री से मांग की है कि वह स्वयं इस विषय पर संज्ञान ले तथा बोर्ड को जरूरी दिशा-निर्देश जारी करे।
उपमंडल ज्वालामुखी के अंतर्गत बानू द खू में शनिवार को उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के काफिले में जिला पायलट की बलेरो गाड़ी के साथ एक अन्य कार टकरा गई। हादसे में कार चालक अमोल शर्मा (33) निवासी दरंग, तहसील ज्वालामुखी को मामूली चोटें आई हैं, जिसका सिविल अस्पताल ज्वालामुखी में उपचार चल है। वहीं, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भी अस्पताल पहुंचकर अमोल का कुशल क्षेम जाना। मामले की पुष्टि डीएसपी ज्वालामुखी विकास धीमान ने की है।
जान्हवी विधानसभा बाल सत्र की मुख्य मंत्री चुनी गई हैं। आज शिमला में विधानसभा अध्यक्ष से मिलकर उन्होंने सदन की कार्यवाही को समझा, वहीं बाल सत्र में शामिल होने वाले बाल विधायक भी इस मौके पर विधानसभा भवन पहुंचे। अगले दो दिन बच्चे शिमला में रहेंगे। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा सत्र विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर आयोजित किया जा रहा है। बच्चों की राजनीतिक सहभागिता सुनिश्चित करने के लिये इस सत्र का आयोजन होगा।
ग्राम पंचायत गोइस के तहत आने वाले खोरड गांव में प्रवासी मूल के परिवार की 9 वर्षीय बच्ची की आटा चक्की के बाहर निकली सॉकेट की चपेट में आने से मौत हो गई है। मासूम वहां नल से पानी भर रही थी और उसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया तथा वह आटा चक्की से बाहर की तरफ से निकली सॉकेट की चपेट में आ गई। दुपट्टा सॉकेट में फंस जाने के कारण बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर क्षेत्र के लोगों का जमघट लग गया तथा बच्ची के परिजन भी मौके पर पहुंचे। मृतका की पहचान मनीषा कुमारी उम्र 9 साल पुत्री राजेश साहनी निवासी गांव गोसाईटोल डाकघर टोलपत्ती तहसील राजनगर जिला मधुबनी बिहार के रूप में हुई है। मृतका राजकीय प्राथमिक पाठशाला गलोड में पांचवीं की छात्रा थी। रितिका का पिता दिहाड़ी मजदूरी का काम करता है।
हिमाचल में अब बिक्रेता एक दिन में 20,000 रुपये के बजाय दो लाख रुपये तक के स्टांप पेपर बेच सकेंगे। प्रदेश सरकार के इस निर्णय से स्टांप विक्रेताओं की आय में इजाफा भी होगा। हालांकि प्रदेश में ई-स्टांप प्रणाली को वर्ष 2011 में शुरू किया गया था, लेकिन अब राज्य सरकार ने आगामी वित्त वर्ष से हिमाचल प्रदेश में पूरी तरह से ई-स्टांप प्रणाली से बिक्री करने का निर्णय लिया है। सुक्खू सरकार के बजट सत्र में इसका एलान किया था। शुक्रवार को इस बारे अधिसूचना जारी की गई है।
ज्वालामुखी उपमंडल की तहसील ज्वालामुखी में रहने वाली बेटी वंशिका गोस्वामी ने 66 नेशनल स्कूल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में हिमाचल प्रदेश का नेतृत्व किया 66 नेशनल स्कूल अंडर 19 गेम्स जो की भोपाल में हुई। इसमें वंशिका गोस्वामी ने हिमाचल प्रदेश का नेतृत्व करके बॉक्सिंग में लोहा मनवा कर ज्वालामुखी ही नहीं बल्कि सारे हिमाचल का नाम रोशन किया है। वंशिका गोस्वामी ने अपने गुरु और अपने माता पिता को सफलता का श्रेय दिया है वंशिका के पिता जो को हिमाचल पुलिस में अपनी सेवाएं दे रहे है, वंशिका के दादा दीप राज गोस्वामी, दादी माया गोस्वामी ने कहा है की बेटियों को आगे बढ़ाना चाहिए और उन्हें पूर्ण रूप से सक्षम और साहसिक होना चाहिए शशिकांत गोस्वामी ने संदेश दिया है की बेटी भी वो कार्य कर सकती है जो बेटा करता है उन्होंने कहा मुझे अपनी बेटी पर गर्व है और भविष्य में सिल्वर की जगह गोल्ड मेडल जीतने का दावा किया। ज्वालामुखी विधायक संजय रत्न ने दी बधाई ज्वालामुखी विधायक संजय रत्न ने बेटी वंशिका को बधाई दी है और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की इस मौके पर उनके साथ एसडीएम ज्वालामुखी संजीव शर्मा, डीएसपी विकास धीमान और वंशिका के पिता शशिकांत गोस्वामी मौके पर मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पुलिस विभाग में सुधार पर बल देते हुए कहा कि विभाग के आधुनिकीकरण के लिए पर्याप्त निधि तथा पुलिस बल के सुचारू व प्रभावी कार्यान्वयन के लिए स्टाफ में वृद्धि की जाएगी। राज्य सरकार प्रदेश में सरकारी भवनों के निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भी सार्थक प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने आज अपने सरकारी आवास ओक ओवर से वर्चुअल माध्यम से सोलन में पुलिस विभाग के आवासीय भवन का उद्घाटन करने के उपरांत पुलिस विभाग द्वारा प्रकाशित कॉफी टेबल बुक ‘एक्सपीरियंस दी वॉटर्स आफ हिमाचल’ भी जारी की। प्रदेश में इस वर्ष जिला ऊना के अंदरोली में आयोजित 22वीं अखिल भारतीय पुलिस जल क्रीड़ा प्रतियोगिता की झलकियां इसमें प्रस्तुत की गई हैं। इसके अतिरिक्त इसमें प्रदेश के मनमोहक जलाशयों को भी प्रदर्शित किया गया है। मुख्यमंत्री ने विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इससे राज्य में जल क्रीड़ा को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल तथा मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर कुल्लू से वर्चुअली इसमें शामिल हुए। पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और पुलिस विभाग द्वारा की जा रही विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष रघुबीर सिंह बाली, विधायक हरीश जनारथा और विनोद सुल्तानपुरी, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सतर्कता) सतवंत अटवाल, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) अभिषेक त्रिवेदी तथा पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
विद्युत उपमंडल चड़ी के सहायक अभियंता आशीष कुमार ने बताया कि 12 जून को 11 केवी चड़ी फीडर लाइन की मुरम्मत का कार्य किया जाना है। जिसके चलते विद्युत उपमंडल चड़ी के अन्तर्गत गांव चड़ी, मैटी, डडियाला, डढम्भ, थरोट, राख, भटेच्छ, टुण्डु, ठारू और साथ लगते क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति प्रातः 9 बजे से शाम 5 बजे तक अथवा कार्य समाप्ति तक बाधित रहेगी। उन्होंने कहा कि मौसम खराब होने की स्थिति में यह कार्य अगले दिल किया जाएगा, लोगों से सहयोग की अपेक्षा है।
शूलिनी यूनिवर्सिटी ने "द शूलिनी इनोवेशन डे" के दूसरे संस्करण की मेजबानी की, जिसमे नवाचार और उद्यमशीलता के प्रयासों पर प्रकाश डाला गय। इस आयोजन में विश्वविद्यालय के सभी संकाय सदस्यों, छात्रों और उद्योग भागीदारों के उल्लेखनीय शोध के बारे में चर्चा की गयी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सुशील कुकरेजा थे। गेस्ट ऑफ ऑनर डीन लॉ हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी (एचपीयू) प्रोफेसर संजय सिंधु थे।इस कार्यक्रम का आयोजन शूलिनी बौद्धिक संपदा अधिकार कार्यालय द्वारा प्रोफेसर दिनेश कुमार के मार्गदर्शन में विधि विज्ञान संकाय के एसोसिएट डीन प्रोफेसर नंदन शर्मा के सहयोग से किया गया । न्यायमूर्ति सुशील कुकरेजा ने श्रोताओं को संबोधित किया, राष्ट्रव्यापी पेपरलेस अदालतों के कार्यान्वयन सहित भारतीय अदालतों में की गई प्रगति पर अंतर्दृष्टि साझा की। उन्होंने पहुंच और स्पष्टता सुनिश्चित करने के लिए निर्णयों को हिंदी और अंग्रेजी में अनुवाद करने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। न्यायमूर्ति कुकरेजा ने लचीलेपन और असफलताओं से सीखने के महत्व पर भी जोर दिया। अपने स्वागत भाषण में शूलिनी यूनिवर्सिटी के डीन पोस्ट ग्रेजुएट स्टडीज, हेड ऑफ स्कूल बायोइंजीनियरिंग एंड फूड टेक्नोलॉजी प्रो. दिनेश कुमार ने नवाचार के क्षेत्र में इसकी रैंकिंग सहित शूलिनी यूनिवर्सिटी की उल्लेखनीय उपलब्धियों को साझा किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के इन-हाउस पेटेंट सेल के महत्व और यूटिलिटी पेटेंट बढ़ाने पर इसके फोकस पर भी जोर दिया। प्रो. दिनेश ने समर पेटेंट स्कूल पहल पर भी प्रकाश डाला, जिसका उद्देश्य स्कूली छात्रों के बीच नवीन सोच को पोषित करना और प्रोत्साहित करना है। श्रोताओं को संबोधित करते हुए शूलिनी विश्वविद्यालय में प्रो. नंदन शर्मा डीन लीगल साइंसेज ने प्रत्येक व्यक्ति के लिए बौद्धिक संपदा अधिकारों के महत्व पर जोर दिया और उपस्थित लोगों को आविष्कार के लिए अपने जुनून को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने एआई-आधारित आविष्कारों की बढ़ती प्रासंगिकता को स्वीकार किया और उभरती चुनौतियों का समाधान करने के लिए नए नियम विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। प्रो शर्मा ने बौद्धिक संपदा से जुड़े व्यावसायिक मूल्य और पहलुओं पर भी प्रकाश डाला। प्रो संजय सिंधु, डीन लॉ, एचपीयू गेस्ट ऑफ ऑनर ने इस कार्यक्रम में पेटेंटिंग के माध्यम से रचनात्मक कार्यों की रक्षा करने की आवश्यकता पर जोर दिया, रचनाकारों से रचनात्मकता और नवीनता की आदतों को विकसित करने का आग्रह किया। प्रोफेसर पीके खोसला चांसलर शूलिनी यूनिवर्सिटी ने कहा कि शूलिनी इनोवेशन डे विचारों के आदान-प्रदान और अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में सहयोगी अवसरों की खोज के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है। इसका उद्देश्य नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देना और व्यक्तियों को उनकी रचनात्मक आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रेरित करना है। प्रो खोसला ने बौद्धिक संपदा अधिकारों के उद्देश्य और महत्व और नवाचार को बढ़ावा देने और रचनात्मकता को सुरक्षित रखने में उनकी भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूचना एवं जन सम्पर्क) संजय अवस्थी 10 व 11 जून को सोलन ज़िला के अर्की विधानसभा क्षेत्र के प्रवास पर आ रहे हैं। संजय अवस्थी 10 जून को अर्की में सांय 3.30 बजे महावीर दंगल समिति द्वारा आयोजित विशाल दंगल में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करेंगे। मुख्य संसदीय सचिव 11 जूनको सांय 3.00 बजे दाड़लाघाट के माता नैना देवी मंदिर, धोबटन में वेद प्रकाश शुक्ला द्वारा आयोजित दंगल में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करेंगे।
उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने कहा कि रेडक्राॅस समिति की गतिविधियों का विस्तार कर पीड़ित मानवता की सेवा के कार्य को और अधिक बढ़ाने के लिए रेडक्राॅस की सदस्यता में वृद्धि की जानी चाहिए। मनमोहन शर्मा आज यहां ज़िला रेडक्राॅस सोसायटी सोलन की वार्षिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उपायुक्त ने कहा कि वर्तमान में ज़िला सोलन में रेडक्राॅस के 820 आजीवन सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि रेडक्राॅस समिति की संख्या को अधिक से अधिक बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने समिति के आजीवन सदस्यों से आग्रह किया कि समिति के साथ एक आजीवन सदस्य कम से कम पांच सदस्य जोड़े ताकि रोगियों की निस्वार्थ सेवा के कार्य को विस्तार दिया जा सकें। मनमोहन शर्मा ने कहा कि गत वर्ष ज़िला अस्पताल व अन्य अस्पतालों को रेफर किए गए रोगियों की सुविधा के लिए रेडक्राॅस सोसायटी की चार एम्बुलेंस सेवाएं दे रही है। उन्होंने कहा कि ज़िला रेडक्राॅस सोसायटी द्वारा क्षेत्रीय अस्पताल में रोगियों की सुविधा के लिए एक मार्गदर्शन काउंटर स्थापित किया गया है।उन्होंने कहा कि गत वर्ष रेडक्राॅस सोसायटी द्वारा 57 गरीब एवं ज़रूरतमद व्यक्तियों को 2,62,394 रुपये की राशि सहायता के रूप में प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि ज़िला रेडक्राॅस सोसायटी के सदस्यों द्वारा क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में रोगियों तथा तिमारदारों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रेडक्राॅस सोसायटी द्वारा गत वर्ष विभिन्न गतिविधियां संचालित की गई हंै। सोसायटी द्वारा 50 बच्चों को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सोलन में प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण एवं गृह नर्सिंग प्रशिक्षिण करवाए गया है। उन्होंने कहा कि रेडक्राॅस सोसायटी द्वारा ग्राम पंचायत गलानग में 800 पौधे रोपित किए गए हैं। उपायुक्त ने रेडक्राॅस सोसायटी के पदाधिकारियों को वर्षभर होने वाली गतिविधियों का कलैंडर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने रेडक्राॅस सोसायटी सोलन की दुकानों का बकाया किराया लेने के लिए समिति गठित करने के निर्देश भी दिए।
राज्य स्तरीय मां शूलिनी मेला में आने वाले कलाकारों आदि के लिए विभिन्न विश्राम गृहों, धर्मशालाओं एवं अन्य स्थानों में बिस्तरों के लिए ज़िला प्रशासन द्वारा सीलबंद निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। यह निविदाएं सहायक आयुक्त सोलन के कार्यालय को 13 जून तक प्रेषित करनी होंगी। 23 जून से 25 जून तक आयोजित किए जा रहे राज्य स्तरीय मां शूलिनी मेला में बिस्तरों के लिए सीलबंद निविदाएं सहायक आयुक्त सोलन के समक्ष 13 जून की प्रातः 10.30 बजे तक पहुंच जानी चाहिएं। सीलबंद निविदाओं को उसी दिन दोपहर 12.30 बजे सहायक आयुक्त सोलन कार्यालय में बोलीदाताओं के समक्ष खोला जाएगा। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए सहायक आयुक्त सोलन के कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां राज्य स्तरीय गोष्ठी (फोरम) के दूसरे चरण के दौरान प्रदेश में 7828 करोड़ रुपए की 26 लंबित परियोजनाओं की कार्यान्वयन प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए पर्यटन, जल विद्युत तथा औद्योगिक क्षेत्रों के हितधारकों के साथ चर्चा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रत्येक परियोजना का स्वयं जायजा लिया तथा इनके विलंब के कारणों की जानकारी प्राप्त की। गत बुधवार को मुख्यमंत्री ने इस गोष्ठी के प्रथम चरण में 8468 करोड़ रुपए की 29 लम्बित परियोनाओं के लिए निवेशकों से चर्चा की थी। प्रदेश में अटकी पड़ी 16297 करोड़ रुपए की कुल 55 परियोजनाओं से 20 हजार से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। उद्योग स्थापित करने में विलम्ब पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए हरसम्भव प्रयास कर रही है तथा परियोजनाओं की स्थापना में आने वाली अड़चनों को दूर करने पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निवेशकों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर काटने से बचाने के लिए सरकार निवेश नीति में संशोधन कर रही है। उन्होंने निवेशकों को बेझिझक अपनी समस्याएं प्रदेश सरकार के साथ साझा करने का आग्रह किया तथा इनके समाधान का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा कि सरकार निवेश को नई दिशा देने पर विशेष बल दे रही है जिसमें जल विद्युत, पर्यटन तथा सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र भी शामिल हैं। कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटन विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है तथा कांगड़ा जिला प्रदेश की पर्यटन राजधानी बनेगी। उन्होंने कहा कि सरकार स्वयं पर्यटन क्षेत्र में महत्वपूर्ण निवेश करेगी। कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार तथा सभी ज़िला मुख्यालयों में हेलीपोर्ट का निर्माण चरणबद्ध ढंग से किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त सरकार प्रदेश में चिकित्सा उपचार के इच्छुक आगंतुकों को आकर्षित करने के लिए स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा दे रही है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य से बाहर सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में कार्य कर रहे प्रदेश के युवाओं के लिए राज्य में ही रोजगार व स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने तथा राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। ज़िला कांगड़ा के पालमपुर में सूचना प्रौद्योगिकी पार्क स्थापित करने के लिए भूमि चिन्ह्ति की गई है। प्रदेश की आर्थिकी में जल विद्युत क्षेत्र के महत्वपूर्ण योगदान को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने राज्य की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए जल उपकर अधिनियम पारित किया है। इसके अतिरिक्त प्रदेश में ऊर्जा परियोजनाओं के निर्माताओं की सुविधा के लिए खुली जल विद्युत नीति लाने पर कार्य किया जा रहा है। सरकार जल विद्युत परियोजनाओं को आर्थिक रूप से सफल बनाने तथा उनके निर्माण में आने वाली अड़चनों को दूर करने के लिए हरसम्भव सहयोग प्रदान करेगी। इसके उपरांत ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश में निवेश करने के इच्छुक उद्यमियों के साथ पारस्परिक चर्चा की तथा उनकी परियोजना को शीघ्र स्थापित करने के लिए उनके विचार सुने। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। निवेश से न केवल युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे बल्कि प्रदेश को राजस्व भी प्राप्त होगा। उन्होंने संभावित उद्यमियों की बैठकें आयोजित करने के लिए मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना की और आशा व्यक्त की कि यह अनूठा कदम परियोजनाओं को धरातल पर उतारने में मील का पत्थर साबित होगा। प्रधान सचिव पर्यटन देवेश कुमार ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और प्रदेश में राजस्व वृद्धि के लिए पर्यटन क्षेत्र की संभावनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। बैठक में हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष रघुबीर सिंह बाली, मुख्य संसदीय सचिव राम कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, निदेशक उद्योग यूनुस, निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क किरण बड़ाना, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और सम्भावित निवेशक भी शामिल हुए।
उपमंडल दंडाधिकारी कुलबीर सिंह राणा ने सीआरपीसी 1973 की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उपमंडल भरमौर के पुराने बस स्टैंड से लेकर हेलीपैड तक के संपर्क सड़क मार्ग पर वाहनों की आवाजाही को 13 जून तक प्रतिबंधित रखने के आदेश जारी किए हैं। हालांकि आदेश में यह भी कहा गया है कि आपातकालीन सेवाओं के परिचालन में लगे वाहनों की आवाजाही सामान्य रहेगी। जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि उक्त मार्ग पर 14 जून से 20 जून तक भारी और सामान से लदे हुए वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। उपमंडल दंडाधिकारी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि सहायक अभियंता जल शक्ति भरमौर द्वारा पुराने बस स्टैंड से लेकर हेलीपैड संपर्क मार्ग में निर्माणाधीन सीवरेज पाइप लाइन के जारी कार्य को लेकर सूचित किए जाने पर जनहित में सुरक्षा कारणों के दृष्टिगत उक्त सड़क मार्ग में सामान्य वाहनों की आवाजाही को प्रतिबंधित किया गया है। आदेश के उल्लंघन की अवस्था में निर्धारित नियमों के अनुसार कानूनी कार्रवाई का प्रावधान भी रखा गया है।
हिमाचल प्रदेश में सेब का उत्पादन किसानों-बागवानों की आय और प्रदेश की आर्थिकी का मुख्य स्रोत है। प्रदेश सरकार राज्य में आगामी सेब सीजन के लिए सभी प्रकार की तैयारियां पूर्ण करने की दिशा में कार्य कर रही है। यह बात बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज यहां पराला सब्जी मंडी तथा सीए स्टोर एवं सब्जी मण्डी शिलारू के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। जगत सिंह नेगी ने बैठक के दौरान संबद्ध विभागों के अधिकारियों को समय पर सभी प्रबंध पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पराला से छैला सड़क को बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने पराला में आधुनिक फल प्रसंस्करण संयंत्र तथा प्रदेश में विभिन्न सब्जी मण्डियों के निर्माण कार्यों की जानकारी भी ली। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड के प्रबंध निदेशक नरेश ठाकुर, हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम के महाप्रबंधक हितेश आजाद तथा जल शक्ति विभाग, लोक निर्माण विभाग, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड और हिमऊर्जा के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि उन्होंने प्रदेश के दो दिवसीय प्रवास पर आए केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह के समक्ष ऊर्जा क्षेत्र से सम्बंधित विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। केंद्रीय मंत्री ने इन सभी मुद्दों को समयबद्ध हल करने के प्रति आश्वस्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री से शानन जल विद्युत परियोजना को हिमाचल प्रदेश को हस्तातंरित करने के लिए समयबद्ध प्रक्रिया पूर्ण करने का आग्रह किया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को शानन परियोजना के स्वामित्व से सम्बंधित विभिन्न पहलुओं से अवगत करवाया। केंद्रीय मंत्री को यह भी अवगत करवाया गया कि शानन परियोजना के स्वामित्व का अधिकार पंजाब सरकार के पास नहीं है क्योंकि यह परियोजना केवल पट्टे पर पंजाब को दी गई थी और पट्टे की यह अवधि मार्च, 2024 में पूरी हो रही है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के हितों के दृष्टिगत उन्होंने केंद्र सरकार से प्रदेश में 25 मेगावॉट क्षमता से कम की पन विद्युत परियोजनाओं को सुविधा प्रदान करने के दृष्टिगत इनके ढांचागत विकास के लिए एक योजना बनाने का भी आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने परियोजना निर्माताओं के हितों के दृष्टिगत इस बारे में शीघ्र ही एक योजना आरम्भ करने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय मंत्री के साथ निःशुल्क विद्युत बिक्री से सम्बंधित विभिन्न मामलों पर भी चर्चा की गई जिस पर उन्होंने सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सौर विद्युत के अनुरूप हिमाचल प्रदेश को हरित हाईड्रोजन के उत्पादन के लिए प्रोत्साहन प्रदान करने का आग्रह किया ताकि हरित हाईड्रोजन उत्पादन क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ाई जा सके। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को बताया कि प्रदेश सरकार राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न सुविधाएं प्रदान कर रही है। वर्ष 2023-24 के लिए प्रदेश में 500 मैगावॉट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
प्रदेश के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री लगातार अपने विधानसभा क्षेत्र हरोली के लिए कुछ ना कुछ अलग करते रहते हैं, इसलिए हर वर्ग में उनकी अलग से एक बैठ है। महिलाओं में विशेष रूप से मुकेश अग्निहोत्री के पैठ है, इसके लिए जहां मुकेश अग्निहोत्री के प्रयास हैं, वहीं उनकी धर्मपत्नी सिमी अग्निहोत्री व बेटी आस्था अग्निहोत्री की भी मुख्य भूमिका है। महिला शक्ति को बड़ी संख्या में मुकेश अग्निहोत्री ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर भी अपने साथ जोड़ा है, जिसके चलते हुए लगातार जीत के लिए अपने मार्जन को बढ़ाते चले जा रहे हैं। मुकेश अग्निहोत्री लगातार अपने क्षेत्र में धार्मिक यात्राओं का आयोजन भी करते हैं। गत दिवस उन्होंने हरोली विधानसभा क्षेत्र की महिला शक्ति के लिए नकोदर लाडी शाह दरबार के लिए धार्मिक यात्रा का आयोजन किया। इस यात्रा में प्रो.सिमी अग्निहोत्री व एडवोकेट आस्था अग्निहोत्री के नेतृत्व में सैकड़ों महिलाएं पंडोगा से बसों में नकोदर के लिए निकली। नकोदर में महिलाओं ने लाडी शाह के दरबार में माथा टेक आशीर्वाद लिया ,भोजन प्रसाद भी लिया। इस दौरान सिम्मी अग्निहोत्री व आस्था अग्निहोत्री ने महिला शक्ति के साथ संवाद भी किया और विधानसभा चुनावों के बाद बड़ी संख्या में महिलाओं के साथ यह नकोदर की धार्मिक यात्रा सफल रही है, इससे पहले चिंतपूर्णी व मां ज्वाला जी की यात्रा भी हुई है। आस्था अग्निहोत्री ने कहा कि महिलाएं अपनी दिनचर्या में व्यस्त रहती हैं, ऐसे में कुछ समय अपने लिए निकालकर धार्मिक यात्रा पर निकलना निश्चित रूप से हर महिला के लिए व युवतिओं के लिए सुखद रहता है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि सबके साथ परिवारिक जो रिश्ता है, वह मजबूत बने और हम परिवार की तरह रहें और विकास के कार्यों को यहां आगे बढ़ाना है. वहीं आम जनता विकास को लेकर क्या सोचती है ?क्या होना चाहिए? उन सब विषयों पर भी मंथन होता है, ताकि हरोली के विकास को आदर्श बनाया जा सके।
विद्युत उपमंडल सिद्धपुर के सहायक अभियंता कर्म चंद भारती ने उपमंडल सिद्धपुर (योल) के अधीन आने वाले सभी विद्युत उपभोक्ताओं से अपील की है कि यदि किसी उपभोक्ता को समय पर बिजली बिल प्राप्त नहीं हो रहा या बिजली बिल से संबंधित कोई शिकायत है तो उपभोक्ता उनके कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता कार्यालय दूरभाष 01892-246394 या ईमेल esdsidhpur@gmail.com पर भी बिल से संबंधित शिकायत कर सकते हैं। उन्होंने उपभोक्ताओं से यह भी अपील की है कि अपने बिजली के बिल लंबित न रखें और समय से उनका भुगतान करना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि बिजली के बिल बिजली बोर्ड की वेबसाइट या पेमेंट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन भी जमा करवाए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि समय पर बिल अदा न करने की स्थिति में बिना आगामी सूचना के नियमानुसार विद्युत कनेक्शन काट दिया जाएगा।
मिनर्वा कॉलेज ऑफ एजुकेशन इंदौरा में भारत सरकार द्वारा निर्मित जी-20 फोरम के अंतर्गत जनभागीदारी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मिनर्वा कॉलेज ऑफ एजुकेशन के प्रधानाचार्य डॉ. प्रशांत शर्मा ने बताया कि भारत एवं राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के निर्देशानुसार यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान पांच अलग-अलग विषयों पर कॉलेज परिसर में कार्यशालाएं एवं संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसके अंतर्गत आज के प्रथम सत्र में डॉ मोनिका देवी द्वारा अंतरराष्ट्रीय आर्थिक एवं प्रशासनिक विषय पर संगोष्ठी चित्रकला एवं काव्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बीएड के सभी छात्रों ने इस पर अलग-अलग माध्यमों से विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के अंत में डॉ. ईशा शर्मा ने वैश्विक स्तर पर जी-20 के माध्यम से भारत की हिस्सेदारी व भूमिका पर अपना वक्तव्य रखा एवं अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मुद्दों एवं समस्याओं पर प्रशिक्षु छात्रों को प्रशिक्षित किया। इस दौरान प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष जे. एस पटियाल व अध्यापक भी वहां पर उपस्थित रहे।
पुलिस चौकी सीबा के अंतर्गत शुक्रवार सुबह एक युवक बाइक पर गुराला से डाडासीबा की ओर आ रहा था कि बलघार मोड़ पर अचानक बाइक स्किड होने से वह बाइक सहित सड़क से नीचे गिर गया। ग्रामीणों ने जख्मी हालत में उसे डाडासीबा अस्पताल पहुंचाया। युवक की पहचान अजय कुमार उम्र 30 वर्ष पुत्र जगदीश चंद निवासी गांव निचला गुराला पंचायत लंडियारा निवासी के रूप में हुई है। उपचार के बाद युवक को छुट्टी दे दी गई है। इस संबंध में डाडासीबा चौकी प्रभारी किशोर चंद से बात की गई तो उन्होंने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
विधानसभा क्षेत्र जयसिंहपुर में आज एसडीएम कर्यालय के सभाकार कक्ष में सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग व हिमाचल प्रदेश के अधीन तहसील कल्याण अधिकारी जयसिंहपुर द्वारा अनुवर्ती कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जयसिंहपुर के विधायक यादविंदर गोमा मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने 123 पात्र लाभार्थियों को अनुवर्ती कार्यक्रम के तहत सिलाई मशीन भेंट की गयीं। वहीँ, स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के तहत 60 भवनों के कागजात वितरित किए। मुख्य अतिथि का स्वागत समाजिक एवं अधिकारिता विभाग द्वारा गोमा को शाल व टोपी पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर जयसिंहपुर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष महिंदर डडवाल, तसीलदार अभिषेक भास्कर संजय डोगरा अभिषेक सूद के साथ अन्य लोग भी मौजूद रहे।
पहाड़ों की रानी शिमला को यातायात जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रदेश सरकार रोप-वे परियोजना पर कार्य कर रही है। इसके माध्यम से पर्यावरण मित्र, साफ-सुथरा एवं हरित परिवहन सेवाओं पर कार्य करके शहर की पर्यटन क्षमता को भी प्रोत्साहित किया जा सकेगा। पहाड़ी इलाकों और दूरदराज के क्षेत्रों में एक कुशल परिवहन नेटवर्क विकसित करना एक बड़ी चुनौती है। परिवहन के पारंपरिक साधनों जैसे सड़क, रेल और वायु मार्ग का उपयोग करके ऐसे क्षेत्रों में सुदृढ़ परिवहन नेटवर्क स्थापित करने के लिए कई तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसी के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की सोच है कि प्रदेश में परिवहन के सुरक्षित, अभिनव और किफायती तरीकों के उपयोग के माध्यम से ऐसे स्थानों को वाहनों की भीड़-भाड़ से मुक्त किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला रोपवे परियोजना का विस्तार 14.13 किलोमीटर का होगा और यह शहर के विभिन्न स्थानों पर 15 स्टेशनों को आपस में जोड़ेगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल परियोजना लागत लगभग 1546.40 करोड़ रुपये है। यह शहरी रोपवे परियोजना दुनिया में अपनी तरह की दूसरी और भारत में पहली होगी और इससे शिमला शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धर्मशाला और मनाली शहर में इसी तरह की शहरी रोप-वे परियोजनाओं को विकसित करने की योजना बना रही है। शिमला शहर के लिए यह परियोजना रोप-वे एंड रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (आरटीडीसी) के माध्यम से संचालित की जाएगी और निगम ने इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट की तैयारी में पर्याप्त प्रगति की है, जिसके 30 जून 2023 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके लिए ड्रोन सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। इसके अलावा, भू-तकनीकी जांच और ईएसआईए की अध्ययन प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री का कहना है कि रज्जू मार्ग (रोप-वे) परिवहन के एक सुविधाजनक, सुरक्षित और पसंदीदा साधन के रूप में उभरा है, जो हिमाचल जैसे पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में तीव्र सम्पर्क सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ शहरों को भीड़भाड़ से भी राहत प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के अनुकूल, स्वच्छ और हरित परिवहन साधन होने के अलावा यह हरित और स्वच्छ हिमाचल के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को साकार करने में मदद करेगा। शिमला की जनसंख्या लगभग 3.08 लाख है और यहां वार्षिक लगभग 40 लाख पर्यटक पहुंचते हैं। शहर के दोनों तरफ बसावट के साथ संकरी सड़कें हैं, जो पर्यटन सीजन के दौरान शिमला पहुंचने वाले हजारों पर्यटक वाहनों के साथ और भी जटिल हो जाती हैं, जिससे यात्रियों को यातायात जाम से भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। रोप-वे परियोजना शिमला के प्रवेश बिंदु पर यहां आने वाले पर्यटकों को अपने वाहनों को पार्क करने के उपरांत शिमला की मनोहारी पहाड़ियों की प्राकृतिक सुंदरता और यहां के शांत वातावरण का आनंद लेने के लिए दूरगामी सिद्ध होगा।
विधानसभा जयसिंहपुर क्षेत्र के पंचरुखी में आज बीडीओ के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को पंचरुखी में कचरा निस्पादन संयंत्र लगाने के लिए ज्ञापन सौंपा गया। गौर रहे कि पंचरुखी में कचरा के निष्पादन की कोई व्यवस्था ना होने के कारण पंचरुखी शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं, जिस कारण गंदी बदबू चली रहती है तथा बीमारियों के फैलने की आकांक्षा सदैव बनी रहती है। समाज सेवी किसान नेता मंजीत डोगरा ने बताया कि पंचरुखी में धार्मिक पयर्टन स्थल है और पंचरुखी के गेट दुआर के पास कुड़े के ढेर लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस समस्या का तुरंत समाधान करे, ताकि लोगों को पंचरुखी में गंदी बदबू से निजात मिले। इस अवसर पर जिला पार्षद संतोष शर्मा, रमेश कुमार, पूर्व प्रधान रजिंदर कुमार पंचरुखी के अन्य बुद्धिजीवी लोग मौजूद रहे।
मेरा गांव, मेरा देश एक सहारा संस्था के द्वारा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय टोकियो में आज बच्चों को गर्मी से राहत के लिए पंखा भेंट किया गया तथा वहां पढ़ रहे दो बच्चों को खुशियों का सहारा योजना से जोड़ा गया। इस योजना में इन बच्चों की पढ़ाई में मदद की जाएगी जैसे किताबें, कापी, पेन, पेंसिल, ड्रेस, जूते, चप्पल, कोचिंग व अन्य रूप से भी पढ़ाई के लिए बच्चों का सहयोग किया जाएगा तथा बच्चों को पढ़ाई करने के लिए हर संभव मदद की जाएगी। संस्था के द्वारा इन जरूरतमंद बच्चों के लिए शिक्षा स्तर पर बच्चों के घर में आ रही समस्या से निजात के लिए यह खुशियों का सहारा योजना चलाई गई है। मेरा गांव मेरा देश एक सहारा संस्था के द्वारा पहले भी जरूरतमंद लोगों की सहायता की जाती है तथा संस्था के द्वारा खुशियों का बैंक भी खोला गया है जहां पर प्रतिदिन निशुल्क ट्यूशन लेने बच्चे आते हैं। संस्था के संस्थापक अनुराग गुप्ता, पुष्पा खंडूजा व नीरज बंसल ने बताया कि संस्था के द्वारा बहुत ही जल्द खुशियों का घर भी खोला जाएगा जिसके लिए भूमि चयनित की जा रही है जहां पर असहाय बुजुर्ग व बच्चों को एक साथ रहने खाने पीने की सुविधा भी मिलेगी। उससे पहले संस्था के द्वारा खुशियों का सहारा एक योजना चलाई गई है, जिसमें माजरा क्षेत्र के माजरा, कोटडी ब्यास, सैनवाला, मिश्र वाला टोकियो स्कूलों के बच्चों को खुशियों के सहारा योजना के साथ जोड़ा जा रहा है। संस्था के द्वारा प्रथम चरण में लगभग 12-15 बच्चों को खुशियों का सहारा दिया जा रहा है। संस्था के संचालक ने बताया कि बच्चों को खुशियों का सहारा समाजसेवियों की मदद से दिया जा रहा है तथा संस्था के साथ जुड़ने के लिए भी समाजसेवियों से आग्रह किया गया है। उन्होंने बताया कि संस्था के साथ प्रतिमाह 00 या 1100 रुपये वार्षिक सदस्यता देकर जरूरतमंद लोगों की सहायता की जा सकती है तथा अगर आपके घर में कोई भी गैर जरूरतन सामान जैसे कपड़े खिलौने बर्तन बिस्तर कॉपी पेंसिल कलर्स ड्राइंग फाइल इत्यादि है तो वह खुशियों का बैंक माजरा में जमा करवा सकते हैं।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने तंज कसते हुए कहा कि सुक्खू सरकार अपनी गारंटियां पूरी न कर पाने का ठीकरा केंद्र के सिर फोड़ रही है। जिला कांगड़ा दौरे पर आए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं 1500 रुपये का इंतजार कर रही हैं। पहली कैबिनेट में यह करेंगे, वो करेंगे, कहने वाली सरकार के छह माह का कार्य पूर्ण हो चुका है, लेकिन अब गारंटियों को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने की बात कही जा रही है, वो चरण न जाने कब आएगा। इस अवसर पर विधायक पवन काजल, सांसद किशन कपूर, पूर्व मंत्री सरवीन चौधरी, जिलाध्यक्ष चंद्रभूषण नाग सहित अन्य मौजूद रहे। शुक्रवार को सर्किट हाउस धर्मशाला में प्रेसवार्ता में डा. बिंदल ने कहा कि सरकार कांग्रेस की है तो जवाबदेही भी बनती है। ऐसा लगता है कि गारंटियों की जिम्मेवारी से सरकार भाग रही है। प्रदेश में सरकार की गारंटियों से दीवारें रंगी हुई हैं और गारंटियों के वीडियो लोगों के मोबाइल में कैद हैं। सत्ता पक्ष द्वारा केंद्र की ओर से प्रदेश के फंड रोकने के सवाल पर डा. बिंदल ने कहा कि शायद सरकार भूल रही है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का तीसरा व चौथा चरण जो बंद हो चुका था, उसे प्रदेश के लिए पीएम मोदी ने पुन: शुरू किया है। जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश में पेयजल योजनाओं के कार्य भी केंद्र के सहयोग से चल रहे हैं। जनता को सड़कों, बिजली, पानी की सुविधा देने और गारंटियां पूरी न कर पाने पर अब सरकार इसका ठीकरा केंद्र के सिर फोड़ रही है।
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को आज किन्नौर जिले के रिकांगपिओ में स्थानीय लोगों द्वारा गर्मजोशी के साथ विदाई दी। केंद्रीय मंत्री एवं मुख्यमंत्री किन्नौर के दो दिवसीय दौरे पर थे। मंत्री ने जनजातीय क्षेत्र की जनता द्वारा स्नेहपूर्ण आतिथ्य-सत्कार के लिए लोगों का आभार जताया। इससे पहले, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने किन्नौर जिले के कल्पा में भी लोगों की समस्याएं सुनीं तथा मीडिया कर्मियों से अनौपचारिक बातचीत की। उन्होंने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री का समृद्ध परम्पराओं एवं सांस्कृतिक धरोहर के लिए विख्यात किन्नौर जिले के दौरे तथा केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के माध्यम से वाइब्रेंट ग्राम छितकुल को गोद लेने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने राज्य के जनजातीय क्षेत्रों के लोगों की विभिन्न मांगों पर भी विचार करने के लिए केंद्रीय ऊर्जा मंत्री का आभार व्यक्त किया। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संयुक्त रूप से कल्पा स्टेडियम का विकास किया जाएगा।
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक सतपाल सत्ती ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार केवल मात्र हिमाचल प्रदेश में शराब को बढ़ावा दे रही है। इसका एक नहीं कई उदाहरण जनता के समक्ष आए हैं, पहले जिस प्रकार से ठेकों की नीलामी हुई, उससे शराब की तादात हिमाचल प्रदेश में बढ़ गई और उसके उपरांत अब शराब बार रेस्टोरेंट में रात को 1 बजे तक बेच पाएंगे। कांग्रेस पार्टी ने बोला था कि हिमाचल में युवाओं को 5 लाख नौकरियां देंगे और प्रत्येक वर्ष 1 साल नौकरी देंगे चलो नौकरियां तो अब गोल होती दिखाई दे रही है । पर अब तो वह युवाओं को शराब पीने के लिए बढ़ावा दे रहे हैं, अगर रात 1 बजे तक बार रेस्टोरेंट शराब बेचेंगे और इसकी अनुमति सरकार देगी तो उसके बाद किस प्रकार का वातावरण पूरे हिमाचल प्रदेश में होगा उसका आप अनुमान लगा सकते है। युवा शराब के नशे में डूबा मिलेगा, महिलाएं अपने आपको असुरक्षित महसूस करेगी, क्राइम बड़ेगा और देर रात सड़को पर लड़ाइयां बढ़ती दिखाई देगी। उन्होंने कहा की वर्तमान कांग्रेस की सरकार जनविरोधी है और इस प्रकार के निर्णय जनहित में कतई नहीं हो सकते हैं। आज से पहले भी कई प्रकार के प्रतिनिधिमंडल इस मांग को लेकर भाजपा सरकार के पास आए थे पर भाजपा सरकार ने कभी भी इस को प्रोत्साहन नहीं दिय। हम तो आज भी कहते हैं कि जिस बार और रेस्टोरेंट में शराब बिकिनी है वह रात 10 बजे बंद हो जाने चाहिए उसके उपरांत व खुले नहीं रहनी चाहिए।
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरकेसिंह और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वीरवार सायं सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस 17वीं आईटीबीपी बटालियन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जिला किन्नौर के रिकांगपिओ में बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर सेना और आईटीबीपी के अधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री एवं मुख्यमंत्री को उत्तरी सीमावर्ती क्षेत्रों से संबंधित प्रस्तुति दी। उपायुक्त, किन्नौर, तोरुल एस. रवीश ने जिला किन्नौर और लाहौल-स्पीति में सरकार द्वारा चलाए जा रहे वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने दोनों जिलों में विभिन्न अवसरों और चुनौतियों से भी अवगत भी करवाया। बैठक में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, सेना और आईटीबीपी और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री और मुख्यमंत्री ने 450 मेगावाट की शांगटांग कड़छम हाइड्रो विद्युत परियोजना में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। इसके पश्चात, स्थानीय ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों ने कल्पा विश्राम गृह में केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया।
मंडी की सांसद और कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने डेढ़ साल के कार्यकाल में सांसद निधि से पांच करोड़ 31 लाख 65 हजार की राशि स्वीकृत की है। खास बात यह है कि नेताप्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के विधानसभा क्षेत्र में भी 35 लाख 30 हजार रुपए के विकास कार्य सांसद निधि से पूरे किए गए हैं, जबकि सबसे अधिक धनराशि रामपुर विधानसभा क्षेत्र में खर्च हुई है। रामपुर में प्रतिभा सिंह ने 56 लाख 50 हजार रुपए अलग-अलग विकासात्मक गतिविधियों को पूरा करने के लिए सांसद निधि से दिए हैं। मंडी के सभी 17 विधानसभा क्षेत्रों की बात करें तो मनाली को 43.20 लाख, आनी को 35 लाख, लाहुल-स्पीति को 35.70 लाख, भरमौर को 39.50 लाख, जोगिंदरनगर को 27 लाख, कुल्लू को 42 लाख, किन्नौर को 16.95 लाख, मंडी सदर को 32.50 लाख, सरकाघाट को 15 लाख, द्रंग को 35 लाख, सराज को 35.30 लाख, बल्ह को 35 लाख, सुंदरनगर को 12 लाख, नाचन को 31.50 लाख, करसोग 38.85 लाख, बंजार को 12.15 लाख और रामपुर को 56.50 लाख रुपए की विकास योजनाओं को मंजूरी दी है। प्रतिभा सिंह ने हाल ही में लाहुल-स्पीति में 10 बड़ी योजनाओं को 22 लाख 50 हजार रुपए जारी किए हैं। यह धनराशि सांसद निधि से जारी की गई है। प्रतिभा सिंह के राजनीतिक सचिव अमित पाल सिंह ने बताया कि सांसद प्रतिभा सिंह ने इस संदर्भ में मंडी संसदीय क्षेत्र के उपायुक्त, जो इस संसदीय क्षेत्र के नोडल अधिकारी भी हैं, को इस राशि का स्वीकृति पत्र भेज दिया है। इन विकास योजनाओं के तहत केलांग खंड के तोजिंग ग्राम पंचायत में सिंचाई योजना, खंगसर टिनान में साइफन सिंचाई योजना, कारिंग गांव की सिंचाई योजना को तीन-तीन लाख स्वीकृत किए हैं।
नई पेंशन योजना कर्मचारी महासंघ जिला चंबा के पदाधिकारियों ने लोक निर्माण, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह के साथ शिष्टाचार की। इस दौरान जिला अध्यक्ष सुनील जरयाल ने उन्हें शोल व टोपी पहनाकर तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने पुरानी पेंशन योजना बहाली में महत्वपूर्ण योगदान के लिए विक्रमादित्य सिंह का आभार भी प्रकट किया। सुनील जरियाल ने कहा कि इससे पूर्व वे विक्रमादित्य सिंह सहित कांग्रेस पार्टी के नेताओं से पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग को लेकर मिलते रहते थे। लेकिन अब जबकि पुरानी पेंशन योजना को सरकार की ओर से बहाल कर दिया गया है, ऐसे में चम्बा पहुंचने पर पार्टी के नेताओं और मंत्रियों को महासंघ की ओर से सम्मानित करने की रस्म अदा की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन योजना बहाल होने से कर्मचारी वर्ग को अब अपने भविष्य की चिंता नहीं रही है। इस दौरान उन्होंने संघर्ष में साथ देने वाले सभी कर्मचारियों का भी विशेष आभार प्रकट किया। इस मौके पर नई पेंशन योजना कर्मचारी महासंघ के विभिन्न खंडों के अध्यक्ष व पदाधिकारी मौजूद रहे।
परागपुर विकास खंड की घियोरी पंचायत प्रधान पूनम धीमान "भारतीय राजनीति के माध्यम से राष्ट्र विकास और महिलाओं के समक्ष चुनौतियां" विषय पर महिलाओं का पक्ष प्रस्तुत करेंगी। इंडियन स्कूल आफ डेमोक्रेसी नई दिल्ली द्वारा चार दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसमें देश भर से 42 महिला जनप्रतिनिधि भाग लेंगी। इस संदर्भ में प्रधान पूनम धीमान ने बताया कि महिलाएं परिवार बनाती है। परिवार से घर,समाज और देश बनता है। देश प्रदेश में 50% महिला मतदाता होने के वावजूद भी महिलाओं को देश की संसद व प्रदेश की विधानसभाओं में उचित प्रतिनिधित्व नही मिलता है। पूनम धीमान ने बताया की 2013 तक देश की संसद में 11% महिला संसद लोकसभा में व 10.6%महिला सांसद राज्यसभा में थीं जो 2021 तक लोकसभा में महिला संसद 10.5% रह गंई,तो राज्यसभा में 9% सांसद महिलाएं रह गईं। पूनम धीमान ने बताया की वर्तमान में 78 महिला सांसद लोकसभा में हैं तो 24 सांसद राज्यसभा में महिलाएं हैं। हिमाचल प्रदेश की स्थिति की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया की 2022 प्रदेश विधानसभा चुनावों में मात्र 24 महिला प्रत्याशी मैदान में थी। भाजपा ने 6 आप ने 5 व कांग्रेस से 3 महिलाओं को ही टिकट दिया था। आज प्रदेश के 68 विधायकों में एक मात्र महिला विधायक रीना कश्यप ही हैं। प्रधान पूनम धीमान ने कहा कि 2009 में संविधान के अनुच्छेद 243 में संशोधन कर पंचायती राज में महिला आरक्षण 33% से वड़ाकर 50% किया था। जिसके परिणाम स्वरूप आज देश भर में 15 लाख जनप्रतिनिधि महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सहभागिता राजनीति में बड़नी चाहिए इसके लिए सभी राजनीतिक दलों को सकारात्मक प्रयास करने होंगे।
हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड के प्राप्त जानकारी के अनुसार आवश्यक रखरखाव के दृष्टिगत 10 जून, 2023 को कसौली उपमण्डल के कुछ क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी आज यहां विद्युत बोर्ड के वरिष्ठ अधिशाषी अभियंता ने दी। उन्होंने कहा कि 10 जून, 2023 को प्रातः 09.30 बजे से प्रातः 11.00 बजे तक कसौली उपमण्डल के धर्मपुर, कानो, सनवारा, सनावर, सूजी, आंजी, बठोल, सिहारड़ी, कुमारहट्टी, पट्टे का मोड़, हरिपुर, उदयपुर, खील, गढ़खल के कुछ क्षेत्र, कुकांणा, नालवा, ई.एस.डी, कसौली, पुलिस थाना कसौली, मुख्य बाजार कसौली, तहसील एवं न्यायालय कसौली, लोअर तथा अप्पर माल के कुछ क्षेत्र, मशोवरा, छटियां, कसाईखाना, किम्मूघाट, जाबली, गढ़खल गांव, गढ़खल बाजार, नड़ोह, गुसाण, सोची, शिल्ली, सलोई, पानवां, दूरदर्शन, एम.ई.एस क्षेत्र, कसौली गांव, ब्रुअरी, सेंट मेरी स्कूल, भेजा, कसोल वैली, गाढ़ा गांव, मध्याणा, नारी, गोरथी, थापल, कटहेच, टोहाणा, कोट बेजा, ओडा, चढियार, एयर फोर्स (इकाई 1 एवं 2), सीआरआई क्षेत्र तथा आस-पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने कहा कि मौसम खराब होने की स्थिति में अथवा किसी अन्य अपरिहार्य कारणों के दृष्टिगत निर्धारित तिथि व समय में बदलाव किया जा सकता है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर श्वेत पत्र निर्माण को लेकर शुक्रवार प्रातः 11 बजे प्रारंभिक बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक उप मुख्यमंत्री के कार्यालय में होगी। प्रदेश सरकार की ओर से इस संबंध में कैबिनेट उप समिति का गठन किया गया है। बैठक में कृषि मंत्री चंद्र कुमार और ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह भी इसके सदस्य हैं।
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह और प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज किन्नौर जिला के छितकुल गांव में वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत आयोजित संवाद कार्यक्रम में भाग लिया। इस कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय ऊर्जा मंत्री और मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से संवाद किया और जन शिकायतें सुनीं। उन्होंने क्षेत्र के लोगों को उनकी सभी जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने इस अवसर पर लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम उत्तरी सीमा में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और शहरों के समान सभी सुविधाएं प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार की एक पहल है। उन्होंने कहा कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत किन्नौर जिला के छितकुल, पूह, नाको, लियो और चांगो गांवों को विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने छितकुल से मण्डी के लिए बस सेवा आरम्भ करने की घोषणा भी की। वहीं आरके सिंह ने कहा कि केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का एक उपक्रम (सीपीएसयू) छितकुल गांव को गोद लेगा और इसके विकास के लिए राज्य सरकार को सहयोग प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि छितकुल में एक मेगावाट का विद्युत संयंत्र स्थापित किया जाएगा तथा क्षेत्र के छोटे नालों पर सूक्ष्म जल विद्युत परियोजनाएं स्थापित करने की सम्भावनाओं की तलाश की जाएगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने और पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए छितकुल में सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से संवाद के दौरान कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्र के लोगों विशेषकर जनजातीय क्षेत्रों के लोगों के विकास के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों की सांस्कृतिक विरासत की अपनी विशिष्ट पहचान है, जो दुनिया भर के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रदेश सरकार द्वारा हरसम्भव प्रयास किए जा रहे हैं।


















































