विक्रमादित्य सिंह हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के बेटे है। महज 28 साल की उम्र में विक्रमादित्य सिंह 2017 में पहली बार शिमला ग्रामीण सीट से विधायक बने थे। इस बार विक्रमादित्य सिंह दूसरी बार विधायक बने है और अब 33 साल की उम्र में मंत्री भी बन गए है। अलबत्ता विक्रमादित्य सिंह को सियासत विरासत में मिली है लेकिन वे हिमाचल प्रदेश के सबसे लोकप्रिय नेताओं में से है। अमूमन प्रदेश के हर निर्वाचन क्षेत्र में उनके समर्थक है और वे बीते चुनाव में कोंग्रस के स्टार प्रचारक भी थे। विक्रमादित्य ने इतिहास में स्नातक उपाधि सेंट स्टीफनज महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय से प्राप्त की। विक्रमादित्य 2013 से 2018 तक हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे हैं। विक्रमादित्य सिंह के मंत्री बनने के बाद उनके समर्थकों में ख़ासा उत्साह है और होली लॉज में एक बार फिर दिवाली सा माहौल है। गौरतलब है कि उनकी माता और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह भी सीएम पद की दौड़ में थी लेकिन पार्टी ने सुखविंदर सिंह सुक्खू को सीएम बनाया। इसके बाद होली लॉज समर्थकों में निराशा थी लेकिन अब विक्रमादित्य सिंह के मंत्री बनने से फिर नए उत्साह का संचार हुआ है।
कसुम्पटी निर्वाचन क्षेत्र से आठ बार कांग्रेस जीती है लेकिन ऐसा पहली बार हुआ हुआ है कि कसुम्पटी के विधायक को मंत्री पद मिला हो। अनिरुद्ध सिंह कसुम्पटी से लगातार तीसरी बार विधायक बने है। 2012 में अनिरुद्ध पहली बार विधायक बने थे और तब से अपराजित है। इस बार अनिरुद्ध ने जयराम सरकार में मंत्री रहे सुरेश भारद्वाज को बड़े अंतर से हराया था और उसके बाद से ही उनके मंत्री पद की अटकलें लग रही थी। हुआ भी ऐसा ही, अनिरुद्ध सिंह मंत्री बन गए। अनिरुद्ध राज्य युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष, भारतीय युवा कांग्रेस के राज्य महासचिव, राज्य एवं शिमला लोकसभा क्षेत्र पी.वाई.सी. के उपाध्यक्ष रहे हैं। आई.वाई.सी. के राष्ट्रीय समन्वयक, अनिरुद्ध ने जिला परिषद के चुनाव से अपने राजनितिक करियर की शुरुआत की थी। 2005 और 2010 में चमयाणा वार्ड से जिला परिषद् के सदस्य रहे और 2011 से 2013 तक जिला परिषद शिमला के अध्यक्ष रहे हैं। 2012 में अनिरुद्ध सिंह ने अपना पहला विधानसभा चुनाव लड़ा और जीता भी। अनिरुद्ध कांग्रेस के राष्ट्रिय सचिव भी है और सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू के बेहद करीबी माने जाते है।
रोहित ठाकुर को सियासत विरासत में मिली है। वे हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ठाकुर राम लाल के पौत्र हैं। रोहित ठाकुर 2000 से 2004 तक प्रदेश युवा कांग्रेस राज्य समिति के सदस्य रहे। 2008 से 2011 तक हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव भी रहे है। रोहित ठाकुर 2003 में पहली बार जुब्बल कोटखाई सीट से विधायक बने थे। इसके बाद उन्होंने 2012 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की। रोहित 2013 से 2017 तक मुख्य संसदीय सचिव रहे। 2021 में हुए उपचुनाव में रोहित ठाकुर ने तीसरी बार जीत दर्ज की। इस बार फिर रोहित ठाकुर ने जुब्बल कोटखाई विधानसभा सीट से जीत हासिल की है। चार बार के विधायक रोहित ठाकुर को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का करीबी माना जाता है और उनका मंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा था। माहिर मानते है कि रोहित को बागवानी विभाग के साथ -साथ कोई अन्य अहम महकमा मिलेगा।
** पहले कैबिनेट विस्तार में जिला कांगड़ा को सिर्फ एक मंत्री पद मिला हिमाचल प्रदेश के 12 जिलों में से पांच जिलों को अभी तक मंत्री पद नहीं मिला है। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू जिला हमीरपुर से है और उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री जिला ऊना से। इनके अलावा रविवार को पांच जिलों से मंत्री बनाएं गए है। जिला शिमला से विक्रमादित्य सिंह,अनिरुद्ध सिंह और रोहित ठाकुर मंत्री बने है, जिला सोलन से कर्नल धनीराम शांडिल, जिला सिरमौर से हर्षवर्धन चौहान, जिला कांगड़ा से चंद्र कुमार और जिला किन्नौर से जगत सिंह नेगी को मंत्री पद मिला है। वहीं 5 जिलों को कोई मंत्री पद नहीं मिला है। इनमें जिला मंडी, बिलासपुर, चम्बा, लाहौल स्पीति और जिला कुल्लू शामिल है। अब तीन मंत्री पद शेष है और सम्भवतः जिला कांगड़ा को दो मंत्री पद और मिलेंगे। यानी तीन जिलों को संभवतः मंत्री पद नहीं मिलेगा। जिला चम्बा में कांग्रेस के दो विधायक जीते है और इसी जिला से विधानसभा स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया आते है, ऐसे में ये लगभग तय है कि चम्बा से अब कोई और मंत्री नहीं होगा। जिला कुल्लू में भी कांग्रेस के दो विधायक जीते है और इनमें से एक विधायक सुंदर सिंह ठाकुर मंत्री पद की दौड़ में थे, लेकिन उन्हें सीपीएस बनाया गया है। ऐसे में सम्भवतः कुल्लू को भी मंत्री पद नहीं मिलेगा। वहीं जनजातीय जिला लाहुल स्पीति की इकलौती सीट भी कांग्रेस ने ही जीती है, लेकिन जनजातीय जिला किन्नौर से जगत सिंह नेगी के मंत्री बनने के बाद माना जा रहा है कि लाहुल स्पीति को भी मंत्री पद से वंचित रहना पड़ेगा। जिला बिलासपुर से कांग्रेस को सिर्फ घुमारवीं सीट पर जीत मिली है और विधायक राजेश धर्माणी अब भी मंत्री पद की दौड़ में है। इसी तरह जिला मंडी की दस में से सिर्फ एक सीट धर्मपुर में कांग्रेस जीती है और विधायक चंद्रशेखर को भी मंत्री पद या कोई अन्य अहम दायित्व मिलना तय है।
जगत सिंह नेगी किन्नौर से पांचवी बार विधायक बने है और कांग्रेस के तेजतर्रार नेता है। उन्होंने बी.ए.एल.एल.बी. की शिक्षा डी.ए.वी. महाविद्यालय चण्डीगढ़ और पंजाब विश्वविद्यालय चण्डीगढ़ से ग्रहण की है। जगत सिंह नेगी 1980 से 1995 तक जिला सेब एवं सब्जी उत्पादक संघ किन्नौर के संस्थापक अध्यक्ष रहे हैं। इसके साथ ही जगत सिंह 1980 से 1995 तक जिला बार संघ किन्नौर के अध्यक्ष तथा जिला युवा कांग्रेस कमेटी किन्नौर के अध्यक्ष भी रहे हैं। 1996 से 2011 तक जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे। 1996 और 2005 से 2009 तक हिमाचल प्रदेश फुटबाल संघ के उपाध्यक्ष एवं अध्यक्ष रहे। जगत सिंह नेगी ने पहली बार 1995 के उपचुनाव में जीत दर्ज की थी। फिर 2003 में भी किन्नौर सीट पर जगत सिंह नेगी ने ही जीत हासिल की। 2007 का चुनाव वे हार गए लेकिन उसके बाद 2012 , 2017 और इस बार के चुनाव में लगातार तीन दफा जीत कर नेगी ने जीत की हैट्रिक लगाई है। जगत सिंह नेगी इससे पहले विधानसभा उपाध्यक्ष भी रह चुके है और विपक्ष में रहते हुए अक्सर आक्रामक रहे है। संभवतः नेगी किन्नौर से पहले ऐसे विधायक है जो पुरे पांच वर्ष मंत्री रहेंगे।
हर्षवर्धन चौहान उन नेताओं में शुमार है जो प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की दौड़ में माने जा रहे थे। अलबत्ता सीएम पद की दौड़ में तो हर्षवर्धन पिछड़ गए लेकिन मंत्री पद की दौड़ में हर्षवर्धन जीत गए। हर्षवर्धन चौहान का जन्म 14 सितम्बर 1964 को हुआ है। हर्षवर्धन चौहान को राजनीति विरासत में मिली है। उनके पिता गुमान सिंह चौहान 1972 से 1985 तक लगातार चार बार शिलाई से चुनाव जीते। हालांकि 1990 में हर्षवर्धन का चुनावी राजनीति में आगाज़ हार के साथ हुआ, लेकिन इसके बाद उन्होंने 1993 से 2007 तक लगातार चार बार जीत दर्ज की। 2012 में हर्षवर्धन को हार का सामना करना पड़ा लेकिन 2017 में उन्होंने वापसी की और इस बार भी जीत उनके ही हिस्से में आई। हर्षवर्धन जिला सिरमौर की शिलाई सीट से रिकॉर्ड छठी बार विधायक बने है। हर्षवर्धन चौहान कांग्रेस के पुराने वफादार है। हर्षवर्धन मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के भी नजदीकी माने जाते है और आलाकमान की भी गुड बुक्स में है। उनके लम्बा राजनैतिक जीवन बेदाग़ है और वे जिला सिरमौर के सबसे लोकप्रिय चेहरों में से एक है। सुक्खू कैबिनेट में हर्षवर्धन चौहान का शामिल होना तय माना जा रहा था और हुआ भी बिलकुल वैसा ही। इस बार हर्षवर्धन चौहान को मंत्रीपद से नवाजा गया है।
1977 में चौधरी चंद्र कुमार ने अपना पहला चुनाव निर्दलीय लड़ा था। तब ज्वाली सीट का नाम था गुलेर, जो 2008 के परिसीमन के बाद ज्वाली पड़ा। अपना पहला चुनाव चौधरी चंद्र कुमार हार गए और सियासत से दूरी बनाकर शिमला के सेंट बीड्स कॉलेज में पढ़ाने लगे, लेकिन चंद्र कुमार सियासत से अधिक समय तक दूरी नहीं बना पाए और नौकरी छोड़ कर कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए और फिर सियासत में एंट्री की। 1982 से 2003 तक हुए 6 विधानसभा चुनावों में सिर्फ 1990 को छोड़कर पांच बार चौधरी चंद्र कुमार को जीत मिली। इस दौरान वे वीरभद्र सिंह के करीबी रहे और मंत्री भी रहे। उनके कद को देखते हुए पार्टी ने उन्हें 2004 में कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़वाया और वे लोकसभा पहुंच गए। फिर 2017 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने एक बार फिर चौधरी चंद्र कुमार को मैदान में उतारा लेकिन वे भाजपा के अर्जुन सिंह से हार गए। इस बार चंद्र कुमार फिर मैदान में थे और जीत दर्ज करने में कामयाब भी रहे। चंद्र कुमार प्रदेश के सबसे बड़े जिला काँगड़ा से संबंध रखते है। कहते है जिला कांगड़ा प्रदेश की सत्ता का रास्ता प्रशस्त करता है और इस बार कांग्रेस को जिला में 10 सीटों पर जीत मिली है। काँगड़ा में ओबीसी फैक्टर का भी खासा प्रभाव देखने को मिलता है और चंद्र कुमार काँगड़ा का बड़ा ओबीसी चेहरा है। ऐसे में क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को देखते हुए भी चंद्र कुमार का मंत्रीपद तय माना जा रहा था। अब सुक्खू कैबिनेट में चंद्र कुमार का नाम शामिल हो चूका है और जिला काँगड़ा को भी मंत्री पद मिल चूका है। चंद्र कुमार कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष भी है।
** 7 में से 5 मंत्री शिमला संसदीय क्षेत्र से ** 6 में से 3 सीपीएस शिमला संसदीय क्षेत्र से सुक्खू सरकार ने सात मंत्रियों और छ सीपीएस सहित कुल 13 नियुक्तियां की है। दिलचस्प बात ये है कि इन 13 में से आठ नियुक्तियां शिमला संसदीय क्षेत्र के विधायकों की हुई है। कुल सात में से पांच मंत्री शिमला संसदीय क्षेत्र से है और एक -एक मंत्री कांगड़ा और मंडी संसदीय क्षेत्र से है। कर्नल धनीराम शांडिल, हर्षवर्धन चौहान, रोहित ठाकुर, अनिरुद्ध सिंह और विक्रमादित्य सिंह शिमला संसदीय क्षेत्र के तहत आने वाले निर्वाचन क्षेत्रों से विधायक है। वहीं कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से ज्वाली के विधायक चंद्र कुमार को मंत्री बनाया गया है और मंडी सांसदी क्षेत्र के तहत किन्नौर से विधायक जगत सिंह नेगी मंत्री बने है। इसी तरह सीपीएस की बात करें तो शिमला संसदीय क्षेत्र के तहत आने वाले तीन निर्वाचन क्षेत्रों के विधायकों को सीपीएस पद पर तैनाती मिली है। इनमें अर्की से विधायक संजय अवस्थी, दून से विधायक राम कुमार चौधरी और रोहड़ू से विधायक मोहन लाल ब्राक्टा शामिल है। वहीं कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से दो सीपीएस बनाएं गए है, पालमपुर विधायक आशीष बुटेल और बैजनाथ विधायक किशोरी लाल। मंडी संसदीय क्षेत्र की बात करें तो कुल्लू सदर से विधायक सुंदर सिंह को भी सीपीएस बनाया गया है। संसदीय क्षेत्र के लिहाज से देखे तो अब तक सुक्खू सरकार में हमीरपुर संसदीय क्षेत्र को मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के पद मिले है, शिमला संसदीय क्षेत्र को पांच मंत्री पद और तीन सीपीएस मिले है, कांगड़ा संसदीय क्षेत्र को एक मंत्री पद, विधानसभा स्पीकर का पद और दो सीपीएस मिले है, जबकि मंडी संसदीय क्षेत्र के हिस्से में अब तक एक मंत्री पद और एक सीपीएस का पद आया है। माहिर मान रहे है कि कैबिनेट विस्तार में कांगड़ा संसदीय क्षेत्र को दो मंत्री पद मिल सकते है, जबकि एक मंत्रिपद और विधानसभा उपाध्यक्ष का पद हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के हिस्से जा सकता है। घटा मंडी संसदीय क्षेत्र का सियासी वजन : जयराम सरकार में मंडी संसदीय क्षेत्र से खुद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के अलावा दो मंत्री थे। मनाली से विधायक रहे गोविन्द सिंह ठाकुर और लाहुल स्पीति से विधायक डॉ राम लाल मारकंडा को मंत्री पद मिला था। वहीं करीब डेढ़ वर्ष तक मंडी सदर विधायक अनिल शर्मा भी मंत्री रहे थे। वहीं सुक्खू सरकार में अब तक मंडी संसदीय क्षेत्र से सिर्फ जगत सिंह नेगी को ही मंत्री पद मिला है और मुमकिन है अब इस क्षेत्र को कोई अन्य मंत्री पद न मिले। कुल्लू सदर से विधायक सुंदर सिंह ठाकुर मंत्रिपद की दौड़ में थे, लेकिन उन्हें सीपीएस बनाया गया है। गौरतलब है कि मंडी संसदीय क्षेत्र से सत्तारूढ़ कांग्रेस को 17 में से 5 सीटें मिली है।
सुक्खू कैबिनेट के विस्तार में सोलन विधायक डॉक्टर कर्नल धनीराम शांडिल को मंत्री पद मिला है। 82 वर्षीय कर्नल शांडिल एससी समुदाय से आते है और गाँधी परिवार के करीबी माने जाते है। सेना में बतौर कर्नल सेवाएं देने के बाद 1999 में शांडिल की राजनीति में एंट्री हुई, तब शांडिल ने पंडित सुखराम की हिमाचल विकास कांग्रेस से शिमला संसदीय क्षेत्र से लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीता भी। इसके बाद कर्नल धनी राम शांडिल कांग्रेस में शामिल हो गए और 2004 में दोबारा लोकसभा का चुनाव लड़ा और दूसरी दफा जीतकर सांसद बने। 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें एक बार फिर प्रत्याशी बनाया, लेकिन भाजपा के वीरेंद्र कश्यप से शांडिल चुनाव हार गए। फिर 2012 में कर्नल धनीराम शांडिल ने पहली बार सोलन विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। इसके बाद उन वीरभद्र सरकार में सामजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्री बनाया गया। 2017 में कर्नल शांडिल ने सोलन सदर सीट से फिर चुनाव लड़ा और अपने दामाद डॉक्टर राजेश कश्यप को हराकर फिर से विधायक बने। इस बार शांडिल ने शानदार जीत की हैट्रिक लगाकर 3858 मतो से भाजपा प्रत्याशी डॉ राजेश कश्यप को मात दी है। कर्नल शांडिल उन नेताओं में से एक है जो हाईकमान के बेहद करीबी माने जाते है। वे कांग्रेस वर्किंग कमिटी के सदस्य भी रहे है। कांग्रेस सरकार बनने के बाद शांडिल का नाम मुख्यमंत्री फेहरिस्त में भी शामिल था, लेकिन सुखविंदर सिंह सुक्खू के मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही वरिष्ठता के आधार पर कर्नल शांडिल का नाम मंत्रिपद के दावेदारों में तय माना जा रहा था। अब जैसा अपेक्षित था हुआ भी बिलकुल वैसा ही, सुक्खू मंत्रिमंडल में कर्नल शांडिल के नाम पर मोहर लग गई है और सोलन को मंत्री पद मिल चूका है।
* सुक्खू सरकार ने 6 सीपीएस भी बनाएं * जिला शिमला को मिले तीन मंत्री पद आखिरकार इंतजार खत्म हुआ और हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार का कैबिनेट विस्तार रविवार को हो गया। सुक्खू कैबिनेट में दस मंत्री पद रिक्त थे जिनमें से सात मंत्री बनाए गए हैं, जबकि तीन मंत्री पद अब भी खाली है। राजभवन शिमला में शपथ ग्रहण समारोह हुआ। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने कार्यवाही का संचालन किया और राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने सात विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई। इनमें सबसे पहले कर्नल धनीराम शांडिल को शपथ दिलाई गई। इसके बाद विधायक चंद्र कुमार, हर्षवर्धन चौहान, जगत सिंह नेगी, रोहित ठाकुर, अनिरुद्ध सिंह और विक्रमादित्य सिंह ने मंत्री पद की शपथ ली। सुक्खू कैबिनेट के पहले विस्तार में शिमला को तीन मंत्री मिले हैं। विधायक विक्रमादित्य, रोहित ठाकुर और अनिरुद्ध मंत्री बने हैं। जबकि पहले कैबिनेट विस्तार में जिला कांगड़ा से सिर्फ चौधरी चंद्र कुमार को ही मंत्री बनाया गया है। किन्नौर से जगत सिंह नेगी, जिला सोलन से धनीराम शांडिल और जिला सिरमौर से हर्षवर्धन चौहान को मंत्री बनाया गया है। मंत्रियों के तीन पद अभी खाली रहेंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने छह मुख्य संसदीय सचिवों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। आशीष बुटेल, सुंदर सिंह ठाकुर, मोहन लाल ब्राक्टा, राम कुमार चौधरी, किशोरी लाल और संजय अवस्थी ने मुख्य संसदीय सचिव पद की शपथ ली। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के नतीजे 9 दिसंबर को आये थे। 10 दिसंबर को सुखविंदर सुक्खू को मुख्यमंत्री और मुकेश अग्निहोत्री को उपमुख्यमंत्री चुना गया। इसके बाद 11 दिसंबर को सीएम और डिप्टी सीएम को शपथ दिलवाई गई थी। किन्तु, लगभग एक माह बीत जाने के बाद भी कैबिनेट का विस्तार नहीं हुआ था। इसको लेकर विपक्ष भी हमलावर था। आखिरकार रविवार को इंतजार खत्म हुआ और सात मंत्रियों ने शपथ ली। वहीं तीन मंत्री पद अभी भी रिक्त है। जल्द होगा मंत्रिमंडल विस्तार : सीएम सुक्खू सात मंत्रियों की शपथ के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि मंत्रिमंडल का विस्तार जल्द होगा। तीन खाली पदों पर भी जल्द मंत्री बनाए जाएंगे। ईमानदार लोगों को मंत्री बनाया गया है। हाईकमान को सूची दी थी। अभी सात लोगों को ही मंत्री बनाने का फैसला हुआ है।
कहा, कर्ज का रोना रोने वाली कांग्रेस खुद बढ़ा रही आर्थिक बोझ ऊना शहरी भाजपा की बैठक में सत्ती ने मिशन 2024 की भरी हुंकार ममता भनोट । ऊना हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राज्य अध्यक्ष एवं ऊना के विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने कांग्रेस सरकार के अधूरे मंत्रिमंडल व सीपीएस बनाने पर कड़ा प्रहार किया है। रविवार को ऊना शहरी भाजपा की बैठक को भाजपा कार्यालय में संबोधित करते हुए सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि विपक्ष में रहते हुए कर्ज का रोना रोने वाली कांग्रेस ने अपने विधायकों की टूट व असंतोष को दबाने के लिए अधूरे मंत्रिमंडल के साथ सीपीएस बनाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री बताएं कि क्या सीपीएस बनाने से आर्थिक बोझ नहीं बढ़ेगा। उन्होंने पूछा कि एक महीना हो जाने के बाद भी कांग्रेस पूरे मंत्रिमंडल का गठन नहीं कर पाई है। यह बताता है कि कैसे कांग्रेस में सिर फुटेल की स्थिति की है। सत्ती ने कहा कि कांग्रेस कर्ज पर घडियाली आंसू बहाती रही है। अब खुद एक साल में 11 हजार करोड़ ऋण लेने की लिमिट बना रही है। वहीं, आधा दर्जन सीपीएस की फौज खड़ी कर दी है। सतपाल सत्ती ने कहा कि दफ्तरों को डिनोटिफाई करने वाली कांग्रेस सरकार एक महीने के करीब हो जाने पर भी जनता में विश्वास नहीं बना पाई है। सत्ती ने शहरी भाजपा के कार्यकर्ताओं का विधानसभा चुनावों में बेहतर काम करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऊना में भाजपा की जीत कार्यकर्ताओं व जनता की जीत है। सत्ती ने कहा कि मतदाताओं ने जो विश्वास व्यक्त किया है, उस पर वह खरा उतरेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों के लिए अभी से तैयारी करने को कहा। सत्ती ने कहा कि लोकसभा का चुनाव हमारा मिशन है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मजबूत बनाया जाएगा। लोकसभा चुनाव में शानदार जीत दर्ज करने के लिए एकजुटता के साथ सब काम करेंगे। डीजल के रेट 3 रुपए बढ़ाने पर भी सत्ती ने कांग्रेस सरकार की आलोचना की ।
फर्स्ट वर्डिक्ट। धर्मशाला कांगड़ा जिला प्रशासन जिले में बेहतर आपदा प्रबंधन के लिए भू-स्खलन संभावित क्षेत्रों में घटना से पहले चेतावनी उपलब्ध कराने को चार जगहों पर पूर्व चेतावनी यंत्र लगाने जा रहा है। आईआईटी मंडी द्वारा विकसित यह प्रणाली भू-स्खलन की पूर्व चेतावनी देने में बेहद कारगर है। उपायुक्त डॉ. निपुण ने बताया कि भू-स्खलन पूर्व चेतावनी यंत्र धर्मशाला के मैकलोडगंज रोड़ और चोला इंद्रुनाग तथा शाहपुर के डिब्बा और रूलेहड़ में लगाए जाने हैं। इस कार्य को इसी महीने में पूरा कर लिया जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कांगड़ा ने आईआईटी मंडी के साथ मिलकर जिला में 10 जगहों पर भू-स्खलन पूर्व चेतावनी यंत्र लगाने का करार किया है। यह कार्य तीन चरणों में किया जाना है। पहले चरण में धर्मशाला उपमंडल के मैकलोडगंज रोड और जयसिंहपुर उपमंडल के संधोल में यह यंत्र लगाए गए हैं। दोनों जगहों पर यह ठीक तरीके से कार्य कर रहे हैं। दूसरे चरण में अब धर्मशाला और शाहपुर की चार जगहों पर भू-स्खलन पूर्व चेतावनी यंत्र लगाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसके बाद, आईआईटी मंडी के विशेषज्ञों की एक टीम तीसरे चरण में लगाए जाने वाले चार यंत्रों के लिए सर्वे कर भू-स्खलन संभावित क्षेत्रों को चिन्हित करेगी। तीनों चरण मार्च 2023 से पहले पूरे कर लिए जाएंगे।
प्रभावित परिवार को 24 घंटे के भीतर जारी होगी सहायता राशि फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला वर्तमान प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के कुशल नेतृत्व में अपने सामाजिक सरोकार के दायित्व का निर्वहन करते हुए नवोन्मेषी पहल की है। प्रदेश सरकार ने अधिसूचित प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों को 25 हजार रुपए की सहायता राशि तुरंत जारी करने के निर्देश दिए हैं। इस संदर्भ में जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। निदेशक एवं विशेष सचिव राजस्व सुदेश मोक्टा ने आज यहां बताया कि प्राकृतिक आपदा के कारण मृत्यु होने पर मृतक के निकटस्थ संबंधी को 24 घंटे के भीतर सहायता राशि जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। प्राकृतिक आपदा के कारण मृत्यु होने पर मृतक के परिजनों को चार लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने का प्रावधान है। इसमें से 25 हजार रुपए की सहायता राशि 24 घंटे के भीतर और शेष राशि भी चार दिन के भीतर जारी कर दी जाएगी। पूर्व में यह राशि जारी होने में अधिक समय लगता था। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों यदि वह आयुष्मान भारत योजना के तहत कवर नहीं होते हैं, तो उन्हें न्यूनतम 5000 रुपए की सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण करने के उपरांत सामाजिक दायित्वों के निर्वहन को सर्वोच्च अधिमान दिया है। बात चाहे, विभिन्न संस्थाओं के आवासियों को उत्सव अनुदान की हो या फिर उनकी उच्च शिक्षा के लिए महत्वाकांक्षी योजना ‘मुख्यमंत्री सुखाश्रय सहायता कोष’ के गठन की। प्रदेश सरकार ने अपने निर्णयों से साबित किया कि सरकार समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
मनीष ठाकुर । इंदाैरा नूरपुर जिला पुलिस की टीम में एसपी अशोक रतन की शिरकत में नशे के खिलाफ चलाए गए अभियान में महत्वपूर्ण सफलता पाने में कामयाबी पाई है। नूरपुर जिला पुलिस टीम द्वारा नशे के तस्करों पर दोबारा शिकंजा कसते हुए बड़ी कार्रवाई अमल में लाई गई है। उपमंडल इंदौरा की पुलिस थाना डमटाल में छापेमारी के दौरान राजकुमार व सुनीता देवी निवासी गांव वार्ड डाकघर छन्नी तहसील इंदौरा जिला कांगड़ा के घर से 55.82 ग्राम चिट्ठा व 39400 रुपए की नकदी बरामद की है, जिस पर दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21,29-61-85 के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत करके दोनों को पुलिस ने मौके पर गिरफ्तार कर लिया है। उल्लेखनीय है कि आरोपी राजकुमार पहले भी नशे के कारोबार में संलिप्त रह चुका है तथा पुलिस थाना त्रिकूटा नगर जम्मू में एनडीपीएस एक्ट के अभियोग के चलते वर्ष 2019 में अम्कला जेल जम्मू में बंद था। आरोपी राज कुमार 03.01.2023 कोई मेडिकल ग्राउंड पर एक महीने की अंतरिम जमानत पर रिहा होकर आया था, वह दोबारा नशे का कारोबार कर रहा है। नूरपुर पुलिस ने नाशे के अवैध कारोबार की सूचना मिलते ही आरोपी राजकुमार के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई आरंभ कर दी है। पुलिस जिला नुरपुर के अधीक्षक अशोक रतन का कहना है कि मामले की छानबीन की जा रही है, देर शाम पुलिस रिमांड के लिए इसको पेश किया जाएगा।
मनीष ठाकुर । इंदाैरा नेहरू युवा केंद्र धर्मशाला के सौजन्य से शनिवार को दो दिवसीय खेल प्रतियोगिता इंदौरा ब्लॉक की पंचायत लोधवां गांव में विक्सन स्कूल के मैदान में करवाई गई। बैडमिंटन प्रतियोगिता में नूरपुर की टीम विजेता और लोधवां टीम उपविजेता रही। कबड्डी प्रतियोगिता में राजा का तालाब को हराकर लोधवां की टीम चैंपियन बनी। वॉलीबॉल प्रतियोगिता में बसा की टीम ने फाइनल मुकाबले में लोधवां की टीम को हराया। प्रतियोगिता में पंचायत प्रधान तिलक बतौर मुख्यातिथि उपस्थित रहे। पंचायत प्रधान को बीडीसी सदस्य विकास चंबियाल ने सम्मानित किया। उन्होंने युवाओं को खेलों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। अंत में उन्होंने विजेता टीमों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां छह मुख्य संसदीय सचिवों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। सुंदर सिंह ठाकुर, मोहन लाल ब्राक्टा, राम कुमार चौधरी, आशीष बुटेल, किशोरी लाल और संजय अवस्थी ने मुख्य संसदीय सचिव के रूप मंे शपथ ग्रहण की। इस अवसर पर उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, विधायकगण, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य अधिकारी गोपाल शर्मा अन्य वरिष्ठ अधिकारी और नवनियुक्त मुख्य संसदीय सचिवों के परिजन भी उपस्थित थे। 8 जनवरी, 2023 को नियुक्त मुख्य संसदीय सचिवों का जीवन-परिचय सुंदर सिंह ठाकुर: इनका जन्म खूबी देवी एवं जोग ध्यान ठाकुर के घर 5 मई, 1965 को कुल्लू जिला के शालंग में हुआ। इन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय से बीएससी (मेडिकल) और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से विधि स्नातक (एलएलबी) की उपाधि प्राप्त की। इनकी पत्नी इंदिरा ठाकुर एवं दो बेटे हैं। यह बागवानी एवं होटल व्यवसाय से जुड़े हैं। इन्होंने वर्ष 1985-86 में हिमसा चंडीगढ़ के संगठन सचिव के रूप में कार्य किया। इसके उपरांत वर्ष 1989-91 तक हिमाचल प्रदेश एनएसयूआई के उपाध्यक्ष, 1991 में पंचायत समिति सदस्य, वर्ष 1991-94 तक पंचायत समिति कुल्लू के अध्यक्ष, वर्ष 1994-99 तक जिला परिषद कुल्लू के उपाध्यक्ष रहे। वर्ष 2009-2012 तक हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस समिति के राज्य प्रतिनिधि तथा वर्ष 2012 से हिमाचल प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव पद पर रहे। इन्होंने वर्ष 2003-08 तक राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा वर्ष 2013 से 2017 तक हिमाचल प्रदेश खेल परिषद के सदस्य के रूप में कार्य किया। सुंदर सिंह ठाकुर दिसंबर 2017 में 13वीं विधानसभा के लिए बतौर विधायक चुने गए और जनरल डेवल्पमेंट एंड सबोर्डिनेट लेजिस्लेशन कमेटी के सदस्य रहे। दिसंबर 2022 में यह 14वीं विधानसभा के लिए पुनः विधायक के रूप में चुने गए। यह सामाजिक सेवाओं से जुड़े रहे हैं और सक्रिय रक्तदाता भी हैं। भ्रमण के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों के लोगों की संस्कृति, परंपराओं और जीवन शैली के बारे में जानना-समझना इनकी अभिरुचि में शामिल हैं। मोहन लाल ब्राक्टा : इनका जन्म शिमला जिला के रोहड़ू में तेजू राम के घर 19 जून 1965 को हुआ। इन्होंने विधि स्नातक की शिक्षा ग्रहण की है और एक अधिवक्ता के तौर पर सक्रिय रहे हैं। इनका विवाह रंजना ब्राक्टा के साथ हुआ। इनका एक बेटा और एक बेटी है। यह वर्ष 2012 में राज्य विधानसभा के लिए चुने गए। वर्ष 2013 से 2017 तक इन्होंने प्राक्कलन, ग्राम नियोजन, सार्वजनिक उपक्रम, कल्याण, विशेषाधिकार एवं नीति समितियों के सदस्य के रूप में कार्य किया। 13वीं विधानसभा के लिए यह पुनः निर्वाचित हुए और कल्याण, नियम एवं ई-गवर्नेंस व सामान्य मामले समितियों के सदस्य रहे। दिसंबर 2022 में 14वीं विधानसभा के लिए यह पुनः बतौर विधायक चुने गए। राम कुमार चौधरी : इनका जन्म सोलन जिला के हरिपुर संदोली गांव में श्री लज्जा राम (पूर्व मुख्य संसदीय सचिव) के घर 2 मार्च 1969 को हुआ। इन्होंने लोक प्रशासन में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। इनका विवाह कुलदीप कौर (निधि) से हुआ है। इनका एक बेटा एवं एक बेटी है। यह रियल एस्टेट व्यवसाय से जुड़े हैं। यह हरिपुर संदोली ग्राम सुधार सभा के अध्यक्ष रहे हैं। इसके अतिरिक्त यह वर्ष 1993-95 में प्रदेश एनएसयूआई के महासचिव, वर्ष 2003 में राज्य युवा कांग्रेस के महासचिव तथा हिमाचल प्रदेश कांग्रेस समिति के वर्तमान मंे महासचिव हैं। वर्ष 2006 से 2011 तक यह जिला परिषद सोलन के अध्यक्ष रहे। यह दिसंबर 2012 में पहली बार हिमाचल प्रदेश विधानसभा के लिए बतौर विधायक चुने गए। दिसंबर 2022 में 14वीं विधानसभा के लिए पुनः विधायक चुने गए। आशीष बुटेल : पूर्व विधानसभा अध्यक्ष तथा पूर्व कैबिनेट मंत्री बृज बिहारी लाल बुटेल के पुत्र आशीष बुटेल का जन्म 9 जनवरी, 1980 को हुआ। उनका विवाह कनिका भुल्लर से हुआ है। इनकी एक पुत्री है। उन्होंने सिम्बोयसिस कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय पुणे से वाणिज्य स्नातक की उपाधि प्राप्त की। वह वर्ष 2011 से 2013 तक लोकसभा युवा कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे हैं। वह वर्ष 2014 से हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव हैं। वह वर्ष 2017 में पहली बार हिमाचल प्रदेश विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए तथा प्राक्कलन एवं ग्रामीण योजना समितियों के सदस्य रहे। वह दिसम्बर, 2022 में 14वीं विधानसभा के लिए पुनः निर्वाचित हुए। आशीष बुटेल जिला कांगड़ा बॉस्केटबाल संघ के अध्यक्ष हैं। उनकी सामाजिक कार्यों तथा अध्ययन में विशेष रूचि है। किशोरी लाल : स्व. श्री संत राम के पुत्र किशोरी लाल का जन्म 10 अक्तूबर, 1947 को जिला कांगड़ा के बैजनाथ में हुआ। उनका विवाह जोगिंद्रा देवी से हुआ। उनका एक सुपुत्र और तीन पुत्रियां हैं। वह पांच बार पंचायत प्रधान तथा उप-प्रधान रहे हैं। वह ब्लॉक एवं जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव, जिला कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य भी रहे हैं। किशोरी लाल दिसम्बर, 2012 में प्रथम बार हिमाचल प्रदेश विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए तथा दिसंबर, 2022 में पुनः विधायक के रूप में चुने गए हैं। संजय अवस्थी : स्व. श्री दिला राम के पुत्र संजय अवस्थी का जन्म 7 अक्तूबर, 1965 को गांव व डाकघर कंधेर, तहसील अर्की, जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश में हुआ। उनका विवाह मीनाक्षी से हुआ। उनकी दो सुपुत्रियां हैं। वह वर्ष 1996 से 2006 तक जिला क्रिकेट संघ सोलन के अध्यक्ष तथा वर्ष 2000 से 2005 तक नगर परिषद सोलन के पार्षद रहे। वह वर्तमान में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव तथा अखिल भारतीय काग्रेस कमेटी के सदस्य है। संजय अवस्थी 30 अक्तूबर, 2021 को विधानसभा उप-चुनाव में प्रथम बार विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए तथा दिसंबर, 2022 में 14वीं विधानसभा के लिए पुनः निर्वाचित हुए। समाज सेवा तथा युवाओं को राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रेरित करने में इनकी विशेष रुचि है। इन्होंने रणजी ट्राफी राष्ट्रीय क्रिकेट चैंपियनशिप में हिमाचल का प्रतिनिधित्व किया है। राज्यपाल ने प्रदेश मंत्रिमंडल के सात सदस्यों को शपथ दिलाई मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने कार्यवाही का किया संचालन सोलन विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, कांगड़ा जिला के जवाली विधानसभा क्षेत्र से चुने गए प्रो. चंद्र कुमार, सिरमौर जिला के शिलाई विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हर्षवर्धन चौहान, किन्नौर विधानसभा क्षेत्र से चुने जगत सिंह नेगी, शिमला जिला के जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित रोहित ठाकुर, कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित अनिरुद्ध सिंह तथा शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से चुने गए विक्रमादित्य सिंह ने बतौर कैबिनेट मंत्री शपथ ग्रहण की। मंत्रिमंडल में शिमला जिला से तीन तथा कांगड़ा, सोलन, सिरमौर और किन्नौर से एक-एक मंत्री शामिल किए गए हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस समिति की अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, हिमाचल कांग्रेस के सह-प्रभारी तजिंद्र सिंह बिट्टू, विधायकगण, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य अधिकारी गोपाल शर्मा और वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। 8 जनवरी, 2023 को नियुक्त हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल के सदस्यों का जीवन-परिचय डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल : इनका जन्म सोलन जिला की कंडाघाट तहसील के बशील गांव में श्री नारायणू राम शांडिल के घर 20 अक्तूबर 1940 को हुआ। इन्होंने एमए, एमफिल एवं पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। इनके एक बेटा और दो बेटियां हैं। यह राजनेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय रहे हैं। इन्होंने सशस्त्र बलाें में वर्ष 1962-1996 तक अपनी सेवाएं प्रदान कीं और कर्नल के पद से सेवानिवृत्त हुए। वर्ष 1999 में यह हिमाचल विकास कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में 13वीं लोकसभा के लिए बतौर सांसद चुने गए। वर्ष 2004 में यह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में 14वीं लोकसभा के लिए पुनः निर्वाचित हुए। अप्रैल 2011 से सितंबर 2013 तक यह मिजोरम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के प्रभारी और कांग्रेस कार्यकारी समिति के सदस्य रहे। दिसंबर 2012 मेें यह हिमाचल प्रदेश विधानसभा के लिए चुने गए और 25 दिसंबर 2012 से 21 दिसंबर 2017 तक इन्होंने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री के रूप में कार्य किया। दिसंबर 2017 में 13वीं विधानसभा के लिए यह दूसरी बार चुने गए और कल्याण, लोक प्रशासन एवं आचार नीति समितियों के सदस्य रहे। दिसंबर 2022 में 14वीं विधानसभा के लिए पुनः विधायक चुने गए। चंद्र कुमार : इनका जन्म 8 मई, 1944 को कांगड़ा जिला की जवाली तहसील के धन गांव में श्री बेली राम के घर हुआ। इन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला से एमए, एमएड और एलएलबी की उपाधि प्राप्त की है। इनका विवाह कृष्णा देवी से 2 मार्च 1976 को हुआ। इनका एक बेटा और एक बेटी हैं। यह एक कृषक भी हैं। यह समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान और दूरदराज के लोगों की शिकायतों के निवारण मंे समर्पित रहे हैं। इन्होंने पूर्ण राज्यत्व के संघर्ष में सक्रिय रूप से भाग लिया। वर्ष 1968 में इन्होंने एक शिक्षक के रूप में कार्य प्रारंभ किया। बाद में यह सरकारी सेवाओं से त्याग-पत्र देकर सक्रिय राजनीति में शामिल हुए। राज्य युवा कांग्रेस के सक्रिय सदस्य के रूप में इन्होंने शिमला के भट्ठा कुफर (संजय वन) में वृहद् पौधरोपण अभियान मंे भाग लिया। इन्होंने वर्ष 1978 से 1982 तक शिमला के प्रतिष्ठित सेंट बीड्ज कॉलेज में भूगोल विषय में शिक्षा भी प्रदान की। वर्ष 1981 में इन्होंने नई दिल्ली में आयोजित शिक्षा पर राष्ट्रीय अधिवेशन में बतौर संयुक्त संयोजक के रूप में राज्य का प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 1977 में राज्य विधानसभा के लिए चुनाव लड़ा, वर्ष 1982 और 1985 में यह राज्य विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए, 1990 में पुनः चुनाव लड़ा। इसके उपरांत वर्ष 1993, 1998 और 2003 में पुनः विधायक चुने गए। वर्ष 1982-85 तक हिमाचल पथ परिवहन निगम के उपाध्यक्ष रहे। 14 अप्रैल 1984 से मार्च 1985 तक यह स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा और सूचना एवं जन संपर्क विभाग के उप-मंत्री रहे। मार्च 1985 से 1989 तक यह वन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहे। वर्ष 1989 से 1990 तक यह कृषि और कला, भाषा एवं संस्कृति तथा मत्स्य पालन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहे। इन्होंने 13 दिसंबर 1993 से 1998 तक सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और तकनीकी शिक्षा मंत्री के रूप में कार्य किया। इसके अतिरिक्त यह वन मंत्री भी रहे। यह कांगड़ा लोकसभा क्षेत्र से वर्ष 2004 से 2009 तक सांसद रहे। 14वीं विधानसभा के लिए दिसंबर 2022 में यह पुनः विधायक चुने गए। हर्षवर्द्धन चौहान : इनका जन्म सिरमौर जिला के नाहन में स्वर्गीय श्री गुमान सिंह चौहान (पूर्व मंत्री) के घर 14 सितंबर 1964 को हुआ। इन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा शिमला के सेंट एडवर्ड्स स्कूल से प्राप्त की और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से बी.ए.एल.एल.बी. की उपाधि प्राप्त की। इनका विवाह श्रीमती कल्पना चौहान से हुआ है। इनकी एक बेटी है। यह महाविद्यालय काल से ही एनएसयूआई के साथ जुड़ गए और महाविद्यालय केंद्रीय छात्र संघ के सदस्य रहे। वर्ष 1986 से 1988 तक यह युवा कांग्रेस शिलाई के महासचिव चुने गए। वर्ष 1990-96 तक जिला सिरमौर कांग्रेस समिति के महासचिव रहे। वर्ष 1997 में राज्य कांग्रेस समिति के संयुक्त सचिव बने। यह वर्ष 2008-12 तक जिला कांग्रेस समिति सिरमौर के अध्यक्ष रहे तथा वर्ष 2003-07 तक कांग्रेस संसदीय दल के महासचिव रहे और वर्ष 2005-08 व 2013-18 तक हिमाचल प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव रहे। वर्ष 1993 में यह राज्य विधानसभा के लिए चुने गए। इसके उपरांत वर्ष 1998, 2003 और 2007 में लगातार पुनः विधायक बने। वर्ष 1995-97 तक यह राज्य सामान्य उद्योग निगम के उपाध्यक्ष रहे। वर्ष 1994-97 तक हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला के सदस्य रहे। वर्ष 1994-96 तक हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला की कार्यकारी परिषद् के सदस्य रहे। वर्ष 1995-97 तक हिमाचल प्रदेश राज्य युवा बोर्ड के सदस्य रहे। इसके अतिरिक्त डॉ. वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी (सोलन) के सीनेट में सदस्य रहे। यह 18 अप्रैल से 18 अगस्त 2005 तक राज्य सरकार में मुख्य संसदीय सचिव रहे। इसके अतिरिक्त वर्ष 2005-07 एवं 2008-12 तक यह प्राक्कलन समिति, सामान्य विकास समिति तथा याचिका समिति के अध्यक्ष भी रहे। इसी अवधि में यह विधानसभा की अन्य समितियों के सदस्य भी रहे। वर्ष 2013-17 तक यह राज्य स्तरीय संसाधन संघटन एवं रोजगार सृजन समिति के अध्यक्ष (कैबिनेट रैंक) रहे। वर्ष 2017 में यह 13वीं विधानसभा के लिए पांचवीं बार निर्वाचित हुए। इस दौरान यह लोक लेखा, पुस्तकालय एवं सुख-साधन एवं विशेषाधिकार समितियों के सदस्य भी रहे। दिसंबर 2022 में यह 14वीं विधानसभा के लिए पुनः निर्वाचित हुए। जगत सिंह नेगी : पूर्व विधायक हिमाचल प्रदेश विधानसभा ज्ञान सिंह नेगी के पुत्र जगत सिंह नेगी का जन्म 2 फरवरी, 1957 को किन्नौर जिला के कल्पा में हुआ। उन्होंने बीएएलएलबी की शिक्षा डीएवी महाविद्यालय चंडीगढ़ तथा पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ से ग्रहण की है। उनका विवाह 01 जुलाई, 1982 को सुशीला नेगी से हुआ। उनका एक पुत्र और एक पुत्री है। वह वर्ष 1980 से 1995 तक जिला सेब एवं सब्जी उत्पादक संघ किन्नौर के संस्थापक अध्यक्ष रहे हैं। वह वर्ष 1980 से 1995 तक जिला बार संघ किन्नौर के अध्यक्ष तथा जिला युवा कांग्रेस कमेटी किन्नौर के अध्यक्ष भी रहे हैं। वह वर्ष 1996 से 2011 तक जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी रहे हैं। वह वर्ष 1996 और 2005 से 2009 तक हिमाचल प्रदेश फुटबाल संघ के उपाध्यक्ष एवं अध्यक्ष रहे हैं। वह वर्ष 1987 से 1992 तक पंचायत समिति पूह के अध्यक्ष तथा 1996 से 1997 तक हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास निगम के उपाध्यक्ष रहे हैं। जगत सिंह नेगी 27 मई, 1995 को विधानसभा उप-चुनाव में विधायक निर्वाचित हुए। वह जून, 2003 तथा 2012 में पुनः विधायक पद पर निर्वाचित हुए। वह 18 अप्रैल, 2005 से 18 अगस्त, 2005 तक संसदीय सचिव रहे। जनवरी 2013 से मार्च 2013 तक अधीनस्थ विधायन समिति के अध्यक्ष तथा 12 मार्च, 2013 से 21 दिसंबर, 2017 तक हिमाचल प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष रहे। दिसंबर, 2017 में 13वीं विधानसभा के लिए पुनः निर्वाचित हुए तथा प्राक्कलन एवं सामान्य विकास समिति के सदस्य रहे तथा कांग्रेस विधायक दल के मुख्य सचेतक भी रहे। वह दिसम्बर, 2022 में 14वीं विधानसभा के लिए पुनः निर्वाचित हुए। रोहित ठाकुर : स्व. श्री जगदीश चन्द्र के पुत्र श्री रोहित ठाकुर का जन्म 14 अगस्त, 1974 को जिला शिमला में हुआ। उन्होंने राजनीतिक विज्ञान में बीए ऑनर्स की उपाधि प्राप्त की है। उनका विवाह प्रतिभा से हुआ। उनका एक पुत्र व दो पुत्रियां हैं। वह हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ठाकुर राम लाल के पौत्र हैं। वह वर्ष 2000 से 2004 तक प्रदेश युवा कांग्रेस राज्य समिति के सदस्य रहे तथा वर्ष 2002 से जुब्बल कोटखाई से हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य हैं। वह वर्ष 2008 से 2011 तक हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव भी रहे हैं। वह वर्ष 2003 तथा 2012 में राज्य विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। मई, 2013 से दिसम्बर, 2017 तक मुख्य संसदीय सचिव रहे। 30 अक्तूबर, 2021 को विधानसभा उप-चुनाव में पुनः विधायक पद पर निर्वाचित हुए। रोहित ठाकुर दिसंबर, 2022 में 14वीं विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। अनिरुद्ध सिंह : स्व. श्री त्रिविक्रम सिंह के पुत्र अनिरुद्ध सिंह का जन्म 27 जनवरी, 1977 को शिमला में हुआ। उन्होंने स्नातक तक शिक्षा ग्रहण की है। उनका विवाह चेतना सिंह से हुआ। उनका एक पुत्र और एक पुत्री है। वह राज्य युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष, भारतीय युवा कांग्रेस के राज्य महासचिव, राज्य एवं शिमला लोकसभा क्षेत्र पीवाईसी के उपाध्यक्ष रहे हैं। आईवाईसी के राष्ट्रीय समन्वयक, वर्ष 2005 तथा 2010 में चमियाणा वार्ड से जिला परिषद के सदस्य और 27 जनवरी, 2011 से जनवरी, 2013 तक जिला परिषद शिमला के अध्यक्ष रहे हैं। अनिरुद्ध सिंह दिसंबर, 2012 में 12वीं विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए तथा वर्ष 2013 से 2017 तक सार्वजनिक उपक्रम, अधीनस्थ विधायन एवं नियम समितियों के सदस्य रहे। वह दिसंबर, 2017 में पुनः विधायक के रूप में निर्वाचित हुए तथा सार्वजनिक उपक्रम, अधीनस्थ विधायन एवं नियम समितियों के सदस्य रहे। वह दिसम्बर, 2022 में पुनः 14वीं राज्य विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए। विक्रमादित्य सिंह : हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. श्री वीरभद्र सिंह के पुत्र विक्रमादित्य सिंह का जन्म 17 अक्तूबर, 1989 को शिमला में हुआ। उन्होंने इतिहास में स्नातक उपाधि सेंट स्टीफनज महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय से प्राप्त की। वह वर्ष 2013 से 2018 तक हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष रहे हैं। वह दिसंबर, 2017 में हिमाचल प्रदेश विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए तथा सार्वजनिक उपक्रम समिति व ई-गवर्नेंस एवं सामान्य प्रायोजन समिति के सदस्य रहे। विक्रमादित्य सिंह दिसम्बर, 2022 में 14वीं विधानसभा के लिए पुनः विधायक पद पर निर्वाचित हुए। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज यहां राजभवन में आयोजित एक गरिमापूर्ण समारोह में राज्य मंत्रिमंडल के नवनियुक्त सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
कांग्रेस नेताओं की नियुक्ति से बिगड़ा प्रदेश का संसदीय क्षेत्र संतुलन डीजल पर वैट बढ़ोतरी गरीबों पर बोझ फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला भाजपा के नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने लंबे अंतराल के बाद अपनी कैबिनेट का विस्तार आज कर ही लिया, पर जो 7 मंत्री और 6 सीपीएस कांग्रेस सरकार द्वारा बनाए गए, उसमें वह प्रदेश के जिला और संसदीय क्षेत्र में संतुलन नहीं बना पाए। पूरे विधानसभा सत्र में कांग्रेस सरकार के नेताओं ने हिमाचल में खर्च कम करने की बात की थी, पर छह सीपीएस बनाने से उन्होंने हिमाचल की गरीब जनता पर करोड़ों रुपए का बोझ डाल दिया है। कांग्रेस नेता सत्ता सुख भोगने के लिए गरीबों पर बोझ डाल रहे हैं, बड़ी जल्दी प्रदेश सरकार 3000 करोड़ का एक कर्ज भी लेने जा रही है, उसके लिए विधानसभा में इन्होंने बिल भी पारित किया है, शायद यह कर्ज केवल सीपीएस बनाने के लिए ही लिया गया है। आज सरकार द्वारा जो 13 नियुक्तियां की गई है, उसमें से शिमला संसदीय क्षेत्र से 8 नेताओं की नियुक्ति हुई है। उन्होंने कहा कि अभी तक हिमाचल पर 74622 करोड़ का कर्ज है और अगर प्रदेश सरकार 3000 करोड़ का और कर्ज लेती है, तो यह बढ़कर 77622 करोड़ हो जाएगा। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने हिमाचल की गरीब जनता को एक और तोहफा दिया है शनिवार रात को प्रदेश सरकार ने डीजल पर 3.01 रुपए का वेट बढ़ा दिया है पहले डीजल पर 4.40 वेट लगता था, जिसको बढ़ाकर अब प्रदेश सरकार ने 7.40 कर दिया है। डीजल के दामों में बढ़ोतरी सीधा-सीधा यह दिखाता है कि प्रदेश में माल भाड़े में बढ़ोतरी तय है और किसानों पर भी इसका बोझ बढ़ने वाला है। हिमाचल में प्रति लीटर डीजल अब 86 रुपए का मिलने वाला है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि आज कांग्रेस की सरकार ने हिमाचल की जनता को बड़ा तोहफा दिया है। डीजल में 3.01 रुपए की बढ़ोतरी कर उन्होंने हिमाचल की गरीब जनता पर बोझ डाल दिया है, इससे प्रदेश में महंगाई बढ़ने वाली है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से आज 13 नेताओं की नियुक्ति प्रदेश सरकार ने की है और उसमें से 6 सीपीएस बनाए हैं, उसे भी प्रदेश पर आर्थिकी पर बोझ बढ़ेगा।
दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा स्थानीय तालाब मैदान में आयोजित पांच दिवसीय श्री कृष्ण कथा का समापन हो गया। अंतिम दिवस कथा पंडाल में श्री कृष्ण रुक्मणी विवाहोत्सव बहुत ही धूम धाम से मनाया गया। संस्थान की ओर से आशुतोष महाराज के शिष्य कथा व्यास स्वामी विज्ञानानंद ने बताया कि श्री कृष्ण रुक्मणी विवाहोत्सव तात्विक रूप से जीवात्मा से परमात्मा के मिलन का उत्सव है। श्रीमद्भागवत गीता की रहस्यात्मक विवेचना करते हुए स्वामी ने बताया कि योग योगेश्वर भगवान श्री कृष्ण की श्री मद भगवद् गीता कर्म की सार्थकता को पूर्णतः सिद्ध करती है। उन्होंने कहा कि जीवन और समाज की अज्ञानता, अनैतिकता और भ्रष्टाचार का हरण हो सकता है। जिससे सुदृढ़ राष्ट्र का निर्माण होता है। इस दौरान भंडारे का आयोजन भी किया गया था।
मैसर्ज़ एसआईएस इंडिया लिमिटेड बिलासपुर, अपने संस्थान में सिक्योरिटी गार्ड व सुपरवाइज़र के 150 पदों को भरने के लिए ज़िला रोजगार कार्यालय सोलन में 12 जनवरी को कैंपस इंटरव्यू आयोजित करवा रही है। ज़िला रोज़गार अधिकारी सोलन संदीप ठाकुर ने इस बात की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सिक्योरिटी गार्ड व सुपरवाइज़र के पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता 10वीं व विशिष्ट शारीरिक मापदंड (ऊंचाई 168 से.मी., भार 56 किलोग्राम) निर्धारित की गई है। संदीप ठाकुर ने कहा कि इच्छुक उम्मीदवार अपने योग्यता सम्बन्धी सभी अनिवार्य प्रमाण-पत्रों/दस्तावेज़ों सहित ज़िला रोज़गार कार्यालय सोलन में 12 जनवरी को प्रातः 10.00 बजे पहंुचकर कैंपस इंटरव्यू में भाग ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार अधिक जानकारी के लिए 01792-227242, 85580-62252, 78768-26291 तथा 70189-18595 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
प्रदेश सरकार ने अधिसूचित प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों को 25 हजार रुपये की सहायता राशि तुरंत जारी करने के निर्देश दिए हैं। इस संदर्भ में जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। निदेशक एवं विशेष सचिव राजस्व सुदेश मोक्टा ने बताया कि प्राकृतिक आपदा के कारण मृत्यु होने पर मृतक के निकटस्थ सम्बन्धी को 24 घंटे के भीतर सहायता राशि जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। प्राकृतिक आपदा के कारण मृत्यु होने पर मृतक के परिजनों को चार लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने का प्रावधान है। इसमें से 25 हजार रुपये की सहायता राशि 24 घंटे के भीतर और शेष राशि भी चार दिन के भीतर जारी कर दी जाएगी। पूर्व में यह राशि जारी होने में अधिक समय लगता था। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों यदि वह आयुष्मान भारत योजना के तहत कवर नहीं होते हैं, तो उन्हें न्यूनतम 5000 रुपये की सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण करने के उपरांत सामाजिक दायित्वों के निर्वहन को सर्वोच्च अधिमान दिया है। प्रदेश सरकार ने अपने निर्णयों से साबित किया कि सरकार समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान और समुह अंब नगर निवासियों द्वारा आयोजित श्री राम कथामृत का चतुर्थ दिन सीता स्वयंवर के साथ संपन्न हुआ। आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी रूपेश्वरी भारती ने चौथे दिन में सीता स्वयंवर के बारे में बताया। इस दौरान साध्वी रूपेश्वरी भारती ने कहा कि गाय हमारी संस्कृति का आधार और समाज का मेरूदंड है, जिसे सुरक्षित रखने की आवश्यकता है। उन्होनें कहा गाय कि रक्षा ही भारत की रक्षा है। गाय माता को सुरक्षित करो जो हमारी कृषि तंत्र का आधार है, जो पर्यावरण की दात्री है। इस अवसर पर ज्योति प्रज्जविलत करने के लिए विशेष रूप से स्वामी सज्जनानंद ,साध्वी रुक्मणि भारती, साध्वी राजवंत भारती, विधायक सुदर्शन सिंह बबलू, पूर्व मंत्री वीरेंदर कंवर, कृष्णपाल उप चेयरमैन जिला परिषद, राघव ठाकुर जिला प्रधान यूथ कांग्रेस, धर्मेंद्र सिंह बिल्ला पूर्व प्रधान अंब, रशाद सोनी महासचिव कांग्रेस, सोनू,गुरदेव बिट्टू, विनोद मनकोटिया, रजनी मनकोटिया, एडवोकेट मंगल सिंह राणा, सीमा राणा, इंदु धीमान नगर पंचायत अध्यक्ष, एडवोकेट रमेश चोधरी, डॉक्टर रविन्द्र,शिव कुमार कॉन्ट्रैक्टर, अजय तबयाल दैनिक जागरण, सुरिंदर दिव्य हिमाचल, संतोष कौशल सहित अन्य उपस्थित हुए।
कांगड़ा जिला प्रशासन जिले में बेहतर आपदा प्रबंधन के लिए भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में घटना से पहले चेतावनी उपलब्ध कराने को चार जगहों पर पूर्व चेतावनी यंत्र लगाने जा रहा है। आईआईटी मंडी द्वारा विकसित यह प्रणाली भूस्खलन की पूर्व चेतावनी देने में बेहद कारगर है। उपायुक्त डॉ. निपुण ने बताया कि भूस्खलन पूर्व चेतावनी यंत्र धर्मशाला के मैकलोडगंज रोड़, चोला इंद्रुनाग, शाहपुर के डिब्बा और रूलेहड़ में लगाए जाने हैं। इस कार्य को इसी महीने में पूरा कर लिया जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कांगड़ा ने आईआईटी मंडी के साथ मिलकर जिले में 10 जगहों पर भूस्खलन पूर्व चेतावनी यंत्र लगाने का करार किया है। यह कार्य तीन चरणों में किया जाना है। पहले चरण में धर्मशाला उपमंडल के मैकलोडगंज रोड़ और जयसिंहपुर उपमंडल के संधोल में यह यंत्र लगाए गए हैं। दोनों जगहों पर यह ठीक तरीके से कार्य कर रहे हैं। दूसरे चरण में अब धर्मशाला और शाहपुर की चार जगहों पर भूस्खलन पूर्व चेतावनी यंत्र लगाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसके बाद, आईआईटी मंडी के विशेषज्ञों की एक टीम तीसरे चरण में लगाए जाने वाले चार यंत्रों के लिए सर्वे कर भूस्खलन संभावित क्षेत्रों को चिन्हित करेगी। तीनों चरण मार्च 2023 से पहले पूरे कर लिए जाएंगे।
जिला कांगड़ा में धुंध और कोहरे के बढ़ते प्रकोप के मध्यनज़र डीसी कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने जिला कांगड़ा के 7 उपमंडलों में सभी सरकारी और निजी स्कूल सुबह 10 बजे से खोलने के आदेश जारी किये है। यह आदेश 8 से 31 जनवरी तक लागू रहेंगे। डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि लगातार गिरते तापमान से जिले के 7 उपमंडलों जिनमें ज्वालामुखी, इंदौरा, फतेहपुर, नूरपुर, ज्वाली, देहरा और जयसिंहपुर शामिल है, में बढ़ती धुंध और कोहरे के कारण परिस्थितियां विकट हुई हैं। यह ध्यान में आया है कि इन उपमंडलों में घने कोहरे के कारण सुबह के समय में सड़क पर विजिबिलिटी बुहत कम हो गई है, जिस कारण बच्चों का सुबह 9 बजे स्कूल पहुंचना कठिन हो रहा है। उन्होंने कहा कि मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए जिले के 7 उपमंडलों में स्कूल खुलने का समय सुबह 9 की बजाय 10 बजे किया गया है। शिक्षा विभाग के उच्च व प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशकों को स्कूल खुलने की टाइमिंग के अनुरूप ही सायं को स्कूल बंद करने का समय तय करने को कहा गया है।
पूर्व सैनिक कुनिहार इकाई की त्रेय मासिक बैठक 15 जनवरी रविवार को प्रातः 11 बजे पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह के सामने चौधरी कॉम्प्लेक्स में आयोजित की जाएगी। यह बैठक इकाई अध्यक्ष कैप्टन रणधीर सिंह कँवर की अध्यक्षता में आयोजित होगी। इस बात की जानकारी देते हुए इकाई अध्यक्ष ने कहा कि लीग के सभी पूर्व सैनिकों, वीर नारियों तथा पारिवारिक पैंशन धारकों से अनुरोध किया गया है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में बैठक में आए। उन्होंने बताया कि जो पूर्व सैनिक हाल ही में पेंशन में आये हैं, जिन्होंने लीग की सदस्यता ग्रहण की है व जो पूर्व सैनिक 80 साल की आयु पूरी कर चुके हैं, उन्हें लीग द्वारा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया जायेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि जिन पूर्व सैनिक भाइयो व नारी बहनों को पेंशन से संबंधित कोई समस्या है वे अपने साथ जरूरी दस्तावेज लेकर आए ताकि उनकी समस्या का समाधान किया जा सके।
सरकार द्वारा बीते दिनों सभी जिलों के उपायुक्तों को सर्दी के मौसम में निराश्रय लोगों के लिए उचित प्रबंध करने के निर्देश जारी किये गए थे। इसी कड़ी में पावंटा साहिब में 20 लोगों के ठहरने के लिए बिस्तरों की व्यवस्था है और अभी तक 8 निराश्रय लोगों को रैन बसेरा में आश्रय उपलब्ध करवाया गया हैं। इस बात की जानकारी पांवटा साहिब के एसडीएम विवेक महाजन ने दी। उन्होंने बताया कि रैन बसेरा में इन लोगों के सोने के लिए कम्बल तथा हीटर के साथ-साथ खाने और नहाने के लिए गर्म पानी भी उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उनकी अध्यक्षता में एमसी अध्यक्षा, ईओ एमसी सहित अन्य लोगों की टीम के साथ मिलकर पांवटा साहिब में निराश्रय लोगों की पेट्रोलिंग की जा रही है और ज़रूरतमंद लोगो को रैन बसेरा में आश्रय दिया जा रहा है। इस के इलावा उन्होंने स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि यदि क्षेत्र में कोई निराश्रय व्यक्ति दिखे तो प्रशासन को तुरंत हेल्प लाइन नंबर 1077 या 112 पर सूचित करना सुनिश्चित करें ताकि उन्हें शीतलहर से बचाया जा सके। उन्होंने बताया कि पांवटा साहिब बस स्टैंड में देर रात तक बसों की सुविधा उपलब्ध होने के कारण लोग यहां बसों का इंतजार करते हैं, जिनके लिए प्रशासन द्वारा लकड़ी तथा अलाव की व्यवस्था की गयी है, जिससे वह इस शीतलहर से बच सकें।
प्रदेश में लंबे समय से बारिश ना होने के कारण मैदानी इलाकों में धुंध के कारण जहां ठंड का कोहराम बढ़ गया है, वहीं दूसरी तरफ इसका असर फसलों पर भी देखने को मिल रहा है। बारिश ना होने के कारण गेहूं की फसल खराब होने की कगार पर है | लगातार 15 दिनों से इलाके में धूंध पड रही हैं, जिसके कारण इलाके में ठंड काफी बढ़ गई है। धुंध रहने के कारण भी गेहूं व सब्जी की फसल पर असर पड़ रहा है। किसानों को बारिश न होने के कारण गेहूं की फसल को बचाने के लिए मोटर से पानी लगाना पड़ रहा है, जिसमें की काफी खर्चा आता है। किसानों का कहना है कि कई दिनों से इलाके में बारिश ना होने के कारण उन्हें मोटर से फसल को बचाने के लिए पानी लगाना पड़ रहा है। छोटे किसानों का कहना है कि बड़े जमींदारों को तो मोटर से पानी लगाने में ज्यादा समस्या नहीं आती किंतु छोटे किसानों को काफी खर्चा उठाना पड़ता है। उनका कहना कि यदि समय रहते बारिश नहीं हुई तो उन्हें काफी नुक्सान झेलना पड़ेगा ।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पट्टाबरावरी में पारितोषिक वितरण समारोह धूमधाम से मनाया गया। इस समारोह में डॉ जगदीश चन्द नेगी उच्च शिक्षा उपनिदेशक सोलन बतौर मुख्यातिथि उपस्थित रहे। विद्यालय प्रधानाचार्य द्वारा मुख्यातिथि का स्वागत कर शॉल व स्मृति चिन्ह देकर उनको सम्मानित किया गया। इससे पूर्व स्कूली बच्चों द्वारा वन्दे मातरम गीत व मुख्यातिथि द्वारा दीपप्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। बच्चों ने एक से एक हिंदी,पं जाबी व पहाड़ी गीतों पर कई रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। प्रधानाचार्य डॉ मीना गुप्ता ने विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। वहीं मुख्यातिथि ने अपने सम्बोन्धन मे कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार देना भी हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए तथा शिक्षकों के साथ-साथ अभिभावकों को भी इस जिम्मेवारी को समझना होगा, तभी हमारे बच्चे अच्छी शिक्षा व संस्कारो से अच्छे समाज का निर्माण कर सकते है। अंत मे मुख्यातिथि द्वारा वर्ष भर शिक्षा, खेल व अन्य गतिविधियों में अव्वल रहने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर छात्र विद्यालय कुनिहार के प्रधानाचार्य भूपेंद्र ठाकुर, गोपाल शर्मा, सुंदर ठाकुर, डीडी कश्यप पूर्व बीडीसी सदस्य, पँचायत प्रधान हरीश कौशल, उपप्रधान रणजीत सिंह, पूर्व पँचायत प्रधान प्रोमिला कौशल, श्रीराम कौशल आदि मौजूद रहे।
पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल केरल प्रवास से जल्द लौटेंगे घर मीनाक्षी साेनी। हमीरपुर केरल के मल्लापुरम ज़िला के कोटक्कल में भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री श्रीधरन एवं अन्य पदाधिकारियों ने हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल से मुलाकात की। गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. धूमल इन दिनों केरल के प्रवास पर हैं और वे जल्दी ही घर वापस लौटेंगे। इसी दौरान मल्लापुरम जिला के भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री श्रीधरण एवं अन्य पदाधिकारियों ने पूर्व मुख्यमंत्री से मुलाकात की और उन्हें अंग वस्त्र और बीएमएस का नववर्ष का कैलेंडर प्रदान कर सम्मानित भी किया। बीएमएस के पदाधिकारियों ने स्थानीय स्तर पर पेश आने वाली चुनौतियों के बारे में पूर्व मुख्यमंत्री से चर्चा की और अपनी समस्याओं से भी उनको अवगत करवाया गया।
सरकारी सीमेंट रखने के आरोप में पुलिस ने दुकानदार को किया गिरफ्तार, मामला दर्ज मीनाक्षी साेनी। हमीरपुर जिला हमीरपुर की नेरी पंचायत के कमला में पुलिस ने एक दुकान से सरकारी सीमेंट की खेप पकड़ी है। हमीरपुर पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर उक्त स्थान पर दुकान में छापेमारी की। इस छापेमारी के दौरान दुकान के ग्राउंड फ्लोर में पुलिस ने सरकारी एसीसी सीमेंट के पचास बैग बरामद किए हैं। जिस दुकान में सरकारी सीमेंट मिला है। दुकान का मालिक इस सीमेंट के बारे में कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाया है, जिसके चलते पुलिस ने बरामद किए सरकारी सीमेंट के बैगों को कब्जे में ले लिया है। वहीं, सरकारी सीमेंट रखने के आरोप में दुकान के मालिक को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस आरोपी दुकानदार से सरकारी सीमेंट के बारे में पुछताछ कर रही है। इस मामले में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस आगामी कार्यवाही में जुट गई है। दुकान के ग्राउंड फ्लोर पर रखा सरकारी सीमेंट किस व्यक्ति का है और इसे दुकान के भीतर क्यों रखा गया है। यह सरकारी सीमेंट किसके कहने पर कहां से दुकान के भीतर पहुंचा इन सभी सवालों के जबाव आरोपी से जानने के लिए पुलिस गहनता से पुछताछ कर रही है। बताया यह भी जा रहा है कि दुकान के ग्राउंड फ्लोर पर रखा सरकारी सीमेंट किसी ठेकेदार का है और उक्त ठेकेदार आरोपी के साथ मिलकर इस सरकारी सीमेंट को काम पर न लगाकर इसे बाहर बेचता है। हालांकि इस बात का कोई प्रत्यक्ष प्रमाण अभी सामने नहीं आया है, लेकिन पुलिस गिरफ्तार किए गए व्यक्ति से पता लगाने में जुटी हुई है कि यह सरकारी सीमेंट किसी ठेकेदार का है या फिर इस सरकारी सीमेंट के तार स्थानीय पंचायत से जुड़े हुए हैं। उल्लेखनीय है कि कुछ लोग सरकारी काम ठेके पर लेने के बाद निर्माण कार्य में उपयोग होने वाली समाग्री को चंद पैसों के लालच के चक्कर में लोगों को सस्ते दामों पर बेच देते हैं और निर्माण कार्य में घटिया व कम रेशो डाल कर निर्माण कार्य को पूर्ण कर विभाग की आंखों में धूल झोंक कर किए गए कार्य की अदायगी करवा लेते हैं और सरकारी सीमेंट जैसी समाग्री को बाजार से कम दामों में बेचकर चांदी कूट रहे हैं। सरकारी सीमेंट की काला बाजारी को गैर कानूनी तरीके से दिया जा रहा अंजाम दुकान के ग्राउंड फ्लोर पर रखा था सरकारी एसीसी सीमेंट ऐसे लोगों को समाज में खरीददार भी आसानी से मिल जाते हैं, लेकिन इस तरह के गैर-कानूनी कार्य से संबंधित लोगों द्वारा किए गए निर्माण कार्यों की बैध्यता कम होती है, जिस कारण आय दिन कई बड़ी दुर्घटनाएं भी पेश आ चुकी हैं। बावजूद इसके इस तरह के लोग कानूनी दायरे में रहकर गैर-कानूनी कार्यों को अंजाम देने में पीछे नहीं रह रहे हैं। सरकार व प्रशासन को ऐसे लोगों पर नकेल कसने के लिए सख्त व उचित कानूनी कार्यवाही अमल में लाने की जरूरत है। केवल लाईसेंस रद्द करने व नाममात्र जुर्माना लगाने से इस तरह की काला बाजारी से प्रदेश को मुक्ति नहीं मिल सकती है। प्रदेश सहित जिला हमीरपुर में यह पहला मामला नहीं है, जब पुलिस या सरकारी विभागों ने सरकारी सीमेंट की खेप पकड़ी हो इस से पहले भी इस तरह के कईं मामलें सामने आ चुके हैं, लेकिन बिड़म्वना यह रही कि सरकारी सीमेंट के चोरी मामले में आरापियों के खिलाफ कोई बड़ी कार्यवाही का प्रावधान नहीं हो पाया है, जिस कारण ऐसे लोग कानून के दायरे में रहते हुए गैर-कानूनी कार्यों को बिना किसी खौफ के आए दिन अंजाम दे रहे हैं। जिसका जीता जागता उदाहरण हमीरपुर पुलिस द्वारा कमलाह में पकड़ी गई 50 सरकारी सीमेंट की बोरियां खुद-ब-खुद बयान कर रही हैं। ग्राम पंचायत नेरी के प्रधान विपिन ठाकुर ने कहा कि पंचायत में सरकारी सीमेंट पकड़ने से संबंधित मामला मेरे ध्यानार्थ नहीं है। इस बारे में कुछ नहीं बता सकता हूं। एएसपी हमीरपुर अशाेक वर्मा ने कहा कि पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर ग्राम पंचायत नेरी के कमलाह गांव में एक दुकान में छापेमारी की है। छापेमारी के दौरान दुकान के ग्राउंड फ्लोर पर सरकारी एसीसी सीमेंट की 50 बोरियां बरामद हुई हैं। सीमेंट व सीमेंट रखने वाले को हिरासत में लिया गया है। पुलिस इस सीमेंट से संबंधित जानकारी जुटाने के लिए आरोपी से पूछताछ कर रही है। शीघ्र ही इस पूरे मामले पर सच्चाई सामने आ जाएगी।
फर्स्ट वर्डिक्ट। धर्मशाला उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा ने जानकारी दी है कि शिक्षा का अधिकार 2009 के अंतर्गत पहली से आठवीं कक्षा वाले सभी निजी स्कूलों के लिए हिमाचल प्रदेश प्रारंभिक शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त करना अनिवार्य है, जिसके लिए जिला के सभी निजी स्कूलों के लिए शैक्षणिक सत्र 2023- 24 की मान्यता एवम नवीनीकरण प्रक्रिया संबंधी शेड्यूल जारी कर दिया गया है, जिसके तहत सभी निजी स्कूल संबंधित शिक्षा खंड के लिए निर्धारित तिथि को ही संपूर्ण दस्तावेजों सहित आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। यह प्रक्रिया 6 से 27 फरवरी तक जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि जिन निजी शिक्षण संस्थानों की मान्यता को 5 एवं 1 वर्ष का समय पूर्ण हो चुका है, उन्हें नई मान्यता प्राप्ति के लिए आवेदन करना अनिवार्य होगा। पहली से पांचवी कक्षा तक के सभी निजी प्राथमिक विद्यालय को अपने आवेदन संबंधित खंड प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में निर्धारित तिथि को जमा करवाने होंगे, जबकि पहली से आठवीं कक्षा वाले स्कूलों स्कूलों को अपने आवेदन उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा कांगड़ा स्थित धर्मशाला के कार्यालय में सम्पूर्ण दस्तावेजों के साथ निर्धारित शुल्क के साथ तय तिथि को जमा करवाने होंगे। उन्होंने बताया कि शिक्षा खंड इंदौरा के तहत आने वाले स्कूल 6 फरवरी, फतेहपुर 7 फरवरी, नूरपुर व कोटला 8 फरवरी, ज्वाली 9 फरवरी, राजा का तालाब 10 फरवरी, रैत व नगरोटा सूरियां 13 फरवरी को अपने आवेदन जमा करवा सकते हैं, जबकि कांगड़ा शिक्षा खंड के तहत आने वाले स्कूल 14 फरवरी, नगरोटा बगवां 15 फरवरी, धर्मशाला 16 फरवरी, डाडासीबा 17 फरवरी, भवारना 20 फरवरी, लंबागांव 21 फरवरी, पंचरुखी व चढ़ियार 22 फरवरी, बैजनाथ 23 फरवरी, पालमपुर 24 फरवरी, रक्कड़ 25 फरवरी तथा देहरा शिक्षा खंड के निजी स्कूल 27 फरवरी को संपूर्ण दस्तावेजों सहित आवेदन कर सकते हैं। मान्यता प्रक्रिया संबंधित जानकारी कार्यालय की वेबसाइट www.ddee.org.in पर भी उपलब्ध है। इस बारे अधिक जानकारी के लिए कार्यालय दूरभाष 01892- 223155 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला हरोली विधानसभा क्षेत्र के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज धर्मशाला में उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से भंेट की और उन्हें प्रदेश का प्रथम उप-मुख्यमंत्री बनने पर बधाई दी। इस दौरान उप मुख्यमंत्री से अन्य प्रतिनिधिमंडलों ने भी भेंट कर बधाई दी। उन्होंने प्रतिनिधिमंडलों से बातचीत करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के हर क्षेत्र और समाज के हर वर्ग का सर्वागींण विकास सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विधानसभा चुनाव-2022 में कांग्रेस पार्टी द्वारा दी गई सभी गारंटियों का चरणबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगी। उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने गई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। गरीब और जरूरतमंद बच्चों को वांछित उच्च शिक्षा के लिए समुचित आर्थिक सहायता राशि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वर्तमान राज्य सरकार ने 101 करोड़ रुपए का मुख्यमंत्री सुखाश्रय सहायता कोष के गठन का निर्णय लिया है।
फर्स्ट वर्डिक्ट। साेलन कांटी मशवा पंचायत (खील गांव) के रमन कुमार की उम्र 18 वर्ष है। अनुसूचित जाति से संबंध रखता है। ग्रामीण परिवेश में ट्रांसगिरि की कांटीमश्वा पंचायत के खील गांव में जन्म हुआ। दसवीं की परीक्षा में 700 में से 651 अंक प्राप्त किए। 12वीं की परीक्षा में 500 में से 448 अंक हासिल कर परिवार को गौरवान्वित किया। 7 बहन-भाईयों में सबसे बड़ा है। पहाड़ सी चुनौती लेकर आगे की पढ़ाई करने नाहन काॅलेज में दाखिला लिया है। गुरबत ऐसी कि दो वक्त की रोटी का इंतजाम करना मुश्किल हो जाता है। सपनों को पंख लगाने रमन नाहन पहुंच जाता है, ताकि काॅलेज की पढ़ाई के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर सके, लेकिन गरीब पहाड़ी युवक के सामने पहाड़ जैसी चुनौती सामने आ गई। चंद महीने पहले ये पता चला कि 7 वर्ष की अमिषा को ब्लड कैंसर की गंभीर बीमारी है। आनन-फानन में पीजीआई चंडीगढ़ ले जाया गया। पिता दिहाड़ी करें या बेटी की देखभाल। यही नहीं, रमन खुद भी न्यूरो की बीमारी से पीड़ित है। उल्लेखनीय है कि गांव का युवक हिन्दी के साथ-साथ अंग्रेजी भाषा में भी पकड़ रखता है। 7 वर्ष की बहन के कैंसर के इलाज की खातिर दिहाड़ी करने को मजबूर हुआ 18 वर्ष का मेधावी रमन बावजूद इसके काॅलेज भी जा रहा है। साथ ही दिहाड़ी लगाकर चंद रुपए भी कमा रहा है। एक जगह रोजाना 8 घंटे की नौकरी करने के बाद 10 दिन की पगार महज एक हजार मिली थी। बेशक ही अपनी दास्तां सुनाते-सुनाते रमन की आंखों में आंसू आ जाते हैं, लेकिन वो हिम्मत नहीं हारता। जब भी अवसाद हावी होने लगता है, तो अपनी डायरी में जीवन की कठिन परीक्षा की कड़वी सच्चाई को शब्दों में उकेर देता है। (रमन का नंबर 7876715176 , इंदर सिंह पिता का नाम 9805313122) Indar सिंह, अकाउंट नंबर-08630110025109, ifsc code -UCBA0000863, Google pay N.-8894914116, चतर सिंह (चाचा)।
मनीष। बिलासपुर सूबे में एसीसी व अंबुजा सीमेंट कारखाने बंद करने के बाद निजी ट्रक ऑपरेटरों का धरना प्रदर्शन जारी है। बुधवार को निजी ट्रक ऑपरेटरों ने दधोल चौक पर अदानी के खिलाफ नारेबाजी की तथा अदाणी का पुलला फूंका। दर्जनों ट्रक ऑपरेटरों ने जमकर नारेबाजी करते हुए कंपनी पर मनमानी करने का आरोप लगाया। इससे पहले दधोल चौक पर अदाणी के नाम बनाये गए पुतले की शव यात्रा निकाली गई। बीडीटीएस ट्रक ऑपरेटर जगह जगह वाहरी जगहों से सिंमेंट लेकर आ रहे ट्रकों को रोक रहे हैं। धरने प्रदर्शन का दौर जारी है। निजि ट्रक ऑपरेटरों के ट्रकों को बिना काम के खड़े हुए 20 दिन से ज्यादा समय बीत गया है। ट्रक मालिकों को किश्ते भरने के लाले पड़ चुके हैं। अदानी समूह बाहर से सिंमेंट की आपूर्ति करने में जुट गई है, तो निजी ट्रक ऑपरेटर बाहरी गाड़ियों को रोकने में जुटे हैं। इससे पहले भी दधोल के नजदीक बाहर से आई सीमेंट की एक गाड़ी को निजी ट्रक ऑपरेटरों ने पकड़ा था। उस गाड़ी को ओवरलोड सहित टैक्स के तौर पर कैब एक लाख 14 हजार रुपए का जुर्माना लगा था। ऐसे में अब निजी ट्रक ऑपरेटरों ओर कंपनी के बीच आपसी लड़ाई तेज हो गई है। दधोल चौक पर धरने के दौरान निजी ट्रक ऑपरेटरों ने कहा कि कम्पनी मनमानी पर उतर आई है। निजी ट्रक ऑपरेटरों ने कहा कि आठ तारीख तक कम्पनी के फैसले का इंतजार करेंगे उसके बाद लदरौर व घुमारवी में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। अदानी समूह की मनमर्जी नही चलने दी जाएगी। ट्रक ऑपरेटरों ने कहा कि बेबजह बिना किसी सूचना दिए फैक्ट्रियां बंद कर दी गई। अब अदानी समूह द्वारा ओवरलोड ट्रकों में माल भेजा जा रहा है। इसके साथ ही टैक्स चोरी करने का मामला भी सामने आया है। ट्रक ऑपरेटरों ने कहा कि सभी ट्रक मालिक एक साथ एकजुट हैं। अपने हितों की रक्षा करने के लिए जो भी संभव होगा वह कदम ट्रक मालिकों द्वारा उठाए जाएंगे। सीमेंट प्रबंधन व ट्रक ऑपरेटरों के बीच छिड़ी इस जंग के कारण क्षेत्र में सिंमेंट की कमी हो गई है। कई लोगों के घरों के निर्माण कार्य अधर में लटक नए हैं। खासतौर में बिलासपुर में उग्र हो रहे निजी ट्रक ऑपरेटरों के रवैये के कारण वाहर से ट्रक भी इस क्षेत्र में सिंमेंट लेकर आने की मनाही कर रहे हैं। इस दौरान पूर्व सैनिक ट्रक युनियन के अध्यक्ष जगरनाथ, निजी बस ट्रक यूनियन के अध्यक्ष राजेश पटियाल, बीडीसी सदस्य अभिषेक चन्देल, राजेश, राकेश, नूतन, मदन व सुनील सहित कई ट्रक आपरेटर मौजूद थे।
कहा, जनता की सुविधा के लिए खुले संस्थानों को बंद करना धक्केशाही मजबूत विपक्ष की भूमिका के साथ महिला मोर्चा उठाएगा आवाज ममता भनोट। ऊना कांग्रेस सरकार तानाशाही ढंग से काम कर रही है, जनता के साथ किए गए वायदों को पूरा करने के स्थान पर जनता की सुविधा के लिए खुले संस्थानों को बंद करना धक्केशाही है। कांग्रेस सरकार के हर तानाशाही पूर्ण निर्णय का कड़ा विरोध किया जाएगा। यह बात भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की राज्य अध्यक्ष रश्मिधर सूद ने कही। रश्मिधर सूद बुधवार को ऊना भाजपा कार्यालय पहुंची। जहां भाजपा महिला मोर्चा की राज्य सचिव मीनाक्षी राणा, शहरी इकाई की अध्यक्ष रितु असोत्रा, पार्षद ममता कश्यप की अगुवाई में उनका स्वागत किया गया। जिला में चल रहे महिला मोर्चा के कार्यों को लेकर के जानकारी भी राज्य अध्यक्ष ने ली। इस दौरान जारी एक प्रेस बयान में रश्मिधर सुद ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार ने सत्ता में आते ही तानाशाही पूर्ण निर्णय लेने शुरू किए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार जनता को लोक लुभावने वायदे करके बरगला कर सत्ता में आई है, उन वायदों को पूरा करने के लिए कांग्रेस के पास समय नहीं है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में जनहित में जो संस्थान खोले हैं। उन संस्थानों को बंद करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संस्थान खोलने की एक प्रक्रिया रहती है, उस प्रक्रिया का ही पालन किया गया है, बावजूद इसके कांग्रेस की सरकार संस्थानों को बंद करने की राजनीति कर रही है, जो दिखाता है कि किस प्रकार से बदले की भावना से काम किया जा रहा है। रश्मिधर सूद ने कहा कि यह दर्शाता है कि यह जनता के साथ अन्याय हैं। इसके विरुद्ध आवाज उठाई जाएगी ।उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने नेता प्रतिपक्ष के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को जिम्मेदारी दी है। भारतीय जनता पार्टी मजबूत विपक्ष के रूप में अपनी भूमिका को निभाएगी। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में व पार्टी संगठन के निर्देश पर महिला मोर्चा जनता की आवाज बनकर के कांग्रेस के हर गलत फैसले का विरोध करेगा। सूद ने कहा कि जनता की आवाज को विपक्ष उठाएगा। उन्होंने कहा कि हम संगठन को मजबूत करेंगे और महिला सशक्तिकरण का कार्य करते हुए महिलाओं को अधिक संख्या में पार्टी के साथ जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि सत्ता में रहते हुए भारतीय जनता पार्टी ने गरीब, असहाय, महिला, बुजुर्ग व हर वर्ग के कल्याण के लिए नीतियां बनाई और यह सब नीतियां जनता का लाभ कर रही हैं ,उन्हें सामाजिक सुरक्षा दे रही हैं व स्वास्थ्य का सुरक्षा चक्कर दे रही हैं। उन्होंने कहा कि जनता का जनादेश सदैव मान्य होता है। इसलिए भारतीय जनता पार्टी विपक्ष की भूमिका में जनता की आवाज बुलन्द करके आगे बढ़ेगी। रश्मिधर सूद ने कहा कि पार्टी नेतृत्व मजबूती के साथ आगे बढ़ेगा, हम लगातार काम करने वाले संगठन है। सत्ता भी हमारे लिए सेवा का माध्यम रहती है और संगठन भी सेवा के लिए है। इसलिए भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा अपनी शक्ति को बढ़ाते हुए सशक्त होकर काम करता रहेगा। उन्होंने कहा कि महिला मोर्चा के सभी पदाधिकारी, कार्यकारिणी जनसंपर्क में आगे रहे, हम संगठन को मजबूत करें और नए सदस्यों को जोड़ें। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के जिला महामंत्री राज कुमार पठानिया, भाजपा बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के प्रदेश सदस्य सतीश शर्मा, भारती सूद, सदस्य राष्ट्रीय कार्यकारिणी, अंजना ठाकुर कोषाध्यक्ष प्रदेश, संजू शर्मा प्रदेश सचिव, अमृता चौहान आईटी सेल, कमलेश व किरण राणा सचिव महिला मोर्चा शहरी ऊना सहित महिला मोर्चा की अनेक पदाधिकारी भी उपस्थित रही।
मनीष। बिलासपुर वेटलैंडस इंटरनेशनल, साउथ एशिया और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी द्वारा आयोजित गोविंद सागर झील में एकीकृत प्रबन्धन परियोजना के तहत शामिल किये जाने वाले बिन्दु व तथ्य से इस क्षेत्र में प्रवासी पक्षियों की आमद के लिए किये जाने वाले प्रयासों में अत्याधिक प्रभावी सावित होगें। यह विचार आज वन मण्डाधिकारी बिलासपुर अवनी भुषण राय ने वेटलैंडस इंटरनेशनल साउथ एशिया और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी द्वारा गोविन्द सागर झील के लिए एकीकृत प्रबन्धन योजना के विषय पर सागर व्यू होटल में गोविन्द सागर झील हितधारकों के साथ बुलाई गई प्रामर्श बैठक व कार्याशाला की अध्यक्षता करते हुए यह विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत गोविन्द सागर झील क्षेत्र में जैविक विविधता को पुनर्जिवित करने व प्रवासी पक्षियों के आवागमन की बढ़ाेतरी के साथ साथ समबद्ध विभिन्न विभागों की क्षमता का विकास भी होगा तथा आगामी समय में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। हिमाचल प्रदेश राज्य वेटलैडस प्राधिकरण अधिकारी रवि शर्मा ने कहा कि गोविन्द सागर झील हिमाचल प्रदेश की तीस महत्वपुर्ण वेटलैडस में से एक है। यह परियोजना वेटलैंडस संरक्षण को एकीकृत रूप से सुदृढ़ करने के लिए अत्यतं महत्वपूर्ण है। उन्होंने झील में गाद जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह वेटलैंडस संरक्षण और जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण है। इसीलिए गोविन्द सागर झील का सरक्षण अत्यतं आवश्यक है। जूलॉजीकल सर्वे ऑफ इंडिया देहरादून के प्रभारी निदेशक अनिल कुमार ने वन्य जीवन के लिए वेटलैंड को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया साथ ही उन्होंने पक्षियों के आवासीय विनाश, जलवायू परिवर्तन जैसे प्रमुख खतरों के प्रति भी इंगित किया। प्रवासी पक्षियों के संरक्षण के लिए आद्र भूमि के महत्व व आवश्यकताओं पर सहायक वन सरंक्षक बिलासपुर ने अपने विचार प्रकट किए। वेटलैंडस इंटरनेशनल साउथ एशिया और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी के विषय विशेषज्ञों ने तकनीकी सत्रों का नेतृत्व किया। वेटलैंडस इंटरनेशनल के वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी धु्रव वर्मा ने भारत सरकार के जलीय परिस्थितिक तंत्र के संरक्षण के लिए वेटलैंडस संरक्षण व बेहतर उपयोग के लिए एकीकृत प्रंबधन योजना के संबंध में जानकारी दी। बीएनआईआईएस के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सुब्रत देबता ने बैठक व कार्याशाला में उपस्थित हितधारकों को सैन्ट्रल एशिया फलाईवे की राष्ट्रीय कार्य योजना के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गोविंद सागर झील एकीकृत प्रबन्धन योजना के अन्तर्गत प्राप्त सुझावों के मुख्य बिन्दुओं पर रिपोर्ट बनाकर केन्द्रिय ऐजेसिंयो को सौंपा जाएगा, ताकि वेटलैड के रूप में इसका निर्माण व बेहतर इस्तेमाल कर जैव विविधता को बढावा दिया जा सके। उन्होंने बताया कि इस कार्यशाला में 50 हितकारकों न भाग लिया। तकनीकी अधिकारी आर्घ्य चक्रवर्ती ने गोविंद सागर मे परिस्थितिकीय स्थिती को संरक्षित करने तथा परियोजना के उदेश्यों व परिणामों कों सांझा किया। कनिष्ठ तकनीकी अधिकारी अपूर्व थापा ने गोविन्द सागर की परिस्थितिक स्थिती व प्रबन्धन की आवश्यकताओं पर विचार व्यक्त किए। चर्चा सत्रों में विभिन्न विभागों के अधिकारियों तथा स्थानीय हितधारकों द्वारा परियोजना के तहत होने वाले लाभों चुनौतियों व खतरों के प्रति अपने अमुल्य सुझाव प्रकट किये। चर्चा के तहत उभरे विचार बिन्दुओं में संबद्ध विभागों के साथ-साथ बीबीएमबी के साथ निरंतर एकीकृत संस्थागत रूपरेखा तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया गया, ताकि अपशिष्ठ प्रबंधन व्यवस्था में सुधार किया जा सके।
मनीष। बिलासपुर युवाओं की साकारात्मक रचना शक्ति किसी भी राष्ट्र को मजबूती प्रदान करती है। ये विचार शिक्षा विभाग के सेवानिवृत संयुक्त निदेशक एवं प्रबुद्ध समाज सेवक सुशील पुंडीर ने नेहरू युवा केंद्र बिलासपुर द्वारा आयोजित तीन दिवसीय युवा नेतृत्व एवं सामुदायिक विकास आवासीय प्रशिक्षण शिविर के अवसर पर अपने संबाेधन में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव राष्ट्र की सामाजिक, सांस्कृतिक राजनैतिक और आर्थिक पहचान की प्रगतिशिलता है, जिसे युवाओं को समय समय पर स्मरण करना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं को साकारात्मक अभिव्यक्ति को अपनाकर आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा बाहुल्य इस देश में आज लोगों को युवाओं से अनेक अपेक्षाए हैं। जिला लोक संपर्क अधिकारी संजय सूद ने अपने संबाेधन में कहा कि नेहरू युवक केंद्र द्वारा देश में युवाओं के व्यक्तित्व को विकसित करने और उनमें राष्ट्र भाव भरने के लिए अनेक गतिविधियां और शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं का बड़ा समुह क्षमता निर्माण और व्यक्तित्व विकास में पांरगत होकर आज विविध क्षेत्रों में कार्य कर रहा है। उन्होंने युवाओं में नेतृत्व क्षमता के माध्यम से सामुदायिक विकास के सम्बन्ध में विचार सांझा किए। उन्होंने कहा कि नेतृत्व क्षमता के लिए अनुशासन, प्रतिबधता, शानार्जन की भावना तथा निर्णय लेने की क्षमा का होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इन्हीं भावों को आत्मसात कर सामुदायिक विकास को किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं को सोशल मीडिया और मोबाईल का सही प्रयोग कर इससे ज्ञान प्राप्त करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रहकर समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने के लिए आगे आना चाहिए। राजकीय महाविद्यालय बिलासपुर की पत्रकारिता व जन संचार विषय की प्रवक्ता नवेन्दु बंसल ने युवाओं को नेेतृत्व कौशल व व्यक्तित्व विकास के लिए अपने अंदर निहित खुबियों और खामियों का अंाकलन कर आगे बढ़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने नेतृत्व क्षमता निर्माण में सहायक तत्व प्रभावित कर की क्षमता, प्रतिबद्धता, सहयोग की भावना तथा व्यक्तित्व विकास के लिए आवश्यक तत्वों के संबंध में युवओं को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि युवा अपने आत्म विश्वास को केंद्रीत करें, जो व्यक्तित्व विकास क्षमता निर्माण के लिए आवश्यक है। कार्यक्रम संयोजक नेहरू युवा केंद्र बिलासपुर की युवा समन्वयमक प्रियंका ने बताया कि केंद्र द्वारा आयोजित तीन दिवसीय इस आवासीय प्रशिक्षण शिविर में बिलासपुर जिला के विभिन्न क्षेत्रों के 50 युवक व युवतियां भाग ले रही हैं। शिविर का उद्देश्य युवाओं को सामुदायिक, विकास और नेत्त्व भाव उत्पन्न करने के लिए आवश्यक विन्दुओं व कर्त्तव्यों के प्रति जानकारी व जागरूकता प्रदान करना है, ताकि बड़ी संख्या में युवओं की भागीदारी राष्ट्र निमार्ण में सुनिश्चित की जा सके। इस अवसर पर जिला भाषा अधिकारी रेवती सैणी विशेष रूप से उपस्थित रही।
मल्टी स्पेशयलिटी कैंप में बीपी, शूगर, ईसीजी टैस्ट एवं दवाइयां मुफ्त तिलक राज। कांगड़ा फोर्टिस अस्पताल कांगड़ा 8 जनवरी (रविवार) को राणा अस्पताल धमेटा फतेहपुर में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन कर रहा है, जिसमें फोर्टिस कांगड़ा के स्पेशलिस्ट डॉक्टर क्षेत्र के लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सा परामर्श देने के लिए उपलब्ध रहेंगे। फोर्टिस जनसेवा अभियान के तहत इस निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में फोर्टिस अस्पताल के ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉ सयद, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ निशा मुंजाल, सर्जरी रोग विशेषज्ञ डॉ गौरव गुप्ता एवं हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ फैज एहमद अपनी विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं प्रदान करेंगे। इस स्वास्थ्य शिविर में मरीजों के लिए ईसीजी, शुगर एवं बीपी आदि के टैस्ट की निःशुल्क सुविधा के साथ-साथ दवाइयां भी निःशुल्क वितरीत की जाएंगी। इस संबंध में फोर्टिस अस्पताल कांगड़ा के डायरेक्टर अमन सोलोमन ने बताया कि इस मेडिकल कैंप में फोर्टिस अस्पताल कांगड़ा के विशेषज्ञों द्वारा क्षेत्रवासियों के लिए बेहतरीन चिकित्सा परामर्श उपलब्ध करवाया जाएगा। निःशुल्क मल्टी स्पेशयलिटी कैंप के बारे में अधिक जानकारी व पंजीकरण हेतु 9459416786 (गौरव मेहरा), 7889144290 (प्रवीन राठौर) एवं हेल्पलाइन 98165-98166 पर संपर्क करें।
फर्स्ट वर्डिक्ट। इंदाैरा दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा स्थानीय तालाब मैदान में आयोजित पांच दिवसीय श्री कृष्ण कथा के आज तृतीय दिवस संस्थान की ओर से श्री आशुतोष महाराज जी के शिष्य कथा व्यास स्वामी विज्ञानानंद ने कथा बांचते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण की अनेक लीलाओं में से एक लीला है- गोवर्धन लीला। यह लीला हमारे भारत वर्ष की गगै-माता के महत्व को दर्शाता है। गोवर्धन का अर्थ है, गाै का संवर्धन। हमारी भारतीय संस्कृति में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। क्योंकि वह अपने दूध के द्वारा जीवन भर हमारा पोषण करती है। गाै साक्षात कामधेनु के समान है। उससे प्राप्त पंचगव्य दूध, दही, घी, गोबर, गोमूत्र अनेक रोगों का समूल नाश करते हैं। गाय का दूध स्मरण शक्ति तीक्ष्ण करता है, जबकि भैंस के दूध में वसा ज्यादा होने से यह कोलेस्ट्रॉल बनाता है, जिससे हृदय रोग होते हैं। गाय के दूध में विटामिन-ए और डी होता है, जो आंखों की रोशनी के लिए लाभकारी है। यदि त्वचा जल जाए, तो गाय का घी एक बढ़िया क्रीम या एंटीसेप्टिक दवा का काम करती है। स्वामी जी ने बताया कि गाय के गोबर में लक्ष्मी और मूत्र में गंगा का वास होता है, जबकि आयुर्वेद के क्षेत्र में गौमूत्र अर्क का रासायनिक विश्लेषण करने पर वैज्ञानिकों ने पाया कि इसमें 24 ऐसे तत्व हैं, जिनके सेवन से कैंसर, एड्स इत्यादि 450 से अधिक असाध्य रोग भी ठीक हो जाते हैं। गाय के ताजे गोबर से टीबी व मलेरिया के कीटाणु मर जाते हैं, जो लोग नियमित रूप से थोड़े से गौमूत्र का भी सेवन करते हैं, उनकी रोग प्रतिरोधी क्षमता बढ़ जाती है। मौसम परिवर्तन के समय होने वाली कई बीमारियां दूर ही रहती हैं। शरीर स्वस्थ और ऊर्जावान बना रहता है। वैदिक ऋषि मुनियों ने गोमूत्र को गंगा जल की तरह पवित्र माना है। देसी गाय के बहुत से लाभ हैं, परंतु दुर्भाग्यवश आज हम उन्हें खोते जा रहे हैं। संस्थान ने देसी गायों के संवर्धन एवं संरक्षण के लिए कामधेनु नामक एक प्रकल्प चलाया है। कथा को विराम प्रभु की पावन आरती द्वारा दिया गया।
लाहौल स्पीति के केलोंग में बुधवार को -11 डिग्री तापमान जमाव बिंदु से भी नीचे हो गया। चंद्रभागा नदी सहित जल स्रोत जम चुके है, जिस कारण पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगो का कहना है कि पिछले कई दिनों से कड़ाके की ठण्ड हो रही है। दूसरी ओर सड़क पर फिसलन भी बढ़ गई है। डीसी लाहौल-स्पीति ने भी इस बाबत एडवाइजरी जारी की है। गौरतलब है कि मौसम विभाग ने वीरवार और शुक्रवार को प्रदेश में मौसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान जताया है। सात-आठ जनवरी को कई क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश का पूर्वानुमान है। वीरवार को प्रदेश में ठंडी हवाएं चलने का येलो अलर्ट भी जारी हुआ है।
पंकज सिंगटा। धर्मशाला राज्य स्वास्थ्य समिति (नेशनल हैल्थ मिशन) अनुबंध कर्मचारी संघ हिमाचल प्रदेश के प्रदेश प्रेस सचिव राज महाजन ने धर्मशाला में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत प्रदेशभर में लगभग 2400 कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन आज तक किसी भी सरकार द्वारा इन कर्मचारियों के लिए नियमतिकरण की कोई स्थाई नीति नहीं बनाई गई है, राज महाजन ने बताया कि प्रदेश में नवनियुक्त सरकार का गठन हुआ है, जिसकी कमान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने संभाली है, उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संघ हिमाच प्रदेश के पदाधिकारी चुनाव से पहले मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू एवं उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्नीहोत्री को भी मिले थे, जिसमें उन्होंने संघ को इन कर्मचारियों के लिए स्थाई नीति बनाने का भरोसा भी संघ को दिया था। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संघ की नवगठित कार्यकारिणी हाल ही में मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री को सरकार बनने के बाद शिमला भी मिल चुकी है, जिसमें संघ को सरकार द्वारा जल्द ही सकारात्मक निर्णय लेने का भरोसा दिलाया गया है। उन्होंने बताया की चार तारीख से धर्मशाला में सरकार पहला शीतकालीन सत्र चल रहा है, जिसमें विधायकों को शपथ भी दिलाई जा चुकी है। इसी कड़ी में संघ ने एक बार पुनः मुख्यमंत्री को धर्मशाला में सम्मानित कर इन कर्मचारियों के अंधकारमय जीवन में नियमतिकरण की मांग को पूरा कर उजाला लाने का आग्रह किया है। राज महाजन ने बताया कि विभिन्न पदों पर कार्यरत ये कर्मचारी शैक्षणिक एवं तकनीकी तौर पर सक्षम हैं एवं विभाग और सरकार में पूर्व में बहुत बार राष्ट्रीय स्तर पर पुरष्कृत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग में रीढ़ की हड्डी की तरह कार्य करने वाले इन कर्मचारियों ने चाहे वो कोरोना जैसी वैश्विक महामारी का समय हो या क्षय रोग उन्मूलन का कार्यक्रम या स्कूल में पढ़ रहे बच्चों के स्वास्थ्य जांचने का जिम्मा अपना योगदान शत प्रतिशत दिया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू नायक फिल्म के मुख्यमंत्री की तरह बहुत ही प्रत्यक्ष और अच्छे निर्णय ले रहे हैं, जिससे इन कर्मचारियों में वर्षों से लंबित पड़ी मांग को पूरा होने का भी शत प्रतिशत उम्मीद जगी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों को ओपीएस देने का जो वादा किया था, वो भी सरकार पहली कैबिनेट में रखने जा रही है, जो सच में कर्मचारी हितैषी होने का बहुत बड़ा परिमाण है। उन्होंने सरकार से करबद्ध प्रार्थना की है कि सरकार इन कर्मचारियों को नियमतिकरण की स्थाई नीति बनाकर राहत प्रदान करें, ये 2400 परिवार सरकार के हमेशा ऋणी रहेंगे। इस मौके पर जिला कांगड़ा के अध्यक्ष बख्शीश सिंह एवं महा सचिव विशाल शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। धर्मशाला मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज धर्मशाला के खनियारा में सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मेहर चंद महाजन की प्रतिमा के अनावरण के अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि न्यायमूर्ति महाजन सच्चे देशभक्त थे और जब भी हम इस प्रतिमा को देखेंगे, राष्ट्र के प्रति इनके योगदान को स्मरण करेंगे। मुझे आशा है कि हम इनकी विरासत से प्रेरित होंगे।’ उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि राज्य का सपूत प्रदेश के गठन से पूर्व ही देश के एक उच्च पद पर आसीन हुआ। मुख्यमंत्री ने राष्ट्र निर्माण में न्यायमूर्ति महाजन के अतुलनीय योगदान का स्मरण किया और उनको श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि न्यायमूर्ति महाजन को तत्कालीन जम्मू-कश्मीर का प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया था। उन्होंने अक्तूबर 1947 में जम्मू-कश्मीर के भारत विलय में अग्रणी भूमिका निभाई थी। उन्हें भारत और पाकिस्तान की सीमाओं का निर्धारण करने के लिए नियुक्त रेडक्लिफ कमीशन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा नामित किया गया था। मुख्यमंत्री ने न्यायमूर्ति महाजन द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस विरासत को उनके पोते विवेक महाजन ने सीआईआई-एमसीएम बहु-कौशल प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से आगे बढ़ाया है। यह संस्थान धर्मशाला और आसपास के क्षेत्रों के युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति महाजन एक सच्चे देशभक्त थे और यह प्रतिमा हमें उनकी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए में प्रेरित करेगी। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य में लगभग 6000 निराश्रित बच्चे हैं और मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण करने के उपरांत पहले ही दिन उन्होंने टूटीकंडी स्थित बालिका देखभाल संस्थान का दौरा कर इसकी कार्यप्रणाली की स्वयं जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि सरकार ने बाल देखभाल संस्थानों, नारी सेवा सदन, शक्ति सदन और वृद्धाश्रमों के आवासियों को त्यौहारों के अवसर पर 500 रुपए उत्सव अनुदान के रूप में देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 101 करोड़ रुपए की धनराशि से ‘मुख्यमंत्री सुखाश्रय सहायता कोष’ स्थापित करने का निर्णय लिया है, ताकि जरूरतमंद बच्चों और निराश्रित महिलाओं को उच्च शिक्षा की सुविधा प्रदान की जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऐसे बच्चों के कौशल विकास, उच्च शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण पर होने वाले व्यय को वहन करेगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस फंड में अपना एक माह का वेतन प्रदान किया है और कांग्रेस के अन्य विधायक भी अपना एक महीने का वेतन देंगे। विधायक सुधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री का उनके गृह क्षेत्र में स्वागत किया। न्यायमूर्ति मेहर चंद महाजन के पौत्र विवेक महाजन ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और उन्हें ट्रस्ट द्वारा की जा रही विभिन्न गतिविधियों से अवगत कराया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव तजिंदर बिट्टू, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार) गोकुल बुटेल, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
बैंकों की जिला स्तरीय समीक्षा समिति की तिमाही बैठक हुई आयाेजित फर्स्ट वर्डिक्ट। धर्मशाला जिला कांगड़ा के बैंकों की जिला स्तरीय समीक्षा समिति की सितंबर 2022 तिमाही की बैठक का आयोजन 3 जनवरी को किया गया। बैठक का संचालन मुख्य अग्रणी जिला प्रबंधक कुलदीप कुमार कौशल ने किया। बैठक की मुख्यातिथि गंधर्वा राठौर एडीसी उपस्थित रही। बैठक में पंजाब नैशनल बैंक के धर्मशाला मंडल के उपमंडल प्रमुख राजेंद्र कुमार, अरुण खन्ना डीडीएम नाबार्ड, भारतीय रिज़र्व बैंक से यश वर्मा एलडीओ आरबीआई तथा सभी प्रमुख बैंकों के समन्वयक तथा विभिन्न सरकारी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी व प्रतिनिधि उपस्थित रहे। राजेंद्र कुमार उपमंडल प्रमुख, पंजाब नैशनल बैंक धर्मशाला ने अपने संबाेधन में बताया कि कांगड़ा जिला के बैंकों ने वार्षिक ऋण योजना 2022-23, सितंबर तिमाही 2022 के अंतर्गत 2894 करोड़ के एवज में 3000 करोड़ वितरित किए। उन्होंने बताया कि जिला कांगड़ा में विभिन्न बैंकों के पास लोगों के 35095 करोड़ जमा है तथा जिला के सभी बैंक अब तक लोगों को 8422 करोड़ के ऋण 2022 तक दे चुके हैं। यश वर्मा एलडीओ आरबीआई जिला कांगड़ा ने सभी बैंकों की उपलब्धियों पर चर्चा की तथा साथ ही सभी बैंकों को उनके लक्ष्य पूरा करने को कहा। उन्होंने जिला के सभी विभागों से मिल-जुलकर कार्य करने के लिए कहा, जिससे जिला में विभिन्न विकास कार्यों में तेजी लाई जा सकें। उन्होंने जमा ऋण अनुपात की कमी पर चिंता व्यक्त की तथा सभी बैंकों को दिशा-निर्देश दिए कि वह चालू जमा अनुपात को बढ़ाएं और उन्होंने बैंको को ग्राहकों के प्रति सवेदनशीलता दिखाने के लिए कहा। अतिरिक्त उपायुक्त ने कुछ बैंकों की कृषि क्षेत्र तथा प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र में बहुत ही कम या नाम मात्र प्रदर्शन पर रोष व्यक्त किया तथा उन्हें सख्ती से हिदायत देते हुए कहा की इन क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा ऋण किया जाए। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई के जिला में काम कर रहे कुछ प्राइवेट बैंक सिर्फ जमा राशी ही ले रहे हैं तथा जिला में ऋण नहीं दे रहे, जबकि उनके पास जिला के सरकारी विभागों का बहुत-सा धन जमा है, परंतु उसका लाभ ऋण के रूप में जिला के लोगों को नहीं दिया जा रहा। उन्होंने इन सभी प्राइवेट बैंकों को चेतावनी देते हुए कहा की ये बैंक जल्द से जल्द ऋण देने पर काम करें, वरना जो भी सरकारी धन इनके पास जमा है, उसे निकाल लिया जाएगा। इस मौके पर गंधर्वा राठौर अतिरिक्त उपायुक्त ने विभिन्न बैंक स्कीमों के प्रतिजागरूकता अभियान आयोजित करने पर जोर दिया, ताकि अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिल सके। अध्यक्ष ने सरकार द्वारा चलाई गई सभी योजनाओं के अंर्गत अपूर्ण ऋण मामलों का जल्द से जल्द निवारण करने का आदेश दिया। इस अवसर पर प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत आने वाले किसानो को केसीसी, पीएमएसबीवाई, पीएमजेजेबीवाई व एपीवाई से जोड़ने हेतु चलाए गए अभियान की समीक्षा की गई तथा सभी बैंकर साथियों से इस अभियान को सफल बनाने हेतु अधिक से अधिक किसानो को इन योजनाओं से जोड़ा जाए, ताकि किसान अधिक से अधिक लाभ उठा सकें तथा अपनी आय में वृद्धि कर सकें। अग्रणी जिला प्रबंधक ने सभी बैंकों को जिला के कृषि क्षेत्र के उत्थान के लिए किसानों को अधिक से अधिक आर्थिक मदद देने के लिए कहा। डीडीएम नाबार्ड सम्भाव्य्तायुक्त ऋण योजना वर्ष 2023-24 , 639368 लाख ऋण क्षमता का आलांकन तैयार जिसका विमोचन गंधर्वा राठौर अतिरिक्त उपायुक्त के हाथों से करवाया गया। डीडीएम नाबार्ड ने एफ़पीओ स्कीम में एक जिला एक उत्पाद तथा कृषि अवसंरच्ना कोश के बारे में विस्तारपूर्वक बताया। जिला अग्रणी मुख्य प्रबंधक कुलदीप कुमार कौशल ने मुख्यमंत्री स्वावलंवन तथा छोटे सड़क विक्रेताओं तथा रेहड़ी-फहड़ी वालों के लिए चलाई गई प्रधानमंत्री स्वा निधि स्कीम के अंतर्गत अधिक से अधिक ऋण करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर भारतीय रिज़र्व बैंक से यश वर्मा, एलडीओ आरबीआई ने कृषि क्षेत्र तथा प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र की स्तिथि पर चिंता व्यक्त की और इन क्षेत्रों में अधिक से अधिक ऋण देने तथा किसानो की आय में वृधि किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने बैंकों के अधीन काम करने वाले बैंक मित्र जो की निष्क्रिय हैं, उन्हें सक्रीय किया जाए या फिर उनके स्थान पर नए बैंक मित्र को नियुक्त किया जाए, ताकि जो क्षेत्र बैंक सुविधाओं से अवांछित हैं, उन्हें इन बैंक मित्रों द्वारा बैंकिंग सुविधएं दी जा सकें। सभा में सेल्फ हेल्प ग्रुप के प्रोत्साहन तथा उन्हें बैंक ऋण मुहैया कराने पर भी जोर दिया गया। अध्यक्ष ने इस मीटिंग का जिला की प्रगति में अहम भूमिका होने तथा सभी बैंकों ओर संबंधित सरकारी विभागों को इसमें उपस्थित होना अनिवार्य बताया। अतिरिक्त उपायुक्त जिला ने अपने संबाेधन में बैंकों को अधिक से अधिक वित्तीय जागरूकता कैंप आयोजित करने, कृषि ऋण की स्थिति सुधारने के निर्देश दिए तथा बैंको को चालू जमा अनुपात जो की इस समय 24.00 प्रतिशत है बढ़ाने के दिशा निर्देश दिए। कुलदीप कौशल ने जिला में गेहूं ओर मक्का की खेती के साथ अन्य फसलों के उत्पादन तथा इन फसलों के लिए बैंक ऋण देने पर जोर दिया। क्योंकि इन फसलों द्वारा किसानो की आय में वृधि के साथ जिला में कृषि ऋण को भी काफी बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने हर वर्ष कृषि विभाग द्वारा फसलों पर दिए जाने वाले ऋण की सीमा तय करने वाले वित पैमाने में सुधार की अपील की। साथ हि साथ कुलदीप कौशल ने जिला के राजस्व विभाग में लंबित बैंकों द्वारा प्रस्तुत मामलों के जल्द निपटारे के लिए अतिरिक्त उपायुक्त से अपील की। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग में इस तरह के मामलों का जल्द निपटारा न होना भी एक कारण है, जिसकी वजह से ऋण आवेदकों को समय पर ऋण उपलब्ध नहीं हो पाता, जिसके कारण लोगों में बैंकों के प्रति उदासीनता बढ़ती है और साथ हि साथ बैंकों की ऋण देने के क्षमता तथा ऋण जमा अनुपात घटता है, जो की जिले की प्रगति में एक बहुत बड़ा बाधक है। इस पर अतिरिक्त उपायुक्त ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। अंत जिला अग्रणी मुख्य प्रबंधक शकुलदीप कुमार कौशल ने अतिरिक्त उपायुक्त, विभिन सरकारी विभागों से उपस्थित प्रतिनिधियों तथा सभी बैंकों से उपस्थित जिला समन्वयकों का धन्यबाद किया। इसी के साथ उन्होंने सभी अधिकारियों की तरफ से अतिरिक्त उपायुक्त को आश्वासन दिया की चालू जमा अनुपात, कृषि ऋण तथा प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र की स्तिथि को सुधारने का पूरा-पूरा प्रयास करेंगे।
गगन शर्मा। नाहन उपायुक्त आरके गौतम ने कहा कि जिला में शहरी विकास विभाग द्वारा संचालित सभी रैन बसेरों में निराश्रितों व बेसहारा व्यक्तियों के लिए रात्रि ठहराव की उपयुक्त व्यवस्था है। उन्हांेने कहा कि रैन बसेरों में निराश्रितों को आश्रय प्रदान करने के उद्देश्य से उपमंडल स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में निगरानी समितियों का गठन किया गया है और जिला में ये समितियां सक्रिय तौर पर कार्य कर रही हैं। उन्हांेने कहा कि समितियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे अपने संबंधित क्षेत्रों में रात्रि के समय पुलिस के साथ गश्त करें और यदि कोई बेसहारा व्यक्ति पाया जाता है, तो तुरंत उसे रैन बसेरा में आश्रय प्रदान किया जाए। उपायुक्त ने आम जनमानस से भी अपील की है कि यदि कोई भी व्यक्ति सड़क किनारे अथवा अन्य किसी स्थान पर निराश्रित पाया जाता है, तो उसे तुरंत से रैन बसेरा तक पहुंचाने में मदद करें अथवा इस संबंध में टाॅल फ्री नम्बर 112 व 1077 पर सूचित किया जाए। उधर, पावंटा साहिब के एसडीएम विवेक महाजन ने बताया कि पांवटा साहिब के अंतर्गत स्थानीय नगर परिषद द्वारा संचालित रैन बसेरा में किसी भी बेसहारा व्यक्ति को रात को ठहरने की पूर्ण व्यवस्था है। रैन बसेरा भवन के प्रथम तल पर एक हाॅल में 20 बिस्तर लगे हैं, जिनमें रजाई, तलाई व कंबल इत्यादि की उपयुक्त व्यवस्था है। रैन बसेरा में कोई भी बेसहारा अथवा निराश्रित व्यक्ति सुविधाजनक रात्रि गुजार सकता है। उन्हाेंने कहा कि इसी भवन के धरातल मंे चार और कमरों की मुरम्मत का कार्य प्रगति पर है और यह कार्य अगले 10 दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए उन्होंने संबंधित विभाग को निर्देश भी जारी किए हैं। नगर परिषद पांवटा साहिब के कार्यकारी अधिकारी अजमेर ठाकुर ने कहा कि पांवटा स्थित रैन बसेरा के समीप भूमि खाली पड़ी हुई है, जिस पर नगर परिषद द्वारा एक कैफेटेरिया का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। कैफेटेरिया के निर्माण से रैन बसेरा को किसी प्रकार का अवरोध नहीं होगा, बल्कि रैन बसेरा में रूकने वाले लाेगाें काे अतिरिक्त सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि नगर परिषद परिक्षेत्र के अंतर्गत कोई भी निराश्रित व्यक्ति बाहर सड़क किनारे न रहे, इस बात को सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने अपने कर्मचारियों को लिखित तौर पर भी निर्देश जारी किए हैं।
भाजपा ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की सरकार के अब तक लिए गए फैसलों को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। हाईकोर्ट में दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि पूर्व कैबिनेट के फैसलों को प्रशासनिक आदेश से निरस्त नहीं किया जा सकता है। भाजपा ने चुनौती दी है की जनहित में लिए गए ये फैंसले वापिस नहीं लिए गए तो सड़को पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी। भाजपा उपाध्यक्ष संजीव कटवाल ने आज प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि भाजपा सरकार ने जनता के हित में संस्थान खोले थे उन्हें बंद करना गलत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मंत्रिमंडल का गठन तक नहीं कर पाई है लेकिन जनता विरोधी फैसले लिए जा रहे हैं। कैबिनेट के फैसलों को कैबिनेट के निर्णय से ही निरस्त किया जा सकता है। बीजेपी कोर्ट में जनता के हक की लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 2 बड़े सीमेंट उद्योग बंद हो गए हैं लेकिन सरकार इन्हें खुलवाने में अभी तक नाकाम रही है जनता के मुद्दों को दरकिनार कर जनता के हित में लिए गए फैसलों को बदला जा रहा है। सीमेंट उद्योग बंद होने से हजारों लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया हैं। सरकार को जल्द अडानी से बात कर मामला सुलझाना चाहिए।
राजधानी शिमला के रामपुर कस्बे में गानवी ज्यूरी लिंक रोड पर पुलिस ने बुधवार देर शाम एक युवक को चिट्टे सहित गिरफ्तार किया। पुलिस ने मादक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार, HC मनोज कुमार गानवी ज्यूरी सड़क पर गश्त पर थे और जैसे ही कटोलु पुल के पास पहुंचे तो शिव सिंह निवासी किन्नौर पुलिस को देख कर घबरा गया। जब शक के आधार पर पुलिस ने तलाशी ली तो उससे 1.12 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ।
मनीष। घुमारवीं करुणामूलक संघ हिमाचल प्रदेश की बैठक गूगल मीट के माध्यम से प्रदेशाध्यक्ष अजय कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें प्रदेश भर के करुणामूलक आश्रितों ने भाग लिया। इस मीटिंग के माध्यम से सपष्ट हो गया है कि करुणामूलक संघ संघर्ष की राह पर है और अपनी मांगों के चलते धर्मशाला में सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से भेंट करेगा व और अपनी मांगों के चलते प्रदेश सरकार को मांग पत्र साैंपा जाएगा, ताकि सरकार अपने कार्यकाल की पहली कैबिनेट में करुणामूलक परिवारों के हित में फैसला लें और जितने भी केस पेंडिंग चले हुए हैं, उन्हें मध्यनजर रखते हुए पहली कैबिनेट में पॉलिसी संशोधन हो, ताकि जितने परिवार नौकरी से वंचित रहे हैं, उन्हें नौकरी मुहैया हो सके। बता दें कि करुणामूलक संघ काफी समय से संघर्ष कर रहा है। हाल ही में पिछले वर्ष करुणामूलक संघ नें शिमला में 432 दिन की भूख हड़ताल भी की गई थी, कुछ एक मांगे इनकी पूरी भी हुई हैं, पर कुछ मांगों को पूर्व सरकार ने पूरी तरह से दरकिनार भी किया था, जिसका खामियाजा पूर्व सरकार को सता गवाकर चुकाना पड़ा है। अब करुणामूलक परिवार नई सरकार के समक्ष मांग पत्र साैपेंगे, ताकि पहली कैबिनेट से पहले सरकार करुणामूलक संघ के पदाधिकारियाें को बुलाएं और सरकार पहली कैबिनट में करुणामूल्कों को संशोधित पॉलिसी का तोफा दे सकें। प्रदेशाध्यक्ष अजय कुमार ने प्रदेश भर के करुणामूलक परिवारों से निवेदन किया है कि मुख्यमंत्री को बधाई देने व मांग पत्र सौंपने के लिए 6 तारीख को सुबह 10.30 बजे जोराबर स्टेडियम पहुंचे, ताकि उसके बाद मुख्यमंत्री को विधानसभा में बधाई के साथ साथ मांग पत्र भी साैपेंगे।
साइलेंट किल्लर से घुमारवीं वाॅरियर्स को हराकर अपने नाम किया खिताब फर्स्ट वर्डिक्ट। बिलासपुर क्षेत्र के ऐतिहासिक लुहणू क्रिकेट मैदान में चल रही विरासत-ए-कहलूर क्रिकेट प्रतियोगिता के तृतीय संस्करण का बुधवार को समापन हो गया। इस दौरान फाइनल मैच साइलेंट किल्लर और घुमारवीं वाॅरियर्स के मध्य खेला गया। जिसमें साइलेंट किल्लर से घुमारवीं वाॅरियर्स को हराकर खिताब को अपने नाम किया। प्रतियोगिता के समापन अवसर पर हिम सर्वोदय पब्लिक स्कूल घुमारवीं की प्रबंधन निदेशिका नीलम महाजन ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने अपने संबोधन में बच्चों से खेल भावना से खेलने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि किसी भी खेल से जुड़कर जहां मानसिक और शारीरिक विकास होता है। वहीं, बच्चे नशे आदि से भी दूर रहते हैं। घुमारवीं वाॅरियर्स ने पहले टाॅस जीतकर क्षेत्र रक्षण का निर्णय लिया। साइलेंट किल्लर ने निर्धारित बीस ओवरों में 118 रन बनाए। जिसमें नरेश ने 14, सुमित ने 11, सूर्या ने 22 व रवि ने 18 रन अपनी टीम के लिए जोड़े। घुमारवीं वाॅरियर्स की ओर से अनिल ने चार, संचित ने तीन और अनर्व ने एक विकेट हासिल की। लक्ष्य का पीछा करने उतरी घुमारवीं वाॅरियर्स की शुरूआत अच्छी नहीं रही। घुमारवीं वाॅरियर्स 81 रनों पर आल आउट हो गई और साइलेंट किल्लर 31 रनों से विजयी रही। घुमारवीं वाॅरियर्स की ओर से अनर्व ने सर्वाधिक 39 रन बनाए, जबकि अन्य कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा छू नहीं पाया। साइलेंट किल्लर की ओर से दीपक ने चार विकेट चटकाए, जबकि सूर्या ने तीन, रवि ने दो और अश्वनी ने एक विकेट हासिल किया। आयोजकों की ओर से विजेता टीम को ट्राफी तथा 51 हजार रूपए नकद इनाम के तौर पर दिए गए, जबकि उपविजेता टीम को ट्राफी और 31 हजार रूपए नकद बतौर इनाम दिए गए। हिमाचल सर्वोदय पब्लिक स्कूल की ओर से ट्राफी भेंट की गई। बिलासपुर क्रिकेट संघ के सचिव तथा बीसीसीआई सीनियर टूर्नामेंट कमेटी सदस्य विशाल जगोता ने इस चैंपियनशिप का पूरा विवरण दिया। इस अवसर पर विशाल जगोता, आशीष कपिल, करण चंदेल, सतीश ठाकुर, कमल महाजन, अनिरूद्ध, करप्रीत, राजीव ठाकुर, पंकज ठाकुर, जितेंद्र ठाकुर, विनोद ठाकुर व क्रिकेट कोच चेतन ठाकुर आदि मौजूद रहे।
हिमाचल प्रदेश में ठंड का प्रकोप जारी है। बुधवार को भी आधा हिमाचल धुंध की आगोश में रहा है। वहीं मैदानी इलाकों में धुंध छाए रहने से विजिबिलिटी कम हो गई है, जिससे वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। वीरवार और शुक्रवार को प्रदेश में मौसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान है। सात-आठ जनवरी को कई क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश का पूर्वानुमान है। वीरवार को प्रदेश में ठंडी हवाएं चलने का येलो अलर्ट भी जारी हुआ है। वहीं बुधवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहा। मैदानी इलाकों में ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा सहित मंडी और सोलन के कुछ क्षेत्रों में सुबह और शाम के समय धुंध छाई रही।
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज जिला कांगड़ा के पालमपुर में हिमाचल प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल से उनके आवास पर भेंट की। यह एक शिष्टाचार भेंट थी। मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, प्रधान सलाहकार (सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार) गोकुल बुटेल, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, विधायक आशीष बुटेल, यादविंदर गोमा, संजय अवस्थी और सुरेश कुमार, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
फर्स्ट वर्डिक्ट। कांगड़ा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज जिला कांगड़ा के पालमपुर में पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार के आवास पर उनसे भेंट की। यह एक शिष्टाचार भेंट थी। धर्मशाला से पालमपुर आगमन के दौरान मुख्यमंत्री का न्यूगल खड्ड पुल पर पालमपुर विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान लोगों ने मुख्यमंत्री के पक्ष में नारे लगाए और उन पर फूल बरसाए। शांता कुमार ने मुख्यमंत्री को विवेकानंद ट्रस्ट पालमपुर आने का निमंत्रण भी दिया। मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, प्रधान सलाहकार (सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार) गोकुल बुटेल, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, विधायक आशीष बुटेल, यादविंदर गोमा, संजय अवस्थी और सुरेश कुमार, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।


















































