नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित परियोजनाओं में भी भ्रष्टाचार के रास्ते तलाश रही है। उन्होंने विशेष रूप से फिन्ना सिंह सिंचाई परियोजना के टेंडर में धांधली का आरोप लगाया। जयराम ठाकुर का कहना था कि जल शक्ति विभाग ने इस परियोजना के टेंडर में जॉइंट वेंचर पर रोक लगाकर सरकार अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने की कोशिश कर रही है। ठाकुर ने सवाल उठाया कि जबकि केंद्रीय राजमार्ग एवं सड़क परिवहन, एनएचएआई और बॉर्डर रोड संगठन (बीआरओ) जैसी प्रतिष्ठित केंद्रीय संस्थाएं 100 करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजेक्ट्स में जॉइंट वेंचर की अनुमति देती हैं, तो हिमाचल सरकार और जल शक्ति विभाग फिन्ना सिंह परियोजना के टेंडर में जॉइंट वेंचर पर रोक क्यों लगा रहे हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार ने पहले भी कई बार टेंडर की शर्तों में फेरबदल कर अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने का काम किया है, जैसे कि स्कूली बच्चों के लिए बॉटल खरीदने के टेंडर और शिमला की पेय जल परियोजना में शर्तों का बदलाव। इसके अतिरिक्त पेखुवेला के सोलर प्रोजेक्ट्स में भ्रष्टाचार के आरोप भी सामने आए हैं, जिसमें पॉवर कॉरपोरेशन के महाप्रबंधक विमल नेगी की मौत हो गई थी, और सरकार उस मामले की सीबीआई जांच से बच रही है। जयराम ठाकुर ने यह भी बताया कि फिन्ना सिंह सिंचाई परियोजना को केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 284 करोड़ रुपए का बजट मंजूर किया था, जिसमें 90 प्रतिशत केंद्र और 10 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा खर्च किया जाना था। इस परियोजना के निर्माण से सुल्याली क्षेत्र की 4025 हेक्टेयर जमीन को सिंचाई सुविधा मिलेगी, जिससे लगभग 60 गांवों को लाभ होगा और क्षेत्र में हरित क्रांति आएगी। ठाकुर ने मुख्यमंत्री से अपील की कि प्रदेश हित में इस परियोजना को भ्रष्टाचार से बचाने के लिए सरकार को गुणवत्ता को प्राथमिकता देनी चाहिए और धांधली की बजाय सही तरीके से इसका कार्यान्वयन सुनिश्चित करना चाहिए।
राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास और जन-शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज जिला किन्नौर के आई.टी.डी.पी भवन के सम्मेलन कक्ष में जिला स्तरीय विकास योजना और 20-सूत्रीय कार्यक्रम समीक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम राज्य में गरीबी उन्मूलन और वंचित वर्गों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए अभूतपूर्व कार्य कर रहा है। मंत्री ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत खाद्य सुरक्षा, रोजगार सृजन, कृषि उत्पादकता, पर्यावरण संरक्षण, महिलाओं और कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक-आर्थिक पहलुओं को भी शामिल किया गया है। नेगी ने गत जनवरी में हुई जिला स्तरीय योजना विकास समिति की बैठक में लिए गए निर्णयों की अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा और अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना विकास समिति के तहत कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए ताकि आम जनता को इन योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा इस कार्यक्रम के तहत नई योजनाएं शुरू की गई हैं, जिनमें पंचायतों के साथ मिलकर ग्रामीण विक्रय केंद्र और असंगठित श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा शामिल है। बैठक में वन अधिकार अधिनियम-2006 पर विस्तृत चर्चा की गई और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। किन्नौर के जनजातीय जिले के सभी कामगारों के लिए उचित आवास और खानपान की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जिला श्रम अधिकारी को निर्देश दिए गए। इसके अलावा, लोक निर्माण विभाग को सड़कों को दुरुस्त रखने और पर्याप्त क्रैश बैरियर स्थापित करने के निर्देश दिए गए। जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को सिंचाई व्यवस्था सुधारने और पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया। टूटी हुई पाइपों को शीघ्र बदलने का आदेश भी दिया गया। नेगी ने अधिकारियों को यह निर्देश भी दिए कि जिला में पेयजल पाइपों को जमीन से ढाई फीट गहराई पर स्थापित किया जाए और समय-समय पर पेयजल भंडारण टैंकों की सफाई की जाए। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि मनरेगा के तहत जिला में अब तक 28 करोड़ 02 लाख रुपये की राशि खर्च की गई है, जिसमें 19 करोड़ 16 लाख रुपये मजदूरी और 8 करोड़ 85 लाख रुपये सामग्री पर व्यय किए गए हैं। इसके अलावा 06 लाख 56 हजार कार्य दिवस भी अर्जित किए गए हैं। बैठक का संचालन तहसीलदार कल्पा, अभिषेक बरवाल ने किया। इस अवसर पर उपायुक्त किन्नौर, डॉ. अमित कुमार शर्मा, पुलिस अधीक्षक अभिषेक शेखर, वनमंडलाधिकारी अरविंद कुमार, उपमंडलाधिकारी कल्पा, अमित कल्थाइक, उपमंडलाधिकारी निचार, नारायण सिंह चौहान, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सोनम नेगी, अधिशासी अभियंता विद्युत, टाशी नेगी, अधिशासी अभियंता जल शक्ति, अभिषेक शर्मा, सरकारी और गैर-सरकारी सदस्यों सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
कैबिनेट मीटिंग में सुजानपुर टीहरा में जल शक्ति विभाग का डिवीज़न खोलने की मंज़ूरी मिलने के बाद, सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। यह निर्णय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राष्ट्र स्तरीय होली मेला में शिरकत करने के दौरान विधिवत रूप से किया था, और अब कैबिनेट की मंज़ूरी से इस कार्यालय का खुलना निश्चित हो गया है। कांग्रेस पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री और विधायक का हार्दिक धन्यवाद किया है। निवर्तमान ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र वर्मा, कैप्टन चम्बेल सिंह, राजेश ठाकुर, सेक्टर प्रभारी सुरेश कुमार, जगदीश कौशिक, कोट पंचायत प्रधान गुलशन कुमार, विनय शर्मा, राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के सुजानपुर के अध्यक्ष देश राज, महासचिव अशोक चौधरी, कैप्टन संजीव राणा, युवा कांग्रेस के केशव ठाकुर, विजय कुमार, पवन कुमार, दिव्यांशु, और अजय कुमार ने इस डिवीज़न के खुलने पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की और इसे विधानसभा क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक द्वारा इस डिवीज़न को लेकर की जा रही राजनीतिक बयानबाजी पर अब पूर्ण विराम लग चुका है। सुजानपुर में जल शक्ति विभाग का यह कार्यालय खुलना क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। इन निर्णयों से प्रदेश के विकास में तेजी आएगी और राज्यवासियों को कई लाभ मिलेंगे। मंत्रिमंडल ने घरेलू सहायिका के रूप में कार्य करने वाली महिलाओं को इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना में शामिल करने का निर्णय लिया है। जिन महिलाओं ने 100 दिन काम किया है, वे इस योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के पात्र होंगी। इसके साथ ही, 21 वर्ष या उससे अधिक आयु की बेटियां भी इस योजना में शामिल होंगी और उन्हें 1500 रुपये प्रति माह पेंशन दी जाएगी। कृषि क्षेत्र में भी मंत्रिमंडल ने बड़ा कदम उठाया है। प्राकृतिक खेती से संबंधित उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि की गई है। गेहूं और मक्की के एमएसपी में बढ़ोतरी के साथ ही, हल्दी और जौ के लिए भी नई दरें तय की गई हैं। इसके अलावा, पांगी को राज्य का पहला प्राकृतिक खेती उप-मंडल घोषित किया गया है। यह कदम प्रदेश में कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए मंत्रिमंडल ने कुछ नए कदम उठाए हैं। सुजानपुर में जल शक्ति विभाग का एक नया मंडल खोला जाएगा और चंबा के पांगी उप-मंडल में आयुर्वेदिक अस्पताल की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा, ऊना जिले के पंजावर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बदला जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी। परिवहन क्षेत्र में भी सुधार की दिशा में कदम उठाए गए हैं। मंत्रिमंडल ने 422 स्टेज कैरिज रूट आवंटित करने का निर्णय लिया है, जिससे बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकेंगे और लोगों को बेहतर परिवहन सेवाएं मिलेंगी। आईटीआई संस्थानों के विलय के फैसले से भी प्रदेश में शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में सुधार होगा। सात एसओए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को अन्य आईटीआई में विलय किया जाएगा, और सात महिला आईटीआई को भी विलय किया जाएगा। प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए नई होमस्टे नीति को मंजूरी दी गई है। चंबा जिला के पांगी उप-मंडल में होमस्टे पंजीकरण शुल्क को 50 प्रतिशत तक कम किया गया है, जिससे यह योजना और अधिक लोगों तक पहुंचेगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, मंत्रिमंडल ने जल शुल्क में राहत देने का निर्णय लिया है। 14 नगर पंचायतों और हमीरपुर, ऊना, और बद्दी नगर निगम के विलयित क्षेत्रों में अगले तीन साल तक जल शुल्क ग्रामीण दरों पर लिया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
कुनिहार: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सायरी के 50 छात्र-छात्राओं ने प्रधानाचार्य इन्दु शर्मा की अध्यक्षता में कांगड़ा जिला का चार दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण किया। यह भ्रमण विद्यार्थियों के शैक्षिक विकास और ऐतिहासिक ज्ञान को बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। प्रधानाचार्य इन्दु शर्मा ने बताया कि भ्रमण की शुरुआत मां ज्वाला जी के दर्शन से हुई। इसके बाद छात्रों ने कांगड़ा जिले के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का दौरा किया, जिसमें मां बगुलामुखी, चामुण्डा माता, मशहूर मंदिर बाधु की लड़ी, धर्मशाला में मैक्लोडगंज, भागसू नाथ झरना, दलाई लामा मठ और बैजनाथ मंदिर शामिल थे। इस शैक्षणिक भ्रमण के दौरान, अध्यापक महेन्द्र भारद्वाज ने विद्यार्थियों को इन स्थलों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। इसके अलावा, पुष्ण राठौर, रजना देवी, राम प्रताप और व्यावसायिक अध्यापक महेन्द्र भारद्वाज ने इस भ्रमण को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाई। सभी अध्यापकों ने छात्रों को भ्रमण के दौरान साक्षात्कार, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भूगोलिक दृष्टिकोण से जानकारी प्रदान की, जिससे छात्रों का ज्ञानवर्धन हुआ और उन्हें ऐसे शैक्षिक भ्रमण की उपयोगिता को समझने का अवसर मिला।
शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने करूणामूलक आधार पर लंबित रोजगार संबंधित मामलों को एक वर्ष के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता की और कहा कि इन भर्तियों की पात्रता के लिए वार्षिक आय सीमा को 2.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 3 लाख रुपये किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि करूणामूलक आधार पर लंबित मामलों को तीन चरणों में निपटाया जाएगा। पहले चरण में विधवा और 45 वर्ष से कम आयु वाले उन आवेदकों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनके माता-पिता नहीं हैं। इस श्रेणी में वर्तमान में 141 विधवाएं और 159 अनाथ बच्चे शामिल हैं। दूसरे चरण में कम वार्षिक आय वाले पात्र व्यक्तियों को करूणामूलक आधार पर रोजगार प्रदान किया जाएगा। जबकि तीसरे चरण में शेष पात्र आवेदकों को नौकरी दी जाएगी।बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा, प्रधान सचिव देवेश कुमार, सचिव एम. सुधा देवी, राकेश कंवर और सचिव विधि शरद कुमार लगवाल भी उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना-3 के अन्तर्गत राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। विभाग को 3,123 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों और 43 पुलों के निर्माण के लिए केन्द्र से 3,345 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हुई है।यह जानकारी मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने दी। विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि लोक निर्माण विभाग इन कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य में अब तक 517.334 किलोमीटर सड़कों का निर्माण कार्य पूर्ण कर दिया गया हैै, जिस पर 802.59 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। उन्होंने बताया कि यह ग्रामीण कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने तथा सड़क निर्माण कार्य को समयबद्ध पूर्ण करने की विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में पीएमजीएसवाई के अन्तर्गत 905 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, जबकि 650 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था। उन्होंने बताया कि विभाग के बेहतर प्रदर्शन के दृष्टिगत राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से 2025-26 के लिए बजट आवंटन को बढ़ाकर 1300 करोड़ रुपये करने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग पीएमजीएसवाई-4 पर भी सक्रियता से कार्य कर रहा है। अब तक 1,560 आवासीय क्षेत्रों का मैपिंग कार्य पूरा हो चुका है, जिनमें से 1,115 आवासीय क्षेत्रों को ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा पात्र पाया गया है। इनमें 862 आवासीय क्षेत्रों को पहले ही मंत्रालय से स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। इनमें चरण-1 के तहत 102 आवासीय क्षेत्र भी शामिल हैं। विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री के साथ 30 अप्रैल, 2025 को हुई बैठक के उपरांत, नेशनल रूरल्स इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एजेंसी (एनआरआइडीए) की उच्च स्तरीय टीम ने 2 और 3 मई, 2025 को शिमला का दौरा किया। इस टीम ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की और पूर्व में अस्वीकृत किए गए 247 आवासीय क्षेत्रों के सत्यापन के बाद उनकी स्वीकृति पर पुनर्विचार करने का आश्वासन दिया। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार के पास 247 आवासीय क्षेत्रों में से 151 के लिए ही भूमि उपलब्ध है, जिसके लिए शीघ्र स्वीकृति का आग्रह किया गया है। राज्य स्वीकृति प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत लगभग 250 विस्तृत परियोजनाएं तैयार कर सकेगा, जिनमें 1400 किलोमीटर लंबी सड़कों का कार्य शामिल होगा। उन्होंने कहा कि यह कार्य समयबद्ध पूर्ण किया जाएगा।
पेंशनर एसोसिएशन कुनिहार इकाई की मासिक बैठक 7 मई, बुधवार को पेंशनर भवन तालाब कुनिहार में आयोजित की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता इकाई अध्यक्ष विनोद जोशी करेंगे। इकाई के महासचिव चेतराम भारद्वाज ने सभी कार्यकारिणी सदस्यों से अपील की है कि वे इस बैठक में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित हों। साथ ही, उन्होंने सभी पेंशनरों से आग्रह किया है कि 7 मई को सुबह 11 बजे पेंशनर भवन तालाब कुनिहार में पहुंचे और पेंशनरों की समस्याओं तथा आगामी रणनीति पर चर्चा में सक्रिय रूप से भाग लें।
हिमाचल प्रदेश में सोमवार को भी मौसम खराब रहा। प्रदेशभर में मौसम छाए रहे। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। उधर, मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने मंगलवार से तीन दिन तक बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने का भी येलो अलर्ट है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से नौ मई तक हिमाचल प्रदेश में बारिश के आसार हैं। सोमवार को येलो अलर्ट के बीच प्रदेशभर में लगभग सभी क्षेत्रों में बादल छाए रहे। कई क्षेत्रों में रविवार रात से लेकर सोमवार तक बारिश होती रही। ऊना जिले में सुबह से बादल छाए रहे। इससे लोगों को तेज धूप व गर्मी से राहत मिली है। हालांकि, दोपहर के समय कुछ देर के लिए हल्की धूप निकली, लेकिन दोबारा आसमान में बादल छा गए। वहीं, कांगड़ा, चंबा, मंडी, हमीरपुर और कुल्लू में भी दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। पिछले 24 घंटों के दौरान कंडाघाट में 74.1, कंडाघाट में 56.2, नयना देवी में 38.6, कसौली में 21.0, शिमला में 19.2, कुफरी में 16.0, गोहर में 12.0, चंबा, राजगढ़ में 12.0 और देहरा गोपीपुर में 11.3 मिलीमीटर वर्षा हुई। मौसम केंद्र शिमला के अनुसार मंगलवार को शिमला शहर और आसपास के क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की वर्षा होने की संभावना है। शिमला, कुल्लू और मंडी जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर की दर से तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। किन्नौर, चंबा, कांगड़ा, सिरमौर और सोलन जिलों में भी कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा हो सकती है। शिमला में अधिकतम तापमान 17.5 डिग्री सेल्सियस, जो सामान्य से 6.2 डिग्री सेल्सियस कम है। सुंदरनगर में 28.0, भुंतर में 27.2, धर्मशाला में 24.1, बिलासपुर में 28.3, हमीरपुर, 31.5, ऊना में 33.0 और सोलन में 23.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अब लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृहों में कमरे बुक करने के लिए किसी विशेष सिफारिश की आवश्यकता नहीं है। सरकार ने इस प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन बना दिया है, जिससे अब लोगों को आसानी से कमरे की बुकिंग करना संभव हो गया है। इसके तहत, उपयोगकर्ताओं को कमरे की बुकिंग के लिए 50 फीसदी राशि एडवांस में जमा करनी होगी। लोक निर्माण विभाग के सचिव, डॉ. अभिषेक जैन के कार्यालय से जारी आदेशों के अनुसार, प्रदेश भर में स्थित लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृहों में ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था लागू की गई है। अब किसी भी विश्राम गृह में कमरे की बुकिंग ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जा सकती है, जिससे पहले की जटिल प्रक्रिया को दूर किया गया है। यहां एक अहम बात यह है कि विश्राम गृह में वीआईपी रूम की बुकिंग ऑनलाइन नहीं होगी, लेकिन शेष सभी कमरे अब ऑनलाइन उपलब्ध होंगे। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में स्थित इन विश्राम गृहों में ठहरने की सुविधाएं प्रदान की जाती हैं और इसमें भोजन भी उपलब्ध रहता है। वर्तमान सरकार के तहत, विश्राम गृहों में कमरे की कीमतें भी बढ़ाई गई हैं, जो पहले 200 या 250 रुपये में मिलते थे, अब उनकी कीमत 600 रुपये या उससे अधिक हो गई है। बुकिंग का सिस्टम अब 'फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व' के आधार पर होगा, और एडवांस पेमेंट के बाद बुकिंग कन्फर्म हो जाएगी, जिससे पहले की तरह कमरे की बुकिंग और फिर उपयोग न करने की समस्याएं दूर होंगी। इस नई व्यवस्था से न केवल लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को राहत मिलेगी, बल्कि लोगों को भी बेहतर सेवा का अनुभव होगा। पहले वन विभाग के विश्राम गृहों में भी इस प्रकार की ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था शुरू की जा चुकी है, और अब लोक निर्माण विभाग भी इस दिशा में कदम बढ़ा चुका है।
सरकार ने चिकित्सा क्षेत्र में सुधार के लिए बड़ा कदम उठाया है। मंत्रिमंडल ने चिकित्सा अधिकारियों के 81 पदों को भरने की मंजूरी दे दी है। इसमें 68 कैजुअल्टी मेडिकल अधिकारियों (सीएमओ) के पद और 13 अन्य चिकित्सा श्रेणियों के पद शामिल हैं। इन नियुक्तियों से सरकारी मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों में आपातकालीन सेवाओं, ट्रॉमा सेंटर, कैजुअल्टी यूनिट, ब्लड बैंक और कैंसर देखभाल सुविधाओं को और अधिक सशक्त किया जाएगा। इस कदम से जनता को चिकित्सा सेवाओं में बेहतर सुविधाएं और त्वरित उपचार की सुविधा मिलेगी, विशेष रूप से आपातकालीन परिस्थितियों में राहत मिलेगी। इसके अलावा, फोरेंसिक सेवाओं को मजबूती देने के लिए फोरेंसिक सेवा विभाग में 18 योग्य पेशेवरों की भर्ती को भी मंजूरी दी गई है, जिससे अपराध जांच और न्यायिक प्रक्रिया को और भी प्रभावी बनाया जाएगा। साथ ही, कृषि विभाग में कृषि विस्तार के 11 पदों को भरने का निर्णय भी लिया गया है, जिससे किसानों तक अधिक से अधिक सहायता पहुंचाई जा सकेगी। यह सभी नियुक्तियां लोगों को बेहतर सेवाएं देने और प्रशासनिक कार्यों को और अधिक प्रभावशाली बनाने में मदद करेंगी।
हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक सोमवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों में कार्यरत उन चतुर्थ श्रेणी के अंशकालिक कर्मचारियों को दैनिक भोगी कर्मचारी में परिवर्तित करने का निर्णय लिया, जिन्होंने 31 मार्च, 2025 तक सात वर्ष का निरन्तर कार्यकाल पूरा कर लिया है। बैठक में वन विभाग के वन्यजीव विंग को शिमला से जिला कांगड़ा के धर्मशाला स्थित सीपीडी केएफडब्ल्यू परियोजना कार्यालय भवन में स्थानातंरित करने को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके साथ सीपीडी केएफडब्ल्यू परियोजना कार्यालय को वन अरण्यपाल (वन्यजीव) धर्मशाला के खाली भवन में स्थानातंरित करने का निर्णय लिया गया। चयन आयोग की भर्ती परीक्षाओं के शुल्क निर्धारण को मंजूरी मिली है। मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग को परीक्षाओं की फीस तय करने का अधिकार प्रदान करने को स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने ऊना जिले के चिंतपूर्णी, जिला शिमला के सराहन विशेष क्षेत्र और जिला हमीरपुर के भोटा योजना क्षेत्र के लिए विकास योजनाएं तैयार करने का निर्णय लिया गया ताकि राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ लगते क्षेत्रों में अनियंत्रित निर्माण और अव्यवस्थित व्यावसायिक विकास पर अंकुश लगाया जा सके। मंत्रिमंडल ने विभिन्न सरकारी विभागों में (जहां मांग प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है) रिक्त पदों की मांग, चयन प्रक्रिया और नियुक्ति प्रस्तावों से संबंधित नए दिशा-निर्देशों को स्वीकृति प्रदान की। भविष्य में होने वाली नियुक्तियों के पहलुओं पर विचार के लिए एक मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि कर्मचारियों की सेवा शर्तें अधिनियम 2024 लागू होने के बाद प्रदेश में अनुबंध पर भर्तियां बंद हो गई हैं। लेकिन इसी बीच बहुत से पदों के लिए साक्षात्कार हुए हैं या कई के भर्ती विज्ञापन जारी हो चुके हैं। ऐसे में इन भर्तियों की तहत चयनित अभ्यर्थियों को दो साल तक ट्रेनी कर्मचारी या ट्रेनी अधिकारी के ताैर पर नियुक्ति दी जाएगी। दो साल के बाद सेवाएं नियमित होंगी। मंत्रिमंडल की बैठक में जिला कारागार को मंडी से नेरचौक के नवनिर्मित भवन में स्थानातंरित करने की स्वीकृति दी गई। मंडी के वर्तमान जेल परिसर को महिलाओं की ओपन जेल में परिवर्तित किया जाएगा। इस जेल के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के आवश्यक पदों को सृजित कर भरने की स्वीकृति भी प्रदान की गई। बैठक में राजस्व विभाग के तहत हिमाचल प्रदेश ऑनलाइन फाइलिंग एंड प्रोसेसिंग ऑफ कोर्ट केस नियम-2025 को मंजूरी प्रदान की गई। इन नियमों के अंतर्गत राजस्व न्यायालय आवेदन, अपील, पुनरीक्षण, समीक्षा आदि अन्य याचिकाएं ऑनलाइन प्राप्त एवं प्रसंस्कृत कर सकेंगे। सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को बढ़ाने और कनेक्टिविटी में सुधार करने के लिए निजी ऑपरेटरों की ओर से 18 सीटर टेंपो ट्रैवलर के संचालन के लिए राज्य भर में 350 नए स्टेज कैरिज रूटों के साथ स्थानीय मांग के आधार पर नए अतिरिक्त मार्गों के आवंटन को भी मंजूरी दी। मंत्रिमंडल ने चरण-2 और चरण-3 के तहत एम्स बिलासपुर के विस्तार के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के पक्ष में मौजा चंगर पलासियां में 21-09 बीघा भूमि के हस्तांतरण को स्वीकृति प्रदान की। साथ ही चंबा जिले के रेवेन्यू एस्टेट सरोल में 52-17-00 बीघा भूमि को जवाहर नवोदय विद्यालय के संचालन के लिए भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को हस्तांतरित करने को भी मंजूरी दी। मंत्रिमंडल ने शिमला जिले में नगर पंचायत सुन्नी को नगर परिषद में स्तरोन्नत करने के संबंध में पूर्व में जारी अधिसूचना को वापस लेने को भी स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने कैजुअल्टी चिकित्सा अधिकारी के 68 पदों तथा विभिन्न श्रेणियों के 13 पदों सहित चिकित्सा अधिकारियों के कुल 81 पद भरने को मंजूरी दी। यह निर्णय राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों एवं चिकित्सा संस्थानों में आपातकालीन सेवाओं, ट्रॉमा सेंटर, कैजुअल्टी यूनिट्स, ब्लड बैंक तथा तृतीयक कैंसर केयर सुविधाओं को सुदृढ़ करने के दृष्टिगत लिया गया है। इसके अतिरिक्त, मंत्रिमंडल ने कृषि विस्तार सेवाओं का समर्थन करने के लिए विभिन्न कृषि विज्ञान केंद्रों में विषयवाद विशेषज्ञों के 11 पदों को भरने को मंजूरी दी। मंत्रिमंडल ने फोरेंसिक सेवाएं विभाग में फोरेंसिक क्षमताओं को बढ़ावा देने के लिए एफएसीटी और एफएसीटी प्लस के 18 क्वालीफाइड प्रोफेशनल्स की भर्ती करने को स्वीकृति प्रदान की। छोटा शिमला में 14 और 17 मंजिलों वाले दो व्यावसायिक परिसर बनेंगे मंत्रिमंडल ने मोहाल छोटा शिमला, देहात शिमला में 14 और 17 मंजिला दो भवनों के व्यावसायिक परिसर के निर्माण को मंजूरी दी। इस परियोजना का उद्देश्य शहर की बढ़ती प्रशासनिक और वाणिज्यिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आधुनिक सुविधाओं, पर्याप्त पार्किंग और एक बेहतर डिजाइन लेआउट से युक्त विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे का निर्माण करना है। मंत्रिमंडल ने 15वें वित्त आयोग के तहत पेयजल आपूर्ति योजनाओं के निष्पादन और रख-रखाव के लिए पंचायतों की ओर से सेवा प्रदाता के रूप में जल शक्ति विभाग को नामित किया।
**सोशल मीडिया पोस्टों से खुली नाराज़गी की परतें **डिप्टी सीएम को अध्यक्ष बनाने की चर्चा! हिमाचल की सियासत में सोशल मीडिया की 'पोस्ट पॉलिटिक्स' ने हलचल मचा दी है। कांग्रेस के भीतर नाराज़गी, घुटन और गुटबाज़ी अब दबी-छुपी नहीं रही—बल्कि फेसबुक पोस्टों के ज़रिए खुलकर सामने आ रही है। स्पष्ट कहें तो कांग्रेस की अंदरूनी बगावत का डिजिटल संस्करण पेश किया जा चुका है। नेताओं द्वारा इशारे पोस्ट किए जा रहे हैं और सियासी माहिर इन्हीं इशारों को समझते हुए कांग्रेस में सियासी उथल-पुथल की अलग-अलग कहानियां गढ़ रहे हैं। पहली पोस्ट आई उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की ओर से। अग्निहोत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा..., 'साजिशों का दौर, झूठ के पांव नहीं होते।' इसके चंद घंटों बाद सीएम सुखविंदर सुक्खू के मीडिया कोऑर्डिनेटर यशपाल शर्मा ने भी सोशल मीडिया पर लिखा... 'दौर-ए-साजिश तब से आम हो गया, जब से ठाकुर सुखविंदर सुक्खू के नाम से सीएम जुड़ गया।' फिर बीती रात PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने अपने सोशल मीडिया पर देर शाम एक पोस्ट डाली, इसमें अग्निहोत्री का नाम लिए बगैर लिखा... 'जब आपको हराने के लिए लोग कोशिश करने के बजाय साजिश करने लगें तो समझ लीजिए आपकी काबिलियत अव्वल दर्जे की है।' विक्रमादित्य ने आगे लिखा..., 'आप वीरभद्र सिंह स्कूल ऑफ थॉट के शिष्य हैं, न कभी डरना, न किसी को बेवजह डराना'.. आखिर में 'जय श्री राम' लिखा.. विक्रमादित्य के इस पोस्ट के अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं। मुकेश और विक्रमादित्य सिंह के बाद यशपाल शर्मा ने फिर से एक पोस्ट डाली, जिसमें लिखा कि 'हेडमास्टर तो बहुत थे, अब प्रिंसिपल आया है (तकलीफ स्वाभाविक)' इसके बाद राजनीति और गरमा गई है। अब इस 'पोस्ट पॉलिटिक्स' के मायने निकालने के लिए कोई सियासी पंडित होना ज़रूरी नहीं..... सियासत की ऊंची दीवारों के पीछे जो चल रहा है उससे हिमाचल का आम आदमी भी पूरी तरह वाकिफ है। सूत्रों की मानें तो मामला सिर्फ नाराज़गी तक सीमित नहीं। चर्चा है कि पार्टी का एक खेमा मुकेश अग्निहोत्री को डिप्टी सीएम पद से हटाकर प्रदेश अध्यक्ष बनाना चाहता है, लेकिन अग्निहोत्री इस प्रस्ताव को प्रमोशन नहीं, डिमोशन मानते हैं। बताया जा रहा है कि उन्हें सीएम द्वारा तैनात चेयरमैन और वाइस चेयरमैन की उनके विभागों में दखलअंदाज़ी भी खटक रही है। यही कारण है कि वो सचिवालय से दूरी बनाए हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, डिप्टी सीएम की हाईकमान से भी शिकायत की गई। इस शिकायत के बाद उन्हें तीन दिन पहले दिल्ली भी तलब किया गया। तब वह प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल से मिलकर वापस लौटे हैं। वैसे कांग्रेस की ये उथल-पुथल कोई नई बात नहीं है। हिमाचल में कांग्रेस पिछले ढाई साल से सत्ता में है.... कांग्रेस को सत्ता तो मिली मगर सत्ता में सुकून कभी नहीं मिला...... ये सरकार शुरुआत से ही तलवार की धार पर चल रही है। कभी कोई नाराज़ हुआ, कभी कोई और। कुछ नेताओं ने पार्टी को अलविदा कह दिया, तो कुछ को मनाकर जैसे-तैसे रोक लिया गया। मगर इन सारे सियासी झंझटों में एक चेहरा हमेशा सीएम सुक्खू के साथ मज़बूती से खड़ा दिखा.... उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री। संकट की बात यही है कि अब वो शख्स, जो हर संकट की घड़ी में सरकार की ढाल बना, हर मंच पर मुख्यमंत्री के फैसलों का बचाव करता रहा... आज वही ख़ुद नाराज़ है। विक्रमादित्य सिंह की पोस्ट भी अहम सियासी संकेत है। उन्होंने अग्निहोत्री को वीरभद्र सिंह स्कूल ऑफ थॉट का शिष्य कहकर न सिर्फ उन्हें फिर से ‘होली लॉज’ खेमे से जोड़ा, बल्कि यह संदेश भी दिया कि पुराने कुनबे को दोबारा संगठित करने की कवायद शुरू हो गई है। कई जानकार इसे 'दबाव की राजनीति' का हिस्सा भी मान रहे हैं। बाकी नेताओं की नाराज़गी शायद कांग्रेस के लिए कोई बड़ी बात न रही हो मगर उपमुख्यमंत्री की नाराज़गी कांग्रेस को भारी पड़ सकती है। अब देखना ये है कि कांग्रेस हाईकमान इन इशारों को समझकर समय रहते कदम उठाता है या फिर हिमाचल की सत्ता में दरार गहराती जाती है।
कुल्लू: कुल्लू पुलिस ने मादक पदार्थ अधिनियम के तहत दो अलग-अलग मामलों में बड़ी सफलता हासिल करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से चरस और चिट्टा (हेरोइन) बरामद की है। यह कार्रवाई पुलिस थाना मनीकर्ण और मनाली की टीमों द्वारा की गई। पुलिस थाना मनीकर्ण की टीम ने रस्कट क्षेत्र के पास नाकाबंदी के दौरान एक मोटरसाइकिल (नं. PB65BG-3505) को चेकिंग के लिए रोका। मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्तियों, जशनप्रीत सिंह (20 वर्ष) निवासी पंजाब और फायस फारूक (22 वर्ष) निवासी केरल, के कब्जे से 309 ग्राम चरस बरामद की गई। पुलिस थाना मनीकर्ण में धारा 20 व 29 मादक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और बरामद चरस की खरीद-फरोख्त के स्रोत का पता लगाया जा रहा है। मामले की जांच जारी है। चिट्टे के साथ एक गिरफ्तार वहीं, पुलिस थाना मनाली की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर अलेउ गोम्पा के पास स्थित प्रियम होम स्टे में छापा मारा। तलाशी के दौरान होम स्टे के ग्राउंड फ्लोर पर किराए पर रह रहे शुभम कुमार (26 वर्ष) निवासी हरियाणा के कमरे से 3.400 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद हुई। आरोपी के खिलाफ पुलिस थाना मनाली में धारा 21 मादक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस बरामद चिट्टे की खरीद-फरोख्त के बारे में भी छानबीन कर रही है।
शिमला: हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) शिमला के कर्मचारियों का सब्र का बांध टूट गया है। अप्रैल महीने की सैलरी अब तक न मिलने से गुस्साए शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने आज कुलपति कार्यालय के बाहर ज़ोरदार प्रदर्शन किया कर्मचारियों ने विवि प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की और वेतन में लगातार हो रही देरी पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पहले भी सैलरी समय पर न मिलने के कारण उन्हें प्रदर्शन करना पड़ा है। कर्मचारियों ने मांग की है कि हर महीने की पहली तारीख को उनका वेतन जारी किया जाए और अप्रैल का बकाया वेतन तुरंत दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे मजबूरन आंदोलन करने पर उतर आएंगे। शिक्षक संघ हपुटवा के अध्यक्ष डॉ. नितिन व्यास ने वेतन में देरी के लिए शिक्षा सचिव और उच्च शिक्षा निदेशक को ज़िम्मेदार ठहराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय की वेतन की फाइल पर 10 दिनों से हस्ताक्षर नहीं किए गए हैं, जिसकी वजह से कर्मचारियों को परेशानी हो रही है। डॉ. व्यास ने कहा कि सैलरी के लिए बार-बार प्रदर्शन करना पड़ रहा है, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हरियाणा के साथ चल रहे जल बंटवारे के विवाद पर स्पष्ट रूप से अपनी बात रखते हुए कहा कि पानी को लेकर कोई विवाद नहीं है, बल्कि कानूनी रूप से आंकड़े पंजाब के पक्ष में हैं। गगल हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, "हमने हरियाणा को जितना पानी एक साल के लिए दिया था, उन्होंने उसे 10 महीने में ही इस्तेमाल कर लिया। अब वे दो महीने का अतिरिक्त पानी मांग रहे हैं। हरियाणा अपने हिस्से से ज्यादा पानी मांग रहा है। उनका तर्क है कि उन्हें पहले भी अतिरिक्त पानी मिलता रहा है। हमने अपनी नहर प्रणाली में सुधार किया है, और अब हमारे पास अतिरिक्त पानी नहीं है।" उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के माध्यम से हरियाणा को अतिरिक्त पानी देने के प्रस्ताव पर भी सवाल उठाए। मान ने कहा कि पंजाब अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए पहले ही पर्याप्त पानी दे रहा है, और अतिरिक्त पानी देने का कोई औचित्य नहीं है। भगवंत मान का यह बयान ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार ने हाल ही में हरियाणा और पंजाब के बीच चल रहे भाखड़ा जल विवाद का हल निकालने के लिए एक बैठक आयोजित की थी। इस बैठक में बीबीएमबी को हरियाणा को अतिरिक्त पानी देने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, मान ने स्पष्ट कर दिया कि पंजाब के पास अतिरिक्त पानी नहीं है।
हिमाचल प्रदेश तलवारबाजी संघ की एक महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय बैठक का आयोजन आज रक्कड़ के अंतर्गत पड़ते कलोहा स्थित हिमसागर होटल में किया गया। बैठक की अध्यक्षता संघ के प्रदेश अध्यक्ष शादी लाल गोस्वामी ने की। बैठक का मुख्य एजेंडा जूनियर (U-20) श्रेणी की राष्ट्रीय स्तरीय तलवारबाजी प्रतियोगिता का आयोजन करवाना रहा, जिस पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता के सफल आयोजन को लेकर विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई और संभावित रणनीतियों पर मंथन किया गया। इसके अतिरिक्त, बैठक में इस वर्ष आयोजित होने वाली जिला स्तरीय और राष्ट्रीय स्तरीय तलवारबाजी प्रतियोगिताओं के लिए वार्षिक कैलेंडर भी तैयार किया गया। इस कैलेंडर में वर्ष भर की सभी महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं की तिथियां और आयोजन स्थलों को शामिल किया गया है, जिससे खिलाड़ियों और आयोजकों को समय रहते योजना बनाने में सुविधा होगी। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश तलवारबाजी संघ के संरक्षक एस. के. पराशर, जिला हमीरपुर के अध्यक्ष संदीप कुमार, जिला ऊना के अध्यक्ष हर्ष शर्मा, जिला कांगड़ा के अध्यक्ष अमन गुलड़िया, कांगड़ा जिला महासचिव स्वर्ण सिंह राजपूत, सोलन से प्रदीप शुक्ला, अशोक, राजेश और कांगड़ा से परविंदर शर्मा सहित संघ के कई सदस्य उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने प्रदेश में तलवारबाजी खेल के विकास और विस्तार को लेकर अपने महत्वपूर्ण विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि बैठक में लिए गए निर्णयों और आगामी योजनाओं की जानकारी हिमाचल प्रदेश तलवारबाजी संघ के महासचिव अतुल ठाकुर ने प्रदान की। संघ प्रदेश में तलवारबाजी को और अधिक लोकप्रिय बनाने तथा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
चंबा: चंबा जिले की चुवाड़ी तहसील के बलोह गांव के पास बीती रात बादल फटने की एक दुखद घटना सामने आई है। इस आपदा में एक व्यक्ति की जान चली गई है, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रदेश सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभावित परिवार को तत्काल ₹25,000 की अंतरिम राहत राशि प्रदान की है। इसके साथ ही, सरकार ने इस प्राकृतिक आपदा में भेड़-बकरियों के हुए नुकसान का आकलन करने के भी निर्देश जारी किए हैं, ताकि पशुधन हानि का भी मुआवजा दिया जा सके। इस दुखद घटना पर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए, सरकार ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है। साथ ही, शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और संबल प्रदान करने की कामना की है।
शिमला: राजधानी शिमला के ढली थाना क्षेत्र के शांत इलाके शनान में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां, 22 वर्षीय युवक विजय ने अपने किराए के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक का शव उस वक्त बरामद हुआ जब सुबह उसकी मां उसे जगाने गईं और अंदर से कोई जवाब न मिलने पर परिजनों ने दरवाजा तोड़ा। विजय, जो अपने परिवार के साथ शनान में रह रहा था, पिछली रात करीब 11 बजे अपने कमरे में सोने गया था। जबकि परिवार के अन्य सदस्य दूसरे कमरे में थे। सुबह जब उसकी मां ने उसे आवाज दी तो कमरे से सन्नाटा पसरा रहा। बंद दरवाजे को तोड़कर अंदर दाखिल होने पर, उन्होंने विजय को छत के हुक से लटके हुए पाया। आनन-फानन में उसे नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक वह अपनी जान गंवा चुका था। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि फांसी का फंदा छत में लगे एक हुक से बनाया गया था। मृतक के गले पर गहरे नीले रंग का निशान जरूर था, लेकिन शरीर पर किसी अन्य तरह की चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं। ढली पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल, विजय के इस खौफनाक कदम के पीछे की वजह रहस्य बनी हुई है। पुलिस हर संभावित कारण की पड़ताल कर रही है और परिजनों से पूछताछ जारी है। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है, जिससे आत्महत्या के कारणों का पता लगाना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है।
शिमला: हिमाचल प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट बदली है। आज दोपहर 1 बजे से राजधानी शिमला समेत कई क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश हुई, जिसके कारण दिन में ही अंधेरा छा गया है। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के पांच जिलों, शिमला, कांगड़ा, मंडी, सिरमौर और कुल्लू में बारिश और आंधी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफान और ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेश में बारिश का यह दौर 4 मई से लेकर 9 मई तक जारी रहने की आशंका है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बीते कल, शिमला के ऊपरी क्षेत्रों में भारी ओलावृष्टि हुई थी, जिसने सेब की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया था। फागू, कुफरी, ठियोग, चियोग, कोटगढ़, कुमारसैन और नारकंडा जैसे इलाकों में सेब के साथ-साथ फूलगोभी और मटर की फसलें भी बर्बाद हो गईं। ओलावृष्टि इतनी तेज थी कि सेब के बागों में लगी एंटी हेल नेट भी टूट गईं और सेब के दानों पर गहरे निशान पड़ गए। इसके अलावा, सोलन में टमाटर और सिरमौर में लहसुन की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। प्रदेश भर में हुई ओलावृष्टि से किसानों को करोड़ों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
शिमला: हिमाचल प्रदेश के प्राथमिक शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। अपनी मांगों को लेकर 26 अप्रैल से शिक्षा निदेशालय के बाहर अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन पर बैठे शिक्षकों ने सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सरकार द्वारा आठ शिक्षकों को निलंबित किए जाने के बावजूद, प्राथमिक शिक्षक संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि वे डरने वाले नहीं हैं और जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और भी बड़ा किया जाएगा। इस निलंबन के खिलाफ शिक्षक उच्च न्यायालय का दरवाजा भी खटखटा चुके हैं। प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष जगदीश शर्मा ने शिमला में प्रेस वार्ता करते हुए सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि 26 अप्रैल को चौड़ा मैदान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे 900 अध्यापकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना और एक दिन का वेतन काटना हिमाचल के इतिहास में पहली बार हुआ है। उन्होंने कहा कि एसएमसी के अध्यापक भी हर रोज धरने में शामिल होने की बात कह रहे हैं, जिससे सरकार को प्राथमिक शिक्षकों की एकता और ताकत का अंदाजा हो जाना चाहिए। जगदीश शर्मा ने आगे कहा कि प्राथमिक शिक्षक संघ ने शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव से कई बार बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन सरकार ने उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण स्कूलों में बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने बातचीत के लिए नहीं बुलाया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जो शिक्षक निलंबित हो रहे हैं, वे शिमला में आंदोलन में शामिल हो रहे हैं और अगर 25 हजार शिक्षकों को भी निलंबित कर दिया जाए तो शिमला में जगह कम पड़ जाएगी। प्राथमिक शिक्षक संघ ने सरकार को 15 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि स्कूलों में ऑनलाइन काम के लिए सिम और डेटा उपलब्ध नहीं करवाया गया तो 15 दिन के बाद ऑनलाइन कार्य पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। जगदीश शर्मा ने सरकार पर जानबूझकर स्कूलों को बंद करने की साजिश रचने का भी आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्राथमिक शिक्षक अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं और उनका आंदोलन जारी रहेगा।
धर्मशाला: हिमाचल प्रदेश के खूबसूरत पर्यटन स्थल धर्मशाला में शनिवार रात एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहाँ मध्य प्रदेश से घूमने आईं दो युवतियों के साथ एक सरकारी बोलेरो गाड़ी के ड्राइवर ने कथित तौर पर अपहरण का प्रयास किया। जानकारी के अनुसार, युवतियों ने ड्राइवर से लिफ्ट मांगी थी, लेकिन जब वे कोतवाली बाजार पहुंचीं और गाड़ी रोकने के लिए कहा, तो ड्राइवर ने उनकी बात अनसुनी कर रफ्तार और तेज कर दी। अपनी जान बचाने के लिए, युवतियों ने चलती गाड़ी से छलांग लगाकर खुद को बचाया, जिसके कारण उन्हें चोटें आई हैं। यह भयावह घटना रात करीब 10 बजे विनोद रसोई के पास घटी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गाड़ी पर "एचपी गवर्नमेंट" लिखा हुआ था। पहले एक युवती ने और फिर कुछ ही क्षणों बाद दूसरी युवती ने चलती बोलेरो से छलांग लगा दी। घायल युवतियों को कोतवाली बाजार व्यापार मंडल के सदस्यों ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया और पुलिस को सूचित किया। प्राथमिक उपचार के बाद युवतियों ने पुलिस को आपबीती सुनाई। उन्होंने आरोप लगाया कि लिफ्ट देने वाले ड्राइवर ने उनके कहने पर भी गाड़ी नहीं रोकी, बल्कि जानबूझकर रफ्तार बढ़ाई, जिससे उन्हें मजबूर होकर चलती गाड़ी से कूदना पड़ा। कांगड़ा के एएसपी बीर बहादुर ने इस गंभीर मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने ड्राइवर पर अपहरण के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। युवतियों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और अब पुलिस उस सरकारी गाड़ी और उसके ड्राइवर की पहचान सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों को खंगाल रही है। व्यापार मंडल ने इस घटना पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए पुलिस प्रशासन से इलाके में रात के समय गश्त बढ़ाने और आरोपी ड्राइवर को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
हमीरपुर पुलिस की नशा तस्करों पर सर्जिकल स्ट्राइक, चंडीगढ़ से पकड़े गए चिट्टा सप्लाई के दो बड़े सरगना
हमीरपुर/खरड़: हमीरपुर पुलिस ने नशे के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज करते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। विशेष सूचना और सुनियोजित कार्रवाई के तहत, पुलिस और एसआईयू की संयुक्त टीम ने चंडीगढ़ के बाहरी इलाके खरड़ में दबिश देकर चिट्टे के दो मुख्य आपूर्तिकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी जिले में नशे के कारोबार की कमर तोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान पंजाब के फिरोजपुर निवासी बलजिंद्र सिंह और रूपनगर के गुरप्रीत सिंह के तौर पर हुई है। पुलिस ने इन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें गहन पूछताछ के लिए पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। जांच में पता चला है कि गुरप्रीत सिंह, बलजिंद्र के साथ मिलकर इस अवैध धंधे को चला रहा था। पुलिस ने इन तक पहुंचने के लिए बैकवर्ड लिंकेज की रणनीति अपनाई, जिसका उन्हें सफलता मिली। दरअसल, बीते महीने हमीरपुर के प्रतापनगर में एक युवक अभिनव को 25.26 ग्राम चिट्टे के साथ पकड़ा गया था। पुलिस रिमांड के दौरान अभिनव ने इन दोनों पंजाब के सप्लायरों के नाम उजागर किए थे, जो उसे चिट्टा मुहैया कराते थे। जांच में यह भी सामने आया कि नशे के इस काले कारोबार में पैसों का लेन-देन भी बेहद चतुराई से किया जाता था। अभिनव खुद और कुछ अन्य लोगों के खातों से इन आरोपियों को पैसे भेजता था, जिसमें एक ट्रैवल एजेंसी का भी इस्तेमाल किया गया था। वहीं, गिरफ्तार किए गए आरोपी भी अपने और अपने रिश्तेदारों के खातों में पैसे मंगवाते थे।पुलिस अधीक्षक भगत सिंह ठाकुर ने इस बड़ी सफलता की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह कार्रवाई हमीरपुर में नशे के खिलाफ लड़ाई में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है।
धर्मपुर उपमंडल की भरौरी पंचायत के करोला छपाणु गांव में रविवार शाम करीब साढ़े पांच बजे आग लगने से दो भाइयों, मनोज कुमार और पंकज कुमार की गौशाला जलकर राख हो गई। प्रकाश चंद के पुत्रों की इस गौशाला में आग लगने से दो कमरे पूरी तरह से जल गए, जिससे लगभग दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है। गौशाला के अंदर बंधी भैंस को ग्रामीणों ने बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला, लेकिन आग की लपटों से उसका कुछ हिस्सा झुलस गया। परिवार वालों को आग लगने का पता तब चला जब गौशाला से धुआं निकलने लगा। सूचना मिलते ही परिवार और गांव के लोग आग बुझाने में जुट गए, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि गौशाला में रखी इमारती लकड़ी और घास पूरी तरह जल गई। पीड़ित परिवार ने घटना की सूचना पटवारी हल्का को दे दी है। भरौरी पंचायत की प्रधान नीता देवी और उपप्रधान कश्मीर सिंह ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। तहसीलदार धर्मपुर रमेश चंद ने बताया कि पटवारी को मौके पर जाकर नुकसान का आकलन कर तुरंत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट मिलते ही प्रभावित परिवार को राहत मैनुअल के अनुसार सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
कुनिहार:- विद्युत उपमंडल कुनिहार के अंतर्गत कल, सोमवार 5 मई को कुनिहार के नए बस स्टैंड के पास पेड़ों की कटाई और मरम्मत कार्य किया जाएगा। इस कारण 250 केवीए पुलिस चौकी 1 व 2 और 250 केवीए राजदरबार ट्रांसफार्मरों से विद्युत आपूर्ति सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक बाधित रहेगी। इंजीनियर मोहिंदर सिंह चौधरी, सहायक अभियंता कुनिहार ने बताया कि इस वजह से कुनिहार बाजार, नया बस स्टैंड, राजदरबार क्षेत्र और आसपास के इलाकों में बिजली आपूर्ति कार्य पूरा होने तक बंद रहेगी। उन्होंने प्रभावित उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।
कुनिहार (सोलन): बी एल सेंट्रल पब्लिक वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार में जिला सोलन के सरकारी और निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों व मुख्याध्यापकों के लिए स्काउट्स एंड गाइड्स ग्रुप लीडर प्रशिक्षण का अंतिम चरण आयोजित किया गया। जिला स्काउट्स एंड गाइड्स प्रभारी ने जानकारी दी कि सोलन जिले के प्रधानाचार्यों के लिए यह प्रशिक्षण तीन चरणों में खंड स्तर पर हुआ। पहले चरण में धर्मपुर में 68, दूसरे चरण में नालागढ़ में 75 और तीसरे चरण में कुनिहार में 61 प्रधानाचार्यों ने भाग लिया। इस अवसर पर, उप शिक्षा निदेशक उच्च जिला सोलन गोपाल सिंह चौहान मुख्य अतिथि और बीपीओ अर्की राज कुमार विशेष अतिथि थे। विद्यालय अध्यक्ष ने सभी का स्वागत किया। मंच का संचालन महेंद्र पाल व कल्पना ने किया। विद्यालय अध्यक्ष ने मुख्य अतिथि और स्काउट्स एंड गाइड्स टीम को स्मृति चिन्ह भेंट किए। जिला स्काउट्स एंड गाइड्स टीम ने भी मुख्य अतिथि, विद्यालय प्रबंधन और अन्य गणमान्य व्यक्तियों को स्कार्फ व स्मृति चिन्ह दिए। प्रशिक्षण के दौरान स्काउट्स एंड गाइड्स टीम के विशेषज्ञों ने प्रधानाचार्यों को प्रशिक्षित किया। समापन पर सभी प्रतिभागियों को स्कार्फ और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। मुख्य अतिथि ने प्रधानाचार्यों को नई सोच के साथ मिलकर कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया और विद्यालय प्रबंधन व स्टाफ की सराहना की। कार्यक्रम में जलपान और भोजन की व्यवस्था भी की गई थी।
लोक निर्माण विभाग हिमाचल प्रदेश के चीफ इंजीनियर नरेंद्र पाल सिंह ने देहरा में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस बैठक में देहरा और ज्वालाजी के अधिशाषी अभियंता डॉक्टर सुरेश बलिया और कोटला बेहड़ डिवीजन के अधिशाषी अभियंता कैलाश पावा व इन तीनों डिविजनों के संबंधित सभी अधिकारियों को लोक निर्माण विभाग में हो रहे विकासात्मक कार्य की चर्चा की गई। वहीं इस मौके पर चीफ इंजीनियर कांगड़ा विकास सूद ने भी समीक्षा बैठक में भाग लिया। वही नरेंद्र पाल सिंह ने अधिकारियों को समय पर कार्य करने के सख्त निर्देश भी दिए। उन्होंने बताया कि इन तीन मंडलों में करोड़ो रूपये का विकासात्मक कार्य की गति किस तरह से तेज किया जा सके इसके लिए विशेष रूप से खाका तैयार किया जा रहा है। आने वाले समय मे करोड़ों रुपये के विकासात्मक कार्यो यहां पर लंबित है उनकी रूप रेखा को तैयार करने हेतु इस बैठक का आयोजन किया गया है।।
हिमाचल प्रदेश में एचआरटीसी की हालत लगातार बदतर होती जा रही है। ढाई साल में नई बसों को लेकर सैकड़ों बार वादे हुए, मगर ज़मीनी स्तर पर आज तक एक भी नई बस नहीं खरीदी गई। अब यह विषय विपक्ष और आम जनता के बीच बहस और चिंता का कारण बन गया है। भाजपा जिला प्रवक्ता एवं परागपुर मण्डल अध्यक्ष विनोद शर्मा ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस सरकार पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और विभागीय अधिकारियों ने कई बार बसों की खरीद को लेकर घोषणाएं कीं, लेकिन सभी दावे केवल अखबारों की सुर्खियां बनकर रह गए। उन्होंने बताया कि एचआरटीसी घाटे के रूट का बहाना बनाकर बसों को बंद कर रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में यात्रा करना मुश्किल हो गया है। देहरा डिपो का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां कुल 89 बसों में से 35 बसें ऐसी हैं जो अपनी तय सीमा 8 लाख किलोमीटर से अधिक चल चुकी हैं। ये बसें आए दिन खराब होती हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है और साथ ही उनकी जान को भी खतरा बना रहता है।प्रदेशभर में एचआरटीसी की 35 से 40 प्रतिशत बसें निर्धारित सीमा से ज्यादा चल चुकी हैं। इन जर्जर बसों की मरम्मत में सरकारी धन की बर्बादी हो रही है, जबकि बेहतर विकल्प नई बसों की खरीद है। विनोद शर्मा ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि अब बसों की खरीद की योजनाओं को केवल कागजों और विज्ञापनों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि जनता की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द नई बसों की खरीद प्रक्रिया को अमल में लाया जाए।
बीते दिनों मलाणा नाले में दो युवकों के बह जाने की सूचना पुलिस चौकी जरी को प्राप्त हुई थी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस एवं रेस्क्यू टीम तत्काल मौके पर पहुंची थी। प्रारंभिक तलाशी के दौरान एक युवक इंद्रजीत (उम्र 19 वर्ष) का शव घटनास्थल से उसी दिन बरामद कर लिया गया था। वहीं, दूसरा युवक रामचंद्र पुत्र अमरचंद, निवासी ग्राम व डाकघर मलाणा, उप-तहसील जरी, जिला कुल्लू, उम्र 21 वर्ष का शव बरामद नहीं हो सका था। वही शनिवार को पुलिस रेस्क्यू टीम जिसमें गोताखोर भी सम्मिलित थे, द्वारा चलाए गए तलाशी अभियान के अंतर्गत रामचंद्र का शव घटनास्थल से लगभग एक किलोमीटर नीचे की ओर नाले से बरामद किया गया है। शव को आवश्यक कानूनी कार्रवाई हेतु पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
उपमण्डल अर्की के ग्राम कोलका में शनिवार से श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ हुआ। इस सात दिवसीय दिव्य आयोजन का प्रारंभ सुबह कलश यात्रा से हुआ, जिसमें गांव की महिलाओं सहित अनेक श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कलश यात्रा के उपरांत पूजा और मूल पाठ की विधिवत शुरुआत हुई। तत्पश्चात कथा स्थल पर सुप्रसिद्ध भागवताचार्य पवन गोपाल शर्मा ने पहले दिन श्रीमद्भागवत कथा के महात्म्य का प्रभावशाली वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भागवत पुराण कलियुग में मोक्ष का सबसे सरल और प्रभावशाली माध्यम है। आचार्य ने बताया कि यह ग्रंथ स्वयं भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य चरित्र, लीलाओं और उपदेशों का अद्भुत संकलन है, जिसकी महिमा असीम है। उन्होंने राजा परीक्षित और शुकदेव जी की कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस ग्रंथ को मात्र सात दिनों में सुनकर राजा परीक्षित को परमगति प्राप्त हुई, वही भागवत आज के युग में भी हर दुःख का नाश करने वाला है। उन्होंने यह भी कहा कि भागवत कथा श्रवण से पूर्वजों को शांति, कुल में उन्नति और मन को संतोष की प्राप्ति होती है। आयोजकों परमानंद वर्मा, बाबूराम वर्मा, डॉक्टर हेतराम वर्मा, प्रेमचंद वर्मा, देवी चंद ,किरपा राम वर्मा और जगदीश वर्मा ने बताया कि यह आयोजन 10 मई तक प्रतिदिन प्रातः पूजन, मूल पाठ, कथा प्रवचन, आरती और प्रसाद के साथ सम्पन्न होगा। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे सपरिवार पधारकर इस पावन अवसर पर पुण्य अर्जित करें और जीवन को धर्ममय बनाएं।
डाडा सीबा गांव में राजा बृजेंद्र सिंह की ज़मीन पर किए गए अवैध निर्माण को सिविल कोर्ट देहरा के आदेश पर शनिवार को गिरा दिया गया। अवैध कब्जाधारी से ज़मीन खाली करवाकर उसे मूल मालिक को सौंपा गया। राजा बृजेंद्र सिंह के पावर ऑफ अटॉर्नी धारक अमित राणा ने बताया कि अन्य अवैध कब्ज़ों पर भी कानूनी कार्रवाई शुरू हो चुकी है। सुप्रीम कोर्ट पहले ही राजा बृजेंद्र सिंह को डाडा सीबा रियासत का इकलौता वारिस घोषित कर चुका है।
शिमला के एक निजी स्कूल में उस समय हड़कंप मच गया जब एक 17 वर्षीय छात्रा स्कूल में शौचालय जाने के बाद वापस नहीं लौटी। यह मामला जिला शिमला के ढली थाना अंतर्गत संजौली चौकी क्षेत्र का है। छात्रा के रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता होने की सूचना मिलने के बाद स्कूल प्रशासन और परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई, जिसके आधार पर पुलिस ने अगवा का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार छात्रा ने क्लास टीचर से अनुमति लेकर शौचालय जाने की बात कही थी, लेकिन जब वह काफी समय तक वापस नहीं लौटी तो स्कूल प्रशासन ने उसकी तलाश शुरू की। जब छात्रा स्कूल परिसर में नहीं मिली तो स्कूल प्रबंधन ने तुरंत इसकी सूचना उसकी माता को दी और साथ ही पुलिस को भी सूचित किया। स्कूल के प्रिंसिपल ने बताया कि छात्रा बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक गायब हो गई है, जोकि चिंता का विषय है। इस पर छात्रा की माता भी तुरंत स्कूल पहुंची और पुलिस के समक्ष अपनी बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर छात्रा की तलाश शुरू कर दी है। इस बाबत ढली थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने छात्रा की तलाश के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। पुलिस के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की जा रही है और जल्द ही छात्रा का पता लगाकर उसके परिजनों को सूचित किया जाएगा। वहीं, छात्रा के अचानक लापता होने से स्कूल में सहपाठियों और शिक्षकों में भी चिंता का माहौल है।
कुल्लू में एक निजी बस का कंडक्टर साइबर ठगी का शिकार होने से बाल-बाल बच गया। ताजा मामले में एक निजी बस के परिचालक को शुक्रवार सुबह करीब एक घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा गया। दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन सेल के नाम से परिचालक को फर्जी एफआईआर की कॉपी और साथ में पुलिस कस्टडी का एक वीडियो भी भेजा गया। करीब एक घंटे तक परेशान रहे परिचालक ने कुल्लू पुलिस की मदद लेने के बाद राहत की सांस ली। घटना शुक्रवार सुबह करीब 8:55 बजे की है। परिचालक महेंद्र निवासी गड़सा को पहले मैसेज आते हैं और बाद में शातिर ने फोन किया। शातिरों ने परिचालक के खिलाफ दिल्ली पुलिस द्वारा केस दर्ज करने की बात कही। शातिरों ने बाकायदा इसकी फर्जी एफआईआर की काॅपी भी भेजी। इसे देखकर परिचालक घबरा गया और शातिरों ने उसे केस को रफा-दफा करने की बात कही। इसके एवज में 8200 रुपये मांगे। इसके लिए व्हाट्एप पर दो अकाउंट नंबर दिए गए। परिचालक ने सर्वर डाउन होने का बहाना बताया तो शातिरों ने क्यूआर कोड भी जारी किया। राशि न डालने पर घबराए परिचालक को फोन कर धमकाने की कोशिश की। कहा कि अभी 8,200 रुपये नहीं दिए तो उनको दो से ढाई लाख रुपये खर्च करने होंगे। जमीन तक बेचनी पड़ सकती है। लगभग एक घंटे तक शातिरों द्वारा परेशान करने पर महेंद्र कुल्लू पुलिस के साइबर सेल के कार्यालय पहुंचा। उन्होंने साइबर सेल के अधिकारियों को अवगत करवाया और बाद में उन नंबरों को ब्लॉक किया गया। इसके बाद परिचालक ने राहत की सांस ली। पुलिस अधीक्षक कुल्लू संजीव चौहान ने कहा कि शातिर लोगों को ठगने के लिए कई तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोग किसी तरह के लिंक को न ओपन करें और न ही किसी को भेजें। उन्होंने कहा कि अगर कोई शातिर उनको कॉल कर परेशान कर रहा है तो वह इसकी सूचना पुलिस काे दें।
छठी एनसीसी स्वतंत्र कंपनी ऊना के कमान अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल रविंदर सिंह के तत्वाधान में शनिवार को राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला परागपुर में नए सत्र हेतु एनसीसी कैडेट्स की भर्ती की गई l जिस तत्वाधान में एनसीसी कंपनी ऊना से हवलदार सोमेश की टीम स्कूल पहुंची। उन्होंने एनसीसी के पात्र बच्चों का शारीरिक प्रशिक्षण किया एवं उनकी लिखित क्षमता की जांच के बाद एनसीसी में 25 बच्चों की भर्ती की गई l जिसमें 6 लड़किया व 19 लड़के भर्ती हुए। यह जानकारी एनसीसी प्रभारी विवेक शर्मा ने दी। इस उपलक्ष्य पर विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य डॉक्टर प्रवीण शर्मा ने एनसीसी कमान अधिकारी का धन्यवाद किया।
धर्मपुर-मंडी: राष्ट्रीय उच्च मार्ग निर्माण में बरती जा रही लापरवाही और अवैध डंपिंग की शिकायतों पर एसडीएम स्वाति डोगरा ने कड़ी कार्रवाई की है। किसान सभा द्वारा उठाए गए इस मुद्दे पर संज्ञान लेते हुए एसडीएम ने गत माह जांच करवाई थी। इसके बाद आज उन्होंने कंपनी और केंद्र सरकार के मोर्थ विभाग, वन, खनिज, राजस्व तथा पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की। दो घंटे तक चली इस बैठक में सभी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में पूर्व जिला पार्षद भूपेंद्र सिंह और किसान सभा के रणताज़ राणा, देश राज पलसरा, नानक चंद, एडवोकेट अनिल कटवाल सहित तीन दर्जन से अधिक सदस्यों ने भाग लिया। जांच कमेटी द्वारा मौके पर जाकर देखे गए हालातों की रिपोर्ट तहसीलदार रमेश भारद्वाज ने पेश की, जिसमें निर्माण कार्य में कई कमियां पाई गईं, जिनकी जानकारी किसान सभा ने एसडीएम को पहले ही दी थी। एसडीएम स्वाति डोगरा ने बीआरएन निर्माण कंपनी को पाड़छु पुल से आगे कुम्हरड़ा तक की गई अवैध कटिंग का मलबा खड्डों, नालों, वन भूमि और निजी भूमि से हटाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि जहां से मलबा नहीं हटाया जा सकता है, वहां का उचित मुआवजा दिया जाए। एसडीएम ने कंपनी को चेतावनी दी कि कटिंग से फैलाए गए मलबे से यदि बरसात में कोई नुकसान होता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी कंपनी की होगी। रियूर ओबीसी और अनुसूचित जाति की बस्ती और अन्य खतरे वाले स्थानों के पास सुरक्षा दीवारें 15 मई तक लगाने के लिए कंपनी को निर्देशित किया गया है। पाड़छु से आगे हुक्कल तक की गई अनियंत्रित ब्लास्टिंग से 16 घरों को हुए नुकसान का मुआवजा भी कंपनी को देने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही, एसडीएम ने क्षेत्र में अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए हैं, जिसके लिए खनन विभाग को कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। वन विभाग को वन भूमि पर की गई अवैध डंपिंग के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए भी कहा गया है। पूर्व जिला पार्षद भूपेंद्र सिंह ने बताया कि वन विभाग ने कंपनी को दस स्थानों पर अवैध डंपिंग के लिए और खनन विभाग ने अवैध खनन के लिए नोटिस जारी किए हैं। इससे किसान सभा द्वारा उठाए गए मुद्दे सही साबित हुए हैं। एसडीएम ने कंपनी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि इन कमियों को नहीं सुधारा गया तो प्रशासन कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाएगा। बैठक में पाड़छु पुल के दोनों तरफ अप्रोच रोड को अगले 15 दिनों में ठीक करने और खड्ड में डाली गई मिट्टी को बरसात से पहले हटाने के भी निर्देश दिए गए। यह भी पाया गया कि कंपनी ने बिना अनुमति के मिट्टी डंप की थी और पाड़छु पुल से आगे मार्च महीने तक अनियंत्रित तरीके से ब्लास्टिंग की गई, जिससे कई गाड़ियों के शीशे भी टूट गए थे। एसडीएम ने पीने के पानी के स्रोतों, रास्तों और खतरे वाले घरों के आसपास 31 मई तक सुरक्षा दीवारें लगाने के भी निर्देश जारी किए हैं। भूपेंद्र सिंह ने एसडीएम स्वाति डोगरा की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने हर काम को पूरा करने के लिए समय सीमा निर्धारित की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कंपनी ने अगले 15 दिनों में इन कमियों को दूर नहीं किया, तो किसान सभा प्रभावितों के साथ मिलकर 20 मई को सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी।
जिला सोलन के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, सोलन में आज 16वीं जिला स्तरीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खेलकूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता सम्पन्न हो गई। जोगिंद्रा सहकारी बैंक समिति सोलन के अध्यक्ष मुकेश शर्मा ने समापन समारोह की अध्यक्षता की। मुकेश शर्मा ने इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेता रहे खिलाड़ियों को बधाई देते हुए आशा जताई कि सभी खिलाड़ी भविष्य में अपनी खेल यात्रा को जारी रखते हुए देश और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम और लगन से किसी भी कार्य को सम्भव बनाया जा सकता है। खेल हमें अनुशासन और परिश्रम का महत्व समझाकर लक्ष्य प्राप्ति की और सतत रूप से आगे बढ़ना सिखाते हैं। उन्होंने सभी उपस्थित छात्रों से आग्रह किया कि स्वस्थ खेल भावना को अपने जीवन में उतारें और कठिन से कठिन प्रतिस्पर्धा में भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें तथा नशे से दूर रहें। मुकेश शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में बेहतर रोजगार व स्वरोजगार प्राप्त करने के लिए युवाओं को मानसिक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ रहना जरूरी है। इस दिशा में खेलों का महत्व सर्वविदित है। उन्होंने कहा कि छात्रों को नियमित आधार पर खेलों में भाग लेना चाहिए और व्यायाम करना चाहिए। उन्होंने आशा जताई कि सभी छात्र खेलों के माध्यम से प्राप्त जानकारी को अपने जीवन में उतारेंगे। उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित भी किया। उन्होंने विजेताओं को बधाई दी और सभी खिलाड़ियों के सुखद भविष्य की कामना की। इस अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। संस्थान के प्रधानाचार्य एवं अध्यक्ष, जिला आई0टी0आई0 खेल कूद प्रतियोगिता सोलन ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा जिला स्तरीय आई0टी0आई0 खेल कूद प्रतियोगिता की विस्तृत जानकारी दी। वही बैडमिंटन प्रतियोगिता में राजकीय आई0टी0आई0 सोलन की टीम विजयी तथा आई0टी0आई0 कृष्णगढ़ (कुठाड़) की टीम उप विजेता रही। वॉलीबाल प्रतियोगिता में ए0सी0एफ0 प्राइवेट आई0टी0आई0 दाड़लाघाट की टीम विजेता तथा राजकीय आई0टी0आई0 सोलन की टीम उप विजेता रही। खो-खो प्रतियोगिता में राजकीय आई0टी0आई0 सोलन की टीम ने जीत हासिल की तथा राजकीय आई0टी0आई0 अर्की की टीम उप विजेता रही। कबड्डी प्रतियोगिता में निजी आई0टी0आई0 जोघों की टीम विजेता तथा राजकीय आई0टी0आई0 सोलन की टीम उप-विजेता रही। बास्केटबाल प्रतियोगिता में राजकीय आई0टी0आई0 सोलन की टीम विजेता तथा राजकीय आई0टी0आई0 अर्की की टीम उप-विजेता रही। मार्चपास्ट में राजकीय आई0टी0आई0 सोलन विजेता तथा राजकीय आई0टी0आई0 अर्की उप-विजेता रही। प्रतियोगिता के ओवर आल चैंपियन की ट्रॉफी राजकीय आई0टी0आई0 सोलन ने हासिल की। इस प्रतियोगिता में चुने गए प्रतिभागी आगामी राज्य स्तरीय आई0टी0आई0 खेल कूद प्रतियोगिता में भाग लेंगे।
शुक्रवार को कुनिहार में बनने वाले सब तहसील भवन के निर्माण कार्य का शुभारंभ विधायक संजय अवस्थी द्वारा भूमि पूजन के साथ किया गया। करीब 1 करोड़ 90 लाख रू की लागत से यह सब तहसील भवन तैयार होगा । इस भवन में नायब कोर्ट सहित मीटिंग हॉल, कैंटीन व अन्य सुविधायें उपलब्ध होगी ।भवन के लिए एडमेस्ट्रेटिव अप्रूवल करीब 1 करोड़ 90 लाख रुपये तक हो सकती है । लोक निर्माण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अभी 1 करोड़ 31लाख 89 हज़ार रु भवन निर्माण के लिए अवार्ड किए गए है। संजय अवस्थी ने कुनिहार क्षेत्र के लोगो को सब तहसील भवन की बधाई देते हुए कहा ,कि लोगो की लंबे समय से सब तहसील भवन की माँग को आज भूमि पूजन व नींव की खुदाई से श्री गणेश किया गया व तय समय सीमा में भवन निर्माण का कार्य पूरा करके लोगो को समर्पित किया जायेगा । इस दौरान कांग्रेस यूनिट कुनिहार के प्रधान राजेन्द्र शर्मा,वरिष्ठ नेता सूर्यकांत जोशी,राकेश ठाकुर ,रूप सिंह ठाकुर ,बलविंदर कौर,अनिल तनवर सहित लोक निर्माण विभाग अर्की अधिशासी अभियंता शशि पाल धीमान,सहायक अभियंता उप मंडल कुनिहार मनसा राम ठाकुर ,कनिष्ठ अभियंता पुनीत शर्मा ,खंड विकास अधिकारी कंवर तन्मय सिंह ,विपिन वर्मा तहसीलदार अर्की,ललित गौतम नायब तहसीलदार कुनिहार आदि मौजूद रहे।
अर्की विधानसभा क्षेत्र के कुनिहार में आज हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड (एच.पी.बी.ओ.सी.डब्ल्यू.) द्वारा आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में विधायक संजय अवस्थी ने श्रमिकों के कल्याण के लिए प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों के जीवन को सरल बनाने और उनकी आर्थिकी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर उन्होंने 1.31 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित उप तहसील भवन का भूमि पूजन भी किया। विधायक संजय अवस्थी ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में चलाई जा रही सुखाश्रय योजना का विशेष रूप से उल्लेख किया, जिसमें बेसहारा बच्चों को सहारा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत बच्चों को न केवल शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता मिल रही है, बल्कि उन्हें घर बनाने के लिए भी मदद दी जा रही है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे इस योजना की जानकारी पात्र बच्चों तक पहुंचाएं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि बोर्ड द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने भविष्य में हर विधानसभा क्षेत्र में ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की आशा जताई। अर्की के विकास को अपनी प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल की स्थापना के लिए मुख्यमंत्री ने मौखिक स्वीकृति दे दी है, जिससे बच्चों को बेहतर शिक्षा और युवाओं को रोजगार मिलेगा। कार्यक्रम में विधायक ने बोर्ड द्वारा पंजीकृत चार परिवारों को इंडक्शन चूल्हे वितरित किए और लोगों की समस्याएं सुनीं। बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने अर्की विधानसभा क्षेत्र के 52 पंजीकृत श्रमिकों के लिए 12.15 लाख रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की। उन्होंने बोर्ड द्वारा संचालित 14 कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी, जिनमें शिक्षा छात्रवृत्ति, विवाह अनुदान, मातृत्व लाभ, स्वास्थ्य और आवास सहायता शामिल हैं। इस अवसर पर विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रधान, पूर्व प्रधान, कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी, ए.आई.टी.यू.सी. यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष, तहसीलदार अर्की और अन्य लोग व्यक्ति उपस्थित थे।
शूलिनी विश्वविद्यालय ने बास्केटबॉल, फुटबॉल और वॉलीबॉल मैचों की एक लीग टूर्नामेंट की मेजबानी की, जो तीन दिनों तक चला। टूर्नामेंट का आयोजन डॉ. नीरज गंडोत्रा, एसोसिएट डीन स्टूडेंट वेलफेयर और विक्रांत चौहान, शारीरिक शिक्षा के सहायक प्रोफेसर के नेतृत्व में टीम के कोचों के सहयोग से किया गया। टूर्नामेंट में कुल 20 टीमों ने भाग लिया, जिनमें बास्केटबॉल में 8, वॉलीबॉल में 6 और फुटबॉल में 6 टीमें शामिल थीं। इस कार्यक्रम में ऊर्जा, कौशल और खेल भावना से भरपूर मैच हुए। छात्रों ने खेल की सच्ची भावना को दर्शाते हुए शानदार अनुशासन और टीम वर्क का प्रदर्शन किया। बास्केटबॉल के फाइनल में टीम रीडेम विजेता बनी, जबकि स्विश स्क्वॉड ने उपविजेता स्थान हासिल किया और युल्ला कांडा स्क्वॉड ने दूसरा उपविजेता स्थान हासिल किया। वॉलीबॉल में टीम फाल्कन्स ने विजेता का खिताब जीता, इसके बाद स्पाइकर्स स्क्वॉड ने उपविजेता का स्थान हासिल किया। अनुष्का थापा को सर्वश्रेष्ठ स्कोरर और सुजल ठाकुर को रेफरी के रूप में उनकी बेहतरीन भूमिका के लिए विशेष सम्मान दिया गया। फुटबॉल फाइनल में टीम ब्लू लॉक ने विजेता ट्रॉफी जीती, जबकि टीम गणपति ने उपविजेता स्थान हासिल किया। फुटबॉल में शीर्ष स्कोरर डैक्स और केन थे, जिनका प्रदर्शन मैचों के दौरान बेहतरीन रहा। डॉ. नीरज गंडोत्रा ने कहा कि यह टूर्नामेंट छात्रों को अपनी एथलेटिक प्रतिभा और खेल के प्रति जुनून दिखाने के लिए एक बेहतरीन मंच प्रदान करता है।
सोलन के क्षेत्रीय अस्पताल में 1 मई को एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया। सोलन के पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने बताया कि मृतक की पहचान शिमला जिले के जुब्बल तहसील के भुलांग गांव निवासी 59 वर्षीय मुन्ना लाल चौहान के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में उनकी मौत का कारण हार्ट अटैक माना जा रहा है, लेकिन पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। एसपी गौरव सिंह के अनुसार, 1 मई को सदर सोलन थाने को क्षेत्रीय अस्पताल से सूचना मिली कि नौणी से लाए गए एक व्यक्ति को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया है। पुलिस टीम तुरंत अस्पताल पहुंची, जहां आपातकालीन कक्ष में मुन्ना लाल चौहान मृत पाए गए। जांच में पता चला कि मुन्ना लाल नौणी वानिकी विश्वविद्यालय में सेक्शन अधिकारी थे। उस दिन यूनिवर्सिटी के कमेटी हॉल में चाय पार्टी का आयोजन था, जहां मुन्ना लाल मौजूद थे। अचानक उन्हें चक्कर आया और वह कुर्सी से गिर पड़े। यूनिवर्सिटी स्टाफ ने उन्हें तुरंत नौणी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद क्षेत्रीय अस्पताल सोलन रेफर किया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतक के शरीर का निरीक्षण किया, जिसमें कोई चोट या खरोंच के निशान नहीं मिले। परिवार और अन्य लोगों ने भी किसी शक की बात नहीं कही। फिर भी, एसपी गौरव सिंह ने बताया कि पुलिस ने पोस्टमॉर्टम करवाकर विसरा को रासायनिक परीक्षण के लिए जूंगा की राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला भेजा है। मामले में धारा 194 बीएनएसएस 2023 के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। पुलिस सभी संभावित कारणों की गहन जांच कर रही है ताकि मौत के सटीक कारण का पता लगाया जा सके।
सोलन में एक भतीजे द्वारा चाचा के मकान को आग लगाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। एसपी गौरव सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि बसाल निवासी अरुण कुमार ने पुलिस थाना सदर सोलन में शिकायत दर्ज करवाई कि वह मूल रूप से बसाल गांव का रहने वाला है और गांव धाला में भी उसकी जमीन है, जहां पर उसने मकान बना रखा है। जमीन की देखभाल के लिए उसने ढोलू नामक नेपाली को रखा है। अरुण ने बताया कि नेपाली ने फोन पर जानकारी दी कि उसके भतीजे विपिन ने मकान को आग लगा दी है। इस पर वह गांव धाला पहुंचा तो देखा कि विपिन मकान के पास मौजूद था और वह आग को और ज्यादा भड़काने का प्रयास कर रहा था। जब अरुण ने विपिन को ऐसा करने से रोका तो विपिन ने उसे जान से मारने की धमकी दी तथा गाली-गालौच भी किया। विपिन द्वारा लगाई गई आग से मकान की धरातल मंजिल के दोनों दरवाजे व खिड़कियां पूरी तरह से जल गए हैं व घर के साथ रखी गेहूं की फसल भी जलकर राख हो गई है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच के बाद आरोपी विपिन (35) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को अदालत में पेश करने की प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है।
अमेरिका के ह्यूस्टन में बसे समाजसेवी सतीश अग्रवाल ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी को 11,000 डॉलर से ज्यादा की आर्थिक सहायता दी है। यह मदद 'सतीश और कमलेश अग्रवाल स्कॉलरशिप' के रूप में बीटेक के होनहार छात्रों को दी जाएगी। संस्थान और दानदाता के बीच एक एमओयू (समझौता ज्ञापन) साइन किया गया है, जिसके तहत यह स्कॉलरशिप शुरू की जाएगी। इसका मकसद ऐसे मेधावी छात्रों को प्रोत्साहन देना है, जो आर्थिक रूप से पिछड़े हैं लेकिन पढ़ाई में आगे हैं। आईआईटी मंडी के डायरेक्टर प्रो. लक्ष्मीधर बेहेरा और डीन प्रो. वरुण दत्त ने इस सहयोग के लिए सतीश और कमलेश अग्रवाल का आभार जताया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से प्रतिभावान छात्रों को आगे बढ़ने का मौका मिलता है और संस्थान का शैक्षणिक माहौल और समृद्ध होता है।
हमीरपुर/मीनाक्षी सोनी: हमीरपुर जिला की बमसन तहसील के टौणीदेवी क्षेत्र की ग्राम पंचायत नाडसी के खंदेहड़ा गांव में बीती रात करीब 11 बजे आसमानी बिजली गिरने से एक मकान में आग लग गई। हादसे में मकान के दो कमरे पूरी तरह जलकर राख हो गए। मिली जानकारी के अनुसार यह मकान कुलदीप सिंह का है। हादसे के वक्त कुलदीप सिंह और उनकी पत्नी घर के अंदर सोए हुए थे। तभी अचानक बिजली गिरने से मकान में भीषण आग लग गई। आग की लपटें देखकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत राहत कार्य शुरू किया। उन्होंने कुलदीप सिंह और उनकी पत्नी को सुरक्षित बाहर निकाला। आग इतनी थी कि मकान में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। हालांकि ग्रामीणों की सूझबूझ और तत्परता से आग को फैलने से रोका गया और आसपास के अन्य घरों को बड़ी क्षति से बचा लिया गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पंचायत प्रधान सुनील कुमार ने प्रशासन को सूचित किया। बमसन तहसील टौणीदेवी के नायब तहसीलदार देसराज कटवाल ने बताया कि स्थानीय पटवारी और कानूनगो को मौके पर भेज दिया गया है। नुकसान का आकलन कर जल्द ही मुआवजा प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
बिलासपुर : जूनियर नेशनल रेसलिंग चैंपियनिशप मसौर गांव के अभिनव ने जीता कांस्य पदक सुनील/बिलासपुर: राजस्थान के कोटा में खेली गई जूनियर नेशनल रेसलिंग चैंपियनिशप में जिला बिलासपुर के मसौर गांव के अभिनव मैहता ने ब्रांज मेडल (कांस्य पदक)जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। अभिनव मैहता ने हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधितत्व करते हुए यह उपलब्धि 65 किलो ग्राम वर्ग भार में हासिल की। बेटे की इस उपलब्धि के लिए गुरूवार को सादे समारोह में पूर्व खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेंद्र गर्ग ने शॉल व टोपी पहनाकर सम्मानित किया तथा उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। बता दे कि राजस्थान के कोटा में जूनियर राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इस प्रतियोगिता में देशभर से सैंकड़ों खिलाडिय़ों ने भाग लिया। जिसमें मसौर गांव के अभिनव मैहता ने 65 किलो ग्राम वर्ग भार में हिमाचल प्रदेश की ओर से खेलते हुए ब्रांज मेडल जीतकर नाम चमकाया। अभिनव के पिता विकास मेहता बिजनेस मैन हैं तथा माता प्रियंका मेहता गृहणी हैं। अभिनव की एक बड़ी बहन है, जोकि इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही है। अभिनव को बचपन से ही कुश्ती का शौक था। जिसके चलते उनके पापा ने ठाकुर रेसलिंग अकादमी चांदपुर में भेज दिया। जहां पर अभिनव कुश्ती की बारीकियां सीख रहा है। सम्मान समारोह में विकास मेहता,कर्म चंद चंदेल, नवीन शर्मा व नतीश रणौत सहित अन्य उपस्थित रहे।
चंबा जिले के भरमौर-पठानकोट हाईवे पर दयालु पुल के समीप गुरुवार रात एक भीषण सड़क हादसा हुआ। एक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी, जिसमें दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों की पहचान महेंद्र कुमार, जो कि त्रिथा के रहने वाले थे, और अशोक कुमार, जो लाहड़ के निवासी थे, के रूप में हुई है। इस दुखद घटना से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। हादसे में घायल हुए दो व्यक्तियों को तत्काल डलहौजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए, डॉक्टरों ने उन्हें आगे के इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज चंबा रेफर कर दिया है। फिलहाल, इस भयानक हादसे के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि दुर्घटना के पीछे की असली वजह सामने आ सके। चंबा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिषेक यादव ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस द्वारा मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
देहरा उपमंडल के अंतर्गत लगड़ू शाखा डाकघर ने एक सराहनीय कार्य करते हुए स्वर्गीय डाकपाल शमशेर सिंह के नॉमिनी को दुर्घटना बीमा के ₹10 लाख की राशि प्रदान की है। लगड़ू शाखा में कार्यरत डाकपाल शमशेर सिंह का दुर्भाग्यपूर्ण निधन 7 नवंबर 2024 को बाइक से खाई में गिरने के कारण हो गया था। उन्होंने मात्र ₹520 के वार्षिक प्रीमियम पर टाटा एआईजी का दुर्घटना बीमा करवाया था। वर्तमान डाकपाल प्रिंकिश मल्होत्रा ने इस बीमा पॉलिसी की जानकारी तत्काल आईपीपीबी शाखा देहरा को दी। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, आईपीपीबी शाखा देहरा ने नॉमिनी चीना ठाकुर को क्लेम फॉर्म उपलब्ध कराए और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करवाईं। इसके बाद क्लेम फॉर्म बीमा कंपनी को भेज दिए गए। परिणामस्वरूप, बीमा कंपनी द्वारा 29 अप्रैल 2025 को क्लेम सेटल कर दिया गया। 1 मई 2025 को लगड़ू शाखा डाकघर के कर्मचारियों ने स्वयं नॉमिनी चीना ठाकुर के घर जाकर उन्हें ₹10 लाख का चेक सौंपा। इस महत्वपूर्ण अवसर पर ग्राम पंचायत प्रधान संजू शर्मा, पंचायत सेक्रेटरी कुलदीप कुमार, लगड़ू शाखा डाकपाल प्रिंकिश मल्होत्रा और ईपीपीबी शाखा देहरा के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
सोलन पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हरियाणा के कैथल निवासी प्रमुख चिट्टा सप्लायर को भिवानी से गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 157 ग्राम चिट्टे के साथ पहले पकड़े गए दो आरोपियों की पूछताछ के बाद की गई। गिरफ्तार तीसरे आरोपी की पहचान सोनू (30 वर्ष), पुत्र स्वर्गीय वेदपाल, निवासी कलायत, कैथल, हरियाणा के रूप में हुई है। सोलन के एसपी गौरव सिंह ने बताया कि इस मामले में पहले दो आरोपी, प्रदीप और मोहित, दोनों कैथल निवासी, 157 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किए गए थे। उनकी पूछताछ और तकनीकी जांच के दौरान चिट्टा खेप के मुख्य सप्लायर सोनू का पता चला। भौतिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सोलन सदर थाना पुलिस ने सोनू की तलाश तेज की और भिवानी में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया। गिरफ्तार सोनू को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया। पुलिस ने उसकी टाटा नेक्सॉन कार भी जब्त की है। जांच में पता चला कि सोनू हरियाणा में चिट्टा तस्करी का एक बड़ा सरगना है, जो दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में नशे की सप्लाई करता था। इसके खिलाफ हरियाणा के कलायत थाने में 24 ग्राम हेरोइन के साथ भी एक मामला दर्ज है। इस गिरफ्तारी ने सोलन पुलिस को नशा तस्करी के नेटवर्क को एक बड़ा झटका दिया है। एसपी ने बताया कि मामले की जांच जारी है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाया जा सके। पुलिस की सक्रियता की स्थानीय लोग भी सराहना कर रहे हैं।
अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर साईं इंटरनेशनल स्कूल ने अपने सहायक कर्मचारियों के योगदान को सराहा और उनका आभार व्यक्त किया। इस मौके पर सभी छात्रों ने तालियों के साथ सहायक कर्मचारियों का स्वागत किया और उनके लिए बनाए गए कार्ड्स और गुलदस्तों के साथ उनका अभिनंदन किया। विद्यालय ने सहायक कर्मचारियों को उपहार दिए और उनके काम को सराहते हुए एक केक काटा। इसके साथ ही उनके कठिन प्रयासों को प्रदर्शित करने के लिए एक पॉवर पॉइंट प्रस्तुति भी दिखाई गई। विद्यालय के अध्यक्ष रमिंदर बावा और प्रधानाचार्या मीरा गुप्ता ने छात्रों को सिखाया कि हमें उन लोगों का सम्मान करना चाहिए जो हमारे लिए मेहनत करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि यह दिन हमें उन कर्मचारियों के योगदान को याद करने और उनका सम्मान करने का अवसर प्रदान करता है, जो पर्दे के पीछे अपनी मेहनत से स्कूल को चला रहे हैं।
सिस इंडिया लिमिटेड शाहतलाई जिला बिलासपुर द्वारा 05 मई से साक्षात्कार की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह जानकारी देते हुए क्षेत्रीय रोजगार अधिकारी अक्षय कुमार ने वीरवार को बताया कि सिस इंडिया लिमिटेड शाहतलाई जिला बिलासपुर द्वारा सिक्यूरिटी गार्ड व सिक्यूरिटी सुपरवाइजर (केवल पुरूष) के 200 पद क्षेत्रीय रोजगार अधिकारी, धर्मशाला को अधिसूचित किए गए हैं। इन पदों हेतु शैक्षणिक योग्यता दसवीं पास, आयु 19 से 40 वर्ष तथा भार 52 किलो ग्राम से 95 किलो ग्राम के बीच रखा गया है। कम्पनी द्वारा रूपये 16500/- से 22000/- प्रति माह वेतन दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभ्यार्थी अपने साथ दो पासपोर्ट साइज़ फोटो, रिहायशी प्रमाण पत्र, मूल प्रमाण पत्र एवं अपना बायोडाटा की काॅपी व अनुभव प्रमाण पत्र (यदि हो) तो 05 मई को उप रोज़गार कार्यालय, नगरोटा बगवां, 06 मई को उप रोज़गार कार्यालय, ज्वालामुखी, 07 मई को उप रोज़गार कार्यालय, काँगड़ा, 08 मई को उप रोज़गार कार्यालय, बड़ोह, 09 मई को उप रोज़गार कार्यालय,फतेहपुर तथा 13 मई को उप रोज़गार कार्यालय, लंबागांव में सुबह 11ः00 बजे पहुंचकर उक्त कम्पनी के समक्ष साक्षात्कार हेतु उपस्थित हो सकते हैं। उन्होंने सभी इच्छुक आवेदकों से अनुरोध करते हुए कहा है कि वह साक्षात्कार में भाग लेने से पहले https://eemis.hp.nic.in पर अपनी ई-मेल आईडी या मोबाइल नम्बर से लोगइन करने के बाद अपने डैशबोर्ड पर दिख रही सिस इंडिया लिमिटेड की रिक्तियों के लिए आवेदन करना होगा। अधिक जानकारी के लिये मो॰ 8558062252 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
शूलिनी विश्वविद्यालय ने अपने समर्पित कर्मचारियों के अमूल्य योगदान का सम्मान करने के लिए बड़े उत्साह और कृतज्ञता के साथ मजदूर दिवस मनाया। कार्यक्रम का आयोजन निदेशक संचालन ब्रिगेडियर एसडी मेहता के नेतृत्व में किया गया। समारोह की शुरुआत डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. नीरज गंडोत्रा के स्वागत भाषण से हुई, जिन्होंने संकाय, कर्मचारियों और मेहमानों सहित सभी उपस्थित लोगों का अभिवादन किया। डॉ. गंडोत्रा ने विश्वविद्यालय की सफलता की कहानी बनाने में कार्यबल की अपरिहार्य भूमिका को स्वीकार किया। शूलिनी विश्वविद्यालय के प्रो चांसलर विशाल आनंद ने मेहनती स्टाफ सदस्यों को उनकी अथक प्रतिबद्धता और अथक सेवा के लिए धन्यवाद दिया। कुलाधिपति प्रोफेसर पी के खोसला ने कर्मचारियों के अटूट समर्पण की सराहना की और विश्वविद्यालय के विकास और उत्कृष्टता को शक्ति देने वाले उनके पर्दे के पीछे के योगदान की प्रशंसा की। उन्होंने एक आदर्श कार्य वातावरण बनाने में एकता, अनुशासन और ईमानदारी के महत्व पर जोर दिया।


















































