बी एल सेंट्रल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार में प्रथम सत्र के लिए नए राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) कैडेट्स की भर्ती प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हुई। विद्यालय अध्यक्ष ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि यह भर्ती कमांडिंग ऑफिसर प्रथम छात्र वाहिनी एनसीसी सोलन के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। उन्होंने बताया कि प्रथम छात्र वाहिनी एनसीसी सोलन से आए पीआई स्टाफ हवलदार अजेज मोहम्मद और विद्यालय के एएनओ अमर देव की देखरेख में भर्ती प्रक्रिया संचालित की गई। इस दौरान हवलदार अजेज मोहम्मद ने सभी उपस्थित छात्रों को व्यवहारिक प्रशिक्षण और ड्रिल का अभ्यास कराया। उनकी दक्षता और मार्गदर्शन के बाद, 12 जूनियर विंग (JW) और 13 जूनियर डिवीजन (JD) एनसीसी कैडेट्स का चयन किया गया। विद्यालय अध्यक्ष ने सभी चयनित एनसीसी कैडेट्स को बधाई दी है। इसके अतिरिक्त, विद्यालय के प्रधानाचार्य पुरुषोत्तम लाल और मुख्याध्यापिका सुषमा ने भी सफल भर्ती प्रक्रिया के लिए चयनित कैडेट्स और एएनओ अमर देव को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। भर्ती प्रक्रिया के सफल समापन के बाद सभी के लिए जलपान की व्यवस्था की गई थी।
वीरवार को शूलिनी विश्वविद्यालय ने परिसर में पूर्वोत्तर सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया, जिसमें विभिन्न राज्यों के छात्रों ने राज्यों की अनूठी संस्कृतियों और परंपराओं की झलकियां पेश कीं। इस समारोह में पूर्वोत्तर भारत के सभी आठ राज्यों के पारंपरिक नृत्य, लोक संगीत और समृद्ध परिधानों का मनोरम प्रदर्शन हुआ, जो विविधता में एकता की भावना को दर्शाता है। असम के जोशीले बिहू प्रदर्शनों से लेकर मिजोरम के सुंदर बांस चेराव नृत्य तक, छात्रों ने पारंपरिक कृत्यों की एक श्रृंखला के माध्यम से अपनी प्रतिभा और अपनी जड़ों के प्रति प्रेम का प्रदर्शन किया। दर्शकों को अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम के सांस्कृतिक परिदृश्यों से भी रूबरू कराया गया, जहां प्रत्येक प्रदर्शन ने अपनी मातृभूमि की अनूठी कहानी बयां की। पूनम नंदा निदेशक स्थिरता ने छात्रों की भारी भागीदारी और उत्साह पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की, उन्होंने कहा "शूलिनी में, हम मानते हैं कि हर संस्कृति हमारी सामूहिक शक्ति और सुंदरता में इजाफा करती है।
मैसर्ज़ शिवालिक बायोमेटल कंट्रोल लिमिटिड चम्बाघाट सोलन में 09 पदों पर भर्ती के लिए कैंपस इंटरव्यू 05 मई को ज़िला रोज़गार अधिकारी कार्यालय सोलन में आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी ज़िला रोज़गार अधिकारी सोलन जगदीश कुमार ने दी। जगदीश कुमार ने कहा कि उक्त पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास, फीटर, वेल्डर, बी.टेक मकैनिकल व आयु 22 से 29 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मैसर्ज़ वर्धमान टेक्सटाइल्स लिमिटिड बद्दी में 200 पदों पर भर्ती के लिए कैंपस इंटरव्यू 05 मई को आयोजित होगा। इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता 08वीं से 12वीं पास व आयु 18 से 30 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। आवेदक की न्यूनतम ऊंचाई 05 फीट, न्यूनतम वजन महिलाओं के लिए 42 किलोग्राम तथा पुरूषों के लिए 50 किलोग्राम होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 209 पदों पर भर्ती की विस्तृत जानकारी के लिए आवेदक विभागीय पोर्टल ई.ई.एम.आई.एस. पर प्राप्त कर सकते हैं। सभी योग्य एवं इच्छुक आवेदक विभागीय पोर्टल ई.ई.एम.आई.एस. पर कैंडिडेट लॉगइन लैब के माध्यम से पंजीकृत करने के उपरांत रेजिस्ट्रेशन प्रोफाइल पर अधिसूचित रिक्तियों के लिए अपनी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आवेदन करने से पूर्व प्रत्येक आवेदक का नाम रोज़गार कार्यालय में पंजीकृत होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि इच्छुक उम्मीदवार अपनी योग्यता सम्बन्धी सभी अनिवार्य प्रमाण पत्रों व दस्तावेज़ों सहित ज़िला रोज़गार कार्यालय सोलन में 05 मई को प्रातः 10.30 बजे पहुंचकर कैंपस इंटरव्यू में भाग ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि आवेदक को कोई भी यात्रा भत्ता देय नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अधिक जानकारी के लिए कार्यालय दूरभाष नम्बर 01792-227242 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड सोलन से प्राप्त जानकारी के अनुसार आवश्यक रखरखाव के चलते 02 मई को विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी वरिष्ठ अधीक्षण अभियंता सोलन राहुल वर्मा ने दी। राहुल वर्मा ने कहा कि 02 मई को प्रातः 09.00 बजे से सांय 06.00 बजे तक कण्डाघाट, डोलग, परोथा, डेडघराट, शन्हेच, टिक्कर, माही, सिरीनगर, हाथो, पलेच, शलूमना, हिमूडा कॉलोनी, वाकनाघाट, छावशा, डुमैहर, कोट, क्वारग, कोठी, बाड़ा, आंजी ब्रहमणा, सैंज, गोग, कैथलीघाट, शालाघाट, क्यारीबंगला, बीशा, बाशा, सूरो, जे.पी. विश्वविद्यालय, चायल, दोची, मिलिट्ररी स्कूल, जीतनगर, आलमपुर, भालबाग, हिन्नर, कुरगल मिहानी, बिणू, डुबलू, नगाली एवं आस-पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने कहा कि खराब मौसम अथवा अन्य कारणों से उपरोक्त निर्धारित तिथि व समय में बदलाव किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।
गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 1 मई को ‘श्रमिक दिवस’ बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत छात्रों द्वारा प्रस्तुत एक विचारशील नाटक से हुई, जिसमें हमारे दैनिक जीवन में सहायकों के महत्व को दर्शाया गया। इस नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि हमें अपने घरेलू सहायकों और अन्य सहायक कर्मचारियों के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करना चाहिए, क्योंकि वे हमारी सहायता के लिए हैं । इसके पश्चात एक विशेष टाइटल सेरेमनी आयोजित की गई, जिसमें विद्यालय के सहायकों को उनके समर्पण और कड़ी मेहनत के लिए सम्मानित किया गया। छात्रों द्वारा विभिन्न मनोरंजक खेलों का आयोजन भी किया गया, जिसमें सभी सहायकों ने बड़े आनंद के साथ भाग लिया। पूरे कार्यक्रम में उल्लास और उत्साह का वातावरण रहा। समारोह का समापन स्कूल प्रबंधन समिति और स्कूल प्रधानाचार्या डॉ. लखविंदर कौर अरोड़ा द्वारा सहायकों को उपहार भेंट कर किया गया।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में बुधवार शाम को एक दुखद घटना सामने आई, जब मलाणा नदी पार करते समय दो युवक पानी के तेज बहाव में बह गए। इस हादसे में 19 वर्षीय इंद्रजीत का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि 21 वर्षीय रामचंद्र अभी भी लापता हैं। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, दोनों युवक कुल्लू के भुंतर से बुधवार शाम को मलाणा गांव लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि वे ब्रिज-4 के पास नदी पर बने एक अस्थाई पुल को पार कर रहे थे, तभी अचानक पानी का बहाव तेज हो गया और दोनों युवक उसमें बह गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस, होमगार्ड, फायर ब्रिगेड, नेगी ब्रदर्ज और स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया। लापता युवक रामचंद्र की तलाश के लिए व्यापक स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने मलाणा डैम का पानी भी रोक दिया है, ताकि यदि युवक पानी के बहाव में आगे बह गया हो तो उसे खोजा जा सके। बचाव कार्य में जुटे छप्पू नेगी ने बताया कि लापता युवक का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है और तलाशी अभियान जारी है। वहीं, पुलिस ने बरामद हुए युवक इंद्रजीत के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है, जिसे बाद में परिजनों को सौंप दिया जाएगा। इंद्रजीत का अंतिम संस्कार मलाणा में किया जाएगा। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
ममता भनोट/ऊना: हरोली उपमंडल के कांगड़ में आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय हरोली उत्सव की भव्य सफलता पर जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष प्रशांत राय ने क्षेत्रवासियों, आयोजकों और स्थानीय प्रशासन को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह उत्सव ना केवल सांस्कृतिक समरसता का प्रतीक बना, बल्कि इससे क्षेत्र को एक नई पहचान भी मिली। प्रशांत राय ने कहा कि लगभग सात वर्षों के बाद हरोली क्षेत्र में इतने बड़े स्तर का सांस्कृतिक उत्सव आयोजित हुआ, जिसे लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह और उत्सुकता थी। उन्होंने बताया कि आयोजन के पहले दिन से लेकर अंतिम सांस्कृतिक संध्या तक हर शाम हजारों की भीड़ उमड़ती रही, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि लोग इस तरह के आयोजन की प्रतीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस आयोजन की सफलता में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री का अहम योगदान रहा, जिन्होंने न सिर्फ उत्सव की रूपरेखा को मूर्त रूप देने में मदद की, बल्कि हर स्तर पर सहयोग कर आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रशांत राय ने उपमुख्यमंत्री को इस सराहनीय कार्य के लिए बधाई दी और कहा कि वे जनता की भावनाओं से जुड़े नेता हैं। युवा कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि हरोली भाजपा से लेकर जिला भाजपा तक कई नेताओं ने इस उत्सव का विरोध किया और इसे राजनैतिक चश्मे से देखा, लेकिन जनता ने भाजपा के इस विरोध को नकारते हुए उत्सव में भारी संख्या में भाग लेकर एकता और भाईचारे की मिसाल पेश की। उन्होंने यह भी कहा कि विरोध करने वाले कई भाजपा नेता स्वयं सोशल मीडिया पर उत्सव की झलकियों को देर रात तक देखते रहे, जिससे यह साफ है कि विरोध केवल दिखावे के लिए था। प्रशांत राय ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की भी कड़ी निंदा की और इस घटना में मारे गए निर्दोष नागरिकों के प्रति गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह समय देश में एकजुटता का है, लेकिन भाजपा इस दुखद घटना पर भी राजनीति करने में लगी है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उत्सव की खास बात का जिक्र करते हुए राय ने बताया कि इस आयोजन में पंजाब के लोकप्रिय गायक और कलाकारों के साथ-साथ हिमाचल के लोक कलाकारों को भी मंच प्रदान किया गया, जिससे लोक संस्कृति को बढ़ावा मिला। अंतिम सांस्कृतिक संध्या पूरी तरह हिमाचली कलाकारों को समर्पित रही, जिसे लोगों ने खूब सराहा। प्रशांत राय ने कहा कि इस तरह के आयोजन ना केवल युवाओं में सांस्कृतिक चेतना जागृत करते हैं, बल्कि पर्यटन, स्थानीय व्यापार और क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को भी मजबूती प्रदान करते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन लगातार होते रहेंगे और हरोली एक सांस्कृतिक हब के रूप में विकसित होगा।
सुनील/बिलासपुर: जिला बिलासपुर के घुमारवीं शहर के दकड़ी चौक पर बुधवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी द्वारा पंजीकरण करवाने के लिए कहने पर कश्मीरी चरानियों ने गुंडागर्दी दिखाई। आरोप है कि एक युवक ने पुलिसकर्मी को कुल्हाड़ी से डराने की कोशिश की और फिर वहां से भागने लगे, लेकिन स्थानीय लोगों ने उन्हें पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। जानकारी के अनुसार, दकड़ी चौक पर तैनात पुलिसकर्मी ने तीन दिन पहले इन कश्मीरी चरानियों को अपना पंजीकरण करवाने के लिए कहा था। हालांकि, वे हर बार इस बात को टालते रहे थे। बुधवार को जब पुलिसकर्मी ने उनसे दोबारा पूछताछ की, तो वे बहस करने पर उतर आए। इसी दौरान, कथित तौर पर एक युवक ने आपा खो दिया और अपनी कुल्हाड़ी उठाकर पुलिसकर्मी को डराने लगा पुलिसकर्मी को कुल्हाड़ी लहराते देख आसपास के लोग तुरंत हरकत में आ गए और उन्होंने इन युवकों को पकड़ने की कोशिश शुरू कर दी। बाजार में मौजूद लोगों की मदद से सभी युवकों को पकड़ लिया गया और फिर उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया। घुमारवीं पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए इन युवकों को हिरासत में ले लिया है। पुलिसकर्मी के बयान के आधार पर युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उनसे कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली गई है। इस घटना की पुष्टि करते हुए डीएसपी घुमारवीं चंद्रपाल सिंह ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
हिमाचल प्रदेश के प्राइमरी टीचर संघ (PTF) ने शिक्षा विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर स्कूलों में ब्रॉडबैंड और शिक्षकों को इंटरनेट चलाने के लिए सिम कार्ड उपलब्ध नहीं कराए गए, तो प्रदेश भर के प्राइमरी टीचर ऑनलाइन से जुड़े सभी काम बंद कर देंगे। PTF के अध्यक्ष जगदीश शर्मा ने इस मुद्दे पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश के ज्यादातर स्कूलों में सरकार द्वारा दिए गए टैब या तो खराब पड़े हैं या फिर उनमें तकनीकी खराबी आ गई है। इसके अलावा, कई स्कूलों में ब्रॉडबैंड की सुविधा तक नहीं है, जिसके चलते शिक्षकों को ऑनलाइन कार्य करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि विभाग तुरंत सभी स्कूलों में ब्रॉडबैंड की व्यवस्था करे और शिक्षकों को अपने निजी इंटरनेट का इस्तेमाल करने से बचाने के लिए सरकारी सिम कार्ड मुहैया कराए। अध्यक्ष शर्मा ने साफ कहा कि यदि विभाग उनकी इन जायज मांगों को 15 दिन के भीतर पूरा नहीं करता है, तो प्रदेश का हर प्राइमरी टीचर ऑनलाइन शिक्षण और अन्य सभी संबंधित कार्यों का बहिष्कार करने के लिए मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग की होगी। संघ ने इस संबंध में विभाग को विधिवत नोटिस भी सौंप दिया है। गौरतलब है कि प्राइमरी टीचर संघ पहले से ही शिक्षा निदेशालय के पुनर्गठन के विरोध में आंदोलन कर रहा है। 26 अप्रैल को शिमला में शिक्षा निदेशालय के बाहर धरना प्रदर्शन करने के बाद सरकार ने 10 शिक्षकों को निलंबित कर दिया था और कई अन्य पर एफआईआर भी दर्ज की गई थी। इस कार्रवाई के बावजूद, शिक्षकों का हौसला कम नहीं हुआ है। अध्यक्ष जगदीश शर्मा ने स्पष्ट किया कि प्राथमिक शिक्षक इस तरह के तानाशाही रवैये के आगे झुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार बातचीत के लिए आगे आती है, तो संघ हमेशा वार्ता के लिए तैयार है। उन्होंने 26 नवंबर के पूर्व के धरने का हवाला देते हुए कहा कि उस दिन किसी भी शिक्षक ने किसी का रास्ता नहीं रोका था, जिसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी मौजूद है। इसके बावजूद, विभाग ने शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों पर एफआईआर दर्ज करवाई, जो कि निंदनीय है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश भर के लगभग 22 हजार प्राइमरी टीचर शिक्षा निदेशालय के पुनर्गठन और कुछ अन्य मांगों को लेकर पिछले एक सप्ताह से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं। 26 अप्रैल को शिक्षा विभाग की चेतावनी को दरकिनार करते हुए शिक्षकों ने शिमला के चौड़ा मैदान में विशाल धरना प्रदर्शन किया था, जिसके बाद विभाग ने दंडात्मक कार्रवाई करते हुए 10 शिक्षकों को निलंबित कर दिया। अब धरने में शामिल अन्य सभी शिक्षकों की सूची भी तैयार की जा रही है और उनका एक दिन का वेतन काटने की तैयारी है। इसके साथ ही, धरने के दौरान सरकार और अधिकारियों की आलोचना करने वाले शिक्षकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है | शिक्षकों का आरोप है कि निदेशालय के पुनर्गठन की प्रक्रिया में उन्हें विश्वास में नहीं लिया गया। उनका कहना है कि पुनर्गठन से पहले शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव के साथ कई बैठकें हुईं, लेकिन किसी भी बैठक की कार्यवाही को सार्वजनिक नहीं किया गया, जिससे शिक्षकों में यह डर पैदा हो गया है कि निदेशालय के पुनर्गठन से उनके अधिकारों का हनन हो सकता है। अब शिक्षक अपनी मांगों के पूरी होने तक हड़ताल खत्म करने के मूड में नहीं दिख रहे हैं।
देवभूमि हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले से एक बेहद शर्मनाक और विचलित करने वाली खबर सामने आई है। यहां एक बारहवीं कक्षा की नाबालिग छात्रा सामूहिक दुष्कर्म का शिकार हुई है। इस घिनौने अपराध में शामिल चार आरोपियों को महिला थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें से एक पीड़िता का सहपाठी है और तीन उसके दोस्त बताए जा रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है। पीड़िता, जो अपने माता-पिता के साथ महिला थाना बिलासपुर पहुंची, ने अपनी दर्दनाक आपबीती सुनाई। उसने बताया कि तीन साल पहले उसकी दोस्ती कक्षा में पढ़ने वाले एक लड़के से हुई थी। आरोप के अनुसार, अक्तूबर 2024 में उस लड़के ने उसे बिलासपुर मिलने के लिए बुलाया। जब वह बिलासपुर पहुंची, तो वह उसे पैदल ही बंदला की पहाड़ी की ओर घुमाने ले गया। रास्ते में एक सुनसान जगह पर उस लड़के और उसके एक दोस्त ने मिलकर उसके साथ दुष्कर्म किया और उसे इस बारे में किसी को भी बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी। पीड़िता के अनुसार, यह सिलसिला यहीं नहीं थमा। बीते 27 मार्च को उस सहपाठी ने उसे दोबारा बिलासपुर बुलाया। डर के कारण वह मना नहीं कर पाई और चली गई। इस बार बिलासपुर में उस सहपाठी के साथ दो अन्य लड़के भी मौजूद थे। पहले वह सहपाठी उसे बंदला की पहाड़ी पर उसी सुनसान जगह पर ले गया, जहां उन्होंने पहले भी इस वारदात को अंजाम दिया था। इसके बाद, वे तीनों लड़के वहां इकट्ठे हो गए और तीनों ने मिलकर उसके साथ दुष्कर्म किया।पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि दुष्कर्म के दौरान उस सहपाठी ने वीडियो भी बनाई और उन्होंने उसे फिर से मुंह बंद रखने की धमकियां दीं। डर और सदमे के कारण वह इतने दिनों तक इस भयानक घटना के बारे में किसी को कुछ नहीं बता पाई। आखिरकार, मंगलवार को उसने हिम्मत जुटाकर अपनी मां को सब कुछ बताया, जिसके बाद तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव चौधरी ने इस गंभीर मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।
सोलन जिले के धर्मपुर निवासी एक व्यक्ति को साइबर अपराधियों ने फर्जी कॉल्स और धमकियों के जरिए 8.5 लाख रुपए की ठगी का शिकार बना लिया। पुलिस ने इस मामले में मध्य प्रदेश के इंदौर से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से दो आरोपी पहले भी आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं। पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह के अनुसार, 15 नवम्बर, 2024 को धर्मपुर पुलिस थाने में एक शिकायत दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि 11 नवम्बर, 2024 को उसे एक अज्ञात कॉल आया, जिसमें कॉलर ने खुद को टैलीकॉम अधिकारी बताया और पीड़ित से कहा कि उसके मोबाइल नंबर से अवैध गतिविधियां जुड़ी हैं और यह नंबर उसके आधार कार्ड से खरीदा गया था। कॉलर ने यह भी दावा किया कि उस नंबर पर एफआईआर दर्ज है और आधार कार्ड का दुरुपयोग हो रहा है। इसके बाद कॉल को मुंबई पुलिस अधिकारी संदीप राव के पास ट्रांसफर किया गया। संदीप राव ने पीड़ित को डराने के लिए वीडियो कॉल पर एक व्यक्ति को पुलिस अधिकारी के रूप में दिखाया और पीड़ित से अपने बैंक खातों की जानकारी देने का दबाव डाला। आरोपियों ने फर्जी एफआईआर, गिरफ्तारी आदेश और आरबीआई के दस्तावेज दिखाकर मनी लॉन्ड्रिंग और अपराधी नरेश गोयल से कथित संबंधों का भय दिखाया। इसके बाद पीड़ित और उनके बेटे ने कुल 8.5 लाख रुपए, जिसमें 50,000 रुपए गूगल पे और 8 लाख रुपए एनईएफटी के माध्यम से अपराधियों के खातों में ट्रांसफर कर दिए। ठगी की जानकारी मिलने पर पीड़ित ने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संदिग्ध बैंक खातों और मोबाइल डेटा का विश्लेषण किया, जिसके बाद तीन आरोपियों महेश पाटीदार (38), रोहित कररे उर्फ रोहण कररे (33), और श्याम कुमार (38) को इंदौर से गिरफ्तार किया। आरोपियों को सोलन कोर्ट में पेश किया गया, जहां उन्हें 4 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। पुलिस पूछताछ में यह भी पता चला कि श्याम कुमार और महेश पाटीदार के खिलाफ पहले भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने कहा कि पुलिस इस रैकेट के अन्य सदस्यों की पहचान के लिए गहन जांच कर रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल या लिंक पर विश्वास करने से पहले सतर्क रहें और ऐसी घटनाओं की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में दें।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 5 मई से प्रस्तावित हिमाचल प्रदेश दौरा अब स्थगित कर दिया गया है। यह निर्णय राज्य में आने वाले खराब मौसम के चलते लिया गया है। प्रदेश सरकार को राष्ट्रपति के दौरे की स्थगन की सूचना मिल गई है, और अब राष्ट्रपति की यात्रा की नई तारीखों के बारे में कोई भी आधिकारिक सूचना जारी नहीं की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने इस बारे में एक पूर्वानुमान जारी करते हुए बताया कि अगले छह दिनों तक हिमाचल प्रदेश में मौसम काफी खराब रहने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में तेज बारिश और ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी हो सकती है। ऐसे में, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है, क्योंकि खराब मौसम से यात्रा और सुरक्षा संबंधित समस्याएं उत्पन्न हो सकती थीं। अब, राष्ट्रपति के दौरे के लिए नया समय तय किया जाएगा, और सरकार इस संबंध में शीघ्र ही नई तारीखों का ऐलान करेगी।
शिमला में 26 अप्रैल को आयोजित प्रदर्शन में भाग लेने वाले प्राथमिक शिक्षकों के खिलाफ एक दिन का वेतन काटने की प्रक्रिया अब शुरू हो गई है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने संबंधित जिलों से शिक्षकों की हाजिरी का रिकॉर्ड मांगा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कौन-कौन शिक्षक बिना छुट्टी लिए प्रदर्शन में शामिल हुए थे। इसके साथ ही, चौड़ा मैदान में हुए प्रदर्शन की वीडियो रिकॉर्डिंग भी खंगाली जा रही है। हालांकि, इन शिक्षकों की वेतन कटौती अप्रैल माह के वेतन से नहीं की जाएगी, बल्कि मई महीने के वेतन से यह कटौती की जाएगी। निदेशालय ने दो सप्ताह के भीतर इन शिक्षकों की सूची तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। शिक्षा सचिव राकेश कंवर द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, जिन शिक्षकों ने सरकार द्वारा रोकने के बावजूद प्रदर्शन में भाग लिया, उनका एक दिन का वेतन काटा जाएगा। इसके लिए, निदेशालय ने संबंधित तारीख के लिए शिक्षकों की हाजिरी का रिकॉर्ड इकट्ठा करने का आदेश दिया है। जिन शिक्षकों ने प्रदर्शन के दिन छुट्टी नहीं ली होगी और स्कूल से गैर हाजिर पाए जाएंगे, उनका वेतन काटा जाएगा। इसके साथ ही, सरकार के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करने वाले शिक्षकों को निलंबित भी किया जाएगा। इस मामले में अब तक आठ शिक्षकों को निलंबित किया जा चुका है और बाकी शिक्षकों के कार्य व्यवहार की भी जांच की जा रही है। वहीं, प्राथमिक शिक्षकों ने अब अपनी जिम्मेदारी संभालते हुए स्कूलों में पढ़ाई का काम फिर से शुरू कर दिया है, साथ ही ऑनलाइन कार्य भी करने लगे हैं। सरकार ने यह स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि यदि कोई शिक्षक ऑनलाइन कार्य में भाग नहीं लेता है, तो उसे अनिवार्य सेवानिवृत्ति का सामना करना पड़ेगा।
धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम में प्रस्तावित आईपीए टी-टवेंटी क्रिकेट मैच से पहले जिला प्रशासन ने बुधवार आपदा की हर स्थिति से निपटने के लिए माॅक एक्सरसाइज करवाई गई। इस अवसर पर एडीएम शिल्पी बेक्टा ने बताया कि पूर्व तैयारी के तौर पर स्टेडियम में भीड़ प्रबंधन तथा मैच के दौरान आपात स्थिति होने पर किस तरह से मैदान को खाली करवाना इत्यादि पर आपदा प्रबंधन प्लान के तहत माॅक एक्सरसाइज की गई है ताकि आपदा आपदा प्रबंधन प्लान के तहत किस किस अधिकारी की क्या डयूटी रहेगी उसके बारे में अभ्यास करवाया गया है। एडीएम शिल्पी बेक्टा ने कहा कि एचपीसीए की ओर से मैच डयूटी पर रहने वाले कर्मियों को भी आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा चुका है तथा मैच के दौरान आपातकालीन सेवाओं में तैनात रहने वाले अधिकारियों तथा कर्मचारियों को भी सतर्क रहने के दिशा निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने संबंधित विभागों को मैच के आयोजन से जुड़ी सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस विभाग को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच के दौरान कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अग्निशमन विभाग के अधिकारियों को स्टेडियम में अग्नि संबंधी आपातकालीन प्रबंधों का निरीक्षण करने तथा आवश्यक अग्निशमन सेवाएं सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए।
बुधवार को कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने विकास खण्ड कण्डाघाट की ग्राम पंचायत देलगी में राजस्व विभाग द्वारा आयोजित जन शिकायत निवारण शिविर की अध्यक्षता की। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य लोगों को घर-द्वार पर मूलभूत सेवाएं प्रदान करना था। उन्होंने कहा कि इससे जहां लोगों के समय व धन की बचत होगी वहीं उन्हें सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति तक सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का जानकारी व लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा लोगों का जीवन सरल बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं क्रियान्वित की गई है। शिविर में ग्राम पंचायत भारती, रणो, शडियाना, कक्ड़हट्टी, देयोठी, चामत भढ़ेच, तोप की बेड़, हरिपुर और जाडली के ग्रामीणों की जन समस्याएं सुनी गई। शिविर में लोगों की सुविधा के लिए आधार अद्यतन संबंधी काउंटर लगाया गया। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लोगों को प्राकृतिक हल्दी के उत्पादन संबंधी जानकारी एवं परामर्श, स्वास्थ्य जांच, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, अपंग पेंशन, संबंधी आवेदन व पंजीकरण कार्य की जानकारी दी गई। शिविर में 23 लोगों के आय प्रमाण पत्र, 11 लोगों के हिमाचली प्रमाण पत्र, 07 लोगों के अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र, 14 इंतकाल, 01 नया आधार कार्ड व 14 आधार कार्ड अपडेट किए गए। उपमण्डलाधिकारी सोलन डॉ. पूनम बंसल ने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार घर-द्वार पर लोगों की समस्याओं के निवारण के लिए ऐसे शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इस अवसर पर ग्राम पंचायत देलगी की प्रधान प्रोमिला शर्मा, ग्राम पंचायत देलगी के उप प्रधान सीता राम, कृषि उपज विपणन समिति सोलन के अध्यक्ष रोशन ठाकुर, बीडीसी सदस्य सुषमा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संजीव ठाकुर, देवेन्द्र शर्मा, एस.डी.पी.ओ. परवाणू मेहर पंवार, उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट गोपाल चंद शर्मा, तहसीलदार सोलन मुल्तान सिंह बनियाल, तहसील कल्याण अधिकारी सुरेंद्र ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारियों उपस्थित थे।
कुनिहार:-गंभरपुल के नजदीक दयोथल में विराजमान देव बृजेश्वर का जन्मोत्सव बुधवार को बड़ी धूमधाम से मनाया गया। मंदिर प्रबंधन कमेटी के प्रधान रमेश कुमार व उपप्रधान रणजीत सिंह वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी आज अक्षय तृतीया के अवसर पर देव बृजेश्वर महादेव का जन्मोत्सव बड़े हर्षोल्लास एवं धूमधाम के साथ मनाया गया।इस अवसर पर कलश स्थापना,गायत्री पाठ, पूजा अर्चना के साथ जन्मोत्सव पूजन हवन व पूर्णाहुति के साथ किया गया। इस मौके पर सूचना एवं जन संपर्क विभाग शिमला के कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। कलाकारों द्वारा एक से एक सुंदर भजनों द्वारा देव गुणगान किया गया । उन्होंने बताया कि दूर दूर से हजारों श्रद्धालु देव जन्मोत्सव में पहुंचे व देव का आशीर्वाद लिया। कमेटी द्वारा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया था जिसमें सभी ने भंडारे का प्रशाद ग्रहण किया। इस अवसर पर रमेश कुमार प्रधान मंदिर प्रबंधन कमेटी,रणजीत सिंह उप प्रधान ,गणेश दत्त शर्मा कोषाध्यक्ष, गणेश दत्त शर्मा सचिव ,मदन ठाकुर, सोमेश शर्मा, जियालाल वर्मा,चतर सिंह ठाकुर,हरदेव,सुनिल कुमार शर्मा,रोशन लाल गौड, राजेंद्र शर्मा सदस्य मौजूद रहे।
जिला व सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजीव बाली ने बताया है कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली व हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण शिमला के निर्देशानुसार हिमाचल प्रदेश के सभी जिला न्यायलयों व अधीनस्थ न्यायलयों में 10 मई, 2025 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। लोक अदालत में बैंक से संबंधित, श्रम विवाद, बिजली व पानी के बिल, वैवाहिक विवाद, चैक बाऊसिंग, पूर्व मुकदमेबाजी व लंबित मामले सुने जाएँगे। यदि कोई व्यक्ति मुकदमे से पहले संबंधित व्यक्ति या विभाग से समझौता करने का इच्छुक है तो वह संबंधित कोर्ट में आवेदन कर सकता है। अधिक जानकारी के लिए कोई भी व्यक्ति - विधिक सेवाएं प्राधिकरण के दूरभाष नंबर 01892-222370, उपमंडलीय विधिक सेवा समिति धर्मशाला 01892-222018, उपमंडलीय विधिक सेवा समिति कांगड़ा 01892-264808, उपमंडलीय विधिक सेवा समिति देहरा 01970-233599, उपमंडलीय विधिक सेवा समिति पालमपुर 01894-231614, उपमंडलीय विधिक सेवा समिति नूरपुर 01893-220770, उपमंडलीय विधिक सेवा समिति बैजनाथ 01894-262477, उपमंडलीय विधिक सेवा समिति ज्वाली 01893-264307 और उपमंडलीय विधिक सेवा समिति इंदौरा के दूरभाष नंबर 01893-241210 पर सम्पर्क कर सकता है। अगर कोई व्यक्ति अपनी समस्या ऑनलाइन भेजना चाहता है तो वह राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण न्यू दिल्ली की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकता है या हेल्पलाईन के टोल फ्री नंबर 15100 पर कॉल कर सकता है। उन्होंने आम जनता से आग्रह किया है कि वह बढ़ चढ़कर आगामी 10 मई की लोक अदालत में हिस्सा लें।
बुधवार को विद्युत उपमंडल मैकलोड़गंज के सहायक अभियन्ता अभिषेक कटोच ने बताया कि 01 मई को 33/11 केवी सबस्टेशन तोतारानी में विद्युत लाइनों के रख रखाव हेतु तोतारानी, बाल्ह, बरनेट, सतोबरी, नड्डी, डल झील, धीयाल, चन्दमारी, टैंगलवुड, फोरसिथगंज, सैरी, भागसू नाग, धर्मकोट आदि क्षेत्रों में प्रातः 9ः30 बजे से शाम 05ः00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने बताया कि मौसम खराब होने पर यह कार्य अगले दिन किया जाएगा।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अर्की की मासिक बैठक व विधायक जनता के द्वार कार्यक्रम इस बार 2 मई को सुबह 11बजे कुनिहार के लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में आयोजित किया जाएगा। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अर्की के अध्यक्ष सतीश कश्यप ने जानकारी देते हुए बताया कि विधायक संजय अवस्थी एवं हिमाचल कामगार बोर्ड के चेयरमैन नरदेव कंवर विशेष रूप से उपस्थित होंगे। सतीश कश्यप ने ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के सभी अग्रणी संगठनों एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आग्रह किया है कि अधिक से अधिक संख्या में इस कार्यक्रम में भाग ले। वहीं कुनिहार पंचायत के प्रधान राकेश ठाकुर ने बताया कि इसी दिन प्रातः साढ़े 10 बजे विधायक संजय अवस्थी द्वारा कुनिहार में बनने वाले सब तहसील भवन का भूमि पूजन किया जाएगा। तथा दोपहर में महाराजा पदम सिंह स्टेडियम के सभागार में हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कामगार बोर्ड सोलन का एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।जिसमें विधायक संजय अवस्थी मुख्य अतिथि तथा नरदेव कंवर चेयरमैन कामगार बोर्ड विशेष अतिथि के तौर पर उपस्थित होंगे। इस कार्यशाला में मुख्यातिथि द्वारा लाभार्थियों को चैक वितरित किए जाएंगे। तथा बोर्ड द्वारा लाभार्थियों को अन्य जानकारियां दी जाएगी।
बुधवार को उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि भूकंप से नुक्सान को कम करने के लिए ईमारतों की रेट्रोफिटिंग जरूरी है तथा इसी दिशा में प्रारंभिक तौर पर विद्यालयों तथा अस्पतालों की इमारतों को आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से रेट्रोफिटिंग का प्रयास आरंभ किया गया है। बुधवार को धौलाधार होटल में हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से सिविल इंजीनियरों के लिए भूकंप रेट्रोफिटिंग और मरम्मत तकनीकों पर दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का शुभारंभ करने के उपरांत उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील है, इसलिए यहां के घरों और इमारतों को भूकंप रेट्रोफिटिंग की आवश्यकता है। यह तकनीक भूकंप से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद करती है। भूकंप रेट्रोफिटिंग से इमारतों में रहने वाले लोगों की जानमाल की सुरक्षा होती है। उन्होने बताया कि कांगड़ा जिला में अभी तक 10 ईमारतों की रेट्रोफिटिंग के लिए राज्य आपदा प्रबन्धन ने पैसे जारी किए हैं। इन 10 ईमारतों में अस्पताल और स्कूल शामिल हैं। उन्होंने बताया कि दूसरे चरण के लिए 30 ईमारतों का चयन किया गया है। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निदेशक डीसी राणा ने कहा कि राज्य सरकार भी आपदा प्रबंधन को लेकर उच्च स्तर पर कार्य रही है इस बावत आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है ताकि हिमाचल में भूकंप जैसी आपदा से होने वाले नुक्सान को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि भारत के सबसे अधिक भूकंप-प्रवण क्षेत्रों में संरचनात्मक सुरक्षा को बढ़ाने की महत्वपूर्ण आवश्यकता को पहचानते हुए, हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एचपीएसडीएमए) पूरे राज्य में सुरक्षित निर्माण प्रथाओं को बढ़ावा देने पर जोर दे रहा है। आपदा जोखिम में कमी के लिए सक्रिय कदम उठाने की आवश्यकता है। इसी के दृष्टिगत एचपीएसडीएमए, वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद - केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान रुड़की के सहयोग से, इमारतों की संरचनाओं के लिए भूकंप रेट्रोफिटिंग और मरम्मत तकनीकों पर एक राज्य स्तरीय क्षमता निर्माण पर कार्यशाला आयोजित कर रहा है ताकि विभिन्न विभागों के इंजीनियर्स रेट्रोफिटिंग और मरम्मत तकनीकों के बारे में जानकारी ले सकें। इस अवसर पर एडीएम शिल्पी बेक्टा ने कार्यशाला में मुख्यातिथि सहित सभी प्रतिभागियों का आभार भी व्यक्त किया। इस अवसर पर केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान से एसके नेगी, डॉ अजय चौरासिया, ई सुगम प्रजापति, ई आशीष कपूर, ई जालाज पराशर सहित राज्य भर से विभिन्न विभागों के ईंजीनियर्स उपस्थित थे।
पांगी/ चंबा: हिमाचल प्रदेश के पांगी विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत शूण के अंतर्गत सधारी गांव में सिंधारी नाले पर बनी पुलिया ग्रामीणों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। प्रतिदिन इस खस्ताहाल पुलिया से गुजरने वाले सैकड़ों लोग अपनी सुरक्षा को लेकर दहशत में हैं। स्थानीय विधायक डॉ. जनक राज ने इस गंभीर मुद्दे पर सरकार को कई आरोप लगाए। उन्होंने इस पुलिया को खतरे का प्रतीक करार देते हुए कहा कि सरकार इस समस्या पर आंखें मूंदे बैठी है। जनक राज ने आरोप लगाया कि पूंजीगत व्यय में भारी कटौती के कारण पिछड़े और दुर्गम भौगोलिक क्षेत्रों का विकास बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने वर्तमान सरकार की नीतियों और वित्तीय प्रबंधन को विफल बताते हुए कहा कि विकास कार्यों के लिए न तो पर्याप्त धन है और न ही सरकार में इच्छाशक्ति दिखाई दे रही है। व्यवस्था परिवर्तन के नारे के साथ सत्ता में आई सरकार पर निशाना साधते हुए विधायक ने कहा कि पांगी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिससे यहां के लोगों का जीवन और मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने मांग उठाई कि सधारी पुलिया की खतरनाक स्थिति को तत्काल संज्ञान में लिया जाए। उन्होंने इस पुलिया के स्थायी समाधान के लिए तुरंत बजट आवंटित करने और ठोस कार्रवाई करने का आग्रह किया है, ताकि ग्रामीणों के जीवन को सुरक्षित किया जा सके।
शिमला में आज सुबह आवारा कुत्तों के एक झुंड ने स्कूल जा रहे तीन मासूम बच्चों पर हमला कर दिया, जिससे दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना सुबह करीब 7 से 8 बजे के बीच ढली टनल के पास हुई, जब बच्चे अपने स्कूल की ओर जा रहे थे। जानकारी के अनुसार, अचानक लावारिस कुत्तों के झुंड ने बच्चों पर हमला कर दिया, जिससे उनके पैरों पर गहरे घाव आए हैं। हमले में लहूलुहान हुए तीनों बच्चों को तुरंत उपचार के लिए आईजीएमसी अस्पताल ले जाया गया। इस घटना से आक्रोशित एक स्कूली छात्र के पिता, कर्मचंद भाटिया, नगर निगम मेयर कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने अपना गुस्सा व्यक्त करते हुए कहा कि शहर में आवारा कुत्तों के हमले की घटनाएं आम हो गई हैं। उन्होंने कहा कि आज मेरे बेटे और अन्य बच्चों को कुत्तों ने काटा है, लेकिन नगर निगम इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि कब तक यह सिलसिला चलता रहेगा? उन्होंने नगर निगम से इस समस्या पर तत्काल ध्यान देने की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए मेयर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि इस घटना को आज नगर निगम हाउस की बैठक में उठाया जाएगा और इस समस्या के समाधान के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।
सोलन, 30 अप्रैल: बुधवार को काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (CISCE), नई दिल्ली ने 10वीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम घोषित किया जिसमें सोलन के दयानंद आदर्श विद्यालय के बच्चों ने शानदार प्रदर्शन कर अपनी मेहनत का लोहा मनवाया। विद्यालय की प्रिंसिपल ऊषा मित्तल ने बताया कि इस वर्ष 10वीं कक्षा (ICSE) का परिणाम शत-प्रतिशत (100%) रहा है, जो विद्यालय के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। वहीं, 12वीं कक्षा (ISC) में भी छात्रों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 98% सफलता दर दर्ज की है। उन्होंने 10वीं कक्षा के मेधावी छात्रों की जानकारी देते हुए बताया कि कनन भंडारी ने 91.33% अंकों के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया है। रिद्धिमा ने 89.16% अंक अर्जित कर द्वितीय स्थान हासिल किया, जबकि दिव्यांश ठाकुर 87.83% अंकों के साथ तृतीय स्थान पर रहे। वहीं 12वीं ( ISC) कक्षा में भी छात्रों ने कड़ी प्रतिस्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। अनमोल और देवांशू नेगी ने संयुक्त रूप से 90.8% अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। तनीषा चौहान 89.2% अंकों के साथ द्वितीय स्थान पर रहीं, और मयंक शर्मा ने 87.6% अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान अपने नाम किया। इस शानदार सफलता पर स्कूल की प्रधानाचार्या ऊषा मित्तल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उत्कृष्ट परिणाम छात्रों की अथक मेहनत और शिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन का ही नतीजा है। उन्होंने छात्रों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि विद्यालय हमेशा उनके साथ है।
हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध चूड़धार चोटी से दो पर्यटक लापता हो गए हैं। यह चोटी शिमला और सिरमौर जिलों की सीमा पर स्थित है और हर साल यहां हजारों श्रद्धालु व ट्रैकिंग प्रेमी पहुंचते हैं। बीती रात को चूड़धार चोटी से दो पर्यटक रास्ता भटक गए, जिसके बाद पुलिस और स्थानीय लोगों की टीम ने उनका पता लगाने के लिए रैस्क्यू अभियान शुरू कर दिया है। जानकारी के अनुसार, चंडीगढ़ निवासी धीरज नामक व्यक्ति ने हैल्पलाइन नंबर 112 पर कॉल करके पुलिस थाना चौपाल को सूचित किया। उसने बताया कि वह अपने 5-6 दोस्तों के साथ सिरमौर जिले के नौहराधार मार्ग से चूड़धार मंदिर आया था, जहां उसके दो साथी शुभम और प्रभजोत समूह से बिछड़ गए। इसके बाद उनके मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ हो गए, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि वे रास्ता भटक गए हैं या किसी संकट में हैं। सूचना मिलते ही चौपाल थाना की टीम तुरंत चूड़धार के लिए रवाना हो गई। इसके साथ ही मंदिर परिसर में रह रहे स्थानीय व्यक्ति विक्की शर्मा से भी अनुरोध किया गया है कि वह धीरज के साथ मिलकर लापता पर्यटकों की तलाश में मदद करें। पुलिस चौकी नौहराधार को भी इस घटना की जानकारी दे दी गई है, ताकि दोनों जिलों की सीमा पर समन्वय बनाकर तलाश अभियान को और तेज किया जा सके।
धर्मपुर (मंडी): हिमाचल प्रदेश के धर्मपुर में पिछले साल नवंबर में एक व्यक्ति से हुई लाखों रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। धर्मपुर पुलिस ने इस मामले में मध्य प्रदेश के इंदौर से तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान महेश पाटीदार (38 वर्ष), रोहित कररे उर्फ रोहण कररे (33 वर्ष) और श्याम कुमार (38 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, धर्मपुर निवासी शिकायतकर्ता को 11 नवंबर, 2024 को टेलीकॉम ऑफिस से एक व्यक्ति का फोन आया था, जिसने उनके मोबाइल नंबर पर गलत गतिविधियों का हवाला देकर उसे बंद करने की बात कही। इसके बाद जालसाजों ने उन्हें मुंबई पुलिस का अधिकारी बनकर डराया और उनके आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल होने तथा मनी लॉन्ड्रिंग में उनके नाम आने की झूठी कहानी रची। पीड़ित को वीडियो कॉल पर एक फर्जी पुलिस अधिकारी दिखाया गया और उन्हें एक कमरे में अकेले बैठकर कमरा दिखाने के लिए कहा गया। जालसाजों ने उन्हें गिरफ्तारी वारंट और आरबीआई के फर्जी दस्तावेज भी दिखाए, जिससे वे बुरी तरह डर गए। इसके बाद आरोपियों ने अलग-अलग बहानों से पीड़ित से कुल 8 लाख 50 हजार रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए और फिर उनसे संपर्क तोड़ दिया। शिकायत के बाद धर्मपुर पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की। साइबर साक्ष्यों और बैंक खातों के विवरण का विश्लेषण करने के बाद पुलिस टीम ने 25 अप्रैल, 2025 को इंदौर में दबिश देकर तीनों आरोपियों को धर दबोचा। आरोपियों को इंदौर न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड पर धर्मपुर लाया गया, जहां उन्हें अदालत में पेश कर चार दिन का पुलिस रिमांड पर गया है। पुलिस उनसे गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में से दो, श्याम कुमार पाटीदार और महेश पाटीदार, के खिलाफ पहले भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। श्याम कुमार पर मध्य प्रदेश के शाजापुर में धोखाधड़ी का मामला दर्ज है, जबकि महेश पाटीदार पर खरगोन में मारपीट का मामला दर्ज है। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है और उम्मीद है कि पूछताछ में और भी खुलासे हो सकते हैं। इस सफलता से साइबर ठगी के मामलों पर अंकुश लगाने में पुलिस को महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।
सोमवार को चम्बा-लंगेरा मार्ग पर शिरवास के पास एक पिकअप जीप सड़क पर पलट गई। इस हादसे में 20 से अधिक लोग घायल हो गए। जानकारी के अनुसार मंगलवार को 35 लोग पिकअप जीप (एचपी 73ए-3864) में सवार होकर शादी समारोह के लिए किहार से लंगेरा की ओर छक के लेकर जा रहे थे। जब पिकअप जीप शिरवास के पास पहुंची तो चालक ने गाड़ी से नियंत्रण खो दिया, जिसके चलते गाड़ी सड़क पर पलट गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके प पहुंची तथा लोगों के सहयोग से घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए नागरिक अस्पताल किहार पहुंचाया। यहां चिकित्सकों ने गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल चम्बा रैफर कर दिया, जबकि हल्की चोटों से ग्रस्त मरीजों को प्राथमिक उपचार देने उपरांत छुट्टी दे दी। घायलों को फौरी राहत राशि न देने पर जताया रोष वहीं पुलिस टीम ने मौके पर दुर्घटना संबंधित साक्ष्य जुटने के उपरांत गाड़ी चालक के खिलाफ लापरवाही और तेज राफ्तरी में वाहन चलाने पर भारतीय दंड सहित की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पूर्व अध्यक्ष डीएस पठानिया ने भी दुर्घटनास्थल और अस्पताल में पहुंचे और घायलों का कुशलक्षेम जाना। वहीं दुर्घटना में घायलों को प्रशासन की ओर से फौरी राहत राशि न देने पर लोगों ने प्रशासन के प्रति रोष व्यक्त किया है। वहीं नायब तहसीलदार संजय कुमार ने बताया प्रशासन ने घायलों की सूची तैयार कर ली है और घायलों को अस्पताल में जाकर फौरी राहत राशि कल वितरित की जाएगी। उधर, एसपी चम्बा अभिषेक यादव ने बताया कि पुलिस थाना किहार में चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे में ये हुए घायल जीप हादसे में अमरो पुत्र पृथ्वीराज निवासी गांव कशीरी पंचायत किहार, रिया देवी पुत्री सुरिंदर कुमार निवासी गांव घुडेई, मुकेश पुत्र शिव राम निवासी गांव कशीरी, उत्तम पुत्र अमरु निवासी गांव जंदराई, ओम प्रकाश पुत्र अमर सिंह निवासी गांव गरेली पंचायत स्नूह, अशोक कुमार पुत्र प्रह्लाद निवासी गांव जंदराई, मनोज कुमार पुत्र नरेश कुमार निवासी गांव गगल पंचायत स्नूह, तिलक राज पुत्र अमरु निवासी गांव जंदराई, मान सिंह पुत्र पंछी राम निवासी गांव चोईनंडी, हंसराज पुत्र वजीरु निवासी गांव भसुआ, रीता पत्नी जोगिंद्र कुमार निवासी गांव गगल, निशा कुमारी पत्नी नरेश कुमार निवासी गांव गगल, जय सिंह पुत्र बेसु राम निवासी गांव गगल, पूजा देवी पत्नी देस राज निवासी गांव कशीरी, गीता पत्नी बेसु राम निवासी गांव गगल, बबीता पत्नी राज कुमार निवासी गांव गगल, कांता निवासी गांव गगल, भारती पत्नी रविन्द्र कुमार निवासी गांव गगल, बॉबी पुत्री किशन लाल निवासी गांव भसुआ, हंसराज पुत्र पुन्नू राम निवासी गांव उछानू पंचायत डांड, सन्नी पुत्र जय राम निवासी गांव गंहेत्रा, विजय कुमार पुत्र माधो राम निवासी गांव गरेली, दरुण शर्मा पुत्र तिलक राज निवासी गांव चाउइंडी और जय सिंह घायल हुए हैं।
हरियाणा के यमुनानगर जिले में मंगलवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने तीन परिवारों को उजाड़ दिया। सढौरा-काला मार्ग पर गांव असगरपुर के समीप शिलाई (हिमाचल प्रदेश) नंबर की ऑल्टो कार को एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने जबरदस्त टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के एक तरफ के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर के बाद कार में बैठे चारों युवक सड़क पर इधर-उधर गिर पड़े। हादसे की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया और मृतकों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे। कार हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र की थी। सभी युवक वहीं के रहने वाले बताए जा रहे हैं। घायल युवक को नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। फिलहाल पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि आरोपी का पता लगाया जा सके।
जिला ऊना मुख्यालय के सरकारी गवर्नमेंट कॉलेज के नजदीक एक मिनी टेंपो द्वारा खड़ी कार को अचानक टक्कर लगने से कार सड़क से नीचे जा गिरी। वहीं अनबैलेंस होने के कारण टेंपो भी सड़क पर पलट गया। इस दौरान वहां पर खड़ी एक स्कूटी भी इसकी चपेट में आ गई । इस हादसे में तीन लोगों को चोट आई है, जिन्हें इलाज के लिए सरकारी अस्पताल लाया गया है। कार सड़क के किनारे खड़ी थी और उसमें कोई भी व्यक्ति सवार नहीं था। वहीं जानकारी के अनुसार ऊना की तरफ से आ रहे हैं टेंपो जब टर्न होने लगा तो अचानक सड़क के किनारे खड़ी कार को हिट कर गया, जिस कारण कार सड़क से कई फीट नीचे जा गिरी और अनबैलेंस होने के कारण टेंपो भी सड़क पर पलट गया स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों द्वारा तुरंत मौके पर इकट्ठे होकर टेंपो क़ो खड़ा किया गया और उसमें से लोगों को निकाला गया। यह टेंपो ऊना के ही एक कारोबारी का बताया जा रहा है फिलहाल एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई है।
सराज के कांडा में वन विभाग की टीम ने नाके के दौरान देवदार लकड़ी के 50 अवैध स्लीपार बरामद किए है। वहीं टिप्पर चालक समेत एक अन्य सवार मौके से फरार बताए जा रहे हैं। वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए लकड़ी और टिप्पर को जब्त कर लिया है तथा पुलिस थाना जंजैहली ने वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार वन विभाग की टीम कांडा के समीप नाके पर तैनात थी। इस दाैरान एक टिप्पर (एचपी 11सी-2239) बगस्याड़ से कांडा की ओर आ रहा था। नाके पर तैनात टीम ने टिप्पर को जांच के लिए रोका। जांच के दौरान टिप्पर में देवदार की लकड़ी के 50 स्लीपर लदे पाए गए, जिन्हें अवैध रूप से ले जाया जा रहा था। मौके की नजाकत को भांपते हुए टिप्पर में सवार चालक सहित 2 लोग मौके से फरार हो गए। पकड़ी गई लकड़ी में किसी प्रकार का कोई हैमर नहीं लगा था। पैमाइश करने पर टिप्पर से 3.3936 घन मीटर लकड़ी बरामद की गई, जिसका बाजार में मूल्य 3,38,708 रुपए बनता है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और फरार चालक और अन्य दूसरे व्यक्ति की तलाश की जा रही है। वही डीएफओ नाचन सुरेंद्र कश्यप ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि जंगलों से लकड़ी की तस्करी पर रोक लगाने के लिए विभाग ने विशेष अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत वन विभाग की टीम लगातार नाके और छापेमारी कर रही है। अवैध लकड़ी के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में आगे की जांच और कार्रवाई जारी है।
मंगलवार को ओक ओवर, शिमला में मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त ‘वन मित्रों’ के लिए प्रशिक्षण मैनुअल जारी किया। इस मैनुअल का उपयोग वन मित्रों को वन अग्नि प्रबंधन, विभागीय कार्यप्रणाली, नर्सरी प्रबंधन, विभिन्न वृक्षारोपण कार्यक्रमों और समग्र वन प्रबंधन के बारे में प्रशिक्षित करने के लिए किया जाएगा। वन मित्र इस वर्ष 1 मई से 5 मई तक अपने-अपने रेंज में प्रशिक्षण लेंगे। सभी वन मण्डल अधिकारियों (डीएफओ) को प्रशिक्षण के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो इसकी निगरानी करेंगे। मुख्यमंत्री ने मैनुअल को प्रशिक्षण केंद्रों और प्रशिक्षकों को शीघ्र वितरित करने के निर्देश देते हुए दक्ष प्रशिक्षण प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि वन मित्र विभाग की कार्यप्रणाली से अच्छी तरह जानकर अपने कर्तव्यों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें। उन्होंने प्रशिक्षण मैनुअल को विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे 15 मई के बाद नवनियुक्त वन मित्रों से संवाद करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वन विभाग को सशक्त करने के लिए कर्मचारियों की भर्ती और आधुनिक तकनीक उपलब्ध करवाने पर विशेष बल दे रही है। उन्होंने कहा कि आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए वन विभाग को आग की घटनाओं के बारे में सतर्क रहना चाहिए और वनों के संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए। वन मित्र भर्ती कार्यक्रम के तहत अब तक पूरे प्रदेश में 1,896 वन मित्र अपने-अपने स्थानों पर कार्यभार ग्रहण कर चुके हैं। इस अवसर पर विधायक संजय अवस्थी, प्रधान मुख्य अरण्यपाल (वन बल प्रमुख) समीर रस्तोगी सहित विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
मंगलवार को मंडी जिला के अंतर्गत जाहू-मंडी रोड पर भोलूघाट के समीप एक निजी बस (HP 40C-9937) अनियंत्रित होकर बीच सड़क पर पलट गई। हादसे में बस में सवार 15 यात्रियों को चोटें आई है। इनमें से 5 घायलों को नागरिक अस्पताल बल्द्वाड़ा ले जाया गया है, जबकि अन्य घायलों को मौके पर ही 108 एंबुलेंस के माध्यम से प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया। स्थानीय लोगों की मदद से यात्रियों को निकाला बाहर स्थानीय लोगों ने बताया कि कुल्लू से कांगड़ा की ओर जा रही यह बस भोलूघाट मोड़ के पास अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। बस के पलटते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस थाना हटली से थाना प्रभारी बृजलाल शर्मा अपनी टीम सहित मौके पर पहुंचे और राहत व बचाव कार्य शुरू करवाया। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला और घायलों को इलाज के लिए तुरंत एंबुलैंस के जरिए अस्पताल भेजा। फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों का पता लगाने में जुट गई। वहीं मार्ग को बहाल करने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है, ताकि यातायात प्रभावित न हो।
सोलन शहर में पक रही मुरादाबादी और हैदराबादी चिकन बिरयानी खानेलायक नहीं है। दरअसल बीते माह राजगढ़ रोड पर नाली में मिली हड्डियों के बाद नगर निगम के खाद्य सुरक्षा विभाग ने बिरयानी के सैंपल भरे थे। सैम्पल लेने के बाद इसे जांच के लिए सीटीएल कंडाघाट भेजा था। प्रयोगशाला से दो सैंपल की रिपोर्ट हाल ही में आई है। इसमें दोनों सैंपल फेल हो गए है। रिपोर्ट आने के बाद विभाग को पता चला कि बिरयानी में रंग का इस्तेमाल किया गया था। वही सैंपल फेल होने के बाद विभाग ने आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। संबंधित ढाबा संचालक को 30 दिन का नोटिस जारी किया गया है। ढाबा संचालक से जवाब मांगा गया है और लाइसेंस प्रस्तुत करने के लिए कहा है। बता दे खाद्य पदार्थ सैंपल असुरक्षित निकलने पर एक्ट में सजा के साथ जुर्माना का भी प्रावधान है। वही सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा विभाग नगर निगम सोलन डॉ. अतुल ने बताया कि हाल ही में शहर में चल रहे ढाबा के दो सैम्पल लिए गए थे। इसमें हैदराबादी बिरयानी चिकन मसाला और मुरादाबादी चिकन बिरयानी के सैम्पल असुरक्षित आए हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित ढाबा संचालक को नोटिस जारी कर दिया है और कार्रवाई की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश के तीन जिलों में आज और कल लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने मंगलवार और बुधवार के लिए मंडी, कुल्लू और ऊना जिला में येलो अलर्ट जारी किया है, जिससे लोगों को गर्मी से सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रदेश में 1 मई से 4 मई तक मौसम में बदलाव की संभावना जताई गई है। इस दौरान, 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है। इसके साथ ही ऊंचे क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हिमपात और वर्षा का अनुमान है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से वर्षा और हिमपात की स्थिति बन रही है। हालांकि, पहले दो दिनों के दौरान प्रदेश में तेज गर्मी और लू के तेवर भी देखने को मिल सकते हैं। मौसम में बदलाव के बाद अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट आई है। धौलाकुआं में अधिकतम तापमान में 2.7 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई, जबकि शिमला, मनाली और अन्य स्थानों पर 2 डिग्री तक तापमान में कमी आई। दूसरी ओर, कल्पा में तापमान में 2.3 डिग्री की वृद्धि हुई है। न्यूनतम तापमान में भी 1 से 2 डिग्री की गिरावट देखी गई है। वही मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे लू से बचने के लिए उचित एहतियात बरतें और गर्मी के दौरान बाहर जाने से बचें। साथ ही, हिमपात और बारिश के लिए ऊंचे इलाकों में यात्रा करते समय सावधानी बरतें।
हिमाचल प्रदेश में अब सभी टैक्सी चालकों, एचआरटीसी और निजी सार्वजनिक परिवहन वाहनों में 'कार बिन' यानी कूड़ेदान लगाना अनिवार्य हो गया है, और यदि किसी भी वाहन में कूड़ेदान नहीं मिलता है तो 10 हजार तक का जुर्माना लग सकता है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने 29 अप्रैल से सभी टैक्सी चालकों, एचआरटीसी और निजी सार्वजनिक परिवहन वाहनों में 'कार बिन' यानी कूड़ेदान लगाना अनिवार्य कर दिया है। इससे वाहन में उत्पन्न कचरे को एकत्रित कर निर्धारित स्थानों पर फेंका जा सके। आरटीओ और एमवीआई अब केवल उन्हीं वाहनों को पास करेंगे या पंजीकरण देंगे, जिनमें कार बिन लगाए गए हों। वाहन में कार बिन न लगाने पर 10 हजार और जैव कचरा इधर-उधर फेंकने पर 1500 रुपये जुर्माना लगेगा और यह प्रावधान पूरे राज्य में लागू होंगे।
शिमला के चौड़ा मैदान में 26 अप्रैल को मनाही के बावजूद सरकार के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने वाले शिक्षकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों से प्राथमिक शिक्षकों की 26 अप्रैल की हाजिरी का रिकॉर्ड तलाश है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सोमवार को सभी जिला उपनिदेशकों को पत्र जारी कर दो दिन के भीतर ऐसे प्राथमिक शिक्षकों के नामों की सूची देने को कहा है, जो 26 अप्रैल को अवकाश लिए बिना स्कूलों से गैरहाजिर रहे। ऐसे शिक्षकों का रिकॉर्ड एकत्र होने के बाद इन्हें पहले कारण बताओ नोटिस दिए जाएंगे। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर इन शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इनका एक दिन का वेतन भी काटा जाएगा। निदेशालय के अधिकारियों ने बताया कि सरकार इस मामले को लेकर गंभीर है। सरकार के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करने वाले शिक्षकों की पहचान के लिए सोशल मीडिया के वीडियो खंगाले जा रहे हैं। इस आरोप में चार शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है और अन्य की पहचान की जा रही है। वही शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि शिक्षा निदेशालय के पुनर्गठन का फैसला वापस नहीं लिया जाएगा। देश के अधिकांश राज्यों में शिक्षा निदेशालयों का ढांचा जिस प्रकार का है, वैसा ही स्वरूप हिमाचल में भी तैयार किया गया है। वर्ष 1984 से पहले शिक्षा निदेशालय इस प्रकार से ही कार्य करते थे। प्राथमिक शिक्षक संघ को सरकार के किसी फैसले से आपत्ति है तो उसे वार्ता के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए था। सार्वजनिक तौर पर सरकार की नीतियों पर अपमानजनक टिप्पणियां करना शोभा नहीं देता। प्राथमिक शिक्षकों के मुद्दे को सुलझाने के लिए सरकार के दरवाजे हमेशा खुले हैं।
विकास खण्ड कुनिहार की ग्राम पंचायत कोठी के गांव बनिया देवी में हर वर्ष पंचायत स्तर पर मनाए जाने वाले कुश्ती मेले को लेकर मेला कमेटी बनिया देवी की एक अहम बैठक कमेटी प्रधान लेखराम चौधरी की अध्यक्षता में मंदिर परिसर में आयोजित की गई। जिसमें 21 मई को होने वाले कुश्ती मेले की रूपरेखा तैयार की गई। कमेटी सचिव लायकराम भारद्वाज ने जानकारी देते हुए बताया कि मेला कमेटी के सभी पदाधिकारियों व सदस्यों ने मेले के आयोजन बारे चर्चा कर अपने सुझाव साझा किए तथा इस कुश्ती मेले का आयोजन बेहतरीन ढंग से हो इसके लिए सभी को अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई। इस बैठक में लेखराम चौधरी,विनोद कुमार ,अशोक कुमार, गोविन्द ठाकुर,लायक राम चौधरी, दीपक चौधरी, लायक राम भारद्वाज, सीताराम,राजेश,श्याम सिंह,रघुवीर सिंह,दीपराम,बलबीर चौधरी,राम सिंह,कांशीराम,रामलाल,अशोक कुमार,तारा चन्द ने भाग लिया।
कुनिहार (सोलन): विकास खंड कुनिहार की हाटकोट पंचायत में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य भूमि का सुपोषण और संरक्षण करना था। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रूप से भूमि पूजन के साथ हुई, जिसमें एक अनूठी पहल देखने को मिली। भूमि पूजन के लिए पंचायत के सभी सदस्य अपने-अपने खेतों से मिट्टी लेकर आए थे, और इस प्रकार सभी की लाई हुई मिट्टी का विधिवत पूजन किया गया। भूमि पूजन के उपरांत, संदीप जोशी ने उपस्थित जनसमूह को भूमि के सुपोषण और संरक्षण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने रासायनिक खादों के हानिकारक प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। जोशी ने घर में कचरा प्रबंधन के महत्व पर भी ज़ोर दिया और सभी से जैविक तथा अजैविक कचरे को अलग-अलग एकत्र कर जैविक खाद तैयार करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि जैविक कचरे को एकत्र करके कुछ ही समय में उत्तम खाद बनाई जा सकती है, और इस जैविक खाद का उपयोग करके उगाया गया अनाज स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी होता है। साथ ही, जैविक खेती भूमि के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कार्यक्रम में पर्यावरण की सुरक्षा के लिए सभी को वृक्षारोपण करने के लिए भी प्रेरित किया गया। अजैविक कचरे, जैसे थर्मोकोल, प्लास्टिक, डिस्पोजल, और सीमेंट के कचरे के उचित निपटान पर भी चर्चा की गई। यह बताया गया कि इस प्रकार के कचरे को ऐसे स्थान पर एकत्र करके निपटाना चाहिए जिससे पर्यावरण और भूमि को किसी भी प्रकार का नुकसान न हो। इस महत्वपूर्ण विषय पर कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने एक सामूहिक संकल्प लिया कि वे भविष्य में भूमि के संरक्षण के लिए केवल जैविक खाद का ही उपयोग करेंगे। भूमि पूजन कार्यक्रम के समापन के बाद सभी को प्रसाद वितरित किया गया। इस कार्यक्रम में हाटकोट पंचायत की महिलाओं और पुरुषों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिनमें उषा शर्मा, कौशल्या कंवर, लता अत्री, संतोष योगीराज, मीरा शर्मा, रामेश्वरी शर्मा, कांता जोशी, राजीव शर्मा, सत्यप्रकाश ठाकुर, पारिश, विनायक, रोहित, और भूपेंद्र प्रमुख थे। इस पहल को पंचायत के लोगों ने खूब सराहा और भूमि संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुनिहार में विद्यालय प्रबंधन समिति की आम सभा की बैठक का आयोजन किया गया l बैठक में अभिभावक गण, अध्यापक एवम् पूर्व एस एम सी के अध्यक्ष उपस्थित रहे l इस बैठक में विद्यालय प्रबंधन समिति की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया तथा विद्यालय विकास से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया l विद्यालय प्रबंधन समिति की नई कार्यकारिणी में राजेंद्र ठाकुर को सर्वसम्मति से अध्य्क्ष बनाया गया l इसके साथ कृष्ण चंद को मुख्य सलाहकार नियुक्त किया गया l प्रधानाचार्य दीपिका शर्मा ने नवनियुक्त अध्यक्ष एवम् कार्यकारिणी को शुभकामनाएं दी l इस अवसर पर विद्यालय के सभी अध्यापक सुशील कुमार, मनीषा शर्मा, विनोद पाठक, विजय प्रकाश, पूनम, वीरेन्द्र कुमार, अजय कुमार, पुष्पांजलि, रीना, मीना ठाकुर एवम् धीरज परिहार उपस्थित रहे।
हमीरपुर/ मीनाक्षी सोनी: खेलों का जीवन में न केवल युवावस्था बल्कि हर आयु वर्ग में अहम स्थान है व राष्ट्र में सशक्त , स्वस्थ व समरस समाज निर्माण में खेलों का अहम स्थान है, यह बात एनआईटी,हमीरपुर में चल रही तीसरी डिपार्टमेंटल प्रीमियर लीग 2025 , टी-20 क्रिकेट प्रतियोगिता में ,खेलो में हिमाचल का राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व एवं प्रतिनिधित्व कर चुके भाजपा प्रदेश सचिव नरेंद्र अत्री ने बतौर मुख्य अतिथि कही। इससे पहले एनआईटी खेल मैदान पहुंचने पर आयोजक वर्ग ने प्रोफेसर डॉ. सुरेंद्र सोनी, प्रो. डॉ. टी पी शर्मा, प्रोफेसर जमाल्टा की अगवाई में मुख्य अतिथि नरेंद्र अत्री का गर्म जोशी से अभिनंदन किया एवं टोपी व मफलर पहनकर सम्मानित किया। नरेंद्र अत्री ने प्रो. डॉ सुरेंद्र सोनी, व आयोजकों को इस शानदार पहल के लिए बधाई देते हुए कहा कि इस प्रतियोगिता में जल शक्ति विभाग, बिजली विभाग, राजस्व विभाग, एसबीआई बैंक सहित विभिन्न विभागों के विभिन्न आयु वर्ग के अधिकारियों, कर्मचारियों, पूर्व खिलाड़ियों, अधिवक्ताओं, बिजनेसमैन की सहभागिता से सामाजिक समाजस्य, समरसता व स्वस्थ समाज निर्माण की दिशा में एक श्रेष्ठ पहल हुई है। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड हमीरपुर ने एन आई टी हमीरपुर की टीम को हरा कर व रॉयल 11 ने एसबीआई बैंक, टीम को हरा कर सेमी फाइनल में अपना स्थान पक्का किया। एसबीआई के 20 ओवरों में 170 रन के जवाब में रॉयल 11 ने एक ओवर शेष रहते 8 विकेट के नुकसान पर 171 रन बनाकर दो विकेट से जीत दर्ज की। संदीप कुमार को मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया। नरेश राणा व पंकज कपूर ने रॉयल 11 के लिए 33-33 रन बनाएं।
देहरा उपमंडल के युवा कांग्रेस अध्यक्ष अभिषेक नरोत्रा ने क्षेत्र के लोगों से जल स्रोतों को कूड़ादान न बनाने और पानी के महत्व को समझने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि जल एक अनमोल धरोहर है और इसकी सुरक्षा प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है। यदि आज हम जागरूक नहीं हुए, तो भविष्य में जल संकट की भयावह स्थिति का सामना करना पड़ेगा। नरोत्रा ने वैश्विक स्तर पर पेयजल की कमी को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में पीने के पानी की कमी बढ़ती जा रही है। भू-जल स्तर तेज़ी से नीचे जा रहा है और नदियाँ व अन्य जल स्रोत प्रदूषित हो रहे हैं। तालाबों और झीलों का सूखना और सिकुड़ना स्पष्ट संकेत है कि यदि अब भी हम सचेत नहीं हुए, तो आने वाले समय में पीने के पानी के लिए हाहाकार मचेगा। उन्होंने बताया कि जिस गति से विश्व की जनसंख्या बढ़ रही है, उस अनुपात में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना दुनिया भर के देशों, खासकर विकासशील देशों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। यदि पानी की बर्बादी पर अब भी नियंत्रण नहीं किया गया, तो निकट भविष्य में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं। अभिषेक नरोत्रा ने जल स्रोतों को कूड़ादान की तरह इस्तेमाल करने की प्रवृत्ति को अत्यंत दुखद बताया। उन्होंने कहा कि यह आदत न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के अस्तित्व के लिए भी खतरा है। उन्होंने जल स्रोतों को बचाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज के हर व्यक्ति को इस अभियान से जुड़ना चाहिए और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलानी चाहिए। उन्होंने पेयजल के दुरुपयोग को रोकने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता बताई। साथ ही, उन्होंने पानी के स्रोतों की नियमित सफाई और संरक्षण के प्रयासों को तेज़ करने का आह्वान किया, ताकि इनका अस्तित्व बना रहे और आने वाली पीढ़ियाँ जल संकट से सुरक्षित रहें।
हिमाचल प्रदेश का सबसे लंबा पुल जिला ऊना के हरोली विधानसभा क्षेत्र व ऊना को जोड़ने का काम करता है। हरोली- रामपुर पुल का निर्माण प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री द्वारा करवाया गया है और अब यह पुल रोज रात को तिरंगे की रोशनी में रोशन रहेगा। इस पुल पर 50 पोल को भारत के तिरंगे के रंगों की रोशनी से रोशन करेगी। इसका ट्रायल किया गया जो सफल रहा, अब लगातार यह पूल तरंगे की रोशनी में रोशन रहेगा। वही हरोली उत्सव पर हरोली- रामपुर पुल का नजारा अद्भुत दिखाई दिया। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हमारा प्रयास है कि यह पुल आकर्षण का केंद्र बने। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस पुल के आसपास मेला ग्राउंड बनाया जायगा और यहां एक घाट बने इसके लिए भी प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हरोली व ऊना को जोड़ने का काम यह पुल करता है और अब देश भक्ति का संदेश भी देगा। उन्होंने कहा कि इस पुल पर मौजूद तिरंगे की रोशनी पहलगाम के शहीदों को समर्पित है।
पुलिस थाना कंडाघाट के तहत आने वाले डुमैहर गांव में रविवार को एक ट्रक हादसे का शिकार हो गया। इस हादसे में ट्रक में सवार 8 लोगों में से एक 14 वर्षीय किशोर की मौके पर ही मौत हो गई है जबकि 7 लोगों को चोटें आईं हैं। घायलों को उपचार के लिए सिविल अस्पताल कंडाघाट में लाया गया है। जानकारी के अनुसार यह घटना रविवार को उस समय हुई जब डुमैहर गांव में रहने वाले नेपाली मूल के लोग ट्रक में बैठ कर डुमैहर गांव के साथ लगती खड्ड में नहाने के लिए जा रहे थे। इस दौरान सड़क पर मोड़ काटते समय ट्रक अनियंत्रित हो गया और पहाड़ी से 200-300 मीटर लुढ़क कर नीचे जा रही सड़क पर आ गिरा। स्थानीय लोगों ने हादसे की सूचना कंडाघाट पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद कंडाघाट पुलिस मौके पर पहुंची तथा मृतक किशोर के शव को कब्जे में लिया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। डीएसपी हैडक्वार्टर अनिल धोलटा ने बताया कि कंडाघाट पुलिस ने इस सम्बंध में मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
शूलिनी विश्वविद्यालय के विधि विज्ञान संकाय ने विश्वविद्यालय परिसर में द्वितीय इंट्रा मूट कोर्ट प्रतियोगिता का आयोजन किया। प्रारंभिक राउंड में 12 टीमों ने भाग लिया। जिसमे चार टीमें सेमीफाइनल में पहुंचीं और दो टीमों ने ग्रैंड फिनाले में भाग लिया। 8वें सेमेस्टर की अनन्या और उनकी टीम वाली टीम आईएमसीसी 8001 विजेता बनकर उभरी। एलएलबी और बीएएलएलबी द्वितीय वर्ष के अमित और उनके साथियों वाली टीम आईएमसीसी 4002 उपविजेता रही। प्रतियोगिता के दौरान छात्रों ने प्रभावशाली वकालत कौशल, कानूनी तर्क और कोर्ट रूम शिष्टाचार का प्रदर्शन किया। ग्रैंड फिनाले का निर्णायक वरिष्ठ अधिवक्ता आर.एस. गौतम, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय, शिमला से, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रेणु पाल सूद, प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस एडवोकेट राजीव चौहान थे और उनके विशेषज्ञ मार्गदर्शन और अंतर्दृष्टि ने अंतिम दौर को सभी के लिए एक समृद्ध सीखने का अनुभव बना दिया। इस कार्यक्रम का संयोजन विधि विज्ञान संकाय के सहायक प्रोफेसर विनीत कुमार ने किया तथा विधि विज्ञान संकाय की सहायक प्रोफेसर डॉ. मोनिका ठाकुर ने सह-संयोजक की। विनीत कुमार ने प्रतिभागियों को संबोधित किया तथा कानून को "जैसा है" तथा "जैसा होना चाहिए" के रूप में समझने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को अकादमिक अध्ययन को व्यावहारिक अनुभव के साथ संतुलित करने के लिए प्रोत्साहित किया तथा व्याख्यात्मक कानून और सेंसरशिप न्यायशास्त्र के बीच अंतर को समझाया।
राज्य सरकार ने प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने और विशेषज्ञ चिकित्सकों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक तकनीकों के उपयोग और चिकित्सा बुनियादी ढांचे को उन्नत करने के साथ-साथ, सरकार ने वरिष्ठ रेजिडेंट, विशेषज्ञ और सुपर स्पेशलिस्ट के स्टाइपंड में बढ़ोतरी की घोषणा की है। राज्य सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए, चिकित्सा विशेषज्ञों के मासिक स्टाइपंड में 50 से 170 प्रतिशत की वृद्धि की है। वरिष्ठ रेजिडेंट और ट्यूटर स्पेशलिस्ट के लिए स्टाइपंड 60,000-65,000 रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया है, जबकि सुपर स्पेशलिस्ट और वरिष्ठ रेजिडेंट (सुपर स्पेशलिस्ट) के लिए स्टाइपंड 60,000-65,000 से बढ़ाकर 1.30 लाख रुपये तक कर दिया गया है। हिमाचल प्रदेश में छह मेडिकल कॉलेज और एक सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल हैं। आईजीएमसी शिमला और डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा जैसे संस्थान पोस्टग्रेजुएट सुपर स्पेशलिस्ट और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के सहयोग से महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। हालांकि, राज्य के मेडिकल कॉलेजों में स्वीकृत 751 पदों में से, वर्तमान में केवल 375 ही भरे हुए हैं, 376 विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद रिक्त हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं। इस चुनौती की गंभीरता को समझते हुए, वर्तमान राज्य सरकार ने निर्णायक कदम उठाए हैं, जो पूर्व सरकार नहीं उठा सकी। बढ़ाए गए स्टाइपंड से कुशल चिकित्सा पेशेवरों के लिए सरकारी सेवा को और अधिक आकर्षक बनाने की उम्मीद है, जिससे इस महत्वपूर्ण अंतर को मिटाने और सभी स्तरों पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी। राज्य में चिकित्सा विशेषज्ञों को आकर्षित करने के एक अन्य कदम में, अध्ययन अवकाश पर गए चिकित्सकों को पूरा वेतन मिलेगा, जिससे उनके पेशेवर विकास को और बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार डॉक्टर-नर्स-रोगी अनुपात के लिए अंतर्राष्ट्रीय मानकों को लागू करने के लिए कार्य कर रही है और इन मानदंडों को पूरा करने के लिए भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है, जिससे राज्य के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा सकंे। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, हर वर्ष लगभग 9.5 लाख मरीज इलाज के लिए हिमाचल प्रदेश से बाहर जाते हैं, जिससे राज्य के सकल घरेलू उत्पाद को 1350 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान होता है। अगर राज्य के भीतर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएं तो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का वार्षिक 550 करोड़ रुपये बचाया जा सकता है, साथ ही मरीजों का बहुमूल्य समय भी बचेगा।
रविवार को विकास खंड द्रंग की ग्राम पंचायत कस के गांव कटवाली में बाबा लखदाता को समर्पित वार्षिक कुश्ती दंगल का भव्य आयोजन किया गया। दंगल में तीन सौ से अधिक पहलवानों ने अखाड़े में दमखम दिखाया। शानदार प्रदर्शन करते हुए होशियारपुर के बिल्लू पहलवान ने फाइनल मुकाबले में चंडीगढ़ के आशीष पहलवान को पटखनी देकर प्रतिष्ठित गुर्ज अपने नाम किया। आधे घंटे तक चले इस बेहद रोमांचक फाइनल मुकाबले में दोनों पहलवानों ने दमदार प्रदर्शन किया, लेकिन आखिर में बिल्लू ने बाजी मार ली। मेला समिति द्वारा विजेता बिल्लू को 18,000 रुपये नकद पुरस्कार और गुर्ज प्रदान कर सम्मानित किया गया, जबकि उपविजेता आशीष को 15,000 रुपये की नकद राशि भेंट की गई। आयोजन समिति ने बताया कि बाबा लखदाता पीर को समर्पित यह कुश्ती दंगल बीते चार-पांच वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है और हर वर्ष इसमें अधिक उत्साह व भागीदारी देखने को मिल रही है। भविष्य में इसे और भव्य रूप देने की योजना है। इस अवसर पर दंगल कमेटी सदस्य सेवानिवृत्त मुख्याध्यापक मौजी राम राव, कश्मीर सिंह राव, बबलू राम, मेघ सिंह, सेवानिवृत्त खंड शिक्षा अधिकारी सुंदर लाल यादव, संतोष कुमार, ज्ञान चंद, उमेश यादव, मान सिंह, चरण सिंह, हुक्म सिंह और नंद लाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश भाजपा के प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी व पूर्व मुख्यमंत्री के मीडिया काॅआर्डिनेटर रहे एडवोकेट विश्व चक्षु ने कहा कि धर्मशाला के पूर्व एसडीएम संजीव कुमार भोट द्वारा दिए गए इस ब्यान को लेकर कि "मुझे दूसरा नेगी नहीं बनना है" को लेकर प्रदेश सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि बिमल नेगी की मौत में यह बात सामने आई है कि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उनका मानसिक उत्पीड़न किया गया, जिसके कारण उनकी मौत हो गई। भाजपा लगातार इस मामले में सीबीआई की जांच की मांग करती आ रही है, परंतु प्रदेश की सुक्खू सरकार इस मामले में पर्दा डालने में लगी हुई है। विश्व चक्षु ने कहा कि अब पूर्व एसडीएम संजीव भोट द्वारा दिए गए ब्यानों से स्पष्ट हो गया है प्रदेश को मुख्यमंत्री सुक्खू नहीं सरकार के आला अधिकारी सरकार को चला रहे हैं। इन अधिकारियों पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। सरकार के वरिष्ट अधिकारी निचले तबके के अधिकारियों को मानसिक दबाव में कार्य करने को मजबूर कर रहे हैं। बार-बार तबादला कर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। यह कारण है कि धर्मशाला के पूर्व एसडीएम संजीव भोट को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने पर मजबूर होना पड़ा है। उन्होंने साफ शब्दों में सरकार को यह भी संदेश दिया है कि उन्हें दूसरा बिमल नेगी नहीं बनना है। विश्व चक्षु ने कहा कि पूर्व एसडीएम संजीव भोट के ब्यानों के बाद न तो मुख्य सचिव और न ही सरकार के किसी मंत्री का ब्यान सामना आ पाया है, जबकि खुद मुख्यमंत्री भी अपनी आंखे व कानों को बंद किए हुए हैं। उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार को चलाने में पूरी तरह से असफल हुई है। जो मुख्यमंत्री वरिष्ठ अधिकारियों पर नियंत्रण नहीं रख पा रहा हो वह अन्य व्यवस्थाओं पर क्या नियंत्रण रख पाएगा। उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार की व्यवस्थाओं के कारण प्रदेश में खौफजदा का माहौल पैदा हो चुका है। जनता परेशान है तो कर्मचारी व अधिकारी समय से पहले नौकरी छोड़ने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार को प्रदेश की जनता, बेरोजगारों, कर्मचारियों से कोई लेना देना नहीं है। सत्ता सुख में मदहोश सुक्खू सरकार अपनों को खुश करने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि लगभग तीन सालों के दौरान सुक्खू सरकार की नीतियों के कारण प्रदेश बर्बादी की दहलीज़ पर खड़ा हो गया है।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद, केंद्र सरकार ने सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। इन आदेशों के तहत, पाकिस्तान से हिमाचल घूमने आए या अपने रिश्तेदारों के पास आए नागरिकों को राज्य छोड़ने का निर्देश दिया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 13 पाकिस्तानी नागरिक वीजा लेकर हिमाचल आए थे। इन सभी को 29 मई तक प्रदेश छोड़ने के लिए कहा गया है। राज्य गृह विभाग ने पुलिस अधिकारियों को इस संबंध में आदेश जारी किए हैं और उन्हें तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश भी दिया गया है। अधिकारियों द्वारा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी पाकिस्तानी नागरिक निर्धारित तिथि के बाद राज्य में न रहे। अगर ऐसा पाया गया तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जेल की सजा भी हो सकती है। इसके अलावा, जिन लोगों के पास ये पाकिस्तानी नागरिक ठहरे थे, उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेशों का पालन करने की पूरी तैयारी की है। पुलिस मुख्यालय में शुक्रवार और शनिवार को इस मुद्दे पर बैठकें आयोजित की गईं। राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह, ओंकार शर्मा ने कहा कि मंत्रालय द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन किया जा रहा है। उधर, जम्मू-कश्मीर के कृषि मंत्री जावेद अहमद ने शनिवार को शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह से मुलाकात की। इस मुलाकात का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर के लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना था। मंत्री जावेद अहमद ने मुख्यमंत्री को बताया कि जम्मू-कश्मीर सरकार ने अपने मंत्रियों को विभिन्न राज्यों में भेजा है ताकि वहां के जम्मू-कश्मीरियों की सुरक्षा की स्थिति की समीक्षा की जा सके।
रोहड़ू उपमंडल के चिड़गांव थाना के तहत अपने ही साथी का मर्डर करके नेपाली मौके से फरार हो गया। पुलिस में दर्ज रिपोर्ट में तेश चौहान पुत्र केशव राम निवासी गांव बराल डाकघर जड़ग रोहड़ू ने बताया कि 16 अप्रैल को हरिद्वार से दो नेपाली कृष्ण और हरी मजदूरी व चौकीदारी के लिए अपने बगीचे में रखे थे। 26 अप्रैल को जब बगीचे में गया तो देखा कि ढारा बाहर से बंद था। जब दरवाजा खोला तो अन्दर कृष्ण नेपाली की लाश पड़ी थी और हरी फरार था, जिससे अंदाज़ा लगाया जा रहा है की हरी ने ही कृष्ण का कत्ल किया है। पुलिस ने बीएनएस की धारा 103,(1) के तहत मामला दर्ज कर शव को कब्जे में लेकर फरार नेपाली हरी की तलाश शुरू कर दी है।
प्रदेश में मौसम साफ होते ही गर्मी का प्रकोप बढ़ने लगा है। ऊना में इस सीजन में पहली बार पारा 40 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। मैदानी क्षेत्रों के साथ अब पहाड़ों में भी गर्मी सताने लगी है। राज्य के 15 स्थानों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री पार हो गया है। प्रदेश के कई क्षेत्रों में शनिवार को इस सीजन का सबसे अधिक तापमान दर्ज हुआ। उधर, प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रविवार को भी बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। एक और दो मई को पूरे प्रदेश में मौसम खराब रहने की संभावना है। राजधानी शिमला सहित प्रदेश के मध्य पर्वतीय और मैदानी जिलों में 30 अप्रैल तक मौसम साफ रहेगा। ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में दोपहर के समय गर्मी ज्यादा होने से लोग घरों से बाहर निकलने से परहेज कर रहे हैं। वही तीन दिन पहले मर्थालु नाला में 15 मीटर ऊंचे ग्लेशियर को काटकर सड़क बना दी गई थी लेकिन मौसम खराब होने पर दोबारा वहां ग्लेशियर आ गया और सड़क बंद हो गई। ऊना में 40, धौलाकुआं 37.9, कांगड़ा 36.9, हमीरपुर 36.8, मंडी 36.2, बरठीं 35.9, नाहन 35.1, बजौरा 32.7, चंबा 32.4, धर्मशाला 31.1, शिमला 26.6 और मनाली 25.7 डिग्री और बिलासपुर में 37.3 सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।
शिमला जिला के प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय (जीपीएस) शिलाल, शिक्षा खंड कुपवी के दो जेबीटी शिक्षकों रणवीर चौहान और दलवीर सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। बीईईओ कुपवी द्वारा 25 अप्रैल 2025 को दोपहर 1:40 बजे स्कूल निरीक्षण के दौरान पाया गया कि दोनों शिक्षक, अन्य स्टाफ तथा छात्र बिना किसी पूर्व सूचना के स्कूल में अनुपस्थित थे। निरीक्षण के समय स्कूल के सभी कमरे भी बंद पाए गए। इस अनुशासनहीनता के चलते विभाग ने नियम के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों शिक्षकों को निलंबित किया है। निलंबन अवधि के दौरान अब दोनों शिक्षकों का मुख्यालय खंड प्रारंभिक शिक्षा कार्यालय, डोडरा-क्वार, जिला शिमला रहेगा। वे बिना उप तहसीलदार डोडरा-क्वार की अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। इसके साथ ही डिप्टी डायरैक्टर प्रारंभिक शिक्षा, जिला शिमला द्वारा आदेश दिया है कि छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए 28 अप्रैल से जीपीएस शिलाल में एक नए शिक्षक की नियुक्ति की जाए। यह आदेश डिप्टी डायरैक्टर प्रारंभिक शिक्षा, जिला शिमला द्वारा जारी किया गया है।


















































