भारत में घरेलू रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। दरअसल रक्षा मंत्रालय ने 216 सैन्य हथियारों और रक्षा प्रणालियों को नेगेटिव आयात लिस्ट में रख दिया है जिसके बाद इन रक्षा उपकरण का निर्माण आत्मनिर्भर भारत के तहत अब देश में किया जाएगा। मंत्रालय के इस कदम से देशी रक्षा उद्योग को बढ़ावा मिल सकेगा। बता दें कि पिछले साल, दिवंगत चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत की अध्यक्षता में DMA के तहत रक्षा मंत्रालय ने 108 सैन्य हथियारों की दो सूचियां निकाली थीं, इन हथियारों का आयात पर रोक दिसंबर 2021 से दिसंबर 2025 की अवधि में प्रभावी रहेगा। वहीं मंत्रालय ने कहा कि सभी 2016 रक्षा उपकरणों को अब रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया 2020 के प्रावधानों के तहत स्वदेशी स्रोतों से खरीदा जाएगा। दरअसल पिछले कुछ सालों से केंद्र सरकार ने अपने देश में बनाई जाने वाली रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई उपाय किए हैं।
लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में आज एक बार फिर लोकसभा में हंगामा होते दिखा जिसके बाद सदन की कार्रवाई 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। दरअसल, एसआईटी की रिपोर्ट सामने आने के बाद केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी विपक्ष के निशाने पर आ बने हैं। बीते दिन कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव पेश करते हुए अजय कुमार मिश्रा टेनी को मंत्री पद से हटाने की मांग की थी। वहीं आज एक बार फिर कांग्रेस सांसद मनिकम टैगोर स्थगन प्रस्ताव पेश किया। लोकसभा में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को लेकर हंगामा थमते नहीं दिख रहा है। बता दें, बीते दिन सत्र में कांग्रेस ने कहा कि, राज्य मंत्री अजय मिश्रा को इस्तीफा देना पड़ेगा और जेल भी जाना होगा। उन्होंने इस पूरे मामले पर जोर देते हुए कहा कि एक तरफ तो प्रधानमंत्री किसानों से माफी मांगते हैं और दूसरी तरफ वो एक ऐसे व्यक्ति को मंत्री बनाए हुए हैं जिसने ‘किसानों को मारा है।’
1971 युद्ध के स्वर्णिम विजय पर्व के मौके पर पीएम मोदी गुरुवार को नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचे जहां उन्होंने 1971 युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने यहां स्वर्णिम विजय मशालों के स्वागत और सम्मान समरोह में भाग लेते हुए जंग में शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। बता दें, प्रधानमंत्री के साथ देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे। पीएम मोदी ने पिछले साल इसी दिन चार स्वर्णिम विजय मशालों को प्रज्वलित किया था। PMO से मिली जानकारी के मुताबिक, इन मशालों को देश के अलग-अलग हिस्सों में ले जाया गया। इनमें 1971 की हुई जंग में परमवीर चक्र और महावीर चक्र विजेता सैनिकों के गांव भी शामिल बताये जा रहे है। बताया जा रहा है कि इस श्रद्धांजलि समारोह के दौरान इन मशालों को एक ज्वाला के तौर पर विलय किया जाएगा। पीएम मोदी ने आज सुबह ट्वीट कर कहा था कि, "मैं 50वें विजय दिवस के मौके पर मुक्तियोद्धाओं, वीरांगनाओं और भारतीय सशस्त्र बलों के वीरता और उनके बलिदान को याद करता हूं. उन्होंने आगे कहा कि, हमने साथ मिलकर इन दमनकारी ताकतों से लड़ाई लड़ी और उन्हें हराया। उन्होंने कहा कि, इस विजय दिवस के मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी ढाका पहुंचेंगे।"
उत्तर भारत में मौसम काफी बदल रहा है। पहाड़ों पर लगातार हो रही बर्फबारी के कारण मौसम और ठंडा होता जा रहा है। वहीं मौसम विभाग के अनुसार आगले दो दिनों में ठंड और भी बढ़ने के लिए पूरी तरह से तैयार है। IMD के अनुसार 18 से 20 दिसंबर के बीच पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा और राजस्थान के तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है जिससे ठंड बढ़ सकती है। इसके अलावा पंजाब में 16 दिसंबर और कल घना कोहरा भी रहेगा। वहीं पूर्वोत्तर के असम, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग-अलग हिस्सो में भी 16 और 17 दिसंबर की सुबह कोहरा छाने की संभावना है। इस बीच राहत की बात ये है कि उत्तर-पश्चिम और इससे सटे मध्य भारत में, अगले दो दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद यह 2-3 डिग्री सेल्सियस गिर सकता है, इस तरह महीने के आखिरी में ठंड पड़ सकती है और क्रिसमस के समय कड़ाके वाली ठंड हो सकती है। वहीं शुक्रवार यानी 17 दिसंबर को हिमालय से ठंडी और शुष्क उत्तर पश्चिमी हवाएं चलने के साथ पारा गिरने की संभावना है। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि दिल्ली में महीने के अंत तक न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।
कैबिनेट की बैठक में लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र बढ़ाने से जुड़े एक बिल को मंज़ूरी दी गई है। पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल क़िले से दिए गए अपने भाषण में सरकार की मंशा ज़ाहिर की थी। लड़कियों के शादी की न्यूनतम उम्र सीमा जल्द ही 18 से बढ़ाकर 21 साल किया जा सकता है। इसके लिए सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। इससे जुड़े बिल को संसद के इसी सत्र में पेश किए जाने की संभावना है. शादी की उम्र सीमा बढ़ाने के लिए बाल विवाह क़ानून में संशोधन किया जाएगा। इस क़ानून में फ़िलहाल लड़कियों के शादी की उम्र सीमा 18 तय की हुई है। समझा जा रहा है कि क़ानून में बदलाव के लिए संशोधन बिल को बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में मंज़ूरी दे दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की। इस मुद्दे पर पिछले साल गठित किए गए टास्क फोर्स ने अपनी रिपोर्ट में शादी की न्यूनतम उम्र सीमा 18 से बढ़ाकर 21 साल किए जाने की सिफ़ारिश की थी। पूर्व सांसद जया जेटली की अध्यक्षता में टास्क फोर्स का गठन किया गया था। टास्क फोर्स ने अपनी रिपोर्ट में मां बनने की उम्र सीमा और महिलाओं से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी अपनी सिफ़ारिश दी थी।
महाराष्ट्र में कोरोना और उसके ओमिक्रोन वेरिएंट के खतरे के बीच स्कूल खुल गए हैं। पुणे शहर में भी कक्षा एक से सातवीं तक के स्कूल आज से खोल दिए गए हैं। सुबह के समय बच्चे स्कूल जाने नजर आए। हालांकि बच्चों को स्कूलों में केवल माता-पिता की इजाजत की लिखित इजाजत के बाद ही आने दिया जा रहा है। स्कूलों में बच्चों को कोरोना से सुरक्षित रखने के लिए खासे इंतजाम किए गए हैं। पुणे के ध्यानगंगा इंग्लिश मीडियम स्कूल की प्रिसिंपल ने बताया कि हर क्लास में एक बेंच पर एक ही बच्चा बैठेगा। क्लास में 50 प्रतिशत अटेंडेंस होगी। स्कूल में सभी को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। सैनिटाइजेशन और थर्मल चेकिंग के भी इंतजाम किए गए हैं। ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों क्लासेज चल रही हैं। अगर माता-पिता ने लिखित अनुमति दी है, तभी बच्चों को स्कूलों में आने की इजाजत दी जाएगी।
देश में कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन के मामले अब तेजी से बढ़ते दिख रहे हैं। महाराष्ट्र और केरल में बीते दिन 4-4 नए मामले दर्ज हुए हैं। वहीं, तमिलनाडु में भी एक मामला सामने आया है। बता दें कि देश में अब तक ओमिक्रोन के मामलों की कुल संख्या 73 हो गई है। ओमिक्रोन वेरिएंट के अब तक दर्ज हुए 73 में से सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र से सामने आए हैं। महाराष्ट्र में 32 मामले दर्ज हुए हैं। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी की रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र में दर्ज 4 नए मामलों में से एक अस्मानाबाद का है तो वहीं एक बुलढाणा का है। इनमें से तीन मरीजों का पूर्ण टीकाकरण हो चुका है। इन सभी मरीजों में किसी प्रकार का कोई लक्षण देखने को नहीं मिला है। पश्चिम बंगाल तक पहुंचा कोरोना का नया वेरिएंट ओमिक्रोन ने मुर्शिदाबाद में 7 साल के बच्चे को अपनी चपेट में ले लिया है। तेलंगाना में दो विदेशी नागरिक ओमिक्रोन से संक्रमित पाए गए हैं। बात अगर कोरोना के आंकड़ों की करें तो देश में बीते 24 घंटे में 6984 नए केस दर्ज हुए हैं। वहीं, 247 मरीजों की मौत हुई है।
आज से दो दिन तक देश के सभी प्राइवेट सेक्टर के बैंक कर्मचारी राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर होंगे। दरअसल बैंक यूनियनों ने प्राइवेटाइजेशन को लेकर 16 और 17 दिसंबर को राष्ट्रव्यापी हड़ताल करने का ऐलान किया है। वहीं इस हड़ताल के कारण दो दिनों तक सभी बैंको के कामकाज ठप रहेंगे। हालांकि आम लोगों को होने वाली परेशानियों के देखते हुए एसबीआई और दूसरे बैंकों ने अपने कर्मचारियों से हड़ताल पर ना जाने का अनुरोध किया है। SBI ने ट्वीट करते हुए कहा," कर्मचारी द्वारा किए जा रहे हड़ताल से स्टेकहोल्डर्स को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है इसलिए मैं अपील करता हूं कि क्रमचारी हड़ताल पर ना जाएं।" उन्होंने बैंक यूनियन से इस हड़ताल पर बातचीत करने के लिए न्यौता भैजा है। SBI के अलावा सेंट्रल बैंक और पंजाब नेशनल बैंक ने भी ट्वीट करते हुए काम कर रहे कर्मचारियों को हड़ताल ना करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को बैंक की बेहतरी के लिए काम करना चाहिए।
साल 1971 में आज ही के दिन यानी 16 दिसंबर को ही भारत ने आधिकारिक तौर से पाकिस्तान पर विजय की घोषणा की थी। इसलिए हर साल 16 दिसंबर को विजय दिवस मनाया जाता है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्वर्णिम विजय दिवस पर कई ट्वीट किए हैं। उन्होंने बहादुर सैनिकों के शौर्य को याद किया और 1971 युद्ध को भारतीय सेना के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बताया। राजनाथ सिंह ने कहा, 'स्वर्णिम विजय दिवस के अवसर पर हम 1971 के युद्ध के दौरान अपने सशस्त्र बलों के साहस और बलिदान को याद करते हैं। 1971 का युद्ध भारत के सैन्य इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। हमें अपने सशस्त्र बलों और उनकी उपलब्धियों पर गर्व है।' केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, 'भारतीय सैनिकों के अद्भुत साहस व पराक्रम के प्रतीक विजय दिवस की स्वर्ण जयंती पर वीर सैनिकों को नमन करता हूं। 1971 में आज ही के दिन भारतीय सेना ने दुश्मनों पर विजय कर मानवीय मूल्यों के संरक्षण की परंपरा के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ा था।'
देश में ओमिक्रोन के मामले तेजी से बढ़ते दिख रहे हैं। कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन के खौफ के बीच अब मुंबई पुलिस ने शहर में सीआरपीसी की धारा 144 लागू कर दी है। जानकारी के मुताबिक आज से 31 दिसंबर तक धारा 144 मुंबई शहर में लागू रहेगी और बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने पर पूरी तरह पाबंदी होगी। बता दें, कोरोना वायरस को फैलने से रोकने और नए वेरिएंट ओमिक्रोन के खतरे को देखते हुए ये निर्णय लिया गया है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, महाराष्ट्र में बीते दिन ओमिक्रोन वेरिएंट के 4 नए मामलों की पुष्टि हुई है। इनमें से दो मरीज ओसमानाबाद और एक-एक मुंबई और बुलढाना के हैं। राज्य में अब तक 32 लोग ओमिक्रोन से संक्रमित हुए हैं और इनमें से 25 संक्रमण से उबर चुके हैं। राज्य में ओमिक्रोन के अलावा बुधवार को कोरोना के 921 मामलों की पुष्टि हुई और 10 मरीजों की मौत हो गई। इस समय 6467 मरीजों का राज्य में इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, राज्य में अब तक 66,46,061 मरीज संक्रमित हुए हैं और इनमें से 64,94,617 संक्रमण से उबर चुके हैं। 1,41298 मरीजों की मौत हुई है।
भारतीय खाद्य निगम के सोलन जिला के कालूझिण्डा व सोलन स्थित गोदाम से हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के शिमला एवं कुल्लू जिलों में कार्यरत थोक भण्डार केन्द्रों में खाद्यान्न के परिवहन कार्य की दरें निर्धारित करने के लिए निविदाएं आमन्त्रित की गई हैं। यह जानकारी बुधवार को जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियन्त्रक नरेन्द्र धीमान ने दी। नरेन्द्र धीमान ने कहा कि निविदाएं 04 जनवरी, 2022 को प्रातः 11.00 बजे से दिन में 02.00 बजे तक जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियन्त्रक के कार्यालय में आमन्त्रित की गई हैं। यह निविदाएं 04 जनवरी, 2022 को सांय 03.00 बजे उपायुक्त सोलन अथवा उनके प्रतिनिधि के समक्ष खोली जाएंगी। यह निविदाएं शिमला एवं कुल्लू जिलों में कार्यरत थोक भण्डार केन्द्रों भट्टाकुफर, शनान, ठियोग, नारकण्डा, रामपुर वाया नारकण्डा, चैपाल, आनी वाया नारकण्डा, निरमण्ड वाया नारकण्डा, ननखड़ी, चिड़गांव, रोहड़ू, हाटकोटी, नेरवा वाया चैपाल, कोटखाई, गुम्मा, जुब्बल तथा टिक्क्र वाया नारकण्डा के लिए खाद्यान्न परिवहन के लिए आमन्त्रित की गई हैं। उन्होंने कहा कि इच्छुक निविदादाता निर्धारित फार्म जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियन्त्रक के कार्यालय से 03 जनवरी, 2022 को सांय 04.00 बजे तक 1000 रुपए के शुल्क की अदायगी कर प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि फोटोस्टेट प्रपत्र मान्य नहीं होगा। अधिक जानकारी के लिए दूरभाष नम्बर 01792-224114 पर सम्पर्क किया जा सकता है। solan Himachal News
उपायुक्त सोलन कृतिका कुल्हारी ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज विभाग की अधिसूचना द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए विकास खण्ड कुनिहार की ग्राम पंचायत कुहंर के वार्ड संख्या 03 कुहंर को अनारक्षित घोषित कर दिया है। इस सम्बन्ध में जारी अधिसूचना के अनुसार पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचन के लिए विकास खण्ड कुनिहार की ग्राम पंचायत कुहंर के वार्ड संख्या 03-कुहंर को अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित घोषित किया गया था। किन्तु पंचायती राज संस्थाओं के सामान्य निर्वाचन 2020-21 व उप निर्वाचन 2021 के दौरान इस वार्ड से किसी भी अनुसूचित जाति महिला उम्मीदवार द्वारा नामांकन पत्र न भरे जाने के कारण यहां वार्ड सदस्य का पद रिक्त है। Solan Himachal News
प्रदेश विद्युत बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार आवश्यक रख-रखाव के दृष्टिगत 16 दिसम्बर, 2021 को सोलन शहर एवं आस-पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी विद्युत बोर्ड के वरिष्ठ अधिषाशी अभियन्ता विकास गुप्ता ने दी। विकास गुप्ता ने कहा कि 16 दिसम्बर, 2021 को प्रातः 10.00 बजे से सांय 05.00 बजे तक सोलन शहर के माल रोड, पुराना उपायुक्त कार्यालय, आन्नद परिसर, न्यायालय परिसर, पीडब्लयूडी कालोनी, क्लीन, सेर क्लीन, सन्नी साईड, विवान्ता माॅल, मैसर्ज पैरागान, चिल्ड्रन पार्क, पुस्तकालय, मैसर्ज हिमानी एवं इसके आस-पास के क्षेत्रों, अप्पर बाजार, राजगढ़ रोड, कोटला नाला, क्षेत्रीय अस्पताल, शक्ति नगर, जौणाजी रोड, नडोह, शूलिनी नगर, मोहन पार्क, चम्बा अपार्टमेंटस, शिल्ली रोड, चौक बाजार, लक्कड़ बाजार, सर्कुलर रोड, ठोडो मैदान, एवं आस-पास के क्षेत्रों, न्यू कथेड, पावर हाऊस रोड, हाउसिंग बोर्ड क्लीन, डिग्री काॅलेज, साईंटिस्ट काॅलोनी, जुब्बड़, तहसील कार्यालय, ऑफिसर काॅलोनी, डाईट, टैंक रोड, खलीफा लाॅज, नानक विला, फाॅरेस्ट रोड, गलानग, खनोग, मतियुल, धोबीघाट एवं इसके आस-पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उपरोक्त क्षेत्रों के अतिरिक्त 16 दिसम्बर, 2021 को ही प्रातः 10.00 बजे से दिन में 02.00 बजे तक चम्बाघाट चौक, फाॅरेस्ट काॅलोनी, फ्रेंडस काॅलोनी, करोल विहार, एनआरसीएम, बेर खास, बेर गांव एवं आस-पास के क्षेत्रों, बड़ोग, आंजी, शमलेच, नगाली, कोरों कैंथड़ी, लगहेचघाट, बाड़ा, कलोल, देहूंघाट, कायलर, तार फैक्ट्री, हाउसिंग बोर्ड रबोण, रबोण, वशिष्ठ काॅलोनी, कैलाश नगर, घट्टी, लवीघाट, गुरूद्वारा, जिला लोक सम्पर्क अधिकारी कार्यालय, डोमीनोज, वसन्त विहार एवं आस-पास के क्षेत्रों, पुलिस लाईन, उप कारागार, सब्जी मण्डी, कथेड़ बाई पास, नया बस अड्डा, पुराना पावर हाऊस मार्ग, बीडीओ कार्यालय, सूर्या विहार, खुण्डीधार, विवेकानन्द विहार, पैट्रोल पम्प, साईं मन्दिर, शामती, सयोन्थल, क्वागड़ी, धरान्जटी, बागड़, चिल्ला एवं आस-पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने इस अवधि में लोगों से सहयोग की अपील की है। Solan Himachal News
8 दिसंबर को तमिलनाडु में वायुसेना हेलिकॉप्टर क्रैश हादसे में एकमात्र जीवित बचे ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का आज निधन हो गया। उनका बेंगलुरु के कमांड अस्पताल में इलाज चल रहा था। ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह अस्पताल में 7 दिन जिंदगी और मौत के बीच जंग रहे थे। इस बात की जानकारी भारतीय वायु सेना ने ट्वीट के दी। भारतीय वायुसेना ने ट्वीट कर कहा ,'भारतीय वायुसेना को बहादुर ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के निधन की सूचना देते हुए गहरा दुख हुआ है, जिनकी आज सुबह 8 दिसंबर को हेलिकॉप्टर दुर्घटना में हुई चोटों के कारण मृत्यु हो गई। भारतीय वायुसेना गहरी संवेदना व्यक्त करता है और शोक संतप्त परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है।'' गौरतलब है कि तमिलनाडु के कुन्नूर के पास 8 दिसंबर को वायुसेना का एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका और हिमाचल प्रदेश के विवेक समेत 13 लोगों की मौत हो गई थी। दुर्घटना में ग्रुप कैप्टन अकेले जीवित व्यक्ति बचे थे। वे गंभीर रूप से घायल थे और अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे थे लेकिन अफसोस वे बच नहीं सके। कौन है ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह कैप्टन वरुण उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रुद्रपुर तहसील के कन्हौली गांव के रहने वाले थे। पिता कृष्ण प्रताप सिंह सेना में कर्नल पद से रिटायर्ड हुए थे। वरुण सिंह का जन्म दिल्ली में हुआ था। उनकी उम्र 42 साल थी। उनके पिता सेना में तैनात थे इसलिए वो जहाँ-जहाँ तैनात थे, उनकी शिक्षा वहाँ-वहाँ हुई।वर्तमान में कैप्टन वरुण के माता-पिता भोपाल में रह रहे हैं वरुण के छोटे भाई तनुज सिंह मुम्बई में नेवी में पोस्ट में हैं। कैप्टन वरुण की वर्तमान तैनाती वेलिंगटन, तमिलनाडु में थी, जहाँ वो अपनी पत्नी गीतांजली, बेटे रिद रमन और बेटी आराध्या के साथ रह रहे थे। ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान के बैचमैट रहे हैं। अभिनंदन वर्धमान ने ही 27 फरवरी 2019 को भारत की सीमा में घुसे पाकिस्तानी विमानों को खदेड़ा था। साल 2020 में एक उड़ान के दौरान बड़े टेक्निकल फॉल्ट की चपेट में आने के बाद अपने विमान को हैंडल करने के अदम्य साहस के लिए उन्हें 15 अगस्त 2021 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शौर्य चक्र से सम्मानित किया था। उन्होंने अपने तेजस फाइटर को मिड-एयर इमरजेंसी के बावजूद 10 हजार फीट की ऊंचाई से सुरक्षित उतारा था।
दिल्ली में अभी भी हवा कि गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं आया है। बुधवार को भी दिल्ली में हवा कि गुणवत्ता 'बेहद खराब' श्रेणी दर्ज की गई है। सिस्टम ऑफ एयर क्वॉलिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च ने जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली में बुधवार को भी एक्यूआई 346 दर्ज किया गया है। इसी के चलते दिल्लीवासियों को बरहाल साफ हवा के लि कुछ समय इंतजार करना पड़ सकता है। बता दें कि SAFAR के सुबह 6.30 बजे के अपडेट के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी के कुछ क्षेत्रों, दिल्ली यूनिवर्सिटी, PUSA, लोधी रोड, मथुरा रोड, आईआईटी दिल्ली और इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (T-3) में हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में दर्ज की गई। SAFAR के मुताबिक, जीरो से 50 के बीच एक्यूआई अच्छा, 51 से 100 के बीच संतोषजनक, 101 से 200 के बीच मॉडरेट, 201 से 300 के बीच खराब, 301 से 400 के बीच बेहद खराब और 401 से 500 के बीच गंभीर श्रेणी में माना जाता है।
बुधवार 15 दिसंबर से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पूर्व परामर्श बैठकें शुरू करने जा रही है। ये बैठक वर्चुअल तरीके से वीडियो कॉंफ्रेंसिंग के जरिये होगी। वित्त मंत्रालय के आधिकारिक ट्वीटर हैंडर से ट्विट कर ये जानकारी दी गई है। वित्त मंत्री के साथ पहली बजट पूर्व बैठक कृषि क्षेत्र से जुड़े एक्सपर्ट्स के साथ होगीऔर दूसरी बैठक एग्रो-प्रोसेसिंग इंडस्ट्री से जुड़े स्टेकहोल्डर्स और जानकारों के साथ होगी। संसद के चल रहे शीतकालीन सत्र के चलते सभी बैठकें दोपहर बाद होंगी। इन सेक्टरों के एक्सपर्ट्स के साथ वित्त मंत्रालय के अधिकारी भी इन बैठकों में वित्त मंत्री के साथ मौजूद रहेंगे।
भारतीय मूल की लीना नायर को फ्रांस के लग्जरी ग्रुप शनैल ने मंगलवार को लंदन में अपना नया ग्लोबल चीफ एग्जीक्यूटिव नियुक्त किया है। बता दें इससे पहले लीना यूनिलीवर की सबसे कम उम्र की मुख्य मानव संसाधन अधिकारी थी। लीना नायर नए साल से इस ग्रुप में शामिल होंगी। यूनिलीवर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी लन जोप ने कहा, ‘‘लीना ने पिछले तीन दशक में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसके लिए मैं उनका आभार जताता हूं।'’ बता दें कि फ्रांसीसी अरबपति एलेन वर्थाइमर, जो अपने भाई जेरार्ड वर्थाइमर के साथ शनैल के मालिक हैं, ग्लोबल एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका निभाएंगे। गौरतलब है कि लीना नायर महाराष्ट्र के कोल्हापुर की रहने वाली है। इसके अलावा उन्होंने अपनी स्कूलिंग महाराष्ट्र के कोल्हापुर के होली क्रॉस कॉन्वेंट स्कूल से पूरी की है। इसके आगे की पढ़ाई उन्होंने जमशेदपुर से की है। लीना नायर के पास करीब 30 साल का अनुभव है। लीना ने झारखंड के जमशेदपुर स्थित जेवियर्स स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से अपनी पढ़ाई पूरी की थी। उन्होंने यहां पर गोल्ड मेडल भी जीता था।
कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन के सबसे ज्यादा रमामले महाराष्ट्र में सामने आए हैं। यहां अब तक ओमिक्रोन के 28 केस मिल चुके हैं। ओमिक्रोन के बढ़ते मामलों के बीच मुंबई एयरपोर्ट पर RT-PCR की कीमतों को कम कर दिया गया है। एयरपोर्ट पर पहले RT-PCR के लिए 3900 रुपए देने पड़ते थे, अब सिर्फ 1975 रुपए देने होंगे। इस मामले में राज्य सरकार की ओर से आज नोटिफिकेशन आज जारी की गई है। बता दें कि मुंबई एयरपोर्ट पर सबसे ज्यादा RT-PCR के लिए पैसे लिए जाते थे। वंही तीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों मुंबई, पुणे और नागपुर पर आने वाले यात्रियों की गहन निगरानी वर्तमान में 1 दिसंबर से चल रही है। अधिकारियों ने कहा कि उच्च जोखिम वाले देशों से कुल 13,615 लोग यहां पहुंचे हैं, जिनमें से 30 की कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अन्य देशों से भी 8 नागरिक प्रदेश में पहुंचे है। इन सभी की रिपोर्ट जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजी गई है ताकि यह पुष्टि हो सके कि वे ओमिक्रोन से पीड़ित हैं या नहीं।
दिल्ली में मंगलवार को कोरोना वायरस के ओमिक्रोन वेरिएंट के चार नए मामले जबकि महाराष्ट्र में इस वेरिएंट के आठ नए मामले सामने आए. इसके साथ ही देश में ओमिक्रोन वेरिएंट के मामलों की संख्या बढ़कर 61 तक पहुंच गई है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में चार और लोग कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रोन से संक्रमित पाए गए हैं और ये सभी हाल में विदेश यात्रा कर चुके हैं। वहीं, महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को कहा कि राज्य में ओमिक्रोन वेरिएंट के आठ नए मामले दर्ज किए गए और इनमें से किसी भी मरीज ने हाल में विदेश यात्रा नहीं की है। स्वास्थ्य विभाग ने एक बुलेटिन में बताया कि नए मामलों के साथ ही सार्स-सीओवी-2 के नए वेरिएंट से संक्रमित होने वालों की संख्या राज्य में बढ़कर 28 हो गई है। इनमें से सात मामले मुंबई में सामने आए हैं और संक्रमितों में तीन महिलाएं शामिल हैं।
यूपी में चुनावी माहौल बना हुआ है। लेकिन इस बीच मुरादाबाद से ऐसी खबर आई है जो ओमिक्रोन की दहशत बढ़ाने वाली है। चुनावी राज्य मुरादाबाद में विदेश से आए 130 लोग अब भी लापता हैं। मुरादाबाद स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले दिनों मुरादाबाद में विदेश से 519 लोग आए जिसमें से 130 लापता हैं। ऐसे में डर है कहीं चुनाव के जोश में ओमिक्रोन बेकाबू न हो जाए। प्रवीण श्रीवास्तव जिला सर्विलांस अधिकारी है और जिन पर लोगों को ट्रेस करने की जिम्मेदारी है। लेकिन इन 130 लोगों के या तो पते गलत निकले या फोन नंबर गलत है। अब इन्हें संपर्क नहीं हो पा रहा है। दिक्कत ये है कि ओमिक्रोन दुनिया के 77 देशों में फैल चुका है ऐसे में कौन कहां से वायरस ले कर आ रहा है कहना मुश्किल है और यही वजह है कि चुनावी दौर में खतरा और बढ़ गया है।
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच बीती रात मुठभेड़ हो गई है। जानकारी के मुताबिक मुठभेड़ राजपुरा इलाके के उगाम पथरी में हुई है जिसमें एक आतंकी ढेर हुआ है। वहीं बताया जा रहा है कि आतंकियों के खिलााफ ये ऑपरेशन अभी भी जारी है। कश्मीर जोन पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, ये आतंकी हिज्ब से जुड़ा हुआ था और 2017 से सक्रिय है। इस शख्स की पहचान शोपियां निवासी फिरोज अहमद डार के रूप में हुई है। बता दें, जम्मू-कश्मीर के पूंछ जिले में सोमवार को सुरक्षाबलों ने एक आतंकी मार गिराया था। रक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि, पुलिस और सेना को हथियारबंद आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिली थी जिसके बाद तलाश अभियान चलाया गया जिसमें एक आतंकवादी मारा गया।
कृषि कानूनों के रद्द होने के बाद आज आंदोलनकारी किसान दिल्ली बॉर्डर को पूरी तरह खाली कर देंगे। किसानों का आखिरी जत्था आज दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर के मुजफ्फरनगर लौट जाएगा। किसान आंदोलन का सबसे बड़ा चेहरा जिसकी एक आवाज पर देशभर के किसान एकजुट हुए, जिसकी जिद्द के आगे सरकार को भी झुकना पड़ा, वो राकेश टिकैत, 383 दिन बाद आज अपने घर लौट रहे हैं। गाजीपुर बॉर्डर से किसान आज भले ही बोरिया-बिस्तर समेट रहे हैं, लेकिन आम जनता के लिए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे अभी नहीं खुलेगा। हाइवे पर गाड़ियां दौड़ाने में 15 से 20 दिन लग सकते हैं। एनएच 24 पर जिस जगह किसान बैठे हुए हैं, उस जगह का एक साल से अधिक समय से निरीक्षण नहीं हो सका है, इसके अलावा फ्लाईओवर पर दरारें भी पड़ गई हैं, जिन्हें ठीक करना बाकी है। किसानों के चले जाने के बाद सबसे पहले उस इलाके को पुलिस अपने नियंत्रण में लेगी और नेशनल हाइवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारी व कर्मचारी निरीक्षण करेंगे और जो खामियां निकलेंगी, उन्हें दुरुस्त किया जाएगा। इसके अलावा सब कुछ ठीक होने के बाद ही गाड़ियों को हरी झंडी दिखाई जाएगी।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंगलवार को काशी विश्वनाथ मंदिर में शीश नवाया और वाराणसी में पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित मंदिर परिसर का अवलोकन किया और मंदिर ट्रस्ट के प्रतिनिधियों से बातचीत की और भगवान काल भैरव मंदिर में भी पूजा-अर्चना की। Shimla Himachal News
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंगलवार को वाराणसी में भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के काॅन्क्लेव में भाग लिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने काॅन्क्लेव की अध्यक्षता की। उन्होंने राज्यों द्वारा केन्द्र प्रायोजित विभिन्न प्रमुख कार्यक्रमों के कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने शून्य बजट प्राकृतिक खेती पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश एक कृषि प्रधान राज्य है और राज्य सरकार किसानों की आय को कई गुणा बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार प्राकृतिक खेती की विभिन्न तकनीकों जैसे गोमूत्र, गोबर और अन्य स्थानीय उर्वरकों का प्रयोग कर उगाए गए कृषि एवं बागवानी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य प्राकृतिक खेती की श्रेष्ठ पद्धति को बढ़ावा देने के लिए दृढ़ प्रयास कर रहा है और किसानों को इस पद्धति को अपनाने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में वर्ष 2018 में सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती खुशहाल योजना शुरू की गई। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती के लिए 153643 किसानों को प्रशिक्षित किया गया है और वर्तमान में 9192 हेक्टेयर भूमि पर इस पद्धति से खेती की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों की आय में 63.6 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। फसल विविधिकरण को बढ़ावा मिला है क्योंकि किसान कम से कम नौ फसलें एक साथ उगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शून्य बजट प्राकृतिक खेती करने से उत्पादन और किसानों की आय में भी में वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने राज्य में केन्द्र व राज्य की योजनाओं के माध्यम से प्रदेश की उन्नति व जनकल्याण के प्रयासों के बारे में भी जानकारी दी। काॅन्क्लेव में भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उप-मुख्यमंत्रियों ने भाग लिया। Shimla Himachal News
प्रदेश सरकार बेरोजगार युवाओं के कौशल को वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप निखारने के लिए योजनाबद्ध कार्य कर रही है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए कौशल विकास भत्ता योजना भी कार्यान्वित की जा रही है। यह जानकारी मंगलवार को सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग द्वारा कार्यान्वित किए जा रहे विशेष प्रचार अभियान में नालागढ़ एवं दून विधानसभा क्षेत्रों में प्रदान की गई। पूजा कला मंच, बाड़ीधार के कलाकारों ने नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सरौर एवं ग्राम पंचायत बरूणा के कोटला गांव में तथा सप्तक कला मंच कण्डाघाट के कलाकारों ने दून विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पचांयत ढेला तथा ग्राम पंचायत लोधी माजरा में स्थानीय वासियों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की। लोगों को अवगत करवाया गया कि कौशल विकास भत्ता योजना के अंतर्गत अभी तक 1,33,763 लाभार्थियों के कौशल निखार पर 80 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। सोलन जिला में 13 हज़ार से अधिक युवाओं को कौशल विकास भत्ता योजना के अन्तर्गत 08 करोड़ रुपए से अधिक उपलब्ध करवाए गए। कलाकारों ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं एवं धात्री महिलाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लाभार्थी महिलाओं को तीन किस्तों में 5-5 हजार रुपए की नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। पात्र लाभार्थी संस्था में प्रसव के बाद जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत मातृत्व लाभ के लिए अनुमोदित मानदंडों के अनुसार शेष राशि प्राप्त करने के हकदार होंगे। योजना के तहत पात्र महिला को औसतन 6000 रुपए प्रदान किए जा रहे हैं। कलाकारों ने विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान करने के साथ-साथ इनका लाभ प्राप्त के तरीकों को बताया। इस अवसर पर गृहणी सुविधा योजना, मुख्यमन्त्री खेत संरक्षण योजना, सामाजिक सुरक्षा पैंशन, हिम केयर योजना की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कलाकारों ने उपस्थित जनसमूह को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में भी जानकारी प्रदान की। लोगों को बताया गया कि हमारे युवाओं का पूरी तरह स्वस्थ एवं जागरूक होना आवश्यक है। यह तभी हो सकता है जब हमारे युवा नशे से दूर रहें। इस अवसर पर ग्राम पंचायत सरौर के प्रधान धर्मपाल चन्देल, उप प्रधान जयपाल, वार्ड सदस्य निर्मला देवी, प्रेमलता, कमलेश, बलबीर, ग्राम पंचायत बरूणा के प्रधान गुरमीत सिंह, उप प्रधान जगजीत सिंह, वार्ड सदस्य जसविन्दर कौर, बलबीर सिंह, ग्राम पंचायत ढेला की प्रधान नीलम, उप प्रधान तरसेम लाला चैधरी, वार्ड सदस्य मनोहर लाल, राम कृष्ण एवं सुरेन्द्रा देवी, ग्राम पंचायत लोधी माजरा की प्रधान दर्शना, पंचायत सचिव नीलम, वार्ड सदस्य कृष्ण एवं जोगेन्द्र सहित ग्रामवासी उपस्थित थे। Solan Himachal News
प्रधानमन्त्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत रबी फसलों का बीमा करवानेे की अन्तिम तिथि 15 दिसम्बर, 2021 निर्धारित की गई है। यह जानकारी मंगलवार को कृषि विभाग के प्रवक्ता द्वारा दी गई। उन्होंने जिला के किसानों से आग्रह किया है कि 15 दिसम्बर, 2021 तक प्रधानमन्त्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत गेहूं तथा जौ की फसलों का बीमा करवाएं। उन्होंने कहा कि किसान इन फसलों का बीमा अपने समीप के लोकमित्र केंद्रों के माध्यम से करवा सकते हैं। इसके लिए किसान जमाबंदी, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, बिजाई प्रमाण पत्र इत्यादि जैसे अपने दस्तावेज लेकर लोकमित्र केंद्रों में जाएं अथवा ऑनलाइन पोर्टल https://pmfby.gov.in पर आवेदन करें। उन्होंने कहा कि ऋणधारक किसान यदि इन योजनाओं का लाभ नहीं लेना चाहते तो संबंधित बैंक को इस बारे में अन्तिम तिथि से 7 दिन पूर्व सूचित करना होगा अन्यथा उनकी फसल का बीमा स्वतः हो जाएगा। गेहूं की फसल के लिए कुल बीमित राशि 30,000 रुपए प्रति हैक्टैयर तथा 2400 रुपए प्रति बीघा निर्धारित की गई है। जौ की फसल के लिए बीमित राशि 25,000 रुपए प्रति हैक्टेयर तथा 2000 रुपए प्रति बीघा निर्धारित की गई है। किसानों को गेहूं की फसल के लिए प्रति हैक्टैयर 450 रुपए अथवा 36 रुपए प्रति बीघा तथा जौ की फसल के लिए 375 रुपए प्रति हैक्टेयर अथवा 30 रुपए प्रति बीघा प्रीमियम राशि अदा करनी होगी। उन्होंने ज़िला के किसानो से आग्रह किया है कि इन योजनाओं के अन्तर्गत अपनी फसलों का बीमा करवाएं ताकि फसलों का नुकसान होने पर बीमा कंपनियों से मुआवज़ा मिल सके। उन्होंने कहा कि बीमा करवाने के लिए एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी को चयनित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में अधिक जानकारी के लिए अपने समीप के कृषि अधिकारी से संपर्क कर 15 दिसम्बर, 2021 तक चयनित फसलों का बीमा करवाएं। Solan Himachal News
जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के जेवान में पुलिस की बस पर आतंकियों के हमले में अबतक तीन जवान शहीद हो चुके है। इस हमले के 24 घंटों के अंदर भारतीय सेना ने आतंकियों से बदला लिया है। आज पुंछ के सुरनकोट में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच एनकाउंटर हुआ। इस एनकाउंटर में सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया है। इंडियन आर्मी के व्हाइट नाइट कॉर्प्स के ओर से जानकारी दी गई है कि पुंछ के सुरनकोट सेक्टर के बेहरामगला में भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक ऑपरेशन में एक आतंकवादी को ढेर कर दिया गया। इतना ही नहीं आतंकी के पास से एक एके-47 राइफल और चार मैगजीन बरामद की गई हैं। फिलहाल मारे गए आतंकी की पहचान की जा रही है कि वह किस आतंकी संगठन से ताल्लुक रखता था। बता दें कि सोमवार शाम पंथा चौक क्षेत्र के जेवान में 25 पुलिसकर्मियों को ले जा रही बस पर आतंवादियों ने गोलीबारी की थी। हमले में जम्मू-कश्मीर सशस्त्र पुलिस की नौवीं बटालियन के कम से कम 14 पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें अलग-अलग अस्पतालों में ले जाया गया। इनमें से तीन जवानों की मौत हो चुकी है।
करीना कपूर खान और अमृता अरोड़ा के बाद महीप कपूर भी कोविड -19 पॉजिटिव पाई गई हैं।महीप के साथ-साथ सोहेल खान की पत्नी सीमा खान भी कोविड पॉजिटिव हैं। बॉलीवुड में ये गर्ल गैंग पार्टी करने के लिए मशहूर हैं। बता दें कि कुछ दिन पहले ही करीना कपूर,अमृता अरोड़ा, महीप कपूर, सीमा खान रिया कपूर और करण जौहर की पार्टी में शामिल हुई थीं। रिया की पार्टी में करिश्मा कपूर, मलाइका अरोड़ा और मसाबा गुप्ता भी थीं। ऐसे में संभव है कि पार्टी में शामिल होने वाले अन्य सितारों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव हो। मुंबई बीएमसी का कहना है कि करीना कपूर और अमृता अरोड़ा ने पिछले दिनों कोविड नियमों को उल्लघंन करते हुए कई पार्टी की हैं। BMC ने करीना कपूर और अमृता अरोड़ा के संपर्क में आने वाले सभी लोगों से RT-PCR टेस्ट कराने की अपील की है। रविवार को करीना का कोविड टेस्ट पॉजिटिव आया। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी। हालांकि, अब करीना बेहतर महसूस कर रही हैं। दोनों बच्चे भी करीना के साथ ही हैं और वे होम क्वारंटीन हैं। हालांकि सोशल मीडिया पर यूजर्स करीना और उनके दोस्तों को जमकर ट्रोल कर रहे हैं।
टेस्ला और स्पेसएक्स के संस्थापक एलन मस्क को टाइम मैगजीन ने सोमवार को टाइम्स पर्सन ऑफ द ईयर 2021 चुना है। एलन मस्क मौजूदा समय में दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति हैं। एलन मस्क अपने कड़े प्रतिद्वंद्वी अमेजॉन के संस्थापक जेफ बेजोस को पछाड़कर इस साल दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने थे। टाइम्स मैगजीन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इलेक्ट्रिक कारों के अलावा अंतरिक्ष को लेकर एलन मस्क की रुचि के लिए उन्हें टाइम्स पर्सन ऑफ द ईयर 2021 चुना गया है। मैगजीन का कहना है कि एलन मस्क समाज में बदलाव का सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरे हैं। फिलहाल एलन मस्क इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली कंपनी टेस्ला के अलावा मंगल ग्रह पर इंसानों की बस्ती बसाने को लेकर काम कर रही कंपनी स्पेसएक्स के फाउंडर और सीईओ हैं। इसके साथ ही वो ब्रेन-चिप स्टार्टअप न्यूरालिंक और इंफ्रास्ट्रक्चर फर्म द बोरिंग कंपनी को लीड करते हैं। बता दें कि उन्होंने तब से करीब 12 अरब डॉलर के शेयर बेचे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक एलन मस्क ने गुरुवार को इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला के 934,091 शेयरों बेचे, जिनकी कीमत करीब 96.3 करोड़ डॉलर बताई जा रही है।
देश की सशस्त्र सेनाओं में सैन्य ऑफिसर रैंक के चयन के लिए होने वाली एनडीए परीक्षा के लिए 1.77 लाख महिला अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। देश में ये पहली बार है कि नेशनल डिफेंस एकेडमी यानि एनडीए के लिए महिलाओं आवेदन कर सकती हैं। खुद रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने ये आंकड़ा सोमवार को संसद के सामने रखा। रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट के मुताबिक, एनडीए (II) साल 2021 के लिए कुल 5,75,856 आवेदन प्राप्त हुए हैं, इनमें से महिला अभ्यर्थियों से प्राप्त कुल आवेदनों की संख्या 1,77,654 है। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में चयन के लिए यूपीएससी साल में दो बार परीक्षा कराती है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हाल ही में एनडीए में दाखिले के लिए महिलाओं के लिए भी दरवाजे खोल दिए गए हैं। इसके लिए पुणे के करीब खड़कवासला स्थित एनडीए एकेडमी में महिला अभ्यर्थियों के प्रशिक्षण के लिए आवश्यक अवसंरचना और सुविधाएं स्थापित कर दी गई हैं। एनडीए परीक्षा के पास करने के बाद महिलाएं अधिकारी के तौर पर थलसेना, वायुसेना और नौसेना में जा सकेंगी। इसके लिए उन्हें एनडीए अकादमी में तीन साल की कड़ी ट्रैनिंग से गुजरना होगा। इसके एक साल बाद उन्हें अपने अपने विकल्प के अनुसार थलसेना के लिए इंडियन मिलिट्री एकेडमी, देहरादून, वायुसेना के लिए डुंडीगुल एयर फोर्स एकेडमी और नौसेना के लिए एजेमाला स्थित इंडियन नेवल एकेडमी में ट्रेनिंग करनी होगी। कुल चार साल के कड़े प्रशिक्षण और ग्रेजुएशेन की डिग्री के बाद महिलाएं सशस्त्र सेनाओं में शामिल हो सकेंगी।
देश में जानलेवा कोरोना वायरस के ओमिक्रोन वेरिएंट के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इन मामलों ने सरकारों को अब चिंता में डाल दिया है। कल महाराष्ट्र में ओमिक्रोन से दो और लोग संक्रमित पाए गए हैं। दोनों ने दुबई की यात्रा की थी। दूसरी तरफ दक्षिण अफ्रीका से गुजरात लौटा एक शख्स भी ओमिक्रोन से संक्रमित पाया गया है। देश में अबतक ओमिक्रोन से 41 लोग संक्रमित हो चुके हैं। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि एक नया मामला लातूर और एक अन्य मामला पुणे में पाया गया है। पुणे में सामने आई मरीज 39 साल की महिला है, जबकि लातूर का संक्रमित 33 साल का पुरुष है। इसी के साथ राज्य में ओमिक्रोन से संक्रमित पाए गए लोगों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है। विभाग के मुताबिक, दोनों मरीजों में बीमारी के लक्षण नहीं थे और वे टीके की दोनों खुराक ले चुके थे। दोनों ने दुबई की यात्रा की थी। इसके मुताबिक, मरीजों के तीन करीबी संपर्कों का पता लगाकर उनकी जांच की गई और तीनों संक्रमित नहीं पाए गए। वहीं, दक्षिण अफ्रीका से गुजरात के सूरत लौटे 42 साल के व्यक्ति में वायरस के ओमिक्रोन वेरिएंट की पुष्टि हुई है, जोकि राज्य में इस वेरिएंट का चौथा मामला है। अधिकारियों ने बताया कि इस व्यक्ति की दिल्ली में जांच की गई थी जिसमें रिपोर्ट निगेटिव आयी थी। हालांकि, गुजरात पहुंचने के बाद उसमें लक्षण दिखने के चलते दोबारा जांच की गई। अब तक देश में ओमिक्रोन स्वरूप के कुल 41 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें महाराष्ट्र में 20, राजस्थान में नौ, कर्नाटक में तीन, गुजरात में चार, दिल्ली में दो जबकि आंध्र प्रदेश, केरल और चंडीगढ़ में एक-एक मामला शामिल है।
राजधानी दिल्ली में मंगलवार को भी एयर क्वालिटी 'बेहद खराब' श्रेणी में बनी हुई है। सिस्टम ऑफ एयर क्वॉलिटी एंड वेदर फॉरकास्टिंग एंड रिसर्च के मुताबिक दिल्ली में एयर क्वॉलिटी इंडेक्ट 328 पर रहा, जो बेहद खराब की श्रेणी में आता है। दिल्ली के आसमान में धुंध सी नजर आ रही है। दिल्ली में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस पर बना हुआ है। दिल्ली में आज सुबह 7 बजे एक्यूआई 346 पर था। सोमवार को यह 307 रिकॉर्ड किया गया था. बता दें कि जीरो से 50 के बीच एक्यूआई अच्छा, 51 से 100 के बीच संतोषजनक, 101 से 200 के बीच मॉडरेट, 201 से 300 के बीच खराब, 301 से 400 के बीच बेहद खराब और 401 से 500 के बीच गंभीर श्रेणी में माना जाता है।
जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में सोमवार को हुए आतंकवादी हमले में घायल एक और पुलिसकर्मी ने दम तोड़ दिया है। शहीदों की संख्या अब बढ़कर 3 हो गई है। श्रीनगर के जेवान में जम्मू-कश्मीर पुलिस की बस पर आतंकवादियों ने गोलीबारी की थी, जिसमें दो पुलिसकर्मियों शहीद हो गए थे और 14 घायल थे। बस में करीब 25 पुलिसकर्मी थे। हमले की जिम्मेदारी कश्मीर टाइगर्स ने ली है। सोमवार शाम पंथा चौक क्षेत्र के जेवान में 25 पुलिसकर्मियों को ले जा रही बस पर आतंवादियों ने गोलीबारी की थी। हमले में जम्मू-कश्मीर सशस्त्र पुलिस की नौवीं बटालियन के कम से कम 14 पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें विभिन्न अस्पतालों में ले जाया गया और इनमें से दो ने सोमवार को दम तोड़ दिया था। जान गंवाने वालों में सशस्त्र पुलिस का एक सहायक उप-निरीक्षक भी शामिल है। कश्मीर के आईजीपी विजय कुमार ने बताया कि इस हमले में दो से तीन आतंकवादी शामिल थे और अंधेरे का फायदा उठाकर वे फरार हो गए। अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादियों की धरपकड़ के लिए इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
गगरेट विधानसभा से समाजसेवी मनीष शारदा ने गूगलेहढ क्रेशर मामले में अधिकारीयों से जनता के पक्ष में काम करने की बात कही. उन्होंने कहा की प्रशासन द्वारा की गयी डी-मारकेशन में भी अधिकारी जनता के हितों को ध्यान में न रखते हुए सरकार के दवाब में काम करते हुए प्रतीत हुए. उन्होंने कहा की जनता की मांग है की उक्त गाँव में क्रेशर न लगे और नियमों के अनुसार घरेलू आबादी के समीप क्रेशर नही लगते परन्तु अधिकारी नियमों की अनदेखी कर रहे है जिसे बर्दाश्त नही किया जायेगा. आने वाले समय में उक्त क्रेशर के खिलाफ सडकों पर उतरा जायेगा. उन्होंने कहा की उक्त सरकार में गगरेट विधानसभा क्षेत्र में क्रेशरों एवं क्रेशर लगाने वालों का ही विकास हुआ है और आम जनता के हिस्से केवल छलावे ही आये हैं.
प्रदेश सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश में बेसहारा गौवंश के संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की पूरे देश में सराहना की जा रही है। हाल ही में एक गैर सरकारी संस्था स्काॅच ग्रुप द्वारा राज्य में गौसेवा के कार्य को सराहा गया है। उन्होंने बताया कि यह संस्था सरकारी विभागों या संस्थाओं द्वारा जनसेवा में किये जा रहे अभिनव कार्यों के लिए उन्हें पुरस्कृत करती है। इस संस्था द्वारा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा बेसहारा गौवंश के संरक्षण के उद्देश्य से आरंभ अनुदान योजना को मेरिट पर आंका है। इस योजना के अंतर्गत राज्य गौसेवा आयोग के माध्यम से बेसहारा गौवंश के संरक्षण के लिए पांच सौ रुपये प्रति गौवंश प्रतिमाह प्रदान किए जा रहे हैं उन्होंने कहा कि योजना से अन्य राज्य भी प्रभावित हुए हैं व इसे अपनाने पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने कृषि विभाग के प्रयासों से गौ सेवा आयोग का गठन कर बेसहारा गौवंश के लिए बेहतरीन कार्य किया है। वहीं, स्काॅच ग्रुप द्वारा इस योजना के मेरिट में आंके जाने पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, कृषि, मत्स्य पालन व पशुपालन मंत्री वीरेन्द्र कंवर ने गौसेवा आयोग के सभी सदस्यों, पशुपालन विभाग के अधिकारियों व राज्य की जनता को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि राज्य में बेसहारा गौवंश के लिए विभिन्न गौशाला व गौसदनों के साथ-साथ बड़े गौ अभयारण्य स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही प्रदेश की सड़कों को बेसहारा गौवंश मुक्त कर दिया जाएगा। Shimla Himachal News
कई हादसे इंसान को अपाहिज बना देते है। जिंदगी की कीमत मरीज के किसी अंग को, खासतौर से पैर या हाथ काटकर चुकानी पड़ती है। ऐसे में मरीज़ को पूरी जिंदगी बोझ बन जाती है। ऐसे ही मरीजों की जिंदगी को सबल करने का काम किया है 'जयपुर फुट' ने। जयपुर फुट रबर से बना कृत्रिम पैर है जो ऐसे व्यक्तियों के लिये उपयुक्त है जिनका पैर कहीं घुटने के नीचे से क्षतिग्रस्त या कटा हुआ हो। डॉ प्रमोद करण सेठी के मार्गदर्शन में श्री रामचंद्र शर्मा द्वारा वर्ष 1969 में इसका विकास किया गया था। ये जयपुर फुट लाखों ऐसे लोगों की जिंदगी बदल चुका है जो किसी हादसे में अपना पांव गवां बैठे हो। जयपुर फुट का आविष्कार करने वाले डॉ प्रमोद करण सेठी भारत के बेस्ट सर्जनों में से एक थे और उनका बनाया ये जयपुर फुट कई निराश लोगों की जिंदगी में खुशियां भर गया। डॉ सेठी सर्जन थे और वो जो काम करते थे उसमें कई मरीजों के अंग खासतौर पर पैर या हाथ किसी न किसी कारण से काटने पड़ते थे। इससे निजी तौर पर उन्हें काफी पीड़ा होती थी। डॉ सेठी ने इन लोगों की मदद के लिए एक स्थानीय अनुभवी कारीगर रामचंद्र की सहायता से एक बेहद पुरानी तकनीक के सहारे तैयार किया ‘जयपुर फुट’। इस सफलता के बाद डॉ. प्रमोद करण सेठी को ‘द मास्टर क्राफ्ट्समैन ऑफ़ सर्जरी’ कहा जाने लगा। डॉ पी.के सेठी का जन्म 1927 में हुआ था। उनके पिता डॉक्टर एन. के. सेठी काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में भौतिक विज्ञान के प्रोफेसर हुआ करते थे। आगरा के सरोजनी नायडू मेडिकल कॉलेज से पी.के सेठी अपनी एमबीबीएस की डिग्री ली और इसके बाद उसी कॉलेज से डॉ. डी.जी.एन. व्यास की देखरेख ने एम.एस. किया। आर्थोपेडिक्स उनका स्पेशलाइज सब्जेक्ट था। अपनी पढ़ाई के बाद डॉक्टर सेठी ने एक सर्जन के रूप में साल 1954 में जयपुर के जाने माने सवाई मानसिंह अस्पताल में अपनी सेवा शुरू की। डॉ. पीके सेठी के ऑर्थोपेडिक सर्जन बनने का किस्सा भी बड़ा दिलचस्प है। कहते हैं इंडियन मेडिकल काउंसिल की एक टीम सवाई मान सिंह हॉस्पिटल में इंस्पेक्शन के लिए आनी थी और अस्पताल मैनेजमेंट को ऑर्थोपेडिक सर्जन की सख्त जरूरत थी। इसके चलते डॉ. पीके सेठी को ऑर्थोपेडिक सर्जन के हेड ऑफ डिपार्टमेंट के तौर पर काम करने के लिए कहा गया। डॉ. सेठी ने पदभार संभाला और अपने काम में फिजियोथेरेपी का सहारा लेने लगे। कई मरीज ऐसे होते थे जो एक्सीडेंट या गैंग्रीन आदि की वजह से अपने अंग खो दिया करते थे और यहीं से डॉ. सेठी का दिमाग नकली पैर बनाने की ओर गया। दिलचस्प बात ये है कि इस काम में उनका सहयोगी बने रामचंद्र शर्मा, जो बढ़ई थे। रामचंद्र शर्मा पढ़े लिखे नहीं थे लेकिन बेहद कुशल थे और उनकी कुशलता और डॉ पीके सेठी के दिमाग के सामंजस्य से ही जयपुर फुट की कल्पना साकार हो पाई। जयपुर फुट के आविष्कार की कहानी बेहद दिलचस्प है। कहते है एक बार डॉ. पीके सेठी के सहयोगी रामचंद्र शर्मा साइकिल से अस्पताल जा रहे थे और रास्ते में उनकी साइकिल पंक्चर हो गई। पंक्चर ठीक कराने वो एक दुकान पर पहुंचे और जब दुकानदार पंचर बना रहा था तो रामचंद्र की नजर टायर पर पड़ी। उनके मन में एक विचार आया और अस्पताल से डॉ. पीके सेठी को लेकर वापस पंक्चर की दुकान पर पहुंचे। डॉ. सेठी ने अपना दिमाग लगाना शुरू किया और थोड़ी देर में ही वे एक मरीज को भी वहां ले आए और उसकी नाप का टायर कटवाया। डॉ. सेठी के दिमाग और रामचंद्र की कारीगरी के बूते टायर से आर्टिफिशियल पैर बनाया गया। धीरे - धीरे इसी में निरंतर सुधार किया गया और वर्ष 1969 में जयपुर फुट की कल्पना साकार हुई। रबड़ और लकड़ी के इस्तेमाल से बनता है जयपुर फुट जयपुर फुट बनाने में रबड़ और लकड़ी का इस्तेमाल होता है। इसको दुनिया में सबसे सस्ता और बेहतरीन प्रोस्थेटिक लिंब माना जाता है। इससे कई लोगों को एक नई जिंदगी मिली है। कारगिल युद्ध में घायल हुए जवानों से लेकर खेतों में काम करने वाले किसानों तक को इसका लाभ मिला है क्यों कि यह पहनने में जितना आसान है उतना ही सस्ता भी। प्रसिद्ध नृत्यांगना व एक्ट्रेस सुधा चंद्रन अपनी एक पैर खोने के बाद भी ‘जयपुर फुट के कारण ही डांस कर पाती हैं। इंटरनेशनल रेड क्रॉस सोसाइटी ने अफगानिस्तान में और भारत में कारगिल वार के दौरान अपने सैनिकों को ऐसे ही आर्टिफिशियल लिंब मुहैया कराए थे। टाइम ने लिखा था '28 डॉलर का पैर' प्रतिष्ठित टाइम मैगजीन ने साल 2000 में जयपुर फुट पर '28 डॉलर का पैर’ नाम से प्रिंट स्टोरी की थी। टाइम ने लिखा था कि दुनिया भर के जंग के मैदानों, मसलन अफगानिस्तान और रवांडा के लोगों ने चाहे न्यूयॉर्क- पेरिस का नाम न सुना हो, लेकिन वो जयपुर का नाम जानते हैं। ये शहर अपने आर्टिफिशियल पैर के लिए दुनिया भर में फेमस है। टाइम ने जयपुर फुट की मोबिलिटी और इसके हल्केपन पर विस्तार से लिखा था। टाइम ने लिखा था कि जयपुर फुट पहनकर न सिर्फ दौड़ सकते हैं बल्कि पेड़ पर भी चढ़ सकते हैं। अमेरिका में इस तरह का प्रोडक्ट बनाने में हजारों डॉलर लग सकते हैं, मगर भारत में इसकी लागत केवल 28 डॉलर है। वर्तमान में भी जयपुर फुट की लागत करीब 40 डॉलर के आसपास है। दुनिया ने देखा सुधा चंद्रन का कमाल बॉलीवुड अभिनेत्री और जानी मानी डांसर सुधा चंद्रन ने एक हादसे में अपना पैर गंवा दिया था। इस हादसे के बाद सुधा ने जयपुर फुट का इस्तेमाल किया। सुधा ने न सिर्फ फिल्मों में वापसी की बल्कि बतौर डांसर भी मंच पर लौटी। उनके जीवन पर फिल्म ‘नाचे मयूरी’ बनी हैं जिसमें उन्होंने खुद काम किया है। आज भी सुधा अपने उसी प्लास्टिक के पैर के साथ डांस करके बड़े-बड़े सूरमाओं को मात दे रही हैं। साइकिल चलाना भी संभव लागत कम रखने के लिए जयपुर फुट रबर और लकड़ी से बना है। यह समग्र कार्बन फाइबर वेरिएंट जितना टिकाऊ नहीं है, लेकिन फिर भी यह बहुत अच्छा है। जयपुर फुट आमतौर पर लगभग तीन साल तक रहता है। उसके बाद आपको एक नया फिट करवाना होगा। जयपुर फुट का उपयोग करने वाले लोग दौड़ सकते हैं, नृत्य कर सकते हैं, पेड़ों पर चढ़ सकते हैं, साइकिल चला सकते हैं और अन्य अधिकांश गतिविधियां कर सकते हैं। - दुनिया में सबसे ज्यादा लोगों को उनके पैरों के सहारे दोबारा चलने के काबिल बनाने के लिए डॉ. पीके सेठी का नाम गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। - 1981 में डॉ. पीके सेठी को पद्म श्री से सम्मानित किया गया। - डॉ. पीके सेठी को साल 1981 में कम्युनिटी लीडरशिप के लिए रेमन मैग्सेसे अवार्ड मिला - साल 2008 की 6 जनवरी को 80 साल की उम्र में उनका देहांत हुआ। - जयपुर में आज उनके काम को भगवान महावीर विकलांग सेवा समिति आगे बढ़ा रही है। ये समिति दिव्यांगों को निशुल्क जयपुर फुट मुहैया करवाती है। भगवान महावीर विकलांग सेवा समिति की स्थापना देवेंद्र राज मेहता ने 1975 में की थी। - अभिनेत्री सुधा चंद्रन ने जयपुर फुट के साथ अपनी तेलुगु फिल्म मयूरी (1981) में नृत्य किया था। यह फिल्म नाचे मयूरी (1984) शीर्षक के साथ हिंदी में बनाई गई थी। इस फिल्म ने जयपुर फुट को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। - जयपुर फुट वाटरप्रूफ है और यह जूते के साथ या बिना पहना जा सकता है। - जयपुर फुट का सामान्य जीवनकाल लगभग 3 वर्ष है। - जयपुर फुट हल्का है। आम तौर पर एक कृत्रिम अंग का कुल वजन 1.3 किलोग्राम और 1.5 किलोग्राम के बीच होता है। ये व्यक्ति के आकार और कद काठी पर निर्भर करता है। ऐसे प्राप्त करें जयपुर फुट भगवान महावीर विकलांग सेवा समिति में सबसे पहले आपको अपना पंजीकरण कराना होता है। इसके बाद विशेषज्ञ विकलांगता की सीमा का आकलन करते हैं। इसके बाद तय किया जाता है कि किस प्रकार का ऑर्थोसिस मरीज के लिए सबसे उपयुक्त होगा। ढलाई ऑर्थोसिस के लिए स्टांप भाग बनाने के लिए, रोगी के पैर से प्लास्टर ऑफ पेरिस कास्ट बनाया जाता है। फिटिंग और ट्रायल जब पूरा प्रोस्थेटिक लेग तैयार हो जाता है, तो इसे मरीज के पैर में लगाया जाता है। फिर मरीज नए पैर की कोशिश करता है। यदि रोगी को नए बने जयपुर फुट के साथ चलने में किसी भी परेशानी का सामना करना पड़ता है, तो समायोजन वहां और उसके बाद किया जाता है। यह सब मुफ़्त है। भगवान महावीर विकलांग सेवा समिति निसंदेह मानवता की सेवा में अपना बेहतरीन योगदान दे रही है। वेबसाइट – https://www.jaipurfoot.org पता : महावीर सेवा समिति जयपुर – भगवान महावीर विकास सहयोग समिति 13 ए, गुरुनानक पथ मुख्य मालवीय नगर जयपुर 302017 राजस्थान, भारत दूरभाष: 91-0141-2520485 / 2522406/2523103/4001519 महावीर सेवा ट्रस्ट फोन नंबर: + 91-141-2612949 लैंडलाइन – 0712- 2544342 महावीर सेवा समिति – ई-मेल: office@mahavir.international
ज्ञान के बल से ही व्यक्ति का विकास होता है और शिक्षा के लिए सही शिक्षण संस्थान का चयन करना भी बेहद जरूरी होता है। ढेरों सरकारी और निजी संस्थानों के बीच उनके भारी-भरकम दावों की कसौटी पर शिक्षण संस्थान को कैसे परखा जाए, यह एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। ऐसे में इस चुनौती को सरल करता है शिक्षण संस्थान का परिणाम और बच्चों की सक्सेस स्टोरी। बिलासपुर के घुमारवीं में स्थित मिनर्वा स्टडी सर्किल भी छात्रों के बेहतरीन परिणाम के बुते अपनी अलग पहचान स्थापित करने में कामयाब हुआ है। क्षेत्र में बच्चों को बेहतरीन शिक्षा मिल सके, इस मकसद से संस्थापक प्रवेश चंदेल ने 2014 में मिनर्वा स्टडी सर्किल की शुरुआत की। शुरुआती दौर में अभिभावकों के मन में विश्वास कायम करना इतना सरल नहीं था लेकिन जब मन में कुछ ठाना हो तो रास्ते खुद ब खुद बन जाते है और मंज़िल को पाना भी मुमकिन हो जाता है। इसी का प्रमाण है कि मात्र सात वर्षों में मिनर्वा स्टडी सर्किल अभिभावकों और विद्यार्थियों के मनपसंद शिक्षण संस्थान के रूप में उभरकर आया है। मिनर्वा स्टडी सर्किल छात्रों के बीच नीट व जेईई कोचिंग क्लास के लिए सबसे अधिक लोकप्रिय संस्थानों में से एक है। यहाँ केवल कोचिंग पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय छात्रों के IQ को बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जाता है, जो कि इस कोचिंग संस्थान के अच्छे रिजल्ट का सबसे बड़ा कारण है। हर साल यहां से नीट, जेईई व तमाम परीक्षाओं में छात्र टॉप करते हैं। छात्रों के डॉक्टर और इंजीनियर बनने के सपनों को मिनर्वा स्टडी सर्किल साकार करने में उनकी मदद करता है। 2014 में स्थापना के बाद से मिनर्वा स्टडी सर्किल मार्गदर्शन के क्षेत्र में एक टॉप संस्थान बनकर उभरा है। क्योंकि परिणाम बोलते है मिनर्वा कोचिंग व शिक्षण संस्थान घुमारवीं में हर वर्ष होनहार नीट व जेईई परीक्षा में अपनी प्रतिभा को लोहा मनवाते है। इस वर्ष भी नीट यूजी परीक्षा परिणाम में हिमाचल प्रदेश के घुमारवीं स्थित कोचिंग व शिक्षण संस्थान मिनर्वा स्टडी सर्किल तथा मिनर्वा वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने इतिहास रचा है। मिनर्वा संस्थान के कुल 38 अभ्यर्थियों ने इस ऑल इंडिया लेवल की परीक्षा में 500 से अधिक अंक हासिल किये है। आरक्षित श्रेणी के 11 अन्य विद्यार्थियों ने 450 से अधिक अंक हासिल किए है। मिनर्वा संस्थान के विद्यार्थियों ध्रुव शर्मा ने 655, आलोक गौतम ने 607, सृजन शर्मा ने 584, अर्शिता ने 575, अंजली पटियाल ने 565, मनीष कुमार ने 565, अमृता ठाकुर ने 563, सूर्यांश ने 563, गौरव ने 563, ईवानी गुलेरिया ने 560, हर्षित ने मिश्रा 560, दिव्यांशी ने शर्मा 558, सिया तुली ने 558, दिया शर्मा ने 537, कशिश ठाकुर ने 535, आकांक्षा ने 535, निधि वर्मा ने 534, राघवेन्द्र भारद्वाज ने 533, एंजेल ठाकुर ने 531, शशांक रूडकी ने 522, मोनिका ठाकुर ने 519, नेहा चन्देल ने 518, आकांक्षा ने 514, शिवानी ने 503, आंचल ने 503, ईशा ने 500, इशिता ने 500, सुपर्ण ने 498 व दिक्षित ने 498 अंक प्राप्त कर अनारक्षित श्रेणी में सरकारी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस में दाखिला पाने की अपनी सम्भावना को बरकरार रखा है। इस वर्ष मिनर्वा कोचिंग सेंटर के 38 होनहार विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण की है। इसमें संस्थान के विद्यार्थी ध्रुव शर्मा ने सबसे अधिक 655 अंक झटके हैं। बेहतरीन प्रदर्शन करने वालों को नगद पुरस्कार बच्चों को इस तरह कि परीक्षाओं में और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देने के लिए मिनर्वा स्टडी सर्किल द्वारा नगद पुरस्कार प्रोत्साहन योजना शुरू की जा रही है, जिसके तहत नीट की परीक्षा में मिनर्वा संस्थान का जो भी विद्यार्थी हिमाचल में प्रथम स्थान ग्रहण करेगा, उसको संस्थान एक लाख रुपये, दूसरे स्थान वाले को 90 हजार, तीसरे स्थान पर रहने वाले को 80 हजार व चौथे स्थान पर 70 हजार, पाँचवा स्थान ग्रहण करने वाले को 60 हजार, छठे स्थान के लिए 50 हजार, सातवें स्थान वाले को 40 हजार, आठवां स्थान ग्रहण करने वाले को 30 हजार, नौवां स्थान प्राप्त करने पर 20 हजार और दसवें स्थान से लेकर 20वीं स्टेट रैंक तक के विद्यार्थी को 10 हजार का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इसलिए विशेष है मिनर्वा स्टडी सर्किल यहाँ पर प्रत्येक छात्र से सीधा संवाद कर उनके संदेह का समाधान किया जाता है। बच्चों का कांसेप्ट क्लियर हो इसके लिए इजी मेथड से समझाया जाता है। बच्चों को उच्च शिक्षण सामग्री दी जाती है और समयानुसार छात्रों के साथ बैठकर प्रत्येक विषयों पर चर्चा की जाती है। मिनर्वा स्टडी सर्किल की खास बात यह भी है कि यहाँ पर मौजूद सभी शिक्षक खुद भी एस्पिरेंट्स रहे है। मिनर्वा स्टडी सर्किल दावा करता है कि समस्त स्टाफ की नियुक्ति उनके अनुभव, इंटेलिजेंस क्वालिटी व बेहतरीन व्यवहार को देखकर की जाती है, यही कारण है कि यहाँ छात्र शिक्षकों से खुलकर अपनी बात साझा करते है। मिनर्वा स्टडी सर्किल में छात्रों को नवीनतम पाठ्यक्रम पर आधारित सामान्य ज्ञान अध्ययन सामग्री भी प्रदान की जाती है ताकि छात्र करंट अफेयर्स से अपडेट रहे। अचीवर्स का क्या है कहना मिनर्वा स्टडी सर्किल मेरे जीवन में बहुत महत्व रखता है, क्योंकि आज मैं अपने सपनों को साकार करने की राह तक पहुंचा हूँ। मेरे लक्ष्य को साकार करने में मेरे गुरुजनों की अहम् भूमिका रही है। मेरे शिक्षकों ने मेरी शंकाओं का निदान किया है, कमजोर विषयों में मेरी मदद की है। हमने यहां सब कुछ सीखा। मैंने पढ़ाई के साथ - साथ नैतिक शिक्षा का ज्ञान भी प्राप्त किया। आज मैं जहां भी हूं उन्हीं की वजह से हूं। मैं हर छात्र से ये ही कहना चाहूंगा कि जीवन में सफल होने के पीछे शिक्षण संस्थान व शिक्षक का अहम रोल रहता है इसलिए सही शिक्षण संस्थान का चयन करे। -मयंक ठाकुर मिनर्वा स्टडी सर्किल ने मेरी तैयारी में बहुत मदद की है। यहां के शिक्षक बहुत मददगार, सहायक और मेहनती हैं। उन्होंने हमें विषयों को समझने और हमारी शंकाओं को दूर करने के लिए हर संभव प्रयास किया। मैं अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मिनर्वा स्टडी सर्किल और मेरे माता-पिता की बहुत आभारी हूं। - अलका सच कहूं तो नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए शिक्षक संस्थान और पर्यावरण का चुनाव बहुत मायने रखता है। इसके लिए मिनर्वा स्टडी सर्किल मेरी उम्मीदों पर खरा उतरा, संदेह निवारण और उचित मार्गदर्शन के लिए शिक्षकों की अनुशासनात्मक वातावरण उपलब्धता, नियमित अभ्यास परीक्षण और मॉक टेस्ट ने मुझे बहुत मदद की। आज मैं अपने व अपने माता पिता के सपनों को साकार करने में सफल हुई हूँ। मेरा लक्ष्य अभी शेष है, लेकिन मेरी हर सफलता के पीछे मैं संस्थान का योगदान कभी नहीं भूल सकती। -मान्या नड्डा एक स्टूडेंट होने के नाते मैं कहना चाहूंगा कि नीट जैसे टेस्ट को क्वालीफाई करने के लिए मिनेर्वा स्टडी सर्किल से बेहतरीन संस्थान प्रदेश में हो ही नहीं सकता। इस संस्थान कि मुख्य विशेषता ये है कि यहाँ बच्चों को लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए लगातार मोटीवेट किया जाता है। मैं यह कहना चाहूंगा कि मिनेर्वा स्टडी सर्किल आपको बहुत से अवसर प्रदान करता है। हमें सिर्फ निरंतर मेहनत करने कि आवश्यकता है। -अभय ठाकुर हर बच्चा होता है क्षमतावान, सही मार्गदर्शन जरूरी बच्चों में जीवन जीने के सलीके में बहुत बदलाव आ गया है। बच्चे अपने लक्ष्य को लेकर काफी गंभीर है जो अच्छी बात भी है। शिक्षण संस्थान भी एक उपवन हैं जहां बच्चे उसके फूल हैं। उन फूलों का पोषण अच्छी शिक्षा से होना आवश्यक है। यही उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने के लिए प्रेरित करता हैं। जब हम बच्चे के सर्वांगीण विकास की बात करते हैं तो वह केवल किताबी ज्ञान की ही नहीं करते है बल्कि व्यक्तित्व और विचारों से भी उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने के लिए प्रेरित करते हैं। मिनर्वा स्टडी सर्किल का भी यही लक्ष्य है कि बच्चों को सही दिशा दें और मंजिल तक पहुँचाया जाये। मिनर्वा स्टडी सर्किल की स्थापना का प्राथमिक उद्देश्य प्रवेश परीक्षाओं के लिए मार्गदर्शन करके छात्रों को उनकी क्षमता प्राप्त करने में मदद करना है। दशकों के अनुभव के साथ हम छात्रों को उनके सपनों को साकार करने में मदद करने के लिए समर्पित हैं। हम मानते है हर बच्चा काबिल होता है, क्षमतावान होता है, बस उसे जरुरत होती है उचित मार्गदर्शन की ताकि वो अपनी काबिलियत पर भरोसा करने लगे। - प्रवेश चन्देल ,संयोजक व संस्थापक
बर्फबारी से निपटने के लिए शिमला शहर को अलग अलग सेक्टर में विभाजित किया गया है तथा प्रत्येक सेक्टर में संबंधित विभाग के अधिकारियों की ड्यूटी सुनिश्चित की गई है। बर्फबारी के दौरान शिमला को 5 सैक्टरों में बांटा गया है, जिसमें सैक्टर-1 के तहत संजौली, ढली, कुफरी, नालदेहरा, मशोबरा, बल्देयां, सैक्टर-2 के तहत ढली-संजौली बाईपास, संजौली चैक-आईजीएमसी-रिगल, लक्कड़ बाजार से विक्ट्री टनल तक, कैथू, भराड़ी, चौड़ा मैदान, एजी आफिस, अनाडेल, उपायुक्त कार्यालय, सैक्टर-3 के तहत बाईपास एनएच सड़क वाया आईएसबीटी से शोघी तक, चक्कर, बालुगंज, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, टूटु, जतोग, नाभा, फागली, खलीणी, बीसीएस, विकास नगर, सैक्टर-4 के तहत विक्ट्री टनल से कार्ट रोड छोटा शिमला चौक तक, आर्टरेक, यूएस क्लब, माॅल, रिज, जोधा निवास, हाॅली लोज, जाखू, रिज माउंट, राम चन्द्रा चैक तथा सैक्टर-5 के तहत हाई कोर्ट, केएनएच, ओकओवर, राज भवन, बैनमोर, वन रोड, हिमाचल प्रदेश सचिवालय छोटा शिमला, ब्राॅक-ह्रस्ट, मैहली, कसुम्पटी तथा पंथाघाटी शामिल है। वहीं उपायुक्त आदित्य नेगी ने बताया कि ढली से लेकर कुफरी तक की सड़क के बीच में पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी तथा पर्यटकों के लिए शिमला से कुफरी आने जाने के लिए एचआरटीसी की बस का प्रबंध किया जाएगा ताकि जाम की स्थिति पैदा न हो। उन्होंने बताया कि बर्फबारी के दौरान एंबुलेंस के लिए चैन तथा क्यूआरटी के लिए 4*4 गाड़ियों का भी प्रबंध किया जायेगा। उन्होंने बताया कि बर्फबारी के दौरान पर्यटकों एवं आवश्यकतानुरूप बचाव कार्यों के लिए विभिन्न तैयारियों के लिए पुलिस दल की तैनाती तथा चैनयुक्त गाड़ियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है।
जिला ऊना के पांचों विकास खंडों में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा बीते दिनों उपायुक्त राघव शर्मा ने की। इस दौरान योजनाओं की समीक्षा करते हुए डीसी राघव शर्मा ने बताया कि चालू वित्त वर्ष के दौरान मनरेगा के तहत 14,81,938 कार्यदिवस के लक्ष्य के मुकाबले नवंबर माह के अंत तक लगभग 12 लाख कार्यदिवस सृजित किए जा चुके हैं। इनमें विकास खंड ऊना में 1.88 लाख, हरोली में 3.38 लाख, गगरेट में 1.33 लाख, बंगाणा में 3.32 और अंब में 1.75 लाख कार्य दिवस सृजित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि जिला में मजदूरी और मैटिरियल के रुप में लोगों को लगभग 45 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिला के पांच स्थानों पर ठोस कचरा प्रबंधन संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं ताकि ठोस कचरे का सही और समुचित निष्पादन किया जा सके और लोगों को साफ-सुथरा परिवेश मिल सके। राघव शर्मा ने कहा कि रोशनी योजना के तहत पंचायतों के गरीब से गरीब परिवारों की पहचान की जा रही है ताकि ऐसे परिवारों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। इस योजना के तहत 245 पंचायतों में अब तक 184 परिवारों को संबंधित खंड विकास अधिकारियों जारी प्रमाणित करने के उपरांत 84 परिवारों को बीपीएल की सूची में शामिल कर लिया गया है और 38 परिवारों को पैंशन योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एक साल पांच काम योजना के तहत 1,222 कार्यों को शामिल और क्रियान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिनमें से 414 कार्य आरंभ हो चुके हैं और शेष में आवश्यक औपचारिकताओं को पूर्ण किया जा रहा है। डीसी ने कहा कि वित्त वर्ष के लिए 477 स्वयं सहायता समूहों के गठन के लक्ष्य के मुकाबले 62 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की जा चुकी है। पांचों विकास खंडों में 86 साप्ताहिक हिमईरा शॉप स्थापित करके अब तक 4.62 लाख रुपये की राशि अर्जित की गई है। जिलाधीश ने बैठक में हिमकेयर योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि जिला में 38,621 लाभार्थियों को हिमकेयर योजना के तहत पंजीकृत किया गया है जिनमें से अंब के 7345, बंगाणा के 5731, गगरेट के 4381, हरोली के 9072 और ऊना के 12092 लाभार्थी शामिल हैं। उन्होंने बताया कहा कि योजना के तहत 14,428 रोगियों का उपचार किया गया है, जिस पर 7.97 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई है। इसके अलावा आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 24613 परिवारों को पंजीकृत किया गया। योजना के तहत 4428 रोगियों को 4.71 करोड़ की राशि से स्वास्थ्य लाभ प्रदान किया गया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण कौशल योजना के तहत 70 प्रशिक्षणार्थियों को 14 विभिन्न प्रकार के पाठ्यक्रमों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। डीसी ने अधिकारियों को सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि फील्ड में जाकर विकास कार्यों और योजनाओं का स्वयं निरीक्षण करें ताकि सरकार द्वारा निर्धारित मापदंडों के आधार पर पात्र व्यक्तियों को इन योजनाओं का समय पर लाभ मिल सके।
काजा की खूबसूरत वादियों में पहली बार राष्ट्रीय महिला आईस हाॅकी प्रतियोगिता होने जा रही है। 25 दिंसबर से नेशनल डिव्लेमेंट कैंप काजा में आयोजित हो रहा है। कैबिनट मंत्री डॉ. रामलाल मारंकडा ने कहा कि हमारी सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रही है। स्पीति में वर्ष 2019 से आइस हाॅकी खेल के प्रति बच्चों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहली बार काजा में इस तरह की राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष बेटियों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता था और इस बार राष्ट्रीय प्रतियोगिता की मेजबानी हमें मिली है। इससे साफ जाहिर है आने वाले सालों में राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर के आयोजन आसानी से स्पीति में हो सकेंगे। हमें काजा में हाई एल्टीटयूड स्पोर्टस सेंटर बना रहे है। इसका काम तीव्र गति से चला है। कैंप और प्रतियोगिता के आयोजन में आईस हाॅकी ऐसोसियेशन आफ लाहुल स्पिति की काफी बड़ी भूमिका है। एडीएम मोहन दत शर्मा ने कहा कि कैंप और प्रतियोगिता की तैयारियों को लेकर कार्य चल रहा है। प्रशासन और एसोसिएशन के सदस्य दिन-रात मेहनत कर रहे है। इस आयोजन को बड़ी धूम धाम से करवाया जाएगा। खिलाड़ियों के ठहरने की उचित व्यवस्था का इंतज़ाम यहां पर किया गया है। यहां पर विंटर आलेम्पिक भी आयोजित हो सकती है। 25 से शुरू होगा नेशनल डिव्लेपमेंट कैंप 25 दिंसबर से शुरू होने वाले नेशनल डिव्लेपमेंट कैंप में 80 के करीब खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। संभावित 16 जनवरी 2022 से 20 जनवरी 2022 तक राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पांच से सात टीमों के हिस्सा लेने की संभावना है। हर टीम में 22 खिलाड़ी होंगे। इसके साथ ही 10 आफिशयल भी रहेंगे। प्रतियोगिता में रोजाना दो से तीन मैच होंगे। कैंप में हैदराबाद, लेह, चंडीगढ़, दिल्ली मुबई हिमाचल आदि खिलाड़ी आएंगे। माइनस के तापमान में तैयार कर रहे रिंक एसोसिएशन के सदस्य रिंक को तैयार करने में सुबह से लेकर शाम तक काम कर रहे है। शाम होते ही छोटी गाड़ियां रिंक में जम रही बर्फ पर चलाई जा रही है ताकि बर्फ जम जाए। इसके बाद पानी का छिड़काव करके एक नई सतह बर्फ की तैयार की जा रही है।अभी रिंक को तैयार होने में कुछ दिन लगेंगे। लेकिन एसोसियेशन के सदस्य माईनस 10 डिग्री के तापमान में देर रात तक रिंक तैयार करने का कार्य कर रहे है।
जिला कांगड़ा के जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बीते दिनों लगभग 144 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के शिलान्यास एवं लोकार्पण किए। इस दौरान उन्होंने जयसिंहपुर में जल शक्ति विभाग मण्डल और खण्ड चिकित्सा अधिकारी कार्यालय खोलने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पंचरूखी को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तरोन्नत करने, गांदर में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने, ग्राम पंचायत लाहडू में पशु औषधालय स्थापित करने, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ततेहल में विज्ञान संकाय की कक्षाएं तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला अंद्रेटा में वाणिज्य संकाय की कक्षाएं प्रारंभ करने, लोक निर्माण विभाग के जयसिंहपुर स्थित विश्राम गृह में चार अतिरिक्त कमरों के निर्माण और राजकीय बहुतकनीकी महाविद्यालय तलवाड़ में दो नए ट्रेड शुरू करने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने 13 लाख रुपये की लागत से निर्मित प्रैस क्लब भवन जयसिंहपुर का लोकार्पण भी किया। उन्होंने प्रैस क्लब जयसिंहपुर को फर्नीचर, कम्प्यूटर व अन्य आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए 5 लाख रुपये प्रदान करने की भी घोषणा की। इन विकासकार्यों का किया लोकार्पण जय राम ठाकुर ने 73.32 लाख रुपये की लागत से निर्मित उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना सुगरी-दा-बाग, मण्ड सड़क पर सीआरएफ के अंतर्गत 11.22 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 175 मीटर लम्बे डबल लेन पुल, बंधाओ-बडघटा सड़क पर मोल खड्ड और कोटलु नाला पर नाबार्ड के अतंर्गत 5.80 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पुलों, बहुतकनीकी महाविद्यालय तलवाड़ में 3.75 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 50 बिस्तर के छात्रावास, 3.39 करोड़ रुपये से निर्मित राजकीय महाविद्यालय जयसिंहपुर के साईंस ब्लाॅक, डंडेल गंगुई गांव के सम्पर्क मार्ग पर सुकड़ खड्ड पर नाबार्ड के अतंर्गत 2.37 करोड़ रुपये से निर्मित पुल और डलु छातर वाया काॅलेज सड़क पर अनुसूचित जाति उप योजना के अंतर्गत 1.56 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 62 मीटर लम्बे पैदल पुल का लोकार्पण किया। इन विकास कार्यों की रखी आधारशिला मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के अतंर्गत जयसिंहपुर के लिए 2.87 करोड़ रुपये से निर्मित होने वाली उठाऊ सिंचाई योजना, कमान एरिया विकास कार्यक्रम के अतंर्गत 1.36 करोड़ रुपये की उठाऊ सिंचाई योजना बरदाम, जल जीवन मिशन में कमान एरिया विकास कार्यक्रम के अंतर्गत 2.90 करोड़ रुपये की उठाऊ सिंचाई योजना जयसिंहपुर, कमान एरिया विकास कार्यक्रम के अंतर्गत 1.05 करोड़ रुपये की उठाऊ सिंचाई योजना बडाहू, 59.60 करोड़ रुपये के उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना अद्राणा बडां, आलमपुर, हारसी सन्धौल, टिक्करी घुमारनु, अपर लम्बागांव, हरोड करण घाट, उतरापुर, सकोह, जयसिंहपुर और जलेत भट्टी के संवर्द्धन कार्य, ताम्बरु, डगोह, जुम्मन मलाड, द्रंग, तिनबार, मुंगल राणा नगर और सरी मोलग उठाऊ पेयजल आपूर्ति योजना के 2.59 करोड़ रुपये से उन्नयन कार्य कीे आधारशिला रखी। इसके अतिरिक्त जयसिंहपुर में 3.06 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियन्ता और सहायक अभियन्ता कार्यालयों, नाबार्ड के अंतर्गत 3.78 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली बाडी वाया नडोल सम्पर्क सड़क, नाबार्ड के अंतर्गत जलेट भट्टी वाया नहालिया सम्पर्क सड़क पर 2.47 करोड़ रूपये से निर्मित होने वाले हरोटी खड्ड पुल, सीआरएफ के अंतर्गत 31.63 करोड़ रुपये से आमलमपुर-हारसीपतन सड़क के उन्नयन कार्य और 3.82 करोड़ रुपये के पंचरूखी लम्बागांव सड़क के उन्नयन कार्य की आधारशिला भी रखी।
मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत मंडी जिला में 38 नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। उपायुक्त अरिंदम चौधरी ने बताया कि नव अनुमोदित 38 परियोजनाओं की कुल लागत 9.69 करोड़ रुपये है। इन पर 2.52 करोड़ रुपये अनुदान राशि प्रस्तावित है। जिन परियोजनाओं को अनुमोदन प्रदान किया गया उनमें मुख्यतः पेट्रोल पंप, बेकरी, डेन्टल क्लीनिक, मिनरल वाटर, एडवर्टाइजमेंट यूनिट, छोटे मालवाहक वाहन, दुकान और स्टील फेब्रिकेशन शामिल है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है जिसके लिए जिला मण्डी को वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 10.50 करोड़ की अनुदान राशि प्रदान की गई है। इस योजना के अन्तर्गत हिमाचली युवक व युवती जिनकी उम्र 18-45 वर्ष है, जिसमें महिलाओं को 5 वर्ष की विशेष छूट दी गई है। वह एक करोड़ रुपए तक की कुल परियोजना लागत वाली इकाइयों में प्लांट व मशीनरी के उपकरण पर 60 लाख तक के निवेश पर महिला उद्यमियों के लिए 30 प्रतिशत तथा अन्य युवा उद्यमियों के लिए 25 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जाता है। विधवा महिलाओं के लिए जिनकी आयु 50 वर्ष से कम हो अनुदान राशि 35 प्रतिशत का प्रावधान है। इसके अलावा 5 प्रतिशत की दर से 3 वर्षों तक मुवलिग 60 लाख रुपये के ऋण पर ब्याज अनुदान भी उपरोक्त योजना में दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि 10 नवम्बर, 2021 को नई नोटिफिकेशन के द्वारा 18 नई क्रियाओं को इस योजना में शामिल किया गया है जिनमें उन्नत डेयरी विकास प्रोजेक्ट, साइलेज युनिट,फार्म स्टे/ फार्म टूरिज्म, पेट्रोल पंप, एम्बुलेंस, ईवी चार्जिंग स्टेशन, टीशु कल्चर लेबोरेटरी तथा सिल्क प्रोसेसिंग यूनिट इत्यादि शामिल किए है। जिससे यह योजना कुल 103 सेवा इकाईयों तथा सभी उत्पादन इकाइयों के ऊपर लागू है। इस नोटिफिकेशन के तहत महिलाओं को 5 वर्ष की विशेष छूट दी गई है जिससे महिलाओं की आयु सीमा 18 से 50 वर्ष हो गई हैं।
मंडी में ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह का आयोजन 27 दिसंबर को पड्डल मैदान में प्रस्तावित है। कार्यक्रम के सफल आयोजन को लेकर हिमाचल के उद्योग विभाग सहित मंडी जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। मंडी में 27 दिसंबर को प्रस्तावित दूसरे ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह को लेकर बीते दिनों उद्योग विभाग के निदेशक राकेश प्रजापति ने आयोजन स्थल (पड्डल मैदान) का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। उद्योग निदेशक ने बताया कि मंडी में होने वाले समारोह में 100 से अधिक निवेशकों के आने और लगभग 20 हज़ार करोड़ के निवेश की संभावना है। राकेश प्रजापति ने बताया कि इस समारोह में उन निवेशकों को आमंत्रित किया जा रहा है, जिनका परियोजना निवेश 25 करोड़ से ज्यादा का है। समारोह में विभिन्न विभाग अपनी विकास प्रदर्शनी भी लगाएँगे। उन्होंने बताया कि इससे पहले धर्मशाला में नवम्बर 2019 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर मीट में करीब 96 हज़ार करोड़ की परियोजनाओं को लेकर 700 से अधिक एमओयू साइन किए गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धर्मशाला ग्लोबल इन्वेस्टर मीट का शुभारम्भ किया था। इसके बाद शिमला में दिसंबर 2019 में हुए पहले ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह में 13 हज़ार करोड़ की लागत की 250 परियोजनाओं की ग्राउंड ब्रेकिंग की गयी थी। गृह मंत्री अमित शाह ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की थी। इनमें से 50 फीसदी से ज्यादा परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं। उद्योग निदेशक ने कार्यक्रम के सफल आयोजन को लेकर सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
जल शक्ति, बागवानी, सैनिक कल्याण मंत्री महेन्द्र सिंह ने बीते दिनों जल शक्ति एवं बागवानी विभाग के अधिकारियों के साथ जिला में चल रहे विकास कार्यों व योजनाओं की समीक्षा बैठक की। उन्होंने योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक करते हुए बताया कि जल जीवन मिशन के तहत 37 परियोजनाओं पर 200 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे है। उन्होंने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को इन योजनाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नाबार्ड के तहत 34 करोड़ की 7 योजनाएं बनाई जा रही है जिनमें से सदर बिलासपुर में 5 तथा घुमारवीं में 2 योजनाएं बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि घुमारवीं शहर में पेयजल योजना के लिए लगभग 21 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए है तथा इसका कार्य शीघ्र शुरू करने के विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए। इस अवसर पर उन्होंने अनुसूचित जाति विकास योजना एडीबी और एनडीवी द्वारा वित्त प्राप्त योजनाओं की भी समीक्षा की। प्रदेश के 7 जिलों के लिए एचपी शिवा प्रोजेक्ट के तहत 1688 करोड़ स्वीकृत उन्होंने बताया कि प्रदेश के निचले क्षेत्र के 7 जिलों के लिए एशियन विकास बैंक द्वारा 1688 करोड़ रुपये की एचपी शिवा प्रोजेक्ट स्वीकृत किया गया है जिसके तहत बिलासपुर में चार कलस्टर निर्मित किए गए है। योजना के अंतर्गत कोठी मझेड, तलवाडा, धनेट तथा लंाजटा कलस्टर सहित जिला के इन चार कलस्टरों में 50 हजार 500 पौधे रोपित किए गए है। इसके अतिरिक्त जिला में 27 फ्रंट लाईन डेमोस्ट्रेशन दिए गए है जिन्हें 27 से बढ़ाकर 40 करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना के तहत जिला में 600 हैक्टेयर भूमि क्षेत्र को कवर किया जा रहा है। उन्होंने सम्बन्धित विभाग के विशेषज्ञों को निर्देश दिए कि प्लांट की ट्रेनिंग और प्रुनिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि बागवानों को योजना से अधिक से अधिक लाभ मिल सके।
पुरे मुल्क को ग़मगीन कर गया हेलीकॉप्टर क्रैश तमिलनाडु के नीलगिरी जिले के कुन्नूर में 8 दिसंबर को सेना के हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद जिस बात की आशंका जताई जा रही थी, आखिर वही हुआ। देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी सहित 13 लोगों की इस हादसे में मौत हो गई। पूरा मुल्क इस हादसे के बाद ग़मगीन था और इस हेलिकॉप्टर क्रैश में जान गंवाने वाले सभी 13 वीर शहीदों को नाम आँखों से अंतिम विदाई दी गई। जनरल बिपिन रावत का पार्थिव शरीर उनके आवास से बरार स्क्वायर लाया गया, जहाँ जनरल रावत की दोनों बेटियों ने पूरे रीति रिवाज से अंतिम संस्कार किया। बड़ी बेटी ने उन्हें मुखाग्नि दी। शान से विदा हुए जनरल जनरल रावत को 17 तोपों की सलामी दी गई। अंतिम संस्कार के वक्त तीनों सेनाओं के बिगुल बजें। सैन्य बैंड ने शोक गीत गाया। अंतिम संस्कार के वक्त 800 जवान मौजूद रहें। अंतिम यात्रा को 99 सैन्यकर्मियों ने एस्कॉर्ट किया। सेना के बैंड के 33 कर्मियों ने अंतिम विदाई दी। लेफ्टिनेंट जनरल स्तर के 6 अफसर तिरंगा लेकर चलें। अंतिम दर्शन स्थल पर 12 ब्रिगेडियर स्तर के अफसर तैनात थे। अंतिम यात्रा में कई किलोमीटर दूर तक आम लोगों का हुजूम 'जनरल रावत अमर रहे' के उद्घोष के साथ अपने जनरल को अंतिम विदाई देने पहुंचा। पहले सीडीएस बने थे बिपिन रावत जनरल बिपिन रावत ने जनरल दलबीर सिंह के रिटायर होने के बाद 31 दिसंबर 2016 को भारतीय सेना की कमान संभाली थी। वह देश के 27वें थल सेनाध्यक्ष थे। रिटायर होने के बाद बिपिन रावत को सेना प्रमुख से देश का पहला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ नियुक्त किया गया था। आर्मी चीफ बनाए जाने से पहले उन्हें सितंबर 2016 को भारतीय सेना का उप सेना प्रमुख नियुक्त किया गया था। उत्तराखंड में जन्मे, शिमला में पढ़े जनरल बिपिन रावत की जन्म 16 मार्च 1958 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में हुआ था। उनके पिता लक्ष्मण सिंह रावत बतौर लेफ्टिनेंट जनरल सेना को अपनी सेवाएं दे चुके हैं। जनरल बिपिन रावत ने सेंट एडवर्ड स्कूल, शिमला, और राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खडकसला से पढ़ाई की। उन्होंने मेरठ यूनिवर्सिटी से मीडिया स्ट्रैटेजिक स्टडीज में पीएचडी की। रावत ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और भारतीय सैन्य अकादमी के भी छात्र रहे हैं। 1978 में सेना में हुए शामिल बिपिन रावत साल 1978 में सेना में शामिल हुए। उन्हें भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून से ग्यारह गोरखा राइफल्स की पांचवीं बटालियन में नियुक्त किया गया था। उनकी पहली पोस्टिंग मिजोरम में हुई। उन्होंने इस बटालियन का नेतृत्व भी किया, जिसके बाद से सेवा के दौरान उन्होंने ब्रिगेड कमांडर सहित कई पदों पर काम किया। उनके पास 10 साल से ज्यादा का आतंकवाद रोधी अभियानों में काम करने का अनुभव था। उत्तराखंड के इस लाल का जाना देश के लिए किसी आघात से कम नहीं है। 'जानदार' जनरल का 'शानदार' सैन्य करियर जनरल बिपिन रावत गोरखा रेजीमेंट के चौथे ऐसे अधिकारी थे जो सेनाध्यक्ष बने थे। सीडीएस के रूप में जनरल रावत सेना से संबंधित मामलों पर सरकार के एकल-बिंदु सलाहकार थे। जनरल रावत ने एक ब्रिगेड कमांडर, जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (जीओसी-सी) दक्षिणी कमान, सैन्य संचालन निदेशालय में जनरल स्टाफ ऑफिसर ग्रेड -2, कर्नल सैन्य सचिव और उप सैन्य सचिव की सेवा में चार दशक बिताए। जनरल कमांड विंग में सैन्य सचिव की शाखा और वरिष्ठ प्रशिक्षक के पद पर भी रहे। वह संयुक्त राष्ट्र शांति सेना (यूएनपीएफ) का भी हिस्सा थे और उन्होंने कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में एक बहुराष्ट्रीय ब्रिगेड की कमान संभाली थी। सर्जिकल स्ट्राइक से उड़ाई पाक की नींद वर्ष 2016 में भारत ने पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पार आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी। भारतीय लड़ाकू विमानों द्वारा पाकिस्तान के बालाकोट के अंदर घुसकर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर को निशाना बनाए जाने के अभियान में तत्कालीन थल सेना अध्यक्ष जनरल रावत ने अहम भूमिका निभाई थी। जनरल रावत ने पूर्वोत्तर में उग्रवाद को नियंत्रित करने, म्यांमार में 2015 सीमा पार ऑपरेशन की निगरानी में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनकी शख्सियत कुछ ऐसी थी कि उनका नाम सुनते ही दुश्मनों के पैर कांपने लगते थे डोकलाम में चीन को धकेला 2017 में डोकलाम में भारतीय और चीनी सेनाएं आमने-सामने थी। चीन डोकलाम के एक हिस्से में सड़क बना रहा था लेकिन भारतीय सेना के कड़े विरोध के बाद दोनों सेनाओं के बीच युद्ध जैसी स्थिति आ गई थी। 70 से ज्यादा दिनों तक ये विवाद चला, लेकिन सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत की अगुआई में भारतीय सेना ने चीनी सेना का डटकर सामना किया और चीन को पीछे होने पर मजबूर किया। कश्मीर में ऑपरेशन ऑलआउट जनरल बिपिन रावत के कमान संभालने के बाद 2017 में भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान की तरफ से फैलाए जा रहे आतंक के खिलाफ ऑपरेशन ऑल आउट लॉन्च किया था। कश्मीर में ऑपरेशन ऑल आउट शुरू करने के पीछे जनरल रावत का दिमाग बताया जाता है। उन्होंने आतंकवाद पर काबू के लिए डर को जरूरी बताया था। उन्होंने कहा कि अगर कोई बंदूक उठाएगा तो सेना उनको उसी की भाषा में जवाब देगी। अनुच्छेद 370 हटने के बाद संभाला मोर्चा केंद्र सरकार ने 2019 में जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटा दिया था। इस दौरान सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी घाटी में शांति बहाल करना। ऐसे में सरकार ने बड़ी संख्या में सेना के जवान कश्मीर में तैनात किए। इस पुरे मिशन में तब सेना प्रमुख बिपिन रावत ने ही पूरी जिम्मेदारी संभाली और उनके मार्गदर्शन में सेना ने कश्मीर में मोर्चा संभाला।
प्रदेश में सवर्ण आयोग के गठन को लेकर एक बड़ा तबका लामबंद है। हाल ही में हुए उपचुनाव में सवर्ण समाज ने नोटा दबाने की अपील की थी और इसका असर भी दिखा था। अब सवर्ण आयोग के गठन को लेकर विधानसभा का घेराव हुआ और सरकार झुक गई। विधानसभा चुनाव को एक साल से भी कम का वक्त रह गया है और ऐसे में ये आंदोलन लगातार प्रखर होता दिख रहा था। देवभूमि क्षत्रिय संगठन और देवभूमि सवर्ण मोर्चा के संयुक्त तत्वावधान में चल रहा ये आंदोलन सियासत के लिहाज से भी बेहद असरदार दिखा। ऐसा ही एक आंदोलन 2018 के विधानसभा चुनाव से पूर्व मध्य प्रदेश में भी देखने को मिला था। हालांकि दोनों में पूरी तरह समानता नहीं है, दोनों प्रदेशों के सियासी समीकरण भी इतर है, फिर भी जो कुछ हिमाचल में चल रहा है उसे बेहतर तरीके से समझने के लिए मध्य प्रदेश में सवर्ण समाज के आंदोलन पर नज़र डालना जरूरी है।गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में भी सवर्ण आयोग के गठन की मांग लगातार उठ रही थी और इसी वर्ष 26 जनवरी को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सवर्ण आयोग के गठन का एलान किया था। बहरहाल 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले जो कुछ मध्य प्रदेश में हुआ वो जरूर सियासतगरों के जहन में होगा। हिमाचल में सवर्ण आयोग गठन के लिए जारी आंदोलन मध्य प्रदेश के आंदोलन से प्रेरित बताया जा रहा है। खासतौर से उपचुनाव में जिस तरह नोटा को लेकर मुहीम छेड़ी गई थी उसके बाद से ही जानकार इस आंदोलन को हल्का लेने की भूल नहीं कर रहे। बेशक सवर्ण आयोग गठन का सरकार ने ऐलान कर दिया हो लेकिन जानकार मानते है कि सियासी पिक्चर अभी बाकी है। वर्ष 2018 में एससी/एसटी संशोधन विधेयक संसद से पारित हुआ और सुप्रीम कोर्ट का वह आदेश निरस्त कर दिया गया जहां उसने इस कानून के तहत बिना जांच गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। देशभर में सवर्ण समाज में इसे लेकर रोष था, पर इसका ज्यादा प्रभाव दिखा मध्य प्रदेश में। दिसंबर 2018 में ही मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव भी होने थे सो जाहिर है चुनावी बेला में असर भी ज्यादा दिखा। सामान्य पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी कर्मचारी संस्था (सपाक्स) के बैनर तले मध्य प्रदेश में तब शिवराज सरकार को विरोध का सामना करना पड़ा। विरोध कांग्रेस का भी हुआ, पर सत्ता पर भाजपा काबिज थी तो नुक्सान भी उसका ही ज्यादा माना गया। यूँ तो तब मध्य प्रदेश के साथ-साथ उससे जुड़े राज्यों छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भी विधानसभा चुनाव थे लेकिन विधेयक के खिलाफ जो माहौल मध्य प्रदेश में था वो अन्य राज्यों में नहीं दिखा। दरअसल मध्य प्रदेश में इसकी पटकथा लगभग वर्ष 2016 में ही लिखी जा चुकी थी जब शिवराज सिंह ने पदोन्नति में आरक्षण के मसले पर एक मंच से कहा था, ‘मेरे जिंदा रहते कोई माई का लाल आरक्षण खत्म नहीं कर सकता।’ शिवराज के इस बयान ने न सिर्फ सवर्ण वर्ग को नाराज किया बल्कि ओबीसी और अल्पसंख्यक भी उनके खिलाफ खड़े हो गए। नतीजतन तीनों वर्ग के कर्मचारियों ने मिलकर सपाक्स का गठन किया और शिवराज सरकार का विरोध शुरू कर दिया। देखते-देखते ये संगठन इतना मजबूत हो गया कि विधानसभा चुनाव में हर सियासतगार की नज़र इस पर टिक गई। ख़ास बात ये है कि पहले सपाक्स केवल पदोन्नति में आरक्षण के खिलाफ था, पर समय के साथ उसके एजेंडे में आर्थिक आधार पर आरक्षण देने का मुद्दा भी जुड़ गया। ऐसे में जब वर्ष 2018 में एससी/एसटी संशोधन विधेयक के विरोध की बारी आई तो सपाक्स भी समर्थन में उतर आया। सपाक्स ने लड़ा था चुनाव, क्या हिमाचल में भी ऐसा होगा सपाक्स के विरोध की बिसात पर मध्य प्रदेश में पर्दे के पीछे से सियासी दल भी अपनी-अपनी जमीन तैयार कर रहे थे। रोचक बात ये है कि इस मुद्दे को आधार बनाकर चुनाव मैदान में उतरी सपाक्स पार्टी कोई चमत्कार नहीं दिखा सकी थी। पार्टी ने 109 विधानसभा सीटों से प्रत्याशी उतारे थे, वे जीतना तो दूर वोट भी नहीं काट सके। इनमें से अधिकांश की जमानत जब्त हुई थी और पार्टी को प्रदेश में महज (0.4 फीसदी) वोट मिले थे। खैर विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस सत्ता में लौटी, पर सवाल ये है कि क्या सपाक्स के विरोध का फायदा कांग्रेस को हुआ था या भाजपा को, या ये कोई असर नहीं दिखा सकी। प्रत्यक्ष तौर पर मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में आरक्षण का मुद्दा बेअसर साबित हुआ था और जनता ने इस मुद्दे पर हुई राजनीति को नकार दिया था। पर जो माहौल सपाक्स ने बनाया था उससे शिवराज सरकार के खिलाफ बन रही एंटी इंकम्बेंसी लहर को निसंदेह मजबूती मिली, यानी मान सकते है कि तब फायदा कांग्रेस को हुआ। वहीं हिमाचल प्रदेश की बात करें तो देवभूमि क्षत्रिय संगठन और देवभूमि सवर्ण मोर्चा अब तक खुद को मुख्यधारा की राजनीति से दूर बताते रहे है। ये संगठन दोनों ही मुख्य राजनैतिक दलों के खिलाफ खुलकर बोलते है। सिर्फ विक्रमादित्य सिंह को लेकर ही इनका सॉफ्ट कार्नर दिखता है। अलबत्ता सवर्ण आयोग के गठन को हिमाचल सरकार ने मंजूरी दे दी है लेकिन माहिर मानते है कि चुनावी साल में सवर्ण समाज के नाम पर सियासत होना तय है। माना जा रहा है कि ये संगठन खुद चुनाव नहीं लड़ेंगे, क्यों कि मध्यप्रदेश में सपाक्स के साथ जो हुआ वो इनके जहन में जरूर होगा। दूसरा सिर्फ सवर्ण समाज की बात करके व्यापक तौर पर मुख्यधारा की सियासत प्रायोगिक नहीं है। मध्य प्रदेश में भी नोटा था असरदार मध्य प्रदेश की 22 सीटों पर जीत के अंतर से ज्यादा नोटा दबाया गया था और इनमें से अधिकांश भाजपा हारी थी। सवर्ण समाज का वोट भाजपा के साथ माना जाता है और यदि ये नोटा सवर्ण समाज का था तो निसंदेह इसमें भाजपा का ही घाटा रहा। वहीँ ये भी समझा जा सकता है कि हिमाचल प्रदेश में बीते दिनों हुए उपचुनाव में जिस तरह नोटा को लेकर अभियान चलाया गया उसके पीछे मध्य प्रदेश से लिया गया सबक है। यदि सवर्ण आयोग के गठन के लेकर ये आंदोलन ज़ारी रहा तो संभवतः आगामी विधानसभा चुनाव में भी नोटा के इस्तेमाल को ही हथियार बनाया जा सकता है।
पूरी सरकार को मानो बंधक बनाया गया हो, बाहर जाने वाले एकमात्र रास्ते को बंद कर दिया गया, प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स तोड़कर परिसर में घुस गए, गाड़ियों के शीशे तोड़े गए, शंखनाद हुए। सरकारी सम्पति को भी नुकसान पहुँचाया गया। प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछार हुई तो वापसी में पुलिस कर्मियों पर पत्थर बरसे। हाथ में भगवा झंडा, गले में केसरी पटका और जुबां पर जय भवानी का नारा लेकर सवर्ण समाज के लोगों ने तपोवन विधानसभा परिसर में जो प्रदर्शन किया, वैसा पहले कभी हिमाचल प्रदेश में नहीं देखा गया था। सवर्ण आयोग के गठन की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों का जैसा हुजूम उमड़ा उसकी आशंका सबको पहले से थी, पर शायद सरकार के तंत्र को इसका अहसास नहीं था, या इसे देखकर भी अनदेखा किया गया। शायद सरकार का ख़ुफ़िया तंत्र विफल हो गया, वरना बैठे बिठाये मुसीबत कौन मोल लेता है ? विधानसभा सत्र के पहले दिन तपोवन में परिस्थितियां कुछ ऐसी बनी कि हज़ारों के हुजूम और बेइन्तिहाँ दबाव के बीच सरकार को झुकना पड़ा। इसे सवर्ण समाज के संघर्ष और हौसले की जीत समझ लीजिये या फिर दबाव में आकर जयराम सरकार का ऐलान, प्रदेश में अब सवर्ण आयोग के गठन की घोषणा हो चुकी है। निसंदेह ये घोषणा मंज़ूरी से ज़्यादा सरकार की मजबूरी नज़र आ रही है। जो परिस्तिथि तपोवन में बनाई गई उसके बाद सरकार के पास कोई दूसरा रास्ता निकालने का न तो वक्त था और न गुंजाइश। प्रदर्शन आक्रामक था और स्थिति सरकार और प्रशासन के नियंत्रण से बाहर। सवर्ण समाज में इस घोषणा के बाद ख़ुशी की लहर है, मगर इस पुरे घटनाक्रम को सरकार की एक बड़ी विफलता के रूप में देखा जा रहा है। ऐसा नहीं है कि सवर्ण आयोग के गठन की घोषणा करके सरकार ने कुछ गलत किया, मसला ये है कि जिस दबाव में सरकार को ये करना पड़ा उससे सरकार मजबूत से अधिक मजबूर दिखी है। सैकड़ों चेतावनियों के बावजूद भी सरकार सचेत नहीं हुई और प्रस्तावित प्रदर्शन को कम आँका, नतीजन परिणाम अब सभी के सामने है। देवभूमि क्षत्रिय संगठन और देवभूमि सवर्ण मोर्चा द्वारा सवर्ण आयोग के गठन की ये मुहीम करीब एक साल पहले शुरू की गई थी। प्रदेश में 70 फीसदी आबादी सामान्य वर्ग की है और इस वर्ग का एक बड़ा तबका लम्बे समय से सवर्ण आयोग की मांग कर रहा है। पहली दफे इस तबके की ताकत का अंदाजा सरकार को 20 अप्रैल 2021 को करवाया गया था जब सामान्य संयुक्त मोर्चे ने राज्य सचिवालय का घेराव किया था। करीब तीन घंटे तक छोटा शिमला में चक्का जाम किया गया था, उस दौरान भी प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ काफी कहासुनी और धक्का मुक्की भी हुई थी। मांग थी कि प्रदेश की करीब 70 फीसदी सामान्य वर्ग की आबादी जो नेताओं की कठपुतली बनकर रह गई है उनके हित के लिए जातिगत आरक्षण को खत्म किया जाए। सरकार आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करे। एससी-एसटी एट्रोसिटी एक्ट को समाप्त किया जाए क्यों कि इस कानून का दुरुपयोग हो रहा है। बाहरी राज्यों के लोगों को सामान्य वर्ग के कोटे में सरकारी नौकरियों में सेंध लगाने से रोकने के लिए एससी और एसटी की तर्ज पर हिमाचली बोनाफाइड होने की शर्त लगाने की मांग थी। और सबसे बड़ी मांग थी सवर्ण आयोग के गठन की। परन्तु तब भी सरकार ने 3 महीने का समय मांग कर प्रदर्शन बंद करवा दिया था। फिर तीन महीने के इंतज़ार के बाद भी मांग पूरी नहीं हुई और सवर्ण समाज द्वारा उपचुनाव में नोटा दबाने की चेतावनी दी गई। हुक्मरानों ने फिर भी गौर नहीं किया। उपचुनाव में नोटा का ख़ासा प्रभाव देखने को मिला, खासतौर पर अर्की विधानसभा क्षेत्र में, मगर मांग पूरी नहीं हुई। सरकार नज़रअंदाज़ करती रही और आंदोलन तेज़ होता चला गया। यहाँ जयराम सरकार ने बड़ी चूक कर दी, जरुरत थी एक सशक्त संवाद स्थापित करने की, पर स्थिति का सामना करने के बजाय इसे टालने का ही प्रयास दिखा। उधर आंदोलनकारी तैयार थे,हर जिले के सवर्णों को एक सूत्र में पिरोया गया और प्रदर्शन की तैयार की गई। इसके बाद सवर्ण संगठनों द्वारा जातिगत आरक्षण, एट्रोसिटी एससी-एसटी एक्ट और अन्य सवर्ण समाज विरोधी नीतियों की शवयात्रा निकाली गई। 800 किलोमीटर लम्बी पदयात्रा की गई। ये पदयात्रा 10 दिसंबर को धर्मशाला में खत्म होनी थी और यात्रा के खत्म होने पर जो हुआ वो सभी के सामने है। अनगिनत चेतावनियों को अनसुना करने का जो परिणाम निकला, उससे सरकार की खूब फजीहत हुई। बेहतर होता कि सरकार इस मामले की गंभीरता और लगातार बढ़ते जन समर्थन को भांपते हुए समय रहते बंद कमरे में इसका हल निकालती। मगर एक बार फिर जयराम सरकार चूक गई। रूपरेखा अभी स्पष्ट नहीं सरकार ने स्वर्ण आयोग के गठन को अनुमति ज़रूर दी है मगर अभी तक इसकी रूपरेखा स्पष्ट नहीं हो सकी है। यह साफ नहीं है कि सरकार आयोग का अलग से चेयरमैन नियुक्त करेगी या मुख्यमंत्री को ही इसका अध्यक्ष बनाया जाएगा। साथ ही इसके क्षेत्राधिकार और काम की भी व्याख्या होनी बाकी है। अलबत्ता आयोग के गठन को सरकार की हरी झंडी मिली हो लेकिन सवर्ण समाज की कई अन्य मांगे भी है जिन्हें लेकर आगामी वक्त में टकराव देखने को मिल सकता है।
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में जानलेवा कोरोना वायरस के ओमिक्रोन वेरिएंट का खतरा बढ़ रहा है। इसको फैलने से रोकने के लिए शहर में पाबंदियां लगनी भी शुरू हो गई है। मुंबई में दो दिनों से धारा 144 लागू थी। बावजूद इसके मुंबई के एक होटल में एक लाइव कॉन्सर्ट आयोजित किया गया। इस कॉन्सर्ट में कोरोना रोकथाम नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं। दरअसल मुंबई के एक होटल में कनाडा के रैपर एपी ढिल्लन का लाइव कॉन्सर्ट हुआ। इस कॉन्सर्ट में युवाओं ने कोरोना रोकनाथ नियमों का पालन नहीं किया। बताया जा रहा है कि कॉन्सर्ट में किसी के चेहरे पर मास्क नहीं था। इतना ही नहीं इवेंट में शारीरिक दूरी के नियमों का भी उल्लंघन किया गया। मामला सामने आने के बाद अब वकोला थाने में पुलिस ने आयोजकों के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
देश में आज 39वें दिन पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं आया है, इसके चलते आम जनता को ईंधन कीमतों के मोर्चे पर थोड़ी राहत मिली हुई है। 4 नवंबर को दीवाली के दिन पेट्रोल-डीजल के दाम में कटौती के रूप में बदलाव हुआ था क्योंकि 3 नवंबर को केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर 5 रुपये और डीजल पर 10 रुपये की एक्साइज ड्यूटी घटाई थी। उसके बाद से ही पेट्रोल डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली में पेट्रोल 95.41 रुपये प्रति जबकि डीजल 86.67 रुपये प्रति लीटर पर मिल रहा है। वहीं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल 109.98 रुपये प्रति लीटर पर है और डीजल की कीमत 94.14 रुपये प्रति लीटर पर है। कोलकाता में पेट्रोल का दाम 104.67 रुपये प्रति लीटर और डीजल का दाम 89.79 रुपये लीटर पर है। चेन्नई में पेट्रोल का दाम 104.67 रुपये प्रति लीटर जबकि डीजल का दाम 89.79 रुपये लीटर पर है।
मिस यूनिवर्स 2021 में भारत ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस प्रतियोगिता में भारत की बेटी हरनाज कौर संधू ने 70वें मिस यूनिवर्स का खिताब अपने नाम कर लिया है। सबसे बड़ी बात यह है कि इंडिया ने ये टाइटल 21 साल के लंबे समय के बाद जीता है। 70वीं मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता सोमवार सुबह इजराइल के इलियट में आयोजित की गई थी। इस कॉम्पिटिशन में भारत की हरनाज कौर पहला मुकाम हासिल करके मिस यूनिवर्स 2021 बन गई हैं। हरनाज से पहले साल 1994 में सुष्मिता सेन और 2000 में यह टाइटल लारा दत्ता ने जीता था। भारत ने अब तीसरी बार यह टाइटल अपने नाम किया है।


















































