हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड जिला कुल्लू कार्यालय द्वारा पार्वती हाइड्रो प्रोजेक्ट चरण-2 में कार्यरत कामगारों के लिये जागरूकता शिविर के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य संबंधी जांच हेतु स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में शिविर का आयोजन किया गाया। इसमें प्रदेश सरकार द्वारा श्रमिकों के जन कल्याण हेतु चलाई जा रही विभिन्न लाभकारी योजनाओं के बारे में श्रम कल्याण विभाग के अधिकारियों द्वारा विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। स्वास्थ्य खंड अधिकारी जरी, जिला कुल्लू के कार्यालय से चिकित्सा अधिकारी अंशुल के साथ आई चिकित्सा टीम के द्वारा शिविर में श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस बारे में विभाग के अधिकारी द्वारा जागरूकता एवं स्वास्थ्य शिविर के दौरान यह भी आश्वस्त किया गया कि हिमाचल प्रदेश सरकार के जन कल्याण कार्यक्रमों का इसी तरह भविष्य में जिले के विभिन्न स्थानों पर शिविर का आयोजन समय-समय पर किया जाता रहेगा, जिससे असंगठित कामगारों एवं उनके परिवारों को योजनाओं के माध्यम से विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करवाना सुनिश्चित किया जा सके।
जेईई (मेन) नीट (यूजी) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के लिए पिछले दस सालों में अपनी पहचान बना चुके मिनर्वा स्टडी सर्कल, घुमारवीं ने आईआईटीआई, आईएससी, आईसर तथा अन्य ऐसे ही बहुप्रतिष्ठित संस्थानों में दाखिला पाने वाले इच्छुक बच्चों को तराशने के लिए अब जेईई एडवांस की कोचिंंग भी शुरू कर दी है। संस्थान में 20 से ज्यादा बच्चों का पहला बैच दिसंबर 2023 से जेईई एडवांस 2025 की तैयारी कड़ी मेहनत और लग्न से कर रहा है और उनके मैंटौर दिन-रात इनको तराशने में लगे हुए हैं। अपनी इस जेईई एडवांस की यात्रा के बारे में बताते हुए मिनर्वा स्टडी सर्कल के मुख्य प्रबंधक राकेश चंदेल नेे बताया कि दो साल पहले अपने अध्यापकों के साथ एक मीटिंग में यह निर्णय लिया कि अपनी पूरी तैयारी के बाद मिनर्वा संस्थान जेईई एडवांस की कोचिंग शुरू करेगा। पिछले दो सालों में चिन्हित अध्यापकों ने अपनी जेईई एडवांस की तैयारी शुरू की और अब जब सब तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं तो हमने जेईई एडवांस की कोचिंग भी शुरू कर दी है। उन्होंने यह भी बताया कि जो बच्चे अपना जेईई एडवांस 2026 में देना चाहते हैं उनकी छंटनी परीक्षा संस्थान में 24 मार्च व 31 मार्च को आयोजित की जाएगी, इच्छुक अभ्यर्थी या उनके माता पिता इस छंटनी परीक्षा का पंजीकरण किसी भी कार्य दिवस पर संस्थान में आकर करवा सकते हैं।
उपायुक्त आशुतोष गर्ग को आज कार्यालय के अधिकारियों व कर्मचारियों ने विदाई पार्टी दी। वहीं, इस अवसर पर आशुतोष गर्ग ने कहा कि बतौर उपायुक्त उनका कुल्लू जिला का कार्यकाल हमेशा अविस्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि हमे लोगों की समस्याओं व शिकायतों के प्रति हमेशा संवेदनशील सकारात्मक रहना चाहिए, क्योंकि वे बड़ी आशा के साथ हमारे पास आते हैं। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अश्वनी कुमार, एसडीएम विकास शुक्ला, सहायक आयुक्त शशिपाल नेगी, डीआरओ ने भी अपने विचार रखे। उपायुक्त कार्यालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष ने उपायुक्त को सम्मानित किया। इस अवसर पर सभी अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
प्राचीन शिव मंदिर सुधार सभा काठगढ़ के प्रधान ओम प्रकाश कटोच परीक्षा संयोजक रमेश शर्मा वेब सचिव मोहन शर्मा, प्रेस सचिव सुरिंदर शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि गत वर्षों की तरह इस वर्ष भी सभा द्वारा 4 फरवरी रविवार को मेधावी छात्रवृत्ति प्रतियोगिता संचालित की जाएगी, जिसके लिए हिमाचल व पंजाब क्षेत्र से 16 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसमें एक केंद्र प्राचीन शिव मंदिर परिसर में भी बनाया गया है। इसके लिए सभी केंद्रों में परीक्षा प्रभारी, परीक्षा इंविजिलेटर की नियुक्ति कर दी गई है। परीक्षा दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक आयोजित होगी। परीक्षा ओएमआर प्रणाली के तहत होगी और बच्चों को 30 मिनट पहले परीक्षा केंद्र में पहुंचना होगा। सभा के प्रेस सचिव सुरिंदर शर्मा ने कहा कि उत्तर पुस्तकों का मूल्यांकन भी ओएमआर प्रणाली के तहत होगा और इसमें अव्वल आने वाले मेधावी विद्यार्थियों को तीन दिवसीय जिलास्तरीय महाशिवरात्रि पर्व पर मुख्य अतिथि के कर कमलों द्वारा नकद राशि, परशस्ति पत्र, व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया जायेगा।
भारतीय प्रशासनिक सेवा के वर्ष 2015 बैच के अधिकारी अपूर्व देवगन ने आज वीरवार को उपायुक्त मंडी के तौर पर अपना कार्यभार संभाल लिया। अपूर्व देवगन इससे पहले जिला चंबा में बतौर उपायुक्त सेवाएं दे रहे थे। वे मंडी जिला के 41वें उपायुक्त होंगे। नए उपायुक्त को निवर्तमान उपायुक्त अरिंदम चौधरी ने प्रभार सौंपा। अपूर्व देवगन हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में सदस्य सचिव के तौर पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वह एसडीएम बंजार व करसोग और अतिरिक्त उपायुक्त शिमला भी रह चुके हैं। उपायुक्त मंडी का कार्यभार संभालने के उपरांत उन्होंने जिला के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और जिलावासियों से जिले के सर्वांगीण विकास के लिए सक्रिय सहयोग व योगदान का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वह सरकार की सभी जन कल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए टीम भावना से जिले का विकास करेंगे, ताकि अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे।
** बनलगी में किसान मेला एवं किसान उत्पादक संगठन जागरुकता शिविर आयोजित मुख्य संसदीय सचिव (उद्योग, राजस्व एवं नगर नियोजन) राम कुमार चौधरी ने कहा कि दून विधानसभा क्षेत्र के बनलगी में शीघ्र ही टमाटर आधारित खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित किया जाएगा। इस कार्य में स्थानीय किसान कृषक उत्पादक संगठन का पूर्ण सहयोग लिया जाएगा। राम कुमार चौधरी आज दून विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत दाड़वा के बनलगी में किसान मेला एवं किसान उत्पादक संगठन पर जागरूकता शिविर को सम्बोधित कर रहे थे। किसान मेला एवं किसान उत्पादक संगठन जागरूक शिविर का आयोजन डॉ. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के कृषि विज्ञान केंद्र (कंडाघाट) सोलन द्वारा किया गया। राम कुमार चौधरी ने कहा कि किसानों की आर्थिकी को मजबूती प्रदान करने के लिए आवश्यक है कि उन्हें उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिले। उन्होंने कहा कि इस दिशा में कृषि एवं बागवानी आधारित खाद्य प्रसंस्करण उद्योग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सोलन जिला टमाटर के उत्पादन में अग्रणी है और ज़िला में टमाटर आधारित प्रसंस्करण उद्योग के माध्यम से आर्थिकी में बदलाव की व्यापक सम्भावनाएं हैं। मुख्य संसदीय सचिव ने कहा कि प्रदेश सरकार शीघ्र ही बनलगी में टमाटर आधारित प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करेगी। इससे जहां प्रदेश में उत्पादित होने वाले टमाटर की फसल का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित होगा वहीं किसानों की आर्थिकी भी सुदृढ़ होगी। उन्होंने कहा कि प्रसंस्करण उद्योग स्थानीय युवाओं को बेहतर रोज़गार एवं स्वरोजगार उपलब्ध करवाने में भी सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि बनलगी में इस उद्योग की स्थापना के लिए समुचित भूमि आबंटित की गई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्थापित होने वाले उद्योग एवं ग्राम वासियों की सुविधा के लिए मार्ग निर्माण का मामला वन अधिकार अधिनियम के तहत समुचित कार्यवाही के लिए उच्च स्तर पर प्रेषित किया जाएगा। राम कुमार चौधरी ने कहा कि हिमाचल की आर्थिकी मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर है तथा प्रदेश सरकार कृषि क्षेत्र में उन्नत तकनीक के उपयोग पर विशेष बल दे रही है। प्रदेश की सभी मंडियों में मूलभूत सुविधाएं एवं आवश्यक अधोसरंचना उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को उपज का उचित मूल्य एवं उन्नत तकनीक प्रदान करना सुनिश्चित बनाया जा रहा है। उन्होंने किसान मेले के आयोजन तथा किसान उत्पादक संगठन के विषय में जागरूकता शिविर आयोजित करने के लिए कृषि विज्ञान केन्द्र सोलन की सराहना की। उन्होंने क्षेत्र के सभी किसानों से आग्रह किया कि कृषक उत्पादक संघ से जुड़कर अपनी तथा प्रदेश की आर्थिकी को सुदृढ़ करने में सहायक बनें। उन्होंने तदोपरांत 'सरकार गांव के द्वार' कार्यक्रम के अंतर्गत स्थानीय निवासियों की जन समस्याएं सुनी और इनके उचित निपटारे के निर्देश दिए। कार्यक्रम में लिखित में 70 तथा मौखिक रूप से 32 समस्याएं प्राप्त हुई। कृषि विज्ञान केंद्र (कंडाघाट) सोलन के प्रभारी डॉ. जितेंद्र चौहान ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए किसान उत्पादक संगठन के विषय में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। निदेशक विस्तार शिक्षा डॉ. इंद्र देव ने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा धर्मपुर विकास खण्ड के लिए एक किसान उत्पादक संगठन (द कसौली हिल फार्म प्रोडयूसर, प्रोसेसिंग, एवं मार्किटिंग को-ओपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, धर्मपुर) गठित किया गया है। इस संगठन में अभी तक धर्मपुर विकास खण्ड के 155 किसानों ने पंजीकरण करवाया है। उन्होंने किसानों को इस संगठन से जुड़ने के लिए प्रेरित किया और वह किसी भी प्रकार के शोषण से बचे रहेंगे। इस संगठन के द्वारा किसानों को भविष्य में सस्ते दरों पर बीज, दवाईयां व कृषि उपकरण भी उपलब्ध करवाए जाएंगे। किसान मेले में कृषि विभाग, उद्यान विभाग व विभिन्न स्वयं सहायता समूहों के द्वारा प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया। क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अरुण सेन, ग्राम पंचायत दाड़वा के प्रधान रमेश ठाकुर, जिला उद्योग महाप्रबंधक सुरेंद्र ठाकुर, उप पुलिस अधीक्षक परवाणू प्रणव चौहान, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण की परियोजना अधिकारी रजनी गौतम, जिला पंचायत अधिकारी जोगिंदर राणा, कृषि उपनिदेशक सीमा कंसल, आत्मा के योगराज चौहान, नायब तहसीलदार किशनगढ़ सूरत सिंह, हिमालय कार्टन के एमडी रवि देसाई, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में किसान कार्यक्रम में उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां 'विश्व वेटलैंड दिवस' के उपलक्ष्य पर पारिस्थितिकीय संतुलन बनाए रखने और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के दृष्टिगत वेटलैंड के संरक्षण का आह्वान किया है। यह आर्द्र भूमि क्षेत्र इस संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से हिमाचल में स्थित रामसर स्थलों एवं अन्य वेटलैंड क्षेत्रों के संरक्षण के लिए सक्रिय सहयोग का भी आग्रह किया। इस वर्ष विश्व वेटलैंड दिवस की विषय-वस्तु 'आर्द्र भूमि और मानव कल्याणÓ रखी गई है। इस दिवस का आयोजन 2 फरवरी, 1971 को ईरान के रामसर शहर में वेटलैंड के अंतर्राष्ट्रीय महत्व पर आयोजित सम्मेलन के दौरान हस्ताक्षरित रामसर समझौते के उपलक्ष्य में वर्ष 1997 से किया जा रहा है। वेटलैंड समाज को पर्यावरण संतुलन प्रदान करते हैं। इनमें ताजा जल, पानी में से नुकसानदायक अपशिष्ट को छानकर इसे पीने के लिए शुद्ध बनाते हैं। इसके साथ ही यह खाद्य पदार्थों के बेहतर स्रोत के रूप में भी जाने जाते हैं। विषम मौसमी घटनाओं के दौरान भी वेटलैंड अत्याधिक जल प्रवाहन तथा सूखे जैसे जोखिमों को कम करने में अपनी भूमिका निभाते हैं। वेटलैंड क्षेत्र जैव विविधता के संरक्षण के साथ ही असंख्य लोगों के लिए जीवनयापन का स्रोत भी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रामसर स्थलों के संरक्षण के लिए प्रदेश सरकार सहित स्थानीय समुदायों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में विभिन्न पारिस्थितिकीय क्षेत्रों में विविध वेटलैंड फैले हुए हैं। यह क्षेत्र स्थानीय लोगों की आजीविका की पूर्ति के साथ ही प्राकृतिक सौंदर्य एवं पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं। वर्तमान में प्रदेश में स्थित पौंग बांध, रेणुका और चंद्रताल झील अंतर्राष्ट्रीय महत्व के रामसर स्थलों में शामिल हैं। इसके अतिरिक्त केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा रिवालसर और खजियार झील को राष्ट्रीय महत्व के वेटलैंड के रूप में शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि प्रदेश में पहली बार आयोजित की जा रही राजस्व लोक अदालतों से लोगों को भरपूर लाभ मिल रहा है। राज्य में गत लगभग तीन माह में विशेष अभियान के दौरान इन अदालतों के माध्यम से इंतकाल के रिकॉर्ड 89091 मामले और तकसीम के 6029 लम्बित मामलों का निपटारा किया गया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष जनवरी माह में ही विभिन्न राजस्व लोक अदालतों के माध्यम से इंतकाल के 23159 मामले और तकसीम के 1958 मामलों का निपटारा किया गया। जनवरी माह के दौरान इंतकाल मामलों का निपटारा करने में प्रदेश का जिला कांगड़ा अग्रणी रहा। यहां 6121 इंतकाल के मामलों का निपटारा किया गया। जिला मंडी में इंतकाल के 3212 मामले और जिला ऊना में 2289 इंतकाल मामलों का निपटान किया गया। इसके अतिरिक्त जिला ऊना में तकसीम के रिकॉर्ड 543 मामले निपटाए गए। जिला कांगड़ा में तकसीम के 464 और जिला मंडी में 303 मामले निपटाए गए। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार राजस्व के लम्बित मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित कर आमजन को राहत प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में 30 अक्तूबर, 2023 से विशेष राजस्व लोक अदालतों का आयोजन शुरू किया गया और लोगों को बड़े स्तर पर राहत के दृष्टिगत अब हर माह के अंतिम दो दिवस में इन लोक अदालतों को आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इस पहल का उद्देश्य लम्बित राजस्व मामलों का समाधान सुनिश्चित करना है ताकि लोगों को बार-बार राजस्व कार्यालय में जाने की आवश्यकता न पड़े। राजस्व लोक अदालतों को मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया आंकड़ों के माध्यम से अपनी सफलता की कहानी बयां कर रही है। तीन माह की अल्प अवधि के भीतर ही रिकॉर्ड संख्या में लंबित राजस्व मामलों का प्रभावी निपटारा सुनिश्चित हुआ है। राज्य में यह पहली बार है कि लम्बित राजस्व मामलों के समाधान के लिए मिशन मोड पर अभियान चलाया गया जिसके ठोस परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावी एवं लोक सुलभ निर्णयों से ही बेहतर शासन व प्रशासन प्रदान किया जा सकता है और प्रदेश सरकार जन शिकायतों के तीव्र समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। आमजन से जुड़ने और जन समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा शुरू किया गया महत्वकांक्षी कार्यक्रम 'सरकार गांव के द्वारÓ इसी का परिणाम है।
वन मंडल नुरपुर के तहत वन परिक्षेत्र नुरपुर, इंदौरा, रे, कोटला और ज्वाली में चल रही वन मित्र भर्ती के लिए आज शारीरिक दक्षता परीक्षा का आयोजन किया गया। इस भर्ती प्रक्रिया का आयोजन उप मंडल के तहत नुरपुर के इंदौरा के औद्योगिक क्षेत्र मलोट, रे के जखबड, ज्वाली के कोटला में करवाया गया। नुरपुर परिक्षेत्र में 748 अभ्यार्थियों ने आवेदन किया था, जिसमें से 573 उपस्थित रहे, जिसमें 462 पास हुए व 111 फेल हुए। इंदौरा परिक्षेत्र के तहत 931 अभ्यार्थियों ने आवेदन किया था, जिसमें 703 उपस्थित रहे । वहीं, रे परिक्षेत्र के अंतर्गत 466 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिसमें 379 उपस्थित रहे, ज्वाली परिक्षेत्र में 1216 अभ्यार्थियों ने आवेदन किया था, जिसमें 875 उपस्थित रहे। इसके अलावा कोटला परिक्षेत्र में 460 अभ्यार्थियों ने आवेदन किया थ, जिसमें 360 उपस्थित रहे। इन पांच परिक्षेत्रों में लगभग 3821 अभ्यार्थियों ने आवेदन किया था, जिसमें से 2890 अभ्यर्थियों ने परीक्षा पास की व 1126 फेल हुए। हालांकि बारिश के कारण प्रक्रिया थोड़ी देरी से शुरू हुई। इसके बाद पुरुषों के लिए 30 मिनट में 5 किलोमीटर व महिलाओं के लिए 10 मिनट में 1.5 किलोमीटर दौड़ प्रक्रिया पूरी की गई। डीएफओ मंडल नुरपुर अमित शर्मा ने बताया कि बुधवार सुबह करीब वन मित्र भर्ती के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा का आयोजन किया गया, जिसका सफलतम आयोजन पुर्ण हुआ।
हिमाचल विविधताओं का राज्य है। प्रदेश के बारह जिलों में परिधानों से लेकर खानपान सब भिन्न हैं। हिमाचल प्रदेश एक ऐसा राज्य है, जहां हर कला को नजदीकी से देख सकते हैं। हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था और विकास में पर्यटन के साथ-साथ हस्तकरघा और वस्त्र का भी बहुत बड़ा योगदान है। प्रदेश के कई दस्तकारों ने दशकों से हस्तशिल्प के समृद्ध रीति-रिवाजों को डिजाइन किया है, जो अद्वितीय हैं। यही वजह है कि उनके द्वारा बनाये गए उत्पादों की देश भर में डिमांड है। आइये जानते है हिमाचल के विभिन्न जिलों के मशहूर वस्त्र, कला और उनके इतिहास के बारे में... पश्मीना शॉल पश्मीना शॉल की बुनाई में उपयोग किया जाने वाला ऊन लद्दाख में पाए जाने वाले पालतू चांगथांगी बकरियों से प्राप्त किया जाता है। बुनकरों द्वारा कच्चा पश्म को मध्यस्थों के माध्यम से खरीदा जाता है। इसके बाद कच्चे पश्म फाइबर को ठीक से साफ किया जाता है। तदोपरांत इस फाइबर को सुलझाते हैं और उसकी गुणवत्ता के आधार पर इसे अच्छी तरह से अलग करते हैं। फिर इसे हाथ से काता जाता है और ताने (कटाई की पिन )में स्थापित किया जाता है एवं हथकरघा पर रखा जाता है। इसके बाद तैयार धागे को हाथ से बुना जाता है और खूबसूरती से शानदार पश्मीना शॉल का निर्माण किया जाता है जो दुनिया भर में प्रसिद्ध है। पश्मीना शॉल बुनाई की यह कला हिमाचल में एक परंपरा के रूप में पीढ़ी-दर-पीढ़ी से चली आ रही है। पश्मीना शॉल ने दुनिया भर के लोगों का ध्यान आकर्षित किया है और यह पूरी दुनिया में सबसे अधिक मांग वाले शॉल में से एक बन गई है। इसकी उच्च मांग ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा दिया है। लिंगचे लिंगचे हिमाचल के जनजातीय क्षेत्र लाहुल स्पीति क्षेत्र में काफी प्रसिद्ध है। यह एक प्रकार का शॉल है लेकिन इसकी लम्बाई ज्यादा बड़ी नहीं होती है। लिंगचे हाथ से बुनी हुई शॉल है जिसे स्थानीय रूप से कंधे पर लपेटने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह हिमाचल प्रदेश में पहाड़ी स्पीति की ग्रामीण महिलाओं द्वारा हाथ से करघे पर बुना जाता है। इसमें बुद्धिज्म से जुड़े हुए डिजाइंस देखने को मिलता है। हिमाचली कालीन गलीचे और कालीन हिमाचल प्रदेश के हस्तशिल्प का एक महत्वपूर्ण तत्व हैं। हिमाचल में ऊन से बनी विभिन्न वस्तुएँ होम डेकोर में इस्तेमाल की जाती है। इनमें कालीन बेहद प्रसिद्ध है। ये कालीन सुंदर और असाधारण डिजाइनों के साथ सूक्ष्म रंगों, विभिन्न आकारों में बुनकरों द्वारा बनाया जाता हैं। डिजाइन से भरपूर ये कालीन बनावट में टिकाऊ होते हैं। कालीन को विभिन्न प्रकार के रूपांकनों से सजाया जाता है। इसमें ड्रैगन, हिंदू संस्कृति से प्रेरित स्वस्तिक, पुष्प, प्रकृति आधारित पैटर्न या तिब्बती पक्षी जिन्हें डाक, जीरा, ड्रेगन और बिजली के देवता आदि को धागों से डिजाइंस बना कर कालीन को खूबसूरती दी जाती है। सिरमौर जिले के पांवटा ब्लॉक के भूपपुर, पुरुवाला, सतौन और कंसन के विभिन्न गांवों में बड़ी संख्या में तिब्बती शिल्पकार ऊनी कालीन बुनते हैं। इसे बनाने के लिए बकरी के बाल और भेड़ की ऊन का उपयोग किया जाता है। हिमाचली पट्टू हिमाचली टोपियों को हिमाचलियों का ताज कहा जाता है। हिमाचल टोपी स्थानीय लोगों की पोशाक,परिधान और वस्त्रों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। लेकिन टोपी को तैयार करने के लिए जिस कपड़े का इस्तेमाल होता है उसे हिमाचल में पट्टू कहा जाता है। इसे हथकरघे पर बुना जाता है। पट्टी के कपड़े का उपयोग आमतौर पर बंद गले के कोट, पैंट, पायजामा, जैकेट बनाने के लिए किया जाता है। इसका इस्तेमाल स्थानीय लोग चोला यानी मेल गाउन बनाने में भी करते हैं। यह मेमने के पहले कतरन से प्राप्त ऊन से बनाया जाता है। लोईया सिरमौर की समृद्ध संस्कृति एवं सभ्यता का परिचायक लोईया प्रदेश ही नहीं देश-विदेश में भी काफी प्रसिद्ध है। लोईया सिरमौर के ट्रांस गिरि क्षेत्र की पहचान और पारंपरिक वेशभूषा है, जिसे विशेषकर सर्दियों के दौरान इस क्षेत्र के लोग शौक से पहनते हैं। वही सिरमौर जिला में सामाजिक कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि को सम्मान के तौर पर लोईया भेंट करने की परंपरा आज भी जारी है। लोईया कश्मीर में पहने जाने वाली फेरन से मिलता जुलता है, लेकिन उसमें बाजू होते हैं। ग्रामीण लोईये का उपयोग कई प्रकार से करते हैं। उन्हें इससे सर्दियों में ठंड से राहत मिलती है और किसान बागवान जब कोई बोझ पीठ में उठाते हैं तो पीठ पर इसका दबाव भी कम पड़ता है। पारंपरिक तौर पर सर्दियों के मौसम में वस्त्रों के ऊपर पहना जाने वाला लोईया ऊन का बना होता है। आजकल यह अन्य ऊनी व सूती मिश्रित पट्टियों का भी बनाया जा रहा है। भेड़-बकरियों के पेशे से जुड़े अधिकांश लोग ऊन को स्वयं काता करते हैं और ग्रामीण स्तर पर ही स्थानीय बुनकरों से नौ ईंच चौड़ी पट्टी बुनवाई जाती है। उन पट्टियों को जोड़कर ही लोईया बनाया जाता है। चंबा की चप्पल चमड़े पर जरी और रेशम के धागे से महीन कारीगरी से तैयार चंबा चप्पल का डंका देश-विदेश में बजता है। चंबा चप्पल का इतिहास 500 साल पुराना बताया जाता है। जनश्रुति के अनुसार 16वीं शताब्दी में चंबा के राजा की पत्नी के दहेज में कारीगर चंबा लाए गए थे। ये कारीगर राज परिवार के लोगों के लिए चंबा चप्पल बनाते थे। समय के साथ-साथ कारीगर चंबा चप्पल लोगों के लिए भी बनाने और बेचने लगे। चंबा चप्पल के संरक्षण के लिए सरकार ने इसकी जीआई टैगिंग हासिल कर ली है। अब यह ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफार्म पर भी उपलब्ध है। लुप्त हो रही इस कला को बचाने के लिए आज भी लगभग सैकड़ों कारीगर प्रयासरत हैं। चंबा का रुमाल चंबा रुमाल अपनी अद्भुत कला और शानदार कशीदाकारी के लिए जाना जाता है। चंबा रुमाल की कारीगरी मलमल, सिल्क और कॉटन के कपड़ों पर की जाती है। श्री कृष्णलीला को बहुत ही सुंदर ढंग से रुमाल के ऊपर दोनों तरफ कढ़ाई करके उकेरा जाता है। महाभारत युद्ध, गीत गोविंद से लेकर कई मनमोहक दृश्यों को इसमें बड़ी संजीदगी के साथ बनाया जाता है। रुमाल बनाने में दो सप्ताह से दो महीने का समय लग जाता है। कीमत अधिक होने के कारण चंबा रुमाल को बेचना मुश्किल होता है। कहा जाता है कि 18वीं सदी में चंबा रुमाल तैयार करने का काम अधिक था। राजा उमेद सिंह (1748-64) ने कारीगरों को प्रोत्साहन दिया था। 1911 में दिल्ली दरबार में चंबा के राजा भूरी सिंह ने ब्रिटेन के राजा को चंबा रुमाल तोहफे में दिया था। 1965 में पहली बार चंबा रुमाल बनाने वाली महेश्वरी देवी को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। चंबा रुमाल का विकास राजा राज सिंह और रानी सारदा के समय सर्वाधिक हुआ। चंबा रुमाल को प्रोत्साहित करने के लिए चंबा के राजा उमेद सिंह ने रंगमहल की नींव रखी। चंबा रुमाल पर कुरुक्षेत्र युद्ध की लघु कृति जो विक्टोरिया अल्बर्ट संग्रहालय लंदन में सुरक्षित हैं। चंबा के शासक गोपाल सिंह ने 1873 ई. में ब्रिटिश सरकार को ये भेंट किया था। कुल्लू के पूल कुल्लू का हस्तशिल्प दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यहां की टोपी, शॉल, मफलर और जुराबों का हर कोई दीवाना है। कुछ समय से यहां की पारंपरिक पूलों की ओर भी लोग एकाएक आकर्षित हुए हैं। कुल्लू की स्थानीय बोली में इन चप्पलों को पूलें कहा जाता है। ये चप्पल आरामदेह होने के साथ-साथ पवित्र भी हैं। मंडी-कुल्लू में पूलों को भांग के रेशे के साथ-साथ जड़ी बूटियों से तैयार किया जाता है। भांग के पत्ते के तने के साथ ही ब्यूल के रेशों का भी इसे बनाने में इस्तेमाल होता है। इन्हें पवित्र माना जाता है। इन्हें पहनकर देव स्थल के भीतर जाने में कोई पाबंदी नहीं होती। इसी खासियत को जानकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुल्लू की पूलों को काशी विश्वनाथ के पुजारियों, सेवादारों और सुरक्षाकर्मियों के लिए खड़ाऊ का बेहतरीन विकल्प माना। एक पूल का जोड़ा बनाने में तीन से चार दिन का समय लग जाता है। नुमधा नुमधा गद्दे का स्थानीय नाम है, जो ऊन को बुनने के बजाय उसे फेल्ट कर बनाया जाता है। यह कम गुणवत्ता वाले ऊन को थोड़ी मात्रा में कपास के साथ मिलाकर तैयार किया जाता है। नमधा आमतौर पर सादे होते हैं या कशीदाकारी रंगीन डिजाइनों से सजाए जाते हैं। ये गद्दे 1.82 & 0.91 मीटर या 3.65 & 3.04 मीटर के विभिन्न आकारों में आते हैं। नुमधा की कीमत उसके आकार, ऊन की गुणवत्ता और पैटर्न पर निर्भर करती है। गुदमा गुड़मा स्थानीय लोगों द्वारा बनाई जाने वाली भारी कंबल को कहा जाता है, जिसे विशेष रूप से कुल्लू, किन्नौर और लाहुल स्पीति और पांगी घाटी में बुना जाता है। यह ऊन से बना होता है जिसमें लंबे रेशे होते हैं। गुड़मा को प्राकृतिक ऊनी रंगों में बुना जाता है और लाल या काले रंग की सजावट के साथ तैयार किया जाता है।
जिला कुल्लूू के मुख्यालय ढालपुर के क्षेत्रीय अस्पताल में इन दिनों एनएसएस का शिविर आयोजित किया जा रहा है। शिविर के दौरान अस्पताल में एनएसएस के स्वयंसेवियों द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया गया, जिसमें 40 स्वयंसेवियों ने रक्तदान किया। उन्होंने अन्य लोगों को भी प्रेरणा दी कि वे रक्तदान करने के लिए आगे आएं, ताकि मरीज की खून की जरूरत को पूरा किया जा सके। कुल्लू कॉलेज में एनएसएस के प्रोग्राम अधिकारी डॉक्टर खेमचंद ने बताया कि यहां पर एनएसएस के साप्ताहिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है और 3 फरवरी को इसका समापन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा बदाह में भी पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा तथा स्थानीय लोगों को भी पर्यावरण संरक्षण के बारे में जागरूक किया जाएगा। डॉक्टर खेमचंद ने बताया कि एनएसएस के शिविर में स्वयंसेवियों को मेडिटेशन योग सहित अन्य गतिविधियां भी करवाई जा रही है। ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके और में समाज के उत्थान में अपनी अहम भूमिका निभा सके।
** लाहौल घाटी का संपर्क देश-दुनिया से कटा हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश-बर्फबारी से किसानों-बागवानों के चेहरे तो खिल गए हैं, लेकिन दुश्वारियां भी बढ़ गई हैं। सड़कों के साथ कई इलाकों में बिजली भी गुल है। सूबे में वीरवार सुबह 10 बजे तक छह नेशनल हाईवे और 241 सड़कें यातायात के लिए बंद थीं। प्रदेश में 677 बिजली ट्रांसफार्मर भी ठप हैं। सबसे ज्यादा 139 सड़कें लाहौल-स्पीति में बंद हैं। किन्नौर में 20, कुल्लू 11, मंडी 14 और शिमला में 13 सड़कें बंद हैं। लाहौल घाटी बर्फ से लकदक हो गई है। यहां लगातार तीसरे दिन बर्फबारी जारी है। अटल टनल के साउथ पोर्टल में दो फीट से अधिक बर्फबारी होने से लाहौल घाटी का संपर्क देश-दुनिया से कट गया है। उधर, जिला चंबा के जनजातीय क्षेत्र पांगी घाटी में वीरवार को रिकॉर्ड तोड़ बर्फबारी हुई है। घाटी के मुख्यालय किलाड़ में 1 फीट के करीब ताजा हिमपात हुआ है। 19 पंचायतों के प्रधानों से संपर्क किया जा रहा है। प्रशासन से आपदा के दौरान हर पंचायत में स्थानीय युवाओं की टीम बनाई हुई है। जोकि गांव में बर्फबारी के कारण आई आपदा से निपटने के लिए हमेशा तैयार रहेगी। वहीं पांगी से शेष दुनिया का संपर्क पूरी तरह से कटा हुआ है मौजूदा समय पांगी से बाहर आने से रास्ते केवल दो है, जिनमें वाया कुल्लू मनाली लाहुल के राहूली नामक स्थान पर भारी भूस्खलन के चलते बंद पड़ा हुआ है। वहीं, वाया जम्मू कश्मीर से भारी बर्फबारी के कारण बंद हुआ है। पांगी के कई गांव में मंडराया हिमखंड का खतरा पांगी घाटी के ग्राम पंचायत सेचू के मुर्छ गांव पर एक बार फिर हिमखंड का खतरा मंडराता हुआ है। क्योंकि मूर्छ गांव में दो बार हिमखंड जैसी आपदा आ चुकी है। वर्ष 2020 में मूर्छ गांव में करीब 6 फीट बर्फ हुई थी। इस दौरान गांव में आये हिमखंड ने 5 परिवारों को बेघर कर दिया था ।गांव 12 हजार की ऊंचाई पर पर है। ऐसे में यहां पर अभी तक तीन फीट तक बर्फबारी हो चुकी है। मुर्छ गांव में करीब 35 परिवार रहते है। गांव के पंचायत तकरीबन 8 किलोमीटर दूर है। हालांकि पांगी प्रशासन से गांव की स्थिति जानने के लिए वार्ड सदस्य से संपर्क किया जा रहा है।
** कहा, 14 महीने की हो गई सरकार, बेरोजगार युवाओं को अब भी रोजगार का इंतजार सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेंद्र राणा ने एक बार फिर अपनी ही सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुुक्खू को पत्र लिखकर प्रदेश के कुछ ज्वलंत मुद्दों की ओर ध्यान देने की अपील की है। विधायक ने पत्र में लिखा है कि हिमाचल का बेरोजगार तबका प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के 14 महीने बाद भी वही उम्मीद से, वही अधीरता से और बेचैनी से अपना सपना और कांग्रेस पार्टी का वादा पूरा होने का इंतजार कर रहा है। कांग्रेस पार्टी विपक्ष में रहते हुए भी लगातार युवाओं की आवाज सदन में वुलंद करती रही है। कांग्रेस को सत्ता में लाने में हर तवके का विशेष रूप से योगदान है लेकिन युवाओं ने प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनाने में बढ़-चढ़कर अपना योगदान दिया है। हमने हर साल एक लाख युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था और प्रदेश का युवा वर्ग उस वादे के पूरा होने का बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रहा है। उन्होंने आगे कहा, 'मुख्यमंत्री पिछले लंबे समय से जो भर्तियों के परिणाम रुके हुए हैं और जिन युवाओं ने परीक्षा उत्तीर्ण की हैं, वे अव वेचैन हैं और वही अधीरता से रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं। इनमें से बहुत से युवा ओवर एज हो रहे हैं और वे इस बात से चिंतित हैं कि आयु की सीमा लांघने के कारण कहीं वे सरकारी नौकरी के लिए अपात्र न हो जाएं। मेरा आपसे आग्रह है कि हमीरपुर स्थित अधीनस्य चयन बोर्ड को तुरंत वहाल करके युवाओं के लिए नौकरियों के दरवाजे खोले जाएं। सैकड़ों युवाओं ने बहुत मेहनत करके पेपर दिए हैं और अब लंबे समय तक उनके रिजल्ट रोके रखना तर्क संगत नहीं है, युवाओं का हम पर भरोसा धीरे-धीरे टूट रहा है और उनके सत्र का पैमाना छलक रहा है। राणा ने पत्र में लिखा कि पिछली सरकार के समय से ही हजारों युवा करुणा मूलक आधार पर नौकरी पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उम्मीद है कि आप इस बारे सहानुभूति पूर्वक निर्णय लेकर ऐसे युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखेंगे। राणा ने सीएम को याद दिलाया कि उन्होंने सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में पिछले साल 5 मार्च को होली महोत्सव पर मंच से कुछ घोषणाएं की थीं। मुख्यमंत्री की घोषणाएं पत्थर की लकीर होती हैं। क्षेत्र की जनता सारी घोषणाएं पूरा होने का बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रही है।
मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने आज यहां सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग द्वारा नशामुक्त भारत अभियान के तत्वावधान में आयोजित एक कार्यशाला की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मादक पदार्थों, दवाओं इत्यादि की तस्करी के विरूद्ध शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई है। नशीली दवाओं के उत्पादकों और आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। टोल फ्री ड्रग रोकथाम हेल्पलाइन नंबर 1908 आरम्भ किया गया है जिसका मुख्य उद्देश्य आम जनता को नशीली दवाओं के तस्करों के बारे में जानकारी साझा करने के लिए प्रोत्साहित करना है तथा नशा सेवन मंे संलिप्त युवाओं और उनके माता-पिता को परामर्श प्रदान करना है। नशे की आपूर्ति से जुड़े लोगों के बारे में सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाती है। उन्होंने कहा कि मादक द्रव्यों का सेवन युवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है जिससे मानसिक सामाजिक व अन्य समस्याएं बढ़ रही हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में मादक पदार्थों के सेवन पर रोक लगाने व नशा निवारण के लिए शिक्षा, जागरूकता, पहचान, परामर्श, उपचार और पुनर्वास, क्षमता निर्माण के लिए मानव संसाधन का विकास और नशे में संलिप्त युवाओं से भेदभाव को कम करने की रणनीति अपनाई गई है। उन्होंने कहा कि इस सम्बंध में सभी हितधारकों को जिम्मेदारियां साझा कर आपसी सहयोग की भावना से काम करना चाहिए। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस, दिल्ली अरुल वार्मा ने राज्य में नशीली दवाओं के खतरे को रोकने के लिए एक मजबूत और प्रभावी रणनीति पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नशे में संलिप्त व्यक्तियों तक पहुंचने और नशीले पदार्थों की मांग को कम करने में सामुदायिक भागीदारी और सार्वजनिक सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। इन कार्यक्रमों में किशोरों और युवाओं में नशीली दवाओं के उपयोग की प्रारंभिक रोकथाम के लिए समुदाय-सहकर्मी नेतृत्व आधारित हस्तक्षेप सहित अन्य कदम उठाये जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि माता-पिता और शिक्षकों के बीच जिम्मेदारी की भावना विकसित करना नितांत आवश्यक है ताकि प्रारम्भिक अवस्था में रोकथाम सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि जिन स्कूली विद्यार्थियों को नशे के सेवन की लत हो जाती है, वे पढ़ाई में पिछड़ जाते हैं और शैक्षणिक संस्थान भी छोड़ देते हैं। ऐसी स्थिति में उनको उचित परामर्श प्रदान किया जाना चाहिए।
सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग से अधीक्षक ग्रेड-2 के पद पर तैनात रजनी सूद, नाट्य निरीक्षक पद पर तैनात भुवनेश आनंद और सेवादार के पद पर तैनात राम सरण आज सेवानिवृत्त हो गए। इस अवसर पर निदेशक राजीव कुमार की अध्यक्षता में विदाई समारोह का आयोजन निदेशालय में किया गया। सूचना एवं जन सम्पर्क परिवार की ओर से शुभकामनाएं देते हुए राजीव कुमार ने कर्त्तव्यनिष्ठ कर्मचारियों द्वारा प्रदत सेवाओं की सराहना की। अतिरिक्त निदेशक आरती गुप्ता तथा संयुक्त निदेशक महेश पठानिया ने भी उनके कार्यकाल की सराहना करते हुए अपने अनुभव साझा किए। रजनी सूद 29 जून, 1989 को लिपिक के पद पर नियुक्त हुई और 34 वर्ष से अधिक समय तक विभाग में विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं प्रदान कीं। भुवनेश आनंद 2 नवम्बर, 1999 को कलाकार के पद पर नियुक्त हुए और 24 वर्ष से अधिक समय तक विभाग में विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं प्रदान कीं। राम सरण 12 जुलाई, 1991 को सेवादार के पद पर नियुक्त हुए और 32 वर्ष से अधिक समय तक विभाग में बहुमूल्य सेवाएं प्रदान कीं। इस अवसर पर विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज राजीव भवन शिमला में आयोजित युवा कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि देश में ऐसी कोई भी पार्टी नहीं है, जिनके दो प्रधानमंत्रियों ने देश की एकता एवं अखंडता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की विचारधारा को जब-जब आघात पहुंचाने का करने का प्रयास किया तब-तब यह पार्टी और मजबूत हुई है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने युवा कांग्रेस के दिनों को याद करते हुए कहा कि मैं भी छात्र राजनीति से निकला और कदम दर कदम आगे बढ़ा। उन्होंने कहा कि कभी कल्पना भी नहीं की थी कि मुख्यमंत्री पद तक पहुंचेंगे, जिसके लिए उन्होंने कांग्रेस पार्टी की विचारधारा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस विचारधारा ने लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत किया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की सोच ने भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा दिखाई। जबकि आधुनिक भारत की नींव पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी ने रखी और देश में संचार क्रांति लाई। यही वजह है कि आज दुनिया की 30 बड़ी आई टी कंपनियों के सीईओ भारतीय हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की सरकारों ने देश में आईआईटी, आईआईएम तथा एम्स आरम्भ किए। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का मानना था कि जिस समाज में महिलाओं को सम्मान नहीं मिलता वह समाज विकसित नहीं हो सकता। इसलिए महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए 73वें 74वें संशोधन के माध्यम से उन्हें पंचायती राज संस्थाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। इसके साथ ही 18 वर्ष की आयु में अपनी सरकार को चुनने का अधिकार भी राजीव गांधी की सोच ने ही दिया। वहीं मनमोहन सरकार ने महिलाओं को पंचायती राज संस्थाओं में 50 प्रतिशत आरक्षण भी दिया। उन्होंने युवाओं से राजनीति में आगे आने की अपील करते हुए कहा कि व अपने लक्ष्य तय करें और चुनौतियों को स्वीकार कर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य सुरक्षित करने के लिए कड़े फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि बिना केंद्र सरकार की मदद के आपदा प्रभावितों को वर्तमान राज्य सरकार ने 4500 करोड़ का विशेष राहत पैकेज जारी किया तथा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त का मुआवजा 1.30 लाख से बढ़ाकर 7 लाख रूपये किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कैबिनेट की पहली ही बैठक में पुरानी पेंशन योजना लागू की, ताकि बुढापे में कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा मिल सके। प्रदेश में आपदा के दौरान हर सम्भव सहयोग के लिए उन्होंने मंत्रिमंडल के सदस्यों, युवा कांग्रेस के सदस्यों व सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जन सहयोग से इतिहास का सबसे बड़ा 250 करोड़ रुपए का दान एकत्र हुआ। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रत्येक माह के अंतिम दो दिनों में लंबित राजस्व मामलों के निपटारे के लिए राजस्व लोक अदालतें आयोजित कर रही है। इसमें अब तक इंतकाल के 65000 से अधिक तथा तकसीम के चार हजार से अधिक लम्बित मामलों का निपटारा किया गया है। उन्होंने कहा कि पहली बार कोई सरकार गंभीरता से इस दिशा में प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर में पिछली सरकार के कार्यकाल में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ और पेपर बेचे गए। भ्रष्टाचार पर प्रहार करते हुए वर्तमान राज्य सरकार ने कर्मचारी चयन आयोग को भंग कर इसके स्थान पर राज्य चयन आयोग गठित किया है, जिसमें भर्ती की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विभिन्न सरकारी विभागों में 21,000 भर्तियां करने जा रही है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि अच्छे शासन के लिए अच्छे प्रशासन का होना आवश्यक है। प्रथाओं को तोड़कर मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण के बाद उन्होंने टूटीकंडी बालिका आश्रम का दौरा किया। आवासियों की पीड़ा को समझा और अनाथ बच्चों की देखभाल के लिए देश का पहला कानून बनाया, जिसके तहत सभी अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ का दर्जा दिया गया, जिसके तहत उनकी पूरी देखभाल का जिम्मा राज्य सरकार का है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के तहत वर्तमान राज्य सरकार 18 वर्ष तक के अनाथ बच्चों को 2500 रुपए प्रति माह तथा 27 वर्ष तक के बच्चों को 4 हजार रुपए पॉकेट मनी के रूप में दे रही है। उनकी शादी तथा स्टार्ट-अप आरम्भ करने के लिए 2-2 लाख रुपए की आर्थिक मदद प्रदान करने के साथ-साथ घर बनाने के लिए भूमि उपलब्ध करवाई जाएगी और 3 लाख रुपए आर्थिक सहायता सहित अन्य सुविधाएं भी दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने ‘सुपर शक्ति शी’ में तीसरा स्थान पाने वाली सभी युवा कांग्रेस की महिला कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया। इसके साथ उन्होंने युवा कांग्रेस के डोर-टू-डोर अभियान के तहत विभिन्न पोस्टर भी जारी किए। हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रभारी कृष्णा अल्लावारु ने कहा कि प्रदेश में सरकार और संगठन समन्वय से कार्य कर रहे हैं तथा कार्यकर्ताओं को जनसेवा के लिए उचित जिम्मेवारियां सौंपी गई हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का चुनाव ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स जैसी संस्थाएं लड़ती है। उन्होंने चंडीगढ़ मेयर चुनाव में घपलेबाजी का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर महापौर चुनाव में यह स्थिति है तो आगामी लोकसभा चुनाव की स्थिति की कल्पना भी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि बीजेपी झूठ फैलाने में माहिर है। आने वाले लोकसभा चुनाव का निर्णय जनता करेगी तथा भाजपा के प्रचार प्रसार से घबराने की आवश्यकता नहीं है। युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता हर बूथ पर अपनी बात मजबूती से प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में राज्य सरकार ने एक वर्ष में बेहतर कार्य किया है और इसी रिपोर्ट कार्ड को लोगों के सामने रखा जाएगा। जबकि दस साल पहले भाजपा ने 20 करोड़ नौकरियों का वादा किया था लेकिन मोदी सरकार रोजगार देने में असफल रही है। बेटियों को न्याय दिलाने, अच्छी शिक्षा देने, मजदूरों को हक देने, लोकतंत्र को बचाने और किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने में मोदी सरकार नाकाम हुई है। हिमाचल प्रदेश के युवा कांग्रेस के अध्यक्ष निगम भंडारी ने आपदा में बेहतर कार्य के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को राज्य सरकार में उपयुक्त जिम्मेदारियां सौंपी हैं। उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता राज्य सरकार की नीतियों को घर-घर पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस ने पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान उनकी जन विरोधी नीतियों को जनता तक पहुंचाया और भाजपा को बाहर का रास्ता दिखाया। उन्होंने कहा कि आगामी लोक सभा चुनाव में भी युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता दिन रात मेहनत करेंगे। युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष जयवर्धन खुराना ने युवा कांग्रेस के कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस ने यूथ जोड़ो कार्यक्रम के तहत हिमाचल प्रदेश के प्रत्येक बूथ पर पांच-पांच कार्यकर्ताओं को जोड़ने का अभियान आरम्भ किया गया है। आगामी 90 दिनों में हिमाचल प्रदेश सरकार की उपलब्धियों को डेढ़ लाख लोगों तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त अग्निवीर योजना पर कांगड़ा, मंडी तथा हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र में नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर विधायक अजय सोलंकी, रवि ठाकुर व भुवनेश्वर गौड़, मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरेट, एचपीएसआईडीसी के उपाध्यक्ष विशाल चंबियाल, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव देवेंद्र बुशैहरी और अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
सोलन ज़िला के विकास खण्ड सोलन, कण्डाघाट, कुनिहार और नालागढ़ की विभिन्न ग्राम पंचायतों में आयोजित होने वाले उप निर्वाचन के दृष्टिगत मतदाता सूची का प्रारूप अंतिम रूप से प्रकाशित कर दिया गया है। यह जानकारी आज यहां ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने दी। उन्होंने कहा कि सोलन ज़िला के विकास खण्ड सोलन की ग्राम पंचायत जौणाजी एवं कौरों कैंथड़ी, विकास खण्ड कण्डाघाट की ग्राम पंचायत चायल, विकास खण्ड कुनिहार की ग्राम पंचायत समोग तथा विकास खण्ड नालागढ़ की ग्राम पंचायत बधोखरी और मंझोली में रिक्त पदों के लिए उप चुनाव होना है। ज़िला निर्वाचन अधिकारी पंचायत ने कहा कि इन ग्राम पंचायतों में रिक्त पदों के लिए होने वाले उप निर्वाचन के दृष्टिगत हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (निर्वाचन) नियम, 1994 के अनुरूप मतदाता सूचियां अंतिम रूप से प्रकाशित कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा वित्त वर्ष 2024-25 के लिए आयोजित राज्य क्रेडिट सेमिनार का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बैंक ने राज्य में उपलब्ध संसाधनों और बैंकिंग ढांचे के आधार पर वर्ष 2024-25 के लिए कृषि और संबद्ध्र गतिविधियों, एमएसएमई और अन्य प्राथमिकता क्षेत्र के लिए 34490 करोड़ रुपये की ऋण संभाव्यता योजना तैयार की है जोकि पिछले वर्ष की तुलना में 8 प्रतिशत अधिक है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ‘नाबार्ड स्टेट फोकस पेपर-2024-25’ भी जारी किया। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने लोगों के सामजिक-आर्थिक उत्थान के लिए मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना, बागवानी के एकीकृत विकास के लिए मिशन, मुख्यमंत्री लघु दुकानदार कल्याण योजना, मुख्यमंत्री ग्रीन कवर मिशन, मुख्यमंत्री रोजगार संकल्प सेवा, मुख्यमंत्री विद्यार्थी योजना व स्टार्टअप इत्यादि अनेक कल्याण योजनाएं आरम्भ की हैं। उन्होंने बैंको से आग्रह किया कि इन योजनाओं के उचित क्रियान्वयन के लिए ऋण देने में अपना सक्रिय सहयोग दें ताकि किसान, बागवान तथा युवा इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा प्राथमिकता क्षेत्र ऋण प्रवाह पर जारी किए गए निर्देशों के अन्तर्गत प्रदेश का कोई भी जिला ‘क्रेडिट की कमी’ जिलों की श्रेणी में नहीं आता है। उन्होंने कहा कि यद्यपि इन जिलों में ऋण प्रवाह सामान्य है परन्तु प्रदेश का ऋण व जमा अनुपात 36ः39 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, ऊना, लाहौल-स्पीति व चम्बा में ऋण व जमा अनुपात लगातार 40 प्रतिशत से कम है जोकि चिंता का विषय है। उन्होंने बैंकों एवं अन्य हितधारकों को इन जिलों में ऋण व जमा अनुपात को बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने में नाबार्ड की मुख्य भूमिका है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन से हिमाचल प्रदेश भी अछूता नहीं है, जिससे रोकने के लिए राज्य सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रीन इंडस्ट्री को बढ़ावा दे रही है और राज्य में ई-व्हीकल को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि कार्बन उत्सर्जन कम हो और फॉसिल फ्यूल पर निर्भरता कम हो सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश का परिवहन विभाग देश का पहला विभाग है, जिसमें पूरी तरह ई-व्हीकल इस्तेमाल की जा रही हैं। इसके साथ ही एचआरटीसी की 3000 डीजल बसों को चरणबद्ध तरीके से ई-बसों के साथ बदला जा रहा है तथा 1300 ई-बस के लिए टेंडर कर दिए गए हैं। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि 680 करोड़ रुपए की राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना के पहले चरण के तहत ई-टैक्सी योजना आरम्भ कर दी है, जिसके लिए 1200 युवाओं ने आवेदन किया है। इस योजना के तहत राज्य सरकार ई-टैक्सी की खरीद के लिए 50 प्रतिशत अनुदान प्रदान कर रही है। ई-वाहनों के सुगम संचालन के लिए ई-चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए जा रहे हैं। कीरतपुर से केलांग ग्रीन कॉरीडोर पर 17 ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं तथा पूरे प्रदेश में ई-चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए ई-वाहनों का संचालन राज्य सरकार की एक सोच का प्रतिबिंब है, इसीलिए सरकारी विभागों में एक जनवरी 2024 से पेट्रोल व डीजल गाड़ियों की खरीद पर रोक लगा दी गई है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने सौर ऊर्जा के दोहन को भी प्राथमिकता दे रही है। जिला ऊना के पेखूबेला में 32 मेगावाट क्षमता का सोलर पावर प्रोजेक्ट लगाया जा रहा है, जो फरवरी माह में बनकर तैयार हो जाएगा। स्वरोजगार स्टार्ट अप योजना के दूसरे चरण में बेरोजगार युवाओं के लिए सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने के लिए राज्य सरकार मदद देगी। इस योजना के माध्यम से बेरोजगार युवा अपनी भूमि पर 100, 200 व 500 किलोवाट का सौर ऊर्जा केन्द्र स्थापित कर पाएंगे तथा राज्य सरकार उनसे 25 वर्षों तक बिजली की खरीद करेगी ताकि उन्हें निश्चित आय प्राप्त हो सके। इसके अतिरिक्त ग्रीन हाईड्रोजन उत्पन्न करने के लिए आईओसीएल के साथ एक मेगावाट क्षमता का एक प्रोजेक्ट लगाया जा रहा है, जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए योजनाएं कार्यान्वित करेगी तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। हाल ही में राज्य सरकार ने दूध खरीद का मूल्य 6 रुपए बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कृषि को उद्योग की तर्ज पर बढ़ावा देने के साथ-साथ डेयरी आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। जिला कांगड़ा के ढगवार में 250 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक मिल्क प्लांट स्थापित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश ने नाबार्ड के विभिन्न विकास कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए हितधारकों को सम्मानित किया। नाबार्ड के प्रभारी अधिकारी डॉ. विवेक पठानिया ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और डीजीएम मनोहर लाल ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री धनी राम शांडिल, मुख्य संसदीय सचिव मोहन लाल ब्राक्टा, विधायक अजय सोलंकी व भुवनेश्वर गौड़, हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेंद्र श्याम, कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, जोगिंद्रा बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, सचिव ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग प्रियतु मंडल, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विवेक भाटिया और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी धर्मशाला प्रदीप कुमार ने बताया कि ‘राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना’ के तहत ई- टैक्सी सेल्फ ड्राइविंग के लिए 20 नवम्बर से 05 जनवरी तक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी कार्यालय कांगड़ा स्थित धर्मशाला को ऑनलाइन माध्यम से आवेदन पत्र प्राप्त हुए थे। उन्होंने बताया कि जांच के उपरान्त सभी मांपदड़ों के अनुसार सही पाए गए आवेदनों को ड्राइव एंड स्किल के लिए चयनित किया गया है। उन्होंने बताया कि आवेदनकर्ताओं की ‘चालक एंव कौशल परीक्षा’ 8 ,9 व 12 फरवरी को जोरावर स्टेडियम, सिद्धबाड़ी में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक ली जाएगी। उन्होंने आवेदनकर्ताओं से आग्रह किया है कि टेस्ट के दौरान अपने समस्त दस्तावेज जैसे कि शिक्षा प्रमाणपत्र, ड्राइविंग लाईसेन्स, आदि साथ में लाए। इस बारे अधिक जानकारी के लिए क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी कार्यालय कांगड़ा के दूरभाष संख्या 01892-222055 पर किसी भी कार्यदिवस में 10 बजे से 5 बजे तक संपर्क कर सकते है।
उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा की अध्यक्षता में ज़िला सांस्कृतिक परिषद की बैठक आयोजित की गई। मनमोहन शर्मा ने बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि ज़िला प्रशासन स्थानीय कला को विकसित करने के लिए सदैव प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक परिषद का मुख्य उद्देश्य साहित्यिक, सांस्कृतिक गतिविधियों तथा संस्कृत, हिन्दी, उर्दू भाषा और पहाड़ी बोली के संरक्षण एवं संवर्द्धन की दिशा में कार्य करना है। सांस्कृतिक परिषद संस्कृति के संरक्षण के लिए नियमित अंतराल पर कार्यक्रमों का आयोजन करवाती है। इन आयोजनों से प्रतिभागियों के मध्य परस्पर संवाद और संबंधों की प्रक्रिया विकसित होती है और स्थानीय कला, साहित्य और संवाद शैली को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि इससे प्रतिभागियों को बेहतर मंच मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और उनके व्यक्तिगत जीवन का विकास भी सुनिश्चित होता है। उपायुक्त ने कहा कि ज़िला सांस्कृतिक परिषद अपने विभिन्न कार्यों को गति देने के लिए सतत् प्रत्यनशील है। सोलन ज़िला की प्रतिभाओं तथा विशिष्टताओं को उभारने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने पर बल दिया जा रहा है। उन्होंने ज़िला भाषा अधिकारी को निर्देश दिए कि वह ज़िला में ठोडा को बढ़ावा देने के लिए कार्यरत ठोडा दलों को तलाशें ताकि उन्हें ठोडा किट उपलब्ध करवा कर उनका संरक्षण सुनिश्चित बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में ज़िला सोलन में करयाला पर एक कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी ताकि लुप्त हो रही प्राचीन परंपरा का संरक्षण किया जा सके। उपायुक्त ने सोलन की जनता से आग्रह किया कि प्राचीन पुस्तकें जिसमें सोलन ज़िला से सम्बन्धित लेख छपे हों अथवा कोई भी प्राचीन सांस्कृतिक महत्व की वस्तु, कला केन्द्र कोठों में भेंट की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं एतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इन वस्तुओं, दस्तावेज़ों इत्यादि को संग्रहालय में संग्रहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भेंट कर्ता का नाम संग्रहित वस्तुओं के साथ अंकित किया जाएगा। मनमोहन शर्मा ने कहा कि कला केन्द्र कोठों में स्थापित होने वाली कला दीर्घा को स्थानीय कलाकारों को कैनवास उपलब्ध करवा कर विकसित किया जाएगा तथा संग्रहालय में स्वतंत्रता सेनानियों के छायाचित्र, पारम्परिक वेशभूषा के छायाचित्र, वास्तविक वेशभूषा, प्राचीन सिक्के व पुस्तकें एवं पारम्परिक वाद्य यंत्र रखे जाएंगे। कला केंद्र विकसित करने के पश्चात फीस निर्धारित करने बारे भविष्य में विचार किया जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि ज़िला सोलन से सम्बन्धित प्राचीन पुस्तकों को पुनः प्रकाशित किया जाएगा। इसके लिए परिषद के सदस्यों के बहुमूल्य सुझाव अपेक्षित रहेंगे। सोलन ज़िला के प्रसिद्ध लोक नृत्य पड़ुआ और करयाला के संरक्षण पर भी विशेष बल दिया जाएगा। ज़िला युवा एवं खेल अधिकारी सविंदर कैथ, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की प्रतिनिधि सुलेखा, फिलफोर्ट की सदस्य सुनीता शर्मा तथा ज़िला भाषा अधिकारी सोलन ममता वर्मा सहित परिषद के अन्य सरकारी व गैर सरकारी सदस्यों ने बैठक में भाग लिया।
जिला लोक संपर्क कार्यालय कुल्लू से तकनीकी सहायक भूपेंद्र शर्मा 14 साल अपनी सेवाएं देने के पश्चात आज सेवानिवृत्त हुए। लोक संपर्क कार्यालय कुल्लू के स्टाफ द्वारा इस अवसर पर उनके सम्मान में विदाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। लोक संपर्क विभाग में अपने सेवाकाल के दौरान अनुभवों को साझा करते हुए भूपेंद्र शर्मा ने कहा कि वे वर्ष 2009 में इस विभाग में आए थे तथा अपने कार्यकाल में उन्होंने धर्मशाला, सुंदरनगर में अपनी सेवाएं दी। पिछले 4 वर्ष से जिला कुल्लू में सेवाएं देने के उपरांत आज इसी कार्यालय से सेवानिवृत्त हो रहे हैं।\ जिला लोक संपर्क अधिकारी नरेंद्र शर्मा ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भूपेंद्र शर्मा का सेवाकाल बहुत ही शानदार रहा है, वे स्वभाव से नम्र एवं सबसे मिलनसार व्यक्ति हैं। उन्होंने विभाग में उनके द्वारा दी गई बेहतर सेवाओं के लिए भी उनका आभार प्रकट किया। इस अवसर पर सेवानिवृत सहायक लोक संपर्क अधिकारी सुरेश, सहायक लोक संपर्क अधिकारी कुल्लू जयप्रकाश शर्मा शामिल थे।
भुंतर में 2 फरवरी को विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकरी बोर्ड के सहायक अभियंता विद्युत उपमंडल भुंतर ने दी। उन्होंने कहा कि 11 के.वी. शाट फीडर के अन्तर्गत आने वाली एच० टी० लाइन के जरूरी रख-रखाव के कारण और पाम सिटी हाथी थान की टैपिग संरचना के निर्माण के लिए 2 फरवरी को उपरोक्त फीडर के अन्तर्गत आने वाले गांव हाथीथान, जिया, पारला भून्तर शाट, छन्नीकोड, नरोगी, बड़ा भूईन, जलुग्रां, व आसपास के इलाके में सुबह10 बजे से सायं 5 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने बताया कि उपरोक्त तिथियों में मौसम खराब या बारिश रहती है तो यह कार्य अगले दिन किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में लंबे समय के बाद अब मौसम बरसना शुरू हो गया है। ऐसे में ऊंचाई वाली चोटियों पर बर्फबारी भी शुरू हो गई है। जिला लाहौल स्पीति की बात करें तो यहां पर भी शाम से बर्फबारी शुरू हो गई है और अब अटल टनल, सीसु, कोकसर के आसपास बर्फबारी काफी तेज हो गई है। ऐसे में मनाली से लाहौल के विभिन्न इलाकों में घूमने गए सैलानियों के वाहनों को पुलिस के द्वारा सुरक्षित निकाल लिया गया है। मंगलवार शाम के समय पर्यटकों के वाहन बर्फबारी के बीच कोकसर में फंस गए और सड़क पर उन्हें वाहन चलाना मुश्किल हो गया। सूचना मिलते ही लाहौल पुलिस की टीम को मौके पर पहुंची और उन्होंने सभी सैलानियों के वाहनों को सुरक्षित अटल टनल से होते हुए मनाली की और रवाना कर दिया है। शाम के समय अटल टनल में भी बर्फबारी तेज हो गई है जिसके चलते यहां पर वाहन फंस गए थे, लेकिन पुलिस के द्वारा तत्परता दिखाते हुए उन सभी वाहनों को सुरक्षित निकाल लिया गया और उन्हें मनाली की ओर भेज दिया गया है। इसके अलावा लाहौल पुलिस के द्वारा घाटी के विभिन्न इलाकों की भी पेट्रोलिंग की जा रही है, ताकि सड़क में अगर कोई वाहन फंसा हुआ तो उसे वहां से निकाला जा सके। ऐसे में लाहौल स्पीति पुलिस ने सैलानियों से भी आग्रह किया है कि वे बर्फबारी के बीच सफर न करें और मौसम की स्थिति को देखते हुए ही घाटी का रुख करें। एसपी लाहौल स्पीति मयंक चौधरी ने बताया कि बर्फबारी के बीच पर्यटकों के कुछ वाहन फंस गए थे, लेकिन उन्हें पुलिस टीम के द्वारा सुरक्षित निकाल लिया गया है। अटल टनल होते हुए सभी वाहनों को मनाली की ओर भेजा जा रहा है।
भाषा एवं संस्कृति विभाग प्रदेश की लोक संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्द्धन की दिशा में निरन्तर प्रयासरत है। विभाग द्वारा प्रति वर्ष सांस्कृतिक दलों तथा वादकों को प्रदेश में प्रदेश से बाहर सास्कृतिक अवसरों, मेले-त्योहारों व विभिन्न स्थानों पर सास्कृतिक प्रस्तुतियों हेतु भेजा जाता है । दलों के चयन के लिए विभाग द्वारा हर वर्ष जिला स्तर पर प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है । प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले लोकनृत्य दल को राज्य स्तर पर होने वाली प्रतियोगिता व राज्य स्तरीय आयोजनों में भाग लेने का अवसर प्रदान किया जाएगा। वर्ष 2024के जिला स्तरीय लोक नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन 13 और 14 फरवरी को ऐतिहासिक गेयटी प्रेक्षागृह के बहुउद्देशीय सभागार में करवाया जा रहा है, जिसमें भाग लेने के लिए जिला शिमला के सभी पंजीकृत अथवा अपंजीकृत ,शिक्षण संस्थानों के लोकनृत्य दल,पारंपरिक लोक वाद्ययन्त्र दल दिनांक 09.02.2024 तक जिला भाषा अधिकारी शिमला के कार्यालय संस्कृति भवन, खण्ड सं०-39, में ईमेल-dloshimlahp@gmail.com पर आवेदन कर सकते हैं । यह जानकारी जिला भाषा अधिकारी अनिल कुमार हारटा ने दीधिक जानकारी के लिये दूरभाष नम्बर 0177-2626615 या 8219457198 पर भी संपर्क कर सकते हैं। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले लोकनृत्य दलों के लिए मानक निर्धारित किए गए है। मानकों के अनुसार लोक नृत्य दलों में नर्तकों की संख्या कम से कम 16 और 22 से अधिक नहीं होनी चाहिए, जिसमें दल के गायक,वादक और नर्तक सम्मिलित होंगे तथा लोक वाद्ययन्त्र प्रतियोगिता में 8-12 कलाकार भाग ले सकेंगे । वहीं, लोक नृत्य प्रतियोगिता में प्रदर्शन अवधि 10-12 मिनट तक होगी तथा लोक वाद्ययन्त्र प्रतियोगिता की 8-10 मिनट तक रहेगी। अधिक जानकारी के लिये दूरभाष नम्बर 0177-2626615 या 8219457198 पर भी संपर्क कर सकते हैं ।
पंचरुखी हिम केयर योजना के अंतर्गत जिला कांगड़ा के निजी पैनल अस्पतालों की करोड़ों रूपये की अदायगी के चलते निजी डॉक्टर एसोसिएशन ने निर्णय किया है, कि वे जिला कांगड़ा में योजना के अंतर्गत पैनल अस्पतालों में अपनी सेवाएं देना बंद कर देंगे। किसान नेता एवं समाजसेवी मनजीत डोगरा ने कहा कि इस फैसले से जिला की आम जनता पूरी तरह से प्रभावित होगी व उपचार के लिए आम जनता को भारी परेशानी उठानी पड़ेगी। किसान नेता मनजीत डोगरा ने प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि हिम केयर योजना से प्रदेश की आम जनता को उपचार में बहुत बड़ी सुविधा मिली है, यह योजना आम जनता के लिए एक वरदान के रूप में काम कर रही है अतः हिम केयर योजना के अंतर्गत पेंडिंग वित्तीय अदायगी को प्रदेश सरकार जल्द अदा करें।
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार द्वारा सत्ता में आने के बाद से ही मजदूरों के हितों को रोक दिया गया है। जिससे मजदूरों को आर्थिक लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में अब जल्द से जल्द सरकार मजदूरों के हितों को जारी करें। ताकि मजदूरों को आर्थिक रूप से लाभ मिल सके। इसी मुद्दे को लेकर उपमंडल बंजार के मुख्यालय में भी भारी बारिश के बीच मजदूर सड़कों पर उतरे और उन्होंने रोष रैली निकाली। ट्रेड यूनियन की संयुक्त समन्वय समिति की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके अलावा प्रदेश सरकार को एक ज्ञापन भी भेजा गया। ट्रेड यूनियन संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वाधान में सभी ट्रेड यूनियन सीटू, इंटक, बीएमएस, मजदूर संघर्ष समिति के साथ सैकड़ों मजदूर बंजार इकाई की अध्यक्ष भावना चौहान की अध्यक्षता में बंजार कला केंद्र में एकत्रित हुए और मांगों को लेकर उपमंडल अधिकारी नागरिक बंजार के कार्यालय तक रैली निकाली।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू के प्रधान सचिव आयुष के पद पर किए गए तबादला आदेश को रद्द कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उनके तबादला आदेश वापस लिए गए हैं। संजय कुंडू अब डीजीपी पद पर बने रहेंगे। इस संबंध में सरकार की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है। दरअसल 12 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने आईपीएस अधिकारी संजय कुंडू को हिमाचल प्रदेश पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पद से ट्रांसफर करने के हिमाचल हाईकोर्ट के आदेश को दरकिनार कर दिया था। एक मामले की निष्पक्ष जांच में हस्तक्षेप करने के आरोप पर हाईकोर्ट ने कुंडू को डीजीपी पद से स्थानांतरित करने का आदेश दिया था। 26 दिसंबर को हाईकोर्ट ने एक व्यवसायी की ओर से आईपीएस अधिकारी और एक वकील से जान को खतरे की आशंका जताते हुए भेजी पत्र याचिका पर शुरू की गई स्वत: संज्ञान कार्यवाही में यह आदेश पारित किया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि याचिकाकर्ता कुंडू जांच में हस्तक्षेप कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने को जरूरी मानते हुए डीजीपी और कांगड़ा के एसपी के तबादले का आदेश दिया था।
खण्ड शिक्षा अधिकारी अर्की धुन्धन स्यामलाल वर्मा द्वारा छात्र विद्यालय कुनिहार में सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए अपनी कमाई से 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद की है। इस पुनीत कार्य के लिए विद्यालय प्रबंधन समिति व विद्यालय प्रशासन ने उनका आभार जताया है। एसएमसी अध्यक्ष रणजीत ठाकुर ने बताया कि मंगलवार को विद्यालय के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में मुख्यातिथि डॉ जगदीश नेगी के साथ स्याम लाल वर्मा विशेष तौर पर मौजूद थे। उन्हें जैसे ही पता चला कि विद्यालय में सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए लगभग 50 हजार रुपये की कमी है तो उन्होंने तुरंत 50 हजार रुपये भेंट किए। रणजीत ठाकुर ने बताया कि स्यामलाल वर्मा समाज सेवा में कभी भी पीछे नहीं रहते वह एक अधिकारी होने के साथ साथ समाजसेवी भी है।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि नौकरी की माँग को लेकर मुख्यमंत्री से मिले दृष्टिबाधित युवक द्वारा लगाए गये आरोप बहुत गंभीर हैं। एक मुख्यमंत्री द्वारा इस तरह की बात किया जाना शर्मनाक है। ग़ौरतलब है कि नौकरी की मांग कर रहे दिव्यांग युवा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिले थे। उनसे मिलने वाले रोहड़ू निवासी लकी का आरोप है कि मुख्यमंत्री सुक्खू ने उनसे सवाल किया कि आप तो दृष्टिहीन हैं, आपको दिखाई नहीं देता है, आप क्या करेंगे। जयराम ठाकुर ने कहा कि इस तरह की बात करना संवेदनहीनता है। आज दिव्यांगजन देश दुनिया में एक से बढ़कर एक काम कर रहे हैं। खेलों से लेकर विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नाम कर रहे हैं। ऐसे में इस तरह के बेतुके सवाल का कोई औचित्य नहीं हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री को किसी भी मामले की गंभीरता समझनी होती है। पिछले हफ़्ते जेओए आईटी का रिजल्ट जारी करने की माँग कर रहे युवाओं से मुलाक़ात के दौरान उन्होंने कहा था कि कैबिनेट मंत्रियों को मनाइए। कुछ मंत्री हैं जो रिजल्ट नहीं जारी कर रहे हैं और आज एक दिव्यांग युवक द्वारा मुख्यमंत्री पर इस तरह के ग़ैर ज़िम्मेदाराना तरीक़े से सवाल करने के आरोप लग रहे हैं। यह दुःखद है। सरकार को गंभीरता से काम करने की ज़रूरत जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार किसी भी मामले में गंभीर नहीं है। इसीलिए प्रदेश के लोगों में असंतोष का माहौल है। आज 13 महीनें के कार्यकाल में प्रदेश का हर वर्ग सरकार के ख़िलाफ़ सड़क पर है। सरकार को कोई फ़र्क़ नहीं पड़ रहा है। मुख्यमंत्री को यह सोचना होगा कि आख़िर हर वर्ग में नाराज़गी क्यों हैं और उसे कैसे दूर किया जाए। लेकिन सरकार सिर्फ़ झूठ के सहारे काम चलाना चाह रही हैं। अब ऐसा नहीं होगा। सरकार को अपने वादे पूरे करने पड़ेंगे। विकास के कामों को रफ़्तार देनी पड़ेगी। ।
नगरोटा बगवां में आयोजित दो दिवसीय रोजगार मेले में 144 अभ्यर्थियों को शाॅर्ट लिस्ट किया गया है, जिसमें सिक्योरिटी गार्ड के लिए 58 तथा होटल प्रबंधन के लिए 86 अभ्यर्थी सिलेक्ट हुए हैं। मंगलवार को रोजगार मेले में कुल 112 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण करवाया जिनमें से सिक्योरिटी गार्ड के लिए 26 तथा होटल प्रबंधन के लिए 16 अभ्यर्थियों को शार्ट लिस्ट किया गया है। यह जानकारी देते हुए मेले के समन्वयक अमित कुमार ने बताया कि रोजगार मेले के पहले दिन इंटेलेक्ट ग्लोबल रिसर्च एंड सॉल्यूशन कंपनी ने सिक्योरिटी गार्ड के लिए 32 अभ्यर्थी शार्टलिस्ट किए गए हैं जबकि होटल प्रबंधन में 70 अभ्यर्थियों को शार्ट लिस्ट किया गया। 130 के करीब कुल युवाओं ने पहले दिन रोजगार मेले में अपना पंजीकरण करवाया है। रोजगार मेले के समन्वयक अमित कुमार ने बताया कि पर्यटन निगम के अध्यक्ष कैबिनेट रैंक आरएस बाली तथा सरकार के अथक प्रयासों से दुबई की कंपनियों के साथ रोजगार के लिए करार किया गया है उसी के आधार पर 29 तथा 30 जनवरी को नगरोटा में दुबई की विभिन्न कंपनियों के लिए सिक्योरिटी गार्ड्स तथा होटल प्रबंधन में विभिन्न पदों के लिए इंटरव्यू लिए गए हैं। इस के लिए सैलरी 50 हजार से लेकर 70 हजार प्रतिमाह होगी तथा सिलेक्टिड अभ्यर्थियों को 15 दिन बिलासपुर तथा 15 दिन बाराणसी में प्रशिक्षण दिया जाएगा इसके साथ ही स्किल डिवल्मेंट के तहत वीजा तथा हवाई टिकट भी सरकार की ओर से वहन किया जाएगा
वन रेंज रे के तहत पड़ते ब्लॉक रे ,धमेटा ,बडूखर व भोग्रवां में रखे जा रहे 16 वन मित्रों के पदों को भरने के लिए विभाग ने आवेदन आमंत्रित किए थे। इस बारे मंगलवार को जानकारी देते हुए वन रेंज अधिकारी चैन सिंह ठाकुर ने बताया कि रेंज रे की चार ब्लॉक के लिए कुल 16 वन मित्र नियुक्त किए जाएंगे। जिसके लिए 468 पुरुष व महिला आवेदकों ने आवेदन किया था। 31 जनवरी को उक्त आवेदकों की जखबड़ -पोलियाँ मार्ग पर दौड़ प्रतियोगिता करवाई जाएगी। जिसमे पुरुषों के लिए 5 किलोमीटर दौड़ को 30 मिंनट व महिलाओं की 1500 मीटर दौड़ के लिए 10 मिनट का समय निर्धारित किया गया है। वन रेंज अधिकारी ने आवेदकों से अपील की है कि वो बुधबार 31 जनवरी को सुबह साढे आठ बजे जखबड़ चौक पर एकत्रित हो।
सोलन ज़िला के चार विकास खण्डों की विभिन्न ग्राम पंचायतों में पंचायती राज संस्थाओं के रिक्त पदों के लिए आयोजित होने वाले उप चुनाव के लिए नामांकन 8, 9 व 12 फरवरी को भरे जाएंगे। यह जानकारी ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने दी। मनमोहन शर्मा ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग से प्राप्त निर्देशों के अनुसार नामांकन पत्र सम्बन्धित ग्राम पंचायत कार्यालय में उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि 08, 09 व 12 फरवरी को प्रातः 11.00 बजे से सांय 03.00 बजे तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। ग्राम पंचायत सदस्यों के लिए नामांकन, उम्मीदवार अथवा उनके प्रस्थापक द्वारा सहायक निर्वाचन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 13 फरवरी को प्रातः 10.00 बजे से नामांकन पत्रों की छंटनी की जाएगी। 15 फरवरी को प्रातः 10.00 बजे से सांय 03.00 बजे तक नामांकन वापिस लिए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि नामांकन वापिस लेने के लिए निर्धारित समय के तुरंत बाद उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आबंटित किए जाएंगे। मनमोहन शर्मा ने कहा कि मतदान 25 फरवरी को प्रातः 08.00 बजे से सांय 04.00 बजे तक आयोजित होगा। मतदान समाप्ति के तुरंत बाद मतगणना होगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय ग्राम पंचायत मुख्यालय (पंचायत घर) में मतगणना पूर्ण होने के उपरांत परिणाम घोषित किया जाएगा। ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पचांयत) ने कहा कि नालागढ़ विकास खण्ड की ग्राम पंचायत बधोखरी के वार्ड नम्बर 04, बधोखरी तथा ग्राम पंचायत मंझोली के वार्ड नम्बर 07, झिडा में वार्ड सदस्य के पद के लिए उप चुनाव होना है। मनमोहन शर्मा ने कहा कि सोलन विकास खण्ड की ग्राम पंचायत जौणाजी के वार्ड नम्बर 02, जौणा मारड तथा ग्राम पंचायत कौरों कैंथड़ी के वार्ड नम्बर 03, छोबल में वार्ड सदस्य के पद के लिए उप चुनाव होना है। ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) ने कहा कि कण्डाघाट विकास खण्ड की ग्राम पंचायत चायल के वार्ड नम्बर 05, चायल-4 में वार्ड सदस्य के पद के लिए उप चुनाव होना है। मनमोहन शर्मा ने कहा कि कुनिहार विकास खण्ड की ग्राम पंचायत समोग के वार्ड नम्बर 05, गाहदा में वार्ड सदस्य के पद के लिए उप चुनाव होना है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार उचित आदेश जारी कर दिए गए हैं।
विधायक ने नगर निगम के अधिकारियों के साथ डंपिंग साइट का किया निरीक्षण विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के सुधेड़ में डंपिंग साइट को हटाया जाएगा इस के लिए नगर निगम द्वारा आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। विधायक केवल सिंह पठानिया ने नगर निगम के अधिकारियों के साथ सुधेड़ डंपिंग साइट का निरीक्षण भी किया तथा इस डंपिंग साइट से लोगों को हो रही परेशानी से अवगत भी करवाया गया। विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि ठोस कूड़ा कचरा को हटाने के बाद इस जगह पर पार्क बनाया जाएगा ताकि ग्रामीणों को बेहतर सुविधा मिल सके। विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ तथा सुंदर बनाने के लिए कारगर कदम उठाए जा रहे हैं इसके साथ ही ग्रामीण स्तर पर ही कूड़ा कचरा प्रबंधन के लिए भी पंचायत स्तर पर कदम उठाए जाएंगे। विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के लोगों की समस्याओं का त्वरित हल करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुधेड़ के ग्रामीणों ने पहले भी डंपिंग साइट से हो रही परेशानियों के बारे में अवगत करवाया था जिसे प्रशासन के समक्ष रखा गया तथा उसका सही तरीके से हल सुनिश्चित किया जा रहा है। विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि सरकार गांवों के समग्र विकास को प्राथमिकता दे रही है तथा इस बाबत विकास की कार्य योजना भी तैयार की जा रही है ताकि ग्रामीण स्तर पर शिक्षा, स्वास्थ्य तथा सड़क की बेहतर सुविधाएं मिल सकें। निरीक्षण के दौरान नगर निगम के कमीशनर अनुराग चंद्र शर्मा तथा अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
उपमंडल देहरा के प्रधान डाकघर परिसर में मंगलवार को मंडल स्तरीय डाक मेला व पुरुस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। उपरोक्त कार्यालय अधिक्षक बलबीर चंद की अध्यक्षता में आयोजित हुए इस समारोह में बतौर मुख्य पोस्टमास्टर जनरल प्रदेश डाक परिमंडल अंबेश उप मन्यु ने शिरकत की। जबकि इस दौरान देहरा मंडल भारद्वाज सहायक अधीक्षक, देहरा मंडल अमिताभ, निरीक्षक ज्वाली उपमंडल पंकज, निरीक्षक कांगडा उपमंडल आशीष ठाकुर, डाकपाल कांगडा राकेश कुमार, डाकपाल देहरा सहित अन्य विभिन्न इलाकों के डाक विभाग में तैनात कर्मचारियों, आधिकारियों द्वारा शिरकत की गई। वहीं इस समारोह में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले तमाम कर्मचारियों को सम्मानित किया गया और कर्मचारियों को चीफ़ पोस्टमस्टर जनरल, हि॰प्र॰ परिमण्डल द्वारा प्रेरित किया गया।
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सोलन ज़िला के विभिन्न विकास खण्डों की ग्राम पंचायतों में होने वाले उप चुनाव के दृष्टिगत आदर्श आचार संहिता चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने तक तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई है। यह जानकारी ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने दी। मनामोहन शर्मा ने कहा कि विकास खण्ड कुनिहार की ग्राम पंचायत समोग, कण्डाघाट विकास खण्ड की ग्राम पंचायत चायल, सोलन विकास खण्ड की ग्राम पंचायत जौणाजी तथा कौरों कैंथड़ी तथा नालागढ़ विकास खण्ड की ग्राम पंचायत बधोखरी व ग्राम पंचायत मंझोली में उप चुनाव के दृष्टिगत तुरंत प्रभाव से आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है।
डाक जीवन बीमा योजना 1 फरवरी को 140 वर्ष पूर्ण करने जा रही है। यह जानकारी सोलन प्रखण्ड सपरुन के अधीक्षक डाकघर राम देव पाठक ने दी। राम देव पाठक ने कहा कि डाक जीवन बीमा योजना सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ सभी वर्गों के डिग्री होल्डर व ग्रेजुएटस के लिए भी उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से निवेशक न्यूनतम 20 हजार रुपए से 50 लाख रुपए तक की कवरेज सहित अन्य कई लाभ प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत निवेशक आयकर अधिनियम की धारा 80 के तहत प्रदान की गई आयकर छूट का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि डाक जीवन बीमा योजना में बीमित राशि और कवरेज के लिए देय प्रीमियम किसी अन्य योजना के तहत देय प्रीमियम की तुलना में बहुत कम है तथा रिटर्न सबसे अधिक हैं। उन्होंने कहा कि योजना के प्रीमियम का भुगतान वार्षिक, अर्धवार्षिक और मासिक आधार पर ऑनलाइन माध्यम से भी किया जा सकता है। वहीं राम देव पाठक ने लोगों से आग्रह किया कि अधिक से अधिक संख्या में इस योजना का लाभ उठाएं।
उपायुक्त कार्यालय सोलन के सभागार में आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्य तिथि के अवसर पर दो मिनट का मौन रख कर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले शहीदों को याद किया गया। इस मौके पर उपायुक्त मनमोहन शर्मा, सहायक आयुक्त डॉ. स्वाति गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
उप मण्डलाधिकारी कल्पा डॉ. मेजर शशांक गुप्ता ने जिला के सभी अधिकारियों को आगामी संभावित 30 जनवरी से 03 फरवरी तक होने वाली बर्फबारी के दृष्टिगत सभी आवश्यक प्रबंध समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। डॉ. मेजर शशांक गुप्ता ने कहा कि किन्नौर जिला का काफी बड़ा भाग सर्दियों में बर्फबारी से प्रभावित रहता है, जिसमें संभावित जान-माल के नुकसान की सम्भावनाएं भी रहती हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए सभी विभाग आपसी तालमेल स्थापित कर अपनी अपनी तैयारी सुनिश्चित करें। उन्होंने सर्दियों के मौसम में जिला की सभी सड़कों विशेषकर बर्फबारी से प्रभावित रहने वाली सड़कें (ठंगी-कुन्नु-चारंग, लिप्पादृअसरंग, करछम-छितकुल, वांगतू-काफनू, श्यासो-ग्याबुंग, रल्ली, नामज्ञा, पागल नाला, मलिंग नाला, टिंकू नाला) पेयजल और विद्युत आपूर्ति को सुचारु रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को सभी स्वास्थ्य संस्थानों में समुचित मात्रा में दवाइयां उपलब्ध रखने के लिए कहा। इसके अतिरिक्त उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को किसी भी आपात स्थिति में एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करवाने के निर्देश भी दिए।
किन्नौर जिला के कल्पा विकास खण्ड की ग्राम पंचायत शुद्धारंग के ग्राम पंचायत कार्यालय में विभिन्न विभागों द्वारा विभागीय योजनाओं से संबंधित संयुक्त रूप से एक विभागीय जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया जिसमें ग्राम पंचायत शुद्धारंग व खवांगी के लोगों ने भाग लिया। शिविर में उद्यान विभाग, कृषि विभाग, वन विभाग, पशुपालन विभाग, उद्योग विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, अनुसूचित जाति व जनजाति निगम, खाद्य, नागरिक एवं आपूर्ति विभाग तथा लीड बैंक किन्नौर से आए अधिकारियों ने उनके संबंधित विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में लोगों को विस्तृत जानकारी प्रदान कर जागरूक किया।
दूसरे दिन के प्रथम सत्र में जिला कांगड़ा, किन्नौर तथा कुल्लू के विधायकों ने अपनी प्राथमिकताएं की प्रस्तुत मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज वार्षिक योजना 2024-25 के लिए विधायक प्राथमिकताओं पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। दूसरे दिन के पहले सत्र में जिला कांगड़ा, किन्नौर तथा कुल्लू के विधायकों ने अपनी प्राथमिकताएं प्रस्तुत कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार आमजन के कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है और समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं आरम्भ की गई हैं। सरकार की नीतियों एवं कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज के उपेक्षित वर्ग को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाना है, ताकि वे सम्मानजनक जीवन-यापन कर सकें। उन्होंने कहा कि लोगों के जीवन स्तर को उपर उठाने एवं स्थानीय विकास में इन बैठकों का विशेष महत्व है। वार्षिक योजना 2024-25 में प्रत्येक विधायक अपने निर्वाचन क्षेत्र से सम्बन्धित पांच प्राथमिकताएं प्रस्तावित कर सकते हैं। इनमें सड़कें एवं पुल, लघु सिंचाई योजनाएं, ग्रामीण पेयजल/मल निकासी की एक-एक योजना अथवा किसी एक मद में तीन अथवा दो प्राथमिकताएं प्रस्तावित की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि रख-रखाव से सम्बन्धित एक प्राथमिकता तथा परिवहन विभाग के अन्तर्गत चार्जिंग स्टेशन सहित इलैक्ट्रिक-बस चलाने के लिए विधायक एक प्राथमिकता शामिल कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नाबार्ड से ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि (आर.आई.डी.एफ.) के तहत केवल ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के निर्माण योग्य गतिविधियां ही पात्र हैं। ऐसे में नगर निगमों के अन्तर्गत आने वाले शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के निर्माण, वित्त पोषण के लिए एवं विषम क्षेत्रीय विकास की समस्या का समाधान करने के लिए सरकार द्वारा सम्बन्धित विधायकों से प्राथमिकताएं मांगकर शहरी अवसंरचना विकास निधि (यूआईडीएफ) के तहत वित्त पोषण के लिए भेजी जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन स्वीकृतियों के मामलों में तेजी आई है। जिला स्तर पर आयोजित होने वाली एफसीए तथा एफआरए केसों की समीक्षा बैठकों में संबंधित विधायक को भी बुलाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही राज्य सरकार ने विधायक निधि से भूमिगत केबल बिछाने तथा मुख्यमंत्री लोक भवन के निर्माण कार्य के लिए भी धन उपलब्ध करवाने का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 31 मार्च, 2026 तक हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा है, ताकि आय के साधन बढ़ें और प्रदेश आत्मनिर्भर बने। उन्होंने कहा कि इसके दृष्टिगत परिवहन निगम की बसों को ई-बसों से चरणबद्ध तरीके से बदला जा रहा है तथा राज्यभर में ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सीमित संसाधनों से आर्थिकी पर बोझ जरूर बढ़ा है, लेकिन वर्तमान सरकार के प्रयासों से राज्य की अर्थव्यवस्था में 20 प्रतिशत तक सुधार भी आया है। उन्होंने प्रदेश की विकास नीति, वित्तीय संसाधन जुटाने, मितव्ययता, बेहतर प्रशासन, स्वरोजगार व रोजगार सृजन इत्यादि महत्वपूर्ण विषयों पर विधायकों के सुझाव भी आमंत्रित किए। उन्होंने कहा कि हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आने वाले समय में और कड़े फैसले लिए जाएंगे। जिला कांगड़ा नूरपुर से विधायक रणबीर सिंह ने अपने विधानसभा क्षेत्र में सड़कों केे विस्तारीकरण का आग्रह किया। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र खुखलेड़ के निर्माण तथा सदवां उप- तहसील के नए भवन के निर्माण, भूमि-कटाव रोकने के लिए चक्की और जबर खड्ड में चैनलाइजेशन का आग्रह किया। उन्होंने नशा माफिया पर लगाम लगाने पर भी सुझाव दिए। इंदौरा से विधायक मलेंद्र राजन ने अपने चुनाव क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज खोलने, बसंतपुर स्कूल को स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बनाने तथा नए शिक्षण संस्थान खोलने की बजाय पुराने संस्थानों को सुदृढ़ करने का आग्रह किया। उन्होंने आईटीआई गंगथ में नए व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू करने, बहुतकनीकी कॉलेज खोलने तथा भदरोहा में पुलिस चौकी खोलने की मांग की। उन्होंने नशा तथा खनन माफिया पर नकेल कसने के लिए जन भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी बल दिया। फतेहपुर से विधायक भवानी सिंह पठानिया ने निर्माणाधीन रे कॉलेज तथा संयुक्त कार्यालय भवन फतेहपुर के कार्य को जल्द पूरा करने का आग्रह किया। उन्होंने फतेहपुर में विद्युत बोर्ड का वृत्त कार्यालय खोलने तथा शाह नहर की मरम्मत के लिए समुचित धनरशि उपलब्ध करवाने का आग्रह भी किया। देहरा से विधायक होशियार सिंह ने क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा बेहतर वन प्रबंधन से आर्थिक संसाधन बढ़ाने का सुझाव दिया। उन्होंने इमारती लकड़ी पर आधारित उद्योग स्थापित करने तथा प्रदेश के मंदिरों में वीआईपी दर्शन पर्ची के माध्यम से राजस्व बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने लगभग 7000 पौंग बांध विस्थापितों के मुद्दे को केंद्र सरकार से उठाने का आग्रह भी किया। जसवां प्रागपुर से विधायक बिक्रम सिंह ने अपने चुनाव क्षेत्र में निर्माणाधीन पॉलीक्लीनिक का कार्य पूरा करने के लिये समुचित धन उपलब्ध करवाने की मांग की। साथ ही राजकीय बहुतकनीकी कॉलेज जंडौर को शुरू करने तथा चुनौर औद्योगिक क्षेत्र को सुदृढ़ करने का आग्रह भी किया। ज्वालामुखी सेे विधायक संजय रतन ने मां ज्वालामुखी मंदिर का मास्टर प्लान बनाकर श्रद्धालुओं के लिए और अधिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। उन्होंने मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत एकीकृत केंद्र तथा राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया। शाहपुर से विधायक केवल सिंह पठानिया ने शाहपुर मल निकासी योजना तथा खंड विकास अधिकारी कार्यालय खोलने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने क्षेत्र में लो-वोल्टेज की समस्या दूर करने तथा चंबी ग्राउंड के सुधार की मांग रखी। उन्होंने रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति के लिए समुचित कैलेंडर बनाने का भी आग्रह किया। मनाली से विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने मनाली बाई-पास सड़क के कार्य में तेजी लाने आग्रह किया। उन्होंने राज्य सरकार से रोहतांग क्षेत्र में व्यवसायिक गतिविधियां शुरू करने, नए रोपवे लगाने तथा पर्यटन ग्राम विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं और बेहतर बनाने का भी आग्रह किया। बंजार से विधायक सुरेंद्र शौरी ने एनएच-305 के सुदृढ़ीकरण की मांग की, ताकि पर्यटकों को तीर्थन घाटी तक आवागमन की बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सके। उन्होंने पेयजल तथा बिजली आपूर्ति व्यवस्था को और बेहतर बनाने का भी आग्रह किया। इसके अतिरिक्त निर्माणाधीन दलासनी पुल तथा बंजार बाईपास का कार्य जल्द पूरा करने का आग्रह किया। आनी से विधायक लोकेंद्र कुमार ने सैंज-आनी सड़क के सुधारीकरण तथा श्रीखंड यात्रा को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। साथ ही नशे पर नकेल कसने के लिए पुलिस व्यवस्था को बेहतर बनाने, आनी में पुलिस का ट्रैफिक विंग तथा सीए स्टोर खोलने की तथा जलोड़ी पास से सरयोलसर झील तक ई-व्हीकल चलाने का भी आग्रह किया। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, आयुष, खेल एवं युवा सेवाएं मंत्री यादविंदर गोमा, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार, योजना सलाहकार डॉ बसु सूद सहित विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिव, विभाग प्रमुख तथा संबंधित जिलों के उपायुक्त उपस्थित थे।
समादेशक द्वितीय भारतीय आरक्षित वाहिनी सकोह ने जानकारी दी कि इस वाहिनी की बट्ट रेंज के अंतर्गत पुलिस जवानों का वार्षिक फायरिंग अभ्यास 2 फरवरी से 4 फरवरी को प्रातः 8 बजे से शाम 5 बजे तक किया जाएगा। उन्होंने सकोह के वार्ड नंबर 9 और ग्राम पंचायत चौतड़ू, सराह तथा सम्बन्धित क्षेत्र के लोगों से अनुरोध किया है कि किसी प्राकार की अप्रिय घटना से बचने के लिये इस दौरान फायरिंग रेंज में न जाएं और न ही अपने मवेशियों को वहां जाने दें।
उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा मोहिंद्र कुमार ने बताया कि भूतपूर्व सैनिकों के आश्रितों के लिए जेबीटी के 32 पदों तथा स्वतंत्रता सेनानी के आश्रित के एक पद को बैच आधार पर भरने के लिए 8 व 9 फरवरी को धर्मशाला में काउंसलिंग निर्धारित की गई है। काउंसलिंग नर्सरी मिडल स्कूल धर्मशाला में की जाएगी, जिसमें 8 फरवरी को जिला कांगड़ा से संबंध रखने वाले अभ्यर्थी भाग ले सकते हैं और अन्य जिलों के अभ्यर्थियों के लिए 9 फरवरी की तिथि निर्धारित की गई है। इस चयन प्रक्रिया में केवल वही अभ्यर्थी भाग ले सकते हैं जिनका नाम संबंधित रोजगार कार्यालय में दर्ज है तथा आर एंड पी नियमों के तहत निर्धारित योग्यता पूर्ण करते हैं। **इन श्रेणियों की होगी काउंसलिंग उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा ने बताया कि इस भर्ती प्रक्रिया में सामान्य वर्ग की 21, अन्य पिछड़ा वर्ग की तीन, अनुसूचित जाति की सात तथा अनुसूचित जनजाति के एक पद को भरने के लिए काउंसलिंग की जाएगी। वहीं स्वतंत्रता सेनानी के आश्रित का एक पद अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित है। **वेबसाइट पर उपलब्ध होगा आवेदन फार्म व अन्य जानकारी मोहिंद्र कुमार ने बताया कि उक्त पदों के लिए आवेदन पत्र, आर एंड पी नियमों की कॉपी, आवश्यक दस्तावेजों और शैक्षणिक योग्यता से संबंधित जानकारी कार्यालय की वेबसाइट www.ddeekangra.in पर उपलब्ध रहेगी। उन्होंने बताया कि प्रार्थी कार्यालय की वेबसाइट से बायोडाटा फार्म डाउनलोड कर उसे काउंसलिंग वाले दिन साथ लेकर आएं। इसके अतिरिक्त किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए कार्यालय के दूरभाष नम्बर 01892223155 पर किसी भी कार्य दिवस में संपर्क किया जा सकता है।
शिक्षा खंड फतेहपुर के तहत पड़ते कस्बा मोच स्थित शहीद बाबू राम मैमोरियल पब्लिक स्कूल का वार्षिक समारोह प्रधानाचार्य कमल सिंह की अध्यक्षता में बड़ी ही धूमधाम से मनाया गया।जिसमे बतौर मुख्यतिथि रिटायर प्रिंसिपल राजेश शर्मा ने शिरकत की तो वहीं कमेटी अध्यक्ष सैना देवी विशेष अतिथि रही। मुख्यतिथि और विशेष अतिथि का कार्यक्रम में पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यतिथि ने दीप प्रज्वलन से की। जिसके बाद स्कूली बच्चों द्बारा रँगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए जिन्होंने वहां मौजूद सभी लोगो का मन मोह लिया। प्रिंसिपल कमल सिंह ने स्कूल की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। अंत में मुख्यतिथि और विशेष अतिथि द्बारा कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले बच्चों को सम्मानित किया गया।
द्वितीय सत्र: जिला सोलन, चंबा, बिलासपुर और लाहौल-स्पिति केे विधायकों ने अपनी प्राथमिकताएं कीं प्रस्तुत मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां वार्षिक योजना 2024-25 विधायक प्राथमिकताओं पर आयोजित पहले दिन के दूसरे सत्र में सोलन, चंबा, बिलासपुर व लाहौल-स्पिति जिला के विधायकों की बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार प्रदेश के लोगों को स्वच्छ, पारदर्शी एवं उत्तरदायी प्रशासन प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है तथा भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपना रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए एक कानून लाने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जनता की शिकायतों को प्रभावी ढंग से सुलझाने एवं कुशल प्रशासन प्रदान करने के लिए तत्परता से कार्य कर रही है तथा व्यवस्था परिवर्तन के माध्यम से सभी लक्ष्य प्राप्त किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नशा तस्करों व खनन माफिया पर लगाम लगाने के साथ-साथ बेसहारा पशुओं को आश्रय प्रदान करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्य कर रही है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, मुख्य संसदीय सचिव राम कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार, योजना सलाहकार डॉ. बसु सूद, विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिव, विभागाध्यक्ष तथा संबंधित जिलों के उपायुक्त उपस्थित थे। जिला सोलन नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र से विधायक केएल ठाकुर ने सीमावर्ती क्षेत्र में नशा माफिया तथा खनन माफिया पर नकेल कसने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने आपदा के दौरान राज्य सरकार के बेहतर कार्य की सराहना भी की। उन्होंने आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त दभोटा पुल का दोबारा निर्माण जल्द करने का आग्रह किया। कसौली विधानसभा क्षेत्र के विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने परवाणु व कामली औद्योगिक क्षेत्र को नेशनल हाईवे से जोड़ने, टकसाल रेलवे फाटक पर फ्लाई ओवर बनाने तथा कौशल्या बांध की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट शीघ्र तैयार करने की मांग की। उन्होंने शिमला-कालका रेलवे ट्रैक पर थीम आधारित ट्रेन चलाने का मामला रेलवे के साथ उठाने का भी आग्रह किया। जिला चंबा चुराह विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ हंसराज ने शिमला में आबादी का दबाव कम करने के लिए कुछ विभागों के कार्यालय प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में स्थानांतरित करने की मांग की। उन्होंने चुराह क्षेत्र की विद्युत परियोजनाओं के कारण विस्थापित घराट मालिकों का पुनर्वास करने तथा उनके परिवार के सदस्यों को स्थाई नौकरी प्रदान करने की मांग की। भरमौर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ जनक राज ने क्षेत्र में एंबुलेंस की संख्या बढ़ाने तथा शिक्षा विभाग में रिक्त पदों को भरने की मांग की। उन्होंने कहा कि मणिमहेश यात्रा का आयोजन जन्माष्टमी से राधा अष्टमी तक होता है, जिसे आगे पांच दिन और बढ़ाया जाना चाहिए ताकि इससे स्थानीय निवासियों को भी रोजगार मिल सके। उन्होंने भरमौर में वूल फेडरेशन का कार्यालय खोलने की भी मांग की। चंबा के विधायक नीरज नैय्यर ने चंबा-चुवाड़ी सुरंग बनाने का मांग की। उन्होंने पंडित जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय चंबा के लिए 165 करोड़ रुपये तथा चंबा में हेलीपोर्ट निर्माण के लिए 13 करोड़ रुपये प्रदान करने पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया। उन्होंने चंबा शहर में पार्किंग की समस्या का समाधान करने का भी आग्रह किया। डलहौजी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डी.एस. ठाकुर ने अपने चुनाव क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर बनाने के लिए चिकित्सकों एवं पैरा मेडिकल स्टाफ के रिक्त पद भरने की मांग की। उन्होंने पेयजल योजनाओं की मरम्मत के लिए धन मुहैया करवाने, सलूणी से टांडा के लिए बस सेवा आरंभ करने तथा डलहौजी में नया बस अड्डा बनाने की मांग की। बिलासपुर जिला झंडूता विधानसभा क्षेत्र के विधायक जीत राम कटवाल ने अपने चुनाव क्षेत्र में लंबित तीन पुलों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनाने में तेजी लाने का आग्रह किया। उन्होंने निर्माणाधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तलाई और सिविल अस्पताल बरठीं के लिए पर्याप्त धनराशि तथा क्षेत्र में लो-वोल्टेज की समस्या का समाधान करने की मांग की। बिलासपुर सदर विधानसभा क्षेत्र के विधायक त्रिलोक जम्वाल ने बिलासपुर में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा लो-वोल्टेज की समस्या को दूर करने की मांग की। उन्होंने नशे की समस्या को दूर करने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान आरम्भ करने का आग्रह किया। श्री नयना देवी विधानसभा क्षेत्र के विधायक रणधीर शर्मा ने एफसीए तथा एफआरए के मामलों में तेजी लाने की मांग की ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों। उन्होंने जल शक्ति विभाग में फील्ड स्टाफ के पद भरने तथा स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए स्वारघाट-बिलासपुर के पुराने बस रूट पर सेवा आरम्भ करने की मांग की। जिला लाहौल-स्पिति लाहौल-स्पिति विधानसभा क्षेत्र के विधायक रवि ठाकुर ने जिला स्तर पर ग्रामीण विकास विभाग तथा पंचायती राज विभाग के समावेश की मांग की। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में औषधीय पौधों की खेती और विपणन करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने जिला लाहौल-स्पिति में शांति स्तूपों की मरम्मत करने की मांग की ताकि पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।
नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 37वीं बैठक आज हरिद्वार में पंजाब नेशनल बैंक, मंडल कार्यालय, हरिद्वार के सौजन्य से आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नराकास, अध्यक्ष एवं टीएचडीसी के निदेशक (कार्मिक), शैलेन्द्र सिंह ने की। बैठक में हरिद्वार, रूड़की, ऋषिकेश एवं पर्वतीय क्षेत्र में स्थित केंद्र सरकार के प्रतिष्ठित सदस्य संस्थानों के प्रमुखों एवं प्रतिनिधियों एवं राजभाषा अधिकारियों ने बड़ी संख्या में प्रतिभागिता की। कार्यक्रम में सर्वप्रथम समिति के अध्यक्ष एवं टीएचडीसी के निदेशक (कार्मिक), शैलेंद्र सिंह, पंजाब नेशनल बैंक के अंचल प्रमुख एसएन दूबे, मंडल प्रमुख, रविंद्र कुमार, बीएचईएल हरिद्वार के कार्यपालक निदेशक, टीएस मुरली एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया गया। बैठक में नराकास राजभाषा वैजयंती योजना के अंतर्गत सदस्य संस्थानों को राजभाषा शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की श्रेणी में टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने प्रथम, बीएचईएल, हरिद्वार ने द्वितीय एवं भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड, लंढोरा ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया। श्रेणी-2 भारत सरकार के कार्यालय/बोर्ड/स्वायत्तशासी निकाय के अंतर्गत केंद्रीय विद्यालय, हरिद्वार ने प्रथम, राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान, रुड़की ने द्वितीय, सीएसआईआर-केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान, रुड़की ने तृतीय तथा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, ऋषिकेश ने प्रोत्साहन पुरस्कार प्राप्त किया। राष्ट्रीयकृत बैंक एवं बीमा कंपनियों की श्रेणी में पंजाब नेशनल बैंक, मंडल कार्यालय, हरिद्वार, दि न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, ऋषिकेश एवं बैंक ऑफ बड़ौदा, हरिद्वार शाखा को तृतीय पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया। बैठक के दौरान पुरस्कार वितरण समारोह में समिति के अध्यक्ष, शैलेन्द्र सिंह ने विजेता संस्थानों के प्रमुख एवं प्रतिनिधियों को ये शील्ड प्रदान की। इसके साथ ही छमाही के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया। बैठक में नराकास सचिव, पंकज कुमार शर्मा द्वारा नराकास हरिद्वार द्वारा आयोजित गतिविधियों एवं राजभाषा से संबंधित नवीनतम जानकारियों से अवगत कराया गया। उन्होंने राजभाषा हिंदी की प्रगति की अर्धवार्षिक रिपोर्टो की समीक्षा की। इसके उपरांत चर्चा सत्र का आयोजन किया गया जिसमें उपस्थित सदस्य संस्थानों के प्रमुख एवं प्रतिनिधियों ने अपने बहुमूल्य सुझाव दिए। समिति के अध्यक्ष, शैलेन्द्र सिंह ने अपने संबोधन में सभी सदस्य संस्थानों के प्रमुखों एवं प्रतिनिधियों को नववर्ष एवं गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं संप्रेषित की। उन्होंने कहा कि पूरे राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोने में हिंदी ने अपनी महति भूमिका निभाई है।
राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन जागरूकता अभियान को लेकर पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें कुष्ठ उन्मूलन अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया। जानकारी देते हुए जिला स्वास्थ्य अधिकारी कांगड़ा डॉ राजेश सूद ने बताया कि ऐसे रोगी जिनकी त्वचा पर हल्के रंग या तांबी रंग का दाग हो या चमड़ी के रंग में बदलाव हुआ हो या हाथ या पांव में सुनपन हो यह कुष्ठ रोग हो सकता है। अगर उपरोक्त लक्षणों में से कोई भी लक्षण दिखाई दे तो तुरंत नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र में जाकर अपनी जांच करवानी चाहिए। जांच में कुष्ठ रोग की पुष्टि अगर हो तो इसका इलाज सरकार द्वारा मुफ्त किया जाता है। इसका इलाज लंबा चलता है, लेकिन पूरा इलाज करने पर व्यक्ति बिल्कुल ठीक हो जाता है। इस अवसर पर जिला कुष्ठ उन्मूलन अधिकारी डॉ तरुण सूद ने बताया कि कुष्ठ रोगी के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। आज किसी व्यक्ति के शरीर में इस रोग के रोगाणु प्रवेश करते हैं तो बीमारी के लक्षण आने में कई साल साल भी लग सकते हैं। कुष्ठ रोग भी आम बीमारियों की तरह एक बीमारी है तथा इसका शत-प्रतिशत इलाज मल्टी ड्रग थेरेपी (एमडीटी) से संभव है और व्यक्ति आगे किसी भी प्रकार की विकलांगता से बच सकता है। स्वास्थ्य शिक्षिका अंजलि ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं में लोगों का अटूट विश्वास होता है। अत: ग्रामीण स्तर पर लोगों को जागरूक करने के लिए पंचायती राज संस्थाओं के सदस्य एक अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि लोग इस बीमारी के प्रति जागरूक हों तथा समय रहते रोग का निदान एवं उपचार संभव हो सके।
कहा, संगठन और सरकार में तालमेल की कमी, चहेतों को मंूगफली की तरह कैबिनेट रैंक बांटने के लिए जाने जाएंगे सुक्खू व्यवस्था परिवर्तन का नारा देकर और गारंटियों के सब्जबाग दिखा कर सता में आई कांग्रेस की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार के एक वर्ष का कार्यकाल नाकामियों का दस्तावेज है। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने जारी बयान में कही। उन्होंने कहा कि संगठन हो या सरकार, तालमेल का अभूतपूर्व अभाव देखने में आ रहा है। शिक्षा हिमाचल प्रदेश का ऐसा विषय है, जिससे हर घर जुड़ा है। किंतु शिक्षा की प्राथमिकता यह है कि विदेश में शिक्षक भेजने में भी एक कथित मानदंड बनाया गया है, जिसमें और सब कुछ है किंतु कोरोना काल में हर घर पाठशाला के माध्यम से घर-घर तक शिक्षा देने वालों का जिक्र ही नहीं है। केवल अवार्ड के सर्वाधिक नंबर रखे गए हैं। शिक्षा बोर्ड को आज तक एक अध्यक्ष नहीं मिला। बोर्ड में लापरवाही की स्थिति यह है कि सुबह होने वाली परीक्षाओं के आगे रात्रिकालीन समय लिखा है। एक ओर प्रधानमंत्री देशभर के बच्चों के साथ परीक्षा से पूर्व इसलिए बात करते हैं ताकि विद्यार्थी तनाव या अवसाद में न रहें किंतु हिमाचल प्रदेश में वार्षिक परीक्षाओं की डेटशीट ही ऐसी बनाई है कि बच्चा सिर न उठा सके। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि स्वास्थ्य की स्थिति यह है कि आईजीएमसी और टांडा के मेडिकल कालेज में महत्वपूर्ण जांच के लिए मरीजों को अप्रैल की तारीख मिल रही है। उद्योगों का आलम यह है कि वे पलायन कर रहे हैं और जब उद्योग मंत्री मौखिक रूप से मुख्यमंत्री को कुछ बताते हैं तो सुना नहीं जाता और उद्योग मंत्री को कहना पड़ता है कि अब सारी बात लिखित में ही मुख्यमंत्री को बताई जाएगी। शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग में ये हाल हैं। आए दिन केंद्र को कोसने वाले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू हमें परामर्श देते हैं कि हम जनहित की राजनीति करें। मेरा उनसे प्रश्न है कि आपने अब तक सलाहकारों की फौज बना कर, उन्हें कैबिनेट रैंक देकर कौन से जनहित की राजनीति की है। हमारी सरकार ने तो मुख्य संसदीय सचिव नहीं बनाए। जयराम ने कहा कि कांग्रेस सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि यही है कि अब कांग्रेस के विधायक भी सार्वजनिक रूप से कह रहे हैं कि कांग्रेस की बैठकें शोकसभाएं हैं और चुने हुए लोगों को हटा कर अन्य को मूंगफलियों की तरह कैबिनेट रैंक बांटे गए हैं।
नगरोटा विस क्षेत्र में साल में दो बार आयोजित किए जाएंगे रोजगार मेले: आरएस बाली -कहा, पांच हजार युवाओं को रोजगार दिलाने का लक्ष्य किया निर्धारित पर्यटन निगम के अध्यक्ष आरएस बाली ने कहा कि नगरोटा विस के युवाओं को रोजगार की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं तथा पांच वर्षों में पांच हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को जीवन यापन की बेहतर सुविधा मिल सके। इसके लिए नगरोटा विस क्षेत्र में वर्ष में दो बार रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि नगरोटा में आयोजित रोजगार मेले के पहले दिन इंटेलेक्ट ग्लोबल रिसर्च एंड सॉल्यूशन कंपनी ने सिक्योरिटी गार्ड के लिए 32 अभ्यर्थी शार्टलिस्ट किए गए हैं, जबकि होटल प्रबंधन में 70 अभ्यर्थियों को शार्ट लिस्ट किया गया। 130 के करीब कुल युवाओं ने पहले दिन रोजगार मेले में अपना पंजीकरण करवाया है। मंगलवार को भी रोजगार मेले में साक्षात्कार लिए जाएंगे। पर्यटन निगम के अध्यक्ष कैबिनेट रैंक आरएस बाली की प्रयासों से नगरोटा बगबां के आईपीएच रेस्ट हाउस में दो दिवसीय मेले का सोमवार को शुभारंभ हुआ है। इससे पहले भी जुलाई माह में दो दिवसीय रोजगार मेला आयोजित किया जा चुका है। पर्यटन निगम के अध्यक्ष आरएस बाली ने कहा कि नगरोटा विस के युवाओं को रोजगार की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं तथा पांच वर्षों में पांच हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को जीवन यापन की बेहतर सुविधा मिल सके। इस अवसर पर कंपनी डायरेक्टर बरियाम सिंह, अश्विनी संख्यान संजीव कुमार रोहित सिंह और रोजगार मेले के कोऑर्डिनेटर अमित सूद उपस्थित रहे।
-पालमपुर में एक फरवरी को आयोजित होगा जिला स्तरीय ईट राइट मिलेट्स मेला पौष्टिक आहार विशेषतौर पर मोटे अनाज के उपयोग के लिए लोगों को प्रेरित किया जाएगा। इसके लिए जिला स्तरीय ईट राइट मिलेट्स मेले का आयोजन पालमपुर के शहीद कैप्टन विक्रम बतरा पुलिस में 1 फरवरी को किया जाएगा। मेले की तैयारियों को आज डीसी कार्यालय के सभागार में एडीसी सौरभ जस्सल की अध्यक्षता में बैठक भी आयोजित की गई। अतिरिक्त उपायुक्त सौरभ जस्सल ने कहा कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियम विभाग के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित किए जा रहे ईट राइट मिलेट्स मेले में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इस अवसर पर डिप्टी डायरेक्टर एग्रीकल्चर राहुल कटोच, फूड सेफ्टी ऑफिसर सविता ठाकुर, उपनिदेशक शिक्षा विभाग सुधीर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। मिलेट्स उत्पादों की लगेगी प्रदर्शनी मेले में विभिन्न स्वयं सहायता समूहों द्वारा मिलेट्स के उत्पादों की प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, मिलेट्स उत्पादों पर आधारित शैफ प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। मिलेट्स या मोटा अनाज को सुपर फूड कह सकते हैं। इसमें खास सेहतमंद गुण होते हैं। पोषक तत्वों से भरपूर मोटे अनाज के अंतर्गत आठ फसलें शामिल हैं। इसमें ज्वार, बाजरा, रागी, सावां, कंगनी, चीना, कोदो, कुटकी और कुट्टू को मोटा अनाज की फसल कहा जाता है। इस मेले का खास आकर्षण यहां लगने वाले हेल्दी फूड के स्टाल रहेंगे। इसके अलावा हिमालय जैव प्रौद्योगिकी संस्थान के हैल्थ फूड प्रोडक्टस का स्टाल भी लगाए जाएंगे। फूड साइंस क्विज, फूड एक्सपर्ट टॉक मेले में फूड साइंस क्विज, फूड एक्सपर्ट टॉक का आयोजन भी किया जाएगा। फूड साइंस क्विज में विभिन्न स्कूलों के छात्रों की टीमें भाग लेंगी। इसके अतिरिक्त तम्बोला व लोक नृत्य की प्रस्तुतियां भी होंगी।
जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस के आयोजन पर पुलिस मैदान, धर्मशाला में सोसायटी द्वारा रेडक्रॉस लक्की ड्रा आम जनता के समक्ष निकाला गया। यह जानकारी आज सचिव जिला रेडक्रॉस सोसायटी ओम प्रकाश शर्मा ने दी। इस अवसर पर जिला रेडक्रॉस सोसायटी, कांगड़ा द्वारा अजय कुमार पुत्र बिशंभर दास निवासी बदुही, नूरपुर को 15 अगस्त 2023 के दूसरे पुरस्कार के रूप में 32 इंच का एक एलईडी टीवी व दिनेश कुमार पुत्र प्रकाश चंद निवासी टांडा खोली को 15 अगस्त 2023 के छठे पुरस्कार के रूप में एक इंडक्शन चुल्हा वितरित किये गये। इसके अतिरिक्त जिला रेडक्रास सोसायटी द्वारा दो दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग (नकली टांग) नि:शुल्क प्रदान की गई। इस अवसर पर 26 जनवरी, 2024 को पुलिस ग्राउंड धर्मशाला में आयोजित रेडक्रास लक्की बैग ड्रा के परिणामों में टिकट नंबर 049338 को स्कूटी, टिकट नंबर 051293 को 32 इंच एलईडी टीवी, टिकट नंबर 016096 को रेफ्रिजरेटर, टिकट नंबर 015406 को वाशिंग मशीन, टिकट नंबर 020980 को एंड्रॉइड मोबाईल, टिकट नंबर 019759 तथा 025838 को इंडक्शन चूल्हा, टिकट नंबर 054626 तथा 083207 को सिलाई मशीन तथा टिकट नंबर 090246 व 083573 को 2500 रुपये का सांत्वना पुरस्कार निकला। सचिव जिला रेडक्रॉस सोसायटी ने बताया कि यह विजयी पुरस्कार प्राप्त करने के लिए विजेता को मूल टिकट एक माह के भीतर जिला रेडक्रास सोसायटी के कार्यालय में जमा करवानी आवश्यक होगी।


















































