वरिष्ठ कांग्रेस नेता पूर्व मंत्री राम लाल ठाकुर, पूर्व विधायक सतपाल रायजादा व प्रदेश कांग्रेस महासचिव देवेंद्र बुशैहरी ने कहा कि आज बड़ी खुशी का दिन है। आज लोकतंत्र की जीत हुई है। संविधान की जीत हुई है। सत्यमेव जयते जो हमारे नेशनल सिंबल के नीचे लिखा हुआ रहता है, आज उसकी जीत हुई है। हम तहेदिल से माननीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते है। राम लाल ठाकुर ने कहा है कि अभी संविंधान जिदा है। उन्होंने कहा कि यह सविंधान, लोकतंत्र और भारत के आम लोंगों की जीत हुई है। यह केवल राहुल गांधी की जीत नहीं हैं, पूरे भारत की जनता की जीत है, डेमोक्रसी की जीत है और संविधान के असूलों की जीत है। इसीलिए एक बहुत बड़ा फायदा देश के लोगों को हुआ है। उन्होंने कहा कि भाजपा के शासनकाल में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता खतरे में पड़ गई है। जो भी व्यक्ति अथवा राजनीतिक दल केंद्र सरकार के गलत निर्णयों के खिलाफ आवात उठाने की कोशिश करते हैं। केंद्र्र सरकार द्वारा उनकी आवाज को कुचलने का प्रयास किया जाता है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा राहुल गांधी की लोक सभा सदस्यता बहाल करने का फैसला स्वागत योग्य है और इस फैसले से देश की जनता में संदेश गया है कि भाजपा की केंद्र सरकार द्वारा राहुल गांधी छावि को नुकसान पंहुचाने की मंशा से उन पर मनघड़त आरोप लगाने के हर सम्भव कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि देश की जनता अब समझ चुकी है और अब जानता भाजपा के जुमलों में फसने वाली नहीं है। उन्होने कहा कि 2024 में लोकसभा चुनावों में भाजपा बुरी तरह पराजित होगी।
कृषि मंत्री ने इंदौरा के बाढ़ प्रभावित मंड क्षेत्र का दौरा कर नुकसान का लिया जायजा कृषि व पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने सोमवार को कांगड़ा ज़िला के इंदौरा उपमंडल के बाढ़ प्रभावित मंड क्षेत्र के घंडरा, सनौर, टांडा पत्तन पुल, मंड मियाणी तथा त्योड़ा का दौरा कर भारी बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लिया। इस मौके पर इंदौरा के विधायक मलेंद्र राजन, पुलिस अधीक्षक अशोक रतन, डीएफओ अमित शर्मा, एसडीएम डॉ सुरेंद्र ठाकुर उनके साथ मौजूद रहे। कृषि मंत्री ने बताया कि प्रदेश में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी सुविधाओं को बहाल करने एवम निर्माण कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक हजार करोड़ रुपये की विशेष राशि का प्रावधान किया है और इस धनराशि की पहली किश्त सभी उपायुक्तों एवं मुख्य विभागों को जारी भी कर दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवारों को हुए नुकसान की अधिक से अधिक मदद प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार ने पहली बार राहत मैनुअल में संशोधन करके बहुत बड़ा कदम उठाया है,जिसके फलस्वरूप अब मुआवजा राशि को कई गुना बढ़ा दिया गया है। कृषि मंत्री ने कहा कि गत दिनों ब्यास नदी में आई भयंकर बाढ़ से पौंग डैम में अत्याधिक जल स्तर बढ़ने के कारण कांगड़ा ज़िला के मंड क्षेत्र के तहत इंदौरा तथा फतेहपुर उपमंडल में किसानों की फसलों व उपजाऊ भूमि को काफी नुकसान पहुंचा है। गौरतलब है कि बीते गुरुवार को कृषि मंत्री ने बाढ़ प्रभावित फतेहपुर के मंड क्षेत्र का भी दौरा किया था। कृषि मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू उन्हें फतेहपुर और इंदौरा उपमंडल में बरसात से हुए नुकसान का जायजा लेने की जिम्मेदारी सौंपी है। जिसके नुकसान का आज उन्होंने प्रशासन के अधिकारियों के साथ मौके पर जाकर जायजा लिया है। शीघ्र ही इसका आंकलन तैयार कर इसकी विस्तृत रिपोर्ट मुख्यमंत्री को प्रस्तुत की जाएगी। उन्होंने इस मौके पर प्रभावित परिवारों से मिलकर उनकी बात को गंभीरता से सुना तथा प्रदेश सरकार की तरफ से हर संभव मदद पहुंचाने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों के निजी नुकसान सहित जल शक्ति,लोक निर्माण,बिजली बोर्ड, कृषि विभाग सहित अन्य विभागों को हुए नुकसान का उन्होंने निरीक्षण किया गया है। इसकी रिपोर्ट प्रदेश के मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। इसके अलावा उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र में हुए नुकसान और राहत एवं पुनर्वास कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए इस क्षेत्र में व्यास नदी पर चरणबद्ध तटीकरण किया जाएगा। जिसके लिए स्थान भी चिह्नित कर लिए गए हैं। उन्होंने जल शक्ति विभाग के अधिकारिओं को ढ़सोली में ज्यादा खतरे वाली जगह पर क्रेटवाल लगाने के लिए शीघ्र आंकलन तैयार करने के भी निर्देश दिए ताकि भविष्य में लोगों को कोई नुकसान न उठाना पड़े। प्रो. चंद्र कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री ने राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने और कार्यों में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त विशेष केंद्रीय सहायता उपलब्ध करवाने का केंद्र से आग्रह किया है। लेकिन प्रदेश में घटित आपदा से उभरने के लिए केंद्र सरकार से अब तक कोई भी सहायता नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवम राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी ने भी प्रदेश का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया है। उन्होंने प्रदेश को 400 करोड़ रुपए देने की घोषणा की है जो अभी तक प्रदेश सरकार को प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि केंद्र की तरफ से जो तीन सौ करोड़ रुपए की मदद प्रदेश सरकार को जारी की गई है वो हर वर्ष सभी राज्यों को आपदा के लिए दी जाने वाली नियमित राशि है जिसकी किश्त केवल अग्रिम रूप में जारी की गई है। उन्होंने विपक्ष द्वारा राज्य सरकार पर केंद्र सरकार से उद्धार वित्तीय सहायता मिलने और प्रभावितों को राहत राशि प्रदान करने में भेदभाव करने के आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया और निराधार बताया। उन्होंने विपक्ष पर आपदा की इस घड़ी में नकारात्मक राजनीति करने के बजाए प्रदेश सरकार का सहयोग करने की बात कही।
एसपी कांगड़ा शालिनी अग्निहोत्री ने धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि पुलिस स्टेशन धर्मशाला में दोपहिया वाहनों की चोरी हुई थी। जून-जुलाई में स्कूटी बाइक चोरी हुई थी, इसमें चार दोपहिया वाहन रिकवर हुए हैं, जबकि तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें जम्मू के भी आरोपी शामिल है। श्यामनगर धर्मशाला में 12 मूर्तिया, घरों का महंगा सामान, कैमरा, आईफोन चोरी हुआ था, इसमें एक गुजरात व एक स्थानीय आरोपी संग एक दिल्ली की महिला भी पकड़ी गई है। इसमें चार दिनों के अंतराल में ही एक घर को ही टारगेट किया गया है, इसपर पुलिस ने कार्रवाई की है। एसपी ने वाहनों को सही से पार्क करके सुरक्षित रखने की बात कही है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक खाली रहने वाले घरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने चाइए। सात राज्यों में नेटवर्क पाया गया है, जिसमें महाराष्ट्र, हरियाणा, छतीसगढ़, झराखण्ड, यूपी, चड़ीगढ़ व हिमाचल भी शामिल है। दुबई व अफ्रीकन कंट्री से भी लिंक जुड़े हुए हैं। इसमें ऑनलाइन गेमिंग व वेटिंग का खेल सामने आया है। स्पेशल टीम को केस दिया जाए। पालमपुर में गैंग रेप केस दर्ज हुआ था, जिसपर 14 साल की सजा आरोपियों को दी गई है, जबकि डेढ़ लाख जुर्माना भी लगाया गया है। वरबाला मामले में कुछ कहना जल्दबाजी होगी।
उपमंडल भरमौर के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत पूलन के सिरडी गांव में विद्युत विभाग की लापरवाही देखने को मिल रही है। विद्युत विभाग ने सिरडी गांव में जमीन से मात्र 4 फुट की ऊंचाई पर एलटी लाइन डाल दी है। लिहाजा ज़मीन से कुछ फुट की दूरी पर इस लाइन से कभी भी बड़े जानमाल का नुकसान हो सकता है। ग्राम पंचायत पुलन की प्रधान अनिता कपूर ने जानकारी देते हुए कहा कि स्थानीय लोगों द्वारा 6 महीने पहले विद्युत विभाग के कनिष्ठ अभियंता को वीडियो कॉल व फोटो भेजकर सूचित किया गया था। फिर भी विभाग के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। स्थानीय लोगों द्वारा इस बारे में विद्युत विभाग के सहायक अभियंता को भी एक महीने पहले वीडियो कॉल के माध्यम से समस्या से अवगत करवाया था। लेकिन विभाग द्वारा बार-बार पोल के लिए बजट ना होने का हवाला दिया जाता रहा। लिहाजा जमीन से इतनी कम ऊंचाई पर डाली गई एलटी लाइन से सिरडी गांव के बहुत सारे लोगों ने डर के मारे अपने खेतों मे काम करना छोड़ दिया है। ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर 15 दिन के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ तों विभाग के विरूद्ध माननीय कोर्ट में मामला दर्ज करने में कोई गुरेज नहीं करेंगे।
हथकरघा एवं हस्तशिल्प क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान पर तीन श्रेणियों में शुरू होंगे राज्य स्तरीय पुरस्कार राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां गेयटी थिएटर में आयोजित एक कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने हिमाचल प्रदेश राज्य हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम लिमिटेड का नाम च्हिमक्राफ्ट कॉर्पोरेशनज् करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस रीब्रॉडिंग का उद्देश्य निगम के कार्य को विस्तार प्रदान करना और बाजार में एक विशिष्ट ब्रांड के रूप में उत्पादों को बढ़ावा प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हथकरघा एवं हस्तशिल्प के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करते हुए तीन श्रेणियों में राज्य स्तरीय पुरस्कार शुरू करने पर विचार कर रही है। इस पहल का उद्देश्य राज्य के पारंपरिक शिल्प में उत्कृष्ट हुनर की पहचान कर प्रोत्साहन प्रदान करना है। व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने लोगों से परिवर्तन की इस प्रक्रिया में सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य में आर्थिक संकट के लिए पूर्व सरकार एवं उनकी नीतियां जिम्मेवार हैं। वर्तमान सरकार राज्य को आत्मनिर्भर बनाने और कर्ज पर निर्भरता कम करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आगामी चार वर्षों में प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा और अगले दस वर्षों में हिमाचल देश का सबसे समृद्ध राज्य बन कर उभरेगा। मुख्यमंत्री ने राज्य में हाल ही में प्राकृतिक आपदा के कारण ८ से १० हजार करोड़ रुपये के अनुमानित नुकसान और पर्यटन क्षेत्र में इसके प्रतिकूल प्रभाव पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार स्थिति सामान्य करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार क्षतिग्रस्त सड़कों के बावजूद किसानों के सेब और सब्जियों जैसे उत्पादों को परिवहन सुविधा प्रदान कर इन्हें समयबद्ध बाजार तक पहुंचाने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने राहत नियमावली में बदलाव कर मुआवजा राशि में कई गुणा बढ़ौतरी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को राज्य में बाढ़ से हुए नुकसान के बारे में अवगत करवाया और उनसे अंतरिम राहत की पहली किस्त शीघ्र प्रदान करने का अनुरोध किया है ताकि राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाई जा सके। उन्होंने एनडीआरएफ के पिछले कुछ वर्षों से लंबित ३१५ करोड़ रुपये भी जारी करने का अनुरोध किया है। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने आपदा प्रभावितों को हरसंभव सहायता प्रदान की है। सरकार ने रिकॉर्ड समय में लगभग ७०,००० पर्यटकों और १५,००० वाहनों को सुरक्षित निकाला। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी ने माइनस चार डिग्री तापमान में लाहौल-स्पीति जिला के चंद्रताल पहुंच कर वहां फंसे २९० लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी आमूल-चूल परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ रही है। प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोले जा रहे हैं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के कौशल में वृद्धि की जा सके। इसके साथ ही स्वास्थ्य क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का समावेश किया जा रहा है और सभी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में चरणबद्ध तरीके से रोबोटिक सर्जरी शुरू की जा रही है। इससे पहले, मुख्यमंत्री ने शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर हथकरघा एवं हस्तशिल्प पर आधारित प्रदर्शनी का शुभारम्भ भी किया। इस अवसर पर गेयटी थिएटर में पारंपरिक और आधुनिक परिधानों में फैशन शो का भी आयोजन किया गया। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और कहा कि प्रदेश के उच्च गुणवत्ता वाले ऊनी उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं जिनकी देश और विदेशों में भारी मांग है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों, संस्कृति और हथकरघा को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में इस दिशा में प्रभावी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल हथकरघा उत्पादों को एक ब्रांड के रूप में बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया जा रहा है और हिमक्राफ्ट नाम से एक नया लोगो भी जारी किया गया है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां जलविद्युत उत्पादन पर राज्य जल उपकर आयोग के अध्यक्ष के रूप में अमिताभ अवस्थी को शपथ दिलाई। उन्होंने आयोग के सदस्यों एचएम धरेवला, अरुण शर्मा और जोगिंद्र सिंह को भी शपथ दिलाई। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव जल शक्ति ओंकार चंद शर्मा, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा और रितेश कपरेट तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
ऑफिस में दिन की जल्दी शुरुआत, रात भर ईमेल चेक करना हो या सोशल मीडिया के अपडेट देखना, देर रात तक टीवी शो देखना हो या पसंदीदा फिल्म, यह सब करके फिर सुबह हम वापस थक कर काम पर आते हैं। हम अपने रोजमर्रा के कामों में इतने व्यस्त हैं कि नींद हमें एक लग्जरी लगती है - आजकल एक अच्छी नींद के लिए हम वीकेंड तक का इंतजार करते है। हम कोशिश करते हैं कि हमारा शरीर इस तरह काम करे की अगले वीकेंड तक हम नींद को धक्का दे सकें। लेकिन दुर्भाग्य से नींद इस तरह काम नहीं करती। क्या है इनसोम्निया या नींद की बीमारी डॉ. ऋतिक शर्मा ने बताया कि अनिद्रा (नींद की अक्षमता) जिसे अंग्रेजी में इनसोम्निया कहते हैं, एक प्रकार का नींद का विकार है, जिसमें एक व्यक्ति को नींद या सोने में परेशानी होती है। हमारी जीवनशैली के दबावों के कारण आज के युवाओं के बीच आमतौर पर अनिद्रा विकार पाया जा रहा है। नींद की कमी विभिन्न रोगों जैसे अवसाद, चिंता, उच्च रक्तचाप आदि का कारण बनती है। अक्सर डॉक्टरों से ऐसे मरीज एंटी डिप्रेसेंट या सेडेटिव की मांग करते हैं, जिससे उनको शांति मिले। यह सेडेटिव हमें अपना आदी बना देते हैं और बदले में हमारे स्वास्थ्य पर बुरे और प्रतिकूल प्रभावों जैसे कि वजन बढ़ना, स्लीप एपनिया, कमजोर यादाश्त, बदलते व्यवहार, थकान, कम से कम कामेच्छा आदि का असर शुरू हो जाता है। सिर्फ दवाएं हमारी इन परेशानियों का निदान नहीं हंै। हमें अपने जीवन को इन तनाव और परेशानियों से दूर करने और गतिशील जीवन शैली पाने के लिए कुछ प्राकृतिक तरीके तलाशने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य पर नींद के शक्तिशाली प्रभावों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, लेकिन सही उपचार हम लोगों को मन की शांति देने में मदद कर सकते हैं, जो कि रात की शांतिपूर्ण नींद के साथ संभव है। डॉ. ऋतिक शर्मा ने बताया कि होम्योपैथी पद्धति ऐसे बीमार लोगों को बिना किसी अवसाद या साइड इफेक्ट के ठीक कर सकती है। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर नींद की बीमारी से पीड़ित रहते हैं, यह यात्रा गतिहीन जीवन शैली के कारण नींद की कमी से शुरू होती है। इन होम्योपैथिक दवाइयों से मिलती है राहत डॉ. ऋतिक शर्मा ने बताया कि कई उपचारों, दवाइयों और निराशा के बाद भी अनिद्रा का निदान नहीं हो पाता है और एक समय पर केवल दवाइयों या नशीले पदार्थों पर नींद के लिए निर्भर हो जाते हैं, लेकिन होम्योपैथी में बहुत सी ऐसी दवाइयां हैं, जिनका प्रयोग वे बहुत सारे मरीजों पर कर चुके हैं, जिसके बाद बहुत से मरीज शांतिपूर्ण रात की नींद के साथ मन की शांति और बिल्कुल सामान्य और स्वस्थ जीवन का आनंद ले रहे हैं। ये दवाइयां उन लोगों के लिए वरदान साबित हुई हैं, जिन्होंने अपने जीवन में किसी नशे की लत के बिना एक स्वस्थ और सामान्य जीवन जीने का संकल्प लिया है। विभिन्न दवाइयां जैसे काली फॉस, कॉफिया, नक्स वौमिका, पेसिफ्लोरा, अविना इत्यादि बहुत सारी ऐसी दवाइयां हैं, जिनसे इनसोम्निया जैसी बीमारी को बिना किसी साइड इफेक्ट के ठीक किया जाता है।
लंज महाविद्यालय में काफी समय से विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता यह मांग कर रहे थे की महाविद्यालय परिसर में बिजली व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाया जाए। इसके लिए परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा गया था। महाविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों की इस मांग की ओर ध्यान दिया एवं आज महाविद्यालय में बिजली का काम शुरू हो चुका है। यह विद्यार्थी परिषद एवं छात्रों की बड़ी जीत है। लंज इकाई के कार्यकर्ता नीतीश ने कहा कि महाविद्यालय में छात्रों को मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इसके लिए काफी समय से आंदोलनरत है। आज महाविद्यालय प्रशासन द्वारा बिजली का काम शुरू किया गया है। यह विद्यार्थी परिषद की एक बड़ी जीत है। इसी के साथ कांगड़ा विभाग संयोजक अभिनव चौधरी ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हमेशा से ही दलगत राजनीति से ऊपर उठकर छात्र हित के लिए कार्य करती आई है और आगे भी छात्रों को आने वाली समस्याओं को लेकर लगातार संघर्षरत रहेगी।
सिया धीमान और लवित डडवाल को यंगेस्ट प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब ज्वाला चैस क्लब द्वारा एक दिवसीय रैपिड चैस टूर्नामेंट का आयोजन लॉरेट ग्लोबल स्कूल कथोग में किया गया। इसमें 114 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस टूर्नामेंट का शुभारंभ लॉरेट स्कूल के वाइस प्रिंसिपल कुशल कुमार ने किया। सीनियर के पुरुष वर्ग में डीएवी हमीरपुर के दुष्यंत सिंह ने प्रथम, लॉरेंस स्कूल शाहपुर के अर्णव शर्मा ने द्वितीय, हमीरपुर के अंशुल ठाकुर ने तृतीय, आरएनटी ज्वालामुखी के सतीश कुमार ने चतुर्थ और राजकीय डिग्री कॉलेज ज्वालामुखी के दीक्षित शर्मा ने पाचवां स्थान हासिल किया। सीनियर महिला वर्ग में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जलाड़ी की श्रिया गुलेरिया ने प्रथम, हिम एकेडमी की पलक ठाकुर ने द्वितीय, ऐम एकेडमी जयसिंहपुर की हर्षिता ठाकुर ने तृतीय, राजकीय डिग्री कॉलेज सुजानपुर की पलक ठाकुर ने चतुर्थ और आकाश इंस्टीट्यूट की इशिता ने पांचवां स्थान हासिल किया। लॉरेट ग्लोबल स्कूल कथोग की सिया धीमान और आरएनटी स्कूल ज्वालामुखी के लवित डडवाल को यंगेस्ट प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब मिला। अंडर-14 में ये रहे विजेता अंडर-14 ओपन में आधुनिक पब्लिक स्कूल सिद्धबाड़ी के अयान राणा ने प्रथम, भारती विद्यापीठ बैजनाथ के आरुष राणा ने द्वितीय, डीएवी भरोली के नलिन शांदिल ने तृतीय, डीएवी कांगू के अयान जामवाल ने चतुर्थ और आरएनटी स्कूल ज्वालामुखी के आर्यन कौंडल ने पांचवां स्थान हासिल किया। अंडर-14 गर्ल्स मुकाबले में लॉरेट ग्लोबल स्कूल कथोग की डॉयल रियालच ने प्रथम, डीएवी भरौली की बार्बी ने द्वितीय, केंद्रीय विद्यालय होल्टा पालमपुर की कुशानी धीमान ने तृतीय, डीएवी भरोली की अनवी ने चतुर्थ और मैदिनी जगोत्रा ने पांचवां स्थान हासिल किया। मुख्यातिथि ने विजेताओं को बांटे इनाम मुख्यातिथि के रूप में लॉरेट ग्लोबल स्कूल की प्रिंसिपल अंकिता शर्मा ने शिरकत की और विजेताओं को इनाम बांटे। उन्होंने बच्चों को पढ़ाई के साथ खेलो में भी बढ़-चढ़ कर भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा की शतरंज खेलने से बच्चो का मानसिक विकास होता हैऔर बच्चो में सोचने समझने की क्षमता बढ़ती है। इस मौके पर ज्वाला चैस क्लब के प्रधान मोहिंदर कुमार, सचिव बंदना धीमान, वित्त सचिव विजय कुमार, रिटायर्ड एस वी आई बैंक मैनेजर पी सी जगोत्रा, मुख्य चीफ ऑर्बिटर विकास धीमान, हमीर चैस शतरंज संघ के सचिव संसार चंद राना, आर्विटर राकेश कुमार, संदीप रियाल्च, संदीप बहल, जीवन कुमार, विंदु वर्मा और सुरेंद्र कुमार मौजूद रहे।
प्रदेश में आपदा आने के बाद भाजपा और कांग्रेस नेता आमने-सामने हंै और खुलकर बयानबाजी हो रही है। भाजपा के वरिष्ठ नेता विपिन सिंह परमार ने धर्मशाला में प्रेस वार्ता की और कांग्रेस पर एक बार फिर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हिमाचल में सुख की सरकार नहीं, बल्कि सूखी सरकार है। आज प्रदेश सरकार सत्ता सुख में है और जनता दुख में है। नजरअंदाज हो रहा प्रदेश का सबसे बड़ा जिला प्रदेश का सबसे बड़ा जिला कांगड़ा आज कांग्रेस से प्रताड़ित हो रहा है, क्योंकि जिला को एक मंत्री पद मिला है। परमार ने कहा कि प्रदेश में लगातार बारिश से त्रासदी हुई है और जानमाल का नुकसान हुआ है। आज इस त्रासदी से लोग उबर नहीं पाए हैं, वहीं इस आपदा के दौरान भाजपा के तमाम शिर्ष नेतृत्व धरातल पर जाकर लोगों का हाल जाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस आपदा की घड़ी में प्रदेश का साथ दिया है, हम उनका धन्यवाद करते है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 7 महीने पहले कांग्रेस की सरकार बनी और कांगड़ा जिला को आज इस कांग्रेस की सरकार के दौरान क्या मिला है। कई महीनों से कांग्रेस नेता लाइन में खड़े हैं। सिर्फ एक व्यक्ति को मंत्री पद मिला है। कांगड़ा जिला का आज खून हो रहा है। घोषणाएं तो अनेक हुईं, पर धरातल पर कुछ नहीं उन्होंने कहा कि 7 महीनों में घोषणाएं बहुत हुई हैं, लेकिन धरातल पर एक भी योजना नहीं है। केंद्र सरकार आज फोरलेन की देन दे रही हैं। परमार ने कहा कि कोरोना वारियर्स को 5 महीने से सैलरी नहीं मिल रही हैं। कांग्रेस के आपसी तालमेल इसी बात से समझा जा सकता है कि कांग्रेस नेता एक दूसरे पर बयानबाजी कर रहे हैं। आज कर्मचारियों को प्रताड़ित करने का कार्य किया जा रहा है। व्यवस्था परिवर्तन करते-करते कहीं सत्ता परिवर्तन ही न हो जाए परमार ने कहा कि सीएम सुक्खू कहते हैं कि हम व्यवस्था परिवर्तन कर रहे हैं। व्यवस्था परिवर्तन करते-करते कहीं सत्ता परिवर्तन ही न हो जाए। सुक्खू कहते हैं कि हम कांगड़ा को टूरिज्म कैपिटल बनाएंगे, लेकिन कैसे बनाएंगे जब कांगड़ा का दौरा तक वो नहीं कर रहे हैं। कांगड़ा की जनता के साथ आज जो हो रहा है, वो उचित नहीं है। जिस अधिकारी पर विपक्ष में आरोप लगाते थे आज वो इनके हितैषी बने हुए हैं। कांग्रेस सिर्फ सवेदनहीन है, इसके अलावा कांग्रेस सिर्फ पैसा अपने नेताओं को बांट रही है।
ऊना में बिना परमिट और नंबर के चल रहे ऑटो रिक्शा पर कड़ी कार्रवाई करते हुए क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने न सिर्फ चालान किए, बल्कि इन ऑटो रिक्शा को इंपाउंड भी किया है। सोमवार को आरटीओ राजेश कौशल ने लोगों की मिल रही शिकायतों के बाद इस मामले में बड़ी कार्रवाई की है। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने कहा कि ऊना में 100 से ऑटो रिक्शा परमिट के साथ चल रहे हैं। बावजूद इसके के लोग बाहरी राज्यों से पुराने ऑटो लाकर यहां बिना नंबर के और वी सिक्स ऑटो चला रहे हैं, जो कि सवारियों के लिए घातक सिद्ध हो सकते हैं। इसके अलावा ऐसे ऑटो चालकों के खिलाफ लोगों से अभद्र व्यवहार और मनमाना किराया वसूलने की भी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। इस बारे में स्थानीय ऑटो यूनियन ने भी कई बार शिकायतें की हैं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है।
सघन मिशन इंद्रधनुष-5 के प्रथम चरण की शुरुआत मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा डॉक्टर सुशील शर्मा द्वारा नगरोटा बगवां के नारदा शारदा मंदिर से की गई। डॉ. सुशील शर्मा ने बताया कि 7 अगस्त से 12 अगस्त तक मिशन इंद्रधनुष के अंतर्गत सभी 0-5 साल तक के बच्चौ को नियमित टीकाकरण मे छूटे हुए बच्चों के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा ताकि जो भी बच्चे टीकाकरण से वंचित रह गए हैं उन्हें कवर किया जा सके। यह अभियान तीन चरणो में होगा। पहला 7 अगस्त से 12 अगस्त तक, दूसरा 11 सितंबर से 16 सितंबर तक तथा तीसरा 9 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक होगा। आगे जानकारी देते हुए उन्होंने बताया की मिशन इंद्रधनुष के पीछे सरकार का यह उद्देश्य है कि कोई भी बच्चा बिना टीकाकरण के ना रहे। तथा जो छूट गए हैं उनका भी टीकाकरण सुनिश्चित हो। इस मौके पर खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ रूबी भारद्वाज तथा जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ वंदना तथा सिविल हॉस्पिटल नगरोटा बगवां के अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऑफिस के कर्मचारी उपस्थित रहे।
सहायक अभियंता विद्युत उपमंडल सिद्धपुर कर्म चंद भारती ने जानकारी दी है कि 33/11 केवी सब-स्टेशन सिद्धपुर में विद्युत उपकरणों के उचित रखरखाव एवं मरम्मत हेतु 9 अगस्त को प्रात: 9:30 से सायं कार्य समाप्त होने तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। इस दौरान सिद्धबाड़ी, योल, योल बाजार, नरवाना, सिद्धपुर, होडल, घुरलू, फतेहपुर, सुक्कड़, बागणी, होटल क्लब मोहिन्द्रा, दाड़नू, चोहला, रक्कड़, दाड़ी, बड़ोल, अप्पर बड़ोल, खनियारा, स्लेट गोदाम, बन्नी बनोरड़ू, मोहली, तपोवन, झियोल, बरवाला, थातरी, खड़ोता, सेराथाना, रमेहर, पतिअलखार, दिक्कतु, सिउंड और साथ लगते क्षेत्रों में दिनांक 9 अगस्त को वद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने बताया कि मौसम खराब होने या अन्य आक्स्मिक आपदा की स्थिति में यह कार्य अगले दिन किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील की है।
उप निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा मोहिंद्र कुमार ने जानकारी दी कि जिले में दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए जबीटी के 9 अनारक्षित पदों को अनुबंध आधार पर बैच वाइज भरा जाना है। उन्होंने बताया कि इसके लिए काउंसलिंग 5 सितंबर को नर्सरी मिडल स्कूल धर्मशाला में निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि काउसंलिंग प्रक्रिया में जिला कांगड़ा व अन्य जिलों के पात्र दिव्यांग अभ्यर्थी भाग ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि चयन प्रक्रिया में जेबीटी भर्ती एवं पदोन्नति नियम 2017 के तहत निर्धारित योग्यता पूर्ण करने वाले अभ्यर्थी भाग ले सकते हैं।
कहा-प्रदेश में 14997 तथा सोलन जिले में 1266 बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने आज क्षेत्रीय अस्पताल सोलन से राज्य स्तरीय सघन मिशन इंद्रधनुष-5 का शुभारंभ किया। डॉ. शांडिल ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित बना रही है कि शून्य से 5 वर्ष आयुवर्ग के सभी बच्चों और गर्भवती महिलाओं का समय पर टीकाकरण हो। उन्होंने कहा कि सघन मिशन इंद्रधनुष-5 के तहत तीन चरण आयोजित किए जाएंगे। पहला चरण 7 से 12 अगस्त तक आयोजित होगा। मिशन इंद्रधनुष के प्रथम चरण में प्रदेश में शून्य से 2 वर्ष आयुवर्ग के 13903 तथा 2 से 5 वर्ष आयुवर्ग के 1094 बच्चों का विभिन्न बीमारियों के लिए टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सोलन जिले में प्रथम चरण में शून्य से 2 वर्ष आयुवर्ग के 1060 तथा 2 से 5 वर्ष के 206 बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सोलन जिला में प्रथम चरण में 212 गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण भी किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मिशन का दूसरा चरण 11 से 16 सितंबर तथा तीसरा चरण 9 से 14 अक्तूबर तक आयोजित किया जाएगा। कहा कि सोलन जिला में उच्च प्रवासी दर, दैनिक आधार पर नियमित रूप से आने-जाने वाले लोग तथा सीमांत ज़िला होने के कारण टीकाकरण के लिए लाभार्थियों का सही आकलन किया जाना आवश्यक है। इस दिशा में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने योजनाबद्ध तैयारी की है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी ज़िलों को उचित निर्देश जारी किए गए हैं। मिशन इन्द्रधनुष 5.0 के तहत यह सुनिश्चित बनाया जाएगा कि ऐसे सभी क्षेत्रों को कवर किया जाए जहां अभी तक शून्य टीकाकरण हुआ है। उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता के लिए आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है तथा घर-घर जाकर सर्वेक्षण के माध्यम से यह चिन्हित किया गया है कि कहां-कहां अभियान के तहत टीकाकरण किया जाना है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार आगामी दिनों में पार्टी के कुछ संगठनात्मक कार्य होने जा रहे हैं। भाजपा 14 अगस्त को विभाजन विभिषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम का आयोजन करने जा रही है। इस कार्यक्रम के संयोजक डॉ. राजीव सैजल, पूर्व मंत्री एवं प्रदेश उपाध्यक्ष और सह संयोजक विशाल चौहान, प्रदेश सचिव नियुक्त किए गए हैं। कार्यक्रम में भाजपा प्रतिवर्ष 14 अगस्त को विभाजन की विभिषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाती आई है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी पूरे देशभर में विभाजन विभिषिका स्मृति दिवस मंडल स्तर पर मनाने का निर्णय लिया गया है। इस अवसर पर मंडल में भाजपा प्रभात फेरियां, मौन जुलूस व कैंडल मार्च निकाले जाएं। हाथों में पट्टिकाएं लेकर देश के विभाजन के समय करोड़ों लोगों का विस्थापन हुआ, हजारों लोगों का कत्लेआम हुआ और भारत माता के टुकड़े हुए। यह विषय जनता तक पहुंचाने का कार्य पार्टी करने जा रही है। बिंदल ने कहा की देश का विभाजन स्वीकार करना बहुत बड़ी भूल थी। उन्होंने बताया की 9 अगस्त से 15 अगस्त को मेरी माटी मेरा देश मिट्टी को नमन वीरों को वंदन कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम की संयोजका पायल वैद्य, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं सह-संयोजक नरेंद्र अत्री, प्रदेश सचिव होंगे। मन की बात कार्यक्रम में श्रद्धेय नरेन्द्र मोदी ने मेरी माटी मेरा देश, मिट्टी को नमन, वीरों को वंदन इस विषय को लिया। सरकारी स्तर पर यह कार्यक्रम देशभर में आयोजित होगा और भाजपा इस कार्यक्रम को अपनाते हुए इसे पूर्ण करने के लिए पूरी ताकत लगाएगी। 9 अगस्त से 15 अगस्त, 2023 तक पंचायत स्तर पर नगर पालिका स्तर पर मिट्टी का वंदन, शपथ और सैल्फी अपलोड करेगे, जिससे स्वत: प्रमाण पत्र जनरेट होगा। भाजपा गांव गांव , खंड खंड से कलश में कलश में मिट्टी एकत्र करेगी। सरकार द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ता सभी स्थानों पर शामिल होंगे।
लुधियाना से आए पर्यटक ने पुलिस कंट्रोल रूम में की शिकायत शिमला के मॉल रोड स्थित एक रेस्टोरेंट के पिज्जा में कॉकरोच मिला। लुधियाना से शिमला घूमने पहुंचे पर्यटक सौरभ अरोड़ा ने कॉकरोच मिलने की शिकायत मॉल रोड स्थित पुलिस कंट्रोल रूम में की। सौरभ ने फूड इंस्पेक्टर को भी फोन किया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं सुना। सौरभ अरोड़ा ने कहा कि लोगों के जीवन से इस तरह का खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। ऐसी लापरवाही किसी की भी जान पर भारी पड़ सकती है, क्योंकि शिमला दुनियाभर से पर्यटक घूमने आते हैं। मॉल रोड जैसे पॉश एरिया के रेस्टोरेंट में कॉकरोच निकलना गंभीर मामला है। इससे सवाल न केवल रेस्टोरेंट संचालक, बल्कि फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट की कार्यप्रणाली पर भी उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि वह पीज्जा चम्मच से नहीं खाते तो कॉकरोच सीधे उनके पेट में चला जाता और वह बीमार पड़ जाते। उन्होंने फूड इंस्पेक्टर से रेस्टोरेंट संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि रेस्टोरेंट के मैनेजर ने अपनी गलती मानी और दूसरा पिज्जा सर्व करने की बात कही।
दिल्ली से पांच दिन बाद शिमला लौटे मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने कहा कि हिमाचल सरकार की पहली प्राथमिकता सेब को मंडियों तक पहुंचाना है। विधानसभा का मानसून सत्र इसके बाद बुलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी आपदा है। इससे निपटने के लिए सभी मंत्री फील्ड में है। वहीं, राहुल गांधी की सदस्यता बहाल होने पर कहा कि यह लोकतांत्रिक मूल्य और सच की जीत है। सीएम ने कहा कि सच बार-बार झूठ का सामना करता है और झूठ बार-बार सच से टकराता है। अंत में जीत सच की होती है। राहुल के मामले में भी यह हुआ। उन्होंने कहा कि वह कल खुद रोहड़ू, चौपाल, ननखड़ी, नारकंडा जा रहे हैं और आपदा से हुई तबाही को खुद देखेंगे। इस दौरान अधिकारियों को बाढ़ प्रभावितों की हर संभव सहायता करने और सेब को मंडियों तक पहुंचाने के लिए सड़कों को बहाल करने के निर्देश दिए जाएंगे।
मांगों को लेकर डीन ऑफ स्टूडेंट वेलफेयर को सौंपा मांग पत्र एसएफआई की प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला इकाई ने आज विश्वविद्यालय में खाने की गुणवत्ता की नियमित जांच करवाने, विश्वविद्यालय परिसर में सभी दुकानों में रेट लिस्ट लगाने तथा विश्वविद्यालय में इनडोर गेम्स की व्यवस्था करने आदि मांगों को लेकर डीन ऑफ स्टूडेंट वेलफेयर को मांग पत्र सौंपा। इकाई अध्यक्ष हरीश ने इस पर बात रखते हुए कहा कि एसएफआई पहले भी यह मांग उठा चुकी है कि विश्वविद्यालय परिसर में दुकानों में बन रहे खाने की गुणवत्ता बहुत खराब है। छात्रों की सेहत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इसलिए प्रशासन छात्रों की सेहत के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न करते हुए जल्द से जल्द विश्वविद्यालय परिसर में सभी दुकानों का निरीक्षण करें। हरीश ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में प्रत्येक वस्तु सब्सिडाइज रेट पर मिलती है परंतु पिछले लंबे समय से विश्वविद्यालय परिसर की दुकानों में रेट लिस्ट ना लगने के कारण दुकानदार छात्रों से मनमाने रेट वसूल कर रहे हैं। इसलिए प्रशासन जल्द से जल्द सभी दुकानों पर रेट लिस्ट लगवाए। एसएफआई विश्वविद्यालय इकाई सचिव सुरजीत ने कहा कि विश्वविद्यालय में पिछले लंबे समय से किसी भी प्रकार की खेल गतिविधियां नहीं करवाई गई है और हमारा यह स्पष्ट मानना है कि छात्रों को खेलकूद गतिविधियों से दूर रख कर प्रशासन विश्वविद्यालय में नशे को बढ़ावा देने के काम कर रहा है। इसलिए प्रशासन जल्द से जल्द आउटडोर खेलों का आयोजन करें तथा इनडोर खेलों की व्यवस्था भी विश्वविद्यालय परिसर में की जाए। एसएफआई ने मांग की कि विश्वविद्यालय परिसर में सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण किया जाए तथा सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही एसएफआई ने विश्विद्यालय प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ये मांगें जल्द पूरी नहीं की गई तो एसएफआई आने वाले समय में छात्रों को लामबंद करते हुए विश्विद्यालय प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन करेगी, जिसका जिम्मेवार विश्वविद्यालय प्रशासन तथा प्रदेश सरकार होगी।
जिला चंबा के विकास खंड भरमौर की ग्राम पंचायत पुलन ने बहादुर स्वतंत्रता सेनानियों और वीरों के सम्मान में मां भवानी युवक मंडल सिरड़ी द्वारा 'मेरी माटी मेरा देश' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम के तहत मां भवानी युवक मंडल सिरडी के सदस्यों ने प्रधान अनिता कपूर के साथ गांव सिरडी (कंडेलू) में पौधरोपण किया। इस मौके उन्होंने प्राकृतिक जल स्त्रोतों की भी साफ सफाई की। इस उपलक्ष्य पर नेहरू युवा केंद्र चंबा के विकास खंड भरमौर की स्वयंसेवी उर्मिला कुमारी ने बताया कि आजादी का अमृत महोत्सव मेरी माटी मेरा देश अभियान के तहत प्रदेशभर में सामाजिक सरोकार से जुड़े अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम को उत्सव की तरह मनाए। उर्मिला कुमारी ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य उन बहादुर स्वतंत्रता सेनानियों और वीरों का सम्मान करना है, जिन्होंने देश के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। इसके तहत वीर सेनानियों की याद में देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही प्रत्येक ग्राम पंचायतों में वीर सेनानियों की याद में एक स्मारक का निर्माण होगा, जिसे 'शिलाफलकम्' नाम दिया जाएगा। इस पर उस क्षेत्र के सभी सेनानियों के नाम दर्ज किए जाएंगे। इस अवसर पर ग्राम पंचायत पुलन की प्रधान अनिता कपूर, युवक मंडल प्रधान संजीव कपूर, समाजसेवी अग्रेज कपूर, वन रक्षक सिरडी संजय कुमार, उप प्रधान सुनील दत्त वार्ड मेंबर व विभाग के कामगारों ने भी पौधरोपण अभियान में भाग लिया।
मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य तथा सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग) संजय अवस्थी 8 अगस्त को सोलन जिला के अर्की विधानसभा क्षेत्र के प्रवास पर आ रहे हैं। अवस्थी प्रात: 10.30 बजे अर्की विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सरयांज में आयोजित वन महोत्सव में भाग लेंगे। मुख्य संसदीय सचिव तदापेरांत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सरयांज के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह की अध्यक्षता करेंगे।
मिक्स में कांगड़ा के हरजीव सिंह व सिमरन ने जीता खिताब पुरुष युगल में शिमला के पार्थिव एवं समकक्ष बने विजेता महिला युगल में हमीरपुर की रितिका एवं कांगड़ा की रूबी विनर धर्मशाला इंडोर स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय सीनियर वर्ग की बैडमिंटन प्रतियोगिता का समापन हो गया। इस प्रतियोगिता का समापन सेवानिवृत्त सेशन जज राजन दीवान ने किया। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि पूर्व में रहे अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश बोर्ड ऑफ स्कूल शिक्षा कर्मचारी संघ बलबीर चंदेल एवं मैनेजिंग डायरेक्टर इवर्ल्स एडुइनफोटेक एंटरप्राइजेज सुशील गुलेरिया रहे। इस मौके पर जिला कांगड़ा बैडमिंटन संघ के अध्यक्ष सुनील मनोचा ने मुख्य अतिथि को शॉल, टोपी एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। मुख्य अतिथि ने विजेता एवं उप विजेताओं को ट्रॉफी देकर पुरस्कृत किया। पुरुष एकल मुकाबले के फाइनल मैच में हमीरपुर के शिवांश शर्मा ने ऊना के करण चौधरी को 2-1 से हराकर खिताब अपने नाम किया। वहीं, महिला वर्ग के एकल मुकाबले में जिला कांगड़ा की रूबी ने जिला कांगड़ा की भारती शर्मा को हराकर खिताब अपने नाम किया। मिक्स मुकाबलों में कांगड़ा जिले के हरजीव सिंह एवं सिमरन की जोड़ी ने ऊना के रजत कंक एवं कांगड़ा की ज्योतिषका की जोड़ी को हराकर खिताब अपने नाम किया। सीनियर वर्ग के डबल्स मुकाबले में शिमला के पार्थिव एवं समकक्ष धोता ने ऊना के करण चौधरी एवं सोलन के तरुण को हराकर खिताब अपने नाम किया। महिलाओं की युगल मुकाबले में हमीरपुर की रितिका एवं कांगड़ा की रूबी ने कांगड़ा की भारतीय शर्मा एवं सिमरन कपूर को हराकर 2023 का खिताब अपने नाम किया। संघ के महासचिव विलास हंस ने बताया कि इस प्रतियोगिता में जो विजेता एवं उपविजेता रहे हैं वह आगे चलकर राष्ट्रीय स्तर प्रतियोगिता जोकि गुवाहाटी में आयोजित होंगी उसमें हिमाचल प्रदेश का नेतृत्व करेंगे। इस मौके पर विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश बैडमिंटन संघ के महासचिव रमेश ठाकुर, पदाधिकारी चंद्रशेखर तुर्की, अशोक ठाकुर, विजय ठाकुर, डॉ ज्ञान ठाकुर, डॉ सुरेंद्र शर्मा, बलवीर पटियाल एवं इस चैंपियनशिप के रेफरी विश्वनाथ मनकोटिया, मैच कंट्रोलर पंकज शर्मा जिला कांगड़ा बैडमिंटन संघ से सर्व चंद धीमान, गौरव चड्ढा, विशाल मिश्रा, पवन चौधरी, विक्रम चौधरी ,सुमन शर्मा, दिनेश महाजन, विकास सूद, संदीप ढींगरा उपस्थिति रहे। इसके अतिरिक्त जिला कांगड़ा बैडमिंटन संघ द्वारा सितंबर महीने में अंडर -11 एवं अंडर-13 जिला स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा, जिसके लिए पंजीकरण 15 अगस्त से शुरू कर दिया जाएगा।
पुलिस चौकी रे टीम ने सोमवार सुबह समय करीब पांच बजे एक ट्रैक्टर, जिसमें रेत लोड था, उसे रोका गया। पुलिस को देखकर चालक चोर रास्ते से पंजाब भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन पुलिस ने पकड़ लिया। पूछताछ में चालक से माइनिंग से संबंधी दस्तावेज दिखाने के लिए कहा गया तो वह नहीं दिखा पाया। कार्रवाई करते हुए चौकी प्रभारी भजन जरियाल द्वारा उसे पांच हजार रूपये दंड के रूप मे वसूले गए। उन्होंने ट्रैक्टर चालक को चेतावनी देते हुए कहा कि क्षेत्र में अवैैध खनन को अंजाम न दें। अगर भविष्य में ऐसा कार्य करते पाए गए तो पुलिस विभाग कड़ी से कड़ी कार्रवाई अमल में लाएगा।
डीसी ने कहा- जिला की 506 पंचायतों ने 4194 कार्यों के लिए भेजी थी सूची कांगड़ा जिले में आपदा प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा के तहत 45 सूचीबद्व पुनरुद्धार कार्यों के लिए 57 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। यह जानकारी उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने देते हुए बताया कि मानसून सीजन में भारी बारिश के कारण आपदा आने पर सरकार ने पंचायतों-गांवों में अधिक से अधिक पुनरुद्धार कार्य मनरेगा के तहत करने के निर्देश दिए गए थे ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को पुन: विकसित किया जा सके। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला की 15 विकास खंडों की 506 पंचायतों से आपदा से प्रभावित 4194 कार्यों की सूची भेजी गई थी जिसे स्वीकृति प्रदान की गई है। ग्रामीण स्तर पर पुनरूद्वार कार्यों के लिए तत्परता से करें कार्य उन्होंने कहा कि आपदा से जुड़े मनरेगा कार्यों के लिए ग्राम सभा के प्रस्ताव की आवश्यकता नहीं है। इसके लिए खंड विकास अधिकारी कार्यालय में सीधे आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला में आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में राहत तथा पुनर्वास के लिए तत्परता के साथ कार्य किया जा रहा है तथा सभी विकास खंड अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ग्रामीण स्तर पर पुनरूद्वार कार्यों के लिए पंचायत स्तर पर सभी को जागरूक करें ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभांवित किया जा सके।उन्होंने कहा कि डीआरडीए के परियोजना अधिकारी को निर्देश दिए कि वे हर 15 दिन में मनरेगा में पुनरुद्धार कार्यों को लेकर समीक्षा करें। मनरेगा मस्टरोल, सामान खरीद जैसी व्यवहारिक समस्याओं के समाधान के लिए कार्य करें। पीडब्ल्यूडी, कृषि, जलशक्ति, विद्युत विभाग में 287 करोड़ का नुकसान कांगड़ा जिला में भारी बारिश से लोक निर्माण विभाग को 83 करोड़ जिसमें 397 मार्ग क्षतिग्रस्त हुए हैं। जलशक्ति विभाग को 146 करोड़ इसमें 571 पेयजल योजनाएं बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुई हैं। विद्युत विभाग को 16 करोड़ तथा कृषि विभाग को 34 करोड़ का नुक्सान हुआ है। कृषि विभाग के तहत इंदौरा तथा फतेहपुर में किसानों को सबसे ज्यादा नुक्सान हुआ है, शिक्षा विभाग को आठ करोड़ के करीब नुक्सान का आकलन किया गया है। ग्रामीण स्तर पर तैयार किए जाएंगे आपदा मित्र डीसी ने कहा कि आपदा से बचाव के लिए ग्रामीण स्तर पर आपदा प्रबंधन कमेटियां गठित की जा रही हैं तथा इस दिशा में महिला मंडलों, पंचायत प्रतिनिधियों, युवक मंडलों को आपदा मित्र के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि आपदा के समय राहत तथा पुनर्वास के कार्यों को त्वरित प्रभाव से आरंभ किया जा सके और नुक्सान को भी कम करने में मदद मिल सके।
परवाणू-सोलन फोरलेन निर्माण पर उठ रहे सवाल ना आसमान से आफत बरसने का दौर थम रहा है और न ही पहाड़ों के दरकने का। हिमाचल के पहाड़ लगातार टूट रहे है और प्रदेश के लोगों का जीवन व्यापन उतना ही कठिन हो गया है जितना शायद प्रकृति के लिए विकास के नाम पर हो रहे बेतरतीब निर्माण को सहना हुआ हो । सड़कों पर सफर करना तो खतरों से खाली है ही नहीं मगर कई क्षेत्रों में तो अपने घर में चैन की नींद से सो पाना भी नागवार हो गया है। हिमाचल में बने फोरलेन कि तस्वीरें कुछ इस तरह सामने आ रही है कि रूह कांप उठे। कालका-शिमला एनएच-5 की स्थिति भी कुछ यूँ ही बनी हुई है। पहाड़ दरक रहे है और सड़के धंस रही है। ये बेतरतीब निर्माण अभी कितने और ज़ख्म देगा, मालूम नहीं, मगर सवालों का अम्बार ज़रूर लग गया है। हिमाचल की सड़कों को हिमाचल की जीवन धारा माना जाता है। कठिन भौगौलिक परिस्थितियों वाले इस प्रदेश के दूर दराज़ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को ये सड़कें ही मुख्य धारा से जोड़ती है। मगर क्या इन सड़कों का निर्माण सही ढंग से हो रहा है ? क्या प्रदेश की जीवन धारा को बनाने वाले अपनी ज़िम्मेदारी सही तरीके से निभा रहे है ? क्या इस विनाश के लिए सिर्फ प्रकृति ज़िम्मेदार है या कारण और भी है ? कालका-शिमला एनएच-5 का इस कदर बह जाना क्या दर्शाता है ? क्या निरीक्षण में कोई कमी रह गई या फिर सड़क की गुणवत्ता ही खराब थी ? सवाल जहाँ सड़क निर्माण कि कंपनी को लेकर उठ रहे है तो कई आरोप अधिकारियों पर भी दागे जा रहे है, लेकिन इस वक्त सबसे अहम् सवाल ये है कि क्या अब एनएचएआई द्वारा सड़क निर्माण कंपनी पर कोई एक्शन लिया जाएगा या फिर सेटलमेंट कर दी जाएगी ....... आपको बता दें कि कालका-शिमला नेशनल हाईवे 5 के निर्माण में 748 करोड़ रुपये खर्च किये गए है। जबसे इस फोरलेन का निर्माण किया गया है तब से ये फोरलेन चर्चा में बना हुआ है। शुरू से शुरुआत करते है। परवाणू से सोलन तक फोरलेन का निर्माण कार्य नवंबर 2015 के आस पास शुरू किया गया था। फिर फोरलेन निर्माण के लिए एनएचएआई द्वारा इसका टेंडर ग्रिल कंपनी को दिया जाता है। कंपनी द्वारा फोरलेन बनाने के लिए पहाड़ियों को काटना शुरू किया जाता है और ज़्यादातर जगहों पर 90 डिग्री में पहाड़ों को काट दिया जाता है। अब मौसम चाहे कोई भी हो ये पहाड़ सड़को पर उतर आते है। सड़को के साथ लगे डंगे भी इन पहाड़ो को रोकने में सक्षम नहीं है। अधिकांश क्षेत्रों में रिटेनिंग वाल भी 7 8 फ़ीट की ही है। ऐसे में पहाडोनो का दरकना तो जायज़ है। फोरलेन के साथ बने भवन भी खतरे की जद्द में हैं। हाइवे के निर्माण के समय यहाँ कल्वर्ट ठीक से नहीं डाले गए जिस कारण अब पानी लोगो के घरो तक पहुंच रहा है। इसे फोरलेन निर्माण कंपनी कि लापरवाही ही कहेंगे जिसका खामियाज़ा अब इन लोगो को भुगतना पड़ रहा है। परवाणू से सोलन हाइवे की तस्वीरें देखने के बाद अब हाईवे के दूसरे चरण के फोरलेन निर्माण को लेकर भी सवाल उठने लगे है। अब सोलन से कैथलीघाट तक भी इसी तरह का दृश्य देखने को मिल रहा है। परवाणू से सोलन तक का ये सफर अब लोगों के लिए आफत बन गया है। निसंदेह इस प्राकृतिक आपदा से जन जीवन अस्त व्यस्त हो चूका है, लेकिन भारी बरसात से हुई तबाही ने इस वक्त कई निर्माण कंपनियों को सवालों के कठघरे में खड़ा कर दिया है। इस बरसात में भारी भूस्खलन से सड़को को तो नुकसान पहुंचा ही है लेकिन कई लोगो के आशियाने भी टूट कर बिखर चुके है। कई लोग इस आपदा में जान गवां चुके है। बरसात की इस तबाही के बाद अब हिमाचल में हो रहे बेतरतीब निर्माण को लेकर हाईकोर्ट भी सख्त चूका है। एनएचआई द्वारा अवैज्ञानिक तरीके से सुरंगें और फोरलेन बनाने पर हाईकोर्ट ने अटॉर्नी जनरल को नोटिस जारी किया है। खासकर चंडीगढ़ से शिमला और चंडीगढ़-मनाली हाईवे को हुए नुकसान पर अदालत ने अटॉर्नी जनरल से जवाब मांगा है। अब इसमें गलती चाहे निर्माण कंपनी की हो या फिर किसी और कि लेकिन इस गलती के कारण कई लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ रहा है। पहले भी ढह गया था सड़क का एक हिस्सा ये पहली दफा नहीं है कि चंडीगढ़-शिमला फोरलेन पर सड़क धसने का मामला सामने आया हो। इससे पहले भी इस मार्ग पर जगह-जगह लैंडस्लाइड होते रहे है। नेशनल हाईवे पर जब प्रथम चरण में परवाणू-सोलन फोरलेन का कार्य लगभग पूरा होने वाला था उस वक़्त भी बारिश के बाद सड़क के लगातार धंसने के मामले सामने आ रहे थे। तारीख थी 11अगस्त 2022 जब फोरलेन टनल को जोड़ने वाला कालका-शिमला नेशनल हाईवे-5 का एक हिस्सा अचानक से भरभरा कर ढह गया था। इस लैंडस्लाइड की चपेट में दो गाड़ियां भी आ गईं थी । तब गनीमत ये रही थी कि इन गाड़ियों में कोई नहीं था। इस हादसे के बाद टनल वाले मार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया था। इससे पहले भी कई बार यहां पर सड़क में दरारें आ चुकी हैं। इस सड़क पर सफर करना अब जोखिम भरा हो गया है। हाईवे की रेनोवेशन तक नहीं लिया जायेगा टोल टैक्स भारी बारिश की वजह से कालका शिमला फोरलेन को काफी नुकसान पहुंचा है। इस फोरलेन की एक लेन पूरी तरह से बंद है। कालका से शिमला तक एक लेन पर जगह जगह लैंडस्लाइड हुए हैं। ऐसे में जब सड़क जोखिमपूर्ण है और बमुश्किल एक लेन चालू है तो यात्रियों से टोल टैक्स लेने का मुद्दा बेहद चर्चा में था। परवाणू - सोलन हाइवे पर सनवारा टोल प्लाजा को लेकर लोगो में भारी रोष नज़र आ रहा था। इस हाईवे पर परवाणू के पास करीब 200 मीटर सड़क नक्शे से ही गायब हो गई है। ऐसे में अब डीसी सोलन ने हाईवे पर मौजूद टोल को बंद करने के आदेश जारी कर दिए है। हाईवे बंद होने के बाद भी संपर्क मार्गों से आवाजाही कर रहे वाहन चालकों से टोल लिया जा रहा था और इस पर लगातार टोल प्लाजा पर बहसबाजी देखने को मिल रही थी। इसी पर सोलन डीसी ने अब टोल वसूली पर रोक लगा दी है। डीसी सोलन का कहना है कि कालका शिमला हाईवे बंद पड़ा है और ऐसे में सनावरा टोल प्लाजा पर टोल देने का लोग विरोध कर रहे हैं। यहां पर विरोध के चलते लॉ एंड ऑर्डर की दिक्कत हो सकती है और इसी वजह से टोल बंद करने के आदेश दिए गए हैं। जब तक हाईवे की रेनोवेशन नहीं हो जाती, तब तक टोल बंद रहेगा।
लिल्ह-प्रीणा संपर्क मार्ग पर रविवार को करीब 9 बजे बोलेरो कैंपर दुर्घटनाग्रस्त होने से उसमें सवार दो व्यक्तियों की मौके पर ही मौत हो गई है। बताया जा रहा है गाड़ी में 5 लोग सवार थे। जानकारी के अनुसार बोलेरो कैंपर दुर्घटना होने से ग्राम पंचायत प्रीणा के प्रधान अजय कुमार की भी मौके पर मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार रात के करीब 9 बजे यह गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हुई है। गहरी खाई में गाड़ी के गिर जाने के कारण अभी तक दो व्यक्तियों के शव बरामद हो पाया है, जिसमें एक शव प्रधान ग्राम पंचायत प्रीणा अजीत कुमार का बताया जा रहा है। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई है। स्थानीय लोगों व पुलिस की मदद से गाड़ी में सवार दूसरे लोगों को भी ढूंढा जा रहा है। बहरहाल गाड़ी में 5 लोग सवार बताए जा रहे हैं।
ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पड़ते दवकेड़, डाकघर मझीन त. खुंडिया में शकुंतला देवी पत्नी स्व. रिखी राम अपनी पुरानी पशुशाला में मवेशियों को घास डालने के लिए पशुशाला के अंदर गई थीं। उनके साथ उनकी बहुएं राधा रानी पत्नी सोनी कुमार व भागो देवी पत्नी विपन कुमार भी मौजूद थीं। पुरानी पशुशाला के एकदम गिरने से तीनों महिलाएं पशुशाला की चपेट में आ गईं, जिसमें भागो देवी की दबकर मौके पर मौत हो गई, जबकि अन्य दोनों घायल महिलाओं को ईलाज हेतु सिविल अस्पताल ज्वालामुखी भेजा गया है। जब इसकी सूचना स्थानीय नेता अतुल कौशल को मिली तो वह भी तुरंत ज्वालामुखी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों का कुशलक्षेम जाना, वहीं हर संभव सहायता की बात भी कही। बरहाल अतुल कौशल ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया है।
हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा मिलने के बाद हाटी समुदाय द्वारा इस संघर्ष के अविस्मरणीय सहयोग देने के लिए जयराम ठाकुर का आभार समारोह शिमला के पीटरहॉफ में आयोजित किया गया। इस समारोह में हाटी समुदाय के लोगों द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री का स्वागत अभिनंदन किया गया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अपने भांजे भांजियों द्वारा इस तरह का सम्मान पाकर अभिभूत हूं। कई पीढ़ियों की लंबे संघर्ष के बाद यह दिन आया है। यह आंदोलन जब शुरू हुआ तो मेरी उम्र दो साल की थी। इस संघर्ष को जिस तरह धैर्य और लोकतांत्रिक तरीक़े से चलाया गया उसके लिए सभी लोग बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि यह आवश्यक था, इसका लाभ हमारे हाटी भांजे-भांजियों को मिलेगा। इस उपलब्धि के लिए मैं अपने सभी हाटी भांजे-भांजियों को बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। इस मौक़े पर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ने कहा कि जयराम ठाकुर के प्रयासों और केंद्रीय नेतृत्व की वजह से यह दिन आया है। जयराम ठाकुर सिरमौर के मामा हैं। इस बार भांजे पूरा सहयोग देकर सिरमौर में रिकॉर्ड बनायेंगे।
ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पड़ते मझीन दवकेड़, डाकघर मझीन, तहसील खुंडिया में शकुंतला देवी पत्नी स्व. रिखी राम अपनी पुरानी पशुशाला में मवेशियों को घास डालने के लिए पशुशाला के अंदर गई व उनके साथ उनकी बहुएं राधा रानी पत्नी सोनी कुमार व भागो देवी पत्नी विपन कुमार भी उनके साथ मौजूद थीं, जो पुरानी पशुशाला के एकदम से गिरने से तीनों महिलाएं पशुशाला की चपेट में आ गईं, जिसमें भागो देवी की पशुशाला में दबकर मौके पर मौत हो गई, जबकि अन्य दोनों घायल महिलाओं को आगामी इलाज हेतु सिविल अस्पताल ज्वालामुखी भेजा गया है। उधर, चौकी प्रभारी मझीन पुलिस टीम सहित मौके पर पहुंचे। वहीं, जानकारी मिलते ही मौके पर ज्वालामुखी विस हलके के विधायक संजय रत्न सहित प्रशासन भी घटनास्थल पर पहुंचे। विधायक के निर्देश पर तहसीलदार मनोहर लाल शर्मा ने मृतका भागो देवी के परिवार को 20 हजार, घायल शकुंतला देवी व राधा रानी को 10 -10 हजार रुपये फौरी राहत के रूप में दिए हैं।
उपमंडल देहरा के अंतर्गत गोपीपुर में एक महिला पैर फिसलने की वजह से गिर गई, जिस कारण उसकी मौत होने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस के अनुसार महिला के गिरने से उसके कान के ऊपर गहरी चोट आई थी। मृतका की पहचान मधु बाला (57) पत्नी महिंदर सिंह के रूप में हुई है। महिला अपने पति और भांजा के साथ अपनी बहन के घर जाने के लिए तैयार थी कि इसी बीच उसका पैर फिसल गया और वह नीचे गिर गई। परिजन उसे इलाज हेतु देहरा सिविल अस्पताल ले गए। नाजुक हालत देखते हुए टांडा अस्पताल रेफर कर दिया, जहां बीच रास्ते में उसकी मौत हो गई है। मामले की पुष्टि करते हुए डीएसपी देहरा अनिल कुमार ने कहा कि पुलिस ने 174 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई अमल में लाई है। महिला का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने नंगल में निर्माणाधीन फ्लाईओवर की धीमी गति पर सख्त रवैया अपनाया है। इस पुल का निर्माण पूरा न होने से हिमाचल व पंजाब के लोग परेशान हो रहे हैं। ऐसे में अब हिमाचल के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री खुद दिल्ली में केंद्रीय मंत्री से मिलकर इस पुल को तय समय में पूरा करवाने का आग्रह करेंगे। मुकेश अग्निहोत्री ने गत दिनों नंगल में फ्लाईओवर पुल का दौरा किया था और धीमी गति से निर्माण कार्य पर नाराजगी जाहिर की थी। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि यह पुल पंजाब व हिमाचल को नई सुविधा से जोड़ने वाला है। इस पुल के बनने से ट्रैफिक सुविधा बढ़ेगी लेकिन फिलहाल यह पुल पंचवर्षीय योजना बन गया है, लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है, ऐसे में जो पुल 2020 में पूरा होना था, वह पुल 2023 में भी अभी अधूरा है। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि नंगल व ऊना आपस में जुड़े हुए हैं। इस पुल के ना बनने से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि नंगल में तो घंटों जाम लगता है, लोगों को मुश्किल होती है, पीजीआई जाने में दिक्कत होती है। वहीं नंगल की सड़कें खस्ताहाल हो गई हैं। महत्व के नंगल डैम की सड़क पर भी तारकोल नहीं बिछाई जा रही। ऐसा लगता है कि नंगल में राजनीतिक नेतृत्व भी नहीं है।
ज्वालामुखी उपमंडल के अंतर्गत खुंडिया ब्लॉक मे मिड-डे मील वर्कर की बैठक हुई, जिसमें लगभग 150 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान नई कार्यकारणी का गठन किया गया, जिसमें प्रधान वचन सिंह, उपप्रधान वीना देवी, सचिव उर्मिला देवी,कोषाध्यक्ष कृतिका देवी, सलाहकार स्वर्ण देवी, देश राज, सदस्य मंजू देवी, व्यासा देवी, जोगिंदर देवी, जमुना देवी, शशि पाल, आदि, बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि सभी सदस्य मिलकर सरकार के समक्ष मांग रखेंगे कि वेतन में वृद्धि की जाए और उनका वेतन हर महीने दिया जाए। साथ में ही सरकार से मांग की गई उनको स्थाई नियुक्ति की पॉलिसी बनाई जाए।
प्राचीन एवं ऐतिहासिक शिवमंदिर काठगढ़, इंदौरा मेंश्रावण मास महोत्सव धार्मिक अनुष्ठानों की धारा परबाह में आज मंदिर सुधार सभा द्वारा श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया। इसमें प्रथम दिन में कथावाचक महेश कृष्ण ठाकुर वृन्दावन बाले द्वारा सूंदर प्रवचनों द्वारा कथा का व्याख्यान किया गया कि तुंगभंगा नदी के किनारे के एक गांव था। वहां पर आत्म देव नाम का एक ब्राह्मण और उसकी पत्नी धुंधली रहती थी आत्म देव तो सज्जन था, लेकिन उसकी पत्नी दुष्ट प्रवृति की थी। आत्म देव बहुत उदास रहता था क्योंकि उसको कोई संतान नहीं हो रहा था। रविवार को पहला दिन कथा का शुभारंभ आयोजन से जुड़े सभा के प्रधान ओम प्रकाश कटोच, कार्यालय सचिव जोगिंदर पाल भारद्वाज, सचिव गणेश दत्त, प्रेस सचिव सुरिंदर शर्मा, सलाहकार कृष्ण मन्हास, संगठन सचिव प्रेम सिंह, रघुनाथ सिंह, नवीन उप्पल जी ने भगवान की पूजा कर किया। इसके बाद वृंदावन धाम से आए परम पूज्य महेश कृष्ण ठाकुर जी महाराज ने श्रद्धालुओं को भागवत कथा सुनाते हुए भक्ति रस से सराबोर भजनों की प्रस्तुतियां दी। व कथा में परम पूज्य महेश कृष्ण ठाकुर जी महाराज ने ईश्वर के प्रति नास्ता रखने वाले धुंधकारी की कथा के प्रसंग सुनाए। कथा वाचक ने भगवान गोकरण जी के जन्म की कथा सुनाते हुए उनकी ईश्वर के प्रति अटूट भाव का भी वर्णन किया। इसके साथ उन्होंने कहा की महादेव महाकाल के भक्त कभी भी आकाल मृत्यु को प्राप्त नही होता। और श्रीमद्भागवत कथा का प्रसंग करवाने व सुनने से पितरों का कल्याण होता है। कथावाचक आचार्य द्वारा कथा के दौरान संगीतमय प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भक्ति रस का पान करवाया। इस अवसर पर उपस्थित श्रोताओं ने भजनों की प्रस्तुतियों के साथ ही जमकर ठुमके भी लगाए।आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ रविवार की कथा को विराम दिया गया।
नप राजगढ़ की महिलाओं ने अधिकारी को सौंपा मांग पत्र नगर पंचायत राजगढ़ में राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन की दीन दयाल अंतोदय योजना के तहत गठित स्वयं सहायता समूह की महिलाएं स्वयं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयासरत हैं। इसी कड़ी में राजगढ़ नप के 10 स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं सरकारी स्कूलों की लड़कियों की वर्दियां सिलकर स्वयं को आत्मनिर्भर बनाना चाहती हैं। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने एसडीएम राजगढ़ व वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय राजगढ़ के प्रधानाचार्य को एक मांग पत्र सौंपा और कहा कि स्वयं सहायता समूह की महिलाएं खुद को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकारी स्कूलों की लड़कियों की वर्दियां बनाना चाहती हंै। यदि प्रशासन और स्कूल इसकी अनुमती दे तो ये महिलाओं की आजीविका का एक अच्छा साधन बन सकता है। नगर पंचायत में कार्यरत सामुदायिक प्रबंधक सुरक्षा संधू ने कहा कि यदि प्रशासन की अनुमति मिल जाती है तो ये महिलाओं के रोजगार का एक स्थाई साधन बन जाएगा। सुरक्षा संधु ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दीन दयाल अंतोदय योजना के तहत सिलाई का प्रशिक्षण भी दिया गया है और यदि प्रशसन से अनुमति मिल जाए तो नगर पंचायत राजगढ़ वार्ड-1 में गठित स्वयं सहायता समूहों द्वारा वर्दियों की सिलाई का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि एसडीएम व प्रधानाचार्य दोनों ने इस विषय में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आज अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देश के 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की आधारशिला रखी। हिमाचल प्रदेश के अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशन पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा एवं खेल मामलों के मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि जो काम पिछले 60 वर्षों में नहीं हुआ, मोदी सरकार ने 9 वर्षों में करके दिखाया है। हिमाचल में रेलवे की अनेकों सौग़ातें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देवभूमि के प्रति विशेष स्नेह का परिचायक है। भारतीय रेलवे के इतिहास में आज के दिन को स्वर्णिम बताते हुए अनुराग ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश के अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशन का 22 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास हो रहा है। इस योजना से न केवल यह यह स्टेशन बेहतर सुविधाओं से सुसज्जित होगा बल्कि यह यात्रियों को एक नये अनुभव का एहसास भी कराएगा। देवभूमि हिमाचल को यह सौगात देने के लिए वे प्रधानमंत्री का आभार प्रकट करते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रेलवे स्टेशनों के कायाकल्प, बुनियादी सुविधाओं की बढ़ोतरी के इस महत्वपूर्ण निर्णय से विश्वसनीय परिवर्तन आएगा। यह प्रयास स्वच्छता, सुरक्षा और सुविधा के क्षेत्र में नए दिशानिर्देश दिखाने का संकेत है, जो ईज ऑफ लिविंग को बढ़ावा देगा। साथ ही, यह स्थानीय संस्कृति, विरासत और पर्यटन को बढ़ावा देगा
कहा- बहुत ही दयनीय स्थिति में हैं आपदा पीड़ित, त्वरित मदद प्रदान की जाए रामपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी रहे कौल सिंह ने रामपुर बुशैहर के अंतर्गत 15/20 क्षेत्र की दूरदराज आपदा प्रभावित पंचायत लबाना सदाना के तहत विभिन्न गावों में मौके पर जाकर भारी बरसात एवं प्राकृतिक आपदा के चलते हुए भारी नुकसान का जायजा लिया। वे ग्राम पंचायत लबाना सदाना के कोट गांव में प्रभावितों से मिले और उनकी समस्याओं को भी सुना। उन्होंने कहा कि भारी बरसात के कारण इस गांव में लगभग 5 घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए हैं और गांव में अन्य कई घरों में दरारें पड़ी हैं। खतरे को देखते हुए बेघर हुए पीड़ितों को दूसरे स्थान पर रहना पड़ा रहा है। यहां पर लोगों के बाग-बगीचे सहित अन्य सभी फसलों को बहुत नुकसान हुआ है। बिजली व पानी की दिक्क़तों से लोग खासे परेशान हैं। उन्होंने कहा कि इस गांव की स्थिति बहुत ही दयनीय है। गांव के लोग दहशत में जी रहे हैं। कई घरों के ऊपर पहाड़ी के कभी भी दरकने का डर लोगों को सता रहा है। वहीं घरों के नीचे से पानी रिस रहा है। लोगों के पास राशन की भी कमी है। उन्होंने कहा कि कोट गांव के आपदा प्रभावित लोगों की सुध लेने इस गांव में न तो अभी सरकार आई और न ही प्रशासन के लोग। बस औपचारिकता पूरी करने के नाम पर ग्रामीणों को सड़क में बुलाकर फौरी राहत के नाम पर मात्र 5-7 परिवारों को तिरपाल दिए गए। उन्होंने कहा कि सरकार एवं प्रशासन दूरदराज क्षेत्रों में आपदा पीड़ितों की मदद के नाम पर केवल खाना पूर्ति करने का काम कर रही है, जोकि नाकाफी हैं। यहां के लोग सरकार एवं प्रशासन से बेहद खफा है। उन्होंने आपदा प्रभावित परिवारों को इस विपदा की घड़ी में उनके साथ खड़े रहने और उन्हें हरसंभव सहयोग का भरोसा देते हुए कहा कि वे पीड़ितों के दुख-दर्द और उनकी समस्याओं को सरकार एवं प्रशासन के समक्ष प्रमुखता से उठाएंगे। उन्होंने सरकार एवं प्रशासन से मांग कि है कि इन आपदा पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए और एक बार प्रशासन को इस गांव में जरूर आना चाहिए तभी वे यहां की वस्तुस्थिति से अवगत हो पाएंगे। इसके साथ ही इन परिवारों के राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाई लाए और प्रभावितों को तत्काल फौरी राहत व नुकसान का जल्द आकलन कर उचित मुआवजा राशि दे। पीड़ितों को समय रहते अन्य सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए और राहत सामग्री उपलब्ध करवाई जाए। इस मौके पर भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य नरेश चौहान,पंचायत समिति उपाध्यक्ष रूपेश्वर सिंह, अनुसूचित जाति मोर्चा मंडल रामपुर अध्यक्ष गोपाल बंसल, अनुसूचित जाति मोर्चा मंडल महामंत्री रामपुर अशोक कुमार, ग्राम केंद्र अध्यक्ष शिव टोलटा, प्रेम टोलटा, मनोज टोलटा आदि विशेष रूप से मौजूद रहे।
विधायक ने धर्मशाला कॉलेज की वार्षिक पत्रिका का किया विमोचन देश के सबसे पुराने कालेजों में शुमार धर्मशाला महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका 'भागसू हमारी शान' है। इस मैगजीन में भाषा-बोलियों का अनूठा संगम है। इस मैगजीन को हर छात्र को पढ़ना चाहिए। यह बात कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं धर्मशाला विधानसभा हलके से विधायक सुधीर शर्मा ने कही। सुधीर शर्मा ने धर्मशाला में एक गरिमामय व सादगीपूर्ण कार्यक्रम में इस मैगजीन का विमोचन किया। इस अवसर पर सुधीर शर्मा ने कहा कि वह इस सालाना मैगजीन का बेसब्री से इंतजार करते हैं। उन्हें इसका कंटेंट अच्छा लगता है। उन्होंने कहा कि इस बार इस मैगजीन में सात सेक्शन हैं। इसमें हिंदी, अंग्रेजी, साइंस, संस्कृत, प्लानिंग, पहाड़ी व गदियाली के सात सेक्शन हैं। इससे हर तरह की रुचि रखने वाले छात्रों के लिए मैगजीन से फायदा मिलेगा। भागसू मैगजीन की संपादक मीनाक्षी दत्ता ने बताया कि साल 2022-23 के अंक में महत्वपूर्ण गतिविधियों को बेहतरीन तरीके से इसमें दर्शाने का प्रयास किया गया है। इस मैगजीन के सातों सेक्शन में छात्रों के लिए अलग-अलग तरह की जानकारी है। पहाड़ी और गदयाली बोली का सेक्शन शुरू से ही छात्रों में रुचिकर विषय रहा है। वहीं अंग्रेजी, साइंस, संस्कृत व प्लानिंग के सेक्शन भी जानकारी से भरपूर हैं। इस अवसर पर प्रिंसीपल डॉ. संजीवन कटोच, डॉ. नरेश शर्मा, विक्रम वत्स, डॉ. एसके सोनी आदि गणमान्य मौजूद रहे।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर जिन्हे राहत एवं पुनर्वास के लिए जिला सिरमौर का प्रभारी मंत्री बनाया गया है ने उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान के साथ अपने सिरमौर प्रवास कार्यकम के दौरान शनिवार सांय शिलाई विधानसभा क्षेत्र में भारी बरसात से प्रभावित इलाकों का दौरा किया। शिलाई विधानसभा क्षेत्र में अपनी व्यथा सुनाने के लिए जगह-जगह भारी बारिश से प्रभावित लोग उनसे मिले। इन प्रभावित लोगों में किसी का मकान क्षतिग्रस्त हो गया, किसी का डंगा गिर गया और किसी के खेत खत्म हो गये तो किसी की खड़ी फसल नष्ट हो गई। उन्होंने सभी प्रभावित लोगों से मिलकर उन्हें यथा संभव राहत पहुंचाने का भरोसा दिया। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर तथा उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बड़वास में क्षतिग्रस्त रोड का निरीक्षण किया। सतौन, कमरऊ तथा कफोटा में लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया तथा उन्हें अपनी समस्याएं भी बताई। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने राष्टीय उच्च मार्ग 707 का निरीक्षण किया तथा जगह- जगह रुक कर आपदा प्रभावित लोगों की समस्याएं सुनी। शिक्षा मंत्री ने लोक लोक निर्माण विभाग के शिलाई विश्राम गृह में अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में कहा कि भारी बारिश के कारण शिलाई क्षेत्र में सड़कों, पेयजल योजनाओं, बिजली ढांचों, सार्वजनिक और निजी संपत्तियों का अत्याधिक नुकसान हुआ हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी बाधित सड़कों, पेयजल योजनाओं और बिजली आपूर्ति को शीघ्र बहाल किया जाये। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी प्रभावित परिवारों के नुकसान का आकलन समय पर करके उन्हें राहत राशि तुरंत प्रदान की जाये। उन्होंने कहा कि प्रशासन सहित विभिन्न विभाग आपदा की इस कठिन समय में बेहतरीन कार्य कर रहे हैं, किंतु हमें अभी और अधिक सजग रहना है, क्योंकि बरसात अभी भी लगातार हो रही है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि शिलाई क्षेत्र में पेयजल योजनाओं को 12.95 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है जबकि लोक निर्माण विभाग को 22.294 करोड़ का नुकसान आंका गया है। उन्होंने बताया कि शिलाई क्षेत्र में 1.64 करोड़ रुपये की कृषि फसलों को, जबकि 5 लाख रुपये की बागवानी फसलों को नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि शिलाई क्षेत्र में भारी बारिश के कारण एक व्यक्ति की मृत्यु होने की रिपोर्ट है। क्षेत्र में 5 पशुधन के अलावा 14 गौशालाओं को नुकसान होने की सूचना है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में 31 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर तथा उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने लोक निर्माण विभाग के शिलाई विश्राम गृह में लोगों की समस्याएं भी सुनी। इस दौरान मंडल अध्यक्ष सीताराम शर्मा, डीपीआर ओ प्रेम ठाकुर, एसडीएम सुरेश सिंघा, डीएसपी मानवेंद्र ठाकुर, तहसीलदार ऋषभ शर्मा, जिला आयुष अधिकारी राजन सिंह, सदस्य सचिव उद्योग रचित शर्मा, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग एवं अधीक्षण अभियंता जल शक्ति विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, पंचायती राज संस्थान के चुने हुए प्रतिनिधि कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी इस दौरान मंत्री के साथ उपस्थित रहे।
उपायुक्त सिरमौर सुमित खिमटा की अध्यक्षता में गत शनिवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स की बैठक संपन्न हुई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा आगामी इंटैनसिफाइड मिशन इंद्रधनुष, यू विन पोर्टल, एमआर एलेमिनेशन तथा रूटीन इम्यूनाइजेशन के बारे में विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त सुमित खिमटा ने बताया कि आगामी 7 अगस्त से 12 अगस्त तक सिरमौर जिला में मिशन इंद्रधनुष के अंतर्गत नियमित टीकाकरण में छूटे हुए सभी 0-5 साल तक के बच्चे को बच्चों के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा ताकि जो भी बच्चे टीकाकरण से वंचित रह गए हैं उन्हें कवर किया जा सके। उन्होंने बताया कि यह अभियान तीन चरणो में होगा, पहला 7 अगस्त से 12 अगस्त तक, दूसरा 11 सितंबर से 16 सितंबर तक तथा तीसरा 9 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक आयोजित होगा। सुमित खिमटा ने कहा कि मिशन इंद्रधनुष का उददेश्य कोई भी बच्चा बिना टीकाकरण के ना रहे तथा जो छूट गए हैं उनका भी टीकाकरण सुनिश्चित हो। उन्होंने स्वाथ्य विभाग को निर्देश दिए कि यूविन पोर्टल के बारे में विभाग के माध्यम से लोगों को अधिक से अधिक जागरूक किया जाये। उन्होंने कहा कि लोगों को अवगत करवाया जाये कि ''फीवर विद् रैशÓÓ किस प्रकार हो सकता है और उपचार हेतु नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान तुरंत संपर्क किया जाये। जिला टीकाकरण अधिकारी डा. विनोद संगल ने यू विन पोर्टल के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि यह गर्भवती माताओं तथा बच्चों के लिए रूटीन इम्यूनाइजेशन पोर्टल है। इसके अंतर्गत सभी बच्चों तथा गर्भवती माताओं का टीकाकरण रजिस्ट्रेशन करके बच्चों की अगला टीका लगने की जानकारी तथा कहीं भी टीकाकरण करवाने पर पिछला टीकाकरण का स्टेटस कही भी देखा जा सकता। उन्होंने कहा कि यह एक रजिस्ट्रेशन पोर्टल है तथा कोई भी व्यक्ति स्वयं भी तथा आशा वर्कर या कोई विभाग का कर्मचारी बच्चे की रजिस्ट्रेशन कर सकता है तथा देख सकता है कि उसके बच्चे को कौन सा टीका लग चुका है। उन्होंने कहा कि यह रूटीन इम्यूनाइजेशन तथा मीजल्स रूबैल्ला एलिमिनेशन का लक्ष्य है जो कि दिसंबर 2023 तक रखा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय पाठक, जिला पंचायत अधिकारी विक्रम ठकाुर, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुनील शर्मा, मैडिकल कॉलेज के मैडिकल सुप्रीडेंट डा. नवीन गुप्ता, डा. एस.के. सबलोक, पर डा. पीटर डिसूजा, डा. अनिता जैन, डा.प्रतिभा, डा.अरविंद, डा. मनीषा अग्रवाल, डा. मनीष शर्मा, नसीम दीदान, स्वास्थ्य और शिक्षा व अन्य विभाग के अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री आकाश नेगी ब्यान जारी करते हुए कहा है कि हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों के महाविद्यालयों व विद्यालयों में शिक्षकों की भर्तियां ना होने के कारण विद्यार्थियों को शिक्षा से वंचित रहना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि जनजातीय क्षेत्रों के शिक्षण संस्थाओं में काफी लंबे समय से अध्यापकों के पद व गैर शिक्षक कर्मचारियों के पद रिक्त पड़े हैं। आकाश नेगी ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के विद्यार्थी अपनी पढ़ाई से वंचित रह रहे हैं। विद्यार्थी पूरा सालभर महाविद्यालय तो जा रहे हैं, परंतु शिक्षक न होने के कारण बिना कक्षाएं लगाकर घर आना पड़ रहा है, और अपनी शिक्षा को पूरा करने हेतु उन्हें बारी भरकम किराया दे कर के अपने क्षेत्र से दूर जा कर के अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है ,विद्यार्थियों के माता-पिता दिन रात मेहनत मजदूरी करके अपने बच्चों को महाविद्यालयों में प्रवेश दिला रहे हैं। लेकिन बिना शिक्षकों के महाविद्यालयों में पढ़ाई हो ही नहीं पा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान हिमाचल प्रदेश सरकार जब सत्ता में आई तो व्यवस्था परिवर्तन का नारा दिया था, परंतु आज हम देखे तो वर्तमान हिमाचल प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों को लाभ देने में बिल्कुल असफल हो गई है। हिमाचल प्रदेश सरकार जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षकों व गैर शिक्षकों की भर्ती नहीं कर पा रही है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार व शिक्षा मंत्री से भी मांग की है कि जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षकों व गैर शिक्षकों की भर्ती जल्द से जल्द की जाए। ताकि वहां पर पढ़ने वाले विद्यार्थी शिक्षा से वंचित न रह पाए। उन्होंने कहा कि अगर जनजातीय क्षेत्रों के विद्यालयों व महाविद्यालयों में शिक्षकों व गैर शिक्षकों की भर्ती जल्द न की गई, तो विद्यार्थी परिषद वर्तमान हिमाचल प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदेश स्तरीय आंदोलन करने से गुरेज नहीं करेगी।
हिमाचल प्रदेश राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि निगम प्रदेश के राशनकार्ड धारकों को चीनी का निर्धारित कोटा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि निगम द्वारा जुलाई माह के लिए 36,206 क्विंटल चीनी का आपूर्ति आदेश जारी किया गया था। इसमें से 25,202 क्विंटल चीनी अत्याधिक वर्षा के कारण शाहबाद चीनी मिल में सभी गोदामों में पानी भरने के कारण प्राप्त नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए इस चीनी की मात्रा को अगस्त माह के लिए जारी किए गए आपूर्ति आदेश में सम्मिलित किया गया है। उन्होंने कहा कि अगस्त माह के लिए 60,121 क्विंटल चीनी का आपूर्ति आदेश जारी किया गया है और एक-दो दिनों में प्रदेश के सभी गोदामों में चीनी की प्राप्ति शुरू होने की संभावना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगस्त माह के आवंटित चीनी के साथ जुलाई माह की शेष बची चीनी की मात्रा भी उपलब्ध करवाई जाएगी।
योजना के तहत एक लाख रुपये तक के कोलेटरल मुक्त ऋण की सुविधा सशक्त समाज के निर्माण में महिलाओं की उल्लेखनीय भूमिका रहती है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने महिलान्मुखी अनेक योजनाएं आरंभ की हैं। सशक्त महिला ऋण योजना इन्हीं में से एक है। यह योजना महिलाओं की उद्यमशीलता को निखारने, आजीविकोपार्जन गतिविधियों में उनकी सहभागिता बढ़ाने और उनके परिवार तथा समाज के उत्थान के उद्देश्य से आरंभ की गई है। प्रदेश सरकार लैगिंक समानता की दिशा में प्रभावी कदम उठाते हुए महिला आधारित योजनाओं के लिए अधिक से अधिक संसाधन आवंटित कर रही है। सशक्त महिला ऋण योजना के अंतर्गत महिलाओं को कोलेटरल मुक्त ऋण सुविधा प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इससे उन्हें अपने जीविकोपार्जन, लघु उद्यमों के माध्यम से स्वरोजगार अपनाने, कृषि और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए मशीनरी एवं उपकरण इत्यादि की खरीद के लिए वित्तीय मदद सुनिश्चित हो सकेगी। ऋण जमानत के लिए बहुमूल्य संसाधन न होने के कारण अधिकांश महिलाएं स्वरोजगार की ओर उन्मुख नहीं हो पाती हैं और ऐसे में उपभोग्य सुरक्षा (कोलेटरल मुक्त) उन्हें उद्यम स्थापित करने के लिए आगे आने को प्रोत्साहित करेगी। यह योजना आर्थिक असुरक्षा की उनकी चिंताओं को समाप्त करते हुए महिला सशक्तिकरण के नए द्वार खोलेगी। योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को 21 हजार रुपये, 51 हजार रुपये और एक लाख एक हजार रुपये की ऋण सुविधा प्रदान की जाएगी। 18 से 55 वर्ष आयुवर्ग की ऐसी महिलाएं जिनके परिवार से दो बैंक खाते हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक में संचालित हों, इसके लिए पात्र हैं। प्रथम ऋण के रूप में उन्हें 21 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसकी ऋण अवधि 5 साल है और भुगतान की समान मासिक किस्त (ईएमआई) 431 रुपये निर्धारित की गई है। निर्धारित 12 से 15 माह की अवधि में बिना किसी चूक के प्रथम ऋण का भुगतान करने पर लाभार्थी 51 हजार रुपये के दूसरे ऋण के लिए पात्र होंगी जिसके नियम एवं शर्तें पहले के समान ही होंगी। इसकी ईएमआई 1047 रुपये प्रतिमाह होगी। इसमें भी 12 से 15 माह की अवधि में ऋण चुकता करने पर लाभार्थी एक लाख एक हजार रुपये ऋण के लिए पात्र होंगी। इसकी ईएमआई 2073 रुपये निर्धारित की गई है। इस ऋण सुविधा पर 8.51 प्रतिशत की ब्याज दर निर्धारित की गई है। ब्याज की न्यूनतम दर होने से ऋण भुगतान में सुविधा और महिलाओं को वित्तीय प्रबंधन में आसानी होगी तथा वे अधिक गति से अपनी स्वतंत्र इकाईयां स्थापित कर सकेंगी। इसके अतिरिक्त लाभार्थी महिला के सभी परिजनों के बचत खाते राज्य सहकारी बैंक में न्यूनतम राशि के साथ खोलने पर एटीएम शुल्क में शत-प्रतिशत छूट भी प्रदान की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य परिवार के सभी सदस्यों को वित्तीय जागरूकता के लिए प्रोत्साहित करना, लेन-देन के व्यय में कमी लाना और एक वित्तीय साक्षर समाज का निर्माण करना है। यह योजना महिलाओं को आर्थिक तौर पर सशक्त करने और प्रदेश में लैंगिक समानता सुुनिश्चित करने की दिशा में प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। योजना के तहत बहुस्तरीय ऋण संवितरण, आकर्षक ब्याज दर और वित्तीय समावेशन के तहत विभिन्न प्रोत्साहन राज्य में महिलाओं के जीवन स्तर में और सुधार लाने की दिशा में प्रदेश सरकार की व्यापक सोच एवं दूरदृष्टि को भी रेखांकित करते हैं। प्रदेश सरकार विभिन्न पहलों के तहत लैंगिक समानता पर विशेष बल दे रही है और इसी के दृष्टिगत वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए महिला सशक्तिकरण आधारित योजनाओं एवं कार्यक्रमों के लिए 4302.45 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है जोकि कुल विकास बजट का 45.17 प्रतिशत है। इस राशि में से 415 करोड़ रुपये का प्रावधान शत-प्रतिशत महिला आधारित योजनाओं के लिए किया गया है जबकि 3882.40 करोड़ रुपये का प्रावधान 100 प्रतिशत से कम महिला आधारित योजनाओं के लिए किया गया है। प्रत्येक महिला को शिक्षित करने, उनके कौशल में निखार लाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के दृष्टिगत हिमाचल प्रदेश ने अपनी आर्थिक व्यवस्था में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को भलीभांति पहचाना है और उन्हें समान अवसर एवं उनके कार्यों को मान्यता प्रदान करते हुए आर्थिक असमानता के ऐतिहासिक अंतर को कम किया है। सशक्त महिला ऋण योजना के रूप में प्रदेश सरकार की यह पहल ग्रामीण महिलाओं की वास्तविक क्षमताओं को उभारने तथा समान एवं समृद्ध समाज के निर्माण में क्रांतिकारी कदम है। प्रदेश सरकार की इस दूरदर्शी पहल से महिलाओं को विभिन्न गतिविधियों में बढ़ावा एवं सहयोग प्राप्त होगा। वे अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रोत्साहित होंगी, साथ ही प्रदेश के सामाजिक-आर्थिक ढांचे में उनका प्रभावी ढंग से योगदान सुनिश्चित हो सकेगा।
पीएम ने देश के 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की रखी आधारशिला राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने प्रधानमंत्री का जताया आभार शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से हुए शामिल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली से अमृत भारत स्टेशन योजना (एबीएसएस) के अंतर्गत देश के 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की आधारशिला रखी, जिसमें हिमाचल प्रदेश का अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशन भी शामिल है। रेलवे मंत्रालय द्वारा अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशन पर आयोजित एक समारोह में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा युवा सेवा एवं खेल मंत्री अनुराग ठाकुर भी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेलवे अधोसंरचना के विकास का एक नया अध्याय शुरू किया है और देश के 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास में अम्ब-अंदौरा रेलवे स्टेशन को शामिल करने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया। इस स्टेशन के नवीनीकरण पर 20.74 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि इससे पहले प्रधानमंत्री ने राज्य को वंदे भारत ट्रेन की सौगात दी है। राज्यपाल ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में हिमाचल प्रदेश में रेलवे नेटवर्क के विस्तार के लिए 1,838 करोड़ रुपये प्रदान करने के लिए भी प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया, जिसमें सामरिक महत्व की भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेलवे लाइन के लिए लगभग 1000 करोड़ रुपये, चंडीगढ़-बद्दी रेलवे लाइन के लिए लगभग 450 करोड़ रुपये व नंगल-तलवाड़ा रेलवे लाइन के लिए लगभग 452 करोड़ रुपये शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में रेल नेटवर्क मजबूत होने से धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालु प्रदेश के विख्यात शक्तिपीठों और अन्य पर्यटन स्थलों तक आसानी से पहुंच पाएंगे। उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि अंबाला मंडल ने तकनीकी विशेषज्ञों और वास्तुकारों के परामर्श से स्थानीय कला और संस्कृति को चित्रित करते हुए अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशन के लिए एक स्टेशन विकास योजना तैयार की है। उन्होंने कहा कि परामर्शदाताओं की सिफारिशों और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया के आधार पर अंब-अंदौरा स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन के तहत आधुनिक रूप देने के लिए विभिन्न नवीनीकरण कार्य किए जा रहे हैं, जिसमें ट्रैफिक सर्कुलेशन में सुधार और सर्कुलेटिंग एरिया का सौंदर्यीकरण भी शामिल है। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने इस स्टेशन को पुनर्विकास योजना में शामिल करने के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने रेलवे विस्तार और इसके आधुनिकीकरण में व्यापक बदलाव किये हैं। उन्होंने कहा कि रेल बजट को नौ गुना बढ़ाकर 2,40,000 करोड़ रुपये किया गया है और 6565 कि.मी. रेलवे लाइन का विद्युतीकरण किया गया है, जो अब तक का सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में भी रेलवे विस्तार और इसका आधुनिकीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दौलतपुर चौक तक न केवल रेल लाइन पहुंचाई गई है, अपितु इसका विद्युतीकरण का कार्य भी पूर्ण हो चुका है। आज रेलवे को स्मार्ट कोच, वंदे भारत, बायो टायलेट आदि सुविधाओं से आधुनिक बनाया गया है। उन्होंने कहा कि अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के साथ इस स्टेशन में भी व्यापक बदलाव होंगे। राज्यपाल ने इस अवसर पर आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान आयोजित विभिन्न स्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्थानीय विद्यालयों के 18 विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र से विधायक सुदर्शन सिंह, गगरेट के विधायक चैतन्य शर्मा, ऊना सदर के विधायक सतपाल सिंह सत्ती, पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर, राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा, उपायुक्त ऊना राघव शर्मा, पुलिस अधीक्षक अर्जित सेन, रेलवे अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।
देवना थनगा में छात्राओं की अंडर-14 खेलकूद प्रतियोगिता का आज शुभारंभ हुआ। इस प्रतियोगिता में 9 क्लस्टर एवं 3 निजी विद्यालयों की 170 छात्राएं भाग ले रही हैं। उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि रामस्वरूप भारद्वाज शिक्षा अधिकारी उपनिदेशक निरीक्षण कार्यालय जिला सिरमौर शकुंतला भारद्वाज, एडीईपीओ सिरमौर धर्मपाल सिंह, खेलकूद प्रतियोगिताओं के जिला ऑब्जर्वर एवं प्रवक्ता संघ जिलाध्यक्ष प्रवक्ता संघ सुरेंद्र पुंडीर, जितेंद्र चौहान खंड परियोजना अधिकारी, स्थानीय विद्यालय के मुख्याध्यापक एवं संगठन सचिव देवराज पुंडीर स्थानीय विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष जोगेंद्र भारद्वाज, खेलकूद प्रतियोगिताओं के प्रभारी रणबीर सिंह एवं सहप्रभारी शशीपाल चौहान, शिक्षक नरेंद्र चौहान, रूपेश चौहान, जियालाल, दमयंती धीमान, लाजवंती चौहान आदि दर्जनों शिक्षक एवं शारीरिक शिक्षक उपस्थित रहे।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने रविवार को मां चिंतपूर्णी के दरबार में माथा टेका। मां के दर्शन करने के उपरांत राज्यपाल ने पवित्र वट वृक्ष पर मोली बांधी। इसके बाद राज्यपाल ने मंदिर परिसर में स्थित पवित्र हवन कुंड में आहुति भी डाली। इससे पहले मंदिर के पुजारियों और प्रसाशन ने राज्यपाल का स्वागत किया और उन्हें माता की फोटो और चुनरी उपहार स्वरूप भेंट की।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार विभिन्न विकास योजनाओं को समय पर पूर्ण करने के लिए प्रयासरत है ताकि लक्षित वर्ग इनसे समुचित लाभ प्रदान कर सकें। डॉ. शांडिल शनिवार को सोलन विधानसभा क्षेत्र के लिए विधायक क्षेत्रीय विकास निधि योजना तथा खनन निधि की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। डॉ. शांडिल ने विकास खंड अधिकारियों को निर्देश दिए कि सोलन विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विकास खंड कंडाघाट और सोलन में निर्माणाधीन कार्यों एवं योजनाओं को समयबद्ध पूरा करना सुनिश्चित बनाएं ताकि धन और समय की बचत हो सके। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें तथा निर्माण कार्य का समय-समय पर निरीक्षण भी सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य क्षेत्र विशेष की बेहतरी के लिए आवश्यक हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि गत 6 वर्षों में विधायक क्षेत्रीय विकास निधि योजना के तहत सोलन विधानसभा क्षेत्र में लगभग 4 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सोलन विधानसभा क्षेत्र में 6 वर्षों में विधायक क्षेत्रीय विकास निधि योजना के तहत 415 कार्य स्वीकृत किए गए। इनमें से 176 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं जबकि 126 योजनाओं का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि शेष 113 योजनाओं का कार्य शीघ्र आरम्भ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्ण किए गए 176 कार्यों पर लगभग 02 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। डॉ. शांडिल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों के लिए धन की दूसरी किस्त तभी जारी की जाए जब पहली किस्त का उपयोगिता प्रमाण पत्र उपलब्ध हो जाए। उन्होंने प्रधानों को विभिन्न विकास कार्यों के लिए स्वीकृत राशि को समयबद्ध व्यय करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न महिला मण्डलों से आग्रह किया कि विधायक निधि के तहत विभिन्न सामान के लिए स्वीकृत राशि का शीघ्र उपयोग सुनिश्चित करें। डॉ. शांडिल ने कई वर्षों से लम्बित कार्यों को शीघ्र आरम्भ करने के निर्देश भी दिए। स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर ज़िला खनन अधिकारी से खनन निधि के तहत किए जा रहे विकास कार्यों पर चर्चा की और उचित निर्देश जारी किए। डॉ. शांडिल ने इस अवसर पर उपस्थित ग्राम पंचायत प्रधानों, महिला मण्डलों और अन्य से विकास कार्यों के सम्बन्ध में आवश्यक जानकारी प्राप्त की और उनकी विभिन्न समस्याओं के समयबद्ध निपटारे के अधिकारियों को निर्देश दिए। उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने इस अवसर पर विश्वास दिलाया कि विधायक निधि तथा खनन निधि के तहत विभिन्न निर्माण कार्यों को समयबद्ध पूरा किया जाएगा। उन्होंने इस अवसर पर धनराशि के समुचित उपयोग के सम्बन्ध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए। खण्ड कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. राजन उप्पल, विकास खण्ड अधिकारी कण्डाघाट नरेश शर्मा, विकास खण्ड अधिकारी सोलन रजनी गौतम, कार्यकारी खनन अधिकारी दिनेश कुमार, ज़िला कार्यक्रम अधिकारी (योजना) दिनेश शर्मा, विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रधान व उप प्रधान सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल के 7 अगस्त के प्रवास कार्यक्रम में आंशिक संशोधन किया गया है। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार डॉ. शांडिल 7 अगस्त को प्रात: 10 बजे क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के एमसीएच केंद्र से सघन मिशन इंद्रधनुष 5 का शुभारंभ करेंगे। तदोपरांत प्रात: 11.00 बजे जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान (डाईट) सोलन में दिव्यांग बच्चों को स्वास्थ्य उपकरण वितरित करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में मुख्यातिथि होंगे।
मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, वन-स्टॉप सेंटर, आंगनबाड़ी सेवाओं सहित विविध कार्यक्रमों के कार्यान्वयन की समीक्षा के लिए एक बैठक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता सचिव एम. सुधा देवी की अध्यक्षता में वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई। उन्होंने सभी उपायुक्तों और जिला कार्यक्रम अधिकारियों को मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना की निगरानी करने तथा लाभार्थियों से संबंधित सभी घटकों के कार्यान्वयन में व्यक्तिगत रुचि लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार ही माता एवं पिता की भावना से यह योजना आरंभ की गई है और जिला प्रशासन द्वारा सभी लाभार्थियों की जरूरतों का ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्हें घरेलू और अनुकूल वातावरण के लिए सर्वोत्तम शिक्षा, आवास और अन्य सुविधाएं भी प्रदान करना सुनिश्चित की जाएं। बैठक में प्रत्येक जिले में वन-स्टॉप सेंटर और उनके स्थान के बारे में जागरूकता अभियान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। इससे संकट में फंसी महिलाओं को अस्थाई आश्रय के साथ कानूनी, मानसिक और मनोवैज्ञानिक परामर्श भी उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने राज्य और जिला स्तर पर महिला सशक्तिकरण केंद्रों तथा केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने के भी निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त जन्म के समय गिरते लिंग अनुपात और बाल लिंग अनुपात में सुधार के लिए गम्भीरता से पहल करने के भी निर्देश दिए गए। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत उचित निगरानी, सक्रिय अभियान और आवंटित धन का अधिकतम उपयोग करने को भी कहा। बैठक में निदेशक महिला एवं बाल विकास रूपाली ठाकुर, अतिरिक्त निदेशक मोहन दत्त और सभी उपायुक्त व जिला कार्यक्रम अधिकारी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से भेंट की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मल्लिकार्जुन खरगे से राज्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने उन्हें राज्य में बाढ़ से हुई क्षति से अवगत करवाया तथा राज्य सरकार द्वारा चलाए गए राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने लाहौल-स्पिति जिला में लगभग 14100 फुट की ऊंचाई पर स्थित चंद्रताल में फंसे पर्यटकों के बचाव अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि राहत एवं बचाव कार्यों को समयबद्ध पूर्ण करने के लिए मंत्रिमण्डल के सहयोगियों ने स्वयं फील्ड में उतर कर सार्थक प्रयास किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए दृढ़ता से प्रयास कर रही है और बताया कि उन्होंने राज्य को तत्काल राहत प्रदान करने के लिए नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष भी मामला उठाया है। मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रभावित क्षेत्रों में स्वयं पहुंच कर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी के लिए मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना की। सुक्खू ने उन्हें अवगत करवाया कि उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपीनड्डा, गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और वित्त मंत्री से भी भेंट कर राज्य के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदलने कहा कि यहां वर्तमान कांग्रेस सरकार पूर्णरूपेण संवेदनहीन सरकार बन चुकी है। चंबा के सलूणी में एक भयानक हत्या हुई। जनमानस उस हत्या के विरोध में खड़ा हुआ। चम्बा जिला में भय का माहौल, अशंका का महौल व्यापत रहा, परंतु सुखविंदर सिंह सूख्खू की सरकार ने संवेदनहीनता दिखाते हुए मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवार में जाने की जहमत तक नहीं उठाई। भाजपा ने कहा कि जहां प्रदेश में हत्याओं व बलात्कार जैसी अमानवीय कृत्यों का दौर चल रहा है, वहीं शिमला जिला के रोहडू में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। एक 12-15 साल के निर्धन अभावग्रस्त बालक को सरेबाजार नंगा किया जाता है निर्मम पिटाई की जाती है, जलालत यहीं नहीं रुकती उस अबोध बालक की आंखों में लाल मिर्च डालकर उसे अन्धा करने का प्रयास होता है, एक बालक जिसकी मां कुछ दिन पहले ही बीमारी से दम तोड़ देती है, पिता छोटी-मोटी दिहाड़ी लगाकर जिंदगी चलाता है उसके साथ पुलिस प्रशासन के नाक के नीचे भरे बाजार यह कुकृत्य होता है और सरकार मामले पर पर्दा डालने में जुट जाती है। 30-31 जुलाई की घटना और जब इसका वीडियों वायरल होता है अखबारों में खबरे लगती है उसके बाद पुलिस मामले को रफादफा करने के लिए कोशिश कर देती है, विडियों बनाने वालों को पुलिस थाने बुलाती है। भाजपा ने सुखविंदर सिंह सुख्खू सरकार से सवाल किया कि क्या यही व्यवस्था परिवर्तन है जहां गरीब के बच्चे की आंख फोड़ने का प्रयास होता है और कोई पूछने वाला नहीं है क्योंकि वह मजदूर का बच्चा है इसलिए उसके साथ कुछ भी अन्याय, कुछ भी शोषण हो सकता है यह पूरी तरह निन्दनीय है। भाजपा उस बच्चे की सुरक्षा उसके स्वास्थ्य की देखरेख उसके परिवार की चिन्ता करने के लिए सरकार को कहते हुए यह बताना चाहती है कि प्रभावशाली लोग सत्ता के करीबी लोग उस बालक के पिता के साथ कुछ भी अन्याय कर सकते है, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेवारी सरकार की होगी।


















































