चार दिन तक 168 शटलर दिखाएंगे दमखम 67वीं हिमाचल प्रदेश सीनियर व जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप आज से धर्मशाला में आरंभ हो गई। चैंपियनशिप का शुभरंभ हिमाचल प्रदेश बैडमिंटन एसोसिएशन के महासचिव रमेश ठाकुर ने किया। इस मौके पर वशिष्ठ अतिथि के तौर पर राजकीय आईटीआई दाढ़ी धर्मशाला के चेयरमैन अर्श अवस्थी, निदेशक अचीवर हब पब्लिक स्कूल धर्मशाला अमित भारद्वाज एवं निदेशक धौलाधार पोल्ट्री एंड कैटल इंडस्ट्री नगरोटा बगवां राजेश गुप्ता उपस्थित रहे। जिला कांगड़ा बैडमिंटन संघ के अध्यक्ष सुनील मनोचा ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं धन्यवाद किया। जिला कांगड़ा बैडमिंटन संघ की ओर से विशेष रूप से सर्व चंद धीमान, आरसी कटोच, पंकज शर्मा, संदीप ढींगरा, विशाल मिश्रा, रविंद्र कपूर, विकास सूद, विलास हंस और हिमाचल बैडमिंटन एसोसिएशन के उपाध्यक्ष चंद्र शेखर तुर्की, अशोक ठाकुर, विजय ठाकुर, बलबीर पटियाल, सुरेंद्र शर्मा गुड्डू और अन्य उपस्थित रहे। कांगड़ा बैडमिंटन एसोसिएशन के महासचिव विलास हंस ने कहा कि इस प्रतियोगिता में प्रदेश के लाहौल-स्पीति ज़िला को छोड़कर शेष 11 ज़िलों से 168 बैडमिंटन खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। ये खिलाड़ी चार दिनों तक कुल 250 मैच खेलेंगे और अपना दम खम दिखाएंगे। चैंपियनशिप 6 अगस्त को सम्पन्न होगी। मैच कंट्रोलर विश्वनाथ मनकोटिया और पंकज शर्मा ने कहा कि चैंपियनशिप चार दिनों तक चलेगी और इस प्रतियोगिता के विजेता व उप विजेता खिलाड़ी नार्थ जोन और राष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल के प्रतिनिधित्व करेंगे। चैंपियनशिप में आज खेले गए लड़कों के अंडर-19 के पहले और दूसरे दौर के मुकाबलों में शिमला के प्रियांश भारद्वाज ने सिरमौर के कार्तिकेय ठाकुर को, सोलन के वंश सूद ने कांगड़ा के कृष भाटिया को, ऊना के सूर्यांश ने बिलासपुर में आर्य शर्मा को, ऊना के अनमोल कालिया ने कुल्लू के लक्ष्य को, सोलन के पीयूष सैनी ने बिलासपुर के पीयूष ठाकुर को, शिमला के सार्विक गांगटा ने कांगड़ा के अर्पित को, हमीरपुर के जतिन ने सोलन के कार्तिक धीमान को ऊना के ईशान ठाकुर ने कांगड़ा के धीरज को, ऊना के दिवंश शर्मा ने कुल्लू के अभिजय को, हमीरपुर के दिवांश राणा ने बिलासपुर के अक्ष को, हमीरपुर के श्याम गुप्ता ने कांगड़ा के पवन को और शिमला के परनीत सिंह ने कांगड़ा के कशिश भट्ट को पराजित किया। लड़कियों के अंडर-19 मुकाबलों में कांगड़ा की भारती शर्मा ने कुल्लू की अक्षिता को, शिमला की अनन्य चौहान ने ऊना की नम्रता को, हमीरपुर की कृतिका ने कांगड़ा की दीक्षा को, मंडी की गरिमा ने कांगड़ा की योगिता को, शिमला की प्रज्ञा वर्मा ने हमीरपुर की सरगम ठाकुर को, सिरमौर की स्वाति ने सोलन की कोमल को, ऊना की शिवांजली ने कुल्लू की कनिका को, कुल्लू की अंकिता ने ऊना की प्रतिभा चौधरी को, चम्बा की सृष्टि ने सोलन की संगीता बारीक को, मंडी की मलिश्का ने सिरमौर की नोशी रामौल को, शिमला की पाखी ने कांगड़ा की अवनी ठाकुर को, शिमला की यक्षिता शर्मा ने सोलन की हिरण्याधा को, सिरमौर की रिटीका ने ऊना की एलिजा को, कांगड़ा की अमृता ठाकुर ने सिरमौर की रिद्धि पंवर को और मंडी की परीक्षा ने कुल्लू की तनीषा को पराजित किया। लड़कों के अंडर-19 डबल मुकाबलों में सिरमौर के गौरव और निकुंज की जोड़ी ने कांगड़ा के अनुराग और पवन की जोड़ी को, कांगड़ा के कशिश भट्ट और कृष की जोड़ी ने बिलासपुर के हर्षित और साहिल की जोड़ी को, सोलन के कार्तिक और गौरव की जोड़ी ने ऊना के लक्ष्य और रितिश कि जोड़ी को, कुल्लू के अभिजय और राज की जोड़ी ने कांगड़ा के अभिनव और धीरज की जोड़ी को और हमीरपुर के आर्यन और दिवंश की जोड़ी ने कांगड़ा के आयुष और कुणाल की जोड़ी को पराजित किया। लड़कियों के अंडर-19 डबल मुकाबलों में हमीरपुर की कृतिका और सरगम की जोड़ी ने शिमला की सानवी और वैष्णवी की जोड़ी को, कांगड़ा की पलक और सृजल कि जोड़ी ने कुल्लू की अक्षिता और तनीषा की जोड़ी को, सोलन की हिरण्याधा और कोमल की जोड़ी ने नम्रता और सिमरन की जोड़ी को और अमृता और साइना की जोड़ी ने कुल्लू की अंकिता और कनिका की जोड़ी को हराया। लड़कों के अंडर-19 मुकाबलों के दूसरे दौर में हमीरपुर के शिवांश ने कुल्लू के संयम को, शिमला के प्रियांश ने मंडी के पार्थ को, हमीरपुर के आर्यन ने सोलन के वंश को, सोलन के मृनांक ने ऊना के सूर्यांश को, बिलासपुर के प्रणव ने कांगड़ा के अनुराग को, ऊना के अनमोल ने सिरमौर के निकुंज को, मंडी के कार्तिक ठाकुर ने सोलन के पीयूष को, शिमला के सार्विक ने कांगड़ा के अभिनव को, हमीरपुर के जतिन ने शिमला के पूर्व गौतम को, ऊना के ईशान ठाकुर ने सोलन के अक्षिव दत्ता को, ऊना के दिवंश ने सिरमौर के दिव्यांश ठाकुर को, ऊना के आदित्य ने मंडी के सिद्धांत कटोच को, हमीरपुर के दिवंश राणा ने कुल्लू के राज को, शिमला के प्रणीत सिंह ने मंडी के तुषार सेन को और कांगड़ा के कर्ण ने सिरमौर के यशस्वी नेगी को पराजित किया।
पुलिस थाना ज्वालामुखी के अंतर्गत बाना कलां डाकघर घलौर में पुलिस ने गश्त के दौरान स्थानीय दुकानदार सुमन कुमार पुत्र सुशील कुमार निवासी बाना कलां, डाकघर घलौर की कन्फेक्शनरी की दुकान से जोकि बाना कलां में ही स्थित है उससे तलाशी के दौरान मौके पर 10 बोतल देसी शराब वरामद की है। मामले की पुष्टि करते हुए डीएसपी ज्वालामुखी विकास धीमान ने कहा कि पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्यवाई शुरू कर दी है।
वन विभाग देहरा में अधीक्षक के पद पर तैनात राजू धीमान विभाग में लगभग 37 वर्ष कार्य करके सेवानिवृत्त हुए हंै। राजू धीमान पुत्र स्वर्गीय बाबू राम निवासी ग्राम पंचायत हार के स्थायी निवासी हैं। उनकी सेवानिवृत्ति पर वन विभाग देहरा द्वारा उन्हें उत्कृष्ट कार्य करने हेतु सम्मानित भी किया गया, वहीं इस दौरान घर पहुंचने पर ढोल-नगाड़ों के साथ परिजनों ने उनका स्वागत भी किया।
आपदा की घड़ी में भी राजनीति करने पर प्रदेश भाजपा को लिया आड़े हाथ जसवां-परागपुर विस क्षेत्र से वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं कामगार कर्मचारी कल्याण बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष सुरिंदर मनकोटिया ने वीरवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि मणिपुर में महिलाओं के साथ जो हो रहा है, उस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पार्लियामेंट में जवाब नहीं देना शर्मनाक है। वहीं मीडिया को फेस नहीं कर पाना इस बात का सबूत है कि प्रधानमंत्री इस विषय से बच रहे हैं। मनकोटिया प्रदेश की भाजपा सरकार पर भी खूब बरसे। कहा कि इस आपदा में भाजपा ने राजनीति करने की कोई कसर नहीं छोड़ी। मनकोटिया ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर एवं पूर्व मंत्री बिक्रम ठाकुर पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये दोनों नेता अपने कुनबे को संभालें। गुटों में बंट चुकी भाजपा की स्थिति बद से बदतर हो चुकी है। मनकोटिया ने कहा कि जसवां-परागपुर में पूर्व मंत्री एवं मौजूदा विधायक बिक्रम ठाकुर के कार्यकाल में उनके चहेतों द्वारा अवैध रूप से सरकारी जमीन हड़पी गई है, जिसकी जांच-पड़ताल उनके द्वारा शुरू करवा दी गई है। कटाक्ष करते हुए मनकोटिया ने पूछा कि राजीव बिंदल की टीम में बिक्रम का नाम ही नहीं है और जो हमीरपुर पार्लियामेंट का इंचार्ज बनाया गया है, वह इनके संगठन के अनुसार संविधान में पोस्ट ही नहीं है और जिस भी चुनाव में वे प्रभारी नियुक्त हुए थे, वहां भाजपा चुनाव हारी है और जिस भी चुनाव में वे प्रभारी नियुक्त हुये थे, वहां भाजपा चुनाव हारी है चाहे वो चुनाव नगर निगम पालमपुर का हो या फतेहपुर का। सोशल मीडिया पर लोनिवि विभाग के दफ्तर को कोटला बेहड़ से शिफ्ट करके डाडा सीबा या परागपुर खोलने के पत्र वायरल के सवाल को लेकर मनकोटिया ने कहा कि लोगों की मांग को देखते हुए यह दफ्तर परागपुर या डाडा सीबा में खोला जाएगा। बहरहाल इस पर आगे विभागीय अधिकारियों द्वारा कार्य किया जाएगा। मनकोटिया ने हरियाणा के नूहं हादसे पर भी मनकोटिया ने काफी दुख व्यक्त किया है उन्होंने कहा कि उनका मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से सवाल है कि क्या लोगो की सुरक्षा उनकी जिम्मेदारी नहीं ,एक वीडियो में उन्होने कहा कि हर किसी को सरकार नहीं सम्भाल सकती जिसकी मनकोटिया ने निंदा की है।इस दौरान जसवां-परागपुर ब्लॉक अध्यक्ष कुशल सपेहिया, कांग्रेस सेवादल जसवां-परागपुर से अश्वनी शर्मा इत्यादि उपस्थित रहे।
विधायक मलेंद्र राजन ने आज मंड क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। इस अवसर पर उनके साथ एसडीएम इंदौरा सुरेंद्र ठाकुर बीडीओ इंदौरा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी साथ उपस्थित रहे। विधायक ने आपदा से पीड़ित लोगों से उनकी उनकी समस्याओं को सुना और प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक सुविधाएं तत्काल उन्हें देने के लिए प्रशासन को आदेश दिए। उन्होंने पटवारी, कानूनगो, बागवानी व कृषि अधिकारियों को बाढ़ से हो रहे किसानों की भूमि कटाव व अन्य नुकसान का सही आकलन करने के आदेश दिए। इस अवसर पर कुलदीप कीपा, अधिवक्ता जसवीर कटोच मनोहर पिंकी एसडीएम इंदौरा सुरेंद्र ठाकुर एस एच ओ कुलदीप शर्मा निकटवर्ती पंचायतों के प्रधान तथा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। पौंग बांध से और पानी छोड़ा गया तो जलमग्न हो जाएंगे मंड भोगरवां और मंड हलेड़ मंड क्षेत्र में बाढ़ से हो रही निरंतर तबाही के चलते मंड बहादुरपुर में पानी तेजी से भूमि कटाव करते हुए मंड भोगरवां, मंड हलेड़ आदि नजदीकी गांवों की ओर जा रहा है, जिस कारण नए क्षेत्र में लोगों की भूमि जलमग्न होने लगी है। अब अगर पौंग बांध से और पानी छोड़ा जाता है तो इन गांवों के लिए अधिक खतरा पैदा हो जाएगा। ज्ञात रहे कि इन्हीं गांवों को जोड़ने के लिए वो करवा भोगरवां की ओर से ब्यास दरिया पर बना लोहे का पुल जो कि पहले ही बाढ़ की चपेट में आकर गिर चुका है। इसी के चलते विधायक ने आज स्थानीय लोगों साथ राहत कार्यों का जायजा लिया।
कृषि व पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने आज वीरवार को फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित मण्ड क्षेत्र के तहत रियाली, मंड बहादुर तथा बेल ठाकरां का दौरा कर यहां पर बरसात से हुए नुकसान का जायजा लिया। इस मौके पर फतेहपुर के विधायक भवानी पठानिया, एसडीएम विश्रुत भारती, डीएफओ अमित शर्मा तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उनके साथ मौजूद रहे। कृषि मंत्री ने कहा कि कुल्लू तथा मनाली क्षेत्र में गत दिनों व्यास नदी में आई भयंकर बाढ़ से जलस्तर बढ़ने के कारण कांगड़ा ज़िला के मंड क्षेत्र के तहत इंदौरा तथा फतेहपुर में किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। जिससे उनके घरों,उपजाऊ भूमि तथा फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। जिसके नुकसान का आज प्रशासन के अधिकारियों के साथ उन्होंने जायजा लिया है तथा शीघ्र ही इसका आंकलन तैयार कर इसकी विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश के मुख्यमंत्री को सौंप दी जाएगी। उन्होंने इस मौके पर प्रभावित परिवारों से मिलकर उनकी तकलीफ को सुना तथा प्रदेश सरकार की तरफ से हर संभव मदद पहुंचाने का भरोसा दिया।उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने रिलीफ मैन्युअल में संशोधन कर बाढ़ से हुए नुकसान की मुआवजा राशि को भी कई गुणा बढ़ा दिया है। इसके अतिरिक्त सभी जिलों में राहत व पुनर्वास कार्यों की समीक्षा के लिए जिला स्तरीय राहत एवं पुनर्वास समितियों का गठन किया गया है ताकि सम्बंधित क्षेत्रों में जाकर बरसात से हुए नुकसान का जायजा लेकर सही आकलन सुनिश्चित होने के साथ प्रभावित परिवारों को तुरन्त राहत प्रदान की जा सके। कृषि मंत्री ने कहा कि नदी के तटों की स्थिति बिगड़ने की वजह से पानी का बहाव गांव तथा खेतों की तरफ मुड़ा है। जिससे इस क्षेत्र में काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नदी का चरणबद्ध तटीकरण किया जाएगा। जिसके लिए स्थान भी चिह्नित कर लिए गए हैं। कृषि मंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में बाढ़ से होने वाले नुकसान के पीछे अवैध खनन भी एक मुख्य कारण रहा है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में क्रशर लगाने के लिए सम्बंधित पंचायतों द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त कुछ स्थानीय लोग अपने वित्तीय हितों के लिए अपनी निजी भूमि पर खनन करवा रहे हैं जिससे बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल स्तर कम होने पर इस क्षेत्र का ड्रोन सर्वे करवाया जाएगा ताकि खनन के लिए आवंटित क्षेत्र की सही जानकारी मिलने के साथ अवैध खनन पर अंकुश लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में जो क्रशर चल रहे हैं अगर उनमें खनन पॉलिसी के तहत निर्धारित नियमों में कोई अनियमितता पाई जाएगी तो उनके विरुद्ध सख्त कारवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अवैध खनन की गतिविधियों को रोकने के लिए कारगर एवम प्रभावी कदम उठा रही है। कृषि मंत्री ने इस दौरान रियाली तथा रे में लोगों को संबोधित किया तथा जनसमस्याओं को सुना । उन्होंने अधिकतर समस्यों का मौके पर ही निपटारा कर दिया। उन्होंने उपमंडल में बरसात से हुए नुकसान का शीघ्र आकलन तैयार करने के अधिकारियों को निर्देश भी दिए। कृषि मंत्री तथा विधायक भवानी पठानिया ने रे स्थित वन विश्राम गृह परिसर में अर्जुन,आंबला तथा जामुन के पौधे भी लगाए। इस मौके पर विधायक भवानी पठानिया ने कहा कि गत दिनों प्रदेश में घटित जल प्रलय के कारण व्यास नदी में आई भयंकर बाढ़ के कारण मंड क्षेत्र में धान, मक्की तथा सब्ज़ियों की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। जिससे जहां कई लोग बेघर हुए हैं वहीं उनकी कीमती उपजाऊ भूमि भी पानी में बह गई है। इसके अतिरिक्त पुल भी टूट चुके हैं। उन्होंने बताया कि इन क्षेत्र में भविष्य में व्यास नदी से होने वाले नुकसान के खतरे को देखते हुए पहले चरण में आठ स्थानों को चिन्हित कर तटीकरण कार्य को प्राथमिकता पर करने के लिए जल शक्ति विभाग द्वारा डीपीआर तैयार की जा रही है। इसके अतिरिक्त जिन लोगों का नुकसान हुआ है उनके लिए स्थाई पुनर्वास व मुआवजा देने के लिए उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है। इस अवसर पर कृषि उपनिदेशक राहुल कटोच, बीडीओ सुभाष अत्री, कांग्रेस प्रवक्ता संसार सिंह संसारी, पंचायती राज प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष मनमोहन सिंह, लोक निर्माण, जल शक्ति , बिजली, वन, कृषि विभाग के अधिकारी भी उपस्थित थे।
बाहरा विश्वविद्यालय के होटल मैनेजमेंट एवं टूरिज्म विभाग द्वारा एक दिवसीय वाइन टेस्टिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला एक दिन तक होटल मैनेजमेंट विभाग के रेस्टोरेंट में चली। इसमें मुख्य अतिथि सोमेलियर मुकेश सुला वाइन वाईन्यार्ड्स उपस्थित रहे। बाहरा विश्वविद्यालय पहुंचने कुलपति डॉ. किरण अरोड़ा व रजिस्ट्रार विनीत कुमार ने मुख्य अतिथि को शाल व हिमाचली टोपी पहनाकर उनका स्वागत किया गया। उन्होंने विभिन्न-विभिन्न तरीक़ों से विस्तारपूर्वक कार्यशाला में अलग-अलग एक्सपेरिमेंट करवाकर सभी विद्यार्थियों को अछे से समझाया। उन्होंने वाइन बनाने के तरीक़ों के बारे में भी बताया।उन्होंने बहुत सी वाइन के प्रकार होटल मैनेजमैंट के विद्यार्थियों को बताए। होटल मैनेजमेंट एवं टूरिज़्म विभाग के विभागाध्यक्ष डाक्टर वैभव वर्मा ने बाहरा विश्वविद्यालय आने पर उनका धन्यवाद किया। इस अवसर पर कुलपति बाहरा विश्वविद्यालय डाक्टर किरण अरोड़ा, रजिस्ट्रार विनीत कुमार, डायरेक्टर मार्केटिंग एंड एडमिशन अनुराग अवस्थी, होटल मैनेजमेंट विभाग के सभी प्राध्यापक व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
विश्वविद्यालय में शोक सभा का आयोजन किया गया डॉ. यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के छात्रों, कर्मचारियों और शिक्षकों ने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार रहे संदीप नेगी को श्रद्धांजलि अर्पित की। नेगी का लंबी बीमारी के कारण पीजीआई चंडीगढ़ में बुधवार को निधन हो गया था। गुरुवार को विश्वविद्यालय परिसर में एक शोक सभा का आयोजन किया गया जिसमें छात्र और विश्वविद्यालय के सभी कर्मचारी शामिल हुए। अपने शोक संदेश में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजेश्वर सिंह चंदेल ने नेगी और उनके कुशल एवं त्वरित कार्य करने के तरीके और उनके मिलनसार स्वभाव को याद किया। विश्वविद्यालय स्टाफ ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार के सदस्यों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की। बुधवार को चंडीगढ़ में दिवंगत के अंतिम संस्कार में विश्वविद्यालय के कुलपति और वैधानिक अधिकारियों सहित कई कर्मचारी शामिल हुए। नेगी 2016 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी थे और जनवरी 2022 से विश्वविद्यालय के कुलसचिव के रूप में कार्यरत थे।
जिला मंडी अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने अध्यक्ष लेखराज की अध्यक्षता में आज उपायुक्त अरिंदम चौधरी से शिष्टाचार भेंट की। उपायुक्त ने नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को बधाई देते हुए विश्वास दिलाया कि महासंघ द्वारा रखी गई हर समस्या का समाधान किया जाएगा। जिला अध्यक्ष लेखराज ने कहा कि जल्द जिला स्तरीय बैठक कर मांग पत्र तैयार किया जाएगा तथा संबंधित मांगों को उपायुक्त के समक्ष रखा जाएगा। महासंघ का उद्देश्य है कि कर्मचारियों को आ रही समस्याओं का समाधान करवाया जा सके, जिसके लिए महासंघ का प्रयास जारी है। इस मौके पर नई पेंशन कर्मचारी महासंघ के राज्य अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल में जिला मंडी के महासचिव विक्रांत शर्मा महासंघ के मुख्य सलाहकार वीरेंद्र ठाकुर, नसीब सिंह, जिला कोषाध्यक्ष रेखा शर्मा, सदर ब्लॉक के अध्यक्ष चंद्र कुमार, सदर ब्लाक महासचिव सुरेश ठाकुर, उपाध्यक्ष अनामिका शर्मा, सुरेंद्र सैनी, हंसराज, सदर ब्लॉक कोषाध्यक्ष हरि किशन ठाकुर, पंकज कौशल, भुवनेश कुमार, चेतना कुमारी, विद्यासागर आदि अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे। महासंघ के जिलाध्यक्ष लेखराज ने कहा कि जिला मंडी के सभी 17 ब्लॉक को मांग पत्र तैयार करने को कहा गया। जैसे ही सभी ब्लॉकों से मांग पत्र आएंगे जल्दी ही उस पर जिला स्तर पर मांग पत्र तैयार किया जाएगा तथा उपायुक्त के साथ बैठक कर सभी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।
मंत्री ने अर्की उपमंडल में लिया राहत एवं पुनर्वास कार्यों का जायजा ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री तथा जिला सोलन राहत एवं पुनर्वास समिति के अध्यक्ष अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रदेश सरकार जन-जन की सुरक्षा सुनिश्चित बनाकर समयबद्ध राहत एवं पुनर्वास कार्य कर रही है। अनिरुद्ध सिंह आज सोलन जिला के अर्की में गत दिनों भारी वर्षा से हुए नुकसान एवं राहत तथा पुनर्वास के संबंध में अर्की में आयोजित समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के समय पर लिए गए निर्णयों तथा त्वरित कार्रवाई के साथ वर्तमान में प्रदेश में राहत एवं पुनर्वास का कार्य समयबद्ध कार्यान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आपदाओं का स्थान एवं समय निश्चित नहीं होता। आपदा पूर्व प्रबंधन, आपदा के समय ठोस निर्णय और समय पर उपलब्ध सहायता राशि के माध्यम से आपदा के कारण हुई क्षति को न्यून कर बहुमूल्य मानवीय जीवन को बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने यह सुनिश्चित बनाया कि आपदा उपरांत बहुमूल्य मानवीय जीवन की सुरक्षा हो, समय पर राहत मिले और दुर्गम स्थानों में फंसे पर्यटकों एवं स्थानीय निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों, कर्मचारियों, विभिन्न स्वयं सेवी संस्थाओं और प्रदेशवासियों के सहयोग से संकट की इस घड़ी में सुरक्षा एवं समय पर राहत सुनिश्चित हुई है। अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि भारी वर्षा के कारण अर्की उपमण्डल में भी काफी नुकसान हुआ है। अभी तक के आकलन के अनुसार अर्की उपमण्डल में भारी वर्षा से लगभग 92 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि अर्की उपमण्डल में लोक निर्माण विभाग को भारी वर्षा से 31.11 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि उपमंडल में आपदा से 56 सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इनमें से 50 सड़कों एवं संपर्क मार्गों को बहाल कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि शेष 6 मार्गों को बहाल करने का कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि जल शक्ति विभाग द्वारा अर्की उपमण्डल में सभी स्थानों पर जलापूर्ति सुचारू कर दी गई है। उपमण्डल में अभी तक फौरी राहत के रूप में लगभग 21 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई है। ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि राज्य की प्रत्येक पंचायत में भारी वर्षा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए शुरूआत में एक-एक लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न नुकसान कार्यों को मनरेगा के तहत करवाने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि भारी वर्षा से हुए नुकसान के दृष्टिगत आमजन को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने फौरी राहत को 20 गुना बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया है। नष्ट फसलों के लिए फौरी राहत को 10 गुना बढ़ाकर 3 हजार रुपये प्रति कनाल कर दिया गया है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वर्षा से होने वाले नुकसान की रिपोर्ट प्रतिदिन प्रस्तुत करें। मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूचना एवं जन संपर्क विभाग) संजय अवस्थी ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश में इस वर्ष भारी वर्षा से 8 हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान आंका गया है। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रदेश सरकार प्रभावितों के साथ है तथा प्रत्येक प्रभावित परिवार को समय पर उचित सहायता राशि पहुंचाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अर्की उपमंडल में वह स्वयं वर्षा से प्रभावित जन को समयबद्ध सहायता पहुंचाने और उनके पुनर्वास का नियमित अनुश्रवण कर रहे हैं। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि इस संकट काल में धैर्य रखें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीड़ितों को समय पर सहायता पहुंचाएं तथा अधिक संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। बैठक के उपरांत पंचायती राज मंत्री तथा मुख्य संसदीयस सचिव ने प्रशासनिक अमले के साथ अर्की उपमंडल में भिन्न-भिन्न स्थानों पर नुकसान का जायज़ा लिया और उचित दिशा-निर्देश जारी किए। दल ने बखालग-चंदपुर-सेरी-सांगली-गम्भरपुल-बवासी-मान-बढ़लग मार्ग पर हुई क्षति का जायज़ा लिया। दल ने कृपाल सिंह निवासी बखालग के क्षतिग्रस्त मकान का निरीक्षण किया। ग्राम पंचायत बखालग के गांव चंदपुर में बारिश के कारण हुए नुकसान का जायज़ा भी लिया गया। अर्की विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोठी के पोलिंग बूथ हरदेवपूरा ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 5 हजार रुपए का चैक भेंट किया।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भेंट की। मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्री से स्पिति घाटी के रंगरीक में सामरिक दृष्टि से हवाई पट्टी के निर्माण का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह स्थान उत्तरी सीमा से 50 किलोमीटर की हवाई दूरी पर स्थित है और स्पिति घाटी के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग 505 के अतिरिक्त अन्य कोई सम्पर्क साधन नहीं है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से गोला बारूद डिपो पोवारी को स्थानांतरित करने का भी आग्रह किया। उन्होंने अवगत करवाया कि इसके दृष्टिगत दो वैकल्पिक स्थलों की पहचान की गई है। उन्होंने उचित कार्यवाही के लिए आग्रह किया और कहा कि राज्य सरकार भूमि उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि 450 मेगावाट क्षमता की शोंगटोंग कड़छम जल विद्युत परियोजना इस डिपो के ठीक सामने सतलुज नदी के बाएं किनारे पर स्थित है और कहा कि सिल्ट फ्लशिंग टनल का उत्खनन का कार्य गोला-बारूद डिपो की पाबंदियों के कारण आउटलेट पोर्टल के बजाए इनलेट पोर्टल से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस डिपो के स्थानांतरित होने तक नियंत्रित विस्फोटन प्रणाली निर्धारित करने के लिए इस मामले पर सेंटर फॉर फायर एक्सप्लोसिव्स एंड एनवायरमेंट सेफ्टी के साथ चर्चा की गई है ताकि राज्य सरकार उत्खनन का कार्य आउटलेट पोर्टल के माध्यम से भी कर सके। मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्रों के गांवों को जोड़ने के लिए नई सड़कों के निर्माण के अलावा सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा बनाए गए राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का भी आग्रह किया। उन्होंने पुरानी हिंदुस्तान-तिब्बत सड़क के पुनर्विकास, ज्यूरी से भाबानगर तक समानांतर स्टेऊच विकसित करने, खाब-लियो-चांगो सड़क को विकसित करने तथा भाबा-मुद सड़क पर भाबा टॉप के नीचे टनल बनाने पर चर्चा की। इससे काजा और शिमला के मध्य दूरी 70 किलोमीटर कम हो जायेगी। उन्होंने मध्यवर्ती सड़कें विकसित करने पर भी बल दिया। रक्षा मंत्री ने राज्य को हरसंभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
कहा- जनता के साथ छल कर रही प्रदेश की सरकार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा हिमाचल प्रदेश सरकार को 3आर पर काम करना चाहिए रिस्टोरेशन, रिहैबिलिटेशन और रिपेयर। अभी तक इन तीनों कार्यों में गति धीमी चल रही है और अगर हिमाचल प्रदेश की जनता को राहत प्रदान करनी है तो इस 3आर में तेजी लानी होगी। वर्तमान प्रदेश सरकार को केंद्र सरकार का स्पष्ट शब्दों में धन्यवाद और आभार व्यक्त करना चाहिए, क्योंकि पिछले दिनों ही केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी संसद छोड़ हिमाचल प्रदेश में बाढ़ से नुकसान का जायजा और बड़ी राहत भी प्रदान करके गए, इस आपदा की घड़ी में प्रदेश सरकार को खुले धीरे करके आगे बढ़ना चाहिए। डॉ. बिंदल ने कहा, 'मैं स्पष्ट शब्दों में कहना चाहता हूं कि हिमाचल प्रदेश की सरकार जनता के साथ छल और राजनीति कर रही है।Ó केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश की मदद की है, उसको स्पष्ट रूप से जनता के समक्ष लाया नहीं जा रहा है। यह कांग्रेस सरकार इस आपदा की घड़ी में गरीबों को जो राहत राशि प्रदान कर रही है उसमें भाई भतीजावाद हो रहा है, किसी को कम या किसी को ज्यादा राशि प्रदान की जा रही है। सरकार की ओर से कोई मापदंड नहीं है। आज के जमाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बटन दबाते हैं तो देश के सभी किसान भाइयों के खाते में किसान सम्मान निधि पहुंच जाती है, पर कांग्रेस के नेता आपदा में दी जाने वाली राहत राशि को नकद बांट रहे हैं। हम मांग करते हैं कि यह राशि डीबीटी के माध्यम से व्यक्ति के खाते में सीधी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार किसानों के साथ भी राजनीति कर रही है। सेब के विषय में किसान भाइयों को उलझा के रखा है, कभी सेब के कार्टन और वेट में। अब इस सरकार से सड़के ही नहीं खुल रही है, हर जिले में लगभग 300 सड़कें बंद है और आज सेब, टमाटर, मटर की फसलें मंडी तक नहीं पहुंच पा रही है। इस समय फसलें पहुंचती हंै तो यकीनन किसानों को दाम कम मिलता है।
मर्डर केस में 1995 से उद्घोषित अपराधी को हमीरपुर पीओ सेल ने गिरफ्तार करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने लुधियाना से इसे गिरफ्तार किया है। पीओ सेल काफी लंबे समय से उद्घोषित अपराधी को तलाश कर रही थी। जैसे ही पीओ सेल को जानकारी मिली उसने अपनी टीम गठित कर उद्घोषित अपराधी को लुधियाना से धर-दबोच लिया। एसपी हमीरपुर डॉ. आकृति शर्मा ने बताया कि पीओ सेल की टीम ने उद्घोषित अपराधी अमरनाथ को जिस पर मर्डर केस है, उसे लुधियाना से गिरफ्तार कर लिया है। उसे कोर्ट में पेश किया गया है। टीम में राकेश कुमार, मनोहर लाल, रवि कुमार, संजीव कुमार को शामिल किया गया था, वे पंजाब में इसकी तलाश में गए थे। लुधियाना से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार 30 नवंबर 1995 को उसने मैड क्षेत्र में एक व्यक्ति शंकर दास का मर्डर कर दिया था। सदर पुलिस हमीरपुर में यह मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद जांच शुरू हुई, लेकिन वह फरार हो गया था। इतने साल बीत जाने के बावजूद भी पुलिस के हाथ नहीं लग पा रहा था। एसपी ने बताया कि टीम ने पंजाब में पहुंचकर उसे गिरफ्तार किया और उसे कोर्ट में पेश किया गया है।
अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी कार्यालय पूह में आज खंड स्तरीय ग्रीष्म उत्सव-2023 मनाने के दृष्टिगत एक बैठक का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी पूह विनय मोदी ने की। इस दौरान मेले के सफल आयोजन के लिए मेले की रूप-रेखा तैयार की गई। बैठक में बताया गया कि 11 से 13 अगस्त तक खंड स्तरीय ग्रीष्म उत्सव-2023 गांधी स्टेडियम पूह में आयोजित किया जाएगा तथा समापन समारोह की अध्यक्षता राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी करेंगे। बैठक में बताया गया कि तीन दिवसीय ग्रीषमोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त तीनों दिन स्टार नाईट का आयोजन भी किया जाएगा। उन्होंने जिला सहित पूह के समस्त नागरिकों से मेले के सफल आयोजन के लिए उनके सहयोग का आग्रह किया व साथ ही मेले में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आग्रह किया।
राज्य सूचना आयुक्त डॉ. एसएस गुलेरिया ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम का मूल उद्देश्य नागरिकों को सशक्त बनाना तथा सरकार की कार्यशैली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है। वीरवार को धर्मशाला डीसी परिसर के एनआईसी सभागार में सूचना के अधिकार अधिनियम के कार्यान्वयन की जिला अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए डा एसएस गुलेरिया ने कहा कि यह अधिनियम नागरिकों को सरकार तथा विभिन्न विभागों की गतिविधियों के बारे में जागरूक करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। आरटीआई के तहत कोई भी नागरिक किसी भी सरकारी विभाग से कोई भी जानकारी ले सकता है बस शर्त यह है कि आरटीआई के तहत पूछी जाने वाली जानकारी तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सरकारी विभाग में जन सूचना अधिकारी होता है जिसके पास आवेदन पत्र जमा करवा सकते है। आवेदन पत्र का फॉर्मेट इन्टरनेट से डाउनलोड कर सकते है या फिर एक सफेद कागज पर अपना आवेदन लिख सकते है, आवेदन किसी भी भारतीय भाषा जैसे हिंदी, इंग्लिश या किसी भी स्थानीय भाषा में दे सकते हैं, आवेदन के तीस दिन के अन्दर आवेदक को लिखित तौरपर उत्तर देना जरूरी है। उन्होंने सभी जन सूचना अधिकारियों को आरटीआई के तहत थर्ड पार्टी को लेकर मांगी गई जानकारी को लेकर आरटीआई अधिनियमों के तहत निपटारा सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जन सूचना अधिकारी तृतीय पक्ष के संबंध में जानकारी को लेकर सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय के लिए प्राधिकृत हैं। इस संबंध में जन सूचना अधिकारियों को आवश्यक तौर पर अधिनियम की विस्तृत जानकारी लेकर कार्यशाला भी आयोजित करवाई जाएगी। इससे पहले उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए उनके कार्यालय में आरटीआई मामलों के समयबद्व निपटारे के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर एसपी शालिनी अग्निहोत्री, एडीसी सौरभ जस्सल, एसी टू डीसी सुभाष गौतम, जिला योजना अधिकारी अलोक धवन उपस्थित थे।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राजभवन में हिमाचल प्रदेश की जनजातीय बोलियों की शब्दावली जारी की। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के जनजातीय अध्ययन केंद्र के निदेशक प्रो. चंद्र मोहन परसीरा ने जनजातीय लोगों की मदद से यह शब्दावली तैयार की है। इस अवसर पर राज्यपाल ने टीम के सभी सदस्यों को बधाई देते हुए शोध कार्य के लिए उनकी सराहना की।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भेंट की। मुख्यमंत्री ने 830 करोड़ रुपये की विशेष केंद्रीय सहायता के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री का आभार व्यक्त किया और राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने, संसाधन सृजन और बहाली कार्यों की गति में तेजी लाने के लिए केंद्र सरकार से अतिरिक्त विशेष केंद्रीय सहायता का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में बाढ़ के दौरान सड़कों, पुलों, जलापूर्ति योजनाओं, सिंचाई योजनाओं, शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य संस्थानों, पशुधन व मानव जीवन, सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को हुई भारी क्षति के बारे में अवगत कराया। उन्होंने कहा कि लगभग 8000 करोड़ के नुकसान का आकलन किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपने स्वयं के अल्प संसाधनों से राहत और बहाली अभियान चलाया जो राज्य के बुनियादी ढांचे को पटरी पर लाने के लिए अपर्याप्त है। ऐस में उन्होंने केंद्र से समर्थन और सहायता का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री ने हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री से किया आग्रह मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट की। मुख्यमंत्री ने भारी बारिश एवं बाढ़ से हुई क्षति का आकलन करने के लिए केंद्रीय समिति को प्रदेश में भेजने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने केंद्रीय समिति की अनुशंसा के अनुसार राज्य को शीघ्रातिशीघ्र राशि जारी करने का आग्रह करते हुए कहा कि प्रदेश में क्षतिग्रस्त आधारभूत संरचना के पुनर्निर्माण में लगभग एक से दो वर्ष का समय लगेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में भारी बारिश और बादल फटने इत्यादि की घटनाओं से हुए भारी नुकसान से उन्हें अवगत करवाया और राहत एवं पुनर्वास कार्यों के लिए 2 हजार करोड़ रुपये की तुरंत राहत प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने अवगत करवाया कि आपदा राहत के तहत वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए केंद्र से प्राप्त निधि सम्बंधित विभागों और उपायुक्तों को राहत अभियान के लिए जारी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019-2020 तथा वर्ष 2020-2021 के लिए राष्ट्रीय और राज्य आपदा राहत निधि के तहत लम्बित 315 करोड़ रुपये की राशि शीघ्र जारी की जाए, क्योंकि अभी तक प्राप्त राशि प्रदेश में बड़े स्तर पर हुई क्षति के विपरीत बहुत कम है। गृह मंत्री ने राज्य को हरसम्भव सहायता का आश्वासन दिया। इस अवसर पर मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा भी उपस्थित थे।
'भगवान अगर इतना दर्द देना है तो इस दुनिया से उठा ले...' यह कहना है वडाला गांव के एक दिव्यांग अमरजीत का। ऊना के साथ लगते गांव वडाला के अमरजीत के 13 वर्षीय बेटे नीरज कुमार को एक अज्ञात वाहन टक्कर मार कर भाग गया, जिसके चलते उसकी टांग की हड्डी टूट गई। दरअसल नीरज कुमार कुछ सामान लेने के लिए अपने घर से निकला था कि सड़क पर नंगल से आ रहीएक ब्लैक कलर की कार ने उसे टक्कर मार दी। घटनास्थल से चालक कार सहित फरार हो गया। वहां खड़े कुछ दुकानदारों ने इसकी सूचना नीरज के पिता अमरजीत को दी और स्थानीय दुकानदारों ने नीरज को गाड़ी में बैठा कर ऊना हॉस्पिटल पहुंचाया। एक्स-रे की रिपोर्ट आने पर डॉक्टरों ने इसकी टांग की हड्डी टूटने की बात कही। अमरजीत पहले ही बहुत बुरे वक्त से गुजर रहा है। वह खुद दिव्यांग है अभी हाल ही में बारिश से उसके घर दरारें पड़ने से डैमेज हो गया, जो कि प्रशासन में पटवारी भेज कर महज उसके और उसके पिता के घर डैमेज होने पर एक 1000 की फौरी राहत दी थी। अमरजीत का परिवार अपना घर छोड़कर पड़ोसियों के घर में आश्रय लेकर रह रहा है। अमरजीत के पास अब सब्जी का काम करने के लिए भी पैसे नहीं हैं, ऊपर से बेटे का एक्सीडेंट होने पर बहुत ही बुरे स्थिति में आ गया है। फिलहाल पुलिस द्वारा मामला दर्ज कर अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है और शहर में लगे सीसीटीवी कैमरा को भी खंगाला जा रहा है, ताकि गाड़ी की पहचान हो सके।
शिमला डीसी ऑफिस के बाहर किया धरना-प्रदर्शन बेरोजगार शारीरिक शिक्षा कल्याण संगठन हिमाचल प्रदेश ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बेरोजगार शिक्षकों ने शिमला डीसी ऑफिस के बाहर धरना प्रदर्शन कर खाली पड़े पदों को शीघ्र भरने की सरकार से मांग की है और कहा है कि अगर एक महीने कर भीतर शारीरिक शिक्षकों के 870 पदों को भरने की भर्ती प्रक्रिया को शुरू नहीं किया तो वे परिवार सहित अनशन पर बैठा जाएंगे और जो भी पढ़ाई की है उसके डिग्री-डिप्लोमा सरकार को सौंप देंगे। बेरोजगार शारीरिक शिक्षा कल्याण संगठन हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष रामेश राजपूत ने कहा कि सरकार ने शारीरिक शिक्षकों के 870 पदों को भरने की भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। कोर्ट में जाने की वजह से लटक गई थी, लेकिन अब कोर्ट ने मामले को डिसमिस कर दिया है। इसलिए सरकार भर्ती प्रक्रिया को शुरू करें। कई बार सरकार के ध्यान में मामला लाया गया, लेकिन हर बार आश्वासन ही मिला। आज मजबूरन बेरोजगार शारीरिक शिक्षक धरना प्रदर्शन किया है क्योंकि अब सब्र का बांध टूट गया है और उम्र भी हाथ से निकलती जा रही है। लगभग 22 से 25 हज़ार बेरोजगार शारीरिक शिक्षक नौकरी का इंतजार कर रहे हैं, इसलिए सरकार भर्ती प्रक्रिया को जल्दी शुरू करें।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत परिषद पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की कुनिहार उप इकाई की मासिक बैठक रुपेेंद्र कौशल की अध्यक्षता में कुनिहार में हुई। बैठक में नए सदस्यों का पंजीकरण कर सभी ने उनका तालियों से स्वागत किया। इकाई महासचिव रमेश कश्यप ने सदस्यों को बताया कि सभी पेंशनर्स को बोर्ड ने 1 जनवरी, 2022 से 30 अप्रैल, 2023 तक 16 महीनों का डीपी के एरियर का भुगतान जुलाई माह की पेंशन के साथ कर दिया है। उन्होंने बताया कि 2016 के बाद रिटायर हुए सदस्यों की पे फिक्सेसन का कार्य भी करीब पूरा होने को है। आशा की जाती है कि अगली पेंशन सभी सदस्यों को संशोधित दर से ही प्राप्त होगी। महासचिव ने मुख्यमंत्री आपदा कोष में एक दिन की पेंशन देने के लिए सभी सदस्यों का आभार प्रकट किया तथा आग्रह किया कि भविष्य में भी यदि प्रदेश सरकार पर कोई आपदा आए तो सभी सदस्य इसी प्रकार सहयोग करते रहें। बैठक में बोर्ड के नए चेयरमैन राजीव शर्मा की नियुक्ति का भी स्वागत किया गया। बैठक में इकाई अध्यक्ष रतन तनवर सहित सभी पदाधिकारी मौजूद रहे।
बेरोजगार शारीरिक शिक्षा कल्याण संगठन हिमाचल प्रदेश ने सरकार के खिलाफ़ मोर्चा खोल दिया है। शारीरिक शिक्षकों ने शिमला डीसी आफिस के बाहर धरना प्रदर्शन कर खाली पड़े पदों को शीघ्र भरने की सरकार से मांग की है और कहा है कि अगर एक महीने के भीतर शारीरिक शिक्षकों के 870 पदों को भरने की भर्ती प्रक्रिया को शुरू नही किया गया तो वे परिवार सहित अनशन पर बैठा जाएंगे और जो भी पढ़ाई की है उसके डिग्री डिप्लोमा सरकार को सौंप देंगे। बेरोजगार शारीरिक शिक्षा कल्याण संगठन हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष रामेश राजपूत ने कहा कि सरकार ने शारीरिक शिक्षकों के 870 पदों को भरने की भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी जो कोर्ट में जाने की वजह से लटक गई थी। लेकिन अब कोर्ट ने मामले को डिसमिस कर दिया है इसलिए सरकार भर्ती प्रक्रिया को शुरू करें। कई बार सरकार के ध्यान में मामला लाया गया लेकिन हर बार आश्वासन ही मिला इसलिए आज मजबूरन बेरोजगार शारीरिक शिक्षक धरना प्रदर्शन किया है क्योंकि अब सब्र का बांध टूट गया है और उम्र भी हाथ से निकलती जा रही है। लगभग 22 से 25 हज़ार बेरोजगार शारीरिक शिक्षक नौकरी का इंतजार कर रहे हैं इसलिए सरकार भर्ती प्रक्रिया को जल्दी शुरू करें।
फार्मास्युटिकल साइंसेज संकाय में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ललित शर्मा ने एम्स्टर्डम में 2023 अंतरराष्ट्रीय अल्जाइमर एसोसिएशन सम्मेलन में अपना अभूतपूर्व शोध प्रस्तुत किया। स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज का प्रतिनिधित्व करने वाले डॉ. ललित शर्मा, डॉ. अदिति शर्मा और डॉ. रवीन चौहान ने अभूतपूर्व शोध कार्य का प्रदर्शन किया, जिसमें चिकित्सा परिदृश्य को बदलने की क्षमता है, जिससे उनके संस्थान और पूरे देश को बहुत गर्व है। प्रस्तुति अमाइलॉइड बीटा के एकत्रीकरण को रोकने के लिए डिज़ाइन किए गए नवीन यौगिकों को विकसित करने पर केंद्रित थी, जो एडी प्रगति में एक महत्वपूर्ण कदम है। शूलिनी विश्वविद्यालय के चांसलर प्रोफेसर पीके खोसला ने डॉ. शर्मा को उनके अग्रणी शोध के लिए बधाई दी। अपनी अंतर्दृष्टिपूर्ण प्रस्तुति के साथ, डॉ. शर्मा और शूलिनी विश्वविद्यालय ने अब अल्जाइमर रोग उपचार में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण योगदानकर्ताओं के रूप में मान्यता प्राप्त कर ली है। सम्मेलन में अपनी उल्लेखनीय उपलब्धियों के अलावा, उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय, इंपीरियल कॉलेज ऑफ लंदन, ग्लासगो विश्वविद्यालय, स्ट्रैथक्लाइड विश्वविद्यालय और कैलेडोनियन विश्वविद्यालय जैसे विश्वविद्यालयों का दौरा भी उतना ही महत्वपूर्ण था। वे शिक्षकों और छात्रों के साथ जुड़े शूलिनी विश्वविद्यालय की अनुसंधान उपलब्धियों पर उत्साहपूर्वक चर्चा की और गर्व से हिमाचल प्रदेश की समृद्ध संस्कृति के बारे में जानकारी साझा की।
कहा-इस समय अगर इलेक्शन होते तो नंगे पांव दौड़कर आते पार्टी उम्मीदवार हिमाचल प्रदेश में इस बरसात के मौसम में करोड़ों रुपये का नुकसान हो चुका है। जिला कांगड़ा की तहसील इंदौरा की पंचायत भोगर्वां के क्षेत्र मंड में भी यह बरसात लोगों के लिए काफी मुसीबतेंं लेकर आई है। यहां पौंग डैम से पिछले कई दिनों से काफी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं। किसानों की हजारों एकड़ धान की फसल पानी में बह चुकी है, जिला प्रशासन को लगातार समस्याओं से अवगत करवाया जा रहा है, किंतु उनकी समस्याओं का कोई भी समाधान नहीं करवा रहा है। मंड क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन का अभी तक कोई भी अधिकारी मंड भोगर्वां के लोगों से मिलने के लिए नहीं पहुंचा है। जानकारी देते हुए किसान त्रिलोक सिंह ने बताया कि वे किसानी करते हैं। वर्तमान समय में हमने धान की फसल लगाई हुई थी जो कि सारी की सारी बर्बाद हो चुकी है। वे केवल खेती पर निर्भर है। इसके अलावा उनके पास कोई रोजगार का साधन नहीं है। खेती के अलावा अब वे क्या करें। त्रिलोक सिंह के साथ अमन सिंह, बलविंदर सिंह, करनैल सिंह, पप्पु आदि किसानों ने बताया कि हम 1988 का बाढ़ के संताप को झेल चुके हैं, लेकिन उन दिनों में इतना नुकसान नहीं हुआ था, जितना कि अब हुआ है। उन्होंने बताया कि 1988 की बात करें तो उन दिनों में मंड एरिया में कोई भी क्रशर उद्योग नहीं था, जिस वजह से भूमि का कटाव नहीं हुआ फसलें बर्बाद कम हुइंर्, लेकिन अब तो हद पार ही हो चुकी है। यहां लगभग 40 से 50 फीट गहराई तक की लगातार माइनिंग होती रही है, जिससे खेती योग्य भूमि को नुकसान हो रहा है, फसलें बर्बाद हो रही हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने खनन विभाग के अधिकारियों से इस बारे में कई बार बात की, लेकिन कोई असर देखने को नहीं मिला, बल्कि अधिकारियों के आने से पहले ही मशीनरी वहां से गायब हो जाती है। क्रशर मालिक व खनन विभाग के साथ मिलीभगत का भी अंदेशा लगाया जा सकता है। अमन सिंह ने कहा है कि पिछले 15 से 20 दिन हो गए हैं पानी छोड़े हुए, लेकिन उनके पास कोई भी अधिकारी सुध लेने के लिए नहीं आया है। उन्होंने अपने निजी खर्च से रोजमर्रा के कार्य करने के लिए नाव का इंतजाम कर रखा है, अब तक थानीय विधायक भी उनका हाल-चाल जानने नहीं आए हैं। उन्होंने बताया कि अगर इन दिनों इलेक्शन हो जाएं तो वोट लेने के लिए पार्टी के उम्मीदवार नाव के बिना भी नदी पार कर उनके पास पहुंच जाएंगे। क्या कहते हैं विधायक इंदौरा इस मुद्दे पर जब विधायक इंदौरा मलेंंद्र राजनसे बात की गई तो उन्होंने बताया कि बाढ़ आने से मंड भोगर्वां के लोगों का काफी नुकसान हुआ है उनकी सरकार से बातचीत चल रही है। जल्द ही किसानों के नुकसान का जायजा लिया जाएगा और यथा संभव मदद की जाएगी।
पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के गतिशील नेतृत्व में राज्य सरकार ने 'मुख्यमंत्री वन विस्तार योजनाÓ शुरू की है। प्रदेश मंत्रिमंडल द्वारा हाल ही में स्वीकृत इस योजना का लक्ष्य राज्य में वन क्षेत्र का विस्तार करना है, जिससे पारिस्थितिकी तंत्र और सामाजिक-आर्थिक जनजीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इस महत्वाकांक्षी योजना के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश अपने नैसर्गिक सौंदर्य और जैव विविधता के लिए जाना जाता है। इस योजना के तहत राज्य की बंजर पहाड़ियों में वृक्षारोपण द्वारा भू-क्षरण जैसी समस्या से कुशलतापूर्वक निपटा जा सकता है। राष्ट्रीय वन नीति-1988 के अनुसार पहाड़ी और पर्वतीय क्षेत्रों को अपने भौगोलिक क्षेत्र का दो-तिहाई हिस्सा वन और वृक्ष आवरण के अंतर्गत बनाए रखना आवश्यक है। मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना के तहत इस वर्ष राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में लगभग 257 हेक्टेयर बंजर पहाड़ियों पर पर्यावरण-अनुकूल प्रजातियों के रोपण की योजना बनाई है। इस अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश सरकार ने वनीकरण के लिए चयनित क्षेत्रों में नई पौध की देखभाल हेतु सात वर्षों की अवधि के लिए स्थानीय लोगों की सेवाएं लेने का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम के उचित कार्यान्वयन, देखरेख और निगरानी के लिए वन विभाग एक समर्पित टास्कफोर्स की स्थापना की जाएगी। अभियान के तहत रोपित पौधों की देखभाल केे महत्व पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि टास्कफोर्स वृक्षारोपण सीजन के दौरान हर पखवाड़े में कम से कम एक बार बैठक करेगी, ताकि प्रगति की समीक्षा की जा सके और वनीकरण कार्यों का समय पर निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्रीय इकाइयों के साथ समन्वय किया जा सके। इसके अलावा सरकार पर्यावरण संरक्षण के प्रयास में सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न गैर-सरकारी एजेंसियों, व्यक्तियों, स्वयं सहायता समूहों और संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को वृक्षारोपण स्थलों को अपनाने व उनकी उचित देखभाल सुनिश्चित करने के लिए प्रोत्साहित करेगी। मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना से न केवल वन क्षेत्र बढ़ने की उम्मीद है बल्कि यह पहाड़ी चोटियों पर जंगली खरपतवार को खत्म करने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, यह पहल राज्य के लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा करेगी, जिससे सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा।
हिमाचल के जिला कुल्लू में बारिश का कहर रुकने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को गड़सा के खोड़ाआगे नाले में भारी बारिश से बाढ़ आ गई। बाढ़ की चपेट में आने से एक कार भी बह गई। इस दौरान कार में सवार दो लोग अपनी जान बचाकर भागे। 10 दिनों में तीसरी बार खोड़ाआगे के नाले में बाढ़ आने से लोगों में दशहत का माहौल है। प्रदेश में वीरवार को भारी बारिश का येलो और 4 व 5 अगस्त के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। 9 अगस्त तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 4 और 5 अगस्त को मानसून के साथ पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने की संभावना जताई है।
बादल और अवंतिका ने झटका गोल्ड मेडल, अक्षत धीमान ने ब्राउन हिमाचल प्रदेश राज्य जूडो संघ द्वारा इंदिरा गांधी खेल परिसर शिमला में राज्य स्तरीय सब जूनियर और जूनियर वर्ग की जूडो प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों के 400 जूडो खिलाडियों लड़के व लड़कियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में जूडो संघ जिला चंबा के 11 जूडो खिलाड़ियों ने सब-जूनियर और जूनियर वर्ग में भाग लिया। जिसमें कि बजरंग स्पोर्ट्स ट्रेनिंग सेंटर चुवाड़ी के अभय कपूर, बादल, अवंतिका, अक्षत धीमान, स्नेहा, अक्षरा और अंशिका ठाकुर ने भाग लिया। चंबा टीम कोच के रूप मे आशीष ठाकुर और टीम मैनेजर के रूप मे कुलदीप सिंह ने चंबा जिला की जूड़ो टीम का नेतृत्व किया। बजरंग स्पोर्ट्स ट्रेनिंग सेंटर चुवाड़ी के जूडो खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सब जूनियर वर्ग में चुवाड़ी के बादल और अवंतिका ने गोल्ड मेडल और अक्षत धीमान ने ब्राउन मेडल जीता। ऐसे में चुवाड़ी क्षेत्र के लिए बहुत खुशी की बात है इससे पहले भी कोच आशीष ठाकुर के पास ट्रेनिंग ले रहे 12 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तरीय कराटे प्रतियोगिता के लिए चयनित हो चुके हैं। बजरंग स्पोर्ट्स ट्रेनिंग सेंटर चुवाड़ी के कोच आशीष ठाकुर ने प्रतियोगिता में निराशा हाथ लगने वालो सभी बच्चों को सदैव मेहनत करते रहने के लिए प्रेरित किया है। वहीं उन्होंने मेडल हासिल करने वाले बच्चों, उनके अभिभावको व चुवाड़ी क्षेत्रवासियों को बधाई दी है।
जोगिंदर नगर एकल अभियान प्राथमिक शिक्षा अंचल जोगिंदर नगर के संच सदस्यों ने एकल वन महोत्सव कार्यक्रम के तहत श्री राम कृष्ण आश्रम अन्नपूर्णा मंदिर लदरूही के पास वन भूमि में पौधरोपण किया। जोगिंदर नगर की संच प्रमुख सपना ने बताया कि जोगिंदर नगर संच के सदस्यों द्वारा वन भूमि में विभिन्न प्रकार के 100 पौधे रोपे गए। उन्होंने कहा कि जोगिंदर नगर संच के सदस्यों ने वन, चील, देवदार व हार्ड बेहड़ सहित विभिन्न प्रजातियां के पौधों का पौधरोपण किया। पौधरोपण कार्यक्रम में सपना व दीपिका सहित जोगिंदर नगर संच के सभी सदस्य मौजूद रहे।
कहा- सभी जिलों को मरम्मत कार्यों के लिए उपलब्ध करवाया गया है फंड राजस्व, बागबानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि बारिश से क्षतिग्रस्त सभी सड़कों तथा पेयजल योजनाओं की त्वरित मरम्मत सुनिश्चित की जाए इस के लिए राज्य सरकार की ओर से सभी जिलों को आवश्यक फंड उपलब्ध करवाया गया है। बुधवार को धर्मशाला के स्कूल शिक्षा बोर्ड के सभागार में जिला राहत एवं पुनर्वास समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए राजस्व मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में मानवीय सरोकारों को समर्पित प्रदेश सरकार आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास कार्य युद्ध स्तर पर संचालित कर रही है। राहत एवं पुनर्वास कार्यों को तीव्र गति से संचालित किया जा रहा है जिसकी सराहना विश्व बैंक द्वारा भी की गई है। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में राहत पुनर्वास के कार्यों की समीक्षा के लिए जिला स्तरीय राहत एवं पुनर्वास समितियों का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों के राहत तथा पुनर्वास के कार्यों में तत्परता के साथ सभी विभागीय अधिकारियों को कार्य करना चाहिए, इसमें किसी भी तरह की कोताही नहीं की जाए। मनरेगा के तहत भी बारिश से क्षतिग्रस्त कार्यों की मरम्मत का प्रावधान राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि मनरेगा के तहत बारिश से क्षतिग्रस्त निजी कार्यों के लिए भी मरम्मत का प्रावधान किया गया है तथा ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को इस बाबत पंचायत स्तर पर लोगों को जानकारी प्रदान करनी चाहिए तथा ज्यादा से ज्यादा सेल्फ मनरेगा के तहत अपू्रवल के लिए भेजें ताकि बारिश से प्रभावित लोगों को लाभांवित किया जा सके। विकास खंड अधिकारियों को भी मनरेगा के तहत होने वाले कार्यों की जानकारी को लेकर पंचायत प्रधानों के साथ बैठकें करने के निर्देश दिए गए हैं। पीडब्ल्यूडी, कृषि, जलशक्ति, विद्युत विभाग में 287 करोड़ का नुकसान कांगड़ा जिला में भारी बारिश से लोक निर्माण विभाग को 83 करोड़ जिसमें 397 मार्ग क्षतिग्रस्त हुए हैं। जलशक्ति विभाग को 146 करोड़ इसमें 571 पेयजल योजनाएं बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुई हैं। विद्युत विभाग को 16 करोड़ तथा कृषि विभाग को 34 करोड़ का नुक्सान हुआ है। कृषि विभाग के तहत इंदौरा तथा फतेहपुर में किसानों को सबसे ज्यादा नुक्सान हुआ है, शिक्षा विभाग को आठ करोड़ के करीब नुक्सान का आकलन किया गया है। चक्की पुल का निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के दिए निर्देश राजस्व मंत्री ने चक्की पुल का निर्माण कार्य तत्परता के साथ पूरा करने के निर्देश एनएचएआई के अधिकारियों को दिए गए हैं इसके साथ ही यातायात के लिए वैकल्पिक मार्ग की मरम्मत के लिए एनएचएआई के अधिकारियों को कारगर कदम उठाने के लिए कहा गया है ताकि लोगों को किसी आवागमन में किसी भी तरह की दिक्कतें नहीं झेलनी पड़ें। उन्होंने कहा कि चक्की पुल को बाढ़ से बचाने के लिए ठोस उपाय किए जाएं ताकि हर वर्ष बारिश में चक्की पुल को यातायात के लिए बंद नहीं करना पड़े। मानसून सीजन से पहले ग्रामीण क्षेत्रों में डी सिल्टिंग अभियान को सराहा राजस्व मंत्री ने जिला प्रशासन द्वारा मानसून सीजन से पहले मनरेगा के तहत नालों तथा नालियों से गाद हटाने के लिए चलाए गए अभियान की सराहना करते हुए कहा कि पानी की निकासी सही होने से बाढ़ इत्यादि के खतरे की आशंका कम हो जाती है। कांगड़ा जिला में मनरेगा के तहत 3097 कार्य किए गए हैं इसके कारण भी कांगड़ा जिला में बारिश से नुक्सान को कम किया जा सका है। ग्रामीण स्तर पर तैयार किए जाएं आपदा मित्र राजस्व मंत्री ने कहा कि आपदा से बचाव के लिए ग्रामीण स्तर पर आपदा प्रबंधन कमेटियां गठित करना जरूरी हैं तथा इस दिशा में महिला मंडलों, पंचायत प्रतिनिधियों, युवक मंडलों को आपदा मित्र के रूप में प्रशिक्षित किया जाए ताकि आपदा के समय राहत तथा पुनर्वास के कार्यों को त्वरित प्रभाव से आरंभ किया जा सके और नुक्सान को भी कम करने में मदद मिल सके। इस अवसर पर डीसी डा निपुण जिंदल ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा बारिश के दौरान राहत तथा पुनर्वास के कार्यों का विस्तार से ब्यौरा दिया। इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव किशोरी लाल, विधायक केवल सिंह पठानिया, विधायक मलेंद्र राजन, एसपी शालिनी अग्निहोत्री, एसपी अशोक रत्न, एडीएम रोहित राठौर, लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, वन विभाग, कृषि, बागबानी विभाग के अधिकारी, उपमंडलाधिकारी भी उपस्थित थे।
ग्रेटर नोएडा में इंडिया इंटरनेशनल होस्पिटेलिटी एक्सपो में बतौर मुख्यातिथि हुए शामिल मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने होटल व्यवसायियों एवं आतिथ्य उद्यमियों से प्रदेश में निवेश करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में प्रदेश में पर्यटन उद्योग के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री आज नई दिल्ली में इंडिया एक्सपो सेंटर और ग्रेटर नोएडा मार्ट द्वारा आयोजित इंडिया इंटरनेशनल होस्पिटेलिटी एक्सपो-2023 को बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में हिमाचल सभी मौसम के सर्वाधिक पसंदीदा पर्यटन गंतव्य के रूप में उभरेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेहतर कानून-व्यवस्था, शांतिपूर्ण वातावरण एवं नैसर्गिक सौन्दर्य राज्य को अलग पहचान दिलाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पांच सितारा और सात सितारा होटलों, स्वास्थ्य एवं वेलनेस केन्द्रों, वृद्धाश्रमों आदि में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण मुक्त वातावरण और यहां की स्वच्छ जलवायु वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्यवर्धक है। उन्होंने कहा कि होम-स्टे योजना के घर से काम करने वाले कॉरपोरेट कर्मचारियों को बड़ी संख्या में हिमाचल की ओर आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश बर्फीले क्षेत्रों से लेकर जंगलों, जलाश्यों और सभी प्रकार के मौसम में अनुकूल वातावरण उपलब्ध होने के कारण एक आदर्श एवं बहुआयामी पर्यटन गंतव्य है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार हवाई सम्पर्क सेवाओं (कनेक्टिविटी) में और सुधार के लिए प्रयास कर रही है तथा सभी जिला मुख्यालयों में हेलीपोर्ट सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली से शिमला और धर्मशाला के लिए हवाई उड़ानों की सुविधा पहले से ही उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा हवाई अड्डे को पूर्ण आकार का हवाई अड्डा बनाने के लिए आवश्यक कार्यों के अलावा भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शीघ्र पूर्ण की जाएगी। उन्होंने कहा कि पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता, हवाई कनेक्टिविटी, प्राकृतिक सुंदरता और जलाशयों जैसे प्रचुर संसाधनों की उपलब्धता के कारण जिला कांगड़ा को पर्यटन राजधानी घोषित किया गया है। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों को प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया और कहा कि राज्य सरकार नियमों के अनुसार उनके प्रस्तावों को त्वरित मंजूरी प्रदान करना सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संसाधनों या भूमि की कोई कमी नहीं है और राज्य सरकार इस क्षेत्र में निवेश आमंत्रित करने के लिए पूर्णत: तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल में हुई भारी बारिश के दौरान वह स्वयं और प्रदेश सरकार के मंत्री प्रभावित स्थलों के दौरे पर रहे और बर्फबारी के कारण चंद्रताल में फंसे 300 से अधिक पर्यटकों और अन्य स्थानों से लगभग 70 हजार पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में आने वाले सभी पर्यटकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने हिमाचल पवेलियन का शुभारम्भ भी किया। इस पवेलियन में विशेष रूप से हिमाचली व्यंजनों पर आधारित बोटी धाम का प्रबंध किया गया है। इसके उपरांत, मुख्यमंत्री ने इंडियन एक्सपो मार्ट लिमिटेड (आईईएमएल) और होटल उद्योग के सदस्यों के साथ भी बैठक की। इस अवसर पर राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार और उद्यमियों के दृष्टिकोण पर चर्चा की गई। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के उपाध्यक्ष आर.एस. बाली कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने हिमाचल, विशेषकर कांगड़ा जिले के लिए प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि राज्य प्री-वेडिंग और वेडिंग डेस्टीनेशन के रूप में उभर रहा है। राज्य में अधिकांश स्थान अब यात्रा के लिए सुरक्षित हैं और केवल ब्यास नदी बेसिन ही भारी बारिश और बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। राज्य में सड़क बुनियादी ढांचे को बहाल करने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किए गए हैं। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार की योजनाओं की जानकारी प्रदान की। इंडियन एक्सपो मार्ट लिमिटेड (आईईएमएल) के अध्यक्ष राकेश कुमार ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक अमित कश्यप ने बताया कि हिमाचली व्यंजनों को लोकप्रिय बनाने के लिए निगम के होटलों और हिमाचल भवन में हिमाचली थाली परोसी जा रही है।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर पलटवार करते हुए कहा है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के हिमाचल दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, लोक निर्माण मंत्री व मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर साथ रहे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने जिला कुल्लू के साथ-साथ प्रदेश के विभिन्न भागों में भारी बारिश तथा बाढ़ के कारण हुए नुकसान बारे में केंद्रीय मंत्री को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पहले भी कुल्लू जिला का दौरा कर चुके हैं और लगभग 60 घंटे ग्रांऊड जीरो पर रहकर प्रभावित लोगों की मदद कर चुके हैं तथा उन्हें सभी तथ्यों और जिला कुल्लू में हुए नुकसान की पूर्ण जानकारी है। जब प्रदेश में बारिश कहर बरपा रही थी, तब मुख्यमंत्री आपदा के बीच रह कर फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटे रहे। वहीं, नेता प्रतिपक्ष आपदा की परवाह न करते हुए केवल मात्र अखबारों की सुर्खियों में बने रहने के लिए बयानबाजी करते रहे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के आग्रह पर ही केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी हिमाचल प्रदेश में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के लिए आए थे, ताकि वह अपनी आंखों से राज्य में हुए नुकसान की सही जानकारी ले सकें। दोनों मंत्रियों ने कहा कि जय राम ठाकुर इस संवेदनशील मुद्दे पर केवल और केवल राजनीति कर प्रदेश के लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं, जिसे उचित नहीं ठहराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से सड़कों की मरम्मत के लिए 400 करोड़ रुपए की राशि सीआरआईएफ में ही दी जा रही है, जबकि अलग से कोई राशि जारी नहीं की गई है। इसलिए नेता प्रतिपक्ष प्रदेश की जनता के सामने झूठ बोलने से परहेज ही करें। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राम सुभग सिंह को सेवा विस्तार देने के मामले पर मंत्रियों ने कहा कि उन्हें पीएमओ से पहले ही क्लीन चिट मिल चुकी है और अब उन पर कोई आरोप नहीं है। ऐसे में राम सुभग सिंह पर जय राम ठाकुर ओच्छी राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष को सलाह दी कि वह आपदा की इस घड़ी में राजनीति छोड़कर प्रदेश सरकार को अपना सकारात्मक सहयोग दें ताकि प्रभावित परिवारों की अधिक से अधिक सहायता की जा सके।
प्रधान सचिव, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले आरडी नजीम ने आज यहां बताया कि इस बार पूरे राज्य में धान की खरीद हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के माध्यम से ही की जाएगी। इससे किसानों को धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2203 रुपये प्रति क्विंटल का लाभ सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में धान की खरीद 3 अक्तूबर से 26 दिसंबर तक की जाएगी। धान की खरीद प्रदेश में 9 मंडियों, अनाज मंडी फतेहपुर, रियाली व मिलवां, जिला कांगड़ा, धौला कुआं, पावंटा साहिब, ़िला सिरमौर, मार्केट यार्ड नालागढ़, मलपुर, बद्दी, जिला सोलन तथा मार्केट यार्ड टकराला, रामपुर, ज़िला ऊना के माध्यम से की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों को द्धह्लह्लश्चह्य:// द्धश्चड्डश्चश्चश्च.ठ्ठद्बष्.द्बठ्ठ पोर्टल पर अपनी फसल का ब्यौरा भरने के उपरांत फसल बिक्री के लिए पंजीकरण करना होगा। इसके लिए पोर्टल 20 सितंबर, 2023 से खोल दिया जाएगा। किसानों को सही उपज की विक्रय राशि 48 घंटे के भीतर ऑनलाइन माध्यम से बैंक खाते में प्राप्त हो जाएगी।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि केंदीय्र मंत्री नितिन गडकरी संसद का महत्वपूर्ण सत्र छोड़ हिमाचल आए, पर दुर्भाग्यपूर्ण बात यह थी कि उस समय सचिव पीडब्ल्यूडी व ईएनसी पीडब्ल्यूडी मौके पर उपस्थित नहीं थे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को बार-बार उनको फोन करके जानकारी लेनी पड़ रही थी। अगर केंद्रीय मंत्री का सामान्य दौरा भी होता तो प्रोटोकॉल के मुताबिक उन को उपस्थित होना चाहिए। मुख्यमंत्री या मंत्री हो न हो पर अफसरों को इस मौके पर उपस्थित होना अनिवार्य है, क्योंकि सही मायने में कितना नुकसान हुआ है यह अफसर ही केंद्र मंत्री के समक्ष रख सकते हैं। जयराम ने कहा कि निरीक्षण के दौरान जो नुकसान का आकलन सामने आ रहा है वह 2500 करोड़ से ज्यादा होगा और केंद्र मंत्री ने आश्वासन दिया है कि सारा खर्च केंद्र वाहन करेगा, यह बहुत बड़ी बात है। कहा कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने प्रदेश में बरसात से हुए नुकसान का जायजा लेने के बाद सड़कों की मरम्मत के लिए 400 करोड़ रुपये देने की घोषणा की यह ऐतिहासिक है। इस राशि से फोरलेन, नेशनल हाईवे और तटीकरण का काम होगा। प्रदेश को यह राशि सेतु भारतम परियोजना और सेंट्रल रोड फंड (सीआरएफ) के तहत दी जा रही है। केंद्र सरकार प्रदेश में 12,000 करोड़ खर्चकर 68 टनलों का निर्माण कर रही है। 11 टनल 15 किलोमीटर लंबाई की बन चुकी हैं। 27 टनलों का निर्माण हो रहा है और 30 का निर्माण होना है। उन्होंने कहा कि बिजली महादेव रोप-वे का कार्य जल्द शुरू होगा और 15 अगस्त तक इसका अवार्ड कर दिया जाएगा। इस रोप-वे के निर्माण के लिए 250 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। इस रोप-वे से पर्यटन को काफी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि वे केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त करते हैं कि वे लोकसभा के महत्वपूर्ण सत्र छोड़ हिमाचल में बाढ़ के कारण हुए नुकसान का जायजा लेने आए। जयराम ने राम सुभाग सिंह की नियुक्ति के प्रश्न पर कहा कि इस पर मुख्यमंत्री सुक्खू को बोलना चाहिए क्योंकि उन्होंने विधानसभा सत्र के दौरान इन पर खूब भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। सिंह को प्रधान सलाहकार बनाने की सुक्खू को क्या मजबूरी रही है। एसे अनेक अधिकारी हैं जिनके काम पर प्रश्नचिन्ह लगे हैं।
धर्मशाला के कचहरी बाजार और ढगवार में खोले क्षेत्रीय विधायक कार्यालय, नरवाणा हेरिटेज में काटा 52 किलो का केक निर्धन परिवारों को आर्थिक मदद देकर साकार किया 'जनता ही जनार्दन' का स्लोगन हजारों समर्थक एक साथ बोले, सुधीर ही सुधार देश भर में चर्चित 'जनता ही जनार्दनÓ के स्लोगन को साकार करते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं धर्मशाला से विधायक सुधीर शर्मा ने अपना 52वां जन्मदिन गरीब जनता को समर्पित कर दिया। बुधवार को दिग्गज कांग्रेस नेता सुधीर शर्मा ने अपना जन्मदिवस पूरी सादगी के साथ मनाया। नरवाणा हेरिटेज में मुख्य कार्यक्रम में सुधीर शर्मा ने 101 निर्धन परिवारों को आर्थिक मदद देकर नई परिपाटी की शुरूआत की। इस दौरान सुधीर शर्मा ने हजारों समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि उनका जीवन निर्धन जनता को समर्पित है। कार्यक्रम में उन्होंने अति निर्धन परिवारों को आर्थिक मदद देने के अलावा सैकड़ों बच्चियों को सिलाई मशीनें दीं, ताकि वे आत्मनिर्भर हों सकें। कार्यक्रम में समर्थकों ने खासतौर पर उनके लिए 52 किलो का केक बनाया था। सुधीर शर्मा ने कहा कि बरसात की आपदा के चलते वह अपना जन्मदिवस धूमधाम से नहीं मना रहे। इस पर हजारों समर्थकों ने 'सुधीर ही सुधारÓ के जोरदार नारे लगाए। इस दौरान मेहमानों को पारंपरिक धाम परोसी गई। नरवाणा में कार्यक्रम के बाद सुधीर शर्मा ने धर्मशाला के कचहरी बाजार में कांग्रेस पार्टी का एक और क्षेत्रीय विधायक कार्यायल खोला। इस आफिस में आमजन अपनी समस्याएं बता सकेगा। तदोपरांत उन्होंने धर्मशाला के निचले क्षेत्र की पंचायत ढगवार में एक और क्षेत्रीय विधायक कार्यालय खोला। इन दफ्तरों का मकसद यह है कि शहर व गांव के लोग निकटवर्ती क्षेत्रों में अपनी समस्याएं रख सकें। इन दफ्तरों से सुधीर शर्मा तीन पट्टियों में बसे धर्मशाला हलके की जनता के और करीब होंगे। मसलन दाड़ी आफिस में चामुंडा, टंग, नरवाणा, योल आदि इलाकों को सुविधा मिलेगी तो धर्मशाला आफिस में शहर के लोग अपना दर्द बता सकेंगे। ढगवार वाले आफिस में निचले क्षेत्रों की 20 पंचायतों के लोग अपनी समस्याएं रख पाएंगे। ऐसे में धर्मशाला की जनता के लिए तीन आफिस हो गए हैं। दिन भर बधाइयों का दौर सुधीर शर्मा को अल सुबह से बधाइयों का दौर शुरू हो गया। उन्हें फेसबुक, टिवटर, व्हट्ऐप, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, हाइक आदि सोशल मीडिया पर बधाइयों का दौर शुरू हो गया। समर्थक अपने अपने तरीकों से उन्हें टैग करके बधाई दे रहे थे। कई लोगों ने सुधीर शर्मा के स्लोगन सुधीर ही सुधार और जनता ही जनार्दन को टैग करके पोस्ट डालीं। स्मार्ट सिटी है सबसे बड़ी देन शांत स्वभाव के सुधीर शर्मा जितने कम शब्द बोलते हंै, उनका एक्शन उतना ही जोरदार होता है। हिमाचल को स्मार्ट सिटी सरीखा बड़ा प्रोजेक्ट देने वाले सुधीर शर्मा का जन्म बैजनाथ में 2 अगस्त 1972 को हुआ था। वह हिमाचल के दिवंगत फायर ब्रांड लीडर संतराम शर्मा के सुपुत्र हैं। वह बैजनाथ में साल 2003 और 2007 में विधायक रहे। साल 2012 में उन्होंने धर्मशाला में एंट्री की। जीतने के बाद उस समय बतौर शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा के कार्यकाल में धर्मशाला में रोप-वे, स्मार्ट सिटी, ट्यूलिप गार्डन, आईटी पार्क जैसे बड़े प्रोजेक्ट चर्चाओं में आए,तो पूरे देश में उनकी चर्चा होने लगी। सुधीर शर्मा विधानसभा में पूरे हिमाचल कसे संबंधित मसले उठाते हैं। सुधीर शर्मा की बदौलत धर्मशाला में स्मार्ट सिटी के 75 प्रोजेक्टों पर काम चल रहा है। धर्मशाला में मुख्य सचिव, जी-20 व महिला सांसदों के बड़े इवेंट हुए हैं। शहर और गांव बनाने हैं स्मार्ट मौजूदा समय में सुधीर शर्मा ने धर्मशाला के गांवों में 12 नए प्ले ग्राउंड बनाने का टारगेट लिया है। नाबार्ड के तहत 5 बड़ी सडक़ों का काम चल रहा है। पास्सू में 12 जुलाई 2021 को बही सडक़ काम तेज हुआ है। पास्सू में ही एक पुल पूरा हो चुका है। सब्जी मंडी और ओबीसी भवन का काम तेज हुआ है। मांझी खड्ड के तटीकरण का काम चल रहा है। मकलोडगंज से सटे गांवों को लिंक रोड बन रहे हंै। धर्मशाला मे ग्रीन स्पेस बढ़ाया जा रहा है। धर्मशाला शहर में स्मार्ट रोड, सिटी पैसेंजर सिस्टम, स्मार्ट बस अड्डे समेत कई दफ्तरों को नया लुक मिला है। ढगवार में पुराने मिल्क प्लांट को ढाई सौ करोड से नया लुक दिया जा रहा है। मसरेहड़ और ढगवार के लिए पौने तीन करोड़ से सडक़ बन रही है।
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला ग्राम पंचायत लाना चैता के उप प्रधान गुमान सिंह ग्राम रामपुर का हिमसोना टमाटर आज सब्जी मंडी दिल्ली में एक क्रेट का रिकॉर्ड 7200 रुपये दाम मिले है, जिसकी विडियो सोशल मिडिया पे बहुत वायरल हो रही है। हिमसोना टमाटर के अलावा अन्य टमाटर का क्रेट 4000 रुपये तक बिका है। इससे पहले टमाटर का एक क्रेट सबसे ज्यादा 2600 रुपये बीते सप्ताह सब्जी मंडी दिल्ली में बिका था। मगर अब टमाटर के महंगा बिकने का यह नया रिकॉर्ड बना है। इससे किसानों के चेहरे पर भी लाली आ गई है। सब्जी मंडी दिल्ली के आढ़तियों की मानें तो आने वाले दिनों में भी टमाटर के दामों में तेजी रहने की संभावना है।
हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ खंड डाडा सीबा का त्रिवार्षिक चुनाव बुधवार को स्थानीय राजकीय बरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डाडा सीबा में बुधवार को संपन्न हुआ। इसमें चुनाव प्रक्रिया की अध्यक्षता सेवानिवृत्त प्रवक्ता दिलीप कुमार ने की। बैठक में सर्वसम्मति से संघ की नई कार्यकारिणी का चयन किया गया। इसमें अश्वनी सपेहिया की शानदार कार्यशैली को देखते हुए उन्हं लगातार चौथी बार सर्वसम्मति से संघ की खंड डाडा सीबा इकाई का प्रधान चुना गया, जबकिजसबीर सिंह को वरिष्ठ उप प्रधान, मंजीत सिंह पटियाल को कोषाध्यक्ष व पंकज सिंह चौहान को प्रेस सचिव बनाया गया। इस चुनाव में ब्लाक खंड के दूर-दूर से आए अध्यापकों ने भाग लिया। प्रधान अश्विनी सपेहिया ने कहा कि अध्यापकों से संबंधित जो भी समस्याएं होंगी, उनको हल करने के लिए प्रमुखता से कदम उठाए जाएंगे।
हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व हिमाचल प्रदेश के पूर्व कर्मचारी नेता हरिओम भनोट ने प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों के मसलों को हल करने के लिए प्राथमिक कार्य करें। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों व पेंशनर्स के अनेक मामलें ऐसे हैं जिनका वादा तो किया गया, लेकिन अभी तक कोई हल नहीं हुए। हरिओम भनोट ने कहा कि वर्तमान समय में यहां हमारी मांग है कि सरकार कर्मचारियों के सब मसलों को हल करें, आउटसोर्स व अन्य कर्मचारियों को निकाला जा रहा है, उनको लेकर के निर्णय करें, ताकि नौकरी किसी की ना जाए। वहीं वर्तमान समय में सबसे अधिक प्राथमिकता सरकार बाढ़ पीड़ित क्षेत्रों को, बारिश से प्रभावित क्षेत्रों को दें। भनोट ने कहा कि हम सब साथ हैं, इस समय राहत कार्य तेजी से हो जो भी राहत के लिए किया जाना है उसको किया जाए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूर्ण सहयोग प्रदेश को कर रही है यही कारण है कि प्रदेश को 461 करोड़ से ज्यादा की राशि आपदा प्रबंधन के लिए दी जा चुकी है और भी मदद केंद्र सरकार देगी। और केंद्र सरकार से किस प्रकार से मदद करवाई जा सकती है इसके लिए भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, भाजपा के राज्य अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल व पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल सहित सभी नेता प्रयास कर रहे हैं कि केंद्र सरकार अधिक से अधिक मदद हिमाचल प्रदेश की करें। भनोट ने कहा की दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जिस प्रकार से केंद्र सरकार हिमाचल को राहत दे रही है ऐसे में प्रदेश की सरकार को केंद्र का आभार व्यक्त करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम तो कह रहे हैं कि प्रदेश की सरकार अधिक से अधिक प्रयास करें ताकि केंद्र की ओर से अधिक से अधिक मदद मिले, लेकिन यह मदद लोगों तक पहुंचने चाहिए, लोगों के जनजीवन पर असर पड़ा है उससे उभारने के लिए प्रयास होने चाहिए। उन्होंने कहा कि हालांकि आज के समय में कर्मचारियों के मसले ऐसे हैं जिनका हाल होना चाहिए, कर्मचारियों की समस्याएं बहुत है, कर्मचारी धरना प्रदर्शन करने के लिए विवश हो रहे हैं, नौकरियों से लोगों को निकाला जा रहा है, सर्विस सिलेक्शन बोर्ड भंग किया वह नया नहीं बना 100 दिन के अंदर ,पुराने परिणाम नहीं आ रहे हैं, नौजवानों में रोष है, यह सब कार्य भी प्राथमिकता पर हो पर वर्तमान समय में सरकार को अग्रिम मोर्चे पर रहकर बारिश से हुए नुकसान की भरपाई की ओर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसान व बागवान के हित के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से सेब का सीजन है,बागवानी पर आर्थिक अटकी हुई है,सरकार कि नालायकी है कि इस समय जब सेब की खरीद होनी है, सेब को लेकर के काम किया जाना है, बारिश ने नुकसान किया ही दिक्कत की लेकिन सरकार की भी नीति नहीं है, सरकार इस मसले पर विफल साबित हो रही है और बागवान परेशान हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में सरकार को अब राहत देने के लिए काम करना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस महामंत्री संगठन रजनीश किमटा ने कहा है कि चौपाल क्षेत्र में जल्द ही बंद पड़ी ग्रामीण संपर्क सड़कों को बहाल कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस क्षेत्र में क्षतिग्रस्त सड़कों की मुरम्मत के लिये एक करोड़ की राशि लोक निर्माण विभाग को व 15 लाख ब्लॉक को ग्रामीण सड़कों की बहाली के लिए जारी किए है। आज उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी चौपाल ,नेरवा व अन्य क्षेत्रों का दौरा किया ।उपायुक्त ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को वर्षा से प्रभावित ग्रामीण सम्पर्क सड़कों की जल्द बहाली के आदेश दिए हैं। किमटा ने उपायुक्त से वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़कों, रिहायशी घरों व अन्य के नुकसान की जानकारी देते हुए बताया कि इस क्षेत्र के अधिकतर लोगों का व्यवसाय बागवानी व खेतीबाड़ी है। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के चलते लोगों के खेतों को भी भारी नुकसान पहुंचा हैं। फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। उन्होंने उपायुक्त से प्रभावित लोगों की जल्द मदद का आग्रह किया। किमटा ने बताया कि जल्द ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू चौपाल क्षेत्र का दौरा भी करेंगे। उन्होंने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से इस बारे आग्रह किया था,जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया हैं। किमटा ने कहा कि चौपाल विधानसभा क्षेत्र में विकास की गति को तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भले ही इस क्षेत्र से उन्हें चुनाव में जीत हासिल नही हुई बाबजूद इसके लोगों की समस्याओं को दूर करना व जन सेवा करना उनकी राजनीति का मुख्य उद्देश्य हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के युवाओं को यहां रोजगार के अवसर प्राप्त हो इसके लिए यहां लघु उद्योगों की स्थापना पर भी विचार किया जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में लघु उद्योगों को बढ़वा देने के लिये एक बड़ी कार्य योजना पर मंथन कर रही है जिससे प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
मुख्य संसदीय सचिव ने अर्की में किया जनसमस्याओं का निपटारा मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य तथा सूचना एवं जन संपर्क विभाग) संजय अवस्थी ने कहा कि जन समस्याओं का समयबद्ध निकारण और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य एवं सड़क सुविधा उपलब्ध करवाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। संजय अवस्थी आज सोलन ज़िला के अर्की स्थित लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनने के उपरांत अधिकारियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर विभिन्न जन समस्याएं सुनी और अधिकारियों को इनके शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए। संजय अवस्थी ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए कार्यरत है। उन्होंने कहा कि निराश्रित बच्चों एवं बेसहारा महिलाओं इत्यादि के लिए सुखाश्रय योजना आरंभ की गई है। योजना के तहत जहां पात्र बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाया जाएगा वहीं बेसहारा महिलाओं इत्यादि के बेहतर जीवनयापन की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि अपने-अपने क्षेत्र में सुखाश्रय योजना के पात्रों को चिन्हित कर इसकी जानकारी उपमण्डलाधिकारी कार्यालय तक पहुंचाएं ताकि इन्हें सहायता प्रदान की जा सके। मुख्य संसदीय सचिव ने कहा कि ग्रामीण आर्थिकी को संबल प्रदान करने और पशुपालकों की सहायता के लिए 500 करोड़ रुपये की हिम गंगा योजना आरंभ की जा रही है। इससे जहां पशुपालकों को दूध का उचित मूल्य प्राप्त होगा, वहीं दुग्ध विपणन श्रृंखला में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के लिए कर्मचारी बहुमूल्य हैं। उनके और उनके परिजनों के सुरक्षित बुढ़ापे के दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने सभी लगभग 1.80 लाख एनपीएस कर्मियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल कर दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अगले चार वर्षों में हिमाचल प्रदेश को समृद्ध राज्य बनाने के लिए संकल्पित है। संजय अवस्थी ने कहा कि भारी वर्षा के कारण हाल ही में अर्की विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश में व्यापक नुकसान हुआ है। इन परिस्थितियों में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अत्यन्त संवेदनशीतला के साथ सभी की सुरक्षा सुनिश्चित बनाई है। उन्होंने आग्रह किया कि संकट की इस घड़ी में प्रदेश सरकार का साथ दें और मुख्यमंत्री राहत कोष में उदारतापूर्वक अंशदान करें। इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता अमर चंद पाल, नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष अनुज गुप्ता, खण्ड कांग्रेस समिति की उपाध्यक्ष देव कली, महासचिव जगदीश और कमलेश शर्मा, नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष सीमा देवी, बीडीसी सदस्य शशिकांत, उप पुलिस अधीक्षक दाड़लाघाट संदीप शर्मा, तहसीलदार अर्की रमन ठाकुर सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
स्वास्थ्य मंत्री ने ममलीग में किया तृतीय वन महोत्सव का शुभारंभ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, समाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने युवाओं का आह्वान किया है कि रोपित किए गए पौधों की देखभाल शिशु की तरह करें ताकि पौधे स्वस्थ वृक्ष का आकार लेकर हम सब की सुरक्षा के प्रहरी बन सकें। डॉ. शांडिल ने आज सोलन जिला के कंडाघाट विकास खंड की ग्राम पंचायत ममलीग में चिनार का पौधा रोपित कर क्षेत्र के तृतीय वन महोत्सव का शुभारंभ किया। डॉ. शांडिल ने कहा कि रोपित किए गए पौधों की उचित देखभाल आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पौधों को सुरक्षा के साथ-साथ निर्धारित समय पर खाद-पानी दिया जाना चाहिए। सुरक्षा के साथ ही पौधे वृक्ष का आकार ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण में वृक्षों की भूमिका से हम सभी परिचित हैं। पौधरोपण के माध्यम से ही वन भूमि का दायरा बढ़ाकर भू एवं भू-जल का संरक्षण किया जा सकता है और पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे भूस्खलन के खतरे को न्यून करते हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वर्तमान में भारी वर्षा के कारण आई आपदा में भूस्खलन से प्रदेश को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। चिन्हित क्षेत्रों में वनाच्छादित भूमि से भूस्खलन के खतरों को कम किया जा सकता है। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों सेे मानसून के दौरान बड़ी संख्या में पौधारोपण करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जन्मदिवस और घर में मनाए जा रहे त्यौहार पर एक पौधा अवश्य रोपित करना चाहिए और लगाए गए पौधे की देखभाल भी करनी चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री ने इस अवसर पर उप-तहसील के लिए उपलब्ध भूमि का निरीक्षण भी किया। उन्होंने नायब तहसीलदार ममलीग को इस भूमि पर नायब तहसीलदार आवास निर्माण की सम्भावनाएं तलाशने के निर्देश दिए। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारी को निर्देश दिए कि इस कार्य के लिए लोक निर्माण विभाग के साथ आपसी समन्वय स्थापित कर शीघ्र प्राकलन तैयार करें। उन्होंने निर्देश दिए कि ममलीग में उप कोषागार निर्माण के सम्बन्ध में उचित कार्यवाही अमल में लाई जाए। इस अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के विद्यार्थियों, स्थानीय पंचायत के प्रतिनिधियों तथा ग्रामीणों ने चिनार, जडीनू, रीठा व बहेड़ा के लगभग 100 पौधे रोपित किए। डॉ. शांडिल ने इस अवसर पर स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनी और संबंधित अधिकारियों के इनके निपटारे के निर्देश दिए। खंड कांग्रेस समिति के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, ग्राम पंचायत काहला की प्रधान रीता देवी, ग्राम पंचायत ममलीग के उप प्रधान संदीप ठाकुर, ग्राम पंचायत ममलीग के पूर्व उप प्रधान अजय ठाकुर, वन मण्डलाधिकारी सोलन कुनाल अंगरीश, सहायक अरण्यपाल सोलन चंद्रिका शर्मा, खंड विकास अधिकारी नरेश शर्मा, खंड चिकित्सा अधिकारी सायरी डॉ. अल्पना कौशल, वन परिक्षेत्र अधिकारी दिनेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी अन्य गणमान्य व्यक्ति व ग्रामीण उपस्थित थे।
उपनिदेशक पशु स्वास्थ्य/प्रजन्न किन्नौर अशोक सैणी ने आज यहां जानकारी देते हुए बताया कि जिला में लम्पी चमड़ी रोग के उपचार के लिए जिला प्रशासन के निर्देशानुसार विभाग द्वारा विशेषज्ञ चिकित्सकों के नेतृत्व वाली तीन टीमों का गठन किया गया जिसके तहत जिला के विभिन्न स्थानों में लम्पी वाईरस से ग्रसित पशुओं का उपचार सुनिश्चित किया गया। उन्होंने बताया कि जिला में 22 से 31 जुलाई तक विभिन्न स्थानों में शिविरों का आयोजन किया गया जिसमें 2895 पशुओं का निरीक्षण किया गया, 503 पशुओं का उपचार किया गया तथा 7 पशुओं के रक्त सैंपल लिए गए। इसके अतिरिक्त 113 भेड़ों का इलाज किया गया, 23 बांझपन व शल्य चिकित्सा उपचार किया गया। उन्होंने बताया कि इस दौरान 43 जागरुकता शिविरों का आयोजन किया गया जिसके माध्यम से लोगों को लम्पी वाईरस के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई तथा इस वाइरस के दौरान बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों से भी लोगों को अवगत करवाया गया। इसके अतिरिक्त लोगों को पशुओं में इस बीमारी के रोकथाम करने बारे उपाय भी बताए गए।
पुलिस पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन जिला सोलन की त्रैमासिक बैठक अध्यक्ष धनीराम तंवर की अध्यक्षता में पुराने डीसी ऑफिस सोलन में आयोजित की गई। बैठक में सर्वप्रथम प्रदेश के उन व्यक्तियों व उनके परिवारों के प्रति संवेदना व शोक प्रकट किया गया, जिन्होंने इस त्रासदी में अपना सब कुछ गवां दिया। जान माल का बहुत नुकसान हुआ। प्रदेश सरकार को भी करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है, जिसके लिए पहले ही पुलिस पेंशनर्स ने 1 दिन की पेंशन आपदा कोष में देने का फैसला किया है। सभी सदस्यों ने एकमत से कहा कि यह वक्त इस आपदा घड़ी में अपनी पेंशन के वित्तीय लाभ मांगने का नहीं है। जब प्रदेश के हालात सामान्य हो जाएंगे तो सरकार हमारे वित्तीय लाभ के बारे में जरूर सोचेगी। आयोजित बैठक में पुलिस महानिदेशक से आग्रह किया गया कि जो हमारी पुरानी मांगें पेंडिंग पड़ी है, उन पर विचार किया जाए और जो विभाग के करने की नहीं होगी उसे सरकार द्वारा पूरा करने की कोशिश की जाए। एसोसिएशन ने जिला सोलन के नवनियुक्त एसपी सोलन से मुलाकात की और उन्हें सम्मानित करके एक ज्ञापन भी दिया गया। ज्ञापन द्वारा मांग की गई कि कुनिहार शहर एक बहुत बड़ा व्यापारी केंद्र है । जहां पर ट्रैफिक बहुत बड़ी समस्या है । क्योंकि इसी स्थान से मनाली, शिमला, रोपड़, नालागढ़, धर्मपुर, सोलन के लिए गाड़ियों का आना जाना होता है। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले भी कुनिहार विकास सभा की ओर से यह आग्रह किया था कि जब यहां पर पुलिस चौकी हुआ करती थी तब भी एक हेड कांस्टेबल व 3 जवान ट्रैफिक के लगे थे। मगर अब पुलिस थाना बनने पर कोई भी ट्रैफिक स्टाफ नहीं है, जबकि वहां 3 पॉइंट जरूरी है जहां ज्यादा ट्रैफिक व पैदल लोगों का आना जाना है और कई प्राइवेट स्कूल सडक के किनारे हैं। एसोशिएशन ने मांग करते हुवे कहा कि जनहित को देखते सिविल हॉस्पिटल कुनिहार, पुरानी पुलिस चौकी के समीप, और पुराना बस स्टैंड चौक में एक एक ट्रैफिक कांस्टेबल को युक्त किया जाए, ताकि कोई भी किसी प्रकार की अप्रिय घटना ना हो। अध्यक्ष धनीराम तनवर ने कहा कि एस पी सोलन ने हमारी मांगों पर जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया है। बैठक में संतराम चंदेल, पतराम पंवर, दीपराम, जगदीश चौहान, नेकीराम, पुष्पा सूद, बीना चौहान, आशा राणा, जसबीर सिंह, सतपाल शर्मा, वेद प्रकाश, नगेंद्र ठाकुर, ओमप्रकाश, केके शर्मा, रतिराम शर्मा, दौलतराम जयलाल, रामआसरा, अबतार, इत्यादि मौजूद रहे।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री तथा जिला सोलन राहत एवं पुनर्वास समिति के अध्यक्ष अनिरुद्ध सिंह 3 व 4 अगस्त को सोलन जिला के प्रवास पर आ रहे हैं। अनिरुद्ध सिंह 3 अगस्त को प्रात: 11.00 बजे लोक निर्माण विभाग के अर्की स्थित विश्राम गृह में विभिन्न विभागों के कार्यालय अध्यक्षों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में भारी वर्षा के कारण हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा। ग्रामीण विकास मंत्री तदोपरांत दोपहर 1.00 बजे बखालग-चांदपुर-सेरी-सांगली-पौघाटी-मंज्याट-गम्भरपुर-मान-बवासी-जाबल मार्ग पर भारी वर्षा से हुए नुकसान का जायजा लेंगे। वह सायं 3.30 बजे नालागढ़ उपमंडल में दभोटा पुल, सायं 4.00 बजे खेड़ा-नैनोवाल पुल, सायं 4.30 बजे बद्दी टोल नाका पुल का निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लेंगे। अनिरुद्ध सिंह इसके उपरांत सायं 4.50 बजे बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ औद्योगिक संघ के झाड़माजरी बद्दी स्थित हॉल में स्थानीय प्रशासन एवं अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर आपदा के कारण हुए नुकसान का आकलन करेंगे। पंचायती राज मंत्री 4 अगस्त को प्रात: 11 बजे सोलन ज़िला के प्राथा में, दिन में 12.15 बजे चक्की मोड़, दोपहर 12.40 बजे सूजी गांव, दिन में 01.00 बजे सिहारड़ी 1.20 बजे धर्मपुर-कंडा मार्ग तथा दिन में 2.15 बजे शामती-सोलन वाया सुल्तानपुर मार्ग पर भारी वर्षा के कारण हुई क्षति का जायजा लेंगे। तदोपरांत सायं 4.00 बजे उपायुक्त कार्यालय सोलन के सम्मेलन कक्ष में जिला प्रशासन तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करेंगे। ग्रामीण विकास मंत्री इसी दिन सायं 5.45 बजे साधुपुल-कंडाघाट मार्ग पर आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे।
युवाओं को अब रोजगार कार्यालय में ऑनलाईन पंजीकरण की सुविधा प्राप्त हो गई है। अब युवा रोजगार कार्यालय में अपना नाम ऑनलाईन दर्ज करवा सकेंगे। यह जानकारी जिला रोजगार अधिकारी सोलन संदीप ठाकुर ने दी। संदीप ठाकुर ने कहा कि नाम दर्ज करवाने कि ऑनलाईन सुविधा प्राप्त होने से युवाओं को अपने दस्तावेज जमा करवाने के लिए रोज़गार कार्यालय नहीं आना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोज़गार कार्यालय में ऑनलाईन पंजीकरण के लिए द्धह्लह्लश्च://द्गद्गद्वद्बह्य.द्धश्च.ठ्ठद्बष्.द्बठ्ठ/ पर जाना होगा और लॉगईन कर अपने स्वयं प्रमाणन (सेल्फ अटेस्टेड) संबन्धित दस्तावेजों को अपलोड कर ऑनलाईन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए कार्यालय के दूरभाष नम्बर 01792-227242 पर संपर्क किया जा सकता है।
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर चक्की मोड के पास सड़क का करीब 40 मीटर हिस्सा ढह गया। वहीं, दूसरी ओर सड़क पर भारी मात्रा में भूस्खलन हो गया। जिससे देर रात 2:45 बजे से वाहनों की आवाजाही पर ब्रेक लग गई। सोलन पुलिस की ओर से वाहनों को वैकल्पिक मार्ग पर डायवर्ट किया गया है। मौके पर पुलिस की तैनाती की गई है। इसी के साथ वाहन चालकों के लिए रूट प्लान भी डाला गया है, ताकि वह आसानी से आवाजाही कर सकें। शिमला की ओर आने वाली दूध, ब्रेड समेत अन्य गाड़ियां आज नहीं पहुंचीं। वहीं वैकल्पिक मार्ग धर्मपुर-कसौली-परवाणू संकरा होने से जाम की समस्या बनी रही। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सोलन के प्रवक्ता ने बताया कि चक्की मोड के पास भूस्खलन से बंद नेशनल हाईवे को दोपहर 12:30 बजे छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया है तथा जिला प्रशासन के द्वारा यातायात में फंसे हुए यात्रियों के लिए पानी, बिस्कुट भेज दिए गए हैं। दोनों तरफ से यात्रियों के लिए बस की व्यवस्था कर दी गई है।
कांगड़ा जिला में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार निर्वाचक नामावली को शुद्ध एवं त्रुटि रहित व अपडेट बनाए रखने के उद्देश्य से फोटोयुक्त मतदाता सूचियों में सत्यापन का कार्यक्रम आरंभ किया गया है, यह कार्यक्रम 21 अगस्त, 2023 तक चलेगा। यह जानकारी देते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत बीएलओ अपने-अपने मतदान बूथों के अंतर्गत घर-घर जाकर प्रविष्टियों का सत्यापन करेंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सत्यापन कार्यक्रम में घर के मुखिया की सहायता से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि परिवार के सभी पात्र सदस्यों का नाम मतदाता सूची में दर्ज है तथा सभी सदस्यों का विवरण भी सही है। प्रविष्टि में अशुद्धि पाए जाने पर निर्वाचन विभाग प्रारूप-8 के माध्यम से कार्रवाई करेगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान 1 अक्तूबर, 2023 की अहर्ता तिथि के आधार पर मतदाता सूचियों में पंजीकरण के लिए छूटे हुए पात्र नागरिकों की पहचान कर उनके नाम को मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। अभियान के दौरान मतदाता सूचियों में खराब गुणवत्ता की फोटो की पहचान कर सम्बंधित मतदाता से नवीनतम रंगीन फोटो प्राप्त कर उन्हें अपडेट किया जायेगा। उन्होंने बताया कि एक से अधिक स्थान पर दर्ज मृत्यु व स्थायी रूप से स्थानांतरण या दोहरे पंजीकृत मतदाताओं की पहचान कर उनके नाम मतदाता सूची से अपमार्जिन करने हेतु उचित कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने बताया कि 1 जनवरी, 2024 की अहर्ता तिथि के आधार पर योग्य मतदाताओं के साथ-साथ ऐसे भावी मतदाता जो 1 अप्रैल, 2024, 1 जुलाई, 2024 तथा 1 अक्तूबर, 2024 को योग्य होंगे उनकी भी जानकारी प्राप्त की जाएगी। उन्होंने बताया कि दिव्यांग मतदाताओं की पहचान, मतदान केंद्र भवन की फोटो व जानकारी अपलोड करना तथा मतदान केंद्र की जनसंख्या की जानकारी प्राप्त की जाएगी। उन्होंने जिला के सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा मतदाता सूचियों के सत्यापन में अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करें।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि कसौली विधानसभा क्षेत्र की आवश्यकता के अनुरूप धर्मपुर में आवश्यक पदों के सृजन के उपरांत जल शक्ति विभाग का मंडल प्रथम जनवरी, 2024 से क्रियाशील कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री गत देर सायं परवाणू में 18.50 करोड़ रुपये की लागत से टर्मिनल मंडी परवाणू के उन्नयन, सुदृढ़ीकरण, संपर्क सड़क एवं पार्किंग का लोकार्पण करने के उपरांत विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री को इस अवसर पर आढ़ती एसोसिएशन परवाणू की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 11 लाख रुपये, गुरूद्वारा साहिब सिंह सभा परवाणू की ओर से 1,51,000 रुपये तथा परवाणू विकास मंच की ओर से 50 हजार रुपये का ड्राफ्ट भेंट किया गया। मुख्यमंत्री ने पीड़ित मानवता को राहत पहुंचाने के लिए दी जा रही धनराशि के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वर्ष 2016 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी एवं डाॅ. यशवंत सिंह परमार उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के कुलसचिव संदीप नेगी के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। संदीप नेगी का आज पीजीआई चण्डीगढ़ में निधन हो गया। वे 47 वर्ष के थे। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संदीप नेगी ने प्रदेश सरकार में विभिन्न प्रशासनिक पदों पर रहते हुए पूरी कुशलता के साथ अपनी सेवाएं प्रदान कीं। उन्होंने कहा कि उनके निधन से राज्य ने एक समर्पित भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी खोया है।
मुख्यमंत्री ने 28.38 करोड़ की लसेब एवं फल मंडी सोलन तथा टर्मिनल मंडी परवाणु का किया लोकार्पण मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज सोलन जिला में 28.38 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सेब एवं फल मण्ंडी सोलन तथा टर्मिनल मंडी परवाणु का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड एवं कृषि उपज मण्डी समिति सोलन के अंतर्गत सोलन में 9.88 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित सेब एवं फल मंडी सोलन का लोकार्पण किया। उन्होंने सोलन जिला के परवाणु में 18.50 करोड़ रुपये की लागत से टर्मिनल मंडी परवाणु के उन्नयन, सुदृढ़ीकरण, सम्पर्क सड़क एवं पार्किंग का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री को इस अवसर पर फल एवं सब्जी मंडी आढ़ती ऐसोसिएशन सोलन द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए सहयोग राशि के रूप में 11 लाख रुपये का चेक भेंट किया गया। उत्तराखंड भ्रातृ मंडल सोलन की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 51 हजार रुपये का चैक भेंट किया गया। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस अवसर पर सोलन तथा परवाणु में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार किसानों एवं बागवानों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए कृतसंकल्प है। राज्य सरकार क्षेत्र विशेष की परिस्थिति के अनुसार फल उत्पादन बढ़ाने के लिए फल केंद्र (हब) विकसित करने की ओर अग्रसर है। यह प्रयास किया जा रहा है कि राज्य में उच्च घनत्व फल पौधरोपण एवं सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली अपनाकर बागवानी का क्षेत्रफल बढ़ाया जाए। इससे बागवानों की आय में आशातीत वृद्धि होगी और प्रदेश की विविध जलवायु के अनुरूप फलों के विभिन्न किस्में उगाई जा सकेंगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश शिवा परियोजना के तहत प्रदेश में 6000 हैक्टेयर क्षेत्रफल में दो चरणों में बागवानी विकास सुनिश्चित किया जाएगा। 1292 करोड़ रुपये की इस परियोजना से 15 हजार से अधिक बागवान परिवार लाभान्वित होंगे। यह परियोजना प्रदेश के 07 जिलों सोलन, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सिरमौर और ऊना में कार्यान्वित की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तहत संतरा, अमरूद, अनार, लिची, प्लम, परसीमन, आम इत्यादि के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस वर्ष भारी बारिश के कारण प्रदेश को व्यापक स्तर पर नुकसान हुआ है। राज्य सरकार एक ओर जहां मूलभूत सुविधाओं को युद्ध स्तर पर बहाल कर रही है, वहीं आमजन को निश्चित समयावधि में राहत पहुंचाई जा रही है। आपदा में घिरे लोगों की सहायता के लिए प्रदेश सरकार ने फौरी राहत को बढ़ा कर एक लाख रुपये किया है। नष्ट फसलों की एवज में अब तीन हजार रुपये प्रति कनाल प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से हिमाचल को इस आपदा से उबारा जायेगा। कसौली सेे विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने परवाणु में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए टर्मिनल मण्डी के विधिवत शुभारम्भ के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के संवेदनशील नेतृत्व में प्रदेश सफलता के साथ आपदा से उभर रहा है। मुख्यमंत्री की कुशल कार्यप्रणाली को हाल ही में विश्व बैंक द्वारा भी सराहा गया है। मुख्य संसदीय सचिव राम कुमार चौधरी एवं संजय अवस्थी, चिंतपूर्णी से विधायक सुदर्शन बबलू, नगर निगम सोलन की महापौर पूनम ग्रोवर, उप महापौर राजीव कौड़ा, पार्षदगण, प्रदेश कांग्रेस समिति के उपाध्यक्ष राहुल सिंह ठाकुर, सुरेन्द्र सेठी, एपीएमसी सोलन के पूर्व अध्यक्ष रमेश ठाकुर, जिला कांग्रेस समिति के अध्यक्ष शिव कुमार, बघाट बैंक के अध्यक्ष अरुण शर्मा, जोगिन्द्रा बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, कांग्रेस पार्टी के अन्य पदाधिकारी, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि, उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह, बागवान, आढ़ती तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
डीसी ने स्मार्ट सिटी के लंबित कार्यों को पूर्ण करने के दिए निर्देश उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने धर्मशाला में स्मार्ट सिटी के तहत लंबित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। इस बाबत मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय परिसर में एनआईसी के सभागार में स्मार्ट सिटी के निर्माण कार्यों को लेकर उपायुक्त डा निपुण जिंदल की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त ने कहा कि धर्मशाला कॉलेज-स्टेडियम रोड पर नाइट फूड स्ट्रीट के रूप में विकसित किया जाएगा इसमें उपलब्ध स्थान में अधिक से अधिक स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को समायोजित करने के लिए कारगर कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं तथा आसपास के क्षेत्रों में सभी स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को इस स्थान पर समायोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बस स्टैंड से लेकर शिक्षा बोर्ड तक स्मार्ट रोड प्रोजेक्ट को समयबद्व पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं इसमें बस स्टैंड से गांधी पार्क (सड़क के घाटी की ओर), मैक्सिमस मॉल से गांधी पार्क और आईपीएच कार्यालय से जोनल अस्पताल गेट तक स्मार्ट रोड पर अतिक्रमण को हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग के माध्यम से नोटिस जारी करने का निर्देश दिए गए हैं इसके साथ ही कचहरी अड्डा में वन भूमि पर अतिक्रमण तथा कैंची मोड़ से बस स्टैंड तक स्मार्ट रोड के सीमांकन पर चर्चा की गई। धर्मशाला स्मार्ट सिटी प्रबंधन को 10 दिनों के भीतर एनएच पीडब्ल्यूडी और राजस्व विभाग के समन्वय से सीमांकन करवाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्मार्ट रोड स्ट्रेच के साथ सभी क्रॉसिंग की पहचान की जाएगी तथा इस कार्य के निष्पादन की योजना नगर निगम, स्मार्ट सिटी, एचपीपीडब्ल्यूडी, विद्युत, पुलिस विभाग के समन्वय से बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि हटाए जाने वाली ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइनों और मौजूदा इलेक्ट्रिक पोल के मुद्दे पर चर्चा की गई और यह निर्देश दिया गया कि एचपीएसईबीएल चरणबद्ध तरीके से शटडाउन की योजना बनाएगी यह कार्य छुट्टियों के दौरान किया जाए, ताकि सरकारी कार्यालयों का नियमित काम बाधित न हो। उपरली धार धर्मशाला में ग्राउंड माउंटेड सोलर पावर प्लांट के निर्माण पर चर्चा की गई। डीसी ने निर्देश दिया कि डीएमसी को भूमि हस्तांतरण का मामला शुरू किया जाए। इससे पहले आयुक्त नगर निगम अनुराग चंद्र ने स्मार्ट सिटी के तहत चल रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर स्मार्ट सिटी के विभिन्न अ


















































