आजादी के अमृत महोत्सव के तहत 'मेरी माटी, मेरा देशÓ अभियान 9 से 15 अगस्त तक प्रदेश भर में आयोजित किया जा रहा है। आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला उल्लांसा की एनएसएस इकाई द्वारा पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्कूल के एनएसएस इकाई द्वारा देशभर में हमारे अमर बलिदानियों की याद में आज मेरी माटी, मेरा देश अभियान के तहत नाग मंदिर परिसर उल्लांसा के आस-पास के स्थानों पर पौधरोपण किया गया। इकाई द्वारा देवदार, कैल, अखरोट व अन्य अलग-अलग किस्मों के 75 पौधे लगाए गए। स्कूल के प्रधानाचार्य कुलभूषण कुमार ने जानकारी देते हुए कहा कि इस मौके पर एनएसएस इकाई के बच्चों द्वारा शपथ भी ली गई कि हमारे द्वारा लगाए गए सभी पौधों की अच्छी देखभाल करेंगे। इस अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला उल्लांसा के प्रधानाचार्य कुलभूषण कुमार एन एस एस अधिकारी संजय शर्मा, नरेंद्र, विशाल, विजेंद्र सिंह व स्टाफ के अन्य सदस्य मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त वन विभाग के कर्मचारी व अधिकारी व पंचायत के वरिष्ठ नागरिक व स्वयंसेवियों ने विशेष तौर पर हिस्सा लिया।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने एक बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के सभी वैधानिक अधिकारी, डीन, निदेशक, अध्यक्ष और विभागों के प्रमुख उपस्थित थे। कुलपति ने इस महीने के तीसरे सप्ताह से शुरू होने वाले नए सत्र से पहले तैयारियों का जायजा लिया। एनईपी-2020 और मान्यता और रैंकिंग की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए एक विस्तृत रोड मैप की योजना बनाई गई और उस पर चर्चा की गई। प्रोफेसर बंसल ने संकाय और छात्रों के लिए इंडक्शन कार्यक्रम, व्याख्यान श्रृंखला, परामर्श सेवाएं, संकाय विकास कार्यक्रम सहित विभिन्न गतिविधियों पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल आधार पर डीन रिसर्च का एक पद सृजित करने का निर्देश दिया, जो विश्वविद्यालय और आईपीआर के सभी अनुसंधान मामलों की देख रेख करेगा। कुलपति ने अधिकारियों को विश्वविद्यालय के अंतर्राष्ट्रीयकरण और एमओयू मामलों के लिए निदेशकों के अलग-अलग पद रखने का भी निर्देश दिया। उन्होंने आगे कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय कैंपस में अच्छी संख्या में अंतरराष्ट्रीय छात्र होने चाहिए। प्रो.बंसल ने प्लेसमेंट सेल को मजबूत करने का निर्देश दिया और इस सेल को छात्रों के प्लेसमेंट में विभागों को सुविधा प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागों को छात्रों को अच्छे पैकेज के साथ अच्छी कंपनियों में नौकरी दिलाने के लिए विभिन्न प्लेसमेंट ड्राइव और पूर्व छात्र बैठकें आयोजित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने विभागों को अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार करने का निर्देश दिया और विभागों से थीसिस की मध्यावधि समीक्षा करने को भी कहा ताकि विषय की नवीनता सुनिश्चित की जा सके। आचार्य बंसल ने डीन ऑफ स्टडीज से उन्नत और धीमी गति से सीखने वाले छात्रों की पहचान करने के लिए एक संपूर्ण योजना तैयार करने को कहा। उन्होंने विभागों से अतिरिक्त पाठ्यक्रम शुरू करने को कहा ताकि ये पाठ्यक्रम छात्रों के बीच अतिरिक्त मूल्यों को विकसित कर सकें। प्रोफेसर बंसल ने उद्योग अकादमी संबंधों को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से दोहरी डिग्री, संयुक्त डिग्री और ट्विनिंग कार्यक्रमों की पेशकश की संभावनाएं तलाशने को कहा। उन्होंने विभागों को आश्वस्त किया कि विभागों में शोध को बढ़ने के लिए प्रोत्साहन राशी दी जायेगी। इस अवसर पर प्रति कुलपति, प्रो. राजिंदर वर्मा, डीन ऑफ स्टडीज, प्रो. बीके शिवराम, कुलसचिव वीरेंद्र शर्मा, परीक्षा नियंत्रक डॉ. जेएस नेगी, डीन प्लानिंग प्रो. अरविंद भट्ट, डीन सीडीसी प्रो. एसएस नर्टा, डीएसडब्ल्यू प्रो. एसएलकौशल के अतिरिक्त निदेशक, आंतरिक गुणवत्ता एवं विश्वश्नियता प्रोकष्ठ डॉ. रमेश ठाकुर भी मौजूद थे।
आजादी का अमृत महोत्सव अभियान के अंतर्गत प्रदेश भर में जीवित स्वतंत्रता सेनानियों को उनके योगदान के लिए राज्य सरकार द्वारा स्वतंत्रता दिवस से पूर्व सम्मानित किया जा रहा है। स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानित करने का यह अभियान यूनिटी के थीम पर अधारित है। इसके अंतर्गत देश की आजादी के लिए स्वतंत्रता सग्राम में अपना योगदान देने वाले करसोग क्षेत्र के दो जीवित स्वतंत्रता सेनानियों को एसडीएम करसोग कपिल तोमर द्वारा उनके योगदान के लिए एक साधारण समारोह में सम्मानित किया गया। एसडीएम कार्यालय में आयोजित एक साधारण सम्मान समारोह में सम्मानित किए गए यह दोनों स्वतंत्रता सेनानी उपमंडल की ग्राम पंचायत सराहन से संबंध रखते है। एसडीएम ने स्वतंत्रता सेनानी सुंदर लाल और ग्याहरू राम को शॉल-टोपी और यूनिटी समृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर एसडीएम कपिल तोमर ने कहा कि देश की आजादी के लिए हमारें हजारों-लाखों स्वतत्रता सेनानियों से अपना योगदान दिया है। जिनके योगदान व कुर्बानियों को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनकी वजह से ही आज हमारा देश आजाद है। उन्होंने कहा कि 80 वर्ष से अधिक की आयु के क्षेत्र के दोनों स्वतंत्रता सेनानी पूरी तरह से स्वस्थ है जो हम सब के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है। एसडीएम ने कहा कि क्षेत्र से संबंध रखने वाले दोनों स्वतंत्रता सेनानियों को 15 अगस्त को आयोजित किए जाने वाले उपमंडल स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने के लिए भी आमंत्रित किया गया है। सम्मान समारोह में स्वतंत्रता सेनानियों के लिए जलपान व भोजन की व्यवस्था भी की गई थी।
हिमाचल प्रदेश राज्य बोर्ड विद्युत परिषद कर्मचारी यूनियन की लंबागांव यूनियन के केंद्रीय कार्यकारणी के आह्वान पर आज 10 अगस्त को विद्युत मंडल लंबागांव में बिजली बोर्ड के तहस-नहस करने वाली नीतियों व बिजली प्रबंधन वर्ग की नाकामियों के खिलाफ धरना दिया। यूनियन ने विद्युत बोर्ड मैनेजमेंट से मांग है कि हिमाचल प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों व अन्य बोर्ड व निगमों की तरह विद्युत बोर्ड में पुरानी पेंशन तुरंत प्रभाव से लागू करे। उन्होंने कहा कि बिजली बोर्ड का विघटन कर इसके संचार व उत्पादन विंगों को अलग -अलग करने की मुहिम पर तुरंत रोक लगाई जाए। इससे बिजली बोर्ड के कर्मचारियों की सर्विस कंडिशन प्रभावित होगी, वहीं उपभोक्ताओं की बिजली दरें लगभग दोगुनी हो जाएंगी। यूनियन ने कहा कि 20 मई को हुई सर्विस कमेटी के निर्णयों को शीघ्र लागू किया जाए। फील्ड में नई भर्तियां की जाएं, ताकि स्टाफ की कमी से हो रही दुर्घटनाओं से हो रही मौतों को रोका जा सके। यूनियन ने कहा कि अगर बोर्ड मैनेजमेंट हमारी मांगें नहीं मानती है तो लंबे संघर्ष के लिए तैयार रहे। इस धरना-प्रदर्शन में हिमाचल प्रदेश के विद्युत बोर्ड कर्मचारी यूनियन लंबागांव के प्रधान रमेश कुमार, विशाल धीमान, हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड पेंशनर यूनियन के प्रधान तानी राम राणा, सचिव संजय कुमार, वरिष्ठ उप प्रधान सुरजीत कुमार, सुरेश क्लोत्रा, वीरेंद्र राणा, मोहित उपस्थित रहे।
लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी की भेंट हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के बिलासपुर, धर्मपुर व देहरा, जसवां परागपुर के 18 जिला परिषद सदस्य केंद्रीय सूचना प्रसारण व युवा कार्यक्रम व खेल मंत्री के आमंत्रण पर नई दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने मानसून सत्र के दौरान संसद भवन का अवलोकन किया व कई मंत्रियों व सदस्यों से मिलकर परिचर्चा की। सभी सदस्यों ने कर्तव्य पथ का भी भ्रमण किया। केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर सांसद अनुराग ठाकुर ने सभी सदस्यों की भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद जेपी नड्डा, लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पियूष गोयल, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी व समेत कई सांसदों व अन्य गणमान्यों से भेंट करवाई। संसद भवन में गणमान्यों से भेंट को बेहद ज्ञानवर्धक बताते हुए हिमाचली जिला परिषद सदस्यों ने कहा कि सभी मंत्रियों ने मानसून सत्र के दौरान अपना अमूल्य समय हमें दिया, हमसे अपने निजी अनुभव साझा किए। इसके लिए हम सदैव उनके आभारी रहेंगे। हम सभी को बहुत कुछ सीखने को मिला है जो आगे सार्वजनिक जीवन में हमारे बहुत काम आएगी।
डीसी से मिले एएफसीबी हाई स्कूल योल कैंट में पढ़ रहे बच्चों के अभिभावक स्कूल में जल्द से जल्द शिक्षकों और अन्य सटाफ की नियुक्ति की उठाई मांग योल कैंटोनमेंट बोर्ड का बंद होना अब कहीं न कहीं बहुत से लोगों को प्रभाव डाल रहा है। इसी कड़ी में एएफसीबी हाई स्कूल योल कैंट में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक आज डीसी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने डीसी से कहा कि कैंटोनमेंट बोर्ड बंद होने से स्कूल में बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। न तो शिक्षक हैं, न पूरा स्टाफ है और न ही अन्य कर्मचारी हैं। कैंटोनमेंट बोर्ड का पंचायत में विलय होने से इसका सीधा प्रभाव स्कूल पर पड़ा है। जानकारी देते हुए लोक विकास ग्रामीण सभा योल के प्रधान सुरिंदर कुमार ने बताया कि एएफसीबी कैंटोनमेंट बोर्ड का 27 अप्रैल को पंचायत में विलय होने के कारण एएफसीबी हाई स्कूल योल कैंट से शिक्षकों को हटा दिया गया है, जिससे कि स्कूल में पढ़ने वाले 605 बच्चों का भविष्य खतरे में है। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि स्कूल में जल्द शिक्षकों व अन्य स्टाफ की तैनाती की जाए, ताकि बच्चों का भविष्य खराब होने से बचाया जा सके।
कांगड़ा जिले के विधानसभा क्षेत्र शाहपुर के अधीन पंचायत परगोड़ का जवान शहीद हुआ है। प्राप्त जानकारी अनुसार शहीद विजय कुमार (41) पुत्र सागर सिंह वर्धन वर्ष 2002 में बीएसएफ में भर्ती हुआ था। विजय कुमार मौजूदा समय में मेघालय में बतौर हवलदार कार्यरत था। 9 अगस्त को मेघालय में ड्यूटी के दौरान हाथियों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। इसकी सूचना परिवार को मिली तो परिवार सहित पंचायत में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है तथा घर में परिवार को ढांढस बंधाने वालों का तांता लगा हुआ है। शहीद विजय कुमार अभी 20 दिन पहले ही छुट्टी काटकर ड्यूटी पर लौटा था। शहीद के पिता सूबेदार सागर सिंह बीएसएफ से सेवानिवृत्त हैं, जबकि माता स्वर्णा देवी गृहिणी है। शहीद विजय कुमार अपने पीछे माता-पिता, पत्नी सुलक्षणा (37) व तीन बेटियां कुमकुम (15) शगुन (12) व सहज (4) को छोड़ गया है। प्राप्त जानकारी अनुसार शहीद विजय कुमार की पार्थिव देह मेघालय से हवाई जहाज के माध्यम से दिल्ली पहुंचाई गई है। शुक्रवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
जिला युवा अधिकारी किन्नौर अतुल शर्मा ने आज यहां बताया कि नेहरू युवा केंद्र किन्नौर द्वारा जिला की ग्राम पंचायत चांसू में 'मेरी माटी, मेरा देश' पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन करवाया गया। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य उन बहादुर स्वतंत्रता सेनानियों और वीरों कों नमन करने के साथ-साथ उन्हें सम्मान प्रदान करना है, जिन्होंने देश के लिए अपने प्राणों की आहूति दी। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत वीर सेनानियों की याद में देशभर में 9 से 15 अगस्त तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस अवसर पर पंचायतवासियों व युवक मंडल के सदस्यों ने मिलकर चिलगोजा और देवदार के 75 पौधे रोपे तथा उनकी उचित देखभाल करने का संकल्प भी लिया जिससे पर्यावरण को संरक्षित किया जा सके। नेहरू युवा केंद्र किन्नौर के स्वयंसेवक ठाकुर सेन नेगी ने इस कार्य के लिए सभी को बधाई दी और एक-एक पौधा अपने नाम करने के साथ-साथ भविष्य में उचित देखभाल करने का आह्वान किया। ग्राम पंचायत चांसू के प्रधान द्वारा वीरों का वंदन और पंच प्रण शपथ दिलाई गई। ग्राम पंचायत चांसू के प्रधान बीरबल सिंह, उप-प्रधान धर्म प्रकाश, सचिव जगदीश, युवक मंडल प्रधान रविकांत, उप-प्रधान श्रीकांत, सचिव ठाकुरसेन व महिला मंडल के सभी सदस्य उपस्थित रहे।
जवाहर नवोदय विद्यालय किन्नौर की प्राचार्या शशि कांता कुमारी ने आज यहां बताया कि जिला में सत्र 2023-24 के लिए छठी कक्षा में आवेदन करने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 17 अगस्त, 2023 तक कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन आवेदन करने के लिए सभी पात्र अभ्यर्थी स्वयं, लोकमित्र केंद्र या अन्य किसी माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा नवोदय विद्यालय की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अधिक जानकारी के लिए किसी भी कार्य दिवस में विद्यालय आकर सम्पर्क किया जा सकता है।
देश में पहली बार सभी विभागों के सहयोग से जिला स्तर पर ऊना जिले में नशा मुक्त अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में विद्यार्थियों की वर्तमान मानसिक स्थिति जानने और इसमें बदलाव का पता लगाया जाएगा। इसके लिए बेसलाइन सर्वे किया है। इसका निष्कर्ष निकाला जा रहा है। इसके बाद एंड लाइन सर्वे में बदलाव का पता लगाया जाएगा। उपायुक्त राघव शर्मा की पहल से ऊना में यह अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान जिले में एक साल तक चलेगा। अभियान सफल रहा तो देश को ऊना नई दिशा दिखाएगा और रिकॉर्ड बनाएगा। पंजाब से सटे ऊना जिले में इस अभियान में 77 दिन ट्रेनिंग में लगभग 5 हजार लोगों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षित लोग नशों के दुष्प्रभावों और इससे होने वाली व्याधियों के अलावा नशे के दुष्परिणामों बारे शिक्षित कर मानसिक रूप से सक्षम बनाएंगे। जिले के 287 शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत 54,000 बच्चे इस अभियान का लक्ष्य हैं। रेडक्रॉस की ओर से यह अभियान गुंजन संस्था के तकनीकी सहयोग से चलाया जा रहा है। बच्चे 6, 8, 10, 12,14, 15 साल की उम्र में नशे की शुरूआत करते हैं। उपायुक्त राघव शर्मा ने कहा कि पंजाब से सटे ऊना जिले में नशे की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए नशा मुक्त ऊना अभियान की संकल्पना की गई है। इस अभियान का उद्देश्य जिले में नशे की समस्या को नियंत्रित कर इसके उन्मूलन की दिशा में प्रभावी कदम बढ़ाना है। अभियान की रूपरेखा की समस्या की वस्तुस्थिति एवं गंभीरता को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
कसौली विधानसभा क्षेत्र के विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत हरिपुर, पट्टाबरावरी व जाबल झमरोट पंचायतों का दौरा किया व अभी हाल में हुई भारी वर्षा से हुए नुकसान का जायजा लिया। कांग्रेस कमेटी जिला सोलन के उपाध्यक्ष व मीडिया प्रभारी डीडी कश्यप ने जानकारी देते हुए बताया कि विधायक ने जाबल झमरोट के बणी गांव के आंगनबाड़ी केंद्र का जायजा और निरीक्षण किया और आंगनबाड़ी केंद्र की जर्जर हालत को देखते हुए सहायक अभियंता लोक निर्माण सब डिवीजन सुबाथू को शीघ्र आंगनबाड़ी केंद्र की मरम्मत के निर्देश दिए। इसके पश्चात कोटी गांव के लोगों से मिले। जहां पर महिलाओं ने पानी की समस्या का मुद्दा उठाया। विधायक ने जल शक्ति विभाग को इस समस्या को शीघ्र हल करने के निर्देश दिए। कोटी तथा दुगड़ी की महिलाओं ने महिला मंडल भवन निर्माण की मांग रखी जिसके लिए विधायक ने पंचायत में प्रस्ताव डालकर जमीन के कागज व एस्टीमेट तैयार करके शीघ्र भेजने की बात कही। साथ में खेल मैदान के लिए बाउंड्री वाल निर्माण के लिए एस्टीमेट देकर राशि देने की बात कही। इसके बाद विधायक ने देलगी गांव में भारी बारिश से सड़क व डंगो का हुआ नुकसान का जायजा लेकर सरकार से उचित राशि स्वीकृत करवाने की घोषणा की। विधायक ने जाबल झमरोट पंचायत के रिंवी गांव के लोगों की समस्याएं सुनी और भारी वर्षा से हुए नुकसान की भरपाई का आश्वासन दिया। साथ ही विधायक ने इस गांव में खेल मैदान व पार्क बनाने के लिए 5 लाख रुपये देने की घोषणा तथा श्मशानघाट मार्ग के लिए 3 लाख की राशि देने की घोषणा की। इस अवसर पर देवेंद्र शर्मा अध्यक्ष कांग्रेस कमेटी कसौली, महासचिव रोशन ठाकुर, शिव दत्त ठाकुर, जिला सोलन कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष व मीडिया प्रभारी डीडी कश्यप तथा अन्य मौजूद रहे।
देश में शहीदों के सम्मान के लिए विशेष अभियान 'मेरी माटी, मेरा देश' शुरू किया गया। नेहरू युवा केंद्र शिमला द्वारा आज शिमला की ग्राम पंचायत रझना में इस कार्यक्रम का आगाज किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता स्स्क्च के कमांडेंट पीएन चौरसिया व एसिस्टेंट कमांडेंट अजय शर्मा ने की। इनके साथ एसएसबी के 15 जवानों ने भाग लिया। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत रझना की प्रधान रीना ठाकुर और नेहरू युवा केंद्र शिमला की स्वयंसेवी किरण भी शामिल हुईं। कार्यक्रम में आजादी के अमृत महोत्सव पर पंच प्रण की शपथ दिलाई गई और पोधारोपण किया। इसमें गांव के 20 लोगों ने अपना सहयोग दिया। गौर रहे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यक्रम मन की बात में कहा था कि देश में अमृत महोत्सव की गूंज के बीच एक और बड़े अभियान की शुरुआत होने जा रही है। देश के गांव-गांव के कोने कोने से 7,500 कलशों में मिट्टी लेकर यात्राएं दिल्ली पहुंचेगी। ये अपने साथ देश के अलग-अलग हिस्से से पौधे भी लेकर आएंगी। कलशों में आई माटी और पौधों को मिलाकर नेशनल वॉर मेमोरियल पास अमृत वाटिका का निर्माण किया जाएगा। यह 'एक भारत, श्रेष्ठ भारतÓ का भव्य प्रतीक बनेगी। यह कार्यक्रम 9 अगस्त से 15 अगस्त तक चलेगा। इसमें पंच प्रण की शपथ भी ली जाएगी और सभी देशवासी देश की पवित्र मिट्टी को हाथ मे लेकर शपथ के साथ अपनी सेल्फी को 4ह्व1ड्ड.द्दश1.द्बठ्ठ पर अपलोड करेंगे। यह जानकारी प्रेस को नेहरू युवा केंद्र शिमला की जिला युवा अधिकारी मनीषा शर्मा ने दी।
सांई इंटरनेशनल स्कूल में प्रिंस-प्रिंसेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें नर्सरी के अक्षत भारद्वाज को प्रिंस और धृति सोहता को प्रिंसेस के खिताब से नवाजा गया। केजी के आयांश समता को प्रिंस और वान्या कटोच को प्रिंसेस के खिताब से नवाजा गया। पहले रनरअप नर्सरी के भाविक ठाकुर और अमायरा मेहता और केजी की वेदांशी चौहान रहे। प्रतियोगिता में कक्षा नर्सरी एवं कक्षा केजी के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित किया। सभी छात्र-छात्राओं से सामान्य ज्ञान के प्रश्न पूछे गए।
मंडियों के बाहर ही सेब बेचने को मजबूर हो गए बागवान प्रदेश में सेब सीजन पीक पर है ऐसे में प्रदेश में सियासत भी गर्म है। भाजपा प्रवक्ता और चौपाल विधानसभा क्षेत्र से विधायक बलबीर वर्मा ने कहा कि प्रदेश के बागवानों में भय की स्थिति उत्पन्न हो गई है और बागवान सहमा हुआ है। उन्होंने कहा कि सेब के ऊपर प्रदेश सरकार प्रदेश में दादागिरी कर रही है और लोगों को धमकाने का काम कर रही है। बलबीर वर्मा ने कहा कि एक तरफ मौसम की मार से सेब मंडियों तक पहुंचाना मुश्किल हो गया है तो वहीं दूसरी ओर बागवान मंडियों के बाहर ही सेब बेचने को मजबूर हो गया है। उन्होंने पराला मंडी का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि पराला जैसी बड़ी मंडी में भी बगवानों को मंडी के बाहर सेब बेचने को मजबूर होना पड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश में ऐसे हालात पैदा कर दिए हैं कि लोग सेब बेचने बाहरी राज्यों का रुख कर रहे हैं। प्रदेश की मंडियों के बंद होने का संशय बना हुआ है, जिससे बागवान भयभीत हैं। बलवीर वर्मा ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने बिना तैयारी के बागवानों पर यह फैसला थोप दिया और यूनिवर्सल कार्टन समेत मूलभूत व्यवस्था नहीं की। बलवीर वर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार बागवानों को इस निर्णय के बारे में समझा नहीं पाई और स्थिति ये है कि प्रदेश में मंडियों के बंद होने का संशय बना हुआ है।
जिला प्रशासन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज सोलन जिला के चक्की मोड़ के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग 05 पर भारी भूस्खलन के कारण हुई क्षति का जायजा लिया और जिला प्रशासन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। राज्यपाल ने इस अवसर पर जिला प्रशासन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक उपाय सुनिश्चित बनाए जाएं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश से सेब बाहरी मण्डियों को भेजा जा रहा है और ऐसे में यह आवश्यक है कि सेब सही समय पर मण्डियों तक पहुंचे। उन्होंने निर्देश दिए कि सेब सीजन के दृष्टिगत राष्ट्रीय राजमार्ग को सुचारू रखा जाए और आवश्यकता पढ़ने पर वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जाएं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग 05 प्रदेश में आवश्यक आपूर्ति तथा पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण है। शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि प्राकृतिक विभीषिका के कारण हिमाचल प्रदेश में अनेक स्थानों पर भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जगह-जगह भूस्खलन एवं बादल फटने से न केवल व्यवस्थाएं छिन्न-भिन्न हुई हैं अपितु जन-जीवन भी प्रभावित हुआ है। वह स्वयं अनेक स्थानों का दौरा कर क्षति का जायज़ा ले रहे हैं। उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने अवगत करवाया कि सोलन जिला में अभी तक भारी वर्षा से लगभग 526 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन है। उन्होंने प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा प्रभावितों को दी जा रही सहायता राशि एवं जन-जीवन सुचारू बनाए रखने के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी दी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक एके दहिया ने भारी वर्षा से राष्ट्रीय राजमार्ग 05 को हुए नुकसान का जानकारी दी। उन्होंने कहा कि चक्की मोड़ के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग को पूरी तरह ठीक करने में 30 से 45 दिन का समय लगेगा। उन्होंने प्राधिकरण द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग 05 को सुचारू बनाए रखने और भविष्य में क्षति से बचाने के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक सोलन गौरव सिंह, ज़िला प्रशासन तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के तीन घटक महाविद्यालयों के 100 छात्रों ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा विभिन्न विषयों के लिए आयोजित अखिल भारतीय राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) उत्तीर्ण कर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है। विश्वविद्यालय के बागवानी महाविद्यालय के 67 छात्र, जिनमें सब्जी विज्ञान विभाग और पादप रोग विज्ञान विभाग से 16-16 छात्र, फ्लोरीकल्चर और लैंडस्केप आर्किटेक्चर से 13, व्यवसाय प्रबंधन से 5, बीज विज्ञान और प्रौद्योगिकी से 3 और खाद्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी के 1 छात्र ने नेट परीक्षा पास की है हैं। इसके अतिरिक्त वानिकी महाविद्यालय से 29 विद्यार्थियों ने भी नेट की परीक्षा उत्तीर्ण की है। वानिकी विषयों में, मृदा विज्ञान से 6, सिल्विकल्चर और एग्रोफोरेस्ट्री से 13, सामाजिक विज्ञान से 3 और पर्यावरण, वन उत्पाद और बेसिक साइंस से 2-2 छात्रों और वृक्ष सुधार से एक छात्र ने इस परीक्षा को उत्तीर्ण किया है। हमीरपुर के नेरी में विश्वविद्यालय के कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट्री से सब्जी विज्ञान के दो और कृषि अर्थशास्त्र और सिल्विकल्चर और एग्रोफोरेस्ट्री विषयों में एक-एक छात्र ने भी नेट परीक्षा उत्तीर्ण की है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजेश्वर सिंह चंदेल और कॉलेजों के डीन ने व्यक्तिगत रूप से परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों से मुलाकात की और उन्हें उनकी उपलब्धि पर बधाई दी। इस अवसर पर प्रोफेसर चंदेल ने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में कई राष्ट्रीय परीक्षाओं के अलावा नेट परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पिछले साल लगभग 72 छात्रों ने परीक्षा उत्तीर्ण की थी जबकि इस वर्ष यह आंकड़ा 100 तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि हमारे छात्रों ने फैलोशिप और प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थानों में प्रवेश के लिए विभिन्न राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं में भी बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं को समझने और उसमें सफलता हासिल करने में सक्षम बनाने का प्रयास किये हैं। इस उद्देश्य से छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं पर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किए गए ताकि वे इन परीक्षाओं को समझ सकें और उनमें आगे निकल सके।
पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर 32 मील में फोरलेन कंपनी द्वारा खोदी गई पहाड़ी का मलबा बारिश होने पर राजमार्ग पर गिर रहा है, जिस कारण अक्सर ही मार्ग बंद हो जा रहा है। 9 अगस्त को भी मार्ग से वाहन बड़ी मुश्किल से गुजरे तथा 10 अगस्त को भी सुबह ही ल्हासा गिरने के कारण मार्ग 7 बजे से बंद हो गया। दोनों तरफ लंबा जाम लग गया। ल्हासा गिरने के कारण खड्ड की तरफ का मार्ग धंस गया है, जबकि एक तरफ का मार्ग खोला गया, लेकिन वाहन कीचड़ में फंसते रहे। जेसीबी से धक्का लगाकर वाहनों को निकाला गया। स्कूली बच्चों की बसें वापस बच्चों को घर छोड़ गईं। समाचार पत्रों को पहुंचाने वाली गाड़ियां भी कीचड़ में फंस गईं, जिस कारण समाचार पत्र समय पर नहीं पहुंच पाए। सरकारी व निजी बसें जाम पर फंसी रहीं। इस कीचड़ वाले हिस्से से वाहनों को निकलने में 10 से 15 मिनट लग जा रहे हैं। हालांकि फोरलेन कंपनी की पोकलेन मलबे को हटाने में जुटी हुई हैं परन्तु जितना मलबा मशीनरी हटा रही है, उतना मलबा फिर गिर जा रहा है। अभी तक जाम लगा हुआ है।
पांवटा साहिब के सिरमौरी ताल में बादल फटने से घर में मलबे में दबे दो बच्चों समेत लापता हुए पांच लोगों में से 65 वर्षीय कुलदीप का शव बरामद हुआ है, जबकि चार अन्य की तलाश जारी है। एलएनटी मशीन से मलबा हटाया जा रहा है। बता दें कि पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र के मुगलावाला पंचायत के सिरमौरी ताल में बुधवार को बादल फटने से भारी तबाही हुई है। बादल फटने से कुलदीप सिंह का मकान मलबे में दब गया था। सिरमौरी ताल के लगभग 70 परिवारों के लोग रात को ही अपना घर छोड़ नेशनल हाईवे पर आ गए। हालांकि आसपास के गांवों के लोग बचाव कार्य में जुटे रहे।
मलबे तले लोगों के दबने की भी संभावना, प्रशासन मौके की और रवाना एडवाइजरी: शिलाई-पांवटा सड़क मार्ग पर सफर करने से बचें लोग जिला सिरमौर के पांवटा साहिब के सिरमौरी ताल में बादल फटने से भारी तबाही की सूचना मिली है। देर शाम गांव के उपर जंगल में अचानक बादल फटा, जिसके सैलाब ने जंगल, सड़क और सिरमौरी ताल गांव को अपनी चपेट में ले लिया है। सूचना पर पांवटा साहिब का प्रशासन और विधायक मौके पर रवाना हुए हंै, लेकिन राजबन कांटा से थोड़ा आगे बाबा पत्थर नाथ मंदिर के पास से बड़े बड़े पेड़ सैलाब के साथ सड़क पर आए हैं, जिस कारण समाचार लिखे जाने तक प्रशासन मौके पर नहीं पंहुचा था। उधर, ग्रामीणों ने प्रशासन को सूचना दी है कि बादल फटने से गांव में भारी तबाही हुई है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव मे एक मकान मलबे तले दब गया है जिसके नीचे लोंगों के होने की संभावना है। एनएच को भी भारी नुकसान हुआ है। उधर, भारी आपदा को देखते हुए प्रशासन ने शिलाई-पांवटा एनएच पर सतौन से राजबन तक सफर न करने की सलाह दी है। उधर, एसडीएम गुंजीत सिंह चीमा ने कहा कि जगह जगह पेड़ गिरे हुए है। मशीने लगाई गई है। गांव तक पंहुचने के प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि फिलहाल शिलाई-पांवटा साहिब एनएच पर सतौन और राजबन के बीच कोई सफर न करें। नुकसान की पूरी जानकारी मौके पर पंहुचकर ही बताई जा सकती है।
हिमाचल प्रदेश मानसिक स्वास्थ्य एवं पुनर्वास अस्पताल शिमला का किया दौरा राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज हिमाचल प्रदेश राज्य रेडक्रॉस सोसायटी एवं वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शिमला के समीप बाग में देवदार का पौधा रोपित कर 74वें राज्य स्तरीय वन महोत्सव का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल ने भी पौधरोपण किया। जानकी शुक्ल राज्य रेडक्रॉस अस्पताल कल्याण शाखा की अध्यक्ष भी हैं। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि प्रकृति ने हिमाचल प्रदेश को अपार प्राकृतिक सौंदर्य से नवाजा है। लेकिन, जब हम प्रकृति से छेड़छाड़ करते हैं तो इसके गंभीर परिणाम भी होते हैं। उन्होंने कहा कि विकास समय की मांग है और यह पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना किया जाना चाहिए और साथ ही, हमारा वन क्षेत्र कायम रहना चाहिए। पौधरोपण अभियान में रेडक्रॉस और राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवी छात्रों ने भी भाग लिया। इस अवसर पर राष्ट्रीय रेडक्रॉस प्रबंधन समिति की सदस्य डॉ. साधना ठाकुर, प्रधान मुख्य वन अरण्यपाल राजीव कुमार, पीसीसीएफ (प्रशासन) अमिताभ गौतम, मानद सचिव राज्य रेडक्रॉस डॉ. किमी सूद और सदस्य भी उपस्थित थे। इसके उपरांत, राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश मानसिक स्वास्थ्य एवं पुनर्वास अस्पताल, शिमला का भी दौरा किया और वहां उपचाराधीन लोगों से संवाद किया तथा उन्हें फल भी वितरित किये। इस अवसर पर उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ हिमाचल प्रदेश में क्रियान्वित किए जा रहे राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्य में नशे के खिलाफ हर स्तर पर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं और ऐसे मरीजों को और प्रभावी तरीके से मनोचिकित्सकों और परामर्शदाताओं की सेवाएं उपलब्ध करवाई जानी चाहिए और उनका पुनर्वास सुनिश्चित किया जाना चाहिए। निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ.गोपाल बेरी ने राज्य में क्रियान्वित किये जा रहे राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं चिकित्सा अधीक्षक, मानसिक स्वास्थ्य एवं पुनर्वास अस्पताल शिमला डॉ. सुरेखा चोपड़ा और अन्य अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
जवाहर नवोदय चयन परीक्षा-2024 के लिए प्रवेश हेतु ऑनलाईन फार्म भरने की तिथि को 10 अगस्त से बढ़ाकर 17 अगस्त कर दिया गया है। जो अभ्यर्थी कक्षा 6 के लिए परीक्षा हेतु आवेदन करने के इच्छुक हैं वह 17 अगस्त तक अपना आवेदन फार्म भर सकते हैं। प्रधानाचार्य जवाहर नवोदय विद्यालय नाहन द्वारा यह जानकारी प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि इच्छ ुक अभ्यर्थी नवोदय विद्यालय समिति की की वैबसाईट पर जाकर अपने ऑनलाईन आवेदन भर सकते हैं। आवेदन फार्म जवाहर नवोदय विद्यालय नाहन तथा शिक्षा विभाग के खंड प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारियों के कार्यालयों में उपलब्ध हैं।परीक्षा का आयोजन 4 नवंबर 2023 को किया जायेगा।
ऊना में इंटक व ऐटक ने मिलकर प्रदर्शन किया व राष्ट्रपति को जिला उपायुक्त राघव शर्मा के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। इसका नेतृत्व इंटक की तरफ से राष्ट्रीय इंटक के संगठन सचिव कामरेड जगतराम शर्मा ने किया और ऐटक की तरफ से कामरेड करनैल सिंह ने साथ दिया। उन्होंने बताया कि देश में किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों, छोटे व्यापारियों द्वारा मोदी सरकार का विरोध बहुत हो रहा है। उन्होंने अपनी 18 मांगों का मांग पत्र के बारे में अवगत करवाया कि इनमें सार्वजनिक क्षेत्रों को विनिवेश से रोकना निजी क्षेत्र का विरोध करना और 44 श्रम कानूनों को वापस लाना 4 लेबर कोड जो बनाए हैं। उनका डटकर विरोध करना इनके अलावा आउटसोर्स, अनुबंध, ठेकेदारी, मल्टीटास्क आदि का विरोध करना और आंगनबाड़ी मिड-डे वर्कर की मांगों को स्वीकार करना आदि शामिल है। इस मौके पर राष्ट्रीय सचिव इंटक जगत राम शर्मा, जिला इंटक अध्यक्ष नरेश ठाकुर, एटक जिला अध्यक्ष करनैल सिंह, शिविल ठाकुर अध्यक्ष ऊना इंडस्ट्रीज वर्कर यूनियन ,जिला यूथ इंटक उपाध्यक्ष आशुतोष वाली , विजय राणा, रामजी दास जस्सल, जसविंदर, मंगू, चमन लाल , बलवीर, अश्वनी, दिनेश, कुमार मोजूद रहे।
जिले में आवारा कुत्तों की भर्ती रोकथाम को लेकर जिला प्रशासन काफी गंभीर दिख रहा है इसी सिलसिले में पशुपालन विभाग द्वारा जिला में आवारा की नसबंदी को लेकर एक अभियान शुरू किया गया है, जिसकी शुरुआत उन मंडल से बुधवार को की गई। पशुपालन विभाग द्वारा हर बुधवार को आवारा कुत्तों की नसबंदी के लिए ऑपरेशन किए जाएंगे। इसके लिए विभाग ने एक खाता तैयार किया है, जिसके तहत ऊना ब्लॉक में आवारा कुत्तों की नसबंदी को लेकर हरोली पशुपालन विभाग की तरफ से दो डॉक्टर इन आवारा कुत्तों का ऑपरेशन करके नसबंदी करेंगे। इसके साथ-साथ विभाग एंटी रैबीज इंजेक्शन भी सभी आवारा कुत्तों को नि:शुल्क लग रहा है।
डीसी ने भरमौर का दौरा कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा श्री मणिमहेश यात्रा के प्रबंधों को लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश उपायुक्त अपूर्व देवगन ने आज जिला के जनजातीय उपमंडल भरमौर का दौरा कर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने इस दौरान श्री मणिमहेश यात्रा के प्रबंधों को लेकर उप मंडलीय प्रशासन भरमौर द्वारा तैयार की गई कार्य योजना की जानकारी भी प्राप्त की और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। उपायुक्त ने इस दौरे से पहले ऐतिहासिक 84 मंदिर प्रांगण में विश्व के एकमात्र धर्मराज मंदिर में पूजा अर्चना की और भोलेशंकर के मंदिर में शीश नवाजा। इस दौरान उन्होंने भरमौर-हड़सर संपर्क सड़क मार्ग पर प्रंघाला नाला में भूस्खलन की प्रभावी रोकथाम को लेकर लोक निर्माण विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया। साथ में प्रंघाला पुल एवं नाले के बाढ़ नियंत्रण कार्यों, नाले के तटीकरण (चैनेलाइजेशन) से संबंधित कार्यों को लेकर अपूर्व देवगन ने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता भरमौर को श्री मणिमहेश यात्रा के शुरू होने से पहले पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव, अतिरिक्त उपायुक्त भरमौर नवीन तंवर, एसडीएम भरमौर कुलबीर सिंह राणा, भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रोबेशनर अधिकारी इशांत जसवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व स्थानीय लोग इस अवसर पर मौजूद रहे।
शूलिनी विश्वविद्यालय में फार्मास्युटिकल विज्ञान संकाय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ललित शर्मा ने एम्स्टर्डम में आयोजित 2023 अंतरराष्ट्रीय अल्जाइमर एसोसिएशन सम्मेलन (एएआईसी) में भाग लिया। प्रतिष्ठित अल्जाइमर एसोसिएशन द्वारा डॉ. शर्मा को फेलोशिप प्रदान की गयी और उन्हें दुनिया भर के 10,000 से अधिक प्रतिनिधियों के सामने अपने अभूतपूर्व शोध को प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान किया गया । अल्जाइमर रोग की एक पहचान अमाइलॉइड बीटा के एकत्रीकरण को लक्षित करने वाले नए यौगिकों पर केंद्रित उनके दूरदर्शी काम ने सभा को मंत्रमुग्ध कर दिया और उन्हें क्षेत्र में एक अग्रणी शक्ति के रूप में स्थापित किया। डॉ. शर्मा की प्रस्तुति ने उनके अभूतपूर्व शोध के परिणामों को प्रदर्शित किया, जो अमाइलॉइड बीटा एकत्रीकरण को रोककर अल्जाइमर रोग की प्रगति को रोकने के लिए डिज़ाइन किए गए नवीन यौगिकों के विकास के इर्द-गिर्द घूमता है। यह प्रगति इस विनाशकारी न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारी के लिए प्रभावी उपचार खोजने की खोज के लिए अपार संभावनाएं रखती है। एएआईसी में, अल्जाइमर चिकित्सा विज्ञान में अत्याधुनिक प्रगति के बीच डॉ. ललित का योगदान एक प्रमुख आकर्षण था।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने की राज्य स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने आज यहां मुख्यमंत्री सुख-आश्रय कोष के तहत गठित राज्य स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार अनाथ बच्चों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और उनके समग्र विकास के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा और अन्य सुविधाएं सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पहले ही निर्णय में इन बच्चों को 'चिल्ड्रन ऑफ स्टेटÓ के रूप में अपनाने का संकल्प लिया। इसके बाद इन बच्चों के कल्याण के लिए 'मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजनाÓ और 'मुख्यमंत्री सुख-आश्रय कोषÓ शुरू की गई। मंत्री ने अधिकारियों को योजना का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक पात्र बच्चे को इस कल्याणकारी योजना का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि नि:शुल्क शिक्षा, कौशल विकास के अवसर, करियर परामर्श, विवाह अनुदान, घर बनाने के लिए वित्तीय सहायता और अन्य सुविधाएं प्रदान करने से इन बच्चों को जीवन में उपयोगी कार्य करने में मदद मिलेगी जिससे समाज को लाभ होगा। इस बैठक में सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता एम. सुधा देवी, निदेशक महिला एवं बाल विकास रूपाली ठाकुर, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. अमरजीत के. शर्मा, विशेष सचिव तकनीकी शिक्षा संदीप कुमार, निदेशक (अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं विशेष रूप से सक्षम का सशक्तिकरण) प्रदीप कुमार, अतिरिक्त निदेशक महिला एवं बाल विकास मोहन दत्त एवं अतिरिक्त सचिव वित्त विनय कुमार उपस्थित थे।
प्रभावित परिवारों से मिले, कहा-बागवानों को बढ़ा हुआ मुआवजा देगी सरकार मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज शिमला जिले के रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र के लैला में हाल ही में बादल फटने से हुए नुकसान का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने आपदा में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मृत्यु पर गहरा दु:ख व्यक्त किया और परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने उपमंडलाधिकारी रोहड़ू को 12 घंटों के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए, जिसमें प्रभावित परिवारों को देय वित्तीय सहायता की रूपरेखा तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि वह यहां प्रभावितों का दु:ख-दर्द साझा करने आये हैं। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सेब के बागीचों को हुए नुकसान के व्यापक आकलन का कार्य प्रगति पर है और प्रभावित बागवानों को बढ़ा हुआ मुआवजा प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने राहत नियमावली में संशोधन कर मुआवजा राशि को कई गुना तक बढ़ा दिया है और नये दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रभावितों को राहत राशि प्रदान की जायेगी। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने लैला में क्षतिग्रस्त नाले के तटीयकरण की शीघ्र बहाली और बादल फटने के कारण क्षतिग्रस्त प्राथमिक विद्यालय की दीवार की शीघ्र मरम्मत का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा कि बादल फटने की घटना में कई घरों में मलबा घुस गया है। राज्य सरकार प्रभावित परिवारों का हरसंभव सहयोग कर रही है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वह स्वयं और सभी मंत्री सक्रिय रूप से जमीनी स्तर पर पीड़ितों को सहायता प्रदान कर रहे हैं। आपदा के दौरान प्रभावित परिवारों के साथ एकजुट खड़े रहने के यह प्रयास सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, मुख्य संसदीय सचिव मोहन लाल ब्राक्टा, उपायुक्त आदित्य नेगी, वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
राजनीतिक आपदा से बाद में निपटे कांग्रेसी, पहले प्राकृतिक आपदा से निपट लें हिमाचल के कांग्रेसियों को प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए केंद्र को कोसने की बजाय धन्यवाद करने की नसीहत धर्मशाला के पूर्व विधायक विशाल नेहरिया ने दी है। पूर्व विधायक ने कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल को पिछले कल ही 190 करोड़ रुपये के रूप में तीसरी किस्त के रूप में आर्थिक सहायता प्रदान की है, लेकिन प्रदेश के कोंग्रेसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करने की बजाय प्रदेश के लोगों को गुमराह कर रहे हैं। प्रदेश को आर्थिक सहायता के रूप में अब तक केंद्र सरकार ने बिना प्रयोगिक रिपोर्ट के ही 1000 करोड़ रुपये प्रदान किए है, उन्होंने कहा कि अब तक केंद्र से मिली आर्थिक सहायता के लिए कम से कम कांग्रेसियों एक बार तो केंद्र की मोदी सरकार का धन्यवाद कर दो। पूर्व विधायक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिमाचल को अपने दूसरे घर के रूप में देखते हैं। इसी का परिणाम है कि हिमाचल में विकास के लिए मोदी ने विशेष ध्यान दिया है, जबकि अब आपदा की घड़ी में भी ढाल की तरह खड़े हैं। वहीं कांग्रेस के नेताओं को प्राकृतिक आपदा की घड़ी में भी शर्म नहीं है द्य प्राकृतिक आपदा से निपटने की वजाये वह राजनितिक आपदा से निपटने में लगे हैं द्य वर्तमान प्रदेश की कांग्रेस सरकार और कांग्रेस संगठन कई धड़ों में बंटा है द्य कांग्रेस के सभी नेता अभी भी मुख्यमंत्री बनने को होड़ में दिल्ली दौड़ रहे हैं, जबकि मंत्रिमंडल में आपस में तालमेल न होने से जनता को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को नसीहत दी है कि अभी मिलजुल कर प्राकृतिक आपदा से निपटे, राजनीतिक आपदा से निपटने के लिए आपके पास बहुत समय है।
मेरी माटी, मेरा देश अभियान के अंतर्गत राजकीय महाविद्यालय शिवनगर में प्राचार्य शमशेर जी की अध्यक्षता में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई शिवनगर के सभी स्वयंसेवियों के साथ- साथ इको क्लब के सभी सदस्य सहित सभी महाविद्यालय के छात्र छात्राओं ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया। इस अभियान में स्वयसेवियों ने महाविद्यालय परिसर एवं आस-पास के क्षेत्रों में पौधरोपण किया एवं शपथ ग्रहण की। इस अवसर पर प्राचार्य महोदय सहित पो संजीव शर्मा, प्रो राजेश , प्रो शिखा धरवाड, उज्ज्वल कटोच, पी सुमित सूद, प्रो विवेकानंद शर्मा (कार्यक्रम अधिकारी), प्रो. योगेश पांडेय भी उपस्थित रहे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने भारतीय युवा कांग्रेस के स्थापना दिवस पर युवा कांग्रेस के सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कांग्रेस पार्टी में उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा है कि युवा कांग्रेस पार्टी की वह रीढ़ है, जिसकी पार्टी के प्रति समर्पण व एकता से कांग्रेस मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। प्रतिभा सिंह ने युवा कांग्रेस के सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं का आह्वान किया है कि उन्हें संगठन में अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ने के प्रयास करने चाहिए, जिससे देश मे लोकतंत्र की रक्षा व युवाओं के अधिकारों की रक्षा हो सकें। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस एक पार्टी ही नही एक ऐसी विचारधारा है जो देश की एकता व अखंडता के लिये हमेशा ही समर्पित रही हैं। प्रतिभा सिंह ने कांग्रेस पार्टी में युवा कांग्रेस के उल्लेखनीय योगदान की सराहना करते हुए कहा कि युवा देश का भविष्य है इसलिए उन्हें पूरे समर्पण से आगे बढ़ते हुए देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है।
प्रदेश कांग्रेस संगठन महामंत्री चौपाल विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस नेता रजनीश किमटा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का इस क्षेत्र के सेब बाहुल की घुंड, बल्सन देहा, चौपाल, कुपवी व नेरवा की वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़कों की तुरंत मरम्मत के लिये तीन करोड़ जारी करने के लिए इस क्षेत्र के लोगों की ओर से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने चौपाल क्षेत्र के अपने पहले ही दौरे में लोगों को जो सौगात दी है, इसके लिए वह उनके दिल से आभारी हैं। किमटा ने आज यहां जारी एक प्रेस नोट में कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पहले वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग को 1.50 करोड़ की राशि जारी की थी, इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने पिछले कल ही ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों की मरम्मत व उनकी यातायात बहाली के लिए 2.50 करोड़ की अतिरिक्त राशि जारी कर दी है। यह राशि उन्होंने चौपाल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लोक निर्माण विभाग के चार उप मंडलो सेंज,चौपाल, नेरवा व कुपवी की सड़कों की मुरम्मत व बहाली के लिये जारी किए हैं। खण्ड विकास अधिकारी चौपाल व कुपवी विकास खण्ड के लिये अतिरिक्त राशि उपलब्ध करवाई है व ठियोग बीडीओ के अंतर्गत आने वाली घुण्ड,व बल्सन के लिये 45 लाख की राशि जारी करते हुए उन्हें स्पष्ट निर्देश दिये है कि आगामी तीन दिनों से भीतर खंड विकास अधिकारी अपनी निगरानी में सेब बाहुल क्षेत्रों की इन सड़कों को खोले, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के सेब उत्पादकों का एक एक सेब का दाना बाजार की मंडियों में पहुंचे। किमटा ने कहा है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के दौरे से क्षेत्र वासियों में खुशी की लहर छाई है और अब उन्हें पूरी उम्मीद है कि उनके क्षेत्र में सड़के खुलने से उन का सेब समय पर मंडियों में पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार वर्षा से प्रभावित क्षेत्रों में जन जीवन फिर से पटरी पर लाने के लिये तनमन से काम कर रही हैं। मुख्यमंत्री स्वं सभी राहत व पुनर्वास कार्यो को देख रहें हैं। उन्होंने कहा है कि चौपाल विधानसभा क्षेत्र को विकास का मॉडल बनाने में कोई भी कोर कसर बाकी नही रखी जायेगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इसी साल अक्टूबर में चौपाल निर्वाचन क्षेत्र क्षेत्र का विस्तृत दौरा करने का आश्वासन उन्हें दिया हैं। उन्होंने कहा है कि चौपाल क्षेत्र के लोगों को उम्मीद जगी है कि मुख्यमंत्री अपने प्रस्तावित दौरे में इस क्षेत्र को कई सौगाते देंगे।
भाजपा जिला महामंत्री अभिषेक पाधा ने कहा कि पिछले दिनों भाजपा ने आगामी कार्यक्रमों की घोषणा कर दी है। उन्होंने कहा कि भाजपा 2024 की तैयारी भाजपा सुदृढ़ रूप से अपने आप को सशक्त बना रही है। उन्होंने कहा की भाजपा 14 अगस्त को विभाजन विभिषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में भाजपा प्रतिवर्ष 14 अगस्त को विभाजन की विभिषिका को स्मरण करते हुए विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करेगी और वही स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 'मेरी माटी, मेरा देशÓ के रूप में कार्यकर्ता उत्साह से बूथ स्तर पर कार्यक्रम अयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे । कार्यक्रमों के जिला प्रभारी अभिषेक पाधा ने कहा कि देश के विभाजन के समय करोड़ों लोगों का विस्थापन हुआ, हजारों लोगों का कत्लेआम हुआ और भारत माता के टुकड़े हुए। उन्होंने बताया की 9 अगस्त से 15 अगस्त को 'मेरी माटी, मेरा देशÓ 'मिट्टी को नमन, वीरों को वंदनÓ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। सरकारी स्तर पर भी यह कार्यक्रम देशभर में आयोजित होगा और भाजपा जिला में भी इस कार्यक्रम को अपनाते हुए इसे पूर्ण करने के लिए पूरी ताकत लगाएगी। कार्यक्रम की दृष्टि से विजय मेहता को मंडल ज्वालामुखी, सुनीता कुमारी को देहरा और रेनू जामला को परागपुर मंडल प्रभारी नियुक्त किया गया है।
कंवर दुर्गा चंद राजकीय महाविद्यालय जयसिंहपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा 'मेरी माटी, मेरा देश' के उपलक्ष्य पर पौधरोपण किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवियों ने 75 पौधों का डल्लू गांव के नजदीक पौधरोपण किया। महाविद्यालय के स्वयंसेवियों ने पौधरोपण में विविध प्रकार के पौधों का पौधरोपण किया। इसमें महाविद्यालय के स्वयंसेवियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। साथ ही राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवियों ने मेरी माटी मेरा देश के उपल्क्षय पर शपथ भी ली। 'मेरी माटी, मेरा देश' की शपथ कार्यक्रम में डॉ. सुरजीत राणा द्वारा स्वयंसेवियों को शपथ दिलाई गई। इस पौधारोपण का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी प्रो. ओंकार चंद और सहायक कार्यक्रम अधिकारी प्रो. हरजिंदर के द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रो. ओंकार चंद ने कहा कि पौधे लगाना एवं उन्हें संरक्षण प्रदान करना अति आवश्यक है और साथ ही उन्होंने यह भी कहा की पर्यावरण को ग्लोबल वार्मिंग से बचाने के लिए अधिक से अधिक पौधरोपण करना चाहिए।
पशुपालन विभाग की टीम तथा गंभीर रूप से चोटिल व्यक्ति का किया रेस्क्यू टांडा में हुआ उपचार, पशुपालन विभाग की टीम ने सरकार का जताया आभार सरकार तथा जिला प्रशासन ने बड़ा भंगाल में फंसे पशु पालन विभाग की एक टीम के चार लोगों तथा गहरी खाई में फंसे एक व्यक्ति का वायु सेना की मदद से सफल रेस्क्यू किया है। सभी को उपचार के लिए टांडा अस्पताल में भर्ती करवाया गया। यह जानकारी उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने देते हुए बताया कि बड़ा भंगाल में पशुओं के उपचार के लिए गई पशु पालन विभाग की टीम ने सेटलाइट फोन के माध्यम से जिला प्रशासन को स्वास्थ्य खराब होने तथा पुलियों के निर्माण में लगे व्यक्ति के खाई में गिरने से गंभीर रूप से घायल होने की सूचना प्रशासन को दी। उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही सरकार ने तत्काल प्रभाव से भारतीय वायु सेना से संपर्क साधा तथा बुधवार सुबह सहारनपुर से वायु सेना के दो चॉपर कांगड़ा एयरपोर्ट से बड़ा भंगाल के लिए रवाना किए गए। उन्होंने बताया कि इस रेस्क्यू आपरेशन में सबको वहां से सुरक्षित कांगड़ा एयरपोर्ट पर पहुंचाया गया। उन्होंने बताया कि इसके पश्चात एयरपोर्ट से सभी को टांडा मेडिकल कालेज में उपचार के लिए भेज दिया गया है। पशुओं में लंपी वायरस के उपचार के लिए बड़ा भंगाल गई थी वेटनरी टीम जिलाधीश ने बताया कि बड़ा भंगाल में पशुओं में लंपी वायरस होने की सूचना मिलने पर पहली अगस्त को जिला प्रशासन ने वेटनरी की एक टीम जिसमें डॉ सचिन सूद, फार्मासिस्ट विनय कुमार, कुलदीप कुमार तथा सहायक मदन कुमार को वाया चंबा रवाना किया। उपायुक्त ने बताया कि इस टीम ने 4 अगस्त को बड़ा भंगाल में पशुओं का उपचार आरंभ किया गया। उन्होंने बताया कि वेटनरी की टीम ने इस दौरान बड़ा भंगाल में लंपर वायरस से बचाव के लिए 170 पशुओं का टीकाकरण किया तथा लगभग 50 पशुओं का उपचार किया। उन्होंने बताया कि सात अगस्त शाम को पशु पालन विभाग की टीम ने सेटेलाइट के माध्यम से जिला प्रशासन को स्वास्थ्य खराब होने के बारे में सूचना दी। उन्होंने बताया कि टीम को वहां से सुरक्षित निकालने के लिए त्वरित प्रभाव से सरकार की ओर से वायु सेना से संपर्क साधा गया। निर्माण कार्य के दौरान गंभीर रूप से चोटिल हुआ था हुक्म सिंह बड़ा भंगाल के रहने वाले 48 वर्षीय हुक्म सिंह गांव में अस्थाई लकड़ी के पूल का निर्माण करने के दौरान उससे फिसल कर गिर गए, जिससे उन्हें गंभीर चौटें आईं। उपायुक्त ने बताया कि इस बाबत वहां गई पशु चिकित्सकों की टीम ने सेटेलाइट फोन के माध्यम से जिला प्रशासन को तुरंत इस घटना से भी अवगत करवाया। स्थानीय लोगों ने हुकम सिंह को रेस्क्यू करने और उनके उपचार के लिए जिला प्रशासन से आग्रह किया। उपायुक्त ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन ने भारतीय वायु सेना को संपर्क कर हुकम सिंह को रेस्क्यू करने के लिए भी सहयोग मांगा। आपदा प्रबंधन को लेकर सतर्क प्रशासन डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि जिला प्रशासन आपदा प्रबंधन को लेकर पूरी तरह से सतर्क है तथा मानसून सीजन में जिला तथा उपमंडल स्तर पर 24 घंटे कंट्रोल रूम खुले रखे गए हैं ताकि आपदा प्रबंधन को लेकर तत्काल प्रभाव से कार्य किया जा सके। उन्होंने बताया कि गत 18 जुलाई को इंदौरा उपमंडल के घंडारा तथा म्यानी में ब्यास नदी में फंसे लोगों को भारी मशक्कत के साथ रात भर नौ घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद 55 के करीब लोगों को एनडीआरएफ की मदद से सुरक्षित निकाला जा चुका है। सरकार का जताया आभार रेस्क्यू किए गए पशुपालन विभाग की टीम ने बड़ा भंगाल से एयरलिफ्ट कर गगल पहुंचाने पर आभार जताते हुए कहा कि राज्य सरकार ने आपदा के दौरान हर हिमाचलवासी का ख्याल रखा है इससे पहले भी चंद्रताल लेक तथा अन्य जगहों पर फंसे लोगों को सकुशल सुरक्षित निकाला है।
राजकीय महाविद्यालय सुघ-भटोली में भारत सरकार व राज्य सरकार के निर्देशानुसार आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत मेरी माटी, मेरा देश थीम को सार्थक करने हेतु एनएसएस यूनिट के 50 स्वयंसेवकों ने श्रमदान करते हुए कॉलेज परिसर के चारों ओर पौधरोपण किया। कार्यक्रम अधिकारी जगन सिंह की अगुवाई में इस कार्यक्रम को सफल रूप प्रदान किया। महाविद्यालय के प्राचार्य शशि भूषण ने भी स्वयंसेवकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर श्रमदान करते हुए बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि किसी भी काम की सफलता उसी समय तय हो जाती है। जब नेतृत्व खुद आगे बढ़कर काम करें और आप अब काम को करते हुए कभी भी शर्म महसूस न करें। देश के युवा द्वारा किया गया हर छोटे से छोटा समाजिक कार्य ही देश की सेवा है। पौधारोपण में जामुन सागवान, अमरूद , तुनू इत्यादि के पौधे लगाए गए।
बोले- देवभूमि में जनता की आस्था से खिलवाड़ नहीं होगा सहन देवभूमि हिमाचल में मंदिरों में दर्शन करने के लिए अब 1100 रुपये चुकाने होंगे जो देव आस्था के साथ भक्तों के साथ किया जाने वाला दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय है। सरकार के इस निर्णय का भाजपा पूरी तरह से विरोध करती है, पूर्व मंत्री बिक्रम ठाकुर ने सरकार के इस निर्णय की कड़े शब्दों में निंदा की है और सरकार से तुरंत इस फैसले को वापस लेने की मांग की है। उन्होंने प्रदेश की सुक्खू सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि 97 प्रतिशत हिंदू आबादी वाली विचारधारा को हराकर सरकार बनाने का नारा देने वाले मुख्यमंत्री जो व्यवस्था परिवर्तन कि बात हर मंच से करते हैं उनसे मेरा प्रश्न है कि यह कौन सा व्यवस्था परिवर्तन है? जहां लोगों को मंदिर के दर्शन करने के लिए भी शुल्क चुकाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने वीआईपी कल्चर का खत्म किया है, लेकिन प्रदेश की कांग्रेस सरकार मंदिरों में भी वीआईपी कल्चर को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने 10 गारंटियों को पूरा करने के लिए मंदिर शुल्क के माध्यम से पैसा एकत्रित करने का प्रयास प्रदेश सरकार द्वारा हो रहा है। मंदिरों में दर्शन के लिए शुल्क लगाया जाना लोगों कि आस्था के साथ खिलवाड़ है और भारतीय जनता पार्टी इस बात का विरोध करती है। उन्होंने सरकार को चेताया कि यदि अपनी सरकार चलाने व सीपीएस का खर्चा जुटाने के लिए इस तरह के तुगलकी फरमान सरकार द्वारा जारी किए जा रहे हैं तो उन्हें मेरा सुझाव है कि अन्य कोई साधन खोजे। देवभूमि में लोगों की आस्थाओं के साथ न खेलें। उन्होंने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है, इसका अर्थ यह नहीं कि सरकार इस तरह के फैसले लेकर लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ करे। देवी देवताओं के दर्शन करने के लिए ऐसी व्यवस्था किसी दूसरे धर्मस्थल पर नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार जरा दूसरे धर्मस्थलों पर भी एस तरह के शुल्क लगा कर बताए। उन्होंने कहा कि मंदिर दर्शन के लिए जिस फार्मूला को प्रदेश सरकार ने बनाया है जिसके अनुसार 500 लोगों को पास दिए जाएंगे व अन्य वीआईपी लोगों के लिए यह दर्शन मुफ्त रहेगा। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू बताएं कि ये वीआईपी की कैटेगरी में कौन आता है? वो स्थानीय जनता जो वहां के ही हैं वो किस प्रकार दर्शन का लाभ ले पाएंगे, जबकि 2500 लोगों के साथ साथ तथाकथित गणमान्य प्रदेश सरकार द्वारा दी जा रही सुविधा से दर्शन कर रहे होंगे। क्या वो मात्र वहां लाइनों में खड़े होने जायेंगे जबकि जिनसे शुल्क लिया गया है वो प्रथमिकता के आधार पर दर्शन कर सकेंगे। बिक्रम ठाकुर ने प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रदेश सरकार इस तरह के निर्णय लेकर आपदा में अवसर ढूंढ़ रही है। मुख्यमंत्री जी लोगों को राहत देने के बजाय प्रतिदिन इस बात पर विचार करते नजर आते हैं कि प्रदेश कि गरीब जनता की जेब से पैसा निकालने के लिए कौन सा नया क़ानून बनाया जाए। लोगों की आस्थाओं के साथ खिलवाड़ करने वाली सरकार को हिमाचल की जनता जल्द ही आईना दिखाएगी।
ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत हडोली के गांव वाह नगरोटा मे भाजपा नेता ठाकुर रविंद्र रवि ने मेरी माटी मेरा देश अभियान की शुरुआत की है। यह अभियान आज से लेकर 15 अगस्त तक चलेगा। इसमें हर गांव से मिट्टी इक_ा की जाएगी। इस दौरान भाजपा नेता ठाकुर रविंद्र सिंह रवि ने प्रधानमंत्री मोदी के अभियान में ज्यादा से ज्यादा हिस्सा लेने की अपील की। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष मान सिंह राणा, उपाध्यक्ष विजय मेहता,कैप्टन सतीश कुमार, चमन पुंडीर, पवन जस्सी, रमेश चंद, देश राम सवरूप इत्यादि उपस्थित रहे।
सेब के निर्बाध परिवहन के लिए अधिकारियों को सप्ताह भर 24 घंटे काम करने के निर्देश मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार सायं रोहडू़ में पुनर्वास एवं पुनरूद्धार कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने रोहडू़ विधानसभा क्षेत्र की सभी सड़कों को 15 अगस्त, 2023 तक बहाल करने के लिए एक व्यापक कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण, जल शक्ति, विद्युत, बागवानी और कृषि सहित विभिन्न विभागों को हुई क्षति का भी आकलन किया। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रोहडू़ विधानसभा क्षेत्र में सड़कों की बहाली के कार्य में तेजी लाने के लिए लोक निर्माण विभाग को तत्काल एक करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा की। उन्होंने मुख्य एवं संपर्क सड़कों के महत्व को देखते हुए रोहड़ू, छौहारा, जुब्बल और कोटखाई विकास खंडों में क्षतिग्रस्त सड़कों के पुनर्निमाण के लिए 1.20 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जारी करने के भी निर्देश दिए। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों और बागवानों के उत्पादों के सुचारू परिवहन और बाजारों तक पहुंच सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को प्रतिबद्धता के साथ 24 घंटे इस दिशा में कार्य करने के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने आवश्यकतानुसार अस्थाई सड़कें निर्मित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि 15 अगस्त तक सभी सम्पर्क सड़कों को यातायात के लिए पूरी तरह से खोल दिया जाए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग और उपायुक्त शिमला को सरकार को कार्य-प्रगति की विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश भी दिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार द्वारा आपदा प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति को सामान्य करने के लिए वित्तीय संसाधनों की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के कारण राज्य में आठ हजार करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का नुकसान हुआ है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा के कारण लगभग 340 करोड़ रुपये की क्षति हुई है जिसमें लोक निर्माण विभाग के 155 करोड़ रुपये, राजस्व विभाग के 84 करोड़ रुपये, जल शक्ति विभाग के 69 करोड़ रुपये, बागवानी विभाग के 23 करोड़ रुपये और अन्य विभागों के 9 करोड़ रुपये शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार रोहडू़ विधानसभा क्षेत्र में 34 घर पूरी तरह और 819 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अतिरिक्त आपदा के कारण 137 गऊशाला और 21,000 सेब के पौधों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि लोगों को राहत प्रदान करने के लिए विधानसभा क्षेत्र में पूर्ण रूप से या आंशिक रूप से प्रभावित 120 परिवारों को 1.09 करोड़ रुपये की राहत राशि जारी की गई है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, मुख्य संसदीय सचिव मोहन लाल ब्राक्टा, उपायुक्त आदित्य नेगी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
प्रदेश युवा कांग्रेस ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन शिमला में आज भारतीय युवा कांग्रेस का 63वां स्थापना दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के महासचिव एवं शिमला शहरी के प्रभारी बृज भूषण बांश्टू ने की। बृज भूषण बांश्टू ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं को योगदान देने का आह्वान किया और शपथ दिलाकर कार्यकर्ताओं से संकल्प लिया कि हम त्याग, न्याय, शांति, धर्म, विज्ञान, समृद्वि व सत्य के रास्ते चलते हुए समाज में नासुर बनी विभिन्न सामाजिक कुरितियों जैसे दहेज प्रथा, घरेलू हिंसा, कन्या भू्रण हत्या, नशाखोरी आदि को जड़-मूल से दूर करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस सामाजिक उत्थान से संबंधित कार्यों जैसे रक्तदान, वृक्षारोपन आदि कार्यक्रमों को नियमित रूप से चलाते रहेंगे। बांश्टू ने कहा कि युवा कांग्रेस समाज के प्रत्येक वर्ग विशेषकर महिलाओं एवं शोषित वर्ग के विकास एंव उत्थान के लिए कार्यरत रहेंगे। उन्होंने कहा कि आज ही के दिन 9 अगस्त 1960 को प्रथम प्रधानमंत्री स्वर्गीय पंड़ित ज्वाहर लाल नेहरू ने एक मजबूत सोच के साथ राष्ट्र निमार्ण के कर्णधार देश के युवाओं के सबसे बड़े इस महान संगठन की नींव रखी थी। इस अवसर पर प्रदेश महासचिव छेरिंग नेगी, प्रदेश सचिव तरूण ब्राकटा, जिला युवा कांग्रेस शिमला शहरी के अध्यक्ष संदीप चौहान, उपाध्यक्ष अतुल धांटा, मोहित सेखरी, अंकित शर्मा, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन शिमला जिला के अध्यक्ष योगेश ठाकुर, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन शिमला शहरी के प्रभारी नितिन देष्टा, शिमला शहरी युवा कांग्रेस के पदाधिकारी विकास ठाकुर, अंकुर यादव, उमित भारद्वाज, अवेश सुरान, गौरव खाची, राज सिखान व अन्य युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता मौजूद थे।
भारत छोड़ो आंदोलन दिवस पर एनएसयूआई ने एचपीयू में किया नुक्कड़-नाटक भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के छात्रों द्वारा आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों के खिलाफ देशवासियों के संघर्षों को याद करते हुए हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के परिसर में भारत छोड़ो आंदोलन दिवस का आयोजन किया गया। इस आयोजन में छात्रों द्वारा स्वतंत्रता सेनानियों के द्वारा आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों के खिलाफ देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों व उनकी वीर गाथा के संदेश को प्रचारित करने के लिए एक नुक्कड़ नाटक का आयोजन भी किया गया। इस अवसर पर एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष छत्तर ठाकुर ने कहा कि आजादी की लड़ाई में एक ओर जहां सच्चे देशभक्त अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई में लाठी गोली खा रहे थे तो वहीं आरएसएस के राष्ट्रविरोधी तत्वों द्वारा ब्रिटीशरों का समर्थन किया गया था। दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज वही अंग्रेजों की मुखबिरी करने वाली विचारधारा के लोग भारत की केंद्र सरकार पर काबिज हैं, यह हमारे लिए बहुत शर्मनाक है। ये राष्ट्रविरोधी और धर्मनिरपेक्ष विरोधी शक्तियां देश में धर्म और जाति के नाम पर दंगों को बढ़ावा दे रही हैं। एनएसयूआई के परिसर अध्यक्ष योगेश यादव ने इस अवसर पर कहा कि भारत जैसे कृषि प्रधान देश में आज किसान आत्महत्या करने पर मजबूर हैं और प्रधानमंत्री मोदी की छाती छप्पन इंच चौड़ी होने के बावजूद भी देश मे पुलवामा जैसे आतंकी हमले और मणिपुर जैसी शर्मनाक घटना से देश आग की तरह जल रहा है। देश का दुर्भाग्य है कि मोदी सरकार देश मे धर्म और जाति के नाम पर लगातार हो रहे दंगों, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी जैसी विषम समस्याओं को आसानी से नजरअंदाज कर अपने चहेतों आदानी जैसे पूंजीपति साथियों को फायदा पहुंचाने में व्यस्त हैं। शिक्षा में भी नई शिक्षा नीति लागू कर एक बार फिर बीजेपी ने अपनी शिक्षा के व्यापारीकरण व निजीकरण की विचारधारा को प्रोत्साहित किया है। छात्र संगठन एनएसयूआई ने हुंकार भरी हालात और समय की मांग को देखते हुए एनएसयूआई ने देशभर के छात्रों और युवाओं को लामबद्ध करते हुए बीजेपी और आरएसएस की राष्ट्रविरोधी व देश को बांटने वाली विचारधारा को देश से उखाड़ फेंकने के लिए एक बार पुन: भारत छोड़ो आंदोलन शुरू किया है।
'माटी को नमन, वीरों को वंदन' थीम के तहत 30 तक अनके कार्यक्रम आयोजित करेगा स्कूल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सनियो-दीदग द्वारा आज़ादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत 'मेरी माटी, मेरा देशÓ कार्यक्रम के तहत 'माटी को नमन, वीरों को वंदनÓ थीम को टैग लाइन बनाते हुए 9 से 30 अगस्त तक अनेक कार्यक्रम करने का निर्णय लिया गया है। इसी क्रम में आज विद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई तथा ईको क्लब के द्वारा, एनएनएस कार्यक्रम अधिकारी विजेश पाल पुंडीर प्रवक्ता जीव विज्ञान, इंदु ठाकुर प्रवक्ता अर्थशास्त्र एवं विद्यालय के ईको क्लब के इंचार्ज अनिल कुमार तथा समस्त स्टाफ द्वारा प्रधानाचार्य श्याम सिंह के मार्गदर्शन में सभी स्वयं सेवकों, तथा अन्य विद्यार्थियों द्वारा, मेरी माटी,मेरा देश कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए शपथ ली गई। इसके उपरांत एनएनएस इकाई तथा ईको क्लब द्वारा संयुक्त रूप से 350 वान (ओक) प्रजाति के पौधे का रोपण किया गया। इस कार्यक्रम में माटी को नमन, वीरों को वंदन थीम को चरितार्थ करते हुए, क्षेत्र के भारतीय सेना से सेवानिवृत्त युवा डिंपल ठाकुर तथा गांव सनियो दीदग के युवाओं ने ओर एसएमसी अध्यक्ष अजित पाल ठाकुर तथा विद्यालय के शिक्षकों टीजीटी कला प्रवीण ठाकुर, विक्रांत स्माइक (पर्यटन विभाग) ने भी पौधरोपण किया और राष्ट्र सेवा के लिए बच्चों को प्रोत्साहित किया। प्रधानाचार्य एवं एसएमसी अध्यक्ष ने बताया कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में स्वतंत्रता दिवस इसी थीम के अंतर्गत बहुत हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाया जाएगा तथा इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा अनेक देश भक्ति और लोक संस्कृति से प्रेरित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे।
एचआईवी/एड्स और ड्रग एब्यूज के प्रति समाज और युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से जिला कांगड़ा में 21 से 31 अगस्त तक यूथ फेस्ट का आयोजन किया जाएगा। धर्मशाला कॉलेज में सबसे पहले 21 अगस्त को मैराथन का आयोजन होगा। जिले में यूथ फेस्ट के आयोजन को लेकर मंगलवार को डीसी ऑफिस में अतिरिक्त उपायुक्त सौरभ जस्सल की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष्य पर राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन, भारत सरकार की ओर से पूरे देश में 12 अगस्त से 11 सितंबर, 2023 तक यूथ फेस्ट आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। एडीसी सौरभ जस्सल ने कहा कि कि इस अभियान के तहत जिले में 21 से 31 अगस्त तक विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। जिनमें मैराथन, ड्रामा/स्किट, रील मेकिंग और क्विज की प्रतियोगिताएं करवाई जाएंगी। इन प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन करने वाले युवाओं को पुरस्कृत करने के साथ उन्हें राज्य स्तर पर होने वाली प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए भेजा जाएगा। बैठक में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश सूद सहित पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग, युवा सेवाएं एवं खेल विभाग, स्वास्थ्य विभाग और गैर सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। 10 कॉलेज लेंगे भाग एडीसी ने बताया कि युवा और किशोरों को विशेष तौर पर एचआईवी एड्स और ड्रग एब्यूज के प्रति सचेत करने के मकसद से इन प्रतियोगिताओं में जिले के शिक्षण संस्थानों के छात्रों को सम्मिलित किया जाएगा। मैराथन, ड्रामा/स्किट और रील मेकिंग प्रतियोगिता में जिले के 10 महाविद्यालयों के रेड रिबन क्लब के विद्यार्थी भाग लेंगे। जिनमें धर्मशाला कॉलेज, जीजीडीएसडी कॉलेज राजपुर, डिग्री कॉलेज ढलियारा, डिग्री कॉलेज पालमपुर, बैजनाथ कॉलेज, शाहपुर महाविद्यालय, डिग्री कॉलेज सुगभटोली, तकीपुर महाविद्यालय, डिग्री कॉलेज मटौर और राजकीय महाविद्यालय नगरोटा बगवां के छात्र हिस्सा लेंगे। क्विज कंपटीशन में 'किशोरावस्था शिक्षा कार्यक्रमÓ के अंतर्गत प्रशिक्षित स्कूलों के बच्चे भाग लेंगे। धर्मशाला में होगी 'रेड रनÓ मैराथन अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि यूथ फेस्ट का प्रारंभ 21 अगस्त को 'रेड रनÓ मैराथन से किया जाएगा। धर्मशाला कॉलेज से सुबह साढ़े दस बजे मैराथन की शुरुआत होगी। इसमें प्रत्येक कॉलेज से 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के दस विद्यार्थी भाग लेंगे, जिनमें पांच छात्र और पांच छात्राएं होंगी। इसमें पहले दस स्थान प्राप्त करने वाले युवाओं को नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इसमें पहले तीन विजेताओं को 4,000, 2,000 और 1,500 रुपये और अगले सात स्थानों पर आने वाले प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार के रूप में 700 रुपये दिए जाएंगे। एचआईवी आधारित स्किट की होगी 'अभिव्यक्तिÓ चयनित दस महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए 25 अगस्त को धर्मशाला कॉलेज में ड्रामा/स्किट प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। 'अभव्यक्तिÓ और 'दी रेड शोÓ नाम से आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता में प्रत्येक महाविद्यालय पांच से दस मिनट की स्किट तैयार करेगा। स्किट के लिए एचआईवी संक्रमण के कारण, एचआईवी से संबंधित मिथक एवं भ्रांतियां, हेल्पलाइन 1097, एचआईवी कलंक एवं भेदभाव तथा एचआईवी एक्ट थीम निर्धारित की गई हैं। इसमें पहले तीन स्थान प्राप्त करने वाले दलों को 7,000, 5,000 और 3,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। 'रॉक द रिबनÓ अभियान के तहत बनाएं रील आजकल सोशल मीडिया में रील बनाने का ट्रेंड जोरों से चल रहा है। युवाओं के बीच प्रचलित मनोरंजन के इस साधन को भी अभियान के तहत उपयोग में लाया जाएगा, जिससे अभियान का संदेश प्रभावी ढंग से युवाओं तक पहुंच सके। इसके तहत चयनित संस्थानों के विद्यार्थी 'रेड रिबन रीलÓ एवं 'रॉक द रिबनÓ नाम से चलाए जाने वाले इस रील मेकिंग अभियान में भाग ले सकते हैं। इसमें छात्र एचआईवी/एड्स और ड्रग एब्यूज विषय पर 30 सेकंड से एक मिनट तक की रील बनाकर अपने कॉलेज प्रशासन के पास जमा करवाएंगे, जिसे आगे कॉलेज प्रशासन की ओर से जिला स्तर पर ऑनलाइन भेजा जाएगा। इसमें प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वालों को 1,500, 1,000 और 500 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। 13-17 वर्ष के विद्यार्थी लेंगे क्विज में भाग यूथ फेस्ट के अंतर्गत स्कूली बच्चों में एचआईवी एड्स और ड्रग एब्यूज के विषय में जागरूकता लाने के उद्देश्य से जिले में 28 अगस्त को क्विज कंपटीशन का आयोजन करवाया जाएगा। इसमें 13 से 17 वर्ष आयुवर्ग तथा 8वीं से 11वीं कक्षा के स्कूली विद्यार्थी भाग लेंगे। जिन स्कूलों के शिक्षक 'किशोरावस्था शिक्षा कार्यक्रमÓ के अंतर्गत प्रशिक्षित हैं, वे ही स्कूल इसमें भाग ले सकेंगे। क्विज कंपटीशन में पहले तीन पायदान पर आने वाले बच्चों को तीन हजार रुपये, दो हजार रुपये और 1300 रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा।
जुब्बल-कोटखाई क्षेत्र में सड़कों को खोलने के लिए 4 करोड़ रुपये जारी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को शिमला जिले की कोटखाई तहसील की क्यारी पंचायत में बीते दिनों भारी बारिश से हुए भारी नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने वहां भू-स्खलन से क्षतिग्रस्त मकानों और सड़कों का मौके पर जायजा लिया। सड़क के पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण मुख्यमंत्री लगभग एक किलोमीटर तक पैदल चलकर क्यारी बाजार तक पहुंचे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार आपदा से पीड़ित लोगों के साथ है तथा प्रभावित लोगों को सरकार द्वारा हरसंभव सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बागवानों का सेब मंडियों तक पहुंचाने के लिए हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने उपायुक्त शिमला को निर्देश दिए कि जिन लोगों के मकानों को नुकसान पहुंचा है और जिनके घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन सभी को एक-एक लाख रुपये फौरी राहत के तौर पर प्रदान किये जाएं। उन्होंने कहा कि जिन प्रभावित परिवार को अभी तक पांच हजार रुपये प्रदान किये गये हैं, उन्हें राज्य सरकार द्वारा 95 हजार रूपये और दिए जाएंगे। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि बागवानों के उत्पादों को मंडियों तक पहुंचाने के लिए जुब्बल-कोटखाई में युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा जुब्बल-कोटखाई क्षेत्र में सड़कों को खोलने के लिए 4 करोड़ रुपये जारी किए हैं तथा विभिन्न कार्यों की टेंडर प्रक्रिया को सात दिन में पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बागवानों के सेब को सुरक्षित रखने के लिए सेब क्षेत्र में अधिक से अधिक कोल्ड स्टोर बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार दिल्ली के कुंडली में भी कोल्ड स्टोर बनाने जा रही है जहां बागवान अपने सेब का भंडारण कर सकेंगे। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को क्यारी बाजार तक सड़क मार्ग को नौ दिन में सुचारू करने के निर्देश दिए तथा बागवानों को विश्वास दिलाया कि सरकार उनके उत्पाद को मंडियों तक पहुंचाना सुनिश्चित करेगी ताकि उन्हें किसी प्रकार का नुक्सान न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह दोषारोपण की राजनीति नहीं करना चाहते, लेकिन बागवान के सेब नालों में फेंकने की खबर दिल्ली तक वायरल की गई। उन्होंने कहा कि आपदा के समय वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे, लेकिन विधानसभा के मॉनसून सत्र में विपक्ष को बताया जाएगा कि उनके समय में क्या स्थिति थी। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने क्यारी के साथ अपने संबंधों को साझा करते हुए कहा कि क्यारी के स्थानीय देवता बौंदरा देवता नादौन से ही यहां आए हैं, इसलिए भी यहां लोगों के साथ उनका घर का नाता है। उन्होंने कहा कि वह 1982 में भी कोटखाई के थरोला में आ चुके हैं। उस समय उन्होंने मराथू से थरोला तक पैदल यात्रा की थी। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री का स्वागत किया तथा क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेन्द्र चौहान, मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरेट, उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
भारी बारिश से प्रभावित चौपाल विधानसभा क्षेत्र के कुड़ी गांव को स्थानांतरित करने के निर्देश मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला जिला के दो दिवसीय प्रवास के दौरान मंगलवार को चौपाल विधानसभा क्षेत्र में भारी बारिश से हुए नुकसान का विस्तृत जायजा लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने जिला प्रशासन को प्रभावित लोगों को शीघ्र सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को किसानों के उत्पादों को समयबद्ध बाजार तक पहुंचाने के लिए सड़कों की बहाली के कार्यों में तेजी लाने के दृष्टिगत तुरंत अल्पकालिक निविदा जारी करने को कहा। उन्होंने कहा कि दाग वाले सेब के दाम बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है, जिससे सेब उत्पादक लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि छैला-यशवंत नगर सड़क के सुदृढ़ीकरण पर 70 करोड़ रुपये व्यय किए जायेंगे और यह सड़क शिमला के ऊपरी क्षेत्र के लोगों के लिए चंडीगढ़ तक यात्रा के लिए जीवन रेखा के रूप में कार्य करेगी। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार सेब उत्पादक क्षेत्रों में सड़कों को बहाल करने के लिए दक्षतापूर्वक कार्य कर रही है, ताकि सड़क सम्पर्क के अभाव में बागवानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। राज्य सरकार ने प्रदेश के सेब उत्पादक क्षेत्रों में संपर्क सड़कों को बहाल करने के लिए 110 करोड़ रुपये जारी किए हैं और पर्याप्त मशीनरी भी तैनात की गई है। उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदा के कारण संपर्क सड़कों का काफी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है और उन्हें बहाल करने में काफी समय लगेगा, इसलिए उन्होंने स्थानीय लोगों से सेब सीजन के लिए अस्थायी सड़कें बनाने में राज्य सरकार का सहयोग करने का आग्रह किया। इससे किसानों के उत्पाद समय पर बाजार तक पहुंच सकेंगे और राज्य सरकार उन्हें उचित मुआवजा देगी। उन्होंने भारी बारिश के कारण प्रभावित चौपाल विधानसभा क्षेत्र के कुड़ी गांव को स्थानांतरित करने और लोगों केे पुनर्वास के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके अलावा राज्य सरकार उनके घरों के पुनर्निर्माण के लिए वित्तीय सहायता भी प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर निरंतर शिमला जिला के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं और वह स्वयं भी स्थिति का जायजा ले रहे हैं ताकि राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाई जा सके। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उन्होंने स्वयं प्रदेश के कई प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया है और वह शिमला के ऊपरी क्षेत्रों के दो दिवसीय दौरे के दौरान बहाली कार्यों का जायजा लेंगे। उन्होंने कहा कि हाल की त्रासदी में हिमाचल प्रदेश को लगभग 8000 करोड़ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इस आपदा से राज्य के सभी क्षेत्रों में भारी क्षति हुई है और यह 50 वर्षों के दौरान हुई सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार को भारी कर्ज विरासत में मिला है, लेकिन प्रभावित परिवारों की मदद के लिए धन की कमी आड़े नहीं आने दी जायेगी। उन्होंने कहा कि चौपाल में अब केवल दो सड़कें बंद हैं, बाकी सड़कों को यातायात के लिए खोल दिया गया है। उन्होंने कहा कि सड़कों को स्थायी रूप से बहाल करने के दृष्टिगत सुरक्षा दीवार लगाने के लिए धनराशि उपलब्ध करवाई जाएगी ताकि लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि चौपाल क्षेत्र के 300 घर आंशिक या पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। उन्होंने प्रशासन को आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए प्रत्येक को एक लाख रुपये की राहत राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने उपायुक्त को बलसन क्षेत्र की 15 पंचायतों के संपर्क मार्गों की बहाली के लिए 3-3 लाख रुपये उपलब्ध करवाने के निर्देश दिये। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्रीय टीम ने हाल ही में राज्य का दौरा किया है और यह आशा है कि केंद्र सरकार द्वारा अंतरिम राहत की पहली किस्त शीघ्र ही जारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ ऑडिट आपत्तियों के कारण पिछले कुछ वर्षों से एनडीआरएफ के तहत 315 करोड़ रुपये लंबित हैं और उन्होंने इस मामले को अपने दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ उठाया है। उन्होंने कहा कि यह मामला केंद्र सरकार से उठाने के उपरांत 315 करोड़ रुपये में से 189 करोड़ रुपये जारी करने के बारे में अवगत करवाया गया है और सरकार ने लंबित राशि भी शीघ्र जारी करने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भारी बारिश से हुई क्षति को देखते हुए मुआवजा राशि 10 गुना तक बढ़ा दी है। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए मुआवजा राशि बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गई है, जबकि पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए अधिक मुआवजा देने का प्रस्ताव राज्य सरकार के विचाराधीन है। इससे पहले, मुख्यमंत्री ने चौपाल में अधिकारियों के साथ बैठक भी की और बहाली कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने प्रभावित परिवारों को तत्काल एक लाख मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होंने चौपाल मण्डल में सड़क संपर्क बहाल करने के लिए 2 करोड़ रुपये और ठियोग के सैंज उप-मण्डल के लिए 50 लाख रुपये जारी करने के निर्देश दिए जबकि 1.50 करोड़ रुपये पहले ही आवंटित किये जा चुके हैं। इससे पूर्व, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव रजनीश किमटा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और कहा कि मुख्यमंत्री ने आपदा के दौरान राज्य को सशक्त नेतृत्व प्रदान किया और प्रभावितों को हरसम्भव मदद प्रदान की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सामान्य परिवार से सम्बंध रखते हैं और आम आदमी के दु:ख दर्द से भली-भांति परिचित हैं।
पूर्व सैनिक लीग कुनिहार इकाई की त्रैमासिक बैठक 27 अगस्त को लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह कुनिहार के सामने चौधरी कॉम्प्लेक्स में इकाई अध्यक्ष कैप्टन रणधीर सिंह कंवर की अध्यक्षता में सुबह 11 बजे आयोजित की जाएगी। अध्यक्ष कैप्टन रणधीर सिंह कंवर ने जानकारी देते हुए बताया कि लीग के सभी पूर्व सैनिक भाइयों व वीर नारी बहनों से अनुरोध किया गया है कि अधिक से अधिक संख्या में बैठक में पहुंचे, ताकि पूर्व सैनिकों की समस्याओं पर मिलजुलकर चर्चा व विचार-विमर्श किया जा सके। उन्होंने बताया कि जो पूर्व सैनिक हाल ही में पेंशन आए है व जो पूर्व सैनिक अपनी आयु के 80 वर्ष पूरे कर चुके है उन्हें लीग का स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया जाएगा। अध्यक्ष ने सभी पूर्व सैनिकों व वीर नारियों से आग्रह किया है कि अपने साथ जरूरी दस्तावेज साथ लेकर आए, ताकि उनमें जो कमियां है उन्हें दूर किया जा सके।
शिमला के ढली में आज सुबह 8 बजे के करीब सड़क दुर्घटना में 2 लोगों की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि 2 लोग घायल हुए हैं। घायलों का आईजीएमसी शिमला में उपचार चल रहा है। जानकारी इके अनुसार सेब से लदा ट्रक रामपुर से शिमला की तरफ आ रहा था और जब ढली बाईफर्केशन के पास पहुंचा तो अचानक अनियंत्रित हो गया और दूसरी तरफ से जा रही पिकअप को टक्कर मारते हुए ट्रक रोड से निचली तरफ शिमला-करसोग रोड पर जा गिरा, जिसमें 2 लोगों की मौके पर मृत्यु हो गई है। डीएसपी अजय भारद्वाज ने बताया कि ट्रक में चालक समेत तीन लोग सवार थे जिनमें से 2 लोगों की मृत्यु हो गई है, जबकि ट्रक चालक घायल हुआ है जिसका आईजीएमसी में उपचार चल रहा है वही पिकअप चालक भी बुरी तरह से घायल हुआ है उसे भी आईजीएमसी उपचार के लिए भेजा गया है। फिलहाल फिलहाल यातायात को खोल दिया गया है। वहीं, हादसे के कारणों की जांच चल रही है।
हिमाचल प्रदेश विद्यालय प्रवक्ता संघ जिला सिरमौर ने शिक्षा मंत्री एवं शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से निवेदन किया है कि लगातार 15 वर्षों से कम वेतन एवं कठिन परिस्थितियों में हिमाचल प्रदेश की दूरदराज के क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे एसएमसी शिक्षकों को बेहतर सेवा सुविधाएं दी जाएं। प्रवक्ता संघ जिला सिरमौर अध्यक्ष सुरेंद्र पुंडीर, राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेंद्र नेगी, जिला महासचिव डॉ. आईडी राही, वरिष्ठ उपाध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा, कोषाध्यक्ष विजय वर्मा, पूर्व जिला अध्यक्ष रमेश नेगी पूर्व महासचिव संजय शर्मा राज्य कार्यकारिणी सदस्य ने सरकार से मांग की है कि जब तक एसएमसी शिक्षकों के लिए स्थाई नीति नहीं बनती तब तक कम से कम इन शिक्षकों को अनुबंध के बराबर वेतन, यात्रा भत्ता एवं आकस्मिक तथा विशेष अवकाश आदि सभी सुविधाएं दी जाएं। प्रवक्ता संघ ने आश्वस्त किया है कि यदि यह आधारभूत सेवा सुविधाएं इन शिक्षकों को दी जाती है तो यह शिक्षक भी अन्य शिक्षकों की भांति सभी कार्य को करने के लिए सहज तैयार होंगे । दरअसल हाल ही में शिक्षा विभाग द्वारा खेलकूद प्रतियोगिताओं में एस एम सी शिक्षकों को ना भेजने के निर्देश दिए गए हैं जिसके कारण दूर दराज के क्षेत्रो में जहां अधिकतर विद्यालय केवल ओर केवल एस एम सी शिक्षकों के सहारे चल रहे हैं वहां असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है क्योकि एक तरफ कुछ आहारण एवं वितरण अधिकारी इन निर्देशों के तहत एस एमसी शिक्षकों को अपने विद्यालय संस्थान से बाहर नहीं भेज पा रहे हैं वहीं खेल जगत से जुड़े शिक्षक जो दिन रात कड़ी महनत से विद्यार्थीयो को इन प्रतियोगिताओ के लिए तैयार करते हे वह शारीरिक शिक्षक भी प्रतियोगिताओ मे प्रतिभागियों के साथ न हो कर अपमानित महसूस कर रहे हैं। ऐसी परिस्थिति में खेलकूद प्रतियोगिताओं के लिए जाने वाले शारीरिक शिक्षकों एवं अन्य महिला शिक्षकों को अन्य कर्मचारीयो के समान बेहतर सेवा सुविधा दिए जाना नितांत आवश्यक है। जिला अध्यक्ष सुरेंद्र पुंडीर ने कहा कि जिला सिरमौर के दूरदराज के अधिकतर विद्यालय केवल और केवल एस एम सी शिक्षकों के द्वारा चलाए जा रहे हैं और वर्तमान में धड़ाधड़ हो रहे स्थानांतरण के बाद इन शिक्षको पर कुछ विद्यालयो का सम्पूर्ण उत्तरदायित्व भी आ गया हैं । अत प्रवक्ता संघ माननीय शिक्षा मंत्री महोदय एवं शिक्षा निदेशक से एस एमसी शिक्षकों को खेलकूद प्रतियोगिताओं में ना भेजने के आदेश को संशोधित कर उन्हें संपूर्ण यात्रा भत्ता एवं अन्य कर्मचारियों के अनुरूप सुविधाए के साथ भेजने के निर्देश जारी करने तथा इसके लिए विशेष बजट का प्रावधान करने का निवेदन करता है ताकि यह शिक्षक भी आत्मसम्मान के साथ विद्यालय की शैक्षणिक एवं अन्य सभी गतिविधियों में अन्य शिक्षकों की भांति अपनी सेवाएं दे पाए।
स्वास्थ्य मंत्री ने डाईट सोलन में दिव्यांगजन को वितरित किए उपकरण स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा श्रम एवं रोज़गार मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार बेसहारा का सहारा बनकर उनके उत्थान के लिए दृढ़ संकल्प है। डॉ. शांडिल आज ज़िला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान (डाईट) सोलन में दिव्यांग जन को विभिन्न उपकरण वितरित करने के लिए आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन समग्र शिक्षा अभियान सोलन द्वारा किया गया। कार्यक्रम आर्टिफिश्यिल लिम्बज़ मेनूफेक्चरिंग कॉपोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा प्रायोजित किया गया। डॉ. शांडिल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सत्ता सम्भालने से पूर्व निराश्रित महिलाओं एवं बच्चों के लिए सुखाश्रय योजना की परिकल्पना की। यह योजना सभी पात्र निराश्रित बच्चों एवं बेसहारा महिलाओं को आश्रय प्रदान करेगी और बच्चों की शिक्षा का खर्च वहन कर उन्हें भावी जीवन के लिए समर्थ बनाएगी। उन्होंने कहा कि कोई भी अक्षम नहीं होता और किसी भी दिव्यांगजन को स्वयं को अशक्त नहीं समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि उचित मार्गदर्शन एवं सतत् अभ्यास के साथ सभी दिव्यांगजन बहुत बेहतर कर सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने डाईट सोलन को इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए बधाई दी। डॉ. शांडिल ने कहा कि डाईट सोलन परिसर में प्रधानाचार्य एवं अन्य अध्यापकों के आवास तथा छात्रों के लिए छात्रावास निर्माण का मामला मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने प्रदेश विद्युत बोर्ड के अधीक्षक अभियंता को डाईट सोलन परिसर में स्थापित ट्रांसफार्मर को अन्यत्र स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने डाईट परिसर में पेयजल के लिए बोरवेल के लिए 4.68 लाख रुपये भी स्वीकृत किए। उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले डाईट के छात्रों को 21 हजार रुपये अपनी ऐच्छिक निधि से प्रदान करने की घोषणा की। कार्यक्रम में 25 दिव्यांग जन को विभिन्न उपकरण प्रदान किए गए। 133 विभिन्न उपकरण सोलन ज़िला के सभी विकास खण्डों को भेजे गए। कार्यक्रम में डाईट के प्रशिशुओं और उपस्थित लोगों को एम.एम.यू अस्पताल एवं चिकित्सा महाविद्यालय के चिकित्सकों द्वारा प्राथमिक उपचार एवं दुर्घटना के समय घायल व्यक्ति के प्राथमिक उपचार और उन्हें अस्पताल पहुंचाने के समय अपनाई जाने वाली सावधानियों की जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर जोगिंद्रा सहकारी बैंक के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, नगर निगम सोलन के पार्षद सरदार सिंह ठाकुर, खण्ड कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष संजीव ठाकुर, शहरी कांग्रेस सोलन के अध्यक्ष अंकुश सूद, रोगी कल्याण समिति के सदस्य विनेश धीर, रोटरी क्लब के अध्यक्ष विजय दुग्गल, ग्राम पंचायत सलोगड़ा के पूर्व प्रधान लक्ष्मी दत्त शर्मा, युवा कांग्रेस के कुनाल सूद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजन उप्पल, साईं संजीवनी अस्पताल के डॉ. संजीव अग्रवाल, उपमण्डलाधिकारी सोलन कविता ठाकुर, डाईट सोलन के प्रधानाचार्य डॉ. शिव कुमार, डाईट के प्रवक्ता, प्रशिक्षु एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
विधायक ने सिविल अस्पताल में 15 बेड्स के अतिरिक्त भवन का किया उद्घाटन वर्तमान सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए कृत संकल्प है इसी दिशा में ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र में एक स्वास्थ्य संस्थान को आदर्श स्वास्थ्य संस्थान के रूप में अपग्रेड किया जाएगा तथा चरणबद्व तरीके से स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों के रिक्त पदों को भरा जाएगा ताकि लोगों को बेहतर सुविधा मिल सके। यह उद्गार विधायक संजय रत्न ने सोमवार को ज्वालामुखी में सिविल अस्पताल में 15 बेड्स के लिए अतिरिक्त भवन का उद्घाटन करने के उपरांत यक्त किए। उन्होंने कहा कि ज्वालामुखी सिविल अस्पताल में अब रोगियों के लिए बिस्तरों की संख्या बढ़कर 50 हो गई है इससे रोगियों को और भी बेहतर सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि ज्वालामुखी के ग्रामीण क्षेत्रों में भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के लिए विशेष बल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए कारगर कदम उठा रही है तथा राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों के कुछ विभागों में रोबोटिक सर्जरी का कार्य आरंभ किया जा रहा है तथा सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में कैजुअलटी विभाग को अपग्रेड करके आपातकालीन मेडिसन विभाग बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में मंत्रीमंडल की बैठक मे इंदिरा गांधी राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय शिमला में ट्रॉमा सेंटर और इमरजेंसी मेडिसन विभाग को कार्यशील करने तथा रोगियों की सुविधा के दृष्टिगत नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टॉफ के अतिरिक्त 136 पद सृजित कर भरने का भी निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में चरणबद्व तरीके से चिकित्सकों के पदों को भी भरा जा रहा है ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने समाज के निर्धन तथा जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए अनेकों कार्यक्रम आरंभ किए गए हैं तथा इन कार्यक्रमों एवं योजनाओं का ज्वालामुखी विस क्षेत्र में सुचारू कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। इस अवसर पर बीएमओ संजय बजाज सहित सिविल अस्पताल के विभिन्न चिकित्सक भी उपस्थित थे।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार की नीयत ही नहीं है कि वह आपदा प्रभावितों को जल्दी से जल्दी राहत दे। अभी तक सरकार सभी आपदा प्रभावितों को फौरी राहत भी नहीं पहुंचा पाई है। पूरी सहायता राशि तो बहुत दूर की बात है। उन्होंने कहा कि आपदा से नुकसान के आंकलन में लगे राजस्व अधिकारियों को नुक़सान के आकलन के लिए सरकार किसी प्रकार प्रकार के वाहन की सुविधा उपलब्ध नहीं करवा रही है जिससे राजस्व अधिकारी आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जाकर शीघ्रता से नुक़सान का आकलन करके अपनी रिपोर्ट भेज सकें। रिपोर्ट भेजे जाने के बाद शासन-प्रशासन की तरफ़ से आपदा प्रभावितों को पूरी सहायता राशि मिल सके। उन्होंने कहा कि इस बार आपदा से बहुत बड़े क्षेत्र को नुक़सान हुआ है। जिसका आँकलन करने में ज़्यादा समय लगेगा। इसलिए सरकार राजस्व अधिकारियों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाए। जिससे आपदा के आंकलन के कार्य में तेज़ी आये और आपदा प्रभावितों को मदद मिल सके। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विभिन्न माध्यमों से पता चल रहा है कि आपदा से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए राजस्व अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है लेकिन वह आपदा प्रभावित क्षेत्र तक कैसे पहुंचेंगे सरकार की तरफ़ से इसका कोई इंतज़ाम नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आपदा प्रभावित ज़्यादातर क्षेत्रों में सड़कें ख़राब होने की वजह से बस सेवाएं बहाल नहीं हो पाई हैं। अत: राजस्व के अधिकारी आपदा प्रभावित क्षेत्रों में नहीं पहुंच पा रहे हैं। ऐसे में राजस्व अधिकारी या तो लोगों से मदद मांग कर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं या पैदल चलकर। सरकार की इस लापरवाही का नुक़सान आपदा प्रभावित लोगों को उठाना पड़ रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जब तक राजस्व अधिकारी अपनी रिपोर्ट नहीं जमा करेंगे तब तक आगे की कार्रवाई नहीं होगी। न ही आपदा से कितने लोग प्रभावित हुए है, इस बात की जानकारी मिल पाएगी और न ही लोगों को किस प्रकार से नुक़सान हुआ है, इस बात की जानकारी मिल पाएगी। राजस्व अधिकारियों द्वारा निरीक्षण करना एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसलिए सरकार आपदा प्रभावितों के निरीक्षण में जुटे राजस्व विभाग के प्रतिनिधियों को सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाए।


















































