राजकीय उच्च विद्यालय हनुमान बडोग में विश्व श्रमिक दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सदन के शिक्षक मदन व भाषा अध्यापक हेमराज ने विश्व श्रमिक दिवस की जानकारी दी। विद्यालय के मुख्याध्यापक पीसी बट्टू ने बताया कि भारत में वर्ष 1923 से प्रति वर्ष एक मई को विश्व मजदूर मनाया जाता है। यह दिवस श्रमिकों के प्रति संवेदना, सम्मान, सुरक्षा व सद्भाव पूर्ण व्यवहार के लिए प्रेरित करता है। श्रमिकों को मानवीय सहायता की आवश्यकता होती है और उन्हें मशीन नहीं समझना चाहिए। इस वर्ष के लिए विश्व मजदूर दिवस का थीम "सकारात्मक सुरक्षा और स्वास्थ्य संस्कृति का निर्माण करने के लिए मिलकर कार्य करना" है। उन्होंने कहा कि किसी भी अर्थव्यवस्था की रीढ़ श्रमिक होते हैं। भीम राव अंबेडकर ने स्वतंत्र भारत में उनके काम के घंटे का समय 8 तय करने के लिए संघर्ष किया था। उनके मानव अधिकारों के प्रति सरकारों को सचेत किया। विद्यालय परिवार ने सभी श्रमिकों को इस दिवस की शुभकामनाएं दीं। स्कूल में श्रमिक कार्य करने वाले श्रमिक नंद लाल और हेम चंद को स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हेम चंद ने पुष्प और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। दोनों श्रमिकों ने इस सम्मान के लिए मुख्याध्यापक सहित पूरे स्कूल का धन्यवाद किया। इस आयोजन में नंद लाल, हेम चंद, विद्यालय परिवार के समस्त शिक्षकों सहित विद्यार्थियों ने भाग लिया।
जिला कांगड़ा बार एसोसिएशन स्थित धर्मशाला के वार्षिक चुनाव जिला न्यायिक परिसर धर्मशाला में आज एडवोकेट कमल किशोर शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुए। इसमें लगातार सातवीं बार तरुण शर्मा को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिली है। उन्होंने कुल 163 मत प्राप्त करके फिर से अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा जमाया है। इसके अलावा बार एसोसिएशन धर्मशाला के उपाध्यक्ष के पद पर भारती कालिया ने 180 मत प्राप्त कर चुनाव जीता। वहीं महासचिव पद पर आशु पटियाल ने 174 मत प्राप्त करके पद अपने नाम किया है। वही सह सचिव के पद पर अमन पॉल ने 165 मत प्राप्त करके जीत हासिल की है। अध्यक्ष तरुण शर्मा ने कहा कि अधिवक्ताओं के हितों के लिए काम किया जाएगा। जबकि हाई कोर्ट का सर्किट बेंच बनाने की बात जोर शोर से उठाई जाएगी।
जिला हमीरपुर के छबोट क्षेत्र की प्रसिद्ध समाजसेविका स्नेहा शर्मा को समाज में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रमोटर्स ऑफ सोशल एंड कल्चर हैरिटेज ऑफ हिमाचल प्रदेश संस्था द्वारा हिम प्राइड अवॉर्ड से नवाजा गया है। हमीरपुर में आयोजित हिम प्राइड अवॉर्ड-2023 के आयोजक डॉ. नरेश कौंडल ने नशा मुक्त हिमाचल स्लोगन के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया। इस आयोजन में हिमाचल प्रदेश की विभिन्न हस्तियों को उनके द्वारा समाज के प्रति किए गए उत्कृष्ट कार्यों व हिमाचल को नशा मुक्त बनाने में दिए गए सहयोग के लिए कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि उपस्थित हुए एनआईटी हमीरपुर के डायरेक्टर एचएम सूर्यवंशी द्वारा हिम प्राइड अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इसी कड़ी में हमीरपुर जिला के छबोट की स्नेहा शर्मा को समाज सेवा व रक्तदान के क्षेत्र में उनकी अग्रणीय भूमिका के चलते उन्हें इस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। स्नेहा शर्मा हमीरपुर बल्ड डोनर संस्था की सक्रिय सदस्य हैं और रक्त दान के लिए जिला ही नहीं, अपितु प्रदेश भर के युवाओं को जागरूक करती हैं। उनका पूरा परिवार भी इस सेवा से जुड़ा हुआ है और वह खुद गृहिणी होने के साथ-साथ समाज सेवा में अपना अथाह योगदान दे रही हैं। इससे पूर्व समाज सेवा और रक्तदान के क्षेत्र में उनके बहुमुल्य योगदान के लिए उन्हें राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
साईं इंटरनेशनल स्कूल सोलन में आज अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस मनाया गया। यह दिन स्कूल के लिए काम करने वाले लोगों के सम्मान में मनाया गया। विद्यालय के सहायक कर्मचारियों को छात्रों द्वारा बनाए गए सुंदर कार्ड और गुलदस्ते वितरित किए गए। स्कूल के अध्यक्ष रमिंदर बावा ने कहा कि हमें अपने बच्चों को दिल से उन लोगों के प्रति आभार व्यक्त करना सिखाना चाहिए, जो दैनिक आधार पर हमारी मदद करते हैं।
कलगीधर ट्रस्ट बड़ू साहिब द्वारा संचालित अकाल अकादमी के संस्थापक शिरोमणि पंथ रत्न, विद्या मार्तंड, पद्मश्री संत बाबा इकबाल सिंह की 97वीं जयंती 30 अप्रैल और 1 मई को हिमाचल प्रदेश के 'तपोभूमि' गुरुद्वारा बडू साहिब में श्रद्धा व हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस संत समागम में श्री दरबार साहिब से हज़ूरी रागी ज्ञानी गुरदेव सिंह व भाई गुरप्रीत सिंह चंडीगढ़, अकाल गुरमति संगीत विद्यालय चीमा साहिब व बड़ू साहिब, अनाहद बाणी तंती साज़ छात्राओं का जत्था बड़ू साहिब, अकाल अकादमी बड़ू साहिब के बच्चों, कथावाचक, ढाडी जथे और संत-महापुरुषों ने हाजिरी लगाई। इस अवसर पर अमृत अभिलाषियों को अमृत संचार के द्वारा गुरु चरणों से जोड़ा गया। संत बाबा अतर सिंह मस्तुआने वाले और संत तेजा सिंह के सेवक संत बाबा इकबाल सिंह ने अपने जीवनकाल में अनेकों श्रद्धालुओं को गुरमति मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में बाबा ने 129 अकाल अकादमियों, 2 विश्वविद्यालयों, अस्पतालों, नशामुक्ति केंद्रों और महिला-सशक्तिकरण के माध्यम से उत्तर भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन में खुशहाली लाने में मदद की। कलगीधर ट्रस्ट बड़ू साहिब के मुख्य सेवक डॉ. दविंदर सिंह और उपाध्यक्ष भाई जगजीत सिंह ने इस गुरमति समागम में शामिल होने वाली संगत, कथावाचकों और ढाडी जथों को धन्यवाद किया।
हिमाचल प्रदेश बेरोजगार कला अध्यापक संघ ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से दो हाथ जोड़कर विनती की है कि अब उन्हें भी तनावमुक्त कर दें। बेरोजगार कला अध्यापक संघ के समस्त सदस्यों ने कहा है कि जब से उन्होंने कला अध्यापक का डिप्लोमा किया है तब से वे डिप्रेशन में ही हैं। नौकरी की आस में उम्र भी 50 से 55 के बीच हो चुकी है। संघ ने कहा कि हमें हिमाचल प्रदेश सरकार के द्वारा ही SCVT के माध्यम से कोर्स करवाए गए हैं। हिमाचल प्रदेश संघ के अधिकारियों और जिला के पदाधिकारियों ने कहा है कि उन्होंने अपने परिवार सहित कांग्रेस को सरकार बनाने में समर्थन दिया है। हिमाचल प्रदेश में लगभग 15000 के करीब बेरोजगार कला अध्यापक हैं, जो कि इस काफी बढ़ी यूनियन है। संघ ने कहा है कि हम कई बार मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और शिक्षा निदेशक से अपनी मांगों को लेकर मिल चुके हैं, लेकिन अभी तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुयी हैं। संघ ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि आप अगर पुरानी पेंशन स्कीम को लागू कर सकते हैं, अनाथ आश्रमों में बच्चों का भला कर सकते हैं, अनुबंध मुलाजिमों को पक्के कर सकते हैं, दिहाड़ीदार मजदूर को कंट्रेक्ट पर कर सकते हैं तो उनकी मांगों को पूरा क्यों नहीं कर सकते। संघ ने मांग की है कि जब तक स्पोर्टी नेट बोर्ड बहाल नहीं होता तब तक बैचवाइज भर्ती शुरू की जाए और वो स्थाई रूप से हो और नियम अनुसार हो। संघ ने मांग की कि पोस्ट कोड 980 का परिणाम भी जल्दी से जल्दी निकाला जाए।
ग्राम पंचायत बलोठ व खुंदेल के ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को उपायुक्त से मुलाकात कर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बटोत में अध्यापकों के पदों को भरने की मांग उठाई। उन्होंने अध्यापकों के रिक्त पड़े पदों को भरने को लेकर एसएमसी के माध्यम से उपायुक्त को पारित प्रस्ताव भी सौंपा। इस प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई बलोठ पंचायत के प्रधान देवराज व खुंदेल पंचायत की प्रधान आरती शर्मा ने की। उन्होंने बताया कि उपरोक्त पंचायतों के करीब 300 छात्र राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बटोत में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, मगर पाठशाला में अहम विषयों के अध्यापकों के पद रिक्त होने से छात्रों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि पाठशाला में प्रिंसिपल के अलावा प्रवक्ता इतिहास, हिंदी, राजनीतिक शास्त्र व गणित के अलावा टीजीटी आर्ट्स के दो, टीजीटी नॉन मेडिकल और पीटीई अध्यापकों के पद रिक्त पड़े हुए हैं। उन्होंने उपायुक्त से गुहार लगाई कि जल्द रिक्त पदों को भर कर राहत प्रदान करें।
पुलिस मैदान धर्मशाला में 3 अप्रैल से 7 मई तक चलने वाले विरासत फेस्टिवल में दिव्यांग बच्चों के हाथों से बने बांध के उत्पाद आकर्षण का केंद्र बने हैं। फेस्टिवल में धर्मशाला सूर्य उदय चेरिटेबल ट्रस्ट के दिव्यांग बच्चों ने बांस व चीड़ की पत्तियों से बनाए उत्पादों को सजाया है, जोकि हर किसी के लिए आकर्षण का केंद्र बना है। बताते चलें कि धर्मशाला में होने वाले फेस्टिवल दिव्यांगों की प्रतिभा को पहचान दिलाने महत्वपूर्ण योगदान अदा करते हैं। ट्रस्ट के दिव्यांग बच्चों ने धर्मशाला ब्लॉक कार्यालय के माध्यम से बांस के उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण लेने के बाद इन उत्पादों को तैयार किया जाता है। जिन्हें विरासत फेस्टिवल में सजाया जा रहा है। जानकारी देते हुए सूर्य उदय चेरिटेबल ट्रस्ट में कार्यरत रेखा देवी ने कहा कि स्टोल में ट्रस्ट के स्पेशल बच्चों के हाथों से बने बांस व चीड़ की पत्तियों से बनी वस्तुएं सजाई गयी हैं। उन्होंने कहा कि स्पेशल बच्चों द्वारा इन उत्पादों को दो तीन दिन में बनाकर तैयार किया जाता है। रेखा ने कहा कि स्पेशल बच्चों द्वारा बनाए बांस के उत्पादों को लोगों द्वारा खूब पसंद किया जाता है और इन्हें खरीदने में भी दिलचस्पी दिखाते हैं। रेखा का कहना है कि उत्पादों को तैयार करने से पहले बच्चों को प्रशिक्षण भी दिलाया जाता है उसके बाद ही उत्पादों को प्रदर्शनी में सजाया जाता है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने शिमला नगर निगम के चुनावों में खड़े पार्टी के सभी प्रत्यशियों को जीत की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनमत किसी भी दल की दिशा व दशा तय करता है। उन्होंने कहा है कि लोकतंत्र के इस पर्व में सभी मतदाताओं को जिनको हमारा संविधान मतदान का अधिकार देता है, उन्हें इस में अपने वोट की आहुति अवश्य देनी चाहिए। प्रतिभा सिंह ने कहा है कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी है, जो जनकल्याण के प्रति पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने पूर्व भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह हर मोर्चे पर विफल रही। डबल इंजन का दावा करने वाली भाजपा सरकार ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह चौपट कर दिया। केंद्र से उसे ऐसी कोई भी विशेष आर्थिक सहायता नहीं मिली, जिससे प्रदेश की वित्तीय स्थिति में कोई सुधार होता। प्रतिभा सिंह ने कहा कि डबल इंजन की सरकार का प्रदेश को कोई लाभ नहीं मिला। प्रदेश के दो नेता एक मंत्री तो दूसरा उनके सगंठन का राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के बावजूद भी प्रदेश को कोई विशेष पैकेज नहीं मिला, जिससे प्रदेश में औद्योगिक विकास की गति मिलती और बढ़ती बेरोजगारी पर कोई अंकुश लगता। प्रतिभा सिंह ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने कर्मचारियों की भी उपेक्षा की। उनकी मांगों पर कभी कोई विचार नहीं किया। उनके देय भत्ते भी उन्हें कभी समय पर नहीं दिए। यही बजह रही कि आज पूर्व भाजपा सरकार की 12 हजार करोड़ से अधिक की कर्मचारियों की देनदारियां कांग्रेस सरकार को चुकानी पड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने कर्मचारियों को ओल्ड पेंशन बहाल कर दी है और वह कर्मचारियों की सभी देनदारियों को चरणबद्ध ढंग से चुकता करेगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व सांसद प्रतिभा सिंह ने मजदूर दिवस पर प्रदेशवासियों विशेष तौर पर मजदूर वर्ग को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। प्रतिभा सिंह ने कहा है कि प्रदेश के विकास और उसके निर्माण में मजदूरों का विशेष योगदान हैं। आज का यह दिन मजदूरों के कल्याण और उनके उत्थान के प्रति, राष्ट्र निर्माण में उनके उल्लेखनीय योगदान को नमन करने के लिये मनाया जाता है। प्रतिभा सिंह ने कहा है कि कांग्रेस मजदूरों के कल्याण के प्रति समर्पित हैं। उनके कल्याण को सरकार की अनेक योजनाएं बनाई गई हैं। उन्होंने मजदूरों से सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ लेने का आह्वान किया हैं।
हिमाचल प्रदेश में बारिश अब आफत बन गई है। शिमला में तो अप्रैल माह में बारिश ने 17 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। लगातार हो रही बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों बागवान व पर्यटन व्यवसायियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। लगातार हो रही बारिश व ओलावृष्टि से बागवानों की फसलें तबाह हो रही हैं। किसान फसलें काट नहीं पा रहे हैं। यदि कुछ और दिन तक बारिश का सिलसिला जारी रहा तो किसानों बागवानों को मौसम की बेरुखी का भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने आज और कल के लिए भारी बारिश लाइटनिंग और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं 5 मई तक मौसम खराब रहने की संभावना व्यक्त की है। मौसम विभाग की मानें तो पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई जिलों में रिकॉर्ड बारिश हुई है और 5 मई तक भी बारिश से राहत मिलने वाली नहीं है। 1 और 2 मई को मौसम विभाग ने भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अप्रैल माह में 17 साल बाद शिमला में 53 मिलिमिलर बारिश दर्ज की गई है।
प्रदेश की सुक्खू सरकार ने राज्य में सामान्य तबादलों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने इस संबंध में सभी विभागों, बोर्ड, निगम, विवि को आदेश जारी कर दिए हैं। बहुत अधिक आवश्यकता होने पर सिर्फ मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग के मंत्री की मंजूरी पर ही अफसरों और कर्मचारियों के तबादले किए जाएंगे। प्रशासनिक आवश्यकताओं को देखते हुए तबादले हो सकेंगे। इसके अलावा जनजातीय और दुर्गम क्षेत्रों में रिक्त पदों को भरने के लिए तबादले हो सकेंगे। सेवानिवृत्ति और पदोन्नति से रिक्त होने वाले पदों को भी तबादलों से भरने में छूट दी गई है।
हिमाचल पथ परिवहन निगम डिपो चंबा द्वारा चलाए जा रहे राइड विद प्राइड वाहन का किराया दोगुना करने के विरोध में भाजपा प्रदेश सचिव जय सिंह ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को जिला मुख्यालय चंबा में जय सिंह ने लोगों के साथ मिलकर राइड विद प्राइड वाहन को काले झंडे दिखाए। इस दौरान प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई। वहीं, भाजपा प्रदेश सचिव जय सिंह ने कहा कि हाल ही में एचआरटीसी प्रबंधन की ओर से राइड विद प्राइड वाहन सेवा का किराया दोगुना कर दिया गया है। इस वाहन में मध्यम व गरीब वर्ग के लोग सफर करते हैं। अब मात्र 3 से 4 किलोमीटर का सफर तय करने के लिए उन्हें भारी-भरकम किराया चुकाना पड़ रहा है, जिससे उन्हें काफी आर्थिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व भी प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर किराया कम करने की मांग उठाई गई थी, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हो पाई है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि जल्द से जल्द किराए में की गई बढ़ोतरी के निर्णय को वापिस लिया जाए और यदि किराया कम न हुआ तो वे चंबा प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री व उप मुख्यमंत्री को भी काले झंडे दिखाकर उनका स्वागत करेंगे।
हमीरपुर जिला के उद्यान विभाग के अंतर्गत बढ़ियाना नर्सरी में जापानी फल की पौध तैयार की जा रही है। जल्द ही यह पौध जिले के किसानों और बागवानों को वितरित की जाएगी। अक्सर यह फल बाहरी राज्यों से हिमाचल पहुंचता था, लेकिन अब हमीरपुर के बागवान अपने बगीचों में जापानी फल का उत्पादन कर सकते हैं। इससे बागवानों की आर्थिकी भी मजबूत होगी। बागवानों को इस फल की बाजार में कीमत भी अच्छी मिलेगी। गौर हो कि लगभग 4 सालों से जापानी फल की डिमांड बाजारों में बढ़ती जा रही है। इसी को देखते हुए विभाग ने बागवानों के लिए पौध तैयार की है। उद्यान विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक राजेश्वर परमार ने बताया कि जापानी फल की खेती करने के लिए बागवान काफी उत्सुक हैं। जिला के वातावरण के मुताबिक ही जापानी फल की पौध तैयार की गई है, ताकि पौधा फल-फूल सके। उन्होंने कहा कि हमीरपुर में यह फल कुल्लू और शिमला से आने वाले जापानी फल से 20 दिन पहले ही तैयार हो जाएगा। इस फल पर किसी भी तरह की किसी बीमारी और कीट का प्रभाव नहीं पड़ता है, जिससे उपभोक्ताओं तक ऑर्गेनिक फल पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि हमीरपुर जिला में एकमात्र नर्सरी बढ़ियाना है, यहां जापानी फल की पौध तैयार की जा रही है।
पांच मंत्री, तीन सीपीएस, प्रदेश अध्यक्ष, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष, इनके अलावा पांच विधायक और एक एसोसिएट विधायक, ये है मौटे तौर पर शिमला संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस का सियासी वजन। वर्तमान में यहाँ कांग्रेस वजनदार है। शायद ही बीते कुछ दशकों में 17 विधानसभा हलकों वाले इस संसदीय क्षेत्र में कभी कांग्रेस इतनी जानदार दिखी हो। ये ही कारण है कि शिमला संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस अब जोश में है और पार्टी 20 साल बाद इस लोकसभा सीट को अपनी झोली में डालने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। शिमला संसदीय सीट पर आखिरी बार कांग्रेस को 2004 में जीत मिली थी। तब हिमाचल विकास छोड़कर कांग्रेस में आएं कर्नल धनीराम शांडिल ने चुनाव जीता था, जो अब प्रदेश में स्वास्थ्य मंत्री है। पर इसके बाद कांग्रेस लगातार तीन चुनाव हार चुकी है। 2009 और 2019 में कर्नल धनीराम शांडिल हारे, तो 2014 में मोहन लाल ब्राक्टा। अब आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस किस पर दांव खेलती है, यह देखना रोचक होगा। शिमला संसदीय क्षेत्र के इतिहास पर निगाह डालें तो एक दौर में इस सीट पर एक नेता की तूती बोला करती थी और वो नेता थे स्व. केडी सुल्तानपुरी जो शिमला से 6 बार सांसद रहे और वो भी लगातार। 1980 से 1998 तक हुए 6 लोकसभा चुनाव सुल्तानपुरी ही जीते। जबकि उनके बगैर 1999 से 2019 तक हुए पांच लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को सिर्फ एक बार जीत नसीब हुई। अब पारम्परिक तौर पर कांग्रेस का गढ़ रहे शिमला संसदीय क्षेत्र में फिर एक बार कांग्रेस वापसी की जद्दोजहद में है। राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से 2024 लोकसभा चुनाव कांग्रेस के लिए बेहद अहम है और हिमाचल प्रदेश से कांग्रेस को खासी उम्मीद है। पार्टी आलाकमान अभी से इलेक्शन मोड में आता दिख रहा है और प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के अलावा खुद सीएम सुक्खू भी अभी से एक्शन में है। सुक्खू राज में शिमला संसदीय क्षेत्र को भरपूर मान मिला है और नेताओं -विधायकों को अभी से अपने -अपने क्षेत्रों में लोकसभा चुनाव हेतु काम करने के निर्देश दिए जा चुके है। निसंदेह अगर पदों पर बैठे तमाम दिग्गज लोकसभा चुनाव के लिए ज़िम्मेदारी से काम करते है तो शिमला संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस के दिन फिर सकते है। जूनियर सुल्तानपुरी पर निगाहें ! अहम सवाल ये भी है कि आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का चेहरा कौन होगा। संभावना प्रबल है कि पूर्व में चुनाव लड़ चुके चेहरों से इतर इस बार कांग्रेस किसी नए चेहरे पर दांव खेले। इस फेहरिस्त में कई नाम है और एक नाम है विनोद सुल्तानपुरी का जो वर्तमान में कसौली से विधायक है और 6 बार सांसद रहे केडी सुल्तानपुरी के पुत्र भी है। हालांकि अभी सिर्फ कयासबाजी का दौर है लेकिन निसंदेह विनोद एक सशक्त उम्मीदवार हो सकते है। फिर कश्यप या बदलेगा चेहरा ? भाजपा की बात करें तो विधानसभा चुनाव के नतीजे भाजपा भूलना चाहेगी जहाँ पार्टी को संसदीय क्षेत्र के 17 विधानसभा हलकों में से सिर्फ 3 पर जीत मिली थी। दिलचस्प बात ये है कि सांसद सुरेश कश्यप तब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भी थे, लेकिन अपने ही क्षेत्र में वे भाजपा को लीड नहीं दिलवा पाएं। ये देखना भी रोचक होगा कि क्या पार्टी फिर सुरेश कश्यप को मैदान में उतारती है या किसी नए चेहरे को मौका मिलता है। पार्टी के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल भी इसी संसदीय क्षेत्र से है, ऐसे में पार्टी को यहाँ बेहतर करने की उम्मीद जरूर रहेगी। जनता के जहन में रहेंगे कई मुद्दे शिमला संसदीय क्षेत्र में कई बड़े मुद्दे है जो लोकसभा चुनाव में जनता के जहन में रहेंगे और निसंदेह जीत - हार में अंतर पैदा कर सकते है। इस संसदीय क्षेत्र में तीन जिलें आते है, शिमला, सोलन और सिरमौर। सोलन और सिरमौर के सभी पांच -पांच विधानसभा क्षेत्र इसी संसदीय क्षेत्र में आते है, जबकि शिमला के रामपुर के अतिरिक्त सभी सात निर्वाचन क्षेत्र शिमला संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है। 1 . न फूड प्रोसेसिंग यूनिट मिली, न टमाटर का समर्थन मूल्य चुनावी वादों की बिसात पर जनता को ठगने का सिलसिला पुराना है। शिमला संसदीय क्षेत्र में टमाटर आधारित फूड प्रोसेसिंग प्लांट भी एक ऐसा ही वादा है। दशकों से हर चुनाव में नेता फूड प्रोसेसिंग प्लांट का वादा करते है और फिर भूल जाते है। इसी तरह शिमला संसदीय क्षेत्र के चुनाव में टमाटर का समर्थन मूल्य तय करने और कोल्ड स्टोर का भी वादा होता है, पर वादों -वादों में पांच साल गुजर जाते है और होता कुछ नहीं है। शिमला संसदीय क्षेत्र के तहत आने वाले जिला सोलन और सिरमौर में टमाटर की अच्छी पैदावार होती है, विशेषकर जिला सोलन में। यहां टमाटर हजारों किसान परिवारों के लिए जीवन यापन का जरिया है, पर शायद नेताओं के लिए महज राजनीति की वस्तु भर है। सोलन में टमाटर आधारित फूड प्रोसेसिंग यूनिट करीब ढ़ाई दशक से चुनावी मुद्दा है। अमूमन हर चुनाव में किसान वोट हथियाने के लिए नेता फूड प्रोसेसिंग यूनिट का ख्वाब दिखाते है, वोट बटोरते है और फिर भूल जाते है। खासतौर से लोकसभा पहुंचने के लिए टमाटर फैक्टर का भरपूर इस्तेमाल होता आया है। लम्बे समय से विभिन्न किसान संगठन भी इसकी मांग करते आ रहे है, लेकिन बात कभी कागजों से आगे नहीं बढ़ी। बता दें कि सोलन में बड़े पैमाने पर टमाटर का उत्पादन होता है। जिला सोलन में करीब पैंतालीस सौ हेक्टेयर भूमि पर टमाटर की खेती की जाती है। प्रदेश के कुल टमाटर उत्पादन का करीब 40 फीसदी से अधिक अकेले सोलन शहर से आता है। वहीं संसदीय क्षेत्र के एक अन्य जिला सिरमौर का योगदान कुल उत्पादन का करीब 30 फीसदी है। संसदीय क्षेत्र शिमला का प्रदेश के कुल टमाटर उत्पादन का करीब 70 फीसदी योगदान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी वर्ष 2014 में सोलन रैली में किसानों से टमाटर के समर्थन मूल्य व फूड प्रोसेसिंग प्लांट लगाने की बात कह चुके है। तब वे प्रधानमंत्री नहीं थे, प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार थे। खेर, नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद उम्मीद जगी कि शायद सरकार टमाटर किसानों की सुध लेगी। परंतु कुछ नहीं बदला। दिलचस्प बात ये है कि 2019 में जब नरेंद्र मोदी लोकसभा चुनाव प्रचार के लिए बतौर प्रधानमंत्री सोलन आये तो उन्होंने न फूड प्रोसेसिंग प्लांट का जिक्र किया और न ही टमाटर के समर्थन मूल्य का। इन क्षेत्रों में बड़ा मुद्दा : टमाटर का मुद्दा किसी एक निर्वाचन क्षेत्र तक सीमित नहीं है। सोलन निर्वाचन क्षेत्र के साथ -साथ मुख्य तौर पर अर्की, कसौली और पच्छाद निर्वाचन क्षेत्रों में टमाटर की अच्छी पैदावार होती है। ऐसे में कम से कम इन चार विधानसभा क्षेत्रों में ये एक महत्वपूर्ण मुद्दा होगा। 2 . बागवानों के लिए ईरान और तुर्की का सेब चुनौती शिमला संसदीय क्षेत्र बागवान बाहुल्य क्षेत्र है। जिला शिमला में तो सेब का उत्पादन होता ही है, सिरमौर के ऊपरी इलाकों में सेब का उत्पादन होता है। बागवानों से जुड़े कई ऐसे मसले है जो केंद्र सरकार के पाले में है, मसलन सेब पर आयात शुल्क बढ़ाने का मसला। हिमाचल की करीब साढ़े चार हजार करोड़ रुपये की सेब की आर्थिकी के लिए ईरान और तुर्की का सेब चुनौती बन गया है। दरअसल बागवानों के अनुसार भारत में ईरान और तुर्की से सेब का अनियंत्रित और अनियमित आयात हो रहा है जोकि बागवानों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। बागवान वाणिज्य मंत्रालय को पत्र लिखकर ईरान और तुर्की से सेब आयात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग भी कर चुके है। बागवानों के अनुसार भारी मात्रा में इन देशों से सेब का आयात होने के बाद मार्केट में हिमाचली सेब की मांग कम हुई है। चिंता की बात यह है कि ईरान और तुर्की से आयात होने वाले सेब पर किसी भी प्रकार का नियंत्रण नहीं है, जिसके चलते हिमाचल के सेब कारोबार पर इसका नकारात्मक असर पड़ा है। ईरान का सेब अफगानिस्तान के रस्ते भारत आता है। अफगानिस्तान साफ्टा (SAFTA) दक्षिण एशियाई मुक्त व्यापार क्षेत्र का हिस्सा है और यहां से सेब के आयात पर कोई शुल्क नहीं लगता है। ईरान इस समझौते का हिस्सा नहीं है और इसलिए ईरान अपना सेब अफगानिस्तान से पाकिस्तान के रास्ते अटारी बॉर्डर से भारत भेजता हैं। इसके कारण ईरान का सेब दिल्ली में सस्ता बिकता है। वहीं यदि ये सेब ईरान के रास्ते आए तो इसमें पंद्रह प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी और 35 प्रतिशत सेस लगेगा। 3 . हाटी फैक्टर भी होगा असरदार जिला सिरमौर के हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा देने के फैसले का शिमला संसदीय क्षेत्र के चार विधानसभा क्षेत्रों में सीधा असर है। इस फैसले के दायरे में पच्छाद की 33 पंचायतों और एक नगर पंचायत के 141 गांवों के कुल 27,261 लोग, रेणुका जी में 44 पंचायतों के 122 गांवों के 40,317 संबंधित लोग, शिलाई विधानसभा क्षेत्र में 58 पंचायतों के 95 गांवों के 66,775 लोग और पांवटा में 18 पंचायतों के 31 गांवों के 25,323 लोग आते है। भाजपा इस फैक्टर को लोकसभा चुनाव में भुनाना चाहेगी। हालांकि बीते विधानसभा चुनाव में भाजपा को इसका ख़ास लाभ नहीं हुआ और हाटी बाहुल शिलाई और श्री रेणुकाजी में कांग्रेस के उम्मीदवार जीतने के कामयाब रहे।
शिमला नगर निगम चुनाव हिमाचल की राजनीति के लिहाज़ से कई मायनों में अहम है। ये चुनाव भाजपा कांग्रेस सहित कई सियासी दिग्गजों के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। किसी के लिए ये अपनी राजनीतिक प्रतिभा के प्रदर्शन का मौका है तो किसी के लिए साख का सवाल l इस चुनाव में जिन नेताओं की नाक और साख दाव पर लगी है उनमें से एक सुरेश भारद्वाज भी है। जयराम सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे सुरेश भारद्वाज शिमला शहरी विधानसभा क्षेत्र से 4 बार विधायक रहे है l भारद्वाज क्षेत्र की सियासत से भली-भांति परिचित है और ज़ाहिर है कि भाजपा भी भारद्वाज के इस एक्सपीरियंस को अपने प्लस पॉइंट्स में गिन रही है l ये अलग बात है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने भारद्वाज को शिमला शहरी से टिकट न देकर कुसुम्पटी भेज दिया था और भारद्वाज चुनाव हार गए थे। हालांकि उनके समर्थक मानते है कि अगर भारद्वाज शिमला शहरी से मैदान में होते तो शायद बात कुछ और होती। खैर, अब भी शिमला शहरी सीट पर भारद्वाज का प्रभाव माना जाता है और शायद इसीलिए भारद्वाज को नगर निगम चुनाव प्रबंधन समिति के सदस्य के तौर पर भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब यदि भाजपा बेहतर करती है तो निसंदेह भारद्वाज के लिए भी ये संजीवनी साबित होगी। शिमला शहरी सीट पर भारद्वाज की पकड़ का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि भारद्वाज 1990 और 2007 से 2017 तक लगातार जीत दर्ज करने में कामयाब रहे। जयराम सरकार में भारद्वाज शहरी विकास मंत्री भी रहे है। ऐसे में जाहिर है कि अपने कार्यकाल में करवाए गए कार्यों को जनता के बीच रखने में भारद्वाज कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। नामांकन के बाद से ही भारद्वाज लगातार प्रत्याशियों के साथ मैदान में डटे है और शिमला की गली-गली में घूम कर उम्मीदवारों के लिए प्रचार प्रसार कर रहे है। उम्मीदें बहुत है और विधानसभा चुनाव में हार के बाद अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने के लिए उनके पास ये एक मौका भी है। पर खुदा न खास्ता अगर नतीजे भाजपा के पक्ष में न आए तो सवाल उठना लाज़मी है।
श्री श्याम परिवार ऊना की तरफ से एक शाम खाटू के नाम विशाल धार्मिक कार्यक्रम प्रथम श्री श्याम वंदना महोत्सव का आयोजन रामलीला ग्राउंड में शनिवार की शाम को किया गया, जिसमें मुख्यरूप से विश्व विख्यात गायक कन्हैया मित्तल उपस्थित रहे। उनके इलावा कार्यक्रम में सोनू सेठी, श्रुति शर्मा, कशिश पहावा पटियाला व ऊना के कलाकार कुमार लवली ने अपनी प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम के दौरान हवन यज्ञ किया गया। कार्यक्रम के चलते बारिश का माहौल बन गया जिसके चलते श्रद्धालु छाते लेकर बैठे रहे। जहां सफलता के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में भव्य दरवार बनवाया गया था। जिसकी ऊंचाई 70 फुट थी। तो वहीं छप्पन भग का प्रसाद बांटा गया। कार्यक्रम में कन्हैया मित्तल करीब 9 बजे मंच पर आए। जहां उन्होंने लगातार मंच पर हजारों भजन गाकर समा बांधा और उपस्थित श्रद्धालुओं को भजनों पर खूब नचाया। मित्तल ने कार्यक्रम की शुरूआत सुनो मेरे भगवान भजन गाकर किया। इसके बाद हे श्याम मुझे तेरी जरूरत है, खाटू वाले श्याम जी कमाल हो गया, गजब मेरे खाटू वाले, खाटू वाले श्याम धनी, हारा हूं बाबा पर तुझ पर भरोसा है, लाडला खाटू वाला जैसे हजारों भजन कन्हैया मित्तल ने सुनाए। सिया राम जय जय राम, बाबा श्याम से मिला दें, जो राम को लाएं हैं हम उनको लाएंगे की धून ऐसी छेड़ी, तो पंडाल में बैठे सभी खाटू श्याम भक्त झूमने पर विवश हो गए।
ये उम्मीदों का चुनाव है, ये जन अपेक्षाओं का चुनाव है, ये सामर्थ्य का चुनाव है और ये चुनाव है शक्ति के आंकलन का। शिमला नगर निगम चुनाव के नतीजे बहुत कुछ तय करेंगे, कहीं ये हवा तय करेंगे, तो कहीं ये दिशा तय करेंगे। ये नतीजे किसी को और मजबूत कर सकते है, तो किसी को मजबूर। ये ही कारण है कि कांग्रेस हो या भाजपा, दोनों इस चुनाव में पूरी ताकत झोंकते दिखे है। अहम् बात ये है कि राजनैतिक दलों के लिए तो ये जीत जरूरी है ही, कई चेहरों की सियासी रौनक भी इन्हीं नतीजों पर निर्भर करेगी। शिमला नगर निगम का चुनाव विधानसभा चुनाव के बाद पहला और लोकसभा चुनाव से पहले संभवतः आखिरी महत्वपूर्ण चुनाव है। जाहिर है ऐसे में दोनों दल जीत की ऊर्जा के साथ आगे बढ़ना चाहेंगे। नई - नई सत्तासीन हुई कांग्रेस जहाँ दस साल बाद नगर निगम में वनवास खत्म करना चाहती है, तो भाजपा शिकस्त के सिलसिले को थाम नगर निगम पर कब्ज़ा बरकरार रखने को जोर आजमाइश कर रही है। बहरहाल किसके अरमान पूरे होंगे, ये चार मई को स्पष्ट होगा। पार्टीवार बात करें तो विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस शिमला नगर निगम क्षेत्र में पूरे जोश में है। दरअसल नगर निगम के 34 वार्ड तीन निर्वाचन क्षेत्रों के अधीन आते है, शिमला शहरी, शिमला ग्रामीण और कसुम्पटी। पहली बार इन तीनो क्षेत्रों में किसी एक ही पार्टी के विधायक है और वो है कांग्रेस। इससे भी दिलचस्प बात ये है कि इन विधायकों में से दो मंत्री है, विक्रमादित्य सिंह और अनिरुद्ध सिंह। वहीं सीएम सुक्खू खुद कभी नगर निगम में पार्षद थे, तो प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह भी शिमला में ही रहती है। पार्टी ने शिमला नगर निगम की ज़िम्मेदारी रोहित ठाकुर को सौंपी जो पूरी ईमानदारी से कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करने में डटे हुए है l जाहिर है कांग्रेस जोश से लबरेज है। पर इस जोश के बीच भी पार्टी या किसी नेता विशेष के पास होश गंवाने की कोई गुंजाईश नहीं है। यदि नतीजे जरा भी इधर - उधर हुए तो संभव है पहली आवाज पार्टी के भीतर से ही उठे। उधर, बीच चुनाव में प्रदेश अध्यक्ष बदलने के बावजूद भाजपा की अपनी चुनौतियां है। जाहिर है नए अध्यक्ष को अपने अनुसार निर्णय लेने का समय मिला है और न ही रणनीतिक खाका खींचने का। विधानसभा चुनाव में शहरी विकास मंत्री रहे सुरेश भारद्वाज सहित पार्टी के तीनों उम्मीदवार बड़े अंतर से परास्त हुए है और निसंदेह इसका प्रभाव आम कार्यकर्त्ता के मनोबल पर भी हुआ है। बावजूद इसके इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि भाजपा ने इस चुनाव में पूरी ताकत जरूर झोंकी है। एक-एक वार्ड में पार्टी के दिग्गज पहुंचे है और भरपूर जतन हुआ है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने तो मोर्चा संभाला ही है, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर भी प्रचार के लिए पहुंचे है। ये दिखाता है कि बेशक नतीजा जो भी रहे, पार्टी ने चुनाव गंभीरता से लड़ा है। हालांकि जमीनी स्तर की बात करें तो एक सवाल इस चुनाव में घूम घूम कर भाजपा के सामने आया है, और वो है ट्रिपल इंजन का रिपोर्ट कार्ड। दरअसल करीब पांच वर्ष तक केंद्र, प्रदेश और शिमला नगर निगम तीनों जगह भाजपा का राज रहा, तो जाहिर है शिमला की हर परेशानी, हर शिकायत का पहला जवाब भी उन्हें ही देना पड़ा है। बहरहाल नगर निगम का ये चुनाव बेशक विधानसभा या लोकसभा चुनाव के बनिस्पत बेहद छोटा चुनाव हो लेकिन इसके मायने बेहद व्यापक है। दोनों मुख्य राजनैतिक दलों की भीतरी राजनीति पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा। उधर, चुनाव लड़ रहे सीपीआईएम और आम आदमी पार्टी अगर ठीक ठाक भी नहीं कर पाते है, तो हिमाचल में उनके भविष्य को लेकर भी सवाल उठना तो लाजमी होगा।
लाजमी है कि चुनाव के समय राजनीतिक दल घोषणाएं करते है। इन घोषणाओं में कुछ वादे पूरे हो जाते है, तो कुछ अधूरे ही रह जाते हैं। पर निसंदेह इन वादों पर जनता कुछ हद तक ऐतिबार तो करती ही है। शिमला नगर निगम चुनाव में भी कांग्रेस और भाजपा ने घोषणा पत्र जारी कर दिए हैं। भाजपा ने जहां 21 वादों का घोषणा पत्र जारी किया हैं तो वहीं कांग्रेस ने 14 वादे जनता से किये है। यहां दिलचस्प बात तो ये है कि कल तक जो भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की मुफ्त योजनाओं को लेकर चुटकी लेती रही हैं आज वहीं भाजपा शिमला नगर निगम में मुफ्त योजनाओं की बात कर रही हैं। उधर कांग्रेस ने इस बार मुफ्त योजनाओं से परहेज किया हैं । आपको याद होगा कि विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने जनता को दस गारंटियां दी थी। तब 300 यूनिट बिजली मुफ्त और महिलाओं को 1500 देने जैसे कई वादे कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश की जनता से किये थे, जबकि भाजपा ने कांग्रेस को इन गारंटियों को लेकर खूब सवाल उठाये थे। आज आलम ये है कि भाजपा खुद शिमला की जनता से 40,000 लीटर तक मुफ्त पानी देने का वादा कर रही हैं। अब जब बात मुफ्त योजनाओं की हो रही है तो जिक्र सोलन नगर निगम चुनाव का भी जरूरी है। दरअसल वर्ष 2021 में सोलन नगर निगम चुनाव हुए थे। उस समय कांग्रेस ने नगर निगम चुनाव के समय 100 में 12,500 लीटर पानी प्रतिमाह देने के साथ -साथ कूड़े के बिल को माफ़ करने की बात की थी। 7 अप्रैल 2021 को चुनावी नतीजे सामने आये और सोलन नगर निगम कांग्रेस की बनी। जाहिर है जो वादे चुनाव के समय जनता से किये गए थे उन्हें पूरा करना भी ज़रूरी था। तब बाकायदा कांग्रेस ने पेयजल बिलों में रियायत को लेकर तत्कालीन प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेजा, लेकिन सरकार ने इसे मंजूर नहीं किया। उस समय प्रदेश की सत्ता पर जयराम सरकार विराजमान थी। मंजूरी न मिलने से 8 महीने तक पानी के बिलों का वितरण नहीं किया जा सका और इसके बाद चार -चार महीनों का पानी का बिल एक साथ लोगों को थमाया गया। सवाल ये है कि जिस भाजपा ने सत्ता में रहते हुए सोलन नगर निगम में मुफ्त पानी देने से इंकार कर दिया था आज वो ही भाजपा शिमला नगर निगम में मुफ्त पानी देने की घोषणा कर रही है। इस फ्री- फ्री -फ्री वाले कांसेप्ट से कांग्रेस को तो लाभ मिलता दिखा है, लेकिन क्या भाजपा को भी इसका फायदा मिलेगा, ये अहम सवाल है।
प्रदेश अध्यक्ष को बदल भाजपा एक दफा फिर हिमाचल में संगठन को धार देने की कवायद में जुट गई है l नए प्रदेश अध्यक्ष ने आते ही भाजपा को विजय श्री की ओर आगे बढ़ाने का दावा कर दिया है l संगठन की सर्जरी की शुरुआत हो गई है और जल्द 'बॉटम टू टॉप' बड़े बदलाव तय है l उम्मीद है कि अब भाजपा डिफेंसिव नहीं बल्कि सुपर अग्रेसिव होकर मैदान में उतरेगी। उम्मीद है कि प्रदेश भाजपा का कायाकल्प होगा और उम्मीद है कि अब गलतियों को दोहराया नहीं जाएगा l उपेक्षित नेताओं को तवज्जो की उम्मीद है और आम कार्यकर्ताओं को आवश्यक संवाद की l बहरहाल उम्मीदों की इस गठरी के साथ ही डॉ राजीव बिंदल की ताजपोशी हो चुकी है और अब आने वाला वक्त ही तय करेगा कि बिंदल की अगुवाई में भाजपा क्या रंग कितना निखरता हैl विदित रहे कि पहले उपचुनाव और फिर विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए परिस्थितियां ठीक नहीं रही है l बेशक हार के कारण कई हो मगर बात घूम फिर कर हर बार लचर संगठन पर आकर ही टिक जाया करती रही l 'सरकार और संगठन एक है' के नारों के बीच भाजपा की संगठनात्मक मिस मैनेजमेंट किसी से छुपी नहीं रही l चुनावों में न तो पार्टी आपसी धड़ों में किसी तरह का कोई संतुलन दिखा और न ही पार्टी बागियों को मना पाई l 'पार्टी विद डिसिप्लिन' के संगठन की हालत इतनी खराब थी कि एक तिहाई सीटों पर बागियों ने ताल ठोकी थी । खुद प्रधानमंत्री मोदी के फ़ोन के बाद भी बगावत की लपटें सुलगती रही l ये पोलिटिकल मिस मैनेजमेंट ही था जो लगातार पार्टी की लुटिया डुबाता रहा, और अब पार्टी ने सभी माहिरों को चौंकाते हुए डॉ राजीव बिंदल को संगठन की सरदारी सौंपी है l भाजपा के तेज़ तर्रार नेताओं में शामिल डॉ राजीव बिंदल पार्टी के निष्ठावान नेताओं में से है, और बिंदल की मैनेजमेंट और सियासी कौशल का भी कोई सानी नहीं l बिंदल की संगठनात्मक कुशलता भी औरों से बेहतर आंकी जाती है l इसके अतिरिक्त बिंदल फिलवक्त किसी गुट विशेष में नहीं माने जाते है, सो पार्टी में संतुलन साधने के लिहाज से भी उनकी नियुक्ति अच्छा कदम साबित हो सकती हैl बहरहाल भाजपा को एक मेकओवर की ज़रुरत थी जो अब पार्टी को मिलता दिखाई दे रहा है। उम्मीदें बढ़ गई है कि अब एक तय रणनीति पर पार्टी आगे बढ़ेगी और नगर निगम शिमला और लोकसभा चुनाव में पार्टी की स्थिति बेहतर होगी l यहाँ इस बात का ज़िक्र भी ज़रूरी है कि बिंदल तीन सालों के अंतराल में दूसरी बार अध्यक्ष बने है l पिछली बार बिंदल के प्रदेशाध्यक्ष पद पर रहते हुए स्वास्थ्य विभाग में अवैध लेनदेन की एक घटना सामने आई थी जिसके बाद बिंदल ने नैतिकता के आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि बाद में उन्हें क्लीन चिट मिल गई थी l अब फिर बिंदल की ताजपोशी हो चुकी है और कार्यकर्ताओं ने पूरी गर्मजोशी से उनका स्वागत किया है और कार्यकर्ताओं के साथ ही एक चुनौती भी बिंदल के स्वागत में खड़ी है, वो है शिमला नगर निगम चुनाव । अपने हिसाब से संगठन में जोड़ तोड़ करने या एडजस्ट होने का समय बिंदल को नहीं मिला है, बल्कि सीधे ही उन्हें बीच रण में उतारा गया है l अब बिंदल आते ही कोई चमत्कार कर पाते है या नहीं, ये तो 4 मई को ही पता चलेगा l
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को शिमला नगर निगम के चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंकी। उन्होंने आठ वार्ड में कांग्रेस उम्मीदवारों के समर्थन में नुक्कड़ सभाएं कीं। मुख्यमंत्री ने बेनमोर से चुनाव प्रचार की शुरूआत की। सुक्खू ने कहा कि भाजपा ने अपने कार्यकाल में शिमला शहर को गर्त में धकेल दिया। कंकरीट का जंगल खड़ा कर शहर का पारिस्थितिकी संतुलन बिगाड़ा, जिससे शहर की सुंदरता को तो ग्रहण लगा ही, साथ ही जलवायु परिवर्तन की मार भी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि नगर निगम की सत्ता संभालने के बाद कांग्रेस शहर की सुंदरता को लौटाएगी। पीने का शुद्ध पानी लोगों को मुहैया कराया जाएगा। तारों के जंजाल से शहर को मुक्ति दिलाएंगे। जरूरत के हिसाब से नए एसटीपी बनाएंगे। हर वार्ड में लोगों की मांग अनुरूप विकास किया जाएगा। वह दो बार शिमला से पार्षद रहे हैं, इसलिए लोगों की दिक्कतें भलीभांति जानते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्ज के सहारे राज्य को नहीं चला सकते। सरकार के मंत्रियों ने मेरे साथ आय के नए साधन तलाशे हैं। हमने एक ऐसा बजट पेश किया है, जिससे चार साल में प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। कांग्रेस सरकार का हर काम गारंटी वाला है। केंद्र सरकार कर्मचारियों के एनपीएस के 9000 करोड़ पर कुंडली मारकर बैठी है। कर्ज के बोझ में हम इतना डूब चुके हैं कि सरकार की आय का 22 फीसदी हिस्सा ब्याज चुकाने में ही चला जाता है। केंद्र सरकार हिमाचलियों का हक छीनने में लगी है। वाटर सेस लागू न करने के लिए दिल्ली से चिट्ठियां भेजी जा रही हैं। लेकिन, हम इसे अमलीजामा पहनाकर रहेंगे। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, महंगाई राज्य सरकार के कारण नहीं बढ़ रही। केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण लोग महंगाई की चक्की में पिस रहे हैं। जिन कर्मचारियों का अभी जीपीएफ खाता नहीं खुला है, उनका अगले महीने खुल जाएगा। उनके खाते में बढ़ा हुआ डीए और एरियर आ जाएगा। भाजपा 40 हजार लीटर मुफ्त पानी मुहैया कराने का वादा कर रही है, जबकि शिमला शहर की जनता भाजपा से पूछ रहे हैं कि जब वह अपनी सरकार में नहीं दे पाए तो कांग्रेस सरकार में कैसे दे पाएंगे। बेनमोर मेरा खुद का वार्ड रहा है। शीनम कटारिया को जिताकर भेजिए, उसके साथ ही मैं भी आपके लिए एक पार्षद की तरह काम करूंगा। मुख्यमंत्री छोटा शिमला से कांग्रेस उम्मीदवार सुरेंद्र चौहान के लिए मुख्यमंत्री ने स्ट्रॉबेरी हिल में नुक्कड़ सभा को संबोधित किया। यहां पहुंचने पर लोगों ने पुष्प वर्षा कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया और उन्हें पलक पांवड़ों पर बिठाया। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि स्ट्रॉबेरी हिल मेरा घर है। मैं आपसे सुरेंद्र चौहान के लिए समर्थन मांगने आया हूं। ब्रॉकहस्ट में हमारा परिवार 26 नंबर सेट में रहा है। मेरी बचपन की यादें यहां से जुड़ी हैं। मुख्यमंत्री ने पंथाघाटी से कांग्रेस उम्मीदवार कुसुम चौहान, कुसुम्पटी से उम्मीदवार लक्ष्मी चौहान, न्यू शिमला से उम्मीदवार कुसुमलता, पटयोग वार्ड से उम्मीदवार दीपक रोहाल, कंगनाधार से उम्मीदवार रामरतन शर्मा, खलीनी से उम्मीदवार चमन प्रकाश, कनलोग से उम्मीदवार आलोक पठानिया और कृष्णानगर से उम्मीदवार विपन सिंह के लिए भी चुनाव प्रचार किया और लोगों से सभी उम्मीदवारों को जिताने की अपील की।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को शिमला नगर निगम चुनावो में बड़ा बहुमत प्राप्त होने वाला है। उन्होनें कहा कि कांग्रेस की गारंटियां खोखली साबित हुई है और चार माह के समय में ही जनता का कांग्रेस सरकार से मोह भंग हो गया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि पहले शिमला में पानी की काफी किल्लत रहती थी जिसे भारतीय जनता पार्टी ने दूर किया है। भाजपा ने शिमला शहर को 24 घंटे पानी उपलब्ध करवाने के लिए 1813 करोड़ की पेयजल योजना स्वीकृत करवाई। स्वच्छ पानी उपलब्ध करवाना भाजपा का संकल्प है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि 2016 में जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी और नगर निगम शिमला में मेयर और डिप्टी मेयर वामपंथी दल के थे तो पूरे शिमला शहर में भयंकर पीलिया फैला था और पूरे शहर में हाहाकार मचा हुआ था। कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने शिमलावासियों को 40 हजार लीटर स्वच्छ जल मुफ्त उपलब्ध करवाने की घोषणा की है जिसे भाजपा की नगर निगम बनने पर लागू किया जाएगा। साथ ही पानी के मीटरों के लिए एन0ओ0सी0 की अनिवार्यता को भी समाप्त किया जाएगा। जयराम ठाकुर ने कहा कि इन चुनावों में भाजपा को जनता का भारी समर्थन मिल रहा है जिससे स्पष्ट हो रहा है कि एक बार फिर नगर निगम शिमला पर भाजपा अपना विजयी परचम लहराएगी।
शिमला नगर निगम चुनाव भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए ही साख का सवाल है l इस चुनाव के लिए दोनों ही पार्टियों के बड़े नेता खुद मैदान में उतरे और दोनों ही दलों की तरफ से एक तय रणनीति के तहत जमकर प्रचार प्रसार किया । चुनाव प्रचार के लिए भाजपा द्वारा शिमला नगर निगम को जोन में विभाजित किया गया था और 6 नेताओं को जोन प्रभारी बनाया गया था। इन 6 जोन प्रभारियों में से एक चेतन बरागटा भी थे जिन्हें पार्टी द्वारा 6 वार्डों की ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी l इन वार्डों में भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए चेतन की क्या रणनीति रही ये जानने के लिए फर्स्ट वर्डिक्ट मीडिया द्वारा चेतन बरागटा से खास चर्चा की गई, पेश है चर्चा के मुख्य अंश सवाल : लगातार आप भाजपा के पक्ष में प्रचार प्रसार करते रहे, लोगों से मिलते रहे, आपसे जानना चाहेंगे की फिलवक्त शिमला नगर निगम की जनता का क्या कहना है? जवाब : मैं पूरी तरह से आश्वस्त हूँ कि भाजपा नगर निगम पर काबिज होने वाली है। हमारे मुद्दे बिलकुल स्पष्ट है और हम विचारों की लड़ाई लड़ रहे है। कांग्रेस 25 वर्षों तक नगर निगम पर काबिज रही है और भाजपा केवल 5 वर्षों तक नगर निगम पर काबिज रही है। भाजपा ने शिमला के विकास के लिए कार्य किया है और आगे भी करती रहेगी। वह भी एक समय था जब भाजपा की नगर निगम में केवल 1 या 2 सीटें होती थी लेकिन पिछले कार्यकाल में जनता ने भाजपा को आशीर्वाद दिया और भाजपा नगर निगम पर काबिज हुई थी। इस बार भी हमे पूरी उम्मीद है कि शिमला की जनता भाजपा को एक बार फिर आशीर्वाद देगी। सवाल : कांग्रेस का कहना है कि भाजपा ने अपने पिछले कार्यकाल के दौरान शिमला की जनता को 40 हज़ार लीटर पानी फ्री नहीं दिया, मगर अब भाजपा ऐसा दावा कर रही है l अब ये फ्री पानी पार्टी कहाँ से लाएगी? जवाब : इसका जवाब देने से पहले मैं कांग्रेस से पूछना चाहूंगा कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में जिन गारंटियों की बात कही थी वो कहां है। नगर निगम चुनाव में कांग्रेस गारंटियों को दरकिनार कर वचन पर क्यों आ गयी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा जब घोषणापत्र जारी किया गया तो मुख्यमंत्री को स्वयं ही यह ज्ञात नहीं था कि उनके मैनिफेस्टो में क्या है। मुख्यमंत्री द्वारा पत्रकार वार्ता के दौरान पत्रकारों से यह कहा गया कि आप इसे स्वयं पढ़ लीजिये। कांग्रेस को इस बात कि क्लैरिटी नहीं है कि वह नगर निगम में क्या कार्य करवाना चाहती है। कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से कंफ्यूज है और वह पूरी तरह से बौखला गए है। सरकारी तंत्र का पूरी तरह से दुरूपयोग हो रहा है, इसके साथ ही ट्रांसफर्स की धमकियाँ दी जा रही है। वोटर लिस्ट के साथ भी बहुत बड़ा फ्रॉड हुआ है l आनन् फानन में बहुत सारे लोगों के फ़र्ज़ी वोट बना दिए गए है क्योंकि कांग्रेस जानती है कि शिमला का वोटर कांग्रेस के साथ नहीं जा रहा है। इसके साथ ही एक और विषय है जो मैं जनता के बीच में भी बार बार उठा रहा हूँ और आपके माध्यम से भी मैं कांग्रेस से पूछना चाहूंगा कि जब स्मार्ट सिटी के लिए प्रदेश में शहरों को चुना गया तो शिमला को पहले इससे वंचित क्यों रखा गया। शिमला से पहले धर्मशाला को स्मार्ट सिटी का दर्जा दिया गया, जबकि शिमला स्मार्ट सिटी के लिए सबसे ज्यादा योग्य था। धर्मशाला को भी स्मार्ट सिटी मिलना चाहिए था लेकिन उससे पहले शिमला को मिलना चाहिए था। शिमला को स्मार्ट सिटी भाजपा द्वारा बाद में दिया गया और इसके लिए हम केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की जयराम सरकार का धन्यवाद करते है। सवाल : कांग्रेस आरोप लगा रही है कि भाजपा द्वारा स्मार्ट सिटी के पैसे का दुरूपयोग किया गया है, अपने चाहने वालों को कॉन्ट्रैक्ट दिए गए l कांग्रेस यह भी कह रही है कि डंगे लगाने और सड़कें चौड़ी करने से स्मार्ट सिटी नहीं बनती है, इस पर आप कांग्रेस को क्या जवाब देंगे ? जवाब : स्मार्ट सिटी की कुछ गाइडलाइंस है और आप उससे बाहर नहीं जा सकते। यदि कांग्रेस को लगता है कि कुछ गलत हुआ है तो नगर निगम में उनके भी पार्षद थे उस समय इस विषय को क्यों नहीं उठाया गया। कांग्रेस का सीधा सा कार्य यह हो गया है कि लांछन लगाओ और निकल जाओ। मुझे लगता है कि कांग्रेस को पहले अपनी विधानसभा में दी हुई गारंटियों पर विचार करना चाहिए कि उसे कैसे पूरा करना है। कांग्रेस ने बहुत से वादे किये थे जैसे महिलाओं को 1500 रूपए देना, 300 यूनिट फ्री बिजली देना, बागवान सेब के दाम खुद तय करेंगे आदि, कांग्रेस पहले इन विषयों पर सोचे फिर नगर निगम पर बात करे l इसके अलावा रही बात भाजपा के मेनिफेस्टो की तो भाजपा जानती है कि उन वादों को कैसे पूरा करना है। मुख्यमंत्री एक बार भाजपा का मेनिफेस्टो पढ़ ले उसके बाद ही कुछ कहें। सवाल : कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में गारंटियां दी और अब नगर निगम में कांग्रेस वचनबद्धताओं पर आई है, आप इसे कैसे देखते है? जवाब : कांग्रेस से मैं सवाल करना चाहता हूँ कि विधानसभा चुनाव में जिस गारंटी शब्द का उन्होंने प्रयोग किया वह शब्द नगर निगम चुनाव में क्यों इस्तेमाल नहीं किया गया, उन्होंने यहाँ वचनबद्धता शब्द का प्रयोग क्यों किया। मुझे लगता था कि गारंटियों के पीछे कांग्रेस का जो थिंकटैंक बैठा होगा उसने बहुत सोच समझ कर यह सब किया होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और अब कांग्रेस खुद ही इस शब्द से भाग रही है। इससे साफ़ जाहिर होता है कि कांग्रेस कंफ्यूज है और उन्हें स्वयं ही यह पता नहीं चल पा रहा है कि आखिर वह करना क्या चाहते है। सवाल : उप मुख्यमंत्री का कहना है कि नगर निगम चुनाव जीत कर कांग्रेस हैट्रिक लगाएगी और भाजपा का सूपड़ा इस चुनाव में साफ़ होने वाला है, आप इसपर क्या कहेंगे ? जवाब : कांग्रेस को इतना ओवर कॉंफिडेंट नहीं होना चाहिए, हमे लोगों पर पूरा विश्वास है और भाजपा को जनता का पूरा समर्थन मिल रहा है। मैं पुरे विश्वास के साथ यह बात कह सकता हूँ कि नगर निगम चुनाव में चौकाने वाले परिणाम सामने आने वाले है। हम नगर निगम शिमला में अपना मेयर और डिप्टी मेयर बनाने जा रहे है। सवाल : प्रचार प्रसार के लिए जब आप जनता के बीच गए तो उनसे क्या वादे किए ? जवाब : जनता को जानकारी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिमला को बहुत कुछ दिया है। प्रधानमंत्री ने शिमला को स्मार्ट सिटी दिया और शिमला के विकास के लिए निरंतर उन्होंने शिमला कि हर प्रकार से मदद की है। मैंने जनता से सर झुका कर सिर्फ आग्रह किया कि वह भाजपा के पार्षदों को जितवाए और शिमला को एक नए विज़न और विकास की राह पर आगे ले जाने का कार्य करे। भाजपा ने पहले भी शिमला का विकास किया है और आगे भी भाजपा ही शिमला का विकास करवाएगी।
कलगीधर ट्रस्ट बड़ू साहिब द्वारा संचालित अकाल अकादमी के संस्थापक शिरोमणि पंथ रत्न, विद्या मार्तंड, पद्मश्री संत बाबा इकबाल सिंह की 97वीं जयंती 30 अप्रैल और 1 मई 2023 को हिमाचल प्रदेश के 'तपोभूमि' गुरुद्वारा बडू साहिब में श्रद्धा व हर्षोल्लास के साथ मनाई जा रही है। इस संत समागम में श्री दरबार साहिब अमृतसर से प्रसिद्ध कीर्तनी जथे, सिंह साहिब, कथावाचक, ढाडी जथे और संत-महांपुरष पहुंच रहे हैं। इस अवसर पर अमृत-अभिलाषिओं को अमृत संचार के द्वारा गुरु-चरणों से जोड़ा जाएगा। संत बाबा अतर सिंह जी मस्तुआने वाले और संत तेजा सिंह जी के सेवक संत बाबा इकबाल सिंह जी ने अपने जीवनकाल में अनेकों श्रद्धालुओं को गुरमति मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। शिक्षा और समाज-सेवा के क्षेत्र में बाबा जी ने 129 अकाल अकादमियों, 2 विश्वविद्यालयों, अस्पतालों, नशामुक्ति केंद्रों और महिला-सशक्तिकरण के माध्यम से उत्तर भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन में खुशहाली लाने में मदद की।
वो स्व. लाल चंद प्रार्थी ही थे जिन्होंने प्रदेश में भाषा विभाग और अकादमी की नींव रखी थी और आज भी प्रार्थी का नाम पूरी शिद्दत के साथ लिया जाता है। लोगों के जेहन में आज भी लाल चंद प्रार्थी द्वारा हर क्षेत्र में किए हुए काम को याद किया जाता है। कुल्लू जिला की प्राचीन राजधानी नग्गर गांव में 3 अप्रैल, 1916 को जन्मे लाल चंद प्रार्थी ने कुल्लू जिला के लिए ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के लिए ऐसे कई कार्य किए हैं जिन्हें भूलना प्रदेश वासियों के लिए मुश्किल है। यही कारण है कि प्रार्थी का नाम आज भी कुल्लू जिला के सिर पर मुकुट की तरह चमक रहा है। स्वर्गीय लाल चंद प्रार्थी न केवल राजनीति के क्षेत्र में कुशल थे बल्कि उनके अंदर साहित्यकार, कवि और गीत-संगीत का हुनर भी खूब भरा हुआ था। स्व. लाल चंद प्रार्थी पांच भाषाओं के विद्वान थे। उन्हें हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत, फारसी और उर्दू भाषा का बारीकी से ज्ञान था। प्रार्थी आमतौर पर उर्दू भाषा का इस्तेमाल अपने राजनीतिक और अन्य सभाओं के भाषणों में भी किया करते थे। जिससे वे श्रोताओं को कई घंटों तक बांधे रखते थे। उन्होंने उर्दू भाषाओं में कई गजलें और कविताओं की भी रचनाएं की, जिसमें " बजूद-ओ-आदम " रचना खास है। इसमें उर्दू भाषा में कविताएं और गजलें शामिल है जो काफी प्रसिद्ध हुई और गजल के शौकीन उन्हें आज भी शान से पढ़ते और गुनगुनाते हैं। इसके अलावा वे एक अच्छे संगीतज्ञ भी थे। परम्परागत संगीत को संजाए रखने में भी उन्होंने काफी महत्वपूर्ण भमिका निभाई है। - कभी वकील बनना चाहते थे प्रार्थी बताया जाता है कि लालचंद प्रार्थी ने आरंभिक शिक्षा कुल्लू में प्राप्त कर जम्मू में अपने भाई राम चंद्र शास्त्री के पास जाकर संस्कृत भाषा का अध्ययन किया था। तब वकील बनने की इच्छा ने उन्हें लाहौर की ओर आकर्षित किया। उस समय प्रार्थी वकील तो नहीं बन पाए, परंतु आयुर्वेदाचार्य की उपाधि 18 वर्ष की आयु में जरूर प्राप्त कर ली। लाहौर में आयुर्वेदाचार्य की पढ़ाई के दौरान उन्होने अपने विद्यालय के छात्रों का नेतृत्व किया और स्वतन्त्रता संग्राम में कूद गये। 1933 में लाहौर में ही कुल्लू के छात्रों ने मिलकर ‘पीपल्ज लीग’ की स्थापना की, जिसका उद्देश्य समाज सुधार के साथ राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेना था। इसी दौरान वह लाहौर में क्रांतिकारी दल के संपर्क में आए। कुल्लू आने पर नग्गर में एक ग्राम सुधार सभा का गठन किया, इसी के माध्यम से उन्होंने लोगों में राष्ट्रीय प्रेम और एकता की भावना का संचार किया। यहां तक कि सरकारी नौकरी छोड़कर कुल्लू के नौजवानों में देशप्रेम की लौ जगा दी। राष्ट्रीय चेतना के प्रसार में उनका महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है। -तीन बार विधायक और एक बार रहे मंत्री हिमाचल के पुनर्गठन के बाद लाल चंद प्रार्थी तीन बार विधानसभा सदस्य रहे हैं। सबसे पहले 1952 में उन्हें विधानसभा सदस्य नियुक्त किया गया। इसके बाद 1962 और 1967 में भी उन्हें विधानसभा सदस्य चुना गया। 1967 में मंत्री बनने के बाद उन्होंने हिमाचल प्रदेश में भाषा-संस्कृति विभाग और अकादमी की स्थापना की थी। उसके बाद प्रदेश में भाषाओं के संरक्षण पर अभूतपूर्व कार्य हुआ। इतना ही नहीं उस दौरान उन्हें भाषा एवं संस्कृति मंत्रालय के साथ साथ आयुर्वेद मंत्री का कार्यभार भी सौंपा गया था। प्रार्थी को भारत सरकार की ओर से आयुर्वेदा का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। उसके बाद प्रदेश में आयुर्वेद के क्षेत्र में काफी तरक्की हुई। कुल्लू के इतिहास का अपनी कई पुस्तकों में किया है जिक्र लाल चंद प्रार्थी ने कुल्लू जिला के इतिहास को कुल्लू देश की कहानी नामक पुस्तक में लिखकर संजोए रखने का प्रयास किया है। इस पुस्तक में कुल्लू की राजनीति, राजाओं के शासन, संस्कृति और वेषभूषा के साथ साथ भौगोलिक परिस्थितियों का भी उल्लेख किया गया है। इसके अलावा उन्होंने और भी कई पुस्तकों का लेखन किया है जो कुल्लू के इतिहास को लेकर काफी महत्व रखते हैं। - पृथ्वी राज कपूर भी कायल थे प्रार्थी के हुनर के लेखन के साथ ही प्रार्थी की प्रतिभा नृत्य और संगीत में भी थी। उन्हें शास्त्रीय गीत, संगीत और नृत्य की बारीकियों का अच्छा ज्ञान था। उनका यही हुनर उनको मुंबई की ओर भी ले गया था और ‘न्यू थियेटर्स कलकत्ता और न्यू इंडिया कंपनी लाहौर’ की दो फिल्मों में उन्होंने अहम् भूमिका निभाई थी, उनमें से एक ‘कारवाँ’ फिल्म भी थी जो उस दौर में जबरदस्त हिट रही। पृथ्वी राज कपूर के समक्ष उन्होंने जब कुल्लू लोकनृत्य को दर्शाया, तो पृथ्वी राज कपूर उनकी प्रशंसा करने से स्वयं को रोक नहीं पाए। अपने फिल्मी कलाकारों को पृथ्वी राज कपूर ने कहा था, ‘देखिए इस जवान में सृजन और दिल में चलन है। नाचते वक्त इसका अंग-अंग नाचता है, मस्ती से झूमता है। यह पैदायशी कलाकार है और आप सब नकली ….. ’। लाल चंद प्रार्थी के लिए एक बड़े कलाकार द्वारा कही यह बात मायने रखती है। -1982 में अलविदा कह गए थे प्रार्थी काव्य रचनाओं और साहित्यिक रचनाओं के लिए लाल चंद्र प्रार्थी को चांद कुल्लवी की पहचान दी गई थी। कुल्लू घाटी के इस शेरदिल इंसान के हुनर और जज्बे को देखकर लोग इन्हें शेर-ए-कुल्लू कहते थे।11 दिसंबर, 1982 को कुल्लू का यह चमकता सितारा सदा के लिए खो गया। 11 दिसंबर, 1982 को कुल्लू का यह चमकता सितारा सदा के लिए खो गया। लाल चंद प्रार्थी ने कुल्लू जिला के लिए ही नहीं बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए ऐसे कार्य किए हैं जिन्हें भूलना प्रदेश वासियों के लिए मुश्किल है। - एक कुशल पत्रकार के रूप में भी किया था काम लाहौर में आयुर्वेदाचार्य की पढ़ाई के दौरान उन्होने ‘डोगरा सन्देश’ और ‘कांगड़ा समाचार’ के लिए नियमित रूप से लिखना शुरू किया था। 1940 के दशक में उनका गीत ‘हे भगवान, दो वरदान, काम देश के आऊँ मैं’ बहुत लोकप्रिय था। इसे गाते हुए बच्चे और बड़े गली-कूचों में घूमते थे। उस समय उन्होंने ग्राम्य सुधार पर एक पुस्तक भी लिखी। यह गीत उस पुस्तक में ही छपा था। उन्होंने कुल्लू जिला के इतिहास को ‘कुल्लूत देश की कहानी’ नामक पुस्तक में लिखकर संजोए रखने का प्रयास किया है। इस पुस्तक में कुल्लू की राजनीति, राजाओं के शासन, संस्कृति और वेषभूषा के साथ साथ भौगोलिक परिस्थितियों का भी उल्लेख किया गया है। इसके अलावा उन्होंने और भी कई पुस्तकों का लेखन किया है जो कुल्लू के इतिहास को लेकर काफी महत्व रखते हैं। -कुल्लुवी नाटी को दिलाई अंतर्राष्ट्रीय पहचान लालचन्द प्रार्थी ने हिमाचल प्रदेश की संस्कृति के उत्थान में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। एक समय ऐसा भी था, जब हिमाचल के लोगों में अपनी भाषा, बोली और संस्कृति के प्रति हीनता की भावना पैदा हो गयी थी। वे विदेशी और विधर्मी संस्कृति को श्रेष्ठ मानने लगे थे। ऐसे समय में प्रार्थी जी ने सांस्कृतिक रूप से प्रदेश का नेतृत्व किया। इससे युवाओं का पलायन रुका और लोगों में अपनी संस्कृति के प्रति गर्व की भावना जागृत हुई। बताया जाता है कि कुल्लू जब पंजाब का एक हिस्सा था और पंजाब में अपने लोकनृत्य भांगड़ा को ही महत्त्व मिलता था, उस समय प्रार्थी ने अपने लोकनृत्य के मोह में कुल्लवी नाटी को भांगड़े के समानांतर मंच दिया। उन्होंने लोकनृत्य दल गठित करके स्वयं कलाकारों को प्रशिक्षित करके 1952 के गणतंत्र दिवस के राष्ट्रीय पर्व पर प्रदर्शित किया और पुरस्कृत होने तथा पूर्ण राष्ट्र में इसे पहचान दिलाने का भागीरथी कार्य किया। कुल्लू दशहरे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर लाने का उनका प्रयास सफल हुआ। इसी दशहरे के मंच से कुल्वी नाटी में 12000 नर्तकों और नृत्यांगनाओं के एक साथ नृत्य को गिनीज बुक ऑफ वर्ड रिकार्ड का रिकार्ड स्थापित करना उन्हीं की प्रेरणाओं का परिणाम रहा है। कुल्लू के प्रसिद्ध दशहरा मेले को अन्तरराष्ट्रीय पटल पर स्थापित करना तथा कुल्लू में ओपन एअर थियेटर यानि कला केन्द्र की स्थापना उनके द्वारा ही हुई। कुल्लू-मनाली के पर्यटन को अंतर्राष्ट्रीय पटल पर विकसित करने उनकी बड़ी भूमिका रही है। उनका यह योगदान अविस्मरणीय रहेगा। -चांद कुल्लवी के नाम से थे प्रसिद्ध चांद कुल्लवी’ या ‘शेर-ए-कुल्लू’ कहें या लाल चंद प्रार्थी कहे, वे हमेशा अपने नाम के साथ अपने जन्म स्थान कुल्लू के साथ ही जुड़े रहना चाहते थे। अपनी मातृ भाषा के साथ उनका अपार स्नेह था। वे स्वयं को राजनीतिज्ञ की अपेक्षा पहले साहित्यकार मानते थे। वह कहा करते थे कि मुझे लोग मंत्री के नाम से तो भूल जाएंगे, परंतु साहित्य के क्षेत्र में मुझे अवश्य याद किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के वाईल्ड लाईफ फोटोग्राफर प्रकाश बादल को महासू कला आर्ट द्वारा 3 मई को महासू आर्ट संस्था द्वारा शिमला के गेयटी थियेटर में सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान प्रकाश बादल को वाईल्ड लाईफ फोटोग्राफी में उनके द्वारा विश्व भर में पानी पहचान बनाने के मद्देनज़र दिया जा रहा है। प्रकाश बादल को महासू आर्ट सोसाईटी द्वारा “ ढणकू कला श्री सम्मान 2023’ से सम्मानित किया जाएगा। प्रकाश बादल को शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर सम्मानित करेंगे। यह जानकारी महासू कला आर्ट की और से रीता सिंह रेस्टा द्वारा ने के प्रैस बयान में दी। महासू कला आर्ट द्ववारा प्रत्येक वर्ष देश के ख्याति प्राप्त कलाकारों को सम्मानित करती है। महासू आर्ट द्वारा 3 से 6 मई 2023 तक चौथी अंतर्राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जा रहा है। इस प्रदर्शनी में विश्व भर से कुल 58 कलाकारों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। प्रकाश बादल के साथ रोहडू के कलम सिंह कायथ को भी इस अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। गौरतलब है कि प्रकाश बादल ने इससे पहले वाईल्ड लाइफ फोटोग्राफी के माध्यम से विश्वभर का न केवल ध्यानाकर्षित किया है बल्कि उनकी तस्वीरों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी मिली है। प्रकाश की तस्वीरों को इससे पहले देश विदेश से मिले सम्मानों के आदिरिक्त अनेक अंतर्राष्टीय एवं राष्ट्रीय प्रदर्शनियों में भी स्थान मिल चुका है। प्रकाश बादल हिमाचल प्रदेश वन विभाग में कार्यरत हैं और शिमला जिला के जुब्बल के रहने वाले हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा "मन की बात" कार्यक्रम के 100वें एपिसोड को हिमाचल प्रदेश किसान मोर्चा द्वारा राज्य स्तरीय कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं द्वारा सुना गया। यह कार्यक्रम हरोली विधानसभा क्षेत्र के भड़ियारा में आयोजित किया गया, जिसका आयोजन जिला अध्यक्ष किसान मोर्चा व भाजपा नेता धर्मेंद्र राणा द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में विशेष रूप से किसान मोर्चा के राज्य अध्यक्ष हुक्म सिंह बैंस उपस्थित हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम को सुनने के बाद हुक्म सिंह बैंस ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व जनता के बीच दूरी को कम किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जिस प्रकार से मन की बात कार्यक्रम में जनता की आवाज को रखते हैं, उससे निश्चित रूप से जनता प्रभावित हुई है और किसान, बागवान उत्पादन, लोकल फॉर वोकल अनेक गणमान्य व्यक्तियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी, साधारण व्यक्ति क्या कर रहा है समाज में क्या परिवर्तन आ रहा है, उसकी जानकारी प्रधानमंत्री स्वयं देते हैं। इसलिए यह अपने आप में ऐसा कार्यक्रम है जो इतिहास बना रहा है। उन्होंने जिला किसान मोर्चा के अध्यक्ष धर्मेंद्र राणा द्वारा किए गए बेहतर कार्यक्रम को सराहा। बैंस ने कहा कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम किसान मोर्चा के पदाधिकारी करें और प्रधानमंत्री के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जाए। इस अवसर पर किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष भाजपा के नेता धर्मेंद्र राणा ने कहा कि प्रधानमंत्री जनता के मन की बात करते है । उन्होंने कहा कि किसान मोर्चा के राज्य स्तरीय निर्देश पर भड़ियारा में कार्यक्रम किया गया है। वहीं कार्यकर्ता बूथ में भी मन की बात कार्यक्रम में शामिल रहे हैं। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष नवदीप ठाकुर, संजीव ठाकुर, पुरींदर विक्रम, भांडियरा से बलबीर सिंह ओंकार, सिंह, कुलविंदर राणा,जोगिंदर सिंह,बाल कृष्ण, प्रद्युम्न ,बलविंदर सिंह, निर्जला देवी, सुमन देवी व गांववासी उपस्थित रहे।
कांगड़ा के इंदौरा क्षेत्र से संबंध रखने वाले हिमाचली गायक बंटी इंदौरीया का नया गाना "हाय काम रिस्की" उनके यू-ट्यूब चैनल पर रिलीज हो गया है, जिसको लिखा और गाया बंटी इंदौरीया ने है और म्यूजिक रोहनी डोगरा ने दिया है। हिमाचल के फेमस म्यूजिक डायरेक्टर राजीव नेगी द्वारा इसे विडियो दिया गया है और एकलव्य, नीलू , कुलबीनदर, तनुजा ,रूपाली और बहुत सारे फेमस चेहरों ने इसमें अभिनय किया है। जनता द्वारा भी इस गाने को काफी प्यार दिया जा रहा है।
पाइनग्रोव स्कूल सूबाथू में अंतर्सदनीय अंग्रेजी काव्य वाचन प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इस प्रतियोगिता में चिनार, देवदार, ओक, और टीक सदन के प्रतिभागियों ने भाग लिया। कनिष्ठ वर्ग के चारों सदनों में से एक-एक प्रतिभागी ने भाग लिया। टीक सदन से कनिष्ठ वर्ग की साइना को प्रतियोगिता का प्रथम पुरस्कार दिया गया, जबकि चिनार सदन की मायरा लिहान्तु और ओक सदन की अग्रिम दूसरे स्थान पर रहीं । इसी के साथ-साथ वरिष्ठ वर्ग का प्रथम पुरस्कार चिनार सदन के आयन महाजन ने प्राप्त किया। प्रतियोगिता के दूसरे स्थान पर ओक सदन के संमीत शर्मा और देवदार की जसनूर आहूजा रहीं। अंतर्सदनीय अंग्रेजी काव्य वाचन प्रतियोगिता का ओवरआल खिताब टीक सदन के नाम रहा। प्रतियोगिता के दूसरे स्थान पर चिनार सदन तथा ओक सदन को तीसरे स्थान पर संतुष्ट रहना पड़ा। प्रतियोगिता में चारों सदनों की सराहना की गई और विजयी सदन के प्रतिभागियों को मंच पर हेड पंकज शर्मा द्वारा पुरस्कृत किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि विद्यार्थियों को इस तरह की प्रतियोगिताओं में आगे बढ़-चढ़ कर भाग लेना चाहिए और भीतरी भय को दूर करने के लिए यह अवसर उनके लिए सुनहरी होता है।
सचिव शिक्षा डॉ. अभिषेक जैन ने आज शनिवार को हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के सभागार में बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक कर शिक्षा बोर्ड की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। इस मौके बोर्ड के अध्यक्ष और उपायुक्त कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल तथा सचिव स्कूल शिक्षा बोर्ड डॉ. विशाल सहित बोर्ड के सभी अधिकारी उपस्थित रहे। डॉ. अभिषेक जैन ने शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों से उनके कार्यों का ब्योरा लेते हुए, शिक्षा बोर्ड की कार्यप्रणाली को दुरुस्त करने के सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम को तैयार करते समय बच्चों का समग्र विकास ही हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। टॉपर्स को दिए जाएं मेडल उन्होंने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में दसवीं और बारहवीं कक्षा में शिक्षा बोर्ड के टॉपर्स को मेडल देकर सम्मानित किया जाए। उन्होंने कहा कि जो मेधावी बच्चें वर्ष भर मेहनत करके स्कूल शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं में श्रेष्ठ स्थान प्राप्त करते हैं, उनका सम्मान करना हमारे लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि अच्छा प्रदर्शन करने वाले बच्चों को बोर्ड स्कॉलरशिप तो देता ही है लेकिन राज्य स्तर पर एक कार्यक्रम आयोजित कर टॉपर्स को बोर्ड द्वारा अच्छे मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया जाए। उन्होंने इस कार्यक्रम में बच्चों के साथ उनके अभिभावकों को बुलाने की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। अन्य राज्यों के मॉडल किए जाएं स्टडी सचिव शिक्षा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड को अपनी सार्थकता और गुणवत्ता बढ़ाने की ओर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें देश के अन्य स्कूल बोर्डस् को स्टडी कर उनमें से श्रेष्ठ चीजों को अपने पाठ्यक्रमों और व्यवस्थाओं को अपनी कार्यप्रणाली में सम्मिलित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के समग्र विकास के लिए उन्हें योग, सांस्कृतिक पहलू, भाषा, खेल-कूद और हिमाचल से जुड़ी जानकारी उपलब्ध हो इसके लिए भी पाठ्यक्रम में प्रयास करने चाहिए। परीक्षाओं से जुड़े कामों में बरती जाए पारदर्शिता उन्होंने कहा कि बच्चें बोर्ड परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए वर्षभर कड़ी महनत करते हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं से जुड़े सभी कार्यों में पूरी पारदर्शिता बरती जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों के भविषय को लेकर सजग है और उनसे जुड़े पहलुओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही सहनीय नहीं है। उन्होंने कहा कि पेपर सेटिंग और पेपर चेकिंग की व्यवस्था में पारदर्शिता का पूरा ध्यान दिया जाए। साथ ही निरंतर इस प्रक्रिया में रोटेशन की जाए। उन्होंने कहा कि इन प्रक्रियाओं से संबंधित कहीं भी कोई सुधार की आवश्यकता हो तो उसे तुरंत करें। इन बातों पर दिया जाए ध्यान डॉ. जैन ने कहा कि समय के साथ शिक्षा बोर्ड को अपनी कार्यप्रणाली में भी कुछ आवश्यक बदलाव करने चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के समय में कार्यों को करने के लिए सब्जेक्टिविटी से ज्यादा ओब्जेक्टिविटी पर बल दें। उन्होंने कहा कि इसके साथ तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग कर डिजिटाइजेशन की ओर बढ़ें।
आयुक्त, राज्य कर एवं आबकारी, यूनुस ने आज यहां बताया कि विभाग द्वारा आज सिरमौर जिले के काला अंब क्षेत्र में तीन फर्मों का निरीक्षण किया जा रहा है। ये तीनों कंपनियां पांच राज्यों में फैली लगभग 300 फर्मों के नेटवर्क का हिस्सा हैं। इन 300 फर्मों ने 8300 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन कर 1500 करोड़ रुपये से अधिक के इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाया। इस नेटवर्क की फर्माें की नकद भुगतान के माध्यम से कर देनदारी लगभग नगण्य है और फर्मों ने बताया है कि उनके द्वारा की गई अधिकांश देनदारी इनपुट टैक्स क्रेडिट के माध्यम से अदा कर दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य कर एवं आबकारी विभाग की आर्थिक खुफिया इकाई (ईआईयू) ने विभिन्न डेटा स्रोतों के माध्यम से डेटा की जांच की और इस निष्कर्ष पर पहुंची कि इन 300 संस्थाओं के बीच लेन-देन में काफी जटिलताएं हैं और इन्होंने नकली/अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट के लिए ही यह जाल बुना था। यूनुस ने बताया कि इस पैटर्न से यह भी सामने आया कि ये नई पंजीकृत इकाइयां बहुत कम समय में बड़ी मात्रा में लेन-देन की घोषण कर रही थीं और खुद ही रद्द करवा रही थीं। आपूर्ति शृंखला की शुरुआत में संस्थाओं ने कभी भी सरकार को कर का भुगतान नहीं किया। इसके अतिरिक्त, आपूर्ति शृंखला की शुरुआत में बड़ी संख्या में संस्थाओं को कर अधिकारियों द्वारा पूर्वप्रभावी रूप से रद्द कर दिया गया है जिससे पता लगता है कि इन फर्मों ने कागजों में जाली लेन-देन घोषित किया है। उन्होंने बताया कि इन फर्मों के कुछ भागीदार पहले भी कर चोरी की गतिविधियों में संलिप्त पाए गए थे। उन्होंने बताया कि काला अंब में तीन अलग-अलग स्थानों पर तीन जिलों के 24 अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया गया। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि तीसरी इकाई के सहयोग से दो संस्थाओं ने अन्य करदाताओं को 250 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट का अनुचित लाभ पहुंचाया। उन्होंने बताया कि इस नेटवर्क के विरुद्ध जीएसटी कानून के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज शिमला के प्रसिद्ध जाखू मंदिर में शीश नवाया और प्रदेश के लोगों की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर विधायक नीरज नैय्यर, केवल सिंह पठानिया, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के सचिव डॉ. तजिंदर पाल सिंह बिट्टू, प्रदेश कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष महेश्वर चौहान एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
सोलन पारंपरिक संस्कृति संवर्धन सोसायटी के विभिन्न मुद्दों पर उपायुक्त सोलन एवं सोलन कला मंच समिति के अध्यक्ष मनमोहन शर्मा की अध्यक्षता में आज सोलन स्थित कला केंद्र कोठो में बैठक आयोजित की गई। बैठक में कला केंद्र के आडटाॅरीअम, सभागार, सम्मेलन कक्ष, विश्राम गृह, सदन के किराए के बारे में, कला केंद्र में आर्ट गैलरी म्यूजियम को विकसित करने बारे चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त बैठक में कला केन्द्र के रखरखाव बारे भी विस्तृत रूप से विचार-विमर्श किया गया। उपायुक्त ने इस अवसर पर कला केंद्र कोठो का निरीक्षण किया। कला केंद्र की सुदंरता बढ़ाने बारे तथा रखरखाव बारे उचित दिशा-निर्देश भी दिए। इस अवसर पर सहायक नियंत्रक वित्त एवं लेखा देश राज शर्मा, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता सुभाष अग्रवाल, ज़िला भाषा अधिकारी ममता वर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
सहायक अभियंता रमन भरमोरिया, विद्युत उपमंडल-1 धर्मशाला ने जानकारी देते हुए बताया कि एक मई को विद्युत लाइनों की शिफ्टिंग और स्मार्ट सिटी कार्यों के संबंध में इस फीडर के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों कोतवाली बाजार, खनियारा रोड, तिब्बतन लाइब्रेरी, खड़ा डंडा मार्ग, दाड़नू, गमरू, मैकलोडगंज बाईपास तथा साथ लगते क्षेत्रों में प्रातः 10 बजे से दोपहर12 बजे अथवा कार्य समाप्ति तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी।
ऊना में बुलेट की एनओसी ट्रांसफर मामले में अदालत के आदेश पर केस दर्ज मामले को एडीसी बिलासपुर निधि पटेल ने गलत आरोप बताया है। उन्होंने बताया कि अदालत द्वारा केवल एक व्यक्ति राजीव सिंह के विरुद्ध केस दर्ज करने का आदेश दिया गया था, जबकि एसएचओ ऊना द्वारा कोर्ट के आदेशों की अवेहलना करते हुए मेरा नाम इस केस में जोड़ा गया और मीडिया को गलत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि इस केस के माध्यम से उनका नाम खराब करने का प्रयास किया गया है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों से पत्राचार किया जा रहा है और इस केस में गहराई से जांच की मांग की जाएगी। इस मामले में डीसी उना राघव शर्मा ने भी जांच रिपोर्ट तलब की और जानकारी ली और पुलिस के उच्च अधिकारियों ने भी इस मामले को लेकर कोर्ट के जो ऑडर हुए उसके बाद जो जानकारी दी गई, उस पर तफ्तीश की और पाया कि केस दर्ज करने को लेकर गलत जानकारी दी गई थी और डीसी राघव शर्मा के समक्ष पुलिस ने इसकी गलती को माना। उस समय ऊना की एसडीएम डॉ निधि पटेल को लेकर कोर्ट ने कोई ऑडर नहीं किये है। निधि पटेल वर्तमान में एडीसी बिलासपुर हैं।
भाजपा नेता व पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने नगर निगम शिमला के वार्ड 27 कसुम्पटी में भाजपा उम्मीदवार रचना शर्मा के जनसमर्थन मांगते हुए प्रचार करते हुए कहा की कांग्रेस पार्टी विधानसभा के चुनावों में दी गई गारंटियों को पूरा नहीं कर पाई है। जनता सवाल पूछ रही है, कांग्रेस के नेता जवाब नहीं दे पा रहे हैं। न्होंने कहा कि शिमला के नगर निगम में 10 गारंटियां देंगे यह शोर था कांग्रेस का, लेकिन जनता के विरोध को देखते हुए कांग्रेस डर गई और शिमला के चुनाव में गारंटियां नहीं दे पाई है। जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस की सरकार कम समय में विफल हो गई है। कांग्रेस के नेता परेशान हैं, कार्यकर्ता परेशान हैं, जनता परेशान है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन क्या किया? यह अब सवाल जनता पूछ रही है। उन्होंने कहा कि जो व्यवस्था परिवर्तन की बात कर रहे हैं, उन्हें यही नहीं पता कि हुआ क्या? उन्होंने कहा कि ओपीएस में कर्मचारियों को उलझा दिया,300 यूनिट बिजली के फ्री नहीं मिले, 15 सो रुपए महिलाओं को नहीं मिले, 90 रुपये किलो दूध नहीं बिक रहा और गोबर नहीं खरीदा जा रहा ।उन्होंने कहा कि अब तो कांग्रेस की सरकार का मजाक जनता उड़ा रही है और कांग्रेस केवल और केवल सत्ता का आनंद ले रही है। जन भावनाओं का कोई ख्याल नहीं है। संवेदनशीलता नहीं है। उन्होंने कहा इसका उदाहरण है कि आईजीएमसी शिमला के ओपीडी भवन में आग लगी और मुख्यमंत्री जायजा लेने के स्थान पर वोट मांगते रहे। उन्होंने कहा कि हम गए हमें दुख हुआ की जो बेहतरीन भवन बना है उसकी एक मंजिल राख हो गई है। उन्होंने कहा कि संवेदनशीलता खत्म नहीं होनी चाहिए।
पुलिस थाना फतेहपुर के तहत पड़ती ग्राम पंचायत ठेहड़ के बार्ड नंबर 2 बुहाल की एक महिला ने खेतों में एक पेड़ से लटक कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है। जानकारी अनुसार 46 बर्षीय महिला बबली देवी बीती देर शाम गले में चुनी का फंदा लगाकर एक पेड़ से झूल गई। मृतका के पति जीत सिंह ने पुलिस को दिए बयान में बताया है कि वह बीती शाम जब घर पहुंचा तो घर के दरबाजे बंद थे। उसने घर के बाहर रुककर पत्नी का इंतजार किया, किन्तु काफी देर तक जब वह घर नहीं आई तो उसे ढूंढने निकल गया। ढूंढते -ढूंढते जब वह खेत में पहुंचा तो वहां पर उसने अपनी पत्नी को पेड़ से लटका हुआ पाया। उसने तुरंत उपप्रधान और उसके बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज ‘न्याय एवं प्रौद्योगिकी के माध्यम से समकालीन न्यायिक विकास एवं सुदृढ़ीकरण’ विषय पर आयोजित उत्तर क्षेत्र-दो के क्षेत्रीय सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए कहा कि न्यायिक प्रणाली में प्रौद्योगिकी का उपयोग पारदर्शिता, उत्पादिता और दक्षता सुनिश्चित कर सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रौद्योगिकी के उपयोग से न्यायपालिका सहित आज हर क्षेत्र में आम लोगों के जीवन को सरल बनाने में मदद मिली है। उन्होंने न्यायिक प्रणाली में परिवर्तन एवं सुदृढ़ीकरण के लिए प्रौद्योगिकी को एक सहायक के रूप में रेखांकित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से न्यायपालिका की कार्यप्रणाली में गति आई है। कोविड-19 महामारी के दौरान वर्चुअल सुनवाई सभी के लिए वरदान साबित हुई है, जिससे लोगों के धन और समय दोनों की बचत हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक सजग और आत्मविश्वासी समाज के साथ-साथ देश के विकास के लिए एक विश्वसनीय और त्वरित न्यायिक प्रणाली आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब न्याय मिलता नज़र आता है, तो संवैधानिक संस्थाओं में आम आदमी का विश्वास और भी बढ़ जाता है तथा कानून-व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण और इसमें निरंतर सुधार भी संभव हो पाता है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि न्याय में देरी देश के समक्ष सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है और न्यायपालिका इसके समाधान के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक विवाद निवारण विभिन्न विवादों को सुलझाने का एक साधन है और इस व्यवसाय से जुड़े सभी लोगों के लिए तकनीक के अनुरूप कानूनी शिक्षा तैयार करना एक महत्वपूर्ण लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह सम्मेलन नए विचारों की व्युत्पत्ति और देश में कानूनी सुधारों का मार्ग प्रशस्त करने की दिशा में दूरगामी सिद्ध होगा जिससे देश के लोगों को शीघ्र न्याय सुनिश्चित हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संविधान ‘हम, भारत के लोग’ के रूप में सभी को एकता के सूत्र में पिरोता है। इसका लक्ष्य और उद्देश्य हमारे लोकतंत्र की मूलभूत विशेषता है। संविधान हमारे लोकतंत्र का आधार है, और यह तीन स्तंभों पर टिका हुआ है। उन्होंने कहा कि इन स्तंभों को अपने-अपने कार्य-क्षेत्र में काम करना चाहिए जिससे कि पारदर्शिता, सामाजिक समृद्धि तथा आपसी सामंजस्य और प्रगाढ़ हो सकेगा। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वह स्वयं विधि विषय के विद्यार्थी रहे हैं और इसमें उनकी गहरी रुचि है। उन्होंने कहा कि हिमाचल ने देश के सर्वोच्च न्यायालय को चार न्यायाधीश दिए हैं जो प्रदेशवासियों के लिए गौरव का विषय है। इससे पहले, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान ने विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया और कहा कि न्यायपालिका राज्य का एक महत्वपूर्ण स्तंभ होने के नाते संविधान को आकार देने और इसकी व्याख्या करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन न्यायालयों में कृत्रिम मेधा (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस), क्रिप्टो-मुद्रा, सूचना और संचार सहित अन्य प्रौद्योगिकी के विकास पर केंद्रित है। राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी भोपाल तथा हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन में सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश और दिल्ली, पंजाब और हरियाणा, उत्तर प्रदेश, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के न्यायिक अधिकारी भाग ले रहे हैं।
उपायुक्त सोलन एवं ज़िला रेडक्राॅस सोसायटी के अध्यक्ष मनमोहन शर्मा की अध्यक्षता में आज उपायुक्त कार्यालय के सभागार में 8 मई को विश्व रेडक्राॅस दिवस आयोजित करने के संबंध में एक बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त ने कहा कि रेडक्राॅस एक स्वयंसेवी संस्था है और देश के किसी भी भाग में प्राकृतिक या मानवीय आपदा से त्रस्त लोगों को बचाने और राहत पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस तरह की संस्थाओं में जो स्वयंसेवक होते हैं, उनसे लोगों को प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। वर्तमान समय और परिस्थितियों में इस संस्था का महत्व और भी अधिक बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि रेडक्राॅस दिवस के अवसर पर होने वाली गतिविधियों में सभी नागरिक अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि 8 मई प्रातः 11.00 बजे पुराने उपायुक्त कार्यालय से लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह तक एक जागरूकता रैली का आयोजन किया जाएगा। इसमें विभिन्न सरकारी व निजी शिक्षण संस्थानों के छात्रों सहित स्थानीय नागरिक भाग लेंगे। मनमोहन शर्मा ने कहा कि इस दिन एलआर शिक्षा संस्थान सोलन में एक रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से रेडक्रॉस दिवस से पूर्व डाईट सोलन में चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि विश्व रेडक्रॉस दिवस के दिन कुष्ठ व अन्य रोगियों को फल इत्यादि भी वितरित किए जाएंगे। उपायुक्त ने सभी नागरिकों से विश्व रेड क्राॅस दिवस की गतिविधियों मे बढ़-चढ़ कर भाग लेने का आग्रह किया।
Shimla, Himachal's oldest pre-independence municipality, will vote in municipal elections again on May 2, 2023. With elections approaching, the major political parties, BJP and Congress are extensively pursuing door-to-door campaigns, Nukad sabhas, and template distribution programs at the local level. With the BJP losing the HP state assembly election in 2022 and the Congress taking control Experts believes there is a strong chance for Congress to recapture Shimla MC. INC, the major political force in Himachal at the moment, appears to be certain of them winning the MC elections. With the momentum of the recent HP Vidhan Sabha election and CM Sukhu emerging as a powerful and authentic figure in Shimla's eyes. Furthermore, three incumbent MLAs, two of whom are cabinet ministers in the HP government, make Congress's chances fancy the forthcoming election. This advantage, however, comes with significant pressure to gain the Shimla region back after a long stretch, or it will be a major loss for the current Sukhu government. BJP, the former MC victor, is currently aggressively pursuing the campaign program. With significant BJP political faces are expected to visit Shimla's municipal region, demonstrating the BJP's determination to keep its political hold on the Municipal cooperation of Shimla. Additionally, their manifestos have good junctures with 21 announced vade containing guarantees and freebies (water and garbage bill). However, it will require considerable work from both local and state officials to make it happen. Since, Municipal Cooperation elections are mostly based on local issues, as well as the workability and relationship of the local ward councilor. BJP can give Congress run for the seats for the MC election to be held from May 2nd. Hence, the victory of either of the major parties in the municipal election is too early to predict in the current scenario and MC can go into either of the party's hands.
सुमित खिमटा ने शुक्रवार को उपायुक्त सिरमौर का पदभार संभाल लिया है। वर्ष 2015 बैच के आईएएस अधिकारी श्री खिमटा इससे पूर्व उपायुक्त लाहौल-स्पिति के पद पर तैनात थे। उपायुक्त ने कहा कि उनकी प्राथमिकता प्रदेश सरकार की नीतियों, कार्यक्रमों योजनाओं और निर्देशों को सही परिप्रेक्ष्य के साथ तीव्रता के जिला में लागू करना है। उन्होंने कहा कि क्षमता, जवाबदेही, पारदर्शिता के तीन मूल सिद्धांतों अनुरूप वह कार्य करेंगे। कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध स्वास्थ्य और शिक्षण सेवाओं का लाभ सभी लोगों को मिले यह सुनिश्चित बनाया जाएगा साथ ही इन संस्थानों में ढांचागत सुविधायें विकसित की जाएंगी।
भाजपा प्रदेश महामंत्री राकेश जम्वाल ने बताया कि प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता सुरेश भारद्वाज ने आज राम बाजार वार्ड में भाजपा प्रत्याशी के लिए प्रचार किया। उन्होंने कहा कि सुरेश भारद्वाज ने घर-घर जाकर भाजपा के लिए वोट मांगे इससे कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचालन हुआ। राकेश ने बताया कि भारद्वाज जी ने जिस प्रकार से शिमला शहर में कार्य किए है उससे कांग्रेस पूरी तरह बौखला गई है, आज से पहले शिमला शहर के अंदर कभी भी इतने ज्यादा विकासात्मक कार्य नहीं हुए। स्मार्ट सिटी अगर शिमला को मिली तो भाजपा सरकार और पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज के नियंत्र प्रयासों किंदें है। उन्होंने कहा कि सुरेश भारद्वाज के प्रचार करने से बाजार में अद्भुत जोश देखने को मिला।
विकास खंड फतेहपुर की पंचायत बतराहन के उप प्रधान, 4 वार्ड सदस्य व संबंधित बीडीसी शुक्रवार को बीडीओ फतेहपुर से मिलने उनके फतेहपुर स्थित कार्यालय पहुंचे। जहां पर उन्होंने सुपरिंटेंडेंट मनोज शर्मा के माध्यम से बीडीओ को लिखित निवेदन देते हुए अवगत करवाया कि वे सब पंचायत कार्यों में प्रधान के पति की दखलंदाजी से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि अगर एक सप्ताह के भीतर प्रधान के पति द्वारा पंचायत के कार्यों में किये जा रहे हस्तक्षेप पर विभाग द्बारा कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई तो वे लोग सामूहिक रूप से इस्तीफा दे देंगे। इस दौरान पंचायत के उप प्रधान रमेश चंद ने बताया पंचायत में होने वाले कार्यों में उन्हें विश्वास में ही नहीं लिया जाता है। इसलिए उन सभी ने सामूहिक इस्तीफा देने का निर्णय लिया है। वहीं, बीडीसी सदस्य तमन्ना धीमान शर्मा ने बताया कि पंचायत के कार्यों में प्रधान के पति की अकसर दखलंदाजी रहती है, जिस कारण विकास कार्यों की गुणवत्ता भी जांच के घेरे में आ रही है। उन्होंने बताया कि उन्होंने बीडीओ से पंचायत के कार्यों की जांच करने की मांग की है। अगर सात दिन के भीतर जांच नहीं की गई तो पंचायत प्रतिनिधियों के साथ वे भी अपना इस्तीफा विभाग को सौंप देंगी। इस मौके पर वार्ड 1 सदस्य अभिषेक कुमार, वार्ड 3 सदस्य मंगल सिंह, वार्ड 5 सदस्य पूनम देवी और वार्ड 7 से सदस्य प्रतिभा धीमान उपस्थित रहीं।
ज़िला सोलन के ऐतिहासिक ठोडो मैदान में आज 14वीं ज़िला स्तरीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खेलकूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता समपन्न हो गई। उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने समापन समारोह की अध्यक्षता की। मनमोहन शर्मा ने इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेता रहे खिलाड़ियों को बधाई देते हुए आशा जताई कि सभी खिलाड़ी भविष्य में अपनी खेल यात्रा को जारी रखते हुए देश और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम और लगन से किसी भी कार्य को सम्भव बनाया जा सकता है। खेल हमें अनुशासन और परिश्रम का महत्व समझाकर लक्ष्य प्राप्ति की और सतत रूप से आगे बढ़ना सिखाते हैं। उन्होंने सभी उपस्थित छात्रों से आग्रह किया कि स्वस्थ खेल भावना को अपने जीवन में उतारें और कठिन से कठिन प्रतिस्पर्धा में भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें। उपायुक्त ने कहा कि वर्तमान समय में बेहतर रोज़गार व स्वरोज़गार प्राप्त करने के लिए युवाओं को मानसिक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ रहना जरूरी है। इस दिशा में खेलों का महत्व सर्वविदित है। उन्होंने कहा कि छात्रों को नियमित आधार पर खेलों में भाग लेना चाहिए और व्यायाम करना चाहिए। उन्होंने आशा जताई कि सभी छात्र खेलों के माध्यम से प्राप्त जानकारी को अपने जीवन में उतारेंगे। उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित भी किया। उन्होंने विजेताओं को बधाई दी और सभी खिलाड़ियों के सुखद भविष्य की कामना की। इस अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया।बैडमिंटन प्रतियोगिता में राजकीय आई.टी.आई सोलन की टीम विजयी तथा बीटीटीआई बद्दी की टीम उप विजेता रही। वाॅलीबाल प्रतियोगिता में राजकीय आईटीआई सोलन की टीम विजेता तथा राजकीय आईटीआई दिग्गल की टीम उप विजेता रही। खो-खो प्रतियोगिता में राजकीय आईटीआई सोलन की टीम ने जीत हासिल की। राजकीय आईटीआई अर्की की टीम उप विजेता रही। कब्बडी प्रतियोगिता में राजकीय आदर्श आईटीआई नालागढ़ की टीम विजेता तथा निजी आईटीआई जोघों की टीम उप विजेता रही। बास्केटबॉल प्रतियोगिता में बीटीटीआई बद्दी की टीम विजेता तथा राजकीय आईटीआई सोलन की टीम उप विजेता रही। मार्च पास्ट में राजकीय आई.टी.आई सोलन प्रथम, एसीएफ दाड़लाघाट द्वितीय तथा राजकीय आई.टी.आई अर्की तृतीय स्थान पर रही। प्रतियोगिता के ओवर आल चैंपियन की ट्राॅफी राजकीय आईटीआई सोलन ने हासिल की। इस अवसर पर महासचिव ज़िला कांगे्रस समिति एवं ज़िला सोलन कांग्रेस व्यापार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष जतिन साहनी, आई.टी.आई कसौली के प्रधानाचार्य सुभाष शर्मा, आई.टी.आई दिग्गल के प्रधानाचार्य श्याम लाल, आई.टी.आई कृष्णगढ़ के प्रधानाचार्य मुनी लाल, वरटेक्स आई.टी.आई सोलन के प्रधानाचार्य सुभाष अत्री, परवाणु प्राईवेट आई.टी.आई के प्रधानाचार्य ललित कौशल, आई.टी.आई सोलन के प्रधानाचार्य ललित कुमार, समूह प्रशिक्षक नेक राम, परेश शर्मा, रीता सहित आई.टी.आई के छात्र व अभिभावक उपस्थित थे।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज यहां बताया कि प्रदेश में 1 मई से 15 मई तक जल जागरूकता अभियान चलाया जायेगा, जिसके माध्यम से पंचायत स्तर तक लोगों को जल गुणवत्ता एवं इसके संरक्षण के प्रति जागरूक किया जायेगा। उन्होंने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य ग्राम पंचायत एवं ग्राम स्तर पर ग्राम जल स्वच्छता समितियों, स्वयं सहायता समूहों, गैर सरकारी संगठनों तथा विभागीय कर्मचारियों के माध्यम से जल गुणवत्ता एवं जल संरक्षण के प्रति आम जनता को जागरूक करना है। अभियान के दौरान प्रदेश भर में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जल शक्ति विभाग मानसून से पहले गर्मी के मौसम में जल संरक्षण और इसके विवेकपूर्ण उपयोग के बारे में जनता में सामाजिक जागरूकता पैदा करने के दृष्टिगत विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय समुदाय को संवेदनशील बनाएगा और राज्य में जल गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। अभियान के दौरान लैब टैस्ट के माध्यम से सार्वजनिक जल वितरण प्रणाली के 13,670 के नमूनों की जांच की जाएगी तथा डिलीवरी प्वाइंट के अंतर्गत 9037 गांवों में भी प्रत्येक गांव के 2 घरों से पानी के नमूनों की जांच की जाएगी। उन्होंने बताया की फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से 12,975 स्कूलों एवं 13,327 आंगनबाड़ी केंद्रों से भी पानी के नमूनों की जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस अभियान में स्वच्छता सर्वेक्षण के अंतर्गत 27,340 सार्वजनिक जल वितरण क्षेत्रों को कवर किया जा रहा है। इसके अलावा जल जागरूकता पर आधारित जल स्रोत यात्रा, स्वच्छता सर्वेक्षण, स्कूल प्रतियोगिताएं, सामूहिक चर्चा, स्वच्छता जागरूकता इत्यादि विभिन्न कार्यक्रम शामिल हैं।
ज़िला परिषद सोलन की त्रैमासिक बैठक आज यहां आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षत ज़िला परिषद के अध्यक्ष रमेश ठाकुर ने की। रमेश ठाकुर ने बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि अधिकारी विभिन्न कार्यों को समयबद्ध पूरा करना सुनिश्चित करें, ताकि इनका लाभ आम नागरिक तक समय पर पहुंच सके। उन्होंने ज़िला परिषद के सदस्यों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आग्रह किया कि कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के लिए बेहतर आपसी समन्वय स्थापित करें ताकि सभी लम्बित कार्य शीघ्र पूर्ण हो सकें। उन्होंने कहा कि ज़िला के सभी खंड विकास अधिकारी ज़िला परिषद सदस्यों को संबंधित विकास खंड में किए जाने वाले कार्यों की जानकारी बैठक से पूर्व उपलब्ध करवाएं तथा प्रत्येक माह बैठक कर विभिन्न मदों पर विस्तृत चर्चा कर समाधान निकालें। रमेश ठाकुर ने कहा कि ज़िला परिषद सदस्य प्रदेश सरकार, ज़िला प्रशासन एवं आमजन के मध्य महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने कहा कि विकास एक निरंतर प्रक्रिया है और सभी के सहयोग से ही समयबद्ध विकास सुनिश्चित हो सकता है। ज़िला परिषद अध्यक्ष ने कहा कि चुने हुए जनप्रतिनिधि विभिन्न समस्याओं को संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ सीधा संवाद स्थापित कर शीघ्र सुलझा सकते हैं। उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों का यह प्रयास रहता है कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सकारात्मक सहयोग से जनता की समस्याओं का शीघ्र निवारण किया जा सके। रमेश ठाकुर ने कहा कि ज़िला परिषद, ज़िला का सबसे बड़ा सदन है। इसमें जिला परिषद सदस्यों द्वारा उठाए गए मदों का सभी विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति में शीघ्र निवारण सुनिश्चित किया जाता है। उन्होंने आज की बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए। बैठक में 46 पुराने मद, 37 नए मदों पर चर्चा की गई। आज की बैठक में पेयजल, सड़क, बस रूट, विद्युत तथा भवन निर्माण सहित अन्य समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में ज़िला परिषद के सदस्यों को 5 जनवरी से 27 अप्रैल तक के आय-व्यय का ब्यौरा दिया गया तथा स्वीकृति प्रदान की गई। अतिरिक्त उपायुक्त सोलन एवं ज़िला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजय यादव ने इस अवसर पर कहा कि ज़िला प्रशासन सभी के सहयोग से विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को समय पर कार्यन्वित करने के लिए प्रत्यनशील है। उन्होंने कहा कि ज़िला परिषद सदस्य ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और पंचायती राज संस्थाओं के सभी प्रतिनिधियों का आपसी समन्वय क्षेत्र को विकास का आदर्श बना सकता है। उन्होंने कहा कि ज़िला परिषद सदस्यों द्वारा उठाई गई विभिन्न मांगों और मदों पर समयबद्ध कार्य किया जाएगा। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि ज़िला प्रशासन चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर जन समस्याओं के निवारण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्हांेने अधिकारियों से आग्रह किया कि विकासात्मक कार्याेें में गुणवत्ता के साथ-साथ गतिशीलता लाएं। बैठक का संचालन ज़िला परिषद सोलन के सचिव जोगिन्द्र प्रकाश राणा ने किया। इस अवसर पर ज़िला परिषद की उपाध्यक्ष कमलेश पंवर, विभिन्न ज़िला परिषद सदस्यों सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
जिला विश्व टीकाकरण सप्ताह जोकि 24 से 30 अप्रैल तक विश्व भर में मनाया जा रहा है, इसी को देखते हुए 28 अप्रैल को जिला स्तरीय विश्व टीकाकरण सप्ताह मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा के सौजन्य से सिविल अस्पताल जवाली में मनाया गया। इस कार्यक्रम को मनाने का उद्देश्य यहां पर उपस्थित लोगों को टीकाकरण के महत्व के बारे में जागरूक करना था। जानकारी देते हुए जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. वंदना ने बताया कि टीकाकरण कार्यक्रम विश्व का सबसे बड़ा प्रोग्राम है। यह ऐसा प्रोग्राम है जिसमें गर्भवती माता से लेकर, जन्म के समय के शिशु के पैदा होने से लेकर 16 साल तक की उम्र के बच्चों को 12 बीमारियों के बचाव हेतु नि:शुल्क टीके लगाए जाते लगाए जाते हैं। इस कार्यक्रम में रूटीन टीकाकरण, फ्रेक्शनल आईपीवी तीसरी डोज के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान की। डॉ. वंदना जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया अब नियमित टीकाकरण के साथ 9 महीने के बच्चों को फ्रेक्शनल आईपीवी की तीसरी डोज भी दी जाएगी, जो कि 9 महीने एमआर के टीके साथ दी जाएगी। ये बच्चे की बाएं बाजू के ऊपरी भाग में दी जाएगी यह जनवरी महीने से बच्चे को 9 महीने की खुराक के साथ आईपीवी की खुराक दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कौन सा टीका कहां पर और किस बीमारी को रोकने के लिए लगाया जाता है। उन्होंने टीकाकरण से जुड़ी भ्रांतियों को तोड़ते हुए बताया कि टीकाकरण बच्चों के स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है इससे हम बहुत सारी जानलेवा बीमारियों से बच सकते हैं आगे जानकारी देते हुए जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी ने बताया टीकाकरण बिल्कुल सुरक्षित है बच्चों के लिए सबसे बड़ा सुरक्षा कवच टीकाकरण है यह बच्चों को जानलेवा बीमारियों से रक्षा करता है। उनका इम्यून सिस्टम मजबूत बनाता है ।हमारे यहां टीकाकरण की बदौलत बच्चों को कई जानलेवा बीमारियों से बचाया जा रहा है। और यह सभी टीके सभी बच्चों को मुफ्त सरकार द्वारा उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। जन्म के समय हेपेटाइटिस बी, पोलियो, बीसीजी की खुराक जरूर दिलाए अगर बीसीजी ना लगा हो तो 6 हफ्ते मैं टीकाकरण की खुराक के साथ जरूर लगाएं जरूर लगाए। एक साल तक बीसीजी का टीका, रोटा वायरस की पांच बुदे, 6,10,14 सप्ताह में जरूर पिलाए। इसके साथ ही स्वास्थ्य शिक्षिका अंजलि ने बताया कि टीकाकरण बच्चों के लिए बहुत ही जरूरी है इससे समय-समय पर टीकाकरण की जानकारी होना बहुत जरूरी है इस जानकारी को जन जन तक तक पहुंचाना हम सबकी जिम्मेवारी हैं।
हमीरपुर विकास खंड की पंचायत समिति की त्रैमासिक बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता पंचायत समिति के अध्यक्ष हरीश शर्मा ने की। इस मौके पर सभी बीडीसी सदस्य सहित विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में विभिन्न समस्याओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। पंचायत समिति सदस्यों का कहना है कि अधिक संख्या में अधिकारी इस मौके पर नहीं पहुंचे हैं, जिसके चलते उनकी समस्याओं का हल नहीं हो पाया है। बैठक में कई विभागों के अधिकारियों के न पहुंचने को लेकर सदस्यों ने खासी नाराजगी जताई और कहा कि बार-बार इन बैठकों में पीडब्ल्यूडी, जल शक्ति विभाग, वन विभाग, विद्युत बोर्ड के अधिकारी नहीं आ रहे हैं। जिसकी वजह से लोगों की समस्याएं हल करने में उन्हें परेशानी आ रही है। पंचायत समिति के अध्यक्ष हरीश शर्मा ने बताया कि आज हमीरपुर के विकास खंड में त्रैमासिक बैठक का आयोजन किया गया जिसमें पंचायत समिति से संबंधित समस्याओं का निपटारा किया गया है। हालांकि कुछ विभागों के अधिकारी इस मौके पर मौजूद नहीं रहे जिसके चलते समस्याओं का निपटारा नहीं हो पाया है। वहीं उन्होंने बताया कि कुछ अधिकारी 2 साल से पंचायत समिति की बैठकों में हिस्सा नहीं ले रहे हैं। जिसके चलते उन अधिकारियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। हरीश शर्मा ने तख्तापलट के मामले पर कहा कि यह किसी की व्यक्तिगत विचारधारा हो सकती है सभी 15 सदस्य उनके साथ हैं और वह सब के सहयोग के साथ लोगों के कल्याण के लिए काम कर रहे हैं बेवजह मनगढ़ंत बातों को फैलाया जा रहा है अविश्वास प्रस्ताव लाने जैसी कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि हमीरपुर ब्लाक समिति के साथ कुछ करीबी लाकर भी जुड़े हुए हैं जिसकी वजह से लोगों के कामों को लेकर गाड़ी लेकर वहां जाते हैं इसमें कुछ गलत नहीं है। मुख्यमंत्री सभी के हैं वे किसी एक पार्टी विशेष के नहीं होते हैं लेकिन कुछ लोग गलत विचारधारा को फैलाने का काम कर रहे हैं जो गलत है जो अधिकारी बैठक में नहीं आ रहे हैं उनके खिलाफ नियमों के तहत कार्यवाही करने की मांग डीपी से की जाएगी। वहीं पंचायत समिति के उपाध्यक्ष संजीव शर्मा ने बताया कि पंचायत समिति की त्रैमासिक बैठक में अधिकतर सरकारी अधिकारी नदारद रहे जिसके चलते समस्याओं का निपटारा नहीं हो पाया है। संजीव शर्मा ने पंचायत समिति के अध्यक्ष हरीश शर्मा पर आरोप लगाते हुए कहा कि अध्यक्ष पिछले 3 दिनों से सभी अधिकारियों को बैठक के लिए आमंत्रित करते रहे लेकिन फिर भी अधिकारी बैठक से नदारद रहे। वहीं उन्होंने बताया कि हमीरपुर जिला में नशे का कारोबार काफी बढ़ चुका है। लेकिन अध्यक्ष ने पुलिस को बैठक में आमंत्रित नहीं किया था । जिस कारण कोई भी नशे के खिलाफ चर्चा नहीं हो पाई है ।
राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला में आज सरदार वल्लभभाई पटेल विश्वविद्यालय मंडी की निरीक्षण टीम ने महाविद्यालय का मंडी विश्वविद्यालय से संबंधन हेतु निरीक्षण किया एवं महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के बारे में जानकारी ली। समन्वयक प्रोफेसर राजेश कुमार शर्मा सीडीसी एसपीयू मंडी की अध्यक्षता में नामित सदस्य प्राचार्य, राजकीय कॉलेज तकीपुर एवं विषय विशेषज्ञ डॉक्टर राकेश शर्मा, डॉक्टर जगदीश वर्मा डॉक्टर चेतन चौहान, डॉ प्रवेश गिल ने प्रशासनिक एवं शैक्षणिक विभागों का गहन निरीक्षण किया। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉक्टर संजीवन कटोच के नेतृत्व में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के प्रभारी रजनीश दीवान डॉक्टर अजय चौधरी प्रवक्ता वाणिज्य विभाग ने महाविद्यालय की पुस्तकालय प्रयोगशालाओं और उपलब्धियों के बारे में विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत किया।
भाजपा नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने नगर निगम शिमला में प्रचार करते हुए कहा की बालूगंज का हर नागरिक मुझसे परिचित है और इस वार्ड को विकासशील बनाने के लिए भाजपा ने शानदार काम किए है। निश्चित तौर पर हमारी पूर्व पार्षद का इसमें अहम योगदान रहा है। मुझे विश्वास है कि बालूगंज वार्ड के मतदाता इस बार भी ऐतिहासिक जीत के साथ भाजपा को क्षेत्र की सेवा करने का मौका देंगे। उन्होंने कहा कांग्रेस पार्टी जब सत्ता में थी तो उन्होंने शिमला के विकास के लिए कोई काम नहीं किया और पिछले 5 साल में भाजपा शासित नगर निगम ने करोड़ों के काम कर शिमला को अभूतपूर्व विकास दिया। आज कांग्रेस पार्टी के नेता जनता के बीच जाकर जनता को गुमराह करने का काम कर रहे हैं अगर कांग्रेस पार्टी ने शिमला शहर के लिए कुछ किया है तो उसका ब्यौरा जनता के सामने रखें। उन्होंने कहा की शिमला नगर निगम क्षेत्र में और स्थान चयनित कर रैन बसेरा और लेबर हाॅस्टल बनाने का प्रयास करेंगे जिससे दिहाड़ीदारों, मजदूरों और अपना रोजगार करने वालों को आश्रय मिल सकेगा। शिमला नगर कि विभिन्न स्थानों पर मैरेज पैलेस (शादी घरों) का निमार्ण करेंगे जिसमें सभी प्रकार की सुविधायें उपलब्ध होगी। सोलर सिस्टम को बढ़ावा देंगे तथा यथासंभव अधिकतर छतों पर सोलर पैनल सबसीडि के आधार लगायेंगे। भाजपा सरकार की योजना के अनुसार दाड़नी के बगीचे में बनाई जाने वाली सब्जी मंडी - अनाज मंडी के कार्य को गति देते हुये जल्दी पूरा करेंगे।


















































