कुनिहार : हि.प्र.राज्य पैन्शनर्ज कल्याण संगठन की अर्की ईकाई की बैठक ईकाई के प्रधान कृष्ण सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सर्वप्रथम नए सदस्य राम रतन शर्मा का स्वागत किया गया। बैठक में पेंशनरों की विभिन्न लंबित मांगों पर चर्चा की गई। सदस्यों ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि 01-01-2016 से 31-01-2022 के बीच रिटायर हुए पैन्शनर्ज के संशोधित लीव एनकैशमैंट, ग्रेच्युटी तथा कम्युटेशन के एरियर के भुगतान पर सरकार द्वारा अभी तक कोई भी निर्णय नहीं लिया गया है। साथ ही 01-01-2016 से पूर्व सेवानिवृत्त पेंशनर्स का एरियर तथा 2022 के पश्चात सेवानिवृत्त पेंशनर्स का 01-01-2016 से उनकी सेवानिवृत्ति तक के सेवाकाल का एरियर भी अभी तक लंबित है। बैठक में सदस्यों ने डी.ए. की देय किश्तें शीघ्र जारी करने की मांग रखी तथा जारी की गई किश्तों का एरियर भी शीघ्र दिए जाने की मांग उठाई। लंबित मेडिकल बिलों की भी शीघ्र अदायगी एक मुश्त करने की मांग की गई। 65, 70 व 75 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर देय क्रमशः 5,10 व 15% बढ़ोतरी को एडिशनल पेंशनर मानते हुए इस पर डी.ए. भी दिया जाए। सदस्यों ने समाज में, विशेषकर युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर भी चिंता प्रकट की तथा अपेक्षा की कि शासन प्रशासन के साथ साथ पेंशनर व अन्य लोग भी नशा उन्मूलन में विशेष प्रयास करेंगे। बैठक में महासचिव राजेन्द्र कुमार शर्मा के अतिरिक्त गोविंद राम वर्मा, विजाराम ठाकुर, प्रेम राज शर्मा, लेखराम शर्मा, चैतराम शर्मा, भगत राम, कुलदीप कुमार गुप्ता, मोहनलाल, धनीराम, हेतराम वर्मा, दौलत राम वर्मा, गोपाल लाल सुमन, लेखराम ठाकुर, हेमचंद तथा रतन राम शर्मा भी उपस्थित रहे।
जयसिंहपुर/ नरेंद्र डोगरा: जयसिंहपुर के पूर्व विधायक रविंद्र धीमान ने जारी अपने प्रेस नोट में कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा प्रस्तुत 2025-26 के बजट को पूरी तरह दिशाहीन और झूठे वादों का पुलिंदा बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट हिमाचल प्रदेश की जनता के साथ एक छलावा है, जिसमें न तो कोई ठोस विकास योजना है और न ही आर्थिक सुधारों की कोई ठोस दिशा। प्रदेश पहले ही वित्तीय संकट से जूझ रहा है और इस बजट में इसे उबारने की कोई ठोस रणनीति नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। 2023 में राज्य पर ₹76,185 करोड़ का कर्ज था, जो अब बढ़कर ₹एक लाख करोड़ से अधिक हो गया है। यह सरकार केवल कर्ज के भरोसे प्रदेश को चला रही है, लेकिन इस कर्ज की भरपाई कैसे होगी, इस पर बजट में कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है। कांग्रेस को जनता को यह बताना चाहिए कि उनकी सरकार वित्तीय प्रबंधन में पूरी तरह विफल क्यों हो रही है। रविंद्र धीमान ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने चुनाव से पहले जनता को लुभाने के लिए दस गारंटियों का वादा किया था, लेकिन आज तक एक भी गारंटी पूरी नहीं हुई। महिलाओं को ₹1500 भत्ता देने की घोषणा केवल कागजों तक सीमित रह गई है। बेरोजगार युवाओं को भत्ता देने का वादा किया गया था, लेकिन आज तक इस पर कोई अमल नहीं हुआ। सरकार ने पांच लाख नौकरियां देने की घोषणा की थी, लेकिन बजट में इसके लिए कोई ठोस नीति का जिक्र नहीं है। पुरानी पेंशन योजना की बहाली भी अधर में लटकी हुई है, जिससे कर्मचारियों में भारी असंतोष है। धीमान ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने महंगाई कम करने का कोई प्रयास नहीं किया, बल्कि जनता पर नए करों का बोझ डाल दिया। पेट्रोल-डीजल पर टैक्स बढ़ाकर आम आदमी की जेब पर भारी असर डाला गया है। व्यापारियों और छोटे उद्योगों पर अतिरिक्त कर लगाए जा रहे हैं, जिससे प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इस सरकार की वित्तीय नीति जनता पर बोझ डालने और हिमाचल को और अधिक आर्थिक संकट में डालने की है। कांग्रेस सरकार केंद्र सरकार से मिलने वाली वित्तीय सहायता का झूठा श्रेय लेने की कोशिश कर रही है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, जल जीवन मिशन और अन्य योजनाओं का श्रेय कांग्रेस सरकार अपने नाम करने की कोशिश कर रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार से अब तक की सबसे ज्यादा वित्तीय सहायता मिली है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार प्रदेश में खनन माफिया और भ्रष्टाचार को खुला संरक्षण दे रही है। अवैध खनन और सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार चरम पर है, लेकिन सरकार कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। इस सरकार में पारदर्शिता और जवाबदेही का पूरी तरह अभाव है। भाजपा मांग करती है कि कांग्रेस सरकार यह स्पष्ट करे कि राज्य को आर्थिक संकट से निकालने के लिए उसकी क्या योजना है। बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार पर कांग्रेस सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। जनता से किए गए झूठे वादों को पूरा करने की समयसीमा घोषित करनी चाहिए। भाजपा यह स्पष्ट करती है कि कांग्रेस सरकार का यह बजट जनता को भ्रमित करने और हिमाचल प्रदेश को कर्ज में डुबाने का दस्तावेज है। भाजपा इस जनविरोधी बजट के खिलाफ हर स्तर पर संघर्ष करेगी और कांग्रेस सरकार की नाकामियों को जनता के सामने उजागर करती है।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए वार्षिक बजट प्रस्तुत किया। यह बजट राज्य के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है और इसमें समाज के कमजोर तथा वंचित वर्गों के उत्थान को प्राथमिकता दी गई है। ये बात जिला कांगड़ा के कामगार कर्मचारी अध्यक्ष और जसवां प्रागपुर के निर्वाचित महासचिव ठाकुर रजनीश पटियाल अंकु ने कही। उन्होंने इस बजट को ऐतिहासिक और दूरदर्शी बताते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू की सराहना की और कहा कि यह बजट युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों, अकेली महिलाओं, विधवाओं, किसानों, बागवानों, महिला मंडलों और युवक मंडलों के कल्याण को समर्पित है। युवाओं और महिलाओं के लिए बड़ी घोषणाएं रजनीश पटियाल अंकु ने कहा कि सरकार ने इस बजट में युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास और स्वरोजगार के अवसरों को प्राथमिकता दी है। उन्होंने महिला मंडलों के लिए बजट में किए गए विशेष प्रावधानों की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम महिलाओं को सशक्त और आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने में मदद करेगा। किसानों और बागवानों के लिए नई योजनाएं उन्होंने बताया कि सरकार ने किसानों और बागवानों के लिए विशेष योजनाएं शुरू की हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और उन्हें बेहतर बाजार सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा, वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं और एकल महिलाओं के लिए पेंशन योजनाओं और आर्थिक सहायता का प्रावधान किया गया है, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। बजट को बताया जनहितैषी रजनीश पटियाल अंकु ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने वाला और जनहितैषी है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बजट के माध्यम से हिमाचल प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा और हर वर्ग का समग्र कल्याण सुनिश्चित होगा।
युवा कांग्रेस अध्यक्ष ब्लॉक देहरा सुमित ठाकुर ने सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा पेश किए गए बजट पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि बजट में समाज के हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था मनरेगा व दिहाड़ीदार, आउटसोर्स कर्मचारियों की दिहाड़ी में बढ़ोतरी, कर्मचारियों को डीए की किस्त, किसानों- बागवानों को राहत सराहनीय निर्णय है। उन्होंने ने कहा कि विधानसभा में प्रस्तुत बजट को प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सार्थक कदम बताया है। बजट में समाज के हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था मनरेगा व दिहाड़ीदार, आउटसोर्स कर्मचारियों की दिहाड़ी में बढ़ोतरी, कर्मचारियों को डीए की किस्त, किसानों- बागवानों को राहत सराहनीय निर्णय है। बजट प्रदेश के विकास को एक नई दिशा व गति प्रदान करेगा। उन्होंने प्रदेश के 2025 -26 के बजट को जनहितैषी बताते हुए इसकी सराहना की है। उनका कहना है कि बजट में सभी वर्गों को राहत दी गई है। किसानों-बागवानों के साथ-साथ दिहदीदारो की दिहाड़ी में बढ़ोतरी व पंचायतीराज के चुने हुए सदस्यों के मानदेय में बढ़ोतरी भी सराहीनय कदम है। बजट प्रदेश के लोगों की महत्वकांक्षा को पूरा करता है। बजट में हर वर्ग को राहत देते हुए बेरोजगार युवाओं को रोजगार के द्वार,कर्मचारियों को डीए व आउटसोर्स, दिहाड़ीदार कर्मचारियों व नगर निकाय व ग्राम पंचायतों के सभी सदस्यों के मानदेय में बढ़ोतरी का निर्णय सराहनीय है। उन्होंने इस बजट के लिए मुख्यमंत्री व प्रदेश की कांग्रेस सरकार को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती और विकास को गति मिलेगी। इस बजट से 2027 तक हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की मुख्यमंत्री की परिसंकल्पना को साकार किया जा सकेगा। बजट में सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है। सुमित ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के कुशल मार्गदर्शन एवं गतिशील नेतृत्व में प्रदेश चहुंमुखी विकास की ओर अग्रसर हो रहा है। पूर्व भाजपा सरकार द्वारा छोड़े गए कर्ज एवं देनदारियों के बावजूद सरकार ने संतुलित एवं विकासोन्मुखी बजट प्रस्तुत किया है, इसके आने वाले समय में सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
मंडल ज्वालामुखी ठेकेदार यूनियन की बैठक अजय शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें ध्वनिमत सर्वसम्मति से नीरज को ठेकेदार यूनियन का प्रधान चुना गया। इसके साथ ही कार्यकारिणी में प्रवीण राणा, कपिल वालिया, करतार राणा, संजय धीमान और विक्रमजीत सिंह को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। अजय कुमार को महासचिव, नवल किशोर चौधरी, राकेश बंटू और नेक मोहम्मद को सचिव, मनीष शर्मा को कोषाध्यक्ष, और अजय शर्मा, प्रदीप शिवू, अनिल कुमार, राजकुमार और सुरेश पाल राणा को सलाहकार नियुक्त किया गया। इसके अतिरिक्त, सादिक मोहम्मद और दीपक सूद को प्रेस सचिव बनाया गया, जबकि श्याम पटियाल, सुधीर शर्मा, ज्ञानेश्वर दत्त और अश्वनी शर्मा को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया गया। कार्यकारिणी के अन्य सदस्य प्रवीण शर्मा बंटू, सुरिंदर सिंह, निखिल अगन, जितेंद्र राणा, धर्मेदर सिंह, विवेक, तुषार शर्मा, अवनीश कुमार, रवेल, शुभम, विशाल, सुनील, पंकज, आशीष, साहिल, सुदर्शन कुमार, शंकर चौधरी, प्रिंस, पवन चौधरी, राज राणा, रोहित काकू, कुलदीप धीमान, जलालदीन, अशोक कबीर, राजेश राणा, गौतम सिंह, परविंदर सिंह, मनीष सलारिया, रिशव, मनीष और रवि कुमार को नियुक्त किया गया। ठेकेदार यूनियन के प्रधान नीरज ने प्रेस द्वारा जारी बयान में कहा कि ठेकेदारों से संबंधित समस्याओं का समाधान वे स्थानीय विधायक संजय रतन के सामने रखेंगे और उनका हल निकालने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि ठेकेदारों के हितों की रक्षा करना उनका प्रमुख लक्ष्य होगा। यह जानकारी प्रेस सचिव सादिक मोहम्मद ने दी।
वीएसएलएम शिक्षण महाविद्यालय, चंडी में भारतीय सांस्कृतिक और सामाजिक अनुसंधान परिषद (ICSSR) के सौजन्य से 22 मार्च, शनिवार को "डिजिटल लर्निंग और टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन" (अंकीय अधिगम एवं प्रौद्योगिकी एकीकरण) विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया जाएगा। इस सेमिनार के निदेशक एवं कॉलेज उपप्रधानाचार्य राजमणि शर्मा ने सेमिनार की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार द्वारा पद्म श्री से सम्मानित और केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के कुलाधिपति, हरमोहिंदर सिंह बेदी उपस्थित रहेंगे। साथ ही, मुख्य वक्ता के रूप में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र के प्रोफेसर सुरेंद्र कुमार शर्मा सहित अन्य विशेष वक्ताओं के रूप में केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के पंजाबी एवं डोगरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. नरेश कुमार, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. ललित मोहन शर्मा (शिक्षा विभाग, केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश), असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कुसुम, पंजाबी विश्वविद्यालय पटियाला से शिक्षा और सामुदायिक सेवा विभाग की डॉ. जगप्रीत कौर, आई के गुजराल पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय जलंधर के सहायक निदेशक डॉ. मृगेंद्र सिंह बेदी और शिवा कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन घुमारवीं के प्रधानाचार्य डॉ. सुनील कुमार शर्मा अपने विचार रखेंगे। कॉलेज प्रबंधन समिति के सचिव चंद्र मोहन शर्मा ने कहा कि इस प्रकार के राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार का आयोजन कॉलेज के लिए गर्व और हर्ष का विषय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सेमिनार से कॉलेज के साथ-साथ उपस्थित सभी शैक्षिक संस्थान और शिक्षकगण लाभान्वित होंगे।
जसवां-परागपुर से कर्मचारी कामगार बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष व कांग्रेस नेता सुरिंदर मनकोटिया ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा प्रदेश विधानसभा में वर्ष 2025-26 के लिए प्रस्तुत बजट विकास की नई गाथा लिखने में मील का पत्थर सिद्ध होगा। मनकोटिया ने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रस्तुत बजट में न केवल समाज के सभी वर्गों की आशाओं को पूरा करने का प्रयास किया है अपितु धन की उपलब्धता को बढ़ाने की दिशा में भी कार्य किया है। उन्होंने कहा कि प्रस्तुत बजट जहां किसानों-बागवानों की आय में आशातीत वृद्धि करने वाला है वहीं युवाओं के लिए रोज़गार एवं स्वरोज़गार के बेहतर अवसर प्रदान करने वाला भी है। मनकोटिया ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बजट में कृषि ऋण ब्याज सहायता योजना की घोषणा कर प्रदेश के किसानों को व्यापक स्तर पर लाभान्वित किया है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत ऋण के मूल धन पर लगने वाले ब्याज के 50 प्रतिशत हिस्से का वहन सरकार द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 03 लाख रुपए तक के ऋण के लिए प्रदेश सरकार की वन टाइम सेटलमेंट नीति किसानों के लिए वरदान सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि से किसानों और पशुपालकों की आर्थिकी को और मज़बूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि गाय के दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य को बढ़ाकर 51 रुपए तथा भैंस के दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य को बढ़ाकर 61 रुपए करना विशेष रूप से लाभदायक सिद्ध होगा। मनकोटिया ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बजट में न केवल कर्मचारियों व पेंशन भोगियों को वित्तीय लाभ समयबद्ध सीमा में प्रदान करने की घोषणा की है अपितु विभिन्न वर्गों के मानदेय में आशातीत वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि ज़िला परिषद, पंचायत समिति, पंचायती राज संस्थाओं, नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों के प्रतिनिधियों के मानदेय में वृद्धि से इन वर्गों को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि बजट में 25 हजार नई नौकरियों की घोषणा और पर्यटन क्षेत्र में युवाओं के लिए रोज़गार की व्यापक सम्भावनाएं प्रदेश के युवाओं को सम्बल प्रदान करेंगी। मनकोटिया ने कहा कि विकास खण्डों के पुनर्गठन से प्रशासकीय कार्यों में सुविधा होगी और लोगों के काम अधिक सुगमता से हो सकेंगे। उन्होंने बद्दी में महिला छात्रावास स्थापित करने, नगर निगम बद्दी को विभिन्न कार्यों के लिए एक करोड़ रुपए की सहायता उपलब्ध करवाने, बद्दी मल निकासी योजनाओं को इस वर्ष पूर्ण करने के प्रस्ताव के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। मनकोटिया ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट जहां समाज के सभी वर्गों की आशाओं को पूरा करने में सहायक सिद्ध होगा वहीं विकास को गति प्रदान कर युवाओं को बेहतर अवसर भी प्रदान करेगा।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए वार्षिक बजट पेश किया। यह बजट प्रदेश के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है और इसमें समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के उत्थान को प्राथमिकता दी गई है। हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड केअध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने इस बजट को ऐतिहासिक और दूरदर्शी बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री सुक्खू की सराहना करते हुए कहा कि यह बजट विशेष रूप से युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों, अकेली महिलाओं, विधवाओं, किसानों, बागवानों, महिला मंडलों और युवक मंडलों के कल्याण को समर्पित है। कंवर ने कहा कि इस बजट में सरकार ने समाज के सभी वर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखा है। उन्होंने युवाओं को रोजगार, कौशल विकास और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने की पहल का स्वागत किया। इसके साथ ही, महिला मंडलों को सशक्त बनाने और आर्थिक स्वतंत्रता देने के लिए बजट में किए गए प्रावधानों की भी प्रशंसा की। उन्होंने यह भी बताया कि वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं और अकेली महिलाओं के लिए इस बजट में वित्तीय सहायता, पेंशन योजनाओं और आजीविका समर्थन का विशेष प्रावधान किया गया है, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर और सुरक्षित जीवन जीने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, किसानों और बागवानों के लिए भी सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं, जिससे खेती और बागवानी को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को बेहतर बाजार सुविधाएं मिलेंगी। कंवर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट जनहितैषी और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने वाला है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बजट के माध्यम से हिमाचल प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा और हर वर्ग का समग्र कल्याण सुनिश्चित होगा।
शिमला: पूर्व उद्योग मंत्री एवं जसवां प्रागपुर के विधायक बिक्रम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार द्वारा प्रस्तुत 2025-26 के बजट को दिशाहीन और हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति को और बदतर बनाने वाला करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बजट विकास की कोई ठोस योजना नहीं देता, बल्कि प्रदेश को कर्ज के दलदल में धकेलने का दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। 2023 में राज्य पर ₹76,185 करोड़ का कर्ज था, जो अब ₹1 लाख करोड़ से अधिक हो गया है। यह सरकार केवल कर्ज के सहारे प्रदेश को चला रही है, लेकिन इस कर्ज की भरपाई कैसे होगी, इसका कोई जवाब बजट में नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जनता को यह बताना चाहिए कि उसकी सरकार वित्तीय प्रबंधन में पूरी तरह विफल क्यों हो रही है। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने चुनाव से पहले दस गारंटियों का वादा किया था, लेकिन एक भी वादा पूरा नहीं किया। महिलाओं को ₹1500 भत्ता देने की बात कागजों तक सीमित है, बेरोजगारों को भत्ता देने का वादा भी ठंडे बस्ते में है। पांच लाख नौकरियां देने की घोषणा का भी बजट में कोई जिक्र नहीं है। पुरानी पेंशन योजना की बहाली पर भी कोई स्पष्ट नीति नहीं है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने महंगाई कम करने की बजाय जनता पर नए करों का बोझ डाल दिया है। पेट्रोल-डीजल और शराब पर टैक्स बढ़ाकर आम लोगों को आर्थिक संकट में डाला गया है। व्यापारियों और छोटे उद्योगों पर अतिरिक्त कर लगाए जा रहे हैं, जिससे प्रदेश की आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। कांग्रेस कर रही केंद्र की योजनाओं पर झूठा श्रेय लेने की कोशिश बिक्रम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार केंद्र की योजनाओं को अपना बताकर जनता को गुमराह कर रही है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, जल जीवन मिशन और अन्य केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत हिमाचल को अब तक की सबसे अधिक वित्तीय सहायता मिली है, लेकिन कांग्रेस सरकार इसे अपनी उपलब्धि बताने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में खनन माफिया और भ्रष्टाचार को खुला संरक्षण मिल रहा है। सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार चरम पर है, लेकिन सरकार कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। पारदर्शिता और जवाबदेही की पूरी तरह से कमी है, जिससे प्रदेश का विकास अवरुद्ध हो रहा है। इस जनविरोधी बजट के खिलाफ लड़ेगी भाजपा बिक्रम ठाकुर ने कहा कि भाजपा मांग करती है कि कांग्रेस सरकार यह स्पष्ट करे कि राज्य को आर्थिक संकट से उबारने के लिए उसकी क्या योजना है। बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार पर सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा इस जनविरोधी बजट के खिलाफ हर स्तर पर संघर्ष करेगी और कांग्रेस सरकार की नाकामियों को जनता के सामने लाएगी।
कुनिहार विकास सभा के वरिष्ठ सदस्य, महिला मंडल और युवा मंडल ने कोठी गांव के ऊपर स्थित पानी के टैंक से अन्य गांवों को पानी की आपूर्ति करने के निर्णय के खिलाफ कड़ा विरोध जताया है। ग्रामवासियों का कहना है कि कोठी गांव में पहले ही पानी की कमी है, और अब जल शक्ति विभाग द्वारा अन्य गांवों को पानी देने की कोशिश से उनकी पीने की पानी की समस्या और बढ़ सकती है। इस विरोध में कुनिहार विकास सभा के वरिष्ठ मुख्य सलाहकार एवं वरिष्ठ नागरिक धनीराम तनवर, संतराम, भागमल चौहान, बाबूराम तंवर, धर्म सिंह, अनिल कुमार, नागेंद्र ठाकुर, बिट्टू, भागमल तंवर, अमर सिंह, जगदीश ठाकुर, सत्यप्रकाश, रतन तनवर, रामचंद्र, दिनेश तनवर, नरेश कुमार सहित महिला मंडल और युवा मंडल के सदस्य शामिल थे। उनका कहना है कि कोठी गांव के ऊपर जो पेयजल टैंक स्थापित किया गया है, वह केवल दोनों कोठी गांवों को पानी की आपूर्ति करता है। कई बार शिकायतों के बावजूद, इस टैंक से गांव में पानी की उपलब्धता में कमी रहती है। इसके बावजूद, जल शक्ति विभाग अपनी मर्जी से इस टैंक से अन्य गांवों जैसे बनिया देवी, बाँवां बाड़ी और काटल को पानी सप्लाई करने की योजना बना रहा है और इसके लिए पानी की सप्लाई लाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया है। ग्रामवासियों का कहना है कि अगर यह प्रक्रिया जारी रही, तो पूरा गांव जिसमें वरिष्ठ नागरिक, महिला मंडल और युवा मंडल शामिल हैं, सड़कों पर उतरकर इसका विरोध करेगा। धनीराम तनवर ने कहा कि विकास सभा, महिला मंडल और युवा मंडल मुख्यमंत्री महोदय को इस समस्या के बारे में अवगत कराएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल शक्ति विभाग ने इस टैंक से अन्य गांवों को पानी सप्लाई करने का कार्य जारी रखा, तो वे माननीय उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करेंगे। उनका कहना था कि इन गांवों को पानी की आपूर्ति गम्बर खड जैसे मुख्य स्रोत से की जानी चाहिए, न कि कोठी गांव के टैंक से, जहां पहले से ही पानी की कमी हो रही है।
जयसिंहपुर/ नरेंद्र डोगरा: सोमवार को जयसिंहपुर में एक्स आर्मी एसोसिएशन एनजीओ द्वारा हिमाचल प्रदेश में बढ़ते नशे के प्रभाव को लेकर एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। रैली का आरंभ कंवर दुर्गा चंद राजकीय महाविद्यालय जयसिंहपुर से हुआ और यह एसडीएम कार्यालय जयसिंहपुर तक निकाली गई। इस रैली में हिस्सा लेने वाले सदस्यों ने नशे के बढ़ते खतरे पर गंभीर चिंता व्यक्त की और राज्य सरकार से अवैध नशे के कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। रैली के दौरान, एक्स आर्मी एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि जैसे अन्य राज्यों में नशे के कारोबारियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जा रहे हैं, वैसे ही हिमाचल प्रदेश में भी ऐसी ही कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि पकड़े जाने पर नशे के व्यापारियों द्वारा अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति को नष्ट किया जाए और उनके खिलाफ कोई बेल ना हो, न ही कोई वकील उनका केस लड़े। इसके लिए एसडीएम संजीव ठाकुर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी सौंपा गया। इस अवसर पर एक्स सर्विसमैन एनजीओ के सदस्यों के साथ लंबागांव मोटिवेशन फिटनेस क्लब के अध्यक्ष विकास राणा भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
ज्वालामुखी विकास सभा, हिमाचल चैप्टर की कार्यकारी समिति की बैठक 16 मार्च 2025 को चैप्टर कार्यालय, गगडूही तहसील, ज्वालामुखी, जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश में डॉ. सुरेश शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में सचिव नरेंद्र कुमार जम्वाल, सदस्य मुकेश कुमारी,धरम चंद, प्रेम चंद, करतार चंद, प्रकाश चंद, कुलदीप कुमार, दीप राज,पिंकी देवी और कृष्णा देवी शामिल रहे। बैठक के दौरान, सभी सदस्यों ने मिलकर हिमाचल चैप्टर के लिए नए दिशा-निर्देश तय किए। सचिन ने सदस्यों से अपील की कि हमें अधिक से अधिक नए सदस्य जोड़ने चाहिए ताकि चैप्टर की सक्रियता और प्रभावशीलता बढ़े। उन्होंने सभी सदस्यों से अनुरोध किया कि वे कम से कम पांच नए सदस्य चैप्टर से जोड़ने की पहल करें, जिससे समुदाय के विकास में महत्वपूर्ण योगदान मिल सके।बैठक में समिति के उद्देश्यों पर भी गहरी चर्चा हुई, जिसमें यह स्पष्ट किया गया कि यह समिति एक सामाजिक संस्था है, न कि राजनीतिक संस्था। इस मौके पर अध्यक्ष डॉ. सुरेश शर्मा ने क्षेत्रीय समस्याओं पर भी चर्चा की और कहा कि ज्वालामुखी क्षेत्र में आने वाली समस्याओं का समाधान राशन और प्रशासन के बीच तालमेल बनाकर किया जाएगा। अध्यक्ष ने यह भी घोषणा की कि हिमाचल चैप्टर भविष्य में एक मेडिकल कैंप का आयोजन करेगा, जो क्षेत्र के सभी नागरिकों के स्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह शिविर सभी के लिए मुफ्त होगा और इसकी सूचना जल्द ही जनमानस को दी जाएगी। सभी से अनुरोध किया गया कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं। अध्यक्ष ने आगे बताया कि चैप्टर की अगली बैठक अप्रैल माह में आयोजित की जाएगी, जिसमें आगामी योजनाओं और परियोजनाओं पर चर्चा की जाएगी। यह बैठक चैप्टर के भविष्य के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड सोलन से प्राप्त जानकारी के अनुसार आवश्यक रखरखाव के दृष्टिगत सोलन शहर के कुछ क्षेत्रों में 19 मार्च को विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी अतिरिक्त अधिशाषी अभियंता सोलन राहुल वर्मा ने दी। राहुल वर्मा ने कहा कि 19 मार्च, 2025 को प्रातः 09.30 बजे से 05.30 बजे तक इनकम टैक्स कॉलोनी (न्यू कथेड़), बी.एस.एन.एल. कालोनी (न्यू कथेड़) तथा आस-पास के क्षेत्रों में एवं इसी दिन प्रातः 09.30 बजे से प्रातः 10.30 बजे तक एवं सांय 04.30 बजे से सांय 05.30 बजे तक शामती, खुन्डीधार, साइंटिस्ट कालोनी, राजकीय महाविद्यालय, डमरोग, क्वागड़ी, सूर्य विहार, मेरेडियन बलाना, आंजी, चिल्ला, बागड, पवन विहार, पोल्ट्री फार्म, श्योथल, बदखोर एवं आस-पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने कहा कि खराब मौसम एवं अन्य अपरिहार्य कारणों से उपरोक्त तिथि एवं समय में बदलाव किया जा सकता है।
शूलिनी विश्वविद्यालय ने विषयवार क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2025 में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया । विश्वविद्यालय ने वैज्ञानिक अनुसंधान और शिक्षा में अग्रणी के रूप में अपनी स्थिति मजबूत की है, इसके कई प्रमुख विषयों ने वैश्विक मंच पर महत्वपूर्ण प्रगति की है। पर्यावरण विज्ञान में, शूलिनी विश्वविद्यालय 2024 में 401-450 बैंड से 2025 में 251-300 बैंड तक पहुंच गया है। यह उल्लेखनीय छलांग इस विषय को भारत में 9वें और देश के निजी विश्वविद्यालयों में प्रथम स्थान पर रखती है। इसी तरह, कृषि और वानिकी में पहली बार वैश्विक रैंकिंग में प्रवेश किया, 301-350 बैंड में स्थान हासिल किया। इस उपलब्धि ने विश्वविद्यालय को भारत में 6वां स्थान और इस श्रेणी में शीर्ष निजी विश्वविद्यालय होने का गौरव भी दिलाया। इसके अतिरिक्त, जैविक विज्ञान ने अपनी वैश्विक स्थिति में सुधार किया है, जो 2024 में 601-650 बैंड से बढ़कर 2025 में 501-550 बैंड तक पहुंच गया है, तथा भारत में 15वें स्थान पर तथा निजी संस्थानों में प्रथम स्थान पर है। विषय के अनुसार क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2025 ने 148 स्थानों पर 5,203 वैश्विक संस्थानों का मूल्यांकन किया, जिसमें 55 विषय शामिल थे। पर्यावरण विज्ञान, कृषि और वानिकी, सामग्री विज्ञान, फार्मेसी और फार्माकोलॉजी, रसायन विज्ञान, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी, और जैविक विज्ञान जैसे विषयों में शूलिनी विश्वविद्यालय का उत्कृष्ट प्रदर्शन अत्याधुनिक अनुसंधान को बढ़ावा देने और विश्व स्तरीय शिक्षा प्रदान करने के प्रति इसके समर्पण को रेखांकित करता है। शूलिनी विश्वविद्यालय के चांसलर प्रोफेसर पी के खोसला ने कहा, विषय के अनुसार क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग 2025 में यह उल्लेखनीय छलांग हमारे संकाय, शोधकर्ताओं और छात्रों के प्रयासों का परिणाम है। यह अनुसंधान, नवाचार और शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। हमें इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भारत के नंबर 1 निजी विश्वविद्यालय के रूप में पहचाने जाने पर गर्व है। वैश्विक रैंकिंग में शूलिनी विश्वविद्यालय की लगातार बढ़ोतरी नवाचार, विषय अनुसंधान और शैक्षणिक कठोरता की संस्कृति को बढ़ावा देने पर इसके फोकस को उजागर करती है।
मनरेगा की दिहाड़ी 20 रुपए बढ़ी मनरेगा के तहत श्रमिकों की दिहाड़ी 20 रुपए बढ़ाकर 320 रुपए कर दी गई है। इस कदम से ग्रामीण श्रमिकों को वित्तीय लाभ मिलेगा और उनकी कार्य करने की स्थिति में सुधार होगा। दिहाड़ी में वृद्धि से श्रमिकों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और वे बेहतर तरीके से अपने परिवार का पालन पोषण कर सकेंगे। काज़ा, चांशल और छितकुल को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा काज़ा, चांशल और छितकुल को पर्यटन के दृष्टिकोण से एक प्रमुख स्थल बनाया जाएगा। इन क्षेत्रों के प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक धरोहर और स्थानीय आकर्षण को ध्यान में रखते हुए पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ब्लॉक्स का गठन किया जाएगा प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार करने के लिए नए ब्लॉक्स का गठन किया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय स्तर पर अधिक प्रभावी प्रशासनिक कार्य किया जा सके। इससे जनता तक सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी और समस्याओं का समाधान त्वरित होगा। ग्रामीण संस्थान को सशक्त बनाने के लिए स्थापित किए जाएंगे नौ प्रशिक्षण केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को गति देने के लिए नौ नए प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जो स्थानीय निवासियों को कौशल विकास और तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। यह कदम रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देगा और ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा। इन केंद्रों पर विशेष ध्यान उन क्षेत्रों पर होगा जहां बेरोजगारी अधिक है। इसके माध्यम से ग्रामीण महिलाएं और युवक नए रोजगार के अवसरों से जुड़ सकेंगे। स्वयं सहायता समूहों में महिलाओं को फूड वन प्रदान किया जाएगा स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को फूड वन (Food One) प्रदान किया जाएगा, जिससे वे अपने घरेलू व्यवसाय को बढ़ा सकें और खुद को आर्थिक रूप से सशक्त बना सकें। यह कदम विशेष रूप से महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता और उनके समाजिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने में सहायक होगा।
रविवार को छिंज मेला कमेटी द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें इस बार के मेले के आयोजन से जुड़ी प्रमुख जानकारी साझा की गई। इस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि मेला के विजेताओं को बड़ी माली के रूप में 31 हज़ार और छोटी माली के रूप में 21 हज़ार की राशि दी जाएगी। कमेटी के प्रधान मोनी राम ने बताया कि यह ऐतिहासिक मेला 13 अप्रैल से 15 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न खेलों का आयोजन भी किया जाएगा। बैठक में कमेटी के सदस्य वेद प्रकाश, राम प्रशाद, मोहन लाल, सुशील, सतीश चंद्र किशोर, स्वरूप चन्द, उत्तम चन्द, ठाकुर दास, सुरेश कुमार, संसार चन्द, सुभाष चंद, राकेश कुमार, हितेश नाग आदि ने भाग लिया।
अर्की के विधायक संजय अवस्थी ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति को विकास की धारा से जोड़ने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। संजय अवस्थी आज अर्की विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत बसन्तपुर के गांव कहडोग में ‘विधायक आपके द्वार कार्यक्रम’ के तहत जन समस्याएं सुनने के उपरांत उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित कर रहे थे। संजय अवस्थी ने इससे पूर्व कहडोग गांव में 02 लाख रुपए की लागत से नवनिर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने गांव में निर्मित किए जाने वाले शिव मन्दिर का भूमि पूजन भी किया। विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के कुशल नेतृत्व में प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति तक विकास को पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य लोगों तक हर सुविधा पहुंचाना है जिसके लिए विभिन्न योजनाएं आरम्भ की गई हैं। युवाओं के लिए 680 करोड़ रुपए की स्टार्टअप योजना, किसानों की आय बढ़ाने के लिए राजीव गांधी प्राकृतिक खेती स्टार्ट अप योजना इत्यादि योजनाएं आरम्भ की गई है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए आधोसंरचना आधुनिकीकरण पर बल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विकास एक निरंतर प्रक्रिया है। किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए लोगों का एकजुट होना आवश्यक है ताकि कार्यों को पूरा करने में कोई बाधा न आए। उन्होंने कहा कि अर्की विधानसभा क्षेत्र को एक आदर्श विधानसभा क्षेत्र बनाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विधायक आपके द्वार कार्यक्रम इस दिशा में एक सकारात्मक कदम है। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों के मध्य जाकर उनकी समस्याओं को दूर कर उनके जीवन को सरल बनाना है। कार्यक्रम में उपमण्डल स्तर के अधिकारियों की उपस्थिति में ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान मौके पर किया गया और शेष समस्याओं के समयबद्ध समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए। कार्यक्रम में बसन्तपुर, कहडोग, शहरोल, सहलाना, हरथु, भेल, कुलायिन, ठांगर आदि गांव के लोगों की समस्याओं को विधायक ने सुना। विधायक ने उपस्थित लोगों को नशा निवारण की शपथ भी दिलवाई। उन्होंने कहडोग गांव के लिए एम्बुलेंस मार्ग के निर्माण के लिए 02 लाख रुपए, सामुदायिक भवन कहडोग के छत निर्माण के लिए 03 लाख रुपए, कहडोग से देव धार मन्दिर तक मार्ग मुरम्मत के लिए 01 लाख रुपए, बाड़ीधार से बसन्तपुर कहडोग तक पेयजल योजना के लिए प्राकलन के अनुसार 42 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने युवक मण्डल कहडोग व हरथु, महिला मण्डल कहडोग, हरथु, बसन्तपुर व पुरायणा को 11-11 हज़ार रुपए देने की घोषणा की।इस अवसर पर साहिबा युवक मण्डल कहडोग द्वारा नशा निवारण विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत बसन्तपुर के प्रधान राम चन्द ठाकुर, ग्राम प्रधान शहरोल कमलेश देवी, ग्राम पंचायत बसन्तपुर के उप प्रधान नरपत ठाकुर, ग्राम पंचायत कुंहर के पूर्व प्रधान अमर सिंह, ग्राम पंचायत शहरोल के पूर्व प्रधान रोशन बंसल, ग्राम पंचायत बखलाग के पूर्व उप प्रधान सुरेंद्र पाठक, ग्राम पंचायत बसन्तपुर के वार्ड सदस्य धनीराम ठाकुर, बिमला, महिला मण्डल कहडोग की प्रधान विमला देवी, महिला मण्डल बसन्तपुर की प्रधान लता ठाकुर, युवक मण्डल हरथु के प्रधान जय प्रकाश, युवक मण्डल कहडोग के प्रधान दिनेश ठाकुर, कांग्रेस पार्टी के सतीश कश्यप, कपिल ठाकुर, कमलेश शर्मा, ग्राम विकास समिति कहडोग के प्रधान हरीश ठाकुर, सचिव जीवन ठाकुर, जल शक्ति विभाग के अधिशाषी अभियंता विवेक कटोच, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड अर्की के अधिशाषी अभियंता संदीप कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व ग्राम पंचायतों के जन प्रतिनिधि तथा स्थानीय लोग उपस्थित थे।
जयसिंहपुर,16 मार्च: आज को कबीर समाज सुधार सभा के वरिष्ठ सदस्यों ने सदगुरु कबीर भवन धरोड़ में बैठक की। इस बैठक में समाज में बढ़ते नशे, खासकर चिट्टे के नशे के बारे में चर्चा की गई। सभा के अध्यक्ष शक्ति चंद शास्त्री ने कहा कि आजकल नशे की लत विशेष रूप से युवा पीढ़ी को प्रभावित कर रही है, और इसके कारण कई मौतें भी हो चुकी हैं। उन्होंने सभी समाजिक संस्थाओं से आग्रह किया कि वे इस समस्या को रोकने के लिए आगे आएं। शक्ति चंद शास्त्री ने बच्चों को जागरूक करने की जरूरत पर भी जोर दिया और कहा कि अगर कोई सफेद पदार्थ खाने के लिए ऑफर करे, तो उसे कतई न लें। उन्होंने बताया कि चिट्टे के सोदागर इसे अन्य पदार्थों के साथ मिलाकर फैलाते हैं, इसलिए समाज को इसके प्रति सतर्क रहना चाहिए। इस बैठक में शक्ति चंद शास्त्री के साथ सभा के प्रधान जगदीश राम, उपप्रधान मोहिंदर सिंह कैप्टन, रि. महासचिव बाबू राम और दिनेश कुमार भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के भ्रांता पंचायत के साई दा लाहड़ गांव में एक सनसनीखेज हत्याकांड ने रिश्तों की पवित्रता को तार-तार कर दिया। यहां एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति की निर्मम हत्या कर दी। मृतक की पहचान 43 वर्षीय वेद प्रकाश, जो उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के रहने वाले था, के रूप में हुई है। वेद प्रकाश कई सालों से अपनी पत्नी राजमाला, एक बेटी और एक बेटे के साथ साई दा लाहड़ में किराए के मकान में रह रहा था। पुलिस के अनुसार, वेद प्रकाश शराब का आदी था और गुरुवार रात नशे की हालत में घर लौटा। घर पहुंचने पर उसका पत्नी राजमाला से झगड़ा हुआ। इसके बाद, राजमाला ने अपने प्रेमी त्रिलोक कुमार के साथ मिलकर वेद प्रकाश की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या को दुर्घटना का रूप देने के लिए, उन्होंने वेद प्रकाश के चेहरे और गले पर तेजधार हथियार से कई वार किए। पुलिस को शुरुआती जांच में राजमाला की गतिविधियां संदिग्ध लगी। पूछताछ के दौरान, बिहार के रहने वाले त्रिलोक कुमार का नाम सामने आया। पुलिस ने जब राजमाला और त्रिलोक के फोन की कॉल डिटेल्स और सीसीटीवी फुटेज की जांच की, तो उन्हें कुछ चौंकाने वाले सबूत मिले। राजमाला और त्रिलोक की कॉल रिकॉर्डिंग में वेद प्रकाश की हत्या की साजिश रची जा रही थी। यह रिकॉर्डिंग ही इस हत्याकांड का सबसे बड़ा सबूत बनी। पुलिस के मुताबिक, राजमाला का त्रिलोक कुमार के साथ प्रेम संबंध था। इसी वजह से वेद प्रकाश और राजमाला के बीच अक्सर झगड़े होते थे। त्रिलोक और राजमाला ने मिलकर वेद प्रकाश को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया। मृतक वेद प्रकाश के चचेरे भाई देवेंद्र की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स के आधार पर राजमाला और त्रिलोक कुमार को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है।
देव भूमि संघर्ष समिति ने एक बार फिर से समय पर संजौली मस्ज़िद से अवैध निर्माण को हटाने की मांग उठाई है। समिति ने आरोप लगाया है कि प्रशासन हिंदू समाज के साथ षड्यंत्र कर रहा है और मस्जिद के अवैध निर्माण को हटाने में नाकाम साबित हुआ है। समिति का कहना है कि अगर समय पर अवैध निर्माण नहीं हटाया गया, तो वह प्रदेशभर के हिंदू समाज से संजौली में जुटने का आह्वान करेगी और ‘संजौली चलो’ के नारे के साथ एक बड़ा आंदोलन करेगी। समिति के संयोजक भरत भूषण ने कहा कि 5 अक्टूबर को आयुक्त अदालत ने आदेश दिया था कि दिसंबर तक संजौली मस्जिद की ऊपर की तीन मंजिलों को हटाया जाए, लेकिन प्रशासन अब तक इस आदेश को लागू करने में असफल रहा है। इसके बाद 15 मार्च को सुनवाई की तारीख तय की गई, लेकिन उस दिन भी कोई सुनवाई नहीं हो पाई। उच्च न्यायालय ने आदेश दिया था कि इस मामले को 8 हफ्तों के भीतर निपटाया जाए, लेकिन आयुक्त अदालत इस आदेश की अवहेलना कर रही है। भरत भूषण ने यह आरोप भी लगाया कि सरकार के दबाव के चलते आयुक्त अदालत में हिंदू समाज के खिलाफ षडयंत्र रचा गया है। इसके अलावा, देव भूमि संघर्ष समिति ने यह भी कहा कि प्रदेश में बाहरी प्रवासियों, जैसे रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे चिंता और भी बढ़ी है। समिति ने इस मामले में अपनी नाराजगी और संघर्ष को और मजबूत करने के लिए नवरात्रि के मौके पर हवन का आयोजन करने का निर्णय लिया है। साथ ही, अगर समय रहते अवैध निर्माण नहीं हटाया जाता, तो समिति पूरे प्रदेश के हिंदू समाज से संजौली में एकजुट होने का आह्वान करेगी और इस आंदोलन को बड़े पैमाने पर आयोजित करेगी।
उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा की अध्यक्षता में ज़िला सांस्कृतिक परिषद की बैठक आज यहां आयोजित की गई। मनमोहन शर्मा ने कहा कि ज़िला प्रशासन स्थानीय कला को विकसित करने के लिए सदैव प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक परिषद का मुख्य उद्देश्य साहित्यिक, सांस्कृतिक गतिविधियों के संरक्षण एवं संवर्द्धन की दिशा में कार्य करना है। उन्होंने कहा कि ठोडो तथा करयाला के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए कलाकारों की पहचान करना आवश्यक है ताकि युवाओं को प्राचीन विधाओं की जानकारी मिल सके। उपायुक्त ने ज़िला भाषा अधिकारी को निर्देश दिए कि वह ज़िला में ठोडा तथा करयाला को बढ़ावा देने के लिए कार्यरत ठोडा तथा करयाला दलों को तलाशें ताकि उनका संरक्षण सुनिश्चित बनाया जा सके। उन्होंने ज़िला भाषा अधिकारी को निर्देश दिए कि वह शीघ्र ही 12 ठोडो तथा 15 करयाला कलाकारों को तलाशे और उन्हें प्रशक्षिण देना सुनिश्चित बनाए। उन्होंने कोठों स्थित कला केन्द्र में संग्रहालय बनाने के लिए उपमण्डलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने ‘लोक संस्कृति के आइने में सोलन’ नामक पुस्तक का नया डिजीटल संस्करण तैयार करने के भी निर्देश दिए। उपायुक्त ने सोलन की जनता से आग्रह किया कि प्राचीन पुस्तकें जिसमें सोलन ज़िला से सम्बन्धित लेख छपे हों अथवा कोई भी प्राचीन सांस्कृतिक महत्व की वस्तु, कला केन्द्र कोठों में भेंट की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं एतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इन वस्तुओं, दस्तावेज़ों इत्यादि को संग्रहालय में संग्रहित किया जाएगा। मनमोहन शर्मा ने कहा कि कला केन्द्र कोठों में स्थापित होने वाली कला दीर्घा को स्थानीय कलाकारों को कैनवास उपलब्ध करवा कर विकसित किया जाएगा तथा संग्रहालय में स्वतंत्रता सेनानियों के छायाचित्र, पारम्परिक वेशभूषा के छायाचित्र, वास्तविक वेशभूषा, प्राचीन सिक्के व पुस्तकें एवं पारम्परिक वाद्य यंत्र रखे जाएंगे। उपमण्डलाधिकारी सोलन डॉ. पूनम बंसल, ज़िला युवा खेल सेवाएं अधिकारी भूपेन्द्र वर्मा, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की प्रतिनिधि डॉ. प्रियंका भारद्वाज, साहित्यकार मदन हिमाचली, जिया लाल, फिलफोर्ट से विजय पूरी व सुनीता शर्मा तथा ज़िला भाषा अधिकारी सोलन ममता वर्मा सहित परिषद के अन्य सरकारी व गैर सरकारी सदस्यों ने बैठक में भाग लिया।
श्रीराम जनरल इनश्योरेंस कम्पनी लिमिटिड सोलन में 10 पदों तथा हिम टेकनोफोरज लिमिटिड बद्दी में 95 पदों पर भर्ती के लिए कैंपस इंटरव्यू 20 मार्च, 2025 को ज़िला रोज़गार कार्यालय सोलन में आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी ज़िला रोज़गार अधिकारी सोलन जगदीश कुमार ने दी। जगदीश कुमार ने कहा कि उक्त पदों के शैक्षणिक योग्यता स्नातक, मशीनिस्ट, र्टनर, 10वीं, ऑटोमोबाइल में डिप्लोमा व 19 से 35 वर्ष के मध्य आयु होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन पदों की विस्तृत जानकारी के लिए आवेदक विभागीय पोर्टल ई.ई.एम.आई.एस. से प्राप्त कर सकते हैं। सभी योग्य एवं इच्छुक आवेदक विभाग के पोर्टल पर कैंडिडेट लॉग इन टैब के माध्यम से पंजीकृत करने के उपरांत अपनी रजिस्ट्रेशन प्रोफाइल पर अधिसूचित रिक्तियों के लिए अपनी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर आवेदन कर सकते है। उन्होंने कहा कि आवेदन करने से पूर्व आवेदक का नाम रोज़गार कार्यालय में पंजीकृत होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि इच्छुक उम्मीदवार अपनी योग्यता सम्बन्धी सभी अनिवार्य प्रमाण-पत्र व दस्तावेज़ सहित ज़िला रोज़गार कार्यालय सोलन में 20 मार्च, 2025 को प्रातः 10.30 बजे पहुंचकर कैंपस इंटरव्यू में भाग ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार अधिक जानकारी के लिए कार्यालय दूरभाष नम्बर 01792-227242 तथा मोबाइल नम्बर 78768-26291 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
जयसिंहपुर/ नरेंद्र डोगरा: राजकीय महाविद्यालय शिवनगर में दिनांक 15 मार्च 2025 को भव्य वार्षिक परितोषक वितरण समारोह का आयोजन महाविद्यालय परिसर में किया गया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व प्राचार्य डॉ. आर. आर. भाटिया और विशिष्ट अतिथि के रूप में प्राचार्या डॉ. राका शर्मा तथा डॉ. शमशेर सिंह ने समारोह की शोभा बढ़ाई। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. संगीता सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत गुलदस्ते और हार पहनाकर किया। समारोह की शुरुआत राष्ट्रगीत, सरस्वती वंदना और दीप प्रज्वलन से की गई। मंच संचालन का कार्य डॉ. नीतिका शर्मा और प्रो. विवेकानंद ने किया। इसके बाद, प्राचार्या डॉ. संगीता सिंह ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें महाविद्यालय की वर्ष भर की उपलब्धियों, कार्यक्रमों और परीक्षा परिणामों का विस्तृत विवरण दिया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धियों के लिए बधाई दी और आगामी वर्षों के लिए शुभकामनाएँ दीं। वार्षिक रिपोर्ट के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें एकल पहाड़ी नृत्य, झामकड़ा, नाटी और पंजाबी नृत्य जैसे विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। इन प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में रंग भर दिया और छात्रों की कला का शानदार प्रदर्शन किया। मुख्य अतिथि आर. आर. भाटिया ने पुरस्कार वितरण से पहले सभी को सम्बोधित किया और पुरस्कार विजेताओं को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने अपने बहुमूल्य अनुभव साझा करते हुए महाविद्यालय को 21,000 रुपए तथा अपनी स्व-रचित पुस्तक भेंट दी। इसके बाद, पुरस्कार वितरण का कार्यक्रम हुआ। गत वर्ष बी.ए. और बी.कॉम. में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली विद्यार्थियों तमन्ना और अंजलि को पी.टी.ए. की ओर से 5100-5100 रुपए का पुरस्कार प्रदान किया गया। समारोह के अंत में राजेश कुमार ने सभी का धन्यवाद करते हुए कार्यक्रम का औपचारिक समापन राष्ट्रगान के साथ किया।
थाना खुंडियां के तहत सिहोरवाला पुल के पास नदी में नहा रहा एक युवक बीते रोज तेज पानी के बहाव में बह गया, जिसकी तलाश शनिवार को बारिश के बीच जारी रही। डूबने वाले युवक की पहचान 27 वर्ष दुर्गेश गांव वडगोह जिला संत कवीर नगर उत्तर प्रदेश हाल रिहायश ठाकूरद्वारा पालमपुर के रूप में हुई है। मामले की पुष्टि डी एस पी ज्वालामुखी आर पी जसवाल ने की है। उन्होंने बताया कि पुलिस टीम एसडीआरएफ टीम के साथ-साथ ड्रोन कैमरे के जरिए युवक की तलाश कर रही है। बहरहाल अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिला है, ऐसे में युवक की तलाश उसके मिलने तक जारी रहेगी। जानकारी के अनुसार पुलिस को योगेश कुमार पुत्र बाल कृष्ण कुमार गांव वडगोह डाकघर वरवीरा तहसील महदावल जिला संत कवीर नगर उत्तर प्रदेश हाल रिहायश ठाकूरद्वारा पालमपुर ने सूचना दी कि वह पी.ओ.पी. का काम करते है। इस बीच बीते रोज सभी प्रवासी मजदूर सुजानपुर में होली मनाने आए थे और वापसी में नहाने के लिए व्यास नदी भलेठ पुल सिहोरवल्ला मे गए तो इस दौरान नहाते समय उनका भाई दुर्गश जिसे ज्यादा तैरना नही आता था वह तेज वहाव होने के कारण नदी में बह गया। उनके अनुसार अपने स्तर पर स्थानीय लोगों की सहायता से उसे ढूंढने का प्रयास किया लेकिन उसका कहीं कुछ अता पता नहीं चला। ऐसे में अब पुलिस टीम द्वारा उसकी छानबीन की जा रही है। थाना प्रभारी खुंडियां रघुजीत सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम एस.डी.आर.एफ. टीम के साथ मिलकर उसे खोजने का प्रयास कर रही है।
- बोले, कांग्रेस के लोग भी शामिल - कहा, मुझे शक था कि AIIMS में गलत इंजेक्शन दे देते, इसीलिए वहां नहीं गया बिलासपुर के पूर्व विधायक बंबर ठाकुर को गोली लगने के बाद आज उनका पहला बयान सामने आया है। अपने चिर परिचित अंदाज में बंबर ठाकुर ने कई सनसनीखेज आरोप लगाए है। बंबर ने कहा है कि भाजपा के कुछ नेताओं द्वारा उन्हें बार- बार मारने के प्रयास किए जा रहे है। इतना ही नहीं उन्होंने ये भी दावा किया है कि इसके पीछे नड्डा परिवार और त्रिलोक जम्वाल शामिल है। साथ ही कांग्रेस के भी कुछ लोग भी उन्हें मारने की साजिश रच रहे है। बंबर ने ये भी कहा कि उन्हें भाजपा से कई बार पार्टी में शामिल होने के ऑफर्स भी आ चुके है। उनका कहना है यदि वो कांग्रेस का समर्थन न करते तो शायद उन पर हमला न होता। उन्होंने ये भी कहा कि उन पर 12 नहीं बल्कि 24 से 25 बार फायरिंग हुई है। बंबर ठाकुर का ये भी कहना है है कि कुछ सालों पहले विरोधियों ने उनके दोनों बेटे को भी नशे के रास्ते में डालने की साजिश की थी। चिट्टा तस्करों को राजनीतिक सपोर्ट मिल रहा है। उन्होंने दावा किया है कि इनमें कुछ लोग स्थानीय है और कुछ बाहर के लोग शामिल है। उन्होंने इस मामले में सीएम सुक्खू से सख्त कार्रवाई की मांग की है। बंबर बोले, "AIIMS में मुझे गलत इंजेक्शन दे देते " बंबर ठाकुर ने ये भी कहा कि हमला होने के बाद उन्हें इलाज के लिए AIIMS में इलाज के लिए भेजने की बात की गई, लेकिन उन्होंने वहां जाने से मना कर दिया क्योंकि उन्हें शक था कि वहां उन्हें गलत इंजेक्शन दिया जा सकता है। त्रिलोक जम्वाल पर लगाए गंभीर आरोप : बंबर ठाकुर ने आरोप लगाया कि 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में कुछ चिट्टा तस्करों ने उनके बेटे पर भी हमला किया था। साथ ही उन्होंने ये भी दावा किया कि उन चिट्टा तस्करो को बिलासपुर के विधायक त्रिलोक जम्वाल का समर्थन मिल रहा था। उन्होंने कहा कि चिट्टा तस्करों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है और चिट्टा तस्कर इन नेताओं को फंडिंग भी करते है। जब नशा तस्करी करने वालो को राजनितिक संरक्षण मिल गया है तभी चिट्टा तस्करों के हौंसले बुलंद हो रहे है।
सोलन में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की मौत का झूठा प्रमाणपत्र तैयार करवाया ताकि वह इंश्योरेंस की भारी रकम हासिल कर सके। नगर निगम के अधिकारियों और शमशानघाट कर्मचारियों की मिलीभगत से यह जालसाजी की गई। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के बाद आरोपी विशाल गोयल समेत दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना 06 फरवरी 2025 को पुलिस थाना सदर सोलन में दर्ज हुई थी, जब बिमला वर्मा, रजिस्ट्रार जन्म एवं मृत्यु नगर निगम सोलन ने पुलिस में शिकायत की थी। आरोप है कि 07 जनवरी 2025 को मोनिका गोयल के नाम पर एक फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किया गया था। यह प्रमाणपत्र नगर निगम कर्मचारी धर्मपाल द्वारा जमा किया गया था। बाद में 15 जनवरी 2025 को मोनिका गोयल के पति विशाल गोयल ने मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए आवेदन दिया और 5 प्रतियां प्राप्त की थीं। हालांकि, 01 फरवरी 2025 को मोनिका गोयल ने खुद यह जानकारी दी कि उनका अंतिम संस्कार 05 जनवरी 2025 को चंबाघाट शमशानघाट में नहीं हुआ था और वह स्वस्थ हैं। इसके बाद मामले की जाँच शुरू की गई, जिसमें पता चला कि विशाल गोयल ने अपने लाभ के लिए यह फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाया था। जाँच के दौरान यह भी सामने आया कि विशाल गोयल की पत्नी मोनिका गोयल की ICICI बैंक और Bajaj Finance से 85 लाख रुपये की इंश्योरेंस पॉलिसीज हैं। विशाल गोयल ने पैसों के लालच में यह फर्जी सर्टिफिकेट तैयार करवाया। आरोपी ने सोलन में रहने वाले सुरेश शर्मा से संपर्क किया था, जो कमीशन पर जाली मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाता था। विशाल गोयल को 14 मार्च 2025 को जीरकपुर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस की जाँच में यह भी सामने आया कि इस मामले में दो और आरोपी शामिल हैं। पुलिस ने 14 मार्च को सुरेश शर्मा और धर्मपाल को भी गिरफ्तार किया। सुरेश शर्मा सोलन में रहता है और वह मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने में शामिल था, जबकि धर्मपाल नगर निगम का कर्मचारी है और शमशानघाट से जुड़ा हुआ है। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है। तीनों आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया जाएगा। इस मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई और जांच के परिणामस्वरूप आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, और आगे की जांच के दौरान और जानकारी सामने आने की संभावना है।
रक्कड़ : मुंबई में रहने वाले हिमाचल प्रदेश के निवासियों ने आधिकारिक रूप से शिव शक्ति परिवार हिमाचल प्रदेश नामक एक नया संगठन बनाया है, जिसके तहत व्यक्तियों के संघ (AOP) का समझौता किया गया है। इस संगठन का मुख्य उद्देश्य fमुंबई में भव्य शिव नुआला का आयोजन करना है—यह एक पवित्र अनुष्ठान है, जो भगवान शिव के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनकी दिव्य कृपा प्राप्त करने के लिए किया जाता है। यह संगठन सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार तथा भक्तों के बीच एकता को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। संगठन में राजिंदर के. कपूर को अध्यक्ष, वीना सिप्पी उपाध्यक्ष, संजय कपूर सचिव जोगराज कपूर कोषाध्यक्ष, चोक्कस भारद्वाज मुख्य संरक्षक, दुष्यंत पाह्ल सोशल मीडिया प्रभारी एवं संयोजक बनाया गया। इसके अलावा, एक सम्मानित सलाहकार समिति भी गठित की गई है, जिसमें कैप्टन सोमराज, हुकम सिंह, अवतार सिंह, कमलेश कपूर, डॉ. रुपाली कपूर और लव कपूर शामिल हैं। संस्था के गठन पर बोलते हुए, अध्यक्ष राजिंदर कपूर ने कहा कि इस संगठन का उद्देश्य भक्तों और सांस्कृतिक प्रेमियों को एकजुट करना और अपने गृह राज्य से बाहर भी शिव नुआला का प्रचार-प्रसार करना है। यह आयोजन आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक एकता का प्रतीक होगा और एक सांस्कृतिक सेतु के रूप में कार्य करेगा, जिससे हिमाचल प्रदेश की परंपराएं मुंबई और अन्य स्थानों पर भी जीवंत बनी रहेंगी। एक सशक्त नेतृत्व टीम और समर्पित सलाहकार मंडल के साथ, शिव शक्ति परिवार हिमाचल प्रदेश धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है। यह संगठन सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने और पारंपरिक मूल्यों को संरक्षित करने के लिए निरंतर कार्य करेगा।
विकास खंड सोलन की पट्टा बरावरी पंचायत के पेंशनर्स एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन इकाई पट्टा बरावरी-हरिपुर की मासिक बैठक पट्टा बरावरी इकाई के पेंशनर्स कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता इकाई के अध्यक्ष जगदेव गर्ग ने की। बैठक में पेंशनर्स ने सरकार की नीतियों पर नाराजगी व्यक्त की। जगदेव गर्ग ने कहा कि प्रदेश सरकार को कार्यभार संभाले लगभग दो साल हो गए हैं, लेकिन अभी तक संयुक्त सलाहकार समिति का गठन नहीं किया गया है और न ही लंबित पेंशन मामलों का निपटारा हुआ है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 से सरकार ने पेंशनर्स के लिए वेतन आयोग लागू किया था, लेकिन 2016 से जनवरी 2022 तक का एरियर अभी तक नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 से जनवरी 2022 तक सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों की बड़ी संख्या अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने के लिए मजबूर हो रही है। 11% महंगाई भत्ता केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को पहले ही दे चुकी है, लेकिन प्रदेश सरकार इस पर टालमटोल कर रही है। विभिन्न विभागों में मेडिकल के बिलों की अदायगी नही कर रही है और न ही बजट में इसका प्रावधान कर रही है। बैठक में महासचिव भरतराम ठाकुर, उपाध्यक्ष रामनाथ कश्यप, उप-प्रधान दुनीचंद ठाकुर, खेमचंद ठाकुर, संयुक्त सचिव विशनदास, प्रेस सचिव रोशन लाल गौड़, नेकराम कौंडल, स्नेहलता, ब्रह्मदास शर्मा, शिवदत्त शर्मा आदि पेंशनर्स ने भाग लिया।
प्रदेश एवं सोलन ज़िला के किसानों एवं पशुपालकों की आर्थिकी को सुदृढ़ करने और किसानों को उचित दर पर गोबर एवं कम्पोस्ट उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा गोबर एवं कम्पोस्ट की खरीद आरम्भ कर दी गई है। यह जानकारी कृषि विभाग सोलन के उप निदेशक देव राज कश्यप ने दी। देव राज कश्यप ने कहा कि विभाग ने सोलन ज़िला के नालागढ़ से गोबर एवं कम्पोस्ट खरीद आरम्भ की है। अभी तक नालागढ़ के मंझोली में किसानों से 45 क्विंटल गोबर एवं कम्पोस्ट की खरीद की गई है। उन्होंने कहा कि ज़िला के विभिन्न स्थानों पर किसानों से वृह्द स्तर पर गोबर एवं कम्पोस्ट की खरीद की जाएगी। यह खरीद 03 रुपए प्रति किलो की दर पर की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस योजना से किसानों की आय में आशातीत वृद्धि होगी तथा रयासन मुक्त सब्जियों व फलों के उपयोग से लोगों के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा फसलों में प्रयोग में लाए जाने वाले रसायन युक्त कीटनाशकों से भूमि की उर्वरा शक्ति, वायु संचरण व गुणवत्ता नष्ट हो रही है। इससे स्वास्थ्य पर भी वितरित प्रभाव पर रहा है। वृह्द स्तर पर गोबर खाद के उपयोग से जहां भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी वहीं लोगों को बेहतर कृषि उत्पाद प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि योजना के पूर्ण रूप से लागू होने पर कृषि आर्थिकी मज़बूत बनेगी और प्रदेश सरकार के महत्वकांक्षी प्राकृतिक खेती अभियान को गति मिलेगी। उप निदेशक ने कहा कि कम्पोस्ट खरीद योजना का लाभ उठाने के लिए किसान कृषि विभाग के खण्ड स्तरीय कृषि अधिकारियों से सम्पर्क कर सकते हैं।
भारतीय थल सेना में अग्निवीर योजना के तहत सोलन, शिमला, सिरमौर व किन्नौर के युवाओं के लिए पंजीकरण आरम्भ हो गया है। यह पंजीकरण वर्ष 2025-26 के लिए किया जा रहा है। यह जानकारी भर्ती कार्यालय शिमला की भर्ती निदेशक कर्नल पुष्विंदर कौर ने दी। कर्नल पुष्विंदर कौर ने कहा कि इच्छुक युवा www.joinindianarmy.nic.in पर 10 अप्रैल, 2025 तक पंजीकरण करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अग्निवीर योजना के लिए उम्मीदवार की पात्रता तथा शर्ते www.joinindianarmy.nic.in वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 से उम्मीदवार पात्र दो ट्रेड्स के लिए पंजीकरण करवा सकते है। उम्मीदवारों की सुविधा के लिए वेबसाइट पर वीडियो लिंक भी उपलब्ध करवाया गया है। इस वीडियो लिंक के माध्यम से उम्मीदवार बदली हुई पंजीकरण प्रक्रिया में कैसे पंजीकरण करवाएं और ऑनलाइन परीक्षा में उपस्थित रहने के सम्बन्ध में समुचित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। भर्ती कार्यालय की निदेशक ने कहा कि अग्निवीर जनरल ड्यूटी, अग्निवीर लिपिक, स्टोरकीपर टेक्निकल, अग्निवीर ट्रेड्समैन, अग्निवीर टेक्निकल के लिए ऑनलाइन परीक्षा विभिन्न केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। इन केंद्रों की जानकारी उम्मीदवारों को उपरोक्त वेबसाइट पर मिल जाएगी। कर्नल पुष्विंदर कौर ने कहा कि इच्छुक उम्मीदवार पंजीकरण करने से पूर्व उक्त वेबसाइट पर भर्ती के लिए पात्रता व अन्य शर्तों का अवलोकन करना सुनिश्चित करें।
दयानंद आदर्श विद्यालय में आज इंटर हाउस इंग्लिश डिक्लेमेशन कंपटीशन का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य छात्रों की स्पीकिंग स्किल्स और आत्मविश्वास को बढ़ावा देना था। इस प्रतियोगिता में विद्यालय के चारों सदनों के विद्यार्थियों ने भाग लिया और अपनी वक्तृत्व कला का प्रदर्शन किया। विद्यालय की प्रिंसिपल ऊषा मित्तल ने बताया कि इस तरह की प्रतियोगिताओं से बच्चों में नेतृत्व क्षमता और अच्छे वक्ता बनने की योग्यता विकसित होती है। जिससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ता है। जूनियर कैटेगरी में विजयनंद सदन की अक्षरा चौहान, श्रद्धानंद सदन की नाभ्या शर्मा, और विवेकानंद सदन के अखिकेश को बेस्ट स्पीकर चुना गया। जबकि दयानंद सदन के आदित्य शर्मा ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। सीनियर कैटेगरी में विवेकानंद सदन की इच्छा सूर्यवंशी और दयानंद सदन के नितिन बिष्ट को बेस्ट स्पीकर के रूप में सम्मानित किया गया, जबकि विजयनंद सदन की साक्षी और श्रद्धानंद सदन की हर्षिता ठाकुर ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता के जज के रूप में स्कूल प्रिंसिपल ऊषा मित्तल, रोमिला कंवर, फूलाधर, और सुमिती चंदेल उपस्थित रही। कार्यक्रम का मंचन 12वीं कक्षा की तान्या और प्रियंशी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रिंसिपल ऊषा मित्तल ने सभी प्रतिभागियों को बधाई दी और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाते हुए उन्हें भविष्य में और सफलता की शुभकामनाएं दीं।
राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय तिरुपति में केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालयों की दो दिवसीय बैठक का सफल आयोजन किया गया। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई, जिनमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों का मानकीकरण, पुस्तकालय और ज्ञान संसाधनों का परस्पर आदान-प्रदान, शोधार्थियों के लिए समान शोध नियमावली, सह-निर्देशक और शोध मार्गदर्शकों की नियुक्ति, संयुक्त डिग्री और समवर्ती उपाधि प्रणाली, तीनों विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों की गतिशीलता, क्षमता निर्माण कार्यक्रमों का आयोजन, वैश्विक स्तर पर संस्कृत के प्रचार-प्रसार हेतु आपसी सहयोग, बहुविषयक और अंतःविषयक पाठ्यक्रमों का संचालन, क्रेडिट ट्रांसफर, संकाय विनिमय कार्यक्रम, ऑनलाइन पाठ्यक्रमों की मान्यता, संयुक्त अनुसंधान पहल, ‘उत्कर्ष महोत्सव’ की रूपरेखा, समझौता ज्ञापन (MoU) का प्रभावी क्रियान्वयन और रणनीति, अखिल भारतीय क्षेत्रीय सामाजिक-शैक्षिक प्रतियोगिताएँ, छात्रवृत्तियों की समानता और विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रैंकिंग में सुधार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेडी, राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जी. एस. आर. कृष्णमूर्ति, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति मुरली मनोहर पाठक, परीक्षा नियंत्रक आर. जी. मुरलीकृष्ण, शैक्षणिक अधिष्ठाता पवन कुमार, मदनमोहन झा सहित तीनों केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालयों के संकायाध्यक्ष, अधिष्ठाता और उच्च प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में कुलपतियों, संकायाध्यक्षों और वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों का गहन अध्ययन किया और उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर सहमति व्यक्त की। केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेडी ने इस अवसर पर कहा कि उच्च शैक्षिक मानकों की स्थापना, संयुक्त शोध कार्यों को प्रोत्साहन, और संस्कृत की समृद्ध धरोहर के संरक्षण व संवर्धन के प्रति संस्थानों की एकीकृत प्रतिबद्धता इस समझौते (MoU) की आधारशिला होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह समझौता संसाधनों के साझा उपयोग, छात्र और संकाय विनिमय कार्यक्रमों के विस्तार और संयुक्त पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करते हुए एक नए युग की शुरुआत करेगा। प्रो. वरखेडी ने कौशल विकास के परिप्रेक्ष्य में पारंपरिक पाठ्यक्रमों को रोजगारोन्मुखी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि अनुसंधान आधारित नवाचारों को भी इसमें शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने संस्कृत विश्वविद्यालयों को एक वैश्विक संस्थान के रूप में विकसित करने के लिए सामूहिक प्रयासों की महत्ता को रेखांकित किया और कहा कि संयुक्त संवाद व सहयोग के आधार पर ही संस्कृत शिक्षा के उत्थान की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि संस्कृत विश्वविद्यालयों को वैश्विक परिप्रेक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यह समझना होगा कि आज की दुनिया में भारत से क्या अपेक्षाएं हैं विश्वविद्यालयों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में खुद को स्थापित करने के लिए संगठित प्रयास करने की आवश्यकता है।वरखेडी ने यह भी सुझाव दिया कि स्थानीय और लघु उद्योगों के साथ समन्वय स्थापित कर छात्रों के कौशल विकास, इंटर्नशिप कार्यक्रमों के सुव्यवस्थित संचालन, और शिक्षकों के लिए रिफ्रेशर कोर्स और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए ताकि वे अपने विषयों में अद्यतन बने रहें। इससे न केवल छात्र संस्कृत अध्ययन की ओर आकर्षित होंगे, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता में भी अभूतपूर्व सुधार होगा। बैठक में जी. एस. आर. कृष्णमूर्ति और प्रो. मुरली मनोहर पाठक ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के क्रियान्वयन और विभिन्न शैक्षणिक क्षेत्रों में विश्वविद्यालयों द्वारा किए गए नवाचारों की जानकारी दी। बैठक में प्रो. सर्वनारायण झा, सुदेश कुमार शर्मा, बनमाली बिश्वाल, ललित कुमार त्रिपाठी, रामकांत पांडेय, ललित कुमार साहू, पी. वी. सुब्रमणियम, नारायण सिंघा, मधुकेश्वर भट्ट और डॉ. डी. दयानाथ सहित कई गणमान्य विद्वान उपस्थित रहे। बैठक का समापन संस्कृत शिक्षा के सर्वांगीण विकास और तीनों केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालयों के बीच आपसी सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता के साथ हुआ। उपरोक्त जानकारी केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर के दिल्ली स्थित मुख्यालय के डीन प्रो. मदनमोहन झा ने दी।
सरार, हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले के सलूनी तहसील का एक छोटा सा गांव, जो सलूनी से लगभग 8 किलोमीटर और चम्बा से 60 किलोमीटर दूर स्थित है। यह गांव अपने शांतिपूर्ण वातावरण और अपूर्व प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। चारों ओर हरे-भरे पहाड़, घने जंगल और ताजगी से भरपूर हवा इस गांव को एक आदर्श स्थान बनाते हैं। गांव सरार में एक प्रमुख धार्मिक स्थल है - वासुकी नाग जी का मंदिर। यह मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसकी अद्भुत वास्तुकला और शांतिपूर्ण वातावरण भी लोगों को आकर्षित करता है। गांव के पास एक सुंदर झील भी है, जो एक समय में लगभग 12 बीघा में फैली हुई थी। यह झील गांव की प्राकृतिक सुंदरता का अहम हिस्सा थी, लेकिन बढ़ते प्रदूषण और गंदगी के कारण इसका पानी सूख गया है। यहाँ के लोगों का कहना है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है, अगर झील को साफ और संरक्षित किया जाए, तो यह फिर से अपनी खोई हुई सुंदरता को प्राप्त कर सकती है और पर्यटकों के लिए एक आकर्षण का केंद्र बन सकती है। यदि सरकार और स्थानीय प्रशासन इस झील का जीर्णोद्धार करते हैं, तो यह न केवल गांव की प्राकृतिक धरोहर को संरक्षित कर सकता है, बल्कि यह एक प्रमुख पर्यटन स्थल भी बन सकता है। झील के पुनर्निर्माण से पर्यटक यहां आ सकते हैं और गांव की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है। सरार गांव, इसके मंदिर, झील और पहाड़ों के साथ, प्रकृति प्रेमियों और शांति चाहने वालों के लिए एक आदर्श स्थल बन सकता है। यदि इसे एक संरक्षित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए, तो यह न केवल गांव की सुंदरता को बचा सकता है, बल्कि यह हिमाचल प्रदेश के पर्यटन उद्योग में भी एक महत्वपूर्ण योगदान देगा।
हिमाचल प्रदेश सरकार और कृषि विभाग ने किसानों की आय में वृद्धि, मृदा स्वास्थ्य सुधार और जैविक खेती को प्राथमिकता देने के लिए कई कदम उठाए हैं। कृषि उप निदेशक देव राज कश्यप ने बताया कि इन प्रयासों के तहत, श्रीधान्व लगाने के लिए फसलें और पोषण को बढ़ावा देने के साथ-साथ मृदा की उर्वरा शक्ति को बढ़ाने के लिए कम्पोस्ट का उपयोग महत्वपूर्ण बन गया है। आजकल हाईब्रिड फसलों में इस्तेमाल किए जाने वाले कीटनाशक, फफूंदनाशक और अन्य रसायनों के कारण कैंसर जैसी गंभीर बीमारियाँ बढ़ रही हैं, जो कि एक बड़ा चिंता का विषय है। ऐसे में जैविक खेती और कम्पोस्ट का उपयोग किसानों और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। सरकार ने किसानों के लिए कम्पोस्ट खरीद योजना की शुरुआत की है, जिससे किसानों को अपनी फसल की गुणवत्ता और मृदा की उर्वरकता में सुधार लाने का अवसर मिलेगा। कम्पोस्ट से न केवल फसल के अवशेषों का विघटन होता है, बल्कि इससे मृदा की वायु संचरण क्षमता, गुणवत्ता और उर्वरा शक्ति में भी सुधार होता है। इसके परिणामस्वरूप मृदा में दारण (erosion) जैसी समस्याओं का समाधान हो सकता है, और फसलों को सूक्ष्म तत्व आसानी से उपलब्ध होते हैं।इसके अलावा, मृदा और जन स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने किसानों से गोबर और कम्पोस्ट तीन रुपये प्रति किलो की दर से खरीदने की योजना शुरू की है। इस योजना से किसान अपने घर पर कम्पोस्ट बनाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा सकते हैं। कृषि उप निदेशक देव राज कश्यप ने बताया कि अधिक जानकारी के लिए किसान अपने संबंधित खंड स्तरीय अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।
आज देहरा में मातृवंदना संस्थान कांगड़ा द्वारा अपनी मासिक पत्रिका का विमोचन बड़े धूमधाम से किया गया। इस कार्यक्रम में नववर्ष की दिन दर्शिका (कलैंडर) का भी विमोचन हुआ। समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े नागरिकों और मातृ शक्ति ने इस कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त डॉ. निगम राजपूत (स्वास्थ्य विभाग) ने शिरकत की, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रदेश सह संघचालक, अशोक शर्मा ने नागरिकों को संबोधित किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय विश्वविद्यालय के राजनीतिक विज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ. जगमीत बाबा ने की। मुख्य वक्ता ने अपने संबोधन में कहा कि जब हिंदू समाज विस्मृति की ओर बढ़ रहा था, तब ऐसी जागरूकता फैलाने वाली पत्रिकाओं, जैसे मातृवंदना ने समाज को जागरूक करने का कार्य किया। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा था जब हिंदू समाज खुद को 'हिंदू' कहने में संकोच करता था, लेकिन संघ के कार्यकर्ताओं और जागरूकता फैलाने वाली पत्रिकाओं ने समाज को न केवल जागृत किया, बल्कि राष्ट्रभक्ति का भाव भी प्रदान किया। आज हम गर्व से स्वयं को हिंदू कहने में संकोच नहीं करते हैं। अशोक शर्मा ने समाज में बढ़ते नशे के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा चलाए जा रहे पंच परिवर्तन कार्यक्रम की चर्चा की। उन्होंने कहा कि समाज की नींव कुटुंब है और एक सशक्त कुटुंब व्यवस्था ही हमारे युवाओं को नशे से दूर रखने में मदद कर सकती है। कार्यक्रम का आयोजन समाज में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से किया गया था, और यह एक सफल प्रयास साबित हुआ।
राजकीय महाविद्यालय ढलियारा में मंगलवार को एक प्लेसमेंट सेमिनार का आयोजन किया। जिसमें बी.सी.ए, बी.बी.ए एवम एम.बी.ए. विभाग के लगभग 62 छात्रों ने हिस्सा लिया। इस दौरान एक्सिस बैंक से आये सूर्य प्रकाश एवं विजय सिंह ने युवाओं को बैंकिंग के बारे में जानकारी दी और उन्हें बताया कि कैसे वो जीवन मे अपना लक्ष्य हासिल कर सकते है। इस सेमीनार में 62 छात्रों ने हिस्सा लिया जिनमें से 35 छात्रों को अगले राउंड के लिए शार्टलिस्ट कर लिया गया। इस दौरान कालेज प्राचार्य डा अंजू चौहान ने कहा कि कॉलेज प्रशासन छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रहा है और भविष्य में भी ऐसे प्रोग्राम आयोजित करता रहेगा। इस अवसर पर प्रो सुनीता,अनीता,ओंकार भाटिया, बलवित और अमित सिंह सहित अन्य स्टाफ उपस्थित रहा।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में आज सुबह एबीवीपी और एसएफआई के बीच खूनी संघर्ष हो गया, जिससे विश्वविद्यालय परिसर में तनाव का माहौल बन गया है। यह घटना सुबह करीब 10 बजे के आसपास शिमला स्थित विश्वविद्यालय के एडम ब्लॉक के पास घटित हुई। बताया जा रहा है कि एसएफआई के छात्र कार्यकर्ता ढाबे पर नाश्ता कर रहे थे, तभी एबीवीपी के छात्र भी वहां पहुंच गए और दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। शुरुआत में यह बहस हुई लेकिन देखते ही देखते ये बहस हाथापाई में, और फिर खूनी संघर्ष में बदल गई। बताया जा रहा है कि इस झड़प में 5 से 7 छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, और कुछ घटनाओं के वीडियो और फोटो भी सामने आए हैं, जिनमें दोनों छात्र गुटों के बीच की हिंसक मुठभेड़ को साफ देखा जा सकता है। घटना के बाद विश्वविद्यालय में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और पूरा परिसर छावनी में तब्दील हो गया है। छात्रों के बीच डर और असुरक्षा का माहौल है, और विश्वविद्यालय प्रशासन स्थिति को काबू में करने के प्रयासों में जुटा हुआ है।
हिमाचल प्रदेश की महिला आईपीएस अधिकारी इल्मा अफरोज अब लाहौल-स्पीति की नई पुलिस अधीक्षक होगी। इस संदर्भ में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने आदेश जारी कर दिए हैं। इसे लेकर मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने आदेश जारी कर दिए है। इल्मा अफ़रोज़ के लाहौल-स्पीति में कार्यभार संभालने के बाद एसपी का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे कार्तिकेन गोकुलचंद भारमुक्त हो जाएंगे। बता दे कि इल्मा अफरोज ने 7 जनवरी, 2024 को बद्दी के एसपी के रूप में कार्यभार संभाला था। अगस्त 2024 में, इल्मा ने विधायक रामकुमार चौधरी की पत्नी की माइनिंग से जुड़ी गाड़ियों के चालान काटे, जिससे विधायक नाराज हो गए। इसके बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ गया और विधायक ने इल्मा को विधानसभा से विशेषाधिकार हनन का नोटिस भी दिलवा दिया। फिर 6 नवंबर, 2024 को सीएम के साथ डीसी-एसपी की बैठक से लौटने के बाद इल्मा अफरोज ने लंबी छुट्टी ली थी। इसके बाद सरकार ने बद्दी के एसपी का अतिरिक्त कार्यभार विनोद कुमार को सौंपा। हाईकोर्ट के आदेशों के कारण सरकार इल्मा का ट्रांसफर नहीं कर पा रही थी। लेकिन लगभग 40 दिन बाद जब इल्मा ड्यूटी पर लौटी, तो उन्होंने बद्दी के बजाय पुलिस मुख्यालय में ज्वाइन किया।, और तब से वह पुलिस मुख्यालय में तैनात थीं। अब, सरकार ने इल्मा अफरोज को लाहौल-स्पीति का एसपी नियुक्त किया है। इस बीच, सुच्चा सिंह नामक एक व्यक्ति ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इल्मा को एसपी बद्दी नियुक्त करने का आग्रह किया था। हालांकि, राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि इल्मा ने खुद ही बद्दी से ट्रांसफर की मांग की थी। इसके बाद, हाईकोर्ट ने इल्मा के ट्रांसफर पर लगी स्टे को हटा दिया।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में एक हृदयविदारक घटना पेश आई है। जहाँ एक नाबालिगलड़की ने विक्टोरिया ब्रिज से ब्यास नदी में छलांग लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। यह दुखद घटना रात लगभग दो बजे हुई। जानकारी के अनुसार, पिता द्वारा मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग पर डांटे जाने से लड़की ने यह कदम उठाया। जानकारी के अनुसार लड़की गोहर उपमंडल की रहने वाली थी व नॉन मेडिकल स्ट्रीम की विद्यार्थी थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जांच शुरू की और एनडीआरएफ की टीम ने अ घटनास्थल से लगभग ढाई किलोमीटर दूर छात्रा के शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा की अध्यक्षता में बाल एवं श्रम किशोर ( निषेध एवं विनियनम ) अधिनियम 1986 के अंतर्गत गठित जिला कार्यक्रम कार्यबल की बैठक का आयोजन किया गया जिसमें सदस्य सचिव जिला टास्क फोर्स, श्रम अधिकारी जिला किन्नौर सुरेंद्र सिंह बिष्ट ने बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम 1986 के संशोधित प्रावधान धारा 3 के अनुसार किसी भी व्यवसाय और प्रक्रिया में बाल श्रम संपूर्ण रूप से निषेध एवं धारा 3-ए के अंतर्गत वर्णित खतरनाक व्यवसाय और प्रक्रियाओं में बाल एवं किशोर के नियोजन पर प्रतिबंध के बारे अवगत करवाया। उन्होंने 14(1), (1ए), (1बी), (2), (3) के अंतर्गत उपरोक्त प्रावधानों के उल्लंघन पर नियोक्ताओं को कम से कम 6 माह का कारावास और अधिकतम 2 वर्ष का कारावास या कम से कम रुपए 20000 जुर्माना और अधिकतम रुपए 50000 जुर्माना या दोनों ही सजा के प्रावधानों के बारे अवगत करवाया। उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने जिला टास्क फोर्स के सदस्यों को जिला में बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम 1986 के प्रावधानों के अंतर्गत बाल एवं किशोर श्रम के पूर्ण उन्मूलन के लिए संगठित होकर कार्य करने के लिए निर्देश दिए। जिला टास्क फोर्स किन्नौर के नोडल अधिकारी अभिषेक शेखर ने सभी सदस्यों को बाल एवं किशोरों के अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए कार्य करने के निर्देश दिए ताकि बाल एवं किशोर मुख्य धारा में शामिल होकर देश निर्माण में अपना योगदान दे सके। बैठक में उप पुलिस अधीक्षक किन्नौर नवीन जालटा, जिला कार्यक्रम अधिकारी किन्नौर जय कुमार गुप्ता, जिला कल्याण अधिकारी किन्नौर बलबीर सिंह, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र किन्नौर गुरु लाल नेगी, राज्य कर एवं उत्पाद अधिकारी किन्नौर ऋषभ कुमार, जिला खाद्य निरीक्षक किन्नौर चंदूलाल नेगी, तहसीलदार पूह नानक नेगी, जिला किन्नौर बाल कल्याण समिति अध्यक्ष प्रताप नेगी, बाल कल्याण समिति जिला किन्नौर सदस्य मदन मोहन नेगी, जिला विधिक सहायता प्राधिकारी किन्नौर के प्रतिनिधि पवन कुमार, मानव तस्करी रोधी इकाई( एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट)किन्नौर की सदस्या शुभ कांता उपस्थित रहे।
शूलिनी विश्वविद्यालय के विधि विज्ञान संकाय के एलएलबी और बीएएलएलबी के छात्रों को जिला न्यायालय, सोलन में लोक अदालत की कार्यवाही देखने का अवसर मिला। इस दौरे ने वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली के कामकाज और त्वरित और सौहार्दपूर्ण विवाद निपटान सुनिश्चित करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में बहुमूल्य जानकारी प्रदान की। सत्र के दौरान, छात्रों ने संपत्ति के मामलों, पारिवारिक विवादों, उपभोक्ता मामलों, श्रम विवादों और चालान मामलों सहित विभिन्न विवादों के समाधान का अवलोकन किया। इस वास्तविक दुनिया के प्रदर्शन ने पारंपरिक कक्षा ज्ञान से परे व्यावहारिक कानूनी कार्यवाही की उनकी समझ को बढ़ाया। स्कूल ऑफ लॉ के एसोसिएट डीन डॉ. नंदन शर्मा ने दौरे को सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे छात्रों को लोक अदालत के परिचालन ढांचे के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त हुई। कार्यवाही के दौरान, छात्रों को अरविंद मल्होत्रा (जिला एवं सत्र न्यायाधीश), विवेक खनाल (अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश) और मेहुल शर्मा (न्यायिक मजिस्ट्रेट) सहित प्रतिष्ठित न्यायिक अधिकारियों को कार्य करते हुए देखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। न्यायाधीशों ने छात्रों को कानूनी शिक्षा के लिए व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने और वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र के महत्व को समझने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अनुभव को और बढ़ाते हुए, छात्रों ने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति त्रिलोक सिंह चौहान के साथ एक ज्ञानवर्धक बातचीत की। न्यायमूर्ति चौहान ने कानूनी अभ्यास, न्यायिक प्रक्रियाओं और भविष्य के कानूनी पेशेवरों की जिम्मेदारियों के बारे में बहुमूल्य जानकारी साझा की। एक अन्य प्रभावशाली बातचीत में, छात्रों ने सोलन बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट मनोज वर्मा के साथ बातचीत की, जिन्होंने अदालती वकालत और उभरते कानूनी परिदृश्य पर गहन दृष्टिकोण प्रदान किए। सामाजिक प्रतिबद्धता के एक संकेत के रूप में, कुछ छात्रों ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को चिह्नित करने के लिए रेड क्रॉस सोसाइटी, सोलन में योगदान दिया।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने छोटा शिमला से विली पार्क तक बनाई जा रही अंडरग्राउंड यूटिलिटी डक्ट के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को डक्ट के निर्माण में विश्व स्तरीय गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रदेश सरकार द्वारा शिमला में अंडरग्राउंड यूटिलिटी डक्टस के निर्माण पर 146.34 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं। इसके निर्माण से शिमला में आधारभूत संरचना सुदृढ़ होगी, साथ ही शहर के सौंदर्यीकरण में भी मदद मिलेगी। शहर में सभी उपयोगिताएं जैसे पेयजल आपूर्ति की पाइप लाइनें, विद्युत लाइनें और फाइवर केबल इत्यादि भूमिगत डक्ट में बिछाई जाएंगी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण को समयबद्ध पूर्ण करने के लिए बृहद योजना तैयार की गई है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि निर्माण कार्यों के दौरान लोगों को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े।
विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल की तीन दिवसीय प्रांत अभ्यास वर्ग और प्रांत कार्यसमिति की बैठक के दौरान नये दायित्व मिलने पर कार्यकर्ताओं में प्रसन्नता और उत्साह का वातावरण देखने को मिला। इस अवसर पर संगठनात्मक जिला देहरा से ताल्लुक रखने वाले पवन बजरंगी, जो पहले विभाग सत्संग प्रमुख बिलासपुर में तैनात थे, को अब सह प्रांत सत्संग प्रमुख के नवीन दायित्व पर नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त, देहरा जिला में कई महत्वपूर्ण फेरबदल भी किए गए हैं। तरलोक चंद जी को देहरा जिला अध्यक्ष, मूनीश सूद जी को देहरा जिला मंत्री, आनंद सूद जी को रक्कड़ सह मंत्री, देसराज भाटिया को ज्वालामुखी जिला प्रचार प्रसार प्रमुख, और राजकुमार कालेश्वर महादेव को बजरंग दल के जिला सह संयोजक के रूप में नवीन दायित्व सौंपा गया हैं। ये सभी नियुक्तियाँ तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। जिला संरक्षक मनोज भारद्वाज, उपाध्यक्ष मदन लाल, सुशील कुमार, धर्म प्रचार प्रमुख विनोद डोगरा, सत्संग प्रमुख बनीश शर्मा, जिला बजरंग दल संयोजक मुनीश गुलेरिया सहित अन्य सभी स्वयंसेवकों ने इन नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई दी और संगठन के वरिष्ठ अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। नवनियुक्त जिला अध्यक्ष तरलोक चंद जी ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य अब यह होगा कि वे संगठन को जिले के प्रत्येक गांव तक पहुंचाएं, ताकि हिन्दू समाज को और अधिक एकजुट किया जा सके।
आज हिमाचल प्रदेश के सभी साथियों ने आदर्श स्वाभिमान मंच के तहत प्रदेश में मौजूदा सरकार द्वारा शास्त्री पद की भर्ती प्रक्रिया को लेकर एक बैठक आयोजित की गई। जिसमें अध्यक्ष अध्यक्ष डॉ. संजीव शर्मा ने जानकारी दी कि सरकार ने शास्त्री भर्ती हेतु नए R&P (रूल्स एंड रेगुलेशंस) नियम लागू किए हैं, जिनका असर प्रदेश में संस्कृत शिक्षा पर प्रतिकूल रूप से पड़ सकता है। नए नियमों के अनुसार, कोई भी शास्त्री योग्यता प्राप्त छात्र जो कमीशन या बैचवाइज भर्ती के माध्यम से शास्त्री पद पर नियुक्ति चाहता है, उसे अब केवल बीए, बीएससी करने वाले उम्मीदवारों से ही प्रतियोगिता करनी होगी, जिन्होंने संस्कृत को एक ऐच्छिक विषय के रूप में लिया हो। यह बदलाव प्रदेश के संस्कृत महाविद्यालयों और धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन को समाप्त करने का कारण बन सकता है। इसका परिणाम यह हो सकता है कि प्रदेश में संस्कृत महाविद्यालयों का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा, और धार्मिक संस्कार जैसे विवाह, पूजा और अन्य कर्मकांडों को करने के लिए कोई प्रशिक्षित शास्त्री नहीं रहेगा। यह बदलाव न केवल प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को प्रभावित करेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक गंभीर संकट उत्पन्न कर सकता है। अध्यक्ष डॉ. संजीव शर्मा ने सरकार से कई बार आग्रह किया है कि कृपया शास्त्री पद को समाप्त न किया जाए। यदि सरकार कोई नया नियम लागू करना चाहती है, तो इसके लिए एक समिति बनाकर विचार किया जाए ताकि प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर और शास्त्री की विद्या का संरक्षण हो सके। संजीव शर्मा ने क्षेत्रीय विधायक श्री विक्रम ठाकुर जी को एक ज्ञापन भी सौंपा और उनसे आग्रह किया कि वे इस विषय को विधानसभा में उठाएं। इस संदर्भ में आचार्य सागर शर्मा, आचार्य रंजना देवी और आचार्य सुमित शर्मा सहित अन्य साथियों ने विधायक विक्रम ठाकुर से मिलकर इस मामले को गंभीरता से उठाने का निवेदन किया।
बिलासपुर के एम्स को भ्रष्टाचार का अड्डा बताने पर पूर्व उद्योग मंत्री तथा जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक विक्रम सिंह ठाकुर ने कांग्रेस के पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर को अपना कद और काठी देखकर बयान बाजी करने की सलाह देते हुए रविवार को यहां जारी प्रेस बयान में कहा कि रामलाल ठाकुर द्वारा भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के खिलाफ अनर्गल आरोप लगाए गए हैं जिसकी उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए क्योंकि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के एक ऐसे नेता के खिलाफ आरोप लगाए हैं जिनकी ईमानदारी से पूरा देश वाकिफ है । विक्रम ठाकुर ने कांग्रेस नेता रामलाल ठाकुर को हार का रिकॉर्ड बनाने बाला नेता बताते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में उनको जनता ने बार-बार नकारा है । लोकसभा से लेकर विधानसभा चुनाव में उनकी इसी कारण बार बार हार होती है क्योंकि वे अच्छे कार्यों में हमेशा विघ्न डालने का प्रयास करते हैं। एक तरफ जहां बिलासपुर में बन रहे एम्स की पूरे प्रदेश में प्रशंसा हो रही है ,वहीं दूसरी तरफ हारे और नकारे हुए नेता एम्स पर भी अनर्गल बयान बाजी करने से बाज नहीं आ रहे हैं । इस तरह के नेताओं की बातों को कोई भी गंभीरता से नहीं लेता है । उन्होंने रामलाल ठाकुर को सलाह दी कि वे अपनी पार्टी की चिंता करें क्योंकि कांग्रेस पार्टी ने मोदी के राष्ट्रीय राजनीति में उतरने के बाद पूरे राष्ट्र में अपनी फ़जीहत करवाई है । नेशनल हेराल्ड का मामला भ्रष्टाचार का साक्षात उदाहरण है जिसमें उनके आका अभी तक जमानत पर बाहर हैं । उन्होंने रामलाल ठाकुर को भारतीय जनता पार्टी के कार्यालयों से सम्बंधित टिप्पणी करने पर आडे हाथों लेते हुए कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में अरबों रुपए के घोटाले किए हैं । भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना कांग्रेस पार्टी के नेताओं को शोभा नहीं देता । आज हिमाचल प्रदेश के अंदर ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी कांग्रेस का ग्राफ लगातार गिरता जा रहा है और आने वाले दिनों में हिमाचल प्रदेश के अंदर भी कांग्रेस का सफाया तय है । रामलाल ठाकुर को कांग्रेस सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश के अंदर दी गई गारंटियों पर चिंता करनी चाहिए न कि भाजपा के कार्यालयों को लेकर शोक मनाना चाहिए । उन्होंने कहा कि जगत प्रकाश नड्डा हिमाचल प्रदेश के ही नहीं बल्कि पूरे देश के नेता हैं और विश्व की सबसे बड़ी पार्टी के अध्यक्ष हैं जो कि हिमाचल प्रदेश के लिए बड़े गौरव की बात है ।
हिमाचल प्रदेश में नशे की बढ़ती समस्या समाज के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुकी है। इसी खतरे को रोकने और लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से गतवाड पंचायत के उपप्रधान अजय शर्मा के नेतृत्व में भदसीं गांव में एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अखिल भारतीय चिकित्सक संघ, हिमाचल प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. ऋतिक शर्मा मुख्य वक्ता रहे, जबकि पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता राजिंदर गर्ग ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. ऋतिक शर्मा ने कहा कि नशे को खत्म करने के लिए सिर्फ सरकार या पुलिस पर निर्भर नहीं रहा जा सकता। समाज के हर व्यक्ति को सतर्क रहना होगा। हमें यह देखना होगा कि हमारे क्षेत्र में कौन आ रहा है कौन किससे मिल रहा है। अगर कोई व्यक्ति या वाहन संदिग्ध लगे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। समाज में जागरूकता और सतर्कता ही इस बुराई को खत्म कर सकती है।” उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि नशे के सौदागरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तभी संभव होगी जब हर नागरिक इस लड़ाई में शामिल होगा। उन्होंने कहा जब तक समाज खुद इस लड़ाई को नहीं लड़ेगा तब तक चिट्टा जैसी घातक लत पर काबू नहीं पाया जा सकता। हर व्यक्ति को अपनी भूमिका निभानी होगी। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता राजिंदर गर्ग ने भी नशे के खिलाफ कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा नशा हमारे समाज को खोखला कर रहा है। युवा इसकी चपेट में आकर अपने भविष्य को नष्ट कर रहे हैं। हमें इसे हर हाल में रोकना होगा। सरकार, प्रशासन, पुलिस और आम जनता को मिलकर इस जहर को जड़ से खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने आगे कहा कि समाज को जागरूक बनाना ही इस समस्या का सबसे बड़ा समाधान है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि अगर कहीं भी नशे का कारोबार हो रहा है या कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आती है तो तुरंत प्रशासन और पुलिस को सूचित करें। हालांकि इस विशेष शिविर में मुफ्त दवाइयों और परामर्श का वितरण नहीं किया गया, लेकिन डॉ. ऋतिक शर्मा ने पहले ही समाज के लिए मुफ्त होम्योपैथिक चिकित्सा और परामर्श की घोषणा कर रखी है जिससे नशा पीड़ितों को बेहतर इलाज मिल सके। उन्होंने कहा अगर किसी का बेटा, भाई या दोस्त नशे की चपेट में आ चुका है, तो उसे अकेला न छोड़ें। उसके इलाज और पुनर्वास के लिए पूरा प्रयास करें। मैं पहले से ही समाज के लिए मुफ्त चिकित्सा और परामर्श उपलब्ध करवा रहा हूं, ताकि लोग इस बुरी लत से छुटकारा पा सकें।” इस जागरूकता शिविर का आयोजन गतवाड पंचायत के उपप्रधान अजय शर्मा के प्रयासों से संभव हुआ। उन्होंने नशे के खिलाफ इस मुहिम को मजबूत बनाने के लिए ग्रामीणों और युवाओं को जोड़ने की पहल की। उन्होंने कहा नशे का बढ़ता प्रभाव हमारे समाज को खोखला कर रहा है। हमें इसे रोकने के लिए मिलकर काम करना होगा। जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है और इसी उद्देश्य से यह शिविर आयोजित किया गया है।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बेटियों ने देश को बड़ा तोहफा दिया है। शनिवार को तेहरान में छठी एशियाई महिला कबड्डी चैंपियनशिप में भारत ने फाइनल में ईरान को हरा खिताब अपने नाम कर लिया। भारत ने ईरान को 32-25 से हराया। 6 से 8 मार्च तक आयोजित चैंपियनशिप में भारतीय टीम का श्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। वही हिमाचल प्रदेश की पांच बेटियों का योगदान देश को खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण रहा। सिरमौर के शिलाई क्षेत्र की ऑलराउंडर पुष्पा राणा ने बतौर उपकप्तान टीम का नेतृत्व किया और अपने शानदार खेल से जीत में अहम भूमिका निभाई। बिलासपुर की निधि शर्मा, सोलन की ज्योति ठाकुर समेत साक्षी शर्मा, भावना ठाकुर ने भी टीम को न केवल फाइनल में पहुंचाने, बल्कि गोल्ड दिलाने में भी योगदान दिया। सेमीफाइनल में भारत ने नेपाल को 56-18 से हराया था। कबड्डी एसोसिएशन के महासचिव कृष्ण लाल ने कहा कि बेटियों ने फिर से पूरे देश को गौरवान्वित किया है।
प्रदेश के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी व मध्य व मैदानी इलाकों में हुई बारिश के बाद शनिवार को राज्य में खूब धूप खिली और अधिकतम तापमान में खासा उछाल आया है, लेकिन मौसम विभाग की मानें तो प्रदेश में रविवार से मौसम बिगड़ेगा और 12 मार्च को जहां येलो अलर्ट जारी किया गया है, वहीं 14 मार्च तक मौसम के खराब रहने के आसार हैं। ऊना में अधिकतम तापमान 28.5 डिग्री रहा, जबकि शिमला में 19 डिग्री रिकार्ड किया गया है। वही पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम बिगड़ेगा, लेकिन आगामी दिनों में गर्मी बढ़ जाएगी। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को एक या दो बार भारी बारिश व बर्फबारी का येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें चम्बा, कांगड़ा व लाहौल-स्पीति में बर्फबारी व बारिश, जबकि कुल्लू व मंडी में आंधी तूफान व बिजली चमकने की संभावनाएं हैं। 10 व 11 मार्च को राज्य के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम, 12 से 14 मार्च तक राज्य में कई स्थानों पर हल्की से मध्य बर्फबारी व बारिश की संभावनाएं हैं। राज्य में पिछले 24 घंटों में एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा हुई है, जिसमें मनाली में 1 मिलीमीटर वर्षा रिकाॅर्ड की गई है। न्यूनतम तापमान केलांग व कुकुमसेरी में माइनस 6.9 डिग्री, ताबो में माइनस 5.5, कल्पा में माइनस 0.4 डिग्री रहा, जबकि राजधानी शिमला व सोलन में 7.4, ऊना में 5.9 व पालमपुर में 6 डिग्री रिकाॅर्ड किया गया है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के सोमवार से शुरू होने जा रहे बजट सत्र के लिए स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। भाजपा इस बार भी बैठक से किनारा कर सकती है। यह बैठक दोपहर बाद एक बजे शुरू होगी। विपक्ष के प्रतिनिधियों इस बैठक में शामिल होंगे या नहीं इस पर संसय बना हुआ है। बता दे भाजपा विधायक दल पिछले विधानसभा सत्रों में भी सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार कर चुका है। इस बैठक के लिए संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, सरकारी उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया और भाजपा विधायक व मुख्य सचेतक प्रतिपक्ष सुखराम चौधरी को बुलाया गया है पठानिया ने कहा कि वह सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के सदस्यों से अनुरोध करेंगे कि जनहित से जुड़े मुद्दों को ही सदन में उठाएं। हिमाचल प्रदेश विधानसभा की परंपराओं और गरिमा का सम्मान करते हुए नियमों की परिधि में रहकर जनहित से संबंधित विषयों पर सदन में सार्थक चर्चा करें।साथ ही सत्र के संचालन में अपना रचनात्मक सहयोग दें। वही विधानसभा बजट सत्र के लिए भाजपा विधायक दल रविवार शाम शिमला के एक निजी होटल में रणनीति बनाएगा। यह बैठक नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में होगी। सोमवार को राज्यपाल के अभिभाषण में भाजपा स्वाभाविक रूप से शांत दिखेगी। लेकिन दूसरे दिन मंगलवार को शोकोद्गार के बाद प्रश्नकाल और शून्यकाल के दौरान सदन में हंगामा कर सकती है। विपक्ष सरकार को किन-किन मुद्दों पर घेरेगा, इसी पर भाजपा विधायक दल में मंत्रणा होगी। उधर, कांग्रेस विधायक दल की बैठक सोमवार को विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले होगी। सोमवार दोपहर दो बजे से बजट सत्र शुरू होगा। ऐसे में सुबह के समय मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में विधायक दल की बैठक में बजट सत्र को लेकर रणनीति बनाई जाएगी।
विकास खण्ड कुनिहार की ग्राम पंचायत कुनिहार और हाटकोट में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला ग्राम सभाओं का आयोजन धूमधाम से किया गया। इन सभाओं में बड़ी संख्या में महिलाओं ने बढ़चढ़ कर भाग लिया और इस खास दिन को उत्साह के साथ मनाया। महिलाओं ने एक-दूसरे को महिला दिवस की बधाई दी और इस मौके पर अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए। महिलाओं ने नाच-गाकर इस दिवस को खास बनाने की पूरी कोशिश की और इसे खुशी-खुशी मनाया। इस अवसर पर महिलाओं ने संकल्प लिया कि वे समाज के हर क्षेत्र में समाज हित के लिए हमेशा आगे रहेंगी। विशेष रूप से, समाज में फैल रहे जानलेवा नशे के खिलाफ सक्रिय रूप से काम करने का संकल्प लिया और युवा पीढ़ी को इस दलदल से बाहर निकालने, उनके जीवन को बचाने के लिए प्रयास करेंगी। कुनिहार पंचायत में इस दिन महिलाओं को औषधीय पौधे भी वितरित किए गए, जिससे पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बढ़ावा दिया जा सके। कार्यक्रम के दौरान पंचायत प्रधान राकेश ठाकुर और जगदीश अत्री सहित अन्य व्यक्तियों ने महिलाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक बधाई दी।


















































