जम्मू-कश्मीर के कठुआ में एक हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया है। ये हेलिकॉप्टर कठुआ के रंजीत सागर डैम में जा गिरा है। हालांकि ये हेलिकॉप्टर किसका था, कितने लोग इसमें सवार थे, इसको लेकर अभी जानकारी नहीं मिली है।
पीडब्ल्यूडी राेहडू में एसई यानी सुप्रीटेंडेंट ऑफ इंजीनियर का पद पिछले छह महीने से खाली चल रहा है। जिस कारण वहां का लाेगेां काे दिक्कताें का सामना करना पड़ रहा है। सूत्राें से मिली जानकारी के मुताबिक छह महीने पहले रामपुर एसई काे राेहडू का अतिरक्त कार्यभार साैंपा गया, लेकिन लाेगाें काे रामपुर काफी दूर पड़ रहा है। यहां के सरकारी ठेकेदाराें समेत लाेगाें ने प्रदेश सरकार से मांगी की है कि जल्द ही रेगुलर नियुक्ति की जाए या शिमला के एसई काे ही अतिरक्त कार्यभार साैंपा जाए। ताकि लंबित कार्याें का निपटारा करने में आसानी हाे सके। बताया गया कि राेहडू़ एसई के तहत जुब्बल-काेटखाई का एरिया भी आता है। जिस कारण वहां के लाेगाें काे रामपुर दूर पड़ता है और काम पिछले छह महीने से लंबित पड़े हैं। वहीं पीडब्ल्यूडी मुख्यालय शिमला से संपर्क करने की काेशिश की ताे दूरभाष नहीं उठाया गया। बताया गया कि इस मसले पर लाेग जल्द ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से अपील करेंगे।
सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए आज अच्छी खबर सामने आई है। कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच आज भारत में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर आज सोना 0.16 फीसदी गिरकर 47926 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, चांदी 0.3 फीसदी की गिरावट के साथ 67865 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। पिछले सत्र में सोना करीब 400 रुपये यानी 0.75 फीसदी गिर गया था और चांदी की कीमतों में भी 0.5 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली थी। ग्लोबल मार्केट की बात करें तो यहां भी सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। सोना पिछले दो हफ्तों में रिकॉर्ड लेवल पर पहुंचने के बाद 0.2 फीसदी तक गिरावट दर्ज किया गया। इस गिरावट के बाद सोने का भाव 1809.21 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया। वहीं अन्य कीमती धातुओं में चांदी 0.4 फीसदी गिरकर 25.37 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। जबकि प्लैटिनम की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिला। प्लैटिनम 0.6 फीसदी की बढ़ोतरी के बाद 1,054.72 डॉलर पर पहुंच गया।
खालिस्तान समर्थक गुरपखवंत सिंह पन्नु ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा को धमकी दी है। सोमवार को हिमाचल प्रदेश के ऊना, हमीरपुर, कुल्लू और सोलन जिले के पत्रकारों के फोन पर यह कॉल आई है। सिख फॉर जस्टिस गुट से जुड़े गुरपखवंत सिंह पन्नु ने कहा कि देश में हजारों किसानों की मौत के लिए जेपी नड्डा व्यक्तिगत तौर पर जिम्मेदार हैं। पन्नु ने कहा कि जेपी नड्डा भाजपा से जुड़े हैं और भाजपा की वजह से आंदोलनरत किसानों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। साथ ही पन्नु ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को भी फिर धमकी देते हुए कहा कि 15 अगस्त को उन्हें झंडा नहीं फहराने देंगे। पन्नु ने कहा कि कहा कि 15 अगस्त को लोग अपने घरों पर रहें। किसान ट्रैक्टर लेकर सड़कों पर उतरें और सीएम जयराम को तिरंगा फहराने से रोकें। बीते शुक्रवार को भी गुरपखवंत सिंह पन्नु ने प्रदेश के कई पत्रकारों को कॉल कर यह धमकी थी। कॉल की जांच की जा रही है। साथ ही रिकॉर्डिंग की वॉयस स्पेक्टोग्राफी भी कराई जाएगी। इस जांच में केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की भी मदद ली जाएगी। उल्लेखनीय है कि बीते दिनों पंजाब से सटे हिमाचल के नयनादेवी इलाके के मील पत्थरों पर शरारती तत्वों ने लिख दिया था कि इस जगह से खालिस्तान की हद शुरू होती है। इस मामले में भी हिमाचल पुलिस जांच कर रही है।
प्रगति और विकास की दौड़ में तेज़ रफ़्तार से आगे बढ़ते हुए हम प्रकृति के लिए अपनी ज़िम्मेदारियों और समझ को पीछे छोड़ते जा रहे है। साल-दर-साल घायल होता हिमालय क्षेत्र आज हमारी उपलब्धियों के तमाम दावों को झुठलाने लगा है। ये दरकते पहाड़ विकास की तमाम नीतियों की खामियों को उजागर कर रहे और हम खामोश है। किसी ने सही कहा है कि अब साेया ताे सुन ले साथी कभी जाग न आएगी। लगता है किन्नौर की जनता ने ये बात गाँठ बांध ली है। मन में किन्नौर की वादियों को सुरक्षित रखने का दृढ़ निश्चय लेकर किन्नौर की जनता ने जिले में प्रस्तावित जंगी-थाेपन बिजली प्राेजेक्ट के खिलाफ संघर्ष का बिगुल बजा दिया है। स्थानीय लोगों के अनुसार पूर्व में स्थापित हुए पावर प्राेजेक्ट्स ने किन्नौर की स्थिति ख़राब कर दी है, आए दिन सामने आती प्राकृतिक आपदाओं ने लोगों की परेशानियों को बढ़ा दिया है। पुरानी गलतियों से सबक लेते हुए जंगी-थाेपन बिजली परियाेजना के दायरे में आने वाले बाशिंदाें ने संबंधित बिजली परियाेजना प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हाथ में " NO MEANS NO, SAVE KINNAUR " के बैनर लिए इस क्षेत्र के युवा, बुद्धिजीवी समेत शिक्षाविध सड़कों पर उतर आए है। किन्नौरी बोली में क्यांग शब्द का इस्तेमाल करते हुए अपना संघर्ष शुरू कर दिया है। बता दें की क्यांग शब्द का हिंदी में अर्थ चिंगारी होता है। ऊर्जा राज्य हिमाचल में भले ही बिजली उत्पादन की भारी क्षमता है, मगर प्रदेश के पहाड़ अब खोखले हाेने की कगार पर है। जिला किन्नौर की स्थिति भी कमोबेश ऐसी ही है। किन्नौर की जनता इससे परेशान है और अब यहां के लोगों ने इन पहाड़ों और प्रकृति को बचाने के लिए नाे माेर प्राेजेक्ट इन किन्नौर, नाे मींज़ नाे का नारा देकर संघर्ष शुरू कर दिया है। दरअसल एसजेवीएन के तहत सतलुज बेसिन पर प्रस्तावित 804 मेगावाट क्षमता वाली जंगी-थाेपन बिजली प्राेजेक्ट से सात गांव प्रभावित होंगे। फिलवक्त इस प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य शुरु नहीं हुआ हैं पर निर्माण कार्य शुरु होने की स्थिति में सात गांव को खतरा हाे सकता है। कारण यह है कि जिस क्षेत्र में प्रोजेक्ट तैयार होना है वहां का पूरा एरिया चट्टानों से भरा है। रारंग गांव का पूरा क्षेत्र एनएच-5 के ऊपर ढांक पर बसा हुआ है। उसके बाद थाेपन, खादरा, आकपा, जंगी और लिप्पा गांव तक इस परियाेजना का नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब पिछले साल एनएच-5 काे चाैड़ा करने के लिए यहां बलास्टिंग हाे रही थी तब भी रारंग गांव के कुछ लाेगाें के मकानाें में दरारें आ गई थी। इसी के साथ लोगों का मानना है कि परियाेजना शुरु हाेने से इन क्षेत्राें में प्राकृतिक जल स्राेत सूख जाएंगे, जिससे सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित होगी। लोगों के मन में ये डर है कि प्रोजेक्ट बनने के बाद उन्हें विस्थापित किया जा सकता है। ऐसे में जंगी-थोपन बिजली परियोजना निर्माण कार्य शुरु होने से पहले ही सात गांव के लाेगाें ने एकजुट होकर संघर्ष का बिगुल बजा दिया है। एसजेवीएन का दावा, कोई भी गांव नहीं होगा विस्थापित कई वर्षों से विवादों में रही जंगी-थोपन बिजली परियोजना को लेकर हल्ला बाेल के बीच एसजेवीएन ने दावा किया है कि काेई भी गांव विस्थापित नहीं हाेगा। एसजेवीएन का कहना है कि प्रोजेक्ट निर्माण कार्य शुरु होने में अभी तीन से चार साल लग सकते हैं। अभी प्रोजेक्ट प्रस्तावित है और निर्माण से पहले सर्वे किया जा रहा है। एसजेवीएन ने बताया कि जहां भी टनल, डैम, पावर हाउस स्थापित होंगे, सब जगहों का वैज्ञानिक तरीके से सर्वे हाे रहा है। सर्वे के बाद ही निर्माण कार्य शुरु हाेगा। एसजेवीएन का दावा है कि परियाेजना क्षेत्र में विकास ही हाेगा न कि विनाश। इसके साथ-साथ हिमाचल प्रदेश पावर पाॅलिसी के तहत प्रभावित गांव के परिवाराें काे नाैकरी भी दी जाएगी। एसजेवीएन का कहना है कि लोगों को डरने की कोई ज़रूरत नहीं है। उल्लेखनीय है कि 804 मेगावॉट की क्षमता वाली जंगी-थोपन बिजली परियोजना स्थापित करने के लिए प्रदेश सरकार के पास एसजेवीएन सहित चार पावर कारपोरेशन से ऑफर आया था। इसमें से एसजेवीएन के साथ एमओयू साइन किया गया। हालांकि इस परियोजना को स्थापित करने के लिए बीडिंग व प्रीमियम की शर्त नहीं हैं, लेकिन बिजली उत्पादन शुरू होने के 40 साल बाद परियोजना राज्य सरकार की होगी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक सरकारी शर्तों के अनुसार ही जंगी-थोपन बिजली परियोजना निर्माण कार्य शुरू होगा। ऐसा रहा प्रस्तावित जंगी-थोपन बिजली प्रोजेक्ट का इतिहास जंगी थोपन प्रोजेक्ट का काम 15 साल यानी वर्ष 2006 से लटका हुआ है। वर्ष 2006 में राज्य सरकार ने इस प्रोजेक्ट का टेंडर किया था और ब्रेकल को ये प्रोजेक्ट मिला। ब्रेकल ने इसका काम अदानी कंपनी को दिया और अदानी कंपनी से अपफ्रंट मनी की 280 करोड़ की राशि सरकार को मिली। उसके बाद ये प्राेजेक्ट रिलायंस काे दिया गया, लेकिन अपफ्रंट मनी के चक्कर में रिलायंस कंपनी भी पीछे हट गई। इसके बाद इस मसले पर तत्कालीन वीरभद्र सरकार ने 21 सितंबर 2016 को बड़ा फैसला लिया था। रिलायंस के पीछे हटने के बाद राज्य सरकार ने पीएसयू यानी पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग के साथ समझौता करने का फैसला किया, जिसके बाद ये प्रोजेक्ट एसजेवीएन को सौंप दिया गया। 281 हेक्टेयर भूमि की आवशयकता, 5708 कराेड़ हाेंगे खर्च जंगी-थाेपन बिजली परियोजना पर अनुमानित 5708 करोड़ रुपये व्यय होने है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक परियोजना के लिए अनुमानित 281.16 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी जिसमें से 247.12 हेक्टेयर भूमि वन भूमि होगी, जबकि 24.81 हेक्टेयर निजी भूमि तथा 9.23 हेक्टेयर बीआरओ व लोक निर्माण विभाग से उपलब्ध होगी। बता दें कि परियोजना के तहत जंगी गांव के नजदीक बांध प्रस्तावित है, जबकि भूमिगत पाॅवर हाऊस का निर्माण काशंग नाला में किया जाएगा। परियोजना से कानम, जंगी, रारंग, मूरंग, स्पीलो व अकपा पंचायतें प्रभावित होंगी। परियोजना के तहत बनने वाली सुरंग आधुनिक तकनीक टीवीएम से बनाई जाएगी। प्रदेश सरकार के ऊर्जा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक परियोजना निर्माण के समय प्रभावितों के हितों का पूरी तरह से संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। आंदोलन की राह पर जनता, मंजूर नहीं प्रोजेक्ट, जारी रहेगा संग्राम प्रस्तावित जंगी-थोपन जल विद्युत परियोजना को लेकर जंगी, रारंग व आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने जमकर विरोध करना शुरु कर दिया है। हाल ही में जल विद्युत परियोजना के प्रबंधन द्वारा जंगी-थोपन परियोजना के निर्माणाधीन स्थल पर सम्बंधित पंचायतों के एनओसी के बिना मशीनों को काम के लिए उतारा गया जिस पर ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया। वैसे तो पहाड़ की टूट फ़ूट प्रकृति का चक्र है लेकिन बीते वर्षों मे भूस्खलन की घटनाएं बढ़ने से लोगों में डर है। जंगी व रारंग के ग्रामीणों की माने ताे विरोध की शुरुआत तब हुई जब परियोजना प्रबंधन ने बिना पंचायत एनओसी काम शुरू करना चाहा। ग्रामीणाें ने बताया कि बिना पंचायत की अनुमति के बड़ी-बड़ी मशीनें लाई गई। हालांकि एसजेवीएन का तर्क है जंगी-थाेपन जल विद्युत परियोजना प्रबंधन द्वारा केवल सर्वे किया जा रहा है और सर्वे के लिए एनओसी की जरूरत नहीं होती। पर ग्रामीण इस तर्क को सफ़ेद झूठ करार दे रहे है। ग्रामीणों ने सड़क पर उतर कर इसका विरोध किया है। ग्रामीणों व प्रबंधन के बीच नोकझोंक भी जारी है।परियोजना प्रबंधन द्वारा फिलहाल सर्वे के काम को भी रोक दिया गया है आगे की कार्रवाई सरकार के दिशा-निर्देशों के बाद ही शुरू होगी। हमें किसी भी कीमत पर पावर प्रोजेक्ट मंजूर नहीं है, विकास के नाम पर विनाश होते हुए हम देख नहीं सकते। हमारी पंचायत इस बात पर अड़ी हुई है कि परियोजना का निर्माण होने नहीं दिया जाएगा। इस क्षेत्र में सिंचाई का एक मात्र साधन प्राकृतिक जल स्त्राेत है, साथ ही गांव चट्टानों पर बसे हुए है। यदि प्राेजेक्ट निर्माण कार्य शुरु हाेगा ताे संभवत: पूरे का पूरा क्षेत्र उजड़ जाएगा। इसके लिए सबकाे राजनीति से उठकर संघर्ष करना हाेगा, तभी जल, जंगल और जमीन काे हम बचा पाएंगे। -राजेंद्र नेगी, प्रधान ग्राम पंचायत रारंग। संघर्ष समिति रारंग ने यह ठान लिया है कि जंगी-थोपन बिजली परियोजना को किसी भी सूरत में शुरु होने नहीं दिया जा सकता। क्षेत्र काे बचाने के लिए सबको एकजुट होकर प्रोजेक्ट का विरोध करना होगा। हम पिछले साल से ही आंदोलन की राह पर अग्रसर है, लेकिन कुछ लोग इसमें भी राजनीति कर रहे हैं, जो बिल्कुल गलत है। हम प्रकृति को बचाने के लिए राजनीति से ऊपर उठ कर संघर्ष करना हाेगा। रारंग, खादरा और अकपा गांव की जनता ने विद्युत परियोजना प्रबंधन को पहले ही चेतावनी दे दी है कि प्रोजेक्ट का काम शुरू हुआ तो अंजाम भुगतने के लिए वे तैयार रहें। हमने कह दिया है कि NO MEANS NO -सुंदर नेगी, उपाध्यक्ष संघर्ष समिति रारंग। सीधी सी बात है कि थाेपन से लेकर जंगी तक का एरिया पावर प्राेजेक्ट के लिए अनुकूल नहीं हैं, यह क्षेत्र काफी संवेदनशील है, जहां पर छाेटे-छाेटे पहाड़ हैं। प्रोजेक्ट बनने से ये क्षेत्र कभी भी उजड़ सकते हैं। हमारा यही मानना है कि जंगी-थाेपन बिजली परियाेजना का भार सहने के लिए प्राकृतिक एवं भाैगाेलिक दृष्टि से इन पहाड़ों में क्षमता नहीं हैं। हमने पहले दिन से इसका विरोध किया है, जाे अंतिम चरण तक जारी रहेगा। यह प्राेजेक्ट न ताे न्याय संगत है और न ही प्रकृति के अनुकूल। प्राकृतिक जल स्त्रोत से ही हमारे क्षेत्र में कृषि एवं बागवानी होती है। यदि बिजली परियोजना का निर्माण कार्य शुरु हाेगा ताे सब कुछ लुप्त हाे जाएगा जिसे हम होने नहीं देंगे। -राेशन लाल नेगी, अध्यक्ष संघर्ष समिति जंगी।
पंजाब सरकार द्वारा लागू की गई छठे वेतन आयोग की सिफारिशों की विसंगतियां हिमाचल के कर्मचारियों का सबसे बड़ा मुद्दा है। कर्मचारी वर्ग छठे वेतन आयोग की सिफारिशों से संतुष्ट नहीं है। पंजाब सरकार के छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने बाद अब जल्द ही हिमाचल में भी इन्हें लागू किया जाएगा। परन्तु मसला ये है कि हिमाचल के कर्मचारियों का मानना है कि छठे वेतन आयोग की सिफारिशें किसी छल से कम नहीं है। जो दिख रहा है वैसा कुछ मिलने नहीं वाला। कर्मचारी लगातार सरकार से ये मांग कर रहे है कि इस वेतन आयोग को पंजाब की तर्ज पर ज्यों का त्यों लागू न किया जाए बल्कि यहां के कर्मचारियों के हिसाब से इसमें कुछ बदलाव हो। इस वेतन आयोग से कर्मचारियों का केवल एक तबका नहीं बल्कि लगभग हर कर्मचारी असंतुष्ट दिख रहा है। शिक्षक वर्ग असंतुष्ट हिमाचल के शिक्षकों का मानना है कि 2011 में वेतनमान संशोधित होने के साथ-साथ पूर्ण संशोधन हुआ था, जिसके चलते शिक्षक वर्ग को ग्रेड-पे संशोधित होने से अधिकतम पांच हजार रुपये का हर माह अधिक वित्तीय लाभ प्राप्त हुआ था। 2011 में शिक्षक वर्ग के अलावा लिपिक और कई श्रेणियों को संशोधन के तहत अधिक वित्तीय लाभ प्राप्त हुए थे। इस बार कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग में दो विकल्प दिए गए हैं। एक यदि आप बढ़े हुए ग्रेड पे से पहले का विकल्प लेते हैं तो वेतन मल्टीप्लायर 2.59 लगेगा। यानि आपका नया वेतन अभी के वेतन माइनस ग्रेड पे वेतन से 2.59 फीसदी ज्यादा होगा। और यदि 2011 के बढ़े हुए ग्रेड पे का विकल्प लेते हैं तो मल्टीप्लायर 2.25 लगेगा। इन विकल्पों से कर्मचारियों व शिक्षकों को जिनका 2011 में ग्रेड पे रिवाइज हुआ है, उन्हें बहुत बड़ा झटका लगने वाला है। सचिवालय पे को भत्ते में बदलना मंजूर नहीं सचिवालय से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को भी छठे वेतन आयोग से नुकसान होगा। छठे वेतन आयोग पर सचिवालय कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष संजीव शर्मा ने बताया कि पंजाब सरकार ने सचिवालय पे को वेतन का हिस्सा न मान कर भत्ते में बदल दिया गया है। सचिवालय के अलग-अलग श्रेणियों के कर्मचारियों को 600 रुपए से लेकर 2500 रुपए तक प्रति माह सचिवालय पे दी जाती है। पेंशन में भी इसका लाभ मिलता था, मगर जब भत्ते में बदल जाएगा तो यह भत्ता सचिवालय से सेवानिवृत्त होने वाले पेंशनरों को नहीं मिलेगा। संजीव शर्मा बताते है कि इस सचिवालय पे पर 3800 रुपए के करीब डीए भी कर्मचारियों को मिलता था। अब क्योंकि इसे अलाउंस करार दिया गया है तो इसपर डीए नहीं मिलेगा और कर्मचारियों को एक महीने में 3800 रूपए का नुक्सान झेलना पड़ेगा। डॉक्टरों के प्रैक्टिसिंग अलाउंस में कटौती हिमाचल के चिकित्सक भी छठे वेतन आयोग की सिफारिशों से खुश नहीं है। इस वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत चिकित्सकों का प्रैक्टिसिंग अलाउंस 25 से 20 फीसदी कर उसे बेसिक वेतन से अलग किया गया है। इन सिफारिशों का प्रदेश में भी काफी विरोध हुआ है। इन सिफारिशों के विरोध में चिकित्सक संघ ने पेन डाउन स्ट्राइक भी की। कर्ज का बढ़ता बोझ, कैसे पूरी होगी मांगे ? बता दें कि पंजाब सरकार की ओर से छठे वेतन आयोग की अधिसूचना के अध्ययन के लिए अफसरों की एक कमेटी बनाई गई है जिसकी अध्यक्षता अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना कर रहे है। हिमाचल प्रदेश में सवा दो लाख नियमित कर्मियों और पौने दो लाख पेंशनरों को इसका लाभ मिलना है। एरियर देने की बात करें तो राज्य सरकार पर इससे करीब 9 से 10 करोड़ रुपये तक का बोझ पड़ेगा। प्रदेश की आर्थिक हालत पहले से ही पतली चल रही है। ऐसे में यह लाभ कैसे दिया जाएगा, यह राज्य सरकार की सबसे बड़ी पहेली है। 60554 करोड़ से अधिक कर्ज के बोझ तले पहुंच चुकी प्रदेश सरकार के लिए छठे वेतन आयोग के साथ-साथ कर्मचारियों की बाकि मांगें पूरी करना भी काफी कठिन है।
विधानसभा के मॉनसून सत्र में इस बार सदन के भीतर जमकर सवाल-जवाब बरसेंगे और सत्र हंगामेदार भी रहेगा। सरकार के साढ़े तीन साल का कार्यकाल हो चुका है और विपक्ष के सामने भी कई तरह की चुनौतियां हैं। लिहाजा राजनीतिक रूप से अब विपक्ष के विधायक मोर्चा संभालने के लिए मजबूर हैं, जिस पर हंगामा होना तो तय है। इस बार विपक्ष की ओर से कोविड पर निशाना साधा गया है। स्वास्थ्य विभाग से ही विधायकों ने करीब 80 से ज्यादा सवाल पूछ लिए हैं। कोविड पर शुरुआत से लेकर अब तक के हालातों पर विधानसभा में चर्चा होगी, जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियां कर दी है। स्वास्थ्य विभाग को यहां सदन के भीतर जवाब देना है। कोविड की स्थिति के साथ सरकार द्वारा उठाए गए कदम और अगली तैयारियों पर चर्चा की जाएगी, वहीं स्वास्थ्य क्षेत्र के आधारभूत ढांचे पर सवाल किए जाएंगे। प्राप्त जानकारी के मुताबिक विपक्ष के सदस्यों ने पीएम केयर फंड से हिमाचल में खरीदे गए वेंटिलेटर, प्रदेश में बेरोजगारों का पंजीकरण, एनपीएस मुद्दा, बरसात में हुए नुकसान समेत कई सवाल विधानसभा सचिवालय काे दिए हैं। इसके अलावा पूर्व के सत्रों के छूट गए कुछ महत्वपूर्ण सवाल जिन पर सरकार को जानकारी देनी है, उनको भी इस सत्र में लाया जा रहा है। कुल मिलाकर विधानसभा का यह मानसून सत्र हंगामेदार होगा। मानसून सत्र दाे से 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान प्रदेश सरकार कुछ अहम विधेयक को पारित कर सकती है। विपक्ष को जवाब देने के लिए सरकार भी तैयार मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने के लिए सरकार भी तैयार है। खासकर कोविड में सरकार के महत्त्वपूर्ण कार्यों की जानकारी देकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अपने मंत्रियों के साथ विपक्ष को मुंहतोड़ जवाब देंगे। यही नहीं बल्कि भाजपा विधायक दल की बैठक में भी पूरी रणनीति तैयार की गई। वहीं दूसरी तरफ सदन की कार्यवाही शांतिपूर्वक चलाने के लिए सर्वदलीय बैठक भी हुई। मगर देखना यह है कि सदन में विपक्ष किस तरह की भूमिका निभाता है। बयान विधानसभा मानसून सत्र की कार्यवाही शांतिपूर्वक चले, इसके लिए दोनों दलों से सहयोग मांगा है। इस बार 10 दिनों का सत्र है और सैकड़ों तारांकित एवं अतारांकित सवाल भी पूछे जाएंगे, दाे दिन प्राइवेट मेंबर-डे रहेगा। जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मसलाें पर चर्चाएं भी हाेंगी। -विपिन सिंह परमार, विधानसभा अध्यक्ष। जनहित के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए, सरकार की असफलताओं काे उजागर करना विपक्ष का अधिकार है। हेल्थ सेक्टर में अनियमितता, ठप विकास कार्य सहित कई एजेंडे हैं, जिसका जवाब हम सरकार से मांगेंगे। -मुकेश अग्निहोत्री, नेता प्रतिपक्ष।
भारत और रूस संयुक्त रूप से आज से रूसी शहर वोल्गोग्राद में आतंकवाद रोधी अभियानों पर केंद्रित 13 दिन का एक विशाल सैन्य अभ्यास करेंगे। सेना ने कहा कि ‘इंद्र’ अभ्यास का 12वां संस्करण द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने में एक और मील का पत्थर होगा और भारत-रूस के बीच लंबे समय की दोस्ती के बंधन को और मजबूत करने का काम करेगा। सेना ने कहा कि संयुक्त सैन्य अभ्यास के 12वें संस्करण में प्रत्येक पक्ष के 250 जवान भाग लेंगे। इस अभ्यास में अंतरराष्ट्रीय आतंकी समूहों के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र के संयुक्त बलों के ढांचे के तहत अनिवार्य आतंकवाद विरोधी अभियानों का संचालन शामिल होगा रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ए.भारत भूषण बाबू ने ट्वीट करके भारत और रूस की सेना के बीच होने वाले इस अभ्यास की जानकारी दी है।
देश का पहला गायों का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस हिमाचल प्रदेश के ऊना में खुलेगा। इस सेंटर में सारे काम रोबोट करेगा। रोबोट गोबर उठाने, दूध निकालने से लेकर गायों की बीमारी के बारे भी जानकारी देगा। डेनमार्क की मदद से ऊना के बसाल में खुलने वाला यह सेंटर रोबोट से लैस होगा। केंद्र सरकार की 44 करोड़ की वित्तीय मदद से चलने वाले सेंटर के लिए समझौता ज्ञापन शीघ्र साइन होगा। वंही इस सेंटर के लिए डेनमार्क 200 गायें देगा। उल्लेखनीय है कि देश में आधुनिक तकनीक से डेयरी फार्म खोलने के लिए यह सेंटर मददगार होगा और साथ ही दुग्ध उत्पादन बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूनाइटेड नेशन सिक्योरिटी काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। वे ऐसा करने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री होंगे। यूनाइटेड नेशन में भारत के पूर्व राजदूत सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि बीते 75 साल में ऐसा पहली बार हो रहा है कि भारत के प्रधानमंत्री यूनाइटेड नेशन सिक्योरिटी काउंसिल की मीटिंग की अध्यक्षता करेंगे।
देश के कई राज्यों में मानसून जमकर सक्रिय है, जिसके कारण कुछ जगहों पर भारी बारिश और भूस्खलन के कारण हालात खराब हैं। दिल्ली-एनसीआर में भी बादल जमकर बरस रहे हैं। इसके अलावा पहाड़ों पर हो रही तेज बारिश के चलते दिल्ली में यमुना नदी इस वक्त उफान पर है। बुधवार को हरियाणा के यमुनानगर में हथिनी कुंड बैराज से दिल्ली की तरफ तकरीबन 1 लाख 59 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जिस वजह से यमुना नदी में पानी का बहाव तेज होता गया और राजधानी में यमुना नदी का जलस्तर शुक्रवार को खतरे के निशानको पार कर गया है। आशंका जताई जा रही है कि दिल्ली में यमुना का जलस्तर अभी और बढ़ सकता है। दिल्ली प्रशासन ने शुक्रवार को बाढ़ की चेतावनी दी है। साथ ही यमुना से सटे मैदानी इलाकों में रहने वाले लोगों को निकालने के प्रयास तेज कर दिए हैं, क्योंकि राजधानी में नदी ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के बीच 205.33 मीटर के खतरे के निशान को पार कर गई थी।
जम्मू-कश्मीर में पथरबाज़ी करने वालों के खिलाफ कड़ा संज्ञान लिया गया है। अब पथरबाज़ी करने वाले युवाओं को न तो सरकारी नौकरी मिलेगी, न ही उनके पासपोर्ट का वेरिफिकेशन किया जाएगा। इसी बाबत कश्मीर सीआईडी ने सर्कुलर जारी कर दिया है। सर्कुलर में कहा गया है कि इस तरह कि गतिविधियों में शामिल होने वाले लोगों को सिक्योरिटी क्लियरेंस न दिया जाए। सरकारी नौकरी या सरकारी योजनाओं से जुड़े मामलों में जब किसी व्यक्ति की सिक्योरिटी क्लियरेंस की रिपोर्ट तैयार की जाएगी, तो उस वक्त इस बात का भी ध्यान रखा जाए कि वो व्यक्ति पत्थरबाजी, कानून-व्यवस्था भंग करने या किसी दूसरे अपराध में शामिल न रहा हो। अगर कोई ऐसा करता पाया जाता है तो उक्त व्यक्ति को सिक्योरिटी क्लियरेंस नहीं दिया जाएगा। कश्मीर सीआईडी ने कहा कि ऐसे लोगों कि पहचान के लिए पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों की मदद ली जाए।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार के सेवाविस्तार को रद्द करने, शिक्षक भर्ती की न्यायिक जांच और आम छात्रों की समस्याओं को हल करने के लिए शनिवार को एनएसयूआई ने राजधानी शिमला में उग्र प्रदर्शन किया। इस दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच लात-घूंसे भी चले और छात्र नेताओं के कपड़े भी फटे। बारिश के बीच तीन घंटे तक जोरदार धरना-प्रदर्शन चलता रहा। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारियां भी दीं। कार्यकर्ताओं ने सचिवालय और विधानसभा के घेराव की भी चेतावनी दी। एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर, विवि इकाई अध्यक्ष प्रवीण मिन्हास और वीनू मेहता सहित अन्य नेताओं की अगुवाई में प्रदर्शनकारियों ने दोपहर एक बजे चौड़ा मैदान से लेकर कुलपति कार्यालय तक झंडे उठाकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए रैली निकाली। यहां कार्यकर्ताओं ने कड़े पुलिस और क्यूआरटी के पहरे के बावजूद वीसी कार्यालय में घुसने का प्रयास किया, जिस पर कार्यकर्ताओं और पुलिस जवानों के बीच डेढ़ बजे से साढ़े चार बजे तक जमकर धक्का-मुक्की हुई।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को धमकी देने के मामले में पुलिस ने यहां खालिस्तान समर्थक समूह 'सिख्स फॉर जस्टिस' (एसएफजे) के सदस्य गुरपतवंत सिंह पनुन के खिलाफ देशद्रोह समेत अन्य धाराओं में शनिवार को मुकदमा दर्ज किया है। यह धमकी सुबह 10:54 बजे एक साथ शिमला के अधिकांश पत्रकारों को एक रिकॉर्डेड फोन कॉल के जरिए दी गई। फोन करने वाले ने खुद की पहचान एसएफजे के जनरल काउंसल गुरपतवंत सिंह पन्नून के रूप में की है। कॉल के माध्यम कहा गया कि वह जयराम ठाकुर को भारतीय तिरंगा फहराने नहीं देंगे। हिमाचल प्रदेश पंजाब का हिस्सा था एक बार जब पंजाब को आजाद कर लिया जाएगा तो हिमाचल प्रदेश के उन इलाकों पर भी कब्जा कर लेंगे जो पंजाब का हिस्सा थे। इस कॉल और भेजे गए संदेश की जांच आतंकी गतिविधि के एंगल से की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह पता चला है कि आरोपी गुरपखवंत सिंह खालिस्तान समर्थक गुट सिख्स फॉर जस्टिस का सदस्य है। इस संगठन को भारत सरकार ने 2019 में भारी विरोधी गतिविधियों के लिए प्रतिबंधित कर दिया था। इस संगठन का नेटवर्क विदेशों में है। जांच के दौरान यह भी पता चला है कि सभी कॉल वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल के तहत की गई थीं। कॉल की जांच की जा रही है। साथ ही रिकॉर्डिंग की वॉयस स्पेक्टोग्राफी भी कराई जाएगी। इस जांच में केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की भी मदद ली जाएगी। उल्लेखनीय है कि बीते दिनों पंजाब से सटे हिमाचल के नयनादेवी इलाके के मील पत्थरों पर शरारती तत्वों ने लिख दिया था कि इस जगह से खालिस्तान की हद शुरू होती है। इस मामले में भी हिमाचल पुलिस जांच कर रही है।
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीन की दोनों डोज लगाने के बाद ही मिड-डे मील वर्करों को स्कूलों में बुलाया बुलाया जाएगा। शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि 80 फीसदी मिड-डे मील वर्करों को पहली डोज लग चुकी है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नियुक्त करीब 94 फीसदी शिक्षकों का टीकाकरण हो चुका है। जल्द सौ फीसदी लक्ष्य को पूरा किया जाएगा। 75702 शिक्षकों में से 71064 शिक्षकों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। उन्होंने बताया कि दो अगस्त से 10वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए स्कूल खोलने की तैयारी कर ली गई है। शिक्षा विभाग ने कोरोना से बचाव के लिए एसओपी जारी किया है। इसका पालन करवाने के लिए प्रिंसिपलों को जिम्मेदारी दी गई है। दो अगस्त से पांचवीं और 8वीं कक्षा के विद्यार्थी भी शिक्षकों से परामर्श लेने के लिए स्कूल आ सकेंगे। मंत्री ने बताया कि जिला स्तर पर कोविड निगरानी के लिए कमेटियां बनाई हैं। ये कमेटियां प्रतिदिन रिपोर्ट तैयार करेंगी।
पिछले चार दिनों से हो रही भारी बारिश का असर जिले में सब्जियों के कारोबार पर दिखना शुरू हो गया है। बारिश से टमाटर, शिमला मिर्च समेत अन्य सब्जियों के दामों में गिरावट आना शुरू हो गई है। शुक्रवार को सब्जी मंडी सोलन में टमाटर आठ और शिमला मिर्च 20 रुपये तक सस्ती हो गई है। पहले टमाटर का एक क्रेट 500 से 700 रुपये जो अब 300 से 500 के बीच में बिक रहा है। वहीं शिमला मिर्च 25 से 35 रुपये किलो तक बिक रही थी जो अब लुढ़क कर पांच से 15 रुपये किलो बिक रही है। इसका मुख्य कारण बारिश के बीच बाहरी राज्यों से खरीदारी के लिए बहुत कम आढ़तियों का मंडी पहुंचना बताया जा रहा है। हालांकि सेब के दामों में बढ़ोतरी हुई है। दो हजार से 2500 तक बिकने वाले सेब की पेटी 3600 से 3700 तक पहुंच गई है। सेब के दामों में वृद्धि का कारण शिमला समेत अन्य पहाड़ी क्षेत्रों से बारिश के बीच सेब की कम खेप पहुंचना है। बारिश के बीच शिमला और ऊपरी क्षेत्र के बागवान अपने उत्पादों को नहीं पहुंचा पा रहे हैं। शुक्रवार को सोलन और परवाणू सेब मंडी तक सिर्फ पांच हजार सेब बॉक्स ही पहुंच पाए हैं।
विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार से शुरू होगा। सत्तापक्ष और विपक्ष कल रणनीति बनाएगा। भाजपा विधायक दल एवं सदन के नेता जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में सत्तापक्ष हर पहलुओं की रूपरेखा तैयार करेगा। जिसमें विपक्ष के हर सवालों का करारा जवाब देने के लिए भाजपा विधायक एकजुट होंगे। वहीं कांग्रेस विधायक दल की मीटिंग नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में होगी। जिसमें सरकार को घेरने का प्लान तैयार होगा। हालाँकि सत्र का पहला दिन सदन के दिवंगत सदस्यों के शोकोदघार में ही बीत सकता है। मगर तीन अगस्त से सदन में हंगामा भी तय है। उल्लेखनीय है कि इस बार मानसून सत्र दस दिनों का होगा। बताया गया कि कल ही विधानसभा स्पीकर विपिन सिंह परमार में सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है, जिसमे दोनों दलों से सदन की कार्यवाही शांतिपूर्वक चलाने की अपील करेंगे। स्पीकर कल प्रेस कॉन्फ़्रेन्स भी करेंगे। बता दें कि सोमवार को सत्र का आग़ाज़ दोपहर दो बजे से होगा।
कुल्लू जिला में बारिश का कहर जारी है। जिला में शनिवार सुबह से बारिश हो रही है। घियागी के समीप चट्टानें सड़क पर आने से एनएच-305 करीब तीन घंटे तक बाधित रहा। इसके साथ ही जिला में 15 से अधिक सड़कें भूस्खलन के कारण बंद हैं। लगातार बारिश के चलते सेब तुड़ान प्रभावित हुआ है। बागवान सेब का तुड़ान नहीं कर पा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर लाहौल-स्पीति जिला के शांशा और जाहलमा नाले में पुल गिर जाने के बाद अस्थायी सड़क का निर्माण शुरू हो गया है। फिलहाल नाले से होकर ही सड़क निकाली जाएगी। इसके बाद लाहौल में फंसे हुए लोगों को रेस्क्यू किया जाएगा। स्थानीय लोग रेस्क्यू अभियान में बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। मौसम खराब होने के कारण हेलीकॉप्टर लाहौल नहीं जा पा रहा है। वहीं तोजिंग नाले में लापता हुए लोगों को तलाशने के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है। एनडीआरएफ, बीआरओ की टीमें लापता लोगों की तलाशी में जुटी हैं। कुल्लू के ब्रह्मगंगा नाले में बादल फटने से लापता लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। एसपी गुरदेव शर्मा ने कहा कि पार्वती नदी में लापता लोगों की तलाश की जा रही है।
जम्मु-कश्मीर में सुरक्षाबलों को आज बड़ी कामयाबी मिली है। यहां पुलवामा जिले के नागबेरान-तारसार वनक्षेत्र में बीच तड़के से सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ चल रही थी। इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया है। कश्मीर जोन पुलिस ने जानकारी दी है कि फिलहाल इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि मारे गए दोनों आतंकियों की पहचान अभी तक नहीं हुई है। सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों की मौजूदगी की जानकारी मिलने पर शनिवार सुबह दक्षिण कश्मीर के नागबेरान-तारसार वनक्षेत्र में घेराबंदी कर तलाश अभियान शुरू किया। उन्होंने बताया कि तलाशी कर रहे दल पर आतंकवादियों ने गोलियां चलाई जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। सुरक्षा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दो आतंकी ढेर हो गए।
हिमाचल प्रदेश में बारिश और भूस्खलन ने कहर बरपा रखा है। राज्य में भूस्खलन के कारण कई जगह रास्ते बंद हैं, मंडी जिले में चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग-3 बंद है। इसके अलावा कई जगह मकान भी गिरने की खबर है। शिमला में ढारे ढहने से एक बच्ची घायल हो गई है। जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, मंडी जिले के पंडोह क्षेत्र के पास भूस्खलन के कारण चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग-3 अस्थाई तौर पर बंद है। मंडी पुलिस का कहना है कि हाईवे की बहाली का काम जारी है। मंडी पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री का कहना है कि बीती रात से हाईवे बंद है। पत्थर की चपेट में आने से सड़क पर खड़ा एक वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया। नेशनल हाईवे-3 पर वाहनों की लंबी कतार है और वैकल्पिक मार्ग से कटौला होते हुए यातायात को डायवर्ट किया जा रहा है।
प्रदेश में सेब सीजन शुरू हो गया है। नेपाल से मजदूरी करने वालों का आना जारी है। ऐसे में सरकार ने बागवानों को निर्देश दिए हैं कि वे नेपालियों के सैंपल की जांच कराएं। कुल्लू में 20 पर्यटक और 17 नेपाली मजदूरों के सैंपल पॉजिटिव आने के बाद यह निर्णय लिया गया है। फील्ड में सेवाएं देंगे बच्चों के विशेषज्ञ डॉक्टर कोरोना की संभावित तीसरी लहर के चलते सरकार ने पीडियाट्रिक्स विशेषज्ञों की फील्ड में सेवाएं देने का फैसला लिया है। मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पतालों से शिशु डॉक्टरों की सूची मांगी है। प्रदेश के छह मेडिकल कॉलेजों में शिशु डॉक्टर को ही रखा जाएगा, अन्य फील्ड में भेजे जाएंगे।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की जनसभाओं और कार्यक्रमों में आने वाले लोगों की अब रैंडम सैंपलिंग होगी। कोरोना फिर से विकराल रूप धारण न करे, इसके चलते प्रदेश सरकार यह व्यवस्था करने जा रही है। जिला मंडी में कोरोना के एक्टिव मामलों में बढ़ोतरी हुई है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का जिला कांगड़ा दौरा प्रस्तावित है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग रैली या सभा स्थल पर कोरोना के रैपिड टेस्ट के काउंटर लगाएगा। यहां लोगों की रैंडम सैंपलिंग होगी। प्रदेश के तीन विधानसभा क्षेत्रों अर्की, फतेहपुर, जुब्बल-कोटखाई और मंडी संसदीय क्षेत्र में उपचुनाव होना है। ऐसे में सीएम की रैलियों में लोगों की भीड़ उमड़ना स्वाभाविक है। चंबा के बाद अब जिला मंडी कोरोना के एक्टिव मामलों में नंबर वन पर आ गया है। सरकार ने सीएमओ मंडी को निर्देश दिए हैं कि जिन-जिन क्षेत्रों से यह मामले आए हैं, वहां कांट्रेक्ट ट्रेसिंग करवाएं।
शिमला-कालका राष्ट्रीय उच्च मार्ग में चट्टाने गिरने से एक दिल्ली नंबर की गाड़ी चपेट में आकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। गाड़ी में चार लोग सवार थे जो घायल हो गए हैं। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार एक घायल की हालत गंभीर है, जबकि तीन ख़तरे से बाहर है। हिमाचल में मॉनसून के अलर्ट के बीच लगातार इस तरह के स्लाइड हो रहे हैं। गाड़ी का नम्बर DL4 CNE 3032 है। घायलों को अस्पताल पहुंचा दिया गया है।
हिमाचल प्रदेश के पत्रकारों को एक अंतर्राष्ट्रीय कॉल के माध्यम से धमकी दी गई है. रिकॉर्ड की गई कॉल में कहा गया है कि वे हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को 15 अगस्त को तिरंगा नहीं फहराने देंगे. प्रदेश के कुछ पत्रकारों के मोबाइल पर यह ऑडियो भेजा गया है. रिकॉर्ड की गई कॉल में कहा गया है कि हिमाचल पंजाब का हिस्सा था. पंजाब में जनमत संग्रह करवाया जाएगा और हिमाचल को फिर से पंजाब में शामिल किया जाएगा. खालिस्तान समर्थकों ने अपील की है कि किसान ट्रैक्टर लेकर सड़कों पर उतरें और सीएम जयराम को 15 अगस्त को तिरंगा न फहराने दें. राज्य पुलिस ने अपने सोशल मीडिया के एक आधिकारिक बयान में कहा, "हमें विदेशों से खालिस्तानी समर्थक तत्वों से हिमाचल प्रदेश के कुछ पत्रकारों को भेजे गए और मामले की घेराबंदी करने का पूर्व-रिकॉर्डेड संदेश प्राप्त हो रहा है. उन्होंने निष्कर्ष निकाला, "एचपी पुलिस केंद्रीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के सहयोग से राज्य की सुरक्षा और राष्ट्रविरोधी तत्वों को हिमाचल प्रदेश में शांति और सुरक्षा को विफल करने से रोकने में पूरी तरह सक्षम है."
राज्यसभा में सरकार और विपक्ष के बीच बना गतिरोध शुक्रवार को भी नहीं दूर हो सका। विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की बैठक सुबह शुरू होने के करीब 10 मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी। सुबह सदन की बैठक शुरू होते ही सभापति एम वेंकैया नायडू ने हंगामा करने वाले सदस्यों के आचरण पर आपत्ति जतायी और कहा कि सदन में सीटी बजाना शोभनीय नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे आचरण से सदन की गरिमा प्रभावित होती है। इसके बाद कांग्रेस सदस्य केसी वेणुगोपाल ने कहा कि उन्होंने अपने एक सवाल के जवाब को लेकर स्वास्थ्य राज्य मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस दिया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय के जवाब में कहा गया था कि देश में कोविड महामारी की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी के कारण कोई मौत नहीं हुई। इस पर सभापति ने कहा कि उनके नोटिस के संबंध में प्रक्रिया जारी है। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस के सुखेंदु शेखर राय ने कहा कि पिछले पांच साल से नियम 267 के तहत कोई नोटिस स्वीकार नहीं किया गया है। इस पर सभापति नायडू ने कहा कि नियम 267 के तहत नोटिस स्वीकार करने पर सदन का पूर्वनिर्धारित कामकाज स्थगित करना होता है। इसका विरले ही उपयोग होता है। उन्होंने कहा कि आजकल उन्हें नोटिस 267 के तहत रोजाना कई नोटिस मिलते हैं। इसी दौरान सदन में विभिन्न विपक्षी दलों का हंगामा शुरू हो गया और सभापति ने 11 बजकर करीब 10 मिनट पर बैठक दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
प्रदेश के कॉलेजों में 26 जुलाई से प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष की दाखिला प्रक्रिया शुरू हुई है। इसके लिए कॉलेजों में प्रवेश लेने वाले छात्रों को साइबर कैफे में जाकर प्रवेश फार्म भरने पड़ रहे हैं। साइबर कैफे में एक फार्म भरने के 200 से 250 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। कॉलेजों में प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन करने में अधिकतम 150 रुपये खर्च आता है। इसमें दसवीं, बारहवीं की अंक तालिका, माइग्रेशन सर्टिफिकेट, चरित्र प्रमाणपत्र, मूल हिमाचली प्रमाण पत्र को स्कैन करने का खर्च प्रति कॉपी दस रुपये, कॉलेजों के प्रोस्पेक्टस की अधिकतम 50 रुपये फीस, साइबर संचालक के इंटरनेट और अपने सेवा का अधिकतम 50 रुपये खर्च आता है। यह कुल मिलाकर 150 रुपये से कम ही रहता है। निदेशालय के पास इस तरह की शिकायतें पहुंचने के बाद शिक्षा निदेशक ने कॉलेज प्रिंसिपलों को जिला प्रशासन से बैठक करने के बाद साइबर कैफे के रेट तय करने के निर्देश दिए हैं। निदेशक ने बताया कि ऑफलाइन भी कॉलेजों में दाखिले विद्यार्थी ले सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश के ही मंडी जिले में मूसलाधार बारिश का कहर जारी है। वीरवार देर रात तेज बारिश के कारण मंडी के रामनगर में पार्किंग शेड की टीन की छत पर डंगा गिर गया। पार्किंग में खड़ी 12 कारों पर छत गिरने से भारी नुकसान हुआ है। चार कारों का ऊपरी हिस्सा टूटकर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। बाकियों के शीशे टूटे हैं। रामनगर के पार्षद योगराज ने कहा कि कारों को निकाला जा रहा है। वहीं बारिश से सातमील के पास भूस्खलन से मंडी-कुल्लू एनएच शुक्रवार सुबह छह से साढ़े सात बजे तक डेढ़ घंटे के लिए बंद रहा। वाहनों को वाया कटौला बजौरा मार्ग से भेजा गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष शर्मा ने मामले की पुष्टि की है।
हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश से प्रदेश में भारी तबाही हो रही है। जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है। जिससे हाईवे बंद हैं। सिरमौर जिले में सड़क धंसने के कारण नेशनल हाईवे बंद हो गया है। कालीढांक व बड़वास के समीप राजमार्ग की पहाड़ी दरकने से तबाही का मंजर सामने आया है, मार्ग का एक हिस्सा पूरा खाई में समा गया है, गनीमत रही की घटना में कोई जानी नुस्कान नही हुआ है। जानकारी के मुताबिक राष्ट्रीय राजमार्ग 707 पर हर मिनट निजी वाहनों सहित बसों की आवाजाही चली रहती है लेकिन स्तिथि को जांचते हुए वाहन चालकों ने अपने वाहनों को दूर खड़ा कर दिया था और देखते-देखते राष्ट्रीय राजमार्ग टूटकर गहरी खाई में समा गया है। सूत्रों की माने तो राष्ट्रीय राजमार्ग 707 प्राधिकरण व कार्य कर रही आरजीवी कम्पनी द्वारा सड़क से निकलने वाले मलबे के लिए गलत तरीके से डम्पिंगयार्ड चयन किये गए है, जिसकी वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग 707 लोगो के लिए बरसात में आफत बना हुआ है। इससे पहले डंपिंग यार्ड के मलवे ने लोगों पर कहर बरपाया था और अब मार्ग का बड़ा हिस्सा गहरी खाई में समा गया है।
नीट यूजी और पीजी दाखिले के लिए इस साल से आरक्षण लागू होगा। इस शैक्षणिक वर्ष से नीट यूजी और पीजी के लिए आरक्षण लागू होगा। सरकार ने स्नातक और स्नातकोत्तर चिकित्सा और दंत चिकित्सा पाठ्यक्रमों के लिए अखिल भारतीय कोटा सीटों के लिए ओबीसी और ईडब्ल्यूएस आरक्षण को मंजूरी दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि यूजी और पीजी मेडिकल दाखिले के लिए अखिल भारतीय कोटा योजना में ओबीसी के लिए 27 फीसदी आरक्षण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 10 फीसदी आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है।अखिल भारतीय कोटा के तहत इस आरक्षण से लगभग 5,500 छात्रों को लाभ होने की संभावना है। सभी मेडिकल और डेंटल कोर्स इस आरक्षण के दायरे में आएंगे। नीट यूजी और पीजी में आरक्षण का मुद्दा काफी लंबे वक्त से लंबित था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 जुलाई को संबंधित केंद्रीय मंत्रियों को इस समस्या का समाधान निकालने का निर्देश दिया था। इसके बाद नीट यूजी और पीजी दाखिले में आरक्षण लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इस फैसले से हर साल एमबीबीएस में लगभग 1500 ओबीसी छात्रों और स्नातकोत्तर में 2500 ओबीसी छात्रों व एमबीबीएस में लगभग 550 ईडब्ल्यूएस छात्रों एवं स्नातकोत्तर में लगभग 1000 ईडब्ल्यूएस छात्रों को फायदा होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय का कहना है कि इस फैसले से करीब 5,550 विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। सरकार पिछड़े वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है।
कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर सोलन से कैथलीघाट के बीच पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा आ गया। मलबा आने के बाद एनएच बाधित हो गया है। पुलिस व फोरलेन निर्माता कंपनी की टीम मौके पर पहुंच कर सड़क को बहाल करने में जुटी हुई है। वहीं ट्रैफिक को चंबाघाट-बसाल-कंडाघाट रूट से डायवर्ट किया गया है। जानकारी के अनुसार यह भूस्खलन ब्रुरी के समीप लगभग पौने ग्यारह बजे हुआ। भूस्खलन के बाद दोनों ओर वाहनों की कतारें लगी हुई हैं।
दुनिया की तीन बेहतरीन, सुरक्षित और सबसे खूबसूरत एक्रो पैराग्लाइडिंग साइट में से एक बिलासपुर जिले की बंदला धार में बनेगी। विश्व में तुर्की और नेपाल के पोखरा में एक्रो पैराग्लाइडिंग साइटस हैं। पोखरा साइट की ऊंचाई बंदला साइट से कम है, जबकि बंदला एक्रो पैराग्लाडिंग साइट तुर्की साइट के बराबर है। बंदला पैराग्लाइडिंग साइट का पंजीकरण होने के बाद यह दुनिया की तीन सबसे खूबसूरत साइट्स में शुमार होगी। पर्यटन की दृष्टि से बिलासपुर दुनिया भर में मशहूर होगा। पैराग्लाडिंग एसोसिएशन और पर्यटन विभाग के प्रयासों से भारत की एकमात्र एक्रो पैराग्लाइडिंग साइट के पंजीकरण के लिए टेक ऑफ साइट की एनओसी तो मिल गई, लेकिन गोविंदसागर झील के किनारे लैंडिंग करवाने के लिए बीबीएमबी की एनओसी के लिए पिछले 28 साल से प्रयास हो रहे हैं। क्या होती है एक्रो पैराग्लाडिंग एक्रो पैराग्लाडिंग में पैराग्लाइडर आसमान में पैराग्लाइड के साथ कई तरह के करतब करते हैं। साइट से टेक ऑफ करने के बाद मानव परिंदे पानी की झील के ऊपर कई तरह की अठखेलियां करते हैं। एक्रो सिर्फ ऐसी जगहों पर होती है जहां पर नीचे पानी हो। बंदला पैराग्लाइडिंग साइट की लैंडिंग गोविंद सागर झील के किनारे होती है। वहीं झील होने के चलते यह साइट एक्रो के लिए सबसे बेहतर है। जिस वजह से यह विश्व की तीन एक्रो साइटों में शामिल हुई।
चीन से चल रहे तनाव के बीच भारत ने पूर्वी लद्दाख से सटी एलएसी के करीब दुनिया की सबसे ऊंची सड़क बनाने का दावा किया है। 19 हजार 300 (19,300 फीट) की उंचाई पर बॉर्डर रोड ऑर्गेनाईजेशन ने उमलिंग-ला दर्रे पर मोटर-मार्ग बनाकर पूरी कर ली है। ये सड़क भारत और चीन के बीच विवादित डेमचोक इलाके के करीब है। गुरूवार को बीआरओ ने उमलिंग-ला पास पर सड़क बनाने का दावा किया। बीआरओ ने अपने आधिकारिक ट्वीटर एकाउंट पर उमलिंग-ला दर्रे की सड़क का वीडियो जारी कर कहा कि ‘प्रोजेक्ट हिमांक’ के दुनिया की सबसे उंची सड़क निर्माण बनाने का संकल्प देखिए। बीआरओ के मुताबिक, माइनस (-) 40 डिग्री सेल्सियस तापमान पर आदमी और मशीन दोनों की परीक्षा होती है और बीआरओ के ‘कर्मयोगियों’ ने अपनी जान जोखिम में डालकर दुनिया के बेहद ही मुश्किल लक्ष्य को सफलता-पूर्वक पूरा किया। गौरतलब है कि पिछले कुछ सालों में भारत ने एलएसी के करीब वाले इलाकों में सड़क, ब्रिज और टनल जैसे बॉर्डर-इंफ्रास्ट्रक्चर का एक बड़ा जाल बिछा दिया है। अक्टूबर 2019 में बीआरओ ने लेह को श्योक और डीबीओ को जोड़ने वाली डीएसडीबीओ रोड़ बनाई थी। इसके अलावा पैंगोंग-त्सो लेक से गोगरा और हॉट-स्प्रिंग को जोड़ने वाली सड़क भी बनकर तैयार है। ये सड़क भी 18 हजार से भी ज्यादा उंचाई पर मर्सिमिक-ला (दर्रे) से होकर गुजरती है। साफ है कि एलएसी के जितने भी विवादित इलाके हैं वहां भारत पक्की सड़क बनाने में जुटा है। सामरिक मामलों के जानकार मानते हैं कि भारत के एलएसी के करीब इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने के चलते ही भारत और चीन की सेनाओं के बीच तनाव, विवाद और झड़प बढ़ गई हैं। क्योंकि भारतीय सेना की पैट्रोलिंग इन इलाकों में सड़क और दूसरे बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ने से काफी बढ़ गई हैं। चीन ने एलएसी के अपने सीमा-क्षेत्र में 50-60 के दशक से ही सीमावर्ती इलाकों में सड़क, हाईवे और दूसरी मूलभूत सुविधाओं को बेहद मजबूत कर लिया था। जिसके कारण चीनी सैनिक बेहद तेजी से एलएसी पर मूवमेंट करते थे। पूर्वी लद्दाख से सटी एलएसी पर भारत और चीन की सेनाओं के बीच पहले चरण के डिसइंगेजमेंट के बाद भी तनाव बना हुआ है। माना जा रहा है कि इसी हफ्ते दोनों देशों के सैन्य कमांडर्स के बीच अगले चरण के डिसइंगेजमेंट के मुद्दे पर बैठक हो सकती है।
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने 97 न्यायिक अधिकारियों के स्थानांतरण आदेश जारी किए हैं। जिला एवं सत्र न्यायाधीशों में अरविंद मल्होत्रा को पीठासीन अधिकारी श्रम न्यायालय कांगड़ा, जेके शर्मा को हमीरपुर, राकेश कैंथला को मंडी, वीरेंद्र शर्मा को सोलन, आरके शर्मा को मंडी से स्थानांतरित कर निदेशक एचपी न्यायिक अकादमी के पद पर भेजा गया है। इसी तरह आरके चौधरी को सिरमौर, भूपेश शर्मा को ऊना, डीआर ठाकुर को डी एंड एसजे (एफ), शिमला, देवेंद्र कुमार को बिलासपुर, योगेश जसवाल को कांगड़ा, आरके तोमर को पीठासीन अधिकारी श्रम न्यायालय शिमला और शरद कुमार लगवाल को चंबा लगाया गया है। हंसराज को नालागढ़, प्रीति ठाकुर को धर्मशाला, बरिंदर ठाकुर को किन्नौर स्थित रामपुर लगाया गया है। फास्ट ट्रैक कोर्ट पोक्सो धर्मशाला के पीठासीन अधिकारी कृष्ण कुमार को अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश ऊना, जिया लाल आजाद को सरकाघाट लगाया गया है। फास्ट ट्रैक कोर्ट पोक्सो मंडी के पीठासीन अधिकारी अपर्णा शर्मा को अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश शिमला लगाया है। अनुजा सूद को सुंदरनगर, फास्ट ट्रैक कोर्ट पोक्सो सोलन की पीठासीन अधिकारी परवीन चौहान को स्पेशल जज सीबीआई शिमला, प्रकाश राणा को चंबा से फास्ट ट्रैक कोर्ट पोक्सो धर्मशाला के पीठासीन अधिकारी, मंडी पंकज शर्मा को फास्ट ट्रैक कोर्ट पोक्सो मंडी, हिमाचल प्रदेश न्यायिक अकादमी की निदेशक अबीरा बासु को सीजेएम सिरमौर, मुख्य न्यायिक दंड अधिकारियों में सचिन रघु को चंबा, प्रशासनिक अधिकारी विधिक सेवा प्राधिकरण गौरव महाजन बिलासपुर, अभय मंडयाल को किन्नौर, प्रताप ठाकुर को शिमला, अरविंद कुमार को चंबा, परविंदर सिंह अरोरा को न्यायिक अकादमी में उप निदेशक के पद पर शिमला, हितेंद्र शर्मा को प्रशासनिक अधिकारी विधिक सेवा प्राधिकरण शिमला, होशियार सिंह वर्मा को लाहौल-स्पीति लगाया गया है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी शीतल शर्मा को घुमारवीं, बसंत लाल वर्मा को कांगड़ा, अनिल कुमार को शिमला, गुरमीत कौर को ठियोग, अमित मंडयाल को सरकाघाट, मोहित बंसल को नालागढ़, नितिन मित्तल को हमीरपुर, नेहा दहिया को देहरा, संदीप सिंह सिहाग को ऊना, दिव्य ज्योति पटियाल को मंडी, निखिल अग्रवाल को शिमला लगाया गया है। वहीं, अक्षि शर्मा को सुंदरनगर, असलम बेग को नूरपुर, मनीषा गोयल को रोहड़ू, विवेक शर्मा को अंब और उपासना शर्मा को पौंटा साहिब तैनाती दी गयी है। एसीजेएम हकीकत ढांडा को सीपीसी हाईकोर्ट लगाया गया है।
राजधानी शिमला में मुख्यमंत्री आवास ओक ओवर परिसर का डंगा ढहने के कारण साथ लगते तीन भवनों को खतरा पैदा हो गया है। प्रशासन ने भवनों को एहतियात के तौर पर खाली करवा दिया गया है। इसमें रह रहे 6 परिवारों के 30 लोगों को प्रशासन ने पीटरहॉफ के सर्किट हाउस में शिफ्ट कर दिया है। एसडीएम शहरी मनजीत शर्मा ने खुद मौके पर जाकर प्रभावितों को भवन से सुरक्षित बाहर निकाला और रेस्क्यू किया। उन्होंने बताया कि ओकओवर में डंगा लगाने के कार्यों के चलते मिट्टी गिरने की संभावना के मद्देनजर भवनों को लोगों की सुरक्षा की दृष्टि से खाली कराया गया है। उन्होंने बताया कि जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ है। सुबह 4:30 बजे के आसपास डंगा डह गया था। ऐसे में प्रशासन ने भवनों में रह रहे करीब 30 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है। फिलहाल लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी मशीनरी समेत डंगा लगाने के कार्य में जुटे हैं।
ट्विटर पर पीएम मोदी के 70 मिलियन फॉलोअर्स हो गए हैं। ऐसे में पीएम मोदी सोशल मीडिया पर फॉलो किये जाने वाले नेताओं की लिस्ट में एक बार फिर से टॉप पर पहुंच गए हैं। 70 मिलियन फॉलोअर्स होने से साफ पता चलता है कि पीएम मोदी की लोकप्रियता ट्विटर पर लगातार बढ़ती ही जा रही है. हालांकि पीएम मोदी से पहले यह रिकॉर्ड अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नाम था। बता दें कि अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निजी अकाउंट को करीब 88.7 मिलियन यानी कि 8 करोड़ 87 लाख लोग फॉलो कर रहे थे। उस वक्त दुनिया के सक्रिय नेताओं की लिस्ट में पीएम मोदी का नाम दूसरे नंबर पर थे। उस वक्त पीएम मोदी 64.7 मिलियन यानी कि 6 करोड़ 47 लाख फॉलोअर्स के साथ दूसरे नंबर पर थे। अब पीएम मोदी के फॉलोअर्स बढ़कर 70 मिलियन यानी कि सात करोड़ के पार चली गई है।
आज घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमत में उछाल आया। आज एमसीएक्स पर सोना वायदा 0.39 फीसदी यानी 186 रुपये उछलकर 47763 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। चांदी की बात करें, तो यह 1.17 फीसदी (774 रुपये) बढ़कर 67164 रुपये प्रति किलोग्राम पर रही। पीली धातु पिछले साल के उच्चतम स्तर (56200 रुपये प्रति 10 ग्राम) से 8437 रुपये नीचे है। भारत में सोने की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजारों से प्रभावित होती है। इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के अनुसार, हाजिर बाजार में बुधवार को उच्चतम शुद्धता वाला सोना 47,761 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिका, जबकि चांदी की कीमत 66,386 रुपये प्रति किलोग्राम थी। पिछले दो हफ्तों में पीली धातु 700 रुपये सस्ती हुई है। बढ़ते कोरोना वायरस के मामलों, असमान वैश्विक आर्थिक सुधार और डॉलर के मुकाबले रुपये में उतार-चढ़ाव से कीमती धातुओं की कीमत प्रभावित होती है। वैश्विक बाजारों में आज सोने की कीमत में तेजी आई। हाजिर सोना 0.5 फीसदी बढ़कर 1,815.56 डॉलर प्रति औंस हो गया। पहले यह जुलाई 2020 के बाद के उच्च स्तर, 1,817.35 डॉलर पर पहुंच गया था। अमेरिकी सोना वायदा 0.9 फीसदी बढ़कर 1,815.30 डॉलर प्रति औंस हो गया। अन्य कीमती धातुओं में चांदी .9 फीसदी बढ़कर 25.15 डॉलर प्रति औंस पर रही। पैलेडियम 0.6 फीसदी ऊपर 2641.69 डॉलर और और प्लैटिनम 0.8 फीसदी बढ़कर 1073.42 डॉलर पर रहा।
लोकसभा में कांग्रेस के कुछ सदस्यों की ओर से कागज उछालने की एक दिन पहले की घटना को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच नोकझोंक हुई। इसके बाद सदन की कार्यवाही शुरू होने के करीब पांच मिनट बाद 11.30 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। लोकसभा स्पीकर बोले- सांसद नहीं माने तो कार्रवाई करनी पड़ेगी लोकसभा की बैठक शुरू होते ही अध्यक्ष ने सबसे पहले संसद की परंपरा और सदन के नियमों का पालन करने की गुजारिश की थी। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि अगर सांसद नियमों का पालन नहीं करेंगे तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्पीकर ने सांसदों से संसद की गरिमा का ख्याल रखने की अपील की।
प्रदेश में बीते दिन हुई बारिश ने हिमाचल में भारी कोहराम मचाया है। भारी बारिश के कारण हिमाचल में पांच पुल टूटे व 400 सड़कें बंद है। वंही, लाहौल-स्पीति के तोजिंग नाले की बाढ़ ने मंडी के भमसोई गांव को कभी न भूलने वाले जख्म दिए हैं। बाढ़ की चपेट में आने से इस गांव के चार लोग काल का ग्रास बने हैं। हादसे की सूचना के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया। कई घरों में बुधवार को दिन भर चूल्हा नहीं जला। वीरवार को एक ही गांव से चार अर्थियां उठेंगी। नाले में बही जीप में मंडी जिले के भमसोई और न्योलीधार के सात लोग ठेकेदार के माध्यम से पांगी में रोप-वे का निर्माण कार्य करने जा रहे थे। जीप में भमसोई गांव के छह और पनारसा के न्योलीधार का एक व्यक्ति सवार था। मंगलवार दोपहर बाद सातों ने अपने अपने घरों से पांगी का रुख किया और बुधवार सुबह तोजिंग नाले के पास हादसा हो गया। मृतक निरत राम अपने पीछे पत्नी लता देवी और एक बेटा व तीन बेटियां छोड़ गया है। परिवार में निरत राम ही कमाने वाला था। शेर सिंह के परिवार में पत्नी बिमला देवी और दो बेटे, रूम सिंह के परिवार में पत्नी व एक बेटा और एक बेटी हैं और मेहर चंद अपने पीछे पत्नी और बेटी छोड़ गया है। भमसोई गांव के देसराज और तेजराम के अलावा होतम राम हादसे में बाल-बाल बचा है। बुधवार को जैसे ही सूचना मिली पूरे गांव में हड़कंप मच गया। प्रभावित परिवार फोन पर एक अपनों का हाल जानने में जुट गए। चारों मृतकों का अंतिम संस्कार पैतृक गांव भमसोई के श्मशानघाट में होगा।
कुछ लोग इस दुनिया को छोड़ने से पहले दूसरे लोगों के लिए कुछ ऐसा काम कर जाते हैं कि वे मरने वाले शख्स को ताउम्र नहीं भूल पाते। ऐसा ही कुछ गाजियाबाद की रहने वाले विनिता चौधरी ने किया है। विनिता अपने बिजनेट पार्टनर को बचाकर खुद मौत के मुंह में चली गई। बादल फटने के बाद ब्रह्मगंगा नाले (मणिकर्ण, कुल्लू)में सैलाब आ गया। सैलाब ब्रह्मगंगा में चल रहे कसोल हाइड रिजॉर्ट नामक कैंपिंग साइट की तरफ बढ़ा। अचानक पानी बढ़ता देख विनिता बिजनेस पार्टनर अर्जुन फारसवाल को बचाने के लिए दौड़ी। इसमें वह कामयाब भी हो गई। हालांकि, पानी के सैलाब में अर्जुन घायल हो गया, लेकिन अर्जुन को बचाते-बचाते पानी विनिता को बहाकर ले गया। विनिता चौधरी (25) पुत्री विनोद डागर, गांव निस्तौली, नियर टिला मोड, लोनी रोड, गाजियाबाद यहां बतौर प्रबंधक का काम देख रही थीं। बुधवार को उन्होंने दिल्ली के लिए रवाना होना था। विनिता का बिजनेस पार्टनर हादसे में घायल हुुआ है। उसे कुल्लू अस्पताल लाया गया है। विनिता ने पर्यटन व्यवसाय में कोर्स किया था। वह पर्यटन से संबंधित कार्य बेहतर तरीके से कर रही थी। बता दें कि मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 29 और 30 जुलाई को भी भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। तीन अगस्त तक बारिश का पूर्वानुमान है।
भारत को वैश्विक स्तर पर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। आज 27 जुलाई यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थलों की सूची में हड़प्पा-युग के शहर धोलावीरा को शामिल कर लिया गया है। यह शहर गुजरात के कच्छ के रण में स्थित है। यूनेस्को ने एक ट्वीट के माध्यम से इसकी घोषणा की, जिसमें लिखा था, "ब्रेकिंग! धोलावीरा: भारत में एक हड़प्पा शहर, अभी-अभी यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में अंकित है। बधाई हो!" धोलावीरा अब यूनेस्को का विश्व धरोहर शिलालेख देने वाला भारत का 40वां स्थल बन गया है। इस बात की जानकारी केंद्रीय संस्कृति मंत्री, पर्यटन जी किशन रेड्डी ने एक ट्विटर पोस्ट के जरिए दी। तेलंगाना के वारंगल में पालमपेट स्थित रामप्पा मंदिर के बाद इस महीने विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया भारत का यह दूसरा स्थल है। धोलावीरा के यूनेस्को की सूची में शामिल होने पर पीएम मोदी ने कहा कि ये बेहद ख़ुशी की बात है।
नूरपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग पर आज दोपहर को सड़क किनारे भारी भरकम चट्टान खिसक कर कार पर गिर गई। जैसे ही निकटवर्ती लोगों ने कार पर चट्टान गिरते ही देखी तो हाहाकार मच गया। मौके पर मौजूद तुरंत बचाव कार्य में जुट गए। कड़ी मेहनत के बाद कार से कार चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घायल व्यक्ति की पहचान अवतार सिंह निवासी बडूखर के रूप में हुई है। घायल व्यक्ति को तुरंत नूरपुर अस्पताल ले जाया गया। इस हादसे में अवतार सिंह की टांग फ्रैक्चर हुई है। जानकारी अनुसार अवतार सिंह अपनी गाड़ी एचपी 97-4533 से धर्मशाला से अपने घर बडूखर जा रहा था कि नूरपुर में अचानक उसकी कार पर चट्टान गिर गई। एसएचओ कल्याण सिंह ठाकुर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। दो दिन पहले भी देर रात को हादसे वाले स्थान के निकट भारी भरकम चट्टान सड़क पर गिर गई थी जिससे करीब दो घंटे पठानकोट - मंडी नेशनल हाइवे पर जाम रहा लेकिन लोक निर्माण विभाग ने तब रात को साढ़े 12 बजे यातायात बहाल कर दिया था।
एपीजे अब्दुल कलाम, जिन्हें भारत के मिसाइल मैन के रूप में जाना जाता है। उन्होंने 2002 से 2007 तक भारत के 11 वें राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया। वह सभी के लिए प्रेरणा के स्रोत थे। कलाम के जीवन दर्शन और शिक्षाओं को युवा और पुरानी दोनों पीढ़ियों द्वारा याद किया जाता है। तमिलनाडु के रामेश्वरम शहर से कलाम के उदय ने उन्हें दुनिया के सबसे कुशल नेताओं और प्रेरणादायक शख्सियतों में से एक बना दिया। एपीजे कलाम, जो 2021 में 15 अक्टूबर को 84 वर्ष के हो गए होंगे, ने शिलांग में भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) में व्याख्यान देते समय 27 जुलाई 2015 को हृदय गति रुकने के बाद अंतिम सांस ली। उनके अभिनव योगदान ने न केवल दुनिया भर के वैज्ञानिकों और लेखकों को सक्षम बनाया है बल्कि प्रत्येक भारतीय में साहस पैदा किया है। अपने पेशेवर करियर में, वह लंबे समय तक इसरो और डीआरडीओ से जुड़े रहे। उनके सबसे महत्वपूर्ण कार्यों में भारतीय बैलिस्टिक मिसाइल और प्रक्षेपण वाहन प्रौद्योगिकी का विकास शामिल है, जिसने उन्हें 'भारत का मिसाइल मैन' नाम दिया। उन्होंने भारत के सबसे महत्वपूर्ण परमाणु परीक्षणों में से एक पोखरण- II में केंद्रीय भूमिका निभाई। विज्ञान और राजनीति में उनके काम के लिए उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया। शिलांग में जब छात्र-छात्राओं के बीच मंच से भाषण देने पहुंचे तो शायद ही किसी को अंदाजा होगा कि यह संबोधन उनका अंतिम हो। इस स्पीच के दौरान उन्होंने न सिर्फ मानवता को लेकर चिंता जाहिर की थी बल्कि धरती पर फैले प्रदूषण को लेकर भी चिंता जताई थी।
जासूसी कांड को लेकर जारी हंगामे के बाच संसद की कार्यवाही शुरू हो गई है और आज भी हंगामा जारी है। संसद के दोनों सदनों में विपक्ष का जोरदार हंगामा चला। राज्यसभा में विपक्ष के सासंद वेल में आ गए। जासूसी कांड औऱ किसानों के मुद्दे पर विपक्षी सांसद ने जैम कर हंगामा किया हैं। पेगासस रिपोर्ट पर चर्चा के लिए विपक्षी सांसदों की नारेबाजी के बीच राज्यसभा दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। लोकसभा में विपक्षी सांसदों की नारेबाज़ी के बीच सदन को 11:45 बजे तक स्थगित किया गया। इससे पहले बीजेपी संसदीय दल की बैठक में पीएम मोदी ने संसद में हंगामे को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा है। संसद की बैठक शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्ष दोनों सदन चलने नहीं दे रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्ष की इस मानसिकता को जनता के सामने लाना जरूरी है।
मंडी-पठानकोट हाईवे पर सोमवार दोपहर बाद गुम्मा के नजदीक अचानक पहाड़ी दरकने से यातायात करीब दो घंटे तक बाधित रहा। इस दौरान सड़क के दोनों और वाहनों की कतारें लग गईं। इससे वाहनों में सवार यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। पहाड़ दरकने से किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है। बाद में लोनिवि ने कर्मचारियों और मशीनरी से मार्ग को बहाल कर यातायात सुचारु किया। हिमाचल प्रदेश के दस जिलों में मंगलवार और बुधवार को भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान प्रदेश में भूस्खलन की चेतावनी जारी की गई है। लोगों से नदी और नालों के समीप नहीं जाने की अपील की गई है। एक अगस्त तक पूरे प्रदेश में मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है। सोमवार को राजधानी शिमला में दिन भर बारिश का दौर जारी रहा। जिला कांगड़ा में रविवार देर रात से सोमवार सुबह करीब 11 बजे तक बारिश हुई। भारी बारिश के कारण उपमंडल इंदौरा में मंड क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत ठाकुरद्वारा और मलकाना को जोड़ने वाली कच्ची पुलिया बह जाने से मलकाना, फलाई, मेरा व ढसोली आदि गांवों का ठाकुरद्वारा से संपर्क टूट गया। लोक निर्माण विभाग के धर्मशाला उपमंडल में चार सड़कों पर मलबा आ जाने से यहां आवाजाही बंद हो गई थी। विभाग ने मलबा हटाकर सुबह तक इन्हें आवाजाही के लिए बहाल कर दिया।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने अर्की विधानसभा उपचुनाव के लिए विधायक एवं पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ राजीव बिन्दल को प्रभारी, स्वास्थ्य मंत्री डॉ राजीव सैजल को सह प्रभारी तथा प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल को संगठन समन्वयक नियुक्त किया है। उन्होनें कहा कि भाजपा ने प्रदेश में होने वाले उप चुनावों के मद्देनजर सांगठनिक तौर पर अपनी तैयारियां शुरू कर दी है और पार्टी पूरी एकजुटता के साथ इन उपचुनावो में जनता के बीच जाएगी और निश्चिततौर से इन उपचुनावो में जीत दर्ज करेगी।
दिल्ली में किसानों के समर्थन में तीन कृषि कानूनों के विरोध में राहुल गांधी संसद भवन में ट्रैक्टर पर पहुंचे। उन्होंने मोदी सरकार को संदेश दिया कि इस कृषि कानून को तुरंत निरस्त किया जाए और किसानों की मांग को तुरंत माना जाए। दिल्ली पुलिस ने राहुल के ट्रैक्टर को रोककर उन्हे आगे जाने से रोका और संसद से नजदीक से कांग्रेस के नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला,भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष बी वी श्रीनिवास जी,कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रणव झा,राष्ट्रीय महासचिव हरीश पवार, युवा कांग्रेस हिमाचल के पूर्व अध्यक्ष मनीष ठाकुर ,युवा कांग्रेस हरियाणा के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष अनंत दहिया, अर्श बटर आदि साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया और मंदिर मार्ग थाने में ले जाया गया है। अभी तक वह सभी साथी गिरफ्तार है।
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में रविवार को दिल दहलाने वाला हादसा हुआ। लंबे समय से घर में कैद से आजादी पाकर खुशनुमा पल बिताने पहुंचे पर्यटकों के सिर पर मौत बरसी। किन्नौर में बीते दिन हुए लैंडस्लाइड में कुल नौ लोगों की मौत हो गई। इन्ही में आयुर्वेद की डॉक्टर दीपा शर्मा भी शामिल थीं, जिन्होंने आधे घंटे पहले ही अपनी तस्वीरें पोस्ट कर लिखा था- 'लाइफ इज नथिंग विद आउट नेचर।' दीपा शर्मा पहली बार सोलो ट्रिप पर गई थीं। दीपा सोशल मीडिया पर लगातार अपनी यात्रा को लेकर अपडेट कर रहीं थीं, प्रकृति के खूबसूरत नजारों से लोगों को रूबरू करा रहीं थीं, लेकिन दीपा शर्मा या सोशल मीडिया से जुड़े किसी को भी इस बात अंदाजा नहीं था कि ये उनके अंतिम पल होंगे। किन्नौर में हुए लैंडस्लाइड में डॉ.दीपा शर्मा ने अपनी जान गंवा दी। रविवार को जब किन्नौर में लैंडस्लाइड आई, उससे कुछ वक्त पहले ही डॉ. दीपा शर्मा ने ट्विटर पर एक तस्वीर साझा की थी। उन्होंने लिखा था कि वह इस वक्त भारत के आखिरी प्वाइंट पर खड़ी हैं, जहां तक आम नागरिकों को जाने की इजाजत है। इसके 80 किलोमीटर आगे तिब्बत है, जिसपर चीन ने कब्जा किया हुआ है। सोशल मीडिया पर लोगों ने दीपा शर्मा की इस तस्वीर को जमकर पसंद किया। उनके चेहरे पर इस टूर की खुशी भी झलक रही थी, लेकिन किसी को ये मालूम नहीं था कि यही आखिरी तस्वीर थी।
सोमवार को घरेलू बाजार में सोने की कीमत में मामूली बढ़त आई है। हालांकि अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण लाभ सीमित रहा। आज एमसीएक्स पर सोना वायदा 0.19 फीसदी यानी 91 रुपये उछलकर 47625 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। चांदी की बात करें, तो यह 0.22 फीसदी (145 रुपये) बढ़कर 67169 रुपये प्रति किलोग्राम पर रही। पिछले एक सप्ताह में सोने की भौतिक कीमत में करीब 600 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट आई है, जबकि इस दौरान चांदी में करीब 2,000 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट आई है। वैश्विक बाजार में इतनी है कीमत वैश्विक बाजारों में आज सोने की कीमत में गिरावट आई। हाजिर सोना 0.1 फीसदी गिरकर 1,799.89 डॉलर प्रति औंस हो गया। अमेरिकी सोना वायदा 0.2 फीसदी गिरकर 1798.90 डॉलर प्रति औंस हो गया। अन्य कीमती धातुओं में चांदी 0.1 फीसदी बढ़कर 25.18 डॉलर प्रति औंस पर रही। पैलेडियम और प्लैटिनम क्रमश: 2671.77 डॉलर और 1061.55 डॉलर पर सपाट रहे।
टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारत की मीराबाई चानू ने पहले दिन ही सिल्वर मेडल हासिल कर लिया इतिहास रच दिया। वहीं अब मणिपुर के मुख्यमंत्री एन.बीरेन सिंह ने चानू को नौकरी देने का आश्वासन दिया है। बता दें कि मीराबाई चानू ने वेटलिफ्टिंग में महिला 49 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल जीता है। दरअसल, मीराचानी की जीत के बाद देशभर से लोगों ने उन्हें बधाई दी। प्रधानमंत्री से लेकर राष्ट्रपति ने उन्हें जीत की बधाई देकर इसे गर्व का पल बताया। वहीं, अब मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने मीराबाई चानू को इस बात का आश्वासन दिया है कि उनके भारत लौटने पर सरकार उन्हें धन्यवाद के तौर पर उपयुक्त नौकरी देगी। बता दें, मीराबाई चानू रेलवे में टिकट चेंकिंग इंस्पेक्टर के तौर पर काम करती हैं।
देश आज 22वां करगिल विजय दिवस मना रहा है। इस मौके पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने दिल्ली में स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। साथ ही तीनों सेना प्रमुखों थल सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया, नेवी के वाइस चीफ वाइस एडमिरल जी अशोक कुमार ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को करगिल विजय दिवस की 22वी वर्षगांठ पर पाकिस्तान के साथ हुए इस युद्ध के शहीदों को याद किया और कहा कि उनकी बहादुरी हर दिन देशवासियों को प्रेरित करती है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर कहा, "करगिल विजय दिवस पर इस युद्ध के सभी वीर सेनानियों का स्मरण करता हूं। आपके अदम्य साहस, वीरता और बलिदान से ही कारगिल की दुर्गम पहाड़ियों पर तिरंगा पुनः गर्व से लहराया। देश की अखंडता को अक्षुण्ण रखने के आपके समर्पण को कृतज्ञ राष्ट्र नमन करता है।" गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच साल 1999 में करगिल के पहाड़ों पर जंग हुई थी और बाद में भारत ने करगिल की पहाड़ियां फिर से अपने कब्जे में ले ली थीं। इस लड़ाई की शुरुआत तब हुई थी, जब पाकिस्तानी सैनिकों ने कारगिल की ऊंची पहाड़ियों पर घुसपैठ करके वहां अपने ठिकाने बना लिए थे।


















































